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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 121, 10 September 2018

Published 10 September 2018

Gazette no.
121
Gazetteid
121/GAZETTE/2018-10/09/2018
Identifier
in.gazette.himachal.2018-09-10.121_gazette_2018-10_09_2018
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित सोमवार, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940

हिमाचल प्रदेश सरकार

REVENUE DEPARTMENT

(Project Section)

NOTIFICATION

Dated, the 28th July, 2018

No. Rev. (PC) A (7)-1/2008-Part file.—In continuation of this department Notification No. Rev. (PC)A(7)-1/2008-Part file, dated 28-10-2013, The Governor of Himachal Pradesh is 121-राजपत्र/2018-10-09-2018 (4515)4516 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 pleased to make amendment in the Special Policy/Rules for regularization of encroachments of Bhakhra Dam Oustees in New Bilaspur Township as under:—

Sl. No. Existing Provision After Amendment
5.1 By allottees or their legal heirs who had been allotted plots under the rules. The words inserted oustees/allottees means subsequent purchasers, legal heirs and the beneficiaries etc.
5.2. This policy shall not include the persons who had acquired plots through purchase under the provisions of Rule 16(1) of the Rules. Entire Rule 5.2 deleted
5.1(a) The encroachment is contiguous to the allotted plot and does not involve hindrance/obstruction of public utilities such as public path, drains, parks, pavements etc. "Hindrance" means any Major Hindrance on public paths, Drains, Public Parks, Roads and Pavements etc.

The Deputy Commissioner, Bilaspur is authorised to decide these matters on case-to-case basis on merits.

The amendments are issued after obtaining prior approval of competent authority as per Rules of Business.

By order, Sd/- ACS-cum-FC (Revenue).

___________

लोक निर्माण विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 5 सितम्बर, 2018

सं0 पी0बी0डब्ल्यू0(बी0)एफ(5)38/2013.--यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु गांव पन्जली, उप-तहसील राम शहर, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश में पन्जली सनोग मन्झारी सडक़ के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतःएव एतद्‌द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्नलिखित विवरणी में वर्णित भूमि उपर्युक्त प्रयोजन के लिए अपेक्षित है।

2. यह घोषणा, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (2013 का 30) की धारा-19 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों को सूचना हेतु की जाती है तथा उक्त अधिनियम के अधीन भू-अर्जन समाहर्ता लोक निर्माण विभाग, विन्टर फिल्ड शिमला को उक्त भूमि के अर्जन करने के आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निदेश दिया जाता है।

3. भूमि रेखांक का निरीक्षण भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग विन्टर फिल्ड, शिमला के कार्यालय में किया जा सकता है।4517 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 विवरणी

जिला उप-तहसील गांव खसरा नं0 रकबा (बीघा मे ं)
सोलन राम शहर पन्जली 377/1 0-12
377/2 0-11
378/1 0-4
378/2 0-4
378/3 0-1
445/1 0-3
445/2 0-2
306/1 0-1
कित्ता .. 8 1-18

आदेश द्वारा, मनीषा नंदा, अति0 मुख्य सचिव (लोक निर्माण)।

-------

आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं. 39/2018-राज्य कर

शिमला-2, 4 सितम्बर, 2018

संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ(10)-24/2018.--राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्‌ः-- 1. (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (आठवां संशोधन) नियम, 2018 है।

(2) इन नियमों में यथा उपबंधित के सिवाय, ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।

2. हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ उक्त नियम कहा गया है) के नियम 22 के उपनियम (4) में, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः-- "परन्तु जहां कोई व्यक्ति, धारा 29 की उपधारा (2) के खंड (ख) या खंड (ग) में अंतर्विष्ट उपबंधों के उल्लंघन के लिए उपनियम (1) के अधीन तामील की गई सूचना का उत्तर देने के बजाए, सभी लंबित विवरणियां देता है और लागू ब्याज और विलम्ब शुल्क के साथ शोध्य कर का पूरा संदाय कर देता है, वहां उचित अधिकारी, कार्यवाहियों को समाप्त कर देगा और प्ररूप जीएसटी आरईजी-20 में आदेश पारित करेगा।"।

3. उक्त नियमों के नियम 36 के उपनियम (2) में, निम्नलिखित परन्तुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः-

"परन्तु यदि उक्त दस्तावेज में सभी विनिर्दिष्ट विशिष्टियां अंतर्विष्ट नहीं है, किंतु प्रभारित कर की रकम के ब्योरे, माल या सेवाओं का विवरण, माल या सेवाओं या दोनों के प्रदाय का कुल मूल्य,4518 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 प्रदायकर्ता और प्राप्तिकर्ता का माल और सेवा कर पहचान संख्यांक और अंतर्राज्यिक प्रदाय की दशा में प्रदाय का स्थान अंतर्विष्ट है तो, ऐसे रजिस्ट्रीकृृत व्यक्ति द्वारा इनपुट कर प्रत्यय का उपभोग किया जा सकेेगा।"।

4. उक्त नियमों के नियम 55 के उपनियम (5) में, "या पूर्णतया नाक्ड-डाऊन स्थिति" शब्दों के पश्चात्‌, "या बैचों अथवा लाटों" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे।

5. उक्त नियमों के नियम 89 के उपनियम (4) के खंड (उ) के स्थान पर, निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात्‌ः--

'(उ) "समायोजित कुल आवर्त" से, सुसंगत अवधि के दौरान--

(क) धारा 2 के खंड (112) के अधीन यथा परिभाषित, किसी राज्य या किसी संघ राज्यक्षेत्र में के आवर्त का, सेवाओं के आवर्त को छोड़कर; और

(ख) उपरोक्त खंड (ई) के निबंधनों में अवधारित सेवाओं के शून्य-दर प्रदाय और सेवाओं के गैर-शून्य दर प्रदाय के आवर्त के मूल्य का कुल योग अभिप्रेत है, जिसमें,--

(i) शून्य-दर प्रदायों से भिन्न छूट प्राप्त प्रदायों का मूल्य; और

(ii) ऐसे प्रदायों का आवर्त, जिनके संबंध में उपनियम (4अ) या उपनियम (4आ) दोनों के अधीन प्रतिदाय, यदि कोई हो, का दावा किया गया है,

सम्मिलित नहीं है।'।

6. उक्त नियमों के नियम 96 के उपनियम (10) के स्थान पर, निम्नलिखित उपनियम, 23 अक्तूबर, 2017 से रखा जाएगा, अर्थात्‌ः--

"(10) माल या सेवाओं के निर्यात पर संदत्त एकीकृृत कर के प्रतिदाय का दावा करने वाले व्यक्तियों को,--

(क) ऐसे प्रदाय प्राप्त नहीं करने चाहिएं, जिन पर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की, भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खण्ड 3, उपखण्ड (i) में सा.का.नि. 1305 (अ), तारीख 18 अक्तूबर, 2017 द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 48/2017-केन्द्रीय कर, तारीख 18 अक्तूबर, 2017 या भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खण्ड 3, उपखण्ड (i) में सा. का.नि.1320(अ), तारीख 23 अक्तूबर, 2017 द्वारा प्रकााशित अधिसूचना सं. 40/2017-केन्द्रीय कर (दर), तारीख 23 अक्तूबर, 2017 या भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खण्ड 3 उपखण्ड (i) में सा.का.नि. 1321(अ), तारीख 23 अक्तूबर, 2017 द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 41/2017-एकीकृत कर (दर), तारीख 23 अक्तूबर, 2017 के फायदों का उपयोग किया है या;

(ख) भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खण्ड 3, उपखण्ड (i) में सा.का.नि. 1272(अ), तारीख 13 अक्तूबर, 2017 द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 78/2017-सीमाशुल्क, तारीख 13 अक्तूबर, 2017 या भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खण्ड 3, उपखण्ड (i) में सा. का.नि. 1299(अ), तारीख 13 अक्तूबर, 2017 द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 79/2017-सीमाशुल्क, तारीख 13 अक्तूबर, 2017 के फायदों का उपयोग नहीं करना चाहिए।"।4519 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 7. उक्त नियमों के नियम 138क के उपनियम(1) में, परन्तुक के पश्चात्‌ निम्नलिखित परन्तुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः--

"परन्तु यह और कि आयातित माल की दशा में, प्रवहण का भारसाधक व्यक्ति, ऐसे माल के आयातकर्ता द्वारा फाइल किए गए प्रवेश पत्र की प्रति का वहन करेगा और प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में प्रवेश पत्र की संख्या और तारीख उपदर्शित करेगा ।"।

8. उक्त नियमों में, प्ररूप जीएसटी आरईजी-20 के स्थान पर, निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्‌ः--

"जीएसटी आरईजी-20

[नियम 22(4) देखें]

संदर्भ संख्या - तारीख :

सेवा में

नाम पता

माल और सेवा कर पहचान संख्यांक/यूआईएन

कारण बताओ सूचना संख्या - तारीखः

रजिस्ट्रीकरण के रद्‌दकरण हेतु कार्यवाहियों को समाप्त करने के लिए आदेश

ऊपर निर्दिष्ट कारण बताओ सूचना के जवाब में आपके द्वारा एआरएन......................तारीख...............द्वारा फाइल किए गए उत्तर को निर्दिष्ट करें। आपके उत्तर और/ या सुनवाई के दौरान दी गई दलीलों पर विचार करने पर, रजिस्ट्रीकरण को रद्‌द करने के लिए आरम्भ की गई कार्यवाहियां निम्नलिखित कारणों से रद्‌द की जाती हैं :

<<पाठ>>

या

ऊपर निर्दिष्ट कारण बताओ सूचना केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 29 की उपधारा (2) के खंड (ख) या खंड (ग) के उपबंधों का उल्लंघन करने के लिए जारी की गई थी। चूंकि आपने पूर्वाेक्त सूचना के जारी करने की तारीख को बकाया सभी लम्बित विवरणियां फाइल कर दी हैं, और लागू ब्याज और विलम्ब फीस के साथ कर का पूर्ण संदाय कर दिया है, अतः रजिस्ट्रीकरण को रद्‌द करने के लिए आरम्भ की गई कार्यवाहियां समाप्त की जाती हैं।

हस्ताक्षर <अधिकारी का नाम> स्थानः पदनाम

अधिकरिता तारीखः"। 4520 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 9. उक्त नियमोें में, प्ररूप जीएसटी आईटीसी-04 के स्थान पर, निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्‌ः--

"जीएसटी आईटीसी-04

[नियम 45 (3) देखें]

छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार को भेजे गए और उससे वापस प्राप्त माल/पूंजी माल के ब्योरे 1. माल और सेवा कर पहचान संख्यांक -

2. (क) विधिक नाम-

(ख) व्यापार का नाम, यदि कोई है -

3. अवधिः तिमाही - वर्ष -

4. छुटपुट कार्य के लिए भेजे गए इनपुटों/पूंजी माल के ब्योरे (जिसमें छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार के कारबार के स्थान/परिसर पर सीधे भेजे गए इनपुट/पूूंजी माल भी हैं)ः

माल और सेवा कर पहचान संख्यांक/ अरजिस्ट्रीकृत छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार की दशा में राज्य चालान संख्यांक चालान तारीख माल का विवरण यूक्यूसी मात्रा कराधेय मूल्य माल का प्रकार (इनपुट/ पूंजी माल) कर की दर%
केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12

5. छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार से वापस प्राप्त या छुटपुट कार्य के कारबार के स्थान से बाहर भेजे गए इनपुटाें/पूंजी माल के ब्योरे :

(क) छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार से, जिसे ऐसा माल छुटपुट कार्य के लिए भेजा गया था, वापस प्राप्त इनपुटों/पूूंजी माल; और नुकसानों और अपशिष्टों के ब्योरेः4521 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 त

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नुकसान और अपशिष्ट

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1 माल और सेवा कर पहचान संख्यांक/ छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार, यदि अरजिस्ट्रीकृृत है, का राज्य
2 छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार द्वारा जारी चालान संख्यांक, जिसके अधीन माल वापस प्राप्त हुआ है
3 छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार द्वारा जारी चालान की तारीख, जिसके अधीन माल वापस प्राप्त हुआ है चालान तारीख
4 माल का विवरण
5 यूक्यूसी
6 मात्रा
7 मूल चालान संख्यांक, जिसके अधीन माल छुटपुट कार्य के लिए भेजा गया था
8 मूल चालान की तारीख, जिसके अधीन माल छुटपुट कार्य के लिए भेजा गया था
9 छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार द्वारा किए गए छुटपुट कार्य की प्रकृृति
10 य ू क्यूसी अपशिष्ट नुकसान और
11 मात्रा

4522 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 (ग) छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार को भेजे गए और तत्पश्चात्‌ छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार के परिसर से प्रदाय किए गए इनपुटों/पूूंजी माल; और नुकसानों और अपशिष्टों के ब्योरेः

माल और सेवा कर पहचान संख्यांक/ छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार यदि अरजिस्ट्रीकृृत हैं, का राज्य ख्यांक ं प्रमुख द्वारा जारी छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार द्वारा प्रदाय की दशा में बीजक स प्रमुख द्वारा जारी छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार द्वारा प्रदाय की दशा में बीजक की तारीख माल का विवरण यूक्यूसी मात्रा मूल चालान संख्यांक, जिसके अधीन माल छुटपुट कार्य के लिए भेजा गया था मूल चालान की तारीख, जिसके अधीन माल छुटपुट कार्य के लिए भेजा गया था छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार द्वारा किए गए छुटपुट कार्य की प्रकृृति नुकसान और अपशिष्ट
क्यूसी ू य मात्रा
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11

अनुदेशः

1. एकल चालान के लिए मदों की बहु प्रविष्टियां भरी जाएं।

2. उन मामलों में, जिनमें छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार द्वारा नए चालान जारी करना अपेक्षित है, सारणी (क) और सारणी (ख) के स्तम्भ 2 और स्तम्भ 3 आज्ञापक है।

3. जहां छुटपुट कार्य के लिए भेजे गए माल और छुटपुट कार्य के बाद प्राप्त माल के बीच आपस में पत्राचार सम्भव नहीं है, वहां सारणी (क) और सारणी (ख) और सारणी (ग) के स्तम्भ 7 और स्तम्भ 8 न भरे जाएं।

6. सत्यापन

मैं एतद्‌द्वारा सत्यनिष्टा से प्रतिज्ञान और घोषणा करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई सूचना मेरी जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है और उसमें से कुछ भी छिपाया नहीं गया है।

स्थान : हस्ताक्षर

तारीख प्राधिकृृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम.............................. पदनाम/प्रास्थिति

10. उक्त नियमों में, प्ररूप जीएसटी आर-8 के पश्चात्‌ निम्नलिखित प्ररूप अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्‌ः--4523 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 उपाबन्ध-क

वार्षिक विवरणी

"प्ररूप जी एस टी आर-9 (नियम 80 देखें) वार्षिक विवरणी
पीटी.I मूल ब्यौरे
1 वित्तीय वर्ष
2 जी एस टी आई एन
3क विधिक नाम
3ख व्यापार नाम (यदि कोई हो)
पीटी.II वित्तीय वर्ष के दौरान घोषित जावक और आवक प्रदायों के ब्योरे
(सभी सारणियों में रकम रुपये में)
प्रदायों की प्रकृृति कराधेय मूल्य केन्द्रीय कर राज्यकर/ संघ राज्य क्षेत्र कर एकीकृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6
4 वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल विवरणी में जो घोषित कर के रूप में संदेय है, पर अग्रिम, आवक और जावक प्रदाय के ब्योरे
क अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों को की गई प्रदाय (ख 2 ग)
ख रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों को की गई प्रदाय (ख 2 ख)
ग कर संदाय (विशेष आर्थिक जोनों से भिन्न) शून्य रेटेड प्रदाय (निर्यात)
घ कर संदाय पर विशेष आर्थिक जोन को प्रदाय
ङ समझा गया निर्यात
च अग्रिम जिस पर कर संदत्त है, परन्तु बीजक जारी नहीं किए गए है ं (उपर्युक्त (क) से (ङ) के अधीन समावेशित नहीं है)
छ आवक प्रदाय जिस पर रिवर्स भार के आधार पर कर संदत्त किया जाना है
ज आंशिक योग (उपर्युक्त क से छ तक)
झ उपर्युक्त (ख) से (ङ) में विनिर्दिष्ट संव्यवहारों के सम्बन्ध में जारी साखपत(-)
उपर्युक्त (ख) से (ङ) में विनिर्दिष्ट संव्यवहारों के सम्बन्ध में जारी नामे नोट(+)
ट संशोधनो ं (+) के माध्यम से घोषित प्रदाय/कर
ठ ड संशोधनो (–) के माध्यम से घटी हुई ं प्रदाय/कर (उपर्युक्त झ से ठ) का आंशिक योग
ढ प्रदाय और अग्रिम जिस पर संदत्त किया जाना है, उपर्युक्त (झ+ड)
5 ऐसे जावक प्रदायों के ब्योरे जिस पर, वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल की गई विवरणियों में यथाघोषित कर संदेय नहीं है
क कर संदाय के बिना शून्य र ेटेड प्रदाय (निर्यात)
ख कर संदाय के बिना विशेष आर्थिक जोनो ं की प्रदाय
ग प्रदाय जिस पर उलटे गए भार के आधार पर प्राप्तिकर्ता द्वारा संदाय किया जाना है
घ छूट-प्राप्त
ङ शून्य रेटेड
च गैर- जी एस टी प्रदाय
छ आंशिक योग (उपर्युक्त क से छ)
ज उपर्युक्त (क) से (छ) में विनिर्दिष्ट संव्यवहारों के सम्बन्ध में जारी साखपत (-)
झ उपर्युक्त (क) से (छ) में विनिर्दिष्ट संव्यवहारों के सम्बन्ध में जारी नामे नोट(+)
संशोधनाें (+) के माध्यम से घोषित प्रदाय
ट संशोधनों (-) के माध्यम से घटी हुई प्रदाय
ठ आंशिक योग (उपर्युक्त ज से ट)
ड आवर्तन जिस पर संदत्त किया जाना है, उपर्युक्त (उपर्युक्त छ + ढ)
ढ कुल आवर्तन (अग्रिम सहित) उपर्युक्त 4ढ + 5ड -4छ)
पीटी.III वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल विवरणियों में घोषित रूप में आईटीसी के ब्यौरे
विवरण प्रकार केन्द्रीय कर राज्यकर/ संघ राज्य क्षेत्र कर एकीकृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6
6 वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल विवरणियों में घोषित रूप मे उपयोग किए गए आईटीसी के ब्योरे ं
क प्ररूप जीएसटीआर-3ख के माध्यम से उपभोग की गई निवेश कर प्रत्यय की कुल रकम (प्ररूप जीएसटीआर-3ख के सारणी 4क का कुल जोड़) <आटो> <आटो> <आटो> <आटो>
ख आवक प्रदाय (रिवर्स भार के लिए दायी आयातो ं और आवक प्रदायों से भिन्न परन्तु विशेष आर्थिक जोनों से प्राप्त सेवाएं सम्मिलित हैं) निवेश
पूंजी माल
निवेश सेवाएं
ग रिवर्स भार (उपर्युक्त ख से भिन्न) के लिए दायी अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों से प्राप्त आवक प्रदाय जिस पर कर संदत्त है और आईटीसी का उपभोग किया गया है निवेश
पूंजी माल
निवेश सेवाएं
घ रिवर्स भार (उपयुक्त ख से भिन्न) के लिए दायी अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों से प्राप्त आवक प्रदाय जिस पर कर संदत्त है और आईटीसी का उपभोग किया गया है निवेश
पूंजी माल
निवेश सेवाएं
ङ मालों का आयात (विशेष आर्थिक जोनो ं से प्रदाय शामिल) निवेश
पूंजी माल
च सेवाओं का आयात (विशेष आर्थिक जोनों से आवक प्रदाय छोड़कर)
छ आई एस डी से प्राप्त निवेश का प्रत्यय
ज अधिनियम के उपबंधों के अधीन पुनर्निमित आई टी सी की रकम (उपर्युक्त ख से भिन्न)
झ आंशिक योग (उपर्युक्त ख से ज)
अंतर (उपर्युक्त झ-क)
ट टी आर ए एन-I के माध्यम से संक्रमण प्रत्यय (पुनरीक्षण सहित, यदि कोई हो)
ठ टी आर ए एन-II के माध्यम से संक्रमण प्रत्यय
ड उपभोग की गई किन्तु ऊपर विनिर्दिष्ट नहीं की गई कोई अन्य आईटीसी
ढ आंशिक योग (उपर्युक्त ट से ड तक)
ण उपभोग की गई कुल आई टी सी (उपर्युक्त झ ढ)
7 वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल विवरणियों में घोषित रूप में प्रतिवर्ती आईटीसी के और अपात्र आईटीसी के ब्योरे
क ख नियम 37 के अनुसार नियम 39 के अनुसार
ग नियम 42 के अनुसार
घ नियम 43 के अनुसार
ङ धारा 17 (5) के अनुसार
च टीआर ए एन-I प्रत्यय का उलटाव
छ टीआर ए एन-II प्रत्यय का उलटाव
ज अन्य उलटाव (कृृपया विनिर्दिष्ट करे ) ं
झ कुल प्रतिवर्तित आईसीटी (उपर्युक्त क से ज)
उपयोग के लिए उपलब्ध शुद्ध आई टी सी (6ण-7झ)
8 सूचना से सम्बन्धित अन्य आई टी सी
क जीएसटीआर-2क के अनुसार आई टी सी <आटो> <आटो> <आटो>
ख उपर्युक्त 6(ख) और 6(ज) की कुल रकम के अनुसार आई टी सी <आटो>
ग वर्ष 2017-18 के दौरान प्राप्त आवक प्रदाय पर आई टी सी (रिवर्स भार के लिए दायी आयातों और आवक प्रदायों से भिन्न) परन्तु विशेष आर्थिक जोनों से प्राप्त सेवाओं सहित) परन्तु अप्रैल से सितम्बर, 2018 के दौरान उपयोग किए गए
घ अंतर (क-ख + ग)
ङ उपलब्ध आई टी सी परन्तु उपभोग न की गई (घ में से)
च उपलब्ध आई टी सी परन्तु अनुपयुक्त (घ में से)
छ मालों के आयात पर संदत्त आईजीएसटी (विशेष आर्थिक जोन से प्रदाय सहित)
ज झ अंतर (छ-ज) मालों के आयात पर उपभोग की गई आई जीएसटी प्रत्यय (उपर्युक्त 6(ङ) के अनुसार <आटो>
मालों के आयात पर उपलब्ध आई टी सी परन्तु उपयोग न की गई (झ के समान)
ट चालू वित्तीय वर्ष में व्ययगत होने वाला कुल आई टी सी (ङच) <आटो> <आटो> <आटो>
पीटी-IV वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल विवरणियों में घोषित रूप में संदत्त कर के ब्योरे
9 विवरण स ंदेय कर संदत्त आई टी सी के माध्यम से संदत्त
केन्द्रीय कर राज्यकर/ स ं घ राज्य क्षेत्र कर समेकित कर
1 2 3 4 5 6
एकीकृृत कर
केन्द्रीय कर
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर
उपकर
ब्याज
विलम्ब फीस
शास्ति
पीटी.V अन्य चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर तक की विवरणियों मे ं घोषित पूर्व वित्तीय वर्ष के या पूर्व वित्तीय वर्ष की वार्षिक विवरणी के फाईल किए जाने की तारीख तक, इनमें से जो भी पूर्वत्तर हों, संव्यवहारों की विशिष्टियां
विवरण संदेय मूल्य केन्द्रीय कर राज्यकर/ संघ राज्य क्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6
10  स ंशोधनों () के माध्यम से घोषित प्रदाय/कर (शुद्ध नामे नोट)
11  स ंशोधनों (-) के माध्यम से घटी हुई प्रदाय/कर (शुद्ध साख पत्र)
12 पूर्व वित्तीय वर्ष के दौरान उपभोग की गई आई टी सी का उलटाव
13 पूर्व वित्तीय वर्ष के उपभोग की गई आई टी सी
14 उपर्युक्त 10 और 11 में घोषणा के कारण संदत्त अंतरीय कर
विवरण संदेय संदत्त
1 2 3
एकीकृृत कर
केन्द्रीय कर
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर
उपकर
ब्याज
पीटी. VI 15 अन्य जानकारी मांग और प्रतिदाय का विवरण
ब्योरा क ेन्द्रीय कर राज्य/ स ं घ राज्य क्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर ब्याज शास्ति विलम्ब फीस/ अन्य
1 2 3 4 5
क कुल दावाकृृत प्रतिदाय
ख कुल मंजूर प्रतिदाय
ग कुल अस्वीकृत प्रतिदाय
घ कुल लम्बित प्रतिदाय
ङ कुल करों की मांग
च उपर्युक्त ङ के सम्बन्ध में संदत्त कुल कर
छ उपर्युक्त ङ में से लम्बित कुल मांग
16 धारा 143 के अधीन समिश्रण कर दाताओें, समझी गई प्रदाय से प्राप्त प्रर्तियों पर जानकारी और अनुमोदन आधार पर भेजा गया माल
ब्योरे स द ं ेय मूल्य केन्द्रीय कर राज्यकर/ संघ राज्य क्षेत्रकर एकीकृृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6
क समिश्रण करदाताओं से प्राप्त प्रदाय
ख धारा 143 के अधीन समझी गई प्रदाय
ग अनुमोदन आधार पर भेजा गया माल, जो वापस नहीं आया
17 जावक प्रदायो ं का सारांश वार एचएसएन
एच एस एन कोड यूक्यूसी कुल परिमाण स द ं ेय मूल्य कर की दर क ेन्द्रीय कर राज्यकर/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9
18 आवक प्रदायों का एचएसएन वार सारांश
एच एस एन कोड य क्यूसी ू क ु ल परिमाण स द ं ेय मूल्य कर की दर केन्द्रीय कर राज्यकर/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृत कर उपकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9
19 स ं द ेय और संदत्त विलंब फीस
विवरण संदेय संदत्त
1 2 3
क केन्द्रीय कर
ख राज्य कर
4524 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 4526 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 4528 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940

सत्यापनः

मैं, सत्यनिष्ठा से पुष्टि करता हूं और घोषणा करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई सूचना मेरी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है और उसमें से कुछ भी छिपाया नहीं गया है तथा आउटपुट कर दायित्व में किसी कटौती की दशा में उसके लाभ को प्रदाय के प्राप्तिकर्ता को प्रदान कर दिया गया है/कर दिया जाएगा।

स्थानः हस्ताक्षर तारीखः प्राधिकृृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम पदनाम/प्रास्थिति अनुदेशः-

1. प्रयुक्त पदः

क. जीएटीआईएनः माल और सेवा कर पहचान संख्या ख. यूक्यूसीः यूनिट मात्रा कूट4530 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 ग. एचएसएनः नाम पद्धति कूट की सुमेलित पद्धति 2. इस विवरणी में जुलाई, 2017 से मार्च 2018 के बीच की अवधि के ब्योरे उपलब्ध कराए जाएं। 3. भाग II में वित्त वर्ष के दौरान सभी जावक प्रदायों और प्राप्त अग्रिम के ब्योरे हैं, जिनके लिए वार्षिक विवरणी फाइल की गई है। भाग 2 में फाइल किए गए ब्योरे वित्त वर्ष के दौरान करदाता द्वारा फाइल की गई विवरणियों में घोषित सभी प्रदायों का समेकन है। भाग 2 को भरने के लिए अनुदेश नीचे दिए अनुसार हैः

सारणी सं. अनुदेश
4क. उपभोक्ताओं और अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों को की गई प्रदायों का समग्र मूल्य, जिस पर कर संदत्त किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इनमें ई-वाणिज्य प्रचालकों के माध्यम से की गई प्रदायों के ब्योरे सम्मिलित होंगे और उनकी इस सम्बन्ध में जारी किए गए जमा पत्र या नामे नोट के शुद्ध के रूप में घोषणा की जानी है। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9 और सारणी 10 में क्रमशः संशोधनाें के साथ सारणी 5, सारणी-7 का उपयोग किया जा सकेगा।
4ख. रजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों को की गई प्रदायों का समग्र मूल्य (जिसके अंतर्गत यूआईएन को किए गए प्रदाय भी हैं) जिस पर कर संदत्त किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इनमे ं ई-वाणिज्यिक प्रचालकों के माध्यम से की गई प्रदाय यां सम्मिलित होंगी किंतु इनमें ऐसी प्रदाय यां सम्मिलित नहीं होंगी, जिन पर प्राप्तिकर्ता द्वारा अनुलोम प्रभार आधार पर कर का संदाय किया ं जाना है। नामे नोट और शाख पत्रों के ब्योरों का पृथक रूप से वर्णन किया जाना है। इन ब्योरो को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 4क और सारणी 4ग का उपयोग किया जा सकेगा।
4ग. निर्यात का समग्र मूल्य (विशेष आर्थिक जोन को की गई प्रदायों के सिवाय), जिस पर कर संदत्त किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 6क का उपयोग किया जा सकेगा।
4घ. विशेष आर्थिक जोन को प्रदायों का समग्र मूल्य, जिस पर कर संदत्त किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 6ख का उपयोग किया जा सकेगा।
4ङ समझे गए निर्यात की प्रकृृति की प्रदायों का समग्र मूल्य, जिस पर कर संदत्त किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरो को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 6ग का ं उपयोग किया जा सकेगा।
4च. असमायोजित अग्रिमों के ब्योरे, अर्थात्‌ अग्रिम प्राप्त किया गया है और कर संदत्त किया गया है किन्तु चालू वर्ष में बीजक जारी नहीं किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 11क का उपयोग किया जा सकेगा।
4छ. सभी आवक प्रदायों का समग्र मूल्य (जिसके अन्तर्गत अग्रिम और शुद्ध प्रत्यय और नामे नोट भी हैं) जिन पर कर का प्राप्तिकर्ता द्वारा (अर्थात्‌ वार्षिक विवरणी फाइल करने वाले व्यक्ति द्वारा) रिवर्स प्रभार आधार पर संदाय किया जाना है। इसके अंतर्गत रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों, अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त प्रदाय या हैं, जिन पर अनुलोम प्रभार आधार पर कर उदग्रहित किया गया है। इसके अन्तर्गत सभी सेवाओं के आयात का समग्र मूल्य भी सम्मिलित होगा। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 3.1(घ) का उपयोग किया जा सकेगा।
4झ. एक कारबार से दूसरे कारबार को किए गए प्रदायों के सम्बन्ध में जारी शाख पत्रों (4ख), निर्यात (4ग), विशेष आर्थिक जोनों को की गई प्रदायों (4घ)का समग्र मूल्य और समझे गए निर्यात (4ङ) की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9ख का उपयोग किया जा सकेगा।
4. एक कारबार से दूसरे कारबार को किए गए प्रदायों के सम्बन्ध में जारी नामे नोट (4ख), निर्यात (4ग), विशेष आर्थिक जोन को की गई प्रदायों (4घ) का समग्र मूल्य और समझे गए निर्यात (4ङ) की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9ख का उपयोग किया जा सकेगा।
4ट और 4ठ. एक कारबार से दूसरे कारबार को किए गए प्रदायों (4ख), निर्यात (4ग), विशेष आर्थिक जोनों को की गई प्रदाय (4घ) में किए गए संशोधनों के ब्यौरे और समझा गया निर्यात (4ङ), जमा पत्र (4झ), नामे नोट (4) तथा प्रतिदाय बाउचरों की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9क और 9ग का उपयोग किया जा सकेगा।
5क निर्यात का समग्र मूल्य (विशेष आर्थिक जोन को की गई प्रदायों के सिवाय), जिस पर कर संदत्त नहीं किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 6क का उपयोग किया जा सकेगा।
5ख. विशेष आर्थिक जोन को की गई प्रदायों का समग्र मूल्य, जिस पर कर संदत्त नहीं किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 6ख का उपयोग किया जा सकेगा।
5ग. रजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों को की गई प्रदायों का समग्र मूल्य, जिस पर प्राप्तिकर्ता द्वारा अनुलोम प्रभार आधार पर कर संदेय है। नामे नोट और शाख पत्रों के ब्यौरो की घोषणा पृृथक रूप से की जानी ं है। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 4ख का उपयोग किया जा सकेगा।
5घ, 5ङ और 5च. छ ू ट प्रदान किए गए, शून्य दर तथा गैर जीएसटी प्रदायों की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 8 का उपयोग किया जा सकेगा।
5ज. 5क, 5ख, 5ग, 5घ, 5ङ और 5च में घोषित प्रदायो ं के संबंध में जारी शाख पत्रों के समग्र मूल्य की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9ख का उपयोग किया जा सकेगा।
5झ. 5क, 5ख, 5ग, 5घ, 5ङ और 5च में घोषित प्रदायो के संबंध में जारी नामे नोट के समग्र मूल्य की ं यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9ख का उपयोग किया जा सकेगा।
5 और 5ट. निर्यात (विशेष आर्थिक जोन को की गई प्रदायों के सिवाय), में किए गए संशोधनों के ब्योरे और विशेष आर्थिक जोन को की गई प्रदाय या, जिन पर कर संदत्त नहीं किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9ग का उपयोग किया जा सकेगा।
5ढ. कुल आवर्त, जिसके अन्तर्गत सभी प्रदायों (अतिरिक्त प्रदायों और संशोधनों सहित), का योग सम्मिलित है, जिस पर कर संदेय है और कर संदेय नहीं है, की यहां घोषणा की जाएगी। इसके अंतर्गत अग्रिम की रकम भी सम्मिलित होगी, जिस पर कर संदत्त किया गया है, किंतु चालू वर्ष मे ं बीजक जारी नहीं किए गए हैं। तथापि, इसमें आवक प्रदायो ं का ऐसा समग्र मूल्य सम्मिलित नहीं होगा, जिस पर प्राप्तिकर्ता (अर्थात्‌ वार्षिक विवरण फाईल करने वाले व्यक्ति द्वारा) रिवर्स प्रभार आधार पर कर संदत्त किया गया है।

4. भाग III में लिए गए सभी इनपुट कर प्रत्यय और वित्त वर्ष में उलट दिए गए कर प्रत्यय के ब्योरे हैं, जिनके लिए वार्षिक विवरणी फाइल की जाती है। इस भाग को भरने के लिए अनुदेश नीचे दिए गए अनुसार हैः

सारणी स ं . अनुदेश
6क. करदाता के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4ख में लिए गए कर प्रत्यय को स्वतः यहां दिया जाएगा।
6ख. सभी आवक प्रदायो पर किए गए इनपुट कर प्रत्यय का समग्र मूल्य, सिवाय उनके जिन पर कर ं अनुलोम प्रभार आधार पर संदेय है, किंतु इसके अन्तर्गत विशेष आर्थिक जोन से प्राप्त सेवाओं की प्रदाय की यहां घोषणा की जाएगी। यह नोट किया जा सकता है कि लिए गए कुल इनपुट कर प्रत्यय को इनपुट, पूंजी माल और इनपुट सेवाओं पर इनपुट कर प्रत्यय के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (5) का उपयोग किया जा सकेगा। जिसमे ऐसी आईटीसी सम्मिलित नहीं होगी जिसका उपभोग, रिवर्स किया गया था और तत्पश्चात्‌ ं आईटीसी लेजर मे उसका पुनः दावा किया गया था। इसकी घोषणा नीचे 6(ज) में पृृथक रूप से ं की जानी चाहिए।
6ग. अरजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों से प्राप्त सभी आवक प्रदायो ं पर लिए गए इनपुट कर प्रत्यय का समग्र मूल्य (सेवाओं के आयात से भिन्न), जिन पर कर अनुलोम प्रभार आधार पर संदेय है, की यहां घोषणा की जाएगी। यह नोट किया जा सकता है कि लिए गए कुल इनपुट कर प्रत्यय को इनपुट, पूंजी माल और इनपुट सेवाओ पर इनपुट कर प्रत्यय के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। ं इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (3) का उपयोग किया जा सकेगा।
6घ. रजिस्ट्रीकृृत व्यक्तियों से प्राप्त सभी आवक प्रदायो पर लिए गए इनपुट कर प्रत्यय का समग्र मूल्य, ं जिन पर कर अनुलोम प्रभार आधार पर संदेय है, की यहां घोषणा की जाएगी। यह नोट किया जा सकता है कि लिए गए कुल इनपुट कर प्रत्यय को इनपुट, पूंजी माल और इनपुट सेवाओं पर इनपुट कर प्रत्यय के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (3) का उपयोग किया जा सकेगा।
6ङ मालों के आयात पर लिए गए इनपुट कर प्रत्यय के ब्योरे, जिसके अंतर्गत विशेष आर्थिक जोनों से प्राप्त मालो की प्रदाय भी है, की यहां घोषणा की जाएगी। यह नोट किया जा सकता है कि लिए ं गए कुल इनपुट कर प्रत्यय को इनपुट और पूंजी माल पर इनपुट कर प्रत्यय के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (1) का उपयोग किया जा सकेगा।
6च. सेवाओं के आयात (विशेष आर्थिक जोनों से जावक प्रदायों को अपवर्जित करते हुए) पर लिए गए इनपुट कर प्रत्यय के ब्योरों की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (2) का उपयोग किया जा सकेगा।
6छ. इनपुट सेवा वितरक से प्राप्त इनपुट कर प्रत्यय के समग्र मूल्य की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (4) का उपयोग किया जा सकेगा।
6ज. अधिनियम के उपबंधों के अधीन उपभोग किए गए, उलटे गए और पुनः दावा किए गए इनपुट कर प्रत्यय की समग्र मूल्य की यहां घोषणा की जाएगी।
6 प्ररूप जीएसटीआर-3ख के माध्यम से लिए गए इनपुट कर प्रत्यय की कुल रकम और पंक्ति ख से ज में घोषित इनपुट कर प्रत्यय के बीच के अंतर की यहां घोषणा की जाएगी। आदर्श रूप में यह रकम शून्य होनी चाहिए।
6ट. प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-1, जिसके अन्तर्गत टीआरएएन-1(चाहे आरोही या अधोमुखी हो) का पुनरीक्षण है, को फाइल करने पर इलैक्ट्रानिक प्रत्यय बही में प्राप्त अंतरण प्रत्यय के ब्योरों, यदि कोई हो, की यहां घोषणा की जाएगी।
6ठ. प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-2 को फाइल करने के पश्चात्‌ इलैक्ट्रानिक प्रत्यय बही में प्राप्त अंतरण प्रत्यय के ब्योरों की यहां घोषणा की जाएगी।
6ड. उपभोग किए गए ऐसे आईटीसी के ब्योरे जो उपरोक्त 6ख से 6ठ के अधीन विनिर्दिष्ट किसी शीर्ष के अंतर्गत नहीं आते हैं, घोषित किए जाएंगे। वित्तीय वर्ष में प्ररूप आईटीसी-01 और प्ररूप-आईटीसी-02 के माध्यम उपभोग किए गए आईटीसी के ब्योरे यहां घोषित किए जाएंगे।
7क, 7ख, 7ग, 7घ, 7ङ, 7च, 7छ और 7ज केन्द्रीय माल और सेवा कर नियम, 2017 के नियम 37, नियम 39, नियम 42 और नियम 43 के अधीन अपेक्षित पात्र न होने या उलटने के कारण उलटे गए इनपुट कर प्रत्यय के ब्योरों की यहां घोषणा की जाएगी। इस स्तम्भ में केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 17(5) के अधीन उलटे गए किसी इनपुट कर प्रत्यय के ब्योरे और प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-1 या प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-2 के अधीन दावा किए गए अंतरण प्रत्यय, जो पात्र नहीं है, जिसे पश्चातवर्ती रूप से उलट दिया गया है, के ब्योरे भी अंतर्विष्ट होने चाहिएं। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(ख) का उपयोग किया जा सकेगा। प्ररूप आईटीसी-03 के माध्यम से उलटे गए किसी आईटीसी को 7ज मे ं घोषित किया जाएगा।
8क. वर्ष 2017-18 के दौरान और प्ररूप जीएसटीआर-2ख में दर्शाया गया आवक प्रदायों के लिए उपलब्ध प्राप्त कुल प्रत्यय (आयात और अनुलोम प्रभार के लिए दायी आवक प्रदायों से भिन्न, किंतु जिसके अंतर्गत विशेष आर्थिक जोन से प्राप्त सेवाएं हैं) को इस सारणी में स्वतः दर्शाया जाएगा। यह उन सभी इनपुट कर प्रत्ययों का समग्र होगा, जिनकी तत्स्थानी प्रदाय कारो द्वारा अपने प्ररूप ं जीएसटीआर-1 में घोषणा की गई है।
8ख. सारणी 6ख में यथा घोषित इनपुट कर प्रत्यय को यहां स्वतः दिखाया जाएगा।
8ग. सभी आवक प्रदायों पर लिए गए इनपुट कर प्रत्यय का समग्र मूल्य (सिवाय उन, जिन पर अनुलोम प्रभार आधार पर कर संदेय है, किंतु इसमें जुलाई, 2017 से मार्च, 2018 के दौरान विशेष आर्थिक जोनो ं से प्राप्त सेवाओं की प्रदाय) किन्तु ऐसे प्रत्यय की, जिसका अप्रैल से सितम्बर, 2018 के बीच उपभोग किया गया है, यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क)(5) का उपयोग किया जा सकेगा।
8ङ और 8च. इनपुट कर प्रत्यय, जो प्ररूप जीएसटीआर-2क (केवल सारणी-3 और सारणी-5) में उपलब्ध था किन्तु जिसको किसी प्ररूप जीएसटीआर-3ख विवरणी में नहीं लिया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। उस प्रत्यय को प्रत्यय के रूप में वर्गीकृृत किया जाएगा, जो उपलब्ध था किन्तु जिसको नहीं लिया गया है या प्रत्यय को नहीं लिया गया क्योंकि वह पात्र नहीं था। दोनो पंक्तियों का कुल योग 8घ में के अंतर के बराबर होना चाहिए।
8छ. वित्त वर्ष के दौरान आयात के समय संदत्त आईजीएसटी (जिसके अंतर्गत विशेष आर्थिक जोन से आयात हैं) के समग्र मूल्य की यहां घोषणा की जाएगी।
8ज. सारणी 6ङ में घोषित इनपुट कर प्रत्यय को यहां स्वतः दर्शित किया जाएगा।
8ट. कुल इनपुट कर प्रत्यय, जो चालू वित्त वर्ष के लिए व्ययगत हो जाएगा, की इस पंक्ति में संगणना की जाएगी।
4532 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940

5. भाग IV वित्त वर्ष के दौरान संदत्त वास्तविक कर है। प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 6.1 के अधीन कर के संदाय का इन ब्योरों को भरने के लिए उपयोग किया जा सकेगा।

6. भाग V में पूर्व वित्तीय वर्ष के संव्यवहार की विशिष्टियां अंतर्विष्ट हैं किन्तु जिनकी घोषणा चालू वित्तीय वर्ष के अर्पैल से सितम्बर की विवरणी में या पूर्व वित्तीय वर्ष की वार्षिक विवरणी फाईल करने की तारीख को (उदाहरण के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए वार्षिक विवरणी में वित्तीय वर्ष 2017-2018 के लिए अप्रैल से सितम्बर 2018 मेें घोषित संव्यवहारों की घोषणा की जाएगी), इनमें से जो भी पूर्वत्तर हो, घोषित किया गया है। भाग 5 को भरने के लिए अनुदेश नीचे दिए अनुसार हैंः

सारणी स ं . अनुदेश
10. और 11. पूर्व वित्त वर्ष की विवरणियों में पहले ही घोषित किसी आप्रदाय में वर्धन या संशोधन के ब्योरे किन्तु ऐसे संशोधनो को चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर के प्ररूप जीएसटीआर-1 की ं सारणी 9क, सारणी 9ख और सारणी 9ग में या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी फाइल करने की तारीख को, इनमें से जो भी पूर्वत्तर हों, में घोषित किया गया था, यहां घोषित किए जाएंगे।
12. इनपुट कर प्रत्यय के उलटने का समग्र मूल्य, जिसको पूर्व वित्त वर्ष के दौरान लिया गया था, किन्तु जिसको चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर मास के लिए फाइल विवरणी में उलट दिया गया था या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी पारित करने की तारीख, इनमें से जो भी पूर्वत्तर हो, को यहां घोषित किया जाएगा। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(ख) का उपयोग किया जा सकेगा।
13. पूर्व वित्तीय वर्ष में प्राप्त माल या सेवाओं के आईटीसी के ब्योरे, किन्तु उसका उपभोग आईटीसी चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर मास के लिए या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी फाइल करने की तारीख तक, इनमें से जो भी पूर्वत्तर हो, फाइल की गई विवरणियों में किया गया था, यहां घोषित किए जाएंगे, प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) का इन ब्योरों को फाइल किए जाने हेतु उपयोग किया जा सकेगा।
4534 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940

7. भाग VI में अन्य सूचना के ब्योरे हैं। भाग 6 को भरने के लिए अनुदेश नीचे दिए अनुसार हैंः

सारणी सं. अनुदेश
15क, 15ख, 15ग और 15घ दावा किए गए, स्वीकृृत, अस्वीकृृत और प्रसंस्करण के लिए लंबित प्रतिदाय के समग्र मूल्य की यहां घोषणा की जाएगी। दावा किया गया प्रतिदाय वित्तीय वर्ष में फाईल किए गए सभी प्रतिदाय दावों का समग्र मूल्य होगा और इसके अंतर्गत वह प्रतिदाय है, जिन्हें स्वीकार किया गया है, अस्वीकार किया गया है या जो प्रसंस्करण के लिए लंबित है। स्वीकृृत प्रतिदाय से सभी प्रतिदाय स्वीकृृति आदेशों का समग्र मूल्य अभिप्रेत है। लम्बित प्रतिदाय सभी प्रतिदाय आवेदनों, जिनके लिए अभिस्वीकृृति प्राप्त की गई है, की समग्र रकम होगी और इसके अंतर्गत प्राप्त अनंतिम प्रतिदाय नहीं है। इसके अंतर्गत गैर-जीएसटी प्रतिदाय दावो के ब्योरे नहीं हैं। ं
15ङ, 15च और 15 छ ऐसे करों की मांगों के कुल मूल्य, जिसके लिए मांगों की पुष्टि करने वाला आदेश न्यायनिर्णयन प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया है, यहां घोषित किया जाएगा। पुष्ट की गई मांग के कुल मूल्य पर संदत्त करों का समग्र मूल्य की, जो ऊपर 15ङ में घोषित किया गया है की घोषणा की जाएगी। उपरोक्त 15ङ मे ं लम्बित वसूली की मांगों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा।
16क स ं रचना करदाताओं से प्राप्त प्रदायों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 5 का उपयोग इन ब्योरों को भरने के लिए किया जा सकेगा।
16ख माल और सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 143 की उपधारा (3) और उपधारा(4) के निबंधनानुसार मालिक से फुटकर कामगारों तक सभी समझे गए प्रदायों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा।
16ग ऐसे मालों के लिए, जिन्हें अनुमोदन आधार पर भेजा गया था किन्तु ऐसे प्रदाय के एक सौ अस्सी दिन के भीतर प्रधान प्रदायकर्ता को वापस नहीं लौटाया गया था, सभी समझे गए प्रदायों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा।
17 और 18 विशिष्ठ एचएसएन के प्रति किए गए और प्राप्त किए गए प्रदायों का सार केवल इस सारणी में रिपोर्ट किया जाए। यह उन करदाताओं के लिए वैकल्पिक होगा, जिनका वार्षिक आवर्त 1.50 करोड़ रुपए तक है। यह ऐसे करदाताओं के लिए दो अंकों वाले स्तर पर एचएसएन कोड को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा जिनका पूर्ववर्ती वर्ष में वार्षिक आवर्त 1.50 करोड़ रुपए है किन्तु 5.00 करोड़ रुपए तक है और चार अंकों वाले स्तर पर उन करदाताओं के लिए, जिनका वार्षिक आवर्त 5.00 करोड़ रुपए से अधिक है। माल के प्रदाय के लिए यूक्यूसी ब्योरे ही प्रस्तुत किए जाएं। मात्रा विवरणियों के कुल योग के रूप में रिपोर्ट की जानी है। सारणी-17 में के ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 12 का उपयोग किया जा सकेगा।
19. विलम्ब फीस संदेय होगी, यदि वास्तविक विवरणी देय तारीख के पश्चात्‌ फाइल की जाती है।
4535 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940

उपाबंध-ख

संरचना करदाताओं के लिए वार्षिक विवरणी

प्ररूप जीएसटीआर-9क (नियम 80 देखिए) वार्षिक विवरण (संरचना करदाता के लिए) NaN NaN
भाग.I आधारिक ब्योरे NaN NaN
1 वित्तीय वर्ष NaN NaN
2 जीएसटीआईएन NaN NaN
3क विधिक नाम <स्व> NaN NaN
3ख व्यवसाय नाम (यदि कोई हो) <स्व> NaN NaN
4 वर्ष(.........से......... तक) के दौरान स ं रचना स्कीम की अवधि NaN NaN
5 पूर्व वित्तीय वर्ष का कुल आवर्त NaN NaN
(सभी सारणियों में रुपए में रकम) NaN NaN
भाग. II वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल की गई विवरणियों में घोषित जावक और आवर्त प्रदायों के ब्यौरे NaN NaN
6 वर्णन आवर्त कर की दर केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृत कर उपकर NaN NaN
1 2 3 4 5 6 7 NaN NaN
ऐसे जावक प्रदायों के ब्योरे जिस पर, वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल की गई विवरणियों मे ं यथाघोषित कर संदेय है NaN NaN
क कराधेय NaN NaN
ख छूट प्राप्त, शून्य दर NaN NaN
ग कुल NaN NaN
7 ऐसे आवक प्रदायों के ब्योरे, जिन पर कर वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल की गई विवरणियों में घोषित प्रतिलोम प्रभार आधार (नामे नोट/जमा पत्रो ं का योग) पर संदेय है NaN NaN
विवरण कराधेय मूल्य क े न्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृत कर उपकर NaN NaN
1 2 3 4 5 6 NaN NaN
क रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त प्रतिलोम प्रभार के लिए दायी आवक प्रदाय NaN NaN
ख ग अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त प्रतिलोम प्रभार के लिए दायी आवक प्रदाय सेवाओं का आयात NaN NaN
घ उपरोक्त (क), (ख), और (ग) पर संदेय शुद्ध कर NaN NaN
8 वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल की गई विवरणियों में यथाघोषित अन्य आवक प्रदायों के ब्योरे NaN NaN
क रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त आवक प्रदाय (उपरोक्त 7क से भिन्न) NaN NaN
ख माल का आयात NaN NaN
भाग III वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल की गई विवरणियों मे यथा घोषित संदत्त कर के ब्योरे ं NaN NaN
9 वर्णन कुल संदेय कर स ंदत्त NaN NaN
1 2 3 NaN NaN
एकीकृत कर NaN NaN
केन्द्रीय कर NaN NaN
राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर NaN NaN
उपकर NaN NaN
ब्याज NaN NaN
विलम्ब फीस NaN NaN
शास्ति NaN NaN
भाग. IV चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर की या पूर्व वित्तीय वर्ष की वार्षिक विवरणी के फाईल किए जाने की तारीख तक इनमें से जो भी पूर्वत्तर हों, विवरणियों में घोषित पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए संव्यवहारों की विशिष्टियां NaN NaN
वर्णन आवर्त केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृत कर उपकर NaN NaN
1 2 3 4 5 6 NaN NaN
10 स ंशोधनाें के माध्यम से घोषित प्रदायों/ कर (जावक) () (नामे नोटों का योग) NaN NaN
11 स ंशोधनाें के माध्यम से घोषित प्रतिलोम प्रभार के लिए दायी आवक प्रदाय () (नामे नोटों का योग) NaN NaN
12 स ंशोधनाें के माध्यम से कटौती किए गए प्रदाय/ कर (जावक) (-) (जमा पत्रों का योग) NaN NaN
13 स ंशोधनों के माध्यम से कटौती किए गए प्रतिलोम प्रभार के लिए दायी आवक प्रदाय (-) (जमा पत्रों का योग) NaN
14 उपरोक्त 10, 11, 12 और 13 में की गई घोषणा के मद्‌्‌दे संदत्त अंतरीय कर NaN
वर्णन स द ं ेय स ंदत्त NaN
1 2 3 NaN
एकीकृृत कर NaN
केन्द्रीय कर NaN
राज्य/ संघ राज्यक्षेत्र कर NaN
उपकर NaN
ब्याज NaN
भाग. V 15 अन्य जानकारी मांग और प्रतिदायों की विशिष्टियां NaN
वर्णन केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृृत कर उपकर ब्याज शास्ति NaN विलम्ब फीस/अन्य
1 2 3 4 5 6 7 NaN 8
क दावा किया गया कुल प्रतिदाय NaN
ख स्वीकृृत कुल प्रतिदाय NaN
ग अस्वीकृृत कुल प्रतिदाय NaN
घ लम्बित कुल प्रतिदाय NaN
ङ करों की कुल मांग NaN
च उपरोक्त ङ के सम्बन्ध में संदत्त कुल कर NaN
छ उपरोक्त ङ के कारण लम्बित कुल मांग NaN
16 उलटा गया या उपभुक्त प्रत्यय के ब्योरे NaN
वर्णन केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर एकीकृत कर NaN उपकर
1 2 3 4 NaN 5
क स ंरचना स्कीम में विकल्प लेने पर उलटा गया प्रत्यय(-) NaN
ख स ंरचना स्कीम के कारण विकल्प लेने पर उपभुक्त प्रत्यय () NaN
17 स ंदेय और संदत्त विलम्ब फीस
वर्णन संदेय संदत्त
1 2 3
क केन्द्रीय कर
ख राज्य कर
4536 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 4538 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940

सत्यापनः

मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है तथा इसमें से कोई बात छिपाई नहीं गई है और आउटपुट कर दायित्व में किसी कटौती की दशा में, उसका फायदा प्रदाय के प्राप्तिकर्ता को संक्रान्त कर दिया गया है/कर दिया जाएगा।

स्थानः हस्ताक्षर तारीखः प्राधिकृृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम पदनाम/प्रास्थिति अनुदेशः-

1. जुलाई, 2017 से मार्च, 2018 के बीच की समयावधि के ब्योरे इस विवरणी में उपलब्ध करवाए जाएंगे।

2. भाग I में करदाता के आधारिक ब्योरे अंतर्विष्ट हैं। भाग I को भरने के लिए अनुदेश निम्नानुसार हैंः

सारणी सं0 अनुदेश
5 पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए कुल आवर्त उस वर्ष के, जिसके लिए विवरणी फाइल की जा रही है, पूर्व वित्तीय वर्ष का आवर्त है। उदाहरण के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए वार्षिक विवरणी हेतु वित्तीय वर्ष 2016-17 के कुल आवर्त को इस सारणी में प्रविष्ट किया जाएगा। यह उसी स्थायी लेखा संख्यांक पर रजिस्ट्रीकृत सभी करदाताओं का आवर्त है।

3. भाग II में उस वित्तीय वर्ष, जिसके लिए वार्षिक विवरणी फाइल की गई है, में सभी जावक और आवक प्रदायों के ब्योरे हैं। भाग II को भरने के लिए अनुदेश निम्नानुसार हैः

सारणी सं0 अनुदेश
6क सभी जावक प्रदायों को कुल मूल्य, कुल नामे नोटों/जमा पत्रों का योग, सम्पूर्ण वित्तीय वर्ष के लिए अग्रिमों का योग और वापस किए गए माल का योग यहां घोषित किया जाएगा। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-4 की सारणी 6 और सारणी 7 का उपयोग किया जा सकेगा।
6ख छूट प्राप्त, शून्य दर और गैर-माल और सेवाकर प्रदायों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा।
7क रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त सभी आवक प्रदायों का कुल मूल्य, जिस पर कर प्रतिलोम प्रभार आधार पर संदेय है, यहां घोषित किया जाएगा। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-4 की सारणी 4ख, सारणी 5 और सारणी 8क का उपयोग किया जा सकेगा।
7ख
7ग
8क
8ख
4539 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940

4. भाग IV में चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर में या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरण फाईल करने की तारीख (उदाहरण के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के वार्षिक विवरणी में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए अप्रैल से सितम्बर में घोषित संव्यवहारों को घोषित किया जाएगा) इनमें से जो भी पूर्वत्तर हो, की विवरणी में पूर्व वित्तीय वर्ष के प्रदायों के लिए किए गए संशोधनों के ब्योरे अंतर्विष्ट हैं। भाग V को भरने के लिए अनुदेश निम्नानुसार हैंः

सारणी सं0 अनुदेश
10, 11,12,13, और 14 ऐसे किन्हीं प्रदायों के परिवर्धनों या संशोधनों के ब्योरे, जिन्हें पूर्व वित्तीय वर्ष की विवरणियों में पहले घोषित किया गया था किन्तु ऐसे संशोधनो , चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर ं या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी फाइल करने की तारीख तक इनमें से जो भी पूर्वत्तर हो, के प्ररूप जीएसटीआर-4 की सारणी 5 (आवक प्रदायों से सम्बन्धित) या सारणी 5 (जावक प्रदायों से सम्बन्धित) में दिए गए थे, यहां प्रस्तुत किए जाएंगे।

5. भाग V में अन्य जानकारी के ब्योरे हैं। भाग 5 को भरने के लिए अनुदेश निम्नानुसार हैंः

सारणी सं0 अनुदेश
15क, 15ख,15ग और 15घ प्रसंस्करण के लिए दावाकृत, स्वीकृत, अस्वीकृत और लम्बित प्रतिदायों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। दावाकृत प्रदाय वित्तीय वर्ष में फाइल किए गए सभी प्रतिदाय दावों का कुल मूल्य होगा और इसमें ऐेसे प्रतिदाय भी सम्मिलित होंगे जिन्हें प्रसंस्करण के लिए स्वीकृत, अस्वीकृत किया गया है या लम्बित हैं। स्वीकृत प्रतिदाय से सभी प्रतिदाय स्वीकृति आदेशों का कुल मूल्य अभिप्रेत है। लम्बित प्रतिदाय ऐसे सभी प्रतिदाय आवेदनों मे ं कुल रकम होगी, जिनके लिए अभिस्वीकृति प्राप्त कर ली गई है और इसमें प्राप्त किया गया अनंतिम प्रतिदाय नहीं होगा। इनमें गैर-माल और सेवाकर प्रतिदाय दावों के ब्योरे सम्मिलित नहीं होंगे।
15ङ, 15च और 15छ ऐसे करो ं की मांगों के कुल मूल्य, जिसके लिए न्यायनिर्णयन प्राधिकारी द्वारा मांगों की पुष्टि करने वाला आदेश जारी किया गया है, यहां घोषित किया जाएगा। उपरोक्त 15ड में पुष्ट की गई मांगों के कुल मूल्य में से संदत्त करों का संकलित मूल्य यहां घोषित किया जाएगा।
16क यदि कोई व्यक्ति संरचना स्कीम के अधीन कर देने का चयन करता है तो उलटे गए सभी प्रत्ययों का संकलित मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। प्ररूप आईटीसी-03 में दिए गए ब्योरों का उपयोग इन ब्योरों को भरने के लिए किया जा सकेगा।
16ख यदि कोई व्यक्ति संरचना स्कीम के बाह्‌य कर देने का चयन करता है तो उपभोग किए सभी प्रत्ययों का संकलित मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। प्ररूप आईटीसी-01 में दिए गए ब्योरों का उपयोग इन ब्योरों को भरने के लिए किया जा सकेगा।
17 विलम्ब शुल्क देय होगा, यदि वास्तविक विवरणी देय तारीख के पश्चात्‌ फाइल की जाती है।
4540 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940

11. उक्त नियमों के प्ररूप जीएसटी के ईडब्ल्यूबी-01 के टिप्पणों में क्रम संख्या 7 के नीचे सारणी के पहले स्तम्भ में कोड-4 के सामने दूसरे स्तम्भ में "एस.के.डी." या "सी.के.डी." अक्षरों और शब्दों के स्थान पर "एस.के.डी." या सी.के.डी. या बैचों या लॉटों में आप्रदाय" अक्षर और शब्द रखे जाएंगें।

आदेश द्वारा,

(जगदीश चन्द्र शर्मा) प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पणः--1. मूल नियम संख्या इ.एक्स.एन-एफ(10)-13/2017 द्वारा तारीख 27 जून, 2017 को अधिसूचित किए गए थे तथा तारीख 29 जून को राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए गए थे तथा अन्तिम बार अधिसूचना सं0 29/2018-राज्य कर, तारीख 7 जुलाई, 2018 द्वारा संशोधित राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में संख्या इ.एक्स. एन-एफ(10)-5/2018 द्वारा तारीख 9 जुलाई को प्रकाशित किए गए थे। 2. इस अधिसूचना का अंग्रेजी पाठ तारीख 4 सितम्बर, 2018 को राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में पृृष्ठ 4430 से 4447 पर प्रकाशित किया गया था।

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कार्मिक विभाग

(नियुक्ति-IV)

अधिसूचना

शिमला-2, 6 सितम्बर, 2018

संख्याः कार्मिक(नियुक्ति-IV)-बी(15)-01/2014.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, इस विभाग की अधिसूचना संख्याः कार्मिक(ए-IV)-ए(3)-3/1999, तारीख 8 मार्च, 2000 द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश कार्मिक विभाग, संयुक्त सचिव (हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं) वर्ग-I (राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2000 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्‌ :--

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश कार्मिक विभाग, संयुक्त सचिव (हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं) वर्ग-I (राजपत्रित), भर्ती और प्रोन्नति (प्रथम संशधन) नियम, 2018 है।

(2) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त हाेंगे।4541 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940 2. उपबन्ध-''क'' का संशोधन.--कार्मिक विभाग, संयुक्त सचिव (हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं) वर्ग-I (राजपत्रित), भर्ती और प्रोन्नति नियम, 1997 के स्तम्भ संख्या 11, के सामने विद्यमान उपबन्ध के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्‌ः--

"उप सचिवों में से प्रोन्नति द्वारा जिनका तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, ऐसा न होने पर उप सचिवों में से प्रोन्नति द्वारा जिनका उप सचिव और अवर सचिव के रूप में संयुक्ततः चार वर्ष का नियमित सेवाकाल या की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके चार वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, जिसमें उप सचिव के रूप में दो वर्ष की अनिवार्य सेवा भी सम्मिलित होगी, दोनों के न होने पर उप सचिवों में से प्रोन्नति द्वारा जिनका उप सचिव, अवर सचिव और अनुभाग अधिकारी के रूप में संयुक्ततः सात वर्ष का नियमित सेवाकाल या की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके सात वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, जिसमें उप सचिव के रूप में एक वर्ष की अनिवार्य सेवा भी सम्मिलित होगी।

(1) प्रोन्नति के सभी मामलाें में पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कई हो, प्रोन्नति के लिए इन नियमों में यथाविहित सेवाकाल के लिए, इस शर्त के अधीन रहते हुए गणना में ली जाएगी, कि सम्भरक (पोषक) प्रवर्ग में तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार चयन की उचित स्वीकार्य प्रक्रिया को अपनाने के पश्चात्‌ की गई थीः

परन्तु उन सभी मामलों में जिनमें कोई कनिष्ठ व्यक्ति सम्भरक (पोषक) पद में अपने कुल सेवाकाल (तदर्थ आधार पर की गई सेवा सहित, जो नियमित सेवा/नियुक्ति के अनुसरण में हो) के आधार पर उपर्युक्त निर्दिष्ट उपबन्धों के कारण विचार किए जाने का पात्र हो जाता है, वहां उससे वरिष्ठ सभी व्यक्ति अपने-अपने प्रवर्ग/पद/काडर में विचार किए जाने के पात्र समझे जाएंगे और विचार करते समय कनिष्ठ व्यक्ति से ऊपर रखे जाएंगेः

परन्तु यह और कि उन सभी पदधारियों की, जिन पर प्रोन्नति के लिए विचार किया जाना है, की कम से कम तीन वर्ष की न्यूनतम अर्हता सेवा या पद के भर्ती और प्रोन्नति नियमों में विहित सेवा, जो भी कम हो, होगीः

परन्तु यह और भी कि जहां कोई व्यक्ति पूर्वगामी परन्तुक की अपेक्षाआें के कारण प्रोन्नति किए जाने सम्बन्धी विचार के लिए अपात्र हो जाता है, वहां उससे कनिष्ठ व्यक्ति भी ऐसी प्रोन्नति के विचार के लिए अपात्र समझा जाएगा/समझे जाएंगे।

स्पष्टीकरण.--अंतिम परन्तुक के अन्तर्गत कनिष्ठ पदधारी प्रोन्नति के लिए अपात्र नहीं समझा जाएगा यदि वरिष्ठ अपात्र व्यक्ति भूतपूर्व सैनिक है जिसे डिमोबीलाइज्ड आमर्ड फोर्सिज परसोनल (रिजर्वेशन ऑफ वैकेन्सीज इन दी हिमाचल स्टेट नॉन टैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1972 के नियम-3 के उपबन्धाें के अन्तगर्त भर्ती किया गया है और तद्‌धीन वरीयता लाभ दिए गए हों या जिसे एक्स सर्विसमैन (रिजर्वेशन ऑफ वैकेन्सीज इन दी हिमाचल प्रदेश टैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1985 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया हो और तद्‌धीन वरीयता लाभ दिए गए हों।

(2) इसी प्रकार स्थायीकरण के सभी मामलाें मे ऐसे पद पर नियमित नियुक्ति/प्रोन्नति से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद पर की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, सेवाकाल के लिए गणना में ली जाएगी, यदि तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति उचित चयन के पश्चात्‌ और भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार की गई थी :

परन्तु की गई उपर्युक्त निर्दिष्ट तदर्थ सेवा को गणना में लेने के पश्चात्‌ जो स्थायीकरण होगा उसके फलस्वरूप पारस्परिक वरीयता अपरिवर्तित रहेगी"।

आदेश द्वारा, विनीत चौधरी, मुख्य सचिव।4542 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940

[Authoritative English Text of this department notification No. Per(A-IV)-B(15)-1/2014 dated

6th September, 2018, as required under Clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].

PERSONNEL DEPARTMENT

(Appointment-IV)

NOTIFICATIONS

Shimla-171002, the 6th September, 2018

No. Per(A-IV)-B(15)-1/2014.—In exercise of the powers conferred by the proviso to Article 309 of the Constitution of India, the Governor, Himachal Pradesh, in consultation with the Himachal Pradesh Public Service Commission, is pleased to make the following rules further to amend the Department of Personnel, Joint Secretary (HPSS) Class-I (Gazetted), Recruitment & Promotion Rules, 2000, notified vide this Department's Notification No. Per(A-IV)-A(3)-3/1999, dated 8th March, 2000, namely:—

1. Short title and commencement.—(1) These rules may be called the Department of Personnel, Joint Secretary (HPSS) Class-I (Gazetted), Recruitment & Promotion (First Amendment), Rules, 2018.

(2) These rules shall come into force from the date of publication in Rajpatra, Himachal Pradesh.

2. Amendment in Annexure-I.—In the Department of Personnel, Joint Secretary (HPSS) Class-I (Gazetted), Recruitment & Promotion Rules, 1997, for the provision against Column No. 11, the following shall be substituted, namely:—

"By promotion from amongst the Deputy Secretaries possessing 3 year's regular service or regular combined with continuous adhoc service, if any, in the grade failing which by promotion from amongst the Deputy Secretaries possessing 04 year's regular service or regular combined with continuous adhoc service, if any, combined as Deputy Secretary and Under Secretary which shall also include essential service of 2 years as Deputy Secretary, failing both by promotion from amongst the Deputy Secretaries possessing 7 years' regular service or regular combined with continuous adhoc service, if any, combined as Deputy Secretary, Under Secretary and Section Officer, which shall also include essential service of 1 year as Deputy Secretary.

(1) In all cases of promotion, the continuous adhoc service rendered in the feeder post, if any, prior to regular appointment to the post shall be taken into account towards the length of service as prescribed in these Rules for promotion subject to the condition that the adhoc appointment/promotion in the feeder category had been made after following proper acceptable process of selection in accordance with the provisions of R&P Rules:

Provided that in all cases where a junior person becomes eligible for consideration by virtue of his/her total length of service (including the service rendered on adhoc basis, followed by regular service/appointment) in the feeder post in view of the provision referred to above, all persons senior to him/her in the respective category/ post/cadre shall be deemed to be eligible for consideration and placed above the junior person in the field of consideration:

4543 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940

Provided that all incumbents to be considered for promotion shall posses the minimum qualifying service of atleast three years' or that prescribed in the R&P Rules for the post, whichever is less :

Provided further that where a person becomes ineligible to be considered for promotion on account of the requirements of the preceding proviso, the person(s) junior the him/her shall also be deemed to be ineligible for consideration for such promotion.

Explanation.—The last proviso shall not render the junior incumbents ineligible for consideration for promotion if the senior ineligible person(s) happened to be Ex- servicemen recruited under the provisions of Rule-3 of the Demobilized Armed Forces Personnel (Reservation of Vacancies in the Himachal State Non-Technical Services) Rules, 1972 and having been given the benefit of seniority thereunder or recruited under the provisions of Rules-3 of the Ex-Serviceman (Reservation of Vacancies in the Himachal Pradesh Technical Services) Rules, 1985 and having been given the benefit of seniority thereunder.

(2) Similarly, in all cases of confirmation adhoc service rendered on the feeder post, if any, prior to the regular appointment/promotion against such post shall be taken into account towards the length of service, if the adhoc appointment/promotion had been made after proper selection and in accordance with the provision of the R&P Rules :

Provided that inter-se seniority as a result of confirmation after taking into account, adhoc service rendered as referred to above shall remain unchanged."

By order, VINEET CHAWDHRY, Chief Secretary.

4544 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 10 सितम्बर, 2018/19 भाद्रपद, 1940

नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 10 September 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2018-09-10.121_gazette_2018-10_09_2018/. Archive identifier in.gazette.himachal.2018-09-10.121_gazette_2018-10_09_2018.