राजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल हिमाचल हिमाचल हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशितप्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशितप्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशितप्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला,शिमला,शिमला,शिमला, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार 8888 जूनजूनजूनजून,,,, 2011 2011 2011 2011////11118888 ज्येष्ठज्येष्ठज्येष्ठज्येष्ठ,,,, 1933 1933 1933 1933
हिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकार
HIMACHAL PRADESH ELECTRICITY REGULATORY COMMISSION SHIMLA
NOTIFICATION
Shimla the 7th June., 2011
No. HPERC/Gen/479.—In exercise of the powers conferred by clauses (zd), (ze) and (zf) of sub-section (2) of section 181 read with sections 61, 62 and 86, of the of the Electricity Act, 2003 (36 of 2003) and all other powers enabling it in this behalf, the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission proposes to amend the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (Terms and Conditions for Determination of Hydro Generation Tariff) Regulations, 2011, published in the Rajpatra, Himachal Pradesh, dated 2nd April, 2011 and the draft of the proposed amendment, as required by sub- section (3) of section 181 of the said Act read with rule 3 of the Electricity (procedure For Previous Publication) Rules, 2005, is hereby published for the information of all the persons likely to be affected thereby; and notice is hereby given that the said draft amendment will be taken into consideration, after the expiry of thirty days form the date of its publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh, together with any objections or suggestions which may within the aforesaid period be received in respect thereto. 49-राजपत्र/2011-8-6-2011 (1063) 1064 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933
The objections or suggestions in this behalf should be addressed to the Secretary, Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission, Keonthal Commercial Complex, Khalini, Shimla – 171002.
DRAFT REGULATIONS
1. Short title and commencement.—(1) These regulations shall be called the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (Terms and Conditions for Determination of Hydro Generation Tariff) (First Amendment) Regulations, 2011.
(2) These regulations shall come into force from the date of their publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh.
2. Amendment of regulation 11.— In sub-regulation (2) of regulation 11 of the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (Terms and Conditions for Determination of Hydro Generation Tariff) Regulations, 2011
(a) the following first proviso shall be inserted; namely:-
"Provided that prudence check of capital cost may be carried out based on the benchmark norms to be laid down by the Commission from time to time; and
(b) in the existing first proviso, for the words "Provided that in cases where benchmark norms have not been specified," the words "Provided further that in case where benchmark norms have not been laid down, the prudence check may be carried out based on the benchmark norms/guidelines laid down by the Central Electricity Authority and" shall be substituted.
By the order of the Commission -Sd- Secretary.
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प्रारम्भिक श्प्रिारम्भिक श्प्रिारम्भिक श्प्रिारम्भिक शिक्षा विभागाक्षा विभागाक्षा विभागाक्षा विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 25 मई, 2011
संख्याः ई0डी0एन0संख्याः ई0डी0एन0संख्याः ई0डी0एन0संख्याः ई0डी0एन0 ((((सीसीसीसी)))) एफएफएफएफ((((10101010)-8/2009)-8/2009)-8/2009)-8/2009....----हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (2009 का 35) की धारा 38 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, पूर्वोक्त अधिनियम के उपबन्धों को कार्यान्वित करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती हैं, अर्थात्ः- भाग-भाग-भाग-भाग-1 1 1 1 प्रारम्भिकप्रारम्भिकप्रारम्भिकप्रारम्भिक
1111.... संक्षिप्त नामसंक्षिप्त नामसंक्षिप्त नामसंक्षिप्त नाम....----इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 है ।
2222.... परिभाष्परिभाष्परिभाष्परिभाषाएांाएांाएांाएं....----(1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) ''अधिनियम'' से निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (2009 का 35) अभिप्रेत है ;
राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1065 (ख) ''आंगनबाडी'' से भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय की एकीकृत बाल विकास स्कीम के अधीन स्थापित आंगनबाड़ी केन्द्र अभिप्रेत है ;
(ग) ''अघ्याय'', ''धारा'' और ''अनुसूची'' से अधिनियम के क्रमशः अध्याय, धारा और अनुसूची अभिप्रेत है ;
(घ) ''बालक'' से 6 से 14 वर्ष की आयु का कोई बालक अभिप्रेत है ;
(ङ) ''अलाभप्रद समूह से सम्बन्धित बालक'' से अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़े वर्गों से सम्बन्धित बालक जो गरीबी रेखा से नीचे के परिवार से सन्बन्धित हो अथवा निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 में अंतर्विष्ट उपबन्धों के अनुसार कोई भी निःशक्त बालक अभिप्रेत है ;
(च) ''कमजोर वर्ग से सम्बन्धित बालक'' से ऐसा बालक अभिप्रेत है जो ऐसे स्ांरक्षक या माता-पिता से सम्बन्धित हो, जो गरीबी रेखा से नीचे के परिवार से सम्बन्धित हो ;
(छ) ''प्ररूप'' से इन नियमों से संलग्न प्ररूप अभिप्रेत है ;
(ज) इन नियमों के प्रयोजनों के लिए ''आसपास'' से एक या एक से अधिक गांव में 500 या इससे अधिक की न्यूनतम समीपस्थ जनसंख्या अभिप्रेत है ; और
(झ) ''प्राथमिक विद्यालय'' से कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा देने वाला विद्यालय अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत इसकी शाखा भी है ;
() ''छात्र संचित अभिलेख'' से विस्तृत और सतत् मूल्यांकन पर आधारित बालक की प्रगति का अभिलेख अभिप्रेत है ;
(ट) ''विद्यालय योजना निर्माण'' से सामाजिक अवरोधों और भौगोलिक अंतर को कम करने के लिए विद्यालय स्थान की योजना बनाना अभिप्रेत है ;
(ठ) ''राज्य सरकार'' से हिमाचल प्रदेश सरकार अभिप्रेत हैे ;
(ड) पद ''एस एम सी'' जहां कहीं भी इन नियमों में प्रयुक्त हुआ है, का ''विद्यालय प्रबन्धन समिति'' अर्थ लगाया जाएगा; और
(ढ) ''प्राथमिक विद्यालय से ऊपर का विद्यालय'' से कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाला विद्यालय अभिप्रेत है ।
(2) उन सभी शब्दों और पदों के, जो इसमें प्रयुक्त हैं और परिभाशित नहीं है किन्तु अधिनियम में परिभाशित हैं, वही अर्थ होंगे, जो अधिनियम में क्रमशः उनके हैं ।
भागभागभागभाग----2 2 2 2 बालकों का बिालकों का बिालकों का बिालकों का निःश्नःश्नःश्नःशुल्काुल्काुल्काुल्क और अनिवार्य श् िऔर अनिवार्य श् िऔर अनिवार्य श् िऔर अनिवार्य शिक्षा का अधिकाराक्षा का अधिकाराक्षा का अधिकाराक्षा का अधिकार
3333.... धारा 4 के प्रधारा 4 के प्रधारा 4 के प्रधारा 4 के प्रथम परन्तुक के प्रयोजन के लिए वि थम परन्तुक के प्रयोजन के लिए विश्श्श्शेोोोष्ष्ष्ष प्राि प्राि प्राि प्रश्श्श्शिक्षण ाक्षण ाक्षण ाक्षण ((((अनिवासी/निवासीअनिवासी/निवासीअनिवासी/निवासीअनिवासी/निवासी संक्षिप्त संक्षिप्त संक्षिप्त संक्षिप्त थम परन्तुक के प्रयोजन के लिए वि थम परन्तुक के प्रयोजन के लिए वि पाठपाठपाठपाठ््््यक्रमयक्रमयक्रमयक्रम))))....----(1) विद्यालय प्रबंधन समिति/स्थानीय प्राधिकारी/अध्यापक, विशेष प्रशिक्षण की अपेक्षा करने वाले बालकों की पहचान करेंगे और निम्नलिखित रीति में ऐसा प्रशिक्षण आयोजित करेंगे, अर्थात्ः-
(क) यह धारा 29(1) के अधीन गठित शैक्षणिक प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित विशेष रुप से तैयार की गई, आयु अनुसार शिक्षा सामग्री पर आधारित होगा ;
1066 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 (ख) यह विद्यालय के परिसरों में लगाई गई कक्षाओं में या सुरक्षित आवासीय सुविधाओं में आयोजित कक्षाओं में दिया जा सकेगा ;
(ग) यह विद्यालय में कार्य कर रहे अध्यापकों द्वारा या इस प्रयोजन के लिए विशेष रूप से नियुक्त अध्यापकों द्वारा दिया जा सकेगा; और
(घ) प्रिशिक्षण की कालावधि तीन मास की न्यूनतम अवधि के लिए होगी, जिसे बालक की विद्या की प्रगति के आवधिक निर्धारण के आधार पर दो वर्ष से अनधिक की अधिकतम अवधि के लिए विस्तारित किया जा सकेगा ।
(2) बालक, आयु अनुरूप समुचित कक्षा में प्रवेश करने पर उप नियम (1) के अधीन विशेष प्रशिक्षण के पश्चात् अध्यापक द्वारा विशेष ध्यान प्राप्त करता रहेगा, जिससे उसे अन्य बालकों (शेष कक्षा) के साथ सफलतापूर्वक जुड़ने में शैक्षणिक रूप से और भावनात्मक रूप से समर्थ बनाया जा सके ।
-राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकारी के कत्र्तव्य भाग-भाग-भाग-भाग-3333-राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकारी के कत्र्तव्य -राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकारी के कत्र्तव्य -राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकारी के कत्र्तव्य
4444.... आसपास के विद्यालयों का क्षेआसपास के विद्यालयों का क्षेआसपास के विद्यालयों का क्षेआसपास के विद्यालयों का क्षेत्र या सीमाएंत्र या सीमाएंत्र या सीमाएंत्र या सीमाएं....----(1) आसपास के विद्यालय से अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत हैे ।
(i) कोई प्राथमिक विद्यालय, जो आसपास के 1.5 किलोमीटर (डेढ़ किलोमीटर) की पैदल दूरी के भीतर अवस्थित हो और जिसमें 6 से 11 वर्ष की आयु वर्ग के कम से कम 25 बालक, उपलब्ध हों और उस विद्यालय में नामांकन हेतु इच्छुक हाें ; और
(ii) प्राथमिक विद्यालय से ऊपर का कोई विद्यालय जो आसपास से 3 किलोमीटर (तीन किलोमीटर) की पैदल दूरी के भीतर अवस्थित हो और जिसके पास पोषक प्राथमिक विद्यालयों (फिंिडंग प्राइमरी स्कूल) की कक्षा 5वीं में, कुल मिलाकर, 25 बालकों से अन्यून उपलब्ध हों और उस विद्यालय में नामांकन हेतु इच्छुक हाें।
(2) कठिन भू-भागों, भूस्खलनों, बाढ़ के जोखिम, कम सड़कों वाले क्षेत्रों में और साधारण तथा, युवा बालकों के लिए अपने घरों से विद्यालय तक पहुंचने में खतरे वाले स्थानों में राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी ऐसी रीति में विद्यालय अवस्थित कर सकेगा, जिससे उपनियम (1) के अधीन विनिर्दिष्ट सीमाओं को कम करके ऐसे खतरों से बचा जा सके ।
(3) राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा पता लगाए गए ऐसे छोटे गांवों के बालकों के लिए, जहां उपनियम (1) के अधीन विनिर्दिष्ट आसपास के क्षेत्र या सीमाओं के भीतर कोई विद्यालय विद्यमान नहीं है, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी निःशुल्क या बस पास ऐसी दरों पर, जैसी यह समय-समय पर नियत करे, दूरी भत्ता के संदाय के लिए व्यवस्था करने पर विचार कर सकेगी/सकेगा ।
(4) राज्य सरकार, विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रों में कोई विद्यालय खोलने के बजाए, किसी उपयुक्त स्थान पर छात्रावास स्थापित कर सकेगी जिसमें ऐसे क्षेत्रों के छात्रों को प्रवेश दिया जा सके । (5) सघन जनसंख्या वाले क्षेत्रों में, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी, ऐसे क्षेत्रों में 6-14 वर्ष की आयु समूह के बालकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए, आसपास के एक से अधिक विद्यालयों की स्थापना के बारे में विचार कर सकेगा ।
(6) ऐसी निःशक्तताओं से ग्रस्त बालकों के सम्बन्ध में, जो उन्हें विद्यालय में पहुंचने से रोकती हैं, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी, उन्हें विद्यालय में उपस्थित होने और प्रारम्भिक शिक्षा पूरा करने में समर्थ बनाने के लिए दूरी या परिवहन भत्ता, ऐसी दरों पर, जैसी राज्य सरकार द्वारा समय समय पर नियत की जाएं, प्रदान करने की व्यवस्थाएं करने का प्रयास करेगा । राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1067 (7) राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि बालकों की विद्यालय तक पहुंच, सामाजिक और सांस्कृतिक कारकों से प्रतिबन्धित न हो ।
(8) राज्य सरकार समय-समय पर विद्यमान प्राथमिक विद्यालयों और प्राथमिक विद्यालयों से ऊपर के विद्यालयों का युक्तिकरण कर सकेगी और उनके विलयन या उनके बन्द करने संबन्धी निर्णयों सहित समुचित निर्णय ले सकेगी जो युक्तिकरण की प्रक्रिया से उत्पन्न हो ।
विद्यालयों और अध्यापकों के उत्तरदायित्व भाग-भाग-भाग-भाग-4 4 4 4 विद्यालयों और अध्यापकों के उत्तरदायित्व विद्यालयों और अध्यापकों के उत्तरदायित्व विद्यालयों और अध्यापकों के उत्तरदायित्व
राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकारी का उत्तरदायित्व :- 5555.... राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकारी का उत्तरदायित्व :- राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकारी का उत्तरदायित्व :- राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकारी का उत्तरदायित्व :-
(1) धारा 2 के खंड (ढ) के उपखण्ड (i) में निर्दिष्ट राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी के किसी विद्यालय में पढ़ने वाला बालक, धारा-12 की उपधारा (1) के खण्ड (ख) के अनुसार धारा 2 के खण्ड (ढ) के उपखण्ड (ii) में किसी विद्यालय में पढ़ने वाला बालक, और धारा 12 की उपधारा (1) के खण्ड (ग) के अनुसार धार-2 के खण्ड (ढ) के उपखण्ड (iii) और उपखण्ड (iv) में निर्दिष्ट विद्यालय में उपस्थित रहने वाला कोई बालक, अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (2) में उपबन्धित के अनुसार निःशुल्क शिक्षा का हकदार होगा :
परन्तु ऐसे बालक (विद्यार्थी) को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें, लेखन सामग्री और वर्दियां उपलब्ध करवाई जाएंगी, जैसा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्णय लिया जाएगा :
परन्तु यह और कि निःशक्तता से ग्रस्त कोई बालक मुफ्त विशेष प्रशिक्षण और सहायक सामग्री का भी हकदार होगा ।
(2) राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि विद्यालय में कोई बालक जाति, वर्ग, धर्म या लिंग सम्बन्धी दुव्र्यवहार का पात्र न बने ।
(3) धारा-8 के खण्ड (ग) और धारा-9 के खण्ड (ग) के प्रयोजनों के लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकारी, यह सुनिश्चिित करेंगे, कि किसी अलाभप्रद समूह के किसी बालक को कक्षा में, दोपहर के भोजन के दौरान, खेल के मैदानों में, सामान्य पेयजल और शौचालय प्रसुविधाओं के उपयोग में अलग न रखा जाए या उसके विरूद्ध विभेद न किया जाए ।
6666.... धारा-15 के अधीन प्रवेश्धारा-15 के अधीन प्रवेश्धारा-15 के अधीन प्रवेश्धारा-15 के अधीन प्रवेश की विस्तारित अवधि :-ा की विस्तारित अवधि :-ा की विस्तारित अवधि :-ा की विस्तारित अवधि :-
(1) किसी बालक को, शैक्षणिक सत्र के प्रारम्भ की तारीख से नब्बे दिन की अधिकतम अवधि के भीतर, कक्षा में प्रवेश दिया जा सकेगा । यह अवधि राज्य सरकार द्वारा और विस्तारित की जा सकेगी ।
(2) उपनियम (1) के अधीन दाखिल किए गए बालक को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि नियम 3 में यथा विनिर्दिष्ट देरी से दाखिल होने के कारण पढाई के अन्तराल को पूरा किया जा सके ।
के प्रयोजनों के लिए स्थानीय प्राधिकारी द्वारा बालकों के अभिलेख बनाए अभिलेख बनाए अभिलेख बनाए अभिलेख बनाए 7777.... धारा-9 के खण्ड धारा-9 के खण्ड धारा-9 के खण्ड धारा-9 के खण्ड ((((घघघघ)))) के प्रयोजनों के लिए स्थानीय प्राधिकारी द्वारा बालकों के के प्रयोजनों के लिए स्थानीय प्राधिकारी द्वारा बालकों के के प्रयोजनों के लिए स्थानीय प्राधिकारी द्वारा बालकों के
रखनारखनारखनारखना।।।।
(1) उस क्षेत्र का स्थानीय प्राधिकारी जिसमें प्रत्येक विद्यालय अवस्थित है या ऐसा अन्य अभिकरण जो राज्य सरकार द्वारा इस प्रयोजन के लिए विनिर्दिष्ट किया जाए, अपनी अधिकारिता के अधीन, सभी बालकों का घरेलू सर्वेक्षण द्वारा, उनके जन्म से चौदह वर्ष की आयु अभिप्राप्त करने तक का एक अभिलेख ग्रामीण शिक्षा रजिस्टर में रखेगा । रजिस्टर को शिक्षा निदेशक, हिमाचल प्रदेश द्वारा विहित किए गए प्ररूप में अनुरक्षित किया जाएगा । 1068 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 (2) उपनियम (1) में निर्दिष्ट अभिलेख को प्रत्येक वर्ष अद्यतन किया जाएगा ।
(3) उपनियम (1) में, निर्दिष्ट अभिलेख को, सार्वजनिक क्षेत्र में, पारदर्शी रूप में रखा जाएगा और उसका उपयोग धारा 9 के खण्ड (ङ) के प्रयोजनों के लिए किया जाएगा ।
(4) उपनियम (1) में निर्दिष्ट अभिलेख में, प्रत्येक बालक की बाबत, निम्नलिखित सम्मिलित होगा,- (क) नाम, लिंग, जन्म की तारीख, जन्म का स्थान;
(ख) माता-पिता/संरक्षकों के नाम, पते, व्यवसाय;
(ग) पूर्व प्राथमिक विद्यालय/आंगनबाड़ी केन्द जहां बालक छः वर्ष की आयु तक उपस्थित रहा है ;
(घ) प्रारम्भिक विद्यालय जहां बालक को प्रवेश दिया है ;
(ङ) बालक का वर्तमान पता ;
(च) क्या बालक, अधिनियम की धारा 2 के खण्ड (घ) और (ङ) के अर्थान्तर्गत कमजोर वर्ग/ अलाभप्रद समूह से सम्बन्ध रखता है ; और
(छ) उनके प्रवास/निःशक्तता के कारण विशेष सुविधाओं या आवासीय सुविधाओं की अपेक्षा करने वाले बालकों के ब्यौरे।
(5) विद्यालय प्रबन्धन समिति यह सुनिश्चित करेगी कि इसकी अधिकारिता के अधीन विद्यालयों में नामांकित बालकों के नाम प्रत्येक विद्यालय में सार्वजनिक रूप से सम्प्रदर्शित किए गए हैं और इसकी सूची नियमित रूप से स्थानीय प्राधिकारी को भेजी जा रही है ।
भाग-5 विद्यालयों और अघ्यापकों के उत्तरदायित्व भाग-5 विद्यालयों और अघ्यापकों के उत्तरदायित्व भाग-5 विद्यालयों और अघ्यापकों के उत्तरदायित्व भाग-5 विद्यालयों और अघ्यापकों के उत्तरदायित्व
8888.... धारा 14 के प्रयोजन हेतु अधारा 14 के प्रयोजन हेतु अधारा 14 के प्रयोजन हेतु अधारा 14 के प्रयोजन हेतु आयु के सबूत के रूप में दस्तावेजायु के सबूत के रूप में दस्तावेजायु के सबूत के रूप में दस्तावेजायु के सबूत के रूप में दस्तावेज....----जहां कहीं भी जन्म, मृत्यु और विवाह रजिस्ठ्र्रीकरण अधिनियम, 2006 के अधीन जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, वहां निम्नलिखित दस्तावेजों में से किसी एक को विद्यालयों में प्रवेश के प्रयोजनों के लिए बालक की आयु का सबूत समझा जाएगा :-
(क) अस्पताल या सहायक नर्स (ए0एन0एम0) और दाई रजिस्टर का अभिलेख;
(ख) आंगनबाड़ी या नर्सरी का अभिलेख, जहां वह उपस्थित रहा हो; और
(ग) उपरोक्त खण्ड (क) और (ख) के अभाव में माता-पिता या संरक्षक द्वारा बालक की आयु की घोषणा ।
9999.... धारा 18 के प्रयोजनों के लिए विद्यालयों धारा 18 के प्रयोजनों के लिए विद्यालयों को मान्यताको मान्यताको मान्यताको मान्यता....-(1) अधिनियम के प्रारम्भ से पूर्व स्थापित धारा 18 के प्रयोजनों के लिए विद्यालयों धारा 18 के प्रयोजनों के लिए विद्यालयों किया गया या स्थापित किए जाने को आशयित राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा स्थापित, उनके स्वामित्वाधीन या उनके नियन्त्रणाधीन किसी विद्यालय से भिन्न प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय इन नियमों की अधिसूचना की तारीख से तीन मास की अवधि के भीतर या जब कभी विद्यालय स्थापित किया जाना आशयित हो, सम्बद्ध खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी को मान्यता प्राप्त करने के लिए प्ररूप-1 में एक स्व-घोषणा/ एक आवेदन प्रस्तुत करेगी । राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1069 (2) इस अधिनियम के प्रारम्भ से पूर्व स्थापित किया गया या स्थापित किए जाने को आशयित, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा स्थापित, उनके स्वामित्वधीन या उनके नियन्त्रणाधीन किसी विद्यालय से भिन्न प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय से ऊपर का विद्यालय और प्रत्येक विद्यालय जहां पर पहली से आठवीं तक की कक्षाएं हो, इन नियमों की अधिसूचना की तारीख से तीन मास की अवधि के भीतर या जब कभी विद्यालय स्थापित किया जाना आशयित हो, उप-निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा को, अनुसूची में विनिर्दिष्ट सन्निययों और मानकों के साथ इसकी अनुपालना के सम्बन्ध में और निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने के सम्बन्ध में, मान्यता हेतु एक स्वघोषणा करेगा/आवेदन प्रस्तुत करेगा, अर्थात् :-
(क) विद्यालय, संविधान में प्रतिष्ठापित आदर्शेंा के अनुरूप होगा ;
(ख) विद्यालय के भवनों या अन्य अवसंरचनाओं या खेलकूद मैदानों का, वाणिज्यिक या आवासीय प्रयोजनों (विद्यालय के किसी कर्मचारी के आवास के प्रयोजन से अन्यथा) या किसी प्रकार के राजनैतिक या गैर शैक्षिक क्र्रियाकलापों, जो भी हाें, के लिए दिन या रात के दौरान उपयोग नहीं किया जाएगा।
(ग) विद्यालय राज्य सरकार/स्थानीय प्राधिकारी द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा निरीक्षण के लिए खुला रहेगा; और
(घ) विद्यालय, समय-समय पर ऐसी रिपोर्ट और जानकारी प्रस्तुत करेगा, जैसी निदेशक शिक्षा, उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा या खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अपेक्षित की जाए और राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी के ऐसे अनुदेशों का अनुपालन करेगा जो विद्यालय की मान्यता की शर्तों के सतत अनुपालन को सुनिश्चित करने या विद्यालय के कार्यकरण में कमियों को दूर करने के लिए जारी किए जाएं ।
(3) प्रारूप-1 में प्राप्त प्रत्येक स्वः घोषणा, उसके प्राप्त होने के पन्द्रह दिन के भीतर, यथास्थिति खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी या उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा द्वारा जन साधारण की जानकारी के लिए सार्वजनिक स्थान में रखी जाएगी ।
(4) यथास्थिति, खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी या उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा उप विद्यालयों का जो अनुसूची में विनिर्दिष्ट सन्नियमों तथा मानकों और उप-नियम (2) में वर्णित शर्तों को पूरा करने का दावा करते हैं। प्ररूप (1) में स्वः घोषणा की प्राप्ति के तीन मास के भीतर विद्यालयों का निरीक्षण करेगा या करवाएगा ।
(5) इस नियम के उप-नियम (3) में निर्दिष्ट निरीक्षण किए जाने के पश्चात्, निरीक्षण रिपोर्ट, यथास्थिति, खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी या उप-निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा द्वारा, सार्वजनिक स्थान में रखी जाएगी और विद्यालयों को, अनुसूची में विनिर्दिष्ट सन्नियमोेंं, मानकों और उप-नियम (2) में विनिर्दिष्ट शर्तों के अनुरूप पाए जाने पर, निरीक्षण की तारीख से पन्द्रह दिन की अवधि के भीतर, यथास्थिति, जिला शिक्षा अधिकारी या उप-निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा द्वारा प्ररूप-2 में मान्यता प्रदान की जाएगी ।
(6) जो विद्यालय अधिनियम के प्रवृा होने से पूर्व स्थापित किए गए थे और जो उप-नियम (2) में वर्णित सन्नियमों, मानकों और शर्तों के अनुरूप नहीं है, को उस विद्यालय की दशा में जो प्राथमिक विद्यालय है, सम्बद्ध खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी या प्राथमिक विद्यालय से ऊपर का विद्यालय अथवा जिस विद्यालय में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं हैं, की दशा में उप-निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा द्वारा इस आशय के लोक आदेश के माध्यम से सूचीबद्ध किया जाएगा। ऐसे विद्यालय, यथास्थिति, खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी या उप-निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा को 31 मार्च, 2013 से पूर्व किसी भी समय मान्यता प्रदान करने के लिए स्थल निरीक्षण हेतु अनुरोध कर सकेंगे । 1070 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 (7) जो विद्यालय अधिनियम के प्रवृा होने से पूर्व स्थापित किए गए थे और जो इस अधिनियम के प्रारम्भ होने की तारीख से तीन वर्ष के पश्चात् उप-नियम (2) में वर्णित सन्नियमों, मानकों और शर्तों के अनुरूप नहीं हैं, कार्य नहीं करेंगे ।
(8) राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा स्थापित, स्वामित्व में लिया गया या नियन्त्रित या स्थापित किए जाने हेतु आशयित किसी विद्यालय के सिवाय, इस अधिनियम के प्रारम्भ होने के पश्चात् स्थापित किया गया प्रत्येक विद्यालय, मान्यता अर्हित करने के लिए उप-नियम (1) में वर्णित मानकों, स्तरों और शर्तों के अनुरूप कार्य करेगा ।
(9) मान्यता के लिए प्रत्येक स्व-घोषणा पत्र एवं आवेदन के साथ ऐसी मान्यता और निरीक्षण फीस लगाई जाएगी, जैसी राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित की जाए ।
10101010.... धारा धारा धारा धारा 18 (3)18 (3)18 (3)18 (3) के प्रयोजनों के लिए विद्यके प्रयोजनों के लिए विद्यके प्रयोजनों के लिए विद्यके प्रयोजनों के लिए विद्यालयों की मान्यता को वापिालयों की मान्यता को वापिालयों की मान्यता को वापिालयों की मान्यता को वापिस लेनास लेनास लेनास लेना....----(1) किसी प्राथमिक विद्यालय की दशा में खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी और प्राथमिक विद्यालय से ऊपर के विद्यालय या पहली से आठवीं कक्षाओं वाले विद्यालय की दशा में उप-निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा के पास स्वप्रेरणा से या किसी व्यक्ति से प्राप्त हुए किसी प्रतिवेदन पर, लिखित में अभिलिखित किए जाने पर, यह विश्वास करने का कारण हेै कि नियम 9 के अधीन मान्यता प्रदान करने हेतु शर्तों में से किसी एक या अधिक का उल्लंघन किया है या कोई विद्यालय अनुसूची में विनिर्दिष्ट मानकों और स्तरों को पूरा करने में असफल रहा है, तो वह निम्नलिखित रीति में कार्य करेगा/करेगीः-
(क) मान्यता प्रदान करने हेतु शर्तों के उल्लंघन को विनिर्दिष्ट करते हुए, विद्यालय को एक नोटिस जारी करेगा और एक मास के भीतर इसका स्पष्टीकरण मांगेगा; और
(ख) यदि स्पष्टीकरण सन्तोषजनक नहीं पाया जाता है या नियत समयावधि के भीतर कोई स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है तो, यथास्थिति, खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी या उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा समिति द्वारा संचालित किया जाने वाला विद्यालय का निरीक्षण करवा सकेगा, जो सम्यक् जांच करेगी और मान्यता के जारी रहने या इसको वापिस लेने के लिए अपनी सिफारिशों के साथ, अपनी रिपोर्ट खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी या उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा को प््रास्तुत करेगी ।
(ग) प्राथमिक विद्यालयों की दशा में खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी और प्राथमिक विद्यालयों से ऊपर के विद्यालयों पहली से आठवीं कक्षा वाले विद्यालय की दशा में उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा, उप नियम (1) के अधीन समिति की रिपोर्ट पर विचार करेगा और आख्यापक आदेश के आधार पर, उसकी मान्यता को वापिस लेने या जारी रहने हेतु, जैसा ठीक समझा जाए, आदेश पारित कर सकेगा/कर सकेगी :
परन्तु उक्त अधिकारी द्वारा विद्यालय को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर दिए बिना, मान्यता को वापिस लेने के लिए कोई भी आदेश पारित नहीं किया जाएगा :
परन्तु यह और कि उपर्युक्त अधिकारियों द्वारा निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा, हिमाचल प्रदेश के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसा कोई भी आदेश पारित नहीं किया जाएगा ।
(2) मान्यता को वापिस लेने का आदेश, तत्काल अनुवर्ती शैक्षणिक वर्ष से प्रवृा होगा और पड़ोस के उन विद्यालयों को विनिर्दिष्ट करेगा, जिनमें उस विद्यालय के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा ।
भाग-6 विद्यालय प्रबन्धन समितिभाग-6 विद्यालय प्रबन्धन समितिभाग-6 विद्यालय प्रबन्धन समितिभाग-6 विद्यालय प्रबन्धन समिति
11111111.... धारा 21 के प्रयोजनों के लिए विद्यालय प्रबन्धन समिति की संरचना और कार्य धारा 21 के प्रयोजनों के लिए विद्यालय प्रबन्धन समिति की संरचना और कार्य....- हिमाचल प्रदेश धारा 21 के प्रयोजनों के लिए विद्यालय प्रबन्धन समिति की संरचना और कार्य धारा 21 के प्रयोजनों के लिए विद्यालय प्रबन्धन समिति की संरचना और कार्य राज्य में विद्यालय प्रबन्धन समिति की संरचना और कार्य वही होंगे, जो राज्य सरकार द्वारा सरकार की राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1071 अधिसूचना संख्या ईडीएन-सी-एफ (10) 7/2010 तारीख 6 मार्च, 2010 द्वारा अधिसूचित किए गए हैं और तत्पश्चात् समय-समय पर संशोधित किए गए हैं ।
धारा 22 के प्रयोजन के लिए विद्यालय विकास योजना को तैयार करनालय विकास योजना को तैयार करनालय विकास योजना को तैयार करनालय विकास योजना को तैयार करना....-(1) विद्यालय प्रबन्धन 12121212.... धारा 22 के प्रयोजन के लिए विद्या धारा 22 के प्रयोजन के लिए विद्या धारा 22 के प्रयोजन के लिए विद्या समिति उस वित्तीय वर्ष, जिसमें अधिनियम के अधीन इसका प्रथम गठन हुआ, के अवसान से कम से कम तीन मास पूर्व विद्यालय विकास योजना तैयार करेगी ।
(2) विद्यालय विकास योजना, तीन वार्षिक उप-योजनाओं को समाहित करती हुई, तीन वर्षीय योजना होगी ।
(3) विद्यालय विकास योजना में निम्नलिखित विवरण अन्तर्विष्ट होंगे, अर्थात् :-
(क) प्रत्येक वर्ष के लिए कक्षा-वार नामांकन के प्राक्कलन;
(ख) अनुसूची में विनिर्दिष्ट मानकों और स्तरों के संदर्भ में तीन वर्ष की अवधि के दौरान संगणित अतिरिक्त आधारभूत ढांचे और उपस्करों की भौतिक अपेक्षा; और
(ग) धारा 4 में विनिर्दिष्ट विशिष्ट प्रशिक्षण प्रसुविधा के उपबन्ध के लिए अतिरिक्त अपेक्षा को सम्मिलित करते हुए, उपरोक्त (क) और (ख) के सम्बन्ध में तीन वर्ष की अवधि के दौरान वर्ष-वार अतिरिक्त वित्तीय अपेक्षा ।
(4) विद्यालय विकास योजना, विद्यालय प्रबन्धन समिति के अघ्यक्ष/उपाघ्यक्ष और संयोजक द्वारा हस्ताक्षरित की जाएगी और इसे वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व, जिसमें यह तैयार की गई है, स्थानीय प्राधिकरण और उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा को प्रस्तुत किया जाएगा ।
भाग-7 अघ्यापकभाग-7 अघ्यापकभाग-7 अघ्यापकभाग-7 अघ्यापक
13131313.... धारा 23 धारा 23 धारा 23 धारा 23 ((((1111)))) के के के के प्रयोजनों के लिए न्यूनतम अहर्ताप्रयोजनों के लिए न्यूनतम अहर्ताप्रयोजनों के लिए न्यूनतम अहर्ताप्रयोजनों के लिए न्यूनतम अहर्ता....-धारा 23 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट शैक्षणिक प्राधिकारी द्वारा अधिकथित न्यूनतम अर्हताएं धारा 2 के खण्ड (ढ) में र्निर्दिष्ट प्रत्येक विद्यालय के लिए लागू होंगी ।
14141414.... धारा 23 धारा 23 धारा 23 धारा 23 ((((2222)))) के परन्तुक के अधीन न्यूनतम अर्हताओं का अर्जित किया जाना के परन्तुक के अधीन न्यूनतम अर्हताओं का अर्जित किया जाना....----(1) राज्य सरकार, के परन्तुक के अधीन न्यूनतम अर्हताओं का अर्जित किया जाना के परन्तुक के अधीन न्यूनतम अर्हताओं का अर्जित किया जाना इस अधिनियम के प्रारम्भ के समय, धारा 2 के खण्ड (ढ) के उपखण्ड (i) में निर्दिष्ट विद्यालयों में सभी अघ्यापकों द्वारा, जिनके पास धारा 23 के अधीन अधिकथित न्यूनतम अहर्ताएं नहीं हैं, अधिनियम के प्रारम्भ से पांच वर्ष की अवधि के भीतर, ऐसी न्यूनतम अर्हताएं अर्जित करने के लिए पर्याप्त अध्यापक शिक्षण सुविधाएं सुनिश्चित करेगा ।
(2) घारा 2 के खण्ड (ढ) के उप-खण्डों (ii) और (iv) में विनिर्दिष्ट किसी विद्यालय में किसी ऐसे अध्यापक के लिए, जिसके पास अधिनियम के प्रारम्भ के समय धारा 23 के अधीन अधिकथित न्यूनतम अर्हताएं नहीं हैं , तो ऐसे विद्यालय का प्रबन्धन ऐसे अध्यापकों को अधिनियम के प्रारम्भ से पांच वर्ष की अवधि के भीतर, ऐसी न्यूनतम अर्हताएं अर्जित करने को समर्थ बनाएगा । 15151515.... धारा 23 धारा 23 धारा 23 धारा 23 ((((3333)))) के प्रयोजन के लिए अध्यापकों के वेतन और भत्ते तथा सेवा की के प्रयोजन के लिए अध्यापकों के वेतन और भत्ते तथा सेवा की श् श् श् शर्तेंार्तेंार्तेंार्तें....-धारा 2 के के प्रयोजन के लिए अध्यापकों के वेतन और भत्ते तथा सेवा की के प्रयोजन के लिए अध्यापकों के वेतन और भत्ते तथा सेवा की खण्ड (ढ) के उप-खण्ड (i) में विनिर्दिष्ट अध्यापकों को संदेय वेतन और भत्ते तथा सेवा के निबन्धन और शर्तें ऐसी होंगी, जैसी राज्य सरकार द्वारा, समय-समय पर अपने-अपने पदों के इनके विभिन्न भर्ती और प्रोन्नति नियमों तथा राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए अन्य आदेशों/अनुदेशों के माध्यम से, विनिर्दिष्ट की जाएंः परन्तु राज्य सरकार, इसके द्वारा अधिसूचित स्कीम के माध्यम से विद्यालय प्रबन्धन समिति को, अंशकालिक या अस्थाई आधार पर अध्यापकों को लगाने और उन्हें ऐसी दर पर वेतन देने, जैसी राज्य सरकार द्वारा जारी अनुदेशों में विनिर्दिष्ट हैं, अनुज्ञात करेगी । 1072 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 16161616.... अध्यापकों द्वारा धारा 24 अध्यापकों द्वारा धारा 24 अध्यापकों द्वारा धारा 24 अध्यापकों द्वारा धारा 24 ((((1111)))) के खण्ड के खण्ड के खण्ड के खण्ड ((((चचचच)))) के प्रयाके प्रयाके प्रयाके प्रयोजन के लिऐजन के लिऐजन के लिऐजन के लिए अनुपालन किए जाने वाले अनुपालन किए जाने वाले अनुपालन किए जाने वाले अनुपालन किए जाने वाले र्काव्यर्काव्यर्काव्यर्काव्य....-(1) धारा 24 की उप-धारा (1) में विनिर्दिष्ट र्काव्यों के अनुपालन में और धारा 29 की उपधारा (2) के खण्ड (छ) की अपेक्षाओं को पूर्ण करने के आशय से अध्यापक, राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट प्ररूप में, प्रत्येक बच्चे के लिए शिश्य संचयी प्रगति अभिलेख फाइल अनुरक्षित करेगा, जो धारा 30 की उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट पूरक (पूरा) प्रमाणपत्र देने हेतु आधार होगा ।
(2) धारा 24 की उपधारा (1) के खण्ड (क) से (ङ) में विनिर्दिष्ट कृत्यों के अतिरिक्त अध्यापक, अध्यापक प्रशिक्षण/पाठ्यचर्या विकास से सम्बन्धित कत्र्तव्यों और अधिनियम से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट कत्र्तव्यों सहित, राज्य सरकार या निदेशक, शिक्षा हिमाचल प्रदेश द्वारा उसे सौंपे गए र्काव्यों का अनुपालन करेगा ।
17171717.... अध्यापकों की श्अिध्यापकों की श्अिध्यापकों की श्अिध्यापकों की शिकायतों के निवारण की रीतिाकायतों के निवारण की रीतिाकायतों के निवारण की रीतिाकायतों के निवारण की रीति....-अध्यापकों की शिकायतों को निवारण राज्य सरकार द्वारा द्वारा उन्हें लागू नियमों के अनुसार किया जाएगा ।
ााग-8 पाठयचर्या और प्रारम्भिक शिक्षा का पूरा होनााक्षा का पूरा होनााक्षा का पूरा होनााक्षा का पूरा होना भ्भ्भ्भाग-8 पाठयचर्या और प्रारम्भिक श्ि ााग-8 पाठयचर्या और प्रारम्भिक श्ि ााग-8 पाठयचर्या और प्रारम्भिक श्ि
18181818.... धारा 29 के प्रयोजनों के लिए शैक्षणिक प्राधिकारी धारा 29 के प्रयोजनों के लिए शैक्षणिक प्राधिकारी....----(1) इन नियमों की अधिसूचना के प्रकाशन धारा 29 के प्रयोजनों के लिए शैक्षणिक प्राधिकारी धारा 29 के प्रयोजनों के लिए शैक्षणिक प्राधिकारी की तारीख से छह मास के भीतर, राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा ऐसा शैक्षणिक प्राधिकारी, जैसा धारा 29 के प्रयोजनों के लिए समुचित समझा जाए अधिसूचित/नियुक्त करेगी । इस प्रयोजन के लिए अलग शैक्षणिक प्राधिकारी भी नियुक्त किया जा सकेगा ।
(2) उप-नियम (1) के अधीन अधिसूचित शैक्षणिक प्राधिकारी, पाठ्यचर्या और मूल्यांकन प्रक्रिया अधिकथित करते समय, धारा 29 के अधीन अध्यापक से वांछित र्काव्यों के दृष्टिगत,-
(क) सुसंगत और आयु समुचित पाठ्यक्रम तथा पाठ्य पुस्तकें और अन्य शिक्षण सामग्री तैयार करेगा;
(ख) सेवाओं में अध्यापक प्रशिक्षण डिजाइन विकसित/कार्यान्वित करेगा; और
(ग) निरन्तर तथा व्यापक मूल्यांकन को अभ्यास में रखने के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत तैयार करेगा । (3) उपनियम (1) में विनिर्दिष्ट शैक्षणिक प्राधिकारी, नियमित आधार पर संपूर्ण विद्यालय क्वालिटी निर्धारण की प्रक्रिया डिजाइन और कार्यान्वित करेगा ।
19191919.... धारा 30 के प्रयोजनों के लिए प्रमाणपत्र प्रदान धारा 30 के प्रयोजनों के लिए प्रमाणपत्र प्रदान करनाकरनाकरनाकरना....----(1) प्रारम्भिक शिक्षा के पूरा होने का धारा 30 के प्रयोजनों के लिए प्रमाणपत्र प्रदान धारा 30 के प्रयोजनों के लिए प्रमाणपत्र प्रदान प्रमाणपत्र निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा हिमाचल प्रदेश द्वारा विनिर्दिष्ट प्ररूप में, विद्यालय स्तर पर प्रारम्भिक शिक्षा पूरा करने के एक मास के भीतर जारी किया जाएगा ।
(2) उपनियम (1) में निर्दिष्ट प्रमाणपत्र में बालक का शिष्य संचयी अभिलेख अंतर्विष्ट होगा । भाग-9 बाल अधिकारों का संरक्षण भाग-9 बाल अधिकारों का संरक्षण भाग-9 बाल अधिकारों का संरक्षण भाग-9 बाल अधिकारों का संरक्षण
20202020.... धारा 31 धारा 31 धारा 31 धारा 31 ((((3333)))) प्रयाप्रयाप्रयाप्रयोजनों के लिए कृत्यों का निर्वहनेजनों के लिए कृत्यों का निर्वहनेजनों के लिए कृत्यों का निर्वहनेजनों के लिए कृत्यों का निर्वहन.-(1) राज्य सरकार, धारा 31 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट कृत्यों के निर्वहन के प्रयोजन के लिए, इन नियमों के प्रारम्भ से छह मास के भीतर, शिक्षा संरक्षण अधिकार प्राधिकरण के नाम से ज्ञात एक प्राधिकरण का गठन करेगी ।
(2) उपनियम (1) के अधीन गठित प्राधिकरण का गठन, प्रक्रिया और शक्तियों का विस्तार, राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से विनिर्दिष्ट किया जाएगा ।
21212121.... श्श्श्शििििक्षा संरक्षण अधिकार प्राधिकरण के समक्ष परिवादों को प्रस्तुत करने की रीति ाक्षा संरक्षण अधिकार प्राधिकरण के समक्ष परिवादों को प्रस्तुत करने की रीति....-शिक्षा संरक्षण ाक्षा संरक्षण अधिकार प्राधिकरण के समक्ष परिवादों को प्रस्तुत करने की रीति ाक्षा संरक्षण अधिकार प्राधिकरण के समक्ष परिवादों को प्रस्तुत करने की रीति अधिकार प्राधिकरण के समक्ष परिवादों को प्रस्तुत करने की रीति, ऐसी होगी, जैसी राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए । राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1073 भाग-भाग-भाग-भाग-10 राज्य सलाहकार परिष्10 राज्य सलाहकार परिष्10 राज्य सलाहकार परिष्10 राज्य सलाहकार परिषदादादाद
22222222.... धारा 34 के प्रयोजन के लिए राज्य सलाहकार ाद का गठन और उसके कृत्यकृत्यकृत्यकृत्य....----(1) धारा 34 धारा 34 के प्रयोजन के लिए राज्य सलाहकार परिष् परिष् परिष् परिषद का गठन और उसके ाद का गठन और उसके ाद का गठन और उसके धारा 34 के प्रयोजन के लिए राज्य सलाहकार धारा 34 के प्रयोजन के लिए राज्य सलाहकार के अधीन गठित की जाने वाली राज्य सलाहकार परिषद्, एक अध्यक्ष और चौदह सदस्योेंं से मिलकर बनेगी । (2) राज्य सरकार में विद्यालय शिक्षा विभाग का प्रभारी मन्त्री, राज्य सलाहकार परिषद् का पदेन अध्यक्ष होगा ।
(3) परिषद् के सदस्यों की नियुक्ति, राज्य सरकार द्वारा, प्रारम्भिक शिक्षा और बाल विकास के क्षेत्र में ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से की जाएगी, जो निम्नलिखित मानदण्ड रखते हों :-
(क) कम से कम चार सदस्य ऐसे व्यक्तियों में से होंगे, जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति और अल्पसंख्यक हैेंं,
(ख) कम से कम एक सदस्य ऐसे व्यक्तियों में से होगा जिसके पास विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों की शिक्षा का विशिष्ट ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव हो ;
(ग) एक सदस्य पूर्व प्रारम्भिक शिक्षा के क्ष्ेात्र में विशेषज्ञता प्राप्त ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों में से होगा;
(घ) कम से कम दो सदस्य ऐसे व्यक्तियों में से होंगे, जिनके पास अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव है; और
(ङ) ऐसे सदस्यों का पचास प्रतिशत महिलाएं होंगी ।
(4) प्रारम्भिक शिक्षा विभाग परिषद की बैठकों और इसके अन्य कृत्यों के लिए आवश्यकता आधारित तार्किक सहायता उपलब्ध करेगा ।
(5) परिषद् के कारोबार के संव्यवहार के लिए प्रक्रिया निम्न प्रकार से होगी :-
(i) परिषद् ऐसे समय और ऐसे स्थान पर बैठक करेगी, जैसा अध्यक्ष उचित समझे। वर्ष में कम से कम चार बैठकें आयोजित करना अनिवार्य होगा ।
(ii) परिषद् की बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष द्वारा की जाएगी। यदि किन्हीं कारणों से अध्यक्ष परिषद् की बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ है, तो वह परिषद् के किसी सदस्य को ऐसी बैठक की अघ्यक्षता करने को नामनिर्दिष्ट कर सकेगा । बैठक की गणपूर्ति कुल सदस्यों के पचास प्रतिशत से होगी ।
(6) परिषद् के सदस्यों की नियुक्ति के लिए निबन्धन और शर्तें निम्न प्रकार से होंगी :-
(क) प्रत्येक सदस्य उस तारीख से, जिसको उसने पदभार ग्रहण किया है, दो वर्ष की अवधि के लिए पद धारित करेगा या जब तक राज्य सरकार द्वारा परिषद पुर्नगठित न कर दी जाए, जो भी पूर्वोतर हो ।
(ख) परिषद् के सदस्य, शासकीय दौरे और याता्रओं के लिए उसी यात्रा भत्ते और दैनिक भत्ते के लिए हकदार होंगे, जो राज्य सरकार के ग्रेड-1 के अधिकारियों को अनुज्ञेय हैे । (7) राज्य सलाहकार परिषद् एक सलाहकार की हैसियत से कृत्य करेगी । 1074 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 (8) राज्य सलाहकार परिषद् निम्नलिखित कृत्यों का अनुपालन करेगी, अर्थात्ः-
(क) पुनरीक्षण,-
(i) अध्यापक अहर्ताओं और प्रशिक्षणों का अनुपालन; और
(ii) धारा 29 का कार्यान्वयन ।
(ख) अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अध्ययन और अनुसंधान आरम्भ करना;
(ग) अधिनियम के कार्यान्वयन के लिए जागरूकता उत्पन्न करने, अभियान चलाने, और सकारात्मक वातावरण तैयार करने में जनता और मिडिया तथा राज्य सरकार के बीच मघ्यस्थ के रूप में कार्य करना ।
(3) राज्य सलाहकार परिषद् उसके द्वारा किए गए पुनर्विलोकनों और अध्ययनों के सम्बद्ध में रिर्पोटें तैयार करेगी और उन्हें आवश्यकता अनुसार राज्य या केन्द्रीय सरकार को प्रस्तुत करेगी।
-------
प्ररूप-1प्ररूप-1प्ररूप-1प्ररूप-1
स्व-घोषणा एंव आवेदन
विद्यालय को मान्यता प्रदान करने हेतु स्व-घोषणा एवं आवेदन
(नियम 9 देखें)
सेवा में,
उप-निदेशक (प्रारम्भिक शिक्षा)/खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी, (जिला और राज्य का नाम)
महोदय/महोदया,
मैं, निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की अनुसूची और इन नियमों में विनिर्दिष्ट सन्नियमों और मानकों कीे अनुपालना के बारे में एक स्व-घोषणा आवेदन ----------------- (विद्यालय का नाम) के लिए------------ वर्ष, 20--से विद्यालय के प्रारम्भ की मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत करता हूॅं ।
संलग्नः स्थान/तारीखः
प्रबन्धक समिति का अध्यक्ष/प्रबन्धक
कककक.... विद्यालय के ब्यौरेविद्यालय के ब्यौरेविद्यालय के ब्यौरेविद्यालय के ब्यौरे 1. विद्यालय का नाम 2. शैक्षणिक सत्र 3. जिला 4. डाक का पता 5. गांव/नगर राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1075 6. तहसील 7. पिन कोड 8. एस टी डी कोड सहित दूरभाष संख्या 9. फैक्स संख्या 10. ई-मेल पता, यदि कोई हो 11. निकटतम पुलिस थाना ख ख ख ख साधारण सूचनासाधारण सूचनासाधारण सूचनासाधारण सूचना 1. स्थापना या स्थापित किये जाने का वर्ष 2. पहली बार विद्यालय खोलने की तारीख 3. न्यास/सोसायटी/प्रबन्ध समिति का नाम 4. क्या न्यास/सोसायटी/प्रबन्ध समिति रजिस्ट्रीकृत है ? 5. वह अवधि जिस तक न्यास/सोसायटी/प्रबन्ध समिति का रजिस्ट्रीकरण विधिमान्य है 6. क्या न्यास/सोसायटी/प्रबन्ध समिति की गैर स्वामित्व प्रकृति का कोई सबूत है ,जो शपथ पत्र पर सदस्यों के पते सहित, उनकी सूची द्वारा समर्थित हो । 7. विद्यालय के प्रबन्धक/अध्यक्ष/चेयरमैन का नाम और शासकीय पता
नाम
पदनाम
पता
दूरभाष
(कार्यालय)........... (निवास) .........
8. पिछले 3 वर्षों के दौरान कुल आय और व्यय, अधिशेष/कमी
वर्ष आय व्यय अधिशेष/कमी ग ग ग ग विद्यालय का स्वरूप और क्षेत्र विद्यालय का स्वरूप और क्षेत्र विद्यालय का स्वरूप और क्षेत्र विद्यालय का स्वरूप और क्षेत्र 1. शिक्षा का माध्यम 2. विद्यालय की किस्म (प्रवेश और अन्नितम कक्षाएं विनिर्दिष्ट करें) 3. यदि सहायता प्राप्त है तो, अभिकरण का नाम और सहायता की प्रतिशतता 4. क्या विद्यालय पहले ही मान्यता प्राप्त/संबद्ध है । 5. यदि हां, तो किस प्राधिकारी द्वारा मान्यता संख्यांक 6. क्या विद्यालय का स्वयं का भवन हैे या वह किराए के भवन में कार्य कर रहा है। 7. क्या विद्यालय भवनों या अन्य अवसंरचनाओं या क्रीड़ास्थलों का उपयोग, दिन या रात्रि के दौरान वाणिज्यिक या आवासीय प्रयोजनों (विद्यालय के किसी कर्मचारी के आवास के प्रयोजन के सिवाए) या किसी भी प्रकार के राजनैतिक या गैर-शैक्षिक क्रियाकलाप के लिए किया जाता है ? 8. विद्यालय का कुल क्षेत्रफल 9. विद्यालय का निर्मित क्षेत्र 1076 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 घ घ घ घ नामांकन प्रास्थितिनामांकन प्रास्थितिनामांकन प्रास्थितिनामांकन प्रास्थिति
कक्षा सेक्शनों की संख्या विर्द्यार्थियों की संख्या 1. पूर्व प्राथमिक 2. 1 से 5 3. 6 से 8
ङ ङ ङ ङ अवसंरचअवसंरचअवसंरचअवसंरचना ब्यौरे और स्वच्छता सम्बन्धी दश्ना ब्यौरे और स्वच्छता सम्बन्धी दश्ना ब्यौरे और स्वच्छता सम्बन्धी दश्ना ब्यौरे और स्वच्छता सम्बन्धी दशाएांाएांाएांाएं
कमरा 1. कक्षा का कमरा 2. कार्यालय कमरा एवं भण्डार कमरा एवं मुख्याध्यापक कमरा 3. रसोई एवं भण्डार स्ांख्या औसत आकार
च अन्य प्रसुविधाएंच अन्य प्रसुविधाएंच अन्य प्रसुविधाएंच अन्य प्रसुविधाएं
| क्या सभी प सुविधाओं तक ्र बाधारहित पहुंच प ाप्त है ? ्र | अध्यापन पठन सामग्री (सूची संलग्न करें) | खेलकूद और क्रीड़ा उपस्कार (सूची संलग्न करें) | प ु स्तकालय में प ु स्तकों की प ्र सुविधा * पुस्तके ं (पुस्तकों की संख्या) * पत्रिकाएं/ समाचार -पत्र | प े यजल सुविधाओं की किस्म और संख्या | स्वच्छता सम्बन्धी दशाएं दशाएं : : : : दशाएं दशाएं (i) डब्ल्यू.सी. और मूत्रालयों की किस्म (ii) बालकों के लिए पृथक मूत्रालयों/शौच ग ृ हों की संख्या (iii) बालिकाओं के लिए पृथक् मूत्रालयों/शौच ग ृ हों की संख्या |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| अध्यापक का नाम | पिता/पति या पत्नि का नाम | जन्म की तारीख | शैक्षणिक अर्हता | व ृत्तिक अर्हताएं | अघ्यापन सम्बन्धी अनुभव | सौंपी गई कक्षा | नियुक्ति की तारीख | प््राशिक्षित या अप्रशिक्षित |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
अध्यापक के ब्यौरे पृथक् रूप से) प्रारम्भिक और माध्यमिक दोनों में अध्यापन ((((प्रत्येकप्रत्येकप्रत्येकप्रत्येक अध्यापक के ब्यौरे पृथक् रूप से) (2)(2)(2)(2) प्रारम्भिक और माध्यमिक दोनों में अध्यापन अध्यापक के ब्यौरे पृथक् रूप से) अध्यापक के ब्यौरे पृथक् रूप से) प्रारम्भिक और माध्यमिक दोनों में अध्यापन प्रारम्भिक और माध्यमिक दोनों में अध्यापन
| अ ध्यापक का नाम | पिता/पति या पत्नि का नाम | जन्म की तारीख | शैक्षणिक अर्हता | व ृत्तिक अर्हताएं | अघ्यापन सम्बन्धी अनुभव | सौंपी गई कक्षा | नियुक्ति की तारीख | प््राशिक्षित या अप्रशिक्षित |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1077 3333.... मुख्य अध्यापक मुख्य अध्यापक मुख्य अध्यापक मुख्य अध्यापक
| अ ध्यापक का नाम | पिता/पति या पत्नि का नाम | जन्म की तारीख | शैक्षणिक अर्हता | व ृत्तिक अर्हताएं | अघ्यापन सम्बन्धी अनुभव | सौंपी गई कक्षा | नियुक्ति की तारीख | प््राशिक्षित या अप्रशिक्षित |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
जजजज.... पाठ्यचर्या और पाठ्यक्रम पाठ्यचर्या और पाठ्यक्रम पाठ्यचर्या और पाठ्यक्रम पाठ्यचर्या और पाठ्यक्रम
| प ्रत्येक कक्षा में अपनाई गई पाठ्यचर्या और पाठ्यक्रम के ब्यौरे (कक्षा 8 तक) | विद्यार्थियों के निर्धारण की पद्धति | क्या विद्यालय के विधार्थियों से कक्षा 8 तक कोई बोर्ड परीक्षा देने की अपेक्षा की जाती है ? |
| 1 | 2 | 3 |
झ. प्रमाणित किया जाता है कि विद्यालय ने इस आवेदन के साथ जिला सूचना प्रणाली के इस डाटा कैपचर प्ररूप में भी सूचना प्रस्तुत की है ।
ञ. प्रमाणित किया जाता है कि समुचित प्राधिकारी द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा विद्यालय का कभी भी निरीक्षण किया जा सकता है।
ट. प्रमाणित किया जाता है कि विद्यालय यह वचनबद्ध करता है कि वह ऐसी रिपोर्टें और सूचनाएं प्रस्तुत करेगा, जो समय-समय पर जिला उप निदेशक शिक्षा खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अपेक्षित हों और समुचित प्राधिकारी या जिला उप निदेशक शिक्षा खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी के ऐसे अनुदेशों का अनुपालन करेगा, जो मान्यता की शर्तों के सतत् अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए या विद्यालय के कार्यकरण में कमियों को दूर करने के लिए जारी किए जाएं ।
ठ. प्रमाणित किया जाता है कि इस अधिनियम के कार्यान्वयन से संगत विद्यालय के अभिलेख, किसी भी समय जिला उपनिदेशक शिक्षा या खण्ड उपनिदेशक अधिकारी द्वारा प्राधिकृत या उपनिदेशक द्वारा निरीक्षण के लिए उपलब्ध होंगे और विद्यालय ऐसी सभी सूचना प्रस्तुत करेगा, जो केन्द्रीय और/या राज्य सरकार/स्थानीय निकाय या प्रशासन को या, यथास्थिति, संसद/राज्य विधान सभा/पंचायत/नगरपालिका के प्रति, उसकी बाघ्यताओं का निर्वहन करने में समर्थ बनाने के लिए आवश्यक हाें ।
हस्ताक्षरित/- अध्यक्ष/प्रबन्धक, प्रबन्धन समिति ...........विद्यालय
स्थानः तारीखः ग्रामः फोनः ई-मेलः फैक्सः
------
प्ररूप-2प्ररूप-2प्ररूप-2प्ररूप-2
(नियम नियम नियम नियम 9 9 9 9 का उप नियम का उप नियम का उप नियम का उप नियम (5555) देखेंदेखेंदेखेंदेखें)
उप निदेउप निदेउप निदेउप निदेश्श्श्शक ािक ािक ािक श्श्श्शिक्षा कार्यालय ाक्षा कार्यालय ाक्षा कार्यालय ाक्षा कार्यालय (प्रारम्भिकप्रारम्भिकप्रारम्भिकप्रारम्भिक)////खण्ड प्रारम्भिक खिण्ड प्रारम्भिक खिण्ड प्रारम्भिक खिण्ड प्रारम्भिक श्श्श्शिक्षा अधिकारीाक्षा अधिकारीाक्षा अधिकारीाक्षा अधिकारी कार्यालय कार्यालय कार्यालय कार्यालय (जिला/राज्य जिला/राज्य जिला/राज्य जिला/राज्य का नामका नामका नामका नाम)
स्ांख्या .....................तारीख.............
प्रबन्धक, .............विद्यालय। 1078 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 विविविविष्ष्ष्षयायायाय....----निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 18 की उपधारा ;2द्ध के प्रयोजन के लिए निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 के नियम 9 के उपनियम (5) के अधीन विद्यालय की मान्यता के लिए मान्यता प्रमाण-पत्र ।
महोदय/महोदया,
आपके तारीख ...............के आवेदन और विद्यालय के साथ पश्चातवर्ती पत्राचार के प्रतिनिर्देश से, मैं ...... .............. (विद्यालय का नाम, पते सहित) को तारीख.............से ............. तक, तीन वर्ष की अवधि के लिए कक्षा.... ........से कक्षा ........तक के लिए अनन्तिम मान्यता प्रदान करने की संसूचना देता/देती हूं ।
उपरोक्त मंजूरी निम्नलिखित शर्तों के पूरा किए जाने के अध्यधीन है :-
1. मान्यता की मंजूरी विस्तारणीय नहीं हैे और उसमें किसी भी रूप में कक्षा 8 से आगे विद्यालय की मान्यता या सम्बन्धन करने के लिए कोई बाध्यता विवक्षित नहीं है ।
2. विद्यालय निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (उपाबन्ध 1) और निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 (उपाबन्ध 2) के उपबन्धों का पालन करेगा । 3. सोसाइटी/विद्यालय, किसी कैपिटेशन शुल्क का संग्रहण नहीं करेगी/करेगा और किसी बालक या उसके माता-पिता या संरक्षक को किसी स्क्रीनिंग प्रक्रिया के अध्यधीन नहीं करेगी/करेगा । 4. विद्यालय किसी बालक को निम्नलिखित के कारण प्रवेश देने से इन्कार नहीं करेगा,- (i) आयु का सबूत न होना; (ii) यदि ऐसा प्रवेश, प्रदेश के लिए नब्बे दिन की विस्तारित अवधि के पश्चात् चाहा गया हो ; और (iii) धर्म, जाति या वंश, जन्म के स्थान या इनमें से किसी के आधार पर ।
5. विद्यालय यह सुनिश्चित करेगा कि ,- (i) प्रवेश दिए गए किसी भी बालक को, विद्यालय में उसकी प्रारम्भिक शिक्षा पूरी होने तक, किसी कक्षा में फेल नहीं किया जाएगा या उसे विद्यालय से निष्कासित नहीं किया जाएगा ;
(ii) किसी भी बालक को न तो शारीरिक दण्ड दिया जाएगा या ना ही उसका मानसिक उत्पीडन किया जाएगा;
(iii) प्रारम्भिक शिक्षा के पूर्ण होने तक किसी भी बालक से कोई बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने की अपेक्षा नहीं की जाएगी ;
(iv) प्रारम्भिक शिक्षा पूरी करने वाले प्रत्येक बालक को हिमाचल प्रदेश निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 के नियम 19 के अधीन यथा अधिकथित किए गए अनुसार एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा ;
(v) निःशक्तता ग्रस्त विशेष आवश्यकताओं वाले विद्यार्थियों को अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा;
(vi) अघ्यापकों की भर्ती अधिनियम की धारा 23(1) के अधीन यथा अधिकथित न्यूनतम अहर्ताओं के साथ की जाती है और विद्यमान अध्यापक, जिनके पास इस अधिनियम के प्रारम्भ पर, न्यूनतम अहर्ताएं नहीं हैं, मार्च, 2015 तक ऐसी न्यूनतम अहर्ताएं अर्जित करेंगे ;
(vii) अध्यापक/अघ्यापिका अधिनियम की धारा 24(1) के अधीन विनिर्दिष्ट अपने कत्र्तव्या का पालन करेगा/करेगी ; और राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1079 (viii) अध्यापक स्वयं को निजी अध्यापन क्रियाकलापों में नियोजित नहीं करेंगे ।
6. विद्यालय, धारा 29 की उपधारा (1) के अधीन शैक्षणिक प्राधिकारी द्वारा अधिकथित पाठ्यचर्या के आधार पर पाठ्यक्रम का पालन करेगा।
7. विद्यालय, अधिनियम की धारा 19 में विनिर्दिष्ट, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के अनुपात में छात्रों का नामांकन करेगा ।
8. विद्यालय, अधिनियम की धारा 19 में यथाविनिर्दिष्ट मानकों और सन्नियमों को बनाए रखेगा अन्नितम निरीक्षण के समय रिपोर्ट की गई प्रसुविधाएं निम्नानुसार है :-
विद्यालय परिसर का क्षेत्रफल,
कुल निर्मित क्षेत्र,
क्रीडा स्थल का क्षेत्रफल,
कक्षा के कमरों की संख्या,
मुख्याध्यापक एवं कार्यालय एवं भण्डार कक्ष के लिए कमरा,
बालक और बालिकाओं के लिए पृथक् शौचालय, पेयजल सुविधा,
मिड-डे-मिल पकाने हेतु रसोई अध्यापन पठन सामग्री/क्रीड़ा खेल-कूद उपस्करों/पुस्तकालय की उपलब्धता बाधा रहित पहुंच,
9. विद्यालय के परिसरों के भीतर या उसके बाहर, विद्यालय के नाम से कोई गैर-मान्यता प्राप्त कक्षाएं नहीं चलाई जाएं्रगी ।
10. विद्यालय भवनों या अन्य अवसंरचनाओं या क्रीड़ा स्थलों का, विद्यालय के किसी कर्मचारी के निवास के प्रयोजन के सिवाए, दिन या रात्रि के दौरान वाणिज्यिक या आवासीय प्रयोजनों के लिए या किसी भी प्रकार की राजनैतिक या गैर-शैक्षणिक क्रियाकलापों के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा ।
11. विद्यालय को सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 (1860 का 21) के अधीन रजिस्ट्रीकृत किसी सोसाइटी द्वारा या तत्समय प्रवृत किसी विधि के अधीन गठित किसी लोक न्यास द्वारा चलाया जाएगा ।
12. विद्यालय को किसी व्यष्टि या व्यष्टियों के समूह संगम या किन्हीं अन्य व्यक्तियों के लाभ के लिए नहीं चलाया जाएगा ।
13. विद्यालय के लेखाओं की, किसी चार्टड एकांउंटेंट द्वारा संपरीक्षा की जाएगी और उसके द्वारा प्रमाणित किया जाएगा तथा उचित लेखा विवरण, नियमों के अनुसार तैयार किया जाएगा ।। प्रत्येक लेखा विवरण की एक प्रति प्रत्येक वर्ष उप निदेशक/खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी को भेजी जाएगी ।
14. आपके विद्यालय को आबंटित मान्यता कोड संख्यांक .............. है । कृपया इसे नोट कर लें और इस कार्यालय के साथ किसी भी पत्राचार के लिए इस संख्यांक का उल्लेख करें । 1080 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 15. विद्यालय ऐसी रिपोर्टें और सूचना प्रस्तुत करता है, जो समय-समय पर निदेशक, शिक्षा/उपनिदेयाक/खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अपेक्षित हो और वह राज्य सरकार/स्थानीय प्राधिकारी के ऐसे अनुदेशों का पालन करता है, जो मान्यता सम्बन्धी शर्तों के सतत अनुपालन को सुनिश्चित करने या विद्यालय के कार्यकरण की कमियों को दूर करने के लिए जारी किए जाएं ।
16. सोसाईटी के रजिस्ट्रीकरण का नवीकरण, यदि कोई हो, को सुनिश्चित किया जाएगा । 17. राज्य सरकार अनुपालना के लिए समय समय पर अतिरिक्त भत्ते विनिर्दिष्ट कर सकेगी । भवदीय,
उप निदेशक शिक्षा (प्रारम्भिक)/ खण्ड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी, जिला/खण्ड
आदेश द्वारा, प्रधान सचिव (शिक्षा), हिमाचल प्रदेश सरकार ।
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सििििंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभागसंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभागसंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभागसंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-171002, 4 जून, 2011
संख्याः सिंचाई संख्याः सिंचाई संख्याः सिंचाई संख्याः सिंचाई 11-1511-1511-1511-15/2011-मण्डी/2011-मण्डी/2011-मण्डी/2011-मण्डी....----यतः राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव भरजवाणू/9 तहसील सुन्दरनगर जिला मण्डी में बल्ह घाटी मध्यम सिंचाई परियोजना (वामतट्ट) जिला मण्डी में पम्प गृह व लिफ्ट नं0 13 व 14 के डिसिल्टिंग टैंक के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है ।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है ।
3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन अधिकारी एवं उप-मण्डल अधिकारी (नागरिक) सदर मण्डी के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1081 विस्तृतविस्तृतविस्तृतविस्तृत विवरणी विवरणी विवरणी विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नं0 वीघा/विस्वा/विस्वांसी मण्डी सुन्दरनगर भरजवाणू/9 1167/2/1 0-12-01 1171/1 0-14-16 किता-2 1-06-17
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।
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सिसिसिसिंचंचंचंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभागाई एवं जन स्वास्थ्य विभागाई एवं जन स्वास्थ्य विभागाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-171002, 6 जून, 2011
संख्याः सिंचाई 11-29/2010-बिलासपुरसंख्याः सिंचाई 11-29/2010-बिलासपुरसंख्याः सिंचाई 11-29/2010-बिलासपुरसंख्याः सिंचाई 11-29/2010-बिलासपुर....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन के लिए नामतः गांव पट्टा, तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर में उठाऊ पेयजल व सिंचाई योजना के प्रथम चरण के निर्माण हेतु भूमि ली जानी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्नलिखित विस्तृत विवरणी में वर्णित भूमि उपर्युक्त प्रयोजन के लिए अपेक्षित है।
2.... भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 के उपबन्धों के अधीन सभी सम्बन्धित व्यक्तियों की सूचना के लिए घोषणा की जाती है तथा उक्त अधिनियम की धारा 7 के उपबन्धों के अधीन समाहर्ता, भू-अर्जन हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मण्डी, जिला मण्डी, को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्द्वारा निदेश दिया जाता है ।
3. भूमि का रेखांक, समाहर्ता, भू-अर्जन लोक निर्माण विभाग मण्डी, हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है ।
विस्तृतविस्तृतविस्तृतविस्तृत विवरणी विवरणी विवरणी विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र बीघा-बिस्वा बिलासपुर घुमारवीं पट्टा 532/455/326/1 0-07 533/455/326/1 0-06 किता-2 0-13
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)। 1082 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933
ब अदालत जनाब सब-रजिस्ट्रार घुमारवीं, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश
श्री राजेन्द्र कुमार पुत्र स्व0 श्री शंकर दास, निवासी गांव भगड़वाण, परगना अजमेरपुर, सब-तहसील भराड़ी, तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
1. आम जनता 2. किरन कुमारी पुत्री स्व0 श्री शंकर दास, निवासी इस समय पत्नी श्री सोहन लाल पुत्र श्री तुलसी राम, गांव वरंगड, डा0 मरहाणा, प0 अजमेरपुर, सब-तहसील भराड़ी, तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।
दरख्वास्त अधीन धारा 40/41 भारतीय रजिस्टे्रशन एक्ट हरगाह उपरोक्त फरीकदोयमों व आम जनता को सूचित किया जाता है कि प्रार्थीगण राजेन्दर कुमार ने दरख्वास्त अधीन धारा 40/41 द्वारा रजिस्टर किए जाने वसीयतनामा मृतक विमला देवी विधवा श्री शंकर दास, निवासी गांव भगड़वाण, परगना अजमेरपुर सब-तहसील भराड़ी, तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश दिनांक ................... बाबत जायदाद गांव भगड़वाण व बाड़ी, परगना अजमेरपुर सब-तहसील भराड़ी, तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश ने इस कार्यालय में दायर कर रखी है। यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त वसीयतनामा पर किसी किस्म का उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तिथि 30-6-2011 को सुबह 10.00 बजे इस कार्यालय में हाजिर होवें या पेश करें। अन्यथा कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 30-4-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर। हस्ताक्षरित/-
सब-रजिस्ट्रार घुमारवीं,
जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।
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न्यायालय श्री देवा सिंह नेगी, मैरिज अधिकारी/एस0 डी0 एम0, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0) ब मुकद्दमा :
1. श्री बलजीत सिंह पुत्र श्री पृथी चन्द, निवासी जियुरा, उप-तहसील होली, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
2. बबली देवी पुत्री सिकलू राम, निवासी गुवाड, उप तहसील होली, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
. . प्रार्थीगण।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 5 (2) हिमाचल प्रदेश मैरिज अधिनियम के अन्तर्गत विवाह पंजीकरण करने बारे। ं उपरोक्त मामला प्रार्थीगण उपरोक्त ने दिनांक 9-3-2011 को इस न्यायालय मे पेश किया है कि उन्होंने दिनांक 28-10-2010 को हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार स्थान जियुरा होली में शादी कर ली है और तब से पति-पत्नी के रूप में रहते चले आ रहे हैं। जेर धारा 5(2) हिमाचल प्रदेश मैरिज अधिनियम के अनुसार उनका विवाह पंजीकृत किया जावे। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1083 अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस बारा कोई उजर एतराज हो तो वह अपना उजर एतराज इश्तहार जारी होने के एक मास के भीतर असालतन या वकालतन हाजिर अदालत होकर पेश कर सकता है अन्यथा दीगर कार्यवाही एकतरफा अमल मेें लाई जाएगी।
इश्तहार आज दिनांक 2-4-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया। मोहर।
देवा सिंह नेगी, मैरिज अधिकारी/एस0डी0एम0, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।
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न्यायालय श्री देवा सिंह नेगी, मैरिज अधिकारी/एस0 डी0 एम0, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0) ब मुकद्दमा :
1. श्री रमेश चन्द पुत्र श्री जरम सिंह, निवासी अर्की, तहसील भरमौर, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश 2. सरिता देवी पुत्री श्री तुलसी राम, निवासी साहला, तहसील चुवाड़ी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश . . प्रार्थीगण।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 5 (2) हिमाचल प्रदेश मैरिज अधिनियम के अन्तर्गत विवाह पंजीकरण करने बारे। ं उपरोक्त मामला प्रार्थीगण उपरोक्त ने दिनांक 10-8-2010 को इस न्यायालय मे पेश किया है कि उन्होंने दिनांक 30-7-2010 को हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार स्थान चम्बा में शादी कर ली है और तब से पति-पत्नी के रूप में रहते चले आ रहे हैं। जेर धारा 5(2) हिमाचल प्रदेश मैरिज अधिनियम के अनुसार उनका विवाह पंजीकृत किया जावे।
अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस बारा कोई उजर एतराज हो तो वह अपना उजर एतराज इश्तहार जारी होने के एक मास के भीतर असालतन या वकालतन हाजिर अदालत होकर पेश कर सकता है अन्यथा दीगर कार्यवाही एकतरफा अमल मेें लाई जाएगी।
इश्तहार आज दिनांक 2-4-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया। मोहर।
देवा सिंह नेगी, मैरिज अधिकारी/एस0 डी0 एम0, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।
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न्यायालय श्री देवा सिंह नेगी, मैरिज अधिकारी/एस0 डी0 एम0, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0) ब मुकद्दमा :
1. श्री सुदर्शन कुमार पुत्र श्री थोगलिया, निवासी सतनाला, डाकघर उलांसा, तहसील भरमौर, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश 1084 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 2. सुरेखा देवी पुत्री श्री धर्म चन्द, निवासी संचूई, तहसील भरमौर, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश
. . प्रार्थीगण।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 5 (2) हिमाचल प्रदेश मैरिज अधिनियम के अन्तर्गत विवाह पंजीकरण करने बारे। ं उपरोक्त मामला प्रार्थीगण उपरोक्त ने दिनांक 14-3-2011 को इस न्यायालय मे पेश किया है कि उन्होंने दिनांक 29-11-2009 को हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार स्थान उलांसा में शादी कर ली है और तब से पति-पत्नी के रूप में रहते चले आ रहे हैं। जेर धारा 5(2) हिमाचल प्रदेश मैरिज अधिनियम के अनुसार उनका विवाह पंजीकृत किया जावे।
अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस बारा कोई उजर एतराज हो तो वह अपना उजर एतराज इश्तहार जारी होने के एक मास के भीतर असालतन या वकालतन हाजिर अदालत होकर पेश कर सकता है अन्यथा दीगर कार्यवाही एकतरफा अमल मेें लाई जाएगी।
इश्तहार आज दिनांक 2-4-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया। मोहर।
देवा सिंह नेगी, मैरिज अधिकारी/एस0 डी0 एम0, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।
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न्यायालय श्री देवा सिंह नेगी (हि0 प्र0 से0), उप-मण्डल दण्डाधिकारी, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0) श्री विक्रमजीत पुत्र श्री राणा राम, निवासी धरेड़, तहसील भरमौर, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969. ं श्री विक्रमजीत पुत्र श्री राणा राम, निवासी धरेड़, तहसील भरमौर, जिला चम्बा ने प्रार्थना-पत्र के साथ शपथ-पत्र इस न्यायालय में दिया है कि उसकी लड़की राखी देवी जिसकी जन्म तिथि 12-9-2007 है, पंचायत अभिलेख धरेड़ में दर्ज नहीं है। अब दर्ज करने बारे न्यायालय से अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण एवं आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त राखी देवी का नाम व जन्म तिथि 12-9-2007 का इन्द्राज पंचायत धरेड़ के अभिलेख में दर्ज करने बारे किसी का कोई उजर-एतराज हो तो वह अपना उजर एतराज असालतन या वकालतन इश्तहार जारी होने के एक मास के भीतर इस न्यायालय में पेश कर सकता है अन्यथा आगामी कार्यवाही अमल मेें लाई जाएगी। इश्तहार आज दिनांक 2-4-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
देवा सिंह नेगी, उप-मण्डल दण्डाधिकारी, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0)। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1085 न्यायालय श्री देवा सिंह नेगी (हि0 प्र0 से0), उप-मण्डल दण्डाधिकारी, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0) श्री उपहेन्द्र शर्मा पुत्र श्री जरमू, निवासी रैटन, तहसील भरमौर, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969. ं श्री उपहेन्द्र शर्मा पुत्र श्री जरमू, निवासी रैटन, तहसील भरमौर, जिला चम्बा ने प्रार्थना-पत्र के साथ शपथ-पत्र इस न्यायालय में दिया है कि उसके बच्चे आशुतोष व तमना देवी जिनकी जन्म तिथि क्रमशः 9-1-2009 व 10-4-2010 है, पंचायत अभिलेख सियुंर में दर्ज नहीं है। अब दर्ज करने बारे न्यायालय से अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण एवं आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त आशुतोष व तमना देवी के नाम व जन्म तिथियाें का इन्द्राज पंचायत सियुंर के अभिलेख में दर्ज करने बारे किसी का कोई उजर-एतराज हो तो वह अपना उजर एतराज असालतन या वकालतन इश्तहार जारी होने के एक मास के भीतर इस न्यायालय में पेश कर सकता है अन्यथा आगामी कार्यवाही अमल मेें लाई जाएगी। इश्तहार आज दिनांक 2-4-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
देवा सिंह नेगी, उप-मण्डल दण्डाधिकारी, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।
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न्यायालय श्री देवा सिंह नेगी (हि0 प्र0 से0), उप-मण्डल दण्डाधिकारी, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0) श्री जोगिन्द्र कुमार पुत्र श्री ठुणिया राम, निवासी चोभिया, तहसील भरमौर, जिला चम्बा
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969. ं श्री जोगिन्द्र कुमार पुत्र श्री ठुणिया राम, निवासी चोभिया, तहसील भरमौर, जिला चम्बा ने प्रार्थना-पत्र के साथ शपथ-पत्र इस न्यायालय में दिया है कि उसके बच्चे भावना देवी, कार्तिक व नैतिक जिनकी जन्म तिथियां क्रमशः 6-2-2005, 21-10-2007 व 21-3-2009 है, पंचायत अभिलेख चोभिया में दर्ज नहीं है। अब दर्ज करने बारे न्यायालय से अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण एवं आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त भावना देवी, कार्तिक व नैतिक के नाम व जन्म तिथियाें का इन्द्राज पंचायत चोभिया के अभिलेख में दर्ज करने बारे किसी का कोई उजर-एतराज हो तो वह अपना उजर एतराज असालतन या वकालतन इश्तहार जारी होने के एक मास के भीतर इस न्यायालय में पेश कर सकता है अन्यथा आगामी कार्यवाही अमल मेें लाई जाएगी। 1086 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 इश्तहार आज दिनांक 2-4-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
देवा सिंह नेगी, उप-मण्डल दण्डाधिकारी, भरमौर, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।
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In the Court of Shri Y. P. S. Verma, HAS, Sub-Divisional Magistrate (Civil), exercising the
powers of Coolector Sub-Division Bhoranj, District Hamirpur, Himachal Pradesh
Case No. 40/10 Date of institution 28-1-2010 Date of hearing........................
Shri Kashmir Chand s/o Shri Gopal etc., r/o Village Patta Mauza Mehalta, Tehsil Bhoranj, . . Appellant. District Hamirpur, Himachal Pradesh
Versus
Appeal under Section 14 of HP Land Revenue Act, against the order of Assistant Collector,
1st Grade Bhoranj in Partaition case No. 40/10 Tikka Patt, Mauza Mehalta, Tehsil Bhoranj,
District Hamirpur, Himachal Pradesh.
Whereas it has been proved to the satisfaction of this court that the above noted defendants cannot be served in the ordinary way of service. Hence this proclamation under Order 5 Rule 20 CPC is hereby issued against them and directed to appear personally or through their counsel on 30-6-2011 at 10.00 am failing which ex parte proceedings shall be taken against them.
Given under my hand and seal of the court on 2-6-2011.
Seal.
Y. P. S. VERMA, Collector, Sub Division Bhoranj, District Hamirpur (H. P.).
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ब अदालत जनाब नरेश कुमार, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी ज्वाली, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश श्री अमर सिंह सुपुत्र श्री कहणू उर्फ ध्यान सिंह, साकन ठसोली झिकली, तहसील ज्वाली, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
विषय.--शजरा नस्व में जाति की दरुस्ती करने बारे।
श्री अमर सिंह सुपुत्र श्री कहणू उर्फ ध्यान सिंह, साकन भमोली, मौजा छत्तर, तहसील नूरपुर, हाल निवासी ठसोली झिकली, तहसील ज्वाली ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसकी जाति महाल राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1087 भमोली, मौजा छत्तर के पुशतैनी शजरा नस्व में जाति जोगी व गोत औधड़ दर्ज है परन्तु महाल ठसोली झिकली, तहसील ज्वाली में जमीन खरीद कर मालिक बना है। उसमें उसकी जाति नाथ गोत खटयालू दर्ज है। जो गलत है।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि उक्त जाति की दरुस्ती बारे किसी को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 18-8-2011 को सुबह 10.00 बजे उपस्थित होकर एतराज पेश कर सकता है अन्यथा हाजर न आने की सूरत में जाति की दरुस्ती के आदेश पारित कर दिए जाएंगे। मोहर। नरेश कुमार,
सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी ज्वाली,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत जनाब नरेश कुमार, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी ज्वाली, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश श्री लैहरी राम उपनाम जर्म सिंह सुपुत्र श्री जगत राम, साकन न्यांगल, मौजा वाड़, तहसील ज्वाली, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
विषय.--नाम दरुस्ती करने बारे।
श्री लैहरी राम उपनाम जर्म सिंह सुपुत्र श्री जगत राम, साकन न्यांगल, मौजा वाड़, तहसील ज्वाली ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसका नाम रजस्व रिकार्ड में लैहरी राम दर्ज है व पंचायत रिकार्ड में तथा बच्चों के शिक्षा प्रमाण-पत्र में उसका नाम जर्म सिंह है। जबकि यह दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं। अब प्रार्थी अपना नाम राजस्व रिकार्ड में लैहरी उपनाम जर्म सिंह दर्ज करवाना चाहता है।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि उक्त नाम की दरुस्ती करने बारे यदि किसी को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 8-8-2011 को न्यायालय में उपस्थित होकर असालतन या वकालतन एतराज पेश कर सकता है अन्यथा हाजर न आने की सूरत में यकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर नाम की दरुस्ती के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 23-5-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। नरेश कुमार,
सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी ज्वाली,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत जनाब नरेश कुमार, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी ज्वाली, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश श्री कर्म सिंह सुपुत्र श्री होशनाकी, निवासी सुधाल, मौजा भरभाड़, तहसील ज्वाली, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश . . वादी।
बनाम 1088 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1. तुलसी राम पुत्र श्री महलू राम, 2. शेर सिंह, 3. सर्वण सिंह, 4. जनम सिंह पुत्रान श्री होशनाकी, 5. प्रशोतम दास पुत्र श्री मायो राम, 6. व्यासां देवी पत्नी श्री बाबू राम, 7. सुभाष चन्द, 8. रछपाल सिंह पुत्रान व रेशमा देवी पुत्री, 10 कौशल्या देवी धर्म पत्नी स्व0 श्री चमन लाल, 11. मेशा चन्द, 12. किशोर चन्द पुत्र मंगत राम, 13. पूर्ण चन्द पुत्र श्री गोकल, 14. दलीप सुपुत्र श्री रीझू, 15. सोम दत्त पुत्र श्री दलीपा, 16. पोहलो पुत्र कुन्दन लाल, साकन सुधाल, मौजा भरमाड़, तहसील ज्वाली, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश। विषय.-दरख्वास्त बराए तकसीम आराजी खाता नं0 113, खतौनी नं0 231, ता 237, रकवा कित्ता 18, तादादी 0-93-08 है0, वाक्या महाल सुधाल, मौजा भरमाड़, तहसील ज्वाली, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश। उपरोक्त प्रतिवादीगण को कई बार समन किए गए लेकिन प्रतिवादीगण नौकरी पेशा व शादी शुद्धा होने के कारण समन की तामील नहीं हो रही है। अतः अदालत को विश्वास हो चुका है कि प्रतिवादी की तामील साधारण तरीके से नहीं हो सकती है।
अतः इस इश्तहार द्वारा उपरोक्त प्रतिवादीगण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त तकसीम बारे कोई एतराज हो तो वह न्यायालय में दिनांक 8-8-2011 को अदालत में सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन उपस्थित होकर एतराज पेश कर सकता है अन्यथा हाजर न आने की सूरत में यकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर तरीका तकसीम के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 26-5-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। नरेश कुमार,
सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी ज्वाली,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री नरेश कुमार, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
मुकद्दमा नं0 .............../ना0 तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी
मोहन लाल बनाम आम जनता व अन्य। विषय.—प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
नोटिस बनाम आम जनता। श्री मोहन लाल पुत्र श्री प्यारे लाल, निवासी मौजा योल, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित मुकद्दमा दायर किया है कि उसकी पुत्री Preeti Sidho की जन्म दिनांक 21-10-1989 है परन्तु एम0सी0/ग्राम पंचायत योल में उक्त जन्म पंजीकृत नहीं है। अतः इसे पंजीकृत किये जाने के आदेश दिये जायें। इस नोटिस के द्वारा समस्त जनता को तथा सम्बन्धित सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त का जन्म पंजीकृत किये जाने बारे कोई एतराज हो तो वह हमारी अदालत में दिनांक 23-7-2011 को असालतन या वकालतन हाजिर आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा मुताबिक शपथ-पत्र जन्म तिथि पंजीकृत किये जाने बारे आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 2-6-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। नरेश कुमार, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1089 ब अदालत श्री नरेश कुमार शर्मा, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
मुकद्दमा नं0 39/NT/11/ना0 तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी
Dawa Chozom बनाम आम जनता व अन्य विषय.—प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
नोटिस बनाम आम जनता।
श्री Dawa Chozom पुत्री श्री Lhakpa Tsering, निवासी Mcleodganj, मौजा धर्मशाला, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित मुकद्दमा दायर किया है कि उसके पिता Lhakpa Tsering की मृत्यु तिथि 4-7-2000 है परन्तु एम0 सी0 धर्मशाला में उक्त मृत्यु पंजीकृत नहीं है। अतः इसे पंजीकृत किये जाने के आदेश दिये जायें। इस नोटिस के द्वारा समस्त जनता को तथा सम्बन्धित सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त मृत्यु पंजीकृत किये जाने बारे कोई एतराज हो तो वह हमारी अदालत में दिनांक 8-7-2011 को असालतन या वकालतन हाजिर आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा मुताबिक शपथ-पत्र मृत्यु तिथि पंजीकृत किये जाने बारे आदेश पारित कर दिये जाएंगे। आज दिनांक 28-5-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर। नरेश कुमार शर्मा, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री नरेश कुमार शर्मा, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
मुकद्दमा नं0 3/NT/11 तारीख पेशी 13-7-2011 श्रीमती निर्मला देवी पुत्री श्री खजाना, वासी मौआ, मौजा करेरी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश . . वादी।
बनाम
आम जनता . . प्रतिवादी। विषय.—प्रार्थना-पत्र बराए नाम दरुस्ती।
उपरोक्त प्रार्थिन ने प्रार्थना-पत्र दिया है कि महाल मौआ करेरी, जमाबन्दी बर्ष 2005-06 में श्रीमती निर्मला देवी की बजाए श्रीमती नेपाली पुत्री श्री खजाना लिखा गया है जोकि गलत है। मुताबिक जमाबन्दी महाल नड्डी साल 2004-05 व, नकल परिवार रजिस्टर, पहचान-पत्र मय ब्यान हल्फिया के अनुसार प्रार्थिन का नाम श्रीमती निर्मला देवी पत्नी प्रीतम लिखा गया है। मुताबिक जमाबन्दी महाल नड्डी-नकल परिवार रजिस्टर व नकल पहचान पत्र प्रार्थिया का नाम श्रीमती नेपाली देवी पुत्री श्री खजाना की बजाए श्रीमती निर्मला देवी पुत्री श्री खजाना का नाम महाल मौआ, मौजा करेरी दर्ज है। अतः प्रार्थिन का नाम नेपाली पुत्री खजाना की बजाए नेपाली उपनाम निर्मला देवी पुत्री खजाना दरुस्त किया जावे। 1090 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 अतः इस इश्तहार राजपत्र द्वारा आम जनता एवं सगे सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त नाम की दरुस्ती करवाने बारे कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 13-7-2011 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में अपना उजर एतराज पेश कर सकता है अन्यथा गैर हाजरी की सूरत में यकतरफा कार्यवाही की जाकर यथोचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 31-5-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। नरेश कुमार शर्मा, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री नरेश कुमार शर्मा, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
मुकद्दमा नं0 40/NT/11/ना0 तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी
Hari Singh बनाम आम जनता व अन्य विषय.—प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
नोटिस बनाम आम जनता।
श्री Hari Singh पुत्री श्री Pardhana Ram, निवासी Heru, मौजा धर्मशाला, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित मुकद्दमा दायर किया है कि उसकी पुत्री Seema Devi की जन्म तिथि 25-8-1985 है परन्तु एम0सी0 धर्मशाला में उक्त जन्म पंजीकृत नहीं है। अतः इसे पंजीकृत किये जाने के आदेश दिये जायें। इस नोटिस के द्वारा समस्त जनता को तथा सम्बन्धित सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त जन्म पंजीकृत किये जाने बारे कोई एतराज हो तो वह हमारी अदालत में दिनांक 8-7-2011 को असालतन या वकालतन हाजिर आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा मुताबिक शपथ-पत्र जन्म तिथि पंजीकृत किये जाने बारे आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 28-5-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। नरेश कुमार शर्मा, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री नरेश कुमार शर्मा, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
मुकद्दमा नं0 4/NT/11 तारीख पेशी 13-7-2011 श्री दालती राम पुत्र श्री मंगल राम, गांव जदरांगल, डाकखाना पद्धर, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश . . वादी।
बनाम
आम जनता . . प्रतिवादी। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1091 विषय.—प्रार्थना-पत्र बराए नाम दरुस्ती।
उपरोक्त प्रार्थी ने प्रार्थना-पत्र दिया है कि जमाबन्दी वर्ष 2006-07 महाल पद्धर, मौजा जदरांगल में कागजात माल में अदालती पुत्र मंगल दर्ज चला आ रहा है। परन्तु प्रार्थी के नौकरी के आई कार्ड नं0 6042511 J+K Ref. में, व आय कर विभाग PAN नं0 दालती राम दर्ज है तथा राशन कार्ड में भी दालती राम दर्ज है। अतः प्रार्थी का नाम अदालती पुत्र मंगल राम की वजाए अदालती उपनाम दालती पुत्र श्री मंगल राम दरुस्त किया जावे।
अतः इस इश्तहार राजपत्र हिमाचल प्रदेश द्वारा आम जनता एवं सगे सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त नाम की दरुस्ती करवाने बारे कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 13-7-2011 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में अपना उजर एतराज पेश कर सकता है अन्यथा गैर हाजरी की सूरत में यकतरफा कार्यवाही की जाकर यथोचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे। आज दिनांक 31-5-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। नरेश कुमार शर्मा, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री देवी सिंह नेगी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, निचार स्थित भावानगर, जिला किन्नौर,
हिमाचल प्रदेश
सरकार हि0 प्र0 बनाम राम लच्छ आदि निवासी पूनंग, तहसील निचार, जिला किन्नौर। . .प्रार्थी।
बनाम
आम जनता . .प्रत्यार्थी। विषय.- कब्जा नाजायज मि0 नं0 1/201 में साधारण तौर से समन तामील न होने बारे।
हरगाह खास व आम को बजरिया नोटिस सूचित किया जाता है कि माननीय उच्च न्यायालय हि0 प्र0 द्वारा सी0 एम0 पी0 एम0 ओ0 न0 425/09 मै0 जे0 पी0 कम्पनी बनाम राम लच्छ व अन्रू में दिनांक 9-8-2010 को पारित आदेश के पालना में श्रेत्रीय ईकाई द्वारा रितब कब्जा नाजायज मिसल खसरा नं0 162, 270 व 309 रकबा तादादल 0.13.28 है0 उप महाल पुनंग खास जो इस अदालत में जेर समायत है। कासर श्री राधा कृष्ण पुत्र श्री पदम सैन निवासी पुनंग, तहसील निचार को मुकद्दमा की पैरवी हेतु समन तामील साधारण तौर से नहीं हो पा रही है व राधा कृष्ण अरसा वर्ष 1989 से लापता है उसके जिन्दा व मुर्दा होने बारे कोई पता न है।
अतः इस इश्तहार द्वारा श्री राधा कृष्ण पुत्र श्री पदम सैन निवासी पुनंग, तहसील निचार, जिला किन्नौर को सूचित किया जाता है कि यदि उक्त कब्जा नाजायज बारे कोई आपत्ति हो तो वह अपनी आपत्ति लिखित रूप में दिनांक 18-7-2011 अथवा इससे पूर्व न्यायालय में प्रस्तुत करें। तदोपरान्त कोई आपत्ति मान्य नहीं होगी।
हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से आज दिनांक 18-5-2011 को जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, निचार स्थित भावानगर, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश। 1092 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933
ब अदालत श्री मनोज चौहान, उपमण्डल दण्डाधिकारी, ठियोग, जिला शिमला (हि0 प्र0) श्री मदन पुत्र श्री नंती राम, निवासी गांव अलोटी, डाकघर सतोग, तहसील ठियोग, जिला शिमला (हि0 . . प्रार्थी। प्र0)
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। आवेदन-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्री मदन पुत्र श्री नंती राम, निवासी गांव अलोटी, डाकघर सतोग, तहसील ठियोग, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में अपने पुत्र साहिल का परिवार रजिस्टर ग्राम पंचायत नहोल, के परिवार रजिस्टर अभिलेख में दर्ज करवाने हेतु आवेदन-पत्र गुजार रखा है।
अतः इस इश्तहार के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि इस बारा किसी व्यक्ति अथवा रिश्तेदार को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 27-6-2011 को प्रातः 10.00 बजे हाजिर अदालत आकर अपना एतराज पेश करे अन्यथा दीगर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 26-5-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर।
मनोज चौहान, उपमण्डल दण्डाधिकारी, ठियोग, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
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ब अदालत श्री मनोज चौहान, उपमण्डल दण्डाधिकारी, ठियोग, जिला शिमला (हि0 प्र0) श्री सोहन सिंह पुत्र श्री चतर सिंह, निवासी अलोटी, डाकघर नहोल, तहसील ठियोग, जिला शिमला . . प्रार्थी। (हि0 प्र0)
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। आवेदन-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्री सोहन सिंह पुत्र श्री चतर सिंह, निवासी अलोटी, डाकघर नहोल, तहसील ठियोग, जिला शिमला (हि0 प्र0) ने इस अदालत में अपने पुत्र गगन का नाम परिवार रजिस्टर ग्राम पंचायत नहोल के परिवार रजिस्टर के अभिलेख में दर्ज करवाने हेतु आवेदन-पत्र गुजार रखा है।
अतः इस इश्तहार के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे किसी व्यक्ति अथवा रिश्तेदार को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 17-6-2011 को प्रातः 10.00 बजे हाजिर अदालत आकर अपना एतराज पेश करे अन्यथा दीगर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 26-5-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर।
मनोज चौहान, उपमण्डल दण्डाधिकारी, ठियोग, जिला शिमला (हि0 प्र0)। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1093 ब अदालत श्री मनोज चौहान, उपमण्डल दण्डाधिकारी, ठियोग, जिला शिमला (हि0 प्र0) श्री संजीव कुमार पुत्र स्व0 श्री भगत राम, निवासी बटावड़ा, डाकघर कलबोग, तहसील कोटखाई, . . प्रार्थी। जिला शिमला (हि0 प्र0)
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। आवेदन-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्री संजीव कुमार पुत्र स्व0 श्री भगत राम, निवासी बटावड़ा, डाकघर कलबोग, तहसील कोटखाई, जिला शिमला (हि0 प्र0) ने इस अदालत में अपने पुत्र अंकित का नाम रजिस्टर ग्राम पंचायत कलबोग के परिवार रजिस्टर अभिलेख में दर्ज करवाने हेतु आवेदन-पत्र गुजार रखा है।
अतः इस इश्तहार के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे किसी व्यक्ति अथवा रिश्तेदार को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 27-6-2011 को प्रातः 10.00 बजे हाजिर अदालत आकर अपना एतराज पेश करे अन्यथा दीगर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 26-5-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर।
मनोज चौहान, उपमण्डल दण्डाधिकारी, ठियोग, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
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In the Court of Shri Lalit Sharma, Executive Magistrate (Tehsildar), Kasauli, District Solan,
Himachal Pradesh
Case No. 2/2011 Date of Institution : 5-2-2011 Date of decision : Pending for 18-4-2011 Shri Rajinder Singh son of Shri Chain Singh, resident of Village Radopaind, Post Office . . Applicant. Dharampur, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh
Versus
General Public
.. Respondent.
Application under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969.
Shri Rajinder Singh son of Shri Chain Singh, resident of Village Radopaind, Post Office Dharampur, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh has moved an application before the undersigned under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969 alongwith affidavits and other documents that his son Vivek Panwar born on 19-10-2008 at Village Radopaind, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh but his date of birth could not registered by the applicant in the Gram Panchayat's birth record, Anji Matla, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.
1094 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933
Therefore, by this proclamation the general public is hereby informed that any person having any objection for the registration of date of birth of Vivek Panwar son of the applicant may submit his objection in writing in this court on or before 18-4-2011 at 10.00 A. M. failing which no objection will be entertained after expiry of date.
Given under my hand and seal of the court this 18th March, 2011.
Seal.
LALIT SHARMA,
Executive Magistrate (Tehsildar),
Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.
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In the Court of Shri Lalit Sharma, Executive Magistrate (Tehsildar), Kasauli, District Solan,
Himachal Pradesh
Case No. 3/2011 Date of Institution : 5-2-2011 Date of decision : Pending for 18-4-2011 Shri Milkhi Ram son of Shri Dila Ram, resident of Village Basholu Khurd, Tehsil Kasauli, . . Applicant. District Solan, Himachal Pradesh
Versus
General Public
.. Respondent.
Application under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969.
Shri Milkhi Ram son of Shri Dila Ram, resident of Village Basholu Khurd, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh has moved an application before the undersigned under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969 alongwith affidavits and other documents that his father named Shri Dila Ram died on 13-3-1986 at Village Basholu Khurd, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh but his date of death could not registered by the applicant in the Gram Panchayat's death record, Rauri, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.
Therefore, by this proclamation the general public is hereby informed that any person having any objection for the registration of date of death of Late Shri Dila Ram son of Shri Shibu and father of the applicant may submit his objection in writing in this court on or before 18-4-2011 at 10.00 A. M. failing which no objection will be entertained after expiry of date.
Given under my hand and seal of the court this 18th March, 2011.
Seal.
LALIT SHARMA,
Executive Magistrate (Tehsildar),
Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.
राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 1095 ब अदालत उप-मण्डल दण्डाधिकारी, नालागढ़, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश
मु0 नं0 /2011
श्री उधम सिंह पुत्र श्री रलू राम, निवासी जोघों, तहसील नालागढ़, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
दावा अन्तर्गत धारा 8 (4) विवाह पंजीकरण अधिनियम, 1996
इश्तहार बनाम आम जनता।
उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में प्रार्थी ने प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसके बेटे श्री संदीप की शादी दिनांक 23-11-2009 को बिन्दु देवी पुत्री श्री नेक राम, निवासी उच्चा परवाणू, परगना व डाकघर टकसाल, तहसील कसौली, जिला सोलन के साथ हुई है।
अतः आम जनता को सूचित किया जाता है कि श्री संदीप पुत्र श्री उधम सिंह, निवासी जोघों, परगना गुल्लरवाला, तहसील नालागढ़ व श्रीमती बिन्दू देवी पुत्री श्री नेक राम, निवासी उच्चा परवाणू, परगना व डाकघर टकसाल, तहसील कसौली, जिला सोलन की शादी का इन्द्राज ग्राम पंचायत जोघों में दर्ज करवाने हेतु किसी को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 25-4-2011 को इस कार्यालय में उपस्थित आकर एतराज प्रस्तुत कर सकता है अन्यथा दिनांक 25-4-2011 को उक्त शादी के पंजीकरण हेतु आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 29-3-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- उप-मण्डल दण्डाधिकारी, नालागढ़, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी ऊना, तहसील व जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश श्री सदीक चौधरी बनाम आम जनता। दरख्वास्त जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.
नोटिस बनाम आम जनता।
श्री सदीक चौधरी पुत्र श्री नूर दीन, निवासी घण्डावल, तहसील ऊना, जिला ऊना ने इस अदालत में दरख्वास्त दी है कि उसकी पुत्रियां गुल अफशा चौधरी व आरीफां चौधरी का जन्म गांव घण्डावल में दिनांक 6-2-1984 व 17-4-1987 को हुआ था परन्तु इस बारे पंचायत के रिकार्ड में पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं।
अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त जन्म तिथियों के पंजीकरण होने बारे कोई अजर/एतराज हो तो वह दिनांक 4-7-2011 को सुबह 1096 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 8 जून, 2011/18 ज्येष्ठ, 1933 10.00 बजे अधोहस्ताक्षरी के समक्ष असालतन/वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त जन्म तिथियों का पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएंगे।
आज दिनांक 26-5-2011 को हस्ताक्षर मेरे व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर। हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, तहसील व जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी ऊना, तहसील व जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश श्री माया देवी बनाम आम जनता। दरख्वास्त जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.
नोटिस बनाम आम जनता।
श्री माया देवी पत्नी श्री सुरिन्द्र नाथ, निवासी देहलां, तहसील ऊना, जिला ऊना ने इस अदालत में दरख्वास्त दी है कि उसके पुत्र नीतिन शर्मा का जन्म गांव देहलां में दिनांक 17-3-1990 को हुआ था परन्तु इस बारे पंचायत के रिकार्ड में पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं। अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त जन्म तिथियों के पंजीकरण होने बारे कोई अजर/एतराज हो तो वह दिनांक 4-7-2011 को सुबह 10.00 बजे अधोहस्ताक्षरी के समक्ष असालतन/वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त जन्म तिथियों का पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएंगे।
आज दिनांक 25-5-2011 को हस्ताक्षर मेरे व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर। हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, तहसील व जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित