राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित वीरवार 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938
हिमाचल प्रदेश सरकार
LAW DEPARTMENT
NOTICE
Shimla-2, the 13th December, 2016
No. LLR-E(9)-2/ 2016-Leg.-II.—Whereas, the following Advocates of District Mandi, H.P. have applied for appointment of Public Notary in the places mentioned against their names under rule 4 of the Notaries Rules, 1956:—
176-राजपत्र/2016-15-12-2016 (6025)6026 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938
| Sr. No. | Name of Advocate | Area for which they have applied for appointment of Notary |
| 1. | Sh. Vijay Kumar, Advocate S/o Shri Parkash Chand, R/o Village Bouhin, PO Baloh, Tehsil Sadar, District Mandi, H.P. | Sub-Division Mandi |
| 2. | Sh. Naresh Kumar Thakur, Advocate S/o Late Sh. Devinder Thakur, R/o Pandav Sheela, PO Jarol, Tehsil Thunag District Mandi, H.P. | Sub-Division Janjehli |
Therefore, I undersigned in exercise of the power conferred vide Government Notification No. LLR-A (2)-1/2014-Leg. dated 7th November, 2014, hereby issue notice under rule 6 of the Notaries Rules, 1956, for the information of general public for inviting objections, if any, within a period of fifteen days from the date of publication of this notice in Rajpatra, H.P. against their appointment as Notary Public in the places mentioned against their names.
(Competent Authority),
DLR-cum-Deputy Secretary (Law-Legislation),
to the Government of Himachal Pradesh.
_________
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 5 दिसम्बर, 2016
संख्याः एफ.डी.एस.-ए(3)-1/2014.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 (2010 का अधिनियम संख्यांक 1) की धारा 53 की उपधारा (1) और (2) (ङ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारत सरकार की अधिसूचना संख्याः जी.एस.आर. 593(ई) तारीख 5 सितम्बर, 2013 को ध्यान में रखते हुए, पूर्वोक्त अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाने का प्रस्ताव करते हैं और इन्हें जनसाधारण की सूचना के लिए राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है;
इन प्रारूप नियमों द्वारा सम्भाव्य प्रभावित होने वाले किसी व्यक्ति को यदि उक्त प्रारूप नियमों की बावत कोई आक्षेप या सूझाव है/हैं तो वह उसे/उन्हें इन प्रारूप नियमों के राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशन की तारीख से तीस दिन की अवधि के भीतर निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, एस.डी.ए. कॉम्पलैक्स, ब्लॉक न0 42, कसुम्पटी, शिमला-171009 को भेज सकेगा;
उपरोक्त नियत अवधि के भीतर प्राप्त हुए आक्षेप (पों) या सुझाव (वों), यदि कोई हो/हों, पर इन नियमों को अंतिम रूप देने से पूर्व सरकार द्वारा विचार किया जाएगा, अर्थातः--
अध्याय-1
प्रारंंिभक
1 संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.--इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश विधिक माप विज्ञान सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र (जी.ए.टी.सी.) नियम, 2016 है।6027 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 (2) ये नियम राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 2. परिभाषाएं.--(1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) "अधिनियम" से विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 (2010 का अधिनियम संख्यांक 1) अभिप्रेत है;
(ख) "सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जिसे राज्य सरकार द्वारा इन नियमों में विनिर्दिष्ट बाट या माप का सत्यापन करने के लिए अनुमोदित किया गया है । (ग) "प्रधान अधिकारी" से ऐसा अधिकारी अभिप्रेत है जो सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का भारसाधक है; और
"अनुसूचि" से इन नियमों से संलग्न अनुसूचि अभिप्रेत है।
(2) उन शब्दों और पदों का, जो इन नियमों में प्रयुक्त है और परिभाषित नहीं है किन्तु अधिनियम में परिभाषित है क्रमशः वही अर्थ होगा जो अधिनियम में उसका है।
अध्याय-2
सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र मेें बाट और माप का सत्यापन
(3) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र द्वारा सत्यापन.--(1) पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट बाट और माप का सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र द्वारा सत्यापन किया जाएगा ।
(2) कोई भी व्यक्ति एक या अधिक प्रकार के बाट और माप का सत्यापन करने के लिए आवेदन कर सकता है ।
अध्याय-3
सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का अनुमोदन
4. सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र सम्बंधी साधारण उपबंध.--(1) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्रों की मान्यता सूची समय-समय पर अधिसूचित की जाएगी।
(2) इन नियमों के अधीन मान्यता प्राप्त सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र इन नियमों में यथा विनिर्दिष्ट और विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम 2011 के विनिर्देशों के अनुसार तथा, यथास्थिति, अन्तर्राष्ट्रीय विधिक माप विज्ञान संगठन की सिफारिशों के आधार पर या नियन्त्रक विधिक माप विज्ञान द्वारा समय-समय पर दी गई सलाह पर बाट और माप का सत्यापन करेगा ।
(3) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंन्द्र, विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 में यथा विनिर्दिष्ट मानक बाट या माप और अन्य ऐसे उपकरण और उपस्कर रखेगा जिनकी सलाह नियन्त्रक विधिक माप विज्ञान द्वारा दी जाए ।
5. सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र, की मान्यता.--(1) इन नियमों में विनिर्दिष्ट बाट या माप का सत्यापन करने के लिए इन नियमों के अधीन मान्यता प्राप्त करने का इच्छुक कोई व्यक्ति, दूसरी अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट प्ररूप में नियन्त्रक विधिक माप विज्ञान को आवेदन करेगा।
(2) आवेदन केवल उक्त प्रयोगशाला के प्रधान अधिकारी द्वारा किया जाएगा। 6028 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 (3) नियन्त्रक, विधिक माप विज्ञान, सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र अनुमोदन की सिफारिश करते समय निम्नलिखित पर वचार करेगाः--
(क) भूमि और भवन की उपलब्धता और पहुॅच;
(ख) मापन उपस्करों, परीक्षण सुविधाओं और अन्य अवसंरचना की पर्याप्तता;
(ग) तकनीकी रूप से अर्हित जन-शक्ति की उपलब्धता;
(घ) ग्राहकों के लिए दक्ष और समयवद्व सेवा की क्षमता;
(ङ) नियन्त्रक, विधिक माप विज्ञान द्वारा अवधार्य द्वितीयक मानक प्रयोगशाला या किसी अन्य अभिकरण द्वारा उपकरण को आवधिक रूप से सत्यापित करवाने की इच्छा;
(च) नियन्त्रक, विधिक माप विज्ञान द्वारा नामनिर्देशित संस्थाओं में अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करवाने की इच्छा;
(छ) कोई अन्य कारक, जो नियन्त्रक विधिक माप विज्ञान की राय में सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंन्द्र के उपयुक्त कार्यकरण को प्रभावित करेगा;
(ज) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंन्द्र को स्थापित करने के लिए विचारणीय सुसंगत कोई अन्य शर्तें;
(झ) तकनीकी सामथ्र्य से कार्य करने के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र के प्रधान अधिकारी या अन्य कर्मचारी की वही अर्हताएं होंगी जो विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 में हैं; और
(ञ) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र में तकनीकी सामथ्र्य से कार्य करने के लिए प्रधान अधिकारी या अन्य कर्मचारियों का बाट और माप की मरम्मत या विनिर्माण के अनुज्ञप्ति धारक के रूप में कम से कम तीन वर्ष का कार्य अनुभव या विधिक माप विज्ञान के क्षेत्र में कम से कम तीन वर्ष का सुसंगत अनुभव होना चाहिए ।
(4) निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का अनुमोदन करने के लिए सक्षम प्राधिकारी होगा, जो नियन्त्रक की सिफारिश पर ऐसा अनुमोदन देगा। (5) सक्षम प्राधिकारी, उप-नियम (4) के अधीन, एक वर्ष के लिए अनुमोदन प्रदान करेगा और उसे नियन्त्रक विधिक माप विज्ञान द्वारा एक बार में पांच वर्ष से अनधिक की अवधि के लिए नवीकृत किया जा सकेगा ।
(6) नियन्त्रक, विधिक माप विज्ञान, सरकार द्वारा अनुमोदित प्रत्येक परीक्षण केन्द्र की सुगम पहचान और रिकार्ड के लिए एक विशिष्ट कोड संख्या जारी करेगा ।
(7) पात्रता की शर्तों को पूरा न करने की दशा में नियन्त्रक, विधिक माप विज्ञान आवेदन नामंजूर कर देगा और आवेदक को लिखित संसूचना भेजेगा ।
(8) उप-नियम (7) के अधीन आदेशों से व्यथित कोई व्यक्ति निदेशक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को अपील कर सकेगा, जिस पर उसका निर्णय अंतिम होगा ।
(9) सरकार द्वारा अनुमोदित किसी परीक्षण केन्द्र को प्रदान किया गया अनुमोदन प्रमाण-पत्र नियन्त्रक विधिक माप विज्ञान द्वारा निलम्बित किया जा सकेगा यदि सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र इन नियमों में विनिर्दिष्ट किन्हीं निबंधनों और शर्तों का अनुपालन करने में असफल रहता हैः6029 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 परन्तु ऐसा कोई निलंबन सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंन्द्र को प्रस्तावित कार्रवाई के विरूद्व कारण बताने का अवसर दिए बिना नहीं किया जाएगाः
परन्तु यह और कि ऐसा निलंबन, ऐसे निबंधनों और शर्तों का पालन किए जाने पर प्रतिसंह्नत कर दिया जाएगा।
(10) जब कभी अपेक्षित हो नियन्त्रक या उसका प्राधिकृत अधिकारी सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का दौरा कर सकेगा और प्रधान अधिकारी निरीक्षणों की अनुज्ञा देगा तथा इस प्रयोजन के लिए समस्त सहायता प्रदान करेगा जिसके अन्तर्गत बाट और माप के सत्यापन के संबंध में अभिलेख प्रस्तुत करना भी है। (11) प्रधान अधिकारी, उसके द्वारा सत्यापित बाट और माप, संगृहीत फीस, प्रत्येक परीक्षण के लिए लिया गया समय और ऐसी अन्य सुसंगत जानकारी जो अपेक्षित हों, के संबंध में नियन्त्रक को तिमाही रिर्पोट प्रस्तुत करेगा ।
(12) प्रधान अधिकारी, बाट और माप का सत्यापन करते समय विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 में अधिकथित प्रक्रिया को अपनाएगा ।
(13) यदि परिस्थितियां ऐसी है जिसमें उससे सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र के रूप में समुचित रूप से कार्य करने की युक्तियुक्त रूप से प्रत्याशा नहीं की जा सकती हैं तो प्रदत्त अनुमोदन प्रमाण पत्र को नियन्त्रक द्वारा रदद् किया जा सकेगाः
परन्तु मान्यता का कोई भी प्रमाण पत्र सुनवाई का अवसर दिए बिना रद्द नहीं किया जाएगा। (14) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंन्द्र (जी.ए.टी.सी.) के अनुमोदन, निलम्बन या रद्द करने की सूचना तुरंत समस्त विधिक माप विज्ञान अधिकारियों को दी जाऐगी ।
(15) सक्षम प्राधिकारी, सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र से ऐसा अन्य पक्षकार का बीमा दायित्व किए जाने की अपेक्षा कर सकेगा जो सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र द्वारा की गई किसी गलती या सरकार के अनुदेशों के उल्लंघन के कारण हुए नुकसान के किसी दावे को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त हो।
(16) उपभोक्ता मामले विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन कार्य कर रही सभी क्षेत्रीय निर्देश मानक प्रयोगशालाएं सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र के रूप में कार्य करेगी।
6. सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र की संचाचल अधिकारिता.--(1) यह बाट और माप वृत में संचालित रहेगी जिसके लिए इसे नियम 5 के उप-नियम (4) के अधीन अनुमोदित किया गया है। (2) यदि आवेदक एक या एक से अधिक बाट और माप वृत संचालन करने का इच्छुक है तो वह प्रत्येक वृत के लिए नियम 19 में यथाविहित फीस जमा करेगा।
(3) सरकार द्वारा एक से अधिक अनुमोदित केन्द्र एकल माप और बाट वृत के लिए उस वृत के सत्यापन और स्टाम्पिंग वोल्यूम के दृष्टिगत भी अनुमोदित किए जा सकेंगे।
अध्याय-4
सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का प्रमाण पत्र
7. प्रधान अधिकारी के कर्तव्य.--परीक्षण केन्द्र के प्रधान अधिकारी के उत्तरदायित्व निम्नलिखित हैं, अर्थातः--6030 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 (i) एक स्वतंत्र इकाई के रूप में परीक्षण केन्द्र स्थापित करना और संचालित करना; (ii) यह सुनिश्चित करना कि परीक्षण केंन्द्र के कर्मचारिवृन्द अपने कर्तव्यों का पालन स्वतंत्र रूप से करें;
(iii) उपभोक्ता मामले विभाग में नियन्त्रक, विधिक माप विज्ञान को परीक्षण केन्द्र के संचालन की समाप्ति की सूचना देना;
(iv) समय-समय पर जारी नियमों और निर्देशों के अनुसार परीक्षण उपस्करों की यथार्थता को बनाए रखना;
(v) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र द्वारा परीक्षण और जारी किए गए प्रमाण पत्रों का समुचित अभिलेख रखना;
(vi) उपभोक्ताओं की शिकायतों को समुचित रीति में अभिलिखित करना और उनको दूर करना;
(vii) नियंत्रक (विधिक माप विज्ञान) द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करना;
(viii) केवल विनिर्देशों के अनुरूप ही बाट तथा माप का मुद्रांकन करना;
(ix) सत्यापन स्टाम्प को कपटपूर्ण उपयोग से पर्याप्त रूप से संरक्षित रखना; और
(ग) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र द्वारा सत्यापन और स्टाम्प के लिए प्राप्त बाट तथा माप को सम्यक रूप से सत्यापित करने के पश्चात् पंद्रह दिन के भीतर वापिस करना;
8. सत्यापन या पुनः सत्यापन के लिए फीस.--(1) बाट या माप के सत्यापन या पुनः सत्यापन के लिए परीक्षण केंद्र द्वारा संदेय फीस वहीं होगी जो हिमाचल प्रदेश विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियम, 2011 में विनिर्दिष्ट है ।
(2) सत्यापन के आधार पर अस्वीकृत किया गया कोई भी बाट या माप, उपयोगकर्ता को आवश्यक मुरम्मत के लिए वापिस कर दिया जाएगा और मुरम्मत के पश्चात् बाट या माप नए सिरे से सत्यापन फीस का संदाय किए जाने पर सत्यापन के लिए स्वीकृत किया जा सकेगा।
9. सत्यापन चि]न.--(1) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र, बाट या माप के विधिक माप विज्ञान मूल्यांकन करने के पश्चात् और यह समाधान हो जाने पर कि वह अधिनियम और तद्धीन बनाए गए नियमों में अधिकथित विनिर्देशों के अनुरूप है, उस पर स्टाम्प लगाएगा और तीसरी अनुसूची में वर्णित प्ररूप में सत्यापन प्रमाण-पत्र भी जारी करेगा ।
(2) सत्यापन चि]न में निम्नलिखित विशिष्टियां समाविष्ट होंगी, अर्थात्ः-
(1) अर्द्वगोलाकार के ऊपरी भाग में संकेत शब्द "एच. पी." और परीक्षण केन्द्र की नियत की गई कोड संख्या; और
(2) अर्द्वगोलाकार के निचले भाग में वर्ष की तिमाही के लिए कोड शब्द और उस वर्श के दो अंक । (3) परीक्षण केंद्र द्वारा सत्यापन प्रमाण पत्र, सत्यापन के सबूत के रूप में भी जारी किया जाएगा । 10. अभिलेखों का निरीक्षणः--सरकार द्वारा अनुमोदित प्रत्येक परीक्षण केंन्द्र उसके द्वारा किए गए बाट या माप के मूल्यांकन का अभिलेख पांच कैलेण्डर वर्ष के लिए रखेगा। इन अभिलेखों को परीक्षण केद्र6031 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 द्वारा नियन्त्रक (विधिक माप विज्ञान) या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी के समक्ष, जब कभी वह निदेश दें, प्रस्तुत किया जाएगा ।
11. सत्यापन का स्थान.--परीक्षण केंद्र, बाट या माप का सत्यापन या तो अपने प्राधिकृत परिसरों में या बाट और माप वृत की सीमा के भीतर जहां सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र कार्य करता है, करेगा। 12. सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का पर्यवेक्षण.--नियन्त्रक या कोई अन्य प्राधिकृत विधिक माप विज्ञान अधिकारी यह परीक्षण करने के लिए, समय-समय पर परीक्षण केन्द्र का दौरा कर सकेगा, कि क्या सरकार द्वारा, अनुमोदित परीक्षण केन्द्र सरकार द्वारा अभिकथित प्रक्रियाओं और जारी अनुदेशों के अनुसार संचालित किया जा रहा है ।
13. दायित्व.--परीक्षण केंद्र के लिए जिम्मेदार प्रधान अधिकारी किसी भी हानि, नुकसान या विधिक दावों के लिए सरकार के प्रति उत्तरदायी होगा ।
14. सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र के प्रमाण पत्र की अन्र्तवस्तुएं.--(1) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का प्रत्येक प्रमाण पत्र चतुर्थ अनुसूची में वर्णित प्ररूप में होगा जिसमें निम्नलिखित जानकारी अन्तर्विश्ट होगीः--
(क) प्रमाण पत्र की संख्या;
(ख) ऐसे बाट तथा माप का नाम जिसके लिए सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र का अनुमोदन किया गया है;
(ग) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र के लिए नियत चि]न या कोड;
(घ) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र के बारे में संक्षिप्त कथन;
(ङ) विशेष शर्ते, यदि कोई हों;
(च) ऐसी अवधि जिसके लिए सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र का अनुमोदन किया गया है;
(छ) बाट या माप के सत्यापन के लिए श्रेणी (रेंज), और
(ज) उपभोक्ता प्रतितोष के लिए संपर्क नंबर ।
(2) जहां किसी बाट या माप का विशेष उपयोग आशयित हैं वहां ऐसे बाट या माप के संबध में अनुमोदन प्रमाण पत्र पर ऐसे विशेष उपयोग को उपदर्शित किया जाएगा।
(3) नियन्त्रक, सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केद्र के प्रमाण पत्र को राजपत्र में प्रकाशित करना अनिवार्य करेगा ।
(4) नियन्त्रक पूर्ववर्ती उप-नियमों में निर्दिष्ट जानकारी को राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित जर्नल, यदि कोई हो, में भी प्रकाशित करवाएगा ।
15. सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र का चि]न.--सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र के लिए नियत चि]न में राज्य पहचान शब्द, अर्थात एच.पी, जारी किए जाने वाले वर्ष के अंतिम दो अंक (उदाहरण के लिए, 14) और सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र के लिए नियत कोड संख्या अन्तर्विष्ट की जाएगी।
16. सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र के प्रमाण पत्र को प्रतिसंहृत करना.-- सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र के प्रमाण पत्र को प्रतिसंहृत किया जा सकेगा यदि सरकार का, नियन्त्रक विधिक माप विज्ञान की सिफारिशों के आधार पर यह समाधान हो जाता है कि सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र ने इन 6032 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 नियमों में विनिर्दिष्ट उपबंधों का अभी तक अनुपालन नहीं किया है या नियन्त्रक विधिक माप विज्ञान द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों का विनिर्दिष्ट रूप से उल्लंघन किया है :
(1) परन्तु ऐसा कोई प्रमाण पत्र तब तक प्रतिसंहृत नहीं किया जाएगा जब तक की ऐसे प्रमाण पत्र के धारक को प्रस्तावित कार्रवाई के विरूद्व हेतुक दर्शित करने का अवसर नहीं दिया जाता है ।
(2) जहां सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का प्रमाण पत्र प्रतिसंहृत कर लिया गया है वहां सरकार द्वारा अनुमोदित उस परीक्षण केन्द्र द्वारा सत्यापन कार्य को तुरन्त रोक दिया जाऐगा;
परन्तु जहां निरीक्षण करने पर यह पाया जाता है कि किसी बाट या माप का सत्यापन किया गया है तो नियन्त्रक, आदेश द्वारा ऐसे बाट या माप के उपयोग को प्रतिषिद्ध कर सकेगा और कोई अन्य उचित शास्तिक कार्रवाई आरंभ कर सकेगा ।
(3) अनुमोदन प्रमाण पत्र के प्रतिसंहरण या निलम्बन का प्रत्येक आदेश सम्यक् रूप से अधिसूचित किया जाएगा।
17. सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र के प्रमाण पत्र का निलम्बन.--(1) विनिर्दिष्ट बाट और माप के सत्यापन के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का प्रमाण पत्र नियन्त्रक द्वारा निलम्बित किया जा सकेगा यदि ऐसे प्रमाण पत्र धारक की ओर से-
(1) बाट या माप को सम्बन्धित प्रमाण पत्र के अनुसार सत्यापन करने; या
(2) अधिनियम और तद्धीन बनाए गए नियमों में विनिर्दिष्ट नियमों या मानकों के अनुरूप सत्यापन न करने, या
(3) प्रमाण-पत्र में विनिर्दिष्ट शर्तों का अनुपालन न करने, की कोई भूल हुई है या वह ऐसा करने में असफल रहा हैः
परन्तु ऐसा कोई निलम्बन, प्रमाणपत्र के धारक को प्रस्तावित कार्रवाई के विरूद्व हेतुक दर्शित करने का अवसर दिए बिना नहीं किया जाएगा ।
(2) जहां किसी प्रमाणपत्र को उप नियम (1) के अधीन निलंबित किया गया है, वहां निलंबन के आदेश को तब तक बातिल नहीं किया जाएगा जब तक ऐसी विफलता या चूक जिसके लिए निलंबन किया गया है का पालन नहीं कर लिया जाता है और अपराध का शमन करने सम्बन्धी राशि जमा नहीं कर दी जाती है ।
18. प्रमाणपत्र का नवीकरण.--सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र को दिया गया अनुमोदन एक समय पर नियन्त्रक (विधिक माप विज्ञान) द्वारा केंद्र के समाधानपद रूप में कार्यकरण के अद्यधीन, अधिकतम पांच वर्ष तक की अवधि के लिए नवीकृत किया जा सकेगा।
19. सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र हेतु फीस.--
(1) आवेदक, सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र हेतु दस हजार रूपए की फीस जमा करेगा । (2) अनुसूची-1 में यथा विनिर्दिष्ट किसी बाट या माप को जोड़ने या उसका लोप करने के लिए आवेदक द्वारा पांच हजार रूपए की फीस भी जमा की जाएगी ।
(3) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र, समस्त श्रेणियों के बाट और माप का सत्यापन जिसके लिए अनुमोदन प्रदान किया गया है, करेगा।6033 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 (4) सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र, प्रमाण-पत्र के पत्ते में किसी तबदीली या परिवर्तन के लिए एक हजार रूपए की फीस प्रभारित की जाएगी ।
20. कैलेन्डर वर्ष के दौरान सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र के निर्धारण, पुनः निर्धारण और निरीक्षण के लिए फीस.--सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र के वार्षिक निर्धारण और पुननिर्धारण और निरीक्षण के लिए एक हजार रूपए की फीस देय होगी।
21. अपराधों का शमन.--अधिनियम या तद्धीन बनाए गए नियमों के उपबन्धों या अनुज्ञाप्ति की किन्ही शर्तों के किसी उल्लंघन का नियन्त्रक विधिक माप विज्ञान द्वारा पचास हजार रूपए की राशि का संदाय करने पर शमन किया जा सकेगा ।
पहली अनुसूची
(नियम 3 का उप-नियम (1) देखेें)
बाट तथा माप जिनका सत्यापन सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंंद्र द्वारा किया जाएगाः-- 1. टेप माप
2. शुद्धता वर्ग--III/श्रेणी-II(150 कि.ग्रा्रा. तक) के अस्वचालित भार मापन उपस्कर
3. लोड सैल
4. बीम स्केल
5. काउंटर मशीन
6. सभी प्रवर्गों के बाट
7. पानी का मीटर
8. स्फाइग्मोमैनोमीटर
9. क्लीनिकल थर्मोमीटर, यदि राज्य सरकार के पास इन उपस्करोेंं के सत्यापन और मुद्राकंन के लिए प्रसुविधा नहीं हैैं।
दूसरी अनुसूची
(नियम 5 का उप-नियम (1) देखेें)
सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र के लिए आवेदन
(1) व्यक्ति/आवेदक का पूरा नाम और पूरा पता;
(2) ऐसे बाट या माप का नाम जिसके लिए सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र के लिए आवेदन किया गया है;
(3) आवेदक का विस्तृत ओर उसके सम्पूर्ण कार्य का विवरण;
(4) नेशनल अक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टींग कैलिबे्रशन लेबोरटरिज (एन.ए.बी.एल.) या नियन्त्रक, विधिक माप विज्ञान का प्रमाणपत्र या नियमों में विनिर्दिष्ट किन्हीं अन्य संस्थाओं द्वारा अनुमोदित प्रमाणपत्र;
6034 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 (5) आवेदक का सुसंगत क्षेत्र में अनुभव;(6) नियोजित लोगों की संख्या ओर उनकी विशिष्टियां;
(7) प्रस्तावित सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र के ब्यौरे सहित संगठन का कुल क्षेत्र;
(8) प्रधान अधिकारी और उसके उप डिप्टी की अर्हता (उसके ब्यौरे);
(9) संस्थाओं के पास उपलब्ध मानकों के ब्यौरे तथा अन्य जांच सुविधाएं;
(10) क्या आवेदक/उसके अधिकारियों ने भारत या विदेश में किसी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (आईएसओ/आई ई सी 17025) और अनिश्चितता के मापन से सम्बन्धित प्रशिक्षण प्राप्त किया हैे;
(11) प्रयोगशाला की गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की प्रति, यदि उपलबध है;
(12) बाट या माप के जांच के क्षेत्र में अनुभव;
(13) अन्य कोई जानकारी, जिसे आवेदक अपने कार्य का मूल्यांकन करने के लिए आवश्यक समझता है;
(14) मांगदेय ड्राफ्ट का ब्यौरा;
(15) ऐसी अधिकारिता/क्षेत्र जिसके लिए आवेदन किया गया है;
(16) ऐसा वचनबंध कि व्यक्ति या आवेदक द्वारा विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 और तद्धीन बनाए गए नियमों के उपबन्धों का पालन किया जाएगा; और
(17) उपभोक्ता परिवाद संख्या ।
टिप्पणः सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र के लिए प्रत्येक आवेदन पूरे दस्तावेजों के साथ तीन प्रतियों में किया जाएगा।
तीसरी अनुसूची
(नियम-9 देखेें)
सत्यापन प्रमाणपत्र
सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र (नाम तथा पत्ता)
संख्याः................................................
अधिकारी का नाम.........................................
मैं, एतद् द्वारा यह सत्यापित करता हूं कि मैंने ..........................से संबंधित..................... क्षेत्र में नीचे उल्लिखित बाटों,मापों आदि की जांच तारीख............. को सत्यापित और स्टांपित/नामन्जूर की हैः--
| मात्रा | अभिधान | तोलन वाले उपस्कर | मापने वाले उपस्कर | सत्यापन फीस रूपए | ढुलाई (वाहन) समायोजन प्रभार आदि रूपए पैसे. | ||||
| बाट | माप | क्षमता | श्रेणी | विनिर्माता | प्रकार | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 |
तारीख.........................की मुद्रा रसीद सं....................द्वारा जमा किए गए कुल रूपए................................के द्वारा मुरम्मत की गई/प्रयोग में लाई गई।
आगामी सत्यापन की नियत तारीख..................
(हस्ताक्षर)
प्रधान अधिकारी टिप्पणः नामन्जूर किए गए बाट, माप आदि के मामले में प्रधान अधिकारी प्रत्येक मद के सामने नामन्जूर किए जाने के कारणों का उल्लेख करते हुए एक पृथक नामन्जूरी प्रमाण पत्र देगा।
चौथी अनुसूची
(नियम 14 देखेें)
सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का प्रमाणपत्र
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग (विधिक माप विज्ञान संगठन)
विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 24 के अधीन सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का अनुमोदन प्रमाण पत्र
सं. डब्ल्यू.एम.......(1)/20 तारीख.............................
प्रमाणित किया जाता हे कि मैसर्स......................................................................................... ................................... ................................................................................................................................................................................................ (सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र का नाम तथा पता) को निम्नलिखित बाट तथा माप की उनके प्रकार सहित सत्यापन हेतु............................(स्थान/जिले का नाम) के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र के रूप में अनुमोदित कर दिया गया हैः
(1) ..................................... (2) ..................................... (3) .....................................
6036 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 प्रमाणपत्र संः जी.ओ.एच.पी./सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केन्द्र/..........................(राज्य कोड के दो अंक)..................20/................. ..............20 तक विधिमान्य
आदेश द्वारा, निदेशक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले। प्रति प्रेषितः नियंत्रक विधिक माप विज्ञान हिमाचल प्रदेश.................................... को सूचनार्थ ।
टिप्पणः उपभोक्ता शिकायत के मामले में कृपया ......................... से संपर्क करें ।
नवीकृत नियन्त्रक विधिक माप विज्ञान (बाट एवं माप) हिमाचल प्रदेश, शिमला-9
आदेश द्वारा तरूण कपूर प्रधान सचिव (खा0, ना0 आ0 एवं उप0 मामले)।
---------
[Authoritative English text of the Government notification number FDS-A (3)-1/2014, Dated-
Shimla-171002, the 5th December, 2016 as required under clause (3) of Article 348 of the
Constitution of India.]
FOOD, CIVIL SUPPLIES AND CONSUMER AFFAIRS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 5th December, 2016
No. FDS-A (3)-1/2014.—In exercise of the powers conferred by sub- sections (1) and 2 (e) of section 53 of the Legal Metrology Act, 2009 (1 of 2010) and in the light of Govt.of India Notification No. G.S.R. 593 (E) dated 5th September, 2013, the Governor of Himachal Pradesh proposes to make the following rules for carrying out the provisions of the Act ibid and the same are hereby published in the Rajpatra, Himachal Pradesh, for the information of the general public;
If any person, likely to be affected by these draft rules has any objection(s) or suggestion(s) to make with regard to the said draft rules, he may send the same to the Director, Food, Civil Supplies & Consumer Affairs, SDA Complex, Block No. 42 Kasumpti, Shimla-171009 within a period of thirty days from the date of publication of the draft rules in the Rajpatra, Himachal Pradesh;
Objection(s) or suggestion(s), if any received within the period specified above shall be taken into consideration by the State Government, before finalizing these rules, namely:—
CHAPTER-1
PRELIMINARY
1. Short title and commencement.—(1) These rules may be called the Himachal Pradesh Legal Metrology Government Approved Test Centre (GATC) Rules, 2016.
6037 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 (2) They shall come into force on the date of their publication in the Official Gazettee.2. Definition.— (1) In these rules, unless the context otherwise requires;—
(a) "Act" means the Legal Metrology Act, 2009 (Act No.1of 2010);
(b) "Government Approved Test Centre (GATC)" means a person who has been approved by the State Government to undertake verification of weights or measures specified in these rules.
(c) "Principal Officer" means the officer who is incharge of Government Approved Test Centre; and
(d) "Schedule" means a Schedule appended to these rules.
(2) Words and expressions used herein and not defined these rules but defined in the Act shall have the same meanings respectively as assigned to them in the Act.
CHAPTER -11
VERIFICATION OF WEIGHTS AND MEASURES IN GOVERNMENT
APPROVED TEST CENTRE
3. Verification by Government Approved Test Centre:—(1) The weights and measures specified in the First Schedule shall be verified by Government Approved Test Centre.
(2) Any person can apply for one or more kinds of weights and measures for verification.
CHAPTER-III
APPROVAL OF GOVERNMENT APPROVED TEST CENTRE
4. General provisions relating to Government Approved Test Centre.—(1) The list of recognized Government Approved Test Centre shall be notified from time to time.
(2) A Government Approved Test Centre recognized under these rules shall carry out verification of weights or measures as specified in these rules and according to the specifications given in the Legal Metrology (General) Rules, 2011 and on the recommendations of International Organization of Legal Metrology, as the case may be, or as advised by Controller, Legal Metrology from time to time.
(3) Government approved Test Centre shall maintain Standard Weights or Measures as specified in the Legal Metrology (General) Rules, 2011 and other instruments and equipments as advised by the Controller, Legal Metrology.
5. Recognition of Government Approved Test Centre.—(1) Any person desirous of obtaining recognition under these rules for carrying out verification of weights or measures specified in these rules, shall make an application to the Controller, Legal Metrology in the form as specified in the Second Schedule.
(2) The application shall be made only by the Principal office of the said laboratory.
(3) While making recommendation for approval of a Government Approved Test Centre, the Controller, Legal Metrology shall consider the following:—
6038 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 (a) availability and accessibility of land and building;(b) adequacy of measuring equipments, testing facilities and other infrastructure;
(c) availability of technically qualified man power;
(d) capacity for efficient and timely service to customers;
(e) willingness to get equipment periodically verified by secondary standard laboratory or any other agency determainable by Controller, Legal Metrology;
(f) willing to train its employees in institutions nominated by Controller, Legal Metrology;
(g) any other factor, which in the opinion of Controller, Legal Metrology will affect proper functioning of Government Approved Test Centre;
(h) any other condition considered relevant to set up the Government Approved Test Centre;
(i) the principal officer or any employee of the Government Approved Test Centre working in a technical capacity, shall have the same qualifications as specified in the Legal Metrology (General Rule) 2011; and
(j) the principal officer or any of the employees working in a technical capacity in the Government Approved Test Centre shall have working experience of at least three years as license holder of repair or manufacturing of weights and measures or any relevant experience of at least three years in the field of legal metrology.
(4) The Director, Department of Food, Civil Supplies and Consumer Affairs shall be the Competent Authority to approve the Government Approved Test Centre who shall give such approval on the recommendation of Controller.
(5) The competent authority shall grant approval under sub-rule (4), for one year, and the same may be renewed for a period not exceeding five years at a time by the Controller of Legal Metrology.
(6) The Controller of Legal Metrology shall issue a specific code number to each Government Approved Test Centre for easy identification and records.
(7) In case of non-fulfilling of eligibility conditions the Controller of Legal Metrology shall reject the application and send a written communication to the applicant.
(8) Any person aggrieved by orders under sub-rule (7) may appeal to Director, Department of Food, Civil Supplies & Consumer Affairs, whose decision thereon, shall be final.
(9) Certificate of approval granted to any Government Approved Test Centre may be suspended by Controller of Legal Metrology in case of Government Approved Test Centre fails to comply with any terms and conditions specified in these rule:.
Provided that no such suspension shall be made except after giving to the Government Approved Test Centre an opportunity of showing cause against the proposed action:
Provided further that the suspension shall be revoked on compliance of such terms and conditions.
6039 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938(10) The Controller or his authorized officer may visit the Government Approved Test Centre as and when required and the Principal Officer shall permit inspections and render all assistance for the purpose including the production of records with regard to verification of weights and measures.
(11) The Principal Officer shall submit a quarterly report to the Controller in respect of the weights and measures verified by them, the fee collected, time taken for each testing and such other relevant information, as required.
(12) The Principal Officer, while verifying the weights and measures shall adopt the procedure laid down in the Legal Metrology (General) Rules, 2011.
(13) The certificate of approval granted may be cancelled by the Controller if the circumstances are such that it cannot be reasonably expected to function properly as a Government Approved Test Centre:
Provided that no certificate of recognition shall be cancelled except after giving an opportunity of being heard.
(14) Information of approval, suspension or cancellation of the GATC, shall be given to all Legal Metrology officers immediately.
(15) The competent authority may require Government Approved Test Centre to take out third party liability insurance sufficient to cover any claim for damage due to any lapses or violation of government instructions by such Government Approved Test Centre.
(16) All the Regional Reference Standard Laboratories working under the administrative control of the Department of Consumer Affairs shall function as deemed Government Approved Test Centre.
6. Operational jurisdiction of Government Approved Test Centre.—(1) It shall operate within the Weights and Measures circle for which it has been approved under subrule (4) of Rule 5.
(2) The applicant desirous to operate in more then one Weights and Measure circle he shall deposit fee for each circle as prescribed in rule 19.
(3) More than one Government Approved Test Centre may also be approved for a single Weights and Measures circle keeping in view the verification and stamping volume of that circle.
CHAPTER IV
CERTIFICATE OF GOVERNMENT APPROVED TEST CENTRE
7. Duties of the Principal Officer.—The Principal officer of the test centre has the following responsibilities, namely:—
(i) to establish and operate the test centre as an independent unit;
(ii) to ensure that the staff of the test centre carry out their duties independently;
(iii) to inform the Controller, Legal Metrology in the Department of Consumer Affiars of cessation of operation of test centre;
6040 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 (iv) to maintain the accuracy of testing equipment as per rules and directions issued from time to time;(v) to maintain proper record of testing and certificates issued by Government Approved Test Centre;
(vi) to record and redress grievances of customers in appropriate manner;
(vii) to abide by the directions issued by Controller (Legal Metrology) from time to time;
(viii) that only weights or measures conforming to specification are stamped;
(ix) that verification stamps are adequately protected against fraudulent use; and (x) that the weights and measures received for verification and stamping should be returned by Government Approved Test Centre after due verification within fifteen days.
8. Fee for verification or re-verification.—(1) The fee payable by the test centre for verification or re-verification of weights or measures shall be as specified in the Himachal Pradesh Legal Metrology (Enforcement) Rules 2011.
(2) Any weights or measure rejected on verification shall be returned to the user for necessary repair and after repair the weight or measure may be accepted for verification on payment of verification fee afresh.
9. Mark of verification—(1) The Government Approved Test Centre after carrying out metrological evaluation of weight or measure and on being satisfied that the same conforms to specification laid down under the Act and rules made thereunder shall stamp the same and also issue a certificate of verification in the form mentioned in third schedule.
(2) The verification mark shall contain the following particulars; namely:—
(i) the legend "HP" and the code number assigned to the test centre in the upper half of semi circle; and
(ii) code letter for the quarter of the year and two digits for the year in the lower half of semi circle.
(iii) A certificate of verification shall also be issued by the test centre as a proof of verification.
10. Inspection of records.—Every Government Approved Test Centre shall keep and retain records for five calendar years of evaluation of weight or measure carried out by them.These records shall be produced by the test centre before the Controller (Legal Metrology) or any officer authorized by him, as and when directed.
11. Place of verification.—The test Centre shall undertake verification of weights or measures either in its authorized premises or within the limits of the Weights and Measures circle where the Government Approved Test Centre operates.
12. Supervision of Government Approved Test Centre.—The Controller or any other authorized legal metrology officer may visit the test centre from time to time to examine whether the Government Approved Test Centre is being run as per laid down procedures and instructions issued by the Government.
6041 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 193813. Liability.—The Principal Officer responsible for the test centre shall be liable to the Government for any loss, damage or legal claims.
14. Contents of Government Approved Test Centre certificate.—(1) Every certificate of Government approved test centre in the form mentioned in Fourth Schedule shall contain the following information:—
(a) the number of the certificate;
(b) name of weight and measure for which Government Approved Test Centre has been approved;
(c) the mark or code assigned to the Government Approved Test Centre;
(d) a brief statement about Government Approved Test Centre;
(e) the special conditions, if any;
(f) period for which Goernment Approved Test Centre approved;
(g) range for verification of weight or measure; and
(h) contact number for consumer redressal;
(2) Where any weight or measure is intended for a special use, the certificate of approval in relation to such weight or approval in relation to such weight or measure shall indicate the special use;
(3) The Controller shall cause the necessary Government Approved Test Centre certificate to be published in the official Gazette.
(4) The Controller may also cause the information referred to in the foregoing sub-rules to be published in the journal, if any, published by the State Government.
15. Mark to Government Approved Test Centre.—The mark assigned to the Government Approved Test Centre shall contain the identification letter of the state, namely, HP, the last two digits of the year of the issue (for example, 14) and the code number assigned to the Governent Approve Test Centre.
16. Revocation of certificate of Government Approved Test Centre.—(1) A certificate of Government Approved Test Centre may be revoked if the Government is satisfied on the recommendation of the Controller, Legal Metrology that the Government Approved Test Centre approved, no longer complies with the provisions these rules, or specifically violates the directions given by the Controller Legal Metrology from time to time:
Provided that no such certificate shall be revoked unless the holder of such certificate has been given an opportunity of showing cause against the proposed action.
(2) Where the certificate of Government Approved Test Centre has been revoked, the verification work shall be stopped by the Government Approved Test Centre immediately:
Provided that where, on inspection, it is found that, the verification of any weight or measure is conducted, the Controller may by an order, prohibit the use of such weight or measure and initiate other appropriate penal action.
6042 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 (3) Every order of revocation or suspension of certificate of approval shall be duly notified.17. Suspension of certificate of Government Approved Test Centre.—(1) A certificate of Government Approved Test Centre for verification of specified weights and measures may be suspended by the Controller, if, there is any omission or failure on the part of the holder of such certificate;
(a) to verify the weights or measures in accordance to which the certificate relates, or (b) verification not conforming to the rules or standards specified in the Act and rules made thereunder, or
(c) not complying with the conditions specified in the certificate:
Provided that no such suspension shall be made except after giving to the holder of the certificate an opportunity of showing cause against the proposed action.
(2) Where any certificate has been suspended under sub-rule (1), the order of suspension shall not be vacated unless the omission or failure for which suspension was made, has been complied with and the sum for compounding the offence has been deposited.
18. Renewal of certificate.—The approval granted to Government Approved Test Centre may be renewed, for a period not exceeding five years at a time, by the Controller (Legal Metrology) subject to the satisfactory functioning of the centre.
19. Fees for applying for Government Approved Test Centre.—(1) An applicant shall deposit rupees ten thousand as fees for the GATC.
(2) A fee of rupees five thousand shall also be deposited by the applicant for addition or deletion of any weight or measure as specified in Schedule 1.
(3) The Government approved Test Centre shall verify weights and measures of all categories for which approval has been granted.
(4) A fee of rupee one thousand shall be charged for any change or alteration in the address of the GATC certificate.
20. Fee for assessment, re-assessment and inspection of Governemnt Approved Test Centre during the calendar year.—A fee of rupees one thousand shall be payable for yearly assessment, re-assessment and inspection of Government Approved Test Centre.
21. Compounding the offence.—Any contravention of the provisions of the Act or rules made thereunder or any condition of the license may be compounded by Controller Legal Metrology by paying a sum of rupees fifty thousand.
FIRSTS CHEDULE
(See sub-rule (1) of rule 3)
Weights and Measures which shall be verified by Government Approved Test
Centre:—
1. Tape Measures
6043 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 19382. Non-automatic weighing instrument of Accuracy Class-IIII/Class-III (upto 150
Kg)
3. Load cell.
4. Beam Scale.
5. Counter Machine.
6. Weights of all categories.
7. Water Meters.
8. Sphygmomanometer
9. Clinical Thermometer, if the facilities for verification and stamping of these equipments or not available with the State Government.
SECOND SCHEDULE
(See sub rule(1) of rule 5)
Application for Approval of Governent Approved Test Centre:—
(1) Full name and complete address of the person/applicant:
(2) Name of the weight or measure for which Government Approved Test Centre has been applied;
(3) The detail and complete function of the applicant;
(4) National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories (NABL) or Controller, Legal Metrology certificate or certificate proved by any other institutions specified in the rules;
(5) Experience in the relevant field of the applicant;
(6) No. of persons employed and their particulars;
(7) Total area of the organization included the detail of the proposed Government Apprvoed Test Centre;
(8) Qualification of Principal Officer and his deputy (details thereof);
(9) Detail of the standards available with the institutions and other testing facilities;
(10) Does the applicant/his employees has acquired the training in respect of quality management system (ISO/IEC 17025) and measurement of uncertainty from any recongnized laboratory in India and abroad;
(11) Copy of the Quality management system of the laboratory, if available;
(12) Experience in the field for testing of the weigths or measure;
6044 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 (13) Any other information which the applicant may consider necessary for assessing the performance of the applicant;(14) Details of the Demand Draft;
(15) Jurisdiction/area for which application is made;
(16) Undertaking that person or applicant will abide by the provisions of the Legal Metrology Act, 2009 and the rules made thereunder; and
(17) Consumer complaint number:
NOTE:— Every application shall be in triplicate accompanied by complete documents for a Government Approved Test Centre.
THIRD SCHEDULE
(see rule 9)
Certificate of verification
Government Approved Test Centre (Name and address)-------------------------------------------
No.------------------
Name of the Officer .---------------------------------------------------
I hereby certify that I have this day verified and stamped/rejected the under mentioned weights, measures, etc.
Bleonging to……………………….. locality…………………………………………….
| Quantity | Denomination | Weighting Instruments | Type | Measu reing Instur ments | Verificat ion fee Rs. | Carriage conveyance/ adjusting charges etc. Rs. P. | |||
| Weight | Meaures | Capa city | Class | Manufa cturer | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 |
Total Rs………………………………………deposited vide Money receipt No………….. dated…………………………..
Repaired by/Used by
………… (Signature) Next verification due on…………………. Principal Officer.
6045 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938NOTE.—In the case of rejected weights,measures,etc.the principal officer shall give separate Certificate of rejection mentioning the reasons of rejection against each item.
FOURTH SCHEDULE
(See rule 14)
Certificate of Government Approved Test Centre
DEPARTMENT OF FOOD CIVIL SUPPLIES & CONSUMER AFFAIRS (WEIGHTS &
MEASURES ORGANISATION)
CERTIFICATE OF APPROVAL OF GOVERNMENT APPROVED TEST CENTRE (Under Section 24 of the Legal Metrogy Act, 2009)
No. WM………(1)/20 Dated:………………..
CERTIFY THAT M/S…………………………………………………………………………………………………… ………………………………………………………………………….(name and address of Government Approved Test Centre)has been approved as Government
Approved Test Centre for………………………………………………..(name of place/district)for the verification of following weights and measures within their ranges:
(1) …………………………………….
(2) …………………………………….
(3) …………………………………….
Cerificate No.: GOHP/GOVERNMENT APPROVED TEST CENTRE/……………(two digits of the State Code)/20/…………………………………..
Valid upto……………………. 20 Director FCS &CA Himachal Pradesh
Copy to: The Controller of Legal Metrology, H.P.…………………for kind information.
Note:—In case of consumer complaint please contact……………………………………." Renewed………………. Controller Legal Metrology (W&M) Himachal Pradesh Shimla-9
____________
By order, TARUN KAPOOR, Principal Secretary (F,CS&CA.
6046 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938In the Court of Shri Gian Sagar Negi, Sub-Divisional Magistrate, Shimla (R),
District Shimla (H. P.)
Smt. Savitri Devi w/o Lt. Shri Sat Dev Sharma, r/o Dhovbvi (Bathamana), P.O. Jabri, Sub- Tehsil Dhami, District Shimla, Himachal Pradesh.
Versus
General Public
. . Respondent.
Whereas Smt. Savitri Devi w/o Lt. Shri Sat Dev Sharma, r/o Village Dhovbvi (Bathamana), P.O. Jabri, Sub-Tehsil Dhami, District Shimla, Himachal Pradesh has filed an application along with affidavit in the court of undersigned under section 13(3) of the Birth & Death Registration Act, 1969 to enter date of birth of his son named—Mr. Tejinder Sharma s/o Smt. Savitri Devi w/o Lt. Sh. Sat Dev Sharma r/o Village Dhobvi (Bathamana), P.O. Jabri, Sub-Tehsil Dhami, District Shimla, Himachal Pradesh in the record of Secy., Birth and Death, Gram Panchayat Bathmana Jabri, Shimla.
| Sl. No. | Name of the family member | Relation | Date of Birth |
| 1. | Mr. Tejinder Sharma | Son | 19-05-1989 |
Hence, this proclamation is issued to the general public if they have any objection/claim regarding entry of the name and date of birth of above named in the record of Gram Panchayat Bathamana Jabri, Shimla may file their claims/objections on or before one month of publication of this notice in Govt. Gazette in this court, failing which necessary orders will be passed. Issued today 13-12-2016 under my signature and seal of the court.
Seal.
Sd/-
Sub-Divisional Magistrate, Shimla (R), District Shimla.
__________
ब अदालत श्री अनिल चौहान, उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक) चौपाल, तहसील चौपाल, जिला शिमला (हिमाचल प्रदेश)
श्री हरी सिंह पुत्र श्री केसरू, गांव ग्यांन, डाकघर ग्यांन, ग्राम पंचायत मानुभाबिया, तहसील चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश ।
बनाम
(1) आम जनता।
(2) प्रधान, ग्राम पंचायत मानुभाबिया, तहसील चौपाल, जिला शिमला।
विषय.--प्रार्थी के बच्चों को नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत मानुभाबिया के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाए जाने बारे। कि अधीन धारा 13(3) जन्म एवम् मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत जन्म पंजीकरण करने बारे।6047 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 हर खास व आम जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी श्री हरी सिंह ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने बच्चों का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत मानुभाबिया के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज नहीं करवाया है, अब प्रार्थी अपने बच्चों का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत मानुभाबिया के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहता है, जो की इस प्रकार से है :-
क्रम संख्या नाम सम्बन्ध जन्म तारीख
1. शिवानी खागटा पुत्री 03-03-1995
2. पुजा खागटा पुत्री 01-02-1998
अतः ग्राम पंचायत मानुभाबिया, तहसील चौपाल की जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई आपत्ति हो तो तारीख 24-12-2016 या इससे पूर्व असलातन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपनी आपत्ति प्रस्तुत करे अन्यथा आवेदन पत्र पर जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके सचिव ग्राम पंचायत मानुभाबिया को आगामी कार्यान्वयन हेतु भेज दिया जायेगा ।
आज तारीख 24-11-2016 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
अनिल चौहान,
उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक)
चौपाल, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
--------
ब अदालत श्री अनिल चौहान, उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक) चौपाल, तहसील चौपाल, जिला शिमला (हिमाचल प्रदेश)
श्री मेहर सिंह चौहान पुत्र Lt. माठु राम गांव कान्दल, डाकघर टिक्करी, ग्राम पंचायत धनत, उप-तहसील नेरवा, तहसील चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश ।
बनाम
(1) आम जनता
(2) प्रधान, ग्राम पंचायत धनत, उप-तहसील नेरवा, तहसील चौपाल, जिला शिमला।
विषय.--प्रार्थी के पुत्र का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत धनत के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाए जाने बारे। कि अधीन धारा 13(3) जन्म एवम् मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत जन्म पंजीकरण करने बारे।
हर खास व आम जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी श्री मेहर सिंह चौहान ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने बेटे का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत धनत के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज नहीं करवाया है, अब प्रार्थी अपने बेटे का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत धनत के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहता है, जो की इस प्रकार से है :-
क्रम संख्या नाम सम्बन्ध जन्म तारीख
1. पियुष चौहान पुत्र 07-10-2000 6048 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 अतः ग्राम पंचायत धनत, उप-तहसील नेरवा, तहसील चौपाल की जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई आपत्ति हो तो तारीख 15-12-2016 को या इससे पूर्व असलातन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपनी आपत्ति प्रस्तुत करे अन्यथा आवेदन पत्र पर जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके सचिव ग्राम पंचायत धनत तहसील चौपाल को आगामी कार्यान्वयन हेतु भेज दिया जायेगा ।
आज तारीख 15-11-2016 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
अनिल चौहान,
उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक)
चौपाल, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
---------
ब अदालत श्री अनिल चौहान, उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक) चौपाल, तहसील चौपाल, जिला शिमला (हिमाचल प्रदेश)
श्री भगत राम पुत्र श्री रूप सिंह, गांव चंईजन, डाकघर टिक्करी, ग्राम पंचायत चंईजन, तहसील चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश ।
बनाम
(1) आम जनता
(2) प्रधान, ग्राम पंचायत चंईजन, तहसील चौपाल, जिला शिमला।
विषय.--प्रार्थी के पुत्र का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत चंईजन के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाए जाने बारे। कि अधीन धारा 13(3) जन्म एवम् मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत जन्म पंजीकरण करने बारे।
हर खास व आम जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी श्री भगत राम ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने बेटे का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत चंईजन के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज नहीं करवाया है, अब प्रार्थी अपने बेटे का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत चंईजन के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहता है, जो की इस प्रकार से है :-
क्रम संख्या नाम सम्बन्ध जन्म तारीख
1. राहुल पुत्र 15-08-2011
अतः ग्राम पंचायत चंईजन, तहसील चौपाल की जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई आपत्ति हो तो तारीख 25-12-2016 को या इससे पूर्व असलातन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपनी आपत्ति प्रस्तुत करे अन्यथा आवेदन पत्र पर जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके सचिव ग्राम पंचायत चंईजन, तहसील चौपाल को आगामी कार्यान्वयन हेतु भेज दिया जायेगा ।
आज तारीख 25-11-2016 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
अनिल चौहान,
उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक)
चौपाल, जिला शिमला (हि0 प्र0)।6049 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 ब अदालत श्री अनिल चौहान, उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक) चौपाल, तहसील चौपाल, जिला शिमला (हिमाचल प्रदेश)
श्री रघु वीर सिंह पुत्र श्री बुधि सिंह, गांव शानग, परगना शाक, ग्राम पंचायत रूसलाह, तहसील चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश ।
बनाम
(1) आम जनता
(2) प्रधान, ग्राम पंचायत रूसलाह, तहसील चौपाल, जिला शिमला।
विषय.--प्रार्थी के बच्चों का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत रूसलाह के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाए जाने बारे। कि अधीन धारा 13(3) जन्म एवम् मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत जन्म पंजीकरण करने बारे।
हर खास व आम जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी श्री रघु वीर सिंह ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने बच्चों का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत रूसलाह के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज नहीं करवाया है, अब प्रार्थी अपने बच्चों का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत रूसलाह के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहता है, जो की इस प्रकार से है :- क्रम संख्या नाम सम्बन्ध जन्म तारीख
1. दीक्षा पुत्री 06-03-2009
2. रीतिका पुत्री 21-02-2010
3. स्नेहा पुत्री 01-02-2014
अतः ग्राम पंचायत रूसलाह, तहसील चौपाल की जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई आपत्ति हो तो तारीख 24-12-2016 को या इससे पूर्व असलातन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपनी आपत्ति प्रस्तुत करे अन्यथा आवेदन पत्र पर जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके सचिव ग्राम पंचायत रुसलाह को आगामी कार्यान्वयन हेतु भेज दिया जायेगा ।
आज तारीख 24-11-2016 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
अनिल चौहान,
उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक)
चौपाल, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
--------
ब अदालत श्री अनिल चौहान, उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक) चौपाल, तहसील चौपाल, जिला शिमला (हिमाचल प्रदेश)
श्री धन सिंह खागटा पुत्र श्री केसरू, गांव ग्यांह, डाकघर ग्यांह, ग्राम पंचायत मानुभाबिया, तहसील चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश ।
बनाम
(1) आम जनता6050 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 (2) प्रधान, ग्राम पंचायत मानुभाबिया, तहसील चौपाल, जिला शिमला। विषय.--प्रार्थी के पुत्र का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत मानुभाबिया के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाए जाने बारे। कि अधीन धारा 13(3) जन्म एवम् मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तरगत जन्म पंजीकरण करने बारे।
हर खास व आम जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी श्री धन सिंह खागटा ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने बेटे का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत मानुभाबिया के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज नहीं करवाया है, अब प्रार्थी अपने बेटे का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत मानुभाबिया के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहता है, जो की इस प्रकार से है :-
क्रम संख्या नाम सम्बन्ध जन्म तारीख
1. राहुल पुत्र 11-01-1998
अतः ग्राम पंचायत मानुभाबिया, तहसील चौपाल की जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई आपत्ति हो तो तारीख 24-12-2016 को या इससे पूर्व असलातन या बकालतन हाजिर अदालत आकर अपनी आपत्ति प्रस्तुत करे अन्यथा आवेदन पत्र पर जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके सचिव ग्राम पंचायत मानुभाबिया, तहसील चौपाल को आगामी कार्यान्वयन हेतु भेज दिया जायेगा । आज तारीख 24-11-2016 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
अनिल चौहान,
उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक)
चौपाल, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
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ब अदालत श्री अनिल चौहान, उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक) चौपाल, तहसील चौपाल, जिला शिमला (हिमाचल प्रदेश)
श्री रोशन लाल पुत्र राय सिंह, गांव कांदल, डाकघर टिक्करी, ग्राम पंचायत धनत, तहसील चौपाल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश ।
बनाम
(1) आम जनता
(2) प्रधान, ग्राम पंचायत धनत, तहसील चौपाल, जिला शिमला।
विषय.--प्रार्थी की पुत्री का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत धनत के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाए जाने बारे। कि अधीन धारा 13(3) जन्म एवम् मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत जन्म पंजीकरण करने बारे।
हर खास व आम जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी श्री रोशन लाल ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपनी बेटी का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत धनत के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज नहीं करवाया है, अब प्रार्थी अपनी बेटी का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत धनत के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहता है, जो की इस प्रकार से है ।6051 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 क्रम संख्या नाम सम्बन्ध जन्म तारीख 1. काव्यांजली चौहान पुत्री 05-08-2013
अतः ग्राम पंचायत धनत, तहसील चौपाल की जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई आपत्ति हो तो तारीख 25-12-2016 को या इससे पूर्व असलातन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपनी आपत्ति प्रस्तुत करे अन्यथा आवेदन पत्र पर जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके सचिव ग्राम पंचायत धनत को आगामी कार्यान्वयन हेतु भेज दिया जायेगा । आज तारीख 25-11-2016 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
अनिल चौहान,
उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक)
चौपाल, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
---------
In the Court of Shri Hemis Negi, H.A.S., Sub Divisional Magistrate Shimla (Urban),
District Shimla, Himachal Pradesh
Tsering Youdon d/o Shri Sonam Dorjee, r/o House No. 16, Tibetan Colony Nabha House . . Applicant. Shimla, Tehsil and District Shimla, H.P.
Versus
General Public
.. Respondent.
Application under section 13(3) of Birth and Death Registration Act, 1969.
Whereas Tsering Youdon d/o Shri Sonam Dorjee, r/o House No. 16, Tibetan Colony Nabha, House Shimla, Tehsil and District Shimla, H.P. has preferred an application to the undersigned for registration of her date of birth i.e. (DOB 11-3-1971) in the record of Municipal Corporation Shimla.
Therefore, this proclamation, the General Public is hereby informed that any person having and objection for entry as to date of birth mentioned above, may submit his objection in writing in this court on or before 12-01-2017 failing which no objection will be entertained after expiry of date and will be decided accordingly.
Given under my hand and seal of the Court on this 12th day of December, 2016.
Seal.
HEMIS NEGI, Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban).
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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय वर्ग, उप-तहसील दुलैहड़, जिला ऊना, हि0 प्र0
(नोटिस : जेरे आदेश 5 नियम 20 सी0पी0सी0 के अन्तर्गत)
श्री रंजीव सिंह पुत्र शक्ति सिंह पुत्र वैन चन्द, जात राजपूत, वासी गांव दुलैहड़, उप-तहसील दुलैहड़, . . वादी जिला ऊना6052 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 बनाम आम जनता
. . प्रतिवादी दरख्वास्त वमुराद दरुस्ती नाम राजस्व रिकार्ड महाल हीरां, भडियारा, व दुलैहड़ व दुलैहड़ उपरला, उप- तहसील दुलैहड़, जिला ऊना, हि0 प्र0 खेवट नं0 82, 212, 529, महाल हीरां व 58, 432, 434 महाल भडियारा 180, 181, 182, 183, 196, 198, 200, 201, 202, 203, 204, 205, 206, 291 महाल दुलैहड़ 93, 94, 95, 96, 142, 199 स्थित महाल दुलैहड़ उपरला, उप-तहसील दुलैहड़, जिला ऊना, हि0 प्र0।
नोटिस बनाम प्रतिवादी
श्री रंजीव सिंह पुत्र शक्ति सिंह पुत्र वैन चन्द, जात राजपूत, वासी गांव दुलैहड, उप-तहसील दुलैहड़, जिला ऊना ने इस न्यायालय मेें दिनांक 18-10-2016 को आवेदन-पत्र दरुस्ती नाम प्रस्तुत किया कि राजस्व रिकार्ड महाल हीरां, भडियारा, दुलैहड़ व दुलैहड़ उपरला में उसका नाम रणजीत सिंह पुत्र शक्ति सिंह पुत्र वैन चन्द गलत दर्ज हुआ है जिसकी दरुस्ती करके राजस्व रिकार्ड महाल हीरां, भडियारा, दुलैहड़ व दुलैहड़ उपरला में उसका नाम रंजीव सिंह पुत्र शक्ति सिंह पुत्र वैन चन्द दरुस्त दर्ज किया जावे।
अतः इस इश्तहार के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को नाम दरुस्ती बारे कोई आपत्ति हो तो वह अपना उजर/एतराज लिखित या मौखिक तौर पर इस न्यायालय में निर्धारित तारीख पेशी 15-12-16 को प्रातः 10 बजे असालतन/वकालतन प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित तारीख पेशी तक उजर प्राप्त न होने की सूरत में यकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर नाम दरुस्ती बारे आदेश पारित कर दिये जाएंगे। निर्धारित तारीख पेशी के उपरान्त कोई भी उजर काबले समायत न होगा। आज दिनांक 25-11-16 को हस्ताक्षर मेरे व मोहर न्यायालय से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय वर्ग, दुलैहड़, जिला ऊना, हि0 प्र0।
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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, दुलैहड़, उप-तहसील दुलैहड़, जिला ऊना (हि0 प्र0)
(नोटिस : जेरे आदेश 5 नियम 20 सी0पी0सी0 के अन्तर्गत)
नोटिस बनाम आम जनता।
किशन चन्द पुत्र पिरथी चन्द बनाम
आम जनता दरख्वास्त जेर धारा 13(3) विवाह पंजीकरण रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.
किशन चन्द पुत्र पिरथी चन्द जात ब्राह्मण, निवासी गांव दुलैहड़, उप-तहसील दुलैहड़, जिला ऊना, द्वारा इस अदालत में आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसका विवाह गांव बोडा, तहसील गढ़शंकर, जिला होशियारपुर (पंजाब) में दिनांक 30-5-2015 को श्रीमती कंचन कुमारी पुत्री श्री सुभाष चन्द, वासी गांव व डा0 बोडा, तहसील गढ़शंकर, जिला होशियारपुर (पंजाब) के साथ खानगी इकरार नामा के अनुसार सम्पन्न हुआ था, परन्तु इस बारे पंचायत अभिलेख में किसी कारणवश शादी का पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिये जायें।6053 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त विवाह पंजीकरण होने बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह स्वयं दिनांक 22-12-2016 को प्रातः दस बजे अधोहस्ताक्षरी के समक्ष असालतन/वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त विवाह पंजीकरण करने के आदेश नियमानुसार पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 5-12-2016 को हस्ताक्षर मेरे व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर। हस्ताक्षरित/-
नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
दुलैहड़, जिला ऊना (हि0 प्र0)।
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग हरोली, जिला ऊना, हि0 प्र0
रोशन लाल
बनाम
आम जनता
आवेदन-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.
श्री रोशन लाल पुत्र श्री गोपी राम, वासी पन्डोगा, तहसील हरोली, जिला ऊना ने इस कार्यालय में निवेदन किया है कि उसकी माता संसारी देवी की मृत्यु दिनांक 28-6-1989 को गांव पन्डोगा में हुई है लेकिन उसकी मृत्यु की तिथि ग्राम पंचायत पन्डोगा के अभिलेख में दर्ज नहीं है।
अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 26-12-2016 को प्रातः 10.00 बजे अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय/ न्यायालय में उपस्थित होकर कर सकता है।
यदि उपरोक्त वर्णित तिथि को किसी व्यक्ति का कोई उजर या एतराज इस न्यायालय में प्राप्त नहीं होता है तो इस न्यायालय द्वारा मृत्यु तिथि दर्ज करने हेतु ग्राम पंचायत पन्डोगा को आदेश दे दिये जाएंगे। आज दिनांक 29-11-2016 को मेरे हस्ताक्षर एवं कार्यालय/न्यायालय मोहर से जारी हुआ। मोहर। हस्ताक्षरित/-
कार्यकारी दण्डाधिकारी
हरोली, जिला ऊना (हि0 प्र0)।6054 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 15 दिसम्बर, 2016/24 अग्रहायण, 1938 नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है