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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 198, 26 December 2017

Published 26 December 2017

Gazette no.
198
Gazetteid
198/GAZETTE/2017-26/12/2017
Identifier
in.gazette.himachal.2017-12-26.198_gazette_2017-26_12_2017
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित मंगलवार, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939

हिमाचल प्रदेश सरकार

आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 2/2017-राज्य कर

शिमला-2, 30 जून, 2017

संख्याः र्ई.एक्स.एन.-एफ(10)-14/2017-लूज़.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का अधिनियम संख्यांक 10) (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ "राज्य कर 198-राजपत्र/2017-26-12-2017 (9077) 9078 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 अधिनियम" कहा गया है) की धारा 3 द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यन्वित करने के लिए, 28 जून 2017 से, निम्नलिखित वर्ग के अधिकारियों को नियुक्त करते हैं, अर्थात्‌ः-

(क) आबकारी एवं कराधान आयुक्त को राज्य कर के आयुक्त के रुप में,

(ख) विशेष आबकारी एवं कराधान आयुक्त को राज्य कर के विशेष आयुक्त के रुप में,

(ग) अतिरिक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त को राज्य कर के अतिरिक्त आयुक्त के रुप में, (घ) संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त को राज्य कर के संयुक्त आयुक्त के रुप में, (ङ) उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त को राज्य कर के उपायुक्त के रुप में,

(च) सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त को राज्य कर के सहायक आयुक्त के रुप में, (छ) आबकारी एवं कराधान अधिकारियों को राज्य कर अधिकारियों के रुप में,

(ज) सहायक आबकारी एवं कराधान अधिकारियों को सहायक राज्य कर अधिकारियों के रुप में, (झ) आबकारी एवं कराधान निरीक्षकों को राज्य कर निरीक्षक के रुप में।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.--इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को पृष्ठ 3245 से 3246 पर प्रकाशित किया जा चुका है।

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आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 7/2017-राज्य कर

शिमला-2, 30 जून, 2017

संख्याःई.एक्स.एन-एफ(10)-14/2017-लूज़.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 164 द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात :-- 1. (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) नियम, 2017 है। (2) ये 24 जून, 2017 से प्रवृा हुए समझे जाएंगे।

2. हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 में :--

(क) नियम 1 के शीर्षक में, "विस्तार" शब्द का लोप किया जाएगा।

(ख) नियम 10 के उपनियम (4) में, "डिजिटल रुप से हस्ताक्षरित" शब्दों के स्थान पर, "सम्यक रुप से हस्ताक्षरित या इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड के माध्यम से सत्यापित" शब्द रखे जाएंगे;

9079 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 (ग) नियम 13 के उपनियम (4) में, "हस्ताक्षरित" शब्द के स्थान पर, शब्द "सम्यक रुप से हस्ताक्षरित

या इलेक्ट्रानिक सत्यापन कोड के माध्यम से सत्यापित" शब्द रखे जाएंगे ;

(घ) नियम 19 के उपनियम (1) के दूसरे परंतुक में, "उक्त नियम" शब्दों के स्थान पर, "नियम 8 का उपनियम (2)" शब्द, अंक और कोष्ठक रखे जाएंगे;

(ड.) नियम 21 में, खंड (ख) के स्थान पर, निम्नलिखित खंड रखे जाएंगे, अर्थात :--

"(ख) अधिनियम या इसके अधाीन बनाए गए नियमों के उपबंधो के अतिक्रमण में माल या सेवाओं की पूर्ति के बिना बीजक या बिल जारी करता है ; या

(ग) अधिनियम की धारा 171 या इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों का अतिक्रमण करता है।" ;

(च) नियम 22 के उपनियम (3) में, "के उपनियम (1)" शब्दों, कोष्ठकों और अंक का लोप किया जाएगा ;

(छ) नियम 24 में,-

(i) उपनियम (1) में दूसरे परंतुक का लोप किया जाएगा;

(ii) उपनियम (3) के पश्चात्‌, निम्नलिखित उपनियम अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात :-- "(3क) जहां रजिस्ट्रीकरण का प्रमाणपत्र उपनियम (2) के खंड (ग) में निर्दिष्ट सूचना और विशिष्टियां प्रस्तुत करने की तारीख से पन्द्रह दिन की अवधि के भीतर, सामान्य पोर्टल पर आवेदक को उपलब्ध नहीं कराया गया है और उक्त अवधि के भीतर, उपनियम (3) के अधीन कोई सूचना जारी नहीं की गयी है, वहां रजिस्ट्रीकरण अनुदा किया गया समझा जाएगा और सभ्यक्त हस्ताक्षरित या इलेक्ट्रानिक सत्यापन कोड के माध्यम से सत्यापित रजिस्ट्रीकरण का उक्त प्रमाण पत्र सामान्य पोर्टल पर रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति को उपलब्ध कराया जाएगा।" ;

(ज) नियम 26 के उप-नियम (3) में, "या सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) के उपबंधों के अधीन विनिर्दिष्ट" शब्दों के स्थान पर, "सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) के उपबंधों के अधीन यथा विनिर्दिष्ट या हस्ताक्षर के किसी अन्य ढंग द्वारा सत्यापित ई-हस्ताक्षर या इस निमिा बोर्ड द्वारा अधिसूचित सत्यापन के माध्यम से" शब्द रखे जाएंगे;

(झ) प्ररुप जीएसटी सीएमपी-04 की सारणी में, क्रम सं0 5 उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात :--

"5. रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति का प्रवर्ग

(i) ऐसे माल के, जो सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाएं, विनिर्माताओं से भिन्न विनिर्माता (ii) अनुसूची-2 के पैरा 6 के खंड (ख) में निर्दिष्ट प्रदाय करने वाले प्रदायकर्ता

(iii) संविरचना उदग्रहण के लिए पात्र कोई अन्य प्रदायकर्ता" ;

() प्ररुप जीएसटी सीएमपी-07 में, "ख्नियम 6 (6)देखे," कोष्ठकों, शब्दों और अंकों के स्थान पर, "ख्नियम 6(5) देखे," कोष्ठक, शब्द और अंक रखे जाएंगे;

9080 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 (ट) प्ररुप जीएसटी आर.ई.जी.-12 में "30 दिनों के भीतर" अंकों और शब्दों के स्थान पर, "90 दिन के भीतर" अंक और शब्द रखे जाएंगे;

(ठ) प्ररुप जीएसटी आरईजी-25 में,-

(i) "अंनंतिम पहचान" शब्दों के स्थान पर, "जीएसटीआईएन" अक्षर रखे जाएंगे;

(ii) "स्थान" और "< राज्य >" शब्दों का लोप किया जाएगा।

टिप्पण.-मूल नियम, हिमाचल प्रदेश के राजपत्र, में अधिसूचना संख्या इ.एक्स.एन-एफ(10)-13/2017-लूज, तारीख 27 जून, 2017, द्वारा प्रकाशित किए गए थे।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को पृष्ठ 3172 से 3173 पर प्रकाशित किया जा चुका है।

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आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 8/2017-राज्य कर

शिमला-2, 30 जूनून, 2017

संख्याः ई.एक्स.एन-एफ(10)-14/2017-लूज़.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ अधिनियम कहा गया है) की धारा 10 की उपधारा (1) तथा उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हए, परिषद की सिफारिशों पर विहित करते हैं कि ऐसा कोई पात्र रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, जिसका पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में कुल आवर्त पच्चास लाख रुपए से अधिक नहीं है, उसके द्वारा संदेय कर के बदले में, निम्नलिखित की दर पर संगणित रकम का संदाय करने का विकल्प ले सकेगा,--

(i) किसी विनिर्माता के मामले में राज्य में आवर्त का एक प्रतिशत;

(ii) उक्त अधिनियम की अनुसूची 2 के पैरा 6 के खंड (ख) में निर्दिष्ट प्रदाय करने में लगे हुए व्यक्तियों के मामले में राज्य में आवर्त का ढाई प्रतिशत; और

(iii) अन्य प्रदायकर्ताओं के मामले में राज्य में आवर्त का आधा प्रतिशतः

परंतु यह और कि रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, उक्त अधिनियम की धारा 10 की उपधारा (1) के अधीन प्रशमन उद्धग्रहण के लिए विकल्प लेने के लिए पात्र नहीं होगा, यदि ऐसा व्यक्ति ऐसे माल का विनिर्माता है, जिसका वर्णन नीचे सारणी के स्तंभ 3) में विनिर्दिष्ट है और उक्त सारणी के स्तंभ (2) में तत्स्थानी प्रविष्टि में यथाविनिर्दिष्ट, यथास्थिति, टैरिफ मद, उपशीर्ष, शीर्ष या अध्याय के अंतर्गत आता हैः-9081 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 सारणी

क्रम0 सं0 टैरिफ मद, उपशीर्ष, शीर्ष या अध्याय वर्णन
(1) (2) (3)
1. 2105 00 00 आइसक्रीम और अन्य खाद्य बर्फ, चाहे उसमे ं कोका मिला है या नहीं
2. 2106 90 20 पान मसाला
3. 24 सभी माल, अर्थात्‌ तम्बाकू और विनिर्मित तम्बाकू अनुकल्प

स्पष्टीकरण.-(1) इस सारणी में श्टैरिफ मद", "उपशीर्ष", "शीर्ष" और "अध्याय" से सीमाशुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 (1975 का 51) की पहली अनुसूची में यथाविनिर्दिष्ट क्रमशः टैरिफ मद, उपशीर्ष, शीर्ष और अध्याय अभिप्रेत होगा।

(2) उक्त सीमाशुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 (1975 का 51) की पहली अनुसूची, जिसके अंतर्गत पहली अनुसूची के अनुभाग और अध्याय टिप्पण तथा साधारण स्पष्टीकारक टिप्पण भी है, के निर्वचन के लिए नियम, जहां तक हो सके, इस अधिसूचना के निर्वचन के लिए लागू होंगे।

2. यह अधिसूचना 25 जून, 2017 से प्रवृा होगी।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को पृष्ठ 3157 से 3158 पर प्रकाशित किया जा चुका है।

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आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 9/2017-राज्य कर

शिमला-2, 30 जून, 2017

संख्याः ई.एक्स.एन-एफ(10)-14/2017-लूज़.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 1 की उपधारा (3) द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए, 1 जुलाई 2017 को उस तारीख के रुप में नियत करते हैं, जिसको उक्त अधिनियम की धारा 6 से धारा 9, धारा 11 से धारा 21, धारा 31 से धारा 41, धारा 42 की उपधारा (9) के परंतुक के सिवाय धारा 42, धारा 43 की उपधारा (9) के परंतुक के सिवाय धारा 43, धारा 44 से धारा 50, धारा 53 से धारा 138, धारा 140 से धारा 145, धारा 147 से धारा 163, धारा 165 से धारा 174 के उपबंध प्रवृा होंगे।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को पृष्ठ 3157 पर प्रकाशित किया जा चुका है।9082 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 13/2017-राज्य कर

शिमला-2, 30 जून, 2017

संख्याः ई.एक्स.एन-एफ(10)-14/2017-लूज़.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 50 की उपधारा (1) और उपधारा (3), धारा 54 की उपधारा (12) और धारा 56 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हए, परिषद की सिफारिशों पर, नीचे सारणी के स्तंभ (2) में यथा विनिर्दिष्ट धाराओं के प्रयोजन के लिए, उक्त सारणी के स्तंभ (3) में तत्स्थानी प्रविष्टि में वर्णित प्रतिवर्ष ब्याज दर नियत करते हैं।

सारणी

क्रम0 सं0 धारा ब्याज दर (प्रतिशत में)
(1) (2) (3)
1. धारा 50 की उपधारा (1) 18
2. धारा 50 की उपधारा (3) 24
3. धारा 54 की उपधारा (12) 6
4. धारा 56 6
5. धारा 56 का परंतुक 9

2. यह अधिसूचना 1 जुलाई, 2017 से प्रवृा होगी।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को पृष्ठ 3244 से 3245 पर प्रकाशित किया जा चुका है।

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उद्योग विभाग (भौमिकीय शाखा)

शिमला-171001

निविदा-एवं-नीलामी सूचना

दिनांक : 23 दिसम्बर, 2017

उद्योग-भू(खनि-4)लघु-469/2000-I-9335-9342.--सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि विभाग द्वारा जिला बिलासपुर में पड़ने वाली 9 लघु खनिज खानों/खडडों से रेत, पत्थर व बजरी उठाने हेतू अधिक पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धा के उद्वेश्य से निविदाएं-एवं-नीलामी (Tender–cum-Auction) की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस प्रक्रिया के प्रथम चरण में उक्त खानों/खडडों की निविदाएं आमन्त्रित की जा रही है, तदोपरान्त द्वितीय चरण में उक्त खानों/खडडों की खूली नीलामी की जायेगी तथा इन दोनों प्रक्रिया में जो भी उच्चतम राशि बोलीदाता/निविदा दाता द्वारा प्रस्तावित की जायेगी उसको खान/खडड्‌ का सफल9083 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 बोलीदाता/निविदा दाता घोषित किया जायेगा। निविदा दाता को यह अधिकार होगा कि वह खुली नीलामी में भी भाग ले सकता है तथा अपनी निविदा में दर्शाई गई राशि से अधिक राशि पर बोली दे सकता है । निविदाएं खनि अधिकारी जिला बिलासपुर हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में आमंत्रित की जा रही है। निविदा दिनांक 28-01-2018 को शाम 4 : 00 बजे तक खनि अधिकारी बिलासपुर जिला बिलासपुर हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में मोहर बन्द लिफाफों में खनि अधिकारी कार्यालय में रखी गई निविदा पेटी में डाली जाएं व उसकी प्रविष्टि (entry) खनि अधिकारी द्वारा कार्यालय रजिस्टर में की जायेगी जिसकी पावती भी खनि अधिकारी द्वारा जारी की जायेगी। उक्त खानों/खडड्‌ों की निविदाएं प्राप्त होने पर दिनांक 29-01-2018 को प्रातः 11.00 बजे उक्त खानों/खडडों की खुली नीलामी किसान भवन, बिलासपुर, जिला बिलासपुर में की जाऐेगी, जिसमें जिन व्यक्तियों ने निविदाएं दी हैं, के साथ-साथ अन्य कोई भी इच्छुक व्यक्ति सम्मिलित हो सकता है। इच्छुक व्यक्ति लघु खनिज खानों/खडडों की जानकारी तथा निविदा व नीलामी की प्रक्रिया व शर्तों के लिए राज्य भू-विज्ञानी, हिमाचल प्रदेश, शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी, बिलासपुर जिला, बिलासपुर के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में आकर सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त निविदा व नीलामी हेतू खानों/खडडों की जानकारी विभागीय web site himachal.nic.in/industry से भी प्राप्त की जा सकती है। नीलामी की प्रक्रिया सम्पन्न होने पर प्राप्त हुई निविदाएं उसी दिन खोली जायेंगी। उपरोक्त दोनों में से उच्चतम बोलीदाता द्वारा दी गई बोली की राशि अथवा उच्चतम निविदा दाता द्वारा दी गई निविदा राशि, जो भी राशि अधिक होगी, उस सम्बन्धित बोलीदाता/निविदा दाता को कुल उच्चतम राशि का 25 प्रतिशत उसी समय जमा करवाना होगा जोकि जमानत ठेके की राशि के रूप में होगी।

कोई भी व्यक्ति जो निविदा देने अथवा नीलामी में भाग लेने का इच्छुक हो, उस व्यक्ति के पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य है :-

1. पैनकार्ड ।

2. खन्‌न सम्बन्धित बकाया न होने का शपथ पत्र।

3. अनुमोदन प्रमाण पत्र (CA) जोकि खनि अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो ।

4. निविदा दाता को उक्त दस्तावेज मुवलिग 50000/- रुपये (पच्चास हजार रुपये) बैंक ड्राफ्ट के रूप में निविदा फार्म पूर्ण रूप में भरे हुये के साथ स्वयं या डाक द्वारा निर्धारित तिथि से पहले खनि अधिकारी कार्यालय, बिलासपुर में धरोहर राशि के लिए बैंक में जमा करवाने होंगे। 5. कोई भी व्यक्ति जो नीलामी देने का इच्छुक हो, उसको उक्त दस्तावेज़ एवं मुवलिग 50,000/-रुपये धरोहर राशि, बैंक ड्राफ्ट के रूप में निर्धारित बोली से पहले सम्बंधित खनि अधिकारी के समक्ष प्रस्तुुत करने होंगे। नीलामी सभागार में निविदा दाता या बोलीदाता प्रवेश करने से पूर्व खनि अधिकारी, बिलासपुर से प्रवेश पत्र प्राप्त करेंगे। एक प्रवेश पत्र पर दो व्यक्तियों को सभागार में जाने की अनुमति होगी।

6. बैंक ड्राफ्ट सम्बंधित खनि अधिकारी, बिलासपुर हिमाचल प्रदेश के नाम देय होगा। बैंक ड्राफ्ट के पीछे बोली दाता/निविदा दाता का नाम, पता व पैन नम्बर लिखा होना चाहिए। असफल बोलीदाता/निविदा दाता को जमा ड्राफ्ट, नीलामी पूर्ण होने के उपरान्त वापिस कर दिया जाएगा।

7. यदि 8 हैक्टेयर क्षेत्र से कम क्षेत्र की बोली देने वाला बोलीदाता हिमाचली है तो उसें हिमाचली Bonafide Certificate प्रस्तुत करना होगा।

8. निविदा राशि अथवा बोली प्रति वर्ष के आधार पर ली जायेगी ।

9. निविदा फार्म पूर्ण रूप से भरा हों व उपरोक्त वर्णित दस्तावेज निविदा फार्म के साथ संलग्न होने चाहिए अन्यथा अधूरे निविदा फार्म स्वीकृत नहीं किए जायेंगे। 9084 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 10. निविदा खोलने के दौरान आवेदक का कमेटी के समक्ष होना अनिवार्य होगा।

11. नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों से भी यह आशा की जाती है कि वह निविदा प्रक्रिया द्वारा ही नीलामी में भाग लें।

आवेदक निविदा के लिए निविदा फार्म राज्य भू विज्ञानी, हिमाचल प्रदेश शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी बिलासपुर के कार्यालय से प्राप्त कर सकता हैं जिसका मुल्य 5,000/- रु0 प्रति फार्म होगा। आवेदक को पूर्ण रूप से भरे हुए निविदा फार्म मोहर बन्द लिफाफे में खनि अधिकारी, बिलासपुर के कार्यालय में उक्त दर्शाई गई तिथि तक प्रस्तुत करना होगा। लिफाफे के ऊपर बडे अक्षरों में निविदा फार्म व आवेदित खान का नाम लिखा होना आवश्यक है व लिफाफे के बांई ओर आवेदक का नाम व पता भी स्पष्ट अक्षरों में लिखा होना चाहिए।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- निदेशक, उद्योग, हिमाचल प्रदेश।

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DETAIL OF THE RIVER QUARRIES PROPOSED FOR TENDER-CUM-AUCTION IN

DISTRICT BILASPUR

Sr. No. Name of the Quarry Mauza & Mohal Name of Mineral Reserve Price (in Rupees)
Khasra No Area (in Hectares)
1 2 3 4 5 6 6
1. Sandyar 2109 16-99-53 Sandyar Sand, Stone & Bajri 1,00,00,000/-
2. Fagog 55(12-13 Bighas) 52(58-19 bighas) 5-38-79 Fagog Sand, Stone & Bajri 36,00,000/-
3. Bhallu 84/2 5-55-35 Bhallu Sand, Stone & Bajri 37,00,000/-
4. Jhareri(I) 100 8-16-83 Jhareri Sand, Stone & Bajri 55,00,000/-
5. Jhareri(II) 76 5-97-49 Jhareri Sand, Stone & Bajri 40,00,000/-
6. Ree 41 (45-02 Bighas) 46 (41- 18 Bighas) 6-54-68 Ree Sand, Stone & Bajri 44,00,000/-
7. Malangan-I 354/339 5-41-43 Malangan Sand, Stone & Bajri 36,00,000/-
8. Malangan- II 299,312 7-87-49 Malangan Sand, Stone & Bajri 53,00,000/-
9. Dehlwin 60 (25-11 Bighas) 246/229 (43-00 Bighas) 5-15-84 Dehlwin Sand, Stone & Bajri 34,00,000/-

नोटः-उक्त सभी खानें वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधानों को आकर्षित करती है तथा Forest Clearance लेना अनिवार्य है।9085 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 निविदा-एवं-नीलामी शर्तें 1. विभाग द्वारा जिला बिलासपुर में खाली पड़ी लघु खनिज की खानोेे को हिमाचल प्रदेश गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 के अन्र्तगत खन्‌न हेतु निविदा व खुली नीलामी द्वारा आबंटित किया जायेगा। खन्‌न हेतु रायल्टी राशि के एवज मेें विभाग द्वारा प्रतिवर्ष के आधार पर निविदा/नीलामी राशि वसूल की जायेगी तथा निविदा/नीलामी उच्चतम निविदा/नीलामी देेने वाले व्यक्ति के पक्ष में प्रदान की जायेगी।

2. निविदा/नीलामी राशि प्रतिवर्ष के आधार पर ली जाएगी तथा राशि उसी दर पर दो वर्ष तक वसूल की जाएगी, उसके उपरान्त ठेके की शेष अवधि के दौरान निविदा/नीलामी राशि के अतिरिक्त उक्त राशि पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत बढौतरी चक्रवृद्धि ब्याज की दर से अतिरिक्त राशि वसूल की जाएगी ।

3. निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति किसी भी जिला में खन्‌न से सम्बंधित देय राशि का बकायादार नहीं होना चाहिए। यदि कोई निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति विभाग के बकायादार होने का दोषी पाया जाता है तो उस व्यक्ति को निविदा/नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जायेगी। यदि कोई बकायादार व्यक्ति कोई खान निविदा/नीलामी पर ले लेता है, जिसका विभाग को बाद में ज्ञान होता है तो उस अवस्था में उस व्यक्ति द्वारा जमा राशि, बकाया राशि में समायोजित कर दी जाएगी तथा खान का ठेका रद्‌द करके खानो की पुनः नीलामी आमंत्रित की जाएगी।

4 सफल निविदा दाता/बोलीदाता एक वर्ष के लिए दी गई बोली राशि की 25 प्रतिशत राशि निविदा/नीलामी खुलने के समय प्रस्तुत करेगा जो कि जमानत राशि होगी। इसके अतिरिक्त निविदा/नीलामी राशि के आधार पर आयकर, पंचायत टैक्स, District Mineral Foundation Fund व अन्य टैक्स/राशि समय-समय पर जो नियमानुसार देय है उच्चतम निविदा दाता/ बोलीदाता को जमा करवाने होेगें। प्रथम वर्ष की निविदा/नीलामी राशि के 25 प्रतिशत के बराबर राशि उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Upfront Premium के रूप में जमा करवानी होगी जो कि देय त्रैमासिक किस्त में समायोजित की जाएगी। यह Upfront Premium राशि उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Letter of Intent जारी किए जाने की तिथी से एक महीने की अवधि के भीतर जमा करवानी होगी अन्यथा जमा करवाई गई जमानत राशि को जब्त करके खान को पुनः नीलाम किया जायेगा।

5. नीलामी के समय दी जाने वाली बोली यदि 10 लाख रुपये की सीमा से बढ़ जाती है तो उस अवस्था में बोलीदाताओं द्वारा अगली बोली 50 हजार रुपये प्रति बोली के आधार पर ही देनी होगी। इसके अतिरिक्त अगर यह सीमा 25 लाख रुपये से वढ़ जाती है तो उस अवस्था में अगली बोली एक लाख रुपये प्रति बोली के हिसाब से देनी होगी।

6. बोली के दौरान यदि कमेटी को यह आभास होता है कि दी जाने वाली बोली पूलिंग (Pooling) आदि की वजह से संदयास्पद है या आशानुरूप कम आ रही है तो उस अवस्था में कमेटी को उक्त किसी खान की नीलामी प्रक्रिया को निलम्बित करने का अधिकार होगा।

7. यदि कोई निविदा दाता/बोलीदाता किसी लघु खनिज खान के खनिज अधिकारों की बोली देता है, परन्तु जमानत राशि निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के समय जमा नहीं करवाता है या निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपरान्त अनुपस्थित हो जाये, उस स्थिति में उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त कर ली जायेगी और भविष्य में कम से कम 5 वर्ष के लिए प्रदेश में किसी भी स्थान पर ऐसा व्यक्ति निविदा/नीलामी में हिस्सा नही ले सकेगा तथा उक्त खानों/खड्‌डों कीे पुनः निविदा/नीलामी आमंत्रित की जायेगी। 9086 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 8. जिन खानों/खड्‌डों के खनिज अधिकारों को निविदा/नीलामी हेतू अधिसूचित किया गया है उनके खसरा नं0 या फिर भोगौेलिक सीमा/स्थाई चिन्हों की जानकारी, इच्छुक व्यक्ति सम्बंधित खनि अधिकारी से प्राप्त कर सकता है तथा सम्बंधित क्षेत्र का निरीक्षण भी कर सकता है। निविदा/नीलामी केवल उसी क्षेत्र की होगी, जो कि अधिसूचना में प्रस्तावित किए गए हैं जिसका पूर्ण विवरण सम्बंधित खनि अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है ।

9. 08 हैक्टेयर तक के क्षेत्र हिमाचल निवासियों के लिए आरक्षित होंगे ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार सुनिश्चित किया जा सके। उक्त लाभ प्राप्त करने के लिए निविदा दाता/बोलीदाता को निविदा/नीलामी से पूर्व खनन्‌ अधिकारी के समक्ष, अपना हिमाचली निवासी होने का प्रमाण पत्र (Bonafide Certificate) जो कि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो प्रस्तुत करना अनिवार्य है। यदि 8 हैक्टर व उससे कम क्षेत्र वाली खडड़ों हेतु कोई भी हिमाचली निविदा दाता/बोलीदाता बोली नहीं देता है तो उस अवस्था में कोई भी गैर हिमाचली उक्त खडडाें़ की बोली दे सकता है।

10. अगर पीठासीन अधिकारी को लगे कि निविदा/नीलामी द्वारा प्राप्त राशि किसी खान की अपेक्षित राशि के अनुरूप कम है तो उस स्थिति में समिति निविदा/नीलामी द्वारा खान को आबंटित न करने के लिए सिफारिश कर सकती है। खानों के न्यूनतम आरक्षित मुल्य खनि अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध है।

11. खनिजों के दोहन हेतू पर्यावरण प्रभाव आंकलन (EIA Clearance) तथा वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत (अगर अनिवार्य हो तो) स्वीकृतियां ठेकेदार/सफल निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा अपने स्तर पर व अपने खर्च व जोखिम पर सक्षम Authority ls Letter of Intent जारी होने की तिथि से दो वर्ष के भीतर प्राप्त करनी हाेंगी। यदि उच्चतम बोलीदाता इस अवधि में Environment clearance या वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो उस स्थिति में उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Environment clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने बारे की गई प्रगति की समीक्षा करने के उपरान्त Letter of Intent की अवधि को आगामी एक वर्ष तक समय बढ़ौतरी बारे निदेशक उद्योग द्वारा निर्णय लिया जायेगा तथा इस बढ़ाये हुए एक वर्ष की अवधि तक भी अगर उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता यह स्वीकृतियां प्राप्त नहीं करता हैं तो Letter of Intent की अवधि के आगामी समय बढ़ौतरी बारे केवल सरकार द्वारा ही निर्णय लिया जायेगा । तदोपरांत यदि सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता Environment clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो उस अवस्था में Letter of Intent रद्‌द करके उसके द्वारा दी गई जमानत राशि व अन्य जमा करवाई गई राशियां जब्त कर ली जायेगी। EIA प्राप्त करने के उपरान्त ही सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को जिस क्षेत्र के लिए उसने निविदा/नीलामी दी थी उस क्षेत्रा में खनन कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। Environment clearance व वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्र्तगत की गई प्रगति के बारे में ठेकेदार समय-समय पर विभाग को अवगत्‌ करवायेगा।

12. रेत, पत्थर व बजरी आदि की लघु खनिज खानों की अधिकतम अवधि 10 वर्ष सरकारी भूमि के लिए व वन विभाग से सम्बन्धित 15 वर्ष होगी तथा उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को खान में कार्य करने से पूर्व अपने स्तर पर पर्यावरण एवं वन मन्त्रालय भारत सरकार से खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आंकलन स्वीकृति (EIA Clearance) व वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति (अगर अनिवार्य हो तो) व Registered Qualfied Person से Mining Plan बनवाना अनिवार्य है। उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता के पक्ष में सक्षम अधिकारी द्वारा सरकार से स्वीकृति के पश्चात्‌ निविदा/नीलामी खुलने के एक महीने के उपरान्त Letter of Intent जारी किया जाएगा ताकि उच्चतम बोलीदाता खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आंकलन स्वीकृति सक्षम Authority से तय सीमा जो कि 2 वर्ष की है के भीतर प्राप्त कर सकें। Letter of Intent में दर्शाई गई शर्तो की अनुपालना के उपरान्त उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता के पक्ष में नियमानुसार स्वीकृति आदेश जारी किए जाएंगे ताकि शर्तनामा निष्पादन किया जा सके।9087 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 शर्तनामा निष्पादन करने से पूर्व सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने पर सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा सम्बन्धित कर आदि के रूप में राशि खनि अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य होगा व शेष वर्षों में भी 25 प्रतिशत त्रैमासिक किश्त के आधार पर बकाया राशि समय समय पर खनि अधिकारी के कार्यालय में शर्त न0-2 के अनुसार अग्रिम रूप से जमा करवानी होगी।

13. निविदा/नीलामी केवल उसी अवस्था में स्वीकार होगी, यदि निविदा/नीलामी किसी सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित की गई हो।

14. शर्तनामा निष्पादन करने के उपरान्त उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता, निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र से पांच वर्ष के लिए अनुमोदित Mining Plan के अनुरूप कार्य करेगा। Mining Plan में आंकलित खनिज से अधिक मात्रा में खनिज निकालने पर ठेका रद्‌द किया जा सकता है। पांच वर्ष पूर्ण होने के उपरान्त ठेकेदार को Mining Plan फिर से अनुमोदित करवाना होगा जिसके लिए वह नियमानुसार Mining Plan की अवधि के समाप्त होने से कम से कम 120 दिन पूर्व नवीकरण के लिए आवेदन करेगा।

15. नीलामी कमेटी को अधिकार है कि वे नीलामी के समय किन्हीं विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग से शर्तें लगा सकते हैं जो कि सभी इच्छुक व्यक्ति को मान्य होगी। इसके अतिरिक्त खनन सम्बन्धी जो दिशा निर्देश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जायेंगे वे भी सभी को मान्य होंगे। नीलामी कमेटी को यह अधिकार है कि वह किसी भी निविदा/नीलामी क्षेत्रा को बिना कारण बताए अस्वीकार कर सकती है। निविदा/नीलामी के दौरान यदि कोई बोलीदाता दुव्र्यवहार करता है तो पीठासीन अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त करते हुये उसे निविदा/नीलामी में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर सकता है तथा इस बारे में पीठासीन अधिकारी द्वारा विस्तृत रिपोर्ट सरकार को प्रेषित की जायेगी।

16. निविदा/नीलामी पर लिए गये क्षेत्र से उठाए गये खनिज को किसी स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग करने हेतू अनुमति नहीं होगी परन्तु यदि कोई निविदा दाता/बोलीदाता, निविदा/ नीलामी पर लिऐ गये खनिजों को अपने पहले से ही स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग में लाना चाहता है या नया स्टोन क्रशर स्थापित करना चाहता है तो उक्त क्रशर स्थल की दूरी निविदा/ नीलामी में लिए गये क्षेत्र से नियमों के अन्र्तगत दशाई गई दूरी के अनुसार होनी चाहिए परन्तु इस स्थिति में उसे बोलडर की खुली बिक्री करने की अनुमति नही होगी नया स्टोन क्रशर लगाने हेतु सरकार द्वारा जारी किए गये नियमों/अधिसूचनाओं के अन्तर्गत अनुमति प्राप्त करनी अनिवार्य होगी। इसके अतिरिक्त किसी खान के लिए यदि निविदा दाता/बोलीदाता एक से अधिक व्यक्ति हाें तो उस स्थिति में उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को नीलामी क्षेत्र से उठाऐ गए खनिजो को अपने पक्ष में पहले से स्थापित केवल एक ही स्टोन क्रशर में प्रयोग करने की अनुमति होगी। लेकिन यदि निविदा-एवं-नीलामी पर दिए जाने वाली लघु खनिज खान का क्षेत्र 2 हैक्टर से कम हो तो ऐसी अवस्था में उक्त खान (2 हैक्टर से कम क्षेत्र) के आधार पर, नया स्टोन क्रशर स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी।

17. जनहित में यदि आवश्यक हो तो किसी भी निविदा/नीलामी में ली गई खान के भाग को कम किया जा सकता है या खान को पूर्ण रूप से भी बन्द किया जा सकता है। क्षेत्र कम करने की अवस्था में ठेका राशि भी उसी अनुपात में कम की जाएगी।

18. खन्‌न हेतू मशीन उपकरण Mechanical/Hydraulic Excavator/जैसे जे0सीबी0 इत्यादि के प्रयोग की स्वीकृति हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों के अन्तर्गत व एवंम Environment Clearance में दर्शाई गई शर्ताे के अनुरूप ही दी जाएगी तथा सक्षम अधिकारी से स्थल निरीक्षण के उपरान्त इस बारे स्वीकृति लेना आवश्यक है। 9088 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 19. खान/नदी/खड्‌ड में पहुंचने के लिए मार्ग बनाने व प्रयोग करने हेतू ठेकेदार सम्बन्धित पक्षों/ विभागों से अनुमति अपने स्तर पर प्राप्त करेगा। खान तक पहुंचने के मार्ग के लिए विभाग की कोई जिम्मेवारी नहीं होगी।

20. नीलामी के लिए प्रस्तावित क्षेत्र में यदि कोई निजि भूमि पड़ती है या किसी अन्य व्याक्ति/ व्यक्तियों के भू-स्वामित्व अधिकार हों तो इस अवस्था में ठेकेदार सम्बधित भू-स्वामियों से अपने स्तर पर अनुमति प्राप्त करेगा व इस सम्बन्ध में विभाग की कोई जिम्मेवारी नही होगी। 21. बोल्डर व हाथ से तोड़ी गई रोड़ी को राज्य की सीमा से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। 22. अवैध खनन को रोकने हेतु लघु खनिजों का परिवहन रात आठ बजे से प्रातः छः बजे तक प्रतिबन्धित रहेगा।

23. ठेका धारी को सुनिश्चित करना होगा कि उसके द्वारा लगाए गये मज़दूर, नदी/खड्‌ड में मछलियों का शिकार न करें।

24. खन्‌न कार्य नदी के धरातल से एक मीटर से अधिक गहराई में नहीं किया जाएगा। 25. खनिजो़ के एकत्रीकरण से भू स्वामित्वों के निहित अधिकारों में कोई भी हस्ताक्षेप नहीं होना चाहिए।

26. यदि वर्णित शर्तों की अवहेलना होती है या साथ लगते वन क्षेत्र को किसी भी प्रकार की क्षति विभाग के ध्यान में लाई जाती है, तो इस बारे नियमानुसार कार्यवाही अम्ल में लाई जायेगी। 27. ठेकेदार ठेकेे पर स्वीकृत क्षेत्र से निकाले गये खनिजो़ की मात्रा का मासिक व्यौरा विभाग को देगा।

28. खन्‌न कार्य हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों, सरकार द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश खनिज नीति, पर्यावरण प्रभाव आकलन/वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति की शर्तों के अनुसार, विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों, माननीय न्यायालयों के आदेशों के अनुरूप किया जाएगा। उपरोक्त नियमों/ अधिसूचना/आदेशों की प्रति, खनि अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। 29. ठेके की स्वीकृति व खनन कार्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित SLP (C) No. 13393/2008 जो कि माननीय उच्च न्यायालय में हिमाचल प्रदेश द्वारा याचिका संख्या CWP No. 1077/2006 खतरी राम अन्य के मामले में पारित निर्णय के विरूद्ध दायर की गई है के अन्तिम निर्णय के अनुरूप ही मान्य होगा। इसके अतिरिक्त किसी अन्य न्यायालय द्वारा समय- समय पर इस बारे पारित आदेश भी मान्य होंगे।

30. ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र की आड़ में यदि कहीं अवैध खनन में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जायगी। यदि ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी या वाहन अगर बार-बार अवैध खनन व बिना "W" फार्म से ढुलान में सम्मिलित पाया जाता है तो सरकार उसका ठेका रद्‌द भी कर सकती है।

31. ठेका धारी सरकार को तृतीय पक्ष की क्षति पूर्ति के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराएगा अतः वह स्वयं जिम्मेदार होगा ।9089 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 32. सरकार को अधिकार है कि वे उच्चत्‌म बोली को बिना किसी कारण बताये अस्वीकार कर सकती है।

33. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद संख्या 1-32 में दर्शायी गई शर्तों, के अतिरिक्त अन्य शर्तो ठेका शर्तनामा निष्पादन के दौरान लगा सकती है।

34. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद संख्या 1-33 में दर्शायी गई शर्तों, तथ्यों व नियमों की अवहेलना की अवस्था में ठेका रदद्‌ भी किया जा सकता है तथा इस स्थिति में ठेकेदार द्वारा जमा राशि, जमानत राशि, Upfront Premium व त्रैमासिक किस्त जब्त कर ली जाएगी।

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उद्योग विभाग (भौमिकीय शाखा)

शिमला-171001

निविदा-एवं-नीलामी सूचना

दिनांक : 23 दिसम्बर, 2017

उद्योग-भू(खनि-4)लघु-515/98-9343-9351.--सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि विभाग द्वारा जिला मण्डी में पड़ने वाली 26 लघु खनिज खानों/खडडों से रेत, पत्थर व बजरी उठाने हेतू अधिक पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धा के उद्धेश्य से निविदाएं-एवं-नीलामी (Tender–cum-Auction) की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस प्रक्रिया के प्रथम चरण में उक्त खानों/खडडों की निविदाएं आमन्त्रित की जा रही है, तदोपरान्त द्वितीय चरण में उक्त खानों/खडडों की खुली नीलामी की जायेगी तथा इन दोनों प्रक्रिया में जो भी उच्चतम राशि बोलीदाता/निविदा दाता द्वारा प्रस्तावित की जायेगी उसको खान/खडड्‌ का सफल बोलीदाता/निविदा दाता घोषित किया जायेगा। निविदा दाता को यह अधिकार होगा कि वह खुली नीलामी में भी भाग ले सकता है तथा अपनी निविदा में दर्शाई गई राशि से अधिक राशि पर बोली दे सकता है। निविदाएं खनि अधिकारी मण्डी जिला मण्डी हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में आमंत्रित की जा रही है। निविदा दिनांक 29-01-2018 को शाम 4.00 बजे तक खनि अधिकारी मण्डी जिला मण्डी हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में मोहर बन्द लिफाफों में खनि अधिकारी कार्यालय में रखी गई निविदा पेटी में डाली जाएं व उसकी प्रविष्टि (Entry) खनि अधिकारी द्वारा कार्यालय रजिस्टर में की जायेगी जिसकी पावती भी खनि अधिकारी द्वारा जारी की जायेगी। उक्त खानों/खडड्‌ों की निविदाएं प्राप्त होने पर दिनांक 30-01-2018 को प्रातः 10.00 बजे उक्त खानों/खडडों की खुली नीलामी कमेटी द्वारा जिला रेशम अधिकारी, मण्डी जिला मण्डी हिमाचल प्रदेश के सभा भवन में की जाएगी। जिसमें जिन व्यक्तियों ने निविदाएं दी हैं, के साथ-साथ अन्य कोई भी इच्छुक व्यक्ति सम्मिलित हो सकता है। इच्छुक व्यक्ति लघु खनिज खानों/खडडों की जानकारी तथा निविदा व नीलामी की प्रक्रिया व शर्तों के लिए राज्य भू-विज्ञानी, हिमाचल प्रदेश, शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी, मण्डी जिला मण्डी के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में आकर सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त निविदा व नीलामी हेतू खानों/खडडों की जानकारी विभागीय web site himachal.nic.in/industry से भी प्राप्त की जा सकती है। नीलामी की प्रक्रिया सम्पन्न होने पर प्राप्त हुई निविदाएं उसी दिन खोली जायेंगी। उपरोक्त दोनों में से उच्चतम बोलीदाता द्वारा दी गई बोली की राशि अथवा उच्चतम निविदा दाता द्वारा दी गई निविदा राशि, जो भी राशि अधिक होगी, उस सम्बन्धित बोलीदाता/निविदा दाता को कुल उच्चतम राशि का 25 प्रतिशत उसी समय जमा करवाना होगा जोकि जमानत ठेके की राशि के रूप में होगी।

कोई भी व्यक्ति जो निविदा देने अथवा नीलामी में भाग लेने का इच्छुक हो, उस व्यक्ति के पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य है :-

9090 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 1. पैनकार्ड ।

2. खन्‌न सम्बन्धित बकाया न होने का शपथ पत्र।

3. अनुमोदन प्रमाण पत्र (CA) जोकि खनि अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो।

4. निविदा दाता को उक्त दस्तावेज मुवलिग 50000/- रुपये (पच्चास हजार रुपये) बैंक ड्राफ्ट के रूप में निविदा फार्म पूर्ण रूप में भरे हुये के साथ स्वयं या डाक द्वारा निर्धारित तिथि से पहले खनि अधिकारी कार्यालय मण्डी में धरोहर राशि के लिए बैंक में जमा करवाने होंगे। 5. कोई भी व्यक्ति जो नीलामी देने का इच्छुक हो, उसको उक्त दस्तावेज़ एवं मुवलिग 50,000/-रुपये धरोहर राशि, बैंक ड्राफ्ट के रूप में निर्धारित बोली से पहले सम्बंधित खनि अधिकारी के समक्ष प्रस्तुुत करने होंगे। नीलामी सभागार में निविदा दाता या बोलीदाता प्रवेश करने से पूर्व खनि अधिकारी, मण्डी से प्रवेश पत्र प्राप्त करेंगे। एक प्रवेश पत्र पर दो व्यक्तियों को सभागार में जाने की अनुमति होगी।

6. बैंक ड्राफ्ट सम्बंधित खनि अधिकारी, मण्डी हिमाचल प्रदेश के नाम देय होगा। बैंक ड्राफ्ट के पीछे बोली दाता/निविदा दाता का नाम, पता व पैन नम्बर लिखा होना चाहिए। असफल बोलीदाता/निविदा दाता को जमा ड्राफ्ट, नीलामी पूर्ण होने के उपरान्त वापिस कर दिया जाएगा।

7. यदि 8 हैक्टेयर क्षेत्र से कम क्षेत्र की बोली देने वाला बोलीदाता हिमाचली है तो उसे हिमाचली (Bonafide Certificate) प्रस्तुत करना होगा।

8. निविदा राशि अथवा बोली प्रति वर्ष के आधार पर ली जायेगी।

9. निविदा फार्म पूर्ण रूप से भरा हों व उपरोक्त वर्णित दस्तावेज निविदा फार्म के साथ संलग्न होने चाहिए अन्यथा अधूरे निविदा फार्म स्वीकृत नहीं किए जायेंगे।

10. निविदा खोलने के दौरान आवेदक/प्रतिनिधि का कमेटी के समक्ष होना अनिवार्य होगा। 11. नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों से भी यह आशा की जाती है कि वह निविदा प्रक्रिया द्वारा ही नीलामी में भाग लें।

आवेदक निविदा के लिए निविदा फार्म राज्य भू विज्ञानी, हिमाचल प्रदेश शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी मण्डी के कार्यालय से प्राप्त कर सकता हैं जिसका मुल्य 5,000/- रु0 प्रति फार्म होगा। आवेदक को पूर्ण रूप से भरे हुए निविदा फार्म मोहर बन्द लिफाफे में खनि अधिकारी, मण्डी के कार्यालय में उक्त दर्शाई गई तिथि तक प्रस्तुत करना होगा। लिफाफे के ऊपर बडे अक्षरों में निविदा फार्म व आवेदित खान का नाम लिखा होना आवश्यक है व लिफाफे के बांई ओर आवेदक का नाम व पता भी स्पष्ट अक्षरों में लिखा होना चाहिए।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- निदेशक, उद्योग, हिमाचल प्रदेश।9091 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 (अनुलंग्नक-'क')

DETAIL OF QUARRIES OF DISTRICT MANDI PROPOSED FOR TENDER-CUM-

AUCTION

Sr. No. Name of the Quarry Khasra No. Area Mauza/ Mohal Name of Mineral Reserve Price (Amount in Rs.)
1 2 3 4 5 6 7
DHARAMPUR SUB DIVISION
1. Son Khad Part-I 1235 0-87-95 Hect Kalswai Sand, Stone & Bajri 1,00,000/-
2. Son Khad Part-II 1333 0-79-84 Hect. Kalswai Sand, Stone & Bajri 1,00,000/
3. Son Khad Part-III 1334/1 1-76-74 Hect. Kalswai Sand, Stone & Bajri 2,00,000/-
4. Son Khad Part-IV 1334/2 1-96-49 Hect. Kalswai Sand, Stone & Bajri 2,00,000/-
5. Son Khad Part-V 1727 0-53-22 Hect. Kalswai Sand, Stone & Bajri 55000/-
6. Son Khad Part-VI 02/1 01-96-07 Hect. Sarshkan Sand, Stone & Bajri 2,00,000/-
7. Son Khad Part-VII 02/2 01-54-52 Hect. Sarshkan Sand, Stone & Bajri 155000/-
8. Sakren Khad Part-I 767 02-90-67 Dhatti Sand, Stone & Bajri 300000/-
BALH SUB DIVISION
1. Kansa (Suketi 7/1 24-14-06 Bighas Tawan Sand, Stone & Bajri 2,00,000/-
2. Kansa (Suketi 7/2 26-14-14 Bighas Tawan Sand, Stone & Bajri 2,00,000/-
3. Kansa (Suketi 60 19-04-16 Bighas Tawan Sand, Stone & Bajri 1,50,000/-
4. Kansa (Suketi 04 30-19-02 Bighas Tawan Sand, Stone & Bajri 2,50,000/-
5. Suketi Khad- I 51/1 28-00-13 Bighas Chhatru Sand, Stone & Bajri 2,25,000/-
6. Suketi Khad- II 51/2 08-13-12 Bighas Chhatru Sand, Stone & Bajri 1,00,000/-
7. Suketi Khad- III 679/1 27-01-17 Bighas Chhatru Sand, Stone & Bajri 2,25,000/-
8. Suketi Khad- IV 679/2 34-08-12 Bighas Chhatru Sand, Stone & Bajri 3,00,000/-
9. Suketi Khad- V 997/1 18-03-03 Bighas Chhatru Sand, Stone & Bajri 1,50,000/-
10. Suketi Khad- VI 997/2 14-16-19 Bighas Chhatru Sand, Stone & Bajri 1,25,000/-
11. Suketi Khad- VII 986/317/1 26-09-16 Bighas Daundhi Sand, Stone & Bajri 2,00,000/-
AUT SUB DIVISION
1. Beas River Part-I 804/1 11-14-12 Bighas Takoli Sand, Stone & Bajri 2,20,000/-
2. Beas River Part-II 1821/1166/ 1 06-10-16 Bighas Kota Dhar Sand, Stone & Bajri 1,50,000/-
3. Beas River Part-III 1821/1166/ 2 14-01-16 Bighas Kota Dhar Sand, Stone & Bajri 3,00,000/-
4. Beas River Part-IV 332/1 07-19-04 Bighas Khamradh a Sand, Stone & Bajri 1,75,000/-
5. Beas River Part-V 302/1 05-06-16 Bighas Kiges Sand, Stone & Bajri 1,00,000/-
6. Beas River Part-VI 607/578/1 09-01-00 Bighas Shara Sand, Stone & Bajri 2,00,000/-
7. Beas River Part-VII 386/1 05-17-08 Bighas Thalout Sand, Stone & Bajri 1,00,000/-

नोटः-उक्त सभी खानें वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधानों को अकर्षित करती है तथा Forest Clearance लेना अनिवार्य है।

निविदा-एवं-नीलामी शर्ते

1. विभाग द्वारा जिला मण्डी में खाली पड़ी लघु खनिज की खानोेे को हिमाचल प्रदेश गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 के अन्तर्गत खन्‌न हेतु निविदा व खुली नीलामी द्वारा आबंटित किया जायेगा। खन्‌न हेतु रायल्टी राशि के एवज मेें विभाग द्वारा प्रतिवर्ष के आधार पर निविदा/नीलामी राशि वसूल की जायेगी तथा निविदा/नीलामी उच्चतम निविदा/नीलामी देेने वाले व्यक्ति के पक्ष में प्रदान की जायेगी। 2. निविदा/नीलामी राशि प्रतिवर्ष के आधार पर ली जाएगी तथा राशि उसी दर पर दो वर्ष तक वसूल की जाएगी, उसके उपरान्त ठेके की शेष अवधि के दौरान निविदा/नीलामी राशि के अतिरिक्त उक्त राशि पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत बढौतरी चक्रवृद्धि ब्याज की दर से अतिरिक्त राशि वसूल की जाएगी ।

3. निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति किसी भी जिला में खन्‌न से सम्बंधित देय राशि का बकायादार नहीं होना चाहिए। यदि कोई निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति विभाग के बकायादार होने का दोषी पाया जाता है तो उस व्यक्ति को निविदा/नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जायेगी। यदि कोई बकायादार व्यक्ति कोई खान निविदा/नीलामी पर ले लेता है, जिसका विभाग को बाद में ज्ञान होता है तो उस अवस्था में उस व्यक्ति द्वारा जमा राशि, बकाया राशि में समायोजित कर दी जाएगी तथा खान का ठेका रद्‌द करके खानों की पुनः नीलामी आमंत्रित की जाएगी ।

4. सफल निविदा दाता/बोलीदाता एक वर्ष के लिए दी गई बोली राशि की 25 प्रतिशत राशि निविदा/नीलामी खुलने के समय प्रस्तुत करेगा जो कि जमानत राशि होगी। इसके अतिरिक्त निविदा/नीलामी राशि के आधार पर आयकर, पंचायत टैक्स, District Mineral Foundation Trust Fund व अन्य टैक्स/राशि समय-समय पर जो नियमानुसार देय है उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को जमा करवाने होेगें। प्रथम वर्ष की निविदा/नीलामी राशि के 25 प्रतिशत के बराबर राशि उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Upfront Premium के रूप में जमा करवानी होगी जो कि देय त्रैमासिक किस्त में समायोजित की जाएगी। यह Upfront Premium राशि उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Letter of Intent जारी किए जाने की तिथि से एक महीने की अवधि के भीतर जमा करवानी होगी अन्यथा जमा करवाई गई जमानत राशि को जब्त करके खान को पुनः नीलाम किया जायेगा।9093 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 5. नीलामी के समय दी जाने वाली बोली यदि 10 लाख रुपये की सीमा से बढ़ जाती है तो उस अवस्था में बोलीदाताओं द्वारा अगली बोली 50 हजार रुपये प्रति बोली के आधार पर ही देनी होगी। इसके अतिरिक्त अगर यह सीमा 25 लाख रुपये से बढ़ जाती है तो उस अवस्था में अगली बोली एक लाख रुपये प्रति बोली के हिसाव से देनी होगी।

6. बोली के दौरान यदि कमेटी को यह आभास होता है कि दी जाने वाली बोली पूलिंग (Pooling) आदि की वजह से संदेहास्पद है या आशानुरूप कम आ रही है तो उस अवस्था में कमेटी को उक्त किसी खान की नीलामी प्रक्रिया को निलम्बित करने का अधिकार होगा।

7. यदि कोई निविदा दाता/बोलीदाता किसी लघु खनिज खान के खनिज अधिकारों की बोली देता है, परन्तु जमानत राशि निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के समय जमा नहीं करवाता है या निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपरान्त अनुपस्थित हो जाये, उस स्थिति में उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त कर ली जायेगी और भविष्य में कम से कम 5 वर्ष के लिए प्रदेश में किसी भी स्थान पर ऐसा व्यक्ति निविदा/नीलामी में हिस्सा नही ले सकेगा तथा उक्त खानों/खड्‌डों कीे पुनः निविदा/नीलामी आमंत्रित की जायेगी।

8. जिन खानों/खड्‌डों के खनिज अधिकारों को निविदा/नीलामी हेतू अधिसूचित किया गया है उनके खसरा नं0/राजस्व रिकार्ड या फिर भोगौलिक सीमा/स्थाई चिन्हों की जानकारी, इच्छुक व्यक्ति सम्बंधित खनि अधिकारी से प्राप्त कर सकता है व क्षेत्र का निरीक्षण भी अपने स्तर पर कर सकता है, ताकि क्षेत्र के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें। निविदा/नीलामी केवल उसी क्षेत्र की होगी, जो कि अधिसूचना में प्रस्तावित किए गए हैं जिसका पूर्ण विवरण सम्बंधित खनि अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इस बारे में, बाद में कोई भी आपत्ति स्वीकार्य नहीं होगी।

9. 08 हैक्टेयर तक के क्षेत्र हिमाचल निवासियों के लिए आरक्षित होंगे ताकि स्थानीय लोगांें को रोजगार सुनिश्चित किया जा सके। उक्त लाभ प्राप्त करने के लिए निविदा दाता/बोलीदाता को निविदा/नीलामी से पूर्व खनन्‌ अधिकारी के समक्ष, अपना हिमाचली निवासी होने का प्रमाण पत्र (Bonafide Certificate) जो कि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो प्रस्तुत करना अनिवार्य है। यदि 8 हैक्टर व उससे कम क्षेत्र वाली खडड़ों हेतु कोई भी हिमाचली निविदा दाता/बोलीदाता बोली नहीं देता है तो उस अवस्था में कोई भी गैर हिमाचली उक्त खडड़ों की बोली दे सकता है।

10. अगर पीठासीन अधिकारी को लगे कि निविदा/नीलामी द्वारा प्राप्त राशि किसी खान की अपेक्षित राशि के अनुरूप कम है तो उस स्थिति में समिति निविदा/नीलामी द्वारा खान को आबंटित न करने के लिए सिफारिश कर सकती है। खानों के न्यूनतम आरक्षित मुल्य खनि अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध है।

11. खनिजों के दोहन हेतू पर्यावरण प्रभाव आंकलन (EIA Clearance) तथा वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत (अगर अनिवार्य हो तो) स्वीकृतियां ठेकेदार/सफल निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा अपने स्तर पर व अपने खर्च व जोखिम पर सक्षम Authority से Letter of Intent जारी होने की तिथि से दो वर्ष के भीतर प्राप्त करनी हाेंगी। यदि उच्चतम बोलीदाता इस अवधि में Environment Clearance या वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो उस स्थिति में उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Environment clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने बारे की गई प्रगति की समीक्षा करने के उपरान्त Letter of Intent की अवधि को आगामी एक वर्ष तक समय बढ़ौतरी बारे निदेशक उद्योग द्वारा निर्णय लिया जायेगा तथा इस बढ़ाये हुए एक वर्ष की अवधि तक भी अगर उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता यह स्वीकृतियां प्राप्त नहीं करता हैं तो Letter of Intent की अवधि के आगामी समय बढ़ौतरी बारे केवल सरकार द्वारा ही निर्णय लिया जायेगा। तदोपरांत यदि सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता Environment Clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने में असमर्थ9094 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 रहता है तो उस अवस्था में Letter of Intent रद्‌द करके उसके द्वारा दी गई जमानत राशि व अन्य जमा करवाई गई राशियां जब्त कर ली जायेगी। EIA प्राप्त करने के उपरान्त ही सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को जिस क्षेत्र के लिए उसने निविदा/नीलामी दी थी उस क्षेत्र में खनन कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। Environment Clearance व वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत की गई प्रगति के बारे में ठेकेदार समय-समय पर विभाग को अवगत्‌ करवायेगा।

12. रेत, पत्थर व बजरी आदि की लघु खनिज खानों की अधिकतम अवधि 10 वर्ष सरकारी भूमि के लिए व वन विभाग से सम्बन्धित 15 वर्ष होगी तथा उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को खान में कार्य करने से पूर्व अपने स्तर पर पर्यावरण एवं वन मन्त्रालय भारत सरकार से खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आंकलन स्वीकृति (EIA Clearance) व वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति (अगर अनिवार्य हो तो) व Registered Qualfied Person से Mining Plan बनवाना अनिवार्य है। उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता के पक्ष में सक्षम अधिकारी द्वारा सरकार से स्वीकृति के पश््‌चात निविदा/नीलामी खुलने के एक महीने के उपरान्त Letter of Intent जारी किया जाएगा ताकि उच्चतम बोलीदाता खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आंकलन स्वीकृति सक्षम Authority से तय सीमा जो कि 2 वर्ष की है के भीतर प्राप्त कर सकें। Letter of Intent में दर्शाई गई शर्तो की अनुपालना के उपरान्त उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता के पक्ष में नियमानुसार स्वीकृति आदेश जारी किए जाएंगे ताकि शर्तनामा निष्पादन किया जा सके। शर्तनामा निष्पादन करने से पूर्व सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने पर सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा सम्बन्धित कर आदि के रूप में राशि खनि अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य होगा व शेष वर्षों में भी 25 प्रतिशत त्रैमासिक किश्त के आधार पर बकाया राशि समय समय पर खनि अधिकारी के कार्यालय में शर्त न0-2 के अनुसार अग्रिम रूप से जमा करवानी होगी।

13. निविदा/नीलामी केवल उसी अवस्था में स्वीकार होगी, यदि निविदा/नीलामी किसी सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित की गई हो।

14. शर्तनामा निष्पादन करने के उपरान्त उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता, निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र से प्रत्येक पांच वर्ष के लिए अनुमोदित Mining Plan के अनुरूप कार्य करेगा। Mining Plan में आंकलित खनिज से अधिक मात्रा में खनिज निकालने पर ठेका रद्‌द किया जा सकता है। पांच वर्ष पूर्ण होने के उपरान्त ठेकेदार को Mining Plan फिर से अनुमोदित करवाना होगा जिसके लिए वह नियमानुसार Mining Plan की अवधि के समाप्त होने से कम से कम 120 दिन पूर्व नवीकरण के लिए आवेदन करेगा।

15. नीलामी कमेटी को अधिकार है कि वे नीलामी के समय किन्हीं विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग से शर्तें लगा सकते हैं जो कि सभी इच्छुक व्यक्ति को मान्य होगी। इसके अतिरिक्त खनन सम्बन्धी जो दिशा निर्देश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जायेंगे वे भी सभी को मान्य होंगे। नीलामी कमेटी को यह अधिकार है कि वह किसी भी निविदा/नीलामी क्षेत्र को बिना कारण बताए अस्वीकार कर सकती है। निविदा/नीलामी के दौरान यदि कोई बोलीदाता दुव्र्यवहार करता है तो पीठासीन अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त करते हुये उसे निविदा/नीलामी में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर सकता है तथा इस बारे में पीठासीन अधिकारी द्वारा विस्तृत रिपोर्ट सरकार को प्रेषित की जायेगी।

16. निविदा/नीलामी पर लिए गये क्षेत्र से उठाए गये खनिज को किसी स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग करने हेतू अनुमति नहीं होगी परन्तु यदि कोई निविदा दाता/बोलीदाता, निविदा/ नीलामी पर लिऐ गये खनिजों को अपने पहले से ही स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग में लाना चाहता है या नया स्टोन क्रशर स्थापित करना चाहता है तो उक्त क्रशर स्थल की दूरी निविदा/ नीलामी में लिए गये क्षेत्र से नियमों के अन्तर्गत दर्शाई गई दूरी के अनुसार होनी चाहिए परन्तु9095 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 इस स्थिति में उसे बोल्डर की खुली ब्रिकी करने की अनुमति नहीं होगी। नया स्टोन क्रशर लगाने हेतु सरकार द्वारा जारी किए गये नियमों/अधिसूचनाओं के अन्र्तगत अनुमति प्राप्त करनी अनिवार्य होगी। इसके अतिरिक्त किसी खान के लिए यदि निविदा दाता/बोलीदाता एक से अधिक व्यक्ति हाें तो उस स्थिति में उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को नीलामी क्षेत्र से उठाऐ गए खनिजाें को अपने पक्ष में पहले से स्थापित केवल एक ही स्टोन क्रशर में प्रयोग करने की अनुमति होगी। लेकिन यदि निविदा-एवं-नीलामी पर दिए जाने वाली लघु खनिज खान का क्षेत्र 2 हेक्टर से कम हो तो ऐसी अवस्था में उक्त खान (2 Hects. से कम क्षेत्र) के आधार पर, नया स्टोन क्रशर स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी।

17. जनहित में यदि आवश्यक हो तो किसी भी निविदा/नीलामी में ली गई खान के भाग को कम किया जा सकता है या खान को पूर्ण रूप से भी बन्द किया जा सकता है। क्षेत्र कम करने की अवस्था में ठेका राशि भी उसी अनुपात में कम की जाएगी।

18. खन्‌न हेतू मशीन उपकरण Mechanical/Hydraulic Excavator/जैसे जे0सीबी0 इत्यादि के प्रयोग की स्वीकृति हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों के अन्तर्गत व एवंम Environment Clearance में दर्शाई गई शर्ताे के अनुरूप ही दी जाएगी तथा सक्षम अधिकारी से स्थल निरीक्षण के उपरान्त इस बारे स्वीकृति लेना आवश्यक है। 19. खान/नदी/खड्‌ड में पहुंचने के लिए मार्ग बनाने व प्रयोग करने हेतू ठेकेदार सम्बन्धित पक्षों/ विभागों से अनुमति अपने स्तर पर प्राप्त करेगा। खान तक पहुंचने के मार्ग के लिए विभाग की कोई जिम्मेवारी नहीं होगी।

20. नीलामी के लिए प्रस्तावित क्षेत्र में यदि कोई निजि भूमि पड़ती है या किसी अन्य व्याक्ति/ व्यक्तियों के भू-स्वामित्व अधिकार हों तो इस अवस्था में ठेकेदार सम्बधित भू-स्वामियों से अपने स्तर पर अनुमति प्राप्त करेगा व इस सम्बन्ध में विभाग की कोई जिम्मेवारी नही होगी। 21. बोल्डर व हाथ से तोड़ी गई रोड़ी को राज्य की सीमा से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। 22. अवैध खनन को रोकने हेतु लघु खनिजों का परिवहन रात आठ बजे से प्रातः छः बजे तक प्रतिबन्धित रहेगा।

23. ठेका धारी को सुनिश्चित करना होगा कि उसके द्वारा लगाए गये मज़दूर, नदी/खड्‌ड में मछलियों का शिकार न करें।

24. खन्‌न कार्य नदी के धरातल से एक मीटर से अधिक गहराई में नहीं किया जाएगा। 25. खनिजो़ के एकत्रीकरण से भू स्वामित्वों के निहित अधिकारों में कोई भी हस्ताक्षेप नहीं होना चाहिए।

26. यदि वर्णित शर्तों की अवहेलना होती है या साथ लगते वन क्षेत्र को किसी भी प्रकार की क्षति विभाग के ध्यान में लाई जाती है, तो इस बारे नियमानुसार कार्यवाही अम्ल में लाई जायेगी। 27. ठेकेदार ठेकेे पर स्वीकृत क्षेत्र से निकाले गये खनिजो़ं की मात्रा का मासिक व्यौरा विभाग को देगा।

28. खन्‌न कार्य हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों, सरकार द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश खनिज नीति, पर्यावरण प्रभाव आकलन/वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति की शर्तों के अनुसार, विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों, माननीय न्यायालयों के आदेशों के अनुरूप किया जाएगा। उपरोक्त नियमों/ अधिसूचना/आदेशों की प्रति खनि अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। 9096 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 29. ठेके की स्वीकृति व खनन कार्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित SLP (C) No. 13393/ 2008 जो कि माननीय उच्च न्यायालय में हिमाचल प्रदेश द्वारा याचिका संख्या CWP No. 1077/2006 खतरी राम व अन्य के मामले में पारित निर्णय के विरूद्ध दायर की गई है के अन्तिम निर्णय के अनुरूप ही मान्य होगा। इसके अतिरिक्त किसी अन्य न्यायालय द्वारा समय- समय पर इस बारे पारित आदेश भी मान्य होंगे ।

30. ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र की आड़ में यदि कहीं अवैध खनन में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जायगी। यदि ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी या वाहन अगर बार-बार अवैध खनन व बिना "W" फार्म से ढुलान में सम्मिलित पाया जाता है तो सरकार उसका ठेका रद्‌द भी कर सकती है।

31. ठेकाधारी सरकार को तृतीय पक्ष की क्षति पूर्ति के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराएगा अतः वह स्वयं जिम्मेदार होगा।

32. सरकार को अधिकार है कि वे उच्चत्‌म बोली को बिना किसी कारण बताये अस्वीकार कर सकती है।

33. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद संख्या 1-33 में दर्शायी गई शर्तों, के अतिरिक्त अन्य शर्ते ठेका शर्तनामा निष्पादन के दौरान लगा सकती है।

34. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद संख्या 1-33 में दर्शायी गई शर्तों, तथ्यों व नियमों की अवहेलना की अवस्था में ठेका रदद्‌ भी किया जा सकता है तथा इस स्थिति में ठेकेदार द्वारा जमा राशि, जमानत राशि, Upfront Premium व त्रैमासिक किस्त आदि समस्त राशि जब्त कर ली जाएगी।

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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता भवारना, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) मु0 नं0 : 26/2017 किस्म मुकद्दमा : तारीख फैसला : नाम दरूस्ती 07-12-2017 रीता मधु पत्नी राज कुमार, गांव व डा0 डरोह, उप-तहसील भवारना, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

प्रार्थी श्रीमती रीता मधु पत्नी श्री राज कुमार, गांव व डा0 डरोह, उप-तहसील भवारना, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी द्वारा सूचित किया है कि उसका असल नाम रीता मधु है परन्तु आर्मी रिकार्ड में मधु आचार्य दर्ज है जो कि गलत है। जिसे दरूस्ती करने उपरान्त सही नाम रीता मधु दर्ज किया जाए।

प्रार्थना-पत्र की छानबीन क्षेत्रीय कर्मचारियों से करवाई गई। छानबीन रिपोर्ट व स्थानीय साक्षीगणों द्वारा कलमबन्द करवाये गये व्यानात से प्रार्थी द्वारा दिये गये तथ्यों की पुष्टि होती है। जिसमें उन्होंने प्रार्थी का सही नाम मधु आचार्य की बजाये रीता मधु आर्मी रिकार्ड में दर्ज करने की सिफारिश की है प्रकरण पर आगामी कार्यवाही अमल में लाते हुए आम जनता के उजर व एतराज हेतु इश्तहार राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में दिनांक 29-11-2017 को प्रकाशन करवाया गया। लेकिन निर्धारित तारीख पेशी तक कोई एतराज/आपत्ति पेश न हुई।9097 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 अतः उपरोक्त सभी तथ्यों की गहनता से छानबीन करने पर पाया गया कि प्रार्थी का प्रार्थना-पत्र सत्यता पर आधारित है और समस्त संलग्न दस्तावेजों, गवाहों के व्यानात, के मध्यनजर यह अदालत आर्मी रिकार्ड में प्रार्थी का नाम मधु आचार्य की बजाये रीता मधु के आदेश पारित करती है। मिसल पर मजीद कार्यवाही की आवश्यकता न है बाद तरतीब व तकमील जावतानुसार दाखल दफतर होवे सुनाया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

भवारना, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

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In the Court of Surender Mohan HPAS, Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate,

Nichar at Bhabanagar, District Kinnaur, H. P.

In the matter of :—

1. Sh. Ganesh Dutt s/o Shri Kirpa Ram, aged about 46 years r/o Village Jubbad, P.O. Dev Nagar, Tehsil & District Shimla, H. P. Presenty residing at Village Gharshu, Tehsil Nichar District Kinnaur H.P.

2. Jangmo Pati d/o Shri Sabhu Ram, aged about 55 years r/o Village Gharshu, Tehsil . . Applicants. Nichar, District Kinnaur, H. P.

Versus

General Public

Subject.—Proclamation for the registration of marriage under Section 15 of Special Marriage Act, 1954.

In the above noted matter Shri Ganesh Dutt and Smt. Jangmo Pati have filed an application on dated 27-11-2017 alongwith affidavits in the court of undersigned under section 15 of Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 12-06-2012 according to the custom & ritual of Hindu religion since from the date of marriage they are living together as husband and wife hence, their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.

Therefore, the general public & parents of the applicants are hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage, can file the objection personally or in writing or through their legal advisor before this court on or before dated 28th December, 2017. The objection received after 28th December, 2017 will not be entertained and marriage will be registered accordingly.

Issued today on 27th November, 2017 under my hand and seal of this court.

Seal.

SURENDER MOHAN (HPAS), Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Nichar, District Kinnaur (H.P.).

9098 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 ब अदालत विवाह पंजीकरण अधिकारी, उप-मण्डल निचार, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश

1. श्री ईन्द्र लाल पुत्र श्री रोशन लाल, निवासी गांव रूनंग, डाकघर मीरू, तहसील निचार, जिला किन्नौर हि0 प्र0।

2. रंजिता पुत्री भीम सैन, निवासी गांव पानवी, तहसील निचार, जिला किन्नौर हि0 प्र0

. . प्रार्थी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। आम जनता को सूचित किया जाता है कि उपरोक्त दोनों प्रार्थी ( प्रार्थी 1 व 2)ने इस न्यायालय में विवाह पंजीकरण करवाने का आवेदन किया है। अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता व उक्त आवेदनकर्ता के माता-पिता को इस विवाह के पंजीकरण बारे एतराज हो तो दिनांक 02 जनवरी, 2018 को प्रातः 10 बजे इस न्यायालय में आपाि दर्ज करवा सकते है। इस तिथि के बाद कोई उजर व एतराज स्वीकार नहीं किया जावेगा।

आज दिनांक 01-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर एवम्‌ मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- विवाह पंजीकरण अधिकारी,

उप-मण्डल निचार स्थित भाबानगर,

जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0)

श्रीमति मीना देवी पत्नी स्व0 राम प्रसाद, गांव कलनीचौर, डा0 देवीथन, तहसील व जिला बैगलूंग आंचल लूमबानी, नेपाल, हाल गांव व डा0 मेबर (रल्ली), तहसील कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता ग्राम मेबर (रल्ली), जिला किन्नौर, हि0 प्र0

दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.

श्रीमति मीना देवी ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र पेश किया है कि उनके पति राम प्रसाद की मृत्यु दिनांक 06-12-2010 को हुई है जिसका इन्द्राज ग्राम पंचायत मेबर में नहीं किया गया है को अब दर्ज करने बारे आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि उक्त मृत्यु तिथि ग्राम पंचायत मेबर के रिकार्ड में दर्ज करने बारे कोई आपाि हो तो वह दिनांक 03-01-2018 को या इससे पूर्व अदालत में हाजिर आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा सचिव ग्राम पंचायत मेबर को उक्त मृत्यु पंजीकरण करने बारे आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 01-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी कर दिया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0)।9099 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0) नम्बर मुकद्दमा : 16/2017 तारीख रजुआ : 10/07/2017 श्री जय सिंह पुत्र स्व0 श्री शालिग राम, निवासी बारंग, तहसील कल्पा, जिला किन्नौर, हि0 प्र0

बनाम

आम जनता ग्राम बारंग जिला किन्नौर

राजस्व अभिलेख में नाम दुरुस्ती करने बारे।

श्री जय सिंह ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि उसका नाम जय सिंह पुत्र स्व0 हिरपाल सिंह है परन्तु राजस्व अभिलेख उप-महाल बारंग खास युसारिंग में जैर सिंह पुत्र शालिग राम दर्ज किया गया है जो कि गलत है की दुरूस्ती कर जय सिंह पुत्र हिरपाल सिंह करना चाहता है। अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि उक्त नाम राजस्व रिकार्ड में दरूस्त करने बारे कोई आपति हो तो वह दिनांक 08-01-2018 को या इससे पूर्व अदालत में हाजिर आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा उक्त नाम दुरूस्ती कर जैर सिंह पुत्र शालिग राम की जगह पर जय सिंह पुत्र हिरपाल सिंह दुरूस्त माल कागजात उप-महाल बारंग खास व युसारिंग करने बारे आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 06-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी कर दिया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, कल्पा, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0)

श्री रूप नारायण पुत्र स्व0 ठाकुर जीत, गांव व डा0 कोठी, तहसील कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता ग्राम कोठी, जिला किन्नौर, हि0 प्र0

दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.

श्री रूप नारायण ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र पेश किया है कि उनकी पुत्री कोमल का जन्म दिनांक 20-02-2005 को हुआ है जिसका इन्द्राज ग्राम पंचायत कोठी में नहीं किया गया है को अब दर्ज करने बारे आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि उक्त जन्म तिथि ग्राम पंचायत कोठी के रिकार्ड में दर्ज करने बारे कोई आपाि हो तो वह दिनांक 08-01-2018 को या इससे पूर्व अदालत में हाजिर आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा सचिव ग्राम पंचायत कोठी को उक्त जन्म तिथि पंजीकरण करने बारे आदेश जारी कर दिए जाएंगे। 9100 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 आज दिनांक 05-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी कर दिया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0)।

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In the Court of Sh. Sunny Sharma, HAS., Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate,

Kullu, Distt. Kullu, H.P.

In the matter of :

1. Santosh Kumar s/o Sh. Durga Ram, r/o Village & Post Office Gunehar, Tehsil Baijnath, Distt. Kangra, H.P. at present c/o Sh. Krishan Chand Sharma at Village Badah, P.O. Mohal, Tehsil & Distt. Kullu, H.P.

2. Pooja Devi d/o Sh. Shubh Karan, r/o Ward No. 8, Dhalpur Kullu, Tehsil & Distt. .. Applicant.

Kullu, H.P.

Versus

General Public

Subject.—Proclamation for the registration of marriage under Section 16 of Special marriage Act, 1954.

Sh. Santosh Kumar and Smt. Pooja devi filled an application alongwith affidavits in the Court of undersigned under Section 16 of Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 28-11-2017 and they are living as husband and wife since then, hence their marriage may be registered under Act ibid. Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this court on or before 28-12-2017. The objection received after 28-12-2017 will not be entertained and marriage will be registered accordingly.

Issued today 28-11-2017 under my hand and seal of the court.

Seal.

Sd/-

Marriage Officer-cum-

Sub-Divisional Magistrate, Kullu (H.P.).

_________

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0

श्री तपिन्दर पुत्र श्री जगत सिंह, निवासी किहरी, डा0 रूसलाह, तहसील नेरूवा, जिला शिमला हि0 प्र0

बनाम

आम जनता

9101 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 विषय.--जन्म रजिस्टर में बच्चों के नाम दर्ज करने बारे।

हर खास व आम जनता को इस ईश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्री तपिन्दर सिंह ने अदालत में एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने पुत्रों की जन्म तिथि व नाम का इन्द्राज जन्म रजिस्टर, ग्राम पंचायत पुजारली में दर्ज नहीं करवाया है जिसे दर्ज करवाना चाहता है, जो कि निम्न प्रकार से है।

1. हर्षवर्धन सिंह की जन्म तिथि 26-6-1998

2. रजनीश सिंह की जन्म तिथि 17-10-1999

अतः ग्राम पंचायत पुजारली, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0 की जनता को बजरिया ईश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त पंजीकरण बारे कोई उजर असालतन या वकालतन जैसी भी सूरत हो दिनांक 28-12-2017 को अदालत हजा में हाजिर होकर पेश करे। दिगर सूरत में आवेदन-पत्र में जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत को आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 14-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत जारी किया गया।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0

श्री पदम सिंह पुत्र श्री भिन्दर सिंह, निवासी कनाहल, डा0 केदी, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

विषय.--जन्म रजिस्टर में बच्चे का नाम दर्ज करने बारे।

हर खास व आम जनता को इस ईश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्री पदम सिंह ने अदालत में एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने पुत्र की जन्म तिथि व नाम का इन्द्राज जन्म रजिस्टर, ग्राम पंचायत केदी में दर्ज नहीं करवाया है जिसे दर्ज करवाना चाहता है, जो कि निम्न प्रकार से है।

1. आशिष की जन्म तिथि 21-2-2002

अतः ग्राम पंचायत केदी, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0 की जनता को बजरिया ईश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त पंजीकरण बारे कोई उजर असालतन या वकालतन जैसी भी सूरत हो दिनांक 28-12-2017 को अदालत हजा में हाजिर होकर पेश करे। दिगर सूरत में आवेदन-पत्र में जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत को आदेश पारित कर दिये जायेंगे। 9102 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 आज दिनांक 11-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत जारी किया गया।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0

श्री भगत राम पुत्र श्री सुख राम, निवासी बिखटाडी, डा0 पबान, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0

बनाम

आम जनता

विषय.--जन्म रजिस्टर में बच्चों के नाम दर्ज करने बारे।

हर खास व आम जनता को इस ईश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्री भगत राम ने अदालत में एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने पुत्रों व पुत्री की जन्म तिथि व नाम का इन्द्राज जन्म रजिस्टर, ग्राम पंचायत पबान में दर्ज नहीं करवाया है जिसे दर्ज करवाना चाहता है, जो कि निम्न प्रकार से है।

1. राजेश कुमार की जन्म तिथि 03-03-1996

2. नितेश कुमार की जन्म तिथि 15-01-1998

3. शीतल कुमारी की जन्म तिथि 09-12-1999

अतः ग्राम पंचायत पबान, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0 की जनता को बजरिया ईश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त पंजीकरण बारे कोई उजर असालतन या वकालतन जैसी भी सूरत हो दिनांक 28-12-2017 को अदालत हजा में हाजिर होकर पेश करे। दिगर सूरत में आवेदन-पत्र में जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत को आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 11-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत जारी किया गया।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0

श्री हरि सिंह पुत्र श्री सिसिया, निवासी खुन्ना, डा0 टिक्करी, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

9103 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 विषय.--जन्म रजिस्टर में बच्चों के नाम दर्ज करने बारे।

हर खास व आम जनता को इस ईश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्री हरि सिंह ने अदालत में एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपनी पुित्रयों की जन्म तिथि व नाम का इन्द्राज जन्म रजिस्टर, ग्राम पंचायत पबान में दर्ज नहीं करवाया है जिसे दर्ज करवाना चाहता है, जो कि निम्न प्रकार से है।

1. ज्योति की जन्म तिथि 16-11-2009

2. साक्षी की जन्म तिथि 03-02-2011

अतः ग्राम पंचायत धनत, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0 की जनता को बजरिया ईश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त पंजीकरण बारे कोई उजर असालतन या वकालतन जैसी भी सूरत हो दिनांक 28-12-2017 को अदालत हजा में हाजिर होकर पेश करे। दिगर सूरत में आवेदन-पत्र में जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत को आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 11-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत जारी किया गया।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0

श्री प्रदीप कुमार पुत्र श्री राम लाल, निवासी मंशराह, डा0 थरोच, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

विषय.--जन्म रजिस्टर में बच्चों के नाम दर्ज करने बारे।

हर खास व आम जनता को इस ईश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्री प्रदीप कुमार ने अदालत में एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने पुत्र की जन्म तिथि व नाम का इन्द्राज जन्म रजिस्टर, ग्राम पंचायत थरोच में दर्ज नहीं करवाया है जिसे दर्ज करवाना चाहता है, जो कि निम्न प्रकार से है।

1. रोनक की जन्म तिथि 20-01-2005

अतः ग्राम पंचायत थरोच, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0 की जनता को बजरिया ईश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त पंजीकरण बारे कोई उजर असालतन या वकालतन जैसी भी सूरत हो दिनांक 28-12-2017 को अदालत हजा में हाजिर होकर पेश करे। दिगर सूरत में आवेदन-पत्र में जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत को आदेश पारित कर दिये जायेंगे। 9104 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 आज दिनांक 14-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत जारी किया गया।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0

श्री मस्त राम पुत्र श्री लायक राम, निवासी कान्दल, डा0 टिक्करी, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0प्र0

बनाम

आम जनता

विषय.--जन्म रजिस्टर में बच्चों के नाम दर्ज करने बारे।

हर खास व आम जनता को इस ईश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्री मस्त राम ने अदालत में एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने पुत्र की जन्म तिथि व नाम का इन्द्राज जन्म रजिस्टर, ग्राम पंचायत धनत में दर्ज नहीं करवाया है जिसे दर्ज करवाना चाहता है, जो कि निम्न प्रकार से है।

1. आर्यन चौहान की जन्म तिथि 08-12-2001

अतः ग्राम पंचायत धनत, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0 की जनता को बजरिया ईश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त पंजीकरण बारे कोई उजर असालतन या वकालतन जैसी भी सूरत हो दिनांक 28-12-2017 को अदालत हजा में हाजिर होकर पेश करे। दिगर सूरत में आवेदन-पत्र में जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत को आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 14-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत जारी किया गया।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0

श्री सही राम पुत्र श्री शिबू, निवासी सोबल, डा0 पबान, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

विषय.--जन्म रजिस्टर में बच्चों के नाम दर्ज करने बारे।9105 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 हर खास व आम जनता को इस ईश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्री सही राम ने अदालत में एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने पुत्र की जन्म तिथि व नाम का इन्द्राज जन्म रजिस्टर, ग्राम पंचायत पबान में दर्ज नहीं करवाया है जिसे दर्ज करवाना चाहता है, जो कि निम्न प्रकार से है।

1. रविन्दर की जन्म तिथि 19-01-1994

अतः ग्राम पंचायत पबान, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0 की जनता को बजरिया ईश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त पंजीकरण बारे कोई उजर असालतन या वकालतन जैसी भी सूरत हो दिनांक 28-12-2017 को अदालत हजा में हाजिर होकर पेश करे। दिगर सूरत में आवेदन-पत्र में जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत को आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 14-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत जारी किया गया।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0

श्री बाला राम पुत्र श्री लच्छी, निवासी नेरूवा, डा0 नेरूवा, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

विषय.--जन्म रजिस्टर में बच्चों के नाम दर्ज करने बारे।

हर खास व आम जनता को इस ईश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्री बाला राम ने अदालत में एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने पुत्र व पुत्री की जन्म तिथि व नाम का इन्द्राज जन्म रजिस्टर, ग्राम पंचायत नेरूवा में दर्ज नहीं करवाया है जिसे दर्ज करवाना चाहता है, जो कि निम्न प्रकार से है।

1. शालू वर्मा की जन्म तिथि 09-02-1992

2. अंकित वर्मा की जन्म तिथि 19-08-1993

अतः ग्राम पंचायत नेरूवा, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0 की जनता को बजरिया ईश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त पंजीकरण बारे कोई उजर असालतन या वकालतन जैसी भी सूरत हो दिनांक 28-12-2017 को अदालत हजा में हाजिर होकर पेश करे। दिगर सूरत में आवेदन-पत्र में जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत को आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 14-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत जारी किया गया।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।9106 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0 श्री बदरी राम पुत्र श्री झीणू राम, निवासी पबान, डा0 पबान, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

विषय.--जन्म रजिस्टर में बच्चों के नाम दर्ज करने बारे।

हर खास व आम जनता को इस ईश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्री बदरी राम ने अदालत में एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने पुत्र की जन्म तिथि व नाम का इन्द्राज जन्म रजिस्टर, ग्राम पंचायत पबान में दर्ज नहीं करवाया है जिसे दर्ज करवाना चाहता है, जो कि निम्न प्रकार से है।

1. रविन कुमार की जन्म तिथि 26-04-1999

अतः ग्राम पंचायत पबान, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0 की जनता को बजरिया ईश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त पंजीकरण बारे कोई उजर असालतन या वकालतन जैसी भी सूरत हो दिनांक 28-12-2017 को अदालत हजा में हाजिर होकर पेश करे। दिगर सूरत में आवेदन-पत्र में जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत को आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 14-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत जारी किया गया।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0

श्री राजेन्दर सिंह पुत्र श्री मोही राम, निवासी नेरूवा, डा0 नेरूवा, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0

बनाम

आम जनता

विषय.--जन्म रजिस्टर में बच्चों के नाम दर्ज करने बारे।

हर खास व आम जनता को इस ईश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्री राजेन्दर सिंह ने अदालत में एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपने पुत्र व पुत्री की जन्म तिथि व नाम का इन्द्राज जन्म रजिस्टर, ग्राम पंचायत नेरूवा में दर्ज नहीं करवाया है जिसे दर्ज करवाना चाहता है, जो कि निम्न प्रकार से है।

1. रोहीत कुमार की जन्म तिथि 04-03-1990

2. श्रुतिका झगटा की जन्म तिथि 24-09-19949107 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 अतः ग्राम पंचायत नेरूवा, तहसील नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0 की जनता को बजरिया ईश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त पंजीकरण बारे कोई उजर असालतन या वकालतन जैसी भी सूरत हो दिनांक 28-12-2017 को अदालत हजा में हाजिर होकर पेश करे। दिगर सूरत में आवेदन-पत्र में जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके रजिस्ट्रार, जन्म एवं मृत्यु ग्राम पंचायत को आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 11-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत जारी किया गया।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, नेरूवा, जिला शिमला, हि0 प्र0।

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ब अदालत जनाब श्री महेश दा शर्मा, नायब-तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी पच्छाद, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री श्याम लाल पुत्र श्री कल्याण सिंह, ग्राम राज्यो मलाणा, डाकघर सराहाँ, तहसील पच्छाद, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री श्याम लाल पुत्र श्री कल्याण सिंह, ग्राम राज्यो मलाणा, डाकघर सराहाँ, तहसील पच्छाद, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र गुजारा है कि उसकीे पुत्री का जन्म मिति 31-07-2010 को हुआ, जिसका इन्द्राज ग्राम पंचायत जामन की सेर, तहसील पच्छाद में दर्ज नहीं हुआ है।

अतः इस इश्तहार द्वारा हर आम व खास को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम या तिथि पंचायत रिकार्ड में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 28-12-2017 को या इससे पूर्व अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा सचिव ग्राम पंचायत को सम्बन्धित उक्त नाम व जन्म तिथि दर्ज करने बारे आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 28-11-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार,

पच्छाद, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत जनाब श्री महेश दा शर्मा, नायब-तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी पच्छाद, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्री कर्म सिंह पुत्र श्री राम सिंह, ग्राम जोहाना, डाकघर सराहाँ, तहसील पच्छाद, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

9108 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

अतः इस इश्तहार द्वारा हर आम व खास को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम या तिथि पंचायत रिकार्ड में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 28-12-2017 को या इससे पूर्व अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा सचिव ग्राम पंचायत को सम्बन्धित उक्त नाम व जन्म तिथि दर्ज करने बारे आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 28-11-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार,

पच्छाद, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत जनाब श्री महेश दा शर्मा, नायब-तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी पच्छाद, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

श्रीमती नारदा देवी उर्फ प्रोमिला देवी पुत्री श्री सूरत राम, ग्राम कोटला बरोग, डाकघर दाढ़ो-देवरिया, तहसील पच्छाद, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्रीमती नारदा देवी उर्फ प्रोमिला देवी पुत्री श्री सूरत राम, ग्राम कोटला बरोग, डाकघर दाढ़ो-देवरिया, तहसील पच्छाद, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र गुजारा है कि उसका जन्म मिति 15-10-1970 को हुआ, जिसका इन्द्राज ग्राम पंचायत द्राबली, तहसील पच्छाद में दर्ज नहीं हुआ है।

अतः इस इश्तहार द्वारा हर आम व खास को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम या तिथि पंचायत रिकार्ड में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 28-12-2017 को या इससे पूर्व अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा सचिव ग्राम पंचायत को सम्बन्धित उक्त नाम व जन्म तिथि दर्ज करने बारे आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 28-11-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार,

पच्छाद, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।9109 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939 ब अदालत श्री दिनेश शर्मा, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी हरिपुरधार, उप-तहसील हरिपुरधार, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश

मिसल नं0 : 12/2014 तारीख मरजुआ : 30-12-2014 विलम सिंह पुत्र नैनू, निवासी ब्यौंग, उप-तहसील हरिपुरधार, उप-मण्डल संगड़ाह, जिला सिरमौर

बनाम

राजेन्द्र पुत्र रूप सिंह, निवासी ब्यौंग, उप-तहसील हरिपुरधार आदि।

दरख्वास्त तकसीम मुश्त्रका भूमि बावत खाता खतौनी नं0 29/64, नम्बर खसरा 442/389/188 रकबा तादादी 9-2 बिस्वा हस्ब रस्द खेवट वाका रकबा मौजा खरौटयों, नं0 ह0 140 उप तहसील हरिपुरधार, उप-मण्डल संगड़ाह, नकल जमाबन्दी वर्ष 2010-11, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।

मुक्द्दमा उपरोक्त अदालत हजा में विचारधीन है, जिसमें (1) राजेन्द्र (2) गोपाल (3) श्रीमती कनकों (4) श्रीमती क्यारशों (5) श्रीमती सोधा देवी (6) श्रीमती लक्ष्मी (7) बलबीर (8) सुमित्री पुत्री हीरा सिंह, निवासी खरोटियों हाल, पत्नी श्री सतीश कुमार, गांव व डाकघर थूरल, तहसील पालमपुर, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0, (9) मथूरा (10) सन्त राम (11) रमेश (12) तुला राम (13) सन्त राम पुत्र अमर सिंह (14) दौलत राम (15) दौलत राम, उप-तहसील हरिपुरधार, जिला सिरमौर को फ्रीकसानियान बनाया गया है। अदालत द्वारा क्रम संख्या (9) पर दर्ज श्रीमती सुमित्रा पत्नी सतीश कुमार, गांव व डाकघर थूरल, तहसील पालमपुर, जिला कांगड़ा की बार-बार रजिस्टर्ड समन, पावती समन जारी करने पर तामील नहीं हो रही है। अदालत को पूरा यकिन हो चुका है कि इन्हें साधारण तरीके से समन तामील नहीं हो सकता। अतः इस अदालत के इश्तहार के माध्यम से फ्रीकसानियान उपरोक्त क्रंम संख्या (9) पर दर्ज श्रीमती सुमित्रा को सूचित किया जाता है कि अगर व मुकद्दमा मुश्तरका भूमि तकसीम देह में कार्यवाही करना चाहे तो दिनांक 28-12-2017 को प्रातः 10.00 बजे हमारी अदालत में हाजिर आकर पैरवी मुकद्दमा कर सकती है। वाद गुजरने मियाद तारीख पेशी दिनांक 28-12-2017 के बाद कोई भी उजर काबिले समायत (गौर) न होगा। नियमानुसार एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

आज दिनांक 02-12-2017 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।

मोहर।

(दिनेश शर्मा), सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील हरिपुरधार, जिला सिरमौर।

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NAME CHANGE

I, Anil Pandir s/o Muni Lal Pandir, Village Bajrol, P.O. & District Solan declare that I have changed my name as Sharabheshwara Nand Bhairava. All concerned please note.

SHARABHESHWARA NAND BHAIRAVA, s/o Muni Lal Pandir, Village Bajrol, P.O. & District Solan.

9110 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 दिसम्बर, 2017/05 पौष, 1939

नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 26 December 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2017-12-26.198_gazette_2017-26_12_2017/. Archive identifier in.gazette.himachal.2017-12-26.198_gazette_2017-26_12_2017.