राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित वीरवार, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941
हिमाचल प्रदेश सरकार
वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 सितम्बर, 2019
संख्याः एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-106/2019.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है; 163-राजपत्र/2019-31-10-2019 (7487) 7488 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उपधारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।
अनुसूची
| क्रम संख्या | नस्ति संख्या | वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | मुहाल/उप- मुहाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं मुहाल/ उप-मुहाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 10/2014 पुड़ग- द्वितीय | मघाली | 581, 583, 677 किाा. . 3 | 9-76-97 | उत्तर : मघाली दक्षिण : मघाली पूर्व : मघाली पश्चिम : मघाली | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा,
राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F-(14)106/2019 dated
23rd September, 2019 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 23rd September, 2019
No. FFE-B-F(14)-106/2019.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of Section 29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub- section (1) of Section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of Section 29 of the Act ibid.
7489 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 SCHEDULE| Sl. No. | File No. | Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number (s) | Area in hectare (s) | Cardinal Boundaries Muhal/ Up-Muhal | Forest Range | Forest Division | District |
| 1. | 10/2014 | Purag-II | Maghali | 581, 583, 677 Kitta. . 3 | 9-76-97 | North- Maghali South- Maghali East- Maghali West- Maghali | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order,
RAM SUBHAG SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).
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वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 सितम्बर, 2019
संख्याः एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-107/2019.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है;
और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।
अनुसूची
| क्रम संख्या | नस्ति संख्या | वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | मुहाल/उप- मुहाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं मुहाल/ उप-मुहाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 11/2014 पुड़ग -तृतीय | पुड़ग मनेवल | 845 129/1 किाा. . 2 | 7-74-18 | उत्तर : पुड़ग दक्षिण : मनेवल प ू र्व : पुड़ग पश्चिम : मगाड़ी | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा,
राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।7490 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941
[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F-(14)107/2019, dated
23rd September, 2019 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 23rd September, 2019
No. FFE-B-F(14)-107/2019.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of Section 29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
NOW THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub- section (1) of Section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of Section 29 of the Act ibid.
SCHEDULE
| Sl. No. | File No. | Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number(s) | Area in hectare(s) | Cardinal Boundaries Muhal/ Up-Muhal | Forest Range | Forest Division | District |
| 1. | 11/2014 | Purag-III | Purag and Maneval | 845 1 29/1 Kitta. . 2 | 7-74-18 | North- Purag, South- Maneval East-Purag West-Magari | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order,
RAM SUBHAG SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).
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वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 सितम्बर, 2019
संख्याः एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-108/2019.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है;
7491 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।
अनुसूची
| क्रम संख्या | नस्ति संख्या | वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | मुहाल/उप- मुहाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं मुहाल/ उप-मुहाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 15/2014 तुमड़ू-प्रथम | शोषण | 1, 5, 11, 12, 27, 71, 335, 336, 337, 356, 359, 376, 457, 472, 490, 491, 492 किाा . . 17 | 28-30-00 | उत्तर : दवानड़ी, कथानड़ी द क्षिण : दवानड़ी, कथानड़ी प ूर्व : डी0पी0एफ0 जामड़ी प श्चिम : रौणी | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा,
राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F-(14)108/2019, dated
23rd September, 2019 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 23rd September, 2019
No. FFE-B-F(14)-108/2019.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of Section 29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
7492 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941NOW THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of Section 29 of the Act ibid.
SCHEDULE
| Sl. No. | File No. | Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number (s) | Area in hectare (s) | Cardinal Boundaries Muhal/ Up-Muhal | Forest Range | Forest Division | District |
| 1 . | 15/2014 | Tumru-I | Shoshan | 1, 5, 11, 12, 27, 71, 335, 336, 337, 356, 359, 376, 457, 472, 490, 491, 492 Kitta. . 17 | 28-30-00 | North- Davandi, Kathandi South-Davandi, Kathandi East-DPF Jamadi West-Rouni | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order,
RAM SUBHAG SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).
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वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 सितम्बर, 2019
संख्याः एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-109/2019.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है;
और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।7493 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 अनुसूची
| क्रम संख्या | नस्ति संख्या | वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | मुहाल/उप मुहाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं मुहाल/ उप-मुहाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 16/2014 टाहू पंचम | टाहू द्वितीय | 1, 2, 3, 4, 5 , 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13,14, 15, 18, 22/1, 23, 70, 71, 72, 73, 74, 75, 76, 77, 78, 79, 80, 81, 82, 102 किाा. . 32 | 21-54-80 | उत्तर-नागकरेला, बाग द क्षिण- टाहू द्वितीय प ूर्व- टाहू द्वितीय प श्चिम- पंजैई | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा,
राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F-(14)109/2019, dated
23rd September, 2019 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 23rd September, 2019
No. FFE-B-F(14)-109/2019.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of Section 29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
NOW THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of Section-29 of the Act ibid.
7494 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 SCHEDULE| Sl. No. | File No. | Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number (s) | Area in hectare (s) | Cardinal Boundaries Muhal/ Up-Muhal | Forest Range | Forest Division | District |
| 1. | 16/2014 | Tahu-V | Tahu-II | 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 18, 22/1, 23, 70, 71, 72, 73, 74, 75, 76, 77, 78, 79, 80, 81, 82, 102 Kitta. . 32 | 21-54-80 | North- Nagkrela, Bag S outh- Tahu-II E ast-Tahu-II W est-Panjei | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order,
RAM SUBHAG SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).
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वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 सितम्बर, 2019
संख्याः एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-110/2019.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है;
और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।
अनुसूची
| क्रम संख्या | नस्ति संख्या | वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | मुहाल/उप मुहाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं मुहाल/ उप-मुहाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 17/2014 टाहू -शष्टम | टाहू द्वितीय | 40, 534/1, 535, 536, 537 किाा. . 5 | 13-73-36 | उत्तर-ठाणा बाग दक्षिण- टाहू द्वितीय पूर्व-टाहू प्रथम पश्चिम- टाहू द्वितीय | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा,
राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।7495 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941
[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F-(14)110/2019 dated,
23rd September, 2019 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 23rd September, 2019
No. FFE-B-F(14)-110/2019.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of Section 29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
NOW THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub- section (1) of Section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of Section 29 of the Act ibid.
SCHEDULE
| Sl. No. | File No. | Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number (s) | Area in hectare (s) | Cardinal Boundaries Muhal/ Up-Muhal | Forest Range | Forest Division | District |
| 1. | 17/2014 | Tahu-VI | Tahu-II | 40, 534/1, 535, 536, 537 Kitta. . 5 | 13-73-36 | North- Thana Bag South- Tahu-II East-Tahu-I West-Tahu-II | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order,
RAM SUBHAG SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).
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वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 सितम्बर, 2019
संख्याः एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-111/2019.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है;
7496 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।
अनुसूची
| क्रम संख्या | नस्ति संख्या | वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | मुहाल/उप मुहाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं मुहाल/ उप-मुहाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 18/2014 टाहू-चतुर्थ | टाहू-प्रथम | 1237, 1238, 1239, 1240, 1268 किाा. . 5 | 7-25-76 | उत्तर- टाहू प्रथम दक्षिण- टाहू प्रथम पूर्व- टाहू प्रथम पश्चिम- टाहू प्रथम | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा,
राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F-(14)111/2019, dated
23rd September, 2019 as required under Article 348(3) of the Constitution of India]
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 23rd September, 2019
No. FFE-B-F(14)-111/2019.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of Section 29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
NOW THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of Section 29 of the Act ibid.
7497 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 SCHEDULE| Sl. No. | File No. | Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number (s) | Area in hectare (s) | Cardinal Boundaries Muhal/ Up Muhal | Forest Range | Forest Division | District |
| 1. | 18/2014 | Tahu-IV | Tahu-I | 1237, 1238, 1239, 1240, 1268 Kitta. . 5 | 7-25-76 | North- Tahu-I South- Tahu-I East- Tahu-I West- Tahu-I | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order,
RAM SUBHAG SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).
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वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 सितम्बर, 2019
संख्याः एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-112/2019.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है;
और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।
अनुसूची
| क्रम स ख्या ं | नस्ति संख्या | वन का नाम जिसे सीमांकित स रक्षित ं वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | मुहाल/उप मुहाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं मुहाल/ उप-मुहाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 19/2014 | चानोधार तृतीय | खोड़ू | 1/3, 76, 76/1, 77 किाा. . 4 | 16-20-56 | उत्तर-खोड़ू दक्षिण-अणू पूर्व-गुम्मा पश्चिम- पाली | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा,
राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।7498 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941
[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F-(14)112/2019, dated
23rd September, 2019 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 23rd September, 2019
No. FFE-B-F(14)-112/2019.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of Section 29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
NOW THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of Section 29 of the Act ibid.
SCHEDULE
| Sl. No. | File No. | Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number (s) | Area in hectare (s) | Cardinal Boundaries Muhal/ Up-Muhal | Forest Range | Forest Division | District |
| 1. | 19/2014 | Chanodhar-III | Khodu | 1/3, 76, 76/1, 77 Kitta. . 4 | 16-20-56 | North- Khodu South-Anu East-Gumma West-Pali | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order,
RAM SUBHAG SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).
-------
वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 सितम्बर, 2019
संख्याः एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-113/2019.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है;
7499 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।
अनुसूची
| क्रम संख्या | नस्ति स ख्या ं | वन का नाम जिसे सीमांकित स रक्षित ं वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | मुहाल/उप मुहाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं मुहाल/ उप-मुहाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 20/2014 | चानोधार-द्वितीय | खोड़ू | 1/1, 2, 38, 40, 43/1 किाा. . 5 | 31-56-75 | उत्तर-घुण्डा दक्षिण-खोड़ू प ू र्व--खोड़ू पश्चिम- पाली | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा,
राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।
--------
[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F-(14)113/2019, dated 23rd
September, 2019 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 23rd September, 2019
No. FFE-B-F(14)-113/2019.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of section 29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
NOW THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub- section (1) of Section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of section 29 of the Act ibid.
7500 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 SCHEDULE| Sl. No. | File No. | Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number (s) | Area in hectare (s) | Cardinal Boundaries Muhal/ Up-Muhal | Forest Range | Forest Division | District |
| 1. | 20/2014 | Chanodhar-II | Khodu | 1/1, 2, 38, 40, 43/1 Kitta. . 5 | 31-56-75 | North- Ghunda South- Khodu East-Khodu West-Pali | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order,
RAM SUBHAG SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).
-------
वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 सितम्बर, 2019
संख्याः एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-114/2019.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है;
और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।
अनुसूची
| क्रम संख्या | नस्ति संख्या | वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | मुहाल/उप मुहाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं मुहाल/ उप-मुहाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 21/2014 चानोधार-चतुर्थ | पाली | 1, 3, 82, 83, 713/1, 885/1 किाा. . 6 | 53-29-38 | उतर-कडैहल दक्षिण-पंजोल पूर्व-पाली पश्चिम- पाली | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा,
राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।7501 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941
[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F-(14)114/2019, dated
23rd September, 2019 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 23rd September, 2019
No. FFE-B-F(14)-114/2019.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of Section 29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
NOW THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub- section (1) of Section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of Section 29 of the Act ibid.
SCHEDULE
| Sl. No. | File No. | Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number (s) | Area in hectare(s) | Cardinal Boundaries Muhal/ Up-Muhal | Forest Range | Forest Division | District |
| 1. | 21/2014 | Chanodhar-IV | Pali | 1, 3, 82, 83, 713/1, 885/1 K itta. . 6 | 53-29-38 | North- Kadehal South- Panjol East-Pali West-Pali | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order,
RAM SUBHAG SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).
-------
वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 23 सितम्बर, 2019
संख्याः एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-115/2019.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राइवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है;
7502 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।
अनुसूची
| क्रम संख्या | नस्ति संख्या | वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | मुहाल/उप मुहाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं मुहाल/ उप-मुहाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 22/2014 चानोधार-पंचम | पाली | 895/1, 896, 931, 932, 959 किाा. . 5 | 27-88-53 | उत्तर-पाली दक्षिण-अणू, हुली पूर्व-खोड़ू पश्चिम- पंजोल | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा,
राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No. FFE-B-F-(14)115/2019 Dated
23rd September, 2019 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 23rd September, 2019
No. FFE-B-F(14)-115/2019.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of Section 29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
NOW THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of Section-29 of the Act ibid.
7503 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 SCHEDULE| Sl. No. | File No. | Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number (s) | Area in hectare (s) | Cardinal Boundaries Muhal/ Up-Muhal | Forest Range | Forest Division | District |
| 1. | 22/2014 | Chanodhar-V | Pali | 895/1, 896, 931, 932, 959 Kitta. . 5 | 27-88-53 | North- Pali South- Anu, Huli East-Khodu West-Panjol | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order,
RAM SUBHAG SINGH, Additional Chief Secretary (Forest).
--------
ब अदालत श्री आर0एस0 बेदी, कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार, ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0
श्री राम नारायण पुत्र स्व0 श्री शंकर दयाल, निवासी ग्राम बनगढ़, डाकघर कुफटू, उप-तहसील ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र बराये राजस्व अभिलेख में नाम दुरुस्ती बारे।
अदालत हजा में श्री राम नारायण पुत्र स्व0 श्री शंकर दयाल, निवासी ग्राम बनगढ़, डाकघर कुफटू, उप-तहसील ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0 ने दिनांक 21-06-2019 को अपना व अपने परिवार के नाम दुरुस्ती हेतु प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है। प्रार्थी ने व्यक्त किया है कि उसका सही नाम राम नारायण है तथा उसके भाई का नाम लक्ष्मीनन्द, मदन लाल तथा पिता का नाम शंकर दयाल है परन्तु राजस्व रिकार्ड पटवार सर्कल शटगांवकला, उप-तहसील ममलीग में उसका नाम नारायण दत्त, भाई के नाम लक्ष्मी चन्द व मदन तथा पिता का नाम शंकर दास लिखा गया है जोकि गलत है को दुरुस्त किया जाये। अतः सर्वसाधारण को इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि श्री राम नारायण पुत्र स्व0 श्री शंकर दयाल, निवासी ग्राम बनगढ़, डाकघर कुफटू, उप-तहसील ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0 के नाम को दुरुस्त करने बारे किसी को उजर/एतराज हो तो इस इश्तहार के जारी होने के 30 दिन के भीतर लिखित/मौखिक असालतन/वकालतन अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रस्तुत कर सकता है। यदि उक्त समय अवधि के भीतर कोई एतराज प्राप्त नहीं होता है तो राजस्व रिकार्ड में उसका व उसके परिवार के सदस्यों का सही नाम राम नारायण, उसके भाई का नाम लक्ष्मीनन्द, मदन लाल तथा पिता का नाम शंकर दयाल है दर्ज करने बारे आदेश जारी किये जाएंगे।
आज दिनांक 21-06-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत हजा द्वारा जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार, ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0।7504 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 ब अदालत श्री आर0एस0 बेदी, कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार, ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0
श्रीमती रामदेई पत्नी स्व0 श्री कली राम, निवासी ग्राम बांजनी, डाकघर शारडाघाट, उप-तहसील ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र बराये राजस्व अभिलेख में नाम दुरुस्ती बारे।
अदालत हजा में श्रीमती रामदेई पत्नी स्व0 श्री कली राम, निवासी ग्राम बांजनी, डाकघर शारडाघाट, उप-तहसील ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0 ने दिनांक 07-10-2019 को प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया है कि उसके पति श्री कली राम का देहान्त 23-02-2018 को हो चुका है लेकिन राजस्व अभिलेख में उनकी मृत्यु के बाद उनके जायज वारसान जो क्रमशः गीता राम, पप्पू राम, बाबू राम पुत्र व स्वयं श्रीमती रामदेई पत्नी स्व0 श्री कली राम दर्ज नहीं करवा सकी है जिसे अब राजस्व रिकार्ड में उपरोक्त के अनुसार दर्ज करवाना चाहती है।
अतः सर्वसाधारण को इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि श्रीमती रामदेई पत्नी स्व0 श्री कली राम, निवासी ग्राम बांजनी, डाकघर शारडाघाट, उप-तहसील ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0 जिनके पति स्व0 श्री कली राम की मृत्यु हो चुकी है के जायज वारसान जो क्रमशः गीता राम, पप्पू राम, बाबू राम पुत्र व स्वयं श्रीमती रामदेई पत्नी स्व0 श्री कली राम है को राजस्व रिकार्ड पटवार वृत्त ममलीग में दर्ज करने बारे किसी को उजर/एतराज हो तो इस इश्तहार के जारी होने के 30 दिन के भीतर लिखित/मौखिक असालतन/वकालतन अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रस्तुत कर सकता है। यदि उक्त समय अवधि के भीतर कोई एतराज प्राप्त नहीं होता है तो राजस्व रिकार्ड में श्रीमती रामदेई पत्नी, गीता राम, पप्पू राम, बाबू राम पुत्र स्व0 श्री कली राम, निवासी ग्राम बांजनी, डाकघर शारडाघाट, उप-तहसील ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0 के जायज वारसान दर्ज करने बारे आदेश जारी किये जाएंगे।
आज दिनांक 07-10-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत हजा द्वारा जारी किया गया। मोहर।
हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार, ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0।
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ब अदालत विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)
पेशी : 06-11-2019 मुकद्दमा : इन्द्राज सेहत नाम दावा संख्या नं0 : /Teh. Una/M. Reg./2019
जैल सिंह पुत्र श्री ओंकार सिंह, वासी मलाहत, तहसील व जिला ऊना (हि0 प्र0) . . सायल।
बनाम
आम जनता
विषय.--दुरुस्ती नाम हि0 प्र0 रा0 अधिनियम, 1954 की जेर धारा 37 के तहत उप-महाल मलाहत नगर में नाम दुरुस्ती बारे।7505 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसका सही नाम जैल सिंह है जबकि उप-महाल मलाहत नगर के राजस्व अभिलेख में उसका नाम जरनैल सिंह पुत्र ओंकार सिंह दर्ज है जोकि गलत इन्द्राज हुआ है। प्रार्थी उक्त नाम को दुरुस्त करके जरनैल सिंह उपनाम जैल सिंह पुत्र ओंकार सिंह दर्ज करवाना चाहता है।
अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में उपरोक्त नाम की दुरुस्ती बारे किसी को कोई उजर या एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस न्यायालय में दिनांक 06-11-2019 को सुबह 10.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिये जाएंगे। इसके बाद कोई भी उजर या एतराज काबिले समायत न होगा।
आज दिनांक 07-10-2019 को मेेरे हस्ताक्षर व न्यायालय की मोहर द्वारा जारी हुआ।
मोहर। विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग,
ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)।
---------
ब अदालत विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)
पेशी : 06-11-2019 मुकद्दमा : इन्द्राज सेहत नाम दावा संख्या नं0 : /Teh. Una/M. Reg./2019
भजन लाल पुत्र श्री गंगा राम, वासी कुरियाला, तहसील व जिला ऊना (हि0 प्र0) . . सायल।
बनाम
आम जनता
विषय.--दुरुस्ती नाम हि0 प्र0 रा0 अधिनियम, 1954 की जेर धारा 37 के तहत महाल कुरियाला में नाम दुरुस्ती बारे।
उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसका सही नाम भजन लाल है जबकि महाल कुरियाला के राजस्व अभिलेख में उसका नाम भजन सिंह पुत्र गंगू राम दर्ज है, जोकि गलत इन्द्राज हुआ है। प्रार्थी उक्त नाम को दुरुस्त करके भजन सिंह उपनाम भजन लाल पुत्र गंगू राम दर्ज करवाना चाहता है।
अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में उपरोक्त नाम की दुरुस्ती बारे किसी को कोई उजर या एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस न्यायालय में दिनांक 06-11-2019 को सुबह 10.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिये जाएंगे। इसके बाद कोई भी उजर या एतराज काबिले समायत न होगा।
आज दिनांक 07-10-2019 को मेेरे हस्ताक्षर व न्यायालय की मोहर द्वारा जारी हुआ।
मोहर। विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)।7506 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 न्यायालय विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)
दावा संख्या नं0 : ............/Teh. Una/M. Reg./2019
कपिल शर्मा पुत्र श्री अशोक कुमार, वासी झम्बर, तहसील व जिला ऊना (हि0 प्र0)
बनाम
आम जनता
दावा अन्तर्गत धारा 8(4) विवाह पंजीकरण अधिनियम, 1996.
उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में कपिल शर्मा पुत्र श्री अशोक कुमार, वासी झम्बर, तहसील व जिला ऊना (हि0 प्र0) ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसका विवाह दिनांक 21-09-2018 को एकता पुत्री श्री कुलभूषण कालिया, वासी फगवाड़ा, तहसील फगवाड़ा, जिला कपूरथला (पंजाब) के साथ हुआ है लेकिन अज्ञानता के कारण अपने विवाह का इन्द्राज स्थानीय रजिस्ट्रार विवाह पंजीकरण, ग्राम पंचायत झम्बर, तहसील व जिला ऊना (हि0 प्र0) में दर्ज न करवा सका है।
अतः इस सन्दर्भ में आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त वर्णित प्रार्थीगण के विवाह का इन्द्राज स्थानीय रजिस्ट्रार विवाह पंजीकरण, ग्राम पंचायत झम्बर, तहसील व जिला ऊना (हि0 प्र0) में करवाने बारे किसी को कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 06-11-2019 को अथवा उससे पूर्व न्यायालय हजा में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है अन्यथा उसके बाद उक्त वर्णित विवाह के पंजीकरण हेतु आगामी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। इसके बाद कोई भी एतराज काबिले समायत न होगा। आज दिनांक 07-10-2019 को मेेरे हस्ताक्षर व न्यायालय की मोहर द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)।
---------
ब अदालत विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)
पेशी : 06-11-2019 मुकद्दमा : इन्द्राज सेहत नाम दावा संख्या नं0 : /Teh. Una/M. Reg./2019
रक्शपाल सिंह पुत्र श्री जरनैल सिंह, वासी नंगल सलांगड़ी, तहसील व जिला ऊना (हि0 प्र0) . . सायल। बनाम
आम जनता
विषय.--दुरुस्ती नाम हि0 प्र0 रा0 अधिनियम, 1954 की जेर धारा 37 के तहत उप-महाल नंगल प्रथम में नाम दुरुस्ती बारे।
उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसका सही नाम रक्शपाल सिंह है जबकि उप-महाल नंगल प्रथम के राजस्व अभिलेख में उसका नाम रछपाल पुत्र जरनैल सिंह दर्ज है, जोकि गलत इन्द्राज हुआ है। प्रार्थी उक्त नाम को दुरुस्त करके रछपाल उपनाम रक्शपाल सिंह पुत्र जरनैल सिंह दर्ज करवाना चाहता है।7507 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में उपरोक्त नाम की दुरुस्ती बारे किसी को कोई उजर या एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस न्यायालय में दिनांक 06-11-2019 को सुबह 10.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिये जाएंगे। इसके बाद कोई भी उजर या एतराज काबिले समायत न होगा।
आज दिनांक 07-10-2019 को मेेरे हस्ताक्षर व न्यायालय की मोहर द्वारा जारी हुआ।
मोहर। विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)।
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In the Court of Sub-Divisional Magistrate-cum-Marriage Officer, Bangana, District Una,
Himachal Pradesh
1. सोमनाथ भारद्वाज पुत्र श्री वचित्र सिंह, निवासी महाल सासण, डा0 तनोह, तहसील बंगाणा, जिला ऊना, हि0 प्र0।
2. काजल पुत्री अशोक कुमार, वासी गांव व डा0 खुरवार्इं, तहसील बंगाणा, जिला ऊना, हि0 प्र0
.. प्रार्थीगण।
बनाम
आम जनता .. प्रतिवादी। इश्तहार मुनादी :
आम जनता को सूचित किया जाता है कि प्रार्थीगण नं0 1 व 2 ने इस न्यायालय में विवाह पंजीकरण करवाने हेतु आवेदन किया है। अतः इस इश्तहार मुनादी द्वारा आम जनता व सोमनाथ भारद्वाज पुत्र श्री वचित्र सिंह व काजल पुत्री अशोक कुमार के माता-पिता को इस विवाह के पंजीकरण बारे कोई आपत्ति या एतराज हो तो वह दिनांक 05-11-2019 को या इससे पूर्व इस न्यायालय में प्रातः 10.00 बजे उपस्थित आकर अपनी आपत्ति या एतराज दर्ज करवा सकता है। इस तिथि के उपरान्त इस न्यायालय द्वारा कोई उजर स्वीकार नहीं किया जायेगा।
आज दिनांक 30-09-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
हस्ताक्षरित/-
विवाह पंजीकरण अधिकारी एवं उप-मण्डल दण्डाधिकारी,
बंगाणा, जिला ऊना (हि0 प्र0)।
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In the Court of Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Bangana, District Una,
Himachal Pradesh
In the matter of :
1. Shri Vinod Kumar s/o Shri Mohan Lal, r/o Baduha, P.O. Sohari, Tehsil Bangana, District Una, Himachal Pradesh.
2. Nisha Rani d/o Sh. Toni Kumar, r/o Village & P.O. Behdala, Tehsil & District Una, Himachal Pradesh .. Applicants.
Versus
General Public
7508 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 Subject :—Application for registration of marriage under section 15 of the Special Marriage Act,1954 (H.P.)
Shri Vinod Kumar s/o Shri Mohan Lal, r/o Baduha, P.O. Sohari, Tehsil Bangana, District Una, Himachal Pradesh and Nisha Rani d/o Sh. Toni Kumar, r/o Village & P.O. Behdala, Tehsil & District Una, Himachal Pradesh (at present wife of Shri Vinod Kumar s/o Shri Mohan Lal, r/o Baduha, P.O. Sohari, Tehsil Bangana, District Una, Himachal Pradesh have filed an application alongwith affidavits in the court of undersigned under section 15 of the Special Marriage Act, 1954 (H.P.) that they have solemnized their marriage on 25-07-2019 according to Hindu rites and customs at Temple of Mata Bhaderkalia, Tehsil Ghanari, Distt. Una (H.P.) and they are living together as husband and wife since then. Hence, their marriage may be registered under section 15 of the Special Marriage Act, 1954 (H.P.). Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage, can file the objection personally or in writing before this Court on or before 15-11-2019. After that no objection will be entertained and marriage will be registered.
Issued today on 25th September, 2019 under my hand and seal of the court.
Seal. Sd/- Marriage Officer-cum-Sub Divisional Magistrate, Bangana, District Una (H.P.).
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In the Court of Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Bangana, District Una,
Himachal Pradesh
In the matter of :
1. Shri Lakhvinder Singh s/o Shri Prem Chand, r/o Village Rounkhar, P.O. Talmehra, Tehsil Bangana, District Una, Himachal Pradesh.
2. Saroj Parmar d/o Sh. Nager Parmar, r/o Village & P.O. New Badj Rama Peer Ka Tekra, Tehsil Subhash Brij, District Ahmedabad (Gujrat) ..Applicants.
Versus
General Public
Subject :— Application for registration of marriage under section 15 of the Special Marriage Act, 1954 (H.P.).
Shri Lakhvinder Singh s/o Shri Prem Chand, r/o Village Rounkhar, P.O. Talmehra, Tehsil Bangana, District Una, Himachal Pradesh and Saroj Parmar d/o Sh. Nager Parmar, r/o Village & P.O. New Badj Rama Peer Ka Tekra, Tehsil Subhash Brij, District Ahmedabad (Gujrat) (at present wife of Shri Lakhvinder Singh s/o Shri Prem Chand, r/o Village Rounkhar, P.O. Talmehra, Tehsil Bangana, District Una, Himachal Pradesh have filed an application alongwith affidavits in the court of undersigned under section 15 of the Special Marriage Act, 1954 (H.P.) that they have solemnized their marriage on 30-08-2019 according to Hindu rites and customs at Shitla Mata Mandir Una, , Distt. Una (H.P.) and they are living together as husband and wife since then. Hence, their marriage may be registered under section 15 of the Special Marriage Act, 1954 (H.P.). Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage, can file the objection personally or in writing before this Court on or before 15-11-2019. After that no objection will be entertained and marriage will be registered.
7509 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 Issued today on 5th October, 2019 under my hand and seal of the court.Seal. Sd/- Marriage Officer-cum-Sub Divisional Magistrate, Bangana, District Una (H.P.).
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (नायब तहसीलदार) हरोली, जिला ऊना, हि0प्र0 जरनैल सिंह पुत्र राजिन्द्र सिंह, वासी वाथू, तहसील हरोली, जिला ऊना (हि0प्र0)
श्रीमती प्रवीन रानी पुत्री परमजीत सिंह, वासी पडियाला, P.O. सहौरन, SAS नगर मोहाली (पंजाब)
बनाम
आम जनता
आवेदन-पत्र अधीन धारा 8(4) of Marriage Act, 1996 & Rule 4(2) of 2004.
प्रार्थी जरनैल सिंह पुत्र राजिन्द्र सिंह, वासी वाथू, तहसील हरोली, जिला ऊना (हि0प्र0) ने इस न्यायालय में निवेदन किया है कि उनकी शादी दिनांक 15-09-2018 को हुई है लेकिन उनकी शादी ग्राम पंचायत अभिलेख में दर्ज न है। और शादी तिथि रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1969 के तैहत सम्बन्धित अभिलेख में दर्ज करने बारे प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है।
अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार/नोटिस मुशत्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे किसी व्यक्ति को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 18-11-2019 को प्रातः 10.00 बजे अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में उपस्थित होकर उजर/एतराज पेश कर सकता है।
यदि उपरोक्त वर्णित तिथि को किसी भी व्यक्ति का उजर या एतराज इस न्यायालय में प्राप्त नहीं होता है तो इस न्यायालय द्वारा यह मान जिया जाएगा कि किसी को इस सम्बन्ध में कोई अपत्ति नहीं है और शादी तिथि सम्बन्धित रिकार्ड में दर्ज करने बारे नियमानुसार आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाकर आदेश पारित कर दिया जाएगा।
आज दिनांक ................... को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, हरोली, जिला ऊना, हि0प्र0।7510 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 31 अक्तूबर, 2019/09 कार्तिक, 1941 नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है