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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 227, 09 February 2012

Published 09 February 2012

Gazette no.
227
Gazetteid
227/GAZETTE/2012-09/02/2012
Identifier
in.gazette.himachal.2012-02-09.227_gazette_2012-09_02_2012
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला, वीरवार 9 फरवरी, 2012/20 माघ 1933

हिमाचल प्रदेश सरकार

विधि विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 8 फरवरी, 2012

संख्या एल0एल0आर0-डी0 (6)-32/2011-लेज.-हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 200 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 3-2-2012 को अनुमोदित पंजाब एक्साइज (हिमाचल प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2011(2011 का विधेयक संख्यांक 28) को वर्ष 2012 के अधिनियम संख्यांक 6 के रूप में संविधान के अनुच्छेद 348 (3) के अधीन उसके अंग्रेजी प्राधिकृत पाठ सहित हिमाचल प्रदेश राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित करती हैं।

आदेश द्वारा, अवतार चन्द डोगरा, प्रधान सचिव (विधि)। 227-राजपत्र/2012-9-2-2012 (5695)5696 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 2011 का अधिनियम संख्यांक 6

पंजाब एक्साइज़ (हिमाचल प्रदेश संंशोधन) अधिनियम, 2011

(राज्यपाल महोदया द्वारा तारीख 3 फरवरी, 2012 को यथाअनुमोदित)

पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 (1966 का 31) की धारा 5 के अधीन हिमाचल प्रदेश में जोड़े गए क्षेत्रों में यथा प्रवृत्त; और प्रथम नवम्बर, 1966 से ठीक पूर्व हिमाचल प्रदेश में समाविष्ट क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश (विधियों का लागू होना) आदेश, 1948 और बिलासपुर (विधियों का लागू होना) आदेश, 1949 द्वारा यथा लागू, पंजाब एक्साइज़ ऐक्ट, 1914 (1914 का पंजाब अधिनियम संख्यांक 1) का और संशोधन करने के लिए अधिनियम।

भारत गणराज्य के बासठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधानसभा द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :--

1. संक्षिप्त नाम.--इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम पंजाब एक्साइज़ (हिमाचल प्रदेश संंशोधन) अधिनियम, 2011 है।

2. धारा 27 का संशोधन.--पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 5 के अधीन हिमाचल प्रदेश में जोड़े गए क्षेत्रों में यथा प्रवृत्त और प्रथम नवम्बर, 1966 से ठीक पूर्व हिमाचल प्रदेश में समाविष्ट क्षेत्रों में लागू पंजाब एक्साइज़ ऐक्ट, 1914 की धारा 27 की उपधारा (1) में, "State Government may lease to any man" और "Country liquor or intoxicating drug", शब्दों के स्थान पर क्रमशः "Financial Commissioner (Excise) may lease or sub-lease to any person" और "excisable article" शब्द और चिन्ह रखे जाएंगे।

3. 2011 के अध्यादेश संख्यांक 3 का निरसन और व्यावृतियां.--(1) पंजाब एक्साइज़ (हिमाचल प्रदेश संशोधन) अध्यादेश, 2011 का एतद्‌द्वारा निरसन किया जाता है।

(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, इस प्रकार निरसित अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या कार्रवाई, इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबन्धों के अधीन की गई समझी जाएगी।

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AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT

Act No. 6 of 2012

THE PUNJAB EXCISE (HIMACHAL PRADESH AMENDMENT) ACT, 2011

(AS ASSENTED TO BY THE GOVERNOR ON 3RD FEBRUARY, 2012)

AN

ACT

further to amend the Punjab Excise Act, 1914 (Punjab Act No.1 of 1914) as in force in the

areas added to Himachal Pradesh under section 5 of the Punjab Re-Organization Act, 1966(31 of

1966); and as applied to the areas which comprised in Himachal Pradesh immediately before the

1st day of November, 1966, vide the Himachal Pradesh (Application of Laws) Order, 1948 and the

Bilaspur (Application of Laws) Order, 1949.

5697 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933

BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Sixty-second Year of the Republic of India as follows:—

1. Short title.—This Act may be called the Punjab Excise (Himachal Pradesh Amendment Act, 2011.

2. Amendment of section 27.—In section 27 of the Punjab Excise Act, 1914, as in force in the areas added to Himachal Pradesh under section 5 of the Punjab Re-Organization Act, 1966, and as applied to the areas which comprised in Himachal Pradesh immediately before the 1st day of November, 1966, in sub-section (1), for the words "State Government may lease to any man" and "country liquor or intoxicating drug", the words and signs "Financial Commissioner (Excise) may lease or sub-lease to any person" and "excisable article" shall respectively be substituted.

3. Repeal of Ordinance No. 3 of 2011 and savings.—(1) The Punjab Excise (Himachal Pradesh Amendment) Ordinance, 2011 is hereby repealed.

(2) Notwithstanding such repeal, anything done or any action taken under the Ordinance so repealed shall be deemed to have been done or taken under the corresponding provisions of this Act.

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विधि विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 8 फरवरी, 2012

संख्या एल0एल0आर0-डी0 (6)-30/2011-लेज.-हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 200 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 1-2-2012 को अनुमोदित हिमाचल प्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2011(2011 का विधेयक संख्यांक 26) को वर्ष 2012 के अधिनियम संख्यांक 5 के रूप में संविधान के अनुच्छेद 348 (3) के अधीन उसके अंग्रेजी प्राधिकृत पाठ सहित हिमाचल प्रदेश राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित करती हैं।

आदेश द्वारा, अवतार चन्द डोगरा, प्रधान सचिव (विधि)।

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2012 का अधिनियम संख्यांक 5 हिमाचल प्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2011

(राज्यपाल महोदया द्वारा तारीख 1 फरवरी, 2012 को यथाअनुमोदित)

भारत गणराज्य के बासठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः- 5698 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 1. संक्षिप्त नाम.--इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2011 है ।

"(xiii) इनडोर और साहसिक खेलों सहित खेलों का सबंर्धन, किन्तु अवसर और बाजी लगाने के खेल इसमें सम्मिलित नहीं होंगे; और

(xiv) कोई अन्य पूर्त या कल्याणकारी उद्‌देश्य जिसे राज्य सरकार, राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा अधिसूचित करें।"।

3. धारा 8 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 8 के खण्ड (xii) के स्थान पर निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्‌ः-

"(xii) इस शर्त के लिए कि अधिशेष, यदि कोई हो, को सोसाइटी सदस्यों के बीच वितरित नहीं करेगी ;"।

4. धारा 9 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 9 में,-

(क) उपधारा (5) में ", इस अधिनियम के प्रारम्भ की तारीख के नब्बे दिन की अवधि के भीतर " चिन्ह और शब्दों का लोप किया जाएगा;

(ख) उपधारा (5) के परन्तुक का लोप किया जाएगा ।

5. धारा 35 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 35 की उपधारा (2) के द्वितीय परन्तुक में "पांच लाख" शब्दों के स्थान पर "बीस लाख" शब्द रखे जाएंगे ।

6. धारा 42 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 42 की उपधारा (1) के स्थान पर निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ः-

"(1) यदि सोसाइटी के क्रियाकलापों से सम्बन्धित किसी मामले की बाबत शासी निकाय या सोसाइटी के सदस्य या भूतपूर्व सदस्यों या इसके कर्मचारियों या भूतपूर्व कर्मचारियों के मध्य कोई विवाद उत्पन्न होता है तो शासी निकाय का कोई सदस्य या भूतपूर्व सदस्य या सोसाइटी का कर्मचारी या भूतपूर्व कर्मचारी ऐसे विवाद को रजिस्ट्रार को विनिश्चय हेतु निर्दिष्ट कर सकेगा, जो, या तो स्वयं विवाद का विनिश्चय करेगा या ऐसे विवाद को निपटारे के लिए सरकार के किसी अन्य अधिकारी को, जो उसके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किया जा सके, निर्दिष्ट करेगा।"।

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AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT

Act No. 5 of 2012.

THE HIMACHAL PRADESH SOCIETIES REGISTRATION (AMENDMENT) ACT, 2011

(AS ASSENTED TO BY THE GOVERNOR ON 1ST FEBRUARY, 2012)

AN

ACT

further to amend the Himachal Pradesh Societies Registration Act, 2006 (Act No. 25 of 2006).

5699 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933

BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Sixty-second Year of the Republic of India as follows:—

1. Short title.—This Act may be called the Himachal Pradesh Societies Registration (Amendment) Act, 2011.

2. Amendment of section 1.—In section 1 of the Himachal Pradesh Societies Registration Act, 2006 (hereinafter referred to as the "principal Act"), in sub-section(3), after clause (xii), the following clauses shall be inserted, namely:—

"(xiii) promotion of Sports, including in-door and adventure games but excluding games of chance and betting; and

(xiv) any other charitable or welfare object as the State Government may, by notification published in the Official Gazette, notify.".

3. Amendment of section 8.—In section 8 of the principal Act, for clause (xii), the following clause shall be substituted, namely:—

"(xii) the condition that the Society shall not distribute surplus, if any, among members,".

4. Amendment of section 9.—In section 9 of the principal Act,—

(a) in sub-section (5), the words and signs "within a period of ninety days from the date of commencement of this Act" shall be omitted.; and

(b) the proviso to sub-section (5) shall be omitted.

5. Amendment of section 35.—In section 35 of the principal Act, in sub-section (2), in second proviso, for the words "five lac", the words "twenty lac" shall be substituted.

6. Amendment of section 42.— In section 42 of the principal Act, for sub-section (1), the following sub-section shall be substituted, namely:—

"(1) If any dispute arises among the governing body or the members or ex-members of the Society or its employees or ex-employees in respect of any matter relating to the affairs of the Society, any member or ex-member of governing body or employee or ex- employee of the Society may refer such dispute to the Registrar for decision, who may either decide the dispute himself or refer such dispute to any other officer of the Government for disposal, as may be authorized by him in this behalf.".

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लोक निर्माण विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 2 फरवरी, 2012

संख्या पी.बी.डब्लयू(बी)एफ (5)212/2008.--यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामत गांव रिट, तहसील पालमपुर, जिला कांगड़ा में भवारना-जयसिंहपुर सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌द्वारा यह अधिसूूिचत किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।5700 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियाेंं को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्र्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस (30) दिन की अवधि के भीतर भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के समक्ष लिखित आपत्ति दायर कर सकता हैं।

विवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र है0 में कांगड़़ जयसिंहपुर रिट 1433/1 0-04-37 1442/2/1 0-01-82 1480/2/1 0-00-25 कुल जोड़ किता-3 0-06-44

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।

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लोक निर्माण विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 2 फरवरी, 2012

संख्या पी.बी.डब्लयू(बी)एफ (5)85/2011.--यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामत गांव वन्छुना एवं तन्दाली, तहसील रोहड़ू, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश में ठियोग-कोटखाई-हाटकोटी सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌द्वारा यह अधिसूूिचत किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियाेंं को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्र्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस (30) दिन की अवधि के भीतर भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, (दक्षिण क्षेत्र), विन्टर फिल्ड, शिमला के समक्ष लिखित आपत्ति दायर कर सकता हैं।5701 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 विवरणी जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र (हैक्टेयर में) शिमला रोहडू वन्छुना 1674/1 136 0-07-12 2102 0-25-86 2096 0-23-16 किता-3 0-56-14 शिमला रोहडू तन्दाली 199 0-01-94 200 0-01-63 202 0-09-37 224 0-04-48 196 0-00-50 168 0-00-90 कुल जोड कित्ता-6 0-18-82

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।

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लोक निर्माण विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 2 फरवरी, 2012

संख्या पी.बी.डब्लयू(बी)एफ (5)83/2011.--यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामत गांव सल्याण दोयम, तहसील कोटखाई, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश में ठियोग-कोटखाई-हाटकोटी सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌द्वारा यह अधिसूूिचत किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियाेंं को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्र्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस (30) दिन की अवधि के भीतर भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, (दक्षिण क्षेत्र), विन्टर फिल्ड, शिमला के समक्ष लिखित आपत्ति दायर कर सकता हैं।

विवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र (हैक्टेयर में) शिमला कोटखाई सल्याण दोयम 301/2 0-05-53 302 0-00-65 303 0-03-375702 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 308 0-00-95 309 0-01-69 310 0-16-49 कुल जोड़ किता-6 0-28-81

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।

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लोक निर्माण विभाग

शुद्धि पत्र

शिमला-2, 24 जनवरी, 2012

सं0पी0बी0डब्ल्यू0(बी0)एफ(5)30/2008.--इस विभाग द्वारा भू अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 4 के अन्र्तगत जारी समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 25-11-2011 (गांव कस्वाड़, तहसील कांगडा, जिला कांगडा) के अधिक्रमण में "गांव कस्वाड के स्थान पर गांव कस्वाडा" व पैरा न0 5 में "भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (म0 क्षेत्र) मण्डी के स्थान पर भू-अर्जन समाहर्ता हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (का0 क्षेत्र) कांगडा" तथा पृष्ठांकन क्रम संख्या 3 में "जिला समाहर्ता (उपायुक्त) जिला हमीरपुर के स्थान पर जिला समाहर्ता (उपायुक्त) जिला कांगडा" व क्रम संख्या 6 में "भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (म0 क्षेत्र) मण्डी के स्थान पर भू-अर्जन समाहर्ता हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (का0 क्षेत्र) कांगडा" पढ़़ा जाए ।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- अति0 मुख्य सचिव (लोक निर्माण)।

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बहुउद्देशीय परियोजनाऐं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 27 जनवरी, 2012

संख्या विद्युत-छः (5)-27/2011.-यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम सीमित, जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है, के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः उप-महाल कांशग गेतिड.े, तहसील कल्पा, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश में कांशग जल विद्युत परियोजना चरण-। के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अति आवश्यक अपेक्षित है। अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है को उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश5703 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई ऐसा हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो, तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनाें की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम सीमित, उाम भवन, शिमला-4 के कार्यालय में किया जा सकता हैं।

विवरणी

जिला तहसील महाल खसरा नं0 रकवा (हैक्टेयर में) किन्नौर कल्पा कांशग गेतिडे़ 290 0-12-49 291 0-03-16 292 0-05-72 293/2 0-07-33 314 0-02-65 315 0-07-30 316 0-05-15 317 0-20-44 318/1 0-01-15 318/2 0-02-97 319 0-15-49 320 0-12-02 321 0-04-32 322 0-18-13 323 0-20-14 324/2 0-06-15 347 0-19-09 कुल कित्ता- 17 कुल रकवा- 01-63-70

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (विद्युत)।

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बहुउद्देशीय परियोजनाऐं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 3 फरवरी, 2012

संख्या विद्युत-छः (5)-29/2011.-यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है, के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव कयोड़, तहसील खुंडियॉं, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है। अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है को उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है। 5704 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपाि हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर लिखित रुप में भू-अर्जन समाहर्ता, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना, हमीरपुर, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के समक्ष आपति दर्ज कर सकता है।

विवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नं0 रकवा (हैक्टेयर में) कांगड़ा खुंडियां कयोड़ 195/1 0-02-03 312/1 0-00-32 313/1 0-01-16 314/1 0-00-53 316/1 0-00-66 403/1 0-00-14 404/1 0-01-40 317/1 0-00-52 484/1 0-03-22 511/1 0-04-00 512/1 0-04-11 516/1 0-02-18

कुल कित्ता- 12 कुल रकवा- 0-20-27

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (विद्युत)।

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बहुउद्देशीय परियोजनाऐं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 3 फरवरी, 2012

संख्या विद्युत-छः (5)-31/2011.-यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है, के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव टिपरी, तहसील खुंडियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है। अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है को उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।5705 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपाि हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर लिखित रुप में भू-अर्जन समाहर्ता, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना, हमीरपुर, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के समक्ष आपति दर्ज कर सकता है।

विवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नं0 रकवा (हैक्टेयर में) कांगड़ा खुंडियां टिपरी 393/1 0-04-50 396/1 0-05-55 397 0-13-58 577/1 0-01-00 606/1 0-06-00 607 0-20-52 608/1 0-07-52 609 0-10-98 610 1-24-68 कुल कित्ता- 9 कुल रकवा- 1-94-33

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (विद्युत)।

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बहुउद्देशीय परियोजनाऐं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 3 फरवरी, 2012

संख्या विद्युत-छः (5)-32/2011.-यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है, के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः मुहाल जंगल मैहफूजा मैहदूदा जीहण, तहसील नदौन, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश में धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है। अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है को उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश 5706 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपाि हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर लिखित रुप में भू-अर्जन समाहर्ता, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना, हमीरपुर, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के समक्ष आपति दर्ज कर सकता है।

विवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नं0 रकवा (हैक्टेयर में) हमीरपुर नदौन जंगल मैहफूजा 1/1 00-22-20 मैहदूदा जीहण 20 00-04-80 21 00-01-20 22 00-01-71 23 00-05-05 25 00-06-69 26 00-15-45 27 00-01-22 28 00-03-03 29 00-17-05 31/1 09-25-04 42/2 00-09-99 44/1 00-04-67 46 00-46-15 47 00-01-85 48 00-02-62 49 00-44-97 53 00-54-72 55/1 00-06-97 56/2 00-05-36 57/1 00-35-85 57/1/1 00-11-39 कुल कित्ता- 22 कुल रकवा- 12-27-98

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (विद्युत)।

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बहुउद्देशीय परियोजनाऐं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

3 फरवरी, 2012

संख्या विद्युत-छः (5)-36/2011.-यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है, के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः मुहाल आलमपुर, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा,5707 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 हिमाचल प्रदेश में धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है। अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है को उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपाि हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर लिखित रुप में भू-अर्जन समाहर्ता, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना, हमीरपुर, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के समक्ष आपति दर्ज कर सकता है।

विवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नं0 रकवा (हैक्टेयर में) कांगड़ा जयसिंहपुर आलमपुर 2939/2648/2460/1 0-05-49 2440/2648/2460/1 0-05-06 2647/2460/1 0-17-13 2465/1 0-01-90 कुल कित्ता- 4 कुल रकवा- 0-29-58

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (विद्युत)।

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बहुउद्देशीय परियोजनाऐं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 3 फरवरी, 2012

संख्या विद्युत-छः (5)-37/2011.-यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है, के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः मुहाल लियुण्डा, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है। अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है को उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है। 5708 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपाि हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर लिखित रुप में भू-अर्जन समाहर्ता, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना, हमीरपुर, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के समक्ष आपति दर्ज कर सकता है।

विवरणी

जिला तहसील मुहाल खसरा नं0 रकवा (हैक्टेयर में) कांगड़ा जयसिंहपुर लियुण्डा 702 0-02-10 703 0-02-20 704 0-03-69 705 0-03-70 कुल कित्ता- 4 कुल रकवा- 0-11-69

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (विद्युत)।

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बहुउद्देशीय परियोजनाऐं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 3 फरवरी, 2012

संख्या विद्युत-छः (5)-41/2011.-यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है, के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः मुहाल डल्ली, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है। अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है को उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपाि हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर लिखित रुप में भू-अर्जन समाहर्ता, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना, हमीरपुर, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के समक्ष आपति दर्ज कर सकता है।5709 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 विवरणी जिला तहसील गांव खसरा नं0 रकवा (हैक्टेयर में) कांगड़ा जयसिंहपुर डल्ली 125 0-08-09 137/1 0-02-09 138 0-10-52 233 0-03-48 234 0-04-88 235 0-06-98 236 0-02-76 237 0-20-59 238 0-09-50 239 0-00-77 240 0-03-60 241 0-02-00 242 0-09-86 243 0-00-49 244 0-07-91 245 0-13-31 246 0-18-66 247 0-09-36 248 0-06-30 249 0-09-34 250 0-26-76 251 0-07-74 252/1 0-06-44 254 0-05-08 255 0-05-42 256 0-03-60 257 0-01-62 385/1 0-04-72 584 0-00-40 585 0-00-77 कुल कित्ता- 30 कुल रकवा-2-13-04

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (विद्युत)।

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आयुर्वेद विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 27 अगस्त, 2011

संख्या आयु0-ए-(3)-8/87-1.-हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तकु द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, हिमाचल प्रदेश आयुर्वेद विभाग में वार्ड सिस्टर वर्ग-III (अराजपत्रित) के पद के लिए इस अधिसूचना से संलग्न उपाबन्ध-''क'' के अनुसार, भर्ती और प्रोन्नति नियम, बनाती हैं, अर्थात्‌ः-5710 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.-(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश आयुर्वेद विभाग, वार्ड सिस्टर वर्ग-III (अराजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2011 है।

(2) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 2. निरसन और व्यावृत्तियां.-(1) इस विभाग की अधिसूचना संख्या हेल्थ-ए-(3)-8/87 तारीख 17.7.1996 द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश भारतीय चिकित्सा पद्धति और होम्योपैथी विभाग, वार्ड सिस्टर वर्ग-III (अराजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 1996 का एतद्‌द्वारा निरसन किया जाता है।

(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी उपर्युक्त उप नियम (1) के अधीन इस प्रकार निरसित सुसंगत नियमों के अधीन की गई कोई नियुक्ति बात या कार्रवाई इन नियमों के अधीन विधिमान्य रूप में की गई समझी जाएगी।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आयुर्वेद)।

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उपाबन्ध-''क'' आयुर्वेद विभाग हिमाचल प्रदेश में वार्ड सिस्टर (अराजपत्रित) वर्ग-III के पद के लिए भर्ती और प्रोन्नति नियम 1. पद नाम.-वार्ड सिस्टर।

2. पदों की संख्या.-3 (तीन)।

3. वर्गीकरण.-वर्ग-III (अराजपत्रित)।

3. वेतनमान.- रु0 : 10300-34800 जमा रु0 : 3600 ग्रेड पे। 4. 5. चयन पद अथवा अचयन पद.-अचयन ।

6. सीधी भर्ती किए जाने के लिए आयु.-लागू नही।

7. सीधी भर्ती किये जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षणिक और अन्य अहर्ताएं.- (क) अनिवार्य अहर्ता(एं) : लागू नहीं। (ख) वांछनीय अहर्ता(एं) लागू नहीं।

8. सीधी भर्ती किये जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षणिक अहर्ताएं प्रोन्नति की दशा में लागू होगी या नहीं.-आयु : लागू नहीं । शैक्षणिक अहर्ताएं : लागू नहीं।

9. परिवीक्षा की अवधि यदि कोई हो.-दो वषर्, जिसका एक वर्ष से अनधिक ऐसी और अवधि के लिए विस्तार किया जा सके, जैसा सक्षम प्राघिकारी विशेष परिस्थितियों में और लिखित कारणों से आदेश दें। 10. भर्ती की पद्धति, भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति या प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता.-शतप्रतिशत प्रोन्नति द्वारा ।

11. प्रोन्नति प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां (ग्रेड) जिनसे प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति/ स्थानान्तरण किया जाएगा.-स्टाफ नर्स में से जिसने स्टाफ नर्स के लिए विहित अहर्ताएं पूर्ण की हो और जिसका पांच वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई निरन्तर तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, सहित पांच वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, में से प्रोन्नति द्वारा।5711 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 परन्तु प्रोन्नति प्रयोजन के लिए प्रत्येक कर्मचारी को जनजातीय/दुर्गम क्षेत्रों में पद (पदों) की ऐसे क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या की उपलब्धता के अध्यधीन, कम से कम एक कार्यकाल तक सेवा करनी होगी :

परन्तु यह और कि उपर्युक्त परन्तुक (1) उन कर्मचारियों के मामले में लागू नहीं होगा जिनकी अधिवर्षिता के लिए पांच वर्ष या उससे कम की सेवा शेष रही हो :

परन्तु यह और भी कि उन अधिकारियों/कर्मचारियों को, जिन्होंने जनजातीय/दुर्गम क्षेत्र में कम से कम एक कार्यकाल तक सेवा नहीं की है, ऐसे क्षेत्र में उसके अपने संवर्ग (काडर) में सर्वथा वरिष्ठता के अनुसार स्थानान्तरण किया जाएगा ।

स्पष्टीकरण-1.-उपर्युक्त परन्तुक के प्रयोजन के लिए जनजातीय दुर्गम क्षेत्रों में ''कार्यकाल'' से साधारणतया तीन वर्ष की अवधि या प्रशासनिक अपेक्षाओं और कर्मचारी द्वारा किए गए कार्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे क्षेत्रों में तैनाती की इससे कम अवघि अभिप्रेत होगी।

स्पष्टीकरण-2.-उपर्युक्त परन्तुक के प्रयोजन के लिए जनजातीय/दुर्गम क्षेत्र निम्न प्रकार से होंगे :

1. जिला लाहौल एंव स्पिति । 2. चम्बा जिला का पॉगी और भरमौर उप मण्डल । 3. रोहडू उप मण्डल का डोडरा क्वार क्षेत्र । 4. जिला शिमला की रामपुर तहसील का प्रन्द्रह बीस परगना, मुनीष,दरकाली और ग्राम पंचायत काशापाट।

5. कुल्लू जिला का पन्द्रह बीस परगना । 6. कॉगडा जिला के बैजनाथ उप मण्डल का बडा भंगाल क्षेत्र । 7. जिला किन्नौर । 8. सिरमौरै जिला में उप तहसील कमराउ के कठवाड और कोरगा पटवार वृत्त, रेणुकाजी तहसील के भलाड भलोना और संगना पटवार वृत्त, और शिलाई तहसील का कोटा पाव पटवार वृत्त। 9. मण्डी जिला में करसोग तहसील का खन्योल बगडा पटवार वृत्त, बाली चौकी उप तहसील के गाडा गोसाई, मठयानी, घनयाड़ थाची, बागी, सोमगाड़ और खोलानाल, पद्धर तहसील के झारवाड़ कुटगढ,़ ग्रामन, देवगढ,़ टै्रला, रोपा, कथोग, सिल्ह भड़वानी, हस्तपुर, घमरेड,़ और भटेढ़ पटवार वृत्त, थुनाग तहसील के चियुनी, कालीपार, मानगढ,़ थाच बगड़ा उत्तरी मगरू और दक्षिण मगरू पटवार वत्ृत और सुन्दरनगर तहसील का बटवाड़ा पटवार वृत्त । (1) प्रोन्नति के सभी मामलों में पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, प्रोन्नति के लिए इन नियमों में यथाविहित सेवाकाल के लिए, इस शर्त के अधीन रहते हुए गणना में ली जायेगी, कि सम्भरक प्रवर्ग में तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार चयन की उचित स्वीकार्य प्रकिया को अपनाने के पश्चात की गई थीः

परन्तु उन सभी मामलों में जिनके कोई कनिष्ठ व्यक्ति सम्भरक पद में अपने कुल सेवाकाल (तदर्थ आधार पर की गई तदर्थ सेवा सहित, जो नियमित सेवा/नियुक्ति के अनुसरण में हो) के आधार पर उपयुक्त निर्दिष्ट उपबन्धों के कारण विचार किए जाने का पात्र हो जाता है, वहां अपने-अपने प्रवर्ग/पद/काडर में उससे वरिष्ठ सभी व्यक्ति विचार किए जाने के पात्र समझे जायेंगे और विचार करते समय कनिष्ठ व्यक्ति से ऊपर रखें जायेंगेः

परन्तु यह और कि उन सभी पदधारियों की, जिन पर प्रोन्नति के लिए विचार किया जाना है, की कम से कम तीन वर्ष न्यूनतम अहर्ता सेवा या पद के भर्ती और प्रोन्नति नियमों में विहित सेवा, जो भी कम हो, होगी :

परन्तु यह और भी कि जहां कोई व्यक्ति पूर्वगामी परन्तुक की अपेक्षाओं के कारण प्रोन्नति किए जाने सम्बन्धी विचार के लिए अपात्र हो जाता है, वहां उससे कनिष्ठ व्यक्ति भी ऐसी प्रोन्नति के विचार के लिए अपात्र समझा जाएगा/समझे जाएंगे। 5712 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 स्पष्टीकरण.-अंतिम परन्तुक के अन्तर्गत कनिष्ठ पदधारी प्रोन्नति के लिए अपात्र नहीं समझा जाएगा। यदि वरिष्ठ अपात्र व्यक्ति भूतपूर्व सैनिक है जिसे डिमोबीलाइज्ड आर्मड फोर्सिज परसोनल (रिजर्वेशन आफ वैकन्सिज इन हिमाचल स्टेट नान टैक्नीकल सर्वीसीज) रूल्ज 1972 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्र्तगत भर्ती किया गया है और इसके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गये हो या जिसे एक्स-सर्वीसमैन (रिजर्वेशन आफ वैकेन्सीज इन दी हिमाचल प्रदेश टैक्नीकल सर्वीसीज) रूल्ज, 1985 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया हो और इसके अन्र्तगत वरीयता लाभ दिए गये हों।

(2) इसी प्रकार स्थाईकरण के सभी मामलों में ऐसे पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक पद पर की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, सेवाकाल के लिए गणना में ली जाएगी, यदि तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति उचित चयन के पश्चात और भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार की गई थी :

परन्तु की गई उपयुक्त निर्दिष्ट तदर्थ सेवा को गणना में लेने के पश्चात जो स्थाईकरण होगा उसके फलस्वरूप पारस्परिक वरीयता अपरिवर्तित रहेगी ।

12. यदि विभागीय प्रोन्नति समिति, विद्यमान हो तो उसकी संरचना.-जैसा कि सरकार द्वारा समय-समय पर गठित की जाए।

13. भर्ती करने में जिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग आयोजन से परामर्श किया जायेगा.-जैसाकि विधि द्वारा अपेक्षित है ।

14. सीधी भर्ती किये जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षाएं.-लागू नहीं।

15. सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.-लागू नहीं।

16. आरक्षण.-सेवा में नियुक्ति हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर अनुसूचित जातियों/ अनुसूचित जनजातियों/अन्य पिछड़े वर्गों और अन्य प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिए सेवाओं में आरक्षण की बावत जारी किए गए आदेशों के अधीन होगी ।

17. विभागीय परीक्षा.-लागू नहीं ।

18. शिथिल करने की शक्ति.-जहां राज्य सरकार की यह राय हो कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह कारणों को लिखित में अभिलिखित करके और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, आदेश द्वारा, इन नियमों के किन्ही उपबन्धों को किसी वर्ग या व्यक्तियों के प्रवर्ग या पदों की बावत शिथिल कर सकेगी ।

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[Authoritative English Text of this Department's Notification No. Ayur-A(3)-8/87-Part-I

dated 27th August, 2011 as required under clause (3) of Article 309 of the Constitution of India].

AYURVEDA DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-171002, the 27th August, 2011

No. Ayu-A (3)-8/87-Part-I.—In exercise of the powers conferred by proviso to Article 309 of the Constitution of India the Governor of Himachal Pradesh, in consultation with HP Public Service Commission, is pleased to make the Recruitment and Promotion Rules for the post of Ward Sister (Class-III Non-Gazetted) in the Department of Ayurveda, Himachal Pradesh,as per Annexure-A attached to this notification, namely :-

5713 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933

1. Short title & Commencement.—(1) These rules may be called the Himachal Pradesh Department of Ayurveda, Ward Sister, Class-III (Non-Gazetted) Recruitment & Promotion Rules, 2011.

(2) These rules shall come into force from the date of publication in official Gazette.

2. Repeal & Savings.—(1) The Himachal Pradesh Department of Indian System of Medicine & Homeopathy, Ward Sister (Class-III Non-Gazetted) Recruitment & Promotion Rules, 1996 notified vide this Department's Notification No.Health -A(3)- 8/87 dated 17-7-1996 are hereby repealed.

(2) Notwithstanding such repeal, any appointment made or anything done or any action taken under the relevant rules so repealed under sub rule (1) supra shall be deemed to have been validly made, done or taken under these rules.

By order, Sd/- Principal Secretary (Ayurveda).

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Annexure-A

RECRUITMENT & PROMOTION RULES FOR THE POST OF WARD SISTER (NON-

GAZETTED) CLASS-III IN THE DEPARTMENT OF AYURVEDA IN HIMACHAL

PRADESH

1. Name of Post.—Ward Sister

2. Number of post(s) .—03 (Three)

3. Classification.—Class-III (Non- Gazetted)

4. Scale of pay.—Rs.10300-34800 plus Rs. 3600/- Grade Pay.

5. Whether "Selection" post or "Non-Selection" post.—Non Selection.

6. Age for direct recruitment.—Not applicable.

7. Minimum Educational & other Qualifications required for direct recruit(s) .— (a) Essential Qualification (s): Not applicable. (b) Desirable Qualification(s): Not applicable.

8. Whether age and educational qualification(s) prescribed for direct recruit(s) will apply in the case of the Promotee(s) .—Age : Not applicable. Educational Qualifications: Not applicable.

9. Period of probation, if any.—Two years subject to such further extension for a period not exceeding one year as may be ordered by the competent authority in special circumstances and reasons to be recorded in writing.

10. Method(s) of recruitment whether by direct recruitment or by promotion

deputation, transfer and the percentage of posts to be filled in by various methods.—100% by

promotion.

5714 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933

11. In case of recruitment by promotion, deputation transfer grade from which promotion/deputation transfer is to be made.—By Promotion from amongst the Staff Nurses who possess the essential qualification which prescribed for the post of Staff Nurse with five years regular service or regular combined with continuous adhoc service rendered, if any, in the grade.

Provided that for the purpose of promotion every employee shall have to serve at least one term in the Tribal/Difficult areas subject to adequate number of post(s) available in such areas:

Provided further that the proviso (I) supra shall not be applicable in the case of those employees who have five years or less service, left for superannuation.

Provided further that Officers/Officials who have not served at least one tenure in Tribal/difficult area shall be transferred to such area strictly in accordance with his/her seniority in the respective cadre.

Explanation-I.—For the purpose of proviso I supra the "term" in Tribal/Difficult areas shall mean normally three years of less period of posting in such areas keeping in view the administrative requirements and performance of the employee.

Explanation-II.—For the purpose of proviso I supra the Tribal/Difficult areas shall be as under:-

1. District Lahaul & Spiti.

2. Pangi & Bharmour Sub Division of Chamba District.

3. Dodra Kawar Area of Rohru Sub Division.

4. Pandrah Bis Pargana,Munish Darkali and Gram panchyat Kashapat,Gram Panchyats of Rampur Tehsil of District Shimla.

5. Pandrah Bis Pargana of Kullu District.

6. Bara Bhangal Areas of Baijnath Sub Division of Kangra District.

7. District Kinnaur.

8. Kathwar and Korga Patwar Circles of Kamrau Sub Tehsil Bhaladh Bhalona and Sagna Patwar Circles of Renukaji Tehsil and Kota Pab Patwar Circle of Shillai Tehsil in Sirmour District.

9. Khanyol-Bagra Patwar Circle of Karsog Tehsil ,Gada Gussaini, Matyani, Ghanyar, Thachi, Baggi,Somgad and Kholanal of Bali Chowki Sub Tehsil Jharwar,Kutgarh Graman, Devgarh, Trailla, Ropa, Kathog,Silh-Badhwani, Hastpur, Ghamrehar and Bhatehar Patwar Circle of Padhar Tehsil, Chiuni, Kalipar,Mangarh,Thach- Bagra,North Magru and South Magru Patwar Circles of Thunag Tehsil and Batwara Patwar Circle of Sunder Nagar Tehsil in Mandi District.

(1) In all cases of promotion, the continuous adhoc service rendered in the feeder post, if any, prior to regular appointment to the post shall be taken into account towards the length of service as prescribed in these Rules for promotion subject to the condition that the adhoc appointment/promotion in the feeder category had been made after following proper acceptable process of selection in accordance with the provision of R & P rules.

5715 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933

Provided that in all cases where a junior person becomes eligible for consideration by virtue of his/her total length of service (including the servicer rendered on adhoc basis, followed by regular service/appointment) in the feeder post in view of the provision referred to above, all persons senior to him/her in the respective category/post/cadre shall be deemed to be eligible for consideration and placed above the junior person in the field of consideration. Provided that all incumbents to be re-considered for promotion shall possess the minimum qualifying service of at least three years or that prescribed in the Recruitment and Promotion rules for the post, whichever is less;

Provided further that where a person becomes ineligible to be considered for promotion on account of the requirements of the preceding proviso, the person(s) junior to him/her shall also be deemed to be ineligible for consideration for such promotion.

EXPLANATION.—The last proviso shall not render the junior incumbent(s) ineligible for consideration for promotion if the senior ineligible person(s) happened to be ex-servicemen recruited under the provisions of Rule-3 of the Demobilized Armed Forces personnel (Reservation of vacancies in Himachal Pradesh State Non-Technical Services) Rule, 1972 and having been given the benefit of seniority there-under or recruited under the provisions of Rule-3 of of Ex-Servicemen (Reservation of vacancies in the Himachal Pradesh Technical Services) Rules, 1985 and having been given the benefit of seniority there-under.

(2) Similarly, in all cases of confirmation, adhoc service rendered on the feeder post, if any, prior to the regular appointment/promotion against such post shall be taken into account towards the length of service, if the adhoc appointment/ promotion had been made after proper selection and in accordance with the provision of the R & P Rules.

Provided that the inter-se-seniority as a result of confirmation after taking into account, adhoc services rendered as referred to above shall remain unchanged.

12. If a Departmental Promotion Committee exits, what is its composition.—As may be constituted by the Government from time to time.

13. Circumstances under which the H.P.S.S.C is to be consulted in making recruitment.—As required under the law.

14. Essential requirement for a direct recruitment.—Not applicable.

15. Selection for appointment to post by direct recruitment.—Not applicable.

16. Reservation.—The appointment to the service shall be subject to orders regarding reservation in the service for scheduled castes/scheduled tribes/other backward classes/other category of persons issued by the Himachal Pradesh. Government from time to time.

17. Departmental Examination.— Not applicable.

18. Powers to relax.—Where the State Government is of the opinion that it is necessary or expedient to do so, it may, by order for reasons to be recorded in writing and in consultation with the H.P. Public Service Commission relax any of the Provision(s) of these Rules with respect to any class or category of person(s) or post(s).

5716 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933

HIMACHAL PRADESH ELECTRICITY REGULATORY COMMISSION

Keonthal Commercial Complex, Khalini, Shimla-171002

Corrigendum

Shimla-2, 8th February, 2012

No. HPERC/dis./479.- In the Notification dated 1st February, 2012, published at pages 5445-5449 in the H.P. Rajpatra issue dated 2nd February, 2012, the words "in Regulation 8 of these regulations" be read as "by the Commission" in sub-regulation (2) of regulation (14-B) of draft amendment titled Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (Terms and Conditions for Determination of Wheeling Tariff and Retail Supply Tariff) (First Amendment) Regulations, 2012.

Sd/- Secretary.

________

ब अदालत श्री रमन घरसंगी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश

प्रार्थना-पत्र श्री राजेन्द्र पुत्र श्री आत्मा राम, निवासी सवाई, डाकघर क्लाथ, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.--दरख्वास्त बराए नाम की दरुस्ती इन्द्राज कब्जा काश्त करने बारे।

नोटिस बनाम आम जनता।

श्री राजेन्द्र पुत्र श्री आत्मा राम, निवासी सवाई, डाकघर क्लाथ, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश ने इस न्यायालय में आवेदन-पत्र दिया है कि उसका नाम कागजात माल में पोहलू उपनाम विंटू दर्ज किया गया है जबकि स्कूल प्रमाण-पत्र, फोटो पहचान-पत्र व परिवार रजिस्टर में उसका नाम राजेन्द्र दर्ज है जिसकी वह दरुस्ती करके कागजात माल में राजेन्द्र करवाना चाहता है। जिसे अब दर्ज करवाने के आदेश सादर फरमाए जावे।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति विशेष को राजेन्द्र पुत्र श्री आत्मा राम का माल कागजात में नाम दरुस्त करने बारे आपत्ति हो तो वह दिनांक 13-2-2012 को या इससे पूर्व अदालत हजा में अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर/एतराज मान्य न होगा तथा नियमानुसार उक्त व्यक्ति का नाम बदलने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 12-1-2011 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

रमन घरसंगी, सहायक समाहर्ता एवं तहसीलदार, मनाली, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।5717 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार, अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश श्री महेन्द्र शर्मा पुत्र श्री सनागर, निवासी पजीणा, डा0 सेवड़ा चण्डी, तहसील अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश

. . वादी।

बनाम

आम जनता, ग्राम पंचायत सेवड़ा चण्डी, तहसील अर्की

. . प्रतिवादी। इश्तहार जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

आम जनता को सूचित किया जाता है कि वादी श्री महेन्द्र शर्मा पुत्र श्री सनागर राम, निवासी पजीणा, डा0 सेवड़ा चण्डी, तहसील अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में अपनी बेटी उमा देवी की जन्म तिथि 26-8-2010 (जन्म स्थान : पजीणा) को पंजीकार के कार्यालय में पंजीकृत करने हेतु प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत दिया है। यदि किसी भी व्यक्ति को इस जन्म तिथि के पंजीकृत करने में एतराज हो तो वह दिनांक 9-2-2012 को या इससे पूर्व किसी भी कार्य दिवस में अपना एतराज लिखित या मौखिक रूप में हाजर आकर पेश कर सकता है। बाद गुजरने मियाद एतराज काबले समायत न होगा।

आज दिनांक 10-1-2012 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार, अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश।

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न्यायालय कार्यकारी दण्डाधिकारी, अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश

मिसल नं0 3/13बी ऑफ 2012

श्रीमती सुशोभना पत्नी श्री राजेश कुमार, निवासी गांव समेली, पी0 ओ0 दाड़ला, तहसील अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

पंचायत कागजात/परिवार रजिस्टर में नाम की दरुस्ती हेतु प्रार्थना-पत्र।

नोटिस बनाम आम जनता।

उपरोक्त प्रार्थना-पत्र प्रार्थिया श्रीमती सुशोभना पत्नी श्री राजेश कुमार, निवासी गांव समेली, तहसील अर्की ने इस न्यायालय में इस आशय के साथ प्रस्तुत किया है कि उसकी पुत्री का नाम पंचायत अभिलेख/परिवार रजिस्टर में नंदिनी गौतम लिखा गया है जबकि उसका नाम नम्या रखना चाहती है। सत्यता की पुष्टि हेतु उसने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ अपने ब्यान हल्फिया की छाया प्रति संलग्न की है। प्रार्थिया चाहती है कि उसकी बेटी का नाम पंचायत अभिलेख/परिवार रजिस्टर में नम्या किया जाए। इस सम्बन्ध में 5718 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 हर आम व खास को सूचित किया जाता है कि यदि इस नाम की दरुस्ती में किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वह अपने एतराज इस न्यायालय में दिनांक 9-2-2012 को प्रस्तुत कर सकता है। उक्त तिथि के पश्चात्‌ कोई भी उजर या एतराज काबले समायत नहीं होगा तथा पंचायत अभिलेख में नाम दरुस्ती के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 10-1-2012 को हमारे हस्ताक्षर तथा मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश।

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न्यायालय कार्यकारी दण्डाधिकारी, अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश

मिसल नं0 4/13बी ऑफ 2012

श्री मदन बंसल पुत्र श्री हरी राम, निवासी गांव चंदपुर, पी0 ओ0 बखालग, तहसील अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

पंचायत कागजात/परिवार रजिस्टर में नाम की दरुस्ती हेतु प्रार्थना-पत्र।

नोटिस बनाम आम जनता।

उपरोक्त प्रार्थना-पत्र प्रार्थी श्री मदन बंसल पुत्र श्री हरी राम, निवासी गांव चंदपुर, पी0 ओ0 बखालग, तहसील अर्की ने इस न्यायालय में इस आशय के साथ प्रस्तुत किया है कि उसका नाम पंचायत अभिलेख/परिवार रजिस्टर में मदन लाल लिखा गया है जबकि उसका नाम शिक्षा संबंधी अभिलेख में मदन बंसल है। सत्यता की पुष्टि हेतु उसने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ अपना ब्यान हल्फिया, परिवार रजिस्टर नकल, मैट्रिक का प्रमाण-पत्र संलग्न किया है। प्रार्थी चाहता है कि उसका नाम पंचायत अभिलेख में मदन बंसल किया जाए। इस सम्बन्ध में हर आम व खास को सूचित किया जाता है कि यदि इस नाम की दरुस्ती में किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वह अपने एतराज इस न्यायालय में दिनांक 9-2-2012 को प्रस्तुत कर सकता है। उक्त तिथि के पश्चात्‌ कोई भी उजर या एतराज काबले समायत नहीं होगा तथा पंचायत अभिलेख में नाम दरुस्ती के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 10-1-2012 को हमारे हस्ताक्षर तथा मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश।5719 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933

In the Court of Shri Lalit Sharma, Executive Magistrate (Tehsildar), Kasauli, District Solan,

Himachal Pradesh

Case No. 4/2012 Date of Institution : 12-1-2012 Date of decision : Pending for 17-2-2012 Smt. Kamaljeet wife of Shri Kirpal Singh, resident of Village Naya Nagar, P. O. Subathu, . . Applicant. Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh

Versus

General public

.. Respondent.

Application under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Smt. Kamaljeet wife of Shri Kirpal Singh, resident of Village Naya Nagar, P. O. Subathu, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh has moved an application before the undersigned under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969 alongwith affidavits and other documents that her grand daughter namely Kumari Gurkirat daughter of Sh. Satnam Singh born on 23-10-2007 at Prashar Nursing Home, Rajgarh Road near Deputy Commissioner's Office, Solan, District Solan, Himachal Pradesh but her date of birth could not be registered by the applicant in the Gram Panchayat's birth record, Jadla, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.

Therefore, by this proclamation the general public is hereby informed that any person having any objection for the registration of date of birth of Kumari Gurkirat daughter of Sh. Satnam Singh may submit his objection in writing in this court on or before 17-2-2012 at 10.00 A.M. failing which no objection will be entertained after expiry of date.

Given under my hand and seal of the court on this 12th January, 2012.

Seal.

LALIT SHARMA,

Executive Magistrate (Tehsildar),

Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.

————

In the Court of Shri Lalit Sharma, Executive Magistrate (Tehsildar), Kasauli, District Solan,

Himachal Pradesh

Case No. 31/2011 Date of Institution : 27-12-2011 Date of decision : Pending for 17-2-2012 Shri Kali Ram son of Shri Puran Chand, resident of Village Dangiyari, P. O. Rauri, Tehsil . . Applicant. Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh

Versus

General public

.. Respondent.

Application under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Shri Kali Ram son of Shri Puran Chand, resident of Village Dangiyari, P. O. Rauri, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh has moved an application before the undersigned under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969 alongwith affidavits and other documents5720 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 that his son namely Mr. Krishan Kumar born on 10-9-1991 at Village Dangari, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh but his date of birth could not be registered by the applicant in the Gram Panchayat's birth record, Rauri, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.

Therefore, by this proclamation the general public is hereby informed that any person having any objection for the registration of date of birth of Mr. Krishan Kumar son of the applicant may submit his objection in writing in this court on or before 17-2-2012 at 10.00 A.M. failing which no objection will be entertained after expiry of date.

Given under my hand and seal of the court on this 27th December, 2011.

Seal.

LALIT SHARMA,

Executive Magistrate (Tehsildar),

Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.

————

In the Court of Shri Lalit Sharma, Executive Magistrate (Tehsildar), Kasauli, District Solan,

Himachal Pradesh

Case No. 03/2012 Date of Institution : 12-1-2012 Date of decision : Pending for 18-2-2012 Shri Anil Sood son of Shri K. R. Sood, resident of House No. 247, Sector 4, Parwanoo, . . Applicant. Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh

Versus

General public

.. Respondent.

Application under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Shri Anil Sood son of Shri K. R. Sood, resident of House No. 247, Sector 4, Parwanoo, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh has moved an application before the undersigned under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969 alongwith affidavits and other documents that his daughter namely Kumari Aakriti Sood born on 18-9-1991 at House No. 78, Sector 5, Parwanoo, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh but her date of birth could not be registered by the applicant in the birth record's of Executive Officer (Registrar, Birth and Death Registration, Unit Parwanoo, H. P.) M. C. (Nagar Parishad), Parwanoo, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.

Therefore, by this proclamation the general public is hereby informed that any person having any objection for the registration of date of birth of Kumari Aakriti Sood daughter of the applicant may submit his objection in writing in this court on or before 18-2-2012 at 10.00 A.M. failing which no objection will be entertained after expiry of date.

Given under my hand and seal of the court on this 12th day of January, 2012.

Seal.

LALIT SHARMA,

Executive Magistrate (Tehsildar),

Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.

5721

राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 ब अदालत तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग हरोली, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश श्री सुरिन्द्र पाल पुत्र श्री भगत राम, निवासी गांव बटिन, तहसील हरोली, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश .. प्रार्थी।

ब्नाम

आम जनता

.. प्रतिवादी। विषय.--नाम दरुस्ती बारे प्रार्थना-पत्र।

आम जनता/सर्वसाधारण को इस नोटिस द्वारा सूचित किया जाता है कि श्री सुरिन्द्र पाल उपरोक्त ने आवेदन-पत्र इस न्यायालय में गुजार कर प्रार्थना की है कि उसकी लड़की सोनिया देवी अधीन रोल नम्बर 2226589 पंजीकरण संख्या C/1104337/173164 माध्यमिक पाठ्‌य परीक्षा (Session 2009-2011) के सभी प्रमाण-पत्रों में उसका नाम (पिता का नाम) सुरिन्द्र कुमार गलत लिखा गया है जबकि उसका सही नाम सुरिन्द्र पाल है। उक्त प्रमाण-पत्रों में उसका नाम सुरिन्द्र कुमार की बजाए सुरिन्द्र पाल दर्ज किया जाए। यदि उसका नाम सुरिन्द्र कुमार की बजाए सुरिन्द्र पाल करने बारे किसी को कोई आपत्ति/उजर- एतराज हो तो वह दिनांक 13-2-2012 को इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर होकर प्रस्तुत कर सकता है। कोई भी उजर/एतराज प्राप्त न होने की सूरत में नाम दरुस्ती कर दी जाएगी और बाद में कोई भी उजर/एतराज मान्य नहीं होगा।

आज दिनांक 17-1-2012 को हस्ताक्षर मेरे व मोहर न्यायालय से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, हरोली, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री वरिन्द्र शर्मा, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, तहसील व जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश

श्री विवेक डोगरा पुत्र श्री सोम दत डोगरा, वासी प्रेम नगर, ऊना, हिमाचल प्रदेश

बनाम

आम जनता

दरख्वास्त जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.

नोटिस बनाम आम जनता।

श्री विवेक डोगरा पुत्र श्री सोम दत डोगरा, वासी मुहल्ला प्रेम नगर, ऊना, तहसील व जिला ऊना ने इस अदालत में दरख्वास्त दी है कि उसके पुत्र आयान का जन्म गांव ऊना में दिनांक 29-7-2009 को हुआ था परन्तु इस बारे पंचायत के रिकार्ड में पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं। 5722 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 9 फरवरी, 2012/20 माघ, 1933 अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त जन्म तिथि के पंजीकरण होने बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 16-2-2012 को सुबह 10.00 बजे अधोहस्ताक्षरी के समक्ष असालतन/वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त जन्म तिथि का पंजीकरण करने के आदेश दे दिए जाएंगे।

आज दिनांक 3-1-2012 को हस्ताक्षर मेरे व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर। वरिन्द्र शर्मा, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, तहसील व जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 09 February 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2012-02-09.227_gazette_2012-09_02_2012/. Archive identifier in.gazette.himachal.2012-02-09.227_gazette_2012-09_02_2012.