राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित वीरवार, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941
हिमाचल प्रदेश सरकार
INDUSTRIES DEPARTMENT
A-Section
NOTIFICATION
Shimla-2, the 17th July, 2019
No. Ind.-A(B)1-1/2017.—On the recommendations of the Departmental Promotion Committee, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to order the promotion of Shri Ramesh Chand, Assistant Driller, Class-III (Non-Gazetted) to the post of Driller (Class-II-Gazetted) in the 90-राजपत्र/2019-25-07-2019 (3971)3972 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 pay scale of ` 10300—34800+ 4400 Grade pay in the Department of Industries, H. P. with immediate effect.
The Governor, Himachal Pradesh is further pleased to order the posting of Shri Ramesh Chand, Assistant Driller on his promotion as Driller (Class-II-Gazetted) in the o/o State Geologist, Udyog Bhawan, H. P., Shimla against vacant post.
The officer shall remain on probation for a period of two years. He shall also exercise option for fixation of pay under the provisions of FR-22, within a period of one month from the date of issue of this notification.
He shall join his duty and submit his joining report to this Department through the Director of Industries, Himachal Pradesh.
By order, MANOJ KUMAR, Addl. Chief Secretary (Inds.).
___________
INDUSTRIES DEPARTMENT
A-Section
NOTIFICATION
Shimla-2, the 20th July, 2019
No. Ind-A(F)8-1/2016.—In continuation to this Department's Notification of even number, dated 31-10-2018, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to include following Panchayats of District Kangra in the Potential Industrial Zone in Industrial Corridors in Himachal Pradesh enabling the Department of Industries to plan development activities in these Potential Zones:—
| Panchayats | Patwar Circle | Kanungo Circle |
| Badhal Thore | Badhal Thore | Badhal Thore |
| Tymbal | Dodra | Channour |
| Dodra | Dodra | Channour |
| Nangal Chowk | Jambal (already notified) | Channour |
| Dada Siba | Dada Siba | Dada Siba |
| Gurnwad | Dada Siba | Dada Siba |
| Bathra | Panjal | Dada Siba |
| Jakhdhar | Jakhdhar | Dada Siba |
| Rori-Kori | Shamnagar | Dada Siba |
| Channour | Channour | Channour |
By order,
MANOJ KUMAR, Addl.Chief Secretary (Industries).
3973 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 आबकारी एवं कराधान विभागअधिसूचना सं0 31/2019- राज्य कर
शिमला-2, 17 जुलाई, 2019
सं0 ई.एक्स.एन.-एफ(10)-15/2019.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्ः-- 1. (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (चौथा संशोधन) नियम, 2019 है।
(2) इन नियमों में अन्यथा उपबंधित के सिवाय ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त नियम कहा गया है) के नियम 10 के पश्चात् निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः--
"10.क बैंक खाते के ब्यौरों का दिया जाना.--सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी आरईजी-06 में रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र उपलब्ध करवाए जाने और माल और सेवा कर पहचान संख्या समनुदेशित किए जाने के पश्चात् ऐसे रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से भिन्न जिसे, यथास्थिति, नियम 12 या नियम 16 के अधीन रजिस्ट्रीकरण प्रदान किया गया है, रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, किसी अन्य उपबंध के अनुपालन में सामान्य पोर्टल पर, यथाशक्य, शीघ्र किंतु रजिस्ट्रीकरण दिए जाने की तारीख से पैंतालीस दिन के अपश्चात्् या उस तारीख को, जिसको धारा 39 के अधीन विवरणी का दिया जाना अपेक्षित है, इनमें से जो भी पूर्वतर हों, बैंक खाते के ब्यौरे के सम्बन्ध में जानकारी या कोई अन्य ऐसी जानकारी देगा, जिसकी अपेक्षा की जाए, देगा।"।
3. उक्त नियमों के नियम 21 के खंड (ग) के पश्चात् निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः--
"(घ) नियम 10क के उपबंधों का उल्लंघन करता है।"।
4. उक्त नियमों के नियम 32 के पश्चात् 1 जुलाई, 2019 से निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः--
"32क. उन दशाओं में प्रदाय का मूल्य जहां केरल खाद्य उपकर लागू होता है.--ऐसे माल या सेवाओं या दोनों के प्रदाय के मूल्य को, जिन पर केरल वित्त विधेयक, 2019 के खंड 14 के अधीन केरल खाद्य उपकर का उद्ग्रहण किया गया है, अधिनियम की धारा 15 के निबंधनों में अवधारित किया गया मूल्य समझा जाएगा किंतु उसे उक्त उपकर को सम्मिलित नहीं किया जाएगा।"।
5. उक्त नियमों के नियम 46 में पांचवें परंतुक के पश्चात्, बाद में अधिसूचित की जाने वाली तरीख से निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः--
"परन्तु यह भी कि सरकार, अधिसूचना द्वारा, परिषद् की सिफारिशों पर और ऐसी शर्तों और निर्बन्धनों के अधीन रहते हुए, जो उसमें वर्णित किए जाएं, यह विनिर्दिष्ट कर सकेगी कि प्रदाय पत्र का त्वरित प्रतिक्रिया (क्यू आर) कोड होगा।"। 3974 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 6. उक्त नियम के नियम 49 में तीसरे परन्तुक के पश्चात्, बाद में अधिसूचित की जाने वाली तारीख से निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः--
"परन्तु यह भी कि सरकार, अधिसूचना द्वारा, परिषद् की सिफारिशों पर और ऐसी शर्तों और निर्बन्धनों के अधीन रहते हुए, जो उसमें वर्णित किए जाएं, यह विनिर्दिष्ट कर सकेगी कि प्रदाय पत्र का त्वरित प्रतिक्रिया (क्यू आर) कोड होगा।"।
7. उक्त नियमों के नियम 66 के उपनियम (2) में,--
(क) "प्ररूप जीएसटीआर-2क के भाग ग में प्रत्येक प्रदायकर्ता को और सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटीआर-4क" में शब्दों, अक्षरों और अंकों के स्थान पर "प्रत्येक ऐसे व्यक्ति को, जिसकी कटौती की गई है, सामान्य पोर्टल पर" शब्द रखे जाएंगे;
(ख) "की सम्यक् तारीख" शब्दों का लोप किया जाएगा;
(ग) "सामान्य पोर्टल पर" शब्दों के पश्चात् "विधिमान्यकरण के पश्चात् उसके इलैक्ट्रानिक नकद खाते में से कटौती की गई कर की रकम का दावा करने के लिए" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे। 8. उक्त नियमों के नियम 67 के उपनियम (2) में,--
(क) "प्ररूप जीएसटीआर-2क के भाग ग" में शब्दों, अक्षरों और अंकों का लोप किया जाएगा;
(ख) "की देय तारीख" शब्दों का लोप किया जाएगा;
(ग) "सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप में" शब्दों के पश्चात् "विधिमान्यकरण के पश्चात् उसके इलैक्ट्रानिक नकद खाते में संगृहीत कर की रकम का दावा करने के लिए" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे।
9. उक्त नियमों के नियम 87 में,--
(क) उपनियम (2) के दूसरे परन्तुक का लोप किया जाएगा।
(ख) उपनियम (9) में,-
(i) "प्ररूप जीएसटीआर-02" शब्दों, अक्षरों और अंकों का लोप किया जाएगा;
(ii) "नियम 87 के उपबंधों के अनुसार" शब्दों का लोप किया जाएगा;
(ग) उपनियम (12) के पश्चात्, बाद में अधिसूचित की जाने वाली तारीख से निम्नलिखित उपनियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
"(13) कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, साधारण पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी पीएमटी-09 में एकीकृत कर, केन्द्रीय कर, राज्य कर या संघ राज्यक्षेत्र कर के लिए इलैक्ट्रॉनिक नकद खाते में, अधिनियम के अधीन इलैक्ट्रॉनिक नकद खाते में उपलब्ध कर, ब्याज, शास्ति, फीस की किसी रकम या किसी अन्य रकम को अंतरित कर सकेगा।"।
10. उक्त नियमों के नियम 91 के उपनियम (3) में, बाद में अधिसूचित की जाने वाली तारीख से, सभी स्थानों पर जहां वे आते हैं, "संदाय सूचना" शब्दों के स्थान पर, "संदाय आदेश" शब्द रखे जाएंगे।3975 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 11. उक्त नियमों के नियम 92 में, बाद में अधिसूचित की जाने वाली तारीख,-- (क) उपनियम (4) में, सभी स्थानों पर जहां वे आते हैं, "संदाय सूचना" शब्दों के स्थान पर, "संदाय आदेश" शब्द रखे जाएंगे;
(ख) उपनियम (4) में, "जो वह प्ररूप जीएसटी आरएफडी-06 इलैक्ट्रॉनिक रूप से प्रत्यय किया जाएगा" शब्दों के स्थान पर, "वहां वह प्ररूप जीएसटी आरएफडी-06 में आदेश करेगा और प्रतिदाय की रकम के लिए प्ररूप जीएसटी आरएफडी-05 में संदाय सूचना जारी करेगा तथा उसे समेकित संदाय सूचना के आधार पर आवेदक की रजिस्ट्रीकरण विशिष्टियों में वर्णित और प्रतिदाय आवेदन में यथाविनिर्दिष्ट उसके किसी बैंक खाते में इलैक्ट्रोनिक रूप से जमा करेगा" शब्द रखे जाएंगे;
(ग) उपनियम (4) के पश्चात् निम्नलिखित उपनियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः- "(4क) राज्य सरकार, उपनियम (4) के अधीन जारी समेकित संदाय सलाह के आधार पर प्रतिदाय का संवितरण करेगी।";
(घ) उपनियम (5) में, "सूचना" शब्द के स्थान पर, "संदाय आदेश" शब्द रखे जाएंगे।
12. उक्त नियमों के नियम 94 में, बाद में अधिसूचित की जाने वाली तारीख से, "संदाय सूचना" शब्दों के स्थान पर, "संदाय आदेश" शब्द रखे जाएंगे।
13. उक्त नियमों के नियम 95 के पश्चात्् 1 जुलाई, 2019 से निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः--
"95क. किसी अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन पर प्रवासी काऊंटर से आगे प्रस्थान क्षेत्र में स्थापित प्रस्थान करने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटक को कर मुक्त आपूर्ति करने वाले खुदरा आऊटलेट को करों का प्रतिदाय--
(1) किसी अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन पर प्रवासी काऊंटर से आगे प्रस्थान क्षेत्र में स्थापित प्रस्थान करने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटक को, जो भारत से जा रहा है, देशी माल की आपूर्ति करने वाली खुदरा आऊटलेट ऐसे माल की आवक आपूर्ति पर इसके द्वारा संदत्त कर के प्रतिदाय का दावा करने का पात्र होगा।
(2) आवक आपूर्तियों पर संदत्त कर के प्रतिदाय का दावा करने वाला खुदरा आऊटलेट, यथास्थिति, मासिक या तिमाही आधार पर, साधारण पोर्टल के माध्यम से या तो प्रत्यक्ष या आयुक्त द्वारा अधिसूचित प्रसुविधा केन्द्र के माध्यम से, प्ररूप जीएसटी आरएफडी-10ख में प्रतिदाय के दावे के लिए आवेदन करेगा।
(3) यथास्थिति, मास या तिमाही के दौरान की गई आपूर्ति के लिए जारी बीजकों की स्वप्रमाणित संकलित जानकारी, सम्बन्धित क्रय बीजक के साथ प्रतिदाय आवेदन के साथ प्रस्तुत की जाएगी।
(4) उक्त खुदरा आऊटलेट द्वारा संदत्त कर का प्रतिदाय तब उपलब्ध होगा, यदि- (क) उक्त खुदरा आऊटलेट द्वारा कर बीजक के लिए किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से माल की आवक आपूर्ति प्राप्त की गई थी;
3976 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 (ख) उक्त खुदरा आऊटलेट द्वारा कोई कर प्रभार्य किए बिना विदेशी विनिमय में किसी बाहर जाने वाले अंतरराष्ट्रीय किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से माल की आवक आपूर्ति प्राप्त की गई थी;
(ग) आवक आपूर्ति के लिए कर बीजक पर खुदरा आऊटलेट का नाम और माल और सेवा कर पहचान संख्या का उल्लेख है; और
(घ) ऐसे अन्य निर्बन्धन और शर्तें, जो विनिर्दिष्ट की जाएं, का समाधान कर दिया गया हो।
(5) इस नियम के अधीन स्वीकृति और संदाय के लिए नियम 92 के उपबंध यथाआवश्यक परिवर्तन सहित लागू होंगे।
स्पष्टीकरण.--इस नियम के प्रयाजनों के लिए, "बाहर जाने वाला अंतरराष्ट्रीय पर्यटक" पद से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो भारत में सामान्यतः निवासी नहीं है और जो भारत में वैध अप्रवासी प्रयोजनों के लिए छह मास से अनधिक रुकने के लिए भारत में प्रवेश करता है।"।
14. उक्त नियमों के नियम 128 में,--
(क) उपनियम (1) में "लिखित आवेदन की प्राप्ति पर" शब्दों के पश्चात् "या ऐसी विस्तारित अवधि जो लिखित में अभिलेखबद्ध किए जाने वाले कारणों से एक मास की और अवधि के अधिक की हो, जो प्राधिकारी द्वारा अनुज्ञात किए जाए" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे;
(ख) उपनियम (2) में,--
(i) "स्थानीय प्रकृति के मामलों पर हितबद्ध पक्षकारों से सभी आवेदन" शब्दों के पश्चात् "या ऐसे आवेदन जो स्थायी समिति द्वारा अग्रेषित किए जाए" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे;
(ii) ''राज्य स्तरीय छानबीन समिति और छानबीन समिति द्वारा" शब्दों के पश्चात् "लिखित आवेदन की प्राप्ति की तारीख से दो मास के भीतर या प्राधिकारी द्वारा यथाअनुज्ञात लिखित में लेखबद्ध कारणों से एक मास से अनधिक अवधि के भीतर" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे।
15. उक्त नियम के नियम 129 के उपनियम 6 में "तीन महीने की अवधि के भीतर अन्वेषण पूरा करेगा" वाक्यांश में प्रयुक्त "तीन" शब्द के स्थान पर "छह" शब्द रखा जाएगा।
16. उक्त नियम के नियम 132 के उपनियम (1) में "मुनाफाखोरी निरोधी महानिदेशक" शब्द से पहले "प्राधिकारी" शब्द अंतःस्थापित किया जाएगा।
17. उक्त नियम के नियम 133 में,-
(क) उपनियम (1) में "तीन" शब्द के स्थान पर "छह" शब्द रखा जाएगा;
(ख) उपनियम (2) के पश्चात् निम्नलिखित उपनियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः- "(2क) प्राधिकारी, उपनियम (1) के अधीन अवधारण प्रक्रिया के दौरान नियम 129 के उपनियम (6)के अधीन मुनाफाखोरी निरोधी महानिदेशक से प्रस्तुत रिपोेर्ट पर यदि कोई हो, स्पष्टीकरण मांग सकेगा।"3977 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 (ग) उपनियम (3) के खंड (ग) में "ऊपरी खंड के अधीन अवधारित धनराशि के पचास प्रतिशत" शब्दों के पश्चात् "उच्चतर धनराशि के संग्रहण की तारीख से ऐसी धनराशि के जमा करने की तारीख तक अट्ठारह प्रतिशत की दर पर ब्याज के साथ" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे।
(घ) उपनियम (3) के स्पष्टीकरण में "सम्बन्धित राज्य" पद राज्य अभिप्रेत है" शब्दों के पश्चात् "या संघ राज्यक्षेत्र" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे।
(ङ) उपनियम (4) के पश्चात् निम्नलिखित उपनियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः- "(5) (क) उपनियम(4) में किसी बात के होते हुए भी, जहां नियम 129 के उपनियम (6) में निर्दिष्ट मुनाफाखोरी निरोधी महानिदेशक की रिपोर्ट की प्राप्ति पर, प्राधिकारी के पास यह विश्वास करने का कारण है कि धारा 171 के उपबंधाें का, माल या सेवा या दोनों के सम्बन्ध में उन के सिवाय, जो उक्त रिपोर्ट में आच्छादित किए गए हैं, उल्लंघन किया गया है, प्राधिकारी उन कारणों से जो लेखबद्ध किए जाएं, अधिनियम और इन नियमों के उपबंधों के अनुसार ऐसे अन्य माल या सेवाओं या दोनों के संबद्ध अन्वेषण या जांच कराने के लिए उक्त नियम 1 में विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर मुनाफाखोरी निरोधी महानिदेशक को निदेश दे सकेगा। (ख) खंड (क) के अधीन अन्वेषण या जांच नई अन्वेषण या जांच समझी जाएगी और नियम 129 के सभी उपबंध ऐसे अन्वेषण या जांच पर यथावश्यक परिवर्तन सहित लागू हाेंगे।"।
18. उक्त नियम के नियम 138 के उपनियम (10) के,--
(क) सारणी में स्तंभ 3 में क्रम संख्या 1 से क्रम संख्या 4 के सामने "आकार से बड़ा स्थोयरा" शब्दों के पश्चात् "या मल्टीमोडल वाहन जिसमें कम से कम एक बार पोत द्वारा परिवहन सम्मिलित हो" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे;
(ख) द्वितीय परन्तुक के पश्चात् निम्नलिखित परन्तुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-- "परन्तु यह और भी कि ई-वे बिल की वैधता इसके अवसान के समय से आठ घंटे के भीतर विस्तारित की जा सकेगी।"
19. उक्त नियम के नियम 138ड के उपनियम (क) में,--
(क) "धारा 10 के अधीन कर का संदाय करने वाला कोई व्यक्ति" शब्दों के पश्चात् "या हिमाचल प्रदेश सरकार की अधिसूचना संख्या 02/2019-राज्य कर (दर) तारीख 7 मार्च, 2019 जो हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में संख्या ई.एक्स.एन.एफ-(10)-5/2019, तारीख 7 मार्च, 2019 द्वारा प्रकाशित की गई थी, के लाभ का उपभोग करने वाला" शब्द और अंक अंतःस्थापित किए जाएंगे।
(ख) "विवरणियां" शब्द के स्थान पर "प्ररूप जीएसटी सीएमपी-08 में विवरण" शब्द, अक्षर और अंक रखे जाएंगे।
(ग) "कर अवधियों" शब्दों के स्थान पर "तिमाही" शब्द रखा जाएगा।
20. उक्त नियम के प्ररूप जीएसटी आरईजी-01 की "अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची से संलग्न सारणी" क्रम संख्या 4 के सामने शीर्षक में "बैंक लेखा सम्बन्धित प्रमाण" शब्दों के पश्चात्् "जहां ऐसे लेखा के ब्यौरे दिए जाते हैं" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे। 3978 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 21. उक्त नियम के प्ररूप जीएसटी आरईजी-07 के, भाग ख में प्रविष्टि 12 के पश्चात् निम्नलिखित प्रविष्टि अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
"12क. बैंक खाता (खाते) के ब्यौरे (वैकल्पिक)
| आवेदक द्वारा रखे गए बैंक खाते की कुल संख्या (10 बैंक खातों तक रिपोर्ट की जाएगी) |
बैंंक खाता 1 का ब्यौरा
खाता संख्या खाते का प्रकार आईएफएससी बैंक का नाम शाखा का पता स्वतः भर जाएगा
टिप्पण.-- और बैंक खाते जोड़े
22. उक्त नियम में प्ररूप जीएसटी आरईजी-12 में, भाग ख में 12 प्रविष्टि के पश्चात् निम्नलिखित प्रविष्टि अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः--
"13. बैंक खाता (खाते) के ब्यौरे (वैकल्पिक)
| आवेदक द्वारा रखे गए बैंक खाते की कुल संख्या (10 बैंक खातों तक रिपोर्ट की जाएगी) |
बैंंक खाता 1 का ब्यौरा
खाता संख्या खाते का प्रकार आईएफएससी बैंक का नाम शाखा का पता स्वतः पापुलेटड (संपादन रीति में)
टिप्पण.--और बैंक खाते जोड़े"।
23. उक्त नियम के प्ररूप जीएसटीआर-4 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्.--
"प्ररूप जीएसटीआर-4
(नियम 62 देखिए)
संरचना उद्ग्रहण या अधिसूचना सं0 2/2019-राज्य कर (दर) का लाभ उठाने के लिए विकल्प लेने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति की वित्तीय वर्ष के लिए विवरणी
| वर्ष |
| 1. | जीएसटीआईएन | ||||||||||||||||
| 2. | (क) | रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति का विधिक नाम | <स्वतः> |
| (ख) | व्यापार का नाम, यदि कोई है | <स्वतः> | |||||||||||||||||
| 3. | (क) | पूर्व के वित्त वर्ष में संकलित आवर्त (स्वतः भर जाएगा) | |||||||||||||||||
| (ख) एआरएन | <स्वतः> (दाखिल करने के पश्चात्) | ||||||||||||||||||
| (ग) | एआरएन की तारीख | <स्वतः> (दाखिल करने के पश्चात्) |
4. ऐसे आवक प्रदाय जिनके अंतर्गत वे प्रदाय भी हैं जिन पर कर का संदाय प्रतिलोम प्रभार पर किया जाना है।
| प्रदायकर्ता का जीएसटिन | बीजक ब्यौरे | दर | कर योग्य मूल्य | कर की रकम | प्रदाय का स्थान (राज्य/संघ राज्यक्षेत्र का नाम) | |||||
| स . ं | तारीख | मूल्य | एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | सेस | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
| 4क. आवक प्रदाय जो किसी रजिस्ट्रीकृत प्रदायकर्ता से ग्रहण किया गया है (उन प्रदायों जिन पर प्रतिलोम प्रभार लागू होता है को छोड़कर) | ||||||||||
| 4ख. आवक प्रदाय जो किसी रजिस्ट्रीकृत प्रदायदाता से ग्रहण किया गया है(प्रतिलोम प्रभार लागू होता है) | ||||||||||
| 4ग. आवक प्रदाय जो किसी अरजिस्ट्रीकृत प्रदायदाता से ग्रहण किया गया है | ||||||||||
| 4घ. आयात सेवा | ||||||||||
5. प्ररूप जीएसटी सीएमपी-08 के अनुसार स्वतःनिर्धारित उत्तरदायित्व का संक्षिप्त विवरण
(संशोधन आदि के कारण अग्रिम नेट, प्रत्यय और नामे नोट और कोई अन्य समायोजन)
| क्रम सं0 | विवरण | म ू ल्य | कर की रकम | |||
| एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | सेस | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1. | जावक प्रदाय (छूट प्राप्त प्रदाय सहित)। | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> |
| 2. | ऐसा आवक प्रदाय जिनको प्रतिलोम प्रभार लागू होता है जिसके अंतर्गत आयात सेवाएं भी हैं। | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> |
| 3. | कर संदत्त (1+2) | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> |
| 4. | ब्याज संदत्त, यदि कोई है। | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> |
(संशोधन आदि के कारण अग्रिम नेट, प्रत्यय और नामे नोट और कोई अन्य समायोजन)
| क्रम सं0 | प्रदाय का प्रकार (जावक/आवक) | कर की दर (%) | म ू ल्य | कर की रकम | |||
| एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | उपकर | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | ||||
| <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | ||||
| <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | ||||
| कुल | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> |
7. टीडीएस/टीडीएस प्राप्त
| कटौतीकर्ता/ई-वाणिज्य प्रचालक का जीएसटीआईएन | सकल मूल्य | रकम | |
| क ेन्द्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 |
8. संदेय और संदत्त कर, ब्याज, विलम्ब शुल्क
| क्र. सं. | कर का प्रकार | स ं द ेय कर की रकम (सारणी 6 के अनुसार) | पहले से संदत्त कर रकम (प्ररूप जीएसटी सीएमपी-08 के माध्यम से) | स ंदेय कर की अतिशेष रकम, यदि कोई हो (3-4) | स द ं ेय ब्याज | संदत्त ब्याज | स द ं ेय विलम्ब शुल्क | संदत्त विलम्ब शुल्क |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
| 1. | एकीकृत कर | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | ||||
| 2. | केन्द्रीय कर | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | ||||
| 3. | राज्य/ संघ राज्यक्षेत्र कर | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> | ||||
| 4. | उपकर | <स्वतः> | <स्वतः> | <स्वतः> |
| वर्णन | कर | ब्याज | शास्ति | फीस | अन्य | नामे प्रविष्टि सं. |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| (क) एकीकृत कर | ||||||
| (ख) केन्द्रीय कर | ||||||
| (ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | ||||||
| (घ) उपकर | ||||||
| बैंक खाते के ब्यौरे (ड्रॉप डाऊन) |
सत्यापन
मैं सत्यनिष्ठा से यह प्रतिज्ञान और घोषणा करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है इसमें से कोई बात छिपाई नहीं गई है।
स्थानः प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर तारीखः प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम पदाभिधान/प्रास्थिति अनुदेशः-
1. प्रयुक्त निबन्धनः
(क) जीएसटीआईएन : माल और सेवा कर पहचान सं.
(ख) टीडीएस : स्त्रोत पर कर कटौती
(ग) टीसीएस : स्त्रोत पर संग्रहित कर
2. प्रत्येक वित्तीय वर्ष या उसके भाग के लिए प्ररूप जीएसटीआर-4 में ब्यौरे, ऐसे वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पश्चात् आने वाले अप्रैल के तीसवें दिन तक प्रस्तुत किए जाने चाहिए।
3. ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के लिए करदाता का संकलित आवर्त स्वतः प्रविष्ट किया जाएगा। 4. समेकित आधार पर आवक प्रदायों, दर-वार, जीएसटीआईएन-वार से सम्बन्धित जानकारी समाविष्ट करने के लिए सारणी 4ः
(i) आवक प्रदायों से भिन्न रजिस्ट्रीकृत प्रदायकर्ता से उन आवक प्रदायों, जिनको प्रतिलोम प्रभार लागू होते हैं, को समाविष्ट करने के लिए सारणी 4क;
(ii) ऐसा रजिस्ट्रीकृत प्रदायकर्ता से, जिसको प्रतिलोम प्रभार लागू होता है, आवक प्रदाय को समाविष्ट करने के लिए सारणी 4ख;
(iii) अरजिस्ट्रीकृत प्रदायकर्ता से प्रदायों को समाविष्ट करने के लिए सारणी 4ग;
(iv) सेवाओं के आयात को समाविष्ट करने के लिए सारणी 4घ;
3982 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 5. ऐसे जावक प्रदायों (जिनके अन्तर्गत छूट समाविष्ट प्रदाय भी हैं) और ऐसे आवक प्रदायों, जिनको वित्तीय वर्ष के दौरान प्ररूप जीएसटी सीएमपी-08 में पूर्व में यथाघोषित सेवाओं के आयात सहित प्रतिलोम प्रभार लागू होते हैं, के ब्यौरे (और उनके समायोजक) समाविष्ट करने के लिए सारणी 5.
6. कटौतिकर्ता/ई-वाणिज्य प्रचालक से समाविष्ट स्त्रोत पर कर कटौती/स्त्रोत पर संग्रहीत कर प्रत्यय सारणी 7 में स्वतः प्रविष्ट किया जाएगा।"
24. उक्त नियमों के प्ररूप जीएसटीआर-9 में,--
(क) सारणी के क्रम सं. 8 के स्तम्भ 2 की पंक्ति ग में, "सितम्बर 2018 तक" शब्दों और अंकों के स्थान पर, "2018 मार्च से 2019'' तक अंक और शब्द रखे जाएंगे;
(ख) सारणी के भाग 5 के सतंभ 2 के शीर्षक में, "चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर तक या पूर्व वित्तीय वर्ष की वार्षिक विवरणी के फाइल किए जाने की तारीख तक, जो भी पहले हो, की विवरणियों में घोषित पूर्व वित्तीय वर्ष" शब्दों और अक्षरों के स्थान पर, "अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक के बीच विवरणियों में घोषित वित्तीय वर्ष 2017-18" अक्षर, अंक और शब्द रखे जाएंगे।
(ग) अनुदेशों में क्रम सं. 3 का लोप किया जाएगा;
(घ) अनुदेशों के क्रम सं 4 में, "इस भाग में घोषित" के साथ समाप्त होने वाले वाक्य के पश्चात्, निम्नलिखित शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्ः-
"यह ध्यान दिया जाए कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए अतिरिक्त दायित्व प्ररूप जीएसटीआर-1 में घोषित नहीं किया गया है और प्ररूप जीएसटीआर-3ख इस विवरणी में घोषित किया जाए। तथापि, करदाता इस विवरणी के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान अदावाकृत इनपुट कर प्रत्यय का दावा नहीं कर सकते।";
(ङ) अनुदेशों के क्रम सं. 5 की सारणी के स्तम्भ 2 में,-
(i) क्रम सं0 8क के सामने "उनके प्ररूप जीएसटीआर-1 में तत्स्थानी प्रदायकर्ताओं" शब्दों, अक्षरों और अंकों के पश्चात्, निम्नलिखित शब्द, अक्षर और अंक अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्ः-
"यह ध्यान दिया जाए कि 1 मई, 2019 तक सृजित प्ररूप जीएसटीआर-2क को सारणी में स्वतः प्रविष्ट किया जाएगा।";
(ii) क्रम सं0 8ग के सामने "सितम्बर 2018 तक" शब्दों के स्थान पर, "2018 से मार्च 2019" तक शब्द रखे जाएंगे;
(च) अनुदेशों के क्रम सं. 7 में,--
(i) "चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर मास या पूर्व वित्तीय वर्ष की वार्षिक विवरणी के फाइल किए जाने की तारीख (उदाहरणार्थ वित्तीय वर्ष 2017-18) के लिए वार्षिक विवरणी में, वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए अप्रैल से सितम्बर 2018 तक घोषित संव्यवहारों की घोषणा की जाएगी), जो भी पहले हो" शब्दों, अक्षरों, कोष्ठकों और अंकों के स्थान पर, "अप्रैल 2018 से मार्च 2019 के बीच" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे।3983 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 (ii) सारणी के स्तम्भ 2 में,--
(क) क्रम सं. 10 और क्रम सं. 11 के सामने, "चालू वित्तीय वर्ष के सितम्बर तक या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी के फाइल किए जाने की तारीख तक, जो भी पहले हो" शब्दों के स्थान पर, "2018 से मार्च 2019 तक" अंक और शब्द रखे जाएंगे;
(ख) क्रम सं. 12 के सामने, "चालू वित्तीय वर्ष के सितम्बर तक या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी फाइल किए जाने की तारीख तक, जो भी पहले हो" शब्दों के स्थान पर, "2018 से मार्च 2019 तक" अंक और शब्द रखे जाएंगे;
(ग) क्रम सं. 13 के सामने, "चालू वित्तीय वर्ष के सितम्बर तक या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी के फाइल किए जाने की तारीख तक, जो भी पहले हो" शब्दों के स्थान पर, "2018 से मार्च 2019 तक" अंक और शब्द रखे जाएंगे;
25. उक्त नियमों में, प्ररूप जीएसटी पीएमटी-07 के पश्चात्, बाद में अधिसूचित की जाने वाली तारीख से निम्नलिखित प्ररूप अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
| प्ररूप जीएसटी पीएमटी-09 [नियम 87 (13 देखिए)] इलेक्ट्रॉनिक रोकड़ बही में एक लेखा शीर्ष से अन्य लेखा शीर्ष में रकम का अंतरण 5. एक लेखा शीर्ष से अन्य लेखा शीर्ष में अंतरित की जाने वाली रकम के ब्यौरे (रकम रुपए में) 6 . सत्यापन म ैं सत्यनिष्ठा से यह प्रतिज्ञान और घोषणा करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है और इसमें से कोई बात छिपाई नहीं गई है। स्थानः प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर तारीखः प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम पदाभिधान/प्रास्थिति | ||||||||||
| 1. | जीएसटीआईएन | |||||||||
| 2. | (क) विधिक नाम | <स्वतः> | ||||||||
| (ख) व्यापार नाम,यदि कोई हो | <स्वतः> | |||||||||
| 3. | एआरएन | |||||||||
| 4. | एआरएन की तारीख | |||||||||
| निम्नलिखित से अंतरित की जाने वाली रकम | निम्नलिखित में अंतरित की जाने वाली रकम | |||||||||
| मुख्य शीर्ष | लघु शीर्ष | उपलब्ध रकम | मुख्य शीर्ष | लघु शीर्ष | अंतरित रकम | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | |||||
| <केन्द्रीय कर, राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर, एकीकृत कर, उपकर> | कर | <केन्द्रीय कर, राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर, एकीकृत कर, उपकर> | कर | |||||||
| ब्याज | ब्याज | |||||||||
| शास्ति | शास्ति | |||||||||
| फीस | फीस | |||||||||
| अन्य | अन्य | |||||||||
| योग | योग | |||||||||
अनुदेशः--
1. मुख्य शीर्ष-एकीकृत कर, केन्द्रीय कर, राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर और उपकर के प्रति निर्देश है।
2. लघु शीर्ष-कर, ब्याज, शास्ति, फीस और अन्य के प्रति निर्देश है।
3. यदि रकम एक मुख्य/लघु शीर्ष से किसी अन्य मुख्य/लघु शीर्ष में अंतरित की जानी आशयित है तो इस प्ररूप को भरें। रकम के अंतरण के लिए लघु शीर्ष वैसा ही या भिन्न हो सकता है।
4. एक लघु शीर्ष से रकम को उसी मुख्य शीर्ष के अधीन किसी अन्य लघु शीर्ष में भी अंतरित किया जा सकता है।
5. शीर्षक से कोई रकम केवल तभी अंतरित की जा सकती है यदि अंतरण के समय उस शीर्षक के अधीन अतिशेष उपलब्ध है।
" 26. उक्त नियम में, प्ररूप जीएसटी आरएफडी-05 में, बाद में अधिसूचित की जाने वाली तारीख से प्रभावी,-
(क) तीसरी लाईन में "सलाह", शब्द के स्थान पर "आदेश" शब्द रखे जाएंगे;
(ख) चौथी लाईन में "सलाह", शब्द के स्थान पर "आदेश" शब्द रखे जाएंगे;
(ग) छठी लाइन में "सेवा में <केन्द्रीय> पीएओ/खजाना/आरबीआई/बैंक", शब्दों और अक्षरों के स्थान पर "सेवा में पीएओ, सीबीआईसी" शब्द और अक्षर रखे जाएंगे;
27. उक्त नियम में प्ररूप जीएसटी आरएफडी-10 के पश्चात् 1 जुलाई, 2019 से निम्नलिखित प्ररूप अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः--
"
प्ररूप जीएसटी आरएफडी-10 ख (नियम 95 क देखें)
शुल्क मुक्त दुकानों/शुल्क संदत्त दुकानों (खुदरा केन्द्रों) द्वारा प्रतिदाय के लिए आवेदन
1. जीएसटीआईएनः
2. नामः
3. पताः
4. कर अवधि (मासिक/त्रैमासिक)ः से <दिन/मास/वर्ष> तक <दिन/मास/वर्ष>
5. दावाकृत प्रतिदाय की रकमः <आईएनआर> <शब्दों में >
| 6. प्राप्त मालों के आवक प्रदायों और तत्स्थानी जावक प्रदायों के ब्यौरे 7 . जिसके लिए प्रतिदाय आवेदन किया गया हैः 8 . बैंक खाता के ब्यौरेः i. बैंक खाता संख्या ii. बैंक खाता प्रकार iii. बैंक का नाम iv. खाता धारक/संचालक का नाम v. बैंक शाखा का पता vi. आईएफएससी vii. एमआईसीआर 9 . घोषणा म ैं.................................................... (शुल्क मुक्त दुकान/शुल्क संदत्त दुकान-खुदरा केन्द्र का नाम) के प्राधिकृत प्रतिनिधि के रूप में सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान और घोषणा करता हूं कि,- (i) इस आवेदन के साथ प्रस्तुत जावक प्रदायों के सम्बन्ध में किसी भी बीजकों के प्रति प्रतिदाय का दावा नहीं किया गया है। (ii) ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है। तारीखः प्राधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षरः स्थानः नामः पदनाम/प्रास्थिति अनुदेशः 1. प्रतिदाय के लिए आवेदन, खुदरा केन्द्रों द्वारा विवरणी के प्रस्तुत करने की आवृत्ति की निर्भरता पर मासिक/त्रैमासिक आधार पर फाइल किया जाएगा। 2. एक आवक प्रदाय बीजक के सम्बन्ध में केवल एक बार आवेदन किया जाएगा। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि आवक प्रदाय बीजकों के लिए प्रतिदाय का आवेदन केवल उन प्राप्त मालों के बीजको ं के विरूद्ध किया जाए जो पूर्ण रूप से प्रदाय किए गए हैं। | |||||||||||||||||||||
| प्रदायों के ब्यौरे | |||||||||||||||||||||
| आवक प्रदाय | तत्स्थानी जावक प्रदाय | ||||||||||||||||||||
| प्रदायकर्ता का जीएसटी आईएन | बीजक के ब्यौरे | दर | कराधेय मूल्य | कर की रकम | बीजक के ब्यौरे | ||||||||||||||||
| ं./तारीख स | एचएसएन कोड | परिमाण | मूल्य | एकीकृत कर | ेन्द्रीय कर क | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | उपकर | ं./तारीख स | एचएसएन कोड | परिमाण | कराधेय मूल्य | ||||||||||
| क े न्द्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर | कुल | |||||||||||||||||
| <कुल> | <कुल> | <कुल> | <कुल> | <कुल> | |||||||||||||||||
3. आवेदक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके द्वारा घोषित सभी बीजकों में प्रदायकर्ता का जीएसटीआईएन हो और संबंधित शुल्क मुक्त दुकान/शुल्क संदत्त दुकान (खुदरा केन्द्र) का जीएसटीआईएन उन पर स्पष्ट रूप से चिन्हित हो।
4. प्रतिदाय आवेदन के साथ संलग्न किए जाने वाले दस्तावेजः
(क) यह परिवचन कि सभी देशी मालों जिन पर प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है, शुल्क मुक्त दुकान/शुल्क संदत्त दुकान (खुदरा केन्द्र) द्वारा प्राप्त किया गया है;
(ख) जिस अवधि के लिए आवेदन फाइल किया जा रहा है उसके लिए विवरणी की प्रति।
" 28. उक्त नियम में, प्ररूप जीएसटी डीआरसी-03 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थातः- "
| प्ररूप जीएसटी डीआरसी-03 ख्नियम 142(2) और 142(3) देखें, स् वैच्छिक रूप से किए गए संदाय की सूचना या कारण बताओ नोटिस (एससीएन) या विवरण के सापेक्ष किया गया संदाय | |||||||||||||
| 1. | जीएसटीआईएन | ||||||||||||
| 2. | नाम | <स्वतः> | |||||||||||
| 3. | स ंदाय के हेतुक | <<ड्राप डाउन>> लेखा परीक्षा, अन्वेषण, सवेच्छया, एससीएन, वार्षिक विवरणी, समाधान विवरण, अन्य (विनिर्दिष्ट करें) | |||||||||||
| 4. | वह धारा जिसके अधीन स्वैच्छिक संदाय किया गया है। | <<ड्राप डाउन>> | |||||||||||
| 5. | कारण बताओ नोटिस के ब्यौरे, यदि इसके जारी होने के 30 दिन के भीतर संदाय किया गया है। | संदर्भ संख्या | जारी होने की तारीख | ||||||||||
| 6. | वित्तीय वर्ष | ||||||||||||
| 7. | ब्याज और शास्ति सहित संदाय के ब्यौरे, यदि लागू हो (रकम रुपए में) | ||||||||||||
| क्र. सं. | कर अवधि | अधिनियम | प्रदाय का स्थान (पीओएस) | कर/उप कर | ब्याज | शास्ति, यदि लागू हो | अन्य | कुल | (नकद/प्रत्यय) उपयोग किए गए खाते | विकलन प्रविष्टि सं. | विकलन प्रविष्टि की तारीख | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
8. कारण, यदि कोई हों- <<पाठ>>
9. सत्यापन-
मैं..............सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और उससे कुछ भी छिपाया नहीं गया है।
प्राधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर नाम : पदनाम/प्रास्थिति : तारीख : ".
"
आदेश द्वारा,
(संजय कुंडू)
प्रधान सचिव,
(आबकारी एवं कराधान)।
टिप्पण.--मूल नियम हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में तारीख 29 जून, 2017 को अधिसूचना संख्याःई.एक्स.
एन-एफ(10)-13/2017, तारीख 27 जून, 2017 के तहत प्रकाशित किए गए थे।
____________
[Authoritative English text of this Department Notification No.EXN-F(10)-15/2019, dated
17 -07-2019 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].
EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT
NOTIFICATION No. 31/2019-State Tax
Shimla-2, the 17th July, 2019
No. EXN-F(10)-15/2019.—In exercise of the powers conferred by Section 164 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (10 of 2017), the Governor of Himachal Pradesh is pleased to make the following rules further to amend the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Rules, 2017, namely:—
1. (1) These rules may be called the Himachal Pradesh Goods and Services Tax (Fourth Amendment) Rules, 2019.
(2) Save as otherwise provided in these rules, they shall come into force on the date of their publication in the official gazette.
2. In the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Rules, 2017 (hereinafter referred to as the said rules), after rule 10, the following rule shall be inserted, namely:—
"10A. Furnishing of Bank Account Details.—After a certificate of registration in FORM GST REG-06 has been made available on the common portal and a Goods and Services Tax3988 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 Identification Number has been assigned, the registered person, except those who have been granted registration under rule 12 or, as the case may be rule 16, shall as soon as may be, but not later than forty five days from the date of grant of registration or the date on which the return required under section 39 is due to be furnished, whichever is earlier, furnish information with respect to details of bank account, or any other information, as may be required on the common portal in order to comply with any other provision.".
3. In the said rules, in rule 21, after clause (c), the following clause shall be inserted, namely:—
"(d) violates the provision of rule 10A.".
4. In the said rules, after rule 32, with effect from the 1st day of July, 2019, the following rule shall be inserted, namely:—
"32A. Value of supply in cases where Kerala Flood Cess is applicable.—The value of supply of goods or services or both on which Kerala Flood Cess is levied under clause 14 of the Kerala Finance Bill, 2019 shall be deemed to be the value determined in terms of Section 15 of the Act, but shall not include the said cess.".
5. In the said rules, in rule 46, after the fifth proviso, with effect from a date to be notified later, the following proviso shall be inserted, namely:—
"Provided also that the Government may, by notification, on the recommendations of the Council, and subject to such conditions and restrictions as mentioned therein, specify that the tax invoice shall have Quick Response (QR) code.".
6. In the said rules, in rule 49, after the third proviso, with effect from a date to be notified later, the following proviso shall be inserted, namely:—
"Provided also that the Government may, by notification, on the recommendations of the Council, and subject to such conditions and restrictions as mentioned therein, specify that the bill of supply shall have Quick Response (QR) code.".
7. In the said rules, in rule 66, in sub-rule (2),—
(a) for the words, letters and figures "suppliers in Part C of FORM GSTR-2A and FORM- GSTR-4A" the word "deductees" shall be substituted;
(b) the words "the due date of" shall be omitted;
(c) after the words, letters and figures "FORM GSTR-7" the words "for claiming the amount of tax deducted in his electronic cash ledger after validation" shall be inserted.
8. In the said rules, rule 67, in sub-rule (2),—
(a) the words, letters and numbers "in Part C of FORM GSTR-2A" shall be omitted;
(b) the words "the due date of" shall be omitted;
(c) after the words, letters and figures "FORM GSTR-8" the words "for claiming the amount of tax collected in his electronic cash ledger after validation" shall be inserted.
3989 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 9. In the said rules, in rule 87,—(a) in sub-rule (2), the second proviso shall be omitted.
(b) in sub-rule (9),—
(i) the words, letters and figures "in FORM GSTR-02" shall be omitted;
(ii) the words and figures "in accordance with the provisions of rule 87" shall be omitted.
(c) after sub-rule (12), with effect from a date to be notified later, the following sub-rule shall be inserted, namely:—
"(13) A registered person may, on the common portal, transfer any amount of tax, interest, penalty, fee or any other amount available in the electronic cash ledger under the Act to the electronic cash ledger for integrated tax, central tax, State tax or Union territory tax or cess in FORM GST PMT-09.".
10. In the said rules, in rule 91, in sub-rule (3), with effect from a date to be notified later, at all the places where they occur, for the words "payment advice", the words "payment order" shall be substituted.
11. In the said rules, in rule 92, with effect from a date to be notified later,—
(a) in sub-rule (4), at all the places where they occur, for the words "payment advice", the words "payment order" shall be substituted;
(b) in sub-rule (4), after the words "application for refund", the words "on the basis of a consolidated payment advice" shall be inserted;
(c) after sub-rule (4), the following sub-rule shall be inserted, namely:—
"(4A) The State Government shall disburse the refund based on the consolidated payment advice issued under sub-rule (4).";
(d) in sub-rule (5), for the words " an advice", the words "a payment order" shall be substituted.
12. In the said rules, in rule 94, with effect from a date to be notified later, for the words "payment advice", the words "payment order" shall be substituted.
13. In the said rules, after rule 95, with effect from the 1st day of July, 2019, the following rule shall be inserted, namely:—
"95A. Refund of taxes to the retail outlets established in departure area of an
international Airport beyond immigration counters making tax free supply to an
outgoing international tourist.—
(1) Retail outlet established in departure area of an international airport, beyond the immigration counters, supplying indigenous goods to an outgoing international tourist who is leaving India shall be eligible to claim refund of tax paid by it on inward supply of such goods.
3990 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941(2) Retail outlet claiming refund of the taxes paid on his inward supplies, shall furnish the application for refund claim in FORM GST RFD- 10B on a monthly or quarterly basis, as the case may be, through the common portal either directly or through a Facilitation Centre notified by the Commissioner.
(3) The self-certified compiled information of invoices issued for the supply made during the month or the quarter, as the case may be, alongwith concerned purchase invoice shall be submitted alongwith the refund application.
(4) The refund of tax paid by the said retail outlet shall be available if—
(i) the inward supplies of goods were received by the said retail outlet from a registered person against a tax invoice;
(ii) the said goods were supplied by the said retail outlet to an outgoing international tourist against foreign exchange without charging any tax;
(iii) name and Goods and Services Tax Identification Number of the retail outlet is mentioned in the tax invoice for the inward supply; and
(iv) such other restrictions or conditions, as may be specified, are satisfied.
(5) The provisions of rule 92 shall, mutatis mutandis, apply for the sanction and payment of refund under this rule.
Explanation.—For the purposes of this rule, the expression "outgoing international tourist" shall mean a person not normally resident in India, who enters India for a stay of not more than six months for legitimate non-immigrant purposes.".
14. In the said rules, in rule 128,—
(a) in sub-rule (1), after the words "receipt of a written application", the words "or within such extended period not exceeding a further period of one month for reasons to be recorded in writing as may be allowed by the Authority," shall be inserted;
(b) in sub-rule (2),—
i. after the words "All applications from interested parties on issues of local nature" the words, "or those forwarded by the Standing Committee" shall be inserted;
ii. after the words "the State level Screening Committee and the Screening Committee shall," the words "within two months from the date of receipt of a written application, or within such extended period not exceeding a further period of one month for reasons to be recorded in writing as may be allowed by the Authority," shall be inserted.
15. In the said rules, in rule 129, in sub-rule (6), for the word "three" used in the phrase "shall complete the investigation within a period of three months", the word "six" shall be substituted.
16. In the said rules, in rule 132, in sub-rule (1), before the words "Director General of Anti-profiteering" the word "Authority," shall be inserted.
3991 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 17. In the said rules, in rule 133,—(a) in sub-rule (1), for the word "three" the word "six" shall be substituted;
(b) after sub-rule (2), the following sub-rule shall be inserted, namely:—
"(2A)The Authority may seek the clarification, if any, from the Director General of Anti Profiteering on the report submitted under sub-rule (6) of rule 129 during the process of determination under sub-rule (1).";
(c) in sub-rule (3), in clause (c), after the words "fifty percent of the amount determined under the above clause", the words "alongwith interest at the rate of eighteen percent. from the date of collection of the higher amount till the date of deposit of such amount" shall be inserted;
(d) in sub-rule (3), in the Explanation, after the words "the expression, "concerned State" means the State", the words, "or Union Territory" shall be inserted;
(e) after sub-rule (4), the following sub-rule shall be inserted, namely:—
"(5) (a) Notwithstanding anything contained in sub-rule (4), where upon receipt of the report of the Director General of Anti-profiteering referred to in sub-rule (6) of rule 129, the Authority has reasons to believe that there has been contravention of the provisions of Section 171 in respect of goods or services or both other than those covered in the said report, it may, for reasons to be recorded in writing, within the time limit specified in sub- rule (1), direct the Director General of Anti-profiteering to cause investigation or inquiry with regard to such other goods or services or both, in accordance with the provisions of the Act and these rules.
(b) The investigation or enquiry under clause (a) shall be deemed to be a new investigation or enquiry and all the provisions of rule 129 shall mutatis mutandis apply to such investigation or enquiry.".
18. In the said rules, in rule 138, in sub-rule (10),—
(a) in the Table, in column (3), against serial No. 1 to serial No. 4, after the words "Over Dimensional Cargo", the words "or multimodal shipment in which atleast one leg involves transport by ship" shall be inserted;
(b) after the second proviso, the following proviso shall be inserted, namely:-
"Provided also that the validity of the e-way bill may be extended within eight hours from the time of its expiry.".
19. In the said rules, in rule 138E, in sub-clause (a),—
(a) after the words "being a person paying tax under section 10" the words and figures "or availing the benefit of notification of the Government of Himachal Pradesh No. 02/2019– State Tax (Rate), dated the 7th March, 2019, published in the Gazette of Himachal Pradesh, vide number EXN-F(10)-5/2019, dated the 7th March, 2019," shall be inserted;
3992 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 (b) for the word "returns" the words, letters and figures "statement in FORM GST CMP-08" shall be substituted;
(c) for the words "tax periods" the word "quarters" shall be substituted.
20. In the said rules, in FORM GST REG-01, in the Table appended to "List of Documents to be uploaded", against serial No. 4, in the heading, after the words "Bank Account Related Proof", the words ", where details of such Account are furnished:" shall be inserted.
21. In the said rules, in FORM GST REG-07, in PART-B, after entry 12, the following entry shall be inserted, namely:—
"12A. Details of Bank Accounts (s) (Optional)
Total number of Bank Accounts maintained by the applicant (Upto 10 Bank Accounts to be reported)
Details of Bank Account 1
IFSC
To be auto-populated (Edit mode)
Account Number Type of Account Bank Name Branch Address
Note.—Add more bank accounts".
22. In the said rules, in FORM GST REG-12, after entry 12, the following entry shall be inserted, namely:—
"13. Details of Bank Accounts (s) (Optional)
Total number of Bank Accounts maintained by the applicant (Upto 10 Bank Accounts to be reported)
Details of Bank Account 1
IFSC
To be auto-populated (Edit mode)
Account Number Type of Account Bank Name Branch Address3993 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 Note.—Add more bank accounts". 23. In the said rules, for FORM GSTR-4, the following form shall be substituted, namely:—
"FORM GSTR-4
(See rule 62)
Return for financial year of registered person who has opted for composition levy or availing
benefit of notification No. 02/2019- State Tax (Rate)
| Year |
| 1. | GSTIN | ||||||||||||||||||||||||
| 2. | (a) | Legal name of the registered person | |||||||||||||||||||||||
| (b) | Trade name, if any | ||||||||||||||||||||||||
| 3. | (a) | Aggregate turnover in the preceding Financial Year (Auto populated) | |||||||||||||||||||||||
| (b) | ARN | (after filing)> | |||||||||||||||||||||||
| (c) | Date of ARN | (after filing)> |
4. Inward supplies including supplies on which tax is to be paid on reverse charge
| GSTIN of supplier | Invoice details | Rate Taxable value | Amount of tax | Place of supply (Name of State/UT) | ||||||
| No. | Date Value | Integrated Tax | Central Tax | State/UT Tax | CESS | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
| 4A. Inward supplies received from a registered supplier (other than supplies attracting reverse charge) | ||||||||||
| 4B. Inward supplies received from a registered supplier (attracting reverse charge) | ||||||||||
| 4C. Inward supplies received from an unregistered supplier | ||||||||||
| 4D. Import of service | ||||||||||
5. Summary of self-assessed liability as per FORM GST CMP-08
(Net of advances, credit and debit notes and any other adjustment due to amendments etc.)
3994 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941| Sl. No. | Description | Value | Amount of tax | |||
| Integrated tax | Central tax | State/ UT tax | Cess | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1. | Outward supplies (including exempt supplies) | |||||
| 2. | Inward supplies attracting reverse charge including import of services | |||||
| 3. | Tax paid (1+2) | |||||
| 4. | Interest paid, if any |
6. Tax rate wise details of outward supplies / inward supplies attracting reverse charge
during the year
(Net of advances, credit and debit notes and any other adjustment due to amendments etc.)
| Sl. No. | Type of supply (Outward/ Inward) | Rate of tax (%) | Value | Amount of tax | |||
| Integrated tax | Central tax | State/ UT tax | Cess | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| Total |
7. TDS/TCS Credit received
| GSTIN of Deductor / e-commerce operator | Gross Value | Amount | |
| Central Tax | State/UT Tax | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 |
8. Tax, interest, late fee payable and paid
| Sl. No. | Type of tax | Tax amount payable (As per table 6) | Tax Amount already paid (Through FORM GST CMP-08 ) | Balance amount of tax payable, if any (3-4) | Interest payable | Interest paid | Late fee payable | Late fee paid |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
| 1. | Integrated tax | |||||||
| 2. | Central tax | |||||||
| 3. | State/UT tax | |||||||
| 4. | Cess |
9. Refund claimed from Electronic cash ledger
| Description | Tax | Interest | Penalty | Fee | Other | Debit Entry Nos. |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| (a) Integrated tax | ||||||
| (b) Central Tax | ||||||
| (c) State/UT Tax | ||||||
| (d) Cess | ||||||
| Bank Account Details (Drop Down) |
Verification
I hereby solemnly affirm and declare that the information given herein above is true and correct to the best of my knowledge and belief and nothing has been concealed therefrom.
Signature of Authorised Signatory Place
Name of Authorised Signatory Date
Designation /Status
Instructions:—
1. Terms used:
(a) GSTIN: Goods and Services Tax Identification Number (b) TDS: Tax Deducted at Source (c) TCS : Tax Collected at Source
2. The details in FORM GSTR-4, for every financial year or part thereof, should be furnished till the thirtieth day of April following the end of such financial year.
3. Aggregate turnover of the taxpayer for the immediate preceding financial year would be auto-populated.
4. Table 4 to capture information, on a consolidated basis, related to inward supplies, rate-wise, GSTIN wise:
(i) Table 4A to capture inward supplies from registered supplier other than those attracting reverse charge;
(ii) Table 4B to capture inward supplies from registered supplier attracting reverse charge;
(iii) Table 4C to capture supplies from unregistered supplier;
3996 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 (iv) Table 4D to capture import of services.5. Table 5 to capture details (and adjustments thereof) of outward supplies (including exempt supplies) and inward supplies attracting reverse charge including import of services as declared earlier in FORM GST CMP-08 during the financial year.
6. TDS/TCS credit received from deductor/e-commerce operator would be auto- populated in Table 7."
24. In the said rules, in FORM GSTR-9,—
(a) in the Table, in serial No. 8, in column 2, in row C, for the words and figures "to September 2018", the figures and word "2018 to March 2019" shall be substituted;
(b) in the Table, in Pt. V, in column 2, in the heading, for the words and letters "previous FY declared in returns of April to September of current FY or upto date of filing of annual return of previous FY whichever is earlier", the letters, figures and words "FY 2017-18 declared in returns between April 2018 till March 2019" shall be substituted;
(c) in instructions, serial No. 3 shall be omitted;
(d) in instructions, in serial No. 4, after the sentence ending with "declared in this part.", the following words, letters and figures shall be inserted, namely:—
"It may be noted that additional liability for the FY 2017-18 not declared in FORM GSTR-1 and FORM GSTR-3B may be declared in this return. However, taxpayers cannot claim input tax credit unclaimed during FY 2017-18 through this return." ;
(e) In the instructions, in serial No. 5, in the Table, in column 2,—
(i) against serial No. 8A, after the words, letters and figures "corresponding suppliers in their FORM GSTR-1.", the following words, letters and figures shall be inserted, namely:—
"It may be noted that the FORM GSTR-2A generated as on the 1st May, 2019 shall be auto-populated in this table.";
(ii) against serial no. 8C, for the words "to September 2018", the figures and words "2018 to March 2019" shall be substituted;
(f) in the instructions, in serial No. 7,—
(i) for the words, letters, brackets and figures "of April to September of current FY or date of filing of Annual Return for previous financial year (for example in the annual return for the FY 2017-18, the transactions declared in April to September 2018 for the FY 2017-18 shall be declared), whichever is earlier", the words and figures "between April 2018 to March 2019" shall be substituted;
(ii) in the Table, in column 2—
(A) against serial No. 10 & 11, for the words "to September of the current financial year or date of filing of Annual Return for the previous financial3997 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 year, whichever is earlier", the figures and words "2018 to March 2019" shall be substituted;
(B) against serial No. 12, for the words "to September of the current financial year or date of filing of Annual Return for the previous financial year, whichever is earlier", the figures and words "2018 to March 2019" shall be substituted;
(C) against serial No. 13, for the words "to September of the current financial year or date of filing of Annual Return for the previous financial year whichever is earlier", the figures and words "2018 to March 2019" shall be substituted.
25. In the said rules, after FORM GST PMT–07, with effect from a date to be notified later, the following form shall be inserted, namely:—
| FORM GST PMT –09 [See rule 87(13)] Transfer of amount from one account head to another in electronic cash ledger 5 . Details of the amount to be transferred from one account head to another (Amount in Rs.) 6 . Verification I hereby solemnly affirm and declare that the information given herein above is true and correct to the best of my knowledge and belief and nothing has been concealed therefrom. Place Signature Name of Authorized Signatory Date Designation /Status | ||||||||||
| 1. | GSTIN | |||||||||
| 2. | (a) Legal name | |||||||||
| (b) Trade name, if any | ||||||||||
| 3. | ARN | |||||||||
| 4. | Date of ARN | |||||||||
| Amount to be transferred from | Amount to be transferred to | |||||||||
| Major head | Minor head | Amount available | Major Head | Minor head | Amount transferred | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | |||||
| Tax | Tax | |||||||||
| Interest | Interest | |||||||||
| Penalty | Penalty | |||||||||
| Fee | Fee | |||||||||
| Others | Others | |||||||||
| Total | Total | |||||||||
Instructions—
1. Major head refers to—Integrated tax, Central tax, State/UT tax and Cess.
2. Minor head refers to—Tax, interest, penalty, fee and others.
3. The form may be filled up if amount from one major / minor head is intended to be transferred to another major/minor head. Minor head for transfer of amount may be same or different.
4. The amount from one minor head can also be transferred to another minor head under the same major head.
5. Amount can be transferred from the head only if balance under that head is available at the time of transfer.
" 26. In the said rules, in FORM GST RFD-05, with effect from a date to be notified later,—
(a) in Line 3 for the word "Advice", the word "order" shall be substituted;
(b) in Line 4 for the word "Advice", the word "order" shall be substituted;
(c) in Line 6, for the words and letters "ToPAO/Treasury/RBI/ Bank", the words and letters "To PAO, CBIC" shall be substituted.
27. In the said rules, after FORM GST RFD-10, with effect from the 1st day of July, 2019, the following form shall be inserted, namely:—
"
FORM GST RFD-10 B
[See rule 95A]
Application for refund by Duty Free Shops/Duty Paid Shops (Retail outlets)
1. GSTIN:
2. Name:
3. Address:
4. Tax Period (Monthly/Quarterly) : From
5. Amount of Refund Claim:
6. Details of inward supplies of goods received and corresponding outward supplies:
| 7 . Refund applied for: 8 . Details of Bank Account: i. Bank Account Number ii. Bank Account Type iii. Name of the Bank iv. Name of the Account Holder/Operator v. Address of Bank Branch vi. IFSC vii. MICR 9 . Declaration: I ...................... as an authorized representative of ..................... (Name of Duty Free Shop/Duty Paid Shop-retail outlet) hereby solemnly affirm and declare that,— (i) refund has not been claimed against any of the invoices in respect of outward supplies submitted with this application. (ii) the information given herein above is true and correct to the best of my knowledge and belief. Date: Signature of Authorized Signatory Place: Name: Designation / Status | DETAILS OF SUPPLIES | ||||||||||||||||||||
| Inward Supplies | Corresponding outward supplies | ||||||||||||||||||||
| GSTIN of supplier | Invoice details | Rate | Taxable value | Amount of tax | Invoice details | ||||||||||||||||
| No / Date. | HSN Code | Qty. | Value | Integrated Tax | Central Tax | State /UT Tax | Cess | No. / Date | HSN Code | Qty. | Taxable Value | ||||||||||
| Central Tax | State/UT Tax | Integrated Tax | Cess | Total | |||||||||||||||||
Instructions:
1. Application for refund shall be filed on monthly/quarterly basis depending upon the frequency of furnishing of return by retail outlets.
2. Application shall be made in respect of one inward supply invoice only once. Therefore, it is advised that refund shall be applied only for those inward supply invoices the goods received against which have been completely supplied.
3. Applicant should ensure that all the invoices declared by him have the GSTIN of the supplier and the GSTIN of the respective Duty Free Shop /Duty Paid Shop (retail outlet) clearly marked on them.
4. Documents to be attached with the refund application:
(a) Undertaking that all indigenous goods on which refund is being claimed have been received by the Duty-Free Shop/Duty Paid Shop (retail outlet);
(b) Undertaking that the indigenous goods have been sold to eligible outgoing international tourist;
(c) Copy of the returns for the period for which application is being filed.
" 28. In the said rules, for FORM GST DRC-03, the following FORM shall be substituted, namely:–
| "FORM GST DRC- 03 [See rule 142(2) & 142 (3)] Intimation of payment made voluntarily or made against the show cause notice (SCN) or statement | |||||
| 1. | GSTIN | ||||
| 2. | Name | < Auto> | |||
| 3. | Cause of payment | << drop down>> Audit, investigation, voluntary, SCN, annual return, reconciliation statement, others (specify) | |||
| 4 | Section under which voluntary payment is made. | << drop down>> | |||
| 5. | Details of show cause notice, if payment is made within 30 days of its issue. | Reference No. | Date of issue | ||
| 6. | Financial Year | ||||
| 7. | Details of payment made including interest and penalty, if applicable |
| 8 . Reasons, if any— << Text box>> 9 . Verification.— I hereby solemnly affirm and declare that the information given hereinabove is true and correct to the best of my knowledge and belief and nothing has been concealed therefrom. Signature of Authorized Signatory Name Designation/Status Date – ". | (Amount in Rs.) | ||||||||||||
| Sr. No. | Tax Period | Act | Place of supply (POS) | Tax/ Cess | Interest | Penalty, if applicable | Others | Total Ledger utilised (Cash / Credit) | Debit entry No. | Date of debit entry | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | ||
By order, Sd/- (SANJAY KUNDU), Principal Secretary (E&T).
Note.— The principal rules were published in the Gazette of Himachal Pradesh on 29th June, 2017 vide notification No. EXN-F(10)-13/2017, dated the 27th June, 2017.
___________
INFORMATION & PUBLIC RELATIONS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 20th July, 2019
No. Pub-B(6)-2/2017.—The Governor, Himachal Pradesh is pleased to order the transfers and postings of the following District Public Relations Officers/Information Officers of Information & Public Relations Department in the public interest:—
| Sl. No. | Name of the Officer S/Sh. | Present Place of Posting | New Place of Posting | Remarks |
| 1. | Hemant Kumar Vats | District Shimla | District Solan | Without TTA/JT |
| 2. | Ravinder Verma | District Solan | District Shimla | With TTA/JT |
The above Officers are directed to join their duties on the new place of posting immediately and send their joining reports to this department through proper channel.
By order,
SHRIKANT BALDI, Addl. Chief Secretary (I&PR).
4002 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941ब अदालत श्री जगदीश चन्द, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
किस्म मुकद्दमा : दुरुस्ती नाम
तारीख पेशी : 13-08-2019 श्री वेद प्रकाश पुत्र श्री प्रेम चन्द, निवासी महाल सांई दा लाहड, मौजा व तहसील थुरल, जिला . . प्रार्थी। कांगड़ा (हि0 प्र0)
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। विषय.--प्रार्थना-पत्र दुरुस्ती नाम राजस्व अभिलेख महाल सांई दा लाहड, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ।
ईश्तहार मुस्त्री मुनादी :
प्रार्थी श्री वेद प्रकाश पुत्र श्री प्रेम चन्द, निवासी महाल सांई दा लाहड, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने एक प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र पीठासन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करते हुए अनुरोध किया है कि उसके पिता का नाम पंचायत अभिलेख आधार कार्ड में प्रेम चन्द दर्ज है व उनका विख्यात व सही नाम भी प्रेम चन्द ही है। परन्तु राजस्व अभिलेख महाल सांई दा लाहड मौजा व तहसील थुरल में उसके पिता का नाम किशन लाल गलत दर्ज हो गया है। अतः प्रार्थी अब अपने पिता के नाम की राजस्व अभिलेख महाल सांई दा लाहड मौजा व तहसील थुरल में दुरुस्ती करवा करके श्री किशन लाल के बजाए किशन लाल उपनाम प्रेम चन्द दर्ज करवाना चाहता है। अतः प्रार्थी का आवेदन स्वीकार करते हुए, इस मुस्त्री मुनादी चस्पांगी व इश्तहार अखबारी के माध्यम से आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त प्रार्थी के पिता के नाम की राजस्व अभिलेख महाल सांई दा लाहड मौजा व तहसील थुरल में दुरुस्ती करवा करके श्री किशन लाल उपनाम प्रेम चन्द दर्ज करवाने बारे किसी किस्म की आपत्ति या उजर हो तो वह तारीख पेशी 13-08-2019 को असालतन या वकालतन हाजिर अदालत होकर अपना उजर पेश कर सकता है। अन्यथा वाद तारीख पेशी किसी किस्म का उजर एवं एतराज नहीं सुना जावेगा व नाम दुरुस्ती का आदेश पारित कर दिया जाएगा।
यह इश्तहार आज दिनांक 09-07-2019 को मोहर अदालत व मेरे हस्ताक्षर से जारी हुआ। मोहर।
हस्ताक्षरित/-, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।
-------
ब अदालत श्री संजय कुमार (हि0प्र0से0) विवाह पंजीकरण अधिकारी, धीरा, उप मण्डल धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
1. विवेक अवस्थी आयु 38 वर्ष पुत्र श्री कुलदीप अवस्थी, निवासी गांव काना सुंआ, डा0 व तह0 थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
2. अनिता अवस्थी आयु 37 वर्ष पुत्री सुभाष चन्द अवस्थी, निवासी गांव मनियारा, डा0 पाहडा, तह0 . . प्रार्थीगण। पालमपुर
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी।4003 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 आम जनता को सूचित किया है कि प्रार्थीगण एक व दो ने इस न्यायालय में विवाह पंजीकरण करवाने का आवेदन किया है। अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता व उपरोक्त आवेदनकर्ता के माता-पिता को इस विवाह के पंजीकरण बारे एतराज हो तो वे दिनांक 03-08-2019 या इससे पूर्व प्रातः 10 बजे तक इस न्यायालय में आपाि दर्ज करवा सकते हैं। इस तिथि के बाद कोई उजर स्वीकार नहीं किया जायेगा। आज दिनांक 27-06-2019 को मेरे हस्ताक्षर एवं मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- विवाह पंजीकरण अधिकारी, धीरा, उपमण्डल धीरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।
-------
ब अदालत श्री संजय कुमार (हि0प्र0से0) विवाह पंजीकरण अधिकारी, धीरा, उपमण्डल धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
1. मनोज कुमार आयु 33 वर्ष पुत्र श्री कुलतार सिंह, निवासी गांव व डा0 कोना तह0 थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
2. सुदेश आयु 30 वर्ष पुत्री अनिरूध, निवासी गांव डूहक धनियारा, डा0 डूहक, तह0 थुरल . . प्रार्थीगण।
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। आम जनता को सूचित किया है कि प्रार्थीगण एक व दो ने इस न्यायालय में विवाह पंजीकरण करवाने का आवेदन किया है। अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता व उपरोक्त आवेदनकर्ता के माता-पिता को इस विवाह के पंजीकरण बारे एतराज हो तो वे दिनांक 02-08-2019 या इससे पूर्व प्रातः 10 बजे तक इस न्यायालय में आपाि दर्ज करवा सकते हैं। इस तिथि के बाद कोई उजर स्वीकार नहीं किया जायेगा। आज दिनांक 28-06-2019 को मेरे हस्ताक्षर एवं मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- विवाह पंजीकरण अधिकारी, धीरा, उपमण्डल धीरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।
-------
ब अदालत श्री दिलो राम भारद्वाज, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 28/2019 तारीख दायराः 29-05-2019 तारीख पेशी : 01-08-2019 शीर्षक.--श्री संजय राणा पुत्र जमीत सिंह, निवासी महाल रझूं खास, मौजा रझूं, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
. . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण।4004 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 आदेश.-बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत। प्रार्थी उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसके स्व0 पिता का नाम जमीत सिंह पुत्र चूड़ामनी है जबकि महाल रझूं खास, मौजा रझूं, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में अजीत सिंह पुत्र चूड़ामनी दर्शाया गया है जोकि गलत है। अतः महाल रझूं खास, मौजा रझूं, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उनका नाम दुरुस्त किया जाये।
अतः इस बारे सर्वसाधारण को इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 01-08-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 01-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
--------
ब अदालत नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 06/2019 तारीख दायराः 29-05-2019 तारीख पेशी : 01-08-2019 शीर्षक.--श्री प्रकाश चन्द पुत्र ढिवू राम, निवासी महाल झरेट, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0
. . प्रार्थी।
बनाम
1. आम जनता
2. लोकल रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण . .प्रत्यार्थीगण। प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म/मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969
प्रार्थी उपरोक्त ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र पेश किया है कि उसकी भाभी की मृत्यु महाल झरेट, ग्राम पंचायत झरेट, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 में दिनांक 09-11-1984 को हुई है। मगर अज्ञानतावश ग्राम पंचायत झरेट के अभिलेख में दर्ज न है जिसे वह ग्राम पंचायत झरेट के अभिलेख में दर्ज करवाना चाहता है।
अतः इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त मृत्यु पंजीकरण बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 01-08-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त4005 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा आवेदक की भाभी कलां देवी पत्नी स्व0 दीवान चन्द की मृत्यु पंजीकरण तिथि दिनांक 09-11-1984 के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 01-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।
--------
ब अदालत श्री दिलो राम भारद्वाज, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 25/2019 तारीख दायराः 31-05-2019 तारीख पेशी : 01-08-2019 शीर्षक.--श्री कुलभूषण पुत्र परस राम, निवासी महाल थलयाल उपरली, मौजा नौरा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
. . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। आदेश.-बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत।
प्रार्थी उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसका नाम कुलभूषण पुत्र परस राम है जबकि महाल थलयाल उपरली व थलयाल वहूली, मौजा नौरा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में श्रीराम पुत्र परसी दर्शाया गया है जोकि गलत है। अतः महाल थलयाल उपरली व थलयाल वहूली, मौजा नौरा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उसका नाम दुरुस्त किया जाये।
अतः इस बारे सर्वसाधारण को इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 01-08-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 01-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
--------
ब अदालत श्री दिलो राम भारद्वाज, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 27/2019 तारीख दायराः 21-06-2019 तारीख पेशी : 01-08-2019 शीर्षक.--श्रीमती निर्मला देवी पुत्री कपूरा, निवासी महाल पंजलेहड़ मौजा पुढ़वा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
. . प्रार्थिया।4006 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। आदेश.-बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत।
प्रार्थिया उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसका नाम निर्मला देवी पुत्री कपूरा है जबकि महाल पंजलेहड,़ मौजा पुढ़वा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में सवर्णा पुत्री कपूरा दर्शाया गया है जोकि गलत है। अतः महाल पंजलेहड़ मौजा पुढ़वा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उनका नाम दुरुस्त किया जाये।
अतः इस बारे सर्वसाधारण को इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 01-08-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 01-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
--------
ब अदालत नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 05/2019 तारीख दायराः 29-05-2019 तारीख पेशी : 01-08-2019 शीर्षक.--दिनेश कुमार पुत्र वनवारी लाल, निवासी महाल व मौजा धीरा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
. . प्रार्थी।
बनाम
1. आम जनता 2. लोकल रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण . .प्रत्यार्थीगण। प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म/मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969
प्रार्थी उपरोक्त ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र पेश किया है कि उसके पिता की मृत्यु महाल व मौजा धीरा, ग्राम पंचायत धीरा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 में दिनांक 15-08-1980 को हुई है। मगर अज्ञानतावश ग्राम पंचायत धीरा के अभिलेख में दर्ज न है जिसे वह ग्राम पंचायत धीरा में दर्ज करवाना चाहता है।
अतः इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सर्वसरधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त मृत्यु पंजीकरण बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 01-08-2019 को प्रातः 10.30 बजे4007 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा आवेदक के पिता वनवारी लाल पुत्र धसीटू मल की मृत्यु पंजीकरण तिथि दिनांक 15-08-1980 के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 01-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 32/2019 तारीख दायराः 01-07-2019 तारीख पेशी : 13-08-2019 शीर्षक.--श्री राजिन्दर सिंह पुत्र भगत राम, निवासी महाल फस्टा, मौजा मूण्ढी, उप-तहसील धीरा, जिला . . प्रार्थी। कांगड़ा (हि0 प्र0)
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। आदेश.-बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत।
प्रार्थी उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसका नाम राजिन्दर सिंह पुत्र भगत राम है जबकि महाल फस्टा, मौजा मूण्ढी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में राजिन्दर कुमार पुत्र भगत राम दर्शाया गया है जोकि गलत है। अतः महाल फस्टा, मौजा मूण्ढी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उसका नाम दुरुस्त किया जाये।
अतः इस बारे सर्वसाधारण को इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 13-08-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 11-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 35/2019 तारीख दायराः 29-05-2019 तारीख पेशी : 13-08-2019 शीर्षक.--श्री अजीत कुमार पुत्र पुष्पा देवी, निवासी महाल मंगेहड़ मौजा रझूं, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा . .प्रार्थी। (हि0 प्र0)4008 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। आदेश.-बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत।
प्रार्थी उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसका नाम अजीत राणा पुत्र पुष्पा देवी है जबकि महाल मंगेहड़ मौजा रझूं, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उसका नाम अजीत कुमार पुत्र पुष्पा देवी दर्शाया गया है जोकि गलत है। अतः महाल मंगेहड़ मौजा रझूं, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उसका नाम दुरुस्त किया जाये।
अतः इस बारे सर्वसाधारण को इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 13-08-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 11-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 29/2019 तारीख दायराः 29-05-2019 तारीख पेशी : 13-08-2019 शीर्षक.--श्री सुशील कुमार पुत्र प्रीतम चन्द, निवासी महाल व मौजा डंई, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
. .प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। आदेश.-बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत।
प्रार्थी उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र इस आशय सेे पेश किया है कि उसका नाम सुशील कुमार पुत्र प्रीतम चन्द है जबकि महाल व मौजा डंई, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उसका नाम सुनील कुमार पुत्र प्रीतम चन्द दर्शाया गया है जोकि गलत है। अतः महाल व मौजा डंई, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उसका नाम दुरुस्त किया जाये।
अतः इस बारे सर्वसाधारण को इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 13-08-2019 को4009 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 11-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 30/2019 तारीख दायराः 24-06-2019 तारीख पेशी : 13-08-2019 शीर्षक.--श्रीमती कायां देवी पत्नी जगदीश चन्द, निवासी महाल भारठ, मौजा गगल, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
. .प्रार्थिया।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। आदेश.-बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत।
प्रार्थिया उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसका नाम कायां देवी तथा उसके पति का नाम जगदीश चन्द है जबकि महाल भारठ, मौजा गगल, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उसका नाम रूपा देवी तथा उसके पति का नाम जगदीश लाल दर्शाया गया है जोकि गलत है। अतः महाल भारठ, मौजा गगल, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उसका तथा उसके पति का नाम दुरुस्त किया जाये।
अतः इस बारे सर्वसाधारण को इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 13-08-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 11-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।4010 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 34/2019 तारीख दायराः 06-07-2019 तारीख पेशी : 13-08-2019 शीर्षक.--श्रीमती रोशनी देवी पत्नी केहर सिंह, निवासी महाल सुआड़, मौजा पुढ़वा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
. .प्रार्थिया।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। आदेश.-बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत।
प्रार्थिया उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसके पति का नाम केहर सिंह पुत्र जैमल है जबकि महाल सुआड़, मौजा पुढ़वा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में कीरत पुत्र जैमल दर्शाया गया है जोकि गलत है। अतः महाल सुआड़, मौजा पुढ़वा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उनका नाम दुरुस्त किया जाये। अतः इस बारे सर्वसाधारण को इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 13-08-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 11-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 31/2019 तारीख दायराः 25-06-2019 तारीख पेशी : 13-08-2019 शीर्षक.--श्री वलवीर सिंह पुत्र जुल्फी राम, निवासी महाल पंजियाल, मौजा पुढ़वा, उप-तहसील धीरा, जिला . .प्रार्थी। कांगड़ा (हि0 प्र0)
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। आदेश.-बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत।
प्रार्थी उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसका नाम वलवीर सिंह पुत्र जुल्फी राम है जबकि महाल पंजियाल, मौजा पुढ़वा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा,4011 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में कालीदास पुत्र जुल्फी राम दर्शाया गया है जोकि गलत है। अतः महाल पंजियाल, मौजा पुढ़वा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 के राजस्व अभिलेख में उसका नाम दुरुस्त किया जाये।
अतः इस बारे सर्वसाधारण को इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 13-08-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 11-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 10/2019 किस्म मुकद्दमा : तकसीम तारीख पेशी : 13-08-2019 शीर्षक.--राजेश कुमार बनाम संजीव कुमार आदि Publication :—U/s 5 Rule, 20 of CPC.
मुकद्दमा.--तकसीम जेर धारा 123 हि0प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 बावत भूमि खाता नं0 167, खतौनी नं0-222, खसरा किाा 64 कुल रकबा तादादी 01-51-92 है0 स्थित महाल द्रमण, मौजा पुढवा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
इस अदालत में राजेश कुमार पुत्र किशोरी लाल, निवासी महाल द्रमण, मौजा पुढ़वा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 द्वारा संजीव कुमार आदि प्रतिवादीगण के खिलाफ भूमि खाता नं0 167, खतौनी नं0-222, खसरा किाा 64 कुल रकबा तादादी 01-51-92 है0 स्थित महाल द्रमण, मौजा पुढवा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 की तकसीम किये जाने सम्बन्धी मामला दायर किया गया है जिसमें 1. संजीव कुमार पुत्र घसीटू, 2. सुरेश कुमार पुत्र घसीटू, 3. हुक्म चन्द पुत्र हिमा, 4. व्रहमू राम पुत्र जती राम, 5. जगन्नाथ पुत्र जती राम, 6. मदन लाल पुत्र जती राम, 7. पंकज पुत्र मनोहर लाल, 8. प्रियंका पुत्री मनोहर लाल, 9. पवना पत्नी मनोहर लाल, 10. अनिल कुमार पुत्र रुकमणी देवी, 11. मुनीष कुमार पुत्र रुकमणी देवी, 12. अनु देवी पुत्री रुकमणी देवी, 13. वविता देवी पुत्री रुकमणी देवी, 14. गोल्डी पुत्री रुकमणी देवी, 15. दलीप कुमार पुत्र प्रभु राम, 16. अशोक कुमार पुत्र प्रभु राम, 17. कुशल सिंह पुत्र किरपा राम, 18. रमेश चन्द पुत्र किरपा राम, 19. कशमीरा देवी पत्नी किरपा राम सभी निवासी महाल द्रमण, मौजा पुढ़वा, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 की उपस्थिति अनिवार्य हेतु हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम, 1954 में प्रदा प्रावधान के अनुसार समन जारी किये जा चुके हैं लेकिन प्रतिवादीगण सुनवाई में हाजिर न हुये हैं जिस कारण इस अदालत को विश्वास हो चुका है कि प्रतिवादीगण को समन की तामील साधारण तरीके से नहीं हो सकती। अतः उक्त प्रतिवादीगण को इस राजपत्र ईश्तहार/मुस्त्री मनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि वह दिनांक 13-08-2019 को इस न्यायालय में प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन अधोहस्ताक्षरी की अदालत में हाजिर आकर मुकद्दमा की पैरवी करें अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में उनके खिलाफ एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जायेगी तथा इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज काबिले समायत नहीं होगा।4012 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 आज दिनांक 11-07-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 05-08-2019 श्री रविन्द्र ठाकुर पुत्र तेज लाल, वासी महाल जखधार, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 . .प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। अनुवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र बावत नाम दुरुस्ती कागजात माल वाक्या महाल जखधार, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
श्री रविन्द्र ठाकुर पुत्र तेज लाल, वासी महाल जखधार, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 ने इस आशय से न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसका सही नाम मुताबिक पंचायत अभिलेख, आधार कार्ड व बच्चों के स्कूल प्रमाण-पत्र में रविन्द्र ठाकुर पुत्र तेज लाल दर्ज है, जोकि सही है परन्तु महाल जखधार, तहसील डाडासीबा के राजस्व अभिलेख में प्रार्थी का नाम छुणकी राम पुत्र तेजू दर्ज है जो कि सही न है। प्रार्थी ने उक्त नाम की दुरुस्ती बारे अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह उक्त मुकद्दमा की पैरवी बारे दिनांक 05-08-2019 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में व्यक्तिगत रूप से अथवा किसी अधि—त एजैन्ट के माध्यम से या किसी अधिवक्ता के माध्यम से इस न्यायालय में उपस्थित आवें अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में नाम दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे। बाद तारीख पेशी कोई उजर या एतराज काबिले गौर न होगा।
आज दिनांक 03-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 05-08-2019 श्री राज कुमार पुत्र वाबू राम, वासी वेहड, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 . .प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण।4013 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 अनुवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र बावत नाम दुरुस्ती कागजात माल वाक्या महाल जखधार, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
श्री राज कुमार पुत्र वाबू राम, वासी वेहड, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 ने इस आशय से न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसका सही नाम मुताबिक पंचायत अभिलेख, आधार कार्ड में राज कुमार पुत्र बाबू राम दर्ज है, जो कि सही है परन्तु महाल जखधार, तहसील डाडासीबा के राजस्व अभिलेख में प्रार्थी का नाम हंस राज पुत्र बाबू राम दर्ज है जो कि सही न है। प्रार्थी ने उक्त नाम की दुरुस्ती बारे अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह उक्त मुकद्दमा की पैरवी बारे दिनांक 05-08-2019 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में व्यक्तिगत रूप से अथवा किसी अधि—त एजैन्ट के माध्यम से या किसी अधिवक्ता के माध्यम से इस न्यायालय में उपस्थित आवें अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में नाम दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे। बाद तारीख पेशी कोई उजर या एतराज काबिले गौर न होगा।
आज दिनांक 03-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 05-08-2019 रीता देवी पुत्री शेर सिंह, वासी महाल त्यामल, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) . . प्रार्थिया।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। अनुवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र बावत जन्म पंजीकरण करवाने बारे।
रीता देवी पुत्री शेर सिंह, वासी महाल त्यामल, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 ने इस आशय से न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसका जन्म दिनांक 25-04-1968 को गांव त्यामल में हुआ था परन्तु प्रार्थिया के माता-पिता निर्धारित अवधि के अन्दर उसका जन्म पंजीकरण ग्राम पंचायत त्यामल में अज्ञानता के कारण दर्ज न करवा सके थे। अब प्रार्थिया ने अपना जन्म पंजीकरण दर्ज करवाने का अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई एतराज हो तो वह उक्त मुकद्दमा की पैरवी बारे दिनांक 05-08-2019 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में व्यक्तिगत रूप से अथवा किसी अधि—त एजैन्ट के माध्यम से या किसी अधिवक्ता के माध्यम से इस न्यायालय में उपस्थित आवें अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में जन्म पंजीकरण के आदेश पारित कर दिये जायेंगे। बाद तारीख पेशी कोई उजर या एतराज काबिले गौर न होगा।
आज दिनांक 03-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।4014 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 ब अदालत सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) तारीख पेशी : 05-08-2019 श्री अमन ठाकुर पुत्र सतपाल, वासी महाल वठरा, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) . .प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। अनुवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र बावत नाम दुरुस्ती कागजात माल वाक्या महाल वठरा, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
श्री अमन ठाकुर पुत्र सतपाल, वासी महाल वठरा, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 ने इस आशय से न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसका सही नाम मुताबिक पंचायत अभिलेख, आधार कार्ड व स्कूल प्रमाण-पत्र में अमन ठाकुर पुत्र सतपाल दर्ज है, जो कि सही है परन्तु महाल वठरा, तहसील डाडासीबा के राजस्व अभिलेख में प्रार्थी का नाम अमन कुमार पुत्र सतपाल दर्ज है जो कि सही न है। प्रार्थी ने उक्त नाम की दुरुस्ती बारे अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह उक्त मुकद्दमा की पैरवी बारे दिनांक 05-08-2019 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में व्यक्तिगत रूप से अथवा किसी अधि—त एजैन्ट के माध्यम से या किसी अधिवक्ता के माध्यम से इस न्यायालय में उपस्थित आवें अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में नाम दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे। बाद तारीख पेशी कोई उजर या एतराज काबिले गौर न होगा।
आज दिनांक 03-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 05-08-2019 श्री राज कुमार पुत्र रूलिया राम, वासी सुभाषपुर, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) . .प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। अनुवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र बावत नाम दुरुस्ती कागजात माल वाक्या महाल सुभाषपुर, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
श्री राज कुमार पुत्र रूलिया राम, वासी सुभाषपुर, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 ने इस आशय से न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसका सही नाम मुताबिक पंचायत अभिलेख व आधार कार्ड में राज कुमार पुत्र रूलिया राम दर्ज है, जो कि सही है परन्तु महाल सुभाषपुर, तहसील डाडासीबा के राजस्व4015 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 अभिलेख में प्रार्थी का नाम शिव पाल पुत्र कहणू उपनाम रूलिया राम दर्ज है जो कि सही न है। प्रार्थी ने उक्त नाम की दुरुस्ती बारे अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह उक्त मुकद्दमा की पैरवी बारे दिनांक 05-08-2019 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में व्यक्तिगत रूप से अथवा किसी अधि—त एजैन्ट के माध्यम से या किसी अधिवक्ता के माध्यम से इस न्यायालय में उपस्थित आवें अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में नाम दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे। बाद तारीख पेशी कोई उजर या एतराज काबिले गौर न होगा।
आज दिनांक 03-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
--------
ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) नीलम कुमारी पुत्री विधि चन्द, वासी महाल चनौर, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
. .प्रार्थिया।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। अनुवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र बावत जन्म पंजीकरण करवाने बारे।
नीलम कुमारी पुत्री विधि चन्द, वासी महाल चनौर, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 ने इस आशय से न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसका जन्म दिनांक 26-12-1982 को गांव चनौर में हुआ था परन्तु प्रार्थिया के माता-पिता निर्धारित अवधि के अन्दर उसका जन्म पंजीकरण ग्राम पंचायत चनौर में अज्ञानता के कारण दर्ज न करवा सके थे। अब प्रार्थिया ने अपना जन्म पंजीकरण दर्ज करवाने का अनुरोध किया है। अतः इस इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई एतराज हो तो वह उक्त मुकद्दमा की पैरवी बारे दिनांक 05-08-2019 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में व्यक्तिगत रूप से अथवा किसी अधि—त एजैन्ट के माध्यम से या किसी अधिवक्ता के माध्यम से इस न्यायालय में उपस्थित आवें अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में जन्म पंजीकरण के आदेश पारित कर दिये जायेंगे। बाद तारीख पेशी कोई उजर या एतराज काबिले गौर न होगा।
आज दिनांक 03-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
--------
ब अदालत सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 05-08-2019 श्री रमेश कुमार पुत्र तुलसी राम, वासी महाल जखधार, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
. .प्रार्थी।4016 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। अनुवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र बावत नाम दुरुस्ती कागजात माल वाक्या महाल जखधार, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
श्री रमेश कुमार पुत्र तुलसी राम, वासी महाल जखधार, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 ने इस आशय से न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसका सही नाम मुताबिक पंचायत अभिलेख व स्कूल प्रमाण-पत्र में रमेश कुमार पुत्र तुलसी राम दर्ज है, जो कि सही है परन्तु महाल जखधार, तहसील डाडासीबा के राजस्व अभिलेख में प्रार्थी का नाम रमेश सिंह पुत्र तुलसी राम दर्ज है जो कि सही न है। प्रार्थी ने उक्त नाम की दुरुस्ती बारे अनुरोध किया है।
अतः इस इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह उक्त मुकद्दमा की पैरवी बारे दिनांक 05-08-2019 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में व्यक्तिगत रूप से अथवा किसी अधि—त एजैन्ट के माध्यम से या किसी अधिवक्ता के माध्यम से इस न्यायालय में उपस्थित आवें अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में नाम दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे। बाद तारीख पेशी कोई उजर या एतराज काबिले गौर न होगा।
आज दिनांक 03-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 05-08-2019 श्री रजनीश कुमार पुत्र जै सिंह, वासी वेहड, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) . .प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. .प्रत्यार्थीगण। अनुवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र बावत नाम दुरुस्ती कागजात माल वाक्या महाल वेहड, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
श्री रजनीश कुमार पुत्र जै सिंह, वासी वेहड, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 ने इस आशय से न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसका सही नाम मुताबिक पंचायत अभिलेख, आधार कार्ड व स्कूल प्रमाण-पत्र में रजनीश कुमार पुत्र जै सिंह दर्ज है, जो कि सही है परन्तु महाल वेहड, तहसील डाडासीबा के राजस्व अभिलेख में प्रार्थी का नाम राजीव कुमार पुत्र जै सिंह दर्ज है जो कि सही न है। प्रार्थी ने उक्त नाम की दुरुस्ती बारे अनुरोध किया है।4017 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 अतः इस इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह उक्त मुकद्दमा की पैरवी बारे दिनांक 05-08-2019 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में व्यक्तिगत रूप से अथवा किसी अधि—त एजैन्ट के माध्यम से या किसी अधिवक्ता के माध्यम से इस न्यायालय में उपस्थित आवें अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में नाम दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे। बाद तारीख पेशी कोई उजर या एतराज काबिले गौर न होगा।
आज दिनांक 03-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 05-08-2019 श्रीमती कौशल्या देवी पत्नी स्व0 पुरषोाम लाल, 2. प्रिय देवी पुत्री स्व0 पुरषोाम लाल, 3. अंकित कुमार पुत्र स्व0 पुरषोाम लाल, निवासी ग्राम नरवाना, पोस्ट ऑफिस योल, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा . .वादी। (हि0 प्र0)
बनाम
प्रतिबादी क्रमशः 1. प्यार चंद पुत्र व, 2. ज्ञानों देवी पुत्री रगुनाथ, निवासी ग्राम व डाकखाना जोगिंदरनगर, तहसील जोगिंदरनगर, जिला मंडी, 3. गुलदेव सिंह, 4. चिरंजी लाल पुत्र व, 5. कुसम पुत्री वेवा, 6. गोदा देवी, 7. दूनी पाल, 8. भिखम राम पुत्र व, 9. विदा देवी पुत्री व, 10. कलाशो देवी पत्नी स्व0 श्री राम किशन, 11. फूला देवी पत्नी स्व0 श्री इंदर, 12. पुराण चंद, 13. दीना नाथ, 14. महल चंद, 15. दौलत राम पुत्र गंगू राम, निवासी ग्राम नरवाना पोस्ट ऑफिस योल, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश . .प्रतिवादीगण। इश्तहार द्वारा सूचना :
प्रार्थी ने इस अदालत में भूमि खाता नं0 130(137), खतौनी नं0 255(253), खसरा नं0 1813/1386, रकबा तादादी 00-03-96 हैक्ट0 व खाता नं0 240, खतौनी नं0 451, रकबा तादादी 00-03-33 हैक्ट0 उप-महाल नरवाना की तकसीम करने के लिए प्रार्थना-पत्र दिया है। जिसमें प्रतिवादीगण को समन साधारण तरीके से तामील न हो पा रहे हैं। अतः इस अदालती इश्तहार के द्वारा उपरोक्त प्रतिवादीगण को सूचित किया जाता है कि वह दिनांक 6-8-19 को सुबह 10.00 बजे इस अदालत में असालतन या वकालतन हाजिर होवें। अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 6-7-2019 को मेरे दस्तखत व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।4018 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 ब अदालत सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 05-08-2019 श्रीमती कौशल्या देवी पत्नी स्व0 पुरषोाम लाल, 2. प्रिय देवी पुत्री स्व0 पुरषोाम लाल, 3. अंकित कुमार पुत्र स्व0 पुरषोाम लाल, निवासी ग्राम नरवाना, पोस्ट ऑफिस योल, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
. .वादी।
बनाम
प्रतिवादी क्रमशः 1. फूला देवी पत्नी स्व0 इंदर, 2. कलाशो देवी पत्नी स्व0 राम किशन, 3. चंदो, 4. किशोरी, 5. प्रेम चंद पुत्र चौधरी, 6. दलीप चंद, 7. ओंकार चंद, 8. जगदीश चंद पुत्र व, 9. केसरी पुत्री बिल्लू, 10. राज पुत्र व, 11. शकुंतला देवी पुत्री भूकड़ी देवी, 12. ओम प्रकाश, 13. धर्म चंद पुत्र व, 14. श्रीमती लाचा देवी पुत्री गंगा, 15. अश्वनी कुमार, 16. चुनी लाल पुत्र, 17. जसोधा, 18. रतों देवी, 19. —शना देवी, 20. दाना, 21. दुको पुत्रियां गंगा, 22. श्रीधर, 23. मान चंद, 24. मोहर सिंह, 25. पुत्र व, 26. दया देवी पुत्री तारो देवी, 27. चंदो, 28. किशोरी लाल, 29. प्रेम चंद पुत्र व गुड्डी पुत्री चौधरी निवासी नरवाना, पोस्ट ऑफिस योल, तहसील धर्मशाला, . .प्रतिवादीगण। जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
इश्तहार द्वारा सूचना :
प्रार्थी ने इस अदालत में भूमि खाता नं0 135(143), खतौनी नं0 268 (271), खसरा नं0 1810/1384 व 1813/1386, रकबा तादादी 00-15-62 हैक्ट0 व खाता नं0 191/207, खतौनी नं0 361/369, खसरा नं0 1787, रकबा तादादी 00-01-32 हैक्ट0 व खाता नं0 241/256, खतौनी नं0 452/459, खसरा नं0 1367, 1380, 1381 व 1395 रकबा तादादी 00-35-67 हेक्ट0 स्थ्ति उप-महाल नरवाना की तकसीम करने के लिए प्रार्थना-पत्र दिया है। जिसमें प्रतिवादीगण को समन साधारण तरीके से तामील न हो पा रहे हैं। अतः इस अदालती इश्तहार के द्वारा उपरोक्त प्रतिवादीगण को सूचित किया जाता है कि वह दिनांक 6-8-19 को सुबह 10.00 बजे इस अदालत में असालतन या वकालतन हाजिर होवें। अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 6-7-19 को मेरे दस्तखत व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 05-08-2019 श्रीमती कौशल्या देवी पत्नी स्व0 पुरषोाम लाल, 2. प्रिय देवी पुत्री स्व0 पुरषोाम लाल, 3. अंकित कुमार पुत्र स्व0 पुरषोाम लाल, निवासी ग्राम नरवाना, पोस्ट ऑफिस योल, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
. .वादी।
बनाम
प्रतिवादी क्रमशः 1. ओम प्रकाश, 2. चुनी लाल पुत्र लोंगु, 3. मेहर चंद, 4. भीम सैन पुत्र व, 5. सत्या देवी पुत्री, 6. सोमा देवी पत्नी स्व0 प्रभदयाल, निवासी जदरांगल पोस्ट ऑफिस करडियाना, 7. रमेश चंद, 8. धर्म चंद, 9. नाथ पुत्र सौदागर, 10. राजीव कुमार पुत्र व, 11. बीना देवी, 12. सीमा देवी, 13. सपना देवी पुत्रियां, 14. स्वर्ण देवी पत्नी स्व0 जयदेव सिंह, 15. मुनु राम पुत्र पूनौ,4019 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 16. किशोरी लाल, 17. प्यार चंद, 18. प्यार चंद पुत्र व, 19. गुड्डी पुत्री चौधरी, निवासी नरवाना, पोस्ट ऑफिस योल, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश। इश्तहार द्वारा सूचना :
प्रार्थी ने इस अदालत में भूमि खाता नं0 256/241, खतौनी नं0 452/459, खसरा नं0 1367, 1380, 1381 व 1395/1, रकबा तादादी 00-35-27, व खाता नं0 266/251, खतौनी नं0 471/464, खसरा नं0 1373, 1374, 1375, 1377 व 1379 रकबा तादादी 00-06-43 हैक्ट व खाता नं0 242/257, खतौनी नं0 453/460, खसरा नं0 1402 व 1372/1, रकबा तादादी 00-01-20 हैक्ट0 स्थित उप-महाल नरवाना की तकसीम करने के लिए प्रार्थना-पत्र दिया है। जिसमें प्रतिवादीगण को समन साधारण तरीके से तामील न हो पा रहे हैं। अतः इस अदालती इश्तहार के द्वारा उपरोक्त प्रतिवादीगण को सूचित किया जाता है कि वह दिनांक 6-8-19 को सुबह 10.00 बजे इस अदालत में असालतन या वकालतन हाजिर होवेें। अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 6-7-19 को मेरे दस्तखत व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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In the Court of Sh. Rakesh Kumar Sharma (H.A.S.), exercising the powers of Sub-Divisional
Magistrate-cum-Special Marriage Officer, Jawalamukhi, Distt. Kangra (H.P.)
1. Sh. Raj Kumar s/o Sh. Gahpa Ram, r/o Vill. Chowki (Sihorbala), P.O. Bhatawan, Tehsil Khundian, Distt. Kangra (H.P.).
2. Kirna Devi d/o Sh. Milkhi Ram, r/o Vill. Mundel, P.O. Nahliyan, Tehsil Khundian, Distt. Kangra (H.P.)
Versus
General Public
Subject.—Proclamation for the registration of marriage under section 16 of Special Marriage Act, 1954.
Sh. Raj Kumar & Smt. Kirna Devi have filed an application alongwith affidavits in the Court of undersigned under section 16 of Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 19-02-2019 at Murli Manohar Mandir, Sujanpur Tihra, Tehsil Sujanpur, Distt. Hamirpur, H.P. and they have been living as husband and wife since then, hence their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.
Therefore, the general public is hereby informed through this notice that if any person who has objection(s) regarding this marriage can file the objection(s) personally or in writing before this Court within 30 days from the date of issue of this notice.
Issued on this day 03-07-2019 under my hand and Seal of the Court.
Seal
Sd/-
Sub-Divisional Magistrate-cum-Special Marriage Officer,
Jawalamukhi, Distt. Kangra (H.P.).
4020 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941समक्ष श्री राजेश कुमार, सहायक समाहर्ता (द्वितीय श्रेणी) ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश
तारीख संस्थापन 03-07-2019 मिसल नं0 : 3/13B of 2019
श्री राजेन्द्र कुमार पुत्र श्री उदय राम, निवासी ग्राम कोटला मोलर, तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
आवेदन-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.
श्री राजेन्द्र कुमार पुत्र श्री उदय राम, निवासी ग्राम कोटला मोलर, तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, ने इस अदालत में एक दरख्वास्त गुजारी है कि उसका नाम राजस्व रिकार्ड मौजा कोटला मोलर में राजू गलत दर्ज है जबकि उसका नाम राजेन्द्र कुमार है। जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थी ने आवेदन-पत्र मय हल्फनामा, राशन कार्ड की छाया प्रति, माध्यमिक स्तर की स्कूल शिक्षा बोर्ड की छाया प्रति, आधार कार्ड की छाया प्रति इत्यादि दस्तावेज प्रस्तुत किये हैं। जिसमें उसका नाम राजेन्द्र कुमार पुत्र उदय राम लिखा गया है। अतः इस नोटिस द्वारा समस्त जनता ग्राम कोटला मोलर व प्रार्थी के समस्त रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त प्रार्थी के नाम राजू के स्थान पर राजेन्द्र कुमार को राजस्व अभिलेख मौजा कोटला मोलर में दरुस्त करवाने बारे उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 07-08-2019 को असालतन व वकालतन हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। उसके उपरान्त कोई उजर व एतराज नहीं सुना जाएगा और नियमानुसार प्रार्थना-पत्र का निपटारा कर दिया जाएगा।
आज दिनांक 16-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर एवम् कार्यालय की मोहर द्वारा जारी किया गया। मोहर।
राजेश कुमार,
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, ददाहू, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।
------ ब अदालत श्री एल0 आर0 वर्मा, हि0प्र0से0, अतिरिक्त जिला पंजीयक विवाह एवं उप-मण्डल अधिकारी (ना0), पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हि0 प्र0
श्री रणदीप सिंह पुत्र श्री तपेन्दर सिंह, निवासी गांव मशवा, डा0 कान्टी, तहसील कमरऊ, जिला सिरमौर, हि0 प्र0
बनाम
.
1. सचिव ग्राम पंचायत कांटी मशवा 2. आम जनता
विवाह दर्ज बारे इश्तहार
जैसा कि श्री रणदीप सिंह पुत्र श्री तपेन्दर सिंह, निवासी गांव मशवा, डा0 कान्टी, तहसील कमरऊ, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ने प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसका विवाह श्रीमती अंजना देवी पुत्री सुन्दर सिंह, निवासी ग्राम बोबरी के साथ दिनांक 24-12-2018 को हुआ था तथा अज्ञानतावश ग्राम पंचायत कांटी मशवा, तहसील कमरऊ के रिकार्ड में विवाह का पंजीकरण नहीं करवा सका है जिसे अब पंजीकरण करवाना चाहता है।4021 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 अतः श्री रणदीप सिंह पुत्र श्री तपेन्दर सिंह, निवासी गांव मशवा, डा0 कान्टी, तहसील कमरऊ, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश इस सम्बन्ध में विवाह के पंजीकरण बारे किसी व्यक्ति को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 02-08-2019 तक असालतन अथवा वकालतन अधोहस्ताक्षरी की अदालत में उपस्थित हो कर प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित तिथि तक कोई एतराज प्राप्त न होने की सूरत में प्रार्थी का विवाह पंजीकरण एवं दर्ज करने के नियमानुसार आदेश जारी कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 02-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
एल0 आर0 वर्मा (हि.प्र.से.), अतिरिक्त जिला पंजीकरण विवाह एवं उप-मण्डल दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।
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In the Court of Sh. L. R. Verma, H.A.S. Marriage Officer-cum-Sub Divisional Magistrate,
Paonta Sahib, District Sirmaur, Himachal Pradesh-173025
NOTICE UNDER SECTION 16 OF SPECIAL MARRIAGE ACT, 1954
In the Matter of :
1. Sh. Vineet Malik s/o Sh. Ashok Malik, r/o Village Badripur, Tehsil Paonta Sahib, District Sirmaur, H. P.
2. Smt. Saroj Devi d/o Sh. Hem Chand, r/o Village Sarahan, Tehsil Pachhad, Distt.
Sirmaur, H. P.
Versus
General Public
Application for the registration of marriage under Section 16 of Special Marriage Act, 1954
(Central Act) as amended by Marriage Laws (Amendment Act 01, 49 of 2001).
Sh. Vineet Malik s/o Sh. Ashok Malik, r/o Village Badripur, Tehsil Paonta Sahib, District Sirmaur, H. P. and Smt. Saroj Devi d/o Sh. Hem Chand, r/o Village Sarahan, Tehsil Pachhad, District Sirmaur, H. P. have filed an application alongwith affidavits in this court under Section 15 of Special Marriage Act, 1954 on dated 01-07-2019 stating therein that they have solemnized their marriage on 22-04-2019 at Chandigarh and they have been living together as husband and wife ever since then. Hence notices are given to all concerned and general public to this effect that if anybody have any objection regarding the registration of marriage duly solemnized on 22-04-2019, between Sh. Vineet Malik s/o Sh. Ashok Malik, r/o Village Badripur, Tehsil Paonta Sahib, District Sirmaur, H. P. and Smt. Saroj Devi d/o Sh. Hem Chand, r/o Village Sarahan, Tehsil Pachhad, District Sirmaur. He/She should file written objections and appear personally or through an authorized agent before this court within 30 days from the date of issue of this notice. After expiry of the said period, the marriage certificate would be issued to the applicants by this court.
Issued under my hand and office seal of this court on 10-07-2019.
Seal.
L. R. VERMA (HAS),
Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate,
Paonta Sahib, District Sirmaur, H.P.
4022 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0
दावा सं0 : 05/13-बी0 ऑफ 2019
ता0 मजरुआ : 21-06-2019 श्री समर सिंह पुत्र श्री बिशन सिंह, निवासी ग्राम कुफ्टू थलेड़े की बेड़, डा0 नारग, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 35 ता 38 हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1953.
श्री समर सिंह पुत्र श्री बिशन सिंह, निवासी ग्राम कुफ्टू थलेड़े की बेड़, डा0 नारग, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस अदालत में धारा 35 ता 38 के अन्तर्गत अपने नाम श्री समर सिंह की दरुस्ती करने हेतु आवेदन पत्र गुजार रखा है कि प्रार्थी का नाम श्री समर सिंह है परन्तु राजस्व अभिलेख मौजा कुफ्टू थलेड़े की बेड व मौजा भियून्त, उप-तहसील नारग में श्री शमशेर सिंह दर्ज है, अब प्रार्थी अपना नाम राजस्व अभिलेख मौजा कुफ्टू थलेड़े की बेड व मौजा भियून्त, उप-तहसील नारग में दरुस्त करवाकर श्री शमशेर सिंह के स्थान पर श्री समर सिंह दर्ज करवाना चाहता है।
अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति आम या खास को प्रार्थी के नाम श्री समर सिंह राजस्व अभिलेख मौजा कुफ्टू थलेड़े की बेड व मौजा भियून्त में श्रमशेर सिंह के स्थान पर श्री समर सिंह दर्ज करने बारे किसी प्रकार का उजर एवं एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 27-08-2019 को प्रातः 10.00 बजे अपना उजर या एतराज न्यायालय में पेश कर सकते हैं, गैर हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।
आज दिनांक 11-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0
दावा सं0 : 01/13-बी0 ऑफ 2019
ता0 मजरुआ : 07-01-2019 श्री हीम राम पुत्र श्री थड़ू राम, निवासी ग्राम बासू़, डा0 शाडिया, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 35 ता 38 हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1953.
श्री हीम राम पुत्र श्री थड़ू राम, निवासी ग्राम बासू़, डा0 शाडिया, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस अदालत में धारा 35 ता 38 के अन्तर्गत अपने नाम श्री हीम राम की दरुस्ती करने हेतु आवेदन पत्र गुजार रखा है कि प्रार्थी का नाम श्री हीम राम है परन्तु राजस्व अभिलेख मौजा बासु, उप-तहसील नारग में श्री हिम्मत सिंह दर्ज है, अब प्रार्थी अपना नाम राजस्व अभिलेख मौजा बासू, उप-तहसील नारग में दरुस्त करवाकर श्री हिम्मत सिंह के स्थान पर श्री हीम राम दर्ज करवाना चाहता है।4023 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति आम या खास को प्रार्थी के नाम श्री हीम राम राजस्व अभिलेख मौजा बासु में श्री हिम्मत सिंह के स्थान पर श्री हीम राम दर्ज करने बारे किसी प्रकार का उजर एवं एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 27-08-2019 को प्रातः 10.00 बजे अपना उजर एवं एतराज न्यायालय में पेश कर सकते हैं, गैर हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।
आज दिनांक 11-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0
दावा सं0 : 02/13-बी0 ऑफ 2019
ता0 मजरुआ : 07-01-2019 श्री मदन लाल पुत्र श्री दाता राम, निवासी ग्राम अजगा, डा0 नारग, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 35 ता 38 हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1953.
श्री मदन लाल पुत्र श्री दाता राम, निवासी ग्राम अजगा, डा0 नारग, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस अदालत में धारा 35 ता 38 के अन्तर्गत अपने नाम श्री मदन कुमार की दरुस्ती करने हेतु आवेदन पत्र गुजार रखा है कि प्रार्थी का नाम श्री मदन लाल है परन्तु राजस्व अभिलेख मौजा अजगा, उप-तहसील नारग में श्री मदन कुमार दर्ज है, अब प्रार्थी अपना नाम राजस्व अभिलेख मौजा अजगा, उप-तहसील नारग में दरुस्त करवाकर श्री मदन कुमार के स्थान पर श्री मदन लाल दर्ज करवाना चाहता है। अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति आम या खास को प्रार्थी के नाम श्री मदन लाल राजस्व अभिलेख मौजा अजगा में श्री मदन कुमार के स्थान पर श्री मदन लाल दर्ज करने बारे किसी प्रकार का उजर एवं एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 27-08-2019 को प्रातः 10.00 बजे अपना उजर एवं एतराज न्यायालय में पेश कर सकते हैं, गैर हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।
आज दिनांक 08-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।4024 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 जुलाई, 2019/03 श्रावण, 1941 समक्ष श्री राजेश कुमार, सहायक समाहर्ता (द्वितीय श्रेणी) ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश
तारीख संस्थापन 01-05-2019 मिसल नं0 : 1/13B of 2019
श्री नयनू राम उर्फ नारायण सिंह पुत्र श्री चान्दनू, निवासी ग्राम भाटगढ़, तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
आवेदन-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.
श्री नयनू राम उर्फ नारायण सिंह पुत्र श्री चान्दनू, निवासी ग्राम भाटगढ़, तहसील ददाहू, जिला सिरमौर ने इस अदालत में एक दरख्वास्त गुजारी है कि उसका नाम राजस्व रिकार्ड मौजा भाटगढ़ में नारायण सिंह दर्ज है जबकि उसे नयनू राम उर्फ नारायण सिंह दोनों नाम से पुकारा जाता है। जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थी ने आवेदन-पत्र मय हल्फनामा, पैन कार्ड की छाया प्रति, राशन कार्ड की छाया प्रति, दसवीं कक्षा का प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड की छाया प्रति इत्यादि दस्तावेज प्रस्तुत किये हैं। जिसमें उसका नाम नयनू पुत्र चान्दनू लिखा गया है।
अतः इस नोटिस द्वारा समस्त जनता ग्राम भाटगढ़ व प्रार्थी के समस्त रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त प्रार्थी के नाम नयनू राम उर्फ नारायण सिंह को राजस्व अभिलेख मौजा भाटगढ़ में दरुस्त करवाने बारे कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 20-08-2019 व इससे पूर्व असालतन व वकालतन हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। उसके उपरान्त कोई उजर व एतराज नहीं सुना जाएगा और नियमानुसार प्रार्थना-पत्र का निपटारा कर दिया जाएगा।
आज दिनांक 17-07-2019 को मेरे हस्ताक्षर एवम् कार्यालय की मोहर द्वारा जारी किया गया। मोहर।
राजेश कुमार,
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, ददाहू, जिला सिरमौर, हि0 प्र0। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है