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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 57, 14 June 2019

Published 14 June 2019

Gazette no.
57
Gazetteid
57/GAZETTE/2019-14/06/2019
Identifier
in.gazette.himachal.2019-06-14.57_gazette_2019-14_06_2019
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शुक्रवार, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941

हिमाचल प्रदेश सरकार

आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 3/2018-राज्य कर

शिमला-2, 30 जनवरी, 2018

संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-5/2018.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्‌ :-

57-राजपत्र/2019-14-06-2019 (2681) 2682 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (द्वित्तीय संशोधन) नियम, 2018 है।

(2) इन नियमों में अन्यथा उपबंधित के सिवाय, यह नियम 23 जनवरी, 2018 से प्रवृत्त हुए समझे जाएंगे।

2. हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 में,-

(i) नियम 3 के उपनियम (3क) में "नब्बे दिन" शब्दों के स्थान पर "एक सौ अस्सी दिन" शब्द रखे जाएंगे;

(ii) 1 जनवरी, 2018 से नियम 7 की सारणी में,

(क) क्रम सं. 1 के स्तंभ सं0 (3) में "एक प्रतिशत" शब्दों के स्थान पर "राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में व्यापारावर्त का आधा प्रतिशत" शब्द रखे जाएंगे;

(ख) क्रम सं. 2 के स्तंभ सं0 (3) में "ढाई प्रतिशत" शब्दों के स्थान पर "राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में व्यापारावर्त का ढाई प्रतिशत" शब्द रखे जाएंगे;

(ग) क्रम सं. 3 के स्तंभ सं0 (3) में "आधा प्रतिशत" शब्दों के स्थान पर "राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में व्यापारावर्त का आधा प्रतिशत" शब्द रखे जाएंगे;

(iii) नियम 20 के परंतुक का लोप किया जाएगा;

(iv) नियम 24 के उप-नियम (4) में "31 दिसंबर, 2017" अंकों, अक्षरों और शब्दों के स्थान पर "31 मार्च, 2018" अंक, अक्षर और शब्द रखे जाएंगे;

(v) नियम 31 के पश्चात्‌ निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः-

"31.क लॉटरी, बाजी, द्‌यूत तथा घुड़दौड़ की दशा में आपूर्ति का मूल्य.- (1) इस अध्याय के उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए, नीचे विनिर्दिष्ट आपूर्तियों के संबंध में मूल्य, इसमें इसके पश्चात्‌ उपबंधित रीति से अवधारित किया जाएगा।

(2)(क) राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही लाटरी की आपूर्ति का मूल्य, टिकट के अंकित मूल्य का 100/112 या आयोजित करने वाले राज्य द्वारा राजपत्र में यथाअधिसूचित कीमत जो भी अधिक हो, समझी जाएगी;

(ख) राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत लाटरी की आपूर्ति का मूल्य, टिकट के अंकित मूल्य का 100/128 या आयोजित करने वाले राज्य द्वारा राजपत्र में यथाअधिसूचित कीमत जो भी अधिक हो, समझी जाएगी;

स्पष्टीकरण.- इस उप-नियम के प्रयोजन के लिए, अभिव्यक्तियां-

(क) "राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही लॉटरी" से ऐसी लॉटरी अभिप्रेत है जो आयोजित करने वाले राज्य से भिन्न किसी राज्य में विक्रय किए जाने के लिए अनुज्ञात नहीं होगी;

(ख) "राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत लाटरी" से ऐसी लॉटरी अभिप्रेत है जो आयोजित करने वाले राज्य से भिन्न राज्य/राज्यों में विक्रय करने के लिए प्राधिकृत है; और2683 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 (ग) "आयोजित करने वाले राज्य" का वही अर्थ होगा जो उसे लॉटरी (विनियमन) नियम, 2010 के नियम 2 के उप-नियम (1) के खंड (च) में दिया गया है।

(3) बाजी में जीतने के मौके के रूप में, द्‌यूत या दौड़ क्लब में घुड़दौड़ के अनुयोज्य दावे की आपूर्ति का मूल्य, बाजी के अंकित मूल्य या टोटलाइजर में संदत्त रकम का सौ प्रतिशत होगा।";

(vi) नियम 43 के उप-नियम (2), के पश्चात्‌ स्पष्टीकरण के स्थान पर निम्नलिखित स्पष्टीकरण रखा जाएगा, अर्थात्‌ः-

"स्पष्टीकरण.- नियम 42 और इस नियम के प्रयोजन के लिए यह स्पष्टीकृत किया जाता है कि छूट प्राप्त आपूर्ति के संकलित मूल्य में निम्नलिखित अपवर्जित होगाः-

(क) भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग की भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खंड 3, उप-खंड (i) में सा.का.नि.सं. 1338(अ), तारीख 27 अक्तूबर, 2017 द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 42/2017-एकीकृत कर (दर), तारीख 27-10-2017 में विनिर्दिष्ट सेवाओं की आपूर्ति का मूल्य;

(ख) निक्षेपों को स्वीकारने द्वारा ऋण या अग्रिम का विस्तार, जहां तक कि प्रतिफल ब्याज या छूट द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, सिवाय बैंकिंग कंपनी या वित्तीय संस्था जिसके अंतर्गत गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी, जो निक्षेप स्वीकारने, श्रृणों या अग्रिमों के विस्तार द्वारा सेवाओं की पूर्ति करने में लगे हुए हैं, भी हैं, सेवाओं का मूल्य ; और (ग) भारत में सीमाशुल्क स्टेशन निकासी से भारत के बाहर किसी स्थान पर जलयान द्वारा माल के परिवहन द्वारा सेवाओं की आपूर्ति का मूल्य।";

(vii) नियम 54 के उप-नियम (1), के पश्चात्‌ निम्नलिखित उप-नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः-

"(1अ) (क) एक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति जो इनपुट सेवा वितरक के रूप में समान पैन और राज्य कोड रखता है, वह सामान्य इनपुट सेवा के जमा को इनपुट सेवा वितरक को अंतरित करने के लिए बीजक या यथास्थिति, जमा या विकलन टिप्पण जारी कर सकेगा, जिसमें निम्नलिखित ब्योरे अंतर्विष्ट होंगेः-

(i) एक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति जो इनपुट सेवा वितरक के रूप में समान पैन और राज्य कोड रखता है का नाम, पता तथा माल और सेवा कर पहचान सं.;

(ii) सोलह अक्षरों से अनधिक क्रमवर्ती क्रम संख्या, एक या बहु श्रेणियां, जिसके अंतर्गत वर्ण या अंक या विशेष अक्षर हाइफन अथवा डैश या स्लैश चिन्ह जैसे कि क्रमशः, "-" और "/"

और वित्तीय वर्ष के लिए कोई विशिष्ट सहयोजन;

(iii) जारी करने की तारीख;

(iv) सामान्य सेवा के आपूर्तिकर्ता का माल और सेवाकर पहचान सं. तथा मूल बीजक सं.

जिसकी जमा इनपुट सेवा वितरक को अंतरित करना चाही गई है;

(v) इनपुट सेवा वितरक का नाम, पता तथा माल और सेवाकर पहचान सं.

2684 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 (vi) जमा का कराधेय मूल्य, दर और रकम जो अंतरित की जानी है; और

(vii) रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति या उसके प्राधिकृत प्रतिनिधि का हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर। (ख) खंड (क) के अधीन जारी बीजक में काराधेय मूल्य सामान्य सेवाओं के मूल्य के समान होगा।";

(viii) नियम 55 के पश्चात्‌ निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः- "55क माल के अंतरण के साथ आपूर्ति का कर बीजक या प्रदाय का बिल.- वाहन के भारसाधक व्यक्ति नियम 46, 46क या यथास्थिति नियम 49 के उपबंधों के अनुसरण में जारी आपूर्ति के कर बीजक या प्रदाय के बिल की प्रति साथ रखेगा यदि ऐसे व्यक्ति के लिए इन नियमों के अधीन ई-वे बिल साथ में रखना अपेक्षित नहीं है।";

(ix) 23 अक्तूबर, 2017 से, नियम 89 के उप-नियम (4क) और उप-नियम (4ख) के स्थान पर निम्नलिखित उप-नियम रखे जाएंगे, अर्थात्‌ः-

"(4क) प्राप्त आपूर्तियों की दशा में जिन तक आपूर्तिकर्ता ने हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-40/2017 द्वारा तारीख 21 नवम्बर, 2017 को प्रकाशित अधिसूचना संख्याः 48/2017 तारीख 20 नवम्बर, 2017 का लाभ उठाया है को माल या सेवाओं अथवा दोनों की पूर्ति शून्य-दर बनाने के लिए उपयोग की गई अन्य इनपुट या इनपुट सेवाओं के संबंध में उपयोग किए गए इनपुट कर का प्रतिदाय प्रदान किया जाएगा।

(4ख) प्राप्त आपूर्तियों की दशा में, जिन पर आपूर्तिकर्ता ने हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में संख्याः ई. एक्स.एन.-एफ.(10)-40/2017 द्वारा तारीख 21 नवम्बर, 2017 को प्रकाशित अधिसूचना संख्याः 40/2017 तारीख 20 नवम्बर, 2017 या भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खंड 3, उप-खंड (i) में सा.का.नि.सं. 1321(अ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 41/2017-एकीकृत कर (दर) तारीख 23 अक्तूबर, 2017 या भारत के राजपत्र, असााधारण, भाग 2, खंड 3, उप-खंड (i) में सा.का.नि.सं. 1272 (अ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 78/2017-सीमा-शुल्क तारीख 13 अक्तूबर, 2017 अथवा भारत के राजपत्र, असधारण, भाग 2, खंड 3, उप-खंड (i) में सा.का.नि.सं. 1299(अ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 79/2017-सीमा-शुल्क तारीख 13 अक्तूबर, 2017 या उन सभी का लाभ उठाया है, को माल के निर्यात के लिए उक्त अधिसूचना के अधीन प्राप्त इनपुट के सम्बन्ध में उपयोग किए गए इनपुट कर प्रत्यय का प्रतिदाय और माल का ऐसा निर्यात करने के लिए उपयोग के विस्तार तक की गई अन्य इनपुट या इनपुट सेवा के संबंध में उपयोग की गई इनपुट कर प्रत्यय प्रदान की जाएगी।"

(x) 23 अक्तूबर, 2017 से, नियम 96 में,

(क) उपनियम (1) में, "निर्यातकर्ता" शब्दों के स्थान पर "मालों के निर्यातकर्ता" शब्द रखे जाएंगे;

(ख) उप-नियम (2) में, "सुसंगत निर्यात बीजकों" शब्दों के स्थान पर "निर्यात किए गए माल के संबंध में सुसंगत निर्यात बीजकों" शब्द रखे जाएंगे;

(ग) उप-नियम (3) में, "सीमाशुल्क द्वारा अभिहित सिस्टम प्रतिदाय के दावे के लिए कार्यवाही करेगा" शब्दों के स्थान पर "सीमाशुल्क या सीमाशुल्क के समुचित अधिकारी, जैसा भी मामला हो, द्वारा अभिहित सिस्टम, मालों के निर्यात के संबंध में प्रतिदाय के दावे के लिए कार्यवाही करेगा" शब्द रखे जाएंगे;

2685 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 (घ) उप-नियम (9) के स्थान पर निम्नलिख्ािित उप-नियम रख जाएगा, अर्थात्‌ः-

"(9) भारत के बाहर निर्यात की गई सेवाओं पर संदत्त एकीकृत कर के प्रतिदाय के लिए आवेदन प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01 में भरा जाएगा और नियम 89 के उपबंधों के अनुसरण में व्यौवहार किया जाएगा।

(10) व्यक्ति जो निर्यात किए गए माल या सेवाओं के लिए संदत्त एकीकृत कर के प्रतिदाय का दावा करता है उसे ऐसी आपूर्ति प्राप्त नहीं करनी चाहिए जिस पर आपूर्तिकर्ता ने हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-40/2017 द्वारा तारीख 21 नवम्बर, 2017 को प्रकाशित अधिसूचना संख्याः 48/2017 तारीख 20 नवम्बर, 2017, हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-40/2017 द्वारा तारीख 21 नवम्बर, 2017 को प्रकाशित अधिसूचना संख्याः 40/2017(दर) तारीख 20 नवम्बर, 2017 या भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खंड 3, उप-खंड (i) में सा.का.नि.सं. 1321(अ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 41/2017-एकीकृत कर (दर) तारीख 23-10-2017 या भारत के राजपत्र, असााधारण, भाग 2, खंड 3, उपखंड (i) में सा.का.नि.सं. 1272(अ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 78/2017-सीमा-शुल्क, तारीख 13-10-2017 या भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खंड 3, उप-खंड (i) में सा.का.नि.सं. 1299 (अ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 79/2017-सीमा-शुल्क कर तारीख 13 अक्तूबर, 2017 का लाभ उठाया है।"

(xi) तारीख 1 फरवरी, 2018 से, नियम 138 के स्थान पर निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्‌ः-

"138. माल का संचलन औैर ई-वे बिल के सृजन से पूर्व प्रस्तुत की जाने वाली सूचना- (1) प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, जो माल के पारेषण, जिसका मूल्य पचास हजार रुपए से अधिक है, का-

(i) किसी पूर्ति के संबंध में संचलन कारित करता है; या

(ii) पूर्ति से भिन्न किसी कारण से संचलन कारित करता है; या; (iii) किसी गैर-रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से आवक पूर्ति के कारण संचलन कारित करता है, ऐसे संचलन के प्रारंभ होने से पूर्व, उक्त माल के संबंध में सामान्य पोर्टल पर इलेट्रॉनिक रूप से प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग क में यथाविनिर्दिष्ट सामान्य पोर्टल पर अपेक्षित की जाने वाली ऐसी अन्य सूचना प्रस्तुत करेगा और उक्त पोर्टल पर एक विशिष्ट सं. सृजित की जाएगी ।

परंतु जहां माल एक राज्य में अवस्थित स्वामी से अन्य राज्य में अवस्थित कार्यकर्मकार को भेजा जाता है, तो ई-वे बिल, पारेषण के मूल्य पर ध्यान दिए बिना स्वामी द्वारा सृजित किया जाएगाः

परंतु यह और कि जहां हस्तशिल्प माल एक राज्य से दूसरे में किसी ऐसे व्यक्ति जो धारा 24 के खंड (i) और (ii) के अधीन रजिस्ट्रीकरण प्राप्त करने की अपेक्षा से छूट प्राप्त है, द्वारा परिवहन किया जाता है तो ई-वे बिल, पारेषण के मूल्य पर ध्यान दिए बिना ऐसे व्यक्ति द्वारा सृजित किया जाएगा।

स्पष्टीकरण 1.- इस नियम के प्रयोजन के लिए, अभिव्यक्ति "हस्तशिल्प माल" से वह अर्थ होगा जो इसे हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में सं0 ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-34/2017 द्वारा2686 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 तारीख 23 अक्तूबर, 2017 को प्रकाशित अधिसूचना संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ. (10)-34/2017 तारीख 9 अक्तूबर, 2017, समय-समय पर यथासंशोधित में दिया गया है। स्पष्टीकरण 2.- इस नियम के प्रयोजन के लिए माल का पारेषण मूल्य वह मूल्य होगा जो धारा 15 के उपबंधों के अनुसरण में अवधारित किया गया है बीजक, उक्त पारेषण के संबंध में जारी किए गए यथास्थिति, आपूर्ति के बिल या परिदान चालान में घोषित किया गया है और इसके अंतर्गत केन्द्रीय कर, राज्य कर या संघ राज्य-क्षेत्र कर, एकीकृत कर और दस्तावेजों में भारित किया गया सैस, यदि कोई हो, भी है।

(2) जहां माल का परिवहन रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति पारेषित के रूप में या पारेषिती के रूप में पूर्ति के प्राप्तिकर्ता के रूप में किया जाता है, चाहे स्वयं के परिवहन में या भाटक पर लिए गए या रेल द्वारा या वायुयान द्वारा या किसी जलयान द्वारा, तो उक्त व्यक्ति या प्राप्तिकर्ता प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यु-01 के भाग ख में सूचना प्रस्तुत करने के पश्चात्‌ सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप में प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युुबी-01 में ई-वे बिल का सृजन कर सकेगाः परंतु जहां माल का परिवहन रेल द्वारा या वायुयान द्वारा या किसी जलयान द्वारा, किया जाता है ई-वे बिल आपूर्तिकर्ता या प्राप्तिकर्ता होते हुए रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा बनाया जाएगा, जो सामान्य पोर्टल पर निम्नलिखित प्रस्तुत करेगा-

(क) प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग ख में सूचना; और

(ख) यथास्थिति, रेलवे प्राप्ति या वायुयान पारेषण टिप्पण या लदान का बिल की क्रम सं0 और तारीख।

(3) जहां उप-नियम (2) के अधीन ई-वे बिल सृजित नहीं किया जाता है और माल को सड़क द्वारा परिवहन के लिए परिवहनकर्ता को सौंप दिया जाता है तो रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति परिवहनकर्ता के संबंध में सामान्य पोर्टल पर सूचना प्रस्तुत करेगा और ई-वे बिल को उक्त पोर्टल पर परिवहनकर्ता द्वारा रजिट्रीकृत व्यक्ति द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग क में प्रस्तुत सूचना के आधार पर सृजित किया जाएगाः

परंतु यथास्थिति, रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति या परिवहनकर्ता अपने विकल्प पर ई-वे बिल का तब भी सृजन और वहन कर सकेगा जब पारेषण का मूल्य पचास हजार रुपए से कम हैः परंतु यह और कि जब संचलन किसी गैर-रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा या तो अपने स्वयं के या किसी भाटक पर वाहन या किसी परिवहनकर्ता के माध्यम से कारित किया जाता है तो वह या परिवहनकर्ता अपने स्वयं के विकल्प पर इस नियम में विनिर्दिष्ट रीति में सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी र्ईडब्ल्युबी-01 में ई-वे बिल का सृजन कर सकेगाः परंतु यह भी जहां माल का परिवहन राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में पारेषक के कारबार के स्थान से परिवहनकर्ता के कारबार के स्थान से आगे परिवहन के लिए दस किलोमीटर से कम दूरी के लिए किया जाता है तो पूर्तिकार या यथास्थिति परिवहनकर्ता प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग ख में वाहन के ब्योरे प्रस्तुत नहीं करेंगे।

स्पष्टीकरण-1.-इस उप-नियम के प्रयोजनों के लिए जब माल की पूर्ति किसी गैर-रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकार द्वारा किसी प्राप्तिकर्ता को की जाती है जो रजिस्ट्रीकृत है तो संचलन को ऐसे प्राप्तिकर्ता द्वारा कारित किया गया कहा जाएगा यदि माल का संचलन प्रारंभ होने के समय प्राप्तिकर्ता ज्ञात है।

स्पष्टीकरण-2.-ई-वे बिल, सड़क द्वारा माल के परिवहन के लिए विधिमान्य नहीं होगा जब तक कि प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग ख में सूचना नहीं दी जाती है, सिवाय उस दशा के जब परिवहन उप-नियम (3) के तीसरे परंतुक और उप-नियम (5) के परंतुक के अंतर्गत आता है।2687 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 (4) सामान्य पोर्टल पर ई-वे बिल के सृजन पर सामान्य पोर्टल पर पूर्तिकार, प्राप्तिकर्ता, परिवहनकर्ता को एक विशिष्ट ई-वे बिल संख्या (ईबीएन) उपलब्ध कराया जाएगा। (5) जब माल एक वाहन से दूसरे वाहन पर अंतरित किया जाता है तो पारेषणकर्ता या प्राप्तिकर्ता जिसने प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग क में सूचना प्रदान की है या परिवहनकर्ता, ऐसे अंतरण और माल के परिवहन से पूर्व सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 में वाहन के ब्योरे ई-वे बिल में अद्यतन करेगाः

परन्तु जहां मालों का परिवहन राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में परिवहनकर्ता के कारबार के स्थान से अंतिमतः पारेषिती के कारबार के स्थान से दस किलोमीटर से कम दूरी के लिए किया जाता है, तो वाहन के ब्यौरों को ई-वे बिल में अद्यतन नहीं किया जाएगा। (5क) पारेषणकर्ता या प्राप्तिकर्ता जिसने प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग क में वाहन के ब्योरों की सूचना दी है या परिवहनकर्ता पारेषण के आगे परिवहन के लिए प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग ख में सूचना अद्यतन करने के लिए अन्य रजिस्ट्रीकृत या नामांकित परिवहनकर्ता को ईडब्ल्युबी-01 बिल सं0 समनुदेशित कर सकेगा।

परन्तु एक बार परिवहनकर्ता द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग ख में ब्योरे अद्यतन कर दिए जाते हैं, यथास्थिति, पारेषणकर्ता या प्राप्तिकर्ता, जिसने प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग क में सूचना दी है, को किसी अन्य व्यक्ति को ई-वे बिल संख्या समनुदेशित करने के लिए अनुज्ञात नहीं किया जाएगा।

(6) उप-नियम (1) के उपबंधो के अनुसरण में ई-वे बिल के सृजन के पश्चात्‌, जहां बहुल पारेषणों को एक वाहन में परिवहन करना आशयित है तो परिवहनकर्ता ऐसे प्रत्येक पारेषण के संबंध में सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप से सृजित ई-वे बिलों की क्रम संख्या को उपदर्शित कर सकेगा और माल के संचलन से पूर्व उक्त सामान्य पोर्टल पर उसके द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-02 में एक समेकित ई-वे बिल का सृजन किया जा सकेगा। (7) जहां पारेषक या पारेषिती ने उपनियम (1) उपबंधों के अनुसार प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 का सृजन नहीं किया है और वाहन में ले जाए जाने वाले माल का मूल्य पचास हजार रूपए से अधिक है तो परिवहनकर्ता, यथास्थिति, पूर्ति के बीजक या प्रदाय का बिल या परिदान चालान के आधार पर प्र्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 का सृजन करेगा और माल के संचलन से पूर्व सामान्य पोर्टल पर प्र्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-02 में समेकित ई-वे बिल का भी सृजन कर सकेगा :

परंतु जहां माल जिनका परिवहन किया जाना है उसकी ई-वाणिज्य परिचालक के माध्यम से आपूर्ति की जाती है वहां ऐसे ई-वाणिज्य परिचालक द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग क में सूचना दी जा सकेगी।

(8) प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग क में प्रस्तुत सूचना को सामान्य पोर्टल पर रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकर्ता को उपलब्ध कराया जाएगा जो उसका उपयोग प्ररूप जीएसटीआर-01 में ब्योरे प्रस्तुत करने के लिए कर सकेगाः

परंतु जहां सूचना गैर-रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकार या गैर-रजिस्ट्रीकृत प्राप्तिकर्ता द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 में प्रस्तुत की गई है तो उसे इलैक्ट्रानिक रूप से सूचित किया जाएगा, यदि मोबाइल नम्बर या ई-मेल उपलब्ध है।

(9) जहां इस नियम के अधीन ई-वे बिल सृजित किया गया है किन्तु माल का या तो परिवहन नहीं किया गया है या परिवहन प्रस्तुत ई-वे बिल के ब्योरों के अनुसार नहीं किया गया है2688 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 तो ई-वे बिल को सामान्य पोर्टल पर ई-वे बिल के सृजन के चौबीस घण्टे के भीतर रद्‌द किया जा सकेगाः

परन्तु किसी ई-वे बिल को रद्‌द नहीं किया जा सकेगा यदि उसका नियम 138ख के उपबंधों के अनुसार अंतरण में सत्यापन कर दिया गया है।

परन्तु यह और कि उप-नियम (1) के अधीन उत्पन्न विशिष्ट संख्या प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग ख के अद्यतन के लिए 72 घंटे तक विधिमान्य होगी।

(10) इस नियम के अधीन सृजित ई-वे बिल या समेकित ई-वे बिल सुसंगत तारीख से नीचे दी गई सारणी के स्तभ्भ (3) में वर्णित अवधि के लिए स्तम्भ (2) में यथावर्णित माल का परिवहन की जाने वाली, देश के भीतर दूरी, के लिए विधिमान्य होगाः

सारणी

क्रम सं0 द ूरी वैधता की अवधि
(1) (2) (3)
1. 100 किलोमीटर तक एक दिन
2. प्रत्येक 100 किलोमीटर या तत्पश्चात्‌ उसके भाग के लिए एक अतिरिक्त दिन

परन्तु आयुक्त, अधिसूचना द्वारा, किसी ई-वे बिल की विधिमान्यता की अवधि का उसमें विनिर्दिष्ट माल के कतिपय प्रवर्गों, जो उसमें विनिर्दिष्ट किए जाएं, के लिए विस्तार कर सकेगाः

परन्तु यह और कि आपवादिक प्रकृति की परिस्थितियों के अधीन, जहां माल का परिवहन ई-वे बिल की वैधता अवधि के भीतर नहीं किया जा सकता है, तो परिवहनकर्ता प्र्ररूप जीएसटी ईब्ल्युुबी-01 के भाग ख में ब्योरों को अद्यतन करने के पश्चात्‌ दूसरा ई-वे बिल सृजित कर सकेगा।

स्पष्टीकरण.- इस नियम के प्रयोजनों के लिए "सुसंगत तारीख" से वह तारीख अभिप्रेत होगी, जिसको ई-वे बिल का सृजन किया गया है और वैधता की अवधि की गणना उस समय से की जाएगी जिसको ई-वे बिल का सृजन किया गया है और प्रत्येक दिन की गणना चौबीस घंटों के रूप में की जाएगी।

(11) उप-नियम (1) के अधीन सृजित ई-वे बिल के ब्यौरों को सामान्य पोर्टल पर निम्नलिखित को उपलब्ध कराया जाएगा-

(क) पूर्तिकार को, यदि वह रजिस्ट्रीकृत है, जहां प्राप्तिकर्ता या परिवाहक द्वारा प्र्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग क में जानकारी दी गई है; या

(ख) प्राप्तिकर्ता को, यदि वह रजिस्ट्रीकृत है, जहां पूर्तिकार या परिवाहक द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 के भाग क में जानकारी दी गई है, और पूर्तिकार या प्राप्तिकर्ता, यथास्थिति, वह अपनी ई-वे बिल के अधीन आने वाले पारेषण की स्वीकृति या अस्वीकृति की संसूचना देगा। (12) उप-नियम (11) में निर्दिष्ट प्राप्तिकर्ता सामान्य पोर्टल पर ब्यौरों को उसे उपलब्ध कराने के बहत्तर घण्टे के भीतर अपनी स्वीकृति या अस्वीकृति से संसूचित नहीं करता है तो यह माना जाएगा कि उसने उक्त ब्योरों को स्वीकार कर लिया है।

(13) इस नियम या किसी राज्य के माल और सेवा कर नियमों के नियम 138 के अधीन सृजित ई-वे बिल प्रत्येक राज्य और संघ राज्यक्षेत्र में वैध होगा।2689 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 (14) इस नियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी किसी ई-वे बिल को सृजित करने की अपेक्षा नहीं होगी-

(क) जहां परिवहन किए जा रहे माल को उपाबंध में विनिर्दिष्ट किया गया है;

(ख) जहां माल का परिवहन गैर-मोटरीकृत वाहन द्वारा किया जा रहा है;

(ग) जहां माल का परिवहन किसी पत्तन, विमानपत्तन, एयर कार्गो परिसर और भू-सीमा-शुल्क केन्द्र से किसी ईन-लैंड कंटेनर डिपो या किसी कंटेनर फ्रेट स्टेशन को किसी सीमा-शुल्क द्वारा अनापत्ति के लिए किया जा रहा है; और

(घ) ऐसे माल के संचलन और ऐसे क्षेत्र के भीतर, जो राज्य कर आयुक्त केन्द्रीय कर के प्रधान मुख्य आयुक्त/मुख्य आयुक्त के परामर्श से, अधिसूचित करे;

(ङ) जहां डी-ऑयल केक से भिन्न परिवहन किया गया माल हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ(10)-14/2017-लूज़ द्वारा तारीख 30 जून, 2017 को प्रकाशित, समय-समय पर यथासंशोधित अधिसूचना सं0 2/2017-राज्य कर (दर) तारीख 30 जून, 2017 से उपाबद्‌ध अनुसूची में विनिर्दिष्ट है;

(च) जहां माल, मानव उपभोग के लिए एल्कोहल लिकर, पेट्रोलियम अपरिस्कृत, हाई स्पीड डीजल, मोटर स्पिरिट (जिसे सामान्य रूप से पेट्रोल के रूप में जाना जाता है), प्राकृतिक गैस और एविएशन टरबाइन ईंधन; और

(छ) जहां परिवहन किए जाने वाले माल को अधिनियम की अनुसूची 3 के अधीन किसी आपूर्ति के रूप में नहीं माना जाता है ।

स्पष्टीकरण.-ई-वे बिल के सृजन और रद्‌द करने की सुविधा को एसएमएस के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जा सकेगा।

उपाबंध

[देखें नियम 138(14)]

क्रम सं0ं0 माल का विवरण
(1) (2)
1. परिवार और गैर-घरेलू छ ट ू वाले प ्रवर्ग (एनडीइसी) ग्राहकों के लिए द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस की आपूर्ति।
2. पीडीएस के अधीन बिक्रीत मिट्‌टी का तेल
3. डाक विभाग द्वारा परिवहन किए गए डाक सामान
4. असली या कल्चरी मोती और कीमती या कम मूल्य के रत्न; कीमती धातु और कीमती धातु की परत वाले धातु (अध्याय 71)
5. आभूषण, स्वर्णकार और रजतकार सामग्री और अन्य वस्तुएं (अध्याय-71)
6. करेंसी
7. निजी और घरेलू प्रभाव के उपयोग
8. प ्रवाल, अकर्मित (0508) और कर्मिल प्रवाल (9601)।";

(xii) हिन्दी पाठ में संशोधन की आवश्यकता नहीं है।

(xiii) तारीख 1 फरवरी, 2018 से, नियम 138ख में उप-नियम (3) के परंतुक में "करने के पश्चात्‌ किसी" शब्दों के स्थान पर "करने के पश्चात्‌ किसी अन्य" शब्द रखे जाएंगे;

(xiv) प्र्ररूप जीएसटी आरएफडी-01क में,

(क) विवरण 1क के पश्चात्‌ निम्नलिखित विवरण अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः-2690 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 "विवरण-2

[नियम 89(2) (ग)]

प्रतिदाय का प्रकार : कर संदाय सहित सेवाओं का निर्यात

(रकम रुपये में)

क्र0 सं0 बीजक के ब्योरे एकीकृत कर उपकर बीआरसी/ एफआई आरसी नामे नोट म े ं अ तवर्लित ं एकीकृत कर और उपकर, यदि कोई हो जमापत्र म े ं अ ं तर्वलित एकीकृत कर और उपकर, यदि कोई हो शुद्ध एकीकृत कर और उपकर, (6+7+10- 11)
सं0 तारीख ू ल्य म कराधेय मूल्य रकम सं0 तारीख
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12

"विवरण-3

[नियम 89(2) (ख) और 89 (2) (ग)]

प्रतिदाय का प्रकार : कर संदाय के बिना निर्यात (संचित आईटीसी)

(रकम रुपये में)

क्र0 सं0 बीजक के ब्योरे माल/सेवा (जी/एस) पोत परिवहन पत्र/ निर्यात पत्र ईजीएम के ब्यौरे बीआरसी /एफ आर्ई र् र् आर सी
0 ं स तारीख ू ल्य म पत्तन कोड 0 ं स तारीख दर्भ सं0 ं स तारीख 0 ं स तारीख
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12";

(ख) विवरण 3क के पश्चात्‌ निम्नलिखित विवरण अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः-

"विवरण-4

[नियम 89(2) (घ) और 89 (2) (ङ)]

प्रतिदाय का प्रकार : विशेष आर्थिक जोन यूनिट/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को (कर का संदाय पर) किए गए प्रदाय के मद्‌दे2691 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 (रकम रुपये में)

र् का र् ्रा्र्राप्तिकर्ता ्र प जीएसटीआर्ईर्एएन बीजक के े ब्योरे े विशेष्ेष आर्थिर्कक जोेनेेन द्वारा पोेतेतेत परिवहन पत्र/ निर्यार्तत पत्र/ पृृष्ृृष्ठांंंिंकित बीजक एकीकृृतृृत कर उपकर नामे े नोटेट मेेंं े ं ं े अंंतंंतर्वलित एकीकृृतृृत कर औैरैैर उपकर, यदि कोेइेेर्ई र् होे े जमापत्र में ं े अंंतंंतर्वलित एकीकृृतृृत कर औैरैैर उपकर, र् होे र् े यदि कोेइेेर्ई े शुुद्धुुद्ध एकीकृृतृृत कर औैरैैर उपकर, (8+9+10- 11)
0 0 ं ं ं ं स तारीख ल्य ल् ू ू ू ू म ख्या ं ख् ं ं ं स तारिख ल्य ू ू ू ू ल् कराधेेयेेय म रकम
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12";

(xv) तारीख 1 फरवरी, 2018 से, प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01 और प्र्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-02 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखे जाएंगे, अर्थात्‌ः-

"प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-01

(नियम 138 देखिये)

ई-वे बिल

भाग-क
क.1 प्रदायकर्ता का जीएसटीआईएन
क.2 प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईएन
क.3 परिदान का स्थान
क.4 दस्तावेज संख्यांक
क.5 दस्तावेज की तारीख
क.6 माल का मूल्य
क.7 एचएसएन कोड
क.8 परिवहन के कारण
भाग-ख
ख.1 सड़क के लिए यान संख्यांक
ख.2 परिवहन दस्तावेज संख्यांक

टिप्पणः 1. क.7 में एचएसएन कोड पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये तक वार्षिक आवर्त रखने वाले करदाताओं के लिए न्यूनतम दो अंकीय स्तर और पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये से ऊपर का वार्षिक आवर्त रखने वाले करदाताओं के लिए चार अंकीय स्तर पर उपदर्शित किया जाएगा। 2692 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 2. दस्तावेज संख्या कर बीजक, प्रदाय-पत्र, परिदान चालान या प्रवेश पत्र का हो सकेगा 3. परिवहन दस्तावेज संख्या, माल रसीद संख्या या रेल रसीद संख्या या वायु मार्ग बिल संख्या या पोत परिवहन पत्र संख्या को उपदर्शित करता है।

4. परिदान का स्थान, परिदान के स्थान का पिन कोड उपदर्शित करेगा 5. परिवहन का कारण निम्नलिखित में से एक चुना जाएगाः-

कोड़ विवरण

1 प्रदाय 2 निर्यात या आयात 3 छुट-पुट कार्य 4 एसकेडी या सीकेडी 5 प्राप्तिकर्ता ज्ञात नहीं है 6 लाइन सेल्स 7 विक्रय की विवरणी 8 प्रदर्शनी या मेले 9 स्वयं के उपयोग के लिए 0 अन्य

प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-02

(नियम 138 देखिये)

समेकित ई-वे बिल

समेकित ई-वे बिल संख्यांक ः समेकित ई-वे बिल की तारीख : सृजनकर्ता ः यान संख्या ः

इ र्-वे बिलो ं की संख्या
ई-वे बिल सं.
";

(xvi) हिन्दी पाठ में संशोधन की आवश्यकता नहीं है।

(xvii) हिन्दी पाठ में संशोधन की आवश्यकता नहीं है।

आदेश द्वारा,

हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-1. प्रधान अधिसूचना तारीख 29 जून, 2017 को सं0 ई.एक्स.एन.-एफ(10)-13/2017 द्वारा तारीख 27 जून, 2017 को राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित की गई थी तथा अंतिम बार अधिसूचना संख्या 75/2017-राज्य कर (दर) तारीख 16 जनवरी, 2018 जो राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में संख्या ई. एक्स. एन.-एफ(10)-44/2017 के तहत तारीख 20 जनवरी, 2018 को प्रकाशित की गई थी, द्वारा संशोधित की गई थी।2693 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 टिप्पण.-2. इस अधिसूचना का अंगे्रजी पाठ राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30-01-2018 को पृष्ठ पृष्ठ 10221 से 10233 पर प्रकाशित किया गया था।

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आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 4/2018-राज्य कर

शिमला-2, 30 जनवरी, 2018

संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-5/2018.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इसके पश्चात्‌ इस अधिसूचना में उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 128 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, परिषद की सिफारिशों पर किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा संदेय विलंब शुल्क की रकम का अधित्यजन करते है,ं जो उक्त अधिनियम की धारा 47 के अधीन नियत तारीख द्वारा प्र्ररूप जीएसटीआर-1 में किसी मास/तिमाही के लिए जावक आपूर्ति के ब्योरे देने में असफल रहता है, जो प्रत्येक दिन जिसके दौरान ऐसी असफलता जारी रहती है के लिए पच्चीस रुपये की रकम से अधिक हैः

परंतु जहां किसी मास/तिमाही में जावक आपूर्ति नहीं है, उक्त अधिनियम की धारा 47 के अधीन नियत तारीख पर उक्त ब्योरे देने में असफल रहने पर किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा संदेय विलंब शुल्क की रकम उस विस्तार तक अधित्यजित रहेगी, जो प्रत्येक दिन जिसके दौरान उक्त असफलता जारी रहती है के लिए दस रुपये की रकम से अधिक है।

2. यह अधिसूचना तारीख 23 जनवरी, 2018 से प्रवृत्त हुई समझी जाएगी।

आदेश द्वारा,

हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी पाठ राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30-1-2018 को पृष्ठ 10233 से 10234 पर प्रकाशित किया गया था।

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आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना संं0 5/2018-राज्य कर

शिमला-2, 30 जनवरी, 2018

संख्याः र्ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-5/2018.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इसके पश्चात्‌ इस अधिसूचना में उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 128 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, परिषद की सिफारिशों पर किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा संदेय विलंब शुल्क की रकम का अधित्यजन करते है,ं जो उक्त अधिनियम की धारा 47 के अधीन नियत तारीख द्वारा प्र्ररूप जीएसटीआर-5 में विवरणी देने में असफल रहता है, जो प्रत्येक दिन जिसके दौरान ऐसी असफलता जारी रहती है के लिए पच्चीस रुपये की रकम से अधिक हैः

परंतु जहां उक्त विवरणी में, राज्य कर की कुल संदेय रकम शून्य है, उक्त अधिनियम की धारा 47 के अधीन नियत तारीख पर उक्त विवरणी देने में असफल रहने पर ऐसे रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा संदेय विलंब शुल्क की रकम उस विस्तार तक अधित्यजित रहेगी, जो प्रत्येक दिन जिसके दौरान उक्त असफलता जारी रहती है के लिए दस रुपये की रकम से अधिक है। 2694 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 2. यह अधिसूचना तारीख 23 जनवरी, 2018 से प्रवृत्त हुई समझी जाएगी।

आदेश द्वारा,

हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी पाठ राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30-1-2018 को पृष्ठ 10234 पर प्रकाशित किया गया था।

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आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 6/2018-राज्य कर

शिमला-2 30 जनवरी, 2018

संख्याः ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-5/2018.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इसके पश्चात्‌ इस अधिसूचना में उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 128 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, परिषद की सिफारिशों पर किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा संदेय विलंब शुल्क की रकम का अधित्यजन करते हैं, जो उक्त अधिनियम की धारा 47 के अधीन नियत तारीख द्वारा प्ररूप जीएसटीआर-5क में विवरणी देने में असफल रहता है, जो प्रत्येक दिन जिसके दौरान ऐसी असफलता जारी रहती है के लिए पच्चीस रुपये की रकम से अधिक हैः

परंतु जहां उक्त विवरणी में, एकीकृत कर की कुल संदेय रकम शून्य है, उक्त अधिनियम की धारा 47 के अधीन नियत तारीख पर उक्त विवरणी देने में असफल रहने पर ऐसे रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा संदेय विलंब शुल्क की रकम उस विस्तार तक अधित्यजित रहेगी, जो प्रत्येक दिन जिसके दौरान उक्त असफलता जारी रहती है के लिए दस रूपये की रकम से अधिक है।

2. यह अधिसूचना तारीख 23 जनवरी, 2018 से प्रवृत्त हुई समझी जाएगी।

आदेश द्वारा,

हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी पाठ राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30-1-2018 को पृष्ठ 10234 से 10235 पर प्रकाशित किया गया था।

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आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 7/2018-राज्य कर

शिमला-2 30 जनवरी, 2018

संख्याःई.एक्स.एन.-एफ.(10)-5/2018.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इसके पश्चात्‌ इस अधिसूचना में उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 128 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, परिषद की सिफारिशों पर किसी रजिस्ट्रीकृत2695 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 व्यक्ति द्वारा संदेय विलंब शुल्क की रकम का अधित्यजन करते हैं, जो उक्त अधिनियम की धारा 47 के अधीन नियत तारीख द्वारा प्र्ररूप जीएसटीआर-6 में विवरणी देने में असफल रहता है, जो प्रत्येक दिन जिसके दौरान ऐसी असफलता जारी रहती है के लिए पच्चीस रुपये की रकम से अधिक है।

2. यह अधिसूचना तारीख 23 जनवरी, 2018 से प्रवृत्त हुई समझी जाएगी।

आदेश द्वारा,

हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी पाठ राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30-1-2018 को पृष्ठ 10235 पर प्रकाशित किया गया था।

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आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 8/2018-राज्य कर

शिमला-2 30 जनवरी, 2018

संख्याः र्ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-5/2018.--आयुक्त, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इसके पश्चात्‌ इस अधिसूचना में उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 168 के साथ पठित धारा 39 की उप-धारा (6) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में संख्या ई.एक्स.एन.-एफ. (10)-20/2016-वॉल-I द्वारा तारीख 15 नवम्बर, 2017 को प्रकाशित अधिसूचना सं0 62/2017-राज्य कर, तारीख 15 नवम्बर, 2017 को उन बातों के सिवाय अधिक्रांत करते हुए जिनको ऐसे अधिक्रमण से पूर्व किया गया है या करने का लोप किया गया है, अधिक्रांत करते हुए, किसी इनपुट सेवा वितरक द्वारा हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 के नियम 65 के साथ पठित उक्त अधिनियम की धारा 39 की उप-धारा (4) के अधीन प्ररूप जीएसटीआर-6 में जुलाई, 2017 से फरवरी, 2018 मास के लिए विवरणी प्रस्तुत करने की समय सीमा का 31 मार्च, 2018 तक विस्तार करता है।

2. यह अधिसूचना तारीख 23 जनवरी, 2018 से प्रवृत्त हुई समझी जाएगी।

आदेश द्वारा,

हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी पाठ राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30-1-2018 को पृष्ठ 10235 से 10236 पर प्रकाशित किया गया था।

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आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 9/2018-राज्य कर

शिमला-2, 30 जनवरी, 2018

संख्याः र्ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-5/2018.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) धारा 146 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में संख्या ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-13/2017 द्वारा तारीख 24-6-2017 को प्रकाशित अधिसूचना संख्याः 2696 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 4/2017-राज्य कर तारीख 24 जून, 2017 को, उन बातों के सिवाय जिनको ऐसे अधिक्रमण से पूर्व किया गया है या करने का लोप किया गया है, अधिक्रांत करते हुए रजिस्ट्रीकरण, कर संदाय विवरणियां प्रस्तुत करने और एकीकृत कर की संगणना तथा परिनिर्धारण को सुकर बनाने के लिए www.gst.gov.in को सामान्य माल और सेवा कर इलैक्ट्रोनिक पोर्टल और इलैक्ट्रोनिक वे बिल प्रस्तुत करने के लिए www.ewaybillgst.gov.in को सामान्य माल और सेवा कर इलैक्ट्रोनिक पोर्टल के रूप में अधिसूचित करते हैं।

स्पष्टीकरण.-

(1) इस अधिसूचना के प्रयोजन के लिए www.gst.gov.in से ऐसी वैबसाइट अभिप्रेत है जिसका प्रबंध कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 8 के उपबंधों के अधीन निगमित कंपनी माल और सेवा कर नेटवर्क द्वारा किया गया है;

(2) इस अधिसूचना के प्रयोजन के लिए www.ewaybillgst.gov.in से ऐसी वैबसाइट अभिप्रेत है जिसका प्रबंध भारत सरकार इलैक्ट्रानिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, राष्ट्रीय सूचना केन्द्र द्वारा किया गया है।

2. यह अधिसूचना तारीख 16 जनवरी, 2018 से प्रवृत्त हुई समझी जाएगी।

आदेश द्वारा,

हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंगे्रजी पाठ राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में तारीख 30-1-2018 को पृष्ठ 10236 पर प्रकाशित किया गया था।

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TRANSPORT DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-02, the 13rd June, 2019

No. TPT-C (9)-8/2002.—The Governor, Himachal Pradesh in exercise of the powers conferred by sub section (6) of Section-41 of the Motor Vehicles Act, 1988 (No. 59 of 1988) and all other powers enabling him in this behalf is pleased to allot /release registration marks/number from Serial No. 0001 to 9999 under the Registration marks HP12M to Registering & Licensing Authority Nalagarh District Solan, Himachal Pradesh for registration of motor vehicles with effect from the publication in the H.P. Rajpatra (Extra Ordinary) in the public interest.

By order,

JAGDISH CHANDER SHARMA, Principal Secretary (Transport).

2697 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 वन विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 1 मार्च, 2019

संख्या एफ0एफ0ई-बी-एफ(14)-13/2012.-इस अधिसूचना में अन्तःस्थापित अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि/बंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित अभिलिखित कर लिया है;

उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि/बंजर भूमि सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;

अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि/बंजर भूमि को लागू होंगे और जो एतद्‌पश्चात्‌ पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी ।

अनुसूची

क्र0 सं0 नस्ति संख्या वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है हदबस्त नम्बर सहित महाल/ उप महाल का नाम खसरा नम्बर क्षेत्र हैक्टेयर में मुख्य सीमाएं महाल/उप महाल वन परिक्षेत्र वन मण्डल जिला
1. 15/2002 रिंजट-द्वितीय गई 1/1, 2/1, 12/1, 22/1, 32/1, 41/1, 55/1, 59/1, 65/1, 66, 67/1, 70/1, 72/1, 93/1, 233/1, 381/1, 382, 383, 385/1, 385/1, 389/1, 392, 394, 396/1 किता-24 86-96-03 उत्तरः रिंजट दक्षिणः ठेकरा प ूर्वः ढाडू प श्चिमः डी0पी0एफ0 रिंजट न े रवा चौपाल शिमला

आदेश द्वारा,

राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।

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[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F(14)-13/2012, dated

1st March, 2019 as required under Article 348 (3) of the Constitution of India].

FORESTS DEPARTMENT

NOTIFICATION

March, 2019

Shimla-2, the 1st

No. FFE-B-F(14)-13/2012.—Whereas the nature and extent of the rights of the Government and of private persons in or over the Forest Land/Waste Land specified in the schedule inserted to this Notification have been enquired into and recorded as required under sub-section (3) of Section-29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);

2698 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 And whereas the Forest Land/Waste Land shown in the said schedule is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the Forest Produce therein;

Now, therefore, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section-29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the Act shall apply to the said Forest Land/Waste Land and shall hereafter be called as "Protected Forests" under the provisions of sub-section (2) of Section-29 of the Act ibid.

SCHEDULE

Sl. No . File No. Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests Name of Muhal /Up Muhal with Hadbast No. Khasra No. Area in Hectare Cardinal Boundaries Muhal/ Up Muhal Forest Range Forest Division District
1 15/2002 Rinzat-II Gai 1/1, 2/1, 12/1, 22/1, 32/1, 41/1, 55/1, 59/1, 65/1, 66, 67/1, 70/1, 72/1, 93/1, 233/1, 381/1, 382, 383, 385/1, 385/1, 389/1, 392, 394, 396/1 Kitta-24 86-96-03 North: Rinzat S outh: Thekra E ast: Dhadu West: DPF Rinzat Nerwa Chopal Shimla

By order,

RAM SUBHAH SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).

__________

वन विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 27 मई, 2019

संख्या एफ0एफ0ई-बी-एफ(14)-14/2012.-इस अधिसूचना में अन्तःस्थापित अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि/बंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित अभिलिखित कर लिया है;

उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि/बंजर भूमि सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;

अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि/बंजर भूमि को लागू होंगे और जो एतद्‌पश्चात्‌ पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी ।2699 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 अनुसूची

क्र0 सं0 नस्ति संख्या वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है हदबस्त नम्बर सहित महाल/ उप महाल का नाम खसरा नम्बर क्षेत्र हैक्टेयर में मुख्य सीमाएं महाल/उप महाल वन परिक्षेत्र वन मण्डल जिला
1 25/2002 ओवटा ढाडू न ेरवा 392/1, 497/1, 499/1, 507/1, 516, 533, 536/1, 538, 539/1, 540, 542/1, 551/1, 565/1, 603/1, 604/1, 610/1, 621/1, 622/1, 673/1, 674/1, 675/1, 678/1, 679/1 1 031/1, 1248/1, 1305/1, 1306 किता -27 134-07-83 उत्तरः नेरवा, दयान्दली दक्षिणः बोहराड़ पूर्वः अजीतपुर प श्चिमः ढाडू, रिंजट नेरवा चौपाल शिमला

आदेश द्वारा,

राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।

---------

[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F(14)-14/2012, dated

27th May, 2019 as required under Article 348 (3) of the Constitution of India].

FORESTS DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 27th May, 2019

No. FFE-B-F(14)-14/2012.—Whereas the nature and extent of the rights of the Government and of private persons in or over the Forest Land/Waste Land specified in the schedule inserted to this Notification have been enquired into and recorded as required under sub-section (3) of Section-29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No.16 of 1927);

And whereas the Forest Land/Waste Land shown in the said schedule is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the Forest Produce therein;

Now, therefore, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section-29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the Act shall apply to the said Forest Land/Waste Land and shall hereafter be called as "Protected Forests" under the provisions of sub-section (2) of Section-29 of the Act ibid.

2700 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 SCHEDULE
Sl. No. File No. Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests Name of Muhal /Up Muhal with Hadbast No. Khasra No. Area in Hectare Cardinal Boundaries Muhal/ Up Muhal Forest Range Forest Division District
1. 25/2002 Ovata Dhadu N erwa 392/1, 497/1, 499/1, 507/1, 516, 533, 536/1, 538, 539/1, 540, 542/1, 551/1, 565/1, 603/1, 604/1, 610/1, 621/1, 622/1, 673/1, 674/1, 675/1, 678/1, 679/1 1031/1, 1248/1, 1305/1, 1306 Kitta-27 134-07-83 North: Nerwa, Dayandli S outh: Bohrad E ast: Ajitpur W est: Dhadu, Rinzat Nerwa Chopal Shimla

By order,

RAM SUBHAH SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).

__________

वन विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 27 मई, 2019

संख्या एफ0एफ0ई-बी-एफ(14)-15/2012.-इस अधिसूचना में अन्तःस्थापित अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि/बंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित अभिलिखित कर लिया है;

उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि/बंजर भूमि सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;

अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि/बंजर भूमि को लागू होंगे और जो एतद्‌पश्चात्‌ पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी ।2701 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 अनुसूची

क्र0 सं0 नस्ति संख्या वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है हदबस्त नम्बर सहित महाल/ उप महाल का नाम खसरा नम्बर क्षेत्र हैक्टेयर म ें म ुख्य सीमाएं मुहाल/उप मुहाल वन परिक्षेत्र वन मण्डल जिला
1. 3/2001 मैहशुड मैहशुड 70/2, 74, 79/1, 190/1, 209/1, ि कता-5 5-84-72 उत्तरः डी0पी0एफ0 म ैहशुड दक्षिणः डी0पी0एफ0 सेरटी पूर्वः डी0पी एफ0 म ैहशुड प श्चिमः मैहशुड देईया चौपाल शिमला

आदेश द्वारा,

राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।

----------

[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F(14)-15/2012, dated

27th May, 2019 as required under Article 348 (3) of the Constitution of India].

FORESTS DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 27th May, 2019

No. FFE-B-F(14)-15/2012.—Whereas the nature and extent of the rights of the Government and of private persons in or over the Forest Land/Waste Land specified in the schedule inserted to this Notification have been enquired into and recorded as required under sub-section (3) of Section-29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No.16 of 1927);

And whereas the Forest Land/Waste Land shown in the said schedule is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the Forest Produce therein;

Now, therefore, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section-29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the Act shall apply to the said Forest Land/Waste Land and shall hereafter be called as "Protected Forests" under the provisions of sub-section (2) of Section-29 of the Act ibid.

2702 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 SCHEDULE.
Sl. No. File No. Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests Name of Muhal/ Up Muhal with Hadbast No. Khasra No. Area in Hectare Cardinal Boundaries Muhal/ Up Muhal Forest Range Forest Division District
1 3/2001 Mehshud Mehshud 70/2, 74, 79/1, 190/1, 209/1 K itta-5 5-84-72 North: DPF Mehshud South: DPF Serti East: DPF Mehshud West: Mehshud Deiya Chopal Shimla

By order,

RAM SUBHAH SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).

__________

वन विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 27 मई, 2019

संख्या एफ0एफ0ई-बी-एफ(14)-16/2012.-इस अधिसूचना में अन्तःस्थापित अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि/बंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित अभिलिखित कर लिया है;

उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि/बंजर भूमि सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;

अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि/बंजर भूमि को लागू होंगे और जो एतद्‌पश्चात्‌ पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी ।2703 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 अनुसूची

क्र0 सं0 नस्ति संख्या वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है हदबस्त नम्बर सहित महाल/ उप महाल का नाम खसरा नम्बर क्षेत्र ह ैक्टेयर में मुख्य सीमाएं महाल/उप महाल वन परिक्षेत्र वन मण्डल जिला
1. 1/2002 गिरी-द्वितीय भगोली 245, 369, 379, 413/1, 415, 416 ि कता-6 20-75-84 उत्तरः भगोली दक्षिणः डी0पी0एफ0 गिरी 3 बी पू र्वः डी0पी0एफ0 गिरी 3 बी प श्चिमः डी0पी0एफ0 गिरी 4 बी व 4 ए ज ुब्बल रोहडू़ शिमला

आदेश द्वारा,

राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।

----------

[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F(14)-16/2012, dated

27th May, 2019 as required under Article 348 (3) of the Constitution of India].

FORESTS DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 27th May, 2019

No. FFE-B-F(14)-16/2012.—Whereas the nature and extent of the rights of the Government and of private persons in or over the Forest Land/Waste Land specified in the schedule inserted to this Notification have been enquired into and recorded as required under sub-section (3) of Section-29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No.16 of 1927);

And whereas the Forest Land/Waste Land shown in the said schedule is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the Forest Produce therein;

Now, therefore, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section-29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the Act shall apply to the said Forest Land/Waste Land and shall hereafter be called as "Protected Forests" under the provisions of sub-section (2) of Section-29 of the Act ibid.

2704 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 SCHEDULE
Sl. No. File No. Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests Name of Muhal /Up Muhal with Hadbast No. Khasra No. Area in Hectare Cardinal Boundaries Muhal/ Up Muhal Forest Range Forest Division District
1. 1/2002 Giri-II Bhagoli 245, 369, 379, 413/1, 415, 416 K itta-6 20-75-84 North: Bhagoli S outh: DPF Giri 3B E ast: DPF Giri 3B W est: DPF 4B & 4A Jubbal Rohru Shimla

By order,

RAM SUBHAH SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).

______________

वन विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 27 मई, 2019

संख्या एफ0एफ0ई-बी-एफ(14)-17/2012.-इस अधिसूचना में अन्तःस्थापित अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि/बंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित अभिलिखित कर लिया है;

उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि/बंजर भूमि सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;

अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि/बंजर भूमि को लागू होंगे और जो एतद्‌पश्चात्‌ पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी ।

अनुसूची

क्र0 सं0 नस्ति संख्या वन का नाम जिसे सीमांकित स रक्षित ं वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है हदबस्त नम्बर सहित महाल/ उप महाल का नाम खसरा नम्बर क्षेत्र हैक्टेयर में मुख्य सीमाएं महाल/उप महाल वन परिक्षेत्र वन मण्डल जिला
1 22/1998 सुन्डली स ुन्डली 1276, 1299/1, ि कता-2 11-76-34 उत्तरः सुन्डली दक्षिणः सुन्डली पूर्वः भगोली पश्चिमः सुन्डली जुब्बल रोहडू़ शिमला

आदेश द्वारा,

राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।2705 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941

[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F(14)-17/2012, dated

27th May, 2019 as required under Article 348 (3) of the Constitution of India].

FORESTS DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 27th May, 2019

No. FFE-B-F(14)-17/2012.—Whereas the nature and extent of the rights of the Government and of private persons in or over the Forest Land/Waste Land specified in the schedule inserted to this Notification have been enquired into and recorded as required under sub-section (3) of Section-29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No.16 of 1927);

And whereas the Forest Land/Waste Land shown in the said schedule is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the Forest Produce therein;

Now, therefore, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section-29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the Act shall apply to the said Forest Land/Waste Land and shall hereafter be called as "Protected Forests" under the provisions of sub-section (2) of Section-29 of the Act ibid.

SCHEDULE

Sl. No. File No. Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests Name of Muhal /Up Muhal with Hadbast No. Khasra No. Area in Hectare Cardinal Boundaries Muhal/ Up Muhal Forest Range Forest Division District
1. 22/1998 Sundali Sundali 1276, 1299/1 K itta-2 11-76-34 North: Sundali S outh: Sundali E ast: Bhagoli West: Sundali Jubbal Rohru Shimla

By order,

RAM SUBHAH SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).

_________

वन विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 27 मई, 2019

संख्या एफ0एफ0ई-बी-एफ(14)-18/2012.-इस अधिसूचना में अन्तःस्थापित अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि/बंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित अभिलिखित कर लिया है;

2706 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि/बंजर भूमि सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;

अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि/बंजर भूमि को लागू होंगे और जो एतद्‌पश्चात्‌ पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी ।

अनुसूची

क्र0 सं0 नस्ति स ख्या ं वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है हदबस्त नम्बर सहित महाल/ उप महाल का नाम खसरा नम्बर क्षेत्र हैक्टेयर में मुख्य सीमाएं महाल/उप महाल वन परिक्षेत्र वन मण्डल जिला
1. 1/1999 कोहलाड़ा कोहलाड़ा 527, 535, 536, 537/1, 544/1, 547/1, 549 ि कता-7 21-27-54 उत्तरः मजरूआ रकबा कोहलाड़ा द क्षिणः डी0पी0एफ0 गिरी 3 ए प ूर्वः मजरूआ रकबा कोहलाड़ा पश्चिमः डी0पी0 एफ0 गिरी 3बी जुब्बल रोहडू़ शिमला

आदेश द्वारा,

राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।

----------

[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F(14)-18/2012, dated

27th May, 2019 as required under Article 348 (3) of the Constitution of India].

FORESTS DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 27th May, 2019

No. FFE-B-F(14)-18/2012.—Whereas the nature and extent of the rights of the Government and of private persons in or over the Forest Land/Waste Land specified in the schedule inserted to this Notification have been enquired into and recorded as required under sub-section (3) of Section-29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No.16 of 1927);

And whereas the Forest Land/Waste Land shown in the said schedule is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the Forest Produce therein;

Now, therefore, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section-29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the Act shall apply to the said Forest Land/Waste Land and shall hereafter be called as "Protected Forests" under the provisions of sub-section (2) of Section-29 of the Act ibid.

2707 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 SCHEDULE
Sl. No. File No. Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests Name of Muhal /Up Muhal with Hadbast No. Khasra No. Area in Hectare Cardinal Boundaries Muhal/ Up Muhal Forest Range Forest Division District
1. 1/1999 Kohlada Kohlada 527, 535, 536, 537/1, 544/1, 547/1, 549 K itta-7 21-27-54 North: Majruaa Rakba Kohlada S outh: DPF Giri 3A E ast: Majruaa Rakba Kohlada W est: DPF Giri 3B Jubbal Rohru Shimla

By order,

RAM SUBHAH SINGH, Additional Chief Secretary (Forest). ____________

वन विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 27 मई, 2019

संख्या एफ0एफ0ई-बी-एफ(14)-21/2012.-इस अधिसूचना में अन्तःस्थापित अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि/बंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित अभिलिखित कर लिया है;

उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि/बंजर भूमि सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;

अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि/बंजर भूमि को लागू होंगे और जो एतद्‌पश्चात्‌ पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी ।

अनुसूची

क्र0 सं0 नस्ति स ख्या ं वन का नाम जिसे सीमांकित स रक्षित ं वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है हदबस्त नम्बर सहित महाल/ उप महाल का नाम खसरा नम्बर क्षेत्र हैक्टेयर में मुख्य सीमाएं महाल/उप महाल वन परिक्षेत्र वन मण्डल जिला
1. 1/2001 सनाभा सनाभा 1, 4/1, 55, 57, 76, 77, 91/1, 94/1, 121 ि कता-9 54-11-58 उत्तरः जाचली द क्षिणः डी0पी0एफ0 गिरी 4ए व 4बी प ूर्वः जाचली प श्चिमः तहसील कोटखाई जुब्बल रोहडू़ शिमला

आदेश द्वारा, राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)। 2708 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 [Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F(14)-21/2012, dated 27th May, 2019 as required under Article 348 (3) of the Constitution of India].

FORESTS DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 27th May, 2019

No. FFE-B-F(14)-21/2012.—Whereas the nature and extent of the rights of the Government and of private persons in or over the Forest Land/Waste Land specified in the schedule inserted to this Notification have been enquired into and recorded as required under sub-section (3) of Section-29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No.16 of 1927);

And whereas the Forest Land/Waste Land shown in the said schedule is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the Forest Produce therein;

Now, therefore, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section-29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the Act shall apply to the said Forest Land/Waste Land and shall hereafter be called as "Protected Forests" under the provisions of sub-section (2) of Section-29 of the Act ibid.

SCHEDULE

Sl. No. File No. Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests Name of Muhal /Up Muhal with Hadbast No. Khasra No. Area in Hectare Cardinal Boundaries Muhal/ Up Muhal Forest Range Forest Division District
1. 1/2001 Sanabha Sanabha 1, 4/1, 55, 57, 76, 77, 91/1, 94/1, 121 K itta-9 54-11-58 North: Jachli S outh: DPF Giri 4A & 4B E ast: Jachli W est: Tehsil Kotkhai Jubbal Rohru Shimla

By order,

RAM SUBHAH SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).

2709 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941

In the Court of Shri Neeraj Gupta, Sub-Divisional Magistrate, Shimla (R),

District Shimla (H. P.)

Sh. Pawan Kumar s/o Shri Sama Parsad, r/o Ram Lal Building, Govind Mahola, Govind Niwas, Totu, Tehsil and District Shimla, Himachal Pradesh.

Versus

General Public

. . Respondent.

Whereas Sh. Pawan Kumar s/o Shri Sama Parsad, r/o Ram Lal Building, Govind Mahola, Govind Niwas, Totu, Tehsil and District Shimla, Himachal Pradesh has filed an application alongwith affidavit in the court of undersigned under section 13(3) of the Birth & Death Registration Act, 1969 to enter the name/date of birth of his son named—Aryan s/o Sh. Pawan Kumar s/o Shri Sama Parsad, r/o Ram Lal Building, Govind Mahola, Govind Niwas, Totu, Tehsil and District Shimla, Himachal Pradesh in the record of Secy., Birth and Death, Municipal Corporation, Tehsil and District Shimla.

Sl. No. Name of the family member Relation Date of birth
1. Aryan Son 31-07-2005

Hence, this proclamation is issued to the general public if they have any objection/claim regarding entry of the name/date of birth of above named in the record of Municipal Corporation, Tehsil and District Shimla may file their claims/objections on or before one month of publication of this notice in Govt. Gazette in this court, failing which necessary orders will be passed.

Issued today 23-03-2019 under my signature and seal of the court.

Seal.

Sd/-

Sub-Divisional Magistrate,

Shimla (R), District Shimla, H.P.

_________

In the Court of Shri Neeraj Gupta, Sub-Divisional Magistrate, Shimla (R),

District Shimla (H. P.)

Smt. Phurbu Dolma w/o Sh. Ugyan Dorjee, r/o House No. 23, Below Dhingu Mandir, Tibetan Colony, Dhalli, Tehsil & District Shimla, Himachal Pradesh.

Versus

General Public

. . Respondent.

Whereas Smt. Phurbu Dolma w/o Sh. Ugyan Dorjee, r/o House No. 23, Below Dhingu Mandir, Tibetan Colony, Dhalli, Tehsil & District Shimla, Himachal Pradesh has filed an application alongwith affidavit in the court of undersigned under section 13(3) of the Birth & Death Registration Act, 1969 to enter the name/date of death of her mother named Late Smt. Lhakpa Dolma w/o Sh. Ngawang Namdol, r/o House No. 23, Below Dhingu Mandir, Tibetan Colony, Dhalli, Tehsil & District Shimla, Himachal Pradesh in the record of Secy., Birth and Death, Municipal Corporation, Tehsil and District Shimla.

2710 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941
Sl. No. Name of the family member Relation Date of death
1. Late Smt. Lhakpa Dolma Mother 08-05-2006

Hence, this proclamation is issued to the general public if they have any objection/claim regarding entry of the name/date of death of above named in the record of Municipal Corporation, Tehsil and District Shimla may file their claims/objections on or before one month of publication of this notice in Govt. Gazette in this court, failing which necessary orders will be passed.

Issued today 03-06-2019 under my signature and seal of the court.

Seal.

Sd/-

Sub-Divisional Magistrate,

Shimla (R), District Shimla, H.P.

__________

In the Court of Niraj Chandla (H.P.A.S), Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban),

District Shimla, Himachal Pradesh

Sh. Harbans Lal son of Late Shri Bhajan Lal, r/o Bhajan Niwas, near Vishnu Mandir, Krishna Nagar, Shimla, Tehsil and District Shimla, H.P.

. . Applicant.

Versus

General Public

.. Respondent.

Application under section 13(3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Whereas Sh. Harbans Lal son of Late Shri Bhajan Lal, r/o Bhajan Niwas, near Vishnu Mandir, Krishna Nagar, Shimla, Tehsil and District Shimla, H.P. has preferred an application to the undersigned for registration of date of birth of his daughter namely (MEKHAL DOB 15-11-1983) at above address in the record of Municipal Corporation Shimla. Therefore, this proclamation, the general public is hereby informed that any person having any objection for entry as to date of birth mentioned above, may submit his objection in writing in this court on or before 02-07-2019 failing which no objection will be entertained after expiry of date and will be decided accordingly.

Given under my hand and seal of the Court on this 3rd day of June, 2019.

Seal.

NIRAJ CHANDLA (HPAS), Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban), District Shimla.

__________

In the Court of Niraj Chandla (H.P.A.S), Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban),

District Shimla, Himachal Pradesh

Sh. Harbans Lal son of Late Shri Bhajan Lal, r/o Bhajan Niwas, near Vishnu Mandir, Krishna Nagar, Shimla, Tehsil and District Shimla, H.P.

. . Applicant.

2711 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 Versus

General Public

.. Respondent.

Application under section 13(3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Whereas Sh. Harbans Lal son of Late Shri Bhajan Lal, r/o Bhajan Niwas, near Vishnu Mandir, Krishna Nagar, Shimla, Tehsil and District Shimla, H.P. has preferred an application to the undersigned for registration of date of birth of his son namely YOGESH KUMAR (DOB 24-05-1986) at above address in the record of Municipal Corporation Shimla.

Therefore, this proclamation, the general public is hereby informed that any person having any objection for entry as to date of birth mentioned above, may submit his objection in writing in this court on or before 02-07-2019 failing which no objection will be entertained after expiry of date and will be decided accordingly.

Given under my hand and seal of the Court on this 3rd day of June, 2019.

Seal.

NIRAJ CHANDLA (HPAS), Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban), District Shimla.

__________

In the Court of Niraj Chandla (H.P.A.S), Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban),

District Shimla, Himachal Pradesh

Miss Kajal Gazta d/o Sh. Chander Shakher Gazta, r/o Anchal Apartment Below Medical . . Applicant. Hostel, Holly Oak Sanjauli, Shimla, Tehsil and District Shimla, H.P.

Versus

General Public

.. Respondent.

Application under section 13(3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Whereas Miss Kajal Gazta d/o Sh. Chander Shakher Gazta, r/o Anchal Apartment Below Medical Hostel, Holly Oak Sanjauli, Shimla, Tehsil and District Shimla, H.P. has preferred an application to the undersigned for registration of date of birth of herself KAJAL GAZTA (DOB 08-11-1990 at above address in the record of Municipal Corporation Shimla.

Therefore, this proclamation, the general public is hereby informed that any person having any objection for entry as to date of birth mentioned above, may submit his objection in writing in this court on or before 09-07-2019 failing which no objection will be entertained after expiry of date and will be decided accordingly.

Given under my hand and seal of the Court on this 10th day of June, 2019.

Seal.

NIRAJ CHANDLA (HPAS), Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban), District Shimla.

2712 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941

In the Court of Niraj Chandla (H.P.A.S), Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban),

District Shimla, Himachal Pradesh

Smt. Renu Gupta w/o Late Sh. Bal Krihan Gupta, r/o Old Salater House, near Govt. School Lalpani, P.O. GPO Shimla, Tehsil and District Shimla, H.P.

. . Applicant.

Versus

General Public

.. Respondent.

Application under section 13(3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Whereas Smt. Renu Gupta w/o Late Sh. Bal Krihan Gupta, r/o Old Salater House, near Govt. School Lalpani, P.O. GPO Shimla, Tehsil and District Shimla, H.P. has preferred an application to the undersigned for registration of date of death of her husband namely BAL KRISHAN GUPTA (DOB 30-04-2017 at above address in the record of Municipal Corporation Shimla.

Therefore, this proclamation, the general public is hereby informed that any person having any objection for entry as to date of death mentioned above, may submit his objection in writing in this court on or before 02-07-2019 failing which no objection will be entertained after expiry of date and will be decided accordingly.

Given under my hand and seal of the Court on this 3rd day of June, 2019.

Seal.

NIRAJ CHANDLA (HPAS), Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban), District Shimla.

__________

ब अदालत नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील हरोली, जिला ऊना, हि0प्र0 इश्तहार मुशत्री मुनादी आवेदन-पत्र अधीन धारा 8(4) of Marriage Act, 1996 & Rule 4(2) of 2004.

किस्म मुकद्दमा : पंजीकरण शादी

गुदियाल सिंह पुत्र चिन्त राम, वासी वाथू, तहसील हरोली, जिला ऊना व सुरेश पुत्री साधू सिंह, वासी वढेडा, तहसील हरोली, जिला ऊना, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

प्रार्थी गुदियाल सिंह पुत्र चिन्त राम, वासी वाथू, तहसील हरोली, जिला ऊना व सुरेश पुत्री साधू सिंह, वासी वढेडा, तहसील हरोली, जिला ऊना, हि0 प्र0 ने प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि उनकी शादी दिनांक 30-04-1974 को गांव वाथू में हुई है लेकिन उनकी शादी ग्राम पंचायत वाथू में दर्ज नहीं हुई है। अतः प्रतिवादीगण को बजरिय मुशत्री मुनादी इश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को2713 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 उक्त शादी बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह निर्धारित तारीख पेशी दिनांक 19-06-2019 तक असालतन या वकालतन इस न्यायालय में पेश कर सकता है। निर्धारित तारीख पेशी के बाद कोई भी उजर/एतराज इस कार्यालय में प्राप्त नहीं होता है तो न्यायालय द्वारा शादी पंजीकरण बारे सम्बन्धित पंचायत को आदेश दे दिये जाएंगे और मुकद्दमा का निपटारा/फैसला नियमानुसार कर दिया जायेगा।

आज दिनांक 01-06-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, हरोली, जिला ऊना, हि0प्र0।

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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील हरोली, जिला ऊना, हि0प्र0 इश्तहार मुशत्री मुनादी आवेदन-पत्र अधीन धारा 8(4) of Marriage Act, 1996 & Rule 4(2) of 2004.

किस्म मुकद्दमा : पंजीकरण शादी

निर्मल सिंह पुत्र यशपाल सिंह, वासी भदोडी, तहसील हरोली, जिला ऊना व सुमन देवी पुत्री जीत राम, वासी भदोडी, तहसील हरोली, जिला ऊना, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

प्रार्थी निर्मल सिंह पुत्र यशपाल सिंह, वासी भदोडी, तहसील हरोली, जिला ऊना व सुमन देवी पुत्री जीत राम, वासी भदोडी, तहसील हरोली, जिला ऊना, हि0 प्र0 ने प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि उनकी शादी दिनांक 13-02-2017 को गांव भदोडी में हुई है लेकिन उनकी शादी ग्राम पंचायत भदोडी में दर्ज नहीं हुई है। अतः प्रतिवादीगण को बजरिय मुशत्री मुनादी इश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त शादी बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह निर्धारित तारीख पेशी दिनांक 20-06-2019 तक असालतन या वकालतन इस न्यायालय में पेश कर सकता है। निर्धारित तारीख पेशी के बाद कोई भी उजर/एतराज इस कार्यालय में प्राप्त नहीं होता है तो न्यायालय द्वारा शादी पंजीकरण बारे सम्बन्धित पंचायत को आदेश दे दिये जाएंगे और मुकद्दमा का निपटारा/फैसला नियमानुसार कर दिया जायेगा।

आज दिनांक 01-06-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, हरोली, जिला ऊना, हि0प्र0।2714 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 14 जून, 2019/24 ज्येष्ठ, 1941 नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 14 June 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2019-06-14.57_gazette_2019-14_06_2019/. Archive identifier in.gazette.himachal.2019-06-14.57_gazette_2019-14_06_2019.