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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 110, 23 August 2012

Published 23 August 2012

Gazette no.
110
Gazetteid
110/GAZETTE/2012-23/08/2012
Identifier
in.gazette.himachal.2012-08-23.110_gazette_2012-23_08_2012
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला, वीरवार 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934

हिमाचल प्रदेश सरकार

निर्वाचन विभाग

अधिसूचना

शिमला-171009, 22 अगस्त, 2012

संख्याः 5-15/2010-ईएलएन.--हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, हिमाचल प्रदेश निर्वाचन विभाग में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, वर्ग-I, राजपत्रित (अलिपिक वर्गीय सेवाएं) के पद के लिए इस अधिसूचना से संलग्न उपाबन्ध-''क'' के अनुसार निम्नलिखित भर्ती और प्रोन्नति नियम बनाती हैं, अर्थात्‌ः--

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश निर्वाचन विभाग सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, वर्ग-I, राजपत्रित (अलिपिक वर्गीय सेवाएं) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2012 है।

110-राजपत्र/2012-23-8-2012 (2963)2964 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 (2) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 2. निरसन और व्यावृत्तियां.--(1) इस विभाग की अधिसूचना संख्याः 5-26/94-ईएलएन., तारीख 1 फरवरी, 2000 द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश निर्वाचन विभाग, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, वर्ग-I (राजपत्रित) भर्ती एवं प्रोन्नति नियम, 2000 का एतद्‌द्वारा निरसन किया जाता है।

(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी उपर्युक्त उप नियम 2(1) के अधीन इस प्रकार निरसित नियमों के अधीन की गई कोई नियुक्ति, बात या कार्रवाई इन नियमों के अधीन विधिमान्य रूप में की गई समझी जाएगी।

आदेश से, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (निर्वाचन)।

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उपाबन्ध-''क'' हिमाचल प्रदेश निर्वाचन विभाग में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, वर्ग-I, (राजपत्रित) के पद के भर्ती और प्रोन्नति नियम

1. पद का नाम.--सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी।

2. पदों की संख्या.--01 (एक)।

3. वर्गीकरण.--वर्ग-I, (राजपत्रित)

(अलिपिक वर्गीय सेवाएं)।

4. वेतनमान.--पे बैंडः 15600-39100/- रुपए जमा 6600/- रूपए ग्रेड पे।

5. चयन पद अथवा अचयन पद.--चयन।

6. सीधी भर्ती के लिए आयु.--लागू नहीं।

7. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक अर्हताएं.--लागू नहीं। 8. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं प्रोन्नति की दशा में लागू होंगी या नहीं.--आयु : लागू नहीं।

शैक्षिक अर्हता : लागू नहीं।

9. परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो.--दो वर्ष, जिसका एक वर्ष से अनधिक ऐसी और अवधि के लिए विस्तार किया जा सकेगा जैसा सक्षम प्राधिकारी विशेष परिस्थितियों में और लिखित कारणों से आदेश दें।

10. भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पद (पदों) की प्रतिशतता.--शतप्रतिशत प्रोन्नति द्वारा।

11. प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति/स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां, जिनसे प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति/ स्थानान्तरण किया जाएगा.--निर्वाचन अधिकारियों में से प्रोन्नति द्वारा जिनका दो वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके दो वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, ऐसा न होने पर निर्वाचन अधिकारियों में से प्रोन्नति द्वारा जिनका निर्वाचन अधिकारी और तहसीलदार2965 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 (निर्वाचन)/अनुभाग अधिकारी के रूप में दोनो का संयुक्ततः पांच वर्ष का नियमित सेवाकाल या की गई लगातार तदर्थ सेवा को सम्मिलित करके पांच वर्ष का नियमित सेवाकाल हो।

(1) प्रोन्नति के सभी मामलों में, पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, प्रोन्नति के लिए इन नियमों में यथाविहित सेवाकाल के लिए, इस शर्त के अधीन रहते हुए गणना में ली जाएगी, कि सम्भरक (पोषक) प्रवर्ग में तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार चयन की उचित स्वीकार्य प्रक्रिया को अपनाने के पश्चात्‌ की गई थीः परन्तु उन सभी मामलों में, जिनमें कोई कनिष्ठ व्यक्ति सम्भरक (पोषक) पद में अपने कुल सेवाकाल (तदर्थ आधार पर की गई तदर्थ सेवा सहित, जो नियमित सेवा/नियुक्ति के अनुसरण में हो) के आधार पर उपर्युक्त निर्दिष्ट उपबन्धों के कारण विचार किए जाने का पात्र हो जाता है, वहां अपने-अपने प्रवर्ग/पद/काडर में उससे वरिष्ठ सभी व्यक्ति विचार किए जाने के पात्र समझे जाएंगे और विचार करते समय कनिष्ठ व्यक्ति से ऊपर रखे जाएंगे :

परन्तु यह और कि उन सभी पदाधिकारियों की, जिन पर प्रोन्नति के लिए विचार किया जाना है, कम से कम तीन वर्ष की न्यूनतम अर्हता सेवा या पद के भर्ती और प्रोन्नति नियमों में विहित सेवा, जो भी इनमें से कम हो, होगीः

परन्तु यह और कि जहां कोई व्यक्ति पूर्वगामी परन्तुक की अपेक्षाओं के कारण प्रोन्नति किए जाने सम्बन्धी विचार के लिए अपात्र हो जाता है, वहां उससे कनिष्ठ व्यक्ति भी ऐसी प्रोन्नति के विचार के लिए अपात्र समझा जाएगा/समझे जाएंगे।

स्पष्टीकरण.--अन्तिम परन्तुक के अन्तर्गत कनिष्ठ पदधारी प्रोन्नति के लिए अपात्र नहीं समझा जाएगा, यदि वरिष्ठ अपात्र व्यक्ति भूतपूर्व सैनिक है जिसे डिमोबलाईजड आमर्ड फोर्सिज परसोनल (रिजर्वेशन आफ वेकैन्सीज इन हिमाचल स्टेट नान-टैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1972 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया है और इनके अन्र्तगत वरीयता लाभ दिए गए हों या जिसे एक्स सर्विसमैन (रिजर्वेशन आफ वेकैन्सीज इन दी हिमाचल प्रदेश टैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1985 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया हो व इनके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों।

(2) इसी प्रकार स्थाईकरण के सभी मामलों में ऐसे पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद पर की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, सेवाकाल के लिए गणना में ली जाएगी, यदि ऐसी तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति, उचित चयन के पश्चात्‌ और भर्ती एवं प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार की गई थीः

परन्तु की गई उपर्युक्त निर्दिष्ट तदर्थ सेवा को गणना में लेने के पश्चात्‌ जो स्थाईकरण होगा उसके फलस्वरूप पारस्परिक वरीयता अपरिवर्तित रहेगी।

12. यदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्यमान हो तो उसकी सरचना.--जैसी सरकार द्वारा समय-समय पर गठित की जाए।

13. भर्ती करने में जिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा.--जैसा विधि द्वारा अपेक्षित है।

14. सीधी भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अनिवार्य अपेक्षा.--लागू नहीं।

15. सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.--लागू नहीं।

16. आरक्षण.--सेवा में नियुक्ति, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों/पिछडे़ वर्गों और अन्य प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिए सेवाओं में आरक्षण की बाबत जारी किए गए आदेशों के अधीन होगी।2966 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 17. विभागीय परीक्षा.--सेवा में प्रत्येक सदस्य को, समय-समय पर यथा संशोधित, हिमाचल प्रदेश विभागीय परीक्षा नियम, 1997 में यथा विहित विभागीय परीक्षा पास करनी होगी।

18. शिथिल करने की शक्ति.--जहां राज्य सरकार की यह राय हो कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां यह कारणों को लिखित में अभिलिखित करके और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, आदेश द्वारा, इन नियमों के किन्हीं उपबन्धों को किसी वर्ग या व्यक्तियों के प्रवर्ग या पदों की बाबत, शिथिल कर सकेगी।

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[Authoritative English text of this Department's Notification No. 5-15/2010-ELN, dated

22-08-2012 as required under Clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].

ELECTION DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-171009, the 22nd August, 2012

No. 5-15/2010-ELN.—In exercise of the powers conferred by proviso to Article-309 of the Constitution of India, the Governor, Himachal Pradesh, in consultation with the Himachal Pradesh Public Service Commission, is pleased to make the following Recruitment & Promotion Rules for the post of Assistant Chief Electoral Officer, Class-I, Gazetted (Non-Ministerial Services), in the Election Department, Himachal Pradesh as per Annexure-"A" attached to this notification, namely: —

1. Short title and commencement.—(1) These rules may be called the Himachal Pradesh Election Department, Assistant Chief Electoral Officer, Class-I, Gazetted (Non-Ministerial Services), Recruitment & Promotion Rules, 2012.

(2) These rules shall come into force from the date of publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh.

2. Repeal and savings.—(1) The Himachal Pradesh Election Department, Assistant Chief Electoral Officer, Class-I, (Gazetted) Recruitment & Promotion Rules, 2000 notified vide this department's notification No. 5-26/94-ELN, dated 1st February, 2000 are hereby repealed.

(2) Notwithstanding such repeal, any appointment made, anything done or any action taken the under rules so repealed under Sub-rule 2(1) supra shall be deemed to have been validly made, done or taken under these rules.

By order, Sd/- Principal Secretary (Election).

__________

ANNEXURE-"A"

RECRUITMENT AND PROMOTION RULES FOR THE POST OF ASSISTANT CHIEF

ELECTORAL OFFICER, CLASS-I, (GAZETTED), IN THE DEPARTMENT OF

ELECTION, HIMACHAL PRADESH

1. Name of the post.—Assistant Chief Electoral Officer.

2. Number of posts.—01 (one).

3. Classification.—Class-I, (Gazetted).

(Non-Ministerial Services)

2967 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934

4. Scale of pay.—Pay Band: Rs.15600-39100/- plus 6600/- Grade Pay.

5. Whether selection post or non-selection post.—Selection.

6. Age for direct recruitment.—Not applicable.

7. Minimum educational and other qualifications required for direct

recruitment.—Not applicable.

8. Whether age and educational qualifications prescribed for direct recruits will

apply in the case of promotees?—Age : Not applicable. Educational Qualification : Not applicable.

9. Period of probation, if any.—Two years subject to such further extension for a period not exceeding one year as may be ordered by the competent authority in special circumstances and reasons to be recorded in writing.

10. Method of recruitment-whether by direct recruitment or by promotion,

deputation, transfer and the percentage of posts to be filled in by various methods.—100 % by

promotion.

11. In case of recruitment by promotion deputation, transfer, grade from which promotion/deputation/transfer is to be made.—By promotion from amongst the Electoral Officers having 2 years regular service or regular combined with continuous adhoc service rendered, if any, in the grade, failing which by promotion from Electoral Officers having 5 years regular service or regular combined with adhoc service rendered as Electoral Officer and Tehsildar (Election)/Section Officer both combined.

(1) In all cases of promotion, the continuous adhoc service rendered in the feeder post, if any, prior to regular appointment to the post shall be taken into account towards the length of service as prescribed in these Rules for promotion subject to the condition that the adhoc appointment/promotion in the feeder category had been made after following proper acceptable process of selection in accordance with the provisions of Recruitment and Promotion Rules, Provided that;

In all cases where a junior person becomes eligible for consideration by virtue of his/her total length of service (including the service rendered on adhoc basis, followed by regular service/appointment) in the feeder post in view of the provisions referred to above, all persons senior to him/her in the respective category/post/cadre shall be deemed to be eligible for consideration and placed above the junior person in the field of consideration;

Provided further that all incumbents to be considered for promotion shall possess the minimum qualifying service of at least three years or that prescribed in the Recruitment and Promotion Rules for the post, whichever is less;

Provided further that where a person becomes ineligible to be considered for promotion on account of the requirements of the preceding proviso, the person(s) junior to him/her shall also be deemed to be ineligible for consideration for such promotion.

Explanation.—The last proviso shall not render the junior incumbents ineligible for consideration for promotion, if the senior ineligible persons happened to be Ex-Servicemen recruited under the provisions of Rule 3 of the Demobilized Armed Forces Personnel (Reservation2968 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 of Vacancies in Himachal State Non-Technical Services) Rules, 1972 and having been given the benefit of seniority thereunder or recruited under the provisions of Rule 3 of the Ex-Servicemen (Reservation of Vacancies in the Himachal Pradesh Technical Services) Rules, 1985 and having been given the benefit of seniority there under.

(2) Similarly, in all cases of confirmation, continuous adhoc service rendered in the feeder post, if any, prior to the regular appointment against such post shall be taken into account towards the length of service, if the adhoc appointment/promotion had been made after proper selection and in accordance with provision of the Recruitment and Promotion Rules;

Provided that inter-se-seniority as a result of confirmation after taking into account, adhoc service rendered as referred to above shall remain unchanged.

12. If a Departmental Promotion Committee exists, what is its composition?—As

may be constituted by the Government from time to time.

13. Circumstances under which the Himachal Pradesh Public Service Commission

is to be consulted in making recruitment.—As required under the law.

14. Essential requirement for a direct recruitment.—Not applicable.

15. Selection for appointment to the post by direct recruitment.—Not applicable.

16. Reservation.—The appointment to the service shall be subject to orders regarding reservation in the service for Scheduled Castes/Scheduled Tribes/Other Backward Classes/other categories of persons issued by the Himachal Pradesh Government from time to time.

17. Departmental Examination.—Every member of the service shall pass a Departmental Examination as prescribed in the H.P. Departmental Examination Rules, 1997 as amended from time to time.

18. Power to relax.—Where the state Government is of the opinion that it is necessary or expedient to do so, it may, by order for reasons to be recorded in writing, and in consultation with the Himachal Pradesh Public Service Commission, relax any of the provisions of these Rules with respect to any Class or Category of persons or post(s).

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आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना

शिमला-171002, 23 अगस्त, 2012

संख्याः ई0एक्स0एन0-एफ(1)-4/2011.--हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम, 2005 (2005 का अधिनियम संख्यांक 12) की धारा 63 की उपधारा (1) द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए, इस विभाग की अधिसूचना संख्या ई. एक्स.एन.-एफ(5)-4/2005, तारीख 2 दिसम्बर, 2005 द्वारा अधिसूचित और राजपत्र, हिमाचल प्रदेश (असाधारण) में तारीख 7 दिसम्बर, 2005 को प्रकाशित हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर नियम, 2005 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती हैं, अर्थात्‌ः--

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (छठा संशोधन) नियम, 2012 है।2969 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 (2) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत होंगे। 2. नियम 75 का संशोधन.--हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर नियम, 2005 के नियम 75 में,--

(क) खण्ड (i) में "दस" शब्द के स्थान पर "पच्चीस" शब्द रखा जाएगा।

(ख) खण्ड (ii) में "दस" शब्द के स्थान पर "पच्चीस" शब्द और "पच्चीस" शब्द के स्थान पर "पचहतर" शब्द रखा जाएगा;

(ग) खण्ड (iii) के "पच्चीस" शब्द के स्थान पर "पचहतर" शब्द और "पचास हजार" शब्द के स्थान पर "तीन लाख" शब्द रखे जाएंगे; और

(घ) खण्ड (iv) में "पचास हजार" शब्दों के स्थान पर "तीन लाख" शब्द रखे जाएंगे।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)।

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[Authoritative English text of this department notification No.EXN-F(1)-4/2011, dated 23- 08- 2012 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].

EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-171002, 23rd August, 2012

No. EXN-F(1)-4/2011.—In exercise of the powers conferred by sub-section (1) of section 63 of the Himachal Pradesh Value Added Tax Act, 2005 (Act No. 12 of 2005), the Governor of Himachal Pradesh, is pleased to make the following rules further to amend the Himachal Pradesh Value Added Tax Rules, 2005, notified by this department vide notification number EXN-F(5)- 4/2005, dated 2nd December, 2005 and published in the Rajpatra, Himachal Pradesh (Extra Ordinary), dated 7th December, 2005, namely:—

1. Short title and commencement.—(1) These rules may be called the Himachal Pradesh Value Added Tax (Sixth Amendment) Rules, 2012.

(2) They shall come into force from the date of publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh.

2. Amendment of Rule 75.—In sub-rule (1) of rule 75 of the Himachal Pradesh Value Added Tax Rules, 2005,—

(a) in clause (i), for the word 'ten', the words 'twenty five' shall be substituted.

(b) in clause (ii) for the word 'ten', the words 'twenty five' and for the words 'twenty five' the words 'seventy five' shall be substituted;

(c) in clause (iii), for the words 'twenty five', the words 'seventy five' and for the words 'fifty thousand' the words 'three lac' shall be substituted; and2970 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 (d) in clause (iv), for the words 'fifty thousand' the words 'three lac' shall be substituted.

By order, Sd/- Principal Secretary (E&T).

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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 22 अगस्त, 2012

संख्याःआई.पी.एच.-बी(एच)8-41/2011-हमीरपुर-1.--यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन के लिए नामतः गांव पट्टा तहसील भोरंज जिला हमीरपुर में उठाऊ पेयजल योजना मारकण्डा तत्तापानी जल भण्डारण टैंक के निर्माण हेतु भूमि ली जानी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्नलिखित विस्तृत विवरणी में वर्णित भूमि उपर्युक्त प्रयोजन के लिए अपेक्षित है।

2. भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 के उपबन्धों के अधीन सभी सम्बन्धित व्यक्तियों की सूचना के लिए घोषणा की जाती है तथा उक्त अधिनियम की धारा 7 के उपबन्धों के अधीन समाहर्ता, भू- अर्जन हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मण्डी, जिला मण्डी, को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निदेश दिया जाता है।

3. भूमि का रेखांक, समाहर्ता, भू-अर्जन लोक निर्माण विभाग मण्डी, हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है।

विस्तृत विवरणी

ि जला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र कनाल-मरला में
हमीरपुर भोरंज पट्टा 21/1 00-11

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।

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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 22 अगस्त, 2012

संख्याःआई0पी0एच0-बी(एच)1-39/2012-हमीरपुर.--यतः राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव कोट तहसील नादौन जिला हमीरपुर में मल निकासी योजना कोट के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव2971 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है। 3. पूर्वाेक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, मण्डी हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है।

विस्तृत विवरणी

ि जला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र हैक्टेयर में
हमीरपुर नादौन कोट 1653/1 1876-40
1653/ 1125-75
21653/ 740-62
1653/4 1130-50
31653/5 1129-28
1653/6 12526-45
1654 64-00
1655/1 1150-35
1655/2 42-00
1655/3 26-25
1655/4 26-40
1655/5 25-00
1655/6 25-00
1659 128-13
1660 2127-38
1661 119-62
किता-16 22263-13 वर्ग डैसीमीटर

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।2972 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934

सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग

अधिसूचना

शिमला-171002, 22-08-2012

संख्याःआई0पी0एच0-बी(एच)1-38/2012-कांगड़ा.--यतः राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव वनधियार तहसील पालमपुर जिला कांगड़ा में महाल वनधियार पेयजल योजना व जल भण्डारण टैंक के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है। 3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है।

विस्तृत विवरणी

ि जला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र/हैक्टेयर में
कांगड़ा पालमपुर वनधियार 1149/7 0-01-44

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- सचिव (सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य)।

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LANGUAGE, ART AND CULTURE DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, 6th August, 2012

No. LCD-F (1)-1/2010-I.—In continuation to this department Office Order No. LCD- F(12)-2/2005 dated Nil, The Governor of Himachal Pradesh is pleased to nominate the persons as detailed below in Shri Hanogi Mata Temple Trust in Mandi District for a period of three years with immediate effect:—

Official Members:

1. Sub-Divisional Officer (Civil), Sadar Mandi, Chairman of the Trust 2. Executive Engineer, National Highway Division Pandoh Distt. Mandi 3. Executive Engineer, I&PH Division Mandi2973 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 4. Executive Engineer, Electrical Division Gohar 5. Tehsildar, Sadar Mandi 6. District Language Officer, Mandi 7. Naib Tehsildar-cum-Temple Officer, Aut District Mandi.

Non Official Members:

1. Sh. Khub Ram, Village Rains P.O. Manhogi Sub- Tehsil Aut Distt. Mandi 2. Sh. karam Singh, Village Jawalapur, P.O. Kot Khamaradha Sub-Tehsil Aut Distt.

Mandi.

3. Sh. Hem Raj s/o Sh. Dole Ram r/o Bhavas P.O. Mahogi Sub-Tehsil Aut, Distt.

Mandi.

4. Sh. Chaman Lal s/o Sh. Jiwa Nand r/o Shaloi P.O Kholanal Sub-Tehsil Balichowki Distt. Mandi.

5. Sh. Chranji Lal s/o Sh. Hari Singh r/o Rains P.O. Mahogi Sub-Tehsil Aut Distt.

Mandi.

6. Sh. Tirath Raj s/o Tek Singh r/o Bulan P.O. Mahogi Sub-Tehsil Balichowki Distt.

Mandi.

7. Sh. Tej Singh s/o Sh. Narayan r.o Khahari P.O. Mahogi Sub-Tehsil Balichowki, Distt. Mandi.

8. Sh. Om Chand s/o Sh. Puran Chand r.o Nalwagi P.O Kholanal Sub-Tehsil Balichowki, Distt. Mandi.

9. Sh. Sher Singh s/o Sh Dole Ram r/o Sajoun P.O. Mahogi Sub-Tehsil Balichowki, Distt. Mandi.

10. Sh. Jhabe Ram s/o Sh. Khube Ram r/o Karthach P.O. Kholanal, Sub-Tehsil Balichowki, Distt. Mandi.

11. Sh. B.P. Malhotra, Bhiuli Mandi, Distt. Mandi 12. Sh. Gumat Ram s/o Sh. Lalu Ram r/o Shaloi P.O. Mahogi,Sub-Tehsil Aut Distt.

Mandi.

13. Sh. Dole Ram s/o Sh. Tek Chand r/o VPO Mahogi, Sub-Tehsil Balichowki, Distt.

Mandi.

The terms and conditions of both the Official and Non-Official Members of the above Temple Trust will be the same as were applicable earlier.

By order, (MANISHA NANDA) Chief Commissioner (Temple)-cum- Principal Secretary (LAC).

__________

राहत एवं पुनर्वास विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 1 अगस्त, 2012

संख्याः रैव0आर0आर0(एफ0)6-4/2000.--राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश द्वारा राज्य में स्थित निष्क्रान्त सम्पत्तियों का प्रबन्धन तथा राहत एवं पुनर्वास विभाग को अन्य प्रयोजनाें हेतु विलय करने बारे निम्नलिखित प्रावधान करने के आदेश तुरन्त प्रभाव से लागू करने के आदेश जारी किए जाते हैं।

1. सभी प्रकार की निष्क्रान्त सम्पतियों को भू-राजस्व अधिनियम, 1954 व अन्य राजस्व अधिनियमों के अन्तर्गत लाया जाए। इन सभी प्रकार की सम्पत्तियों पर राजस्व विभाग का कब्जा एवं नियन्त्रण 2974 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 माना जाए तथा राजस्व अभिलेख में कब्जे की प्रविष्टी राजस्व विभाग के नाम की जाए। इन सभी सम्पत्तियों को राजस्व विभाग सरकारी उपयोग के लिए करेगा तथा इन सम्पत्तियों को हि0 प्र0 पट्‌टा नियम, 2011 के अन्तर्गत यथा आवश्यकता पट्‌टे पर भी दिया जाए। जिन पुराने कब्जाधारियों पर अदालती मामले दर्ज किये गये हैं उन्हें इन सम्पत्तियों को पट्‌टा नियम, 2011 के अन्तर्गत पट्‌टे पर दिया जाए व पट्‌टा नियम, के तहत पट्‌टा राशि निर्धारित की जाए व उनसे पट्‌टा नियम, 2011 के अनुसार निर्धारित पट्‌टा राशि कब्जा लेने के आरम्भ से ही वसूल की जाए। जिन निष्क्रान्त सम्पत्तियों पर भवन बने हैं या जिन पर किसी पुराने कब्जाधारी के विरुद्ध मामला दर्ज है उन पर भूमि व भवन का मूल्यांकन करने के पश्चात्‌ नियमानुसार पट्‌टा राशि का निर्धारण कब्जे के आरम्भ से ही किया जाएगा। जो कब्जाधारी पट्‌टा नियमों के अन्तर्गत लीज एग्रीमैन्ट नहीें करता तथा पट्‌टा राशि नहीं देता उसे भू-राजस्व अधिनियम की धाराओं के तहत बेदखल किया जाए। इसके अतिरिक्त यदि अब कोई अवैध कब्जों का मामला सामने आता है तो उसमें भू-राजस्व अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही की जाए।

2. निष्क्रान्त सम्पत्तियों से सम्बन्धित सभी प्रकार का अभिलेख सम्बधित उप-मण्डलीय राजस्व अभिलेखागार में जमा कर दिया जाए।

3. राहत एवं पुनर्वास विभाग की स्थापना में सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को उनकी इच्छा के अनुसार जिलों में उपायुक्त के अधीन सैकेण्डमैन्ट के आधार पर स्थानान्तरित किया जाए। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की पदोन्नति के अवसरों को यथावत बरकरार रखा जाए। इसके साथ ही सचिवालय स्तर पर नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्बधित मामलों का निपटारा होने तक यथावत रखा जाए। मुख्य बन्दोबस्त आयुक्त का पद भी लम्बित अदालती मामलों का निपटारा होने तक जारी रहेगा तथा विभाग के लेखा शीर्ष (प्राप्ति एवं खर्च) यथावत रहेंगे।

आदेश द्वारा हस्ता0/ अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व)।

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कार्यालय भूव्यवस्था अधिकारी शिमला मण्डल शिमला-9

विज्ञापन

शिमला-9, 23 अगस्त, 2012

संख्या रैव0 (एस0 टी0) एस0 एम0 एल0/ए0-घुमारवीं (ग्रामीण)/2011.-सरकार हिमाचल प्रदेश की अधिसूचना संख्या रैव0 बी0एफ0 (8) 1/2001-1 दिनांक 21-10-2010 जो हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम 1954 की धारा 33 के अन्तर्गत तहसील घुमारवीं के महाल दकड़ी, पटा, बड़ू, पनौल, बड़ोटा, लुहारवी व सीहल के भू-अभिलेख के सशोधन हेतु जारी हुई है कि अनुपालना में अधोहस्ताक्षरी द्वारा वर्तमान भूव्यवस्था में दर्ज की जाने वाली भूमि की किस्मों का विज्ञापन जन-साधारण तहसील घुमारवी के सूचनार्थ हेतु हिमाचल प्रदश भू-राजस्व (साधारण) निर्धारण नियम, 1984 के नियम 4 के अनुरुप हिमाचल प्रदेश राजपत्र में 20 मई, 2011 को प्रकाशित हुआ। विज्ञापन के उपरान्त नियमानुसार कार्यावाही न होने व इसका नियमानुसार न होने के कारण अधोहस्ताक्षरी द्वारा इसे वापिस लिया जाता है और तहसील घुमारवीं के महाल दकड़ी, पटा, बड़़ू, पनौल, बड़ोटा, लुहारवी व सीहल के लिए वर्तमान भूव्यवस्था में तैयार किये जाने वाले भू-अभिलेख में हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व (साधारण) निर्धारण नियम, 1984 के नियम 4 व हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व (विशेष) निर्धारण नियम, 1986 के अनुरूप भूमि की किस्मों को दर्ज करने का प्रस्ताव है। उपरोक्त महालात तहसील घुमारवी का भाग होने के कारण प्रस्तावित भूमि की किस्मों का विज्ञापन हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व (साधारण) निर्धारण नियम, 1984 के नियम 14 की अनुपालना में जन साधारण तहसील घुमारवीें की जानकारी हेतु इसका प्रकाशन पुनः हिमाचल प्रदेश राजपत्र में किया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति एवं महानुभाव को किसी भी किस्म भूमि के सम्बन्ध में एतराज हो तो वह अपना लिखित एतराज व सुझाव पे्रषण के 30 दिन केे अन्दर2975 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में दें। समय सीमा समाप्त होने पर प्राप्त एतराज व सुझाव मान्य नहीं होंगे। प्रस्तावित भूमि की किस्में निम्न प्रकार से हैः--

किस्म भूमि

परिभाषा कृष्ट भूमि (1) सिंचित

क्रम संख्या 1 कुहली अवल वह सिंचित कृषि भूमि जिसकी सिंचाई कुहल के पानी द्वारा की जाती हो तथा एक साल में दो फसलें काश्त होती हो तथा पानी बारह महीने उपल्बध रहता हो।

2. कुहली दोयम वह सिंचित कृषि भूमि जिसकी सिंचाई कुहल के पानी द्वारा की जाती हो तथा एक साल में दो फसलें काश्त होती हो तथा सिंचाई के लिए पानी छः महीने उपलब्ध रहता हो।

3. बागीचा कुहली वह सिंचित कृषि भूमि जिसकी सिंचाई कुहल के पानी द्वारा की जाती हो तथा बगीचा सेब, बादाम, नाशपाती, पलम, आड़ू, आम, नीबू, गलगल, संतरा, किनू, मालटा, खुमानी, अमरुद आदि का हो।

4. आवी वह सिंचित कृषि भूमि जिसकी सिंचाई सरकार द्वारा निर्मित जल उठाऊ योजना व टैंकों से की जाती हो तथा एक वर्ष में दो फसलें काश्त होती हो।

5. चाही वह सिंचित कृषि भूमि जिसकी सिंचाई सरकार द्वारा निर्मित कुओं से की

जाती है तथा एक वर्ष में दो फसलें काश्त होती हों।

6. बगीचा चाही वह सिंचित कृषि भूमि जिसकी सिंचाई सरकार द्वारा निर्मित कुओं के पानी से की जाती हो तथा बगीचा सेब, बादाम, नाशपाती, पलम, आड़ू, आम, नीबू, गलगल, संतरा, किनू, मालटा, खुमानी, अमरुद आदि का हो। (2) असिंचित भूमि 7. वाखल अवल वह वर्षा पर निर्भर कृषि भूमि जिसमें साल में दो फसलें काश्त होती हो तथा जमींदारान की आबादी के नजदीक स्थित हो जहां भूमि को खाद पर्याप्त मात्रा में मिलती हो।

8. वाखल दोयम वह वर्षा पर निर्भर कृषि भूमि जिसमें साल में दो या दो साल में तीन फसलें काश्त होती हो और जमींदारान की आबादी से दूरी पर स्थित हो व वाखल अवल की अपेक्षा कम उपजाऊ हो।

9 . वाखल सोयम वह वर्षा पर निर्भर कृषि भूमि जो पहाड़ी पर ढलानदार जगह में स्थित हों तथा कंकरीट हो जिसमें केवल कुल्थ या मांश की फसल काश्त होती हो।

10. बागीचा बाखल वह वर्षा पर निर्भर कृषि भूमि जिसमें बगीचा सेब, बादाम, नाशपाती, पलम, आड़ू, आम, नींबू, गलगल, संतरा, किनू, मालटा, खुमानी, अमरुद आदि का हो।

अकृष्ट भूमिः- 11. बंजर जदीद वह भूमि जो लगातार पिछली चार फसलों से काश्त न की गई हो। 12. बंजर कदीम वह भूमि जो पहले काश्त में थी परन्तु चार वर्षों से अधिक समय से

काश्त न की गई हो।

13. घासनी वह मलकियती भूमि जिसका उपयोग पशुओं के चारे के लिए घास की

उपज हेतु किया जाता हो।

14. घासनी द्रखतान वह मलकियती भूमि जिसका उपयोग पशुओं के चारे के लिए घास की उपज हेतु किया जाता हो तथा उस भूमि में किसी भी किस्म के वृक्ष इस्तादा हो।

15. वन बांस वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जिसमें बांस व बांसड़िया पाई जाती

हो।

16. घासनी सरकार वह सरकारी भूमि जो किसी सरकारी विभाग के कब्जे में हो और वह

विभाग उसका उपयोग घास की उपज के लिए करता हो।2976 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 17. चरागाह द्रख्तान वह सरकारी भूमि जिसमें द्रख्तान इस्तादा हो और वाशिन्दगान देह के हकूक घास कटाई व चराई आदि के मुताबिक नक्शावर्तन के हो। 18. चरागाह बिलाद्रख्तान वह सरकारी भूमि जिसमें कोई द्रख्तान इस्तादा न हो और वाशिन्दगान देह के हकूक घास कटाई व चराई आदि के मुताविक नक्शावर्तन के हो। 19. जंगल रिजर्व वह सरकारी भूमि जिसमें ठडाबन्दी हुई हो और जंगल रिजर्व करार दिया 20. जंगल मैहफूजा मैहदूदा

21. जंगल मैहफूजा गैर

मैहदूदा

गया हो। वह सरकारी भूमि जिसमें ठडाबन्दी हुई हो और जंगल मैहफूजा मैहदूदा करार दिया गया हो। वह सरकारी भूमि जिसमें ठडाबन्दी हुई हो और जंगल मैहफूजा गैर मैहदूदा करार दिया गया हो।

22. जंगल देहाती वह सरकारी भूमि जिस पर वन विभाग का नियंत्रण हो परन्तु वह भूमि अभी तक नियमानुसार वन विभाग के नाम अधिसूचित न हुई हो तथा चरागाह की सूरत में भी न हो।

23. नर्सरी वह सरकारी भूमि जिसका उपयोग किसी सरकारी विभाग द्वारा पौधों को

उगाने के लिए किया जाता हो।

24. जाय सरकार वह सरकारी उसर भूमि जो खाली पड़ी हो और उसमें वृक्ष आदि कोई

इस्तादा न हो और न ही चरागाह आदि के प्रयोग में लाई जाती हो। 25. गैर मुमकिन बीड़ वह भूमि जो दो काश्ता रकवों के बीच स्थित हो और न काबले काश्त

हो।

26. गैर मुमकिन ढांक वह भूमि जो मौका पर ढांक हो अर्थात्‌ जहां पर मनुष्य प्रजाति के प्राणी का आवागमन सम्भव न हो और उसकी उत्पत्ति का इस्तेमाल साधारणतः न हो सके। वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जिसमें पानी बहता हो।

27. गैर मुमकिन नाला,

खड, नदी

28. गैर मुमकिन कुहल वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जिसमें खेतों की सिंचाई व घराट के

लिए पानी लाया जाता हो। वह मलकियती भूमि जिसमें अनाज पिसाई के लिए घराट बनाया गया हो तथा उसके लिए पानी कुहल द्वारा लाया गया हो।

29. गैर मुमकिन घराट (बारह माही) (नौ माही) (छः माही) (तीन माही)

30. गैर मुमकिन घराट

उफतादा

वह मलकियती भूमि जिसमें अनाज पिसाई के लिए घराट बनाया गया हो तथा उसके लिए पानी कुहल द्वारा लाया गया हो परन्तु अब मौका पर बुर्द हालत में हो।

31. गैर मुमकिन आबादी मलकियत आबादी देह की वह भूमि जिसकी मलकियत साबका कागजात 32. गैर मुमकिन

मकान

में आबादी देह के नाम दर्ज हो। वह मलकियती भूमि जिसमें जमींदारान द्वारा रिहायश हेतु मकान व रसोईघर बनाया गया हो।

33. गैर मुमकिन गौशाला वह मलकियती भूमि जिसमेें जमींदारान द्वारा पशुओं को रखने के लिए

मकान बनाया गया हो।

35. गैर मुमकिन

34. गैर मुमकिन सैहन वह मलकियती भूमि जो रिहायशी मकान के धरातल में स्थित हो तथा उस भूमि का प्रयोग चलनें फिरनें, पशुओं को बांधने तथा अन्य घरेलू काम काज के लिए किया जाता हो। वह मलकियती भूमि जिसमें फसल को सुखाया जाता है तथा परम्परागत ढंग से अनाज से भूसा अलग किया जाता हो।

खल्याण

36. गैर मुमकिन टैंक पानी वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जहां पर पानी के भण्डार हेतु स्थाई

टैंक बनाया गया हो।2977 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 37. गैर मुमकिन गढ़ा खाद वह मलकियती भूमि जहां पर पशुओं के गोबर को एकत्र करके उसकी

खाद तैयार की जाती है।

38 गैरमुमकिन कारखाना वह मलकियती भूमि जहां जमीदारानों के कृषि औजारों की मुरम्मत व नए

औजार बनाने के लिये कच्चा या पक्का मकान बनाया गया हो। 39. गैर मुमकिन खुरड़ी वह भूमि जहां पशुओं को पानी पिलाने के लिए खुरड़ी बनाई गई हो। 40. गैर मुमकिन गोबर गैस

टैंक

वह मलकियती भूमि जहां पर गोबर की गैस बनाने के लिए स्थाई गढ़ा बनाया गया हो।

41. गैर मुमकिन गली वह मलकियती भूमि जो मकान के साथ स्थित हो और गली की सूरत में 42. गैर मुमकिन

स्नानागृह

हो। वह मलकियती भवन जो मकान से अलग बनाया गया हो और उसका प्रयोग नहाने धोने के लिए किया जाता हो।

43. गैर मुमकिन दुकान वह मलकियती भूमि जिसमें लोगों की आवश्यकता की वस्तुऐं क्रय व विक्रय की जाती हो तथा इस भवन का इस्तेमाल व्यापारीकरण कार्य हेतु किया जाता हो।

44. गैर मुमकिन होटल वह मलकियती भवन जिसमें यात्रियों के ठहरने, खाने पीने की व्यवस्था

हो।

45. गैर मुमकिन गोदाम वह सरकारी अथवा मलकियती ईमारत जिसका प्रयोग किसी भी प्रकार

की वस्तुओं के भण्डारन हेतु किया जाता हो।

46. गैर मुमकिन पैट्रोल पम्प वह भूमि जिसमें पैट्रोल व डीजल के वितरण हेतु भवन व भण्डार बनाया

गया हो। वह मलकियती भूमि जिसमें बिजली व डीजल से चलने वाली आटा पिसाई, लकड़ी चराई, तेल निकालने, धान कुटने, ऊन पिंजाई व फर्निचर आदि बनाने की मशीनें लगाई गई हों।

47. गैर मुमकिन लघु उद्योग (आटा मशीन, आरा मशीन, कोहलू आदि)

48. गैर मुमकिन फुलवाड़ी वह सरकारी व गैर सरकारी भूमि जो किसी भवन के सैहन के साथ 49. गैर मुमकिन

पौधशाला

स्थित हो और उसमें सुन्दरता के लिए फूल उगाए जाते हों। वह सरकारी अथवा गैरसरकारी भूमि जहां फूल पौद्यों के लिए पारदर्शी भवन बनाया गया हो।

50. गैर मुमकिन उद्योग वह सरकारी अथवा गैर-सरकारी भूमि व भवन जिसमेंं लोहा, लकड़ी, कागज, कपड़ा, स्टील, रबड, छोटे-बड़े वाहन तथा खाद्य पदार्थ बनाने के कारखाने स्थापित हों।

51. गैर मुमकिन विद्यालय वह सरकारी भवन जहां विद्यार्थियों को प्राथमिक से बाहरवीं कक्षा तक 52. गैर मुमकिन महाविद्यालय 53. गैर मुमकिन

विश्वविद्यालय

54. गैर मुमकिन

प्रशिक्षण संस्थान

शिक्षा दी जाती हो। वह सरकारी भवन जहां पर विद्यार्थियों को स्नातक तक शिक्षा दी जाती हो। वह सरकारी भवन जहां पर विद्यार्थीयो को स्नातकोतर शिक्षा दी जाती हो। वह सरकारी भवन जहां पर विद्यार्थियों को तकनीकी या गैर तकनीकी शिक्षा का प्रशिक्षण दिया जाता हो।

55. गैरमुमकिन मैदान वह सरकारी या मलकियती भूमि जिसका प्रयोग खेलकूद व पारम्परिक 56. गैर मुमकिन निजी

विद्यालय

57. गैर मुमकिन निजी महाविद्यालय

मेलों आदि के लिए प्रयोग की जाती है। वह सरकारी या मलकियती भूमि जहां पर विद्यार्थियों कोे प्राथमिक से बाहरवीं कक्षा तक की शिक्षा देने के लिए किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा भवन बनाया गया हो। वह सरकारी या मलकियती भूमि जहां पर विद्यार्थियों को स्नातक की शिक्षा देने के लिए किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा भवन बनाया गया हो।

वह सरकारी या मलकियती भूमि जहां पर विद्यार्थीयों को स्नातकोतर शिक्षा देने के लिए किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा भवन बनाया गया हो 58. गैर मुमकिन निजी विश्वविद्यालय2978 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 59. गैर मुमकिन निजी प्रशिक्षण संस्थान 60. गैर मुमकिन

औषधालय

61. गैर मुमकिन

वह सरकारी या मलकियती भूमि जहां पर विद्यार्थीयो को तकनीकी व गैर तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा भवन बनाया गया हो वह सरकारी भवन जहां पर रोगियों के उपचार हेतु दवाईयां दी जाती हों। वह सरकारी भवन जहां पर पशुओं के उपचार हेतु दवाईयां दी जाती हों। पशु औषधालय

62. गैर मुमकिन

वह सरकारी भवन जहां मरीजों का ईलाज किया जाता हो।

(नागरिक) चिकित्सालय 63. गैर मुमकिन

वह मलकियती भवन जहां मरीजों का ईलाज किया जाता हो। निजी चिकित्सालय

64. गैर मुमकिन पंचायत

भवन

65. गैर मुमकिन वनरक्षक

गृह

66. गैर मुमकिन वन परिक्षेत्र

कार्यालय

वह सरकारी भवन जिसमें ग्राम पंचायत का कार्यालय, भवन व दुकानें बनाई गई हों। वह सरकारी भवन जिसमें वन रक्षक व उप-परिक्षेत्र अधिकारी का कार्यालय व निवास हो। वह सरकारी भवन जिसमें वन परिक्षेत्र अधिकारी का कार्यालय स्थापित हो।

67. गैर मुमकिन कवाटर वह भवन जो किसी सरकारी विभाग द्वारा कर्मचारियों के रहने के लिए 68. गैर मुमकिन पॉवर

बनाए गये हों। वह सरकारी भ्ूामि जहां पर विद्युत संचालन किया जाता हो। हॉंउस

69. गैर मुमकिन टावर वह सरकारी व मलकियत भूमि जिसमें दूरसंचार व विद्युत के टावर बनाए 70. गैर मुमकिन पम्प

हॉंऊस

गए हों। वह सरकारी भवन जिसमें जन स्वास्थय विभाग द्वारा पानी की सप्लाई हेतु पम्प स्थापित किया गया हो। 71. गैर मुमकिन देवस्थान वह भूमि जहां पर देवी देवताओं की खुली जगह में पूजा की जाती है। 72. गैर मुमकिन मन्दिर वह भवन जो हिन्दू समुदाय के लोगों द्वारा देवी-देवताओं की पूजा हेतु

बनाए गए हैं।

73. गैर मुमकिन गुरूद्वारा वह भवन जो सिख समुदाय मे लोगों द्वारा गुरूग्रन्थ साहब पढ़ने व 74. गैर मुमकिन

गिरजाघर

भजन-कीर्तन करने के लिए बनाया गया हो। वह भवन जिसे ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा ईश्वर की प्रार्थना करने हेतु बनाया गया हो ।

75. गैर मुमकिन ईदगाह वह भवन जिसे मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा नवाज पढ़ने हेतु बनाया

गया हो ।

76. गैर मुमकिन खण्डहर वह भवन जो कर्ई वर्ष पहले गिर चुका हो तथा मौका पर उसका मलवा 77. गैर मुमकिन

वर्षा शालिका

78. गैर मुमकिन

सड़क

79. गैर मुमकिन

रास्ता

80. गैर मुमकिन

हैडपम्प

मौजूद हो। वह सरकारी भूमि जो सड़क के किनारे स्थित हो तथा वहां पर यात्रियोें के लिए विश्राम हेतु शालिका बनाई गई हो। वह सरकारी व गैर सरकारी भूमि जिसमें वाहनों के आने जाने के लिए सड़क बनाई गई हो। वह सरकारी व गैर सरकारी भूमि जिसमें आम व्यक्तियों के चलने के लिए रास्ता गुजरता हो। वह भूमि जिसमें जमीन के अन्दर से पानी निकालने हेतु हैडपम्प लगाया गया हो।

81. गैर मुमकिन बावड़ी वह भूमि जिसमें प्राकृतिक पानी हो तथा वहां पर बावड़ी बनाई गई हो। 82. गैर मुमकिन तालाब वह भूमि जहां प्राकृतिक तौर से काफी मात्रा में पानी जमा रहता हो या2979 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 वर्षा के पानी को एकत्र करने के लिए तालाब बनाया गया हो। 83. गैर मुमकिन शमशानघाट 84. गैर मुमकिन

वह भूमि जंहा पर हिन्दू धर्म के मृतको की अन्तिम दाह संस्कार की रस्म अदा की जाती हो । वह भूमि जहां पर ईसाई धर्म के मृतकों को दफनाया जाता है। समिट्री

85. गैर मुमकिन

वह भूमि जहां पर मुस्लिम धर्म के मृतकों को दफनाया जाता है। कब्रीस्तान

86. गैर मुमकिन

स्मार्क

वह भूमि जहां पर किसी शहीद पुरूष की यादगार व उसे श्रद्वांजली देने हेतु उसकी मूर्ति स्थापित की गई हो। वह भवन जहां पर उचित मुल्य की दुकान सरकारी मलकियत में हो । 87. गैर मुमकिन डिपू

88. गैर मुमकिन समुदाय

भवन

89. गैर मुमकिन

महिला मण्डल

वह सरकारी व गैर सरकारी भूमि जिसमें समुदाय विशेष के नाम का भवन बनाया गया हो । वह सरकारी व गैर सरकारी भूमि जिसमें सरकार द्वारा निर्मित महिला मण्डल भवन हो।

90. गैर मुमकिन शौचालय वह सरकारी व गैर सरकारी भूमि जहां पर शौचालय निर्मित किया गया 91. गैर मुमकिन सेफटी

टेंक

हो । वह सरकारी व गैर सरकारी भूमि जहां पर मल-मूत्र एकत्र करने के लिए स्थाई टैंक बनाया गया हो।

(बी0 आर0 वर्मा) भा0 प्र0 से0 भूव्यवस्था अधिकारी

शिमला मण्डल।

__________

कार्यालय भूव्यवस्था अधिकारी शिमला मण्डल शिमला-171009

विज्ञापन शिमला-9 -------जुलाई, 2012

संख्या रैव0 (एस0टी0) एस0एम0एल0/ए0-पछाद/2011.-सरकार हि0 प्र0 द्वारा अधिसूचना संख्या रैव0 बी0एफ0 (8) 3/2009 व रैव0 बी0एफ0 (8) 2/2001-1 दिनांक 20-11-2010 हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 33 व 52 के अन्तर्गत जारी की गई है, की अनुपालना में तहसील पछाद में भू-अभिलेख के संशोधन का कार्य प्रारम्भ है। भू-राजस्व के निर्धारण हेतु भू-अभिलेख में भूमि की किस्मों को दर्ज करने का मामला विचाराधीन है। तहसील पछाद में वर्तमान भूव्यवस्था कार्य के लिए हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व (साधारण) निर्धारण नियम, 1984 व हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व (विशेष) निर्धारण नियम, 1986 के अनुरूप भू-अभिलेख में भूमि की किस्मों को दर्ज करने का प्रस्ताव निम्न प्रकार से हैः-

किस्म भूमि परिभापा :- कृष्ट भूमि (1) सिंचित

क्रम सख्या 1. क्यार अवल वह समतल सिंचित भूमि जिसमें साल में दो फसलें काश्त होती हों तथा सिंचाई के लिए पानी बारह महीने प्राप्त होता हो।

2. क्यार दोयम वह समतल सिंचित भूमि जिसमें साल में दो या दो साल में तीन फसलें काश्त होती हों तथा सिंचाई के लिये पानी छः महीने मिलता हो। 3. बगीचा कयार वह समतल सिंचित भूमि जिसमें बगीचा सेब, बादाम, नाशपाती, पलम, आड़ू, आम, नीबू, गलगल, संतरा, किनू, मालटा, खुमानी, अमरुद आदि हो। 2980 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 4. कुहली अवल वह सिंचित भूमि जिसकी सिंचाई कुहल के पानी द्वारा की जाती हो तथा एक साल में दो फसलें काश्त होती हो तथा पानी बारह महीने उपल्बध रहता हो। 5. कुहली दोयम वह सिंचित भूमि जिसकी सिंचाई कुहल के पानी द्वारा की जाती हो तथा एक साल में दो फसलें काष्त होती हो तथा सिंचाई के लिए पानी छः महीने उपल्बध रहता हो।

6. बगीचा कुहली वह सिंचित भूमि जिसकी सिंचाई कुहल के पानी द्वारा की जाती हो तथा बगीचा सेब, बादाम, नाशपाती, पलम, आड़ू, आम, नीबू, गलगल, संतरा, किनू, मालटा, खुमानी, अमरुद आदि हो।

7. आवी वह सिंचित भूमि जिसकी सिंचाई सरकार द्वारा निर्मित जल उठाऊ योजना व टेंकों से की जाती हो तथा एक वर्ष में दो फसलें काश्त होती हो। 8. चाही वह सिंचित भूमि जिसकी सिंचाई सरकार द्वारा निर्मित कुंओं से की जाती है। 9. बगीचा चाही वह सिंचित भूमि जिसकी सिंचाई सरकार द्वारा निर्मित कुओं के पानी से की जाती हो तथा बगीचा सेब, बादाम, नाशपाती, पलम, आड़ू, आम, नीबू, गलगल, संतरा, किनू, मालटा, खुमानी, अमरुद आदि हो।

(2) असिंचित भूमि 10. वाखल अवल वह कृषि भूमि जिसमें साल में दो फसलें काश्त होती हो तथा जमीदारान की आबादी के नजदीक स्थित हो जहां भूमि को खाद पर्याप्त मात्रा में मिलती हो। सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर हो।

11. वाखल दोयम वह कृषि भूमि जिसमें साल में दो फसलें काश्त होती हो और जमीदारान की आबादी से दूरी पर स्थित हो जहां खाद की कमी हो । सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर हो तथा वाखल अवल की अपेक्षा कम उपजाऊ हो।

12. वाखल सोयम वह कृषि भूमि जो पहाड़ी पर ढलानदार जगह में स्थित हो तथा कंकरीट हो इसमें केवल कुल्थ या मांश की फसल काश्त होती हो।

13. बागीचा बाखल वह कृपि भूमि जिसमें बगीचा सेब, बादाम, नाशपाती, पलम, आड़ू, आम, नीबू, गलगल, संतरा, किनू, मालटा, खुमानी, अमरुद आदि हो तथा वर्षा पर निर्भर हो।

अकृष्ट भूमि 14. ब्ांजर जदीद वह भूमि जो लगातार पिछली चार फसलों से काश्त न की गई हो। 15. ब्ांजर कदीम वह भूमि जो पहले काश्त में थी परन्तु चार वर्षाे से अधिक समय से काश्त न की गई हो।

16. घासनी वह मलकियती भूमि जिसका उपयोग पशुओं के चारे के लिए घास की उपज हेतु किया जाता हो।

17. घासनी द्रखतान वह मलकियती भूमि जिसका उपयोग पशुओं के चारे के लिए घास की उपज हेतु किया जाता हो तथा उस भूमि में किसी भी किस्म के वृक्ष इस्तादा हो। 18. वन बांस वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जिसमें बांस व बांसडिया पाई जाती हो। 19. घासनी सरकार वह सरकारी भूमि जो किसी विभाग के कब्जे में हो और वह विभाग उसका उपयोग घास की उपज के लिए करता हो। 20. चरागाह द्रख्तान वह सरकारी भूमि जिसमें द्रख्तान इस्तादा हो और वाशिन्दगान देह के हकूक 21. चरागाह

बिलाद्रख्तान

घास कटाई व चराई आदि मुताबिक नक्शा वर्तन के हो। वह सरकारी भूमि जिसमें द्रख्तान इस्तादा न हो और वाशिन्दगान देह के हकूक घास कटाई व चराई आदि मुताविक नक्शा वर्तन के हो।

22. जंगल रिजर्व वह सरकारी भूमि जिसमें ठडाबन्दी हुई हो और जंगल रिजर्व करार दिया गया 23. जंगल मैहफूजा मैहदूदा

हो। वह सरकारी भूमि जिसमें ठडाबन्दी हुई हो और जंगल मैहफूजा मैहदूदा करार दिया गया हो।2981 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 24. जंगल मैहफूजा गैर

मैहदूदा

वह सरकारी भूमि जिसमें ठडाबन्दी हुई हो और जंगल मैहफूजा गैर मैहदूदा करार दिया गया हो।

25. जंगल देहाती वह सरकारी भूमि जिस पर वन विभाग का नियंत्रण हो परन्तु वह भूमि अभी तक नियम अनुसार वन विभाग के नाम अधिसूचित न हुई हो तथा चरागाह की सूरत में भी न हो।

26. नर्सरी वह सरकारी भूमि जिसका उपयोग किसी सरकारी विभाग द्वारा पौधों को उगाने के लिए किया जाता हो।

27. जाय सरकार वह सरकारी उसर भूमि जो खाली पडी़ हो और उसमें वृक्ष आदि कोई इस्तादा न हो और न ही चरागाह आदि के प्रयोग में लाई जाती हो। 28. गैरमुमकिन बीड़ वह भूमि जो दो काश्ता रकवों के बीच स्थित हो और न काबले काश्त हो। 29. गैर मुमकिन ढांक वह भूमि जो मौका पर ढांक हो अर्थात जहां पर मनुष्य प्रजाति के प्राणी का आवागमन सम्भव न हो और उसकी उत्पत्ति का इस्तेमाल साधारणत न हो सके। वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जिसमें पानी बहता हो।

30. गैरमुमकिन नाला, खड, नदी

31. गैरमुमकिन कुहल वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जिसमें खेतों की सिंचाई व घराट के 32. गैरमुमकिन घराट

लिए पानी लाया जाता हो। वह मलकियती भूमि जिसमें अनाज पिसाई के लिए घराट बनाया गया हो तथा उसके लिए पानी कुहल द्वारा लाया गया

(बारह माही) (नौ माही) (छः माही) (तीन माही)

33. गैर मुमकिन घराट उफतादा

वह मलकियती भूमि जिसमें अनाज पिसाई के लिए घराट बनाया गया हो तथा उसके लिए पानी कुहल द्वारा लाया गया हो परन्तु अब मौका पर बुर्द हालत में हो।

34. गैरमुमकिन आबादी आबादी देह की वह भूमि जिसकी मलकियत साबका कागजात में आबादी देह 35. गैर मुमकिन

मकान

के नाम दर्ज हो। वह मलकियती भूमि जिसमें जमीदारान द्वारा रिहायश हेतू मकान व रसोईघर बनाया गया हो।

36. गैरमुमकिन गौषाला वह मलकियती भूमि जिसमेें जमीदारान द्वारा पशुओं को रखने के लिए मकान बनाया गया हो।

38. गैर मुमकिन

खल्याण 39. गैर मुमकिन टैंक

पानी

40. गैर मुमकिन गढ़ा

खाद

37. गैर मुमकिन सैहन वह मलकियती भूमि जो रिहायशी मकान के धरातल में स्थित हो तथा उस भूमि का प्रयोग चलने फिरने, पशुओं को बांधने तथा अन्य घरेलू काम काज के लिए किया जाता हो। वह मलकियती भूमि जिसमें फसल को सुखाया जाता है तथा परम्परागत ढंग से अनाज से भूसा अलग किया जाता हो। वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जहां पर पानी के भण्डार हेतु स्थाई टैंक बनाया गया हो। वह मलकियती भूमि जहां पर पशुओं के गोबर को एकत्र करके उसकी खाद तैयार की जाती है। वह मलकियती भूमि जहां जमीदारानों के कृषि औजारों की मुरम्मत व नए औजार बनाने के लिये कच्चा या पक्का मकान बनाया गया हो।

41. गैर मुमकिन कारखाना

42. गैर मुमकिन खुरड़ी वह भूमि जहां पशुओं को पानी पिलाने के लिए खुरड़ी

43. गैर मुमकिन गोबर गैस टैंक

बनाई गई हो। वह मलकियती भूमि जहां पर गोबर की गैस बनाने के लिए स्थाई गढ़ा बनाया गया हो।2982 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 44. गैर मुमकिन गली वह मलकियती भूमि जो मकान के साथ स्थित हो और गली की सूरत में हो। 45. गैर मुमकिन वह मलकियती भवन जो मकान कच्चा अथवा पक्का से अलग बनाया गया हो और उसका प्रयोग नहाने धोने के लिए किया जाता हो।

स्नानागृह

46. गैर मुमकिन दुकान वह मलकियती भूमि जिसमें लोगों की आवश्यकता की वस्तुऐं क्रय व विक्रय की जाती हो तथा इस भवन का इस्तेमाल व्यापारीकरण के कार्य हेतू किया जाता हो।

47. गैर मुमकिन होटल वह मलकियती भवन जिसमें यात्रीयों के ठहरने व खाने-पीने की व्यवस्था हो। 48. गैर मुमकिन गोदाम वह सरकारी अथवा मलकियती भवन जिसका प्रयोग किसी भी प्रकार की 49. गैर मुमकिन पैट्रोल

वस्तुओं के भण्डारन हेतू किया जाता हो। वह भूमि जिसमें पैट्रोल व डीजल के वितरण हेतू भवन व भण्डार बनाया गया हो। वह मलकियती भूमि जिसमें बिजली व डीजल से चलने वाली मशीनें आटा पिसाई, लकड़ी चराई, तेल निकालने, धान कुटने, ऊन पिंजाई व फर्नीचर आदि बनाने की मशीनें लगाई गई हो।

पम्प 50. गैर मुमकिन लघू उद्योग (आटा मशीन) (आरा मशीन) (कोहलू आदि)

51. गैरमुमकिन फुलवाड़ी

52. गैरमुमकिन पौद्यषाला

वह सरकारी व गैर सरकारी भूमि जो किसी सरकारी इमारत या मकान कच्चा व पक्का के सैहन के साथ स्थित हो और उसमें सुन्दरता के लिए फूल उगाए जाते हो। वह सरकारी अथवा गैर सरकारी भूमि जहां फूलश्पौद्यों के लिए पारदर्शी भवन बनाया गया हो।

53. गैरमुमकिन उद्योग वह सरकारी अथवा गैर सरकारी भूमि व भवन जिसमेंं लोहा, लकड़ी, कागज, कपड़ा, स्टील, रबड़, छोटे-बड़े वाहन तथा खाद्य पदार्थ बनाने के कारखाने स्थापित हों। वह सरकारी भवन जहां पर प्राथमिक कक्षा से बाहरवी कक्षा तक के विद्यार्थियों कोे पढ़ाया जाता हो। वह सरकारी भवन जहां पर विद्यार्थियों को स्नातक तक पढ़ाया जाता हो। 54. गैरमुमकिन विद्यालय 55. गैरमुमकिन

महाविद्यालय 56. गैर मुमकिन वह सरकारी भवन जहां पर विद्यार्थियों को स्नातकोतर शिक्षा दी जाती है। विष्वविद्यालय

57. गेैरमुमकिन प्रषिक्षण संस्थान

वह सरकारी भवन जहां पर विद्यार्थियों को तकनीकि या गैर तकनिकी शिक्षा का प्रशिक्षण दिया जाता हो।

58. गैरमुमकिन मैदान वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जिसका प्रयोग खेलकूद व परमपारिक 59. गैरमुमकिन निजी विद्यालय

60. गैरमुमकिन निजी

महाविद्यालय

मेलों आदि के लिए किया जाता है। वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जहां पर प्राथमिक कक्षा से बाहरवीं कक्षा तक के विद्यार्थीयों कोे पढ़ाने के लिए किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा भवन बनाया गया हो। वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जहां पर सनातक तक के विद्यार्थीयों कोे पढ़ानें के लिए किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा भवन बनाया गया हो। 61. गैरमुमकिन निजी

विष्वविद्यालय

वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जहां पर सनातकोतर तक के विद्यार्थीयों कोे पढ़ानें के लिए किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा भवन बनाया गया हो 62. गेैरमुमकिन निजी

प्रशिक्षण संस्थान

63. गैर मुमकिन

वह सरकारी अथवा मलकियती भूमि जहां पर विद्यार्थियों को तकनीकी व गैर तकनीकी प्रशिक्षण देनें के लिए किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा भवन बनाया गया हो वह सरकारी भवन जहां पर रोगीयों के उपचार हेतू दवाईयां दी जाती हो। औषधालय2983 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 वह सरकारी भवन जहां पर पशुओं के उपचार हेतू दवाईयां दी जाती हो। 64. गैरमुमकिन पशु औपद्यालय

65. गैर मुमकिन वह सरकारी भवन जहां मरीजों का ईलाज किया जाता हो।

(नागरिक) चिकित्सालय

66. गैरमुमकिन निजी वह मलकियती भवन जहां मरीजों का ईलाज किया जाता

चिकित्सालय

67. गैरमुमकिन पंचायत

भवन

68. गैरमुमकिन वनरक्षक

गृह

69. गैर मुमकिन वन

परिक्षेत्र कार्यालय

वह सरकारी भवन जिसमें ग्राम पंचायत का कार्यालय हो अथवा ग्राम पंचायत द्वारा भवन व दुकानें बनाई गई हो। वह सरकारी भवन जिसे वन विभाग द्वारा वन रक्षक व उप-परिक्षेत्र अधिकारी के कार्यालय व निवास हेतू बनाया गया हो। वह सरकारी भवन जिसे वन विभाग द्वारा वन परिक्षेत्र अधिकारी के कार्यालय हेतू बनाया गया हो।

70. गैरमुमकिन क्वाटर वह सरकारी भवन जिसेे किसी सरकारी विभाग द्वारा कर्मचारियों के रहने हेतू 71. गैरमुमकिन पॅावर

बनाया गया हो। वह सरकारी भ्ूामि जहां पर विद्युत संचालन किया जाता हो।

हॉंउस

72. गैरमुमकिन टावर वह सरकारी व मलकियती भूमि जिसमें दूरसंचार व विद्युत के टावर बनाए गए 73. गैर मुमकिन पम्प

हॉंऊस

हो। वह सरकारी भवन जिसमें जन स्वास्थय विभाग द्वारा पानी की सप्लाई हेतू पम्प स्थापित किया गया हो। वह भूमि जहां पर देवी देवताओं की खुली जगह में पूजा की जाती है। 74. गैरमुमकिन देवस्थान

75. गैरमुमकिन मन्दिर वह भवन जो हिन्दू समुदाय के लोगों द्वारा देवी-देवताओं की पुजा हेतू बनाए गए है।

76. गैरमुमकिन गुरूद्वारा वह भवन जो सिख समुदाय मे लोगाें द्वारा गुरूग्रंथ साहब को पढ़ने व भजन 77. गैरमुमकिन गिरजाघर

किर्तन करने के लिए बनाये गये हो। वह भवन जिसे ईसाई समुदाय के लोगाें द्वारा ईश्वर की प्रार्थना करने हेतू बनाया गया हो।

78. गैरमुमकिन ईदगाह वह भवन जिसे मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा नवाज पढ़ने के लिए बनाया गया हो।

79. गैरमुमकिन खण्डहर वह भवन जो कर्ई वर्प पहले गिर चुका हो तथा मौका पर उसका मलवा 80. गैरमुमकिन

वर्षाषालिका

मौजूद हो। वह सरकारी भूमि जो सड़क के किनारे स्थित हो तथा वहां पर यात्रियोें के लिए विश्राम हेतू शालिका बनाई गई हो।

81. गैरमुमकिन सड़क वह सरकारी व गैर सरकारी भूमि जिसमें वाहनों के आने जाने के लिए सड़क बनाई गई हो।

82. गैरमुमकिन रास्ता वह सरकारी व गैर सरकारी भूमि जिसमें आम व्यक्तियों के चलने के लिए रास्ता गुजरता हो।

83. गैरमुमकिन हैडपम्प वह भूमि जहां जमीन के अन्दर से पानी निकालने हेतू हैडपम्प लगाया गया हो।

84. गैरमुमकिन बाऊड़ी वह भूमि जहां प्राकृतिक पानी हो तथा वहां पर बांवड़ी बनाई गई हो। 85. गैरमुमकिन तालाब वह भूमि जहां प्राकृतिक तौर से काफी मात्रा में पानी जमा रहता हो या वर्पा 86. गैरमुमकिन

शमशानघाट

के पानी को एकत्र करने के लिए तालाब बनाया गया हो। वह भूमि जंहा पर हिन्दू धर्म के मृतको की अन्तिम दाह संस्कार की रस्म अदा की जाती हो ।

87. गैरमुमकिन समिट्री वह भूमि जहां पर ईसाई धर्म के मृतकों को दफनाया जाता है।वह भूमि जहां पर मुस्लिम धर्म के मृतकों को दफनाया जाता 2984 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 88. गैरमुमकिन कब्रीस्तान 89. गैरमुमकिन स्मार्क वह भूमि जहां पर किसी शहीद पुरूष की यादगार व उसे श्रद्वांजली देने हेतू

उसकी मूर्ति स्थापित की गई हो।

90. गैरमुमकिन डिपू वह भवन जहां पर उचित मूल्य की दुकान सरकारी मलकियत में बनाई गई 91. गैरमुमकिन समुदाय

भवन

92. गैर मुमकिन

महिला मण्डल

हो । वह सरकारी या गैर सरकारी भूमि जिसमें किसी समुदाय विशेष के नाम से भवन बनाया गया हो। वह सरकारी या गैर सरकारी भूमि जिसमें सरकार द्वारा निर्मित महिला मण्डल भवन हो। वह सरकारी या गैर सरकारी भूमि जहां पर शौचालय निर्मित किया गया हो । 93. गैरमुमकिन शौचालय 94. गैरमुमकिन सेफटी

टेंक

वह सरकारी या गैर सरकारी भूमि जहां पर मल-मूत्र एकत्र करने के लिए स्थाई टैंक तामीर किया गया हो।

95. गैरमुमकिन खाला वह मलकियती भूमि जो भारी वर्षा के कटाव से कृषि योग्य न रही हो तथा खाले की शक्ल में बदल गई हो।

अतः हिमाचल प्रदेश भूराजस्व (साधारण) निर्धारण नियम 1984 के नियम 14 के अन्तर्गत इस विज्ञापन द्वारा जनसाधारण तहसील पछाद, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को इस विज्ञापन में दर्शाई गई किसी भी किस्म भूमि के बारे में कोई आपत्ति हो तो वह अपने सुझाव व आपति इस विज्ञापन के पे्रषण के 30 दिन के अन्दर इस कार्यालय को लिखित रूप में दें। समय सीमा समाप्त होने पर कोई भी सुझाव व आपत्तियां मान्य नहीं होगी तथा रद्‌द समझी जाएंगी।

बी0 आर0 वर्मा, भा0 प्र0 से0 भूव्यवस्था अधिकारी,

शिमला मण्डल।

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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, जोगिन्दरनगर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश

तारीख पेशी : 12-9-2012 श्री टेक सिंह पुत्र श्री परमा राम, निवासी जिमजिमा, डाकघर दुल, तहसील जोगिन्दरनगर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश . . प्रार्थी।

बनाम

आम जनता

. . फ्रीकदोयम। राजस्व अभिलेख मुहाल जिमजिमा व पंचजन में नाम की दरुस्ती बारा।

श्री टेक सिंह पुत्र श्री परमा राम, निवासी जिमजिमा, डाकघर दुल, तहसील जोगिन्द्रनगर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश ने इस न्यायालय में आवेदन-पत्र गुजार कर अनुरोध किया है कि उसका नाम ग्राम पंचायत जिमजिमा के अभिलेख तथा स्कूल प्रमाण-पत्र में टेक चन्द दर्ज है जोकि सही दर्ज हुआ है परन्तु राजस्व अभिलेख मुहाल पंचजन में टेक सिंह दर्ज है जोकि गलत दर्ज हुआ है। जिसकी दरुस्ती के आदेश दिए जावें। अतः सर्वसाधारण को इश्तहार राजपत्र के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रार्थी के नाम की दरुस्ती राजस्व अभिलेख मुहाल पंचजन में करने बारा कोई उजर/एतराज हो तो वह2985 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 दिनांक 12-9-2012 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर होकर अपने उजर/एतराज पेश कर सकता है अन्यथा गैर-हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

आज दिनांक 14-8-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ। मोहर। हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

जोगिन्दरनगर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।

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Office of the Sub-Registrar of Marriages (Tehsildar), Sadar Mandi, District Mandi (H. P.)

NOTICE

Notice is hereby given that Shri Ram Lal s/o Shri Swaru, r/o Village Leola, P.O. Leola, Tehsil Sadar and Smt. Chinta @ Chaitru d/o Shri Sant Ram, r/o Paphlari (at present wife of Shri Ram Lal) have filed an application alongwith affidavits in this office under section 4 of the H. P. Registration of Marriages Rules, 2004 that they have solemnized their marriage on dated 4-8-1996 and are living together as husband and wife since then, but the marriage has not been registered with the Local Registrar of Marriages till date, hence necessary orders for registration of their marriage (after 90 days and within one year of marriage as delayed registration) under section 4 of the H. P. Registration of Marriages Rules, 2004 may be issued to the Local Registrar of Marriages.

Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing in this office on or before 28-8-2012 after that no objection will be entertained and necessary orders for the registration of marriage will be issued accordingly.

Seal. Sd/-

Sub-Registrar of Marriages (Tehsildar),

Sadar, District Mandi (H. P.).

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Office of the Sub-Registrar of Marriages (Tehsildar), Sadar Mandi, District Mandi (H. P.)

NOTICE

Notice is hereby given that Shri Sant Ram s/o Shri Shiv Lal, r/o Village & P.O. Kummi, Tehsil Sadar, District Mandi and Smt. Nirmla Devi d/o Shri Chet Ram, r/o V.P.O. Silhi-har (at present wife of Shri Sant Ram) have filed an application alongwith affidavits in this office under section 4 of the H. P. Registration of Marriages Rules, 2004 that they have solemnized their marriage on dated 24-6-2012 and are living together as husband and wife since then, but the marriage has not been registered with the Local Registrar of Marriages till date, hence necessary orders for registration of their marriage (after 90 days and within one year of marriage as delayed registration) under section 4 of the H. P. Registration of Marriages Rules, 2004 may be issued to the Local Registrar of Marriages.

Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing in this office on or before 24-8-2012 after that no objection will be entertained and necessary orders for the registration of marriage will be issued accordingly.

Seal. Sd/-

Sub-Registrar of Marriages (Tehsildar),

Sadar, District Mandi (H. P.).

2986 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934

Office of the Sub-Registrar of Marriages (Tehsildar), Sadar Mandi, District Mandi (H. P.)

NOTICE

Notice is hereby given that Shri Jiwan Sharma s/o Shri Ghanshyam, r/o Village Durgrain, P.O. Brikhmani, Tehsil Sadar, District Mandi and Smt. Hem Lata d/o Shri Gopal Dass, r/o Bhojpur Sundernagar (at present wife of Shri Jiwan) have filed an application alongwith affidavits in this office under section 4 of the H. P. Registration of Marriages Rules, 2004 that they have solemnized their marriage on dated 4-12-2011 and are living together as husband and wife since then, but the marriage has not been registered with the Local Registrar of Marriages till date, hence necessary orders for registration of their marriage (after 90 days and within one year of marriage as delayed registration) under section 4 of the H. P. Registration of Marriages Rules, 2004 may be issued to the Local Registrar of Marriages.

Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing in this office on or before 12-9-2012 after that no objection will be entertained and necessary orders for the registration of marriage will be issued accordingly.

Seal. Sd/-

Sub-Registrar of Marriages (Tehsildar),

Sadar, District Mandi (H. P.).

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ब अदालत श्री मित्र देव, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश श्री निखिल कटोच पुत्र श्री लाल सिंह, निवासी गांव व डा0 भाण्डल, तहसील सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि श्री निखिल कटोच पुत्र श्री लाल सिंह, निवासी गांव व डा0 भाण्डल, ग्राम पंचायत माण्डल ने आवेदन-पत्र इस कार्यालय में धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत उनका नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में दर्ज होने बारे दायर किया है। अतः इस बारे किसी को उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 24-8-2012 को अदालत हजा में आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।

मोहर। मित्र देव,

तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।2987 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री हेम राज पुत्र श्री भीमी राम, निवासी गांव मराथू, तहसील सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश . . वादी।

बनाम आम जनता . . प्रतिवादी। प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख।

प्रार्थी ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसका नाम पंचायत अभिलेख में हेम राज दर्ज है, जोकि सही दर्ज है, जबकि राजस्व अभिलेख में बलवन्त दर्ज है, जोकि गलत है। अतः उसका नाम राजस्व अभिलेख में दरुस्त किया जावे।

अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि वादी के नाम की दरुस्ती बारे कोई उजर हो तो वह दिनांक 27-8-2012 को सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश हो। गैर-हाजिरी की सूरत में कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 16-8-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री मित्र देव, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश श्री अमर सिंह पुत्र श्री प्रभु, निवासी गांव रोड़ा, डा0 भाण्डल, तहसील सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि श्री अमर सिंह पुत्र श्री प्रभु, निवासी गांव रोड़ा, डा0 भाण्डल, आवेदन-पत्र इस कार्यालय में धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत उनकी माता श्रीमती जानकी देवी की मृत्यु तिथि ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में दर्ज होने बारे दायर किया है। अतः इस बारे किसी को उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 27-8-2012 को अदालत हजा में आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।

मोहर। मित्र देव,

तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।2988 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 Office of the Sub-Registrar of Marriages (Tehsildar), Sadar Mandi, District Mandi (H. P.) NOTICE

Notice is hereby given that Shri Puneet s/o Shri Devender, r/o Village Hawani, P.O. Randhara, Tehsil Sadar, District Mandi and Smt. Bindu d/o Shri Ashok Sharma, r/o 193/5 near Ram Mandir (at present wife of Shri Puneet) have filed an application alongwith affidavits in this office under section 4 of the H. P. Registration of Marriages Rules, 2004 that they have solemnized their marriage on dated 19-7-2010 and are living together as husband and wife since then, but the marriage has not been registered with the Local Registrar of Marriages till date, hence necessary orders for registration of their marriage (after 90 days and within one year of marriage as delayed registration) under section 4 of the H. P. Registration of Marriages Rules, 2004 may be issued to the Local Registrar of Marriages.

Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing in this office on or before 15-9-2012 after that no objection will be entertained and necessary orders for the registration of marriage will be issued accordingly.

Seal. Sd/-

Sub-Registrar of Marriages (Tehsildar),

Sadar, District Mandi (H. P.).

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री भारत कपूर पुत्र श्री राजेन्द्र पाल, निवासी 137/2, इन्दर निवास पुरानी मण्डी, तहसील सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश . . वादी।

बनाम आम जनता . . प्रतिवादी। दरख्वास्त बराए बच्चा गोद लेने बारा।

वादी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उन्होंने दि हिमाचल प्रदेश राज्य कोर्ट बाल कल्याण, शिमला से दिनांक 12-6-2012 को अदित्रि कपूर को गोद लिया था, जोकि सम्बन्धित पंचायत अभिलेख में दर्ज न है। अतः उसका नाम पंचायत अभिलेख में दर्ज किया जावे।

अतः अब सर्वसाधारण जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि उक्त बारे किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 10-9-2012 को सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश हो। गैर-हाजिरी की सूरत में कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जावेगी। मोहर। हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।2989 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री हेम सिंह पुत्र श्री बसन्ता, निवासी गांव नेर, डा0 नेर चौक, तहसील सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश . . वादी।

बनाम आम जनता . . प्रतिवादी। वादी ने इस न्यायालय में आवेदन-पत्र गुजारा है कि उसके पुत्र का नाम पंचायत रिकॉर्ड में कशमीर सिंह गलती से दर्ज हो गया है, जबकि उसका सही नाम करण परमार है। परिवार रजिस्टर नकल लफ है। मेरा पुत्र करण परमार अभी तक नाबालिग है।

अतः सर्वसाधारण जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि उक्त नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 24-8-2012 को सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश हो। गैर-हाजिरी की सूरत में कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जावेगी। आज दिनांक 18-5-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री डुमणू राम पुत्र श्री दुड़ु राम, निवासी गांव लोहारा, तहसील सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश . . वादी।

बनाम आम जनता . . प्रतिवादी। प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख।

प्रार्थी ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसका नाम पंचायत अभिलेख में डुमणू राम दर्ज है, जोकि सही दर्ज है, जबकि राजस्व अभिलेख में खिमा दर्ज है, जोकि गलत है। अतः उसका नाम राजस्व अभिलेख में दरुस्त किया जावे।

अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि वादी के नाम की दरुस्ती बारे कोई उजर हो तो वह दिनांक 24-8-2012 को सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश हो। गैर-हाजिरी की सूरत में कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 16-8-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।2990 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री हरि सिंह पुत्र श्री निहालू, निवासी गांव भड़याल, तहसील सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश . . वादी।

बनाम आम जनता . . प्रतिवादी। प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख।

प्रार्थी ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसका नाम पंचायत अभिलेख में हरि सिंह दर्ज है, जोकि सही दर्ज है, जबकि राजस्व अभिलेख में सिंह दर्ज है, जोकि गलत है। अतः उसका नाम राजस्व अभिलेख में दरुस्त किया जावे।

अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि वादी के नाम की दरुस्ती बारे कोई उजर हो तो वह दिनांक 10-9-2012 को सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश हो। गैर-हाजिरी की सूरत में कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 16-8-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री बलराज पुत्र श्री गंगू राम, निवासी गांव पण्डोह, तहसील सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश . . वादी।

बनाम आम जनता . . प्रतिवादी। प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख।

प्रार्थी ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसका नाम पंचायत अभिलेख में बलराज दर्ज है, जोकि सही दर्ज है, जबकि राजस्व अभिलेख में बलदेव राज दर्ज है, जोकि गलत है। अतः उसका नाम राजस्व अभिलेख में दरुस्त किया जावे।

अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि वादी के नाम की दरुस्ती बारे कोई उजर हो तो वह दिनांक 10-9-2012 को सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश हो। गैर-हाजिरी की सूरत में कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 16-8-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।2991 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री यशवन्त लाल पुत्र श्री बन्सी लाल, निवासी मकान नं0 27/12, राम नगर मण्डी, तहसील सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश . . वादी।

बनाम आम जनता . . प्रतिवादी। प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख।

प्रार्थी ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसका नाम पंचायत अभिलेख में यशवन्त लाल दर्ज है, जोकि सही दर्ज है, जबकि राजस्व अभिलेख में योगेश दर्ज है, जोकि गलत है। अतः उसका नाम राजस्व अभिलेख में दरुस्त किया जावे।

अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि वादी के नाम की दरुस्ती बारे कोई उजर हो तो वह दिनांक 24-8-2012 को सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश हो। गैर-हाजिरी की सूरत में कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 9-8-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री नाग राज पुत्र श्री चैतरु, निवासी गांव गुटकर, तहसील सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश . . वादी।

बनाम आम जनता . . प्रतिवादी। प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख।

प्रार्थी ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसका नाम पंचायत अभिलेख में नाग राज दर्ज है, जोकि सही दर्ज है, जबकि राजस्व अभिलेख में हरि राम दर्ज है, जोकि गलत है। अतः उसका नाम राजस्व अभिलेख में दरुस्त किया जावे।

अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि वादी के नाम की दरुस्ती बारे कोई उजर हो तो वह दिनांक 24-8-2012 को सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश हो। गैर-हाजिरी की सूरत में कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 17-7-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।2992 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री नाग सिंह पुत्र श्री गुरध्यान सिंह, निवासी गांव कीपड़, डा0 मझवाड़, तहसील सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश . . वादी।

बनाम आम जनता . . प्रतिवादी। प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख।

प्रार्थी ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसका नाम पंचायत अभिलेख में नाग सिंह दर्ज है, जोकि सही दर्ज है, जबकि राजस्व अभिलेख में नागेन्द्र सिंह दर्ज है, जोकि गलत है। अतः उसका नाम राजस्व अभिलेख में दरुस्त किया जावे।

अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि वादी के नाम की दरुस्ती बारे कोई उजर हो तो वह दिनांक 24-8-2012 को सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश हो। गैर-हाजिरी की सूरत में कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 16-7-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सदर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री गुलाब सिंह ठाकुर, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील औट, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्रीमती सुमना देवी पत्नी श्री तेज राम, निवासी गांव धड़िंगचा, डा0 पतली कूहल, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र जेर धारा 16 भू-राजस्व अधिनियम, 1954.

उपरोक्त प्रार्थिया ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि उसका नाम राजस्व रिकॉर्ड पटवार वृत्त वालू में सोमा दर्ज है तथा ग्राम पंचायत हलाण में उसका नाम सुमना देवी दर्ज है। प्रार्थिया राजस्व रिकॉर्ड में अपना नाम सोमा उर्फ सुमना देवी दर्ज करवाना चाहती है। अतः सर्वसाधारण को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थिया के नाम की दरुस्ती के बारे में यदि किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 13-9-2012 को या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में दरुस्ती के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।2993 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934 आज दिनांक 14-8-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

गुलाब सिंह ठाकुर, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, औट, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील लड-भड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0) मिसल नं0 : 28/2012 तारीख मरजुआ : 17-8-2012 तारीख पेशी : 18-9-2012 ब मुकद्दमा :

श्री पवन कुमार पुत्र श्री तुरैण सिंह, निवासी सिमस, डाकघर सिमस, तहसील लड-भड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

. . प्रार्थी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। विषय.—प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 35 ता 37 हिमाचल प्रदेश अधिनियम, 1954.

उपरोक्त मुकद्दमा में श्री पवन कुमार पुत्र श्री तुरैण सिंह, निवासी सिमस, डाकघर सिमस, तहसील लड-भड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0) ने इस न्यायालय में अधीन धारा 35 ता 37 के अन्तर्गत अपने पिता का नाम राजस्व अभिलेख में दरुस्त करने हेतु आवेदन-पत्र गुजार रखा है कि प्रार्थी के पिताजी का वास्तविक नाम तुरैण सिंह है परन्तु राजस्व अभिलेख मुहाल सिमस में त्रैण सिंह दर्ज हुआ है। प्रार्थी अपने पिता जी का नाम राजस्व अभिलेख मुहाल सिमस में दरुस्त करवाना चाहता है। जिसे राजस्व अभिलेख में दरुस्त करने के आदेश दिए जावें।

अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रार्थी के पिताजी के नाम की दरुस्ती राजस्व अभिलेख मुहाल सिमस में त्रैण सिंह के स्थान पर तुरैण सिंह दर्ज करने बारे किसी भी प्रकार का उजर या एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 18-9-2012 को अपना उजर व एतराज न्यायालय में पेश कर सकते हैं। गैर-हाजरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

आज दिनांक 17-8-2012 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

तहसील लड-भड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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2994 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 23 अगस्त, 2012/1 भाद्रपद, 1934

नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 23 August 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2012-08-23.110_gazette_2012-23_08_2012/. Archive identifier in.gazette.himachal.2012-08-23.110_gazette_2012-23_08_2012.