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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 135, 28 September 2017

Published 28 September 2017

Gazette no.
135
Gazetteid
135/GAZETTE/2017-28/09/2017
Identifier
in.gazette.himachal.2017-09-28.135_gazette_2017-28_09_2017
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित वीरवार, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

हिमाचल प्रदेश सरकार

आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 30 जून, 2017

संख्याः ई0एक्स0एन0-एफ(10)-14/2017.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल माल व सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का अधिनियम संख्यांक 10) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, 135-राजपत्र/2017-28-09-2017 (6359) 6360 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 हिमाचल प्रदेश माल व सेवा कर अधिनियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्‌ः-

1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2017 है।

(2) ये नियम प्रथम जुलाई, 2017 से प्रवृत्त होंगे।

2. हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 के नियम 26 के पश्चात्‌ निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः-

''अध्याय 4

प्रदाय के मूल्य का अवधारण

27. माल और सेवाओं की प्रदाय का मूल्य्ा, जहां प्रतिफल धन में नहीं है,-- जहां माल या सेवाओं की प्रदाय ऐसे प्रतिफल के लिए है, जो पूर्णतरू धन में नहीं है, वहां प्रदाय का मूल्य -

(क) ऐसी प्रदाय का खुला बाजार मूल्य होगा ;

(ख) यदि खुला बाजार मूल्य उपलब्ध नहीं है, तो धन में प्रतिफल की कुल रकम और धन की ऐसी और रकम होगा, जो ऐसे प्रतिफल के समतुल्य है, जो धन में नहीं है, यदि ऐसी रकम प्रदाय के समय ज्ञात है ;

(ग) यदि प्रदाय का मूल्य खंड (क) या खंड (ख) के अधीन अवधार्य नहीं है, तो उसी प्रकार और उसी क्वालिटी की माल या सेवाओं या दोनों की प्रदाय का मूल्य होगा ;

(घ) यदि मूल्य खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) के अधीन अवधार्य नहीं है, तो धन में प्रतिफल की कुल राशि और धन में ऐसी और रकम होगा, जो नियम 30 या नियम 31 के लागू किए जाने से उस क्रम में यथा अवधारित ऐसे प्रतिफल के समतुल्य है, जो धन में नहीं है ।

–ष्टांत.-(1) जहां किसी फोन की प्रदाय एक पुराने फोन के विनिमय के साथ बीस हजार रुपए में की जाती है और यदि नए फोन की कीमत विनिमय के बिना चौबीस हजार रुपए है, तो नए फोन का खुला बाजार मूल्य चौबीस हजार रुपए है ।

(2) जहां किसी लैपटाप की प्रदाय ऐसे प्रिन्टर की अदला-बदली के साथ चालीस हजार रुपए है, जो कि प्राप्तिकर्ता द्वारा विनिर्मित है और प्रदाय के समय प्रिन्टर का ज्ञात मूल्य चार हजार रुपए है किन्तु प्रिन्टर का खुला बाजार मूल्य ज्ञात नहीं है, वहां लैपटाप की प्रदाय का मूल्य चवालीस हजार रुपए है ।

28. किसी अभिकर्ता के माध्यम से प्रदाय किए जाने से भिन्न विभिन्न या संबंधित व्यक्तियों के बीच माल या सेवेवाओं या दोनों की प्रदाय का मूल्य-धारा 25 की उपधारा (4) और उपधारा (5) में यथा विनिर्दिष्ट विभिन्नि व्यक्तियोें के बीच या जहां अभिकर्ता के माध्यम से किए जाने के भिन्न प्रदायकर्ता और प्राप्तिकर्ता संबंधित व्यक्ति हैं, वहां माल या सेवाओं या दोनों की प्रदाय का मूल्य-

(क) ऐसी प्रदाय का खुला बाजार मूल्य होगा ;

(ख) यदि खुला बाजार मूल्य उपलब्ध नहीं है तो उसी प्रकार और उसी क्वालिटी के माल या सेवाओं की प्रदाय का मूल्य होगा;

6361 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (ग) यदि मूल्य खंड (क) या खंड (ख) में अवधार्य नहीं है तो उस क्रम में नियम 30 या नियम 31 के

लागू किए जाने से यथा अवधारित मूल्य होगा :

परंतु जहां माल का इस रूप में प्राप्तिकर्ता द्वारा आगे और प्रदाय किया जाना आशयित है, वहां मूल्य, प्रदायकर्ता के विकल्प पर प्राप्तिकर्ता द्वारा उसके ऐसे ग्राहक को, जो संबंधित व्यक्ति नहीं है, उसी प्रकार के और उसी क्वालिटी के माल की प्रदाय के लिए प्रभारित कीमत के नब्बे प्रतिशत के समतुल्य रकम होगा :

परन्तु यह और कि जहां प्राप्तिकर्त्ता पूर्ण इनपुट कर प्रत्यय के लिए पात्र है, वहां बीजक में घोषित मूल्य को माल या सेवाओं का खुला बाजार मूल्य समझा जाएगा।

29. किसी अभिकर्ता के माध्य्यम से माल की, की गई या प्राप्त प्रदाय का मूल्य- प्रधान या उसके अभिकर्ता के बीच माल की प्रदाय का मूल्य-

(क) प्रदाय किए गए माल का खुला बाजार मूल्य होगा, या प्रदायकर्ता के विकल्प पर प्राप्तिकर्ता द्वारा उसके ऐसे ग्राहक को, जो संबंधित व्यक्ति नहीं है, उसी प्रकार के और उसी क्वालिटी के माल की प्रदाय के लिए प्रभारित कीमत के नब्बे प्रतिशत के समतुल्य रकम होगा, जहां उक्त प्राप्तिककर्ता द्वारा माल की आगे और प्रदाय किया जाना आशयित है ;

–ष्टांत.- जहां कोई प्रधान, उसके अभिकर्ता को मूंगफली की प्रदाय करता है और अभिकर्ता प्रदाय के दिन उसी प्रकार और उसकी क्वालिटी की मूंगफलियों की प्रदाय पश्चातवर्ती प्रदाययों में पांच हजार रुपए प्रति क्विंटल की कीमत पर कर रहा है। दूसरा स्वतंत्र प्रदायकर्ता उसी प्रकार और उसी क्वालिटी की मूंगफलियों की प्रदाय उक्त अभिकर्ता को चार हजार पांच सौ पचास रुपए प्रति क्विंटल की कीमत पर कर रहा है, वहां प्रधान द्वारा की गई प्रदाय का मूल्य चार हजार पांच सौ पचास रुपए प्रति क्विंटल होगा या जहां वह विकल्प का प्रयोग करता है, वहां मूल्य पांच हजार रुपए का नब्बे प्रतिशत अर्थात्‌ चार हजार पांच सौ रुपए प्रति क्विंटल होगा:

(ख) जहां प्रदाय का मूल्य खंड (क) के अधीन अवधार्य नहीं है, वहां उसे उस क्रम में नियम 30 या नियम 31 को लागू करके अवधारित किया जाएगा ।

30. माल या सेवाओं या दोनों की प्रदाय का लागत पर आधारित मूल्य.- जहां माल या सेवाओं या दोनों की प्रदाय का मूल्य इस अध्याय के पूर्ववर्ती किसी नियम द्वारा अवधार्य नहीं है, वहां मूल्य उत्पादन या विनिर्माण की लागत या ऐसे माल के अर्जन की लागत या ऐसी सेवाओं के प्रदान किए जाने की लागत का एक सौ दस प्रतिशत होगा ।

31. माल या सेवाओं या दोनों की प्रदाय के मूल्य के अवधारण की अवशिष्ट पद्धति.-जहां माल या सेवाओं या दोनों की प्रदाय का मूल्य नियम 27 से नियम 30 के अधीन अवधारित नहीं किया जा सकता, वहां उसे धारा 15 और इस अध्याय के उपबंधों के सिद्धांतों या साधारण उपबंधों के संगत युक्तियुक्त साधनों का प्रयोग करके अवधारित किया जाएगा :

परंतु सेवाओं की प्रदाय की दशा में, प्रदायकर्ता नियम 30 की अवज्ञा करते हुए इस नियम का विकल्प चुन सकेगा।

32. कतिपय प्रदायों की बाबत मूल्य का अवधारण.--(1) इस अध्याय के उपबंधों में किसी बात के अंतर्विष्ट होते हुए भी, नीचे विनिर्दिष्ट प्रदाययों की बाबत मूल्य प्रदायकर्ता के विकल्प पर इसमें इसके पश्चात्‌ उपबंधित रीति में अवधारित किया जाएगा ।

(2) विदेशी मुद्रा के क्रय या विक्रय के संबंध में, जिसके अंतर्गत धन की अदला-बदली भी है, सेवाओं की प्रदाय का मूल्य सेवा के प्रदायकर्ता द्वारा निम्नलिखित रीति में अवधारित किया जाएगा, अर्थात्‌ :-- 6362 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (क) किसी मुद्रा के लिए जब उसे भारतीय रुपए से विनिमय किया जाता है, मूल्य, यथास्थिति, क्रय दर या विक्रय दर और उस समय उस मुद्रा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की निर्देश दर में अंतर को, मुद्रा की कुल इकाइयों का गुणा किए जाने के बराबर होगा :

परंतु उस दशा में, जहां भारतीय रिजर्व बैंक की निर्देश दर किसी मुद्रा के लिए उपलब्ध नहीं है, वहां मूल्य धन की अदला-बदली करने वाले व्यक्ति द्वारा प्रदान किए गए या प्राप्त किए गए भारतीय रुपए की सकल रकम का एक प्रतिशत होगा :

परंतु यह और कि उस दशा में, जहां विनिमय की जाने वाली कोई भी मुद्रा भारतीय नहीं है, वहां मूल्य दोनों रकमों में से उस कम रकम के एक प्रतिशत के बराबर होगा, जो उस दिन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रदान की गई निर्देश दर पर भारतीय रुपए में दोनों में से किसी मुद्रा को संपरिवर्तित करके धन की अदला-बदली करने वाला व्यक्ति प्राप्त करेगा :

परंतु यह भी कि सेवाओं की प्रदाय करने वाला व्यक्ति किसी वित्तीय वर्ष के लिए खंड (ख) के निबंधनानुसार मूल्य अभिनिश्चित करने के विकल्प का प्रयोग कर सकेगा और ऐसा विकल्प उस वित्तीय वर्ष के शेष भाग के दौरान वापस नहीं लिया जाएगा ।

(ख) सेवाओं के प्रदायकर्ता के विकल्प पर विदेशी मुद्रा की प्रदाय के संबंध में मूल्य, जिसके अंतर्गत धन की अदला-बदली भी है, निम्नलिखित होना समझा जाएगा-

(i) दो सौ पचास रुपए की न्यूनतम रकम के अध्यधीन एक लाख रुपए तक की किसी रकम के लिए विनिमय की गई मुद्रा के सकल रकम का एक प्रतिशत ;

(ii) एक हजार रुपए और एक लाख रुपए से अधिक और दस लाख रुपए तक की रकम के लिए विनिमय की गई मुद्रा की सकल रकम का आधा प्रतिशत ; और

(iii) पांच हजार पांच सौ रुपए तथा छह हजार रुपए की अधिकतम रकम के अध्यधीन दस लाख रुपए से अधिक की रकम के लिए विनिमय की गई मुद्रा की सकल रकम का एक बटा दस प्रतिशत ।

(3) वायुयान द्वारा यात्रा के लिए वायु यात्रा अभिकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई टिकटों की बुकिंग के संबंध में सेवाओं की प्रदाय का मूल्य घरेलू बुकिंग की दशा में, आधार किराए के पांच प्रतिशत की दर से संगणित रकम समझी जाएगी और वायुयान से यात्रा के लिए यात्री की अंतरराष्ट्रीय बुकिंग की दशा में आधार किराए के दस प्रतिशत की दर से संगणित रकम समझी जाएगी ।

स्पष्टीकरण.- इस उपनियम के प्रयोजनों के लिए श्श्आधार किरायाश्श् से वायुयान के किराए का वह भाग अभिप्रेत है, जिस पर एयरलाइन द्वारा वायु यात्रा अभिकर्ता को कमीशन सामान्यतया संदत्त किया जाता है । (4) जीवन बीमा कारबार के संबंध में सेवाओं की प्रदाय का मूल्य निम्नलिखित होगा-

(क) किसी पोलिसी धारक से प्रभारित सकल प्रीमियम, जिसमें से विनिधान के लिए आबंटित रकम को घटा दिया जाएगा, होगा या पोलिसी धारक की ओर से बचत होगा, यदि ऐसी रकम की सूचना सेवा की प्रदाय के समय पोलिसी धारक को दे दी गई है ;

(ख) खंड (क) से भिन्न एकल प्रीमियम वार्षिक पोलिसियों की दशा में, पोलिसी धारक से प्रभारित एकल प्रीमियम का दस प्रतिशत ; या

(ग) अन्य सभी मामलों में पहले वर्ष में पोलिसी धारक से प्रभारित प्रीमियम का पच्चीस प्रतिशत और पश्चातवर्ती वर्षों में पोलिसी धारक से प्रभारित प्रीमियम का साढ़े बारह प्रतिशत :

6363 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 परंतु इस नियम की कोई बात वहां लागू नहीं होगी, जहां पोलिसी धारक द्वारा संदत्त संपूर्ण

प्रीमियम केवल जीवन बीमा की जोखिम को समाविष्ट करने के लेखे है ।

(5) जहां पुराने माल या उपयोग किए गए माल को उस रूप में या ऐसे मामूली प्रसंस्करण के पश्चात्‌, जिससे माल की प्र—ति में कोई परिवर्तन नहीं होता है, क्रय करने या विक्रय करने में लगे किसी व्यक्ति द्वारा कोई कराधेय प्रदाय उपलब्ध कराई जाती है और जहां ऐसे माल के क्रय पर कोई इनपुट कर प्रत्य्ाय प्राप्त नहीं किया गया है, वहां प्रदाय का मूल्य विक्रय कीमत और क्रय कीमत के बीच का अंतर होगा और जहां ऐसी प्रदाय का मूल्य नकारात्म्क है, तो उसे छोड़ दिया जाएगा :

परंतु व्यक्तिक्रमी उधार लेने वाले से, जो उधार या ऋण की वसूली के प्रयोजन के लिए रजिस्ट्री—त नहीं है, पुनः कब्जे में लिए गए माल का क्रय मूल्य व्यक्तिक्रमी उधार लेने वाले द्वारा ऐसे माल की क्रय कीमत में क्रय की तारीख और ऐसा पुनः कब्जा करने वाले व्यक्ति द्वारा उसके व्ययन की तारीख के बीच प्रत्येक तिमाही या उसके भाग के लिए पांच प्रतिशत घटाकर समझा जाएगा ।

(6) किसी टोकन या बाउचर या कूपन या स्टांप (डाक स्टांप से भिन्न), जो माल या सेवा या दोनों के विरुद्ध मोचनीय है, का मूल्य ऐसे टोकन, बाउचर, कूपन या स्टांप के विरुद्ध मोचनीय माल या सेवा या दोनों के धनीय मूल्य के बराबर होगा ।

(7) सेवा प्रदाता के ऐसे वर्ग द्वारा उपलब्ध कराई गई कराधेय ऐसी सेवाओं का मूल्य, जो धारा 25 में यथानिर्दिष्ट विभिन्न व्यक्तियों के बीच अनुसूची 1 के पैरा 2 में यथानिर्दिष्ट परिषद की सिफारिशों पर सरकार द्वारा अधिसूचित की जाएं, जहां इनपुट कर प्रत्यय उपलब्ध है, शून्य समझा जाएगा ।

33. केवल अभिकर्ता की दशा में सेवाओं की प्रदाय का मूल्य.- इस अध्याय के उपबंधों में किसी बातके अंतर्विष्ट होते हुए भी किसी प्रदायकर्ता द्वारा प्रदाय के प्राप्तिकर्ता के केवल अभिकर्ता के रूप में उपगत व्यय या लागत को प्रदाय के मूल्य से अपवर्जित कर दिया जाएगा, यदि निम्नलिखित सभी शर्तें पूरी की जाती हैं, अर्थात्‌ :--

(i) प्रदायकर्ता, तब प्रदाय के प्राप्तिकर्ता के केवल अभिकर्ता के रूप में कार्य करता है, जब वह ऐसे प्राप्तिकर्ता द्वारा दिए गए प्राधिकार पर तीसरे पक्षकार को संदाय करता है ;

(ii) प्रदाय के प्राप्तिकर्ता की ओर से केवल अभिकर्ता द्वारा किए गए संदाय को सेवा के प्राप्तिकर्ता के केवल अभिकर्ता द्वारा जारी बीजक में पृथकतया उपदर्शित किया गया है ; और

(iii) केवल अभिकर्ता द्वारा तीसरे पक्षकार से उपाप्त प्रदाय के प्राप्तिकर्ता के केवल अभिकर्ता के रूप में की गई प्रदाय, उन सेवाओं के अतिरिक्त है, जिनकी प्रदाय वह अपने स्वयं के खाते से करता है ।

स्पष्टीकरण.-- इस नियम के प्रयोजनों के लिए श्श्केवल अभिकर्ताश्श् से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो- (क) माल या सेवाओं या दोंनों की प्रदाय के दौरान व्यय या लागत उपगत करने के लिए प्राप्तिकर्ता के केवल अभिकर्ता के रूप में कार्य करने के लिए उसके साथ संविदात्मक करार करता है ;

(ख) प्रदाय के प्राप्तिकर्ता के केवल अभिकर्ता के रूप में इस प्रकार उपाप्त या प्रदाय किए गए माल या सेवाओं या दोनों का कोई भी शीर्षक न तो धारण करने का आशय रखता है, न धारण करता है ;

(ग) इस प्रकार उपाप्त, ऐसे माल या सेवाओं का अपने स्वयं के लिए उपयोग नहीं करता है ; और (घ) ऐसी प्रदाय के लिए प्राप्त रकम के अतिरिक्त, जो वह अपने स्वयं के लेखे उपलब्ध कराता है, ऐसे माल या सेवाएं उपाप्त करने के लिए उपगत केवल वास्तविक रकम ही प्राप्त करता है । 6364 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 –ष्टांत.--कारपोरेट सेवाएं फर्म क, कंपनी ख के निगमन से संबंधित विधिक कार्य को करने में लगी हुई है। क, ख से उसकी सेवा के लिए फीस से भिन्न, कंपनी रजिस्ट्रार को संदत्त कंपनी के नाम के लिए रजिस्ट्रीेकरण फीस और अनुमोदन फीस भी वसूल करता है, कंपनी रजिस्ट्रार द्वारा नाम के रजिस्ट्रीकरण और अनुमोदन के लिए प्रभारित फीस अनिवार्य रूप से ख पर उद्‌गृहीत है। क, उन फीसों के संदाय में मात्र केवल अभिकर्ता के रूप में कार्य कर रहा है । इसलिए क के ऐसे व्ययों की वसूली एक संवितरण है और क द्वारा ख को की गई प्रदाय के मूल्य का भाग नहीं है ।

34. मूल्य के अवधारण के लिए भारतीय रुपए से भिन्न मुद्रा के विनिमय की दर.--कराधेय माल या सेवा या दोनों के मूल्य के अवधारण के लिए विनिमय की दर, अधिनियम की, यथास्थिति, धारा 12 या धारा 13 के निबंधनानुसार ऐसी प्रदाय की बाबत प्रदाय के समय की तारीख पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा यथा अवधारित उस मुद्रा के लिए लागू निर्देश दर होगी ।

35. एकी—त कर, केेंद्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर को मिलाकर प्रदाय का मूल्य.--जहां प्रदाय के मूल्य में, यथास्थिति, एकी—त कर या केंद्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर सम्मिलित हैं, वहां कर की रकम को निम्नलिखित रीति में अवधारित किया जाएगा, अर्थात्‌ :--

कर की रकम = (करों सहित मूल्य X यथास्थिति, आईजीएसटी या सीजीएसटी, एसजीएसटी या यूटीजीएसटी के प्रतिशत में कर की दर) " (100 + कर दरों की राशि, जो प्रतिशत में लागू है)

स्पष्टीकरण : इस अध्याय के उपबंधों के प्रयोजनों के लिए,-

(क) माल, सेवा या दोनों की प्रदाय के ''खुले बाजार मूल्य'' पद से ऐसा संपूर्ण धनीय मूल्य अभिप्रेत है, जो एकी—त कर, केंद्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर और किसी संव्यवहार में किसी व्यक्ति द्वारा संदेय उपकर को अपवर्जित करने पर आता है, जहां प्रदाय का प्रदायकर्ता और प्राप्तिकर्ता संबंधित नहीं हैं और उस समय, जब प्रदाय का मूल्य किया जाता है, ऐसी प्रदाय को अभिप्राप्त करने के लिए कीमत ही एकमात्र प्रतिफल है ;

(ख) ''उसी प्रकार के और उसी क्वालटी के माल या सेवा या दोनों की प्रदाय'' पद से उन्हीं परिस्थितियों के अधीन माल या सेवा या दोनों की, की गई कोई अन्य प्रदाय अभिप्रेत है, जो पहले उल्लिखित माल या सेवा या दोनों की विशेषता, क्वालिटी, मात्रा, —त्यकारी संघटक, सामग्रियों और ख्याति के संबंध में माल या सेवाओं या दोनों की उस प्रदाय के प्रकार की या निकटतम अथवा सारतः उसके स–श्य हैं ।

अध्याय 5

इनपुट कर प्रत्यय

36. इनपुट कर प्रत्यय का दावा करने के लिए दस्तावेजेजी अपेक्षाएं और शर्र्र्तेेंंं.--(1) इनपुट कर प्रत्यय का उपभोग किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा किया जाएगा, जिसके अंतर्गत निम्नलिखित किसी दस्तावेज के आधार पर इनपुट सेवा वितरक भी है, अर्थात्‌ :--

(क) धारा 31 के उपबंधों के अनुसार माल या सेवा या दोनों के प्रदायकर्ता द्वारा जारी किया गया बीजक ;

(ख) कर के संदाय के अध्यधीन धारा 31 की उपधारा (3) के खंड (च) के उपबंधों के अनुसार जारी किया गया बीजक ;

(ग) धारा 34 के उपबंधों के अनुसार किसी प्रदायकर्ता द्वारा जारी किया गया नामे नोट ;

(घ) प्रवेश पत्र या आयातों पर एकी—त कर के निर्धारण के लिए सीमाशुल्क अधिनियम, 1962 या उसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन कोई अन्य वैसा ही दस्तावेज ;

6365 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

(ङ) इनपुट सेवा वितरक बीजक या इनपुट सेवा वितरक जमा पत्र अथवा नियम 54 के उपनियम (1) के उपबंधों के अनुसार इनपुट सेवा वितरक द्वारा जारी किया गया कोई दस्तावेज । (2) इनपुट कर प्रत्यय का उपभोग केवल रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा ही किया जाएगा, यदि उक्त दस्तावेज में अध्याय 6 में यथाविनिर्दिष्ट लागू सभी विशिष्टियां अंतर्विष्ट हैं और उक्त दस्तावेज में यथा अंतर्विष्ट सुसंगत सूचना ऐसे व्यक्ति द्वारा प्ररूप जीएसटीआर-2 में दी गई हैं ।

(3) किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा किसी ऐसे कर की बाबत इनपुट कर प्रत्यय का उपभोग नहीं किया जाएगा, जिसका संदाय किसी आदेश के अनुसरण में किया गया है, जहां ऐसी मांग की पुष्टि किसी कपट, जानबूझकर किए गए गलत कथन या तथ्योें को छिपाने के कारण की गई है ।

37. प्रतिफल के असंदाय की दशा में इनपुट कर प्रत्यय की वापसी.--(1) कोई रजिस्ट्री—त व्यक्ति, जो माल या सेवा या दोनों की किसी आवक प्रदाय पर इनपुट कर प्रत्यय का उपभोग करता है, किन्तु धारा 16 की उपधारा (2) के दूसरे परंतुक में विनिर्दिष्ट समय-सीमा के भीतर उस पर संदेय कर सहित ऐसी प्रदाय के मूल्य का उसके प्रदायकर्ता को संदाय करने में असफल होता है, बीजक के जारी किए जाने की तारीख से एक सौ अस्सी दिन की अवधि के ठीक पश्चात्‌ वाले मास के लिए, ऐसी प्रदाय, संदत्त नहीं किए गए मूल्य की रकम प्रदायकर्ता को संदत्त नहीं की गई ऐसे रकम के अनुपात में उपभोग की गई इनपुट कर प्रत्यय की रकम के ब्यौरे प्ररूप जीएसटीआर-2 में देगा :

परंतु उक्त अधिनियम की अनुसूची 1 में यथाविनिर्दिष्ट प्रतिफल के बिना की गई प्रदाय का मूल्य, धारा 16 की उपधारा (1) के दूसरे परंतुक के प्रयोजनों के लिए संदत्त किया गया समझा जाएगा ।

(2) उपनियम (1) में निर्दिष्ट इनपुट कर प्रत्यय की रकम को उस मास के लिए, जिसमें ब्यौरे दिए गए हैं, रजिस्ट्री—त व्यक्ति के आउटपुट कर दायित्व में जोड़ दिया जाएगा ।

(3) रजिस्ट्री—त व्यक्ति, ऐसी प्रदाययों पर प्रत्यय का उपभोग करने की तारीख से आरंभ होने वाली अवधि से उपनियम (2) में यथा उल्ल्खित आउटपुट कर दायित्व में जोड़ी गई रकम के संदाय करने की तारीख तक धारा 50 की उपधारा (1) के अधीन अधिसूचित दर से ब्याज कर संदाय करने का दायी होगा । (4) धारा 16 की उपधारा (4) में विनिर्दिष्ट समय-सीमा अधिनियम के उपबंधों या इस अध्याय के उपबंधों के अनुसार किसी ऐसे प्रत्यय का पुनः उपभोग करने के लिए लागू नहीं होगी, जिसे पूर्व में वापस कर दिया गया था ।

38. किसी बैंककारी कंपनी या किसी वित्तीय संस्था द्वारा प्रत्यय का दावा.--कोई बैंककारी कंपनी या कोई वित्तीय संस्था, जिसके अंतर्गत ऐसी गैर बैंककारी वित्तीय कंपनी भी है, जो जमा स्वीकार करने या उधार देने या अग्रिम देने के रूप में सेवाओं की प्रदाय में लगी हुई है, जिसने धारा 17 की उपधारा (2) के उपबंधों की उस धारा की उपधारा (4) के अधीन अनुज्ञात विकल्प के अनुसार अनुपालना नहीं करने का चुनाव किया है, निम्नलिखित प्रक्रिया का अनुसरण करेगी, अर्थात्‌ :--

(क) (i) उक्त कंपनी या संस्था इनपुटों और गैर कारबार प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त इनपुट सेवाओं पर संदत्त कर के प्रत्यय का उपभोग नहीं करेगी ; और

(ii) प्ररूप जीएसटीआर-2 में धारा 17 की उपधारा (5) में विनिर्दिष्टक प्रदाययों के कारण किए गए प्रत्यय के प्रत्यय का उपभोग नहीं करेगी ।

(ख) उक्त कंपनी या संस्था धारा 17 की उपधारा (4) के दूसरे परंतुक में निर्दिष्ट तथा खंड (क) के अधीन नहीं आने वाले इनपुटों और इनपुट सेवाओं पर संदत्त कर के प्रत्यय का उपभोग करेगी ;

(ग) इनपुट कर की शेष रकम का पचास प्रतिशत कंपनी या संस्था को अनुज्ञेय इनपुट कर प्रत्यय होगा और प्ररूप जीएसटीआर-2 में दिया जाएगा ;

6366 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (घ) खंड (ख) और खंड (ग) में निर्दिष्ट रकम को धारा 41, धारा 42 और धारा 43 के उपबंधों के अध्यधीन उक्त कंपनी या संस्था के इलेक्ट्रानिक जमा खाते में जमा कर दिया जाएगा । 39. इनपुट सेवा वितरक द्वारा इनपुट कर प्रत्यय के वितरण की प्रक्रिया.- (1) इनपुट सेवा वितरक इनपुट कर प्रत्यय का वितरक निम्निलखित रीति में और शर्तों के अध्यधीन करेगा, अर्थात्‌ :--

(क) किसी मास में वितरण के लिए उपलब्ध इनपुट कर प्रत्यय को उसी मास में वितरित किया जाएगा और उसके ब्यौरे इन नियमों के अध्याय 8 के उपबंधों के अनुसार प्ररूप जीएसटीआर-6 में दिए जाएंगे ;

(ख) इनपुट सेवा वितरक खंड (घ) के उपबंधों के अनुसार अपात्र इनपुट कर प्रत्यय की रकम को (धारा 17 की उपधारा (5) के उपबंधों के अध्यधीन या अन्य्ाथा पात्र) और पात्र इनपुट कर प्रत्यय की रकम को अलग से वितरित करेगा ;

(ग) केंद्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्य क्षेत्र कर और एकी—त कर के मद्दे इनपुट कर प्रत्यय को खंड (घ) के उपबंधों के अनुसार अलग से वितरित किया जाएगा ;

(घ) ऐसा इनपुट कर प्रत्यय, जो प्राप्तिकर्ताओं में किसी एक श्त्1श् चाहे रजिस्ट्री—त हो या नहीं, ऐसे सभी प्राप्तिकर्ताओं में से, जिनको इनपुट कर प्रत्यय किया जाना है, जिसके अंतर्गत ऐसे प्राप्तिकर्ता भी हैं, जो छूट प्राप्त प्रदाय करने में लगे हुए हैं या किसी कारण से अन्यथा रजिस्ट्री— त नहीं हैं, धारा 20 की उपधारा (2) के खंड (घ) और खंड (ड.) के उपबंधों के अनुसार वितरित किया जाना अपेक्षित है, ''C1'' रकम होगा, जिसे निम्नलिखित सूत्र लागू करके संगणित किया जाएगा,--

सी1 = ( टी1झ्टी) x सी

जहां,

"सी", वितरित किए जाने वाले प्रत्यय की रकम है,

"टी1", आर1 व्यक्ति का, सुसंगत अवधि के दौरान, धारा 20 में यथा निर्दिष्ट आवर्त है, और "टी", सुसंगत अवधि के दौरान, ऐसे सभी प्राप्तिकर्ताओं का, जिनके प्रति धारा 20 के उपबंधों के अनुसार इनपुट सेवा निर्धारित की गई है, आवर्त का योग है ;

(ङ) एकी—त कर के मद्दे प्रत्येक प्राप्तिकर्ता को इनपुट कर प्रत्यय का एकी—त कर के इनपुट कर प्रत्यय के रूप में वितरण किया जाएगा ;

(च) केंद्रीय कर और राज्य कर या संघ राज्यक्षेत्र कर के मद्दे इनपुट कर प्रत्यय का,--

(i) उसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में अवस्थित प्राप्तिकर्ता के संबंध में, जिसमें इनपुट सेवा वितरक अवस्थित है, वितरण क्रमशः केंद्रीय कर और राज्य कर या संघ राज्यक्षेत्र कर के इनपुट कर प्रत्यय के रूप में किया जाएगा ;

(ii) इनपुट सेवा वितरक के राज्य या संघ राज्यक्षेत्र से भिन्न किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में अवस्थित किसी प्राप्तिकर्ता के संबंध में, वितरण एकी—त रूप के रूप में किया जाएगा और इस प्रकार वितरित की जाने वाली रकम केंद्रीय कर और राज्य कर या संघ राज्यक्षेत्र कर के इनपुट कर प्रत्यय की रकम के उस योग के बराबर होगी, जो खंड (घ) के अनुसार ऐसे प्राप्ति कर्ता के प्रति वितरण के लिए सीमित है ;

6367 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

(छ) इनपुट सेवा वितरक, नियम 54 के उपनियम (1) में यथा विहित इनपुट सेवा वितरक बीजक जारी करेगा, ऐसे बीजक में स्पष्टतः उपदर्शित होगा कि इसे केवल इनपुट कर प्रत्यय के वितरण के लिए जारी किया गया है ;

(ज) इनपुट सेवा वितरक, किसी कारण से पहले वितरित इनपुट कर प्रत्यय को घटाए जाने की दशा में प्रत्यय को घटाए जाने के लिए, नियम 54 के उपनियम (1) में यथा विहित इनपुट सेवा वितरक प्रत्यय नोट जारी करेगा ;

(झ) प्रदायकर्ता द्वारा किसी इनपुट सेवा वितरक को किसी नामे नोट के जारी किए जाने के कारण इनपुट कर प्रत्यय की किसी अतिरिक्त रकम का वितरण खंड (क) से खंड (च) में विनिर्दिष्ट रीति में और उसमें विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन रहते हुए किया जाएगा और किसी प्राप्तिकर्ता के लिए निर्धारित रकम की संगणना खंड (घ) में उपबंधित रीति में की जाएगी और ऐसे प्रत्यय का उस मास में वितरण किया जाएगा, जिसमें नामे नोट को प्ररूप जी.एस.टी.आर. 6 में विवरणी में सम्मिलित किया गया है ;

(ञ) प्रदायकर्ता द्वारा इनपुट सेवा वितरक को किसी नामे नोट के जारी किए जाने के कारण घटाए जाने के लिए अपेक्षित कोई इनपुट कर प्रत्यय का प्रभाजन, प्रत्येक प्राप्तिकर्ता के लिए उस अनुपात में किया जाएगा, जिसमें मूल बीजक में अंतर्विष्ट इनपुट कर प्रत्यय का वितरण खंड (घ) के निबंधनानुसार किया गया था और इस प्रकार प्रभाजित रकम को,--

(i) उस मास में, जिसमें प्ररूप जी.एस.टी.आर. 6 में विवरणी सम्मिलित किया जाता है, वितरित की जाने वाली रकम में से घटाया जाएगा ; या

(ii) प्राप्तिकर्ता के आऊटपुट कर दायित्व में जोड़ दिया जाएगा, जहां इस प्रकार प्रभाजित रकम ऐसे वितरण के अधीन, जो समायोजित की जाने वाली रकम से कम है, प्रत्यय की रकम के आधार पर नकारात्मक है ।

(2) यदि किसी इनपुट सेवा वितरक द्वारा वितरित इनपुट कर प्रत्यय की रकम को किन्हीं प्राप्तिकर्ताओं के लिए किसी अन्य कारण से, जिसके अंतर्गत वह कारण भी है, कि इनपुट सेवा वितरक द्वारा दिए गलत प्राप्तिकर्ताओं को वितरित कर दिया गया था, बाद में कम कर दिया जाता है, तो प्रत्यय के घटाए जाने के लिए उपनियम (1) के खंड (ञ) में विनिर्दिष्ट प्रक्रिया यथाआवश्यक परिवर्तनों सहित लागू होगी ।

(3) उपनियम (2) के अधीन रहते हुए, इनपुट सेवा वितरक, उपनियम (1) के खंड (5) में विनिर्दिष्ट इनपुट सेवा वितरक को नामे नोट के आधार पर ऐसे प्रत्यय के लिए हकदार प्राप्तिकर्ता के प्रति एक इनपुट सेवा वितरक बीजक जारी करेगा और इनपुट सेवा वितरक नामे नोट तथा इनपुट सेवा वितरक बीजक को उस मास के लिए, जिसमें ऐसा प्रत्यय नोट और बीजक जारी किया गया था, प्ररूप जी.एस.टी.आर. 6 में विवरणी में सम्मिलित करेगा।

40. विशेेष परिस्थितियों मेंं प्रत्यय का दावा करने की रीति.—(1) स्टाक में धारित इनपुट या स्टाक में धारित अर्धपरिरूपित या परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुट पर और उक्त उपधारा के खंड (ग) और खंड (घ) के उपबंधों के अनुसार पूंजी माल पर दावा किए गए प्रत्य्ाय पर धारा 18 की उपधारा (1) के उपबंधों के अनुसार दावा किया गया इनपुट कर प्रत्यय निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन होगा, अर्थात्‌ :--

(क) धारा 18 की उपधारा (1) के खंड (ग) और खंड (घ) के निबंधनानुसार, पूंजी माल पर इनपुट कर प्रत्यय का दावा, ऐसे पूंजी माल पर संदत्त कर को, बीजक या ऐसे अन्य दस्तावेजों, जिनके आधार पर कराधेय व्यक्ति द्वारा पूंजी माल प्राप्त किया गया था, की तारीख से, किसी वर्ष की प्रत्येक तिमाही या उसके किसी भाग के लिए पांच प्रतिशत पाइंट तक कम करने के पश्चात्‌, किया जाएगा ;

6368 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

(ख) रजिस्ट्री—त व्यक्ति, उसके धारा 18 की उपधारा (1) के अधीन इनपुट कर प्रत्यय का उपयोग करने हेतु पात्र होने की तारीख से तीस दिन की अवधि के भीतर, इलैक्ट्रानिक रूप से, प्ररूप जी.एस.टी. आर्ई.टी.सी. 01 में, सामान्य पोर्टल पर, इस प्रभाव की घोषणा करेगा कि वह यथापूर्वोक्त इनपुट कर प्रत्यय का उपयोग करने का पात्र है ;

(ग) खंड (ख) के अधीन घोषणा में स्पतष्टतः,--

(i) धारा 18 की उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन दावे की दशा में, उस तारीख से, जिसको वह अधिनियम के उपबंधों के अधीन कर संदाय के लिए दायी हुआ था, ठीक पूर्ववर्ती दिन को ;

(ii) धारा 18 की उपधारा (1) के खंड (ख) के अधीन दावे की दशा में, रजिस्ट्रीकरण प्रदाय किए जाने की तारीख से ठीक पूर्ववर्ती दिन को ;

(iii) धारा 18 की उपधारा (1) के खंड (ग) के अधीन दावे की दशा में, उस तारीख से, जिसको वह धारा 9 के अधीन कर संदाय के लिए दायी हुआ था,ठीक पूर्ववर्ती दिन को;

(iv) धारा 18 की उपधारा (1) के खंड (घ) के अधीन दावे की दशा में, उस तारीख से, जिससे रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा किए गए प्रदाय कराधेय हुए है, ठीक पूर्ववर्ती दिन को, यथास्थिति, स्टाक में धारित इनपुट या स्टाक में धारित अर्धपरिरूपित या परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुट पूंजी माल के संबंध में ब्यौरे विनिर्दिष्ट किए जाएंगे ।

(घ) यदि केंद्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्य क्षेत्र कर और एकी—त कर के मद्दे दावे का कुल मूल्य दो लाख रुपए से अधिक है तो खंड (ख) के अधीन घोषणा में दिए गए ब्यौरे किसी व्यवसायरत चार्टर्ड अकाउंटेंट या लागत लेखापाल द्वारा सम्यक्‌ रूप से प्रमाणित होंगे ;

(ङ) धारा 18 की उपधारा (1) के खंड (ग) और खंड (घ) के उपबंधों के अनुसार दावा किए गए इनपुट कर प्रत्यय को तत्स्थानी प्रदायकर्ता द्वारा, यथास्थिति, प्ररूप जी.एस.टी.आर. 1 या प्ररूप् जी.एस.टी.आर. 4 में, सामान्य पोर्टल पर, दिए गए तत्स्थानी ब्यौरों के अनुसार सत्यापित किया जाएगा ।

(2) धारा 18 की उपधारा (6) के प्रयोजनों के लिए, पूंजी माल या संयंत्र और मशीनरी के प्रदाय की दशा में, प्रत्यय की रकम, ऐसे माल के लिए बीजक जारी करने की तारीख से, किसी वर्ष की प्रत्येक तिमाही या उसके किसी भाग के लिए, ऐसे माल पर इनपुट कर को पांच प्रतिशत पांइट तक कम करके, संगणित की जाएगी ।

41. कारबार के विक्रय, विलयन, समामेलन, पट्टा या अंतरण पर प्रत्यय का अंतरण.--(1) कोई रजिस्ट्री—त व्यक्ति, किसी कारण से कारबार के विक्रय, विलयन, निर्विलयन, समामेलन, पट्टा या अंतरण या परिवर्तन की दशा में, इलैक्ट्रानिक रूप से, सामान्य पोर्टल पर, प्ररूप जी.एस.टी.आर. आर्ई.टी.सी. 02 में, अंतरिती के इलैक्ट्रानिक जमा खाते में पड़े हुए उपयोग किए गए इनपुट कर प्रत्यय के अंतरण के लिए अनुरोध के साथ कारबार के विक्रय, विलयन, निर्विलयन, समामेलन, पट्टे या अंतरण के ब्यौरे देगा :

परंतु निर्विलयन की दशा में इनपुट कर प्रत्यय को निर्विलयन स्की्‌म में यथा विनिर्दिष्ट नई इकाइयों की आस्तियों के मूल्य के अनुपात में प्रभाजित किया जाएगा ।

(2) अंतरक किसी भी व्यवसायरत चार्टर अकाउंटेंट या लागत लेखापाल द्वारा यह प्रमाणित करते हुए कि कारबार के विक्रय, विलयन, निर्विलयन, समामेलन, पट्टा या अंतरण दायित्वों के अंतरण संबंधी विनिर्दिष्ट उपबंध के अनुसार किया गया है, जारी प्रमाणपत्र की प्रति प्रस्तुत करेगा ।6369 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (3) अंतरिती, सामान्य पोर्टल पर, अंतरक द्वारा इस प्रकार दिए गए ब्यौरों को प्रतिगृहीत करेगा और ऐसे प्रतिग्रहण पर, प्ररूप जी.एस.टी.आर. आई..टी.सी. 02 में, विनिर्दिष्ट अनुपयोजित प्रत्यय उसके इलैक्ट्रानिक जमा खाते में जमा हो जाएगा ।

(4) इस प्रकार अंतरित इनपुट और पूंजी माल को, अंतरिती द्वारा उसकी लेखा पुस्तक में सम्यक्‌ रूप से हिसाब में लिया जाएगा ।

42. इनपुटों या इनपुट सेवाओं और उनके विपर्यय के संबंंध में इनपुट कर प्रत्यय के अवधारण की रीति.—(1) ऐसे इनपुटों या इनपुट सेवाओं के संबंध में, इनपुट कर प्रत्यय का, जिन्हें धारा 17 की उपधारा (1) या उपधारा (2) के उपबंध लागू होते हैं, जिनका भागतः उपयोग कारबार के प्रयोजनों के लिए किया गया है और भागतः अन्य प्रयोजनों के लिए किया गया है या जिनका भागत उपयोग कराधेय प्रदायों को, जिनके अंतर्गत शून्य दर प्रदाय भी हैं, प्रभाव देने के लिए और भागतः छूट प्राप्त प्रदायों को प्रभाव देने के लिए किया गया है, इनपुट कर प्रत्यय निम्नलिखित रीति से कारबार के प्रयोजन के लिए या प्रभावित कराधेय प्रदायों के लिए निर्धारित होगा, अर्थात्‌ :--

(क) किसी कर अवधि में इनपुटों और इनपुट सेवाओं में अंतर्वलित कुल इनपुट कर 'टी' के रूप में द्योतक होगा ;

(ख) 'टी' में से इनपुट कर की रकम, जो कारबार से भिन्न प्रयोजनों के लिए अनन्य रूप से उपयोग किए जाने के लिए आशयित इनपुटों और इनपुट सेवाओं के लिए निर्धारणीय है, 'टी1' के रूप में द्योतक होगी ;

(ग) 'टी' में से इनपुट कर की रकम, जो प्रभावित छूट प्राप्त्‌ प्रदायों के लिए अनन्य रूप से उपयोग किए जाने के लिए आशयित इनपुटों और इनपुट सेवाओं के लिए निर्धारणीय है, 'टी2' के रूप में द्योतक होगी ;

(घ) 'टी' में से इनपुट कर की रकम, ऐसे इनपुटों और इनपुट सेवाओं के संबंध में, जिन पर धारा 17 की उपधारा (5) के अधीन प्रत्यय उपलब्ध नहीं है, 'टी3' के रूप में द्योतक होगी ;

(ङ) रजिस्ट्री—त व्यक्ति के इलैक्ट्रानिक जमा खाते में जमा इनपुट कर प्रत्यय की रकम 'सी' के रूप में द्योतक होगी और निम्नानुसार संगणित की जाएगी,--

सी1 = टी - ( टी1 + टी2 + टी3) ;

(च) छूट प्राप्त प्रदायों से भिन्न, किंतु शून्य दर प्रदायों सहित प्रभावित प्रदायों के लिए अनन्य रूप से उपयोग किए जाने के लिए आशयित इनपुटों और इनपुट सेवाओं के लिए निर्धारणीय इनपुट कर प्रत्यय की रकम श्टी4श् के रूप में द्योतक होगी ;

(छ) रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा, 'टी1', 'टी2', 'टी3' और 'टी4' का अवधारण और उसकी घोषणा प्ररूप जी.एस.टी.आर. 02 में बीजक स्तर पर की जाएगी ;

(ज) खंड (छ) के अधीन इनपुट कर प्रत्यय के निर्धारण के पश्चात्‌ बचे हुए इनपुट कर प्रत्यय को सामान्य प्रत्यय कहा जाएगा, जो 'सी2' के रूप में द्योतक होगी और उसकी संगणना निम्नानुसार की जाएगी,--

सी2 = सी1 - टी4 ;

(झ) छूट प्राप्त प्रदायों के मद्दे निर्धारणीय इनपुट कर प्रत्यय कर रकम 'डी1' के रूप में द्योतक होगी और निम्नानुसार संगणित की जाएगी,--

डी1 = (ई ÷ एफ) ग सी2)6370 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 जहां, 'ई', कर अवधि के दौरान छूट प्राप्त प्रदायों का कुल मूल्य है, और

'एफ', रजिस्ट्री—त व्यक्ति के राज्य में कर अवधि के दौरान कुल आवर्त है :

परंतु जहां रजिस्ट्री—त व्यक्ति का उक्त कर अवधि के दौरान कोई आवर्त नहीं है या पूर्वोक्त सूचना उपलब्ध नहीं है, वहां 'ई/एफ' के मूल्य की संगणना, उस मास के पूर्व की, जिसके दौरान 'ई/एफ' के उक्त मूल्य की संगणना की जानी है, ऐसी अंतिम कर अवधि के, जिसके लिए ऐसे आवर्त के ब्यौरे उपलब्ध है, 'ई' और 'एफ' के मूल्यों को हिसाब में लेते हुए की जाएगी ;

स्पष्टीकरण.- इस खंड के प्रयोजनों के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि छूट प्राप्त प्रदायों का संकलित मूल्य और कुल आवर्त को संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 1 की प्रविष्टि 84 और उक्त अनुसूची की सूची 2 की प्रविष्टि 51 और प्रविष्टि 54 के अधीन उद्‌गृहीत शुल्क या कर की रकम में से अपवर्जित किया जाएगा ;

(ञ) गैर कारबार प्रयोजनों के लिए, निर्धारणीय प्रत्यय की रकम को, यदि सामान्य इनपुटों और इनपुट सेवाओं का उपयोग भागतः कारबार के लिए और भागतः गैर कारबार प्रयोजनों के लिए किया जाता है, 'डी2' के रूप में द्योतक होगी और 'सी2' के पांच प्रतिशत के बराबर होगी ;

(ट) शेष सामान्य कर प्रत्यय कारबार के प्रयोजनों के लिए और छूट प्राप्त प्रदायों से भिन्न प्रभावित प्रदायों के लिए, किंतु इसमें शून्य दर प्रदाय सम्मिलित हैं, निर्धारित इनपुट कर प्रत्यय के लिए उपयुक्त होगा और 'सी3' के रूप में द्योतक होगा, जहां,--

सी3 = सी2 - (डी1 ़ डी2) ;

(ठ) केंद्रीय कर, राज्यकर, संघ राज्यक्षेत्र कर और एकी—त कर के इनपुट कर प्रत्यय के लिए रकम 'सी3' की संगणना पृथक रूप से की जाएगी ;

(ड) 'डी1' और 'डी2' के योग के बराबर रकम को रजिस्ट्री—त व्यक्ति के आऊटपुट कर दायित्व में जोड़ा जाएगा :

परंतु रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा जहां इनपुटों और इनपुट सेवाओं से संबंधित इनपुट कर की रकम की, जिसका भागतः उपयोग कारबार से भिन्न प्रयोजन के लिए किया गया है और भागतः उपयोग प्रभावित छूट प्राप्त प्रदायों के लिए किया गया है, पहचान कर ली गई है और बीजक स्तर पर उसे पृथक कर दिया गया है, वहां उसे क्रमशः 'टी1' और 'टी2' में सम्मिलित किया जाएगा और ऐसे इनपुटों और इनपुट सेवाओं पर प्रत्यय की शेष रकम को श्टी4श् में सम्मिलित किया जाएगा ।

(2) किसी वित्तीय वर्ष के लिए उपनियम (1) के अधीन अवधारित इनपुट कर प्रत्यय की अंतिम रूप से संगणना, उस वित्तीय वर्ष के अंत के, जिससे ऐसा कर प्रत्यय संबंधित है, आगामी सितंबर मास में विवरणी देने के लिए देय तारीख से पूर्व उक्त उपनियम में विनिर्दिष्ट रीति से की जाएगी, और,--

(क) जहां 'डी1' और 'डी2' के संबंध में, अंतिम रूप से संगणित संकलित रकमें, 'डी1' और 'डी2' के संबंध में उपनियम (1) के अधीन अवधारित संकलित रकमों से अधिक है, वहां ऐसे आधिक्य को रजिस्ट्री—त व्यक्ति की, उस मास में के आऊटपुट कर दायित्व में जोड़ दिया जाएगा, जो ऐसे वित्तीय वर्ष के अंत के, जिससे ऐसा प्रत्यय संबंधित है, आगामी सितंबर मास के अपश्चात्‌ है, और उक्त व्यक्ति, उक्त आधिक्य रकम पर, उत्तरवर्ती वित्तीय वर्ष की एक अप्रैल से आरंभ होने6371 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 वाली संदाय की तारीख तक की अवधि के लिए धारा 50 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट दर पर ब्याज का संदाय करने का दायी होगा ; और

(ख) जहां 'डी1' और 'डी2' के संबंध में, उपनियम (1) के अधीन अवधारित संकलित रकमें, 'डी1' और 'डी2' के संबंध में अंतिम रूप से संगणित संकलित रकमों से अधिक है, वहां रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा, ऐसे वित्तीय वर्ष के अंत के, जिससे ऐसा प्रत्यय संबंधित है, आगामी सितंबर मास के अपश्चात्‌ किसी मास के लिए उसकी विवरणी में ऐसी आधिक्य रकम का दावा प्रत्यय के रूप में किया जाएगा ।

43. पूंजी माल और कतिपय मामलों में उसके विपर्यन के संबंध में इनपुट कर प्रत्यय के अवधारण की रीति.--(1) धारा 16 की उपधारा (3) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, ऐसे पूंजी माल के संबंध में इनपुट कर प्रत्यय, जिसे धारा 17 की उपधारा (1) और उपधारा (2) के उपबंध लागू होते हैं, जिनका भागतः उपयोग कारबार के प्रयोजन के लिए और भागतः उपयोग अन्य प्रयोजनों के लिए किया गया है या भागतः उपयोग शून्य दर प्रदायों सहित प्रभावित कराधेय प्रदायों के लिए और भागतः प्रभावित छूट प्राप्त प्रदायों के लिए किया गया है, निम्नलिखित रीति में कारबार के प्रयोजनों के लिए या प्रभावित कराधेय प्रदायों के लिए निर्धारित किया जाएगा, अर्थात्‌ :--

(क) गैर कारबारी प्रयोजनों के लिए अनन्य रूप से प्रयुक्त या प्रयुक्त किए जाने के लिए आशयित या प्रभावित छूट प्राप्त प्रदायों के लिए प्रयुक्त या प्रयुक्त किए जाने के लिए आशयित पूंजी माल के संबंध में इनपुट कर की रकम को प्ररूप जी.एस.टी.आर. 02 में उपदर्शित किया जाएगा और उसे उसके इलैक्ट्राननिक जमा खाते में जमा नहीं किया जाएगा ;

(ख) छूट प्राप्त प्रदायों से भिन्न, किंतु शून्य दर प्रदायों सहित प्रभावित प्रदायों के लिए प्रयुक्त या अनन्य रूप से प्रयुक्त किए जाने के लिए आशयित पूंजी माल के संबंध में इनपुट कर की रकम प्ररूप जी.एस.टी.आर. 02 में उपदर्शित की जाएगी और उसे इलैक्ट्रानिक जमा खाते में जमा किया जाएगा ;

(ग) 'ए' के रूप में द्योतक ऐसे पूंजी माल के संबंध में, जो खंड (क) और खंड (ख) के अधीन नहीं आते हैं, इनपुट कर की रकम को इलैक्ट्रानिक जमा खाते में जमा किया जाएगा और ऐसे माल का उपयोगी जीवन, ऐसे माल के बीजक की तारीख से पांच वर्ष होगा :

परंतु जहां ऐसे पूंजी माल, जो पहले खंड (क) के अधीन आते थे, बाद में इस खंड के अधीन आते हैं, वहां 'ए' का मूल्य प्रत्येक तीन मास के लिए या उसके भाग के लिए पांच प्रतिशत पाइंट की दर पर इनपुट कर को घटाकर प्राप्त किया जाएगा और 'ए' की रकम को इलैक्ट्रानिक जमा खाते में जमा किया जाएगा ;

स्पष्टीकरण.- खंड (क) के अधीन घोषित पूंजी माल की किसी मद को, उसकी प्राप्ति पर धारा 18 की उपधारा (4) के उपबंध लागू नहीं होंगे, यदि वह पहले इस खंड के अंतर्गत आती है । (घ) 'टीसी' के रूप में घोतक खंड (ग) के अधीन इलैक्ट्रानिक जमा खाते में जमा की गई 'ए' की संकलित रकमें किसी कर अवधि के लिए पूंजी माल के संबंध में सामान्य प्रत्यय होंगी :

परंतु जहां कोई ऐसा पूंजी माल, जो पहले खंड (ख) के अंतर्गत आता है, वहां प्रत्येक तीन मास या उसके भाग के लिए पांच प्रतिशत पाइंट की दर पर इनपुट कर को कम करके प्राप्त 'ए' के मूल्य को 'टीसी' के संकलित मूल्य में जोड़ दिया जाएगा ;

(ङ) सामान्य पूंजी माल पर उसके उपयोगी जीवन के दौरान किसी कर अवधि के लिए निर्धारणीय इनपुट कर प्रत्यय की रकम 'टीएम' के रूप में द्योतक होगी और उसकी संगणना निम्नानुसार की जाएगी,--6372 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 टीएम = टीसी ÷ 60 (च) ऐसे सभी सामान्य पूंजी माल पर, जिसका उपयोगी जीवन कर अवधि के दौरान अतिशेष है, कर अवधि के प्रारंभ पर इनपुट कर प्रत्यय की रकम टीआर के रूप में द्योतक होगी और वह सभी पूंजी माल के लिए संकलित 'टीएम' होगी ;

(छ) छूट प्राप्त प्रदायों के मद्दे निर्धारणीय समान प्रत्यय की रकम 'टीई' के रूप में द्योतक होगी और उसकी संगणना निम्नानुसार की जाएगी,--

टीई = (ई ÷ एफ) xटीआर

जहां,--

'ई' कर अवधि के दौरान किए गए छूट प्राप्त प्रदायों का संकलित मूल्य है, और

'एफ' कर अवधि के दौरान रजिस्ट्री—त व्यक्ति का कुल आवर्त है :

परंतु जहां रजिस्ट्री—त व्यक्ति का उक्त कर अवधि के दौरान कोई आवर्त नहीं है या पूर्वोक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है, वहां 'ई/एफ' के मूल्य की संगणना, उस मास से पहले की, जिसके दौरान 'ई/एफ' के उक्त मूल्य की संगणना की जानी है, उस अंतिम कर अवधि के, जिसके लिए ऐसे आवर्त के ब्यौरे उपलब्ध हैं, 'इ' और 'एफ' के मूल्यों को हिसाब में लेते हुए की जाएगी ;

स्पष्टीकरण.- इस खंड के प्रयोजनों के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि छूट प्राप्त प्रदायों का संकलित मूल्य और कुल आवर्त को संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 1 की प्रविष्टि 84 और उक्त अनुसूची की सूची 2 की प्रविष्टि 51 और प्रविष्टि 54 के अधीन उद्‌गृहीत शुल्क या कर की रकम को अपवर्जित किया जाएगा ;

(ज) संबंधित पूंजी माल के उपयोगी जीवन की प्रत्येक कर अवधि के दौरान लागू ब्याज के साथ रकम 'टीई' को, प्रत्यय का ऐसा दावा करने वाले व्यक्ति के आऊटपुट कर दायित्व में जोड़ा जाएगा ;

(2) केंद्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर और एकी—त कर के लिए रकम टीई की संगणना पृथक्‌ रूप से की जाएगी ।

44. विशेष परिस्थितियों में प्रत्यय के विपर्यन की रीति.-- (1) धारा 8 की उपधारा (4) और धारा 29 की उपधारा (5) के प्रयोजनों के लिए, स्टाक में धारित अर्धपरिरूपित और परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुटों और स्टाक में धारित पूंजी माल से संबंधित इनपुट कर प्रत्यय की रकम का अवधारण निम्नलिखित रीति से किया जाएगा, अर्थात्‌ :--

(क) स्टाक में धारित इनपुटों और स्टाक में धारित अर्ध परिरूपित और परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुटों के लिए इनपुट कर प्रत्यय की संगणना अनुपाततरू ऐसे तत्स्थानी बीजकों के आधार पर की जाएगी, जिन पर रजिस्ट्री—त कराधेय व्यक्ति द्वारा, ऐसे इनपुटों पर प्रत्यय का उपयोग किया गया है ;

(ख) स्टाक में धारित पूंजी माल के लिए, किसी मास में शेष उपयोगी जीवन में अंतर्वलित इनपुट कर प्रत्यय की संगणना उपयोगी जीवन के पांच वर्ष के रूप में ग्रहण करते हुए आनुपातिक आधार पर की जाएगी ।

–ष्टांंत.--पूंजी माल चार वर्ष, छह मास और पन्द्रह दिन के लिए उपयोग में रहा है ।

शेष उपयोगी जीवन, महीनों में = पांच मास, उस मास के शेष भाग पर ध्यान न देते हुए6373 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 ऐसे पूंजी माल पर लिया गया इनपुट कर प्रत्यय = सी, शेष उपयोगी जीवन के लिए निर्धारणीय इनपुट कर प्रत्यय = 5ध्60 द्वारा गुणज सी

(2) एकी—त कर और केंद्रीय कर के इनपुट कर प्रत्यय के लिए उपनियम (1) में यथा विनिर्दिष्ट रकम का अवधारण पृथक्‌ रूप से किया जाएगा ।

(3) जहां स्टाक में धारित इनपुटों से संबंधित कर बीजक उपलब्ध नहीं है, वहां रजिस्ट्री—त व्यक्ति उपनियम (1) के अधीन रकम का प्राक्कलन, यथास्थिति, धारा 18 की उपधारा (4) या धारा 29 की उपधारा (5) में विनिर्दिष्ट किसी घटना के घटित होने की प्रभावी तारीख को माल की विद्यमान बाजार कीमत के आधार पर करेगा ।

(4) उपनियम (1) के अधीन अवधारित रकम रजिस्ट्री—त व्यक्ति के आऊटपुट कर दायित्व का भागरूप होगी और ऐसी रकम के ब्यौरे, जहां ऐसी रकम धारा 18 की उपधारा (4) में विनिर्दिष्ट किसी घटना के संबंध में है, वहां प्ररूप जी.एस.टी. आई.टी.सी. 03 में और जहां ऐसी रकम रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण के संबंध में है, वहां प्ररूप जी.एस.टी.आर. 10 में दिए जाएंगे ।

(5) उपनियम (3) के अनुसार दिए गए ब्यौरे किसी व्यवसायरत चार्टर अकाउंटेंट या लागत लेखापाल द्वारा सम्यक्‌ रूप से प्रमाणित होंगे ।

(6) पूंजी माल के संबंध में धारा 18 की उपधारा (6) के प्रयोजनों के लिए इनपुट कर प्रत्यय की रकम का अवधारण उसी रीति में किया जाएगा, जो उपनियम (1) के खंड (ख) में विनिर्दिष्ट है और आई.जी. एस.टी. और सी.जी.एस.टी. के इनपुट कर प्रत्यय के लिए पृथक्‌ रूप से रकम का अवधारण किया जाएगा । परंतुक जहां इस प्रकार अवधारित रकम, पूंजी माल के संव्यवहार मूल्य पर अवधारित कर से अधिक है, वहां अवधारित रकम आऊटपुट कर दायित्व का भागरूप होगी और उसे प्ररूप जी.एस.टी.आर. 01 में दिया जाएगा ।

45. छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार को भेजे गए इनपुटों और पूंजी माल के संबंध में शर्तें और निर्बंधन--(1) इनपुटों, अर्ध परिरूपित माल या पूंजी माल, छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार को प्रधान द्वारा जारी चालान के साथ भेजा जाएगा, जिसके अंतर्गत ऐसी स्थिति भी है, जहां ऐसा माल किसी छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार को सीधे भेजा जाता है ।

(2) छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार के लिए प्रधान द्वारा जारी चालान में नियम 55 में विनिर्दिष्ट ब्यौरे अंतर्विष्ट होंगे ।

(3) तिमाही के दौरान किसी छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार को भेजे गए माल या छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार से प्राप्त माल या किसी छुटपुट कर्मकार किसी अन्य को भेजे गए के संबंध में चालानों के ब्यौरों को तिमाही से उत्तरवर्ती मास के पच्चीसवें दिन पर या पहले की अवधि के लिए दिए गए प्ररूप जीएसटी आईटीसी-1 में सम्मिलित किया जाएगा ।

(4) जहां प्रधान को, धारा 143 में नियत समय के भीतर इनपुट या पूंजी माल वापस नहीं किया जाता है, यह समझा जाएगा कि ऐसे इनपुट या पूंजीमाल प्रधान द्वारा छुटपुट कर्मकार को, उस दिन पर जब उक्त इनपुट आरै पूंजीमाल भेजे गए, प्रदायित किए गए थे और उक्त प्रदाय प्ररूप जीएसटी आर-1 में घोषित किया जाएगा और प्रधान कर के साथ लागू ब्याज के संदेय के लिए दायी होगा ।

स्पष्टीकरण.-- इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए,--

(1) "पूंजी माल" पद के अंतर्गत धारा 17 के स्पष्टीकरण में यथा परिभाषित "संयंत्र और मशीनरी" भी है ;

6374 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (2) धारा 17 की उपधारा (3) में यथा निर्दिष्ट छूट प्राप्त प्रदाय के मूल्य के अवधारण के लिए,-- (क) भूमि और भवन के मूल्य को उसी रूप में लिया जाएगा, जैसे स्टाप शुल्क के संदाय के प्रयोजन के लिए अंगीकार किया गया है ; और

(ख) प्रतिभूति के मूल्य को, ऐसी प्रतिभूति के विक्रय मूल्य के एक प्रतिशत के रूप में लिया जाएगा ।

अध्याय 6

कर बीजक, प्रत्यय और विकलन टिप्पण

46. कर बीजक.--नियम, धारा 31 में निर्दिष्ट कर बीजक निम्नलिखित विशिष्टियां अतंर्विष्ट करते हुए रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा जारी की जाएगी :-

(क) प्रदायकर्ता का नाम, पता और माल या सेवा कर पहचान संख्या;

(ख) सोलह अक्षर से अनदिक क्रमिक क्रम संख्यांक, एक या बहु क्रम में, जिसके अन्तर्गत वर्णमाला या संख्या या विशिष्ट वर्ण-हाइफन या डेश या स्लेस प्रतीक जैसे "-"और "/" क्रमशः और उनका कोई संयोजन, वित्तीय वर्ष के लिए यूनिक होगा।

(ग) उसके जारी करने की तारीख;

(घ) प्राप्तिकर्ता का नाम, पता और माल और सेवाकर पहचान संख्या या विशिष्ट पहचान संख्या यदि रजिस्ट्री—त है;

(ङ) प्राप्तिकर्ता का नाम पता और परिदान का पता, राज्य के नाम और उसके कोड के साथ, यदि ऐसा प्राप्तिकर्ता अरजिस्ट्री—त है और जहां कराधेय प्रदाय का मूल्य पचास हजार रुपये या उससे अधिक है;

(च) प्राप्तिकर्ता का नाम और पता और परिदान के पते के लिए राज्य का नाम और उसका कोड, यदि ऐसा प्राप्तिकर्ता अरजिस्ट्री—त है और जहां कराधेय प्रदाय का मूल्य पचास हजार रुपए से कम है और प्राप्तिकर्ता प्रार्थना करता है कि ऐसा ब्यौरा कर बीजक में अभिलिखित किया जाए;

(छ) माल और सेवा का नामपद्धति की सामंजस्यपूर्ण प्रणाली;

(ज) मालों और सेवाओं का वर्णन;

(झ) माल और ईकाई या उसके यूनिक मात्रा कोड की दशा में, मात्रा;

(ञ) मालों या सेवाओं या दोनों की प्रदाय का कुल मूल्य;

(ट) छूट या उपशमन को हिसाब में लेते हुए माल या सेवाओं या दोनों की प्रदाय का कराधेय मूल्य;

(ठ) कर की दर (केन्द्रीय कर, राज्य कर, एकी—त कर, संघ राज्य कर या सेस);

(ड) कराधेय मालों या सेवाओं की बाबत भारित कर की रकम (केन्द्रीय कर, राज्य कर, एकी—त कर, संघ राज्य क्षेत्र कर या सेस);

(ढ) राज्य के नाम के साथ प्रदाय का स्थान, अन्तरराज्यीय व्यापार या वाणिज्य के क्रम में प्रदाय की दशा में;

6375 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (ण) परिदान का पता जहां वह प्रदाय के स्थान से भिन्न है;

(त) क्या कर आरक्षित भार आधार पर देय है; और

(थ) प्रदायकर्ता या उसके प्राधि—त प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजीटल हस्ताक्षरः

परन्तु आयु्‌क्त, परिषद की सिफारिशों पर अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट कर सकेगा-

(i) माल या सेवाओं के लिए नाम पद्धति कोड की सामंजस्यपूर्ण प्रणाली की संख्या, जो रजिस्ट्री—त व्यक्तियों के वर्ग से उक्त अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की गई ऐसी अवधि के लिए उल्लेख अपेक्षित होगाय और

(ii) रजिस्ट्री—त व्यक्तियों का वर्ग जिनसे माल और सेवाओं के लिए नामपद्धति कोड की सामंजस्यपूर्ण प्रणाली, उक्त अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की गई ऐसी अवधि के लिए अपेक्षित नहीं होगा:

परन्तु यह और कि जहां धारा 31 की उप-धारा (3) के खंड (च) के अधीन बीजक जारी किया जाना अपेक्षित है, कोई रजिस्ट्री—त व्यक्ति धारा 9 की उपधारा (4) के अधीन आने वाले प्रदायों के अंतिम दिन पर समेकित बीजक जारी कर सकता है, जब ऐसे प्रदायों का मूल्य उस में पांच हजार से अधिक है और उक्त खंड के अधीन बीजक जिस पर प्राप्तिकर्ता या उसके प्राधि—त प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजीटल हस्ताक्षर हों को जारी करना अपेक्षित है ।

परन्तु, यह कि माल और सेवाओं के निर्यात की दशा में बीजक में 'एकी—त कर के संदाय पर निर्यात के लिए प्रदाय' या एकी—त कर के संदाय के बिना बांड या करार या वचनबंध के अधीन निर्यात के लिए प्रदाय' जैसा भी मामला हो पृष्ठांकित होगा, और खंड (ड) में विनिर्दिष्ट ब्यौरे के बजाय, निम्नलिखित ब्यौरा अन्तर्विष्ट होगा, अर्थात:-

(i) प्राप्तिकर्ता का नाम और पता

(ii) परिदान का पता और

(iii) गंतव्य देश का नाम

परन्तु रजिस्ट्री—त व्यक्ति निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन रहते हुए धारा 31 की उप-धारा (3) के खंड (ख) के उपबंधों के अनुसरण में कर बीजक जारी नहीं कर सकेगा, अर्थात:-

(क) प्राप्तिकर्ता एक रजिस्ट्री—त व्यक्ति नहीं है; और

(ख) प्राप्तिकर्ता से ऐसा बीजक अपेक्षित नहीं होता है और सभी ऐसी प्रदाययों के संबंध में प्रत्येक दिन की समाप्ति पर ऐसी प्रदाय के लिए एकी—त कर बीजक जारी करेगा ।

47. कर बीजक जारी करने के लिए समय सीमा.--नियम 46 में निर्दिष्ट कर बीजक, सेवाओं की कराधेय प्रदाय की दशा में, सेवा की प्रदाय की तारीख से तीस दिवस की अवधि के भीतर जारी की जाएगी:

परन्तु जहां सेवाओं का प्रदायकर्ता एक बीमाकर्ता है या बैंकिग कंपनी है या वित्तीय संस्थान है जिसके अन्तर्गत एक गैर-बैंकिग वित्तीय संपनी भी है, वह अवधि जिसके भीतर बीजक या उसके बजाय कोई अन्य दस्तावेज जारी किया जाना है, सेवाओं की प्रदाय की तारीख से पैंतालिस दिवस होगी:

परन्तु यह और कि बीमाकर्ता या बैंकिंग कंपनी या एक वित्तीय संस्थान जिसके अन्तर्गत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी भी है, या एक टेलिकाम प्रचालक या सेवा की प्रदायकर्ता का कोई अन्य वर्ग, जैसा भी मामला 6376 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 हो, परिषद की सिफारिशों पर सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकेगा, धारा 25 में विनिर्दिष्ट सुभिन्न व्यक्तियों के बीच सेवाओं की कराधेय प्रदाय के लिए, बीजक प्रदायकर्ता द्वारा लेखा बही में उसे अभिलिखित करने से पहले या उस समय या ऐसे त्रिमास की समाप्ति से पूर्व जिसके दौरान प्रदाय की गई थी, जारी कर सकेगा।

48. बीजक जारी करने की रीति.-- (1) बीजक तीन प्रतियों में तैयार किया जाएगा, अर्थात:-

(क) मूल प्रति को "प्राप्तिकर्ता के लिए मूल" के रूप में चिह्नित किया जाएगा;

(ख) दूसरी प्रति "परिवाहक के लिए द्वप्रतिक" के रूप में चिह्नित किया जाएगा; और

(ग) तीसरी प्रति "प्रदायकर्ता के लिए तिहरा" के रूप में चिह्नित किया जाएगा।

(2) सेवाओं की प्रदाय की दशा में, निम्नलिखित रीति से, बीजक दो प्रतियों में तैयार किया जाएगा, अर्थात्‌ :-

(क) मूल प्रति को "प्राप्तिकर्ता के लिए मूल" के रूप में चिह्नित किया जाएगा; और

(ख) द्वितीय प्रति को "प्रदायकर्ता के लिए द्वप्रतिक" के रूप में चिह्नित किया जाएगा।

(3) कर अवधि के दौरान जारी बीजकों की क्रम संख्या प्ररूप जीएसटी आर 1 में सामान्य पोर्टल के माध्यम से इलैक्ट्रानिक रूप से दी जाएगी ।

49. प्रदाय का बिल.--धारा 31 की उपधारा (3) के खंड (ग) में निर्दिष्ट प्रदाय का बिल, निम्नलिखित ब्यौरों को अन्तर्विष्ट करते हुए प्रदायकर्ता द्वारा जारी किया जाएगा, अर्थात्‌-

(क) प्रदायकर्ता का नाम, पता और माल तथा सेवा कर पहचान संख्या;

(ख) सोलह अक्षर से अनदिक क्रमिक क्रम संख्यांक, एक या बहु क्रम में, जिसके अन्तर्गत वर्णमाला या संख्या या विशिष्ट वर्ण-हाइफन या डेश या स्लेस प्रतीक जैसे "-"और "/" क्रमशः और उनका कोई संयोजन, वित्तीय वर्ष के लिए यूनिक होगा ;

(ग) उसके जारी करने की तारीख;

(घ) प्राप्तिकर्ता का नाम, पता और माल और सेवाकर पहचान संख्या या विशिष्ट पहचान संख्या यदि रजिस्ट्री—त है;

(ङ) माल और सेवा का नामपद्धति की सामंजस्यपूर्ण प्रणाली

(च) मालों और सेवाओं या दोनों का वर्णन;

(छ) छूट या उपशमन को हिसाब में लेते हुए माल या सेवाओं या दोनों की प्रदाय का मूल्य;

(ज) प्रदायकर्ता या उसके प्राधि—त प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजीटल हस्ताक्षर:

परन्तु नियम 46 का परन्तुक, यथा आवश्यक परिवर्तन सहित उस नियम के अधीन जारी प्रदाय के बिल को लागू होगा

परन्तु यह और कि किसी गैर-कराधेय प्रदाय की बाबत तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियम के अधीन जारी किसी कर बीजक या कोई अन्य समान दस्तावेज इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए कर बीजक के रूप में माना जाएगा ।6377 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 50. प्राप्ति वाउचर.--धारा 31 की उपधारा (3) के खंड (घ) में निर्दिष्ट प्राप्ति वाउचर में निम्नलिखित विशिष्टियां अन्तर्विष्ट होगी, अर्थात्‌

(क) प्रदायकर्ता का नाम, पता और माल या सेवा कर पहचान संख्या;

(ख) चौदह अक्षर से अनदिक क्रमिक क्रम संख्यांक, एक या बहु क्रम में, जिसके अन्तर्गत वर्णमाला या संख्या या विशिष्ट वर्ण-हाइफन या डेश या स्लेस प्रतीक जैसे "-"और "/" क्रमशः और उनका कोई संयोजन, वित्तीय वर्ष के लिए यूनिक होगा;

(ग) उसके जारी करने की तारीख;

(घ) प्राप्तिकर्ता का नाम, पता और माल और सेवाकर पहचान संख्या या विशिष्ट पहचान संख्या यदि रजिस्ट्री—त है;

(ङ) मालों और सेवाओं का वर्णन;

(च) अग्रिम ली गई रकम;

(छ) कर की दर (केन्द्रीय कर, राज्य कर, एकी—त कर, संघ राज्य कर या सेस);

(ज) कराधेय मालों या सेवाओं की बाबत भारित कर की रकम (केन्द्रीय कर, राज्य कर, एकी—त कर, संघ राज्य क्षेत्र कर या सेस);

(झ) राज्य के नाम के साथ प्रदाय का स्थान, अन्तरराज्यीय व्यापार या वाणिज्य के क्रम में प्रदाय की दशा में;

(ञ) क्या कर आरक्षित भार आधार पर देय हैय और

(ट) प्रदायकर्ता या उसके प्राधि—त प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजीटल हस्ताक्षर।

परन्तु अग्रिम की प्राप्ति के समय,--

(i) कर की दर अवधार्य नहीं है, कर 18 प्रतिशत की दर पर संदेय किया जाएगा ।

(ii) प्रदाय की प्र—ति अवधार्य नहीं है, उसे अन्तरराज्यीय प्रदाय के रूप में माना जाएगा । 51. प्रतिदाय वाउचर.--धारा 31 की उपधारा (3) के खंड (ङ) में निर्दिष्ट प्रतिदाय बाउचर में निम्नलिखित विशिष्टियां अंतर्विष्ट होंगी, अर्थात्‌ :--

(क) प्रदायकर्ता का नाम, पता और माल तथा सेवाकर पहचान नंबर ;

(ख) एक सतत क्रम संख्या, जिसमें एक या बहुल श्रृंखलाओं में 16 से अधिक कैरेक्टर नहीं होंगे, जिसमें वर्णमाला या अंकों या विशेष चिह्न-हाइफन या डैस और स्लैस अंतर्विष्ट होंगे, जिन्हें क्रमश: "-" और "/" के रूप में और उनके किसी संयोजन के रूप में किसी वित्त वर्ष के लिए विशिष्ट रूप से चिह्नित किया जाएगा ;

(ग) जारी करने की तारीख ;

(घ) प्राप्तिकर्ता का नाम, पता और माल तथा सेवाकर पहचान नंबर या विशिष्ट पहचान नंबर, यदि रजिस्ट्री—त है तो ;

6378 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (ङ) नियम 50 के उपबंधों के अनुसार जारी प्राप्ति वाउचर का नंबर और तारीख ;

(च) उन मालों या सेवाओं का विवरण, जिनके संबंध में प्रतिदाय किया गया है ;

(छ) प्रतिदाय की गई रकम ;

(ज) कर की दर (केंद्रीय कर, राज्य कर, एकी—त कर, संघ राज्यक्षेत्र कर या उपकर) ;

(झ) ऐसे मालों या सेवाओं के संबंध में संदत्त कर की रकम (केंद्रीय कर, राज्य कर, एकी—त कर, संघ राज्यक्षेत्र कर या उपकर) ;

(ञ) क्या कर विलोम प्रभार आधार पर संदेय है ; और

(ट) प्रदायकर्ता या उसके प्राधि—त प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजीटल हस्ताक्षर ।

52. संदाय बाउचर.--धारा 31 की उपधारा (3) के खंड (छ) में निर्दिष्ट संदाय बाउचर में निम्नलिखित विशिष्टियां अंतर्विष्ट होंगी, अर्थात्‌ :--

(क) प्रदायकर्ता का नाम, पता और माल तथा सेवाकर पहचान नंबर, यदि रजिस्ट्री—त है ;

(ख) एक सतत क्रम संख्या, जिसमें एक या बहुल श्रृंखलाओं में 16 से अधिक कैरेक्टर नहीं होंगे, जिसमें वर्णमाला या अंकों या विशेष चिह्न-हाइफन या डैस और स्लैस अंतर्विष्ट होंगे, जिन्हें क्रमशरू "-" और "/" के रूप में और उनके किसी संयोजन के रूप में किसी वित्त वर्ष के लिए विशिष्ट रूप से चिह्नित किया जाएगा ;

(ग) जारी करने की तारीख ;

(घ) प्राप्तिकर्ता का नाम, पता और माल तथा सेवाकर पहचान नंबर ;

(ङ) मालों या सेवाओं का विवरण ;

(च) संदत्त रकम ;

(छ) कर की दर (केंद्रीय कर, राज्य कर, एकी—त कर, संघ राज्यक्षेत्र कर या उपकर) ;

(ज) कराधेय मालों या सेवाओं के संबंध में कर की रकम (केंद्रीय कर, राज्य कर, एकी—त कर, संघ राज्यक्षेत्र कर या उपकर) ;

(झ) अंतरूराज्य व्यापार या वाणिज्य के प्रक्रम में प्रदाय की दशा में राज्य के नाम के साथ प्रदाय का स्थान और उसका कूट ; और

(ञ) प्रदायकर्ता या उसके प्राधि—त प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजीटल हस्ताक्षर ।

53. पुनरीक्षित कर बीजक और प्रत्यय या नामे टिप्पण.—(1) धारा 31 में निर्दिष्ट पुनरीक्षित कर बीजक और धारा 34 में निर्दिष्ट प्रत्यय या नामे टिप्पण में निम्नलिखित विशिष्टियां अंतर्विष्ट होंगी, अर्थात्‌ :-- (क) "पुनरीक्षित बीजक" शब्द, जहां लागू होता है वहां उसे स्पष्ट रूप से उपदर्शित किया जाएगा ;

(ख) प्रदायकर्ता का नाम, पता और माल तथा सेवाकर पहचान नंबर ;

6379 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (ग) दस्तावेज की प्र—ति ;

(घ) एक सतत क्रम संख्या, जिसमें एक या बहुल श्रृंखलाओं में 16 से अधिक कैरेक्टर नहीं होंगे, जिसमें वर्णमाला या अंकों या विशेष चिह्न-हाइफन या डैस और स्लैस अंतर्विष्ट होंगे, जिन्हें क्रमशरू "-" और "/" के रूप में और उनके किसी संयोजन के रूप में किसी वित्त वर्ष के लिए विशिष्ट रूप से चिह्नित किया जाएगा ;

(ङ) दस्तावेज जारी करने की तारीख ;

(च) प्राप्तिकर्ता का नाम, पता और माल तथा सेवाकर पहचान नंबर या विशिष्ट पहचान नंबर, यदि रजिस्ट्री—त है ;

(छ) प्राप्तिकर्ता का नाम और पता तथा राज्य और उसके कूट सहित परिदान का पता, यदि ऐसा प्राप्तिकर्ता रजिस्ट्री—त नहीं है तो ;

(ज) यथास्थिति, तत्स्थानी कर बीजक या प्रदाय के बिल की क्रम संख्या ;

(झ) कराधेय मालों या सेवाओं का मूल्य, कर की दर तथा यथास्थिति, प्रत्यय किए गए या प्राप्तिकर्ता के नामे डाले गए कर की रकम य और

(ञ) प्रदायकर्ता या उसके प्राधि—त प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजीटल हस्ताक्षर ।

(2) प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति, जिसे उसे जारी रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र की तारीख से पूर्व किसी तारीख से रजिस्ट्रीकरण अनुदत्त किया गया है, वह रजिस्ट्रीकरण की प्रभावी तारीख से प्रभावी होने वाली कालावधि के दौरान की गई कराधेय आप्रदाययों के संबंध में रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख तक पुनरीक्षित कर बीजक जारी कर सकेगा :

परंतु रजिस्ट्री—त व्यक्ति किसी प्राप्तिकर्ता को, जो अधिनियम के अधीन रजिस्ट्री—त नहीं है, को ऐसी अवधि के दौरान की गई सभी कराधेय आप्रदाययों के संबंध में एकी—त पुनरीक्षित कर बीजक जारी कर सकेगा :

परंतु यह और कि अंतराज्य आप्रदाययों की दशा में, जहां प्रदाय का मूल्य दो लाख पचास हजार रुपए से अधिक नहीं है, एकी—त पुनरीक्षित बीजक उस राज्य में स्थित सभी प्राप्तिकर्ताओं के संबंध में, जो अधिनियम के अधीन रजिस्ट्री—त नहीं है, पृथक्‌ रूप से जारी किया जा सकेगा ।

(3) धारा 74 या धारा 129 या धारा 130 के उपबंधों के अनुसार संदेय किसी कर के लिए जारी कोई बीजक या नामे टिप्पण में स्पष्ट रूप से "इनपुट कर प्रत्यय अनुज्ञेय नहीं" शब्द अंतर्विष्ट होंगे ।

54. विशेष मामलों में कर बीजक.—(1) किसी इनपुट सेवा वितरक द्वारा जारी, यथास्थिति, कोई इनपुट सेवा वितरक बीजक या इनपुट सेवा वितरक प्रत्यय टिप्पण में निम्नलिखित ब्यौरे अंतर्विष्ट होंगे :-- (क) इनपुट सेवा वितरक का नाम, पता और माल तथा सेवाकर पहचान नंबर ;

(ख) एक सतत क्रम संख्या, जिसमें एक या बहुल श्रृंखलाओं में 16 से अधिक कैरेक्टर नहीं होंगे, जिसमें वर्णमाला या अंकों या विशेष चिह्न-हाइफन या डैस और स्लैस अंतर्विष्ट होंगे, जिन्हें क्रमशरू "-" और "/" के रूप में और उनके किसी संयोजन के रूप में किसी वित्त वर्ष के लिए विशिष्ट रूप से चिह्नित किया जाएगा ;

(ग) जारी करने की तारीख ;

6380 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (घ) प्राप्तिकर्ता, जिसे प्रत्यय वितरित किया गया है, का नाम, पता और माल तथा सेवाकर पहचान नंबर ;

(ङ) वितरित प्रत्यय की रकम ; और

(च) इनपुट सेवा वितरक या उसके प्राधि—त प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजीटल हस्ताक्षर :

परंतु जहां इनपुट सेवा वितरक किसी बैंककारी कंपनी या वित्तीय संस्था, जिसके अंतर्गत गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी है, का कार्यालय है तो किसी कर बीजक में उसके स्थान पर कोई दस्तावेज शामिल होगा चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो चाहे क्रमबद्ध रूप से संख्यांकित हो या नहीं किंतु उसमें यथा उपरोक्त वर्णित सूचना अंतर्विष्ट हो ।

(2) जहां इनपुट सेवा वितरक कोई बीमांकक या कोई बैंककारी कंपनी या वित्तीय संस्था है, जिसके अंतर्गत गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी है, तो उक्त प्रदायकर्ता उसके स्थान पर कोई बीजक या कोई अन्य दस्तावेज जारी करेगा चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो, चाहे भौतिक रूप से या इलैक्ट्रानिकी रूप से जारी किया गया हो या उपलब्ध कराया गया हो या क्रमबद्ध रूप से संख्यांकित हो या नहीं और चाहे उसमें कराधेय सेवा के प्राप्तिकर्ता का पता अंतर्विष्ट हो या नहीं किंतु उसमें नियम 46 के अधीन वर्णित अन्य सूचना अंतर्विष्ट हो ।

(3) जहां कराधेय सेवा का प्रदायकर्ता कोई माल परिवहन अभिकरण है, जो किसी माल वाहक में सड़क द्वारा मालों के परिवहन के संबंध में सेवाओं की प्रदाय कर रहा है, उक्त प्रदायकर्ता उसके स्थान पर चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो, कोई अन्य दस्तावेज जारी करेगा, जिसमें पारेषण का समग्र भाग, पारेषणकर्ता और पारेषिती का नाम, उस माल वाहक की रजिस्ट्रीकरण संख्या, जिसमें मालों का परिवहन किया जाता है, परिवहन किए जा रहे मालों के ब्यौरे मूल और गंतव्य स्थान के ब्यौरे, कर का संदाय करने के लिए दायी व्यक्ति, चाहे पारेषक या पारेषिती या माल परिवहन अभिकरण के रूप में, का माल और सेवाकर पहचान नंबर तथा अन्य सूचना, नियम 46 के अधीन यथावर्णित अन्य सूचना भी अंतर्विष्ट होगी ।

(4) जहां कराधेय सेवा का प्रदायकर्ता यात्री परिवहन सेवा की प्रदाय कर रहा है, कर बीजक में किसी भी रूप में टिकट सम्मिलित होगा, चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो, चाहे क्रमबद्ध रूप से संख्यांकित हो और चाहे उसमें सेवा के प्राप्तिकर्ता का पता अंतर्विष्ट हो या नहीं किंतु उसमें नियम 46 के अधीन यथावर्णित अन्य सूचना अंतर्विष्ट होगी ।

(5) उपनियम (2) या उपनियम (4) के उपबंध यथावश्यक परिवर्तन सहित नियम 49 या नियम 50 या नियम 51 या नियम 52 या नियम 53 के अधीन जारी दस्तावेजों को लागू होंगे ।

55. बीजक जारी किए बिना मालों का परिवहन.—(1) निम्नलिखित के प्रयोजनों के लिए—

(क) तरल गैस की प्रदाय, जहां प्रदायकर्ता के कारबार के स्थान से उसको हटाए जाने के समय मात्रा ज्ञात नहीं है,

(ख) जो कार्य के लिए मालों का परिवहन,

(ग) प्रदाय से भिन्न कारणों से मालों का परिवहन, या

(घ) ऐसी अन्य प्रदाय, जो बोर्ड द्वारा अधिसूचित की जाए,

के लिए पारेषक परिदान चालान जारी कर सकेगा, जो क्रमबद्ध रूप से संख्यांकित होगा, जिसमें 16 से अधिक एक या बहुल श्रृंखलाओं में परिवहन के लिए मालों को हटाने के समय करेक्टर नहीं होंगे, जिसमें निम्नलिखित ब्यौरे अंतर्विष्ट होंगे, अर्थात्‌ :--6381 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 I. परिदान चालान की तारीख और नंबर ; II. पारेषक का नाम, पता और माल तथा सेवाकर पहचान नंबर, यदि रजिस्ट्री—त है ;

III. पारेषिती का नाम, पता और माल तथा सेवाकर पहचान नंबर या पारेषिती की विशिष्ट पहचान नंबर, यदि रजिस्ट्री—त है ;

IV. नाम पद्धति कूट और मालों के विवरण की सुव्यवस्थित प्रणाली ;

V. मात्रा (अनंतिम, जहां प्रदाय की जा रही वास्तविक मात्रा ज्ञात नहीं है) ;

VI. कराधेय मूल्य ; VII. कर दर और कर रकम – केंद्रीय कर, राज्य कर, एकी—त कर, संघ राज्यक्षेत्र कर या उपकर, जहां परिवहन पारेषिती को प्रदाय के लिए है ;

VIII. अंतरूराज्य संचलन की दशा में प्रदाय का स्थान ; और

IX. हस्ताक्षर ।

(2) निम्नलिखित रीति में मालों की प्रदाय की दशा में परिदान चालान को तीन प्रतियों में तैयार किया जाएगा, अर्थात्‌ :--

(क) मूल प्रति को पारेषिती के लिए मूल के रूप में चिह्नित किया जाएगा ;

(ख) अनु—ति को परिवहनकर्ता के लिए अनु—ति के रूप में चिह्नित किया जाएगा ; और

(ग) तीसरी प्रति को पारेषणकर्ता के लिए के रूप में चिह्नित किया जाएगा ।

(3) जहां मालों का परिवहन बीजक के स्थान पर परिदान चालान पर किया जा रहा है, वहां उसे नियम 138 में विनिर्दिष्ट के अनुसार घोषित किया जाएगा ।

(4) जहां परिवहन किए जा रहे मार्ग प्राप्तिकर्ता को प्रदाय के प्रयोजन के लिए हैं, किंतु प्रदाय के प्रयोजन के लिए मालों को हटाने के समय कर बीजक जारी नहीं किया जा सका है तो प्रदायकर्ता मालों के परिदान के पश्चात्‌ कर बीजक जारी करेगा ।

(5) जहां मालों का परिवहन सेमी नाक्ड डाउन या पूर्णतया नाक्ड डाउन स्थिति में किया जा रहा है--

(क) प्रदायकर्ता पहले पारेषण को पारेषित करने से पूर्व पूर्ण बीजक जारी करेगा ;

(ख) प्रदायकर्ता प्रत्येक पश्चातवर्ती पारेषण के लिए बीजक को निर्दिष्ट करते हुए परिदान चालान जारी करेगा ;

(ग) प्रत्येक पारेषण के साथ तत्स्थानी परिदान चालान की प्रतियों के साथ बीजक की सम्यकता भरी हुई प्रति संलग्न होगी ; और

(घ) बीजक की मूल प्रति को अंतिम पारेषण के साथ भेजा जाएगा ।6382 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

अध्याय 7

लेखे और अभिलेख

56. रजिस्ट्री—त व्यक्तियों द्वारा लेखाओं का रखा.--(1) प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति धारा 35 की उपधारा (1) में वर्णित विशिष्टयों के अतिरिक्त आयात या निर्यात या प्रदाय किए गए मालों या सेवाओं, जिन पर विपरीत प्रभार पर कर का संदाय आ—ष्ट होता है, का सत्य और सही लेखा रखने के साथ सुसंगत दस्तावेज, जिसके अंतर्गत बीजक, प्रदाय के बिल, परिदान चालान, प्रत्यय टिप्पण, नामे टिप्पण, प्राप्ति बाउचर, संदाय बाउचर तथा प्रतिदाय बाउचर हैं, रखेगा और उनका अनुरक्षण करेगा ।

(2) धारा 10 के अधीन कर का संदाय करने वाले व्यक्ति से भिन्न प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति उसके द्वारा प्राप्त किए गए और प्रदाय किए गए मालों के संबंध में स्टॉक के लेखे रखेगा और ऐसे लेखाओं में अतिशेष, प्राप्ति, प्रदाय, खो गए माल, चोरी हो गए, नष्ट हो गए, बट्टे खाते में डाले या उपहार या निरूशुल्क नमूने के रूप में दिए गए माल तथा स्टॉक के शेष, जिसके अंतर्गत कच्ची सामग्रियां, तैयार माल, स्क्रैप और उनकी छीजन सम्मिलित है, की विशिष्टियां सम्मिलित होंगी ।

(3) प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति प्राप्त अग्रिमों, उनका संदाय और समायोजन के पृथक लेखे रखेगा और उनका अनुरक्षण करेगा ।

(4) धारा 10 के अधीन कर का संदाय करने वाले व्यक्ति से भिन्न प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति एक लेखा रखेगा और उसका अनुरक्षण करेगा, जिसमें संदेय कर (धारा 9 की उपधारा (3) और उपधारा (4) के उपबंधों के अनुसार संदेय कर सम्मिलित है), संगृहित और संदत्त कर, इनपुट कर, दावा किया गया इनपुट कर प्रत्यय के ब्यौरों के साथ कर बीजक का रजिस्टर, प्रत्यय टिप्पण, नामे टिप्पण, किसी कर अवधि के दौरान जारी किया गया या प्राप्त किया गया परिदान चालान अंतर्विष्ट है ।

(5) प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति निम्नलिखित की विशिष्टियां रखेगा,--

(क) प्रदायकर्ताओं का नाम और पूरा पता, जिनसे उसने अधिनियम के अधीन कर से प्रभार्य मालों या सेवाओं को प्राप्त किया है ;

(ख) उन व्यक्तियों का नाम और पूरा पता, जिनको उसने मालों या सेवाओं की प्रदाय की है, जहां इस अध्याय के नियमों के अधीन अपेक्षित है ;

(ग) उन परिसरों का पूरा पता, जहां उसके द्वारा मालों का भंडारण किया जाता है, जिसके अंतर्गत स्थानांतरण के दौरान भंडार किए गए माल सम्मिलित हैं, के साथ उनमें भंडार किए गए स्टॉक की विशिष्टियां हैं ।

(6) यदि उपनियम (5) के अधीन घोषित स्थानों से भिन्न किसी स्थान पर किन्हीं विधिमान्य दस्तावेजों के बिना कोई कराधेय माल पाया जाता है तो समुचित अधिकारी ऐसे मालों पर संदेय कर की रकम को ऐसे अवधारित करेगा जैसे ऐसे मालों की प्रदाय रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा की गई है ।

(7) प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति लेखा बहियों को और उसके रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में वर्णित अतिरिक्त कारबार के स्थान से संबंधित लेखा बहियां और ऐसी अन्य लेखा बहियों में किसी इलैक्ट्रानिकी युक्ति में भंडारित डाटा का कोई अन्य प्रारूप सम्मिलित है, कारबार के मूल स्थान पर रखेगा ।

(8) रजिस्टरों, लेखाओं और दस्तावेजों में की गई किसी प्रविष्टि को मिटाया, छिपाया या उसके ऊपर नहीं लिखा जाएगा और लिपिकीय प्र—ति से भिन्न अन्यथा सभी अशुद्ध प्रविष्टियों को सत्यापन के अधीन काट दिया जाएगा तथा तत्पश्चात्‌ सही प्रविष्टि को अभिलिखित किया जाएगा और जहां रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों का अनुरक्षण इलैक्ट्रानिकी रूप में किया जाता है तो संपादित या लोप की गई प्रत्येक प्रविष्टि का लॉग रखा जाएगा ।6383 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (9) रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा मैनुअल रूप से रखी गई लेखा बहियों के प्रत्येक खंड को क्रमबद्ध रूप से संख्यांकित किया जाएगा ।

(10) जब तक कि अन्यथा साबित न हो, यदि किसी दस्तावेज, रजिस्टर या कोई लेखा बही, जो किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति से संबंधित है, को रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में वर्णित किसी अन्य परिसर पर पाया जाता है तो यह उपधारणा की जाएगी कि उस परिसर का उक्त रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा अनुरक्षण किया जा रहा है ।

(11) धारा 2 के खंड (5) में निर्दिष्ट प्रत्येक अभिकर्ता निम्नलिखित को उपदर्शित करते हुए लेखे रखेगा--

(क) प्रत्येक प्रधान से ऐसे प्रधान के निमित्त मालों या सेवाओं को प्राप्त करने या प्रदाय करने के लिए उसके द्वारा पृथकतरू प्राप्त प्राधि—त करने की विशिष्टियां ;

(ख) विशिष्टियां, जिसके अंतर्गत प्रत्येक प्रधान के निमित्त प्राप्त मालों या सेवाओं का विवरण, मूल्य और मात्रा (जहां लागू हो), सम्मिलित है ;

(ग) विशिष्टियां, जिसके अंतर्गत प्रत्येक प्रधान के निमित्त पू्‌िर्त किए गए मालों या सेवाओं का विवरण, मूल्य और मात्रा (जहां लागू हो), सम्मिलित है ;

(घ) प्रत्येक प्रधान को प्रस्तुत लेखाओं के ब्यौरे ; और

(ङ) प्रत्येक प्रधान के निमित्त प्राप्त किए गए या प्रदाय किए गए मालों या सेवाओं पर संदत्त कर । (12) मालों का विनिर्माण करने वाला प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति मासिक उत्पादन लेखे रखेगा, जिनमें विनिर्माण में उपयोग की गई कच्ची सामग्रियों या सेवाओं के मात्रात्मक ब्यौरे तथा इस प्रकार विनिर्मित किए गए मालों के मात्रात्मक ब्यौरे, जिसके अंतर्गत उनकी छीजन और उप उत्पाद हैं, को दर्शित किया जाएगा । (13) सेवाओं की प्रदाय करने वाला प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति लेखाओं को रखेगा, जिसमें सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए उपयोग किए गए मालों के ब्यौरे उपयोग की गई इनपुट सेवाओं के ब्यौरे तथा प्रदाय की गई सेवाओं के ब्यौरे उपदर्शित होंगे ।

(14) कार्य संविदा का निष्पादन करने वाला प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति कार्य संविदा के लिए निम्नलिखित को उपदर्शित करते हुए पृथक लेखे रखेगा--

(क) उन व्यक्तियों के नाम और पते, जिनके निमित्त कार्य संविदा का निष्पादन किया जाता है ;

(ख) कार्य संविदा के निष्पादन के लिए प्राप्त मालों या सेवाओं का वर्णन, मूल्य और मात्रा (जहां लागू हों) ;

(ग) कार्य संविदा के निष्पादन के लिए उपयोजित मालों या सेवाओं का वर्णन, मूल्य और मात्रा (जहां लागू हों) ;

(घ) प्रत्येक कार्य संविदा के संबंध में प्राप्त संदाय के ब्यौरे ; और

(ङ) उन प्रदायकारों के नाम और पते, जिनसे उसने माल और सेवाएं प्राप्त की हैं ।

(15) इस अध्याय के उपबंधों के अधीन अभिलेखों को इलैक्ट्रानिकी प्ररूप में रखा जाएगा और इस प्रकार रखे गए अभिलेखों को डिजीटल हस्ताक्षर के माध्यमों से अधिप्रमाणित किया जाएगा। 6384 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (16) रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा स्टॉक परिदान, आवक प्रदाय और जावक प्रदाय के संबंध में रखे गए लेखे, सभी बीजकों, प्रदाय बिलों, प्रत्यय और नामे टिप्पण का धारा 36 में यथा उपबंधित कालावधि के लिए परिरक्षण किया जाएगा और जहां ऐसे लेखों और दस्तावेजों का अनुरक्षण मैनुअल रूप से किया जा रहा है वहां उनको रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में वर्णित कारबार के प्रत्येक संबंधित स्थान पर रखा जाएगा और वह कारबार के प्रत्येक संबंधित स्थान पर पहुंचनीय होंगे, जहां ऐसे लेखाओं और दस्तावेजों का अनुरक्षण डिजीटल रूप से किया जाता है ।

(17) वाहक या समाशोधन और आग्रेषण अभिकर्ता की क्षमता में मालों की अभिरक्षा रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति के निमित्त प्राप्तिकर्ता को उनके परिदान या पारेषण के लिए उसके द्वारा ऐसे रजिस्ट्री—त व्यक्ति के निमित्त हस्तालन किए गए ऐसे मालों के संबंध में सही और सत्य अभिलेख रखेगा तथा समुचित अधिकारी द्वारा जब और जहां अपेक्षा की जाए, उनके ब्यौरों को प्रस्तुत करेगा ।

(18) प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति मांग किए जाने पर उन लेखा बहियों को प्रस्तुत करेगा जिनकी तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन रखे जाने की उससे अपेक्षा है ।

57. इलैैक्ट्रानिकी अभिलेखों का सृजन और अभिरक्षण.—(1) अभिलेखों के समुचित इलैक्ट्रानिकी बैक-अप का अनुरक्षण और परिरक्षण ऐसी रीति में किया जाएगा कि ऐसे अभिलेखों के दुर्घटनाओं या प्रा—तिक कारणों से नष्ट हो जाने की दशा में सूचना को युक्तियुक्त कालावधि के भीतर पुनरू बहाल किया जा सके । (2) इलैक्ट्रानिकी अभिलेखों का अनुरक्षण करने वाला रजिस्ट्री—त व्यक्ति मांग किए जाने पर उसके द्वारा सम्यकतरू अधिप्रमाणित सुसंगत अभिलेखों या दस्तावेजों को हार्ड कापी या किसी अन्य इलैक्ट्रानिकी रूप से पठनीय प्ररूप में प्रस्तुत करेगा ।

(3) जहां किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा लेखाओं और अभिलेखों का इलैक्ट्रानिकी रूप में भंडारण किया जाता है तो वह मांग किए जाने पर ऐसी फाइलों के पासवर्ड के ब्यौरों और पहुंच के लिए, जहां आवश्यक हो, इस्तेमाल किए गए कूटों के स्पष्टीकरण और किसी अन्य सूचना को, जो ऐसी पहुंच के लिए आवश्यक हो, के साथ ऐसी फाइलों में भंडारित सूचना की मुद्रित रूप में नमूना प्रति प्रस्तुत करेगा । 58. गोदाम या भांडागार के स्वामी और परिवहनकर्ताओं द्वारा रखे जाने वाले अभिलेख.—(1) धारा 35 की उपधारा (2) के उपबंधों के अनुसार अभिलेखों और लेखाओं का अनुरक्षण करने के लिए अपेक्षित प्रत्येक व्यक्ति, यदि पहले ही इस अधिनियम के अधीन रजिस्ट्री—त नहीं है तो वह अपने कारबार के संबंध में प्ररूप जीएसटी इएनआर-01 सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिकी रूप में या सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केंद्र के माध्यम से ब्यौरे प्रस्तुत करेगा और प्रस्तुत ब्यौरों के विधिमान्यकरण पर एक विशिष्ट नामांकन नंबर सृजित किया जाएगा तथा उक्त व्यक्ति को संसूचित किया जाएगा ।

(2) किसी अन्य राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में पूर्वोक्त उपनियम (1) के अधीन नामांकित व्यक्ति को राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में नामांकित समझा जाएगा ।

(3) प्रत्येक व्यक्ति, जिसे उपनियम (1) के अधीन नामांकित किया गया है, जहां अपेक्षित हो, प्ररूप जीएसटी इएनआर-01 में प्रस्तुत ब्यौरों का सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिकी रूप में या सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केंद्र के माध्यम से संशोधन करेगा ।

(4) नियम 56 के उपबंधों के अधीन रहते हुए,--

(क) मालों के परिवहन के कारबार में लगा हुआ कोई व्यक्ति परिवहन किए गए, परिदान किए गए और वहन के दौरान उसके द्वारा भंडारण किए गए मालों के अभिलेखों के साथ रजिस्ट्री—त पारेषक और पारेषिती का उसकी प्रत्येक शाखा में माल और सेवाकर पहचान नंबर के साथ अभिलेख रखेगा ।

(ख) भांडागार या गोदाम का प्रत्येक स्वामी या प्रचालक उस अवधि के संबंध में, जिसमें भांडागार में विशिष्ट माल रहे, की लेखा बहियां रखेगा, जिसके अंतर्गत ऐसे मालों के पारेषण, संचलन, प्राप्ति और निपटान से संबंधित ब्यौरे हैं ।6385 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (5) गोदाम का स्वामी या प्रचालक मालों का भंडारण ऐसी रीति में करेगा कि उनकी मदवार या स्वामीवार पहचान की जा सके और मांग किए जाने पर समुचित अधिकारी द्वारा निरीक्षण के लिए किसी भौतिक सत्यापन को सुकर बनाएगा ।

अध्याय 8 विवरणियां

59. जावक प्रदायों के ब्यौरों को प्रस्तुत करने का प्ररूप और रीति.—(1) एकी—त माल और सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 14 में निर्दिष्ट व्यक्ति से भिन्न प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति, जिससे धारा 37 के अधीन मालों या सेवाओं की जावक प्रदाययों या दोनों के ब्यौरे प्रस्तुत करना अपेक्षित है, वह ऐसे ब्यौरों को इलैक्ट्रानिकी रूप में या प्ररूप जीएसटीआर-1 में सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिकी रूप में या सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केंद्र के माध्यम से प्रस्तुत करेगा ।

(2) मालों या सेवाओं या दोनों की प्रदाय के प्ररूप जीएसटीआर-1 में प्रस्तुत ब्यौरों में निम्नलिखित शामिल होंगे—

(क) निम्नलिखित के बीजक-वार ब्यौरे—

(i) रजिस्ट्री—त व्यक्तियों को की गई अंतर राज्य और अंतःराज्य प्रदाय ; और

(ii) गैर रजिस्ट्री—त व्यक्तियों को दो लाख पचास हजार रुपए से अधिक बीजक मूल्य के साथ की गई अंतर राज्य प्रदाय ;

(ख) निम्नलिखित के एकी—त ब्यौरे--

(क) प्रत्येक कर दर के लिए गैर-रजिस्ट्री—त व्यक्तियों को की गई अंतरूराज्य प्रदाय ; और (ख) गैर रजिस्ट्री—त व्यक्तियों को दो लाख पचास हजार रुपए के बीजक मूल्य तक के साथ की गई अंतरराज्य प्रदाय ;

(ग) पूर्व में जारी बीजकों के लिए मास के दौरान जारी नामे और प्रत्यय टिप्पण, यदि कोई हों । (3) पूर्तिकर्ता द्वारा प्रस्तुत जावक प्रदाययों के ब्यौरों को इलैक्ट्रानिकी रूप में संबंधित रजिस्ट्री—त व्यक्तियों (प्राप्तिकर्ताओं) को प्ररूप जीएसटीआर-2क के भाग क, प्ररूप जीएसटीआर-4क और प्ररूप जीएसटीआर-6क के माध्यम से सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटीआर-1 फाइल करने के लिए सम्यक्‌ तारीख के पश्चात्‌ उपलब्ध कराया जाएगा ।

(4) प्राप्तिकर्ता द्वारा उसके धारा 38 के अधीन प्ररूप जीएसटीआर-2 या धारा 39 के अधीन प्ररूप जीएसटीआर-4 या प्ररूप जीएसटीआर-6 में जोडी़ गई, सही की गई या लोप की गई आवक प्रदाययों के ब्यौरों को प्रदायकर्ता को इलैक्ट्रानिकी रूप में प्ररूप जीएसटीआर-1क के माध्यम से सामान्य पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा और ऐसा प्रदायकर्ता प्राप्तिकर्ता द्वारा किए गए उपांतरणों को या तो स्वीकार करेगा या अस्वीकार करेगा और प्रदायकर्ता द्वारा पहले प्रस्तुत प्ररूप जीएसटीआर-1 उसके द्वारा स्वी—त उपांतरणों के परिमाण तक संशोधित हो जाएगा ।

60. आवक प्रदाययों के ब्यौरों को प्रस्तुत करने का प्ररूप और रीति.—(1) एकी—त माल और सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 14 में निर्दिष्ट व्यक्ति से भिन्न प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति, जिससे धारा 38 की उपधारा (2) के अधीन किसी कर अवधि के दौरान प्राप्त मालों या सेवाओं की आवक के ब्यौरे प्रस्तुत करना अपेक्षित है, प्ररूप जीएसटीआर-2क के भाग क, भाग ख और भाग ग में अतं र्विष्ट ब्यौरों के आधार पर ऐसे ब्यौरे तैयार करेगा जैसा कि उक्त धारा की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट है और उन्हें ऐसी अन्य आवक प्रदाययों 6386 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 के ब्यौरों को सम्मिलित करके, यदि कोई हों, जिनकी धारा 38 की उपधारा (1) के अधीन प्रस्तुत करने की अपेक्षा है, को सामान्य पोर्टल के माध्यम से इलैक्ट्रानिकी रूप में या सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केंद्र के माध्यम से प्रस्तुत करेगा ।

(2) प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति ब्यौरों, यदि कोई हों, जिनकी प्ररूप जीएसटीआर-2 में इलैक्ट्रानिकी रूप् में धारा 38 की उपधारा (5) के अधीन प्रस्तुत करने की अपेक्षा है, प्रस्तुत करेगा ।

(3) रजिस्ट्री—त व्यक्ति आवक प्रदाययों को, जिनके संबंध में वह या तो पूर्णतया या भागतरू पात्र नहीं है, को प्ररूप जीएसटीआर-2 में इनपुट कर प्रत्यय के लिए विनिर्दिष्ट करेगा जहां ऐसी पात्रता का अवधारण बीजक स्तर पर किया जा सकता है ।

(4) रजिस्ट्री—त व्यक्ति जावक प्रदाययों, जो गैर-कराधेय प्रदाययों से संबंधित हैं या कारबार से भिन्न प्रयोजनों के लिए हैं और जिनका प्ररूप जीएसटीआर-2 में बीजक स्तर पर अवधारण नहीं किया जा सकता है, पर अपात्र इनपुट कर प्रत्यय की मात्रा को घोषित करेगा ।

(4क) किसी गैर-निवासी कराधेय व्यक्ति द्वारा नियम 63 के अधीन प्ररूप जीएसटीआर-5 में उसकी विवरणी में प्रस्तुत बीजकों के ब्यौरों को प्ररूप जीएसटीआर-2क के भाग क में प्रत्यय के प्राप्तिकर्ता को सामान्य पोर्टल के माध्यम से इलैक्ट्रानिकी रूप में उपलब्ध कराया जाएगा तथा उक्त प्राप्तिकर्ता उन्हें प्ररूप जीएसटीआर-2 में सम्मिलित कर सकेगा ।

(5) किसी इनपुट सेवा वितरक द्वारा नियम 65 के अधीन प्ररूप जीएसटीआर-6 में उसकी विवरणी में प्रस्तुत बीजकों के ब्यौरों को प्ररूप जीएसटीआर-2क के भाग ख में प्रत्यय के प्राप्तिकर्ता को सामान्य पोर्टल के माध्यम से इलैक्ट्रानिकी रूप में उपलब्ध कराया जाएगा तथा उक्त प्राप्तिकर्ता उन्हें प्ररूप जीएसटीआर-2 में सम्मिलित कर सकेगा ।

(6) किसी स्रोत पर कटौतीकर्ता द्वारा धारा 39 की उपधारा (3) के अधीन प्ररूप जीएसटीआर-7 में कटौती किए गए कर के ब्यौरों को प्ररूप जीएसटीआर-2क के भाग ग में, जिसकी कटौती की गई है उसको सामान्य पोर्टल के माध्यम से इलैक्ट्रानिकी रूप में उपलब्ध कराया जाएगा तथा उक्त प्राप्तिकर्ता उन्हें प्ररूप जीएसटीआर-2 में सम्मिलित कर सकेगा ।

(7) किसी ई-कामर्स प्रचालक द्वारा धारा 52 के अधीन प्ररूप जीएसटीआर-8 में स्रोत पर संग्रहीत कर के ब्यौरों को प्ररूप जीएसटीआर-2क के भाग ग में संबंधित व्यक्ति को सामान्य पोर्टल के माध्यम से इलैक्ट्रानिकी रूप में उपलब्ध कराया जाएगा तथा उक्त प्राप्तिकर्ता उन्हें प्ररूप जीएसटीआर-2 में सम्मिलित कर सकेगा ।

(8) प्ररूप जीएसटीआर-2 में प्रस्तुत मालों या सेवाओं या दोनों की आवक प्रदाययों के ब्यौरों में निम्नलिखित सम्मिलित होगा—

(क) रजिस्ट्री—त व्यक्तियों या गैर-रजिस्ट्री—त व्यक्तियों से प्राप्त अंतर-राज्य और अंतरूराज्य प्रदाययों के बीजकवार ब्यौरे ;

(ख) मालों और सेवाओं के किए गए आयात ; और

(ग) प्रदायकर्ता से प्राप्त नामे और प्रत्यय टिप्पण, यदि कोई हो ।

61. मासिक विवरणी प्रस्तुत करने का प्ररूप औैर रीति—(1) एकी—त माल और सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 14 में निर्दिष्ट व्यक्ति से भिन्न प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति या कोई इनपुट सेवा वितरक या गैर-निवासी कराधेय व्यक्ति या, यथास्थिति, धारा 10 या धारा 51 या धारा 52 के अधीन कर का संदाय करने वाला व्यक्ति धारा 39 की उपधारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट विवरणी प्ररूप जीएसटीआर-3 में इलैक्ट्रानिकी रूप में या सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केंद्र के माध्यम से प्रस्तुत करेगा ।6387 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (2) उपनियम (1) के अधीन विवरणी के भाग क को इलैक्ट्रानिकी रूप में प्ररूप जीएसटीआर-1, प्ररूप जीएसटीआर-2 के माध्यम से प्रस्तुत सूचना के आधार पर आरै पूर्ववर्ती कर अवधियों के लिए अन्य दायित्वों के आधार पर सृजित किया जाएगा ।

(3) उपनियम (1) के अधीन विवरणी प्रस्तुत करने वाला प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति धारा 49 के उपबंधों के अधीन रहते हुए कर, ब्याज, शास्ति, फीस या अधिनियम या इस अध्याय के नियमों के अधीन संदेय अन्य रकम के लिए अपने दायित्व का इलैक्ट्रानिकी रोकड़ बही को या इलैक्ट्रानिकी प्रत्यय बही को नामे डालकर निर्वहन करेगा और विवरणी के भाग ख में प्ररूप जीएसटीआर-3 में ब्यौरों को सम्मिलित करेगा । (4) धारा 49 की उपधारा (6) के उपबंधों के अनुसरण में इलैक्ट्रानिकी रोकड़ बही में किसी शेष के प्रतिदाय का दावा करने वाला रजिस्ट्री—त व्यक्ति ऐसे प्रतिदाय का प्ररूप जीएसटीआर-3 में विवरणी में भाग ख में दावा कर सकेगा और ऐसी विवरणी को धारा 54 के अधीन फाइल किया गया आवेदन समझा जाएगा । (5) जहां धारा 37 के अधीन प्ररूप जीएसटीआर-1 और धारा 38 के अधीन प्ररूप जीएसटीआर-2 में ब्यौरों को प्रस्तुत करने की समय-सीमा का विस्तार किया गया है और परिस्थितियां इस प्रकार हैं कि प्ररूप जीएसटीआर-3 के स्थान पर प्ररूप जीएसटीआर-3ख में विवरणी को ऐसी रीति में प्रस्तुत किया जा सकेगा, जो आयुक्त द्वारा अधिसूचित की जाए ।

62. समिश्र प्रदायकर्ता द्वारा त्रैमासिक विवरणियों को प्रस्तुत करने का प्ररूप और रीति—(1) धारा 10 के अधीन कर का संदाय करने वाला प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति प्ररूप जीएसटीआर-4क में अंतर्विष्ट ब्यौरों के आधार पर और जहां अपेक्षित हो, ब्यौरों में जोड़कर, उन्हें सही करके या उनका लोप करके प्ररूप जीएसटीआर-4 में इलैक्ट्रानिकी रूप में या सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केन्द्र के माध्यम से त्रैमासिक विवरणी प्रस्तुत करेगा ।

(2) उपनियम (1) के अधीन विवरणी प्रस्तुत करने वाला प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति कर, ब्याज, शास्ति, फीस या अधिनियम या इस अध्याय के नियमों के अधीन संदेय किसी अन्य रकम के लिए अपने दायित्व का निर्वहन इलैक्ट्रानिकी रोकड़ बही के नामे डालकर करेगा ।

(3) उपनियम (1) के अधीन प्रस्तुत विवरणी में निम्नलिखित शामिल होंगे—

(क) रजिस्ट्री—त और गैर-रजिस्ट्री—त व्यक्तियों से प्राप्त आवक प्रदाययों के अंतर-राज्य और अंतःराज्य के बीजकवार ब्यौरे ;

(ख) की गई जावक प्रदाययों के एकी—त ब्यौरें ;

(4) कोई रजिस्ट्री—त व्यक्ति, जिसने वित्त वर्ष के आरंभ से धारा 10 के अधीन कर संदाय करने का विकल्प लिया है, जहां अपेक्षित हो, उस अवधि से संबंधित आवक और जावक प्रदाययों और नियम 59, नियम 60 और नियम 61 के अधीन विवरणी के ब्यौरे, जिसके दौरान वह व्यक्ति ऐसे ब्यौरे और विवरणियों को पश्चातवर्ती वित्त वर्ष के सितंबर मास के लिए विवरणी प्रस्तुत करने की सम्यक्‌ तारीख या पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष की वार्षिक विवरणी को प्रस्तुत करने की सम्यक्‌ तारीख, जो भी पूर्वतर हो, प्रस्तुत करने के लिए दायी था, प्रस्तुत करेगा ।

स्पष्टीकरण.—इस उपनियम के प्रयोजन के लिए यह घोषित किया जाता है कि व्यक्ति प्रदायकर्ता से उसके द्वारा समिश्र स्कीम का विकल्प लेने से पूर्व अवधि के लिए बीजकों या नामे टिप्पणों पर इनपुट कर प्रत्यय लेने के लिए पात्र नहीं होगा ।

(5) कोई रजिस्ट्री—त व्यक्ति, जो स्वेच्छा द्वारा समिश्र स्कीम से हटने का विकल्प लेता है या जहां समुचित अधिकारी की पहल पर विकल्प को वापिस ले लिया जाता है वहां आवश्यकता होने पर धारा 9 के अधीन कर के संदाय के लिए प्ररूप जीएसटीआर-4 में विकल्प लेने से पूर्व अवधि से उत्तरवर्ती वित्त वर्ष के 6388 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 सितंबर मास को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए विवरणी प्रस्तुत करने की सम्यक्‌ तारीख या पूर्ववर्ती वित्त वर्ष के लिए विवरणी प्रस्तुत करने की सम्यक्‌ तारीख, जो भी पूर्वतर हो, तक के ब्यौरों को प्रस्तुत करेगा । 63. गैर-निवासी कराधेय व्यक्ति द्वारा विवरणी प्रस्तुत करने का प्ररूप और रीति.—प्रत्येक रजिस्ट्री—त गैर-निवासी कराधेय व्यक्ति सामान्य पोर्टल के माध्यम से इलैक्ट्रानिकी रूप में या सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केन्द्र के माध्यम से प्ररूप जीएसटीआर-5 में विवरणी प्रस्तुत करेगा, जिसके अंतर्गत जावक प्रदाययों और आवक प्रदाययों के ब्यौरे सम्मिलित हैं तथा वह कर, ब्याज, शास्ति, फीस या इस अधिनियम के अधीन या इस अध्याय के नियमों के अधीन संदेय किसी अन्य रकम का कर अवधि के अंत से 20 दिन के पश्चात्‌ या रजिस्ट्रीकरण अवधि की विधिमान्यता के अंतिम दिन के पश्चात्‌ 7 दिन के भीतर, जो भी पूर्वत्तर हो, संदाय करेगा ।

64. ऑनलाइन सूचना और डाटाबेस पहुंच या पुनः प्राप्ति सेवाएं प्रदान करने वाले व्यक्तियों द्वारा विवरणी प्रस्तुत करने का प्ररूप और रीति.—भारत से बाहर किसी स्थान से भारत में किसी व्यक्ति को ऑनलाइन सूचना और डाटाबेस पहुंच या पुनः प्राप्ति सेवाएं प्रदान करने वाला रजिस्ट्री—त व्यक्ति से भिन्न रजिस्ट्री—त प्रत्येक व्यक्ति कलैंडर मास या उसके भाग के पश्चात्‌वर्ती मास की 20 तारीख को या उससे पूर्व प्ररूप जीएसटीआर-5क में विवरणी फाइल करेगा ।

65. इनपुट सेवा वितरक द्वारा विवरणी प्रस्तुुत करने का प्ररूप और रीति.—प्रत्येक इनपुट सेवा वितरक प्ररूप जीएसटीआर-6क में अंत र्विष्ट ब्यौरों के आधार पर और जहां अपेक्षित हो, ब्यौरों में जोड़ने के पश्चात्‌ सही करने या ब्यौरों का लोप करने के पश्चात्‌ इलैक्ट्रानिकी रूप में प्ररूप जीएसटीआर-6 में विवरणी, जिसमें कर बीजकों के ब्यौरे अंतर्विष्ट होंगे, जिन पर प्रत्यय प्राप्त किया गया है तथा जिन्हें धारा 20 के अधीन जारी किया गया है, सामान्य पोर्टल के माध्यम से या तो सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केन्द्र के माध्यम से विवरणी प्रस्तुत करेगा ।

66. ऐसे व्यक्ति से जिससे स्रोत पर कर की कटौती करने की अपेक्षा है, द्वारा विवरणी प्रस्तुत करने का प्ररूप और रीति—(1) प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति, जिससे धारा 51 के अधीन स्रोत पर कर की कटौती करना अपेक्षित है (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ इस नियम में कटातै ीकर्ता कहा गया है) प्ररूप जीएसटीआर-7 में इलैक्ट्रानिकी रूप में सामान्य पोर्टल के माध्यम से या तो सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केन्द्र के माध्यम से विवरणी प्रस्तुत करेगा ।

(2) उपनियम (1) के अधीन कटौतीकर्ता द्वारा प्रस्तुत ब्यौरों को इलैक्ट्रानिकी रूप में प्ररूप जीएसटीआर-2क के भाग ग में प्रत्येक प्रदायकर्ता को और सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटीआर-4क में प्ररूप प्ररूप जीएसटीआर-7 फाइल करने की सम्यक्‌ तारीख के पश्चात्‌ उपलब्ध कराया जाएगा । (3) धारा 51 की उपधारा (3) में निर्दिष्ट प्रमाणपत्र को, प्ररूप जीएसटीआर-7क के सामान्य पोर्टल द्वारा उपनियम (1) के अधीन प्रस्तुत की गई विवरणी के आधार पर इलैक्ट्रानिकी रूप में कटौतीकर्ता द्वारा जारी किया जाएगा ।

67. ई-वाणिज्य प्रचालक के माध्यम से प्रदायों के विवरण को प्रस्तुत करने का प्ररूप औैर रीति.--(1) धारा 52 के अधीन स्रोत पर कर संग्रहीत करने के लिए अपेक्षित प्रत्येक इलेक्ट्रानिक वाणिज्य प्रचालक या तो प्रत्यक्षतः या आयुक्त द्वारा अधिसूचित सुविधा केन्द्र से सामान्य पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्ररुप जीएसटीआर-8 में विवरण प्रस्तुत करेगा जिसमें ऐसे प्रचालक के माध्यम से किए गए प्रदायों के ब्यौरे तथा धारा 52 की उप-धारा (1) की अपेक्षानुसार संग्रहीत कर की रकम अन्तर्विष्ट होगी।

(2) उप-नियम (1) के अधीन प्रचालक द्वारा प्रस्तुत ब्यौरे प्ररुप जीएसटीआर-8 के फाइल किए जाने की देय तारीख के पश्चात्‌ सामान्य पोर्टल पर प्ररुप जीएसटीआर-2क के भाग ग में प्रत्येक प्रदायकर्ता को इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।

68. विवरणियों के फाइल न करने वाले व्यक्तियों को सूचना.--प्ररुप जीएसटीआर-3क में सूचना ऐसे किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी की जाएगी जो धारा 39 या धारा 44 या धारा 45 या 55 के अधीन विवरणी प्रस्तुत करने में असफल रहता है।6389 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 69. इनपुट कर प्रत्यय के दावे का सुमेलीकरण.--आवक प्रदायों, जिनके अन्तर्गत धारा 41 के अधीन अनंतिम रूप से अनुज्ञात आयात भी हैं, पर इनपुट कर प्रत्यय के दावे से सम्बन्धित निम्नलिखित ब्यौरे, प्ररुप जीएसटीआर-3 में विवरणी प्रस्तुत करने के लिए देय तारीख के पश्चात, धारा 42 के अधीन सुमेलित होंगे- (क) प्रदायकर्ता की जीएसटी पहचान संख्या; (ख) प्राप्तकर्ता की जीएसटी पहचान संख्या; (ग) बीजक या नामे नोट संख्या; (घ) बीजक या नामे नोट तारीख; और (ङ) कर रकम:

परंतु जहां धारा 37 के अधीन विनिर्दिष्ट प्ररुप जीएसटीआर-1 और धारा 38 के अधीन विनिर्दिष्ट प्ररुप जीएसटीआर-2 को प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा बढा़ ई गई है वहां इनपुट कर प्रत्यय के दावे से सम्बन्धित सुमेलीकरण की तारीख भी तद्‌नुसार बढ़ाई जाएगी:

परंतु यह और कि आयुक्त परिषद की सिफारिशों पर आदेश द्वारा इनपुट कर प्रत्यय के दावे से सम्बन्धित सुमेलीकरण की तारीख को ऐसी तारीख तक बढ़ा सकेगा जो उसमें विनिर्दिष्ट की जाए। स्पष्टीकरण.--इस नियम के प्रयोजन के लिए यह घोषणा की जाती है कि-

(i) प्ररुप जीएसटीआर-2 में उन बीजकों और नामे नोटों, जिन्हें संशोधन के बिना प्ररुप जीएसटीआर-2क के आधार पर प्राप्तिकर्ता द्वारा स्वीकार किया गया था, की बाबत इनपुट कर प्रत्यय का दावा सुमेलित माना जाएगा यदि तत्स्थानी प्रदायकर्ता ने विधिमान्य विवरणी प्रस्तुत की है;

(ii) इनपुट कर प्रत्यय का दावा यथा सुमेलित माना जाएगा जब दावा किए गए इनपुट कर प्रत्यय की रकम तत्स्थानी प्रदायकर्ता द्वारा ऐसे कर बीजक या नामे नोट पर संदत्त उत्पादन कर के बराबर है या उससे कम।

70. इनपुट कर प्रत्यय की अन्तिम स्वी—ति और उसकी संसूचना.--(1) धारा 42 की उप-धारा (2) में विनिर्दिष्ट किसी कर अवधि की बाबत इनपुट कर प्रत्यय के दावे की अन्तिम स्वी—ति सामान्य पोर्टल के माध्यम से प्ररूप जीएसटी एमआईर्एएस-1 में ऐसा दावा करने वाले रजिस्ट्री—त व्यक्ति को उपलब्ध कराया जाएगा ।

(2) किसी कर अवधि की बाबत इनपुट कर प्रत्यय का दावा, जिसे बेमेल के रूप में संसूचित किया गया है किन्तु प्रदायकर्ता या प्राप्तिकर्ता द्वारा परिशोधन के पश्चात्‌, सुमेलित पाया गया है, अन्तिम रूप से स्वीकार किया जाएगा और सामान्य पोर्टल के माध्यम से प्ररूप जीएसटी एमआईर्एएस-1 में ऐसा दावा करने वाले व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।

71. इनपुट कर प्रत्यय के दावे की संसचूना और उसमें विसंगति का परिशोधन तथा इनपुट कर प्रत्यय दावे का उलट दिया जाना.--(1) धारा 42 की उप-धारा (3) में विनिर्दिष्ट किसी कर अवधि की बाबत इनपुट कर प्रत्यय के दावे में कोई विसंगति तथा ऐसी विसंगति के चालू रहने के कारण उक्त धारा की उप-धारा (5) के अधीन जोडे़ जाने के लिए दायी उत्पादन कर के ब्यौरे प्ररुप जीएसटीआर एमआईर्एएस-1 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऐसा दावा करने वाले प्राप्तिकर्ता और प्ररुप जीएसटीआर एमआईर्एएस-2 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रदायकर्ता को सामान्य पोर्टल के माध्यम से उस मास, जिसमें सुमेलीकरण किया गया हो, की अन्तिम तारीख को या उससे पहले उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

(2) ऐसा कोई प्रदायकर्ता, जिसको उप-नियम (1) के अधीन कोई विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, उस मास, जिसमें विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, के लिए प्रस्तुत किया जाने वाले जावक प्रदायों के विवरण में उपयुक्त परिशोधन कर सकेगा। 6390 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (3) ऐसा कोई प्राप्तिकर्ता, जिसको उप-नियम (1) के अधीन कोई विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, उस मास, जिसमें विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, के लिए प्रस्तुत किया जाने वाले आवक प्रदायों के विवरण में उपयुक्त परिशोधन कर सकेगा।

(4) जहां विसंगति उप-नियम (2) या उप-नियम (3) के अधीन परिशोधित नहीं की जाती है, वहां विसंगति के विस्तार तक रकम उस मास, जिसमें विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, के उत्तरवर्ती मास के लिए प्ररुप जीएसटीआर-3 में प्रस्तुत की जाने वाली उसकी विवरणी में प्राप्तिकर्ता के उत्पादन कर दायित्व में जोड़ी जाएगी।

स्पष्टीकरण.-- इस नियम के प्रयोजन के लिए, यह घोषणा की जाती है कि-

(i) किसी प्रदायकर्ता द्वारा परिशोधन से उसकी विधिमान्य विवरणी में जावक प्रदाय के ब्यौरों को जोड़ना या संशोधन करना अभिप्रेत है जिससे कि प्राप्तिकर्ता द्वारा घोषित तत्स्थानी आवक प्रदाय के ब्यौरों को सुमेलित किया जा सके;

(ii) किसी प्राप्तिकर्ता द्वारा परिशोधन से आवक प्रदाय के ब्यौरों का हटाया जाना या उन्हें संशोधित किया जाना अभिप्रेत है जिससे कि प्रदायकर्ता द्वारा घोषित तत्स्थानी जावक प्रदाय के ब्यौरों को सुमेलित किया जा सके;

72. एक बार से अधिक उसी बीजक पर इनपुट कर प्रत्यय का दावा.--आवक प्रदायों के ब्यौरों में इनपुट कर प्रत्यय के दावों का दो बार किया जाना सामान्य पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्ररुप जीएसटीआर एमआईर्एएस-1 में रजिस्ट्री—त व्यक्ति को ससं ूचित किया जाएगा।

73. उत्पादन कर दायित्व मेेंं कटौती के दावों का सुमेलीकरण:--उत्पादन कर दायित्व में कटौती के दावे से सम्बन्धित निम्नलिखित ब्यौरे प्ररुप जीएसटीआर-3 में विवरणी प्रस्तुत करने के लिए देय तारीख के पश्चात्‌ धारा 43 के अधीन सुमेलित किए जाएंगे:-

(क) प्रदायकर्ता की जीएसटीआर पहचान संख्या; (ख) प्राप्तिकर्ता की जीएसटीआर पहचान संख्या; (ग) जमा पत्र संख्या; (घ) जमा पत्र की तारीख; और (ङ) कर की रकम:

परंतु जहां धारा 37 के अधीन प्ररुप जीएसटीआर-1 आरै धारा 38 के अधीन प्ररुप जीएसटीआर-2 को प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा बढ़ाई गई है वहां उत्पादन कर दायित्व में कटौती के दावे के सुमेलीकरण की तारीख तद्‌नुसार बढ़ाई जाएगी:

परंतु यह और कि आयुक्त परिषद की सिफारिशों पर आदेश द्वारा उत्पादन कर दायित्व के दावे से सम्बन्धित सुमेलीकरण की तारीख को ऐसी तारीख तक बढ़ा सकेगा जो उसमें विनिर्दिष्ट की जाए। स्पष्टीकरण.— इस नियम के प्रयोजन के लिए यह घोषणा की जाती है कि-

(i) प्ररुप जीएसटीआर-1 में उन जमा पत्रों, जो प्ररूप जीएसटीआर-2क में बिना संशोधन के तत्स्थानी प्राप्तिकर्ता द्वारा स्वीकार किए गए थे, के जारी किए जाने के कारण उत्पादन कर दायित्व में कटौती का दावा सुमेलित माना जाएगा यदि उक्त प्राप्तिकर्ता ने विधिमान्य विवरणी प्रस्तुत की है।

(ii) उत्पादन कर दायित्व में कटौती का दावा वहां सुमेलित समझा जाएगा जहां उत्पादन कर दायित्व की रकम दावा की गई कटौती को हिसाब में लेने के पश्चात्‌, उसकी विधिमान्य विवरणी में6391 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 तत्स्थानी प्राप्तकर्ता द्वारा ऐसे जमा पत्र पर स्वी—त और उन्मोचित कटौती को हिसाब में लेने के पश्चात्‌, इनपुट कर दायित्व के दावे के बराबर है या उससे अधिक है।

74. इनपुट कर प्रत्यय की अन्तिम स्वी—ति और उसकी संसूचना.--(1) धारा 43 की उप-धारा (2) में विनिर्दिष्ट किसी कर अवधि की बाबत उत्पादन कर दायित्व में कटौती के दावे के अन्तिम स्वी—ति सामान्य पोर्टल के माध्यम से प्ररूप और सेेवा कर एमआईएस-1 में ऐसा दावा करने वाले रजिस्ट्री—त व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।

(2) किसी ऐसी कर अवधि की बाबत उत्पादन कर दायित्व में कटौती का दावा, जिसे बेमेले दावे के रूप् में संसूचित किया गया था किन्तु प्रदायकर्ता या प्राप्तिकर्ता द्वारा परिशोधन के पश्चात्‌ सुमेलित पाया गया है, अन्तिम रूप से स्वीकार किया जाएगा और सामान्य पोर्टल के माध्यम से प्ररूप कोई जीएसटी एमआईएस-1 में ऐसा दावा करने वाले व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध कराया जाएगा।

75. उत्पादन कर दायित्व की कटौती मेेंं विसंगति की संसूचना और उसका परिशोधन तथा कटौती के दावे का उलट दिया जाना.--(1) धारा 43 की उप-धारा (3) में विनिर्दिष्ट उत्पादन कर दायित्व में कटौती के दावे में कोई विसंगति और ऐसी विसंगति के चालू रहने के कारण उक्त धारा की उप-धारा (5) के अधीन जोडे़ जाने वाले उत्पादन के कर दायित्व ब्यौरे प्ररुप जीएसटी एमआईएस-1 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऐसा दावा करने वाले रजिस्ट्री—त व्यक्ति को और प्ररुप जीएसटी एमआईएस-2 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्तिकर्ता को सामान्य पोर्टल के माध्यम से उस मास, जिसमें सुमेलीकरण किया गया हो, की अन्तिम तारीख को या उससे पहले उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

(2) ऐसा कोई प्रदायकर्ता, जिसको उप-नियम (1) के अधीन कोई विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, उस मास, जिसमें विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, के लिए प्रस्तुत किया जाने वाले जावक प्रदायों के विवरण में उपयुक्त परिशोधन कर सकेगा।

(3) ऐसा कोई प्राप्तिकर्ता, जिसको उप-नियम (1) के अधीन कोई विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, उस मास, जिसमें ऐसी विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, के लिए प्रस्तुत किया जाने वाले आवक प्रदायों के विवरण में उपयुक्त परिशोधन कर सकेगा।

(4) जहां विसंगति उप-नियम (2) या उप-नियम (3) के अधीन परिशोधित नहीं की जाती है, वहां विसंगति के विस्तार की रकम प्राप्तिकर्ता के उत्पादन कर दायित्व में जोड़ी जाएगी और इलेक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर में से विकलित की जाएगी तथा उस मास, जिसमें विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, के उत्तरवर्ती मास के लिए प्ररुप जीएसटीआर-3 में दर्शायी जाएगी।

स्पष्टीकरण.— इस नियम के प्रयोजन के लिए, यह घोषणा की जाती है कि-

(i) किसी प्रदायकर्ता द्वारा परिशोधन से उसकी विधिमान्य विवरणी में जावक प्रदाय के ब्यौरों का हटाया जाना या संशोधन करना अभिप्रेत है जिससे कि प्राप्तिकर्ता द्वारा घोषित तत्स्थानी आवक प्रदाय के ब्यौरों को सुमेलित किया जा सके;

(ii) किसी प्राप्तिकर्ता द्वारा परिशोधन से आवक प्रदाय के ब्यौरों का जोड़ा जाना या उन्हें संशोधित किया जाना अभिप्रेत है जिससे कि प्रदायकर्ता द्वारा घोषित तत्स्थानी जावक प्रदाय के ब्यौरों को सुमेलित किया जा सके;

76. एक बार से अधिक उत्पादन कर दायित्व में कटौती का दावा.—जावक प्रदायों के ब्यौरों में उत्पादन कर दायित्व में कटौती के लिए दावों का दो बार किया जाना सामान्य पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्ररूप जीएसटीआर एमआईर्एएस-1 में रजिस्ट्री—त व्यक्ति को संसूचित किया जाएगा। 77. उलट दिए गए दावों का पुनुनः दावा करने पर संदंदत्त ब्याज का प्रतिदाय.--धारा 42 की उप-धारा (9) या धारा 43 की उप-धारा (9) के अधीन प्रतिदाय किए जाने वाले ब्याज का दावा प्ररूप 6392 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 जीएसटीआर-3 में उसकी विवरणी में रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा किया जाएगा और उसे प्ररूप जीएसटी पीएमटी-05 में उसके इलेक्ट्रॉनिक नकद खाते में जमा किया जाएगा तथा जमा की गई रकम ब्याज के लिए किसी भागीदारी के संदाय के लिए उपलब्ध होगी या कराधेय व्यक्ति धारा 54 के अधीन रकम के प्रतिदाय का दावा कर सकेगा।

78. प्रदायकर्ता द्वारा प्रस्तुत ब्यौरों सहित ई-वाणिज्य प्रचालक द्वारा प्रस्तुत ब्यौरों का सुमेलीकरण.--प्ररूप जीएसटीआर-8 में यथा घोषित ई-वाणिज्य प्रचालक के माध्यम से प्रदायों से 57 सम्बन्धित निम्नलिखित ब्यारे प्ररूप जीएसटीआर-1 में प्रदायकर्ता द्वारा घोषित तत्स्थानी ब्यौरों के साथ सुमेलित होंगे-

(क) प्रदाय के स्थान का राज्य; और (ख) शुद्ध कराधेय मूल्य:

परंतु जहां धारा 37 के अधीन प्ररूप जीएसटीआर-1 प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा बढ़ाई गई है वहां ऊपर उल्लेखित ब्यौरों के सुमेलीकरण की तारीख तद्‌नुसार बढ़ाई जाएगी।

परंतु यह और कि आयुक्त, परिषद की सिफारिशों पर, आदेश द्वारा सुमेलीकरण की तारीख को उस तारीख तक बढ़ा सकेगा जो इसमें विनिर्दिष्ट की जाए।

79. ई-वाणिज्य प्रचालक और प्रदायकर्ता द्वारा प्रस्तुत ब्यौरों में विसंगति की संंसूचना और उसका परिशोधन.--(1) प्रचालक द्वारा प्रस्तुत ब्यौरे में कोई विसंगति और प्रदायकर्ता द्वारा घोषित विसंगति प्ररूप जीएसटी एमआईएस-3 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रदायकर्ता को और प्ररूप जीएसटी एमआईएस-4 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से ई-वाणिज्य प्रचालक को सामान्य पोर्टल पर उस मास, जिसमें सुमेलीकरण किया गया है, की अन्तिम तारीख को या उससे पहले उपलब्ध कराई जाएगी।

(2) ऐसा प्रदायकर्ता, जिसको उप-नियम (1) के अधीन कोई विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, उस मास के लिए, जिसमें विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, प्रस्तुत किए जाने वाले जावक प्रदायों के विवरण में उपयुक्त परिशोधन कर सकेगा।

(3) कोई प्रचालक, जिसको उप-नियम (1) के अधीन कोई विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, उस मास के लिए, जिसमें विसंगति उपलब्ध कराई जाती है, प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण में उपयुक्त परिशोधन कर सकेगा।

(4) जहां उप-नियम (2) या उप-नियम (3) के अधीन कोई विसंगति परिशोधित नहीं की जाती है, वहां विसंगति के विस्तार तक रकम उस मास, जिसमें विसंगति के ब्यौरे उपलब्ध कराए जाते हैं, से उत्तरवर्ती मास के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3 में उसकी विवरणी में प्रदायकर्ता के उत्पादन कर दायित्व में जोड़ी जाएगी और उत्पादन कर दायित्व में ऐसा परिवर्धन तथा उस पर संदेय ब्याज प्ररूप जीएसटी एमआईएस-3 में सामान्य पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रदायकर्ता को उपलब्ध कराई जाएगी।

80. वार्षिर्कक विवरणी:--(1) इनपुट सेवा वितरक से भिन्न प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति, धारा 51 या धारा 52 के अधीन कर का संदाय करने वाला व्यक्ति, आकस्मिक कराधेय व्यक्ति और अनिवासी कराधेय व्यक्ति, सामान्य पोर्टल के माध्यम से या तो प्रत्यक्षतः या आयुक्त द्वारा अधिसूचित सुविधा केन्द्र के माध्यम से प्ररूप जीएसटीआर-9 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से धारा 44 की उप-धारा (1) के अधीन यथा विनिर्दिष्ट वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करेगा:

परंतु धारा 10 के अधीन कर का संदाय करने वाला व्यक्ति प्ररूप जीएसटीआर-9क में वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करेगा।

(2) धारा 52 के अधीन स्रोत पर कर संग्रह करने के लिए अपेक्षित प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य प्रचालक प्ररूप जीएसटीआर-9ख में उक्त धारा की उप-धारा (5) में विनिर्दिष्ट वार्षिक विवरण प्रस्तुत करेगा।6393 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (3) ऐसा प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति, जिसकी किसी वित्तीय वर्ष के दौरान कुल आवर्त दो करोड़ रूपये से अधिक है, धारा 35 की उप-धारा (5) के अधीन यथा विनिर्दिष्ट अपने खातों को संपरीक्षित कराएगा और वह प्रत्यक्षतः या आयुक्त द्वारा अधिसूचित सुविधा केन्द्र के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्ररूप जीएसटीआर-9ग में संपरीक्षित वार्षिक लेखों तथा सम्यकतः प्रमाणित समाधान विवरण की प्रति प्रस्तुत करेगा। 81. अन्तिम विवरणी.-- धारा 45 के अधीन अन्तिम विवरणी प्रस्तुत करेने के लिए अपेक्षित प्रत्येक व्यक्ति के लिए सामान्य पोर्टल के माध्यम से या तो प्रत्यक्षतः या आयुक्त द्वारा अधिसूचित सुविधा केन्द्र के माध्यम से प्ररूप जीएसटीआर-10 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऐसी विवरणी प्रस्तुत करेगा।

82. विशिष्ट पहचान संख्या रखने वाले व्यक्तियों के आवक प्रदायों के ब्यौरे.--(1) ऐसा प्रत्येक व्यक्ति, जिसे विशिष्ट पहचान संख्या जारी की गई है और वह अपने आवक प्रदायों पर संदत्त करों के प्रतिदाय का दावा करता है, या तो प्रत्यक्षतः सामान्य पोर्टल के माध्यम से या आयुक्त द्वारा अधिसूचित सुविधा केन्द्र के माध्यम से ऐसे प्रतिदाय दावे के लिए आवेदन के साथ प्ररूप जीएसटीआर-11 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से कराधेय माल या सेवाओं या दोनों के ऐसे प्रदायों के ब्यौरे प्रस्तुत करेगा।

(2) ऐसा प्रत्येक व्यक्ति, जिसे संदत्त करों के प्रतिदाय से भिन्न प्रयोजनों के लिए विशिष्ट पहचान संख्या जारी की गई है, कराधेय माल या सेवाओं या दोनों के आवक प्रदायों के ब्यौरे, जिनकी कोई प्ररूप जीएसटीआर-11 में उचित अधिकारी द्वारा अपेक्षा की जाए, प्रस्तुत करेगा।

83. जीएसटी व्यवसायी से सम्बन्धित उपबंध.--(1) प्ररूप जीएसटी पीसीटी-01 में आवेदन किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा जीएसटी व्यवसायी के रूप में अभ्यावेशन के लिए या तो प्रत्यक्षतः सामान्य पोर्टल के माध्यम से या आयुक्त द्वारा अधिसूचित सुविधा केन्द्र के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जा सकेगा जो– (क) (i) भारत का नागरिक है; (ii) स्वस्थ चित्त का व्यक्ति है; (iii) दिवाला के रूप में न्यायनिर्णीत नहीं है; (iv) सक्षम न्यायालय द्वारा सिद्ध दोष नहीं ठहराया गया है;-

(ख) जो किन्हीं निम्नलिखित शर्तों को पूरा करता हो, अर्थात्‌:-

(i) वह किसी राज्य सरकार के वाणिज्यिक कर विभाग या केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा-शुल्क बोर्ड, राजस्व विभाग, भारत सरकार का सेवानिवृत्त अधिकारी है, जो सरकार के अधीन अपनी सेवा के दौरान, दो वर्ष से अन्युन अवधि तक समूह 'ख' राजपत्रित अधिकारी की पंक्ति से अनिम्नतर पंक्ति के पद पर कार्य कर चुका था;

या

(ii) उसे पांच वर्ष से अन्यून अवधि के लिए विद्यमान विधि के अधीन विक्रय कर व्यवसायी या कर विवरणी तैयारकर्ता के रूप में अभ्यावेशित किया गया है;

(ग) उसने-

(i) स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री या उसके समतुल्य परीक्षा उत्तीर्ण की है जो तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा स्थापित भारतीय विश्वविद्यालय से वाणिज्य, विधि, बैंककारी, जिसके अन्तर्गत उच्चतर लेखा परीक्षा या व्यवसाय प्रशासन या व्यवसाय प्रबंधन भी है, में डिग्री रखता हो;

(ii) किसी भारतीय विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त किसी विदेशी विश्वविद्यालय की डिग्री परीक्षा, जो उप-खंड (प) में उल्लिखित डिग्री परीक्षा के समतुल्य है, उत्तीर्ण की हो; या 6394 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (iii) इस प्रयोजन के लिए परिषद की सिफारिश पर सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य परीक्षा उत्तीर्ण की हो; या

(iv) जिसने निम्नलिखित परीक्षाओं में से कोई परीक्षा उत्तीर्ण की हो, अर्थात्‌:-

(क) भारतीय चार्टर्ड एकाउन्टेंट संस्थान की अन्तिम परीक्षा; या

(ख) भारतीय लागत लेखाकार संस्थान की अन्तिम परीक्षा; या

(ग) भारतीय कम्पनी सचिव संस्थान की अन्तिम परीक्षा।

(2) उप-नियम (1) में निर्दिष्ट आवेदन की प्राप्ति पर, इस निमित्त प्राधि—त अधिकारी, ऐसी जांच, जो वह आवश्यक समझे, करने के पश्चात्‌, या तो आवेदक को जीएसटी व्यवसायी के रूप में अभ्यावेशित करेगा और प्ररूप जीएसटी पीसीटी-02 में उस आशय का प्रमाणपत्र जारी करेगा या जहां यह पाया जाता है कि आवेदक माल या सेवा कर व्यवसायी के रूप में अभ्यावेशित किए जाने के लिए अर्हित नहीं है वहां उसके आवेदन को नामंजूर करेगा।

(3) उप-नियम (2) के अधीन किया गया अभ्यावेशन उसके रद्द किए जाने तक विधिमान्य होगा:

परंतु जीएसटी व्यवसायी के रूप में अभ्यावेशित कोई व्यक्ति अभ्यावेशित बने रहने के लिए तब तक पात्र नहीं होगा जब तक कि वह ऐसी अवधियों में और ऐसे प्राधिकारी द्वारा, जो परिषद की सिफारिश पर आयुक्त द्वारा अधिसूचित की जाएं, संचालित परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर लेता है:

परंतु यह और कि ऐसा कोई व्यक्ति, जिस पर उप-धारा (1) के खंड (ग) के उपबंध लागू होते हैं, अभ्यावेशित बने रहने के लिए तब तक पात्र नहीं होगा जब तक कि वह नियत तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर उक्त परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर लेता है।

(4) यदि कोई जीएसटी व्यवसायी इस अधिनियम के अधीन किसी कार्यवाही के सम्बन्ध में अवचार का दोषी पाया जाता है तो प्राधि—त अधिकारी ऐसे अवचार के विरूद्ध उसे प्ररूप जीएसटी पीसीटी-03 में कारण बताने की सूचना देने के पश्चात्‌ प्ररूप जीएसटी पीसीटी-04 में आदेश द्वारा उसे सुने जाने का युक्तियुक्त अवसर दिए जाने के पश्चात्‌ यह निदेश दे सकेगा कि वह अब से आगे जीएसटी व्यवसायी के रूप में कार्य करने के लिए धारा 48 के अधीन निरर्हित होगा।

(5) ऐसा कोई व्यक्ति, जिसके विरूद्ध उप-नियम (4) के अधीन आदेश किया जाता है, ऐसे आदेश के जारी किए जाने की तारीख से तीस दिन के भीतर, ऐसे आदेश के विरूद्ध आयुक्त को अपील कर सकेगा। (6) कोई रजिस्ट्री—त व्यक्ति, अपने विकल्प पर, प्ररूप जीएसटी पीसीटी-05 में सामान्य पोर्टल पर किसी जीएसटी व्यवसायी को प्राधि—त कर सकेगा या, किसी भी समय, प्ररूप जीएसटी पीसीटी-05 में ऐसे प्राधिकार को वापस ले सकेगा और इस प्रकार प्राधि—त जीएसटी व्यवसायी ऐसे कार्य करने के लिए अनुज्ञात किया जाएगा जो प्राधिकार की अवधि के दौरान उक्त प्राधिकार में उपदर्शित हो।

(7) जहां रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किए जाने के लिए अपेक्षित विवरण उसके द्वारा प्राधि—त जीएसटी व्यवसायी द्वारा प्रस्तुत किया गया है, वहां पुष्टि, ई-मेल या एसएमएस पर रजिस्ट्री—त व्यक्ति से मांगी जाएगी और जीएसटी व्यवसायी द्वारा प्रस्तुत विवरण सामान्य पोर्टल पर रजिस्ट्री—त व्यक्ति को उपलब्ध कराया जाएगा:

परंतु जहां रजिस्ट्री—त व्यक्ति, ऐसे विवरण के प्रस्तुत किए जाने की अन्तिम तारीख तक पुष्टि के लिए किए गए अनुरोध का उत्तर देने में असफल रहता है वहां यह समझा जाएगा कि उसने जीएसटी व्यवसायी द्वारा प्रस्तुत विवरण की पुष्टि कर दी है।6395 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (8) जीएसटी व्यवसायी किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति की ओर से किन्हीं या सभी निम्नलिखित क्रिया-कलापों को आरम्भ कर सकता है, यदि उसे निम्नलिखित को करने के लिए उसके द्वारा प्राधि—त किया गया हो-

(क) जावक और आवक प्रदायों के ब्यौरे प्रस्तुत करना;

(ख) मासिक, त्रैमासिक, वार्षिक या अन्तिम विवरणी प्रस्तुत करना;

(ग) इलेक्ट्रॉनिक नकद खाते में प्रत्यय के लिए निक्षेप करना;

(घ) प्रतिदाय के लिए दावा फाइल करना; और

(ङ) रजिस्ट्रीकरण के संशोधन या रद्दकरण के लिए आवेदन फाइल करना:

परंतु जहां प्रतिदाय के लिए दावे से सम्बन्धित कोई आवेदन या रजिस्ट्रीकरण के संशोधन या रद्दकरण के लिए कोई आवेदन रजिस्टर्ड व्यक्ति द्वारा प्राधि—त जीएसटी व्यवसायी द्वारा प्रस्तुत किया गया है वहां पुष्टि रजिस्ट्री—त व्यक्ति से मांगी जाएगी और उक्त व्यवसायी द्वारा प्रस्तुत आवेदन सामान्य पोर्टल पर रजिस्ट्री—त व्यक्ति को उपलब्ध कराया जाएगा तथा ऐसे आवेदन पर तब तक अगली कार्रवाई नहीं की जाएगी जब तक रजिस्ट्री—त व्यक्ति उसके लिए अपनी सहमति नहीं दे देता है।

(9) जीएसटी व्यवसायी के माध्यम से अपनी विवरणी प्रस्तुत करने के लिए विकल्प देने वाला कोई रजिस्ट्री—त व्यक्ति-

(क) किसी जीएसटी व्यवसायी को उसकी विवरणी तैयार करने और प्रस्तुत करने के लिए प्ररूप जीएसटी पीसीटी-05 में अपनी सहमति देगा;

(ख) जीएसटी व्यवसायी द्वारा तैयार किए गए किसी विवरण के प्रस्तुतिकरण को पुष्ट करने से पहले सुनिश्चित करेगा कि विवरणी में उल्लिखित तथ्य सत्य और सही हैं।

(10) जीएसटी व्यवसायी-

(क) सम्यक्‌ तत्परता के साथ विवरण तैयार करेगा; और

(ख) उसके द्वारा तैयार किए गए विवरणों पर अपने डिजिटल हस्ताक्षर करेगा या इलेक्ट्रॉनिक रूप से अपने प्रत्यायक का प्रयोग करते हुए सत्यापित करेगा।

(11) किसी अन्य राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में अभ्यावेशित जीएसटी व्यवसायी को उप-नियम (8) में विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में अभ्यावेशित के रूप में समझा जाएगा।

84. हाजिरी के प्रयोजनों के लिए शर्र्र्तेेंं.--(1) कोई व्यक्ति किसी प्राधिकारी के समक्ष किसी रजिस्ट्रीकृत या अरजिस्ट्री—त व्यक्ति की ओर से इस अधिनियम के अधीन किसी कार्यवाही के सम्बन्ध में जीएसटी व्यवसायी के रूप में उपस्थित होने के लिए तब तक पात्र नहीं होगा जब तक कि वह नियम 83 के अधीन अभ्यावेशित नहीं कर दिया गया हो।

(2) किसी प्राधिकारी के समक्ष इस अधिनियम के अधीन किसी कार्यवाही में रजिस्ट्री—त या अरजिस्ट्री—त व्यक्ति की ओर से उपस्थित होने वाला जीएसटी व्यवसायी ऐसे प्राधिकारी के समक्ष, प्ररूप जीएसटी पीसीटी-05 में ऐसे व्यक्ति द्वारा दिए गए प्राधिकार की प्रति, यदि अपेक्षित हो, प्रस्तुत करेगा।

अध्याय-9

कर का संदाय

85. इलेक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर.—(1) धारा 49 की उप-धारा (7) के अधीन विनिर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर सामान्य पोर्टल पर कर, ब्याज, शास्ति, विलम्ब फीस या कोई अन्य रकम का संदाय करने के 6396 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 लिए दायी प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्ररूप जीएसटी पीएमटी-01 में बनाया रखा जाएगा और उसके द्वारा संदेय सभी रकमें उक्त रजिस्टर में से विकलित की जाएंगी।

(2) व्यक्ति के विनिर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर में से निम्नलिखित विकलित किया जाएगा- (क) उक्त व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत विवरणी के अनुसार कर, ब्याज, विलम्ब फीस के लिए संदेय कोई रकम या संदेय कोई अन्य रकम;

(ख) अधिनियम के अधीन किन्हीं कार्यवाहियों के अनुसरण में समुचित अधिकारी द्वारा यथा अवधारित या उक्त व्यक्ति द्वारा यथा अभिनिश्चित संदेय कर, ब्याज, शास्ति की रकम या कोई अन्य रकम;

(ग) धारा 42 या धारा 43 या धारा 50 के अधीन बेमेल के परिमाणस्वरूप संदेय कर और ब्याज की रकम;

(घ) ब्याज की कोई ऐसी रकम, जो समय-समय पर प्रोद्‌भूत हो।

(3) धारा 49 के अधीन उपबंधों के रहते हुए, किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा उसकी विवरणी के अनुसार प्रत्येक दायित्व का संदाय नियम 86 के अनुसार रखे गए इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाता या नियम 87 के अनुसार रखे गए इलेक्ट्रॉनिक नकद खाता में से विकलित करके किया जाएगा और तद्‌नुसार उसे इलेक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर में जमा किया जाएगा।

(4) धारा 51 के अधीन कटौती की गई रकम या धारा 52 के अधीन संग्रहीत रकम या प्रतिलोम भार आधार पर संदेय रकम या धारा 10 के अधीन संदेय रकम, इस अधिनियम के अधीन ब्याज, शास्ति, फीस या कोई अन्य रकम नियम 87 के अनुसार रखे गए इलेक्ट्रॉनिक नकद खाते में से विकलित करके संदत्त की जाएगी और तद्‌नुसार उसे इलेक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर में जमा किया जाएगा।

(5) इलेक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर में से विकलित कोई रकम अपील प्राधिकरण या अपील अधिकरण या न्यायालय द्वारा प्रदान किए गए अनुतोष की सीमा तक घटा दी जाएगी और तद्‌नुसार इलेक्ट्रॉनिक कर दायित्व रजिस्टर में जमा की जाएगी।

(6) अधिरोपित या अधिरोपित किए जाने के लिए दायी शास्ति की रकम, यथास्थिति, भागतः या पूर्णतः घटा दी जाएगी, यदि कराधेय व्यक्ति कारण बताओ सूचना या मांग आदेश में विनिर्दिष्ट कर, ब्याज और शास्ति का संदाय करता है और उसे तद्‌नुसार इलेक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर में जमा किया जाएगा। (7) रजिस्ट्री—त व्यक्ति अपने इलेक्ट्रॉनिक दायित्व खाते में किसी विसंगति के दिखाई पड़ने पर उसे प्ररूप जीएसटी पीएमटी-04 में सामान्य पोर्टल के माध्यम से मामले में अधिकारिता का प्रयोग करने वाले अधिकारी को संसूचित करेगा।

86. इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाता.—(1) इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाता सामान्य पोर्टल पर अधिनियम के अधीन इनपुट कर प्रत्यय के लिए पात्र प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति के लिए प्ररूप जीएसटी पीएमटी-04 में बनाया रखा जाएगा और इस अधिनियम के अधीन इनपुट कर प्रत्यय का प्रत्येक दावा उक्त खाते में जमा किया जाएगा। (2) इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाता धारा 49 के उपबंधों के अनुसार किसी दायित्व के उन्मोचन की सीमा तक विकलित किया जाएगा।

(3) जहां रजिस्ट्री—त व्यक्ति ने धारा 54 के उपबंधों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाते से किसी अनुपयोजित रकम के प्रतिदाय का दावा किया है वहां दावे की सीमा तक रकम उक्त रजिस्टर में विकलित की जाएगी।

(4) यदि इस प्रकार फाइल किया गया प्रतिदाय, पूर्णतः या भागतः अस्वीकार कर दिया जाता है, अस्वी—ति की सीमा तक उप-नियम (3) के अधीन विकलित रकम प्ररूप जीएसटी पीएमटी-03 में किए गए आदेश द्वारा समुचित अधिकारी द्वारा इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाते में पुनः जमा की जाएगी।6397 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (5) इस अध्याय के नियमों में यथा उपबंधित के सिवाय, किन्हीं भी परिस्थितियों में इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाते में प्रत्यक्षतः कोई प्रविष्टि नहीं की जाएगी।

(6) कोई रजिस्ट्री—त व्यक्ति, अपने इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाते में कोई विसंगति दिखाई पड़ने पर, उसे प्ररूप जीएसटी पीएमटी-04 में सामान्य पोर्टल के माध्यम से मामले में अधिकारिता का प्रयोग करने वाले अधिकारी को संसूचित करेगा।

स्पष्टीकरण.— इस नियम के प्रयोजन के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि प्रतिदाय नामंजूर समझा जाएगा, यदि अपील अन्तिम रूप से नामंजूर कर दी जाती है या यदि दावाकर्ता समुचित अधिकारी को एक वचन दे देता है कि वह अपील फाइल नहीं करेगा।

87. इलेक्ट्रॉनिक नकद खाता.--(1) धारा 49 की उप-धारा (1) के अधीन इलेक्ट्रॉनिक नकद खाता ऐसे प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्ररूप जीएसटी पीएमटी-05 में रखा जाएगा जो जमा की गई रकम को जमा करने के लिए और कर, ब्याज, शास्ति, फीस या किसी अन्य रकम के लिए उससे संदाय को विकलित करने के लिए सामान्य पोर्टल पर कर, ब्याज, शास्ति, विलम्ब फीस या किसी अन्य रकम का संदाय करने का दायी है। (2) कोई व्यक्ति या उसकी ओर से कोई व्यक्ति सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी पीएमटी-06 में चालान तैयार करेगा और कर, ब्याज, शास्ति, फीस या किसी अन्य रकम के लिए उसके द्वारा जमा की जाने वाली रकम के ब्यौरे प्रविष्ट करेगा।

(3) उप-नियम (2) के अधीन निक्षेप निम्नलिखित ढंगों में से किसी ढंग के माध्यम से किया जाएगा, अर्थात्‌:-

(i) प्राधि—त बैंकों के माध्यम से इंटरनेट बैंकिंग;

(ii) प्राधि—त बैंक के माध्यम से क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड;

(iii) किसी बैंक से राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण या वास्तविक समय सकल परि-निर्धारण;

(iv) नकद, चेक या डिमांड ड्राफ्ट द्वारा चालान, प्रति कर अवधि दस हजार रुपए तक निक्षेपों के लिए प्राधि—त बैंकों के माध्यम से काउंटर संदाय पर:

परंतु काउंटर संदाय पर के मामले में प्रति चालान दस हजार रुपये तक निक्षेप के लिए निर्बंधन निम्नलिखित द्वारा किए जाने वाले निक्षेप को लागू नहीं होगा:-

(क) सरकारी विभागों या व्यक्तियों द्वारा किया जाने वाला कोई अन्य निक्षेप, जो इस निमित्त आयुक्त द्वारा अधिसूचित किया जाए;

(ख) किसी व्यक्ति से, चाहे वह रजिस्ट्री—त हो या नहीं, परादेय शोध्यों, जिनके अन्तर्गत जंगम या स्थावर संपत्तियों की कुर्की या विक्रय के माध्यम से की गई वसूली भी है;

(ग) किसी अन्वेषक या प्रवर्तन क्रिया-कलाप के दौरान नकद, चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से संगृहीत रकमों के लिए या किसी तदर्थ निक्षेप के लिए समुचित अधिकारी या कोई प्राधि—त अन्य अधिकारी:

परंतु यह और कि सामान्य पोर्टल पर तैयार किए गए प्ररूप जीएसटी पीएमटी-06 में चालान पन्द्रह दिन की अवधि के लिए वैध होगा।

स्पष्टीकरण.--इस उप-नियम के प्रयोजन के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि चालान में उपदर्शित किसी रकम का संदाय करने के लिए, ऐसे संदाय की बाबत संदेय कमीशन, यदि कोई हो, ऐसा संदाय करने वाले व्यक्ति द्वारा वहन किया जाएगा। 6398 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (4) किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा, जो अधिनियम के अधीन रजिस्ट्री—त नहीं है, किया जाने वाला अपेक्षित संदाय सामान्य पोर्टल के माध्यम से तैयार किए गए अस्थायी पहचान संख्या के आधार पर किया जाएगा। (5) जहां संदाय किसी बैंक से राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण या वास्तिवक समय सकल निपटान ढंग के माध्यम से किया जाता है वहां अनिवार्य प्ररूप सामान्य पोर्टल पर चालान के साथ तैयार किया जाएगा और उसे उस बैंक को, जहां से संदाय किया जाना है, प्रस्तुत किया जाएगा:

परंतु अनिवार्य प्ररूप चालान किए जाने की तारीख से पंद्रह दिन की अवधि के लिए वैध होगा। (6) प्राधि—त बैंकों में बनाए गए सम्बद्ध सरकारी खाते में रकम के सफल प्रत्यय पर, चालान पहचान संख्या संग्राही बैंक द्वारा तैयार की जाएगी और उसे चालान में उपदर्शित किया जाएगा।

(7) संग्राही बैंक से चालान पहचान संख्या के प्राप्त हो जाने पर उक्त रकम ऐसे व्यक्ति के इलेक्ट्रॉनिक नकद खाते में जमा कर दी जाएगी जिसकी ओर से निक्षेप किया गया है और सामान्य पोर्टल इस आशय की रसीद उपलब्ध कराएगा।

(8) जहां सम्बद्ध व्यक्ति या उसकी ओर से जमा करने वाले व्यक्ति का बैंक खाते में से विकलन किया जाता है किन्तु कोई चालान पहचान संख्या तैयार नहीं की जाती है या तैयार की जाती है किन्तु सामान्य पोर्टल को संसूचित नहीं की जाती है तो वहां उक्त व्यक्ति सामान्य पोर्टल के माध्यम से प्ररूप जीएसटी पीएमटी-07 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से बैंक या इलेक्ट्रॉनिक गेटवे को अभ्यावेदन कर सकेगा जिसके माध्यम से निक्षेप की पहल की गई थी।

(9) धारा 51 के अधीन कटौती की गई या धारा 52 के अधीन संग्रहीत की गई और ऐसे रजिस्ट्री—त कराधेय व्यक्ति से, जिससे, यथास्थिति, उक्त रकम की कटातै ी की गई थी या संग्रहीत की गई थी, प्ररूप जीएसटीआर-02 में दावा की गई कोई रकम नियम 87 के उपबंधों के अनुसार उसके इलेक्ट्रॉनिक नकद खाते में जमा की जाएगी।

(10) जहां किसी व्यक्ति ने इलेक्ट्रॉनिक नकद खाते से किसी रकम के प्रतिदाय का दावा किया है, वहां उक्त रकम इलेक्ट्रॉनिक नकद खाते में से विकलित की जाएगी।

(11) यदि इस प्रकार दावा किया गया प्रतिदाय पूर्णतः या भागतः नामंजूर कर दिया जाता है तो उप-नियम (10) के अधीन विकलित रकम नामंजूर के विस्तार तक प्ररूप जीएसटी पीएमटी-03 में किए गए आदेश द्वारा समुचित अधिकारी द्वारा इलेक्ट्रॉनिक नकद खाते में जमा की जाएगी।

(12) रजिस्ट्री—त व्यक्ति, अपने इलेक्ट्रॉनिक नकद खाते में कोई विसंगति दिखाई पड़ने पर, उसे प्ररूप जीएसटी पीएमटी-04 में सामान्य पोर्टल के माध्यम से मामले में अधिकारिता का प्रयोग करने वाले अधिकारी को संसूचित करेगा।

स्पष्टीकरण.—प्रतिदाय नामंजरू किया हुआ समझा जाएगा यदि अपील को अन्तिम रूप से नामंजूर कर दिया जाता है।

स्पष्टीकरण.—इस नियम के प्रयोजन के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि प्रतिदाय को नामंजूर किया हुआ समझा जाएगा, यदि अपील को अन्तिम रूप से नामंजूर कर दिया जाता है या यदि दावेदार समुचित अधिकारी को वचन देता है कि वह अपील फाइल नहीं करेगा।

88. प्रत्येक संव्यवहार के लिए पहचान संख्या.--(1) विशिष्ट पहचान संख्या, यथास्थिति, इलेक्ट्रॉनिक नकद या प्रत्यय खाते में प्रत्येक विकलन या प्रत्यय के लिए सामान्य पोर्टल पर तैयार की जाएगी। (2) किसी दायित्व के उन्मोचन से सम्बन्धित विशिष्ट पहचान संख्या इलेक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर में तत्स्थानी प्रविष्टि में उपदर्शित की जाएगी।6399 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (3) विशिष्ट पहचान संख्या उप-नियम (2) के अन्तर्गत आने वाले कारणों से भिन्न कारणों के लिए इलेक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर में प्रत्येक प्रत्यय के लिए सामान्य पोर्टल पर तैयार की जाएगी।

अध्याय-10

प्रतिदाय

89. कर, ब्याज, शास्ति, फीस या किसी अन्य रकम के प्रतिदाय के लिए आवेदन.--(1) धारा 55 के अधीन जारी की गई अधिसूचना के अन्तर्गत आने वाले व्यक्तियों के सिवाय, कोई व्यक्ति, जो किसी कर, ब्याज, शास्ति, फीस या उसके द्वारा संदत्त किसी अन्य रकम के प्रतिदाय से भिन्न, भारत के बाहर निर्यातित माल पर संदत्तत एकी—त कर के प्रतिदाय का दावा करता है, या तो प्रत्यक्षतः सामान्य पोर्टल के माध्यम से या आयुक्त द्वारा अधिसूचित सुविधा केन्द्र के माध्यम से प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से आवेदन फाइल कर सकेगा:

परंतु धारा 49 की उप-धारा (6) के उपबंधों के अनुसार इलैक्ट्रॉनिक नकद खाते में अतिशेष से सम्बन्धित प्रतिदाय के लिए कोई दावा, यथास्थिति, प्ररूप जीएसटीआर-3 या प्ररूप जीएसटीआर-4 या प्ररूप जीएसटीआर-7 में सुसंगत कर अवधि के लिए प्रस्तुत विवरणी के माध्यम से किया जा सकेगा:

परंतु यह और भी कि विशेष आर्थिक जोन यूनिट या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को प्रदायों की बाबत, प्रतिदाय के लिए आवेदन-

(क) जोन के विनिर्दिष्ट अधिकारी द्वारा यथा पृष्ठांकित प्राधि—त संक्रियाओं के लिए विशेष आर्थिक जोन में ऐसे माल को पूर्णतया स्वीकार किए जाने के पश्चात्‌ माल के प्रदायकर्ता द्वारा;

(ख) जोन के विनिर्दिष्ट अधिकारी द्वारा यथा पृष्ठांकित प्राधि—त संक्रियाओं के लिए सेवाओं की प्राप्ति के बारे में ऐसे साक्ष्य के साथ सेवाओं के प्रदायकर्ता द्वारा फाइल किया जाएगा।

परन्तु यह भी कि निर्यात के रुप में समझे जाने वाले प्रदाय के बाबत, आवेदन निर्यात समझे जाने वाले प्रदाय के प्राप्तकर्ता द्वारा फाइल किया जाएगाः

परन्तु यह भी कि किसी रकम का प्रतिदाय, रजिस्ट्रेशन के समय धारा 27 के अधीन उसके द्वारा जमा किए गए अग्रिम कर में से आवेदक द्वारा संदेय कर के समायोजन के पश्चात्‌ उसके द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले अपेक्षित अंतिम विवरणी में दावा की जाएगी ।

(2) उप नियम (1) के अधीन आवेदन निम्नलिखित दस्तावेजी साक्ष्यों जो लागू हो, यह स्थापित करने के लिए कि आवेदक को प्रतिदाय देय है, में से किसी के साथ, होगाः-

(क) आदेश की निर्देश संख्या और प्रतिदाय के रुप में दावा की गई धारा 107 की उप धारा (6) और धारा 112 की उप धारा(8) में विर्निद्‌ष्ट रकम के संदाय की निर्देश संख्या या ऐसी प्रतिदाय जो समुचित अधिकारी या किसी अपीलीय प्राधिकारी या अपीलीय अधिकरण या न्यायालय के आदेश के परिणामिक हो, द्वारा पारित आदेश की प्रति;

(ख) ऐसा कथन जिसमें संख्या और पोत पत्र की तारीख या निर्यात पत्र और सुसंगत निर्यात बीजक की संख्या तथा तारीख होगी, उस दशा में जहां माल के निर्यात के संबंध में प्रतिदाय है;

(ग) ऐसा कथन जिसमें बीजक की संख्या और तारीख तथा यथा स्थिति सुसंगत बैंक वसूली प्रमाण पत्र या विदेश आवक विप्रेषणादेश प्रमाण पत्र हैं, उस दशा में जहां प्रतिदाय सेवाओं के निर्यात के लिए है;

(घ) ऐसा कथन जिसमें नियम 26 में यथा प्रदत्त बीजक की संख्या और तारीख उप धारा (1) के दूसरे परन्तुक में विनिर्दिष्ट पृष्ठाकंन के संबंध में साक्ष्य के साथ है उस दशा में जहां विशेष आर्थिक जोन ईकाई या किसी आर्थिक जोन विकासकर्ता को माल के प्रदाय के लिए है ;

6400 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (ङ) ऐसा कथन जिसमें बीजक की संख्या और तारीख, उप नियम (1) के दूसरे परन्तुक में विनिर्दिष्ट के पृष्ठाकंन के विषय में साक्ष्य तथा विशेष आर्थिक जोन अधिनियम, 2005 के अधीन यथापरिभाषित प्राधि—त प्रचालकों के लिए प्रदायकर्ता के प्राप्तकर्ता किए गए संदाय का ब्यौरा उसके सबूत के साथ, उस दशा में जहां प्रतिदाय विशेष आर्थिक जोन ईकाई या किसी विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को सेवाओं के प्रदाय के लिए है;

(च) इस आशय की घोषणा की विशेष आर्थिक जोन ईकाई या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता ने माल या सेवाओं या दोनो के प्रतिदायकर्ता द्वारा संदत्त करके निवेश कर प्रत्यय को प्राप्त नहीं किया है, उस दशा में प्रतिदाय जहां विशेष आर्थिक जोन ईकाई या किसी विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को माल या सेवाओं के प्रदाय के लिए है;

(छ) ऐसा कथन जिसमें बीजक की संख्या और तारीख इस निमित अधिसूचित किए जाने वाले ऐसे अन्य साक्ष्य के साथ है, उस दशा में जहां प्रतिदाय निर्यात समझे जाने वाले के बाबत है;

(ज) प्ररुप जीएसटी आरएफडी-01 के उपाबंध-1 में कोई कथन जिसमें प्राप्त तथा कर अवधि के दौरान जारी बीजकों की संख्या और तारीख है, उस दशा में जहां दावा धारा 54 की उप धारा (3) के अधीन किसी अप्रयुक्त निवेश कर प्रत्यय के संबंध में है और जहां प्रत्यय शून्य दर या पूर्णतः छूट प्राप्त प्रदायों से भिन्न है निर्गम प्रदाय पर कर की दर से उच्चतर होने के कारण निवेश पर कर की दर के लेखा के संबंध में संचित किए जा चुके है;

(झ) अंतिम निर्धारण आदेश की निर्देश संख्या और उक्त आदेश की प्रति उस दशा में जहां प्रतिदाय अनंतिम निर्धारण को अंतिम रुप देने के संबंध में उत्पन्न होता है;

(ञ) अंतर-राज्य प्रदाय के रूप में समझे गए संव्यवहारों के ब्यौरों को दर्शित करता हुआ ऐसा कथन लेकिन जो पश्चातवर्ती रूप से अंतर-राज्य प्रदाय माना गया है ;

(ट) ऐसा कथन जो कर के अधिक संदाय के संबंध में दावे की रकम के ब्यौरे प्रदर्शित करता हो ;

(ठ) इस आशय की घोषणा कि कर का भाग, ब्याज या प्रतिदाय के रूप में दावा की गई कोई अन्य रकम किसी अन्य व्यक्ति को नहीं दी गई है, उस दशा में जहां प्रतिदाय की रकम दो लाख रुपए से अधिक नहीं है ;

परंतु यह कि घोषणा धारा 54 की उपधारा (8) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या (घ) या खंड (च) के अधीन आने वाले मामलों के संबंध में की जानी अपेक्षित नहीं है ;

(ड) प्रारुप जीएसटी आरएफडी– 01 के उपाबंध-2 में प्रमाण-पत्र जो किसी चार्टर्ड एकाउंटेंट या लागत एकाउंटेंट द्वारा इस आशय में जारी किया जाएगा कि कर का भाग, ब्याज या प्रतिदाय के रूप में दावा की गई अन्य कोई रकम किसी अन्य व्यक्ति को नहीं दी गई है उस दशा में जहां दावा किए गए प्रतिदाय की रकम दो लाख रुपए से अधिक हो ;

परंतु यह कि घोषणा धारा 54 की उपधारा (8) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या (घ) या खंड (च) के अधीन आने वाले मामलों के संबंध में की जानी अपेक्षित नहीं है ;

स्पष्टीकरण.— इस नियम के प्रयोजनों के लिए –

(i) धारा 54 की उपधारा (8) के खंड (ग) में निर्दिष्ट प्रतिदाय की दशा में पद ''बीजक'' से धारा 31 के उपबंधों को पुष्ट करने वाला बीजक अभिप्रेत है ;

(ii) जहां कर की रकम प्राप्तकर्ता से वसूल की जा चुकी है तो यह समझा जाएगा कि कर का भार वास्तविक उपभोक्ता पर चला गया है ।6401 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (3) जहां आवेदन निवेश कर प्रत्यय के प्रतिदाय से संबंधित है वहां इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय बही ऐसे दावा किए गए प्रतिदाय की रकम के बराबर आवेदक द्वारा विकलित किया जाएगा ।

(4) माल या सेवा या दोनों के शून्य-दर प्रदाय की दशा में एकी—त माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 13) की धारा 16 की उपधारा (3) के उपबंधों के अनुसरण में बचन-पत्र के बंध या पत्र के अधीन कर के संदाय के बिना निवेश कर प्रत्यय का प्रतिदाय निम्नलिखित फार्मूले के अनुसार प्रदान किया जाएगा ।

प्रतिदाय रकम = माल के शून्य दर प्रदाय का व्यापारआवर्त + सेवा के शून्य दर प्रदाय का व्यापारआवर्त x सकल आई टी सी ÷ समायोजित कुल व्यारपारआवर्त जहां :

(अ) ''प्रतिदाय रकम'' से अधिकतम प्रतिदाय जो अनुज्ञेय है, अभिप्रेत है ;

(आ) ''शुद्ध आईटीसी'' से सुसंगत अवधि के दौरान निवेश और आवक सेवाओं पर लिया गया निवेश कर प्रत्यय अभिप्रेत है ;

(इ) ''माल के शून्य दर प्रदाय का टर्नओवर'' से बचन-पत्र के बंध या पत्र के अधीन कर के संदाय बिना सुसंगत अवधि के दौरान किए गए माल के शून्य दर प्रदाय का मूल्य अभिप्रेत है ;

(ई) ''सेवा के शून्य दर प्रदाय का व्यापारआवर्त" से बचन-पत्र के बंध या पत्र के अधीन कर के संदाय बिना सुसंगत अवधि के दौरान किए गए सेवा के शून्य दर प्रदाय का मूल्य अभिप्रेत है जो निम्नलिखित रीति में संगणित किया जाएगा अर्थात्‌,

''सेवा के शून्य दर प्रदाय, सेवा के शून्य दर प्रदाय के लिए सुसंगत अवधि के दौरान प्राप्त किए गए संदायों का योग है और सेवा के शून्य दर प्रदाय जहां प्रदाय पूरा किया जा चुका है जिसके लिए संदाय अग्रिम में किसी अवधि के पूर्व सेवा के शून्य दर प्रदाय के लिए प्राप्त अग्रिमों द्वारा सुसंगत अवधि के लिए कटौती की जा चुकी है जिसके लिए सेवा का प्रदाय उस सुसंगत अवधि के दौरान पूरा नहीं किया गया है;

(उ) ''समायोजित कुल व्यापारआवर्त'' से धारा 2 की उपधारा (112) के अधीन यथा परिभाषित राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में सुसंगत अवधि के दौरान शून्य दर प्रदायों से भिन्न छूट प्रदायों के मूल्य को छोड़कर व्यापारआवर्त अभिप्रेत है ;

(ऊ) ''सुसंगत अवधि'' से वह अवधि अभिप्रेत है जिसके लिए दावा किया गया है ।

(5) विपरीत शुल्क ढांचा के संबंध में निवेश कर प्रत्यय का प्रतिदाय निम्नलिखित फार्मूलों के अनुसार प्रदान किया जाएगा।

अधिकतम प्रदिदाय रकम : [माल की विपरीत दर प्रदाय का व्यापारआवर्त x शुद्ध आईटीसी समायोजित कुल व्यापारआवर्त] –माल के ऐसे विपरीत प्रदाय पर कराधेय कर ।

स्पष्टीकरण.--इस उपनियम के प्रयोजनों के लिए पद "शुद्ध आईटीसी और समायोजित कुल व्यापारआवर्त " से वह अर्थ समनुदेशित है जो उपनियम (4) में उनके लिए हैं।

90. अभिस्वी—ति.--(1) जहां आवेदन ईलैक्ट्रानिक बही से प्रतिदाय के लिए दावे से संबंधित है वहां एक प्ररुप जीएसटी आरएफडी-02 में पावती समान पोर्टल ईलैक्ट्रानिक रूप से आवेदक को उपलब्ध कराई जाएगी जिसमें प्रतिदाय के लिए दावे को फाईल करने की तारीख स्पष्ट रुप से इंगित की जाएगी और धारा 54 की उपधारा (7) में विनिर्दिष्ट समय अवधि फाइल करने की ऐसी तारीख से गिनी जाएगी । 6402 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (2) ऐसा प्रतिदाय के लिए आवेदन जो इलैक्ट्रानिक नकद बही से प्रतिदाय के लिए दावे से भिन्न है समुचित अधिकारी के अग्रेषित किया जाएगा जो उक्त आवेदन के फाइल करने की 15 दिन की अवधि में इसकी पूर्णता के लिए आवेदन की संवीक्षा करेगा और जहां नियम 89 में उपनियम (2) (3)और (4) की शर्तों के अनुसार पूर्ण पाया जाता है तो प्ररुप जीएसटी आरएफडी-02 में एक पावती आवेदक को समान पोर्टल इलैक्ट्रोनिक के माध्यम से आवेदक को उपलब्ध करा दी जाएगी जिसमें प्रतिदाय का दावा फाइल करने की तारीख स्पष्ट रुप से इंगित की जाएगी और धारा 54 की उपधारा (7) में विनिर्दिष्ट अवधि का समय से फाइल करने की ऐसी तारीख से गिना जाएगा ।

(3) जहां कोई कमियां संज्ञान में आई है वहां समुचित अधिकारी आवेदक को प्ररुप जीएसटी आरएफडी-03 में समान पोर्टल से इलैक्ट्रानिक माध्यम से कमियों को ससं ूचित करेगा, ऐसी कमियों को सुधारने के बाद नए प्रतिदाय आवेदन को फाइल करने की उससे अपेक्षा करेगा ।

(4) जहां कमियां प्ररुप जीएसटी आरएफडी-03 में राज्य जीएसटी नियम के अधीन ससं ूचित की जा चुकी है वहां उनको उपधारा (3) के अधीन संसूचित कमियों सहित इस नियम के अधीन भी संसूचित किया समझा जाएगा ।

(5) जहां कमियां प्ररुप जीएसटी आरएफडी-03 में केन्द्रीय जीएसटी नियम के अधीन ससं ूचित की जा चुकी है वहां उनको उपधारा (3) के अधीन संसूचित कमियों सहित इस नियम के अधीन भी संसूचित किया समझा जाएगा ।

91. अंनतिम प्रतिदाय को प्रदान करना.--(1) धारा 54 की उपधारा (6) के उपबंधों के अनुसार अनंतिम प्रतिदाय इस दशा के अध्यधीन प्रदान किया जाएगा कि प्रतिदाय का दावा करने वाला व्यक्ति कर अवधि जिससे संबंधित प्रतिदाय का दावा किया है कर तुरंत पूर्ववर्ती पांच वर्ष की किसी अवधि के दौरान इस अधिनियम या ऐसे किसी विद्यमान विधि के अधीन किसी अपराध के लिए अभियोजित नहीं किया गया है और जहां कर का अपवंचन दो सौ पचास लाख रुपए से अधिक है ।

(2) समुचित अधिभारी दावों की संविक्षा के पश्चात और उसके समर्थन में प्रस्तुत साक्ष्यों तथा प्रथमदृष्या यह समाधान हो जाने पर कि उपनियम (1) के अधीन प्रतिदाय के रुप में दावा की गई रकम और धारा 54 की उपधारा (6) के उपबंधों के अनुसरण में आवेदक की शोध्य है, प्ररुप जीएसटी आरएफडी-04 में नियम 90 के उपनियम (1) और (2) के अधीन पावती की तारीख से सात दिन से अनधिक अवधि में अनंतिम आधार पर उक्त आवेदक को शोध्य प्रतिदाय की रकम की मंजूरी का आदेश करेगा ।

(3) समुचित अधिकार उपनियम (2) के अधीन मंजरू रकम के लिए प्ररुप जीएसटी आरएफडी-05 में संदाय सूचना जारी करेगा और उसको उसके रजिस्ट्रेशन विशिष्टियों के निर्दिष्ट तथा प्रतिदाय के लिए आवेदन में यथा विनिर्दिष्ट आवेदक के किसी बैंक खाते में इलैक्ट्रानिक रुप से प्रत्यय करेगा।

92. प्रतिदाय मंजरी आदेश.--(1) जहां आवेदन की परीक्षा करने पर समुचित अधिकारी का समाधान हो जाता है कि धारा 54 की उपधारा (5) के अधीन प्रतिदाय शोध्य है और आवेदक को संदेय है ; तो वह प्ररुप जीएसटी आरएफडी-06 में प्रतिदाय की रकम जिसका वह हकदार है की मंजूरी का आदेश करेगा; यदि कोई, धारा 54 की उपधारा (6) के अधीन अंनतिम आधार पर उसको प्रतिदाय किया जा चुका है तो अधिनियम या अन्य किसी विद्यमान विधि के अधीन किसी बकाया मांग के विरुद्ध रकम समायोजित की जाएगी और शेष रकम प्रतिदाय योग्य होगी :

परंतु यह कि उस दशा में जहां प्रतिदाय की रकम इस अधिनियम या अन्य किसी विद्यमान विधि के अधीन किसी बकाया मांग के विरुद्ध पूर्णतरू समायोजित हो गई है तो समायोजन के ब्यौरे का आदेश प्ररुप जीएसटी आरएफडी-07 के भाग क में जारी किया जाएगा ।

(3) जहां समुचित अधिकारी लिखित रुप में अभिलिखित किए जाने वाले कारणों के लिए समाधान हो गया है, कि प्रतिदाय के रुप में दावा की गई रकम का पूरा या कोई हिस्सा स्वीकार्य नहीं है या आवेदक को6403 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 संदेय नहीं हैं, वह प्ररुप जीएसटी आरएफडी-08 में एक नोटिस आवेदक को जारी करेगा, उस नोटिस की प्राप्ति के पद्रंह दिनों की अवधि के भीतर प्ररुप जीएसटी आरएफडी-09 में उत्तर देने की अपेक्षा है और उत्तर पर विचार करने के बाद, प्ररुप एमजीएसटी आरएफडी-06 में एक आदेश करने के लिए, राशि की मंजूरी पूरे या भाग में वापसी या उक्त वापसी के दावे को खारिज कर दिया है और उक्त आदेश इलैक्ट्रानिक रुप में आवेदक को उपलब्ध कराया जाएगा और उप-नियम (1) के उपबंधों को यथा आवश्यक परिवर्तन के सहित प्रतिदाय की सीमा तक लागू कर आवेदन करने की अनुमति दी जाएगी।

परंतु यह कि आवेदक को सुनवाई का अवसर दिए बिना प्रतिदाय के लिए कोई आवेदन खारिज नहीं किया जाएगा ।

(4) जहां समुचित अधिकारी का समाधान हो जाता है कि उप-नियम (1) या उप-नियम (2) के अधीन प्रतिदाय धारा 54 की उप-धारा (8) के अधीन देय है, जो वह प्ररुप जीएसटी आरएफडी-06 में आदेश करेगा और प्ररुप जीएसटी आरएफडी-95 में संदाय सूचना जारी करेगा तथा उसे उसके रजिस्ट्री—त विशिष्टियों विवरण में निर्दिष्ट और प्रतिदाय के लिए यथाविनिर्दिष्ट किसी भी बैंक खाते में इलैक्ट्रानिक रुप से प्रत्यय किया जाएगा ।

(5) जहां समुचित अधिकारी का समाधान हो जाता है कि उप-नियम (1) या उप-नियम (2) के अधीन प्रतिदाय की रकम धारा 54 के उप-धारा (8) के अधीन आवेदक को देय नहीं है तो वह प्ररुप जीएसटी आरएफडी-06 में आदेश करेगा और प्ररुप जीएसटी आरएफडी-05 में प्रतिदाय की रकम उपभोक्ता कल्याण कोष में प्रत्यय की जाने की सूचना जारी करेगा।

93. अस्वी—त प्रतिदाय दावे की रकम का प्रत्यय.--(1) जहां नियम 90 की उप-नियम (3) के अधीन किसी भी कमी को सूचित किया गया है, वहां नियम 89 के उप-नियम (3) के अधीन विकलित की गई रकम को इलैक्ट्रानिक प्रत्यय बही में पुनः प्रत्यय कर दिया जाएगा ।

(2) जहां किसी प्रतिदाय के रुप में दावा की गई कोई रकम नियम 92 के अधीन या तो पूरी तरह या आंशिक रुप से खारिज कर दी गई है, तो खारिज की सीमा तक विकलित की गई रकम, प्ररुप जीएसटी पीएमटी-03 में खारिज किए गए आदेश द्वारा इलैक्ट्रानिक प्रत्यय बही में पुनः प्रत्यय कर दी जाएगी । स्पष्टीकरण.--इन नियमों के प्रयोजन के लिए कोई प्रतिदाय खारिज या समझा जाएगा यदि अपील अंतिम रूप से खारिज कर दी गई है या दावाकर्ता ने समुचित प्राधिकारी को लिखित में वचनपत्र दे दिया है कि वह अपील फाइल नहीं करेगा ।

94. विलंबित प्रतिदायों पर ब्याज मंजूरी आदेश.--जहां धारा 56 के अधीन आवेदक को कोई ब्याज शोध्य- है और संदेय योग्य है तो समुचित अधिकारी प्ररूप जीएसटी आरफडी-05 में संदाय सूचना के साथ एक आदेश जिसमें प्रतिदाय की रकम जो विलंबित है, विलंब की अवधि जिसके लिए ब्याज संदेय है और संदेय ब्याज की रकम विनिर्दिष्ट करते हुए आदेश करेगा तथा ब्याज की ऐसी रकम रजिस्ट्रकरण विशिष्टियों में निर्दिष्ट और प्रतिदाय के लिए आवेदन में यथाविनिर्दिष्ट बैंक के खातों में से किसी को इलैक्ट्रानिक रूप से प्रत्यय किया जाएगा ।

95. कतिपय व्यक्तियों के लिए कर का प्रतिदाय.--(1) धारा 55 के अधीन जारी अधिसूचना के अनुसार अपने आंतरिक प्रदायों पर उसके द्वारा संदत्त कर का प्रतिदाय के दावे के लिए पात्र कोई व्यक्ति प्रतिदाय के लिए प्ररूप जीएसटी आरएफडी-10 में प्रतिदाय के लिए प्रत्येक तिमाही में एक बार समान पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप से चाहें सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित सहायता केन्द्र के माध्यम से प्ररूप जीएसटीआर-11 में माल या सेवाओं या दोनों के आतं रिक प्रदायों के कथन सहित प्ररूप जीएसटीआर-1 में तत्स्थानी प्रदायकर्ताओं द्वारा आतं रिक प्रदायों के कथन के आधार पर तैयार रूप में आवेदन करेगा । (2) प्रतिदाय के लिए आवेदन की प्राप्ति की पावती प्ररूप जीएसटी आरएफडी-02 जारी की जाएगी ।

(3) आवेदक द्वारा संदत्त कर का प्रतिदाय उपलब्ध होगा यदि-- 6404 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (क) माल या सेवा या दोनों के आंतरिक प्रदायों का एक कर बीजक के विरुद्ध रजिस्ट्री—त व्यक्ति से प्राप्त हुआ है और पांच हजार रुपए से अधिक संदत्त कर को छोड़कर यदि कोई है एकल कर बीजक के अधीन आने वाले प्रदाय का मूल्य;

(ख) आवेदक का नाम और माल और सेवाकर संख्यांक या विशिष्ट पहचान संख्यांक कर बीजक में निर्दिष्ट है ; और

(ग) ऐसे अन्य निर्बधंन या दशाएं जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट हों पूरी करता हो ।

(4) नियम 92 के उपबंध यथाआवश्यक परिवर्तनों के अधीन इस नियम के अधीन प्रतिदाय की मंजूरी और संदाय को लागू होंगे।

(5) जहां व्यक्त उपबंध संधि या अन्य अंतरराष्ट्रीय करार है जिसमें राष्ट्रपति या भारत सरकार पक्षकार है इस अध्याय के उपबंधों से असंगत है तो ऐसी संधि या अंतरराष्ट्रीय करार लागू होगा ।

96. भारत के बाहर निर्यात किए गए माल पर एकी—त कर का प्रतिदाय—(1) किसी निर्यातकर्ता द्वारा फाइल किए गए पोतपत्र को भारत के बाहर, निर्यात किए गए माल पर संदत्त एकी—त प्रतिदाय के लिए आवेदन समझा जाएगा और ऐसा आवेदन केवल तब फाइल किया गया समझा जाएगा जब :--

(क) निर्यात माल का वहन करने वाले प्रवहण का भारसाधक व्यक्ति सम्यक्‌ रूप से पोत पत्रों या निर्यात पत्रों की संख्या और तारीख वाली कोई निर्यात माल सूची या निर्यात रिपोर्ट फाइल करता है ; और

(ख) आवेदक ने प्ररूप जीएसटीआर-3 में विधिमान्य विवरणी दी है ।

(2) प्ररूप जीएसटीआरी-1 में अन्तर्विष्टि सुसंगत निर्यात बीजकाें के ब्यौरों को सामान्य पोर्टल द्वारा इलैक्ट्रानिक रूप से सीमाशुल्क द्वारा अभिहित सिस्टम पर परेषित किया जाएगा और उक्त सिस्टम इलैक्ट्रानिक रूप से सामान्य पोर्टल को ऐसी पुष्टि पारेषित करेगा कि उक्त बीजकों के अन्तर्गत आने वाले माल का भारत से बाहर निर्यात किया गया है ।

(3) सामान्य पोर्टल से प्ररूप जीएसटीआर-3 में विधिमान्य विवरणी देने के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर सीमाशुल्क द्वारा अभिहित सिस्टम प्रतिदाय के दावे के लिए कार्यवाही करेगा और प्रत्येक पोत पत्र या निर्यात पत्र के संबंध में संदत्त एकी—त कर के बराबर रकम को इलैक्ट्रानिक रूप से आवेदक के रजिस्ट्रीकरण विशिष्टियों में वर्णित और सीमाशुल्क प्राधिकारियों को यथा सूचित उसके बैंक खाते में जमा की जाएगी । (4) प्रतिदाय के दावे को वहां विधारित कर दिया जाएगा, जहां,--

(क) केन्द्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर अधिकारिता आयुक्त से धारा 54 की उपधारा (10) या उपधारा (11) के उपबंधों के अनुसार प्रतिदाय का दावा करने वाला व्यक्ति के प्रति देय संदाय को विधारित करने के लिए कोई अनुरोध प्राप्त हुआ है ; या

(ख) सीमाशुल्क उचित अधिकारी ने यह अवधारित किया है कि माल का निर्यात सीमाशुल्क अधिनियम, 1962 के उपबंधों के उल्लंघन में किया गया है ।

(5) जहां उपनियम (4) के खंड (क) उपबंधों के अनुसार प्रतिदाय विधारित किया जाता है वहां सीमाशुल्क स्टेशन का एकी—त कर उचित अधिकारी आवेदक और यथास्थिति, केन्द्रीय कर अधिकारिता आयुक्त, राज्य कर अधिकारिता आयुक्त या संघ राज्यक्षेत्र कर अधिकारिता आयुक्त को सूचित करेगा और ऐसी सूचना की एक प्रति सामान्य पोर्टल को पारेषित करेगा ।6405 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (6) उपनियम (5) के अधीन सूचना के पारेषण पर, यथास्थिति, केन्द्रीय कर उचित अधिकारी, राज्य कर उचित अधिकारी या संघ राज्यक्षेत्र कर उचित अधिकारी प्ररूप जीएसटी आरएफडी-07 के भाग ख में आदेश पारित करेगा ।

(7) जहां आवेदक उपनियम (4) के खंड (क) के अधीन विधारित रकम के प्रतिदाय का हकदार हो गया है वहां यथास्थिति, संबंधित केन्द्रीय कर अधिकारिता अधिकारी, राज्य कर अधिकारिता अधिकारी या संघ राज्यक्षेत्र कर अधिकारिता अधिकारी जीएसटी आरएफडी-06 में आदेश पारित करने पश्चात्‌ प्रतिदाय के लिए कार्यवाही करेगा ।

(8) केन्द्रीय सरकार, माल के ऐसे वर्ग के लिए जो इस निमित्त अधिसूचित किया जाए भुटान को निर्यात पर, भुटान सरकार को एकी—त कर के प्रतिदाय का संदाय कर सकेगी और भुटान सरकार को ऐसा प्रतिदाय संदत्त किया जाता है वहां निर्यातकर्ता एकी—त कर के किसी प्रतिदाय का संदाय नहीं करेगा । 97. उपभोक्तेक्ता कल्याण निधि.--(1) उपभोक्ता कल्याण निधि को सभी प्रत्यय नियम 92 के उपनियम (4) के अधीन किए जाएंगे ।

(2) कोई रकम निधि को प्रत्यित किए जाने के लिए आदेशित या समुचित प्राधिकारी, अपीलीय प्राधिकारी, अपीलीय अधिकरण या न्यायालय के आदेशों द्वारा किसी दावाकर्ता को संदेय के रूप में निदेशित की जा चुकी है, निधि से संदत्त की जाएगी ।

(3) धारा 58 की उपधारा (1) के अधीन उपभोक्ता कल्याण निधि से रकम का कोई प्रयोग उपभोक्ता कल्याण निधि लेखा से विकलन और खाते जिसमें रकम को प्रयोग के लिए अंतरित किया जाना है, में प्रत्यय द्वारा किया जाएगा ।

(4) सरकार, आदेश द्वारा अध्य्ाक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य सचिव और ऐसे अन्य सदस्यों जिनको ठीक समझे, सहित स्थायी समिति का गठन करेगी और समिति उपभोक्ताओं के लिए उपभोक्ता कल्याण निधि को विकलित धन के समुचित प्रयोग के लिए सिफारिश करेगी ।

(5) समिति जब आवश्यक हो बैठक करेगी किंतु तीन मास में एक बार से कम नहीं ।

(6) कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) या तत्सीमय प्रवृत्त किसी विधि के उपबंधों के अधीन रजिस्ट्री—त कोई अभिकरण या संगठन जो उपभोक्ता कल्याण क्रियाकलापों में तीन वर्षों से लगा हुआ है जिसमें ग्राम या मंडल या उपभोक्ताओं के सहकारी स्तर समिति विशेषतः महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति या औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14) में परिभाषित कोई उद्योग जो भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा अनुशंसित हो और पांच वर्षों से जीव्य और उपयोगी क्रियाकलापों में लगा हुआ है, जिसके द्वारा बहुउपयोग के उत्पादों के लिए मानक चिन्ह के विरचन के महत्वपूर्ण योगदान किया गया है या किया जाना है, सरकार या राज्य सरकार उपभोक्ता कल्याण निधि से अनुदान देने के लिए आवेदन करेगी । (7) उपभोक्ता कल्याण निधि से अनुदान के लिए सभी आवेदन, आवेदक द्वारा सदस्य सचिव को किए जाएंगे लेकिन समिति किसी आवेदन पर तब तक विचार नहीं करेगी जब तक सदस्य सचिव सारभूत ब्यौरों की जांच न कर ले और विचार करने के पश्चात्‌ अनुशंसा न दे दे ।

(8) समिति को शक्तियां होंगी-

(क) किसी आवेदक को अपने समक्ष, सरकार द्वारा सम्यक्‌ रूप से प्राधि—त व्यक्ति के समक्ष ऐसी पुस्तकों, लेखाओं, दस्तावेजों, लिखतों या आवेदक की अभिरक्षा या नियंत्रण में माल को जैसा आवश्यक हो आवेदन के समुचित मूल्यांकन के लिए प्रस्तुत करने की अपेक्षा कर सकेगी । (ख) किसी आवेदक को परिसर जिसमें उपभोक्ता कल्याण के लिए क्रियाकलापों का होने का दावा किया गया है, और किया जाना बताया गया है का सम्यक्‌ रूप से केन्द्रीय सरकार, राज्य6406 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 सरकार, यथास्थिति सम्यक्‌ रूप से प्राधि—त अधिकारी को प्रवेश और निरीक्षण के लिए अनुमति देने की अपेक्षा कर सकेगी ;

(ग) आवेदकों के संपरीक्षित लेखाओं को अनुदान के समुचित प्रयोग को सुनिश्चित करने के लिए ले सकेगी ;

(घ) किसी आवेदक से किसी चूक के या उसके भाग पर किसी सारभूत सूचना के छिपाने की दशा में समिति को मंजूर अनुदान के एकमुश्त प्रतिदाय के लिए अपेक्षा कर सकेगी और इस अधिनियम के अधीन अभियोजित कर सकेगी ;

(ङ) इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसरण में किसी आवेदक से शोध्य रकम वसूल कर सकेगी ;

(च) किसी आवेदक या आवेदकों के वर्ग से आवर्तिक रिपोर्ट जो अनुदान के समुचित प्रयोग को दर्शित करती हो को प्रस्तुत करने को कह सकेगी ;

(छ) ताथ्यिक असंगतताओं या सारभूत विशिष्टियों में त्रुटि होने पर उसके समक्ष प्रस्तुत किसी आवेदन को खारिज कर सकेगी ;

(ज) किसी आवेदक को अनुदान के द्वारा उसकी वित्तीय प्रास्थिति और उसके काम के अधीन क्रियाकलापों की प्र—ति की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित करने के पश्चात्‌ प्रदत्त वित्तीय सहायता का दुरुपयोग नहीं होगा न्यूृनतम वित्तीय सहायता देने की सिफारिश कर सकेगी ;

(झ) लाभकारी और सुरक्षित सैक्टरों जहां उपभोक्ता कल्याण निधि का विनिधान किया जाना है को पहचान कर तदनुसार सिफारिश करेगी ;

(ञ) किसी आवेदक के उपभोक्ता कल्याण क्रियाकलापों की अवधि के लिए अपेक्षित दशाओं को शिथिल कर सकेगी ;

(ट) उपभोक्ता कल्याण निधि के प्रबंधन, प्रशासन और संपरीक्षा के लिए दिशानिर्देश बना सकेगी । (9) केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद और भारतीय मानक ब्यूरो, माल और सेवाकर परिषद को उपभोक्ता कल्याण निधि से होने वाले व्यय के प्रयोजन के लिए परियोजनाओं या प्रस्तावों पर विचार करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देशों की सिफारिश कर सकेगी ।

अध्याय 11

म्‌ूल्यांकन और संपरीक्षा

98. अनंतिम मूल्यांकन(1) धारा 60 की उपधारा (1) के उपबंधों के अधीन अनंतिम आधार पर कर के संदाय के लिए आवेदन करने वाला प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किए गए सुविधा केन्द्र के माध्यम से कोमन पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 01 में इलैक्ट्रानिक रूप से अपने आवेदन के समर्थन में दस्तावेजों के साथ आवेदन करेगा ।

(2) उपनियम (1) के अधीन आवेदन की प्राप्ति पर उचित अधिकारी रजिस्ट्री—त व्यक्ति से स्वयं उपस्थित होने या अपने आवेदन की समर्थन में अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज प्रस्तुत करने की अपेक्षा करते हुए प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 02 में नोटिस जारी करेगा और आवेदक प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 03 में नोटिस का जवाब फाइल करेगा ।

(3) उचित अधिकारी या तो आवेदन अस्वी—त करने के कारण बताते हुए आवेदन निरस्त करने या अनंतिम आधार पर कर का संदाय अनुज्ञात करते हुए प्रपत्र जीएसटी एसएमटी- 04 में आदेश जारी करेगा6407 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 जिसमें अनंतिम आधार पर वह मूल्य या दर या दोनों दर्शित करते हुए मूल्यांकन अनुज्ञात किया जाना है तथा वह रकम जिसके लिए बंधपत्र निष्पादित किया जाना है और वह प्रतिभूति जो दी जानी है जो बंधपत्र के अधीन आने वाली रकम के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी ।

(4) रजिस्ट्री—त व्यक्ति धारा 60 की उपधारा (2) के उपबंधों के अनुसार प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 05 में एक बंधपत्र उपधारा (3) के अधीन यथा अवधारित रकम के लिए बैंक प्रत्यभूति के रूप में प्रतिभूति के साथ निष्पादित करेगा :

परन्तु केन्द्रीय/राज्य माल और सेवा कर अधिनियम या एकी—त माल और सेवा कर अधिनियम के अधीन उचित अधिकारी को प्रस्तुत किया गया बंधपत्र इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन किया गया बंधपत्र समझा जाएगा ।

स्पष्टीकरण.--इस नियम के प्रयोजनों के लिए ष्रकमष् पद में संव्यवहार के संबंध में संदेय एकी—त कर, केन्द्रीय कर, राज्य कर या संघ राज्यक्षेत्र कर की रकम और उपकर सम्मिलित होगा ।

(5) उचित अधिकारी धारा 60 की उपधारा (3) मूल्यांकन को अंतिम रूप देने के लिए अपेक्षित जानकारी और अवलेखों को मांगने के लिए प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 06 में नोटिस जारी करेगा जिसमें प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 07 में रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा संदेय या लौटाए जाने वाली कोई रकम यदि कोई हो, विनिर्दिष्ट होगी ।

(6) आवेदक उपनियम (5) के अधीन आदेश जारी करने के पश्चात्‌ उपनियम (4) के अधीन प्रस्तुत प्रतिभूति को निर्मुक्त करने के लिए प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 08 में आवेदन फाइल कर सकेगा । (7) उचित अधिकारी यह सुनिश्चित करने के पश्चात्‌ कि उपनियम (5) में विनिर्दिष्ट रकम आवेदक द्वारा संदत्त कर दी गई है प्रतिभूति को निर्मुक्त करेगा और उपनियम (6) के अधीन आवेदन की प्राप्ति के सात कार्य दिवसों की अवधि के भीतर प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 09 में एक आदेश जारी करेगा ।

99. विवरणियों की संवीक्षा.--(1) जहां रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत कोई विवरणी संवीक्षा के लिए चयन की जाती है वहां उचित अधिकारी धारा 61 के उपबंधों के अनुसार उसकी संवीक्षा उसे उपलब्ध जानकारी के संदर्भ अनुसार करेगा और किसी विसंगती की दशा में वह उक्त व्यक्ति को प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 10 में नोटिस जारी करेगा और उसको ऐसी विसंगती के बारे में जानकारी देगा तथा नोटिस की तामील की तारीख से तीस दिन के भीतर उससे स्पष्टीकरण मांगेगा और कर, ब्याज की रकम और ऐसी विसंगती के संबंध में संदेय अन्य किसी रकम का मात्रांकन करेगा ।

(2) उपनियम (1) के अधीन जारी नोटिस में वर्णित विसंगती को रजिस्ट्री—त व्यक्ति स्वी—त कर सकेगा और ऐसी विसंगती से उद्‌भूत कर, ब्याज या किसी अन्य रकम का संदाय करेगा और उचित अधिकारी को प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 11 में विसंगती के लिए स्पष्टीकरण देगा या उसे सूचित करेगा ।

(3) जहां उपनियम (2) के अधीन प्रस्तुत जानकारी या रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण स्वीकार्य पाया जाता है वहां उचित अधिकारी प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 12 में तद्‌नुसार उसे सूचित करेगा । 100. कतिपय मामलों में मूल्यांकन.--(1) धारा 62 की उपधारा (1) के अधीन किया गया मूल्यांकन का आदेश प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 13 में जारी किया जाएगा ।

(2) उचित अधिकारी धारा 63 के उपबंधों के अनुसार कराधेय व्यक्ति को प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 14 में नोटिस जारी करेगा जिसमें वे आधार अन्तर्विष्ट होंगे जो सर्वोत्तम निर्णय के आधार पर मूल्यांकन में प्रस्तावित हैं और ऐसे व्यक्ति को अपना उत्तर देने के लिए पन्द्रह दिन का समय अनुज्ञात करने के पश्चात्‌ प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 15 में आदेश जारी करेगा ।

(3) धारा 64 की उपधारा (1) के अधीन संक्षिप्त मूल्यांकन का आदेश प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 16 में जारी किया जाएगा । 6408 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (4) धारा 64 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट व्यक्ति प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 17 में संक्षिप्त मूल्यांकन को वापस लेने के लिए आवेदन फाइल कर सकेगा ।

(5) धारा 64 की उपधारा (2) के अधीन आवेदन के अस्वीकार होने या यथास्थिति, वापस लेने का आदेश प्ररूप जीएसटी एएसएमटी 18 में जारी किया जाएगा ।

101. संपरीक्षा.--(1) धारा 65 की उपधारा (1) के अधीन संपरीक्षा की अवधि एक वित्तीय वर्ष या उसका गुणक होगी ।

(2) जहां धारा 65 के उपबंधों के अनुसार किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति की संपरीक्षा करने का विनिश्चय किया जाता है वहां उचित अधिकारी प्ररूप जीएसटी एडीटी–01 में नोटिस उक्त धारा की उपधारा (3) के उपबंधों के अनुसार जारी करेगा ।

(3) उचित अधिकारी जो रजिस्ट्री—त व्यक्ति के अभिलेखों और लेखा वहियों की संपरीक्षा करने के लिए प्राधि—त है, अधिकारियों की टीम और उसके साथ के पदधारियों की सहायता से वह दस्तावेज सत्यापित करेगा जिसके आधार पर लेखा वहियां अनुरक्षित की जाती हैं और अधिनियम तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन प्रस्तुत विवरणी और कथन, आवर्त की सत्यता, दावा की गई छूटें और कटौतियां, मालों की प्रदाय या सेवाओं या दोनों के संबंध में लागू कर की दर, उपयोग और उपयोजित इनपुट कर प्रत्यय, दावा किया गया प्रतिदाय और अन्य सुसंगत मुद्दे तथा उसके संपरीक्षा टिप्पणों में अभिलेख और प्रेक्षण प्रस्तुत करेगा ।

(4) उचित अधिकारी रजिस्ट्री—त व्यक्तियों को विसंगतियां यदि कोई हों के बारे में सूचित कर सकेगा और उक्त व्यक्ति अपना उत्तर फाइल कर सकेगा तथा उचित अधिकारी दिए गए उत्तर पर विचार करने के पश्चात्‌ संपरीक्षा के निष्कर्षों को अंतिम रूप देगा ।

(5) संपरीक्षा के समाप्त होने पर उचित अधिकारी प्ररूप जीएसटी एडीटी –2 में धारा 65 की उपधारा (6) के उपबंधों के अनुसार रजिस्ट्री—त व्यक्ति को संपरीक्षा के निष्कर्षों के बारे में सूचित करेगा । 102. विशेष संपरीक्षा.-- (1) जहां धारा 66 के उपबंधों के अनुसार विशेष संपरीक्षा करने की अपेक्षा है वहां उक्त धारा में निर्दिष्ट अधिकारी प्ररूप जीएसटी एडीटी–3 में एक निदेश जारी करेगा जिसमें वह रजिस्ट्री— त व्यक्ति को उक्त निदेश में विनिर्दिष्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट या कोस्ट अकाउंटेंट द्वारा अभिलेखों की संपरीक्षा करवाने का निदेश देगा ।

(2) विशेष संपरीक्षा के समाप्त होने पर रजिस्ट्री—त व्यक्ति को प्ररूप जीएसटी एडीटी – 4 में विशेष संपरीक्षा के निष्कर्षों के बारे में सूचित किया जाएगा ।

अध्याय 12

अग्रिम विनिर्णय

103. अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण के सदस्यों की अर्हता और नियुक्ति केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार, अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण के सदस्य के रूप में संयुक्त आयुक्त की पंक्ति के किसी अधिकारी को नियुक्ति करेगी ।

104. अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण को आवेेदन करने का प्रारूप और रीति.—(1) धारा 97 की उपधारा (1) के अधीन अग्रिम विनिर्णय प्राप्त करने के लिए कोई आवेदन सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी एआरए-01 में किया जाएगा और उसके साथ पांच हजार रुपए की फीस संलग्न होगी जो धारा 49 में विनिर्दिष्ट रीति में जमा की जाएगी ।

(2) उपनियम (1) में निर्दिष्ट आवेदन, उसमें अंतर्विष्ट सत्यापन और ऐसे आवेदन के साथ संलग्न सभी सुसंगत दस्तावेज नियम 26 में विनिर्दिष्ट रीति में हस्ताक्षरित होंगे ।6409 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 105. प्राधिकरण द्वारा सुनाए गए अग्रिम विनिर्णर्यय की प्रतियों का प्रमाणीकरण.—अग्रिम विनिर्णय की प्रति को, अग्रिम विनिर्णय प्राधिकरण के किसी सदस्य द्वारा उसके मूल की सही प्रतिलिपि के रूप में प्रमाणित किया जाएगा ।

106. अग्रिम विनिर्णय अपील प्राधिकरण को अपील का प्ररूप औरैर रीति.—(1) आवेदक द्वारा, धारा 98 की उपधारा (6) के अधीन जारी अग्रिम विनिर्णय के विरुद्ध कोई अपील सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी आरए-2 में की जाएगी और उसके साथ दस हजार रुपए की फीस संलग्न होगी जो धारा 49 में विनिर्दिष्ट रीति में जमा की जाएगी ।

(2) धारा 98 की उपधारा (6) के अधीन जारी अग्रिम विनिर्णय के विरुद्ध अपील सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी एआरए-3 में धारा 100 में निर्दिष्ट संबंधित अधिकारी या अधिकारित अधिकारी को की जाएगी और अपील फाइल करने के लिए उक्त अधिकारी द्वारा कोई फीस संदेय नहीं होगी ।

(3) उपनियम (1) या उपनियम (2) में निर्दिष्ट अपील, उसमें अंतर्विष्ट सत्यापन और ऐसी अपील के साथ संलग्न सभी सुसंगत दस्तावेजों को,--

(क) संबंधित अधिकारी या अधिकारिता वाले अधिकारी की दशा में, ऐसे अधिकारी द्वारा लिखित में प्राधि—त किसी अधिकारी द्वारा ; और

(ख) किसी आवेदक की दशा में, नियम 26 में विनिर्दिष्ट रीति से, हस्ताक्षरित होंगे ।

107. प्राधिकारी द्वारा सुनाए गए अग्रिम विनिर्णय की प्रतियों की प्रमाणीकरण.--अग्रिम विनिर्णय अपील प्राधिकारी द्वारा सुनाए गए और सदस्य द्वारा सम्यक्‌ रूप से हस्ताक्षरित अग्रिम विनिर्णय की प्रति,-- (क) आवेदक और अपीलार्थी को ;

(ख) केन्द्रीय कर और राज्यकर या संघ राज्यक्षेत्र कर के संबंधित अधिकारी को ;

(ग) केन्द्रीय कर और राज्यकर या संघ राज्यक्षेत्र कर के अधिकारिता वाले अधिकारी को ; और (घ) प्राधिकरण को,

अधिनियम की धारा 101 की उपधारा (4) के उपबंधों के अनुसार भेजी जाएगी ।

अध्याय 13

अपील और पुनरीक्षण

108. अपील प्राधिकारी को अपील.—(1)धारा 107 की उपधारा (1) के अधीन अपील प्राधिकारी को अपील प्ररूप जीएसटी एपीएल–1 में सुसंगत दस्तावेजों के साथ इलैक्ट्रानिक रूप से या अन्यथा फाइल की जाएगी जैसा आयुक्त द्वारा अधिसूचित किया जाए और अपीलार्थी को तत्काल अनंतिम अभिस्वी—ति जारी की जाएगी ।

(2) प्ररूप जीएसटी एपीएल–1 में यथा अन्तर्विष्ट अपील के आधार और सत्यापन का प्ररूप नियम 26 में विनिर्दिष्ट रीति में हस्ताक्षरित किया जाएगा ।

(3) प्ररूप जीएसटी एपीएल– 1 में अपील की हार्डकापी अपील प्राधिकारी को तीन प्रतियों में प्रस्तुत की जाएगी और उसके साथ उपनियम (1) के अधीन अपील फाइल करने के सात दिन के भीतर समर्थक दस्तावेजों के साथ विनिश्चय या अपील आदेश की सत्यापित प्रति और अंतिम अभिस्वी—ति संलग्न होगी जिसमें अपील संख्या दर्शित होगी और तत्पश्चात्‌ प्ररूप जीएसटी एपीएल- 2 अपील प्राधिकारी द्वारा या उसके द्वारा इस निमित्त प्राधि—त अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा :

6410 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 परन्तु जहां अपील की हार्डकापी और दस्तावेज प्ररूप जीएसटी एपीएल-1 को फाइल करने के सात दिन के भीतर प्रस्तुत किए जाते हैं वहां अपील फाइल करने की तारीख अनंतिम अभिस्वी—ति जारी करने की तारीख होगी और जहां अपील की हार्डकापी और दस्तावेज सात दिन के पश्चात्‌ प्रस्तुत किए जाते हैं वहां अपील फाइल करने की तारीख दस्तावेज प्रस्तुत करने की तारीख होगी ।

स्पष्टीकरण.— इस नियम के उपबंधों के लिए, अपील को तभी फाइल किया गया माना जाएगा जब अपील संख्या दर्शित करते हुए अंतिम अभिस्वी—ति जारी की जाती है ।

109. अपील प्राधिकारी को आवेदन.— (1) अधिनियम की धारा 107 की उपधारा (2) के अधीन प्ररूप जीएसटी एपीएल-3 में अपील प्राधिकारी को आवेदन इलैक्ट्रानिक रूप से या अन्यथा प्रस्तुत किया जाएगा जैसा आयुक्त द्वारा अधिसूचित किया जाए ।

(2) प्ररूप जीएसटी एपीएल-3 में अपील की हार्डकापी अपील प्राधिकारी को तीन प्रतियों में प्रस्तुत की जाएगी और उसके साथ उपनियम (1) के अधीन अपील फाइल करने के सात दिन के भीतर समर्थक स्तावेजों के साथ विनिश्चय या अपील आदेश की सत्यापित प्रति और अंतिम अभिस्वी—ति संलग्न होगी जिसमें अपील संख्या दर्शित होगी और अपील प्राधिकारी द्वारा या उसके द्वारा इस निमित्त प्राधि—त अधिकारी द्वारा अपील संख्या दी जाएगी ।

110. अपील अधिकरण को अपील.-- (1) धारा 112 की उपधारा (1) के अधीन प्ररूप जीएसटी एपीएल-5 में सुसंगत दस्तावेज के साथ अपील अधिकरण को अपील इलैक्ट्रानिक रूप से या अन्यथा जैसा रजिस्ट्रार द्वारा अधिसूचित किया जाए, सामान्य पोर्टल पर प्रस्तुत किया जएगा और अपीलार्थी को तत्काल अनंतिम अभिस्वी—ति जारी की जाएगी ।

(2) अधिनियम की धारा 112 की उपधारा (5) के अधीन प्ररूप जीएसटी एपीएल-6 में अपील अधिकरण को तिर्यक आक्षेपों पर ज्ञापन तीन प्रतियों में रजिस्ट्रार को फाइल किया जाएगा ।

(3) अपील और तिर्यक आक्षेपों पर ज्ञापन नियम 26 में विनिर्दिष्ट रीति में हस्ताक्षरित किया जाएगा । (4) प्ररूप जीएसटी एपीएल-5 में अपील की हार्डकापी तीन प्रतियों में रजिस्ट्रार को प्रस्तुत की जाएगी और उसके साथ उपनियम (1) के अधीन अपील फाइल करने के सात दिन के भीतर समर्थक दस्तावेजों के साथ विनिश्चय या अपील आदेश की सत्यापित प्रति और अंतिम अभिस्वी—ति संलग्न होगी जिसमें अपील संख्या दर्शित होगी और तत्पश्चात्‌ रजिस्ट्रार द्वारा प्ररूप जीएसटी एपीएल-2 में जारी किया जाएगा :

परन्तु जहां अपील की हार्डकापी और दस्तावेज प्ररूप जीएसटी एपीएल –5 को फाइल करने के सात दिन के भीतर प्रस्तुत किए जाते हैं वहां अपील फाइल करने की तारीख अनंतिम अभिस्वी—ति जारी करने की तारीख होगी और जहां अपील की हार्डकापी और दस्तावेज सात दिन के पश्चात्‌ प्रस्तुत किए जाते हैं वहां अपील फाइल करने की तारीख दस्तावेज प्रस्तुत करने की तारीख होगी ।

स्पष्टीकरण.--इस नियम के प्रयोजनों के लिए, अपील को तभी फाइल किया गया माना जाएगा जब अपील संख्या दर्शित करते हुए अंतिम अभिस्वी—ति जारी की जाती है ।

(5) अपील फाइल करने या अपील प्रत्यावर्तन करने की फीस प्रत्येक एक लाख रुपए के कर या अन्तर्वलित इनपुट कर प्रत्यय या अन्तर्वलित कर या इनपुट कर प्रत्यय के अन्तर अथवा अपील किए गए आदेश में अवधारित जुर्माना, फीस या शास्ति की रकम के लिए अधिकतम पच्चीस हजार रुपए के अध्याधीन, एक हजार रुपए होगी ।

(6) धारा 112 की उपधारा (10) में निर्दिष्ट त्रुटियों को सुधारने के लिए अपील अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत आवेदन के लिए कोई फीस नहीं होगी ।

111. अपील अधिकरण को आवेदन.--(1) धारा 112 की उपधारा (3) के अधीन प्ररूप जीएसटी एपीएल-7 में अपील अधिकरण को कोमन पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप से अपील की जाएगी ।6411 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (2) प्ररूप जीएसटी एपीएल-7 में अपील की हार्डकापी तीन प्रतियों में रजिस्ट्रार को प्रस्तुत की जाएगी और उसके साथ उपनियम (1) के अधीन अपील फाइल करने के सात दिन के भीतर समर्थक दस्तावेजों के साथ विनिश्चय या अपील आदेश की सत्यापित प्रति और अंतिम अभिस्वी—ति संलग्न होगी और रजिस्ट्रार द्वारा अपील संख्या दी जाएगी ।

112. अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण के समक्ष अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुतुत करना.--(1) अपीलार्थी द्वारा निम्नलिखित परिस्थितियों के सिवाय, यथास्थिति, न्यायनिर्णयन प्राधिकारी या अपील प्राधिकारी के समक्ष कार्यवाहियों के दौरान उसके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य से भिन्न कोई साक्ष्य चाहे मौखिक हो या दस्तावेजी, अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करना अनुज्ञात नहीं किया जाएगा, अर्थात्‌ :--

(क) जहां यथास्थिति, न्यायनिर्णयन प्राधिकारी या अपील प्राधिकारी ने साक्ष्य स्वीकार करने से इंकार कर दिया है जो स्वी—त किए जाने चाहिए थे ; या

(ख) जहां यथास्थिति, न्यायनिर्णयन प्राधिकारी या अपील प्राधिकारी द्वारा प्रस्तुत करने के लिए साक्ष्य मंगवाए गए थे किन्तु अपीलार्थी पर्याप्त कारणों से उन्हें प्रस्तुत करने में असफल रहा ; या (ग) जहां यथास्थिति, न्यायनिर्णयन प्राधिकारी या अपील प्राधिकारी द्वारा प्रस्तुत करने के लिए अपील के आधार पर सुसंगत कोई साक्ष्य मंगवाए गए थे किन्तु अपीलार्थी पर्याप्त कारणों से उन्हें प्रस्तुत करने में असफल रहा ; या

(घ) जहां यथास्थिति, न्यायनिर्णयन प्राधिकारी या अपील प्राधिकारी ने अपीलार्थी को अपील के आधार पर सुसंगत कोई साक्ष्य प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिए बिना आदेश किया ।

(2) उपनियम (1) के अधीन कोई साक्ष्य स्वीकार नहीं किया जाएगा यदि अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण अभिलेख में लिखित रूप में उसे स्वीकार करने के कारण अभिलेखबद्ध नहीं करता है । (3) उपनियम (1) के अधीन कोई साक्ष्य नहीं लिया जाएगा यदि अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण या उसके द्वारा इस निमित्त प्राधि—त कोई अधिकारी निम्नलिखित के संबंध में पर्याप्त अवसर अनुज्ञात नहीं किया जाता है :--

(क) अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य या दस्तावेज का परीक्षण या किसी गवाह की प्रतिपरीक्षा ; या (ख) उपनियम (1) के अधीन अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के खंडन में कोई साक्ष्य या गवाह प्रस्तुत करना ।

(4) इस नियम में अन्तर्विष्ट कोई बात अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण की अपील को निपटाने में उसे समर्थ बनाने के लिए किसी दस्तावेज को प्रस्तुत करने या किसी गवाह के परीक्षण को निदेशित करने की उसकी शक्ति पर कोई प्रभाव नहीं डालेगी ।

113. अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण का आदेश.-- (1) अपील प्राधिकारी धारा 107 की उपधारा (11) के अधीन अपने आदेश के साथ प्ररूप जीएसटी एपीएल-4 में स्पष्ट रूप से दर्शित करते हुए कि मांग की अंतिम रकम की पुष्टि हो गई है, आदेश का संक्षिप्त सार जारी करेगा ।

(2) अधिकारिता अधिकारी प्ररूप जीएसटी एपीएल-4 में स्पष्ट रूप से दर्शित करते हुए कि मांग की अंतिम रकम की पुष्टि अपील अधिकरण द्वारा हो गई है, आदेश का संक्षिप्त सार जारी करेगा ।

114. उच्च न्यायालय को अपील.-- (1) धारा 117 की उपधारा (1) के अधीन उच्च न्यायालय को अपील प्ररूप जीएसटी एपीएल - 8 में फाइल की जाएगी ।

(2) प्ररूप जीएसटी एपीएल-8 में यथा अन्तर्विष्ट अपील के आधार और सत्यापन का प्ररूप नियम 26 में विनिर्दिष्ट रीति में हस्ताक्षरित किया जाएगा । 6412 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 115. न्यायालय द्वारा मांग की पुष्टि.--अधिकारिता अधिकारी प्ररूप जीएसटी एपीएल-4 में स्पष्ट रूप से दर्शित करते हुए कि मांग की अंतिम रकम की पुष्टि यथास्थिति, उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय द्वारा हो गई है, कथन जारी करेगा ।

116. अपराधि—त प्रतिनिधि के कदाचरण के लिए निर्हता.--जहां अधिनियम की धारा 116 की उपधारा (2) के खंड (ख) या खंड (ग) के अधीन निर्दिष्ट व्यक्ति से भिन्न कोई प्राधि—त प्रतिनिधि मामले की जांच करने पर अधिनियम के अधीन किन्हीं कार्यवाहियों के संबंध में कदाचरण का दोषी पाया जाता है, वहां आयुक्त उसे सुनवाई का एक अवसर देने के पश्चात्‌ प्राधि—त प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत होने से निर्हरित कर देगा ।

अध्याय 14

संक्रमणकालीन उपबंंध

117. नियत दिन पर स्टॉक में रखे माल पर किसी विद्यमान विधि के अधीन कर या शुल्क प्रत्यय का अग्रेषण.—(1) धारा 140 के अधीन निवेश कर के प्रत्यय को लेने का अधिकार प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति नियत दिन के नब्बे दिन के भीतर प्ररूप जीएसटी ट्रान-1 में सम्यक्‌ रूप से हस्ताक्षर कर समान पोर्टल पर जिसमें पृथक रूप से निवेश कर प्रत्य्ाय की रकम जिसका वह उक्त धारा के उपबंधों के अधीन हकदार है पृथक रूप से विनिर्दिष्ट करते हुए इलैक्ट्रानिक रूप से घोषणा प्रस्तुत करेगा :

परंतु यह कि आयुक्त परिषद की सिफारिश पर नब्बे दिन से अनधिक और अवधि द्वारा नब्बे दिन की अवधि की सीमा बढ़ा सकेगा ।

परंतु यह और कि जहां निवेश निर्यात उद्देशयित इकाई या इलैक्ट्रानिक हार्डवेयर प्रौद्योगिक पार्क में अवस्थित इकाई से प्राप्त हुआ है, वहां प्रत्यय सेनवेट प्रत्यय नियम, 2004 के नियम 3 का उपनियम (7) में यथाउपबंधित सीमा तक अनुज्ञेय होगा ।

(2) उपनियम (1) के अधीन प्रत्येक घोषणा में--

(क) धारा 140 की उपधारा (2) के अधीन दावे की दशा में नियत दिन पर पूंजी माल के प्रत्येक मद की बाबत निम्नलिखित विशिष्टियां पृथक रूप से विनिर्दिष्ट की जाएंगी—

(i) नियत दिन तक प्रत्येक विद्यमान विधि के अधीन निवेश कर प्रत्यय के माध्यम से लभ्य या प्रयुक्त कर या शुल्क की रकमय और

(ii) नियत दिन तक प्रत्येक विद्यमान विधि के अधीन निवेश कर प्रत्यय के माध्यम से अभी तक लभ्य्‌ या प्रयुक्त किए जाने वाले कर या शुल्क की रकमय और (ख) धारा 140 की उपधारा (3) या उपधारा (4) के खंड (ख) या उपधारा (6) या उपधारा (8) के अधीन दावे की दशा में नियत दिन पर रखे स्टॉक का ब्यौरा पृथक रूप से विनिर्दिष्ट किया जाएगा ;

(ग) धारा 140 की उपधारा (5) के अधीन दावे की दशा में निम्नलिखित ब्यौंरे प्रस्तुत किए जाएंगे, अर्थात्‌ :--

(i) प्रदायकर्ता का नाम, क्रम संख्यांक और प्रदायकर्ता द्वारा बीजक को जारी करने तारीख या कोई दस्तावेज जिसके आधार पर निवेश कर का प्रत्यय विद्यमान विधि के अधीन अनुज्ञेय था;

(ii) माल या सेवा का वर्णन और मूल्य ;

(iii) माल की दशा में मात्रा और उस पर इकाई या इकाई मात्रा कोड;

(iv) पात्र कर और शुल्क की रकम यथास्थिति मूल्य वर्धित कर या (प्रवेश शुल्क) जो प्रदायकर्ता द्वारा माल या सेवाओं के बाबत प्रभारित किया गया है ; और6413 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (v) वह तारीख जिसको माल या सेवाओं की रसीद प्राप्तकर्ता के खाते की पुस्तकों में प्रविष्ट की गई है ।

(3) प्ररूप जीएसटी ट्रान-1 में आवेदन में विनिर्दिष्ट प्रत्यय की रकम समान पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी पीएमटी-2 में रखे गए आवेदक के इलैक्ट्रानिक प्रत्यय बहि को प्रत्ययित की जाएगी ।

(4) (क) (i) एक रजिस्ट्री—त व्यक्ति जो विद्यमान विधि के अधीन रजिस्ट्री—त नहीं है, धारा 140 की उपधारा (3) के परंतुक के अनुसरण में नियत दिन पर स्टॉक में रखे माल जिसके बाबत केन्द्रीय उत्पाद शुल्क के संदाय करने के साक्ष्य के रूप में कोई दस्तावेज उसके पास नहीं है माल पर निवेश कर प्रत्यय को लेने के लिए अनुज्ञात किया जाएगा (जिस पर केन्द्रीय उत्पाद शुल्क या यथास्थिति सीमा-शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 की धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन अतिरिक्त सीमा-शुल्क की अतिरिक्त शुल्क उद्‌ग्रहीत है) । (ii) उपखंड (i) में निवेश कर प्रत्य्ाय ऐसे माल पर जिस पर राज्य कर नौ या अधिक प्रतिशत की दर से है, साठ प्रतिशत की दर से अनुज्ञेय होगा और नियत दिन के पश्चात्‌ ऐसे माल के प्रदाय पर लागू राज्य कर का अन्य माल पर चालीस प्रतिशत की दर से होगा तथा ऐसे प्रदाय के संदत्त किए जाने पर राज्य कर के संदाय के पश्चात्‌ प्रत्य्ायित किया जाएगा ।

परंतु यह कि जहां समेकित कर ऐसे माल पर संदत्त है वहां प्रत्यय की रकम तीस प्रतिशत और उक्त कर के बीस प्रतिशत की दर से क्रमशरू अनुज्ञेय होगी ;

(iii) यह स्कीेम नियत दिन से छहरू कर अवधियों के लिए उपलब्ध होगी ।

(ख) राज्य कर का प्रत्यय निम्नलिखित दशाओं को पूरा करने के अध्यधीन प्राप्य होंगी, अर्थात:-- (i) ऐसा माल हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2005 के अन्तर्गत पूरी तरह से कर में छूट प्राप्त नहीं था;

(ii) ऐसे माल के प्रापण के लिए दस्तावेज रजिस्ट्री—त व्यक्ति के पास उपलबध है;

(iii) इस स्कीम का लाभ उठाने वाला रजिस्ट्री—त व्यक्ति उपनियम (2) के खंड (ख) के अनुसरण में उसके द्वारा रखे माल का ब्यौरा प्ररूप जीएसटी ट्रान-2 में छहरू कर अवधियों के प्रत्येक के अंत पर जिसके दौरान स्कीम कर अवधि के दौरान प्रभावित माल की ऐसे माल के प्रदाय के ब्यौरे इंगित करते हैं कथन प्रस्तुत करेगा ;

(iv) अनुज्ञात प्रत्यय की रकम समान पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी पीएमटी-2 में रखे गए आवेदक के इलैक्ट्रानिक प्रत्यय बहि को प्रत्ययित की जाएगी ; और

(v) माल का स्टॉक जिसको प्रत्यय उपलब्ध है, इस प्रकार भंडारित है कि यह रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा आसानी से पहचाना जा सकता है ।

118. धारा 142 की उपधारा (11) के खंडंड (ग) के अधीन की जाने वाली घोषणा.—प्रत्येक व्यक्ति जिस पर धारा 142 की उपधारा (11) के खंड (ग) के उपबंध लागू हैं नियत दिन के नब्बे दिन की अवधि में प्ररूप जीएसटी ट्रान-1 में प्रदाय का अनुपात जिसको नियत दिन से पवूर् मूल्य वर्धित कर या सेवा कर संदत्त किया जा चुका लेकिन प्रदाय नियत तारीख के बाद किया गया है और उस पर अनुज्ञेय निवेश कर प्रत्य्ाय की घोषणा प्रस्तुत करेगा ।

119. प्रधान और अभिकर्ता द्वारा रखे स्टॉक की घोषणा.-- प्रत्येक व्यक्ति जिसको धारा 141 के उपबंध लागू हैं नियत दिन के नब्बे दिन के भीतर प्ररूप जीएसटी ट्रान-1 में एक घोषणा इलैक्ट्रानिक रूप में प्रस्तुत करेगा जिसमें उसके द्वारा नियत दिन पर रखे निवेश का स्टॉक, अर्ध तैयार माल या तैयार माल जो लागू हो विनिर्दिष्ट करते हुए घोषणा करेगा । 6414 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 120. अनुमोदन के आधार पर भेजे माल के ब्यौरे.-- प्रत्येक व्यक्ति विद्यमान विधि के अधीन अनुमोदन पर माल भेजना है और जिसको धारा 142 की उपधारा (12) लागू है नियत दिन के नब्बे दिन के भीतर प्ररूप जीएसटी ट्रान-1 के अनुमोदन पर भेजे गए ऐसे माल के ब्यौरे प्रस्तुत करेगा ।

121. गलत रूप से प्राप्ति किए गए प्रत्यय की वसूली.-- नियम 97 के उपनियम (3) के अधीन प्रत्यय की गई रकम सत्यापित की जाएगी और धारा 73 या धारा 74 के अधीन कार्यवाहियां यथास्थिति चाहें वह पूर्णतरू या आंशिक रूप से किसी गलत तरीके से प्राप्त किसी प्रत्यय के बाबत शुरु की जाएंगी ।

अध्याय 15

मुनाफाखोरी-रोधी नियम, 2017

122. प्राधिकरण का गठन.-- प्राधिकरण परिषद द्वारा नामनिर्देशित निम्नलिखित से मिलकर बनेगा-- (क) अध्यक्ष जिसने भारत सरकार के सचिव की श्रेणी के समतुल्य पदधारण किया है या किया हो (ख) चार तकनीकी सदस्य जो राज्य कर आयुक्त या केन्द्रीय कर आयुक्त है या रहा है या जिसने विद्यमान विधि के अधीन समतुल्य पद धारण किया है या किया हो

123. स्थायी समिति औैर छानबीन समिति का गठन:--(1) परिषद, राज्य और केन्द्रीय सरकार द्वारा यथा नामनिर्दिष्टि, ऐसे अधिकारियों से मिलकर मुनाफाखोरी रोधी स्थायी समिति का गठन कर सकेगा । (2) राज्य स्तरीय छानबीन समिति राज्य सरकारों द्वारा प्रत्येक राज्य में गठित की जाएंगी, जो निम्नलिखित से मिलकर बनेगी—

(क) आयुक्त द्वारा नामनिर्देशित किया गया, राज्य सरकार का कोई अधिकारी और

(ख) मुख्यत आयुक्त द्वारा नामनिर्देशित किया गया, केन्द्रीय सरकार का कोई अधिकारी ।

124. प्राधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति, वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य निबंधनों और शर्तेंः--(1) अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति, केन्द्रीय सरकार द्वारा स्थायी समिति जिसका गठन परिषद/बोर्ड द्वारा प्रयोजन के लिए किया गया है, की सिफारिशों पर होगी ।

(2) अध्यक्ष को 2,25,000 (नियत) मासिक वेतन संदत्त किया जाएगा और अन्य भत्ते और फायदे यथाग्राहृय है जैसे कि केन्द्रीय सरकार में पदधारण किए अधिकारी को समान वेतन में दिए जा रहे हैं । परंतुक यह कि जहां कोई सेवानिवृत्त अधिकारी अध्यक्ष के रूप में चयनित होता है उसे रु0 2,25,000/- का मासिक वेतन में से पेंशन की रकम घटाकर संदत्त किया जाएगा ।

(3) तकनीकी सदस्य को 2,05,400 (नियत) मासिक वेतन संदत्त किया जाएगा और वह भत्ते निकालने का हकदार होगा जैसे कि भारत सरकार के समूह 'क' पदधारित अधिकारी को समान वेतन में ग्राहृय है। परंतु यह कि जहां कोई सेवानिवृत्त अधिकारी तकनीकी सदस्य के रूप में चयनित होता है उसे रु0 2,05,400/- का मासिक वेतन में से पेंशन की रकम घटाकर संदत्त किया जाएगा ।

(4) अध्यक्ष, उस तारीख से जिससे उन्होंने कार्यभार संभाला है, से तीन वर्ष की अवधि के लिए पदधारण करेगा या जब तक कि वह पैंसठ वर्ष की आयु का नहीं हो जाता, जो भी पहले हो और पुनरूनियुक्ति, के लिए पात्र होगा ।

परंतु यह कि कोई भी व्यक्ति अध्यक्ष के रूप में चयनित नहीं होगा, यदि उसकी आयु बासठ वर्ष की हो चुकी है ।6415 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (5) प्राधिकरण का तकनीकी सदस्य, उस तारीख से जिससे उन्होंने कार्यभार संभाला है, से तीन वर्ष की अवधि के लिए पदधारण करेगा या जब तक कि वह पैंसठ वर्ष की आयु का नहीं हो जाता, जो भी पहले हो और पुनरूनियुक्ति के लिए पात्र होगा ।

परंतु यह कि कोई भी व्यक्ति तकनीकी सदस्य के रूप में चयनित नहीं होगा यदि उसकी आयु बासठ वर्ष की हो चुकी है ।

125. प्राधिकरण का सचिव.--बोर्ड के अधीन रक्षोपाय अपर महानिदेशक, प्राधिकरण का सचिव होगा । 126. पद्धति और प्रक्रिया अवधारित करने की शक्ति.-- प्राधिकरण यह अवधारण करने के लिए कि क्या माल या सेवाओं के प्रदाय पर कर की दर में कटौती या इनपुट कर प्रत्यिय पर फायदे, मूल्य में कटौती की अनुरूपता द्वारा रजिस्ट्री—त व्यक्ति से प्राप्तिकर्ता को पहुंच रहे हैं, पद्धति और प्रक्रिया को अवधारित कर सकता है ।

127. प्राधिकरण के कर्तव्य.-- (1) प्राधिकरण का कर्तव्य होगा कि यह अवधारित करे कि क्या किसी माल या सेवाओं के प्रदाय पर कर दी दर में कटौती या इनपुट कर प्रत्यय के फायदे, मूल्य में कटौती की अनुरूपता द्वारा प्राप्तिकर्ता को पहुंच रहे हैं;

(2) प्राधिकरण का कर्तव्य होगा कि वह उस रजिस्ट्री—त व्यक्ति की पहचान करे जो माल या सेवाओं के प्रदाय पर कर में कटौती के फायदे या ईनपुट कर प्रत्यय के फायदे, मूल्य में कटौती की अनुरूपता से प्राप्तिकर्ता को नहीं पहुंचा रहा है;

(3) प्राधिकरण का यह कर्तव्य होगा कि—

(क) वह मूल्यों में कटौती का आदेश दें;

(ख) प्राधिकरण का यह कर्तव्य होगा कि वह मूल्यों में कटौती की अनुरूपता से होने वाली रकम के समकक्ष रकम, उच्च दर पर रकम संग्रहित करने की तारीख से वापिस करने की तारीख तक अठारह प्रतिशत की दर पर ब्याज सहित प्राप्ति कर्ता को वापिस करने का आदेश दे; या वसूली की रकम वापस नहीं की गई है, यथास्थिति उस दशा में जहां पात्र व्यक्ति वापस की गई रकम पर दावा नहीं करता है या पहचान नहीं हुई है और धारा 57 में निर्दिष्टि निधि में समान रूप से जमा करेगा ।

(ग) अधिनियम के अधीन यथाविहित शास्ति अधिरोपित करनाय और

(घ) अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकरण को रद्द करना ।

128. स्थायी समिति और छानबीन समिति द्वारा आवेदेदन का परीक्षण.--(1) स्थायी समिति, किसी हितबद्ध पक्षकार या आयुक्त या किसी अन्य व्यक्ति से, उनके द्वारा ऐसी विनिर्दिष्ट रूप और रीति में लिखित आवेदन की प्राप्ति पर, आवेदन में उपबंधित साक्ष्य की यथार्थता और यथायोग्यता का परीक्षण करेगी जिससे यह अवधारित किया जा सके कि क्या आवेदक का दावा कि किसी माल या सेवा के प्रदाय में कर की दर में कटौती या ईनपुट कर प्रत्यय का फायदा, मूल्यों में कटौती की अनुरूपता से प्राप्तिकर्ता तक नहीं पहुंच पाया है, दावे के समर्थन के लिए क्या प्रथम –ष्टतया साक्ष्य है ।

(2) स्थानीय प्र—ति के मामलों पर हितबद्ध पक्षकारों से प्राप्ति सभी आवेदनों का प्रथमतरू राज्य स्तरीय छानबीन समिति और छानबीन समिति द्वारा किया जाएगा, यह समाधान होने पर कि प्रदायकर्ता ने धारा 171 के उपबंधों का उल्लंघन किया है, उसकी सिफरिशों सहित आवेदन को स्थायी समिति के पास अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रेषित करेगा । 6416 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 129. आरंभ और कार्यवाहियों के परिचालन के सिद्धांंत.-- (1) जहां स्थायी समिति ने अपना समाधान कर लिया है कि वहां दिखाने के प्रथम –ष्टया साक्ष्य हैं कि प्रदायकर्ता द्वारा माल और सेवाओं के प्रदाय पर कर की दर में कटौती का फायदा या ईनपुट कर प्रत्यय का फायदा, मूल्यों में कटौती की अनुरूपता से प्राप्तिकर्ता तक नहीं पहुंच पाया है, मामले को ब्यौरेवार अन्वेषण के लिए रक्षोपाय महानिदेशालय को निर्दिष्ट करेगी ।

(2) रक्षोपाय महानिदेशालय अन्वेषण संचालित करेगा और क्या माल या सेवाओं के किसी प्रदाय पर कर की दर में कोई कटौती या ईनपुट कर प्रत्यय पर फायदा, मूल्यों में कटौती की अनुरूपता से प्राप्तिकर्ता तक पहुंचा है, आवश्यक साक्ष्य संग्रहित करेगा ।

(3) रक्षोपाय महानिदेशालय, अन्वेषण के आरंभ से पूर्व, हितबद्ध पक्षकारों को सूचना जारी करेगा, जिसमें अन्य बातों के साथ निम्नलिखित यथायोग्य सूचना अंतर्विष्ट है, अर्थात्‌ :--

(क) माल या सेवाओं का विवरण जिसके संदर्भ में कार्यवाहियां आरंभ की गई है;

(ख) तथ्यों के विवरण का सार जिस पर आरोप आधारित है;

(ग) हितबद्ध व्यक्तियों और अन्य व्यक्तियों को जिनके पास उनके उत्तर के लिए कार्यवाहियों से संबंधित सूचना हो सकती है अनुज्ञात समय-सीमा।

(4) रक्षोपाय महानिदेशालय ऐसे अन्य व्यक्तियों जो मामले में ऋजु जांच के लिए उपयुक्त समझे गए हैं, को सूचना जारी कर सकेगा ।

(5) रक्षोपाय महानिदेशक, उसके समक्ष कार्यवाहियों में भाग ले रही किसी एक हितबद्ध पक्षकार द्वारा अन्य हितबद्ध पक्षकारों को दिए गए साक्ष्यों को उपलब्ध करवाएगा।

(6) रक्षोपाय महानिदेशालय स्थायी समिति से निर्देश की प्राप्ति से तीन मास की अवधि के भीतर या ऐसी विस्तारित अवधि जो आगे तीन मास की अवधि से अनधिक हो के लिए स्थायी समिति से यथा अनुज्ञात लिखित में दिए गए कारणों द्वारा अन्वेषण पूर्ण करेगा और अन्वेषण के पूर्ण होने पर, सुसंगत अभिलेखों के साथ उनके निष्कर्ष की एक रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपेगा ।

130. सूचूना की गोपनीयता.-- (1) सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (2005 का 22) की धारा 11 के उपबंध, नियम 129 के उपनियम (3) और (5) और नियम 133 के उपनियम (2) में अन्य बातों के साथ अंतर्विष्ट होते हुए भी, किसी जानकारी के स्पष्टीकरण को जो सूचना गोपनीयता के आधार पर यथा आवश्यक परिवर्तन सहित लागू होगी ।

(2) रक्षोपाय महानिदेशालय, पक्षकार जो गोपनीयता के आधार पर जानकारी दे रहे हैं, से गैर-गोपनीय सार देने की अपेक्षा कर सकेगा और यदि, ऐसी जानकारी देने वाले पक्षकार की यह राय है कि ऐसी जानकारी का सार नहीं किया जा सकता, ऐसे पक्षकार रक्षोपाय महानिदेशालय को, कि क्या सार करना संभव नहीं है के कारणों का विवरण प्रस्तुत कर सकते हैं;

131. अन्य अभिकरणों या कानूनी प्राधिकरणों के साथ सहयोग.--जहां रक्षोपाय महानिदेशालय ठीक समझे, अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी अन्य अभिकरण या कानूनी प्राधिकरण की राय मांग सकता है । 132. साक्ष्य देने और दस्तावेज पेश करने के लिए व्यक्तियों को समन करने की शक्ति.—(1) रक्षोपाय महानिदेशालय को किसी व्यक्ति को समन करने की शक्ति प्रयोग करने के लिए या धारा 70 के अधीन कोई अन्य चीज के लिए आवश्यक है, के लिए उचित अधिकारी समझा जाए और सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के उपबंधों के अधीन सिविल न्यायालय की दशा में यथा उपबंधित, उसी रीति में जांच की शक्ति होगी।6417 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (2) उपनियम (1) में निर्दिष्ट सभी ऐसी जांच, भारतीय दंड संहिता, 1860 (1860 का 45) की धारा 228 और 193 के अर्थ के अंतर्गत श्श्न्यायिक कार्यवाहियांश्श् समझी जाएं ।

133. प्राधिकरण का आदेश.--(1) प्राधिकरण, रक्षोपाय महानिदेशालय से रिपोर्ट प्राप्ति की तारीख से तीन मास की अवधि के भीतर अवधारित करेगा कि क्या रजिस्ट्री—त व्यक्ति ने माल या सेवाओं के प्रदाय पर की दर में कटौती या इनपुट कर प्रत्यय के फायदे, मूल्यों में कटौती की अनुरूपता से प्राप्तिकर्ता तक पहुचाए हैं ।

(2) जहां ऐसे हितबद्ध पक्षकारों से लिखित में कोई प्रार्थना प्राप्त होती है, प्राधिकरण द्वारा हितबद्ध पक्षकारों को सुनने का एक अवसर प्रदान करेगा ।

(3) जहां प्राधिकरण यह अवधारित करता है कि रजिस्ट्री—त व्यक्ति ने माल या सेवाओं के प्रदाय पर कर की दर में कटौती या इनपुट कर प्रत्य्ाय को मूल्यों में कटौती की अनुरूपता से प्राप्तिकर्ता तक नहीं पहुंचाया है, प्राधिकरण :--

(क) मूल्यों में कटौती का आदेश कर सकेगा;

(ख) प्राप्तिकर्ता को, मूल्यों में कटौती की अनुरूपता से होने वाली रकम के समकक्ष रकम, उच्च दर पर रकम संग्रहित करने की तारीख से वापिस करने की तारीख तक अठारह प्रतिशत की दर पर ब्याज सहित, वापिस करने का आदेश दे सकेगा; या

उस दशा में जहां पात्र व्यक्ति वापिस की रकम प्राप्त करने के लिए उपलब्ध नहीं है, खंड (ख) के अधीन वापिस नहीं की गई रकम की वसूली का आदेश दे सकेगा और उसे धारा 57 में निर्दिष्ट निधि में निक्षेप करेगा ।

(ग) अधिनियम के अधीन यथाविहित शास्ति का अधिरोपणय और

(घ) अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकरण का रद्दकरण ।

134. बहुमत द्वारा विनिश्चय.--यदि प्राधिकरण के सदस्यों की राय किसी बिंदु पर भिन्न है, बिंदु बहुमत की राय अनुसार विनिश्चित होगा ।

135. रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा अनुपालना.--इन नियमों के अधीन प्राधिकरण द्वारा पारित किसी आदेश की अनुपालना तुरंत रजिस्ट्री—त व्य्ाक्ति द्वारा की जाएगी, जिसके न होने पर, यथास्थिति एकी—त माल और सेवा कर अधिनियम या केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम या संघ राज्यक्षेत्र माल और सेवा कर अधिनियम या अपने-अपने राज्यों के राज्य माल और सेवा कर अधिनियम के अनुसार रकम वसूलने की कारवाई आरंभ की जाएगी ।

136. आदेश्ेश की मानीटरी.-- प्राधिकरण, उसके द्वारा पारित आदेश के क्रियान्वयन को मानीटर करने के लिए किसी केन्द्रीय कर, राज्य कर या संघ राज्यक्षेत्र कर प्राधिकरण की अपेक्षा कर सकता है । 137. प्राधिकरण की अवधि.--परिषद, उस तारीख से जब से अध्य्ाक्ष ने कार्यभार संभाला था, से दो वर्ष के पश्चात्‌ अस्तित्वहीन हो जाएगी, जब तक कि परिषद अन्यथा सिफारिश न करे ।

स्पष्टीकरण: इस अध्याय के प्रयोजन के लिए,

(क) ''प्राधिकरण'' से नियम 122 के अधीन गठित राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण अभिप्रेत है;

(ख) ''समिति'' से नियम 123 के उपनियम (1) के निबंधनों में परिषद द्वारा गठित मुनाफाखोरी रोधी स्थायी समिति अभिप्रेत है;

6418 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (ग) ''हितबद्ध पक्षकार'' जिसके अंतर्गत—

क. कार्यवाहियों के अधीन माल और सेवाओं के प्रदायकर्ता ; और

ख. कार्यवाहियों के अधीन माल और सेवाओं के प्राप्तिकर्ता ;

(घ) ''छानबीन समिति'' से नियम 123 के उपनियम (2) के निबंधनों में गठित राज्य स्तरीय छानबीन समिति अभिप्रेत है ।

अध्याय 16

ई-वे नियम

138. (1) (क) वाहन का प्रभारी व्यक्ति अपने साथ, यथास्थिति, माल वाहन अभिलेख यात्रा पत्र या लॉग बुक और कारबार के प्रयोजन के लिए ऐसे माल के-प्रदाय-की बावत कर बीजक या ऐसी विशिष्टियां जो विहित की जाएं, से अन्तर्विष्ट पूर्ति का बिल ले जाएगा तथा इसे किसी भी स्थान पर वाहन की पड़ताल के दौरान समूचित अधिकरी के समक्ष प्रस्तुत करेगा।

(ख) कोई रजिस्ट्रीकृत कराधेय व्यक्ति जो राज्य के बाहर से कराधेय माल का आयात करता है और/या जो राज्य के बाहर के स्थान को कराधेय माल का प्रेषण करता है, इन नियमों से संलग्न प्ररूप 26-क में आबकरी एवं कराधान विभाग की वैबसाइट के माध्यम से घोषणा इलैक्ट्रॉनिकली फाईल करेगा और उक्त घोषणा की प्रति पड़ताल के समय समुचित अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा।

(ग) राज्य की सीमाओं में प्रवेश करने वाले या राज्य की सीमाओं से बाहर जाने वाले वाहन का भार साधक व्यक्ति घोषणा में वाहन में ले जाए जा रहे माल की विशिष्टियों का भी उल्लेख करेगा और उसकी हार्ड कॉपी, जब समुचित अधिकारी द्वारा ऐसा अपेक्षित हो, प्रस्तुत करेगाः

परन्तु जहां कोई वाहन राज्य से होकर राज्य से बाहर किसी स्थान को जाता है तो ऐसे वाहन का भारसाधक व्यक्ति इन नियमों से संलग्न प्ररूप-27 में ई-विधिमान्यता केन्द्र पर मैनुअॅली घोषणा फाईल करेगा और घोषणा फाईल करने में असफल रहने पर हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 129 के अधीन उसके विरूद्ध दाण्डिक कार्रवाई की जाएगीः

परन्तु यह और कि राज्य में उनके प्रवेश के पश्चात्‌ जहां ऐसे वाहन द्वारा वहन किया गया माल किसी अन्य यान या वाहन द्वारा राज्य के बाहर परिवहन किया जाता है, वहां यह साबित करने का भार कि माल वास्तव में राज्य के बाहर ले जाया गया है, वाहन के स्वामी या भारसाधक व्यक्ति पर होगा;

स्पष्टीकरण.--हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम, 2005 के अधीन अधिसूचित आबकारी एवं कराधान विभाग की समस्त विद्यमान चैक-पोस्टें इस नियम के प्रयोजन के लिए ई-विधिमान्यता केन्द्रों के रूप में कार्य करेगी।

(2) किसी रेल हैड या किसी डाकघर से अन्यथा माल के परिवहन के प्रत्येक स्टेशन, बस स्टैण्ड या माल के लादने या उतारने के किसी अन्य स्टेशन या स्थान पर जब किसी व्यक्ति या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा ऐसा अपेक्षित हो तो चालक, माल वाहन का स्वामी या परिवहन कंपनी या माल बुकिंग अभिकरण का कर्मचारी वहन किए गए, परिवहन किए गए, लादे गए, उतारे गए, परिवहन के लिए परेषित किए गए या प्राप्त किए गए माल से सम्बन्धित परिवहन रसीद और समस्त अन्य दस्तावेज तथा लेखा पुस्तकें परीक्षण हेतु प्रस्तुत करेगा। परीक्षण करने के प्रयोजन के लिए समुचित अधिकारी को, वहन किए गए, परिवहन किए गए, लादे गए, उतारे गए या परिवहन के लिए परेषित किए या प्राप्त किए गए माल की बावत ऐसी परिवहन रसीदें या अन्य दस्तावेज या लेखा पुस्तकों के ऐसे माल के किसी पैकेज या पैकजों को तोड़कर खोलने की शक्तियां होगी।6419 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (3) यदि समुचित अधिकारी के पास यह संदेह का कारण है कि परिवहन के अधीन माल कारबार के लिए है और, यथास्थिति, उपधारा (1)में यथावर्णित समुचित और वास्तविक दस्तावेजों के अंतर्गत नहीं आता है, या माल का परिवहन करने वाला व्यक्ति देय कर का अपवंचन करने का प्रयास कर रहा है, तो वह कारणों को अभिलिखित करते हुए और उक्त व्यक्ति को सुनने के पश्चात्‌ ऐसी अवधि के लिए, जो युक्तियुक्त रूप से आवश्यक हो, माल को उतारने और निरूद्ध करने का आदेश कर सकेगा तथा उसे केवल माल के स्वामी या उसके प्रतिनिधि या चालक या माल के स्वामी की ओर से वाहन के अन्य भार साधक व्यक्ति को माल के मूल्य के पच्चीस प्रतिशत के बराबर नकद या बैंक गारंटी या बैंक ड्राफ्ट के रूप में अपनी संतुष्टि के अनुसार कोई प्रतिभूति देते हुए उसे परिवहन किए जाने के लिए अनुज्ञात करेगाः

परन्तु जहां कोई माल निरूद्ध किया जाता है, वहां माल को निरूद्ध करने वाले अधिकारी द्वारा यथास्थिति, जिला के भारसाधक सहायक आयुक्त या जिला या बैरिअर के भारसाधक राज्य कर अधिकारी को, जब कभी ऐसा अपेक्षित हो, चौबीस घण्टे से अधिक की अवधि के लिए माल को निरूद्ध करने के लिए पश्चात्‌कथित की अनुज्ञा हेतु तत्काल, और किसी भी दशा में माल को निरूद्ध के चौबीस घण्टे के भीतर, रिपोर्ट की जाएगी और यदि पश्चात्‌ कथित से कोई प्रतिकूल सूचना प्राप्त नहीं होती है तो पूर्व कथित यह धारणा कर सकेगा कि उसके प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया है।

(4) उपनियम (3) के प्रयोजनों के लिए, माल का स्वामी या माल के स्वामी की ओर से उसका प्रतिनिधि, चालक या वाहन का अन्य भारसाधक व्यक्ति, जैसे सम्बद्ध अधिकारी निदेश दे, प्रतिभूति देगा या प्रतिभू सहित या उसके बिना कोई बंधपत्र निष्पादित करेगा। प्रतिभूति बंधपत्र और वैयक्तिक बंधपत्र (इन नियमों से संलग्न) क्रमशः प्ररूप-28 और 28-क में होंगे।

(5)(क) उपरोक्त नियमों के अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, अनिधियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत निम्नलिखित कराधेय कोई व्यक्ति, जो हिमाचल प्रदेश राज्य के भीतर किसी क्रेता को तीस हजार रूपए या इससे अधिक का माल का प्रदाय/प्रेषण करता है, तो वह माल के प्रेषण से पवू र् इन नियमों से संलग्न प्ररूप-26 में आबकारी एवं कराधान विभाग की अधिकारिक वैबसाईट के माध्यम से इलैक्ट्रानिकली कर बीजक/बिल/केश मेमों सम्बंधी कोई घोषणा देगाः-

(1) लोहा और इस्पात के प्रदाय का कारबार करने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति।

(2) पलाईवुड और सनमाइका के प्रदाय का कारबार करने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति।

(3) औषधियों के प्रदाय का कारबार करने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति।

(4) विद्युत वस्तुओं के प्रदाय का कारबार करने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति।

(5) खाद्य तेल के प्रदाय का कारबार करने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति।

(6) संगमरमर के प्रदाय का कारबार करने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति।

(7) फर्नीचर के प्रदाय का कारबार करने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति।

(8) इमारती लकड़ी के प्रदाय का कारबार करने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति।

तथापि, राज्य में पुनः प्रवेश से अन्तर्वलित माल के संचलन की दशा में, इन नियमों से संलग्न प्ररूप-26 में घोषणा पर्याप्त होगी। बशर्ते कि घोषणाएं ऐसे माल के प्रेषण से पूर्व की जाती है।

(5) (ख)किसी कराधेय व्यक्ति द्वारा कराधेय माल के प्रेषण से पूर्व प्ररूप-26 और 26-क में ई-घोषणा फाइल नहीं करने की दशा में, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 129 के अधीन उसके विरूद्ध दांडिक कार्रवाई की जाएगी। एकल रजिस्ट्रीकृत कराधेय व्यक्ति, जो राज्य के भीतर बहु-क्रेताओं को किसी एक यान में माल का विक्रय/प्रेषण करता है और ऐसे बहु-प्रेषणों का कुल योग 30,000/- रूपए से अधिक है, की दशा में ऐसी ई-घोषणा भी इलैक्ट्रानिकली दी जाएगी।

प्र्ररूप 26-क में घोषणा करने वाला वाहन का स्वामी या भारसाधक व्यक्ति आबकारी एवं कराधान विभाग की अधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन 10/- रूपए सेवा प्रभार के रूप में जमा करेगा। 6420 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 आयुक्त, अधिसूचना द्वारा इलैक्ट्रानिक घोषणा करने वाले किसी कराधेय व्यक्ति और/या किसी परिवहन संचालक से राज्य में प्रवेश करते हुए या राज्य छोड़ते हुए ई-विधिमान्यता केंद्रों से माल के प्रदाय पर अनिवार्यतः ई-अनापत्ति अभिप्राप्त करने की अपेक्षा कर सकेगा।

प्ररूप जीएसटी आईटीसी–1

[नियम 40(1) देखें]

धारा 18 की उपधारा (1) के अधीन इनपुट कर प्रत्यय के दावे की घोषणा

निम्नलिखित के अधीन दावा

धारा 18 (1)(क)

धारा 18 (1)(ख)

धारा 18 (1)(ग)

धारा 18 (1)(घ)

1. जीएसटीआईएन
2. विधिक नाम
3. व्यापार का नाम, यदि कोई हों
4. तारीख जिससे धारा 9(3) और धारा 9(4) को छोड़कर धारा 9 के अधीन कर के संदाय का दायित्व उद्‌भूत होता ह [धारा 18(1)(क) और धारा 18(1)(ग) के अधीन दावे के लिए]
5. ऐच्छिक रजिस्ट्रीकरण प्रदान करने की तारीख
6. तारीख जिसके माल और सेवाएं कराधेय हुई है [धारा 18 (1) घ) के अधीन किए गए दावे के लिए]

7. धारा 18 (1) (क) या धारा 18 (1) (ख) के अधीन दावा

ऐसे इनपुट के स्टाक और ऐसे अर्धपरिरूपित माल या परिरूपितमाल में, जिस पर इनपुट टैक्स प्रत्यय का दावा किया गया है, अंतर्विष्ट इनपुट के ब्यौरे

क्रम सं. प्रदायकर्ता का जीएसटीआईएन/ सीएक्स/मूल्य वर्धित कर के अधीन रजिस्ट्रीकरण बीजक स्टाक में धारित इनपुट, में धारित अर्ध- परिरूपित माल या परिरूपित माल में अ तर्विष्ट इनपुट ं का विवरण इकाई परिमाण कोड (यूक्यू सी) परिमाण म ू ल्य** (नामे नोट/जमा खाता द्वारा समायोजित) दावा किए गए इनपुट कर के प्रत्यय की रकम (रु.)
केन्दी्र य कर राज्य कर संघ राज्य क्षत्रे एकीकतृ कर उपकर
स ख्या ं तारीख
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13
7 (क) स्टाक में धारित इनपुट
7 (ख) स्टाक में धारित अर्धपरिरूपित माल या परिरूपित माल में अतंरविष्ट इनपुट
6421 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 *यदि बीजक की पहचान करना संभव नहीं है, पहले प्राप्त बीजक के सिद्धांत का अनुसरण किया जा सकेगा।

8. धारा 18 (1) (ग) या धारा 18 (1)(घ) के अधीन दावा

ऐसे इनपुट के स्टाक, ऐसे अर्धपरिरूपित माल या परिरूपितमाल और पूंजीमाल में, जिन पर इनपुट टैक्स प्रत्यय का दावा किया गया है, अंतर्विष्ट इनपुट के ब्यौरे

क्रम स . ं प्रदायकर्ता का जीएसटीआईएन/ सीएक्स/मूल्य वर्धित कर के अधीन रजिस्ट्रीकरण बीजक*/प्रवेश पत्र स्टाक में धारित इनपुट, स्टाक में धारित अर्धपरिरूपित माल या परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुट, पूंजी माल का विवरण इकाई परिमाण कोड (यूक्यू सी) परिमाण म ू ल्य** (नामे नोट/जमा खाता द्वारा समायोजित) दावा किए गए इनपुट कर के प्रत्यय की रकम (रु.)
क े न्दी्र य कर राज्य कर स्ांघराज्य क्षत्रे एकीकतृ कर उपकर
संख्या तारीख
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13
8 (क) स्टाक में धारित इनपुट
8 (ख) ) स्टाक में धारित अर्धपरिरूपित माल या परिरूपित माल में अतंर्विष्ट इनपुट
8 (ग) स्टाक में धारित पूंजी माल

*यदि बीजक की पहचान करना संभव नहीं है, पहले प्राप्त बीजक के सिद्धांत का अनुसरण किया जा सकेगा ** पूंजी माल का मूल्य किसी वर्ष की प्रति तिमाही या बीजक की तारीख से उसके किसी भाग के पांच प्रतिशत को घटाकर बीजक मूल्य होगा ।

9. प्रमाणित करने वाले चार्टर्ड अकाउटेंट या लागत लेखापाल की विशिष्टियां [जहां लागू हों] (क) प्रमाणपत्र जारी करने वाली फर्म का नाम

(ख) प्रमाणित करने वाले चार्टर्ड अकाउटेंट ध्लागत लेखापाल का नाम

(ग) सदस्यता संख्यांक

(घ) प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख

(ङ) संलग्नक (प्रमाणपत्र अपलोड करने का विकल्प)

10. सत्यापन

मैं __________________________________________ सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है। और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है ।

प्राधि—त हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर _______________________________________ नाम_______________________________________ पदनाम/प्रास्थिति ____________________________ तारीख --- दिन/मास/वर्ष6422 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीएसटी आईटीसी-02

[नियम - 41(1)देखें]

धारा 18 की उपधारा (3) के अधीन किसी कारबार के विक्रय, विलयन, निर्वर्ललयन, समामेलेलन, पट्टा या अंतरण की दशा मेेंं इनपुटुट कर प्रत्यय के अंतरण की घोषणा

1. अंतरक का जीएसटीआईएन
2. अंतरक का विधिक नाम
3. व्यापार का नाम, यदि कोई हों
4. अंतरिती का जीएसटीआईएन
5. अंतरिती का विधिक नाम
6. व्यापार का नाम, यदि कोई हों

7. अंतरित किए जाने वाले इनपुट कर प्रत्यय के ब्यौरे

कर उपलब्ध सुमेलित इनपुट कर प्रत्यय की रकम अ तरित की जाने वाली सुमेलित इनपुट कर प्रत्यय ं की रकम
1 2 3
क न्द्रीय कर े
राज्य कर
स घ राज्यक्षेत्र ं कर
एकी—त कर
उपकर

8. प्रमाणित करने वाले चार्टर्ड अकाउटेंट या लागत लेखापाल की विशिष्टियां

(क) प्रमाणपत्र जारी करने वाली फर्म का नाम

(ख) प्रमाणित करने वाले चार्टर्ड अकाउटेंट ध्लागत लेखापाल का नाम

(ग) सदस्यता संख्यांक

(घ) अंतरक को प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख

(ङ) संलग्नक (प्रमाणपत्र अपलोड करने का विकल्प)

9. सत्यापन

मैं __________________________________________ सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है ।

प्राधि—त हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर _______________________________________ नाम _______________________________________

पदनाम/प्रास्थिति ____________________________

तारीख --- दिन/मास/वर्ष

-------

प्ररूप जीएसटी आईटीसी-03

[नियम–44(4) देखें]

धारा 18 की उपधारा (4) के अधीन विपर्यन इनपुट कर प्रत्यय की सूचना ध्स्टाक में धारित इनपुट, स्टाक में धारित अर्धपरिरूपित और परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुट पर कर के संदाय की घोषणा।6423

1. जीएसटीआईएन
2. विधिक नाम
3. व्यापार का नाम, यदि कोई हों
4(क). संरचना स्कीम के विकल्प के लिए फाइल किए गए आवेदन के ब्यौरे [केवल धारा 18 (4) के लिए लागू] (i) आवेदन संदर्भ संख्या (एआरएन)
(ii) फाइल करने की तारीख
4(ख). तारीख जिससे छूट प्रभावी होगी [केवल धारा 18 (4) के लिए लागू]

5. स्टाक में धारित इनपुट, स्टाक में धारित अर्धपरिरूपित और परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुट और पूंजी माल के स्टाक के ब्यौरे जिन पर धारा 18(4) के अधीन इनपुट कर प्रत्यय का संदाय किया जाना अपेक्षित है।

क्रम स . ं प्रदायकर्ता का जीएसटीआईएन/ सीएक्स/ म ल्य वर्धित कर ू क अधीन े रजिस्ट्रीकरण *बीजक प्रवेश पत्र स्टाक में धारित इनपुट, स्टाक में धारित अर्धपरिरूपित माल या परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुट और पूंजी माल का विवरण इकाई परिमाण कोड (यूक्यू सी) परिमाण म ू ल्य** (नामे नोट/ जमा खाता द्वारा समायोजित) दावा किए गए इनपुट कर प्रत्यय की रकम (रु.)
केन्द्रीय कर राज्य कर संघ राज्यक्षत्रे कर एकीकृत कर उपकर
स ं तारीख
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
5 (क) स्टाक में धारित इनपुट (जहां बीजक उपलब्ध है)

5 (ख) स्टाक में धारित अर्धपरिरूपित माल या परिरूपित माल में अतंर्विष्ट इनपुट (जहां बीजक उपलब्ध है)

5 (ग) स्टाक में धारित पूंजी माल (जहां बीजक उपलब्ध है)

5 (घ) स्टाक में धारित और स्टाक में धारित अर्धपरिरूपित/परिरूपित माल में यथाअंतर्विष्ट इनपुट (जहां बीजक उपलब्ध नहीं है) 5 (ङ) स्टाक में धारित पूंजी माल (जहां बीजक उपलब्ध नहीं है)

*(1) यदि बीजक की पहचान करना संभव नहीं है, पहले प्राप्त बीजक के सिद्धांत का अनुसरण किया जा सकेगा (2) यदि कतिपय इनपुट के लिए बीजक उपलब्ध नहीं है तो मूल्य का प्राक्कलन अधिभावी बाजार कीमत के आधार पर किया जाएगा ।

**पूंजी माल का मूल्य किसी वर्ष की प्रति तिमाही या बीजक की तारीख से उसके किसी भाग के पांच प्रतिशत को घटाकर बीजक मूल्य होगा ।

6. संदेय और संदत्त इनपुट कर प्रत्यय की रकम (सारणी 5 के आधार पर)6424 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

क्रम स . ं विवरण स द ं य कर े नकद /जमा खाता द्वारा संदाय विकलन प्रविष्टि सं. स दत्त इनपुट कर प्रत्यय की रकम ं
केन्द्रीय कर राज्य कर स घ राज्यक्षत्रे ं कर एकी—त कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
1. केन्द्रीय कर नकद खाता
जमा खाता
2. राज्य कर नकद खाता
जमा खाता
3. स घ राज्यक्षेत्र कर ं नकद खाता
जमा खाता
4. एकी—त कर नकद खाता
जमा खाता
5. उपकर नकद खाता
जमा खाता

7. सत्यापन

मैं __________________________________________ सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है ।

प्राधि—त हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर _______________________________________ नाम _______________________________________ पदनाम/प्रास्थिति ____________________________ तारीख --- दिन/मास/वर्ष

---------

प्ररूप जीएसटी आईर्टटीसी 04

[नियम 45(3) देखें]

कार्य कर्मकार को भेजे गए और वापस प्राप्त मालध्पूंजी माल का ब्यौरा

1. जीएसटीआईएन -

2. (क) विधिक नाम -

(ख) व्यापार नाम, यदि कोई है –

3. अवधि: तिमाही - वर्ष -

4. कार्य-संकर्म के लिए भेजे गए इनपुटध्पूंजी माल का ब्यौरा

जीएसटीआईएन/ अरजिस्ट्री—त कार्य-कर्मकार के मामले में अवस्था चालान स 0 ं चालान तारीख माल का विवरण य क्यूसी ू परिमाण कराधेय म ल्य ू माल का प्रकार (इनपुट/पूंजी माल) कर की दर (%)
केन्द्रीय कर राज्य/राज्य्ाक्षत्रे कर एकी—त कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12
जीएसटीआईएन/ अरजिस्ट्री—त कार्य-कर्मकार के मामले में अवस्था अन्यथा कार्य कर्मकार से वापिस प्राप्त /भेजा गया/कार्य कर्मकार के परिसर से प्रदायित म ल ू चालान सं0 म ल ू चालान तारीख यदि अन्य कार्य कर्मकार को भेजा गया था, चालान ब्यौरा कार्य कर्मकार के परिसर स प्रदायित की दशा में े बीजक का ब्यौरा विवरण य क्यूसी ू परिमाण
स 0 ं तारीख जीएसटीआईएन /अरजिस्ट्री—त कार्य-कर्मकार के मामले में अवस्था स 0 ं तारीख
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12
6425 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 5. कार्य कर्मकार से वापिस प्राप्त या कार्य-संकर्म के कारबार स्थान से बाहर भेजे गए इनपुटध्पूंजी माल का ब्यौरा

6. सत्यापन

मैं, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई सूचना मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है ।

हस्तााक्षर

स्थान प्राधि—त हस्ताक्षरी का नाम ………………………

तारीख पदनाम/प्रास्थिति……………………………………

_________

प्ररूप जीएसटी ईर्एएनआर-01 [नियम 58(1) देखिए] धारा 35(2) के अधीन नामांकन के लिए आवेदन [केवल अरजिस्ट्री—त व्यक्तियों के लिए]

1. (क) विधिक नाम NaN
(ख) व्यापार नाम, यदि कोई हो NaN
(ग) स्थायी खाता संख्या (पैन) NaN
(घ) आधार (कवे ल संबद्ध स्वत्वधारिता के मामले में लागू) NaN
2. नामांकन का प्रकार NaN
परिवाहक गोदाम स्वामी/प्रचालक भांडागार स्वामी/प्रचालक श् ाीतागार स्वामी/प्रचालक NaN
3. कारबार का गठन (—पया समुचित चयन करें) NaN
(i) स्वत्वधारिता (ii) भागीदारी NaN
(iii) हिन्दू अविभक्त कुटुंब (v) पव्लिक लिमिटेड कंपनी (iv) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (vi) सासे ाइटी/क्लब/न्यास/व्यक्तियाें का स गम ं NaN
(vii) सरकारी विभाग (viii) पब्लिक सेक्टर उपक्रम NaN
(ix ) असीमित कंपनी (x) सीमित दायित्व भागीदारी NaN
(xi) स्थानीय प्राधिकारी (xii) कानूनी निकाय NaN
(xiii ) विदेशी लिमिटेड दायित्व भागीदारी (xiv) रजिस्ट्री—त विदेशी कंपनी (भारत में) NaN
(xv ) अन्य (—पया विनिर्दिष्ट करें) NaN
4. राज्य का नाम जिला NaN
5. अधिकारिता के ब्यौरे NaN
क न्द्र े राज्य NaN
6. कारबार प्रारंभ करने की तारीख NaN
7. कारबार का मुख्य स्थान की विशिष्टयां NaN
(क) पता NaN
भवन सं0. /फ्लैट सं0 तल सं0. NaN
परिसर/भवन सड़क/गली NaN
शहर/नगर/ परिक्षेत्र/ग्राम तलुका/ब्लाक जिला NaN
राज्य पिन कोड NaN
अक्षांश देशांतर र ेखांश NaN
(ख) स ं पर्क सूचना NaN
कार्यालय ई-मेल पता कार्यालय ट लीफोन नं0 े एसटीडी NaN
मोबाइल नं0 कार्यालय फ ैक्स नं0 एसटीडी NaN
(ग) परिसर का स्वरूप NaN
स्वामित्व पट्टे पर किराए पर सम्मति अ ं शित अन्य (विनिर्दिष्ट करें) NaN
(घ) ऊपर उल्लिखित परिसर पर किए जा रहे क्रियाकलाप के कारबार की प्र—ति NaN
भांडागार/डिपो गोदाम खुदरा कारबार NaN
कार्यालय/विक्रय क म चारी र् शीतागार परिवहन सेवाएं NaN
अन्य (विनिर्दिष्ट करें) NaN
8. कारबार के अतिरिक्त स्थान और ब्यौरे कारबार के अतिरिक्त स्थान (स्थानाें) के लिए जोड़े यदि कोई हो (मद 7(क), (ख), (ग) और (घ) के अनुसार वही सूचना भरें) NaN
9. बैंक खाते के ब्यौरे NaN
कारबार के संचालन के लिए आवेदक द्वारा अनुरक्षित कुल बैंक खाता संख्या ( 10 तक बैंक खातों की रिपोर्ट की जाए)
6426 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

बैंक खाते का ब्यौरा 1

आईएफएस सी

खाता संख्या खाता के प्रकार बैंक का नाम

शाखा का पता स्वतः भरा जाना चाहिए (संपादकीय रूप में)

10. स्वत्वधारी/सभी भागीदार/कर्ता/प्रबंध निदेशक और पूर्णकालिक निदेशक/संगमों की समिति प्रबंध के सदस्य/न्यासियों के बोर्ड आदि के ब्यौरे ।
विशिष्टियां पहला नाम मध्य नाम अंतिम नाम
फोटो
पिता का नाम
जन्म की तारीख तारीख/मास/वर्ष लिंग <पुरूष, स्त्री, अन्य >
मोबाइल नं0 इ र्-मेल पता
टेलीफोन नं0, एसटीडी सहित
पदनाम /प्रास्थिति निदेशक पहचान स ख्या ं (यदि कोई हो)
स्थायी खाता संख्या (पैन) आधार सं0
क्या आप भारत के नागरिक हैं ? हां/नहीं पासपोर्ट सं0. (विदेशियों के मामले में)
निवास का पता :
भवन सं0/फ्लैट सं0 तल सं0
परिसर/भवन सड़क/गली
शहर /नगर/परिक्षेत्र/ग्राम जिला
ब्लाक/तलुका
राज्य पिन कोड
देश (केवल विदेशी के मामले में) जिप कोड
11. प्राधि—त हस्ताक्षरकर्ता के ब्यौरे
विशिष्टियां पहला नाम मध्य नाम अंतिम नाम
नाम
फोटो
पिता का नाम
जन्म की तारीख तारीख/मास/वर्ष लिंग <पुरूष, स्त्री, अन्य >
मोबाइल सं0 इ र्-मेल पता
टेलीफोन सं0, एसटीडी सहित
पदनाम /प्रास्थिति निदेशक पहचान स ख्या ं (यदि कोई हो)
स्थायी खाता संख्या (पैन) आधार सं0
क्या आप भारत के नागरिक ह ैं ? हां/ नहीं पासपोर्ट सं0. (विदेशियों के मामले में)
भारत में निवास का पता
भ् ावन सं0/फ्लैट सं0 तल सं0
परिसर/भवन का नाम सड़क/गली
ब्लाक/तलुका
शहर/नगर/परिक्षक्षेत्र/ग्राम जिला
राज्य पिन कोड
12. सम्मति
मैं, प्रमाणीकरण के प्रयोजन के लिए यूआईडीएआई से मेरे ब्यौरे अभिप्राप्त करने के ''माल और सेवा कर नेटवर्क'' के लिए सम्मति दिए गए प्ररूप में उपबंधित आधार संख्या पर आधारित पहले भरे गए आधार संख्या के धारक के ओर से हू ं । "माल और सेवा कर नेटवर्क" ने मुझे सूचना दी है कि पहचान आधार घारक के पहचान विधिमान्यता के लिए केवल उपयोगी होगा और प्रमाणांकन के प्रयोजन के लिए केन्द्रीय पहचान डाटा कोष के साथ साझा किया जाएगा ।
6428 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

13. अपलोड किए गए दस्तावेजों की संख्या (पहचान और पता की सबूत)

14. सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा पूर्वक प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई सूचना मेरी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वाीस से सही है और इसमें कोई बात छिपाई नही गई है ।

हस्ताक्षर स्थान : प्राधि—त हस्ताक्षरी का नाम…………………… तारीख : पदनाम/प्रास्थिति …………………………………… कार्यालय उपयोग के लिए – नामांकन सं0. ............. तारीख …......................

---------

प्ररुप जीएसटी आर-1 [ नियम 59 (1) देखें ] माल और सेवाओं के सार्वजनिक प्रदाय के ब्यौरे

वर्ष
माह

1. जी एस टी आई एन

2. (क) रजिस्ट्री—त व्यक्ति का विधिक नाम (ख) व्यापार का नाम, यदि

कोई हो

3. (क) पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में

संकलित आवर्तन

(ख) संकलित आवर्तन -अप्रैल से जून, 20176429 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 4. सारणी 6 में आने वाली प्रदाय से भिन्न रजिस्ट्री—त व्यक्तियों (यू आई एन -धारक सहित) को सार्वजनिक कराधेय प्रदाय (सभी सारणियों के लिए रकम रु0 में)

ज ीएसटी आईएन/ यूआइएन बीजक के ब्यौरे दर कराधे य मूल्य रकम आपूर्ती का स्थान (राज्य का नाम)
स ख्य ं ा तारीख मूल्य एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ् ाराज्य क्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
4 अ. प्रदाय (i) पर्तिवर्ती प्रभार से संबंधी और (ii) ई-वाणिज्य प्रचालन के माध्यम के
4आ. प्रतिवर्ती प्रभार के आधार पर प्रदाय
4इ. टीसीएस (प्रचालक वार, दर वार) से संबंधित ई-वाणिज्य प्रचालन के माध्यम से प्रदाय
इ र्-वाणिज्य प्रचालन का जीएसटीआईएन

5. रजिस्ट्री—त व्यक्तियों को सार्वजनिक कराधेय की अंतरराज्यिक प्रदाय, जहाँ बीजक मूल्य 2.5 लाख रुपये से अधिक हो

प्र दाय का स्थान (राज्य का नाम) बीजक के ब्यौरे दर कराधेय मूल्य संख्या रकम
स ं ख्या तारीख मूल्य एकीकृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8
5 अ. सार्वजनिक प्रदाय (ई-वाणिज्य दर वार के माध्यम से की गई प्रदाय से भिन्न)
5 आ. टीसीएस से संबंधी ई-वाणिज्य प्रचालन के माध्यम से की प्रदाय
ई -वाणिज्य प्रचालन का जीएसटी

6. शून्य दर से प्रदाय और समझा गया निर्यात

प्र ाप्तकर्ता का जीएसटी आईएन बीजक के ब्यौरे बिल लदान/निर्यात का विल एकी—त कर
स ं ख्या तारीख मूल्य स ं ख्या तारीख दर कराधेय मूल्य रकम
1 2 3 4 5 6 7 8 9
6 अ. निर्यात

6430 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 6 आ. एस ईजेड ईकाई या एस ई जेड विकासकर्ता को की गई प्रदाय

6इ. समझा गया निर्यात

7. सारणी 5 में आने वाली प्रदाय से भिन्न अरजिस्ट्री—त व्यक्तियों को कराधेय प्रदाय (शुद्ध नामे नोट और जमापत्र)

कर की दर कुल कराधेय मूल्य रकम
एकी—त केन्द्रीय कर राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र उपकर
1 2 3 4 5 6
7अ. राज्यांतरिक प्रदाय
7 अ (1). एकी—त दर वार सार्वजनिक प्रदाय [ई-वाणिज्य प्रचालक टीसीएस संबंधी प्रदाय सहित ]
7 अ (2) 7 आ (1) में प्रदाय से हर उल्लिखित किया गया, टीसीएस संबंधी ई-वाणिज्य प्रचालन के माध्यम से की गई प्रदाय सहित
इ र्-वाणिज्य प्रचालन का जी एस टी आई एन
7आ. अन्तरराज्यिक प्रदाय, जहां बीजक मूल्य 2.5 लाख रु0 तक है (दर वार)
7आ (1). प्रदाय का स्थान (राज्य का नाम)
7आ (2). 7 आ (1) मे उल्लिखित प्रदाय से बाहर, ई-वाणिज्य प्रचालन के माध्यम से की गई प्रदाय (प्रचालक वार, दर वार )
ई -वाणिज्य प्रचालन का जी एस टी आई एन

8. शून्य दर, छूट-प्राप्त और गैर जीएसटी सार्वजनिक प्रदाय

विवरण शून्य दर प्रदाय छ ू ट-प्राप्त शून्य दर/गैर जी एस टी से भिन्न प्रदाय गैर-जीएसटी प्रदाय
1 2 3 4
8अ.रजिस्ट्री—त व्यक्तियों को अन्तरराज्यिक प्रदाय
8आ.रजिस्ट्री—त व्यक्तियों को राज्यांतरिक प्रदाय
8इ.अरजिस्ट्री—त व्यक्तियों को अन्तरराज्यिक प्रदाय
8ई अरजिस्ट्री—त व्यक्तियों को राज्यांतरिक प्रदाय
6431 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

9. सारणी 4, 5 और 6 में पूर्व कर अवधियों के लिए विवरणियों में किए गए कराधेय जावक प्रदाय के ब्यौरों का संशोधन (नामे नोट, जमापत्र, चालू अवधि के दौरान जारी गिए गए

प्रतिदाय वाउचर और उसका संशोधन)

मूल दस्तावेज के ब्यौरे दस्तावेज के पुनरीक्षित ब्यौरे या मूलतः नामे नोट/जमापत्र के ब्यौरे या प्रतिदाय वाउचर दर कराधेय मूल्य रकम प्रदाय का स्थान
जीएसटी आईएन बीजक स ख्या. ं बीजक तारीख जीएसटी आईएन बीजक पोत परिवहन पत्र मूल्य एकी— त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
स ख्या ं तारीख संख्या. तारीख
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16
9अ. यदि बीजक /पोत परिवहन पत्र में दिए गए ब्यौरे गलत थे
9आ. नामे नोट/जमापत्र/ प्रतिदाय वाउचर(मूलतः)
9इ. नामे नोट/ जमापत्र/ प्रतिदाय वाउचर(उसके संशोधन)

10. सारणी 7 में पूर्व कर अवधियों के लिए अरजिस्टर्ड व्यक्तियों को किए गए कारधेय जावक प्रदायों के संशोधन

कर की दर क ु ल कराधेय मूल्य रकम
ए की—त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6
कर अवधि जो ब्यौरे के लिए पुनरीक्षित किए जा रहे है माह
10अ. राज्यांतरिक प्रदाय (टीसीएस के संबंधी ई-वाणिज्य प्रचालन के माध्यम से की गई प्रदाय सहित) (दर वार )
10अ. (1) 10अ मे उल्लिखित प्रदाय से बाहर, टी सी एस से संबंधी ई-वाणिज्य प्रचालन के माध्यम से की गई प्रदाय का मूल्य (प्रचालक वार, दर वार )
इ र्-वाणिज्य प्रचालन का जी एस टी आई एन
10आ. अंतरराज्यिक प्रदाय [टी सी एस से सम्बन्धी ई-वाणिज्य प्रचालक के माध्यम से की गई प्रदाय सहित] (कर वार)
प्र दाय का स्थान (राज्य का नाम)
10आ (1).में उल्लेखित प्रदाय से बाहर टी सी एस से सम्बन्धी ई-वाणिज्य प्रचालक के माध्यम से की गई प्रदाय का मूल्य (प्रचालक वार, दर वार)
इ र्-वाणिज्य प्रचालन का जी एस टी आई एन

11. आग्रिम प्राप्ति का एकी—त विवरण/चालू कर अवधि में आग्रिम समायोजन/पूर्वतर कर अवधि में सूचना का संशोधन किया जाना

दर कुल अग्रिम प्राप्त/

रकम

समयोजित

प्रदाय (राज्य का नाम ) एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्य उपकर

क्षेत्र कर

1 2 3 4 5 6 7 I चालू कर अवधि के लिए सूचना 11अ. कर अवधि में अग्रिम रकम की प्राप्ति जिसके लिए बीजक नहीं जारी किया गया (कर रकम को निवेश कर दायित्व को जोड़ा जाएगा) 11अ (1). राज्यांतरिक प्रदाय (कर वार)

11अ (2). अन्तरराज्यिक प्रदाय (कर वार)

11आ. पूर्वतर कर अवधि में अग्रिम रकम की प्राप्ति और सारणी संख्या 4,5,6 और 7 में दिखायें गये कर अवधि में प्रदाय के विरुद्ध समायोजन 11आ (1). राज्यांतरिक प्रदाय (कर वार)

11आ (2). अन्तरराज्यिक प्रदाय (कर वार)

II पूर्वतर कर अवधि के लिए जी एस टी आर-1 विवरणी में सारणी सं० 11 (1) में दी गई सूचना का संशोधन [पुनरीक्षित सूचना देना] माह क्रम सं० (चयन) में दी गई सूचना से 11अ(1) 11अ(2) 11आ(1) 11आ(2)

सम्बन्धित संशोधन 6432 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 12.जावक प्रदाय का एच एस एन-वार संक्षिप्त विवरण

क्रम संख्या एच एस एन विवरण (वैकल्पिक,यदि एच एस एन प्रदान किया गया हो) य ू क्यू सी क ु ल परिमाण क ुल मूल्य क ुल कराधेय म ल ू रकम
एकी—त कर क े न्द्रीय कर राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11

13. कर अवधि के दौरान जारी किए गये दस्तावेज

क्र म संख्या दस्तावेज को प्र—ति क्रम सं० कुल संख्या रद्द शुद्ध जारी किया गया
स े तक
1 2 3 4 5 6 7
1 जावक प्रदाय के लिये बीजक
2 अरजिस्ट्री—त व्यक्ति से आवक प्रदाय के लिए बीजक
3 पुनरीक्षित बीजक
4 नामे नोट
5 जमापत्र
6 प्राप्ति वाउचर
7 भुगतान वाउचर
8 वापसी वाउचर
9 वापसी वाउचर छुटपुट नाम के लिए वितरण चालान
10 अनुमोदन पर प्रदाय के लिए वितरण चालान
11 द्रव गैस के मामले में वितरण चालान
12 प्रदाय से भिन्न मामलों में वितरण चालान (क्रम सं० 9 से 11 को छोड़कर)

सत्यापन

मैं, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई सूचना मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है और उत्पाद कर पर दायित्व में किसी कटौती की दशा में उसके फायदे प्रदाय करने वाले प्राप्तिकर्ता को पहुंचे/पहुंचाए जाएंगे ।

हस्ताक्षर स्थान प्राधि—त का नाम पदनाम तारीख हस्ताक्षरी………………………

प्रास्थिति………………………………

6433 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

(i) सभी बी से बी प्रदायों के लिए (चाहे अंतरराज्यिक या अंत:राज्यिक हो बीजक स्तर के ब्यौरे दर कर, साथ ही साथ प्रतिवर्ती प्रकार संबंधी प्रदाय और ई वाणिज्य प्रचारक से जो प्रावित है सारणी 4 में अपलोड किया जाना चाहिए इन प्रवर्गों में जावक प्रदाय सूचना सारणी प्रथृक दी जाएगी ।

(ii) सभी अंतरराज्यिक बी से सी प्रदाय के लिए, जहां बीजक मूल्य्‌ 2,50,000/- रू से आधिक है (बी से सी बृहद बीजक स्तर के ब्यौरे दर-वार सारणी 5 में अपलोड किया जाना चाहिए ; और

(iii) सभी बी से सी प्रदाय (चाहे अंतरराज्यिक या अंतरराज्यिक हो जहां बीजक मूल्य 2,50,000 रू तक हो प्रदाय का राज्यवार संक्षिप्त विवरण, दर-वार, सारणी 7 में अपलोड किया जाना चाहिए ।

5. सारणी 4 में जाने वाली सूचना जो बी से बी प्रदाय से सम्बंधित है:

(i) (क) प्रतिवर्ती प्रभार से भिन्न ई-वाणिज्य प्रचारक, दर-वार के माघ्यम के किए गऐ प्रदाय सारणी 4क में आएगा। (ख) प्रतिवर्ती प्रभार, दर-वार से समबंधी प्रदाय सारणी 4ख में आएगा; और

(ग) इस अधिनियम की धारा 52 के अधीन, कर, सग्रहण से समबंधी, प्रत्राचार के माध्यम से किए गऐ प्रदाय सारणी 4ग में आएगा ।

(ii) यहां वह केवल प्राप्तिकर्ता के स्थान से भिन्न है तो प्रदाय का स्थान होगा ।

6. बी से सी बृहद बीजक की सूचना और सूचना जो सारणी 4 के समरूप होगी वें सारणी 5 में आएंगी इस सारणी में प्रदाय के स्थान का स्तंभ आज्ञापक है ।

7. सारणी 6 में वह सूचना आएगी जो निम्नलिखित से संबंधित है:

(i) भारत से बाहर निर्यात

(ii) विशेष आर्थिक जोन ईकाई और विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को प्रदाय

(iii) समझे गए निर्यात।

8. सारणी 6 में पोत परिवहन पत्र और उसकी तारीख के बारे में सूचना दिया जाना आवश्यक है । यद्यपि कि, यदि पोत परिवहन पत्र उपलब्ध नहीं है, तो भी सारणी 6 में ही सूचना देना होगा । लेकिन उक्त बीजक से संबंधित किसी प्रतिदाय/छूट से पूर्व कर अवधि में, सारणी 9 में संशोधन के संबंध में, जिसके ब्यौरे उपलब्ध हों, सूचना के माध्यम से अद्यतन किया जा सकता है । पोत परिवहन पत्र के ब्यौरे पत्तन कोड (छः अंक) के साथ 13 अकों में दिये जाएंगे, जो पोत परिवहन पत्र की संख्या द्वारा अनुसारित किया जाएगा ।

9. विशेष आर्थिक जोन द्वारा डी टी ए को प्रवेश पत्र के आवरण के बिना किया गया कोई भी प्रदाय, जैसा कि जी एस टी आर-2 में आयातित है, उसके जीएसटी आर-2 में डी टी ए ईकाई द्वारा रिपोर्ट किया जाना आवश्यक है । सेवाओं के प्रदाय से संबंध में आई जीएसटी के संदाय के लिए दायित्व का सृजन इस सारणी से किया जाएगा । 10. निर्यात संव्यवहारों के मामले में प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईएन नहीं होगा, अतः यह रिक्त रहेगा । 6434 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 11. निर्यात संव्यवहारों को, जीआईजीएसटी (बंधपत्र/वचनबंध पत्र के अधीन) में संदाय के बिना है, उन्हें सारणी 6अ और 6आ में "0" कर रकम शीर्षक के अधीन रिपोर्ट करना आवश्यक है ।

12. कराधेय प्रदाय के बारे निम्नलिखित सूचना सारणी 7 में दी जाएगी :

(i) बी से सी प्रदाय (चाहे वह अन्तरराज्यिक या अन्तःराज्यिक हो) जिसका बीजक मूल्य 2,50,000 रु0 तक हो ; (ii) विशिष्ट कर अवधि में बनाये रखे गए नामे नोट/जमापत्र का शुद्ध कराधेय मूल्य और पूर्ववर्ती कर अवधियों से संबंधित सूचना, जिसे पूर्व में रिपोर्ट नहीं किया गया था, उसे सारणी 10 में रिपोर्ट किया जाएगा । यदि आवश्यक हुआ तो नकारात्मक मूल्य इस सारणी में उल्लिखित किया जा सकता है ।

(iii) इस अधिनियम की धारा 52 के अधीन कर संग्रहण से संबंधी ई-वाणिज्य प्रचालक से प्रभावित संव्यवहार जिसे प्रचालकवार और दर वार प्रावधानित किया गया है ;

(iv) स्त्रोत पर कर संग्रहण से संबंधी ई-वाणिज्य प्रचालक के माध्यम से किए गए प्रदायों सहित कुल अंतःराज्यिक प्रदाय, दर वार सारणी 7 अ(1) में आते हैं, और कुल प्रदाय से बाहर स्त्रोत पर कर संग्रहण से संबंधी ई-वाणिज्य प्रचालक के माध्यम से किए गए प्रदाय सारणी 7 अ(2) में आते हैं, जो सारणी 7 अ(1) में रिपोर्ट किए जाएंगे ।

(V) स्त्रोत पर कर संग्रहण से संबंधी ई-वाणिज्य प्रचालक के माध्यम से किए गए प्रदायों सहित कुल अंतःराज्यिक प्रदाय, दर वार सारणी 7 आ(1) में आते हैं, और कुल प्रदाय से बाहर स्त्रोत पर कर संग्रहण से संबंधी ई-वाणिज्य प्रचालक के माध्यम से किए गए प्रदाय सारणी 7 आ(2) में आते हैं, जो सारणी 7 आ(1) में रिपोर्ट किए जाएंगे ; और

(VI) राज्य वार और दर वार सूचना सारणी 7आ में आयेगी ।

13. सारणी 9 में निम्नलिखित सूचना आएगी :

(I) सारणी 4 में रिपोर्ट की गई बी से बी प्रदायों का संशोधन, सारणी 5 में रिपोर्ट की गई बी से बी बृहद्‌ प्रदाय और सारणी 6 में रिपोर्ट किए गए निर्यातों/विशेष आर्थिक जोन ईकाई या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्त्ता/ समझे गए निर्यात से सम्मिलित प्रदाय ;

(II) दर वार दी गई सूचना ;

(III) जारी किए गए नामे नोट /जमापत्र की मूलतः सूचना और इसके संशोधन, जो पूर्वतर कर अवधियों में प्रकाशित किए गये थे, भी आते हैं । जब सूचना प्रस्तुत की जा रही हो, तब मूलतः नामे नोट /जमापत्र, बीजक के ब्यौरे प्रथम तीन स्तंभों में उल्लिखित किए जाएगें, जब नामे नोट/ जमापत्र का पुनरीक्षण किया जा रहा हो, तब मूलतः नामे नोट/जमापत्र के ब्यौरे इस सारणी में प्रथम तीन स्तंभो में उल्लिखित किए जाएंगे ;

(iv) यदि वह केवल प्राप्तकर्ता के स्थान से भिन्न है, तो प्रदान करने का स्थान होगा ;

(v) जारी किए गए बीजकों से संबंधित कोई भी नामे नोट/जमापत्र विद्यमान विधि के अधीन नियत दिन के पूर्व सारणी में भी प्रकाशित की गई थी; और

(vi) केवल निर्यात संव्यवहार संशोधन के मामले में पोत परिवहन पत्र प्रदान करने के लिए;

14. सारणी 10, सारणी 9 के समरुप है लेकिन बी से सी प्रदायों से संबंधित संशोधन सूचना सारणी 7 में प्रकाशित की गई है।

15. कर अवधि में अग्रिम प्राप्तियां, दर कर से संबंधित सूचना और अपने-अपने प्रदाय के स्थान के साथ संदत्त कर सारणी 11 अ में आते हैं । अग्रिम प्राप्ति पर संदत्त कर के समायोजन के लिए और चालू कर अवधि में6435 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 जारी किए गए बीजकों के लिए पूवर्तर कर अवधि में जारी किए गए बीजकों के लिए पूर्वतर कर अवधि में प्रकाशित की गई सारणी 11 ख में सूचना भी सम्मिलित करता है । केवल यदि उसी कर अवधि में, जिसमें अग्रिम प्राप्त किया गया था, बीजक जारी नहीं किया गया है, तो अग्रिम से संबंधित सूचना के ब्यौरे प्रस्तुत किए जाएंगे ।

16. प्रदायों का संक्षिप्त विवरण, जो विशिष्टियां एच एस एन कोड से प्रभावित है, केवल संक्षिप्त विवरण सारणी में प्रकाशित किया जाएगा। ऐसे करदाताओं के लिए जिसकी वार्षिक आवर्त 1.50 करोड़ तक है, उसके लिए यह वैकल्पिक होगा, परंतु उन्हें मालों के विवरण की सूचना उपलब्ध कराना आवश्यक होगा ।

17. ऐसे करदाताओं के लिए जिनका पूर्वतर वर्ष में वार्षिक आवर्त 1.50 करोड़ रु0 से 5.00 करोड़ रु0 तक था, उन्हें दो अंकीय स्तर में, और ऐसे करदाताओं के लिए, जिनका वार्षिक आवर्त 5.00 करोड़ रु0 से अधिक था, उन्हें चार अंकीय स्तर में एच एस एन कोड की रिपोर्ट करना आज्ञापक है ।

---------

प्ररूप जीएसटी आर-1क [नियम 59(4) देखें] स्वतः प्रारूपित प्रदायों के ब्यौरें (प्ररूप जी एस टी आर 2, जी एस टी आर 4 या जी एस टी आर 6)

वर्ष
माह
1. जी एस टी आई एन
2. (अ) रजिस्ट्री—त व्यक्ति का विधिक नाम
(आ) व्यापार नाम, यदि कोई हों

3. सारणी सं 4 में आने वाली प्रदाय से भिन्न प्रतिवर्ती प्रभार सम्बन्धी प्रदाय सहित की गई जावक कराधेय प्रदाय

जी एस टी आई एन/ यू आई एन बीजक के ब्यौरें दर कारधेय मूल्य रकम प्रदाय का स्थान (राज्य का नाम)
स ं ख्या तारीख मूल्य एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
3अ. प्रतिवर्ती प्रभार से भिन्न प्रदाय (जी एस टी आर-2 की प्ररूप सारणी 3)
3आ. प्रतिवर्ती प्रभार से भिन्न प्रदाय (जी एस टी आर-2 की प्ररूप सारणी 4)
प्राप्तकर्ता का जी एस टी आई एन बीजक के ब्यौरें एकी—त कर
स ं ख्या तारीख मूल्य दर कराधेय मूल्य कर रकम
1 2 3 4 5 6 7
6436 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 4अ. विशेष आर्थिक जोन ईकाई या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को की गई प्रदाय

4आ. समझे गये निर्यात

मूल दस्तावेज में ब्यौरें दस्तावेज के पूनरिक्षित ब्यौरें या मूलतः नामे नोट/जमापत्र के ब्यौरें दर कराधेय म ू ल्य प्रदाय का स्थान (राज्य का नाम) कर की रकम
जी एस टी आई एन स ख्या ं तारीख जी एस टी आई एन संख्या तारीख मूल्य एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14

प्ररूप जीएसटी आर-2 [नियम 60(1)देखें] माल और सेवाओं की आवक प्रदाय के ब्यौरें

वर्ष
माह
1. जी एस टी आई एन
(क) रजिस्टर्ड व्यक्ति का विधिक नाम
(ख) व्यापार नाम, यदि कोई हों

3. प्रतिवर्ती प्रकार प्रभार से सम्बन्धी प्रदाय से सम्बंधी प्रदाय से भिन्न रजिस्टर्ड व्यक्ति से प्राप्त आवक प्रदायों

प्रदायकर्ता का जी एस टी आई एन बीजक के ब्यौरें दर कराधेय मूल्य कर की रकम प्रदाय कर स्थान जहां निवेश या निवेश स े वा/पूंजी माल (संयंत्र और मशीनरी सहित)/ आई टी सी के लिए आपत्र हों आई टी सी उपलब्ध की रकम
संख्या तारीख मूल्य एकी— त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर उपकर एकी— त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16
6437 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

4आ. अरजिस्ट्री—त प्रदायकर्ता से आवक प्रदाय की प्राप्ति

4इ. सेवा का आयात

प्रदायकर्ता का जी एस टी आई एन/ यू आई एन प्रवेश पत्र के ब्यौरे दर कारधेय म ू ल्य रकम जहां निवेश/पूंजी माल (संयंत्र और मशीनरी सहित) आई टी सी के लिए अपात्र है आई टी सी उपलभ्य की रकम
संख्या तारीख मूल्य एकी—त कर उपकर एकी—त कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
5अ. आयात
5आ. विशेष आर्थिक जोन से प्राप्ति
पत्तन कोड+ प्रवेश पत्र की संख्या = 13 अंक निर्धारणीय मूल्य
ूलतः बीजक/प्रवेश पत्र संख्या के ब्यौरे बीजक के पुनरीक्षित ब्यौरे दर करा धेय मूल्य रकम प्रदाय कर स्थान जहां निवेश या निवेश सेवा/ पूंजी माल/आई टी सी के लिए अपात्र है आई टी सी की उलभ्य रकम
जी एस टी आई एन संख्या तारीख का जी एस टी आई एन संख्या तारीख मूल्य एकी—त कर क ेन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर एकी— त कर क ेन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19
6अ. मालों के आयात या विशेष आर्थिक जोन से प्राप्त माल से भिन्न प्रदाय [पूर्वतर विवरणियों में सारणी 3 और 4 में दी गई सूचना] यदि दिये गये पूर्वतर ब्यौरे गलत थे
6आ. मालों का आयात या विशेष आर्थिक जोन से प्राप्त माल के रूप मे ं प्रदाय [पूर्वतर विवणियों के सारणी 5 में दी गई सूचना] यदि दिये गये पूर्वतर ब्यौरे गलत थे
6इ. नामे नोट/जमापत्र [मूलतः]
6ई. नामे नोट/जमापत्र [पूर्वतर कर अवधियों में नामे नोट/साखपत्रों का किया गया संशोधन]

6. सारणी 3, 4 और 5 में पूर्वतर कर अवधियों के लिए विवरणियों में किए गए आवक प्रदाय के ब्यौरें का संशोधन (जारी किए गये जमापत्र और उसके पश्चातवर्ती संशोधनों सहित)

विवरण प्राप्ति से प्रदायों का मूल्य
एकी—त कराधेय व्यक्ति प्रदाय से छूट शून्य दर से प्रदाय गैर जी एस टी प्रदाय
1 2 3 4 5
7अ. अन्तरराज्यिक प्रदाय
7आ. राज्यांतरिक प्रदाय

8 प्राप्त आईएसडी प्रत्यय

ाईएसडी का जीएसटीआईएन आईएसडी दस्तावेज विवरण आईएसडी प्रत्यय पात्र आईटीसी की रकम
संख्या तारीख एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
8अ. आईएसडी बीजक
8आ. आईएसडी जमापत्र

6438 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 9 प्राप्त टीडीएस और टीसीएस प्रत्यय

कटौती कर्ता का जीएसटीआईएन / ई-वाणिज्यिक आपरेटर का जीएसटीआईएन सकल मूल्य ब्रिक्री वापसी क ुल कीमत रकम
एकी—त कर क ेन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4 5 6 7
9अ. टीडीएस
9आ. टीसीएस

10. प्रदाय का प्राप्ति के खाते में अग्रिम संदेय /अग्रिम समायोजन का एकी—त विवरण

रकम

दर सकल अग्रिम संदेय प्रदाय का स्थान (राज्य का नाम)

उपकर

एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र

कर

1 2 3 4 5 6 7 I चालू माह की जानकारी 10अ. संदेय कर में प्रभारीय प्रदाय के उत्क्रम के लिए संदेय अग्रिम रकम ( आउटपुट कर दायित्व में जोडा जाने वाला कर की रकम) 10आ (1). राज्यातरिक प्रदाय (दर वार)

10अ (2). अंतरराज्यिक प्रदाय (दर वार)

10आ. अग्रिम राशि जिस पर कर पहले की अवधि में भुगतान किया गया था, लेकिन चालान वर्तमान अवधि में प्राप्त हो गया है (ऊपरसारणी 4 में परिलक्षित)

10आ (1). राज्यांतरिक प्रदाय (दर वार)

10आ (2). अंतरराज्यिक प्रदाय (दर वार)

क्र.सं. में तैयार जानकारी से संबंधित संशोधन (चयन) 10अ(1) 10अ(2) 10(आ1) 10आ II पूर्व माह में सारणी संख्या 10 (1) में तैयार जानकारी का संशोधन (तैयार पुनरीक्षित जानकारी ) मा ह

(2) 11. इनपुट कर प्रत्यय उल्टाव/वापस लेना

आईटीसी के उत्क्रमण के लिए विवरण आउटपुट दायित्व से जोड़ा या कम करने के लिए आईटीसी की रकम
एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6
अ वर्तमान कर अवधि के लिए जानकारी
(क) नियम 37(2) के संदर्भ में राशि जोड़ा जाए
(ख) नियम 39(1) (ञ) (ii) के संदर्भ में राशि जोड़ा जाए
(ग) नियम 42(1) (ड) के संदर्भ में राशि जोड़ा जाए
(घ) नियम 43(1)(ड) के संदर्भ में राशि जोड़ा जाए
(ङ) नियम 42(2) (क) के संदर्भ में राशि जोड़ा जाए
(च) नियम 42(2) (ख) के संदर्भ में राशि कम किया जाए
(छ) आईटीसी के उत्क्रमण के बाद भुगतान की गई राशि के कारण कम किया जाए
(ज) कोई अन्य दायित्व (विनिर्दिष्ट करें) ........
ख. किसी पूर्व विवरणी में क्रम संख्या क पर सारणी संख्या 11 में तैयार जानकारी का संशोधन
माह में प्रस्तुत जानकारी के संबंध में संशोधन किया गया है
जानकारी जो आप संशोधन करना चाहते हैं निर्दिष्ट करें ((ड्रॉप डाउन)
विवरण सार्वजनिक दायित्व से जोड़ा जाना या कम किया जाना रकम
एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5
(क) बेमेल / बीजक का डुप्लीकेट/नामेनोट्‌स पर दावा किया गया आईटीसी जोड़ना
(ख) बेमेल जमापत्र पर कर दायित्व जोड़ना
(ग) बेमेल बीजक/नामेनोट्‌स के सुधार के कारण पुनः दावा कम करें
(घ) बेमेल जमापत्र के सुधार के कारण पुनः दावा कम करें
(ङ) पिछले कर अवधि से नकारात्मक कर दायित्व कम करें
(च) पूर्व में कर अवधि में अग्रिम पर देय कर और वर्तमान कर अवधि में की गई प्रदाय पर कर के साथ समायोजित कम करें
स ख्या ं एचएसएन विवरण (वैकल्पिक यदि एचएसन यूक्यूसी कुल मात्रा कुल मूल्य कुल कर योग्य मूल्य रकम
एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
6439 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 12. बेमेल और अन्य कारकों के लिए सार्वजनिक कर में रकम का घटाया जाना और जोड़ा जाना

सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा पूर्वक प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई सूचना मेरे ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कोई भी बात छिपाई नहीं गई है ।

हस्ताक्षर……………………………… स्थानः अधि—त हस्ताीक्षरी का नाम ----------------- तारीख: पदनाम /स्थिति-----------------------------

अनुदेश -

1. प्रयोग की गई शर्तें: (क) जीएसटीआईएन : माल और सेवा कर पहचान संख्या (ख) यूआईएन : विशिष्ट पहचान संख्या (ग) यूक्यूसी: यूनिट मात्रा कोड (घ) एचएसएन: नामकरण की प्रणाली (ङ) स्थिति: प्रदाय की जगह (संबंधित राज्य ) (च) बी से बी: एक रजिस्ट्री—त व्यक्ति से दूसरे रजिस्ट्री—त व्यक्ति तक (छ) बी से सी: रजिस्ट्री—त व्यक्ति से अरजिस्ट्री—त व्यक्ति को 6440 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 2. सारिणी 3 और 4 की जानकारी प्राप्त करने के लिए

(i) जीएसटीआर-2क में प्राप्त स्वतः बनाए गए ब्यौरे पर आधारित जीएसटीआर-2 में उपलब्ध किए जाने के लिए जीएसटीआर-1 में प्रदायकर्ता द्वारा रिपोर्ट की गई कर की अवधि से संबंधित दर वार बीजक स्तरीय आवक प्रदाय जानकारी

(ii) सारिणी 3 में प्रतिप्रदाय प्रभार को प्रभावित करने वाले के सिवाय आवक प्रदाय को पकड़ने वाले और प्रतिप्रदाय प्रभार को आवक प्रदाय को पकड़ने वाला

(iii) प्राप्तकर्ता कर दाता के पास स्वतः जानने वाली जानकारी पर कार्य करने के लिए निम्नलिखित विकल्प है:

(क) स्वीकार करना, (ख) अस्वीकार, (ग) उपान्तंरण (यदि प्रदायकर्ता द्वारा प्रदान की गई जानकारी गलत है), या (घ) कार्रवाई के लिए लंबित लेन-देन रखें (यदि सामान या सेवाएं प्राप्त नहीं हुई हैं)

(iv) कार्रवाई करने के बाद, प्राप्तकर्ता करदाता का यह उल्लेख करना होगा कि क्या वह प्रत्यय का लाभ लेने के लिए पात्र है या नहीं और अगर वह प्रत्यय का लाभ लेने के योग्य है, तो बीजक में उल्लिखित कर के खिलाफ पात्र प्रत्यय की राशि दर्ज की जानी चाहिए;

(v) प्राप्तकर्ता करदाता भी बीजक जोड़ सकता है (प्रतिपक्ष प्रदायकर्ता द्वारा अपलोड नहीं किया है) यदि उसका बीजक पर कब्जा है और माल या सेवाओं का प्राप्त हुआ है;

(vi) सारणी 4 क को स्वतः तैयार किया जाना है;

(vii) प्राप्तकर्ता कर दाता द्वारा बीजक को जोडने के मामले में, प्रदाय (पीओएस) का स्थान प्रदाय के मामले को छोड़कर सदैव रजिस्ट्री—त व्यक्ति से प्राप्त है, जहां यह बीजक के स्थान से भिन्न है के लिए अपेक्षिति है ;

(viii) बीजककर्ता के पास प्रतिप्रदाय के प्रभार से होने वाले बीजकों के अतिरिक्त स्वतः बनने वाले बीजक को स्वीकार करने का विकल्प होगा जब अधिनियम की धारा 12 या धारा 13 के निबंधन में प्रदाय के समय उत्पन्न होता है ।

(ix) प्राप्तकर्ता कर दाता को स्तंभ संख्या 12 में घोषित करना आवश्यक है कि क्या आवक प्रदाय इनपुट या इनपुट सेवाओं या पूंजीगत माल है (पौधे और मशीनरी सहित) है।

3. किसी एसईजेड यूनिट द्वारा प्रदाय किए जाने का साथ-साथ भारत के बाहर माल/पूंजीगत माल के आयात से संबंधित विवरण को सारणी 5 में प्राप्तकर्ता कर दाता द्वारा रिपोर्ट किया जाता है।

4. प्राप्तकर्ता को बिल की प्रविष्टि की जानकारी प्रदान करने के लिए छह अंक पोर्ट कोड और प्रविष्टि संख्या के सात अंकों का बिल सम्मिलित है।

5. सारणी 5 में कर योग्य मूल्य का अर्थ सीमा शुल्क प्रयोजनों के लिए मूल्यांकन योग्य मान है जिस पर आईजीएसटी की गणना की जाती है (आईजीएसटी मूल्य के साथ निर्दिष्ट सीमा शुल्क पर लगाया जाता है)। आयात के मामले में, जीएसटीआईएन प्राप्तकर्ता कर दाता का होगा।

6. नामे या जमापत्र की मूल/संशोधित जानकारी के साथ-साथ सारणी 3, 4 और 5 में पहले कर की अवधि में दी गई, दर-वार, सूचना संशोधन करने के लिए सारणी 6 में है निर्यात लेनदेन के मामले में जीएसटीआईएन प्रदान नहीं किया जाता है।

7. सारणी 7 सकल मूल्य स्तर पर जानकारी लेता है।6441 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 8. सारणी 3 के समान सारणी 8 के समान विकल्प उपलब्ध नहीं है और आईएसडी द्वारा वितरण के रुप में प्रत्यय (चाहे पात्र या अयोग्य) को प्राप्तकर्ता इकाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा और इसके लिए पात्रता के साथ-साथ इसे फिर से आईटीसी के रूप में योग्य रकम के साथ-साथ निर्धारित करने की अपेक्षा होगी । 9. टीडीएस और टीसीएस प्रत्यय सारणी 9 में स्वतः बनाई जाएगी । बिक्री वापसी और शूद्ध मूल्य कॉलम सारणी 9 में स्रोत पर कर के कटौती के मामले में लागू नहीं हैं।

10. आवक प्रदाय सारणी 3, सारणी 4 और सारणी 8 से पात्र प्रत्यय को प्ररुप जीएसटीआर-3 में अपनी विवरणी की प्रस्तुत करने पर इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाता बही में भरी जाएगी ।

11. प्राप्तकर्ता इसके उपयोग पर अर्थात व्यावसायिक उद्देश्य या गैर-व्यवसायिक उद्देश्य के लिए निर्भर होते हुए एक बीजक पर आईटीसी से कम पर दावा कर सकता है ।

12. प्रतिप्रदाय प्रभार प्रदाय से संबंधित अग्रिम भुगतान की जानकारी और जारी किए गए कर के समायोजन सहित बीजक द्वारा दिया गया कर सारणी 10 में सूचित किया जाना चाहिए।

13. तत्काल पूर्ववर्ती कर अवधि के जीएसटीआर-3 के फाइल करने के कारण बेमेल के सुधार के कारण सार्वजनिक दायित्व में कमी के साथ-साथ बेमेल के कारण अतिरिक्त दायित्व को प्राप्त करने सारणी 12 में दिया जाएगा ।

14. एचएसएन के रिपोर्टिंग का मानदंड जीएसटीआर-1 में रिपोर्ट के अनुसार होगा।

--------

प्ररूप जीएसटी आर-2क

(नियम 59(3) और 60(1)देखें)

स्वतः प्रारूपित प्रदाय के ब्यौरे (जीएसटी आर 1, जीएसटी आर-5, जीएसटीआर-6, जीएसटी-आर-7, और जीएसटी आर-8 से)

वर्ष
माह
1. जीएसटीआईएन
2. (क) रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति का विधिक नाम
(ख) व्यापार नाम, यदि कोई हो

भाग-क

3. प्रतिवर्ती प्रभार को प्रभावित करने वाले प्रदाय के सिवाय रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति से प्राप्त आवक प्रदाय

(सभी सारणी के लिए रकम रूपए में)

प ्रदाय कर्ता का जीएसटीआईएन बीजक के ब्यौरे दर कर योग्य मूल्य कर की रकम प्रदाय का स्थान (राज्य का नाम)
स ख्या ं तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
6442 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 4. रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति से प्राप्त आवक प्रदाय जिस पर प्रतिदाय प्रभार पर कर देय है

5. चालू कर अवधि के दौरान प्राप्त अतिशेष/जमापत्र (उसके संशोधनों सहित)

मूल दस्तावेज के ब्यौरे दस्तावेजों के पुनरीक्षित ब्यौरे या मूल अतिशेष के प्रत्यय ब्यौरे दर कर योग्य मूल्य कर की रकम प्रदाय का स्थान (राज्य का नाम)
जीएसटी आईएन स ख्या ं तारीख जीएसटी आईएन संख्या तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/ संध राज्यक्षेत्र उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14

भाग-ख

6. प्राप्त आईएसडी प्रत्यय (उसके संशोधनों सहित)

आईएसडी का जीएसटी आईएन आईएसडी का दस्तावेज ब्यौरे अंर्तवलित आईटीसी रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/ संध राज्यक्षेत्र उपकर
स्ांख्या तारीख
1 2 3 4 5 6 7
आईएसडी बीजक-पात्र आईटीसी
आईएसडी बीजक-अपात्र आईटीसी
आईएसडी जमापत्र-पात्र आईटीसी
आईएसडी जमापत्र-अपात्र आईटीसी

भाग-ग

7. प्राप्त टीडीएस और टीसीएस प्रत्यय (उसके संशोधनों सहित)

कटौतीकर्ता का जीएसटी आईएन/ ई-वाणिज्यिक आपरेटर का जीएसटी आईएन प ्राप्त रकम/सकल मूल्य बिक्री वापसी कुल कीमत रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4 5 6 7
7 अ. टीडीएस
7 आ. टीडीएस
6443 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीएसटी आर-3

(नियम 61(1)देखें)

मासिक विवरणी

वर्ष
माह
1. जीएसटीआईएन
2. (क) रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति का विधिक नाम
(ख) व्यापार नाम, यदि कोई हो

भाग-क (स्वतःवासित के लिए)

(सभी सारणी के लिए रकम रूपए में)

3. आवर्त
स ख्या ं आर्वत का प्रकार रकम
1 2 3
(i) कर योग्य (शून्य दर के अलावा)
(ii) कर के भुगतान पर शून्य दर प्रदाय
(iii) कर के भुगतान के बिना शून्य दर प्रदाय
(iv) समझा गया निर्यात
(v) छूट प्राप्त
(vi) शून्य दर
(vii) गैर जीएसटी प्रदाय
कुल

4. सार्वजनिक प्रदाय

4.1 अंतरराज्जीय प्रदाय (महीने के लिए शुद्ध प्रदाय)

दर कर योग्य मूल्य कर की रकम
एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4
अ. कर योग्य प्रदाय ( प्रतिवर्ती प्रभार और शून्य दर प्रदाय के सिवाय) (दर कर वार)
आ. प्रदाय प्राप्तकर्ता द्वारा देय प्रतिवर्ती प्रभार कर को आकिर्षित करने वाली प्रदाय
इ. एकीकृृत कर के भुगतान के साथ शून्य दर प्रदाय
ई. अ में उल्लिखित प्रदाय से बाहर, टीसीएस को प्रभावित करने वाले ई-वाणिज्य ऑपरेटर के माध्यम से प्रदाय का मूल्य (दर वार)
ई-वाणिज्य ऑपरेटर के जीएसटी आईएन

6444 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 4.2 अंतरराज्य की प्रदाय (महीने के लिए शुद्ध प्रदाय)

दर कर योग्य मूल्य कर की रकम
केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5
अ. कर योग्य प्रदाय (प्रतिवर्ती प्रभार) ( कर दर के अनुसार)
आ. प्रतिवर्ती प्रभार को प्रभावित करने वाली प्रदाय- प्रदाय के प्राप्तकर्ता द्वारा देय कर
इ. अ में उल्लिखित प्रदाय से बाहर, टीसीएस को प्रभावित करने वाले ई-वाणिज्य ऑपरेटर के माध्यम से प्रदाय का मूल्य (दर वार)
ई-वाणिज्य ऑपरेटर के जीएसटी आईएन

4.3 सार्वजनिक प्रदाय के संबंध में किए गए संशोधनों का कर प्रभाविता

दर कुल भिन्नता मूल्य कर की रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6
(I). राज्यांतरिक प्रदाय
क. कर येाग्य प्रदाय ( प्रतिवर्ती प्रभार और एकीकृृत दरों के भुगतान के साथ शून्य दर प्रदाय के अलावा) (दर वार)
ख. शून्य दर प्रदाय एकीकृत कर के भुगतान के साथ (दर वार)
ग. क में उल्लिखित प्रदाय से बाहर, टीसीएस को प्रभावित करने वाले ई-वाणिज्य ऑपरेटर के माध्यम से की जाने वाली प्रदाय का मूल्य
(II). अंतरराज्यिक प्रदाय
क. कर योग्य प्रदाय ( प्रतिवर्ती प्रभार के अलावा ) (दर वार)
ख. क में उल्लिखित प्रदाय से बाहर, टीसीएस को प्रभावित करने वाले ई-वाणिज्य ऑपरेटर के माध्यम से की जाने वाली प्रदाय का मूल्य

5. प्रतिवर्ती प्रभार को प्रभावित करने वाली आवक प्रदाय जिसके अंतर्गत आयात सेवाए हैं (शुद्ध अग्रिम समायोजन)

5 अ. आवक प्रदाय जिस पर प्रतिवर्ती प्रभार के आधार पर कर देय है

कर की दर कर योग्य मूल्य कर की रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6
(I). आवक अंतराज्यिक प्रदाय ( दर वार)
(II). आवक राज्यांतरिक ( दर वार)
कर की दर भिन्नता के आधार पर कर योग्य मूल्य कर की रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6
(I). आवक अंतराज्यिक प्रदाय ( दर वार)
(II). आवक राज्यांतरिक ( दर वार)
6445 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 5 आ. प्रतिवर्ती प्रभार को प्रभावित करने वाले प्रदाय के संबंध में संशोधनों का कर प्रभाविता)

6. इनपुट कर प्रत्यय

आवक कर योग्य प्रदाय पर आईटीसी जिसके अंतर्गत आईएसडी से प्राप्त आयात और आईटीसी है (शुद्ध नामे नोट/जमापत्र)।

विवरण कर योग्य मूल्य कर की रकम आईटीसी की रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
(I). चालू कर अवधि के दौरान प्राप्त प्रदाय और नामे नोट/जमापत्र के कारण
(क)इनपुट
(ख)इनपुट सेवाओ
(ग)पूंजीमाल
(II). स्ांशोधन के कारण (पहले के कर अवधि में प्रस्तुत विवरण)
(क)इनपुट
(ख)इनपुट सेवाओ
(ग)पूंजीमाल

7. बेमेल और अन्य कारणों के लिए सार्वजनिक कर में रकम का जोड़ा जाना और घटाया जाना

विवरण सार्वजनिक दायित्व से जोड़ा जाना अथवा घटाया जाना रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6
(क) बीजक /नामे नोट क े बेमेल/दोहराव पर दावाकृृत आईटीसी जोड़ना
(ख) बेमेल नामे नोट्‌स पर कर दायित्व जोड़ना
(ग) बेमेल बीजक/ नामे नोट्‌स के सुधार पर पुनः दावा कम करें
(घ) बेमेल जमापत्र के सुधार पर पुनः दावा कम करें
(ङ) पिछले कर अवधि से नकारात्मक कर देयता कम करें
(च) पहले कर अवधि में अग्रिम कर देय कर और चालू कर अवधि में की गई प्रदाय पर कर के साथ समायोजन कम करें
(छ) इनपुट कर प्रत्यय उत्क्रमण/पुनः दावा जोडें़/कम
6446 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

8. कुल कर देयता

कर की दर कर योग्य मूल्य रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6
8अ सार्वजनिक प्रदाय पर
8आ प्रतिवर्ती प्रभार प्रभावित करने वाला आवक प्रदाय
8इ. इनपुट कर प्रत्यय के कारण प्रतिवर्ती/पुनः दावा
8ई. बेमेल/सुधार/अन्य कारणों के कारण

9. टीडीएस और टीसीएस का प्रत्यय

रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4
(क) टीडीएस
(ख) टीसीएस
निम्नलिखित के स्थान पर बेेमेल पर सार्वजनिक दायित्व बेमेल बीजक पर दावाकृृत आईटीसी रिवर्सल आईटीसी के कारण अनुचित आधिक्य दावा या आधिक्य को कम करना धारा 50(3) का निर्देश बेमेल के सुधार पर प्रत्यय ब्याज ब्याज दायित्व को आगे बढ़ाना कर क े देय में विलम्ब कुल ब्याज दायित्व
1 2 3 4 5 6 7 8 9
(क) एकीकृृत कर
(ख) केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/ स घ राज्यक्षेत्र कर ं
(घ) उपकर

11. विलंब फीस

निम्नलिखित के स्थान पर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
1 2 3
विलंब फीस

भाग-ख

12. देय और संदत्त कर

ि ववरण देय कर मूल्य न् ागद में देय आईटीसी के माध्यम से देय देय कर
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8
6447 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

(क) एकीकृृत कर (ख) केन्द्रीय कर (ग)राज्य/संघ राज्यक्षेत्र

कर

(घ) उपकर

13. देय और संदत्त किया जाने वाला ब्याज, विलंब फीस और अन्य रकम

विवरण देय रकम संदत्त रकम
1 2 3
(I) निम्नलिखित के स्थान पर ब्याज
(क) एकीकृृत कर
(ख) केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
(घ) उपकर
(II) विलंब फीस
(क) केन्द्रीय कर
(ख) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

14. इलैक्ट्रानिक रोकड़ खाता से दावाकृृत प्रतिदाय

विवरण कर ब्याज शास्ति शुल्क अन्य प्रत्यय प्रविष्टि स ख्या ं
1 2 3 4 5 6 7
(क) एकीकृृत कर
(ख) केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
(घ) उपकर
बैंक खाता विवरण (नीचे करें)

15. कर/देय ब्याज के लिए इलैक्ट्रानिक रोकड़/प्रत्यय खाता में नामें प्रविष्टियां (कर के संदाय और विवरणी को सौंपे जाने के पश्चात बनाया जाना)

ि ववरण न् ागद में देय कर आईटीसी के माध्यम से देय ब्याज विलंब शुल्क
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 3 3 4 5 6 7 8
(क) एकीकृृत कर
(ख) केन्द्रीय कर
(ग)राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
(घ) उपकर

सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा पूर्वक प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई सूचना मेरे ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कोई भी बात छिपाई नहीं गई है ।

स्थानः हस्ताक्षर................... तारीखः अधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम.......... पदनाम/स्थिति..............

6448 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 अनुदेशः

1. प्रयुक्त शब्दः-

(क) जीएटीआईएन- माल और सेवा कर पहचान संख्या

(ख) टीडीएस- स्त्रोत पर कर कटौती

(ग) टीडीएस- स्त्रोत पर कर संग्रहरण

2. जीएसटी आर-3 को केवल तभी सृृजित किया जा सकेगा जब कर अवधि के जीएसटी आर-1 और जीएसटी आर-2 फाईल कर दिये गए हों।

3. कर दाता के इलैक्ट्रॉनिक दायित्व रजिस्टर, इलैक्ट्रॉनिक खाते और इलैक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाते को कर दाता द्वारा जीएसटी आर के सृजन पर अद्‌यतन किया जा सकेगा।

4. जीएसटी आर-1, जीएसटी आर-1अ और जीएसटी आर-2 के आधार पर जो जीएसटी आर-3 का भाग अ स्वतः ही भर जायेगा।

5. जीएसटी आर-3 का भाग आ इलैक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाते ओर नकद खाते में उपलब्ध प्रत्यय के उपयोग द्वारा कर, ब्याज, विलंब फीस आदि के संदाय से संबंधित है।

6. सारणी 1 में बाह्‌य प्रदाय से संबंधित कर दायिात्व बीजकों, नामें/जमा पत्रों और प्राप्त अग्रिम का शुद्ध है।

7. सारणी 4.1 में शून्य की दर से कर का संदाय किये बिना किए गए प्रदाय शामिल नहीं होगा। 8. सारणी 4.3 में प्रतिवर्ती प्रभार के आधार पर किएगए मूल प्रदायों का संशोधन शामिल होगा । 9. सारणी 5 में आगम प्रदाय पर प्रतिवर्ती प्रभार के कारण कर दायित्व बीजकों, नामें/जमा पत्रों, संदत्त अग्रिम और पूर्व के अग्रिम पर संदत्त कर के समायोजन का शुद्ध है।

10. निवेश कर प्रत्यय का उपयोग धारा 49 के उपबन्धों के अनुसरण में किया जाना चाहिए।

11. पूर्ण दायित्व के उन्मोचन किए बिना फाईल किए गए जीएसटी आर-3 को विधिमान्य विवरणी के रूप में नहीं माना जायेगा।

12. यदि करदाता ने एक ऐसी विवरणी फाईल की है जो पूर्व में या उसके बाद विधिमान्य नहीं थी, वह बाकी दायित्व का उन्मोचन करना चाहता है, तो उसे जीएसटी आर-3 के भाग आ को दोबारा फाईल करना पड़ेगा।

13. नकद खाते से प्रतिदाय के लिये केवल तभी दावा किया जा सकेगा जब उस कर अवधि के लिए दायित्व संबंधी सभी विवरणियों का उन्मोचन हो गया हो।

14. सारणी 14 के माध्यम द्वारा नकद खते से दावाकृृत प्रतिदाय का परिणाम जीएसटी आर-3 फाईल करने पर इलैक्ट्रॉनिक नकद खाते में किसी नामें की प्रविष्टि होगी।6449 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 प्ररूप जीएसटी आर-3क

[नियम 68 देखिए]

संदर्भ सं0ः तारीखः

सेवा में,

........जीएसटीआईएन ...............नाम .............. पता

विवरणी फाइल नहीं करने के लिए धारा 46 के अधीन विवरणी का व्यतिक्रम करने वाले को सूचना कर अवधि- विवरणी का प्रकार-

एक रजिस्ट्रीकृृत कर दाता होने के कारण आपसे अपेक्षा है कि निर्धारित अवधि तक उपरोक्त कर अवधि के लिए किए गए या प्राप्त किए गए प्रदायों के लिए कर दायित्व के परिणाम स्वरूप उनका उन्मोचन करने के लिए विवरणी प्रस्तुत करें

1. इसलिए आप से निवेदन हे कि 15 दिन के अन्दर उक्त विवरणी प्रस्तुत करें जिसके असफल होने पर इस कार्यालय में उपलब्ध संबंधित सामग्री के आधार पर अधिनियम की धारा 62 के अधीन कर दायित्व का निर्धारण किया जाएगा। कृृपया नोट करें कि इस प्रकार निर्धारित कर के अतिरिक्त आप अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार ब्याज और शास्ति का भी संदाय करने के लिए दायी होंगे।

2. कृपया नोट करें कि दायित्व निर्धारिण के लिए और कोई संसूचना जारी नहीं की जाएगी।

3. यदि आप के द्वारा निर्धारण आदेश के जारी होने से पूर्व उपरोक्त निर्देशित विवरणी फाइल कर दी गई है तो सूचना को वापिस लिया माना जाएगा।

या

रजिस्ट्रीकरण के रद्‌द होने पर अन्तिम विवरणी फाइल न करने के लिए धारा 46 के अधीन विवरणी का व्यतिक्रम करने वाले को सूचना।

रद्‌दकरण आदेश संख्या...... तारीख.............

आवेदन संदर्भ संख्या................... तारीख...........

आदेश में विनिर्दिष्ट कारणों से रजिस्ट्रेशन को अभ्यर्पित करने के लिए आवेदन या आपके रजिस्ट्रीकरण के रद्‌दकरण के आवेदन के फलस्वरूप, आप अधिनियम की धारा 45 के अधीन यथा अपेक्षित जीएसटी आर-10 के प्ररूप में एक अन्तिम विवरणी देने के अपेक्षित थे।

2. यह नोटिस किया गया है कि आपने निर्धारित तारीख तक अंतिम विवरणी फाइल नहीं की गई है। 6450 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 3. इसलिए आपसे निवेदन है कि 15 दिन के अन्दर अधिनियम की धारा 45 के अधीन यथा विनिर्दिष्ट अंतिम विवरणी प्रस्तुत करें जिसके असफल होने पर इस कार्यालय में उपलब्ध या संग्रहित संबन्धित सामग्री के आधार पर अधिनियम के उपबंधों के अनुसरण में उपरोक्त कर अवधि के लिए आपके कर दायित्व का अवधारण किया जाएगा। कृपया नोट करें कि इस प्रकार निर्धारित कर के अतिरिक्त आप अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार ब्याज और शास्ति का भी संदाय करने के लिए दायी होंगे।

4. यदि आपके द्वारा निर्धारण आदेश के जारी होने से पूर्व उपरोक्त विवरणी फाइल कर दी गई हो तो सूचना को वापिस लिया माना जाएगा।

हस्ताक्षर नाम पदनाम

----------

प्ररूप जीएसटीआर-3ख

[नियम 61 (5) देखें]

वर्ष
मास
1 जीएसटीआईएन
2 रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति का विधिक नाम

3.1 विपर्यय प्रभारों के प्रति दायी जावक प्रदायों और आवक प्रदाय के ब्यौरे

प्रदाय की प्रकृृति कुल कराधेय मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ उपकर
1 2 3 4 5 6
(क) जावक कराधेय प्रदाय (शून्य दर पर, शून्यांक दर पर और छूट प्राप्त से भिन्न)
(ख) जावक कराधेय प्रदाय (शून्यांक दर पर )
(ग) अन्य जावक प्रदाय (शून्य दर पर, छूट प्राप्त)
(घ) आवक प्रदाय(विपर्यय प्रभारों के प्रति दायी)
(ङ)गैर-जीएसटी जावक प्रदाय

3.2 ऊपर 3.1 में दर्शित प्रदायों के लिए, अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों, सम्मिश्रित कराधेय व्यक्तियों और यूआईएन धारकों को किए गए अन्तरराज्यिक प्रदायों के ब्यौरे

प्रदाय का स्थान राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कुल कराधेय मूल्य एकीकृृत कर की रकम
1 2 3
अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति को किया गया प्रदाय
सम्मिश्रित कराधेय व्यक्ति को किया गया प्रदाय
यूआईएन धारक को किया गया प्रदाय

4. पात्र आईटीसी

ब्यौरे एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ उपकर
1 2 3 4 5
(अ) उपलब्ध आईटीसी (पूर्णरूप में या उसका कोई भाग)
(1) माल का आयात
(2) सेवाओं का आयात
(3) विपर्यय प्रभारों के प्रति दायी जावक प्रदाय (उपरोक्त 1 ओर 2 से भिन्न)
(4) आईएसडी से आवक प्रदाय
(5) अन्य सभी आईटीसी
(आ) विपर्यय आईटीसी
(1) आईटीसी नियम के नियम 42 और नियम 43 के अनुसार
(2) अन्य
(3) विपर्यय प्रभारों के प्रति दायी जावक प्रदाय (उपरोक्त 1 ओर 2 से भिन्न)
(इ) उपलब्ध शुद्ध आईटीसी (अ)-(आ)
(ई) अपात्र आईटीसी
(1) नियम 17(5) के अनुसार
(2) अन्य

5. छूट प्राप्त, शून्यांक दर पर और गैर-जीएसटी आवक प्रदायों का मूल्य

प्रदायों की प्रकृृति अन्तरराज्यिक प्रदाय अन्तःराज्यिक प्रदाय
सम्मिश्रित स्कीम के अधीन किसी प्रदाय का प्ररूप, छूट प्राप्त और शून्यांक दर पर प्रदाय
गैर-जीएसटी प्रदाय

6.1 कर का संदाय

विवरण स देय ं कर आईअीसी के माध्यम से संदत्त संदत्त कर टीडीएस/ टीसीएस नकद में संदत्त कर/ उपकर ब्याज विलम्ब शुल्क
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
एकीकृृत कर
केन्द्रीय कर
राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
उपकर
ब्यौरे एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4
टीडीएस
टीसीएस
6452 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 6.2 टीडीएस/ टीसीएस प्रत्यय

सत्यापन (प्राधिकृृत हस्ताक्षरकर्ता द्वारा)

मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूॅं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सवोत्तम ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है।

अनुदेशः

1) कराधेय प्रदायों का मूल्य = प्राप्त बीजकों का मूल्य + नामेनोटों का मूल्य - जमापत्रों का मूल्य+ अग्रिमों का मूल्य, जिसके लिए उसी मास में बीजक जारी किए गए हैं - बीजकों के लिए समायोजित अग्रिमों का मूल्य। 2) अग्रिमों और बीजकों के लिए उसके लिए समायोजन के ब्यौरे, जिन्हें समायोजित किया जाना है और जो पृृथक रूप से दर्शित नहीं है।

3) समायोजित किए जाने वाले और पृृथक रूप से दर्शित नहीं किए गए किन्हीं ब्यौरों का संशोधन।

-------

प्ररूप जीसएटी आर-4 [नियम 59 (4) और 62 (1) देखें] प्रशमन उपग्रहण को चुनने वाले रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति के लिए तिमाही विवरणी

वर्ष
मास
1 जीएसटीआईएन
2 क रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति का विधिक नाम
ख व्यापार नाम, यदि कोई हो
3. क पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में संकलित आवर्तन
ख स्ांकलित आवर्तन-अप्रैल से जून, 2017

4. आवक प्रदाययां जिसमें वे प्रदाययां भी शामिल है जिन पर प्रतिप्रदाय प्रभार पर कर का संदाय किया जाना है

प्रदायकर्ता की जीएसटीआईएन बीजक के ब्यौरे दर कराधेय मूल्य रकम प्रदाय का स्थान राज्य का नाम
स ं ख्या तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
4 क- किसी रजिस्ट्रीकृृत प्रदायकर्ता से प्राप्त आवक प्रदाय प्रतिवर्ती प्रभार से संबंधित प्रदायों से भिन्न
6453 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 4 ख- प्रतिवर्ती प्रभार से संबंधित

4 ग- किसी अरजिस्ट्रीकृृत प्रदायकर्ता से प्राप्त आवक प्रदाय

4 घ- सेवा का आयात

5. सारणी 4, में पूर्व कर अवधियों के लिए विवरणियों में किए गये कराधेय आवक प्रदाय के ब्यौरों का संशोधन {नामे नोट, जमा पत्र, चालू अवधि के दौरान जारी किये गये प्रतिदाय वाउचर और उसका संशोधन}

म ूूल दस्तावेज के ब्यौरे बीजक के पुनरीक्षित ब्यौरे दर कराधेय मूल रकम प ्रदाय का स्थान
जीएसटी आईएन संख्या तारीख जीएसटी आईएन संख्या तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
5 क- प्रदायों (पूर्व विवरणी के सारणी 4 में दी गई सूचना) यदि पूर्व में दिये गए ब्यौरे गलत थे।
5 ख- नामें नोट/जमा पत्र/ मूल रूप में
5 ग- नामें नोट/जमा पत्र [ पूर्व कर अवधियों में दिये गए नामे नोट/जमापत्र का संशोधन]

6. जावक प्रदायों पर कर (अग्रिम और वापिस किया गया माल का शुद्ध)

कर की दर आवर्तन प्रशमन कर की रकम
केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4

7. सारणी 6 में पूर्व कर अवधियों के लिए विवरणी में दिए गए जावक प्रदाय के ब्यौरे में संशोधन

तिमाही दर मूल ब्यौरे पुनरीक्षित ब्यौरे
आवर्तन केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर आवर्तन केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4 5 6 7 8

8. प्रदाय की प्राप्ति के कारण संदत्त अग्रिम/समायोजित अग्रिम का एकीकृृत विवरण

दर सकल स दत्त ं अग्रिम प्र्रदाय का स्थान राज्य का नाम रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7
(I) चालू तिमाही सूचना
8 अ- कर अवधि में प्रतिवर्ती प्रभार प्रदाय के लिए संदत्त अग्रिम रकम (कर रकम को निर्गम कर दायित्व में जोडा़ जाएगा)
8क (1). पूरे राज्य में प्रदाय (दर वार)
8ख (2). अन्तरराज्यीय प्रदाय (दर वार)
8क. अग्रिम रकम जिस पर पूर्व की अवधि कर का संदाय किया गया था परंतु बीजक चालू अवधि (उपरोक्त सारणी 4 मे निर्देशित) में प्राप्त हुआ है। (कर रकम को निर्गम के दायित्व में से घटाया जाएगा)
8क (1). पूरे राज्य में प्रदाय दर वार
8क (2). अन्तरराज्जीय प्रदाय दर वार
II किसी पूर्व तिमाही के लिए सारणी सं0 8 (1) में दी गई सूचना में संशोधन
वर्ष तिमाही धारा सं0 (चुनें) में दी गई सूचना से संबंधित संशोधन 8अ (1) 8आ (2) 8अ (1) 8आ (2)
6454 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

9. प्राप्त टीडीएस प्रत्यय

जीएसटीआईएन का कटौती कर्ता सकल मूल्य रकम
केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर
1 2 3 4

10. संदेय और संदत्त कर

विवरण स देय कर रकम ं संदत्त कर रकम
1 2 3
(क)एकीकृृत कर
(ख) केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर
(घ) उपकर

11. संदेय और संदत्त ब्याज, विलंब फीस आदि

विवरण स देय कर रकम ं संदत्त कर रकम
1 2 3
(1) निम्नलिखित से ब्याज-
(क) एकीकृृत कर
(ख) केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर
(घ) उपकर
(II) विलंब फीस
(क) केन्द्रीय कर
(ख) राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर

12. इलैक्ट्रानिक नकद खाते से दावाकृृत प्रतिदाय

विवरण कर ब्याज शास्ति फीस अन्य नामे प्रविष्टि सं0
1 2 3 4 5 6 7
(क) एकीकृृत कर
(ख) केन्द्रीय कर (ग) राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर
(घ) उपकर
बैंक खाता विवरण नीचे खींचें
6455

13. कर/ब्याज संदाय के लिए नकद खाते में नामे प्रविष्टियां [कर संदेय और विवरणी जमा करने के पश्चात्‌ भरा जाए]

विवरण नकद में संदत्त कर ब्याज विलंब फीस
1 2 3 4
(क) एकीकृृत कर
(ख) केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर
(घ) उपकर

सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा पूर्वक से प्रतिज्ञान करता हूॅं और घोषणा करता हूॅं कि उपर्युक्त दी गई सूचना मेरी जानकारी एवं विश्वास में सत्य और ठीक है और इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है ।

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर...................

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम हस्ताक्षर......................

स्थानः पदनाम/प्रास्थिति...................... तारीखः

अनुदेशः- 1. प्रयुक्त शब्द-

(क) जी एस टी आई एनः माल और सेवा कर पहचान संख्या

(ख) टी डी एसः स्त्रोत पर कटौती

2. जी एस टी आर-4 में ब्यौरे संबंधित कर अवधि के उत्तरवर्ती माह की 11वीं और 18वीं तारीख के बीच दिए जाने चाहिए।

3. ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष और चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के लिए कर दाता का संकलित आवर्तन सारणी 3 में प्रारंभिक सूचना में रिपोर्ट किया जाएगा यह सूचना केवल पहले वर्ष में कर दाता द्वारा दी जानी अपेक्षित होगी और उत्तरवर्ती वर्षों में स्वतः भरी जाएगी।

4. सारणी-4, दर वार आवक प्रदायों से संबंधित सूचना का प्रग्रहरणः

(i) सारणी-4अ, प्रतिवर्ती प्रभार से भिन्न रजिस्ट्रीकृृत प्रदायकर्ताओं से आवक प्रदाय का प्रग्रहरण। वह सूचना जी एस टी आर-1 और जी एस टी आर-5 में प्रदायकर्ता द्वारा रिपोर्ट की गई सूचना से स्वतः भरी जाएगी।

(ii) सारणी-4आ, प्रतिवर्ती प्रभार से भिन्न रजिस्ट्रीकृृत प्रदायकर्ताओं से आवक प्रदाय का प्रग्रहरण। वह सूचना जी एस टी आर-1 में प्रदायकर्ता द्वारा रिपोर्ट की गई सूचना से स्वतः भरी जाएगी। (iii) सारणी-4इ, अरजिस्ट्रीकृृत प्रदायकर्ता से प्रदायों के प्रग्रहरण के लिए।

(iv) सारणी-4ई, सेवा के आयात के प्रग्रहरण के लिए।6456 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (v) कर प्राप्त कर्ता को स्वतः भरे गए बीजकों/प्रतिवर्ती प्रभार से संबंधित अतिरिक्त बीजकों को स्वीकार करने का विकल्प केवल तभी होगा जब अधिनियम की धारा 12 या 13 की शर्तों में व्युत्पन्न प्रदाय के समय होगा; और

(vi) प्रदाय का स्थान (पी.ओ.एस) केवल यदि वह प्राप्तिकर्ता के अवस्थिति से भिन्न है।

5. सारणी 5, दर-वार, पूर्व कर अवधियों में दी गई सूचना का संशोधन ओर प्राप्त नामे और जमा पत्र की मूल संशोधित सूचना का प्रग्रहरण के लिए है। प्रदाय के स्थान को केवल तभी रिर्पोट किया जाना है जब वह प्राप्तकर्ता की अवस्थिति से भिन्न है। मूल नामें/जमा पत्र की सूचना देते समय बीजक के ब्यौरे का पहले तीन स्तंभों में उल्लेख किया जाएगा। किसी नामें/जमा पत्र का पुनरीक्षण देते समय, मूल नामें/जमा पत्र के ब्यौरे का इस सारणी के प्रथम तीन स्तंभों में उल्लेख किया जाएगा।

6. सारणी 6, जावक प्रदायों, जिसमें अग्रिम और चालू कर अवधि के दौरान वापिस किए गए माल का शुद्ध भी है, के ब्यौरे के प्रगृृहरण के लिए है।

7. सारणी 7, पूर्ववर्ती विवरणियों की सारणी 6 में रिपोर्ट किए गए गलत ब्यौरों के संशोधन ब्यौरे के प्रगृृहरण के लिए है।

8. प्रतिवर्ती प्रभार प्रदायों से संबंधित संदत्त अग्रिम और इस पर संदत्त कर की सूचना जिसमें जारी बीजकों के सापेक्ष समायोजन भी शामिल है को सारणी 8 में रिर्पोट किया जाएगा।

9. टीडीएस प्रत्यय सारणी-9 में स्वतः भरा होगा ।

---------

प्ररूप जीसएटी आर-4क [नियम 59 (3) और 66 (2) देखें] समझौता उद्‌ग्रहरण का विकल्प चुनने वाले रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति के स्वप्रारूपित ब्यौरे

(जीएसटी आर-I, जीएसटी आर-5 और जीएसटी आर-7 से स्वप्रारूपित )

वर्ष
तिमाही
1 जीएसटीआईएन
2 क रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति का विधिक नाम
ख व्यापार नाम, यदि कोई हो

3. रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति से प्राप्त आवक प्रदाय जिसके अंतर्गत प्रतिकूल प्रभार वाले प्रदाय भी है

्रदायकर्ता का जीएसटीआईएन बीजक के ब्यौरे दर कराधेय मूल्य कर की रकम प््रादाय का स्थान (राज्य का नाम)
स्ां. तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
3अ. रजिस्ट्रीकृृत प्रदायकर्ता (प्रतिकूल प्रभार वाले प्रदायों से भिन्न) से प्राप्त आवक प्रदाय
3आ. रजिस्ट्रीकृृत प्रदायकर्ता (प्रतिकूल प्रभार वाले) से प्राप्त आवक प्रदाय
मूल दस्तावेजों के ब्यौरे दस्तावेज के पुनरीक्षित ब्यौरे या मूल नामेनोट/जमा पत्र के ब्यौरे दर कराधेय मूल्य कर की रकम प ्रदाय का स्थान (राज्य का नाम)
जीएसटी आईएन स्ां0 तारीख जीएसटी आईएन स् ं ा0 तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
6457 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 4. चालू अवधि के दौरान प्राप्त नामेनोट/जमा पत्र (इसके अंतर्गत उसके संशोधन भी है)

5. प्राप्त टीडीएस प्रत्यय

कटौतीकर्ता की जीएसटी आईएन सकल मूल्य कर की रकम
केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4

प्ररूप जीसएटी आर-5

[नियम 63 देखें]

अनिवासी कराधेय व्यक्ति के लिए विवरणी

वर्ष
मास
1 जीएसटीआईएन
2 (क) रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति का विधिक नाम
(ख) व्यापार नाम, यदि कोई हो
(ग) रजिस्ट्रीकरण की विधिमान्य अवधि

3. विदेश से प्राप्त इनपुट/पूंजी (माल का आयात) (सभी सारणियों के लिए रकम रूपए में)

प्रवेशपत्र के ब्यौरे दर कराधेय मूल्य रकम उपलब्ध आईटीसी की रकम
स्ां0 तारीख मूल्य एकीकृृत कर उपकर एकीकृृत रकम उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9

6458 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 4. किसी पूर्ण विवरणी में दिए गए ब्यौरों में संशोधन

मूल ब्यौरे प ुनरीक्षित ब्यौरे अ तरीय आईटीसी(+/-) ं
प्रवेशपत्र प्रवेशपत्र दर कराधेय मूल्य रकम उपलब्ध आईटीसी की रकम
स्ां. तारीख स् ा0 ं तारीख मूल्य एकीकृृत कर उपकर एकीकृृत रकम उपकर एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13

5. (यूआईएस धारकों सहित) रजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों को किए गए जावक प्रदाय

जीएसटीआईएन/ यूआईएन बीजक के ब्यौरे दर कराधेय मूल्य रकम प्रदाय का स्थान (राज्य का नाम)
स्ां. तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11

6. जहां बीजक का मूल्य दो लाख रूपए से अधिक है वहां अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों को कराधेय जावक अंतरराज्यिक प्रदाय

प्रदाय का स्थान (राज्य) बीजक के ब्यौरे दर कराधेय मूल्य रकम
स्ां0 तारीख मूल्य एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8

7. सारणी 6 में वर्णित प्रदायों से भिन्न अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों को कराधेय प्रदाय (शुद्ध नामें नोट और जमापत्र)

क र की दर कुुल कराधेय मूल्य रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6
7 अ. अंतःराज्यिक प्रदाय (एकीकृृत, दर वार)
7 आ. अंतरराज्यिक प्रदाय जहां बीजक का मूल्य 2.5 लाख रूपए तक है (दर वार)
प्रदाय का स्थान(राज्य का नाम)

8. सारणी 5 और सारणी 6 में पूर्ववर्ती दर अवधियों के लिए विवरणियों में दिए गए कराधेय जावक प्रदायों के ब्यौरों का संशोधन [जिसके अंतर्गत नामेनोट/जमापत्र और उनके संशोधन भी है]

मूल दस्तावेज के ब्यौरे दस्तावेज के पुनरीक्षित ब्यौरे या मूल नामेंनोट/जमापत्र के ब्यौरे दर कराधेय मूल्य रकम प ्र्रदाय का स्थान
जीएसटी आईएन स्ां0 तारीख जीएसटी आईएन स् ं ा0 तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
8 अ. यदि पहले दिए गए बीजक ब्यौरे गलत थे
8 आ. नामे नोट/जमापत्र [मूल]
8 इ. नामे नोट/जमापत्र [पूर्ववर्ती टैक्स कर अवधियों में दिए गए नामेनोट/जमापत्रों का संशोधन]

9. सारणी 7 में पूर्ववर्ती कर अवधियों के लिए दिए गए अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों को कराधेय जावक प्रदायों का संशोधन

कर की दर कुल कराधेय मूल्य रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6
कर अवधि जिसके लिए ब्यौरों को पुनरीक्षित किया जाना है
9अ. अंतःराज्यिक प्रदाय [दर वार]
9आ. अंतरराज्यिक प्रदाय [दर वार]
प्रदाय का स्थान (राज्य का नाम)

10. कुल कर दायित्व

कर की दर कुल कराधेय मूल्य रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6
10अ. जावक प्रदाय के मद्‌दे
10आ. सारणी 4 में नकारात्मक होने के कारण अंतरीय आईटीसी के मद्‌्‌दे

11. संदेय और संदत्त कर

ववरण संंदेय कर नकद में संदाय आईटीसी के माध्यम से संदाय स दत्त कर ं
एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6
(क) एकीकृृत कर
(ख )केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
(घ) उपकर

6460 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 12. संदेय और संदत्त ब्याज, विलंब फीस और कोई अन्य रकम

विवरण संदेय रकम संदत्त रकम
1 2 3
(I) ब्याज के मद्‌्‌दे
(क) एकीकृृत कर
(ख )केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
(घ) उपकर
(II) विलम्ब फीस के मद्‌्‌दे
(क )केन्द्रीय कर
(ख) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

13. इलैक्ट्रानिक जमा खाते से दावा किया गया प्रतिदाय

विवरण कर ब्याज शास्ति फीस अन्य विकलन प्रविष्टि स . ं
1 2 3 4 5 6 7
(क) एकीकृृत कर
(ख )केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
(घ) उपकर
बैंक खाते के ब्यौरे (नीचे दें)

14. कर/ब्याज संदाय के लिए इलैक्ट्रानिक नकद/जमा खाते में विकलन प्रविष्टियां [कर का संदाय करने और विवरणी प्रस्तुत करने के पश्चात्‌ बनाया गया]

विवरण नकद में संदत्त कर आईटीसी के माध्यम से संदत्त कर ब्याज विलंब शुल्क
एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6
(क) एकीकृृत कर
(ख )केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
(घ) उपकर

सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है।

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर...................

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम हस्ताक्षर......................

स्थानः पदनाम/प्रास्थिति...................... तारीखः6461 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 अनुदेशः- 1. प्रयुक्त किए गए पदः

(क) जीएटीआई एनः माल और सेवा कर पहचान संख्या

(ख) यूआईएनः विशिष्ट पहचान संख्या (ग) यूक्यूसीः इकाई मात्रा कोड (घ) एचएसएनः नामपद्ध्‌ति सांमजस्यपूर्ण प्रणाली (ङ) पी ओ एसः प्रदाय का स्थान (संबंधित राज्य) (च) बी से बीः एक रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति से अन्य रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति को (छ) बी से सीः एक रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति से अन्य अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति को

2. जीएटी आर-5 अनिवासी कराधेय व्यक्ति को लागू होगा और यह मासिक विवरणी है।

3. जीएटी आर-5 की विवरणियां सुसंगत कर अवधि के उत्तरवर्ती मास की 20 तारीख तक या रजिस्ट्रीकरण की अंतिम तारीख से सात दिन के भीतर, इनमें से जो भी पूर्वतर हो, दी जानी होगी।

4. सारणी-3 में माल के आयात के ब्यौरे अंतर्विष्ट होंगे और करदाता को माल के ऐसे आयात पर उपयुक्त आईटीसी की रकम विनिर्दिष्ट करनी होगी।

5. प्राप्तिकर्ता को छह अंकीय पत्तन कोड सहित प्रवेशपत्र और सात अंकीय प्रवेशपत्र संख्यांक देनी होगी। 6. सारणी 4 में ऐसे माल के आयात का संशोधन अंतर्विष्ट होगा जिन्हें पूर्ववर्ती कर अवधि की विवरणियों में घोषित किया गया है।

7. माल और सेवाओं के लिए पृृथक्‌ रूप से कर अवधि संबंधित बीजक स्तरीय सूचना दर वार निम्नलिखित रूप में रिर्पोट की जाएगीः

i. सभी बी से सी प्रदायों के लिए (चाहे अंतरराज्यिक हो या अंतःराज्यीय), बीजक स्तरीय ब्यौरे सारणी 5 में अपलोड किए जाएंगे;

ii. सभी अंतरराज्यिक बी से सी प्रदायों के लिए, जहां बीजक मूल्य रू0 2,50,000/- से अधिक है (बी से सी अधिक है) बीजक स्तरीय ब्यौरे सारणी 6 में दिए जाएंगे; और

iii. सभी बी से सी प्रदायों के लिए (चाहे अंतरराज्यिक हो या अंतःराज्यीय) जहां बीजक मूल्य रू0 2,50,000/- प्रदायों का राज्य वार सारांश सारणी 7 में फाइल किया जाएगा।

8. सारणी 8 में निम्नलिखित के संबंध में संशोधनों के रूप में होगी-

i. पूर्ववर्ती कर की अवधि में घोषित बी से बी जावक प्रदाय;

ii. पूर्ववर्ती कर अवधि में रिपोर्ट किए गए बी से सी अंतरराज्यिक बीजक, जहां बीजक मूल्य 2.5 लाख रू0 से अधिक है; और

iii. मूल नामेनोट और जमापत्र और उसके संशोधन।

9. सारणी 9 के अंतर्गत अंतरराज्यिक प्रदायों से भिन्न बी से सी जावक प्रदायों के संबंध में संशोधन होंगे जहां बीजक मूल्य रू0 250000/- से अधिक है।

10. सारणी 10 में चालू कर अवधि में घोषित जावक प्रदायों के मद्‌्‌दे और चालू कर अवधि में माल के आयात में संशोधन के मद्‌्‌दे नकारात्मक आईटीसी कर दायित्व के रूप में होगी।

जीएसटीआर 5 प्रस्तुत करने पर सिस्टम कर दायित्व की संगणना करेगा और आईटीसी उसे संबंधित खाते में पोस्ट करेगा।6462 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीसएटी आर-5क

[नियम 64 देखिए]

ऑनलाइन जानकारी और डाटा बेस अभिगामन का प्रदाय या भारत में और कराधेय व्यक्ति से भारत से बाहर अवस्थित व्यक्ति द्वारा पुनः प्राप्ति सेवाओं के ब्यौरे

1. प्रदायकर्ता का जी0एस0टी0आई0एन-

2. (क) रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति का विधिक नाम-

(ख) व्यापार का नाम, कोई कोई हो-

3. विवरणी फाइल करने वाले भारत के प्राधिकृृत प्रतिनिधि का नाम-

4. अवधिः मास- वर्ष-

5. भारत में उपभोक्ताओं से की गई प्रदाय का कराधेय जावक (रकम, रूपए में)

प ्र्रदाय का स्थान रकम/संघ राज्यक्षेत्र कर का दर कराधेय मूल्य एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4 5
मास प्र्रदाय का स्थान (रकम/संघ राज्यक्षेत्र) कर का दर कराधेय मूल्य एकीकृृत कर
1 2 3 4 5

6. ब्याज, शास्ति या किसी अन्य रकम की संगणना

क्र म सं0 विवरण शोध्य कर की रकम
एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4
1 ब्याज
2 अन्य (कृृपया विनिर्दिष्ट करे ) ं
कुल

7क. कर, बयाज, देर से फीस और संदेय और संदत्त कोई अन्य रकम

क्र म सं0 विवरण संदेय रकम विकलन प्रविष्टि सं0 संदत्त रकम
एकीकृृत कर उपकर एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7
1. कर उत्तरदायित्व (सारणी 5 और 5क पर आधारित)
2. ब्याज (सारणी 6 पर आधारित)
3. अन्य (कृृपया विनिर्दिष्ट करेें)
6463 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है।

हस्ताक्षर......................

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम

स्थानः पदनाम/प्रास्थिति...................... तारीखः

---------

प्ररूप जीसएटी आर-6

[नियम 59(4), 60(5) और 65 देखिए]

निवेश सेवा वितरक के लिए विवरणी

वर्ष
मास
1 जीएसटीआईएन
2 (क) रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति का विधिक नाम
(ख) व्यापार नाम, यदि कोई हो

3. वितरण के लिए प्राप्त निवेश कर मुजरा (सभी सारणी के लिए रकम रू0 में)

प्रदायकर्ता का जीएसटी आईएन बीजक ब्यौरे दर कराधेय मूल्य कर का रकम
सं0 तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10

4. कर अवधि के लिए वितरित कुल आईटी सी/पात्र आई टी सी/अपात्र आई टी सी (सारणी सं0 3 से)

विवरण एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5
(क) वितरण के लिए उपलब्ध कुल आईटी सी
(ख) पात्र आई टी सी0 एच0बी0 रकम
(ग) अपात्र आई टी सी की रकम

5. सारणी 4 में दिए गए निवेश कर मुजरा का वितरण

यदि प्राप्तिकर्ता अरजिस्ट्रीकृृत हो तो प्राप्तिकर्ता/ राज्य का जी एस टी आई एन आई एस डी बीजक आई एस डी द्वारा आई टी सी का वितरण
स 0 ं ं तारीख एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7
6464 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 5क. पात्र आई टी सी की रकम का वितरण

5ख. अपात्र आई टी सी की रकम का वितरण

6.सारणी सं0 3 में पूर्वतर विवरणियों में दी गई जानकारी में संशोधन

आरंभिक ब्यौरे पुुनरीक्षित ब्यौरे
प्रदायकर्ता का जी एस टी आई एन सं0 तारीख प्रदायकर्ता का जी एस टी आई एन बीजक/नामे नोट/जमापत्र क े ब्यौरे दर कराधेय मूल्य कर की रकम
सं0 तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13
6क. किसी पूर्वतर अवधि में सारणी 3 में दी गई गलत जानकारी
6ख. नामे नोट/प्राप्त जमापत्र [आरंभिक]
6ग. नामे नोट/ जमापत्र [संशोधन]

7. कर अवधि में वितरित निवेश मुजरा बेमेल और सुधार

विवरण एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर डपकर
1 2 3 4 5
7क. निवेश कर मुजरा बेमेल
7ख. बेमेल के सुधार पर सुधार किए गए निवेश कर मुजरा

8. सारणी सं0 6 ओर 7 में दिए गए (+/-) निवेश कर मुजरा का वितरण

जी एस टी आई एन प्राप्तकर्ता का आई एस डी मुजरा सं0 आई एस डी बीजक निवेश कावितरण आई एस डी द्वारा
स्ां0 तारीख स्ां0 तारीख एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9
8क. पात्र आई टी सी की रकम का वितरण
8ख. अपात्र आई टी सी की रकम का वितरण

9. गलत प्राप्तिकर्ता को वितरित आई टी सी का पुनः वितरण

आरंभिक निवेश बीजक ब्यौरा सही प्राप्तिकर्ता को निवेश कर मुजरा का पुनः वितरण
आरंभिक प्राप्तकर्ता का जी एस टी आई एन आई एस डी बीजक ब्यौरा आई एस डी जमापत्र नया प्राप्तिकर्ता का जी एस टी आई एन आई एस डी बीजक पुनः वितरित निवेश कर मुजरा
स्ां0 तारीख स्ां0 तारीख स्ां0 तारीख एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12
9क. पात्र आई टी सी की रकम का वितरण
9ख. अपात्र आई टी सी की रकम का वितरण
मद्‌्‌दे केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर नाम प्रविष्टि सं0
1 2 3 4
देर से फीस
6465 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 10. देर से फीस

11. इलैक्ट्रोनिक नकद खाता से दावा किया गया प्रतिदाय

विवरण फीस अन्य नामें प्रविष्टि सं0
1 2 3 4
(क) केन्द्रीय कर
(ख) राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर
बैंक खाते का ब्यौरे (नीचे उतरना)

सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है ओर इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है।

हस्ताक्षर......................

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम

स्थानः पदनाम/प्रास्थिति...................... तारीखः

अनुदेशः-

1. प्रयुक्त शब्दः

(क) जीएटीआई एनः- माल और सेवा कर पहचान संख्या

(ख) आई एस डीः- इनपुट सेवा वितरक (ग) आई टी सीः- इनपुट कर प्रत्यय

2. जीएसटी आर-6 उत्तरवर्ती कर अवधि के केवल 10 मास पश्चात्‌ और 13 मास पहले जी एस टी आर-6 फाइल की जा सकती हैै।

3. आई एस डी ब्यौरे जी एस टी आर-6 के फाइल किए जाने पर रजिस्ट्रीकृृत प्राप्तिकर्ता यूनिक को जी एस टी आर-2क के भाग ख के अनुसार आई एस डी ब्यौरे देने होंगे।

4. आई एस डी में कोई प्रदाय रद्‌दकरण प्रभार नहीं देना होगा । यदि आई एस डी प्रदाय रद्‌दकरण प्रभार लेना चाहता है तो आई एस डी उस दशा में आई एसडी को सामान्य कर दाता के रूप में अलग से रजिस्टर कराना होगा।

5. आई एस डी केवल लेट फीस देना होगा और कोई दायित्व नहीं

6. आई एस डी उसी कर अवधि में, जिसमें भावक वितरण प्राप्त किया जाना है अपनी यूनिट से पात्र और अपात्र आई टी सी दोनों को वितरण किया है।

7. अपात्र आई टी सी की प्रदाय धारा 17 (5) के अनुसार की जाएगी।

8. जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-6 के बीच बेमेल उत्तरदायी को आईएसडी से जोड़ना होगा और आगे आई एस डी करदाता को अपने अपने रजिस्ट्रीकृृत प्राप्तिकर्ता से पूर्वतर वितरित आई टी सी से कम करके आई एस डी जमापत्र जारी करना होगा। 6466 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 9. बेमेल उत्तरदायी की बाबत सारणी 7 में पद्धति द्वारा आवदित होगा है।

10. सारणी 11 के माध्यम से नकदखाता से दावाकृृत विवरण इलैक्ट्रानिक नकद खाता में एक ऋण प्रविष्टि का परिणाम होगा।

--------

प्ररूप जीसएटी आर-6क

[नियम 59(3) और 65 देखें]

प्रदाय के स्वतः प्रारूपित प्ररूप के ब्यौरे (स्वतः प्रारूपित से जीएसीटी आर-1)

वर्ष
मास
1 जीएसटीआईएन
2 (क) रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति का विधिक नाम
(ख) व्यापार नाम, यदि कोई हो

3. वितरण के लिए प्राप्त इनपुट कर प्रत्यय (सभी सारणी के लिए रकम रू0 में)

प्रदायकर्ता का जीएसटी आईएन बीजक ब्यौरे दर कराधेय मूल्य कर की रकम
स्ां0 तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10

4. नामे नोट/जमापत्र (जिसके अन्तर्गत उसका संशोधन भी है) चालू कर अवधि के दौरान प्राप्त

आरंभिक दस्तावेज के ब्यौरे दस्तावेज के प्राप्त ब्यौरे या नामे नोट/जमापत्र के ब्यौरे
प्राप्त कर्ता का जीएसटी आईएन स्ां0 तारीख प्रदाय कर्ता का जीएसटी आईएन स्ां0 तारीख मूल्य दर कराधे य कर कर की रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/ संध राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13
6467 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीसएटी आर-7 [नियम 67(1) देखें]

स्त्रोत पर काटे गए कर की विवरणी

वर्ष
मास
1 जीएसटीआईएन
2 (क) कटौतीकर्ता का विधिक नाम
(ख) व्यापार का नाम, यदि कोई हो

3. स्त्रोत पर काटे गए कर के ब्यौरे (सभी सारणी के लिए रकम रू0 में)

जिसकी कटौती की गई है का जीएसटी आईएन जिसकी कटौती की गई है की संदत्त रकम जिससे कर काटा गया है। स्त्रोत पर काटे गए कर की रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4 5

4. किसी पूर्वतर कर अवधि की बाबत स्त्रोत पर काटे गए कर के ब्यौरे का संशोधन

आरंभिक ब्यौरे पुनरीक्षित ब्यौरे
मास जिसकी कटौती की गई है का जीएसटी आईएन जिसकी कटौती की गई है की संदत्त रकम जिससे कर काटा गया है जिसकी कटौती की गई है का जीएसटी आईएन जिसकी कटौती की गई है का जीएसटी आईएन स्त्रोत पर काटा गया कर की रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/ संध राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4 5 6 7 8

5. स्त्रोत और संदत्त पर कर कटौतीे

विवरण कर कटौती की रकम संदत्त रकम
1 2 3
(क) एकीकृृत कर
(ख )केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

6. संदेय और संदत्त ब्याज, देर से फीस

विवरण कर कटौती की रकम संदत्त रकम
1 2 3
(I) निम्नलिखित की बाबत टी डी एस के मद्‌्‌दे
(क) एकीकृृत कर
(ख )केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
(II) देर से फीस (क)केन्द्रीय कर
(ख) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
6468 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

7. इलैक्ट्रानिक नकद खाता में दावाकृृत विवरणी

विवरण कर ब्याज शास्ति फीस अन्य नामे प्रविष्टि सं0
1 2 3 4 5 6 7
(क) एकीकृृत कर
(ख ) केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
बैंक खाते का ब्यौरे (नीचे करें)

8. टीडीएस/ब्याज संदाय के लिए इलैक्ट्रानिकी नकद खाते में नामे प्रविष्टियां [कर संदाय और विवरणी जमा करने के पश्चात्‌ भरा जाए]

विवरण कर ब्याज शास्ति फीस अन्य नामे प्रविष्टि सं0
1 2 3 4 5 6 7
(क) एकीकृृत कर
(ख ) केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
बैंक खाते का ब्यौरे (नीचे करें)

सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है।

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर......................

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम

स्थानः पदनाम/प्रास्थिति...................... तारीखः

अनुदेशः- 1. प्रयुक्त शब्दः-

(क) जी एस टी आई एनः माल और सेवा कर पहचान संख्या

(ख) टीडीएसः- स्त्रोत पर कर कटौती

2. कर कटौती के ब्यौरे को अभिग्रहरण करने के लिए सारणी 3

3. सारणी 4 पूर्व कर अवधियों में उपबंधित सूचना के संशोधन को अंतर्विष्ट करेगा।

4. दायित्व के पूर्ण संदेय के बिना विवरणी फाइल नहीं की जा सकती।6469 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 प्ररूप जीसएटी आर-7क [नियम 66(3) देखें]

स्त्रोत पर कर कटौती का प्रमाण पत्र

1. टीडीएस प्रमाणपत्र सं0- 2. कटौतीकर्ता का जीएसटीआईएन- 3. कटौतीकर्ता का नाम- 4. जिसकी कटौती की गई है का जीएसटीआईएन- 5. (क) जिसकी कटौती की गई है का विधिक नाम (ख) व्यापार का नाम, यदि कोई है- 6. कर अवधि जिसमें जीएसटी आर-7 में के लिए लेखा और कर कटौती-- 7. कर कटौती की प्रदाय रकम का ब्यौरा-

मूल्य जिस पर कर कटौती है स्त्रोत पर कर कटौती की रकम (रूपए में)
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम

कार्यालय

--------

प्ररूप जीसएटी आर-8 [नियम 67(1) देखें]

स्त्रोत पर कर संग्रहरण के लिए विवरण

वर्ष
मास
1 जीएसटीआईएन
2 (क) रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति का विधिक नाम
(ख) व्यापार का नाम, यदि कोई हो

3. ई-कामर्स आपरेटर के माध्यम से की गई प्रदाय के ब्यौरे (सभी सारणी के लिए रकम रू0 में)

प्राप्तकर्ता का जीएसटी आईएन संबंधित टीसीएस से की गई प्रदाय के ब्यौरे स्त्रोत पर संग्रहीत कर की रकम
की गई प्रदाय का सकल मूल्य प््रादाय वापसी का मूल्य टीसीएस के लिए दायी निवल रकम एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4 5 6 7
6470 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 3क. रजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों से की गई प्रदाय

3ख. अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों से की गई प्रदाय

4. किसी पूर्वतर विवरण की बाबत प्रदाय के ब्यौरे का संशोधन

आंरभिक ब्यौरे पुनरीक्षित ब्यौरे
मास प्रदायकर्ता का जीएसटी आईएन प्रदायकर्ता का जीएसटी आईएन आकृषित टीसीएस से की गई प्रदाय के ब्यौरे स्त्रोत पर संग्रहीत कर की रकम
की गई प्रदाय का सकल मूल्य प््रादाय वापसी का मूल्य टीसीएस के लिए दायी निवल रकम एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4 5 6 7 8 9
4क. रजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों से की गई प्रदाय
4ख. अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों से की गई प्रदाय
मद्‌्‌दे व्यतिक्रम में रकम ब्याज की रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर
1 2 3 4 5
टीसीएस रकम का देर स े संदाय

6. संदेय और संदत्त कर

विवरण संदाय कर संदत्त रकम
(क) एकीकृृत कर
(ख ) केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

7. संदेय और संदत्त ब्याज

विवरण स दाय ब्याज की रकम ं स दत्त रकम ं
1 2 3
(क) एकीकृृत कर
(ख ) केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

8. इलैक्ट्रोनिक नकद खाता से दावाकृृत प्रतिदाय

विवरण कर ब्याज शास्ति अन्य नामे प्रविष्टि संख्या
1 2 3 4 5 6
(क) एकीकृृत कर
(ख ) केन्द्रीय कर (ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
बैंक खाते के ब्यौरे (नीचे करे)
6471

9. संदेय टीसीएस/1 ब्याज के लिए नकद खाता में विद्‌यमान प्रविष्टि [कर के सदांय और विवरणी को प्रस्तुत करने के पश्चात वासित किया जाए]

विवरण नकद में संदत्त कर ब्याज
1 2 3
(क) एकीकृृत कर
(ख ) केन्द्रीय कर
(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है ओर इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है।

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर......................

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम

स्थानः पदनाम/प्रास्थिति...................... तारीखः

अनुदेशः-

1. प्रयुक्त शब्दः-

(क) जीएसटीआईएनः- माल और सेवा कर पहचान संख्यांक

(ख) टीसीएस :- स्त्रोत पर संग्रहीत

2. कोई ई-कॉमर्स ऑपरेटर केवल तब जीएसटी आर-8 फाइल कर सकेगा जब पूरा टीसीएस दायित्व निर्वहन कर लिया हो।

3. टी सी एस दायित्व का सारणी 3 और सारणी 4 के आधार पर संगठित की जाएगी।

4. इलैक्ट्रॉनिक नगद खाता से केवल तभी प्रतिदाय का दावा किया जा सकता है जब उस अवधि के लिए सभी टीसीएस उन्मोदित किया गया हो।

5. उक्त खाता से दावाकृृत प्रतिदाय के लिए नगद खाता से विकलित की जाएगी।

6. स्त्रोत पर संग्रहीत कर की रकम जीएटी आर-8 के फाइल किए जाने पर कर दाता के जीएटी आर-2क के भाग ग से किया जाएगा।

7. प्रदायकर्ता जीएटी आर-1 से ब्यौरे का मिलान प्रदायकर्ता के जीएटीआईएन के स्तर पर किया जाएगा।6472 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीसएटी आर-11

[नियम 82(1) देखें]

विशिष्टि पहचान संख्यांक (यूआईएन) वाले व्यक्तियों द्वारा प्रदाय आवक का विवरण

वर्ष
मास

1 यूआईएन 2 यूआईएन वाले व्यक्ति का नाम

3. प्राप्त प्रदाय आवक के ब्यौरे (सभी सारणी के लिए रकम रूपए में)

प्रदायकर्ता का जीएसटी आईएन बीजक/नामे नोट/जमापत्र के ब्यौरे दर कराधेय मूल्य कर की रकम
स्ांख्या तारीख मूल्य एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संध राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
3क. प्राप्त बीजक
3ख. प्राप्त नामे नोट/जमापत्र

4. प्रतिदाय रकम

एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2
ब ैंक खाते के ब्यौरे (नीचे करे ) ं

सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है।

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर......................

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम

स्थानः पदनाम/प्रास्थिति...................... तारीखः

अनुदेशः- 1. प्रयुक्त शब्दः-

(क) जीएसटीआईएनः- माल और सेवा कर पहचान संख्यांक

(ख) यूआईएनः- विशिष्ट पहचान संख्यांक6473 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 2. यूआईएन धारक को त्रैमासिक आधार पर प्रतिदाय दावा करने के लिए जीएसटी आर-11 फाइल करना होगा या अन्यथा जब कभी आवश्यक के समुचित अधिकारी द्वारा फाइल करना होगा।

3. जीएसटीआईआर-11 की सारणी 3 जीएसटीआईआर-1 से आबंटित होगा।

4. यूआईएन धारक को जीएसटी आर-11 में किन्हीं ब्यौरों को जोड़ने या उपांतरण करने की अनुमति नहीं होगी।

--------

प्ररूप जीएसटी पीएमटी - 01

(नियम 85(1) देखिए)

रजिस्ट्री—त व्यक्ति के इलैक्ट्रानिक दायित्व रजिस्टर (भाग 1 : दायित्व से संबंधित विवरणी) (सामान्य पोर्टल पर रखा जाए)

जीएसटी आईएन

नाम (विधिक)

व्यापार का नाम, यदि कोई हो

..........................कर अवधि

अधिनियम-केन्द्रीय कर/राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर /एकी—त कर/उपकर/समस्त

(रुपए में रकम)

क्रम सं0 तारीखमा ह/ वर्ष स ंदर्भ स 0 ं उन्मोचित दायित्व के लिए खाता विवरण संव्यवहार क े प्रकार [विकलन (डीआर) (संदेय)]/[प्रत्य य (सीआर संदत्त)] विकलित/जमा की गई रकम (केन्द्रीय कर/राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर/एकी—त कर/ उपकर/कुल) अतिशेष (केन्द्रीय कर/राज्यकर/संघ राज्यक्षेत्रकर /एकी—त कर/उपकर/कुल)
कर ब्याज शास्ति फीस अन्य कुल कर ब्याज शास्ति फीस अन्य कुल
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18

टिप्पण.--

1. विवरणी और संदाय देय प्रोद्‌भूत सभी दायित्व इस खाते में उसी के सामने अभिलिखित किया जाएगा । 2. उपशीर्ष-दायित्वों के विवरण के अधीन समेकन, रजिस्ट्रीकरण, रद्‌दीकरण के लिए विकल्प के कारण दायित्व भी इस भाग में पूरा किया जाएगा। कर अवधि के दायित्व रजिस्टर वासित जिसे यथास्थिति, आवेदन या आदेश की तारीख पर आती है ।

3. विवरणी विधिमान्य के रूप में मानी जाएगी मानो अंतिम शेष सकारात्मक है । विकलन (संदेय रकम) से प्रत्यय (रकम संदत्त) कम कर के शेष लिखी जाएगी ।

4. माल सेवा कर (राज्यों के लिए प्रतिकर) अधिनियम, 2017 के अधीन उद्‌ग्रेहीत उपकर अभिप्रेत है ।6474 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 प्ररूप जीएसटी पीएमटी - 01 (नियम 85(1) देखिए) कराधेय व्यक्ति का इलैक्ट्रानिक दायित्व रजिस्टर (भाग 2 : दायित्वों से संबंधित विवरणी अन्य से भिन्न) (सामान्य पोर्टल पर रखा जाए)

जीएसटी आईएन/अस्थायी आईडी

नाम (विधिक)

व्यापार नाम, यदि कोई हो

अवधि.............. से .......................तक (तारीख/माह/वर्ष)

स्थगन प्रास्थिति/स्थागित/अस्थगित

अधिनियम-केन्द्रीय कर/राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर /एकी—त कर/उपकर/समस्त

क्रम सं0 तारीखमाह / वर्ष संदर्भ सं0 उन्मोचित दायित्व के लिए खाता विवरण संव्यवहार के प्रकार [विकलन (डीआर) (संदेय)]/ [प्रत्यय (सीआर संदत्त] विकलित/जमा की गई रकम (केन्द्रीय कर/राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर/एकी—त कर/ उपकर/कुल) अतिशेष (केन्द्रीय कर/राज्यकर/संघ राज्यक्षेत्रकर /एकी—त कर/उपकर/कुल)
कर ब्याज शास्ति फीस अन्य क ुल कर ब्याज शास्ति फीस अन्य क ुल
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18

टिप्पण.--

1. सभी दायित्वों में प्रोद्‌भूत दायित्वों से संबंधित उससे भिन्न विवरण, इस खाते में अभिलिखित किया जाएगा । संव्यवहार का पूरा विवरण तद्‌नुसार अभिलिखित किया जाएगा ।

2. दायित्वों के प्रतिकूल नकद या प्रत्यय सभी संदाय किए गए तद्‌नुसार अभिलिखित किया जाएगा । 3. अपील का निर्णय, परिशोधन, प्रतिवर्तन, पुनर्विलोकन आदि के कारण रकम संदेय में कमी या वृद्धि यहां प्रतिबिंबित किया जाएगा ।

4. एकल मांग आईडी के लिए भी नकारात्मक अतिशेष आते हैं यदि भी अपील अनुज्ञा की जाती है/भागतः अनुज्ञा दीती है । समस्त अंतिम अतिशेष तक सकारात्मक हो सकेगा ।

5. विशिष्ट मांग आईडी के लिए पूर्व निक्षेप का प्रतिदाय यदि अपील अनुज्ञा यद्यपि भी अनुज्ञा की जाती है समस्त अतिशेष, सकारात्मक तक हो सकता है। प्रतिदाय के समायोजन के अधीन समुचित अधिकारी द्वारा किसी दायित्व के विषय होगा ।

6. इस भाग में अंतिम अतिशेष विवरण फाइल करने पर प्रभाव नहीं होगा ।

7. अधिनियम या नियमों में विनिर्दिष्ट के भीतर कारण बताओ सूचना के पश्चात्‌ किया गया संदाय पर आधारित शास्ति की रकम में कमी संदाय पर स्वतः होगा ।

8. प्रत्यय या नकद खाते के माध्यम से संदाय करने पर किसी समय में किया गया संदाय कारण बताओं सूचना या स्वैच्छिक रूप से किया गया कोई अन्य संदाय दर्शित किया जाएगा । विकलन और प्रत्यय की प्रविष्टि एकसाथ सृजित किया जाएगा ।6475 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 प्ररूप जीएसटी पीएमटी - 02 (नियम 86(1) देखिए) रजिस्ट्री—त व्यक्ति का इलैक्ट्रानिक प्रत्यय खाता (सामान्य पोर्टल पर रखा जाए)

जीएसटी आईएन/अस्थायी आईडी

नाम (विधिक)

व्यापार नाम, यदि कोई हो

अवधि.............. से .......................तक (तारीख/माह/वर्ष)

अधिनियम-केन्द्रीय/राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र/एकी—त कर/उपकर/समस्त

(रुपए में रकम)

क्रम सं0 तारीख माह/वर्ष संदर्भ सं0 कर अवधि, यदि कोई हो विवरण (प्रत्यय के स्रोत और उपयोगिता का प्रयोजन) संव्यवहार प्रकार [विकलन (डीआर)/ प्रत्यय (सीआर)] प्रत्यय/विकलन अतिशेष उपलब्ध
केन्द्रीय कर राज्य कर संघ राज्य क्षेत्र कर एकी—त कर उप- कर कुल केन्द्रीय कर राज्य कर संघ राज्य क्षेत्र कर एकी- —त कर उप- कर कुल
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18

अनंतिम प्रत्यय का अतिशेष

क्रम सं0 कर की अवधि अनंतिम प्रत्यय अतिशेष की रकम
केन्द्रीय कर राज्य कर स ंघ राज्यक्षेत्र कर एकी—त कर उपकर कुल
1 2 3 4 5 6 7 8

बेमेल प्रत्यय (प्रतिवर्ती से भिन्न)

क्रम स 0 ं कर की अवधि असुमेल प्रत्यय का रकम
केन्द्रीय कर राज्य कर स ंघ राज्यक्षेत्र कर एकी—त कर उपकर कुल
1 2 3 4 5 6 7 8

टिप्पण.--

1. विवरणी के अनुसार प्रत्ययों के प्रकार, विलयन के कारण, पूर्व-रजिस्ट्रीकरण उत्पादन आदि के कारण संघटक, स्कीम संव्यवहार आदि से विकल्प के सम्यक्‌ के लिए अभिलिखित होगा ।

2. विवरण प्रत्यय (जीएसटी आर-3, जीएसटी आर 6 आदि) प्रत्यय के स्रोत सम्मिलित होगा और विवरणी या मांग आदि के लिए संबंधित दायित्व के प्रति उपयोगिता है । प्रतिदाय खाते से दावा किए गए प्रतिदाय विकलित किया जाएगा और यदि दावा अस्वीकार किया जाता है तब अस्वीकार की सीमा तक खाते के लिए पीछे प्रत्यायित किया जाएगा ।6476 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 प्ररूप जीएसटी पीएमटी-03

(नियम 86(4) और 87(11) देखिए)

दावा प्रतिदाय की अस्वी—ति पर नकद या प्रत्यय की रकम के पुनः प्रत्यय के लिए आदेश संदर्भ संख्याः तारीख - 1. जीएसटीआईएन- 2. नाम (विधिक) - 3. व्यापार का नाम, यदि कोई हो 4. पता - 5. अवधि/कर अवधि जिसके लिए प्रत्यय से संबंधित है, यदि कोई हो- ----से ------ 6. खाता जिसके विकलन से प्रविष्टि दावा प्रतिदाय के लिए किया गया था-- (नकद /प्रत्यय खाता) 7. विकलन प्रविष्टि संख्या और तारीख - 8. आवेदन संदर्भ संख्या और तारीख - 9. संख्या और आदेश की तारीख द्वारा जिसे प्रतिदाय अस्वीकार किया गया था– 10. प्रत्यय की रकम

क्रम स 0 ं अधिनियम(केन्द्रीय कर)/राज्य कर /संघ राज्यक्षेत्र कर/उपकर) प्रत्यय की रकम (रुपए)
कर ब्याज शास्ति फीस अन्य कुल
1 2 3 4 5 6 7 8

हस्ताक्षर नाम अधिकारी का पद नाम

टिप्पण---

1. "केन्द्रीय कर" का अभिप्राय केन्द्रीय माल और सेवा कर है, "राज्य कर" का अभिप्राय राज्य माल और सेवा कर है, "संघ राज्यक्षेत्र कर" का अभिप्राय संघ राज्यक्षेत्र माल और सेवा कर है और "उपकर" का अभिप्राय माल तथा सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर) है ।

----------

प्ररूप जीएसटी पीएमटी - 04 (नियम 85(7), 86(6) और 87(12) देखें)

1. जीएसटीआईएन
2. नाम (विधिक)
3. व्यापार का नाम, यदि कोई हो
4. जिसके लिए विभेद देखा गया है, में खाता/रजिस्टर प्रत्यय खाता नकद खाता दायित्व रजिस्टर
5. विभेद के ब्यौरे
तारीख कर का प्रकार विदेभ का प्रकार अन्तर्वलित रकम
केन्द्रीय कर
राज्य कर
संघ राज्यक्षेत्र कर
एकी—त कर
उपकर
6. कारण, यदि कोई
7. सत्यापन म ैं सत्यानिष्ठा से घोषणा करता हूं कि मेरी सर्वोत्तम जानकारी या विश्वास के अनुसार ऊपर दी गई सूचना सही और पूर्ण है । हस्ताक्षर स्थान : प्राधि—त हस्तारक्षरी का नाम तारीख : पदनाम/प्रास्थिति
6477

टिप्पण.---''केन्द्रीय कर'' का अभिप्राय केन्द्रीय माल और सेवा कर है, ''राज्य कर'' का अभिप्राय राज्य माल और सेवा कर है, ''संघ राज्यक्षेत्र कर'' का अभिप्राय संघ राज्यक्षेत्र माल और सेवा कर है और ''उपकर'' का अभिप्राय माल तथा सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर) है ।

---------

प्ररूप जीएसटी पीएमटी - 05 (नियम 87(1) देखिए) इलैक्ट्रानिक नकद खाता

(सामान्य पोर्टल पर रखा जाए)

जीएसटी आईएन/अस्थायी आईडी

नाम (विधिक)

व्यापार नाम, यदि कोई हो

अवधि.............. से .......................तक (तारीख/माह/वर्ष)

स्थगन प्रास्थिति/स्थागित/अस्थगित

अधिनियम-केन्द्रीय कर/राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर/एकी—त कर/उपकर/समस्त

क्रम सं0निक्षेप की तारीख माह/ वर्ष निक्षेप का समय रिपोर्ट तारीख (बैंक द्वारा) संदभ् स ं0 कर का अवधि, यदि कोई हो विवरण संव्यवहार प्रकार [विकलन (डीआर) [प्रत्यय (सीआर] विकलित/ प्रत्यय रकम (केन्द्रीय कर/राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर/एकी—त कर/उपकर/कुल) अतिशेष (केन्द्रीयकर/ राज्यकर/संघ राज्यक्षेत्रकर /एकी—त कर/ उपकर/कुल)
कर ब्याज शास्ति फीस अन्य क ुल कर ब्याज शास्ति फीस अन्य क ुल
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20

टिप्पण.--

1. संदर्भ संख्या जिसमें बीआरएन (बैंक संदर्भ संख्या)विकलन प्रविष्टि संख्या, आदेश संख्या यदि कोई हो और टीडीएस और टीडीसी प्रत्यय के मामले में विवरणी की अभिस्वी—ति संख्या सम्मिलित है । 2. कर की अवधि, किसी विकलन के लिए यदि लागू हो, संख्या अभिलिखित किया जाएगा, अन्यथा स्थान छोड़ा जाएगा ।6478 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 3. स्रोत पर कटौतीकर्ता का माल और सेवा कर पहचान संख्या (जीएसटी आईएन), चालान पहचान संख्या (सीआईएन) जिसके प्रतिकूल निक्षेप किया गया है और दायित्व के प्रकार जिसके लिए विकलन किया गया है, शीर्षक ''विभेद'' के अधीन भी अभिलिखित किया जाएगा ।

4. आवेदन की संख्या, यदि कोई, कारण बताओं सूचना, मांग आईडी, अपील के लिए पूर्व निक्षेप या किसी दायित्व के लिए शीर्षक ''विभेद'' के अधीन अभिलिखित किया जाएगा ।

5. खाते से दावा—त प्रतिदाय या कोई विकलन किसी दायित्व के प्रतिकूल अभिलिखित किया जाएगा । 6. निक्षेप का समय और तारीख, बैंक द्वारा रिपोर्टित के रूप में सीआईए सृजन की तारीख और समय है । 7. ''केन्द्रीय कर'' का अभिप्राय केन्द्रीय माल और सेवा कर है, ''राज्य कर'' का अभिप्राय राज्य माल और सेवा कर अभिप्राय है, ''संघ राज्यक्षेत्र कर'' का अभिप्राय संघ राज्यक्षेत्र माल और सेवा कर है और ''उपकर'' का अभिप्राय माल तथा सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर) है ।

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प्ररूप जीएसटी पीएमटी - 06 (नियम 87(2) देखिए) माल और सेवा कर के निक्षेप के लिए चालान

सीपीआईएन <<सूचना प्रस्तुति के पश्चात्‌ स्वतः सृजित तारीख << चालू तारीख चालान अवसान की तारीख
जीएसटीआईएन <<भरा गया/स्वतः वासित>> इ र्-मेल पता <<स्वतः वासित>>
नाम (विधिक) <<स्वतः वासित>> मोबाइल न0. << स्वतः वासित >>
पता << स्वतः वासित >>
निक्षेप के ब्यौरे (सभी माल रुपए में) स
रकार मुख्य शीर्ष लघु शीर्ष
भारत सरकार कर ब्याज शास्ति फीस अन्य कुल
केन्द्रीय कर (----)
एकी—त कर (----)
उपकर (----)
उप योग
राज्य (नाम) राज्य कर(----)
संघ राज्यक्षेत्र (नाम) संघ राज्यक्षेत्र कर (----)
कुल चालान रकम
कुल रकम, शब्दों में
संदाय का ढंग (सुसंगत भाग सक्रिय होगा जब विशिष्ट रूप में चयन किया जाए) ई-संदाय (यह ई-संदाय के सभी ढंग सम्मिलित होगा जैसे सीडी/डीसी और नेट बैंकिंग करदाता इसमें एक चयन करे ।) अतिरेक पटल (ओटीसी)
ब ैंक (जहां नकद या लिखत निक्षेप किए जाने के लिए प्रस्तावित है)
लिखत के ब्यौरे
नकद चौक मांग ड्राप्ट
नेफ्ट/आरटीजीएस
प्र ेषण बैंक
फ ायदाग्राही का नाम जीएसटी
फायदाग्राही लेखा संख्या (सीपीआईएन) < सीपीआईएन >
फायदाग्राही का नाम भारतीय रिजर्व बैंक
फायदाग्राही बैंक का भारतीय वित्तीय प्रणाली कोड (आईएफएससी) आरबीआई का आईएफएससी
रकम
निक्षेपकर्ता का विशिष्टियां
न् ााम
प दनाम/प्रास्थिति (प्रबंधक, भागीदार, आदि)
ह स्ताक्षर
त ारीख
संदत्त चालान सूचना
ज ीएसटीआईएन
क रदाता का नाम
बैंक का नाम
र कम
ब ैंक अभिस्वी—ति संख्या (बैंक के पटल पर निक्षेपित चैक/ बैंक के डीडी)
सीआईएन
स ं दाय की तारीख
ब ैंक अभिस्वी—ति संख्या (बैंक केप टल पर निक्षेपित चैक/बैंक के डीडी)
6479 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

टिप्पण.— एनईएफटी/आरटीजीएस संदाय के लिए यूनिक संव्यवहार संख्या से अभिप्राय है।6480 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीएसटी पीएमटी-07

(नियम 87(8) देखिए)

संदाय से संबंधित सूचना विभेद के लिए आवेदन

1. जीएसटीआईएन
2. नाम (विघिक)
3. व्यापार नाम, यदि कोई हो
4. सामान्य पोर्टल से चलान के सृजन की तारीख
5. सामान्य पोर्टल पहचान संख्या (सीपीआईएन)
6. संदाय का माध्यम (केवल एक को चिह्नित करे ) नेट बैकिग सीसी/डीसी एनईएफटी/आरटीजीएस ओटीसी
7. लिखत ब्यौरा, केवल ओटीसी संदाय हेतु चैक/ ड्राफ्ट स 0 ं तारीख बैंक/शाखा जिससे निकाला गया
8. बैंक का नाम जिसके माध्यम से संदाय किया गया है
9. उस तारीख को जिसको विकलन/सुव्यस्थीकरण किया गया है
10. स ं दर्भ बैंक स ं 0 (बीआरएन)/यूटीआर संख्या, यदि कोई हो
11. संदाय गेटवे का नाम (सीसी/डीसी)
12. संदाय विवरण केन्द्रीय कर राज्य कर संघ राज्यक्षेत्र कर एकी—त कर उपकर
13. सत्यापन (प्राधि—त हस्ताहक्षरी द्वारा) मैं सत्यनिष्ठा से घोषणा करता हू ं कि इस घोषणा में दी गई जानकारी सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सही और पूर्ण है । हस्ताक्षर स्थान प्राधि—त हस्ताक्षरी का नाम तारीख पदनाम /प्रास्थिति…………

टिप्पण.-–

1. आवेदक करदाता के लिए अर्थ है वहां उसके लेखा से विकलित रकम संदत्त होने के लिए आशयित है किन्तु सीआईएन सामान्य पोर्टल के लिए बैंक द्वारा संप्रेषित किया जाता है किन्तु संबंधी बैंक द्वारा रिपोर्ट किया गया है ।

2. विकलन के 24 घंटे के भीतर आवेदन फाइल किया जा सकेगा, संप्रेषित नहीं किया गया है ।

3. सामान्य पोर्टल संबंध बैंक से परिवाद अग्रेषित करेगा और व्यथित व्यक्ति को सूचना देगा ।

4. "केन्द्रीय कर'' का अभिप्राय केन्द्रीय माल और सेवा कर है, "संघ राज्यक्षेत्र कर" का अभिप्राय संघ राज्यक्षेत्र माल और सेवा कर है, "एकी—त कर" का अभिप्राय एकी—त माल और सेवा कर अभिप्राय है और "उपकर" का अभिप्राय माल तथा सेवा कर (राज्यों के प्रतिकर) है ।6481 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप–जीएसटी-आरएफडी-01

[नियम 89(1) देखिए]

प्रतिदाय के लिए आवेदन

चयन – रजिस्ट्री—त/आकस्मिक/अरजिस्ट्री—त/अनिवासी कराधेय व्यक्ति

1. जीएसटीआईएन/अस्थायी आईडी:

2. विधिक नाम :

3. व्यापार नाम, यदि कोई हो :

4. पता :

5. कर अवधि : <दिन/मास/वर्ष> से <दिन/मास/वर्ष>

6. दावा किया गया प्रतिदाय की रकम :

अधिनियम कर ब्याज शास्ति फीस अन्य कुल
केन्द्रीय कर
राज्य कर
संघ राज्यक्षेत्र कर
एकी—त कर
उपकर
कुल

7. प्रतिदाय दावा के लिए आधार (नीचे से चयन करें) :

(क) इलैक्ट्रानिक के नकद खाता में अधिक अतिशेष :

(ख) माल/सेवाओं के निर्यात कर के प्रदाय के साथ :

(ग) निर्यात माल सेवाएं – कर के संदाय के लिए उदरहणार्थ, निवेश कर प्रत्यय संचित

(घ) निर्धारण/अनंतिम निर्धारण/अपील/कोई अन्य आदेश के कारण—

(i) आदेश के प्रकार, उसका चयन : निर्धारण/अनंतिम निर्धारण/अपील आदेश

(ii) निम्नलिखित ब्यौरे उल्लिखित करें,--

1. आदेश संख्या ; 2. आदेश की तारीख <कलेंडर> 3. प्राधिकारी का आदेश जारी करना 4. संदाय संदर्भ संख्या (प्रतिदाय के रूप दावे के लिए रकम)

(यदि आदेश प्रणाली के भीतर जारी किया जाता है, तब 1,2,3,4 स्वतः वासित)

(ङ) विपर्यस्त कर ढांचा के लिए निवेश कर प्रत्यय संचित (धारा 54 (3) के परन्तुक के खंड (ii)

(च) विशेष आर्थिक जोन इकाई/विशेष आर्थिक विकासकर्ता या समझे गए निर्यात प्रापक के लिए गए प्रदाय पर—

(i) प्रदायकर्ता/प्राप्तिकर्ता के प्रकार चयन करें-- 1. विशेष आर्थिक जोन इकाई के लिए प्रदायकर्ता 2. विकासकर्ता विशेष आर्थिक जोन के लिए प्रदायकर्ता 3. समझा गया निर्यात की प्राप्ति ।6482 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (छ) प्रदाय पर संदत्त कर जिसे उपबंधित नहीं किया गया है, या तो पूर्णतः या भागतः और जिसके लिए बीजक जारी किया गया है

(ज) राज्यांतरिक पर संदत्त कर पर जिसे अन्तराज्यिक और विपर्ययेन धारित किया जाए ।

(i) कर की अधिकता संदाय, यदि कोई हो

(झ) अन्य (विनिर्दिष्ट करें)

8. बैंक लेखा के ब्यौरे (रजिस्ट्री—त करदाता के मामले में आरसी से स्वतः वासित)

(क) बैंक खाता संख्या (ख) बैंक का नाम (ग) बैंक खाता प्रकार (घ) खाता धारक का नाम (ङ) बैंक शाखा का पता (च) भारतीय वित्तीय प्रणाली कोड (आईएफएससी) (छ) मैगनेटिक इंक करेक्टर रिकागनाइजेशन (एमआईसीआर)

9. क्या धारा 54(4) के आवेदक द्वारा स्वयं घोषणा है, यदि लागू हो हां नहीं

घोषणा (नियम 54 (3) (ii) के अन्र्तगत)

मैं तदनुसार घोषणा करता हूं कि निर्यातित माल किसी निर्यात शुल्क के लिए कोई विषय नहीं है, मैं यह भी घोषणा करता हूं कि माल या सेवाएं दोनों पर कोई प्रतिदाय प्राप्य नहीं है और कि मैने प्रदाय पर संदत्त कर एकी—त कर जिसकी बाबत प्रतिदाय दावा किया गया है, के प्रतिदाय हेतु दावा नहीं किया है ।

हस्ताक्षर नाम पदनाम/ प्रास्थिति

घोषणा (नियम 54 (3) (ii) के अन्र्तगत)

मैं घोषणा करता हूं कि आवेदन में किए गए दावा निवेश कर प्रत्यय का प्रतिदाय दरों पर शून्य के लिए उपयोजित माल या सेवाओं पर प्राप्य किया था या पूर्णतः छूट जो प्रदाय करता है ।

हस्ताक्षर नाम पदनाम/ प्रास्थिति

घोषणा (नियम 89 देखें)

मैं घोषणा करता हूं कि इस प्रतिदाय दावा के अन्तर्गत विशेष आर्थिक जोन इकाई/ विशेष आर्थिक विकासकर्ता ने आवेदक द्वारा संदत कर पर निवेश कर प्रत्यय प्राप्त नहीं किया है।

हस्ताक्षर नाम पदनाम/ प्रास्थिति

स्वयं-घोषणा

मैं/हम....................... (आवेदक) जिसके पास माल या सेवा कर पहचान संख्या/अस्थायी आईडी.............. सत्यानिष्ठा से प्रतिज्ञान और प्रमाणित करता हूं/करते हैं और प्रमाणित करता हूं/करते हैं कि कर, ब्याज या उसकी अवधि ................... से ................ तक के लिए कर, ब्याज, यो कोई अन्य रकम के बारे में ............ रुपए के लिए उसकी6483 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 कोटि प्रतियां की बाबत आवेदन प्रतिदाय में दावा किया गया है, ऐसे कर और ब्याज की घटना किसी व्यक्ति द्वारा पारित नहीं किया गया है ।

(आवेदक द्वारा प्रस्तुत किए जाने के लिए यह घोषणा अपेक्षित नहीं है जो साधारण सेवा कर नियम के उपनियम के अधीन जिन्होंने प्रतिदाय के लिए दावा कर रहा है।)

10. सत्यापन

मैं/हम ................................ (करदाता का नाम) तदनुसार सत्यानिष्ठा प्रतिज्ञान और घोषणा करता हूं/करते हैं कि मेरी/हमारी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सही है और कोई बात छिपाया नहीं गया है ।

मैं घोषणा करता हूं कि इस लेखा पर उसके द्वारा पहले कोई प्राप्त नहीं किया गया है ।

स्थान प्राधिकारी का हस्ताक्षर तारीख (नाम) पदनाम/प्रास्थिति टिप्पण.— माल और सेवा कर प्रतिदाय के नियम 89 के उपनियम (4) के अधीन पृथक कथन फाइल नहीं किया गया है ।

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कथन 1:

(टिप्पण— सभी कथन, करदाता विवरणी तत्स्थानी से स्वतः वासित है, भरे जाने के लिए ईजीएम/ईबीआरसी जैसे बीजकों के लिए चयन करें, यदि विवरणी में पहले नहीं भरा गया था)

नियम 89 के उपनियम (2)(छ) के अधीन आवेदन के मामले में कथन

उपाबंध-1

साधारण सेवा कर नियम 89(2)(ज) <…> के अधीन संख्या और बीजक की संख्या और तारीख अन्तर्विष्ट करने वाला कथन

आवक प्रदाय के लिए : जीएसटी आर-2 के अनुसार (सारणी) :

जीएसटी आईएन रजिस्ट्री —त प्रदाय- कर्ता का नाम बीजक के ब्यौरे राज्य (गैर-रजि- स्ट्री—त प्रदायकर्ता के मामले में एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य कर/सघ राज्यक्षेत्र कर उपर स्तंभ 17 स्तंभ. 18 स्तंभ. 19 स्तंभ. 20/21/22/23
संख्या तारीख मूल्य माल/ सेवाएं (जी/ एस) एचएस एन कराधेय म ल्य ू यूक्यूसी क्यूटीवाई दर (%) रकम. दर (%) रकम दर (%) रकम दर (एनए) रकम एकी- —त कर केन्द्रीय कर राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 24क 24ख 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23

स्तंभ. 17ः पीओएस (अभिग्रहक स्थिति से केवल यदि भिन्न हो)

स्तंभ 18ः उपदर्शित करे यदि प्रदाय प्रतिवर्ती प्रभार्य आकर्षित किया जाता है । (हां/नहीं)

स्तंभ 19ः निवेश कर प्रत्यय की पात्रता जैसे (निवेश/पूंजी माल/निवेश सेवाएं/कोई नहीं)

स्तंभ 20/21/22/23ः निवेश कर प्रत्यय की रकम जो उपलब्ध है ।6484 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 बाह्य प्रदाय : जीएसटी आर-2 के अनुसार (सारणी) :

जीएसटी आईएस/ यूआईएन बीजक के ब्यौरे एकी—त कर क न्द्रीय कर े राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर स्तंभ 16 स्तंभ 17 स्तंभ 18 स्तंभ 19 स्तंभ 20 स्तंभ 21 स्तंभ 22
सं0 तारीख मूल्य माल/ सेवाएं (जी/एस) एचएस एन कराधेय म ल्य ू यूक्यूसी क्यूटीवाई दर (%) रकम दर (%) रकम दर (%) रकम दर (एनए) रकम
1 2 3 4 5 6 7 23 क 23 ख 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22

स्तंभ 16ः पीओएस (केवल यदि प्राप्तिकर्ता के अवस्थित से भिन्न हो) स्तंभ 17ः क्या विशेष आर्थिक जोन/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता के लिए की गई प्रदाय (हां/नहीं)

स्तंभ 18ः विशेष आर्थिक जोन/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता के लिए की गई प्रदाय हेतु विकल्प (एकी—त कर के साथ/एकी—त कर के बिना)

स्तंभ 19ः माना गया निर्यात (हां/नहीं) स्तंभ 20ः क्या प्रतिवर्ती प्रभार से संबंधित है (हां/नहीं) स्तंभ 21ः क्या यह बीजक अनंतिम आधार पर कर संदत्त किया है (हां/नहीं) स्तंभ 22ः ई-वाणिज्य प्रचालक (यदि लागू हो) के माल और सेवा कर पहचान संख्या (जीएसटीआईएन)

स्थान प्राधि—त हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर तारीख (नाम) पदनाम/प्रास्थिति कथन 2ः

नियम 89 के उपनियम 2(ख) और (ग) के अधीन आवेदन के मामले में कथन :

कर के संदाय के साथ निर्यात : .......................: कर अवधि

बीजक लदान बिल/ निर्यात का बिल कर संदाय विकल्प एकी—त कर क्या अनंतिम आधारों पर यह बीजक संदत्त कर पर है (हां /नहीं) ईजीएम क े ब्यौरे बीआरसी/ एफआईआरसी
सं0 तारीख मूल् य माल / सेवाएं (जी/ एस) एचएसएन स ं0 तारीख करा धेय म ू ल् य पत्तन कोड सं 0 तारीख एकी—त कर के साथ एकी—त कर क बिना दर े (%) रकम संदर्भ सं0 तारीख सं0 तारीख
1 2 3 4 5 15क 15ख् ा 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15C 15D 15E 15F

(*लदान बिल और ईजीएम जो आज्ञापक है— माल के मामले में ;

बीआरसी/ एफआईआरसी के ब्यौरे, आज्ञापक है-सेवाओं के मामले में)

स्थान प्राधि—त हस्तांक्षरी के हस्ताक्षर तारीख (नाम)

पदनाम/प्रास्थिति6485 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 कथन 3:

कर के संदाय के बिना निर्यात :

............................: कर अवधि

बीजक लदान बिल/ निर्यात का बिल कर संदाय विकल्प एकी—त कर क्या बीजक पर कर अनंतिम आधार पर संदत्त है (हां /नहीं) ईजीएम के ब्यौरे बीआरसी/ एफआईआरसी
सं0 तारीख मूल्य माल / स े वाएं (जी/ एस) एचएस एन यूक्यू सी क्यूटीवा ई कराधेय मूल्य पत्तन कोड स ं0 तारीख एकी—त कर के साथ एकी—त कर के बिना दर (%) रकम स दर्भ ं सं0 तारीख स ं0 तारीख
1 2 3 4 5 15A 15B 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15C 15D 15E 15F

(*लदान बिल और ईजीएम—माल के मामले में आज्ञापक है; बीआरसी/ एफआईआरसी के ब्यौरे आज्ञापक है-सेवाओँ के मामले में)

स्थान प्राधि—त हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर तारीख (नाम)

पदनाम/प्रास्थिति

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कथन 4:

नियम 89, उपनियम 2(घ) और (ङ) के अधीन आवेदन के मामले में कथन: विशेष आर्थिक जोन/विकासकर्ता के प्रदायकर्ता द्वारा प्रतिदाय : जीएसटीआर-1 सारणी 5

जी एस टी आई एस / य आ ू इ र् एन बीजक के ब्यौरे एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर स्तंभ 16 स्तंभ 17 स्तंभ 18 स्तंभ 19 स्तंभ् 20 स्तंभ 21 स्तंभ 22 एआरआ इ र् प्राप्ि त की तारी ख संदाय के ब्यौरे
स ं ं 0 तारीख मूल्य माल/ स े वाएं (जी /ए स) एच एस एन कराधेय मूल्य यूक्यूसी क्यू टी वाई दर % रकम दर % रकम दर % रकम दर (एन ए ) रकम स. तारीख संदर्भ स ख्या ं तारीख
1 2 3 4 5 6 7 23क 23ख 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 ग 23 घ 23ङ 23 च 23 छ

स्तंभ 16ः पीओएस (केवल यदि अभिग्राही स्थिति से भिन्न हो)

स्तंभ 17ः क्या विशेष आर्थिक जोन/विशेष आर्थिक विकासकर्ता के लिए प्रदाय की गई है (हां/नहीं)

स्तंभ 18ः क्या विशेष आर्थिक जोन/विशेष आर्थिक विकासकर्ता (एकी—त कर के साथ/एकी—त कर के बिना) के लिए कर विकल्प प्रदाय किया जाता है ।

स्तंभ 19ः समझा गया निर्यात (हां/नहीं)

स्तंभ 20ः क्या विपर्यस्त, क्या प्रदाय विपर्यस्त परिवर्तन संबंधी है ।(हां/नहीं)

स्तंभ 21ः क्या अनंतिम आधार पर इस बीजक कर पर संदत्त किया गया है ।(हां/नहीं)

स्तंभ 22ः ई-वाणिज्य प्रचालक का माल और सेवा कर पहचान संख्या (जीएसटीआईएन) (यदि लागू) 6486 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 स्तंभ 23 सी/डी : एआरई (निर्यात को हटाने के लिए आवेदन)

स्तंभ 23 ईः विशेष आर्थिक जोन/विकासकर्ता द्वारा प्राप्ति की तारीख (गोदाम प्रमाणपत्र के अनुसार)

स्तंभ 23 एफ/जीः संदाय प्राप्ति के ब्यौरे

(* माल के मामले में : विशेष आर्थिक जोन/विकासकर्ता द्वारा एआरई और प्राप्ति का तारीख ;

सेवा में प्राप्त संदाय की विशिष्टियां आज्ञापक है)

सेवा के मामले में : प्राप्त किए संदाय की विशिष्टियां आज्ञापक हैं ।

-------

जीएसटीआर 5- सारणी 6

.......................कर अवधि

स् तंभ 1 बीजक के ब्यौरे ए की—त कर केन्द्रीय कर राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर स्तंभ 16 स्तंभ 17 स्तंभ 18 स् त ंभ 19 स् तंभ 20 ए आरई प्र ाप्ि त की तार ीख संदाय के ब्यौरे
सं0 तारीख म ल्य ू माल/ सेवाएं (जी/एस) एचएस एन य ूक्यूसी क्यूटीवाई कराधेय मूल्य दर (%) रकम दर (%) रकम दर (%) रकम दर (एनए) रकम सं0 तारीख संदर्भ सं0 तारीख
1 2 3 4 5 6 21 क 21 ख 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21ग 21घ 21 ङ 21 च 21 छ

स्तंभ 1: माल और सेवा कर पहचान संख्या/यूनिक पहचान संख्या/गैर-रजिस्ट्री—त प्राप्तिकर्ता (विशेष आर्थिक जोन/विकासकर्ता के लिए प्रदायकर्ता)

स्तंभ 16: पीओएस (केवल यदि प्राप्तिकर्ता की अवस्थिति से विभिन्न)

स्तंभ 17: क्या विशेष आर्थिक जोन/विशेष आर्थिक विकासकर्ता के लिए प्रदाय की गई है (हां/नहीं)

स्तंभ 18: विशेष आर्थिक जोन/विशेष आर्थिक विकासकर्ता (एकी—त कर के साथ/एकी—त कर के बिना) के लिए कर विकल्प प्रदाय किया जाता है ।

स्तंभ 19: समझा गया निर्यात (हां/नहीं)

स्तंभ 20: क्या अनंतिम आधार पर इस बीजक कर पर संदत्त कियागया है। (हां/नहीं)

स्तंभ 21 सी/डी : एआरई (निर्यात को हटाने के लिए आवेदन)

स्तंभ 21 ईः विशेष आर्थिक जोन/विकासकर्ता (गोदाम प्रमाणपत्र के अनुसार) द्वारा प्राप्ति की तारीख

स्तंभ 21 एफ/जीः संदाय प्राप्ति के ब्यौरे

(* माल के मामले में : विशेष आर्थिक जोन/विकासकर्ता द्वारा एआरई और प्राप्ति का तारीख ;

सेवा में प्राप्त संदाय की विशिष्टियां आज्ञापक है)

सेवा के मामले में : प्राप्त किए संदाय की विशिष्टियां आज्ञापक हैं ।

स्थान प्राधि—त हस्ताक्षरी का हस्ताक्षर तारीख (नाम) पदनाम/प्रास्थिति6487 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 कथन 5:

नियम 89 के उपनियम (2)(घ) के अधीन आवेदन के मामले में कथन : समझे गए निर्यातों की ईओयू/प्राप्तकर्ता द्वारा प्रतिदाय :

जीएसटी आईएस/ गैर- रजिस्ट्री—त प्रदाय का नाम बीजक के ब्यौरे राज्य (गैर- रजिस्ट्री—त के मामले में) एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर स्तंभ 16 स्तंभ 17 स्तंभ 18 स्तंभ 20/21/22 /23 एआईई प्राप्ति की तारीख
सं0 तारीख मूल्य माल/ स े वाएं (जी/एस) एचएस एन कराधेय मूल्य यूक्यू सी क्यूटी वाई दर (%) रकम दर (%) रकम दर (%) रकम दर (एनए) रकम एकी— त कर केन्द्रीय कर राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर स 0 ं तारीख
1 2 3 4 5 6 7 24का 24 ख 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 ग 24घ 24 ङ

स्तंभ 17: पीओएस (केवल यदि प्राप्तकर्ता की अवस्थिति से भिन्न हो)

स्तंभ 18: उपदर्शित करे यदि प्रदाय प्रतिवर्ती परिवर्तन से संबंधित है (हां/नहीं) स्तंभ 19: निवेश कर प्रत्यय की पात्रता जैसे (निवेश/पूंजी माल/निवेश सेवाएं/कोई नहीं

स्तंभ 20/21/22/23: निवेश कर प्रत्यय की रकम उपलब्ध स्तंभ 24 सी/डी : एआरई (निर्यात हटाने के लिए आवेदन) स्तंभ 24 ई: विशेष आर्थिक जोन/विकासकर्ता (गोदाम प्रमाणपत्र के अनुसार) द्वारा प्राप्ति की तारीख (* माल के मामले में : एआरई और विशेष आर्थिक जोन/विकासकर्ता द्वारा प्राप्ति जो आज्ञापक हो)

स्थान प्राधि—त हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर तारीख (नाम) पदनाम/प्रास्थिति

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कथन 6:

नियम 89(2)(ञ) के अधीन फाइल किए गए आवेदन के मामले में

[धारा 77(1) के अधीन प्रतिदाय – अनुचित संग्रहीत कर और संदत्त]

आदेश ब्यौरे (धारा 77(1) और (2) के अनुसरण में जारी: आदेश सं0: आदेश तारीख:

जीएसटी आईएस/ यूआईएन (बी 2सी के मामले में) राज्यांतरित/अन्तरराज्यिक पूर्व के रूप में संव्यवहार अच्छादित के ब्यौरे स ं व्यवहार जिसके लिए अन्तरराज्यिक/राज्यांतरिक प्रदाय पश्चातवर्ती धारित किए गए थे
बीजक के ब्यौरे एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर प्रदाय का स्थान (केवल यदि प्राप्तिकर्ता से भिन्न की प्रास्थिति) एकी—त कर केन्द्रीय कर राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर प्रदाय का स्थान (केवल यदि प्राप्तिकर्ता से भिन्न की प्रास्थिति)
सं0 तारीख मूल्य कराधेय मू ्‌ल्य रकम रकम रकम रकम रकम रकम रकम रकम
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15
6488 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

कथन : 7

नियम 89(2) (ट) के अधीन फाईल किया आवेदन के मामले में कथन

क्रम सं. कर अवधि विवरणी का स दर्भ सं0 ं विवरणी फाइल करने की तारीख दायित्व रजिस्टर में उपलब्ध अधिक रकम
ए की—त कर केन्द्रीय कर राज्य कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8

उपाबंध-2

प्रमाणपत्र

यह प्रमाणित किया जाता है कि ....................कर अवधि के लिए..........................माल और सेवा कर पहचान संख्या/अस्थायी आई डी, मैसर्स..................................... (आवेदक का नाम) द्वारा ....................................... (शब्दों में) आई एन आर दावे के प्रतिदाय के संबंध में कर और ब्याज का आपतन किसी अन्य व्यक्ति ने पारित नहीं किया है । यह प्रमाणपत्र आवेदन द्वारा विशेष रुप से अनुरूक्षण दिए गए लेखा पुस्तकों और अन्य संबंधित अभिलेखों और विवरणियों के परीक्षण के आधार पर है ।

चार्टर्ड आकाऊन्टेंट/लागत लेखाकार के हस्ताक्षरः नामः

सदस्य संख्याः

स्थानः

तारीखः

यह प्रमाणपत्र आवेदक द्वारा अधिनियम की धारा 54 की उपधारा (8) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या खंड (ङ) या खंड (च) के अधीन प्रतिदाय दावा दिया जाना अपेक्षित नहीं है ।

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प्ररुप जीएसटी आरएफडी-02

[नियम 90 (2), 95 (2) देखें]

अभिस्वी—ति

प्रतिदाय के लिए आपका आवेदन का <आवेदन संदर्भ संख्या > के विरुद्ध अभिस्वी—त कर लिया गया है। अभिस्वी—ति संख्या :

अभिस्वी—ति की तारीखः

जी एस टी आई एन /यू आई एन/ अस्थायी आई डी, यदि उपलब्ध हैः

आवेदक का नामः

प्ररुप सं. :

6489 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररुप विवरण:

अधिकारिता (समुचित निशान लगाएं) :

केन्द्रीय राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र :

द्वारा भरा गया

प्रतिदाय आवेदन ब्यौरा
कर अवधि
फाइल करने की तारीख और समय
प्रतिदाय के लिए कारण
कर ब्याज शास्ति फीस अन्य कुल
केन्द्रीय कर
राज्य कर
य ू टी कर
एकीकृृत कर
उपकर
कुल

टिप्पण 1.--आवेदन की प्रास्थिति जी एस टी प्रणाली पोर्टल पर ट्रैक आवेदन प्रास्थिति <प्रतिदाय > के माध्यम से आवेदन संदर्भ संख्या दर्ज करने से देखी जा सकती है ।

टिप्पण 2.--यह एक प्रणाली उत्पन्न अभिस्वी—ति है और इसमें हस्ताक्षर अपेक्षित नहीं है ।

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प्ररुप जीएसटी आरएफडी 03

[नियम 90(3) देखें]

ऊनता का ज्ञापन

संदर्भ सं. : तारीखः <दिन /मास /वर्ष > सेवा में ....................................................(माल और सेवा कर पहचान संख्या/यूनिक पहचान संख्या /अस्थायी आई डी) .................................................... (नाम) ................................................... (पता) विषयः प्रतिदाय आवेदन संदर्भ सं. (ए आर एन............................तारीख .................<दिन /मास /वर्ष >............. के संबंध में। महोदय/महोदया यह अधिनियम की धारा 54 के अधीन फाइल किए गए आपके उपरोक्त वर्णित आवेदन के संदर्भ में है । आपके आवेदन की संवीक्षा करने पर, निम्नलिखित कतिपय कमियां नोटिस की गई हैं .-

क्रम संख्या विवरण ( प्रतिदाय आवेदन के छूटने के कारण को चयन करें )
1. <बहुचयन विकल्प >
2.
अन्य <टेक्सट बॉक्स > { कारण मास्टर' से चयनित कारण के सिवाय कोई अन्य कारण}
6490 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

आपको सलाह दी जाती है कि उपरोक्त कमियों के शुद्दिकरण के पश्चात, एक नया प्रतिदाय आवेदन फाइल करें ।

तारीखः हस्ताक्षर (डी एस सी)ः स्थानः उचित अधिकारी का नामः पदनामः कार्यालय पताः

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प्ररुप जीएसटी आरएफडी-04

[नियम 91(2) देखें]

मंजूरी आदेश सं. : तारीखः <दिन /मास /वर्ष > सेवा में .............................................................(माल और सेवा कर पहचान संख्या ........................................................... (नाम) ...............................................................(पता)

अनंतिम प्रतिदाय आदेश

प्रतिदाय आवेदन संदर्भ सं. (ए आर एन)........................तारीख......................तारीखः <दिन /मास /वर्ष > अभिस्वी—ति सं.......................तारीख................... <दिन /मास /वर्ष > महोदय /महोदया,

प्रतिदाय के लिए आपके उपरोक्त वर्णित आवेदन के संदर्भ में, निम्नलिखित रकम अनंतिम आधार पर आपको स्वी—त की जाती है :

क्र म स . ं विवरण केन्द्रीय कर राज्य कर संघ राज्य क्षेत्र कर ए ेकी—त कर उपकर
(i) दावा—त प्रतिदाय की रकम
(ii) दावा—त रकम का 10% प्रतिदाय के रुप में(बाद में स्वी—त किया जाएगा)
(iii) बकाया रकम (i-ii)
(iv) स्वी—त प्रतिदाय की रकम
बैंक विवरण
(v) आवेदन के अनुसार बैक खाता संख्या
(vi) बैंक का नाम
(vii) बैक /शाखा का पता
(viii) आई एफ एस सी
(ix) एम आई सी आर
6491 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 तारीखः हस्ताक्षर (डी एस सी)ः

स्थानः नामः

पदनामः

कार्यालय पताः

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प्ररुप जीएसटी आरएफडी-05

[नियम 91(3), 92(4), 92(5) और 94 देखें]

संदाय सलाह

संदाय सलाह सं. तारीखः <दिन /मास /वर्ष >

सेवा में, <केन्द्रीय> पी ए ओ /खजाना /आई बी आई / बैंक

प्रतिदाय स्वी—ति आदेश सं...........................

आदेश तारीख...................<दिन /मास /वर्ष >..........................

जी एस टीआई एन /यू आई एन/ अस्थायी आई डी <>

नामः <>

प्रतिदाय रकम (आदेश के अनुसार) :

केन्द्रीय कर राज्य कर यू टी कर एकी—त कर उपकर
नेट स्वी—त प्रतिदाय रकम
विलंब प्रतिदाय पर ब्याज
कुल
बैंक का ब्यौरा
(i) आवेदन के अनुसार बैंक खाता संख्या
(ii) बैंक का नाम
(iii) बैंक /शाखा का नाम और पता
(iv) आई एफ एस सी
(v) एम आई सी आर

तारीखः हस्ताक्षर (डी एस सी)ः स्थानः नामः पदनामः कार्यालय पताः सेवा में ....................................(जी एस टी आई एन/यू आई एन/अस्थायी आई डी) ...............................(नाम) ....................................(पता)

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प्ररुप जीएसटी आरएफडी-06 [नियम 92 (1), 92(3), 92(4), 92(5) और 96(7) देखें]

आदेश सं. तारीखः <दिन /मास /वर्ष > सेवा में, ............................. (जी एस टीआई एन /यू आई एन/अस्थायी आई डी ) 6492 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 ..................................(नाम) ...............................(पता)

कारण बताओ नोटिस संख्या (यदि लागू हो) अभिस्वी—ति संख्या ............................ तारीखः............<दिन /मास /वर्ष >................... स्वी—त प्रतिदाय/ अस्वी—त आदेश

महोदय/महोदया,

यह अधिनियम की धारा 54 के अधीन प्रतिदाय के लिए आपके उपरोक्त वर्णित आवेदन के संदर्भ में /*प्रतिदाय पर ब्याज*/ आपके आवेदन का परीक्षण करने पर आपको मंजूर प्रतिदाय की रकम बकाया (जहां लागू है) के समायोजन के पश्चात्‌ की जाएगी, जो निम्नलिखित है :-

म सं. विवरण केन्द्रीय कर राज्य कर यू टी कर एकी—त कर उपकर
(i) दावा—त प्रतिदाय/ब्याज* की रकम
(ii) अनंतिम आधार पर मंजूर प्रतिदाय (आदेश सं.................तारीख.............) (यदि लागू हों)
(iii) प्रतिदाय रकम अग्राह्य < कारण उल्लेख कीजिए> < बहु-कारण अनुज्ञेय है>
(iv) संदाय किए जाने वाली सकल रकम(1-2-3)
(v) विद्यमान विधि के अधीन या अधिनियम के अधीन बकाया मांग के विरुद्ध (यदि कोई हो) समायोजित रकम मांग आदेश सं..... ...........तारीख.........अधिनियम अवधि <पंक्ति के साथ बहु पंक्तियों को संभव हो जोड़ें >
(vi) नेट संदाय की जाने वाली रकम

*जो लागू न हो उसे काट दें। & 1. मैं, अधिनियम@ की धारा 56 के अधीन /अधिनियम की धारा 54 की उपधारा (5) के अधीन माल और सेवा कर पहचान संख्या रखने वाले मैसर्स.............................को आई एन आर.............की रकम की मंजूरी देता हूं । @ जो लागू न हो उसे काट दें।

(क) और रकम को उसके द्वारा उसके आवेदन में विनिर्दिष्ट बैंक खाता में संदाय किया गया है। (ख) रकम को उपरोक्त तालिका के क्रम संख्यां 5 पर विनिर्दिष्ट बकाया की वसूली को समायोजित किया गया है ।

(ग) ...................रुपए की रकम को उपरोक्त तालिका के क्रम संख्या 6 पर विनिर्दिष्ट बकाया की वसूली को समायोजित किया है और शेष................रुपए की रकम को उसके द्वारा उसके आवेदन में विनिर्दिष्ट बैंक खाता में संदाय कर दिया गया है । #जो लागू न हो उसे काट दें । या & 2 मैं, अधिनियम की धारा (.....) की उपधारा (.....) के अधीन उपभोक्ता कल्याण निधि को आई एन आर.................. ...की रकम जमा करता हूं ।6493 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 & 3 मैं, अधिनियम की धारा (.............) की उपधारा (.....) के अधीन माल और सेवा कर पहचान संख्या रखने वाले मैसर्स...........................को आई एन आर.............की रकम को निरस्त करता हूं ।

& जो लागू न हो उसे काट दें ।

तारीखः हस्ताक्षर (डी एस सी)ः स्थानः नामः पदनामः कार्यालय पताः

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प्ररुप जीएसटी आरएफडी-07

[नियम 92(1), 92(2), 96(6) देखें]

संदर्भ सं. तारीखः <दिन /मास /वर्ष > सेवा में, .................. (माल और सेवा कर पहचान संख्या /यूनिक पहचान संख्या /अस्थायी आई डी सं.) ..................................नाम ...............................(पता)

अभिस्वी—ति संख्या ............................ तारीखः.......................तारीखः <दिन /मास /वर्ष >..........

मंजूरी प्रतिदाय के पूर्ण समायोजन के लिए आदेश भाग- क

महोदय/महोदया, उपरोक्त यथानिर्दिष्ट आपके प्रतिदाय आवेदन के संदर्भ में और आपको मंजूर किए गए प्रतिदाय की रकम के विरुद्ध और दी गई सूचना या फाइल किए गए दस्तावेज बकाया मांग के विरुद्ध पूर्ण रूप से समायोजित कर दिया गया है जो ब्यौरे के अनुसार निम्नलिखित है :-

प्रतिदाय गणना एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य कर यू टी कर उपकर
(i) दावा—त प्रतिदाय की रकम
(ii) अनंतिम आधार पर मंजूर प्रतिदाय
(iii) अस्वीकृृत अग्राह्य प्रतिदाय रकम < कारण उल्लेख कीजिए>
(iv) प्रतिदाय अनुज्ञेय (i-ii-iii)
(v) विद्यमान विधि के अधीन या इस विधि के अधीन बकाया मांग (आदेश सं............ ....के अनुसार) के विरूद्ध समायोजित प्रतिदाय मांग ओदश सं.................. तारीख......... <बहुपंक्तियो में दी जा सकती है >
(vi) प्रतिदाय रकम का शेष शून्य शून्य शून्य

मैं, यह आदेश देता हूं कि उपरोक्त यथादर्शित दावा—त अनुज्ञेय प्रतिदाय की रकम इस अधिनियम के अधीन विद्यमान विधि के अधीन बकाया मांग के विरुद्ध पूर्ण रुप से समायोजित कर ली जाए । इस आवेदन का निपटारा अधिनियम की धारा (.......) की उपधारा (.....) के अधीन उपबंधों के अनुसार जारी किया गया है ।

या6494 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

भाग- ख

प्रतिदाय रोकने के लिए आदेश

उपरोक्त यथानिर्दिष्ट आपके प्रतिदाय आवेदन के संदर्भ में और आपको मंजूर किए गए प्रतिदाय रकम के विरुद्ध और दी गई सूचना या फाइल किए गए दस्तावेज निम्नलिखित कारणों से रोक दिए गए हैं जिसका ब्यौरा निम्न प्रकार से है :-

प्रतिदाय आदेश सं. :
आदेश दारी करने की तारीखः
प्रतिदाय गणना एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य कर य ू टी कर उपकर
(i) मंजूर प्रतिदाय की रकम
(ii) रोके गए प्रतिदाय की रकम
(iii) अनुज्ञेय प्रतिदाय की रकम

प्रतिदाय रोकने के लिए कारण

<< पाठ >>

मैं, यह आदेश देता हूं कि उपरोक्त यथादर्शित दावा—त अनुज्ञेय प्रतिदाय की रकम इस अधिनियम के अधीन उपरोक्त वर्णित कारणों के लिए रोक दी गई । यह आदेश इस अधिनियम की धारा (.......) उपधारा (.....) के अधीन उपबंधों के अनुसार जारी किया गया है । तारीखः हस्ताक्षर (डी एस सी)ः स्थानः नामः पदनामः कार्यालय पताः

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प्ररुप जीएसटी आरएफडी-08 [नियम 92(3) देखें] प्रतिदाय के लिए आवेदन अस्वीकार करने के लिए नोटिस

एस सी एन सं. तारीखः <दिन /मास /वर्ष > सेवा में, ....................... (माल और सेवा कर पहचान संख्या /यूनिक पहचान संख्या /अस्थायी आई डी सं.) ..................................नाम ................................(पता) अभिस्वी—ति संख्या ............................ तारीखः.............<दिन /मास /वर्ष >................ आवेदन संदर्भ संख्या ....................... यह अधिनियम की धारा 54 के अधीन फाइल किए गए प्रतिदाय के लिए आपके उपरोक्त वर्णित आवेदन का संदर्भ है । परीक्षण करने पर, यह पाया गया है कि, प्रतिदाय आवेदन निम्नलिखित कारणों के कारण अस्वीकार करने योग्य है :-

क्रम सं. विवरण (उल्लेख छोड़े जाने से प्रतिदाय का अग्राह्य के कारणों का चयन) अग्राह्य रकम
(i)
(ii)
(iii) अन्य{ 'कारण मास्टर' में उल्लिखित कारणों को छोड़ कर कोई अन्य कारण}
6495 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

आपको उन कारणों को बताए जाने के लिए कहा गया है जो उपरोक्त विनिर्दिष्ट रकम के परिमाण उपरोक्त कथित कारणों के लिए आपके प्रतिदाय दावे को अस्वीकार क्यों न कर दिया जाए ।

o आपको यह निदेशित किया जाता है कि इस नोटिस के तामील होने की तारीख से पंद्रह दिनों के भीतर इस नोटिस का उत्तर दिया जाए ।

o आपको यह भी निदेशित किया जाता है कि आप तारीख/मास वर्ष समय ......... पर अधोहस्ताक्षरी के समक्ष उपस्थित हों ।

यदि आप नियत तारीख के भीतर उत्तर दिए जाने में असफल होते हो या नियत तारीख और समय पर निजी सुनवाई के लिए उपस्थित होने में असफल होने की दशा में उपलब्ध अभिलेखों और गुणागुण के आधार पर एक तरफा विनिश्चय किया जाएगा ।

तारीखः हस्ताक्षर (डी एस सी)ः

स्थानः नामः

पदनामः

कार्यालय पताः

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प्ररुप जीएसटी आरएफडी-09

[नियम 92(3) देखें]

कारण बताओं नोटिस का उत्तर तारीखः <दिन /मास /वर्ष >

1. नोटिस का संदर्भ संख्या जारी करने की तारीख
2. जी एस टी-आई एन /यू आई एन
3. कारबार का नाम, (विधिक)
4. व्यापार का नाम, यदि कोई हो
5. नोटिस का उत्तर
6. अपलोड दस्तावेजों की सूची
7. सत्यापन म ैं,.......................................सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है । प्राधि—त व्यक्ति के हस्ताक्षर नाम............................ पदनाम /प्रास्थिति........................ स् थानः तारीखः <दिन /मास /वर्ष >

स्थानः प्राधि—त व्यक्ति के हस्ताक्षर तारीखः (नाम) पदनाम /प्रास्थिति........................

6496 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररुप जीएसटी आरएफडी-10

[नियम 95(1) देखें]

संयुक्त राष्ट्र का कोई विशिष्ट अभिकरण या कोई बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान और संगठन, कान्सुलेट या विदेशी राज्यों के दूतावास द्वारा प्रतिदाय के लिए आवेदन

1. यूनिक पहचान संख्याः 2. नाम ः

3. पता ः 4. कर अवधि (तिमाही) ः दिन /मास /वर्ष से ...................तक <दिन /मास /वर्ष >

5. दावा प्रतिदाय की रकम <आई एन आर > <शब्दों में>

रकम
केन्द्रीय कर
राज्य कर
संघ राज्य क्षेत्र कर
एकी—त कर
उपकर
कुल

6. बैंक खाते का ब्यौराः

(क) बैंक खाता संख्या (ख) बैंक खाते का प्रकार (ग) बैंक का नाम (घ) खाता धारक/संचालक का नाम (ङ) बैंक शाखा का पता (च) आई एफ एस सी (छ) एम आई सी आर

7. संदर्भ संख्या और दिए गए प्ररुप जी एस टी आर-11 की तारीख

8. सत्यापन

मैं, ............<दुतावास /अंतर्राष्ट्रीय संगठन का नाम> का प्राधि—त प्रतिनिधि के रूप में सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कुछ भी छिपाया नही गया है ।

यह कि हम सरकार द्वारा अधिसूचित संयुक्त राष्ट्र का विशिष्ट अभिकरण बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान और संगठन, कान्सुलेट या विदेशी राज्यों के दूतावास कोई अन्य व्यक्ति विशिष्ट व्यक्तियों का वर्ग के रुप में ऐसे प्रतिदाय दावा के पात्र हैं ।

स्थानः प्राधि—त व्यक्ति के हस्ताक्षर तारीखः (नाम) पदनाम/प्रास्थिति6497 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 प्ररूप जीएसटी एएसएमटी-01 {नियम 98(1) देखें} धारा 60 के अधीन अंनतिम निर्धारण के लिए आवेदन

1. जीएसटीआईएन

2. नाम

3. पता

4 . उस वस्तु/सेवा का विवरण/जिसके लिए कर की दर/मूल्यांकन का अवधारण किया जाना है ।
क्र .सं. एचएसएन/एसएसी वस्तु का नाम कर की दर मूल्याकंन मासिक औसत
केन्द्रीय कर राज्य/ सं.शा. राज्यक्षेत्र कर एकी—त कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9
5. अनंतिम निर्धारण कर की मांग करने के लिए कारण
6. फाईल किये गये दस्तावेज

7. सत्यापन- मैं------सत्यनिष्ठा पूर्वक यह कथन करता हूँ और घोषणा करता हूं कि यहां उपरोक्त में दी गई सूचना मेरे ज्ञान विश्वास से सत्य और सही है तथा उसमें से कुछ भी छिपाया नहीं गया है ।

प्राधि—त हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर नाम पदनाम/प्रास्थिति तारीख--------------------

-----------

प्ररूप जीएसटी एएसएमटी-02

{नियम 98(2) देखें}

संदर्भ सं0 तारीखः

सेवा में जीएसटी आईएन-------------------- नाम------------------ पता------------------- आवेदन संदर्भ सं0------------------------- तारीख ------------------

अंनतिम निर्धारण के लिए अतिरिक्त सूचना/स्पष्टीकरण/दस्तावेजो को मांगने हेतू सूचना । —पया उपरोक्त संदर्भित आवेदन का संदर्भ ले । अंनतिम निर्धारण के लिए आपकी प्रार्थना का निरिक्षण करते समय यह पाया गया है कि निम्नलिखित सूचना/दस्तावेज इस प्रक्रिया के लिए अपेक्षित है - << पाठ >> अतः आप से निवेदन है कि इस सूचना की तामील की तारीख से 15 दिन की अवधि के भीतर सूचना/दस्तावेज का उपबंध करें जिससे कि यह कार्यालय इस मामलें में कोई विनिश्चय करने में समर्थ हो सकें । —

6498 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 पया नोट करें कि यदि नियत तारीख तक कोई सूचना प्राप्त नहीं होती है तो आपका आवेदन, आपको और संदर्भ किए बिना नामंजूर किए जाने का दायी होगा ।

आप से निवदेन है कि << तारीख-----समय------स्थल >> पर व्यैक्तिक सुनवाई के लिए अद्योहस्ताक्षरी के समक्ष प्रस्तुत हों । हस्ताक्षर

नाम

पदनाम

---------

प्ररूप जीएसटी एएसएमटी- 03 {नियम 98(2) देखें} अतिरिक्त सूचना मांगने के लिए सूचना का उत्तर

1. जीएसटीआईएन
2. नाम
3. उस सूचना का विवरण जिसके द्वारा अतिरिक्त सूचना मांगी गई सूचना सं0 सूचना तारीख
4. उत्तर
5
. फाईल किये गये दस्तावेज

6. सत्यापन

मैं------सत्यनिष्ठापूर्वक यह कथन करता हूँ और घोषणा करता हूं कि यहां उपरोक्त में दी गई सूचना मेरे ज्ञान विश्वास से सत्य और सही है तथा उसमें से कुछ भी छिपाया नहीं गया है ।

प्राधि—त हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर नाम पदनाम/प्रास्थिति तारीख-------

---------

प्ररूप जीएसटी एएसएमटी-04

{नियम 98(3) देखें}

संदर्भ सं0 तारीख सेवा में जीएसटी आईएन----------------- नाम----------------------- पता--------------------- आवेदन संदर्भ सं0-------------- तारीख ---------------

6499 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 अंनतिम निर्धारण की मंजूरी या नामंजूरी का आदेश

यह अंनतिम निर्धारण के आपके निवेदन के समर्थन में सूचना/दस्तावेजों को प्रस्तुत करने, उपरोक्त लिखित आवेदन तथा उत्तर तारीख--------- के संदर्भ में है । आपके आवेदन और उत्तर का निरिक्षण करने पर, अंनतिम निर्धारण को निम्नलिखित रूप में अनुज्ञात किया गया है - << पाठ >> अंनतिम निर्धारण-----तारीख तक और विहित रूप विधान में बंधपत्र---------(माध्यम) के प्ररूप में ------रूपये की रकम की प्रतिभूति देने के अध्यधीन अनुज्ञात किया जाता है । —पया नोट करें कि यदि बंधपत्र और प्रतिभूति नियत तारीख के भीतर नहीं दी जाती है, अंनतिम निर्धारण आदेश को अ—त और शून्य माना जाएगा जैसे कि ऐसा कोई आदेश पारित ही न हुआ हो या यह अंनतिम निर्धारण के आपके निवेदन के समर्थन में सूचना/दस्तवेजों को प्रस्तुत करने, उपरोक्त लिखित आवेदन तथा उत्तर तारीख--------- के संदर्भ में है । अंनतिम निर्धारण के लिए आपके आवदेन का निरिक्षण किया गया और यह पाया गया कि यह निम्नलिखित कारणों की वजह से स्वीकार्य है- << पाठ >> हस्ताक्षर नाम पदनाम

---------

प्ररूप जीएसटी एएसएमटी-05

(नियम 98(4) देखें)

प्रतिभूति देना

1. जीएसटीआई एन
2. नाम
3. आदेश जिसके द्वारा प्रतिभूति को विहित किया गया है आदेश सं0 आदेश की तारीख
4. दी गई प्रतिभूति का विवरण
क्र.सं. माध्यम संदर्भ सं0/ लिए नगद संदाय के लिए नामे प्रविष्टि सं0 तरीख रकम बैंक का नाम
1 2 3 4 5 6

टिप्पण.-- बैंक गारंटी और बंधपत्र की हार्ड प्रति आदेश में वर्णित तय तारीख को या उससे पूर्व जमा करनी होगी ।

5. घोषणा.--

(i) ऊपर वर्णित बैंक गारंटी उन माल और सेवाओं के प्रदाय पर अंतरीय कर को सुरक्षित करने के लिए दी गई हे जिसकी बाबत मुझे अंनतिम आधार पर कर संदाय करने को अनुज्ञात किया गया है । (ii) मैं बैंक गारंटी का इसके अवसान से पहले नवीनीकरण कराने का वचन देता हॅूं। यदि मैं/हम ऐसा करने में असफल रहते हैं तो विभाग को बैंक से बैंक गारंटी के विरूद्ध संदाय प्राप्त करने की छूट होगी । 6500 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (iii) यदि हम अंनतिम निर्धरण को अंतिम रूप देने के लिए सुकर बनाने में अपेक्षित दस्तावेज/सूचना देने में असफल रहते हैं, विभाग को अंनतिम निर्धारण का आच्छेदन करने के लिए हमारे द्वारा उपबंधित बैंक गारंटी को अवलंब करने की छूट होगी ।

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी के हसताक्षर नाम पदनाम/प्रास्थिति तारीख..............

---------

अंनतिम निर्धारण के लिए बंधपत्र (नियम 98(3) तथा 98(4) देखें)

मैं/हम..........................इसमें इसके पश्चात्‌ बाध्यताधारी कहा जाएगा, भारत के राष्ट्रपति (जिन्हें इसमें इसके पश्चात " राष्ट्रपति" कहा गया है) /(राज्य )के..............................राज्यपाल (जिन्हें इसमें इसके पश्चात्‌ " राज्यपाल" कहा गया है) के प्रति..................रू0..........................की रकम का राष्ट्रपति /राज्यपाल को संदाय करने के लिए वचनबद्व और दृृढ़तापूर्व आबद्ध हूूं/हैं इसका संदाय पूर्णतः और सही रूप में किए जाने के लिए मैं/हम संयुक्त रूप से और पृृथकतः स्वयं को/ अपने आप को और अपने वारिसों/निष्पादकों/प्रशासकों/ विधिक प्रतिनिधियों/ उत्तरवर्तियों को इस विलेख द्वारा दृढ़तापूर्वक आबद्ध करता हूं/करते हैं/ तारीख......... को इस पर हस्ताक्षर किए गए ।

ऊपर आबद्धकर बाध्यताधारी द्वारा प्रदाय किए गए.................(माल/सेवाओं या दोनो-एचसएएन.............) पर एकीकृत कर/केन्द्रीय कर/ राज्यकर /संध राज्यक्षेत्र कर का समय-समय पर अंतिम निर्धारण, उनको लागू कर के मूल्य या दर के संबंध में पूरी जानकारी नहीं होने के कारण नहीं हो सका है;

और बाध्यताधारी यह वांछा करता है कि धारा 60 के उपबंधों के अनुसार अनंतिम निर्धारण किया जाए ।

और आयुक्त, बाध्यताधारी से राष्ट्रपति /राज्यपाल के पक्ष में पृृष्टांकित.................................रूपए रकम की बैंक प्रतिभूति देने की अपेक्षा करता है ओर जबकि बाध्यताधारी को आयुक्त के पास ऊपर उल्लिखित बैेंक प्रतिभूति जमा करके ऐसी प्रतिभूति देनी है ।

इस बंधपत्र की शर्त यह है कि बाध्यताधारी और उसका प्रतिनिधि, धारा 60 के अधीन अनंतिम निर्धारण के संबंध में अधिनियम के सभी उपबंधों का पालन करें;

और यदि ऐसे एकीकृृत कर/केन्द्रीय कर/राज्य कर/संध राज्यक्षेत्र कर या अन्य प्रभारों का जो अंतिम निर्धारण के पश्चात्‌ मांग योग्य होंगे सम्यक्‌रूप से उक्त अधिकारी द्वारा लिखित में की गई उसकी मांग की तारीख से तीस दिन के भीतर ब्याज, यदि कोई हो, के साथ संदाय कर दिया गया है तो यह बाध्यता शून्य होगी;

अन्यथा और इस शर्त के किसी भाग के भंग या असफल होने के आधार पर उसका पूर्ण बल और आधार होगा ।

और राष्टपति/राज्यपाल, अपने विकल्प पर, बैंक प्रतिभूति की रकम से या उपर लिखित बंधपत्र के अधीन अपने अधिकारीें का पृृष्ठांकन करके या दोनों से सभी हानि ओर नुकसानों को पूरा करवाएंगे । मैं/हम यह घोषणा करता हूं/करतेे हैं कि यह बंधपत्र, किसी ऐसे कृृत्य के अनुपालन के लिए, जिसमें सार्वजनिक हित है, केन्द्रीय सरकार/राज्य सरकार के आदेश सं0 बनाया गया है;

6501 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

इसके साक्ष्य स्वरूप बाध्यताधारी (बाध्यताधारियों) द्वारा इसमें इसके पूर्व तारीख को इनकी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए ।

बाध्यताधारी (बाध्यताधारियों) के हस्ताक्षर तारीखः

स्थानः

साक्षी

(1) नाम और पता व्यापार

(2) नाम और पता व्यापार

तारीखः स्थानः

साक्षी

(1) नाम और पता व्यापार

(2) नाम और पता व्यापार

मैं,................................................तारीख...............................................(मास)............................(वर्ष) का....................... ................. (पदनाम) को उपस्थिति में भारत के राष्ट्रपति/(राज्य) ............... राज्यपाल के लिए और उनकी ओर से इसे स्वीकार करता हूं ।

---------

प्ररूप जीएसटी एएसएमटी-06

(नियम 98(5) देखें)

संदर्भ सं0 तारीख

सेवा में

जीएसटी आईएन..........................

नाम..............................

पता......................................

आवेदन संदर्भ सं0...................................... तारीख.........................

अनंतिम निर्धारण आदेश सं0 (तारीख.........................)

अतिंम निर्धारण के लिए अतिरिक्त सूचना/स्पष्टीकरण/दस्तावेजों को मांगने के लिए सूचना

कृपया उपरोक्त संदर्भित अंनतिम निर्धारण आदेश और आपके आवेदन का संदर्भ लें ।

निम्नलिखित सूचना/दस्तावेज अंनतिम निर्धारण को अंतिम रूप देने के लिए अपेक्षित है-6502 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

<< पाठ >>

अतः आप से निवेदन है कि इस सूचना की तामील की तारीख से 15 दिन की अवधि के भीतर सूचना/दस्तावेज का उपबंध करें जिससे कि यह कार्यालय इस मामले में कोइर््र विनिश्चय करने में समर्थ हो सके । कृृपया नोट करें कि यदि नियत तारीख तक कोई सूचना प्राप्त नहीं होती है तो आपका आवेदन, उसकेा और संदर्भ किए बिना नामंजूर किए जाने का दायी होगा ।

आपसे निवेदन है कि << तारीख...........समय.......स्थल >> पर व्यैक्तिक सुनवाई के लिए अधोहस्ताक्षरी के समक्ष प्रस्तुत हों।

हस्ताक्षर नाम पदनाम

---------

प्ररूप जीएसटी एएसएमटी-07

(नियम 98(5) देखें)

संदर्भ सं0 तारीख

सेवा में

जीएसटी आईएन.......................... नाम.............................. पता...................................... आवेदन संदर्भ सं0...................................... तारीख.........................

अतिंम निर्धारण आदेश

प्रस्तावना << मानक >>

ऊपर संदर्भित अंनतिम निर्धारण आदेश के क्रम में और उपलब्ध सूचना/प्रस्तुत किये गये दस्तावेजों के आधार पर अतिंम निर्धारण आदेश निम्नलिखित रूप में जारी किया जाता हैः-

संक्षिप्त तथ्य आवेदक द्वारा निवेदन चर्चा और निष्कर्ष निर्णय और आदेश

आदेश के अनुपालन के पश्चात कोई आवेदन फाईल पर प्रयोजन के लिए दी गई प्रतिभूति को वापिस लिया जा सकेगा ।

हस्ताक्षर नाम पदनाम6503 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीएसटी एएसएमटी-08

(नियम 98(6) देखें)

प्रतिभूति वापिस लेने के लिए आवेदन

1. जीएसटीआई एन
2. नाम
3. वह विवरण जिसके द्वारा प्रतिभूति दी गई एआरएन तारीख
4. वापिस ली जाने वाली प्रतिभूति का विवरण
क्र.सं. माध्यम संदर्भ सं0 (नगद संदाय के लिए) नामे प्रविष्टि सं0 तारीख रकम बैंक का नाम
1 2 3 4 5 6

5. सत्यापन--

मैं.........सत्यनिष्ठापूर्वक यह कथन करता हूॅं और घोषणा करता हॅूं कि यहां उपरोक्त में दी गई सूचना मेरे ज्ञान विश्वास से सत्य और सही है तथा उसमें से कुछ भी छिपाया नहीं गया है ।

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर नाम पदनाम/प्रास्थिति तारीख..............

--------

प्ररूप जीएसटी एएसएमटी-09

(नियम 98(7) देखें)

संदर्भ सं0 तारीख

सेवा में

जीएसटी आईएन..........................

नाम..............................

पता......................................

आवेदन संदर्भ सं0...................................... तारीख.........................

प्रतिभूति के निर्मोचन या आवेदन को नामंजूर करने का आदेश

यह प्रतिभूति की रकम............................रू0 (........................रू0 शब्दों में) के निर्मोचन के संबंध में ऊपर वर्णित आपके आवेदन के संदर्भ में है। आपके आवेदन का निरिक्षण किया गया है और उसे सही पाया गया। पूर्वोक्त प्रतिभूति को निर्मोचित किया जाता है ।6504 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 या प्रतिभूति के निर्मोचन संबंधी ऊपर संदर्भित आपके आवेदन का निरीक्षण किया गया लेकिन उसे निम्नलिखित कारणों से सही नहीं पाया गयाः-

<< पाठ >>

इसलिए प्रतिभूति के निर्मोचन के लिए आवेदन को नामंजूर किया जाता है ।

हस्ताक्षर नाम पदनाम तारीख..............

-------

प्ररूप जीएसटी एएसएमटी-10

(नियम 99(1) देखें)

संदर्भ सं0 तारीख

सेवा में

जीएसटी आईएन..........................

नाम..............................

पता......................................

कर अवधि...................................... वि0 वर्ष.........................

संविक्षा के पश्चात विवरणी में फर्क को सूचित करने के लिए आवेदन

यह सूचित किया जाता है कि उपर संदर्भित कर अवधि के लिए विवरणी की संविक्षा के दौरान निम्नलिखित फर्क अवेक्षित किये गये हैं-

<< पाठ >>

आपको,.............. तारीख तक फर्कों के लिए कारणों की व्याख्या का निदेश दिया जाता है । यदि उपरोक्त तारीख तक कोई व्याख्या प्राप्त नहीं होती है, यह समझा जाएगा कि आपको मामले में कुछ नहीं कहना है और इस संबध में आपको और संदर्भ किये बिना आपके विरूद्ध विधि के अनुसरण में कार्रवाई की जाएगी।

हस्ताक्षर नाम पदनाम6505 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीएसटी एएसएमटी-11

(नियम 99(2) देखें)

धारा 61 के अधीन विवरणी में फर्क को सूचित करने के लिए जारी सूचना का उत्तर

1. जीएसटीआई एन
2. नाम
3. सूचना का विवरण संदर्भ सं0 तारीख
4. कर अवधि
5. फर्कों के लिए उत्तर
क्र.सं. फर्क उत्तर

6. स्वीकृृत रकम और संदत्त, यदि कोई हो -

अधिनियम कर ब्याज अन्य कुल

7. सत्यापन

मैं.........सत्यनिष्ठापूर्वक यह कथन करता हूॅं और घोषणा करता हॅूं कि यहां उपरोक्त में दी गई सूचना मेरे ज्ञान विश्वास से सत्य और सही है तथा उसमें से कुछ भी छिपाया नहीं गया है ।

प्राधिकृृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर

नाम

पदनाम/प्रास्थिति

तारीख..............

---------

जीएसटी एएसएमटी प्ररूप -12

(नियम 99(3) देखें)

संदर्भ सं0ः तारीखः

सेवा में,

जीएसटी आईएन.......................... नाम.............................. पता...................................... कर अवधि - वित्तीय वर्ष ए.आर.एन. - तारीख 6506 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 धारा 61 के अधीन जारी किए गए नोटिस के विरूद्ध प्रतिग्रहण आदेश का उत्तर

यह, संदर्भ सं0..........................तारीख...................द्वारा जारी किए गए नोटिस के जवाब में आपके उत्तर तारीख.................... के संदर्भ में है। आपका उत्तर संतोषजनक पाया गया है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जानी अपेक्षित है ।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम

--------

जीएसटी एएसएमटी प्ररूप -13

(नियम 100 देखें)

संदर्भ सं0ः तारीखः

सेवा में,

जीएसटी आईएन.......................... नाम.............................. पता...................................... कर अवधि - वित्तीय वर्ष ए.आर.एन. - तारीख

धारा 62 के अधीन निर्धारण आदेश

उद्‌्‌देशिका- << मानक >>

उक्त कर अवधि के लिए विवरणी न भरे जाने के लिए अधिनियम की धारा 46 के अधीन आपको जारी किए गए उपरोक्त नोटिस का संदर्भ लें । विभाग के पास उपलब्ध अभिलेख से यह नोटिस किया गया है कि आपने आज तारीख तक उक्त विवरणी नहीं दी है।

अतः विभाग के पास उपलब्ध् सूचना के आधार पर आपके द्वारा निर्धारण और देय राशि निम्नलिखित है ।

प्रस्तावना जमा किया गया, यदि कोई हो चर्चा और निष्कर्ष निष्कर्ष निर्धरित और देय राशि (ब्यौरे उपाबंध पर)ः

क्रम सं0 कर अवधि अधिनियम कर ब्याज शास्ति अन्य कुल
1 2 3 4 5 6 7 8
कुल
6507 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

कृृपया नोट करें कि आदेश पारित करने की तारीख तक ब्याज की गणना की गई है । भुगतान करते समय, आदेश की तारीख और भुगतान की तारीख के बीच की अवधि के लिए ब्याज आदेश में वर्णित बकाया राशि के साथ लिखिी जाएगी और भुगतान किया जाएगा ।

आपको यह भी सूचित किया जाता है कि यदि आप आदेश के तामिल होने की तारीख से 30 दिनों की अवधि के भीतर विवरणी दे देते हैं तो आदेश वापस लिया गया समझा जाएगा, अन्यथा, उपर्युक्त अवधि के पश्चात्‌ आपके विरूद्ध बकाया राशि वसूल करने की कार्रवाइयां शुरू की जाएगी ।

हस्ताक्षर नाम पदनाम

---------

जीएसटी एएसएमटी प्ररूप -14

(नियम 100(2) देखें)

संदर्भ सं0ः तारीखः

सेवा में,

नाम पता कर अवधि - वित्तीय वर्ष

धारा 63 के अधीन निर्धारण के लिए कारण बताओ नोटिस

मेरी जानकारी में यह आया है कि यद्यपि आप/आपकी कंपनी/फर्म अधिनियम की धारा.................... के अधीन रजिस्ट्रीकृत होने के लिए उत्तरदायी है, रजिस्ट्रीकरण प्राप्त करने में असफल रहा है और उक्त अधिनियम के अधीन कर और अन्य दायित्वों को चुकाने में असफल रहा है जो कि निम्नलिखित ब्यौरे में दी गई हैः- संक्षिप्त तथ्य - आधार- निष्कर्ष-

या

मेरी जानकारी में यह आया है कि आपका रजिस्ट्रीकरण तारीख................... से धारा 29 की उपधारा (2) के अधीन रद्‌द किया गया है और आप उपरोक्त दर्शित अवधि के लिएकर अदा करने के दायी है । अतः आपको यह निदेशित किया जाता है कि आप कारण बताएं कि क्यों रजिस्ट्रीकरण के लिए दायी होने के बावजूद रजिस्ट्रीकरण के बिना कारबार संचालन के लिए आपके विरूद्ध क्यों न ब्याज सहित कर दायित्व और इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अतिक्रमण के लिए क्यों न शास्ति अधिरोपित की जाए।

इस संबंध में, आपको निदेशित किया जाता है कि आप तारीख.................. को समय..................... पर हस्ताक्षरित के समक्ष उपस्थित हों।

हस्ताक्षर नाम पदनाम6508 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

जीएसटी एएसएमटी प्ररूप -15

(नियम 100(2) देखें)

संदर्भ सं0ः तारीखः

सेवा में,

अस्थायी पहचान पत्र नाम पता

कर अवधि - वित्तीय वर्ष

एस सी एन संदर्भ सं0

धारा 63 के अधीन निर्धारण आदेश

उद्‌्‌देशिका- << मानक >>

आपको जारी किए गए उपरोक्त नोटिस के संदर्भ में वह कारण बताएं कि अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत दायित्व होने के बावजूद, अरजिस्ट्रीकृत व्यक्ति के रूप में कारबार संचालन चलाये रखा गया।

या आपको जारी किए गए उपरोक्त नोटिस के संदर्भ मे वह कारण बताएं कि तारीख ........................... से धारा 29 की उपधारा (2) के अधीन आपका रजिस्ट्रीकरण रद्‌द हो गया था,...................अवधि के लिए क्यों कर नही दिया जाना चाहिए।

जबकि, आपके द्वारा कोई उत्तर नहीं दिया गया है या आपका उत्तर तारीख............. का आयोजित कार्यवाही के दौरान विचारणीय नहीं था।

विभाग के उपलब्ध सूचना के आधार पर/कार्यवाही के दौरान प्रस्तुत अभिलेख मे आपके द्वारा निधारित और देय राशि निम्नलिखित है :-

प्रस्तावना

जमा किया गया, यदि कोई हो

निष्कर्ष (छोड़ी कार्रवाई या सृजित मांग)ः

निर्धारण और दायी राशिः- (ब्यौरे उपाबंध पर)

(राशि रूपयों में)

क्रम सं0 कर अवधि अधिनियम कर ब्याज शास्ति अन्य कुल
1 2 3 4 5 6 7 8
कुल
6509 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

कृृपया ध्यान दें कि आदेश पारित करने की तारीख तक ब्याज की गणना की गई है । भुगतान करते समय, आदेश की तारीख और भुगतान की तारीख के बीच की अवधि के लिए ब्याज आदेश में वर्णित बकाया राशि के साथ लिखी जाएगी और भुगतान किया जाएगा ।

आपको यह निदेशित किया जाता है कि भुगतान तारीख..............................तक कर दिया जाए जिसके न हो सकने पर आपके विरूद्ध बकाया राशि वसूल करने की कार्रवाइयां शुरू की जाएगी ।

हस्ताक्षर नाम

--------

जीएसटी एएसएमटी प्ररूप -16

(नियम 100(3) देखें)

संदर्भ सं0ः तारीखः

सेवा में,

जीएसटीआईएन/ पहचान सं0 नाम पता

कर अवधि - वित्तीय वर्ष

धारा 64 के अधीन निर्धारण आदेश

उद्‌्‌देशिका- << मानक >>

मेेरे यह संज्ञान में लाया गया है कि गोदाम................(पता) के स्टॉक में या................(पता और यान के ब्यौरे) पर आस्थित यान में बेहिसाब माल पड़ा हुआ है और आप इस माल का लेखा देने में या माल का ब्यौरे दर्शित करने वाला कोई दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ थे।

अतः मैं ऐसे माल पर देय कर के निर्धारण के लिए निम्नानुसार कार्यवाही करता हूंः

प्रस्तावना विचार विमर्श और निष्कर्ष निर्णय

निर्धारण और संदेय रकमः- (ब्यौरे उपाबंध में है)

(राशि रूपयों में)

क्रम सं0 कर अवधि अधिनियम कर ब्याज शास्ति अन्य कुल
1 2 3 4 5 6 7 8
कुल योग

6510 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 कृृपया ध्यान दें कि आदेश पारित करने की तारीख तक ब्याज की संगणना की गई है । संदाय करते समय, आदेश की तारीख और संदाय की तारीख के बीच की अवधि के लिए ब्याज का भी परिकलन किया जाएगा और उसे आदेश में वर्णित बकाया राशि के साथ संदत्त किया जाएगा ।

आपको .......................तारीख यह निदेशित किया जाता है कि भुगतान तारीख.............................तक कर दिया जाए जिसके न हो सकने पर आपके विरूद्ध बकाया राशि वसूल करने की कार्रवाइयां शुरू की जाएगी ।

हस्ताक्षर नाम

---------

जीएसटी एएसएमटी प्ररूप -17

[नियम 100(4) देखें]

धारा 64 के अधीन जारी किए गए निर्धारण आदेश को वापस लेने के लिए आवेदन

1. जीएटीआईएन/आईडी
2. नाम
3. आदेश का विवरण स ंदर्भ सं0 आदेश जारी होने की तारीख
4. कर अवधि, यदि कोई हो
5. वापस लेने का आधार
6 . सत्यापन म ैं.........................................................सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता हूॅं और घोषणा करता हूॅं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है। प्राधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर नाम......................................... पदनाम/प्रास्थिति............................ तारीख-

प्ररूप जीएसटी एएसएमटी-18

[नियम 100(5) देखें]

संदर्भ सं0 तारीखः

जीएसटी आईएन./आई डी. नाम पता

ए आर एन- तारीख-

धारा 64(2) के अधीन किए गए आवेदन का प्रतिग्रहण या अगृृहित करना।6511 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 उपरोक्त निर्दिष्ट आपके आवेदन द्वारा दिए गए उत्तर को विचार में लिया गया और अनुक्रम में पाया गया है तथा निर्धारण आदेश सं....................तारीख.................को वापस ले लिया गया है।

या

उपरोक्त निर्दिष्ट आपके आवेदन द्वारा दिए गए उत्तर निम्नलिखित कारणों के लिए अनुक्रम में नहीं पाए गए हैंः

<< पाठ >>

अतः आपके द्वारा आदेश को वापस लेने के लिए आवेदन को निरस्त किया जाता है।

हस्ताक्षर नाम पदनाम

---------

प्ररूप जीएसटी एडीटी-01

[नियम 101(2) देखें]

संदर्भ सं0 तारीखः

सेवा में ............................................................ जीएसटी आईएन. नाम पता अवधि-वित्तीय वर्ष (वर्षों)

लेखा परीक्षा आयोजित करने का नोटिस

जहां यह विनिश्चय किया गया है कि धारा 65 के उपबंधों के अनुसरण में वित्तीय वर्ष (वर्षों)..............................से. ..................... के लिए आपकी लेखा और अभिलेखों पुस्तकों का लेखा परीक्ष किया जाएगा । मैं उक्त लेखा परीक्षा को मेेरे कार्यालय/आपके कारबार स्थान पर आयोजित करने का प्रस्ताव करता हूं।

और जहां आपको अपेक्षित होः- (i) इस संदर्भ में यथा अपेक्षित लेखा और अभिलेखा पुस्तकों या अन्य दस्तावेजों के सत्यापन की आवश्यक सुविधाएं हस्ताक्षरित को सुविधाजनक उपलब्ध कराएं, और

(ii) यथा अपेक्षित ऐसी सूचनाओं को देना और लेखा परीक्षा को समय पर पूरा करने के लिए सहायता करना।

आपको यह निदेशित किया जाता है कि हस्ताक्षरित के समक्ष............................(स्थान) पर तारीख............ को व्यक्तिगत रूप से या प्रधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित हों और लेखा परीक्षा के लिए यथा अपेक्षित पूर्वोक्त वित्तीय वर्ष (वर्षों) के लिए आपकी लेखा और अभिलेखों पुस्तकों को प्रस्तुत करें। 6512 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 इस नोटिस के अनुपालन न करने की दशा में, यह समझा जाएगा कि ऐसी लेखा पुस्तकें आपके कब्जे में नहीं हैं और इस संबंध में पत्राचार किए बिना आपके विरूद्ध इस अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अनुसार कार्यवाहियां शुरू करने योग्य समझी जा सकेंगी ।

हस्ताक्षर................................. नाम........................... पदनाम..................

---------

प्ररूप जीएसटी एडीटी-02

[नियम 101(5) देखें]

संदर्भ सं0 तारीखः

सेवा में ............................................................ जीएसटीआईएन................................ नाम.................................................. पता.....................................................

लेखा परीक्षा रिपोर्ट सं..............................

धारा 65(6) के अधीन लेखा परीक्षा रिर्पोट

वित्तीय वर्ष ..........................के लिए आपकी लेखा और अभिलेखों पुस्तकों का परीक्षण किया गया और आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी/दिए गए दस्तावेजों के आधार पर यह लेखा परीक्षा रिपोर्ट तैयार की गई है और निष्कर्ष निम्नलिखित हैः- कम संदाय का एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ

कम संदाय का एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
कर
ब्याज
कोई अन्य रकम

[लेखा परीक्षा अवलोकन अंतर्विष्ट पी डी एफ फाइल अपलोड]

आपको यह निदेशित किया जाता है कि अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अनुसार इस संबंध में आप अपने कानूनी दायित्वों को पूरा करें, जिसके न हो सकने पर अधिनियम के उपबंधों के अधीन आपके विरूद्ध कार्यवाहियां शुरू की गई समझी जा सकेगी।

हस्ताक्षर................................. नाम........................... पदनाम..................

6513 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीएसटी एडीटी-03

[नियम 102 (1) देखें]

संदर्भ सं0 तारीखः

सेवा में ............................................................ जीएसटीआईएन................................ नाम.................................................. पता.....................................................

कर अवधि-विततीय वर्ष (वर्षों)

धारा 66 के अधीन विशेष लेखा परीक्षा के आयोजन के लिए रजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों से पत्र व्यवहार। जहां विवरणी/जांच/अंवेषण/................कार्यवाहियों की संविक्षा चल रही हो;

और जहां यह महसूस किया गया है कि आयुक्त द्वारा नाम निर्देशित..........................(नाम)चार्टर्ड आकाऊन्टेंट/लागत लेखाकार द्वारा आपके लेखा और अभिलेखों पुस्तकों की परीक्षण और लेखा परीक्षा करवाना आवश्यक है।

आपको निदेशित किया जाता है कि उक्त चार्टर्ड आकाऊन्टेंट/लागत लेखाकार द्वारा आपके लेखा और अभिलेखों पुस्तकों की परीक्षा करवा लें।

हस्ताक्षर.................................

नाम........................... पदनाम..................

--------

प्ररूप जीएसटी एडीटी-04

[नियम 102 (2) देखें]

संदर्भ सं0 तारीखः

सेवा में ............................................................ जीएसटीआईएन................................ नाम.................................................. पता.....................................................

विशेष लेखा परीक्षा पर निष्कर्ष की सूचना

वित्तीय वर्ष.............. के लिए आपकी लेखा और अभिलेखों पुस्तकों का परीक्षण (चार्टर्ड आकाऊन्टेंट/लागत लेखाकार) द्वारा किया गया है और आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी/दिए गए दस्तावेजों के आधार पर यह लेखा परीक्षा रिपोर्ट तैयार की गई है और निष्कर्ष विसंगति निम्नलिखित हैः-6514 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

कम संदाय का एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/यूटी कर उपकर
कर
ब्याज
कोई अन्य रकम

[लेखा परीक्षा अवलोकन अंतर्विष्ट पी डी एफ फाइल अपलोड]

आपको निदेशित किया जाता है कि अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधो के अनुसार इस संबंध में आप अपने कानूनी दायित्वों को पूरा करें, जिसके न हो सकने पर अधिनियम के उपबंधों के अधीन आपके विरूद्ध कार्यवाहियां शुरू की गई समझी जा सकेगीं ।

हस्ताक्षर................................. नाम........................... पदनाम..................

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प्ररूप जीएटी एआरए-01 [नियम 104(1) देखें] अग्रिम विनिर्णय के लिए आवेदन प्ररूप

1 जीएसटीआईएन सं./ उपभोक्ता पहचान
2 आवेदक का विधिक नाम (वैकल्पिक)
3 आवेदक के व्यापार का नाम(वैकल्पिक)
4 आवेदक की प्रास्थिति [रजिस्ट्रीकृत/ अरजिस्ट्रीकृत]
5 रजिस्ट्रीकृत पता/ उपभोक्त पहचान प्राप्त करने के समय दिया गया पता
6 पत्राचार का पता, यदि ऊपर से भिन्न हो
7 मोबाइल नंबर [एसटीडी/आईएसडी कोड के साथ]
8 टेलीफोन नंबर [एसटीडी/आईएसडी कोड के साथ]
9 ई-मेल पता
10 अधिकारिता वाला प्राधिकारी <<नाम, पदनाम, पता>>
11 i प्राधिकृृत प्रतिनिधि का नाम
ii मोबाइल नंबर ई-मेल पता
12 कार्यकलाप (कार्यकलापों)े की प्रकृति (प्रस्तावित/वर्तमान) जिनके संबंध में अग्रिम विनिर्णय की ईप्सा की गई है
अ. प्रवर्ग
कारखाना/विनिर्माण थोक व्यापार खुदरा व्यापार
भांडागार/डिपो बंधित भांडागार सेवा उपबंध
कार्यालय/विक्रय कार्यालय पट्‌टा कारोबार सेवा प्राप्तिकर्ता
इओयू/एसटीपी/ईएचटीपी विशेष आर्थिक जोन इनपुट सेवा वितरण (आईएसडी)
कार्य संविदा
आ. विवरण (संक्षेप मे ) ं (संलग्नक भी फाइल करने के लिए उपबंध)
13. विवाद्‌यक/विवाद्‌यकों जिन पर अग्रिम विनिर्णय अपेक्षित है (जहां कहीं लागू हों, चिन्हित करे )ः- ं
(i) माल और/ या सेवा या दोनों का वर्गीकरण
(ii)अधिनियम के उपबंधों के अधीन जारी अधिसूचना का लागू होना
(iii) माल या सेवाओं या दोनों के प्रदाय के समय और मूल्य का अवधारण
(iv)संदत्त कर या संदत्त किए जाने के लिए समझा गया कर के इनपुट कर की ग्राहयता
(v) किसी माल या सेवा या दोनों पर कर के संदाय के दायित्व का अवधारण
(vi) क्या अपीलार्थी के लिए अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकरण होना अपेक्षित है
(vii) क्या किसी माल और/या सेवाओं और दोनों के संबंध मे आवेदक द्वारा कोई ऐसी विशिष्ट बात ं की गई है जो माल और/ या सेवाओं और दोनों उसके निबंधनों के अर्थातर्गत्‌ आते हैं या उनके परिणमस्वरूप है
14 प्रश्न जिसके (जिनके) लिए अग्रिम विनिर्णय अपेक्षित है
15 उद्‌भूत प्रश्न (प्रश्नों) के संबंध में सुसंगत तथ्यों का विवरण
16 पूर्वोक्त (प्रश्नों) के संबंध में (अर्थात्‌ और ऐसे विवादयको पर अनुरोध जिन पर अग्रिम विनिर्णय ं की ईप्सा की गई है) आवेदक का, यथास्थिति, विधि और/या तथ्यों के निर्वचन वाला कथन
17 मैं यह घोषणा करता हूं कि आवेदन में उद्‌भूत प्रश्न (चिन्हांकित करें)
क. अधिनियम के उपबन्धों में किसी उपबंध के अधीन आवेदक के मामले में किसी कार्यवाही मे ं पहले से लंबित नहीं है ख. अधिनियम के उपबन्धों मे ं किसी उपबंध के अधीन आवेदक के मामले में किन्हीं कार्यवाहियों में से पहले विनिश्चित नहीं की गई है
18 स्ांदाय के ब्यौरे चालान पहचान संख्या(सीआईएन)- तारीख-

सत्यापन

मैं,....................................(स्पष्ट अक्षरों में पूरा नाम), पुत्र/पु़त्री/पत्नी श्री....................................सत्यनिष्ठा से यह घोषणा करता/करती हूं कि ऊपर संलग्नक (सलग्नकाें), जिसके अंतर्गत दस्तावेज भी हैं, में जो कथन किया गया है मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सही है। मैं यह आवेदन............................(पदनाम) के रूप में अपनी हैसियत से कर रहा/रही हूं और मैं यह आवेदन करने और उसका सत्यापन करने के लिए सक्षम हूं। स्थानः हस्ताक्षर तारीखः आवेदक/प्राधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम पदनाम/प्रास्थिति6516 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 प्ररूप जीएटी एआरए-02 [नियम 106(1) देखें] अग्रिम विनिर्णय के लिए अपील प्राधिकारी को अपील

क्रम सं0 विशिष्टियां टिप्पण
1 अग्रिम विनिर्णय सं0
2 अग्रिम विनिर्णय संसूचित करने की तारीख दिन/मास/वर्ष
3 अपीलार्थी को जीएसटीआईएन/उपभोक्ता पहचान
4 अपीलार्थी का विधिक नाम
5 अपीलार्थी के व्यापार का नाम(वैकल्पिक)
6 अपीलार्थी का पता जिस पर सूचनाएं भेजी जा सकेंगी
7 अपीलार्थी का ई-मेल पता
8 अपीलार्थी का मोबाइल नंबर
9 अधिकारिता रखने वाला अधिकारी/संबंधित अधिकारी
10 अधिकारिता रखने वाला अधिकारी/संबंधित अधिकारी का पदनाम
11 अधिकारिता रखने वाला अधिकारी/संबंधित अधिकारी ई-मेल पता
12 अधिकारिता रखने वाला अधिकारी/संबंधित अधिकारी का मोबाइल नंबर
13 क्या अपीलार्थी व्यक्तिगत रूप से सुनवाई की वांछा रखता है हां/नहीं
14 मामले के तथ्य (संक्षेप में)
15 अपील का आधार
16 स्ांदाय के ब्यौरे चालान पहचान सं0 (सीआईएन)- तारीख-
प्रार्थना प ूर्वोक्त को ध्यान में रखते हुए आदरपूर्वक यह प्रार्थना की जाती है कि माननीय अपील प्राधिकारी (स्थान) : क. जैसी ऊपर प्रार्थना की गई है अग्रिम विनिर्णय प्राधिकारी द्वारा पारित आक्षेपित अग्रिम विनिर्णय को अपास्त/उपांतरित करने की कृृपा करे ; ं ख. व्यक्तिगत सुनवाई करने की कृृपा करें; और ग. कोई ऐसा (ऐसे) और या अन्य आदेश पारित करनेकी कृृपा करें जो वह मामले के तथ्यों और परिस्थितियो ं के आधार पर ठीक और उचित समझे; और इस कृृपापूर्ण कार्य के लिए अपीलार्थी प्रार्थना करने के लिए कर्तव्यनिष्ठ है।

सत्यापन

मैं,....................................(स्पष्ट अक्षरों में पूरा नाम), पुत्र/पु़त्री/पत्नी श्री....................................सत्यनिष्ठा से यह घोषणा करता/करती हूं कि ऊपर संलग्नक (सलग्नकाें), जिसके अंतर्गत दस्तावेज भी हैं, में जो कथन किया गया है मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सही है। मैं यह आवेदन...........................(पदनाम ) के रूप में अपनी हेसियत से कर रहा/रही हूं और मैं यह आवेदन करने और उसका सत्यापन करने के लिए सक्षम हूं।6517 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 स्थानः हस्ताक्षर तारीखः आवेदक/प्राधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम पदनाम/प्रास्थिति

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प्ररूप जीएटी एआरए-03 [नियम 106(2) देखें] अग्रिम विनिर्णय के लिए अपील प्राधिकारी को अपील

क्रम सं0 विशिष्टियां टिप्पण
1 अग्रिम विनिर्णय सं0
2 अग्रिम विनिर्णय संसूचित करने की तारीख दिन/मास/वर्ष
3 जीएसटीआईएन, यदि कोई है/व्यक्ति का पहचान पत्र जिसने अग्रिम विनिर्णय की ईप्सा की है
4 क्रम संख्या 3 में विनिर्दिष्ट व्यक्ति का विधिक नाम
5 अधिकारिता अधिकारी/समबद्ध अधिकारी का नाम और पदनाम
6 अधिकारिता अधिकारी/समबद्ध अधिकारी का ई-मेल पता
7 अधिकारिता अधिकारी/सम्बद्ध अधिकारी का मोबाइल नंबर
8 क्या अधिकारिता अधिकारी/सम्बद्ध अधिकारी की व्यक्तिगत रूप से सुनवाई की वांछा रखता है हां/नहीं
9 अपील का आधार प्रार्थना प ूर्वोक्त को ध्यान में रखते हुए आदरपूर्वक यह प्रार्थना की जाती है कि माननीय अपील प्राधिकारी (स्थान) : क. जैसी ऊपर प्रार्थना की गई है अग्रिम विनिर्णय प्राधिकारी द्वारा पारित आक्षेपित अग्रिम विनिर्णय को अपास्त/उपांतरित करने की कृृपा करें; ख. व्यक्तिगत सुनवाई करने की कृृपा करे ; और ं ग. कोई ऐसा (ऐसे) और या अन्य आदेश पारित करने की कृृपा करे जो वह मामले के ं तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर ठीक और उचित समझे;

सत्यापन

मैं,....................................(स्पष्ट अक्षरों में पूरा नाम), पुत्र/पु़त्री/पत्नी श्री....................................सत्यनिष्ठा से यह घोषणा करता/करती हूं कि ऊपर संलग्नक (सलग्नकाें), जिसके अंतर्गत दस्तावेज भी हैं, में जो कथन किया गया है मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सही है। मैं यह आवेदन...........................(पदनाम ) के रूप में अपनी हेसियत से कर रहा/रही हूं और मैं यह आवेदन करने और उसका सत्यापन करने के लिए सक्षम हूं। स्थानः हस्ताक्षर तारीखः आवेदक/प्राधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम पदनाम/प्रास्थिति6518 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीएसटी एपीएल-01

[नियम 108 (1) देखें]

अपील प्राधिकारी को अपील

1. जीएसटीआईएन/अस्थायी पहचान/यूआईएन- 2. अपीलार्थी का विधिक नाम- 3. व्यापारका नाम, यदि कोई हो- 4. पता- 5. आदेश सं0- आदेश की तारीख- 6. आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है, पारित करने वाले अधिकारी का पदनाम और पता- 7. आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है,की संसूचना की तारीख- 8. प्राधिकृृत प्रतिनिधि का नाम- 9. विवादित मामले के ब्यौरे-

(i) विवादित मामले के संक्षिप्त विवद्‌यक- (ii) विवादग्रस्त माल/सेवाओं का विवरण और वर्गीकरण- (iii) विवाद की अवधि- (iv) विवाद के अधीन रकमः

विवरण केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर
क) कर/उपकर
ख) ब्याज
ग) शस्ति
घ) फीस
ङ) अन्य प्रभार

(v) अभिगृृहीत माल का बाजार मूल्य

10. क्या अपीलार्थी व्यक्तिगत सुनवाइ्र की वांछा रखता है- हां/नहीं 11. तथ्यों का कथनः- 12. अपील के आधारः- 13. प्रार्थनाः- 14. सृजित, स्वीकृृत और विवादित मांग की रकम

मांग/ प्रतिदाय की विशिष्टि यां विशिष्टियां केन्द्रीय कर राज्य/ स ं घ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर कुल रकम
सृृजित मांग की रकम (अ) क)कर/उपकर < कुल> < कुल>
ख)ब्याज < कुल>
ग)शास्ति < कुल>
घ)फीस < कुल>
ङ) अन्य प्रभार < कुल>
स्वीकृृत मांग की रकम (आ) क)कर/ उपकर < कुल> < कुल>
ख)ब्याज < कुल>
ग)शास्ति < कुल>
घ)फीस < कुल>
ङ) अन्य प्रभार < कुल>
विवादित मांग की रकम (ई) क)कर/उपकर < कुल> < कुल>
ख)ब्याज < कुल>
ग)शास्ति < कुल>
घ)फीस < कुल>
ङ) अन्य प्रभार < कुल>
6519

15. स्वीकृृत और पूर्व निक्षेप के संदाय के ब्यौरेः-

(क) अपेक्षित संदाय के ब्यौरे

विशिष्टियां केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर कुल रकम
क) स्वीकृृत र कम कर/उपकर < कुल> < कुल>
ब्याज < कुल>
शास्ति < कुल>
फीस < कुल>
अन्य प्रभार < कुल>
ख)पूर्व निक्षेप (विवादित कर का 10 प्रतिशत) कर/ उपकर < कुल>

(ख) स्वीकृृत रकम और पूर्व निक्षेप के संदाय के ब्यौरे (विवादित कर और उपकर का दस प्रतिशत पूर्व निक्षेप)

क्रम सं0 विवरण संदेय कर नकद/जमा खाते के माध्यम से संदाय विकलन प्रविष्टि सं0 स ंदत्त कर की रकम
केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9
1 एकीकृृत कर नकद खाता
जमा खाता
2 केन्द्रीय कर नकद खाता
जमा खाता
3 राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर नकद खाता
4 उपकर जमा खाता नकद खाता
जमा खाता
6520 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

(ग) संदाय और संदत्त ब्याज, शास्ति, विलंब शुल्क और कोई अन्य रकम

क्रम सं0 विवरण स्ांदेय रकम विकलन प्रविष्टि स ं 0 संदत्त रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर एकीकृृत कर क े न्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
1 ब्याज
2 शास्ति
3 विलंब शुल्क
4 अन्य (विनिर्दिष्ट करें)

16. क्या विहित अवधि के पश्चात्‌ अपील फाइल की गई है - हां/नहीं

17. यदि मद 17 में 'हां' है-

(क) विलंब की अवधि- (ख) विलंब के कारण-

सत्यापन

मैं, <...........................................>, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि उपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है। स्थानः <हस्ताक्षर> तारीखः

आवेदक का नामः ---------

प्ररूप जीएसटी एपीएल-02

[नियम 108 (3) देखें]

अपील प्रस्तुत करने की पावती

<अपीलार्थी का नाम > <जीएसटीआईएन/अस्थायी पहचान/यूआईएन/तारीख सहित संदर्भ संख्या> .............के विरूद्ध आपकी अपील सफलतापूर्वक फाइल हो गई है <आवेदन संदर्भ संख्या> 1. संदर्भ संख्या- 2. फाइल करने की तारीख- 3. फाइल करने का समय-6521 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 4. फाइल करने का स्थान- 5. अपील फाइल करने वाले व्यक्ति का नाम- 6. पूर्व निक्षेप की रकम- 7. अपील के प्रतिग्रहण/नामंजूर करने की तारीख- 8. हाजिर होने की तारीख तारीखः समयः 9. न्यायालय सं0/न्यायपीठ न्यायालयः न्यायपीठ

स्थानः तारीखः <हस्ताक्षर>

नामः

पदनामः

अपील प्राधिकारी/अपील अधिकरण/आयुक्त/अपर या संयुक्त आयुक्त की ओर से

---------

प्ररूप जीएसटी एपीएल-03

[नियम 109 (1) देखें]

धारा 107 की उपधारा (2) के अधीन अपील प्राधिकारी को आवेदन

1. अपीलार्थी का नाम और पदनाम नाम-

पदनाम- अधिकारिता- राज्य/केन्द्र- राज्य का नाम-

2. जीएसटीआईएन/अस्थायी पहचान/यूआईएन- 3. आदेश सं0- तारीख- 4. आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है, पारित करने वाले अधिकारी का पदनाम और पता- 5. आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है,की संसूचना की तारीख- 6. विवादित मामले के ब्यौरे- विवादित मामले के संक्षिप्त विवाद्‌यक- विवादित माल/सेवा का विवरण और वर्गीकरण- विवाद की अवधि- विवादाधीन रकमः

विवरण केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर
क) कर/उपकर
ख) ब्याज
ग) शास्ति
घ) फीस
ङ) अन्य प्रभार

7. तथ्यों का कथन- 8. अपील के आधार- 6522 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 9. प्रार्थना- 10. विवादित मांग की रकम, यदि कोई हों-

मांग/ प्रतिदाय की विशिष्टियां विशिष्टियां केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर कुल रकम
सृृजित मांग की रकम (अ) क)कर/उपकर < कुल> < कुल>
ख)ब्याज < कुल>
ग)शास्ति < कुल>
घ)फीस < कुल>
ङ) अन्य प्रभार < कुल>
विवादित मांग की रकम (आ) क)कर/ उपकर < कुल> < कुल>
ख)ब्याज < कुल>
ग)शास्ति < कुल>
घ)फीस < कुल>
ङ) अन्य प्रभार < कुल>

<हस्ताक्षर>

तारीखः

आवेदक अधिकारी का नामः पदनामः अधिकारिताः

---------

प्ररूप जीएसटी एपीएल-04

[नियम 113 (1)और 115 देखें]

अपील अधिकारी, अधिकरण या न्यायालय द्वारा आदेश जारी करने के पश्चात्‌ मांग सारांश आदेश सं0- आदेश की तारीख-

-

1. जीएसटीआईएन/अस्थायी पहचान/यूआईएन- 2. अपीलार्थी का नाम- 3. अपीलार्थी का पता- 4. आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है- संख्या- तारीख- 5 अपील सं0- तारीख- 6. व्यक्तिगत सुनवाई- 7. संक्षेप में आदेश- 8. आदेश की प्रास्थिति- पुष्टि/उपांतरित/नामंजूर 9. पुष्ट मांग की रकमः

विशिष्टियां केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर कुल योग
विवादित रकम अवधारित रकम विवादित रकम अवधारित रकम विवादित रकम अवधारित रकम विवादित रकम अवधारित रकम विवादित रकम अवधारित रकम
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
6523 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

क) कर ख) ब्याज ग) शास्ति घ) फीस ङ) अन्य च) प्रतिदाय

स्थानः <हस्ताक्षर> तारीखः

<अपील प्राधिकारी/अधिकरण/अधिकारिता अधिकारी का नाम> पदनामः अधिकारिताः --------

प्ररूप जीएसटी एपीएल-05

[नियम 110 (1) देखें]

अपील अधिकरण को अपील

1. जीएसटीआईएन/अस्थायी पहचान/यूआईएन- 2. अपीलार्थी का नाम- 3. अपीलार्थी का पता- 4. आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है- संख्या- तारीख- 5. आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है, पारित करने वाले प्राधिकारी का नाम और पता- 6. आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है, की संसूचना की तारीख - 7. प्रतिनिधि का नाम- 8. विवादाधीन मामले के ब्यौरेः

(i) विवादाधीन मामले के संक्षिप्त विवाद्‌यक (ii) विवादित माल/सेवाओं का विवरण और वर्गीकरण (iii) विवाद की अवधि (iv) विवादाधीन रकमः

विवरण केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर
क) कर/उपकर
ख) ब्याज
ग) शास्ति
घ) फीस
ङ) अन्य प्रभार

(v) अभिगृृहीत माल का बाजार मूल्य

9. क्या अपीलार्थी व्यक्तिगत सुनवाई की वांछा रखता है? 10. तथ्यों का कथन 11. अपील का आधार 12. प्रार्थना 13. सृजित विवादित और स्वीकृृत मांग के ब्यौरे6524 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

मांग की विशिष्टियां विशिष्टियां केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर कुल रकम
मांग/ नामंजूर की गई रकम, यदि कोई हों (अ) क)कर/ उपकर < कुल> < कुल>
ख)ब्याज < कुल>
ग)शास्ति < कुल>
घ)फीस < कुल>
ङ) अन्य प्रभार < कुल>
विवादित मांग की रकम (आ) क)कर/ उपकर < कुल> < कुल>
ख)ब्याज < कुल>
ग)शास्ति < कुल>
घ)फीस < कुल>
ङ) अन्य प्रभार < कुल>
स्वीकृृत मांग की रकम (ई) क)कर/उपकर < कुल> < कुल>
ख)ब्याज < कुल>
ग)शास्ति < कुल>
घ)फीस < कुल>
ङ) अन्य प्रभार < कुल>

14. स्वीकृृत रकम और पूर्व निक्षेप के संदाय के ब्यौरेः-

(क) संदेय रकम के ब्यौरे

विशिष्टियां केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर कुल रकम
क) स्वीकृृत रकम क) कर/ उपकर < कुल> < कुल>
ख)ब्याज < कुल>
ग)शास्ति < कुल>
घ)फीस < कुल>
ङ) अन्य प्रभार < कुल>
ख) पूर्व निक्षेप (विवादित कर का 20 प्रतिशत) कर/उपकर < कुल>

(ख) स्वीकृृत रकम और पूर्व निक्षेप के संदाय के ब्यौरे (विवादित कर और उपकर का बीस प्रतिशत पूर्व निक्षेप)6525 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

क्रम सं0 विवरण स्ांदेय कर नकद/जमा खाते के माध्यम से स ं दाय विकलन प्रविष्टि स् ं ा0 संदत्त कर की रकम
केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9
1 एकीकृृत कर नकद खाता
जमा खाता
2 केन्द्रीय कर नकद खाता
जमा खाता
3 राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर नकद खाता
जमा खाता
4 उपकर नकद खाता
जमा खाता

(ग) संदेय और संदत्त ब्याज, शास्ति, विलंब फीस और कोई अन्य रकम

म स 0 ं विवरण स्ांदेय रकम विकलन प्रविष्टि स 0 ं संदत्त रकम
एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर एकीकृृत कर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
1 ब्याज
2 शास्ति
3 विलंब शुल्क
4 अन्य (विनिर्दिष्ट करे ) ं

सत्यापन

मैं, <...........................................>, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि उपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है। स्थानः <हस्ताक्षर> तारीखः

आवेदक का नामः

पदनाम/प्रास्थितिः

6526 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीएसटी एपीएल-06

[नियम 110 (2) देखें]

अपील अधिकरण के समक्ष प्रति आक्षेप

धारा 112 की उपधारा(5) के अधीन

क्रम स ं 0 विशिष्टियां
1 अपील सं0- फाईल करने की तारीख-
2 जीएसटी आईएन/अस्थायी पहचान/यूआईएन-
3 अपीलार्थी का नाम-
4 अपीलार्थी का स्थायी पता-
5 पत्राचार का पता-
6 आदेश सं0 तारीख-
7 आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है, पारित करने वाला अधिकारी का नाम और पता-
8 आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है, की संसूचना की तारीख
9 प्रतिनिधि का नाम-
10 विवादाधीन मामले के ब्यौरे-
(i) विवादाधीन मामले के संक्षिप्त विवाद्‌्‌यक-
(ii) विवादाधीन माल/सेवाओं का विवरण और वर्गीकरण-
(iii) विवाद की अवधि-
(iv) विवादाधीन रकम केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर
क) कर
ख) ब्याज
ग) शास्ति
घ) फीस
ङ) अन्य प्रभार (विनिर्दिष्ट करें)
(v) अभिगृहीत का बाजार मूल्य-
11 राज्य/संघ राज्यक्षेत्र और कमीशनरी जिसमे आदेश या विनिश्चय पारित किया गया था, ं (अधिकारिता के ब्यौरे)
12 यथास्थ्तिि, अपीलार्थी/राज्य/केन्द्रीयकर/संघ राज्यक्षेत्र कर आयुक्त द्वारा अपील अधिकरण में फाइल की गई अपील या आवेदन के सूचना की प्राप्ति की तारीख
13 क्या ऐसे विनिश्चय या आदेश मे , जिसके विरूद्ध अपील की गई है, प्रदाय के स्थान से संबंधित ं कोई प्रश्न अंतर्वलित है- हां नहीं
14 राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर /केन्द्रीयकर आयुक्त से भिन्न किसी व्यक्ति द्वारा फाइल किए गए प्रति आक्षेपों के मामले
(i) न्यायनिर्णायक प्राधिकारी का नाम- (ii) आदेश संख्या और आदेश की तारीख- (iii) जीएसटीआईएन/यूआईएन/अस्थायी पहचान- (iv) अंतर्वलित रकमः
शीर्ष कर ब्याज शास्ति प्रतिदाय कुल
एकीकृृत
कर
केन्द्रीय कर
राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
उपकर
15 स ंदाय के ब्यौरे
शीर्ष कर ब्याज शास्ति प्रतिदाय कुल
एकीकृृत कर
केन्द्रीय कर
राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर
उपकर
कुल योग
16 राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर /केन्द्रीयकर आयुक्त द्वारा फाइल किए गए प्रति आक्षेपों के मामले मेंः
(i) विवाद की अवधि के लिए मांगे गए कर की रकम को कम करना या घटाया जाना
(ii) विवाद की अवधि के लिए ब्याज की रकम को कम करना या घटाया जाना
(iii) विवाद की अवधि के लिए मंजूर किए गए या अनुज्ञात किए गए प्रतिदाय की रकम
(iv) क्या शास्ति के रूप में रकम अधिरोपित नहीं की गई है या कम अधिरोपित की गई है
कुल योग
17 प्रतिआक्षेपों के ज्ञापन मे ं दावा किए गए अनुतोष
18 प्रतिआक्षेप के आधार
6527

सत्यापन मैं, ..........................................................प्रत्यर्थी यह घोषणा करता हूं कि जो कुछ ऊपर कथन किया गया है मेरी जानकारी और विश्वास में सत्य है।

आज तारीख............मास.............................20................. को सत्यापित किया गया ।

हस्ताक्षरः तारीख : < हस्ताक्षर> आवेदक/अधिकारी के हस्ताक्षरः आवेदक/अधिकारी का पदनाम/प्रास्थितिः

---------

प्ररूप जीएसटी एपीएल-07

[नियम 111 (1) देखें]

धारा 112 की उपधारा (3) के अधीन अपील अधिकरण को आवेदन

1. अपीलार्थी का नाम और पदनाम नामः 6528 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 पदनामः अधिकारिताः राज्य/केन्द्र राज्य का नामः

2. जीएसटीआईएन/अस्थायी पहचान/यूआईएन-

3. अपील आदेश सं0 तारीख-

4. आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है, पारित करने वाले प्राधिकारी का पदनाम और पता- 5. आदेश जिसके विरूद्ध अपील की गई है, की संसूचना की तारीख -

6. विवादाधीन मामले के ब्यौरेः

(i) विवादाधीन मामले के संक्षिप्त विवाद्‌यक (ii) विवादित माल/सेवाओं का विवरण और वर्गीकरण (iii) विवाद की अवधि (iv) विवादाधीन रकमः

विवरण केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर
क) कर/उपकर
ख) ब्याज
ग) शास्ति
घ) फीस
ङ) अन्य प्रभार

7. तथ्यों का कथन 8. अपील का आधर 9. प्रार्थना 10. मांगी गई, विवादित और स्वीकृृत रकम

म् ाांग की विशिष्टियां यदि कोई हों विशिष्टियां केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर क ुल रकम
सृृजित मांग की रकम, यदि कोई हों (अ) क)कर/उपकर < कुल> < कुल>
ख)ब्याज < कुल>
ग)शास्ति < कुल>
घ)फीस < कुल>
ङ) अन्य प्रभार < कुल>
विवादाधीन रकम (आ) क) कर/ उपकर < कुल> < कुल>
ख)ब्याज < कुल>
ग)शास्ति < कुल>
घ)फीस < कुल>
ङ) अन्य प्रभार < कुल>
6529 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

स्थानः <हस्ताक्षर> तारीखः

अधिकारी का नामः

अधिकारिताः

-------

प्ररूप जीएसटी एपीएल-08 [नियम 114 (1) देखें] धारा 117 के अधीन उच्च न्यायालय को अपील

1. ............................कराधेय व्यक्ति/........... सरकार द्वारा फाईल अपील 2. जीएसटीआईएन/अस्थायी आईडी/यूआईएन- 3. अपीलार्थी का स्थाई पता, यदि लागू होः 4. संसूचना का पताः 5. विरूद्ध अपील किया गया आदेश..........संख्या..........तारीख 6. विरूद्ध अपील किए गए आदेश को पारित करने वाले अपीलीय अधिकरण का नाम और पताः 7. विरूद्ध अपील किए गए आदेश की संसूचना की तारीख 8. प्रतिनिधि का नामः 9. विवादित मामले के ब्यौरेः

i. सिनोप्सेस के साथ विवादित मामले का संक्षिप्त विवाध्यकः ii. विवादित मालों/सेवाओं का विवरण और वर्गीकरणः iii. विवाद की अवधिः iv. विवादित रकमः

विवरण केन्द्रीय कर राज्य/यूटी कर एकीकृृत कर उपकर
क) कर/उपकर
ख) ब्याज
ग) शास्ति
घ) फीस
ङ) अन्य प्रभार

v. जब्त किए गए मालों का बाजार मूल्यः

10. तथ्यों का कथन 11. अपील का आधर 12. प्रार्थना 13. अपील के आधारों सेे संबंधित उपाबंध (उपाबंधों)ः

सत्यापन

मैं, ........................................., सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और कुछ भी बात छिपाई नहीं गई है।

हस्ताक्षर

स्थानः तारीखः

नामः पदनाम/प्रास्थिति6530 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-1

(नियम 117(1),118,119 और 120 देखें)

संक्रमणकालीन आईटीसी/स्टॉक विवरण 1. जीएसटीआई एन- 2. रजिस्टीकृृत व्यक्ति का विधि नाम- 3. व्यापार नाम, यदि कोई है- 4. क्या नियत दिन से तुरंत पूर्ववर्ती छहः मास की अवधि के लिए विद्यमान विधि के अधीन अपेक्षित सभी विवरणियां दी गइर््र हैः- हां/नहीं

5. विद्यमान विधि के अधीन फाईल की गई विवरणी में कर प्रत्यय की अग्रनीत रकमः

(क) केन्द्रीय कर धारा 140(1) और धारा 140(4)क के रूप में इलैक्ट्रानिक प्रत्यय खाते से अग्रनीत सेनवेट प्रत्यय की रकम

क्रम सं0 विद्यमान विधि (केन्द्रीय उत्पाद और सेवा कर) के अधीन रजिस्ट्रीकरण सं0 कर अवधि जिसके लिए संबंधित विद्यमान विधि के अधीन फाईल की गई स्तंभ सं0 3 में विनिर्दिष्ट विवरणी फाईल करने की तारीख उक्त अ तिम ं विवरणी में अग्रनीत सेनवेट प्रत्यय का अतिशेष स ंक्रमणकालीन उपबंधों के अनुसार केन्द्रीय कर के आईटीसी के रूप में ग्राहय सेनवेट प्रत्यय
1 2 3 4 5 6
कुल

(ख) प्राप्त कानूनी प्ररूनों के ब्यौरे जिसके लिए प्रत्यय अग्रनीत किया जाना है अवधि 1 अप्रैल 2015 से 30 जून 2017

जारीकर्ता का टीआईएन जारीकर्ता का नाम प्ररूप की क्रम स ख्या ं रकम उपलब्ध मूल्य वर्धित कर की दर
सी-प्ररूप
कुल
एफ प्ररूप
कुल
एच/आई-प्ररूप
कुल योग

(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर के रूप में इलैक्ट्रानिक प्रत्यय खाते से अग्रनीत कर प्रत्यय की रकम (उसी राज्य में और उसी स्थायी खाता संख्या पर सभी रजिस्ट्रीकरण के लिए)।

विद्यमान विधि में रजिस्ट्री अंतिम विवरणी में आईटीसी के मूल्य वर्धित सी प्ररूप एफ प्ररूप एच/आई प्ररूप
आर्वत जिसके कर संदेय (3) पर आर्वत जिसके कर संदेय आर्वत जिसके (7) पर कर स् ाक्रमण ं 2-
करण स 0 ं कर [प्रविष्टि कर] का अधिशेष लिए प्ररूप ल बित है ं अंतर लिए प्ररूप लंबित है (5) पर अंतर [(3) और] (5) से संबंधित आईटीसी उतक्रमण लिए प्ररूप ल बित है ं संदेय (4+6- 7+9)
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10

6. विद्यमान विधि के अधीन पूंजीमाल जिसके लिए अनुपभुक्त प्रत्यय अग्रनीत नहीं किए गए हैं, का ब्यौरा (धारा 140(2) ) ।

(क) केन्द्रीय कर के रूप में इलैक्ट्रानिक प्रत्यय खाते से अग्रनीत पूंजी माल के संदर्भ में अनुपभुक्त सेनवेट प्रत्यय का ब्यौरा

क्रम सं0 बीजक / दस्तावे ज सं0 बीजक / दस्तावे ज तारीख विद्यमान विधि के अधीन प्रदायकर्ता की रजिस्ट्रीकरण् ा सं0 विद्यमान विधि के अधीन प्राप्तिकर्ता की रजिस्ट्री- करण सं0 पूंजी माल का ब्यौरा जिस पर प्रत्यय आंशित रूप से उपभुक्त किया गया है विद्यमा न विधि के अधीन कुल पात्र स ेनवेट प्रत्यय विद्यमान विधि के अधीन उपभुक्त सेनवेट प्रत्यय विद्यमान विधि के अधीन अनुपभुक्त कुल सेनवेट (केन्द्रीय कर क े आई टीसी के रूप में ग्राह्‌य(9-1 0)
मूल्य शुल्क और संदत्त कर
ईडी/सीवीडी एसएड ी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
कुल

(ख) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर के रूप में इलैक्ट्रानिक प्रत्यय खाते से अग्रनीत अनुपभुक्त इनपुट कर प्रत्यय

क्रम सं0 बीजक/ दस्तावेज सं0 बीजक/ दस्तावेज तारीख विद्यमान विधि के अधीन प्रदायकर्ता की रजिस्ट्री- करण सं0 विद्यमान विधि के अधीन प्राप्तिकर्ता की रजिस्ट्रीकरण स 0 ं प ू ं जी माल का ब्यौरा जिस पर प्रत्यय आंशित रूप स े उपभुक्त किया गया है विद्यमान विधि के अधीन कुल पात्र मूल्य वर्धित कर[ और ईटी] प्रत्यय विद्यमान विधि के अधीन कुल मूल्य वर्धित कर [और ईटी] उपभुक्त प्रत्यय विद्यमान विधि के अधीन कुल मूल्य वर्धित कर और [ईटी] अनुपभुक्त प्रत्यय (राज्य/ संघ राज्यक्षेत्र के आईटीसी के रूप में ग्राह्‌य (8-9)
मूल्य कर संदत्त मूल्य वर्धित कर [और ईटी]
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
कुल

7. धारा 140(3), 140(4)ख, 140(5) और 140(6) के निबंधनों में स्टॉक में धारित इनपुट का ब्यौरा 6532 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (क) सारणी 5(क) के अधीन प्रत्यय के रूप में दावा किए गए इनपुट जिसके अंतर्गत दावा किया गया प्रत्यय नहीं है पर शुल्क और कर की रकम (धारा 140(3), 140(4)(b) और 140(6) के अधीन)

क्रम सं0 स्टॉक में धारित अर्धपरिरूपित या परिरूपित माल में अंतर्विष्ट स्टॉक या इनपुट में धारित इनपुट का ब्यौरा
एचएसएन ( 6 अंकीय स्तर पर) इकाई परिमाण मूल्य ए ेसे इनपुट पर स दत्त ं पात्र शुल्क
1 2 3 4 5 6
7क जहां शुल्क संदत्त बीजक उपलब्ध हैं
इनपुट
अर्धपरिरूपित और परिरूपित में अंतर्विष्ट इनपुट
7ख जहां शुल्क संदत्त बीजक उपलबध नहीं है (विनिर्माता या सेवा प्रबंधक से भिन्न व्यक्तियों को केवल लागू )-नियम 117 4 के निबंधनों में प्रत्यय
इनपुट

(ख) धारा 140(5) के अधीन इनपुट या इनपुट सेवाओं के संदर्भ में पात्र शुल्क और कर/मुल्य वर्धित कर/ [ईटी]ः

प्रदायकर्ता का नाम बीजक सं0 बीजक तारीख विवरण परिमाण यूक्यूसी मूल्य पात्र शुल्क और कर मूल्यवर्धित कर/[ईटी] तारीख जिस पर प्राप्तिकर्ता के बहिखाता में प्रविष्टि की गई)
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10

(ग) मूल्य वर्धित कर की रकम ओर इनपुट पर संदत्त प्रवेश कर बीजक/दस्तावेज द्वारा समर्थित है, धारा 140(3), 140(4)(b) और 140(6) के अधीन एसजीएसटी/यूटीजीएसटी के रूप में इलैक्ट्रानिक प्रत्यय खाते से अग्रनीत संदत्त कर का साक्षी है।

स्टॉक में इनपुट का ब्यौरा पूर्व विधि के अधीन कुल दावा किए गए इनपुट कर प्रत्यय पूर्व विधि के अधीन कुल दावा किए गए छूट प्राप्त विक्रय स े संबंधित इनपुट कर प्रत्यय एसजीएएटी/यूटीजीएसटी के रूप में कुल ग्राह्‌य इनपुट कर प्रत्यय
विवरण इकाई परिमाण मूल्य मूल्य परिवर्धित कर [और प्रवेश कर] स दत्त ं
1 2 3 4 5 6 7 8
इनपुट
6533 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 अर्धपरिरूपित ओर परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुट

(घ) माल का स्टॉक जो बीजक/दस्तावेज द्वारा समर्थित नहीं है कर संदेय के साक्षी हैं (नियम 117 (4) के निबंधनों में प्रत्यय) (केवल उन्हीं राज्यों में जिनमें एकल बिंदु पर मूल्य वर्धित कर है

स्टॉक में इनपुट का ब्यौरा
विवरण इकाई परिमाण मूल्य कर संदत्त
1 2 3 4 5

इनपुट/इनपुट सेवाओं का विवरण और परिमाण के साथ-साथ माल या सेवाओं की प्राप्ति की तारीख (बहि खातों में यथाप्रविष्ट) का ब्यौरा

8. विद्यमान विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति जिसके पास केन्द्रीयकृृत रजिस्ट्रीकरण है के लिए सेनवेट प्रत्यय के अंतरण का ब्यौरा धारा 140 (8)

क्रम स 0 ं विद्यमान विधि के अधीन रजिस्ट्रीरण सं0 (केन्द्रीयकृत) विद्यमान विधि के अधीन कर जिसके लिए अंतिम विवरणी फाईल की गई स्तम्भ 3 में विनिर्दिष्ट विवरणी के फाइल करने की तारीख उक्त अंतिम विवरणी में अग्रनीत सेनवेट प्रत्यय का पात्र अधिशेष केन्द्रीय कर के आईटीसी के प्राप्तिकर्ता (समान स्थाई खाता संख्या) के जीएसटीआईएन वितरण दस्तावेज/ बीजक केन्द्रीय कर का आईटीसी अंतरित
सं0 तारीख
1 2 3 4 5 6 7 8 9
कुल

9. धारा 141 के अधीन मूल की ओर से कार्य कर्मकार को भेजे गए और उसके स्टॉक में धारित माल का ब्यौरा।

क. धारा 141 के अधीन कार्य कर्मकार को मूल के रूप में भेजे गए माल का ब्यौरा

क्रम सं0 चाला न सं0 चालान तारीख माल का प्रकार (इनपुट/अर्धप- रिरूपित/परिरूपित ) कार्य कर्मकार के पास माल का ब्यौरा
एचएस एन विवरण इकाई परिमाण मूल्य
1 2 3 4 5 6 7 8 9
6534 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

कार्य कर्मकार का जीएसटीआईएन, यदि उपलब्ध हो

कुल

क्रम सं0 चालान स 0 ं चालान तारीख माल का प्रकार (इनपुट/अर्धपरिरूपित /परिरूपित) कार्य कर्मकार के पास माल का ब्यौरा
एचएसए न विवरण इकाई परिमाण मूल्य
1 2 3 4 5 6 7 8 9
विनिर्माता का जीएसटीआईएन
कुल

10. राज्य माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 142(14) के अधीन मूल की ओर से अभिकर्ता के रूप में स्टॉक में धारित माल का ब्यौरा।

क. मूल की ओर से अभिकर्ता के रूप में धारित माल का ब्यौरा

क्रम सं0 मूल का जीएसटीआईएन अभिकर्ता के पास माल का ब्यौरा
विवरण इकाई परिमाण मूल्य लिया जाने वाला इनपुट कर
1 2 3 4 5 6 7

ख. अभिकर्ता द्वारा धारित माल का ब्यौरा

क्रम सं0 मूल का जीएसटीआईएन अभिकर्ता के पास माल का ब्यौरा
विवरण इकाई परिमाण मूल्य लिया जाने वाला इनपुट कर
1 2 3 4 5 6 7
क्रम स . ं मूल्य वर्धित कर की रजिस्ट्रीकरण स 0 ं सेवा कर की रजिस्ट्रीकरण सं0 बीजक/ दस्तावेज सं0 बीजक/ दस्तावेज तारीख कर संदत्त मूल्य वर्धित कर एसजीएसटी प्रत्यय के रूप में संदत्त/लिया या केन्द्रीय कर प्रत्यय के रूप में सेवा कर संदत्त
1 2 3 4 5 6 7
कुल
6535 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 11. धारा 142 (1) (ग) के निबंधनों अनुपभुक्त प्रत्यय का ब्यौरा

12. नियत दिन से छहः मास पूर्व अनुमोदन आधार पर भेजे गए माल का ब्यौरा (धारा 142(12)

क्रम स 0 ं दस्तावे ज सं0 दस्तावेज तारीख प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईए न सं0 (यदि लागू हो) प्राप्तिकर्ता का नाम और पता अनुमोदन आधार पर भेजे गए माल का ब्यौरा
एचएसएन विवरण इकाई परिमाण् ा मूल्य
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10

सत्यापन (प्राधिकृत हस्ताक्षरी द्वारा)

मैं, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा और घोषणा करता हूूं कि ऊपर दी गई सूचना मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है।

----------

प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-2

(नियम 117(4) देखें)

1. जीएसटीआईएन- 2. कराधेय व्यक्ति का नाम- 3. कर अवधिः मास............वर्ष............... 4. नियत दिन पर स्टॉक में धारित इनपुट के संदर्भ में जिसका कोई बीजक/दस्तावेज इलैक्ट्रानिक प्रत्यय खाते से अग्रनीत कर संदाय के साक्ष्य के रूप में कब्जे में नहीं है का ब्यौरा।

क र अवधि का आरंभिक स्टॉक किया गया जावक प्रदाय ब्ांद अधिशेष
एचएसएन (6 अंकीय स्तर पर) इकाई परिमाण परिमाण मूल्य केन्द्रीय कर एकीकृृत कर आईटीसी अनुज्ञात परिमाण
1 2 3 4 5 6 7 8 9

5. ऊपर 4 में उल्लिखित स्टॉक पर राज्य कर पर प्रत्यय (केवल उन्हीं राज्यों में जिनमें मूल्य वर्धित कर एकल बिंदु पर है)

र अवधि का आरंभिक स्टॉक किया गया जावक प्रदाय ब्ांद अधिशेष
एचएसएन (6 अंकीय स्तर पर) इकाई परिमाण परिमाण मूल्य केन्द्रीय कर एकीकृृत कर आईटीसी अनुज्ञात परिमाण
1 2 3 4 5 6 7 8 9
6536 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 सत्यापन (प्राधिकृत हस्ताक्षरी द्वारा)

मैं, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा और घोषणा करता हूूं कि ऊपर दी गई सूचना मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है।

स्थानः हस्ताक्षर तारीखः प्राधिकृृत हस्ताक्षरी का नाम पदनाम/प्रास्थिति ---------

प्ररूप जीएसटी पीसीटी-1

[नियम 83 1 देखें]

माल और सेवा कर व्यवसायी के रूप में नामांकन के लिए आवेदन भाग-अ राज्य/संघ राज्यक्षेत्र- जिला-

(i) माल और सेवा कर व्यवसायी का नाम (स्थायी खाता संख्या में यथा उल्लेखित)
(ii) स्थायी खाता संख्या
(iii) ई-मेल पता
(iv) मोबाइल नं.

टिप्पण- उपरोक्त दी गई सूचना भाग- आ को भरने की कार्रवाई से पहले ऑनलाइन सत्यापन के अध्यधीन है।

1. नामांकन प्राधिकरी केन्द्र र ाज्य
2 राज्य/संघराज्य क्षेत्र
3 आवेदन की तारीख
4 नामांकन की मांग करने वालेः (1) सी ओ पी धारित चार्टेड अकाउन्टेंट (2) सी ओ पी धारित कंपनी सचिव (3) सी ओ पी धारित लागत और प्रबंधन अकाउन्टेंट (4) अधिवक्ता (5)वाणिज्य में स्नातक या परास्नातक डिग्री (6) बैंकिंग में स्नातक या परास्नातक डिग्री (7) कारबार प्रशासन मे ं स्नातक या परास्नातक डिग्री (8) कारबार प्रबंधन में स्नातक या परास्नातक डिग्री (9) किसी विदेशी विश्वविद्‌यालय की परीक्षा की डिग्री (10) सेवानिवृृत सरकारी अधिकारीगण
5 सदस्यता संख्या
5.1 सदस्यता का प्रकार (नीचे करने पर चुने गए संस्थान पर आधार
में परिवर्तन होगा।
5.2 नामांकन/सदस्यता की तारीख
5.3 सदस्यता की विधिमान्यता अवधि
6 बार में रजिस्ट्रीकृृत अधिवक्ता (बार काउंसिल का नाम)
6.1 बार द्वारा दी गई रजिस्ट्रीकरण संख्या
6.2 रजिस्ट्रीकरण की तारीख
6.3 तक विधिमान्य
7 सेवानिवृृत सरकारी अधिकारीगण केन्द्रीय/राज्य सरकार से सेवानिवृृत
7.1 सेवानिवृृति की तारीख
7.2 स् ेावानिवृृति के समय धारित पर का पदनाम ए जी कार्यालय द्वारा जारी किए गए पैंशन प्रमाणपत्र की या सेवानिवृृत का साक्ष्य देने वाले किसी अन्य दस्तावेज की स्कैन प्रति
8 आवेदन का ब्यौरा
8.1 स्थायी खाता संख्या के अनुसार पूरा नाम
8.2 पिता का नाम
8.3 जन्म तारीख
8.4 फोटो
8.5 लिंग
8.6 आधार <वैकल्पिक>
8.7 स्थायी खाता संख्या <भाग अ से पूर्व में भरा हुआ>
8.8 मोबाइल नं. <भाग अ से पूर्व में भरा हुआ>
8.9 लैंडलाइन नं.
8.10 ई-मेल पता <भाग अ से पूर्व में भरा हुआ>
9. वृृतिक पता (कोई तीन आवश्यक हो गे) ं
9.1 भवन सं. /फ्लैट सं. /द्वार सं.
9.2 तल सं.
9.3 परिसर/भवन का नाम
9.4 सड़क/ मार्ग लेन
9.5 परिक्षेत्र/क्षेत्र/ग्राम
9.6 जिला
9.7 राज्य
9.8 पिन कोड
10 योग्यता के ब्यौरे
10.1 अर्हक डिग्री
10.2 विश्वविद्‌यालय/संस्थान की मान्यता
सहमति मैं, आधार संत्र <प्ररूप में उपबंधित आधार सं. पर आधारित पूर्व में भरा हुआ> में धारक की ओर से प्रमाणीकरण के प्रयोजन के लिए यू आई डी ए आई से मेरा ब्यौरे प्राप्त करने की "माल और सेवा कर नेटवर्क" को सहमति देता हू । "माल और सेवा कर नेटवर्क" ने मुझे सूचित किया है कि ं पहचान सूचना का उपयोग केवल आधार धारक की पहचान की विधिमान्यता के लिए किया जाएगा और केवल प्रमाणीकरण के प्रयोजन हेतु केन्द्रीय पहचान आंकड़ा कोष के साथ साझा किया जाएगा।
सत्यापन म ैं सत्यनिष्ठा पूर्वक प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई सूचना मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है तथा इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है ।
स्थान <डीएससी आवेदक के ई-हस्ताक्षर/ईवीसी>
तरीख <आवेदक का नाम>
6538 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

अभिस्वीकृति

आवेदन संदर्भ संख्या (एआर एन)-

आपने सफलतापूर्वक आवेदन भर दिया हैः

जीएसटीआईएन, यदि उपलब्ध हैः

विधिक नामः

प्ररूप सं0ः

प्ररूप विवरणः

फाइल करने की तारीखः

फाइल करने का समयः

केन्द्रीय अधिकारिताः

राज्य अधिकारिताः

जिसके द्वारा फाईल किया गयाः

अस्थायी संदर्भ संख्या, (टीआरएन) यदि कोई हैः

स्थानः

यह एक संयत्र जनित अभिस्वीकृति है और जिस पर कोई हस्ताक्षर अपेक्षित नहीं है।

टिप्पण.-आवेदन की प्रास्थिति को जीएसटी पोर्टल पर डेस बोर्ड पर "आवेदन प्रास्थिति खोज" के माध्यम से देख जा सकेगा।

--------

प्ररूप जीएसटी पीसीटी-02

[नियम 83 (2) देखें]

1. नामांकन संख्या
2. स्थायी खाता संख्या
3. माल और सेवा कर व्यवसायी का नाम
4. पता और संपर्क सूचना
5. जीएसटीपी के अनुसार नामांकन की तारीख
तारीख नामांकन प्राधिकारी का नाम
नाम और पदनाम
केन्द्र/राज्य
6539 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप जीएसटी पीसीटी-03

[नियम 83 (4) देखें]

संदर्भ सं. तारीख- सेवा में, नाम आवेदक का पता जीएसटी व्यवसायी की नामांकन सं.

निरर्हता के लिए कारण बताओ सूचना

यह मेरी अवेक्षा में आया है कि आप अवचार के दोषी हैं, जिसका ब्यौरा नीचे दिया गया है- 1. 2. इसलिए आपको कारण बताओ सूचना दी जाती है कि उपरोक्त कथित कारणों के लिए क्यों नहीं आपको प्रदान किया गया नांमाकन प्रमाणपत्र नामंजूर कर दिया जाए। आपसे निवेदन है कि अपना जवाब इस सूचना की प्राप्ति की तारीख से <15> दिनों के अन्दर अधोहस्ताक्षरी को भेज दें।

तारीख..................समय......... पर अधोहस्ताक्षरी के समक्ष हाजिर हों।

यदि आप नियत तारीख के अन्दर उत्तर देने मेें असफल रहते हों या नियत तारीख और समय पर व्यैक्तिक सुनवाई हेतु हाजिर होने में असफल रहते हों, मामले का उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर तथा गुणागुण अनुसार एक पक्षीय रूप से विनिश्चय कर दिया जाएगा।

हस्ताक्षर

नाम (पदनाम) -----------

प्ररूप जीएसटी पीसीटी-04

[नियम 83 (4) देखें]

संदर्भ सं. तारीख- सेवा में, नाम पता नामांकन सं.

जीएसटी व्यवसायी के रूप में नामांकन की नामंजूरी का आदेश

यह, कारण बताओ सूचना.................तारीख के जवाब में आपके उत्तर..........तारीख के संदर्भ में है। जहां कारण बताओ सूचना का कोई उत्तर नहीं दिया गया है; या जहां आप नियत तारीख पर सुनवाई हेतु हाजिर नहीं हुए हैैं; या

जहां अधोहस्ताक्षरी ने सुनवाई के समय आपके उत्तर के निवेदनों का निरीक्षण कर लिया है और उनकी यह राय है कि निम्नलिखित कारणों से आपका नामांकन रद्‌द किए जाने का दायी है। 1. 2.

6540 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 आपके नामांकन रद्‌दकरण की प्रभावी तारीख ................ <<दिन/मास/वर्ष >>है।

हस्ताक्षर

नाम

(पदनाम)

---------

प्ररूप जीएसटी पीसीटी-05

[नियम 83 (6) देखें]

माल और सेवा कर व्यवसायी के प्राधिकरण का वापस लिया जाना सेवा में प्राधिकृत अधिकारी केन्द्रीय कर/राज्य कर

भाग-अ

महोदय/महोदया मैं/हम (स्वत्वधारी का नाम, /सभी साझीदार/कर्ता प्रबंधन निदेशक और पूर्णकालिक निदेशक/संगम की प्रबंधन समिति के सदस्य/न्यासियों का बोर्ड आदि -

1. *सत्यनिष्ठापूर्वक प्राधिकृत करते हैं, 2. *<< जीएटीआईएन>> सम्बन्धित........... (विधिक नाम) की ओर से निम्नलिखित गतिविधियों को करने के लिए धारा 48 के साथ पठित नियम 83 के प्रयोजन के लिए नामांकन .........से सम्बन्धित.......... (माल और सेवा कर व्यवसायी का नाम).......... का प्राधिकरण वापस लेते हैं।

क्र. सं. गतिविधियों की सूची जांच बॉक्स
1. जावक और आवक प्रदायों का ब्यौरा प्रस्तुत करना
2. मासिक, तिमाही, वार्षिक या अंतिम विवरणी प्रस्तुत करना
3. इलैक्ट्रॉनिक नकद खाते मे ं प्रत्यय के लिए निक्षेप करना
4. दावे या प्रतिदाय के लिए कोई आवेदन फाइल करना
5. रजिस्ट्रीकरण के संशोधन या रद्‌दकरण के लिए कोई आवेदन फाइल करना

2. ........(माल और सेवा कर व्यवसायी का नाम) की सहमति इसके साथ संलग्न है।* * जो भी लागू न हो उसे काट दें।

प्राधिकृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर

नाम

पदनाम/प्रास्थिति

तारीख

भाग-आ

मैं << माल और सेवा कर व्यवसायी का नाम>> <<नामांकन संख्या>> केवल जी एस टी आई एन.......... (विधिक नाम)...........द्वारा विनिर्दिष्ट गतिविधियों की बाबत जी एस टी आई एन............. (विधिक नाम) .. ............. की ओर से माल और सेवा कर व्यवसायी के रूप में कार्य करने की सत्यनिष्ठापूर्वक सहमति प्रदान करता हूं।6541 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 हस्ताक्षर नाम नामांकन सं तारीख

सितम्बर की विवरणी के फाइल करने के पश्चात्‌ मिलान का परिणाम (20 अक्तूबर तक फाइल किया जाना चाहिए)

प ्रवेश पत्र सं./बीजक/ नामेपत्र/जमापत्र आई टी सी/ निर्गम दायित्व ब्याज
1 2 सितम्बर सितम्बर तारीख संख्या कराधेय मूल्य एकीकृत केन्द्रीय राज्य/ संघ राज्यक्षेत्र उपकर एकीकृत शून्य शून्य केन्द्रीय राज्य उप कर

अ.2 अगस्त माह के उन बीजकों, नामें और जमापत्रों का ब्यौरा, जो 20 सितम्बर तक फाइल की गई अगस्त माह की विवरणी से बेमेल पाया गया है लेेकिन जिसकी 20 अक्तूबर तक फाइल की गई सितम्बर माह की विरणी में परिशुद्धि कर ली गई थी।

1 2 अगस्त अगस्त शून्य शून्य

अ.3 जुलाई माह और उससे पहले माह, लेकिन पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के अप्रैल से पूर्व नहीं, के उन बीजकों, नामें और जमापत्रों का ब्यौरा, जो संदेय हो गया है लेकिन युग्मकप्रदायकर्ता/प्राप्तकर्ता ने 20 अक्तूबर तक फाइल की गई सितम्बर माह तक अपनी विवरणी में तत्सम्बन्धी दस्तावेजों का ब्यौरा शामिल कर लिया है और इसके सुधार को ब्याज के प्रतिदाय के साथ अनुज्ञात किया गया है ।

1 2 माह माह प्रतिदाय प्रतिदाय

आ. 20 अक्तूबर तक फाइल की गई विवरणी में दायित्व की वृद्वि की ओर अग्रसर होने वाले बेमेल/अनुप्रतियां।

आ.1 जुलाई माह केे उन बीजकों, नामें और जमापत्रों का ब्यौरा, जो 20 अगस्त तक फाइल की गई जुलाई माह की विवरणी में बेमेल पाए गए हैं लेकिन बेमेल को 20 सितम्बर तक फाइल की गई अगस्त माह की विवरणी में परिशुद्ध नहीं किया था और जो 20 अक्तूबर तक फाइल की जाने वाली सितम्बर माह की विवरणी में संदेय हो गया है।

1 2 जुलाई जुलाई दो माह दो माह

आ.2 अगस्त माह केे उन बीजकों, नामें और जमापत्रों का ब्यौरा, जो अनुकृृति के रूप में पए गए हैं और जो 20 अक्तूबर तक फाइल की जाने वाली सितम्बर माह की विवरणी में संदेय हो गया है।

1 2 अगस्त अगस्त एक माह एक माह
6542 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

आ.3 अगस्त माह केे उन बीजकों, नामें और जमापत्रों का ब्यौरा, जहां धारा 42/43 के अतिक्रमण में किया गया सुधार प्रतिवर्तन था और जो 20 अक्तूबर तक फाइल की जाने वाली सितम्बर माह की विवरणी में संदेय हो गया है।

1 2 अगस्त अगस्त एक माह -उच्च ए क माह- उच्च

इ. 20 नवम्बर तक फाइल की जाने वाली अक्तूबर की विवरणी में दायित्व की वृद्धि की ओर अग्रसर करने वाले बेमेल /अनुप्रतियां।

इ.1 अगस्त माह केे बीजकों, नामें और उन जमापत्रों का ब्यौरा, जो 20 सितम्बर तक फाइल की गई अगस्त माह की विवरणी में बेमेल पाए गए हैं लेकिन बेमेल को 20 अक्तूबर तक फाइल की गई सितम्बर माह की विवरणी में परिशुद्ध नहीं किया गया था और जो 20 नवम्बर तक फाइल की जाने वाली अक्तूबर माह की विवरणी में संदेय होगा

1 2 अगस्त अगस्त दो माह दो माह

इ.2 सितम्बर माह के उन बीजकों, नामें और उन जमापत्रों का ब्यौरा, जो अनुकृृति के रूप में पाए गए हैं और जो 20 नवम्बर तक फाइल की जाने वाली अक्तूबर माह की विवरणी में संदेय होंगे।

1 2 सितम्बर सितम्बर एक माह एक माह

इ.3 सितम्बर माह के उन बीजकों, नामें और उन जमापत्रों का ब्यौरा, जहां धारा 42/43 के अतिक्रमण में किया गया सुधार प्रतिवर्तन था और जो 20 नवम्बर तक फाइल की जाने वाली अक्तूबर माह की विवरणी में संदेय होंगे

1 2 सितम्बर सितम्बर एक माह-उच्च ए क माह-उच्च
6543 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 ई 20 दिसम्बर तक फाइल की जाने वाली नवम्बर की विवरणी में दायित्व की वृृद्धि की ओर अग्रसर

करने वाले बेमेल/अनुप्रतियां।

ई.1 सितम्बर माह केे उन बीजकों, नामें और उन जमापत्रों का ब्यौरा, जो बेमेल पाए गए हैं और 20 नवम्बर तक फाइल की जाने वाली अक्तूबर की विवरणी में बेमेल का परिशुद्ध न किए जाने की दशा में, जो 20 दिसम्बर तक फाईल की गई नवम्बर माह की विवरणी में संदेय हो गए हैं।

1 2 सितम्बर सितम्बर शुन्य/ दो माह श् ाुन्य/ दो माह

प्ररूप-26क [नियम 138 का उप नियम (1) और (5) देखें] घोषणा

मूल प्रति दूसरी प्रति तीसरी प्रति

एफटी एनटी जीजी
आई एम ई एक्स आर ई
1. प्ररूप संख्या......... नाम.............
2. परेषकः पूरा पता........................... टिन....................................
3. से परेषितः स्थान..........................................
4. परेषितीः नाम........................................... पूरा पता....................................... टिन...................................................
5. माल का गंतव्य स्थान.....................................
6. यान संख्या.................................. परिवहन कंपनी का नाम................................. .
7. माल का मूल्य................................रूपए जी-आर संख्या................................
8. माल के ब्यौरे (बहु-बिलों की दशा में ब्यौरे प्रतिपर्ण पर दें)
क्र म संख्या (1) बिल संख्या (2) तारीख (3) माल का संकलित मूल्य (4)(i) प्रवर्गवार विभाजन (4)(ii) माल का संक्षिप्त विवरण (5)
रूपए पैसे (क) (ख) (क) (ख)
कराधेय माल का मूल्य कर मुक्त माल का मूल्य कराधेय माल कर मुक्त माल
पड़ताल के पश्चात्‌ ई-वेलिडेशन सेंटर के समुचित प्रभारी अधिकारी के मुहर सहित हस्ताक्षर ई-विधिमान्यता केन्द्र का नाम माल का परिवहन करने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान, नाम और पता
तारीख तारीख

टिप्पणः 1. ई-विधिमान्यता केन्द्र कर माल का वहन करने वाले व्यक्ति के पास लदान का पूर्ण बिल होना चाहिए।

बिल संख्या बिल की तारीख माल का मूल्य माल का स ंक्षिप्त विवरण
म
ाल का कुल मूल्य
अनुदेश
क. 63टिन भरने के लिए दिशा निर्देश
1. यदि अरजिस्ट्रीकृत व्यौहारी है जिला................यूएनआर-रिक्त
2. यदि रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन किया है जिला...............एएफआर-रिक्त
3. यदि रजिस्टी्रकृत है जिला संख्या..
ख. जहां लागू हो ()सही का चिन्ह लगाएं
एफ.टी= व्यापार के लिए माल आईएम= आयातित माल
एनटी= माल जो व्यापार के लिए नहीं है ईएक्स= निर्यातित माल
जीजी= सरकारी माल आर ई= माल जिसकी पुनः प्रविष्टि की गई हो

मू0प0क0 प्ररूप-26

(नियम 138 का उपनियम (5) देखें)

1. परेषक का नाम और पूरा पताः
2. टिन, यदि कोई है
3. परेषिती का नाम और पूरा पता
4. टिन, यदि कोई है
5. प्रेषण का स्थान
6. गन्तव्य का स्थान
7. माल का विवरण
8. कर बीजक/केश मेमों/बिल का नम्बर/वितरण नोट और तारीख
9. मात्रा (भार)
10. मात्रा (पैकटों की संख्या)
11. माल का मूल्य (क) अंको में (ख) शब्दों में
12. संव्यवहार की प्रकृति विक्रय अन्यथा
परेेषक के हस्ताक्षर
13. माल वहन यान का नम्बर 14. रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र संख्या
15. प्रेषण की तारीख और समय दिन मास वर्ष घण्टे मिनट
16. परिवहन संचालक का नाम और पता
माल का परिवहन करने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान
6545

प्ररूप-27

[नियम 138 का उप नियम (1) देखें]

(पारवहन स्लिप)

ई-विधिमान्यता केन्द्र का नाम

1. ई-विधिमान्यता केन्द्र के प्रवेश पर माल के पहुंचने की तारीख और समय
2. माल के भार-साधक व्यक्ति का नाम
3. माल के स्वामी का नाम और पता
4. स्थान, जहां से माल का क्रय किया गया है
5. स्थान का नाम जहां से माल का परेषण किया गया
6. माल का विवरण
7. माल की मात्रा की संख्या
8. माल का मूल्य
9. माल का गन्तव्य स्थान
10. यान संख्या
11. हिमाचल प्रदेश राज्य क्षेत्र से अन्नतः बाहर से जाने वाले माल की दशा में ई-विधिमान्यता केन्द्र के निकास का नाम
12. हिमाचल प्रदेश राज्य में माल के प्रवेश के स्थान पर ई-विधिमान्यता केन्द्र के समुचित प्रभारी अधिकारी के हस्ताक्षर
13. तारीख और समय जब माल स्तम्भ संख्या 11 में निर्दिष्ट ई-विधिमान्यता केन्द्र निकास पर पहुंचा
14. ई-विधिमान्यता केन्द्र के समुचित प्रभारी अधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर
15. टिप्पणियां

माल परिवहन करने वाले

व्यक्ति के हस्ताक्षर और

अंगूठे का निशान6546 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

प्ररूप-28

[नियम 138 का उप नियम(4) देखें]

माल के स्वामी या माल के स्वामी की ओर से उसके प्रतिनिधि, वाहन के चालक या उसके अन्य भार-साधक व्यक्ति द्वारा दिया जाने वाला प्रतिभूति बंध पत्र। ई विधिमान्यता केन्द्र के प्रभारी अधिकारी के समक्ष 20................................. की संख्या.......................

याची बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य प्रत्यार्थी हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल और उसके पद-उत्तरवर्ती और समनुदेशिती के पक्ष में निष्पादित प्रतिभूति बंधपत्रः यह कि ई-विधिमान्यता केंद्र का प्रभारी अधिकारी (ई-विधमान्यता केंद्र का नाम) ने भारसाधक व्यक्ति को पर्याप्त प्रतिभूति देने के निदेश दिए थे और ऐसे निदेश के अनुसरण में, मैं/हम एतद्‌द्वारा वैयक्तिक रूप में वचन देते है। और मैं स्वयं/हमारे को, मेरे/हमारे वारिसों और विधिक प्रतिनिधियों को हिमाचल प्रदेश सरकार को..............................रूपए (................) की राशि और नीचे उपाबंध अनुसूची में विनिर्दिष्ट बंधक संपत्तियों के प्रभार की राशि.................... रूपए (...................रूपए) के संदाय के लिए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल से आबद्ध है और प्रसंविदा कि यदि शास्ति या अन्य रकम जो हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 129 के अधीन संदत्त की गई है तो यह बंध-पत्र अमान्य और निष्क्रीय हो जाएगा अन्यथा यह पूर्णतया प्रवृत और प्रभाव में रहेगा।

इसके साक्ष्य स्वरूप मैंने/हमने आज तारीख ........................को अपने हस्ताक्षर और मुहर अंकित कर दी है। साक्षीः

1. .................................

हस्ताक्षर पूरा पता.....................

2. हस्ताक्षर........................ पूरा पता.......................

हस्ताक्षर.........................................

टिप्पण.--प्रतिभूति बंध-पत्र............................ मूल्य के न्यायिकेतर स्टाम्प के साथ चिपकाया जाएगा जब प्रतिभूत रकम 1,000 रूपए से अनधिक हो और जब प्रतिभूत रकम 1000 से अधिक है तो................... के न्यायिकेतर स्टाम्प.....................................मूल्य के होंगे।

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प्ररूप-28-अ

[नियम 138 का उप नियम(4) देखें]

वैयक्तिक प्रतिभूति बंधपत्र

माल के स्वामी या माल के स्वामी की ओर से उसके प्रतिनिधि, वाहन का चालक या उसके अन्य भार साध व्यक्ति द्वारा निष्पादित किया जाने वाला वैयक्तिक बन्ध-पत्र निष्पादित किया जाएगा।

ई-विधिमान्यता केंद्र.................................. के भार साधक अधिकारी के समक्ष।

संख्या........................................20

बनाम6547 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 हिमाचल प्रदेश सरकार............................... प्रत्यार्थी यह सबको ज्ञात हो कि मैं/हम...........................................(पूरा नाम)........................................(पूरा पता)........... ................................ रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र संख्या यदि कोई है, मैं/हम हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के प्रति (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ ''सरकार'' के रूप में निर्दिष्ट किया गया है) जिसकी अभिव्यक्ति जब तक कि इसके अंतर्गत उसके पद के उत्तराधिकारी और समनुदेशिती के संदर्भ में अपवर्जित या उसके विरूद्ध नहीं है..... .................................रूपए (रकम अंकों में और रकम शब्दों में भी लिखी जाएगीं) (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ ''उक्त राशि'' के रूप में निर्दिष्ट किया गया है) की रकम, जिसके लिए संदाय की मांग की गई है, का सरकार को संदत्त करने और संदाय करने को बचनबद्ध हूं। मैं/हम स्वयं/अपने-आप/मेरे/हमारे उत्तराधिकारी निष्पादक, प्रशासक और विधिक प्रतिनिधियों को इस विलेख द्वारा आबद्ध करता हूं। उक्त आबद्धकर से ई-विधिमान्यता केंद्र ............... के प्रभारी अधिकारी द्वारा लिखित में, उस/उन द्वारा हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ उक्त अधिनियम निर्दिष्ट किया गया है) के अधीन संदेय कर, ब्याज, शास्ति के समुचित संदाय सुनिश्चित करने को प्रतिभूति के प्रयोजन के लिए उक्त राशि के लिए प्रतिभूति देने और समस्त हानि, लागत या खर्चे, जो सरकार किसी भी रूप से वहन करे या उठाए, या कमीशन, व्यतिक्रम या उपरोक्त आबद्धकर के दिवालिएपन के कारण संदत्त करना या उसके/उनके अधीन या के लिए कार्य करने वाला कोई व्यक्ति या व्यक्तियों को ऐसी रीति में और ऐसे समय पर जैसी उक्त अधिनियम द्वारा उपबंधित या के अधीन विहित है, ऐसे कर, ब्याज या शास्ति को, के विरूद्ध सरकार को क्षतिपूर्ति के रूप में संदत्त करना पड़ता है।

अतः उपरोक्त लिखित बंध-पत्र की शर्त ऐसी है कि उपरोक्त आबद्धकर अपने/उनके वारिसों, निष्पादकों, प्रशासकों और उक्त अधिनियम के अधीन सरकार द्वारा नियुक्त किसी प्राधिकारी द्वारा मांग पर ऐसी रीति में और उक्त अधिनियम द्वारा उपबन्धित या विहित समय पर उक्त अधिनियम के अधीन उसके द्वारा संदेय कर, प्रभार ब्याज या शास्ति की पूर्ण राशि उसके/उनके अधीन या के लिए कार्य करने वाले किसी व्यक्ति के विधिक प्रतिनिधि संदत्त करते है; ऐसी मांग लिखित में और उपरोक्त आबद्धकर व्यक्ति उसके/उनके वारिस, निष्पादकों, प्रशासकों और उक्त अधिनियम द्वारा उपबंधित या विहित रीति में उसके/उनके अधीन या के लिए कार्य करने वाले किसी व्यक्ति के विधिक प्रतिनिधियों को तामिल की जाएगी, और समस्त समय पर भी सरकार को समस्त या प्रत्येक हानि, लागत या खर्चे से क्षतिपूर्ति करते हुए और नुकसान से बचाते हुए, जो इसमें इसके पश्चात्‌ किसी भी समय या समयों पर हुआ है या होगा या उस अवधि के दौरान जिसमें उक्त आबद्धकर उक्त अधिनियम के अधीन कर, ब्याज शास्ति संदत्त करने के लिए दायी ठहराया जाता है, उक्त आबद्धकर या उस/उनके अधीन या के लिए कार्य करने वाले किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के किसी कार्य, लोप, व्यतिक्रम, असफलता या दिवालिएपन के कारण कारित हुआ, तब यह बाध्यता शून्य और किसी प्रभाव की नहीं होगी अन्यथा वह पूर्ण रूप से प्रवृत रहेगी और इसके अतिरिक्त एतद्‌द्वारा करार किया जाता है कि आबद्धकर की अधिनियम या तद्‌धीन विहित नियमों के अधीन मृत्यु/विभाजन/विच्छिन्नता/विघटन/परिसमापन या दायित्व की अंतिम समाप्ति की दशा में, यह बंध-पत्र पूर्वोक्त घटनाओं में से किसी एक के घटित होने से एक वर्ष के लिए कोई कर, ब्याज या शास्ति जो उपर्युक्त आबद्धकर द्वारा संदेय हो या कोई हानि, खर्च, ब्याज जो उक्त आबद्धकर के कार्य, लोप, व्यतिक्रम, असफलता दिवालिएपन या उपरोक्त आबद्धकर के वारिसों, निष्पादकों, प्रशासकों और विधिक प्रतिनिधियों के उसके/उनके अधीन या के लिए कार्य करने वाले किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के कारण सरकार द्वारा उठाए गए, सम्मिलित किए गए या संदत्त किए गए, की वसूली के लिए विक्रय कर और जो उक्त आबद्धकर की मृत्यु/विभाजन/विच्छिनता/विघटन/परिसमापन या उक्त अधिनियम या तद्‌धीन विहित नियमों के अधीन उसके/उनके दायित्व की अंतिम समाप्ति के पश्चात्‌ तक भी उपलब्ध न होने पर उपर्युक्त आबद्धकर का यह बन्ध-पत्र उपरोक्त ई-विधिमान्यता केन्द्र के प्रभारी अधिकारी/समुचित अधिकारी के पास ही रहेगा :

परन्तु सदैव ही यथा पूर्वोक्त कर, ब्याज, शास्ति, हानि या नुकसान के लिए किसी अन्य अधिकार या उपाय पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, सरकार इस बंध-पत्र के अधीन संदेय रकम को भू-राजस्व के बकाया के रूप में, या उक्त अधिनियम के अधीन किसी प्राधिकारी द्वारा अधिरोपित जुर्माने को, वसूल करने के लिए मुक्त होगी। 6548 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 इसके साक्ष्य स्वरूप.................................................................(पूरा नाम) ने इस.................................... दिन........... ...... को अपने अपने हस्ताक्षर कर दिए है और उपर्युक्त नामित द्वारा............................ की उपस्थिति में परिदत्त कर दी है........................................ हस्ताक्षर................ हैसियत

साक्षीः

1. ................................................ (पते सहित हस्ताक्षर)

2. ..................................................

(पते सहित हस्ताक्षर)

प्रतिभू-बंध-पत्र

हम (1) ..................................................................................................................................

(2)....................................................................................................................................

(प्रतिभू का नाम और पूरा पता)

उपरोक्त आबद्धकर के लिए स्वयं एतद्‌द्वारा घोषित करते हैं और प्रत्याभूति देते हैं कि उसने/उन्होंने उपरोक्त करने और पालन करने को वचनबद्ध किए समस्त कार्य वह/वे करेगा/करेंगे और पालन करेगा/करेंगे और उसके/उनके लोप, व्यतिक्रम या इसमें असफल होने की दशा में, हम अपने आप को हिमाचल प्रदेश सरकार (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ सरकार कहा गया है) को एतद्‌द्वारा समपहृत करने के लिए संयुक्तः और पृथकतः आबद्ध करते हैं और इसके अंतर्गत उनके पद के उत्तरवर्ती और समनुदेशिती भी हैं, जब तक कि ऐसा विषय संदर्भ से अपवर्जित या उसके विरूद्ध नहीं है...................रूपए (रकम अंकोे में, रकम शब्दों में भी दी जाएगी) जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ ''उक्त रकम'' कहा गया है, जिसमें उपरोक्त आबद्ध ने स्वयं को आबद्ध किया है या अन्य ऐसी कमतर राशि जैसी ई-विधिमान्यता केन्द्र के भारसाधक अधिकारी, समुचित अधिकारी लिखित में उपरोक्त आबद्धकर द्वारा संदेय कर, ब्याज या शास्ति की किसी रकम को वसूल करना पर्याप्त समझा जाएगा और उपरोक्त आबद्धकर और शेष असंदत्त संदेय कर, ब्याज या शास्ति की रकम और किसी हानि, नुकसान, लागत या खर्चे जिसे सरकार अविरत, उपगत या ऐसे कारणों से जिनसे ऐसा, लोप, व्यतिक्रम या असफलता द्वारा संदत्त किया है, को भी वसूल करेगी;

और हम करार करते हैं कि सरकार के किन्हीं अन्य अधिकारों या उपचारों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना हमसे, उक्त राशि को भू-राजस्व के बकाया के रूप में और/या मैजिस्ट्रेट द्वारा अधिरोपित जुर्माना, सयुंक्ततः और पृथकतः वसूल कर सकता है;

और हम यह भी करार करते है कि हम में से कोई भी, इस बन्ध-पत्र को ई-विधिमान्यता केन्द्र के भार साधक अधिकारी/समुचित अधिकारी को इस आशय का लिखित में छः कलैण्डर मास का पूर्ण नोटिस देने के सिवाए, समाप्त करने को स्वतन्त्र नहीं होंगें; इसलिए बन्धपत्र के अधीन हमारे संयुक्तः और पृथक दायित्व, उपरोक्त आबद्धकर की ओर से समस्त कृत्य, त्रुटि, चूक, असफलता और दिवालिएपन की बाबत, छः मास की उक्त अवधि के अवसान तक, निरन्तर रहेंगे।

साक्षी की उपस्थिति मेे प्रतिभू के हस्ताक्षर (1) ............................................................................

6549 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

(साक्ष़ी का नाम और पूरा पता) (2) .................................................................................(हस्ताक्षर)

वर्तमान पताः

हस्ताक्षर..........................................................................

स्थायी पता......................................................................

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के लिए और की ओर से भारत के संविधान के अनुच्छेद 299 (1) की अनुपालना में स्वीकार किया जाता है।

1. 2.

अधिकारी का नाम और पदनाम आदेश द्वारा अतिरक्त मुख्य सचिव (आबकारी एवं कराधान) हिमाचल प्रदेश सरकार। टिप्पण.--इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को प्रकाशित किया जा चुका है।

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विधि विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 19 सितम्बर, 2017

संख्या एल0एल0आर0-ई(9)-2/2007-लेज.--श्रीमती विजयता चौहान, अधिवक्ता, किन्नौर ने उप-मण्डल़ कल्पा, जिला किन्नौर की सीमाओं के भीतर, नोटरी के रूप में नियुक्ति के लिए नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का 53) और उसके अन्तर्गत नोटरी नियम, 1956 के अधीन आवेदन किया है और इस सम्बन्ध में अधिनियम और नियमों द्वारा अपेक्षित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली है।

अत; हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, उक्त नियमों के नियम 7क के उप-नियम (2) के अन्तर्गत गठित साक्षातकार बोर्ड़ की सिफारिश पर उक्त नियमों के नियम 8 के साथ पठित उक्त अधिनियम की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, श्रीमती विजयता चौहान, अधिवक्ता को उप-मण्ड़ल कल्पा, जिला किन्नौर की सीमाओं के भीतर तुरन्त प्रभाव से पब्लिक नोटरी नियुक्त करते हैं तथा यह भी निदेश देते हैं कि इनका नाम सरकार द्वारा इस निमित बनाए गए रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाए।

आदेश द्वारा, (डॉ0 बलदेव सिंह), प्रधान सचिव (विधि)। 6550 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 [Authoritative English text of this Department Notification No. LLR-E(9)2/2017-Legn. Dated 19- 09-2017 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].

LAW DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 19th September, 2017

No. LLR-E(9)-2/2017-Legn.—WHEREAS, Ms. Vijayta Chauhan, Advocate, Kinnaur has applied for appointment as Public Notary under the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and the Notaries Rules, 1956 made thereunder, within the territorial limits of Sub-Division Kalpa of District Kinnaur;

AND WHEREAS, all the formalities required under the said Act and Rules have been completed;

NOW, therefore, the Governor, Himachal Pradesh, on the recommendations of the Interview Board, constituted under sub-rule (2) of rule 7A of the said rules, and in exercise of the powers conferred by section 3 of the said Act, read with rule 8 of the said rules, is pleased to appoint Ms. Vijayta Chauhan, Advocate as Public Notary within the limits of Sub-Division Kalpa of District Kinnaur, Himachal Pradesh with immediate effect with the direction that his name may be entered in the Register of Notaries maintained by the Government.

By order, (Dr. BALDEV SINGH), LR-cum-Pr. Secretary (Law.

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विधि विभाग

अधिसूचना

शिमला-2,19 सितम्बर, 2017

संख्या एल0एल0आर0-ई(9)-12/2015-लेज.--श्री नीरज कुमार, अधिवक्ता, सिरमौर ने उप-मण्डल़ नाहन, जिला सिरमौर की सीमाओं के भीतर, नोटरी के रूप में नियुक्ति के लिए नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का 53) और उसके अन्तर्गत नोटरी नियम, 1956 के अधीन आवेदन किया है और इस सम्बन्ध में अधिनियम और नियमों द्वारा अपेक्षित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली है।

अत; हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, उक्त नियमों के नियम 7क के उप-नियम (2) के अन्तर्गत गठित साक्षातकार बोर्ड़ की सिफारिश पर उक्त नियमों के नियम 8 के साथ पठित उक्त अधिनियम की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, श्री नीरज कुमार, अधिवक्ता, सिरमौर को उप-मण्ड़ल नाहन, जिला सिरमौर की सीमाओं के भीतर तुरन्त प्रभाव से पब्लिक नोटरी नियुक्त करते हैं तथा यह भी निदेश देते हैं कि इनका नाम सरकार द्वारा इस निमित बनाए गए रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाए।

आदेश द्वारा, (डॉ0 बलदेव सिंह), प्रधान सचिव (विधि)।6551 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

[Authoritative English text of this Department Notification No. LLR-E(9)12/2015-Legn. Dated 19-

09-2017 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].

LAW DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 19th September, 2017

No. LLR-E(9)-12/2015-Legn.—WHEREAS, Shri Neeraj Kumar, Advocate, Sirmour has applied for appointment as Public Notary under the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and the Notaries Rules, 1956 made thereunder within the territorial limits of Sub-Division Nahan of District Sirmour;

AND WHEREAS, all the formalities required under the said Act and Rules have been completed;

NOW, therefore, the Governor, Himachal Pradesh, on the recommendations of the Interview Board, constituted under sub-rule(2) of rule 7A of the said rules, and in exercise of the powers conferred by section 3 of the said Act, read with rule 8 of the said rules, is pleased to appoint Shri Neeraj Kumar, Advocate as Public Notary within the limits of Sub-Division Nahan of District Sirmour, Himachal Pradesh with immediate effect with the direction that his name may be entered in the Register of Notaries maintained by the Government.

By order, (Dr. BALDEV SINGH), LR-cum-Pr. Secretary (Law).

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विधि विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 19 सितम्बर, 2017

संख्या एल0एल0आर0-ई(9)-12/2015-लेज.--श्री ईश्वर सिंह विश्ट, अधिवक्ता, सिरमौर ने उप-मण्डल़ नाहन, जिला सिरमौर की सीमाओं के भीतर, नोटरी के रूप में नियुक्ति के लिए नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का 53) और उसके अन्तर्गत नोटरी नियम, 1956 के अधीन आवेदन किया है और इस सम्बन्ध में अधिनियम और नियमों द्वारा अपेक्षित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली है।

अत; हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, उक्त नियमों के नियम 7क के उप-नियम (2) के अन्तर्गत गठित साक्षातकार बोर्ड़ की सिफारिश पर उक्त नियमों के नियम 8 के साथ पठित उक्त अधिनियम की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, श्री ईश्वर सिंह विश्ट, अधिवक्ता, सिरमौर को उप-मण्ड़ल नाहन, जिला सिरमौर की सीमाओं के भीतर तुरन्त प्रभाव से पब्लिक नोटरी नियुक्त करते हैं तथा यह भी निदेश देते हैं कि इनका नाम सरकार द्वारा इस निमित बनाए गए रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाए।

आदेश द्वारा, (डॉ0 बलदेव सिंह), प्रधान सचिव (विधि)। 6552 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 [Authoritative English text of this Department Notification No. LLR-E(9)12/2015- Legn. Dated 19- 09-2017 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].

LAW DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 19th September, 2017

No. LLR-E(9)-12/2015-Legn.—WHEREAS, Shri Ishwar Singh Bisht, Advocate, Sirmour has applied for appointment as Public Notary under the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and the Notaries Rules, 1956 made thereunder within the territorial limits of Sub-Division Nahan of District Sirmour;

AND WHEREAS, all the formalities required under the said Act and Rules have been completed;

NOW, therefore, the Governor, Himachal Pradesh, on the recommendations of the Interview Board, constituted under sub-rule(2) of rule 7A of the said rules, and in exercise of the powers conferred by section 3 of the said Act, read with rule 8 of the said rules, is pleased to appoint Shri Ishwar Singh Bisht, Advocate as Public Notary within the limits of Sub-Division Nahan of District Sirmour, Himachal Pradesh with immediate effect with the direction that his name may be entered in the Register of Notaries maintained by the Government.

By order, (Dr. BALDEV SINGH), LR-cum-Pr. Secretary (Law).

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विधि विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 19 सितम्बर, 2017

संख्या एल0एल0आर0-ई(9)-13/2015-लेज.--श्री आत्माराम शर्मा, अधिवक्ता, सिरमौर ने उप-मण्डल़ पांवटा साहिब, जिला सिरमौर की सीमाओं के भीतर, नोटरी के रूप में नियुक्ति के लिए नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का 53) और उसके अन्तर्गत नोटरी नियम, 1956 के अधीन आवेदन किया है और इस सम्बन्ध में अधिनियम और नियमों द्वारा अपेक्षित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली है।

अत; हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, उक्त नियमों के नियम 7क के उप-नियम (2) के अन्तर्गत गठित साक्षातकार बोर्ड़ की सिफारिश पर उक्त नियमों के नियम 8 के साथ पठित उक्त अधिनियम की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, श्री आत्माराम शर्मा, अधिवक्ता, सिरमौर ने उप-मण्ड़ल पांवटा साहिब, जिला सिरमौर की सीमाओं के भीतर तुरन्त प्रभाव से पब्लिक नोटरी नियुक्त करते हैं तथा यह भी निदेश देते हैं कि इनका नाम सरकार द्वारा इस निमित बनाए गए रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाए।

आदेश द्वारा, (डॉ0 बलदेव सिंह), प्रधान सचिव (विधि)।6553 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

[Authoritative English text of this Department Notification No. LLR-E(9)13/2015- Legn. Dated 19

-09-2017 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].

LAW DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 19th September, 2017

No. LLR-E(9)-13/2015-Legn.—WHEREAS, Shri Atma Ram Sharma, Advocate, Sirmour has applied for appointment as Public Notary under the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and the Notaries Rules, 1956 made thereunder within the territorial limits of Sub-Division Paonta Sahib of District Sirmour;

AND WHEREAS, all the formalities required under the said Act and Rules have been completed;

NOW, therefore, the Governor, Himachal Pradesh, on the recommendations of the Interview Board, constituted under sub-rule(2) of rule 7A of the said rules, and in exercise of the powers conferred by section 3 of the said Act, read with rule 8 of the said rules, is pleased to appoint Shri Atma Ram Sharma, Advocate as Public Notary within the limits of Sub-Division Paonta Sahib of District Sirmour, Himachal Pradesh with immediate effect with the direction that his name may be entered in the Register of Notaries maintained by the Government.

By order, (Dr. BALDEV SINGH), LR-cum-Pr. Secretary (Law).

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विधि विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 19 सितम्बर, 2017

संख्या एल0एल0आर0-ई(9)-13/2015-लेज.--श्री अश्वनी कुमार शर्मा, अधिवक्ता, सिरमौर ने उप-मण्डल़ पांवटा साहिब, जिला सिरमौर की सीमाओं के भीतर, नोटरी के रूप में नियुक्ति के लिए नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का 53) और उसके अन्तर्गत नोटरी नियम, 1956 के अधीन आवेदन किया है और इस सम्बन्ध में अधिनियम और नियमों द्वारा अपेक्षित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली है।

अत; हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, उक्त नियमों के नियम 7क के उप-नियम (2) के अन्तर्गत गठित साक्षातकार बोर्ड़ की सिफारिश पर उक्त नियमों के नियम 8 के साथ पठित उक्त अधिनियम की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, श्री अश्वनी कुमार शर्मा, अधिवक्ता, सिरमौर ने उप-मण्ड़ल पांवटा साहिब, जिला सिरमौर की सीमाओं के भीतर तुरन्त प्रभाव से पब्लिक नोटरी नियुक्त करते हैं तथा यह भी निदेश देते हैं कि इनका नाम सरकार द्वारा इस निमित बनाए गए रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाए।

आदेश द्वारा, (डॉ0 बलदेव सिंह), प्रधान सचिव (विधि)। 6554 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 [Authoritative English text of this Department Notification No. LLR-E(9)13/2015- Legn. Dated 19- 09-2017 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].

LAW DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 19th September, 2017

No. LLR-E(9)-13/2015-Legn.—WHEREAS, Shri Ashwani Kumar Sharma, Advocate, Sirmour has applied for appointment as Public Notary under the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and the Notaries Rules, 1956 made thereunder within the territorial limits of Sub-Division Paonta Sahib of District Sirmour;

AND WHEREAS, all the formalities required under the said Act and Rules have been completed;

NOW, therefore, the Governor, Himachal Pradesh, on the recommendations of the Interview Board, constituted under sub-rule(2) of rule 7A of the said rules, and in exercise of the powers conferred by section 3 of the said Act, read with rule 8 of the said rules, is pleased to appoint Shri Ashwani Kumar Sharma, Advocate as Public Notary within the limits of Sub-Division Paonta Sahib of District Sirmour, Himachal Pradesh with immediate effect with the direction that his name may be entered in the Register of Notaries maintained by the Government.

By order, (Dr. BALDEV SINGH), LR-cum-Pr. Secretary (Law).

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विधि विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 19 सितम्बर, 2017

संख्या एल0एल0आर0-ई(9)-45/2005-लेज.--श्री अजय शर्मा, अधिवक्ता, सिरमौर ने उप-मण्डल़ राजगढ,़ जिला सिरमौर की सीमाओं के भीतर, नोटरी के रूप में नियुक्ति के लिए नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का 53) और उसके अन्तर्गत नोटरी नियम, 1956 के अधीन आवेदन किया है और इस सम्बन्ध में अधिनियम और नियमों द्वारा अपेक्षित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली है।

अत; हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, उक्त नियमों के नियम 7क के उप-नियम (2) के अन्तर्गत गठित साक्षातकार बोर्ड़ की सिफारिश पर उक्त नियमों के नियम 8 के साथ पठित उक्त अधिनियम की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, श्री अजय शर्मा, अधिवक्ता, सिरमौर ने उप-मण्डल़ राजगढ,़ जिला सिरमौर की सीमाओं के भीतर तुरन्त प्रभाव से पब्लिक नोटरी नियुक्त करते हैं तथा यह भी निदेश देते हैं कि इनका नाम सरकार द्वारा इस निमित बनाए गए रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाए।

आदेश द्वारा, (डॉ0 बलदेव सिंह), प्रधान सचिव (विधि)।6555 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

[Authoritative English text of this Department Notification No. LLR-E(9)45/ 2005-Legn. Dated 19-

09-2017 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].

LAW DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 19th September, 2017

No. LLR-E(9)-45/2005-Legn.—WHEREAS, Shri Ajay Sharma, Advocate, Sirmour has applied for appointment as Public Notary under the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and the Notaries Rules, 1956 made thereunder, within the territorial limits of Sub-Division Rajgarh of District Sirmour;

AND WHEREAS, all the formalities required under the said Act and Rules have been completed;

NOW, therefore, the Governor, Himachal Pradesh, on the recommendations of the Interview Board, constituted under sub-rule(2) of rule 7A of the said rules, and in exercise of the powers conferred by section 3 of the said Act, read with rule 8 of the said rules, is pleased to appoint Shri Ajay Sharma, Advocate as Public Notary within the limits of Sub-Division Rajgarh of District Sirmour, Himachal Pradesh with immediate effect with the direction that his name may be entered in the Register of Notaries maintained by the Government.

By order, (Dr. BALDEV SINGH), LR-cum-Pr. Secretary (Law).

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LAW DEPARTMENT

NOTICE

Shimla-2, the 25th September, 2017

No. LLR-E(9)-1/2017-Leg.-I.—Whereas, the following Advocates of District Mandi, H.P. have applied for appointment of Public Notary in the places mentioned against their names under rule 4 of the Notaries Rules, 1956:—

Sr. No. Name of Advocate Area for which they have applied for appointment as Notary
1. Sh. Daulat Ram, Advocate S/o Shri Alam R/o Village Badiran, PO Panarsa, Tehsil Aut, District Mandi, HP Sub-Division Mandi
2. Shri Vijay Kumar, Advocate S/o Sh. Parkash Chand, R/o Village Bouhin, PO Baloh, Tehsil Sadar, District Mandi, H.P. Sub-Division Mandi
3. Shri Narender Kumar, Advocate S/o ShNatha Singh, R/o Village Garli, PO Gharwasra, Tehsil Dharampur, District Mandi, H.P. Sub-Division Sarkaghat
4. Shri Sukesh Sippy, Advocate S/o Sh. Dharam Singh, R/o Village Arthi, PO Bhangrotu, Tehsil Balh, District Mandi, H.P. Sub-Division Mandi
5. Shri Dinesh Kumar, Advocate S/o Sh. Durga Lal, R/o H.No. 122/2 Purani Mandi, Tehsil Sadar, District Mandi, H.P. Sub-Division Mandi
6. Ms. Neel Pathak, Advocate D/o Sh. Ved Prakash Pathak, Vill. Lunapani, PO Bhangrotu, Tehsil Balh, District Mandi, H.P. Sub-Division Mandi
7. Shri Ramesh Kumar, Advocate S/o Sh. Puran Chand, R/o Village Balh, PO Gagal, Tehsil Balh, District Mandi, H.P. Sub-Division Mandi
8. Shri Naveen Kumar, Advocate S/o Sh. Ishwar Dass, R/o Village & PO Chauntra, Tehsil Jogindernagar, District Mandi, H.P. Sub-Division Joginder Nagar
9. Shri Ranjeet Singh, Advocate S/o Sh. Sant Ram, R/o Village Gullana, PO Tullah, Tehsil Lad Bharol, District Mandi, H.P. Sub-Division Joginder Nagar
10. Shri Keshav Kumar, Advocate S/o Sh. Jodha Ram, R/o Village Garoru, PO & Tehsil Joginder Nagar, District Mandi, H.P. Sub-Division Joginder Nagar
6556 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

Therefore, I undersigned in exercise of the power conferred vide Government Notification No. LLR-A (2)-1/2014-Leg. dated 1st July, 2017, hereby issue notice under rule 6 of the Notaries Rules, 1956, for the information of general public for inviting objections, if any, within a period of seven days from the date of publication of this notice in Rajpatra, H.P. against their appointment as Notary Public in the places mentioned against their names.

(Competent Authority), DLR-cum-Deputy Secretary (Law-English) to the Government of Himachal Pradesh.

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प्रारम्भिक शिक्षा विभाग

(शिक्षा-सी शाखा)

अधिसूचना

शिमला-2, 22 सितम्बर, 2017

संख्याः ई0डी0एन0-सी-ए (3)-1/2016.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, भारत के संंविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, हिमाचल प्रदेश प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में, कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक, वर्ग-III (अराजपत्रित) के पद के लिए इस अधिसूचना से संलग्न उपाबन्ध-"क" के अनुसार भर्ती और प्रोन्नति नियम बनाते हैं, अर्थात्‌ः--6557 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक, वर्ग-III (अराजपत्रित), भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2017 है। (2) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 2. निरसन और व्यावृत्तियाँ.--(1) इस विभाग की अधिसूचना संख्याः ई0डी0एन0-सी-ए (3) -1/2002, तारीख 23/8/2012 और समसंख्यक अधिसूचना, तारीख 25-8-2012 द्वारा राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में यथा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश प्रारम्भिक शिक्षा विभाग कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक, वर्ग-III (अराजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2012 का एतद्‌द्वारा निरसन किया जाता है।

(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी उपर्युक्त उप नियम (1) के अधीन इस प्रकार निरसित नियमों के अधीन की गई कोई नियुक्ति, बात या कार्रवाई इन नियमाें के अधीन विधिमान्य रूप में की गई समझी जाएगी।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (शिक्षा)।

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उपाबन्ध- "क" हिमाचल प्रदेश प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक, वर्ग-III (अराजपत्रित) के पद के भर्ती और प्रोन्नति नियम

1. पद का नाम.--कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक

2. पद (पदों) की संख्या.--19922 (उन्नीस हजार नौ सौ बाईस)

3. वर्गीकरण.--वर्ग-III (अराजपत्रित)

4. वेतनमान.--(i) नियमित पदधारियों के लिए वेतनमानः--पे बैण्ड ` 5910-20200 जमा ` 3000 ग्रेड पे।

(ii) पे बैण्ड ` 10300-34800 जमा ` 4200/- ग्रेड पे।

(दो वर्ष की नियमित सेवा के पश्चात अनुज्ञेय)

(iii) संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए उपलब्धियांः--स्तम्भ संख्या 15-क में दिए गए ब्यौरे के अनुसार ` 8910/- प्रतिमास।

5. पद ''चयन'' है या ''अचयन''.--लागू नहीं।

6. सीधी भर्ती के लिए आयु.--18 से 45 वर्षः

परन्तु सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए ऊपरी आयु सीमा, तदर्थ या संविदा के आधार पर नियुक्त व्यक्तियों सहित, पहले से ही सरकार की सेवा में रत अभ्यर्थियों को लागू नहीं होगीः

परन्तु यह और कि यदि तदर्थ या संविदा के आधार पर नियुक्त किया गया अभ्यर्थी इस रूप में नियुक्ति की तारीख को अधिक आयु का हो गया हो, तो वह उसकी ऐसी तदर्थ या संविदा पर की गई नियुक्ति के कारण विहित आयु में शिथिलीकरण का पात्र नहीं होगाः 6558 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 परन्तु यह और कि ऊपरी आयु सीमा में, अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों/अन्य पिछड़ा वर्गों और व्यक्तियों के अन्य प्रवर्गो के लिए, उस विस्तार तक शिथिलीकरण किया जाएगा जितना की हिमाचल प्रदेश सरकार के साधारण या विशेष आदेश (आदेशों) के अधीन अनुज्ञेय हैः

परन्तु यह और भी कि समस्त पब्लिक सेक्टर निगमों तथा स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों को, जो ऐसे पब्लिक सेक्टर निगमों तथा स्वायत्त निकायों के प्रारम्भिक गठन के समय ऐसे पब्लिक सेक्टर निगमों/स्वायत्त निकायों में आमेलन से पूर्व सरकारी कर्मचारी थे, सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा में ऐसी रियायत अनुज्ञात की जाएगी जैसी सरकारी कर्मचारियों को अनुज्ञेय है। ऐसी रियायत, तथापि पब्लिक सेक्टर निगमों/स्वायत्त निकायों के ऐसे कर्मचारिवृन्द को अनुुज्ञेय नहीं होगी जो तत्पश्चात ऐसे निगमों/स्वायत निकायों द्वारा नियुक्त किए गए थे/किए गए हैं और उन पब्लिक सेक्टर निगमों/स्वायत्त निकायों के प्रारम्भिक गठन के पश्चात्‌ ऐसे निगमों/स्वायत्त निकायों की सेवा में अन्तिम रूप से आमेलित किए गए हैं/किए गए थे।

टिप्पणीः--सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा की गणना उस वर्ष के प्रथम दिवस से की जाएगी जिसमें पद (पदों) को यथास्थिति, आवेदन आमन्त्रित करने के लिए विज्ञापित किया गया है या नियोजनालयों को अधिसूचित किया गया है।

7. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्ति (व्यक्तियों) के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और अन्य अर्हताएं.--(क) अनिवार्य अर्हता(एं)ः--(i) किसी मान्यता प्राप्त स्कूल शिक्षा बोर्ड से पचास प्रतिशत अंकों के साथ दस जमा दो या पचास प्रतिशत अंकों के साथ वरिष्ठ माध्यमिक हो और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से सहबद्ध किसी संस्थान से दो वर्षीय कनिष्ठ बुनियादी (जे0बी0टी0) अध्यापक कोर्स/प्रारम्भिक शिक्षा पाठ्‌्‌यक्रम में डिप्लोमा (प्रा0शि0डि0)।

या

कम से कम पचास प्रतिशत अंकों के साथ वरिष्ठ माध्यमिक (या इसके समकक्ष) और दो वर्षीय कनिष्ठ बुनियादी अध्यापक (जे0बी0टी0) कोर्स/प्रारम्भिक शिक्षा में डिप्लोमा (प्रा0शि0डि0), चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो।

या

कम से कम पैंतालीस प्रतिशत अंकों के साथ वरिष्ठ माध्यमिक (या इसके समकक्ष) और राष्ट्रीय अध्यापक परिषद (मान्यता, मानदण्ड और क्रियाविधि) विनियम, 2002 के अनुसार दो वर्षीय कनिष्ठ बुनियादी अध्यापक (जे0बी0टी0) कोर्स/प्रारम्भिक शिक्षा में डिप्लोमा (प्रा0शि0डि0), चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो।

या

कम से कम पचास प्रतिशत अंकों के साथ वरिष्ठ माध्यमिक (या इसके समकक्ष) और चार वर्षीय प्रारम्भिक शिक्षा स्नातक (प्रा0शि0डि0) ।

या

कम से कम पचास प्रतिशत अंकों के साथ वरिष्ठ माध्यमिक हो (या इसके समकक्ष) और शिक्षा (विशेष शिक्षा) में दो वर्षीय डिप्लोमा।

या

स्नातक और दो वर्षिय कनिष्ठ बुनियादी अध्यापक (जे0बी0टी0) कोर्स/प्रारम्भिक शिक्षा में डिप्लोमा (प्रा0शि0डि0), चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो।6559 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 और (ii) हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट किसी प्राधिकरण द्वारा कक्षा 1 से 5 के लिए संचालित की जाने वाली अध्यापक पात्रता परीक्षा (टैट) उतीर्ण की होनी चाहिए ।

(ख) वॉछनीय अर्हता(एं)ः--हिमाचल प्रदेश की रूढ़ियों, रीतियों और बोलियों का ज्ञान और प्रदेश में विद्यमान विशिष्ट दशाओं में नियुक्ति के लिए उपयुक्तता।

टिप्पणीः-- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्गाें और शारीरिक रूप से विकलांग (दिव्यागं) प्रवर्ग के व्यक्तियों को अर्हकारी अकों में 5 प्रतिशत तक का शिथिलीकरण दिया जाएगा।

8. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्ति (व्यक्तियों )के लिए विहित आयु औरशैक्षिक अर्हता प्रोन्नत व्यक्ति (व्यक्तियों) की दशा लागू होंगी या नहीं.--आयुः--लागू नहीं।

शैक्षिक अर्हता(एं)ः--लागू नहीं।

9. परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो.--(क) दो वर्ष, जिसका एक वर्ष से अनधिक ऐसी और अवधि के लिए विस्तार किया जा सकेगा जैसा सक्षम प्राधिकारी विशेष परिस्थितियों में और कारणों को लिखित में अभिलिखित करके आदेश दे।

(ख) संविदा के आधार पर, सेवाधृति के आधार पर नियुक्ति पर, अधिवर्षिता के पश्चात्‌ पुनर्नियोजन पर और आमेलन पर कोई परिवीक्षा नहीं होगी।

10. भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति/सैंकेण्डमैण्ट/स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पद (पदों) की प्रतिशतता.--शतप्रतिशत सीधी द्वारा, यथास्थिति, नियमित आधार पर या संविदा के आधार पर निम्नलिखित रीति में भर्ती द्वाराः--

(क) पचास प्रतिशत हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के माध्यम से । (ख) पचास प्रतिशत सम्बद्ध जिला के उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा के माध्यम से बैचवाइज आधार पर।

11. प्रोन्नति/सैकेण्डमैण्ट/स्थानान्तरण की दशा में वे श्रेणियां (ग्रेड) जिनसे प्रोन्नति/ सैकेण्डमैण्ट/ स्थानान्तरण किया जाएगा.--लागू नहीं।

12. यदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्यमान हो तो उसकी संरचना.--(क) विभागीय प्रोन्नति समितिः--लागू नहीं।

(ख) विभागीय स्थायीकरण समितिः--जैसी सरकार द्वारा समय-समय पर गठित की जाए। 13. भर्ती करने में जिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा.--जैसा विधि द्वारा अपेक्षित हो।

14. सीधी भर्ती के लिए अनिवार्य अपेक्षा.--किसी सेवा या पद पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है।

15. सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.--(क) हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर के माध्यम से सीधी भर्तीः--सीधी भर्ती के मामले में पद पद नियुक्ति के लिए चयन, लिखित 6560 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 परीक्षा के गुणागुण के आधार पर इन नियमों से संलग्न परिशिष्ट-I में यथा विनिर्दिष्ट के अनुसार मूल्यांकन के पश्चात किया जाएगा या यदि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन समझा जाए तो पूर्व में ली गई छंटनी परीक्षा (वस्तुनिष्ठ प्रकार की) या व्यावहारिक परीक्षण या दक्षता परीक्षण या शारीरिक परीक्षण के अनुसार लिखित परीक्षा के गुणागुण के आधार पर इन नियमों से संलग्न परिशिष्ट-I में यथा विनिर्दिष्ट के अनुसार मूल्यांकन के पश्चात किया जाएगा, जिसका स्तर/पाठ्‌यक्रम आदि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा अवधारित किया जाएगा।

(ख) बैचवाइज आधार पर सीधी भर्ती के मामले में पद पर नियुक्ति के लिए चयन, उस विशिष्ट बैच के अभ्यर्थियों, जो राज्य/केन्द्रीय सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से उतीर्ण हुए हों की बैचवाइज मैरिट/पारस्परिक वरिष्ठता के आधार पर, इन नियमों से संलग्न परिशिष्ट-I में यथाविनिर्दिष्ट के अनुसार मूल्यांकन के पश्चात्‌ सम्बद्ध जिला के उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा द्वारा किया जाएगा।

सम्बद्ध विश्वविद्यालय/संस्थान द्वारा कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक के डिप्लोमा कोर्स के मूल ''ब्यौरेवार अंक प्रमाण पत्र'' पर अभिलिखित तारीख अभ्यर्थी के बैच की गणना करने हेतू निर्णीत (डीम्ड) तारीख समझी जाएगी।

किसी विशिष्ट बैच की बैचवाइज मेरिट/पारस्परिक वरिष्ठता, कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक/प्रारम्भिक शिक्षा पाठ्‌यक्रम के डिप्लोमा में अभिप्राप्त अंकों के आधार पर अवधरित की जाएगी। यदि दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों द्वारा कोर्स/डिप्लोमा में अभिप्राप्त अंक एक समान हैं तो पारस्परिक मेरिट, दस जमा दो स्तर पर अभिप्राप्त अंकों के आधार पर अभिनिश्चित की जाएगी और यदि फिर भी दोनों के समान अंक हैं, तो आयु में ज्येष्ठ अभ्यर्थी को मेरिट/पारस्परिक वरिष्ठता में, कनिष्ठ अभ्यर्थी से ऊपर रखा जाएगा ।

अभ्यर्थियों के एक समान अंकों की दशा में आयु में ज्येष्ठ अभ्यर्थी मेरिट में कनिष्ठ अभ्यर्थी से ऊपर रखा जाएगा ।

टिप्पणः--अभ्यर्थियों को प्रथम तैनाती जिला के दूरस्थ और कठिन क्षेत्रों में दी जाएगी, जहां उन्हें कम से कम पांच वर्ष तक सेवा करनी होगी। इन नियमों में किसी बात के होते हुए भी पद पर संविदात्मक नियुक्तियां नीचे दिए गए निबन्धनों और शर्तों के अध्यधीन की जाएंगीः-

15-क. संविदा नियुक्ति द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.--(I) संकल्पनाः--(क) इस पॉलिसी के अधीन हिमाचल प्रदेश प्रारम्भिक शिक्षा विभाग में कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक को संविदा के आधार पर प्रारम्भ में एक वर्ष के लिए लगाया जाएगा जिसे वर्षानुवर्ष आधार पर और आगे बढाया जा सकेगाः

परन्तु संविदा अवधि में वर्षानुवर्ष आधार पर विस्तारण/नवीकरण के लिए सम्बद्ध विभागाध्यक्ष यह प्रमाण पत्र जारी करेगा कि संविदा पर नियुक्त व्यक्ति की सेवा और आचरण वर्ष के दौरान सन्तोषजनक रहा है और केवल तभी उसकी संविदा की अवधि नवीकृत/विस्तारित की जाएगी।

(ख) पचास प्रतिशत पदों का हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के कार्यक्षेत्र में आना.--सम्बद्ध जिला का उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा, कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापकों के रिक्त पद/पदों को संविदा के आधार पर भरने के लिए सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने और आरक्षण रोस्टर लागू करने के पश्चात्‌ अध्यपेक्षा को सम्बद्ध भर्ती अभिकरण अर्थात्‌ हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर के समक्ष रखेगा।

(ग) पचास प्रतिशत पदों का हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के कार्यक्षेत्र में न आनाः--सम्बद्ध जिला का उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापकों के रिक्त पदों को बैचवाईज आधार पर संविदा पर भरने के लिए सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने और आरक्षण6561 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 रोस्टर लागू करने के पश्चात्‌ रिक्त पद/पदों के ब्यौरे नियोजनालयों और कम से कम दो अग्रणी समाचार पत्रों में विज्ञापित करवाएगा तथा विहित अहर्ताओं और इन नियमों में यथाविहित अन्य पात्रता शर्तों को पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित करेगा।

(II) संविदात्मक उपलब्धियां.--संविदा के आधार पर नियुक्त कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक को 8910/- रूपए की दर से समेकित नियत संविदात्मक रकम (जो पे बैण्ड के न्यूनतम जमा ग्रेड पे के बराबर होगी) प्रतिमास संदत्त की जाएगी। यदि संविदा में एक वर्ष से अधिक की बढ़ौतरी की जाती है तो पश्चात्‌वर्ती वर्ष/वर्षों के लिए संविदात्मक उपलब्धियों में 267/-रूपए (पद के बैण्ड का न्यूनतम जमा ग्रेड पे का तीन प्रतिशत) की रकम वार्षिक वृद्धि के रूप में अनुज्ञात की जाएगी ।

(III) नियुक्ति/अनुशासन प्राधिकारी.--जिला का उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा, हिमाचल प्रदेश नियुक्ति और अनुशासन प्राधिकारी होगा।

(IV) चयन प्रक्रिया.--(क) हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर के माध्यम से सीधी भर्तीः--संविदा नियुक्ति के मामलो में पद पर नियुक्ति के लिए चयन लिखित परीक्षा के गुणागुण के आधार पर इन नियमों से संलग्न ''परिशिष्ट-I'' में यथा विनिर्दिष्ट के अनुसार मूल्यांकन के पश्चात्‌ किया जाएगा या यदि, ऐसा करना आवश्यक या समीचीन समझा जाए तो, पूर्व में ली गई छंटनी परीक्षा (वस्तुनिष्ठ प्रकार की) या व्यावहारिक परीक्षण या दक्षता परीक्षण या शारीरिक परीक्षण के अनुसार लिखित परीक्षा के गुणागुण के आधार पर इन नियमों से संलग्न परिशिष्ट-I में यथाविनिर्दिष्ट के अनुसार मूल्यांकन के पश्चात किया जाएगा, जिसका स्तर/पाठ्‌यक्रम आदि, सम्बद्ध भर्ती अभिकरण अर्थात हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग द्वारा अवधारित किया जाएगा।

(ख) सम्बद्ध भर्ती प्राधिकरण के माध्यम से बैचवाइज आधार पर सीधी भर्तीः--बैचवाइज आधार पर संविदा नियुक्ति के मामले में पद पर नियुक्ति के लिए चयन उस विशिष्ट बैच के अभ्यर्थियों, जो राज्य/केन्द्रीय सरकार द्वारा सम्यक रूप से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से उतीर्ण हुए हों, की बैचवाइज मेरिट/पारस्परिक वष्ठिता के आधार पर इन नियमों से संलग्न परिशिष्ट-I में यथाविनिर्दिष्ट के अनुसार मूल्यांकन के पश्चात सम्बद्ध जिला के उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा द्वारा, किया जाएगा। सम्बद्ध विश्वविद्यालय/संस्थान द्वारा कनिष्ठ बुनियादी अध्यापक के डिप्लोमा कोर्स के मूल ''ब्यौरावार अंक प्रमाण पत्र'' पर अभिलिखित तारीख अभ्यर्थी के बैच की गणना करने हेतू निर्णीत (डीम्ड) तारीख समझी जाएगी।

किसी विशिष्ट बैच की बैचवाइज मेरिट/पारस्परिक वरिष्ठता कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक के डिप्लोमा कोर्स में अभिप्राप्त अंकों के आधार पर अवधारित की जाएगी। यदि दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों द्वारा डिप्लोमा कोर्स में प्राप्त किए गए अंक एक समान है तो पारस्परिक मेरिट दस जमा दो (102) स्तर में अभिप्राप्त अंकों के आधार पर विनिश्चित की जाएगी और यदि फिर भी दोनों के अंक समान हैं तो आयु में ज्येष्ठ अभ्यर्थी को मेरिट/पारस्परिक वरिष्ठता में कनिष्ठ अभ्यर्थी से ऊपर रखा जाएगा।

अभ्यर्थियों के एक समान अंकों की दशा में आयु में ज्येष्ठ अभ्यर्थी मेरिट में कनिष्ठ अभ्यर्थी से ऊपर रखा जाएगा।

(V) संविदात्मक नियुक्तियों के लिए चयन समितिः--(क) हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के कार्यक्षेत्र में आने वाले पदों के लिएः--जैसी सम्बद्ध भर्ती अभिकरण अर्थात्‌ हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा गठित की जाए।

(ख) हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के कार्यक्षेत्र में न आने वाले पदों के लिएः--जैसी सम्बद्ध भर्ती प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर गठित की जाए। 6562 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (VI) करारः--अभ्यर्थी को चयन के पश्चात्‌ इन नियमों से संलग्न परिशिष्ट-II के अनुसार करार हस्ताक्षरित करना होगा।

(VII) निबन्धन और शर्तेंः--(क) संविदा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को 8910/-रूपए प्रतिमाह की दर से समेकित नियत संविदात्मक रकम (जो पे बैण्ड के न्यूनतम जमा ग्रेड पे के बराबर होगी) प्रतिमास संदत्त की जाएगी। संविदा पर नियुक्त व्यक्ति आगे बढ़ाए गए वर्ष/वर्षों के लिए संविदात्मक रकम में 267/- रुपए (पद के पे बैण्ड का न्यूनतम जमा ग्रेड पे का तीन प्रतिशत) की रकम की वार्षिक वृद्धि का हकदार होगा और अन्य कोई सहबद्ध प्रसुविधाएं जैसे वरिष्ठ/चयन वेतनमान आदि नहीं दिया जाएगा। संविदा पर नियुक्त व्यक्ति की सेवा पूर्णतया अस्थायी आधार पर होगी।

(ख) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का कार्यपालन/आचरण ठीक नहीं पाया जाता है तो नियुक्ति पर्यवसित (समाप्त) किए जाने के लिए दायी होगी।

(ग) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति, एक कलैण्डर वर्ष में, एक मास की सेवा पूरी करने के पश्चात्‌ एक दिन के आकस्मिक अवकाश, दस दिन के चिकित्सा अवकाश और पांच दिन के विशेष अवकाश का हकदार होगा/होगी। संविदा पर नियुक्त महिला को दो जीवित बच्चों तक एक सौ पैंतीस दिन का प्रसूति अवकाश दिया जा सकेगा। संविदा पर नियुक्त महिला पूरी सेवा के दौरान, गर्भपात हो जाने सहित गर्भपात कराने की दशा में, प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर पैंतालीस दिन से अनधिक प्रसूति अवकाश (जीवित बच्चों की संख्या का विचार किए बिना) के लिए भी हकदार होगी। संविदा पर नियुक्त कर्मचारी को चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एल0टी0सी0 आदि के लिए हकदार नहीं होगा/होगी। संविदा पर नियुक्त व्यक्ति को उपरोक्त के सिवाय किसी अन्य प्रकार का कोई अवकाश अनुज्ञात नहीं होगा।

अनुपभुक्त आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश और विशेष अवकाश एक कलैण्डर वर्ष तक संचित किया जा सकेगा और आगामी कलैण्डर वर्ष के लिए अग्रनीत नहीं किया जाएगा।

(घ) नियन्त्रक अधिकारी के अनुमोदन के बिना कत्र्तव्य (ड्‌यूटी) से अनधिकृत अनुपस्थिति से स्वतः ही संविदा का पर्यवसान (समापन) हो जाएगा। तथापि आपवादिक मामलों में जहां पर चिकित्सा आधार पर कत्र्तव्य से अनधिकृत अनुपस्थिति के हालात संविदा पर नियुक्त व्यक्ति के नियन्त्रण से बाहर हाें तो उसके नियमितीकरण के मामले में विचार करते समय ऐसी अवधि अपवर्जित नहीं की जाएगी, किन्तु पदधारी को इस बाबत समय पर नियन्त्रक प्राधिकारी को सूचित करना होगा। तथापि संविदा पर नियुक्त व्यक्ति कत्र्तव्य से अनुपस्थिति की ऐसी अवधि के लिए संविदात्मक रकम का हकदार नहीं होगा :

परन्तु उसे सरकार के प्रचलित अनुदेशों के अनुसार, चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी किए गए बीमारी/आरोग्य प्रमाण-पत्र को प्रस्तुत करना होगा।

(ङ) संविदा के आधार पर नियुक्त पदधारी जिसने तैनाती के एक स्थान पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिया हो, आवश्यकता के आधार पर स्थानान्तरण हेतु पात्र होगा, जहां भी प्रशासनिक आधार पर ऐसा करना अपेक्षित हो।

(च) चयनित अभ्यर्थी को सरकारी/रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी से अपना आरोग्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। बारह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिला अभ्यर्थी प्रसव होने तक अस्थायी तौर पर अनुपयुक्त समझी जाएगी। ऐसी महिला अभ्यर्थी का किसी प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी/व्यवसायी से उपयुक्तता के लिए पुनः परीक्षण करवाया जाएगा।

(छ) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का, यदि अपने पदीय कत्र्तव्यों के सम्बन्ध में दौरे पर जाना अपेक्षित हो, तो वह उसी दर पर, जैसी कि नियमित प्रतिस्थानी पदधारी को वेतनमान के न्यूनतम पर लागू है, यात्रा भत्ते/दैनिक भत्ते का हकदार होगा/होगी।6563 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 (ज) नियमित कर्मचारियों की दशा में यथा लागू सेवा नियमों जैसे एफ0 आर0-एस0 आर0, छुट्‌टी नियम, साधारण भविष्य निधि नियम, पेंशन नियम तथा आचरण नियम आदि के उपबन्ध संविदा पर नियुक्त व्यक्तियों की दशा में लागू नहीं होंगे। संविदा पर नियुक्त व्यक्ति (व्यक्तियों) को कर्मचारी सामूहिक बीमा स्कीम के साथ-साथ ई0पी0एफ0/जी0पी0एफ0 भी लागू नहीं होगा।

16. आरक्षण.--सेवा में नियुक्ति, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा, समय-समय पर अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों/अन्य पिछड़े वर्गों और व्यक्तियों के अन्य प्रवर्गों के लिए सेवा मेें आरक्षण की बाबत जारी किए गए आदेशों के अधीन होगी।

17. विभागीय परीक्षा.--लागू नहीं।

18. शिथिल करने की शक्ति.--जहां राज्य सरकार की यह राय हो कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह, कारणों को लिखित में अभिलिखित करके और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, आदेश द्वारा, इन नियमों के किसी/किन्हीं उपबन्ध (उपबन्धों) को किसी वर्ग या व्यक्ति (व्यक्तियों) के प्रवर्ग या पद (पदों) की बाबत, शिथिल कर सकेगी।

परिशिष्ट-I

1. लिखित परीक्षा {लिखित परीक्षा में प्राप्तांकों की प्रतिशतता 85 अंकों में से परिकलित की जानी है। उदाहरणार्थ, लिखित परीक्षा मे 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को ं 42.5 अंक दिए जाएंगे}। 85 अंक
अभ्यर्थी का मूल्यांकन निम्नलिखित रीति में किया जाना हैः- i) भर्ती और प्रोन्नति नियमों में विहित न्यूनतम शैक्षिक अर्हता हेतु वरीयता। ( =2.5 अंक {शैक्षिक अर्हता में प्राप्तांकों की प्रतिशतता 0.025 से गुणा की जाएगी। उदाहरणार्थ, किसी व्यश्टि ने अपेक्षित शैक्षिक अर्हता में 50 प्रतशत अंक प्राप्त किए हैं, जो उसे 1.25 अंक ( 50x0. 025=1.25) अनुज्ञात किए जाएंगे}। ( iii) यथास्थिति, अधिसूचित पिछडे़ क्षेत्र या पंचायत से सम्बन्धित। = 01 अंक iv) भूमिहीन कटुम्ब/एक हेक्टेयर से कम भूमि वाले कुटुम्ब को सम्बद्ध राजस्व ( प्राधिकारी द्वारा प्रमािणत किया जाएगा। = 01 अंक ( v) इस प्रभाव का गैर-नियोजन प्रमाण-पत्र कि कुटुम्ब का कोई भी सदस्य सरकारी/अर्ध सरकारी सेवा में नहीं है। = 01 अंक ( v) 40 प्रतिशत विकृति/निःशक्तता/दुर्बलता से अधिक वाले दिव्यांगजन। = 01 अंक ( vi) एन.एस.एस. (कम से कम एक वर्ष) एन.सी.सी. म ें प्रमाण-पत्र धारक/भारत स्काउट और गाइड/राष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाओं मेंं पदक विजेता। = 01 अंक vii) सरकार द्वारा समय-समय पर यथाविहित 40,000/- रूपए से कम ( (समस्त स्त्रोतों से) वार्षिक आय वाला बी0पी0एल0 कुटुम्ब। = 02 अंक 15 अंक
(viii) विधवा/तलाक शुदा/अकिंचन/एकल महिला। = 01 अंक ix) इकलौती पुत्री/अनाथ = 01 अंक ( x) किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्था से आवेदित पद से सम्बन्धित ( कम से कम छह मास की अवधि का प्रशिक्षण। = 01 अंक xi) सरकारी/अर्धसरकारी सगंठन में, आवेदित पद से सम्बन्धित अधिकतम ( पांच वर्ष तक का अनुभव (प्रत्येक पूर्ण किए गए वर्ष के लिए 0.5 अंक) = 2.5 अंक
6564 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

परिशिष्ट-II कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक और हिमाचल प्रदेश सरकार के मध्य सम्बद्ध जिला के उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा के माध्यम से निष्पादित की जाने वाली संविदा/करार का प्ररूप

यह करार श्री/श्रीमती ...................................................... पुत्र/पुत्री श्री ............................................................... निवासी ................................................................ संविदा पर नियुक्त व्यक्ति (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ प्रथम पक्षकार कहा गया है) और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के मध्य उप निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा हिमाचल प्रदेश (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ द्वितीय पक्षकार कहा गया है) के माध्यम से आज तारीख ............... को किया गया।

द्वितीय पक्षकार ने उपरोक्त प्रथम पक्षकार को लगाया है और प्रथम पक्षकार ने कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक के रूप में संविदा के आधार पर निम्नलिखित निबन्धन और शर्तों पर सेवा करने के लिए सहमति दी है :-

1. यह कि प्रथम पक्षकार कनिष्ठ बुनियादी प्रशिक्षित अध्यापक के रूप में ............... से प्रारम्भ होने और ................ को समाप्त होने वाले दिन तक एक वर्ष की अवधि के लिए द्वितीय पक्षकार की सेवा में रहेगा। यह विनिर्दिष्ट रूप से उल्लिखित किया गया है और दोनों पक्षकारों द्वारा करार पाया गया है कि प्रथम पक्षकार की द्वितीय पक्षकार के साथ संविदा, आखिरी कार्य दिवस्‌ अर्थात्‌ ............. को स्वयंमेव ही पर्यवसित (समाप्त) हो जाएगी तथा सूचना नोटिस आवश्यक नहीं होगाः

परन्तु संविदा अवधि में वर्षानुवर्ष आधार पर विस्तारण/नवीकरण के लिए विभागाध्यक्ष यह प्रमाण-पत्र जारी करेगा कि संविदा पर नियुक्त व्यक्ति की सेवा और आचरण वर्ष के दौरान संतोषजनक रहा है और केवल तभी उसकी संविदा की अवधि नवीकृत/विस्तारित की जाएगी। 2. प्रथम पक्षकार की संविदात्मक रकम 8910/-रूपए प्रतिमास होगी।

3. प्रथम पक्षकार की सेवा पूर्णतया अस्थायी आधार पर होगी। यदि संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का कार्य/आचरण ठीक नहीं पाया जाता है तो नियुक्ति पर्यवसित (समाप्त) की जाने के लिए दायी होगी।

4. संविदा पर नियुक्त व्यक्ति एक कलैण्डर वर्ष में, एक मास की सेवा पूरी करने के पश्चात्‌ एक दिन के आकस्मिक अवकाश, दस दिन के चिकित्सा अवकाश और पांच दिन के विशेष अवकाश का हकदार होगा/होगी। संविदा पर नियुक्त महिला को दो जीवित बच्चों तक एक सौ पैंतीस दिन का प्रसूति अवकाश दिया जा सकेगा। स्ांविदा पर नियुक्त महिला कर्मचारी पूरी सेवा के दौरान, गर्भपात हो जाने सहित गर्भपात कराने की दशा में, प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी द्वारा6565 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर पैंतालीस दिन से अनधिक प्रसूति अवकाश (जीवित बच्चों की संख्या का विचार किए बिना) के लिए भी हकदार होगी। संविदा पर नियुक्त कर्मचारी चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एल0टी0सी0 आदि के लिए हकदार नहीं होगा/होगी। संविदा पर नियुक्त व्यक्ति को उपरोक्त के सिवाय अन्य किसी प्रकार का कोई अवकाश अनुज्ञात नहीं होगा।

अनुपभुक्त आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश और विशेष अवकाश एक कलैण्डर वर्ष तक संचित किया जा सकेगा और आगामी कलैण्डर वर्ष के लिए अग्रनीत नहीं किया जाएगा। 5. नियन्त्रक प्राधिकारी के अनुमोदन के बिना कत्र्तव्य (डयूटी) से अनधिकृत अनुपस्थिति से स्वतः ही संविदा का पर्यवसान (समापन) हो जाएगा। तथापि आपवादिक मामलों में जहां पर चिकित्सा आधार पर कत्र्तव्य से अनधिकृत अनुपस्थिति के हालात संविदा पर नियुक्त व्यक्ति के नियन्त्रण से बाहर हो तो उसके नियमितीकरण के मामले में विचार करते समय ऐसी अवधि अपवर्जित नहीं की जाएगी, परन्तु पदधारी को इस बाबत समय पर नियन्त्रक प्राधिकारी को सूचित करना होगा। तथापि संविदा पर नियुक्त व्यक्ति कत्र्तव्य से अनुपस्थिति की ऐसी अवधि के लिए संविदात्मक रकम का हकदार नहीं होगाः

परन्तु उसे सरकार के प्रचलित अनुदेशों के अनुसार, चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी किए गए बीमारी/आरोग्य प्रमाण-पत्र को प्रस्तुत करना होगा।

6. संविदा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति जिसने तैनाती के स्थान पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिया हो, आवश्यकता के आधार पर स्थानान्तरण हेतु पात्र होगा/होगी, जहाँ भी प्रशासनिक आधार पर ऐसा करना अपेक्षित हो।

7. चयनित अभ्यर्थी को सरकारी/रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी से अपना आरोग्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। महिला अभ्यर्थियों की दशा में, बारह सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था प्रसव होने तक, उसे अस्थायी तौर पर अनुपयुक्त बना देगी। ऐसी महिला अभ्यर्थी का किसी प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी/व्यवसायी से उपयुक्तता के लिए पुनः परीक्षण करवाया जाना चाहिए। 8. संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का यदि अपने पदीय कत्र्तव्यों के सम्बन्ध में दौरे पर जाना अपेक्षित हो, तो वह उसी दर पर, जैसी कि नियमित प्रतिस्थानी पदधारी को पद के वेतनमान के न्यूनतम पर लागू है, यात्रा भत्ते/दैनिक भत्ते का हकदार होगा/होगी।

9. संविदा पर नियुक्त व्यक्ति (व्यक्तियों) को कर्मचारी सामूहिक बीमा स्कीम के साथ-साथ ई0पी0एफ0/जी0पी0एफ0 भी लागू नहीं होगा।

इसके साक्ष्यस्वरूप प्रथम पक्षकार और द्वितीय पक्षकार के साक्षियों की उपस्थिति में इसमें सर्वप्रथम उल्लिखित तारीख को अपने-अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं।

साक्षियों की उपस्थिति मेंः

1. ..................................................... .................................................... ....................................................

(नाम व पूरा पता)

2. ....................................................... ....................................................... .......................................................

(नाम व पूरा पता)6566 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 साक्षियों की उपस्थिति में : (प्रथम पक्षकार के हस्ताक्षर) 1. ........................................................

.......................................................

.......................................................

(नाम व पूरा पता)

2. .......................................................

.......................................................

.......................................................

(नाम व पूरा पता)

(द्वितीय पक्षकार के हस्ताक्षर)

______________

[Authoritative English text of this Department Notification No.EDN-C-A-(3)-1/2016, dated 22-

9-2017 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].

ELEMENTARY EDUCATION DEPARTMENT

(Education-C)

NOTIFICATION

Shimla-171002, the 22th September, 2017

No. EDN-C-A(3)-1/2016.—In exercise of the powers conferred by proviso to Article 309 of the Constitution of India, the Governor, Himachal Pradesh, in consultation with the Himachal Pradesh Public Service Commission, is pleased to make the Recruitment and Promotion Rules, for the post of Junior Basic Trained Teacher Class-III, (Non-Gazetted) in the Department of Elementary Education, Himachal Pradesh as per Annexure-"A" attached to this notification; namely:—

1. Short title and the commencement.—(1) These rules may be called Himachal Pradesh, Elementary Education Department, Junior Basic Trained Teacher, Class-III (Non- Gazetted) Recruitment and Promotion Rules, 2017.

(2) These rules shall come into force from the date of publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh.

2. Repeal and savings.—(1) The Himachal Pradesh, Elementary Education Department, Junior Basic Trained Teacher, Class-III (Non-Gazetted) Recruitment and Promotion Rules, 2012, notified vide notification No. EDN-C-A(3)-1/2002, dated 23-08-2012, as published in the Rajpatra Himachal Pradesh vide notification of even number dated 25th August, 2012 are hereby repealed.

6567 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

(2) Notwithstanding such repeal, any appointment made or anything done or any action taken under the rules, so repealed under sub-rule (1) supra shall be deemed to have been validly made, done or taken under these rules.

By orders, Sd/- Pr. Secretary (Education).

____________

ANNEXURE-"I" RECRUITMENT AND PROMOTION RULES FOR THE POST OF JUNIOR BASIC TRAINED TEACHER, CLASS-III (NON-GAZETTED) IN THE DEPARTMENT OF ELEMENTARY EDUCATION, HIMACHAL PRADESH

1. Name of Post.—Junior Basic Trained Teacher

2. Number of Post(s).—19922 (Nineteen Thousand Nine Hundred Twenty Two) 3. Classification.—Class- III (Non-Gazetted)

4. Scale of Pay.—(i) Pay scale for regular incumbents:—Pay band Rs. 5910-20200+ Rs. 3000/-Grade Pay.

(i) Pay Band Rs.10300-34800+Rs. 4200/-Grade Pay (admissible after 02 years of regular Service)

(iii) Emoluments for Contract employees:—Rs. 8910/- P.M. as per details given in Column No.15–A.

5. Whether "Selection" post or "Non-Selection" post.—Not applicable

6. Age limit for direct recruitment.—18 to 45 years :

Provided that the upper age Limit for direct recruits will not be applicable to the candidates already in service of the Government including those who have been appointed on adhoc or on contract basis :

Provided further that if a candidate appointed on adhoc basis or on contract basis had become over-age on the date he/she was appointed as such he/she shall not be eligible for any relaxation in the prescribed age limit by virtue of his/her such adhoc or contract appointment:

Provided further that upper age limit is relaxable for Scheduled Caste/Scheduled Tribes/ Other Backward Classes and Other Categories of persons to the extent permissible under the general or special order(s) of the Himachal Pradesh Government :

Provided further that the employees of all the Public Sector Corporations and Autonomous Bodies who happened to be Government servants before absorption in Public Sector Corporation/Autonomous Bodies at the time of initial constitutions of such Corporation/ Autonomous Bodies shall be allowed age concession in direct recruitment as admissible to Government servants. This concession will not, however, be admissible to such staff of the 6568 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 Public Sector Corporation/Autonomous Bodies who were/are subsequently appointed by such Corporation/Autonomous Bodies and who are/were finally absorbed in the service of such Corporations/Autonomous Bodies after initial constitution of the Public Sector Corporations/Autonomous Bodies.

Note:— Age limit for direct recruitment will be reckoned on the first day of the year in which the post(s) is / are advertised for inviting applications or notified to the Employment Exchanges, as the case may be.

7. Minimum Educational and other qualification required for direct recruit(s).—(a) Essential Qualification(s):—(i) 10+2 with 50% marks or Senior Secondary with 50% marks from a recognized Board of School Education and 2 years Junior Basic (JBT) Teacher's course / Diploma in Elementary Education (D.El.Ed.) from an institute affiliated to Himachal Pradesh Board of School Education (HPBOSE).

OR

Senior Secondary (or its equivalent) with at least 50% marks and 2 years Junior Basic Teacher (JBT)/Diploma in Elementary Education (D.El.Ed.) (by whatever name known).

OR Senior Secondary (or its equivalent) with at least 45% marks and 2 years Junior Basic Teacher (JBT)/Diploma in Elementary Education (D.El.Ed.) (by whatever name known), in accordance with the NCTE (Recognition Norms and Procedure) Regulations, 2002.

OR

Senior Secondary (or its equivalent) with at least 50% marks and 4 years Bachelor of Elementary Education (B.El.Ed.).

OR

Senior Secondary(or its equivalent) with at least 50% marks and 2 years Diploma in Education (Special Education)

OR

Graduation and two years Junior Basic Teacher (JBT)/Diploma in Elementary Education (D.El.Ed.). (by what ever name known)

AND

(ii) Pass in the Teacher Eligibility Test (TET) for Class I-V, to be conducted by an authority designated by the H.P. State Government.

(b) Desirable Qualification(s):—Knowledge of customs, manners and dialects of Himachal Pradesh and suitability for appointment in the peculiar conditions prevailing in the Pradesh.

Note:— Relaxation upto 5% in the qualifying marks shall be allowed to the candidates belonging to SC/ST/OBC and PH categories.

8. Whether age and educational qualification(s) prescribed for direct recruit(s) will

apply in the case of the promote(s).—Age:—Not applicable

6569 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 Educational Qualification:—Not applicable

9. Period of probation, if any.—(a) Two years subject to such further extension for a period not exceeding one year as may be ordered by the competent authority in special circumstances and reasons to be recorded in writing.

(b) No probation in case of appointment on contract basis, tenure basis, re-employment after superannuation and absorption.

10. Method(s) of recruitment, whether by direct recruitment or by promotion/ secondment /transfer and the percentage of post(s) to be filled in by various methods.—100% by direct recruitment on a regular basis or by recruitment on contract basis, as the case may be, in the following manner:—

(a) 50% through Himachal Pradesh Staff Selection Commission, Hamirpur, Himachal Pradehs.

(b) 50% on batch-wise basis through Deputy Director of Elementary Education of the district concerned.

11. In case of recruitment by promotion/secondment/transfer, grade from which

promotion/secondment/transfer is to be made.—Not applicable.

12. If a Departmental Promotion/Conformation Committee exists, what is its composition?.—(a) Departmental Promotion Committee:—Not applicable.

(b) Departmental Confirmation Committee:—As may be constituted by the Government from time to time.

13. Circumstances under which the Himachal Pradesh Public Service Commission

(H.P.P.S.C.) is to be consulted in making recruitment.—As required under the law.

14. Essential requirement for a direct recruitment.—A candidate for appointment to any service or post must be a citizen of India.

15. Selection for appointment to the post by direct recruitment.—(a) Direct recruitment through the Himachal Pradesh Staff Selection Commission, Hamirpur.—Selection for appointment to the post in the case of direct recruitment shall be made on the basis of merit of written examination followed by evaluation as specified in Appendix-I appended to these rules, or if considered necessary or expedient on the basis of merit of written examination followed by evaluation as specified in Appendix-I appended to these rules, preceded by a screeing test (objective type) or practical test or skill test or physical test, the standard/ syllabus, etc. of which, will be determined by the concerned recruiting agency i.e. Himachal Pradesh Staff Selection Commission, Hamirpur.

(b) Direct recruitment on batch-wise basis through the concerned recruiting authority.— Selection for appointment to the post in the case of direct recruitment on batch-wise basis shall be made by the Deputy Director of Elementary Education of the concerned district, on the basis of batch-wise merit/ inter-se-seniority of the candidates of a particular batch which has passed out from the University/Instution duly recognized by the State/Central Government followed by evaluation as specified in Appendix-I appended to these rules.

6570 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 The date recorded by the concerned University/Institution on the original "Detail Marks Certificate" of diploma/course of Junior Basic Teacher shall be the deemed date for reckoning the batch of the candidate.

The batch-wise merit/inter-se-seniroty of a particular batch shall be determined on the basis of marks obtained in the diploma/course of Junior Basic Teacher. In case, the marks obtained in diploma course by two or more candidates are same, the inter- se-merit would be decided on the basis of marks obtained in 10+2 level and if there is still a tie, the candidate senior in age would be placed above the junior, in the merit/inter-se-seniority.

In case the candidates have same score, the candidate senior in age would be placed above the junior, in the merit.

Note:—First posting to the candidates shall be offered in remote and difficult areas of the district, where they shall have to serve atleast for 5 years.

15-A Selection for appointment to the post by contract recruitment.—Notwithstanding anything contained in these rules, contract appointments to the posts will be made subject to the terms & conditions given below:—

(I) CONCEPT.—(a) Under this policy, the Junior Basic Trained Teacher, in Department of Elementary Education, H.P. will be engaged on contract basis initially for one year, which may be extendable on year to year basis :

Provided that for further extension/ renewal of contract period on year to year basis the concerned HOD shall issue a certificate that the service and conduct of the contract appointee is satisfactory during the year and only then the period of contract is to be renewed / extended.

(b) 50% POSTS FALLS WITHIN THE PURVIEW OF HPSSC:—The Deputy Director of Elementary Education of the concerned District, after obtaining the approval of the Government to fill up the vacant posts of Junior Basic Trained Teachers on contract basis applying the reservation roster, will place the requisition with the concerned recruiting agency i.e. Himachal Pradesh Staff Selection Commission (HPSSC) Hamirpur.

(c) 50% POSTS FALL OUTSIDE THE PURVIEW OF HPSSC:—The Deputy Director of Elementary education of the concerned District, after obtaining the approval of the Government to fill up the vacant posts of Junior Basic Trained Teachers on batch wise basis on contract basis and applying the reservation roster, will advertise the detailes of the vacant post(s) to the employment exchanges and also in atleast two leading newspapers and invite applications from candidates having the prescribed qualifications and fulfilling the others eligibility conditions as prescribed in these rules.

(II) CONTRACTUAL EMOLUMENTS:—The Junior Basic Trained Teacher appointed on contract basis will be paid consolidated fixed contractual amount @ Rs.8,910/- P.M. (which shall be equal to minimum of the pay band + grade pay). An amount of Rs. 267/- (3% of the minimum of pay band+grade pay of the post) as annual increase in contractual emoluments for the subsequent year(s) will be allowed if contract is extended beyond one year.

(III) APPOINTING/DISCIPLINARY AUTHORITY:—The Deputy Director of Elementary Education of the District H.P. will be appointing and disciplinary authority.

6571 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939

(IV) SELECTION PROCESS:—(a) Direct recruitment through the Himachal Pradesh Staff Selection Commission, Hamirpur:—Selection for appointment to the post in the case of contract appointment shall be made on the basis of merit of written examination followed by evaluation as specified in Appendix-I appended to these Rules, or if considered necessary or expedient on the basis of merit of written examination followed by evaluation as specified in Appendix-I appended to these rules, preceded by a screening test (objective type) or practical test or skill test or physical test, the standard/syllabus, etc. of which, will be determined by the concerned recruiting agency i.e. Himachal Pradesh Staff Selection Commission, Hamirpur.

(b) Direct recruitment on batch-wise basis through the concerned recruiting authority:—Selection for appointment to the post in the case of contract appointment on batch- wise basis shall be made by the Deputy Director of Elementary Education of concerned District, on the basis of batch- wise merit/inter-se-seniority of the candidates of a particular batch which has passed out from the University/Instution duly recognized by the State/Central Government, followed by evaluation as specified in Appendix-I appended to these rules.

The date recorded by the concerned University/Institution on the original "Detail Marks Certificate" of diploma/course of Junior Basic Teacher shall be the deemed date for reckoning the batch of the candidate.

The batch-wise merit/inter-se-seniroty of a particular batch shall be determined on the basis of marks obtained in the diploma/course of Junior Basic Teacher. In case, the marks obtained in diploma course by two or more candidates are same, the inter- se-merit would be decided on the basis of marks obtained in 10+2 level and if there is still a tie, the candidate senior in age would be placed above the junior, in the merit/inter-se-seniority.

In case the candidates have same score, the candidate senior in age would be placed above the junior, in the merit.

(V) COMMITTEE FOR SELECTION OF CONTRACTUAL APPOINTMENTS:— (a) For posts falling within the purview of HPSSC:—As may be constituted by the concerned recruiting agency i.e. Himachal Pradesh Staff Selection Commission, Hamirpur.

(b) For posts falling outside the purview of HPSSC:—As may be constituted by the concerned recruiting authority from time to time.

(VI) AGREEMENT:—After selection of a candidate, he/she shall sign an agreement as per Appendix-II appended to these Rules.

(VII) TERMS AND CONDITIONS:—(a) The contractual appointee will be paid consolidated fixed contractual amount @Rs. 8910/- per month (which shall be equal to initial of the pay band + grade pay). The contractual appointee will be entitled for increase in contractual amount Rs 267/- (3% of the minimum of pay band + grade pay of the post) per annum for further extended years and no other allied benefits such as senior /selection scales etc, will be given.

(b) The service of the Contract Appointee will be purely on temporary basis. The appointment is liable to be terminated in case the performance/conduct of the contract appointee is not found satisfactory.

(c) The contract appointee will be entitled for one-day casual leave after putting one month service, 10 days medical leave and 5 days special leave in a calendar year. A female 6572 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 contract appointee with less than two surviving children may be granted maternity leave for 135 days. A female contract appointee shall also be entitled for maternity leave not exceeding 45 days (irrespective of the number of surviving children) during the entire service, in case of miscarriage including abortion, on production of medical certificate issued by the authorized Govt. Medical Officer. A contract employee shall not be entitled for medical re-imbursement and LTC etc. No leave of any other kind except above is admissible to the contract appointee.

Un-availed Casual Leave, Medical Leave and Special Leave can be accumulated up to the Calendar Year and will not be carried forward for the next Calendar Year.

(d) Unauthorized absence from the duty without the approval of the controlling Officer shall automatically lead to the termination the contract. However, in exceptional cases where the circumstances for un-authorized absence from duty were beyond his/her control on medical grounds, such period shall not be excluded while considering his/her case for regularization but the incumbent shall have to intimate the controlling authority in this regard well in time. However, the contract appointee shall not be entitled for contractual amount for this period of absence from duty:

Provided that he/she shall submit the certificate of illness/fitness issued by the Medical Officer, as per prevailing instructions of the Government.

(e) An official appointed on contract basis who has completed 3 years tenure at one place of posting will be eligible for transfer on need based basis where ever required on administrative grounds.

(f) Selected candidate will have to submit a certificate of his/her fitness from a Government/Registered Medical Practitioner. Women candidates pregnant beyond 12 weeks will stand temporarily unfit till the confinement is over. The women candidates will be re-examined for the fitness from an authorized Medical Officer/ Practitioner.

(g) Contract appointee will be entitled to TA/DA if required to go on tour in connection with his/her official duties at the same rate as applicable to regular counterpart officials at the minimum of pay scale.

(h) Provisions of Service Rules like FR SR, Leave Rules, GPF Rules, Pension Rules and Conduct Rules etc. as are applicable in case of regular employees will not be applicable in case of contract appointees. The Employees Group Insurance Scheme as well as EPF / GPF will also not be applicable to contract appointee(s).

16. Reservation.—The appointment to the service shall be subject to orders regarding reservation in the service from Scheduled Castes/Scheduled Tribes/Other Backward Classes/ Other Categories of persons issued by the Himachal Pradesh Government from time to time.

17. Departmental Examination.—Not applicable.

18. Power to Relax.—Where the State Government is of the opinion that it is necessary or expedient to do so, it may, by order for reasons to be recorded in writing and in consultation with the Himachal Pradesh Public Service Commission relax any of the provision(s) of these Rules with respect to any class or category of person(s) of post(s).

By order, Sd/- Deputy Secretary (Ele. Edu.).

6573 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 APPENDIX-I

FOR CLASS-III POST

1. W RITTEN TEST { Percentage of marks obtained in written examination to be calculated out of 85 marks. For example, a candidate getting 50% marks in written examination will be given 42.5 marks}. 85 marks
2. Evaluation of candidate to be made in the following manner:— (i) Weightage for the minimum educational qualification, prescribed in the Recruitment & Promotion Rules. = 2.5 Marks { Percentage of marks obtained in the educational qualification individual has would be multiplied by 0.025. For example, an secured 50% marks in the required educational qualification, he/she will be allowed 1.25 marks (50x0.025=1.25)} ( ii) Belonging to notified Backward Area or Panchayat, as the case may be. = 01 Mark ( iii) Land less family/family having land less than 1 Hectre to be certified by the concerned Revenue Authority. = 01 Mark ( iv) Non-employment Certificate to the effect that none of the family members is in Government/Semi-Government service. = 01 Mark ( v) Differently abled persons with more than 40% impairment/disability/infirmity. =01 Mark ( vi) NSS (atleast one year)/certificate holders in NCC/The and Guide/Medal winner in National Level Bharat Scout sports competitions. =01 Mark ( vii) BPL family having annual income (from all sources) below Rs.40,000/- or as prescribed by the Govt. from time to time. =02 Marks ( viii) Widow/divorced/destitute/singly woman. = 01 Mark ( ix) Single daughter/Orphan =01 Mark ( x) Training of atleast 6 months duration related to the post applied for from a recognized University/Institution. =01 Mark ( xi) Experience upto a maximum of 5 years in Govt./Semi- Govt. Organization relating to the post applied for (0.5 marks only for each completed year) =2.5 Marks 15 marks
6574 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 APPENDIX-"II"

Form of Contract/agreement to be executed between the Junior Basic Trained Teacher

(JBT) and the Government of Himachal Pradesh through Deputy Director of Elementary

Education of concerned District (Designation of the Appointing Authority)

This agreement is made on this day of in the year between Sh./Smt. _________________________________________ S/o /D/o Shri.____________________R/o _______________________________ Contract appointee (hereinafter called the FIRST PARTY), AND The Governor of Himachal Pradesh through Deputy Director of Elementary Education Himachal Pradesh (here- in-after the SECOND PARTY).

Whereas, the SECOND PARTY has engaged the aforesaid FIRST PARTY and the FIRST PARTY has agreed to serve as a JBT on contract basis on the following terms & conditions:—

1. That the FIRST PARTY shall remain in the service of the SECOND PARTY as a JBT for a period of one year commencing on day of _____________________ and ending on the day of _______________ It is specifically mentioned and agreed upon by both the parties that the contract of the _________________ FIRST PARTY with SECOND PARTY shall ipso-fact stand terminated on the last working day i.e. on ________________ information and notice shall not be necessary :

Provided that for further extension/renewal of contract period the HOD shall issue a certificate that the service and conduct of the contract appointee was satisfactory during the year and only then the period of contract is to be renewed/extended.

2. The contractual amount of the FIRST PARTY will be Rs. 8910/- per month.

3. The service of FIRST PARTY will be purely on temporary basis. The appointment is liable to be terminated in case the performance/ conduct of the contract appointee is not found satisfactory.

4. The contract appointee will be entitled for one day's casual leave after putting one month service, 10 days' medical leave and 5 days' special leave, in a calendar year. A female contract appointee with less than two surviving children may be granted maternity leave for 135 days'. A female contract appointee shall also be entitled for maternity leave not exceeding 45 days'(irrespective of the number of surviving children) during the entire service, in case of miscarriage including abortion, on production of medical certificate issued by the authorized Government Medical Officer. A contract employee shall not be entitled for medical re- imbursement and LTC etc. No leave of any other kind except above is admissible to the contract appointee.

Un-availed casual leave, medical leave and special leave can be accumulated up to the calendar year and will not be carried forward for the next calendar year.

5. Unauthorized absence from the duty without the approval of the Controlling Officer shall automatically lead to the termination of the contract. However, in exceptional cases where the circumstances for un-authorized absence from duty were beyond his/her control on medical grounds, such period shall not be excluded6575 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 while considering his/her case for regularization but the incumbent shall have to intimate the controlling authority in this regard well in time. However, the contract appointee shall not be entitled for contractual amount for this period of absence from duty:

Provided that he/she shall submit the certificate of illness/fitness issued by the Medical Officer, as per prevailing instructions of the Govt.

6. An official appointed on contract basis who has completed three years tenure at one place of posting will be eligible for transfer on need based basis wherever required on administrative grounds.

7. Selected candidate will have to submit a certificate of his/her fitness from a Government/Registered Medical Practitioner. In case of Woman candidates pregnancy beyond twelve weeks will render her temporarily unfit till the confinement is over. The woman candidate should be re-examined for the fitness from an authorized Medical Officer/Practitioner.

8. Contract appointee will be entitled to TA/DA if required to go on tour in connection with his/her official duties at the same rate as applicable to regular counter-part official at the minimum of pay scale.

9. The Employees Group Insurance Scheme as well as EPF/GPF will not be applicable to contractual appointee(s).

IN WITNESS the FIRST PARTY AND SECOND PARTY have herein to set their hands the day, month and year first, above written.

IN THE PRESENCE OF WITNESS:

1. ______________________________

______________________________

(Name and full Address)

(Signature of the FIRST PARTY) 2. ______________________________

______________________________

(Name and full Address)

(Signature of the FIRST PARTY)6576 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 INDUSTRIES DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 25th September, 2017

No. Ind-II (F) 6-18/2013.—In continuation to this department Notification of even number dated 24.08.2013 and 05.09.2017, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to amend the Himachal Pradesh Mineral Policy, 2013 by inserting the clause 7.8 in the mineral policy, namely:—

"In the interest of mineral conservation, the Geological Wing, Department of Industries

shall also have the options of obtaining the re-diversion of the Forest land under the Forest

Conservation Act, 1980, for the land falling in the reservoir areas of different Hydro-

Electric Projects, which already stand diverted in favour of such Project Authorities, for the

purpose of granting mineral concession to meet out the demand of the local market. The Net

Present Value (NPV) & other charges incurred on such re-diversion shall be recovered

from such concession holders or paid by them as may be directed by the Department".

By order, TARUN KAPOOR, Addl. Chief Secretary (Industries).

__________

ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं नायब तहसीलदार, भलेई, जिला चम्बा (हि0 प्र0)

श्री दर्सो उर्फ देसो पुत्र सकिरदु, निवासी गांव मौखडयाला, परगना व उप-तहसील भलेई, जिला . . प्रार्थी। चम्बा, (हि0 प्र0)

बनाम

. . फरीकदोयम। आम जनता

प्रार्थना-पत्र बाबत नाम दरुस्ती जेर धारा 37(2) हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 के अन्तर्गत करने बारे। प्रार्थी श्री दर्साे उर्फ देसो पुत्र सकिरदु, निवासी गांव मौखडयाला, परगना व उप-तहसील भलेई, जिला चम्बा (हि0 प्र0) ने निवेदन किया है कि ग्राम पंचायत भलेई के परिवार रजिस्टर के रिकार्ड में मेरा नाम दर्सो उर्फ देसो दर्ज है जोकि सही व दरुस्त है लेकिन राजस्व रिकार्ड महाल भलेई के भू-इन्द्राज में मेरा नाम देसो ही दर्ज है जो कि गलत दर्ज है इसलिए महाल भलेई के भू-राजस्व इन्द्राज में मैं अपना नाम देसो के वजाय दसो उर्फ देर्साे करवाना चाहता हूं।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रार्थी उक्त के नाम दरुस्त करने बारा कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 26-10-2017 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर होकर अपना उजर व एतराज लिखित रूप में पेश करें। अन्यथा प्रार्थी का नाम दरुस्त करने बारा आदेश पारित कर दिये जायेंगे। इसके उपरान्त कोई भी उजर व एतराज काबिले समायत न होगा।6577 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 आज दिनांक 16-09-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

भलेई, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।

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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं नायब तहसीलदार, भलेई, जिला चम्बा (हि0 प्र0)

श्री चैनो उर्फ चैन लाल पुत्र शेर सिंह गांव जन्ना, परगना व उप-तहसील भलेई, जिला चम्बा, (हि0 प्र0)

. . प्रार्थी।

बनाम

. . फरीकदोयम। आम जनता

प्रार्थना-पत्र बाबत नाम दरुस्ती जेर धारा 37(2) हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 के अन्तर्गत करने बारे। प्रार्थी श्री चैनो उर्फ चैन लाल, पुत्र शेर सिंह, गांव जन्ना, परगना व उप-तहसील भलेई, जिला चम्बा (हि0 प्र0) ने निवेदन किया है कि ग्राम पंचायत औहरा के परिवार रजिस्टर के रिकार्ड में मेरा नाम चैनो उर्फ चैन लाल दर्ज है जोकि सही व दरुस्त है लेकिन राजस्व रिकार्ड महाल बनेटू के भू-इन्द्राज में मेरा नाम चैनो दर्ज है जो कि गलत दर्ज है इसलिए महाल बनेटू के भू-राजस्व इन्द्राज में मैं अपना नाम चैनो उर्फ चैन लाल दरूस्त करवाना चाहता हूं।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रार्थी उक्त के नाम दरुस्त करने बारा कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 26-10-2017 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर होकर अपना उजर व एतराज लिखित रूप में पेश करें। अन्यथा प्रार्थी का नाम दरुस्त करने बारा आदेश पारित कर दिये जायेंगे। इसके उपरान्त कोई भी उजर व एतराज काबिले समायत न होगा।

आज दिनांक 16-09-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

भलेई, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।

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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना़, तहसील व जिला ऊना (हि0 प्र0)

नोटिस बनाम : जनता आम।

श्री तरलोचन सिंह बनाम आम जनता दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.

6578 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 28 सितम्बर, 2017/6 आश्विन, 1939 श्री तरलोचन सिंह पुत्र श्री गुरमेल सिंह, निवासी धधियार, तहसील ऊना़, जिला ऊना ने इस अदालत में दरख्वास्त दी है कि उसकी पत्नी श्रीमती कमला देवी की मृत्यु गांव नारी में दिनांक 13-02-2015 को हुई थी, परन्तु इस बारे पंचायत के रिकॉर्ड में पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं।

अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त मृत्यु के पंजीकरण होने बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 07-10-2017 को प्रातः दस बजे अधोहस्ताक्षरी के समक्ष असालतन/वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त मृत्यु का पंजीकरण करने के आदेश दे दिए जाएंगे।

आज दिनांक 11-09-2017 को हस्ताक्षर मेरे व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,

ऊना़, जिला ऊना (हि0 प्र0)। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 28 September 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2017-09-28.135_gazette_2017-28_09_2017/. Archive identifier in.gazette.himachal.2017-09-28.135_gazette_2017-28_09_2017.