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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 08, 09 April 2013

Published 09 April 2013

Gazette no.
08
Gazetteid
08/GAZETTE/2013-09/04/2013
Identifier
in.gazette.himachal.2013-04-09.08_gazette_2013-4_9_2013
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला, मंगलवार, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934

हिमाचल प्रदेश सरकार

HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171 001

NOTIFICATION

Shimla, the 2nd April, 2013

No. HHC/E.5-10/73-VII.—In exercise of the powers vested in it under Rule 5(iv) of the Appointment and Control Rules of Superintendents to the District and Sessions Judges in Himachal Pradesh, the Hon'ble High Court has been pleased to transfer and posting of the following Superintendent Grade-I to the District and Sessions Judges in Himachal Pradesh, as under :

1. Sh. Ganesh Datt Sharma, Superintendent Grade-I in the office of District and Sessions Judge, Bilaspur, is transferred and posted as such in the office of District and Sessions Judge, Shimla. He shall not be entitled to any TA/DA as he has been transferred on his own request.

08-राजपत्र/2013-09-04-2013 (225)226 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 2. Sh. Rajinder Dutt Sharma, Superintendent Grade-I in the office of District and Sessions Judge, Shimla is transferred and posted as such in the office of District and Sessions Judge, Solan against a post to be vacated by Sh. Madan Singh Chauhan, who will demit his office on 2-5-2013 on his superannuation.

The aforesaid transfer orders will come into force on and w.e.f. 2-5-2013.

By order,

Sd/-

Registrar General.

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हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय

अधिसूचना

शिमला, 8 अप्रैल, 2013

संख्या ः वि0स0-विधायक-बजट/1-59/2013.-हिमाचल प्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली, 1973 के नियम 140 के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक, 2013 (2013 का विधेयक संख्यांक 18) जो आज दिनांक 8 अप्रैल, 2013 को हिमाचल प्रदेश विधान सभा में पुरःस्थापित हो चुका है, सर्व-साधारण की सूचनार्थ राजपत्र में मुद्रित करने हेतु प्रेषित किया जाता है।

बलवीर तेगटा, सचिव, हि0 प्र0 विधान सभा ।

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हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक, 2013

खण्डों का क्रम

खण्ड :

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ। 2. धारा 34 का संशोधन। 3. 2013 के अध्यादेश संख्यांक 1 का निरसन और व्यावृत्तियां।

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2013 का विधेयक संख्यांक 18 हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक, 2013

हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1968 (1969 का अधिनियम संख्यांक 3) का और संशोधन करने के लिए विधेयक।227 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 भारत गणराज्य के चौंसठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा निम्नलिखित रुप में यह अधिनियमित हो :-

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी (संशोधन) अधिनियम, 2013 है।

(2) यह 14 फरवरी, 2013 को प्रवृत्त हुआ समझा जाएगा।

2. धारा 34 का संशोधन.--हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1968, (1969 का 3) की धारा 34 की उपधारा (2) के प्रथम और द्वितीय परन्तुक का लोप किया जाएगा और तत्पश्चात्‌ निम्नलिखित नई उपधाराएं (2-क) और (2-कक) अन्तःस्थापित की जाएंगी, अर्थात्‌ः-

''(2-क) प्रबन्ध समिति, यथाशक्य शीघ्र, इसके निर्वाचित या नामनिर्दिष्ट सदस्यों में से प्रबन्ध समिति के, यथास्थिति, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या प्रधान, उप-प्रधान निर्वाचित करेगी। (2-कक) उपधारा (2-क) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां राज्य सरकार ने- (i) किसी सहकारी सोसाइटी की शेयर पूंजी का अभिदान; या

(ii) धारा 48 के अधीन यथा उपबन्धित सहकारी सोसाइटी की शेयर पूंजी के निर्माण या संवर्धन में अप्रत्यक्षतः सहयोग; या

(iii) किसी सोसाइटी को मूल रकम के प्रतिसंदाय और ऋणों तथा अग्रिमों पर ब्याज के संदाय की गारंटी,

पचास लाख रूपए तक या इससे अधिक किया है या दी है, तो वहां राज्य सरकार, धारा 35 के अधीन नामनिर्दिष्ट किसी एक सदस्य को ऐसी सोसाइटी की प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त कर सकेगीः

परन्तु प्रबन्ध समिति का कोई भी सदस्य, ऐसी सहकारी सोसाइटी की प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या प्रधान या उप-प्रधान के रूप में निर्वाचित या नियुक्त किए जाने के लिए पात्र नहीं होगा, यदि ऐसा सदस्य राज्य सरकार में मन्त्री है।''।

3. 2013 के अध्यादेश संख्यांक 1 का निरसन और व्यावृत्तियां.--(1) हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी (संशोधन) अध्यादेश, 2013 का एतद्‌द्वारा निरसन किया जाता है।

(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी इस प्रकार निरसित अध्यादेश के अधीन की गई कोई कार्रवाई या बात इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबन्धों के अधीन विधिमान्य रूप से की गई समझी जाएगी।

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उद्देश्यों और कारणों का कथन

हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी (संशोधन) अधिनियम, 2012 द्वारा यथा प्रतिस्थापित हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1968 (1969 का अधिनियम संख्यांक 3) की धारा 34, अन्य बातों के साथ-साथ यह उपबन्ध करती है कि प्रबन्ध समिति के निर्वाचित या नामनिर्दिष्ट सदस्य, प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या प्रधान या उप-प्रधान के रूप में निर्वाचित किए जाने के लिए पात्र हाेंगे। जबकि हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी नियम, 1971 के नियम 38 का उप-नियम (4) राज्य सरकार को धारा 35 के अधीन नामनिर्दिष्ट इसके किसी एक सदस्य को किसी सहकारी सोसाइटी की प्रबन्ध समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए सशक्त करता है, जहां इसने शेयर पूंजी में अभिदाय किया है या पचास लाख रूपए तक या इससे अधिक की गारंटी या वित्तीय सहायता दी है। तथापि, धारा 34 228 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 में किए गए संशोधन से नियम 38 (4) के उपबन्ध अनावश्यक हो गए हैं। वर्तमानतः राज्य सरकार ने सहकारी सोसाइटियों की शेयर पूंजी में, शेयर पूूंजी या गारंटी के रूप में या अन्यथा अत्यधिक योगदान किया है। इस प्रकार, धारा 34 और नियम 38 (4) के उपबन्धाें को संगत बनाने के लिए और अस्पष्टता को दूर करने के आशय से, पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 34 का उपयुक्त रूप से संशोधन करने तथा यह सुनिश्चित करने का विनिश्चय किया गया था कि राज्य सरकार, जहां इसकी शेयर पूंजी, अभिदाय या गारंटी या वित्तीय सहायता, पचास लाख रूपए या इससे अधिक है, वहां किसी सहकारी सोसाइटी की प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति करती रहेगी।

क्योंकि विधान सभा सत्र में नहीं थी और हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1968 को संशोधित करना अनिवार्य हो गया था, इसलिए, महामहिम राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश द्वारा, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) के अधीन हिमाचल प्रदेश सहकारी सोसाइटी अध्यादेश, 2013 (2013 का अध्यादेश संख्यांक 1) 14 फरवरी, 2013 को प्रख्यापित किया गया था, जिसे राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 14 फरवरी, 2013 को प्रकाशित किया गया था। अब उक्त अध्यादेश को बिना किसी उपान्तरण केे नियमित विधान द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है। यह विधेयक उपर्युक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए है ।

(वीरभद्र्र सिंह)

मुख्य मंत्री। शिमलाः तारीखः ......................, 2013

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वित्तीय ज्ञापन

-शून्य-

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प्रत्यायोजित विधान सम्बन्धी ज्ञापन

-शून्य-

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AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT

THE HIMACHAL PRADESH CO-OPERATIVE SOCIETIES

(AMENDMENT) BILL, 2013

ARRANGEMENT OF CLAUSES

Clauses:

1. Short title and commencement. 2. Amendment of section 34. 3. Repeal of Ordinance No. 1 of 2013 and savings.

229 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934

Bill No. 18 of 2013 THE HIMACHAL PRADESH CO-OPERATIVE SOCIETIES (AMENDMENT) BILL, 2013

(AS INTRODUCED IN THE LEGISLATIVE ASSEMBLY)

A

BILL

further to amend the Himachal Pradesh Co-operative Societies Act, 1968 (Act No.3 of

1969).

BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Sixty-fourth Year of the Republic of India as follows:—

1. Short title and commencement.— (1) This Act may be called the Himachal Pradesh Co-operative Societies (Amendment) Act, 2013.

(2) It shall be deemed to have come into force on 14th day of February, 2013.

2. Amendment of section 34.—In section 34 of the Himachal Pradesh Co-operative Societies Act, 1968, (3 of 1969) in sub-section (2), the first and second provisos shall be omitted and thereafter, the following new sub-sections (2-A) and (2-AA) shall be inserted, namely:—

"(2-A). The managing committee shall, as soon as may be, elect from amongst its elected or nominated members a Chairman, Vice-Chairman; or a President, Vice-President, as the case may be, of the managing committee.

(2-AA). Notwithstanding anything contained in sub-section (2-A), where the State Government has—

(i) subscribed to the share capital of a co-operative society, or (ii) assisted indirectly in the formation or augmentation of the share capital of a co- operative society as provided under section 48, or

(iii) guaranteed the repayment of principal amount and payment of interest on loans and advances to a society,

to the extent of rupees fifty lakhs or more, the State Government may appoint, one of the members nominated under section 35, as Chairman of the managing committee of such society:

Provided that no member of a managing committee shall be eligible to be elected or appointed as Chairman or Vice-Chairman or President or Vice-President of the managing committee of such society, if such member is a Minister in the State Government.". 3. Repeal of Ordiance No. 1 of 2013 and savings.—(1) The Himachal Pradesh Co- operative Societies (Amendment) Ordinance, 2013 is hereby repealed.

(2) Notwithstanding such repeal, anything done or any action taken under the Ordinance so repealed shall be deemed to have been done or taken under the corresponding provisions of this Act.

230 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934

STATEMENT OF OBJECTS AND REASONS

Section 34 of the Himachal Pradesh Co-operative Societies Act, 1968 (Act No. 3 of 1969), as substituted by the H.P. Co-operative Societies (Amendment) Act, 2012, interalia, provides that elected or nominated members of the managing committee shall be eligible to be elected as Chairman or Vice-Chairman or President or Vice-President of the managing committee. Whereas sub-rule (4) of rule 38 of the H.P. Co-operative Societies Rules, 1971 empowers the State Government to appoint one of its members nominated under section 35 as the Chairman of the managing committee of a Co-operative Society, where it has subscribed to the share capital or has given guarantee or financial assistance to the extent of rupees fifty lakhs or more. However, the amendment carried out in section 34 has rendered the provisions of rule 38(4) as redundant. Presently, the State Government has contributed substantially to the share capital of Co-operative Societies in the shape of share capital or guarantee or otherwise. Thus, in order to harmonize the provisions of section 34 and rule 38(4) and to remove the ambiguity, it was decided to amend section 34 of the Act ibid suitably and to ensure that the State Government continue to appoint Chairman on the managing committee of a Co-operative Society where its share capital contribution or guarantee or financial assistance is rupees fifty lakhs or more.

Since, the Legislative Assembly was not in session and amendment in the Himachal Pradesh Co-operative Societies Act, 1968 had to be made urgently, therefore, the Himachal Pradesh Co-operative Societies (Amendment) Ordinance, 2013 (Ordinance No.1 of 2013) was promulgated under clause (1) of article 213 of the Constitution of India by H.E. the Governor of Himachal Pradesh on 14th February, 2013, which was published in Rajpatra Himachal Pradesh on 14th February, 2013. Now, the Ordinance is being replaced by a regular legislation without any modification.

The Bill seeks to achieve the aforesaid objectives.

(VIRBHADRA SINGH) Chief Minister.

SHIMLA: The__________, 2013

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FINANCIAL MEMORANDUM

-NIL-

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MEMORANDUM REGARDING DELEGATED LEGISLATION

-NIL-

231 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934

हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय

अधिसूचना

शिमला, 8 अप्रैल, 2013

संख्या वि0स0-वि0-विधायन बजट/1-60/2013.--हिमाचल प्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली, 1973 के नियम 140 के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश प्राइवेट क्लिनिकल स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) निरसन विधेयक, 2013 (2013 का विधेयक संख्यांक 19) जो आज दिनांक 8 अप्रैल, 2013 को हिमाचल प्रदेश विधान सभा में पुरःस्थापित हो चुका है, सर्वसाधारण की सूचनार्थ राजपत्र में मुद्रित करने हेतु प्रेषित किया जाता है।

बलवीर तेगटा, सचिव, हि0 प्र0 विधान सभा।

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2013 का विधेयक संख्यांक 19 हिमाचल प्रदेश प्राइवेट क्लिनिकल स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) निरसन विधेयक, 2013

खण्डों का नाम

खण्ड :

1. संक्षिप्त नाम। 2. 2007 के अधिनियम संख्यांक 13 का निरसन और व्यावृत्तियां।

-------

हिमाचल प्रदेश प्राइवेट क्लिनिकल स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) निरसन विधेयक, 2013

(विधान सभा में पुरःस्थापित रूप में)

हिमाचल प्रदेश प्राइवेट क्लिनिकल स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2007 (2007 का अधिनियम संख्यांक 13) का निरसन करने के लिए विधेयक।

भारत गणराज्य के चौंसठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-

1. संक्षिप्त नाम.--इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश प्राइवेट क्लिनिकल स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) निरसन अधिनियम, 2013 है।

2. 2007 के अधिनियम संख्यांक 13 का निरसन और व्यावृत्तिया.--हिमाचल प्रदेश प्राइवेट क्लिनिकल स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2007 का एतद्‌द्वारा निरसन किया जाता है :

परन्तु ऐसा निरसन निम्नलिखित को प्रभावित नहीं करेगा,-

(क) उक्त अधिनियम के अधीन अर्जित, प्रोदभूत या उपगत किसी अधिकार, विशेषाधिकार, बाध्यता या दायित्व, या232 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 (ख) उक्त अधिनियम के अधीन किए गए किसी अपराध के सम्बन्ध में उपगत किसी शास्ति, समपहरण या दण्ड, या (ग) यथापूर्वोक्त ऐसे किसी अधिकार, विशेषाधिकार, बाध्यता, दायित्व, शास्ति, समपहरण या दण्ड की बाबत किसी अन्वेषण, विधिक कार्यवाही या उपचार, और

ऐसा कोई अन्वेषण, विधिक कार्यवाहियां या उपचार संस्थित, चालू या प्रवर्तनशील रखा जा सकेगा और ऐसी कोई शास्ति, समपहरण या दण्ड अधिरोपित किया जा सकेगा, मानो उक्त अधिनियम के उपबन्ध निरसित न किए गए हों :

परन्तु यह और कि इस प्रकार निरसित अधिनियम के अधीन की गई कोई नियुक्ति या किया गया प्रत्यायोजन, जारी की गई अधिसूचना, किया गया आदेश या जारी किए गए निदेश, बनाया गया नियम, किया गया रजिस्ट्रीकरण, प्रदान की गई कोई अनुज्ञप्ति, अधिरोपित की गई अनुज्ञप्ति फीस या कोई अन्य फीस सहित, की गई कोई बात या कार्रवाई, जहां तक कि यह नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010 (2010 का अधिनियम संख्यांक 23) के उपबन्धों से असंगत न हो, ऐसे की गई समझी जाएगी, मानो हिमाचल प्रदेश प्राइवेट क्लिनिकल स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2007 (2007 का अधिनियम संख्यांक 13) निरसित न किया गया हो और ऐसी कोई नियुक्ति, प्रत्यायोजन, अधिसूचना, आदेश, निदेश, नियम, रजिस्ट्रीकरण, अनुज्ञप्ति, शुल्क, अनुज्ञप्ति फीस या अन्य फीस तब तक प्रवृत्त बनी रहेगी जब तक तद्‌नुसार अतिष्ठित न कर दी जाए।

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उद्देश्यों और कारणों का कथन

संसद द्वारा नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010 (2010 का अधिनियम संख्यांक 23) अधिनियमित किया गया था, जिसे भारत के राजपत्र (आसाधारण) में तारीख 19 अगस्त, 2010 को प्रकाशित किया गया था और एक ही जैसी विषय-वस्तु पर एक व्यापक विधान उसी तारीख से प्रवृत्त हो गया है। उपबन्धों के द्वित्व और अन्य विधिक जटिलताओं से बचने के आशय से एक ही जैसी विषय-वस्तु पर बने राज्य अधिनियम को निरसित करना आवश्यक हो गया है। इसके अतिरिक्त, भारत के संविधान के अनुच्छेद 252 के निबन्धनों के अनुसार राज्य अधिनियम यदि निरसित नहीं होता है, तो केन्द्रीय अधिनियम के उपबन्ध इसके उपबन्धों पर अभिभावी होंगे। इसलिए हिमाचल प्रदेश प्राइवेट क्लिनिकल स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2007 (2007 का अधिनियम संख्यांक 13) को निरसित करने और केन्द्रीय अधिनियम के उपबन्धों की कड़ी अनुपालना सुनिश्चित करने का विनिश्चय किया गया है।

यह विधेयक उपर्युक्त उदेश्यों की पूर्ति के लिए है।

(ठाकुर कौल सिंह)

प्रभारी मन्त्री। शिमला :

तारीख ........................................, 2013

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वित्तीय ज्ञापन

-शून्य-

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प्रत्यायोजित विधान सम्बन्धी ज्ञापन

-शून्य-233 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934

AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT

THE HIMACHAL PRADESH PRIVATE CLINICAL ESTABLISHMENTS

(REGISTRATION AND REGULATION) REPEAL BILL, 2013

ARRANGEMENT OF CLAUSES

Clauses :

1. Short title. 2. Repeal of Act No. l3 of 2007 and savings.

______

Bill No. 19 of 2013 THE HIMACHAL PRADESH PRIVATE CLINICAL ESTABLISHMENTS (REGISTRATION AND REGULATION) REPEAL BILL, 2013

(AS INRODUCED IN THE LEGISLATIVE ASSEMBLY)

A

BILL

to repeal the Himachal Pradesh Private Clinical Establishments (Registration and

Regulation) Act, 2007(Act No. 13 of 2007).

BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Sixty-fourth Year of the Republic of India as follows :—

1. Short title.—This Act may be called the Himachal Pradesh Private Clinical Establishments (Registration and Regulation) Repeal Act, 2013.

2. Repeal of Act No. l3 of 2007 and savings.—The Himachal Pradesh Private Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act, 2007 is hereby repealed:

Provided that such repeal shall not affect,—

(a) any right, privilege, obligation or liability acquired, accrued or incurred under the said Act; or

(b) any penalty, forfeiture or punishment incurred in respect of any offence committed against the said Act; or

(c) any investigation, legal proceedings or remedy in respect of any such right, privilege, obligation, liability, penalty, forfeiture or punishment as aforesaid; and

any such investigation, legal proceedings or remedy may be instituted, continued or enforced and any such penalty, forfeiture or punishment may be imposed as if the provisions of the said Act had not been repealed :

Provided further that anything done or any action taken, including any appointment or delegation made, notification, order, or directions issued, rule made,234 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 registration made, license granted, license fee or any other fee imposed, under the Act so repealed shall, in so far as it is not inconsistent with the provisions of the Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act, 2010 (Act No. 23 of 2010), be deemed to have been done or taken as if the Himachal Pradesh Private Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act, 2007 (Act No.13 of 2007) had not been repealed and any such appointment, delegation, notification, order, direction, rules, registration, license, duty, license fee or other fee shall continue to be in force accordingly until suspended.

_________

STATEMENT OF OBJECTS AND REASONS

With the enactment of the Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act, 2010 (Act No. 23 of 2010), by the Parliament which has been published in the Gazette of India, Extra- Ordinary, dated 19th August, 2010 and has come into force from the same date is a comprehensive legislation on the same subject matter. In order to avoid duality of the provisions and other legal complications, it is considered essential to repeal the State Act on the same subject matter. Moreover, in terms of article 252 of the Constitution, the provisions of the Central Act will prevail over the provisions of the State Act if not repealed. As such, it has been decided to repeal the Himachal Pradesh Private Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act, 2007 (Act No. 13 of 2007) and to ensure strict compliance of the provisions of the Central Act.

This Bill seeks to achieve the aforesaid objectives.

(THAKUR KAUL SINGH) Minister-in-Charge.

SHIMLA :

The ....................., 2013.

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FINANCIAL MEMORANDUM

—NIL—

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MEMORANDUM REGARDING DELEGATED LEGISLATION

—NIL—

235 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934

TRANSPORT DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-02, 15th March, 2013

No. TPT-C(9)-5/2003.—The Governor, Himachal Pradesh, in exercise of the powers conferred by sub section (6)of Section -41 of the Motor Vehicles Act,1988 (No.5 9 of 1988) and all other powers enabling him in this behalf is pleased to allot/release registration marks/number from Serial No. 0001 to 9999 under the Registration marks HP-65-B to Regional Transport Officer, Mandi Distt Mandi Himachal Pradesh, for registration of motor vehicles ,with immediate effect.

By order, Sd/- Additional Chief Secretary (Transport).

_________

TRANSPORT DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-02, 8th April, 2013

No. TPT-C(9)-3/2002-Shimla.—The Governor, Himachal Pradesh, in exercise of the powers conferred by sub section (6) of Section -41 of the Motor Vehicles Act, 1988(No.59 of 1988)and all other powers enabling him in this behalf is pleased to allot/release registration marks/number from Serial No. 0001 to 9999 under the Registration marks HP-62-B to Secretary, State Transport Authority, Shimla Himachal Pradesh, for registration of motor vehicles ,with immediate effect.

By order, Sd/- Additional Chief Secretary (Transport).

_________

TRANSPORT DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-02, the 21st March, 2013

No. TPT-F(6)-1/2013.—The Governor, Himachal Pradesh in exercise of the powers conferred by Rule-42 of the Himachal Pradesh Motor Vehicles Rules, 1999, is pleased to appoint M/S Rajeev Autos NH-21-A Near Toll Tax Barrier Baddi Tehsil Baddi Distt. Solan H. P. and M/S PMG Autos Private ,Basement, Hotel Himland East Circular Road, Shimla HP as temporary registration authority to sign Temporary Registration Numbers in respect of new vehicles only to be sold by them subject to the following conditions:—

1. The names of the person(s) of the firm who shall be competent to sign the temporary registration certificate shall be got approved/specified by the District Magistrate concerned.

236 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934

2. The fee for assignment of temporary registration marks shall be 50% of the fee specified in Rule-81 of the Central Motor Vehicles Rules, 1989 and the same be deposited in the Government Treasury in major Head-0041-Taxes on vehicles-01- recepts under Central Motor Vehicles-02-Registration Fee/inspection Fees.

3. The firm issuing a Temporary certificate of registration shall assign to the vehicle a mark to be displayed thereon in the manner specified in Rule-51 of the Central Motor Vehicles Rules,1989 the letters and figures composing the marks being in red on a yellow ground.

4. The firm shall send details of all temporary registration marks issued by them to the Director of Transport, Himachal Pradesh, Shimla-4 along with copy of treasury challans by the first of every succeeding month.

5. All other conditions specified in Rule-42 of the Himachal Pradesh Motor Vehicles Rules,1999 shall be abided by the firm.

By order, Sd/- Additional Chief Secretary (Transport).

________

TRANSPORT DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-02, the 15th March, 2013

No. TPT-F(6)-1/2013.—The Governor, Himachal Pradesh in exercise of the powers conferred by Rule-42 of the Himachal Pradesh Motor Vehicles Rules, 1999, is pleased to appoint M/S New Saini Automobiles Peerthan Tehsil Nalagrah Distt Solan H. P. as temporary registration authority to sign Temporary Registration Numbers in respect of new vehicles only to be sold by them subject to the following conditions:—

1. The names of the person(s) of the firm who shall be competent to sign the temporary registration certificate shall be got approved /specified by the District Magistrate concerned.

2. The fee for assignment of temporary registration marks shall be 50% of the fee specified in Rule-81 of the Central Motor Vehicles Rules,1989 and the same be deposited in the Government Treasury in major Head-0041-Taxes on vehicles-01- recepts under Central Motor Vehicles-02-Registration Fee/inspection Fees.

3. The firm issuing a Temporary certificate of registration shall assign to the vehicle a mark to be displayed thereon in the manner specified in Rule-51 of the Central Motor Vehicles Rules, 1989 the letters and figures composing the marks being in red on a yellow ground.

4. The firm shall send details of all temporary registration marks issued by them to the Director of Transport, Himachal Pradesh, Shimla-4 along with copy of treasury challans by the first of every succeeding month.

237 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934

5. All other conditions specified in Rule-42 of the Himachal Pradesh Motor Vehicles Rules,1999 shall be abided by the firm.

By order, Sd/- Additional Chief Secretary (Transport).

_________

TRANSPORT DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-02, the 23rd Feb, 2013

No. TPT-C(9)-5/2002-Kangra.—The Governor, Himachal Pradesh, in exercise of the powers conferred by sub section (6) of Section-41 of the Motor Vehicles Act, 1988(No. 59 of 1988)and all other powers enabling him in this behalf is pleased to allot/release registration marks/number from Serial No. 0001 to 9999 under the Registration marks HP-68-B to Regional Transport Officer, Dharamshala Distt Kangra Himachal Pradesh, for registration of motor vehicles ,with immediate effect.

By order, Sd/- Additional Chief Secretary (Transport).

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EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-171002 09th April, 2013

No. EXN-F(9)-1/2012.—The Governor, Himachal Pradesh is pleased to rescind the "Group Personal Accident Insurance Scheme for Registered Dealers" notified vide this Department notification of even number dated 06th August, 2012.

By order, Sd/- Principal Secretary (E&T).

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ब अदालत श्री देवी चन्द ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश मिसल नं0 :

तारीख पेशी : 20-4-2013 श्रीमती पुष्पलता पत्नी श्री हंस राज, निवासी रजोट, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

. . आवेदक।

बनाम238 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 आम जनता . . प्रतिवादी। प्रार्थना-पत्र बराए दरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख में पुष्पा देवी के बजाए पुष्पलता दर्ज करने बारे। उपरोक्त आवेदिका श्रीमती पुष्प लता पत्नी श्री हंस राज, निवासी रजोट, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने अदालत हजा में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि वह मुहाल हार में भू-स्वामी है। राजस्व रिकॉर्ड में उसका नाम पुष्पा देवी दर्ज है, जोकि गलत है। अतः उसने पुष्पलता दर्ज करने का आग्रह किया है। अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को इस बारे कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 20-4-2013 को अदालत हजा में हाजिर होकर एतराज प्रस्तुत कर सकता है अन्यथा प्रार्थना-पत्र पर नियमानुसार उचित आदेश पारित कर दिये जाएंगे। आज दिनांक 9-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।

मोहर।

देवी चन्द ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री देवी चन्द ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

तारीख पेशी : 20-4-2013 श्री अशोक कुमार पुत्र श्री सतपाल, निवासी व मौजा बैजनाथ, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

. . आवेदक।

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी। प्रार्थना-पत्र बराए दरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख में अशोक कुमार के पिता का नाम देश राज के बजाए सतपाल दर्ज करने बारे।

उपरोक्त आवेदक श्री अशोक कुमार पुत्र श्री सतपाल, निवासी व मौजा बैजनाथ, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने अदालत हजा में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि प्रार्थी के पिता मुहाल बैजनाथ में भू-स्वामी हैं। राजस्व रिकॉर्ड में उनका नाम देश राज दर्ज है, जोकि गलत है। अतः उसने सतपाल दर्ज करने का आग्रह किया है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को इस बारे कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 20-4-2013 को अदालत हजा में हाजिर होकर एतराज प्रस्तुत कर सकता है अन्यथा प्रार्थना-पत्र पर नियमानुसार उचित आदेश पारित कर दिये जाएंगे। आज दिनांक 4-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।

मोहर।

देवी चन्द ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।239 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 ब अदालत श्री देवी चन्द ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

तारीख पेशी : 20-4-2013 श्री विशम्बर सिंह पुत्र श्री वैन्सी राम, निवासी मुहाल संसाई, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल . .आवेदक। प्रदेश

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी। प्रार्थना-पत्र बराए दरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख में राम नाथ पुत्र श्री वैंसी के बजाए राम रथ पुत्र श्री वैंसी राम दर्ज करने बारे।

उपरोक्त आवेदक श्री विशम्बर सिंह पुत्र श्री वैन्सी राम, निवासी मुहाल संसाई, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने अदालत हजा में प्रार्थना-पत्र गुजारा है वह मुहाल संसाई में भू-स्वामी है। राजस्व रिकॉर्ड में प्रार्थी के भाई का नाम राम नाथ पुत्र श्री वैंसी राम दर्ज है, जोकि गलत है। अतः उसने राम रथ पुत्र श्री वैंसी राम दर्ज करने का आग्रह किया है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को इस बारे कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 20-4-2013 को अदालत हजा में हाजिर होकर एतराज प्रस्तुत कर सकता है अन्यथा प्रार्थना-पत्र पर नियमानुसार उचित आदेश पारित कर दिये जाएंगे। आज दिनांक 18-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।

मोहर।

देवी चन्द ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

------- ब अदालत श्री देवी चन्द ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

तारीख पेशी : 20-4-2013 श्री राकेश कुमार पुत्र श्री बलदेव सिंह, निवासी कस्बा बैजनाथ, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, . .वादी। हिमाचल प्रदेश

बनाम

विजय कुमार पुत्र श्री रवि कुमार, निवासी कस्बा बैजनाथ, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश आदि . . प्रतिवादी। प्रार्थना-पत्र बराए तकसीम बाबत खाता नम्बर 291, खतौनी नं0 431, खसरा नं0 711, रकबा तादादी 0-60-45 है0, महाल कस्बा, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

श्री राकेश कुमार पुत्र श्री बलदेव सिंह, निवासी कस्बा बैजनाथ, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने अदालत हजा में प्रार्थना-पत्र गुजारा है वह खाता नं0 291, खतौनी नं0 431, खसरा नं0 711, रकबा तादादी 0-60-45 है0 मुहाल कस्बा, तहसील बैजनाथ में भू-स्वामी है। तकसीम में प्रतिवादीगण विनोद कुमार, कौशल्या देवी, प्रेेमी देवी, अरुणा देवी को साधारण तरीके से इत्तलाह न हो पा रही है। 240 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त तकसीम में एतराज व उजर हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 20-4-2013 को हाजिर हो सकता है व एतराज प्रस्तुत कर सकता है अन्यथा प्रार्थना-पत्र स्वीकार किया जाकर विनोद कमार पुत्र श्री लिखू पुत्र श्री नैहला व अरुणा देवी, प्रेमी देवी, कौशल्या देवी पुत्रियां श्री लिखू पुत्र श्री नैहला के विरुद्ध एकतरफा आदेश पारित कर दिए जाएंगे और इसके बाद कोई उजर व एतराज काबिले समायत न होगा।

आज दिनांक 18-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।

मोहर।

देवी चन्द ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री कर्म चन्द, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

मुकद्दमा नं0 : 15/NT/2013/नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी

कमल सिंह कारकी बनाम आम जनता व अन्य विषय.—प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

नोटिस बनाम आम जनता।

श्री कमल सिंह कारकी पुत्र श्री दमन सिंह कारकी, निवासी दाड़ी, मौजा घन्यारा, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित मुकद्दमा दायर किया है कि उसके पुत्र इशान्त कारकी की जन्म तिथि 24-5-1989 है परन्तु एम0सी0/ग्राम पंचायत दाड़ी में जन्म पंजीकृत नहीं है। अतः इसे पंजीकृत किये जाने के आदेश दिये जायें। इस नोटिस के द्वारा समस्त जनता को तथा सम्बन्धित सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त जन्म पंजीकरण किये जाने बारे कोई एतराज हो तो वह हमारी अदालत में दिनांक 30-4-2013 को असालतन या वकालतन हाजिर आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा मुताबिक शपथ-पत्र जन्म तिथि पंजीकृत किये जाने बारे आदेश पारित कर दिये जाएंगे।

आज दिनांक 25-3-2013 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।

मोहर।

कर्म चन्द, नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,

तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

------- ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, फतेहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

केस नं0 : 10/इन्तकाल/13 तारीख पेशी : 29-4-2013 श्रीमती आशा देवी पुत्री श्री प्रतापो, निवासी गांव सनौरथ, तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र बराये मकफूल-खबरी इन्तकाल दर्ज करने बारे।241 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 श्रीमती आशा देवी पुत्री श्री प्रतापो, निवासी गांव सनौरथ, तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत हजा में आवेदन किया है कि उसके पिता प्रतापो पुत्र श्री कैण्ठू गत लगभग 12 वर्षों से लापता है तथा उसकी वरास्त पटवार वृत्त वरोट विद्यमान है। इतने वर्षों से लगातार तलाश करने के बावजूद उसके जिन्दा होने या स्वर्गवास होने का कोई प्रमाण न मिला है।

अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त प्रतापो पुत्र श्री कैण्ठू के जीवित या स्वर्गवास होने का कोई प्रमाण हो तो वह दिनांक 29-4-2013 को सुबह 10.00 बजे मौखिक या लिखित रूप मेें एतराज जाहिर कर सकता है। यदि उपरोक्त तिथि को कोई एतराज पेश न हुआ तो नियमानुसार राजस्व अभिलेख में उसकी वरास्त का इन्तकाल जायज वारसान के नाम स्वीकार कर दिया जाएगा।

आज दिनांक 28-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

फतेहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

-------- ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, फतेहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश केस नं0 : 25/दरुस्ती/12

तारीख फैसला : 15-10-2012 कुमारी ईशिता चौधरी पुत्री श्री केवल कुमार चौधरी, निवासी गांव मोच झिकला, तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

कुमारी ईशिता चौधरी पुत्री श्री केवल कुमार चौधरी, निवासी गांव मोच झिकला, तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत हजा में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि पंचायत रिकॉर्ड में उसका नाम कुमारी मंजु बाला पुत्री श्री केवल कुमार चौधरी दर्ज है, जोकि गलत दर्ज है। जबकि अब वह पंचायत रिकॉर्ड व सर्विस रिकॉर्ड में अपना नाम कुमारी ईशिता चौधरी पुत्री श्री केवल कुमार चौधरी दर्ज करवाना चाहती है। अतः राजस्व अभिलेख में दरुस्ती करवाई जाए।

प्रार्थिया के प्रार्थना-पत्र ब्यान हल्फी व दस्तावेजों का अवलोकन किया गया। प्रार्थिया का दावा सही पाया गया। इस बारे नियमानुसार मुश्त्री मुनियादी की गई। किसी प्रकार का कोई एतराज प्राप्त न हुआ है। अतः प्रार्थिया के नाम को पंचायत रिकॉर्ड में कुमारी ईशिता चौधरी पुत्री श्री केवल कुमार चौधरी दर्ज करने के आदेश पारित किए जाते हैं। आदेश की एक प्रति सचिव ग्राम पंचायत सुनेट को बराए अमल द्रामद करने हेतु भेजी जावे। मिसल नियमानुसार बाद तकमील व तरतीब दाखल दफ्तर रिकॉर्ड रूम होवे।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

फतेहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

-------- ब अदालत श्री सुरेश पटियाल, कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश केस नं0 : 1 ना0तह0/2013 तारीख दायरा : 25-3-2013 तारीख पेशी : 25-4-2013 श्री बलवीर कुमार पुत्र श्री विवतू राम, निवासी गांव कोहाला, डाकघर कोटलू, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) . . प्रार्थी।242 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 बनाम

आम जनता . . प्रतिवादीगण। विषय.--प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969.

उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से प्रस्तुत किया है कि उसकी पुत्री कशिश का जन्म दिनांक 8-7-2007 को मेरे ससुराल ग्राम पंचायत टिपरी में हुआ था, जो ग्राम पंचायत टिपरी के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुआ है। अब इसे दर्ज किया जावे।

इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी बलवीर कुुमार पुत्र श्री विवतू राम की पुत्री कशिश की जन्म तिथि ग्राम पंचायत टिपरी के रिकॉर्ड में दर्ज करने बारे यदि किसी को कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 25-4-2013 को असालतन या वकालतन न्यायालय अधोहस्ताक्षरी आकर अपना उजर/एतराज पेश कर सकता है। कोई उजर/एतराज न होने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके कुमारी कशिश की जन्म तिथि ग्राम पंचायत टिपरी के अभिलेख में दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 25-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुआ।

मोहर। सुरेश पटियाल

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

------- ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्री धर्मू पुत्र श्री रीझू, निवासी दरगेला, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

बनाम

आम जनता

विषय.-प्रार्थना-पत्र दरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज करने बारे।

श्री धर्मू पुत्र श्री रीझू, निवासी दरगेला, तहसील शाहपुर ने इस अदालत में मय ब्यान हल्फी प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि उसके पिता का सही नाम रीझू है, परन्तु मुहाल हरनेरा में खोदलू दर्ज है, जोकि गलत है। दरुस्ती की जावे।

अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि प्रार्थी के पिता के नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 26-4-2013 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर पेश कर सकता है। गैर-हाजरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

आज दिनांक 25-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।243 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्री ज्ञान चन्द पुत्र श्री रतन चन्द, निवासी रछयालू, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

बनाम

आम जनता

विषय.-कागजात माल में नाम की दरुस्ती करवाने बारे।

श्री ज्ञान चन्द पुत्र श्री रतन चन्द पुत्र श्री हीरू राम, निवासी रछयालू, तहसील शाहपुर ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि उसके पिता का सही नाम रतन चन्द है, परन्तु राजस्व अभिलेख में घसीटू दर्ज है, जोकि गलत है, दरुस्ती की जावे।

अतः राजपत्र इश्तहार के माध्यम से आम जनता को सूचित किया जाता है कि प्रार्थी के पिता के नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 26-4-2013 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर पेश कर सकता है। गैर-हाजरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में जाएगी।

आज दिनांक 25-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्रीमती राधा देवी पत्नी स्व0 श्री अनूप सिंह, निवासी दरगेला, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.-कागजात माल में नाम की दरुस्ती करवाने बारे।

श्रीमती राधा देवी पत्नी स्व0 श्री अनूप सिंह, निवासी दरगेला, तहसील शाहपुर ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि प्रार्थिया का सही नाम राधा देवी है, परन्तु राजस्व अभिलेख में अनुराधा दर्ज है, जोकि गलत है, दरुस्ती की जावे।

अतः इस राजपत्र इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक ..................-2013 को अपना एतराज पेश कर सकता है। बाद पेशी कोई भी उजर व एतराज न सुना जाएगा तथा प्रार्थिया का नाम निमानुसार राजस्व अभिलेख में करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक ...............-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।244 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्री गुरबचन सिंह पुत्र श्री मोहर सिंह, निवासी मुहाल डटम्ब, मौजा चड़ी, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.-कागजात माल में नाम की दरुस्ती करवाने बारे।

श्री गुरबचन सिंह पुत्र श्री मोहर सिंह, निवासी मुहाल डटम्ब, मौजा चड़ी, तहसील शाहपुर ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि प्रार्थी का सही नाम गुरबचन सिंह है परन्तु राजस्व अभिलेख में गुरचरण दर्ज है, जोकि गलत है, दरुस्ती की जावे।

अतः राजपत्र इश्तहार के माध्यम से आम जनता को सूचित किया जाता है कि प्रार्थी के नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 26-4-2013 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर पेश कर सकता है। गैर-हाजरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में जाएगी।

आज दिनांक ................-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्रीमती सलोचना देवी पत्नी श्री उत्तम चन्द, निवासी वसनूर, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत।

श्रीमती सलोचना देवी पत्नी उत्तम चन्द, निवासी वसनूर, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसके पुत्र अभय कुमार का जन्म दिनांक 31-5-1999 को हुआ है लेकिन ग्राम पंचायत के रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज नहीं करवाया गया था।

अतः इस इश्तहार के माध्यम से आम जनता को सूचित किया जाता है कि उक्त जन्म तिथि दर्ज करने बारे यदि किसी को कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 26-4-2013 को अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है बाद पेशी कोई उजर व एतराज नहीं सुना जाएगा तथा प्रार्थी के पुत्र का नाम व जन्म तिथि पंचायत रिकार्ड में दर्ज करने के आदेश कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक ..................-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।245 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्री धर्म सिंह पुत्र श्री रामा राम, निवासी रुलेहड़, डा0 बौह, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत।

श्री धर्म सिंह पुत्र श्री रामा राम, निवासी रुलेहड़, डा0 बौह, तहसील शाहपुर ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी गुजारा है कि उसकी माता की मृत्यु दिनांक 6-4-1988 को हुई थी, लेकिन ग्राम पंचायत के रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज नहीं है, अब दर्ज किया जावे।

अतः इस इश्तहार राजपत्र द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को मृत्यु तिथि दर्ज करने बारे कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 27-4-2013 को अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है बाद पेशी कोई उजर व एतराज नहीं सुना जाएगा तथा प्रार्थी की माता की मृत्यु तिथि को पंचायत रिकार्ड में दर्ज करने के आदेश कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक .............-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्री रमेश सिंह पुत्र श्री चुनी लाल, निवासी व डाकघर दरगेला, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत।

श्री रमेश सिंह प्रार्थी ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी गुजारा है कि उसके पुत्र पुष्पिन्दर सिंह का जन्म दिनांक 1-1-1987 को हुआ है, लेकिन ग्राम पंचायत के रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज नहीं है, अब दर्ज किया जावे।

अतः इस इश्तहार राजपत्र द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को जन्म तिथि दर्ज करने बारे कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 27-4-2013 को अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर जन्म तिथि को पंचायत रिकार्ड में दर्ज करने के आदेश कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक .............-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।246 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश श्री रमेश सिंह पुत्र श्री चुनी लाल, निवासी व डाकघर दरगेला, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत।

श्री रमेश सिंह प्रार्थी ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी गुजारा है कि उसकी पुत्री नन्दिता का जन्म दिनांक 28-4-1985 को हुआ है, लेकिन ग्राम पंचायत के रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज नहीं है, अब दर्ज किया जावे।

अतः इस इश्तहार राजपत्र द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को जन्म तिथि दर्ज करने बारे कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 27-4-2013 को अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर जन्म तिथि को पंचायत रिकार्ड में दर्ज करने के आदेश कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक ...................-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ। मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री सुरेश पटियाल, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश केस नं0 : 10/T/2013/M तारीख दायरा : 11-3-2013 तारीख पेशी : 23-4-2013 श्री बलवीर सिंह पुत्र श्री जोहली राम, निवासी मुहाल पुखरू, मौजा हबडोल, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) . . प्रार्थी।

बनाम

आम जनता . . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख में नाम दरुस्त करने बारे।

उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से प्रस्तुत किया है कि उसका नाम राजस्व रिकॉर्ड वाक्या महाल पुखरू, मौजा हवडोल, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा में नाम बलवीर पुत्र श्री जोहली राम दर्ज है जबकि राजस्व अभिलेख मुहाल चौकी, मौजा हवडोल के रिकॉर्ड में बलवीर सिंह नाम दर्ज कर दिया गया है। जिसे बलवीर सिंह की बजाए बलवीर सिंह उपनाम बीरवल किया जावे।

इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी के नाम बलवीर सिंह के साथ उपनाम बीरवल राजस्व अभिलेख में दर्ज दरुस्त करने बारे यदि किसी को कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 23-4-2013 को असालतन या वकालतन न्यायालय अधोहस्ताक्षरी आकर अपना एतराज पेश कर सकता है। कोई एतराज दर्ज न होने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम दरुस्ती करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।247 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 आज दिनांक 23-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुआ।

मोहर। सुरेश पटियाल

सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

------- ब अदालत श्री सुरेश पटियाल, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश केस नं0 : 09/T/2013/M तारीख दायरा : 11-3-2013 तारीख पेशी : 23-4-2013 श्री बलवीर सिंह पुत्र श्री जोहली राम, निवासी मुहाल पुखरू, मौजा हबडोल, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) . . प्रार्थी।

बनाम

आम जनता . . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख में नाम दरुस्त करने बारे।

उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से प्रस्तुत किया है कि उसका नाम राजस्व रिकॉर्ड वाक्या महाल चौकी, मौजा हवडोल, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा में नाम बीरबल सिंह पुत्र श्री जोहली राम दर्ज है जबकि राजस्व अभिलेख मुहाल पुखरू, मौजा हवडोल के रिकॉर्ड में बलवीर सिंह नाम दर्ज कर दिया गया है। जिसे बीरवल की बजाए बीरवल सिंह उपनाम बलवीर किया जावे।

इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी बीरवल के साथ उपनाम बलवीर सिंंंह राजस्व अभिलेख में दर्ज दरुस्त करने बारे यदि किसी को कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 23-4-2013 को असालतन या वकालतन न्यायालय अधोहस्ताक्षरी आकर अपना एतराज पेश कर सकता है। कोई एतराज दर्ज न होने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम दरुस्ती करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 23-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुआ।

मोहर। सुरेश पटियाल

सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

-------

ब अदालत श्री सुरेश पटियाल, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश केस नं0 : 11/T/2013/M तारीख दायरा : 20-3-2013 तारीख पेशी : 23-4-2013 श्री रणजीत कुमार पुत्र श्री परस राम, निवासी मुहाल सडूही, मौजा सियालकड, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) . . प्रार्थी।

बनाम

आम जनता . . प्रत्यार्थी।248 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 09 अप्रैल, 2013/19 चैत्र, 1934 विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख में नाम दरुस्त करने बारे। उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से प्रस्तुत किया है कि उसके स्कूल प्रमाण-पत्र व पंचायत परिवार रिकॉर्ड में उसका नाम रणजीत कुमार पुत्र श्री परस राम दर्ज है जबकि राजस्व अभिलेख पटवार वृत्त डल, मौजा सियालकड के रिकॉर्ड में रणजीत सिंह गलत नाम दर्ज कर दिया गया है। जिसे ठीक किया जावे।

इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी रणजीत सिंह के गलत नाम को उपनाम रणजीत कुमार राजस्व अभिलेख के रिकॉर्ड में दर्ज दरुस्त करने बारे यदि किसी को कोई आपत्ति या एतराज हो तो वह दिनांक 23-4-2013 को असालतन या वकालतन न्यायालय अधोहस्ताक्षरी आकर अपना एतराज पेश कर सकता है। कोई एतराज दर्ज न होने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम दरुस्ती करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 23-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुआ।

मोहर। सुरेश पटियाल

सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

------- ब अदालत श्री सुरेश पटियाल, कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश केस नं0 : 08/T/2013/M तारीख दायरा : 2-3-2013 तारीख पेशी : 23-4-2013 श्री मदन लाल पुत्र श्री घसीटू राम, निवासी मुहाल सुण्डला, डाकघर सियालकड, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) . . प्रार्थी।

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादीगण। विषय.--प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969.

उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से प्रस्तुत किया है कि उसके पुत्र देविन्द्र कुमार की जन्म तिथि 11-1-1999 है जोकि ग्राम पंचायत सियालकड के रिकॉर्ड में दर्ज न है। जिसे दर्ज किया जावे।

इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी श्री मदन लाल पुत्र श्री घसीटू राम के पुत्र देविन्द्र कुमार की जन्म तिथि ग्राम पंचायत सियालकड के रिकॉर्ड में दर्ज करने बारे यदि किसी को कोई आपत्ति या एतराज हो तो वह दिनांक 23-4-2013 को असालतन या वकालतन न्यायालय अधोहस्ताक्षरी आकर अपना एतराज पेश कर सकता है। कोई एतराज न होने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके जन्म तिथि दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे। आज दिनांक 12-3-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुआ।

मोहर। सुरेश पटियाल

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 09 April 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2013-04-09.08_gazette_2013-4_9_2013/. Archive identifier in.gazette.himachal.2013-04-09.08_gazette_2013-4_9_2013.