राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला, शनिवार 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934
हिमाचल प्रदेश सरकार
पंचायती राज विभाग
अधिसूचना
शिमला-9, 21 जून, 2012
संख्या-पीसीएच-एचबी(15)1/11-वी0एम0-22468-25908.-राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश, ग्राम पंचायतों में वांछित परिणाम सुनिश्चित करने, पंचायतों के विभिन्न कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में पंचायत पदाधिकारियों को उत्तरदायी बनाने तथा विकास योजनाओं में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के दृष्टिगत अनुबंध-क अनुसार अटल आदर्श ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना को लागू करने के सहर्ष आदेश प्रदान करती है।
आदेश द्वारा,
हस्ता0/- प्रधान सचिव ( पंचायती राज)। 65-राजपत्र/2012-23-6-2012 (2043)2044 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 अनुबन्ध-क
अटल आदर्श ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना
पृष्ठभूमि :
परम्परागत रूप से पंचायती राज संस्थाओं को हिमाचल प्रदेश में उच्च सम्मान प्राप्त है। 24 अप्रैल, 1993 के 73 वां संविधान संशोधन लागू होने के पश्चात ग्राम पंचायत, पंचायत समिति तथा जिला परिषद का विकासात्मक कार्य के लिए योजना बनाने तथा इसके निष्पादन में इस संस्थाओं की भूमिका में बहुत अधिक वृद्धि हुई है। पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अन्र्तगत पंचायतों को ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक गतिविधियों के क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान की गई है तथा विभिन्न विभाग पंचायतों को एक बुिनयादी इकाई के रूप में मानते हैं, क्याेंकि ये संस्थाएं योजना तैयार करने के साथ-साथ उन्हें कार्यान्वित भी करती है। वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा 15 विभागों की शक्तियां कार्य एंव दायित्व को पंचायती राज संस्थाओं को विभिन्न स्तर पर सौपां गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतें लोकतन्त्र की प्राथमिक इकाई के रूप में कार्य करती है, जिनको ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक एंव आर्थिक ढांचे में सुधार करने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। ग्रामीण स्तर पर पंचायतों की स्थानीय जरूरतों और आवश्यकता के आधार पर विभिन्न विभागों की योजनायें क्रियान्वित करने की मुख्य भूमिका है। वर्तमान में पंचायतें विभिन्न स्कीमों/कार्यक्रमों का अनुश्रवण एंव क्रियान्वयन कर रही है, जिनका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों को आधारभूत सुविधाओं को प्रदान करना है जो मानव जीवन के अस्त्तिव के लिए आवश्यक है, उदाहरणतयः रोटी, कपड़ा व मकान, चूंकि पंचायतें इन सभी स्कीमों को प्रभावी तथा परिणाममूलक बनाने में बहुत प्रयत्न करती हैं। पंचायतों में प्रतिस्पर्धा को जागृीत करने की भावना की आवश्यकता है ताकि पंचायतों में सेवा प्रदान करने के तन्त्र में सुधार लाया जा सके। इसलिए विभाग द्वारा इन्हें प्रोत्साहन देने की योजना बनाई है, जो इन्हें अपने कार्यक्षेत्रों में विभिन्न विकासात्मक स्कीमों के अनुश्रवण तथा ग्रामीण क्षेत्रो में सामाजिक तथा आर्थिक सुधार लाने में सहायक हाें। इस प्रोत्साहन से ग्राम पंचायतों के कार्य में दक्षता आयेगी तथा इससे विभिन्न विभागों द्वारा चलाए जा रहे विकासात्मक कार्य में लोगो की सहभागिता तथा अनुश्रवण हेतु ग्राम पंचायतें प्रोत्साहित होगी। इसके अतिरिक्त पंचायतों को प्रोत्साहन देने से राज्य में पंचायती राज संस्थाऐ मजबुत होंगी और उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना उत्पन्न होगीं और उनमेंे स्वस्थ प्रतिस्पर्घा की भावना उत्पन्न होगीं।
अटल आदर्श ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना
ग्राम पंचायतों से वांछित परिणाम सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारियों को उत्तरदायी बनाना होगा, जिससे विकासात्मक कार्य कार्यान्वित करने के लिए सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करके इन संस्थाओं के स्तर पर पारदर्शिता विकसित की जा सके। ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज विभाग ने पंचायतों के लिए पुरस्कार देने के लिए एक योजना बनाई है, जिससे ग्राम पंचायतों में ग्रामीण/ सामुदायिक विकास की स्कीमों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रतियोगिता की भावना विकसित हो। इस स्कीम का नाम आदर्श ग्राम पुरस्कार योजना होगा।
पुरस्कार योजना की प्रकृति
पुरस्कार योजना पंचायतों में प्रतियोगिता की भावना विकसित करने के लिए बनाई गई है। इस स्कीम में उन पंचायतों को सम्मान दिया जायेगा जो पूर्व निर्धारित मानदण्डों के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करती है। मानदण्ड में ग्राम पंचायत द्वारा एक वित्त वर्ष में विभिन्न विभागों के विकासात्मक कार्यक्रमों/स्कीमों के कार्यान्वयन को शामिल किया जायेगा। पंचायतों को यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय पंचायत दिवस अर्थात 24 अप्रैल को प्रदान किए जायेगें।2045 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 निम्न विभागों की विकासात्मक स्कीमों/कार्यक्रम इस पुरस्कार योजना में शामिल की गई हैः
| 1. ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज | 2. स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण, आयुर्वेद एवं हौम्योपैथी । |
| 3. उद्योग, बागवानी और मत्स्य पालन | 4. सिंचाई एंव लोक स्वास्थ्य |
| 5. लोक निर्माण विभाग | 6. राजस्व |
| 7. सामाजिक न्याय एंव महिला कल्याण | 8. वन |
| 9. शिक्षा | 10. कृषि |
| 11. पशुपालन | 12. खाद्य एंव आपूर्ति |
| 13. हिम ऊर्जा | 14. पुलिस, कानून एवं व्यवस्था |
पात्रता मापदण्ड
प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतें इस ईनाम की योजना में भाग लेने की पात्र होंगी। लेकिन आवेदन करने से पहले पंचायतें यह सुनिश्चित करेगी की उसने अपने अधिकार क्षेत्र में निम्न विभागोें/स्कीमों के कार्य को लागू कर दिया है।
1. सामुदायिक गतिशीलता/सहभागिता
पंचायत स्तर पर ग्राम सभा तथा अन्य कमेटियों की बैठक को पंचायती राज अधिनियम अनुसार सफलता पूर्वक आयोजन करना।
गांव के स्तर पर स्वास्थ्य, स्वच्छता एंव न्यूट्रीशन कमेटी को बनाकर कार्यशील करना। स्वास्थ्य की जांच तथा परिवार कल्याण कैम्प (शिवर) का आयोजन करना (प्रत्येक त्रैमास) सामुदायिक स्तर पर पौधारोपण का आयोजन करना (कम से कम 500 वृक्ष) कृषि/ उद्यान शिवर (प्रत्येक त्रैमास में शिवर आयोजित करना)।
सामाजिक अंकेक्षण
2. सामाजिक सुरक्षा
इंन्दीरा आवास योजना/अटल आवास योजना के अन्र्तगत आबन्टित घरो को पूर्ण करना। बच्चों का शत-प्रतिशत टिकाकरण, जन्म एंव मृत्यु का पंजीकरण तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्र्तगत पात्र परिवारों का नाम दर्ज करना।2046 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 अनेक प्रकार की पैंशन स्कीमों का शत-प्रतिशत वितरण।
मनरेगा के अन्तर्गत शत-प्रतिशत मजदूरों का बीमा।
गत वर्ष बच्चों के लिंग अनुपात में सुधार (लड़कियों एवं लड़कों के बीच लिगं अनुपात)। फर्जी राशन कार्ड को रद्द करना।
सभी आंगनबाडी स्कूलाें में स्वच्छ पानी के नल लगाना।
3. आजीविका
गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के लिए स्वयं सहायता समूह का शत-प्रतिशत गठन।
पंचायतों में शत-प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड बनाना।
60 : 40 का अनुपात बनाकर मनरेगा के कार्यों का क्रियान्वयन करना।
पिछले एक वर्ष में पंचायत में कम से कम पांच जल संग्रह संरचना का निर्माण कम से कम दो आर. डब्लयू. एच. संरचना (सामुदायिक स्तर पर)।
पी. एम. आर. वाई. प्रधान मंत्री रोजगार योजना/उद्यान, तकनीकी मिशन/ मत्स्य पालन में कम से कम पांच व्यक्तियों के स्वरोजगार का प्रावधान।
केंचुआ खाद का कार्यन्वयन करना HH स्तर पर ।
4. नये विचार
पिछले वर्ष ग्राम पंचायत में कम से कम पांच परिवार को वायोएनर्जी से जोड़ना।
ग्राम सभा तथा ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्तावों का कार्यान्वयन।
पशुओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण एंव आवारा पशुओं का प्रबंधन।
5. पंचायती राज से सम्बन्धित मुद्दे
हाई स्कूलाें/आंगनबाडियों एंव लोक संस्थाओं में शत-प्रतिशत शोचालयों का प्रावधान। ग्राम पंचायत में ठोस कचरे तथा प्लास्टिक कचरे को न फैंकने देना (यन्त्र रचना की स्थापना) पंचायत के अन्दर गन्दे पानी के प्रबन्धन हेतु अपनाई गई प्रक्रिया।2047 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934
ग्राम पंचायतें अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए अतिरिक्त राशि जुटाना।
रिकार्ड एंव आंकडों का कम्प्यूट्रीकरण।
अंकेक्षण पैराें का समाधान।
6. कानून व्यवस्था, आपदा प्रबन्धन और बकाया वसूली
पंचायत द्वारा आपदा प्रबन्धन बारे उठाये गये पग।
गांव की सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण न होने की रिर्पोट।
पंचायत पदाधिकारियों व कर्मचारियों से वसूली।
नशा निवारण हेतु चर्चा।
7. सम्पर्क, सिंचाई, कार्यों का मुल्यांकन व उपयोगिता प्रमाण पत्र
मनरेगा/लोक निर्माण विभाग/अन्य स्कीमों के अन्र्तगत सभी वार्डो में मोटर योग्य सडकों से जोडने को सुनिश्चित करना।
विकासात्मक कार्यों का मुल्यांकन
जल स्त्रोताें का संरक्षण।
उपयोगिता प्रमाण पत्र का ग्राम सभा से अनुमोदन।
8. मुल्यांकन के सूचक
आदर्श ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना के अन्तर्गत सर्वश्रेष्ठ पंचायत के चयन करने का आधार प्राप्तांक स्कीम है जो विकास के उपरोक्त मानदण्ड़ को प्राथमिकता देती है। प्राथमिकता को इस तरह बनाया गया है जिससे पंचायतें न केवल आर्थिक एवं सामाजिक स्तर पर सुधरे बल्कि ग्राम पंचायते स्वावलम्बी बनने हेतु प्रोत्साहित हों।
प्राप्तांक स्कीम का सारांश निम्न प्रकार से हैः
2048 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 2049 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934उपरोक्त मापदण्ड के आधार पर जिस ग्राम पंचायत ने 20 प्रतिशत से कम सफलता प्राप्त की है उसे खण्ड स्तर पर सीधे तौर पर अस्वीकार किया जायेगा।
आदर्श ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना में ईनाम राशि निम्न प्रकार है अर्थात वह ग्राम पंचायत जो विभिन्न स्तरों पर पहला स्थान प्राप्त करती हैः-
खण्ड स्तर पर ः 2 लाख जिला स्तर ः 6 लाख मण्डल स्तर ः 10 लाख राज्य स्तर ः 20 लाख
यदि एक जिले में 300 ग्राम पंचायताें ने आवेदन किया हो तो 2 ग्राम पंचायतें ईनाम प्राप्त कर सकती हैं।2050 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 मुल्यांकन प्रक्रियाः मुल्यांकन कमेटी 4 स्तर पर बनाई जाएगी- खण्ड, जिला, मण्डल और राज्य स्तरः
1. सबसे पहले खण्ड स्तर की विजेता पंचायतें को चुनने के लिए खण्ड स्तर पर मुल्यांकन किया जाएगा। खण्ड स्तर के विजेता पंचायतें जिला स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेगी और जिला स्तर के विजेता पंचायतें मण्डल स्तर पर प्रतियोगिता में भाग लेगी और अन्त में मण्डल स्तर की सर्वश्रेष्ठ चयनित पंचायतें राज्य स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेगी।
2. पक्षपात से बचने के लिए एक खण्ड /जिला/मण्डल का मुल्यांकन दूसरे खण्ड/ जिला/ मण्डल की मुल्यांकन समितियों द्वारा किया जाएगा।
3. आदर्श ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना का पात्र बनने के लिए एक ग्राम पंचायत ग्राम सभा द्वारा इस सन्दर्भ में प्रस्ताव, जो प्रधान तथा अन्य सदस्य द्वारा प्रमाणित हो, को प्रत्येक साल 15 अगस्त तक खण्ड विकास अधिकारी को विहित प्रपत्र पर प्रस्ताव द्वारा आवेदन करेगी। 4. खण्ड विकास अधिकारी आवेदन पत्र की जांच करके इन्हें सचिव, जिला परिषद एवं जिला पंचायत अधिकारी को भेजेगा।
5. सचिव जिला परिषद एंव जिला पंचायत अधिकारी इसे खण्ड कमेटी को प्रस्तुत करेगा। विभिन्न स्तर पर मुल्यांकन कमेटियों के गठन की प्रक्रिया निम्न प्रकार से हैः-
गठनः-यह कमेटी मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद द्वारा खण्डों से नामांकन प्राप्त होने के बाद अधिसूचित की जाएगी और इसमें निम्न विभाग होंगे।
1. शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास व पंचायती राज, सामाजिक कल्याण एंव महिला सशक्तिकरण और जन स्वास्थ्य विभाग से एक-एक प्रतिनिधि चुने जाएगें तथा 3 पंचायत समिति सदस्य नामाकिंत होंगे।
2. स्थानीय प्रैस के 2 सदस्य जिन्हें सब डिविजनल प्रैस कमेटी चयनित करेगी (अधिकतम 11 सदस्य)। निर्णय लेने के लिए 7 सदस्यों का कोरम आवश्यक होगा और निर्णय इस बात पर आधारित होगा कि कमेटी के समस्त सदस्यों के द्वारा दिए गए नम्बरों की क्या औसत है। सम्बन्धित पंचायत समिति का कार्यकारी अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि खण्ड स्तरीय कमेटी अपना कार्य सुचारू रूप से कर रही है। यदि किसी सदस्य के न आने के कारण या किसी कारण से खण्ड स्तर कमेटी का कोरम पूरा नहीे होता तब उस स्थिति में कार्यकारी अधिकारी पंचायत समिति स्ंवय इस कमेटी के लिए बचे हुए सदस्य को नांमाकित करेगा। यदि विकास खण्ड से 50 पंचायतों से ज्यादा पंचायतों ने अटल आदर्श ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना के लिए आवेदन किया है तो दो मुल्याकंन कमेटियां गठित की जा सकती है।
प्रक्रियाः-खण्ड स्तरीय मुल्यांकन कमेटी उन सभी पंचायतों में जायेगी जिन्होंने आदर्श ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना के लिए आवेदन किया है। यह कमेटी विहित मापदण्ड के हिसाब से मुल्यांकन करेगी और सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाली पंंचायतों को चुनेगी।
मुल्यांकन की अवधिः- पंचायतों का मुल्याकंन प्रत्येक साल पहली सितम्बर से 31 दिसम्बर तक होगा।2051 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 रिपोर्ट ः-निरीक्षण रिपोर्ट पर कमेटी के समस्त सदस्य हस्ताक्षर करेगें और अपनी रिपोर्ट सील बन्द लिफाफे में सबन्धित पंचायत समिति के कार्यकारी अधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी को प्रत्येक साल की पहली जनवरी तक देगी जो उसे जिलाधीश को प्रस्तुत करेगा।
जिला स्तरीय मुल्यांकन कमेटी
गठनः-इस कमेटी का चयन तथा नामाकंन भी जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा किया जाएगा और इसमें निम्न व्यक्ति सदस्य होंगेः-
1. जिला परिषद स्वयं में से 3 सदस्य नामांकित करेगी।
2. दो सदस्य प्रैस के होगें जिन्हें जिला स्तर की प्रैस कमेटी चुनेगी।
3. शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज विभाग, सामाजिक कल्याण व महिला सशक्तिकरण और जन स्वास्थ्य विभाग (अधिकतम 11 सदस्य)।
निर्णय लेने के लिए 7 सदस्यों का कोरम आवश्यक है और निर्णय इस बात पर आधारित होगा कि कमेटी के समस्त सदस्यों के द्वारा दिए गए नम्बरों की क्या औसत है। सम्बन्धित मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद् यह सुनिश्चित करेगा कि जिला स्तर कमेटी अपना कार्य सुचारू रूप से कर रही है। प्रक्रियाः-जिला स्तर मुल्यांकन कमेटी खण्ड स्तरीय कमेटी द्वारा जिले में नामांकित की गई प्रथम दर्जे वाली पंचायत में जाएगी। यह कमेटी विहित मापदण्ड के हिसाब से उस जिले में सर्वोतम पंचायतों को उस जिला में अंक प्राप्त करने के हिसाब से चुनेगी। राज्य सरकार दिशा निर्देश जारी करके यह सुनिश्चित करेगी किस जिले की मुल्यांकन कमेटी किस जिले का प्रत्येक वर्ष निरीक्षण करेगी।
मुल्यांकन की अवधिः-चुनी गई पंचायतों का मुल्याकंन 5 जनवरी और 20 फरवरी के बीच में किया जायेगा।
रिपोर्टः-निरीक्षण रिपोर्ट पर कमेटी के समस्त सदस्य हस्ताक्षर करेंगें और इसे सील बन्द लिफाफे में पंचायती राज विभाग को प्रत्येेेक वर्ष 22 फरवरी तक प्रस्तुत करेगी।
मण्डल स्तर मुल्यांकन कमेटी
गठनः- इस कमेटी को पंचायती राज विभाग द्वारा अधिसूचित किया जायेगा। इसकी प्रस्तावना सम्बन्धित जिला परिषद् के मुख्यकार्यकारी अधिकारी द्वारा निम्न प्रकार से भेजी जायेगी :-
1. जिले में से एक अधिकारी जो शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, सामाजिक न्याय एवं महिला सशक्तिकरण और जन स्वास्थ्य विभाग से सम्बन्धित हो तथा 3 जिला परिषद के सदस्य होंगे।
2. मण्डल स्तर से प्रैस के 2 विशिष्ट पत्रकार, इन्हें विभाग नामांकित करेगा। (अधिकतम 11 सदस्य)
निर्णय लेने के लिए 7 सदस्यों का कम से कम कोरम होगा। कमेटी का निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि कमेटी के समस्त सदस्यों के द्वारा दिए गए अंको की क्या औसत है। पंचायती राज विभाग की देखरेख में मण्डल स्तर कमेटी का गठन होगा।
प्रक्रियाः-यह कमेटी जिले में प्रत्येक मुल्याकंन कमेटी द्वारा नामांकित सर्वोतम पंचायत में जाएंगे। कमेटी विहित मापदण्डों के हिसाब से मण्डल में उन पंचायतों को अंक प्राप्त करने के आधार पर चयनीत राज्य सरकार प्रत्येक मण्डल के लिए निरीक्षण सारणी के दिशा निर्देश जारी करेगी। 2052 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 प्रक्रिया की अवधिः- मण्डल स्तर पर चयनीत पंचायतों का मुल्याकंन प्रत्येक वर्ष 25 फरवरी से 20 मार्च के बीच में होगा।
रिपोर्टः- निरीक्षण रिपोर्ट पर कमेटी के समस्त सदस्य हस्ताक्षर करेंगे और इसे सील बन्द लिफाफे में सम्बन्धित उपायुक्त को प्रत्येक साल के 22 मार्च तक प्रस्तुत करेगें।
राज्य स्तर की मुल्यांकन कमेटी
राज्य स्तर का सत्यापन बाहरी अभिकरण (संस्था) द्वारा किया जायेगा। इस कमेटी गठन की अधिसूचना सचिव ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज विभाग द्वारा की जायेगी और इस कमेटी में निम्न सदस्य होंगेः-
1. गत वर्ष में विजेता आदर्श ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना पंचायत का एक प्रतिनिधि। 2. राज्य स्तर के दो पत्रकार।
3. शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज, सामाजिक न्याय एंव महिला सशक्तिकरण और जन स्वास्थ्य विभागों से एक-एक वरिष्ठ अधिकारी।
4. हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान और राज्य ग्रामीण विकास संस्थान से एक-एक सदस्य (अधिकतम 11 सदस्य)
निर्णय लेने के लिए न्यूनतम 7 सदस्यों का कोरम आवश्यक है। कमेटी का निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि कमेटी के समस्त सदस्यों के द्वारा दिए गए अंको की क्या औसत है। इस बारे राज्य स्तर की कमेटी को ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज विभाग द्वारा अवगत करवाया जायेगा।
प्रक्रियाः-राज्य स्तर पर मुल्यांकन कमेटी प्रत्येक मण्डल स्तर कमेटी द्वारा नांमाकित सर्वोतम पंचायत में जाएगी। कमेटी विहित मापदण्डों के हिसाब से मुल्यांकन करेगी और अंक प्राप्त करने के आधार पर राज्य स्तर पर सर्वोत्तम पंचायत और राज्य स्तर के विजेता का चयन करेगी।
मुल्यांकन की अवधिः- चुनी हुई पंचायतों का मुल्यांकन प्रत्येक साल 25 मार्च से 15 अप्रैल तक होगा। रिपोर्टः- रिपोर्ट पर कमेटी के समस्त सदस्य हस्ताक्षर करेंगे और इसे ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग को प्रत्येक वर्ष 18 अप्रैल तक जमा करेंगे।
सारणी की समय सीमाः- 1 दिसम्बर से 24 अप्रैल।
15 अगस्त .. खण्ड स्तर पर सारे आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।
31 दिसम्बर .. खण्ड स्तर विजेता की घोषणा की जाएगी।
23 फरवरी .. जिला स्तर के विजेता की घोषणा की जाएगी।
23 मार्च .. मण्डल स्तर के विजेता की घोषणा की जाएगी।
20 अप्रैल .. राज्य स्तर के विजेता की घोषणा की जाएगी।
24 अप्रैल .. राष्ट्रीय पंचायती राज के दिन, हिमाचल प्रदेश के मुख्य मंत्री द्वारा
ईनाम दिया जाएगा।
2053 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 ख्प्रतियोगिता के संचालन की प्रक्रिया :
1. वोटिंग द्वारा निर्णय लेने में सुविधा होने के लिए मुल्यांकन कमेटी सदस्यों की संख्या विषम होनी चाहिए (सदस्यों के सम संख्या होने पर गतिरोध होने की सम्भावना है)।
2. प्रत्येक मुल्यांकन कमेटी में न्यून्तम 2 सदस्य महिलाएं होगी।
3. मुल्यांकन में पारदर्शिता लाने के लिए प्रैस और गैर सरकारी संसाधनों के सदस्यों को कमेटी के विभिन्न स्तरों पर शामिल करने की व्यवस्था है। प्रैस के प्रतिनिधियों का चयन प्रैस की संस्था के माध्यम से होगा।
4. मुल्याकंन समिति का गठन किसी भी स्तर पर मुल्याकंन तक एक जैसा रहेगा। यदि किसी जरूरी कारणों से कमेटी का कोई भी सदस्य अपने कर्तव्यों को करने में असमर्थ हो तो वह कमेटी की अधिसूचना करने वाले प्राधिकारी को सूचित करने पर अपनी सदस्यता को छोडेगा, यद्यपि उसकी जगह किसी अन्य व्यक्ति का प्रतिस्थापन नंही किया जाएगा और सदस्य द्वारा दिए गए अंको को शामिल नहीं किया जाएगा।
5. मुल्यांकन के अलग-2 स्तर पर सम्पूर्ण दिशा निर्धारण इस बात को सुनिश्चित करने के लिए किया जायगा कि क्या कमेटी के समस्त सदस्य योजना की प्रणाली की जानकारी रखते हैं और क्या यह भी जानते हैं कि मुल्याकंन का मापदण्ड क्या है।
6. तकनीकी ज्ञान के अतिरिक्त, मुल्यांकन की प्रक्रिया के दौरान व्यवहार तथा आचार संहिता जिनका अनुसरण करना हो का भी ध्यान होना चाहिए।
7. किसी मुल्यांकन करने से पूर्व मुल्यांकन सदस्यों के दल द्वारा जिस ग्राम पंचायत का मुल्याकंन किया जा रहा है के सदस्यों को पक्षपात न करने की शपथ भी लेनी होगी।
8. ग्र्राम पंचायत के मुल्यांकन का कार्य पूर्ण करने उपरान्त मुल्यांकन दल को पंचायत के प्रधान तथा सचिव से मुल्यांकन प्रपत्र पर उनके हस्ताक्षर सहित प्रतिक्रिया लेनी आवश्यक होगी तथा जिसे अभिलेख हेतु अन्तिम दिए गए अकों सहित भेजा जाए।
9. समिति द्वारा किसी भी स्तर पर दिया गया निर्णय अन्तिम माना जाएगा तथा इस बारे किसी प्रकार की अपील स्वीकार्य नहीं होगी।
10. जिन पंचायतों को जिस श्रेणी में ईनाम मिल गया हो उस पंचायत को आगामी वर्षों में उस श्रेणी में ईनाम नहीं दिया जायेगा। यदि ऐसी पुरस्कृत की गई पंचायत दोबारा से अच्छा कार्य करती है तो उसे प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा।
11. प्रथम वर्ष योजना को लागू करने के लिए योजना के प्रावधानों में ढील दी जा सकेगी।2054 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934
LAW DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla2, the 28th May, 2012
No. LLR-E ((9)1/88-III (Loose).—In partial modification of this Department Notification of even number dated 9-4-2003 and in supersession of this Department Notification of even number 7-3-2009 the Governor, Himachal Pradesh is pleased to revise the rates of fee in respect of the Advocates-on-Record and Panel Advocates for defending the State of H.P. and Boards /Corporations/Statutory Bodies owned and controlled by the State Government in Civil and Criminal cases before the Hon'ble Supreme Court of India with immediate effect. The revised rates, terms and conditions shall be as under:
Advocate-on-Record
(i) Rs. 5000/- (Rupees five thousand) per hearing. If the case is conducted exclusively by AOR. As and when Advocate-on-Record put in appearance in Appeal/SLP in the Hon'ble Supreme Court alongwith Sr. Advocate then he will be entitled to half fee.
(ii) Rs. 2500/-(Rupees two thousand five hundred) lump-sum for drafting Appeal/SLP/Counters.
Panel Advocate
(i) Rs. 5000/-(Rupees five thousand) per hearing. The Panel Advocate will file SLP in the Hon'ble Supreme Court through his own Advocate-on-Record for which he will not be entitled to any fee.
(ii) Rs. 2500/-(Rupees two thousand five hundred) lumpsum for drafting Appeal/SLP/Counters.
2. Besides above the following condition will be applicable for Advocate-on-Record and Panel Advocates:-
(i) The above advocates will not be entitled to any fee for arranging the services of any senior counsel for obtaining advice in the State cases and for acting as junior to senior counsel in tendering advice.
(ii) Where applications, affidavits, replies etc. are to be drafted in a set of similar cases, the set would be considered as one case and they will be entitled to the fee for one case only.
(iii) The above advocates will not appear/advise or would brief in any case against the State of H.P.
iv) The above advocates will not be entitled for any clerkage.
(v) The Government of H.P. has the right to appoint any other lawyer of repute in important cases as and when the occasion would arise.
(vi) While forwarding the bills for payments, it may invariably be certified that the fees claimed, are in accordance with the scales of fees laid above and the bills must be verified by the District Attorney (LegalCell) New Delhi.
2055 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934(vii) All the bills of the month should be submitted to the office of District Attorney (Legal Cell) New Delhi at the end or the first week of the succeeding month to avoid delay of payments.
This has been issued with the prior concurrence of Finance Department obtained vide their Dy. No. 52164746-Fin-F/2012, dated 9-5-2012.
By order, Sd/- LR-cum-Pr. Secretary (Law).
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लोक निर्माण विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 22 जून, 2012
संख्याः पी.बी.डब्ल्यू. (बी) एफ (5)76/2011.-यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव उप महाल शांकली, तहसील शिमला (शहरी), जिला शिमला हिमाचल प्रदेश में टरनिंग प्वाईंट आक्लैन्ड सुरंग के पास सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है। 2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. भूमि रेखांक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश, लोक निर्माण विभाग (दक्षिण क्षेत्र), विन्टर फिल्ड, शिमला 3 में किया जा सकता है।
विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र (डेसीमीटर) शिमला शिमला (शहरी) उप महाल शांकली 890 671-41 कुल जोड़ किता-1 671-41
आदेश द्वारा, हस्ता/- सचिव (लोक निर्माण)।2056 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 22 जून, 2012
संख्याः आई.पी.एच.-बी(एच)1-29/2012-मण्डी.-यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव महादेव/10, तहसील सुन्दरनगर, जिला मण्डी में उठाऊ पेयजल योजना धनोटु नान जरल के अन्तर्गत मुहाल महादेव में शिकायत कक्ष, स्टोर व जल भण्डारण टैंक के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है। 3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं ।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मण्डी के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र बीघे/बिस्वे में मण्डी सुन्दरनगर महादेव/10 1830/1509 0-07-09 1528/1 0-08-02 Kitta-2 0-15-11
आदेश द्वारा, हस्ता/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 22 जून, 2012
संख्याः आई0पी0एच0-बी(एच)1-30/2012-हमीरपुर.-यतः राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव वहली, तहसील सुजानपुर, जिला हमीरपुर में पम्प घर व रिसाव कुंआ उठाऊ पेयजल योजना प्रथम चरण वीड़ बगेड़ा के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएवं एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।2057 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है । 3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, मण्डी हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है।
विस्तृत विवरणी
जिला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र कनाल मरले हमीरपुर सुजानपुर वहली मौजा 596 11-04 वीड़ बगेड़ा
आदेश द्वारा, हस्ता/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।
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REVENUE DEPARTMENT
(Stamp-Registration)
NOTIFICATION
Shimla-171002, the 23-06-2012
No. Rev. Stamp (F) 6-1/2009-1.—In exercise of the powers conferred by section 75 of the Indian Stamp Act, 1899 (Act No. II of 1899), read with section 47-A, as inserted by the Indian Stamp (Himachal Pradesh Amendment) Act, 1988 (Act No. 7 of 1989), the Governor of Himachal Pradesh is pleased to substitute the Sub-Rules (a) and (b) of Rule 4 of the Himachal Pradesh Stamp (Prevention of Undervaluation of Instruments) Rules, 1992 as notified vide Notification No. Rev. 1-2(Stamp) 1/87-Vol-I dated on 26th June 1992, as follows:-
" (a) In the case of land and house sites.-—The market value of land property shall be
determined on the rates fixed by the concerned Deputy Commissioners in pursuance of
Government Notification No. Rev. Stamp(F)6-1/2009 dated 13th January, 2012 as
published in Rajpatra (Extra-Ordinary), Himachal Pradesh dated 20th January, 2012."
By order, Deepak Sanan, F.C–cum-Pr. Secy. (Revenue).
2058 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934HIGH COURT OF HIMACHAL PRAESH, SHIMLA
CORRIGENDUM
Shimla, the 20.06.2012
No. HHC/Estt. 7(35)/05-VI.—The following substitution has been made in the Notification No. HHC/Estt.7(35)/05-VI-13666-77, dated 3/5.05.2012 issued by the Registry:-
(i) The Words "http:/Himachal.nic.in/highcourt" appearing in the last line of the first paragraph of the Notification No. HHC/Estt.7 (35)/2005 dated 03.05.2012 at Page 19, may be substituted by words "http://hphighcourt.nic.in".
(ii) The words "State Public Information Officer (Additional Registrar, Estt. & Lib.)" appearing at Page 19 of the said Notification under item No. III(xiii)(2) 1, may be substituted by words "State Public Information Officer (Marriage Counsellor)".
(iii) The words Additional Registrar (Estt. & Lib.) appearing in the second last line of the last paragraph, at Page 19 of aforesaid Notification may be substituted by words, "Marriage Counsellor".
By order, Sd/- Additional Registrar (Estt).
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA – 171 001
NOTIFICATION
Shimla, the 20th June, 2012
No.HHC/Admn.6 (23)/74-XIV.—Hon'ble the Chief Justice in exercise of the powers vested in him under Rule 2(32) of Chapter 1, of H.P. Financial Rules, 2009 has been pleased to declare the Civil Judge (Junior Division.)-Cum–JMIC (II). Sundernagar as Drawing and Disbursing Officer in respect of the Court of Civil Judge (Junior Division)-cum-JMIC, Chachiot at Gohar and also the Controlling Officer for the purpose of T.A. etc. in respect of the establishment attached to the aforesaid Court under head "2014-Administration of Justice" during the paternity leave period of Shri Mohit Bansal, Civil Judge (Junior Division)-cum-JMIC, Chachiot at Gohar w.e.f. 18.6.2012 to 2.7.2012, or till he returns from leave.
By order, Sd/- Registrar General.
2059 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA – 171 001
NOTIFICATION
Shimla, the 21st June, 2012
No.HHC/Admn. 6 (23)/74 – XIV.—Hon'ble the Chief Justice in exercise of the powers vested in him under Rule 2(32) of Chapter 1, of H.P. Financial Rules, 2009 has been pleased to declare Shri Yajuvender Singh, Civil Judge (Junior Division)-cum-JMIC, (II), Una as Drawing and Disbursing Officer in respect of the Courts of Civil Judge (Senior Division)-cum-CJM, Una and also the Controlling Officer for the purpose of T.A. etc. in respect of the establishment attached to the aforesaid court under head "2014-Administration of Justice" during the leave period of Shri R.K.Tomar, Civil Judge (Senior Division)-cum-CJM, Una w.e.f. 9.7.2012 to 21.7.2012 with permission to prefix (summer vacation) Special casual leave from 25.6.2012 to 8.7.2012 and to suffix Sunday falling on 22.7.2012, or till he returns from leave.
By order, Sd/- Registrar General.
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA – 171 001
NOTIFICATION
Shimla, the 20th June, 2012
No.HHC/GAZ/14-300/2008.—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant 15 days paternity leave with effect from 18.6.2012 to 2.7.2012 in favour of Shri Mohit Bansal, Civil Judge (Junior Division)-cum-JMIC, Chachiot at Gohar.
Certified that Shri Bansal is likely to join the same post and at the same station from where he proceeds on leave, after expiry of the above period of leave.
Also certified that Shri Bansal would have continued to hold the post of, Civil Judge (Junior Division)-cum-JMIC, Chachiot at Gohar, but for his proceeding on leave for the above period.
By order, Sd/- Registrar General.
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA -171 001
NOTIFICATION
Shimla, the 21st June, 2012
No.HHC/GAZ/14-226/96.—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant 13 days earned leave w.e.f. 9.7.2012 to 21.7.2012 with permission to prefix (summer vacation) special2060 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 casual leave from 25.6.2012 to 8.7.2012 and to suffix Sunday falling on 22.7.2012 in favour of Shri R.K.Tomar, Civil Judge (Senior Division)-cum-CJM, Una.
Certified that Shri Tomar is likely to join the same post and at the same station from where he proceeds on leave, after expiry of the above period of leave.
Also certified that Shri Tomar, would have continued to hold the post of Civil Judge (Senior Division)-cum-CJM, Una, H.P. but for his proceeding on leave for the above period.
By order, Sd/- Registrar General.
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171001
NOTIFICATION
Shimla, the 21.6.2012
No.HHC/Admn.3 (398)/95.—8 days earned leave on and with effect from 27.6.2012 to 4.7.2012 is hereby sanctioned in favour of Shri Mohan Lal Gandhi, Secretary of this Registry.
Certified that Shri Mohan Lal Gandhi is likely to join the same post and at the same station from where he proceeds on leave after the expiry of the above leave period.
Certified that Shri Mohan Lal Gandhi would have continued to officiate the same post of Secretary but for his proceeding on leave.
By order, Sd/- Registrar General.
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In the Court of Sh. Y.P.S. Ver ma, HAS, Marriage Officer-cum-Sub Divisional Magistrate,
Bhoranj, Distt. Hamirpur (H.P.)
In the matter of :
1. Shri Balbir Kumar aged 25 yrs. s/o Shri Rup Lal, r/o Village Matyara, P.O. Narola, Tehsil Sarkaghat, District Mandi (H.P.).
2. Kunta Devi aged 25 yrs. d/o Shri Nek Ram, r/o Village Sapluhi, P.O. Nagrota Gazian, Tehsil Bhoranj, District Hamirpur (H.P.).
Versus
General Public
Subject.— Application for the registration of marriage under Section-16 of Special Marriage Act, 1954 (Central Act) as amended by Marriage Laws (Amendment Act, 01) (49 of 2001).
2061 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934Shri Balbir Kumar aged 25 yrs. s/o Shri Rup Lal, r/o Village Matyara, P.O. Narola, Tehsil Sarkaghat, District Mandi (H.P.) and Kunta Devi aged 25 yrs. d/o Shri Nek Ram, r/o Village Sapluhi, P.O. Nagrota Gazian, Tehsil Bhoranj, District Hamirpur (H.P.) have filed an application alongwith affidavits in this court under section 16 of Special Marriage Act, 1954 (Central Act) as amended by the Marriage Laws (amendment Act 01, 49 of 2001) that they have solemnized their marriage ceremony on 21-12-2009 at Tarna Mata Temple Mandi, Tehsil and District Mandi (H.P.) as per Hindu Rites and Customs and they are living together as husband and wife since then. Hence their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.
Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objections regarding this marriage can file the objections personally or in writing before this court on or before 27-6-2010. After that no objections will be entertained and marriage will be registered accordingly.
Issued today on 24-4-2012 under my hand and seal of the court.
Seal. Y.P.S. VERMA, HAS,
Marriage Officer-cum-Sub Divisional Magistrate,
Bhoranj, Distt. Hamirpur (H.P.).
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ब अदालत श्री अशोक चौहान, तहसीलदार एवं रजिस्ट्रार नादौन, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश श्रीमती पवना देवी पत्नी स्व0 श्री खुशहाल सिंह उर्फ मौजू राम, निवासी सधवान, डा0 सुधियाल, . . प्रार्थिन। तहसील नादौन, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। सूचना बजरिया इश्तहार आम जनता बराए प्रार्थना-पत्र पवना देवी पत्नी स्व0 श्री खुशहाल सिंह उर्फ मौजू राम, निवासी सधवान, डा0 सुधियाल, तहसील नादौन, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में एक प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसके पति ने एक वसीयत दिनांक 13-3-2010 को बनाई थी जोकि अपंजी—त है व उसके पति की मृत्यु दिनांक 20-3-2010 को हो चुकी है अतः प्रार्थिनी अब श्री खुशहाल सिंह उर्फ मौजू राम, निवासी सधवान, डा0 सुधियाल, तहसील नादौन, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) की वसीयत का पंजीकरण करवाना चाहती है।
अतः इस अदालती इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण व आम जनता को सूचित किया जाता है कि उक्त प्रार्थना-पत्र के बारे में अगर किसी को एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 16-7-2012 को 10.00 बजे उजरात मेरे सामने पेश कर सकता है । अन्यथा उक्त वसीयत को पंजी—त के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 5-6-2012 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
अशोक चौहान, तहसीलदार एवं रजिस्ट्रार नादौन, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश।2062 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 ब अदालत श्री के0 आर0 भारद्वाज, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू (हि0 प्र0) केस नं0 168 ऑफ 2012 तारीख पेशी : 12-7-2012 श्री फते चन्द पुत्र श्री देवू राम, निवासी गांव सर, डाकघर जिथी, तहसील बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फिया इस आशय से गुजारा है कि उसके पुत्र मनीश कुमार की जन्म तिथि 25-5-2005 है जोकि ग्राम पंचायत खाड़ागाड़ के अभिलेख में दर्ज न है, जिसे अब दर्ज किया जाए।
इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि प्रार्थी के पुत्र मनीष कुमार की जन्म तिथि ग्राम पंचायत खाड़ागाड़ के अभिलेख में दर्ज करने में यदि कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 12-7-2012 को असालतन या वकालतन इस अदालत में आकर अपनी आपत्ति दर्ज करें। बाद गुजरने तारीख किसी भी प्रकार का एतराज मान्य नहीं होगा तथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर जन्म तिथि को इन्द्राज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 11-6-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। के0 आर0 भारद्वाज,
कार्यकारी दण्डाधिकारी,
बन्जार, जिला कुल्लू (हि0 प्र0)।
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ब अदालत श्री के0 आर0 भारद्वाज, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू (हि0 प्र0) केस नं0 169 T ऑफ 2012 तारीख पेशी : 12-7-2012 श्री जीत राम पुत्र श्री नरायण, निवासी गांव गुलवाह धार, डाकघर पलाच, तहसील बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फिया इस आशय से गुजारा है कि उसकी पुत्री कुमारी पुजा की जन्म तिथि 30-1-2006 है जोकि ग्राम पंचायत पलाच के अभिलेख में दर्ज न है, जिसे अब दर्ज किया जाए।2063 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि प्रार्थी की पुत्री कुमारी पूजा की जन्म तिथि ग्राम पंचायत पलाच के अभिलेख में दर्ज करने में यदि कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 12-7-2012 को असालतन या वकालतन इस अदालत में आकर अपनी आपत्ति दर्ज करें। बाद गुजरने तारीख किसी भी प्रकार का एतराज मान्य नहीं होगा तथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर जन्म तिथि को इन्द्राज करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 11-6-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। के0 आर0 भारद्वाज,
कार्यकारी दण्डाधिकारी,
बन्जार, जिला कुल्लू (हि0 प्र0)।
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ब अदालत श्री वी0 डी0 आजाद, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू (हि0 प्र0) केस नं0 167 ऑफ 2012 तारीख पेशी : 12-7-2012 श्री पूर्ण चन्द पुत्र श्री सेसर लाल, निवासी गांव वशीर, डाकघर गद्दीधार, तहसील बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फिया इस आशय से गुजारा है कि उसकी पुत्री सोनिया की जन्म तिथि 20-5-2010 है जोकि ग्राम पंचायत कन्ढ़ीधार के अभिलेख में दर्ज न है, जिसे अब दर्ज किया जाए।
इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि प्रार्थी की पुत्री सोनिया की जन्म तिथि ग्राम पंचायत कन्ढ़ीधार के अभिलेख में दर्ज करने में यदि कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 12-7-2012 को असालतन या वकालतन इस अदालत में आकर अपनी आपत्ति दर्ज करें। बाद गुजरने तारीख किसी भी प्रकार का एतराज मान्य नहीं होगा तथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर जन्म तिथि को इन्द्राज करने का आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 11-6-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। वी0 डी0 आजाद,
कार्यकारी दण्डाधिकारी,
बन्जार, जिला कुल्लू (हि0 प्र0)। 2064 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 ब अदालत श्री माया राम शर्मा, सहायक समाहर्ता (द्वितीय श्रेणी), उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ब मुकद्दमा :
श्री सूरेन्दर सिंह पुत्र श्री ईन्दर सिंह, निवासी गांव पोहू बोराडा, उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम।
श्री सूरेन्दर सिंह पुत्र श्री ईन्दर सिंह, निवासी गांव पोहू बोराडा, उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसके पिता का नाम राजस्व रिकार्ड में जोगिन्दर सिंह दर्ज है। जबकि प्रार्थी के पिता का नाम पंचायत रिकार्ड में ईन्दर सिंह दर्ज है। जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थी ने अपने स्कूल प्रमाण-पत्र की छाया प्रति, नकल शजरा नस्ब, नकल परिवार रजिस्टर व अपना ब्यान हल्फिया संलग्न किया है। जिसकी दरुस्ती हेतु राजस्व रिकार्ड में अपने पिता का नाम ईन्दर सिंह दर्ज करवाना चाहता है।
अतः इस अदालत द्वारा हर आम व खास को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दरुस्ती राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने बारे उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 7-7-2012 को असालतन या वकालतन हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। उसके उपरान्त कोई उजर व एतराज नहीं सुना जाएगा और नियमानुसार कार्यवाही प्रार्थना-पत्र का निपटारा कर दिया जाएगा।
आज दिनांक 7-6-2012 को मेरे हस्ताक्षर व कार्यालय मोहर द्वारा जारी किया गया।
मोहर। माया राम शर्मा,
सहायक समाहर्ता (द्वितीय श्रेणी),
उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।
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ब अदालत श्री माया राम शर्मा, सहायक समाहर्ता (द्वितीय श्रेणी), उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ब मुकद्दमा :
अम्बिका पुत्री श्री जगवीर सिंह, निवासी गांव मलाहन, उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम।
अम्बिका पुत्री श्री जगवीर सिंह, निवासी गांव मलाहन, उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसका नाम राजस्व रिकार्ड में चंचला दर्ज है। जबकि प्रार्थीया का नाम पंचायत रिकार्ड में अम्बिका दर्ज है। जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थीया ने अपने स्कूल2065 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 प्रमाण-पत्र की छाया प्रति, नकल शजरा नस्ब, नकल परिवार रजिस्टर व अपना ब्यान हल्फिया संलग्न किया है। जिसकी दरुस्ती हेतु राजस्व रिकार्ड में अपना नाम अम्बिका दर्ज करवाना चाहती है।
अतः इस अदालत द्वारा हर आम व खास को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दरुस्ती राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने बारे उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 15-7-2012 को असालतन या वकालतन हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। उसके उपरान्त कोई उजर व एतराज नहीं सुना जाएगा और नियमानुसार कार्यवाही प्रार्थना-पत्र का निपटारा कर दिया जाएगा।
आज दिनांक 15-6-2012 को मेरे हस्ताक्षर व कार्यालय मोहर द्वारा जारी किया गया।
मोहर। माया राम शर्मा,
सहायक समाहर्ता (द्वितीय श्रेणी),
उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।
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ब अदालत श्री माया राम शर्मा, सहायक समाहर्ता (द्वितीय श्रेणी), उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ब मुकद्दमा :
श्रीमती बिमला देवी उर्फ सुमन देवी पत्नी श्री शमशेर सिंह, निवासी गांव परारा, उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम।
श्रीमती बिमला देवी उर्फ सुमन देवी पत्नी श्री शमशेर सिंह, निवासी गांव परारा, उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसका नाम पंचायत रिकार्ड में सुमन देवी दर्ज है। तथा स्कूल प्रमाण-पत्र में बिमला देवी दर्ज है। जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थीया ने अपने स्कूल प्रमाण-पत्र की छाया प्रति, नकल परिवार रजिस्टर, अपना ब्यान हल्फिया व अखबार की कटिंग अमर उजाला दिनांक 7 दिसम्बर, 2007 संलग्न किया है। जिसकी दरुस्ती हेतु पंचायत रिकार्ड में अपना नाम बिमला देवी उर्फ सुमन देवी दर्ज करवाना चाहती है।
अतः इस अदालत द्वारा हर आम व खास को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दरुस्ती राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने बारे उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 15-7-2012 को असालतन या वकालतन हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। उसके उपरान्त कोई उजर व एतराज नहीं सुना जाएगा और नियमानुसार कार्यवाही प्रार्थना-पत्र का निपटारा कर दिया जाएगा।
आज दिनांक 15-6-2012 को मेरे हस्ताक्षर व कार्यालय मोहर द्वारा जारी किया गया।
मोहर। माया राम शर्मा,
सहायक समाहर्ता (द्वितीय श्रेणी),
उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।2066 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934 ब अदालत श्री वी0 एस0 गर्ग, कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश श्री पूर्ण सिंह पुत्र श्री वचन सिंह, निवासी पातलियो, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
उपरोक्त प्रार्थना-पत्र श्री पूर्ण सिंह पुत्र श्री वचन सिंह, निवासी पातलियो, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ने अधीन धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उनके पुत्र हर्षदीप सिंह अलख व पुत्री पवनदीप कौर अलख जिनकी जन्म तिथियां क्रमशः 1-2-2002 व 25-6-1996 हैं, जिनको ग्राम पंचायत पातलियो के रिकार्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।
अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 14-7-2012 को सुबह 10.00 बजे इस अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे। बसूरत दीगर श्री हर्षदीप सिंह अलख व पवनदीप कौर अलख के नाम व जन्म तिथियां दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 12-6-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। वी0 एस0 गर्ग, कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।
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सामान्य प्रशासन विभाग
जीएडी-ख- अनुभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 22 जून, 2012
संख्याः जीएडी-बी (ए)1-1/2008 (चम्बा).-हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल की यह राय है कि हिमाचल प्रदेश के वर्तमान उप-मण्डल (नागरिक) डलहौजी और उप-मण्डल (नागरिक) चुराह, जिला चम्बा का पुनर्गठन करना आवश्यक हो गया हैं और जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश के उप-मण्डल (नागरिक) चुराह की तहसील सलूणी और उप तहसील भलेई को जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश के उप-मण्डल (नागरिक) चुराह से अपवर्जित करके जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश के वर्तमान उप-मण्डल (नागरिक) डलहौजी में सम्मिलित किया जाए। अतः हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम, 1954 (1954 का अधिनियम संख्यांक 6) की धारा -6 और रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा-5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश देती हैं कि उपरोक्त पुनर्गठन के पश्चात उप-मण्डल (नागरिक) चुराह में केवल तहसील चुराह ही समाविस्ट होगी और पुनर्गठित उप-मण्डल (नागरिक) डलहौजी में, तहसील डलहौजी, तहसील सलूणी और उप तहसील भलेई समाविस्ट होगी तथा इसे तुरन्त प्रभाव से उप-मण्डल (नागरिक) सलूणी-डलहौजी के रूप में नया नाम दिया जाएगा और जिसका मुख्यालय सलूणी में होगा।
आदेश द्वारा, हस्ता0/- मुख्य सचिव।2067 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934
[Authoritative English text of the Himachal Pradesh Government Notification No. GAD-
B(A)1-1/2008 (Chamba) Dated 22-6-2012 as required under Clause (3) of Article 348 of the
Constitution of India].
GENERAL ADMINISTRATION DEPARTMENT
GAD-B-Section
NOTIFICATION
Shimla-2, the 22 June, 2012
GAD-B(A)1-1/2008 (Chamba).—Whereas, the Governor of Himachal Pradesh is of the opinion that it has become necessary to reorganize the existing Sub-Division (Civil) Dalhousie and Sub Division (C) Churah Distt. Chamba, HP and to include Tehsil Salooni and Sub Tehsil Bhalie of Sub Division (C) Churah Distt. Chamba, HP in existing Sub Division (Civil) Dalhousie, Distt. Chamba, HP by excluding these from the Sub Division (C) Churah, Distt. Chamba, H.P. Now, therefore, in exercise of the powers conferred by Section 6 of the Himachal Pradesh Land Revenue Act, 1954(Act 6 of 1954) and Section 5 of the Registration Act, 1908 (Act.No. 16 of 1908), the Governor of Himachal Pradesh is pleased to order that after above reorganization, Sub Division (C) Churah will comprise of Tehsil Churah only and the re-organized Sub Division (C) Dalhousie will comprise of Tehsil Dalhousie, Tehsil Salooni and Sub Tehsil Bhalie and it shall be- re-named as Sub Division (C) Salooni-Dalhousie and its Head quarter will be at Salooni with immediate effect.
By order, Sd/- Chief Secretary.
2068 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 जून, 2012/2 आषाढ़, 1934नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित