राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शुक्रवार, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939
हिमाचल प्रदेश सरकार
आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना सं0 2/2017-राज्य कर (दर)
शिमला-2, 30 जून, 2017
संख्याःई.एक्स.एन-एफ(10)-14/2017-लूज़.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 11 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हए, परिषद की सिफारिशों पर यह समाधान हो जाने पर कि ऐसा करना लोकहित में आवश्यक हैं, माल की 201-राजपत्र/2017-29-12-2017 (9257) 9258 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 राज्य के भीतर पूर्तियों पर, जिनका वर्णन इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची के स्तंभ (3) में विनिर्दिष्ट है, जो उक्त अनुसूची के स्तंभ (2) में तत्स्थानी प्रविष्टि में यथाविनिर्दिष्ट, यथास्थिति, टैरिफ मद, उपशीर्ष, शीर्ष या अध्याय के अंर्तगत आता है, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 9 के अधीन उन पर उदग्रहणीय संपूर्ण राज्य माल और सेवा कर से छूट प्रदान करती है।
अनुसूची
| क्रम0 स ं 0 | अध्याय/शीर्ष/ उपशीर्ष/टैरिफ मद | माल का विवरण |
| 1. | 0101 | जीवित, गधे, खच्चर और हिन्नी |
| 2. | 0102 | जीवित गोकुलीय प्राणी |
| 3. | 0103 | जीवित सूअर |
| 4. | 0104 | जीवित भेड़ और बकरे |
| 5. | 0105 | जीवित कुक्कुट अर्थात गैलस घरेलू जाति के मुर्गे, बाख, हंस, टर्की और गिनि मुर्गे। |
| 6. | 0106 | अन्य जीवित प्राणी जैसे स्तनपायी, पक्षी, कीट |
| 7. | 0201 | गोकुलीय प्राणी का मांस, ताज़ा और द्रुतशीतित |
| 8. | 0202 | गोकुलीय प्राणी का मांस, हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है] |
| 9. | 0203 | सुअर का मांस, ताज़ा, द्रुतशीतित या हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है] |
| 10. | 0204 | भेड़ या बकरे का मांस, ताजा, द्रुतशीतित या हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान मे ं रखा हुआ है] |
| 11. | 0205 | अश्व, गधे, खच्चर या हिन्नी का मांस ताजा, द्रुतशीतित या हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान मे ं रखा हुआ है] |
| 12. | 0206 | गोकुलीय प्राणी, सुअर, भेड़, बकरे, अश्व, गधे, खच्चर या हिन्नी के खाद्य अवशिष्ट, ताजा, द्रुतशीतित या हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है] |
| 13. | 0207 | शीर्ष 0105 के कुक्कुट का मांस और खाद्य अवशिष्ट, ताजा, द्रुतशीतित या ं रखा हुआ है] हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान मे |
| 14. | 0208 | अन्य मांस और खाद्य मांस अवशिष्ट, ताजा, द्रुतशीतित या हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान मे ं रखा हुआ है] |
| 15. | 0209 | चर्बी रहित मांस विहीन सुअर वसा और कुक्कुट वसा, अपरिष्कृत या निष्कर्षित, ताजा, द्रतशीतित, हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है] |
| 16. | 0209 | चर्बी रहित मांस विहीन सुअर वसा और कुक्कुट वसा, अपरिष्कृत या निष्कर्षित, लवणित, लवण जल में रखा शुष्कित या धुमित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान मे ं रखा हुआ है] |
| 17. | 0210 | मांस और खाद्य मांस अवशिष्ट, लवणित, लवण जल में रखा शुष्कित या धुमित, मांस या मांस अवशिष्ट से भिन्न इकाई आधान में रखे जाएंगे। |
| 18. | 3 | मछलीबीज, झींगा/झींगी बीज़ जो पृसंस्कृत, संसाधित या हिमशीतित अवस्था में हैं या नहीं [अध्याय 3 के अंतर्गत आने वाले ऐसे मालों से भिन्न, जिन पर 2.5 प्रतिशत कर लागू है] |
| 19. | 0301 | जीवित मछली |
| 20. | 0302 | मछली, ताज़ी या द्रुतशीतित, जिसके अंतर्गत शीर्ष 0304 के मछली कतले और अन्य मछली मांस नही है। |
| 21. | 0304 | मछली के कतले और अन्य मछली का मांस (चाहे टुकड़े किया गया या नहीं), ताजी या द्रुतशीतित। |
| 22. | 0306 | क्रेस्टेशिया, चाहे कवच युक्त है या नहीं, जीवित, ताजी या द्रुतशीतित क्रेस्टेशिया कवच युक्त, जो भापन या जल में उबालकर पकाई गई है, जीवित, ताज़ी या द्रुतशीतित। |
| 23. | 0307 | मोलस्क, चाहे कवच युक्त है या नहीं जीवित, ताजी, द्रुतशीतित; क्रेस्टेशिया और मोलस्क से भिन्न जलीय अकशेरुकी जीवित, ताजे, द्रुतशीतित। |
| 24. | 0308 | क्रेस्टेशिया और मोलस्क से भिन्न जलीय अकशेरुकी जीवित, ताजे, द्रुतशीतित। |
| 25. | 0401 | अल्ट्रा उच्च तापमान (यूएचटी) दूध को छोड़कर ताज़ा दूध और पास्तुरीकृत दूध, जिसके अंतर्गत पृथक दूध, दूध और क्रीम हैं, जो सांद्रित नहीं है या जिसमे मिलाई गई चीनी या अन्य मधुरण द्रव्य नहीं हैं। ं |
| 26. | 0403 | दही; लस्सी छाछ |
| 27. | 0406 | छैना या पनीर, उनसे भिन्न, जो इकाई आधान में रखे गए हैं और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम हो। |
| 28. | 0407 | पक्षियों के अंडे कवच युक्त, ताजे, परिरक्षित या पकाए हुए |
| 29. | 0409 | इकाई आधान में रखे गए से भिन्न, प्राकृतिक, मधु जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम हो। |
| 30. | 0501 | मानव केश, अकर्मित, चाहे धुले या अभिमार्जित हैं या नही; मानव केश के अपशिष्ट। |
| 31. | 0506 | सभी माल अर्थात हड्डियां और सींग क्रोड जो अकर्मित, निर्वसीकृत, केवल निर्मित (किन्तु आकार में आकर्तित) अम्लोपचारित या अजिलेटिवीकृत हैं, इन उत्पादों का चूर्ण और अपशिष्ट। |
| 32. | 0507 90 | सभी माल अर्थात खुर अवचूर्ण; सींग अवचूर्ण; खुर, नखर, नख, और चो च; ं मृगशश्रृंग; आदि। |
| 33. | 0511 | शुक्र जिसके अंतर्गत हिमशीतित शुक्र भी है |
| 34. | 6 | जीवित वृक्ष और अन्य पौधे, कंद, जड़े ं और वैसी ही चीज़े ; कर्तित पुष्प और ं अलंकृत पर्ण समूह। |
| 35. | 0701 | आलू ताजे या द्रुतशीतित |
| 36. | 0702 | टमाटर ताजे या द्रुतशीतित |
| 37. | 0703 | प्याज, शैलट, लहसुन, लीक और अन्य लशुनी वनस्पतियां; ताजी या द्रुतशीतित। |
| 38. | 0704 | बंदगोभी, फूलगोभी, कोहल्रबी, केल और उसी प्रकार के खाद्य व्रेसिका, ताजे या द्रुतशीतित। |
| 39. | 0705 | लेट्यूस (लैक्टूका सैटाइवा) और कासनी (साइकोरियम सभी जातियां), ताजे या द्रुतशीतित। |
| 40. | 0706 | गाजर, शलजम, सलाद चुकंदर, सेलसिफी, सेलेरिऐक मूली और वैसी ही खाद्य जड़े ं ताजी या द्रुतशीतित। |
| 41. | 0707 | खीरादि और घेरकिन, ताजे या द्रुतशीतित |
| 42. | 0708 | कवचयुक्त या कवचरहित फलीदार वनस्पतियां, ताजी या द्रुतशीतित |
| 43. | 0709 | अन्य वनस्पतियां, ताजी या द्रुतशीतित |
| 44. | 0712 | शुष्क वनस्पतियां जो साबुत, कर्तित, कतरी गई या चूर्णित हैं, किन्तु और निर्मित नहीं है। |
| 45. | 0713 | शुष्कित फलीदार वनस्पति, कवच युक्त, चाहे त्वचा रहित या विपाटित है ं अथवा नहीं। |
| 46. | 0714 | मेनिओक, अरारुट, सेलद, जेरुसलम पाथीचक, शकरकंद और वैसी ही जड़े और कंद जिनमें स्टार्च या इनूलिन की मात्रा अधिक है ताजे या द्रुतशीतित; साबुदाने कापिथ। |
| 47. | 0801 | नारियल, ताजे या शुष्कित चाहे कवचयुक्त या छिलकारहित है अथवा नहीं। |
| 48. | 0801 | ब्राजील नट, ताजे चाहे कवचयुक्त या छिलकारहित हैं या नही |
| 49. | 0802 | अन्य दृढ फल ताजे, जैसे कि बादाम, हेज़लनट या फिलबर्ट, (कोरिअस सभी प्रजातियां), अखरोट, चेस्टनट (कास्टानिया सभी जातियां), एरिका नटस ताजे चाहे कवचयुक्त या छिलकारहित हैं अथवा नहीं। |
| 50. | 0803 | केले, जिसके अंतर्गत कदली भी है, ताजे या शुष्कित |
| 51. | 0804 | छुहारा, अंजीर, अन्नानास, एवोकेडोज, अमरुद ,आम और मेंगोस्टीम, ताजे |
| 52. | 0805 | निम्बुकुल फल, जैसे कि नारंगियां, मैंडारिन, (जिसे अंतर्गत टेन्जेरीन और सटसूमसयी हैं); क्लेमेन्टाइन, विलकिंग और अन्य वैसे ही निम्बुकुल हाईब्रिड, अंगूर फल जिसके अंतर्गत पोमलोस भी है, नींबू (निम्बुकुल नींबू, निग्बुकुल लिमोलम) और लाइम (निम्बुकुल आरन्टीफोलिया, निम्बुकुल लैटिफोलिया), ताजे। |
| 53. | 0806 | अंगूर, ताजे |
| 54. | 0807 | तरबूजादि (जिसके अंतर्गत तरबूज है) और पपीते, ताजे |
| 55. | 0808 | सेब, नाशपती और क्विन्स, ताजे |
| 56. | 0809 | खुमानी, चैरी, आडु (जिसके अंतर्गत शफतालू), आलू बुखारा और स्लो, ताजे। |
| 57. | 0810 | अन्य फल जैसे की स्ट्राबेरी, रसभरी, ब्लैकबेरी, शहतूत और लोगनबेरी, काली सफेद या लाल किशमिश तथा गूज़बेरी, करोंदा, बिलबेरी, और वैक्सीनियम वंश के अन्य फल, कीवी, डयुरियन्स, पर्सिमोन्स, अनार, इमली, सपोटा (चीकू), शरीफा (अटा), बोर, लीची, ताजे। |
| 58. | 0814 | निम्बुकुल फल या तरबूजादि (जिसके अंतर्गत तरबूज भी है) के छिलके, ताजे |
| 59. | 9 | बीज किस्म के सभी माल |
| 60. | 0901 | कॉफी बीन्स, अभर्जित |
| 61. | 0902 | चाय की अप्रसंस्कृत हरी पत्ाियां |
| 62. | 0909 | सौंफ, बेडियन, बड़ी सौंफ, धनिया, सफेद जीरा या काला जीरा के बीज; हपुषा बेरी (की बीज क्वालिटी)। |
| 63. | 0910 11 10 | ताजी अदरक, प्रसंस्कृत रुप से भिन्न |
| 64. | 0910 30 10 | ताजी हल्दी, प्रसंस्कृत रुप से भिन्न |
| 65. | 1001 | गेंहू और मेसलीन [उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिनका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 66. | 1002 | राई [उससे भिन्न, जिन्हे किसी यूनिट आधान मे ं रखा गया है और जिसका ं रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 67. | 1003 | जौ [उससे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 68. | 1004 | जई [उससे भिन्न, जिन्हे किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका ं रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है ] |
| 69. | 1005 | मक्का (कार्न) [उससे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है ] |
| 70. | 1006 | चावल [उससे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 71. | 1007 | ज्वारादि [उससे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 72. | 1008 | कुट्टु, मिलेट और कैनेरी बीज; अन्य धान्य जैसे ज्वार, बाजरा, रागी [उससे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 73. | 1101 | गेहूं या मेसलीन का आटा [उससे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान मे रखा ं गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 74. | 1102 | गेहूं या मेसलीन के आटे से भिन्न, धान्य आटा [मक्का (कार्न) आटा, राई आटा, आदि] [उससे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 75. | 1103 | धान्य, दलिया [उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिनका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 76. | 1104 | धान्य दाना, तुष निकाले गए |
| 77. | 1105 | आलू का आटा [उससे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 78. | 1106 | शीर्ष 0713 के शुष्कित फलीदार वनस्पतियों (दालो ं) का आटा [1106 10 10 के गवार अवचूर्ण और 1106 10 90 के गवार गोंद परिष्कृत से भिन्न], साबूदाने या 0714 शीर्ष की जडों या कंदों या अध्याय 8 के उत्पादों अर्थात हल्दी, सिंगाडे का आटा, आम का आटा आदि [उससे भिन्न, जिसे किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 79. | 12 | बीज क्वालिटी के सभी माल |
| 80. | 1201 | सोयाबीन, चाहे टूटी है अथवा नहीं, बीज क्वालिटी की |
| 81. | 1202 | मूंगफली, जो भर्जित अन्यथा पकाई गई नहीं है, चाहे कवच रहित या टूटी हुई अथवा नहीं, बीज क्वालिटी की |
| 82. | 1204 | अलसी, चाहे टूटी है अथवा नहीं, बीज क्वालिटी की |
| 83. | 1205 | तोरिया या कोल्जा बीज़, चाहे टूटे है अथवा नहीं, बीज क्वालिटी की |
| 84. | 1206 | स ूर्यमुखी के बीज चाहे टूटे हैं अथवा नहीं, बीज क्वालिटी की |
| 85. | 1207 | अन्य तिलहन और तेलोत्पादक फल (अर्थात ताड़फल और गिरी, बिनौले, एरंड के बीज, तिल के बीज, सरसों के बीज, कुसंभम (करथोमस टिंकटोरियस) बीज खरबूजे के बीज, खसखस बीज, एजाम्स, आमगुठली, नाइजर बीज, कोकम) चाहे टूटे हों अथवा नहीं, बीज क्वालिटी की। |
| 86. | 1209 | बीज, फल और किसी प्रकार के बीजाणू, जो बोने के लिए उपयोग में लाए जाते हैं। |
| 87. | 1210 | हाप कोन, ताजे |
| 88. | 1211 | उस प्रकार के पौधे और पौधों के भाग (जिसके अंतर्गत बीज और फल भी हैं), जिनका उपयोग मुख्यतः सुगंध सामग्री, फार्मेसी में या कीटनाशी, फफूंदीनाशी के लिए या वैसे ही प्रयोजनों के लिए किया जाता है, ताजे या द्रुतशीतित। |
| 89. | 1212 | लोकस्ट फलियां, समुद्री शैवाल और अन्य शैवाल, चुकंदर और गन्ना, ताजे या द्रुतशीतित। |
| 90. | 1213 | धान्य पुआल और भूसी, अनिर्मित चाहे काटी हुई, दलित, दावित या गुटिका के रुप में है अथवा नहीं। |
| 91. | 1214 | स्वीडन का शलजम, मंगोल्ड, चारे की जडें, सूखी घास, रिजका (अल्फाफा), क्लोवर, सेनफोइन, हरा चारा काले, ल्यूपिन, वैचिस और वैसा ही हरा चारा उत्पाद, चाहे वे गुटिका के रुप में है या नहीं। |
| 92. | 1301 | लाख और शल्क लाख |
| 93. | 1404 90 40 | पान के पत्ते |
| 94. | 1701 या 1702 | सभी प्रकार के गुड़, जिसके अंतर्गत गन्ना गुड (गुड़) और पालमिरा गुड़ सम्मिलित है। |
| 95. | 1904 | फुला हुआ चावल, जो समान्यतः मुरी के नाम से ज्ञात है, सपाटित या कुटा हुआ चावल, जो समान्यतः च्यूड़ा के नाम से ज्ञात है, सूखा चावल, जो सामान्यतः खोई के नाम से ज्ञात है; सूखा धान या चीनी अथवा गुड़ से विलेपित चावल, जो सामान्यतः मुर्की के नाम से ज्ञात है। |
| 96. | 1905 | पापड़, चाहे किसी नाम से ज्ञात हो, सिवाय तब के जब उसे उपभोग के लिए दिए जाते है। |
| 97. | 1905 | डबल रोटी (ब्रांडीकृत या अन्यथा) सिवाय तब के जब उसे उपभोग के लिए और पिज्जा ब्रेड के रुप में रखा जाता है। |
| 98. | 2106 | मंदिरों, मस्जिदों, चर्चो, गुरुद्वाराें, दरगाहों जैसे धार्मिक स्थानों पर दिया जाने वाला प्रसाद। |
| 99. | 2201 | जल [वातित, खनिज, शुद्वीकृत, आस्वित, चिकित्सीय, आयनिक, बैटरी, विखनिजीकृत और सीलबंद आधानों में विक्रय किए जाने वाले जल से भिन्न] |
| 100. | 2201 | गैर अल्कोहाली टोडी, नीरा, जिसके अंतर्गत खजूर और पाम नीरा भी है |
| 101. | 2202 90 90 | यूनिट आधान में रखे हुए और रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम वाले मृदु नारियल जल से भिन्न। |
| 102. | 2302, 2304, 2305, 2306, 2308, 2309 | जलीय खाद्य जिसके अंतर्गत झींगी खाद्य और झींगा खाद्य भी है, कुक्कुट खाद्य और पशु खाद्य सूखी घास और पुआल, दालों का अनुपुरक और भूसी, सांद्रण और योज्यक, गेहूं का चोकर और तेल निकाला गया केक |
| 103. | 2716 00 00 | विद्युतीय उर्जा |
| 104. | 2501 | नमक, सभी किस्मो ं के [2501] |
| 105. | 2835 | भारतीय मानक विनिर्देश संख्या 5470 : 2002 के अनुरुप पशु खाद्य ग्रेड का डाईकैल्शियम फ़ास्फेट (डीसीपी)। |
| 106. | 3002 | मानव रक्त और उसके संघटक |
| 107. | 3006 | सभी प्रकार के गर्भनिरोधक |
| 108. | 3101 | सभी माल और आर्गेनिक खाद्य [उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया हैं और जिनका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है] |
| 109. | 3304 | काजल [काजल पैंसिल स्टिकों से भिन्न], कुमकुम, बिंदी, सिंदूर, आल्ता |
| 110. | 3825 | नगर पालिका अपशिष्ट, मल स्लज, नैदानिक अपशिष्ट |
| 111. | 3926 | प्लास्टिक चूडियां |
| 112. | 4014 | कंडोम और गर्भनिरोधक |
| 113. | 4401 | जलावन काष्ठ, ईधन काष्ठ |
| 114. | 4402 | काष्ठ चारकोल (जिसके अंर्तगत कोष या दृढ़फल चारकोल भी है), चाहे वह संपीड़ित है अथवा नहीें। |
| 115. | 4802/4907 | न्यायिक, न्यायेतर स्टांप पेपर, न्यायालय फीस स्टांप, जब उनका सरकारी खजाने या सरकार द्वारा प्राधिकृत विक्रेताओं द्वारा विक्रय किया जाए। |
| 116. | 4817/4907 | डाक संबंधी मदें जैसे सरकार द्वारा विक्रीत लिफाफे, पोस्टकार्ड आदि |
| 117. | 48/4907 | रुपये के नोट, जब उनका विक्रय भारतीय रिजर्व बैंक को किया जाए |
| 118. | 4907 | चैक, खुली हुई या पुस्तक रुप में |
| 119. | 4901 | मुद्रित पुस्तकें, जिसके अंतर्गत ब्रेल पुस्तकें भी हैं |
| 120. | 4902 | समाचार पत्र, पत्रिकाएं, नियत कालिक पत्रिकाएं, चाहें चित्रनिरुपित हों अथवा नहीं या चाहे उनमें विज्ञापन सामग्री हों अथवा नहीं। |
| 121. | 4903 | बालकों के लिए चित्र, ड्राइंग या रंगकारी पुस्तके ं |
| 122. | 4905 | सभी प्रकार के मानचित्र और जलराशिक या वैसे ही चार्ट, जिनके अंतर्गत एटलस, दीवारमानचित्र, स्थलाकृतिक रेखांक और ग्लोब हैं, मुद्रित। |
| 123. | 5001 | रेशम कीट रखना, कोया |
| 124. | 5002 | अपरिष्कृत रेशम |
| 125. | 5003 | रेशम अपशिष्ट |
| 126. | 5101 | ऊन, जो धूनित या कंकतकृत नही है |
| 127. | 5102 | स ूक्ष्म या स्थूल प्राणी रोम, जो धूनित या कंकतकृत नहीं है |
| 128. | 5103 | ऊन या सूक्ष्म या स्थूल प्राणी रोम के अपशिष्ट |
| 129. | 52 | गांधी टोपी |
| 130 | 52 | खादी सूत |
| 131 | 5303 | जूट रेशे, कच्चे या प्रसंस्कृत किन्तु अव्युतित नहीं |
| 132 | 5305 | नारियल, कयर रेशे |
| 133 | 63 | भारतीय राष्ट्रीय ध्वज |
| 134 | 6703 | मानव केश, प्रसाधित, तनुकृत, वरंजित या अन्यथा कर्मित |
| 135 | 6912 00 40 | मिट्टी के बर्तन और मृतिका लैंप |
| 136 | 7018 | कांच की चूडियां, (बहुमूल्य धातु से बनी चूडियों के सिवाय) |
| 137 | 8201 | मानवीय रुप से प्रचालित या पशुओं द्वारा चालित उपकरण अर्थात हाथ के औजार जैसे फावडे, शावल, गैंती, कुदाल, हो, कांटे और पंजे; कुल्हाड़ी, बांका और वैसे ही काटने के औजार, किसी भी प्रकार के कैंचा; और कलम कैची, दराती हंसिए, घास, कर्तित्र, झाड़ समाकर्तित्र, प्रकाष्ठफान और अन्य औजार, जिनका कृषि, उद्यान कृषि, वानिकी में उपयोग किया जाता है। |
| 138. | 8445 | अंबर चरखा |
| 139. | 8446 | हथकरघा (व्यूतन मशीन) |
| 140. | 8802 60 00 | अंतरिक्ष यान (जिसके अंतर्गत उपग्रह भी हैं) और उपकक्षीय तथा अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण यान। |
| 141. | 8803 | शीर्ष सं0 8801 के माल के पुर्जे |
| 142. | 9021 | श्रवण सहायिकी |
| 143. | 92 | देशी हस्तनिर्मित वाद्य यंत्र |
| 144. | 9603 | सरकंडे ं और फूल बहारी झाडू से बने मोढ़े |
| 145. | 9609 | स्लेट पैंसिलें और चाक स्टिक |
| 146. | 9610 00 00 | स्लेटें |
| 147. | 9803 | यात्री सामान |
| 148. | अन्य अध्याय | पूजा सामग्री अर्थात :- ( i) रुद्राक्ष, रुद्राक्ष माला, तुलसी कंठी माला, पंचगव्य (गाय के गोबर, देशी घी, दूध और दही का मिश्रण); ( ii) पवित्रधागा (जो सामान्यतः यज्ञोपवीत के नाम से ज्ञात है); ( iii) लकड़ी की खड़ाऊं ; ( iv) पंचामृत; ( v) धार्मिक संस्थाओं द्वारा विक्रीत भभूति ; ( vi) अब्रांडीकृत शहद [प्रस्तावित जी.सी.टी. शून्य]; ( vii) दिए के लिए बाती ( viii) रोली; ( ix) कलावा (रक्षासूत्र) ; ( x) चंदन टीका। |
| 149. | - | राज्य सरकार, संघ राज्यक्षेत्र या स्थानीय प्राधिकारी से भिन्न किसी व्यक्ति द्वारा लाटरी की पूर्ति, इस शर्त के अध्यधीन कि ऐसी लाटरी की पूर्ति पर, जब इसकी पूर्ति, यथास्थिति, राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा, यथास्थिति, राज्य सरकार, संघराज्य क्षेत्र या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा नियुक्त लाटरी वितरक या विक्रय अभिकर्ता को की जाती है, समुचित, यथास्थिति, केंद्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्य क्षेत्र कर या एकीकृत कर भुगता है। |
(i) "इकाई आधान" पद से कोई ऐसा पैकेज, चाहे वह बड़ा हो या छोटा (उदाहरणार्थ टिन, केन बाक्स, जार, बोतल, थैला या कार्टन, ड्रम, बैरल या कनस्तर) अभिप्रेत है, जो ऐसे पूर्व अवधारित मात्रा या संख्या जो ऐसे पैकेज पर उपदर्शित की गई हैं, रखने के लिए डिजाइन किया गया है। (ii) "रजिस्ट्रीकृत" ब्रांड नाम" पद से ऐसा ब्रांड नाम या व्यापार नाम अभिप्रेत है, अर्थात नाम या चिन्ह जैसे संप्रतीक, मोनोग्राम, लेबल, हस्ताक्षर, अविष्कृत शब्द या लेख जिसका ऐसे विनिर्दिष्ट माल तथा उस व्यक्ति की पहचान के किसी उपदर्शन सहित या रहित ऐसे नाम या चिन्ह का प्रयोग करने वाले किसी व्यक्ति के बीच व्यापार के अनुक्रम में किसी संबंध को उपदर्शित करने के प्रयोजन के लिए या जिससे उसे उपदर्शित किया जा सके, ऐसे विनिर्दिष्ट माल के संबंध में उपयोग किया जाता है, और जो व्यापार चिन्ह अधिनियम, 1999 के अधीन रजिस्ट्रीकृत है। (iii) ''टैरिफ पद", "उपशीर्ष", "शीर्ष" और "अध्याय" से सीमाशुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 (1975 का 51) की पहली अनुसूची में यथाविनिर्दिष्ट क्रमशः टैरिफ मद, उपशीर्ष, शीर्ष और अध्याय अभिप्रेत होगा।
(iv) उक्त सीमाशुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 (1975 का 51) की पहली अनुसूची, जिसके अंतर्गत पहली अनुसूची के अनुभाग और अध्याय टिप्पण तथा साधारण स्पष्टीकारक भी है, के निर्वचन के लिए नियम, जहां तक हो सके, इस अधिसूचना के निर्वचन के लिए लागू होंगे।
2. यह अधिसूचना 1 जुलाई, 2017 से प्रवृा होगी।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को पृष्ठ 3158 से 3165 पर प्रकाशित किया जा चुका है।
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आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना सं0 3/2017-राज्य कर (दर)
शिमला-2, 30 जून, 2017
संख्याः ई.एक्स.एन-एफ(10)-14/2017-लूज़.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 11 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हए, यह समाधान हो जाने पर कि ऐसा करना लोक हित में आवश्यक है, परिषद् की सिफारिशों पर, राज्य के भीतर ऐसे माल की पूर्ति को, जिसका वर्णन इस अधिसूचना से संलग्न सुसंगत सूची के साथ पठित नीचे सारणी के स्तंभ (3) में विनिर्दिष्ट है और जो उक्त सारणी के स्तंभ (2) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में यथाविनिर्दिष्ट, यथास्थिति, टैरिफ मद, उपशीर्ष, शीर्ष या अध्याय के अंतर्गत आती है, पूर्वाेक्त सारणी के स्तंभ (5) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में यथाविनिर्दिष्ट इस अधिसूचना से उपाबद्ध सुसंगत शर्तों के अधीन रहते हुए, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 9 के अधीन उन पर उद्ग्रहणीय उतने राज्य कर से छूट प्रदान करते हैं, जो उक्त सारणी के स्तंभ (4) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट दर पर संगणित रकम से अधिक है।9265 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 सारणी
| क्रम सं0 | अध्याय/शीर्ष / उप-शीर्ष/ टैरिफ मद | माल का विवरण | दर | शर्त संख्या |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1. | कोई अध्याय | निम्नलिखित के संबंध मे अपेक्षित इस सारणी से उपाबद्ध ं सूची में विनिर्दिष्ट मालः ( 1) भारत सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा तेल और प्राकृतिक गैस निगम या ऑयल इंडिया लिमिटेड को नामांकन के आधार पर मंजूर की गई पेट्रोलियम खोज अनुज्ञप्तियों या खनन पट्ठों के अधीन प्रारंभ किए गए पेट्रोलियम संबंधी प्रचालन, या प्रारंभ किए गए ( 2) विनिर्दिष्ट संविदाओं के अधीन पेट्रोलियम संबंधी प्रचालन, या ( 3) नई खोज अनुज्ञापन नीति के अधीन विनिर्दिष्ट संविदाओं के अधीन प्रारंभ किए गए पेट्रोलियम संबंधी प्रचालन, या ( 4) सीमांत फील्ड नीति (एमएफपी) के अधीन विनिर्दिष्ट संविदाओं के अधीन प्रारंभ किए गए पेट्रोलियम संबंधी प्रचालन, या ( 5) कोयला संस्तर मिथेन नीति के अधीन प्रारंभ किए गए कोयला संस्तर संबंधी प्रचालन। | 2.5% | 1 |
उपाबंध
| शर्त सं0 | शर्त |
| 1. | यदि,-- ( क) माल की पूर्ति निम्नलिखित को की जाती हैः- (i) त ेल और प्राकृतिक गैस निगम या आयल इंडिया लिमिटेड (जिसे इसमें इसके पश्चात् "अनुज्ञप्तिधारी" कहा गया है) या अनुज्ञप्तिधारी का उप संविदाकार और नामांकन के आधार पर भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गई, यथास्थिति, पेट्रोल खोज अनुज्ञप्तियों या खनन पट्ठाें के अधीन आरंभ की जाने वाली पेट्रोल संक्रियाओं के संबंध में प्रत्येक मामले में ; या (ii) किसी भारतीय कंपनी या कंपनियों, विदेशी कंपनी या कंपनियों या भारतीय कंपनी या क पनियों और विदेशी कंपनी या कंपनियों के संघ (जिसे इसमें इसके पश्चात् ं "संविदाकार" कहा गया है) या संविदाकार का उप संविदाकार और भारत सरकार के साथ संविदा के अधीन की जाने वाली पेट्रोल संक्रियाओं के संबंध में प्रत्येक मामले में; या |
| (iii) किसी भारतीय कंपनी या कंपनियो , विदेशी कंपनी या कंपनियों या भारतीय कंपनी या ं क पनियों और विदेशी कंपनी या कंपनियों के संघ (जिसे इसमें इसके पश्चात् ं "संविदाकार" कहा गया है) या या ऐसी कंपनी या कंपनियो ं या ऐसे संघ का उप स ंविदाकार, यथास्थिति, 1 अप्रैल, 1998 को या उसके पश्चात् नई खोज अनुज्ञापन नीति क े अधीन या 1 अप्रैल, 2001 को या उसके पश्चात् कोयला संस्तर मिथेन नीति के निबंधनानुसार या 14 अक्तूबर, 2015 को या उसके पश्चात् सीमांत क्षेत्र नीति के निबंधनानुसार भारत सरकार के साथ हस्ताक्षर की गई संविदा के अधीन आरंभ की जाने वाली, यथास्थिति, पेट्रोल संक्रियाओं या कोयला संस्तर मिथेन संबंधी प्रचालनों के प्रत्येक मामले में; ( ख) जहां माल की बाहरी पूर्ति का प्राप्तिकर्ता,-- (i) एक अनुज्ञप्तिधारी है, वह, माल की बाहरी पूर्ति के समय, यथास्थिति, केंद्रीय कर उपायुक्त या केंद्रीय कर सहायक आयुक्त या राज्य कर उपायुक्त या राज्य कर सहायक आयुक्त को, जिनकी माल के पूर्तिकर्ता पर अधिकारिता है, निम्नलिखित प्रस्तुत करता है, अर्थात सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय के सम्यक्तः प्राधिकृत अधिकारी से इस आशय का प्रमाणपत्र कि माल, खंड (क) के उपखंड (i) में निर्दिष्ट पेट्रोल संक्रियाओं के लिए अपेक्षित है; (ii) एक संविदाकार है, वह, माल की बाहरी पूर्ति के समय, यथास्थिति, केंद्रीय कर उपायुक्त या केंद्रीय कर सहायक आयुक्त या राज्य कर उपायुक्त या राज्य कर सहायक आयुक्त को, जिनकी माल के पूर्तिकर्ता पर अधिकारिता है, निम्नलिखित प्रस्तुत करता है, अर्थात् भारत सरकार के पेट्रालियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय मे ं हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय के सम्यक्तः प्राधिकृत अधिकारी से इस आशय का प्रमाणपत्र कि माल, निम्नलिखित के लिए अपेक्षित हैः- (क) उस खंड में निर्दिष्ट संविदा के अधीन खंड (क) के उपखंड (ii) में निर्दिष्ट पेट्रोल संक्रियाएं, या (ख) यथास्थिति, नई खोज अनुज्ञापन नीति या कोयला संस्तर मिथेन नीति या सीमांत क्षेत्र नीति के अधीन हस्ताक्षर की गई संविदा के अधीन खंड (क) के उपखंड (ii) में निर्दिष्ट, यथास्थिति, पेट्रोलियम संबंधी प्रचालन या कोयला संस्तर मिथेन संबंधी प्रचालनों; ( ग) जहां माल की बाहरी पूर्ति का प्राप्तिकर्ता, कोई उप संविदाकार है, वहां वह माल की बाहरी पूर्ति के समय, यथास्थिति, केंद्रीय कर उपायुक्त या केंद्रीय कर सहायक आयुक्त या राज्य कर उपायुक्त या राज्य कर सहायक आयुक्त को, जिनकी माल के पूर्तिकर्ता पर अधिकारिता है, निम्नलिखित प्रस्तुत करता है,-- (i) भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में हाइड्रो कार्बन महानिदेशालय के सम्यक्तः प्राधिकृत अधिकारी से इस आशय का प्रमाणपत्र कि माल, निम्नलिखित के लिए अपेक्षित हैः- ं के (क) उस उपखंड में निर्दिष्ट यथानिर्दिष्ट, यथास्थिति, अनुज्ञप्तियों या खनन पट्टो अधीन, खंड (क) के उपखंड (i) में निर्दिष्ट पेट्रोल संक्रियाएं, और जिसमें ऐसे उप संविदाकार का नाम अंतर्विष्ट हो, या (ख) उस उपखंड में निर्दिष्ट यथानिर्दिष्ट, संविदा के अधीन, खंड (क) के उपखंड (ii) में निर्दिष्ट पेट्रोल संक्रियाएं, और जिसमें ऐसे उप संविदाकार का नाम अंतर्विष्ट हो, या | |
| (ग) यथास्थिति, नई खोज अनुज्ञापन नीति या कोयला संस्तर मिथेन नीति या सीमांत क्षेत्र नीति के अधीन हस्ताक्षर की गई संविदा के अधीन, खंड (क) के उपखंड (iii) में निर्दिष्ट, यथास्थिति, पेट्रोलियम संबंधी प्रचालन या कोयला संस्तर मिथेन संबंधी प्रचालन और जिसमें ऐसे उप संविदाकार का नाम अंतर्विष्ट हो ; (ii) इस आशय का शपथपत्र कि ऐसा उप संविदाकार, यथास्थिति, अनुज्ञप्तिधारी या पट्टेदार या संविदाकार का वास्तविक उप संविदाकार है; (iii) यथास्थिति, ऐसे अनुज्ञप्तिधारी या पट्टेदार या संविदाकार से ऐसे किसी कर, जुर्माना या शास्ति, जो संदेय हो सके, का संदाय करने के लिए उसे आबद्ध करने का वचन, यदि इस प्रविष्टि की किसी शर्त का, यथास्थिति, ऐसे उप संविदाकार या अनुक्षप्तिधारी या पट्टेदार या संविदाकार द्वारा अनुपालन नहीं किया जाता है । ( घ) जहां किसी अनुज्ञप्तिधारी या अनुज्ञप्तिधारी के किसी उप संविदाकार या संविदाकार या स ंविदाकार के किसी उप संविदाकार को इस प्रकार पूर्ति किया गया माल, अनुज्ञपितधारी के किसी अन्य संविदाकार या किसी अन्य अनुज्ञप्तिधारी या ऐसे अनुक्षप्तिधारी के उप संविदाकार या संविदाकार के किसी अन्य उप संविदाकार या किसी अन्य संविदाकार या ऐसे संविदाकार के उप संविदाकार (जिसे इसमें इसके पश्चात् "अंतरिती" कहा गया है) को अंतरित किए जाने की वांछा की जाती है, वहां ऐसा अंतरिती ऐसे अंतरण के समय, यथास्थिति, उपायुक्त केंद्रीय कर या सहायक आयुक्त केंद्रीय कर या उप आयुक्त राज्य कर या सहायक आयुक्त राज्य कर को, जिनकी अधिकारिता में ऐसा अंतरिती है, निम्नलिखित प्रस्तुत करेगा, अर्थात्ः- (i) भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में हाइड्रो कार्बन महानिदेशालय के सम्यक्तः प्राधिकृत अधिकारी से इस आशय का प्रमाणपत्र कि उक्त माल, अंतरिती के नाम मे ं अंतरित किया जाए और उक्त माल निम्नलिखित आरंभ की जाने वाली पेट्रोल संक्रियाओं के लिए अपेक्षित हैः- (A) खंड (क) के उपखंड (i) में निर्दिष्ट पेट्रोल खोज या खनन पट्टे ; या ( B) खंड (क) के उपखंड (ii) में निर्दिष्ट संविदा के अधीन आरंभ की जाने वाली पेट्रोलियम संबंधी प्रचालन ; या (C) खंड (क) के उपखंड (iii) में निर्दिष्ट संविदा के अधीन आरंभ की जाने वाली यथास्थिति, पेट्रोलियम संबंधी प्रचालन या कोयला संस्तर मिथेन संबंधी प्रचालन (ii) अंतरिती से इस प्रविष्टि की सभी शर्तोंं का अनुपालन करने के लिए वचन, जिसके अंतर्गत यह भी है कि व ऐसे किसी कर, जुर्माना या शास्ति, जो संदेय हो सके, का वहां सदांय करेगा यदि इस प्रविष्टि की शर्त का उसके द्वारा अनुपालन नहीं किया जाता है, जहां वह अनुाप्तिधारी/संविदाकार है, या अंतरिती के अनुज्ञपितधारी/ संविदाकार द्वारा, वहां ऐसा अंतरिती एक उप संविदाकार है। (iii) कोई प्रमाणपत्र,-- (A) भारत सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा नाम निर्देशन के आधार पर जारी की गई कोई पेट्रोलियम खोज अनुज्ञप्ति या खनन पट्ठे की दशा मे ं इस प्रभाव का प्रमाणपत्र कि यथास्थिति, अनुज्ञप्तिधारी या पट्ठेधारी की ओर से अंतरिती द्वारा किए गए ऐसे मालों के अंतरण के लिए कोई विदेशी मुद्रा विप्रेषण नहीं किया गया है, | |
| (B) भारत सरकार और किसी विदेशी कंपनी या कंपनियों के बीच या भारत सरकार और किसी भारतीय कंपनी या कंपनियो और किसी विदेशी कंपनी या कंपनियो ं ं के किसी संघ के बीच हुई संविदा की दशा में इस प्रभाव का प्रमाणपत्र कि, यथास्थिति, ऐसी विदेशी कंपनी या कंपनियों की ओर से अंतरिती द्वारा किए गए ऐसे मालों के अंतरण के लिए कोई विदेशी मुद्रा विप्रेषण नहीं किया गया है : परन्तु इस उपधारा में अन्तर्विष्ट कोई बात उस समय लागू नहीं होगी जब ऐसा अंतरिती कोई भारतीय कंपनी या कंपनियां है। ( ड) जहां इस प्रकार पूर्ति किए गए माल का निस्तारण किया जाना है, यथास्थिति, माल की बाहरी पूर्ति का प्राप्तिकर्ता या अन्तरिती, कर जो संदेय किया जा सकेगा लेकिन यहां अन्तर्विष्ट छूट क े लिए ऐसे माल के ह्रास मूल्य पर इस शर्त के अध्यधीन कि आयातकर्ता या अन्तरिती, यथास्थिति, उपायुक्त केंद्रीय कर या सहायक आयुक्त केंद्रीय कर या उपायुक्त राज्य कर या सहायक आयुक्त राज्य कर को, यथास्थिति, जो पूर्तिकर्ता पर अधिकारिता रखता हो, को महानिदेशक, हाइड्रोकार्बन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के सम्यक् रूप से प्राधिकृत अधिकारी इस प्रभाव का एक प्रमाणपत्र कि उक्त माल पेट्रोलियम प्रचालनों या कोयला बैड मिथेन प्रचालनो ं के लिए अधिक समय तक अपेक्षित नहीं है, प्रस्तुत करेगा और माल का ह्रास मूल्य, माल के समाशोधन की तारीख से वर्ष के प्रत्येक तिमाही या उसके भाग क े लिए नीचे यथाविनिर्दिष्ट ऋजु रेखा प्रणाली द्वारा संगणित प्रतिशत बिन्दुओं द्वारा कम आयात के समय पर माल के मूल मूल्य के बराबर होगा, अर्थात्ः- 70 प्रतिशत की अधिकतम के अधीन रहते हुए (i) प्रथम वर्ष में प्रत्येक तिमाही के लिए 4 प्रतिशत की दर; (ii) दूसरे वर्ष में में प्रत्येक तिमाही के लिए 3 प्रतिशत की दर; (iii) तीसरे वर्ष में प्रत्येक तिमाही के लिए 2.5 प्रतिशत की दर; और (iv) चौथे वर्ष में प्रत्येक तिमाही के लिए और पश्चातवर्ती वर्षों के लिए 2 प्रतिशत की दर; |
सूची (सारणी का क्र0 सं0 1 देखें)
(1) भूकंपीय उपस्कर और साधित्र, अपेक्षित यान, जिनके अंतर्गत उपस्कर को वहन करने के लिए यान भी हैं, भूकंपीय सर्वेक्षण जलयान, भूमंडलीय अवस्थिति प्रणाली और भूकंपीय कार्य के लिए अपेक्षित अन्य सामग्री या तट पर और अपतट क्रियाकलापों के लिए भूभौतिक और भूरासायनिक सर्वेक्षण के अन्य प्रकार।
(2) सभी प्रकार के वेधन साज-सामान, जैकप साज-सामान, निमज्जनी साज- सामान, अर्द्ध निमज्जनी साज-सामान, वेधन पोत, वेधन नौकाएं, शाट-होल वेधन साज-सामान, गतिशील साज-सामान, वर्कओवर साज-सामान, जो विभिन्न उपकरणों और वेधन संक्रियाओं के लिए अन्य वेधन उपस्करों से मिलकर बना है और चिपटाकारक यूनिटों, हाइड्रोलिक वर्कओवर यूनिटों, स्वःउत्तोलन वर्कओवर प्लेटफार्मों, सुदूर प्रचालित जलयान (आरओवी) के लिए अपेक्षित अन्य वेधन उपस्कर।
(3) हेलिकाप्टर जिनके अंतर्गत समंजक/पुर्जे भी हैं।
(4) पेट्रोलियम संक्रियाओं की सहायता करने के लिए सभाी प्रकार के समुद्री जलयान, जिनके अंतर्गत कार्य नाव, नौकाएं, कार्यदल नौकाएं, कर्ष, लंगर संभालने वाले जलयान, साधारण नौकाएं और प्रदाय नौकाएं भी हैं, समुद्रीपोत उपस्कर, जिसके अंतर्गत वाटर मेकर, डीपी प्रणाली और निमज्जन प्रणाली भी है।9269 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 (5) निमज्जनकारी, जोड़ने वाली, लट्ठे बनाने वाली उत्पादन परीक्षण अनुरूपण ओर पंक सेवाएं, तेल क्षेत्र संबद्ध प्रयोगशाला, उपस्कर जलाशय इंजीनियरी, भूगर्भीय उपस्कर, दिशासूचनक वेधन, अनुरूपण, क्वाएल ट्यूबिंग यूनिटों, ड्रिल स्टेम टेस्टिंग(डीएसटी) आंकड़ा अर्जन और प्रसंस्करण तथा ठोक पदार्थ नियंत्रण, मछली पकड़ना, तेल क्षेत्र संक्रियाओं या कोयला संस्तर क्षेत्र मिथेन संबंधी प्रचालनों में अधोछिद्र पुनः प्रापण से यथा संबद्ध, पाइप निरीक्षक, जिसके अंतर्गत अविध्वंशीय परीक्षण, कोरिंग गे्रवल पैक, तेल/गेस/सीबीएम कुओं, जिनके अंतर्गत वायरलाइन और अधोछिद्र उपस्कर भी हैं, जैसी विशेषीकृत सेवाओं के लिए सभी प्रकार के उपस्कर/यूनिट। (6) सभी प्रकार के वेष्टन पाइप वेधन पाइप, उत्पादन नलिकाकरण, पप ज्वाइंट्स, कनेक्शन, कपलिंग, केली, क्रास ओवर्स और स्वैग, ड्राई पाइप।
(7) सभी प्रकार के वेधन बर्मी, जिनके अंतर्गत नोजल, भंजक और संबद्ध औजार।
(8) सभी प्रकार के तेल क्षेत्र रसायन या कोयला संस्तर मिथेन रसायन, जिनके अंतर्गत पेट्रोलियम या कोयला संस्तर मिथेन संबंधी प्रचालनों में प्रयुक्त सिंथेटिक उत्पाद भी हैं, तेल क्षेत्र सीमेंट और सीमेंट योजक, जो तेल या गैस के वेधन, उत्पादन और परिवहन के लिए अपेक्षित हैं। (9) तेल, गैस या सीबीएम तथा जल अंतर्वेशन के लिए प्रक्रिया, उत्पादन और कुएं प्लेटफार्म/ संस्थापन जिनके अंतर्गत प्लेटफार्म/संस्थापन और प्रक्रिया उपस्कर, टरबाइनों, पंपों, जनित्रों, संपीडकों, प्राइम मूवरों, वाटर मेकरों, फिल्टरों जैसी अपेक्षित प्लेटफार्मों/संस्थापनों के भागरूप होने वाली मदें भी हैं और प्लेटफार्मों/संस्थापनों के लिए अपेक्षित फिल्टर करने के उपस्कर, टेलीमीटरी, दूरसंचार, सुदूर नियंत्रण और अन्य सामग्री।
(10) प्रभार लाइनों तथा टं्रक पाइप लाइन जिनके अंतर्गत भार विलेपन और आवरण भी हैं, के लिए लाइन पाइपें।
(11) डेरिक नौकाएं, मोबाइल और स्थयी क्रेनों, खाई खोदक, पाइप बिछाने वाली नौकाएं, स्थेरा नौकाएं और प्लेटफार्मों के संनिर्माण/संस्थापन और पाइप लाइनों के बिछाने में अपेक्षित वैसी ही वस्तुएं। (12) एकल पल्व, नौबंध प्रणाली, नौबंध रज्जु, फिटिंगें जैसे जंजीर, शैकल, संयोजन समुद्री हौजों और तेल भंडारण के लिए प्रयोग किए जाने वाले तेल टैंकर तथा संबद्ध उपस्कर, तेल के भंडारण के लिए प्रयुक्त टैंक, संघनित्र, कोयला संस्तर मिथेन, जल, गाद, रसायन और संबद्ध सामग्री। (13) प्रदूषण नियंत्रण, अग्नि रोक, अग्निशमन, अवशेष राफ्ट, जीवित, अग्नि और गैस भेदित उपस्कर, जिसके अंतर्गत एच2एस मानीटरी उपस्कर भी हैं, जैसी सुरक्षा मदों के लिए अपेक्षित पूर्णतः सज्जित जलयानों और अन्य यूनिटों/उपस्करों के सभी प्रकार।
(14) मोबाइल तथा रोक से मढ़े हुए पाइप बिछाना, पाइप का परीक्षण और पाइप निरीक्षण उपस्कर। (15) सभी प्रकार के वाल्व, जिनके अंतर्गत उच्च दाब के वाल्ब भी हैं।
(16) पेट्रोलियम या कोयला संस्तर मिथेन संबंधी प्रचालनों के लिए अपेक्षित संसूचना उपस्कर, जिनके अंतर्गत संश्लिष्ट वीएचएफ वायु और वीएचएफ बहुल चैनल सेट/वेएचएफ समुद्री बहुल चैनल सेट भी हैं।
(17) गैर दिशात्मक रेडियो अंतरस्थतः सुरक्षित वाकी-टाकी बेधक ईपीआई आरवी, इलेक्ट्रानिक व्यष्टिक सुरक्षा युक्तियों, जिनके अंतर्गत इलेक्ट्रानिक पहुंच नियंत्रण प्रणाली भी है। 9270 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 (18) विशेषीकृत एंटीना प्रणाली, रेडियो टर्मिनलों पर सिम्पलेक्स टेलेक्स, चैनल सूक्ष्म तरंग प्रणाली, परीक्षण और माप उपस्कर।
(19) एक्स-बैंड राडार ट्रांसपोंडर, क्षेत्र निगरानी प्रणाली
(20) सामान्य गहराई बिन्दु (सीडीपी) केबल, लागिंग केबल, संयोजत्र, जियो फोन रस्सियां, छिद्रण उपस्कर और विस्फोटक।
(21) वाल हेड और क्रिसमस वृक्ष जिसके अंतर्गत वाल्व, चोक, हेड स्पूल, हैंगर्स और एक्चयूऐटर्स, चिक्सन्स और उच्चदाब हौजों, बंद पैनलों जैसे नम्य संयोजन भी हैं।
(22) कैथोडिक संरक्षण प्रणालियां, जिनके अंतर्गत ऐनोड भी हैं।
(23) पेट्रोलियम और कोयला संस्तर मिथेन संबंधी प्रचालनों के लिए अपेक्षित तकनीकी आरेखण, मानचित्र, साहित्य, डाटाटेप, संक्रियात्मक और अनुरक्षण विषयक मैनुअल।
(24) इस सूची में विनिर्दिष्ट माल के चलाने, मरम्मत करने या उसके अनुरक्षण के लिए उप-समंजक, औजार, साधित्र, भंडार, पुर्जे, सामग्री, प्रदाय, उपभोग वस्तुएं।
स्पष्टीकरण-
(1) इस सारणी में, "टैरिफ मद", "उपशीर्ष", "शीर्ष" और "अध्याय" से सीमाशुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 (1975 का 51) की पहली अनुसूची में यथाविनिर्दिष्ट क्रमशः टैरिफ मद, उपशीर्ष, शीर्ष और अध्याय अभिप्रेत होगा।
(2) उक्त सीमाशुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 की पहली अनुसूची, जिसके अंतर्गत पहली अनुसूची के खंड और अध्याय टिप्पण तथा साधारण स्पष्टीकरण टिप्पण भी हैं, के निर्वचन के लिए नियम, जहां तक हो सके, इस अधिसूचना के निर्वचन के लिए लागू होंगे।
2. यह अधिसूचना 1 जुलाई से प्रवृत्त होगी।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को पृष्ठ 3165 से 3170 पर प्रकाशित किया जा चुका है।
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आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना सं04/2017-राज्य कर (दर)
शिमला-2, 30 जून, 2017
संख्याःई.एक्स.एन.-एफ(10)-14/2017-लूज़.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 9 की उपधारा (3) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हए परिषद की सिफारिशों पर, ऐसे माल की पूर्ति को विनिर्दिष्ट करते हें, जिसका वर्णन नीचे सारणी के सतंभ9271 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 (3) में विनिर्दिष्ट है और जो उक्त सारणी के स्तंभ (2) में की तत्स्थानी पविष्टि में यथा विनिर्दिष्ट यथास्थिति, टैरिफ मद, उपशीर्ष, शीर्ष या अध्याय के अंतर्गत आती है और जिसकी पूर्ति उक्त सारणी के स्तंभ (4) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में यथाविनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा की गई है तथा जिसकी बाबत केन्द्रीय कर स्तंभ (5) में की तत्स्थानी प्रविष्टि में यथाविनिर्दिष्ट एसे माल की राज्य के भीतर पूर्ति के प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिलोम प्रभार आधार पर संदत्त किया जाएगा और उक्त अधिनियम के सभी उपबंध ऐसे प्राप्तिकर्ता को लागू होंगे, अर्थात्ः-
सारणी
| क्र0 सं0 | टैरिफ मद, उप-शीर्ष, शीर्ष या अध्याय | माल की पूर्ति का विवरण | माल का पूर्तिकार | पूर्ति का प्राप्तिकर्ता |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) |
| 1. | 0801 | काजू, जिनका छिलका नहीं निकाला गया है या जिन्हें छिला नहीं गया है | क ृषिक | कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति |
| 2. | 1404 90 10 | बीड़ी लपेटने वाले पत्ते (तेन्दू) | क ृषिक | कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति |
| 3. | 2401 | त ंबाकू के पत्ते | क ृषिक | कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति |
| 4. | 5004 से 5006 | र ेशम सूत | कोई व्यक्ति, जो रेशम स ूत की पूर्ति के लिए कच्चे रेशम या रेशम कीट कोया से रेशम स ूत का विनिर्माण करता है। | कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति |
| 5. | - | लाटरी की पूर्ति | राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन या कोई स्थानीय प्राधिकारी। | लाटरी वितरक या उसका विक्रय करने वाला अभिकर्त्ता। स् पष्टीकरण,- इस प्रविष्टि के प्रयोजनो ं के लिए, लाटरी वितरक या उसका विक्रय करने वाला अभिकर्त्ता का वही अर्थ है, जो उनका लाटरी (विनियमन) अधिनियम, 1998 (1998 का 17) की धारा 11 की उपधारा 1 के उपबंधों के अधीन बनाए गए लाटरी विनियमन नियम 2010 के नियम (2) के खण्ड (ग) में है। |
स्पष्टीकरण-
(1) इस सारणी में, "टैरिफ मद", "उपशीर्ष", "शीर्ष" और "अध्याय" से सीमाशुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 (1975 का 51) की पहली अनुसूची में यथाविनिर्दिष्ट क्रमशः टैरिफ मद, उपशीर्ष, शीर्ष और अध्याय अभिप्रेत होगा। 9272 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 (2) उक्त सीमाशुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 की पहली अनुसूची, जिसके अंतर्गत पहली अनुसूची के खंड और अध्याय टिप्पण तथा साधारण स्पष्टीकरण टिप्पण भी हैं, के निर्वचन के लिए नियम, जहां तक हो सके, इस अधिसूचना के निर्वचन के लिए लागू होंगे।
2. यह अधिसूचना 1 जुलाई से प्रवृत्त होगी।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को पृष्ठ 3243 से 3244 पर प्रकाशित किया जा चुका है।
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आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना सं0 6/2017-राज्य कर (दर)
शिमला-2, 30 जून, 2017
संख्याः ई..एक्स.एन.-एफ(10 )-14/2017-लूज.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 55 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हए परिषद की सिफारिशों पर, रक्षा मंत्रालय के अधीन कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट (जिसे इसमें इसके पश्चात् सीएसडी कहा गया है) को, ऐसे व्यक्ति के रूप में, जो इसके द्वारा ऐसे माल की सीएसडी कैंटीन की यूनिक रन कैंटीन या सीएसडी कैंटीन के प्राधिकृत उपभोक्ताओं के लिए ऐसे माल की पश्चातवर्ती पूर्ति के प्रयोजनों के लिए इसके द्वारा प्राप्त माल की सभी आवक पूर्ति पर संदत्त लागू राज्य कर के पचास प्रतिशत के प्रतिदाय के दावे को करने का हकदार होगा, विनिर्दिष्ट करते हैं।
2. यह अधिसूचना 1 जुलाई, 2017 से प्रवृत्त होगी।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को पृष्ठ 3243 पर प्रकाशित किया जा चुका है।
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आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना सं0 8/2017-राज्य कर (दर)
शिमला-2, 30 जून, 2017
संख्याः ई.एक्स.एन-एफ(10 )-14/2017-लूज़.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 11 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग9273 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 करते हए, यह समाधान हो जाने पर कि लोक हित में ऐसा करना आवश्यक है, परिषद की सिफारिशों पर रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति को, ऐसे पूर्तिकार द्वारा, जो रजिस्ट्रीकृत नहीं है माल या सेवाओं या दोनों की, राज्य के भीतर पूर्ति को उक्त हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 9 की उपधारा (4) के अधीन उस पर उद्ग्रहणीय केन्द्रीय कर से छूट प्रदान करते हैं;
परन्तु उक्त छूट वहां लागू नहीं होगी, जहां रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति को माल या सेवाओं या दोनों की पूर्ति का समग्र मूल्य, ऐसे किसी या सभी पूर्तिकारों से, जो रजिस्ट्रीकृत नहीं है या नहीं हैं, एक दिन में पांच हजार रुपए से अधिक है।
2. यह अधिसूचना 1 जुलाई, 2017 से प्रवृत्त होगी।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को पृष्ठ 3171 से 3172 पर प्रकाशित किया जा चुका है।
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आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना सं0 10/2017-राज्य कर (दर)
शिमला-2, 30 जून, 2017
संख्याः ई.एक्स.एन-एफ(10)-14/2017-लूज.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 11 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हए, यह समाधान हो जाने पर कि लोक हित में ऐसा करना आवश्यक है, परिषद की सिफारिशों पर, ऐसा रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, जो पुराने माल का क्रय और विक्रय करता है और जो हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के नियम 32 के उपनियम (5) के अधीन यथा अवधारित पुराने माल की ऐसी जावक पूर्ति के मूल्य पर एकीकृत कर का संदाय करता है, जो कि ऐसे पूर्तिकार से, जो रजिस्ट्रीकृत नहीं है, पुराने माल की अंतरराज्यिक पूर्तियां प्राप्त करता है, उक्त हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 9 के अधीन उस पर उद्ग्रहणीय संपूर्ण राज्य कर से छूट प्रदान करती है।
2. यह अधिसूचना 1 जुलाई, 2017 से प्रवृत्त होगी।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी अनुवाद राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30 जून, 2017 को पृष्ठ 3170 पर प्रकाशित किया जा चुका है।9274 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना सं0 70/2017-राज्य कर
शिमला-2, 27 दिसम्बर, 2017
संख्याःई.एक्स0एन-एफ(10)-43/2017.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्ः-- 1. (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (पंद्रहवां संशोधन) नियम, 2017 है।
(2) ये तारीख 21 दिसम्बर, 2017 से प्रवृत होंगे।
2. हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 में,--(i) प्ररूप जीएसटीआर-1 में, सारणी-6 के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-
''6. शून्य दर पूर्तियां और समझे गए निर्यात
| प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईएन | बीजक के ब्यौरे | शिपिंग बिल/निर्यात का बिल | एकीकृत कर | क े ं द्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | उपकर | |||||||||
| सं. | तारीख | मूल्य | सं. | तारीख | दर | कराधेय मूल्य | रकम | दर | कराधेय मूल्य | रकम | दर | कराधेय मूल्य | रकम | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 | 16 |
| 6क. निर्यात | |||||||||||||||
| 6ख. विशेष आर्थिक जोन इकाई या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को की गई पूर्तियां | |||||||||||||||
| 6ग. समझे गए निर्यात | |||||||||||||||
| ''; |
(ii) प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01,--(क) सारणी 7 में, खंड (ज) में, "समझे गए निर्यात या प्राप्तिकर्ता" शब्दों के स्थान पर "समझी गई निर्यात पूर्तियों का प्राप्तिकर्ता/समझी गई निर्यात पूर्तियों का पूर्तिकार" शब्द रख जाएंगे;
(ख) विवरण 1 के पश्चात् निम्नलिखित विवरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
''विवरण 1क [नियम 89 (2) (ज)]
प्रतिदाय किस्मः विपर्यस्त कर ढांचे के कारण संचित आईटीसी [धारा 54 (3) के पहले परंतुक का खंड (ii)]
| क्रम सं0 | प्राप्त प ू र्तियों के आवक बीजकों के ब्यौरे | आवक पूर्तियों पर संदत्त कर | जारी जावक पूर्तियों के बीजकों के ब्यौरे | जावक पूर्तियों पर संदत्त कर | ||||||||
| सं0 | तारीख | कराधेय म ल्य ू | एकीकृत कर | केंद्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | स 0 ं | तारीख | कराधेय मूल्य | एकीकृत कर | केंद्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 |
| ''; |
"विवरण 5ख [नियम 89 (2) (छ)]
प्रतिदाय किस्मः समझे गए निर्यातों के लेखे
(रकम रुपए में)
| क्र0 सं0 | पूर्तिकार द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में जावक पूर्तियों के बीजकों के ब्यौरे/प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय की दशा में आवक पूर्तियों के बीजको के ं ब्यौरे | स ंदत्त कर | |||||
| स ं | . तारीख | कराधेय मूल्य | एकीकृत कर | केंद्रीय कर | राज्यकर/संघ राज्यक्षेत्र कर | उपकर | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| ;" |
(घ) घोषणा [नियम 89 (2) (छ)] के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-
"घोषणा [नियम 89 (2) (छ)]
(समझे गए निर्यात के प्राप्तिकर्ता/पूर्तिकार के लिए)
प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में
मैं, घोषणा करता हूं कि प्रतिदाय का दावा केवल उन बीजकों के लिए किया गया है, जिनके ब्यौरे विवरण 5ख में उस कर अवधि के लिए दिए गए हैं, जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है और रकम उक्त कर अवधि के लिए फाइल की गई वैध विवरणी में लिए गए इननुट कर प्रत्यय की रकम से अधिक नहीं है। मैं, यह भी घोषणा करता हूं कि पूर्तिकार ने उक्त पूर्तियों के संबंध में प्रतिदाय का दावा नहीं किया है।
पूर्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में
मैं, घोषणा करता हूं कि प्रतिदाय का दावा केवल उन बीजकों के लिए किया गया है, जिनके ब्यौरे विवरण 5ख में उस कर अवधि के लिए दिए गए हैं, जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है। मैं, यह भी घोषणा करता हूं कि प्राप्तिकर्ता उक्त पूर्तियों के संबंध में किसी प्रतिदाय का दावा नहीं करेगा और प्राप्तिकर्ता ने ऐसी पूर्तियों पर किसी इनपुट कर प्रत्यय भी नहीं लिया है।
हस्ताक्षर
नाम : पदनाम/प्रास्थिति";
वचनबंध
मैं एतद् द्वारा, वचन देता हूं कि यदि बाद में यह पाया जाता है कि रिफण्ड की गई राशि के संबंध में सीजीएसटी अधिनियम/एसजीएसटी अधिनियम की धारा 42 की उपधारा (2) के साथ पठित धारा 16 की 9276 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 उपधारा (2) के उपवाक्य (ग) में विनिर्दिष्ट अपेक्षायें पूरी नहीं हुई हैं तो मैं स्वीकृत रिफण्ड की राशि तथा साथ में उस पर लगने वाले ब्याज को लौटा दूंगा।
हस्ताक्षर
नाम : पदनाम/प्रास्थिति;
(iii) प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01क में,-
(क) सारणी 7 में, ख्ांड (छ) में, "समझे गए निर्यात का प्राप्तिकर्ता" शब्दों के स्थान पर "समझी गई निर्यात पूर्तियों का प्राप्तिकर्ता/समझी गई निर्यात पूर्तियों का पूर्तिकार" शब्द रखे जाएंगे;
(ख) घोषणाः ख्नियम 89 (2) (च), के पश्चात् निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः--
"घोषणा [नियम 89 (2) (छ)]
(समझे गए निर्यात के प्राप्तिकर्ता/पूर्तिकार)
प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में
मैं, घोषणा करता हूं कि प्रतिदाय का दावा केवल उन बीजकोें के लिए किया गया है, जिनके ब्यौरे विवरण 5ख में उस कर अवधि के लिए दिए गए हैं, जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है और रकम उक्त कर अवधि के लिए फाइल की गई वैध विवरणी में लिए गए इननुट कर प्रत्यय की रकम से अधिक नहीं है। मैं, यह भी घोषणा करता हूं कि पूर्तिकार ने उक्त पूर्तियों के संबंध में प्रतिदाय का दावा नहीं किया है।
प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में
मैं, घोषणा करता हूं कि प्रतिदाय का दावा केवल उन बीजकों के लिए किया गया है, जिनके ब्यौरे विवरण 5ख में उस कर अवधि के लिए दिए गए हैं, जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है। मैं, यह भी घोषणा करता हूं कि प्राप्तिकर्ता उक्त पूर्तियों के संबंध में किसी प्रतिदाय का दावा नहीं करेगा और प्राप्तिकर्ता ने ऐसी पूर्तियों पर किसी इनपुट कर प्रत्यय भी नहीं लिया है।
हस्ताक्षर
नाम : पदनाम/प्रास्थिति";
वचनबंध
मैं एतद् द्वारा, वचन देता हूं कि यदि बाद में यह पाया जाता है कि रिफण्ड की गई राशि के संबंध में सीजीएसटी अधिनियम/एसजीएसटी अधिनियम की धारा 42 की उपधारा (2) के साथ पठित धारा 16 की उपधारा (2) के उपवाक्य (ग) में विनिर्दिष्ट अपेक्षायेेंं पूरी नहीं हुई हैं तो मैं स्वीकृत रिफण्ड की राशि तथा साथ में उस पर लगने वाले ब्याज को लौटा दूंगा।
हस्ताक्षर
नाम : पदनाम/प्रास्थिति";
9277 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 (ग) विवरण 1 के पश्चात् निम्नलिखित विवरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-"विवरण 1क [नियम 89 (2) (ज)]
प्रतिदाय किस्मः विपर्यस्त कर ढांचे के कारण संचित आईटीसी [धारा 54(3) के पहले परंतुक का खंड (ii)]
| क्रम स0ं | प्राप्त पूर्तियों के आवक बीजकों के ब्यौरे | आवक पूर्तियों पर संदत्त कर | जारी जावक पूर्तियों के बीजकों के ब्यौरे | जावक पूर्तियों पर संदत्त कर | ||||||||
| सं0 | तारीख | कराधेय मूल्य | एकीकृत कर | क े ं द्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | सं0 | तारीख | कराधेय मूल्य | एकीकृत कर | केंद्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 |
| "; |
(घ) विवरण 5क के पश्चात् निम्नलिखित विवरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः--
"विवरण 5ख [नियम 89 (2) (छ)]
प्रतिदाय किस्मः समझे गए निर्यातों के लेखे
(रकम रुपए में)
| क्रम स 0 ं | पूर्तिकार द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में जावक पूर्तियों के बीजकों के ब्यौरे/प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में आवक पूर्तियों के बीजकों के ब्यौरे | संदत्त कर | |||||
| सं0 | तारीख | कराधेय मूल्य | एकीकृत कर | केंद्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | उपकर | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| ;" |
आदेश द्वारा,
हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पणः-मूल नियम, हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में अधिसूचना संख्या ई.एक्स.एन-एफ(10)-13/2017, तारीख 27 जून, 2017 द्वारा प्रकाशित किए गए थे और उनका अंतिम संशोधन अधिसूचना सं. 55/2017-राज्य कर, तारीख 15 नवम्बर, 2017 को जो सं0 ईएक्सएन-एफ(10)-20/2016-वॉल.-I तारीख 15 नवम्बर, 2017 द्वारा प्रकाशित की गई थी, जारी किया गया।
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[Authoritative English text of this Department Notification No.EXN-F(10)-43/2017 dated
27/12/2017 as required under clause (3) of article 348 of the Constitution of India].
EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT
Notification No. 70/2017-State Tax
Shimla-2, the 27th December, 2017
N0. EXN-F(10)-43/2017.—In exercise of the powers conferred by section 164 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (10 of 2017), Governor of Himachal Pradesh 9278 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 is pleased to make the following rules further to amend the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Rules, 2017, namely:—
1. (1) These rules may be called the Himachal Pradesh Goods and Services Tax (Fifteenth Amendment) Rules, 2017.
(2) They shall come into force with effect from 21st December, 2017.
2. In the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Rules, 2017,—(i) in FORM GSTR-1, for Table – 6, the following shall be substituted, namely:—
"6. Zero rated supplies and Deemed Exports
| GSTIN of recipient | Invoice details | Shipping bill/ Bill of export | Integrated Tax | Central Tax | State /UT Tax | Cess | |||||||||
| No. | Date | Value | No. | Date | Rate | Taxable value | Amt. | Rate | Taxable value | Amt. | Rate | Taxable value | Amt. | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 | 16 |
| 6A. Exports : | |||||||||||||||
| 6B. Supplies made to SEZ unit or SEZ Developer : | |||||||||||||||
| 6C. Deemed exports : | |||||||||||||||
| "; |
(ii) in FORM GST RFD-01,—
(a) in Table 7, in clause (h), for the words "Recipient of deemed export", the words "Recipient of deemed export supplies/ Supplier of deemed export supplies" shall be substituted;
(b) after Statement 1, the following Statement shall be inserted, namely:—
"Statement 1A [rule 89(2)(h)]
Refund Type: ITC accumulated due to inverted tax structure [clause (ii) of first
proviso to section 54(3)]
| Sl. No. | Details of invoices of inward supplies received | Tax paid on inward supplies | Details of invoices of outward supplies issued | Tax paid on outward supplies | ||||||||
| No. | Date | Taxable Value | Integrated Tax | Central Tax | State/ Union territory Tax | No. | Date | Taxable Value | Integrated Tax | Central Tax | State/ Union territory Tax | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 |
| "; |
"Statement 5B [rule 89(2)(g)]
Refund Type: On account of deemed exports
(Amount in Rs.)
| Sl. No. | Details of invoices of outward supplies in case refund is claimed by supplier/Details of invoices of inward supplies in case refund is claimed by recipient | Tax paid | |||||
| No. | Date | Taxable Value | Integrated Tax | Central Tax | State/Union Territory Tax | Cess | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| ;" |
(d) for the DECLARATION [rule 89(2)(g)], the following shall be substituted, namely:—
"DECLARATION [rule 89(2)(g)]
(For recipient/supplier of deemed export)
In case refund claimed by recipient
I hereby declare that the refund has been claimed only for those invoices which have been detailed in statement 5B for the tax period for which refund is being claimed and the amount does not exceed the amount of input tax credit availed in the valid return filed for the said tax period. I also declare that the supplier has not claimed refund with respect to the said supplies.
In case refund claimed by supplier
I hereby declare that the refund has been claimed only for those invoices which have been detailed in statement 5B for the tax period for which refund is being claimed. I also declare that the recipient shall not claim any refund with respect of the said supplies and also, the recipient has not availed any input tax credit on such supplies.
Signature
Name : Designation/Status.
9280 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 UNDERTAKINGI hereby undertake to pay back to the Government the amount of refund sanctioned along with interest in case it is found subsequently that the requirements of clause (c) of sub-section (2) of section 16 read with sub-section (2) of section 42 of the CGST/SGST Act have not been complied with in respect of the amount refunded.
Signature
Name : Designation/Status";
(iii) in FORM GST RFD-01A,—(a) in Table 7, in clause (g), for the words "Recipient of deemed export", the words "Recipient of deemed export supplies/Supplier of deemed export supplies " shall be substituted;
(b) after the DECLARATION [rule 89(2)(f)], the following shall be inserted, namely:—
"DECLARATION [rule 89(2)(g)]
(For recipient/supplier of deemed export)
In case refund claimed by recipient
I hereby declare that the refund has been claimed only for those invoices which have been detailed in statement 5B for the tax period for which refund is being claimed and the amount does not exceed the amount of input tax credit availed in the valid return filed for the said tax period. I also declare that the supplier has not claimed refund with respect to the said supplies.
In case refund claimed by supplier
I hereby declare that the refund has been claimed only for those invoices which have been detailed in statement 5B for the tax period for which refund is being claimed and the recipient shall not claim any refund with respect of the said supplies and also, the recipient has not availed any input tax credit on such supplies.
Signature
Name : Designation/Status.
UNDERTAKING
I hereby undertake to pay back to the Government the amount of refund sanctioned along with interest in case it is found subsequently that the requirements of clause (c) of sub-section (2) of section 16 read with sub-section (2) of section 42 of the CGST/SGST Act have not been complied with in respect of the amount refunded.
Signature
Name : Designation/Status";
9281 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 (c) after Statement 1, the following Statement shall be inserted, namely:—"Statement 1A [rule 89(2)(h)]
Refund Type: ITC accumulated due to inverted tax structure [clause (ii) of
first proviso to section 54(3)]
| Sl. No. | Details of invoices of inward supplies received | Tax paid on inward supplies | Details of invoices of outward supplies issued | Tax paid on outward supplies | ||||||||
| No. | Date | Taxable Value | Integrated Tax | Central Tax | State/Union territory Tax | No. | Date | Taxable Value | Integrated Tax | Centra l Tax | State/ Union territory Tax | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 |
| "; |
(d) after Statement 5A, the following Statement shall be inserted, namely:—
"Statement 5B [rule 89(2)(g)]
Refund Type: On account of deemed exports
(Amount in Rs.)
| Sl. No. | Details of invoices of outward supplies in case refund is claimed by supplier/ Details of invoices of inward supplies in case refund is claimed by recipient | Tax paid | |||||
| No. | Date | Taxable Value | Integrated Tax | Central Tax | State/Union Territory Tax | Cess | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| ". |
By order, Sd/- Additional Chief Secretary (E&T).
Note:—The principal rules were published in the Gazette of Himachal Pradesh vide notification No. EXN-F(10)-13/2017, dated the 27th June, 2017, published vide number EXN-F(10)- 13/2017, dated the 29th June, 2017 and last amended vide notification No. 55/2017-State Tax, dated 15th November, 2017, published vide number EXN-F(10)- 20/2016-Vol. I, dated 15th November, 2017.
9282 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 नगर एवं ग्राम योजना विभागअधिसूचना
शिमला-2, 20 दिसम्बर, 2017
संख्याः टी0सी0पी0-एफ(10)-2/2017.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, इस विभाग की अधिसूचना संख्याः टी0सी0पी0-ए(2)-2/2016 तारीख 7-12-2016 और अधिसूचना संख्याः टी0सी0पी0-ए(2)-2/2016 तारीख 1-6-2017 के क्रम में, हिमाचल प्रदेश नगर और ग्राम योजना अधिनियम, 1977 (1977 का अधिनियम संख्यांक 12) की धारा 77 की उपधारा (1) के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, यथास्थिति, आयुक्त, कार्यकारी अधिकारी और सचिव को उनकी अपनी-अपनी स्थानीय निधि में से तद्धीन बनाए गए नियमों के उपबन्धों के अधीन संगृहीत फीस का उपयोग करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
यह अधिसूचना इसके राजपत्र (ई-गजट), हिमाचल प्रदेश में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगी।
आदेश द्वारा, मनीषा नन्दा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (टी0सी0पी0)।
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[Authoritative English text of Government Notification No. TCP-F(10)-2/2017 dated 20-12-2017 as
required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India.].
TOWN AND COUNTRY PLANNING DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 20th December, 2017
No. TCP-F(10)-2/2017.—In continuation to this Department Notifcation No.TCP-A(2)- 2/2016 dated 7-12-2016 and Notification No.TCP-A(2)-2/2016 dated 1-6-2017, the Governor of Himachal Pradesh, in exercise of the powers conferred by the proviso under sub-section (1) of Section 77 of the Himachal Pradesh Town and Country Planning Act, 1977 (Act No. 12 of 1977), is pleased to authorise the Commissioner, Executive Officer and Secretary, as the case may be, to utilize the fee collected under the provisions of the Rules made thereunder, toward their local fund.
This Notification shall come into force from the date of its publication in the Rajpatra (e- Gazette), Himachal Pradesh.
By order, MANISHA NANDA, Addl. Chief Secretary (TCP).
9283 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939हिमाचल प्रदेश सरकार
उद्योग विभाग (भौमिकीय शाखा) शिमला-171001
निविदा-एवं-नीलामी सूचना
दिनांकः 27 दिसम्बर, 2017
उद्योग-भू(खनि-4)लघु-92/2002-भाग-5 -9542-9549.--सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि विभाग द्वारा जिला कांगडा़ में पड़ने वाली 17 लघु खनिज खानों/खड्डों से रेत, पत्थर व बजरी उठाने हेतू अधिक पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धा के उद्देश्य से निविदाएं-एवं-नीलामी (Tender–cum-Auction) की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस प्रक्रिया के प्रथम चरण में उक्त खानों/खड्डों की निविदाएं आमन्त्रित की जा रही है, तदोपरान्त द्वितीय चरण में उक्त खानों/खड्डों की खुली नीलामी की जायेगी तथा इन दोनों प्रक्रिया में जो भी उच्चतम राशि बोलीदाता/निविदा दाता द्वारा प्रस्तावित की जायेगी उसको खान/खड्ड का सफल बोलीदाता/निविदा दाता घोषित किया जायेगा। निविदा दाता को यह अधिकार होगा कि वह खुली नीलामी में भी भाग ले सकता है तथा अपनी निविदा में दर्शाई गई राशि से अधिक राशि पर बोली दे सकता है। निविदाएं खनि अधिकारी कांगड़ा जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में आमंत्रित की जा रही है। निविदा दिनांक 30-01-2018 को शाम 4 : 00 बजे तक खनि अधिकारी कांगड़ा जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में मोहर बन्द लिफाफों में खनि अधिकारी कार्यालय में रखी गई निविदा पेटी में डाली जाएं व उसकी प्रविष्टि (Entry) खनि अधिकारी द्वारा कार्यालय रजिस्टर में की जायेगी जिसकी पावती भी खनि अधिकारी द्वारा जारी की जायेगी। उक्त खानों/खड्डों की निविदाएं प्राप्त होने पर दिनांक 31-01-2018 को प्रातः 11ः00 बजे उक्त खानों/खड्डों की खुली नीलामी कान्फ्रैन्स हॉल आयुक्त जिला कांगड़ा स्थित धर्मशाला के कार्यालय में की जाएगी। जिसमें जिन व्यक्तियों ने निविदाएं दी हैं, के साथ-साथ अन्य कोई भी इच्छुक व्यक्ति नीलामी प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकता है। इच्छुक व्यक्ति लघु खनिज खानों/खड्डों की जानकारी तथा निविदा व नीलामी की प्रक्रिया व शर्तों के लिए राज्य भू-विज्ञानी, हिमाचल प्रदेश, शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी, कांगड़ा जिला कांगड़ा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में आकर सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त निविदा व नीलामी हेतू खानों/खड्डों की जानकारी विभागीय website himachal.nic.in/industry से भी प्राप्त की जा सकती है। नीलामी की प्रक्रिया सम्पन्न होने पर प्राप्त हुई निविदाएं उसी दिन खोली जायेंगी। उपरोक्त दोनों में से उच्चतम बोलीदाता द्वारा दी गई बोली की राशि अथवा उच्चतम निविदा दाता द्वारा दी गई निविदा राशि, जो भी राशि अधिक होगी, उस सम्बन्धित बोलीदाता/निविदा दाता को कुल उच्चतम राशि का 25 प्रतिशत उसी समय जमा करवाना होगा जोकि ठेके की जमानत राशि के रूप में होगी।
कोई भी व्यक्ति जो निविदा देने अथवा नीलामी में भाग लेने का इच्छुक हो, उस व्यक्ति के पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य हैः--
1. पैनकार्ड ।
2. खन्न सम्बन्धित बकाया न होने का शपथ पत्र।
3. अनुमोदन प्रमाण पत्र (CA) जोकि खनि अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो।
4. निविदा दाता को उक्त दस्तावेज मुवलिग 50000/- रुपये (पच्चास हजार रुपये) बैंक ड्राफ्ट के रूप में निविदा फार्म पूर्ण रूप में भरे हुये के साथ स्वयं या डाक द्वारा निर्धारित तिथि से पहले खनि अधिकारी कार्यालय कांगड़ा में धरोहर राशि के लिए बैंक में जमा करवाने होंगे। 5. कोई भी व्यक्ति जो नीलामी देने का इच्छुक हो, उसको उक्त दस्तावेज़ एवं मुवलिग 50,000/-रूपये धरोहर राशि, बैंक ड्राफ्ट के रूप में निर्धारित बोली से पहले सम्बंधित खनि अधिकारी के समक्ष प्रस्तुुत करने होगें। नीलामी सभागार में निविदा दाता या बोलीदाता प्रवेश9284 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 करने से पूर्व खनि अधिकारी, कांगड़ा से प्रवेश पत्र प्राप्त करेंगे। एक प्रवेश पत्र पर दो व्यक्तियों को सभागार में जाने की अनुमति होगी।
6. बैंक ड्राफ्ट खनि अधिकारी, कांगड़ा, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के नाम देय होगा। बैंक ड्राफ्ट के पीछे बोली दाता/निविदा दाता का नाम, पता व पैन नम्बर लिखा होना चाहिए। असफल बोलीदाता/निविदा दाता को जमा ड्राफ्ट, नीलामी प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरान्त वापिस कर दिया जाएगा।
7. यदि 8 हैक्टयर क्षेत्र से कम क्षेत्रा की बोली देने वाला बोलीदाता हिमाचली है तो उसे हिमाचली Bonafide certificate प्रस्तुत करना होगा।
8. निविदा राशि अथवा बोली प्रति वर्ष के आधार पर ली जायेगी।
9. निविदा फार्म पूर्ण रूप से भरा हों व उपरोक्त वर्णित दस्तावेज निविदा फार्म के साथ संलग्न होने चाहिए अन्यथा अधूरे निविदा फार्म स्वीकृत नहीं किए जायेंगे।
10. निविदा खोलने के दौरान आवेदक/प्रतिनिधि का कमेटी के समक्ष होना अनिवार्य होगा। 11. नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों से भी यह आशा की जाती है कि वह निविदा प्रक्रिया द्वारा ही नीलामी में भाग लें।
आवेदक निविदा के लिए निविदा फार्म राज्य भू विज्ञानी, हिमाचल प्रदेश शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी कांगड़ा के कार्यालय से प्राप्त कर सकता हैं जिसका मुल्य 5,000/- रू0 प्रति फार्म होगा। आवेदक को पूर्ण रूप से भरे हुए निविदा फार्म मोहर बन्द लिफाफे में खनि अधिकारी, कांगड़ा के कार्यालय में उक्त दर्शाई गई तिथि तक प्रस्तुत करना होगा। लिफाफे के ऊपर बडे़ अक्षरों में निविदा फार्म व आवेदित खान का नाम लिखा होना आवश्यक है व लिफाफे के बांई ओर आवेदक का नाम व पता भी स्पष्ट अक्षरों में लिखा होना चाहिए।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- निदेशक उद्योग।
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DETAIL OF QUARRIES OF DISTRICT KANGRA PROPOSED FOR
TENDER-CUM-AUCTION
| Sr. No. | Name of the Quarry | Khasra No | Area (in Hectares) | Mauza/ Mohal | Name of Mineral | Reserve Price (Amount in Rs.) |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| BAIJNATH SUB DIVISION | ||||||
| 1. | Binwa Khad | 345 | 2-06-30 | Chaaban/ Sagoor | Sand, Stone & Bajri | 300000/- |
| PALAMPUR SUB DIVISION | ||||||
| 2. | Neugal Khad (Drognu) | 1024/783/3 | 2-55-47 | Drognu/ Kandi | -do- | 500000/- |
| 3. | Neugal Khad Menjhja | 179/1,179/2 | 5-20-18 | Uperla Mehnja/ Mehnja | -do- | 800000/- |
| 4. | Neugal Khad Panapar | 1188,1189 | 2-24-60 | Panapar/ Panapar | -do- | 500000/- |
| 5. | Awa Khad (Chandpur) | 920,925,1224, 878,949,1100, 1223 | 2-49-42 | Chandpur, Bharmat Uprali/ Bundla and Banoorl | -do- | 200000/- |
| DHARAMSHALA SUB DIVISION | ||||||
| 6. | Manooni Khad (Sukkar) | 829,1066 | 2-33-71 | Garh Sukkar/ Sukkar | -do- | 300000/- |
| 7. | Gaj Khad ( Ketlu) | 729,746,750/1 | 4-87-44 | Ketlu/ Rajol | -do- | 700000/- |
| 8 | Chambi Khad (Dadambh) Part - I | 483 | 3-31-73 | Tundu/ Dadambh | -do- | 400000/- |
| 9 | Chambi Khad (Dadambh) Part - II | 1045 | 3-55-02 | Dadambh/ Dadambh | -do- | 400000/- |
| KANGRA SUB DIVISION | ||||||
| 10 | Baner Khad (Khart) | 1245,890 | 2-36-37 | Kharti, Maira/ Nandrool Khart | -do- | 400000/- |
| 11 | Baner Khad (Suneher) | 112 | 4- 77-01 | Sunehar/ Sunehar | -do- | 200000/- |
| 12 | Nadelhi Khad | 719,1117,1118 | 2-85-22 | Kulthi/ Daulatpur | -do- | 400000/- |
| 13 | Bathu Khad | 1,2,3 | 2-41-61 | Rangehar/ Saddun | -do- | 400000/- |
| DEHRA SUB DIVISION | ||||||
| 14 | Beas River (Kaulapur) | 393 | 15-92-74 | Kaulapur/ Kaloha | Gairmumk in Darya H.P. | 1500000/- |
| 15 | Beas River (Kuhna) | 1564 | 19-76-85 | Kuhna/ Kaloha | -do- | 1500000/- |
| 16 | Beas River (Hardogri) | 355 | 15-23-10 | Hardogri/ Kaloha | -do- | 1500000/- |
| 17 | Sarad Khad | 214/1,117,118, 149 | 4-96-99 | Kaloha/ Kaloha | -do- | 300000/- |
1. विभाग द्वारा जिला कांगड़ा में खाली पड़ी लघु खनिज की खानोेे को हिमाचल प्रदेश गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 के अन्र्तगत खन्न हेतु निविदा व खुली नीलामी द्वारा आबंटित किया जायेगा। खन्न हेतु रायल्टी राशि के एवज मेें विभाग द्वारा प्रतिवर्ष के आधार पर निविदा/नीलामी राशि वसूल की जायेगी तथा निविदा/नीलामी उच्चतम निविदा/नीलामी देेने वाले व्यक्ति के पक्ष में प्रदान की जायेगी। 2. निविदा/नीलामी राशि प्रतिवर्ष के आधार पर ली जाएगी तथा राशि उसी दर पर दो वर्ष तक वसूल की जाएगी, उसके उपरान्त ठेके की शेष अवधि के दौरान निविदा/नीलामी राशि के अतिरिक्त उक्त राशि पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत बढौतरी चक्रवृद्धि ब्याज की दर से अतिरिक्त राशि वसूल की जाएगी। 3. निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति किसी भी जिला में खन्न से सम्बधिंत देय राशि का बकायादार नहीं होना चाहिए। यदि कोई निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति विभाग के बकायादार होने का दोषी पाया जाता है तो उस व्यक्ति को निविदा/नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जायेगी। यदि कोई बकायादार व्यक्ति कोई खान निविदा/नीलामी पर ले लेता है, जिसका विभाग को बाद में ज्ञान होता है तो उस अवस्था में उस व्यक्ति द्वारा जमा राशि, बकाया राशि में समायोजित कर दी जाएगी तथा खान का ठेका रद्द करके खानो की पुनः नीलामी आमंत्रिात की जाएगी।
4. सफल निविदा दाता/बोलीदाता एक वर्ष के लिए दी गई बोली राशि की 25 प्रतिशत राशि निविदा/नीलामी खुलने के समय प्रस्तुत करेगा जो कि जमानत राशि होगी। इसके अतिरिक्त निविदा/नीलामी राशि के आधार पर आयकर, पंचायत टैक्स, District Mineral Foundation Fund व अन्य टैक्स/राशि समय-समय पर जो नियमानुसार देय है उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को जमा करवाने होेगें। प्रथम वर्ष की निविदा/नीलामी राशि के 25 प्रतिशत के बराबर राशि उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Upfront Premium के रूप में जमा करवानी होगी जो कि देय त्रौमासिक किस्त में समायोजित की जाएगी।यह Upfront Premium राशि उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Letter of Intent जारी किए जाने की तिथी से एक महीने की अवधि के भीतर जमा करवानी होगी अन्यथा जमा करवाई गई जमानत राशि को जब्त करके खान को पुनः नीलाम किया जायेगा। 5. नीलामी के समय दी जाने वाली बोली यदि 10 लाख रूपये की सीमा से बढ़ जाती है तो उस अवस्था में बोलीदाताओं द्वारा अगली बोली 50 हजार रूपये प्रति बोली के आधार पर ही देनी होगी। इसके अतिरिक्त अगर यह सीमा 25 लाख रूपये से बढ़ जाती है तो उस अवस्था में अगली बोली एक लाख रूपये प्रति बोली के हिसाव से देनी होगी।
6. बोली के दौरान यदि कमेटी को यह आभास होता है कि दी जाने वाली बोली पूलिंग (Pooling) आदि की वजह से संदयास्पद है या आशानुरूप कम आ रही है तो उस अवस्था में कमेटी को उक्त किसी खान की नीलामी प्रक्रिया को निलम्बित करने का अधिकार होगा।
7. यदि कोई निविदा दाता/बोलीदाता किसी लघु खनिज खान के खनिज अधिकारों की बोली देता है, परन्तु जमानत राशि निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के समय जमा नहीं करवाता है या निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपरान्त अनुपस्थित हो जाये, उस स्थिति में उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त कर ली जायेगी और भविष्य में कम से कम 5 वर्ष के लिए प्रदेश में किसी भी स्थान पर ऐसा व्यक्ति निविदा/नीलामी में हिस्सा नही ले सकेगा तथा उक्त खानों/खड्डों कीे पुनः निविदा/नीलामी आमंत्रिात की जायेगी।
8. जिन खानों/खड्डों के खनिज अधिकारों को निविदा/नीलामी हेतू अधिसूचित किया गया है उनके खसरा नं0 या फिर भोगौलिक सीमा/स्थाई चिन्हों की जानकारी, इच्छुक व्यक्ति सम्बंधित खनि अधिकारी से प्राप्त कर सकता है व क्षेत्र का निरीक्षण भी अपने स्तर पर कर सकता है, ताकि क्षेत्र के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें। निविदा/नीलामी केवल उसी क्षेत्र की होगी, जो कि अधिसूचना9287 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 में प्रस्तावित किए गए हैं जिसका पूर्ण विवरण सम्बधिंत खनि अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
9. 08 हैक्टेयर तक के क्षेत्र हिमाचल निवासियों के लिए आरक्षित होंगे ताकि स्थानीय लोगाें को रोजगार सुनिश्चित किया जा सके। उक्त लाभ प्राप्त करने के लिए निविदा दाता/बोलीदाता को निविदा/नीलामी से पूर्व खन्न अधिकारी के समक्ष, अपना हिमाचली निवासी होने का प्रमाण पत्र (Bonafide Certificate) जो कि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो प्रस्तुत करना अनिवार्य है। यदि 8 हैक्टर व उससे कम क्षेत्र वाली खड्ड़ो हेतु कोई भी हिमाचली निविदा दाता/बोलीदाता बोली नहीं देता है तो उस अवस्था में कोई भी गैर हिमाचली उक्त खड्डो की बोली दे सकता है। 10. अगर पीठासीन अधिकारी को लगे कि निविदा/नीलामी द्वारा प्राप्त राशि किसी खान की अपेक्षित राशि के अनुरूप कम है तो उस स्थिति में समिति निविदा/नीलामी द्वारा खान को आबंटित न करने के लिए सिफारिश कर सकती है। खानों के न्यूनतम आरक्षित मुल्य खनि अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध है।
11. खनिजों के दोहन हेतू पर्यावरण प्रभाव आंकलन (EIA Clearance) तथा वन सरंक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत (अगर अनिवार्य हो तो) स्वीकृतियां ठेकेदार/सफल निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा अपने स्तर पर व अपने खर्च व जोखिम पर सक्षम Authority ls Letter of Intent जारी होने की तिथि से दो वर्ष के भीतर प्राप्त करनी हाेंगी। यदि उच्चतम बोलीदाता इस अवधि में Environment Clearance या वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो उस स्थिति में उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Environment clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने बारे की गई प्रगति की समीक्षा करने के उपरान्त Letter of Intent की अवधि को आगामी एक वर्ष तक समय बढ़ौतरी बारे निदेशक उद्योग द्वारा निर्णय लिया जायेगा तथा इस बढ़ाये हुए एक वर्ष की अवधि तक भी अगर उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता यह स्वीकृतियां प्राप्त नहीं करता हैं तो Letter of Intent की अवधि के आगामी समय बढ़ौतरी बारे केवल सरकार द्वारा ही निर्णय लिया जायेगा। तदोपरांत यदि सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता Environment Clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो उस अवस्था में Letter of Intent रद्द करके उसके द्वारा दी गई जमानत राशि व अन्य जमा करवाई गई राशियां जब्त कर ली जायेगी। EIA प्राप्त करने के उपरान्त ही सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को जिस क्षेत्र के लिए उसने निविदा/नीलामी दी थी उस क्षेत्र में खन्न कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। Environment Clearance व वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्र्तगत की गई प्रगति के बारे में ठेकेदार समय-समय पर विभाग को अवगत् करवायेगा।
12. रेत, पत्थर व बजरी आदि की लघु खनिज खानों की अधिकतम अवधि 10 वर्ष सरकारी भूमि के लिए व वन विभाग से सम्बन्धित 15 वर्ष होगी तथा उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को खान में कार्य करने से पूर्व अपने स्तर पर पर्यावरण एवं वन मन्त्रालय भारत सरकार से खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आंकलन स्वीकृति (EIA Clearance) व वन सरंक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति (अगर अनिवार्य हो तो) व Registered Qualfied Person से Mining Plan बनवाना अनिवार्य है। उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता के पक्ष में सक्षम अधिकारी द्वारा सरकार से स्वीकृति के पश््चात निविदा/नीलामी खुलने के एक महीने के उपरान्त Letter of Intent जारी किया जाएगा ताकि उच्चतम बोलीदाता खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आंकलन स्वीकृति सक्षम Authority से तय सीमा जो कि 2 वर्ष की है के भीतर प्राप्त कर सकें। Letter of Intent में दर्शाई गई शर्तो की अनुपालना के उपरान्त उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता के पक्ष मे नियमानुसार स्वीकृति आदेश जारी किए जाएगें ताकि शर्तनामा निष्पादन किया जा सके। शर्तनामा निष्पादन करने से पूर्व सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने पर सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा सम्बन्धित कर आदि के रूप में राशि खनि अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य होगा व शेष वर्षों में भी 25 प्रतिशत त्रौमासिक किश्त के आधार पर बकाया राशि समय समय पर खनि अधिकारी के कार्यालय में शर्त न0-2 के अनुसार अग्रिम रूप से जमा करवानी होगी। 9288 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 13. निविदा/नीलामी केवल उसी अवस्था में स्वीकार होगी, यदि निविदा/नीलामी किसी सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित की गई हो।
14. शर्तनामा निष्पादन करने के उपरान्त उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता, निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र से पांच वर्ष के लिए अनुमोदित Mining Plan के अनुरूप कार्य करेगा। Mining Plan में आंकलित खनिज से अधिक मात्रा में खनिज निकालने पर ठेका रद्द किया जा सकता है । पांच वर्ष पूर्ण होने के उपरान्त ठेकेदार को Mining Plan फिर से अनुमोदित करवाना होगा जिसके लिए वह नियमानुसार Mining Plan की अवधि के समाप्त होने से कम से कम 120 दिन पूर्व नवीकरण के लिए आवेदन करेगा।
15. नीलामी कमेटी को अधिकार है कि वे नीलामी के समय किन्हीं विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग से शर्तें लगा सकते हैं जो कि सभी इच्छुक व्यक्ति को मान्य होगी। इसके अतिरिक्त खन्न सम्बन्धी जो दिशा निर्देश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जायेंगे वे भी सभी को मान्य होंगे। नीलामी कमेटी को यह अधिकार है कि वह किसी भी निविदा/नीलामी क्षेत्र को बिना कारण बताए अस्वीकार कर सकती है। निविदा/नीलामी के दौरान यदि कोई बोलीदाता दुव्र्यवहार करता है तो पीठासीन अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त करते हुये उसे निविदा/नीलामी में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर सकता है तथा इस बारे में पीठासीन अधिकारी द्वारा विस्तृत रिपोर्ट सरकार को प्रेषित की जायेगी।
16. निविदा/नीलामी पर लिए गये क्षेत्र से उठाए गये खनिज को किसी स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग करने हेतू अनुमति नहीं होगी परन्तु यदि कोई निविदा दाता/बोलीदाता, निविदा/नीलामी पर लिऐ गये खनिजों को अपने पहले से ही स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग में लाना चाहता है या नया स्टोन क्रशर स्थापित करना चाहता है तो उक्त क्रशर स्थल की दूरी निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र से नियमों के अन्तर्गत दर्शाइ गई दूरी के अनुसार होनी चाहिए परन्तु इस स्थिति में उसे बोल्डर की खुली ब्रिकी करने की अनुमति नहीं होगी। नया स्टोन क्रशर लगाने हेतु सरकार द्वारा जारी किए गये नियमों/अधिसूचनाओं के अन्तर्गत अनुमति प्राप्त करनी अनिवार्य होगी। इसके अतिरिक्त किसी खान के लिए यदि निविदा दाता/बोलीदाता एक से अधिक व्यक्ति हाें तो उस स्थिति में उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को नीलामी क्षेत्र से उठाऐ गए खनिजों को अपने पक्ष में पहले से स्थापित केवल एक ही स्टोन क्रशर में प्रयोग करने की अनुमति होगी लेकिन यदि निविदा-एवं-नीलामी पर दिए जाने वाली लघु खनिज खानों का क्षेत्रा 2 हैक्टर से कम हो तो ऐसी अवस्था में उक्त खान (2 हैक्टर से कम क्षेत्र) के आधार पर, नया स्टोन क्रशर स्थापित करने की अनुमति नही होगी।
17. जनहित में यदि आवश्यक हो तो किसी भी निविदा/नीलामी में ली गई खान के भाग को कम किया जा सकता है या खान को पूर्ण रूप से भी बन्द किया जा सकता है। क्षेत्र कम करने की अवस्था में ठेका राशि भी उसी अनुपात में कम की जाएगी।
18. खन्न हेतू मशीन उपकरण Mechanical/Hydraulic Excavator/जैसे जे0सीबी0 इत्यादि के प्रयोग की स्वीकृति हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों के अन्तर्गत व एवंम Environment Clearance में दर्शाई गई शर्ताे के अनुरूप ही दी जाएगी तथा सक्षम अधिकारी से स्थल निरीक्षण के उपरान्त इस बारे स्वीकृति लेना आवश्यक है।
19. खान/नदी/खड्ड में पहॅुंचने के लिए मार्ग बनाने व प्रयोग करने हेतू ठेकेदार सम्बन्धित पक्षों/ विभागों से अनुमति अपने स्तर पर प्राप्त करेगा। खान तक पहूॅचने के मार्ग के लिए विभाग की कोई जिम्मेवारी नहीं होगी।
20. नीलामी के लिए प्रस्तावित क्षेत्र में यदि कोई निजि भूमि पड़ती है या किसी अन्य व्याक्ति/व्यक्तियों के भू-स्वामित्व अधिकार हों तो इस अवस्था में ठेकेदार सम्बधित भू-स्वामियों से अपने स्तर पर अनुमति प्राप्त करेगा व इस सम्बन्ध में विभाग की कोई जिम्मेवारी नही होगी।9289 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 21. बोल्डर व हाथ से तोड़ी गई रोड़ी को राज्य की सीमा से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। 22. अवैध खनन को रोकने हेतु लघु खनिजों का परिवहन रात आठ बजे से प्रातः छः बजे तक प्रतिबन्धित रहेगा।
23. ठेका धारी को सुनिश्चित करना होगा कि उसके द्वारा लगाए गये मज़दूर, नदी/खड्ड में मछलियों का शिकार न करें।
24. खन्न कार्य नदी के धरातल से एक मीटर से अधिक गहराई में नहीं किया जाएगा।
25. खनिजो़ के एकत्रीकरण से भू स्वामित्वों के निहित अधिकारों में कोई भी हस्ताक्षेप नहीं होना चाहिए। 26. यदि वर्णित शर्तों की अवहेलना होती है या साथ लगते वन क्षेत्र को किसी भी प्रकार की क्षति विभाग के ध्यान में लाई जाती है, तो इस बारे नियमानुसार कार्यवाही अम्ल में लाई जायेगी।
27. ठेकेदार ठेकेे पर स्वीकृत क्षेत्र से निकाले गये खनिजो़ की मात्रा का मासिक व्यौरा विभाग को देगा। 28. खन्न कार्य हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों, सरकार द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश खनिज नीति, पर्यावरण प्रभाव आकलन/वन सरंक्षण अधिनियम, 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति की शर्तों के अनुसार, विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों, माननीय न्यायालयों के आदेशों के अनुरूप किया जाएगा। उपरोक्त नियमों/अधिसूचना/आदेशों की प्रति, खनि अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
29. ठेके की स्वीकृति व खनन कार्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित SLP ( C) No. 13393/2008 जो कि माननीय उच्च न्यायालय में हिमाचल प्रदेश द्वारा याचिका संख्या CWP No. 1077/2006 खतरी राम व अन्य के मामले में पारित निर्णय के विरूद्व दायर की गई है के अन्तिम निर्णय के अनुरूप ही मान्य होगा। इसके अतिरिक्त किसी अन्य न्यायालय द्वारा समय-समय पर इस बारे पारित आदेश भी मान्य होंगे।
30. ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र की आड़ में यदि कहीं अवैध खनन में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्व हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जायगी। यदि ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी या वाहन अगर बार-बार अवैध खनन व बिना "W" फार्म से ढुलान में सम्मिलित पाया जाता है तो सरकार उसका ठेका रद्द भी कर सकती है।
31. ठेका धारी सरकार को तृतीय पक्ष की क्षति पूर्ति के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराएगा अतः वह स्वंय जिम्मेदार होगा।
32. सरकार को अधिकार है कि वे उच्चत्म बोली को बिना किसी कारण बताये अस्वीकार कर सकती है। 33. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद संख्या 1-32 में दर्शायी गई शर्तों, के अतिरिक्त अन्य शर्तो ठेका शर्तनामा निष्पादन के दौरान लगा सकती है।
34. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद संख्या 1-33 में दर्शायी गई शर्तों, तथ्यों व नियमों की अवहेलना की अवस्था में ठेका रद्द भी किया जा सकता है तथा इस स्थिति में ठेकेदार द्वारा जमा राशि, जमानत राशि, Upfront Premium व त्रैमासिक किस्त जब्त कर ली जाएगी।9290 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 "Greater Participation for a Stronger Democracy"
ELECTION DEPARTMENT, GOVERNMENT OF HIMACHAL PRADESH
Block No.38, SDA Complex, Kasumpti, Shimla-171009
NOTIFICATION
Dated : the 22nd December, 2017
No. 5-21/2012-ELN-Loose.—On the recommendations of Departmental Promotion Committee, the Governor, Himachal Pradesh, is pleased to order promotion of Smt. Renu Chandel, Superintendent, Grade-II to the post of Section Officer, Class-I (Gazetted) in the pay scale of Rs. 15600-39100/- plus Rs. 5400/- Grade Pay against vacancy of Section Officer with immediate effect.
The Governor, Himachal Pradesh, is further pleased to order posting of aforesaid officer as Section Officer in the Election Department Headquarters, Shimla against vacancy.
The aforesaid officer will not be entitled to any TTA/JT for joining the higher post of Section Officer at Election Department Headquarters, Shimla under the rules.
The above officer will remain on probation for a period of two years subject to such further extension for a period not exceeding one year as may be ordered by the competent authority in special circumstances and reasons to be recorded in writing.
The above officer will have to exercise option for fixation of pay under the provisions of saving clause of FR-22(I)(a)(1) within a period of one month from the date of joining as Section Officer.
By order, Sd/- Chief Electoral Officer-cum-Secretary (Election).
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ब अदालत श्री सुशील कुमार, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, इन्दौरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0
मिसल नं0 : 1/तह0/2017 तारीख पेशी : 30-12-2017 जगदेव सिंह बनाम आम जनता विषय.--प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवम् मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969.
प्रार्थी श्री जगदेव सिंह पुत्र श्री इन्द्र सिंह, निवासी टांडा, डाकघर काठगढ़, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा, ने प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करते हुए निवेदन किया है कि उसका लड़के जिगर की जन्म तिथि 11-11-2011 ग्राम पंचायत काठगढ़ के अभिलेख में दर्ज न है जो कि दर्ज किया जाए।
अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि उक्त विषय से सम्बन्धित एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 30-12-2017 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में हाजिर होकर अपना एतराज दे। कोई एतराज न होने की सूरत में जन्म पंजीकरण के आदेश पारित कर दिए जाएंगे। आज दिनांक 12-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी किया गया।
मोहर।
हसताक्षरित/-
नायब तहसीलदार एवम् सहायक समाहर्ता,
द्वितीय श्रेणी, इन्दौरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।9291 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 ब अदालत श्री विवेक नेगी, सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी, राजगढ़, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)
मिसल नं0 24/2017
तारीख पेशी : 5-1-2018 श्री ओम प्रकाश पुत्र श्री दयानन्द, निवासी जाजर, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ़़ ़प्रार्थी।
बनाम
आम जनता/सगे सम्बन्धी
़ ़ प्रत्यार्थीगण। उनवान मुकद्दमा :--दरखवास्त बराये सेहतनामा।
उपरोक्त प्रार्थना-पत्र श्री ओम प्रकाश पुत्र श्री दयानन्द, निवासी जाजर, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस आश्य के साथ गुजारा है कि उसका नाम ओम प्रकाश है जो कि परिवार रजिस्टर, राशन कार्ड, आधार कार्ड, स्कूल शिक्षा प्रमाण-पत्र में सही दर्ज है। परन्तु राजस्व रिकार्ड मौजा कोठिया जाजर, धरोटी में उसका नाम अमर प्रकाश दर्ज है जो कि गलत है। तथा जिसकी वह राजस्व कागजात माल में दरूस्ती करवाना चाहता है।
अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 5-01-2018 को सुबह दस बजे अदालत हजा में उपस्थित होकर उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकता है बाद गुजरने मियाद कोई उजर/ एतराज काबिले गौर न होगा तथा अदालत से नाम दरूस्ती बारे आवश्यक आदेश पारित कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 25-11-2017 को मेरे स्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। विवेक नेगी,
सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी,
राजगढ़, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।
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ब अदालत श्री विवेक नेगी, सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी, राजगढ़, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)
मिसल नं0 23/2017
तारीख पेशी : 5-1-2018 श्री यशवन्त सिंह पुत्र श्री बस्ती राम, निवासी ठोड कोलन, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर, हि0 प्र0
. . प्रार्थी।
बनाम
. . प्रत्यार्थीगण। आम जनता/सगे सम्बन्धी
उनवान मुकद्दमा :--दरखवास्त बराये सेहतनामा।
उपरोक्त प्रार्थना-पत्र श्री यशवन्त सिंह पुत्र श्री बस्ती राम, निवासी ठोड कोलन, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस आश्य के साथ गुजारा है कि उसका नाम यशवन्त सिंह है जो कि परिवार रजिस्टर, राशन कार्ड, आधार कार्ड, स्कूल शिक्षा प्रमाण पत्र में सही दर्ज है। परन्तु राजस्व रिकार्ड मौजा ठोड 9292 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 कोलन में उसका नाम जसवन्त सिंह दर्ज है जो कि गलत दर्ज है। तथा जिसकी वह राजस्व कागजात माल में दरूस्ती करवाना चाहता है।
अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 5-01-2018 को सुबह दस बजे अदालत हजा में उपस्थित होकर उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकता है बाद गुजरने मियाद कोई उजर काबिले गौर न होगा तथा अदालत से नाम दरूस्ती बारे आवश्यक आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 25-11-2017 को मेरेेे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। विवेक नेगी,
सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी,
राजगढ़, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।
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ब अदालत श्री विवेक नेगी, सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी, राजगढ़, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)
मिसल नं0 22/2017
तारीख पेशी : 5-1-2018 श्री रविन्द्र पुत्र श्री जगदीश कुमार, निवासी रेडी गुसान, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 . .प्रार्थी।
बनाम
़ ़ प्रत्यार्थीगण। आम जनता/सगे सम्बन्धी
उनवान मुकद्दमा :--दरखवास्त बराये सेहतनामा।
उपरोक्त प्रार्थना-पत्र श्री रविन्द्र पुत्र श्री जगदीश कुमार, निवासी रेडी गुसान, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस आश्य के साथ गुजारा है कि उसका नाम रविन्द्र है जो कि परिवार रजिस्टर, राशन कार्ड, आधार कार्ड, स्कूल शिक्षा प्रमाण पत्र में सही दर्ज है। परन्तु राजस्व रिकार्ड मौजा रेडी गुसान, में उसका नाम रमेन्द्र दर्ज है जो कि गलत दर्ज है। तथा जिसकी वह राजस्व कागजात माल में दरूस्ती करवाना चाहता है।
अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 5-01-2018 को सुबह दस बजे अदालत हजा में उपस्थित होकर उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकता है बाद गुजरने मियाद कोई उजर काबिले गौर न होगा तथा अदालत से नाम दरूस्ती बारे आवश्यक आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 25-11-2017 को मेरेेे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। विवेक नेगी, सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी, राजगढ़, जिला सिरमौर, हि0 प्र0। 9293 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 ब अदालत श्री विवेक नेगी, सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी, (तहसीलदार) राजगढ़, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)
मिसल नं0 17/2017
तारीख पेशी : 5-1-2018 उनवान मुकद्दमा :--दावा सेहत इन्द्राज।
श्री रामनेत्र पुत्र श्री चुहीराम, निवासी भाटका स्याना, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर हि0प्र0 . . प्रार्थी।
बनाम
1. श्री अमर सिंह पुत्र श्री बेली राम, 2. श्री मांगा पुत्र श्री बेली राम, 3. मेहरू पुत्र श्री बेली राम, 4. श्री हंस राज पुत्र श्री बेली राम, 5. श्री भाग सिंह पुत्र श्री बेली राम, 6. श्री राम सिंह पुत्र श्री बेली राम, 7. श्रीमती गुड्डी पुत्री श्री बेली राम, निवासीगण भाटका स्याना, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर, हि0 प्र0
. .प्रतिवादीगण। विषयः--दावा दरूस्ती इन्द्राज भूमि खाता/खतौनी नं0 13/36 मिन खसरा नं0 86 तादादी रकवा 1-07 बीघा स्थित वाका मौजा भाटका स्याना, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर।
उपरोक्त मिसल नं0 17/2017 दिनांक 1/05/2017 को श्री रामनेत्र पुत्र श्री चुहीराम, निवासी भाटका स्याना, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर हि0 प्र0 ने भूमि खाता/खतौनी नं0 13 मिन/36 मिन खसरा नं0 86 तादादी रकवा 1-07 बीघा स्थित वाका मौजा भाटका स्याना, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर के दरूस्ती इन्द्राज हेतु इस अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया है। जिसमें प्रत्यार्थीगण श्री मांगा की मृत्यु हो चुकी है। उसके जायज वारसान श्री नरेश, कमलेश पुत्रगण श्री माघा निवासी हयोड, डा0 वादेवी, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर, श्रीमती कमला देवी पत्नी श्री बंसीलाल, निवासी छाख, डा0 ब्राज, तहसील सरकाघाट, जिला मण्डी, श्रीमती यती देवी पत्नी श्री कश्मीर सिंह, निवासी हवाणी, डा0 बरोटी, तहसील धर्मपुर, जिला मण्डी, श्रीमती रीता देवी पत्नी श्री कमलजीत, निवासी जीतमी, डा0 हमीरपुर, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर, श्रीमती सुनीता देवी पत्नी श्री कृष्ण चन्द, निवासी छात्र, डा0 ब्रांज, तहसील सरकाघाट, जिला मण्डी, हि0प्र0 को इस अदालत द्वारा कई बार समन जारी किए गए। प्रायः समन बिना तामिल या प्रत्यार्थीगण बावजूद इतलाह के उपस्थित नहीं होते हैं। जिससे प्रतीत होता है कि उक्त प्रतिवादीगणों को साधारण तरीके से समन की तामिल की जानी सम्भव नहीं है।
इसलिए इस इश्तहार मुशतरी मुनादी द्वारा प्रत्यार्थीगण श्री नरेश, कमलेश पुत्रगण श्री माघा निवासी हयोड, डा0 वादेवी, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर, श्रीमती कमला देवी पत्नी श्री बंसीलाल, निवासी छाख, डा0 ब्राज, तहसील सरकाघाट, जिला मण्डी, श्रीमती यती देवी पत्नी श्री कश्मीर सिंह, निवासी हवाणी, डा0 बरोटी, तहसील धर्मपुर, जिला मण्डी, श्रीमती रीता देवी पत्नी श्री कमलजीत, निवासी जीतमी, डा0 हमीरपुर, तहसील भोरंज, जिला हमीरपुर, श्रीमती सुनीता देवी पत्नी श्री कृष्ण चन्द, निवासी छात्र, डा0 ब्रांज, तहसील सरकाघाट, जिला मण्डी, हि0प्र0 व समस्त जन साधारण को सूचित किया जाता है कि जिस किसी को भूमि खाता/खतौनी नं0 13 मिन/36 मिन, खसरा नं0 86 तादादी रकवा 1-07 बीघा स्थित वाका मौजा भाटका स्याना, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर के कागजात माल में दरूस्ती करने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 05-01-2018 को वकालतन या असालतन नामा इस अदालत में लेकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते है। गैर हाजरी की सूरत में कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जावेगी। बाद में किसी का कोई भी उजर/एतराज मान्य नहीं होगा।
आज दिनांक 25-11-2017 को मेरेेे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। विवेक नेगी,
सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी,
राजगढ़, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।9294 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 दिसम्बर, 2017/08 पौष, 1939 नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है