राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित मंगलवार, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937
हिमाचल प्रदेश सरकार
HIMACHAL PRADESH ELECTRICITY REGULATORY COMMISSION, SHIMLA
NOTIFICATION
Shimla, the 21st September, 2015
No. HPERC/419.—In exercise of the powers conferred by section 46, read with section 181, of the Electricity Act, 2003 (36 of 2003), and all other powers enabling it in this behalf, the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission, after previous publication, hereby makes the following regulations:—
126-राजपत्र/2015-22-09-2015 (3899)3900 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 REGULATIONS 1. Short title and commencement.—(1) These regulations may be called the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (Recovery of Expenditure for Supply of Electricity) (Second Amendment) Regulations, 2015.
(2) These regulations shall come into force from the date of their publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh.
2. Amendment of Regulation 10.—In the regulation 10 of the said regulations; for the third and fourth proviso, the following shall be substituted:—
"Provided further that if –
(i) the application for such new connection is for a similar connected load or contract demand and supply voltage, as had been sanctioned for the original connection;
(ii) the application from the new applicant is received simultaneously or within 365 days from the date on which the original connection was permanently disconnected;
(iii) the provisions of sub-regulation (3) of regulation 5 are not attracted; and
(iv) the applicant clears all outstanding dues, if any, against such previous connection, also including these relating to the infrastructure development charges, for such original connection which has been permanently disconnected;
the amount of infrastructural development charges and other costs payable by the applicant for the connected load or contract demand applied for, as per the provisions of regulation 5 shall be reduced by 100% of the amount of the infrastructural development charges worked out at the normative rates, as applicable at the time of receipt of application for new connection, under sub-regulation (2) of regulation 5 for the connected load/contract demand originally sanctioned or for the same applied for by the new applicant, whichever of the two is lower:
Provided further that if-
(i) the application from the new applicant is received after a period of 365 days from the date on which original connection is permanently disconnected; and
(ii) all other conditions, other than condition (ii) as per the third proviso to this regulation are fulfilled:
the percentage rate of such rebate as per the third proviso of this regulation shall be reduced by 5% for every period of 90 days or part thereof after the expiry of initial period of 365 days:
Explanation.—If the application for the new connection is received by the licensee on or after 366th day but upto and inclusive of 455th day from the date of permanent disconnection, the rebate under the fourth proviso to this regulation shall be allowed @ 95% of infrastructural development charges worked out at the normative rate, as applicable at the time of receipt of application for new connection, as per sub-regulation (2) of regulation 5 for the connected load/contract demand originally sanctioned or for the same applied for by the new applicant, which3901 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 ever of the two is lower, and so on for every subsequent block of 90 days till such time, the rate of rebate becomes zero."
By order of the Commission Sd/- Secretary.
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भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग
अधिसूचना
शिमला, 23 जुलाई, 2015
संख्याः एल0सी0डी-ए (7)-2/2014.--राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश, भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की संशोधित पूजा अर्चना एवं रख-रखाव मन्दिर अनुदान योजना अनुबंध 'क' को अधिसूचित करने हेतु सहर्ष अपनी स्वीकृति प्रदान करते हैं। इस संबंध में जारी पूर्व अधिसूचना संख्याएल0सी0डी-ए (7)-2/2014 दिनांक 29 अगस्त, 2014 को निरस्त किया जाता है।
आदेश द्वारा, (उपमा चौधरी) अतिरिक्त मुख्य सचिव (भाषा एवं संस्कृति)।
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अनुबन्ध ''क'' पूजा-अर्चना एवं रख-रखाव मन्दिर अनुदान योजना
भूमिका.--हिमाचल प्रदेश में मन्दिरों की एक समृद्ध विरासत है। प्रदेश सरकार इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए कटिबद्ध हैं। विगत में प्रदेश के बहुत से मन्दिरों की अपनी भू-सम्पदा थी, जिससे प्राप्त आय का उपयोग मन्दिरों के रख-रखाव व दैनिक पूजा-अर्चना इत्यादि के लिए किया जाता था। भूमि सुधार कानूनों के क्रियान्वयन के कारण बहुत से मन्दिरों की भू-सम्पदा मुजारों/सरकार में निहित होने के फलस्वरूप उनकी आय में भारी कमी आ गई है जिस कारण मन्दिरों का रख-रखाव यहां तक की नियमित पूजा अर्चना भी वर्तमान में ठीक तरह से नहीं हो पा रही है। ऐसे समस्त मन्दिरों के लिए माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने अपने वर्ष 2014-15 के बजट अभिभाषण में ह 5.00 करोड़ की राशि की आवर्ती निधि (Revolving Fund) सृजित करने की घोषणा की है। तदानुसार आवर्ती निधि (Revolving Fund) की राशि का विभागीय बजट में प्रावधान किया गया है।
उद्देश्य.--स्थापित आवर्ती निधि (Revolving Fund) की धन राशि को उन मन्दिरों के रख-रखाव व विधिवत पूजा अर्चना पर आने वाले व्यय की पूर्ति हेतु अनुदान राशि के रूप में दिया जाएगा, जिनकी ज़मीनें विभिन्न भू-सुधार अधिनियमों के अन्तर्गत मुजारों/सरकार में निहित हुई हैं।
आवर्ती निधि (Revolving Fund) का संचालन.--आवर्ती निधि की राशि को निदेशक, भाषा एवं संस्कृति सबसे अधिक ब्याज देने वाले राष्ट्रीय/राज्य बैंक में विभिन्न अवधि की सावधि जमा (Fixed Deposit) खातायोजना में जमा करवाएंगे तथा प्राप्त ब्याज की राशि का व्यय भी इसी परियोजना पर किया जाएगा इस प्रकार कुल प्राप्त राशि से इस योजना में आने वाले मन्दिरों को पूजा अर्चना व रख-रखाव के लिए निर्धारित मापदण्डों के अनुसार प्रतिवर्ष अनुदान दिया जाएगा। सावधि व बचत खातों का संचालन निदेशक, भाषा एवं संस्कृति द्वारा किया जाएगा। 3902 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 पात्रता.--स्थापित आवर्ती निधि (Revolving Fund) से अनुदान राशि उन मंदिरों को दी जाएगी जिनकी भूमि विभिन्न भू-सुधार अधिनियमों के अन्तर्गत मुजारों/सरकार में निहित हुई है। ऐसे मन्दिर मन्दिर समितियों/कारदारों के माध्यम से अनुदान हेतु आवेदन करेंगे। वे मंदिर जिनकी भूमि किसी भी भूमि सुधार अधिनियम यानि हिमाचल प्रदेश बडी जमीनदारी उन्मूलन एवं भू-सुधार अधिनियम, 1953, हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू-सुधार अधिनिमय, 1972 तथा हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा अधिनियम, 1972 इत्यादि के अन्तर्गत सरकार या मुजारों में निहित नहीं हुई है, को भी विशेष परिस्थितियों में अनुदान देने के लिए विचारा जा सकता है। प्राथमिकता उन मन्दिरों को दी जायेगी जिनकी भूमि भू-सुधार अधिनियमों के अन्तर्गत निहित हुई है। विशेष परिस्थितियों में अनुदान निम्न शर्तों के अधीन देय होगा :-
1. विशेष परिस्थितियों के अन्तर्गत उन्ही मन्दिरों के प्रकरणों पर अनुदान के लिए विचार किया जाएगा जिनके विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को (छाया चित्रों के आधार पर) सम्बन्धित जिला भाषा अधिकारी तथा विभागीय पुरातत्व शाखा प्रमाणित करेगी।
2. प्रार्थी /आवेदक मन्दिरों को विभाग की किसी अन्य परियोजना में सहायतानुदान देय नहीं होगा।
3. प्रत्येक प्रकरण का आंक्कलन/निर्धारण आवेदक मन्दिर की वित्तीय स्थिति के अनुरूप पूजा-अर्चना योजना के लिए निदेशक (भाषा-संस्कृति) की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा पात्रता/योग्यता के आधार पर किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश हिन्दू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान एवं पूर्त विन्यास अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल मन्दिर अनुदान के पात्र नहीं होंगे। निजी स्वामित्व वाले मन्दिर अनुदान के पात्र नहीं होंगे।
प्रक्रिया.--प्रार्थी मंदिर अपने अध्यक्ष/क़ारदार मन्दिर कमेटी के माध्यम से प्रकरण निर्धारित प्रपत्र पर दस्तावेज़ सहित सम्बन्धित ज़िला भाषा अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। आवेदन प्रपत्र के साथ प्रार्थी मन्दिर को जमाबन्दी की प्रति, भूमि का रिकॉर्ड (प्रपत्र-क), आय-व्यय सम्बन्धी विवरण (प्रपत्र-ख) तथा विगत में दी गई अनुदान राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र (प्रपत्र-ग) संलग्न करना आवश्यक होगा। मन्दिरों से मुजारों/सरकार में निहित की गई भूमि की सूचना (प्रपत्र-क) पर देनी होगी। जिसे पटवारी (हलका) द्वारा भरवाकर सम्बन्धित नायब तहसीलदार/तहसीलदार से सत्यापित करवाना होगा। आवेदक/संस्था को आय-व्यय की सूचना/विवरण विस्तार से आवेदन पत्र में देनी होगी तथा इस सूचना/विवरण को मन्दिर समिति/आवेदक अपनी मोहर सहित प्रमाणित करेंगे। प्रार्थी मन्दिर अपनी आय व व्यय का विवरण भी पटवारी (हलका) को प्रस्तुत करेगा। पटवारी विवरण जांचने के उपरान्त प्रमाणिकता रिपोर्ट (प्रपत्र-ख) पर देगा। जिसे सम्बन्धित नायब तहसीलदार/तहसीलदार से सत्यापित करवाना होगा। विशेष परिस्थितियों के अन्तर्गत आवेदक/संस्थाओं को मन्दिर के चारों कोनों के कम से कम चार छाया चित्र आवेदन के साथ अलग से संलग्न करने होंगे।
प्राप्त प्रकरणों को ज़िला भाषा अधिकारी विभागीय योजना के अनुसार जांच पड़ताल कर अपनी संस्तुति के साथ नियमित रूप से प्रकरण निदेशालय को भेजेंगे। निदेशालय में प्राप्त प्रकरण की अनुदान राशि की संस्तुति हेतु निम्नलिखित कमेटी गठित होगी :-
1. निदेशक, (भाषा एवं संस्कृति) अध्यक्ष
2. संग्राहलय अध्यक्ष, हिमाचल राज्य संग्राहलय, शिमला सदस्य
3. पुरातत्व अभियन्ता, (भाषा एवं संस्कृति) सदस्य
4. अधीक्षक दर्जा-I/II, (भाषा एवं संस्कृति) सदस्य
5. सम्बन्धित जिला भाषा अधिकारी सदस्य
6. अतिरिक्त सहायक अभियन्ता (निदेशालय) सदस्य सचिव।3903 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 उपरोक्त कमेटी वित्तीय वर्ष की प्रत्येक तिमाही में प्राप्त प्रकरणों की जांच कर अनुदान राशि की संस्तुति करेगी। निदेशक, भाषा एवं संस्कृति, हिमाचल प्रदेश कमेटी द्वारा संस्तुत राशि के आधार पर अनुदान राशि को स्वीकृत करने में सक्षम होंगे।
अनुदान राशि निर्धारण.--अनुदान राशि का निर्धारण मन्दिर की शुद्ध वार्षिक आय (समस्त आय में से समस्त व्यय को घटा कर) के अनुपात (ऋणात्मक/कम शुद्ध आय वाले मन्दिर को ज्यादा अनुदान राशि व ज्यादा शुद्ध आय वाले मन्दिर को कम अनुदान राशि) के अनुसार होगा। शुद्ध वार्षिक आय में मन्दिर की समस्त आय से अभिप्राय मन्दिर के सभी चल-अचल स्त्रोतों से प्राप्त आय से होगा जिसमें की मन्दिर का नगद चढ़ावा, मन्दिर की बची हुई भूमि से किसी भी रूप में प्राप्त आय तथा मन्दिर के समस्त व्यय से अभिप्राय मन्दिर का पूजा तथा रख-रखाव में हुए व्यय से होगा।
अनुदान राशि का निर्धारण निम्न प्रकार से किया जाएगाः-
| क्र० सं० | शुद्ध वार्षिक आय | श्रेणी | अनुदान राशि |
| 1. | ऋणात्मक आय | क | 25,000/- |
| 2. | 0 से 10,000 तक | ख | 22,000/- |
| 3. | 10,001 से 20,000 | ग | 20,000/- |
| 4. | 20,001 से 30,000 | घ | 15,000/- |
| 5. | 30,001 से ऊपर | ङ | 10,000/- |
प्रत्येक वर्ष मन्दिर प्रबन्धन को नए रूप से प्रकरण प्रस्तुत करना होगा व इसके साथ-साथ पिछले वर्ष जारी राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। उपयोगिता प्रमाण पत्र के बिना प्रस्तुत प्रकरण पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्रयोजन.--पात्र मंदिरों को अनुदान राशि पूजा अर्चना एवं रख-रखाव के लिए ही दी जाएगी। मंदिरों की प्रथानुसार पूजा-अर्चना सामग्री के क्रय हेतु अनुदान राशि का उपयोग किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मन्दिर के रख-रखाव के लिए भी अनुदान राशि का उपयोग किया जा सकेगा। रख-रखाव में मन्दिर की साफ सफाई, बिजली/पानी की व्यवस्था, छुट-पुट मुरम्मत, इत्यादि सम्मिलित होंगे। मन्दिर अथवा परिसर में बडी मुरम्मत अथवा किसी भी तरह का सरंचनात्मक फेरबदल व पुनर्निर्माण कार्य, रख-रखाव में सम्मिलित नहीं होगा। अनुदान राशि का उपयोग किसी भी कर्मचारी की नव नियुक्ति या वर्तमान में नियुक्त कर्मचारियों के वेतन/भत्तों की अदायगी के लिए नहीं किया जाएगा।
अवधि.--मन्दिरों की पूजा अर्चना एवं रख-रखाव के लिए अनुदान राशि का प्रावधान वर्ष में केवल एक बार ही देय होगा। प्रति वर्ष प्रत्येक मन्दिर को अनुदान हेतु प्रकरण विभाग को भिजवाना होगा। उपयोगिता प्रमाण पत्र.--अनुदान ग्राही मन्दिर को प्रत्येक प्रदत्त अनुदान का उपयोगिता प्रमाण पत्र (प्रपत्र-ग) सम्बन्धित जिला भाषा अधिकारी से सत्यापित करवाकर देना होगा। अगले वर्ष की अनुदान राशि प्राप्त करने हेतु प्रकरण के साथ पिछले वर्ष जारी की गई अनुदान राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। मन्दिर समिति को अपना पूरा आय व व्यय विवरण का रजिस्टर बनाना होगा, जिसका निरीक्षण/सत्यापन सम्बन्धित जिला के जिला भाषा अधिकारी/प्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर किया जाएगा।3904 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937
आवेदन हेतु प्रपत्र
1. मन्दिर का नामः .......................................................................................................................................................
2. गांव ........................................... डाकघर ................................. तहसील..............................................................
जिला............................................................................... हिमाचल प्रदेश, पिन कोड .........................................
3. स्थापित मूर्तिः .......................................................................................................................................................... (किस अराध्य देवी-देवता की पूजा की जाती है)
4. मन्दिर की प्रबन्धक समिति के मुखिया का नामः ................................................................................................
5. मन्दिर प्रबन्धन
(i) समिति का नाम .................................................................................................................................................
(ii) पारम्परिक/वर्तमान .......................................................................................................................................
6. क्या मन्दिर कमेटी सहकारी सभायें पंजीकरण अधिनियम, 1860 एवं 2005 के अधीन पंजीकृत हैः यदि हां तो पंजीकरण संख्याः एवं प्रति व कमेटी का संविधान संलग्न करें :
हां/नहीं, पंजीकरण संख्याः ......................................................................................................................................
7. भूमि सुधार अधिनियम (वर्ष .............................................) के लागू होने से पूर्व कुल कितनी भूमि थी। 8. भूमि सुधार अधिनियम (वर्ष .............................) लागू होने पर मन्दिर की कितनी भूमि मुजारों/सरकार को हस्तांतरित/निहित की गई थी।
9. वर्तमान में मन्दिर के पास कितनी भूमि बकाया है (जमाबन्दी सहित ब्यौरा दें)ः (उपरोक्त क्रम संख्याः 7 व 8 के लिए जमाबन्दी सहित या जमाबन्दी न होने की स्थिति में राजस्व अधिकारियों द्वारा प्रपत्र-''क'' पर भूमि का सत्यापित विवरण प्रस्तुत करें।)
10. मन्दिर की कुल सम्पति (चल एवं अचल सम्पति) ..............................................................................................
11. मन्दिर की वार्षिक आय (पूर्ण विवरण सहित) :-
1. वार्षिक नकद चढ़ावाः रुपये ...........................................................................................................................
2. बची हुई भूमि तथा अन्य सभी स्त्रोत्रों / सम्पति से प्राप्त वार्षिक आय का पूर्ण विवरणः रुपये .................................................................................................................................................................
3. कुल वार्षिक आय (मद-1 व 2 का योग)ः रुपये .....................................................................................
12. मन्दिर का वार्षिक खर्च (पूर्ण विवरण सहित) रुपये ...............................................................................................
13. मन्दिर की वार्षिक शुद्ध आय (12 व 13 का अन्तर)ः रुपये .................................................................................
14. मन्दिर का इतिहास एवं महत्व : (अलग से संलग्न करें) ...................................................................................
3905 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 193715. मन्दिर से सम्बन्धित कोई अन्य सूचना : (अलग से संलग्न करें) .....................................................................
16. पूर्व प्रदत्त अनुदान राशि का जिला भाषा अधिकारी द्वारा सत्यापित उपयोगिता प्रमाण पत्र संलग्न हैः हां/नहीं
मैं सत्यनिष्ठा से घोषणा करता हूं कि प्रपत्र में दी गई उपरोक्त सूचना मेरे ज्ञान अनुसार सही है। स्थानः ....................................................... हस्ताक्षरः .............................................
तिथिः ........................................................ पदनामः ...............................................
पुरा पताः ..................................................................................................................
दूरभाष (कोड सहित) ............................................. मोबाईल नम्बर ....................................
जिला भाषा अधिकारी की सिफारिश
मैं................................................... जिला भाषा अधिकारी, जिला........................................... प्रमाणित करता हूं की उपरोक्त प्रकरण विभागीय योजना के अनुसार सही पाया गया है। अतः मै प्रकरण निरीक्षणोपरान्त अनुदान राशि जारी करने कर संस्तुति करता हूं।
जिला भाषा अधिकारी, हस्ताक्षर सहित।
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प्रपत्र-क 1. हिमाचल प्रदेश बडी जमीनदारी उन्मूलन एवं भू-सुधार अधिनियम, 1953
(क) मन्दिर के पास उक्त अधिनियम (वर्ष .........................) के लागू होने से पूर्व भूमि : .......................
(ख) मन्दिर की पास उक्त अधिनियम (वर्ष .................................) में मुजारों/सरकार में निहित की गई भूमि : ......................................................................................................
(ग) उक्त अधिनियम (वर्ष .......................................) के कार्यान्वयन के उपरान्त मन्दिर के पास बची हुई भूमि : ............................................................................................
2. हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू-सुधार अधिनियम, 1972
(क) मन्दिर के पास उक्त अधिनियम (वर्ष ....................) के लागू होने से पूर्व भूमि :..................................
(ख) मन्दिर के पास उक्त अधिनियम (वर्ष ...............................) में मुजारों/सरकार में निहित की गई भूमि : ...................................................................................................
(ग) उक्त अधिनियम (वर्ष ............................) के कार्यान्वयन के उपरान्त मन्दिर के पास बची हुई भूमिः.....................................................................................................
3906 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 3. हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा अधिनियम, 1972(क) मन्दिर के पास उक्त अधिनियम (वर्ष ....................)के लागू होने से पर्वू भूमिः......................................
(ख) मन्दिर के पास उक्त अधिनियम (वर्ष .........................) में मुजारों/सरकार में निहित की गई भूमिः .................................................................................................
(ग) उक्त अधिनियम (वर्ष ..............................) के कार्यान्वयन के उपरान्त मन्दिर के पास बची हुई भूमिः ......................................................................................................
हल्का पटवारी, हस्ताक्षर एवं मोहर सहित। मैं ...................................... तहसीलदार .................................... तहसील ............................ जिला .......................
हिमाचल प्रदेश सत्यापित करता हूं की सम्बन्धित मन्दिर का हल्का पटवारी द्वारा दिया गया राजस्व विवरण व दस्तावेज सही है।
तहसीलदार, हस्ताक्षर एवं मोहर सहित।
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प्रपत्र-ख मैं ........................................... पटवारी (हल्का) ........................ तहसील ..............................जिला .......................
हिमाचल प्रदेश प्रमाणित करता हूं की सम्बन्धित मन्दिर का मन्दिर कमेटी द्वारा दिया गया वार्षिक आय-व्यय सम्बन्धी विवरण सही है।
हल्का पटवारी, हस्ताक्षर एवं मोहर सहित। मैं......................................तहसीलदार (हल्का) ...........................तहसील............................जिला..............................
हिमाचल प्रदेश सत्यापित करता हूं की सम्बन्धित मन्दिर का हल्का पटवारी द्वारा दिया गया वार्षिक आय-व्यय सम्बन्धी विवरण सही है।
तहसीलदार, हस्ताक्षर एवं मोहर सहित।3907 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 प्रपत्र-ग
उपयोगिता प्रमाण-पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि मन्दिर ............................................................ गांव ....................................
तहसील ....................................... जिला ....................................़.......... के लिए स्वीकृत अनुदान राशि ............................
वर्ष .............................. के दौरान अनुदान के रूप में विभाग के पत्र संख्याः ...................................................................
दिनांक ...................................... के अधीन मन्दिर के .............................................................प्रयोजन के उद्देश्य के लिए उपयोग की गई जिसके लिए यह स्वीकृत की गई थी।
स्थानः ....................................................... हस्ताक्षरः .............................................
तिथिः ........................................................ पदनामः ...............................................
पूरा पताः ..................................................................................................................
प्रमाणित किया जाता है कि मैं इससे सन्तुष्ट हूं कि जिन कार्यों के लिए अनुदान राशि स्वीकृत की गई थी पूर्ण कर ली गई हैं तथा मैने यह देखा है कि धन का वास्तव में उसी उद्देश्य के लिए उपयोग किया गया है जिसके लिए स्वीकृत किया गया था।
स्थानः दिनांकः
जिला भाषा अधिकारी जिला ........................... भाषा एवं संस्कृति विभाग।
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH SHIMLA -171001
NOTIFICATION
Shimla, the 16th September, 2015
No. HHC/GAZ/14-290/06-I—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant ex-post facto sanction of 02 days' earned leave for 11.7.2015 & 12.7.2015 and 15 days' paternity leave w.e.f. 13.7.2015 to 27.7.2015 in favour of Sh. Sidharth Sarpal, Civil Judge (Jr. Division)-cum- JMIC, Rajgarh, H.P.
Certified that Sh. Sidharth Sarpal has joined the same post and at the same station from where he had proceeded on leave, after expiry of the above period of leave.
Also certified that Sh. Sidharth Sarpal would have continued to hold the post of Civil Judge (Jr. Division)-cum-JMIC, Rajgarh, H.P., but for his proceeding on leave for the above period.
By order, Sd/- Registrar General.
3908 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171001
NOTIFICATION
Shimla, the 17th September, 2015
No. HHC/GAZ/14-300/08—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant ex-post facto sanction of 05 days' commuted leave w.e.f. 10.8.2015 to 14.8.2015 with permission to prefix Sunday fell on 9.8.2015 in favour of Sh. Mohit Bansal, Civil Judge (Jr. Division)-cum-JMIC, Chopal, District Shimla, H.P.
Certified that Sh. Mohit Bansal has joined the same post and at the same station from where he had proceeded on leave after expiry of the above period of leave.
Also certified that Sh. Mohit Bansal would have continued to hold the post of Civil Judge (Jr. Division)-cum-JMIC, Chopal, District Shimla, H.P., but for his proceeding on leave for the above period.
By order, Sd/- Registrar General.
_______________
HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH SHIMLA–171001
NOTIFICATION
Shimla, the 15th September, 2015
No. HHC/GAZ/14-205/91—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant 06 days' earned leave w.e.f. 21.9.2015 to 26.9.2015 with permission to affix Sundays falling on 20.9.2015 & 27.9.2015 respectively in favour of Sh. J.K. Sharma, District and Session Judge, Sirmaur District at Nahan, H.P.
Certified that Sh. J.K. Sharma is likely to join the same post and at the same station from where he proceeds on leave, after expiry of the above period of leave.
Also certified that Sh. J.K. Sharma would have continued to hold the post of District and Sessions Judge, Sirmaur District at Nahan, H.P., but for his proceeding on leave for the above period.
By order, Sd/- Registrar General.
3909 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA–171001
NOTIFICATION
Shimla, the 17th September, 2015
No. HHC/Admn.6 (23)/74-XV—Hon'ble the Chief Justice in exercise of the powers vested in him under Rule 2 (32) of Chapter 1 of H.P. Financial Rules, 2009 has been pleased to declare Civil Judge (Jr. Division)-cum-JMIC (II), Ghumarwin, H.P. as Drawing and Disbursing Officer, in respect of the Court of Civil Judge (Jr. Division)-cum-JMIC (III), Ghumarwin and also the Controlling Officer for the purpose of salary, T.A. etc. in respect of establishment attached to the aforesaid Court under Major Head "2014-Administration of Justice" during the earned leave period of Ms. Pratibha Negi, Civil Judge (Jr. Division)-cum-JMIC (III), Ghumarwin w.e.f. 12.10.2015 to 31.10.2015 with permission to prefix SecondSaturday and Sunday falling on 10.10.2015 & 11.10.2015 and suffix Sunday falling on 1.11.2015 or until she returns from leave.
By order, Sd/- Registrar General.
_________
HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA- 171 001
NOTIFICATION
Shimla, the 16th September, 2015
No. HHC/GAZ/14-352/2015.—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant 08 days' earned leave w.e.f. 26.9.2015 to 3.10.2015 with permission to prefix gazetted holiday falling on 25.9.2015 and to suffix Sunday falling on 4.10.2015 in favour of Ms. Shahnaz Ansari, Civil Judge (Jr. Division)-cum-JM-II, Paonta Sahib, District Sirmaur, H.P.
Certified that Ms. Shahnaz Ansari is likely to join the same post and at the same station from where she proceeds on leave, after expiry of the above period of leave.
Also certified that Ms. Shahnaz Ansari would have continued to hold the post of Civil Judge (Jr. Division)-cum-JM-II, Paonta Sahib, District Sirmaur, H.P., but for her proceeding on leave for the above period.
By order, Sd/- Registrar General.
____________
HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171 001
NOTIFICATION
Shimla the 16th September, 2015
No. HHC/Admn. 6(23)/74-XV.—Hon'ble the Chief Justice in exercise of the powers vested in him under Rule 2(32) of Chapter 1 of H.P. Financial Rules, 2009 has been pleased to 3910 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 declare Civil Judge (Senior Division)-cum-ACJM-I, Paonta Sahib, H.P. as Drawing and Disbursing Officer in respect of the Court of Civil Judge (Junior Division)-cum-JM-II, Paonta Sahib and also the Controlling Officer for the purpose of salary, T.A. etc, in respect of establishment attached to the aforesaid Court under Major head "2014 Administration of Justice" during the earned leave period of Ms. Shahnaz Ansari, Civil Judge (Junior Division)-cum-JM-II, Paonta Sahib w.e.f. 26.9.2015 to 3.10.2015 with permission to prefix gazetted holiday falling on 25.9.2015 and to suffix Sunday falling on 4.10.2015 or until she returns from leave.
By order, Sd/- Registrar General.
_____________
HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA- 171 001
NOTIFICATION
16th September, 2015
No. HHC/Estt.3(406)/95-I—03 days earned leave on and with effect from 08.09.2015 to 10.09.2015, is hereby sanctioned, ex-post-facto, in favour of Shri Gopal Swaroop Kaushal, Secretary of this Registry.
Certified that Shri Gopal Swaroop Kaushal has joined the same post and at the same station from where he had proceeded on leave after the expiry of the above leave period.
Certified that Shri Gopal Swaroop Kaushal would have continued to officiate the same post of Secretary but for his proceeding on leave.
By order, Sd/- Registrar General.
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171 001
NOTIFICATION
16th September, 2015
No. HHC/Estt.3(410)/95-I.—13 days earned leave on and with effect from 10.08.2015 to 22.08.2015, with permission to prefix Second Saturday and Sunday on 08.08.2015 and 09.08.2015 & Suffix Sunday on 23.08.2015, is hereby sanctioned, ex-post-facto, in favour of Shri Subhash Dhiman, Secretary of this Registry.
Certified that Shri Subhash Dhiman has joined the same post and at the same station from where he had proceeded on leave after the expiry of the above leave period.
3911राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 Certified that Shri Subhash Dhiman would have continued to officiate the same post of Secretary but for his proceeding on leave.
By order, Sd/- Registrar General.
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171 001
NOTIFICATION
15th September, 2015
No. HHC/Admn.3(394)/95-I—09 days commuted leave on and with effect from 20.08.2015 to 28.08.2015, with permission to suffix Gazetted Holiday and Sunday on 29.08.2015 and 30.08.2015, is hereby sanctioned, ex-post-facto, in favour of Smt. Santosh Negi, Court Master of this Registry.
Certified that Smt. Santosh Negi has joined the same post and at the same station from where she had proceeded on leave after the expiry of the above leave period.
Certified that Smt. Santosh Negi would have continued to officiate the same post of Court Master but for her proceeding on leave.
By order, Sd/- Registrar General.
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171 001
NOTIFICATION
16th September, 2015
No. HHC/Admn.3(227)/86-I—03 days Commuted leave on and with effect from 17.08.2015 to 19.08.2015, with permission to prefix Gazetted Holiday and Sunday on 15.08.2015 & 16.08.2015, is hereby sanctioned, ex-post-facto, in favour of Shri Siri Ram Verma, Assistant Registrar of this Registry.
Certified that Shri Siri Ram Verma has joined the same post and at the same station from where he had proceeded on leave after the expiry of the above leave period.
Certified that Shri Siri Ram Verma would have continued to officiate the same post of Assistant Registrar but for his proceeding on leave.
By order, Sd/- Registrar General.
3912 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937समक्ष कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील जोगिन्दरनगर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)
हेम राज
. . प्रार्थी
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी प्रार्थना पत्र जेर धारा 13(3) नाम दरुस्ती/ जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
इश्तहार/उद्धघोषणा बनाम आम जनता :
श्री हेम राज पुत्र श्री गुरदयाल सिंह, निवासी त्रैम्बली, तहसील जोगिन्दरनगर ने इस अदालत में प्रार्थना पत्र गुजार कर अनुरोध किया है कि उसका सही गोत परासर है जो कि पटवार वृत हियुण के राजस्व अभिलेख में दर्ज है परन्तु पटवार वृत जीतपूर महाल ग्रौडू के राजस्व अभिलेख में उसका गोत काश्व दर्ज कागजात माल है जो कि गलत दर्ज हुआ है जिसे दरुस्त किया जाये।
अतः सर्वसाधारण जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे में किसी व्यक्ति को प्रार्थी के गोत की दरुस्ती राजस्व अभिलेख पटवार वृत जीतपूर महाल ग्रौडू में काश्व के बजाये परासर करने बारा कोई उजर या ऐतराज हो तो वह दिनांक 14-10-2015 को प्रातः 10.00 बजे इस अदालत में असालतन या वकालतन हाजिर होकर पैरवी मुकद्दमा कर सकता है अन्यथा नियमानुसार एक- पक्षीय कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।
आज दिनांक 14-09-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील जोगिन्दरनगर।
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In the Court of Shri Gian Sagar Negi, Sub-Divisional Magistrate, Shimla (R),
District Shimla (H. P.)
Smt. Bimla Chauhan w/o Shri Prem Lal Chauhan, r/o Village Kelti Near Hanuman Mandir, P.O. Bharari, Tehsil & District Shimla, Himachal Pradesh.
Versus
General Public .. Respondent.
Whereas Smt. Bimla Chauhan w/o Shri Prem Lal Chauhan, r/o Village Kelti Near Hanuman Mandir, P.O. Bharari, Tehsil & District Shimla, Himachal Pradesh has filed an application along with affidavit in the court of undersigned under Section 13(3) of Births & Deaths Registration Act, 1969 to enter the name & date of birth of her daughter named—Ms. Suhani Chauhan, Ms. Sneha Chauhan & Shipra Chauhan d/o Smt. Bimla Chauhan w/o Shri Prem Lal Chauhan, r/o Village Kelti Near Hanuman Mandir, P.O. Bharari, Tehsil & District Shimla, Himachal Pradesh in the record of Secy., Birth and Death, Gram Panchayat Dhalli, Shimla. Gram Panchayat Dhalli issued the non-availability certificate vide No. nil dated 27-08-2015.
3913 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937| Sl. No. | Name of the family members | Relation | Date of Birth |
| 1. | Ms. Suhani Chauhan | Daughter | 21-01-2003 |
| 2. | Ms. Sneha Chauhan | -do- | 25-05-2005 |
| 3. | Ms. Shipra Chauhan | -do- | 30-08-2007 |
Hence, this proclamation is issued to the general public if they have any objection/claim regarding entry of the name & date of birth of above named in the record of Gram Panchayat Dhalli, Shimla may file their claims/objections on or before one month of publication of this notice in Govt. Gazette in this court, failing which necessary orders will be passed.
Issued today 15-09-2015 under my signature and seal of the court.
Seal. Sd/-
Sub-Divisional Magistrate,
Shimla (R), District Shimla.
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश
श्री Tsetan Dorjee पुत्र श्री Lhakpa, निवासी पुरुवाला, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर
. . वादी
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 132/15
उनवान मुकद्दमा.--प्रार्थना पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्री Tsetan Dorjee पुत्र श्री Lhakpa, निवासी पुरुवाला, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपनी पुत्री Ngawang Dorjee की जन्म तिथि 8-4-1999 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक व्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत डोबरी सालवाला में अपनी ऊपरवर्णित पुत्री की जन्म तिथि 8-4-1999 को दर्ज करने का अनुरोध किया है। अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को Ngawang Dorjee की जन्म तिथि ग्राम पंचायत डोबरी सालवाला, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह तिथि 9-10-2015 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त Ngawang Dorjee की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 10-9-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।3914 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश श्री गुरदीप सिंह पुत्र श्री विरेन्द्र कुमार, निवासी बद्रीपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर
. . वादी
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 129/15
उनवान मुकद्दमा.--प्रार्थना पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्री गुरदीप सिंह पुत्र श्री विरेन्द्र कुमार, निवासी बद्रीपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपनी स्वयं की जन्म तिथि 21-7-1997 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाई है। इस बारे आवेदक द्वारा एक व्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत बद्रीपुर में अपनी ऊपरवर्णित जन्म तिथि 21-7-1997 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री गुरदीप सिंह की जन्म तिथि ग्राम पंचायत बद्रीपुर, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह तिथि 9-10-2015 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री गुरदीप सिंह की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 8-9-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश
श्री विक्रांत कुमार शर्मा पुत्र श्री सन्तोष कुमार, निवासी भाटांवाली, तहसील पांवटा साहिब, जिला . . वादी सिरमौर
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या :
उनवान मुकद्दमा.--प्रार्थना पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्री विक्रांत कुमार शर्मा पुत्र श्री सन्तोष कुमार, निवासी भाटांवाली, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपनी स्वयं की जन्म3915 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 तिथि 24-8-1992 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक व्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत भाटांवाली में अपनी ऊपरवर्णित जन्म तिथि 24-8-1992 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री विक्रांत कुमार शर्मा की जन्म तिथि ग्राम पंचायत भाटांवाली, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह तिथि 9-10-2015 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री विक्रांत कुमार शर्मा की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 9-9-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)। --------
ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश
श्री ताहिर हसन पुत्र श्री गुलशेर, निवासी ग्राम सूरजपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर
. . वादी
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 128/15
उनवान मुकद्दमा.--प्रार्थना पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्री ताहिर हसन पुत्र श्री गुलशेर, निवासी ग्राम सूरजपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपनी स्वयं की जन्म तिथि 23-8-1996 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक व्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत पातलियों में अपनी ऊपरवर्णित जन्म तिथि 23-8-1996 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री ताहिर हसन की जन्म तिथि ग्राम पंचायत पातलियों, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह तिथि 10-10-2015 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री ताहिर हसन की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 8-9-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।3916 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश श्री Tsetan Dorjee पुत्र श्री Lhakpa, निवासी पुरुवाला, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर
. . वादी
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 131/15
उनवान मुकद्दमा.--प्रार्थना पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्री Tsetan Dorjee पुत्र श्री Lhakpa, निवासी पुरुवाला, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपनी पुत्री Kunga Choezom की जन्म तिथि 3-11-1994 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक व्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत डोबरी सालवाला में अपनी ऊपरवर्णित पुत्री की जन्म तिथि 3-11-1994 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को Kunga Choezom की जन्म तिथि ग्राम पंचायत डोबरी सालवाला, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह तिथि 9-10-2015 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त Kunga Choezom की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 9-9-2015 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।
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Before Shri Narayan Singh Chauhan, Executive Magistrate (Tehsildar),
Kasauli, District Solan, H. P.
Case No. : 17/ 2015 Date of Institution : 11-9-2015 Date of Decision/
Pending for : 14-10-2015 Smt. Dhani Devi wife of Shri Diwan Chand, resident of Village Takrota, P.O. Nayagram, . . Applicant. Tehsil Kasauli, District Solan, H. P.
Versus
General Public
. . Respondents.
Application under Section 13(3) of Births and Deaths Registration Act, 1969.
3917 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937Smt. Dhani Devi wife of Shri Diwan Chand, resident of Village Takrota, P.O. Nayagram, Tehsil Kasauli, District Solan, H. P. has moved an application before the undersigned under Section 13(3) of Births & Deaths Registration Act, 1969 along with affidavits and other documents stating therein that her son namely Heera Lal was born on 20-02-1989 at Village Takrota, Tehsil Kasauli, District Solan, H. P. but his birth could not be entered in record of Gram Panchayat Banasar, Tehsil Kasauli within stipulated period. Hence she prayed for passing necessary orders to the Secretary- cum-Registrar, Births & Deaths Registration, Banasar, Tehsil Kasauli, for entering the same in the Births & Deaths records.
Therefore, by this proclamation the general public is hereby informed that any person having any objection for the registration of delayed birth of heera Lal son of Shri Diwan Chand may submit their objections in writing in this court on or before 14-10-2015 at 10.00 A.M. failing which no objection will be entertained after expiry of date.
Given under my hand and seal of the court on this 11th day of September, 2015.
Seal.
Sd/- (NARAYAN SINGH CHAUHAN), Executive Magistrate (Tehsildar),
Kasauli, District Solan, H. P.
___________
Before Shri Narayan Singh Chauhan, Executive Magistrate (Tehsildar),
Kasauli, District Solan, H. P.
Case No. : 16/ 2015 Date of Institution : 31-8-2015 Date of Decision/
Pending for : 5-10-2015 Smt. Shakuntla Devi wife of Shri Isher Singh, resident of Village Khadli, P.O. Patta . . Applicant. Mehlog, Tehsil Kasauli, District Solan, H. P.
Versus
General Public
. . Respondents.
Application under Section 13(3) of Births and Deaths Registration Act, 1969.
Smt. Shakuntla Devi wife of Shri Isher Singh, resident of Village Khadli, P. O. Patta Mehlog, Tehsil Kasauli, District Solan, H. P. has moved an application before the undersigned under Section 13(3) of Births & Deaths Registration Act, 1969 along with affidavits and other documents stating therein that her daughters namely Seema Devi and Veena Devi were born on 28-4-1990 and 15-12-1995 respectively at Village Khadli, Tehsil Kasauli, District Solan, H. P. but their births could not be entered in record of Gram Panchayat Patta Badian, Tehsil Kasauli within stipulated period. Hence she prayed for passing necessary orders to the Secretary-cum-Registrar, Births & Deaths Registration, Patta Badian, Tehsil Kasauli, for entering the same in the Births & Deaths records.
3918 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 सितम्बर, 2015/31 भाद्रपद, 1937 Therefore, by this proclamation the general public is hereby informed that any person having any objection for the registration of delayed birth of Seema Devi and Veena Devi daughters of Shri Isher Singh may submit their objections in writing in this court on or before 5-10-2015 at 10.00 A.M. failing which no objection will be entertained after expiry of date.
Given under my hand and seal of the court on this 31st day of August, 2015.
Seal.
Sd/- (NARAYAN SINGH CHAUHAN), Executive Magistrate (Tehsildar),
Kasauli, District Solan, H. P.
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