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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 128, 20 September 2014

Published 20 September 2014

Gazette no.
128
Gazetteid
128/GAZETTE/2014-20/09/2014
Identifier
in.gazette.himachal.2014-09-20.128_gazette_2014-9_20_2014
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला, शनिवार, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936

हिमाचल प्रदेश सरकार

ग्रामीण विकास विभााग

अधिसूचना

शिमला-9, 6 सितम्बर, 2014

सं0आर0ड़ी0ड़ी0ए0ए0(बी)2-2/2013--हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल लोक सेवा आयोग के परामर्श से, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग में संयुक्त निदेशक, वर्ग-I (राजपत्रित) के पद के लिए इस अधिसूचना से संलग्न उपाबन्ध-'क' के अनुसार भर्ती और प्रोन्नति नियम बनाती है अर्थात्‌ः--

128-राजपत्र/2014-20-9-2014 (3325) 3326 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग, संयुक्त निदेशक, वर्ग-I (राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2014 है।

(2) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे। आदेश द्वारा, (उपमा चौधरी), अतिरिक्त प्रधान सचिव (ग्रामीण विकास)।

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उपाबन्ध 'क' हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग, संयुक्त निदेशक वर्ग-I (राजपत्रित) के पद के लिए भर्ती और प्रोन्नति नियम

1. पद का नाम.--संयुक्त निदेशक

2. पद (पदों) की संख्या.--01 (एक)

3. वर्गीकरण.--वर्ग-I (राजपत्रित)

4. वेतनमान.--पै बैंड रु0 15600-39100 रुपए +7800/रुपए ग्रेड़ पे

5. चयन पद अथवा अचयन पद.--चयन

6. सीधी भर्ती के लिये आयु.--लागू नही

7. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्ति(याेंं) के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और अन्य अर्हताएं.--(क) अनिवार्य अर्हता(एं).--लागू नही

(ख) वांछनीय अर्हता (एं).--लागू नही

8. सीधे भर्ती किऐ जाने वाले व्यक्ति (याेंं) के लिये विहित आयु और शैिक्षक अर्हताएं प्रोन्नत व्यक्ति (याेंं) की दशा में लागू हाेंगी या नही.-- आयुः लागू नहीं।

शैक्षिक अर्हताएं.--लागू नहीं

9. परीवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो.--दो वर्ष, जिसका एक वर्ष से अनधिक ऐसी और अवधि के लिए विस्तार किया जा सकेगा, जैसा सक्षम प्राधिकारी विशेष परिस्थितियों में और लिखित कारणों से आदेश देंं।

10. भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति या सैकण्डमैंट या स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता.--शतप्रतिशत प्रोन्नति द्वारा, ऐसा न होने पर सैकेण्ड़मैंट आधार पर।

11. प्रोन्नति, सैकण्डमैंट या स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां, जिनसे प्रोन्नति/सैकण्डमैंट/ स्थानान्तरण किया जाएगा.--''उप निदेशकों में से प्रोन्नति द्वारा, जिनका तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल हो,3327 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 ऐसा न होने पर उप निदेशकों में से प्रोन्नति द्वारा, जिनका उप निदेशक-एवं-खण्ड विकास अधिकारी के रूप में संयुक्ततः सात वर्ष का नियमित सेवाकाल हो या की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके सात वर्ष का नियमित सेवाकाल हो जिसमें उप निदेशक के रूप में दो वर्ष की अनिवार्य सेवा भी सम्मिलित होगी; दोंनो के न होने पर, हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा काडर के अधिकारियाेंं में से सैकण्डमैंट आधार पर।''

क(1) परन्तु प्रोन्नति के प्रयोजन के लिए प्रत्येक कर्मचारी को, जनजातीय/दुर्गम, क्षेत्रों में, पद (पदों) की ऐसे क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या की उपलब्धता के अध्यधीन, कम से कम एक कार्यकाल तक सेवा करनी होगी;

परन्तु यह और कि उपर्युक्त परन्तुक (1) उन कर्मचारियों के मामले में लागू नही होगा जिनकी अधिवर्षिता के लिए पांच वर्ष या उससे कम की सेवा शेष रही हो;

परन्तु यह और भी कि उन अधिकारियों/कर्मचारियों को, जिन्होने जनजातीय/दुर्गम क्षेत्र में कम से कम एक कार्यकाल तक सेवा नही की है, ऐसे क्षेत्रों में उसके संवर्ग (काडर) में सर्वथा वरिष्ठता के अनुसार स्थानान्तरित किया जायगा ।

स्पष्टीकरण.--I. उपर्युक्त परन्तुक (I) के प्रयोजन के लिए जनजातीय/दुर्गम क्षेत्रों में (कार्यकाल) से साधारणतया तीन वर्ष की अवधि या प्रशासनिक अपेक्षाओं और कर्मचारी द्वारा किए गए कार्य को ध्यान में रखते हुए, ऐसे क्षेत्रों में तैनाती की इससे कम अवधि अभिप्रेत होगी ।

स्पष्टीकरण.--II. उपर्युक्त परन्तुक (I) के प्रयोजन के लिए जनजातीय/दुर्गम क्षेत्र निम्न प्रकार से होंगेः--

1. जिला लाहौल एवं स्पिति ।

2. चम्बा जिला का पांगी और भरमौर उप मण्डल ।

3. रोहडू उप मण्डल का डोडरा क्वार क्षे़त्र ।

4. जिला शिमला की रामपुर तहसील का पन्द्रह बीस परगना मुनीष, दरकाली और ग्राम पंचायत काशापाट ।

5. कुल्लू जिला का पन्द्रह बीस परगना ।

6. कांगडा जिला के बैजनाथ उप मण्डल का बडा भंगाल क्षेत्र ।

7. जिला किन्नौर ।

8. सिरमौर जिला में उप तहसील कमरउ के काठवाड और कोरगा पटवार वृत, रेणुकाजी तहसील के भलाड-भलौना और सांगना पटवार वृत और शिलाई तहसील का कोटा पाव पटवार वृत । 9. मण्डी जिला में करसोग तहसील का खन्योल-बगडा पटवार वृत, बाली चौकी उप तहसील के गाडा गोसाई, मठयानी, घनयाड, थाची, बागी, सोमगाड और खोलानाल, पधर तहसील के झारवाड, कुटगढ, ग्रामन, देवगढ, टै्रला, रोपा, कथोग, सिल्ह-भडवानी, हस्तपुर, घमरेड और भटेढ पटवार वृत, थुनाग तहसील के चियूणी, कालीपार, मानगढ, थाच-बगडा, उत्तरी मगरू और दक्षिणी मगरू पटवार वृत और सुन्दरनगर तहसील का बटवाडा पटवार वृत । (1) प्रोन्नति के सभी मामलो में पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, प्रोन्नति के लिए इन नियमों में यथाविहित सेवाकाल के लिए, इस शर्त के 3328 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 अधीन रहते हुए गणना में ली जायगी, कि सम्भरक (पोषक) प्रवर्ग में तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति, भर्ती प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार चयन की उचित स्वीकार्य प्रक्रिया को अपनाने के पश्चात्‌ की गई थी;

परन्तु उन सभी मामलो में, जिनमें कोई कनिष्ठ व्यक्ति सम्भरक (पोषक) पद में अपने कुल सेवाकाल (तदर्थ आधार पर की गई तदर्थ सेवा सहित, जो नियमित सेवा/नियुक्ति के अनुसरण में हो) के आधार पर उपर्युक्त निर्दिष्ट उपबन्धों के कारण विचार किए जाने का पात्र हो जाता है, वहां अपने-अपने प्रवर्ग/पद/ काडर में उससे वरिष्ठ सभी व्यक्ति विचार किए जाने के पात्र समझे जाएगें और विचार करते समय कनिष्ठ व्यक्ति से ऊपर रखे जाएगें;

परन्तु यह और कि उन सभी पदधारियोें की, जिनका प्रोन्नति के लिए विचार किया जाना है, कम से कम तीन वर्ष की न्यूनतम अर्हता सेवा या पद के भर्ती और प्रोन्नति नियमोें मेें विहित सेवा, जो भी कम हो, होगी;

परन्तु यह और भी कि जहां कोई व्यक्ति पूर्वगामी परन्तुक की अपेक्षाओं के कारण प्रोन्नति किए जाने सम्बन्धी विचार के लिए अपात्र हो जाता है, वहां उससे कनिष्ठ व्यक्ति भी ऐसी प्रोन्नति के विचार के लिए अपात्र समझा जायेगा/समझे जाएंगें।

स्पष्टीकरण.--अंतिम परन्तुक के अन्तर्गत कनिष्ठ पदधारी प्रोन्नति के लिए अपात्र नही समझा जाएगा यदि वरिष्ठ अपात्र व्यक्ति भूतपूर्व सैनिक हैए जिसे डिमोबलाइज्ड आमर्ड फोर्सिज परसोनल (रिजर्वेशन आफ वैकेनसीज इन हिमाचल स्टेट नॉन टैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1972 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया है और इनके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों या जिसे एक्स सर्वीसमैन (रिजर्वेशन आफ वैकेनसीज इन दी हिमाचल प्रदेश टैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1985 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया हो और इनके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों ।

(2) इसी प्रकारए स्थाईकरण के सभी मामलों मे ऐसे पद पर नियमित नियुक्ति.......................................से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद पर की गई लगातार तदर्थ सेवाए यदि कोई होए सेवाकाल के लिए गणना मे ली जाएगीए यदि तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नतिए उचित चयन के पश्चात्‌ और भर्ती और प्रोन्नति नियमोंं के उपबन्धों के अनुसार की गई थी ।

परन्तु की गई उपर्युक्त निर्दिष्ट तदर्थ सेवा को गणना में लेने के पश्चात्‌ जो स्थाईकरण होगा, उसके फलस्वरूप पारस्परिक वरीयता अपरिवर्तित रहेगी।

12. यदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्यमान हो तो उसकी संरचना क्या है ?.--जैसा सरकार द्वारा समय-समय पर गठित की जाए।

13. भर्ती करने के जिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा.--जैसा कि विधि द्वारा आपेक्षित हो।

14. सीधी भर्ती के लिये अनिवार्य अपेक्षा.--लागू नही ।

15. सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.--लागू नही ।

16. आरक्षण.--उक्त सेवा में नियुक्ति, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जन जातियों/अन्य पिछड़ें वर्गों/अन्य प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिऐ सेवाओं में आरक्षण की बाबत जारी किऐ गए अनुदेशों के अधीन होगी''।

17. विभागीय परीक्षा.--सेवा में प्रत्येक सदस्य को समय-समय पर यथा संशोधित हिमाचल प्रदेश विभागीय परीक्षा नियम, 1997 में यथा विहित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।3329 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 18. शिथिल करने की शक्ति.--जहां राज्य सरकार की यह राय हो कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है वहां यह कारणों को लिखित मेें अभिलिखित करके और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श सेए आदेश द्वाराए इन नियमों के किन्ही उपबन्ध (उपबन्धों) को किसी वर्ग या व्यक्ति(यों) के प्रवर्ग या पद या (पदों) की बाबत शिथिल कर सकेगी।

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[Authoritative English Text of Government Notification No.RDD-AA(B)2-2/2013 dated as required

under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India.]

RURAL DEVELOPMENT DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-9, the 6th September, 2014

No. RDD-AA(B) 2-2/2013.—In exercise of the powers conferred by proviso to article 309 of the Constitution of India, the Governor, Himachal Pradesh, in consultation with the Himachal Pradesh Public Service Commission, is pleased to make the Recruitment and Promotion Rules for the post of Joint Director Class-I, (Gazetted) in Rural Development Department, Himachal Pradesh as per Annexure-'A' attached to this notification namely:—

1. Short title and Commencement.—(I) These rules may be called the Himachal Pradesh Rural Development Department, Joint Director, Class-I (Gazetted) Recruitment and Promotion Rules, 2014.

(II) These rules shall come in to force from the date of publication in Rajpatra, Himachal Pradesh.

By order, (UPMA CHAWDHRY), Additional Chief Secretary (RD).

___________

"ANNEXURE-A" RECRUITMENT AND PROMOTION RULES FOR THE POST OF JOINT DIRECTOR, CLASS-I (GAZETTED) IN THE DEPARTMENT OF RURAL DEVELOPMENT, HIMACHAL PRADESH.

1. Name of the Post.—Joint Director

2. Number of post(s).—01(One)

3. Classification.—Class-I(Gazetted)

4. Scale of Pay.—Pay Band Rs.15600 – 39100 + Rs.7800 Grade Pay

5. Whether "Selection" post or "Non-Selection" post.—Selection.

6. Age for direct recruitment.—Not applicable.

3330 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936

7. Minimum Educational and other qualifications required for direct recruit(s).— (a) Essential Qualification(s):—Not applicable

(b) Desirable Qualification(s).—Not applicable

8. Whether age and educational qualification(s) prescribed for direct recruit(s) will

apply in the case of the promote(s).—Age: Not applicable.

Educational qualifications: Not applicable

9. Period of probation, if any.—Two years subject to such further extension for a period not exceeding one year as may be ordered by the competent authority in special circumstances and reasons to be recorded in writing.

10. Method(s) of recruitment whether by direct recruitment or by promotion, secondment, transfer and the percentage of post(s) to be filled in by various methods.—100% by promotion failing which on secondment basis.

11. In case of recruitment by promotions, secondment, transfer grade from which promotion/secondment/ transfer is to be made.—"By promotion from amongst the Deputy Directors, possessing three years regular service or regular combined with continuous adhoc service, if any, in the grade, failing which by promotion from amongst the Deputy Directors psssessing seven years regular service or regular combined with continuous adhoc service, if any, combined as Deputy Director & Block Development Officer which shall also include two years essential service as Deputy Director failing both on secondment basis from amongst the officer of the Himachal Pradesh Administrative Service cadre".

A(1) Provided that for the purpose of promotion every employee shall have to serve at least one term in the Tribal/Difficult areas subject to adequate number of post(s) available in such areas;

Provided further that the proviso (I) supra shall not be applicable in the case of those employees who have five years or less service, left for superannuation.

Provided further that Officers/ Officials who have not served at least one tenure in Tribal/Difficult area shall be transferred to such area strictly in accordance with his/her seniority in the respective cadre.

Explanation.—I. For the purpose of proviso I supra the "term" in Tribal/Difficult areas" shall mean normally three years or less period of posting in such areas keeping in view the administrative requirements and performance of the employee.

Explanation.—II. For the purpose of proviso (I) spura the Tribal/Difficult/Areas shall be as under:—

1. District Lahaual & Spiti.

2. Pangi and Bharmour Sub Division of Chamba District.

3. Dodra Kawar Area of Rohru Sub-Division.

4. Pandrah Bis Pargana, Munish Darkali and Gram Panchayat Kashapat, Gram Panchayats of Rampur Tehsil or District Shimla.

5. Pandrah Bis Pargana of Kullu District.

3331 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936

6. Bara Bhangal Areas of Baijnath Sub Division of Kangra District.

7. District Kinnaur.

8. Kathwar and korga Patwar Circles of Kamrau Sub Tehsil, Bhaladh Bhalona and Sangna Patwar Circles of Renukaji Tehsil and Kota Pab Patwar Circle of Shillai Tehsil, in Sirmour District.

9. Khanyol-Bagra Patware Circle of Karsog Tehsil, Gada-Gussaini, Mathyani, Ghanyar, Thachi, Baggi, Somgar and Kholanal of Bali-Chowki Sub Tehsil, Jharwar, Kutgarh, Graman, Devgarh, Trailla, Ropa, Kathog, Silh-Badhwani, Haspur, Ghamerehar and Bhatehar Patwar Circle of Padhar Tehsil, Chiuni, Kalipar, Mangarh, Thach-Bagra, North Magru and South Magru Patwar Circles of Thunag Tehsil and Batwara Patwar Circle of Sunder Nagar Tehsil in Mandi District.

(1) In all cases of promotion, the continuous adhoc service rendered in the feeder post, if any, prior to regular appointment to the post shall be taken into account towards the length of service as prescribed in these Rules for promotion subject to the condition that the adhoc appointment/promotion in the feeder category had been made after following proper acceptable process of selection in accordance with the provisions of R & P Rule:

Provided that in all cases where a junior person becomes eligible for consideration by virtue of his/her total length of service (including the service rendered on adhoc basis followed by regular service/appointment) in the feeder post in view of the provisions referred to above, all person senior to him/her in the respective category/post/cadre shall be deemed to be eligible for consideration and placed above the junior person in the field of consideration:

Provided that in all incumbents to be considered for promotion shall possess the minimum qualifying service of at least 03(three) years or that prescribed in the R&P Rules for the Post, whichever is less :

Provided further that where a junior person becomes in eligible to be considered for promotion on account of the requirements of the preceding proviso, the person(s) junior to him/her shall also be deemed to be ineligible for consideration for such promotion.

Explanation.—The last proviso shall not render the junior incumbents ineligible for consideration for promotion if the senior ineligible persons happened to be ex-servicemen recruited under the provisions of Rules-3 of the Demobilized Armed Forces Personnel(Reservation of Vacancies in Himachal State Non-Technical Services) Rules, 1972 and having been given the benefit of seniority there-under or recruited under the provisions of Rules-3 of the Ex-Servicemen (Reservation of Vacancies in the Himachal Pradesh Technical services) Rules, 1985 and having been given the benefit of seniority there under.

(2) Similarly, in all cases of confirmation, adhoc service rendered in the feeder post, if any, prior to the regular appointment against such post shall be taken into account towards the length of service, if the adhoc appointment/ promotion had been made after proper selection and in accordance with the provision of Recruitment and Promotion Rules:

Provided that inter-se-seniority as a result of confirmation after taking into account, adhoc service rendered as referred to above, shall remain unchanged.

12. If a Departmental Promotion Committee exists, what is its composition?.—As may be constituted by the Government from time to time.

3332 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936

13. Circumstances under which the Himachal Pradesh Public Service Commission is

to be consulted in making recruitment.—As required under the law.

14. Essential requirement for direct recruitment.—Not applicable.

15. Selection for appointment to post by direct recruitment.—Not applicable.

16. Reservation.—"The appointment to the service shall be subject to orders regarding reservation in the service for scheduled castes/ Scheduled Tribes/ Other Backward Classes/ Other categories of persons issued by the Himachal Pradesh Government from time to time.

17. Departmental Examination.—Every member of the service shall pass a Departmental Examination as prescribed in the Himachal Pradesh Departmental Examination Rules, 1997 as amended from time to time.

18. Powers to Relax.—Where the State Government is of the opinion that it is necessary or expedient to do so, it may, by order for reasons to be recorded in writing and in consultation with the H.P. Public Service Commission, relax any of the provision(s) of these Rules with respect to any class or category of person(s) or post(s).

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विधि विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 19 सितम्बर, 2014

संख्याः एल0एल0आर0-डी0(6)-13/2014-लेज.--हिमाचल प्रदेश राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 (1) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 18-09-2014 को अनुमोदित हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2014 (2014 का अध्यादेश, संख्यांक 5) को संविधान के अनुच्छेद 348 (3) के अधीन उसके अंग्रेजी प्राधिकृत पाठ सहित हिमाचल प्रदेश ई-राजपत्र में प्रकारित करती हैं।

आदेश द्वारा,

चिराग भानू सिंह, प्रधान सचिव (विधि)।

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2014 का हिमाचल प्रदेश अध्यादेश संख्यांक 5 हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2014

भारत गणराज्य के पैंसठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित।

हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्यांक 4) का और संशोधन करने के लिए अध्यादेश।

हिमाचल प्रदेश विधान सभा सत्र में नहीं है और हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल का यह समाधान हो गया है कि ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं जिनके कारण उनके लिए तुरन्त कार्रवाई करना आवश्यक हो गया है;

3333 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936

अतः हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित अध्यादेश प्रख्यापित करती हैः-

1. संक्षिप्त नाम.--इस अध्यादेश का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2014 है।

2. धारा 2 का संशोधन.--हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ "मूल अधिनियम" कहा गया है) की धारा 2 में,--

(क) खण्ड (13) के पश्चात्‌ निम्नलिखित नया खण्ड (13-क) अन्तःस्थापित किया जाएगा और विद्यमान खण्ड (13-क) और (13-ख) को क्रमशः (13-ख) और (13-ग) के रूप में पुनः संख्यांकित किया जाएगा, अर्थात्‌ः--

''(13-क) ''मुख्य कार्यकारी अधिकारी'' से इस अधिनियम की धारा 134 के अधीन नियुक्त पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ का मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिप्रेत है;'';

(ख) खण्ड (27-क) में, ''ग्राम पंचायत द्वारा'' शब्दों के स्थान पर ''पंचायत द्वारा'' शब्द रखे जाएंगे। 3. धारा 134 का प्रतिस्थापन.--मूल अधिनियम की धारा 134 के स्थान पर निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ः--

''134.पंचायत समिति और जिला परिषद्‌ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सचिव की नियुक्ति.-(1) प्रत्येक पंचायत समिति में, खण्ड विकास अधिकारी इसका मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा और प्रत्येक जिला परिषद्‌ में, सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी इसका मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा तथा पंचायत निरीक्षक, पंचायत समिति का सचिव होगा और जिला पंचायत अधिकारी, जिला परिषद्‌ का सचिव होगा।

(2) इस अधिनियम द्वारा या इसके अधीन अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबन्धित के सिवाय, मुख्य कार्यकारी अधिकारी.--

(क) इस अधिनियम द्वारा या इसके अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन उसे विनिर्दिष्ट रूप से अधिरोपित या प्रदत्त सभी शक्तियों का प्रयोग करेगा;

(ख) सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार, यथास्थिति, पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ के अधिकारियों और कर्मचारियों का पर्यवेक्षण और नियन्त्रण करेगा;

(ग) सभी संकर्मांे के निष्पादन का पर्यवेक्षण और नियन्त्रण करेगा;

(घ) सभी संकर्मांे और विकासात्मक स्कीमों के शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक उपाय करेगा;

(ङ) पंचायत समिति और सम्बद्ध विभागों के खण्ड स्तर के कार्यालयों के बीच समन्वय स्थापित करेगा और, यथास्थिति, पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ के प्रस्तावों का समय के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करेगा;

(च) यथास्थिति, पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ की प्रत्येक बैठक में और उसकी किसी अन्य समिति की बैठक में उपस्थित रहेगा तथा विचार-विमर्श में भाग लेगा, किन्तु उसे कोई प्रस्ताव पेश करने या मत देने का अधिकार नहीं होगा; और

(छ) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग और ऐसे अन्य कृत्यों का निर्वहन करेगा, जैसे उसे पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ या राज्य सरकार द्वारा न्यस्त किए जाएं। 3334 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 (3) इस अधिनियम द्वारा या इसके अधीन अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबन्धित के सिवाय सचिव.-- (क) इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन उसे विनिर्दिष्ट रूप से अधिरोपित या प्रदत्त सभी शक्तियों का प्रयोग करेगा;

(ख) सभी संकर्मांे के निष्पादन का पर्यवेक्षण करेगा;

(ग) पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ तथा इसकी स्थायी समितियों और अन्य समितियों की बैठकों की कार्यवाहियों से सम्बन्धित सामान्य मुद्रा और समस्त कागज-पत्रों तथा दस्तावेजों की अभिरक्षा करेगा;

(घ) पंचायत की निधि में से धन का आहरण और संवितरण करेगा।

(ङ) पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ की प्रत्येक बैठक में और इसकी किसी अन्य समिति की बैठक में उपस्थित रहेगा तथा विचार-विमर्श में भाग लेगा, किन्तु उसे कोई प्रस्ताव पेश करने या मत देने का अधिकार नहीं होगा। यदि उसकी राय में पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ के समक्ष कोई प्रस्ताव इस अधिनियम या किसी अन्य विधि के उपबन्धों, तदधीन बनाए गए नियम या किए गए आदेश का अतिक्रमण करने वाला है या असंगत है, तो इसे पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ के ध्यान में लाने का उसका कर्त्तव्य होगा;

(च) पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ और इसकी समितियों की बैठकों की कार्यवाहियाँॅं अभिलिखित करेगा; और

(छ) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करेगा और ऐसे अन्य कृत्यों का निर्वहन करेगा, जो उसे समय-समय पर पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ द्वारा न्यस्त किए जाएं।

(4) प्रत्येक व्यक्ति, जिसके कब्जे में ग्राम पंचायत या पंचायत समिति या जिला परिषद्‌ का धन, लेखे, अभिलेख या अन्य सम्पत्ति है, उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिकारी को, इस प्रयोजन के लिए लिखित अध्यपेक्षा पर, उक्त अधिकारी या अध्यपेक्षा में उसके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति को तत्काल ऐसा धन सौंपेगा या ऐसे लेखों, अभिलेखों या अन्य सम्पत्ति को परिदत्त करेगा।''।

(उर्मिला सिंह), राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश।

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(चिराग भानू सिंह) प्रधान सचिव (विधि), हिमाचल प्रदेश सरकार।

शिमला

तारीखः 18-9-20143335 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936

AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT

H.P. Ordinance No. 5 of 2014

THE HIMACHAL PRADESH PANCHAYATI RAJ (SECOND AMENDMENT)

ORDINANCE, 2014

Promulgated by the Governor of Himachal Pradesh in the Sixty-fifth Year of the Republic of

India.

An Ordinance further to amend the Himachal Pradesh Panchayati Raj Act, 1994 (Act No. 4 of 1994).

WHEAREAS, the Legislative Assembly of Himachal Pradesh is not in session and the Governor of Himachal Pradesh is satisfied that the circumstances exists which render it necessary for her to take immediate action ;

NOW, THEREFORE, in exercise of the power conferred by clause (1) of article 213 of the Constitution of India, the Governor of Himachal Pradesh is pleased to promulgate the following Ordinance.—

1. Short title.—This Ordinance may be called the Himachal Pradesh Panchayati Raj (Second Amendment) Ordinance, 2014.

2. Amendment of section 2.—In section 2 of the Himachal Pradesh Panchayati Raj Act, 1994 (hereinafter referred to as the 'principal Act'),—

(a) after clause (13), the following new clause (13-A) shall be inserted and existing clauses (13-A) and (13-B) shall respectively be renumbered as (13-B) and (13-C), namely:—

"(13-A) "Chief Executive Officer" means Chief Executive Officer of Panchayat Samiti or Zila Parishad appointed under section 134 of this Act;";

(b) in clause (27-A), for the words "by the Gram Panchayat", the words "by the Panchayat" shall be substituted.

3. Substitution of section 134.—For section 134 of the principal Act, the following section shall be substituted, namely:—

"134. Appointment of Chief Executive Officer and Secretary of Panchayat Samiti and Zila Parishad.-(1) In every Panchayat Samiti, the Block Development Officer and in every Zila Parishad, the officer appointed by the Government shall be its Chief Executive Officer, and the Panchayat Inspector shall be the Secretary of Panchayat Samiti and the District Panchayat Officer shall be the Secretary of Zila Parishad.

(2) Save as otherwise expressly provided by or under this Act, the Chief Executive Officer shall.—

(a) exercise all the powers specifically imposed or conferred upon him by or under this Act or under any other law for the time being in force ;

(b) supervise and control officers and officials of the Panchayat Samiti or Zila Parishad, as the case may be, in accordance with the rules made by the Government ;

(c) supervise and control the execution of all works;

3336 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936

(d) take necessary measures for the speedy execution of all works and developmental schemes;

(e) co-ordinate between the Panchayat Samiti and block level offices of the concerned departments and shall ensure timely execution of resolutions of the Panchayat Samiti or of the Zila Parishad, as the case may be;

(f) attend every meeting of the Panchayat Samiti or the Zila Parishad, as the case may be, and the meeting of any other committee thereof and to take part in the discussion, but shall not have the right to move any resolution or to vote; and

(g) exercise such other powers and discharge such other functions as may be entrusted to him by the Panchayat Samiti or by the Zila Parishad or by the State Government. (3) Save as otherwise expressly provided by or under this Act, the Secretary shall.—

(a) exercise all the powers specifically imposed or conferred upon him by or under this Act or under any other law for the time being in force;

(b) supervise execution of all works;

(c) have custody of common seal and all papers and documents connected with the proceedings of the meetings of the Panchayat Samiti or the Zila Parishad and of its Standing Committees and other Committees;

(d) draw and disburse money out of the Panchayat fund;

(e) attend every meeting of the Panchayat Samiti or the Zila Parishad and the meeting of any other committee thereof and to take part in the discussion, but shall not have the right to move any resolution or to vote. If in his opinion any proposal before the Panchayat Samiti or the Zila Parishad is violative of or inconsistent with the provisions of this Act, or any other law, rule or order made thereunder, it shall be his duty to bring the same to the notice of the Panchayat Samiti or the Zila Parishad;

(f) record the proceedings of the meetings of Panchayat Samiti or the Zila Parishad and its committees ; and

(g) exercise such other powers and discharge such other functions as may be entrusted to him by the Panchayat Samiti or by the Zila Parishad from time to time.

(4) Every person in possession of moneys, accounts, records or other property pertaining to a Gram Panchayat or Panchayat Samiti or the Zila Parishad shall on the requisition for this purpose in writing of the Officer referred to in sub-section (1), forthwith hand over such moneys or deliver such accounts, records or other property to the said officer or the person authorized by him in the requisition to receive the same.".

(URMILA SINGH), Governor, Himachal Pradesh.

(CHIRAG BHANU SINGH) Pr. Secretary (Law), Government of Himachal Pradesh.

SHIMLA :

Dated: 18-9-20143337 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936

MEDICAL EDU. & RESEARCH DEPARTMENT

CORRIGENDUM

Shimla, the 20th September, 2014

No. HFW-B(A)3-7/2014.—Please read the name as Rajesh Thakur instead of "Rakesh Thakur" appearing in first/second line of this department notification of even number dated 4-9-2014.

By order, Sd/- Principal Secretary(Health).

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पंचायती राज विभाग

अधिसूचना

शिमला-171009, 2 मई, 2014

संख्याःपीसीएच-एचए(3)4/07-4087.92.--क्योंकि विभाग में, जिला कांगड़ा के विकास खण्ड कांगड़ा की ग्राम सभा समेला के मुख्यालय को स्थान समेला से बदलकर कसवाड़ा (समेला) में स्थापित करने हेतु प्रस्तावना विचाराधीन है;

अतः हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 (वर्ष 1994 का 4) की धारा 3 की उप-धारा (2) के खण्ड (ग) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला कांगड़ा के विकास खण्ड कांगड़ा की ग्राम सभा समेला के मुख्यालय को स्थान समेला से बदलकर कसवाड़ा (समेला) में स्थापित करने हेतु प्रस्ताव करती है और यथा अपेक्षित संबन्धित ग्राम सभा सदस्यों की जानकारी एवं सार्वजनिक आक्षेप आमंत्रित करने के लिए हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में प्रकाशित करने एवं जिला कांगड़ा के उपायुक्त को, उक्त बारे सुझावों/आक्षेपों को प्राप्त करने तथा उन पर विचार करने के लिए प्राधिकृत करने के आदेश प्रदान करती हैं;

यदि ग्राम सभा समेला के मुख्यालय को बदलने बारे उक्त प्रस्ताव के संबन्ध में, संबन्धित ग्राम सभा सदस्यों को कोई आपत्ति/सुझाव प्रस्तुत करना हो तो वे अपने आक्षेप या सुझाव इस अधिसूचना के प्रकाशन के दिनांक से 30 दिनों की अवधि के भीतर उपायुक्त कांगड़ा को प्रस्तुत कर सकेगें। उपरोक्त नियत अवधि के अवसान के पश्चात्‌्‌ आक्षेप या सुझाव, जो कोई भी हों, ग्रहण नहीं किए जाएंगे;

राज्य सरकार, जिला कांगड़ा, विकास खण्ड कांगड़ा की ग्राम सभा समेला के मुख्यालय को बदलने के सम्बन्ध में अन्तिम अधिसूचना, उपायुक्त कांगड़ा की सिफारिश के दृष्टिगत जारी करेगी।

आदेश द्वारा

हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (पंचायती राज)।

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पंचायती राज विभाग

अधिसूचना

शिमला-171009, 26 मई, 2014

संख्याःपीसीएच-एचए(3)18/07-2970.73.--इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 6 दिसम्बर, 2013 के अन्तर्गत, जिला मण्डी के विकास खण्ड बल्ह की ग्राम सभा कसारला के मुख्यालय को स्थान कसारला से बदलकर कसारला स्थित धड़वाहन में स्थापित करने हेतु प्रस्तावना द्वारा सम्बन्धित ग्राम सभा 3338 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 सदस्यों से आक्षेप एवं सुझाव आमंत्रित किए गए थे तथा उपायुक्त, जिला मण्डी को इस सम्बन्ध में आक्षेप/सुझाव प्राप्त करने और उन पर विचार करने के उपरान्त अन्तिम सिफारिश प्रस्तुत करने के लिए प्राधिकृत किया गया था;

और क्याेंकि उपरोक्त अधिसूचना में निर्दिष्ट अवधि के भीतर ग्राम सभा 'कसारला' के मुख्यावास को 'कसारला' से बदलकर 'कसारला स्थित धड़वाहन' में स्थापित करने के संदर्भ में कोई भी आक्षेप/सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है;

अतः हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 (वर्ष 1994 का अधिनियम संख्यांक 4) की धारा 3 की उप-धारा (2) के खण्ड (ग) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन, जिला मण्डी के विकास खण्ड बल्ह की ग्राम सभा 'कसारला' का मुख्यावास 'कसारला' से बदलकर 'कसारला स्थित धड़वाहन' में स्थापित करने के सहर्ष आदेश प्रदान करती है।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (पंचायती राज)।

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ब अदालत श्री डी0 सी0 ठाकुर, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) श्री हुकम चन्द पुत्र श्री सूंका राम, निवासी मझैरना, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री हुकम चन्द पुत्र श्री सूंका राम, निवासी मझैरना, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसके पिता श्री सूंका राम की मृत्यु दिनांक 16-6-1989 को महाल मझैरना में हुई थी परन्तु इस बारे पंचायत के रिकॉर्ड में पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं।

अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर एतराज हो तो वह दिनांक 10-10-2014 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त मृत्यु का पंजीकरण करने के आदेश दे दिए जाएंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा।

आज दिनांक 8-9-2014 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

डी0 सी0 ठाकुर,

कार्यकारी दण्डाधिकारी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।3339 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 ब अदालत श्री डी0 सी0 ठाकुर, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) Shri Partap Chand s/o Shri Gulaba Ram, r/o Village Ghorpeeth, Tehsil Baijnath, District Kangra, Himachal Pradesh.

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

Shri Partap Chand, निवासी Ghorpeeth, डा0 Bhadraina, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसके adoptive father Shri Bhima Ram की मृत्यु दिनांक 18-5-1987 को महाल Ghorpeeth में हुई थी परन्तु इस बारे पंचायत के रिकॉर्ड में पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं।

अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर एतराज हो तो वह दिनांक 20-10-2014 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त मत्यु का पंजीकरण करने के आदेश दे दिए जाएंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा।

आज दिनांक 8-9-2014 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

डी0 सी0 ठाकुर,

कार्यकारी दण्डाधिकारी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री डी0 सी0 ठाकुर, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) Smt. Bimla Devi d/o Late Shri Rumi Ram at present w/o Shri Sher Singh, Village Bandian Khopa, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

Smt. Bimla Devi, निवासी गांव Bandian Khopa, डा0 Bandian, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसके पिता Shri Rumi Ram की मृत्यु दिनांक 20-6-1978 को महाल Nagan में हुई थी परन्तु इस बारे पंचायत के रिकॉर्ड में पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं।

अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर एतराज हो तो वह दिनांक 20-10-2014 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त मत्यु का पंजीकरण करने के आदेश दे दिए जाएंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा। 3340 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 आज दिनांक 6-9-2014 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

डी0 सी0 ठाकुर,

कार्यकारी दण्डाधिकारी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री शिव मोहन सैणी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

सुशीला पुत्री श्री अशोक कुमार, निवासी महाल ठारू, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.--महाल ठारू़ के राजस्व रिकॉर्ड में नाम की दरुस्ती बारे।

सुशीला पुत्री श्री अशोक कुमार, निवासी महाल ठारू, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित दरख्वास्त गुजारी है कि उसका नाम तहसील शाहपुर के राजस्व अभिलेख के महाल ठारू़ में सुशीला पुत्री श्री अशोक कुमार के बजाए अलका पुत्री श्री अशोक कुमार दर्ज है, जो कि गलत है। प्रार्थिया राजस्व रिकॉर्ड में अपने सही नाम का इन्द्राज करवाना चाहती है।

अतः इस राजपत्र इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि राजस्व रिकॉर्ड में प्रार्थिया के नाम की दरुस्ती करने बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 4-10-2014 को असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर एतराज पेश कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी कार्यवाही की जाएगी। उसके बाद कोई उजर जेरे समायत न होगा। मोहर।

शिव मोहन सैणी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री शिव मोहन सैणी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्री जीवन कुमार पुत्र श्री डूमणू राम, निवासी महाल डिब्बा, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.--महाल डिब्बा के राजस्व रिकॉर्ड में नाम की दरुस्ती बारे।3341 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 श्री जीवन कुमार पुत्र श्री डूमणू राम, निवासी महाल डिब्बा, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित दरख्वास्त गुजारी है कि उसका नाम तहसील शाहपुर के राजस्व अभिलेख के महाल डिब्बा़ में जीवन कुमार पुत्र श्री डूमणू राम के बजाए जीणू पुत्र डुमणू दर्ज है, जो कि गलत है। प्रार्थी राजस्व रिकॉर्ड में अपने सही नाम का इन्द्राज करवाना चाहता है।

अतः इस राजपत्र इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि राजस्व रिकॉर्ड में प्रार्थी के नाम की दरुस्ती करने बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 4-10-2014 को असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर एतराज पेश कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी कार्यवाही की जाएगी। उसके बाद कोई उजर जेरे समायत न होगा। मोहर।

शिव मोहन सैणी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री शिव मोहन सैणी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्री दशोरी लाल पुत्र श्री रीझा, निवासी महाल उपरला डोहब, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.--महाल उपरला डोहब के राजस्व रिकॉर्ड में नाम की दरुस्ती बारे।

श्री दशोरी लाल पुत्र श्री रीझा, निवासी महाल उपरला डोहब, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित दरख्वास्त गुजारी है कि उसका नाम तहसील शाहपुर के राजस्व अभिलेख के महाल उपरला डोहब में दशोरी लाल पुत्र श्री रीझा के बजाए किशोरी लाल पुत्र श्री रीझा दर्ज है, जो कि गलत है। प्रार्थी राजस्व रिकॉर्ड में अपने सही नाम का इन्द्राज करवाना चाहता है।

अतः इस राजपत्र इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि राजस्व रिकॉर्ड में प्रार्थी के नाम की दरुस्ती करने बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 4-10-2014 को असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर एतराज पेश कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी कार्यवाही की जाएगी। उसके बाद कोई उजर जेरे समायत न होगा। मोहर।

शिव मोहन सैणी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री शिव मोहन सैणी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्रीमती कमला देवी पत्नी श्री प्रकाश चन्द, निवासी महाल लालर, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

3342 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 विषय.--महाल उपरला लालर के राजस्व रिकॉर्ड में नाम की दरुस्ती बारे।

श्रीमती कमला देवी पत्नी स्व0 श्री प्रकाश चन्द, निवासी महाल लालर, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित दरख्वास्त गुजारी है कि उसके पति का नाम तहसील शाहपुर के राजस्व अभिलेख के महाल लालर में प्रकाश चन्द पुत्र श्री छज्जू के बजाए प्रकाशो पुत्र श्री छज्जू दर्ज है, जो कि गलत है। प्रार्थिया राजस्व रिकॉर्ड में अपने पति के सही नाम का इन्द्राज करवाना चाहती है। अतः इस राजपत्र इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि राजस्व रिकॉर्ड में प्रार्थिया के पति के नाम की दरुस्ती करने बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 4-10-2014 को असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर एतराज पेश कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी कार्यवाही की जाएगी। उसके बाद कोई उजर जेरे समायत न होगा।

मोहर।

शिव मोहन सैणी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश

श्री राम कृष्ण पुत्र श्री लाला बहादुर, निवासी C/O गृह संख्या 89, सर्कट हाउस रोड मनाली, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.--प्रकाशन इश्तहार बाबत जन्म तिथि पंजीकरण जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

नोटिस बनाम आम जनता।

श्री राम कृष्ण पुत्र श्री लाला बहादुर, निवासी C/O गृह संख्या 89, सर्कट हाउस रोड मनाली, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश ने इस न्यायालय में आवेदन-पत्र मय शपथ-पत्र गुजारा है कि उसके पुत्र दिपेश का जन्म दिनांक 5-4-2011 को हुआ है परन्तु उसकी जन्म तिथि नगर परिषद्‌ मनाली के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की गई है। जिसे अब दर्ज करवाने के आदेश दिये जायें।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को दिपेश की जन्म तिथि दर्ज करने बारे आपत्ति हो तो वह दिनांक 11-10-2014 को या इससे पूर्व अदालत हजा में अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर एतराज मान्य न होगा तथा नियमानुसार जन्म तिथि दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 11-9-2014 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, मनाली, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।3343 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 ब अदालत श्री रमन घरसंगी, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश श्री घम्बीर दास पुत्र श्री गुमत राम, निवासी गांव कण्ढी, डाकघर तान्दी, तहसील बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश। श्रीमती रीना देवी पुत्री श्री सारथू राम, निवासी गांव शैगचा, डाकघर मदाना, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र हिमाचल प्रदेश विवाह रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2004 की धारा 4 (2) के तहत प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फिया इस आशय से गुजारा है कि उसने दिनांक 12-2-2011 को श्रीमती रीना देवी से विवाह कर लिया है, जो ग्राम पंचायत तान्दी के अभिलेख में दर्ज न है और जिसे दर्ज किया जाए।

इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि प्रार्थी की पत्नी श्रीमती रीना देवी का नाम ग्राम पंचायत तान्दी के अभिलेख में दर्ज करने में यदि कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 25-9-2014 को असालतन या वकालतन अदालत हजा में आकर अपनी आपत्ति दर्ज करे। बाद गुजरने तारीख किसी भी प्रकार का एतराज मान्य न होगा तथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर हिमाचल प्रदेश विवाह रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2004 की धारा 4(2) के तहत इन्द्राज करने के आदेश पारित किए जाएंगे।

आज दिनांक 11-9-2014 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

रमन घरसंगी, कार्यकारी दण्डाधिकारी, बन्जार, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री माया राम शर्मा, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री गुलाब सिंह पुत्र श्री हरखूू, निवासी ग्राम व डा0 कोटी उतरोऊ, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र बराए दरुस्ती नाम।

श्री गुलाब सिंह पुत्र श्री हरखूू, निवासी ग्राम व डा0 कोटी उतरोऊ, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसके पिता का नाम हरखू पुत्र श्री मोती राम है। मुताबिक पंचायत रिकॉर्ड भी उसके पिता का नाम हरखू सही है परन्तु राजस्व रिकॉर्ड में उसके पिता का नाम साहिबू दर्ज किया गया है जो कि गलत है। इसे दरुस्त किया जाना उचित है।3344 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 अतः आम जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि उपरोक्त बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह अधोहस्ताक्षरी की अदालत में दिनांक 27-10-2014 से पूर्व अपने एतराज असालतन या वकालतन पेश कर सकता है। निर्धारित अवधि के भीतर कोई एतराज प्राप्त न होने की सूरत में आगामी कार्यवाही नियमानुसार कर दी जाएगी।

आज दिनांक 8-5-2014 को मेरे हस्ताक्षर व कार्यालय मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

माया राम शर्मा, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री माया राम शर्मा, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री जगदीश पुत्र श्री मोही राम, निवासी ग्राम कुहन्ट, डा0 दाया, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र बराए दरुस्ती नाम।

श्री जगदीश पुत्र श्री मोही राम, निवासी ग्राम कुहन्ट, डा0 दाया, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसका नाम जगदीश है। मुताबिक पंचायत रिकॉर्ड व आधार कार्ड भी उसका नाम जगदीश पुत्र श्री मोही राम सही है परन्तु राजस्व रिकॉर्ड में उसका नाम जगत सिंह पुत्र श्री मोही राम दर्ज किया गया है जो कि गलत है। इसे दरुस्त किया जाना उचित है। अतः आम जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि उपरोक्त बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह अधोहस्ताक्षरी की अदालत में दिनांक 27-10-2014 से पूर्व अपने एतराज असालतन या वकालतन पेश कर सकता है। निर्धारित अवधि के भीतर कोई एतराज प्राप्त न होने की सूरत में आगामी कार्यवाही नियमानुसार कर दी जाएगी।

आज दिनांक 8-5-2014 को मेरे हस्ताक्षर व कार्यालय मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

माया राम शर्मा, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री माया राम शर्मा, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

ब मुकद्दमा :

श्री टिकू पुत्र श्री तेलु राम, निवासी ग्राम कांडी, डा0 दाया, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।3345 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936 बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र बराए दरुस्ती नाम।

श्री टिकू पुत्र श्री तेलु राम, निवासी ग्राम कांडी, डा0 दाया, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसका नाम टिकू है। मुताबिक पंचायत रिकॉर्ड व स्कूल रिकॉर्ड में भी उसका नाम टिकू पुत्र श्री तेलु राम सही है परन्तु राजस्व रिकॉर्ड में उसका नाम कुलदीप पुत्र श्री तेलु राम दर्ज किया गया है जो कि गलत है। इसे दरुस्त किया जाना उचित है।

अतः आम जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि उपरोक्त बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह अधोहस्ताक्षरी की अदालत में दिनांक 27-10-2014 से पूर्व अपने एतराज असालतन या वकालतन पेश कर सकता है। निर्धारित अवधि के भीतर कोई एतराज प्राप्त न होने की सूरत में आगामी कार्यवाही नियमानुसार कर दी जाएगी।

आज दिनांक 8-5-2014 को मेरे हस्ताक्षर व कार्यालय मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

माया राम शर्मा, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, शिलाई, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

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CHANGE OF NAME

I, Stella Zimik Awungshi w/o Shri Augustine Zimik Awungshi, r/o Tika Gamroo, P. O. and Tehsil Dharamshala, District Kangra, Himachal Pradesh have changed my minor son's name from Mashunthing Shaiza to Mashunthing Zimik Awungshi.

STELLA ZIMIK AWUNGSHI w/o Shri Augustine Zimik Awungshi, r/o Tika Gamroo, P. O. and Tehsil Dharamshala, District Kangra, Himachal Pradesh.

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CHANGE OF NAME

I, Malka Devi w/o Shri Sunil Verma, V. P. O. Haripur, Tehsil Dehra, District Kangra, Himachal Pradesh declare that my name in my son Tarun Verma's CBSE record was wrongly mentioned as Kiran Devi whereas my correct name is Malka Devi. Concerned note.

MALKA DEVI w/o Shri Sunil Verma, V. P. O. Haripur, Tehsil Dehra, District Kangra, Himachal Pradesh.

3346 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 सितम्बर, 2014/29 भाद्रपद, 1936

CHANGE OF NAME

I, Surender Kumar s/o Shri Saktu Singh, r/o Ram Kuti, Chetan Niwas, Lower Shankli, Shimla-1, Tehsil and District Shimla, Himachal Pradesh has changed my name from Surendera Chaudhary to Surender Kumar and have changed my wife name Aarti Chaudhary to Aarti and my daughter Shivani Chaudhary to Shivani. Henceforth I, my wife Aarti and my daughter Shivani should be known by this name for all records and for all purposes.

SURENDER KUMAR s/o Shri Saktu Singh, r/o Ram Kuti, Chetan Niwas, Lower Shankli, Shimla-1, Tehsil and District Shimla, Himachal Pradesh.

नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 20 September 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2014-09-20.128_gazette_2014-9_20_2014/. Archive identifier in.gazette.himachal.2014-09-20.128_gazette_2014-9_20_2014.