राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शनिवार, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939
हिमाचल प्रदेश सरकार
आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना संं0 71/2017-राज्य कर
शिमला-2, 16 जनवरी, 2018
संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ(10)-44/2017.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 148 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद् की सिफारिशों पर और हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में संख्याः ई.एक्स0एन-एफ(10)-20/2016-वॉल-1 219-राजपत्र/2017-20-01-2018 (10021) 10022 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 तारीख 15 नवम्बर, 2017 द्वारा प्रकाशित अधिसूचना संख्याः 57/2017-राज्य कर, तारीख 15 नवम्बर, 2017 को, उन बातों के सिवाय अधिक्रांत करते हुए जिन्हें ऐसे अधिक्रमण के पहले किया गया था या करने का लोप किया गया था ऐसे रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों को जिनका समग्र आवर्त पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष या चालू वित्तीय वर्ष में 1.5 करोड़ तक है, ऐसे रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों के वर्ग के रूप में अधिसूचित करते हैं, जो माल या सेवाओं या दोनों की जावक पूर्ति के लिए ब्योरों को प्रस्तुत करने के लिए नीचे दी गई विशेष प्रक्रिया का अनुसरण कर सकते हैं।
2. उक्त व्यक्ति माल या सेवाओं या दोनों की जावक पूर्ति जो नीचे दी गई सारणी के स्तंभ (2) में यथाविनिर्दिष्ट तिमाही के दौरान उक्त सारणी के स्तंभ (3) की तत्स्थानी प्रविष्टि में यथा विनिर्दिष्ट समयावधि तक की गई है, के ब्योरे को प्ररूप जीएसटीआर-1 में प्रस्तुत कर सकते हैं, अर्थात्ः-
सारणी
| क्रम सं0 | तिमाही, जिसके लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 में ब्योरे प्रस्तुत किए जाते हैं | प्ररूप जीएसटीआर-1 में ब्योरे प्रस्तुत किए जाने की समयावधि |
| (1) | (2) | (3) |
| 1. | जुलाई-सितम्बर, 2017 | 10 जनवरी, 2018 |
| 2. | अक्तूबर-दिसम्बर, 2017 | 15 फरवरी, 2018 |
| 3. | जनवरी-मार्च, 2018 | 30 अप्रैल, 2018 |
3. अधिनियम की धारा 38 की उप-धारा (2) और धारा 39 की उप-धारा (1) के अधीन जुलाई, 2017 से मार्च, 2018 मास के लिए, यथास्थिति ब्योरे या विवरणी को प्रस्तुत करने के लिए विशेष प्रक्रिया या समय सीमा के विस्तार को तत्पश्चात् राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No.EXN-F(10)-44/2017 dated
16/01/2018 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India.]
EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT
NOTIFICATION No. 71/2017-State Tax
Shimla-2, 16th January, 2018
No.EXN-F(10)-44/2017.—In exercise of the powers conferred by Section 148 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (10 of 2017), and in supersession of notification No. 57/2017–State Tax dated 15th November, 2017, published in the Gazette of Himachal Pradesh vide No. EXN-F(10)-20/2016-Vol.1 dated 15th November, 2017, except as respects things done or omitted to be done before such supersession the Governor of Himachal Pradesh, on the recommendations of the Council, notifies the registered persons having aggregate turnover of upto 1.5 crore rupees in the preceding financial year or the current financial year, as the class of registered persons who shall follow the special procedure as detailed below for furnishing the details of outward supply of goods or services or both.
10023 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 19392. The said persons may furnish the details of outward supply of goods or services or both in FORM GSTR-1 effected during the quarter as specified in column (2) of the Table below till the time period as specified in the corresponding entry in column (3) of the said Table, namely:—
Table
| Sl. No. | Quarter for which the details in FORM GSTR-1 are furnished | Time period for furnishing the details in FORM GSTR-1 |
| (1) | (2) | (3) |
| 1. | July—September, 2017 | 10th January, 2018 |
| 2. | October—December, 2017 | 15th February, 2018 |
| 3. | January—March, 2018 | 30th April, 2018 |
3. The special procedure or extension of the time limit for furnishing the details or return, as the case may be, under sub-section (2) of Section 38 and sub-section (1) of Section 39 of the Act, for the months of July, 2017 to March, 2018 shall be subsequently notified in the Official Gazette.
By order, Sd/- Pr. Secretary (E&T).
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आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना संं0 72/2017-राज्य कर
शिमला-2, 16 जनवरी, 2018
संख्याःई.एक्स.एन-एफ(10)-44/2017.--आयुक्त, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इसके पश्चात् इस अधिसूचना में उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 168 के साथ पठित धारा 37 की उप-धारा (1) के दूसरे परंतुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ(10)-20/2016-वॉल-1 तारीख 15 नवम्बर, 2017 द्वारा प्रकाशित अधिसूचना संख्याः 58/2017-राज्य कर तारीख 15 नवम्बर, 2017 को उन बातों के सिवाय अधिक्रांत करते हुए, जिन्हें ऐसे अधिक्रमण से पूर्व किया गया है या करने का लोप किया गया है, परिषद की सिफारिशों पर, पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष या चालू वित्तीय वर्ष में 1.5 करोड़ रुपये से अधिक के कुल आवर्त रखने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों के ऐसे वर्ग द्वारा सारणी के स्तम्भ (2) में यथा विनिर्दिष्ट मासों के लिए अधिनियम की धारा 37 की उप-धारा (1) के अधीन प्ररूप जीएसटीआर-01 में जावक प्रदायों के ब्योरे प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा को, उक्त सारणी के स्तंभ (3) में तत्स्थानी प्रविष्टि में यथा विनिर्दिष्ट समयावधि तक बढ़ाते हैं अर्थात्ः-
सारणी
| क्रम सं0 | वे मास, जिनके लिए प्ररूप जीएसटीआर-01 में ब्योरे प्रस्तुत किए जाते हैं | प्ररूप जीएसटीआर-01 में ब्योरे प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा |
| (1) | (2) | (3) |
| 1. | जुलाई-नवम्बर, 2017 | 10 जनवरी, 2018 |
| 2. | दिसम्बर, 2017 | 10 फरवरी, 2018 |
| 3. | जनवरी, 2018 | 10 मार्च, 2018 |
| 4. | फरवरी, 2018 | 10 अप्रैल, 2018 |
| 5. | मार्च, 2018 | 10 मई, 2018 |
10024 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 2. जुलाई, 2017 से मार्च, 2018 तक के मासों के लिए, अधिनियम की धारा 38 की उप-धारा(2) और धारा 39 की उप-धारा(1) के अधीन, यथास्थिति, ब्योरे या विवरणियां प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा का विस्तार राजपत्र में तत्पश्चात् अधिसूचित किया जाएगा।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No.EXN-F(10)-44/2017 dated
16/01/2018 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India.]
EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT
NOTIFICATION No. 72/2017-State Tax
Shimla-2, 16th January, 2018
No.EXN-F(10)-44/2017.—In exercise of the powers conferred by the second proviso to sub-section (1) of section 37 read with Section 168 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (10 of 2017) (hereinafter in this notification referred to as the Act) and in supersession of notification No. 58/2017–State Tax dated 15th November, 2017, published in the Gazette of Himachal Pradesh, vide number No. EXNF( 10)-20/2016-Vol. 1, dated 15th November, 2017, except as respects things done or omitted to be done before such supersession, the Commissioner, on the recommendations of the Council, hereby extends the time limit for furnishing the details of outward supplies in FORM GSTR-1 under sub-section (1) of section 37 of the Act for the months as specified in column (2) of the Table, by such class of registered persons having aggregate turnover of more than 1.5 crore rupees in the preceding financial year or the current financial year, till the time period as specified in the corresponding entry in column (3) of the said Table, namely:— Table
| Sl. No. | Months for which the details in FORM GSTR-1 are furnished | Time period for furnishing the details in FORM GSTR-1 |
| (1) | (2) | (3) |
| 1. | July—November, 2017 | 10th January, 2018 |
| 2. | December, 2017 | 10th February, 2018 |
| 3. | January, 2018 | 10th March, 2018 |
| 4. | February, 2018 | 10th April, 2018 |
| 5. | March, 2018 | 10th May, 2018 |
2. The extension of the time limit for furnishing the details or return, as the case may be, under sub-section (2) of Section 38 and sub-Section (1) of section 39 of the Act, for the months of July, 2017 to March, 2018 shall be subsequently notified in the Official Gazette.
By order, Sd/- Pr. Secretary (E&T).
10025 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 आबकारी एवं कराधान विभागअधिसूचना संं0 73/2017-राज्य कर
शिमला-2, 16 जनवरी, 2018
संख्याःई.एक्स.एन-एफ(10)-44/2017.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इस अधिसूचना में इसके पश्चात् उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 128 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद की सिफारिशों पर, किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा नियत तारीख तक प्ररूप जीएसटी आर-4 में विवरणी देने में असफल रहने के लिए उक्त अधिनियम की धारा 47 के अधीन देय विलंब फीस की रकम को अधित्यक्त करते हैं, जो ऐसे प्रत्येक दिन जिसके दौरान ऐसी असफलता जारी रहती है, पच्चीस रुपये की रकम से अधिक है।
परंतु जहां उक्त विवरणी में केन्द्रीय कर के स्थान पर देय कुल रकम शून्य है, वहां उक्त अधिनियम की धारा 47 के अधीन नियत तारीख तक उक्त विवरणी प्रस्तुत करने में असफलता के लिए ऐसे रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा देय विलम्ब फीस की रकम, ऐसे विस्तार तक, जो प्रत्येक दिन के लिए जिसके दौरान असफलता जारी रहती है, दस रुपये की रकम से अधिक है, अधित्यक्त रहेगी।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No.EXN-F(10)-44/2017 dated
16/01/2018 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India.]
EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT
NOTIFICATION No. 73/2017-State Tax
Shimla-2, 16th January, 2018
No.EXN-F(10)-44/2017.—In exercise of the powers conferred by Section 128 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (10 of 2017) (hereafter in this notification referred to as the said Act), the Governor of Himachal Pradesh, on the recommendations of the Council, is pleased to waive the amount of late fee payable under section 47 of the said Act by any registered person for failure to furnish the return in FORM GSTR-4 by the due date, which is in excess of an amount of twenty five rupees for every day during which such failure continues:
Provided that where the total amount payable in lieu of central tax in the said return is nil, the amount of late fee payable by such registered person for failure to furnish the said return by the due date under section 47 of the said Act shall stand waived to the extent which is in excess of an amount of ten rupees for every day during which such failure continues.
By order, Sd/- Pr. Secretary (E&T).
10026 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 आबकारी एवं कराधान विभागअधिसूचना संं0 74/2017-राज्य कर
शिमला-2, 16 जनवरी, 2018
संख्याः ई.एक्स.एन-एफ(10)-44/2017.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, 1 फरवरी, 2018 को ऐसी तारीख के रूप में नियत करते हैं जिससे हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में अधिसूचना संख्याः ई. एक्स.एन-एफ(10)-31/2017 तारीख 12 अक्तूबर, 2017 द्वारा प्रकाशित अधिसूचना संख्याः ईएक्सएन.- एफ(10)-31/2017 तारीख 26 सितम्बर, 2017 के क्रम संख्यांक 2(i) और क्रम संख्यांक 2(ii) के उपबंध प्रवृत्त होंगे।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No. EXN-F(10)-44/2017 dated
16-01-2018 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India.]
EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT
NOTIFICATION No. 74/2017-State Tax
Shimla-2, 16th January, 2018
No. EXN-F(10)-44/2017.—In exercise of the powers conferred by Section 164 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (10 of 2017), the Governor of Himachal Pradesh is pleased to appoint the 1st day of February, 2018 as the date from which the provisions of serial number 2(i) and 2(ii) of Notification No. EXN-F(10)-31/2017 dated 26th September, 2017, published in the Gazette of Himachal Pradesh vide No. EXN-F(10)-31/2017 dated 12th October, 2017, shall come into force.
By order, Sd/- Pr. Secretary (E&T).
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आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना संं0 75/2017-राज्य कर
शिमला-2, 16 जनवरी, 2018
संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ(10)-44/2017.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्ः-10027 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 1. (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (सोलहवां संशोधन) नियम, 2017 है।
(2) जब तक अन्यथा विनिर्दिष्ट न किया जाए, वे तारीख 29 दिसम्बर से प्रवृा होंगे। 2. हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 में,-
(i) नियम 17 के उप-नियम (1) के पश्चात् निम्नलिखित उप-नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
"(1क) केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के अधीन दिया गया विशिष्ट पहचान संख्यांक हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 लागू भी होगा।";
(ii) नियम 19 के उप-नियम (1) के पश्चात् निम्नलिखित उप-नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
"(1क) उप-नियम (1) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन की किसी विशिष्टि का, लेखबद्ध किए जाने वाले कारणों से आयुक्त के आदेश के सिवाय और ऐसी शर्ताें के अधीन रहते हुए जो आयुक्त उक्त आदेश में विनिर्दिष्ट करे, उस तारीख से, जो सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी आरइजी-14 में आवेदन प्रस्तुत करने, की तारीख से पूर्वतर हो, संशोधन नहीं किया जाएगा।" (iii) 23 अक्तूबर, 2017 से नियम 89 के उप-नियम (4) के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-
"(4) एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 13) की धारा 16 की उप-धारा (3) के उपबंधों के अनुसार बंधपत्र या परिवचन पत्र के अधीन कर का संदाय किए बगैर माल या सेवाओं या दोनों के शून्य दर प्रदाय की दशा में इनपुट कर प्रत्यय का प्रतिदाय निम्नलिखित सूत्र के अनुसार दिया जाएगा,-
प्रतिदाय की रकम त्र (माल के शून्य दर प्रदाय का आवर्त सेवाओं के शून्य दर प्रदाय का आवर्त) ग शुद्ध आई टी सी समायोजित कुल आवर्त जहां,-
(अ) "प्रतिदाय की रकम" से ऐसा अधिकतम प्रतिदाय अभिप्रेत है जो अनुज्ञेय हो;
(आ) "शुद्ध आई टी सी" से ऐसे उपभोग किए गए इनपुट कर प्रत्यय से भिन्न जिसके लिए उप-नियम (4 क) या उप-नियम (4 ख) या दोनों के अधीन प्रतिदाय का दावा किया गया है, ऐसी सुसंगत अवधि के दौरान इनपुटों और इनपुट सेवाओं पर उपभोग किया गया इनपुट कर प्रत्यय अभिप्रेत है।
(इ) "माल के शून्य दर प्रदाय के आवर्त" से ऐसे प्रदायों के आवर्त से भिन्न, जिसके संबंध में उप-नियम (4 क) या उप-नियम (4 ख) या दोनों के अधीन प्रतिदाय का दावा किया गया है, बंधपत्र या परिवचन पत्र के अधीन कर के सदांय के बिना सुसंगत अवधि के दौरान किए गए माल के शून्य दर प्रदाय का मूल्य अभिप्रेत है;
(ई) "सेवाओं के शून्य दर प्रदाय के आवर्त" से बंधपत्र या परिवचन पत्र के अधीन कर संदाय के बिना निम्नलिखित रीति में संगणित किए गए सेवाओं के शून्य दर प्रदाय का मूल्य अभिप्रेत है, अर्थात्ः-
सेवाओं का शून्य दर प्रदाय, सेवाओं के शून्य पर प्रदाय के लिए सुसंगत अवधि के दौरान प्राप्त संदायों का योग है और संदायों का शून्य दर प्रदाय जहां प्रदाय पूर्ण हो10028 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 गया है जिसके लिए सुसंगत अवधि से पहले की किसी अवधि में अग्रिम के तौर पर संदाय प्राप्त हुआ था जिसे सेवाओं के शून्य दर प्रदाय के लिए प्राप्त अग्रिमों द्वारा घटाया गया है जिसके लिए सुसंगत अवधि के दौरान सेवाओं का प्रदाय पूर्ण नहीं हुआ है;
(उ) "समायोजित कुल आवर्त" से सुसंगत अवधि के दौरान,-
(क) शून्य दर प्रदायों से भिन्न छूट प्राप्त प्रदायों के मूल्य और
(ख) ऐसे प्रदायों का आवर्त, जिसके संबंध में उपनियम (4क) या उपनियम (4ख) या दोनों के अधीन प्रतिदाय का दावा, यदि कोई हो, किया गया है, को अपवर्जित करते हुए धारा 2 के खंड (112) के अधीन यथा परिभाषित किसी राज्य या किसी संघ राज्य क्षेत्र का आवर्त अभिप्रेत है;
(ऊ) सुसंगत अवधि से ऐसी अवधि अभिप्रेत है जिसके लिए दावा फाइल किया गया है। (4क) ऐसे प्राप्त प्रदायों की दशा में जिन पर प्रदायकर्ता ने अधिसूचना संख्याक 48/2017-राज्य कर, तारीख 20 नवम्बर, 2017 के फायदे का उपभोग किया है, माल या सेवाओं को शून्य दर प्रदाय बनाने में उपयोग किए गए अन्य इनपुटों या इनपुट सेवाओं के संबंध में उपभोग किए गए इनपुट कर प्रत्यय का प्रतिदाय अनुदत्त किया जाएगा।
(4ख) ऐसे प्राप्त प्रदायों की दशा में जिन पर प्रदायकर्ता ने अधिसूचना सं0 40/2017-राज्य कर (दर) तारीख 20 नवम्बर, 2017 या अधिसूचना सं0 41/2017 एकीकृत कर (दर) तारीख 23 अक्तूबर, 2017 या दोनों के फायदे का उपभोग किया है, माल के निर्यात के लिए उक्त अधिसूचनाओं के अधीन प्राप्त इनपुटों के संबंध में उपभोग किए गए कर प्रत्यय का प्रतिदाय और माल का ऐसा निर्यात करने में प्रयोग की गई सीमा तक अन्य इनपुटों या इनपुट सेवाओं के संबंध में उपभोग किया गया इनपुट कर प्रत्यय अनुदत्त किया जाएगा।";
(iv) नियम 95 में-
(क) उप-नियम (1) के स्थान पर निम्नलिखित उप-नियम रखा जाएगा, अर्थात्ः-
"(1) धारा 55 के अधीन जारी अधिसूचना के अनुसार उसके आंतरिक प्रदायों पर उसके द्वारा संदत्त करके प्रतिदाय का दावा करने के लिए पात्र कोई व्यक्ति, प्ररूप जीएसटी आरएफडी-10 में प्रतिदाय के लिए प्रत्येक तिमाही में एक बार समान पोर्टल पर या अन्य अन्यथा, इलैक्ट्रानिक रूप से प्रत्यक्षतः या आयुक्त द्वारा अधिसूचित सुविधा केन्द्र के माध्यम से प्ररूप जी एस टी आर 11 में माल या सेवाओं या दोनों के आंतरिक प्रदायों के विवरण के साथ आवेदन करेगा";
(ख) उप-नियम (3) के खण्ड (क) में "और पांच हजार रुपए से अधिक संदत्त कर को छोड़ कर यदि कोई है एकल कर बीजक के अधीन आने वाले प्रदाय का मूल्य" शब्दों का लोप किया जाएगा;
(v) 23 अक्तूबर, 2017 से, नियम 96 में,-
(क) शीर्षक में "निर्यात किए गए माल" शब्दों के पश्चात् "या सेवाओं" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे;
(ख) उप-नियम (8) के पश्चात् निम्नलिखित उप-नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः- (9) माल या सेवाओं के निर्यात पर संदत्त एकीकृत कर के प्रतिदाय का दावा करने वाले व्यक्ति ऐसे प्रदायों को प्राप्त नहीं करेगा जिन पर प्रदायकर्ता ने अधिसूचना सं. 48/2017- राज्य कर, तारीख 20 नवम्बर, 2017 या अधिसूचना संख्यांक 40/2017-राज्य कर (दर) तारीख 20 नवम्बर, 2017 या अधिसूचना संख्यांक 41/2017-एकीकृत कर (दर) तारीख 23 अक्तूबर, 2017 के फायदे का उपयोग किया है।"10029 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 (vi) प्ररूप जी एस टी आर ई जी-10 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्ः-
"प्ररूप जी एस टी आर ई जी-10
[नियम 14(1) देखें]
रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से भिन्न, भारत मेेंेेंं किसी व्यक्ति को भारत से बाहर स्थान से ऑनलाइन सूचना और डाटाबेस पहुंच या पुनः प्राप्ति सेवाओं की पूर्ति करवाने वाले व्यक्ति के रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन
भाग-क
| (i) | व्यक्ति का विधिक नाम | |
| (ii) कर पहचान संख्या या विशिष्ट संख्या जिसके आधार पर उस देश की सरकार द्वारा अस्तित्व की पहचान की जाती है | ||
| (iii) | प्राधिकृत हस्ताक्षरी का नाम | |
| (iv) | प्राधिकृत हस्ताक्षरी का ई-मेल पता | |
| (v) | भारत में नियुक्त प्रतिनिधि का नाम, यदि कोई है (क) भारत में प्रतिनिधि का स्थाई खाता संख्या (ख) भारत में प्रतिनिधि का ई-मेल पता (ग) भारत में प्रतिनिधि का मोबाइल नं. (+91) |
टिप्पण.-जहां व्यवहार्य हो, भाग-ख को भरने से पूर्व, वहां ऊपर प्रस्तुत सुसंगत जानकारी ऑनलाइन सत्यापन के अध्यधीन है।
भाग-ख
| 1. | प्राधिकृत हस्ताक्षरी के ब्यौरे (भारत का निवासी होगा) | ||
| प्रथम नाम | मध्य नाम | अन्तिम नाम | |
| फोटो | |||
| लिंग | पुरूष/स्त्री/अन्य | ||
| पदनाम | |||
| जन्म की तारीख | तारीख/मास/वर्ष | ||
| पिता का नाम | |||
| राष्ट्रीयता | |||
| आधार, यदि कोई हो | |||
| प्राधिकृत हस्ताक्षरी का पता | पता पंक्ति 1 | ||
| पता पंक्ति 2 | |||
| पता पंक्ति 3 | |||
| 2. | भारत में ऑनलाइन सेवा के प्रारम्भ की तारीख | तारीख/मास/वर्ष | |
| 3. | वेबसाइट, जिसके माध्यम से कराधेय सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, के एक समान स्त्रोत अवस्थापक (यूआरएल)ः 1. 2. 3. | ||
| 4. | अधिकारिता | क ेन्द्र | बैंगलुरू पश्चिम, सी.जी.एस.टी. कमिश्नरेट |
| 5. | भारत में प्रतिनिधि के बैंक खाते के ब्यौरे (यदि नियुक्ति हुई है) |
| खाता सं. | खाता का प्रकार | |||||
| बैंक का नाम | शाखा का पता | आइएफएससी | ||||
| 6. | अपलोड किए गए दस्तावेज प्ररूप में फील्ड मूल्यों के अनुसार अपलोड किए जाने वाले अपेक्षित दस्तावेजों (अनुदेश देखें) की अनुकूल सूची | |||||
| 7. | घोषणा मैं सत्य निष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है तथा इससे कोई बात नहीं छिपाई गई है। मैं..........................यह घोषणा करता हूं कि मैं रजिस्टरकर्ता की ओर से हस्ताक्षर करने के लिए प्राधिकृत हूं। मैं कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित गैर-निर्धारिती ऑनलाइन प्राप्तिकर्ता से दायी से कर प्रभारित करूंगा और संग्रहीत करूंगा और उसे भारत सरकार में जमा करूंगा। हस्ताक्षर/- स् थानः प्राधिकृत हस्ताक्षरी का नाम तारीखः पदनामः |
टिप्पण.--आवेदक से पासपोर्ट और फोटो की स्कैन की गई प्रति के साथ घोषणा (अधोलिखित रूप विधान के अनुसार) अपलोड करने की अपेक्षा की जाएगी।
साक्ष्य के रूप में अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची निम्नानुसार हैः-
| 1. | भारत में प्रतिनिधि के कारबार के स्थान का सबूतः ( क) स्वयं के परिसरों के लिए- न वीनतम संपत्ति कर रसीद या नगरपालिका खाते की प्रति या बिजली के बिल की प्रति, जैसे परिसरों के स्वामित्व के समर्थन में कोई दस्तावेज। ( ख) किराए पर या पट्टे पर लिए गए परिसरों के लिए- प ट्टाकर्ता के परिसरो के स्वामित्व के समर्थन में किसी दस्तावेज सहित विधिमान्य किराया/पट्टा करार ं की प्रति जैसे नवीनतम संपत्ति कर रसीद या नगरपालिका खाते की प्रति या बिजली के बिल की प्रति ( ग) उपरोक्त (क) और (ख) के अन्तर्गत न आने वाले परिसरों के लिए-सहमतिदाता के परिसरों के स्वामित्व के समर्थन में किसी दस्तावेज सहित सहमतिपत्र की प्रति/सांज्ञा की गई संपत्तियों के लिए भी इन्हीं दस्तावेजों को अपलोड किया जाए जैसे नगरपालिका खाते की प्रति या बिजली के बिल की प्रति। |
| 2. | निम्नलिखित के सबूतः बीजा ब्यौरों के साथ अनिवासी करदाता के पासपोर्ट की स्कैन की गई प्रति। कंपनी/ सोसाइटी/ एलएलपी/एफसीएनआर आदि के मामले में ऐसा व्यक्ति, जो प्राधिकार पत्र के साथ मुख्तारनामा धारण करता है। निगमन के प्रमाणपत्र की स्कैन की गई प्रति यदि कंपनी भारत से बाहर या भारत मे रजिस्ट्रीकृत है। ं उद्भव के देश द्वारा जारी अनुज्ञप्ति की स्कैन की गई प्रति भारत सरकार द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र की स्कैन की गई प्रति। |
| 3. | बैंक खाता सम्बद्ध सबूतः बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ/बैंक विवरण के एक पृष्ठ की स्कैन की गई प्रति। स्वत्वधारी/कारबार समुत्थान के नाम में धारित बैंक पासबुक का आरंभिक पृष्ठ, जिसमे खाता धारक ं का खाता संख्या, नाम/एमआइसीआर और आइएफएससी तथा शाखा के ब्यौरे अन्तर्विष्ट हों। | ||
| 4. | भारत में प्रतिनिधि के रूप में नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों की स्कैन कापी, यदि लागू हों। | ||
| 5. | प्राधिकार प्ररूपः- प्राधिकार प्ररूप में उल्लिखित हस्ताक्षरी के लिए, निम्नलिखित रूप विधान में फाइल की जाने वाली प्रबंध समिति या निदेशक बोर्ड के प्राधिकार या उसके संकल्प की प्रतिः प्राधिकृत हस्ताक्षरी के लिए घोषणा (प्रत्येक हस्ताक्षरी के लिए अलग से) मैं.............(प्रबंध निदेशक/पूर्णकालिक निदेशक/मुख्य कार्यकारी अधिकारी या मुख्तारनामा धारक सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हू और यह घोषणा करता हूं कि कारबार <<कारबार का नाम>> जिसके लिए ं आरईजी का आवेदन माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के अधीन फाइल किया जा रहा है/रजिस्ट्रीकृत है, के लिए प्राधिकृत हस्ताक्षरी के रूप में कार्य करने के लिए <<प्राधिकृत हस्ताक्षरी । ं का नाम>> प्राधिकृत हू इ स कारबार के सम्बन्ध में उसकी सभी कार्रवाईयां मुझ पर/हम पर आबद्धकर होंगी। उन व्यक्तियों क े हस्ताक्षर, जो भारसाधक हैं क्रं 0सं0 पूरा नाम पदाभिधान/प्रास्थिति हस्ताक्षर 1. प ्राधिकृत हस्ताक्षरी के रूप में स्वीकृति | ||
| मैं <<प्राधिकृत हस्ताक्षरी का नाम>> ऊपर निर्दिष्ट कारबार के लिए प्राधिकृत हस्ताक्षरी के रूप में कार्य करने की अपनी स्वीकृति सत्यनिष्ठा से देता हूं और मेरे सभी कार्य कारबार पर आबद्धकर होंगे। (नाम) प्राधिकृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर स्थान पदनाम/प्रास्थिति तारीखः |
अनुदेश- 1. यदि प्राधिकृत हस्ताक्षरी भारत में नहीं रहता है, तो डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र के माध्यम से प्रमाणीकरण नहीं किया जाएगा। प्रमाणीकरण इलैक्ट्रोनिक वेरीफिकेशन कोड (ई बी सी) के माध्यम से किया जाएगा।
2. भारत में नियुक्ति प्रतिनिधि से अभिप्रेत एकीकृत माल और सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 14 के अधीन यथा विनिर्दिष्ट है।
(vii) प्ररूप जी.एस.टी. आर ई जी-13,
(क) भाग-ख के क्रम सं0-4 में "राज्य में अस्तित्व का पता" शब्दों के स्थान पर "अस्तित्व का पता जिसके संबंध में केन्द्रीयकृत यू.आई.एन. गया है" शब्दों को रखा जाएगा;
(ख) अनुदेशों में, "प्रत्येक व्यक्ति, जिससे विशिष्ट पहचान संख्या अभिप्राप्त करने की अपेक्षा है, इलैक्ट्रानिकी रूप से आवेदन प्रस्तुत करेगा" शब्दों के स्थान पर, "प्रत्येक व्यक्ति, जिससे विशिष्ट पहचान संख्या अभिप्राप्त करने की अपेक्षा है, इलैक्ट्रानिकी रूप से आवेदन प्रस्तुत करेगा या अन्यथा।";
(viii) प्ररूप जीएससीटी आर-11 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्ः-10032 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939
प्ररूप जीएसटी आर-11
[नियम 82 देखें]
विशिष्टि पहचान संख्याक (यूआईएन) वाले व्यक्तियाें द्वारा आवक प्रदाय का विवरण
| वर्ष | ||||
| कर अवधि |
| 1. | य आई एन ू | |||||||||||||||
| 2. | य आई एन वाले व्यक्ति का नाम ू |
3. प्राप्त आवक प्रदाय के ब्यौरे
(सभी सारणी के लिए रकम रुपए में)
| प्रदायकर्ता का जीएटीआईएन | बीजक/नामे नोट/जमापत्र क े ब्योरे | दर कराधेय मूल्य | कर की रकम | प्रदाय का स्थान | |||||||
| संख्या | तारीख | मूल्य | एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | उपकर | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | |
| 3क. प्राप्त बीजक | |||||||||||
| 3ख. प्राप्त नामे नोट/जमापत्र | |||||||||||
सत्यापन
मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कुछ भी नहीं छिपाया गया है।
हस्ताक्षर................................................ स्थानः प्राधिकृत हस्ताक्षरी का नाम.................. तारीखः पदनाम/प्रास्थिति......................
अनुदेशः-
1. प्रयुक्त शब्दः-
(क) जीएसटीआई एनः- माल और सेवा कर पहचान संख्यांक
(ख) यूआईएनः- विशिष्ट पहचान संख्यांक
2. प्रतिदाय आवेदन उसी राज्य में फाइल करना होगा, जहां विशिष्ट पहचान संख्यांक दिया गया है।10033 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 3. प्रतिदाय प्रयोजन के लिए केवल वही बीजक प्रविष्ट किए जा सकेंगे जिन पर प्रतिदाय मांगा गया है।
(xi) प्ररूप जी.एस.टी. आरएफडी-10, के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्ः-
प्ररूप जी.एस.टी. आरएफडी-10
[नियम 95(1) देखें]
संयुक्त राष्ट्र का कोई विशिष्ट अभिकरण या कोई बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान और संगठन, कान्सुलेट या विदेशी राज्यों के दतावास द्वारा प्रतिदाय के लिए आवेदन
1. यूनिक पहचान संख्या : 2. नाम : 3. पता : 4. कर अवधि (तिमाही) <दिन/मास/वर्ष> से तक............................<दिन/मास/वर्ष> 5. ए आर एन और जी एस टी आर 11 की तारीखः ए आर एन <दिन/मास/वर्ष> 6. दावा प्रतिदाय की रकम <आई एन आर> <शब्दों में>
| राज्य | केन्द्रीय कर | राज्य कर संघ राज्य क्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर |
| कुल |
7. बैंक खाते का ब्यौराः
(क) बैंक खाता संख्या (ख) बैंक खाते का प्रकार (ग) बैंक का नाम (घ) खाता धारक/संचालक का नाम (ङ) बैंक शाखा का पता (च) आई एफ एस सी (छ) एम आई सी आर
8. सत्यापन मैं,...................................... <<दूतावास/अंतर्राष्ट्रीय संगठन का नाम>> का प्राधिकृत प्रतिनिधि के रूप में सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है।
यह कि हम सरकार द्वारा अधिसूचित संयुक्त राष्ट्र का विशिष्ट अभिकरण, बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान और संगठन, कान्सुलेट या विदेशी राज्यों के दूतावास कोई अन्य व्यक्ति विशिष्ट व्यक्तियों का वर्ग के रूप में ऐसे प्रतिदाय दावा के पात्र हैं।
स्थानः तारीखः प्राधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर (नाम) पदनाम/प्रास्थिति 10034 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 अनुदेशः- 1. प्रतिदाय के लिए आवेदन तिमाही आधार पर किया जाएगा। 2. सारणी सं. 6, जी एस टी आर-11 की सारणी 3 में दिए गए ब्यौरे से स्वतः भरा जाएगा। 3. प्रतिदाय रकम को पात्रता के अनुसार बदलने की सुविधा होगी। 4. एमईए द्वारा जारी अपेक्षित प्रमाण-पत्र जिनमें प्रतिदाय की सुविधा अनुदत्त की गई है, को उपयुक्त अधिकारी के समक्ष प्रतिदाय दावा प्रसंस्कण करने हेतु उपलब्ध करवाया जाएगा। (x) प्ररूप जी एस टी डी आर सी-07 में, सारणी के क्रम सं. 5 का लोप किया जाएगा।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-मूल नियम हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में तारीख 27 जून, 2017 को अधिसूचना संख्याः ईएक्सएन-एन(10)-13/2017 तारीख 27 जून, 2017 द्वारा प्रकाशित किए गए थे और उनका अंतिम बार संशोधन अधिसूचना संख्या : 70/2017-राज्य कर द्वारा तारीख 29 दिसम्बर, 2017 को हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना संख्याः ईएक्सएन-एन(10)-43/2017 तारीख 27-12-2017 द्वारा हुआ था।
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[Authoritative English text of this Department Notification No. EXN-F(10)-44/2017 dated
16-01-2018 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India.]
EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT
NOTIFICATION No. 75/2017-State Tax
Shimla-2, the 16th January, 2018
No. EXN-F(10)-44/2017.—In exercise of the powers conferred by Section 164 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (10 of 2017), the Governor of Himachal Pradesh is pleased to make the following rules further to amend the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Rules, 2017, namely:—
(1) These rules may be called the Himachal Pradesh Goods and Services Tax (Sixteenth Amendment) Rules, 2017.
(2) Unless otherwise specified, they shall come into force with effect from 29th December, 2017.
2. In the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Rules, 2017, —
(i) in rule 17, after sub-rule (1), the following sub-rule shall be inserted, namely:-
"(1A) "The Unique Identity Number granted under the Central Goods and Services Tax Act, 2017 shall be deemed to be granted under the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017.";
(ii) in rule 19, after sub-rule (1), the following sub-rule shall be inserted, namely:—
10035 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939"(1A) Notwithstanding anything contained in sub-rule (1), any particular of the application for registration shall not stand amended with effect from a date earlier than the date of submission of the application in FORM GST REG-14 on the common portal except with the order of the Commissioner for reasons to be recorded in writing and subject to such conditions as the Commissioner may, in the said order, specify.";
(iii) with effect from 23rd October, 2017, in rule 89, for sub-rule (4), the following shall be substituted, namely:—
"(4) In the case of zero-rated supply of goods or services or both without payment of tax under bond or letter of undertaking in accordance with the provisions of sub-section (3) of Section 16 of the Integrated Goods and Services Tax Act, 2017 (13 of 2017), refund of input tax credit shall be granted as per the following formula –
Refund Amount = (Turnover of zero-rated supply of goods + Turnover of zero- rated supply of services) x Net ITC ÷Adjusted Total Turnover Where, —
(A) "Refund amount" means the maximum refund that is admissible;
(B) "Net ITC" means input tax credit availed on inputs and input services during the relevant period other than the input tax credit availed for which refund is claimed under sub-rules (4A) or (4B) or both;
(C) "Turnover of zero-rated supply of goods" means the value of zero-rated supply of goods made during the relevant period without payment of tax under bond or letter of undertaking, other than the turnover of supplies in respect of which refund is claimed under sub-rules (4A) or (4B) or both;
(D) "Turnover of zero-rated supply of services" means the value of zero-rated supply of services made without payment of tax under bond or letter of undertaking, calculated in the following manner, namely:—
Zero-rated supply of services is the aggregate of the payments received during the relevant period for zero-rated supply of services and zero-rated supply of services where supply has been completed for which payment had been received in advance in any period prior to the relevant period reduced by advances received for zero-rated supply of services for which the supply of services has not been completed during the relevant period;
(E) "Adjusted Total turnover" means the turnover in a State or a Union territory, as defined under clause (112) of Section 2, excluding —
(a) the value of exempt supplies other than zero-rated supplies and (b) the turnover of supplies in respect of which refund is claimed under sub rules
(4A) or (4B) or both, if any, during the relevant period;
(F) "Relevant period" means the period for which the claim has been filed.
10036 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 (4A) In the case of supplies received on which the supplier has availed the benefit of notification No. 48/2017-State Tax dated 20th November, 2017, refund of input tax credit availed in respect of other inputs or input services used in making zero-rated supply of goods or services or both shall be granted.
(4B) In the case of supplies received on which the supplier has availed the benefit of notification No. 40/2017-State Tax (Rate) dated 20th November, 2017 or notification No. 41/2017- Integrated Tax (Rate) dated 23rd October, 2017, or both, refund of input tax credit availed in respect of inputs received under the said notifications for export of goods and the input tax credit availed in respect of other inputs or input services to the extent used in making such export of goods shall be granted.";
(iv) in rule 95 –
(a) for sub-rule (1), the following sub-rule shall be substituted, namely:—
"(1) Any person eligible to claim refund of tax paid by him on his inward supplies as per notification issued Section 55 shall apply for refund in FORM GST RFD- 10 once in every quarter, electronically on the common portal or otherwise, either directly or through a Facilitation Centre notified by the Commissioner, along with a statement of the inward supplies of goods or services or both in FORM GSTR-11.";
(b) in sub-rule (3), in clause (a), the words "and the price of the supply covered under a single tax invoice exceeds five thousand rupees, excluding tax paid, if any" shall be omitted;
(v) with effect from 23rd October, 2017, in rule 96 –
(a) in the heading, after the words "paid on goods", the words "or services" shall be inserted;
(b) after sub-rule (8), the following sub-rule shall be inserted, namely:- "(9) The persons claiming refund of integrated tax paid on export of goods or services should not have received supplies on which the supplier has availed the benefit of Notification No. 48/2017-State Tax dated 20th November, 2017 or Notification No. 40/2017-State Tax (Rate) dated 20th November, 2017 or Notification No. 41/2017- Integrated Tax (Rate) dated 23rd October, 2017.";
(vi) for FORM GST REG-10, the following form shall be substituted, namely:-
"Form GST REG-10
[See rule 14(1)]
Application for registration of person supplying online information and data base access or retrieval services from a place outside India to a person in India, other than a registered person
PART –A
| (i) | Legal name of the person | |
| (ii) (iii) Name of the Authorised Signatory | Tax identification number or unique number on the basis of which the entity is identified by the Government of that country | |
| (iv) | Email Address of the Authorised Signatory | |
| (v) | Name of the representative appointed in India, if any | |
| (a) Permanent Account Number of the representative in India | ||
| (b) Email Address of the representative in India | ||
| (c) Mobile Number of the representative in India (+91) | ||
| Note.—Relevant information submitted above is subject to online verification, where practicable, before proceeding to fill up Part-B. |
PART –B
| 1. | Details of Authorised Signatory | ||||||||
| First Name | Middle Name | Last Name | |||||||
| Photo | |||||||||
| Gender | Male / Female / Others | ||||||||
| Designation | |||||||||
| Date of Birth | DD/MM/YYYY | ||||||||
| Father's Name | |||||||||
| Nationality | |||||||||
| Aadhaar, if any | |||||||||
| A ddress of the Authorised Signatory | Address line 1 | ||||||||
| Address line 2 | |||||||||
| Address line 3 | |||||||||
| 2. | Date of commencement of the online service in India. | DD/MM/YYYY | |||||||
| 3. | Uniform Resource Locators (URLs) of the website through which taxable services are provided: 1. 2. 3. | ||||||||
| 4. | Jurisdiction | Centre | Bengaluru West, CGST Commissionerate | ||||||
| 5. | Details of Bank Account of representative in India (if appointed) | ||||||||
| Account Number | Type of account | ||||||||
| Bank Name | Branch Address | IFSC | |||||||
| 6. | Documents Uploaded A customized list of documents required to be uploaded (refer Instruction) as per the field values in the form. | ||||||||
| 7. | Declaration I hereby solemnly affirm and declare that the information given herein above is true and correct to the best of my knowledge and belief and nothing has been concealed therefrom. I , ….…………………………. hereby declare that I am authorised to sign on behalf of the Registrant. I would charge and collect tax liable from the non-assessee online recipient located in taxable territory and deposit the same with Government of India. Signature Place: Name of Authorised Signatory: Date: Designation: |
10038 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 Note.— Applicant will require to upload declaration (as per under mentioned format) along with scanned copy of the passport and photograph.
List of documents to be uploaded as evidence are as follows:—
| 1. | Proof of Place of Business of representative in India, if any: (a) For own premises – Any document in support of the ownership of the premises like Latest Property Tax Receipt or Municipal Khata copy or copy of Electricity Bill. (b) For Rented or Leased premises – A copy of the valid Rent/Lease Agreement with any document in support of the ownership of the premises of the Lessor like Latest Property Tax Receipt or Municipal Khata copy or copy of Electricity Bill. (c) For premises not covered in (a) and (b) above – A copy of the Consent Letter with any document in support of the ownership of the premises of the Consenter like Municipal Khata copy or Electricity Bill copy. For shared properties also, the same documents may be uploaded. |
| 2. | Proof of : Scanned copy of the passport of the Non -resident tax payer with VISA details. In case of Company/Society/LLP/FCNR/ etc. person who is holding power of attorney with authorisation letter. Scanned copy of Certificate of Incorporation if the Company is registered outside India or in India Scanned copy of License is issued by origin country Scanned copy of Clearance certificate issued by Government of India |
| 3. | Bank Account Related Proof: Scanned copy of the first page of Bank passbook / one page of Bank Statement Opening page of the Bank Passbook held in the name of the Proprietor / Business Concern – containing the Account No., Name of the Account Holder, MICR and IFSC and Branch details. |
| 4. | Scanned copy of documents regarding appointment as representative in India, if applicable |
| 5. | Authorisation Form:— For Authorised Signatory mentioned in the application form, Authorisation or copy of Resolution of the Managing Committee or Board of Directors to be filed in the following format: D eclaration for Authorised Signatory (Separate for each signatory) I ---(Managing Director/Whole Time Director/CEO or Power of Attorney holder) hereby solemnly affirm and declare that <> to act as an authorised signatory for the business << Name of the Business>> for which application for registration is being filed/ is registered under the Goods and Service Tax Act, 2017. A ll his actions in relation to this business will be binding on me/ us. S ignatures of the persons who is in charge. S . No. Full Name Designation/Status Signature 1 . A cceptance as an authorised signatory |
| I <> hereby solemnly accord my acceptance to act as authorised signatory for the above referred business and all my acts shall be binding on the business. Signature of Authorised Signatory P lace (Name) D ate: Designation/Status |
Instructions –
1. If authorised signatory is not based in India, authentication through digital signature certificate shall not be mandatory for such persons. The authentication will be done through Electronic Verification Code (EVC).
2. Appointed representative in India shall have the meaning as specified under section 14 of Integrated Goods and Services Tax Act, 2017.";
(vii) in FORM GST REG-13,
a. in PART-B, at serial no. 4, the words, "Address of the entity in State" shall be substituted with the words, "Address of the entity in respect of which the centralized UIN is sought";
b. in the Instructions, the words, "Every person required to obtain a unique identity number shall submit the application electronically" shall be substituted with the words, "Every person required to obtain a unique identity number shall submit the application electronically or otherwise.";
(viii)for FORM GSTR-11, the following form shall be substituted, namely:—
Form GSTR -11
[See rule 82]
Statement of inward supplies by persons having Unique Identification Number (UIN)
| Year | ||||
| Tax Period |
| 1. | UIN | |||||||||||||||
| 2. | Name of the person having UIN |
(Amount in Rs. for all Tables)
| GSTIN of supplier | Invoice/Debit Note/Credit Note details | Rate | Taxable Value | Amount of tax | Place of Supply | ||||||||||||||
| No. | Date | Value | Integrated tax | Central Tax | State/ UT Tax | CESS | |||||||||||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | |||||||||
| 3A. Invoices received | |||||||||||||||||||
| 3B. Debit/Credit Note received | |||||||||||||||||||
I hereby solemnly affirm and declare that the information given herein above is true and correct to the best of my knowledge and belief and nothing has been concealed therefrom.
Place Signature Date: Name of Authorised Signatory Design ation/Status Instructions:—
1. Terms Used:-
a. GSTIN :- Goods and Services Tax Identification Number
b. UIN :- Unique Identity Number
2. Refund applications have to be filed in the same State in which the Unique Identity Number has been allotted.
3. For refund purposes only those invoices may be entered on which refund is sought.";
(ix) for FORM GST RFD-10, the following form shall be substituted, namely:—
"FORM GST RFD-10
[See rule 95(1)]
Application for Refund by any specialized agency of UN or any Multilateral Financial
Institution and Organization, Consulate or Embassy of foreign countries, etc.
1. UIN :
2. Name :
3. Address :
4. Tax Period (Quarter) : From
| State | Central Tax | State /UT Tax | Integrated Tax | Cess |
| Total |
7. Details of Bank Account:
a. Bank Account Number b. Bank Account Type c. Name of the Bank d. Name of the Account Holder/Operator e. Address of Bank Branch f. IFSC g. MICR
8. Verification
I _______ as an authorised representative of << Name of Embassy/international organization >> hereby solemnly affirm and declare that the information given herein above is true and correct to the best of my knowledge and belief and nothing has been concealed therefrom.
That we are eligible to claim such refund as specified agency of UNO/Multilateral Financial Institution and Organization, Consulate or Embassy of foreign countries/ any other person/ class of persons specified/ notified by the Government.
Date: Place:
Signature of Authorised Signatory: Name: Designation/Status Instructions
1. Application for refund shall be filed on quarterly basis. 2. Table No. 6 will be auto-populated from details furnished in table 3 of GSTR-11. 3. There will be facility to edit the refund amount as per eligibility. 4. Requisite certificate issued by MEA granting the facility of refund shall be produced before the proper officer for processing refund claim. ";
(x) in FORM GST DRC-05, the Table at serial no. 5 shall be omitted.
By order, Sd/- Pr. Secretary (E&T).
Note.—The principal rules were published in the Gazette of Himachal Pradesh, vide notification No. EXN-F(10)-13/2017, dated 27th June, 2017, published vide number EXN-F( 10)- 13/2017, dated 29th June, 2017 and last amended vide notification No. 70/2017-State Tax, published in the Rajpatra on 29th December, 2017 vide number EXN-F(10)-43/2017 dated 27-12-2017.
10042 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 कार्यालय जिला पंचायत अधिकारी, शिमला, जिला शिमला, हि0 प्र0कार्यालय आदेश
दिनांक 17 जनवरी, 2018
संख्या पी0सी0एच0-एस0एम0एल0 (रिक्त पद)/2016--18123-129.--यह कि खण्ड विकास अधिकारी, विकास खण्ड रामपुर, जिला शिमला द्वारा अपने पत्र संख्या 4006, दिनांक 15-11-2017 के अन्तर्गत सूचित किया गया है कि श्री दर्शन दास पुत्र श्री मान चन्द, गांव व डाकघर लवाना, तहसील रामपुर, जिला शिमला द्वारा आयुर्वैदिक विभाग में नौकरी लगने के कारण वार्ड सदस्य के पद से त्याग-पत्र दे दिया है। अतः मैं, एम0 एस0 नेगी, जिला पंचायत अधिकारी, शिमला, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 130(1) तथा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (सामान्य) नियम, 1997 के नियम 135(2) में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्री दर्शन दास पुत्र श्री मान चन्द, गांव व डाकघर लवाना, तहसील रामपुर, जिला शिमला द्वारा दिए गए त्याग-पत्र को तत्काल प्रभाव से स्वीकार करता हूं व उक्त अधिनियम की धारा 131(4) के अन्तर्गत वार्ड नं0 3 के वार्ड सदस्य पद को भी रिक्त घोषित करता हूं।
एम0 एस0 नेगी, जिला पंचायत अधिकारी, शिमला, जिला शिमला, हि0 प्र0।
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ब अदालत दलीप कुमार, कार्यकारी दण्डाधिकारी, सांगला, तहसील सांगला, जिला किन्नौर, हि0 प्र0
श्रीमती उषा देवी पत्नी स्व0 श्री विद्या लाल, निवासी ग्राम कामरू, तहसील सांगला, जिला किन्नौर, हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
दरख्वास्त अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्रीमती उषा देवी पत्नी स्व0 श्री विद्या लाल, निवासी ग्राम कामरू, तहसील सांगला, जिला किन्नौर, हि0 प्र0 ने एक दरख्वास्त गुजार कर निवेदन किया है कि प्रार्थिया श्रीमती उषा देवी जिसकी जन्म तिथि 23-6-1969 है तथा ग्राम पंचायत कामरू में दर्ज नहीं है। उनका नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत कामरू में दर्ज किया जाए।
इस पर इस कार्यालय के द्वारा इश्तहार के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त प्रार्थिया श्रीमती उषा देवी जिसकी जन्म तिथि 23-6-1969 है तथा ग्राम पंचायत कामरू में दर्ज करने बारे किसी भी व्यक्ति को उजर एवं एतराज हो तो वह अपना एतराज स्वयं या किसी प्राधि—त व्यक्ति द्वारा मिति 5-2-2018 तक प्रस्तुत कर सकता है अन्यथा एक तरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर प्रार्थिया का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत कामरू के अभिलेख में दर्ज करवाने के आदेश पारित किये जायेंगे। आज दिनांक 4-1-2018 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी सांगला, तहसील सांगला, जिला किन्नौर, हि0 प्र0।10043 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 ब अदालत दलीप कुमार, कार्यकारी दण्डाधिकारी सांगला, तहसील सांगला, जिला किन्नौर, हि0 प्र0
श्रीमती लक्ष्मना पत्नी श्री रविन्दर, निवासी गांव जीताखेडी, डा0 पपोसा, तहसील भवानी खेडा, जिला भिवानी, हरियाणा, हाल आबाद गांव व डा0 बटसेरी, तहसील सांगला, जिला किन्नौर, हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
दरख्वास्त अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्रीमती लक्ष्मना पत्नी श्री रविन्दर, निवासी गांव जीताखेडी, डा0 पपोसा, तहसील भवानी खेडा, जिला भिवानी, हरियाणा, हाल आबाद गांव व डा0 बटसेरी, तहसील सांगला, जिला किन्नौर, हि0 प्र0 ने एक दरख्वास्त गुजार कर निवेदन किया है कि उनके बच्चे आकाश एवं बेबी जिनकी जन्म तिथि 1-3-2001 एवं 13-11-2009 है तथा ग्राम पंचायत बटसेरी में दर्ज नहीं है। अब उनका नाम व जन्म तिथी ग्राम पंचायत बटसेरी में दर्ज किया जाए।
इस पर इस कार्यालय के द्वारा इश्तहार के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त प्रार्थिया श्रीमती लक्ष्मना जिनके बच्चे आकाश एवं बेबी की जन्म तिथि 1-3-2001 एवं 13-11-2009 है तथा ग्राम पंचायत बटसेरी में दर्ज करने बारे किसी भी व्यक्ति को उजर एवं एतराज हो तो वह अपना एतराज स्वयं या किसी प्राधि—त व्यक्ति द्वारा मिति 5-2-2018 तक प्रस्तुत कर सकता है अन्यथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर प्रार्थिया के बच्चों के नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत बटसेरी के अभिलेख में दर्ज करवाने के आदेश पारित किये जाएंगे।
आज दिनांक 4-1-2018 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी सांगला, तहसील सांगला, जिला किन्नौर, हि0 प्र0।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
. .प्रार्थी। सोभ राम पुत्र श्री चेत राम, निवासी गांव धारा, डा0 रोपा, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
विषय.--ग्राम पंचायत रिकार्ड में पुत्री का नाम व जन्म तिथि दर्ज करने बारे।
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि सोभ राम पुत्र श्री चेत राम, निवासी गांव धारा, डा0 रोपा, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में एक दरख्वास्त गुजारी है कि ग्राम पंचायत सुचैहण के रिकार्ड में प्रार्थी की पुत्री का नाम गुंजन ठाकुर व जन्म तिथि तारीख 25-02-2013 ग्राम पंचायत सुचैहण के रिकार्ड में दर्ज नहीं है इसे दर्ज करवाने बारे दिया गया शपथ पत्र भी संलग्न है कि ग्राम पंचायत सुचैहण के रिकार्ड में इसकी पुत्री का नाम गुंजन ठाकुर व जन्म तिथि 25-02-2013 दर्ज किया जावे। 10044 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपत्ति इस न्यायालय में दिनांक 30-01-2018 या इससे पूर्व प्रस्तुत कर सकता है, अन्यथा इसका इन्द्राज ग्राम पंचायत बनोगी, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू के रिकार्ड में करवा दिया जाएगा।
आज दिनांक 30-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
. .प्रार्थी। कर्ण सिंह पुत्र नरोत्तम सिंह, निवासी गांव माहली, डा0 ब्रैहिन, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
विषय.--ग्राम पंचायत रिकार्ड में पुत्री का नाम व जन्म तिथि दर्ज करने बारे।
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि कर्ण सिंह पुत्र नरोत्तम सिंह, निवासी गांव माहली, डा0 ब्रैहिन, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में एक दरख्वास्त गुजारी है कि ग्राम पंचायत भलाण-2 के रिकार्ड में प्रार्थी की पुत्री का नाम आंचल व जन्म तिथि तारीख 18-10-2016 ग्राम पंचायत भलाण-2 के रिकार्ड में दर्ज नहीं है इसे दर्ज करवाने बारे दिया गया शपथ पत्र भी संलग्न है कि ग्राम पंचायत भलाण-2 के रिकार्ड में इसकी पुत्री का नाम आंचल व जन्म तिथि 18-10-2016 दर्ज किया जावे।
अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपत्ति इस न्यायालय में दिनांक 30-01-2018 या इससे पूर्व प्रस्तुत कर सकता है, अन्यथा इसका इन्द्राज ग्राम पंचायत बनोगी, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू के रिकार्ड में करवा दिया जाएगा।
आज दिनांक 30-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू।10045 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
.प्रार्थी। गिरिधर पुत्र श्री रेपती राम, निवासी गांव टिपरीधार, डा0 ब्रैहिन, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
बनाम
आम जनता
विषय.--ग्राम पंचायत रिकार्ड में पिता की मृत्यु तारीख दर्ज करने बारे।
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि गिरिधर पुत्र श्री रेपती राम, निवासी गांव टिपरीधार, डा0 ब्रैहिन, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में एक दरख्वास्त गुजारी है कि ग्राम पंचायत तलाड़ा के रिकार्ड में प्रार्थी के पिता श्री रेपती राम पुत्र तुलसू की मृत्यु तिथि तारीख 28-10-1991 ग्राम पंचायत तलाड़ा के रिकार्ड में दर्ज नहीं है इसे दर्ज करवाने बारे दिया गया शपथ पत्र भी संलग्न है कि ग्राम पंचायत तलाड़ा के रिकार्ड में इसके पिता श्री रेपती राम की मृत्यु तिथि 28-10-1991 दर्ज किया जावे।
अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपत्ति इस न्यायालय में दिनांक 30-01-2018 या इससे पूर्व प्रस्तुत कर सकता है, अन्यथा इसका इन्द्राज ग्राम पंचायत तलाड़ा, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू के रिकार्ड में करवा दिया जाएगा।
आज दिनांक 30-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील सैंज, जिला कुल्लू।
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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
तारीख पेशी : 02-02-2018 केस नं0 : BT/2017
श्री मनी राम पुत्र श्री पूरन चन्द, गांव जरड़ भुठी कलौनी, डाकघर शमशी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0। .
बनाम
सर्वसाधारण एवं आम जनता
विषय.-- प्रार्थना-पत्र अधिनियम जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्री मनी राम पुत्र श्री पूरन चन्द, गांव जरड़ भुठी कलौनी, डाकघर शमशी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र दिया है कि उसकी पुत्री प्रीती का जन्म दिनांक 29-10-1997 को स्थान गांव जरड़ भुठी कलौनी, डा0 शमशी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में 10046 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 हुआ है परन्तु उसके जन्म की तिथि का इन्द्राज किसी कारणवश ग्राम पंचायत जरड़ भुठी कलौनी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 के अभिलेख में दर्ज न किया गया है।
अतः इस इश्तहार हजा द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रीती पुत्री श्री मनी राम की जन्म तिथि दर्ज करने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 2-2-2018 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार जन्म तिथि दर्ज करवाने के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 28-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
हस्ताक्षरित/- मोहर। कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।
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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
तारीख पेशी : 02-02-2018 केस नं0 : BT/2017
श्री किशन चन्द पुत्र श्री पैने राम, गांव सगतेहड़़, डा0 छैंउर, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 .
बनाम
सर्वसाधारण एवं आम जनता
विषय.-- प्रार्थना-पत्र अधिनियम धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्री किशन चन्द पुत्र श्री पैने राम, गांव सगतेहड़़, डा0 छैंउर, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र दिया है कि उसके पुत्र रौनिक का जन्म दिनांक 17-07-2013 को स्थान गांव सगतेहड़ डा0 छैंउर, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में हुआ है परन्तु उसके जन्म की तिथि का इन्द्राज किसी कारणवश ग्राम पंचायत शिलीहार, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 के अभिलेख में दर्ज न किया गया है।
अतः इस इश्तहार हजा द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि किसी व्यक्ति को रौनिक पुत्र श्री किशन चन्द की जन्म तिथि दर्ज करवाने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 02-02-2018 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार जन्म तिथि दर्ज करवाने के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 28-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
हस्ताक्षरित/- मोहर। कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।10047 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
तारीख पेशी : 02-02-2018 केस नं0 : BT/2017
श्री राम चन्द पुत्र श्री पूर्णू, गांव बाखली, डा0 मौहल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 .
बनाम
सर्वसाधारण एवं आम जनता
विषय.-- प्रार्थना-पत्र अधिनियम धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
श्री राम चन्द पुत्र श्री पूर्णू, गांव बाखली, डा0 मौहल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र दिया है कि उसके पोते प्रवीन का जन्म दिनांक 19-01-2014 को स्थान गांव बाखली, डा0 मौहल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में हुआ है परन्तु उसके जन्म की तिथि का इन्द्राज किसी कारणवश ग्राम पंचायत शिलीराजगिरी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 के अभिलेख में दर्ज न किया गया है।
अतः इस इश्तहार हजा द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि किसी व्यक्ति को प्रवीन पुत्र श्री मोहर सिंह की जन्म तिथि दर्ज करवाने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 02-02-2018 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार जन्म तिथि दर्ज करवाने के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 28-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
हस्ताक्षरित/- मोहर। कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।
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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
तारीख पेशी : 02-02-2018 केस नं0 : MT/2017
1. श्री राजेश कुमार पुत्र श्री सुख देव बोध, गांव हाथीथान, डा0 व तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ।
2. श्रीमती उर्मिला देवी पुत्री श्री कांशी राम, निवासी गांव झीड़ी, डा0 नगवाई, तहसील औट, जिला मण्डी, हि0 प्र0
. .प्रार्थीगण।
बनाम
. . प्रत्यार्थी। आम जनता
विषय.-- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 5(4) हि0 प्र0 रजिस्ट्रीकरण नियम 2004 विवाह पंजीकरण बारे। 10048 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 उपरोक्त मामला में प्रार्थीगण ने दिनांक 28-12-2017 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पेश किये हैं कि उन्होंने दिनांक 28-10-1999 को शादी कर ली है और तब से दोनोें पति-पत्नी के रूप में रहते चले आ रहे हैं परन्तु प्रार्थीगण ने अपनी शादी का इन्द्राज सम्बन्धित पंचायत बड़ा भूईन, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में दर्ज नहीं करवाया है।
अतः सर्वसाधारण व आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि किसी भी व्यक्ति को उपरोक्त प्रार्थीगणों की शादी से सम्बन्धित पंचायत के अभिलेख में दर्ज करने बारे एतराज हो तो वह दिनांक 02-02-2018 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज प्राप्त न होने की सूरत में नियमानुसार शादी दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 28-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।
-------- ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
केस नं0 : MT/2017
तारीख पेशी : 02-02-2018 1. श्री अमर नाथ पुत्र श्री हुकम सिंह, गांव व डा0 शियाह, तह0 भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 2. श्रीमती टिकमू देवी पुत्री श्री रूमी राम, निवासी गांव शोरन डा0 धारा, तहसील भुन्तर, जिला . .प्रार्थीगण। कुल्लू, हि0 प्र0
बनाम
. . प्रत्यार्थी। आम जनता
विषय.-- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 5(4) हि0 प्र0 रजिस्ट्रीकरण नियम 2004 विवाह पंजीकरण बारे।
उपरोक्त मामला में प्रार्थीगण ने दिनांक 28-12-2017 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पेश किये हैं कि उन्होंने दिनांक 08-12-2016 को शादी कर ली है और तब से दोनोें पति-पत्नी के रूप में रहते चले आ रहे हैं परन्तु प्रार्थीगण ने अपनी शादी का इन्द्राज सम्बन्धित पंचायत मंझली, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में दर्ज नहीं करवाया है।
अतः सर्वसाधारण व आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि किसी भी व्यक्ति को उपरोक्त प्रार्थीगणों की शादी से सम्बन्धित पंचायत के अभिलेख में दर्ज करने बारे एतराज हो तो वह दिनांक 02-02-2018 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज प्राप्त न होने की सूरत में नियमानुसार शादी दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 28-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
हस्ताक्षरित/- मोहर। कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।10049 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
तारीख पेशी : 02-02-2018 केस नं0 : MT/2017
1. श्री गोपाल पुत्र श्री सेस राम, गांव उशग, डा0 ठेला, तह0 भुन्तर, जिला कुल्लू 2. श्रीमती निशा देवी पुत्री श्री डोले राम, निवासी गांव मनिहार, डा0 ठेला, तहसील भुन्तर, जिला . . प्रार्थीगण। कुल्लू
बनाम
. . प्रत्यार्थी। आम जनता
विषय.-- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 5(4) हि0 प्र0 रजिस्ट्रीकरण नियम 2004 विवाह पंजीकरण बारे।
उपरोक्त मामला में प्रार्थीगण उपरोक्त ने दिनांक 28-12-2017 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पेश किये हैं कि उन्होंने दिनांक 05-03-2017 को शादी कर ली है और तब से दोनोें पति-पत्नी के रूप में रहते चले आ रहे हैं परन्तु प्रार्थीगण ने अपनी शादी का इन्द्राज सम्बन्धित पंचायत पारली, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में दर्ज नहीं करवाया है।
अतः सर्वसाधारण व आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि किसी भी व्यक्ति को उपरोक्त प्रार्थीगणों की शादी से सम्बन्धित पंचायत के अभिलेख में दर्ज करने बारे एतराज हो तो वह दिनांक 02-02-2018 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत पेश होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज प्राप्त न होने की सूरत में नियमानुसार शादी दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
आज दिनांक 28-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी (हि0 प्र0) मिसल नम्बर : 45/12-12-2017
श्रीमती ठाकरी देवी पत्नी स्व0 श्री गोवर्धन राणा, निवासी गांव ठाहरी, डाकखाना व तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी (हि0 प्र0) ।
बनाम
आम जनता
विषय.--राजस्व रिकार्ड में नाम दरुस्ती बारे आवेदन पत्र । 10050 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 श्रीमती ठाकरी देवी पत्नी स्व0 श्री गोवर्धन राणा, निवासी गांव ठाहरी, डाकखाना व तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी (हि0 प्र0) ने एक आवेदन पत्र मय शपथ पत्र इस आशय के साथ गुजारा है कि उसके पति का नाम ग्राम पंचायत देवधार के रिकार्ड में गोवर्धन राणा दर्ज है, राजस्व विभाग के महाल राही में गलती से केवल गोवर्धन दर्ज हुआ है। अब राजस्व रिकार्ड में पंचायत रिकार्ड के आधार पर गोवर्धन राणा दर्ज करवाना चाहती है। अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण जनता व हितबद्ध व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उक्त नाम को दरुस्त करने बारे किसी भी व्यक्ति को कोई आपाि हो तो वह दिनांक 30-01-2018 को या इससे पूर्व अधोहस्ताक्षरी के समक्ष असालतन या वकालतन उपस्थित होकर अपनी आपाि दर्ज कर सकता है। इसके पश्चात् कोई भी एतराज काबिले समायत नहीं होगा तथा आवेदन पत्र पर नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 29-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी, हि0 प्र0 मिसल नं0 : 46/12-12-2017
श्रीमती प्रीतू देवी पत्नी स्व0 श्री शेर सिंह, निवासी गांव, डाकखाना व तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी (हि0 प्र0)
बनाम
आम जनता
विषय.--राजस्व रिकार्ड में नाम दरुस्ती बारे आवेदन पत्र।
श्रीमती प्रीतू देवी पत्नी स्व0 श्री शेर सिंह, निवासी गांव, डाकखाना व तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी (हि0 प्र0) ने एक आवेदन पत्र मय शपथ पत्र इस आशय के साथ गुजारा है कि उसका नाम ग्राम पंचायत बालीचौकी के रिकार्ड में प्रीतू देवी दर्ज है। राजस्व विभाग के महाल बालीचौकी में गलती से केवल प्रितू दर्ज हुआ है। अब राजस्व रिकार्ड में पंचायत रिकार्ड के आधार पर प्रीतू देवी दर्ज करवाना चाहती है। अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण जनता व हितबद्ध व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उक्त नाम को दरुस्त करने बारे किसी भी व्यक्ति को कोई आपाि हो तो वह दिनांक 30-01-2018 को या इससे पूर्व अधोहस्ताक्षरी के समक्ष असालतन या वकालतन उपस्थित होकर अपनी आपाि दर्ज कर सकता है। इसके पश्चात् कोई भी एतराज काबिले समायत नहीं होगा तथा आवेदन पत्र पर नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 29-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।10051 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी, हि0 प्र0 मिसल नं0 : 47/12-12-2017
श्री डोले सिंह पुत्र श्री सेस राम, निवासी गांव थाटा ,डाकखाना घन्यार, तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी, हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
विषय.--राजस्व रिकार्ड में नाम दरुस्ती बारे।
श्री डोले सिंह पुत्र श्री सेस राम, निवासी गांव थाटा, डाकखाना घन्यार, तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी, हि0 प्र0 ने एक आवेदन पत्र मय शपथ पत्र इस आशय के साथ गुजारा है कि उसका नाम ग्राम पंचायत थाटा के रिकार्ड में डोले सिंह दर्ज है, राजस्व विभाग में गलती से डोले राम उर्फ डैनी दर्ज हुआ है। अब राजस्व रिकार्ड में पंचायत रिकार्ड के आधार पर डोले सिंह दर्ज करवाना चाहता है।
अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण जनता व हितबद्ध व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि उक्त नाम को में दरुस्त करने बारे किसी भी व्यक्ति को कोई आपाि हो तो वह दिनांक 30-01-2018 को या इससे पूर्व अधोहस्ताक्षरी के समक्ष असालतन या वकालतन उपस्थित होकर अपनी आपाि दर्ज कर सकता है। इसके पश्चात् कोई भी एतराज काबिले समायत नहीं होगा तथा आवेदन पत्र पर नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 29-12-2017 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील बालीचौकी, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।
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In the Court of Shri Ajit Bhardwaj, H.A.S., Sub Divisional Magistrate Shimla (Urban),
District Shimla, Himachal Pradesh
Shri Papu Ram s/o Shri Lal Singh, resident of Sharma Niwas, Vikasnagar Shimla-9, Tehsil & District Shimla, H.P.
..Applicant.
Versus
General Public
.. Respondent.
Application under Section 13(3) of Birth and Death Registration Act, 1969.
Whereas Shri Papu Ram s/o Shri Lal Singh, resident of Sharma Niwas, Vikasnagar Shimla- 9, Tehsil & District Shimla, H.P. has preferred an application to the undersigned for registration of his daughter namely ANITA DOB 17-05-2008 at above address in the record of Municipal Corporation, Shimla.
10052 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 20 जनवरी, 2018/30 पौष, 1939 Therefore, this proclamation, the general public is hereby informed that any person having any objection for entry as to date of birth mentioned above, may submit his objection in writing in this court on or before 03-02-2018 failing which no objection will be entertained after expiry of date and will be decided accordingly.
Given under my hand and seal of the Court on this 4th day of January, 2018.
Seal.
AJIT BHARDWAJ,
Sub-Divisional Magistrate,
Shimla (Urban).
नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है