राजपत्र, हिमाचल राजपत्र, हिमाचल राजपत्र, हिमाचल राजपत्र, हिमाचल प्रदेशप्रदेशप्रदेशप्रदेश हिमाचल हिमाचल हिमाचल हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशितप्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशितप्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशितप्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमलाशिमलाशिमलाशिमला,,,, सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार 28282828 नवम्बरनवम्बरनवम्बरनवम्बर,,,, 2011201120112011////7777 अग्रहायणअग्रहायणअग्रहायणअग्रहायण,,,, 1933193319331933
हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश सरकारसरकारसरकारसरकार
PANCHAYATI RAJ DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171009, 26th November, 2011
No. PCH-HB(15)10/2011.—The Governor of Himachal Pradesh is pleased to amend the scheme for appointment for Block Engineer of contract basis by the Zila Parishad in Himachal Pradesh, notified vide Notification No. PCH-HB(1)36/01J.E., dated 21.8.2010, in the following manner, namely:—
After Sr. N0. 11 of the scheme for appointment for Block Engineer of contract basis by the Zila Parishad in Himachal Pradesh, the following new Sr.No. 11-A shall be inserted, namely:-
"11-A. Technical sanction powers of Block Engineers.-The Block Engineer shall have the same technical sanction powers as are applicable to the Assistant Engineers of the Panchayati Raj and Rural Department appointed by the Zila Parishad under section 135 or deputed by the State Government under section 136, as the case may 174-राजपत्र/2011-28-11-2011 (4303)4304 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 be, of the Himachal Pradesh Panchayati Raj 1994 under Appendix-D of the Himachal Pradesh Panchayati Raj (Finance, Budget, Accounts, Audit, Works, Taxation and Allowances. Rules, 2002."
By order, S K B S NEGI, Principal Secretary (Panchayati Raj).
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ेक निर्माण विभागण विभागण विभागण विभाग लालालालोक निर्मा ेक निर्मा ेक निर्मा
अधिसूचना
शिमला-2, 25 नवम्बर, 2011
संख्या पीसंख्या पीसंख्या पीसंख्या पी....बीबीबीबी....डब्लयूडब्लयूडब्लयूडब्लयू ((((बी)एफ (5)35/2011बी)एफ (5)35/2011बी)एफ (5)35/2011बी)एफ (5)35/2011....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव पटटा, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर में पटटा-उखली सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है ,उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा, 4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्र्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. कोई भी हितबद्व व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस (30) दिन की अवधि के भीतर भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, मण्डी, हिमाचल प्रदेश के समक्ष लिखित आपत्दिायर कर सकता हैं।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र (कनाल मरला) में हमीरपुर भोरंज पटटा 1677/1027 1-8 कुकुकुकुल जाल जाल जाल जोडेडेडेड किता-1 किता-1 किता-1 किता-1 1-81-81-81-8
आदेश द्वार, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।
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लोक निर्माण लिोक निर्माण लिोक निर्माण लिोक निर्माण विभागवभागवभागवभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 25 नवम्बर, 2011
संख्या पीसंख्या पीसंख्या पीसंख्या पी....बीबीबीबी....डब्लयूडब्लयूडब्लयूडब्लयू ((((बी)एफ (5)71/2010बी)एफ (5)71/2010बी)एफ (5)71/2010बी)एफ (5)71/2010....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव जाहू कलां, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर में ऊना-अधार-नैर चौक सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।4305 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा, 4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्र्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. कोई भी हितबद्व व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस (30) दिन की अवधि के भीतर भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, मण्डी, हिमाचल प्रदेश के समक्ष लिखित आपत्दिायर कर सकता हैं।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र कनाल मरले में हमीरपुर भोरंज जाहू कलां 1061 8-18 1062/2 6-16 1063/2 3-4 1071/2-3 2-11 1932/1070 3-9 1741/1074/2-3 8-7 1078 2-8 1079/3 4-8 1064/2 2-18 कुलकुलकुलकुल जाजाजाजोडेडेडेड किता-9 किता-9 किता-9 किता-9 42-1942-1942-1942-19
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।
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ल्ल्ल्लाााोक निर्माण विभागोक निर्माण विभागोक निर्माण विभागोक निर्माण विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 25 नवम्बर, 2011
सं0 पी0बी0डब्ल्यू0(बी0)एफ(5)30/2008सं0 पी0बी0डब्ल्यू0(बी0)एफ(5)30/2008सं0 पी0बी0डब्ल्यू0(बी0)एफ(5)30/2008सं0 पी0बी0डब्ल्यू0(बी0)एफ(5)30/2008....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव कस्वाड,़ तहसील व जिला कांगड़ा में राष्ट्रीय उच्च मार्ग-88 पर बुनेर खडड पुल निर्माण के सम्पर्क सडक निर्माण के हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐस सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिानियम, 1894 की धारा, 4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं। 4306 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 4. अत्याधिक आवश्यकता के दृष्टिगत राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश उक्त अधिनियम की धारा 17(4) के अधीन यह भी निर्देश देते है कि उक्त अधिनियम की धारा 5(ए)(2) के उपबन्ध इस मामलें में लागू नही होंगे।
5. भूमि का रेंखाक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्र्रदेश, लोक निर्माण विभाग (म0क्षे0), मण्डी, हिमाचल प्रदेश में किया जा सकता है।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नं0 रकवा (है0 में) कांगड़ा कांगड़ा कस्वाड़ 277/1/2 0-16-21 277/2 0-37-85 किता-किता-किता-किता-2 2 2 2 0-54-00-54-00-54-00-54-06666
आदेश द्धारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।
-------- ेक निर्माण विभागण विभागण विभागण विभाग लालालालोक निर्मा ेक निर्मा ेक निर्मा
अधिसूचना
शिमला-2, 26 नवम्बर, 2011
संख्या संख्या संख्या संख्या पीपीपीपी....बीबीबीबी....डब्लयू(बी)एफ (5)66/2011डब्लयू(बी)एफ (5)66/2011डब्लयू(बी)एफ (5)66/2011डब्लयू(बी)एफ (5)66/2011....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव नवाही/368, तहसील सरकाघाट, जिला मण्डी में जोगिन्द्र्रनगर-सरकाघाट-घुमारवीं सड़क के निर्माण हेेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा, 4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. कोई भी हितबद्व व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस (30) दिन की अवधि के भीतर भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग,मण्डी, हिमाचल प्रदेश के समक्ष लिखित आपतिदायर कर सकता हैं।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र (है0) में मण्डी सरकाघाट नवाही/368 8/1 0-02-95 1970/621 0-01-35 1971/621/1 0-00-38 1971/621/2 0-02-63 633/1 0-01-394307 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 634/1 0-00-36 635/1 0-00-66 637/1 0-00-21 638/1 0-00-47 639/1 0-00-16 1973/640/1 0-04-87 693 0-00-28 694 0-00-24 695 0-00-48 696 0-00-72 664/1 0-00-80 653/1 0-00-70 667/1 0-02-61 690/1 0-00-13 688 0-00-04 687/1 0-00-09 686/1 0-00-24 684/1 0-00-18 683/1 0-00-12 682/1 0-00-27 681/1 0-00-04 680 0-00-16 678/1 0-00-05 677/1 0-00-08 674/1 0-00-02 670/1 0-00-18 671/1 0-00-18 704/1 0-00-30 703/1 0-00-42 702/1 0-00-15 701/1 0-00-47 710/1 0-00-86 711/1 0-00-71 712 0-01-08 718/1 0-00-24 719/1 0-00-24 726/1 0-01-68 729/1 0-00-54 730/1 0-00-40 731/1 0-00-76 733/1 0-00-70 1933/738/1 0-01-08 1933/738/2 0-02-16 735/1 0-02-84 736/1 0-00-58 737/1 0-00-54 1930/738/1 0-00-24 1932/738/1 0-00-15 1931/738/1 0-00-154308 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 1242/1 0-00-56 1945/1241/1 0-00-59 1945/1241/2 0-00-60 1944/1241/1 0-00-42 1322/1 0-00-15 2000/1350 0-00-05 2001/1350 0-00-24 2002/1350/1 0-00-48 1350/1/1 0-00-03 1352/1 0-00-24 1527/1 0-01-18 1527/2 0-01-06 1524/1 0-00-02 1526/1 0-00-15 1519/1 0-00-48 1561/1 0-00-10 1552/1 0-00-39 1551/1 0-01-50 1130/1 0-00-51 1131/1 0-00-45 1132/1 0-00-72 1133/1 0-00-33 1136/1 0-01-04 1137/1 0-00-22 1138/1 0-00-47 1164/1 0-00-36 1165/1 0-00-16 1939/1168/1 0-00-08 1938/1168/1 0-00-08 1169/1 0-00-08 1170/1 0-00-24 1174/1 0-00-04 1176/1 0-00-02 1177/1 0-00-04 1178/1 0-00-16 1236/1 0-00-24 1235/1 0-00-36 2032/1983/1 0-00-36 1982/1233/1 0-00-18 1232/1 0-00-39 1980/1231/1 0-00-15 1981/1231/1 0-00-15 1230 0-00-21 1229/1/1 0-00-28 1229/1 0-00-40 1227/1 0-00-28 1226/1 0-00-20 1225/1 0-00-15 1214 0-00-204309 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 1215/1 0-00-41 1213/1 0-00-76 1212/1 0-00-46 2027/1210/1 0-00-66 2028/1210/1 0-00-34 1195/2 0-00-87 1194 0-00-77 1196/1 0-00-04 1200/1 0-00-38 1202/2 0-00-23 1193/1 0-00-14 कुल किता 114 कुल किता 114 कुल किता 114 कुल किता 114 0-60-60-60-61-181-181-181-18
आदेश द्धारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।
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लोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 26 नवम्बर, 2011
संख्या पीसंख्या पीसंख्या पीसंख्या पी....बीबीबीबी....डब्लयू(डब्लयू(डब्लयू(डब्लयू(बी)एफ (5) 58बी)एफ (5) 58बी)एफ (5) 58बी)एफ (5) 58/2011/2011/2011/2011....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव गोडी गुलाण/374, तहसील सरकाघाट, जिला मण्डी में जोगिन्द्र्रनगर-सरकाघाट-घुमारवीं सड़क के निर्माण हेेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा, 4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. कोई भी हितबद्व व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस (30) दिन की अवधि के भीतर भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, मण्डी, हिमाचल प्रदेश के समक्ष लिखित आपतिदायर कर सकता हैं।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र (है0) में मण्डी सरकाघाट गोडी गुलाण/374 107/1 0-01-16 108/1 0-01-36 117 0-00- 84 118/1 0-01-73 120/1 0-00-614310 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 115 0-00-16 116 0-00-08 113/1 0-00-09 114/1 0-00- 15 168/1 0-00-56 167/1 0-00-78 166/1 0-00-79 165/1 0-03-06 163/1 0-00-83 339/1 0-00-14 340/1 0-00-12 342 0-00-08 341/1 0-00-16 343/1 0-00-34 344 0-00-60 345/1 0-00-08 357/1 0-00-06 358/1 0-00-58 952/360/1 0-00-27 953/360/1 0-00-24 361/1 0-00-14 362/1 0-00-31 363/1 0-00-08 364/1 0-00-08 394/1 0-00-22 395/1 0-00-20 396/1 0-00-44 410/1 0-01-14 955/411/1 0-00-17 956/413 0-00-10 957/413/1 0-00-92 421/1/1 0-00-18 423/1 0-00-05 424/1 0-00-24 422 0-00-42 422/1/1 0-00-59 424/1 0-00-40 435/1 0-00-15 436/1 0-01-02 437/1 0-00-39 440/1 0-00-14 445/1 0-00-88 161/1 0-00-54 160/1 0-00-32 159/1 0-00-18 157 0-00-04 158 0-00-07 127/1 0-00-30 154/1 0-00-904311 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 153/1 0-00-39 147 0-00-87 138/1 0-01-12 139/1 0-00-63 145/1 0-00-57 144/1 0-00-25 141/1 0-00-18 944/941/1 0-00-20 940/142/1 0-00-15 448/1 0-00-68 455/1 0-00-32 457/1 0-00-28 458/1 0-00-22 459/1 0-00-16 460/1 0-00-28 461/1 0-00-35 467/1 0-00-28 468/1 0-00-38 469/1 0-00-09 470/1 0-00-06 471/1 0-00-06 472/1 0-00-09 473/1 0-00-20 518/1 0-00-48 520/1 0-01-13 970/524/1 0-00-20 971/524/1 0-00-09 कुकुकुकुल जाल जाल जाल जोडेडेडेड़़़़ किता-81 किता-81 किता-81 किता-81 0-35-190-35-190-35-190-35-19
आदेश द्धारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।
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ल्ल्ल्लाााोक निर्माोक निर्माोक निर्माोक निर्माण विभागण विभागण विभागण विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 25 नवम्बर, 2011
ससससंख्या पींख्या पींख्या पींख्या पी....बीबीबीबी....डब्लयू(बी)एफ (5)54/2011डब्लयू(बी)एफ (5)54/2011डब्लयू(बी)एफ (5)54/2011डब्लयू(बी)एफ (5)54/2011....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव पौंटा/453, तहसील सरकाघाट, जिला मण्डी में जोगिन्द्रनगर-सरकाघाट-घुमारवीं सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा, 4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है। 4312 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोेग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. कोई भी हितबद्व व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्ऱ में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस (30) दिन की अवधि के भीतर भू-अर्जर्नन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, मण्डी, हिमाचल प्रदेश के समक्ष लिखित आपतिदायर कर सकता हैं।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र (है0) में मण्डी सरकाघाट पौंटा/453 266/2/1 0-00-25 265/1 0-00-47 262 0-00-60 263 0-00-16 264/2 0-01-04 305/2/1 0-00-52 310/2/1 0-01-39 309/2 0-00-96 316/2/1 0-02-73 322/2/1 0-02-71 323/2/1 0-01-95 399/3/1 0-01-08 ेड़ किता-12 किता-12 किता-12 किता-12 0-13-860-13-860-13-860-13-86 कुकुकुकुल जाल जाल जाल जोड़ ेड़ ेड़
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।
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ल्ल्ल्लाााोक निर्माोक निर्माोक निर्माोक निर्माण विभागण विभागण विभागण विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 11 नवम्बर, 2011
ससससंख्या पींख्या पींख्या पींख्या पी....बीबीबीबी....डब्लयू(बी)एफ (5)डब्लयू(बी)एफ (5)डब्लयू(बी)एफ (5)डब्लयू(बी)एफ (5)378378378378/20/20/20/2007070707....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव घण्डालवी, तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर में ऊना-अघार-जाहू सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है, कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा. 4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोेग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश4313 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. कोई भी हितबद्व व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस (30) दिन की अवधि के भीतर भू-अर्जर्नन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, मण्डी, हिमाचल प्रदेश के समक्ष लिखित आपतिदायर कर सकता हैं।
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र बीघा में बिलासपुर घुमारवी घण्डालवी 62/1 0-3 कुकुकुकुल जाल जाल जाल जोेेेडडडड़़़़ किता-1 किता-1 किता-1 किता-1 0-30-30-30-3
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।
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OFFICE OF THE DEPUTY COMMISSIONER, SOLAN DISTRIC, SOLAN
PUBLICNOTICE
Solan, the 22th November, 2011
No. Peshi/III-14/88-V-1655-56.—Notice under Rule 6(2)(b) of the Notaries Rules, 1956 It is hereby informed to the general public that the following Advocates have applied under Rule 4 of the Notaries Rules 1956, framed under the Notaries Act 1952, for the appointment of Notary Public.
In case any Person, Bar Association or any other Authority has any objections for their appointment as Notary Public the same may be objected in person or addressed to the undersigned in writing, within a period of one month from today.
Sr No. Name of Applicant Area proposed to be practice as Notary 1. Smt Rohita Bhalla, Advocate Sub Division Solan. 2. Sh Kushal Chanta, Advocate Sub Division Solan.
A copy of this notice be published in Rajpatra, Himachal Pradesh and on the notice board of the Deputy Commissioner office Solan, District Court Solan, Sub Divisional Magistrates office Solan. Issued under my signature and seal of the court today the 22nd day of November 2011.
By order, Sd/- Deputy Commissioner, Solan District, Solan.
4314 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 4315 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 4316 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 4317 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 4318 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 4319 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933नीलामी निम्नलिखित शर्तो के आधार पर की जाएगी। नीलामी निम्नलिखित शर्तो के आधार पर की जाएगी। नीलामी निम्नलिखित शर्तो के आधार पर की जाएगी। नीलामी निम्नलिखित शर्तो के आधार पर की जाएगी।
1. नीलामी के नियम व शर्ते हिमाचल प्रदेश लघु खनिज रियायत संशोधित नियमावली, 1971 के अनुसार नीलामी स्थल पर उद्घोषित भी की जाएगी।
2. बोली प्रतिवर्ष के आधार पर दी जाएगी ।
3. कोई भी व्यक्ति जो बोली देने के इच्छुक हो, उस व्यक्ति के पास पेनकार्ड नम्बर होना अतिआवश्यक है तथा वही व्यक्ति बोली आरम्भ होने से पूर्व पीठासीन अधिकारी के पास 50,000/-रूपये धरोहर राशि बैंक ड्राफट द्वारा जो कि खनि अधिकारी, धर्मशाला के नाम देय हो जमा करायेगा । बैंक ड्राफट के पीछे बोली दाता का नाम व पता लिखा होना चाहिए । जमा ड्राफट, बोली समाप्त होने पर बोलीदाताओं को वापिस कर दिया जाएगा । नीलामी कमेटी किसी विशेष परिस्थिति में धरोहर राशि बढ़ा भी सकती है।
4. यदि कोई बोलीदाता किसी लधु खनिज खान के खनिज अधिकारों की बोली दें, परन्तु वांछित राशि उसी समय जमा न करें या बोली देने के उपरान्त अनुपस्थित हो जाये, उस स्थिति में उस द्धारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त की जायेगी और भविष्य में कम से कम 3 वर्ष के लिए प्रदेश में किसी भी स्थान पर ऐसा व्यक्ति बोली न दे सकेगा तथा उसी समय उक्त उत्खनी को पुनः नीलाम कर दिया जाएगा।
5. जिन उत्खनियों के खनिज अधिकारों को नीलामी हेतू अधिसूचित किया गया है उनके खसरा नं0 या फिर भोगौेलिक सीमा/स्थाई चिन्हों की जानकारी, इच्छुक व्यक्ति/बोलीदाता सम्बन्धित खनि अधिकारी4320 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 से प्राप्त कर सकता है। बोली केवल उसी क्षेत्रा की होगी, जो कि अधिसूचना में प्रस्तावित किए गए है जिसका पूर्ण विवरण खनि अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
6. बोलीदाता, बोली देने से पहले यदि चाहे तो वे अपने हित में अधिसूचित खानों का निरीक्षण कर सकता है ।
7. बोलीदाता किसी भी जिला में खन्न से सम्बन्धित देय राशि का बकायादार नही होना चाहिए। यदि कोई बोलीदाता विभाग के बकायादार होने का दोषी पाया जाता है तो उसे नीलामी में भाग लेने की अनुमति नही दी जायेगी। यदि बकायादार, नीलामी के मध्य बकाया राशि को जमा कर देता है तो उस अवस्था में वह नीलामी में भाग ले सकता है। यदि कोई बकायादार व्यक्ति कोई खान बोली पर ले लेता है, जिसका विभाग को बाद में ज्ञान होता है तो उस अवस्था में उस व्यक्ति द्वारा जमा राशि, बकाया राशि में समायोजित की जाएगी तथा खान का ठेका रद्द करके खान को पुनः नीलाम किया जाएगा ।
8. रेत, पत्थर व बजरी आदि की लधु खनिज खानों की अधिकतम अवधि 3 वर्ष होगी।
9. उत्खनी के खनिज अधिकारों की बोली समाप्त होते ही वांच्छित राशि उच्चतम बोली दाता को पीठासीन अधिकारी के पास निम्न तरीकों से जमा करनी होगी । (i) जहां पर बोली राशि 1000/-रूपये प्रतिवर्ष की दर से अधिक होगी उस अवस्था में उच्च बोलीदाता बोली की 25 प्रतिशत राशि प्रतिभूति राशि के तौर पर तथा बोली की 25 प्रतिशत राशि पहली किश्त के रूप में जमा करवायेगा। प्रतिभूति राशि एफ0डी0आर के रूप में ली जाएगी । (ii) जहांं बोली 1000/-रू0 से कम होगी वहां समस्त वार्षिक राशि एक मुश्त जमा करानी होगी तथा उसके अतिरिक्त 25 प्रतिशत प्रतिभूति राशि एवम् अन्य कर जमा करवाने होंगे । इसके अतिरिक्त बोली के आधार पर आयकर एवम् पंचायत टैक्स व अन्य टैक्स समय-समय पर जो नियमानुसार देय है उच्चतम बोलीदाता को जमा करवाने होेगें ।
10. सरकार को अधिकार है कि वे उच्चत्म बोली को बिना किसी कारण बताये निर्धारित कर स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है।
11. सरकार को अधिकार है कि वे ठेके की अवधि बढ़ा या घटा सकती है।
12. कोई भी खन्न कार्य राष्ट्रीय उच्च मार्ग /राज्य मार्ग से 60 मी0 व लिंक रोड़ से 50 मी0 की दूरी तक नहीं किया जाएगा । इसके अतिरिक्त खन्न कार्य हि0 प्र0 लघु खनिज (संशोधित) नियमावली-1971 के प्रावधानों व सरकार द्वारा दिनांक 28.2.2004 को अधिसूचित रिवर/स्ट्रीम वैड माईनिंग पॉलिसी के अनुरूप होगी। उपरोक्त नियमों/ अधिसूचना की प्रति, खनि अधिकारी से प्राप्त की जा सकती है।
13. बोली के दौरान यदि कोई बोलीदाता दुव्र्यवहार करता है तो पीठासीन अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह उस द्धारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त करते हुये उसे बोली में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर सकता है।
14. बोली केवल उसी अवस्था में स्वीकार होगी यदि बोली की स्वीकृति सरकार या अन्य किसी दूसरे सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृत कर ली जाती है । स्वीकृति तिथि तथा नीलामी तिथि के समय अवधि में उच्च बोलीदाता का,े बोली के अनुपात में अतिरिक्त राशि जमा करवाने पर अल्प अवधि परमिट लेना हा़ेगा। यदि उच्च बोलीदाता परमिट नहीं लेता है तो उस अवस्था में किसी दूसरे इच्छुक व्यक्ति को बोेली के अनुपात में परमिट प्रदान किया जाएगा और बोलीदाता की उस पर कोई आपत्ति मान्य नहीं होगी।
15. नीलामी के लिए अधिसूचित लघु खनिज़ खानों के खनिज अधिकारों को खसरा नम्बरों द्वारा अधिसूचना में दर्शाया गया है, ही मान्य होगा तथा राजस्व रिकार्ड सम्बन्धी जानकारी सम्बन्धित खनि अधिकारी/महा प्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र से प्राप्त की जा सकती है ।4321 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 16. यदि नीलाम की गई लघु खनिज़ खानों का पूर्व ठेका नीलामी के समय चल रहा है तो नीलाम की गई उत्खनि का कब्ज़ा उसी अवस्था में दिया जायगा जब वर्तमान ठेके की अवधि समाप्त होगी। 17. बोली में हिस्सा लेने वाले बोलीदाता, बोली के मध्य अपनी आपत्ति उठा सकते हैं। बोली समाप्त होने पर किसी प्रकार की आपत्ति पर सुनवाई नहीं की जाएगी।
18. सम्बन्धित ठेकेदार को हिमाचल प्रदेश लघु खनिज़ संशोधित नियमावली, 1971 के नियम-33 के अन्तर्गत स्वीकृति आदेश प्राप्त होने की तिथि से तीन माह के भीतर शर्तनामें पर हस्ताक्षर करने होंगे। यदि शर्तनामे पर हस्ताक्षर करने में ठेकेदार इस अवधि के मध्य असफल रहे, तो उस अवस्था में ठेका रद्द समझा जाएगा तथा उस द्वारा जमा करवाई गई प्रतिभूति राशि एवं अग्रिम जमा किश्त की राशि जब्त कर ली जाएगी।
19. पर्यावरण के हित में जहॉं सम्भव हो या विभाग द्वारा निर्देशित किया जाये वहां ठेकेदार द्वारा पौधारोपण व अन्य भू-स्खलन को रोकने के लिए Engineering Structure लगाने हाेंगे तथा ऐसा न करने पर विभाग द्वारा ठेका रद्द कर दिया जाऐगा व जमानत राशि जब्त कर ली जायेगी । इसके अतिरिक्त विभाग के किसी अधिकारी द्वारा यदि कोई शर्तें पर्यावरण के संतुलन हेतू लगाई जाएं तो ठेकेदार उनको माननेे के लिए वाध्य होगा।
20. नीलामी समिति को अधिकार है कि वे नीलामी के समय किसी विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग से शर्तें लगा सकते हें जो नीलामी आरम्भ होने से पूर्व इनकी घोषणा की जाएगी तथा सभी बोलीदाताओं को मान्य होगी । इसके अतिरिक्त खनन सम्बन्धि जो दिशा निर्देश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जायेंगे वे भी सभी को मान्य होंगे।
21. जनहित में यदि आवश्यक हो तो किसी भी नीलाम की गई खान के भाग को कम किया जा सकता है या खान को पूर्णरूप से भी बन्द किया जा सकता है। क्षेत्रा कम करने की अवस्था में रॉयल्टी भी उसी अनुपात में कम की जाएगी।
22. खन्न हेतू मशीन उपकरण Mechnical/Hydraulic Excavator जैसे जे0सीबी0, पोकलेन इत्यादि का प्रयोग नियमानुसार निदेशक उद्योग हि0 प्र0 की पूर्व लिखित अनुमति से ही किया जा सकता है । 23. नदी/खड्ड में पहॅुंचने की सतह तक पहूंच मार्ग बनाने हेतु लोक निर्माण विभाग की सड़क से अनुमति अपने स्तर पर प्राप्त करनी होगी ।
24. पत्थर व हाथ से तोड़ी गई रोड़ी को राज्य की सीमा से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। 25. उच्चतम बोलीदाता को सुनिशिचत् करना होगा कि उसके द्वारा लगाए गये मज़दूर, नदी/खड्ड में मछलियों का शिकार न करें।
26. खन्न कार्य नदी के धरातल से 3 फुट से अधिक गहराई में नहीं किया जाएगा, तथा किसी भी अवस्था में 3 फुट से गहरे गढढे करने की अनुमति नहीं होगी।
27. उप-मण्डल स्तर पर गठित कमेटी द्वारा हर वर्ष खन्न कार्य का पुर्नरीक्षण (Review) किया जाएगा तथा अवव्यवस्थित खनन् करने पर ठेका रद्व कर दिया जायेगा तथा जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी ।
28. उत्खनियों की उच्चतम बोली के आधार पर सक्षम अधिकारी द्वारा नीति निर्देशों के अनुसार मुल्यांकन करने पर ठेके की अवधी तय की जाएगी ।
29. यदि नीलामी के लिए प्रस्तावित की गई खड्ड का हिस्सा संयुक्त निरीक्षण कमेटी द्वारा स्टोन क्रशर इकाई की आपूर्ति के लिए खनन पट्टा पर प्रदान करने के लिए नीलामी अधिसूचना जारी होने से पूर्व4322 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 अनुमोदित किया जा चुका हो तो उस अवस्था में प्रस्तावित उत्खनि में ऐसा क्षेत्रा नीलामी क्षेत्रा का भाग नहीं होगा। ऐसे क्षेत्राों बारे जानकारी सम्बन्धित खनि अधिकारी से नीलामी तिथि से पूर्व या नीलामी के समय प्राप्त की जा सकती है ।
30. खनिजो़ के एकत्राीकरण से भू स्वामित्वों के निहित अधिकारों में कोई भी हस्ताक्षेप नहीं होना चाहिए । 31. यदि वर्णित शर्तों की अवहेलना होती है या साथ लगते बन क्षेत्रा को किसी भी प्रकार की क्षति वन विभाग के ध्यान में आती है, तो बिना नोटिस जारी किये ठेका रद्द करने की कार्यवाही की जायेगी। 32. निलामी उन्हीं खड्डों/खानों की ही की जाएगी जिनका अनापत्ति प्रमाण पत्रा वन विभाग द्वारा जारी किया गया है।
33. पट्टाधारक/ परमिट धारक ठेके पर स्वीकृत क्षेत्रा से खनिजो़ की मात्राा का मासिक व्यौरा विभाग को देगा ताकि खनिजो़ं के एकत्राीकरण से क्षेत्रा के पर्यावरण पर प्रभाव का आकलन किया जा सके।
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ब अदालत श्री जय गोपाल शर्मा, सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी (नायब तहसीलदार), नम्होल, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश
मिसल संख्या 66/11
ब मुकद्दमा :
सन्त राम पुत्र श्री नानकू, निवासी सायर
बनाम
1. लाल चन्द, 2. निक्कू राम पुत्रान श्री लखू, 3. श्रीमती महन्ती विधवा स्व0 श्री लखू, निवासी सायर, 4. खोखड़िया राम पुत्र श्री नानकू, निवासी करोट, तहसील सदर, जिला बिलासपुर।
अभियोग भूमि विभाग खाता खतौनी नं0 149/171, खसरा नं0 42, 69, 268, 270, 275, कित्ता-5, रकवा 8-11 बीघे, स्थित सायर, परगना बहादुरपुर, उप-तहसील नम्होल, जिला बिलासपुर।
उपरोक्त उनवान मुकद्दमा में प्रतिवादी नं0 1, 2, 3 व 4 को कई बार समन जारी किए गए किन्तु उस पर तामील समन न हो सकी तथा न्यायालय को यकीन हो चुका है कि उस पर तामील समन साधारण तरीके से नहीं हो सकती। अतः उसे इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि वह दिनांक 27-12-2011 को प्रातः 10.00 बजे स्थान नम्होल हमारे न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर मुकद्दमा की पैरवी करें। हाजिर न आने की सूरत में कार्यवाही यकतरफा अमल में लाई जाएगी तथा उसके पश्चात् कोई उजर या ऐतराज समायत न होगा।
आज दिनांक 15-11-2011 को मेरे हस्ताक्षर तथा मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। जय गोपाल शर्मा, सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी (नायब तहसीलदार), नम्होल, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।4323 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 ब अदालत श्री जय गोपाल शर्मा, सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी (नायब तहसीलदार), नम्होल, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश
मिसल संख्या 72/11
ब मुकद्दमा :
1. शंकुतला पुत्री श्री निक्कू, निवासी बाडनू, 2. गीता देवी पुत्री निक्कू, निवासी घेरटा, 3. कनकू पुत्री निक्कू, निवासी लुहारड़ा।
बनाम
बाबू राम पुत्र स्व0 श्री नरैणू, निवासी लुहारड़ा, जिला बिलासपुर
अभियोग भूमि विभाग खाता खतौनी नं0 18/19, खसरा नं0 13, 57, 107, 295/145, 148/1, 149/1, 158, 167, 228, 271, 273, कित्ता-11, रकवा 27-17 बीघे, स्थित लुहारड़ा, परगना रतनपुर, उप-तहसील नम्होल, जिला बिलासपुर।
उपरोक्त उनवान मुकद्दमा में प्रतिवादी बाबू राम पुत्र स्व0 श्री नरैणू, निवासी लुहारड़ा को कई बार समन जारी किए गए किन्तु उस पर तामील समन न हो सकी तथा न्यायालय को यकीन हो चुका है कि उस पर तामील समन साधारण तरीके से नहीं हो सकती। अतः उसे इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि वह दिनांक 27-12-2011 को प्रातः 10.00 बजे स्थान नम्होल हमारे न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर मुकद्दमा की पैरवी करें। हाजिर न आने की सूरत में कार्यवाही यकतरफा अमल में लाई जाएगी तथा उसके पश्चात् कोई उजर या ऐतराज काबले समायत न होगा।
आज दिनांक 15-11-2011 को मेरे हस्ताक्षर तथा मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। जय गोपाल शर्मा, सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी (नायब तहसीलदार), नम्होल, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी (तहसीलदार), सदर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश अमरनाथ पुत्र श्री कैला राम, निवासी गांव व डा0 धार टटोह, तहसील सदर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश . . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता . . प्रतिवादीगण। राजस्व अभिलेख के बलदीयत के नाम की दरुस्ती हेतु आवेदन-पत्र।
इश्तहार बनाम आम जनता।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी व प्रति शिक्षा प्रमाण- पत्र, नकल जमाबन्दी, उपभोक्ता कार्ड सहित इस आशय से गुजारा है कि उसके पिता का नाम कैला राम है जोकि सही व दरुस्त है। लेकिन पटवार वृत्त धार टटोह, तहसील सदर, जिला बिलासपुर (हि0 प्र0) के राजस्व अभिलेख में गलती से बालक राम दर्ज है जिसकी दरुस्ती की जावे। 4324 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता एवं प्रार्थी के सभी सम्बन्धियों को बजरिया इश्तहार राजपत्र सूचित किया जाता है कि प्रार्थी की बलदीयत के नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन न्यायालय अधोहस्ताक्षरी दिनांक 21-12-2011 को प्रातः 10.00 बजे को आकर अपना ऐतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके प्रार्थी के बलदीयत नाम की दरुस्ती के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 21-11-2011 को मेरे हस्ताक्षर तथा मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। हस्ताक्षरित/-, सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी (तहसीलदार), सदर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री सोभिया राम, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश श्री बाबू राम सुपुत्र श्री ज्ञान चन्द, निवासी गांव चम्बी, डाकघर सुदली, तहसील डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र बराए नाम दरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी अन्य कागजात इस आशय से गुजारा है कि उसकी पत्नी का सही नाम अमरावती है, जोकि ग्राम पंचायत सुदली के रिकार्ड में सही दर्ज है। लेकिन राजस्व विभाग के मुहाल चम्बी में गलती से कान्ता देवी दर्ज है, जिसकी दरुस्ती की जावे।
इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी की पत्नी अमरावती के नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई उजर-एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन अदालत अधोहस्ताक्षरी दिनांक 26-12-2011 को हाजिर आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम दरुस्ती के आदेश दे दिए जाएंगे। आज दिनांक 16-11-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। सोभिया राम, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री सोभिया राम, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश श्री गिरधारी सुपुत्र श्री माधो राम, निवासी गांव पाही नाल, डाकघर बलेरा, तहसील डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र बराए नाम दरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी अन्य कागजात इस आशय से गुजारा है कि उसका सही नाम गिरधारी है, जोकि ग्राम पंचायत बलेरा के रिकार्ड में सही दर्ज है। लेकिन राजस्व विभाग के मुहाल चलटूहणी में गलती से गिरधारी लाल दर्ज है, जिसकी दरुस्ती की जावे।4325 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 1933 इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी गिरधारी के नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई उजर-एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन अदालत अधोहस्ताक्षरी दिनांक 26-12-2011 को हाजिर आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम दरुस्ती के आदेश दे दिए जाएंगे। आज दिनांक 16-11-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। सोभिया राम, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री सोभिया राम, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश श्री चैनों सुपुत्र श्री बीरबल, निवासी गांव गोली, डाकघर गोली, तहसील डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र बराए नाम दरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी अन्य कागजात इस आशय से गुजारा है कि उसका सही नाम चैनों है, जोकि उसके सर्विस प्रमाण-पत्रों के रिकार्ड में सही दर्ज है। लेकिन राजस्व विभाग के मुहाल मनोला व शेरपुर में गलती से चैन लाल दर्ज है, जिसकी दरुस्ती की जावे।
इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी चैनों पुत्र बीरबल के नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई उजर-एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन अदालत अधोहस्ताक्षरी दिनांक 26-12-2011 को हाजिर आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम दरुस्ती के आदेश दे दिए जाएंगे। आज दिनांक 16-11-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। सोभिया राम, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
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In the Court of Shri Pankaj Rai, HPAS, Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate,
Hamirpur, Himachal Pradesh
In the matter of :
1. Rajeev Kumar, aged 28 years s/o Shri Dalip Singh, r/o VPO Agar, Tehsil & District Hamirpur (H. P.).
4326 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 नवम्बर, 2011/7 अग्रहायण, 19332. Reena Devi, aged 21 years d/o Shri Ram Parkash, r/o Village Ropri, P. O. Katal, Tehsil . . Applicants. Nalagarh, District Solan (H. P.)
Versus
General public
Subject.—Notice of the Intended marriage.
Shri Rajeev Kumar & Reena Devi have filed an application alongwith affidavits in the court of undersigned under Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage within three month.
Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this court on or before 28-12-2011. The objection received after 28-12-2011 will not be entertained and marriage will be registered accordingly.
Issued today on 19-11-2011 under my hand and seal of the court.
Seal.
PANKAJ RAI, Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Hamirpur, District Hamirpur (H. P.).
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