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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 209, 28 December 2013

Published 28 December 2013

Gazette no.
209
Gazetteid
209/GAZETTE/2013-28/12/2013
Identifier
in.gazette.himachal.2013-12-28.209_gazette_2013-12_28_2013
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला, शनिवार, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

हिमाचल प्रदेश सरकार

बहुउद्‌देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला, 26 दिसम्बर, 2013

संख्या विद्युत-छ-(5)-54/2013.-यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड जो कि भू-अर्जन अधिनियम,1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गा्रम फिरनू, तहसील करसोग, जिला मण्डी, हि0 प्र0, में लूहरी जल विद्युत परियोजना के लिए क्षेपण, एडिट व कार्य सुविधा के उद्देश्य के लिए भूमि अर्जित करनी आपेक्षित है, अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है को उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

209-राजपत्र/2013-28-12-2013 (5367) 5368 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्यांे को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी ऐसा हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन करने पर कोई आपत्ति हो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर लिखित रुप में भू-अर्जन समाहर्ता, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, लूहरी जल विद्युत परियोजना, स्थित बिथल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला, हि0 प्र0 के समक्ष आपत्ति दायर कर सकता है।

विवरणी

जिला तहसील ग्राम खसरा नं0 रकवा (बिघा) में मण्डी करसोग फिरनू 31 1-6-8 37 0-4-15 505/79 5-17-1 328 2-19-8 329 6-3-17 498/79 4-19-2 499/79 3-2-4 500/79 3-15-7 32 2-5-9 33 2-1-3 327 1-11-2 512/18 6-1-19

कित्ता - 12 40-07-15 बिघा

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (विद्युत)।

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बहुउद्‌देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला, 26 दिसम्बर, 2013

संख्या विद्युत-छ-(5)-55/2013.-यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड जो कि भू-अर्जन अधिनियम,1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः कोट, तहसील करसोग, जिला मण्डी, हि0 प्र0, में लूहरी जल विद्युत परियोजना5369 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 के लिए क्षेपण सुविधा के उद्देश्य के लिए भूमि अर्जित करनी आपेक्षित है, अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है को उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी ऐसा हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन करने पर कोई आपत्ति हो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर लिखित रुप में भू-अर्जन समाहर्ता, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, लूहरी जल विद्युत परियोजना, स्थित बिथल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला, हि0 प्र0 के समक्ष आपत्ति दायर कर सकता है।

विवरणी

जिला तहसील ग्राम खसरा नं0 रकवा (बिघा) में मण्डी करसोग कोट 75 0-1-15 83 0-1-2 84 0-1-10 88 0-3-0 92 0-0-16 97 0-1-2 99 0-2-4 74 0-2-0 82 0-3-0 85 0-0-18 87 0-8-14 93 0-5-6 96 0-3-13 98 0-1-16 100 0-5-3 79 0-5-9 80 1-6-3 81 0-5-8 86 0-1-0 90 0-1-3 94 0-10-14 76 0-1-0 77 0-12-18 78 0-2-14 89 0-6-0 91 0-16-3 95 0-9-0 101 0-8-25370 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 71 1-2-16 72 0-8-11 308/1 4-18-0 15 0-12-10 14 0-11-7 16 0-15-15 13 1-2-16 10 0-1-16 11 1-8-0 12 0-3-17 8 1-5-2 9 2-18-8

कित्ता - 40 22-16-11 बिघा

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (विद्युत)।

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वन विभाग

अधिसूचना

शिमला-171002, 26 दिसम्बर, 2013

स्ांख्या एफ0एफ0ई-बी-ई0 (3)-43/2006-खण्ड-II.—हिमाचल प्रदेश वन (अधिकार धारकों को इमारती लकड़ी का वितरण) नियम, 2013 का प्रारूप, भारतीय वन अधिनियम्‌, 1927 (1927 का 16) की धारा 32 के खण्ड (ठ) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार, इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना तारीख 28-9-2013 द्वारा राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में इनके प्रकाशित किए जाने की तारीख से तीस दिन की अवधि के भीतर जन साधारण से आक्षेप(पों) और सुझाव (वों) को आमन्त्रित करने के लिए प्रकाशित किया गया था;

उपरोक्त नियत अवधि के भीतर प्राप्त आक्षेप(पों) और सुझाव(वों) पर विचार किया गया है;

अतः हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का 16) की धारा 32 के खण्ड (ठ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित नियम्‌ बनाती है, अर्थातः-

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश वन (अधिकार धारकों को इमारती लकड़ी का वितरण) नियम, 2013 है;

(2 ) ये नियम, राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे;

2. परिभाषाएं.--(1) इन नियमों में, जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो;

(क) "अधिनियम" से भारतीय वन अधिनियम, 1927 अभिप्रेत है;

(ख) "अधिकार धारक" से अधिकार अभिलेख में सम्बन्धित क्षेत्र की वन बन्दोबस्त रिपोर्ट के अनुसार अभिलिखित इमारती लकड़ी के अधिकारों का प्रयोग करने के लिए हकदार व्यक्ति अभिप्रेत है;

5371 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

(ग) "अधिकार अभिलेख" से वन बन्दोबस्त रिर्पोटों में अभिलिखित अधिकार अभिपे्रत है;

(घ) "इमारती लकड़ी वितरण से" वन बन्दोबस्त रिर्पोटों में अभिलिखित अधिकार अभिलेख के अनुसार अधिकार धारकों को इमारती लकड़ी का वितरण अभिप्रेत है; और

(ङ) "इमारती लकड़ी वितरण अधिकार से" अधिकार धारक जिसके पास कृषि योग्य भूमि है, को सम्बन्धित क्षेत्र की वन बंदोबस्त रिर्पोट में अभिलिखित अधिकार धारक के वास्तविक घरेलू उपयोग हेतु आवासिक मकान एवं गौशाला आदि के निर्माण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन हेतु इमारती लकड़ी मंजूर (प्रदान) करने के अधिकार अभिपेे्रत हैं;

(2) उन अन्य समस्त शब्दों और पदों के, जो इन नियमों में प्रयुक्त हैं, किन्तु परिभाषित नहीं है, वही अर्थ होंगे जो भारतीय वन अधिनियम, 1927 में उनके हैं।

3. हकदारी.--इमारती लकड़ी उन अधिकार धारकों, जिनके वास्तविक घरेलू उपयोग हेतु आवासिक मकान, गौशाला के निर्माण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन के लिए इमारती लकड़ी को मंजूर करने के लिए अभिलिखित अधिकार सम्बन्धित वन बदोबस्त रिर्पोटों में हैं, को मंजूर की जाएगीः-

परन्तु यह कि.--

(i) यदि अधिकार धारक ने अपनी निजी (प्राईवेट) भू-धृति में से वृक्षों का विक्रय किया है तो उसे इन नियमों के अधीन दस वर्ष तक कोई इमारती लकड़ी का वितरण मंजूर नहीं किया जाएगा;

(ii) यदि अधिकार धारक के पास कोई भू-धृति है जो उसे एक या अधिक स्थान पर इमारती लकड़ी को प्रदान करने के लिए अर्हित करती है, तो उसे दोनों स्थानों पर इमारती लकड़ी मंजूर की जाएगी, परन्तु दूसरे स्थान पर वृक्षों की दरों (रेटस) को दोगुना कर दिया जाएगा। अधिकार धारक भू-धृतियों के ब्यौरे के बारे में परिवचन देगा और दूसरे स्थान पर इमारती लकड़ी के वितरण के लिए आवेदन करते समय प्रथम स्थान पर भूमि के बदले पहले ही प्राप्त की गई इमारती लकड़ी के ब्यौरे देगा;

(iii) ऐसे भू-स्वामी को, जिसने अभिधृति और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 के अधीन सरकार से अनुज्ञा प्राप्त करने के पश्चात्‌ ऐसी भूमि के क्रय की तारीख का विचार किए बिना क्रय की गई भूमि के आधार पर कोई इमारती लकड़ी वितरण प्रदान नहीं किया जाएगा;

(iv) इमारती लकड़ी पंचायत अभिलेख के अनुसार केवल परिवार के मुख्या को ही प्रदान की जाएगी;

(v) इमारती लकड़ी को केवल वास्तविक घरेलू प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त किए जाने वाले घर और गौशाला के निर्माण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन हेतु ही मंजूर किया जाएगा;

(vi) अधिकार धारकाें को इमारती लकड़ी मंजूर नहीं की जाएगी, यदि उस वन जहां पर सम्बन्धित अधिकार धारकों का इमारती लकड़ी वितरण अधिकार हो, में प्रयोजन हेतु वृक्ष वन वर्धकीय रूप में (सिल्वीकल्चरली) उपलब्ध न हो । तथापि ऐसे मामले में अन्य वनों से वृक्षों के बाजार दर की पचास प्रतिशत पर वृक्ष दिए जा सकेंगें, परन्तु उन वनों के अधिकार धारकों को कोई आक्षेप न हाेंं;

(vii) अधिकार धारकों द्वारा, वन बन्दोबस्त रिपोर्ट में यथा अन्तर्विष्ट निर्माण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन के लिए इमारती लकड़ी हेतु अधिकार के सिवाए अन्य अधिकारों का प्रयोग यथावत जारी रहेगा;

5372 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 (viii) इमारती लकड़ी वितरण के अधिकार, अधिकार धारकों के वन संरक्षण में उनके सक्रिय सहयोग और सहभागिता के अध्यधीन हाेंगे। यदि कोई अधिकार धारक अपराधियों को पकड़ने, आग बुझाने के कार्य में अपने कत्र्तव्यों के निर्वहन में असफल रहता है या कोई वन अपराध करता है तो उसका इमारती लकड़ी वितरण का अधिकार ऐसे अपराध को करने की तारीख से सोेलह वर्ष तक के लिए निलम्बित कर दिया जाएगा; और (ix) यदि कोई अधिकार धारक इमारती लकड़ी वितरण में अभिप्राप्त इमारती लकड़ी का दुरूपयोग करता हुआ पाया जाता है तो इन नियमों के अधीन उसके इमारती लकड़ी वितरण अधिकार को सोलह वर्ष तक के लिए निलम्बित कर दिया जाएगा ।

4. परिमाण (मात्रा).--(1) निम्न नियत मापदण्डों पर, वृक्षों को असंपरिवर्तित रूप में, मंजूर किया जाएगा :-

(i) नए आवास के निर्माण हेतु-7 घनमीटर तक स्थाई मात्रा (स्टेंडिंग वॉल्यूम); और (ii) मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन हेतु-3 घनमीटर तक स्थाई मात्रा (स्टेंडिंग वॉल्यूम) (2) वृक्षों का वितरण नाश रक्षित (सालवेज) (गिरे हुए/सूखे खड़े) वृक्षों में से किया जाएगा। यदि नाश रक्षित (सालवेज) वृक्ष उपलब्ध नहीं हैं तो केवल वन वर्धकीय रूप में (सिल्वीकल्चरली) उपलब्ध हरे वृक्षों में से किया जाएगा ।

5. नियतकालिकता.--अधिकार धारकों को इमारती लकड़ी वितरण (टी0डी0) मंजूर करने की नियतकालिकता (समयावधि) इस प्रकार होगीः-

(i) नए निर्माण के लिए -पन्द्रह वर्षों में एक बार;

(ii) मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन हेतु - पांच वर्षोंं में एक बार;

(iii) प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितोंं/अग्निपीड़ितों के लिए उप मण्डल अधिकारी (नागरिक) द्वारा की गई सिफारिश पर और सम्बद्ध सहायक वन अरण्यपाल/वन मण्डल अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत सत्यापन के पश्चात्‌, इस शर्त के अध्यधीन कि नियम 4 के अधीन विनिर्दिष्ट अधिकतम मात्रा से अधिक की मंजूरी नहीं होगी; और

(iv) अवधि की गणना उस तारीख से, जिस को इमारती लकड़ी वितरण अन्तिम बार कियाा गया था, से की जाएगी ।

6. दरेेंेंं.--लकड़ी की दरें (रेटस) निम्न प्रकार से प्रभारित की जाए प्रभारित की जाएंगीः- (i) देवदार के लिए पांच सौ रूपए प्रति घनमीटर स्थाई मात्रा (स्टेंडिंग वॉल्यूम) और अन्य प्रजातियों के लिए दौ सो पचास रूपए प्रति घनमीटर स्थाई मात्रा (स्टेंडिंग वॉल्यूम);

(ii) ऐसे अधिकार धारक, जो प्राकृतिक आपदाओं से ग्रस्त हैं, को वृक्ष मुफ्त में दिए जाएंगे;

(iii) एक बार नियत की गई दरें (रेटस) पांच वर्ष के लिए विधिमान्य रहेंगी ।

7. लकड़ी की मंजूरी की प्रक्रिया.--वृक्षों की मंजूरी हेतु आवेदन उपाबन्ध-I के अनुसार अधिकार धारक द्वारा उसकी भू-धृति और अधिकारों के सम्बन्ध में, सम्बन्धित पटवारी से आवश्यक टिप्पण (रिमार्क) प्राप्त करने के पश्चात्‌ सम्बन्धित पंचायत को प्रस्तुत किया जाएगा । सम्बद्ध ग्राम पंचायत का प्रधान, अधिकार धारक की अपेक्षाओं (आवश्यकताओं) की असलियत (वास्तविकता) का अभिनिश्चियन करने के पश्चात्‌, इमारती लकड़ी की अपेक्षा (आवश्यकता) के वास्तविक परिमाण (मात्रा) को उपदर्शित करते हुए अपनी सिफारिशें देगा।5373 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 तत्पश्चात्‌, अधिकार धारक अपनी इमारती लकड़ी के वितरण हेतु आवेदन को क्षेत्र के वन रक्षक (गार्ड) को प्रस्तुत करेगा, जो इसे, इस प्रयोजन के लिए रखे रजिस्टर में दर्ज करेगा ओर आवेदन की पावती अधिकार धारक को जारी करेगा, और अपनी सिफारिशों सहित आवेदन को खण्ड अधिकारी को प्रस्तुत करेगा जो अपनी सिफारिशों सहित मांग की असलियत (वास्तविकता) का अभिनिश्चयन करने के पश्चात्‌, आवेदन को वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंंज आफिसर) को प्रस्तुत करेगा। वन परिक्षेत्र अधिकारी उसे अपनी सिफारिशों सहित वन मण्डल अधिकारी को देगा । वन परिक्षेत्र अधिकारी से आवेदन प्राप्त करने के पश्चात्‌ वन मण्डल अधिकारी, स्वंय, मांग की असलियत और सम्बन्धित वन में वृक्षों की वन वर्धकीय रूप में (सिल्वीकल्चरली) उपलब्धता का समाधान होने पर वृक्षों की मंजूरी हेतु कार्रवाई करेगा और इन नियमों के उपाबन्ध-II के अनुसार सम्बन्धित अधिकार धारक को अपना विनिश्चिय सूचित करेगा।

8. वन मण्डल अधिकारी द्वारा सत्यापन.--वन मण्डल अधिकारी मंजूरी प्रदान करने से पूर्व, आवेदन किए गए वृक्षों की वास्तविक अपेक्षाओं का यदा-कदा (रेनडमली) सत्यापन करेगा।

9. इमारती लकड़ी के उपयोग के लिए अधिकारिता और अवधि.--(1) इमारती लकड़ी वितरण स्कीम में प्राप्त की गई इमारती लकड़ी का उपयोग उसी राजस्व सम्पदा के भीतर किया जाएगा, जहां उसके अधिकार अस्तित्व में है । इन नियमों के अधीन मंजूर वृक्षों को इमारती लकड़ी वितरण हैमर लगाने के पश्चात्‌ कोई भी अनुज्ञा अभिप्राप्त किए बिना, राजस्व सम्पदा के भीतर ले जाने की अनुमति होगीः

परन्तु यदि इमारती लकड़ी को एक सम्पदा से दूसरी सम्पदा में ले जाना हो तो, अधिकार धारक को इस प्रयोजन के लिए सम्बद्ध वन परिक्षेत्र अधिकारी से अनुज्ञा प्राप्त करनी होगी ।

(2) अधिकार धारक द्वारा मंजूर इमारती लकड़ी का उपयोग एक वर्ष के भीतर किया जाएगा। यदि मंजूर किए गए वृक्षों का उपयोग विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर नहीं किया जाता है तो सम्बन्धित वन मण्डल अधिकारी मामले की वास्तविकता के आधार पर उसके उपयोग हेतु समयावधि के विस्तारण की मंजूरी दे सकेगा। वन मण्डल अधिकारी अपने कर्मचारिवृन्द के माध्यम से यह सुनिश्चित करेगा कि मंजूर किए गए वृक्षों का उपयोग उसी प्रयोजन हेतु किया गया है जिसके लिए वह मंजूर किए गए थे। यदि मंजूर की गई इमारती लकड़ी का अनुज्ञेय अवधि के दौरान उपयोग नहीं किया गया है तो उसे वन विभाग द्वारा कब्जाकृत/जब्त किया जा सकेगा और वन मण्डलाधिकारी द्वारा इस बाबत्‌ लिया गया विनिश्चिय अन्तिम होगा । 10. वृक्षों का चिन्हित किया जाना.--वन मण्डलाधिकारी द्वारा वृक्षोंं की मंजूरी के पश्चात्‌ उन्हें खण्ड अधिकारी द्वारा चिन्हित्‌ किया जाएगा ।

11. सम्प्रवर्तन के लिए आरे का उपयोग.--इमारती लकड़ी के वितरण में चिन्हित्‌ वृक्षों के सम्प्रवर्तन के लिए आरे का उपयोग किया जाएगा ।

12. सड़े-गले वृक्ष के स्थान पर दूसरा वृक्ष.--यदि इमारती लकड़ी के वितरण में चिन्हित्‌ नाशरक्षित (सालवेज) वृक्षों को सम्प्रवर्तन के पश्चात्‌ पूर्णतः सड़ा-गला पाया जाता है तो अधिकार धारक वन परिक्षेत्र अधिकारी को सूचित कर सकेगा, जो उसकी स्वयं जांच करेगा और प्रमाणित करेगा और उसकी रिपोर्ट वन मण्डलाधिकारी को भेजेगा। तत्पश्चात्‌ वन मण्डल अधिकारी सड़े-गले वृक्ष के स्थान पर दूसरे वृक्ष को चिन्हित्‌ करने का आदेश दे सकेगा।

13. डाटा बेस की मॉंनीटरिंंग और डाटा बेस की मॉंनीटरिंंग पड़ताल.--अधिकार धारकों के ब्यौरों से सम्बन्धित आंकड़े, अधिकार धारकों द्वारा दो स्थानों पर भूमि, मंजूर, उपयोग में लाए गए आदि, वृक्ष/इमारती लकड़ी के बारे में सूचना को पंचायत और रेंज वार सम्बन्धित वन मण्डल अधिकारी द्वारा उसके अधीन कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के माध्यम से अनुरक्षित और मॉनीटर किया जाएगा।

14. शास्ति और दण्ड.--यदि कोई अधिकार धारक प्राप्त की गई इमारती लकड़ी की उपयोगिता में इन नियमों के किसी भी उपबन्ध का उल्लंघन करता है, तो उसके अधिकार अगले सोलह वर्षोंं के लिए निलम्बित कर दिए जांएगे और वह बाजार दर पर उक्त वृक्ष की लागत (कॉस्ट) को संदत्त करने के लिए भी दायी होगा । 5374 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 15. निरसन और व्यावृत्तियां.--(1) हिमाचल प्रदेश वन (अधिकार धारकों को इमारती लकड़ी का वितरण) नियम, 2010 का एतद्‌ द्वारा निरसन किया जाता है ।

(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी इस प्रकार निरसित नियमों के अधीन की गई कोई बात या कार्रवाई इन नियमों के तत्स्थानी उपबन्धों के अधीन की गई समझी जाएगी।

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उपाबन्ध-I इमारती लकड़ी वितरण की मंजूरी हेतु आवेदन के लिए प्रपत्र (नियम-7 देखें)

(जो लागू न हो उसे काट दें)

1. आवेदक का नाम ----------------- 2. व्यवसाय ----------------- 3. पिता का नाम ----------------- 4. परिवार के सदस्यों की संख्या ----------------- 5. क्या आवेदक परिवार का मुखिया है ----------------- 6. गांव ----------------- 7. डाकघर ----------------- 8. तहसील ----------------- 9. जिला ----------------- 10. पंचायत ------------------ 11. वर्ष जिसमें इमारती लकड़ी वितरण (टी0डी0) पहले किया गया था औैर मंजूर किए गए वृक्षों का परिमाण/संख्या-----------------------

12. प्रयोजन जिसके लिए टी0डी0 अपेक्षित है (चाहे वह नए आवासीय मकान/गौशाला के निर्माण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन के लिए है)।

13. अपेक्षित टी0डी0 के ब्यौरेः-

प्रजाति घनमीटर में मात्रा(वॉल्यूम) जंगल का नाम जिसमें अधिकार विद्यमान हैं

14. मैं एतद्‌द्वारा यह घोषणा करता हूं :-

(i) मकान/गौशाला के निर्माण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन की आवश्यकता की पूर्ति के लिए वृक्ष मेरी भूमि पर उपलब्ध नहीं है;

(ii) मैनें पिछले दस वर्षों में अपनी भूमि से दस वर्षीय पातन कार्यक्रम (फैलिंग प्रोग्राम) के अन्तर्गत किसी भी वृक्ष का विक्रय नहीं किया है;

(iii) मेरी भूमि (लैंड होल्डिग) केवल एक स्थान पर है/एक से अधिक स्थानों पर है अर्थात_________स्थान पर और_______ स्थान पर;

यदि भूमि दो स्थानों पर है जिसके विरूद्ध टी0डी0 पहले दी गई है उसका ब्यौरा दें ।5375 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 (iv) मैं मूल अधिकार धारक हूं और परिवार का मुखिया भी हूं ;

(v) मैंने हिमाचल प्रदेश अभिधृति और भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 के अधीन सरकार की अनुमति प्राप्त करने के पश्चात्‌ भूमि क्रय नहीं की है;

(vi) मैं समझता हूं कि अधिकार धारकों के अधिकार वन संरक्षण में अधिकार धारकों के सक्रिय सहयोग और सहभागिता के अध्यधीन है तथा मैं वन अपराधियों को पकड़ने, आग बुझाने आदि, हेतु अपने कत्र्तव्यों का पालन करूंगा; और

(vii) मैं, टी0 डी0 के अधीन अभिप्राप्त इमारती लकड़ी का दुरूपयोग नहीं करूंगा और वन विभाग के इस सम्बन्ध में बनाये गये नियमों/अनुदेशों का पालन करूंगा।

तारीखः-

(आवेदक के हस्ताक्षर) नाम--------

प्रधान ग्राम पंचायत का सत्यापन/रिपोर्ट

प्रमाणित किया जाता है कि श्री-----------सुपुत्र श्री----------गांव--------- मौजा--------का स्थाई निवासी है तथा पंचायत अभिलेख के अनुसार परिवार का मुखिया है। आवेदक की वृक्षों की अपेक्षा वास्तविक है और उसे--------घनमीटर इमारती लकड़ी आवासीय घर गौशाला के निर्माण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन के लिए अपेक्षित है।

तारीखः

प्रधान ग्राम पंचायत की मुहर एवं हस्ताक्षर

पटवारी की रिपोर्ट

प्रमाणित किया जाता है कि श्री-------------------सुपुत्र श्री-------------- गांव-----------मौजा-------------का स्थाई निवासी है। आवेदक कृषि योग्य भूमि खसरा नम्बर------------रकबा का मालिक है और-------------रूपए सालाना भू0 राजस्व के रूप में अदा करता है और उसके टी0डी0 में वृक्ष प्राप्त करने के अधिकार अभिलिखित हैं। वह परिवार का मुखिया है।

तारीखः-

हल्का पटवारी के हस्ताक्षर और मुहर

वन रक्षक की रिपोर्ट

(i) आवेदक ने पिछले पन्द्रह वर्षाेंं में आवासीय घर/गौशाला के निर्माण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन के लिए इमारती लकड़ी वितरण के अन्तर्गत वृक्ष/लकडी़ प्राप्त नहीं किए हैं। आवेदक ने पिछले पांच वर्षों में आवासीय घर/गौशाला की मरम्मत के लिए इमारती लकड़ी वितरण के अन्तर्गत वृक्ष/लकड़ी प्राप्त नहीं किए हैं;

(ii) आवेदक ने वन सम्पदा को कोई हानि/क्षति नहीं पहुंचाई है/वन भूमि पर अवैध कब्जा नहीं किया है और आवेदक के विरूद्ध वन अपराध के बारे में कोई क्षतिपूर्ति रिपोर्ट/प्रथम इत्तिला रिपोर्ट/न्यायालय मामला आदि, लम्बित नहीं है;

5376 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 (iii) इमारती लकड़ी की अपेक्षा--------- कार्य के लिए है;

(iv) आवेदक वन संरक्षण में पूर्ण सहयोग देता है;

(v) आवेदक को निम्नलिखित वृक्ष मंजूर किए जा सकेंगेः-

प्रजातियां श्रेणी संख्या वॉल्यूम वन साालवेज/हरी

वन रक्षक के हस्ताक्षर

तारीख:____ बीट---------

वन रक्षक का नाम____ वन खण्ड अधिकारी (वन उप परिक्ष्ेात्र अधिकारी) की रिपोर्ट

(i) प्रमाणित किया जाता है कि आवेदन की अन्तर्वस्तु तथा बीट गार्ड द्वारा दिए गए प्रमाणपत्र सही हैं;

(ii) मैंने आवासीय घर/गौशाला के निमार्ण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन के स्थल, जहां पर टी0डी0 का उपयोग प्रस्तावित है, का निरीक्षण किया है और आवेदक को निम्नलिखित वृक्ष स्थल पर मंजूर किए जाएंः-

प्रजातियां श्रेणी संख्या वॉल्यूम वन साालवेज/हरी

जोकि -------- वन में वन वर्धकीय रूप में (सिल्वीकलचरली ) उपलब्ध हैं;

(iii) आवेदक ने दस वर्षीय पातन कार्यक्रम के अन्तर्गत गत दस वर्षों में अपनी भूमि में से कोई वृक्ष नहीं बेचा है।

वन खण्ड अधिकारी के हस्ताक्षर तारीखः- वन खण्ड----- नाम-----

वन परिक्षेत्र अधिकारी की रिपोर्ट

आवेदक की आवश्यकता वास्तविक है और उसे निम्नलिखित वृक्ष मंजूर कर दिए जाएंः-

प्रजातियां श्रेणी संख्या वॉल्यूम वन साालवेज/हरी

तारीखः-

हस्ताक्षर एवं मुहर

वन परिक्षेत्र अधिकारी का नाम_______5377 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

वन मण्डल अधिकारी द्वारा मंजूरी

श्री -----------सुपुत्र श्री-------------गांव----------ग्राम पंचायत----------तहसील------------जिला-------------को आवासीय घर/गौशाला के निमार्ण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन के लिए निम्नलिखित वृक्ष मंजूर किए जाते हैंः-

प्रजातियां श्रेणी संख्या वॉल्यूम वन साालवेज/हरी

तारीखः-

हस्ताक्षर और मुहर वन मण्डल अधिकारी ---------वन मण्डल

--------

उपाबन्ध-II

(नियम-7 देखें)

संख्याः वन विभाग हिमाचल प्रदेश

प्रेषक वन मण्डल अधिकारी, ------- वन मण्डल ---------------

प्रेषित

श्री/श्रीमती---------------- गांव------------------ डाकघर---------तहसील-------- जिला---------------- हिमाचल प्रदेश ।

तारीख-----------

विषयः- इमारती लकड़ी वितरण (टी0डी0) के अधीन वृक्षों को मंजूर करने बारे । श्री मान/महोदया,

निमार्ण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन हेतु इमारती लकड़ी वितरण (टी0डी0) के लिए आपके आवेदन पत्र तारीख --------- के सन्दर्भ में । 5378 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 2. आपके आवासीय घर/गौशाला के निमार्ण, मरम्मत और परिवर्धन या परिवर्तन के लिए------ प्रजाति की ----------- घनमीटर इमारती लकड़ी मंजूर करने बारे प्राप्त आवेदन पत्र पर अधोहस्ताक्षरी द्वारा विचार किया गया व निर्णय लिया गया और आपके पक्ष में निम्नलिखित वृक्ष मंजूर किए जाते है :-

प्रजातियां श्रेणी संख्या वॉल्यूम वन साालवेज/हरी

1. आपके इमारती लकड़ी के वितरण (टी0डी0) आवेदन पत्र पर विचार किया गया और इसे निम्नलिखित आधारों पर रद्‌द कर दिया गयाः-

(i) -----------------

(ii) -----------------

(iii) ------------------

भवदीय,

तारीख वन मण्डल अधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर

पृष्ठांकन संख्या------ तारीख-----------

प्रतिलिपि वन राजिक--------- को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित है ।

वन मण्डल अधिकारी --वन मण्डल

आदेश द्वारा,

तरूण श्रीधर, प्रधान सचिव (वन) हिमाचल प्रदेश सरकार।

--------

[Authoritative English text of this Department notification number FFE-B-E(3)-43/2006-

Vol-II, dated 26th December, 2013 as required under clause (3) of article 348 of the Constitution of

India].

FORESTS DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 26th December, 2013

No. FFE-B-E(3)-43/2006-Vol-II.—Whereas, the draft of the Himachal Pradesh Forest (Timber Distribution to the Right Holders) Rules, 2013 were published in the Rajpatra, Himachal5379 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 Pradesh vide this Department notification of even number dated 28.09.2013 for inviting objection(s) and suggestion(s) from the general public within a period of 30 days from the date of its publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh, as required under clause (L) of section 32 of the Indian Forest Act, 1927 (16 of 1927);

And whereas, the objection(s) and suggestion(s) received within the above stipulated period have been considered;

Now, therefore, in exercise of the powers conferred by clause (L) of section 32 of the Indian Forest Act, 1927 (16 of 1927), the Governor, Himachal Pradesh is pleased to make the following rules, namely:-

1. Short Title and commencement.—(1) These rules may be called the Himachal Pradesh Forest (Timber Distribution to the Right Holders) Rules, 2013.

(2) They shall come into force from the date of publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh.

2. Definitions.—(1) In these rules, unless the context otherwise requires,-

(a) 'Act' means the Indian Forest Act, 1927;

(b) 'Right Holder' means a person who has a right of timber recorded in the 'record of rights' in the Forest Settlement Report of the area concerned;

(c) 'Record of rights' means, rights recorded in the Forest Settlement Reports;

(d) 'Timber Distribution' means distribution of timber to the right holders as per record of rights recorded in the Forest Settlement Reports; and

(e) 'Timber Distribution Rights' means right of a Right Holder having cultivable lands for grant of timber for construction, repair and addition or alteration of residential house and cow shed for bonafide domestic use of the Right Holder, recorded in the Forest Settlement Report of the area concerned;

(2) All other words and expressions used but not defined in these rules shall have the same meaning as assigned to them in the Indian Forest Act, 1927.

3. Entitlement.—Timber shall be granted to the Right Holders who have their recorded rights in the concerned Forest Settlement Reports for grant of Timber for construction, repair and addition or alteration of residential house, cow sheds for bonafide domestic use:

Provided that:

(i) no Timber Distribution under these rules shall be made for ten years if the right holder has sold trees yielding timber for construction of houses from his private land holding;

(ii) in case right holder has land holding which qualifies him for grant of timber at more than one place, he may be granted timber at both places but the rates of trees shall be doubled at the second place. The right holder shall give undertaking about the details of land holdings and while applying for Timber Distribution at second place, details of timber already obtained against land at first place;

5380 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

(iii) no Timber Distribution shall be granted to a land owner on the basis of land purchased after obtaining the permission of the Government under section 118 of the Tenancy and Land Reforms Act, 1972, irrespective of the date of purchase of such land;

(iv) timber shall be granted only to the head of the family as per the Panchayat records;

(v) timber shall be granted for the construction, repair and addition or alteration of house and cow shed to be used only for bonafide domestic purposes;

(vi) timber shall not be granted to the Right Holders, if trees for the purpose are not available silviculturally in the forest where concerned right holders have Timber Distribution right. However, in such cases trees may be given from other forests at 50 % of market rate of trees; provided right holders of those forests have no objection;

(vii) rights other than for timber for construction, repair and addition or alteration as contained in forest settlement reports shall continue to be exercised by the right holders;

(viii) Timber Distribution Rights shall be subject to active cooperation and participation of Right Holders in forest conservancy. In case any Right Holder fails to perform his duties for apprehending offenders, extinguishing fire or commits any forest offence, his right of Timber Distribution shall be suspended for sixteen years from the date of omission or commission of such offence; and

(ix) Timber Distribution Right of a Right Holder shall be suspended for sixteen years if he is found to have mis-utilized the timber obtained in Timber Distribution under these rules.

4. Quantity.—(1) Trees shall be granted in unconverted form tree as per scale fixed below:

(i) for construction of new house = Up to 7 Cubic Meter standing volume; and (ii) for repair and addition or alteration = Up to 3 Cubic Meter standing volume.

(2) Trees shall be given from salvage (fallen, dry standing) trees. If salvage trees are not available, then only silviculturally available green trees shall be given.

5. Periodicity.—The periodicity for grant of Timber Distribution to the Right Holders shall be as under:

(i) for new construction - once in fifteen years;

(ii) for repair and addition or alteration - once in five years;

(iii) sufferers of natural calamities/fire sufferers: as recommended by the Sub Divisional Officer (Civil) concerned and after personal verification by the Assistant Conservator of Forest/Divisional Forest Officer concerned subject to the condition that the grant shall not exceed the maximum limit specified under rule- 4; and

(iv) period shall be counted from the date on which TD was granted last.

5381 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

6. Rates.—The rates shall be charged as under:-

(i) Rs. 500 per Cubic Meter standing volume for Deodar and Rs. 250 per Cubic Meter standing volume for other species;

(ii) Right Holders suffering from natural calamities shall be given trees free of cost;

(iii) Rates once fixed shall remain valid for five years.

7. Procedure for grant of trees.—Application for grant of trees shall be submitted by Right Holder as per Annexure-I to the Panchayat concerned after getting necessary remarks from the Patwari concerned about his land holding and rights. The Pradhan of concerned Gram Panchayat after ascertaining genuineness of the requirements of the Right Holder shall give his recommendations indicating actual quantity of requirement of timber. Thereafter, right holder shall submit his application to the Forest Guard of the area who shall enter the same in the register maintained for the purpose and shall acknowledge the receipt of the application to the Right Holder and shall send the application with his recommendations to the Block Officer after ascertaining the genuineness of demand, who in turn shall submit the application along with his recommendations to the Range Officer. The Range Officer shall forward the same with his recommendations to the Divisional Forest Officer. After receipt of application from the Range Officer, the Divisional Forest Officer shall take action for sanctioning of the trees after satisfying himself about the genuineness of the requirements and silviculturally availability of trees in the concerned forest and intimate his decision to the Right Holder concerned as per Annexure-II appended to these rules.

8. Verification by Divisional Forest Officer.—Divisional Forest Officer shall randomly verify the actual requirements of trees applied for before according sanction.

9. Jurisdiction and period for the use of Timber.—(1) Timber obtained in Timber Distribution scheme shall be utilised within the same Revenue Estate, where his rights exist. Trees granted under these rules shall be allowed to be carried within revenue estate without obtaining any permission after affixing of TD hammer:

Provided that in case the timber is to be carried out from one estate to another, the Right Holder shall have to obtain permission from the Range Officer concerned for this purpose:

(2) The timber granted shall be utilized by the Right Holder within a period of one year. If the trees granted are not utilized within the specified period, concerned Divisional Forest Officer may grant extension for their use based on the genuineness of the case. The Divisional Forest Officer shall ensure through his staff that the trees granted are used for the purpose for which they were sanctioned. In case Timber obtained is not utilized during the permissible period, the same may be seized/confiscated by the Forest Department and the decision taken by the Divisional Forest Officer in this regard shall be final.

10. Marking of trees.—After sanctioning of trees by the Divisional Forest Officer, they shall be marked by Block Officer.

11. Use of Saw for conversion.—Conversion of trees, marked in Timber Distribution, shall be converted by using saw.

12. Another tree in lieu of rotten tree.—If salvage trees marked in Timber Distribution are found totally rotten after conversion, the right holder may inform the Range Officer, who shall5382 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 personally check and certify and send report to the Divisional Forest Officer. Thereafter, another tree may be ordered by the Divisional Forest Officer to be marked in lieu of rotten tree.

13. Monitoring of data base and checking.—The data regarding details of right holders, information about land at two places by the right holders, tree/timber granted, utilized, etc. Shall be maintained and monitored Panchayat and Range wise by the Divisional Forest Officer concerned through the Officers and officials working under him.

14. Penalty and Punishment.—If any Right Holder, violates any provision of these Rules in utilization of timber obtained, his rights shall be suspended for next sixteen years and he shall also be liable to pay the cost of the tree at the market rate.

15. Repeal and savings.—(1) The Himachal Pradesh Forest (Timber Distribution to the Right Holders) Rules, 2010 are hereby repealed.

(2) Notwithstanding such repeal or any action taken or anything done under the rules so repealed shall be deemed to have been taken or done under the corresponding provisions of these rules.

___________

Annexure-I

PROFORMA FOR APPLICATION FOR GRANT OF TIMBER DISTRIBUTION

(see rule 7)

(Delete whichever is not applicable)

1. Name of Applicant. ________________________ 2. Occupation _____________________________ 3. Father's Name _____________________________ 4. No. of family members _______________________ 5. Is the applicant head of family _________________ 6. Village. _____________________________ 7. Post Office _____________________________ 8. Tehsil _____________________________ 9. District _____________________________ 10. Panchayat _____________________________ 11. Year in which Timber Distribution was earlier granted and quantity/ No. of trees granted. _____________________________

12. Purpose for which TD required__________________________ (whether for new construction, repair and addition or alteration of residential house/cow shed).

Species Volume in Cubic Meter Name of forest where right exists

(i) trees to meet the requirement for construction, repair and addition or alteration of residential house/cow shed are not available on my land;

(ii) I have not sold any tree from my land under the 10 year felling programme during the last 10 years;

5383 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

(iii) I have land holding at only one place/more than one place i.e. at ______________and at ________________________.

If land is at two places TD already granted against may be given. ____________________________________________________.

(iv) I am the original right holder and also the head of the family;

(v) I have not purchased land after obtaining the permission of the Government under Section 118 of the Tenancy and Land Reforms Act, 1972;

(vi) I understand that rights of Right Holders are subject to the active cooperation and participation of Right Holders in forest conservancy and I shall perform my duties for apprehending forest offenders, extinguishing fire etc; and

(vii) I shall not misuse the Timber obtained in TD and abide by the rules/instructions of the Forest Department in this regard.

(Signature of applicant ) Dated ____________ Name in block letters___________ Verification/report of Pradhan, Gram Panchayat

It is certified that Sh. ___________________ S/o Sh._______________________ is a permanent resident of village ___________ Mauza ________ and is head of the family as per Panchayat record. The requirement of trees of the applicant is genuine and he requires _______ Cubic Meter of timber for construction, repair and addition or alteration of his residential house/cow shed.

Date:___________________

Seal & Signature of Pradhan, Gram Panchayat

Report of Patwari

Certified that Sh.____________________S/o Sh.__________________ is a permanent resident of _______ Mauza__________. Applicant is owner of the cultivable land comprising Khasra number__________ measuring_______ and pays an amount of Rs.________ per annum as land Revenue and has recorded right to obtain trees in T.D. He is the head of the family.

Dated

Seal & Signature of Halqua Patwari

Report of Forest Guard:

(i) The applicant has not obtained trees/timber under Timber Distribution for construction, repair and addition or alteration of residential house/cow shed during last 15 years. The applicant has not obtained trees/timber under Timber Distribution for repair of residential house/cow shed for the last 5 years.

(ii) The applicant has not caused any loss/damage to forest wealth/encroached on forest land and no damage report/FIR/court case relating to any forest offence is pending against him.

5384 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

(iii) The requirement of timber is for __________________.

(iv) The applicant extends full cooperation in protection of the forest.

(v) The applicant may be sanctioned following trees:-

Species Class Number Volume Forest Salvage/Green

Signature of Forest Guard Date__________Beat____________Name of Forest Guard______________

Report of Block Officer (Deputy Ranger)

(i) Certified that the contents of the application and the certificates given by the beat Guard are correct;

(ii) I have inspected the site of construction, repair and addition or alteration of residential house/cow shed, where TD grant is proposed to be utilized and theapplicant may be granted following trees on spot.

Species Class Number Volume Forest Salvage/Green

which is available in salvage/silviculturally in ______________________ forest.

(iii) Applicant has not sold any trees from his land during the last ten years under 10 years felling programme.

Signature of Block Officer

Date:_________Block____________Name_________________

Report of Range Officer

The requirement of the applicant is genuine and he may be granted following trees

Species Class Number Volume Forest Salvage/Green

which are available in salvage/silviculturally in ____________Forest.

Date _________

Signature and Seal Name of Range Officer5385 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

Sanction by DFO

Following trees are sanctioned for construction, repair and addition or alteration of residential house/cow shed to Sh.___________________s/o Sh._________________of Village______, GP____________, Tehsil______, District___________

Species Class Number Volume Forest Salvage/Green

Date: _______

Signature and Seal of Divisional Forest Officer Forest Division________

__________

Annexure-II

(see rule 7)

No. Forest Department Himachal Pradesh

From

Divisional Forest Officer, _______Forest Division

To

Sh../Smt.________ Village_______ Post Office_______ Tehsil________ District_________ Dated __________

Subject:- Sanction of trees in TD

Dear Sir,/Madam,

Please refer to your application dated___________for TD for construction, repair and addition or alteration.

2. Your application for grant of ____________Cubic Meter timber of ________ species for construction, repair and addition or alteration of residential house/cow shed has been considered by the undersigned and following trees are hereby sanctioned in your favour:-

Species Class Number Volume Forest Salvage/Green
5386 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

3. that your TD application has been considered and rejected on the following grounds:-

(i) _________

(ii)___________

(iii)__________

Date: _______________

Yours faithfully, Signature and Seal of Divisional Forest Officer Endst. No. Dated

Copy forwarded to Range Officer ___________ for information and necessary action.

Signature and Seal of Divisional Forest Officer, _______Forest Division.

By order, TARUN SHRIDHAR, Principal Secretary (Forests).

__________

FOOD CIVIL SUPPLIES AND CONSUMER AFFAIRS DEPARTMENT

SIRMOUR DISTRICT, NAHAN

NOTIFICATION

Nahan,18th the December, 2013

No. FDS-34/690-3315-60.—In supersession of all previous notification and in exercise of the powers conferred upon me under Clause-3 (i) (e) of the H.P. Hoarding and Profiteering Prevention Order, 1977, I, Man Mohan Sharma, HAS, District Magistrate, Sirmour do hereby fix the retail prices including all taxes and other incidental charges in respect of the following essential commodities that may be charged by the dealers or a retailer in Sirmour district with immediate effect:—

Sl. No. of the Articles as per schedule-I of the said order Sl. No. Name of Articles Maximum Price inclusive of all taxes
12 1. Meat Goat/Bheda Per Kg. 240/-
2. Meat Pig Per Kg. 125/-
3. Broiler dressed Per Kg. 150/-
4. Chicken dressed Per Kg. 120/-
5. Broiler alive Per Kg. 120/-
6. Fish Fried Per Kg. 150/-
7. Fish un-fried Per Kg. 100/-
8. Chicken alive Per Kg. 90/-
17 9. Full diet (Rice, Chapatti with Dal and Vegitable) 40/-
10. Chapati Tandoori per Chapati. 4/-
11. Chapati Tawa per Chapati 4/-
12. Stuffed Prauntha per prauntha. 12/-
13. Three poori with chana per plate. 25/-
14. Rice permal (200 Gms.) per plate. 12/-
15. Dal Fried per plate. 20/-
16. Vegitable special per plate. 30/-
17. Palak Paneer/Mutter paneer per plate. 40/-
18. Meat plate with 5 pieces weighing 200 Gms. 70/-
19. Chicken curry per plate. –do- 60/-
20. Dahi/Raita per plate. 12/-
18 21. Milk Per Liter. 30/-
22. Dahi Per Kg. 40/-
23. Paneer Per Kg. 200/-
20 24. All Cold Drinks. On printed rates
5387 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

NOTE:—Every dealer/shopkeeper will issue cash memo to each consumer and keep duplicate copy of the same for inspection purpose.

The dealer/shopkeeper shall display the price list of these commodities at the entrance of the business premises which will be signed and dated by the Owner/Partner/Manager.

This notification shall be valid for a period of one month from the date of publication in the official Gazette.

Sd/-

District Magistrate,

Sirmour at Nahan (H. P.).

_________

ब अदालत श्री डी0 सी0 ठाकुर, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश श्री शम्भू राम पुत्र श्री दुर्गा दास, निवासी गांव व डाकघर खोपा, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र जेरे धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री शम्भू राम पुत्र श्री दुर्गा दास, निवासी गांव व डाकघर खोपा, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसके पुत्र सतीश कुमार का जन्म दिनांक 1-11-1982 को महाल खोपा में हुआ है परन्तु इस बारे पंचायत के रिकॉर्ड में पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं।

अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 27-1-2014 को सुबह 10.00 बजे इस 5388 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त जन्म का पंजीकरण करने के आदेश दे दिये जाएंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा।

आज दिनांक 16-12-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।

मोहर।

डी0 सी0 ठाकुर, कार्यकारी दण्डाधिकारी,

बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

------- ब अदालत श्री देवी सिंह ठाकुर, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश श्री सनी कुमार पुत्र श्री अमर सिंह, निवासी गांव वावल, डाकघर मझोटी, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र जेरे धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री सनी कुमार पुत्र श्री अमर सिंह, निवासी गांव वावल, डाकघर मझोटी, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसके पिता श्री अमर सिंह की मृत्यु दिनांक 21-6-1989 को महाल हाल वावल में हुई है परन्तु इस बारे पंचायत के रिकॉर्ड में पंजीकरण नहीं करवाई जा सकी है। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं।

अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 27-1-2014 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त मृत्यु का पंजीकरण करने के आदेश दे दिये जाएंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा।

आज दिनांक 16-12-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।

मोहर।

डी0 सी0 ठाकुर, कार्यकारी दण्डाधिकारी,

बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

--------

OFFICE OF THE DEPUTY COMMISSIONER, KULLU

NOTICE

Kullu, the 12th December, 2013

No. 2009-14/R-DC.—The following Advocates have applied for appointment as Public Notary for Kullu Sub-Division in District Kullu. Any person who has any objection against their appointment as Public Notary in Kullu, Sub-Division of Kullu District can file his objection before the undersigned within fourteen days of the issuance/publication of this notice:—

1. Shri Bhupkeshwar Sharma 2. Shri Ravinder Singh Rana 3. Shri Anil Nayyar

Sd/-

Deputy Commissioner,

Kullu (H. P.).

5389 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

ब अदालत श्री मनोहर लाल, नायब-तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी सैंज, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश

श्री हरी सिंह पुत्र श्री खीमी राम, निवासी गांव पाशी, फाटी रैला, कोठी भलाण, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.--परिवार पंजी, ग्राम पंचायत रैला में नाम दरुस्ती करने बारे।

श्री हरी सिंह पुत्र श्री खीमी राम, निवासी गांव पाशी, फाटी रैला, कोठी भलाण, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश ने सशपथ प्रार्थना-पत्र इस अदालत में पेश किया है कि उसका नाम परिवार पंजी, ग्राम पंचायत रैला के रिकॉर्ड में गलती से चुनी लाल पुत्र श्री खीमी राम दर्शाया गया है। अतः दरुस्त किया जाए।

अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को इस बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 12-1-2014 को असालतन व वकालतन प्रातः 10.00 बजे हाजिर हो कर अपना एतराज पेश कर सकता है। निर्धारित अवधि के पश्चात्‌ कोई उजर व एतराज प्राप्त न होने पर प्रार्थना-पत्र स्वीकार किया जाकर परिवार पंजी ग्राम पंचायत रैला के रिकॉर्ड में चुनी लाल पुत्र श्री खीमी राम के बजाए चुनी लाल उर्फ हरी सिंह पुत्र श्री खीमी राम दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 12-12-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर। मनोहर लाल,

नायब-तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

-------

ब अदालत श्री मनोहर लाल, नायब-तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, सैंज, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश

श्री परस राम पुत्र श्री कली राम, निवासी गांव केउली, डा0 रोपा, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.--कागजात माल में नाम दरुस्ती करने बारे।

श्री परस राम पुत्र श्री कली राम, निवासी गांव केउली, डा0 रोपा, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश ने सशपथ प्रार्थना-पत्र इस अदालत में पेश किया है कि उसका अपना नाम राजस्व रिकॉर्ड फाटी व कोठी शैंशर में गलती से जय सिंह दर्शाया गया है। अतः दरुस्त किया जाए।

अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को इस बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 12-1-2014 को असालतन व वकालतन प्रातः 10.00 बजे हाजिर होकर अपना 5390 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 एतराज पेश कर सकता है। निर्धारित अवधि के पश्चात्‌ कोई उजर व एतराज प्राप्त न होने पर प्रार्थना-पत्र स्वीकार किया जाकर राजस्व रिकॉर्ड में जय सिंह पुत्र श्री कली राम के बजाए जय सिंह उर्फ परस राम पुत्र श्री कली राम दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 12-12-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर। मनोहर लाल,

नायब-तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

-------

ब अदालत श्री मनोहर लाल, नायब-तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी सैंज, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश

श्रीमती तारा देवी पत्नी श्री उत्तम सिंह, निवासी गांव व डा0 शलवाड़, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.--परिवार पंजी, ग्राम पंचायत कनौण में नाम दरुस्ती करने बारे।

श्रीमती तारा देवी पत्नी श्री उत्तम सिंह, निवासी गांव व डा0 शलवाड़, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश ने सशपथ प्रार्थना-पत्र इस अदालत में पेश किया है कि उसकी पुत्री का नाम परिवार पंजी, ग्राम पंचायत कनौण के रिकॉर्ड में गलती से शालू देवी पुत्री श्री उत्तम सिंह दर्शाया गया है। अतः दरुस्त किया जाए।

अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को इस बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 12-1-2014 को असालतन व वकालतन प्रातः 10.00 बजे हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। निर्धारित अवधि के पश्चात्‌ कोई उजर व एतराज प्राप्त न होने पर प्रार्थना-पत्र स्वीकार किया जाकर परिवार पंजी ग्राम पंचायत कनौण के रिकॉर्ड में इसकी पुत्री का नाम शालू देवी पुत्री श्री उत्तम सिंह के बजाए शालू देवी उर्फ अंजू कुमारी पुत्री श्री उत्तम सिंह दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 12-12-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर। मनोहर लाल,

नायब-तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री मनोहर लाल, कार्यकारी दण्डाधिकारी सैंज, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश श्री गोविन्द राम पुत्र श्री तेजा सिंह, साकन गांव पातल, डा0 कनौण, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

5391 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री गोविन्द राम पुत्र श्री तेजा सिंह, साकन गांव पातल, डा0 कनौण, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में आवेदन-पत्र गुजारा है कि उनकी पुत्री मोनिका ठाकुर का जन्म दिनांक 22-3-2010 को हुआ है परन्तु अज्ञानतावश उसकी जन्म तिथि ग्राम पंचायत कनौण, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करा सका।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे किसी को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 12-1-2014 को असालतन या वकालतन प्रातः 11.00 बजे हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। निर्धारित अवधि के पश्चात्‌ कोई उजर व एतराज प्राप्त न होने पर प्रार्थना-पत्र श्री गोविन्द राम पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

आज दिनांक 12-12-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। मनोहर लाल,

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

------- ब अदालत श्री श्रवण मान्टा (एच0ए0एस0), उप-मण्डल दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री जगदीप सिंह पुत्र श्री मेहर सिंह, गांव शाईला (Shailla), डा0 पहराल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

1. आम जनता, 2. सचिव ग्राम पंचायत, 3. कार्यकारी अधिकारी नगरपालिका।

विषय.--प्रार्थना-पत्र जेर धारा 8 (4) के अन्तर्गत विवाह के पंजीकरण बारे।

श्री जगदीप सिंह पुत्र श्री मेहर सिंह, गांव शाईला (Shailla), डा0 पहराल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश ने प्रार्थना-पत्र मय हल्फिया ब्यान इस आशय से गुजारा है कि उसकी शादी श्रीमती नन्दिनी कंवर पुत्री श्री देवेन्द्र सिंह कंवर, निवासी गांव भेहडेवाला, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश के साथ दिनांक 25-11-2013 को हुई है परन्तु गलती के कारण उसने शादी का पंजीकरण नहीं करवाया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि प्रार्थी की शादी के पंजीकरण बारे यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 3-1-2014 से पूर्व असालतन या वकालतन इस अदालत में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज पेश कर सकता/सकती है। हाजिर न आने की सूरत में नियमानुसार शादी पंजीकरण के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 2-12-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। श्रवण मान्टा, उप-मण्डल दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।5392 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 ब अदालत सहायक समाहर्ता (द्वितीय श्रेणी), उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ब मुकद्दमा :

श्री जगत राम पुत्र श्री खेम सिंह, निवासी गांव खेरी चैंगन, उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र दरुस्ती जन्म तिथि।

श्री जगत राम पुत्र श्री खेम सिंह, निवासी गांव खेरी चैंगन, उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसकी बहन शकुन्तला देवी की जन्म तिथि 29-4-1960 ग्राम पंचायत कटाह शीतला के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। जिसकी पुष्टि हेतु ब्यान हल्फिया, परिवार रजिस्टर की नकल, सचिव ग्राम पंचायत का प्रमाण-पत्र तथा जिला रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नाहन, जिला सिरमौर की संस्तुति सहित प्रस्तुत किया है कि वह पंचायत रिकॉर्ड में अपनी बहन शकुन्तला देवी की जन्म तिथि 29-4-1960 दर्ज करवाना चाहता है।

अतः इस नोटिस द्वारा समस्त जनता, गांव खैरी चैंगन व प्रार्थी के समस्त रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को प्रार्थी की बहन की उक्त जन्म तिथि ग्राम पंचायत कटाह शीतला, उप-तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश में दर्ज करने बारे उजर व एतराज हो तो वह इस अदालत में असालतन या वकालतन हाजिर होकर उजर/एतराज पेश कर सकता/सकती है। राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से एक माह के अन्दर कोई आपत्ति न होने की सूरत में प्रार्थना-पत्र श्री जगत राम पर नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

आज दिनांक........................................को मेरे हस्ताक्षर व कार्यालय मोहर द्वारा जारी किया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता (द्वितीय श्रेणी), ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री श्रवण मान्टा (एच0ए0एस0), उप-मण्डल दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री अजय सिंह पुत्र श्री जीत बहादुर सिंह, निवासी मकान नं0 1, शाह विज्ञान नगर, कोटा, तहसील लाडपुर, जिला कोटा (राजस्थान)।

बनाम

1. आम जनता, 2. सचिव ग्राम पंचायत, 3. कार्यकारी अधिकारी नगरपालिका।

विषय.—प्रार्थना-पत्र जेर धारा 8(4) के अन्तर्गत विवाह के पंजीकरण बारे।5393 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 श्री अजय सिंह पुत्र श्री जीत बहादुर सिंह, निवासी मकान नं0 1, शाह विज्ञान नगर, कोटा, तहसील लाडपुर, जिला कोटा (राजस्थान) ने प्रार्थना-पत्र मय हल्फिया ब्यान इस आशय से गुजारा है कि उसकी शादी श्रीमती सुषमा पुत्री श्री रंगी लाल, निवासी गांव व डाकखाना सतौन, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश के साथ दिनांक 22-3-2010 को हुई है परन्तु गलती के कारण उसने शादी का पंजीकरण नहीं करवाया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि प्रार्थी की शादी के पंजीकरण बारे यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 18-1-2014 से पूर्व असालतन या वकालतन इस अदालत में हाजिर आकर अपने उजर/एतराज पेश कर सकता/सकती है। हाजिर न आने की सूरत में नियमानुसार शादी पंजीकरण के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 17-12-2013 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। श्रवण मान्टा, उप-मण्डल दण्डाधिकारी,

पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

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बहुउद्‌्‌देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला, 27 दिसम्बर, 2013

संख्या विद्युत-छ-(5)-59/2013.--यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतू नामतः ग्राम रिवाली, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला, हि0 प्र0, में लूहरी जल विद्युत परियोजना के लिए क्षेपण सुविधा के उद्देश्य के लिए भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है को उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी ऐसा हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन करने पर कोई आपत्ति हो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर लिखित रुप में भू-अर्जन समाहर्ता, 5394 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, लूहरी जल विद्युत परियोजना, स्थित विथल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला, हि0प्र0 के समक्ष आपत्ति दायर कर सकता है।

विवरणी

जिला तहसील ग्राम खसरा नं0 रकवा (है0) में शिमला कुमारसैन रिवाली

125 0-15-62 79 0-33-19 81 0-06-34 97 0-19-28 85 0-21-41 90 0-01-20 91 0-01-46 92 0-01-08 94/2 0-30-03 82/1 0-06-76 95 0-09-00 82 0-07-74 96 0-09-69 83 0-16-99 124 0-22-77 101 0-01-41 102 0-24-96 131/2 0-05-54 98 0-18-08 111 0-20-91 122 0-03-15 123 0-06-79 128 0-04-20 129 0-20-52 126 0-22-48 127 0-04-20 105 0-19-31 106 0-35-36 114 0-10-91 112 0-10-98 113 0-01-88 108 0-13-33 121 0-10-58 119 0-23-58 88 0-01-20 89 0-02-79 104 0-20-77 86 0-16-77 87 0-28-28 120 0-30-90 116 0-00-725395 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 117 0-39-67 118 0-06-65 109 0-32-69 110 0-34-25 100 0-25-66 103 0-13-50 184/1 0-00-62 182/1 0-00-51 177/1 0-00-50 178/1 0-00-92 180 0-26-09

कित्ता - 52 07-43-22 है0

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (विद्युत)।

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बहुउद्‌्‌देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला, 27 दिसम्बर, 2013

संख्या विद्युत-छ-(5)-56/2013.--यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः सोईधार, तहसील आनी, जिला कुल्लू, हि0 प्र0, में लूहरी जल विद्युत परियोजना के लिए कार्य सुविधा व कलौनी की सुविधा के उद्देश्य के लिए भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है को उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी ऐसा हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन करने पर कोई आपत्ति हो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर लिखित रुप में भू-अर्जन समाहर्ता, 5396 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 दिसम्बर, 2013/7 पौष, 1935 सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, लूहरी जल विद्युत परियोजना, स्थित बिथल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला, हि0 प्र0 के समक्ष आपत्ति दायर कर सकता है।

विवरणी

जिला तहसील ग्राम खसरा नं0 रकवा(बीघा) में कुल्लू आनी सोईधार 2997 03-06-00 2998 01-06-00 2999 00-05-00 3000 01-18-00 3001 00-13-00 3002 03-13-00 3003 01-06-00 3004 01-09-00 3006 00-14-00 कित्ता-10 15-08-00बीघा

आदेश द्वारा,

हस्ताक्षरित/-

प्रधान सचिव (विद्युत)। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 28 December 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2013-12-28.209_gazette_2013-12_28_2013/. Archive identifier in.gazette.himachal.2013-12-28.209_gazette_2013-12_28_2013.