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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 29, 07 May 2016

Published 07 May 2016

Gazette no.
29
Gazetteid
29/GAZETTE/2016-07/05/2016
Identifier
in.gazette.himachal.2016-05-07.29_gazette_2016-07_05_2016
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित

शनिवार, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938

हिमाचल प्रदेश सरकार

REVENUE DEPARTMENT

NOTIFICATION

Dated, 26th April, 2016

No. Rev-D (F) 5-5/2004- Part-II.—Whereas the Central Government has notified the Jain Community as minority community in addition to the five communities already notified as minority communities viz.. Muslims, Christians, Sikhs, Buddhists and Zoroastrians (Parsis) vide Ministry of Minority Affairs Notification No. S.O.267 (E) dated 27-01-2014, therefore, the officers mentioned in Chapter 28.I of HP Land Records Manual, 1992 shall be the authorised officers for issuing minority community certificates as per prescribed proforma and the procedure for verification shall be the same as prescribed under Chapter-28 of the Himachal Pradesh Land Records Manual, 1992 as amended from time to time.

By order, (TARUN SHRIDHAR) Additional Chief Secretary (Revenue). 29-राजपत्र/2016-07-05-2016 (767)768 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938

राजस्व विभाग

(स्टाम्प और रजिस्ट्रीकरण)

अधिसूचना

शिमला-2, 29 मई, 2016

संख्याः रैव.1-3(स्टाम्प)7/80.III.—हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश न्यायालय फीस अधिनियम, 1968 (1968 का अधिनियम संख्यांक 8) की धारा 34 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, इस विभाग की अधिसूचना संख्या रैव. 1-3(स्टाम्प) 7/80-II तारीख 09-07-2015 द्वारा अधिसूचित और राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में 20 जुलाई, 2015 को प्रकाशित हिमाचल प्रदेश न्यायालय फीस (ई-स्टापिंग) नियम, 2015 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं अर्थात्‌ :-

1. संक्षिप्त नाम.-इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश न्यायालय फीस (ई-स्टापिंग) संशोधन नियम, 2016 है।

2. नियम 9 का संशोधन.- हिमाचल प्रदेश न्यायालय फीस (ई-स्टम्पिंग) नियम, 2015 जिन्हें इसमें इसके पश्चात्‌ उक्त नियम कहा गया है, के नियम 9 में खण्ड, (छ) के स्थान पर निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्‌ :-

"(छ) केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण मुख्य नियन्त्रक प्राधिकारी की लिखित अनुशा के बिना राज्य में इसके द्वारा प्रारम्भ की गई हिमाचल प्रदेश न्यायालय फीस (ई-स्टांपिंग) की बाबत, किसी हार्डवेयर, साफ्टवेयर या किसी अन्य प्रौधोगिकी या व्यौरो को किसी को/से उपलब्ध, अन्तरित या सांझा (शेयर) नही करेगा"

3. नियम 11 का प्रतिस्थापन.-उक्त नियमों के नियम 11 के स्थान पर निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात:-

"11. केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण द्वारा उपयोग मेे लाए जाने वाले साफ्टवेयर का विनिर्देश.- (1) केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण, मुख्य नियन्त्रक प्राधिकारी के परामर्श से, ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र के निम्नलिखित न्यूनतम व्यौरों को सम्मिलित करने के लिए विनिर्दिष्ट साफ्टवेयर को परिकल्पित तथा उसका उपयोग करेगी/करेगा.-

(क) प्रत्येक ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र के लिए सुभिन्न क्रम संख्या या विशिष्ट (यूनीक) पहचान संख्या (यू आई एन) ;

(ख) ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र को जारी करने की तारीख और समय;

(ग) ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र जारी करने वाली शाखा या केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण या प्राधिकृत संग्रहण केन्द्र का कोड और अवस्थान (लोकेशन) ;

(ध) ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र के माध्यम से संदत्त न्यायालय फीस की रकम शब्दों और अंको में ;

(ङ) पांच सौ रूपये से अधिक मूल्य के न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले वादी/प्रतिवादी (लिटिगन्ट) का नाम;

(च) ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र का कोई अन्य सुभिन्न चिन्ह अर्थात्‌ वार कोड ; और (छ) ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र इन नियमों के प्ररूप-6 में होगा।769 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 (2) केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण उप-नियम (1) के अतिरिक्त निम्नलिखित उपबन्ध भी करेगा;

(क) ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र जारी करने वाले कर्मचारी की यूजर-आईण्डी;

(ख) ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र की अवाप्ति (पहुंच) हेतु वेव आधारित प्रसुविधा;

(ग) किसी ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र के पुनः उपयोग को रोकने के लिए उच्च न्यायालय, जिला एवं सत्र न्यायालय, उप-मण्डलीय सिविल न्यायालयों या मुख्य नियन्त्रक प्राधिकारी द्वारा नियुक्त किसी अन्य प्राधिकृत अधिकारी द्वारा ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र को बन्द करने (लॉक करने) के लिए पासवर्डस तथा कोड;

(घ) 'नष्ट या अप्रयुक्त' या 'उपयोग के लिए अनपेक्षित' ई-न्यायालय फीस प्रमाण पत्र को रद्‌द करने की प्रसुविधा;

(ङ) किसी ई-न्यायालय फीस प्रमाण-प्रत्र को खोजने और देखने हेतु और मैनेजमेन्ट इन्फारमेशन सिस्टम (एम.आइ.एस.) तथा डिसीजन सपोर्ट सिस्टम रिपोर्टस (डी.एस.एस.आर.) तक पहुंचने के लिए विभाग के प्राधिकृत कर्मचारियों के लिए पासवर्डस तथा कोड;

(च) अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण द्वारा अनुरक्षित ई-स्टांपिंग सर्वर (इ.एस.एस.) पर जारी ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र के ब्यौरे; और

(छ) केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण की बैबसाइट पर नियम 43 में यथाविनिर्दिश्ट हिमाचल प्रदेश न्यायालय फीस (ई-स्टांपिंग) से सम्बंधित विभिन्न संव्यवहार विवरणों तथा रिपोर्टों की उपलब्धता, केवल मुख्य नियंत्रक प्राधिकारी द्वारा प्राधिकृत अधिकारियों की ही पहुंच में होगी।"। 4. नियम 13 का संशोधन नियम 21 का संशोधन.-उक्त नियमों के नियम 13 में "ऐसे अन्य अभिकरण" शब्दों के पश्चात्‌ "या व्यक्ति" शब्द अतरूस्थापित किए जाएंगे।

5. नियम 21 का संशोधन.-उक्त नियमाें के नियम 21 में, शीर्षक, शास्ति के अधीन स्तम्भ 2 में, "प्रतिदिन" शब्दों के स्थान पर "प्रति मास" शब्द रखे जाएंगे।

6. नियम 24 का प्रतिस्थापन.-उक्त नियमों के नियम 24 के स्थान पर निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्‌ :-

"24. ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र की प्राप्ति.- न्यायालय फीस संदत्त करने वाला कोई भी व्यक्ति, केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण की किसी भी शाखा अथवा प्राधिकृत संग्रहण केन्द्रों में जाएगा और ई-न्यायालय फीस प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए न्यायालय फीस के संदाय के साथ बांछित (अपेक्षित) विवरण देगा या ऑनलाईन प्लेटफार्म (पांच सौ रूपये से अधिक मूल्य) का प्ररूप 4 में उपयोग करेगा।"।

7. नियम 25 का संशोधन.-उक्त नियमों के नियम 25 में उप-नियम (3) के स्थान पर निम्नलिखित उप-नियम रखा जाएगा, अर्थात्‌ :-

"(3) प्राधिकृत संग्रहण केन्द्र या केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण जारी किए गए ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्रों का इलैक्ट्रौनिक फॉम में दैनिक लेखा-जोखा रखेंगे।"।

8. नियम 26 का प्रतिस्थापन.- उक्त नियमों के नियम 26 के स्थान पर निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्‌:-

770 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938 "26. ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए शर्ते और रीति.- (1) केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण और प्राधिकृत संग्रहण केन्द्र यह सुनिश्चित करेंगे कि ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु प्राधिकृत व्यक्ति के यथोचित प्रत्यय पत्र हो।

(2) यथास्थिति, प्राधिकृत संग्रहण केन्द्र या केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण का प्राधिकृत कर्मचारी, नियम 25 के अधीन किए गए संदाय पर प्ररूप 4 (पांच सौ रूपए से अधिक मूल्य के लिए) में किए गए आवेदन मे दी गई अपेक्षित सूचना और ब्योरो कम्पयूटर प्रणाली में प्रविष्टि करेगा और इस प्रकार के प्रविष्ट व्यौरो की शुद्धता आवेदक द्वारा सत्यापित करवाएगा, ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र को डाउनलोड करेगा, इसका प्रिन्ट निकालेगा और उसे आवेदक को जारी करेगा। (3) ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु न घुलने वाली पक्की काली स्याही या ऐसा ही अन्य उचित रंग तथा रोड, जैसा मुख्य नियन्त्रक प्राधिकारी द्वारा निर्धारित किया जाए, का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र का प्रिन्ट (छपाई) चमकीला, स्पष्ट और विशिष्ट होगा तथा अतिव्यापी (ओवरलेपड) नही होगा।"।

9. प्ररूप-1 का प्रतिस्थापन.- उक्त नियमों से संलग्न विद्यमान प्ररूप-1 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप जाएगा, अर्थात्‌ :-

"प्ररुप-1 नियम 6 (1) देखें,

करार

यह करार वित्तायुक्त (राजस्व) हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा उसकी ओर से मुख्य नियन्त्रक प्राधिकारी के रुप में सम्यक्‌ रुप से प्राधिकृत महानिरीक्षक, रजिस्ट्रीकरण, जिसका कार्यालय ब्लॉक 28, एस0डी0ए0 कम्पलैक्स, कसुम्पटी शिमला-171009, हिमाचल प्रदेश में स्थित है (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ प्रथम पक्षकार कहा गया है, और इसके अन्तर्गत जब तक कि सन्दर्भ या उनके अर्थ के विरूद न हो उनके पदोारवर्ती और समनुदेशिती भी हैं) के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल और........................(केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण का नाम) जिसका कार्यालय .........................................................में है, के बीच उक्त अभिकरण द्वारा इस करार को कार्यान्वित करने के लिए सम्यक्‌ रुप से प्राधिकृत श्री .......................................(जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ द्वितीय पक्षकार कहा गया है, और इसके अन्तर्गत जब तक कि संदर्भ या उनके अर्थ के विरूद न हो उसके उारवर्ती, समनुदेशिती भी है), के माध्यम से आज तारीख.......................को शिमला में किया गया है। प्रथम पक्षकार और द्वितीय पक्षकार को पक्षकारों के रुप में एक साथ निर्दिष्ट किया गया है। केन्द्र सरकार की सिफारिशों पर या सम्यक्‌ बोली प्रक्रिया के पश्चात्‌, द्वितीय पक्षकार को, प्रथम पक्षकार द्वारा, सरकार की अधिसूचना संख्या ..................................तारीख .......................... द्वारा हिमाचल प्रदेश सरकार को ई-न्यायालय फीस प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उसकी अपनी शाखाओं या कार्यालयों और प्राधिकृत संग्रहण केन्द्रों (जिन्हें इसमें इसके पश्चात ए.सी.सी. कहा गया है) ऑनलाईन प्लेटफार्म के प्रयोग को कम्पयूटराइज्ड हिमाचल प्रदेश न्यायालय फीस ई-स्टाम्पिगं प्रणाली से हिमाचल प्रदेश सरकार को न्यायालय फीस के संदाय को निर्दिष्ट करने के लिए इस प्रकार न्यायालय फीस ई-स्टाम्पिंग प्रणाली ऑनलाईन प्लेटफार्म के प्रयोग के माध्यम से इस प्रकार संगृहित न्यायालय फीस के संदाय के विरूद लागू कर, उदग्रहण, उपकर (सेस) को मिला कर जमा कर ................प्रतिशत की दर से कमीशन या छूट पर, नियुक्त किया गया है। और द्वितीय पक्षकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य में केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण के रुप में कार्य करने और ई-कोर्ट फीस प्रमाणपत्र के अंतिम क्रेता से हिमाचल प्रदेष सरकार की ओर से ई-न्यायालय फीस के संग्रहण हेतु एक प्रणाली विकसित करने के लिए सहमति दी है।

अतः एतद्‌द्वारा, पक्षकारों द्वारा और उनके मध्य यह करार किया जाता है कि :-

1. द्वितीय पक्षकार, ने प्रथम पक्षकार के परामर्श से महानिरीक्षक रजिस्ट्रीकरण, हिमाचल प्रदेश, उच्च न्यायालय, जिला एवं सत्र न्यायालयों, उप-मण्डलीय सिविल न्यायालयाें के कार्यालयों और प्राधिकृत संग्रहण771 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 केन्द्रों में मेन सर्वर के साथ इसके संयोजन अर्थात्‌ न्यायालय-फीस के संदाय के लिए सम्पर्क स्थान बनाने तथा मुख्य नियन्त्रक प्राधिकारी द्वारा यथा विनिदिष्ट राज्य के अन्य नामनिर्दिष्ट स्थानों या कार्यालयों में आवश्यकता आधारित साफ्टवेयर तैयार करने के लिए सहमति दी है।

2. द्वितीय पक्षकार न्यायालय-फीस के संग्रहण हेतु और ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए प्राधिकृत संग्रहण केन्द्र का चयन करने को सुकर बनाएगा।

3. द्वितीय पक्षकार, केन्द्रीय सर्वर, प्राधिकृत संग्रहण केन्द्रों (जिन्हें इसमें इसके पश्चात्‌ ए0सी0सी0 कहा गया है) और महानिरीक्षक रजिस्ट्रीकरण, उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश, जिला एवं सत्र न्यायालयों, उप-मण्डलीय सिविल न्यायालयों के कार्यालयों या राज्य में किसी अन्य कार्यालय या स्थान, जैसे मुख्य नियन्त्रक प्राधिकारी द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाए, के मध्य एक समन्वयक के रुप में कार्य करेगा।

4. द्वितीय पक्षकार, प्रथम पक्षकार की ओर से न्यायालय-फीस संगृहीत करेगा तथा केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण प्राधिकृत संग्रहण केन्द्रों की कम्प्यूटर प्रणाली या ऑनलाईन प्लेटफार्म द्वारा/के माध्यम से ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र तैयार करेगा। ऑन-लाईन प्लेटफार्म के लिए पे-मेंट गेटवे प्रभार ई-न्यायालय फीस प्राप्ति के्रता से संगृहित किए जाऐगें।

5. द्वितीय पक्षकार, हिमाचल प्रदेश न्यायालय फीस (ई-स्टाम्पिंग) नियम, 2015 (जिन्हें इसमें इसके पष्चात्‌ नियम कहा गया है) के नियम 20 के अनुसार अपनी शाखाओं या अपने प्राधिकृत संग्रहण केन्द्रों के माध्यम से संगृहीत न्यायालय-फीस की समेकित रकम को राज्य सरकार के लेखे के सुसंगत शीर्ष में प्रेशित करने (भेजने) के लिए बाध्य होगा।

6. द्वितीय पक्षकार ऐसी रिपोर्टें तैयार करेगा और उपलब्ध करवाएगा जैसी प्रथम पक्षकार द्वारा समय-समय वांछनीय हों।

7. द्वितीय पक्षकार, प्रथम पक्षकार की लिखित अनुज्ञा के बिना, सम्यक्‌ रुप से नियुक्त प्राधिकृत संग्रहण केन्द्रों केे सिवाय, राज्य में इसके द्वारा प्रारम्भ की गई ई-न्यायालय फीस परियोजना की बाबत, किसी हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर तथा किसी अन्य प्रौद्योगिकी या ब्यौरों को किसी को/से उपलब्ध, अन्तरित या सांझा नहीं करेगा।

8. द्वितीय पक्षकार न्यायालय फीस ई-स्टाम्पिंग प्रणाली के माध्यम से संगृहीत न्यायालय फीस की राशि के ...........प्रतिशत जमा लागू कर, उद्‌ग्रहण, उपकर (सेस) आदि की सहमत दर से अधिक कमीशन या छूट प्रभारित नहीं करेगा। द्वितीय पक्षकार संगृहीत न्यायालय-फीस में से ऐसी कमीशन जमा कर घटाएगा तथा बकाया राशि को राजकोष को भेजेगा। इसके अतिरिक्त द्वितीय पक्षकार को दी जाने वाली कमीशन या छूट, इन नियमों के नियम 20 के खण्ड (क) की शर्त के अध्यधीन होगी।

9. यदि द्वितीय पक्षकार नियत अवधि के भीतर, राज्य लेखा शीर्ष में संगृहीत न्यायालय-फीस की रकम को प्रेषित करने (भेजने में) विफल रहता है, तो द्वितीय पक्षकार नियमों के अध्याय-5 में यथाउपबंधित देरी के लिए शास्ति संदा करने के लिए दायी होगा।

10. द्वितीय पक्षकार इस करार के किसी निबंधन और शर्त या इन नियमों के किसी उपबन्ध के अतिक्रमण के कारण हिमाचल प्रदेश राज्य को कारित किसी हानि की क्षतिपूर्ति के लिए दायी होगा। 11. द्वितीय पक्षकार, प्रथम पक्षकार की पूर्व लिखित अनुज्ञा के बिना, न ही अपनी अवस्थापन (लोकेशन) में परिवर्तन करेगा और न ही ए0सी0सी0 की संख्या बढाएगा।

12. प्रथम पक्षकार को, बिना किसी नोटिस के द्वितीय पक्षकार अथवा इसके ए0सी0सी0 के सुसंगत अभिलेखों का निरीक्षण करने की शक्ति होगी।

13. इस करार के निबंधन और शर्तों को उन परिस्थितियोंं, जिनके कारण न्यायालय-फीस के संदाय और संग्रहण के सुचारू प्रचालन के लिए कोई ऐसा परिवर्तन आवश्यक हो, के आधार पर पक्षकारों द्वारा परिवर्तित अथवा बढ़ाया जा सकेगा। 772 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938 14. द्वितीय पक्षकार यह सुनिश्चित करेगा कि कम्पयूटराइज्ड न्यायालय फीस ई-स्टाम्पिगं प्रणाली (सी0-सी.एफ.एस.एस.) की सेवा प्रचालन में रहेगी तथा सोमवार से शनिवार बैककारी समय (बैंकिंग हार्वस) के दौरान किसी भी व्यक्ति को सुलभ होगी।

15. द्वितीय पक्षकार यह सुनिश्चित करेगा कि प्रणाली एक ही समय में, कम से कम चार सौ उपभोक्ताओं के लिऐ लॉग करने में सक्षम हो।

16. प्रणाली के प्रचालन तथा उपयोग के लिए विभाग की चिन्हित मानव शक्ति या कर्मचारियों को प्रथम पक्षकार द्वारा विनिश्चत स्थान पर द्वितीय पक्षकार द्वारा प्रशिक्षण प्रदान करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, द्वितीय पक्षकार अपने खर्च पर, प्रशिक्षण का संचालन करने के लिऐ आवश्यक समस्त सुविधाएँ, उपस्कर तथा परिसर की व्यवस्था करने तथा करवाने के लिए उत्तरदायी होगा।

17. पक्षकारों द्वारा पारस्परिक रुप से विनिश्चित किए जाने वाले कालिक अन्तरालों पर, द्वितीय पक्षकार द्वारा प्रणाली के किसी उन्नयन, उपांतरण पर पुनष्चर्या पाठयक्रमों की व्यवस्था की जाएगी। 18. इस करार मेें अंतर्विष्ट किसी भी बात के होते हुए भी, पक्षकारों के नियन्त्रण से बाहर और ऐसी अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों सहित, जिनमें दैविक घटनाएं, सिविल या मिलिटरी प्राधिकारियों की कार्रवाईयॉ, आग, महामारी, युद्ध, आतंकवादी घटनाएं, बलवा, भूकम्प, तूफान, बवंडर, बाढ़ भी शामिल है, से उदभूत कारणों से दायित्व के निर्वहन में असफलता, विलम्ब की दशा में, द्वितीय पक्षकार द्वारा अपना कार्य करने के समय को, ऐसे विलम्ब के कारण हुए समय के नुकसान के बराबर अवधि के लिए बढ़ाया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त यदि आकस्मिकता को प्रथम पक्षकार द्वारा जारी किए गए नोटिस पर या उक्त करार को दो माह से अधिक अवधि के लिए बढ़ाकर भी पूरी तरह से समाप्त न किया जा सकता हो, तो द्वितीय पक्षकार के उन अधिकारों के सिवाय, जिनके लिए वे व्यवस्थापन और अन्तिम लेखाकरण के हकदार हैं, करार को समाप्त कर करार के दायित्वों से मुक्त कर दिया जाएगा।

19. इस करार के अधीन या सम्बन्ध में, पक्षकारों के मध्य किसी प्रकार का विवाद या अन्तर या मतभेद या कोई दावा पैदा होने की स्थिति मंें, जहां तक सम्भव हो, आपसी समझौते द्वारा निपटाया जाएगा और ऐसा न होने की स्थिति में इस प्रकार के सभी विवाद मुख्य नियन्त्रक प्राधिकारी को निर्दिष्ट किए जाएंगेे तथा इस पर उसका निर्णय अन्तिम होगा।

इसके साक्ष्यस्वरुप प्रथम पक्षकार की ओर से मुख्य नियन्त्रक प्राधिकारी के रुप में श्री ............................... ..............महानिरीक्षक रजिस्ट्रीकरण, हिमाचल प्रदेश तथा द्वितीय पक्षकार के लिए उनकी ओर से श्री ................... ...................ने इसमें उल्लिखित तारीख को इस पर अपने-अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं।

साक्षियों की उपस्थिति में :-

(1) हस्ताक्षर : (प्रथम पक्षकार) नाम : पता :

(2) हस्ताक्षर : नाम : पता :

साक्षियों की उपस्थिति में :-

(1) हस्ताक्षर: (द्वितीय पक्षकार) नाम : पता :

773 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938

(2) हस्ताक्षर :

नाम : ..............................

पता : ..............................................................

स्थानः शिमला।

तारीखः................................''

10. प्ररूप-2 का प्रतिस्थापन.-उक्त नियमों के विद्यमान प्ररूप-2 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात :-

प्ररुप-2

नियम 6 (3) देखें,

(केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण द्वारा 50/-रुपए की न्यायालय फीस पर निष्पादित किया जाएगा

वचन-एवं-क्षतिपूर्ति बन्धपत्र

यह वचनबंध.................. आज तारीख.....................2015 को श्री ................................................सुपुत्र श्री .......... ..........................................जो.........................केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण में पदनाम) के रूप में कार्य कर रहा है और ...........................................................(केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण का नाम) के लिए और की ओर से और इस निमित्त प्राधिकृत हस्ताक्षरी है जिसका रजिस्ट्रीकृत कार्यालय .............................................पर है (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ प्रथम पक्षकार कहा गया है और इसके अन्तर्गत जब तक कि सन्दर्भ या उनके अर्थ के विरूद्व न हो, उसके उत्तराधिकारी, विधिक प्रतिनिधि या समनुदेशिती, वारिस आदि भी है) द्वारा हिमाचल प्रदेश सरकार .................(जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ द्वितीय पक्षकार कहा गया है) इसके अन्तर्गत जब तक कि सन्दर्भ या उनके अर्थ के विरूद्ध न हो, उसके उत्तराधिकारी, विधिक प्रतिनिधि या समनुदेषिती, वारिस आदि भी है के पक्ष में निष्पादित किया गया।

प्रथम पक्षकार और द्वितीय पक्षकार को पक्षकारों के रुप में एक साथ निर्दिश्ट किया गया है। प्रथम पक्षकार को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या ..................................तारीख ................... ..द्वारा "केन्द्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण" के रुप में कार्य करने के लिए नियुक्त किया गया है तथा इस प्रकार सरकार द्वारा इसे हिमाचल प्रदेश सरकार को न्यायालय फीस के संदाय को निर्दिष्ट करने के लिए कम्पयूटराइज्ड कोर्ट फीस एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम के लिए और इनकी अपनी शाखाओं या कार्यालयों अथवा प्राधिकृत संग्रहण केन्द्रों या ऑनलाईन प्लेटफार्म के प्रयोग के माध्यम से ई-न्यायालय फीस प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए प्राधिकृत किया गया है।

प्रथम पक्षकार तारीख....................... को पक्षकारों द्वारा निष्पादित करार में वर्णित समस्त निबंधनों और शर्ताें को पूर्ण करने और प्रथम पक्षकार या इसके प्राधिकृत संग्रहण केन्द्रों द्वारा कारित किसी प्रकार के दुव्र्यवहार, कदाचार, उपेक्षा या किसी अनियमितता के कारण हुई समस्त या किसी क्षति के विरूद्व द्धितीय पक्षकार को क्षतिपूरित करने के लिए वचनबद्ध होगा।774 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938 प्रथम पक्षकार पूवोक्त करार के निबंधनों और शर्ताें तथा हिमाचल प्रदेश न्यायालय फीस (ई-स्टाम्पिंग) नियम, 2015 और इन नियमों के अन्तर्गत सरकार या विभाग द्वारा जारी किए गए किसी अन्य आदेश के आज्ञापालन एवं अनुपालन करने के लिए सहमत है।

वर्तमान बन्ध-पत्र के निष्पादन द्वारा उक्त अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रथम पक्षकार निम्न प्रकार से द्वितीय पक्षकार को क्षतिपूरित करने के लिए वचनबद्ध हैः-

(i) प्रथम पक्षकार ने हिमाचल प्रदेश न्यायालय फीस (ई-स्टाम्पिंग) नियम, 2015 तथा तारीख .............

...........को निष्पादित करार के निबंधनों को पढ़ व समझ लिया है तथा एतद्‌द्ध्‌ारा वचन देता है कि पूवोक्त नियमों के उपबन्ध तथा उक्त करार की शर्तों का किसी भी स्तर पर अतिक्रमण नहीं किया जाएगा;

(ii) प्रथम पक्षकार एतद्‌द्वारा वचन देता है कि प्राधिकृत संग्रहण केन्द्र, द्वितीय पक्षकार की पूर्वानुमति के बिना अधिसूचित नहीं किए जाएंगे;

(iii) प्रथम पक्षकार वचन देता है कि इसका कर्मचारी (कर्मचारियों) या प्राधिकृत संग्रहण केन्द्र के कर्मचारी (कर्मचारियों) प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः न्यायालय-फीस के प्राधिकार का दुरुपयोग नहीं करेगें या दुरूपयोग कारित नही करवाएगा/ करवाएंगे; और

(iv) प्रथम पक्षकार एतद्‌द्वारा द्वितीय पक्षकार को, प्रथम पक्षकार या इसके प्राधिकृत संग्रहण केन्द्रों द्वारा कारित किसी प्रकार के दुव्र्यवहार, कदाचार या उपेक्षा या किसी प्रकार की अनियमितता से उत्पन्न जोखिम, चाहे जो भी हो, की समस्त या किसी हानि की क्षतिपूर्ति के लिए सदैव वचनबद्ध है।

इसके साक्ष्यस्वरुप प्रथम पक्षकार ने उपरोक्त लिखित वचन बन्ध पत्र मेें इस पर अपने-अपने हस्ताक्षर करके मुहर लगा दी है।

हस्ताक्षरित, मुद्रांकित और द्वारा परिदत्त

सााक्षियों की उपस्थिति में :-

(प्रथम पक्षकार का नाम एवं पता)

(1) हस्ताक्षर : नाम : पता :

(2) हस्ताक्षर : नाम : पता :

11. प्ररूप 4, 5, और 6 का प्रतिस्थापन.-उक्त नियमों से संलग्न प्ररूप 4, 5 और 6 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखे जाएंगे, अर्थात :-

775 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938

"प्ररूप-4

[नियम 24 देखें]

(न्यायालय फीस संदायकर्ता के उपयोग हेतु) ई न्यायालय फीस (पॉच सौ रूपये से अधिक मूल्य के) प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन

भाग-I ई-न्यायालय फीस प्राप्ति आवेदन प्ररूप आवेदन की तारीख ...............

एस.एच.सी.आई.एल.ई-न्यायालय फीस मुवक्किल (क्लाईअन्ट) द्वारा भरा जाएगा
वादी/प्रतिवादी (लिटिगन्ट) (यों) का/के नाम दूरभाष नम्बर मोबाईल नम्बर
ई-न्यायालय फीस रकम स् ांदाय का प्रकार (किस्म) ▫चैक ▫डी.डी. ▫पे आर्डर ▫एनईएफटी ▫आरटीजीएस ▫खाता से खाता अन्तरण।
चैक/डी.डी./पेआर्डर/यूटीआर/एनईएफट/ आरटीजीएस/ एनईएफटी के ब्यौरे/ निधि अन्तरण खाता संख्या तारीख .......
बैंक का नाम शाखा का नाम
आवेदक के हस्ताक्षर

.........................;बपकरू31द्ध................................;बपकरू31द्ध..............................

भाग-II

एस.एच.सी.आई.एल. अभिस्वीकृति मुवक्किल (क्लाईअन्ट) ई-न्यायालय फीस द्वारा भरा जाएगा
वादी/प्रतिवादी लिटिगन्ट) (यों) का/के नाम दूरभाष नम्बर मोबाईल नम्बर
ई-न्यायालय फीस रकम स् ांदाय का प्रकार (किस्म) ▫ ▫ चैक डी.डी. ▫ पे आर्डर ▫ ▫ एनईएफटी आरटीजीएस ▫ खाता से खाता अन्तरण।
चैक/डी.डी./पेआर्डर/यूटीआर/एनईएफटी/आर टीजीएस/ एनईएफटी के ब्यौरे/ निधि अन्तरण खाता संख्या तारीख .......
बैंक का नाम शाखा का नाम
हस्ताक्षर एस.एच.सी.आई.एल की मोहर

776 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938 नोट:- ई-न्यायालय फीस के हेतु आवेदन करते समय, आवेदक को इस प्ररूप भाग-II के अनुसार अभिस्वीकृति दी जाएगी और आवेदक को ई-न्यायालय फीस एक़त्रित करने के लिए उसे प्रस्तुत करना तथा अभ्यर्पित करना होगा।

प्ररुप-5

ख्नियम 25 (3) देखें, [ए.सी.सी. या सी.आर.ए. द्वारा अनुरक्षित किया जाने वाला] ई-न्यायालय फीस प्रमाणपत्रों को जारी करने के लिए आवेदनों की दैनिक प्रविष्टियों से सम्बन्धित रजिस्टर

क्रम संख्या

ई-न्यायालय फीस प्रमाण- पत्र की संख्या

तारीख वादी/प्रतिवादी का नाम (500 रूपयंंंंें की रकम से अधिक)

प्राधिकृत पद्धति से संदत्त न्यायालय फीस की रकम

1 2 3 4 5777 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938

प्ररूप-6

[नियम II(I)(छ) देखें]

भाग-क

2 2 2 2 2
टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║
2 2 2 2 2
टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║
2 2 2 2 2
टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║
2 2 2 2 2
टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║
2 2 2 2 2
टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║
2 2 2 2 2
टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║ टेस्ट स्टेट न्यायालय फीस ║║║║║
778 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938 भाग-ख
गर्वनमैन्ट ऑफ टैस्ट स्टेट ई-न्यायालय फीस
तारीख और समय …………………………………….. ए.सी.सी./रजिस्ट्रीकृत ………………………………….. यूजर का नाम अवस्थिति …………………………………….. इ र्-न्यायालय रसीद संख्या …………………………………….. ई न्यायालय फीस रकम …………………………………….
║║║║║║║║ टी.एस.सी.टी. 032811555L645
वैधानिक चेतावनी: इस ई-न्यायालय फीस रसीद की प्रामाणिकता डब्लयू.डब्लयू.डब्लयू. शिसिलस्टैम्प.कौम पर सत्यापित की जाए। इस रसीद तथा वैवसाइट पर यथा उपलब्ध ब्यौरों मेंं कोई विसंगति इसे अविधिमान्य बना देगी। कृपया किसी विसंगति की दशा में सक्षम प्राधिकारी को सूचित करें। यह रसीद न्यायालय कर्मचारी द्वारा सत्यापन तथा लॉक करने के पश्चात्‌ ही विधिमान्य होगी।
779 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938

भाग-ग

गर्वनमैन्ट ऑफ टैस्ट स्टेट ई-न्यायालय फीस
तारीख और समय ……………………………………. ए.सी.सी./रजिस्ट्रीकृत ………………………………….. यूजर का नाम अवस्थिति …………………………………….. वादी का नाम ………………………………………… ई-न्यायालय रसीद संख्या …………………………………….. ई न्यायालय फीस रकम …………………………………….
║║║║║║║║ टी.एस.सी.टी. 034811555L646
वैधानिक चेतावनी: इस ई-न्यायालय फीस रसीद की प्रामाणिकता डब्लयू.डब्लयू.डब्लयू.शिसिलस्टैम्प. कौम पर सत्यापित की जाए। इस रसीद तथा वैवसाइट पर यथा उपलब्ध ब्यौरो मेंं कोई विसंगति इसे अविधिमान्य बना देगी। कृपया किसी विसंगति की दशा में सक्षम प्राधिकारी को सूचित करें। यह रसीद न्यायालय कर्मचारी द्वारा सत्यापन तथा लॉक करने के पश्चात्‌ ही विधिमान्य होगी।

आदेश द्वारा,

(तरूण श्रीधर) अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व)। 780 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938 [Authoritative English Text of this Department Notification No. Rev. 1-3(stamp)7/80-III dated 29/4/2016 as required under clause(3) of Article 348 of the Constitution of India.]

REVENUE DEPARTMENT

(Stamp and Registration)

NOTIFICATION

Shimla-171002, the 29th April, 2016

No. Rev. 1-3(stamp)7/80-III.--In exercise of the powers conferred by section 34 of the Himachal Pradesh Court Fees Act, 1968 (Act No. 8 of 1968), the Governor of Himachal Pradesh is pleased to make the following rules further to amend the Himachal Pradesh Court Fee (e-stamping) Rules, 2015, notified vide this Department notification No. Rev. 1-3(Stamp) 7/80-III dated 09-07-2015 and published in the Rajpatra Himachal Pradesh on 20 July, 2015, namely:-

1. Short title.— These rules may be called the Himachal Pradesh Court Fee (e-stamping) Amendment Rules, 2016.

2. Amendment of rule 9.--In rule 9 of the Himachal Pradesh Court Fee (e-stamping) Rules, 2015 (hereinafter referred to as the said rules), for clause (g), the following clause shall be substituted, namely: --

"(g) The Central Record Keeping Agency shall not provide, transfer or share any hardware, software or any other technology or details with respect to the Himachal Pradesh Court Fee (e-Stamping) undertaken by it in the State to anybody without written permission of the Chief Controlling Authority".

3. Substitution of rule 11.--For rule 11 of the said rules, the following rule shall be substituted, namely:-

"11. Specification of software to be used by the Central Record Keeping Agency.- (1) The Central Record Keeping Agency, in consultation with the Chief Controlling Authority, shall design and use specified software for including the following minimum details of e-court fee certificate.-

(a) distinguished serial number or unique identification number (UIN) for each e-court fee certificate;

(b) date and time of issue of the e-court fee certificate; (c) code and location of the 'e-court fee certificate issuing branch' or the Central Record Keeping Agency or Authorized Collection Centre;

(d) amount of court fee paid through the e-court fee certificate in words and figures; (e) name of the litigant obtaining the e-court fee certificate for value exceeding Rs. 500/-; (f) any other distinguishing mark of e-court fee certificate, i.e bar code; and (g) the e-court fee certificate shall be in Form-6 of these rules.

(2) The Central Record Keeping Agency in addition to sub-rule(1) shall also make following provisions:-

(a) user-id of the official issuing the e-court fee certificate; (b) Web based facility to access the e-court fee certificate;

781 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938

(c) passwords and codes for locking of the e-court fee by the High Court, District and Session Courts, Sub-Divisional Civil Courts or any other authorized officer appointed by the Chief Controlling Authority to prevent the reuse of any e-court fee certificate;

(d) facility to cancel the 'spoiled or unused' or 'not required for use' e-court fee certificate;

(e) passwords and codes to the authorized officials of the department to search and view any e-court fee certificate and to access Management Information System (MIS) and Decision Support System Reports (DSSR);

(f) details of the issued e-court fee certificate on the e-stamping Server (e-SS) maintained by the Record Keeping Agency; and

(g) availability of different transaction details and reports relating to the Himachal Pradesh Court Fee (e-Stamping) as specified under rules 43 on the website of the Central Record Keeping Agency shall be accessible only to the officers authorized by the Chief Controlling Authority.".

4. Amendment of rule 13.— In rule 13 of the said rules, after the words "Such other Agencies", the words "or persons" shall be inserted.

5. Amendment of rule 21.— In rule 21 of the said rules, in column 2 under the heading Penalty, for the word "per day", the words "per month" shall be substituted.

6. Substitution of rule 24.— For rule 24 of the said rules, the following rule shall be substituted, namely:- -

"24 Getting of e-Court fee Certificate.-- Any person paying court fee shall approach any of the branch of Central Record Keeping Agency or Authorised Collection Centres and furnish the requisite details or use online platform in Form 4 (for value exceeding Rs. 500/-) alongwith payment of Court fee for getting e-Court fee Certificate.".

7. Amendment of rule 25.—In rule 25 of the said rules, for sub-rule (3), the following sub-rule shall be substituted, namely:- -

"(3) The Authorised Collection Centre or Central Record Keeping Agency shall keep a daily account of issued e-court fee certificates Form-5 in electronic form.".

8. Substitution of rule 26.— For rule 26 of the said rules, the following rule shall be substituted, namely:-

"26. Conditions and method for issuing the e-Court Fee Certificate.- (1)The Central Record Keeping Agency and the Authorised Collection Centre shall ensure that the person, who has been authorised to issue e-court fee certificate, have suitable credentials.

(2) The Authorised Official of the Authorised Collection Centre or Central Record Keeping Agency, as the case may be, shall on payment made under rule 25, enter the requisite information and details in the computer system, as provided by the applicant in the application in Form-4 (for value exceeding Rs. 500/-) and get the correctness of such entered details verified by the applicant, download the e-court fee certificate, take out its print and issue the same to the applicant.

(3) The non washable permanent black ink or such other appropriate colour and shade as may be determined by the Chief Controlling Authority shall be used to issue the e-court fee certificate. The print of every e-court fee certificate shall be bright, clear and distinct and shall not be overlapped.".

9. Substitution of Form-1.-- For existing Form-1 appended to the said rules, the following Form shall be substituted, namely:- -782 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938

"Form-1

[see rule 6(1)]

AGREEMENT

THIS AGREEMENT is executed and entered into at SHIMLA on this _________day of_____ BETWEEN the Governor of Himachal Pradesh through the Inspection General of Registration, having his office at 28th Block, SDA Complex, Kasumpti, Shimla-171009, Himachal Pradesh, duly authorised by the Financial Commissioner (Revenue) to the Government of Himachal Pradesh to act as a Chief Controlling Authority on his behalf (hereinafter referred to as the First Party, which expression unless repugnant to the context of meaning thereof shall include his successors in the office and assigns) of the FIRST PART AND THE (…………… name of the Central Record keeping Agency…….........) having its Registered office at ………………… through Shri………………… who is duly authorized by the said agency to execute this agreement (hereinafter referred to as the Second Party, which expression, unless repugnant to the context of meaning thereof, shall include its successors) of the SECOND PART.

The First Party and the Second Party are together referred to as the Parties.

"WHEREAS, on the recommendations of the Central Government or after due bidding process the Second Party has been appointed vide Government Notification No.------------------date- --------by the First Party for the computerized Himachal Pradesh Court fee (e-Stamping) System to denote the payment of Court fee to the Government of Himachal Pradesh issuing the e-Court fee Certificate through its own branches or offices and through the Authorized Collection Centres (hereinafter called as ACCs) or using online platform against a payment of commission or discount @_____percent plus applicable taxes, levies, cess etc. of the amount of Court fee so collected through Himachal Pradesh Court fee (e-stamping) System.

AND WHEREAS, the Second Party has agreed to work as a Central Record Keeping Agency within the State of Himachal Pradesh and to develop a system for the collection of the e- Court fee on behalf of the Government of Himachal Pradesh from ultimate purchaser of e-Court fee Certificate.

NOW IT IS HEREBY AGREED BY AND BETWEEN THE PARTIES AS FOLLOWS:-

1. That the Second Party agrees to create need based software infrastructure in consultation with the First Party including its connectivity with the main server in the offices of the Inspection General of Registration, Himachal Pradesh High Court, District and Session Courts, Sub-Divisional Civil Courts and Authorized collection Centres, i.e. point of contact for payment of Court fee and at other designated places or offices in the State as specified by the Chief Controlling Authority.

2. That the Second Party shall facilitate in selection of Authorized Collection Centre for collection of Court fee and issuing e-court Fee Certificate.

3. The Second Party shall act as a co-coordinator between the Central Server, Authorized Collection Centres (hereinafter referred as ACCs) and the office of the Inspector General of Registration, Himachal Pradesh High Court, District and Session Courts and Sub-Divisional Civil Courts or any other office or place in the State, as specified by the Chief Controlling Authority.

4. That the Second Party shall collect Court fee on behalf of First Party and generate e- Court fee certificates through the computer system by designated branches of Central783 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 Record Keeping Agency, Authorised Collection Centres or the Chief Controlling Authority online platform. Payment gateway charge for online platform will be collected from the purchaser of e-court fees receipt.

5. That the Second Party shall be bound to remit the consolidated amount of Court fee collected by its branches or by its Authorized Collection Centre to relevant head of account of the State Government, in accordance with rule 20 of the Himachal Pradesh Court fee (e-stamping) system (hereinafter called the Rules).

6. That the Second Party shall prepare and provide such reports as may be desired by the First Party from time to time.

7. That the Second Party shall not provide, transfer or share and hardware, software any other technology or details with respect to the e-court fee project undertaken by it in the State to anybody without written permission of the First Party, except the duly appointed ACCs.

8. That the Second Party shall not charge commission or discount exceeding the agreed rate of _____Percent plus applicable taxes, levies, cess etc. of the amount of Court Fee collected though Himachal Pradesh Court Fee (e-stamping) System. The Second Party shall deduct such commission plus taxes from the collected amount of court fee and shall remit the balance amount into the State Exchequer. Further that the commission or discount to the Second Party shall be subject to the condition of clause (a) of rule 20 of these rules.

9. That in case of Second Party fails to remit the amount of collected court fee in the State head of account, within stipulated period, the Second Party shall be liable to pay penalty for delay as provided in Chapter-V of the Rules.

10. That the Second Party shall be liable to compensate any loss caused to the State of Himachal Pradesh due to violations of any terms and conditions of this Agreement or any of the provisions of these rules.

11. That the Second Party shall not change the location or increase the number of ACCs without prior written permission of the First Party.

12. That the First Party shall have the power to inspect the relevant records of the Second Party or its ACCs without assigning any notice.

13. That the terms and conditions of the agreement may be altered or supplemented by the Parties depending upon the circumstances which may Warrant any such change for the smooth operations of the court fee payment or collections.

14 That the Second Party shall ensure that service of Computerized Court Fee System (CCFS) shall be operational and accessible to any person during Monday to Saturday during banking hours.

15. That the Second Party shall ensure that the system shall have the logging capacity for at least four hundred user at a time.

16. That the training for operation and the use of the system, to the identified manpower or personnel's of the Department shall be provided by the Second Party at the place decided by the First Party. Further that the Second Party shall be responsible for arranging and providing all the necessary facilities, equipment and premises required for conducting the training at their own cost.

784 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938 17. That the periodic intervals to be mutually decided by the Parties the refresher courses on

any up-gradation, modification to the system shall be provided by the Second Party.

18. That notwithstanding anything contained in the Agreement, the failures or delay in performing the obligations hereunder arising from any cause beyond the reasonable control including acts of God, acts of civil or military authority, fires, epidemics, wars, terrorist acts, riots, earthquakes storms, typhoons, floods and such other circumstances beyond the control of Parties in the event of any delay, the time for the Second Party's to perform their part shall be extended for a period of equal to the time lost by reason of such delay. Further that if the contingency cannot be removed permanently or by extending the period beyond two months, the Agreement, upon notice, served by the First Party, the Second Party shall be relieved from the contractual obligations by terminating the agreement, except to the rights to which they may be entitled to a settlement and final accounting.

19. That in the event of any dispute or difference or controversy or claim arising between the parties in connection with or under the agreement, shall as far as possible, be settled amicably and failing which all such disputes shall be referred to Chief Controlling Authority and his decision thereon shall be final.

IN WITNESS WHEREOF, the parties hereunto have set their hand on the first above written and Sh. ......................the Inspector General of Registration, Himachal Pradesh acting on behalf of the First Party and Sh...............................for and on behalf of the Second Party.

(FIRST PARTY)

In the presence of Witnesses:

(1) Signature:

Name: Address:

(2) Signature: Name: Address: (SECOND PARTY) In the presence of Witnesses (1) Signature:

Name: Address:

(2) Signature: Name:

Address:

Place: SHIMLA

Dated:.....................".

10. Substitution of Form-2.-- For the existing Form-2 appended to the said rules, the following Form shall be substituted, namely:--785 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938

"Form – 2

[See rule 6-(3)]

(To be executed by the Central Record keeping Agency on Court Fee of Rs 50/-)

Undertaking–cum-Indemnity Bond

This Undertaking is made and executed at ____________on this______day of_____________,2015 by Shri ___________ S/o______________ acting as (official designation in the Central Record Keeping Agency) and Authorised Signatory for and on behalf of (name of the Central Record Keeping Agency) having its registered office at ___________ (hereinafter referred to as the First Party, which expression shall, unless repugnant to the context or meaning thereof shall mean and include their successors, or legal representatives, or assigns, Heirs, etc.) and IN FAVOUR OF THE Government of Himachal Pradesh (hereinafter referred to as the Second Party, which expression shall, unless repugnant to the context or meaning thereof shall mean and include their successors, or legal representatives, or assigns, Heirs, etc.).

The First Party and the Second Party are together referred to as the Parties.

WHEREAS, the First Party has appointed by the Government of Himachal Pradesh vide notification No.__________dated_________, to act as "Central Record Keeping Agency" and has thus been authorised by the Government for the Computerized Court Fee Administration System to denote the payment of Court fee to the Government of Himachal Pradesh and issuing the e-Court Fee Certificate through its own branches or offices or through the Authorised Collection Centres or using online platform.

AND WHEREAS, THE First Party has agreed to fulfil all the terms and conditions as provided in the agreement executed by the parties on dated________and also to undertake and keep indemnified the Second Party against all or any loss suffered by the Second Party due to any mishandling, misconduct, negligence or any irregularity of any kind whatsoever caused by the First Party or its Authorised Collection Centres.

AND WHEREAS, the First Party has agreed to the obedience and observance of terms and conditions of the agreement ibid and provisions of the Himachal Pradesh Court fee (e-stamping) Rules, 2015 and any other order issued by the Government or the Department under these rules.

AND WHEREAS, in order to fulfil the aforesaid requirements the First Party by executing this present Bond, undertakes to indemnify the Second Party as follows.-

(i) the First Party has carefully read and understood the Himachal Pradesh Court Fee (e- stamping ) Rules, 2015 and the terms of the Agreement executed on ________ and hereby undertakes that the provisos of the aforesaid Rules and the conditions of the said Agreement shall not be violated at any level;

(ii) The First Party hereby undertakes that the Authorised Collection Centers shall not be notified without and prior approval of the Second Party;

(iii) the First Party undertakes that any of its employee(s) or the employee(s) of its Authorised Collection Centers directly or indirectly shall not misuse or cause to be misused the authorization of Court Fee; and

(iv) the First Party hereby undertakes to keep the Second Party always indemnified against all or any of the loss or any risk arising out of any mishandling, misconduct, negligence or any irregularity of any kind whatsoever caused by the First Party or its Authorised Collection Centers.

786 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938 IN WITHNESS WHEREOF THE FIRST PARTY HEREIN HAS SET AND SUBSCRIBED ITS RESPECTIVE HANDS AND SEALS ON THE ABOVE WRITTEN UNDERTAKING BOND.

SIGNED, SEALED AND DELIVERED BY (With name and address of First Party)

In the presence of :

(1) Signature:

Name: Address:

(2) Signature:

Name: Address:

11. Substitution of Forms- 4, 5 and 6.-- For existing Forms 4, 5 and 6 appended to the said rules, the following Form shall be substituted, namely:-

"Form-4

[See rule 24] (For the use of Court fee payer) Application For e-Court Fee Certificate (For Value above Rs. 500/-)

Part-1

e-Court fee Receipt Application Form

Date of Application-

SHCIL e-Court fee (To be filled in by the client)
Name of the Litigant(s) Phone No. Mobile
eCourt fee Amount Type of payment ▫ cheque ▫ DD ▫Pay-Order ▫NEFT ▫RTGS ▫Account to Account Transfer
D etails of Cheque/DD/PO/UTR/ RTGS/NEFT/Funds Transfer Account No. D ate: / /20
B ank Name B ranch Name
S ignature of the applicant

Part II

SHCIL e-Court fee Acknowledgement (To be filled in by the client)
Name of the Litigant(s) Phone No. Mobile
eCourt fee Amount Type of payment ▫ cheque ▫ DD ▫Pay-Order ▫NEFT ▫RTGS ▫Account to Account Transfer
D etails of Cheque/DD/PO/UTR/ RTGS/NEFT/Funds Transfer Account No. D ate: / /20
B ank Name B ranch Name
S ignature & Seal of SHCIL

Note:-- At the time of applying for e-court fee the applicant shall be given an acknowledgement as per part II of this form and the applicant shall have to produce and surrender the same to called the e-court fee receipt.

787 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 "Form-5

[see rule 25(3)]

(To be maintained by the ACCs or CRA) Register regarding daily postings of applications for issuing e-Court Fee Certificate

Sr. No. Date Name of litigant (above amount of Rs. 500/- ) Amount of court fee paid by authorised mode. e-court fee certificate no.
1 2 3 4 5

"Form – 6

[See rule 11(I)(g)]

Part-A

2
TEST STATE COURT FEE ║║║║║║
2
TEST STATE COURT FEE ║║║║║║
788 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938
2 2 2 2 2
TEST STATE COURT FEE ║║║║║║ TEST STATE COURT FEE ║║║║║║ TEST STATE COURT FEE ║║║║║║ TEST STATE COURT FEE ║║║║║║ TEST STATE COURT FEE ║║║║║║
2 2 2 2 2
TEST STATE COURT FEE ║║║║║║ TEST STATE COURT FEE ║║║║║║ TEST STATE COURT FEE ║║║║║║ TEST STATE COURT FEE ║║║║║║ TEST STATE COURT FEE ║║║║║║
2
TEST STATE COURT FEE ║║║║║║
2
TEST STATE COURT FEE ║║║║║║

Part-B

GOVERNMENT OF HIMACHAL PRADESH e-Court Fee
DATE & TIME: ------------------- NAME OF THE ACC/REGISTERED USER: ------------------- LOCATION: ------------------- e-COURT RECEIPT NO: ------------------- e-COURT FEE AMOUNT: ------------------- (Rs. in words) ------------------
║║║║║║║║║║║║║║║ TSCT032811555L645
Statutory Alert: the authenticity of this e-Court fee receipt should be verified at w.w.w.shcilestamp.com. Any discrepancy in the details on this receipt and as available on the website renders it invalid. In case of any discrepancy please inform the competent Authority. This receipt is valid only after verification & locking by the court official.
789 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 Part-C
GOVERNMENT OF HIMACHAL PRADESH e-Court Fee
D ATE & TIME: ------------------- NAME OF THE ACC/REGISTERED USER: ------------------- LOCATION: ------------------- NAME OF LITIGANT: ------------------- e-COURT RECEIPT NO: ------------------- e-COURT FEE AMOUNT: -------------------
║║║║║║║║║║║║║ TSCT034811555L646
Statutory Alert: the authenticity of this e-Court fee receipt should be verified at w.w.w.shcilestamp.com. Any discrepancy in the details on this receipt and as available on the website renders it invalid. In case of any discrepancy please inform the competent Authority. This receipt is valid only after verification & locking by the court official.".

By order, (TARUN SHRIDHAR) Addl. Chief Secy. (Revenue).

________

लोक निर्माण विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 19 अप्रैल, 2016

सं0पी0बी0डब्ल्यू0(बी0)एफ(5) 38/2016.-यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव घदरयाणा, तहसील व जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश में शिमला -घागस -घुमारवी -हमीरपुर- नादौन- कांगडा राष्ट्रीय उच्च मार्ग-88 (नया 103) कि0 मी0 95/0 से कि0मी0 140/0( नयी आर0डी0 85/900 से 129/235)़ को चौडा करने हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌ द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुर्नव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (2013 का 30) की धारा-11 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है। 790 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938 3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उप धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः अन्य सभी कार्यो को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्व व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के साठ दिन की अवधि के भीतर लिखित रुप में भू-.अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, मण्डी, (हि0 प्र0) के समक्ष अपनी आपति दायर कर सकता है।

विवरणी

जिला तहसील गांव खसरा न0 रकवा (है0में)
हमीरपुर हमीरपुर घदरयाणा 5/1 0-00-78
16 0-00-15
17 0-00-27
18 0-00-30
28/1 0-00-36
36/1 0-00-11
37/1 0-00-35
38/1 0-00-48
39/1 0-00-13
44/1 0-00-48
45/1 0-01-02
46/1 0-00-71
52/1 0-00-48
53/1 0-01-04
64/1 0-00-52
61/1 0-00-20
76 0-00-49
79/1 0-01-04
80/1 0-01-13
90/1 0-00-14
91/1 0-00-06
124/1 0-00-56
126/1 0-01-09
165/1 0-00-22
170/1 0-00-28
172/1 0-00-71
173/1 0-00-18
174/1 0-00-26
176 0-00-38
178/1 0-00-10
179/1 0-00-68
202 0-00-12
204 0-00-27
205/1 0-00-08
206/1 0-00-12
207/1 0-00-15
208/1 0-00-40
212/1 0-00-41
214/1 0-00-62
216/1 0-00-70
1762/566/1 0-00-08
569 0-00-66
1763/566/1 0-00-02
किता 43 0-18-33
791 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938

आदेश द्धारा, हस्ताक्षरित/- अति0 मुख्य सचिव (लोक निर्माण)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री —ष्ण कुमार पुत्र श्री गरीश कुमार, निवासी भारापुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर . . वादी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 49/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री —ष्ण कुमार पुत्र श्री गरीश कुमार, निवासी भारापुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों से उसकी जन्म तिथि 10-09-96 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं हो पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत धौलाकुआं में अपनी जन्म तिथि 10-09-96 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को —ष्ण कुमार की जन्म तिथि ग्राम पंचायत धौलाकुआं, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 25-5-2016 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त —ष्ण कुमार की जन्म तिथि को ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 23-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।792 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री अमरजीत सिंह पुत्र श्री रामस्वरूप, निवासी पड़दूनी, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर . . वादी।

बनाम

आम जनता . .

. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 48/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री अमरजीत सिंह पुत्र श्री रामस्वरूप, निवासी पड़दूनी, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपनी पुत्री प्रियंका कुमारी की जन्म तिथि 30-12-91 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत पड़दूनी में अपनी जन्म तिथि 30-12-91 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को प्रियंका कुमारी की जन्म तिथि ग्राम पंचायत पड़दूनी, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 25-5-2016 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त प्रियंका कुमारी की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 23-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री फतेह सिंह पुत्र श्री रणजीत सिंह, निवासी सुखचैनपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 41/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री फतेह सिंह पुत्र श्री रणजीत सिंह, निवासी सुखचैनपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपनी पुत्री रीना देवी की जन्म तिथि 05-10-2005 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत कोलर में अपनी जन्म तिथि 05-10-05 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।793 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को कु0 रीना देवी की जन्म तिथि ग्राम पंचायत कोलर, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-2016 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त कु0 रीना देवी की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

Thinley Chokey सपुत्री श्री Rinchen Sangpo, निवासी 22-Puruwala, तहसील पांवटा साहिब, . . वादी। जिला सिरमौर।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 39/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

Thinley Chokey सपुत्री श्री Rinchen Sangpo, निवासी 22-Puruwala, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों से उस की जन्म तिथि 29-10-85 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत सालवाला में अपनी जन्म तिथि 29-10-85 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को Thinley Chokey की जन्म तिथि ग्राम पंचायत सालवाला, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-2016 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त Thinley Chokey की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।794 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री राजेश्वर शर्मा पुत्र श्री तिलक राज, निवासी किशनकोट, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 37/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री राजेश्वर शर्मा पुत्र श्री तिलक राज, निवासी किशनकोट, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपने पुत्र संजीव शर्मा की जन्म तिथि 11-08-87 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत अजौली में अपनी जन्म तिथि 11-08-87 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को संजीव शर्मा की जन्म तिथि ग्राम पंचायत अजौली, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति ......................... को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त संजीव शर्मा की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री प्रदीप पुण्डीर पुत्र श्री सन्त राम, निवासी ग्राम दुगाना, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 36/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री प्रदीप पुण्डीर पुत्र श्री सन्त राम, निवासी ग्राम दुगाना, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों उसकी जन्म तिथि 09-09-90 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत दुगाना में अपनी जन्म तिथि 09-09-90 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।795 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री प्रदीप पुण्डीर की जन्म तिथि ग्राम पंचायत दुगाना, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त प्रदीप पुण्डीर की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री राजेन्द्र कुमार पुत्र श्री जीत सिंह, निवासी बदरीपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 35/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री राजेन्द्र कुमार पुत्र श्री जीत सिंह, निवासी बदरीपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों उसकी जन्म तिथि 11-05-72 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत बदरीपुर में अपनी जन्म तिथि 11-05-72 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री राजेन्द्र कुमार की जन्म तिथि ग्राम पंचायत बदरीपुर, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त राजेन्द्र कुमार की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।796 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री अमित ठाकुर पुत्र श्री जंगवीर सिंह, निवासी मेहराड,़ तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी।

बनाम

आम जनता .

. . प्रतिवादी। प्रकरण संख्या : 34/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री अमिज ठाकुर पुत्र श्री जंगवीर सिंह, निवासी मेहराड,़ तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों उसकी जन्म तिथि 03-01-93 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत पड़दूनी में अपनी जन्म तिथि 03-01-93 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री अमित ठाकुर की जन्म तिथि ग्राम पंचायत पड़दूनी, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री अमित ठाकुर की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री Kunga Tsezom पुत्री श्री Dawa Tashi, निवासी 34-Puruwala, तहसील पांवटा साहिब, जिला . . वादी। सिरमौर

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 33/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री Kunga Tsezom पुत्री श्री Dawa Tashi, निवासी 34-Puruwala, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों उसकी जन्म तिथि 21-06-89 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक797 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत सालवाला में अपनी जन्म तिथि 21-06-89 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री Kunga Tsezom की जन्म तिथि ग्राम पंचायत सालवाला, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री Kunga Tsezom की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री Kalsang Tsering पुत्र श्री Kunga, निवासी 132-Puruwala तहसील पांवटा साहिब, जिला . . वादी सिरमौर

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 32/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री Kalsang Tsering पुत्र श्री Kunga, निवासी 132-Puruwala तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों से उसकी जन्म तिथि 20-04-85 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत सालवाला में अपनी जन्म तिथि 20-04-85 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री Kalsang Tsering की जन्म तिथि ग्राम पंचायत सालवाला, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री Kalsang Tsering की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।798 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री Kunga Tsering पुत्र श्री Penpa Thakchoe निवासी 78-Puruwala तहसील पांवटा साहिब, जिला . . वादी सिरमौर

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 31/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री KungaTsering पुत्र श्री Penpa Thakchoe निवासी 78-Puruwala तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों से उसकी जन्म तिथि 08-03-82 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत सालवाला में अपनी जन्म तिथि 08-03-82 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री Kunga Tsering की जन्म तिथि ग्राम पंचायत सालवाला, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री Kunga Tsering की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

Tsering Dolkeg पुत्री श्री Sonam Gyaltsen, निवासी 83-Puruwala तहसील पांवटा साहिब, जिला . . वादी सिरमौर

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 30/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

Tsering Dolkeg सपुत्री श्री Sonam Gyaltsen, निवासी 83 पुरुवाला तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों से उसकी जन्म तिथि 10-06-87 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत सालवाला में अपनी जन्म तिथि 10-06-87 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।799 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को Tsering Dolkeg की जन्म तिथि ग्राम पंचायत सालवाला, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त Tsering Dolkeg की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश श्री राजेश कुमार पुत्र श्री रामलाल, निवासी खारा, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 29/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री राजेश कुमार पुत्र श्री रामलाल, निवासी खारा, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों से उसकी जन्म तिथि 15-12-95 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत कुन्डियों में अपनी जन्म तिथि 15-12-95 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री राजेश कुमार की जन्म तिथि ग्राम पंचायत कुन्डियाें, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री राजेश कुमार की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।800 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री सर्वजीत सिंह पुत्र श्री प्रकाश सिंह, निवासी देवीनगर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 51/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री सर्वजीत सिंह पुत्र श्री प्रकाश सिंह, निवासी देवीनगर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों सेें उसकी जन्म तिथि 24-04-93 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित नगरपालिका परिषद्‌ में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने नगरपालिका परिषद्‌ पांवटा साहिब में अपनी जन्म तिथि 24-04-93 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री सर्वजीत सिंह की जन्म तिथि नगरपालिका परिषद्‌ पांवटा साहिब, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 25-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री सर्वजीत सिंह की जन्म तिथि को सम्बन्धित नगरपालिका परिषद में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 23-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्रीमती विदया देवी पत्नी श्री काकू राम, निवासी कुनेर धमौन, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 50/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्रीमती विदया देवी पत्नी श्री काकू राम, निवासी कुनेर धमौन, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपनी पुत्री पूनम कुमारी की जन्म तिथि 03-04-2000 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा801 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 पाई है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत पोका में अपनी ऊपर वर्णित पुत्री की जन्म तिथि 03-04-2000 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को कु0 पूनम कुमारी की जन्म तिथि ग्राम पंचायत पोका, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त पूनम कुमारी की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 23-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री कुन्दन सिंह पुत्र श्री सोभा, निवासी धौलीढांग (शिवा), तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 40/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री कुन्दन सिंह पुत्र श्री सोभा, निवासी धौलीढांग (शिवा), तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपने पुत्र संजय तथा पुत्री पूजा जिनकी जन्म तिथि क्रमशः 04-01-99 तथा 04-08-01 है का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत शिवा में अपने अपर वर्णित पुत्र व पुत्री की जन्म तिथि 04-01-99 तथा 04-08-01 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री संजय तथा पूजा की जन्म तिथि ग्राम पंचायत शिवा, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 20-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री संजय तथा कु0 पूजा की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 13-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।802 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री मानविन्द्र सिंह सैनी पुत्र श्री भूपिन्द्र सिंह सैनी, निवासी बदरीपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 43/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री मानविन्द्र सिंह सैनी पुत्र श्री भूपिन्द्र सिंह सैनी, निवासी बदरीपुर तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों से उसकी जन्म तिथि 26-08-89 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत बदरीपुर में अपनी जन्म तिथि 26-08-89 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री मानविन्द्र सिंह सैनी की जन्म तिथि ग्राम पंचायत बदरीपुर, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 25-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री मानविन्द्र सिंह सैनी की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 22-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्रीमती गुरप्रीत कौर पत्नी श्री जसविन्द्र सिंह, निवासी वार्ड नं0 8, पांवटा साहिब, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 47/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्रीमती गुरप्रीत कौर पत्नी श्री जसविन्द्र सिंह, निवासी वार्ड नं0 8, पांवटा साहिब, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपनी803 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 पुत्री हरमनप्रीत कौर की जन्म तिथि 10-09-2002 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित नगरपालिका परिषद्‌ में दर्ज नहीं करवा पाई है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने नगरपालिका परिषद्‌ पांवटा साहिब में अपनी अपर वर्णित पुत्री की जन्म तिथि 10-09-2002 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को कु0 हरमनप्रीत कौर की जन्म तिथि नगरपालिका परिषद्‌ पांवटा साहिब, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 25-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त कु0 हरमनप्रीत कौर की जन्म तिथि को सम्बन्धित नगरपालिका परिषद्‌ में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 22-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री Tenzin Passang पुत्र श्री Tsering, निवासी 12-STS-Puruwala तहसील पांवटा साहिब, जिला . . वादी सिरमौर

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 46/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री Tenzin Passang पुत्र श्री Tsering, निवासी 12-STS-Puruwala तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों से उसकी जन्म तिथि 16-11-88 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत सालवाला में अपनी जन्म तिथि 16-11-88 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री Tenzin Passang की जन्म तिथि ग्राम पंचायत सालवाला, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 25-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री Tenzin Passang की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 22-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।804 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

Ms. Ngawang Palmo पुत्री श्री Karma Tsering, निवासी 138 STS Puruwala तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 45/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

Ms. Ngawang Palmo पुत्री श्री Karma Tsering, निवासी 138 STS Puruwala तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों से उसकी जन्म तिथि 28-05-92 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाई है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत सालवाला में अपनी जन्म तिथि 28-05-92 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को Ms. Ngawang Palmo की जन्म तिथि ग्राम पंचायत सालवाला, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 25-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त Ms. Ngawang Palmo की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 22-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री संजीव कुमार पुत्र श्री राजकुमार, निवासी जोहड़ो, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

. . वादी

बनाम

आम जनता . . प्रतिवादी प्रकरण संख्या : 44/16

उनवान मुकद्दमा : प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री संजीव कुमार पुत्र श्री राजकुमार, निवासी ग्राम जोहड़ो, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि किन्हीं कारणों से उसकी जन्म तिथि 15-12-89 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा805 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख 1938 एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत पिपलीवाला में अपनी जन्म तिथि 15-12-89 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को श्री संजीव कुमार की जन्म तिथि ग्राम पंचायत पिपलीवाला, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 25-05-16 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त श्री संजीव कुमार की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 22-04-2016 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।806 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 07 मई, 2016/17 वैशाख, 1938 नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 07 May 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2016-05-07.29_gazette_2016-07_05_2016/. Archive identifier in.gazette.himachal.2016-05-07.29_gazette_2016-07_05_2016.