राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला, वीरवार 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933
हिमाचल प्रदेश सरकार
परिवहन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 11 जनवरी, 2012
संख्या टी.पी.टी.-ए (3) 2/2010.-प्रारूप संशोधन नियम नामतः हिमाचल प्रदेश मोटर व्हीकलज़ (प्रथम संशोधन) नियम, 2011, मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 212 के उपबन्धों के अनुसरण में समसंख्यक अधिसूचना तारीख 08.12.2011 द्वारा इनसे सम्भाव्य प्रभावित व्यक्तियों से मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 212 के अधीन यथा अपेक्षित, इनके प्रकाशन की तारीख से 30 दिन की अवधि के भीतर आक्षेप और सुझाव आमन्त्रित करने के लिए राजपत्र, हिमाचल प्रदेश (असाधारण) में 12.12.2011 को प्रकाशित किए गए थे । 2. विधित अवधि के भीतर उक्त प्रारूप नियमों से सम्बन्धित जन साधारण से प्राप्त आक्षेपों व सुझावों पर सरकार द्वारा विचार कर लिया है ।
210-राजपत्र/2012-12-1-2012 (5057) 5058 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 3. अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 211, और 192 के साथ पठित धारा 41(13), 65 (2)(ट), 111(2)(ङ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित नियम बनाते हैं :-
1. संक्षिप्त नाम.-इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश मोटरयान (प्रथम संशोधन) नियम, 2011 है ।
2. नियम 47-क का अन्तःस्थापन.-हिमाचल प्रदेश मोटरयान नियम, 1999 (जिन्हें इसमें इसके पश्चात, ' उक्त नियम' कहा गया है) के विद्यमान नियम 47 के पश्चात निम्नलिखित नया नियम 47-क अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात :-
''47-क देय तारीख के पश्चात यान के रजिस्ट्रीशन या नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत करने हेतु विलम्ब फीस.-यदि मोटरयान का स्वामी, मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 41 की उपधारा (1) या, यथास्थिति, मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 41 की उपधारा (8) के अधीन केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 47 और 52 में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर आवेदन करने में असफल रहता है, तो वह, केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 81 के अधीन यानों के रजिस्ट्रीकरण/रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के लिए विनिर्दिष्ट फीस के साथ साथ विलम्ब फीस की निमनलिखित रकम के संदाय के लिए दायी होगा, अर्थात :-
विलम्ब से रजिस्ट्रीकरण के लिए विलम्ब फीस
| क्र. सं0 | विलम्ब की अवधि | विलम्ब फीस | |
| गैर परिवहन यान (रूपयों में) | प्रिवहन यान (रूपयों मे ं) | ||
| 1. | तीस दिनों से अधिक किन्तु 90 दिनाें से अनाधिक विलम्ब के लिए । | 500/-रू0 | 1000/रू0 |
| 2. | 90 दिनाें से अधिक किन्तु 180 दिनों से अनाधिक विलम्ब के लिए । | 1000/रू0 | 2000/रू0 |
| 3. | 180 दिनाें से अधिक किन्तु 360 दिनों से अनाधिक विलम्ब लिए | 1500/रू0 | 3000/रू0 |
| 4. | 360 दिनों से अधिक किन्तु 540 दिनों से अनाधिक विलम्ब के लिए | 3000/रू0 | 4000/रू0 |
| 5. | 540 दिनों से अधिक विलम्ब के लिए । | 4000/रू0 | 5000/रू0 |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र के विलम्ब से नवीनीकरण के लिए विलम्ब फीस
| क्र0 सं0 | विलम्ब की अवधि | (गैर परिवहन यानों के लिए विलम्ब फीस) रूपयों मे ं |
| 1. | एक दिन से अधिक किन्तु 30 दिनों से अनाधिक विलम्ब के लिए । | 500/ - |
| 2. | 30 दिनों से अधिक किन्तु 90 दिनों से अनाधिक विलम्ब के लिए । | 1000/- |
| 3. | 90 दिनों से अधिक किन्तु 180 दिनों से अनाधिक विलम्ब के लिए । | 2000/- |
| 4. | 180 दिनों से अधिक विलम्ब के लिए । | रू0 2000/- जमा रूपए 100/- प्रतिदिन प्रत्येक पश्चातवर्ती दिन के लिए ।''। |
3. नियम 139-क का अन्तःस्थापन.-उक्त नियमों के विद्यमान नियम 139 के पश्चात, निम्नलिखित नया नियम 139-क अन्तःस्थापित किया जाएग, अर्थात :-
'नियम 139-क रजिस्ट्रीकरण चिन्ह के प्रदर्शन का प्रारूप और रीति.-मौटरयान का स्वामी, यान की रजिस्ट्रीकरण प्लैटों में रजिस्ट्रीकरण चिन्ह के अतिरिक्त, अन्य किसी विवरण को पेंट या प्रदर्शित नहीं करेगा ।'
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (परिवहन)।
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[Authoritative English Text of this department notification No. TPT-A(3)2/2010, dated
11/01/2012 as required under clause (3) of article 348 of the Constitution of India].
TRANSPORT DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 11th January, 2012
No. TPT-A(3)2/2010.—Whereas the draft Himachal Pradesh Motor Vehicles (First Amendment) Rules, 2011 were published in the Rajpatra, Himachal Pradesh on dated 12/12/2011, vide notification of even number dated 08/12/2011 in pursuance of the provision of section 212 of the Motor Vehicles Act, 1988 (Act No. 59 of 1988) for inviting objections and suggestion from person(s) likely to be affected thereby, within a period of 30 days from the date of publication;
2. And , whereas the Government has considered the objections/ suggestions received from general public on the said draft rules.
3. Now, therefore, in exercise of the powers conferred by Section 41(13) , 65 (2) (K), 111 (2) (e) read with sections 211 and 192 of the Motor Vehicles Act, 1988, (59 of 1988), the Governor of Himachal Pradesh is pleased to make the following rules, namely:-
1. Short title.—These rules may be called the Himachal Pradesh Motor Vehicles (First Amendment) Rules, 2011.
2. Insertion of rule 47-A.—After the existing rule 47 of the Himachal Pradesh Motor Vehicles Rules, 1999 (herein after referred to as the "said rules"), the following new rule 47-A shall be inserted, namely:-
"47-A.-Late fee for submitting application for registration or renewal of vehicles after the due date.—if the owner of a motor vehicle fails to make an application under sub- section (1) of section 41 of the Motor Vehicles Act, 1988, or, as the case may be, under sub- section (8) of the section-41 of the Motor Vehicles Act, 1988 , within the period specified in rules 47 and 52 of the Central Motor Vehicles Rules, 1989, he shall be liable to pay the following amount of late fee in addition to the fee specified for registration of vehicles/renewal of registration certificate under rule 81 of the Central Motor Vehicles Rules, 1989, namely:-
5060 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933Late Fee for late Registration
| Sl. No. | Period of delay | Late fee | |
| Non Transport | Transport | ||
| 1. | For delay exceeding 30 days but not exceeding 90 days. | Rs. 500/- | Rs. 1000/- |
| 2. | For delay exceeding 90 days but not exceeding 180 days | Rs. 1000/- | Rs. 2000/- |
| 3. | For delay exceeding 180 days but not exceeding 360 days. | Rs. 1500/- | Rs.3000/- |
| 4. | For delay exceeding 360 days but not exceeding 540 days | Rs. 3000/- | Rs. 4000/- |
| 5. | For delay exceeding 540 days | Rs. 4000/- | Rs. 5000/- |
Late Fee for late renewal of Certificate of Registration
| Sl. No. | Period of delay | Late Fee (for nontransport vehicles). |
| 1. | For delay exceeding 1 day but not exceeding 30 days | Rs. 500/- |
| 2. | For delay exceeding 30 days but not exceeding 90 days | Rs. 1000/- |
| 3. | For delay exceeding 90 days but not exceeding 180 days | Rs. 2000/- |
| 4. | For delay exceeding 180 days | Rs. 2000/- plus Rs. 100 per day for each subsequent day.". |
3. Insertion of rule-139-A.—After the existing rule 139 of the said rules, the following new rule 139-A shall be inserted, namely:-
139-A. Form and manner of display of registration mark.—The owner of the motor vehicle shall not paint or exhibit any particular other than the registration mark in the Registration Plates of a vehicle.".
By order, Sd/- Principal Secretary (Transport).
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-171002, 11 जनवरी, 2012
संख्या आई0पी0एच0-बी(एच)8-48/2011-कांगड़ा.--यतः राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांंव खरोटा, तहसील ज्वाली, जिला कांगड़ा में पेयजल योजना खरोटा ठंठर मुहल्ला के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है ।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है ।5061 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 3. पूूर्र्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोेग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियाें और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्र्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देतेे हैं ।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेेत्र मेेंं कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश लोेक निर्माण विभाग के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांंव खसरा नं0 क्षेत्र /हैक्टेयर में कांगड़ा ज्वाली खरोटा 744/787/670/1 00-03-04
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-171002, 11 जनवरी, 2012
संख्या आई0पी0एच0-बी(एच)8-41/2011-हमीरपुर.--यतः राज्यपाल हिमाचल प्र्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांंव पट्टा, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर में उठाऊ पेयजल योजना मारकण्डा तत्तापानी जल भण्डारण टैंक के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूूर्र्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्र्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देतेे हैं ।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेेत्र मेेंं कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, मण्डी हिमाचल प्रदेश लोेक निर्माण विभाग के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नं0 कनाल-मरला में हमीरपुर भोरंज पट्टा 21 02-01
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।5062 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-171002, 11 जनवरी, 2012
संख्या आई0पी0एच0-बी(एच)8-49/2011-हमीरपुर.--यतः राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्र्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव दरोगण पति भुराना मौजा बजूरी तहसील व जिला हमीरपुुर में स्टोरेज टैंक के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है ।
3. पूूर्र्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोेग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियाें और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्र्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देतेे हैं ।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेेत्र मेेंं कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, मण्डी हिमाचल प्रदेश लोेक निर्माण विभाग के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नं0 कनाल-मरले में हमीरपुर हमीरपुर दरोगण पति 3331/1 00-04 भुराना मौजा
बजूरी
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-171002, 11 जनवरी, 2012
संख्या आई.पी.एच.-बी (एच) 8-47/2011-बिलासपुर.-यतः राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव पट्टा, तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर में उठाऊ पेयजल/सिंचाई योजना द्वितीय चरण पट्टा में पम्प हाऊस के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है ।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित है, या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।5063 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्र्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते है।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होनेे के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, मण्डी, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा न0 क्षेत्र
बीघा-बिस्वा में बिलासपुर घुमारवीं पट्टा
499/241/1 00-02 499/241/2 00-12 Kitta-2 00-14
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-171002, 11 जनवरी, 2012
संख्या सिंचाई 11-5/2011-कांगड़ा.-यतः राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव घाड़, तहसील ज्वाली, जिला कांगड़ा में पेयजल योजना घाड़ एवं जरोट के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है ।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित है, या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्र्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते है।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होनेे के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है ।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा न0 क्षेत्र/हैक्टेयर में कांगड़ा ज्वाली घाड़
428/1 00-07-18
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।5064 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933
5065 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 5066 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933_______
लोक निर्माण विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 10 जनवरी, 2012
संख्या पी0बी0डब्ल्यू0-ए-बी(2)-112/1993-I.—हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) वर्ग-III (अराजपत्रित) के पद के लिए इस अधिसूचना से संलग्न उपाबन्ध-"क" के अनुसार भर्ती और प्रोन्नति नियम बनाती हैं, अर्थात्ः- 1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.-(i) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) वर्ग-III (अराजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2011 है।
(ii) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे । 2. निरसन और व्यावृत्तियां.-(i) अधिसूचना संख्याः पी0बी0डब्ल्यू0-ए-बी(2)-112/1993 तारीख 29 मई, 2009 द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) वर्ग-III (अराजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2009 का एतद्द्वारा निरसन किया जाता है ।
(ii) ऐसे निरसन के होते हुए भी उपर्युक्त उप नियम (i) के अधीन इस प्रकार निरसित नियमों के अधीन की गई कोई नियुक्ति, बात या कार्रवाई इन नियमाें के अधीन विधिमान्य रूप में की गई समझी जाएगी।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।5067 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 उपाबन्ध-"क" हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) वर्ग-III के (अराजपत्रित) पद के लिए भर्ती और प्रोन्नति नियम
1. पद का नाम.-कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत)।
2. पदों की संख्या.-70 (सत्तर)।
3. वर्गीकरण.-वर्ग-III (अराजपत्रित) ।
4. वेतनमान.-{i} नियमित पदधारियों के लिए वेतनमानः ` 10300-34800/-जमा ` 3800/- ग्रेड पे। {ii} संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए उपलब्धियांः ` 14,100/-, प्रतिमास स्तम्भ संख्या 15-क में दिए गए ब्यौरे के अनुसार। 5. 'चयन' पद अथवा 'अचयन' पद.-अचयन।
5-क नियुक्ति और अनुशासन प्राधिकारी.-प्रमुख अभियन्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग। 6. सीधी भर्ती के लिए आयु.-18 से 45 वर्ष।
परन्तु सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए ऊपरी आयु सीमा तदर्थ या संविदा के आधार पर नियुक्त किए गए व्यक्तियों सहित पहले से ही सरकार की सेवा में रत अभ्यर्थियों को लागू नहीं होगी :
परन्तु यह और कि यदि तदर्थ या संविदा के आधार पर नियुक्त किया गया अभ्यर्थी इस रूप में नियुक्ति की तारीख को अधिक आयु का हो गया हो, तो वह तदर्थ या संविदा के आधार पर नियुक्ति के कारण विहित आयु में छूट के लिए पात्र नहीं होगाः
परन्तु यह और कि अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों/अन्य वर्गों के व्यक्तियों के लिए ऊपरी आयु सीमा में उतनी ही छूट दी जा सकेगी जितनी कि हिमाचल प्रदेश सरकार के साधारण या विशेष आदेश (आदेशों) के अधीन अनुज्ञेय हैः
परन्तु यह और भी कि पब्लिक सेक्टर, निगमों तथा स्वायत निकायों के सभी कर्मचारियों को, जो ऐसे पब्लिक सेक्टर, निगमों तथा स्वायत निकायों के प्रारम्भिक गठन के समय ऐसे पव्लिक सेक्टर, निगमों/ स्वायत निकायों में आमेलन से पूर्व सरकारी कर्मचारी थे, सीधी भर्ती में आयु सीमा में ऐसी ही रियायत दी जाएगी जैसी सरकारी कर्मचारियों को अनुज्ञेय है, किन्तु इस प्रकार की रियायत पब्लिक सेक्टर, निगमों तथा स्वायत निकायों के ऐसे कर्मचारिवृन्द को नहीं दी जाएगी जो पश्चात्वर्ती ऐसे निगमों/स्वायत निकायों द्वारा नियुक्त किए गए थे/किए गए हैं और उन पब्लिक सेक्टर निगमों/स्वायत निकायों के प्रारम्भिक गठन के पश्चात् निगमों/स्वायत निकायों की सेवा में अन्तिम रूप से आमेलित किए गए हैं/ंकिए गए थे । (1) सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा की गणना उस वर्ष के प्रथम दिवस से की जाएगी जिसमें कि पद (पदाें) को आवेदन आमन्त्रित करने के लिए, यथास्थिति, विज्ञापित किया गया है या नियोजनालयों को अधिसूचित किया गया है ।
(2) अन्यथा सुअर्हित अभ्यर्थियों की दशा में सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा और अनुभव, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के विवेकानुसार शिथिल किया जा सकेगा।
7. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्ति(यों) के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और अन्य अर्हताएं.- अनिवार्य अर्हताएं.-राज्य सरकार/केन्द्रीय सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से इलैक्टी्रकल इंजीनियरिंग या इलैक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमा/डिग्री। 5068 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 वांछनीय अर्हताएं : हिमाचल प्रदेश की रूढ़ियाें, रीतियों, और बोलियों का ज्ञान और प्रदेश में विद्यमान विशिष्ट दशाओं में नियुक्ति के लिए उपयुक्तता।
8. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं प्रोन्नत व्यक्तियों की दशा में लागू होंगी या नहीं.-आयु : लागू नहीें। शैक्षिक अर्हता : जैसी नीचे स्तम्भ संख्या 11 में विहित की गई हैं।
9. परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो.-दो वर्ष, जिसका एक वर्ष से अनधिक ऐसी और अवधि के लिए विस्तार किया जा सकेगा जैसा सक्षम प्राधिकारी विशेष परिस्थितियों में और लिखित कारणों से आदेश दें। 10. भर्ती की पद्धति.-भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता.-पचासी प्रतिशत, निम्न प्रकार से, सीधी भर्ती द्वाराः- i) पचपन प्रतिशत सीधी भर्ती द्वारा, यथास्थिति, नियमित आधार पर या संविदा के आधार पर भर्ती द्वारा। संविदा पर नियुक्त कर्मचारी स्तम्भ 15-क में दी गई उपलब्धियां प्राप्त करेंगे और उक्त स्तम्भ में विनिर्दिष्ट सेवा शर्तों द्वारा विनियमित होंगे।
ii) तीस प्रतिशत वैचवाईज आधार पर विभागीय स्तर पर उन अभ्यर्थियों में से नियमित आधार पर या संविदा के आधार पर भर्ती द्वारा, जिन्होंने राज्य सरकार/केन्द्रीय सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से इलैक्ट्रीकल इंजीनियरिंग या इलैक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग में डिग्री/डिप्लोमा प्राप्त किया हो ;
परन्तु इस उप स्तम्भ के अन्तर्गत नियुक्ति के प्रयोजन के लिए, वर्षवार संयुक्त वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी, जिसमें ऐसे भर्ती वर्ष में बैच में वरिष्ठ अभ्यर्थी, उस अभ्यर्थी से वरिष्ठ माना जाएगा जिसने पश्चातवर्ती बैच में इलैक्ट्रीकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त किया हो :
परन्तु यह और कि जब एक भर्ती वर्ष में उसी बैच के एक से अधिक अभ्यर्थी नियुक्ति हेतु विचार किए जाने के लिए पात्र है, तब उनकी पारस्परिक वरिष्ठता, यथास्थिति उस भर्ती वर्ष में उनकी नियुक्ति की तारीख के अनुसार या, यथास्थिति, संविदा के आधार पर भर्ती के लिए चयन किए जाने के समय से अवधारित की जाएगी।
पन्द्रह प्रतिशत प्रोन्नति द्वारा।
11. प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां (ग्रेड) जिनसे प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण किया जाएगा.-i) सर्वेक्षक(कों) कार्य निरीक्षक(कों) ड्राफ्टसमैन (प्रारूपकार) में से, प्रोन्नति द्वारा जो किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या हिमाचल प्रदेश/केन्द्र सरकार द्वारा सम्यक् रूप से मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से इलैक्ट्रीकल या इलैक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग में तीन वर्ष का डिप्लोमा या डिग्री रखते हों और जिनका 03 वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके 03 वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, ऐसा न होने पर कोटा नीचे दिए गए स्तम्भ 11(ii) को दिया जाएगा।
......एक प्रतिशत परन्तु यह और कि प्रोन्नति के प्रयोजन के लिए संभरक (पोषक) पद के समस्त पात्र कर्मचारियों की उनके अपने-अपने ग्रेड में सेवाकाल के आधार पर उनके अपने-अपने काड्र में पारस्परिक वरीयता को छेड़े बिना एक संयुक्त वरीयता सूची तैयार की जाएगी।
ii) कनिष्ठ तकनीशियन (विद्युत), तकनीशियन ग्रेड-II और तकनीशियन ग्रेड-I सामान्य काडर में से, प्रोन्नति द्वारा, जो किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या हिमाचल प्रदेश/केन्द्र सरकार द्वारा सम्यक् रूप से मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से इलैक्ट्रीकल इंजीनियरिंग या इलैक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग में तीन वर्ष का डिप्लोमा रखते हों और जिनका तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, ऐसा न होने पर कोटा नीचे दिये गए स्तम्भ 11(iii) को दिया जाएगा। ......पांच प्रतिशत5069 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 परन्तु प्रोन्नति के प्रयोजन के लिए पात्र समस्त कर्मचारियों की एक चयन सूची तैयार की जाएगी जिसमें उच्चतर वेतनमान के अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से पात्र व्यक्ति से ऊपर रखा जाएगा और तत्पश््चात अगले निम्नतर वेतनमान के अभ्यर्थियों को इसके नीचे रखा जाएगा और यही क्रम आगे जारी रहेगा। iii) कनिष्ठ तकनीशियन (विद्युत), तकनीशियन ग्रेड-II और तकनीशियन ग्रेड-I के सामान्य काडर में से, प्रोन्नति द्वारा, जो किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या हिमाचल प्रदेश/केन्द्र सरकार द्वारा सम्यक् रूप से मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से इलैक्ट्रीकल इंजीनियरिंग या इलैक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग में डिग्री रखते हों और जिनका दो वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके दो वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, ऐसा न होने पर कोटा नीचे दिए गए स्तम्भ 11(iv) को दिया जाएगा। ......दो प्रतिशत परन्तु प्रोन्नति के प्रयोजन के लिए पात्र समस्त कर्मचारियों की एक चयन सूची तैयार की जाएगी जिसमें उच्चतर वेतनमान के अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से पात्र व्यक्ति से ऊपर रखा जाएगा और तत्पश््चात अगले निम्नतर वेतनमान के अभ्यर्थियों को इसके नीचे रखा जाएगा और यही क्रम आगे जारी रहेगा। iv) कनिष्ठ तकनीशियन (विद्युत), तकनीशियन ग्रेड-II और तकनीशियन ग्रेड-I के सामान्य काडर में से, प्रोन्नति द्वारा, जिनके पास हिमाचल प्रदेश/केन्द्रीय सरकार द्वारा सम्यक् रूप से मान्यता प्राप्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से इलैक्ट्रीशियन/वायरमैन के ट्रेड में दो वर्ष की अवधि का का औद्योगिक प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र हो या इसके समतुल्य हो और जिनका पांच वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके पांच वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, ऐसा न होने पर कोटा नीचे दिए गए स्तम्भ 11(v) को दिया जाएगा। ......पांच प्रतिशत परन्तु प्रोन्नति के प्रयोजन के लिए पात्र समस्त कर्मचारियों की एक चयन सूची तैयार की जाएगी जिसमें उच्चतर वेतनमान के अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से पात्र व्यक्ति से ऊपर रखा जाएगा और तत्पश््चात अगले निम्नतर वेतनमान के अभ्यर्थियों को इसके नीचे रखा जाएगा और यही क्रम आगे जारी रहेगा। v) कनिष्ठ तकनीशियन (विद्युत), तकनीशियन ग्रेड-II और तकनीशियन ग्रेड-I के सामान्य काडर में से, प्रोन्नति द्वारा, जो दसवीं पास हो और जिनका 15 वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा यदि कोई हो, को सम्मिलित करके 15 वर्ष का नियमित सेवाकाल हो और जिन्होंने 03 महीने का विहित विभागीय प्रशिक्षण कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण किया हो, ऐसा न होने पर कोटा उपरोक्त स्तम्भ 11(i) को दिया जाएगा। ......दो प्रतिशत परन्तु प्रोन्नति के प्रयोजन के लिए पात्र समस्त कर्मचारियों की एक चयन सूची तैयार की जाएगी जिसमें उच्चतर वेतनमान के अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से पात्र व्यक्ति से ऊपर रखा जाएगा और तत्पश््चात अगले निम्नतर वेतनमान के अभ्यर्थियों को इसके नीचे रखा जाएगा और यही क्रम आगे जारी रहेगा। कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) के पद को भरने लिए निम्नलिखित 70 बिन्दु 'पद' आधारित रोस्टर का अनुसरण किया जाएगाः-
रोस्टर बिन्दु संख्या प्रवर्ग
1, 2, 4, 5, 6, 8, 9, 11, 12, 13, 15, 16, 18, 22, 24, सीधी भर्ती 25, 26, 28, 29, 32, 34, 38, 39, 41, 42, 43, 45, 46, 48, 49, 51, 52, 54, 58, 59, 62, 64 & 65
3, 7, 10, 14, 17, 21, 23, 27, 31, 33, 37, 40, 44, 47, बैचवाइज आधार पर 50, 53, 57, 61, 63, 66 & 69
70 प्रवर्ग (i) 5070 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 19, 35, 55 & 67 प्रवर्ग (ii) 30 प्रवर्ग (iii) 20, 36, 56 & 68 प्रवर्ग (iv) 60 प्रवर्ग (v)
(रोस्टर, प्रत्येक सत्तरवें बिन्दु के पश्चात् तब तक दोहराया जाता रहेगा जब तक की समस्त प्रवर्गों को विहित की गई प्रतिशतता तक प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं हो जाता। तत्पश््चात पद उस प्रवर्ग से भरा जाएगा जिससे पद रिक्त हुआ है)।
(1) परन्तु प्रोन्नति के प्रयोजन के लिए प्रत्येक कर्मचारी को जनजातीय/दुगर्म क्षेत्रों में पद (पदों) की ऐसे क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या की उपलब्धता के अध्यधीन, कम से कम एक कार्यकाल तक सेवा करनी होगीः परन्तु यह और कि उपर्युक्त परन्तुक (1) उन कर्मचारियों के मामले में लागू नहीं होगा जिनकी अधिवर्षिता के लिए पांच वर्ष या उससे कम की सेवा शेष रही होः
परन्तु यह और भी कि उन अधिकारियों/कर्मचारियों को, जिन्होंने जनजातीय/दुगर्म क्षेत्र में कम से कम एक कार्यकाल तक सेवा नहीं की है, ऐसे क्षेत्र में उसके अपने संवर्ग (काडर) में सर्वथा वरिष्ठता के अनुसार स्थानान्तरण किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण-।.-उपर्युक्त परन्तुक के प्रयोजन के लिए जनजातीय/दुगर्म क्षेत्रों में "कार्यकाल'' से साधारणतया तीन वर्ष की अवधि या प्रशासनिक अपेक्षाओं और कर्मचारी द्वारा दिए गए कार्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे क्षेत्रों में तैनाती की इससे कम अवधि अभिप्रेत होगी ।
स्पष्टीकरण-।।.-उपर्युक्त परन्तुक के प्रयोजन के लिए जनजातीय/दुर्गम क्षेत्र निम्न प्रकार से होगेंः- 1. जिला लाहालै एवं स्पिति । 2. चम्बा जिला का पांगी और भरमौर उप मण्डल । 3. रोहडू उप मण्डल का डोडरा क्वार क्षेत्र । 4. जिला शिमला की रामपुर तहसील का पन्द्रह बीस परगना, मुनीष, दरकाली और ग्राम पंचायत काशापाट ।
5. कुल्लू जिला का पन्द्रह बीस परगना । 6. कांगड़ा जिला के बैजनाथ उप मण्डल का बडा भंगाल क्षेत्र । 7. जिला किन्नौर । 8. सिरमौर जिला में उप तहसील कमरउ के काठवाड और कोरगा पटवार वृत्त, रेणुकाजी तहसील के भलाड-भलौना और सांगना पटवार वृत्त और शिलाई तहसील का कोटा पाब पटवार वृत्त ।
9. मण्डी जिला में करसोग तहसील का खन्योल-बगडा पटवार वृत्त, बाली चौकी उप तहसील के गाडा गोसाई, मठयानी, घनयाड, थाची, बागी, सोमगाड और खोलानाल, पद्धर तहसील के झारवाड, कुटगढ, ग्रामन, देवगढ, टै्रला, रोपा, कथोग, सिल्ह-भडवानी, हस्तपुर, घमरेड और भटेढ पटवार वृत्त, थुनाग तहसील के चियूणी, कालीपार, मानगढ, थाच-बगडा उत्तरी मगरू और दक्षिणी मगरू पटवार वृत्त और मण्डी जिला की सुन्दरनगर तहसील का बटवाडा पटवार वृत्त ।
(2) प्रोन्नति के समस्त मामलों में पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक पोषक पद में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, प्रोन्नति के लिए इन नियमों में यथाविहित सेवाकाल के लिए, इस शर्त के अधीन रहते हुए गणना में ली जाएगी कि सम्भरक प्रवर्ग में तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार चयन की उचित स्वीकार्य प्रक्रिया को अपनाने के पश्चात् की गई थीः
परन्तु उन सभी मामलों में जिनमें कोई कनिष्ठ व्यक्ति सम्भरक पद में अपने कुल सेवाकाल (तदर्थ आधार पर की गई तदर्थ सेवा सहित, जो नियमित सेवा/नियुक्ति के अनुसरण में हो) के आधार पर उपर्युक्त5071 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 निदिर्ष्ट उपबन्धाें के कारण विचार किए जाने का पात्र हो जाता है, वहां अपने-अपने प्रवर्ग/पद/काडर में उससे वरिष्ठ सभी व्यक्ति विचार किए जाने के पात्र समझे जाएंगे और विचार करते समय कनिष्ठ व्यक्ति से ऊपर रखे जाएंगे :
परन्तु यह और कि उन सभी पदधारियों की, जिन पर प्रोन्नति के लिए विचार किया जाना है, कम से कम तीन वर्ष की न्यूनतम अर्हता सेवा या पद के भर्ती और प्रोन्नति नियमों में विहित सेवा, जो भी कम हो, होगीः
परन्तु यह और भी कि जहां कोई व्यक्ति पूर्वगामी परन्तुक की अपेक्षाओं के कारण प्रोन्नति किए जाने सम्बन्धी विचार के लिए अपात्र हो जाता है, वहां उससे कनिष्ठ व्यक्ति भी ऐसी प्रोन्नति के विचार के लिए अपात्र समझा जाएगा/समझे जाएंगे।
स्पष्टीकरण.-अंतिम परन्तुक के अन्तर्गत कनिष्ठ पदधारी प्रोन्नति के लिए अपात्र नहीं समझा जाएगा, यदि वरिष्ठ अपात्र व्यक्ति भूतपर्व सैनिक है जिसे डिमोबीलाइज्ड आमर्ड फोर्सिज परसोनल (रिजर्वेशन ऑफ वैकेन्सीज इन हिमाचल स्टेट नॉन टैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज,1972 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया है और इनके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों या जिसे एक्स सर्विसमैन (रिजर्वेशन ऑफ वैकेन्सीज इन दी हिमाचल प्रदेश टेक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1985 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया हो और इनके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों।
(3) इसी प्रकार स्थाईकरण के सभी मामलों में ऐसे पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक पद पर की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, सेवाकाल के लिए गणना में ली जाएगी, यदि तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति, उचित चयन के पश्चात् और भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार की गई थीः परन्तु की गई उपर्युक्त निर्दिष्ट तदर्थ सेवा को गणना में लेने के पश्चात् जो स्थाईकरण होगा, उसके फलस्वरूप पारस्परिक वरीयता अपरिवर्तित रहेगी।
12. यदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्यमान हो तो उसकी संरचना.-जैसी सरकार द्वारा समय-समय पर गठित की जाए।
13. भर्ती करने में किन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा.-जैसा विधि द्वारा अपेक्षित हो।
14. सीधी भर्ती के लिए अनिवार्य अपेक्षा.-किसी सेवा या पद पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है।
15. सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.-सीधी भर्ती के मामले में, पद पर नियुक्ति के लिए चयन, मौखिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। यदि, यथास्थिति, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग या अन्य भर्ती प्राधिकरण ऐसा करना आवश्यक या समीचीन समझे, तो लिखित या व्यावहारिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा जिसका स्तर/पाठ्यक्रम इत्यादि यथास्थिति, आयोग/अन्य भर्ती प्राधिकरण द्वारा अवधारित किया जाएगा।
15 (क) संविदा नियुक्ति द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.-इन नियमों में किसी बात के होते हुए भी इस पद पर संविदा नियुक्तियां नीचे दिए गए निबन्धनों और शर्तों के अध्यधीन की जाएगीः-
(I) स्ांकल्पना.-(क) इस पॉलिसी के अधीन हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) को संविदा के आधार पर प्रारम्भ में एक वर्ष के लिए लगाया जाएगा जिसे वर्षानुवर्ष आधार पर बढ़ाया जा सकेगाः
परन्तु वर्षानुवर्ष आधार पर संविदा के विस्तारण/नवीकरण के लिए सम्बद्ध विभागाध्यक्ष एक प्रमाण पत्र जारी करेगा कि संविदा पर नियुक्त किए गए व्यक्ति की सेवा और आचरण वर्ष के दौरान संतोषजनक रहा है और केवल तभी उसकी संविदा अवधि को नवीकृत/विस्तारित किया जाएगा। 5072 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 (ख) पद का हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के कार्यक्षेत्र में आना.-प्रमुख अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग, हिमाचल प्रदेश, रिक्त पदों को संविदा के आधार पर भरने के लिए सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात्, अध्यपेक्षा को सम्बद्ध भर्ती अभिकरण अर्थात् हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड, हमीरपुर के समक्ष रखेगा।
(ग) पद का हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के कार्यक्षेत्र से बाहर होना.-प्रमुख अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग, हिमाचल प्रदेश, बैचबाईज़ आधार पर नियुक्तियों की दशा में, रिक्त पदों को संविदा के आधार पर भरने के लिए सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात् रिक्त पदों का ब्यौरा कम से कम दो अग्रणी समाचार पत्रों में विज्ञापित करवाएगा और विहित अर्हताओं और इन नियमों में यथाविहित अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले अभ्यर्थियों से आवेदन आमन्त्रित करेगा।
(घ) चयन इन नियमों में विहित पात्रता शर्तों के अनुसार किया जाएगा।
(II) संविदात्मक उपलब्धियां.-संविदा के आधार पर नियुक्त कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) को ` 14100/- की समेकित नियत संविदात्मक नियत रकम (जो पे बैण्ड के न्यूनतम जमा ग्रेड पे के बराबर होगी) प्रतिमास संदत्त की जाएगी। यदि संविदा में एक वर्ष से अधिक की बढ़ौतरी की जाती है तो पश्चात्वर्ती वर्ष (वर्षाें) के लिए संविदात्मक उपलब्धियों में ` 430/- की रकम (पे बेण्ड के न्यूनतम जमा ग्रेड पे के तीन प्रतिशत के बराबर) वार्षिक वृद्धि के रूप में अनुज्ञात की जायेगी।
(III) नियुक्ति/अनुशासन प्राधिकारी.-प्रमुख अभियन्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग नियुक्ति और अनुशासन प्राधिकारी होगा।
(IV) चयन प्रक्रिया.-(क) हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के कार्यक्षेत्र में आने वाले पदों के लिए.-संविदा नियुक्ति की दशा में पद पर नियुक्ति के लिए चयन, मौखिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा या यदि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन समझे, तो लिखित परीक्षा या व्यवहारिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा जिसका स्तर/पाठ्यक्रम इत्यादि सम्बद्ध भर्ती अभिकरण अर्थात् हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड द्वारा अवधारित किया जाएगा।
(ख) हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के कार्यक्षेत्र से बाहर होने वाले पदों के लिए.- संविदा नियुक्ति की दशा में पद पर नियुक्ति के लिए चयन, मौखिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा या यदि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन समझे, तो लिखित परीक्षा या व्यवहारिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा जिसका स्तर/पाठ्यक्रम इत्यादि सम्बद्ध भर्ती अभिकरण द्वारा अवधारित किया जाएगा।
(V) संविदात्मक नियुक्तियों के लिए चयन समिति.-(क) हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के कार्यक्षेत्र में आने वाले पदों के लिए.-जैसी सम्बद्ध भर्ती अभिकरण अर्थात् हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड, हमीरपुर द्वारा समय-समय पर गठित की जाए।
(ख) हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के कार्यक्षेत्र में न आने वाले पदों के लिए.-जैसी सम्बद्ध भर्ती अभिकरण द्वारा समय-समय पर गठित की जाए।
(VI) करार.-अभ्यर्थी को चयन के पश्चात् इन नियमों से संलग्न उपाबन्ध-'ख' के अनुसार करार हस्ताक्षरित करना होगा।
(VII) निबन्धन और शर्तें.-(क) संविदात्मक नियुक्त व्यक्ति को ` 14100/- रूपए की नियत समेकित संविदात्मक रकम (जो पे बैण्ड के न्यूनतम जमा ग्रेड पे के बराबर होगी) प्रतिमास संदत्त की जाएगी। यदि संविदा में एक वर्ष से अधिक की बढ़ौतरी की जाती है तो पश्चात्वर्ती वर्ष (वर्षों) के लिए संविदात्मक उपलब्धियों में ` 430/- की रकम (पे बेण्ड के न्यूनतम जमा ग्रेड पे के तीन प्रतिशत के बराबर) की वार्षिक वृद्धि का हकदार होगा और अन्य कोई प्रसुविधाएं जैसे वरिष्ठ/चयन वेतनमान आदि नहीं दिया जाएगा।5073 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 (ख) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति की सेवा पूर्णतया अस्थाई आधार पर होगी। नियुक्ति समाप्त किए जाने के लिए दायी होगी यदि संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का कार्य/आचरण ठीक नहीं पाया जाता है। (ग) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति, एक मास की सेवा पूरी करने के पश्चात् एक दिन के आकस्मिक अवकाश का हकदार होगा। यह अवकाश एक वर्ष तक संचित किया जा सकेगा। संविदा पर नियुक्त व्यक्ति को किसी भी प्रकार का अन्य कोई अवकाश अनुज्ञेय नहीं होगा। वह चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एल0टी0सी0 इत्यादि के लिए भी हकदार नहीं होगा/होगी। केवल प्रसूति अवकाश, नियमानुसार दिया जाएगा। (घ) नियन्त्रक अधिकारी के अनुमोदन के बिना सेवा से अनधिकृत अनुपस्थिति से स्वतः ही संविदा का पर्यावसान (समाप्त) हो जाएगा। संविदा पर नियुक्त व्यक्ति कत्र्तव्य (ड्यूटी) से अनुपस्थिति की अवधि के लिए संविदात्मक रकम का हकदार नहीं होगा।
(ङ) संविदा पर नियुक्त कर्मचारी जिसने तैनाती के एक स्थान पर पांच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है, आवश्यकता के आधार पर स्थानान्तरण हेतु पात्र होगा जहां कहीं भी प्रशासनिक आधार पर ऐसा करना अपेक्षित हो।
(च) चयनित अभ्यर्थी को सरकारी/रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी से अपना आरोग्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। बारह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिला अभ्यर्थी को प्रसव होने तक, अस्थाई तौर पर अनुपयुक्त समझी जाएगी। महिला अभ्यर्थी का किसी प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी/व्यवसायी द्वारा उपयुक्तता के लिए पुनः परीक्षण किया जाएगा।
(छ) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का यदि अपने पदीय कत्र्तव्यों के सम्बन्ध में दौरे पर जाना अपेक्षित हो, तो वह उसी दर पर, जैसी नियमित कर्मचारी को वेतनमान के न्यूनतम पर लागू है, यात्रा भत्ते/दैनिक भत्ते का हकदार होगा/होगी।
(ज) नियमित कर्मचारियों की दशा में यथा लागू सेवा नियमों के उपबन्ध, जैसे एफ0 आर0 एस0 आर0, छुटटी नियम, साधारण भविष्य निधि नियम, पैंशन नियम तथा आचरण नियम आदि संविदा पर नियुक्त व्यक्तियों की दशा मे लागू नहीं होंगे। वे इस स्तम्भ में यथावर्णित उपलब्धियों आदि के लिए हकदार होंगे। 16. आरक्षण.-सेवा में नियुक्ति, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा, समय-समय पर अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों/अन्य पिछडे़ वर्गों और अन्य प्रवर्ग के व्यक्ति (व्यक्तियों) के लिए सेवा में आरक्षण की बाबत जारी किए गए अनुदेशों के अधीन होगी।
17. विभागीय परीक्षा.-लागू नहीं।
18. शिथिल करने की शक्ति.-जहां राज्य सरकार की यह राय हो कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह, कारणों को लिखित में अभिलिखित करके और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, आदेश द्वारा, इन नियमों के किन्ही उपबन्धों को किसी वर्ग या व्यक्ति (व्यक्तियों) के प्रवर्ग या (पदाें) की बाबत, शिथिल कर सकेगी ।
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उपाबन्ध-'ख' कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) और हिमाचल प्रदेश सरकार के मध्य प्रमुख अभियन्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग शिमला के माध्यम से निष्पादित की जाने वाली संविदा/करार का प्ररूप
यह करार श्री/श्रीमति.................................... पुत्र/पुत्री श्री.................................. निवासी............................., संविदा पर नियुक्त व्यक्ति (जिसे इसमें इसके पश्चात् "प्रथम पक्षकार" कहा गया है) और हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल के मध्य प्रमुख अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग (जिसे इसमें इसके पश्चात् "द्वितीय पक्षकार" कहा गया है) के माध्यम से आज तारीख............................... को किया गया। 5074 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 "द्वितीय पक्षकार" ने उपरोक्त प्रथम पक्षकार को लगाया है और प्रथम पक्षकार ने कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) के रूप में संविदा आधार पर निम्नलिखित निबन्धन और शर्तों पर सेवा करने के लिए सहमति दी हैः- 1. यह कि प्रथम पक्षकार कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) के रूप में............ से प्रारम्भ होने और....... को समाप्त होने वाले दिन तक एक वर्ष की अवधि के लिए द्वितीय पक्षकार की सेवा में रहेगा। यह विनिर्दिष्ट रूप से उल्लिखित किया गया है और दोनों पक्षकारों द्वारा करार पाया गया है कि प्रथम पक्षकार की द्वितीय पक्षकार के साथ संविदा, आखिरी कार्य दिवस् अर्थात्...................... दिन को स्वयंमेव ही समाप्त समझी जाएगी और सूचना नोटिस आवश्यक नहीं होगा। परन्तु वर्षानुवर्ष आधार पर संविदा के विस्तारण/नवीकरण के लिए सम्बद्ध विभागाध्यक्ष एक प्रमाण पत्र जारी करेगा कि संविदा पर नियुक्त किए गए व्यक्ति की सेवा और आचरण वर्ष के दौरान संतोषजनक रहा है और केवल तभी उसकी संविदा अवधि को नवीकृत/विस्तारित किया जाएगा।
2. प्रथम पक्षकार की संविदात्मक रकम ` 14,100/- रूपए प्रतिमास होगी ।
3. प्रथम पक्षकार की सेवा बिल्कुल अस्थाई आधार पर होगी। यदि संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का कार्य/आचरण ठीक नहीं पाया जाता है या यदि नियमित पदधारी उस रिक्ति के विरूद्ध नियुक्त/तैनात कर दिया जाता है जिसके लिए प्रथम पक्षकार को लगाया गया है तो नियुक्ति पर्यवसित (समाप्त) किए जाने के लिए दायी होगी।
4. संविदात्मक नियुक्त कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) एक मास की सेवा पूरी करने के पश्चात् एक दिन के आकस्मिक अवकाश का हकदार होगा। यह अवकाश एक वर्ष तक संचित किया जा सकेगा। संविदा पर नियुक्त कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) को किसी भी प्रकार का अन्य कोई अवकाश अनुज्ञात नहीं होगा। वह चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एल0टी0सी0 इत्यादि के लिए भी हकदार नहीं होगा। केवल प्रसूति अवकाश नियमानुसार दिया जाएगा।
5. नियन्त्रक अधिकारी के अनुमोदन के बिना कत्र्तव्य (ड्यूटी) से अनधिकृत अनुपस्थिति से स्वतः ही संविदा का पर्यवसान (समापन) हो जाएगा। संविदात्मक नियुक्त कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) ड्यूटी से अनुपस्थिति की अवधि के लिए संविदात्मक रकम का हकदार नहीं होगा। 6. संविदा पर नियुक्त व्यक्ति जिसने तैनाती के एक स्थान पर पांच वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है, आवश्यकता के आधार पर स्थानान्तरण हेतु पात्र होगा जहां कहीं भी प्रशासनिक आधार पर ऐसा करना अपेक्षित हो।
7. चयनित अभ्यर्थी को सरकारी/रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी से अपना आरोग्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। महिला अभ्यर्थियों की दशा में, बारह सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था प्रसव होने तक, उसे अस्थाई तौर पर अनुपयुक्त बना देगी। महिला अभ्यर्थ्ाियों का किसी प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी/व्यवसायी द्वारा उपयुक्तता के लिए पुनः परीक्षण किया जाना चाहिए।
8. संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का यदि अपने पदीय कत्र्तव्यों के सम्बन्ध में दौरे पर जाना अपेक्षित हो, तो वह उसी दर पर, जैसी कि नियमित प्रतिस्थानी कर्मचारी को वेतनमान के न्यूनतम पर लागू है यात्रा भत्ते/दैनिक भत्ते का हकदार होगा/होगी।
9. संविदात्मक नियुक्त व्यक्ति(यों) को सामूहिक जीवन बीमा योजना के साथ-साथ ई0पी0एफ0/ जी0पी0एफ0 भी लागू नहीं होगा।5075 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 इसके साक्ष्यस्वरूप प्रथम पक्षकार और द्वितीय पक्षकार ने साक्षियों की उपस्थिति में सर्वप्रथम उल्लिखित तारीख को अपने-अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं।
साक्षी की उपस्थिति में 1........................................... 2.......................................... ........................................... .............................................. (नाम व पूरा पता) (नाम व पूरा पता)
(प्रथम पक्षकार के हस्ताक्षर) साक्षी की उपस्थिति में 1........................................... 2.......................................... ........................................... .............................................. (नाम व पूरा पता) (नाम व पूरा पता)
(प्रथम पक्षकार के हस्ताक्षर)5076 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 जनवरी, 2012/22 पौष, 1933 नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित