राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित बुधवार, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937
हिमाचल प्रदेश सरकार
शहरी विकास विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 27 जुलाई, 2015
संख्याः यू0डी0-ए (3)-7/2011-1.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994(1994 का अधिनियम संख्यांक 13) की धारा 279 और 304 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए, राज्य निर्वाचन आयोग के परामर्श से, हिमाचल प्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994, हिमाचल 85-राजपत्र/2015-29-07-2015 (2603) 2604 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 प्रदेश नगरपालिका (वार्डों का परिसीमन और आरक्षण) नियम, 1994 और हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद का आरक्षण और निर्वाचन) नियम, 1995 का निरसन करते हुए, हिमाचल प्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 2015 को समेकित करने और बनाने का प्रस्ताव करते हैं ;
इन प्रस्तावित नियमों की बाबत किसी हितबद्ध व्यक्ति का, कोई आक्षेप या सुझाव हों तो वह उसे इन नियमों के राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशन की तारीख से पन्द्रह दिन की अवधि के भीतर अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास), हिमाचल प्रदेश सरकार को भेज सकेगा ;
उपरोक्त विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर प्राप्त आक्षेप (पों) या सुझााव (वों) यदि कोई हों, पर उक्त नियमों को अन्तिम रूप देने से पूर्व सरकार द्वारा विचार किया जाएगा, अर्थात :--
अध्याय-1
प्रारम्भिक
1. संक्षिप्त नाम.--इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 2015 है।
2. परिभाषाएँ.--(1) इन नियमों में, जब तक कि कोई बात विषय या संदर्भ में विरूद्ध न हो-- (क) ''अधिनियम'' से हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्यांक 13) अभिप्रेत है ;
(ख) ''अभिकर्ता'' से किसी निर्वाचन में, अभ्यर्थी द्वारा, लिखित में, इन नियमों के प्रयोजन के लिए अभिकर्ता बनने के लिए नियुक्त कोई व्यक्ति अभिप्रेत है;
(ग) ''मतपेटी'' से निर्वाचकोें द्वारा मतपत्र रखने के लिए प्रयुक्त कोई पेटी, बैग या अन्य पात्र अभिप्रेत है और इसके अन्र्तगत इलैक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन भी होगी ;
(घ) ''अध्यक्ष'' से निर्वाचित सदस्यों द्वारा अध्यक्ष का पद धारण करने और अध्यक्ष के कृत्यों का पालन करने के लिए अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित नगरपालिका का कोई सदस्य अभिप्रेत है;
(ङ) ''आयोग'' से धारा 2 के खण्ड (37) के अधीन परिभाषित राज्य निर्वाचन आयोग अभिप्रेत है;
(च) ''परिसीमन'' से इन नियमों के अधीन किया गया वार्डों का परिसीमन अभिप्रेत है;
(छ) ''जिला निर्वाचन अधिकारी (नगरपालिकाएँ)'' से नियम 32 के अधीन नगरपालिकाओं का निर्वाचन संचालित करवाने हेतू, राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त किया गया अधिकारी अभिप्रेत हैं;
(ज) ''राजनैतिक दल'' से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अधीन भारत निर्वाचन आयोग के पास राजनैतिक दल के रूप में रजिस्ट्रीकृत भारत के नागरिकों का संगम या व्यष्टि निकाय अभिप्रेत है;
(झ) ''मण्डलायुक्त'' से संबद्ध मण्डल का आयुक्त अभिप्रेत हैंय
(ञ) ''मतदाता'' से नगरपालिका के सदस्य या पदाधिकारी के निर्वाचन में मतदान करने का हकदार कोई व्यक्ति अभिप्रेत है;
(ट) ''निर्वाचक नामावली'' से इन नियमों के अधीन किसी निर्वाचन में मतदान करने के हकदार वार्ड के व्यक्तियों की निर्वाचक नामावली अभिप्रेत है;
2605 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937(ठ) ''निर्वाचक रजिस्ट््रीकरण अधिकारी (नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत)'' से इन नियमों के अनुसार निर्वाचक नामावलियां तैयार करने के प्रयोजन के लिए आयोग द्वारा नियुक्त कोई अधिकारी अभिप्रेत है''
(ड) ''प्ररूप'' से इन नियमों से संलग्न प्ररूप अभिप्रेत है;
(ढ) ''शपथ या प्रतिज्ञान'' से अधिनियम की धारा 27 की उपधारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट निष्ठा की शपथ या प्रतिज्ञान अभिप्रेत है;
(ण) ''मतदान केन्द्र'' से नगरपालिका के निर्वाचन के संचालन हेतु रिटर्निंग अधिकारी द्वारा नियत स्थान अभिप्रेत है;
(त) ''रिटर्निंग अधिकारी'' से नियम 32 के अधीन आयोग द्वारा नियुक्त अधिकारी अभिप्रेत है और सहायक रिटर्निंग अधिकारी भी इसके अन्र्तगत हैं।
(थ) ''पुनरीक्षण प्राधिकारी'' से राजपत्रित अधिकारी या कार्यकारी मजिस्ट्रेट अभिप्रेत है जिसे निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (नगरपालिका परिषद/ नगर पंचायत) द्वारा वार्ड या उसके किसी भाग की निर्वाचक नामावली की बाबत, पुनरीक्षण अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाए;
(द) ''राज्य'' से हिमाचल प्रदेश राज्य अभिप्रेत हैं;
(ध) ''राज्य सरकार'' से हिमाचल प्रदेश सरकार से अभिप्रेत हैं;
(न) ''प्रतीक (चिन्ह)'' से कोई प्रतीक (चिन्ह) अभिप्रेत है जिसे इन नियम के अधीन किसी अभ्यर्थी को निर्वाचन लड़ने के लिए आबंटित किया जाए;
(प) ''खजाना (कोष)'' से राज्य सरकार का खजाना या उपखजाना अभिप्रेत है और इसके अन्र्तगत ऐसा बैंक भी है, जिसके माध्यम से ऐसे खजाना या उपखजाना का कारबार किया जाता है; और
(फ) ''वार्ड'' से ऐसा वार्ड अभिप्रेत है, जिसके प्रतिनिधित्व के लिए इन नियमों के अधीन कोई पदाधिकारी निर्वाचित किया जाना है या निर्वाचित किया गया है।
(2) उन शब्दों और पदाें के, जो इन नियमों में प्रयुक्त हैं किन्तु परिभाषित नहीं हैं, वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में क्रमशः उनके हैं।
अध्याय-2
वार्डों का परिसीमन और आरक्षण
3. नगरपालिका का वार्डों में विभाजित किया जाना.--नगरपालिका का निर्वाचन आयोजित करने हेतु सम्पूर्ण नगरपालिका क्षेत्र को वार्डों में विभाजित किया जाएगा।
4. वार्डों की सीमा.--(1) जहां तक साध्य हो सम्पूर्ण नगरपालिका क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड की जनसंख्या समान होगी और प्रत्येक वार्ड क्षेत्रों में भौगोलिक रूप से संहत और समीपस्थ होगा और उसकी पहचान योग्य सीमाएं जैसे सड़कें, पथ, गलियॉं, मार्ग, सरिता (जलधारा), नहरें, नालियां, पुल, रेलवे लाईनें या ऐसे अन्य चिन्ह अथवा सीमाएं, जिन्हें आसानी से भिन्न किया जा सके, होंगी।
(2) प्रत्येक वार्ड सदैव ऐसी रीति में वर्णित और अधिसूचित किया जाएगा, जिससे इसकी सीमाएं धरातल पर स्पष्टतया अभिज्ञेय हों। 2606 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 5. वार्डों का नाम और संख्या.--प्रत्येक वार्ड क्रमानुसार इसे दी गई क्रम संख्या से जाना जाएगा और इसे कोई नाम भी दिया जाएगा।
6. वार्डो का परिसीमन.--जब राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिनियम की धारा 281 के अधीन कोई निदेश दिया गया हो, तो उपायुक्त, अधिनियम की धारा 10 के उपबन्धों के अनुसार नगर पालिक क्षेत्र को परिसीमन के लिए वार्डो में विभाजित करते हुए एक प्रस्ताव तैयार करेगा और ऐसे प्रत्येक वार्ड की सीमाएं परिभाषित करेगा तथा उसे अपने कार्यालय तथा नगरपालिका के कार्यालय में निरीक्षण के लिए रखेगा और ऐसे प्रस्ताव के सम्बन्ध में प्ररूप-1 में नोटिस जारी करेगा और ऐसी नोटिस को अपने कार्यालय और नगरपालिका के कार्यालय में चिपका कर निवासियों से लोक आक्षेप (पों) या सुझाव (वों) आंमन्त्रित करेगा। (2) उपायुक्त, नोटिस जारी करते समय नगर पालिका क्षेत्र के निवासियों से दस दिन की अवधि के भीतर प्ररूप-2 में वार्ड के किसी भी निवासी से ऐसे प्ररूप परिसीमन प्रस्ताव के विषय में लिखित में आक्षेप या सुझाव मंगवाएगा।
7. आक्षेपों का निपटान.--उपायुक्त नियम 6 के अधीन आक्षेप (आक्षेपा)ें, यदि कोई हैं/हों, की प्राप्ति पर उसकी (उनकी) जांच करेगा और ऐसे आक्षेप या सुझाव करने वाले व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात्, दस दिन की अवधि के भीतर उन्हें विनिश्चत करेगा।
8. अपील.--उपायुक्त के आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति मण्डलायुक्त को ऐसे आदेश के पारित होने के दस दिन की अवधि के भीतर मण्डलायुक्त को अपील दायर कर सकेगा, जो अपील कर्ता आवेदक को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात्, दस दिन की अवधि के भीतर इसे विनिश्चत करेगा, और आदेश की संसूचना उपायुक्त को देगा। मण्डलायुक्त द्वारा पारित आदेश अन्तिम होगा।
9. अन्तिम प्रकाशन.--(1) आक्षेपों की सुनवाई करने और अंिन्तम रूप से विनिश्चय करने के पश्चात्, इस प्रकार किए गए परिसीमन को, परिसीमन हेतु प्रस्ताव के प्रारंभिक प्रकाशन की तारीख से पैन्तालीस दिन की अवधि के भीतर इसकी एक प्रति उपायुक्त के कार्यालय, नगरपालिका के कार्यालय और ऐसे अन्य स्थानों पर, जैसे उपायुक्त विनिश्चत करे, चिपका कर, अन्तिम रूप दिया जाएगा तथा उसकी एक प्रति सरकार को भेजी जाएगी।
(2) उपायुक्त से अन्तिम परिसीमन आदेश की प्राप्ति पर, राज्य निर्वाचन आयोग, नगरपालिका के वार्डों का परिसीमन राजपत्र में अधिसूचित करेगा।
(3) अन्तिम रूप से परिसीमित इस आदेश की प्रतियाँ उपायुक्त और नगरपालिका के कार्यालय में निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेंगी। कोई भी मतदाता, उपायुक्त या नगरपालिका को उचित रसीद पर पचास रूपये का संदाय करने पर परिसीमन आदेश की प्रति प्राप्त कर सकता है और वह उसे तत्काल उपलब्ध करवाई जाएगी।
10. सदस्यों के स्थानों (सीट) का आरक्षण और चक्रानुक्रम.--(1) सदस्यों के लिए स्थानों (सीटों) के आरक्षण और चक्रानुक्रम के लिए प्रक्रिया, अधिनियम की धारा 281 के अधीन राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इस निमित विहित की जाने वाली समय अनुसूची के अनुसार अपनाई जाएगी।
(2) अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए, उनकी जन संख्या के अनुपात में स्थान आरक्षित किए जाएंगे। अनुसूचित जातियों की जन संख्या के अधिकतम प्रतिशतता वाले वार्ड में स्थान को अनुसूचित जातियों के सदस्यों के लिए आरक्षित किया जाएगा अैार अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या के अधिकतम प्रतिशतता वाले वार्ड को अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के लिए आरक्षित किया जाएगा। (3) यदि अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के लिए आरक्षित किए जाने वाले स्थानों की संख्या एक से अधिक हो, तो अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की अगली अधिकतम जनसंख्या की प्रतिशतता वाले वार्ड को यथास्थिति, अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के लिए आरक्षित किया जाएगा और इसी प्रकार क्रम चलता रहेगा :
2607 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937परन्तु यदि नगरपालिका क्षेत्र में, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का प्रतिशत, कुल जनसंख्या के पांच प्रतिशत से कम हो, तो उनके लिए कोई स्थान आरक्षित नहीं होगा। (4) अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के लिए आरक्षित स्थानों में से आधे स्थान, यथास्थिति, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित महिला सदस्यों के लिए आरक्षित होंगे। अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं के लिए, यथास्थिति, स्थानों का आरक्षण, लॉट निकाल कर किया जाएगा :
परन्तु यदि आरक्षित स्थानों की संख्या एक से अधिक नहीं है, तो यथास्थिति, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित पुरूषों और महिलाओं के लिए आरक्षण, प्रत्येक पांच वर्ष के पश्चात् अनुकल्पतः (बारी-बारी से) होगा :
परन्तु यह और कि यदि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के लिए, यथास्थिति, आरक्षित स्थान दो हों, तो कम से कम एक वार्ड, यथास्थिति, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित महिला सदस्यों के लिए आरक्षित होगा।
(5) नगरपालिका में, नियम 3 के अधीन बनाए गए कुल वार्डों में से उप-नियम (4) के अधीन किए गए आरक्षण सहित, आधे स्थानों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा और इन स्थानों की संगणना करते समय विभाजन करने के पश्चात् यदि अतिशेष एक रह जाता है, तो प्रथम निर्वाचन में महिलाओं के लिए आरक्षित स्थानों को एक से बढ़ाया जाएगा तथा अगले निर्वाचन में इसे जोड़ा नहीं जाएगा और इसी प्रकार क्रम चलता रहेगा।
(6) जनसंख्या की प्रतिशतता के आधार पर अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों तथा अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित महिलाओं के लिए आरक्षित स्थान (सीट) आगामी निर्वाचन में परिवर्तित कर दिए जाएंगे और ऐसे अगले निर्वाचन के समय आगामी उच्वतम प्रतिशतता की जनसंख्या वाले वार्ड/वार्डों के स्थान (सीट) अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों, जिसमें अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की महिलाएं भी सम्मिलित हैं, के लिए आरक्षित होंगे और पहले वाला आरक्षित स्थान, सामान्य वर्ग के सदस्यों के लिए अनारक्षित रखा जाएगा और पश्चात्वर्ती निर्वाचन के लिए यही क्रम चलता रहेगा।
स्पष्टीकरण : इन नियमों के प्रयोजन के लिए सामान्य वर्ग से इस वर्ग से सम्बन्धित पुरूष या महिलाएं या दोनों अभिप्रेत होंगे।
(7) महिलाओं के लिए स्थानों का आरक्षण, यथास्थिति, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों, जिनमें अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित महिलाएं भी सम्मिलित हैं, के लिए आरक्षित स्थानों (सीटों) को अपवर्जित करने के पश्चात्, लॉट निकाल कर किया जाएगा।
(8) उपायुक्त, लॉट निकालने की तारीख, स्थान और समय को विनिर्दिष्ट करते हुए, तीन दिन का सुस्पष्ट नोटिस जारी करेगा और ऐसा नोटिस वह अपने कार्यालय और नगरपालिका के सूचना पट्ट पर चिपकवाएगा और वह इसको नगरपालिका क्षेत्र में डोंडी पिटवा कर भी घोषित करवाएगा। लॉट, विनिर्दिष्ट तारीख, स्थान और समय को नगरपालिका क्षेत्र के कम से कम तीन विशिष्ट व्यक्तियों और सरकार के तीन राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति में निकाला जाएगा।
(9) कोई भी वार्ड, दो क्र्रमवर्ती निर्वाचनों में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित नहीं होगा।
(10) इन नियमों में अन्र्तविष्ट किसी बात के होते हुए भी, स्थानों (सीटों) के आरक्षण का रोस्टर, इन नियमों के प्रारम्भ के पश्चात् आयोजित किए जाने वाले निर्वाचनों के लिए आरम्भिक प्रक्रम से ऐसे प्रवर्तित होगा, मानों उक्त निर्वाचन प्रथम बार संचालित किए जा रहे हों, इसके पश्चात इस नियम के अधीन स्थानों का आरक्षण नगरपालिका के विभिन्न वार्डों को चक्रानुक्रमित किया जाएगा। 2608 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (11) उपायुक्त द्वारा किए गए आरक्षण का, ऐसे आरक्षण के आदेश की प्रति अपने और नगरपालिका के कार्यालय के सूचना पट्ट में चिपकाते हुए, व्यापक प्रचार किया जाएगा और वह उसकी एक प्रति सरकार को भी भेजेगा।
11. आयोग को रिपोर्ट देना.--सरकार, इसके द्वारा किए गए अंतिम आरक्षण आदेश की प्रति, निर्वाचन आयोग को तुरंत परिदत्त करवाएगी।
अध्याय-3
नगरपालिकाओं में अध्यक्षों के पद का आरक्षण और चक्रानुक्रम
12. नगरपालिकाओं में अध्यक्षों के पद का आरक्षण और चक्रानुक्रम.--(1) राज्य सरकार या इस निमित इसके द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अधिकारी, नगरपालिका के प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व अधिनियम की धारा 12 के उपबन्धों के अनुसार, राज्य में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाने वाले नगरपालिकाओं के अध्यक्षों के पदों की संख्या अवधारित करेगी।
(2) अध्यक्षों के पदों के आरक्षण के प्रयोजन के लिए सामान्य वर्ग (प्रवर्ग), अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं की जनसंख्या गणना में ली जाएगी।
(3) राज्य में नगरपालिका के अध्यक्षों के पद अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए, राज्य में उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किए जाएंगे। अनुसूचित जातियों की जनसंख्या के अधिकतम प्रतिशतता वाली नगरपालिका को अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित किया जाएगा और अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या के अधिकतम प्रतिशतता वाली नगरपालिका को अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित किया जाएगा।
(4) यदि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित किए जाने वाले पदों की संख्या एक से अधिक है, तो अगली अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की अधिकतम जनसंख्या की प्रतिशतता वाली नगरपालिका को, यथास्थिति, अनूसूचित जातियों और अनूसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित किया जाएगा और इसी प्रकार क्रम चलता रहेगा।
(5) अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित पदों में से आधे पद, यथास्थिति, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे और राज्य में यथास्थिति, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित महिलाओं की अधिकतम जनसंख्या की प्रतिशतता वाली नगरपालिका को ऐसी महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा।
(6) यदि, यथास्थिति, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित महिलाओं के लिए आरक्षित पदों की संख्या एक से अधिक है तो, यथास्थिति, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित महिलाओं की अगली अधिकतम जनसंख्या की प्रतिशतता वाली नगरपालिका को, ऐसी महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा और इसी प्रकार क्रम चलता रहेगा।
(7) अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से सम्बन्धित महिलाओं सहित) के लिए आरक्षित पदों को अपवर्जित करके कुल पदों में से आधे पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे और अगली अधिकतम महिला जनसंख्या की प्रतिशतता वाली नगरपालिका को, इसी प्रकार सामान्य वर्ग (प्रवर्ग) से सम्बन्धित महिलाओं के लिए आरक्षित रखा जाएगा और इसी प्रकार क्रम चलता रहेगा।
(8) जनसंख्या की प्रतिशतता के आधार पर अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों और सामान्य वर्ग से सम्बन्धित महिलाओं के लिए आरक्षित पद प्रथम निर्वाचन की तारीख से प्रत्येक पाँच वर्ष के पश्चात चक्रानुचक्रित किए जाएंगे। ठीक तत्काल आगामी निर्वाचन के समय अगली अधिकतम जनसंख्या की2609 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 प्रतिशतता वाली नगरपालिका को अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं और सामान्य वर्ग की महिलाओं सहित अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के लिए आरक्षित किया जाएगा और इसी प्रकार आगामी निर्वाचन के लिए पूर्वत्तर में आरक्षित पद को सामान्य (वर्ग) प्रवर्ग के सदस्यों के लिए खुला रखा जाएगा।
(9) अधिनियम की धारा 12 की उप धारा (4) के अधीन जहाँ नगापालिकाओं में अध्यक्ष के पद पिछड़े वर्गों से सम्बन्धित व्यक्ति या पिछड़े वर्गों के सम्बन्धित महिलाओं के लिए आरक्षित हैं वहां इस नियम के पूर्वगामी उप-नियम के उपबंध, जहां तक कि यह धारा 12 की उपधारा (4) के उपबंधों से असंगत नहीं हैं, यथावश्यक परिर्वतनों सहित, वैसे ही लागू होंगे जैसे यह पदों में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण और चक्रानुक्रम के सम्बन्ध में लागू होते हैं :
परन्तु किसी विशिष्ट वर्ग के लिए किसी पद के आरक्षण को तब तक दोहराया नहीं जाएगा, जब तक कि समस्त अन्य पद चक्रानुक्रम द्वारा भरे नहीं जाते।
(10) इस नियम के अधीन किए गए आरक्षण को राज्य सरकार द्वारा या इस निमित उस द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी द्वारा अन्तिम रूप दिया जाएगा और ऐसे आरक्षण के आदेश की एक प्रति को अपने नगरपालिका, जिला और तहसील कार्यालय के सूचना पट्ट पर चिपका कर इसका व्यापक प्रचार किया जाएगा।
(11) जहाँ राज्य सरकार द्वार आरक्षण का आदेश जारी नहीं किया गया है, वहां अधिकारी, जिसने आदेश जारी किया है, उसकी प्रति राज्य सरकार को भेजेगा। राज्य सरकार, चाहे आदेश इस द्वारा जारी किया है या ऐसे अधिकारी द्वारा जारी आदेश की प्रति की प्राप्ति पर, आरक्षण के आदेश को राजपत्र में प्रकाशित करवाएगी और इस प्रकार जारी अधिसूचना, राज्य में अध्यक्षों के पदों के आरक्षण का निश्चायक साक्ष्य होगी। 13. आयोग को रिपोर्ट.--राज्य सरकार, इसके द्वारा किए गए अध्यक्ष के पद के अंतिम आरक्षण और चक्रानुक्रम की बावत आदेश की प्रति, आयोग को तत्काल उपलब्ध करवाएगी।
अध्याय-4
निर्वाचक नामावलियां
14. प्रत्येक वार्ड के लिए निर्वाचक नामावली.--(1) नगरपालिका के प्रत्येक वार्ड या मतदान केन्द्र के लिए निर्वाचक नामावली होगी, जो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी द्वारा, आयोग के अधीक्षण, निर्देश और नियन्त्रण के अधीन नियम 15 से 28 में विनिर्दिष्ट रीति में तैयार की जाएगीः
परन्तु इस नियम की कोई भी बात, इन नियमों के अधीन निर्वाचन के लिए प्रारूप नामावली तैयार करने के लिए विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र की चालू निर्वाचक नामावली के किसी सुसंगत भाग के प्रयोग को निवारित नहीं करेगी।
परन्तु यह और कि राज्य निर्वाचन आयोग, अपने स्वविवेकानुसार इन नियमों के अधीन निर्वाचन हेतु प्रारूप निर्वाचन नामावली तैयार करने के लिए, भारत निर्वाचन आयोग के डाटा बेस का उपयोग कर सकेगा। (2) निर्वाचक नामावली हिन्दी देवनागरी लिपि में, ऐसे प्रारूप में और ऐसी प्रक्रिया के माध्यम से तैयार की जाएगी, जैसा राज्य आयोग द्वारा निर्देशित किया जाए।
15. निर्वाचक नामावली का तैयार किया जाना.--जब आयोग द्वारा नियम 14 के अधीन निदेश किया गया हो, तो निर्वाचक रजिस्ट्ीकरण अधिकारी, इन नियमों के अनुसार नगरपालिका के प्रत्येक वार्ड या उसके भाग के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करेगा। 2610 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 16. निर्वाचक नामावलियों में रजिस्ट्रीकरण के लिए निर्रहता.--(1) कोई व्यक्ति निर्वाचक नामावली में रजिस्ट्रीकरण के लिए निरर्हित होगा, यदि वह :--
(क) भारत का नागरिक नहीं है; या
(ख) विकृत चित है और सक्षम न्यायालय द्वारा इस रूप में घोषित किया गया है; या
(ग) नगरपालिकायों या विधान सभा या संसद के निर्वाचनों के सम्बन्ध में भ्रष्ट आचरण या अन्य अपराध के लिए विधि के अधीन इस सम्बन्ध में कुछ समय के लिए मतदान के लिए निरर्हित किया गया हो; या
(घ) यथास्थिति, किसी अन्य नगरपालिका या ग्राम सभा में निर्वाचक के रूप में पहले से ही रजिस्ट्रीकृत है;
17. रजिस्ट्रीकरण के लिए शर्त.--प्रत्येक व्यक्ति जो,-
(क) अर्हता की तारीख को अठारह वर्ष की आयु से कम का न हों, और
(ख) साधारणतया किसी वार्ड का निवासी हो, उस वार्ड की निर्वाचक नामावली में रजिस्ट्रीकृत किए जाने के लिए हकदार होगा :
परन्तु कोई व्यक्ति नगरपालिका के केवल एक वार्ड के लिए निर्वाचक नामावली में रजिस्ट्रीकृत किए जाने के लिए हकदार होगा।
स्पष्टीकरण.--इस नियम के प्रयोजन के लिए :-
(i) कोई व्यक्ति, केवल इस आधार पर किसी वार्ड का ''साधारणतया निवासी'' नहीं समझा जाएगा कि इस वार्ड में उसके स्वामित्व और कब्जे में रिहायशी मकान है; और (ii) किसी व्यक्ति का साधारणतया निवासी बने रहना केवल इस कारण समाप्त नहीं समझा जाएगा, कि वह अस्थायी रूप से अपने साधारण निवास के स्थान से अनुपस्थित है। 18. मिथ्या घोषणा करना.--यदि कोई व्यक्ति,-
(क) किसी निर्वाचक नामावली को तैयार करने, पुनरीक्षण करने या ठीक करने, के सम्बन्ध में या (ख) किसी निर्वाचक नामावली में या से किसी प्रविष्टि को सम्मिलित करने या अपवर्जित करने के सम्बन्ध में या
(ग) लिखित में किसी कथन या घोषणा के सम्बन्ध में जो मिथ्या है और जा या तो उसकी जानकारी में मिथ्या है या जिसके मिथ्या होने का उसे विश्वास है या जिसके सही होने पर, उसे विश्वास नहीं है, के सम्बन्ध में मिथ्या घोषणा करता है तो वह कारावास से जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से दण्डनीय होगा। 19. निर्वाचक नामावली प्रारूप का प्रकाशन.--(1) जैसे ही किसी वार्ड की निर्वाचक नामावली का प्रारूप तैयार हो जाता हेै, तो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इसके प्रारूप को आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्ररूप-3 में नोटिस के साथ प्रकाशित करेगा और इसकी प्रतियां अपने कार्यालय की कार्यालय बैबसाइट में, सम्बद्ध नगरपालिका और तहसील के कार्यालय में निरीक्षण के लिए उपलब्ध करवाएगा। (2) उप नियम (1) के अधीन नोटिस का आफिशियल बैबसाइट द्वारा उस क्षेत्र में अधिक परिचालन वाले समाचार पत्रों द्वारा, आल इण्डियां रेडियो द्वारा, नगर में डोंडी पिटवाकर और ऐसे नोटिस की प्रतियां2611 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 अपने कार्यालय में और नगरपालिका और सम्बद्ध तहसील के कार्यालय में तथा ऐसे अन्य सहज दृष्य स्थानों पर, जहां सर्व साधारण की पहुॅच हो, चिपकाकर व्यापक प्रचार किया जाएगा। नोटिस में ऐसी तारीख, जब तक आक्षेप या दावे दायर किए जा सकेंगे और वे प्राधिकारी या प्राधिकारियों जिन्हें आक्षेप और दावे प्रस्तुत किए जा सकेंगे, अन्तर्विष्ट होंगे।
20. दावों और आक्षेपों को दाखिल करने की अवधि.--निर्वाचक नामावली में नाम शामिल करने के लिए प्रत्येक दावा ओैर उसमें प्रविष्टि के विषय में प्रत्येक आक्षेप, नियम 19 के अधीन प्रारूप निर्वाचक नामावली के प्रकाशन की तारीख से दस दिन की अवधि के भीतर या ऐसी अवधि के भीतर, जैसी आयोग द्वारा नियत की जाए, दाखिल किया जाएगा।
21. पुनरीक्षण प्राधिकारियों की नियुक्ति.--निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, वार्ड या वार्डों की निर्वाचन नामावलियों के सम्बन्ध में दावों और आक्षेपों की सुनवाई के प्रयोजन के लिए एक या एक से अधिक पुनरीक्षण प्राधिकारी (प्राधिकारियों) को नियुक्त कर सकेगा। इन नियुक्तियों का, जब भी यह की जाएं, व्यापक प्रचार किया जाएगा और इन्हें आफिशियल बैबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
22. दावों और आक्षेपों को दाखिल करने की रीति.--(1) दावा या आक्षेप, नियम 21 में निर्दिष्ट नोटिस में विनिर्दिष्ट पुनरीक्षण प्राधिकारी को सम्बोधित किया जाएगा और व्यक्तिगत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा या रजिस्ट्रीकृत डाक द्वारा भेजा जाएगा। निर्वाचक नामावली में, नाम शामिल करने के लिए प्रत्येक दावा, नाम शामिल करने की बाबत आक्षेप या किसी प्रविष्टि की विशिष्टियों के बारे में आक्षेप, यथास्थिति, क्रमशः प्ररूप 4, 5 या 6 में किया जाएगा।
(2) निर्वाचन नामावली में अपना नाम शामिल करवाने के इच्छुक व्यक्ति द्वारा दावा हस्ताक्षरित किया जाएगा और इसे ऐसे अन्य व्यक्ति द्वारा, जिसका नाम उस निर्वाचक नामांवली में पहंले से ही शामिल है जिसमें दावेदार अपना नाम शामिल करवाने का इच्छुक है, प्रतिहस्ताक्षरित किया जाएगा और यदि उसे डाक द्वारा नहीं भेजा जाता, तो दावेदार स्वंय या उसके द्वारा इस निमित्त लिखित में प्राधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
(3) कोई भी व्यक्ति निर्वाचक नामावली में कोई नाम शामिल करने बारे में तब तक आक्षेप नहीं करेगा, जब तक कि उसका नाम पहले से ही नगरपालिका की निर्वाचक नामावली में शामिल न हो। (4) पुनरीक्षण प्राधिकारी दावों का प्ररूप-7 में, नाम शामिल करने के प्रति आक्षेपों का प्ररूप-8 में, और किसी प्रविष्टि के विशिष्टियों के प्रति आक्षेपों का प्ररूप-9 में रजिस्टर रखेगा और उसमें, यथास्थिति, उनकी प्राप्ति का समय, प्रत्येक दावे या आक्षेप की विशिष्टिया दर्ज करेगा।
(5) कोई दावा या आक्षेप, जो विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर या इसमें विनिर्दिष्ट रीति में दाखिल नहीं किया जाता है, अस्वीकृत किया जाएगा और विनिश्चय, यथास्थिति, प्ररूप-7, 8 और 9 में तैयार किए गए रजिस्टर में अभिलिखित किया जाएगा।
23. दावों और आक्षेपों का नोटिस.--(1) जहां नियम 22 के उपनियम (5) के अधीन किसी दावे या आक्षेप को अस्वीकृत नहीं किया गया है, वहां पुनरीक्षण प्राधिकारी दावों और आक्षेपों को प्रस्तुत करने और आक्षेप (आक्षेपों) को करने की विनिर्दिष्ट अवधि के अवसान के पश्चात् अपने कार्यालय के सूचना पट्ट पर, समस्त दावों या आक्षेपों की सूची, यथास्थिति, प्ररूप-10, 11 और 12 में प्रदर्शित करेगा।
(2) प्रत्येक दावेदार और आक्षेप कर्ता को ऐसे दावे या आक्षेप की सुनवाई के स्थान, तारीख और समय के विषय में सूचना (नोटिस) दी जाएगी और उसे, यथास्थिति, प्ररूप-13, 14 और 16 में ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा जाएगा, जिन्हें वह प्रस्तुत करना चाहता हो ।
(3) कोई व्यक्ति जिसके विरूद्ध निर्वाचन नामावली में उसका नाम शामिल किए जाने या उससे नाम हटाए जाने के विषय में पुनरीक्षण प्राधिकारी द्वारा आक्षेप प्राप्त किया गया है, को प्ररूप-15 में, उसके अन्तिम 2612 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 ज्ञात निवास स्थान पर, आक्षेप की सुनवाई के लिए नियत तारीख स्थान और समय के विषय में नोटिस दिया जाएगा और उसे ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा जाएगा, जो वह अपने प्रतिवाद में प्रस्तुत करना चाहता है। 24. दावों और आक्षेपों का निपटान.--(1) पुनरीक्षण प्राधिकारी, नियम 22 के उपबन्धों के अधीन नियत तारीख, समय और स्थान पर, इन नियमों के उपबन्धों के अधीन दावों और आक्षेपों की सुनवाई और विनिश्चय, दस दिन के भीतर करेगा, और वह अपने विनिश्चय को रजिस्टरों में, यथास्थिति, प्ररूप-7, 8 या 9 म,ें अभिलिखित करेगा।
(2) आक्षेप से सम्बन्धित आदेश की प्रति, दावेदार को 25/-रूपए के संदाय पर, उचित रसीद पर, दी जाएगी।
(3) उपनियम (1) के उपबन्धों के अधीन पारित आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति, आदेश की तारीख से सात दिन के भीतर, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को अपील कर सकेगा, जो उसे सात दिन के भीतर विनिश्चित करेगा।
(4) यदि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को ऐसा प्रतीत होता है कि प्रारूप निर्वाचक नामावली की तैयारी के दौरान, अनजाने में या त्रुटि से निर्वाचकों के नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करने से छूट गए हैं, या मृत व्यक्ति या व्यक्तियों के नाम या उन व्यक्तियों के नाम, जो वार्ड या उसके भाग के प्रायः निवासी नहीं रहे हैं या निवासी नहीं हैं, निर्वाचक नामावली में शामिल कर लिए गए हैं या कतिपय निर्वाचक गलत वार्ड या मतदान केन्द्र में दर्शाए गए हैं, और इस उप नियम के अधीन उपचारी कार्रवाई की जानी अपेक्षित है, तो वह प्रारूप निर्वाचक नामावली के प्रकाशन की तारीख से तीन दिन के भीतर,-
(क) ऐसे निर्वाचकों के नाम और अन्य विशिष्टियों की सूची तैयार करेगा और जहां कहीं भी शुद्धि कार्यान्वित करना अपेक्षित हो, प्रस्ताव को अनुज्ञा प्राप्त करने हेतु उसी दिन आयोग को प्रस्तुत करेगा;
(ख) आयोग से अनुज्ञा प्राप्त करने के पश्चात, अपने कार्यालय के सूचना पट्ट पर, निर्वाचक नामावली में नाम शामिल करने या निर्वाचक नामावली से नाम हटाए जाने पर विचार करने की तारीख (तारीखें) और स्थान (स्थानों) का नोटिस सूची की प्रति सहित, प्रदर्शित करेगा; और (ग) प्रस्तुत किए जाने वाले किसी मौखिक या लिखित आक्षेप पर विचार करने के पश्चात्, सभी या किन्हीं नामों को निर्वाचक नामावली में शामिल करने या उस में से हटाने का विनिश्चय करेगा। 25. निर्वाचक नामावली का अन्तिम प्रकाशन.--(1) पुनरीक्षण प्राधिकारी जैसे ही उसे प्रस्तुत किए गए सभी दावों या आक्षेपों का निपटान कर देता हेै, तो वह ऐसे दावों या आक्षेपों के रजिस्टर और उसके द्वारा उन पर पारित आदेशों सहित, उन्हें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को अग्रेषित करेगा, जो, यथास्थिति, ऐसे आदेशों या नियम 24 के उप-नियम (3) के अधीन, उस द्वारा अपील में पारित आदेशों और नियम 24 के उप-नियम (4) के परिणामस्वरूप शुद्धियों के अनुसार निर्वाचक नामावली को सही करेगा, और अन्तिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन आयोग द्वारा नियत तारीख को, निरीक्षण के लिए उनकी पूर्ण प्रति उपलब्ध करते हुए, प्रकाशित करेगा और उसका नोटिस प्ररूप-17 में अपने कार्यालय और नगरपालिका के और सम्बद्ध तहसील के कार्यालय में भी प्रदर्श्ाित करेगा।
(2) ऐसे प्रकाशन पर, संशोधित निर्वाचक नामावली, वार्ड या उसके भाग की निर्वाचक नामावली होगी और इस नियम के अधीन इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगी ।
(3) निर्वाचन रजिस्टृीकरण अधिकारी, उसके पश्चात, ऐसे साधारण या विशेष निदेशों, जैसे आयोग द्वारा दिए जाएं, के अध्यधीन, अन्तिम रूप से प्रकाशित, नामावली की एक प्रति निशुल्क, प्रत्येक राजनैतिक दल को देगा, जिसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा, कोई चिन्ह (प्रतीक) अनन्यतः आरक्षित रखा गया है।2613 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 26. निर्वाचक नामावलियों का विशेष पुनरीक्षण.--नियम 25 में किसी बात के होते हुए भी, आयोग, किसी भी समय, ऐसी रीति में, जैसी वह उचित समझे, कारणों को लिखित में अभिलिखित करके, किसी नगरपालिका के लिए विशेष पुनरीक्षण का निदेश दे सकेगाः
परन्तु इन नियमों के अन्य उपबन्धों के अध्यधीन, ऐसे किसी निदेश के जारी होने के समय, नगरपालिका के लिए प्रवृत्त निर्वाचक नामावलियां, ऐसे निदेश के अधीन विशेष पुनरीक्षण के पूरा होने तक प्रवृत्त रहेंगी।
27. निर्वाचन नामावली में प्रविष्टियों को ठीक करना.--(1) यदि किसी स्तर पर, प्ररूप-18 में किए गए किसी आवेदन पर, आयोग को प्रतीत होता है या उसके ध्यान में लाया जाता है, कि अनवधानता या गलती से निर्वाचन नामावली तैयार करने के दौरान पात्र व्यक्तियों के नाम निर्वाचक नामावली से छूट गए हैं या मृत व्यक्तियों के नाम या उन व्यक्तियों, जो वार्ड या उसके किसी भाग में निवासी नहीं रह गए है या साधारणतयः निवासी नहीं हैं, के नाम भी निर्वाचन नामावली में सम्मिलित किए गए हैं अथवा कतिपय मतदाता गलत वार्ड या मतदान केन्द्र में दर्शाए गए हैं और इस उप नियम के अधीन उपचारी कार्रवाई की जानी अपेक्षित है तो वह निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को निन्तलिखित करे के लिए निदेशित करेगा :
(क) ऐसे निर्वाचकों के नाम और अन्य विशिष्टियों की सूची तैयार करना य
(ख) उसके कार्यालय के सूचना पट्ट और कार्यालय आफिशियल बैबसाइट पर उस तारीख (खों) और स्थान (नों) जिन पर निर्वाचन नामावली मे नामों को सम्मिलित किए जाने या निर्वाचन नामावली से नामों को हटाए जाने के मामले पर विचार किया जाएगा, के नोटिस के साथ-साथ सूची की प्रति प्रदर्शित करना, और
(ग) किसी मौखिक या लिखित आक्षेप, जो प्रस्तावित किया जाए, पर विचार करने के पश्चात, यह विनिश्चित करना कि निर्वाचन नामावली मे से किसी नाम को सम्मिलित किया जाए या हटाया जाएः
परन्तु नियम 35 के अधीन निर्वाचन कार्यक्रम के प्रकाशन के पश्चात् आयोग को ऐसा आवेदन नामांकन पत्र दाखिल करने की अन्तिम तारीख से आठ दिन पूर्व तक किया जाएगा। (2) नामांकन करने की अन्तिम तारीख को या पश्चात् किसी प्रविष्टि में कोई संशोधन, क्रम परिवर्तन या लोप नहीं किया जाएगा, जब तक निर्वाचन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
28. अन्तिम रूप से प्रकाशित निर्वाचक नामावली में नामों का सम्मिलित करना.--(1) कोई भी व्यक्ति, जिसका नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित नहीं है, निर्वाचक नामावली में अपना नाम सम्मिलित करवाने के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्ररूप-4 (द्विप्रतिक मे) में आवेदन करेगा और ऐसा आवेदन पचास रूपए की नकद मे फीस सदां किए जाने की रसीद के साथ किया जाएगा :
परन्तु ऐसा आवेदन, नियम 35 के अधीन निर्वाचन कार्यक्रम प्रकाशित हो जाने के पश्चात्, नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए अन्तिम तारीख से आठ दिन अपश्चात् तक किया जाएगा।
(2) निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, उप नियम (1) के अधीन आवेदन की प्राप्ति पर तुरन्त उसकी एक प्रति अपने कार्यालय में सहज दृश्य स्थान पर चिपकाएगा और ऐसे चिपकाए जाने की तारीख से चार दिन की अवधि के भीतर इससे सम्बन्धित आक्षेप आमन्त्रित करेगा।
(3) निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, उप नियम (2) के अधीन नोटिस में विनिर्दिष्ट अवधि के अवसान के पश्चात् यथाशक्य शीघ्र, उस द्वारा प्राप्त हुए आक्षेपों पर, यदि कोई हों, विचार करेगा, और यदि उसका समाधान हो जाता है कि आवेदक निर्वाचक नामावली में रजिस्ट्रीकृत (दर्ज) किए जाने का हकदार है, तो वह तदनुसार ऐसे नाम को उसमें सम्मिलित करने का निदेश देगा :
2614 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 परन्तु यदि आवेदक, जिसका नाम सम्मिलित करने का आदेश दिया गया है, पहले से ही किसी अन्य नगरपालिका या ग्राम सभा के वार्ड या उसके भाग की निर्वाचक नामावली में रजिस्ट्रीकृत (दर्ज) है, तो ऐसा नाम उस निर्वाचक नामावली से हटा दिया जाएगा।
(4) जहां उप नियम (1) के अधीन किया गया आवेदन अस्वीकृत कर दिया जाता है, तो व्यथित व्यक्ति नाम सम्मिलित करने या हटाने के लिए किए गए आवेदन की अस्वीकृति की तारीख से दस दिन की अवधि के भीतर, मण्डलायुक्त को अपील कर सकेगा और अपील पचास रूपए की नकद के फीस सदंत्त किए जाने की रसीद के साथ की जाएगी। मण्डलायुक्त, सम्बद्ध पक्ष को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात्, सात दिन की अवधि के भीतर अपील का विनिश्चय करेगा और ऐसी अपील में पारित आदेश अन्तिम होगा। (5) निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने तक, नामांकन करने के लिए अन्तिम तारीख को या तत्पश्चात्, किसी प्रविष्टि का संशोधन, क्रम परिवर्तन या लोप नहीं किया जाएगा।
29. निर्वाचक नामावली और उससे सम्बन्धित कागजातों की अभिरक्षा और परिरक्षण.--(1) किसी वार्ड के लिए निर्वाचक नामावली अन्तिम रूप से प्रकाशित हो जाने के पश्चात् निम्नलिखित कागजपत्र, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय या आयोग के आदेश द्वारा विनिर्दिष्ट ऐसे अन्य स्थान पर निर्वाचक नामावलियों के आगामी पुनरीक्षण के अन्तिम प्रकाशन के पश्चात एक वर्ष के अवसान तक रखे जाएंगे :
(क) निर्वाचक नामावली की पूर्ण अतिरिक्त प्रतियां;
(ख) नियम 24 के अधाीन दावों और आक्षेपों तथा आदेशों से सम्बन्धित कागजात;
(ग) नियम 27 तथा 28 के अधीन आवेदन तथा उन पर विनिश्चय;
(घ) नियम 28 के उप-नियम (4) के अधीन अपील सम्बन्धी कागजात; और
(ङ) प्रगणना अभिकरणों द्वारा तैयार की गई पाण्डुलिपियां और अन्य कागजात, यदि कोई हों, और निर्वाचक नामावली का संकलन करने के लिए प्रयुक्त।
(2) निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा सम्यक् रूप से अधि-प्रमाणित, प्रत्येक वार्ड की निर्वाचक नामावली की एक पूर्ण प्रति, जिला के उपायुक्त की अभिरक्षा में भी रखी जाएगी, जब तक नई निर्वाचक नामावली अन्तिम रूप से प्रकाशित नहीं कर दी जाती।
30. निर्वाचक नामावलियों और उनसे सम्बन्धित कागज-पत्रों का निरीक्षण.--प्रत्येक व्यक्ति को, नियम 29 के अधीन निर्वाचक नामावली का निरीक्षण करने और नकद में, उचित रसीद पर, दस रूपए प्रतिपृष्ठ या उसके किसी भाग के लिए संदत्त किए जाने पर, अनुप्रमाणित प्रति प्राप्त करने का अधिकार प्राप्त होगा। 31. निर्वाचक नामावलियों और सम्बन्धित कागजातों का निपटारा.--नियम 29 के अधीन कागजात का, उनमें विर्निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पश्चात्, ऐसी रीति में निपटान किया जाएगा, जैसा आयेाग निदेश दे।
अध्याय-5
अधिकारी और उनके कत्र्तव्य
32. अधिकारी और उनके कत्र्तव्य.--(1) आयोग, जिला के उपायुक्त या ऐसे अन्य अधिकारी को, जैसा वह उचित समझे, जिला निर्वाचन अधिकारी (नगरपालिकाएं) नियुक्त करेगा।
(2) आयोग, नगरपालिकाओं के निर्वाचनों की बाबत रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति करेगा :
2615 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937परन्तु आयोग, प्रत्येक नगरपालिका की बाबत उतने सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति कर सकेगा जितने रिटर्निंग अधिकारी के समस्त या किन्ही र्काव्यों के निर्वहन के लिए आवश्यक हो।
(3) इन नियमों या तद्धीन किए गए आदेशों में उपबन्धित रीति में निर्वाचन को प्रभावशाली ढ़ग से संचालित करने के लिए यथा आवश्यक ऐसे समस्त कार्य तथा कार्रवाई करना रिटर्निग अधिकारी का कत्र्तव्य होगा।
(4) रिटर्निग अधिकारी, प्रत्येक वार्ड के लिए मतदान केन्द्राें की इतनी संख्या नियत करेगा, जितने वह आवश्यक समझें और इस निमित्त नियम 35 के उप-नियम (2) के खण्ड (ट) के अधीन आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट तारीख को अपने कार्यालय में तथा नगरपालिका के कार्यालय में उसकी सूची की एक प्रति चिपकाएगा, जिसमें मदतदान क्षेत्र स्पष्ट रूप में दर्शाए गए हों :
परन्तु कोई भी मतदान केन्द्र, पुलिस स्टेशन, अस्पताल या सम्प्रदाय अथवा धार्मिक महत्व के स्थान पर स्थित नहीं होगाः
परन्तु यह और कि जहां तक सम्भव हों, मतदान केन्द्र सरकारी या अर्धसरकारी या नगरपालिका भवनों में स्थित होगा और यदि ऐसा कोई भवन उपलबध न हो, तो मतदान केन्द्र किसी अस्थायी निर्मिति में स्थित होगा।
33. मतदान कर्मियों की नियुक्ति.--(1) रिटर्निंग अधिकारी, प्रत्येक मतदान केन्द्र की बाबत पीठासीन अधिकारी और उतनी संख्या में मतदान अधिकारी नियुक्त करेगा, जितने वह इसके लिए आवश्यक समझे :
परन्तु यदि मतदान अधिकारी मतदान केन्द्र से अनुपस्थित हो, तो पीठासीन अधिकारी किसी भी सरकारी या अर्धसरकारी या नगरपालिका कर्मचारी को, जो मतदान केन्द्र में उपस्थित है, पूर्ववर्ती मतदान अधिकारी की अनुपस्थिति की अवधि के दौरान, मतदान अधिकारी नियुक्त कर सकेगा और तब तदानुसार रिटर्निग अधिकारी को सूचित करेगा।
(2) यदि पीठासीन अधिकारी, अस्वस्थता या किसी अन्य अपरिहार्य हेतुक से मतदान केन्द्र से अनुपस्थित हो, तो उसका कार्य ऐसे मतदान अधिकारी द्वारा निष्पादित किया जाएगा, जिसे रिटर्निग अधिकारी ने ऐसी अनुपस्थिति में कार्य करने के लिए प्राधिकृत किया हो।
34. उपायुक्त और अन्य अधिकारियों/कर्मचारिवृन्द के कत्र्तव्य.--(1) उपायुक्त/ जिला मजिस्टे्रट और अन्य अधिकारी/कर्मचारिवृन्द, इन नियमों या तद्धीन किए गए आदेशों में उपबंधित रीति में, आयोग के पर्यवेक्षण और नियन्त्रण के अध्यधीन, समस्त ऐसे कृत्य या बात करेंगे जो निर्वाचनों को प्रभावशाली ढंग से संचालित करने के आवश्यक हों।
(2) निर्वाचनों के लिए निर्वाचन नामावलियों की तैयारी, पुनरीक्षण और शुद्धि करने और ऐसे निर्वाचनों का संचालन करने के सम्बन्ध में नियोजित जिला निर्वाचन अधिकारी, (नगरपालिकाएं) रिटर्निंग अधिकारी और अधिकारी या कर्मचारिवृन्द, उस अवधि में जिसके दौरान उन्हें इस प्रकार नियोजित किया जाता है, आयोग में प्रतिनियुक्ति पर समझे जाएंगे और ऐसे अधिकारी और कर्मचारिवृन्द, उस अवधि के दौरान आयोग के नियन्त्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अध्यधीन होंगे।
(3) आयोग, नगरपालिका या नगरपालिकाओं के किसी समूह में निर्वाचन के संचालन का निरीक्षण करने और ऐसे अन्य कृत्यों, जो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उसे सौंपे जाएं, का अनुपालन करने के लिए सरकार के किसी अधिकारी को प्रेक्षक के रूप में नामनिर्दिष्ट कर सकेगा।
(4) उप नियम (3) के अधीन नामनिर्दिष्ट प्रेक्षक को नगरपालिका या नगरपालिकाओं के समूह जिस के लिए उसे नाम निर्दिष्ट किया गया है, के रिटर्निंग अधिकारी को किसी भी समय परिणाम की घोषणा करने से पूर्व मतगणना को रोकने या परिणाम घोषित न करने के निदेश देने की शन्ति होगी यदि पे्रक्षक की राय में 2616 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 बड़ी संख्या में मतदान केन्द्रों पर या मतदान या मतगणना के लिए नियत स्थानों पर बूथ हथियाने की घटना हुई है, या मतगणना केन्द्र या मतगणना के लिए नियत किसी अन्य स्थान पर प्रयुक्त मतपत्र को, रिटर्निंग अधिकारी की अभिरक्षा से विधि विरूद्ध ले जाया गया है या जानबूझ कर या गलती से नष्ट कर दिया है या गुम हो गए है या उन्हें उस विस्तार तक नुकसान पहुंचाया गया है या छेड़छाड़ कर दी है कि उस मतदान केन्द्र या स्थान पर मतों का परिणाम प्राप्त नहीं किया जा सकता :
परन्तु जहां इस उप नियम के अधीन प्रेक्षक ने, मतों की गणना को रोकने या परिणाम को घोषित न करने के लिए रिटर्निंग अधिकारी को निदेशित किया है, वहां प्रेक्षक आयोग को तत्काल मामले की रिपोर्ट करेगा और उस पर आयोग, समस्त तात्विक परिस्थितियों को ध्यान में लेते हुए उचित निदेश जारी करेगा।
अध्याय-6
निर्वाचनों का संचालन
35. निर्वाचन कार्यक्रम.--(1) आयुक्त नगरपालिका के साधारण निर्वाचनों के लिए कार्यक्रम या किसी नगरपालिका में किसी आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए या ऐसी नगरपालिका के निर्वाचन के लिए जो विघटित कर दी गई हो, के लिए कार्यक्रम (जिसे इसमें इसके पश्चात् ''निर्वाचन कार्यक्रम'' कहा गया है) तैयार करेगा।
(2) निर्वाचन कार्यक्रम में ऐसी तारीख/तारीखें विनिर्दिष्ट होंगी जिनमें या जिनके भीतर :-
(i) नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे;
(ii) नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी;
(iii) अभ्यर्थी अपनी अभ्यर्थिता वापिस ले सकेगा;
(iv) निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची लगाई जाएगी;
(v) मतदान केन्द्रों की सूची चिपकाई जाएगी;
(vi) मदतान, यदि आवश्यक हो,....................बजे पूर्वाहन से.............................बजे अपराहृन तक होगा (मतदान का समय छह घण्टे से कम नहीं होगा);
(vii) मतदान की स्थिति में गणना ------पर (उसका स्थान, तारीख और समय विनिर्दिष्ट करें); और
(viii) निर्वाचन का परिणाम घोषित किया जाएगा।
(3) निर्वाचन कार्यक्रम, नामांकन पत्रों को दाखिल करने की तारीख से सात दिन पूर्व उपायुक्त, तहसील और नगरपालिका के कार्यालय और नगरपालिका में ऐसे अन्य सहजदृष्य स्थानों में, जो उपायुक्त द्वारा इस निमित अवधारित किए जाएं, प्रतिलिपि चिपका कर प्रकाशित किया जाएगा।
(4) नामांकन पत्र दायर करने की अवधि तीन कार्य दिवस होगी और संवीक्षा की तारीख नामांकन पत्र दायर करने की अन्तिम तारीख से अगले कार्य दिवस तक होगी। नाम वापस लेने की तारीख, संवीक्षा की तारीख से तीसरे दिन तक होगी। निर्वाचन लड़ रहे अभ्यर्थियों की सूची लगाए जाने की तारीख वही होगी, जो अभियर्थिता वापस लेने के लिए नियत की गई हो। मतदान केन्द्रो की सूची, आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट तारीख को प्रकाशित की जाएगी। नाम वापस लेने की तारीख और मतदान होने की तारीख के बीच कम से कम दस दिन का अन्तर होगा और मतदान का दिन अधिमानतः रविवार या कोई राजपत्रित अवकाश होगा।2617 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (5) आयोग, आदेश द्वारा निर्वाचन कार्यक्रम को विखंडित या उपान्तरित कर सकेगा :
परन्तु जब तक आयोग अन्यथा निदेश न दे, तब तक ऐसा कोई आदेश, आदेश की तारीख से पूर्व की गई किसी भी कार्यवाही को अविधिमान्य करने वाला नहीं समझा जाएगा।
36. निर्वाचन का नोटिस.--(1) रिटर्निंग अधिकारी, उस तारीख को, जिसको आयोग द्वारा नियम 35 के अधीन निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया गया है, अपने कार्यालय और उपमण्डलाधिकारी (नागरिक), रिटर्निंग अधिकारी और तहसील तथा नगरपालिका के कार्यालय या ऐसे अन्य स्थान जो रिटर्निंग अधिकारी अवधारित करें, निम्नलिखित के लिए प्ररूप-19 में नोटिस चिपकाएगा--
(क) निर्वाचन के लिए अभ्यर्थियों के नामांकन पत्र आमऩ्त्रित करना;
(ख) नामांकन पत्र प्रस्तुत करने हेतु समय और स्थान नियत करना;
(ग) प्राधिकारी विनिर्दिष्ट करना जिसको नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे;
(घ) नामांकन पत्रों की संवीक्षा के लिए समय और स्थान नियत करना;
(ङ) नाम वापिस लेने की नोटिस की प्राप्ति के लिए समय और स्थान और प्राधिकारी नियत करना;
(च) निर्वाचन चिन्हों (प्रतीकों) के आबंटन के लिए तारीख, समय और स्थान नियत करना; और (छ) मतदान समय नियत करना, यदि आवश्यक हो।
परन्तु खण्ड (ख), (घ), (ङ) और (छ) के अन्र्तगत नियत तारीखें वही होंगी, जो इस निमित नियम 35 के अधीन विनिर्दिष्ट हैं।
(2) निर्वाचन के प्रयोजन के लिए आयोग या रिटर्निंग अधिकारी किसी परिसर, यान, जलयान या पशु का, उसके स्वामी या उस पर कब्जा या नियन्त्रण रखने वाले व्यक्ति को प्रतिकर के संदाय पर, अधिग्रहण कर सकेगा और निर्वाचन के पश्चात् इसे अधिग्रहण से निर्मुक्त कर देगाः
स्पष्टीकरण.--इस नियम में यान से ऐसा यान अभिप्रेत है जिसका सड़क या आकाशी परिवहन (एरियल ट्रांसपोर्ट) के प्रयोजन के लिए उपयोग किया गया हो या उपयोग के योग्य हो, चाहे यांत्रिक शक्ति द्वारा या अन्यथा चालित हो।
37. चिन्हों (प्रतीकों) की अधिसूचना.--आयोग, नगरपालिका के निर्वाचन में अभ्यर्थियों को आबंटित किए जाने वाले चिन्हों (प्रतीकों) को विनिर्दिष्ट कर के, अधिसूचना द्वारा, राजपत्र में, प्रकाशित करवाएगा और समय-समय पर चिन्हों (प्रतीकों) की सूची में संशोधन या फेरबदल कर सकेगा।
38. निर्वाचन हेतु अभ्यर्थियों का नामांकन.--(1) नगरपालिका के भीतर मतदाता के रूप में रजिस्ट्रीकृत किसी व्यक्ति को, अन्य व्यक्ति, जो नगरपालिका के उस वार्ड की निर्वाचक नामावली में रजिस्ट्रीकृत मतदाता है, द्वारा, वार्ड के सदस्य के पद के लिए अभ्यर्थी के रूप में नामांकित किया जा सकेगा। (2) अभ्यर्थी और प्रस्तावक द्वारा, प्ररूप-20 में सम्यक् रूप से भरा और हस्ताक्षरित नामांकन पत्र, प्रत्येक अभ्यर्थी द्वारा या तो स्वयं या उसके प्रस्तावक द्वारा, नामांकन पत्र भरने के लिए विनिर्दिष्ट तारीख को 11 बजे पूर्वाहन और 3 बजे अपराहन के मध्य, नियम 36 के उप-नियम (1) के खण्ड (ग) के अधीन विनिर्दिष्ट प्राधिकारी को दिया जाएगा।
(3) किसी भी वार्ड, जो अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जन जातियों के लिए आरक्षित है, में, नामांकन पत्र तब तक विधिमान्य नहीं समझा जाएगा, जब तक उसमें अभ्यर्थी द्वारा विनिर्दिष्ट रूप से यह 2618 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 घोषणा अन्तर्विष्ट न हो कि, विशिष्टतः वह किस जाति अथवा जनजाति का सदस्य है और अभ्यर्थी, राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत सक्षम प्राधिकारी द्वारा, यह प्रमाणित करते हुए, जारी प्रमाण-पत्र, कि अभ्यर्थी यथास्थिति, ऐसी अनुसूचित जाति या अनुसूचित जन जाति से सम्बन्ध रखता है, प्रस्तुत नहीं कर देता।
(4) रिटर्निग अधिकारी, नामांकन पत्रों के प्रस्तुत किए जाने पर, अभ्यर्थी और उसके प्रस्तावक का नामांकन पत्र में यथाप्रविष्ट नाम और क्रम संख्या वही है, जैसी वे निर्वाचक नामावली में प्रविष्ट है, के विषय में अपना समाधान करेगा :
परन्तु उसी वार्ड मेें निर्वाचन के लिए, किसी अभ्यर्थी या उसके निमित्त द्वारा तीन नामांकन पत्रों से अनधिक नामांकन पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाएंगे या रिटर्निंग अधिकारी द्वारा स्वीकृत नहीं किए जाएंगेः परन्तु यह और कि रिटर्निंग अधिकारी, उक्त नामांकन पत्रों की बाबत, या उक्त नामों या सख्ंयाओं की बाबत किसी लिपिकीय या तकनीकी त्रुटि को, निर्वाचक नामावली में तत्स्थानी प्रविष्टियों के अनुसार, उसमें अनुरूपता लाने के लिए, शुद्धि करने की अनुज्ञा देगा और जहां आवश्यक समझे, यह निदेश दे सकेगा कि उक्त प्रविष्टियों में किसी लिपिकीय या टंकण सम्बन्धी त्रुटि पर ध्यान नहीं दिया जाए।
39. प्रतिभूति निक्षेप.--(1) कोई भी अभ्यर्थी किसी वार्ड के निर्वाचन के लिए तब तक सदस्य नामांकित किया गया नहीं समझा जाएगा, जब तक वह, 2500/-(दो हजार पाँच सौ रूपए) की प्रतिभूति के रूप में रिटर्निंग अधिकारी के पास, उचित रसीद पर, नगद में जमा नहीं कर देता और अनुसूचित जातियों अथवा अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित अभ्यर्थी की दशा में प्रतिभूति की रकम 1250/-(एक हजार दो सौ पचास रूपए) होगी।
परन्तु जहां अभ्यर्थी को उसी वार्ड में निर्वाचन के लिए एक से अधिक नामांकन पत्र द्वारा नामांकित किया गया है, वहां प्रत्येक नामांकन के लिए पृथक प्रतिभूति रकम जमा नहीं की जाएगी।
(2) यदि कोई अभ्यर्थी, जिस द्वारा या जिसके निमित्त प्रतिभूति जमा की गई है, नियम 35 और 36 में विनिर्दिष्ट समय के भीतर अपनी अभ्यर्थिता वापस ले लेता है, या किसी अभ्यर्थी का नामांकन रद्द किया जाता है, तो जमा प्रतिभूति, उस व्यक्ति को जिस द्वारा जमा की गई थी, या यदि ऐसे व्यक्ति की मृत्यु हो गई हो, तो उसके विधिक प्रतिनिधि को, निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख के पश्चात् वापस कर दी जाएगी। (3) यदि निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी निर्वाचित नहीं होता है और यदि उसके पक्ष में डाले गए विधिमान्य मत डाले गए कुल विधिमान्य मतों के 1/6 से कम हैं, तो जमा-प्रतिभूति राज्य सरकार को समपहृत हो जाएगी।
(4) यदि उप नियम (3) के अधीन जमा की गई प्रतिभूति समपहृत नहीं की गई है, तो वह, ऐसे अभ्यर्थी, जिस द्वारा जमा की गई थी, को, या, यदि उसकी मृत्यु हो गई है तो उसके विधिक प्रतिनिधि को, निर्वाचन के परिणाम की अधिसूचना जारी होने और राजपत्र में उसके प्रकाशित होने के पश्चात्, वापस कर दी जाएगी।
40. नामांकनों का नोटिस.--नियम 38 के उप-नियम (2) के अधीन नामांकन-पत्र प्राप्त करने पर, रिटर्निंग अधिकारी, नामांकन पत्र पर इसकी क्रम संख्या दर्ज करेगा और उस पर, वह तारीख जिसको, और वह समय, जब नामांकन पत्र उसे परिदत्त किया गया था, को दर्शाते हुए एक प्रमाण पत्र हस्ताक्षरित करेगा। प्ररूप-21 में नामांकन पत्रों का नोटिस, जिसमें उसी प्रकार के विवरण अन्र्तविष्ट हों जो, अभ्यर्थी और उसके प्रस्तावक, दोनों के नामांकन पत्रों में अन्तर्विष्ट विवरण के अनुरूप हों, अपने कार्यालय के किसी सहजदृश्य स्थान पर चिपकाएगा।
41. नामांकन पत्रों की संवीक्षा.--(1) नियम 36 के अधीन नामांकन पत्रों की संवीक्षा के लिए नियत तारीख पर, अभ्यर्थी या उसका प्रस्तावक और प्रत्येक अभ्यर्थी द्वारा सम्यक रूप से लिखित में प्राधिकृत एक अन्य व्यक्ति संवीक्षा की प्रक्रिया देख सकेगा और रिटर्निंग अधिकारी उन्हें, समस्त अभ्यर्थियों के नामांकन पत्रों, जो उसने नियम 38 में अधिकथित समयावधि के भीतर और रीति में प्राप्त किए हैं, की परीक्षा हेतु समस्त उचित सुविधाएं देगा।2619 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (2) रिटर्निग अधिकारी नामांकन पत्रों का परीक्षण करेगा और किसी भी नामांकन पत्र पर किए गए सभी आक्षेपों का विनिश्चय करेगा और ऐसे आक्षेप, पर, या स्वप्रेरणा से, ऐसी संक्षिप्त जांच के पश्चात्, यदि कोई हो, जैसी वह आवश्यक समझे, निम्नलिखित आधारों पर किसी नामांकन को रद्द कर सकेगा; अर्थात् :-
(क) नामांकन की संवीक्षा के लिए नियत तारीख को अभ्यर्थी या तो अर्हित नहीं है या इन नियमों या अधिनियम या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबन्धों के अधीन पद को भरने के लिए चुने जाने के लिए निरर्हित है; या
(ख) नियम 38 या नियम 39 के किसी भी उपबन्ध का अनुपालन करने में असफल रहा है; या (ग) नामांकन पत्र पर अभ्यर्थी या प्रस्तावक के हस्ताक्षर असली नहीं है।
(3) उप नियम (2) के खण्ड (ख) या खण्ड (ग) की कोई भी बात उसी, अभ्यर्थी के अन्य नामांकन को अस्वीकृत करने का प्राधिकार देने वाली नहीं समझी जाएगी जहां ऐसी अस्वीकृति का कोई समुचित आधार न हो।
(4) रिटर्निंग अधिकारी नियम 36 के उप नियम (1) के खण्ड (घ) के अधीन इस निमित्त नियत तारीख और समय पर संवीक्षा करेगा। एक बार प्रारम्भ की गई संवीक्षा की प्रक्रिया को, सिवाय जब ऐसी कार्यवाहियां, बलवे, खुली हिंसा या रिटर्निंग अधिकारी के नियन्त्रण से बाहर के कारणों द्वारा, अवरोधित या बाधित है, स्थगित नहीं किया जाएगा :
परन्तु यदि कोई आक्षेप, रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उठाया गया है या अभ्यर्थी या अभ्यर्थी द्वारा सम्यक् रूप से प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा लिखित में किया गया है, तो सम्बद्ध अभ्यर्थी को इसका खंडन करने का समय, संवीक्षा के दिन के अगले दिन के बाद अनुज्ञात नहीं किया जाएगा और रिटर्निंग अधिकारी अपना विनिश्चय उस तारीख को अभिलिखित करेगा जिस दिन को कार्यवाहियां स्थगित की गई हैं।
(5) रिटर्निग अधिकारी प्रत्येक नामांकन पत्र पर, उसे स्वीकार या अस्वीकार करने का अपना विनिश्चय अभिलिखित करेगा और यदि नामांकन पत्र अस्वीकृत हो जाता है, तो ऐसी अस्वीकृति के लिए कारणों का संक्षिप्त कथन, लिखित में अभिलिखित करेगा।
(6) इस नियम के प्रयोजन के लिए, वार्ड की तत्समय प्रवृत्त निर्वाचक नामावली में प्रविष्टि, इस तथ्य का निश्चायक साक्ष्य होगी कि उस प्रविष्टि में निर्दिष्ट व्यक्ति उस वार्ड का मतदाता है।
(7) समस्त नामांकन पत्रों की संवीक्षा करने और उन्हें स्वीकार करने या अस्वीकार करने के विनिश्चय को अभिलिखित करने के तुरन्त पश्चात्, रिटर्निंग अधिकारी, विधिमान्य रूप से नामांकित अभ्यर्थियों, अर्थात् अभ्यर्थी जिनका नामांकन विधिमान्य पाया गया है, की सूची प्ररूप-22 पर तैयार करेगा और रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय के सूचना पट्ट पर चिपकाएगा।
42. अभ्यर्थिता वापस लेना.--(1) कोई भी अभ्यर्थी प्ररूप-23 में अपने हस्ताक्षर द्वारा लिखित में नोटिस द्वारा या उक्त नियम में विनिर्दिष्ट तारीख को अपराहन 3.00 बजे से पूर्व, रिटर्निग अधिकारी या नियम 36 के उप नियम (1) के खण्ड (ङ) के अधीन इस निमिा विनिर्दिष्ट प्राधिकारी को, प्रदत्त करके अभ्यर्थिता वापस ले सकेगा और ऐसे व्यक्ति को, जिसने इस प्रकार अपनी अभ्यर्थिता वापस ली है, ऐसे अभ्यर्थिता लिए जाने की नोटिस को रद्द करने के लिए अनुज्ञात नहीं किया जाएगा।
(2) अभ्यर्थिता को वापस लेने के नोटिस की प्राप्ति पर, रिटर्निग अधिकारी या विनिर्दिष्ट प्राधिकारी प्ररूप-24 में इस प्रभाव के नोटिस को अपने कार्यालय में किसी सहजदृश्य स्थान पर चिपकवाएगा। 43. निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची.--(1) नामांकन पत्रों की संवीक्षा पूर्ण होने पर और नियम 42 के अधीन अवधि, जिसके भीतर अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी, के अवसान के पश्चात् रिटर्निंग अधिकारी, 2620 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 प्ररूप-25 में हिन्दी में, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की एक सूची तत्काल तैयार करेगा और इसे अपने कार्यालय के सूचना पट्ट पर चिपकवाएगा तथा उसकी एक प्रति निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को तथा उसके निर्वाचक अभिकर्ता को मांग पर देगा।
(2) उक्त सूची में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के वर्णक्रम में देवनागरी लिपि में हिन्दी में नाम और पता, जैसे नामांकन पत्र में दिए गए हैं, अन्तर्विष्ट होंगे।
44. अभ्यर्थियों को चुनाव चिन्हों (प्रतीकों) का आबंटन.--(1) निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने के पश्चात्, यदि अभ्यर्थियों की संख्या एक से अधिक है, तो रिटर्निंग अधिकारी प्रत्येक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी को निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची में क्रम संख्या के अनुसार, और नियम 37 के अधीन अधिसूचना में विनिर्दिष्ट चुनाव चिन्ह (प्रतीक) की क्रम संख्या के अनुसार अनुमोदित चिन्ह (प्रतीक) में से चिन्ह (प्रतीक) आबंटित करेगा :
परन्तु यह कि किसी अभ्यर्थी के लिए चिन्ह (प्रतीक) के चुनाव के लिए कोई विकल्प नहीं होगा। (2) प्रत्येक मामले में जहां उप नियम (1) के अधीन अभ्यर्थी को चुनाव चिन्ह (प्रतीक) दे दिया गया है, वहां ऐसे अभ्यर्थी को तत्काल उसे दिए गए चुनाव चिन्ह (प्रतीक) के बारे में सूचित किया जाएगा और उसे रिटर्निंग अधिकारी द्वारा इसका नमूना प्रदान किया जाएगा। ऐसी दशा में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची में प्रत्येक अभ्यर्थी को आबंटित चुनाव चिन्ह (प्रतीक) भी अन्तर्विष्ट होगा।
45. निर्वाचक अभिकर्ता की नियुक्ति.--यदि कोई अभ्यर्थी निर्वाचक अभिकर्ता नियुक्त करना चाहता है, तो ऐसी नियुक्ति, या तो नामांकन पत्र को परिदत्त करते समय या चुनाव से पूर्व किसी भी समय प्ररूप-26 में की जाएगी।
46. मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति.--(1) मतदान अभिकर्ताओं की संख्या, जो अभ्यर्थी द्वारा नियुक्त किए जाएंगे, प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए एक होगी।
(2) प्रत्येक ऐसी नियुक्ति प्ररूप-27 में की जाएगी और इसे मतदान अभिकर्ता को मतदान केन्द्र में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
(3) किसी भी मतदान अभिकर्ता को, किसीे मतदान केन्द्र में तब तक प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा, जब तक कि वह उप-नियम (2) के अधीन, पीठासीन अधिकारी के समक्ष उसमें अन्तर्विष्ट घोषणा को सम्यक् रूप से पूर्ण करने और हस्ताक्षर करने के पश्चात्, अपनी नियुक्ति के दस्तावेजों को, पीठासीन अधिकारी को परिदत्त नहीं कर देता।
47. अभिकर्ता की अनुपस्थिति.--जहां कोई कार्य या बात, इन नियमों द्वारा अपेक्षित या प्राधिकृत, अभिकर्ताओं की उपस्थिति में की जानी है, वह प्रयोजन के लिए नियत स्थान और समय पर किसी ऐसे अभिकर्ता या अभिकर्ताओं की अनुपस्थिति में किए गए कार्य या बात को अविधिमान्य नहीं बनाएगी। 48. निर्वाचन का अधिकतम खर्च और उसका लेखा.--(1) निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी या और उसके प्राधिकृत अभिकर्ता द्वारा निर्वाचन पर उपगत किए जाने वाले व्यय की अधिकतम सीमा.-
(क) नगर परिषद् के सदस्य के लिए : पचहत्तर हजार रूपए और
(ख) नगर पंचायत के सदस्य के लिए : पचास हजार रूपए से अधिक नहीं होगी।
परन्तु राज्य सरकार, आयोग के परामर्श से, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी या उसके प्राधिकृत अभिकर्त्ता, द्वारा की गई निर्वाचन व्यय की वर्धित अधिकतम सीमा को अधिसूचित कर सकेगी।
(2) वार्ड का निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी प्ररूप-28 में निर्वाचन व्यय रजिस्टर के नाम से ज्ञात रजिस्टर में निर्वाचन के व्यय का लेखा रखेगा।2621 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (3) उप -नियम (2) के अधीन लेखा, अधिनियम की धारा 17 -क के अनुसार रखा जाएगा। (4) लेखा, नामांकन दाखिल करने की तारीख से परिणाम की घोषणा के पश्चात् की तारीख तक, दिन प्रतिदिन के आधार पर, व्यय की प्रत्येक मद की बाबत सही रूप में और वास्तव में रखा जाएगा। (5) प्ररूप 29 में रखी गई व्यय की समस्त मदों पर, अभ्यर्थी या उसके प्राधिकृत निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा किया गया समस्त व्यय, उप नियम (2) में रखे निर्वाचन व्यय लेखे में सम्मिलित किया जाएगा। (6) उपगत व्यय के समर्थन में समस्त दस्तावेज जैसे कि वाऊचर, रसीदें, अभिस्वीकृतियां आदि रजिस्टर में अभिलिखित किए जाएं और सही रूप में रखे जाएंगे।
(7) रखा जाने वाला दिन प्रति दिन का लेखा, निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी समय रिटर्निंग अधिकारी या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी या आयोग द्वारा निरीक्षण किए जाने के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा।
(8) अधिनियम और इन नियमों द्वारा अपेक्षित रीति में और समय के भीतर, निर्वाचन व्यय के लेखे प्रस्तुत करने में या ऐसा करने के लिए प्राधि—त अधिकारी द्वारा निर्वाचन व्यय की सही प्रति की मांग पर उसे प्रस्तुत करने म,ें असफलता को अधिनियम की धारा 301 के अधीन भ्रष्ट आचरण समझा जाएगा।
(9) अधिनियम की धारा 17-ख के अधीन आयोग द्वारा यथानिदेशित रखे गए कुल निर्वाचन व्यय के लेखा का विवरण, परिणाम की घोषणा के तीस दिन के भीतर रिटर्निंग अधिकारी या आयोग द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी या दोनों को प्रस्तुत किया जाएगा।
(10) प्ररूप 31 में अभ्यर्थी के शपथ पत्र सहित, लेखे का विवरण प्ररूप 29 और 30 में प्रस्तुत किया जाएगा।
(11) लेखा विवरण की प्राप्ति पर रिटर्निंग अधिकारी, प्ररूप 32 में अभिस्वीकृति जारी करेगा।
अध्याय 7
निर्वाचन की सामान्य प्रक्रिया
49. मतदान से पूर्व अभ्यर्थी की मृत्यु.--यदि किसी अभ्यर्थी, जिसका नामांकन संवीक्षा करने पर विधिमान्य पाया गया है और जिसने अपनी अभ्यर्थिता प्रत्याहत नहीं की है, की मृत्यु हो जाती है और उसकी मृत्यु की सूचना (रिपोर्ट) मतदान के प्रारम्भ होने से पूर्व प्राप्त हो गई है और शेष निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या एक से अधिक है, तो निर्वाचन प्रत्यादिष्ट नहीं किया जाएगा किन्तु क्षेत्र (फील्ड) में केवल एक ही अभ्यर्थी के रह जाने की दशा में, निर्वाचन आयोग के निदेशों के अनुसार निर्वाचन नए सिरे से होगा :
परन्तु उस अभ्यर्थी, जो निर्वाचन के प्रत्यादेशन के समय पर निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी था, के लिए कोई भी नया नामांकन आवश्यक नहीं होगा।
50. सविरोध और अविरोध निर्वाचन.--(1) नियम 49 के उपबन्धों के अध्यधीन फील्ड में निर्वाचन लड़ने वाला यदि केवल एक अभ्यर्थी हो, तो रिटर्निंग अधिकारी पद भरने के लिए तुरन्त ऐसे अभ्यर्थी को सम्यक् रूप से निर्वाचित घोषित करेगा और प्ररूप 33 में घोषणा जारी करेगा। यदि फील्ड में कोई निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी नहीं है, तो रिटर्निंग अधिकारी मामले की रिपोर्ट, आयोग को तदानुसार आगामी कार्रवाई करने के उद्देश्य से करेगा।
(2) यदि फील्ड में निर्वाचन लड़ने वालों की संख्या एक से अधिक है, तो नियम 35 के अधीन विनिर्दिष्ट तारीख को मतदान करवाया जाएगा। 2622 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 51. आपात स्थितियों में मतदान का स्थगन.--(1) यदि किसी निर्वाचन में किसी मतदान केन्द्र की कार्यवाहियों में बलवे या खुली हिंसा द्वारा व्यवधान या बाधा पहुंचाई जाए या उस मतदान केन्द्र में किसी प्राकृतिक विपत्ति के कारण या किसी अन्य पर्याप्त कारण से मतदान करवाना सम्भव न हा,े तो ऐसे मतदान केन्द्र का पीठासीन अधिकारी, मतदान के स्थगन की, पश्चात्र्वाी अधिसूचित की जाने वाली तारीख के लिए घोषणा करेगा और आयोग तत्काल रिटर्निंग अधिकारी को सूचित करेगा।
(2) जहां उप नियम (1) के अधीन मतदान का स्थगन हुआ है, वहां रिटर्निंग अधिकारी परिस्थितियों की रिपोर्ट आयोग और राज्य सरकार को तुरन्त देगा और यथाशक्य शीघ्र, वह दिन नियत करेगा, जिसको पुनर्मतदान होगा और मतदान केन्द्र, जहां मतदान होगा और समय जिस दौरान मतदान करवाया जाएगा, नियत करेगा। ऐसे निर्वाचन में डाले गए मतों की तब तक गणना नहीं की जाएगी, जब तक ऐसा स्थगित मतदान पूर्ण नहीं हो जाता और ऐसे मतदान केन्द्र में प्रयोग की गई मतपेटी को सील बन्द करके सुरक्षित अभिरक्षा मेें, गणना आरम्भ होने तक रखा जाएगा।
(3) इस नियम के अधीन समस्त मामलों में रिटर्निंग अधिकारी उप-नियम (2) के अधीन, नियत मतदान की तारीख, स्थान और समय को विनिर्दिष्ट करते हुए नोटिस को अपने कार्यालय और नगरपालिका के तथा सम्बन्धित तहसील के कार्यालय में लगाएगा।
52. मतपेटी आदि नष्ट होने की दशा में नए सिरे से मतदान.--(1) यदि किसी निर्वाचन में, कोई मतपेटी, पीठासीन अधिकारी की अभिरक्षा में से विधि विरूद्ध ले ली जाती है या उससे किसी प्रकार की गड़बड़ की जाती है या दुर्घटनावश अथवा जानबूझ कर नष्ट, गुम या खराब कर दी जाती है, तो उस मतदान केन्द्र पर, जिससे ऐसी मतपेटी सम्बन्धित है, मतदान शून्य घोषित किए जाने के लिए दायी होगा।
स्पष्टीकरण.--मतपेटी की क्षति होने के अन्तर्गत मतों की गणना के समय किन्तु गणना और परिणाम की घोषणा पूर्ण होने से पूर्व मतपत्रों को पहुंचाई गई क्षति या नष्ट करना भी है।
(2) जब किसी मतदान केन्द्र में मतदान उप-नियम (1) के अधीन शून्य घोषित करने के लिए दायी हो जाता है, तो पीठासीन अधिकारी यथाशक्य शीघ्रता से, ऐसे नुकसान या विनाश के कार्य या घटना की रिपोर्ट रिटर्निंग अधिकारी को देगा, जो आयोग को तुरन्त मामले की रिर्पोट (सूचना) देगा और आयोग का समाधान होने पर कि उसके परिणाम स्वरूप उस मतदान केन्द्र के मतदान के परिणाम को अभिनिश्चित नहीं किया जा सकता, मतदान को शून्य घोषित करेगा और ऐसे मतदान केन्द्र में नए सिरे से मत करवाने के लिए दिन और समय, जिसके दौरान मतदान होगा, नियत करेगा तथा ऐसे निर्वाचन में, वार्ड के अन्य मतदान केन्द्रों में डाले गए मतों की गणना तब तक नहीं करेगा, जब तक नए सिरे से मतदान नहीं हो जाता।
53. एक से अधिक नगरपालिका और वार्ड के लिए निर्वाचन लड़ने पर निर्बन्धन.--कोई भी अभ्यर्थी एक ही समय पर एक से अधिक नगरपालिका के एक से अधिक वार्ड के लिए निर्वाचन नहीं लड़ेगा। 54. मतदान की पद्धति.--(1) प्रत्येक निर्वाचन में जहां मतदान करवाया जाना है, मतदान व्यक्तिगत रूप में मतपत्र द्वारा किया जाएगा या नियम 32 के अधीन मतदान केन्द्र में लगाई गई इलैक्ट्रोनिक मतदान मशीन द्वारा किया जाएगा और प्रॉक्सी द्वारा कोई मत नहीं दिया जाएगाः
परन्तु नगरपालिका के वार्ड या वार्डो में ऐसी रीति में, जो नियमों या इस निमित्त आयोग द्वारा जारी निदेशों के अधीन विनिर्दिष्ट की जाए, इलैक्ट्रोनिक मतदान मशीन द्वारा मतों को देना और प्राप्त करना अपनाया जा सकेगा, जैसा आयोग विनिर्दिष्ट करे।।
(2) कोई भी मतदाता, अपना नाम नगरपालिका की निर्वाचक नामावली में एक से अधिक बार रजिस्ट्रीकृत होते हुए भी उस नगरपालिका में एक से अधिक बार मतदान नहीं करेगा।
55. मतदान के स्थगन पर प्रक्रिया.--(1) यदि किसी मतदान केन्द्र में नियम 49 के अधीन मतदान स्थगित किया जाता है, तो इन नियमों के उपबन्ध ऐसे नए सिरे से करवाए जाने वाले प्रत्येक मतदान के सम्बन्ध में, ऐसे ही लागू होंगें, जैसे आरम्भिक मतदान में लागू होते हैं।2623 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (2) जब नियम 51 के उप नियम (2) के अधीन स्थगित मतदान को पुनः प्रारम्भ किया जाता है, तो मतदाता, जो पहले इस प्रकार स्थगित मतदान में मत दे चुका हो, उसे दोबारा मत नहीं देने दिया जाएगा। (3) रिटर्निग अधिकारी, ऐसे मतदान केन्द्र जहां ऐसा स्थगित मतदान किया जाना है के पीठासीन अधिकारी को निर्वाचन नामावली की चिन्हित प्रति और मतपत्रों की अपेक्षित संख्या से अन्तर्विष्ट सीलबन्द पैकेट तथा नई मतपेटी इलेक्ट्रानिक मतदान मशीन उपलव्ध कराएगा।
(4) पीठासीन अधिकारी सील बन्द पैक्ट को ऐसे अभ्यर्थियों या उनके अभिकर्ताओं, जो उपस्थित हों, की उपस्थिति में खोलेगा और उसे स्थगित मतदान के संचालन के लिए प्रयोग में लाएगा।
56. मतपेटी और पेपर सील.--(1) निर्वाचन में प्रयोग में लाई जाने वाली प्रत्येक मतपेटी और पेपर सील, ऐसे डिजाइन की होगी जिसका उपयोग हिमाचल प्रदेश विधान सभा के किसी निर्वाचन में किया जा सके या जो आयोग द्वारा यथा अनुमोदित हो।
(2) मत पेटी सुरक्षित करने के लिए पेपर सील का प्रयोग किया जाएगा तथा पीठासीन अधिकारी उस पर अपने हस्ताक्षर करेगा और उस पर अभ्यर्थियों या ऐसे मतदान अभिकर्ताओं के, जो उपस्थित हों और ऐसा करना चाहें, हस्ताक्षर कराएगा। पेपर सील का डिजाइन वैसा ही होगा, जैसा आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाए और प्रयोग में लाई गई या प्रयोग में नहीं लाई गई पेपर सील का उचित अभिलेख प्ररूप-34 में रखा जाएगा।
(3) पीठासीन अधिकारी तदोपरान्त मत पेटी में, उसके लिए बनी जगह पर, पेपर सील लगाएगा और तब पेटी को ऐसी रीति में सुरक्षित सील करेगा कि उसमें मत पत्र डालने के लिए रेखा छिद्र (स्लिट) रहे। (4) मतदान केन्द्र में प्रयोग की गई प्रत्येक मतपेटी पर अन्दर और बाहर दोनों तरफ निम्नलिखित चिन्हित लेबल होंगे-
(क) क्रम संख्या और वार्ड का नाम;
(ख) क्रम संख्या और मतदान केन्द्र का नाम;
(ग) मतपेटी की क्रम संख्या (मतपेटी के केवल बाहर की ओर लेबल के अन्त में भरी जाए); और (घ) मतदान की तारीख।
(5) पीठासीन अधिकारी, मतदान आरम्भ होने से ठीक पूर्व अभ्यर्थियों और मतदान अभिकर्ताओं तथा अन्य उपस्थित लोगों को यह प्रदर्शित करेगा कि मतपेटी खाली है और उप-नियम (4) में निर्दिष्ट लेबल अंकित है।
(6) मतपेटी को तब बन्द, सील तथा सुरक्षित किया जाएगा और उसे पीठासीन अधिकारी, अभ्यर्थियों यथा मतदान अभिकर्ताओं की पूर्ण दृष्टि में रखा जाएगा।
57. निर्वाचन में महिला मतदाताओं के लिए सुविधाएं.--(1) जहां मतदान केन्द्र, पुरूष और महिला मतदाता दोनों के लिए हैं, पाठासीन अधिकारी निदेश दे सकेगा कि वे मतदान केन्द्र में बारी-बारी से (आनुकल्पिक रूप से) दाखिल होंगे।
(2) पीठासीन अधिकारी, महिला मतदाताओं की सहायता के लिए, तथा पीठासीन अधिकारी को मतदान करवाने में सहायता करने के लिए और जहां आवश्यक हो, विशिष्टतया किसी महिला मतदाता का नाम ढूंढने के लिए, किसी महिला को परिचर के रूप में सेवा करने हेतु किसी मतदान केन्द्र में नियुक्त कर सकेगा। 2624 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 58. मतपत्रों का प्ररूप.--(1) प्रत्येक मतपत्र इसके प्रतिपर्ण सहित प्ररूप 35 में होगा और उसकी विशिष्टियां हिन्दी में देवनागरी लिपि में होंगी।
(2) अभ्यर्थियों के नाम मतपत्र में उसी क्रम में क्रमांकित किए जाएंगे, जैसे वे नियम 43 के अधीन तैयार की गई निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची में दिए गए हैं। मतपत्र आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट डिजाइन/रंग में मुद्रित करवाए जाएंगे।
परन्तु अंतिम अभ्यर्थी के नाम तथा चिन्ह (प्रतीक) के पश्चात् एक स्तम्भ जिसमें उपरोक्त में से कोई भी नहीं लिखा हो, होगा। स्तम्भ का आकार वैसा होगा, जैसा अन्य अभ्यर्थियों के लिए प्रयुक्त हुआ हो। 59. मतदान केन्द्र में प्रबन्ध.--(1) प्रत्येक मतदान केन्द्र के बाहर सुस्पष्ट रूप से निम्नलिखित प्रदर्शित किया जाएगा -
(क) मतदान क्षेत्र, जिसके मतदाता को, मतदान केन्द्र में निर्वाचनों में, मत देने का हक है या जहां मतदान केन्द्र में एक से अधिक मतदान कोष्ठ हैं, ऐसे प्रत्येक कोष्ठ में या किसी ऐसे कोष्ठ को आबंटित मतदाता के विवरण को विनिर्दिष्ट करने वाली सूचना (नोटिस); और
(ख) नियम 44 के अधीन आबंटित चिन्हों (प्रतीकों) सहित नियम 43 के अधीन तैयार, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची वाली, हिन्दी में देवनागरी लिपि में, दूसरी सूचना (नोटिस)। (2) प्रत्येक मतदान केन्द्र पर, एक या अधिक कक्ष स्थापित किए जाएंगे, जहां मतदाता अपने मतों को गोपनीयता में अंकित कर सकेंगे।
(3) रिटर्निंग अधिकारी, प्रत्येक मतदान केन्द्र पर, मतदान के संचालन के लिए अपेक्षित मत पेटियों, निर्वाचक नामावली के सुसंगत भाग की प्रतियों, मतपत्रों और अन्य आवश्यक वस्तुओं को उपलब्ध करवाएगा। 60. मतदान का प्रारम्भ.--पीठासीन अधिकारी निर्वाचन के नोटिस में वर्णित समय पर ही मतदान आरम्भ करेगा और मतदान के प्रारम्भ से पूर्व वह उन सभी लोगों जो उपस्थित हों, के ध्यान में धारा 292 के उपबन्धों को लाएगा। इस धारा के उपबन्ध निम्नलिखित हैं :-
''292 मतदान की गोपनीयता़--(1) किसी भी साक्षी या अन्य व्यक्ति से यह बता देने की अपेक्षा नहीं की जाएगी कि उसने निर्वाचन में किसको मत दिया है।
(2) प्रत्येक अधिकारी, लिपिक, एजैंट या अन्य व्यक्ति जो किसी निर्वाचन में मतों के अभिलेखन या गिनती से सम्बन्धित कर्त्तव्य का पालन करता है, मतों की गोपनीयता को बनाए रखेगा और बनाए रखने में सहायता करेगा और (सिवाय किसी विधि या उसके अधीन प्राधिकृत किसी प्रयोजन के) किसी व्यक्ति को ऐसी गोपनीयता का अतिक्रमण करने के लिए प्रकल्पित कोई सूचना संसूचित नहीं करेगा।
(3) कोई व्यक्ति जो जानबूझ कर इस धारा के उल्लंघन में कार्य करता है, दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या दोनों से दण्डनीय होगा।''
61. मतदान केन्द्र में प्रवेश.--पीठासीन अधिकारी, मतदान केन्द्र के भीतर किसी एक समय पर, प्रवेश होने वाले मतदाताओं की संख्या को विनियमित करेगा और निम्नलिखित से भिन्न, सभी व्यक्तियों को वहां से अपवर्जित करेगा :-
(क) मतदान अधिकारी; (ख) अभ्यर्थी और उनके अभिकर्ता;
2625 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937(ग) रिटर्निग अधिकारी या ऐसे अन्य व्यक्ति, जो उस द्वारा प्राधिकृत हों; (घ) निर्वाचन प्राधिकारी द्वारा निर्वाचन से सम्बद्ध डयूटी पर नियुक्त लोक सेवक; (ङ) महिला मतदाता की गोदी में बच्चा और अंधे या दुर्बल मतदाता, जो सहायता के बिना चल नहीं सकता हो, के साथ चल रहा साथी;
(च) ऐसा अन्य व्यक्ति, जिसे पीठासीन अधिकारी नियम 57 के उप-नियम (2) और नियम 62 के उप नियम (1) के अधीन नियोजित करे; और
(छ) राज्य निर्वाचन आयुक्त या ऐसे अन्य व्यक्ति, जो उसके द्वारा प्राधिकृत किए जाएं।
62. मतदाताओं की पहचान.--(1) प्रत्येक मतदाता जब मतदान केन्द्र में प्रवेश करता है तो, पीठासीन अधिकारी या उसके द्वारा इस निमित प्राधिकृत मतदान अधिकारी, मतदाता का नाम और अन्य विशिष्टियंयों को निर्वाचक नामावली में सुसंगत प्रविष्टि से मिलाएगा तथा तब मतदाता का क्रमांक, नाम और अन्य विशिष्टियां पढ़कर सुनाएगा।
(2) मत पत्र अभिप्राप्त करने के व्यक्ति के अधिकार का विनिश्चय करने में, यथास्थिति, पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी, निर्वाचक नामावली की किसी प्रविष्टि में लिपिकीय लेखन या मुद्रण सम्बन्धी अशुद्धियों को उस दशा में अनदेखा करेगा, जिसमें उसका समाधान हो जाता है कि व्यक्ति वही है, जिससे ऐसी प्रविष्टि सम्बद्ध है।
63. डाक द्वारा मत देने के हकदार व्यक्ति.--एतदपश्चात् विनिर्दिष्ट अपेक्षाओं की पूर्ति करने के अध्यधीन व्यक्ति, जो निर्वाचन कर्तव्यारूढ़ मतदाता हैं, नगरपालिका के वार्ड में, निर्वाचन में डाक द्वारा मत देने के हकदार होंगे।
64. निर्वाचन कर्तव्यारूढ़ मतदाताओं द्वारा सूचना.--(1) जो निर्वाचन कर्तव्यारूढ़ मतदाता, निर्वाचन में डाक द्वारा मत देना चाहता है, वह रिटर्निग अधिकारी को प्ररूप-36 में आवेदन ऐसे भेजेगा ताकि वह मतदान की तारीख से कम से कम सात दिन, या ऐसी अल्पतर कालावधि, जैसी रिर्टर्निग अधिकारी अनुज्ञात करे, से पहले पहुंच जाए और यदि रिटर्निंग अधिकारी का समाधान हो जाता है कि आवेदक, कर्तव्यारूढ़ मतदाता हैं, तो वह उसे सदस्य के निर्वाचन के लिए एक डाक मत पत्र तथा निर्वाचन के लिए निर्वाचन कर्तव्य प्रमाण पत्र (ई0डी0सी0) प्ररूप-38 में जारी करेगा।
(2) जहां ऐसा मतदाता उस वार्ड में जिसका वह निर्वाचक है, निर्वाचन कर्तव्यारूढ़ मतदान अधिकारी, पीठासीन अधिकारी या अन्य लोक सेवक होते हुए नगर निगम/वार्ड के निर्वाचन में स्वयं, न कि डाक द्वारा मत देना चाहता है, वहां वह रिटर्निंग अधिकारी को प्ररूप-37 में आवेदन ऐसे भेजेगा कि वह मतदान की तारीख से कम से कम चार दिन या ऐसी अल्पतर कालावधि, जैसी रिर्टर्निग अधिकारी अनुज्ञात करे, से पहले उसके पास पंहुच जाएं और यदि रिटर्निग अधिकारी का समाधान हो जाता है कि आवेदक उस वार्ड में निर्वाचन कर्तव्यारूढ़ ऐसा लोक सेवक और मतदाता है, तो वह आवेदक को प्ररूप-38 में निर्वाचन कर्तव्य प्रमाण पत्र जारी करेगा।
(3) जहां उपधारा (1) और (2) के अधीन निर्वाचक को निर्वाचन कर्त्तव्य प्रमाण पत्र जारी हुआ हो, वहां रिटर्निग अधिकारी, निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रति में उसके नाम के सामने ''नि0 क0 प्र0'' यह उपदर्शित करने के लिए अंकित करेगा कि उसे निर्वाचन कत्र्तव्य प्रमाण पत्र जारी कर दिया है और यह सुनिश्चित करेगा कि उसे उस मतदान केन्द्र पर, जिस पर वह मत देने के लिए अन्यथा हकदार होता है, मत देने के लिए अनुज्ञात न किया जाए।
65. निर्वाचन कर्त्तव्यारूढ़ व्यक्तियों के लिए सुविधाएं.--(1) नियम 62 के उपबन्ध किसी भी ऐसे व्यक्ति को लागू नहीं होंगे जो मतदान केन्द्र में प्ररूप-38 में निर्वाचन कर्तव्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करता है और अपने को मत पत्र दिए जाने की मांग करता है, भले ही मतदान केन्द्र उस केन्द्र से भिन्न हो, जहां मत देने का वह हकदार है।
(2) ऐसा प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने पर पीठासीन अधिकारी - 2626 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (क) उस पर उसे प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर अभिप्राप्त करेगा;
(ख) उस व्यक्ति का नाम और निर्वाचक नामावली संख्यांक, जो प्रमाण पत्र में वर्णित है, निर्वाचन नामावली की चिन्हित प्रति के अन्त में प्रविष्ट कराएगा; और
(ग) उसे मत पत्र और मत देने की अनुज्ञा उसी रीति में देगा, जैसे उस मतदान केन्द्र में मत देने के हकदार किसी निर्वाचक को देता।
66. मतदाताओं के प्रतिरूपण निवारण के लिए प्रक्रिया.--(1) इस नियम के अन्य उपबन्धों के अध्यधीन प्रत्येक मतदाता, (जिसे मतदान केन्द्र पर मत डालने के प्रयोजन से मतपत्र दिया जाना है, ऐसा मत-पत्र प्राप्त करने से पूवर्) निम्नलिखित करने देगा :--
(क) पीठासीन अधिकारी या किसी मतदान अधिकारी को अपनी बायीं तर्जनी उगंली का निरीक्षण; और (ख) उसकी बायीं तर्जनी पर अमिट स्याही का चिन्ह लगाना।
(2) यदि कोई व्यक्ति अपनी बायीं तर्जनी का ऐसा निरीक्षण नहीं करने देता है, या ऐसे चिन्ह के लगाए जाने के पश्चात् उसे मिटाने की दृष्टि से लगातार कोई कार्य करता है, तो वह कोई मतपत्र दिए जाने या निर्वाचन में मत (अंकित करन)े का हकदार नहीं होगा।
(3) उस व्यक्ति, जिसके पहले से ही उसकी बांयी तर्जनी उंगली पर चिन्ह लगा है, को मतपत्र नहीं दिया जाएगा और यदि ऐसा कोई व्यक्ति मतपत्र दिए जाने के लिए फिर भी बार-बार आग्रह करता है, तो वह प्रतिरूपण के लिए गिरफ्तार और अभियोजित किए जाने के लिए दायी होगा।
(4) इस नियम में,मतदाता की बायीं तर्जनी उंगली का सन्दर्भ, बायीं तर्जनी उंगली न होने की दशा में, बाएं हाथ की किसी अन्य उंगली से है तथा उसके बाएं हाथ की सभी उंगलियां न होने की दशा में, उसके दाएं हाथ की तर्जनी उंगली या अन्य कोई उंगली समझी जाएगी और ऐसी दशा में जहां उसके दोनों हाथों की समस्त उंगलियां नहीं हैं, वहां बायीं या दायीं भुजा के ऐसे छोर से समझा जाएगा, जो भी मौजूद हो। 67. मतदान प्रक्रिया.--(1) मतदान केन्द्र में प्रवेश करने पर मतदाता सर्वप्रथम मतदान अधिकारी को अपनी बायीं तर्जनी उंगली कर निरीक्षण करने देगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उस उंगली पर कोई अमिट स्याही का निशान तो नहीं है। यदि ऐसा कोई निशान न हो, तो मतदान केन्द्र का प्रभारी मतदान अधिकारी, मतदाता का नाम और पता और अन्य विवरण, जैसा सूची में दर्ज हैं, सुनिश्चित करेगा तथा मतदाता की पहचान से सन्तुष्ट हो कर पीठासीन अधिकारी अथवा मतदान अधिकारी, यथास्थिति, उसकी बायीं तर्जनी उंगली पर अमिट स्याही का निशान लगाएगा और फिर उसको मत पत्र दिया जाएगा। यथास्थिति, पीठासीन अधिकारी अथवा मतदान अधिकारी, मतदाता को मतपत्र देने से पूर्व मतमत्र के प्रतिपर्ण से मतदाता की क्रम संख्या, निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रति से दर्ज करेगा और उसके हस्ताक्षर लेगा।
(2) मतदाता को देने से पूर्व प्रत्येक मत पत्र पर, उसके पृष्ठ भाग पर ऐसा सुभेदक चिन्ह लगाया जाएगा, जैसा मतपत्र आयोग द्वारा निर्देशित हो।
(3) उप-नियम (1) में यथा उपबन्धित के सिवाय, किसी भी व्यक्ति को मतदान केन्द्र में किसी विशिष्ट मतदाता को जारी किए गए मत पत्र (पत्रों) के क्रमांक को नोट करने नहीं दिया जाए।
(4) मतदाता को मतपत्र देने से पूर्व, पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी किसी भी समय स्वप्रेरणा से, यदि उसको मतदाता की पहचान पर या उस मतदान केन्द्र में उसके मताधिकार के विषय में सन्देह हो, या किसी अभ्यर्थी या अभिकर्ता द्वारा अपेक्षा किए जाने पर, मतदाता से निम्नलिखित प्रश्न करेगा, अर्थात :-
(क) क्या आप निम्नलिखित रूप में दर्ज व्यक्ति हैं (निर्वाचक नामावली से मतदाता से सम्बन्धित पूर्ण प्रविष्टि को पढ़ कर) ?
2627 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937(ख) क्या आप वर्तमान निर्वाचन में पहले मतदान कर चुके हैं?
(ग) ऐसे अन्य प्रश्न, जिनको वह उचित या आवश्यक समझे तथा मतदाता को तब तक मतपत्र नहीं दिया जाएगा, जब तक वह पहले प्रश्न का उतर हां में और दूसरे प्रश्न का उतर नहीं में, या इस नियम के अनुसरण में उससे पूछे गए किसी प्रश्न का उत्तर देने से मना नहीं कर देता। (5) मतदाता, मतपत्र प्राप्त होने पर तत्काल :-
(क) मतदान कक्ष में जाएगा; (ख) मत पत्र पर इस प्रयोजन के लिए दिए गए उपकरण से, उम्मीदवार के चिन्ह (प्रतीक) पर अथवा उसके निकट निशान लगाएगा, जिसको वह मत देना चाहता है;
(ग) मत पत्र को मोड़ेगा ताकि अपने मत को छुपा सके; (घ) यदि आवश्यकता हो, तो पीठासीन अधिकारी को मतपत्र पर सुभेदक चिन्ह दिखाएगा; (ङ) मुड़ा हुआ मतपत्र पेटी में डालेगा; और (च) मतदान केन्द्र से चला जाएगा।
(6) प्रत्येक मतदाता बिना अनुचित विलम्ब के मतदान करेगा।
(7) किसी भी मतदाता को तब तक मतदान कक्ष में जाने नहीं दिया जाएगा, जब तक दूसरा मतदाता अन्दर रहेगा।
68. अन्धे या अपंग मतदाताओं के मतों का अभिलेखन.--(1) यदि पीठासीन अधिकारी का यह समाधान हो जाता है कि अन्धेपन या अन्य शारीरिक अपंगता के कारण मतदाता, मतपत्र में चिन्ह (प्रतीक) पहचानने और सहायता के बिना उस पर चिन्ह लगाने में असमर्थ है, तो पीठासीन अधिकारी मतदाता को मतदान कक्ष तक अपने साथ सहयोगी, जो अठारह वर्ष की आयु से कम न हो, को ले जाने की अनुमति देगा ताकि उसकी ओर से मतपत्र पर उसकी इच्छा अनुसार निशान लगा सके और यदि आवश्यक हो तो मतपत्र को मोड़कर, ताकि मत गुप्त रहे, मत पेटी में डालेगाः
परन्तु किसी भी व्यक्ति को मतदान केन्द्र पर उसी दिन एक से अधिक मतदाता का सहयोगी बनने की अनुमति नहीं दी जाएगी :
परन्तु यह और कि इस नियम के अधीन किसी व्यक्ति को किसी दिन सहयोगी के रूप में कार्य करने की अनुमति प्रदान करने से पूर्व उस व्यक्ति को प्ररूप-39 में यह घोषणा करनी पड़ेगी कि मतदाता की ओर से किए जाने वाले मतदान को वह गोपनीय रखेगा और उस दिन उसने अन्य किसी मतदान केन्द्र पर किसी अन्य मतदाता के सहयोगी के रूप में कार्य नहीं किया है।
(2) पीठासीन अधिकारी इस नियम के अधीन सभी मामलों का अभिलेख प्ररूप-40 में रखेगा। 69. खराब तथा लौटाए गए मत पत्र.--(1) किसी मतदाता, जिसने अपने मत पत्र के साथ अनवधानता से इस प्रकार से व्यवहार किया हो, जिसका सुविधा अनुसार मत पत्र के रूप में प्रयोग न किया जा सके, को पीठासीन अधिकारी को लौटाने और अनवधानता का समाधान होने पर दूसरा मत पत्र दिया जाएगा तथा लौटाए गए मत पत्र पर पीठासीन अधिकारी द्वारा ''खराब/रद्द'' लिखा जाएगा।
(2) उप-नियम (1) के अधीन रद्द किए गए सभी मत पत्रों को पृथक पैकट मे रखा जाएगा। 70. निविदत्त मत.--(1) यदि कोई व्यक्ति अपने विषय में यह बता कर कि वह विशिष्ट मतदाता है ऐसे मतदाता के रूप में दूसरे व्यक्ति द्वारा पहले ही मत दे दिए जाने के पश्चात् मत पत्र के लिए आवेदन करता है, तो वह अपनी पहचान के प्रति पीठासीन अधिकारी द्वारा पूछे गए ऐसे प्रश्नों का सामाधान पूर्वक उत्तर देने पर इस नियम के निम्नलिखित उपबन्धों के अध्यधीन (जिसे इसमें इसके पश्चात् ''निविदित्त मतपत्र'' कहा गया है) मतपत्र को चिन्हित करने का हकदार ऐसे होगा, जैसे कोई अन्य मतदाता होता है। 2628 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (2) प्रत्येक ऐसा व्यक्ति, निविदत्त मतपत्र प्राप्त करने से पूर्व अपने हस्ताक्षर सूची में प्ररूप-41 में, अपने से सम्बन्धित प्रविष्टि के सामने करेगा।
(3) निविदत्त मत पत्र वैसा ही होगा, जैसे मतदान में उपयोग में लाए जाने वाले अन्य मत पत्र होते हैं सिवाय उसके कि वह--
(क) मतदान केन्द्र में उपयोग के लिए दिए गए मत पत्रों के बण्डल के क्रम में अन्तिम; और (ख) पीठासीन अधिकारी द्वारा पृष्ठ भाग पर अपने हाथ से ''निविदित्त मतपत्र'' पृष्ठांकित करके हस्ताक्षरित होगा।
(4) मतदाता निविदत्त मतपत्र को मतदान कक्ष में चिन्हित करने और मोड़ने के पश्चात् मत पेटी में डालने के बजाय इसे पीठासीन अधिकारी को देगा, जो इसको इस प्रयोजन के लिए विशेष रूप में रखे गए लिफाफे में रखेगा।
71. मत जिनके बारे में आक्षेप किया गया है.--(1) यदि कोई अभ्यर्थी या उसका अभिकर्ता घोषणा करते हुए यह सिद्ध करने का वचन देता है कि किसी व्यक्ति ने मतपत्र के लिए आवेदन करते हुए प्रतिरूपण का अपराध किया ह,ै तो पीठासीन अधिकारी ऐसे व्यक्ति को अपना नाम और पता बताने को कहेगा और तब ऐसे नाम और पते को प्ररूप-42 में, मत, जिनके बारे में आक्षेप किया गया है, की सूची में दर्ज करेगा और ऐसे व्यक्ति को ऐसी प्रविष्टि हस्ताक्षरित करने अथवा यदि वह लिखने में असमर्थ है तो उस पर उसके अंगूठे का निशान लगाने की अपेक्षा करेगा और पीठासीन अधिकारी उस निशान के सामने अपने हस्ताक्षर करेगा और साथ ही उस व्यक्ति को अपनी पहचान के बारे में साक्ष्य प्रस्तुत करने की अपेक्षा कर सकेगाः
परन्तु पीठासीन अधिकारी द्वारा इस उप-नियम के अन्तर्गत उस समय तक कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जब तक कि अभ्यर्थी या ऐसे अभिकर्ता द्वारा प्रत्येक आक्षेप के सम्बन्ध में बीस रूपए की राशि पीठासीन अधिकारी के पास नकद जमा नहीं करवा दी जाती।
(2) यदि वह व्यक्ति जिसके बारे में इस प्रकार आक्षेप किया गया है, ऐसी अध्यापेक्षा का अनुपालन करने से इनकार करता है, तो उसे मत डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी, किन्तु यदि वह व्यक्ति इसका अनुपालन करता है और नियम 67 में उपबन्धित रीति में पूछे गए प्रश्नों में पहले प्रश्न का उतर हां में तथा दूसरे प्रश्न का उतर न में तथा इस नियम के अनुसरण में पूछे गए किसी अन्य प्रश्न का उतर सन्तोषजनक ढंग से देता है और यदि वह पहचान के सम्बन्ध में अपेक्षा किए जाने पर साक्ष्य, जिसको पीठासीन अधिकारी सन्तोषजनक मानता है, प्रस्तुत करता है तो उसे उसके प्रतिरूपण के लिए शास्ति के विषय में सूचित करने के पश्चात् मत डालने की अनुमति दी जाएगी।
(3) यदि पीठासीन अधिकारी का, स्थल पर ऐसी जांच, जैसीे वह आवश्यक समझे, करने पर यह समाधान हो जाता है कि उप-नियम (1) के अधीन अभ्यर्थी या उसके मतदान अभिकर्ता द्वारा किया गया आक्षेप तुच्छ है तथा सद्भाव से नहीं किया गया है, तो वह उप-नियम (1) के अधीन जमा करवाई गई राशि को सरकार को समपहृत किए जाने के निदेश देगा और इस विषय में उसका आदेश अन्तिम होगा।
(4) यदि उप-नियम (1) के अधीन जमा करवाई गई राशि उप-नियम (3) के अधीन समपृहत नहीं की गई हो, तो वह उसी दिन जिस दिन में वह जमा हुई है, मतदान के समापन पर उसी व्यक्ति को वापिस लौटाई जाएगी, जिसने यह जमा कराई थी।
(5) पीठासीन अधिकारी, प्रत्येक स्थिति में, चाहे व्यक्ति जिसके बारे में आक्षेप किया गया हो, को मत डालने की अनुमति दी गई है या नहीं, परिस्थितियों का उल्लेख प्ररूप-42 में उन मतों की सूची में करेगा, जिनके बारे में आक्षेप किया गया हो।
72. मतदान बन्द करना.--(1) पीठासीन अधिकारी, मतदान केन्द्र को उस निमित्त नियत समय पर बन्द कर देगा और उस समय के पश्चात् किसी मतदाता को उसमें प्रवेश नहीं करने देगा :
2629 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937परन्तु मतदान केन्द्र के भीतर उपस्थित समस्त मतदाता, मतदान बन्द किए जाने से पूर्व मत डालने के हकदार होंगे।
(2) उप नियम (1) के उपबन्ध के प्रयोजन के लिए, इस प्रश्न के उत्पन्न होने पर कि क्या मतदान बन्द करने से पूर्व, मतदाता को मतदान केन्द्र के भीतर उपस्थित रहने के लिए अनुज्ञात किया जाए, पीठासीन अधिकारी द्वारा विनिश्चय किया जाएगा जिसका विनिश्चय अन्तिम होगा।
73. मतदान के पश्चात् मतपेटी को मोहर बन्द किया जाना.--(1) मतदान बन्द होने के पश्चात् यथासाध्य शीघ्र, पीठासीन अधिकारी, मत पेटी के रेखा-छिद्र (स्लिट) को बन्द करके, इसे मोहर बन्द करेगा और किसी इच्छुक मतदान अभिकर्ता को अपनी मोहर लगाने देगा। मत पेटी को तत्पश्चात् मोहर बन्द करके उचित रूप से सुरक्षित रखा जाएगा।
(2) जहां प्रथम मत पेटी भर जाने के कारण दूसरी मत पेटी को उपयोग में लानी आवश्यक हो जाती है, वहॉ दूसरी मत पेटी उपयोग में लाए जाने से पूर्व उपनियम (1) में यथाउपबन्धित रूप मेें प्रथम मत पेटी बन्द, मोहर बन्द की जाएगी और सुरक्षित रखी जाएगी।
74. मतपत्रों का लेखा.--पीठासीन अधिकारी मतदान के बन्द होने पर प्ररूप-43 में मतपत्र लेखा तैयार करेगा और उसके उपर ''मतपत्र लेखा'' शब्द लिखकर इसे एक पृथक् कवर (लिफाफे) में रखेगा। 75. अन्य पैकेटों का मोहर बन्द सील किया जाना.--(1) पीठासीन अधिकारी इसके पश्चात् निम्नलिखित के पृथक् पैकेट बनाएगा :--
(क) प्रयोग में लाए गए मतपत्रों के प्रतिपर्ण ;
(ख) नामावली की चिन्हित प्रति ;
(ग) अप्रयुक्त मतपत्र ;
(घ) रद्व किए गए मतपत्र ;
(ङ) लिफाफें, जिनमें निविदत्त मतपत्र अन्तर्विष्ट हैं और प्ररूप-41 में सूची ;
(च) प्ररूप-42 में उन मतपत्रों की सूची जिनके बारे में आक्षेप किए गए हो ;
(छ) प्ररूप-34 में कागज मुद्रा (पेपर सील) का लेखा; और
(ज) कोई अन्य कागज-पत्र जिनको मोहर बन्द पैकेटों में रखने के रिंटर्निग अधिकारी के आदेश हों। (2) उप नियम (1)के अधीन तैयार ऐसा प्रत्येक पैकेट, पीठासीन अधिकारी तथा उपस्थित उन अभिकर्ताओं, जो उस पर अपनी मोहर लगाना चाहे, की मोहरों से मोहर बन्द (सील) किया जाएगा। 76. मतपेटियों आदि का रिंटर्निंग अधिकारी को पारेषण.--(1) पीठासीन अधिकारी इसके पश्चात रिटर्निग अधिकारी को :-
(क) नियम 73 में यथानिर्दिष्ट मतपेटियां ;
(ख) नियम 74 मेें यथानिर्दिष्ट मतपत्र लेखा ;
(ग) नियम 75 में यथानिर्दिष्ट मोहरबन्द पैकेट ; और
(घ) मतदान में प्रयुक्त किए गए सभी अन्य कागज पत्र ऐसे स्थान पर जैसा रिटर्निंग अधिकारी निदेश दे, परिदत्त करेगा या परिदत्त करवाएगा।
(2) रिटर्निग अधिकारी उनकी सुरक्षित अभिरक्षा के लिए तब तक पर्याप्त प्रबन्ध करेगा, जबतक मतगणना प्रारम्भ नहीं हो जाती।2630 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 अध्याय-8
मतों की गणना और परिणामों की घोषणा
77. मतगणना के नियत स्थान में प्रवेश.--(1) रिटर्निग अधिकारी नियम 33 के अधीन मतगणना के लिए नियत स्थान से निम्नलिखित व्यक्तियों के सिवाय अन्य सभी व्यक्तियों को हटाएगा :-
(क) ऐसे सरकारी कर्मचारी जिन्हें वह मतगणना में अपनी सहायता के लिए नियुक्त करें; (ख) प्रत्येक अभ्यर्थी और उसके गणना अभिकर्ता ; (ग) ड्यूटी पर तैनात लोक सेवक; और (घ) राज्य निर्वाचन आयुक्त या आयेाग द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य व्यक्ति।
(2) कोई भी ऐसा व्यक्ति, जो मतों की गणना के दौरान अवचार करता हो या रिटर्निंग अधिकारी के विधि पूर्ण निर्देशाें का पालन करने में असफल रहता है, तो उसे उस स्थान से जहां मतों की गणना की जा रही है, हटाया जा सकेगा।
(3) अभ्यर्थियों के गणना अभिकर्ताओं की संख्या, वार्ड की मतगणना के लिए नियत गणना मेजों की संख्या से अधिक नहीं होगीं । इसके अतिरिक्त रिटर्निग अधिकारी के लिए एक अन्य मेज़ भी होगा। (4) गणना अभिकर्ता (अभिकर्ताओं) की प्रत्येक नियुक्ति, प्ररूप-45 में दो प्रतियों में, की जाएगी, जिसकी एक प्रति रिटर्निग अधिकारी को अग्रेषित की जाएगी और दूसरी प्रति गणना अभिकर्ता को, मतगणना के समय रिटर्निग अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए दी जाएगी।
78. मतपेटियों की संवीक्षा और उनका खोला जाना.--(1) रिटर्निग अधिकारी नियम 35 के अधीन नियत तारीख, समय और स्थान पर मतगणना प्रारम्भ होने से पूर्व, अधिनियम की धारा 292 के उपबन्धों को वहॉं पर उपस्थित सभी व्यक्तियों को पढ़कर सुनाएगा।
(2) इसके पश्चात वह मतपेटियों के सम्बन्ध में निम्नलिखित रीति अपनाएगा अर्थात् :
(क) एक मतदान केन्द्र पर प्रयोग की गई सभी मतपेटियों को एक साथ खोला जाएगा ;
(ख) मतगणना मेज पर किसी मतपेटी को खोलने से पूर्व अभ्यर्थियों या उनके अभिकर्ताओं को पेपर सील या अन्य मुहरें जो उस पर लगाई गई है, का निरीक्षण करने की अनुमति दी जाएगी ताकि वे अपने को सन्तुष्ट कर सकें कि वे अक्षत सही हैं।
(ग) रिटर्निग अधिकारी अपना यह समाधान करेगा कि वास्तव में किसी मतपेटी में कोई गड़बड़ तो नहीं हुई है; और
(घ) यदि रिटर्निग अधिकारी का समाधान हो जाता है कि किसी मतपेटी में गड़बड़ हुई है, तो वह उस पेटी के मतपत्रों की गणना नहीं करेगा और उस मतदान केन्द्र की बावत नियम 52 में निधार्रित प्रक्रिया का अनुसरण करेगा।
79. मतपत्रों की संवीक्षा और रद्दकरण.--(1) प्रत्येक पेटी से निकाले गए मतपत्रों को सुविधाजनक बन्डलों में रखा जाएगा तथा उनकी संवीक्षा की जाएगी।
(2) रिटर्निंग अधिकारी मतपत्र रद्द कर देगा :-
(क) यदि इसमें एक से अधिक अभ्यर्थीं के पक्ष में मत दिया गया हो ; या (ख) यदि उस पर कोई ऐसा निशान या लेख है, जिससे मतदाता की पहचान हो सकती हो; या2631 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (ग) यदि उस पर कोई मत अभिलिखित नहीं हो ; या (घ) यदि मत दर्शानेवाला चिन्ह इस ढ़ग से लगााया गया है, जिससे यह संदेह हो जाए कि मत किस अभ्यर्थी को दिया गया है; या
(ङ) यदि मतपत्र जाली है ; या (च) यदि यह इतना क्षतिग्रस्त है या विकृत कर दिया गया हेा कि इसके असल मतपत्र होने को सुस्थापित न किया जा सके ; या
(छ) यदि यह भिन्न क्रमांक रखता हो, या मतदान केन्द्र में उपयोग के लिए प्राधिकृत मतपत्रों के परिकल्प से भिन्न हो ; या
(ज) यदि उसमें वह चिन्ह नहीं हो, जो नियम 67 के उप-नियम (2) के उपबन्धाें के अधीन होना चाहिए :
परन्तु जहां रिटर्निग अधिकारी का यह समाधान हो जाता है कि खण्ड (छ) तथा (ज) में उल्लिखित त्रुटि पीठासीन या मतदान अधिकारी की गलती या असफलता के कारण रह गई है, मतपत्र केवल ऐसी त्रुटि के आधार पर रद्द नहीं किया जाएगा :
परन्तु यह और कि मतपत्र केवल इस आधार पर ही रद्द नहीं किया जाएगा कि मत का निशान सुभिन्न है या एक से अधिक बार लगाया गया है, यदि मतपत्र पर लगाए गए निशान से यह स्पष्ट होता है कि किसी विशेष अभ्यर्थी को मत दिए जाने का आशय था।
(3) उपनियम (2) के अधीन किसी मतपत्र को रद्द किए जाने से पूर्व, रिटर्निग अधिकारी, उपस्थित प्रत्येक गणना अभिकर्ता को मतपत्र की जांच करने का युक्तियक्त अवसर प्रदान करेगा किन्तु उस मतपत्र या किसी अन्य मतपत्र को हथालने (हेन्डल करने) हेतु उसे अनुज्ञात नहीं करेगा।
(4) रिटर्निग अधिकारी ऐसे प्रत्येक मतपत्र पर जो उसके द्वारा रद्द किया हो श्आरश् वर्ण, और रद्द करनें के कारण, अपने हाथ से या रबड की मोहर लगातार अभिलिखित करेगा।
(5) इस नियम के अधीन रद्द किए गए सभी मतपत्रों को इकट्ठे बण्डलों में रखा जाएगा। 80. मतों की गणना तथा परिणामों की घोषणा.--(1) प्रत्येक मतपत्र, जिसे नियम 79 के अधीन रद्द नहीं किया गया हो, को विधिमान्य समझा जाएगा और उसे अभ्यर्थीवार छांटने के पश्चात् गिना जाएगाः परन्तु निविदत्त मतपत्र से युक्त कोई भी पैकेट खोला नहीं जाएगा और ऐसे मतपत्र की गणना नहीं की जाएगी।
(2) रिटर्निंग अधिकारी यथासाध्य, गणना लगातार करता रहेगा और ऐसे किसी अन्तराल के दौरान, जब गणना निलम्बित करनी पड़ती है, निर्वाचन से सम्बन्धित मतपत्रों, पैकटों और अन्य कागज पत्रों को, स्वयं अपनी मोहर और अभ्यर्थियों या निर्वाचन अभिकर्ताओं या गणना अभिकर्ताओं की मोहर, जो अपनी मोहरें लगाना चाहें, से मुद्रांकिंत करके रखेगा तथा ऐसे अन्तरालों के दौरान उनकी सुरक्षित अभिरक्षा के लिए पर्याप्त सावधानी बरतेगा।
(3) प्रत्येक पेटी से निकाले गए मतपत्रों केा उस पद से सम्बंिन्धत अन्य मत पेटियों से निकाले गए मतपत्रों के साथ मिलाया जाएगा और तत्पश्चात् प्रत्येक स्थान/पद के लिए पृथक्तः छटाई की जाएगी। नगर परिषद्/नगर पंचायत के सदस्य के लिए मतपत्रों को उसी मेज पर रखा रहने दिया जाएगा। नगर परिषद्/नगर पंचायत के सदस्य के परिणाम की घोषणा प्ररूप 47 पर परिणाम पत्र (सीट) तैयार कर लेने के पश्चात् प्ररूप 46 पर की जाएगी :
परन्तु यथास्थिति, प्ररूप 46 पर परिणाम घोषित किए जाने से पूर्व और मतदान केन्द्र के समस्त विधिमान्य मतों की गणना के पश्चात्, रिटर्निंग अधिकारी जिसने प्ररूप 47 में परिणाम पत्र (शीट) पर प्रविष्टियां की हैं, विशिष्टियों को घोषित करेगा। ऐसी घोषणा करने के पश्चात् कोई अभ्यर्थी या उसकी अनुपस्थिति में 2632 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 उसका निर्वाचन अभिकर्ता अथवा उसके गणना अभिकर्ताओं में से कोई एक, रिटर्निग अधिकारी को, मतों की पूरी या किसी भाग की पुर्नगणना के लिए उन कारणों का उल्लेख करते हुए, जिनके आधार पर उसने ऐसी पुर्नगणना की मांग की है, लिखित में आवेदन कर सकेगा। ऐसे किसी आवेदन के किए जाने पर रिटर्निग अधिकारी, मामले का विनिश्चय करेगा और आवेदन को पूर्णतः या भागतः स्वीकृत कर सकेगा अथवा यदि उसे यह प्रतीत होता हो कि यह तुच्छ या अयुक्तियुक्त है, तो उसे अस्वीकृत कर सकेगा। ऐसे आवेदन पर रिटर्निग अधिकारी का प्रत्येक विनिश्चय लिखित में होगा और उसमें उसके कारण अन्तर्विष्ट होंगे।
(4) परिणाम की घोषणा के तुरन्त पश्चात् रिटर्निग अधिकारी, निर्वाचन की विवरणी (रिटर्न) की एक प्रति अपने कार्यालय में किसी सहजदृष्य स्थान पर चिपकाएगा और उसे यथास्थिति, आयोग और, अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास) हिमाचल प्रदेश सरकार को, अधिनियम की धारा 27 के अधीन यथा अपेक्षित राज्य सरकार के राजपत्र में प्रकाशन के लिए भेज देगा।
(5) इसके पश्चात् समस्त विधिमान्य मतपत्रों को अभ्यर्थी बार बन्डल में एकत्रित करके, अस्वीकार (खारिज) किए गए मतपत्रों के बन्डलों के साथ, एक पृथक पैकेट में रखा जाएगा, जिसको मोहर (सील बन्द) किया जाएगा तथा उस पर निम्नलिखित विशिष्टियां अभिलिखित की जांएगी, अर्थात् :-
(क) वार्ड/नगरपालिका परिषद्/नगर पंचायत का नाम ; (ख) मतदान केन्द्र का विवरण जहां मतपत्र प्रयोग में लाए गए हैं; और (ग) मतगणना की तारीख।
(6) जब मतों की गणना पूर्ण हो गई हो ओर परिणाम की घोषणा की जा चुकी है, तो रिटर्निग अधिकारी प्ररूप-43 भाग-II में विवरणी (रिटर्न) तैयार करेगा और उसकी एक प्रति को तत्काल अपने कार्यालय के सहजदृश्य स्थान पर चिपकाएगा। निर्वाचन की तारीख के पश्चात् रिटर्निग अधिकारी, निर्वाचित अभ्यर्थ्ाियों के नामों को, नियम 50 के उपबन्धों के अधीन निर्वाचित हुआ समझे गए किसी अभ्यर्थी, यदि कोई हो, के नाम के साथ अधिसूचित करेगा ओर उसकी एक प्रति आयेाग को, राज्य सरकार के राजपत्र में प्रकाशन हेतु भेज देगा और प्ररूप-44 में तैयार की गई विवरणी की एक प्रति आयोग को, परिणाम की घोषणा के तुरन्त पश्चात् भेजी जाएगी।
81. नए मतदान के पश्चात् मतगणना.--(1) यदि नियम 52 के अधीन नया मतदान किया गया हो तो रिटर्निग अधिकारी, उस मतदान के पूर्ण होने के पश्चात्, मतों की गणना उस तारीख, समय और स्थान पर पुनः आरम्भ करेगा, जो आयेाग ने उस निमित्त नियत किया है और जिसकी सूचना (नोटिस) पहले ही अभ्यर्थियों और उनके अभिकर्ताओं को दी जा चुकी है।
(2) नियम 78, 79 और 80 के उपबन्ध ऐसी आगामी मतगणना के लिए लागू होंगे।
82. एक समान मत होने की स्थिति में प्रक्रिया.--यदि मतों की गणना के पश्चात्, किन्हीं दो अभ्यर्थियों के मतों में समानता पाई जाती है और एक अतिरिक्त मत, दोनों में से किसी एक अभ्यर्थी को निर्वाचित घोषित होने का हकदार बनाता है तो इसका, तुरन्त दोनों अभ्यर्थियों में लाट द्वारा निर्णय लिया जाएगा और जिस अभ्यर्थी के पक्ष में लाट निकलेगा उसको एक अतिरिक्त मत प्राप्त हुआ माना जाएगा और वह सम्यक् रूप से निर्वाचित घोषित किया जाएगा।
83. निर्वाचन से सम्बन्धित कागज-पत्रों की अभिरक्षा.--रिटर्निग अधिकारी, प्रयोग में लाए गए मतपत्रों के प्रतिपर्ण के पैकेट, अप्रयुक्त मतपत्रों के पैकेट, प्रयुक्त मतपत्रों के पैकेट चाहे वे विधिमान्यतः किए गए हों, निविदत्त या अस्वीकृत किए गए हों और निर्वाचन से सम्बंिन्धत अन्य सभी कागज-पत्रों को, अपने कार्यालय में या अन्य ऐसे स्थान पर, जो वह लिखित रूप में विनिर्दिष्ट करे, निर्वाचन के परिणाम के प्रकाशन की तारीख से नव्बे दिन की अवधि की समाप्ति तक, सुरक्षित अभिरक्षा में रखेगा।
84. निर्वाचन के कागज-पत्रों का प्रस्तुतिकरण और निरीक्षण.--रिटर्निग अधिकारी की अभिरक्षा में- (क) प्रयोग में लाए गए मतपत्रों के प्रतिपर्ण के पैकेट ;
2633 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937(ख) अप्रयुक्त मतपत्रों के पैकेट ; (ग) प्रयुक्त मतपत्रों के पैकेट ; और (घ) निर्वाचित नामावली की चिन्हित प्रतियों के पैकेट, सक्षम न्यायालय या अधिनियम की धारा 282 के अधीन प्राधिकृत अधिकारी के आदेशों के सिवाय खोले नहीं जाएंगे और उनकी अन्तवस्तु किसी व्यक्ति या प्राधिकारी द्वारा निरीक्षित नहीं की जाएगी या के समक्ष प्रस्तुत नहीं की जाएगी। (2) निर्वाचन से सम्बन्धित समस्त अन्य कागज-पत्र जनसाधारण के निरीक्षण के लिए खुले रहेगे और कोई भी व्यक्ति ऐसे निरीक्षण या उसकी प्रमाणित प्रतियों के प्रदाय के लिए, उसी दर पर फीस के संदाय पर पर, जो हिमाचल प्रदेश में यथास्थिति उन दस्तावेजों के निरीक्षण, जो राजस्व अधिकारी द्वारा संव्यवहारिक अभिलेख का भाग हो या राजस्व अधिकारी के किसी आदेश की प्रति के प्रदाय के लिए, के लिए प्रभारित की जाती है, आवेदन कर सकेगा और ऐसी प्रतियों के प्रदाय के लिए वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो राजस्व अधिकारी द्वारा निपटाए गए किसी मामले के सम्बन्ध में ऐसे ही आवेदन के लिए अपनाई जाती है। 85. निर्वाचन के कागज पत्रों का निपटान.--राज्य सरकार या आयोग अथवा सक्षम न्यायालय या अधिनियम की धारा 282 के अधीन प्राधिकृत अधिकारी द्वारा दिए गए किसी प्रतिकूल निदेश के अध्यधीन, नियम 83 और 84 में निर्दिष्ट पैकेट और अन्य कागज-पत्र राजपत्र में परिणामों की घोषणा की तारीख से नब्बे दिन की अवधि के लिए रखे जाएगें और तत्पश्चात् नष्ट कर दिए जाएंगे :
परन्तु यदि कोई निर्वाचन याचिका लम्बित हो, तो इस नियम में निर्दिष्ट पैकेट तथा अन्य कागज-पत्रों का तब तक निपटान नहीं किया जाएगा, जब तक याचिका का अन्तिम रूप से विनिश्चय नहीं हो जाता। 86. नगरपालिका में आकस्मिक रिक्तियां.--जब नगरपालिका में किसी पदाधिकारी की मृत्यु, त्यागपत्र या हटाए जाने के कारण कोई रिक्ति होती है, तो उसके स्थान पर अधिनियम की धारा 19 की उपधारा (1) और (2) के उपबन्धों के अनुसार नए पदाधिकारी को निर्वाचित किया जाएगा और ऐसा निर्वाचन इन नियमों में यथानिर्दिष्ट रीति में संचालित किया जाएगा और निर्वाचन कार्यक्रम, रिक्ति होने के पश्चात् सुविधा अनुसार यथाशाक्य शीघ्र बनाया जाएगा।
87. नियमों का निर्वचन.--इन नियमों के निर्वचन की बाबत, किसी निर्वाचन याचिका के सम्बन्ध में जो वास्तव में प्रस्तुत की गई है से अन्यथा, यदि कोई प्रश्न उत्पन्न होता है, तो उसे आयोग को निर्दिष्ट किया जाएगा जिस पर उसका विनिश्चय अन्तिम होगा।
88. निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाना.--(1) नियम 80 के अधीन निर्वाचन के परिणामों की घोषणा के पश्चात् उपायुक्त या उस द्वारा प्राधिकृत अन्य कोई अधिकारी जो उपमण्डलाधिकारी (नागरिक) की पंक्ति से नीचे का न हो, अधिनियम की धारा 27 के अधीन नगरपालिका के निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने, या भारत के संविधान के प्रति सत्यनिष्ठा की शपथ लेने के लिए नव निर्वाचित सदस्यों को लिखित नोटिस जारी कर प्रथम बैठक के लिए सात दिन का समय देते हुए दिन तथा समय निर्धारित करेगा परन्तु निर्वाचित सदस्यों की ऐसा नोटिस बैठक के कम से कम 48 घण्टे पूर्व दिया जाएगा। बैठक, यथास्थिति, नगरपालिका परिषद् या नगर पंचायत के मुख्यालय में आयोजित होगी।
(2) उप-नियम (1) अधीन नियत दिवस और समय पर उपायुक्त या उस द्वारा प्राधिकृत अन्य कोई अधिकारी जो उपमण्डलाधिकारी (नागरिक) की पंक्ति से नीचे का न हो, प्रत्येक निर्वाचित सदस्य को शपथ लेने और भारत के संविधान के प्रति सत्यनिष्ठा रखने हेतु बुलाएगा।
अध्याय-9
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन
89. अध्यक्ष का निर्वाचन.--(1) नियम 88 के अधीन निर्वाचित सदस्यों को शपथ या राजनिष्ठा की शपथ दिलाने के तुरन्त पश्चात् उपायुक्त या उसके द्वारा प्राधिकृत अन्य कोई अधिकारी जो उपमण्डलाधिकारी (नागरिक) की पंक्ति से नीचे का न हो, अध्यक्ष के पद के निर्वाचन के संचालन के लिए बैठक की अध्यक्षता करेगा। 2634 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (2) नियम 88 के अनुसार पद की शपथ दिलाने के तुरन्त पश्चात् पीठासीन अधिकारी, अध्यक्ष के पद के लिए अभ्यर्थी नामनिर्दिष्ट करने हेतु निर्वाचित सदस्यों को एक घण्टे तक का समय देगा।
(3) अध्यक्ष के पद के लिए किसी दूसरे सदस्य द्वारा किसी निर्वाचित सदस्य को प्रस्तावित किया जा सकेगा और प्ररूप 50 में एक और निर्वाचित सदस्य द्वारा इसका समर्थन किया जा सकेगा।
(4) कोई निर्वाचित सदस्य जिसे उप-नियम (3) के अधीन अभ्यर्थी के रूप में प्रस्तावित किया गया है वह, अध्यक्ष के पद के लिए अभ्यर्थी बनने हेतु नामनिर्देशन को स्वीकार करेगा।
(5) नामांकन भरने हेतु दिए गए समय के अवसान के पश्चात् पीठासीन अधिकारी नामनिर्देशनों की संवीक्षा करेगा और अविधिमान्य नामनिर्देशनों को रद्ध करने के पश्चात् ऐसे अभ्यर्थियों की अभ्यर्थिता स्वीकार नहीं करेगा जो विधिमान्य रूप से नामनिर्दिष्ट है।
(6) नामांकनों की स्वीकृति के पश्चात्, पीठासीन अधिकारी, अभ्यर्थिता वापस लेने के लिए तीस मिनट का समय देगा।
(7) अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए बैठक की गणपूर्ति कुल निर्वाचित सदस्यों के तीन चौथायी से होगी। यदि गणपूर्ति पूर्ण न हो तो उपायुक्त या बैठक की अध्यक्षता करने वाला अधिकारी बैठक को अगली तारीख तक स्थगित करेगा जो इसकी प्रथम बैठक के दिन से तीन दिन से अधिक नहीं होगी। स्थगित बैठक के लिए कोई गणपूर्ति आवश्यक नहीं होगी।
(8) यदि अनुज्ञात समय के पशचात् पद के लिए केवल एक ही अभ्यर्थी रह जाता है तो पीठासीन अधिकारी ऐसे अभ्यर्थी को सम्यक् रूप से निर्वाचित घोषित करेगा य
(9) यदि अभ्यर्थिता वापस लेने के लिए अनुज्ञात समय पुरा होने के पश्चात् एक से अधिक अभ्यर्थी रह जाते हैं तो मतदान किया जाएगा य और
(10) अध्यक्ष के निर्वाचन में प्रयोग किया जाने वाला मतपत्र प्ररूप-48 में होगा और उनमें दर्शित विवरण, हिन्दी में देवनागरी लिपि में होगा।
90. अध्यक्ष के निर्वाचन में मतदान की रीति.--(1) अध्यक्ष के निर्वाचन में मतदान की प्रक्रिया निम्नलिखित होगी :-
(क) पीठासीन अधिकारी, सदस्यों को मतपत्र जारी करने से पूर्व प्रत्येक मा के पीछे सुभिन्न चिन्ह के रूप में अपने हस्ताक्षर करेगा ;
(ख) सदस्य, मतपत्र की प्राप्ति पर अभ्यर्थी के नाम के सामने क्रास चिन्ह (X) लगाएगा जिस को वह अपना मत देना चाहता है ;
(ग) सदस्य क्रास चिन्ह (X) का निशान लगाने के पश्चात् मतपत्र को इस प्रकार मोड़ेगा कि उसका मत छुप जाए ;
(घ) सदस्य, मोडे़ हुए मतपत्र को मतपेटी में डालेगा जो इस प्रयोजन के लिए पीठासीन अधिकारी के सामने रखी होगी।
(2) पीठासीन अधिकारी, मतदान समाप्त हो जाने के पश्चात् मत पेटी को खोलेगा और सदस्यों की उपस्थिति में मतों की गणना करेगा।
स्पष्टीकरण.--यह अवधारित करने के लिए कि डाला गया मत विधिमान्य है या अविधिमान्य है, नियम 79 के उपबन्ध लागू होंगे।2635 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (3) जिस अभ्यर्थी के पक्ष में सबसे अधिक विधिमान्य मत पडे़ंगे वह उस पद के लिए निर्वाचित घोषित किया जाएगा :
परन्तु यदि मतपत्रों की गणना के पश्चात् किन्ही दो अभ्यर्थियों के मतों में समानता पाई जाती हों, एक अतिरिक्त मत दोनों में से किसी एक अभ्यर्थी को निर्वाचित घोषित होने का हकदार बनाता है तो इसका तुरन्त दोनों अभ्यर्थियों में लॉट द्वारा निर्णय लिया जाएगा और जिस अभ्यर्थी के पक्ष में लॉट निकलेगा, उसको एक अतिरिक्त मत प्राप्त हुआ माना जाएगा और वह सम्यक् रूप से निर्वाचित घोषित किया जाएगा।
(4) ऐसे मतदान में प्रयुक्त सभी मतपत्र एक मजबूत लिफाफे में रखे जाएंगे जिसे पीठासीन अधिकारी उपस्थित सदस्यों के समक्ष मोहर बन्द (सील) करेगा तथा उस पर उव निर्वाचन का जिसमें मतपत्र सम्बन्धित है, विवरण लिखेगा। उपायुक्त लिफाफे को उपने कार्यालय में या ऐसे स्थान जिसे वह लिखित रूप में नियत करे, सक्षम न्यायालय या आयोग या अधिनियम के अध्याय-17 के अधीन निर्वाचन याचिका की जांच करने के लिए प्राधिकृत/नियुक्त किसी अधिकारी द्वारा दिए गए किसी प्रतिकूल निदेश के अध्यधीन निर्वाचन की तारीख के एक वर्ष के अवसान तक ठीक तरह से परिरक्षित रखेगा।
(5) उपायुक्त प्ररूप 49 में निर्वाचन की विवरणी (रिटर्न) तैयार करेगा और राज्य सरकार तथा आयोग को सूचनार्थ तथा अभिलेख के लिए भेजेगा।
(6) राज्य सरकार उप-नियम (5) के अधीन निर्वाचन विवरणी की प्राप्ति पर अधिनियम की धारा 27 की उपधारा (1) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन को अधिसूचित करेगी और उसकी प्रति आयोग को भेजेगी।
91. उपाध्यक्ष का निर्वाचन.--अध्यक्ष के निर्वाचन के पश्चात् उपायुक्त या उसके द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अधिकारी जो उपमण्डलाधिकारी (नागरिक) की पंक्ति से नीचे का न हो, नियम 89 और 90 के अधीन अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए यथा उपबन्धित रीति में उपाध्यक्ष के पद के लिए निर्वाचन करेगा।
92. अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव.--(1) नगरपालिका के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव उपायुक्त को सम्बोधित इसके कुल निर्वाचित सदस्यों के बहुमत से अन्युन द्वारा हस्ताक्षरित लिखित में अध्यापेक्षा के माध्यम से लाया जा सकेगा :
परन्तु सदस्य जिन्होंने ऐसा प्रस्ताव किया है वे इस प्रयोजन हेतु बुलाई गई बैठक से पूर्व वापस ले सकेंगे :
परन्तु यह और कि इस नियम के अधीन अविश्वास प्रस्ताव उसके ऐसे पद के निर्वाचन की तारीख के एक वर्ष के भीतर पोषणीय नहीं होगा और कोई पश्चातवर्ती अविश्वास प्रस्ताव अंतिम अविश्वास प्रस्ताव से एक वर्ष के अन्तराल के भीतर पोषणीय नहीं होगा।
(2) उपायुक्त या उपायुक्त द्वारा प्राधिकृत ऐसा अन्य अधिकारी जो कि उपमण्डलाधिकारी (नागरिक) की पंक्ति से नीचे का न हो, सदस्यों के उपयोग हेतु अध्यापेक्ष की प्रति प्रत्येक सदस्य को प्रचालित करेगा। (3) उपायुक्त या उपायुक्त द्वारा प्राधिकृत ऐसा अन्य अधिकारी जो कि उपमण्डलाधिकारी (नागरिक) की पंक्ति से नीचे का न हो, उपनियम (1) में निर्दिष्ट प्रस्ताव पर विचार के लिए कम से कम पंन्द्रह दिन का नोटिस देकर विशेष बैठक बुलाएगा और ऐसी बैठक की अध्यक्षता करेगा।
(4) यदि अविश्वास प्रस्ताव, ऐसी विशेष बैठक में उपस्थित और मत देने वाले निर्वाचित सदस्यों के बहुमत के समर्थन से पारित हो जाता है जिस की गणपूर्ति इस के निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या के आधे से कम नहीं है तो यथास्थिति, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष द्वारा अपना पद रिक्त किया गया समझा जाएगा। 93. नया निर्वाचन.--यदि अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का पद उसके कार्यकाल के दौरान, अविश्वास प्रस्ताव के मद्दे, रिक्त कर दिया जाता है तो यथास्थिति अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए इन नियमों में विहित रीति में रिक्ति की तारीख से एक मास की अवधि के भीतर शेष अवधि के लिए नया निर्वाचन करवाया जाएगा।2636 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937
अध्याय-10
चुनाव याचिकाएं और अपीलें
94. याचिका प्रस्तुत करना.--(1) धारा 284 के अधीन निर्वाचन याचिका उस प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी, जिसकी अधिकारिता के अधीन नगरपालिका स्थित है।
(2) याचिकाकर्ता, याचिका के साथ प्रत्यर्थियों की संख्या के अनुसार याचिका की समान संख्या में प्रतियां संलग्न करेगा।
(3) धारा 285 की उपधारा (1) परन्तु में निर्दिष्ट शपथ पत्र प्ररूप 51 में होगा और शपथ मजिस्ट्रेट के समक्ष होगी।
95. याचिका के साथ प्रतिभूति निक्षेप का जमा किया जाना.--निर्वाचन याचिका प्रस्तुत करते समय याची द्वारा 2000/-(दो हजार रूपए) केवल प्रतिभूति राशि के रूप में उस प्राधिकृत अधिकारी जिसे याचिका प्रस्तुत की जानी है, के नाम से समुचित लेखा शीर्ष के अधीन सरकारी खजाना या उप-खजाना में जमा किए जाएंगे।
96. याचिकाओं का वापिस लिया जाना.--(1) निर्वाचन याचिका, केवल उस प्राधिकृत अधिकारी जिसे याचिका प्रस्तुत की गई है, की अनुमति के पश्चात् ही याची द्वारा वापिस ली जा सकेगी।
(2) जब याचिका को वापिस लेने के लिए आवेदन किया जाता है, तो उस आवेदन की सुनवाई के लिए नियत तारीख का नोटिस याचिका के अन्य सभी पक्षकारों को दिया जाएगा।
(3) याचिका वापस लेने के लिए किया गया कोई भी आवेदन अनुज्ञात नहीं किया जाएगा, यदि ऐसा आवेदन प्राधिकृत अधिकारी की राय में जिसे यथास्थिति, याचिका प्रस्तुत की गई है या जिसे ऐसी याचिका अन्तरित की गई है, किसी सौदेबाजी या प्रतिफल द्वारा उत्प्रेरित किया गया हो, जिसकी अनुमति नहीें दी जा सकती है।
(4) यदि याचिका वापिस लेने के लिए आवेदन अनुज्ञात कर दिया जाता है तो प्राधिकृत अधिकारी जिसे याचिका प्रस्तुत की गई है, आदेश पारित करेगा।
परन्तु जहां प्राधिकृत अधिकारी द्वारा याचिका वापस लेने के लिए आवेदन लेना अनुज्ञात कर दिया गया है, वहॉ आदेश की एक प्रति निदेशक, शहरी विकास, हिमाचल प्रदेश को भेजी जाएगी।
97. जांच का स्थान और प्रक्रिया.--(1) जांच का स्थान उस सम्बद्ध प्राधिकृत अधिकारी का मुख्यालय होगा जिसे याचिका प्रस्तुत की गई है या अन्तरित की गई है :
परन्तु उस प्राधिकृत अधिकारी जिसे, यथास्थिति याचिका प्रस्तुत की गई है या अन्तरित की गई है, का समाधान हो जाने पर कि ऐसी विशेष परिस्थितियां विद्यमान है जो, इसे वांछनीय बना देती है कि जांच कहीं और होनी चाहिए, तो वह इस प्रयोजन के लिए कोई अन्य सुविधाजनक स्थान नियत करेगा।
(2) जनसाधारण को ऐसे स्थान पर जाने की पूर्ण स्वतन्त्रता होगी, जहां किसी निर्वाचन याचिका की जांच की जा सकेगी।
(3) पक्षकारों को, जांच के लिए स्थान तथा समय के बारे में नोटिस दिया जाएगा, जो सुनवाई की प्रथम तारीख से पूर्व सात दिन की अवधि से कम का न हो।
98. याचिका पर आदेशों की संसूचना.--प्राधिकृत अधिकारी जिसे, यथास्थिति निर्वाचन याचिका प्रस्तुत की गई है या अन्तरित की गई है, निर्वाचन याचिका की समाप्ति के पश्चात् यथाशक्य शीघ्र, आदेश की एक प्रति आयोग और निदेशक शहरी विकास विभाग, हिमाचल प्रदेश को भेजेगा।2637 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 99. अपील के प्रस्तुतिकरण में प्रक्रिया.--(1) प्राधिकृत अधिकारी द्वारा अधिनियम की धारा 295 या 296 के अधीन पारित किए आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति, तीस दिनों की अवधि के भीतर निदेशक, शहरी विकास, विभाग, हिमाचल प्रदेश को अपील कर सकेगा।
परन्तु निदेशक, शहरी विकास, यदि उसका समाधान हो जाता है कि अपीलार्थी अपील को समय पर प्रस्तुत करने में, पर्याप्त कारणों से निवारित हुआ है, उक्त तीस दिन की अवधि के अवसान के पश्चात् भी अपील को ग्रहण कर सकेगा।
(2) अधिनियम के अधीन अपील प्रस्तुत करने के लिए अवधि की सीमा संगणित करते समय आदेश की प्रति अभिप्राप्त करने में लगे समय को अपवर्जित कर दिया जाएगा।
(3) उप-नियम (1) के अधीन की गई प्रत्येक अपील, अपीलार्थी या उसके सम्यक् रूप से प्राधिकृत अभिकर्ता द्वारा ज्ञापन के रूप में प्रस्तुत की जाएगी और अपील के साथ, निदेशक, शहरी विकास, जिसको अपील प्रस्तुत की जाती है या प्रस्तुत की जानी है, के नाम समुचित लेखाशीर्ष के अधीन सरकारी खजाना या उप खजाना में फीस के रूप में केवल 2500/-रूपए (दो हजार पांच सौ रूपए) की जमा की गई राशि का साक्ष्य देते हुए खजाना चालान संलग्न किया जाएगा। ज्ञापन, अपील किए गए आदेश के आक्षेपों आधारों को संक्षिप्त रूप में उपवर्णित करेगा और उसके साथ ऐसे आदेश की प्रति भी संलग्न की जाएगी।
(4) उप-नियम (1) के अधीन अपील के प्राप्त होने पर, निदेशक, शहरी विकास उस प्राधिकृत अधिकारी से, जिसके विनिश्चय के विरूद्ध अपील प्रस्तुत की है, अभिलेख मंगाने के पश्चात्, यदि कोई हो, ऐसे आदेश पारित कर सकेगा, जैसे वह उचित समझे जो अन्तिम होंगे।
(5) अपील में पारित आदेश की एक प्रति आयोग और राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
100. अपील का उपशमन.--यदि अपील के लम्बित रहने के दौरान अपीलार्थी या प्रत्यर्थी की मृत्यु हो जाती है तो, अपील का उपशमन हो जाएगा और निदेशक, शहरी विकास ऐसी घटना का नोटिस राज्य सरकार को भिजवाएगा।
अध्याय-11
प्रकीर्ण
101. शास्तियां.--यदि कोई व्यक्ति जो अधिनियम के अधीन, आयोग में प्रतिनियुक्ति पर है या कोई लोक सेवक जिसे वार्डों के परिसीमन, निर्वाचन नामावली के तैयार करने अथवा निर्वाचन का संचालन करने के सम्बंध में डयूटी पर लगाया गया है, अधिनियम के अधीन नियुक्त किसी अधिकारी द्वारा जारी किन्ही आदेशों की अवज्ञा करता है या इन नियमों के उपबंधों का उल्लंघन करता है तो वह राज्य सरकार द्वारा अंगीकृत केन्द्रीय सिविल सेवाएं (आचरण नियम), 1964 के अधीन या इस प्रयोजन के लिए तत्समय प्रवृत्त सुसंगत विधि और प्रथा के अनुसार दण्डनीय होगा।
102. निरसन और व्यावृत्तियाँ.--(1) हिमाचल प्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994, हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (वार्ड का परिसीमन और आरक्षण) नियम, 1994 तथा हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन के लिए आरक्षण) नियम, 1995 का एतद्द्वारा निरसन किया जाता है,
परन्तु- (क) ऐसा निरसन, उक्त नियमों, अधिसूचनाओं और आदेशेां से पूर्व प्रवर्तन या उनके अधीन की गई किसी भी बात या कार्रवाई पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा; और
(ख) इन नियमों के प्रारम्भ के समय उक्त नियमों, अधिसूचनाओं या आदेशों के अधीन लम्बित किसी भी प्रकार की कार्यवाहियां जारी रहेंगी और जहां तक हो सके इनका निपटान इन नियमों के उपबन्धों के अनुसार किया जाएगा। 2638 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (2) इन नियमों की कोई भी बात किसी भी व्यक्ति, जिसको यह नियम लागू होते हैं, इन नियमों के प्रारम्भ से पूर्व पारित किसी आदेश की बाबत, उप नियम (1) के अधीन इस प्रकार निरसित नियमों, के अधीन उसे प्राप्त हुए अपील के अधिकार से वंचित नहीं करेगी।
(3) इन नियमों के आरम्भ से पूर्व किसी आदेश के विरूद्ध, लम्बित या ऐसे प्रारम्भ के पश्चात् की गई किसी याचिका पर विचार किया जाएगा और इन नियमों के अनुसार उस पर आदेश पारित किया जाएगा।
प्ररूप-1
............................
[नियम 6(1) देखेें]
नगरपालिका को वार्डो में बांटने ओर प्रत्येक वार्ड की सीमाएं परिभाषित करने के प्रस्तावों के प्रकाशन का नोटिस
एतद ्द्वारा नोटिस दिया जाता है कि............................ नगरपालिका को वार्डो में बांटने और प्रत्येक ऐसे वार्ड की सीमाएं परिभाषित करने के लिए प्रस्ताव, अधोहस्ताक्षरी और नगरपालिका................................के कार्यालय में आगामी दस दिन के लिए कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेगा।
उक्त प्रस्ताव में अन्तर्विष्ट किसी बात के लिए, कोई निवासी यदि कोई आक्षेप करना चाहे या सुझाव देना चाहे, तो वह इस नोटिस के प्रकाशन की तारीख से दस दिन के भीतर अधोहस्ताक्षरी को प्ररूप-2 में भेज सकेगा और नियत अवधि के भीतर प्राप्त आक्षेपों या सुझावों यदि कोई हों, पर प्रस्ताव को अन्तिम रूप देने से पूर्व विचार किया जाएगा। स्थानः........................................ तारीखः......................................
उपायुक्त
-------
प्ररूप-2
............................
[नियम 6(2) देखें]
सेवा में, उपायुक्त ............................ ............................... विषयः- वार्डों के परिसीमन के प्रारूप के लिए आक्षेप व सुझाव। महोदय, -------नगरपालिका क्षेत्र की बाबत तारीख......................को प्रकाशित वार्डों के परिसीमन प्रारूप प्रस्तावों के संदर्भ में ।
यह कि मैं.......................वार्ड संख्या.....................नगरपालिका क्षेत्र का निवासी/की निवासी हॅूं। यह कि मेरे प्रारूप प्रस्तावों के विषय में निम्नलिखित आक्षेप या सुझाव हैं :- { 1} { 2} { 3} { 4}
भवदीय, स्थान........................................ तारीख.....................................
हस्ताक्षर, पूरा नाम और पता2639 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937
प्ररूप-3
.............................
[नियम 19 देखें]
निर्वाचक नामावली के प्रकाशन का नोटिस
सेवा में,
नगरपालिका ..........................................जिला.............................................हिमाचल प्रदेश के वार्ड संख्या............ .................................................के मतदाता।
एतद्द्वारा नोटिस दिया जाता है कि निर्वाचक नामावली, हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 2015 के अनुसार तैयार की जा चुकी है और जिसकी प्रति मेरे कार्यालय और नगरपालिका और तहसीलदार के कार्यालय में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण के लिए उपलब्ध है।
यदि निर्वाचक नामावली में किसी नाम को सम्मिलित किए जाने के लिए कोई दावा हो, या किसी नाम के सम्मिलित किए जाने सम्बन्धी या किसी प्रविष्टि में किन्हीं विशिष्टियों के बारे में कोई आक्षेप हो, तों उसे/उन्हें जहां तक समुचित हो प्ररूप 4, 5 और 6 में, तारीख..............................को या उससे पूर्व दाखिल किया जाएगा।
प्रत्येक ऐसा दावा या आक्षेप, पुनरीक्षण प्राधिकारी......................................................(पूरा पता) को सम्बोधित किया जाएगा और इसे या तो व्यक्तिगत रूप में या अभिकर्ता द्वारा प्रस्तुत किया जाना चाहिए या रजिस्ट्रीकृत डाक द्वारा भेजा जाना चाहिए, ताकि यह/ये पूर्वोक्त तारीख के भीतर उसके पास पहुंच जाए/जाएं।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, (नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत) स्थान........................................ तारीख.............................
-------- प्ररूप-4 ............................ [नियम 22 (1) और 28 देखें] नाम सम्मिलित करने के लिए दावा आवेदन
सेवा में,
पुनरीक्षण प्राधिकारी/ निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ............................(नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत)
महोदय,
मैं निवेदन करता हूं कि मेरा नाम नगरपालिका से सम्बन्धित....................................वार्ड की निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किया जाए।
पूरा नाम .......................................................................................................................................................................................... पिता/माता/पति का नाम.......................................................................................................................................................... निवास स्थान की विशिष्टियां :
मकान संख्या.................................................................................................................................................................................. गली/मुहल्ला/गांव.......................................................................................................................................................................
2640 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 डाकघर.............................................................................................................................................................................................. तहसील व जिला.............................................................................................................................................................................
मैं एतद्द्वारा अपने सर्वोतम जानकारी और विश्वास से घोषणा करता हूं/करती हूं कि :-
(i) मैं भारत का/की नागरिक हूं। (ii) मेरी आयु अर्थात् नियम 17 के खण्ड (क) के अधीन राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित तारीख को ......................वर्ष...................मास थी।
(iii) मैं उपरोक्त पते पर साधारणतः निवास करता/करती हूं। (iv) मैंने अन्य किसी नगरपालिका वार्ड की निर्वाचक नामावली में अपने नाम को सम्मिलित करने के लिए आवेदन नहीं किया है।
(v) मेरा नाम ऊपर वर्णित किसी भी नगरपालिका या यथास्थिति, हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम ,1994 के अधीन गठित नगर पालिका या हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अधीन गठित ग्राम सभा के किसी वार्ड की निर्वाचक नामावली में सम्मिलित नहीं किया गया है।
(vi) या मेरा नाम ...........................................................................वार्ड के लिए निर्वाचक नामावली में निम्नलिखित पते पर सम्मिलित किया गया है ओैर मैं अनुरोध करता/करती हूं कि उसे निर्वाचक नामावली से निकाल दिया जाए।
दावेदार के हस्ताक्षर /अंगूठा निशान, (पूरा डाक पता) ...................................................................... .....................................................................
मैं और घोषणा करता/करती हूं कि मेरे द्वारा दिए गए उपरोक्त तथ्य सही हैं और मैं यह भी जानता/जानती हूं कि यदि कोई व्यक्ति ऐसा कथन या घोषणा करता है, जो मिथ्या हो और जिसकी बाबत वह जानता या विश्वास करता है कि मिथ्या है या उसके सत्य होने में विश्वास नहीं करता है, प्रवृत्त विधि के अनुसार दण्डनीय होगा।
दावेदार के हस्ताक्षर /अंगुठा निशान स्थान........................................ तारीख......................................
मैं निवार्चक नामावली के उसी भाग में सम्मिलित मतदाता हूं जिसमें दावेदार ने सम्मिलित किए जाने के लिए आवेदन किया है, अर्थात् ............................................से सम्बन्धित................................................संख्या................. ..........................उसमें मेरी क्रम संख्या..........................................है का एक मतदाता हूं। मैं इस दावे का समर्थन करता हूं और इस पर प्रतिहस्ताक्षर करता हूं।
दावे को समर्थन देने वाले मतदाता के हस्ताक्षर /अंगूठा निशान,
(पूरा डाक पता)
..................................................................................... ....................................................................................
--------- प्ररूप-5 ............................ [नियम 22 (1) देखें] नाम सम्मिलित किए जाने पर आक्षेप
सेवा में, पुनरीक्षण प्राधिकारी, ............................ वार्ड2641 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 महोदय,
मैं नगरपालिका.....................................................................के वार्ड ..........................की निर्वाचक नामावली में क्रम संख्या...................................................पर श्री ........................के नाम को सम्मिलित किए जाने के सम्बन्ध में निम्नलिखित कारणों से आक्षेप करता/करती हूंः- ............................................................................................................................................................................................ ............................................................................................................................................................................................
मैं एतद्द्वारा घोषणा करता/करती हूं कि उपर्युक्त तथ्य मेरी जानकारी और विश्वास के अनुसार सही हैं और मेरा नाम इस वार्ड की निर्वाचक नामावली में निम्न प्रकार से सम्मिलित किया गया हैः-
पूरा नाम............................................................................................................................................................................................ पिता/माता/पति का नाम.......................................................................................................................................................... क्रम संख्या........................................................................नगरपालिका..........................................से सम्बन्धित वार्ड का नाम तथा संख्या.........................................................................................
आक्षेपकर्ता के हस्ताक्षर /अंगूठा निशान, (पूरा डाक पता) ...................................................................... ...................................................................
मैं उसी निवार्चक नामावली में सम्मिलित एक मतदाता हूं, जिसमें आक्षेपित व्यक्ति का नाम है अर्थात् ... ........................................................................... नगरपालिका.......................................से सम्बन्धित वार्ड का नाम। उसमें मेरी क्रम संख्या.......................................है । मै इस आक्षेप का समर्थन करता हूं तथा इसको प्रतिहस्ताक्षरित करता/करती हूं...................................................................
आक्षेप का समर्थन करने वाले मतदाता का
प्रति हस्ताक्षर /अंगूठा निशान, (पूरा डाक पता) ...................................................................... ..................................................................... --------------------- टिप्पण.--यदि ऐसा व्यक्ति जो कोई ऐसा कथन या घोषणा करता है जो मिथ्या हो और जिसकी बाबत वह जानता या विश्वास करता है कि यह मिथ्या है या उसके सत्य होने में विश्वास नहीं करता है तो वह प्रवृत्त विधि के अनुसार दण्डनीय होगा।
--------
प्ररूप-6
............................
[नियम 22 (1) देखें]
किसी प्रविष्टि में विशिष्टियों से सम्बन्धित आक्षेप
सेवा में,
पुनरीक्षण प्राधिकारी/ निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी
वार्ड............................ ------------नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत2642 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 महोदय, निवेदन है कि नगरपालिका .............................के..............................वार्ड की नामावली के क्रम संख्या.............. ......................................पर मेरे से सम्बन्धित प्रविष्टि अशुद्व है। इसे निम्नलिखित रूप से शुद्ध किया जाएः- ............................................................................................................................................................................................................ ............................................................................................................................................................................................................
दावेदार के हस्ताक्षर /अंगूठा निशान, (पूरा डाक पता) ...................................................................... ....................................................................
स्थान........................................ ...................................... तारीख............................. ...............................................
-------
प्ररूप-7 [नियम 22 (4), (5) और नियम 24 देखें] नाम सम्मिलित करने के दावे का रजिस्टर
...........................................................................नगरपालिका ............................................................................वार्ड
| क्रम संख्या | दावेदार का नाम | पिता का नाम और पता | दावा प्रस्तुत करने की तारीख | पक्षकारों की उपस्थिति में टिप्पणी सहित विनिश्चय की तारीख | NaN |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | NaN |
| NaN | |||||
| विनिश्चय | पुनरीक्षण प्राधिकारी के हस्ताक्षर | पुनरीक्षण प्राधिकारी के विनिश्चय को कार्यान्वित करने वाले पदधारी के हस्ताक्षर और तारीख | NaN | ||
| स्वीकृत | अस्वीकृत | NaN | |||
| 6 | 7 | 8 | 9 | NaN | |
| NaN |
प्ररूप-8 [नियम 22 (4) और (5) तथा नियम 24 देखें] नाम सम्मिलित किए जाने के आक्षेप का रजिस्टर
...........................................................................नगरपालिका ........................................................................ वार्ड।2643 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937
| व्यक्ति जिसके सम्बन्ध में आक्षेप किया गया है | आक्षेपकर्ता के पिता/ पति का नाम तथा पता | आक्षेपकर्ता की नामावली में क्रम संख्या | आक्षेप प्रस्तुत करने की तारीख | NaN | ||
| NaN | ||||||
| क्रम सं0 | नाम | नामावली मे क्रम संख्या | NaN | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | NaN |
| NaN | ||||||
| ाक्षकारों की उपस्थिति में टिप्पण सहित विनिश्चय की तारीख | विनिश्चय | पुनरीक्षण प्राधिकारी के हस्ताक्षर | पुनरीक्षण प्राधिकारी क े विनिश्चय को कार्यान्वित करने वाले पदधारी के हस्ताक्षर और तारीख | NaN | ||
| स्वीकृत | अस्वीकृत | NaN | ||||
| 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | NaN | |
| NaN |
प्ररूप-9
[नियम-22 (4) और 5 तथा नियम 24 देखें]
प्रविष्टि की विशिष्टियों सम्बन्धी आक्षेप का रजिस्टर
.............................................................................नगरपालिका
............................................................................वार्ड ।
| क्र म संख्या | आक्षेपकर्ता का नाम | आक्षेप प्रस्तुत करने की तारीख | नामावली में यथा विद्यमान विशिष्टियां | आक्षेपकर्ता द्वारा यथा आवेदित शुद्ध विशिष्टियां | NaN |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | NaN |
| NaN | |||||
| विनिश्चय | पुनरीक्षण प्राधिकारी के हस्ताक्षर | पुनरीक्षण प्राधिकारी के विनिश्चय को कार्यान्वित करने वाले पदधारी के हस्ताक्षर तथा तारीख | NaN | ||
| स्वीकृत | अस्वीकृत | NaN | |||
| 6 | 7 | 8 | 9 | NaN | |
| NaN |
प्ररूप-10 [नियम-23 (1) देखें] दावों की सूची
| प्राप्ति की तारीख | क्रम संख्या | दावेदार का नाम | पिता/पति/माता का नाम | पता | सुनवाई की तारीख, समय और स्थान |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
पुनरीक्षण प्राधिकारी के हस्ताक्षर
------- प्ररूप-11
[नियम-23(1) देखें]
नाम सम्मिलित किए जाने सम्बन्धी आक्षेपों की सूची
.............................................................................नगरपालिका ............................................................................वार्ड ।
| प्राप्ति की तारीख | क्रम संख्या | आक्षेपकर्ता का पूरा नाम |
| 1 | 2 | 3 |
| आक्षेप किये जाने वाले नाम की विशिष्टि | संक्षिप्त आक्षेप | |
| प्रविष्टि की क्रम संख्या | पूरा नाम | |
| 4 | 5 | 6 |
पुनरीक्षण अधिकारी के हस्ताक्षर
------
प्ररूप-12
[नियम-23 (1) देखें]
प्रविष्टियों में विशिष्टियों के आक्षेप की सूची
.................................नगरपालिका.....................................वार्ड।2645 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937
| प्राप्ति की तारीख | क्रम संख्या | आक्षेप करने वाले का पूरा नाम |
| 1 | 2 | 3 |
| प ्रविष्टि की पार्ट संख्या और क्रम संख्या | आक्षेप का स्वरूप | सुनवाई की तारीख, समय और स्थान |
| 4 | 5 | 6 |
पुनरीक्षण प्राधिकारी के हस्ताक्षर
-------
प्ररूप-13
[नियम-23 (2) देखें]
दावे की सुनवाई का नोटिस
सेवा में,
............................................................................................... ............................................................................................... (दावेदार का पूरा नाम और पता)
सन्दर्भ संख्या.....................................................
निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित किए जाने के लिए आपके दावे की सुनवाई ...................................... ....................(स्थान) में .......................बजे (समय) ............................ 201......... (तारीख) को की जाएगी। आप से निवेदन किया जाता है कि आप स्वंय या अपने प्राधिकृत अभिकर्ता के माध्यम से ऐसे साक्ष्यों सहित, जो आप प्रस्तुत करना चाहे सुनवाई के समय उपस्थित हों।
स्थान .............................................
तारीख ..........................................
...................................................................... (पुनरीक्षण प्राधिकारी के हस्ताक्षर) ......................................................... वार्ड।
--------
प्ररूप-14
[नियम-23 (2) देखें]
आक्षेप की सुनवाई का नोटिस
सेवा में, ............................................................................................... ............................................................................................... (आक्षेपकर्ता का पूरा नाम और पता)
सन्दर्भ/आक्षेप संख्या.....................................................
आपका नाम सम्मिलित किए जाने के सम्बन्ध में आप के आक्षेप पर सुनवाई ................................................ ..........(स्थान) में ............................बजे (समय) ............................................ 201......... (तारीख) को की जाएगी। 2646 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 आपको निर्देश दिया जाता है कि आप स्वयं या अपने प्राधिकृत अभिकर्ता के माध्यम से ऐसे साक्ष्यों सहित, जो प्रस्तुत करना चाहें, सुनवाई के समय उपस्थित हों।
स्थान .............................................
तारीख ..........................................
...................................................................... (पुनरीक्षण प्राधिकारी के हस्ताक्षर) .........................................................वार्ड
-------
प्ररूप-15
[नियम-23 (3) देखें]
आक्षेप की सुनवाई का नोटिस
सेवा में, ............................................................................................... ............................................................................................... (उस व्यक्ति का पूरा नाम व पता जिसके विरूद्ध में आक्षेप प्राप्त हुआ है)
सन्दर्भ/आक्षेप संख्या.....................................................
आपके नाम का नगरपालिका ...............................................के --------वार्ड की निर्वाचक नामावली में क्रम संख्या ..................................................... पर सम्मिलित किए जाने सम्बन्धी ........................................................... ............................(आक्षेपकर्ता का पूरा नाम और पता) द्वारा दाखिल किए गए आक्षेप की सुनवाई ..................... (स्थान) में ..........................................बजे (समय) ............................................ 201......... (तारीख) को की जाएगी। आपको निदेश दिया जाता है कि आप स्वयं या अपने प्राधिकृत अभिकर्ता के माध्यम से, ऐसे साक्ष्यों सहित, जो आप प्रस्तुत करना चाहें, सुनवाई के समय उपस्थित हों।
आक्षेप के आधार (संक्षिप्त रूप में) इस प्रकार हैं :- (क) (ख) (ग) स्थान .............................................
तारीख ..........................................
...................................................................... (पुनरीक्षण प्राधिकारी के हस्ताक्षर) ......................................................... वार्ड।
--------
प्ररूप-16
[नियम-23 (2) देखें]
निर्वाचक नामावली में विशिष्टियों से सम्बन्धित आक्षेप की सुनवाई का नोटिस
सेवा में,
............................................................................................... ............................................................................................... (आक्षेपकर्ता का पूरा नाम व पता)
सन्दर्भ/आक्षेप संख्या.....................................................
2647 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937आपसे सम्बन्धित कतिपय प्रविष्टियों के विषय में आपके आक्षेप की सुनवाई ...................................(स्थान) में ...................................बजे (समय) ........................... 201......... (तारीख) को होगी।
आपको निदेश दिया जाता है कि आप स्वयं या अपने प्राधिकृत अभिकर्ता के माध्यम से, ऐसे साक्ष्यों सहित जो आप प्रस्तुत करना चाहें, सुनवाई के समय उपस्थित हों।
स्थान .............................................
तारीख ..........................................
...................................................................... (पुनरीक्षण प्राधिकारी के हस्ताक्षर) ......................................................... वार्ड।
--------
प्ररूप-17
[नियम-25 (1) देखें]
निर्वाचक नामावली के अन्तिम प्रकाशन का नोटिस
जन साधारण की सूचना के लिए एतद्द्वारा अधिसूचित किया जाता है कि नगरपालिका ........................... ..............की वार्ड संख्या .............................. की निर्वाचक नामावली हिमाचल प्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 2015 के अनुसार तैयार कर दी गई है और उक्त निर्वाचन नामावली एतदद्वारा अन्तिम रूप में प्रकाशित की जाती है।
स्थान .............................................
तारीख ..........................................
...................................................................... निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत)
--------
प्ररूप-18
[नियम-27 देखें]
निर्वाचक नामावली में प्रविष्टि करने या उसके हटाए जाने के लिए आवेदन
सेवा में,
निर्वाचक रजिस्टृीकरण अधिकारी, ............................................................ ........................................................... महोदय,
मैं यह निवेदन करता हूं कि...............................................................................................वार्ड/मतदान केन्द्र की निर्वाचक नामावली की क्रम सं0...........................................................................................................पर की गई प्रविष्टि जो श्री/श्रीमती........................................................................पुत्र/पत्नी/पुत्री.........................................................से सम्बन्धित है, को सम्मिलित किया जाना/हटाया जाना अपेक्षित है क्योंकि उक्त व्यक्ति, निम्नलिखित कारणों से निर्वाचक नामावली में रजिस्ट््रीकृत किए जाने का हकदार नहीं हैः- 1. ............................... 2. ............................... 3. ..............................
मैं एतद्द्वारा घोषणा करता हूं कि मेरे द्वारा प्रस्तुत किए गए उपर्युक्त तथ्य मेरी जानकारी और विश्वास के अनुसार सही है और मैं यह भी जानता हूं कि कोई व्यक्ति जो ऐसा कथन या घोषणा करता है, जो मिथ्या है या जिसको वह जानता है या विश्वास करता है कि वह मिथ्या है या उसके सत्य होने पर विश्वास नहीं करता है, प्रवृत्त विधि के अनुसार दण्डनीय होगा। 2648 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 मैं घोषणा करता हूं कि मैं इस वार्ड का मतदाता हूं तथा मेरा नाम क्रम संख्या.............................................. ......................................पर दर्ज है।
स्थान..........................................
आवेदक के हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान (पूरा डाक पता) तारीख.........................................
--------
प्ररूप-19
[नियम-36 देखें]
निर्वाचन कार्यक्रम का नोटिस
एतदद्वारा नोटिस दिया जाता है किः--
1. नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत के ----वार्ड (वार्डों) से सदस्य को निर्वाचित करने के लिए निर्वाचन किया जाना है।
2. अभ्यर्थी या उसके प्रस्तावक द्वारा नामांकन पत्र..........................................पर 11.00 बजे पूर्वान्ह तथा 3.00 बजे अपरान्ह के मध्य----तारीख से..........................................तारीख तक प्राधिकारी को दिया जा सकेगा।
3. नामांकन पत्र के प्ररूप उपर्युक्त स्थान और समय पर अभिप्राप्त किए जा सकेंगे।
4. नामांकन पत्रों की संवीक्षा............................तारीख को..........................बजे तक होगी।
5. अभ्यर्थिता की वापसी का नोटिस अभ्यर्थी या उसके प्रस्तावक द्वारा पैरा (2) में विनिर्दिष्ट प्राधिकारी को उसके कार्यालय में.......................................तारीख को 3.00 बजे अपरान्ह से पूर्व परिदत्त किया जाएगा।
6. निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को चिन्हों (प्रतीकों) का आबंटन...................................(तारीख) को नामांकन वापस लेने के अवधि की समाप्ति पर और प्ररूप 25 में ................... बजे अपरान्ह तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने के पश्चात् ..................(तारीख) को किया जाएगा।
7. निर्वाचन करवाए जाने की दशा में मतदान ..............................(तारीख) को .................... बजे के मध्य होगा।
रिटर्निंग अधिकारी के मोहर सहित हस्ताक्षर
--------
प्ररूप-20
[नियम-38 देखें]
नामांकन पत्र नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत..............................................के वार्ड नम्बर ...........................से सदस्य के पद के लिए निर्वाचन।2649 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 मैं एतद्द्वारा श्री/श्रीमती .................................................. पुत्र/पुत्री ..................................... (अभ्यर्थी के पिता का पूर्ण पते सहित नाम) को उपर्युक्त निर्वाचन के लिए एतद्द्वारा नाम निर्दिष्ट करता हूं उसका नाम नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत..................के वार्ड संख्या ...................... के मतदान केन्द्र संख्या ....................... की निर्वाचक नामावली में क्रम संख्या .............पर प्रविष्ट है।
मेरा नाम नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ....................... के वार्ड संख्या ...................... के मतदान केन्द्र संख्या .......................... की निर्वाचक नामावली की क्रम संख्या ............ पर प्रविष्ट है।
प्रस्तावक के हस्ताक्षर प्रस्तावक का पूरा नाम और पता तारीख ............................. ------------------------------------------------------------- (अभ्यर्थी द्वारा भरा जाएगा)
मैं, उपर्युक्त अभ्यर्थी, इस नामांकन के लिए सहमति देता हूं और एतद्द्वारा घोषणा करता हूं कि :-
(क) मैंने ........ वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है; (ख) मुझे प्रवृत्त किसी विधि के अधीन निर्वाचन लड़ने के लिए निरर्हित नहीं किया गया है; और (ग) मैं हिमाचल प्रदेश में यथा घोषित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग की-----जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बन्ध रखता हूं।
तारीख .....................
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर टिप्पण.--अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बन्धित दसवे के समर्थन में हिमाचल प्रदेश राजय सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र की प्रति इसके साथ संलग्न है।
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर तारीख ..................... ------------------------------------------------------------- कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा सत्यापन
श्री/श्रीमती ...................................................................की उपर्युक्त घोषणा का द्वारा मेंरे समक्ष सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान किया गया है, जिसको मैं व्यक्तिगत रूप में जानता हूं /या जिसकी मेरे समाधानप्रद ............................. ................ द्वारा पहचान करवाई गई है।
स्थान ................................. तारीख ..............................
मोहर सहित हस्ताक्षर। (नामांकन पत्र को स्वीकृत या अस्वीकृत करने के सम्बन्ध में रिटर्निंग अधिकारी का विनिश्चिय) (रिटर्निंग अधिकारी द्वारा भरा जाएगा)
मैंने इस नामांकन पत्र की, हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 2015 के नियम 41 के अनुसार जांच कर ली है और मेरा विनिश्चय निम्नलिखित प्रकार से हैः-
स्थान ................................. तारीख ..............................
रिटर्निंग अधिकारी।
रिटर्निंग अधिकारी अभ्यर्थी को आबंटित चिह्न (प्रतीक)...........................................है। स्थान ................................. तारीख .............................. ------------------------------------------------------------- नामांकन पत्र की रसीद2650 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937
(रिटर्निंग अधिकारी या विनिर्दिष्ट प्राधिकारी द्वारा भरा जाएगा )
नामांकन पत्र की क्रम संख्या ..................................
यह नामांकन पत्र मुझे मेरे कार्यालय में ----तारीख को...............................बजे दिया गया और इसकी संवीक्षा .................................................तारीख को ............................बजे.....................................(स्थान) में होगी। स्थान ................................. तारीख ..............................
रिटर्निंग अधिकारी/ विनिर्दिष्ट प्राधिकारी महत्वपूर्ण टिप्पणः (i) रिटर्निंग अधिकारी इस बात की जांच करेगा कि प्ररूप 20 (नामांकन पत्र) के साथ प्रत्येक अभ्यर्थी को हिमाचल प्रदेश पंचायत तथा नगरपालिका निर्वाचन (उम्मीदवारों द्वारा निर्दिष्ट सूचना का प्रकटीकरण) विनियमन, 2004 के अधीन राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विहित उपाबन्ध-1 की प्रति दे दी गई है।
(ii) प्रत्येक निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह नामांकन पत्र के साथ, उपरोक्त उपाबन्ध-1 को, शपथ रूप में उसे मजिस्ट्रेट या नोटरी पब्लिक या शपथ आयुक्त (ओथ कमिशनर) से सत्यापित करवा के, प्रस्तुत करे।
(iii) अभ्यर्थी उक्त उपाबन्ध की, मूल शपथ पत्र सहित, अतिरिक्त सत्यापित प्रति भी रिटर्निंग अधिकारी को देगा ।
--------
प्ररूप-21
[नियम-40 देखें]
नामांकन का नोटिस
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत .......................... के वार्ड संख्या ................................... से सदस्य का निर्वाचन।
एतद्द्वारा नोटिस दिया जाता है कि उपर्युक्त निर्वाचन के सम्बन्ध में आज ........................ (तारीख) 3ः00 बजे अपराह्न तक निम्नलिखित नामांकन प्राप्त हुए हैं :-
| नामांकन पत्र की क्रम संख्या | अभ्यर्थी का नाम | पिता/पति का नाम | अभ्यर्थी की आयु | पता | NaN |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | NaN |
| NaN | |||||
| अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति/ अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बन्धित अभ्यर्थियों की जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग की विशिष्टियां | निर्वाचक नामावली में अभ्यर्थी की क्रम संख्या | प्रस्तावक का नाम | निर्वाचक नामावली में प्रस्तावक की क्रम संख्या | NaN | |
| 6 | 7 | 8 | 9 | NaN | |
| NaN |
स्थान ................................. तारीख ..............................
रिटर्निंग अधिकारी या विनिर्दिष्ट प्राधिकारी2651 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 प्ररूप-22
[नियम 41 (7) देखे]
विधिमान्य रूप से नाम -निर्दिष्ट अभ्यर्थियों की सूची
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत...............................................के वार्ड संख्या...................से सदस्य का निर्वाचन।
| क्रम संख्या | अथ्यर्थी का नाम | पिता/पति का नाम | अभ्यर्थी का पता |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
रिटर्निग अधिकारी स्थान........................................ तारीख.............................
--------
प्ररूप-23
[नियम 42 (1) देखें]
नाम वापसी का नोटिस
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत .............................................. वार्ड .................................से सदस्य का निर्वाचन।
सेवा में, रिटर्निग अधिकारी, ....................................... .......................................
मैं............................................................उक्त निर्वाचन के लिए नाम निर्दिष्ट अभ्यर्थी एतद्द्वारा अपनी अभ्यर्थिता वापिस लेने का नोटिस देता हूं।
स्थान........................................
तारीख.............................
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर यह नोटिस मुझे........................................................(नाम) द्वारा तारीख ................................................................ को ........................................................................बजे मेरे कार्यालय में दिया गया।
रिटर्निग अधिकारी या विनिर्दिष्ट प्राधिकारी नाम वापस लेने के लिए नोटिस की अभिस्विकृति
(अभ्यर्थिता की वापसी के नोटिस की रसीद, नोटिस देने वाले व्यक्ति को दी जानी है) 2652 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत.............................................. के वार्ड संख्या..............के सदस्य के निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी..............................................................की अभ्र्यर्थिता की वापिसी का नोटिस .......................... ...............................द्वारा मेरे कार्यालय में .......................................बजे.........................................................(तारीख) को परिदत् किया गया।
रिटर्निग अधिकारी या विनिर्दिष्ट प्राधिकारी तारीख..................................................... ------------------------------------------------------------- प्ररूप-24
[नियम 42 (2) देखें]
अभ्यर्थिता की वापसी का नोटिस
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ..............................................के वार्ड संख्या.................................के सदस्य का निर्वाचन।
एतद्द्वारा नोटिस दिया जाता है कि निम्नलिखित अभ्यर्थी /अभ्यर्थियों ने उक्त निर्वाचन से अपनी अभ्र्यर्थिता/अभ्यिर्थिताएं आज वापिस ले ली है/हैं :--
| क्रम संख्या | अभ्यर्थी का नाम | अभ्यर्थी का पता | टिप्पणी |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 2 3 4 5 इत्यादि |
स्थान...................................
रिटर्निग अधिकारी या विनिर्दिष्ट प्राधिकारी।
-------
प्ररूप-25
[नियम 43 देखें]
निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ..............................................के वार्ड संख्या.................................के सदस्य का निर्वाचन।
| क्र म संख्या | अभ्यर्थी का नाम | अभ्यर्थी का पता | आबंटित चिन्ह (प्रतीक) |
तारीख..................................
रिटर्निंग अधिकारी स्थान...................................
2653 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937प्ररूप-26
[नियम 45 देखें]
निर्वाचन अभिकर्ता की नियुक्ति का प्ररूप
मैं, .............................. नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ..............................................के वार्ड संख्या........... ......................से सदस्य, के.............................. को होने वाले निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी, एत्दद्वारा श्री/श्रीमती.......... ............................पुत्र/पुत्री ........................................................निवासी.................................को, इस तारीख से उपरोक्त निर्वाचन की समाप्ति तक अपने निर्वाचन अभिकर्ता के रूप मेंं नियुक्त करता हॅू्।
तारीख..................................
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर स्थान...................................
मै उपरोक्त नियुक्ति को स्वीकार करता हूं ।
निर्वाचन अभिकर्ता के हस्ताक्षर तारीखः.................................. स्थानः................................... अभिकर्ताः..............................
मैं एतद्द्वारा घेाषणा करता हूं कि उक्त निर्वाचन में ऐसा कुछ नहीं कंरूगा, जो हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 और तद्धीन बनाए गए नियमों द्वारा निषिद्ध है, जिन्हें मैने पढ लिया है/जिन्हें मुझे पढ़कर सुनाया गया हेै।
निर्वाचन अभिकर्ता के हस्ताक्षर। अनुमोदित
रिटर्निग अधिकारी के हस्ताक्षर तारीख.................................. स्थान...................................
---------
प्ररूप-27
[नियम 46 (2) देखेें]
मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ..............................................के वार्ड संख्या.................................से का सदस्य मैं............................. उक्त निर्वाचन के लिए .अभ्यर्थी एत्दद्वारा श्री/ ...........................................पुत्र/पुत्री श्री.................................................................................निवासी.................................को, मतदान संख्या...................................... पर, जो ..................................पर मतदान के लिए नियत स्थान है, मतदान अभिकर्ता के रूप में नियुक्त करता हूं। तारीख..................................
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर स्थान...................................
मैं ऐसे मतदान अभिकर्ता के रूप में कार्य करने के लिए सहमत हूं।
मतदान अभिकर्ता के हस्ताक्षर2654 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (मतदान अभिकर्ता की घोषणा, जो पीठासीन अधिकारी के समक्ष हस्ताक्षरित की जानी है) - मैं एतद्द्वारा घेाषणा करता हूं कि उक्त निर्वाचन में ऐसा कुछ नहीं करूंगा, जो हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 और तद्धीन बनाए गए नियमों द्वारा निषिद्ध, है, जिन्हें मैने पढ लिया है/जिन्हें मुझे पढ़कर सुनाया गया हेै।
मतदान अभिकर्ता के हस्ताक्षर। मेरे समक्ष हस्ताक्षर किए।
स्थान...................................
तारीख................................
पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर।
--------
प्ररूप-28
[नियम-48 (2) देखें]
वार्ड के लिए निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा निर्वाचन व्यय के दैनिक लेखों के अनुरक्षण का रजिस्टर।
1. अभ्यर्थी का नाम .............................................................................................................................................................
2. वार्ड का नाम जहां से निर्वाचन लड़ा गया ..............................................................................................................
3. पद जिसके लिए निर्वाचन लड़ा गया .......................................................................................................................
4. नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीख ...................................................................................................................
5. परिणाम घोषित किए जाने की तारीख .....................................................................................................................
| व्यय की तारीख | व्यय का स्वरूप | व्यय की राशि | भुगतान की तारीख | |
| संदत | बकाया | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| पाने वाले का नाम और पता | संदत्त रकम की दशा में वाउचरों की संख्या | बकाया रकम की दशा में बिलों की संख्या | उस व्यक्ति का नाम और पता जिसे बकाया रकम दी जानी है | टिप्पणियां |
| 6 | 7 | 8 | 9 | 10 |
प्रमाणित किया जाता है कि यह मेरे,/मेरे निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा अनुरक्षित किए गए लेखों की सही प्रति है।
निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी के हस्ताक्षर2655 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 प्ररूप-29
[नियम-48 देखें]
वार्ड का निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा दिए जाने वाले निर्वाचन व्यय का ब्यौरा 1. निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी का नाम ................................................................................................................................
2. वार्ड/ नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत का नाम .....................................................................................................
| व् यय की मद | ोत जिनसे राशि उपाप्त हुई | व्यय की रकम | संदाय की तारीख | संदाय की रीति | लेखे के साथ संलग्न संदाय का साक्ष्य | टिप्पणियां |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
1. प्रतिभूति निक्षेप पर व्यय।
2. निर्वाचन नामावालियों की प्रतियों के क्रय पर व्यय।
3. घोषणा-पत्र की छपवाई एवं पोस्टरों/इश्तहारों आदि की छपवाई पर व्यय।
4. पोस्टरों के चिपकाने पर व्यय।
5. दीवार पर लिखवाने पर और विज्ञापनों के प्रकाशन पर व्यय।
6. जन सभाओं के लिए स्थानों पर किराया प्रभार और जन सभाओं के लिए पंडालों आदि के किराया प्रभार।
7. जन सभाओं के लिए लाउडस्पीकरों पर किराया प्रभार।
8. अभ्यर्थी द्वारा प्रयोग किए गए वाहनों के किराया, पेट्रोल, तेल और स्नेहक (पी0 ओ0 एल0) पर प्रभार।
9. निर्वाचन अभिकताओं/मतदान अभिकर्ताओं द्वारा प्रयोग में लाए गए वाहनों के पैट्रोल, तेल और स्नेहक ( पी0 ओ0 एलर्0) आदि तथा किराया पर प्रभार।
10. विविध व्यय (उपरोक्त से अन्यथा)
निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी के हस्ताक्षर
--------
प्ररूप-30
[ नियम-48 (10) देखें ]
वार्ड का निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा दिया जाने वाला निर्वाचन व्यय प्रस्तुत करने के लिए प्रपत्र 1. अभ्यर्थी का नाम ...................................................................
2. वार्ड ............................................................................................................
3. पद जिसके लिए निर्वाचन लड़ रहा है ...............................................................................
4. नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीख .........................................................................
5. परिणाम घोषित किए जाने की तारीख .........................................................................
2656 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937| व्यय की तारीख | व्यय का स्वरूप | व्यय की राशि | संदाय की तारीख | |
| स् ादत्त ं | बकाया | |||
| 1. | 2. | 3. | 4. | 5. |
| पाने वाले का नाम और पता | व्यय की गई रकम के वाउचर की संख्या | बकाया रकम की दशा में बिलो ं की संख्या | उन व्यक्तियों का नाम और पता जिन्हें बकाया रकम स देय है। ं | टिप्पणियां |
| 6. | 7. | 8. | 9. | 10. |
प्रमाणित किया जाता है कि यह मेरे द्वारा/ मेरे निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा अनुरक्षित लेखों की सही प्रति है।
निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी के हस्ताक्षर
-----------
प्ररूप-31
[ नियम-48 (10) देखें ]
शपथ पत्र
मैं............................................. सुपुत्र/पत्नी/पुत्री..........................................................................आयु...............वर्ष निवासी..............................................एतद्द्वारा/सत्यनिष्ठा और ईमानदारी से निम्नलिखित घोषणा करता /करती हूंः-
(1) यह कि मैं................................................साधारण निर्वाचन/उप निर्वाचन में....................................वार्ड संख्या/नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत जिसका परिणाम........................................तारीख को घोषित हुआ था, में निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी था/थी।
(2) यह कि मेरे द्वारा/मेरे निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा..............................(तारीख जिसमें मैं नामनिर्दिष्ट हुआ/हुई) एवं जिस तारीख को परिणाम घोषित हुआ, दोनों तारीखों को मिलाते हुए, की अवधि का, उपरोक्त निर्वाचन के सम्बन्ध में मेरे द्वारा स्वयं/मेरे निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा उपगत या प्राधिकृत व्यय का सही लेखा अनुरक्षित किया गया था।
(3) यह कि उक्त लेखा हिमाचल प्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 2015 से संलग्न प्ररूप 28 से 30 में अनुरक्षित किया गया है और उक्त लेखे की सत्यापित प्रति उपरोक्त लेखे के समर्थित वाउचर/बिलों के साथ संलग्न की जा रही है।
(4) यह कि मेरे निर्वाचन व्ययों के लेखे, जो इसके साथ संलग्न हैं, में, मेरे द्वारा या मेरे निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा प्राधिकृत या उपगत निर्वाचन व्यय की सभी मदें सम्मिलित हैं और उसमें कुछ भी छिपाया या रोका/दबाया नहीं गया है।2657 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 (5) यह कि उपरोक्त पैरा (1) से (4) में दिए गए विवरण मेरी निजी जानकारी के अनुसार सही है और कुछ भी मिथ्या नहीं है और इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है।
अभिसाक्षी
द्वारा 201...... के ............................... दिन को .............................................................. द्वारा सत्यनिष्ठा से ली गई शपथ।
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प्ररूप-32
[ नियम-48 (11) देखें ]
अभिस्वीकृति
...................................... वार्ड जिसका परिणाम तारीख ..............................को घोषित किया गया था, के श्री .............. .......................(अभ्यर्थी) द्वारा .......................................... को निर्वाचन में हुए व्यय का विस्तृत लेखा (व्यौरा) विहित प्रोफार्मा पर दाखिल कर दिया गया है एवं जिसे आज तारीख ................ को मेरे द्वारा प्राप्त किया गया है ।
रिटर्निंग अधिकारी
---------
प्ररूप-33
[ नियम-50(1) देखें ]
जिस स्थान के लिए निर्वाचन न लड़ा गया हो, उस में प्रयोग किया जाने हेतु
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ...................................... के वार्ड संख्या ........................... के सदस्य का निर्वाचन।
मैं हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 2015 के नियम 50 में अन्तर्विष्ट उपबन्ध के अनुसरण में घोषणा करता हूं कि :--
नाम ...................................................................................
पता .....................................................................................
को उपरोक्त वार्ड ...................................... से सम्यक् रूप में सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया है। स्थान ......................... तारीख ............................ रिटर्निंग अधिकारी के हस्ताक्षर
---------
प्ररूप-34
[ नियम 56 (2), ओैर 75(1)(छ) देखेें ]
भाग-1
प्रयुक्त की गई पेपर सील का अभिलेख
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत........................................के लिए .....................वार्ड से निर्वाचन। 2658 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 मतदान केन्द्र का नाम और संख्या.....................
| प्रयुक्त की गई मतपेटी की क्रम संख्या | प्रयुक्त की गई पेपर सीलों की क्रम स ख्या ं | टिप्पणी |
| 1. | 2. | 3. |
मतदान अभिकर्ता के हस्ताक्षर
----------
भाग-2
पेपर सील का लेखा
1. जारी की गई पेपर सीलों की 1............................................... क्रम संख्या...............से .........तक .............................................. कुल (योग)............................
2. प्रयुक्त की गई पेपर सील की संख्या.................. 2......................................................
3. अप्रयुक्त पेपर सीलाें की, 3........................................................ क्रम संख्या...............से .........तक संख्या कुल (योग)............................
4. क्षतिग्रस्त सीलों, यदि कोई 4............................................... होें , (की क्रम संख्या................. से....................तक कुल (योग)...................................
स्थान........................................ पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर तारीख.............................
----------
प्ररूप-35
[ नियम 58 (1) देखें ]
मत-पत्र
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत........................................की वार्ड संख्या ..........................से सदस्य का निर्वाचन।
वार्ड ..............................................................
मतदाता की क्रम संख्या ............................................................
संख्या ..............................................................
हस्ताक्षर/अंगूठा निशान2659 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 वार्ड/नगर निगम का नाम और संख्या .........................................................
| अभ्यर्थी का नाम | चिन्ह (प्रतीक) |
| 1 | 2 |
| 2 | |
| उपरोक्त में से कोई नहीं |
प्ररूप-36
[ नियम 64 (1) देखें ]
निर्वाचन कर्तव्य (इलैक्शन डयूटी) प्रमाण पत्र के लिए आवेदन
सेवा में,
रिटर्निग अधिकारी, वार्ड संख्या ......................... नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत .........................
महोदय,
मै............................... नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत की वार्ड संख्या.........से सदस्य के लिए आगामी निर्वाचन में अपना मत देना चाहता हॅू।
मुझे नगरपालिका के वार्ड ...............(मतदान केन्द्र का नाम और संख्या) में निर्वाचन कत्र्तव्य (इलैक्शन डुटी) पर नियुक्त किया गया है किन्तु मेरा नाम नगरपालिका के वार्ड ..................के मतदान केन्द्र..................की निर्वाचक की नामावली की क्रम संख्या.........पर प्रविष्ट है।
मैं प्रार्थना करता हूं कि मुझे (प्ररूप-38 में) एक निर्वाचन कर्तव्य प्रमाण पत्र, उस मतदान केन्द्र से जहां मतदान के दिन कत्र्तव्यारूढ़ रहूंगा, मत देने के लिए जारी किया जाए।
यह प्रमाण पत्र मुझे निम्न पते पर भेजा जाए :--
नाम : पता :
स्थान........................................ भवदीय, तारीख............................. ( )
----------
प्ररूप-37
[ नियम 64 (2) देखें ]
रिटर्निंग अधिकारी को सूचना का पत्र
प्रेषित,
रिटर्निंग अधिकारी, वार्ड संख्या .................(नाम सहित) नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत--------
2660 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 महोदय,मैं नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ................के (वार्ड)...................से सदस्य के लिए आगामी निर्वाचन में अपना मत देना चाहता हूं।
मेरा नाम नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ................के वार्ड संख्या............. की निर्वाचक नामावली के मतदान केन्द्र .................... (संख्या और नाम) ....................में क्रम संख्या.................पर प्रविष्ट है।
मुझे सदस्य के निर्वाचन हेतु डाक मत-पत्र निम्नलिखित पते पर भेजा जाए :-
नाम ..................................
पता...................................
स्थान........................................ भवदीय, तारीख............................. ( )
---------
प्ररूप-38
[ नियम 64 और 65 (1) देखें ]
निर्वाचन कर्तव्य इलैक्शन डयूटी प्रमाण-पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत के ................वार्ड संख्या..........में निर्वाचक है।........................मतदान केन्द्र (संख्या और नाम) के लिए उसका निर्वाचक नामावली संख्या................ है, उसके निर्वाचन कत्र्तव्य रूढ़ होने के कारण वह उस मतदान केन्द्र में जहां वह मत देने का हकदार है, व्यक्तिगत रूप में मत देने में असमर्थ है और इसलिए उसे वार्ड के .................... मतदान केन्द्र............(संख्या और नाम) में जहॉ मतदान के दिन वह कर्तव्यारूढ़ हो, मत देने के लिए प्राधिकृत किया जाता है ।
स्थान........................................ रिटर्निग अधिकारी के हस्ताक्षर तारीख.............................
मोहर
---------
प्ररूप-39
[ नियम 68(1) देखें ]
अन्धे या अपंग मतदाता के सहयोगी (साथी) द्वारा घेाषणा
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत................के (वार्ड)..................के लिए वार्ड संख्या से सदस्य का निर्वाचन ।2661 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 मैं (मतदान केन्द्र की संख्या और नाम) सुपुत्र......................................................................का ........................... ............................................आयु....................निवासी.................................(पूरा पता) एतद्द्वारा घेाषणा करता हॅू कि :-
(क) आज तारीख..................को मैने इस या किसी अन्य मतदान केन्द्र पर किसी अन्य मतदाता के सहयोगी (साथी) के रूप में कार्य नहीं किया है; और
(ख) मैं .......................की ओर से डाले गए मत की गोपनीयता को व्यक्त नहीं करूंगा ।
मतदाता का नाम और निर्वाचन नियमावली में क्रम संख्या दी जाए। स्थान .................................... तारीख................................. सहयोगी के हस्ताक्षर
---------
प्ररूप-40
[ नियम 68 (2) देखें ]
अन्धे और अपंग मतदाताओं की सूची
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ...............के लिए वार्ड संख्या..............से सदस्य का निर्वाचन। मतदान केन्द्र का नाम व संख्या...................
| मतदाता की क्रम संख्या | मतदाता का पूरा नाम | सहयोगी (साथी) का पूरा नाम | सहयोगी (साथी) का पता | सहयोगी (साथी) के हस्ताक्षर |
| 1. | 2. | 3. | 4. | 5. |
तारीख....................... पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर
----------
प्ररूप-41
[ नियम 70 (2) और 75 देखें ]
निविदत्त मतों की सूची।
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ..................... वार्ड संख्या...................से सदस्य का निर्वाचन। मतदान केन्द्र का नाम व संख्या.............................
| क्रम संख्या | मतदाता का नाम | मतदाता का पता | निविदित्त मतपत्र की क्रम संख्या |
| 1. | 2. | 3. | 4. |
| उस व्यक्ति को जारी किए गए मतपत्र की क्रम संख्या जिसने पहले ही मतदान कर दिया हो | मत देने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर व निशान अ ग ं ठा ू |
| 5. | 6. |
स्थान........................ तारीख....................... पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर
---------
प्ररूप-42
[नियम 71 और 72 देखें]
उन मतों की सूची जिनके बारे में आक्षेप किया गया है
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ............... के लिए .........वार्ड संख्या..............से सदस्य का निर्वाचन । मतदान केन्द्र का संख्या और नाम .............................................
| मतदाता की क्रम स ं ख्या | नाम व पता | मतदाता के हस्ताक्षर या निशान अंगूठा | पहचान कर्ता का नाम, यदि कोई हो | ्रत्येक मामले में प पीठासीन अधिकारी का आदेश |
| 1. | 2 | 3. | 4. | 5. |
स्थान........................ तारीख....................... पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर
---------
प्ररूप-43
[ नियम 74 और 80 देखें ]
मतपत्रों का लेखा
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत .................................. के लिए........... वार्ड संख्या..............से सदस्य का निर्वाचन।
मतदान केन्द्र की संख्या और नाम ...................
भाग-I
| क्रम संख्या | कुल संख्या | |
| 2. प्राप्त मतपत्र 3. अप्रयुक्त मतपत्र 4. मतदाताओं को जारी किए गए मतपत्र 5. रद्द किए गए मतपत्र 6. निविदत मताें के लिए प्रयुक्त किए गए मतपत्र | ||
तारीख....................... स्थान........................
पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर2663 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 भाग-II
गणना की विवरणी (रिटर्न )
[ नियम 80(6) देखें ]
| क्रम संख्या | अभ्यर्थी का नाम | डाले गए विधिमान्य मतों की संख्या |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | ||
| 2 | ||
| 3 | ||
| 4 | ||
| आदि | डाले गए विधिमान्य मतों की कुल संख्या | |
| रद्द किए गए मतपत्र | ||
| मतपटी में प्राप्त कुल मतपत्र | ||
| भिन्नता, यदि कोई हो |
रिटर्निग अधिकारी के हस्ताक्षर गणना पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर
तारीख.......................
----------
प्ररूप-44
निर्वाचन की विवरणी (रिटर्न)
[ नियम 80(6) देखें ]
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ......................................... के लिए...............................वार्ड संख्या.............. से निर्वाचन ।
| क्रम संख्या | अभ्यर्थी का नाम | डाले गए विधिमान्य मतों की संख्या |
| 1. | 2. | 3. |
| 1 | ||
| 2 | ||
| 3 | ||
| 4 | ||
| 5 |
- डाले गए मताें की कुल संख्या ............................. - डाले गए विधिमान्य मतों की कुल संख्या ............................ -अस्वीकृत मतों की कुल संख्या ...........................
2664 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 मैं घोषणा करता हॅू कि ............................(नाम और पता) नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत..................... कीे ...............वार्ड संख्या में स्थान (सीट)की पूर्ति के लिए सम्यक् रूप से निर्वाचित किए गए है।
स्थान........................ तारीख.................... रिटर्निग अधिकारी के हस्ताक्षर
----------
प्ररूप-45
[ नियम 77(4) देखें ]
भाग-I
मतगणना अभिकर्ताओं की नियुक्ति
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत .......................................................... के लिए...............................वार्ड संख्या से सदस्य का निर्वाचन ।
मैं....................जो उपर्युक्त निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी हूं, श्री/श्रीमती..................... पता.........................को...... ............. (स्थान) पर होने वाली मतगणना के लिए मतगणना के समय पर उपस्थित रहने के लिए अभिकर्ता के रूप में नियुक्त करता हूॅ।
तारीख....................... अभ्यर्थी के हस्ताक्षर पता........................
मैं ऐसे मतगणना अभिकर्ता के रूप में कार्य करने के लिए सहमत हॅू।
तारीख....................... मतगणना अभिकर्ता के हस्ताक्षर पता..........................
भाग-II
रिटर्निग अधिकारी के समक्ष हस्ताक्षरित की जाने वाली मतगणना अभिकर्ता की घोषणा
मैं एत्दद्वारा घोषणा करता हूं कि मैं नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत के उपर्युक्त निर्वाचन में ऐसा कुछ नहीं करूंगा, जो हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 की धारा 292 और अन्य किन्हीं सुसंगत धाराओं तथा तद्धीन बनाए गए नियमों के अधीन निषिद्ध है, जिन्हें मैंने पढ़ लिया है/ मुझे पढ़कर सुना दिया है।
तारीख....................... मतगणना अभिकर्ता के हस्ताक्षर। स्थान........................
मेरे समक्ष हस्ताक्षर किए गए
स्थान........................ तारीख....................... (रिटर्निंग अधिकारी )2665 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 प्ररूप-46
[नियम 80(3)]
निर्वाचित सदस्य का परिणाम
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ......................................... के लिए...................... .........वार्ड संख्या से सदस्य का निर्वाचन।
| क्र म संख्या | अभ्यर्थी का नाम | डाले गए विधिमान्य मतों की संख्या |
| 1. | ||
| 2. | ||
| 3. | ||
| 4. | ||
| 5. | ||
| इत्यादि | ||
| नोटा |
(क) डाले गए विधिमान्य मतों की कुल संख्याः......................
(ख) अस्वीकृत मतों की कुल संख्याः.........................................
(ग) डाले गए मतों की कुल संख्याः............................................
मैं, घोषणा करता हूं कि ...........................
नाम....................................
पता.....................................
....................को नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत ..........के उपरोक्त वार्ड संख्या................से सम्य्क रूप से सदस्य निर्वाचित किया गया है।
स्थान........................ तारीख....................... रिटर्निंग अधिकारी के हस्ताक्षर
----------
प्ररूप-47
[ नियम-80 (3) देखें ]
सदस्यों के निर्वाचन की परिणाम-शीट
नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत..................................के लिए...............................वार्ड संख्या से सदस्य का निर्वाचन।
| क्रम संख्या | अभ्यर्थी का नाम | डाले गए विधिमान्य मतों का योग (की संख्या) |
| 1. | ||
| 2. | ||
| 3. | ||
| 4. | ||
| 5. | ||
| इत्यादि | ||
| नोटा |
(क) डाले गए विधिमान्य मतों की कुल संख्या
(ख) अस्वीकृत मतों की कुल संख्या...................................
(ग) कुल डाले गए मतों की संख्या (क ख) .............
(घ) निविदत्त मतों की कुल संख्या....................................
(ङ) टिप्पणियां......................................................................
मतगणना का स्थान......................................................
मैं घोषणा करता हूं किः-
................................................ नाम ................................................. पता
उपरोक्त वार्ड से सम्य्क रूप से सदस्य निर्वाचित किए गए हैं।
स्थान.............................. तारीख................................ रिटर्निंग अधिकारी के हस्ताक्षर
--------
प्ररूप-48
[ नियम-89 (10) देखें ]
अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए मत पत्र
नगरपालिका का नाम......................
| क्रम संख्या | अभ्यर्थी का नाम | चिन्ह के लिए स्थान |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | ||
| 2. | ||
| 3. | ||
| 4. | ||
| 5. |
प्ररूप-49
[ नियम-90 देखें ]
अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के निर्वाचन की विवरणी (रिटर्न)
..................................नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत।
1. क्रम संख्या :.....................................
2. अभ्यर्थी का नामः.................................
3. कुल डाले गए मतों की कुल संख्या...............................
4. डाले गए विधिमान्य कुल मतों की संख्या...........................
5. अस्वीकृत कुल मतों की संख्या...................................
मैं घोषणा करता हूँ कि......................(नाम)..........................(पता) उपरोक्त नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत के लिए सम्यक रूप से अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया है।
स्थान : तारीख : उपायुक्त
---------
प्ररूप-50
[ नियम-89 (3) देखें ]
नामांकन पत्र
........................नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत के अध्यक्ष/उपाध्क्ष के पद के लिए निर्वाचन। मैं--------जो नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत की वार्ड संख्या----से निर्वाचित सदस्य हूँ, वार्ड संख्या ः-----से निर्वाचित श्री/श्रीमति--------- का नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत के निर्वाचन के लिए अध्यक्ष/उपाध्क्ष के पद के लिए अभ्यर्थिता का प्रस्ताव करता हूँ।
प्रस्थापक के हस्ताक्षर
स्थान : तारीख :
मैं--------जो नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत की वार्ड संख्या----से निर्वाचित सदस्य हूँ, वार्ड संख्या ः-----से निर्वाचित श्री/श्रीमति--------- का नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत के निर्वाचन के लिए अध्यक्ष/उपाध्क्ष के पद के लिए अभ्यर्थिता का एतद्द्वारा समर्थन करता हूँ।
समर्थक के हस्ताक्षर
स्थान :
तारीख :
2668 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937(अभ्यर्थी द्वारा भरा जाना है)
मैं उपरोक्त वर्णित अभ्यर्थी एतद्द्वारा घोषणा करता हूँ कि मैं नामांकन से सहमत हूँ और मैं सेवा करना चाहता हूँ।
अभ्यर्थी के हस्ताक्षर स्थान :
तारीख :
(नामांकन पत्र के स्वीकृत या अस्वीकृत करने का पीठासीन अधिकारी का विनिश्चय) मैंने नामांकन पत्र की नियमों और अधिनियम उपबंधों के अनुसार जाँच कर ली है। मेरा विनिश्चय निम्न प्रकार से है :-
स्वीकृत/अस्वीकृत।
पीठासीन अधिकारी स्थान : तारीख :
----------
प्ररूप-51
[नियम-94 (3) देखें ]
श्री/श्रीमती............................से.............................प्रत्यर्थी संख्या----के प्रश्नगत निर्वाचन में संलग्न निर्वाचन याचिका में उक्त निर्वाचन के सम्बन्ध में, मैं------ याचिकाकर्ता सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और शपथ पर कथन करता हूँ :-
(क) कि....................................के भ्रष्ट आचरण किए जाने के बारे में संलग्न निर्वाचन याचिका के ............ ......................................पैरा में किए गए कथन और उससे संलग्न अनुसूची के..........................पैरों में ऐसे भ्रष्ट आचरण की विशिष्टियां मेरी जानकारी के अनुसार सही हैं।
(ख) कि--------के भ्रष्ट आचरण किए जाने के बारे में उक्त याचिका के.......................................... पैरा में किया गया कथन और उक्त याचिका के...............................पैरों में दी गई ऐसे भ्रष्ट आचरण तथा उससे संलग्न अनुसूची के....................................पैरों में की गई विशिष्टियां मेरी जानकारी के अनुसार सही हैं।
(ग)
(घ)
आदि
अभिसाक्षी के हस्ताक्षर2669 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 श्री/श्रीमती.................................द्वारा मेरे समक्ष आज..............................तारीख को सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान किया गया/शपथ ली गई ।
कार्यपालक मजिस्ट्रेट
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास)।
--------
पंचायती राज विभाग
अधिसूचना
शिमला-171009, 27 जुलाई, 2015
संख्याःपीसीएच-एचए (3) 36/96-न0प0 हमीरपुर-10142-49.--क्योंकि सचिव (शहरी विकास विभाग), हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचित अधिसूचना सं0 यू0 ड़ी0-ए(3)-1/2012 दिनांक 2-04-2015 के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 की धारा 5 की उपधारा (1) के अधीन संलग्न अनुसूची 'क' में, विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को नगर पंचायत, नादौन में सम्मिलित किए जाने हेतु आक्षेप/सुझाव बारे अधिसूचना जारी की गई है।
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 (वर्ष 1994 का संख्यांक 4) धारा 3 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला हमीरपुर, विकास खण्ड नादौन के अनुसूची 'क' में दिए गए विवरण अनुसार, प्रस्तावित क्षेत्र को नगर पंचायत नादौन में सम्मिलित करने की प्रस्तावना के दृष्टिगत, सम्बन्धित ग्राम सभा क्षेत्र को बाहर करने का प्रस्ताव करते है, और यथा अपेक्षित सम्बन्धित ग्राम सभा सदस्यों की जानकारी एवं सार्वजनिक आक्षेप और सुझाव आमंत्रित करने के लिए राज्य सरकार के राजपत्र में प्रकाशित करने और जिला हमीरपुर के उपायुक्त को, इस सम्बन्ध में सुझावों एवं आक्षेपों को प्राप्त करने तथा उन पर विचार करने के लिए प्राधिकृत करने के आदेश देते हैं;
यदि अनुसूची 'क' में वर्णित क्षेत्रों को सम्मिलित करने के सम्बन्ध में, सम्बन्धित ग्राम सभा सदस्यों को कोई भी आपत्ति या सुझाव प्रस्तुत करने हो तो वह अपने आक्षेप या सुझाव इस अधिसूचना के जारी होने के दिनांक से तीस (30) दिनों की अवधि के भीतर उपायुक्त, जिला हमीरपुर को प्रस्तुत कर सकेंगे। उपरोक्त नियत अवधि के अवसान के पश्चात आक्षेप या सुझाव, जो कोई भी हाें, ग्रहण नहीं किए जाएंगे;
राज्य सरकार, जिला हमीरपुर के अनुसूची 'क' में वर्णित प्रस्तावित ग्राम सभा के क्षेत्रों को नगर पंचायत नादौन में सम्मिलित करने की प्रस्तावना के दृष्टिगत्, सम्बन्धित ग्राम सभा से अपवर्जित (मगबसनकम निकालने) बारे अन्तिम अधिसूचना, इस सम्बन्ध में उपायुक्त जिला हमीरपुर की सिफारिश के दृष्टिगत, जारी करेगी।
आदेश द्वारा, (ओंकार शर्मा)
सचिव (पंचायती राज)।2670 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 अनुसूची ''क'' नगर पंचायत नादौन की सीमाओं में सम्मिलित होने वाले नये क्षेत्र
| क्रम संख्या | पटवार का नाम | ग्राम पंचायत का नाम | मेहाल | खसरा नम्बर | क्षेत्र (हेक्टेयर में) |
| 1. | नादौन | बेला | बेला | 1 से 2008 किता 2408 | 193-95-28 |
| 2. | टिल्लू प्रथम | 1 से 189 किता 223 | 133-214-12 | ||
| 3. | टिल्लू खास | 1 से 2008 किता 2408 | 72-96-03 | ||
| 4. | डी0पी0एफ0 टिल्लू | 1 से 805 किता 850 | 87-10-24 | ||
| 5. | टिल्लू दोयम | 1 से 31 किता 32 | 5-58-97 | ||
| 6. | कुथर | 1 से 696/655 किता 711 45-82-25 | |||
| 7. | डी0पी0एफ0 कुथर | 1 किता 1 | 31-13-84 | ||
| 8. | कोहला | कोहला खास | 1 से 1139 | 108-98-82 | |
| 9. | गोरी | 1 से 316 | 25-97-14 | ||
| 10. | गुरेड़ | 1 से 558 | 32-19-09 | ||
| 11. | रनोहर | 1 से 685 | 37-48-45 | ||
| 12. | बरमोटी खूर्द | बरमोटी खूर्द | 1 से 1042 | 41-81-39 | |
| 13. | बरमोटी कलां | 1 से 1111 | 98-64-82 | ||
| कुल | 9112 | 794-28-46 |
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पंचायती राज विभाग
अधिसूचना
शिमला-171009, 27 जुलाई, 2015
संख्याःपीसीएच-एचए(3) 8/06-10137-41.--इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 1 जून, 2015 के अन्तर्गत, जिला सिरमौर के विकास खण्ड पावंटा साहिब की ग्राम सभा 'डाण्डा कालाआम्ब' का नाम बदलकर 'टौरू डाण्डाआन्ज' रखने हेतु प्रस्तावना पर संबन्धित ग्राम सभा सदस्यों से आक्षेप एवं सुझाव आमंत्रित किए गये थे तथा उपायुक्त, जिला सिरमौर को इस संबन्ध में, आक्षेप/सुझाव प्राप्त करने और उन पर विचार करने के उपरान्त अन्तिम सिफारिश प्रस्तुत करने के लिए प्राधिकृत किया गया था;
और उपरोक्त प्रस्ताव के सम्बन्ध में कोई भी आक्षेप/सुझाव प्राप्त नहीं हुए हैं। अतः उपायुक्त सिरमौर ने ग्राम सभा 'डाण्डा कालाआम्ब' का नाम बदलकर 'टौरू डाण्डाआन्ज' रखने की सिफारिश की है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 (वर्ष 1994 का 4) की धारा 3 की उप-धारा (2) के खण्ड (घ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन, जिला सिरमौर के विकास खण्ड पांवटा साहिब की ग्राम सभा 'डाण्डा कालाआम्ब' का नाम बदलकर ग्राम सभा 'टौरू डाण्डाआन्ज' घोषित करने के सहर्श आदेश प्रदान करते हैं।
आदेश द्वारा, (ओंकार शर्मा)
सचिव (पंचायती राज)।2671 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937
आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 28 जुलाई, 2015
संख्याः ई0एक्स0एन0-एफ(10)-20/2014-लूज़.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का यह समाधान हो गया है कि लोकहित में ऐसा करना समीचीन है कि हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम, 2005 से संलग्न अनुसूची-'क' के भाग-2-'क' की प्रविष्टि संख्या 13 अर्थात् "विटूमन और कोलतार" के स्थान पर नई प्रविष्टि नामतः "सभी प्रकार के बिटूमन और कोलतार" रखी जाए ताकि बिटूमन इमलशन को पॉंच प्रतिशत की दर से कराधेय बिटूमन और कोलतार के समरूप लाया जाए;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 10 द्वारा प्रदत्त शक्त्तियों का प्रयोग करते हुए, उक्त अधिनियम से संलग्न अनुसूची 'क' के भाग-2-'क' में निम्नलिखित संशोधन करने का प्रस्ताव करते हैं;
प्रस्तावित संशोधन से सम्भाव्य प्रभावित होने वाला कोई हितबद्व व्यक्ति, यदि कोई आक्षेप करना चाहे या सुझाव देना चाहे, तो वह उसे/उन्हें राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में इसके प्रकाशन की तारीख से दस दिन की अवधि के भीतर आयुक्त, आबकारी एवं कराधान हिमाचल प्रदेश, शिमला-171009 को भेज सकेगा, और उपरोक्त नियत अवधि के भीतर प्राप्त हुए आक्षेप(पों)/सुझाव(वों), यदि कोई है/हैं, पर सरकार द्वारा उसे/उन्हें अन्तिम रूप देने से पूर्व विचार किया जाएगा, अर्थातः--
प्रस्तावित संशोधन
हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम, 2005 से संलग्न अनुसूची-'क' के भाग-2-'क' में मद संख्याः 13 के स्थान पर निम्नलिखित मद रखी जाएगी, अर्थात्ः--
"सभी प्रकार के बिटूमन और कोलतार ।"।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (आबकारी एवं कराधान)।
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[Authoritative English Text of this Department Notification No. EXN-F(10)- 20/2014-Loose dated
28-07-2015 as required under clause(3) of Article 348 of the Constitution of India.]
EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171002, the 28th July, 2015
No.EXN-F(10)-20/2014-Loose.—Whereas, the Governor, Himachal Pradesh is satisfied that it is expedient in the public interest so to do that entry No.13 of Part-II-'A' of SCHEDULE 'A' appended to the Himachal Pradesh Value Added Tax Act,2005 i.e. "Bitumen & Coal-tar" may be substituted by new entry namely "Bitumen & Coal-tar of all kinds" so as to bring the Bitumen Emulsion taxable @ 5% similar to Bitumen & Coal-tar;
2672 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 Now, therefore, the Governor, Himachal Pradesh in exercise of the powers conferred by section 10 of the Himachal Pradesh Value Added Tax Act,2005 proposes the following amendments in Part-II-'A' of Schedule 'A' appended to the said Act;
If any interested person likely to be affected by the proposed amendments has any objection(s) or suggestion(s), he may send the same to the Excise and Taxation Commissioner, Himachal Pradesh, Shimla-171009 within a period of 10 days from the date of its publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh; and
Objection(s)/suggestion(s) if any received within the above stipulated period shall be taken into consideration by the Government before finalizing the same, namely:—
PROPOSED AMENDMENTS
Part-II-'A' of SCHEDULE 'A' appended to the Himachal Pradesh Value Added Tax Act, 2005, for item No.13 the following item shall be substituted, namely:—
" Bitumen & Coal-tar of all kinds.".
By order, Sd/- Additional Chief Secretary(E&T).
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IRRIGATION & PUBLIC HEALTH DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 25th July, 2015
No.IPH-B(A)4-2/2011.—In continuation to this department notification of even number, dated 07/01/2012 and in exercise of the powers vested under Section 3 of the Himachal Pradesh Public Service Guarantee Act, 2011, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to add the following service, Designated Officers, Appellate Authorities thereunder as Sr. No.4 for providing the services within the prescribed time limits relating to Irrigation & Public Health Department for the purpose of the above said Act:—
| Sr. No. | Title of services | Designated officers | Time limit for providing service | 1 st Appellate Authority | 2 nd Appellate Authority |
| 4. | Issue of NOC/clearance for setting up a commercial complex/ residential colony and Hydro Electric Project in Himachal Pradesh | Superintending Engineer of concerned Circle. | 2 months | Chief Engineer of concerned zone. | State Information Commission |
By order, P.C. DHIMAN, Addl. Chief Secretary (IPH).
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In the Court of Dr. Jitender Kanwar, HPAS, Sub Divisional Magistrate Bharmour,
District Chamba (H.P.)
Shri Vijay Kumar s/o Shri Fainee Ram, resident of Village Sulakhar, P.O. Ullansa, Tehsil . . Applicant Bharmour, District Chamba (H.P.)
Versus
General Public
Proclamation under order 5 Rule 20 C.P.C., under Section 13(3) of the Births and Deaths Registration Act, 1969.
Whereas, Shri Vijay Kumar s/o Shri Fainee Ram, resident of Village Sulakhar, P.O. Ullansa, Tehsil Bharmour, District Chamba (H.P.) has filed an application alongwith an affidavit regarding the registration of his date of Birth i.e. 06-07-1990 for entry in the record of Gram Panchayat Ullansa, Development Block Bharmour, Tehsil Bharmour, District Chamba H.P., thereof.
Hence, this proclamation is issued to the General Public, that if they have any objection/claim regarding the registration of date of birth of Shri Vijay Kumar for entry in the concerned Gram Panchayat Jagat i.e. 06-07-1990 they may file their claim/objections on or before 20.08.2015 in this court failing which necessary orders will be passed to the concerned Gram Panchayat Ullansa for registration of date of Birth accordingly.
Given today 15-07-2015 under my signature and seal of the Court.
Seal.
Sd/- (DR. JITENDER KANWAR) HPAS, Sub Divisional Magistrate, Bharmour, District Chamba (H.P.).
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In the Court of Dr. Jitender Kanwar, HPAS, Sub Divisional Magistrate Bharmour,
District Chamba (H.P.)
Shri Shankar Dayal s/o Shri Roshan Lal, resident of VPO Urei, Tehsil Bharmour, District . . Applicant Chamba (H.P.)
Versus
2674 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 General PublicProclamation under order 5 Rule 20 C.P.C., under Section 13(3) of the Births and Deaths Registration Act, 1969.
Whereas, Shri Shankar Dayal s/o Shri Roshan Lal, resident of VPO Urei, Tehsil Bharmour, District Chamba (H.P.) has filed an application alongwith an affidavit regarding the registration of his date of Birth i.e. 24-01-1991 for entry in the record of Gram Panchayat Jagat, Development Block Bharmour, Tehsil Bharmour, District Chamba H.P., thereof.
Hence, this proclamation is issued to the General Public that if they have any objection/claim regarding the registration of date of birth of Shri Shankar Dayal for entry in the concerned Gram Panchayat Jagat i.e. 24-01-1991, they may file their claim/objections on or before 20.08.2015 in this court failing which necessary orders will be passed to the concerned Gram Panchayat, Jagat for registration.
Given today 15-07-2015 under my signature and seal of this Court.
Seal.
Sd/- (DR. JITENDER KANWAR) HPAS, Sub Divisional Magistrate, Bharmour, District Chamba (H.P.).
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In the Court of Dr. Jitender Kanwar, HPAS, Sub Divisional Magistrate Bharmour,
District Chamba (H.P.)
Shri Dheeraj Kumar s/o Shri Vidha Ram, resident of Village Malkouta, PO & Tehsil . . Applicant Bharmour, District Chamba (H.P.)
Versus
General Public
Proclamation under order 5 Rule 20 C.P.C., under section 13(3) of the Births and Deaths Registration Act, 1969.
Whereas, Shri Dheeraj Kumar s/o Shri Vidha Ram, resident of Village Malkouta, PO & Tehsil Bharmour, District Chamba (H.P.) has filed an application alongwith an affidavit regarding the registration of date of Birth of his son Bantu Kumar i.e. 09-05-1990 for entry in the record of Gram Panchayat Sanchunie, Development Block Bharmour, Tehsil Bharmour, District Chamba H.P., thereof.
Hence, this proclamation is issued to the General Public that if they have any objection/claim regarding the registration of date of birth of Shri Bantu for entry in the concerned Gram Panchayat Sanchunie i.e. 09-05-1990, they may file their claim/objections on or before 15.08.2015 in this court failing which necessary orders will be passed to the concerned Gram Panchayat for registration of date of Birth accordingly.
2675 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 Given today15-07-2015 under my signature and seal of this Court.Seal.
Sd/- (DR. JITENDER KANWAR) HPAS, Sub Divisional Magistrate, Bharmour, District Chamba (H.P.).
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ब अदालत अतिरिक्त रजिस्ट्रार विवाह एवं उप मण्डल दण्डाधिकारी, चम्बा, जिला चम्बा (1) मखन पुत्र राजबली, गांव मल्ला, डाकघर खुन्देल तहसील चम्बा।
(2) जानो पुत्री गुलामनवी पत्नी स्व0 शमाउन पुत्र, गांव मल्ला, डाकघर खुन्देल, तहसील चम्बा।
बनाम
आम जनता एवं ग्राम सभा ग्राम पंचायत खुन्देल, विकास खण्ड मैहला।
विषय.-विवाह पंजीकृत करने वारा।
इस अदालत में मखन पुत्र राजबली व जानो पुत्री गुलामनवी ने एक प्रार्थना पत्र विवाह पंजीकृत करने वारा अनुरोध किया है कि इन्होंने दिनांक 11-07-2010 को गांव मल्ला में शादी कर ली है और तब से वतौर पति पत्नी रह रहे हैं। मखन पुत्र राजबली ने अपने व्यान में दर्शाया है कि शमाउन पुत्र राजबली जो उसका सगा भाई था उसकी मृत्यु दिनांक 25-05-2009 को हो चुकी है और दिनांक 11-07-2010 को उनकी पत्नी अपनी सगी भाभी नामक जानो के साथ दोनों परिवाराें की सहमति से शादी कर ली है।
अतः सर्व साधारण जनता को सूचित किया जाता है कि इनके विवाह पंजीकरण वारा अगर किसी को किसी भी प्रकार की कोई आपाि है तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपाि इस अदालत में दिनांक 31-8-2015 सुबह 10 से सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपाि न आने पर विवाह को पंजीकृत करने के आदेश संबंधित स्थानीय रजिस्ट्रार विवाह ग्राम सभा ग्राम पंचायत खुन्देल, विकास खण्ड मैहला को पारित कर दिए जायेंगे।
आज दिनांक 15-7-2015 को मेरे हस्ताक्षर मोहर सहित अदालत से जारी हुआ।
मोहर। बच्चन सिंह (हि0 प्र0 से0),
अतिरिक्त रजिस्ट्रार विवाह एवं उप मण्डल दण्डाधिकारी,
चम्बा, जिला चम्बा।
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ब अदालत बच्चन सिंह, (हि0प्र0से0), उप मण्डल दण्डाधिकारी चम्बा, जिला चम्बा
योगेश चन्द पुत्र बूटा राम, निवासी गांव परेल, डाकघर सुलतानपुर, तहसील चम्बा।
बनाम 2676 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 आम जनता एवं ग्राम सभा, ग्राम पंचायत द्रमण, विकास खण्ड चम्बा।
विषय.-नाम दरुस्ती सम्बन्धी।
इस अदालत में योगेश चन्द पुत्र बूटा राम, निवासी गांव परेल, डाकघर सुलतानपुर, तहसील चम्बा ने एक दरख्वास्त देकर अनुरोध किया है कि उसकी पुत्री का सही नाम एंजलिना है परन्तु ग्राम पंचायत द्रमण के रिकार्ड में गलती से उसकी पुत्री का नाम तनिषा दर्ज हो गया है जिसे अब वह ग्राम पंचायत द्रमण के रिकार्ड में उसका नाम तनिषा के बजाये एंजलिना दर्ज करना चाहता है।
अतः सर्वसाधारण जनता को इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि योगेश चन्द पुत्र बूटा राम, निवासी गांव परेल, डाकघर सुलतानपुर, तहसील चम्बा की पुत्री के नाम को ग्राम पंचायत द्रमण विकास खण्ड चम्बा के अभिलेख में दर्ज करने पर अगर किसी को किसी भी प्रकार की कोई आपाि है तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपाि इस अदालत में दिनांक 31-8-2015 तक सुबह 10 से सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपाि न आने की सूरत में प्रार्थी की पुत्री का नाम दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत द्रमण, विकास खण्ड चम्बा को पारित कर दिए जायेंगे।
आज दिनांक 15-7-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुये।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- उप-मण्डल दण्डाधिकारी चम्बा, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत बच्चन सिंह, (हि0प्र0से0), उप मण्डल दण्डाधिकारी चम्बा, जिला चम्बा
बेली राम पुत्र मोहन, निवासी गांव फाट, डाकघर रठियार, परगना कड़ेड, तहसील चम्बा।
बनाम
आम जनता एवं ग्राम सभा, ग्राम पंचायत रठियार, विकास खण्ड मैहला।
विषय.-नाम दरुस्ती सम्बन्धी।
इस अदालत में बेली राम पुत्र मोहन, निवासी गांव फाट, डाकघर रठियार, परगना कड़ेड, तहसील चम्बा ने एक दरख्वास्त देकर अनुरोध किया है कि उसका सही नाम बेली राम व उसकी पत्नी का सही नाम कमला देवी है परन्तु ग्राम पंचायत रठियार के रिकार्ड में गलती से उसका नाम बेली व उसकी पत्नी का नाम कायां गलत दर्ज हो गया है जिसे अब वह ग्राम पंचायत रठियार के रिकार्ड में उसका नाम बेली के बजाये बेली राम व उसकी पत्नी का नाम कायां के बजाये कमला देवी करना चाहता है।
अतः सर्वसाधारण जनता को इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि बेली राम पुत्र मोहन, निवासी गांव फाट, डाकघर रठियार, परगना कड़ेड, तहसील चम्बा का नाम व उसकी पत्नी के नाम को ग्राम पंचायत रठियार, विकास खण्ड मैहला के अभिलेख में दर्ज करने पर अगर किसी को किसी भी प्रकार की कोई आपाि है तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपाि इस अदालत में दिनांक 31-8-2015 तक सुबह 10 से सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपाि न आने की सूरत में प्रार्थी व उसकी पत्नी का नाम दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत रठियार, विकास खण्ड मैहला को पारित कर दिए जायेंगे।2677 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 आज दिनांक 15-7-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुये।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- उप-मण्डल दण्डाधिकारी चम्बा, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत बच्चन सिंह, (हि0प्र0से0), उप मण्डल दण्डाधिकारी चम्बा
गुजरो देवी पत्नी मंगो राम, निवासी गांव डिबर, डाकघर किलोड़, तहसील व जिला चम्बा।
बनाम
आम जनता एवं ग्राम सभा, ग्राम पंचायत किलोड़, विकास खण्ड मैहला।
विषय.-मृत्यु सम्बन्धित तिथि पंजीकरण सम्बन्धी।
इस अदालत में गुजरो देवी पत्नी मंगो राम, निवासी गांव डिबर, डाकघर किलोड़, तहसील व जिला चम्बा ने एक दरख्वास्त देकर अनुरोध किया है कि उनकी माता नामक जुगनी का देहान्त दिनांक 01-03-1990 को हो चुका है तथा प्रार्थीन ने अपनी माता की मृत्यु दर्ज करने व मृत्यु प्रमाण पत्र लेने हेतु आवेदन किया है।
अतः सर्वसाधारण जनता को इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि गुजरो देवी पत्नी मंगो राम, निवासी गांव डिबर, डाकघर किलोड़, तहसील व जिला चम्बा की माता की मृत्यु तिथि को ग्राम पंचायत किलोड़, विकास खण्ड मैहला के मृत्यु अभिलेख में दर्ज करने पर अगर किसी को किसी भी प्रकार की कोई आपाि है तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपाि इस अदालत में दिनांक 31-8-2015 को सुबह 10 से सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपाि न आने की सूरत में प्रार्थीन की माता की मृत्यु तिथि को दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत किलोड़ को पारित कर दिए जायेंगे।
आज दिनांक 15-7-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुये।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- उप मण्डल दण्डाधिकारी
चम्बा, जिला चम्बा।
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ब अदालत बच्चन सिंह, (हि0प्र0से0), उप मण्डल दण्डाधिकारी चम्बा
श्री धर्म चन्द नरयाल पुत्र स्वर्गीय श्री हरदयाल, निवासी गांव थडी, डाकघर राजनगर, जिला चम्बा
बनाम
आम जनता एवं ग्राम सभा, ग्राम पंचायत राजनगर, विकास खण्ड चम्बा।
विषय.- मृत्यु सम्बन्धित तिथि पंजीकरण सम्बन्धी। 2678 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 इस अदालत में श्री धर्म चन्द नरयाल पुत्र स्वर्गीय श्री हरदयाल, निवासी गांव थारी, डाकघर राजनगर, जिला चम्बा ने एक दरख्वास्त देकर अनुरोध किया है कि उनकी माता नामक चुहडी देवी का देहान्त दिनांक 27-02-2001 को हो चुका है तथा प्रार्थी ने अपनी माता की मृत्यु दर्ज करने व मृत्यु प्रमाण पत्र लेने हेतु आवेदन किया है।
अतः सर्वसाधारण जनता को इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि धर्म चन्द नरयाल पुत्र स्वर्गीय श्री हरदयाल, निवासी गांव थडी, डाकघर राजनगर, जिला चम्बा की माता की मृत्यु तिथि को ग्राम पंचायत राजनगर, विकास खण्ड चम्बा के मृत्यु अभिलेख में दर्ज करने पर अगर किसी को किसी भी प्रकार की कोई आपाि है तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपाि इस अदालत में दिनांक 31-8-2015 को सुबह 10 से सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपाि न आने की सूरत में प्रार्थी की माता की मृत्यु तिथि को दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत राजनगर को पारित कर दिए जायेंगे।
आज दिनांक 15-7-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुये।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- उप मण्डल दण्डाधिकारी
चम्बा, जिला चम्बा।
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ब अदालत बच्चन सिंह (हि0 प्र0 से0), उप मण्डल दण्डाधिकारी, चम्बा, जिला चम्बा श्री लाल सेहन पुत्र श्री कासम दीन, निवासी गांव मुसवाडी, डाकघर साहो, तहसील चम्बा
बनाम
आम जनता एवं ग्राम सभा, ग्राम पंचायत पल्यूर, विकास खण्ड चम्बा।
विषय.-जन्म सम्बन्धित तिथि पंजीकरण सम्बन्धी।
इस अदालत में श्री लाल सेहन पुत्र श्री कासम दीन, निवासी गांव मुसवाडी, डाकघर साहो, तहसील चम्बा ने एक दरख्वास्त देकर अनुरोध किया है कि उनकी पुत्रियां क्रमशः महमून जन्म तिथि 15-12-2010 व शवाना जन्म तिथि 08-09-2012 है लेकिन जन्म से सम्बन्धित घटना ग्राम पंचायत पल्यूर, विकास खण्ड चम्बा तहसील व जिला चम्बा में दर्ज न है।
अतः सर्वसाधारण जनता को इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि लाल सेहन पुत्र श्री कासम दीन, निवासी गांव मुसवाडी, डाकघर साहो, तहसील चम्बा की पुत्रियों की जन्म तिथि को ग्राम पंचायत पल्यूर, विकास खण्ड चम्बा के जन्म अभिलेख में दर्ज करने पर अगर किसी को किसी भी प्रकार की कोई आपाि है तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपाि इस अदालत में दिनांक 31-8-2015 तक सुबह 10 से सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपाि न आने की सूरत में प्रार्थी की पुत्रियों की जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत पल्यूर को पारित कर दिए जायेंगे।
आज दिनांक 13-7-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुये।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- उप मण्डल दण्डाधिकारी, चम्बा, जिला चम्बा।2679 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 ब अदालत बच्चन सिंह (हि0 प्र0 से0), उप मण्डल दण्डाधिकारी, चम्बा, जिला चम्बा लीलो पत्नी प्रिथो, निवासी गांव डाडरा, डाकघर भडियांकोठीे, तहसील चम्बा।
बनाम
आम जनता एवं ग्राम सभा, ग्राम पंचायत जटकरी, विकास खण्ड मैहला।
विषय.-जन्म सम्बन्धित तिथि पंजीकरण सम्बन्धी।
इस अदालत में लीलो पत्नी प्रिथो, निवासी गांव डाडरा, डाकघर भडियांकोठीे, तहसील चम्बा ने एक दरख्वास्त देकर अनुरोध किया है कि उनके पुत्र नामक रिंकू की जन्म तिथि 31-12-2005 है लेकिन जन्म से सम्बन्धित घटना ग्राम पंचायत जटकरी, विकास खण्ड मैहला, तहसील व जिला चम्बा में दर्ज न है। अतः सर्वसाधारण जनता को इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि लीलो पत्नी प्रिथो, निवासी गांव डाडरा, डाकघर भडियांकोठीे, तहसील चम्बा के पुत्र की जन्म तिथि को ग्राम पंचायत जटकरी, विकास खण्ड मैहला के जन्म अभिलेख में दर्ज करने पर अगर किसी को किसी भी प्रकार की कोई आपाि है तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपाि इस अदालत में दिनांक 31-8-2015 तक सुबह 10 से सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपाि न आने की सूरत में प्रार्थीन के पुत्र की जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत जटकरी, विकास खण्ड मैहला को पारित कर दिए जायेंगे।
आज दिनांक 15-7-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुये।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- उप-मण्डल दण्डाधिकारी, चम्बा, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत बच्चन सिंह (हि0 प्र0 से0), उप मण्डल दण्डाधिकारी, चम्बा, जिला चम्बा श्रीमती राजिन्द्र कौर पुत्री श्री प्रेम सिंह, निवासी मोहल्ला कसाकडा, तहसील व जिला चम्बा
बनाम
आम जनता एवं नगर परिषद् चम्बा, विकास खण्ड चम्बा।
विषय.-जन्म सम्बन्धित तिथि पंजीकरण सम्बन्धी।
इस अदालत में श्रीमती राजिन्द्र कौर पुत्री श्री प्रेम सिंह, निवासी मोहल्ला कसाकडा, तहसील व जिला चम्बा ने एक दरख्वास्त देकर अनुरोध किया है कि उनकी जन्म तिथि 07-07-1980 है लेकिन जन्म से सम्बन्धित घटना नगर परिषद् चम्बा, तहसील व जिला चम्बा में दर्ज न है।
अतः सर्वसाधारण जनता को इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि श्रीमती राजिन्द्र कौर पुत्री श्री प्रेम सिंह, निवासी मोहल्ला कसाकडा, तहसील व जिला चम्बा (हि0 प्र0) की जन्म तिथि को नगर परिषद् चम्बा के जन्म अभिलेख में दर्ज करने पर अगर किसी को किसी भी प्रकार की कोई आपाि है तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपाि इस अदालत में दिनांक 31-8-2015 तक सुबह 10 से सायं 5.00 बजे तक दर्ज 2680 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपाि न आने की सूरत में प्रार्थी की जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु नगर परिषद् चम्बा को पारित कर दिए जायेंगे। आज दिनांक 15-7-2015 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुये।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- उप-मण्डल दण्डाधिकारी, चम्बा, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।
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In the Court of Dr. Chand Prakash Sharma, Marriage Officer-cum-Sub Divisional
Magistrate, Hamirpur (H. P.)
In the matter of :
1. Dalip Chand aged 40 years S/O Shri Bhagat Ram R/O VPO Ropa, Tehsil & District Hamirpur (HP)
2. Rajni Kumari aged 27 years D/O Shri Krishan Lal R/O Village Charohal, P.O. . . Applicants Kapahra, Tehsil Ghumarwin, District Bilaspur (HP)
Versus
General Public
Subject.—Proclamation for the registration of Marriage under Section 16 of Special Marriage Act, 1954.
Dalip Chand and Rajni Kumari have filed an application along with affidavits in the court of undersigned under section 16 of Special marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 16-02-2015 at Narsingh Temple Ghumarwin, District Bilaspur (HP) and they are living as husband and wife since then, hence their marriage may be registered under Special marriage Act, 1954.
Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this court on or before 26-08-2015. The objection received after 26-08-2015 will not be entertained and marriage will be registered accordingly.
Issued today on 21-07-2015 under my hand and seal of the court.
Seal.
Sd/-
Marriage Officer-cum-Sub Divisional Magistrate,
Hamirpur.
2681 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937In the Court of Dr. Chand Prakash Sharma, Marriage Officer-cum-Sub Divisional
Magistrate, Hamirpur (H. P.)
In the matter of :
1. Sanjeev Kumar aged 43 years S/O Shri Marchu Ram R/O VPO Utpur, Tehsil (Bamson) Tauni Devi, District Hamirpur (HP)
2. Parvati Devi aged 30 years D/O Shri Dot Ram, R/O Village Gadouri, P.O. Shamshi, . . Applicants Tehsil & District Kullu (HP)
Versus
General Public
Subject.—Proclamation for the registration of Marriage under Section 16 of Special Marriage Act, 1954.
Sanjeev Kumar and Parvati Devi have filed an application along with affidavits in the court of undersigned under section 16 of Special marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 15-02-2013 at Durga Mata Temple at Utpur, District Hamirpur (HP) and they are living as husband and wife since then, hence their marriage may be registered under Special marriage Act, 1954.
Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this court on or before 27-08-2015. The objection received after 27-08-2015 will not be entertained and marriage will be registered accordingly.
Issued today on 21-07-2015 under my hand and seal of the court.
Seal.
Sd/-
Marriage Officer-cum-Sub Divisional Magistrate,
Hamirpur.
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व अदालत श्री ठाकर दास, कार्याकारी दण्डाधिकारी थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0
मुकदमा नं0 2015
तारीख पेशी : 19-8-2015 श्री सुरिन्द्र कुमार पुत्र श्री मदन लाल, निवासी गांव कौना, डाकघर कौना, उप-तहसील थुरल, ग्राम . . प्रार्थी। पंचायत कौना, जिला कांगड़ा
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। विषय.-जन्म व मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 की धारा 13-3 के तहत जन्म पंजीकरण हेतु प्रार्थना पत्र। ईश्तहार अखबारी व मुस्त्री मुनादी :-
2682 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 प्रार्थी श्री सुरिन्द्र कुमार पुत्र श्री मदन लाल, निवासी गांव कौना, डाकघर कौना, उप-तहसील थुरल, ग्राम पंचायत कौना, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में प्रार्थना पत्र मय ब्यान हल्फी पेश किया व आवेदन किया कि उसके पुत्र साहिल जमवाल का जन्म दिनांक 15-08-1999 को गांव कौना, ग्राम पंचायत कौना में हुआ है। परन्तु अज्ञानतावश उसके जन्म का पंजीकरण स्थानीय ग्राम पंचायत अभिलेख में न करवाया गया है। अतः प्रार्थी इस न्यायालय के माध्यम से अपने पुत्र के जन्म पंजीकरण करने का आदेश ग्राम पंचायत कौना को जारी करवाना चाहता है।
अतः प्रार्थी का आवेदन स्वीकार करते हुए, इस ईश्तहार मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था को उक्त साहिल जमवाल की जन्म तिथि 15-08-1999 के पंजीकरण बारे कोई उजर एवं एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 19-08-2015 को हाजिर अदालत हो अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है बाद तारीख पेशी किसी किस्म का उजर एवं एतराज नहीं सुना जावेगा व उपरोक्त साहिल जमवाल की जन्म तिथि 15-08-1999 के पंजीकरण करने का आदेश उप स्थानीय पंजीकार जन्म व मृत्यु ग्राम पंचायत, कौना को पारित कर दिया जाएगा।
ये इश्तहार मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से आज दिनांक 18/7/2015 को जारी हुआ। मोहर।
ठाकर दास, कार्याकारी दण्डाधिकारी, थुरल, जिला कांगड़ा।
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील मनाली, हिमाचल प्रदेश
श्री हरी वहादुर तमांग पुत्र श्री चोक वहादुर तमांग, निवासी ओल्ड मनाली, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ।
बनाम
आम जनता
विषय.-प्रकाशन ईश्तहार बावत जन्म तिथि पंजीकरण जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु अधिनियम, 1969.
नोटिस बनाम : आम जनता।
श्री हरी वहादुर तमांग पुत्र श्री चोक वहादुर तमांग, निवासी ओल्ड मनाली, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ने इस न्यायालय में आवेदन पत्र मय शपथ-पत्र गुजारा है कि उसके पुत्र दोरजे तमांग जन्म तिथि दिनांक 31.7.2001 को हुआ है परन्तु उसकी जन्म तिथि ग्राम पंचायत मनाली के रिकार्ड में दर्ज नहीं की गई है, जिसे अब दर्ज करवाने के आदेश सादर फरमाये जावे।
अतः सर्वसाधारण को इस ईश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को दोरजे तमांग की जन्म तिथि दर्ज करवाने बारे आपति हो तो वह दिनांक 21-8-15 को या इससे पूर्व अदालत हजा में अपनी आपति दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर एतराज मान्य न होगा तथा नियमानुसार जन्म तिथि दर्ज करवाने के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।2683 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 आज दिनांक 21-7-15 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील मनाली, हिमाचल प्रदेश
श्री उमेश रैना पुत्र श्री ईशवर दास शर्मा, निवासी मकान नं0 197 सियाली महादेव मार्किट मनाली, तहसील मनाली, जिला कुल्लू हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
विषय.-विवाह पंजीकरण बारे।
नोटिस बनाम : आम जनता।
श्री उमेश रैना पुत्र श्री ईशवर दास शर्मा, निवासी मकान नं0 197 सियाली महादेव मार्किट मनाली, तहसील मनाली, जिला कुल्लू हि0 प्र0 ने इस न्यायालय में आवेदन पत्र मय शपथ-पत्र गुजारा है कि उसने माया देवी पुत्री श्री रोशन लाल, निवासी चांगर, तहसील सुन्दरनगर, जिला मण्डी हि0 प्र0 के साथ दिनांक 8.4. 2013 को हिन्दू रीति रिवाज के मुताबिक विवाह कर लिया है विवाह नगर परिषद् मनाली के अभिलेख में दर्ज नहीं हुआ है तथा दर्ज करने हेतू आवेदन किया है।
अतः सर्वसाधारण को इस ईश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त वर्णित विवाह को नगर परिषद् मनाली के अभिलेख में दर्ज करने वारे किसी व्यक्ति को कोई आपति हो तो वह दिनांक 21-8-15 को या इससे पूर्व अदालत हजा में अपनी आपति दर्ज करवा सकता है। यदि उक्त विवाह के बारे कोई आपति प्राप्त न हुई तो यह समझा जाएगा कि उक्त विवाह बारे किसी को एतराज न है तथा विवाह दर्ज करने बारे आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 21-7-15 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील मनाली, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।
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व अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, तहसील व जिला ऊना (हि0 प्र0) नोटिस बनाम :-जनता आम
श्री अजय पाल कौशल बनाम आम जनता दुरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 2684 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जुलाई, 2015/7 श्रावण, 1937 श्री अजय पाल कौशल पुत्र जोगिन्द्र पाल कौशल, निवासी मुहल्ला राम नगर वार्ड नं0 9 ऊना, तहसील ऊना, जिला ऊना ने इस अदालत में दुरख्वास्त दी है कि उसकी दादी सुन्दरी देवी की मृत्यु मुहल्ला राम नगर वार्ड नं0 9 ऊना में दिनांक 8-1-2007 को हुई थी, परन्तु इस बारे पंचायत के रिकॉर्ड में पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं।
अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्व-साधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त मृत्यु के पंजीकरण होने बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 22-8-2015 को प्रातः दस बजे अधोहस्ताक्षरी के समक्ष असालतन/वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है। अन्यथा उपरोक्त मृत्यु का पंजीकरण करने के आदेश दे दिए जाएंगे।
आज दिनांक 21-7-2015 को हस्ताक्षर मेरे व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर। हस्ताक्षरित/-
तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है