राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला, शनिवार, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण, 1935
हिमाचल प्रदेश सरकार
हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय शिमला-4
अधिसूचना
शिमला-4, 26 जुलाई, 2013
संख्याः वि0स0/स्था0/वि0प0/6-41/2000-III.—इस सचिवालय की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 15 जुलाई, 2013 का आंशिक करते हुए विभागीय परीक्षा के तीनों पर्चों के लिए समय 02.00 बजे अपराह्न से 05.00 बजे अपराह्न के स्थान पर अब पूर्वाह्न 11.00 बजे से 02.00 बजे तक निर्धारित किया किया जाता है ।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/-
सचिव,
हि0 प्र0 विधान सभा । 92-राजपत्र/2013-27-07-2013 (2549)2550 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935
MPP & POWER DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171002, 26th July, 2013
MPP-F(7)-3/2010.—In supersession of this department notifications No. MPP-F(7)- 1/2001-1 dated 26th May, 2013 and MPP-B(7)-1/2001-I dated 19-02-2010, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to reconstitute the H.P. State Licensing Board for enforcing the provisions of Electricity Rules, 1956 with the following nomination:—
| 1 . | Chief Electrical Inspector | Chairman |
| 2. | Senior-most Head of Electrical Engineering Department in Government Polytechnics (To be nominated by Director, Technical Education) | Member |
| 3. | Electrical Inspector, Himachal Pradesh | Member Secretary |
Nominations of two Non-Official Members (Hon'ble MLA's) are being made separately.
By order, Sd/- Pr. Secretary.
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विधि विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 27 जुलाई, 2013
संख्याः एल0एल0आर0-डी0(6)-26/2013-लेज.--हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213(1) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 23-7-2013 को अनुमोदित हिमाचल प्रदेश नगर निगम (संशोधन) अध्यादेश, 2013 (2013 का अध्यादेश संख्यांक 2) को संविधान के अनुच्छेद 348 (3) के अधीन उसके अंगे्रजी प्राधि—त पाठ सहित हिमाचल प्रदेश ई-राजपत्र में प्रकाशित करती हैं ।
आदेश द्वारा, चिराग भानू सिंह, सचिव (विधि)।
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2013 का हिमाचल प्रदेश अध्यादेश संख्यांक 2 हिमाचल प्रदेश नगर निगम (संशोधन) अध्यादेश, 2013
भारत गणराज्य के चौंसठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित।
हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्यांक 12) का और संशोधन करने के लिए अध्यादेश।2551 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935 हिमाचल प्रदेश विधान सभा सत्र में नहीं है और हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल का समाधान हो गया है कि ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं, जिनके कारण उनके लिए तुरन्त कार्रवाई करना आवश्यक हो गया है;
अतः हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित अध्यादेश प्रख्यापित करती हैंः-
1. संक्षिप्त नाम.--इस अध्यादेश का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश नगर निगम (संशोधन) अध्यादेश, 2013 है।
2. धारा 7, 8, 13, 16, 20, 31, 33, 55, 60, 63, 64, 404, 422 और 426 का संशोधन--हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 (जिसे इसमें इसके पश्चात 'मूल अधिनियम' कहा गया है) की धारा 7, 8, 13, 16, 20, 31, 33, 55, 60, 63, 64, 404, 422 और 426 में "महापौर, उप-महापौर और" शब्द और चिन्ह, जहाँं-जहाँ ये आते हैं, का लोप किया जाएगा।
3. धारा 14 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 14 की उपधारा (1) में, महापौर, उप-महापौर और" शब्दों और चिन्हों का लोप किया जाएगा।
4. धारा 34-क का लोप.--मूल अधिनियम की धारा 34-क का लोप किया जाएगा।
5. धारा 36 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 36 में,-
(क) उपधारा (1) और इसके विद्यमान परन्तुकों के स्थान पर निम्नलिखित उपधारा और परन्तुक रखे जाएगें; अर्थात्ः-
"(1) निगम अपनी पहली बैठक में और तत्पश्चात् प्रत्येक अढ़ाई वर्ष के अवसान पर, अपने पार्षदों में से किसी एक को निगम का अध्यक्ष, जो महापौर कहलाएगा, और अन्य पार्षद को उप-महापौर के रूप में निर्वाचित करेगीः
परन्तु महापौर का पद अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिला के लिए;
चक्रानुक्रम या लॉट द्वारा विहित रीति से आरक्षित रखा जाएगाः
परन्तु यह और कि जहाँ पूर्वगामी परन्तुक में निर्दिष्ट व्यक्तियों के किसी वर्ग की जनसंख्या, नगरपालिका क्षेत्र की कुल जनसंख्या के पन्द्रह प्रतिशत से कम हो वहाँ महापौर का पद उस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं होगा।" ; और
(ख) उपधारा (2) और इसके विद्यमान प्रथम परन्तुक के स्थान पर निम्नलिखित उपधारा और परन्तुक रखा जाएगा, अर्थात :-
"(2) निगम के महापौर और उप-महापौर की पदावधि, इनके इस रूप में निर्वाचन की तारीख से अढ़ाई वर्ष की होगी, जब तक कि इसी बीच वह अपने महापौर या उप-महापौर के पद से त्यागपत्र नहीं दे देता या जब तक उप-महापौर को महापौर के रूप में निर्वाचित नहीं कर दिया जाता तथा वह अपनी पदावधि के अवसान पर अपने पद पर नहीं रहेगा :
परन्तु यदि महापौर और उप-महापौर का पद रिक्त हो जाता है या अवधि के दौरान मृत्यु, पदत्याग या अविश्वास प्रस्ताव के कारण रिक्त हो जाता है, तो रिक्ति होने के एक मास की अवधि के भीतर, उसी वर्ग से शेष अवधि के लिए नया निर्वाचन करवाया जाएगाः"। 2552 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935 6. धारा 37 का अन्तः स्थापन.--मूल अधिनियम की धारा 36 के पश्चात निम्नलिखित नई धारा अन्तः स्थापित की जाएगी, अर्थात् :--
"37. महापौर और उप-महापौर के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव.-(1) महापौर और उप-महापौर के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव ऐसी प्रक्रिया के अनुसार लाया जा सकेगा, जैसी विहित की जाए। (2) जहाँं निगम के महापौर या उप-महापौर को पद रिक्त करने के लिए, इसके कुल निर्वाचित पार्षदों के बहुमत द्वारा हस्ताक्षरित संकल्प लाने के लिए इस आशय का नोटिस दिया जाता है और यदि साधारण या विशेष बैठक में उपस्थित और मतदान करने वाले निर्वाचित पार्षदों के बहुमत द्वारा, जिसकी गणपूर्ति इसके निवार्चित पार्षदों की कुल संख्या के आधे से कम नहीं है, पारित संकल्प द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पारित किया जाता है, तो वह महापौर या उप-महापौर जिसके विरूद्ध ऐसा संकल्प पारित किया जाता है, तत्काल प्रभाव से अपने पद पर नहीं रहेगा। (3) इस अधिनियम या तद्धीन बनाए गए नियमों में किसी बात के होते हुए भी, निगम का महापौर और उप-महापौर ऐसी बैठक की अध्यक्षता नहीं करेगा, जिसमें उसके विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर विचार किया जाना है। ऐसी बैठक की अध्यक्षता, ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाएगी और ऐसी रीति में आयोजित की जाएगी जैसी विहित की जाए तथा व्यक्ति जिसके विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, उसे ऐसी बैठक की कार्यवाहियों में भाग लेने और मत देने का अधिकार होगा। (4) इस धारा के अधीन अविश्वास प्रस्ताव, उसके ऐसे पद पर निर्वाचन की तारीख से छह मास के भीतर पोषणीय नहीं होगा और कोई पश्चातवर्ती अविश्वास प्रस्ताव, पूर्व अविश्वास प्रस्ताव से छह मास के अन्तराल के भीतर पोषणीय नहीं होगा। "।
7. धारा 46 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 46 की उपधारा (3) के पश्चात् निम्नलिखित परन्तुक अन्तः स्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
"परन्तु वह ग्रेड में पांच वर्ष के नियमित सेवाकाल को पूर्ण करने के पश्चात् संयुक्त आयुक्त (विधि) के रूप में तथा संयुक्त आयुक्त (विधि) के रूप में कम से कम दो वर्ष का नियमित सेवाकाल पूर्ण करने पर अतिरिक्त आयुक्त (विधि) के रूप में पदाभिहित किया जाएगा। "।
8. धारा 54 का प्रतिस्थापन.--मूल अधिनियम की धारा 54 के स्थान पर निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात् :--
"54. महापौर के निर्वाचन के लिए, साधारण निर्वाचन के पश्चात् निगम की प्रथम बैठक.-(1) साधारण निर्वाचन के पश्चात् निगम की प्रथम बैठक यथासम्भव शीघ्र की जाएगी, परन्तु धारा 13 के अधीन पार्षदों के निर्वाचन के परिणामों के प्रकाशन के तीस दिन के अपश्चात,् और निदेशक द्वारा बुलाई जाएगी।
(2) धारा 57 में किसी बात के होते हुए भी महापौर के निर्वाचन के लिए निदेशक, ऐसे पार्षद को बैठक का सभापतित्व करने के लिए नामनिर्दिष्ट करेगा, जो ऐसे निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी न हो। (3) यदि महापौर के निर्वाचन के दौरान यह प्रतीत होता है कि ऐसे किसी निर्वाचन में किन्हीं अभ्यर्थियों के बीच मत बराबर हैं और मतों में एक मत और जोड़ देने से उन अभ्यर्थियों में से कोई महापौर निर्वाचित होने का हकदार हो जाएगा तो बैठक में सभापतित्व करने वाला व्यक्ति अभ्यर्थियों की उपस्थिति में निकाले जाने वाले लॉट द्वारा और ऐसी रीति से जैसी वह अवधारित करें, उनके बीच विनिश्चय करेगा और जिस अभ्यर्थी के पक्ष में लॉट निकलता है, उसके बारे मेे यह समझा जाएगा कि उसे एक अतिरिक्त मत प्राप्त हुआ है । "।2553 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935 9. धारा 56 और 58 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 56 और 58 में "महापौर और उप-महापौर सहित" शब्द और चिन्ह जहां-जहां ये आते हैं, का लोप किया जाएगा। 10. धारा 302 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 302 की उपधारा (5) के पश्चात् निम्नलिखित उपधारा अन्तः स्थापित की जाएगी, अर्थात् :--
"(6) जो कोई, इस धारा के किसी उपबन्ध का उल्लंघन करता है, तो वह प्रथम अपराध के लिए जुर्माने से, जो द्वितीय अनुसूची की सारणी में तृतीय स्तम्भ में इस धारा के सामने विनिर्दिष्ट रकम तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा और द्वितीय उल्लंघन के लिए, प्रथम अपराध के लिए यथा विनिर्दिष्ट शास्ति के अतिरिक्त, वह निगम के प्राधिकृत अधिकारी के पर्यवेक्षण के अधीन, विडियोग्राफी के अन्तर्गत कम से कम एक सप्ताह की अवधि के लिए व्यक्तिगत रूप से उसके प्रश्नगत परिसरों में या उसके आसपास के सार्वजनिक क्षेत्र को साफ करने की सामुदायिक सेवाएं प्रदान करने के लिए दायी होगाः
परन्तु यदि ऐसा व्यक्ति उसी अपराध को तीसरी बार और तत्पश्चात् भी करता है, तो निगम, यथास्थिति, आवासीय के साथ-साथ वाणिज्यिक स्थापनों में नागरिक सुख-सुविधाओं, जैसे जल की आपूर्ति, विद्युत का प्रदाय आदि करने से इन्कार कर सकेगा या उन्हें बन्द कर सकेगा। "। 11. द्वितीय अनुसूची का संशोधन.--मूल अधिनियम से संलग्न द्वितीय अनुसूची की सारणी में,-- (i) स्तम्भ 1 के अधीन, धारा "302, उपधारा (1), (2) और (3)" शब्दों, अंको और चिन्हों के स्थान पर "धारा 302, उपधारा (1), (2), (3) और (6)" शब्द, अंक और चिन्ह रखे जाएंगे;
(ii) स्तम्भ 3 के अधीन "500" अंको के स्थान पर "5000"अंक रखे जाएंगे; और
(iii) स्तम्भ 4 के अधीन " --" चिन्ह के स्थान पर "100" अंक रखे जाएंगे।
(उर्मिला सिंह) राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश।
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(चिराग भानू सिंह), सचिव (विधि)।
शिमलाः
तारीखः
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AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT
H.P. Ordinance No. 2 of 2013.
THE HIMACHAL PRADESH MUNICIPAL CORPORATION (AMENDMENT)
ORDINANCE, 2013.
Promulgated by the Governor of Himachal Pradesh in the Sixty-forth Year of the Republic of India.
2554 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935An Ordinance further to amend the Himachal Pradesh Municipal Corporation Act, 1994 (Act No. 12 of 1994).
WHEREAS, the Legislative Assembly of Himachal Pradesh is not in session and the Governor of Himachal Pradesh is satisfied that circumstances exist which render it necessary for her to take immediate action;
NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by clause (1) of article 213 of the Constitution of India, the Governor of Himachal Pradesh is pleased to promulgate the following Ordinance:-
1. Short title.— This Ordinance may be called the Himachal Pradesh Municipal Corporation (Amendment) Ordinance, 2013.
2. Amendment of sections 7, 8, 13, 16, 20, 31, 33, 55, 60, 63, 64, 404, 422 and 426.—In sections 7,8,13,16,20,31,33,55,60,63,64,404,422 and 426 of the Himachal Pradesh Municipal Corporation Act, 1994 (hereinafter referred to as the 'principal Act') the words and sign " Mayor, Deputy Mayor and" wherever they occur shall be omitted.
3. Amendment of section 14.—In section 14 of the principal Act, in sub-section (1), the words and signs "Mayor, Deputy Mayor and" shall be omitted.
4. Omission of section 34-A.—Section 34-A of the principal Act shall be omitted.
5. Amendment of section 36.—. In section 36 of the principal Act,—
(a) for sub-section (1) and the existing provisos, the following sub-section and provisos shall be substituted namely:—
"(1) The Corporation shall at its first meeting and thereafter at the expiration of every two and half years, elect one of its Councillors to be the Chairperson to be known as the Mayor and another Councillor to be the Deputy Mayor of the Corporation:
Provided that the office of the Mayor shall be reserved for the Scheduled castes, Scheduled Tribes and Women; by rotation or by lots in the manner prescribed:
Provided further that where the population of any class of persons referred to in the foregoing proviso is less than fifteen percent of the total population of the Municipal area, the office of the Mayor shall not be reserved for that class," ; and
(b) for sub-section (2) and existing first proviso, the following sub-section and proviso shall be substituted, namely:—
"(2) The term of office of the Mayor and the Deputy Mayor of the Corporation shall be two and half years from the date of his election, as such, unless in the mean time he resigns his office as Mayor or Deputy Mayor or unless in the case of Deputy Mayor is elected as the Mayor and he shall cease to hold his office on the expiry of his term of office :
Provided that if the office of the Mayor or Deputy Mayor is vacated or falls vacant during the tenure on account of death, resignation or no-confidence motion, a fresh election within a period of one month of the vacancy shall be held from the same category, for the remainder period:".
2555 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 19356. Insertion of section 37.—After section 36 of the principal Act, the following new section shall be inserted, namely:—
"37. Motion of no confidence against Mayor or Deputy Mayor.—(1) A motion of no confidence against the Mayor or Deputy Mayor may be made in accordance with the procedure as may be prescribed.
(2) Where a notice of intention to move a resolution requiring the Mayor or Deputy Mayor of the Corporation to vacate his office, signed by not less than majority of its total elected Councillors is given and if a motion of no confidence is carried by a resolution passed by a majority of elected Councillors present and voting at its general or special meeting, the quorum of which is not less than one-half of its total elected members, the Mayor or Deputy Mayor against whom such resolution is passed shall cease to hold office forthwith.
(3) Notwithstanding anything contained in this Act or the rules made thereunder the Mayor or Deputy Mayor of the Corporation shall not preside over a meeting in which a motion of no confidence is to be discussed against him. Such meeting shall be presided over by such a person, and convened in such manner, as may be prescribed and the person against whom a motion of no confidence is moved, shall have a right to vote and to take part in the proceedings of such meeting.
(4) Motion of no confidence under this section shall not be maintainable within six months of the date of his election to such office and any subsequent motion of no confidence shall not be maintainable within the interval of six months of the last motion of no confidence.".
7. Amendment of Section 46.—In section 46 of the principal Act, after sub-section (3), the following proviso shall be inserted, namely :—
"Provided that he shall be designated as Joint Commissioner (Legal) after completion of five years regular service in the grade and Additional Commissioner (Legal) on completion of at least two years regular service as Joint Commissioner (legal).".
8. Substitution of section 54.—For section 54 of the principal Act, the following section shall be substituted, namely:—
"54. First meeting of the Corporation after general elections for election of Mayor.— (1) The first meeting of the Corporation after general elections shall be held as early as possible but not later than thirty days after the publication of the results of the election of the Councillors under section 13 and shall be convened by the Director.
(2) Notwithstanding anything contained in section 57, for election of the Mayor, the Director shall nominate a Councillor who is not a candidate for such election to preside over the meeting.
(3) If during the election of Mayor it appears that there is an equality of votes between the candidates at such election and that the addition of a vote would entitle any of these candidates to be elected as Mayor, then, the person presiding over the meeting shall decide between them by lot to be drawn in the presence of the candidates and in such manner as he may determine, and the candidate on whom the lot fal/ls shall be deemed to have received an additional vote.".
2556 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 19359. Amendment of sections 56 and 58.—In sections 56 and 58 of the principal Act, the words "including Mayor and Deputy Mayor" wherever they occur shall be omitted.
10. Amendment of section 302.—In section 302 of the principle Act, after sub-section (5) the following sub-section shall be inserted , namely:—
"(6) Whoever, contravens any of the provisions of this section shall be punishable with fine, which may extend to the amount specified against this section in the 3rd column of the table to the SECOND SCHEDULE for first offence, and for second contravention, in addition to the penalty as specified for first offence, he shall be liable to render community services by personally clearing the public area in and around his premises in question under the supervision of authorized officer of the Corporation for not less than a period of one week under videography:
Provided that if such person commits the same offence third time and subsequently, the Corporation may deny or stop the civic amenities like water, electricity etc. in residential as well as commercial establishments, as the case may be.".
11. Amendment of SECOND SCHEDULE.—In SECOND SCHEDULE appended to the principal Act, in the table,—
(i) under column1, for the words, figures and signs "Section 302, sub-sections (1), (2), (3)", the words, figures and signs " Section 302, sub-sections (1), (2), (3) and (6)" shall be substituted;
(ii) under column 3, for the figures "500", the figures "5000" shall be substituted; and (iii) under column 4, for the sign "---" the figures "100" shall be substituted.
(URMILA SINGH), Governor, Himachal Pradesh.
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(CHIRAG BHANU SINGH), Secretary (Law).
SHIMLA:
The 2013.
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विधि विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 27 जुलाई, 2013
संख्याः एल0एल0आर0-डी0(6)-27/2013-लेज.--हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213(1) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 23-7-2013 को अनुमोदित2557 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935 हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2013 (2013 का अध्यादेश संख्यांक 3) को संविधान के अनुच्छेद 348 (3) के अधीन उसके अंगे्रजी प्राधि—त पाठ सहित हिमाचल प्रदेश ई-राजपत्र में प्रकाशित करती हैं ।
आदेश द्वारा, चिराग भानू सिंह, सचिव (विधि)।
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2013 का हिमाचल प्रदेश अध्यादेश संख्यांक 3 हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2013
भारत गणराज्य के चौंसठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित।
हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्यांक 13) का और संशोधन करने के लिए अध्यादेश।
हिमाचल प्रदेश विधान सभा सत्र में नहीं है और हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल का समाधान हो गया है कि ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं, जिनके कारण उनके लिए तुरन्त कार्रवाई करना आवश्यक हो गया है;
अतः हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित अध्यादेश प्रख्यापित करती हैंः--
1. संक्षिप्त नाम.-- इस अध्यादेश का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2013 है।
2. धारा 10 का संशोधन.--हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 (जिसे इसमें इसके पश्चात् "मूल अधिनियम" कहा गया है) की धारा 10 में,--
(क) उपधारा (1) में, "अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और" शब्दों और चिन्ह का लोप किया जाएगा;
(ख) उपधारा (2) में, "अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित" शब्दों का लोप किया जाएगा; और
(ग) उपधारा (2) के खण्ड (क) के उप-खण्ड (ii) के विद्यमान परन्तुक का लोप किया जाएगा। 3. धारा 11 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 11 की उप धारा (1) में,--
(क) "अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए स्थान को छोड़ कर" शब्दों और इसके विद्यमान प्रथम परन्तुक का लोप किया जाएगा।
4. धारा 13 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 13 में, "अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और" शब्द और चिन्ह, जहां-जहां ये आते हैं, का लोप किया जायेगा।
5. धारा 17 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 17 में, "अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या'' शब्दों का लोप किया जाएगा।
6. धारा 18 का संशोधन.-- मूल अधिनियम की धारा 18 में,--
(क) उपधारा (1) में, "अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या" शब्दों का लोप किया जाएगा; और2558 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935 (ख) परन्तुक में, "अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या" शब्दों का लोप किया जाएगा।
7. धारा 22 का प्रतिस्थापन.--मूल अधिनियम की धारा 22 के स्थान पर निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात् :-
"22. अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष का निर्वाचन.- प्रत्येक नगरपालिका परिषद या नगर पंचायत, अपने निर्वाचित सदस्यों में से किसी एक को अध्यक्ष और किसी अन्य को उपाध्यक्ष निर्वाचित करेगी और इस प्रकार निर्वाचित सदस्य नगरपालिका परिषद या नगर पंचायत का, यथास्थिति, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष होगाः परन्तु नगरपालिका परिषदों तथा नगर पंचायतों में अध्यक्ष का पद, धारा 12 के उपबन्धों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जन जातियों और महिलाओं के लिए आरक्षित होगा :
परन्तु यह और कि यदि अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का पद, मृत्यु, त्याग-पत्र, पदच्युत या अविश्वास प्रस्ताव के कारण उसकी पदावधि के दौरान रिक्त हो जाता है, तो शेष अवधि के लिए नया निर्वाचन उसी प्रवर्ग में से करवाया जाएगा।"।
8. धारा 23 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 23 की उपधारा (1) में "पाँच वर्ष या" शब्दों के पश्चात किन्तु " उसकी पदावधि का शेष" शब्दों से पूर्व "सदस्य के रूप में" शब्द अन्तः स्थापित किए जाएंगे। 9. धारा 25 का अन्तः स्थापन.--मूल अधिनियम की धारा 24 के पश्चात् निम्नलिखित नई धारा अन्तः स्थापित की जाएगी, अर्थात्ः--
"25. अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव.-(1) अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव ऐसी प्रक्रिया के अनुसार लाया जा सकेगा, जैसी विहित की जाए।
(2) जहाँ नगरपालिका के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के पद रिक्त करने के लिए, इसके कुल निर्वाचित सदस्यों के बहुमत द्वारा हस्ताक्षरित संकल्प लाने के लिए इस आशय का नोटिस दिया जाता है और यदि साधारण या विशेष बैठक में उपस्थित और मतदान करने वाले निर्वाचित सदस्यों के बहुमत द्वारा, जिसकी गणपूर्ति इसके निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या के आधे से कम नहीं है, पारित संकल्प द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पारित किया जाता है, तो वह अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जिसके विरूद्ध ऐसा संकल्प पारित किया जाता है, तत्काल प्रभाव से अपने पद पर नहीं रहेगा। (3) इस अधिनियम या तद्धीन बनाए गए नियमों में किसी बात के होते हुए भी, नगरपालिका का अध्यक्ष या उपाध्यक्ष, ऐसी बैठक की अध्यक्षता नहीं करेगा, जिसमें उसके विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर विचार किया जाना है। ऐसी बैठक की अध्यक्षता, ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाएगी और ऐसी रीति में आयोजित की जाएगी जैसी विहित की जाए तथा व्यक्ति जिसके विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, उसे ऐसी बैठक की कार्यवाहियों में भाग लेने और मत देने का अधिकार होगा।
(4) इस धारा के अधीन अविश्वास प्रस्ताव, उसके ऐसे पद पर निर्वाचन की तारीख से एक वर्ष के भीतर पोषणीय नहीं होगा और कोई पश्चात्वर्ती अविश्वास प्रस्ताव पूर्व अविश्वास प्रस्ताव से एक वर्ष के अन्तराल के भीतर पोषणीय नहीं होगा ।"।
10. धारा 134 का प्रतिस्थापन.--मूल अधिनियम की धारा 134 के स्थान पर निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात :--
"134. मलवहन का निस्सारण.--जो कोई, नगरपालिका की अनुज्ञा के बिना किसी कुण्ड, मल-प्रणाल या मल-कुण्ड के पदार्थोें का अथवा किसी अन्य घृणोत्पादक पदार्थ का, किसी मार्ग (स्ट्रीट) पर या सार्वजनिक स्थान में या किसी सिंचाई चैनल में या किसी ऐसे मल-प्रणाल या नाली में, जो इस2559 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935 प्रयोजन के लिए अलग नहीं बनाई गई है, निस्सारण, अपवहन या छोड़ा जाना कारित करता है या जानबूझ कर या उपेक्षावश ऐसा होने देता है, तो वह प्रथम अपराध के लिए जुर्माने से, जो दो हजार पांच सौ रूपए से कम नहीं होगा और दस हजार रूपए से अधिक नहीं होगा, दण्डनीय होगा और द्वितीय उल्लंघन के लिए, उपरोक्त यथा विनिर्दिष्ट शास्ति के अतिरिक्त वह नगरपालिका के प्राधिकृत अधिकारी के पर्यवेक्षण के अधीन, विडियोग्राफी के अन्र्तगत, कम से कम एक सप्ताह की अवधि के लिए व्यक्तिगत रूप से उसके प्रश्नगत परिसरों में या उसके आस-पास के सार्वजनिक क्षेत्र को साफ करने की सामुदायिक सेवाएं प्रदान करने के लिए दायी होगा :
परन्तु यदि ऐसा व्यक्ति उसी अपराध को तीसरी बार और तत्पश्चात् भी करता है, तो नगरपालिका, यथास्थिति, आवासीय के साथ-साथ वाणिज्यिक स्थापनों में नागरिक सुख-सुविधाओं, जैसे कि जल की आपूर्ति, विद्युत का प्रदाय आदि करने से इन्कार कर सकेगी या उन्हें बन्द कर सकेगी ।"।
(उर्मिला सिंह) राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश।
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(चिराग भानू सिंह), सचिव (विधि)।
शिमलाः तारीखः
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AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT
H.P. Ordinance No. 3 of 2013.
THE HIMACHAL PRADESH MUNICIPAL (AMENDMENT) ORDINANCE, 2013.
Promulgated by the Government of Himachal Pradesh in the Sixty-forth Year of the Republic of India.
An Ordinance further to amend the Himachal Pradesh Municipal Act, 1994 (Act No. 13 of 1994). WHEREAS, the Legislative Assembly of Himachal Pradesh is not in session and the Governor of Himachal Pradesh is satisfied that circumstances exist which render it necessary for her to take immediate action; NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by clause (1) of article 213 of the Constitution of India, the Governor of Himachal Pradesh is pleased to promulgate the following Ordinance:—
1. Short title.—This Ordinance may be called the Himachal Pradesh Municipal (Amendment) Ordinance, 2013.
2. Amendment of section 10.—In section 10 of Himachal Pradesh Municipal Act, 1994 (hereinafter referred to as the "principal Act"),—
(a) in sub-section (1), the words and signs "President, Vice- President and" shall be omitted;
2560 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935(b) in sub-section (2), the words and sign "including the President and the Vice-President" shall be omitted; and
(c) existing proviso to sub-clause (ii) of clause (a) of sub-section (2) shall be omitted.
3. Amendment of section 11.—In section 11 of the principal Act, in sub-section (1), the words and sign "excluding the seat for President and Vice-President" and existing first proviso shall be omitted.
4. Amendment of section 13.—In section 13 of the principal Act, the words and sign "President, Vice-President and" wherever they occur shall be omitted.
5. Amendment of section 17.—In section 17 of the principal Act, the words and sign "President or Vice-President or a" shall be omitted.
6. Amendment of section 18.—In section 18 of the principal Act,—
(a) in sub-section (1), the words and sign "President or Vice-President or" shall be omitted; and
(b) in proviso, the words and sign "President or Vice-President or" shall be omitted.
7. Substitution of section 22.—For section 22 of the principal Act, the following section shall be substituted, namely:—
"22 Election of President and Vice-President.- Every Municipal Council or Nagar Panchayat shall elect one of its elected members to be the President and another to be the Vice-President, and the member so elected shall become President or the Vice- President, as the case may be, of the Municipal Council or Nagar Panchayat:
Provided that the office of the President in Municipal Councils and Nagar Panchayats shall be reserved for Scheduled Castes, Scheduled Tribes and women in accordance with the provisions of section 12:
Provided further that if the office of the President or Vice-President is vacated during his tenure on account of death, resignation, removal or no confidence motion, a fresh election for the remainder of the period shall be held from the same category."
8. Amendment of section 23.—In section 23 of the principal Act, in sub-section (1), after the words "of his office" the words, "as a member" shall be inserted.
9. Insertion of section 25.—After section 24 of the principal Act, the following new section shall be inserted, namely:—
"25. Motion of no confidence against President or Vice-President.- (1) A motion of no- confidence against the President or Vice-President may be made in accordance with the procedure as may be prescribed.
(2) Where a notice of intention to move a resolution requiring the President or Vice- President of the municipality to vacate his office, signed by not less than majority of its total elected members is given and if a motion of no-confidence is carried by a resolution passed by a majority of elected members present and voting at its general or special meeting, the quorum of which is not less than one-half of its total elected members, the President or Vice-President against whom such resolution is passed shall cease to hold office forthwith.
2561 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935(3) Notwithstanding anything contained in this Act or the rules made thereunder, the President or Vice-President of the municipality shall not preside over a meeting in which a motion of no-confidence is to be discussed against him. Such meeting shall be presided over by such person, and convened in such manner, as may be prescribed and the person against whom a motion of no-confidence is moved, shall have a right to vote and to take part in the proceedings of such meeting.
(4) Motion of no-confidence under this section shall not be maintainable within one year of the date of his election to such office and any subsequent motion of no-confidence shall not be maintainable within the interval of one year of the last motion of no- confidence.".
10. Substitution of section 134.—For section 134 of principal Act, the following section shall be substituted, namely:—
"134. Discharging sewerage.—Whoever, without the permission of the municipality, causes or knowingly or negligently allows the contents of any sink, sewer, or cesspool or any other offensive matter to flow, drain or be put upon any street or public place, or into any irrigation channel or any sewer or drain not set apart for the purpose, shall be punishable with a fine which shall not be less than two thousand five hundred rupees and not more than ten thousand rupees for the first offence, and for second contravention, in addition to the penalty as specified above, he shall be liable to render community services by personally clearing the public area in and around his premises in question under the supervision of authorized officer of the municipality for not less than a period of one week under videography:
Provided that if such person commits the same offence third time and subsequently, the municipality shall deny or stop the civic amenities like water, electricity etc. in residential as well as commercial establishments, as the case may be".
(URMILA SINGH), Governor, Himachal Pradesh.
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(CHIRAG BHANU SINGH), Secretary (Law).
SHIMLA:
The 2013.
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ब अदालत श्री ओम चन्द शर्मा, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील बल्द्वाडा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश
तारीख मरजुआ : 26-6-2013 श्री रतन चन्द पुत्र श्री राम दिता, निवासी गांव मझयाठ, डाकघर बाहल्ड़ा, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला . . प्रार्थी। मण्डी, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थीगण। 2562 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935 विषय.--दरख्वास्त बराए भू-राजस्व रिकॉर्ड मुहाल मझयाठ व मुहाल धनालग में नाम की दरुस्ती करने हेतु पटवारी हल्का धनालग को आदेश करने बारे।
श्री रतन चन्द पुत्र श्री राम दिता, निवासी गांव मझयाठ, डाकघर बाहल्ड़ा, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल ने एक दावा नाम की दरुस्ती बारे इस अदालत में दिनांक 26-6-2013 को पेश किया है जिसमें प्रार्थी ने अपना ब्यान हल्फी मय दरख्वास्त तथा संलग्न कागजात करके लिखा है कि उसका नाम पंचायत के रिकॉर्ड तथा उसके शिक्षा प्रमाण पत्रों पर जय सिंह दर्ज है और साथ में प्रार्थी का नाम राजस्व रिकॉर्ड में तथा पहचान-पत्र, आधार कार्ड पर रतन चन्द दर्ज है। प्रार्थी ने ब्यान किया है कि उक्त दोनों नाम जय सिंह व रतन चन्द प्रार्थी के ही हैं। इसलिए प्रार्थी अपना नाम मुहाल धनालग तथा मुहाल मझयाठ, पटवार वृत्त धनालग, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश के राजस्व रिकॉर्ड में जय सिंह उपनाम रतन चन्द करवाना चाहता है।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को नाम दरुस्ती बारे कोई भी एतराज हो तो वह अपना एतराज लिखित तौर में या फिर स्वयं अदालत में प्रस्तुत होकर दिनांक 19-8-2013 को पेश कर सकता है।
मोहर।
ओम चन्द शर्मा,
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,
बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री ओम चन्द शर्मा, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश
तारीख मरजुआ : 15-5-2013 श्री लुदर दत पुत्र श्री राम दिता, निवासी धनेड, डाकघर पटड़ीघाट, ईलाका बैरा, तहसील बल्द्वाड़ा, . . प्रार्थी। जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थीगण। विषय.--दरख्वास्त बराए ग्राम पंचायत रिकॉर्ड पटड़ीधार में नाम की दरुस्ती बारे।
श्री लुदर दत पुत्र श्री राम दिता, निवासी धनेड़, डाकघर पटड़ीघाट, ईलाका बैरा, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश ने एक दावा नाम की दरुस्ती बारे इस अदालत में दिनांक 15-5-2013 को पेश किया है जिसमें प्रार्थी ने अपना ब्यान हल्फी मय दरख्वास्त तथा संलग्न कागजात करके लिखा है कि उसका नाम ग्राम पंचायत पटड़ीधार के रिकॉर्ड में लुदर दत पुत्र श्री राम दिता दर्ज है लेकिन दूसरी ओर प्रार्थी का नाम सर्विस/पैंशन रिकॉर्ड में रुदर दत दर्ज है। इसलिए प्रार्थी चाहता है कि उसका नाम ग्राम पंचायत पटड़ीधार के रिकॉर्ड में लुदर दत उपनाम रुदर दत किया जावे।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को नाम की दरुस्ती बारे कोई भी एतराज हो तो वह अपना एतराज लिखित तौर में या फिर स्वयं अदालत में प्रस्तुत होकर दिनांक 19-8-2013 को पेश कर सकता है।
मोहर।
ओम चन्द शर्मा,
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,
बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।2563 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935 ब अदालत श्री ओम चन्द शर्मा, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश
तारीख मरजुआ : 16-5-2013 श्री प्रकाश चन्द पुत्र श्री लटुरिया राम, निवासी जोल महड़ी, डाकघर धुरखड़ी, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला . . प्रार्थी। मण्डी, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थीगण। विषय.--दरख्वास्त बराए ग्राम पंचायत रिकॉर्ड कोट व भू-राजस्व रिकॉर्ड में नाम की दरुस्ती करने हेतु। श्री प्रकाश चन्द पुत्र श्री लटुरिया राम, निवासी जोल महड़ी, डाकघर धुरखड़ी, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश ने एक दावा नाम की दरुस्ती बारे इस अदालत में दिनांक 16-5-2013 को पेश किया है जिसमें प्रार्थी ने अपना ब्यान हल्फी मय दरख्वास्त तथा संलग्न कागजात करके लिखा है कि उसका नाम ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड तथा भू-राजस्व अभिलेख में प्रकाश चन्द दर्ज है लेकिन दूसरी ओर प्रार्थी का नाम प्रार्थी के शिक्षा प्रमाण-पत्रों व उसके बच्चों के शिक्षा प्रमाण-पत्रों में वेद प्रकाश दर्ज है। प्रार्थी ब्यानी है कि उसके दोनों नाम ही सही हैं। इसलिए प्रार्थी ग्राम पंचायत कोट, तहसील बल्द्वाड़़ा, जिला मण्डी के रिकॉर्ड में तथा भू-राजस्व रिकॉर्ड में अपना नाम प्रकाश चन्द उपनाम वेद प्रकाश करवाना चाहता है।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को नाम की दरुस्ती बारे कोई भी एतराज हो तो वह अपना एतराज लिखित तौर में या फिर स्वयं अदालत में प्रस्तुत होकर दिनांक 19-8-2013 को पेश कर सकता है।
मोहर।
ओम चन्द शर्मा,
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,
बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री ओम चन्द शर्मा, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश
तारीख मरजुआ : 1-10-2010 श्री शिव राम पुत्र श्री मौजी राम, निवासी फटोह, डाकघर बल्द्वाड़ा, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, . प्रार्थी। हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थीगण। विषय.--दरख्वास्त बगर्ज फरमाए जाने सेहतनाम ईन्तकाल कागजात माल वाक्या मुहाल फटोह-कलथर, ईलाका हटली, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।
श्री शिव राम पुत्र श्री मौजी राम, निवासी फटोह, ईलाका हटली, डाकघर बल्द्वाड़ा, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश ने एक दावा नाम की दरुस्ती बारे इस अदालत में दिनांक 1-10-2010 को पेश किया है जिसमें प्रार्थी ने अपना ब्यान हल्फी मय दरख्वास्त तथा संलग्न कागजात करके लिखा है कि उसका नाम ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में तथा रेलवे विभाग के कागजात में शिव राम पुत्र श्री मौजी, निवासी फटोह दर्ज है लेकिन प्रार्थी का नाम वाक्या मुहाल कलथर व फटोह के राजस्व रिकॉर्ड में सिंह पुत्र मौजी दर्ज है। प्रार्थी ने ब्यान किया है कि उसका सही नाम शिव राम ही है लेकिन जो राजस्व रिकॉर्ड में सिंह दर्ज है, वह गलत है। इसलिए प्रार्थी मुहाल फटोह-कलथर, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी के राजस्व रिकॉर्ड में सिंह के स्थान पर शिव राम करवाना चाहता है। 2564 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 जुलाई, 2013/5 श्रावण 1935 अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को नाम की दरुस्ती बारे कोई भी एतराज हो तो वह अपना एतराज लिखित तौर में या फिर स्वयं अदालत में प्रस्तुत होकर दिनांक 19-8-2013 को पेश कर सकता है।
मोहर।
ओम चन्द शर्मा,
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,
बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री ओम चन्द शर्मा, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश
तारीख मरजुआ : 29-1-2013 श्री गरीबू पुत्र श्री पंजकू उपनाम टिबू, निवासी सुलपुर, डाकघर भाम्बला, ईलाका बैरा, तहसील . . प्रार्थी। बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थीगण। विषय.--दरख्वास्त बगर्ज फरमाए जाने सेहत बलदीयत।
श्री गरीबू पुत्र श्री पंजकू उपनाम टिबू, निवासी सुलपुर, डाकघर भाम्बला, ईलाका बैरा, तहसील बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश ने एक दावा नाम की दरुस्ती बारे इस अदालत में दिनांक 29-1-2013 को पेश किया है जिसमें प्रार्थी ने अपना ब्यान हल्फी मय दरख्वास्त तथा संलग्न कागजात करके लिखा है कि उसकी बलदीयत ग्राम पंचायत रिकॉर्ड में गरीबू पुत्र टिबू दर्ज है जबकि राजस्व कागजात माल में बलदीयत गरीबू पुत्र पंजकू दर्ज है। उक्त दोनों नाम पंजकू राम तथा टिबू आवेदक के पिता के ही हैं। इसलिए प्रार्थी चाहता है कि उसका बलदीयत का इन्द्राज कागजात माल में गरीबू पुत्र श्री पंजकू उपनाम टिबू किया जावे। अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को नाम की दरुस्ती बारे कोई भी एतराज हो तो वह अपना एतराज लिखित तौर में या फिर स्वयं अदालत में प्रस्तुत होकर दिनांक 19-8-2013 को पेश कर सकता है।
मोहर।
ओम चन्द शर्मा,
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,
बल्द्वाड़ा, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित।