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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 267, 31 March 2015

Published 31 March 2015

Gazette no.
267
Gazetteid
267/GAZETTE/2015-31/03/2015
Identifier
in.gazette.himachal.2015-03-31.267_gazette_2015-3_31_2015
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित मंगलवार, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

हिमाचल प्रदेश सरकार

URBAN DEVELOPMENT DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 30th March, 2015

No. UD-F(2)-1/2009.—In continuation of this Department Notification of even No. dated 26.3.2014 and in order to comply with the Condition No. Viii) of Para 10.161 of the Thirteenth Finance Commission Report. the Governor, Himachal Pradesh is pleased to notify the Service Level Benchmarks for the Municipal Corporation Shimla and all the Municipal Councils of Himachal Pradesh for four service sectors i.e. Water Supply, Sewerage, Strom Water Drainage and 267-राजपत्र/2015-31-03-2015 (7381) 7382 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 Solid Waste Management which are proposed to be achieved by the Urban Local Bodies before 31.3.2016. The ULBs–wise and indicator-wise current status and targets are available on the website of Urban Development Department, Himachal Pradesh and as such the same can be accessed on Departmental website of Urban Dev. Deptt. i.e. http://hpurbandevelopment.nic.in/.

By order. Sd/- Additional Chief Secretary (UD).

_________

जनजातीय विकास विभाग

अधिसूचना

शिमला-171002, 30 मार्च, 2015

संख्याः टी0बी0डी0(ए)4-4/2007.-हिमाचल प्रदेश जन-जातीय सलाहकार परिषद्‌ के गठन सम्बन्धी जारी अधिसूचना संख्या टी0वी0डी0(ए)4-4/2007 दिनांक 05-04-2013, 23-10-2013 के सन्दर्भ में राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश, जन-जातीय सलाहकार परिषद्‌ नियमावली, 1976 के नियम 3 (1) तथा नियम 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए परिषद्‌ का कार्यकाल दिनांक 05-04-2015 से दो वर्ष और बढ़ाने के सहर्ष आदेश देते हैः-

अध्यक्ष

1. श्री वीरभद्र सिंह, मुख्य मन्त्री, हिमाचल प्रदेश।

सदस्य

2. श्री ठाकुर सिंह भरमौरी, वन मंत्री, हिमाचल प्रदेश।

सदस्य

3. श्री जगत सिंह नेगी, उपाध्यक्ष, विधान सभा, हिमाचल प्रदेश।

4 श्री रवि ठाकुर, विधायक, लाहौल एवं स्पिति, सदस्य जिला लाहौल एवं स्पिति ।

5. श्री राम सिंह, अधिवक्ता गांव व डाकघर रोपा तहसील पूह, सदस्य जिला किन्नौर ।

6. श्री प्रीतम नेगी, गांव व डाकघर पूह, सदस्य तहसील पूह, जिला किन्नौर ।

7. श्री जगदीश नेगी, गांव व डाकघर निचार, सदस्य तहसील निचार, जिला किन्नौर ।

सदस्य

8. श्री अमर चन्द अधिवक्ता, गावं व डाकघर शोदारंग, तहसील कल्पा, जिला किन्नौर ।

9. श्री प्रीतम नेगी, गांव व डाकघर कोठी, सदस्य तहसील कल्पा, जिला किन्नौर ।7383 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 10. श्री नरेश नेगी, गांव व डाकघर स्पिलो, सदस्य तहसील पूह, जिला किन्नौर ।

11. श्री नावांग बौद्व, गांव शारखांग, डाकघर खोकसर, तहसील केलांग, सदस्य जिला लाहौल एवं स्पिति ।

12. श्री प्यारे लाल, गांव व डाकघर टिण्डी, सदस्य तहसील उदयपुर, जिला लाहौल एवं स्पिति ।

13. श्री सोहन सिंह, गांव व डाकघर काजा, सदस्य तहसील स्पिति, जिला लाहौल एवं स्पिति ।

14. दोरजे छोपल, पूर्व प्रधान, गांव व डाकधर लारा, सदस्य तहसील काजा, जिला लाहौल स्पिति।

15. श्री किशन चौपड़ा, पूर्व प्रधान, ग्रामं पंचायत करयास गंगीथ, डाकघर करयास, सदस्य तहसील किलाड़ (पांगी), जिला चम्बा ।

16. श्री राम चरण, पूर्व अध्यक्ष ऊन संघ, (woolfed) सदस्य गांव व डाकघर, किलाड़, तहसील किलाड़ (पांगी), जिला चम्बा ।

17. श्री भजन सिंह ठाकुर, गांव व डाकघर भरमौर, सदस्य तहसील भरमौर, जिला चम्बा ।

18. श्री शुभ कर्ण, गांव व डाकघर होली, सदस्य उप तहसील होली, जिला चम्बा ।

2. जन जातीय सलाहकार परिषद्‌ में मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार पदेन सचिव व आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव जन जातीय संयुक्त पदेन सदस्य होंगे।

3. क्रम संख्या 5 से 18 तक अंकित सदस्य उनके मनोनयन की तिथि से नियम 5 (2 तथा 3) के अन्तर्गत इस परिषद्‌ के, दो वर्ष की अवधि के लिए पदासीन रहेंगे परन्तु इन्हें इस अवधि से पूर्व भी राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश, की खुशनूदी पर दो वर्ष की अवधि के पूर्ण होने से पूर्व भी सदस्यता से हटाया जा सकता है। 4. इस परिषद्‌ के सरकारी/गैर सरकारी सदस्यों को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी हिदायतों के अनुसार वर्णित यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता देय होगा।

5. उप-निदेशक (जन जातीय विकास) हिमाचल प्रदेश, गैर सरकारी सदस्यों के यात्रा भत्ता की अदायगी के सम्बन्ध में नियन्त्रक अधिकारी होंगे।

आदेश द्वारा, वी0सी0 फारका, अतिरिक्त मुख्य सचिव (जन जातीय विकास)।7384 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

जनजातीय विकास विभाग

अधिसूचना

शिमला-171002, 30 मार्च, 2015

संख्याः टी0बी0डी0(ए)4-4/2007.-इस विभाग की अधिसूचना समसंख्यक दिनांक 17फरवरी, 2014 के अनुक्रम को जारी रखते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश जन-जातीय सलाहकार परिषद्‌ में निम्नलिखित महिलाओं को विशेष आमन्त्रित (Special Invitee) मनोनीत करने के सहर्ष आदेश देते हैंः - 1. श्रीमति सुमना देवी, पत्नि श्री ओम राज, गांव व डाकघर सियुर, तहसील भरमौर, जिला चम्बा, हि0 प्र0।

2. कुमारी सरोज नेगी, पूर्व अध्यक्षा, पंचायत समिति कल्पा गांव व डाकघर कल्पा, जिला किन्नौर, हि0 प्र0।

3. श्रीमति शशी किरन, अध्यक्षा, महिला कांग्रेेस, लाहौल एवं स्पिति डाकघर केलंग, जिला लाहौल-स्पिति, हि0 प्र0।

4. कु0 गतुक आंगमों, पिन वैली, स्पिति, जिला लाहौल-स्पिति, हिमाचल प्रदेश।

आदेश द्वारा, वी0सी0 फारका, अतिरिक्त मुख्य सचिव (जन जातीय विकास)।

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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग

अधिसूचना

संख्याः 12904-12950.-पिछले सभी आदेशों व अधिसूचनाओं का अधिक्रमण करते हुये तथा हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी निरोधक आदेश, 1977 की धारा-3 (1) (ई) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मैं, मदन चौहान (भा. प्र. से.) जिला दण्डाधिकारी, सोलन निम्नलिखित वस्तुओं के, सभी करों सहित, प्रत्येक के समक्ष दर्शाये गये अधिक्तम विक्रय मूल्य निर्धारित करता हुॅंः-

क्रमांक अनुसूचित संख्या वस्तु का नाम प्रचून विक्रय
1 12 मास/चिक्न/मछली
1 मीट बकरा 290-00 प्रति किलो
2 ब्रायलर ड्रेस्ट 155-00 प्रति किलो
3 मुर्गा जीवित 125-00 प्रति किलो
4 मुर्गा ड्रेस्ट 145-00 प्रति किलो
5 मीट सुअर 135-00 प्रति किलो
6 मछली कच्ची 115-00 प्रति किलो
2 17 होटल/ढाबा में परोसा जाने वाला खाना
1 पूरी खुराक दाल सब्जी, चपाती सहित 50-00
2 स्पैशल सब्जी, राजमाश, चना, भिण्डी, गोबी, शिमला मिर्च 35-00
3 3 मटर पनीर व पालक पनीर 40-00
4 चावल परमल 15 रूप्ये प्रति प्लेट
5 चपाती तवे की 5.00 प्रति चपाती
6 चपाती तन्दूरी 5.50 प्रति चपाती
7 दाल फराईड 25-00 प्रति प्लेट
8 रायता 15-00 प्लेट
9 चौमिन 40-00 प्रति प्लेट
11 समोसा 7-00 प्रति समोसा
12 परौंठा भरा हुआ 15-00 प्रति परौंठा
13 2 पूरी सब्जी व दही के साथ 25-00 प्रति प्लेट
14 मीट 85-00 प्रति प्लेट
15 चिक्न 75-00 प्रति प्लेट
4 18 1 हलवाईयो ं/ग्वालों द्वारा बेचे जाने वाला कच्चा दूध पैकेट में दूध 32-00 (प्रति लीटर) निर्माताओं द्वारा पैकेट पर अंकित प्रिंट रेट पर
2 दहीं 45-00 प्रति किलो
3 पनीर 190-00 प्रति किलो
5 20 4 बोतल वाले पेयजल चिल्ड निर्माताओं द्वारा बोतल पर लिखित निर्धारित दर पर
7385 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

नोट सभी विक्रेताओं को उपरोक्त वस्तुओं की बिक्री के बिल/कैश मैमों देगा जिसकी डुप्लीकेट प्रति अपने रिकॉर्ड में निरीक्षण हेतु रखेगा प्रत्येक दुकानदार अपनी दुकान/ढाबे में उचित स्थान पर देवनागरी लिपी में उपरोक्त वस्तुओं जैसे खाना, पनीर व मिठाईयों आदि की मूल्य सूची प्रदर्शित करेगा ताकि सही भाव का पता चल सके ।

यह अधिसूचना पूरे सोलन जिला में हिमाचल प्रदेश राजपत्र में छपने के एक मास तक लागू मानी जायेगी ।

हस्ताक्षरित/- जिला दण्डाधिकारी,

सोलन, जिला सोलन ।

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हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय

अधिसूचना

शिमला, 30 मार्च, 2015

संख्याः वि0स0-विधायन-सरकारी विधेयक/1-11/2015.--हिमाचल प्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली, 1973 के नियम 140 के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी (वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तें) संशोधन विधेयक, 2015 (2015 का विधेयक संख्यांक 5) जो आज दिनांक 30 मार्च, 2015 को हिमाचल प्रदेश विधान सभा में पुरःस्थापित हो चुका है, सर्व-साधारण की सूचनार्थ राजपत्र में मुद्रित करने हेतु प्रेषित किया जाता है।

हस्ताक्षरित/- सचिव, हि0 प्र0 विधान सभा।7386 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 2015 का विधेयक संख्यांक 5 हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी (वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तें) संशोधन विधेयक, 2015

(विधान सभा में पुरःस्थापित रूप में)

हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी (वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तें) अधिनियम, 2005 (2006 का अधिनियम संख्यांक 3) का संशोधन करने के लिए विधेयक।

भारत गणराज्य के छियासठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :--

1. संक्षिप्त नाम.-इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी (वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तें) संशोधन अधिनियम, 2015 है।

2. धारा 3 का का संशोधन.-हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी (वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तें) अधिनियम, 2005 (2006 का 3) (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ "मूल अधिनियम" कहा गया है) की धारा 3 की उपधारा (1) के स्थान पर निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ :--

"(1) अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों को अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट वेतनमान संदत्त किए जाएंगेः परन्तु अनुसूची की क्रम संख्याः 1, 2, 7, 8, 9 और 32 में वर्णित कर्मचारियों के वे प्रवर्ग, जिन्हें शेट्‌टी आयोग की सिफारिशों के अनुसार उच्चतर वेतनमान दे दिया गया है, राज्य सरकार द्वारा, अधिसूचना संख्याः गृह-बी (ई) 2-7/2009-एचसी तारीख 24-09-2012 द्वारा प्रदान की गई अतिरिक्त वेतन वृद्धि के हकदार नहीं होंगे तथापि, उपरोक्त वर्णित प्रवर्गों के सिवाय, कर्मचारियों के वे प्रवर्ग, जिन्हें उच्चतर वेतनमान प्रदान नहीं किया गया है, उक्त अधिसूचना के अधीन 1-10-2012 के बजाय 1-4-2003 से वेतनमान की प्रारम्भिक दर पर एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि के हकदार होंगे।"।

3. नई धारा 3-क का अन्तःस्थापन.- मूल अधिनियम की धारा 3 के पश्चात्‌ निम्नलिखित धारा अन्तःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :-

"3-क. अनुसूची संशोधित करने की शक्ति.-राज्य सरकार, राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा, अनुसूची को संशोधित या प्रतिस्थापित कर सकेगी और तदुपरि अनुसूची तद्‌नुसार संशोधित की गई समझी जाएगी।"।

4. अनुसूची का प्रतिस्थापन.- मूल अधिनियम से संलग्न विद्यमान अनुसूची के स्थान पर निम्नलिखित अनुसूची रखी जाएगी, अर्थात्‌ :-

--------

"अनुसूची

[धारा 2(ङ) और 3 (1) देखें]

अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों को 1-4-2003 से अनुज्ञेय वेतनमान

मास्टर स्केलः 2520-100-3220-110-3660-120-4260-140-4400-150-5000-160-5800-200- 7000- 220-8100- 275-10300-340-12000-375-13500-400-15900-450-18600-500-23600.

7387 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

क्रम प्रवर्ग वर्गीकरण 1-4-2003 से वेतनमान संख्या

1. मुख्य प्रशासनिक वर्ग-I 7880-220-8100-275-10300- अधिकारी (अधीक्षक राजपत्रित 340-11660. ग्रेड-I)

2. सिविल न्यायाधीश वर्ग-II 7000-220-8100-275-10300- (सीनियर डिवीजन) अराजपत्रित 340-10980. के न्यायालय का वरिष्ठ श्रेष्टेदार (अधीक्षक ग्रेड-II)

3. सिविल न्यायाधीश वर्ग-II 6400-200-7000-220-8100- (जूनियर डिवीजन) अराजपत्रित 275-10300-340-10640. के न्यायालय का श्रेष्टेदार (अधीक्षक ग्रेड-II)

4. जिला न्यायाधीश का -यथोपरि- -यथोपरि- कार्यकारी सहायक (निजी सहायक)

5. आशुलिपिक ग्रेड-I वर्ग-III 5800-200-7000-220-8100- (वरिष्ठ वेतनमान अराजपत्रित 275-9200. आशुलिपिक)

6. आशुलिपिक ग्रेड-II -यथोपरि- 4400-150-5000-160-5800- (कनिष्ठ वेतनमान 200-7000. आशुलिपिक)

7. आशुलिपिक ग्रेड-III -यथोपरि- 4020-120-4260-140-4400- (आशुटंकक) 150-5000-160-5800-200-

6200.

8. रीडर ग्रेड-I वर्ग-II 7000-220-8100-275-10300- अराजपत्रित 340-10980.

9. रीडर ग्रेड-II -यथोपरि- 6400-200-7000-220-8100-

275-10300-340-10640.

10. रीडर ग्रेड-III वर्ग-III 5800-200-7000-220-8100- अराजपत्रित 275-9200.

11. अंग्रेजी लिपिक -यथोपरि- -यथोपरि-

12. सिविल नाजिर -यथोपरि- -यथोपरि-7388 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 क्रम प्रवर्ग वर्गीकरण 1-4-2003 से वेतनमान संख्या

13. अनुवादक -यथोपरि- -यथोपरि-

14. अभिलेखपाल -यथोपरि- -यथोपरि-

(रिकार्ड कीपर)

15. वरिष्ठ सहायक -यथोपरि- -यथोपरि-

16. छुट्‌टी रिजर्व -यथोपरि- 3120-100-3220-110-3660- लिपिक/लिपिक 120-4260-140-4400-150-

5000-160-5160. 3220/- रुपए से प्रारम्भ। 17. अहलमद -यथोपरि- -यथोपरि- (रिकार्ड कीपर)

18. सहायक अंग्रेजी -यथोपरि- -यथोपरि- लिपिक

19. अहलमद/क्रिमिनल -यथोपरि- -यथोपरि- अहलमद

20. कोर्ट नाजिर -यथोपरि- -यथोपरि-

21. नकलनवीस -यथोपरि- -यथोपरि- (कॉपिस्ट)

22. नायब नाजिर -यथोपरि- -यथोपरि-

23. लिपिक- एवं- -यथोपरि- -यथोपरि- टंकक

24. नाजिर -यथोपरि- -यथोपरि-

25. समरी लिपिक -यथोपरि- -यथोपरि-

26. वेतन पाने वाला -यथोपरि- -यथोपरि- अभ्यर्थी (पेड कैन्डिडेट)

27. स्ांरक्षक लिपिक -यथोपरि- -यथोपरि-

28. निष्पादन लिपिक -यथोपरि- -यथोपरि-7389 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 क्रम प्रवर्ग वर्गीकरण 1-4-2003 से वेतनमान संख्या

29. बेलिफ -यथोपरि- 3120-100-3220-110-3660-

120-4260-140-4400-150- 5000-160-5160.

30. चालक -यथोपरि- 3330-110-3660-120-4260-

140-4400-150-5000-160- 5800-200-6200.

31. दफ्तरी वर्ग-IV 2820-100-3220-110-3660- अराजपत्रित 120-4260-140-4400.

32. आदेशिका -यथोपरि- -यथोपरि- तामीलकर्ता

33. अर्दली -यथोपरि- 2520-100-3220-110-3660-

120-4140. 2620/- रुपए से प्रारम्भ। 34. चपरासी -यथोपरि- -यथोपरि-

35. माली -यथोपरि- -यथोपरि-

36. चौकीदार -यथोपरि- -यथोपरि-

37. सफाई कर्मचारी -यथोपरि- -यथोपरि-

38. चौकीदार-एवं -यथोपरि- -यथोपरि- ।"। सफाई कर्मचारी

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उद्देश्यों और कारणों का कथन

अराजपत्रित न्यायिक कर्मचारी कल्याण संघ ने यह अनुतोष पाने के लिए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में सी0डब्ल्यू0 पी0 नम्बर 10740/2011 दायर की थी कि प्रथम राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग अर्थात्‌ शेट्‌टी वेतन आयोग की सिफारिशोें को लागू किया जाए। उक्त याचिका माननीय उच्च न्यायालय के तारीख 03-01-2014 के निर्णय द्वारा संघ के पक्ष में विनिश्चित की गई थी। इस निर्णय द्वारा माननीय न्यायालय ने, हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी (वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तें) अधिनियम, 2005 की धारा 3 को उस विस्तार तक कि यह उच्चतम न्यायालय द्वारा शेट्‌टी आयोग की सिफारिशों को लागूू करने के लिए दिए गए निदेशों के विरूद्ध है, अभिखण्डित और अपास्त कर दिया था। उच्च न्यायालय ने प्रथम अप्रैल, 2003 को और से शेट्‌टी आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए भी निदेश दिए हैं। माननीय उच्च न्यायालय के तारीख 3-01-2014 को सी0डब्ल्यू0 पी0 नम्बर 10740/2011 नामतः एच. पी.नॉन गजेटिड ज्यूडिशियल इम्पलाईज वैल्फेयर एसोसिएशन वर्सज स्टेट ऑफ हिमाचल प्रदेश एण्ड अनदर में दिए गए निदेशों की अनुपालना के आशय से पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 3 को संशोधित करने और उक्त अधिनियम से संलग्न अनुसूची को प्रतिस्थापित करने का विनिश्चय किया गया है। इसके अतिरिक्त, अधिनियम 7390 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 की धारा 3 की उपधारा (1) के नीचे कर्मचारियों के उन प्रवर्गों, जिनके लिए शेट्‌टी आयोग ने उच्चतर वेतनमान की सिफारिश नहीं की है, को एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि अनुज्ञात करने के लिए परन्तुक अन्तःस्थापित किया जाना भी प्रस्तावित किया गया है। इसके अतिरिक्त, जब कभी अपेक्षित हो, अधिसूचना द्वारा अनुसूची को संशोधित और प्रतिस्थापित करने के लिए राज्य सरकार को सशक्त करने का भी विनिश्चय किया गया है। इसलिए पूर्वोक्त अधिनियम में संशोधन किए जाने आवश्यक को गए हैं।

यह विधेयक उपर्युक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए है।

(वीरभद्र सिंह) मुख्य मन्त्री। शिमला :

तारीख : ..............................., 2015

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इस संशोधन विधेयक द्वारा सम्भाव्य प्रभावित होने वाले हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी (वेतन, भो और सेवा की अन्य शर्तें) अधिनियम, 2005 (2006 का अधिनियम संख्यांक 3) के उपबन्धों के उद्धरण

धारा :

3. वेतन, भो और सेवा की अन्य शर्तें.-(1) वेतन, भो और सेवा की अन्य शर्तों को विनियमित करने वाले किसी नियम या किसी सक्षम न्यायालय द्वारा पारित किसी न्यायिक आदेश अथवा निर्णय में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, अधीनस्थ न्यायालय के कर्मचारियों को अनुसूची में यथाविनिर्दिष्ट वेतनमान संदा किया जाएगा।

(2) अधीनस्थ न्यायालय के कर्मचारियों के भत्तों की दरें और सेवा की अन्य शर्तें ऐसी हाेंगी जैसी विहित की जाएं।

अनुसूची

[धारा 2 (ङ) और 3 (1) देखें]

अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों को अनुज्ञेय वेतनमान

मास्टर स्केल : 2520-100-3220-110-3660-120-4260-140-4400-150-5000-160-5800- 200-7000-220-8100-275-10300-340-12000-375-13500-400-15900-450- 18600-500-23600.

क्रम प्रवर्ग वर्गीकरण वेतनमान संख्या 1 2 3 4

1. अधीक्षक ग्रेड-I वर्ग-I राजपत्रित 7220-220-8100-275-10300-340-11660.

2. अधीक्षक ग्रेड-II वर्ग-II अराजपत्रित 6400-200-7000-220-8100-275-10300- 340-10640.

3. निजी सहायक -यथोपरि- -यथोपरि-7391 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 क्रम प्रवर्ग वर्गीकरण वेतनमान संख्या 1 2 3 4

4. रीडर वर्ग-III 5800-200-7000-220-8100-275-9200.

5. अंगे्रजी लिपिक -यथोपरि- -यथोपरि-

6. सिविल नाजिर -यथोपरि- -यथोपरि-

7. अनुवादक -यथोपरि- -यथोपरि-

8. अभिलेखपाल -यथोपरि- -यथोपरि- (रिकार्ड कीपर)

9. वरिष्ठ सहायक -यथोपरि- -यथोपरि-

10. वरिष्ठ वेतनमान -यथोपरि- -यथोपरि- आशुलिपिक

11. कनिष्ठ वेतनमान -यथोपरि- 4400-150-5000-160-5800-200-7000. आशुलिपिक

12. आशुटंकक -यथोपरि- 3330-110-3660-120-4260-140-4400- 150-5000-160-5800-200-6200.

13. छुट्‌टी रिजर्व -यथोपरि- 3220/-रुपए से आरम्भ लिपिक/लिपिक 3120-100-3220-110-3660-120-4260- 140-4400-150-5000-160-5160.

14. अहलमद (रिकार्ड -यथोपरि- -यथोपरि- कीपर)

15. सहायक अंग्रेजी -यथोपरि- -यथोपरि- लिपिक

16. अहलमद/सी आर -यथोपरि- -यथोपरि- अहलमद

17. कोर्ट नाजिर -यथोपरि- -यथोपरि-

18. नकलनवीस (कॉपिस्ट) -यथोपरि- -यथोपरि-

19. नायब नाजिर -यथोपरि- -यथोपरि-

20. लिपिक एवं टंकक -यथोपरि- -यथोपरि-

21. नाजिर -यथोपरि- -यथोपरि- 7392 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 क्रम प्रवर्ग वर्गीकरण वेतनमान संख्या 1 2 3 4

22. समरी लिपिक -यथोपरि- -यथोपरि-

23. वेतन पाने वाला अभ्यर्थी -यथोपरि- -यथोपरि-

24. संरक्षक लिपिक -यथोपरि- -यथोपरि-

25. निष्पादन लिपिक वर्ग-III 3120-100-3220-110-3660-120-4260- 140-4400-150-5000-160-5160.

26. बेलिफ -यथोपरि- 3120-100-3220-110-3660-120-4260- 140-4400-150-5000-160-5160.

27. चालक -यथोपरि- 3330-110-3660-120-4260-140-4400- 150-5000-160-5800-200-6200.

28. दफ्तरी वर्ग-IV 2820-100-3220-110-3660-120-4260- 140-4400.

29. आदेशिका तामीलकर्ता -यथोपरि- 2720-100-3220-110-3660-120-4260.

30. अर्दली -यथोपरि- 2620/- रुपए से आरम्भ 2520-100-3220-110-3660-120-4140.

31. चपड़ासी -यथोपरि- -यथोपरि-

32. माली -यथोपरि- -यथोपरि-

33. चौकीदार -यथोपरि- -यथोपरि-

34. सफाई कर्मचारी -यथोपरि- -यथोपरि-

35. चौकीदार एवं सफाई -यथोपरि- -यथोपरि- कर्मचारी

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AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT

Bill No. 5 of 2015

THE HIMACHAL PRADESH SUBORDINATE COURTS' EMPLOYEES (PAY,

ALLOWANCES AND OTHER CONDITIONS OF SERVICE) AMENDMENT

BILL, 2015

(AS INTRODUCED IN THE LEGISLATIVE ASSEMBLY)

A

BILL

to amend the Himachal Pradesh Subordinate Courts' Employees (Pay, Allowances and

other Conditions of Service) Act, 2005 (Act No. 3 of 2006).

7393 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Sixty-sixth Year of the Republic of India as follows :—

1. Short title.—This Act may be called the Himachal Pradesh Subordinate Courts' Employees (Pay, Allowances and other Conditions of Service) Amendment Act, 2015.

"(1) The Subordinate Courts' employees shall be paid the pay scales, as specified in the Schedule :

Provided that the categories of employees mentioned at Sr. Nos. 1, 2, 7, 8, 9 and 32 of the Schedule, who have been given higher pay scale as per the recommendations of Shetty Commission, shall not be entitled to additional increment granted by the State Government vide Notification No. Home-B (E) 2-7/2009-HC dated 24-09-2012, however, other categories of employees, except above mentioned categories, who have not been granted higher pay scale, shall be entitled to one additional increment at the initial rate of the pay scale with effect from 1-4-2003 instead of 1-10-2012 under the said notification.".

3. Insertion of new section 3-A.—After section 3 of the principal Act, the following section shall be inserted, namely :—

"3-A. Power to amend Schedule.—The State Government may, by notification published in the Official Gazette, amend or substitute the Schedule and thereupon the Schedule shall be deemed to have been amended accordingly.".

4. Substitution of SCHEDULE.—For the existing SCHEDULE appended to the principal Act, the following SHEDULE shall be substituted, namely :—

________

"SCHEDULE

[See sections 2(e) and 3(1)]

Pay Scales admissible to Subordinate Courts' Employees w.e.f. 1-4-2003

Master Scale: 2520-100-3220-110-3660-120-4260-140-4400-150-5000-160-5800-200-7000-220-

8100-275-10300-340-12000-375-13500-400-15900-450-18600-500-23600.

Sr. Category Classification Pay Scale w. e. f. 1-4-2003 No.

1. Chief Administrative Class-I 7880-220-8100-275- Officer Gazetted 10300-340-11660. (Superintendent Grade-I) 7394 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 Sr. Category Classification Pay Scale w. e. f. 1-4-2003 No.

2. Sr. Sheristedar Class-II 7000-220-8100-275- of the Court Non- 10300-340-10980. of civil Judge Gazetted (Sr. Division) (Superintendent Grade-II)

3. Sheristedar of the -do- 6400-200-7000-220-8100- Court of Civil 275-10300-340-10640. Judge (Jr. Division) (Superintendent Grade-II)

4. Executive -do- -do- Assistant to Distt. Judge (Personal Assistant)

5. Stenographer Class-III 5800-200-7000-220-8100- Gr. I (Sr. Scale Non-Gazetted 275-9200. Steno)

200-7000.

6. Stenographer Gr. II -do- 4400-150-5000-160-5800- (Jr. Scale Stenographer)

7. Stenographer Gr. III -do- 4020-120-4260-140-4400- (Steno-Typist) 150-5000-160-5800-200-

6200.

8. Reader Gr.I Class-II 7000-220-8100-275- Non-Gazetted 10300-340-10980.

9. Reader Gr. II -do- 6400-200-7000-220-8100-

275-10300-340-10640.

10. Reader Gr. III Class-III 5800-200-7000-220-8100- Non-Gazetted 275-9200.

11. English Clerk -do- -do-

12. Civil Nazir -do- -do-

13. Translator -do- -do-

14. Record Keeper -do- -do-7395 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 Sr. Category Classification Pay Scale w. e. f. 1-4-2003 No.

15. Senior Assistant -do- -do-

16. Leave Reserve -do- 3120-100-3220-110-3660- Clerk/Clerks 120-4260-140-4400-150-

5000-160-5160 with start of Rs. 3220/-.

17. Ahlmad -do- -do- (Record Keeper)

18. Assistant English -do- -do- Clerk

19. Ahlmad/Cr. -do- -do- Ahlmad

20. Court Nazir -do- -do-

21. Copyist -do- -do-

22. Naib Nazir -do- -do-

23. Clerk-cum-Typist -do- -do-

24. Nazir

-do -do-

25. Summary Clerk -do- -do-

26. Paid Candidate -do- -do-

27. Guardian Clerk -do- -do-

28. Execution Clerk -do- -do-

29. Bailiff

-do- 3120-100-3220-110-3660- 120-4260-140-4400-150- 5000-160-5160.

30. Driver

-do- 3330-110-3660-120-4260- 140-4400-150-5000-160- 5800-200-6200.

31. Daftri Class-IV 2820-100-3220-110-3660- Non-Gazetted 120-4260-140-4400.

32. Process Server -do- -do-

33. Orderly -do- 2520-100-3220-110-3660-

120-4140 with start of Rs. 2620/-.

7396 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 Sr. Category Classification Pay Scale w. e. f. 1-4-2003 No.

34. Peon

-do- -do-

35. Mali

-do- -do-

36. Chowkidar -do- -do-

37. Safai Karamchari -do- -do-

38. Chowkidar-cum- -do- -do- .". Safai Karamchari

________

STATEMENT OF OBJECTS AND REASONS

The Non-Gazetted Judicial Employees Welfare Association had filed CWP No. 10740/2011 in the High Court of Himachal Pradesh seeking relief that the recommendations of the First National Judicial Pay Commission i.e. Shetty Pay Commission be implemented. The said Petition was decided by the Hon'ble High Court vide its judgement dated 3-1-2014 in favour of the Association. Vide this judgement, the Hon'ble Court quashed and set aside section 3 of the Himachal Pradesh, Subordinate Courts' Employees (Pay, Allowance and other Conditions of Service) Act, 2005 to the extent that it overrules the directions of the Supreme Court to implement the Shetty Commission recommendations. The High Court also directed to implement the recommendations of the Shetty Commission on and w.e.f. 1st April, 2003.

In order to comply with the directions of the Hon'ble High Court dated 3-1-2014 delivered in CWP No. 10740/2011, titled as H.P. Non-Gazetted Judicial Employees Welfare Association vrs. State of Himachal Pradesh & another, it has been decided to amend section 3 of the Act ibid and to substitute the Schedule appended to the said Act. Further, a proviso is also proposed to be inserted below sub-section (1) of section 3 of the Act to allow one additional increment to the categories of employees to whom the Shetty Commission has not recommended higher pay scales. Further, it has also been decided to empower the State Government to amend or substitute the Schedule, by notification, as and when required. This has necessitated amendments in the Act ibid.

This Bill seeks to achieve the aforesaid objective.

(VIRBHADRA SINGH) Chief Minister.

Place : Shimla :

The....................., 2015.

_______

EXTRACT OF THE PROVISIONS OF THE HIMACHAL PRADESH SUBORDINATE

COURTS' EMPLOYEES (PAY, ALLOWANCES AND OTHER CONDITIONS OF

SERVICE) ACT, 2005 (ACT NO. 3 OF 2006) LIKELY TO BE AFFECTED BY THIS BILL

Section :

7397 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

3. Pay, allowances and other conditions of service.—(1) Notwithstanding anything contained in any rules regulating the pay, allowances and other conditions of service or any judicial order or judgment passed by any competent court, the Subordinate Courts' employees shall be paid pay scales, as specified in the Schedule.

(2) The rates of allowances and other conditions of service of the Subordinate Courts' employees shall be such as may be prescribed.

SCHEDULE

[See sections 2( e) and 3(1)]

Pay Scales admissible to Subordinate Courts' Employees

Master Scale: 2520-100-3220-110-3660-120-4260-140-4400-150-5000-160-5800-200-7000-

220-8100-275-10300-340-12000-375-13500-400-15900-450-18600-500-23600.

Sr. Category Classification Pay Scale No.

1. Superintendent Grade-I Class-I 7220-220-8100-275-10300-340-11660. Gazetted

2. Superintendent Grade-II Class-II 6400-200-7000-220-8100-275-10300- Non-Gazetted 340-10640.

3. Personal Assistant -do- -do-

4. Reader Class-III 5800-200-7000-220-8100-275-9200 5. English Clerk

-do- -do-

6. Civil Nazir

-do- -do-

7. Translator

-do- -do-

8. Record Keeper -do- -do-

9. Senior Assistant -do- -do-

10. Senior Scale Stenographer -do- -do-

11. Junior Scale Stenographer -do- 4400-150-5000-160-5800-200-7000.

12. Steno-Typist

-do- 3330-110-3660-120-4260-140-4400- 150-5000-160-5800-200-6200.

13. Leave Reserve Clerk/ -do- 3120-100-3220-110-3660-120-4260- Clerks

140-4400-150-5000-160-5160 with start of Rs. 3220/-.

14. Ahlmad (Record Keeper) -do- -do- 7398 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 Sr. Category Classification Pay Scale No.

15. Assistant English Clerk -do- -do-

16. Ahlmad/Cr. Ahlmad -do- -do-

17. Court Nazir

-do- -do-

18. Copyist

-do- -do-

19. Naib Nazir

-do- -do-

20. Clerk-cum-Typist -do- -do-

21. Nazir

-do -do-

22. Summary Clerk -do- -do-

23. Paid Candidate -do- -do-

24. Guardian Clerk -do- -do-

25. Execution Clerk -do- -do-

26. Bailiff

-do- 3120-100-3220-110-3660-120-4260- 140-4400-150-5000-160-5160.

27. Driver

-do- 3330-110-3660-120-4260-140-4400- 150-5000-160-5800-200-6200.

28. Daftri Class-IV 2820-100-3220-110-3660-120-4260-

140-4400.

29. Process Server Class-IV 2720-100-3220-110-3660-120-4260.

30. Orderly Class-IV 2520-100-3220-110-3660-120-4140

with start of Rs. 2620/-.

31. Peon Class-IV -do-

32. Mali Class-IV -do-

33. Chowkidar Class-IV -do-

34. Safai Karamchari Class-IV -do-

35. Chowkidar-cum-Safai Class-IV -do- Karamchari7399 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय

अधिसूचना

शिमला, 30 मार्च, 2015

संख्याः वि0स0-विधायन-सरकारी विधेयक/1-12/2015.--हिमाचल प्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली, 1973 के नियम 140 के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2015 (2015 का विधेयक संख्यांक 6) जो आज दिनांक 30 मार्च, 2015 को हिमाचल प्रदेश विधान सभा में पुरःस्थापित हो चुका है, सर्व-साधारण की सूचनार्थ राजपत्र में मुद्रित करने हेतु प्रेषित किया जाता है।

हस्ताक्षरित/- सचिव, हि0 प्र0 विधान सभा।

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2015 का विधेयक संख्यांक 6 हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2015

(विधान सभा में पुरःस्थापित रूप में)

हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम, 2005 (2005 का अधिनियम संख्यांक 12) का और संशोधन करने के लिए विधेयक।

भारत गणराज्य के छियासठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :--

1. संक्षिप्त नाम.--इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) अधिनियम, 2015 है।

2. धारा 4 का संशोधन.--हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम, 2005 (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ "मूल अधिनियम" कहा गया है) की धारा 4 की उपधारा (6) के खण्ड (ग) में, "5,00,000/-'' अंकों और चिन्हों के स्थान पर "8,00,000/-" अंक और चिन्ह रखे जाएंगे।

3. धारा 7 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 7 के द्वितीय परन्तुक के स्थान पर निम्नलिखित परन्तुक रखा जाएगा, अर्थात्‌ः--

"परन्तु यह और कि रजिस्ट्रीकृत व्यौहारी, जो विक्रय के लिए माल का आयात करता है, राज्य के बाहर से आयात किए गए ऐसे माल के विक्रय पर, वास्तविक आधार पर अर्थात्‌ राज्य के भीतर ऐसे माल के विक्रय पर लागू कर के अनुसार, कर का संदाय करेगा।"।

4. धारा 21 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 21 में,-

(क) उपधारा (1) में, "तो व्यौहारी" शब्दों के पश्चात्‌ "विहित रीति में" शब्द अन्तःस्थापित किए जाएंगे;

(ख) उपधारा (1) के परन्तुक में, "पन्द्रह दिन" शब्दों के स्थान पर "तीस दिन" शब्द रखे जाएंगे;

और 7400 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 (ग) उपधारा (1) के परन्तुक के पश्चात्‌ आए विद्यमान स्पष्टीकरण का लोप किया जाएगा। 5. धारा 34 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 34 की उपधारा (12) के प्रथम परन्तुक में, "बाहर जाने वाले" शब्दों के पश्चात्‌ "या प्रवेश करने वाले" शब्द अन्तःस्थापित किए जाएंगे।

6. नई धारा 50-क का अन्तःस्थापन.--मूल अधिनियम की धारा 50 के पश्चात्‌ निम्नलिखित नई धारा अन्तःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :--

"50-क. कर पहचान संख्या की लॉंिकंग और ई-सर्विसिज का स्थगन.-(1) धारा 50 में किसी बात के होते हुए भी, कोई भी व्यक्ति जो इस अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत है, अधिनियम के अधीन संदेय किसी कर, शास्ति या ब्याज को संदत्त करने में असफल रहता है या विहित तारीख तक विवरणी (विवरणियों) को प्रस्तुत करने में असफल रहता है या उसने अपूर्ण या गलत विवरणी दाखिल की है या विभाग द्वारा प्रयोग किए जा रहे सॉफ्टवेयर में उपलब्ध डाटा के अनुसार संव्यवहार संचालित तो किए हैं किन्तु तत्स्थानी विवरणियाँ दाखिल नहीं की हैं या घोषित स्थान पर कोई कारबार संचालित नहीं किया जा रहा है और जानबूझकर नोटिस की तामील से बच रहा है या किसी नोटिस की अपेक्षाओं का पालन करने में असफल रहा है, तो विहित प्राधिकारी या निर्धारण प्राधिकारी अगले उच्चतर प्राधिकारी का अनुमोदन अभिप्राप्त करने के पश्चात्‌, किसी अन्य कार्रवाई, जो इस अधिनियम या तद्‌धीन बनाए गए नियमों के अधीन उसके विरूद्ध की जाए, पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, उसकी कर पहचान संख्या को लॉक कर सकेगा और या उसके द्वारा उपयोग की जा रही ई-सर्विसिज को, जैसा वह उचित समझे, स्थगित कर सकेगा :

परन्तु ऐसे प्राधिकारी द्वारा कर पहचान संख्या की लॉकिंग और या ई-सर्विसिज के स्थगन के तुरन्त पश्चात्‌ सम्बद्ध व्यक्ति को की गई कार्रवाई के बारे में, उसके कारणों सहित सूचित करते हुए नोटिस जारी किया जाएगा। लॉक्ड कर पहचान संख्या और स्थगित की गई ई-सर्विसिज को, यथास्थिति, कर, ब्याज, शास्ति के संदाय या अतिशोध्य विवरणियों को प्रस्तुत करने के साक्ष्य को प्रस्तुत करने के तुरन्त पश्चात्‌ या किसी अन्य कार्रवाई, जो ऐसे व्यक्ति को करने के लिए निदेशित की गई है, की अनुपालना पर प्रत्यावर्तित कर दिया जाएगा।

(2) उन समस्त मामलों में जहां उप-नियम (1) के अधीन कर पहचान संख्या लॉक कर दी गई है या ई-सर्विसिज स्थगित कर दी गई हैं या प्रत्यावर्तित कर दी गई हैं तो ऐसा प्राधिकारी विभाग की वैबसाइट पर तथ्यों को प्रदर्शित करेगा और चौबीस घण्टे के भीतर आयुक्त को भी सूचित करेगा। स्पष्टीकरण.-इस धारा के प्रयोजन के लिए, "कर पहचान संख्या की लॉकिंग और ई-सर्विसिज के स्थगन" से सम्बद्ध व्यक्ति के माल के अन्तरराज्यिक संचलन पर अस्थायी रोेक लगाना और विभाग द्वारा सत्यापन, अनुपालन के प्रयोजन के लिए या किसी अन्य प्रयोजन के लिए उपलब्ध करवाई जा रही ई-सर्विसिज को रोकना अभिप्रेत है।"।

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उद्‌देश्यों और कारणों का कथन

हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 4 की उपधारा (5) का खण्ड (ग) लघु स्थापनों, जैसे कि होटल, रेस्तरां, बेकरी या अन्य समरुप स्थापनों, जिनमें चाय सहित, तैयार खाद्य पदार्थों को परोसा जाता है और जिनका वर्ष के दौरान सकल आवर्त 5,00,000/- (पांच लाख) रुपए तक है, को रजिस्ट्रीकरण करने से और कर का संदाय करने से छूट प्रदान करता है। यह पाया गया है कि 5,00,000/- (पांच लाख) रुपए की कराधेय राशि की यह सीमा बहुत कम है, इसलिए इसे बढ़ाकर 8,00,000/- (आठ लाख) रुपए तक करने का प्रस्ताव किया गया है। ऐसे व्यौहारियों का रजिस्ट्रीकरण, उनसे प्राप्य (प्राप्त हुई) आय के अननुपात में केवल कार्य की ही और वृद्धि करता है। इसलिए, ढाबों, हलवाई, चाय और चाट की दुकानों तथा अन्य भोजनालयों, जिनका वर्ष के दौरान सकल आवर्त आठ लाख रुपए तक है, को कर के7401 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 संदाय से छूट देना आवश्यक समझा गया है। इसके अतिरिक्त, यह भी न्यायसंगत और युक्तियुक्त समझा गया है कि एकमुश्त कर के संदाय की स्कीम को, अन्तरराज्यिक क्रय करने वाले व्यौहारियों को, विकल्प देने हेतु समर्थ बनाने के लिए, विस्तारित किया जाए जिसके परिणामस्वरूप राजस्व की वसूली करना सरल हो जाएगा। बहुउद्‌देशीय बैरिअरों पर भीड़ कम करने के दृष्टिगत और इसके अतिरिक्त, अन्तरराज्यिक व्यापार और वाणिज्य के क्रम में कारबार करने वाले व्यौहारियों को परेशानी रहित सेवाएं प्रदान करने हेतु यह उपबन्ध करना अनिवार्य समझा गया है कि राज्य की सीमाओं में प्रवेश करने वाले यान के स्वामियों या माल वाहन या जलयान के प्रभारी व्यक्ति द्वारा और जिसने विभाग की ऑफिशियल वैबसाइट के माध्यम से इलैक्ट्रॉनिकली प्ररुप मू. प. क. 26-क में यान या जलयान में लाए गए माल की पूर्ण घोषणा कर दी है, द्वारा ऐसे यान को किसी चैक पोस्ट या बैरिअर पर रोकना अनिवार्य नहीं होगा, तथापि चैक पोस्ट या बैरिअर का प्रभारी अधिकारी या चैक पोस्ट या बैरिअर पर तैनात आबकारी एवं कराधान निरीक्षक की पंक्ति से अन्यून कोई अधिकारी, यदि अपेक्षित हो, तो धारा 34 के प्रयोजन के लिए ऐसे यान या जलयान को रोक सकेगा। इस प्रकार, धारा 34 के उपबन्धों को माल की इलेक्ट्रॉनिकली घोषणा की प़द्धति के अनुरूप लाने के आशय से उपयुक्त संशोधन करने अनिवार्य समझे गए हैं। इसके अतिरिक्त निर्णीत निर्धारण के लिए प्रक्रिया को कारगर बनाने और इससे सम्बन्धित प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु और निर्धारण के प्रयोजन के लिए ऐसे व्यौहारियों को कार्यालय में बुलाने की अपेक्षा से अभिमुक्ति देने के लिए पूर्वोक्त अधिनियम में सामथ्र्यकारी उपबन्ध करना अनिवार्य समझा गया है। इसके अतिरिक्त दक्ष कर प्रशासन की व्यवस्था करने और बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करने के आशय से निर्धारण प्राधिकारी को कर पहचान संख्या (टिन) को लॉक करने और व्यतिक्रमी और अनुत्तरदायी व्यौहारियों की दशा में ई-सर्विसिज स्थगित करने हेतु अनुज्ञात किया जाना प्रस्तावित है। इसलिए पूर्वोक्त अधिनियम को तद्‌नुसार संशोधित करने का विनिश्चय किया गया है।

यह विधेयक उपर्युक्त उद्‌देश्यों की पूर्ति के लिए है।

(प्रकाश चौधरी) प्रभारी मन्त्री। शिमला : तारीख : ..............................., 2015

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इस संशोधन विधेयक द्वारा संभाव्य प्रभावित होने वाले हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम, 2005 (2005 का अधिनियम संख्यांक 12) के उपबन्धों के उद्धरण

धाराएं :

4. कर का भार.-(1) धारा 6, 7 और धारा 16 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अध्यधीन, प्रत्येक व्यौहारी (धारा 9 के अधीन कर मुक्त घोषित माल में अनन्य रूप से कारबार कर रहे के सिवाए) जिसका सकल आवर्त इस अधिनियम के प्रारम्भ से ठीक पूर्ववर्ती वर्ष के दौरान कराधेय मात्रा से अधिक था, इस अधिनियम के प्रवृत्त होने के पश्चात्‌्‌ किए गए सभी विक्रयों और क्रयों पर इस अधिनियम के अधीन कर संदत्त करने का दायी होगा।

(2) प्रत्येक व्यौहारी जो धारा 9 के अधीन कर-मुक्त घोषित किए गए माल का अनन्य रूप से कारबार नहीं करता है तो वह इस अधिनियम के अधीन उस तारीख से, जिससे उसका सकल आवर्त किसी भी वर्ष में कराधेय मात्रा से प्रथमतः अधिक हो जाता है, कर संदत्त करने का दायी होगा।

(3) उप-धारा (1) और (2) में किसी बात के होते हुए भी, किसी माल के विक्रय पर कोई कर उद्‌गृहीत नहीं किया जाएगा यदि इस अधिनियम के अधीन उनके क्रय पर कर उद्‌गृहीत किया गया है। (4) प्रत्येक व्यौहारी, जो इस अधिनियम के अधीन कर संदत्त करने का दायी हो गया है, तीन क्रमवर्ती वर्षों के अवसान तक, जिनमें से प्रत्येक वर्ष के दौरान उसका सकल आवर्त कराधेय मात्रा से अधिक 7402 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 होने में असफल रहा है और ऐसे अवसान की तारीख के पश्चात्‌ ऐसी अतिरिक्त अवधि तक, जैसी विहित की जाए, इस प्रकार दायित्वाधीन बना रहेगा और इसके पश्चात्‌्‌वर्ती अवधि के अवसान पर उसका कर देने का दायित्व समाप्त हो जाएगा।

(5) प्रत्येक व्यौहारी, जिसका उप-धारा (4) के उपबन्धों के अधीन कर संदत्त करने का दायित्व समाप्त हो गया है, इस अधिनियम के अधीन उस तारीख से, जिसको उस का सकल आवर्त प्रथमतः कराधेय मात्रा से अधिक हो जाता है, कर संदत्त करने का पुनः दायी होगा।

(6) इस अधिनियम में, 'कराधेय मात्रा' पद से अभिप्रेत है,-

(क) किसी व्यौहारी के सम्बन्ध में, जो किसी माल के विक्रय के लिए अथवा विनिर्माण या प्रसंस्करण में उपयोगार्थ हिमाचल प्रदेश में किसी माल का आयात करता है ... एक रुपया;

(ख) किसी व्यौहारी के सम्बन्ध में, जो विक्रय के लिए किसी माल का स्वयं विनिर्माण या उत्पादन करता है ... 4,00,000/- रुपये;

(ग) किसी व्यौहारी के सम्बन्ध में, जो होटल, रेस्तरां, बेकरी या अन्य ऐसा ही स्थापन चलाता है, जिसमें चाय सहित तैयार खाद्य पदार्थ परोसे जाते है ... 5,00,000/- रुपये;

(घ) खण्ड (क), (ख), और/या (ग) के अन्तर्गत न आने वाले व्यौहारियों के किसी विशिष्ट वर्ग के सम्बन्ध में, ऐसी राशि जो विहित की जाए; या

(ङ) किसी अन्य व्यौहारी के सम्बन्ध में ... 8,00,000/- रुपयेे :

परन्तु इस खण्ड के अधीन पहले से ही रजिस्ट्रीकृत व्यौहारियों का रजिस्ट्रीकरण तब तक रद्‌्‌द नहीं किया जाएगा जब तक कि उनका आवर्त प्रत्येक तीन क्रमवर्ती वर्षों में उप-धारा (4) के अधीन उन्हें रद्‌्‌दकरण का हकदार नहीं बनाता है।

7. उपधारणात्मक कर का उद्‌ग्रहण.-इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यौहारी, जिसका सकल आवर्त किसी भी वर्ष में ऐसी रकम से अधिक नहीं होता है, जो विहित की जाए, इस अधिनियम के अधीन संदेय कर के बदले, यथास्थिति, विक्रयों या क्रयों की सम्पूर्ण कराधेय आवर्त पर, धारा 6 में विनिर्दिष्ट दरों से अनधिक, ऐसी दरों पर, जिन्हें राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे, और ऐसी शर्तों और निर्बन्धनों के अध्यधीन और ऐसी रीति में जो विहित की जाएं, उपधारणात्मक कर संदत्त करेगा :

परन्तु ऐसे व्यौहारियों को कोई आगत कर प्रत्यय (इनपुट टैक्स क्रैडिट) उपलब्ध नहीं होगा :

परन्तु यह और कि ईंट भट्‌्‌ठा स्वामी के सिवाय कोई भी रजिस्ट्रीकृत व्यौहारी, जो विक्रय के लिए या विक्रय के लिए किसी भी प्रकार के माल के विनिर्माण या प्रसंस्करण में प्रयोग के लिए किसी माल का आयात करता है, तो वह इस धारा के अधीन उपधारणात्मक कर का संदाय करने का हकदार नहीं होगा। 21. कर का निर्धारण.-(1) व्यौहारी द्वारा दाखिल की गई विवरणियों को सम्यक्‌ रूप से विहित रीति में अभिस्वीकृत किया जाएगा और जहां किसी भी वर्ष से सम्बन्धित समस्त विवरणियां दाखिल कर दी है और तात्विक विशिष्टियों में सही और पूर्ण है तो व्यौहारी, उपधारा (2) के उपबन्धों के अध्यधीन, उस वर्ष के लिए निर्धारित किया गया समझा जाएगा :

परन्तु जहां विवरणियां तात्विक विशिष्टियों में पूर्ण नहीं हैं तो व्यौहारी को नोटिस की तामील से पन्द्रह दिन के भीतर उन्हें पूर्ण करने का अवसर दिया जाएगा ।

स्पष्टीकरण.-उपधारा (1) के प्रयोजन के लिए विवरणी.--7403 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 (i) तभी सही समझी जाएगी यदि इसका संस्करण (वर्शन) व्यौहारी द्वारा अनुरक्षित लेखों के अनुरूप है और लेखा संस्करण (अकाउन्ट वर्शन) आगामी वर्ष के 31 दिसम्बर तक अभिलेख पर उपलब्ध किसी प्रतिकूल सूचना द्वारा अधिक्षिप्त नहीं किया जा सकता है;

और;

(ii) तात्विक विशिष्टियों में, तभी पूर्ण समझी जाएगी यदि इसमें प्रस्तुत की जाने के लिए अपेक्षित समस्त सूचना, अंकगणितीय रूप में सही है और वैधानिक या विहित सूचियां, दस्तावेज तथा विवरणियों के अनुसार देय कर की पूर्ण रकम के संदाय का सबूत इनके साथ संलग्न और व्यौहारी द्वारा सम्यक्‌ रूप से हस्ताक्षरित है।

(2) राज्य सरकार उप-धारा (1) में विनिर्दिष्ट व्यौहारियों द्वारा दाखिल विवणियों की समीक्षा हेतु मामलों के चयन की रीति विहित कर सकेगी और निधार्रण प्राधिकारी, प्रत्येक चयनित मामले की बाबत, व्यौहारी पर विहित रीति में नोटिस की तामील करेगी जिसमें, उससे विनिर्दिष्ट तारीख और स्थान पर या तो व्यक्तिगत रूप में उपस्थित होने या ऐसे किसी साक्ष्य, जिस पर ऐसा व्यौहारी उपधारा (1) के अधीन उस द्वारा दाखिल विवरणियों के समर्थन में निर्भर रह सकेगा, पेश करने या पेश करवाने की अपेक्षा की जाएगी और व्यौहारी की सुनवाई करने तथा उस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य (सबूत) पर विचार करने के पश्चात्‌, उससे देय कर की रकम, यदि कोई हो, का निर्धारण करेगा।

(3) इस अधिनियम में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, यदि सरकार लोक हित में ऐसा करना आवश्यक और समीचीन समझे तो यह किसी व्यौहारी की बाबत, जिसका सकल आवर्त एक वर्ष में ऐसी रकम से अधिक नहीं होता है, जिसे सरकार, किसी भी वर्ष के लिए स्वतः निर्धारण स्कीम, जिसे इस अधिनियम के अधीन अधिसूचित किया जा सकेगा, में विनिर्दिष्ट कर सकेगी :

परन्तु यह कि यदि कोई व्यौहारी, जिसका कराधेय आवर्त्ा स्वतः निर्धारण स्कीम के अधीन निर्धारित किया गया है, कर का अपवंचन करते पाया जाता है, तो निर्धारण प्राधिकारी ऐसे व्यौहारी को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करने के पश्चात्‌ उसे निर्धारित कर की रकम के अतिरिक्त, शास्ति के रूप में, राशि जो सौ प्रतिशत से कम नहीं होगी परन्तु जो अपवंचित और निर्धारित पाई गई कर की रकम के डेढ़ गुणा से अधिक नहीं होगी, संदत्त करने का निदेश देगा।

(4) निर्धारण प्राधिकारी व्यौहारी को, जो उप-धारा (1) के अधीन न आता हो, विहित रीति में नोटिस की तामील करेगा जिसमें, उससे उसमें विनिर्दिष्ट तारीख और स्थान पर या तो व्यक्तिगत रूप में उपस्थित होने या ऐसे किसी साक्ष्य, जिस पर ऐसा व्यौहारी अपनी विवरणिाों के समर्थन में निर्भर रह सकेगा, को पेश करने या पेश करवाने की अपेक्षा की जाएगी और ऐसे साक्ष्य, जिसे व्यौहारी प्रस्तुत कर सकेगा, और ऐसा अन्य साक्ष्य, जिसकी निर्धारण प्राधिकारी विनिर्दिष्ट प्रश्नों (प्वांइन्टस) पर अपेक्षा करे, की सुनवाई करने के पश्चात्‌, व्यौहारी से देय रकम का निर्धारण करेगा।

(5) यदि कोई व्यौहारी, जिसने किसी अवधि के बारे में विवरणियां दे दी हों, उप-धारा (2) या (4) के अधीन जारी किए गए नोटिस के निबन्धनों का अनुपालन करने में असफल रहता है, तो निर्धारण प्राधिकारी, ऐसी अवधि के अवसान के पश्चात्‌ पांच वर्ष के भीतर, व्यौहारी से देय कर की रकम को अपनी सर्वोत्तम विवेक-बुद्धि के अनुसार, निर्धारित करने के लिए अग्रसर होगा।

(6) यदि कोई व्यौहारी, किसी अवधि के बारे में विहित तारीख तक विवरणियां नहीं देता है, तो निर्धारण प्राधिकारी, ऐसी अवधि के अवसान के पश्चात्‌, पांच वर्ष के भीतर व्यौहारी को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देने के पश्चात्‌, अपनी सर्वोत्तम विवेक-बुद्धि के अनुसार, व्यौहारी से देय कर की रकम, यदि कोई हो, निर्धारित करने के लिए अग्रसर होगा।

(7) यदि किसी सूचना पर, जो उसके कब्जे में आई है, निर्धारण प्राधिकारी का समाधान हो जाता है, कि कोई व्यौहारी किसी अवधि के बारे में इस अधिनियम के अधीन कर संदत्त करने का दायी है, किन्तु रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन करने में असफल रहा है, तो निर्धारण प्राधिकारी ऐसी अवधि के अवसान के 7404 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 पश्चात्‌्‌ पांच वर्ष के भीतर, व्यौहारी को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देने के पश्चात्‌्‌ ऐसी अवधि और पश्चात्‌्‌वर्ती सभी अवधियों के बारे में व्यौहारी से देयकर की रकम, यदि कोई हो, अपनी सर्वोत्तम विवेक-बुद्धि के अनुसार, निर्धारित करने के लिए अग्रसर होगा और उन मामलों में जहां ऐसा व्यौहारी रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन करने में जानबूझ कर असफल रहा है, वहां निर्धारण प्राधिकारी यह निदेश करेेगा कि व्यौहारी निर्धारित कर की रकम के अतिरिक्त, इस प्रकार निर्धारित कर की रकम के दुगुने तक की राशि किन्तु जो कर की रकम के एक सौ प्रतिशत से कम नहीं होगी, शास्ति के रूप में संदत्त करेगा।

(8) इस अधिनियम के अधीन संदेय किसी कर, शास्ति या ब्याज की रकम व्यौहारी द्वारा ऐसी तारीख तक, जो उस प्रयोजन के लिए निर्धारण प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए नोटिस में विनिर्दिष्ट की जाए, संदत्त की जाएगी और इस प्रकार विनिर्दिष्ट तारीख ऐसे नोटिस की तामील की तारीख से पन्द्रह दिन से कम नहीं होगी और तीस दिन से अधिक नहीं होगी :

परन्तु निर्धारण प्राधिकारी, सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त या जिले के प्रभारी आबकारी एवं कराधान अधिकारी के पूर्व अनुमोदन से ऐसे संदाय की तारीख को बढ़ा सकेगा किन्तु नब्बे दिन से अधिक नहीं, या पर्याप्त प्रतिभूति या बैंक गारन्टी के विरूद्ध तीन से अनधिक मासिक किश्तों द्वारा संदाय अनुज्ञात कर सकेगा।

(9) यदि इस अधिनियम के अधीन निर्धारित कर या उस की कोई किश्त, किसी व्यौहारी द्वारा, निर्धारण नोटिस या किश्तों में संदाय अनुज्ञात करने वाले आदेश में उस के लिए विनिर्दिष्ट समय के भीतर संदत्त नहीं की जाती है, तो आयुक्त या धारा 3 की उप-धारा (1) के अधीन उसकी सहायता करने के लिए नियुक्त कोई व्यक्ति ऐसे व्यौहारी का, सुनवाई का अवसर देने के पश्चात्‌ उस पर शास्ति अधिरोपित कर सकेगा जो उससे देय राशि से अधिक नहीं होगी किन्तु जो एक हजार रुपए से कम नहीं होगी।

(10) इस धारा के अधीन किया गया कोई निर्धारण इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित किसी शास्ति पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।

34. चैक पोस्टों या बैरिअरों की स्थापना और अभिवहन में माल का निरीक्षण.-(1) यदि, इस अधिनियम के अधीन कर के अपवंचन को निवारित करने या उसकी जांच पड़ताल करने की दृष्टि से, राज्य सरकार ऐसा करना आवश्यक समझती है तो, वह अधिसूचना द्वारा, किसी ऐसे स्थान या स्थानों पर, जो अधिसूचित किए जाएं, चैक पोस्ट की स्थापना या किसी बैरिअर के परिनिर्माण अथवा दोनों के लिए निदेश दे सकेगी। (2) माल गाड़ी या जलयान का स्वामी या भारसाधक व्यक्ति, यथास्थिति, माल गाड़ी अभिलेख, यात्रा पत्र, या लॉगबुक और कारबार के प्रयोजन के लिए ऐसे माल के बारे में जो, यथास्थिति, माल गाड़ी या जलयान में ले जाया जा रहा है, विक्रय बिल या ऐसी विशिष्टियों से युक्त परिदान नोट, जैसा विहित किया जाए, अपने साथ रखेगा और उसे चैक पोस्ट या बैरिअर के प्रभारी अधिकारी अथवा किसी स्थान पर, यान या जलयान की जांच करने वाले, किसी अन्य अधिकारी, जो आबकारी एवं कराधान निरीक्षक की पंक्ति से नीचे का न हो, के समक्ष प्रस्तुत करेगा ।

(2-क) राज्य की राज्य क्षेत्रीय सीमाओं में प्रवेश करने वाले या राज्य की राज्य क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर निकलने वाले माल यान या जलयान का स्वामी या भारसाधक व्यक्ति, इस धारा के प्रयोजनों के लिए, केवल निकटतम चैक पोस्ट या बैरिअर से ही गुजरेगा, ऐसा न करने पर ऐसा स्वामी या भारसाधक व्यक्ति, इस धारा के लिए उपबन्धित किसी अन्य शास्ति के अतिरिक्त, माल के मूल्य के दस प्रतिशत के बराबर या दस हजार रुपए, जो भी अधिक हो, शास्ति संदत्त करने के लिए दायी होगा।

(3) जब उप-धारा (2) में निर्दिष्ट किसी अधिकारी द्वारा ऐसी अपेक्षा की जाए, जो प्रत्येक चैक पोस्ट या बैरिअर अथवा किसी अन्य स्थान पर, मालगाड़ी या जलयान का चालक या कोई अन्य भारसाधक व्यक्ति, यथास्थिति, यान या जलयान को रोकेगा और उसे उतनी देर तक, जितनी युक्तियुक्त रूप में आवश्यक हो खड़ा रखेगा और चैक पोस्ट या बैरिअर के भार साधक अधिकारी या पूर्वोक्त अधिकारी को यान या जलयान में रखी अन्तर्वस्तु का पैकेज या पैकेजों को खोल कर, यदि आवश्यक हो, परीक्षण करना अनुज्ञात करेगा और7405 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 वहन किए गए माल से सम्बन्धित समस्त अभिलेखों का निरीक्षण करेगा जो चालक या अन्य भारसाधक व्यक्ति के कब्जे में हो, वह ऐसी अन्य सूचना भी देगा जैसी उपर्युक्त अधिकारी द्वारा अपेक्षित हो, और यदि आवश्यक समझा जाए तो ऐसा अधिकारी मालगाड़ी या जलयान और माल के या यान के या जलयान के चालक या अन्य भारसाधक व्यक्ति की तलाशी भी ले सकेगा।

(4) राज्य की सीमाओं में प्रवेश करने वाली या राज्य की सीमाओं से बाहर निकलने वाली मालगाड़ी या जलयान या स्वामी या भारसाधक व्यक्ति चैक पोस्ट या बैरिअर के भारसाधक अधिकारी के समक्ष तीन प्रतियों में एक घोषणा (इलैक्ट्रोनिकली तैयार की गई या अन्यथा) भी देगा, जिसमें, यथास्थिति, ऐसे यान या जलयान में ले जाए जा रहे माल की ऐसी विशिष्टियां होंगी, जो विहित की जाएं, और उक्त अधिकारी द्वारा सम्यक्‌ रूप से सत्यापित और उसे लौटाई गई उक्त घोषणा की प्रति उसे या इस धारा के अधीन जांच पड़ताल के समय उप-धारा (2) में निर्दिष्ट किसी अन्य अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा :

परन्तु जहां राज्य के बाहर किसी स्थान को जाने वाली माल गाड़ी या जलयान राज्य में से होकर गुजरता है, वहां ऐसी मालगाड़ी या जलयान का स्वामी या भारसाधक व्यक्ति, राज्य में अपने प्रवेश की, चैक पोस्ट या बैरिअर के प्रभारी अधिकारी को, विहित प्ररूप में, एक घोषणा दो प्रतियों में देगा और उससे सम्यक्‌ रूप से सत्यापित एक प्रति अभिप्राप्त करेगा । यथास्थिति, मालगाड़ी या जलयान का स्वामी या भारसाधक व्यक्ति राज्य से बाहर अपने निकासी के स्थल पर उक्त प्रति, चैक पोस्ट या बैरिअर के भारसाधक अधिकारी को बहत्तर घण्टों के भीतर परिदत्त करेगा, ऐसा न करने पर वह प्रवेश के चैक पोस्ट या बैरिअर के भारसाधक अधिकारी द्वारा अधिरोपित की जाने वाली शास्ति, जो माल के मूल्य के पचास प्रतिशत के बराबर होगी, संदत्त करने का दायी होगा :

परन्तु यह और कि कोई भी शास्ति तब तक अधिरोपित नहीं की जाएगी जब तक सम्बद्ध व्यक्ति को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर नहीं दे दिया गया है :

परन्तु यह और कि जहां ऐसे यान द्वारा वहन किया गया माल, राज्य में उसके प्रवेश के पश्चात्‌, किसी यान या वाहन द्वारा राज्य से बाहर वाहित किया जाता है, तो यान या जलयान के स्वामी या भारसाधक व्यक्ति पर यह साबित करने का भार होगा कि माल वास्तव में राज्य से बाहर गया है।

(5) किसी रेल सीमान्त या डाकघर से भिन्न, माल परिवहन के प्रत्येक स्टेशन, बस-अड्‌डे या माल चढ़ाने या उतारने के किसी अन्य स्टेशन या स्थान पर, जब आयुक्त द्वारा या धारा 3 की उप-धारा (1) के अधीन उसकी सहायता करने के लिए नियुक्त किसी व्यक्ति द्वारा जब ऐसी अपेक्षा की जाए तब मालगाड़ी का चालक या स्वामी या परिवहन कम्पनी अथवा माल बुकिंग अभिकरण का कर्मचारी, उस द्वारा विहित रीति में रखी गई और वहन, परिवहन किए गए, चढ़ाए गए, उतारे गए, पारेषित या परिवहन के लिए प्राप्त माल से सम्बद्ध परिवहन की रसीदें, और अन्य सभी दस्तावेज तथा लेखा बहियां (जो उस द्वारा विहित रीति से रखी गई है) परीक्षण के लिए प्रस्तुत करेगा। आयुक्त या इस प्रकार नियुक्त व्यक्ति को ऐसी परिवहन रसीदें या अन्य दस्तावेज अथवा लेखा बहियां, वहन किए गए, परिवहन किए गए, चढ़ाए गए, उतारे गए, या पारेषित या परिवहन के लिए प्राप्त माल के बारे में परीक्षण के प्रयोजन के लिए ऐसे माल के किसी पैकेज या किन्हीं पैकेजों को तोड़ने की शक्ति प्राप्त होगी।

(6) यदि चैक पोस्ट या बैरिअर के भारसाधक अधिकारी या उप-धारा (2) में वर्णित अन्य अधिकारी के पास यह सन्देह करने का कारण हो कि परिवहन के अधीन माल कारबार के लिए है और, यथास्थिति, उप-धारा (2) या उप-धारा (4) में यथावर्णित समुचित और वास्तविक दस्तावेजों के अन्तर्गत नहीं आते हैं, या माल वहन करने वाला व्यक्ति इस अधिनियम के अधीन देय कर के संदाय का अपवंचन करने का प्रयत्न कर रहा है, तो वह कारण अभिलिखित करते हुए और उक्त व्यक्ति को सुनने के पश्चात्‌ परन्तु बैरिअर के प्रभारी आबकारी एवं कराधान अधिकारी के पूर्व अनुमोदन के अध्यधीन ऐसी अवधि के लिए जो युक्तियुक्त रूप से आवश्यक हो, माल को उतारने और निरूद्ध रखने का आदेश कर सकेगा और कर की रकम सुनिश्चित करने के लिए, माल के स्वामी या उसके प्रतिनिधि अथवा माल के स्वामी की ओर से यान या जलयान के चालक अथवा अन्य भारसाधक व्यक्ति द्वारा, उसकी तुष्टि की प्रतिभूति माल के मूल्य के पच्चीस प्रतिशत के बराबर नकद या बैंक गारण्टी या बैंक ड्राफ्ट के रूप में देने पर ही उसे वहन करना अनुज्ञात करेगा :

7406 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 परन्तु जहां किसी माल को निरूद्ध किया जाता है, वहां माल निरूद्ध करने वाले अधिकारी द्वारा, यथास्थिति, जिला के प्रभारी सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त या जिला या बैरिअर के प्रभारी आबकारी एवं कराधान अधिकारी को तुरन्त या किसी भी दशा में माल निरूद्ध करने के चौबीस घण्टे के भीतर, रिपोर्ट की जाएगी, जब कभी माल को चौबीस घण्टे से अधिक की किसी अवधि के लिए निरूद्ध करना अपेक्षित हो तो इसके पश्चात्‌ कथित की अनुज्ञा मांगी जाएगी और यदि पश्चात्‌ कथित से कोई प्रतिकूल सूचना प्राप्त नहीं होती, तो पहला यह धारणा कर सकेगा कि उसके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है।

(7) माल निरूद्ध करने वाला अधिकारी माल के स्वामी या उसके प्रतिनिधि अथवा चालक या माल गाड़ी अथवा जलयान के अन्य भारसाधक व्यक्ति द्वारा दिए गए कथन को, यदि कोई हो, अभिलिखित करेगा और उससे, यथास्थिति, उप-धारा (2) या उप-धारा (4) में यथा निर्दिष्ट समुचित और वास्तविक दस्तावेज विनिर्दिष्ट तारीख को अपने समक्ष, अपने कार्यालय में प्रस्तुत करने की अपेक्षा करेगा, जिस तारीख को अधिकारी सम्बद्ध अभिलेखों सहित कार्यवाही को ऐसे अधिकारी को, जिसे राज्य सरकार द्वारा विषय में आवश्यक जांच संचालित करने के लिए उस निमित्त प्राधिकृत किया जाए प्रस्तुत करेगा, उक्त अधिकारी जांच संचालित करने से पूर्व, माल के स्वामी पर एक नोटिस तामील करेगा और उसे सुनवाई का अवसर देगा और यदि, जांच के पश्चात्‌ ऐसे अधिकारी का यह निष्कर्ष हो कि इस अधिनियम के अधीन देय कर का अपवंचन करने का प्रयत्न किया गया है तो वह, आदेश द्वारा माल के स्वामी पर माल के मूल्य के पच्चीस प्रतिशत के बराबर शास्ति अधिरोपित करेगा और उस दशा में जब उसका निष्कर्ष अन्यथा हो माल को छोड़ देने का आदेश देगा।

(8) यदि माल का स्वामी या उसका प्रतिनिधि या माल गाड़ी या जलयान का चालक या अन्य भारसाधक व्यक्ति, माल या मालगाड़ी या जलयान को निरूद्ध करने की तारीख से दस दिन के भीतर उप-धारा (6) द्वारा यथा अपेक्षित प्रतिभूति नहीं देता है या बन्धपत्र निष्पादित नहीं करता है, तो उस उप-धारा में निर्दिष्ट अधिकारी माल को और आगे के लिए निरूद्ध करने का आदेश कर सकेगा और शास्ति अधिरोपित करने के आदेश की तारीख से बीस दिन के भीतर उप-धारा (7) के अधीन अधिरोपित शास्ति संदत्त न करने की दशा में निरूद्ध माल उस अधिकारी जिसने शास्ति अधिरोपित की है, विहित रीति में सार्वजनिक नीलामी द्वारा, शास्ति की वसूली के लिए, विक्रय किए जाने के लिए दायी होगा। यदि निरूद्ध माल नाशवान प्रकृति का है या शीघ्रता और प्रकृत्या क्षयशील है अथवा जब ऐसा संभाव्य है कि उसे अभिरक्षा में रखने का खर्च उसके मूल्य से अधिक होगा, तब, यथास्थिति, चैक पोस्ट या बैरिअर का भार साधक अधिकारी या उप-धारा (2) में निर्दिष्ट कोई अन्य अधिकारी, ऐसे माल को तुरन्त बेच देगा या उसका अन्यथा व्ययन करेगा । विक्रय आगम को सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा और माल का स्वामी, माल को निरूद्ध करने और व्ययन करने में उपगत खर्चे और अन्य आनुषंगिक प्रभारों में कटौती करने के पश्चात्‌ केवल आगम की अतिशेष रकम का हकदार होगा।

(9) माल-निरूद्ध करने वाला अधिकारी, माल के स्वामी या उसके प्रतिनिधि अथवा मालगाड़ी या जलयान के चालक या भारसाधक व्यक्ति को इस प्रकार निरूद्ध किए गए माल का विवरण और परिमाण विनिर्दिष्ट करते हुए रसीद जारी करेगा और ऐसे व्यक्ति से अभिस्वीकृति अभिप्राप्त करेगा या यदि ऐसा व्यक्ति अभिस्वीकृति देने से इन्कार करता है, तो दो साक्षियों की उपस्थिति में इन्कार करने का तथ्य अभिलिखित करेगा।

(10) यदि इसी बीच उप-धारा (6) के अधीन माल निरूद्ध करने या उप-धारा (7) या उप-धारा (8) के अधीन शास्ति अधिरोपित करने का आदेश अपील में या अन्य कार्यवाहियों में अपास्त या उपान्तरित कर दिया जाता है, तो, यथास्थिति, माल निरूद्ध करने वाला या शास्ति अधिरोपित करने वाला अधिकारी, यथास्थिति, ऐसी अपील में या अन्य कार्यवाहियों में किए गए आदेशों को प्रभावशील बनाने के लिए परिणामिक आदेश भी पारित करेगा ।

(11) कोई व्यौहारी या कोई व्यक्ति जिसके अन्तर्गत किसी व्यौहारी की ओर से कार्य करने वाला माल वाहक या परिवहन कम्पनी या बुकिंग अभिकरण का अभिकर्ता है, किसी जलयान, स्टेशन, विमान पतन या किसी अन्य स्थान से, चाहे समरूप प्रकृति का हो या अन्यथा, निजी सामान या निजी उपयोग के लिए माल से भिन्न, माल के किसी प्रेषण जिनका विक्रय या क्रय इस अधिनियम के अधीन कराधेय है, सिवाए ऐसी शर्तों के7407 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 अनुसार जो यह सुनिश्चित करने के लिए विहित की जाएं कि इस अधिनियम के द्वारा या इसके अधीन अधिरोपित कर का कोई अपवंचन नहीं किया है, परिदान नहीं लेगा या परिवहन नहीं करेगा :

परन्तु कोई भी स्थान, राज्य सरकार द्वारा इस प्रकार अधिसूचित नहीं किया जाएगा, जो रेल सीमान्त या डाकघर है।

(12) जहां मालयान या जलयान का कोई प्रभारी व्यक्ति, ऐसे समय के भीतर जो उपधारा (2) के अधीन यथा विनिर्दिष्ट चैक पोस्ट या बैरियर के भारसाधक अधिकारी या किसी अन्य अधिकारी द्वारा अपेक्षित हो माल का प्रेषण करने वाले या माल के प्रेषिती की बाबत उपधारा (2) के अधीन यथा अपेक्षित सूचना देने में असफल रहता है या माल का वहन बिना दस्तावेजों के या वास्तविक दस्तावेजों के बिना करता है, या उन बिलों के अन्तर्गत वहन किए जाने के लिए तात्पर्यित प्रेषण के बिना बैरिअर पर घोषणा के लिए बिल प्रस्तुत करता है, तो अधिकारी, जो आबकारी एवं कराधन अधिकारी की पंक्ति से नीचे का न हो, ऐसे भारसाधक व्यक्ति को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करने के पश्चात्‌, ऐसे माल के मूल्य के दस प्रतिशत के बराबर की रकम शास्ति के रूप में संदत्त करने का निदेश देगा :

परन्तु राज्य की सीमाओं से बाहर जाने वाले मालयान या जलयान के स्वामी या भारसाधक व्यक्ति से, जिसनेे यान में वहन किए जा रहे माल की पूर्ण घोषणा विभाग की ऑफिशियल वैबसाइट के माध्यम से इलैक्ट्रोनिकली मूल्य परिवर्धित कर प्ररूप 26-क में प्रस्तुत कर दी है, इस धारा के प्रयोजन के लिए चैक पोस्ट या बैरिअर पर यान या जलयान को रोकना अपेक्षित नहीं होगा :

परन्तु यह और कि चैक पोस्ट या बैरिअर का भारसाधक अधिकारी या चैक पोस्ट या बैरिअर पर तैनात कोई अन्य अधिकारी, जो आबकारी एवं कराधान निरीक्षक की पंक्ति से नीचे का न हो, यदि आवश्यक समझे, तो वह इस धारा के प्रयोजन के लिए यान या जलयान को रोक सकेगा, यान या जलयान का स्वामी या भारसाधक व्यक्ति इसे रोकेगा और इसको उतनी देर तक खड़ा रखेगा जितनी युक्तियुक्त रूप से आवश्यक हो, ऐसा न करने पर ऐसा स्वामी या भारसाधक व्यक्ति ऐसे अधिकारी द्वारा अधिरोपित की जाने वाली शास्ति, जो माल के मूल्य के दस प्रतिशत के बराबर या दस हजार रुपए, जो भी अधिकतम हो, संदत्त करने के लिए दायी होगा।

स्पष्टीकरण-I.—इस धारा में पद "मालगाड़ी" का वही अर्थ होगा जो मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 2 के खण्ड (14) में इसका है।

स्पष्टीकरण-II.—उप-धारा (2) के प्रयोजनों के लिए निजी उपयोग के प्रयोजनों के लिए माल का यह अर्थ नहीं लिया जाएगा कि यह कारबार के प्रयोजनार्थ है।

स्पष्टीकरण-III.—उप-धारा (7) के प्रयोजनों के लिए स्वामी के प्रतिनिधि या माल गाड़ी या जलयान के चालक अथवा अन्य भारसाधक व्यक्ति पर नोटिस की तामील माल के स्वामी पर विधिमान्य तामील समझी जाएगी।

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AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT

Bill No. 6 of 2015 THE HIMACHAL PRADESH VALUE ADDED TAX (AMENDMENT) BILL, 2015 (AS INTRODUCED IN THE LEGISLATIVE ASSEMBLY)

A7408 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 BILL

further to amend the Himachal Pradesh Value Added Tax Act, 2005 (Act No. 12 of 2005).

BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Sixty-sixth Year of the Republic of India as follows:—

1. Short title.—This Act may be called the Himachal Pradesh Value Added Tax (Amendment) Act, 2015.

2. Amendment of section 4.—In section 4 of the Himachal Pradesh Value Added Tax Act, 2005 (hereinafter referred to as the 'principal Act'), in sub-section (6), in clause (c), for the figures and signs "5,00,000/-", the figures and signs "8,00,000/-" shall be substituted.

3. Amendment of section 7.—In section 7 of the principal Act, for second proviso, the following proviso shall be substituted, namely:—

"Provided further that a registered dealer who imports goods for sale shall pay tax on the sale of such goods imported from outside the State on actual basis i.e. as per tax applicable on the sale of such goods within the State.".

4. Amendment of section 21.—In section 21 of the principal Act,–

(a) in sub-section(1), after the words, signs and figure "sub-section(2)", the words "in the manner prescribed" shall be inserted.;

(b) in proviso to sub-section (1), for the words "fifteen days", the words "thirty days" shall be substituted. ; and

(c) the Explanation appearing after proviso to sub-section(1) shall be omitted.

5. Amendment of section 34.—In section 34 of the principal Act, in sub-section (12), in first proviso, after the words "or vessel leaving", the words "or entering" shall be inserted.

6. Insertion of new section 50-A.—After section 50 of the principal Act, the following new section shall be inserted, namely:—

"50-A. Locking of Tax Identification Number and suspension of e-services.–(1) Notwithstanding anything contained in section 50, any person who is registered under this Act, fails to pay any tax, penalty or interest payable under the Act or fails to furnish return(s) by the prescribed date or has filed incomplete or incorrect return or has conducted transactions as per data available in the software being used by the Department but has not filed corresponding returns or no business at the declared place is being conducted or deliberately avoids service of notice or has failed to comply with the requirements of any notice, the prescribed authority or the Assessing Authority may, after obtaining the approval of the next higher authority, lock his Tax Identification Number and or suspend the e- services being availed by him as he deems fit, without prejudice to any other action which may be taken against him under this Act or the rules made thereunder:

Provided that a notice shall be issued immediately after locking of the Tax Identification Number and or suspension of e-services by such authority to the person concerned informing him about the action taken alongwith reasons thereof. The locked Tax7409 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 Identification Number and suspended e-services shall be restored immediately after furnishing evidence of payment of tax, interest, penalty or furnishing of overdue returns, or on compliance of any other action which such persons had been directed to take, as the case may be.

(2) In all cases where the Tax Identification Number has been locked and e-services suspended or restored under sub-section (1), such authority shall display the fact on the official website of the Department and also inform the Commissioner within twenty four hours.

Explanation.— For the purpose of this section, locking of Tax Identification Number and suspension of e-services means temporary stoppage of inter-state movement of goods of the concerned person and withholding of e-services being provided by the Department for the purpose of verification, compliance or for any other purpose.".

___________

STATEMENT OF OBJECTS AND REASONS

The Himachal Pradesh Value Added Tax Act, 2005, under clause (c) of sub-section (5) of section 4, exempt the small establishments such as hotel, restaurant, bakery or other similar establishments in which food preparations including tea is served and their gross turnover during the year is upto 5,00,000/- rupees, from registration and payment of tax. It is felt that this limit of taxable quantum of Rs.5,00,000/- is too low, therefore, the same is proposed to be increased to Rs.8,00,000/-. Registration of such dealers only creates more work disproportionate to the income realised from them. Thus, it is considered necessary to exempt dhabas, halwai, chai and chaat shops and other eateries having gross turnover upto 8 lakh rupees during the year from payment of tax. Apart from this, it has also been considered just and reasonable to extend the Scheme for payment of lump sum tax to the dealers making inter-state purchases enabling them to opt for this Scheme which will result in easy realization of revenue. With a view to ease the congestion at the multi purpose barriers and further to provide hassle free services to the dealers carrying business in the course of inter-state trade and commerce, it is considered necessary to make provision for the vehicle owners or person-in-charge of goods carriage or vessel entering the State limits and who has furnished full declaration of goods carried in vehicle or vessel in Form VAT XXVI-A electronically through official web-site of the department to not to stop such vehicle at the check post or barrier mandatorily, however, the said vehicle or vessel, if required by the officer -in-charge of the check-post or barrier or any officer not below the rank of Excise and Taxation Inspector posted at the check-post or barrier, for the purpose of section 34, shall stop such vehicle . Thus, in order to bring provision of section 34 in consonance with the system of electronically declaration of goods, it is considered necessary to carryout suitable amendments. Further to streamline the procedure for deemed assessment and to simplify the process related to the same, it is considered necessary to make enabling provisions in the Act ibid and to dispense with the requirement of calling such dealers to the office for the purpose of assessment. Further, in order to provide efficient tax administration and to ensure better compliance, the Assessing Authority is proposed to be allowed to lock Tax Identification Number (TIN) and suspend e-services in case of defaulting and non responsive dealers. As such, it has been decided to amend the act ibid accordingly.

This Bill seeks to achieve the aforesaid objectives.

Shimla: (PRAKASH CHAUDHARY) The , 2015. Minister-in-Charge.

7410 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 EXTRACT OF THE PROVISIONS OF THE HIMACHAL PRADESH VALUE ADDED TAX ACT, 2005 (ACT No. 12 OF 2005) LIKELY TO BE AFFECTED BY THIS AMENDMENT BILL

Sections :

4. Incidence of taxation.—(1) Subject to the provision of section 6,7, and sub-section (2) of section 16, every dealer (except one dealing exclusively in goods declared tax free under section 9) whose gross tunover during the year immediately preceding the commencement of this Act exceeded the taxable quantum shall be liable to pay tax under this Act on all sales effected and purchases made after the coming into force of this Act.

(2) Every dealer, who does not deal exclusively in goods declared to be tax free under section 9, shall be liable to pay tax under this Act from the date on which his gross turnover during any year first exceeds the taxable quantum.

(3) Notwithstanding anything contained in sub-sections(1) and (2) no tax on the sale of any goods shall be levied if a tax on their purchase is levied under this Act.

(4) Every dealer who has become liable to pay tax under this Act shall continue to be so liable until the expiry of three consecutive years during each of which his gross turnover has failed to exceed the taxable quantum and such further period after the date of such expiry as may be prescribed, and on the expiry of this later period his liability to pay tax shall cease.

(5) Every dealer, whose liability to pay tax has ceased under the provisions of sub-section (4), shall again be liable to pay tax under this Act with effect from the date on which his gross turnover first exceeds the taxable quantum.

(6) In this Act, the expression "taxable quantum" means, —

(a) in relation to any dealer who imports for sale or use in manufacturing or processing any goods in Himachal Pradesh: Rupee 1/-;

(b) in relation to any dealer, who himself manufactures or produces any goods for sale: Rs.4,00,000/- ;

(c) in relation to any dealer, who runs a hotel, restaurant, bakery or other similar (d) in relation to any particular classes of dealers not falling within clauses (a), (b) and/or (c), such sum as may be prescribed; or

(e) in relation to any other dealer: Rs.8,00,000/-:

Provided that the registration of dealers already registered under this clause shall not be cancelled until their turnover in each of three consecutive years does not entitle them to cancellation under sub-section (4).

7. Levy of presumptive tax.—Notwithstanding anything contained in this Act, every registered dealer, whoes gross turnover in any year does not exceed such amount as may be prescribed, shall, in lieu of the tax payable under this Act, pay presumptive tax on the entire7411 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 taxable turnover of sales or purchases, as the case may be, at such rates, not exceeding the rates specified in section 6, as the State Government may, by notification, direct, and subject to such conditions and restricitions and in such manner as may be prescribed:

Provided that no input tax credit shall be available to such dealer:

Provided further that no registered dealer, except a brick-kiln owner, who imports goods for sale or use in manufacturing or processing any goods for sale, shall be entitled to make payment of presumptive tax under this section.

21. Assessment of tax.—(1) The returns furnished by a dealer shall be duly acknowledged in the manner prescribed and where all the returns relating to any year have been filed and are correct and complete in material particulars, the dealer shall, subject to the provisions of sub- section (2), be deemed to have been assessed for that year:

Provided that where the returns are not complete in material particulars, the dealer shall be given an opportunity to complete the same within fifteen days of service of the notice.

Explanation.— For the purpose of sub-section (1) a return shall be deemed to be—

(i) correct, if its version conforms to that of the accounts maintained by the dealer and the account version cannot be impeached by any adverse information available on record till 31st December of the following year; and

(ii) complete, in material particulars, if it contains the entire information required to be furnished therein, is correct arithmetically and is accompanied by the statutory or prescribed lists, documents and proof of payment of the full amount of tax due according to the returns and is duly signed by the dealer.

(2) The State Government may prescribe the manner of selection of cases for scrutiny of returns filed by the dealers specified in sub-section (1) and the Assessing Authority shall, in respect of each selected case, serve on the dealer a notice in the prescribed manner requiring him, on a date and at a place specified therein, either to attend in person or to produce or cause to be produced any evidence on which such dealer may rely in support of the returns filed by him under sub- section (1) and after hearing the dealer and considering the evidence produced by him assess the amount of tax, if any, due from him.

(3) Notwithstanding anything contained in this Act, if the Government considers it necessary and expedient, in public interest so to do, it may in respect of a dealer, whose gross turnover in a year does not exceed such amount as the Government may specify, in a special scheme of self-assessment for any year which may be notified, under this Act:

Provided that in case any dealer, whose taxable turnover has been assessed under the self- assessment scheme, is found to have evaded the tax, the Assessing Authority shall, after affording such dealer a reasonable opportunity of being heard, direct him to pay by way of penalty, in addition to the amount of tax assessed, a sum which shall not be less than one hundred per centum but which shall not exceed one and a half times of the amount of tax found to have been evaded and assessed.

(4) The Assessing Authority shall serve on the dealer not covered under sub-section (1) a notice in the prescribed manner requiring him, on a date and at a place specified therein, either to attend in person or to produce or cause to be produced any evidence on which such dealer may rely 7412 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 in support of such returns and after hearing such evidence as the dealer may produce, and such other evidence as the Assessing Authority may require on specified points, assess the amount of tax due from the dealer.

(5) If a dealer, having furnished returns in respect of a period, fails to comply with the terms of a notice issued under sub-section (2) or (4), the Assessing Authority shall, within five years after the expiry of such period, proceed to assess to the best of his judgment the amount of the tax due from the dealer.

(6) If a dealer does not furnish returns in respect of any period by the prescribed date, the Assessing Authority shall, within five years after the expiry of such period, after giving the dealer a reasonable opportunity of being heard, proceed to assess, to the best of his judgment, the amount of tax, if any, due from the dealer.

(7) If upon information which has come into his possession, the Assessing Authority is satisfied that any dealer has been liable to pay tax under this Act in respect of any period but has failed to apply for registration, the Assessing Authority shall, within five years after the expiry of such period, after giving the dealer a reasonable opportunity of being heard, proceed to assess, to the best of his judgment, the amount of tax, if any, due from the dealer in respect of such period and all subsequent period and in cases where such dealer has wilfully failed to apply for registration, the Assessing Authority shall direct that the dealer shall pay by way of penalty, in addition to the amount of tax assessed, a sum upto double the amount of tax assessed but which shall not be less than one hundered percentum of the amount of tax so assessed.

(8) The amount of any tax, penalty or interest payable under this Act shall be paid by the dealer by such date as may be specified in the notice issued by the Assessing Authority for the purpose and the date so specified shall not be less than fifteen days and not more than thirty days from the date of service of such notice:

Provided that the Assessing Authority may, with the prior approval of the Assistant Excise and Taxation Commissioner or the Excise and Taxation Officer-in-charge of the district, extend the date of such payment, but not more than 90 days, or allow payment by monthly instalments not exceeding three, against an adequate security or a bank guarantee.

(9) If the tax assessed under this Act or any instalment thereof is not paid by any dealer within the time specified therefor in the notice of assessment or in the order permitting payment in instalments, the Commissioner, or any person appointed to assist him under sub- section (1) of section 3, may after giving such dealer an opportunity of being heard, impose on him a penalty not exceeding the sum due from him but which shall not be less than one thousand repees.

(10) Any assessment made under this section shall be without prejudice to any penalty imposed under this Act.

34. Establishment of check-posts or barriers and inspection of goods in transit.— (1) If, with a view to preventing or checking evasion of tax under this Act, the State Government considers it necessary so to do, it may, by notification direct the establishment of a check post or the erection of a barrier or both at such place or places as may be notified.

(2) The owner or person in-charge of a goods carriage or vessel shall carry with him a goods carriage record, a trip sheet or a log book, as the case may be, and a tax invoice or a bill of sale or a delivery note containing such particulars as may be prescribed, in respect of such goods, meant for the purpose of business, and produce the same before an officer in-charge of a check post7413 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 or barrier or any other officer not below the rank of an Excise and Taxation Inspector checking the vehilce or vessel at any place.

(2-A) The owner or the person-in-charge of a goods vehicle or vessel entering the limits of the State or leaving the State limits shall, for the purposes of this section, only pass through and stop at the nearest check post or barrier, failing which such owner or person-in-charge shall be liable to pay a penalty, to be imposed by any officer referred to in sub-section(2) equal to ten percentum of the value of goods or ten thousand rupees whichever is greater and such penalty shall be in addition to any other penalty provided for in this section.

(3) At every check post or barrier or at any other place when so required by any officer referred to in sub-section (2), the driver or any other person-in-charge of the goods carriage or vessel, shall stop the vehicle or vessel, as the case may be, and keep it stationary as long as may reasonably be necessary, and allow the officer-in-charge of the check post or barrier or the aforesaid officer to examine the contents in the vehicle or vessel and inspect all records relating to the goods carried which are in the possession of such driver or other person-in-charge, who shall also furnish such other information as may be required by the aforesaid officer, and if considered necessary such officer may also search the goods carriage or vessel and the driver or other person- in-charge of the vehicle or vessel or of the goods.

(4) The owner or person-in-charge of a goods carriage or vessel entering the limits of State or leaving the State limits shall also give in triplicate a declaration (generated electronically or otherwise) containing such particulars of goods carried in such vehicle or vessel, as the case may be, before the officer-in-charge of the check post or barrier and shall produce the copy of the said declaration duly verified and returned to him by the said officer or before any other officer referred to in sub-section (2) at the time of checking under this section:

Provided that where a goods carriage or vessel bound for any place outside the State passes through the State, the owner or person-in-charge of such vehicle or vessel shall furnish, in duplicate, to the officer-in-charge of the check post or barrier of his entry into the State a declaration in the prescribed form and obtain from him a copy duly verified. The owner or person- in-charge of the goods carriage or vessel, as the case may be, shall deliver within seventy two hours the said copy to the officer-in-charge of the check post or barrier at the point of its exit from the State, failing which he shall be liable to pay a penalty to be imposed by the officer-in-charge of the check post or barrier of the entry equal to fifty percentum :

Provided further that where the goods carried by such vehicle are, after their entry into the State, transported outside the State by any other vehicle or conveyance, the burden of proving that the goods have actually moved out of the State, shall lie on the owner or person-in-charge of the vehicle or vessel :

Provided further that no penalty shall be imposed unless the person concerned has been given a reasonable opportunity of being heard.

(5) At every station of transport of goods, bus stand or any other station or place of loading or unloading of goods, other than a rail head or a Post Office, when so required by the Commissioner, or any person appointed to assist him under sub-section (1) of section 3, the driver or the owner of goods carriage or the employee of a transport company or goods booking agency shall produce for examination transport receipt and all other documents and account books concerning the goods carried, transported, loaded, unloaded, consigned or received for transport (maintained by him in the prescribed manner). The Commissioner or the person so appointed shall, for the purpose of examining that such transport receipts or other documents or account books are 7414 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 in respect of the goods carried, transported, loaded, unloaded, or consigned or received for transport, have the powers to break open any package or packages of such goods.

(6) If the officer-in-charge of the check post or barrier or other officer as mentioned in sub-section (2) has reasons to suspect that the goods under transport are meant for business and are not covered by proper and genuine documents as mentioned in sub-section (2) or sub-section (4), as the case may be, or that the person transporting the goods is attempting to evade payment of tax due under this Act, he may, for reasons to be recorded in writing and after hearing the said person, but subject to pervious approval of the Excise and Taxation Officer Incharge of the barrier order the unloading or detention of the goods, for such period as may reasonably be necessary and shall allow the same to be transported only on the owner of goods or his representative or the driver or other person in-charge of the goods carriage or vessel on behalf of the owner of the goods, furnishing to his satisfaction a security in the form of cash or bank guarantee or bank draft, equal to twenty-five percentum of the value of the goods :

Provided that where any goods are detained a report shall be made immediately and in any case within twenty four hours of the detention of the goods by the officer detaining the goods to the Assistant Excise and Taxation Commissioner incharge of the District or the Excise and Taxation Officer incharge of the District or barrier, as the case may be, seeking the latter's permission for the detention of the goods for a period exceeding twenty-four hours, as and when so required and if no intimation to the contrary is received from the latter the former may assume that his proposal has been accepted.

(7) The officer detaining the goods shall record the statement, if any, given by the owner of the goods or his representative or the driver or other person–in-charge of the goods carriage or vessel and shall require him to produce proper and genuine documents as referred to in sub-section (2) or sub-section (4), as the case may be, before him in his office on a specified date on which date the officer shall submit the proceeding along with the connected records to such officer as may be authorised in that behalf by the State Government for conducting necessary enquiry in the matter. The said officer shall, before conducting the enquiry, serve a notice on the owner of the goods and give him an opportunity of being heard and if, after the enquiry, such officer finds that there has been an attempt to evade the tax due under this Act, he shall, by order, impose on the owner of the goods a penalty equal to twenty–five percentum of the value of the goods and in case he finds otherwise, shall order the release of the goods.

(8) If the owner of the goods or his representative or the driver or other person-in–charge of the goods carriage or vessel does not furnish security or does not execute the bond as required by sub-section (6) within ten days from the date of detaining the goods or goods carriage or vessel, the officer referred to in that sub-section may order further detention of the goods and in the event of the owner of the goods not paying the penalty imposed under sub-section (7) within twenty days from the date of the order imposing the penalty, the goods detained shall be made liable to be sold by the officer, who imposed the penalty, for the realisation of the penalty by public auction as may be prescribed . If the goods detained are of a perishable nature or subject to speedy or natural decay or when the expenses of keeping them in custody are likely to exceed their value the officer – in-charge of the check post or barrier or any other officer referred to in sub-section (2), as the case may be, shall immediately sell such goods or otherwise dispose them of. The sale proceeds shall be deposited in the Government treasury and the owner of the goods shall be entitled to only the balance amount of sale proceeds after deducting the expenses and other incidental charges incurred in detaining and disposing of the goods.

(9) The officer detaining the goods shall issue to the owner of the goods or his representative or the driver or the person-in –charge of the goods carriage or vessel receipt7415 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 specifying the description and quantity of the goods so detained and obtain an acknowledgement from such person or if such person refuses to give an acknowledgment, record the fact of refusal in the presence of the two witnesses.

(10) If the order of detention of goods under sub-section (6) or of imposition of penalty under sub-section (7) or sub-section (8) is in the meantime set aside or modified in appeal or other proceedings, the Officer detaining the goods and imposing the penalty, as the case may be, shall also pass consequential orders for giving effect to the orders in such appeal or other proceedings as the case may be.

(11) No dealer or any person, including a carrier of goods or agent of a transport company or booking agency acting on behalf of a dealer, shall take delivery of, or transport, from any vessel, station, airport or any other place, whether of similar nature or otherwise, any consignment of goods other than personal luggage or goods for personal consumption, the sale or purchase of which is taxable under this Act, except in accordance with such conditions as may be prescribed with a view to ensuring that there is no evasion of the tax imposed by or under this Act:

Provided that no place which is a railhead or post–office shall be so notified by the State Government.

(12) Where any person incharge in goods carriage or vessel or any other transporter fails to give information as required under sub-section (2) about the consignor or consignee of the goods, within such time as may be required by the Officer-In-charge of the check post or barrier or other officer as mentioned in sub-section (2), or transports the goods without documents or with ingenuine documents, or presents bills for declaration at the barrier without the consignment purported to be transported under those bills any officer not below the rank of Excise and Taxation Officer checking the goods shall, after affording such owner or person incharge or such transporter a reasonable opportunity of being heard, direct him to pay by way of penalty, equal to ten percentum of the value of such goods:

Provided that the owner or the person-in-charge of goods vehicle or vessel leaving the State limits and who has furnished full declaration of goods carried in vehicle in Form XXVI-A electronically through the official web-site of the department shall not be required to stop the vehicle or vessel, for the purpose of this section, at the check-post or barrier :

Provided further that the officer-in-charge of the check-post or barrier or any other officer not below the rank of Excise and Taxation Inspector posted at the check-post or barrier, if considers necessary, may stop the vehicle or vessel for the purpose of this section, the owner or the person-in- charge of the vehicle or vessel shall stop it and keep it stationary as long as may reasonably be necessary, failing which such owner or person-in-charge shall be liable to pay penalty to be imposed by such officer equal to ten percentum of the value of goods or ten thousand rupees whichever is higher.

Explanation.-I.—In this section the expression 'goods carriage' has the same meaning as is assigned to it in clause (14) of section 2 of the Motor Vehicles Act, 1988.

Explanation-II.—For the purposes of sub-section (2), the goods meant for the purposes of personal consumption shall not be construed as meant for the purposes of business.

Explanation.-III.—For purposes of sub-section (7), service of notice on the representative of the owner or the driver or other person–in–charge of the goods carriage or vessel shall be deemed to be a valid service on the owner of the goods.

7416 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171001

NOTIFICATION

Shimla, the 24th March, 2015

No. HHC/GAZ/ 14-339/2014.—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant ex-post facto sanction of 04 days' commuted leave for w.e.f. 29.12.2014 to 1.1.2015 with permission to prefix Sunday fell on 28.12.2014 and 11 days' commuted leave w.e.f. 12.1.2015 to 22.1.2015 with permission to prefix Second Saturday & Sunday fell on 10.1.2015 & 11.1.2015 in favour of Ms. Anshu Chaudhary, Civil Judge (Jr. Division)-cum-JMIC (VIII), Shimla, H.P.

Certified that Ms. Anshu Chaudhary has joined the same post and at the same station from where she had proceeded on leave, after expiry of the above period of leave.

Also certified that Ms. Anshu Chaudhary would have continued to hold the post of Civil Judge (Jr. Division)-cum-JMIC (VIII), Shimla, H.P., but for her proceeding on leave for the above period.

By order, Sd/- Registrar General.

_______

HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA

NOTIFICATION

Shimla, the 24th March, 2015

No. HHC/GAZ/14-226/96-I.—Hon'ble the Chief Justice has been pleased sanction ex post facto sanction of 2 days commuted leave for 9th and 10th March, 2015 in favour of Shri Rajesh Tomar, Additional District and Sessions Judge (II), Shimla.

Certified that Shri Tomar has joined the same post and at the same station from where he proceeded on leave.

Also certified Shri Tomar would have continued hold the post of Additional District and Sessions Judge (II), Shimla, but for his proceeding on leave for the above period.

By order, Sd/- Registrar General.

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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA- 171 001

NOTIFICATION

20th March, 2015

No.HHC/Admn.3(309)/90-I.—10 days earned leave on and with effect from 16.04.2015 to 25.04.2015, with permission to prefix second Saturday and Sunday falling on 11.04.2015 &7417 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 12.04.2015 and Gazetted holidays commencing from 13.04.2015 to 15.04.2015 and suffix Sunday falling on 26.04.2015, is hereby sanctioned in favour of Shri Manohar Lal Sharma, Secretary of this Registry.

Certified that Shri Manohar Lal Sharma is likely to join the same post and at the same station from where he proceeds on leave after the expiry of the above leave period.

Certified that Shri Manohar Lal Sharma would have continued to officiate the same post of Secretary but for his proceeding on leave.

By order, Sd/- Registrar General.

________

HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA- 171 001

NOTIFICATION

21st March, 2015

No.HHC/Admn.3(214)/85-I.—17 days earned leave on and with effect from 16.04.2015 to 02.05.2015, with permission to prefix second Saturday and Sunday falling on 11.04.2015 & 12.04.2015 and Gazetted holidays commencing from 13.04.2015 to 15.04.2015 and suffix Sunday falling on 03.05.2015, is hereby sanctioned in favour of Shri Jai Singh Thakur, Court Master of this Registry.

Certified that Shri Jai Singh Thakur is likely to join the same post and at the same station from where he proceeds on leave after the expiry of the above leave period.

Certified that Shri Jai Singh Thakur would have continued to officiate the same post of Court Master but for his proceeding on leave.

By order, Sd/- Registrar General.

_______

HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA- 171 001

NOTIFICATION

20th March, 2015

No.HHC/Estt.3(509)/2000-I.—11 days earned leave on and with effect from 17.03.2015 to 27.03.2015, with permission to suffix Gazetted holiday and Sunday falling on 28.03.2015 & 29.03.2015, is hereby sanctioned in favour of Shri Subhash Sharma, Secretary of this Registry.

7418 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 Certified that Shri Subhash Sharma is likely to join the same post and at the same station from where he proceeds on leave after the expiry of the above leave period.

Certified that Shri Subhash Sharma would have continued to officiate the same post of Secretary but for his proceeding on leave.

By order, Sd/- Registrar General.

_______

HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA- 171 001

NOTIFICATION

23rd March, 2015

No.HHC/Admn.3(400)/95-II.— 04 days earned leave on and with effect from 14.03.2015 to 17.03.2015, (extended period), is hereby sanctioned, ex-post-facto, in favour of Shri Lal Singh Pathania , Secretary of this Registry.

Certified that Shri Lal Singh Pathania has joined the same post and at the same station from where he had proceeded on leave after the expiry of the above leave period.

Certified that Shri Lal Singh Pathania would have continued to officiate the same post of Secretary but for his proceeding on leave.

By order, Sd/- Registrar General.

________

विध् िविभाग

अध्सिूचना

शिमला-2, 31 मार्च, 2015

संख्याः एल0एल0आर0-डी0;6द्ध-4/2015-लेज.-हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, भारत के संविधन के अनुच्छेद 200 के अध्ीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 29-3-2015 को अनुमोदित हिमाचल प्रदेश विनियोग विध्ेयक, 2015 ;2015 का विध्ेयक संख्यांक 1द्ध को वर्ष 2015 के अध्निियम संख्यांक 11 के रूप में संविधन के अनुच्छेद 348 ;3द्ध के अध्ीन उसके अंग्रेजी प्राध्कृित पाठ सहित हिमाचल प्रदेश राजपत्रा ;असाधरणद्ध में प्रकाशित करते हैं ।

आदेश द्वारा, देवेन्द्र कुमार शर्मा, प्रधन सचिव ;विध्द्धि।7419 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 हिमाचल प्रदेश विनियोग अध्निियम, 2015

धराओं का क्रम

धरा :

1. सक्षिप्त नाम ।

77,53,59,71,499 रुपए की और राशि जारी करना ।

3. विनियोग ।

अनुसूची।

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2015 का अध्निियम संख्यांक 11

हिमाचल प्रदेश विनियोग अध्निियम, 2015

;राज्यपाल महोदय द्वारा तारीख 29 मार्च, 2015 को यथाअनुमोदितद्ध

31 मार्च, 2015 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष केे लिए हिमाचल प्रदेश राज्य की सचित निध् िमें से सेवाओं के लिए कतिपय और अतिरिक्त धनराशियों के संदाय को प्राध्कृित करने और उनका विनियोग करने के लिए अध्निियम । भारत गणराज्य के छियासठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधन सभा द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अध्निियमित हो :-

1 . सक्षिप्त नाम.-इस अध्निियम का सक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश विनियोग अध्निियम, 2015 है ।

2. हिमाचल प्रदेश राज्य की संचित निध् िमें से वित्तीय वर्ष 2014-2015 के लिए 77,53,59,71,499 रुपए की और राशि जारी करना.-हिमाचल प्रदेश राज्य की सचित निध् िमें से अनुसूची के तृतीय स्तम्भ में विनिर्दिष्ट से अनध्कि ध्नराशियों, जिनका योग ` 77,53,59,71,499 केवल ;सात हजार सात सौ तरेपन करोड़ उनसठ लाख इकहतर हजार चार सौ निन्यानवे रुपएद्ध हैं, संदत्त और उपयोजित की जाए, जिनका वित्तीय वर्ष 2014-2015 की अवध् िमें अनुसूची के द्वितीय स्तम्भ में विनिर्दिष्ट सेवाओं और प्रयोजनों से सम्बन्ध्ति प्रभारों कोे चुकाने के लिए उपयोग किया जाएगा।

3. विनियोग.-इस अध्निियम द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य की सचित निध् िमें से संदत्त और उपयोजित किए जाने के लिए प्राध्कृित ध्नराशियों का इस अधिनियम की धरा 2 के अध्ीन विनिर्दिष्ट अवध् िसे सम्बन्ध्ति अनुसूची में अभिव्यक्त सेवाओं और प्रयोजनों के लिए और विनियोजन किया जाएगा।7420 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

अनुसूची

;धरा 2 और 3 देखेंद्ध

निम्नलिखित राशियों से अनध्कि

मांग सेवाएं और प्रयोजन संख्या

विधन सभा द्वारा सचित निध् िपर कुल जोड़

दत्तमत प्रभारित

` ` ` 1 2 3 4 5 1 विधन सभा ;राजस्वद्ध 47,22,000 — 47,22,000 ;पूंजीद्ध 1,07,03,000 — 1,07,03,000 2 राज्यपाल और मन्त्राी परिषद्‌ ;राजस्वद्ध 4,84,83,000 30,91,000 5,15,74,000 3 न्याय प्रशासन ;राजस्वद्ध 1,48,99,000 3,64,000 1,52,63,000 4 सामान्य प्रशासन ;राजस्वद्ध 9,80,76,000 1,12,82,000 10,93,58,000 5 भू-राजस्व और ;राजस्वद्ध 22,67,83,667 50,380 22,68,34,047 जिला प्रशासन ;पूंजीद्ध 21,41,000 — 21,41,000 6 आबकारी और कराधन ;राजस्वद्ध 4,21,35,550 — 4,21,35,550 ;पूंजीद्ध 77,76,000 — 77,76,000 7 पुलिस और सम्ब( संगठन ;राजस्वद्ध 68,43,46,328 9,88,698 68,53,35,026 ;पूंजीद्ध 2,05,00,000 — 2,05,00,000 8 शिक्षा ;राजस्वद्ध 1,77,65,56,250 — 1,77,65,56,250 ;पूंजीद्ध 4,43,57,000 — 4,43,57,000 9 स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ;राजस्वद्ध 1,27,20,59,333 — 1,27,20,59,333 ;पूंजीद्ध 5,15,00,000 1,26,86,385 6,41,86,385 10 लोक निर्माण-सड़क, पुल ;राजस्वद्ध 18,41,000 10,13,000 28,54,000 तथा भवन ;पूंजीद्ध 1,08,81,61,000 21,53,07,000 1,30,34,68,000 11 कृषि ;राजस्वद्ध 1,02,22,000 — 1,02,22,000 12 उद्यान ;राजस्वद्ध 43,19,25,383 62,00,000 43,81,25,383 ;पूंजीद्ध 10,00,00,000 — 10,00,00,000 13 सिंचाई, जलापूर्ति एवं ;राजस्वद्ध 5,000 — 5,000 सफाई ;पूंजीद्ध 2,70,25,52,000 68,60,000 2,70,94,12,000 14 पशु पालन, दुग्ध् विकास ;राजस्वद्ध 9,92,19,049 — 9,92,19,049 एवं मत्स्य ;पूंजीद्ध 6,59,99,000 — 6,59,99,000 15 योजना एवं पिछड़ा क्षेत्रा ;राजस्वद्ध 18,86,000 — 18,86,000 उप-योजना ;पूंजीद्ध 6,21,76,000 — 6,21,76,0007421 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 1 2 3 4 5 16 वन और वन्य जीवन ;राजस्वद्ध 9,04,63,000 — 9,04,63,000 17 निर्वाचन ;राजस्वद्ध 18,51,64,600 — 18,51,64,600 18 उद्योग, खनिज, आपूर्ति ;राजस्वद्ध 1,000 6,28,500 6,29,500 एवं सूचना प्रौद्योगिकी ;पूंजीद्ध 33,81,99,000 — 33,81,99,000 19 सामाजिक न्याय एवं ;राजस्वद्ध 76,42,44,170 — 76,42,44,170 अध्किारिता ;पूंजीद्ध 2,76,00,000 — 2,76,00,000 20 ग्रामीण विकास ;राजस्वद्ध 4,42,61,59,676 — 4,42,61,59,676 21 सहकारिता ;राजस्वद्ध 7,48,76,111 — 7,48,76,111 ;पूंजीद्ध 44,28,64,000 — 44,28,64,000 23 विद्युत विकास ;राजस्वद्ध 55,11,93,812 — 55,11,93,812 ;पूंजीद्ध 47,61,99,000 — 47,61,99,000 25 सड़क और जल परिवहन ;राजस्वद्ध 30,45,75,000 — 30,45,75,000 ;पूंजीद्ध 3,00,00,000 — 3,00,00,000 26 पर्यटन और नागर विमानन ;राजस्वद्ध 48,91,000 — 48,91,000 27 श्रम, रोजगार और प्रशिक्षण ;पूंजीद्ध 67,21,000 — 67,21,000 28 शहरी विकास, नगर एवं ;राजस्वद्ध 10,91,36,500 — 10,91,36,500 ग्राम योजना तथा आवास

29 वित्त ;राजस्वद्ध 8,000 8,000 16,000 ;पूंजीद्ध 2,000 57,82,02,15,000 57,82,02,17,000 30 विविध् सामान्य सेवाएं ;राजस्वद्ध 6,21,42,590 — 6,21,42,590 ;पूंजीद्ध 74,80,000 — 74,80,000 31 जनजातीय विकास ;राजस्वद्ध 34,95,61,157 — 34,95,61,157 ;पूंजीद्ध 4,000 — 4,000 32 अनुसूचित जाति ;राजस्वद्ध 1,35,26,23,360 — 1,35,26,23,360 उप-योजना ;पूंजीद्ध 98,41,44,000 — 98,41,44,000 जोड़ ;राजस्वद्ध 12,98,81,99,536 2,36,25,578 13,01,18,25,114 ;पूंजीगतद्ध 6,46,90,78,000 58,05,50,68,385 64,52,41,46,385 कुल जोड़ 19,45,72,77,536 58,07,86,93,963 77,53,59,71,4997422 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT

THE HIMACHAL PRADESH APPROPRIATION ACT, 2015

ARRANGEMENT OF SECTIONS

Sections :

1. Short title.

2. Issue of a further sum of ` 77,53,59,71,499 out of the Consolidated Fund of the State of Himachal Pradesh for the financial year 2014-2015.

3. Appropriation.

THE SCHEDULE

_________

Act No. 11 of 2015

THE HIMACHAL PRADESH APPROPRIATION ACT, 2015

(ASSENTED TO BY THE GOVERNOR ON 29TH MARCH, 2015)

AN

ACT

to authorise payment and appropriation of certain further sums from and out of the

Consolidated Fund of the State of Himachal Pradesh for the services for the financial year ending

on the 31st day of March, 2015.

BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Sixty-sixth Year of the Republic of India as follows:—

1. Short title.—This Act may be called the Himachal Pradesh Appropriation Act, 2015.

3. Appropriation.—The sums authorized to be paid and applied from and out of the Consolidated Fund of the State of Himachal Pradesh by this Act shall be further appropriated for the services and purposes expressed in the Schedule in relation to the period specified under section 2 of this Act.

7423 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

THE SCHEDULE

(See sections 2 and 3)

Sums not exceeding Services and purposes No.

Voted by Charged on the Total

the Legislative Consolidated Fund Assembly

1 2

` ` ` 3 4 5 1 Vidhan Sabha (Revenue) 47,22,000 — 47,22,000 (Capital) 1,07,03,000 — 1,07,03,000 2 Governor and Council (Revenue) 4,84,83,000 30,91,000 5,15,74,000 of Ministers

3 Administration of Justice (Revenue) 1,48,99,000 3,64,000 1,52,63,000 4 General Administration (Revenue) 9,80,76,000 1,12,82,000 10,93,58,000 5 Land Revenue and (Revenue) 22,67,83,667 50,380 22,68,34,047 District Administration (Capital) 21,41,000 — 21,41,000 6 Excise and Taxation (Revenue) 4,21,35,550 — 4,21,35,550 (Capital) 77,76,000 — 77,76,000 7 Police and Allied (Revenue) 68,43,46,328 9,88,698 68,53,35,026 Organisations (Capital) 2,05,00,000 — 2,05,00,000 8 Education

(Revenue) 1,77,65,56,250 — 1,77,65,56,250 (Capital) 4,43,57,000 — 4,43,57,000 9 Health and Family (Revenue) 1,27,20,59,333 — 1,27,20,59,333 (Capital) 5,15,00,000 1,26,86,385 6,41,86,385 Welfare

10 Public Works—Roads, (Revenue) 18,41,000 10,13,000 28,54,000 Bridges and Buildings (Capital) 1,08,81,61,000 21,53,07,000 1,30,34,68,000 11 Agriculture

(Revenue) 1,02,22,000 — 1,02,22,000 12 Horticulture

(Revenue) 43,19,25,383 62,00,000 43,81,25,383 (Capital) 10,00,00,000 — 10,00,00,000 13 Irrigation, Water Supply (Revenue) 5,000 — 5,000 and Sanitation (Capital) 2,70,25,52,000 68,60,000 2,70,94,12,000 14 Animal Husbandry, (Revenue) 9,92,19,049 — 9,92,19,049 Dairy Development (Capital) 6,59,99,000 — 6,59,99,000 and Fisheries

15 Planning and Backward (Revenue) 18,86,000 — 18,86,000 Area Sub-Plan (Capital) 6,21,76,000 — 6,21,76,000 16 Forest and Wild Life (Revenue) 9,04,63,000 — 9,04,63,000 17 Election

(Revenue) 18,51,64,600 — 18,51,64,600 18 Industries, Minerals, (Revenue) 1,000 6,28,500 6,29,500 Supplies & Information (Capital) 33,81,99,000 — 33,81,99,000 Technology7424 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 1 2 3 4 5 19 Social Justice and (Revenue) 76,42,44,170 — 76,42,44,170 Empowerment (Capital) 2,76,00,000 — 2,76,00,000 20 Rural Development (Revenue) 4,42,61,59,676 — 4,42,61,59,676 21 Co-operation (Revenue) 7,48,76,111 — 7,48,76,111 (Capital) 44,28,64,000 — 44,28,64,000 23 Power Development (Revenue) 55,11,93,812 — 55,11,93,812 (Capital) 47,61,99,000 — 47,61,99,000 25 Road and Water (Revenue) 30,45,75,000 — 30,45,75,000 (Capital) 3,00,00,000 — 3,00,00,000 Transport

26 Tourism and Civil (Revenue) 48,91,000 — 48,91,000 Aviation

27 Labour, Employment (Capital) 67,21,000 — 67,21,000 and Training

28 Urban Development, (Revenue) 10,91,36,500 — 10,91,36,500 Town and Country Planning and Housing

29 Finance

(Revenue) 8,000 8,000 16,000 (Capital) 2,000 57,82,02,15,000 57,82,02,17,000 30 Miscellaneous General (Revenue) 6,21,42,590 — 6,21,42,590 (Capital) 74,80,000 — 74,80,000 Services

31 Tribal Development (Revenue) 34,95,61,157 — 34,95,61,157 (Capital) 4,000 — 4,000 32 Scheduled Castes Sub- (Revenue) 1,35,26,23,360 — 1,35,26,23,360 (Capital) 98,41,44,000 — 98,41,44,000 Plan

Total (Revenue) 12,98,81,99,536 2,36,25,578 13,01,18,25,114

(Capital) 6,46,90,78,000 58,05,50,68,385 64,52,41,46,385

Grand Total 19,45,72,77,536 58,07,86,93,963 77,53,59,71,499

Under Order 5 Rule 20 CPC

In the court of Shri Balwan Chand (HAS), Sub-Divisional Officer (Civil), Sujanpur,

District Hamirpur (H.P.) exercising the powers of Collector under the HP Land Revenue Act

Case No. : 3/15 (16/14)

Date of Institution : 19-1-15 (19-3-14) Next Date of hearing : 25-4-2015

Satya Pal Gupta s/o Gounu, r/o Village & P.O. Sujanpur, Tehsil Sujanpur, District . . Appellant. Hamirpur (H.P.)

Versus

7425 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

1. Minakashi d/o Kishori Lal, 2. Vikash Mahajan s/o Surat Chand, 3. Selu d/o Surat Chand, 4. Asha Gupta w/o Surat Chand, 5. Bharat Bhushan s/o Kishori Lal, 6. Rakesh Kumar s/o Sita Ram, 7. Suman Kumar s/o Fakir Chand, 8. Rohit s/o Anup Kumar, all residents of Village & P.O. Sujanpur, Tehsil Sujanpur, District Hamirpur (H.P.) . . Respondents.

Application under Section 14 of HP Land Revenue Act against the order of Assistant Collector 1st

Grade Sujanpur passed in partition case No. 47/11 (49/11) titled as Minakashi & ors. Vd Satya

Pal and ors.

Whereas it has been proved to the satisfaction of this court that the above noted respondents No. 5 & 7 cannot be served upon in the ordinary manner of service. Hence this proclamation under Order 5 Rule 20 CPC is hereby issued against them and they are directed to appear personally or through their counsel on 25-4-2015 at 10.00 A.M. failing which ex parte proceedings shall be taken against them.

Given under my hand and seal of the court on 21-3-2015.

Seal. BALWAN CHAND, Collector, Sub-Division Sujanpur, District Hamirpur (H.P.).

________

Under Order 5 Rule 20 CPC

In the court of Shri Balwan Chand (HAS), Sub-Divisional Officer (Civil), Sujanpur,

District Hamirpur (H.P.) exercising the powers of Collector under the HP Land Revenue Act

Case No. : 1/14 (7/10) Date of Institution : 4-12-14 (8-11-10) Next Date of hearing : 25-4-2015

Tilak Raj s/o Shri Moti Ram, r/o Village Lambri, Mauza Dharsoud, Tehsil Sujanpur, District Hamirpur (H.P.) at present r/o VPO Sujanpur, District Hamirpur, H.P. . . Appellant.

Versus

1. Kesho Ram s/o Chaina, 2. Vidhya d/o Chaina, 3. Prem Sagar s/o Roshan Lal, 4. Anil Kumar s/o Roshan Lal, 5. Manoj Kumar s/o Roshan Lal, 6. Sawarna d/o Roshan Lal, 7. Meena Kumari d/o Roshan Lal, 8. Sunita Devi d/o Roshan Lal, 9. Anjali Devi d/o Roshan Lal, 10. Seema Devi d/o Roshan Lal, 11. Satya Devi w/o Roshan Lal, 12. Dixit s/o Sushil Kumar, 13. Lalni d/o Sushil Kumar, 14. Rajni d/o Sushil Kumar, 15. Shavisha Devi w/o Sushil Kumar, 16. Vikash Kumar s/o Sita Ram, 17. Sanjay Kumar s/o Sita Ram, 18. Sushma d/o Sita Ram, 19. Bimla Devi d/o Sita Ram, all residents of Village & P.O. Sujanpur, Tehsil Sujanpur, District Hamirpur (H.P.)

. . Respondents.

Application under section 4 Redemption of Mortgages Act.

Whereas it has been proved to the satisfaction of this court that the above noted respondents cannot be served upon in the ordinary manner of service. Hence this proclamation under Order 5 7426 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 Rule 20 CPC is hereby issued against them and they are directed to appear personally or through their counsel on 25-4-2015 at 10.00 A.M. failing which ex parte proceedings shall be taken against them.

Given under my hand and seal of the court on 21-3-2015.

Seal. BALWAN CHAND, Collector, Sub-Division Sujanpur, District Hamirpur (H.P.).

________

ब अदालत श्री संजय कुमार, कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार, भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) श्री प्रकाश चंद पुत्र श्री गुलाबा राम, गांव पपलाह, डा0 भरेडी, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)

. . प्रार्थी।

बनाम

आम जनता

विषय.-दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

अतिरिक्त रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) हमीरपुर के कार्यालय पत्र संख्या : HFW-HMR (B&D) 2014- 1846, दिनांक 5-2-2015 अनुसार श्री प्रकाश चंद पुत्र श्री गुलाबा राम, गांव पपलाह, डा0 भरेडी, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) का आवेदन समस्त रिकॉर्ड व शपथ-पत्र सहित इस कार्यालय में प्राप्त हुआ है जिसमें उल्लेख है कि उसके पिता श्री गुलाबा राम पुत्र सुदामा राम की मृत्यु दिनांक 4-7-1974 को हुई है परन्तु वह उपरोक्त मृत्यु तिथि को ग्राम पंचायत पपलाह, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) के अभिलेख में दर्ज न करवा सका है तथा अब उक्त मृत्यु तिथि 4-7-1974 को सम्बन्धित पंचायत में दर्ज करवाना चाहता है।

अतः इस राजपत्र इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि गुलाबा राम पुत्र सुदामा राम की मृत्यु तिथि 4-7-1974 को ग्राम पंचायत पपलाह, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) के अभिलेख में दर्ज करने बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 16-4-2015 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर एतराज पेश कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एक तरफा कार्रवाई अमल में लाई जाकर आगामी कार्यवाही की जायेगी। उसके बाद का उजर जेर समायत न होगा।

आज दिनांक 23-3-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। संजय कुमार, कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार, भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)।7427 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 ब अदालत उप-मण्डलीय समाहर्ता, बड़सर, उप-मण्डल बड़सर, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) मुकद्दमा : तकसीम।

कृष्ण लाल सपुत्र श्री बीरू उर्फ बीरी सिंह, निवासी गांव टिहरी, तप्पा ढटवाल, तहसील बड़सर, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) . . अपीलकर्ता।

बनाम

रत्ना उर्फ रत्न सिंह सपुत्र प्रेमा, लेख राम सपुत्र बीरू उर्फ बीरी सिंह, प्रकाशो देवी पुत्री बीरू उर्फ बीरी सिंह, अजुध्या देवी पुत्री बीरू उर्फ बीरी सिंह, निर्मला देवी पुत्री बीरू उर्फ बीरी सिंह, निवासीगण गांव टिहरी, तप्पा ढटवाल, तहसील बड़सर, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)।

इश्तहार राजपत्र।

कृष्ण लाल सपुत्र श्री बीरू उर्फ बीरी सिंह, निवासी गांव टिहरी, तप्पा ढटवाल, तहसील बड़सर, जिला हमीरपुर ने इस न्यायालय में एक अपील जेर धारा 14 हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 के अन्तर्गत दायर कर रखी है। इस मुकद्दमा में उपरोक्त प्रतिवादियों को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए कई बार समन किए गए परन्तु हाजिर न हुए और न ही इन प्रतिवादियों की तामील साधारण ढंग से हो सकती है। अतः इस इश्तहार राजपत्र द्वारा उपरोक्त प्रतिवादियों को सूचित किया जाता है कि दिनांक 8-4-2015 को प्रातः 10.00 बजे न्यायालय में हाजिर होकर मुकद्दमा तकसीम की पैरवी करें। उपरोक्त तिथि पर न उपस्थित होने पर कार्यवाही एक तरफा अमल में लाई जावेगी और कोई उजर/एतराज न सुना जाएगा।

आज दिनांक 21-3-2015 को मेरे हस्ताक्षर एवं मोहर कार्यालय सहित जारी किया गया। मोहर। हस्ताक्षरित/-

उप-मण्डलीय समाहर्ता,

बड़सर, उप-मण्डल बड़सर, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)।

------- ब अदालत श्री कर्म चन्द, कार्यकारी दण्डाधिकारी, भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)

श्रीमती केसरी देवी पत्नी श्री धन्ना राम, गांव रोपड़ी बलोईयां, डा0 डेरा परोल, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)

. . वादी।

बनाम

आम जनता

विषय.-दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

अतिरिक्त रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) हमीरपुर के कार्यालय पत्र संख्या 2464, दिनांक 18-2-2015 अनुसार श्रीमती केसरी देवी पत्नी श्री धन्ना राम, गांव रोपड़ी बलोईयां, डा0 डेरा परोल, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) का आवेदन समस्त रिकॉर्ड व शपथ-पत्र सहित इस कार्यालय में प्राप्त हुआ है जिसमें उल्लेख है कि मान्डू राम सपुत्र भेखू राम की मृत्यु दिनांक 18-9-2009 को गांव रोपड़ी बलोईयां, डा0 डेरा परोल, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर में हुई है परन्तु वह उपरोक्त मृत्यु तिथि 18-9-2009 को ग्राम पंचायत धनवान, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर, हि0 प्र0 के अभिलेख में दर्ज न करवा सकी है तथा अब उक्त मृत्यु तिथि 18-9-2009 को सम्बन्धित पंचायत में दर्ज करवाना चाहती है। 7428 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 अतः इस राजपत्र इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि श्री मान्डू राम सपुत्र श्री भेखू राम की मृत्यु तिथि 18-9-2009 को ग्राम पंचायत धनवान, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) के अभिलेख में दर्ज करने बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 10-4-2015 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर एतराज पेश कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एक तरफा कार्रवाई अमल में लाई जाकर आगामी कार्यवाही की जायेगी। उसके बाद का उजर जेर समायत न होगा।

आज दिनांक 10-3-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

कर्म चन्द, कार्यकारी दण्डाधिकारी, भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)

श्री प्यार चन्द सपुत्र श्री अमर सिंह, गांव गडोला, डा0 वधानी, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)

. . वादी।

बनाम

आम जनता

विषय.-दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

अतिरिक्त रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) हमीरपुर के कार्यालय पत्र संख्या 21123, दिनांक 6-12-2014 अनुसार श्री प्यार चन्द सपुत्र श्री अमर सिंह, गांव गडोला, डा0 वधानी, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) का आवेदन समस्त रिकॉर्ड व शपथ-पत्र सहित इस कार्यालय में प्राप्त हुआ है जिसमें उल्लेख है कि कुमारी ज्योति ठाकुर सपुत्री श्री प्यार चन्द का जन्म दिनांक 12-9-1992 को गांव गडोला, डा0 वधानी, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर में हुआ है परन्तु वह उपरोक्त जन्म तिथि 12-9-1992 को ग्राम पंचायत वधानी, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर, हि0 प्र0 के अभिलेख में दर्ज न करवा सके हैं तथा अब उक्त जन्म तिथि 12-9-1992 को सम्बन्धित पंचायत में दर्ज करवाना चाहते है।

अतः इस राजपत्र इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि कुमारी ज्योति सपुत्री श्री प्यार चन्द की जन्म तिथि 12-9-1992 को ग्राम पंचायत वधानी, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) के अभिलेख में दर्ज करने बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 10-4-2015 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर एतराज पेश कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एक तरफा कार्रवाई अमल में लाई जाकर आगामी कार्यवाही की जायेगी। उसके बाद का उजर जेर समायत न होगा।

आज दिनांक 10-3-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)।7429 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)

श्रीमती मीना कुमारी पत्नी श्री विधि चन्द, गांव धौरा, डा0 नगरोटा गाजियां, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)

. . वादी।

बनाम

आम जनता

विषय.-दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

अतिरिक्त रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) हमीरपुर के कार्यालय पत्र संख्या 22191 दिनांक 30-12-2014 अनुसार श्रीमती मीना कुमारी पत्नी श्री विधि चन्द, गांव धौरा, डा0 नगरोटा गाजियां, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) का आवेदन समस्त रिकॉर्ड व शपथ-पत्र सहित इस कार्यालय में प्राप्त हुआ है जिसमें उल्लेख है कि मीना कुमारी सपुत्री श्री हंस राज का जन्म दिनांक 15-1-1980 को गांव झाड़, डा0 महल, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर में हुआ है परन्तु वह उपरोक्त जन्म तिथि 15-1-1980 को ग्राम पंचायत महल, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर, हि0 प्र0 के अभिलेख में दर्ज न करवा सकी है तथा अब उक्त जन्म तिथि 15-1-1980 को सम्बन्धित पंचायत में दर्ज करवाना चाहती है।

अतः इस राजपत्र इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि मीना कुमारी सपुत्री श्री हंस राज की जन्म तिथि 15-1-1980 को ग्राम पंचायत महल, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0) के अभिलेख में दर्ज करने बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 10-4-2015 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर एतराज पेश कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एक तरफा कार्रवाई अमल में लाई जाकर आगामी कार्यवाही की जायेगी। उसके बाद का उजर जेर समायत न होगा।

आज दिनांक 13-3-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, भोरंज, जिला हमीरपुर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री लेख राम धीमान, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

मुकद्दमा नं0 : 6/NT/2015

तारीख पेशी : 10-4-2015 विशम्बर दास बनाम सुभद्रा देवी निवासीयान महाल नौहरा, मौजा नौहरा, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने अदालत हजा में बराये (तकसीम) भूमि विभाजन हेतु प्रार्थना-पत्र गुजारा है। प्रार्थी खाता नं0 206, खतौनी नं0 353, खसरा नम्बरान 33, रकबा तादादी 0-60-45 है0 महाल नौहरा, मौजा बैजनाथ, तहसील बैजनाथ में भू0 मालिक है। प्रार्थी इस रकबा की तकसीम करवाना चाहता है। लेकिन कुछ हिस्सादारान को साधारण तरीके से इतलाह न हो पा रही है। इसलिए प्रार्थी प्रतिवादीगण विशम्बरी देवी पत्नी श्री अमर नाथ, निवासी नौहरा को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि वह असालतन या वकालतन पेशी तिथि 10-4-2015 (मामला 7430 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 तकसीम) में उपस्थित होकर मुकद्दमा की पैरवी करें व उजर/एतराज पेश करें अन्यथा उनके विरूद्ध एक तरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

आज दिनांक 21-3-2015 को अदालत की मोहर व मेरे हस्ताक्षर के साथ जारी हुआ।

मोहर।

लेख राम धीमान,

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री लेख राम धीमान, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

तारीख पेशी : 10-4-2015 मुकद्दमा नं0 : 4/NT/2015 5/NT/2015

विशम्बर दास बनाम सुबेदार देवी सिंह निवासीयान महाल चकौल, मौजा बैजनाथ, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ने अदालत हजा में बराये (तकसीम) भूमि विभाजन हेतु प्रार्थना-पत्र गुजारा है। प्रार्थी खाता नं0 119, 201, खतौनी नं0 186, 347, 348, खसरा नम्बरान 336, 370, 35, 38, 45, 27, 32, रकबा तादादी 0-31-72/0-13-66 है0, महाल चकौल, मौजा बैजनाथ, तहसील बैजनाथ में भू0 मालिक है। प्रार्थी इस रकबा की तकसीम करवाना चाहता है। लेकिन कुछ हिस्सादारान को साधारण तरीके से इतलाह न हो पा रही है। इसलिए प्रार्थी प्रतिवादीगण सुबेदार देवी सिंह को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि वह असालतन या वकालतन पेशी तिथि 10-4-2015 (मामला तकसीम) में उपस्थित होकर मुकद्दमा की पैरवी करें व उजर/एतराज पेश करें अन्यथा उनके विरूद्ध एक तरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

आज दिनांक 21-3-2015 को अदालत की मोहर व मेरे हस्ताक्षर के साथ जारी हुआ।

मोहर।

लेख राम धीमान,

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

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In the court of Executive Magistrate, Dharamshala, Tehsil Dharamshala,

District Kangra (H.P.)

1. Shri Rakesh Kumar s/o Shri Sugreev Chand, r/o Sakoh, Tehsil Dharamshala, District Kangra (H.P.). 2. Smt. Suman Devi d/o Shri Chhalo Ram, r/o Atahara, Tehsil Nurpur, District Kangra.

Versus

1. The General Public

2. Secretary, G.P. Sakoh

PUBLIC NOTICE :

7431 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

Whereas the above named applicants have made an application under section 8(4) of the H. P. Registration of Marriages Act, 1996 alongwith an affidavit stating therein that they have solemnized their marriage on 5-3-2002 at Sakoh but has not been found entered in the records of the Registrar of Marriages i.e. Secretary, G.P. Sakoh.

And whereas, they have also stated that they were not aware of the laws of the registration of marriage with the Registrar of Marriages and now, therefore, necessary orders for the registration of their marriage be passed so that their marriage is registered by the concerned authority.

Now, therefore, objections are invited from the general public that if anyone has any objection regarding the registration of the marriage of the above named applicants, then they should appear before the court of undersigned on 2-4-2015 at Tehsil Office Dharamshala at 10.00 A.M. either personally or through their authorized agent.

In the event of their failure to do so, orders shall be passed ex parte against the respondents for the registration of marriage without affording any further opportunity of being heard.

Issued under my hand and seal of the court on this 20th day of March, 2015.

Seal. Sd/- Executive Magistrate, Dharamshala, District Kangra (H.P.).

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In the Court of Shri G. C. Negi, H.A.S., Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban)

District Shimla (H. P.)

Smt. Rani Devi w/o Shri Ravinder Thapa, r/o Krishana Niwas, Lower Phagli, Shimla, . . Applicant. Himachal Pradesh

Versus

General Public

. . Respondent.

Application under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Whereas Smt. Rani Devi w/o Shri Ravinder Thapa, r/o Krishana Niwas, Lower Phagli, Shimla, Himachal Pradesh has preferred an application to the undersigned for the registration of his name & date of birth of her daughter namely "Rishika" whose date of birth is 12-12-2009 in the record of Municipal Corporation, District Shimla (H.P.).

Therefore, by this proclamation, the general public is hereby informed that any person having any objection for the entry as to date of birth mentioned above, may submit his/her objection in writing in this court from one month from the publication of this proclamation failing which no objection will be entertained after expiry of date and will be decided accordingly.

Given under my hand and seal of the court on this 25th day of March, 2015.

Seal.

G. C. NEGI,

Sub-Divisional Magistrate,

Shimla (Urban), District Shimla, Himachal Pradesh.

7432 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

In the Court of Shri G. C. Negi, H.A.S., Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban)

District Shimla (H. P.)

Shri Raju s/o Shri Chhote Lal, r/o Asha Niwas, Middle Sangti, Tehsil & District Shimla, . . Applicant. Himachal Pradesh

Versus

General Public

. . Respondent.

Application under section 13 (3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Whereas Shri Raju s/o Shri Chhote Lal, r/o Asha Niwas, Middle Sangti, Tehsil & District Shimla, Himachal Pradesh has preferred an application to the undersigned for the registration of his name & date of birth namely "Raju" whose date of birth is 29-7-1988 in the record of Municipal Corporation, District Shimla (H.P.).

Therefore, by this proclamation, the general public is hereby informed that any person having any objection for the entry as to date of birth mentioned above, may submit his/her objection in writing in this court from one month from the publication of this proclamation failing which no objection will be entertained after expiry of date and will be decided accordingly.

Given under my hand and seal of the court on this 26th day of March, 2015.

Seal.

G. C. NEGI,

Sub-Divisional Magistrate,

Shimla (Urban), District Shimla, Himachal Pradesh.

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ब अदालत श्री नरेश कुमार, उप-मण्डलाधिकारी (ना0) चौपाल, जिला शिमला (हि0 प्र0) श्री राम लाल पुत्र स्व0 श्री सुख राम, गांव काण्डा, डाकघर हलाऊ, ग्राम पंचायत हलाऊ, तहसील . . वादी। चौपाल, जिला शिमला (हि0 प्र0)

बनाम

1. आम जनता, 2. प्रधान, ग्राम पंचायत हलाऊ, तहसील चौपाल

. . प्रतिवादी। विषय.-श्री राम लाल पुत्र स्व0 श्री सुख राम के लड़के का नाम ग्राम पंचायत हलाऊ के रजिस्टर में दर्ज करवाने बारे अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत जन्म के पंजीकरण करने बारे।

हर खास व आम जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में श्री राम लाल गांव काण्डा ने आवेदन प्रस्तुत किया है कि उसने अपने बेटे का नाम व जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज नहीं करवाया है जिसे कि अब वह ग्राम पंचायत हलाऊ के पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहता है जो कि निम्न प्रकार से है :-

नाम सम्बन्ध जन्म तिथि संदीप सिंह पुत्र 10-7-19917433 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 अतः ग्राम पंचायत हलाऊ की जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई आपाि हो तो वह दिनांक 16-4-2015 को या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपनी आपाि प्रस्तुत करें अन्यथा आवेदन-पत्र पर जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके सचिव, ग्राम पंचायत हलाऊ को आगामी कार्यवाही हेतु भेज दिया जायेगा।

आज दिनांक 12-3-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।

नरेश कुमार,

उप-मण्डलाधिकारी (ना0),

चौपाल, जिला शिमला (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

प्रकरण संख्या : 53/2015

श्री ईरशाद अली पुत्र श्री मेहन्दी हसन, निवासी जगतपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

. . वादी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। उनवान मुकद्दमा.-प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री ईरशाद अली पुत्र श्री मेहन्दी हसन, निवासी जगतपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपनी पुत्री हिना प्रवीन की जन्म तिथि 18-1-2007 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत माजरा में अपनी ऊपर वर्णित पुत्री की जन्म तिथि 18-1-2007 को दर्ज करने का अनुरोध किया है। अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को हिना प्रवीन की जन्म तिथि ग्राम पंचायत माजरा, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 18-4-2015 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त हिना प्रवीन की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 13-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।7434 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

प्रकरण संख्या : 54/2015

श्रीमती पुष्पा देवी पत्नी श्री हरी शंकर, निवासी रामपुरघाट, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

. . वादिया।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। उनवान मुकद्दमा.-प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्रीमती पुष्पा देवी पत्नी श्री हरी शंकर, निवासी रामपुरघाट, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदिका किन्हीं कारणों से अपने पुत्र संदीप कुमार की जन्म तिथि 27-10-1990 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पायी है। इस बारे आवेदिका द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदिका ने ग्राम पंचायत कुन्जा में अपने ऊपर वर्णित पुत्र की जन्म तिथि 27-10-1990 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को संदीप कुमार की जन्म तिथि ग्राम पंचायत कुन्जा, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 22-4-2015 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री संदीप कुमार की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 18-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

प्रकरण संख्या : 56/2015

श्री जसवीर सिंह पुत्र श्री जयपाल, निवासी मेहतोवाला, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0प्र0)

. . वादी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। उनवान मुकद्दमा.-प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

7435 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

श्री जसवीर सिंह पुत्र श्री जयपाल, निवासी मेहतोवाला, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0प्र0) ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपने पुत्र अरुण कुमार की जन्म तिथि 24-12-2008 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत हरीपुर खोल में अपने ऊपर वर्णित पुत्र की जन्म तिथि 24-12-2008 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को अरुण कुमार की जन्म तिथि ग्राम पंचायत हरीपुर खोल, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 22-4-2015 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री अरुण कुमार की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 18-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

प्रकरण संख्या : 55/2015

श्री रणजीत सिंह पुत्र श्री खुशाल सिंह, निवासी शुभखेड़़ा, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0प्र0)

. . वादी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। उनवान मुकद्दमा.-प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री रणजीत सिंह पुत्र श्री खुशाल सिंह, निवासी शुभखेड़़ा, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपने पुत्र गगनदीप सिंह की जन्म तिथि 14-9-1989 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत बदरीपुर में अपने ऊपर वर्णित पुत्र की जन्म तिथि 14-9-1989 को दर्ज करने का अनुरोध किया है। अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को गगनदीप सिंह की जन्म तिथि ग्राम पंचायत बदरीपुर, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 22-4-2015 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त 7436 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 श्री गगनदीप सिंह की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 18-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) कुमारी नेहा पुत्री श्री शशी गोयल, निवासी म0 नं0 5/12, कच्चा टैंक नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

कु0 नेहा पुत्री श्री शशी गोयल, निवासी म0 नं0 5/12, कच्चा टैंक नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उसकी जन्म तिथि 5-5-1986 है, का नाम नगरपालिका नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थिया अब दर्ज करवाना चाहती है। अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 21-4-2015 को सुबह दस बजे अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे। बसूरत दीगर कु0 नेहा की जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 11-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) श्री सुभाष सिंह पुत्र श्री केहर सिंह, निवासी म0 नं0 1997/4, कैंट एरिया नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

7437 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

श्री सुभाष सिंह पुत्र श्री केहर सिंह, निवासी म0 नं0 1997/4, कैंट एरिया नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उसके पुत्र रोबिन सिंह, जिसकी जन्म तिथि 7-11-2013 है, का नाम नगरपालिका परिषद्‌ नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 21-4-2015 को सुबह दस बजे अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे। बसूरत दीगर रोबिन सिंह की जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 11-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) श्री तरूण कुमार पुत्र श्री पीताम्बर सिंह, निवासी म0 नं0 52/2, मोहल्ला हरीपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

श्री तरूण कुमार पुत्र श्री पीताम्बर सिंह, निवासी म0 नं0 52/2, मोहल्ला हरीपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उसकी पुत्री रुपाली, जिसकी जन्म तिथि 21-12-2011 है, का नाम नगरपालिका परिषद्‌ नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 21-4-2015 को सुबह दस बजे अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे। बसूरत दीगर रुपाली की जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 11-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।7438 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 ब अदालत श्री आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) श्री तरूण कुमार पुत्र श्री पीताम्बर सिंह, निवासी म0 नं0 52/2, मोहल्ला हरीपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

श्री तरूण कुमार पुत्र श्री पीताम्बर सिंह, निवासी म0 नं0 52/2, मोहल्ला हरीपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उसकी पुत्री गौरी, जिसकी जन्म तिथि 11-1-2008 है, का नाम नगरपालिका परिषद्‌ नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 21-4-2015 को सुबह दस बजे अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे। बसूरत दीगर कु0 गौरी की जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 19-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

------ ब अदालत श्री आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) श्री संजय सिंह पुत्र श्री बसन्त सिंह, निवासी सैनवाला, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

श्री संजय सिंह पुत्र श्री बसन्त सिंह, निवासी सैनवाला, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उसके पिता श्री बसन्त सिंह, जिनकी मृत्यु तिथि 10-1-2014 है, को ग्राम पंचायत काला अम्ब, तहसील नाहन, जिला सिरमौर के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 21-4-2015 को सुबह दस बजे अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे। बसूरत दीगर श्री बसन्त सिंह की मृत्यु तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 18-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।7439 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 ब अदालत श्री आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) श्री मुकेश कुमार पुत्र श्री मदना सिंह, निवासी रैन पिरगडी, डा0 पंजाहल, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

श्री मुकेश कुमार पुत्र श्री मदना सिंह, निवासी रैन पिरगडी, डा0 पंजाहल, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उसकी पुत्री अर्चना, जिसकी जन्म तिथि 20-1-2011 है, का नाम ग्राम पंचायत पंजाहल, तहसील नाहन, जिला सिरमौर के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 21-4-2015 को सुबह दस बजे अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे। बसूरत दीगर अर्चना की जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 18-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) श्री अरविन्द शर्मा पुत्र श्री सुमेर चन्द, निवासी कच्चा टैंक नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

श्री अरविन्द शर्मा पुत्र श्री सुमेर चन्द, निवासी कच्चा टैंक नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उसके पिता श्री सुमेर चन्द, जिनकी मृत्यु तिथि 25-7-1982 है, को नगरपालिका परिषद्‌ नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 21-4-2015 को सुबह दस बजे 7440 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे। बसूरत दीगर श्री सुमेर चन्द की मृत्यु तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 18-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) श्री बलबीरा सिंह पुत्र श्री रणदीप सिंह, निवासी थली गलोह, डा0 जमटा, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

श्री बलबीरा सिंह पुत्र श्री रणदीप सिंह, निवासी थली गलोह, डा0 जमटा, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उसकी पुत्री मिनाक्षी चौहान, जिसकी जन्म तिथि 10-8-2010 है, का नाम ग्राम पंचायत सैन-की-सैर, तहसील नाहन, जिला सिरमौर के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 21-4-2015 को सुबह दस बजे अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे। बसूरत दीगर मिनाक्षी चौहान की जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 18-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) श्री बलबीरा सिंह पुत्र श्री रणदीप सिंह, निवासी थली गलोह, डा0 जमटा, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

7441 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937

श्री बलबीरा सिंह पुत्र श्री रणदीप सिंह, निवासी थली गलोह, डा0 जमटा, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उसके पुत्र निखिल चौहान, जिसकी जन्म तिथि 30-11-2008 है, का नाम ग्राम पंचायत सैन-की-सैर, तहसील नाहन, जिला सिरमौर के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 21-4-2015 को सुबह दस बजे अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे। बसूरत दीगर निखिल चौहान की जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 18-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) श्री राजेश वालिया पुत्र श्री शान्ती स्वरुप, निवासी म0 नं0 2926/9, कच्चा टैंक नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

श्री राजेश वालिया पुत्र श्री शान्ती स्वरुप, निवासी म0 नं0 2926/9, कच्चा टैंक नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत आवेदन पत्र प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उसके पुत्र सिद्धान्त, जिसकी जन्म तिथि 13-5-1998 है, का नाम नगरपालिका परिषद्‌ नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 21-4-2015 को सुबह दस बजे अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे। बसूरत दीगर सिद्धान्त की जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 18-3-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

आर0 डी0 हरनोट, कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।7442 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 मार्च, 2015/10 चैत्र, 1937 नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 31 March 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2015-03-31.267_gazette_2015-3_31_2015/. Archive identifier in.gazette.himachal.2015-03-31.267_gazette_2015-3_31_2015.