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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 180, 20 November 2013

Published 20 November 2013

Gazette no.
180
Gazetteid
180/GAZETTE/2013-20/11/2013
Identifier
in.gazette.himachal.2013-11-20.180_gazette_2013-11_20_2013
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला, बुधवार, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

हिमाचल प्रदेश सरकार

वन विभाग

अधिसूचना

शिमला-171002, 28 सितम्बर, 2013

संख्याः एफएफई-बी-ई(3)-43/2006-खण्ड-II.—हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 32 के खण्ड (ठ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, इस विभाग की अधिसूचना संख्याः एफएफई-बी-ई(3)-43/2006-खण्ड-I तारीख 2 जनवरी, 2010 द्वारा हिमाचल प्रदेश वन (अधिकार धारकों को इमारती लकड़ी का वितरण) नियम, 2010 को अधिूसचित किया गया था, जिन्हें राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 7-9-2010 का प्रकाशित किया गया; 180-राजपत्र/2013-20-11-2013 (4771) 4772 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 राज्यपाल की यह राय है कि इस प्रकार अधिसूचित नियम बोझिल प्रक्रिया के कारण और असीमित समयावधि के फलस्वरूप लोक असुविधा के कारण उन लोक प्रयोजनों को पूर्ण नहीं करते जिनके लिए उक्त नियमों को अधिूसचित किया गया था;

हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, की यह भी राय है कि जनसाधारण को उपयोगी रीति में सुकर बनाने हेतु नये नियमों का बनाया जाना अपेक्षित है;

अतः, हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-32 के खण्ड (ठ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उक्त अधिनियम्‌ के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए निम्नलिखित नियमों को बनाने का प्रस्ताव करती हैं और इन्हें एतद्‌ द्वारा जनसाधारण की सूचना के लिए राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किया जाता है;

इन नियमों की बाबत्‌ किसी (किन्हीं) हितबद्व व्यक्ति(यों) को कोई आक्षेप करने या सुझाव देने हों तो वह (वे) उसे (उन्हें) इस अधिसूचना के राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशन की तारीख से तीस दिन की अवधि के भीतर प्रधान मुख्य अरण्यपाल हिमाचल प्रदेश को भेज सकता/सकते हैं;

नियत अवधि के भीतर प्राप्त आक्षेप(पों) या सुझाव(वों), यदि कोई हो, तो उन्हें प्रधान मुख्य अरण्यपाल, हिमाचल प्रदेश द्वारा अपनी संस्तुतियों/रिपोर्ट सहित सरकार को अग्रेषित किया जाएगा तथा प्रस्तावित प्रारूप नियमों को अन्तिम रूप देने से पूर्व सरकार द्वारा उन पर विचार किया जाएगा;

1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ.-(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश वन (अधिकार धारकों को इमारती लकड़ी का वितरण) नियम, 2013 है;

(2) ये नियम, राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे;

2. परिभाषाएं.- (1) इन नियमों में, जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो;

(क) 'अधिनियम' से भारतीय वन अधिनियम, 1927 अभिप्रेत है;

(ख) 'अधिकार धारक' से उक्त अधिकार अभिलेख में सम्बन्धित क्षेत्र की वन बन्दोबस्त रिपोर्ट के अनुसार अभिलिखित इमारती लकड़ी के अधिकारों का प्रयोग करने के लिए हकदार व्यक्ति अभिप्रेत है;

(ग) 'अधिकार अभिलेख' से वन बन्दोबस्त रिर्पोटों में अभिलिखित अधिकार अभिपे्रत है;

(घ) इमारती लकड़ी वितरण से, वन बन्दोबस्त रिर्पोटों में अभिलिखित अधिकार अभिलेख के अनुसार अधिकार धारकों को इमारती लकड़ी का वितरण अभिप्रेत है;

(ङ) इमारती लकड़ी वितरण अधिकार से अधिकार धारक जिसके पास कृषि योग्य भूमि है, को सम्बन्धित क्षेत्र की वन बंदोबस्त रिर्पोट में अभिलिखित अधिकार धारक के वास्तविक घरेलू उपयोग हेतु आवासिक मकान एवं गौशाला आदि के निर्माण हेतु इमारती लकड़ी मजूंर (प्रदान) करने के अधिकार अभिपे्रत है;

(2) उन अन्य समस्त शब्दों और पदों के, जो इन नियमों में प्रयुक्त हैं, किन्तु परिभाषित नहीं है, वही अर्थ होंगे जो भारतीय वन अधिनियम, 1927 में उनके हैं;

4773 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

3. हकदारी.-इमारती लकड़ी, उन अधिकार धारकों, जिनके वास्तविक घरेलू उपयोग हेतु आवासिक मकान, गौशाला, इत्यादी के निर्माण/रख-रखाव के लिए इमारती लकड़ी वितरण को मंजूर (प्रदान) करने के लिए सम्बन्धित वन बदोबस्त रिर्पोटों में अभिलिखित अधिकार हैं, को मंजूर की जाएगीः-

परन्तु यह कि .-

(i) यदि अधिकार धारक ने अपनी निजी (प्राईवेट) भू-धृति में से वृक्षों का विक्रय किया है तो उसे इन नियमों के अधीन दस वर्ष तक कोई इमारती लकड़ी का वितरण मंजूर नहीं किया जाएगा;

(ii) यदि अधिकार धारक के पास कोई भू-धृति है जो उसे एक या अधिक स्थान इमारती लकड़ी को प्रदान करने के लिए अर्हित करता है, तो उसे दोनों स्थानों पर इमारती लकड़ी मंजूर की जाएगी, परन्तु दूसरे स्थान पर वृक्षों का मूल्य दोगुना कर दिया जाएगा । अधिकार धारक भू-धृतियों के ब्यौरे के बारे में और जब दूसरे स्थान पर इमारती लकड़ी के वितरण के लिए आवेदन करता है तो प्रथम स्थान पर भूमि के बदले पहले ही प्राप्त की गई इमारती लकड़ी के ब्यौरों के सम्बन्ध में अभी स्वीकृति देगा;

(iii) ऐसे भू-स्वामियों को, जिन्होंने अभिधृति और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 के अधीन सरकार से अनुज्ञा प्राप्त करने के पश्चात्‌ भूमि क्रय की है को उस आधार पर कोई इमारती लकड़ी का वितरण नहीं किया जाएगा, ऐसा भूमि के क्रय की तिथि को लिहाज में न रखते हुए किया जाएगा;

(iv) इमारती लकड़ी का वितरण केवल परिवार के मुखिया को ही पंचायत अभिलेख के अनुसार स्वीकृत किया जाएगा;

(v) इमारती लकड़ी को केवल वास्तविक घरेलू प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त किए जाने वाले घर और गौशाला के निर्माण/रख-रखाव हेतु मंजूर किया जाएगा;

(vi) अधिकार धारकाें को इमारती लकड़ी मंजूर नहीं की जाएगी, यदि उस वन जहां पर सम्बन्धित अधिकार धारकों का इमारती लकड़ी वितरण अधिकार हो, में प्रयोजन हेतु वृक्ष वन वर्धकीय रूप में (सिल्वीकल्चरली) उपलब्ध न हो । तथापि ऐसे मामले में अन्य वनों से वृक्षों के बाजार मूल्य की पचास प्रतिशत दर पर वृक्ष दिए जा सकेंगे, परन्तु उन वनों के अधिकार धारकों को कोई आक्ष्ेाप न हाेंं;

(vii) अधिकार धारकों द्वारा, वन बन्दोबस्त रिपोर्ट में यथा अन्तर्विष्ट निर्माण और रख-रखाव के लिए इमारती लकड़ी हेतु अधिकार के सिवाए अन्य अधिकारों का प्रयोग यथावत जारी रहेगा;

(viii) अधिकार धारकों का इमारती लकड़ी वितरण का अधिकार, वन संरक्षण में उनके सहयोग और सहभागिता के अध्यधीन होगा । यदि कोई अधिकार धारक अपराधियों को पकड़ने, आग बुझाने के कार्य में अपने कत्र्तव्यों के निर्वहन में असफल रहता है या कोई वन अपराध करता है तो उसका इमारती लकड़ी वितरण का अधिकार ऐसे अपराध को करने की तारीख से सोलह वर्ष तक के लिए निलम्बित कर दिया जाएगा;

(ix) यदि कोई अधिकार धारक इमारती लकड़ी वितरण मंजूरी का दुरूपयोग करता हुआ पाया जाता है तो इन नियमों के अधीन उसके इमारती लकड़ी वितरण अधिकार को सोलह वर्ष तक के लिए निलम्बित कर दिया जाएगा । 4774 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 4. परिमाण (मात्रा).-(1) निम्न नियत मापदण्डों पर इमारती लकड़ी का वितरण, असंपरिवर्तित रूप में, स्वीकृत किया जाएगा :-

(i) नये आवास के निर्माण हेतु - 7 घनमीटर, स्थाई मात्रा में; और (ii) रख-रखाव हेतु - 3 घनमीटर, स्थाई मात्रा में

(2) इमारती लकड़ी का वितरण नाश रक्षित (सालवेज) (गिरे हुए/सूखे खड़े) वृक्षों में से किया जाएगा। यदि नाश रक्षित (सालवेज) वृक्ष उपलब्ध नहीं हैं तो केवल वर्धकीय रूप में (सिल्वीकल्चरली) उपलब्ध हरे वृक्षों में से किया जाएगा ।

5. नियतकालिकता.-अधिकार धारकों को इमारती लकड़ी वितरण (टी0डी0) स्वीकृत करने की नियतकालिकता (समयावधि ) इस प्रकार होगीः-

(i) नये भवन निर्माण के लिए - पन्द्रह वर्षों में एक बार;

(ii) रख-रखाव हेतु - पांच वर्षों में एक बार; और

(i) नये प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों/अग्निपीड़ितों के लिए उप मण्डल अधिकारी (नागरिक) द्वारा की गई सिफारिश पर और सम्बद्ध सहायक अरण्यपाल/वन मण्ड़ल अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत्‌ सत्यापन के पश्चात्‌, नियम 4 के अधीन विनिर्दिष्ट अधिकतम मात्रा से अनधिक इस शर्त के अध्यधीन की मंजूरी नहीं होगी।

6. दरें.- लकड़ी की कीमत निम्न प्रकार से प्रभारित की जाएगी :-

(i) देवदार के लिए पांच सौ रूपए प्रति घनमीटर स्थाई मात्रा मयें और अन्य प्रजातियों के लिए दौ सो पचास रूपए प्रति घनमीटर स्थाई मात्रा में ;

(ii) ऐसे अधिकार धारक, जो प्राकृतिक आपदाओं से ग्रस्त हैं, को वृक्ष मुफत में दिए जाएंगे;

(iii) एक बार नियत की गई कीमत पांच वर्ष के लिए विधिमान्य रहेगी ।

7. लकड़ी की मंजूरी की प्रक्रिया.-लकड़ी की मंजूरी हेतु आवेदन उपाबन्ध-I के अनुसार अधिकार धारकों द्वारा उसकी भू-धृति और अधिकारों के सम्बन्ध में सम्बन्धित पटवारी से आवश्यक टिप्पण (रिमार्क) प्राप्त करने के पश्चात्‌ सम्बन्धित पंचायत को प्रस्तुत किया जाएगा । सम्बद्ध ग्राम पंचायत का प्रधान, अधिकार धारकों की आवश्यकता (अपेक्षा) की असलियत का अभिनिश्चियन करने के पश्चात्‌, इमारती लकड़ी की आवश्यकता (अपेक्षा) के वास्तविक परिमाण (मात्रा) को उपदर्शित करते हुए अपनी सिफारिशें देगा। तत्पश्चात्‌, अधिकार धारक अपनी इमारती लकड़ी के वितरण हेतु आवेदन क्षेत्र के वन रक्षक (गार्ड) को प्रस्तुत करेगा, जो इसे, इस प्रयोजन के लिए रखे रजिस्टर में दर्ज करेगा ओर आवेदन की पावती अधिकार धारक को जारी करेगा, और अपनी सिफारिशों को वन परिक्षेत्र अधिकारी को प्रस्तुत करेगा । वन परिक्षेत्र अधिकारी से इमारती लकड़ी वितरण हेतु आवेदन प्राप्त होने के पश्चात्‌ वन मण्डल अधिकरी, स्वयं, मांग की असलियत और सम्बन्धित वन में वृक्षों/इमारती लकड़ी की वनवर्धित (सिल्वीकल्चरली) उपलब्धता का समाधान होने पर इमारती लकड़ी की वितरण की मंजूरी हेतु कार्रवाई करेगा और इन नियमों से उपाबन्ध-II के अनुसार सम्बन्धित अधिकार धारक को इमारती लकड़ी वितरण की मंजूरी के बारे अपना विनिश्चिय सूचित करेगा ।4775 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 8. वन मण्डल अधिकारी द्वारा सत्यापन.-वन मण्डल अधिकारी स्वीकृति प्रदान करने से पूर्व आवेदन किए गए वृक्षों की वास्तविक अपेक्षाओं का तुरन्त सत्यापन करेगा ।

9. इमारती लकड़ी के उपयोग के लिए अधिकारिता और अवधि.-(1) इमारती लकड़ी वितरण स्कीम में प्राप्त की गई इमारती लकड़ी का उपयोग उसी राजस्व सम्पदा के भीतर किया जाएगा, जहां उसके अधिकार अस्तित्व में है । इन नियमों के अधीन मंजूर वृक्षों को इमारती लकड़ी वितरण हैमर लगाने के पश्चात्‌ कोई भी अनुज्ञा अभिप्राप्त किए बिना, राजस्व सम्पदा के भीतर ले जाने की अनुमति होगीः

परन्तु यदि इमारती लकड़ी को एक सम्पदा से दूसरी सम्पदा में ले जाना हो तो, अधिकार धारक को इस प्रयोजन के लिए सम्बद्ध वन परिक्षित्राधिकारी से अनुज्ञा प्राप्त करनी होगी ।

(2) अधिकार धारक द्वारा मंजूर इमारती लकड़ी का उपयोग अधिकतम एक वर्ष के भीतर किया जाएगा। यदि मंजूर किए गए वृक्षों का उपयोग विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर नहीं किया जा सके तो सम्बन्धित अधिकारी मामले की वास्तविकता के आधार पर इसके उपयोग हेतु समयावधि के विस्तारण की मजूंरी दे सकेगा। वन मण्डल अधिकारी अपने कर्मचारीवृन्द के माध्यम से यह सुनिश्चित करेगा कि मंजूर किए गए वृक्षों का उपयोग उसी प्रयोजन हेतु किया गया है जिसके लिए वह मंजूर किए गए थे । यदि मंजूर की गई इमारती लकड़ी का अनुज्ञेय अवधि के दौरान उपयोग नहीं किया गया है तो उसे वन विभाग द्वारा कब्जाकृत/जब्त किया जा सकेगा और वन मण्डलाधिकारी द्वारा इस बाबत्‌ लिया गया विनिश्चिय अन्तिम होगा ।

10. वृक्षों का चिन्हित किया जाना.-वन मण्डलाधिकारी द्वारा वृक्षों की स्वीकृति के पश्चात्‌ उन्हें खण्ड अधिकारी द्वारा चिन्हित्‌ किया जाएगा ।

11. सम्प्रवर्तन के लिए ओर का उपयोग.-इमारती लकड़ी के वितरण में चिन्हित्‌ वृक्षों के सम्प्रवर्तन के लिए ओर का उपयोग किया जाएगा ।

12. सड़ेे-गले वृक्ष के स्थान पर दूसरा वृक्ष.-यदि इमारती लकड़ी के वितरण में चिन्हित्‌ नाशरक्षित (सालवेज) वृक्षों को सम्प्रवर्तन के पश्चात्‌ पूर्णतः सड़ा-गला पाया जाता है तो अधिकार धारक परिक्षेत्राधिकारी को सूचित कर सकेगा, जो उसकी स्वयं जांच करेगा और प्रमाणित करके उसकी रिपोर्ट वन मण्डलाधिकारी को भेजेगा । तत्पश्चात्‌ वह सड़े-गले वृक्ष के स्थान पर दूसरे वृक्ष को चिन्हित्‌ करने का आदेश दे सकेगा । 13. आंकड़ा संचय (डाटा बेस) की मॉनीटरिंग और निरीक्षण.- अधिकार धारकों के ब्यौरों से सम्बन्धित आंकडे़, अधिकार धारकों द्वारा दो स्थानों पर भूमि के बारे में सूचना, मंजूर/उपयोग की गई वृक्ष/इमारती लकड़ी इत्यादि के आंकड़े सम्बन्धित पंचायत द्वारा अनुरक्षित किए जाएंगे और सम्बद्ध वन मण्डलाधिकारी द्वारा उसके अधीन कार्यरत अधिकारियों तथा कर्मचारियों के माध्यम से परिक्षेत्रावार मानीटर किए जाएंगे । 14. शास्ति और दण्ड.-यदि कोई अधिकार धारक प्राप्त की गई इमारती लकड़ी की उपयोगिता में इन नियमों के किन्हीं उपबन्धों का उल्लंघन करता है, तो उसके अधिकार अगले सोलह वर्षों के लिए निलम्बित कर दिए जाएंगे और वह बाजार मूल्य पर उक्त वृक्ष की कीमत को संदत्त करने के लिए भी दायी होगा । 15. निरसन और व्यावृत्तियां.- (1) हिमाचल प्रदेश वन (अधिकार धारकों को इमारती लकड़ी का वितरण) नियम, 2010 का एतद्‌ द्वारा निरसन किया जाता है ।

(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी इस प्रकार निरसित नियमों के अधीन की गई कोई बात या कार्रवाई इन नियमों के तत्स्थानी उपबन्धों के अधीन की गई समझी जाएगी ।4776 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 उपाबन्ध-I

प्ररूप

(नियम-7 देखें)

इमारती लकड़ी वितरण की स्वीकृति हेतु आवेदन के लिए प्रपत्र

1. आवेदक का नाम -----------------

2. व्यवसाय

-----------------

3. पिता का नाम ------------------

4. परिवार के सदस्यों की संख्या ------------------

5. क्या आवेदक परिवार का मुखिया (कत्र्ता) है ------------------

6. गांव

------------------

7. डाकघर

------------------

8. तहसील

------------------

9. जिला

------------------

10. पंचायत

------------------

11. क्या आवेदक गरीबी रेखा से नीचे के परिवार से सम्बन्धित है ? यदि हां, तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए प्रमाण-पत्र की अनुप्रमाणित प्रति संलग्न करें ।

12. वर्ष जिसमें टी0डी0 पहले दी गई थी ओर मंजूर की गई टी0डी0 की मात्रा/वृक्षों की संख्याः

-------------------

13. प्रयोजन जिसके लिए टी0डी0 अपेक्षित है (चाहे वह नये आवासीय मकान/गौशाला बनाने के लिए या मुरम्मत के लिए) -------------------

14. अपेक्षित टी0डी0 का ब्यौराः-

प्रजाति घनमीटर में मात्रा जंगल का नाम जिसमें अधिकार दर्ज है

15. मैं एतद्‌ द्वारा यह घोषणा करता हूं :-

(i) मकान/गौशाला के निर्माण/मुरम्मत की आवश्यकता की पूर्ति के लिए वृक्ष मेरी भूमि पर उपलब्ध नहीं है;

4777 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

(ii) मैंने पिछले 10 वर्षों में अपनी भूमि से 10 वर्षीय पातन कार्यक्रम के अन्तर्गत मैंने किन्हीं भी वृक्षों का विक्रय नहीं किया है;

(iii) मेरी भूमि केवल एक स्थान/एक से अधिक स्थानों पर अर्थात ---------------स्थान पर टी0डी0 प्राप्त करने हेतु परिवचन वन मण्डल अधिकारी को दिया जा चुका है/संलग्न है ;

(iv) मैं मूल अधिकार धारक हूं और परिवार का मुखिया भी हूं ;

(v) मैंने हिमाचल प्रदेश अभिधृति और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 के अधीन सरकार की अनुमति प्राप्त करने के पश्चात्‌ भूमि क्रय नहीं की है ;

(vi) मैं समझता हूं कि अधिकार धारकों के अधिकार वन संरक्षण में अधिकार धारकों के सक्रिय सहयोग और सहभागिता के अध्यधीन है तथा मैं वन अपराधियों को पकड़ने, आग बुझाने इत्यादि हेतु अपने कत्र्तव्यों का पालन करूंगा, और

(vii) मैं टी0 डी0 ग्रान्ट का दुरूपयोग नहीं करूंगा और वन विभाग के इस सम्बन्ध में बनाये गये नियमों/अनुदेशों का पालन करूंगा ।

तारीखः

(आवेदक के हस्ताक्षर ) बड़े अक्षरों में नाम--------

प्रधान ग्राम पंचायत का सत्यापन/रिपोर्ट

प्रमाणित किया जाता है कि श्री ---------------सुपुत्र श्री ---------- गांव --------- मौजा-------- का स्थाई निवासी है तथा पंचायत अभिलेख के अनुसार परिवार का मुखिया है । आवेदक की लकड़ी की अपेक्षा वास्तविक है और उसे --------घनमीटर इमारती लकड़ी आवासीय घर/ गौशाला के निर्माण/मुरम्मत के लिए अपेक्षित है ।

तारीखः

प्रधान ग्राम पंचायत की मुहर एवं हस्ताक्षर।

पटवारी की रिपोर्ट

प्रमाणित किया जाता है कि श्री----------------सुपुत्र श्री ------------- गांव ------------ मौजा ------------- का स्थाई निवासी है आवेदक कृषि योग्य भूमि खसरा नम्बर ------------ रकबा का मालिक है ओर -------------रूपए सालाना भू0 राजस्व के रूप में अदा करता है और उसके टी0डी0 में पेड़ प्राप्त करने के अधिकार अभिलिखित हैं । वह परिवार का मुखिया है ।

हल्का पटवारी के हस्ताक्षर तारीखः4778 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

वन रक्षक की रिपोर्ट

(i) आवेदक ने पिछले पन्द्रह वर्षों में आवासीय घर/गौशाला के निर्माण और रख-रखाव के लिए इमारती लकड़ी वितरण के अन्तर्गत वृक्ष प्राप्त नहीं किए हैं । आवेदक ने पिछले पांच वर्षों में आवासीय घर/गौशाला की मुरम्मत और रख-रखाव के लिए इमारती लकडी़ वितरण के अन्तर्गत वृक्ष प्राप्त नहीं किए हैं;

(ii) आवेदक ने वन सम्पदा को कोई हानि/क्षति नहीं पहुंचाई है/वन भूमि पर अवैध कब्जा नहीं किया है और आवेदक के विरूद्ध वन अपराध के बारे में कोई क्षतिपूर्ति रिपोर्ट/प्राथमिकि सूचना/न्यायालय मामला (कोर्ट केस) आदि लम्बित नहीं है;

(iii) इमारती लकड़ी की अपेक्षा--------- कार्य के लिए है;

(iv) आवेदक वन संरक्षण में पूर्ण सहयोग देता है;

(v) आवेदक को निम्नलिखित वृक्ष स्वीकृत किए जा सकेंगे :-

प्रजातियां श्रेणी संख्या वोल्यूम वन

तारीखः

वन रक्षक के हस्ताक्षर बीट--------- वन रक्षक का नाम वन खण्ड अधिकारी (वन उप परिक्षेत्राधिकारी) की रिपोर्ट

(i) प्रमाणित किया जाता है कि आवेदन में दिए गए तथ्य (कथन) एवं वन रक्षक द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र सही हैं ।

(ii) मैंने आवासीय घर/गौशाला के निर्माण और रख-रखाव के स्थल जहां पर टी0डी0 का प्रयोग प्रस्तावित है, का निरीक्षण किया है और आवेदक को निम्नलिखित वृक्ष स्वीकृत कर दिए जाएं :-

प्रजातियां श्रेणी संख्या वोल्यूम वन

जोकि -------- वन में वर्धकीय रूप में (सिल्वीकलचरली ) उपलब्ध हैं ।

(iii) आवेदक ने दस वर्षीय पातन कार्यक्रम के अन्तर्गत गत दस वर्षों में अपनी भूमि से कोई वृक्ष नहीं बचे हैं ।

तारीखः-

वन खण्ड अधिकारी (वन उप परिक्षेत्राधिकारी) के हस्ताक्षर वन खण्ड--------- नाम--------

4779 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

वन परिक्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट

आवेदक की आवश्यकता वास्तविक है और उसे निम्नलिखित वृक्ष स्वीकृत कर दिए जाएंः -

प्रजातियां श्रेणी संख्या वोल्यूम वन

जोकि ---------- वन में वर्धकीय रूप में ( सिल्वीकलचरली ) उपलब्ध हैं ।

तारीखः-

हस्ताक्षर एवं मुहर वन परिक्षेत्राधिकारी का नाम।

वन मण्डल अधिकारी द्वारा स्वीकृति

श्री ----------- सुपुत्र श्री -------------गांव---------- ग्राम पंचायत----------- तहसील-------------- जिला--------------- को आवासीय घर/गौशाला के निर्माण और रख-रखाव के लिए निम्नलिखित वृक्ष स्वीकृत किए जाते हैंः-

प्रजातियां श्रेणी संख्या वोल्यूम वन सड़ी-गली (साल्वेज)/ हरी

तारीखः-

हस्ताक्षर और मुहर वन मण्डल अधिकारी ---------वन मण्डल

---------

उपाबन्ध-II

प्ररूप

(नियम-7 देखें)

संख्याः वन विभाग हिमाचल प्रदेश

प्रेषक

वन मण्डल अधिकारी, ------- वन मण्डल -------------

प्रेषित

श्री/श्रीमति-----------------------------------------------

गांव----------------------------------------------------

4780 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 डाकघर----------------------तहसील-----------------------

जिला------------------------------------- हिमाचल प्रदेश । तारीख-----------

विषयः- इमारती लकड़ी वितरण के अधीन वृक्षों का मंजूर (प्रदान) करने बारे ।

श्रीमान जी,

निर्माण/रख-रखाव हेतु इमारती लकड़ी के लिए आपके आवेदन पत्र तारीख --------- के सन्दर्भ में ।

(2) आपके आवासीय घर /गौशाला के निमार्ण और रख-रखाव के लिए------ प्रजाति की ----------- घनमीटर इमारती लकड़ी मंजूर करने बारे प्राप्त आवेदन पत्र पर अधोहस्ताक्षरी द्वारा विचार किया गया व निर्णय लिया गया है कि :-

प्रजातियां श्रेणी संख्या वोल्यूम वन सड़ी-गली (साल्वेज)/ हरी

(3) आपके इमारती लकड़ी के वितरण आवेदन पत्र पर विचार किया गया और निम्नलिखित आधारों पर रद्‌द कर दिया गया :-

(i) -----------------

(ii) -----------------

(iii) -----------------

भवदीय,

हस्ताक्षर और मुहर। तारीख

पृष्ठांकन संख्या------ तारीख-----------

प्रतिलिपि वन राजिक--------- को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित है ।

वन मण्डल अधिकारी --वन मण्डल

आदेश द्वारा, प्रधान सचिव (वन)।4781 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

वन विभाग

आदेश

शिमला-2, 11 नवम्बर, 2013

संख्याःएफ0एफ0ई0बी0ए0(3)-4/99 लूज.-हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल का समाधान हो गया है कि आदेश संख्याः एफएफई.बी.ए(3)-4/99, तारीख 10-09-2002 (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ उक्त आदेश कहा गया है) का संशोधन करना समीचीन हो गया है, जो हिमाचल प्रदेश भू-परिक्षण अधिनियम, 1978 की धारा 7 के साथ पठित धारा 4 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया है;

अतः हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 7 के साथ पठित धारा 4 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उक्त आदेश का संशोधन निम्नलिखित रीति में करती हैं ओर इसे पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 7 के अधीन यथा अपेक्षित राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित करती हैं;

पैरा (1) के तृतीय परन्तुक के अन्तर्गत खण्ड (a) और (b) में अन्तर्विष्ट उपबन्धों के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थातः-

No. of Trees Competent authority to grant

permission to fell the trees.

-Upto 50 trees in a year Concerned Divisional Forest Officer. -Upto 100 trees in a year Concerned Conservator of Forests. -Upto 200 trees in a year Principal Chief Conservator of Forests,H.P. -above 200 trees in a year Himachal Pradesh Government.

आदेश द्वारा, तरूण श्रीधर, प्रधान सचिव (वन)।

---------

[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-A(3)-4/99-Loose

Dated: 11-11-2013 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].

FORESTS DEPARTMENT

ORDER

Shimla-2, the, 11th November, 2013

No. FFE-B-A (3)-4/99-Loose.—Whereas, the Governor of Himachal Pradesh is satisfied that it is expedient to amend the Order No. FFE-B-A (3)-4/99, dated 10-09-2002 (hereinafter referred to as the said order) which has been issued in exercise of the powers conferred by Section 4 read with Section 7 of the Himachal Pradesh Land Preservation Act, 1978;

Now, therefore, in exercise of the powers conferred by Section 4 read with Section 7 of the Act ibid, the Governor of Himachal Pradesh is pleased to amend the said order in the following manner and the same is published in the Rajpatra, Himachal Pradesh as required under Section 7 of the Act ibid;

4782 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

For the provisions contained in Clauses (a) and (b) under third proviso to para 1, the following shall be substituted; namely:—

No. of Trees Competent authority to grant

permission to fell the trees.

-Upto 50 trees in a year Concerned Divisional Forest Officer. -Upto 100 trees in a year Concerned Conservator of Forests. -Upto 200 trees in a year Principal Chief Conservator of Forests,H.P. -above 200 trees in a year Himachal Pradesh Government.

By order, TARUN SHRIDHAR Principal Secretary (Forests).

___________

प्रारम्भिक शिक्षा विभाग

(शिक्षा-ग)

अधिसूचना

शिमला-2, 16 नवम्बर, 2013

संख्याः ई.डी.एन.-सी-ए(3)-10/2011.--हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, इस विभाग की अधिसूचना संख्याः ई.डी.एन.-सी-ए (3)-2/2009 तारीख 31.12.2009 द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश प्रारम्भिक शिक्षा विभाग, भाषा अध्यापक, वर्ग-III (अराजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम्‌, 2009 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती हैं, अर्थात्‌ :--

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश प्रारम्भिक शिक्षा विभाग, भाषा अध्यापक वर्ग-III (अराजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति (प्रथम संशोधन) नियम, 2013 है। (2) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे । 2. उपाबन्ध-''क'' का संशोधन.--हिमाचल प्रदेश प्रारम्भिक शिक्षा विभाग, भाषा अध्यापक वर्ग-III, (अराजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2009 के उपाबन्ध-'क' में;

(क) स्तम्भ संख्या-7 के सामने विद्यमान उपबन्धों के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थातः-- ''(क) अनिवार्य अर्हताएं :

1. (i) हिन्दी एक ऐच्छिक विषय सहित, कला स्नातक तथा दो वर्ष का प्रारम्भिक शिक्षा में द्विवार्षिक डिप्लोमा (जो किसी भी नाम से जाना जाए)।

या

हिन्दी एक ऐच्छिक विषय सहित कम से कम पचास प्रतिशत अंकों के साथ, कला स्नातक तथा एक वर्षीय शिक्षा स्नातक (बी0एड0)।4783 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 या

हिन्दी एक ऐच्छिक विषय सहित कम से कम पैंतालीस प्रतिशत अंकों के साथ, कला स्नातक तथा समय समय पर इस बाबत जारी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ (मान्यता सन्नियमों एवं प्रक्रिया) के विनियमों के अनुसार एक वर्षी शिक्षा स्नातक (बी0एड0)।

या

हिन्दी एक ऐच्छिक विषय सहित पचास प्रतिशत अंकों के साथ, कला स्नातक तथा विशेष शिक्षा में एक वर्षीय शिक्षा स्नातक (बी0एड0)।

या

किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पचास प्रतिशत अंकों के साथ प्रभाकर (हिन्दी में ऑनर्ज) सहित, पचास प्रतिशत अंकों के साथ, कला स्नातक (अंग्रेजी और एक अतिरिक्त विषय) की परीक्षा उतीर्ण की हो और एक वर्र्षीय शिक्षा स्नातक (बी0एड0)

या

किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम पचास प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर (हिन्दी) हो तथा एक वर्षीय शिक्षा स्नातक (बी0एड0)

और

(ii) हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला द्वारा सम्यक्‌ रूप से संचालित अध्यापक पात्रता परीक्षा (टी0ई0टी0 भाषा अध्यापक) उतीर्ण की हो; परन्तु ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवायें चयन बोर्ड, हमीरपुर द्वारा संचालित अध्यापक पात्रता परीक्षा (टी0ई0टी0) पहले ही अर्हित कर ली है, वे भी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ (एन0सी0टी0ई0) द्वारा पत्र संख्या 76-4/2010/एन.सी.टी.ई./एकैड. तारीख 11-2-2011 द्वारा जारी दिशा निर्देशों के पैरा-11 में अधिकथित भर्ती के अध्यधीन पात्र होंगे।

टिप्पण.--(1) हिमाचल प्रदेश के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति/अन्य पिछड़े वर्गो/शारीरिक रूप से अक्षम प्रवर्गाें से सम्बन्धित अभ्यर्थियों को न्यूनतम शैक्षणिक अर्हताओं तथा अध्यापक पात्रता परीक्षा (टी0ई0टी0) में भी न्यूनतम अर्हता अंकों में पांॅच प्रतिशत तक की छूट अनुज्ञात की जाएगी।

टिप्पण.--(2) वे व्यक्ति जो बी0एड0 नहीं है और उपर्युक्त स्तम्भ संख्या 7(क) में विहित शैक्षिक अर्हताएं रखते हों, केवल 31 मार्च, 2014 तक ही टी.ई.टी. की परीक्षा देने हेतु छूट के पात्र होंगे।

टिप्पण.--(3) सुसंगत विषय में पचास प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक की योग्यता रखने वाले व्यक्ति भी 31 मार्च, 2014 तक टी.ई.टी. (भाषा अध्यापक) की परीक्षा देनें के पात्र होंगे।

टिप्पण.--(4) उन पात्र अभ्यर्थियों को पूर्विकता दी जाऐगी, जो समय समय पर यथा संशोधित एन0सी0टी0ई0 द्वारा अधिसूचना तारीख 23 अगस्त, 2010 में विनिर्दिष्ट न्यूनतम अर्हता रखते हो और तत्पश्चात छूट दी गई अर्हताओं के साथ अन्य अभ्यथियों पर विचार किया जाएगा । यह छूट 31.3.2014 तक विधिमान्य रहेगी ।

टिप्पण.--(5) ऐसे अध्यापक, जो छूट के अर्हता सन्नियमों के अन्तर्गत नियुक्त किए गए हैं, को नियुक्ति के वर्ष से दो वर्ष की अवधि के भीतर न्यूनतम्‌ अर्हताएं प्राप्त करनी होंगी'' । 4784 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 (ख) स्तम्भ सं0-10 के सामने विद्यमान उपबन्धों के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्‌ः- ''(क) पचहत्तर प्रतिशत सीधी भर्ती द्वारा, यथास्थिति, नियमित आधार पर या संविदा के आधार पर भर्ती द्वारा, निम्नलिखित रीति में :--

(i) 37.5 प्रतिशत सम्बद्व भर्ती अभिकरण के माध्यम से; और

(ii) 37.5 प्रतिशत विभागीय स्तर पर बैच वार आधार पर।

(ख) पच्चीस प्रतिशत राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में कार्यरत जे0बी0टी0 में से प्रोन्नति द्वारा, जो इन भर्ती और प्रोन्नति नियमों के अनुसार स्तम्भ संख्या 7 में दर्शाई गई न्यूनतम अर्हताएं परिपूर्ण करते हों, ऐसा न होने पर सीधी भर्ती द्वारा नियमित या संविदा के आधार पर भर्ती द्वारा । टिप्पण (i) 31-3-2014 तक की जाने वाली बैचवार भर्ती के लिए, बैच की गणना हिन्दी एक ऐच्छिक विषय सहित, स्नातक/प्रभाकर के पश्चात्‌ अंग्रेजी और एक अतिरिक्त विषय सहित स्नातक/हिन्दी में स्नातकोत्तर के मूल प्रमाण-पत्र के जारी होने की तारीख से की जाएगी, जिसके आधार पर अभ्यर्थी की पात्रता की गणना की जाएगी ।

टिप्पण (ii) 31-3-2014 के पश्चात्‌ की जाने वाली बैच वार भर्ती के लिए बैच की गणना, शिक्षा स्नातक (बी0एड0) के मूल प्रमाण-पत्र के जारी होने की तारीख से की जाऐगी।

यदि एक से अधिक अभ्यर्थी के उसी तारीख के अंतिम परीक्षा प्रमाण-पत्र जारी किया गया हो, तो पारस्परिक वरीयता टी0ई0टी0(एल0टी0 हिन्दी) की मैरिट के आधार पर अवधारित की जाएगी और टी0 ई0 टी0 की मैरिट के एक समान होने की दशा में, अधिक आयु वाले अभ्यर्थी के कम आयु वाले अभ्यर्थी से ऊपर रखा जाएगा;''।

(ग) स्तम्भ सं0 15 के सामने विद्यमान उपबन्धों के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्‌ :-

''सीधी भर्ती के मामले म,ें पद पर नियुक्ति के लिए चयन, मौखिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, यदि, यथास्थिति, हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवायें चयन बोर्ड, हमीरपुर या अन्य भर्ती प्राधिकरण ऐसा करना आवश्यक या समीचीन समझे, तो लिखित परीक्षा या व्यावहारिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा जिसका स्तर/पाठ्‌यक्रम इत्यादि सम्बद्व भर्ती अभिकरण द्वारा अवधारित किया जाएगा और,''।

(घ) स्तम्भ सं0 15 क के (vii)(ग), (vii)(ङ) के विद्यमान उपबन्धों के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाऐगा, अर्थात्‌ :--

''(vii)(ग) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति एक मास की सेवा पूरी करने के पश्चात्‌ एक दिन के आकस्मिक अवकाश का हकदार होगा । तथापि संविदा पर नियुक्त कर्मचारी, बारह सप्ताह के प्रसूति अवकाश और दस दिन के चिकित्सा अवकाश के लिए भी हकदार होगा/होगी। वह चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एल0टी0सी0 इत्यादि के लिए भी हकदार नहीं होगा/होगी । संविदा पर नियुक्त व्यक्ति को उपरोक्त के सिवाय अन्य किसी प्रकार का कोई अवकाश अनुज्ञात नहीें होगा। परन्तु अनुपभुक्त आकस्मिक अवकाश और चिकित्सा अवकाश, एक कलैण्डर वर्ष तक संचित किया जा सकेगा और अगामी कलैण्डर वर्ष के लिए अग्रनीत नही किया जाएगा ।

(vii)(ड) संविदा पर नियुक्त पदधारी, जिसने तैनाती के एक स्थान पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है, आवश्यकता के आधार पर स्थानान्तरण हेतु पात्र होगा, जहां पर प्रशासनिक आधार पर ऐसा करना अपेक्षित हो ''।4785 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 उपाबन्ध-''ख'' का संशोधन.--उपाबन्ध 'ख' के स्तम्भ संख्या 4 और स्तम्भ संख्या 6 के सामने विद्यमान उपबन्धों के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्‌ः--

''4. संविदा पर नियुक्त व्यक्ति एक मास की सेवा पूरी करने के पश्चात्‌ एक दिन के आकस्मिक अवकाश का हकदार होगा। तथापि संविदा पर नियुक्त कर्मचारी, बारह सप्ताह के प्रसूति अवकाश और दस दिन के चिकित्सा अवकाश के लिए भी हकदार होगा/होगी। वह चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एल0टी0सी0 इत्यादि के लिए भी हकदार नहीं होगा/होगी । संविदा पर नियुक्त व्यक्ति को उपरोक्त के सिवाय अन्य किसी प्रकार का कोई अवकाश अनुज्ञात नहीें होगा।

परन्तु अनुपभुक्त आकस्मिक अवकाश और चिकित्सा अवकाश, एक कलैण्डर वर्ष तक संचित किया जा सकेगा और अगामी कलैण्डर वर्ष के लिए अग्रनीत नही किया जाएगा ।

6. संविदा पर नियुक्त पदधारी, जिसने तैनाती के एक स्थान पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है, आवश्यकता के आधार पर स्थानान्तरण हेतु पात्र होगा, जहां पर प्रशासनिक आधार पर ऐसा करना अपेक्षित हो ।''।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (प्रार0 शिक्षा)।

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[Authoritative English text of this Department Notification No. EDN-C-A(3)-10/2011dated

16-11-13 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].

ELEMENTARY EDUCATION DEPARTMENT

(Education-C)

NOTIFICATION

Shimla-171002, the 16th November, 2013

No. EDN-C-A(3)-10/2011.—In exercise of the powers conferred by proviso to Article 309 of the Constitution of India, the Governor, Himachal Pradesh, in consultation with the Himachal Pradesh Public Service Commission, is pleased to make the following Rules further to amend the "Himachal Pradesh, Elementary Education Department, Language Teacher, Class-III (Non- Gazetted) Recruitment and Promotion Rules, 2009 notified vide this Department notification Number EDN-C-A(3)2/2009 dated 31.12.2009 namely:—

1. Short title and Commencement:—(1) These rules may be called the "Himachal Pradesh, Elementary Education Department, Language Teacher, Class-III (Non-Gazetted) Recruitment and Promotion (First amendment) Rules, 2013.

(2) These rules shall come into force from the date of publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh.

2. Amendment of Annexure-A.—In Annexure-A to the "Himachal Pradesh, Elementary Education Department, Language Teacher, Class-III (Non-Gazetted) Recruitment and Promotion Rules, 2009.

4786 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

(a) for the existing provisions against Col. No.7, the following shall be substituted, namely;—

"(a) Essential Qualification:

(i) B.A. with Hindi as an elective subject and 2-year Diploma in Elementary Education (by whatever name known).

OR

BA with atleast 50% marks with Hindi as an elective subject and 1-year Bachelor in Education (B.Ed.)

OR

BA with at least 45% marks with Hindi as an elective subject and 1-year Bachelor in Education (B.Ed.) in accordance with the NCTE (Recognition Norms & Procedure) Regulations issued from time to time in this regard.

OR

B.A. with at least 50% marks with Hindi as an elective subject and 1-year Bachelor in Education (B.Ed.) Special Education.

Or

Prabhakar (Honours in Hindi) with 50% marks followed by B.A. Examination (English and one additional subject) with 50% marks from a recognized University and 1-year Bachelor in Education (B.Ed.).

Or

M.A. (Hindi) with at least 50% marks from a recognized university and 1-year Bachelor in Education (B.Ed.).

AND

(ii) Pass in Teacher Eligibility Test (TET Language Teacher) duly conducted by HP Board of School Education, Dharamshala.

Provided that the incumbents who have already qualified the Teacher Eligibility Test(TET) conducted by the H.P. Subordinate Services Selection Board, Hamirpur shall also be eligible subject to the condition as laid down in Para-11 of the guidelines issued by the National Council for Teacher Education vide No.76- 4/2010/NCTE/Acad. Dated 11.2.2011. Note(1):- Relaxation up to 5% will be allowed in minimum educational qualifications and also in minimum qualifying marks for TET to the candidates belonging to SC/ST/OBC/PH categories of Himachal Pradesh.

Note(2) :— Relaxation to those persons who are not B.Ed. and posses the academic qualification prescribed in Column-7(a) above shall also be eligible for appearing in the TET up to 31st March, 2014 only.

4787 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

Note(3):—The persons possessing graduation with 50% marks in the relevant subject shall also be eligible for appearing in TET for LT upto 31st March, 2014.

Note(4):—Priority shall be given to those eligible candidates who possess the minimum qualifications specified in NCTE Notification dated 23rd August, 2010, as amended from time to time and thereafter other candidates will be considered with the relaxed qualifications. This relaxation shall be valid up to 31.3.2014.

Note(5):—Teachers who are appointed under the relaxed qualification norms shall have to acquire the minimum qualification within a period of two years from the year of appointment.," (b) for the existing provisions against Col. No.10, the following shall be substituted, namely:—

"(A) 75% by direct recruitment on regular basis or on contract basis as the case may be, in the following manner:—

(i) 37.5% through the concerned recruiting agency.

(ii) 37.5% by batch wise at the department level.

(B) 25% by promotion from amongst JBT working in Govt. Primary Schools fulfilling minimum requirement as per R&P Rules appearing at Col. No. 7 failing which by direct recruitment on regular or on contract basis.

Note(i):—For batch wise recruitment to be made up to 31.3.2014, the batch would be reckoned from the date of issuance of original certificate of B.A. with Hindi as elective subject/ B.A. after Prabhakar by passing English and additional subject/M.A. Hindi on the basis of which eligibility of the candidate is reckoned.

(ii) For batch wise recruitment to be made after 31.3.2014, the batch would be reckoned from the date of issuance of original certificate of Bachelor of Education (B.Ed.)

If more than one candidate has been issued the final examination certificate on the same date then the inter-se-seniority would be determined on the basis of TET (LT Hindi) merit and in the event of TET merit being same, senior in age would get precedence over junior in age.,"

(c) for the existing provisions against Col. No.15., the following shall be substituted, namely;—

"Selection for appointment to the post in the case of direct recruitment shall be made on the basis of written test followed by viva-voce test by H.P. Subordinate Services Selection Board, Hamirpur or other recruiting authority as the case may be, the standard/syllabus etc. of which will be determined by the concerned recruiting authority.," and

(d) for the existing provisions against Col. No.15.A,vii(c) & vii(e) the following shall be substituted, namely;—

"vii(c): Contract Appointee will be entitled for one day's casual leave after putting one month service. However, the contract employee will also be entitled for 12 weeks4788 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 Maternity Leave and 10 days Medical Leave. He/She shall not be entitled for Medical Re-imbursement and LTC etc. No leave of any other kind except above is admissible to the contract appointee.

Provided that the un-availed casual leave and Medical leave can be accumulated up to the calendar year and will not be carried forward for the next Calander Year.

vii(e) An official appointed on contract basis who have completed 3 years tenure at one place of posting will be eligible for transfer on need based basis wherever required on administrative grounds."

Amendment of Annexure "B:—In Annexure "B" for the existing provisions against Col No. No. 4,6 the following shall be substituted;

"4. Contract Appointee will be entitled for one day's casual leave after putting one month service. However, the contract employee will also be entitled for 12 weeks Maternity Leave and 10 days Medical Leave. He/She shall not be entitled for Medical Re- imbursement and LTC etc. No leave of any other kind except above is admissible to the contract appointee.

Provided that the un availed casual leave and Medical leave can be accumulated up to the calendar year and will not be carried forward for the next Calander Year.

6. An official appointed on contract basis who have completed 3 years tenure at one place of posting will be eligible for transfer on need based basis wherever required on administrative grounds."

By order, Sd/- Principal Secretary (Ele. Education).

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ब अदालत श्री शिव मोहन सिंह सैणी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश मुकद्दमा : तकसीम भूमि।

पेशी दिनांक : 22-11-2013 शीर्षक ः उधम सिंह पुत्र श्री रूमाल, रिपन सिंह पुत्र श्री उधम सिंह, निवासीगण महाल ददरोली, तहसील . . वादीगण। शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

बनाम

सुरिन्द्र सिंह, रजिन्द्र सिंह, वरिन्द्र सिंह पुत्रान श्री प्रताप सिंह, वीना देवी पुत्री श्री जोधा, सत्या देवी पत्नी स्व0 श्री जोधा, सीता राम, आत्मा राम पुत्रान श्री रूमाल सिंह, वाली राम पुत्र श्री सीता राम, समस्त निवासीगण महाल ददरोली, तहसील शाहपुर, हिमाचल प्रदेश

. . प्रतिवादीगण। विषय.—हि0 प्र0 भू0-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 123 के अधीन तकसीम भूमि खाता नं0 7, खतौनी नं0 13, खसरा कित्ता 5, रकबा तादादी 0-29-63 है0, वाक्या महाल ददरोली, मौजा मंझग्रां, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।4789 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 उपरोक्त सम्बन्धित तकसीम भूमि की मिसल अधोहस्ताक्षरी के पास विचाराधीन है व इस अदालत द्वारा प्रतिवादीगण को बार-बार समन जारी किए गए परन्तु बिना तामील के प्राप्त हुए। इस अदालत को अब विश्वास हो चुका है कि कुछ प्रतिवादीगण की तामील साधारण तरीके से नहीं हो सकती है न ही उनका सही पता मालूम हो रहा है। अतः इस इश्तहार द्वारा उन दीगर प्रतिवादीगण को सूचित किया जाता है कि उपरोक्त विषय के सम्बन्ध में यदि किसी प्रतिवादीगण को एतराज हो तो वह दिनांक 22-11-2013 को दोपहर 2.00 बजे इस अदालत में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पक्ष/एतराज/उजर पेश कर सकता है। किसी प्रकार हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

आज दिनांक 23-10-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित इस अदालत से जारी हुआ। मोहर।

शिव मोहन सिंह सैणी,

सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री शिव मोहन सिंह सैणी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश मुकद्दमा : तकसीम भूमि।

पेशी दिनांक : 22-11-2013 शीर्षक ः उधम सिंह पुत्र श्री रूमाल, रिपन सिंह पुत्र श्री उधम सिंह, निवासीगण महाल ददरोली, तहसील . . वादीगण। शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

बनाम

सुरिन्द्र सिंह, रजिन्द्र सिंह, वरिन्द्र सिंह पुत्रान श्री प्रताप सिंह, वीना देवी पुत्री श्री जोधा, सत्या देवी पत्नी स्व0 श्री जोधा, सीता राम, आत्मा राम पुत्रान श्री रूमाल सिंह, वाली राम पुत्र श्री सीता राम, समस्त निवासीगण महाल ददरोली, तहसील शाहपुर, हिमाचल प्रदेश

. . प्रतिवादीगण। विषय.—हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 123 के अधीन तकसीम भूमि खाता नं0 6, खतौनी नं0 8, 9, 11 व 12, खसरा कित्ता 33, रकबा तादादी 03-87-60 है0, वाक्या महाल ददरोली, मौजा मंझग्रां, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

उपरोक्त सम्बन्धित तकसीम भूमि की मिसल अधोहस्ताक्षरी के पास विचाराधीन है व इस अदालत द्वारा प्रतिवादीगण को बार-बार समन जारी किए गए परन्तु बिना तामील के प्राप्त हुए। इस अदालत को अब विश्वास हो चुका है कि उक्त प्रतिवादीगण की तामील साधारण तरीके से नहीं हो सकती है न ही उनका सही पता मालूम हो रहा है। अतः इस इश्तहार द्वारा उन दीगर प्रतिवादीगण को सूचित किया जाता है कि उपरोक्त विषय के सम्बन्ध में यदि किसी प्रतिवादीगण को एतराज हो तो वह दिनांक 22-11-2013 को दोपहर 2.00 बजे इस अदालत में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पक्ष/एतराज/उजर पेश कर सकता है। किसी प्रकार हाजिर न आने की सूरत में एकतरा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

आज दिनांक 23-10-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित इस अदालत से जारी हुआ। मोहर।

शिव मोहन सिंह सैणी,

सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।4790 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

मुकद्दमा : तकसीम भूमि।

पेशी दिनांक : 29-11-2013 शीर्षक ः सुरिन्द्र सिंह पुत्र स्व0 श्री सुभाष चन्द, श्रीमती आशा देवी पत्नी स्व0 श्री सुभाष चन्द, निवासीगण महाड-1, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश . . वादीगण।

बनाम

1. उत्तम चन्द, 2. निर्लम, 3. रमेश सिंह पुत्रान स्व0 श्री साहब सिंह, 4. श्रीमती सुनी देवी पत्नी स्व0 श्री साहिब सिंह, 5. महिन्द्र, 6. रजिन्द्र पुत्रान श्री कर्म सिंह, 7. लता देवी, 8. वीना देवी, 9. मधुवाला पुत्रियां स्व0 श्री कर्म सिंह, 10. सन्तो देवी पत्नी स्व0 श्री कर्म सिंह, निवासीगण महाड-1, तहसील शाहपुर, हिमाचल प्रदेश

. . प्रतिवादीगण। विषय.—तकसीम भूमि खाता नं0 27, खतौनी नं0 31, खसरा नं0 248, रकबा तादादी 0-14-62 है0 वाक्या महाड-1, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) मुताबिक जमाबन्दी वर्ष 2010-11 बारे। उपरोक्त विषय से सम्बन्धित भूमि की मिसल भूमि अधोहस्ताक्षरी के पास विचाराधीन है। जिसमें प्रतिवादीगणों को इस अदालत द्वारा बार-बार समन जारी किए गए हर बार बिना तामिल वापिस प्राप्त हुए हैं। न ही प्रतिवादीगण का सही पता उपलब्ध हो रहा है।

अतः इस राजपत्र इश्तहार के माध्यम से प्रतिवादीगणों को सूचित किया जाता है कि उपरोक्त विषय से सम्बन्धित तकसीम करवाने हेतु दिनांक 29-11-2013 को सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर होकर अपना पक्ष पेश कर सकता है। बाद पेशी कोई भी उजर व एतराज नहीं सुना जाएगा।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्री रुमेल सिंह पुत्र श्री भीखा राम, निवासी भलेड़, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

बनाम

आम जनता

दावा अन्तर्गत धारा 8(4) विवाह पंजीकरण अधिनियम, 1996 बारे।

नोटिस बनाम आम जनता।

उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में प्रार्थी ने प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसकी शादी दिनांक 19 जुलाई, 2010 को हुई है। लेकिन ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज न है।4791 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 अतः आम जनता को इस इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्री रूमेल सिंह पुत्र श्री भीखा राम, निवासी भलेड़, तहसील शाहपुर व श्रीमती सुमना देवी पुत्री श्री जीत सिंह, निवासी चुरिवाल, डाकघर माना, तहसील ज्वाली की शादी का इन्द्राज ग्राम पंचायत भलेड़ में दर्ज करवाने हेतु यदि किसी व्यक्ति को एतराज हो तो वह दिनांक 12-12-2013 को इस कार्यालय में उपस्थित आकर एतराज प्रस्तुत कर सकता है। बाद पेशी कोई भी उजर व एतराज न सुना जाएगा अन्यथा उक्त शादी के पंजीकरण हेतु आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, ज्वाली, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

मिसल नं0 19/R-II/2013 तारीख दायर : 1-10-2013 तारीख पेशी : 13-12-2013

बनाम

आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र बराये दरुस्ती नाम।

उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि उसका नाम राजस्व विभाग के मुहाल सोहलदा में जीत सिंह पुत्र श्री मोती राम दर्ज है जबकि अन्य दस्तावेजों में उसका नाम अजीत सिंह पुत्र श्री मोती राम दर्ज चला आ रहा है। उसने अनुरोध किया है कि उसका नाम राजस्व रिकॉर्ड में जीत सिंह के बजाए श्री जीत सिंह उर्फ अजीत सिंह पुत्र श्री मोती राम दर्ज किया जाए।

अतः इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी के नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अदालत अधोहस्ताक्षरी दिनांक 13-12-2013 को आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर नियमानुसार नाम दरुस्ती के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 7-10-2013 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

ज्वाली, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।4792 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

In the Court of Shri Jagdish Chand, Naib-Tehsildar-cum-Executive Magistrate,

Dharamshala, District Kangra, Himachal Pradesh

1. Shri Parmodh Kumar s/o Shri Ram Singh, r/o V. & P. O. Sidhpur, Dharamshala, 2. Smt. Subhadra Devi w/o Shri Parmodh Kumar s/o Shri Ram Singh, r/o V. & P. O. . . Applicants.

Sidhpur, Dharamshala.

Versus

1. General Public, 2. The Registrar of Marriages Sidhpur

Subject.—Registration of marriage under section 8 (4) of the H. P. Registration of Marriages Act, 1996 (Act No. 21 of 1997).

PUBLIC NOTICE :

Whereas the above named applicants have made an application under section 8 (4) of the Himachal Pradesh Registration of Marriages Act, 1996 alongwith an affidavit stating therein that they have solemnized their marriage on 24-2-2011at Sidhpur but has not been found entered in the records of the Registrar of Marriages Sidhpur;

And whereas, they have also stated that they were not aware of the laws for the registration of marriage with the Registrar of Marriages and now, therefore, necessary order for the registration of their marriage be passed so that their marriage may be registered by the concerned authority.

Now, therefore, objections are invited from the general public that if anyone has any objection regarding the registration of the marriage of the above named applicants, they should appear before the court of undersigned on 13-12-2013 at Tehsil Office Dharamshala at 10.00 A.M. either personally or through their authorized agent.

In the event of their failure to do so, orders shall be passed ex parte for the registration of marriage without affording any further opportunity of being heard.

Issued under my hand and seal of the Court on this 12th day of November, 2013.

Seal.

JAGDISH CHAND,

Naib-Tehsildar-cum-Executive Magistrate,

Dharamshala, District Kangra, Himachal Pradesh.

__________

In the Court of Dr. Suresh Jaswal (HAS), Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate,

Kullu, District Kullu, Himachal Pradesh

In the matter of :

1. Mr. Surya Veer Singh Jaggi, aged 30 years s/o Shri Gurbachan Singh Jaggi, Angad House Kapurthala, District Kapurthala, Punjab.

2. Mrs. Deepika Thakur, aged 26 years d/o Rajinder Singh Thakur, r/o Village and P. O. . . Applicants. Shamshi, Tehsil Bhuntar, District Kullu

Versus

General public

4793 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

Subject.—Proclamation for the registration of Marriage under section 16 of Special Marriage Act, 1954.

Mr. Surya Veer Singh Jaggi and Mrs. Deepika Thakur have filed an application on dated 6- 11-2013 alongwith affidavits in the court of undersigned under section 16 of Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 20-10-2013 and they are living as husband and wife since then, hence their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.

Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this Court on or before 7-12-2013. The objection received after 7-12-2013 will not be entertained and marriage will be registered accordingly.

Issued today on 6-11-2013 under my hand and seal of the court.

Seal. DR. SURESH JASWAL, Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Kullu, District Kullu, Himachal Pradesh.

__________

In the Court of Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Sundernagar,

District Mandi, Himachal Pradesh

In the matter of :

1. Shri Neeraj Sharma s/o Shri Rambhool Sharma, r/o H. No. H-246, Beta 2, Greater Noida, Tehsil Gautambudh Nagar, District Gautambudh Nagar (U. P.).

2. Khushbu Sharma d/o Shri Devi Prasad Sharma, r/o Hatras, Nagar Gawer Nursing Home Madhugarhi, Hatras-204101 at present residing at Village Rasmain, Tehsil Sundernagar, ..Applicants. District Mandi, Himachal Pradesh

Versus

General Public

..Respondents.

Subject.—Application for registration of marriage under section 15 of Special Marriage Act, 1954.

Notice :

Shri Neeraj Sharma and Khushbu Sharma at present wife of Shri Neeraj Sharma have filed an application alongwith affidavits in the court of undersigned under section 15 of Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 31-1-2013 at Sunder Bagh Farm House, Mathura Road, Hatras and they are living together as husband and wife since then, hence their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.

Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this court on or before 10-12-2013 after that no objection will be entertained and marriage will be registered.

Issued today on 6-11-2013 under my hand and seal of the court.

Seal.

Sd/-

Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate,

Sundernagar, District Mandi, Himachal Pradesh.

4794 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

ब अदालत श्री मोहन सिंह नेगी, तहसीलदार चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश श्री केदार सिंह पुत्र श्री बुधि सिंह, ग्राम वासी बम्टा, तहसील चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश

बनाम

आम जनता

श्री केदार सिंह पुत्र श्री बुधि सिंह, ग्राम वासी बम्टा, तहसील चौपाल, जिला शिमला ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसका नाम राजस्व अभिलेख चक बम्टा में करतार सिंह दर्ज है जबकि वास्तव में उसका सही नाम केदार सिंह है इसकी पुष्टि हेतु दसवीं कक्षा का प्रमाण-पत्र, नकल परिवार रजिस्टर की छाया प्रति, आधार कार्ड की प्रतिलिपि सहित अपना शपथ-पत्र प्रस्तुत किया है।

अतः इस नोटिस द्वारा समस्त जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति विशेष या रिश्तेदारों को राजस्व अभिलेख में उसका नाम करतार सिंह के स्थान पर केदार सिंह दर्ज करने बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह असालतन या वकातलन दिनांक 26-11-2013 को हाजिर आवे। हाजिर न आने की सूरत में एक तरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 11-11-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।

मोहन सिंह नेगी, तहसीलदार,

चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश।

-------- ब अदालत श्री मोहन सिंह नेगी, तहसीलदार चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश श्री सेरू राम पुत्र श्री टिबलू राम, ग्राम वासी रूपाडी, परगना बम्टा, तहसील चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

श्री सेरू राम पुत्र श्री टिबलू राम, ग्राम वासी रूपाडी, परगना बम्टा, तहसील चौपाल ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसका नाम राजस्व अभिलेख रूपाडी में गलती से शेरू दर्ज हुआ है जबकि वास्तव में उसका सही नाम सेरू राम है इस सन्दर्भ में उसने इस कार्यालय में शपथ-पत्र भी प्रस्तुत किया है।

अतः इस नोटिस द्वारा समस्त जनसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति/ रिश्तेदारों को उसका नाम राजस्व अभिलेख रूपाडी में शेरू के स्थान पर सेरू राम दर्ज करने बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह असालतन या वकातलन दिनांक 26-11-2013 को हाजिर अदालत आवे। हाजिर न आने की सूरत में एक तरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 11-11-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।

मोहन सिंह नेगी, तहसीलदार,

चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश।4795 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935 ब अदालत श्री मोहन सिंह नेगी, तहसीलदार चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश श्री बेली राम पुत्र श्री पतरू राम, ग्राम वासी धुरला, परगना बम्टा, तहसील चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

श्री बेली राम पुत्र श्री पतरू राम, ग्राम वासी धुरला, परगना बम्टा, तहसील चौपाल, जिला शिमला ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि उसका नाम राजस्व अभिलेख महाल धुरला में गलती से चमन दर्ज है जबकि वास्तव में उसका असली नाम बेली राम है इसकी पुष्टि हेतु उसने दसवीं कक्षा का प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल व आधार कार्ड की छाया प्रति पेश की है।

अतः इस नोटिस द्वारा समस्त जनसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति विशेष या रिश्तेदारों को उसका नाम राजस्व अभिलेख धुरला में चमन के स्थान पर बेली राम दर्ज करने बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 26-11-2013 को असालतन या वकातलन हाजिर अदालत आवे। हाजिर न आने की सूरत में एक तरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 11-11-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।

मोहन सिंह नेगी, तहसीलदार,

चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश।

--------

ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, सुन्नी, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश

वाद संख्या 1/xiii-B-I/2013 तारीख मरजुआ : 5-9-2013 श्रीमती कान्ता देवी पत्नी श्री खेम चन्द बनाम आम जनता दरख्वास्त बराए दरुस्ती नाम।

नोटिस बनाम आम जनता।

हरगाह खास व आम को बजरिया नोटिस सूचित किया जाता है कि श्रीमती कान्ता देवी पत्नी श्री खेम चन्द, निवासी गढकाहन, परगना चौथा, तहसील सुन्नी, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजार कर अभिव्यक्त किया है कि उनके पुत्र व पुत्री का नाम राजस्व रिकॉर्ड मौजा गढकाहन में गोलू व शिशु दर्ज है जो कि गलत है परन्तु पंचायत रिकॉर्ड में पुत्र का नाम राहुल व पुत्री का नाम सुषमा दर्ज है जो कि सही व सत्य है। उन्होंने उसे ठीक करने के लिए प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है।

अतः इस प्रार्थना-पत्र बारे आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को नाम दरुस्त करने में आपत्ति हो तो वह अपनी आपत्ति लिखित रूप में दिनांक 23-11-2013 अथवा इससे पूर्व इस न्यायालय को प्रस्तुत करे। तदोपरान्त कोई आपत्ति मान्य नहीं होगी।

हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से आज दिनांक 25-9-2013 को जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, सुन्नी, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश।4796 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 नवम्बर, 2013/29 कार्तिक, 1935

Before Shri Baldev Sharma, Executive Magistrate (Tehsildar), Kasauli, District Solan,

Himachal Pradesh

Case No. 26/2013 Date of Institution : 28-9-2013 Date of decision/Pending for 26-11-2013 Smt. Dayawati wife of Shri Gian Singh, resident of Village Bawasi, P. O. Man, Tehsil Arki, . . Applicant. District Solan, Himachal Pradesh

Versus

General public

.. Respondent.

Application under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Smt. Dayawati wife of Shri Gian Singh, resident of Village Bawasi, P. O. Man, Tehsil Arki, District Solan, Himachal Pradesh has moved an application before the undersigned under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969 alongwith affidavits and other documents Stating Therein that her daughter namely Vishali born on 19-3-1997 at Village Gadyana, P. O. Kanda, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh but her date of birth could not be entered in the record of Gram Panchayat Gulhari, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh by the applicant.

Therefore, by this proclamation, the general public is hereby informed that any person having any objection for the registration of delayed of date of birth of Vishali daughter of Shri Gian Singh may submit their objections in writing in this court on or before 26-11-2013 at 10.00 A. M. failing which no objection will be entertained after expiry of date.

Given under my hand and seal of the court on this 6th day of October, 2013.

Seal.

BALDEV SHARMA,

Executive Magistrate (Tehsildar),

Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.

नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 20 November 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2013-11-20.180_gazette_2013-11_20_2013/. Archive identifier in.gazette.himachal.2013-11-20.180_gazette_2013-11_20_2013.