राजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला,शिमला,शिमला,शिमला, शुक्रशुक्रशुक्रशुक्रववववारारारार, , , , 19191919 नवम्नवम्नवम्नवम्बरबरबरबर, 2010, 2010, 2010, 2010////28282828 कार्तिककार्तिककार्तिककार्तिक,,,, 1932 1932 1932 1932
हिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकार
बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 04 अक्तूबर, 2010
संख्याः एम0पी0पी0संख्याः एम0पी0पी0संख्याः एम0पी0पी0संख्याः एम0पी0पी0-ए(4)-11/2008--ए(4)-11/2008--ए(4)-11/2008--ए(4)-11/2008-I.--हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश विद्युत (शुल्क) अधिनियम, 2009 की धारा 15 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उक्त अधिनियम के प्रयोजनों का कार्यान्वित करने हेतु निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्ः--
अध्याय-1अध्याय-1अध्याय-1अध्याय-1
1111.... संक्षिप्त नाम संक्षिप्त नाम संक्षिप्त नाम संक्षिप्त नाम....--------इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश विद्युत (शुल्क) नियम, 2010 है। 2222.... परिभाष् परिभाष् परिभाष् परिभाषाएांाएांाएांाएं....--------इन नियमों में, जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न होः--
171-राजपत्र/2010-19-11-2010 (5991)5992 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 (क) ''अधिनियम''''अधिनियम''''अधिनियम''''अधिनियम'' से हिमाचल प्रदेश विद्युत (शुल्क) अधिनियम, 2009 अभिपे्रत है;
(ख) ''उपाबन्ध''''उपाबन्ध''''उपाबन्ध''''उपाबन्ध'' से इन नियमों से संलग्न उपाबन्ध अभिपे्रत है;
''मुख्य विद्युत निरीक्षक'' से हिमाचल प्रदेश विद्युत (शुल्क) अधिनियम, 2003 की धारा 162 की (ग) ''मुख्य विद्युत निरीक्षक'' ''मुख्य विद्युत निरीक्षक'' ''मुख्य विद्युत निरीक्षक'' उपधारा (1) के अधीन सरकार द्वारा इस रूप में नियुक्त कोई व्यक्ति अभिपे्रत है;
(घ) ''शुल्क''''शुल्क''''शुल्क''''शुल्क'' से इन नियमों के अधीन उद्गृहीत विद्युत शुल्क अभिपे्रत है;
(ङ) ''सरकार''''सरकार''''सरकार''''सरकार'' से हिमाचल प्रदेश सरकार अभिपे्रत है;
''सरकारी खजाना'' से सरकार का खजाना या उप-खजाना अभिप्रेत है; और (च) ''सरकारी खजाना'' ''सरकारी खजाना'' ''सरकारी खजाना''
(छ) ''अनुज्ञप्ति''''अनुज्ञप्ति''''अनुज्ञप्ति''''अनुज्ञप्ति'' से विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 14 के अधीन प्रदान की गई अनुज्ञप्ति भिपे्रत है;
(ज) ''मीटर''''मीटर''''मीटर''''मीटर'' से समाकलित (एकीकृत) करने वाले उपकरणों का सैट अभिपे्रत है, जिसे प्रदाय की गई विद्युत ऊर्जा की मात्रा या प्रदाय में अन्तर्विष्ट विद्युत ऊर्जा की मात्रा (परिमाण) को, दिए गए समय में मापने के लिए प्रयोग में लाया जाता है, जिसके अन्तर्गत होल करन्ट मीटर और मीटरिंग उपकरण जैसे कि आवश्यक वायरिंग और उपसाधनों सहित, करन्ट ट्रांसफार्मर, कैपेसीटर, बोल्टेज ट्रांसफार्मर या पोटेनशियल या वोल्टेज ट्रांसफार्मर भी है; और
(झ) ''धारा''''धारा''''धारा''''धारा'' से अधिनियम की धारा अभिपे्रत है।
(2) उन अन्य समस्त शब्दों और पदों के, जो इसमें प्रयुक्त है, और परिभाषित नहीं हैं वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में हैं।
अध्याय-2अध्याय-2अध्याय-2अध्याय-2
शुल्क का निर्धारणशुल्क का निर्धारणशुल्क का निर्धारणशुल्क का निर्धारण
3333.... गणना की रीति गणना की रीति गणना की रीति गणना की रीति....--------(1) अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन शुल्क, उपभोक्ता या अनुज्ञप्तिधारी को प्रदत्त विद्युत के उपभोग पर, केवल इस प्रकार संगणित ऊर्जा प्रभारों की रकम पर, उपभोक्ताओं के विभिन्न प्रवर्गों के लिए उसमें विनिर्दिष्ट प्रतिशतता के आधार पर संगणित किया जाएगा। (2) यदि सरकार, बिना मीटर/मु्फ्त विद्युत देने का निदेश देती है, तो ऐसे मामलों में शुल्क की दर सरकार के निदेशो के अनुसार प्रभार्य होगी।
उपभोक्ता या अधिभोगी का अपने उपभोग के लिए ऊर्जा का उत्पादन करना और मीटरों आदि का मीटरों आदि का मीटरों आदि का मीटरों आदि का 4444.... उपभोक्ता या अधिभोगी का अपने उपभोग के लिए ऊर्जा का उत्पादन करना और उपभोक्ता या अधिभोगी का अपने उपभोग के लिए ऊर्जा का उत्पादन करना और उपभोक्ता या अधिभोगी का अपने उपभोग के लिए ऊर्जा का उत्पादन करना और संस्थापनसंस्थापनसंस्थापनसंस्थापन....--------(1) अपने उपयोग या उपभोग के लिए ऊर्जा उत्पादित करने वाला प्रत्येक उपभोक्ता या अधिभोगी, मुख्य विद्युत निरीक्षक के साथ-साथ प्रदायकर्ता को, उत्पादन संयन्त्र के प्रवर्तन का अपने आश्य का तीस दिन का नोटिस देगा। कोई भी उपभोक्ता या अधिभोगी, मुख्य विद्युत निरीक्षक की लिखित अनुमति के बिना, 10 किलोवाट से अधिक की क्षमता के अपने उतपादन संयन्त्र का प्रवर्तन (कमीशन) नहीं करेगा, ऐसा न होने पर उपभोक्ता या अधिभोगी अधिनियम की धारा 10(ग) में उपबन्धित शास्तियों के लिए दायी होगा।
(2) अपने उपभोग के लिए ऊर्जा उत्पादित करने वाला प्रत्येक उपभोक्ता या अधिभोगी, 10 किलोवाट या इससे ऊपर के उत्पादन संयन्त्र पर, उसके द्वारा उपभुक्त विद्युत के यूनिटों को रिकार्ड करने के लिए सम्यक् रूप से उपयुक्त (टैस्ट) मीटर का संस्थापन करेगा और इसके संस्थापन से पूर्व, मुख्य विद्युत निरीक्षक/सहायक अधिकारी के निदेशों के अनुसार अपनी लागत पर उसकी जांच करवाएगा। मीटर का स्वामी इसकी सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होगा। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 5993 (3) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, उत्पादन संयन्त्र पर मीटरों के संस्थापन से किसी उपभोक्ता या अधिभोगी को छूट दे सकेगी और एकमुश्त आधार पर विद्युत शुल्क प्रभारित कर सकेगी।
अलग मीटरों के लिए उपबन्ध....--------जहां पर ऊर्जा के उपयोग के लिए संयुक्त संस्थापन है और 5555.... अलग मीटरों के लिए उपबन्ध अलग मीटरों के लिए उपबन्ध अलग मीटरों के लिए उपबन्ध ऊर्जा के प्रदाय का भाग शुल्कयोग्य तथा एक भाग पर छूट दी गई हो, तो उपभोक्ता, एक अलग उपयुक्त और सही मीटर संस्थापित और अनुरक्षित करेगा या दोनों प्रकार के उपभोगों की मात्रा को अलग से अभिलिखित करने के लिए, सब-मीटर संस्थापित करेगा।
6666.... मीटरों की अश् मीटरों की अश् मीटरों की अश् मीटरों की अशुद्धता के परिणामस्वरूप समायोजनाुद्धता के परिणामस्वरूप समायोजनाुद्धता के परिणामस्वरूप समायोजनाुद्धता के परिणामस्वरूप समायोजन....--------जहां परिसर में संस्थापित मीटर त्रुटिपूर्ण या निष्क्रिय हो जाता है, तो उस अवधि जिसमें मीटर त्रुटिपूर्ण या निष्क्रिय रहता है, के लिए शुल्क, विद्युत के उपभोग के उस आधार पर होगा जिसके लिए उपभोक्ता को उक्त अवधि के लिए या उत्पादन करने वाले अनुज्ञप्तिधारी द्वारा बिल दिया गया है।
अध्याय-3अध्याय-3अध्याय-3अध्याय-3
7777.... श् श् श् शुल्क का संग्रहण और संदायाुल्क का संग्रहण और संदायाुल्क का संग्रहण और संदायाुल्क का संग्रहण और संदाय....--------(1) उत्पादित, पारेषित, प्रदाय की गई या व्यापार की गई विद्युत पर, अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (1) के खण्ड (i) से (X) के अधीन उद्ग्रहणीय शुल्क, सम्बद्ध अनुज्ञप्तिधारी द्वारा किसी प्रयोजन के लिए उत्पादित, पारेषित, प्रदाय की गई या व्यापार की गई विद्युत के लिए विद्युत बिल सहित, संगृहीत किया जाएगा और त्रैमासिक आधार, अर्थात् प्रत्येक वर्ष जून, सितम्बर, दिसम्बर और मार्च में सरकारी खजाना, उप-खजाना या अनुसूचित बैंक में जमा किया जाएगा।
(2) अनुज्ञप्तिधारी, त्रैमासिक आधार, अर्थात् प्रत्येक वर्ष जुलाई, सितम्बर, जनवरी और मार्च में मुख्य विद्युत निरीक्षक, हिमाचल प्रदेश को टे्रजरी चालान की द्विपत्रिक प्रति भेजेगाः
परन्तु यदि उपभोक्ता द्वारा ऊर्जा के उपभोग की बाबत अधिनियम के अधीन संदेय से अधिक शुल्क संदत्त किया गया है, तो अनुज्ञप्तिधारी सम्बद्ध उपभोक्ताओं को पश्चात्वर्ती बिल या बिलों में या जहां पर उपभोक्ता ने प्रदाय को लेना बन्द कर दिया है, नकद संदाय द्वारा, इस प्रकार संदत्त अधिक शुल्क का प्रतिदाय प्राधिकृत करेगाः
परन्तु यदि अनुज्ञप्तिधारी, समय के अभाव के कारण उस मास, जिसमें उपभोक्ता द्वारा अधिक शुल्क संदत्त किया है, के तुरन्त बाद, बिल के शुल्क की रकम को सम्मिलित करने में असफल रहता है तो अनुज्ञप्तिधारी आगामी देय बिल में ऐसा कर सकेगा।
(3) जनरेटिंग सैटों द्वारा या चाहे किसी भी प्रकार की अन्य रीति द्वारा, अनुज्ञप्तिधारी या उपभोक्ता द्वारा अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (1) के खण्ड (ix) के अधीन विद्युत शुल्क, अपने उपयोग के लिए विद्युत ऊर्जा के केपटिव या स्टैंडबाई उत्पादन की दशा में, मुख्य विद्युत निरीक्षक के परामर्श के अनुसार सम्बद्ध उपभोक्ता द्वारा, त्रैमासिक आधार पर सीधे सरकारी खजाना, उप-खजाना या अनुसूचित बैंक में जमा किया जाएगा। उपभोक्ता या अधिभोगी, उपाबन्ध-'2' पर सूचना सहित सरकारी खजाना की चालान की प्रति, मुख्य विद्युत निरीक्षक को भेजेगा।
(4) विद्युत शुल्क मुख्य शीर्ष ''0043-विद्युत पर कर और शुल्क-101-विद्युत के उपभोग और बिक्रय पर कर-01-विद्युत शुल्क से प्राप्तियां'' के अधीन जमा किया जाएगा।
8888.... श् श् श् शुल्क की वसूलीाुल्क की वसूलीाुल्क की वसूलीाुल्क की वसूली....--------(1) इस अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन देय कोई भी विद्युत शुल्क, या धारा 7 के अधीन अधिरोपित शस्ति, चाहे किसी उपभोक्ता द्वारा परिषद् को या वितरण करने वाले अनुज्ञप्तिधारी को अथवा राज्य सरकार को, असंदत्त रहती है, भू-राजस्व की बकाया के रूप में या राज्य सरकार द्वारा परिषद् या वितरण करने वाले अनुज्ञप्तिधारी या ऐसे उपभोक्ता को संदेय रकमों से कटौती द्वारा, वसूलीय होगी।5994 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 (2) जब कोई विद्युत शुल्क या शस्ति की रकम देय हो गई हो, परन्तु संदत्त नहीं की गई हो, तो निरीक्षण अधिकारी, देय रकम की वसूली करने के लिए सम्बद्ध कलैक्टर को आवेदन करेगा, मानो यह भू-राजस्व की बकाया हो।
9999.... अवसूलीय श् अवसूलीय श् अवसूलीय श् अवसूलीय शुल्काुल्काुल्काुल्क....--------जहां सावधानीपूर्वक और तत्पर प्रयासों के पश्चात् भी, शुल्क सम्पूर्णतः या भागतः अवसूलीय रह जाता है, तो इसे सरकार द्वारा बट्टे-खाते में डाला जा सकेगा।
10101010.... अधिक श् अधिक श् अधिक श् अधिक शुल्क का प्रतिदायाुल्क का प्रतिदायाुल्क का प्रतिदायाुल्क का प्रतिदाय....--------यदि उपभोक्ता या डीजल उत्पादन संयन्त्र के अधिभोगी द्वारा अधिनियम के अधीन संदेय शुल्क से अधिक शुल्क संदत्त किया गया है, तो मुख्य विद्युत निरीक्षक, सम्बद्ध उपभोक्ताओं को इस प्रकार संदत्त अधिक शुल्क का प्रतिदाय प्राधिकृत करेगा।
शुल्क को विद्युत बिलों और लेखा बहियों में प्रदर्शित करर्नाात करर्नाात करर्नाात करना....--------(1) परिषद्/अनुज्ञप्तिधारी, अपने 11111111.... शुल्क को विद्युत बिलों और लेखा बहियों में प्रदश्ि शुल्क को विद्युत बिलों और लेखा बहियों में प्रदश्ि शुल्क को विद्युत बिलों और लेखा बहियों में प्रदश्ि विद्युत बिलों में उपयुक्त स्तम्भ का उपबन्ध करेगा और लेखा बहियों में निर्धारित शुल्क की राशि, वसूल किए गए शुल्क की राशि और अग्रेषित अतिशेष को प्रदर्शित करेगा।
(2) अनुज्ञप्तिधारी, अपनी लेखा बहियों में, प्रत्येक तिमाही में उसके द्वारा अधिनियम के अधीन संदेह शुल्क की राशि को, ट्रेजरी में वास्तव में जमा राशि और बकाया अतिशेष, यदि कोई हो, स्पष्टतया प्रदर्शित करेगा।
(3) परिषद/अनुज्ञप्तिधारी की लेखा बहियां, कार्य दिवसों के दौरान निरीक्षण अधिकारी द्वारा निरीक्षण के लिए खुली होगी।
रखना और विवरणी प्रस्तुत करना....--------(1) परिषद् या अनुज्ञप्तिधारी या किसी व्यक्ति द्वारा 12121212.... अभिलेख अभिलेख अभिलेख अभिलेख रखना और विवरणी प्रस्तुत करना रखना और विवरणी प्रस्तुत करना रखना और विवरणी प्रस्तुत करना प्रदाय की गई, क्रय की गई, उत्पादित या पारेषित विद्युत का निम्नलिखित अभिलेख अनुरक्षित करेगा, अर्थात्ः- (क) जिसे ऊर्जा प्रदाय की गई है उस परिसर का पता और संक्षिप्त वर्णन,
(ख) किसी उपभोक्ता या अनुज्ञप्तिधारी को उत्पादित, पारेषित या अपने उपभोग के लिए प्राप्त की गई अथवा प्रदाय की गई विद्युत के यूनिट;
(ग) किसी उपभोक्ता को प्रदाय की गई या अनुज्ञप्तिधारी द्वारा उपभुक्त विद्युत के यूनिट;
(घ) अधिनियम के अधीन उस पर संदेय विद्युत शुल्क की राशि और अनुज्ञप्तिधारी द्वारा संदत्त या वसूल किया गया विद्युत शुल्क;
(ङ) खजाना में विद्युत शुल्क को जमा करने की तारीख और उसका चालान नम्बर;
(च) नियम 7 और 9 के अनुसार बट्टे-खाते या समायोजित किए गए शुल्क का ब्यौरा; और (छ) प्रदाय को काटने की तारीख, जहां अपेक्षित हो।
(2) परिषद् या अनुज्ञप्तिधारी, उपाबन्ध-I के अनुसार प्ररूप में नवम्बर और मई मास के आखिरी दिवस तक एक विवरणी मुख्य विद्युत निरीक्षक को प्रस्तुत करेगा। निरीक्षण अधिकारी उपाबन्ध-3 के अनुसार वित्तीय वर्ष के समाप्त होने के तीन मास के भीतर, द्विप्रतिक विवरणी सरकार को प्रस्तुत करेगा।राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 5995 अध्याय-4अध्याय-4अध्याय-4अध्याय-4 निरीक्षण अधिकारी के कृत्य और शक्तियाांक्तियाांक्तियाांक्तियां....--------(1) अधिनियम की धारा 6(1) के अधीन नियुक्त 13131313.... निरीक्षण अधिकारी के कृत्य और श् निरीक्षण अधिकारी के कृत्य और श् निरीक्षण अधिकारी के कृत्य और श् निरीक्षण अधिकारी, अधिनियम और इन नियमों के उपबन्धों की अनुपालना को सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(2) मुख्य विद्युत निरीक्षक शुल्क के निर्धारण की जांच करने और संग्रहण करने के लिए उत्तरदायी होगा तथा व्यतिक्रमी व्यक्तियों से शुल्क की वसूली के लिए भू-राजस्व की बकाया के रूप में कार्रवाइर््र्र प्रारम्भ करेगा।
(3) मुख्य विद्युत निरीक्षक यह सुनिश्चित करेगा कि इन नियमों के अधीन विनिर्दिष्ट विभिन्न विवरणियां समय पर प्रस्तुत की गई हैं।
(4) निरीक्षण अधिकारी परिषद् या अनुज्ञप्तिधारी या उपभेक्ता से सम्बन्धित किसी स्थान या परिसर, जिसका उसके पास विश्वास करने का कारण है कि विद्युत का उत्पादन, पारेषण, वितरण, उपयोग या व्यापार किया जा रहा है, में प्रवेश कर सकेगा, निरीक्षण और जांच कर सकेगा।
(5) परिषद् या अनुज्ञप्तिधारी या अपने उपयोग या उपभोग के लिए विद्युत उत्पादन करने वाला व्यक्ति, अधिनियम और इन नियमों के उपबन्धों के सम्यक् अनुपालन के लिए निरीक्षण अधिकारी को, ऐसी जांच करने के लिए, जैसी वह अपने समाधान के लिए आवश्यक समझे, समय-समय पर युक्तियुक्त प्रसुविधाएं प्रदान करेगा।
अध्याय-5अध्याय-5अध्याय-5अध्याय-5
14141414.... विव विव विव विवादों का निपटारा और उनकी अपीलादों का निपटारा और उनकी अपीलादों का निपटारा और उनकी अपीलादों का निपटारा और उनकी अपील....--------(1) शुल्क या उससे छूट के संदाय के लिए उपभोक्ता के दायित्व की बावत परिषद् या अनुज्ञप्तिधारी और उपभोक्ता के मध्य विवाद की दशा में, मुख्य विद्युत निरीक्षक, मामले का विनिश्चय करेगा। मुख्य विद्युत निरीक्षक, के आदेश के विरूद्ध अपील, राज्य सरकार के प्रधान सचिव, बहुउद्वेशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा को उक्त आदेश की तामील के तीस दिन के भीतर होगी। (2) शुल्क या उससे छूट के संदाय के लिए दायित्व की बाबत मुख्य विद्यत निरीक्षक और उपभोक्ता या डीजल उत्पादन संयन्त्र के अधिभोगी या अनुज्ञप्तिधारी के मध्य विवाद की दशा में मुख्य विद्युत निरीक्षक के आदेश के विरूद्ध अपील, प्रधान सचिव, बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा, हिमाचल प्रदेश सरकार को उक्त आदेश के तामील की तारीख से तीस दिन के भीतर होगी।
15151515.... अभियोजन अभियोजन अभियोजन अभियोजन....-----सरकार या निरीक्षण अधिकारी के अनुरोध के सिवाय, अधिनियम और इन नियमों के किन्हीं उपबन्धों के उल्लंघन के लिए किसी व्यक्ति के विरूद्ध कोई अभियोजन संस्थित नही किया जाएगा। 16161616.... श् श् श् शास्तिाास्तिाास्तिाास्ति....--------यदि कोई व्यक्ति इस अधिनियम या इन नियमों के किन्हीं उपबन्धों का उल्लंघन करता है, तो मुख्य विद्युत निरीक्षक ऐसे उल्लंघन की मात्रा (परिमाण) के आधार पर एक लाख रूपये से अनधिक की शास्ति अधिरोपित कर सकेगा।
17171717.... (1) अधिसूचना संख्या एम0पी0पी0-ए(4)-4/75, तारीख 2 जुलाई, 1975 द्वारा अधिसूचित और राजपत्र हिमाचल प्रदेश में तारीख 19 जुलाई, 1975 को प्रकाशित हिमाचल प्रदेश विद्युत (शुल्क) नियम, 1975 का एतद्द्वारा निरसन किया जाता है।
(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी निरसित नियमों के अधीन की गई कोई बात या कार्रवाई (जारी की गई कोई अधिसूचना, किया गया निरीक्षण या कोई आदेश या दी गई अथवा जारी की गई कोई सूचना) जहां तक वह इन नियमों से असंगत न हो, इन नियमों के तत्स्थानी उपबन्धों के अधीन की गई समझी जाएगी।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा)।5996 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 उपबन्धउपबन्धउपबन्धउपबन्ध-I -----से------अवधि के लिए विद्युत शुल्क की अर्थ वार्षिक विवरणी -----से------अवधि के लिए विद्युत शुल्क की अर्थ वार्षिक विवरणी -----से------अवधि के लिए विद्युत शुल्क की अर्थ वार्षिक विवरणी -----से------अवधि के लिए विद्युत शुल्क की अर्थ वार्षिक विवरणी {नियम 12 (2) देखें}
| क्र0 सं0 | प्रवर्ग | विद्युत उपभोग | निर्धारित विद्युत शुल्क की रकम | विद्युत शुल्क की पिछली वसूलीय रकम | कुल स्तम्भ (89) | ||||
| कुल विक्रीत ऊर्जा | विद्युत छूट | कुल विक्रीत ऊर्जा | कुल निर्धारित रकम | विद्युत शुल्क पर छूट की रकम | कुल रकम | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 |
| ..........से............... तक वसूली | उपभोक्ताओं से वसूल किए जाने वाले विद्युत शुल्क का अद्यतन अतिशेष | सरकारी खाते में जमा रकम | सरकार के संदत किया जाने वाला अतिशेष | टिप्पणी |
| 11 | 12 | 13 | 14 | 15 |
मुख्य लेखा अधिकारी वित्त एवं लेखा खण्ड हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लि0, शिमला-4.
---------
उपबन्ध-2उपबन्ध-2उपबन्ध-2उपबन्ध-2 अपनेअपनेअपनेअपने उपयोग या उपभोग के लिए ऊर्जा उत्पादन करने वाले व्यक्ति को निर्धारित और से संदत्त शुल्क के उपयोग या उपभोग के लिए ऊर्जा उत्पादन करने वाले व्यक्ति को निर्धारित और से संदत्त शुल्क के उपयोग या उपभोग के लिए ऊर्जा उत्पादन करने वाले व्यक्ति को निर्धारित और से संदत्त शुल्क के उपयोग या उपभोग के लिए ऊर्जा उत्पादन करने वाले व्यक्ति को निर्धारित और से संदत्त शुल्क के ब्यौर को दर्शाने वाली विवरणी ब्यौर को दर्शाने वाली विवरणी ब्यौर को दर्शाने वाली विवरणी ब्यौर को दर्शाने वाली विवरणी {नियम 7 (3) देखें}
......................मास के लिए फर्म का नाम और पता.......................................................................................................................
राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 5997| डी0 जी0 सैट की क्षमता | एम0 एण्ड टी0 परीक्षण किए गए मीटर की संख्या | प्रारम्भिक रीडिंग | अ तिम ं रीडिंग | उपभुक्त यूनिटनों की संख्या | निर्धारित शुल्क की रकम | अग्रेषित शुल्क का अतिशेष | कुल | स् ादत ं किए गए विद्युत शुल्क की रकम | अतिशेष | टिप्पणी |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
उपबन्ध-3उपबन्ध-3उपबन्ध-3उपबन्ध-3 निर्धारित किए गए और वसूल किए गए शुल्क का ब्यौरा दर्शाने वाली विवरणी निर्धारित किए गए और वसूल किए गए शुल्क का ब्यौरा दर्शाने वाली विवरणी निर्धारित किए गए और वसूल किए गए शुल्क का ब्यौरा दर्शाने वाली विवरणी निर्धारित किए गए और वसूल किए गए शुल्क का ब्यौरा दर्शाने वाली विवरणी {नियम 12 (2) देखें}
निरीक्षण अधिकारी....................................................
| संदत शुल्क | निर्धारित शुल्क | पिछला अतिशेष | कुल (23) | वसूल की गई रकम | अतिशेष | टिप्पणी |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
1. परिषद्।
2 अपने उपयोग या उपभोग के लिए ऊर्जा का उत्पादन करने वाले व्यक्ति।
----------
[Authoritative English text of this Department's notification No. MPP-A (4)-11/2008-I dated 4th October, 2010 as required under Article 348 (3) of the constitution of India].
NOTIFICATION
Shimla, The 04th October, 2010
MPP-A(4)-11/2008-I.—In exercise of powers conferred by section 15 of the Himachal Pradesh Electricity (Duty) Act, 2009, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to make the following Rules for carrying out the purpose of the said Act, namely :—
CHAPTER-I
1. Short title.— These rules may be called the Himachal Pradesh Electricity (Duty) Rules, 2010.
5998 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 19322. Definition.—(i) In these rules, unless the context otherwise requires,
(a) "Act" means the Himachal Pradesh Electricity (Duty) Act, 2009:
(b) "Annexure" means an annexure appended to these rules;
(c) "Chief Electrical Inspector" means a person appointed as such by the Government under sub-section (1) of section 162 of the Electricity Act, 2003;
(d) "duty" means the Electricity Duty levied under rules;
(e) "Government" means the Government of Himachal Pradesh;
(f) "Government Treasury" means a Treasury or a Sub-Treasury of the Government; (g) "license" means a license granted under section 14 0f the Electricity Act, 2003;
(h) "meter" means a set of integrating instrument used to measure the amount of electrical energy supplied or the quantity of electrical energy contained in the supply, in a given time, which include whole current meter and metering equipment such as current transformer, capacitor voltage transformer or potential or voltage transformer with necessary wiring and accessories; and
(i) "section" means the section of the Act.
(2) All other words and expression used therein but not defined shall have the meanings respectively as assigned to them in the Act.
CHAPTER-II
ASSESSMENT OF DUTY
3. Manner of Calculation.—(1) The duty under sub-section (1) of section 3 of the Act shall be calculated on the basis of the percentage specified therein for different categories of consumers on the amount of energy charges calculated on consumption of electricity supplied to the consumer or the licensee.
(2) In case the Government directs to give un metered/free electricity, the rate of duty shall be charged as per the directions of the government in such cases.
4. Consumer or occupier generating energy for his own consumption and installations of
meters, etc.—(1) Every consumer or occupier generating energy for his own use or consumption shall give a thirty days notice of his intention to commission the generating plant(s) to the supplier as well as the Chief Electrical Inspector, No. consumer or occupier shall commission his generating plant of a capacity above 10 KW without the approval in writing of the Chief Electrical Inspector failing which the consumer or occupier shall be liable to penalties provided in section 10(c) of the Act.
(2) Every consumer or occupier generating electricity for his own consumption shall install a suitable meter on generating plant above 10 KW duly tested to record the units of electricity consumed by him at his own cost get it tested as per the directions of Chief Electrical Inspector /Assisting Officers before its installation. The owner of the meter shall be responsible for its safety.
राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 5999(3) Government may by notification in the Official Gazette exempt any consumer or occupier from installation of meters on generating plant and charge Electricity duty on lump sum basis.
5. Provision of separate meters.— Where there is a combined installation using energy and a part of the supply of energy is dutiable and a part is exempted, the consumer shall install and maintain an additional suitable and correct meter or sub-meter to record the quantities of two kinds of consumptions separately.
6. Adjustment as a result of inaccuracy of meters.—Where a meter installed at the premises becomes inaccurate or inoperative, the duty for the period the meter remains inaccurate or inoperative shall be based on the consumption of electricity for which the consumer is billed by the board or the generating licensee for the said period.
CHAPTER-III
7. Collection and payment of duty.—(1) The duty leviable under clauses (i) to (ix) of subsection of section of the Act on the electricity generated, transmitted, supplied, traded shall be collected by the concerned licensee along with the electricity bills for the electricity generated, transmitted, supplied or traded for any schedule purpose and shall be deposited in Government Treasury, Sub-Treasury or the Scheduled Bank on quarterly basis i.e. June, September, December and March every year.
(2) The Licensee shall send the duplicate copy of the Treasury challan to the Chief Electrical Inspector, Himachal Pradesh on quarterly basis i.e. July, October, January and April every year.
Provided that if duty has been paid by a consumer in respect of consumption of energy in excess of what is payable under the Act, the licensee shall authorize the refund of the excess duty so paid to the consumers concerned by adjustment in subsequent bill or bills or by payment in cash where the consumer ceases to take supplies;
Provided that in case the licensee is unable to include the amount of duty in the bill immediately following the month in which excess duty has been paid by the consumer, for want of time, the licensee may do so in the next bill.
(3) In case of captive or stand by generation of electrical energy for own consumption through generating sets or by whatsoever mode, by the licensee or consumer, Electricity Duty under clause (xi) of sub-section (1) of section 3 of the act shall be deposited quarterly by the concerned consumer directly in the Government Treasury, Sub-Treasury or Scheduled Bank notified as per the advice of the Chief Electrical Inspector.
The consumer or the occupier shall send copy of Treasury challan alongwith information on Annexure-'II' to the Chief Electrical Inspector.
(4) The Electricity Duty shall be deposited under the Head of Account 0043-Taxes and duties on electricity, 101-Taxes on consumption and sale of electricity, 01-Receipt from electricity duty.
8. Recovery of duty.—(1) Any electricity duty due under sub-section (1) of section 3 of the Act or penalty imposed under section 7 of the Act, which remains unpaid, whether by a consumer to the Board or to the distributing licensee or to the State Government, shall be recoverable as an6000 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 arrear of land revenue or by deduction from the amounts payable by the State Government to the Board or the distributing licensee or such consumer.
(2) When any sum of electricity duty or penalty has fallen due, but has not been paid, the Inspecting Officer, may make an application to the Collector concerned to recover the sum due as if it were an arrears of the land revenue.
9. Irrecoverable Duty.—Where duty is found Irrecoverable in whole or in part, even after careful and diligent attempts to recover it, it may be written off by the Government.
10. Refund of excess duty.—If duty has been paid in excess of what is payable under the Act by the consumer or occupier of Diesel Generating (D.G) Plant, the Chief Electrical Inspector shall authorize the refund of the excess duty so paid to the consumers concerned.
11. Exhibition of duty in Electricity Bills and Accounts Books-(1) The Board/licensee shall provide suitable columns in its electricity bill and account books to show the amount of duty assessed, amount of the duty realized and balance carried forward.
(2) A licensee shall clearly exhibit in his account books the amount of duty payable under the Act by him in every quarter, amount actually deposited in the Treasury and the outstanding balance, if any.
(3) The account books of the Board/licensee shall be open for inspection by the Inspecting Officer during working hours of a day.
12. Keeping of record and submission of return.—(1) The Board or a licensee or a person supplying, purchasing, generating or transmitting electricity shall maintain the following record, namely:—
(a) address and brief description of the premises to which the energy is supplied;
(b) the units of electricity generated, transmitted or received for own consumption or for supply to any consumer or licensee;
(c) the units of electricity supplied to any consumer or consumed by the licensee.
(d) the amount of electricity duty payable thereon and the electricity duty paid or recovered by the licensee, under the Act;
(e) the date of deposit of electricity duty in the Treasury and Challan No. thereof;
(f) the detail of duty written off or adjusted in accordance with rules 7 and 9; and (g) the date of disconnection where required.
(2) The Board or the licensee shall submit to the Chief Electrical Inspector by the last duty November and May a statement as per Annexure-I. The Inspecting Officer shall submit to the Government a return in duplicate as per Annexure-III within three months after the close of the financial year.
CHAPTER-IV
13. Functions and powers of Inspecting Officer.—(1) The inspecting Officer appointed under section 6(1) of the Act shall be responsible for ensuring the compliance of the provisions of the Act and these rules.
राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 6001(2) The Chief Electrical Inspector shall be responsible for checking the assessment and collection of duty and shall initiate action for the recovery of the duty from the defaulters as an arrear of land revenue.
(3) The Electrical Inspector shall ensure that the various returns specified under these rules are submitted in time.
(4) The Inspecting Officer may enter, inspect and examine any place or premises belonging to the Board, licensee, or consumer in which he has reason to believe that electricity is being generated, transmitted, distributed, used or traded.
(5) A Board or the licensee or the person generating electricity for his own use or consumption, shall afford at all times reasonable facilities to the Inspecting Officer to make such examination as he may deem necessary to satisfy himself for due observance of the provisions of the Act and these rules.
CHAPTER-V
14. Settlement of disputes and appeal thereof.—(1) In the case of a dispute between the Board or the licensee and the consumers regarding the liability of the consumer for the payment of the duty or exemption therefrom, the Chief Electrical Inspector shall decide the matter. An appeal against the order of the Chief Electrical Inspector shall lie within 3 months from the date of service of said order to the Principal Secretary, Multipurpose Projects and Power to the State Government. (2) In case of dispute between Chief Electrical Inspector and the consumer or occupier of Diesel Generating (D.G.) Plant or licensee regarding the liability for the payment of duty or exemption therefrom, an appeal against the order of Chief Electrical Inspector shall lie within three months from the date of service of the said order to the Principal Secretary MPP & Power to the Government of Himachal Pradesh.
15. Prosecution.—No prosecution shall be instituted against any person for the contravention of any provision of the Act and these rules except at the instance of Government or an Inspecting Officer.
16. Penalty.—If any person contravenes any of the provisions of the Act or these rules, the Chief Electrical Inspector may on the basis of extent of such contravention, impose a penalty not exceeding Rs. One Lakh.
17. (1) The Himachal Pradesh Electrical (Duty) Rules, 1975 notified vide Notification No. MPP-A(4)-4/75, dated 2nd July, 1975 and published in the Rajpatra, Himachal Pradesh dated 19th July, 1975 are hereby repealed.
(2) Notwithstanding such repeal anything done or any action taken (including any notification issued or inspection conducted or any order or notice made or issued,) shall, in so far as it is not inconsistent with the provisions these rules, be deemed to have been done or taken under the corresponding provisions of these Rules.
By order, Sd/- Principal Secretary (Power).
6002 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932ANNEXURE-I HAFL–YEARLY ELECTRICITY DUTY RETURN FOR THE PERIOD OF-----TO---- {See Rule 12(2)}
| Sr. No. | Category | Energy Consumption | Amount of Electricity Duty Assessed | Previous Amount of ED to be recovered | ||||
| Total Energy sold | Electy. Exemption | Net Energy Sold | Total Amount Assessed | Electricity Duty Amount Exempted | Net Amount | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
| Total Col. (8+9) | Realization--- To---- | Upto date Balance of ED to be recovered from the consumers | Amount deposited in Govt. a/c. | Balance to be paid to H.P. Govt. | Remarks |
| 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 |
Chief Accounts Officer, F&A Wing HPSEBL, Shimla-4.
_________
ANNEXURE-II STATEMENT SHOWING DETAILS OF THE DUTY ASSESSED AND PAID BY PERSON GENERATING ENERGY FOR HIS OWN USE OR CONSUMPTION
For the month of---------------
{See Rule 7(3)}
Name and Address of the firm-----------------------------------------------------------------------------------
| Capacity of D.G.Set | M & T tested meter No. | Initial Reading | Final Reading | No. of Units Consumed | Amount of duty assessed | Balance of duty brought forward | Total | Amount of ED paid | Balance | REMARKS |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
ANNEXURE-III STATEMENT SHOWING DETAILS OF THE DUTY ASSESSED AND REALISED {See Rule 12(2)}
Inspecting Officer ---------------------------
| D uty Payable by | Duty Assessed | Previous Balance | Total (2+3) | Amount realized | Balance | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| Rs. | Rs. | Rs. | Rs. |
1. Board.
2. Persons generating energy for their own use or consumption.
__________
बहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग
अधिसूचना
चम्बा, 18 नवम्बर, 2010
संख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युत....-छ--छ--छ--छ-((((5555))))-25/-25/-25/-25/2010201020102010....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत हेाता है कि राष्ट्रीय जल विद्युत परियोजना निगम सीमित (एन.एच.पी.सी.) जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः मुहाल लोथल ह0न0 (90), तहसील व जिला चम्बा, हि0 प्र0 में चमेरा जल विद्युत परियोजना चरण-III के स्टोर व वर्कशाप के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएवः एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों की सूचना हेतु घोषणा की जाती है और उक्त अधिनियम की धारा-7 के उपबन्धों के अधीन भू-अर्जन समाहर्ता, चमेरा जल विद्युत परियोजना करीयॉं, चम्बा, जिला चम्बा को भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्द्वारा निर्देश दिया जाता हैं।
3. भूमि के रेखांक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, चमेरा जल विद्युत परियोजना करीयॉं, तहसील व जिला चम्बा, हि0 प्र0 में किया जा सकता हैं।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील ग्राम खसरा नं0 रकवा (बीघों) में चम्बा चम्बा लोथल (90) 374/1 1-15-0 379/1 0-14-0 1011/125 0-12-0 133 1-19-0 375/1 0-6-06004 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 1014/373 0-7-0 1010/124/1 0-12-0 127 0-3-0
कित्ता कित्ता कित्ता कित्ता = 8 कुल रकवा-कुल रकवा-कुल रकवा-कुल रकवा-6-8-0 बीघ्बीघ्बीघ्बीघााााााा
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव ।
-------
बहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग
अधिसूचना
शिमला, 18 नवम्बर, 2010
संख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युत....-छ--छ--छ--छ-((((5555))))----64/2064/2064/2064/2000009999....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश राज्य ऊर्जा निगम लिमिटेड जो कि भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है, के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव विराटनगर, तहसील जुब्बल, जिला शिमला, हि0 प्र0 में सावड़ा कुडू जल विद्युत परियोजना के बॉंंध के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों की सूचना हेतु घोषणा की जाती है और उक्त अधिनियम की धारा-7 के उपबन्धों के अधीन भू अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्द्वारा निर्देश दिया जाता है।
3. इसके अतिरिक्त उक्त अधिनियम की धारा-17 की उप धारा-1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल यह निर्देश देते हैं कि अति आवश्यक मामला होने के कारण भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 उक्त अधिनियम की धारा-9 की उप धारा-1 के अधीन नोटिस के प्रकाशन के 15 दिन की अवधि समाप्त होने पर पंचाट देने से पूर्व भूमि का कब्जा ले सकते हैं।
4. भूमि के रेखांक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4, जिला शिमला, हि0 प्र0 में किया जा सकता है।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील ग्राम खसरा नं0 रकवा (हैक्टेयर में) शिमला जुब्बल विराटनगर 475 0-05-35 476 0-08-00 कुल कुल कुल कुल कित्ता कित्ता कित्ता कित्ता = 8 कुल रकवा-कुल रकवा-कुल रकवा-कुल रकवा-6-8-0 (है0)(है0)(है0)(है0)
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव । राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 6005 बहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग
अधिसूचना
शिमला, 18 नवम्बर, 2010
संख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युत....-छ--छ--छ--छ-((((5555))))----65/2065/2065/2065/2000009999....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश राज्य ऊर्जा निगम लिमिटेड जो कि भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है, के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांॅंव कटिण्डा, तहसील जुब्बल, जिला शिमला, हि0 प्र0 में सावड़ा कुडू जल विद्युत परियोजना के डम्पिंग यार्ड के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों की सूचना हेतु घोषणा की जाती है और उक्त अधिनियम की धारा-7 के उपबन्धों के अधीन भू अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्द्वारा निर्देश दिया जाता है।
3. इसके अतिरिक्त उक्त अधिनियम की धारा-17 की उप धारा-1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल यह निर्देश देते है्र कि अति आवश्यक मामला होने के कारण भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 उक्त अधिनियम की धारा-9 की उप धारा-1 के अधीन नोटिस के प्रकाशन के 15 दिन की अवधि समाप्त होने पर पंचाट देने से पूर्व भूमि का कब्जा ले सकते हैं।
4. भूमि के रेखांक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4, जिला शिमला, हि0 प्र0 में किया जा सकता है।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील ग्राम खसरा नं0 रकवा (हैक्टेयर में) शिमला जुब्बल कटिण्डा 68 0-00-28 96 0-01-35 96/1 0-02-11 97 0-02-38 कुल कुल कुल कुल कित्ता कित्ता कित्ता कित्ता = 4 कुल रकवाकुल रकवाकुल रकवाकुल रकवा----0-06-12 (है0)(है0)(है0)(है0)
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव ।
-------
बहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग
अधिसूचना
शिमला, 16 नवम्बर, 2010
संख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युत....-छ--छ--छ--छ-((((5555))))----66/2066/2066/2066/2000009999....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश राज्य ऊर्जा निगम लिमिटेड जो कि भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधाीन एक निगम है, के 6006 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव हाटकोटी, तहसील जुब्बल, जिला शिमला, हि0 प्र0 में ट्रांसफार्मर व हैण्डपम्प के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएवः एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों की सूचना हेतु घोषणा की जाती है और उक्त अधिनियम की धारा-7 के उपबन्धों के अधीन भू अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्द्वारा निर्देश दिया जाता है।
3. इसके अतिरिक्त उक्त अधिनियम की धारा-17 की उप धारा-1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल यह निर्देश देते है्र कि अति आवश्यक मामला होने के कारण भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 उक्त अधिनियम की धारा-9 की उप धारा-1 के अधीन नोटिस के प्रकाशन के 15 दिन की अवधि समाप्त होने पर पंचाट देने से पूर्व भूमि का कब्जा ले सकते हैं।
4. भूमि के रेखांक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4, जिला शिमला, हि0 प्र0 में किया जा सकता है।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील ग्राम खसरा नं0 रकवा (हैक्टेयर में) शिमला जुब्बल हाटकोटी 173 0-01-10 208 0-05-30 227 0-00-55 277 0-01-87 कुल कुल कुल कुल कित्ता कित्ता कित्ता कित्ता = 4 कुल रकवा-कुल रकवा-कुल रकवा-कुल रकवा-0-08-82 (है0)(है0)(है0)(है0)
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव ।
-------
बहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएंबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग एवं विद्युत विभाग
अधिसूचना
शिमला, 18 नवम्बर, 2010
संख्या संख्या संख्या संख्या विद्युतविद्युतविद्युतविद्युत....-छ--छ--छ--छ-((((5555))))----67/2067/2067/2067/2000009999....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश राज्य ऊर्जा निगम लिमिटेड जो कि भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है, के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव भड़ोट, तहसील जुब्बल, जिला शिमला, हि0प्र0 में सावड़ा कुडू जल विद्युत परियोजना की ऐडिट नम्बर-1 के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों की सूचना हेतु घोषणा की जाती है और उक्त अधिनियम की धारा-7 के उपबन्धों के अधीन भू अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्द्वारा निर्देश दिया जाता है। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 6007 3. इसके अतिरिक्त उक्त अधिनियम की धारा-17 की उप धारा-1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल यह निर्देश देते हैं कि अति आवश्यक मामला होने के कारण भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 उक्त अधिनियम की धारा-9 की उप धारा-1 के अधीन नोटिस के प्रकाशन के 15 दिन की अवधि समाप्त होने पर पंचाट देने से पूर्व भूमि का कब्जा ले सकते हैं।
4. भूमि के रेखांक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4, जिला शिमला, हि0 प्र0 में किया जा सकता है।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील ग्राम खसरा नं0 रकवा (हैक्टेयर में) शिमला जुब्बल भड़ोट 229/2 0-00-50 कुल कुल कुल कुल कित्ता कित्ता कित्ता कित्ता = 1 कुल कुल कुल कुल रकवा-रकवा-रकवा-रकवा-0-08-50 (है0)(है0)(है0)(है0)
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव ।
-------
ब अदालत श्री अरुण कुमार शर्मा, सहायक समाहर्ता, प्रथम वर्ग, चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
विषय.- प्रार्थना-पत्र अधिनियम जेर धारा 40, 41 वसीयतनामा पंजीकृत किये जाने बारे।
प्रार्थी श्री विरेन्द्र सिंह पुत्र स्व0 श्री जेडू राम, ग्राम वासी बटेवडी, परगना शठा, तहसील चौपाल ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि जिसके साथ उसके स्व0 पिता जिनकी मृत्यु 7-2-2008 को हो चुकी है । उन्होंने अपनी मृत्यु से पूर्व दिनांक 20-12-2007 को अपने पुत्र विरेन्द्र सिंह के नाम वसीयतनामा तहसीर किया है। स्व0 श्री जैडू राम के अपने हकीकी पांच पुत्र हैं। स्व0 जेडू राम ने अपनी वसीयत में हवाला दिया है कि उसने अपनी सभी चकों की अराजी अपने चारों हकीकी पुत्रों को दे चुका है। वसीयत नाम रूवरू गवाहान लिपिबद्ध किया गया है।
अतः इस नोटिस द्वारा सभी सर्वसाधारण को व सगे सम्बन्धियों, रिश्तेदारों व अन्य आम जनता को यदि यह वसीयतनामा पंजीकृत करने बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 20-11-2010 को इस न्यायालय में अपना पक्ष प्रस्तुत करे। इस दिनांक के बाद कोई भी सुनवाई अमल में नहीं लाई जावेगी।
आज दिनांक 18-10-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी की गई।
मोहर।
अरुण कुमार शर्मा,
सहायक समाहर्ता, प्रथम वर्ग, चौपाल,
जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश।6008 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 नवम्बर, 2010/28 कार्तिक, 1932 ब अदालत श्री धर्म सिंह कायथ, सहायक समाहर्ता, द्वितीय वर्ग, चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश श्री सन्त राम पुत्र श्री लच्छी राम ग्राम लिहाट, परगना हामल, तहसील चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
विषय.- प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 40/41 किये जाने पंजीकृत वसीयतनामा।
प्रार्थी श्री सन्त राम पुत्र श्री लच्छी राम ग्राम लिहाट, परगना बाहल, तहसील चौपाल ने इस न्यायालय में वसीयतनामा गुजारा है जो मतौफी बानुदेवी पुत्री स्व0 श्री देवणु, ग्राम लिहाट ने तहसीर करवाया है कि उनकी मृत्यु के पश्चात् मेरी वसीयत जमीन चक लिहाट में स्थित है। मैं अपने जिन्दा जी सर्व श्री किरपा राम पुत्र देवणु, 2. सन्त राम पुत्र श्री लच्छी राम व 3. गोपाल पुत्र स्व0 श्री शोभा राम, निवासी ग्राम लिहाट को बराबर-बराबर हिस्सा में देती हूं। मेरे मरने के बाद उपरोक्त सभी व्यक्तियों के नाम यह जमीन आगे तहरीर होनी चाहिए। वसीयतकर्ता की मृत्यु दिनांक 4-8-2010 को हो चुकी है।
अतः सर्वसाधारण को इस नोटिस/इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति विशेष या सगे सम्बन्धियों/रिश्तेदारों को वसीयत पंजी—त करने बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 20-11-2010 को अपना पक्ष पेश करें अन्यथा कार्यवाही एक तरफा अमल में लाई जावेगी।
मोहर।
धर्म सिंह कायथ, सहायक समाहर्ता, द्वितीय वर्ग,
चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश
------
ब अदालत श्री कली राम, कार्यकारी दण्डाधिकारी, कोटखाई, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश श्रीमती कविता पुत्री श्री ज्ञान चन्द हाल पत्नी श्री अजय महाजन, निवासी कोटखाई, डा0 व तहसील . . प्रार्थी। कोटखाई, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादीगण। प्रार्थना-पत्र नाम दरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थिया ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि उसका नाम स्कूल प्रमाण-पत्र में रेखा गुप्ता पुत्री श्री ज्ञान चन्द लिखा है तथा पंचायत व पहचान-पत्र में कविता दर्ज है जो सही है, प्रार्थना की है कि उसका नाम रेखा उर्फ कविता दर्ज किया जावे।
इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थिया के नाम दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 10-12-2010 को असालतन या वकालतन अदालत अधोहस्ताक्षरी आकर अपना एतराज प्रस्तुत करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में नाम दरुस्ती के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 10-11-2010 को मेरे हस्ताक्षर व अदालत मोहर से जारी हुआ।
मोहर।
कली राम, कार्यकारी दण्डाधिकारी,
कोटखाई, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित