राजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल हिमाचल हिमाचल हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशितप्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशितप्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशितप्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला,शिमला,शिमला,शिमला, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार 2222 अगस्त अगस्त अगस्त अगस्त,,,, 2011 2011 2011 2011////11111111 श्रावणश्रावणश्रावणश्रावण,,,, 1933 1933 1933 1933
हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश सरकारसरकारसरकारसरकार
विधि विभागविधि विभागविधि विभागविधि विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 2 अगस्त, 2011
संख्या एल0एल0आर0-डी0 (6)-10/2011-लेजसंख्या एल0एल0आर0-डी0 (6)-10/2011-लेजसंख्या एल0एल0आर0-डी0 (6)-10/2011-लेजसंख्या एल0एल0आर0-डी0 (6)-10/2011-लेज....----हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान अनुच्छेद 200 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 29-7-2011 को अनुमोदित हिमाचल प्रदेश नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2011 (2011 का विधेयक संख्यांक 10) को वर्ष 2011 के अधिनियम संख्यांक 32 के रूप में संविधान के अनुच्छेद 348 (3) के अधीन उसके अंग्रेजी प्राधिकृत पाठ सहित हिमाचल प्रदेश राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित करती हैं।
आदेश द्वारा, अवतार चन्द डोगरा,अवतार चन्द डोगरा,अवतार चन्द डोगरा,अवतार चन्द डोगरा, प्रधान सचिव (विधि)। 90-राजपत्र/2011-2-8-2011 (2053)2054 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 2011 का अधिनियम2011 का अधिनियम2011 का अधिनियम2011 का अधिनियम संख्यांक संख्यांक संख्यांक संख्यांक 32323232 हिमाचल प्रदहिमाचल प्रदहिमाचल प्रदहिमाचल प्रदेश नगर निगमेश नगर निगमेश नगर निगमेश नगर निगम (संशोधन) अधिनियम (संशोधन) अधिनियम (संशोधन) अधिनियम (संशोधन) अधिनियम, 2011, 2011, 2011, 2011
(राज्यपाल महोदया द्वारा तारीख 29 जुलाई, 2011 को यथाअनुमोदित)
हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्यांक 12) का और संशोधन करने के लिए अधिनियमअधिनियमअधिनियमअधिनियम ।
1111.... संक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भ....----(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश नगर निगम (संशोधन) अधिनियम, 2011 है।
(2) यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा, जो राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत करे। 2222.... धारा 2 का संशोधनधारा 2 का संशोधनधारा 2 का संशोधनधारा 2 का संशोधन....----हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 (जिसे इसमें इसके पश्चात् "मूल अधिनियम" कहा गया है) की धारा 2 में खण्ड (8) के पश्चात् निम्नलिखित नया खण्ड अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
''(8-क.) ''पशु'' से पालतू पशु अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत हाथी, ऊँट, भैंस, गाय, बैल, घोड़ा, घोड़ी, बधिया घोड़ा, टट्टू, बछेड़ा, बछेड़ी, खच्चर, गधा, सुअर, मेढ़ा, भेढ़ी, भेढ़, मेमना, बकरी और उस के मेमने सम्मिलित हैं; "।
3333.... धारा 84 का संशोधनधारा 84 का संशोधनधारा 84 का संशोधनधारा 84 का संशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 84 में,-
(क) उपधारा (1) में खण्ड (ख) के पश्चात् निम्नलिखित परन्तुक अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः- ''परन्तु खण्ड (ख) के अधीन कोई कर तब तक अधिरोपित नहीं किया जाएगा, जब तक नगरपालिका क्षेत्र के निवासियों या प्रभावित पक्षकारों को विहित रीति में आक्षेप करने का अवसर न दे दिया गया हो और आक्षेप, यदि कोई प्राप्त हुए हों, पर विचार नहीं कर लिया गया हो।"; और
(ख) उपधारा (2), (3),(4) और (5) का लोप किया जाएगा।
4444.... धारा 85 का प्रतिस्थापनधारा 85 का प्रतिस्थापनधारा 85 का प्रतिस्थापनधारा 85 का प्रतिस्थापन....----मूल अधिनियम की धारा 85 के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः—
''85. फीस और उपयोक्ता प्रभार.- निगम स्वयं द्वारा उपलब्ध करवाई गई सेवा के लिए, ऐसी दर पर और ऐसी रीति में, जैसी निगम द्वारा समय-समय पर अवधारित की जाए, फीस और उपयोक्ता प्रभार उद्गृहीत कर सकेगा।''।
5555.... धारा 86 का प्रतिस्थापनधारा 86 का प्रतिस्थापनधारा 86 का प्रतिस्थापनधारा 86 का प्रतिस्थापन.-मूल अधिनियम की धारा 86 के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः—
''86. भूमि और भवनों पर कर की दर.-इस अधिनियम में अन्यथा उपबन्धित के सिवाय, नगरपालिका क्षेत्र के भीतर भूमि और भवनों पर कर की इकाई क्षेत्र दर, भूमि और भवन के करयोग्य मूल्य, एक प्रतिशत से पच्चीस प्रतिशत के बीच होगा, जो निगम द्वारा समय-समय पर अवधारित किया जाए :
परन्तु निगम भूमि और भवनों या उनके किसी भाग, जिसका उपयोग केवल लोक पूजा के प्रयोजन के लिए किया जाता है और खाली भूमि और भवनों के क्षेत्र या उनके भाग, जिन्हें लोक कब्रस्तान के प्रयोजन के लिए या श्मशान भूमि के रूप में प्रयुक्त किया जाता है या जिसे मृतक की अन्तयेष्टि के लिए प्रयुक्त किया जाता है, पर कर की दर में पूर्णतः या भागतः छूट दे सकेगा या निम्नतर दर उद्गृहीत कर सकेगा।''।
6666.... धारा 87 का लोपधारा 87 का लोपधारा 87 का लोपधारा 87 का लोप....----मूल अधिनियम की धारा 87 का लोप किया जाएगा।2055 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 7777.... धारा 88 का प्रतिस्थापनधारा 88 का प्रतिस्थापनधारा 88 का प्रतिस्थापनधारा 88 का प्रतिस्थापन.-मूल अधिनियम की धारा 88 के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-
''88. करों के निर्धारण के लिए भूमि और भवनों के करयोग्य मूल्य का अवधारण.-धारा 86 में विनिर्दिष्ट करों के निर्धारण के लिए भूमि और भवनों के कर योग्यमूल्य का अवधारण निम्न प्रकार से होगा,—
(क) भूमि की दशा में करयोग्य मूल्य, भूमि के वास्तविक क्षेत्र के प्रतिवर्ग मीटर को कर की इकाई क्षेत्र दर द्वारा गुणित करके और विशेष क्षेत्र के लिए विहित सुसंगत कारकों पर आधारित होगा तथा भवन की दशा में करयोग्य मूल्य स्तम्भमूल क्षेत्र (प्ंिलंथ एरिया) के प्रति वर्गमीटर को कर की इकाई क्षेत्र दर द्वारा गुणित करके और विशेष क्षेत्र के लिए विहित सुसंगत कारकों पर आधारित होगा।
(ख) भूमि और भवनों पर कर के उद्ग्रहण के लिए सम्पूर्ण नगरपालिका क्षेत्र को विभिन्न क्षेत्रों में बांटा जाएगा और प्रत्येक क्षेत्र के भिन्न-भिन्न मूल्यों (उपयोगिता) वाले सुसंगत कारक होंगे। (ग) इकाई क्षेत्र कर का अवधारण करने के प्रयोजन के लिए पांच कारक होंगे, अर्थात् (i) अवस्थिति, (ii) अधिभोगिता, (iii) भवन की मियाद, (iv) भवन का उपयोग और (v) अवसंरचना का प्रकार। प्रत्येक कारक की अलग-अलग क्षेत्र के लिए भिन्न-भिन्न उपयोगिता होगी जो निगम द्वारा समय-समय पर अवधारित की जाए।
(घ) इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार कर के उद्ग्रहण, संगणना और निर्धारण के लिए पद्धति, जो भवनों के श्रेणीकरण, परम्परागत उपयोग, या भवनों के संविभाजन से सम्बन्धित है, या खाली भूमि और खुले स्थान, जो भूमि और भवन के भाग हैं, उपविधियों द्वारा विहित की जा सकेगीः परन्तु भवन के करयोग्य मूल्य पर, भवन के अनुरक्षण के लिए आवश्यक मरम्मत और अनुरक्षण व्ययों के लेखे में दस प्रतिशत की वार्षिक कटौती अनुज्ञात की जाएगी तथा कर की राशि पर दस प्रतिशत की छूट भी अनुज्ञात की जाएगी, यदि बिल में विनिर्दिष्ट कर की राशि को, ऐसे बिल की प्राप्ति की तारीख से पन्द्रह दिन के भीतर संदत्त कर दिया गया है, तथापि यह छूट उन व्यतिक्रमियों को लागू नहीं होगी जिन पर कर का बकाया है तथा वे देय कर के पांच प्रतिशत की शास्ति के लिए दायी होंगे।"।
8888.... धारा 89 का सधारा 89 का सधारा 89 का सधारा 89 का संशोधनंशोधनंशोधनंशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 89 में विद्यमान द्वितीय परन्तुक के स्थान पर निम्नलिखित परन्तुक रखा जाएगा, अर्थात्ः—
"परन्तु केन्द्रीय सरकार के पूर्णतः या भागतः स्वामित्वाधीन और नियन्त्रणाधीन पब्लिक सेक्टर उपक्रम या कम्पनियां, इस अधिनियम या तद्धीन बनाई गई उप-विधियों के उपबन्धों के अधीन कर के लिए निर्धारणीय होंगी और निगम द्वारा उपलब्ध करवाई गई सेवा के बदले में, यथास्थिति, फीस या सेवा प्रभारों को संदत्त करने के लिए दायी होंगी।"।
9999.... धारा 90 का प्रतिस्थापनधारा 90 का प्रतिस्थापनधारा 90 का प्रतिस्थापनधारा 90 का प्रतिस्थापन.-मूल अधिनियम की धारा 90 के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-
"90. भूमि और भवनों पर करों का भार.-(1) भूमि और भवनों पर कर मूलतः मालिक से उद्ग्रहणीय होगा और मालिक की अनुपस्थिति में यह किराएदारों सहित, अधिभोगी से उद्ग्रहणीय और वसूलीय होगा।
(2) भूमि और भवन पर कर का निर्धारण, उद्ग्रहण और संदाय, किसी भी रीति में न तो स्वामी का या न तो अधिभोगी का सम्पत्ति में कोई अधिकार, हक या हित प्रदत्त नहीं करेगा और न ही इस तथ्य का साक्ष्य होगा कि भवन या परिसर प्राधिकृत है तथा इसके अतिरिक्त भी कि कोई भवन या परिसर या उसका कोई भाग, जो इस अधिनियम, विनियमों या तद्धीन बनाई गई2056 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 उपविधियों के उपबंधों के उल्लंघन में परिनिर्मित है, पर इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन भूमि और भवनों पर कर के निर्धारण के फलस्वरूप विनियमितिकरण के लिए विचार नहीं किया जाएगा।"।
10101010.... धारधारधारधारा 91, 102 और 107 से 114 तक का लोप ा 91, 102 और 107 से 114 तक का लोप....----मूल अधिनियम की धारा 91, 102 और 107 से ा 91, 102 और 107 से 114 तक का लोप ा 91, 102 और 107 से 114 तक का लोप 114 का लोप किया जाएगा।
11111111.... धारा 115 का संशोधनधारा 115 का संशोधनधारा 115 का संशोधनधारा 115 का संशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 115 में,-
(क) शीर्षक में ''कर'' शब्द के स्थान पर ''फीस'' शब्द रखा जाएगा; और
(ख) उपधारा (1) में "सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट" शब्दों के स्थान पर "निगम द्वारा विनिर्दिष्ट" शब्द रखे जाएंगे।
12121212.... धारा 120 का लोपधारा 120 का लोपधारा 120 का लोपधारा 120 का लोप....----मूल अधिनियम की धारा 120 का लोप किया जाएगा।
13131313.... धारा 157 का संशोधनधारा 157 का संशोधनधारा 157 का संशोधनधारा 157 का संशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 157 में खण्ड (क से छ) के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-
"(क) आयुक्त, इस अधिनियम की धारा 40 की उपधारा (4) के अधीन गठित स्थाई समिति के पूर्व अनुमोदन से, लोक नीलामी द्वारा निगम से सम्बन्धित किसी जंगम (चल) या स्थावर (अचल) सम्पत्ति का विक्रय द्वारा, पट्टे पर या अन्यथा व्ययन कर सकेगा;
(ख) स्थावर (अचल) सम्पत्ति के अन्तरण की पद्धति और पुरोभाव्य शर्त, निगम द्वारा बनाए गए विनियमों या उपविधियों द्वारा शासित होगी; और
(ग) आयुक्त, एक रजिस्टर बनाए रख्ेागा जिसमें स्थावर सम्पत्तियों का ब्यौरा दिया जाएगा और उक्त तालिका में, ऐसी रीति में जैसी उप-विधियों द्वारा विहित की जाए, परिवर्तन, यदि कोई हो, दर्शित करते हुए वार्षिक विवरणी तैयार करेगा तथा उसे वर्ष के अन्त में विचार करने के लिए निगम के समक्ष रखेगा। "।
14141414.... धारा 159 का संशोधनधारा 159 का संशोधनधारा 159 का संशोधनधारा 159 का संशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 159 में,-
(क) खण्ड (ग) और (घ) के स्थान पर निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्ः-
"(ग) प्रत्येक संविदा, जिसमें पांच लाख रूपए से अनधिक व्यय या ऐसी उच्चतर रकम, जिसे निगम नियत करे, अन्तवर्लित है, आयुक्त द्वारा की जाएगी। "।
(ख) विद्यमान परन्तुक के स्थान पर निम्नलिखित परन्तुक रखा जाएगा, अर्थातः- "परन्तु पांच लाख रूपए के मूल्य से अधिक की या ऐसी उच्चतर रकम, जिसे निगम नियत कर सकेगा, की संविदा केवल निगम के पूर्व अनुमोदन के पश्चात् ही आयुक्त द्वारा की जाएगी।"।
15151515.... धारा 254 का संशोधनधारा 254 का संशोधनधारा 254 का संशोधनधारा 254 का संशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 254 में, उपधारा (6) के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-2057 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 "(6) इस अधिनियम में किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी, यदि भवन का स्वामी या अधिभोगी, स्वीकृति के बिना अनधिकृत निर्माण करता है या मंजूर प्लान (रेखांक) से विचलन करता है, किसी सरकारी भूमि या निगम में निहित भूमि पर भवन का निर्माण करता है अथवा किसी सार्वजनिक सड़क, मार्ग, रास्ते या नाली को आच्छादित करता है या दुव्र्यपदेशन से अथवा भवन प्लान (रेखांक) की मंजूरी के लिए आवेदन करते समय बुनियादी तथ्यों को छुपाकर, मंजूरी प्राप्त करता है, तो आयुक्त, उसे सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात् तीन मास के भीतर विद्युत आपूर्ति (कनेक्शन), नागरिक सुविधाओं जिसके अन्तर्गत जल और मल प्रणाली कनेक्शन भी हैं, के स्थापन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने से इन्कार करेगा या जारी किए गए को वापिस लेगा तथा कार्यवाही का छह मास के भीतर निपटारा करेगा।"।
16161616.... नई धारा 254-क का अन्तःस्थापननई धारा 254-क का अन्तःस्थापननई धारा 254-क का अन्तःस्थापननई धारा 254-क का अन्तःस्थापन....----मूल अधिनियम की धारा 254 के पश्चात् निम्नलिखित नई धारा 254-क अन्तःस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
"254-क. अनधिकृत विकास या सन्निर्माण को सील करने की शक्ति-(1) धारा 253 या धारा 254 के अधीन भवन संकर्मों को गिराने या रोकने का आदेश करने से पूर्व या पश्चात्, किसी भी समय आयुक्त के लिए, ऐसे विकास को सील करने हेतु निर्देशित करने का आदेश ऐसी रीति में करना विधिपूर्ण होगा, जैसी निगम द्वारा इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुपालन के प्रयोजन के लिए या ऐसे विकास के स्वरूप और विस्तार के कारण किसी वाद के निवारण के लिए बनाई गई उप-विधियों द्वारा विहित किया जाए।
(2) जहां उपधारा (1) के अधीन किसी विकास (डिव्लेपमैन्ट) को सील किया गया है, वहां आयुक्त, ऐसे विकास को गिराने के प्रयोजन के लिए, सील को हटाने का आदेश कर सकेगा। (3) कोई भी व्यक्ति, ऐसी सील को, आयुक्त द्वारा उपधारा (2) के अधीन किए गए आदेश या इस अधिनियम के अधीन अपीलीय प्राधिकारी द्वारा अपील में किए गए आदेश, के सिवाय नहीं हटाएगा।"।
17171717.... नई धारा 324-क का अन्तःस्थापननई धारा 324-क का अन्तःस्थापननई धारा 324-क का अन्तःस्थापननई धारा 324-क का अन्तःस्थापन....----मूल अधिनियम की धारा 324 के पश्चात्, निम्नलिखित नई धारा अन्तःस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
"324-क. पशुओं का रजिस्ट्रीकरण और उनके अभिलेख का रखा जाना.-(1) प्रत्येक परिवार का मुखिया, अपने परिवार द्वारा रखे गए पशुओं के ब्यौरे, हिमाचल प्रदेश नगर निगम(संशोधन) अधिनियम, 2011 के आरम्भ होने से एक मास की अवधि के भीतर और तत्पश्चात् हर समय जब कभी किन्हीं कारणों से पशुओं की संख्या में बदलाव आता है, निगम को मौखिक रूप में या लिखित में देने या दिलवाने के लिए उत्तरदायी होगा।
(2) उपधारा (1) के अधीन पशुओं के ब्यौरे की प्राप्ति पर निगम, पशु का रजिस्ट्रीकरण करेगा और उनके अभिलेखों को ऐसी रीति में बनाए रखेगा, जैसी निगम द्वारा अधिसूचित की जाएः परन्तु निगम ऐसी दर पर रजिस्ट्रीकरण फीस प्रभारित कर सकेगा, जैसी इसके द्वारा नियत की जाए।
(3) निगम का यह कत्र्तव्य होगा कि प्रत्येक पशु पर समुचित पहचान चिन्ह लगाने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा लगाए गए कर्मचारियों या व्यक्तियों की सहायता करे और पहचान का अभिलेख बनाए रखे।
(4) यदि पहचान चिन्ह वाला कोई पशु आवारा पाया जाता है, तो पशु के मालिक को निगम द्वारा बनाए रखे गए अभिलेख से पहचाना जाएगा और ऐसा मालिक, प्रथम अपराध के लिए पांच सौ2058 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 रूपए की शास्ति के लिए दायी होगा, जिसे आयुक्त द्वारा या उस द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत अधिकारी द्वारा अधिरोपित किया जाएगा।
(5) यदि निगम, ऐसे आवारा पशु के पहचान चिन्ह के साथ छेड़छाड़ करने या उसको विकृत करने के कारण पहचान करने में असफल रहता है, तो वह मामले की रिपोर्ट नजदीकी पशुपालन विभाग के प्रभारी को करेगा, जो आवारा पशु को नजदीकी गौशाला में रखवाएगा।
18181818.... धारा 396 का संशोधनधारा 396 का संशोधनधारा 396 का संशोधनधारा 396 का संशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 396 में,-
(क) मूल अधिनियम के राजभाषा पाठ में '(1)' चिन्ह और अंक पहले ही विद्यमान हैं।
(ख) उपधारा (1) में "पांच सौ रूपए'' और "पचास रुपए'', शब्दों के स्थान पर, जहां-जहां ये आते हैं, क्रमशः "पचास हज़ार रुपए" और "पांच हज़ार रुपए'' शब्द रखे जाएंगे।
19191919.... धारा 397 का प्रधिारा 397 का प्रधिारा 397 का प्रधिारा 397 का प्रतिस्थापनतस्थापनतस्थापनतस्थापन....----मूल अधिनियम की धारा 397 के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-
"397. उप-विधियों के बारे में अनुपूरक उपबंध.-इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त उप- विधियां बनाने की कोई शक्ति इस शर्त के अध्यधीन प्रदत्त की गई है कि उप-विधियां निगम द्वारा, पूर्व प्रकाशन के पश्चात्, लोक आक्षेपों को आमन्त्रित करने के लिए, राजपत्र में प्रकाशित होने के पश्चात् बनाई जा रही हैः
परन्तु राज्य सरकार ऐसी किसी उपविधि को, जो इस अधिनियम या तद्धीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के प्रतिकूल पाई जाती है, को रद्द कर सकेगी और तदुपरि उपविधि प्रभावहीन हो जाएगी।"।
20202020.... नई धारा 402-क का अन्तःस्थापननई धारा 402-क का अन्तःस्थापननई धारा 402-क का अन्तःस्थापननई धारा 402-क का अन्तःस्थापन....----मूल अधिनियम की धारा 402 के पश्चात् निम्नलिखित नई धारा अन्तःस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
"402 क. पुनर्विलोकन की शक्ति.-आयुक्त, स्वयं या कार्यवाहियों के किसी पक्षकार द्वारा किए गए आवेदन पर, इस अधिनियम के अधीन उसके द्वारा पारित आदेश का, सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के आदेश 47 के उपबंधों के अनुसार पुनर्विलोकन कर सकेगा और तद्नुसार उसे उपान्तरित या उलट सकेगा। "।2059 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT
Act No. 32 of 2011
THE HIMACHAL PRADESH MUNICIPAL CORPORATION
(AMENDMENT) ACT, 2011
(AS ASSENTED TO BY THE GOVERNOR ON 29TH JULY, 2011)
AN
ACT
further to amend the Himachal Pradesh Municipal Corporation Act, 1994 (Act No. 12 of
1994).
BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Sixty-second Year of the Republic of India as follows:—
1. Short title and commencement.—(1) This Act may be called the Himachal Pradesh Municipal Corporation (Amendment) Act, 2011.
(2) It shall come into force on such date as the State Government may, by notification published in the Official Gazette, appoint.
2. Amendment of section 2.—In section 2 of the Himachal Pradesh Municipal Corporation Act, 1994 (hereinafter referred to as the 'principal Act'), after clause (8), the following new clause shall be inserted, namely:-
"(8-a). "cattle" means domestic animals and includes elephants, camels, buffaloes, cows, oxen, horses, mares, geldings, ponies, colts, fillies, mules, asses, pigs, rams, ewes, sheep, lambs, goats and kids;".
3. Amendment of section 84.—In section 84 of the principal Act,-
(a) in sub-section (1), after clause(b), the following proviso shall be inserted, namely:—
"Provided that no tax shall be imposed under clause (b) unless an opportunity has been given in the prescribed manner to the residents of the municipal area or to the affected parties to file objections and the objections, if any, thus received have been considered." ; and
(b) sub-sections (2), (3), (4) and (5) shall be omitted.
4. Substitution of section 85.—For section 85 of the principal Act, the following section shall be substituted, namely:—
"85. Fee and users charges.—The Corporation may levy a fee and user charges for the services provided by it at such rates and in such manner as may be determined by the Corporation from time to time.".
2060 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 19335. Substitution of section 86.—For section 86 of the principal Act, the following section shall be substituted, namely:—
"86. Rate of tax on lands and buildings.—Save as otherwise provided in this Act, the unit area rate of tax on lands and buildings within the municipal area shall be between one per cent to twenty five per cent of the rateable value of land and building, as may be determined by the Corporation from time to time:
Provided that the Corporation may exempt wholly or partially or levy lower rate of tax on the lands and buildings or portion thereof, which is exclusively used for the purpose of public worship and the area of vacant lands and buildings or portion thereof, exclusively used for the purpose of public burial or as a cremation ground, or any other place used for the disposal of dead.".
6. Ommission of section 87.—Section 87 of the principal Act shall be omitted.
7. Substitution of section 88.—For section 88 of the principal Act, the following section shall be substituted, namely:—
"88. Determination of rateable value of lands and buildings assessable to taxes.—The rateable value of lands and buildings assessable to taxes specified in section 86 shall be,—
(a) in the case of land, the rateable value shall be based upon per square metre of the actual area of land multiplied by the unit area rate of tax and relevant factors prescribed for the particular zone and in the case of building, the rateable value shall be based upon per square metre of plinth area multiplied by unit area rate of tax and relevant factor prescribed for the particular zone.
(b) for levy of tax on lands and buildings, the entire municipal area shall be divided into different zones and each zone shall have relevant factors having different values.
(c) for the purpose of determination of unit area tax, there shall be five factors i.e (i) location, (ii) occupancy, (iii) age of building, (iv)use of building and (v) type of structure. Each factor shall have different value for different zone as may be determined by the Corporation, from time to time.
(d) the mode for levy, calculation and assessment of tax as per provisions of this Act, which relates to the classification, usages of the buildings or apportionment of buildings or vacant land and open spaces forming part of the land and building shall be prescribed by bye-laws:
Provided that annual deduction of ten per cent on the rateable value of building shall be allowed on account of repair and maintenance expenses necessary for the maintenance of the building and a rebate of ten per cent shall also be allowed on the amount of tax, in case the amount of tax specified in the bill is paid within fifteen days from the date of receipt of such bill, however, this rebate shall not be applicable in the case of defaulters who are in arrear of tax and shall be liable for penalty of five percent of the tax due.".
8. Amendment of section 89.—In section 89 of the principal Act, for the existing second proviso, the following proviso shall be substituted, namely:-
2061 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933"Provided that the public sector undertakings or companies owned and controlled fully or partially by the Central Government shall be assessable to taxes under the provisions of this Act or bye-laws made thereunder, and shall also be liable to pay fee or service charges, as the case may be, in lieu of services provided by the Corporation.".
9. Substitution of section 90.—For section 90 of the principal Act, the following section shall be substituted, namely:-
"90. Incidence of taxes on lands and buildings.—(1) The taxes on lands and buildings shall be primarily leviable upon the owner and in the absence of owner, it shall be leviable and recovered from the occupier including tenants.
(2) The assessment, levy and payment of tax on land and building shall not in any manner confer any right, title or interest in the property upon either on the owner or the occupier and shall not be a proof of the fact that the building or premises is authorized one and further that any building or premises or part thereof which is erected in contravention of the provisions of this Act, regulations or bye-laws made thereunder, shall not be considered for regularization by virtue of being assessed to tax on lands and buildings under the provisions of this Act.".
10. Ommission of section 91, 102 and 107 to 114.—Sections 91, 102 and 107 to 114 of the principal Act shall be omitted.
11. Amendment of section 115.—In section 115 of the principal Act,—
(a) in the heading, for the word "tax", the word "fees" shall be substituted; and (b) in sub-section (1), for the words "specified by the Government", the words "specified by the Corporation" shall be substituted.
12. Ommission of section 120.—Section 120 of the principal Act shall be omitted.
13. Amendment of section 157.—In section 157 of the principal Act, for clauses (a) to (g), the following clauses shall be substituted, namely:—
"(a) the Commissioner, with the prior approval of the standing committee, constituted under sub-section (4) of section 40 of this Act, may dispose of, by sale, lease or otherwise, any moveable or immovable properties belonging to the Corporation, by public auction;
(b) the mode and condition precedent to the transfer of immovable property, shall be governed by regulations or bye-laws made by the Corporation; and
(c) the Commissioner shall maintain a register giving therein the detail of the immovable properties and prepare annual statement indicating the changes, if any, in the said inventory, in such manner as may be prescribed by bye-laws and shall place the same before the Corporation for consideration at the end of the year".
14. Amendment of section 159.—In section 159 of the principal Act,—
(a) for clauses (c) and (d), the following clause shall be substituted, namely:—
2062 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 "(c) every contract involving an expenditure not exceeding rupees five lac or suchhigher amount as the Corporation may fix, may be made by the Commissioner.". (b) for the existing proviso, the following proviso shall be substituted, namely:—
"Provided that the contract exceeding rupees five lac in value or such higher amount as the Corporation may fix, shall be made by the Commissioner only after prior approval of the Corporation.".
15. Amendment of section 254.—In section 254 of the principal Act, for sub-section (6), the following shall be substituted, namely:—
"(6) Notwithstanding anything to the contrary contained in this Act, the Commissioner, shall, within three months after affording an opportunity of being heard, deny or withdraw the no objection certificate issued for installation of electricity connection, the civic amenities including water and sewerage connection, if the owner, or the occupier of the building carry out unauthorized construction without sanction or make deviations from the sanctioned plan, erection of a building on any Government land or land vested in the Corporation, or by covering any public road, street, path or drain or obtain sanction on mis- representation or by concealing material facts at the time of making the application for sanction of building plan and shall dispose of the proceedings within six months.".
16. Insertion of new section 254-A.—After section 254 of the principal Act, the following new section shall be inserted, namely:—
"254-A. Power to seal unauthorized development or construction.— (1) It shall be lawful for the Commissioner, at any time, before or after making an order of demolition or stoppage of building works under section 253 or section 254 to make an order directing the sealing of such development in the manner as may be prescribed by bye-laws made by the Corporation for the purpose of carrying out the provisions of this Act, or for preventing any dispute as to the nature and extent of such development.
(2) Where any development has been sealed under sub-section (1), the Commissioner may, for the purpose of demolishing such development, order the seal to be removed.
(3) No person shall remove such seal except, under an order made by the Commissioner under sub-section (2) or under an order of the appellate authority made in an appeal under this Act.".
17. Insertion of new section 324-A.—After section 324 of the principal Act, the following new section shall be inserted, namely:—
"324-A. Registration of cattle and maintenance of their record.—(1) Head of every family shall be responsible to give or cause to be given, either orally or in writing, the details of cattle owned by his family to the Corporation within a period of one month from the commencement of the Himachal Pradesh Municipal Corporation (Amendment) Act, 2011, and thereafter, every time as and when any change in the number of cattle takes place by any reason.
(2) On receipt of the details of cattle under sub-section (1), the Corporation shall register cattle and shall maintain records thereof in such manner as may be notified by the Corporation:
2063 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 Provided that the Corporation may charge registration fee at such rate as may befixed by it.
(3) It shall be the duty of the Corporation to assist the officials or persons engaged by Animal Husbandry Department for applying appropriate identification mark on each cattle and to maintain the record of identification.
(4) If any cattle with identification mark is found stray, the owner of the cattle shall be identified by the Corporation from the record maintained by it and such owner shall be liable for penalty of rupees five hundred for the first offence which shall be imposed by the Commissioner or the Officer authorized by him in this behalf.
(5) If the Corporation fails in identifying such stray cattle due to tempering with identification mark or mutilation thereof, it shall report the matter to the In-charge of the nearest Animal Husbandry Department who shall lodge the stray cattle to the nearest Goshala.".
18. Amendment of section 396.—In section 396 of the principal Act,—
(a) before the words and sign "Any bye-laws", the brackets and figure "(1)" shall be inserted; and
(b) in sub-section (1) as so re-numbered, for the words "five hundred rupees " and "fifty rupees", wherever these occur, the words "fifty thousand rupees" and "five thousand rupees" shall respectively be substituted.
19. Substitution of section 397.—For section 397 of the principal Act, the following section shall be substituted, namely:—
"397. Supplemental provisions respecting bye-laws.—Any power to make bye-laws conferred by this Act is conferred subject to the condition that bye- laws being made after previous publication by the Corporation, after having been published in Official Gazette for inviting public objections:
Provided that State Government may cancel any such bye-law if found to be contrary to the provisions of this Act or the rules made thereunder and thereupon the bye-law shall cease to have effect.".
20. Insertion of new section 402-A.—After section 402 of the principal Act, the following new section shall be inserted, namely:—
"402-A. Power to review.—The Commissioner may, on his own or on the application made by any of the party to the proceedings, review the order passed by him under this Act, in accordance with the provisions of order XLVII of the Code of Civil Procedure, 1908 and may modify or reverse the same accordingly.".
2064 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933विधि विभागविधि विभागविधि विभागविधि विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 2 अगस्त, 2011
संख्या एल0एल0आर0-डी0 (6)-11/2011-लेजसंख्या एल0एल0आर0-डी0 (6)-11/2011-लेजसंख्या एल0एल0आर0-डी0 (6)-11/2011-लेजसंख्या एल0एल0आर0-डी0 (6)-11/2011-लेज....----हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान अनुच्छेद 200 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 29-7-2011 को अनुमोदित हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2011 (2011 का विधेयक संख्यांक 12) को वर्ष 2011 के अधिनियम संख्यांक 33 के रूप में संविधान के अनुच्छेद 348 (3) के अधीन उसके अंग्रेजी प्राधिकृत पाठ सहित हिमाचल प्रदेश राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित करती हैं।
आदेश द्वारा, अवतार चन्द डोगरा,अवतार चन्द डोगरा,अवतार चन्द डोगरा,अवतार चन्द डोगरा, प्रधान सचिव (विधि)।
------
2011 का अधिनियम संख्यांक 33 हिमाचल प्रदेश्हिमाचल प्रदेश्हिमाचल प्रदेश्हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (संशोधन) ा नगरपालिका (संशोधन) ा नगरपालिका (संशोधन) ा नगरपालिका (संशोधन) अधिनियमअधिनियमअधिनियमअधिनियम, 2011, 2011, 2011, 2011
(राज्यपाल महोदया द्वारा तारीख 29 जुलाई, 2011 को यथाअनुमोदित)
हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम,1994 (1994 का अधिनियम संख्यांक 13) का और संशोधन करने के लिए अधिनियमअधिनियमअधिनियमअधिनियम।।।।
भारत गणराज्य के बासठवेेंं वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः- 1111.... संक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भ....----(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2011 है।
(2) यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा, जो राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत करे। 2222.... धारा 2 का संशोधनधारा 2 का संशोधनधारा 2 का संशोधनधारा 2 का संशोधन....----हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 (जिसे इसमें इसके पश्चात् "मूल अधिनियम" कहा गया है) की धारा 2 में,-
(क) खण्ड (1) का लोप किया जाएगा;
(ख) खण्ड (6) के पश्चात् निम्नलिखित खण्ड अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
''(6क.) ''पशु'' से पालतू पशु अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत हाथी, ऊँट, भैंस, गाय, बैल, घोड़ा, घोड़ी, बधिया घोड़ा, टट्टू, बछेड़ा, बछेड़ी, खच्चर, गधा, सुअर, मेढ़ा, भेढ़ी, भेढ़, मेमना, बकरी और उस के मेमने सम्मिलित हैं।
(ग) खण्ड (33) के पश्चात् निम्नलिखित नया खण्ड अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः- ''(33-क) 'करयोग्य मूल्य' से,-
(क) भूमि की दशा में करयोग्य मूल्य, भूमि के वास्तविक क्षेत्र के प्रतिवर्गमीटर को कर की इकाई क्षेत्र द्वारा गुणित करके और विशेष क्षेत्र के लिए विहित सुसंगत कारकों पर आधारित होगा तथा भवन2065 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 की दशा में करयोग्य मूल्य स्तम्भमूल क्षेत्र (प्लिंथ एरिया) के प्रतिवर्ग मीटर को, कर की इकाई क्षेत्र दर द्वारा गुणित करके और विशेष क्षेत्र के लिए विहित सुसंगत कारकों पर आधारित होगा। (ख) भूमि और भवनों पर कर के उद्ग्रहण के लिए सम्पूर्ण नगरपालिका क्षेत्र को विभिन्न क्षेत्रों में बांटा जाएगा और प्रत्येक क्षेत्र के भिन्न- भिन्न मूल्यों (उपयोगिता) वाले सुसंगत कारक होंगे। (ग) इकाई क्षेत्र कर का अवधारण करने के प्रयोजन के लिए पांच कारक होंगे, अर्थात्ः- (i) अवस्थिति, (ii) अधिभोगिता, (iii) भवन की मियाद, (iv) भवन का उपयोग और (v) अवसंरचना का प्रकार। प्रत्येक कारक की अलग-अलग क्षेत्र के लिए भिन्न-भिन्न उपयोगिता होगी, जो नगरपालिका द्वारा समय-समय पर अवधारित की जाए।
(घ) इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार कर के उद्ग्रहण, संगणना और निर्धारण के लिए पद्धति, जो भवनों के श्रेणीकरण, परम्परागत उपयोग या भवनों के संविभाजन से सम्बन्धित है, या खाली भूमि और खुले स्थान जो भूमि और भवन के भाग हैं, उपविधियों द्वारा विहित की जा सकेगीः परन्तु भवन के करयोग्य मूल्य पर, भवन के अनुरक्षण के लिए आवश्यक मरम्मत और अनुरक्षण व्ययों के लेखे में दस प्रतिशत की वार्षिक कटौती अनुज्ञात की जाएगी तथा कर की राशि पर दस प्रतिशत की छूट भी अनुज्ञात की जाएगी, यदि बिल में विनिर्दिष्ट कर की राशि को ऐसे बिल की प्राप्ति की तारीख से पन्द्रह दिन के भीतर संदत्त कर दिया गया है तथापि यह छूट उन व्यतिक्रमियों को लागू नहीं होगी जिन पर कर का बकाया है।"।
3333.... धारा धारा धारा धारा 34343434 का संशोधन का संशोधन का संशोधन का संशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 34 में "राज्य सरकार, नगरपालिकाओं में से सभी या किसी के लिए," शब्दों और चिन्ह के स्थान पर "नगरपालिका" शब्द रखा जाएगा।
4444.... धारा धारा धारा धारा 57575757 का संशोधन का संशोधन का संशोधन का संशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 57 में,-
(क) उपधारा (4) के स्थान पर निम्नलिखित उपधाराएं रखी जाएंगी, अर्थात्ः-
"(4) यथास्थिति, कार्यपालक अधिकारी या सचिव, इस अधिनियम की धारा 49 के अधीन गठित स्थायी समिति के पूर्व अनुमोदन से लोक नीलामी द्वारा, नगरपालिका से सम्बन्धित किसी जंगम (चल) या स्थावर (अचल) सम्पत्तियों का विक्रय द्वारा, पट्टे पर या अन्यथा व्ययन कर सकेगाः परन्तु स्थावर (अचल) सम्पत्ति के अन्तरण की पद्धति और पुरोभाव्य शर्त, नगरपालिका द्वारा बनाए गए विनियमों या उपविधियों द्वारा शासित होगी।
(4-क) यथास्थिति, कार्यपालक अधिकारी या सचिव एक रजिस्टर बनाए रखेगा, जिसमें स्थावर (अचल) सम्पत्तियों का ब्यौरा दिया जाएगा और उक्त तालिका में, ऐसी रीति में जैसी उपविधियों द्वारा विहित की जाए, परिवर्तन, यदि कोई हो, दर्शित करते हुए वार्षिक विवरणी तैयार करेगा तथा उसे वर्ष के अन्त में विचार करने के लिए नगरपालिका के समक्ष रखेगा; और
(ख) उपधारा (5) में " कार्यपालक अधिकारी" शब्दों के स्थान पर "यथास्थिति, कार्यपालक अधिकारी या सचिव" शब्द और चिन्ह रखे जाएंगे।
5555.... धारा धारा धारा धारा 65656565 का का का का प्रतिस्थापनप्रतिस्थापनप्रतिस्थापनप्रतिस्थापन....----मूल अधिनियम की धारा 65 के स्थान पर निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्ः- 2066 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 ''65. भूमि और भवनों पर कर की दर.- (1) इस अधिनियम में अन्यथा उपबन्धित के सिवाय, नगरपालिका क्षेत्र के भीतर भूमि और भवनों पर कर की इकाई क्षेत्र दर भूमि और भवन के करयोग्य मूल्य, एक प्रतिशत से पच्चीस प्रतिशत के बीच होगा, जो नगरपालिका द्वारा समय-समय पर अवधारित किया जाएः
परन्तु नगरपालिका भूमि और भवनों या उनके किसी भाग, जिसका उपयोग केवल लोक पूजा के प्रयोजन के लिए किया जाता है और खाली भूमि और भवनों के क्षेत्र या उनके भाग, जिन्हें लोक कब्रस्तान के प्रयोजन के लिए या श्मशान भूमि के रूप में प्रयुक्त किया जाता है या जिसे मृतक की अन्तेयष्टि के लिए प्रयुक्त किया जाता है, पर कर की दर में पूर्णतः या भागतः छूट दे सकेगी या निम्नतर दर उद्गृहीत कर सकेगी; और
(2) ऐसी दरों पर ऐसा अन्य कर जो राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा प्रत्येक मामले में निदेश देः परन्तु खण्ड (ख) के अधीन कोई कर तब तक अधिरोपित नहीं किया जाएगा, जब तक नगरपालिका क्षेत्र के निवासियों या प्रभावित पक्षकारों को विहित रीति में आक्षेप करने का अवसर न दे दिया गया हो और आक्षेप, यदि कोई प्राप्त हुए हों, पर विचार न कर लिया गया हो।"।
6666.... धारा धारा धारा धारा 66666666 का का का का प्रतिस्थापनप्रतिस्थापनप्रतिस्थापनप्रतिस्थापन....----मूल अधिनियम की धारा 66 के स्थान पर निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थातः्
''66. फीस, पथकर, और उपयोक्ता प्रभार.-नगरपालिका स्वयं द्वारा उपलब्ध करवाई गई सेवा के लिए, ऐसी दर पर और ऐसी रीति में, जैसी नगरपालिका द्वारा समय-समय पर अवधारित की जाए, फीस, पथकर और उपयोक्ता प्रभार उद्गृहीत कर सकेगी।"।
7777.... धारा धारा धारा धारा 66669999 का का का का संशोधनसंशोधनसंशोधनसंशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 69 की उपधारा (1) के स्थान पर निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात्ः-
''(1) नगरपालिका क्षेत्र की सीमाओं के भीतर किसी व्यक्ति द्वारा उपभोग की गई बिजली के प्रत्येक यूनिट के लिए एक पैसे की दर पर बिजली के उपभोग पर कर, विद्युत (प्रदाय) अधिनियम, 1948 के अधीन स्थापित, यथास्थिति, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा, जो नगरपालिका क्षेत्र की सीमाओं में उपभोग के लिए बिजली का प्रदाय करता है, संगृहीत किया जाएगा और सम्बद्व नगरपालिका को संदत्त किया जाएगा।"।
8888.... धारा 70 और 71 का लोपधारा 70 और 71 का लोपधारा 70 और 71 का लोपधारा 70 और 71 का लोप....----मूल अधिनियम की धारा 70 और 71 का लोप किया जाएगा। 9999.... धारा धारा धारा धारा 77779999 का का का का संशोधनसंशोधनसंशोधनसंशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 79 की उपधारा (2) का लोप किया जाएगा। 10101010.... धारा 150-क का अन्तःस्थापनधारा 150-क का अन्तःस्थापनधारा 150-क का अन्तःस्थापनधारा 150-क का अन्तःस्थापन....----मूल अधिनियम की धारा 150 के पश्चात् निम्नलिखित नई धारा अन्तःस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
''150-क. पशुओं का रजिस्ट्रीकरण और उनके अभिलेख का रखा जाना.-(1) प्रत्येक परिवार का मुखिया अपने परिवार द्वारा रखे गए पशुओं के ब्यौरे हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2011 के आरम्भ होने से एक मास की अवधि के भीतर और तत्पश्चात् हर समय, जब कभी किन्हीं कारणों से पशुओं की संख्या में बदलाव आता है, नगरपालिका को मौखिक रूप में या लिखित में देने या दिलवाने के लिए उत्तरदायी होगा।
(2) उपधारा (1) के अधीन पशुओं के ब्यौरे की प्राप्ति पर नगरपालिका पशु का रजिस्ट्रीकरण करेगी और उनके अभिलेखों को ऐसी रीति में बनाए रखेगी, जैसी राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए :
2067राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 परन्तु नगरपालिका ऐसी दर पर रजिस्ट्रीकरण फीस प्रभारित कर सकेगी, जैसी नगरपालिका द्वारा नियत की जाए।
(3) नगरपालिका का यह कत्र्तव्य होगा कि प्रत्येक पशु पर समुचित पहचान चिन्ह लगाने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा लगाए गए कर्मचारियों या व्यक्तियों की सहायता करे और पहचान का अभिलेख बनाए रखे।
(4) यदि पहचान चिन्ह वाला कोई पशु आवारा पाया जाता है, तो पशु के मालिक को नगरपालिका द्वारा बनाए रखे गए अभिलेख से पहचाना जाएगा और ऐसा मालिक, प्रथम अपराध के लिए पांच सौ रूपए तथा पश्चात्वर्ती अपराध के लिए सात सौ रूपए के जुर्माने के लिए दायी होगा, जिसे नगरपालिका द्वारा अधिरोपित किया जाएगा।
(5) यदि नगरपालिका, ऐसे आवारा पशु के पहचान चिन्ह के साथ छेड़-छाड़ करने या उसको विकृत करने के कारण पहचान करने में असफल रहती है, तो वह मामले की रिपोर्ट नज़दीकी पशु औषधालय के प्रभारी को करेगी, जो आवारा पशु को नजदीकी गौशाला में रखवाएगा।"।
11111111.... धारा धारा धारा धारा 202202202202 का का का का संशोधनसंशोधनसंशोधनसंशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 202 में "और यदि राज्य सरकार द्वारा अपेक्षा की जाए, तो करेगी" शब्दों और चिन्ह का लोप किया जाएगा।
12121212.... धाराधाराधाराधारा 204 204 204 204 का का का का संशोधनसंशोधनसंशोधनसंशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 204 की उपधारा (1) में "यदि राज्य सरकार द्वारा ऐसी अपेक्षा की जाए," शब्दों और चिन्ह का लोप किया जाएगा।
13131313.... धारा धारा धारा धारा 214214214214 का का का का संशोधनसंशोधनसंशोधनसंशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 214 में "और यदि राज्य सरकार द्वारा ऐसी अपेक्षा की जाए, तो करेगी" शब्दों और चिन्ह का लोप किया जाएगा।
14141414.... धारा धारा धारा धारा 216216216216 का का का का संशोधनसंशोधनसंशोधनसंशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 216 में "दो सोै रूपए" और "दस रूपए" शब्दों के स्थान पर क्रमशः "पांच हज़ार रूपए" और "एक सौ रूपए" शब्द रखे जाएंगे।
15151515.... धारा 217 का प्रतिस्थापनधारा 217 का प्रतिस्थापनधारा 217 का प्रतिस्थापनधारा 217 का प्रतिस्थापन....----मूल अधिनियम की धारा 217 के स्थान पर निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्ः-
"217. उपविधियों के बारे में अनुपूरक उपबन्ध.-इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त उपविधियां बनाने की कोई शक्ति, इस शर्त के अध्यधीन प्रदत्त की गई है कि उपविधियां नगरपालिका द्वारा, पूर्व प्रकाशन के पश्चात्, लोक आक्षेपों को आमन्त्रित करने के लिए, राजपत्र में प्रकाशित होने के पश्चात् बनाई जा रही हैंः
परन्तु राज्य सरकार, ऐसी किसी उपविधि को, जो इस अधिनियम या तद्धीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के प्रतिकूल पाई जाती है, रद्द कर सकेगी और तदुपरि उपविधि प्रभावहीन हो जाएगी।"।
16161616.... धारा 218 और 219 का लोपधारा 218 और 219 का लोपधारा 218 और 219 का लोपधारा 218 और 219 का लोप....----मूल अधिनियम की धारा 218 और 219 का लोप किया जाएगा। 17171717.... धारा धारा धारा धारा 220220220220 का का का का संशोधनसंशोधनसंशोधनसंशोधन....----मूल अधिनियम की धारा 220 की उपधारा (2) में "दस रुपए" शब्दों के स्थान पर "पचास रुपए" शब्द रखे जाएंगे।2068 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 AUTORITATIOVE ENGLISH TEXT
Act No. 33 of 2011
THE HIMACHAL PRADESH MUNICIPAL (AMENDMENT) ACT, 2011
(AS ASSENTED TO BY THE GOVERNOR ON 29TH JULY, 2011)
AN
ACT
further to amend the Himachal Pradesh Municipal Act, 1994 (Act No. 13 of 1994).
BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Sixty-second Year of the Republic of India as follows:—
1. Short title and commencement.—(1) This Act may be called the Himachal Pradesh Municipal (Amendment) Act, 2011.
(2) It shall come into force on such date as the State Government may, by notification published in the Official Gazette, appoint.
2. Amendment of section 2.—In section 2 of the Himachal Pradesh Municipal Act, 1994 (hereinafter referred to as the 'principal Act'),—
(a) clause (1) shall be omitted .;
(b) after clause (6), the following new clause shall be inserted, namely :—
"(6-a). "cattle" means domestic animals and includes elephants, camels, buffaloes, cows, oxen, horses, mares, geldings, ponies, colts, fillies, mules, asses, pigs, rams, ewes, sheep, lambs, goats and kids;"; and
(c) after clause (33), the following new clause shall be inserted, namely :—
"(33-a) 'ratable value' shall mean ,—
(a) In the case of land, the ratable value shall be based upon per square metre of the actual area of land multiplied by the unit area rate of tax and relevant factors prescribed for the particular zone and in the case of building, the ratable value shall be based upon per square metre of plinth area multiplied by unit area rate of tax and relevant factor prescribed for the particular zone;
(b) for levy of tax on lands and buildings, the entire municipal area shall be divided into different zones and each zone shall have relevant factors having different values;
(c) for the purpose of determination of unit area tax, there shall be five factors i.e (i) location (ii) occupancy (iii) age of building (iv) use of building and (v) type of structure. Each factor shall have different value for different zone as may be determined by the municipality, from time to time; and
(d) the mode for levy, calculation and assessment of tax as per provisions of this Act, which relates to the classification, usages of the buildings, or2069 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 apportionment of buildings, or vacant land and open spaces forming part of the land and building shall be prescribed by bye-laws:
Provided that annual deduction of ten per cent on the ratable value of building shall be allowed on account of repair and maintenance expenses necessary for the maintenance of the building and a rebate of ten percent shall also be allowed on the amount of tax, in case the amount of tax specified in the bill is paid within fifteen days from the date of receipt of such bill, however, this rebate shall not be applicable in the case of defaulters who are in arrear of tax." 3. Amendment of section 34.—In section 34 of the principal Act, for the words and sign "State Government may, for all or any of the municipalities" the words and sign "municipality may" shall be substituted.
4. Amendment of section 57.—In section 57 of the principal Act,-
(a) for sub-section (4), the following sub-sections shall be substituted, namely :—
"(4) The Executive Officer or the Secretary, as the case may be, may, with the prior approval of the standing committee, constituted under section 49 of this Act, dispose of, by sale, lease or otherwise, any moveable or immovable properties belonging to the municipality, by public auction:
Provided that the mode and condition precedent to the transfer of immovable property, shall be governed by regulations or bye-laws made by the municipality.
(4-a) The Executive Officer or the Secretary, as the case may be, shall maintain a register giving therein the details of the immovable properties and prepare annual statement indicating the changes, if any, in the said inventory, in such manner as may be prescribed by bye-laws, and shall place the same before the municipality for consideration at the end of the year."; and
(b) in sub-section (5), after the words "Executive Officer", the words and signs "or the Secretary, as the case may be," shall be inserted.
5. Substitution of section 65.—For section 65 of the principal Act, the following shall be substituted, namely:—
"65. Rate of tax on lands and buildings.—(1) Save as otherwise provided in this Act, the unit area rate of tax on lands and buildings within the municipal area shall be between one per cent to twenty five per cent of the ratable value of land and building, as may be determined by the municipality from time to time:
Provided that the municipality may exempt wholly or partially or levy lower rate of tax on the lands and buildings or portion thereof, which is exclusively used for the purpose of public worship and the area of vacant lands and buildings or portion thereof, exclusively used for the purpose of public burial or as a cremation ground, or any other place used for the disposal of dead.
(2) Such other tax, at such rates, as the State Government may, by notification, in each case direct:
2070 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933Provided that no tax shall be imposed under sub-section (2) unless an opportunity has been given in the prescribed manner to the residents of the municipal area or to the affected parties to file objections and the objections, if any, thus received have been considered.".
6. Substitution of section 66.—For section 66 of the principal Act, the following section shall be substituted, namely:—
"66. Fee, tolls and users charges.— The municipality may impose fee, tolls and user charges for the services provided by it at such rate and in such manner as may be determined by the municipality from time to time.".
7. Amendment of section 69.—In section 69 of the principal Act, for sub-section (1), the following sub-section shall be substituted, namely:—
"(1) The tax on consumption of electricity at the rate of one paise for every unit of electricity consumed by any person with in the limits, of the municipal area shall be collected by the Himachal Pradesh State Electricity Board set up under the Electricity (Supply) Act, 1948, or by any other person, as the case may be, supplying electricity for consumption in municipal limits and paid to the municipality concerned.".
8. Ommission of sections 70 and 71.—Sections 70 and 71 of the principal Act shall be omitted.
9. Amendment of section 79.—In section 79 of the principal Act, sub-section (2) shall be omitted.
10. Insertion of new section 150-A.—After section 150 of the principal Act, the following new section shall be inserted, namely:-
"150-A. Registration of cattle and maintenance of record thereof.— (1) Head of every family shall be responsible to give or cause to be given, either orally or in writing, the details of cattle owned by his family to the municipality within a period one month from the commencement of the Himachal Pradesh Municipal (Amendment) Act, 2011, and thereafter, every time as and when any change in the number of cattle takes place by any reasons.
(2) On receipt of the details of cattle under sub-section (1), the municipality shall register cattle and shall maintain records thereof in such form as may be notified by the State Government:
Provided that the municipality may charge registration fee at such rate as may be fixed by the municipality.
(3) It shall be the duty of the municipality to assist the officials or persons engaged by Animal Husbandry Department for applying appropriate identification mark on each cattle and to maintain the record of identification.
(4) If any cattle with identification mark is found stray, the owner of the cattle shall be identified by the municipality from the record maintained by it and such owner shall be liable to a fine of five hundred rupees for the first offence and seven hundred rupees for subsequent offence which shall be imposed by the municipality.
2071 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933(5) If the municipality fails in identifying such stray cattle due to tempering with identification mark or mutilation thereof, it shall report the matter to the In-charge of the nearest Animal Husbandry Dispensary who shall lodge the stray cattle to the nearest Goshala.".
11. Amendment of section 202.—In section 202 of the principal Act, the words "and shall if so required by the State Government" shall be omitted.
12. Amendment of section 204.—In section 204 of the principal Act, in sub-section (1), the words "if so required by the State Government shall" shall be omitted.
13. Amendment of section 214.—In section 214 of the principal Act, the words and sign "and shall, if so required by the State Government" shall be omitted.
14. Amendment of section 216.—In section 216 of the principal Act, for the words "two hundred rupees" and "ten rupees", the words "five thousand rupees" and "one hundred rupees" shall respectively be substituted.
15. Substitution of section 217.—For section 217 of the principal Act, the following section shall be substituted, namely:—
"217. Supplemental provisions respecting bye-laws.-Any power to make bye-laws conferred by this Act is conferred subject to the condition that bye- laws being made after previous publication by the municipality, after having been published in the Official Gazette for inviting public objections:
Provided that State Government may cancel any such bye-law if found to be contrary to the provisions of this Act or the rules made thereunder and thereupon the bye-law shall cease to have effect.".
16. Ommission of sections 218 and 219.—Sections 218 and 219 of the principal Act, shall be omitted.
17. Amendment of section 220.—In section 220 of the principal Act, in sub-section (2), for the words "ten rupees", the words "fifty rupees" shall be substituted.
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TOURISM AND CIVIL AVIATION DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 2nd May, 2011
No. Tsm-F(6)-2/2009.—In exercise of the powers vested in her under rule-6 of the Himachal Pradesh River Rafting Rules, 2005, the Governor of Himachal Pradesh is pleased to constitute a Technical Committee consisting of following members to identify Chamera site on Ravi River in Chamba District and to notify the exact stretches thereof for river rafting in the State with immediate effect:-
1. The Director, ABV Institute of Allied Sports, Manali. Chairman 2. The Sub-Division Officer (Civil) of the concerned Member area or his representative.
2072 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 19333. The Superintendent of Police, Chamba Member or his representative.
4. The Chief Medical Officer, Chamba, District Chamba Member or his representative.
5. The Senior Water Sports Instructor, Member to be nominated by the Director of Tourism.
6. Sh.Swarn Deepak Raina, Member Shivaji Nagar (Mugla), PO Hardaspura, District Chamba.
Member
7. Sh.Govindham, Village Karadi, P.O.tarela, Tehsil Churah, District Chamba.
8. The District Tourism Development Officer/ Member Secretary Asstt. District Tourism Development Officer, Chamba.
The scope of works of so constituted Technical already stands defined in the Himachal Pradesh River Rafting Rules, 2005.
By order, MANISHA NANDA, Pr.Secretary (Tourism & CA).
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TOURISM AND CIVIL AVIATION DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 2nd May, 2011
No. Tsm-F(6)-2/2009.—In exercise of the powers vested in her under rule-6 & 8 of the Himachal Pradesh River Rafting Rules, 2005, the Governor of Himachal Pradesh is pleased to constitute a Technical Committee and Regulatory Committee for river rafting area on the stretches of Satluj river from "Luhri to Tattapani" consisting of following members with immediate effect:-
Technical Committee :
1. The Director, ABV Institute of Allied Sports, Manali. Chairman 2. The Sub-Division Officer (Civil) of the concerned Member area or his representative.
3. The Superintendent of Police, Shimla Member or his representative. 4. The Chief Medical Officer, Shimla, District Shimla Member or his representative.
2073 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 19335. The Senior Water Sports Instructor, Member to be nominated by the Director of Tourism.
6. Sh.Dheeraj Chauhan, Shailja Sadan, Oakwood Estate, Member Jakhu, Shimla-1.
7. Sh.Ajay Singh, 7 Prospect Lodge, Lower Jakhu, Member Shimla-1.
8. The District Tourism Development Officer, Shimla Member Secretary Regulatory Committee :
1. The Deputy Commissioner, Shimla Chairman 2. The Sub-Division Officer(c) concerned Member or his nominee.
3. Medical Officer of the concerned area Member 4. Senior Water Sports Instructor Member The scope of works of so constituted Technical Committee as well as Regulatory committee already stands defined in the Himachal Pradesh River Rafting Rules, 2005.
By order, MANISHA NANDA, Pr.Secretary(Tourism & CA).
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MEDICAL EDUCATION DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171002, 27th July, 2011
No. HFW-B-(3) 29/92-loose.—In exercise of power conferred under Rule-3(2)of Himachal Pradesh Civil Services (Premature Retirement) Rules, 1976, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to accept the notice of Dr.Surender Kashyap, Principal, IGMC,Shimla, H.P. for premature retirement from Government service w.e.f. 27.7.2011(AN).
By order, Sd/- Principal Secretary(Health).
2074 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 MEDICAL EDUCATION DEPARTMENTNOTIFICATION
Shimla-2, 22nd July,2011
No. HFW-B(B)3-48/98-II.—The Governor, Himachal Pradesh is pleased to upgrade two posts of Lecturers as Assistant Professor (Non clinical) in the Department of Microbiology, Dr.RPGMC Kangra at Dr. RPGMC Kangra at Tanda wih immediate effect in the pay scale of Rs. Rs.37400-67000 + Rs.8900 grade pay (in person) .
By order, Sd/- Pr.Secretary(Health).
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MEDICAL EDUCATION DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171002, 8th July, 2011
No. HFW-B(B)10-1/2003-loose.—The Governor, Himachal Pradesh is pleased to order that thefollowing doctors of IGMC, Shimla shall retire from Government service on attaining the age of superannuation from the date shown against each:-
Sr. Name & Designation Date of birth Date of retirement
No.
1. Dr.Mahesha Nand, Asstt. Prof. 30.1.1954 31.1.2012 Bio-Chemistry.
2. Dr. Neelam Gupta, Asso.Prof. 16.3.1954 31.3.2012 Pathology
3. Dr.H.S.Sekhon, Professor 3.2.1954 29.2.2012 Forensic Medicine
4. Dr. S.S.Kaushal, Professor 20.7.1954 31.7.2012 General Medicine
5. Dr.Vinay Shankar, Professor 17.3.1954 31.3.2012 Skin & VD
6. Dr. Neelam Grover, Professor 1.3.1954 29.2.2012 Paediatrics
7. Dr.K.P.Chaudhary, Professor 10.10.1954 31.10.2012 Ophthalmology
8. Dr.R.K. Gupta, Professor 5.8.1954 31.8.2012 Ophthalmolgy2075 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 9. Dr.Bali Ram Sharma, Asstt. Prof. 8.4.1954 30.4.2012 OBG
10. Dr.K.S. Rana, Professor 11.3.1954 31.3.2011 Neurosurgery
By order, Sd/- Principal Secretary (Health).
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MEDICAL EDUCATION DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171002, 10th June, 2011
No. HFW-B(B) 1-2/2001.—The Governor Himachal Pradesh is pleased to accept the technical resignation tendered on 5.5.2011 by Dr. Ashwani Sood, Assistant Professor, Nuclear Medicine, IGMC,Shimla and he shall stand relieved from IGMC,Shimla from the date on which he will relinquish the charge of the present post in IGMC,Shimla.
By order, Sd/- Principal Secretary(Health).
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ब अदालत श्री राज कुमार वर्मा, कार्यकारी दण्डाधिकारी, थुरल, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश मुकद्दमा नं0 ......./2011
तारीख पेशी : 11-8-2011.
श्रीमती सुदेश कुमारी पुत्री श्री नन्दू राम, निवासी गांव व डाकघर वैरघाट, उप-तहसील थुरल, जिला कांगड़ा।
बनाम
आम जनता
विषय.--जन्म व मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 की धारा 13 (3) के तहत जन्म पंजीकरण हेतु प्रार्थना-पत्र। मुस्त्री मुनादी :--
श्रीमती सुदेश कुमारी पुत्री श्री नन्दू राम, निवासी गांव व डाकघर वैरघाट, उप-तहसील थुरल, जिला कांगड़ा ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी पेश किया है व आवेदन किया है कि उसका जन्म 17-1-1959 को गांव वैरघाट में हुआ है। परन्तु अज्ञानता के कारण इसके जन्म का पंजीकरण ग्राम पंचायत अभिलेख में न करवाया गया हैै। पंजीकरण करने का आदेश ग्राम पंचायत वैरघाट को जारी करने की अनुकम्पा करे। 2076 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 अतः प्रार्थी का आवेदन स्वीकार करते हुए इस इश्तहार मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त सुदेश कुमारी पुत्री श्री नन्दू राम की जन्म तिथि 17-1-1959 के पंजीकरण बारे कोई उजर एवं एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 11-8-2011 को हाजिर अदालत हो कर अपना एतराज पेश कर सकता है। बाद तारीख पेशी किसी किस्म का उजर एवं एतराज नहीं सुना जावेगा व उपरोक्त सुदेश कुमारी के जन्म पंजीकरण का आदेश उप स्थानीय पंजीकार जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत वैरघाट को जारी कर दिया जावेगा।
ये इश्तहार मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से आज दिनांक 12-7-2011 को जारी हुआ।
मोहर।
राज कुमार वर्मा, कार्यकारी दण्डाधिकारी, थुरल, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री राज कुमार वर्मा, कार्यकारी दण्डाधिकारी, थुरल, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश मुकद्दमा नं0 ......./2011
तारीख पेशी : 11-8-2011.
श्री रघु नाथ सूद पुत्र श्री खजाना मल, निवासी गांव हलूं, डाकघर व उप-तहसील थुरल, जिला कांगड़ा।
बनाम
आम जनता
विषय.--जन्म व मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 की धारा 13 (3) के तहत मृत्यु पंजीकरण हेतु प्रार्थना-पत्र। इश्तहार :--
श्री रघु नाथ सूद पुत्र श्री खजाना मल, निवासी गांव हलूं, डाकघर व उप-तहसील थुरल, जिला कांगड़ा ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी पेश किया है व आवेदन किया है कि उसके पिता श्री खजाना मल पुत्र श्री लखू राम का देहान्त 4 सितम्बर, 1973 को गांव हलूं में हुआ है। परन्तु अज्ञानता के कारण इसकी मृत्यु का पंजीकरण ग्राम पंचायत अभिलेख में न करवाया गया हैै। पंजीकरण करने का आदेश ग्राम पंचायत थुरल को जारी करने की अनुकम्पा करे।
अतः प्रार्थी का आवेदन स्वीकार करते हुए इस इश्तहार मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त खजाना मल पुत्र श्री लखू राम की मृत्यु तिथि 4-9-1973 के पंजीकरण बारे कोई उजर एवं एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 11-8-2011 को हाजिर अदालत हो कर अपना एतराज पेश कर सकता है। बाद तारीख पेशी किसी किस्म का उजर एवं एतराज नहीं सुना जावेगा व उपरोक्त खजाना मल की मृत्यु पंजीकरण का आदेश उप स्थानीय पंजीकार जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत थुरल को जारी कर दिया जावेगा।
आज दिनांक 12-7-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुआ।
मोहर।
राज कुमार वर्मा, कार्यकारी दण्डाधिकारी, थुरल, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।2077 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 ब अदालत श्री राज कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, थुरल, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
मुकद्दमा दरुस्ती नाम नं0
तिथि पेशी : 29-7-2011 श्रीमती रेणू पत्नी श्री रणजीत सिंंह, निवासी कोंतवाल लाहड, डाकघर साई, उप-तहसील थुरल, जिला . . प्रार्थी। कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम पंचायत अभिलेख ग्राम पंचायत बटाहण, उप-तहसील थुरल।
इश्तहार मुश्त्री मुनादी :
श्रीमती रेणू पत्नी श्री रणजीत सिंंह, निवासी कोंतवाल लाहड, डाकघर साई, उप-तहसील थुरल, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र पेश किया है कि उसके पुत्र का नाम ग्राम पंचायत अभिलेख ग्राम पंचायत बटाहण में आदिल कुमार दर्ज है, परन्तु उसके पुत्र के शैक्षणिक अभिलेख में हर्षित दर्ज हैं दोनो ही नाम प्रार्थिया के पुत्र के हैं। प्रार्थिया पंचायत अभिलेख बटाहण में अपने पुत्र के नाम की दरुस्ती करवा करके आदिल कुमार के स्थान पर आदिल कुमार उपनाम हर्षित दर्ज करवाना चाहती है।
अतः प्रार्थिया का आवेदन स्वीकार करते हुए इश्तहार राजपत्र द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रार्थिया के नाम की पंचायत अभिलेख महाल कोतवाल लाहड पंचायत बटाहण, उप-तहसील थुरल में दरुस्त करने बारे कोई उजर एवं एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 29-7-2011 को हाजिर अदालत होकर अपना उजर पेश कर सकता है। बाद तारीख पेशी किसी किस्म का उजर एवं एतराज नहीं सुना जावेगा व नाम दरुस्ती का आदेश पारित कर दिया जावेगा। ये इश्तहार मोहर अदालत व मेरे हस्ताक्षर से दिनांक 29-6-2011 को जारी हुआ।
मोहर। राज कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,
थुरल, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री त्रिलोक चन्द, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक समाहर्ता, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
श्री रमन धीमान पुत्र श्री वकील सिंह, गांव व डाकखाना भटावां, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ।
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र बाबत ग्राम पंचायत गरूडी के परिवार रजिस्टर में जन्म तिथि दर्ज करवाने बारे। श्री रमन धीमान पुत्र श्री वकील सिंह, गांव व डाकखाना भटावां, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि वे किसी कारण अज्ञानतावश अपने पुत्र 2078 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 को ग्राम पंचायत भटावां, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के रिकार्ड में दर्ज न करवा सके हैं। और उपरोक्त बच्चे को मेरी पत्नी ने अपनी कोख से जन्म दिया है। अतः आपसे अनुरोध है कि मेरे लड़के वेदान्त वशिष्ट धीमान ग्राम पंचायत के परिवार रजिस्टर में बच्चे की जन्म तिथि 12-12-2007 को दर्ज करने बारे आदेश पारित करें।
अतः सर्वसाधाराण एवं सम्बन्धित रिश्तेदारों को इस नोटिस के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त बच्चे का नाम ग्राम पंचायत भटावां, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के रिकार्ड में दर्ज करने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 10-8-2011 को प्रातः 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। हाजर न आने की सूरत में नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाकर वेदान्त वशिष्ठ धीमान पुत्र श्री रमन धीमान, गांव व डा0 भटावां का नाम ग्राम पंचायत भटावां, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के रिकार्ड में दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 7-7-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।
त्रिलोक चन्द, कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश। -------
ब अदालत श्री त्रिलोक चन्द, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक समाहर्ता, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
श्री पृथ्थी सिंह पुत्र श्री वन्शी राम, ग्राम मकेहड़ डाकखाना वलाहरा, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ।
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र बाबत ग्राम पंचायत नाहलियां के परिवार रजिस्टर में जन्म तिथि दर्ज करवाने बारे। श्री पृथ्थी सिंह पुत्र श्री वन्शी राम, ग्राम मकेहड़ डाकखाना वलाहरा, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र शपथ-पत्र सहित प्रस्तुत किया है कि वे किसी कारण अज्ञानतावश अपने लड़के को ग्राम पंचायत नाहलियां, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के रिकार्ड में दर्ज न करवा सके हैं। और उपरोक्त बच्चे को मेरी पत्नी ने अपनी कोख से जन्म दिया है। अतः आपसे अनुरोध है कि ग्राम पंचायत नाहलियां के परिवार रजिस्टर में बच्चे की जन्म तिथि 5-4-2009 को दर्ज करने बारे आदेश पारित करें।
अतः सर्वसाधाराण एवं सम्बन्धित रिश्तेदारों को इस नोटिस के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त बच्चे का नाम ग्राम पंचायत नाहलियां, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के रिकार्ड में दर्ज करने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 10-8-2011 को प्रातः 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। हाजर न आने की सूरत में नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाकर देव राज पुत्र श्री पृथ्थी सिंह, गांव मकेहड़, डाकखाना वलाहरा का नाम ग्राम पंचायत नाहलियां, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के रिकार्ड में दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 7-7-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।
त्रिलोक चन्द, कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।2079 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 ब अदालत श्री त्रिलोक चन्द, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक समाहर्ता, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
श्री राजेन्द्र सिंह पुत्र श्री प्रेम सिंह, निवासी महाल घरना, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ।
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र बाबत ग्राम पंचायत घरना के परिवार रजिस्टर में जन्म तिथि दर्ज करवाने बारे। श्री राजेन्द्र सिंह पुत्र श्री प्रेम सिंह, निवासी महाल घरना, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र शपथ-पत्र सहित प्रस्तुत किया है कि वे किसी कारण अज्ञानतावश अपने बच्चे को ग्राम पंचायत घरना, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के रिकार्ड में दर्ज न करवा सके हैं। और उपरोक्त बच्चे को निशा देवी ने अपनी कोख से जन्म दिया है। अतः आपसे अनुरोध है कि मेरे बच्चे को ग्राम पंचायत घरना के परिवार रजिस्टर में बच्चे की जन्म तिथि 30-10-2008 को दर्ज करने बारे आदेश पारित करें।
अतः सर्वसाधाराण एवं सम्बन्धित रिश्तेदारों को इस नोटिस के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त बच्चे का नाम ग्राम पंचायत घरना, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के रिकार्ड में दर्ज करने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 10-8-2011 को प्रातः 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। हाजर न आने की सूरत में नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाकर कार्तिक राणा, का नाम ग्राम पंचायत घरना, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के रिकार्ड में दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे। आज दिनांक 7-7-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।
त्रिलोक चन्द, कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश श्री रमन धीमान पुत्र श्री वकील सिंह, निवासी महाल भटावां, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ।
बनाम
आम जनता तहसील खुण्डियां
विषय.--प्रार्थना-पत्र बराए शादी पंजीकरण हेतु।
उपरोक्त विषय के सम्बन्ध में प्रार्थी श्री रमन धीमान पुत्र री वकील सिंह ने अदालत हजा में पूर्ण दस्तावेजों सहित प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसकी शादी श्रीमती वन्दना पुत्री श्री प्रकाश चन्द, निवासी मझीण, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा के साथ दिनांक 27-11-2005 को हिन्दू रीति-रिवाज के साथ हुई है परन्तु गलती से पंचायत गरूड़ी के अभिलेख में दर्ज ना करवाई गई है इसलिए सम्बन्धित पंचायत को दर्ज करने के आदेश पारित किए जावे। 2080 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 अतः इस इश्ताहर राजपत्र द्वारा सर्वसाधाराण सूचित किया जाता है कि अगर किसी व्यक्ति को उक्त शादी पंजीकरण बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 10-8-2011 को अदालत हजा में असालतन या वकालतन हाजर आकर अपना उजर पेश कर सकता है अन्यथा पंचायत को पंजीकरण करने आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 7-7-2011 को मेरे हस्ताक्षर एवं मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश। -------
ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश श्री राजेन्द्र सिंह पुत्र श्री प्रेम सिंह, निवासी महाल घरना, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ।
बनाम
आम जनता तहसील खुण्डियां
विषय.--प्रार्थना-पत्र बराए शादी पंजीकरण हेतु।
उपरोक्त विषय के सम्बन्ध में प्रार्थी श्री राजेन्द्र सिंह पुत्र श्री प्रेम सिंह ने अदालत हजा में पूर्ण दस्तावेजों सहित प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसकी शादी श्रीमती निशा देवी पुत्री श्री देवी दयाल, निवासी मकान नं0 डीवी 729, डवुआ कलौनी एन0आइटी फरीदावाद, (हरियाणा) के साथ दिनांक 10-11-2007 को हिन्दू रीति-रिवाज के साथ हुई है परन्तु गलती से पंचायत घरना के अभिलेख में दर्ज ना करवाई गई है इसलिए सम्बन्धित पंचायत को दर्ज करने के आदेश पारित किए जावे।
अतः इस इश्ताहर राजपत्र द्वारा सर्वसाधाराण सूचित किया जाता है कि अगर किसी व्यक्ति को उक्त शादी पंजीकरण बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 10-8-2011 को अदालत हजा में असालतन या वकालतन हाजर आकर अपना उजर पेश कर सकता है अन्यथा पंचायत को पंजीकरण करने आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 7-7-2011 को मेरे हस्ताक्षर एवं मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश। -------
ब अदालत सहयक समाहर्ता एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) श्री गुडू राम पुत्र श्री देविया राम, निवासी गांव व डाकघर गुनेहड़, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
2081राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 श्री गुडू राम पुत्र श्री देविया राम, निवासी गांव व डाकघर गुनेहड़, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसकी माता श्रीमती नानकी देवी की मृत्यु दिनांक 25-1-1975 को मुहाल गुनेहड़ में हुई थी परन्तु इस बारे पंचायत के रिकार्ड में पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं।
अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर एतराज हो तो वह दिनांक 10-10-2011 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त मृत्यु का पंजीकरण करने के आदेश दे दिए जाएंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा।
आज दिनांक................................को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री वी0 डी0 आजाद, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश केस नं0 : 145 NT आफ 2010 तारीख पेशी : 25-8-2011 श्री ठाकुर सिंह पुत्र श्री जय चन्द, निवासी शटियाऊगी, डाकघर पलाच, तहसील बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फिया इस आशय से गुजारा है कि उसके पुत्र रोहित भारती की जन्म तिथि 7-11-2004 है जो कि ग्राम पंचायत पलाच के अभिलेख में दर्ज नहीं है और जिसे दर्ज किया जाए।
इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि पुत्र रोहित भारती की जन्म तिथि ग्राम पंचायत पलाच के अभिलेख में दर्ज करने में यदि कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 25-8-2011 को असालतन या वकालतन अदालत हजा में आकर अपनी आपत्ति दर्ज करे। बाद गुजरने तारीख किसी भी प्रकार का एतराज मान्य न होगा तथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर जन्म तिथि के इन्द्राज करने के आदेश पारित किए जाएंगे।
आज दिनांक............................. को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
वी0 डी0 आजाद, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।2082 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 ब अदालत श्री वी0 डी0 आजाद, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश केस नं0 : 146 NT आफ 2011 तारीख पेशी : 25-8-2011 श्री कमाल सिंह पुत्र श्री आलम चन्द, निवासी शर्ची, डाकघर शर्ची, तहसील बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फिया इस आशय से गुजारा है कि उसकी पुत्री टीना ठाकुर की जन्म तिथि 14-11-2006 है जो कि ग्राम पंचायत शर्ची के अभिलेख में दर्ज नहीं है और जिसे दर्ज किया जाए।
इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि पुत्री टीना ठाकुर की जन्म तिथि ग्राम पंचायत शर्ची के अभिलेख में दर्ज करने में यदि कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 25-8-2011 को असालतन या वकालतन अदालत हजा में आकर अपनी आपत्ति दर्ज करे। बाद गुजरने तारीख किसी भी प्रकार का एतराज मान्य न होगा तथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर जन्म तिथि के इन्द्राज करने के आदेश पारित किए जाएंगे।
आज दिनांक............................. को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
वी0 डी0 आजाद, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री वी0 डी0 आजाद, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश केस नं0 : 147 NT आफ 2011 तारीख पेशी : 25-8-2011 श्री इन्द्र सिंह पुत्र श्री तुआरू, निवासी बान्दल, डाकघर शर्ची, तहसील बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फिया इस आशय से गुजारा है कि उसीे पुत्री कुमारी नेहा की जन्म तिथि 5-8-2007 है जो कि ग्राम पंचायत शर्र्ची के अभिलेख में दर्ज नहीं है और जिसे दर्ज किया जाए।
इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि पुत्री कुमारी नेहा की जन्म तिथि ग्राम पंचायत शर्ची के अभिलेख में दर्ज करने में यदि कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 25-8-2011 को असालतन2083 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 या वकालतन अदालत हजा में आकर अपनी आपत्ति दर्ज करे। बाद गुजरने तारीख किसी भी प्रकार का एतराज मान्य न होगा तथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर जन्म तिथि के इन्द्राज करने के आदेश पारित किए जाएंगे।
आज दिनांक............................. को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
वी0 डी0 आजाद, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री के0 आर0 भारद्वाज, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश केस नं0 : 148 T आफ 2011 तारीख पेशी : 25-8-2011 श्री नूपू पुत्र श्री लेभू, निवासी चाहड़ी, डाकघर गाड़ागुशैण, तहसील बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फिया इस आशय से गुजारा है कि उसकी पुत्री शान्ता देवी की जन्म तिथि 14-5-1980 है जो कि ग्राम पंचायत सराज के अभिलेख में दर्ज नहीं है और जिसे दर्ज किया जाए।
इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि शान्ता देवी की जन्म तिथि ग्राम पंचायत सराज के अभिलेख में दर्ज करने में यदि किसी को कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 20-8-2011 को असालतन या वकालतन अदालत हजा में आकर अपनी आपत्ति दर्ज करे। बाद गुजरने तारीख किसी भी प्रकार का एतराज मान्य न होगा तथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर जन्म तिथि के इन्द्राज करने के आदेश पारित किए जाएंगे।
आज दिनांक 20-7-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
के0 आर0 भारद्वाज, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री के0 आर0 भारद्वाज, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं तहसीलदार, बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
इश्तहार मकफूद-उल-खबरी (लापता होना) चूड़ा राम एवं सर्वसाधारण (आम जनता)।
श्री दीपक पुत्र श्री छपे राम, साकन धारडी, फाटी बलागाड़, कोठी शिकारी, तहसील बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश ने पटवारखाना शिकारी में उपस्थित आ कर रपट रोजनामचा वाक्याती नं0 367 दिनांक 3-5-2011 को दर्ज करवाई है कि उसका नाना श्री चूड़ा राम पुत्र डोलू, साकन धारड़ी, फाटी, बलागाड़ पिछले 19 वर्षों से घर से लापता है तथा उस समय से आज तक उसे किसी ने यहां नहीं देखा है और उसके 2084 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 जीवित एवं मृत होने बारे कोई प्रमाण भी नहीं है। उपरोक्त रपट रोजनामचा वाक्याती अनुसार पटवारी पटवार क्षेत्र शिकारी ने चूड़ा राम की मकफूद-उल-खबरी (लापता होने) से सम्बन्धित इन्तकाल नं0 5011, फाटी बलागाड़ में श्री चूड़ा राम के उचित उत्तराधिकारियों दीपक, सोनू पुत्रगण श्रीमती चन्द्रा देवी पुत्री श्री चूड़ा राम के नाम पर दर्ज कर रखे हैं जो अभी तस्दीक एवं फैसला के लिए लम्बित है।
अतः चूड़ा राम को इस इश्तहार मकफूद-उल-खबरी (लापता होना) के द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि श्री चूड़ा राम जीवित है तो वह दिनांक 20-8-2011 को या इससे पूर्व अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में असालतन या वकालतन उपस्थित आए। इसके अलावा सर्वसाधारण (आम जनता) को भी सूचित किया जाता है कि उक्त चूड़ा राम मकफूद-उल-खबरी (लापता) के ऊपर वर्णित दर्ज शुदा इन्तकाल मकफूद-उल-खबरी के तस्दीक एवं फैसला होने बारे किसी को कोई एतराज हो तो वह भी दिनांक 20-8-2011 को या इससे पूर्व अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में असालतन या वकालतन उपस्थित आकर पेश करें। दिनांक 20-8-2011 को उक्त चूड़ा राम यदि उपस्थित नहीं आता है तथा सर्वसाधारण (आम जनता) की ओर से कोई एतराज पेश नहीं होता है तो उनके विरुद्ध एक पक्षीय कार्यवाही अमल में लाई जाकर चूड़ा राम मकफूद-उल-खबरी (लापता) के ऊपर वर्णित दर्ज शुदा इन्तकाल उसके उचित उत्तराधिकारियों के नाम पर तस्दीक एवं फैसला कर दिया जाएगा।
आज दिनांक 19-7-2011 को मेरी न्यायालय की मोहर व हस्ताक्षरों से जारी किया गया। मोहर।
के0 आर0 भारद्वाज,
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं तहसीलदार,
बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री प्यारे लाल, कार्यकारी दण्डाधिकारी, रोहड़ू, जिला शिमला (हि0 प्र0)
श्री जगदीश पुत्र श्री रघु दास, निवासी छुपाडी, तहसील रोहड़ू, जिला शिमला (हि0 प्र0) . . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
दरख्वास्त जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में प्रार्थी श्री जगदीश पुत्र श्री रघु दास, निवासी छुपाडी, तहसील रोहड़ू, ने इस कार्यालय में गुजारिश की है कि उसके पुत्र लोकिन्दर का जन्म दिनांक 23-11-1995 को हुआ है लेकिन उसकी जन्म तिथि ग्राम पंचायत लोहर कोटी के रिकार्ड में पंजीकृत नहीं हुई है।
अतः आम जनता को बजरिया इश्तहार राजपत्र सूचित किया जाता है कि उपरोक्त पंजीकरण के बारा किसी को कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 25-8-2011 को असालतन या वकालतन इस कार्यालय में सुबह 10.00 बजे हाजिर आवें तथा अपने उजर पेश करें अन्यथा दीगर कार्यवाही अमल में लाई जावेगी। आज दिनांक 25-7-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। प्यारे लाल,
कार्यकारी दण्डाधिकारी,2085 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 ब अदालत श्री प्यारे लाल, कार्यकारी दण्डाधिकारी, रोहड़ू, जिला शिमला (हि0 प्र0)
श्री मोहम्मद आलम पुत्र श्री मीर सैन, निवासी कनेवरा, तहसील रोहड़ू, जिला शिमला (हि0 प्र0) . . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
दरख्वास्त जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में प्रार्थी श्री मोहम्मद आलम पुत्र श्री मीर सैन, निवासी कनेवरा, तहसील रोहड़ू, ने इस कार्यालय में गुजारिश की है कि उसके पुत्र अबदुल रजाक का जन्म दिनांक 2-11-2009 को हुआ है लेकिन उसकी जन्म तिथि ग्राम पंचायत ब्रासली के रिकार्ड में पंजीकृत नहीं हुई है। अतः आम जनता को बजरिया इश्तहार राजपत्र सूचित किया जाता है कि उपरोक्त पंजीकरण के बारा किसी को कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 25-8-2011 को असालतन या वकालतन इस कार्यालय में सुबह 10.00 बजे हाजिर आवें तथा अपने उजर पेश करें अन्यथा दीगर कार्यवाही अमल में लाई जावेगी। आज दिनांक 25-7-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। प्यारे लाल,
कार्यकारी दण्डाधिकारी,
------- ब अदालत श्री प्यारे लाल, कार्यकारी दण्डाधिकारी, रोहड़ू, जिला शिमला (हि0 प्र0)
श्री कुलवन्त सिंह पुत्र श्री गुलट राम, निवासी दशालनी, तहसील रोहड़ू, जिला शिमला (हि0 प्र0)
. . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
दरख्वास्त जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में प्रार्थी श्री कुलवन्त सिंह पुत्र श्री गुलट राम, निवासी दशालनी, तहसील रोहड़ू, ने इस कार्यालय में गुजारिश की है कि उसके पुत्र चितरंज का जन्म दिनांक 14-12-2009 को हुआ है लेकिन उसकी जन्म तिथि नगर परिषद् रोहड़ू के रिकार्ड में पंजीकृत नहीं हुई है।
अतः आम जनता को बजरिया इश्तहार राजपत्र सूचित किया जाता है कि उपरोक्त पंजीकरण के बारा किसी को कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 25-8-2011 को असालतन या वकालतन इस कार्यालय में सुबह 10.00 बजे हाजिर आवें तथा अपने उजर पेश करें अन्यथा दीगर कार्यवाही अमल में लाई जावेगी। आज दिनांक 25-7-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। प्यारे लाल,
कार्यकारी दण्डाधिकारी, रोहडू, जिला शिमला (हि0 प्र0)।2086 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 2 अगस्त, 2011/11 श्रावण, 1933 ब अदालत श्री प्यारे लाल, कार्यकारी दण्डाधिकारी, रोहड़ू, जिला शिमला (हि0 प्र0)
श्री सुरेन्द्र सिंह पुत्र श्री जय चन्द, निवासी ग्राम बाड़ी, तहसील रोहड़ू, जिला शिमला (हि0 प्र0)
बनाम
आम जनता
दरख्वास्त जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में प्रार्थी श्री सुरेन्द्र सिंह पुत्र श्री जय चन्द, निवासी ग्राम बाड़ी, तहसील रोहड़ू, ने इस कार्यालय में गुजारिश की है कि मैंने श्रीमती बबली से विवाह किया हुआ है इसकी जन्म तिथि 12-4-1988 है जो कि सत्य व सही है। लेकिन उपरोक्त पत्नी को प्रार्थी ग्राम पंचायत के अभिलेख में दर्ज नहीं करवा सका जिसका कहीं भी पंचायत रिकार्ड में नाम व जन्म तिथि दर्ज नहीं है।
अतः आम जनता को बजरिया इश्तहार राजपत्र सूचित किया जाता है कि प्रार्थी की पत्नी बबली की जन्म तिथि पंजीकरण के बारे किसी को कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 25-8-2011 को असालतन या वकालतन इस कार्यालय में सुबह 10.00 बजे हाजिर आवें तथा अपने उजर व एतराज पेश करें अन्यथा दीगर कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।
आज दिनांक 25-7-2011 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। प्यारे लाल,
कार्यकारी दण्डाधिकारी, रोहडू, जिला शिमला (हि0 प्र0)। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित