Servants of Knowledge
Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 184, 27 November 2019

Published 27 November 2019

Gazette no.
184
Gazetteid
184/GAZETTE/2019-27/11/2019
Identifier
in.gazette.himachal.2019-11-27.184_gazette_2019-27_11_2019
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

click here for IIIF manifest

राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित बुधवार, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

हिमाचल प्रदेश सरकार

पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 22 नवम्बर, 2019

संख्याः एसटीई-ए(3)-1/2004-लूज.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, जैव विविधता अधिनियम, 2002 (2003 का अधिनियम संख्यांक 18) की धारा 63 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश 184-राजपत्र/2019-27-11-2019 (8193) 8194 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 में जैव विविधता अधिनियम के प्रयोजनाें को कार्यान्वित करने के लिए, हिमाचल प्रदेश जैव विविधता नियम इस अधिसूचना से संलग्न उपाबन्ध-'क' के अनुसार एतदद्वारा निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थातः-

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश जैव विविधता नियम, 2019 है।

(2) ये नियम राजपत्र (ई-गजट), हिमाचल प्रदेश में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत होंगे।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- अति0 मुख्य सचिव (पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)।

--------

पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 22 नवम्बर, 2019

संख्याः एसटीई-ए(3)-1/2004-लूज.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, जैव विविधता अधिनियम, 2002 (2003 का अधिनियम संख्यांक 18) की धारा 63 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए, एतदद्वारा निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थातः--

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश जैव विविधता नियम, 2019 है।

(2) ये नियम राजपत्र (ई-गजट), हिमाचल प्रदेश में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत होंगे। 2. परिभाषाएं.--(1) इन नियमों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--

(क) ''अधिनियम'' से, जैव विविधता अधिनियम, 2002 (2003 का अधिनियम संख्यांक 18) अभिप्रेत है;

(ख) ''प्राधिकरण'' से, अधिनियम की धारा 8 की उप-धारा (1) के अधीन स्थापित राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण अभिप्रेत है;

(ग) ''जैव विविधता प्रबन्धन समिति'' से, अधिनियम की धारा 41 के अधीन स्थानीय निकायों द्वारा गठित समिति अभिप्रेत है;

(घ) ''बोर्ड'' से, अधिनियम की धारा 22 के अधीन स्थापित हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड अभिप्रेत है;

(ङ) ''अध्यक्ष'' से, हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड का अध्यक्ष अभिप्रेत है;

(च) ''फीस'' से इन नियमों में नियत कोई फीस अभिप्रेत है;

(छ) ''प्रारूप'' से, इन नियमों से प्रारूप अभिप्रेत है;

(ज) ''सरकार'' या ''राज्य सरकार'' से, हिमाचल प्रदेश सरकार अभिप्रेत है;

8195 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 (झ) ''सदस्य'' से, हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड का सदस्य अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत

अध्यक्ष भी हैं;

() ''सदस्य-सचिव'' से, हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड का सदस्य सचिव अभिप्रेत हैं; और (ट) ''धारा'' से अधिनियम की धारा अभिप्रेत है;

2. उन शब्दों और पदों के, जो इसमें प्रयुक्त हैं, किन्तु इन नियमों में परिभाषित नहीं है, और अधिनियम में परिभाषित हैं, वही अर्थ होंगे जो उस अधिनियम में क्रमशः उनके हैं।

3. अध्यक्ष के चयन और नियुक्ति की रीति-बोर्ड के अध्यक्ष को राज्य सरकार द्वारा या तो प्रतिनियुक्ति के आधार पर या राज्य सरकार के बाहर से चयन द्वारा निययुक्त किया जाएगा। प्रतिनियुक्ति के माध्यम से नियुिक्त की दशा में आवेदक, सरकार के प्रधान सचिव की पंक्ति से नीचे का नहीं होना चाहिए।

4. अध्यक्ष की पदावधि.--(1) बोर्ड का अध्यक्ष तीन वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेगा और पुनर्नियुक्ति हेतु पात्र होगाः

परन्तु कोई भी अध्यक्ष, ऐसा पद 65 (पैंसठ) वर्ष की आयु पूर्ण करने या उसकी पदावधि के अवसान, जो भी पूर्वतर हो, के पश्चात्‌ धारण नहीं करेगा।

(2) अध्यक्ष, राज्य सरकार को कम से कम एक मास का लिखित नोटिस देने के पश्चात्‌ ही अपने पद का त्याग कर सकेगा।

5. अध्यक्ष का वेतन और भत्ते.--(1) सेवारत सरकारी कर्मचारी, यदि नियम 3 के अधीन अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया जाता है, तो वह वैसे ही वेतन और अन्य भत्तों का हकहार होगा जैसे उसे अन्यथा अनुज्ञेय होते ।

(2) सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी, यदि नियम 3 के अधीन अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया जाता है, तो उसका वेतन और भत्ते उसकी सेवानिवृत्ति की तारीख को आहृत वेतन और अन्य भत्तों पर विचार करने के पश्चात्‌ और राज्य सरकार के प्रचलित नियमों का भी विचार करने के पश्चात्‌ ही नियत किये जाएंगे। (3) सेवारत या सेवानिवृत सरकारी कर्मचारियों से अन्यथा किसी स्त्रोत से नियुक्त हुआ अध्यक्ष ऐसा वेतन और अन्य भत्ते आहृत करेगा, जैसे राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अवधारित किए जाएं। 6. अध्यक्ष की शक्तियां और कर्त्तव्य.--(1) अध्यक्ष बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा और उसके पास बोर्ड के दिन प्रतिदिन के क्रियाकलापाें का सम्पूर्ण नियंत्रण होगा।

(2) अध्यक्ष, बोर्ड की समस्त बैठकों का आयोजन और अध्यक्षता करेगा और सुनिश्चित करेगा कि बोर्ड द्वारा किए गए सभी विनिश्चय समुचित रीति में कार्यान्वित किए जा रहे हैं।

(3) अध्यक्ष या तो स्वयं या बोर्ड द्वारा उस प्रयोजन हेतु प्राधि—त किसी अधिकारी के माध्यम से अनुमोहित बजट में से समस्त संकाय स्वी—त और आबंटित करेगा।

(4) अध्यक्ष के पास समस्त प्राक्कलनों की प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरियां प्रदान करने के लिए सम्पूर्ण शक्तियां होंगी।

(5) अध्यक्ष ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग और ऐसे अन्य —त्यों का पालन करेगा जैसे बोर्ड/राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर उसे प्रत्यायोजित किए जाएं।

7. विशेषज्ञ-सदस्यों की पदावधि और भत्ते.--(1) बोर्ड के पांच विशेषज्ञ सदस्यों से अनधिक सदस्य, अपनी नियुक्ति के राजपत्र (ई-गजट), हिमाचल प्रदेश में प्रकाशन की तारीख से एक समय पर तीन वर्ष से अनधिक अवधि के लिए अपना पद धारण करेगा। 8196 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 (2) बोर्ड की बैठक में भाग लेने वाला प्रत्येक विशेषज्ञ-सदस्य बैठक भत्ते, यात्रा व्ययों, दैनिक भत्ते और ऐसे अन्य भत्ताें का हकदार होगा जैसे ऐसे आयोगों या समितियाें की बैठक (बैठकों) में भाग लेने वाले राज्य सरकार के आयोगों और समितियों के गैर-सरकारी सदस्यों को लागू हैं।

8. बोर्ड का सदस्य-सचिव और पदेन सदस्य.--(1) सदस्य-सचिव को सरकार द्वारा ऐसे उपयुक्त सेवारत सरकारी कर्मचारियों में से नियुक्त किया जाएगा जिनके पास जैव विविधता के संरक्षण और सतत्‌ उपयोग के विषय में पर्याप्त जानकारी और अनुभव हो।

(2) बोर्ड के, चार पदेन सदस्यों को राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों जैसे वन, —षि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, आयुर्वेद, उद्योग, उद्यान आदि में से नियुक्त किया जाएगा।

9. बोर्ड के सदस्य-सचिव के —त्य.--(1) सदस्य-सचिव, बोर्ड के अध्यक्ष के मार्गदर्शन के अधीन बोर्ड के दिन-प्रतिदिन के प्रशासन, निधियों के प्रबंधन, विभिन्न क्रियाकलापों और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए उत्तरदायी होगा।

(2) अध्यक्ष द्वारा जारी किए गए समस्त आदेश या अनुदेश, सदस्य-सचिव या बोर्ड द्वारा इस निमित्त प्राधि—त किसी अधिकारी के हस्ताक्षराधीन जारी किए जाएंगे।

(3) सदस्य-सचिव, बोर्ड के गोपनीय पत्रों सहित समस्त दस्तावेजों के सुरक्षित अभिरक्षण के लिए उत्तरदायी होगा और ऐसे पेपरों को बोर्ड/राज्य सरकार द्वारा निदेशित किये जाने पर उपलब्ध करवाएगा। (4) सदस्य सचिव या बोर्ड द्वारा इस निमित्त प्राधि—त कोई अन्य अधिकारी, बोर्ड के समस्त अधिकारियों और कर्मचारीवृंद की गोपनीय रिपोर्ट लिखेगा और अनुरक्षित करेगा तथा उन्हें अध्यक्ष से प्रतिहस्ताक्षरित करवाएगा।

(5) सदस्य सचिव या अध्यक्ष द्वारा समस्त रूप से प्राधि—त कोई अधिकारी अनुमोदित बजट से सभी संदायाें को मंजूर और आबंटित कर सकेगा।

(6) सदस्य सचिव ऐसे अन्य —त्याें का पालन करेगा जैसे उसे अध्यक्ष/बोर्ड/राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर समनदेशित किए जाएं।

10. विशेषज्ञ-सदस्यों की रिक्तियों का भरा जाना.--(1) बोर्ड का कोई विशेषज्ञ-सदस्य राज्य सरकार को सम्बोधित अपने हस्ताक्षर से किसी भी समय अपने पद का त्याग कर सकेगा और बोर्ड में उस सदस्य का स्थान रिक्त हो जाएगा।

(2) बोर्ड में किसी विशेषज्ञ-सदस्य की आकस्मिक रिक्ति को नए नाम निर्देशन द्वारा भरा जाएगा और रिक्ति को भरने हेतु नाम निर्देशित व्यक्ति केवल उस सदस्य, जिसके स्थान पर वह नाम निर्दिष्ट किया गया था, के कार्यकाल की शेष अवधि के लिए ही पद धारण करेगा।

11. बोर्ड के —त्य.--विशिष्टतया और अधिनियम के उपबन्धों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना बोर्ड निम्नलिखित —त्यों का पालन कर सकेगा, अर्थातः--

(1) अधिनियम की धारा 23 के अधीन उपबंधित क्रियाकलापों को विनियमित करने की प्रक्रिया और मार्गदर्शक सिद्धान्त अधिकथित करना;

(2) राज्य जैव विविधता कार्य नीति और कार्य योजनाओं तथा जैव विविधता लक्ष्यों के बनाने, अद्यतन करने और कार्यान्वयन को सुकर बनाना;

(3) राज्य सरकार के विभागों और जैव विविधता प्रबन्ध समितियों को तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करना;

8197 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 (4) जैव विविधता प्रबन्ध समितियों के —त्यों को समन्वित करना;

(5) जैव विविधता से सम्बन्धित विभिन्न मुद्दों पर अध्ययन करना और अन्वेषण तथा अनुसन्धान प्रायोजित करना और सम्मेलन/सेमिनार/कार्यशाला/बैठकें आयोजित करना;

(6) बोर्ड को इसके —त्यों के प्रभावी निर्वहन में तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए, तीन वर्ष से अनधिक किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए परामर्शदाता नियुक्त करनाः

परन्तु यदि किसी परामर्शदाता को तीन वर्ष की कालावधि से अधिक के लिए नियुक्त करना आवश्यक और समीचीन है तो बोर्ड ऐसी नियुक्ति के लिए राज्य सरकार की पूर्वानुमति प्राप्त करेगा;

(7) जैव विविधता संरक्षण, उसके संघटको के पोषणीय उपयोग और जैवीय संसाधनों और ज्ञान के उपयोग से उद्‌भूत फायदों के उचित और साम्यपूर्ण प्रयोजन से सम्बंधित तकनीकी और सांख्यिकीय आंकड़े, मैन्युअल, संहिताएं या गाइडें संगृहीत, संकलित और प्रकाश्ति करना;

(8) जैव विविधता संरक्षण, उसके संघटकों के पोषणीय उपयोग, और जैवीय संसाधनों और ज्ञान के उपयोग से उद्‌भूत फायदों के उचित और साम्यपूर्ण प्रभाजन से संबंधित जन प्रचार के माध्यम से एक वृहत्‌ कार्यक्रम आयोजित करना;

(9) संकटमय और स्थानिक वनस्पति, प्राणी, जीवाणु आदि की प्रास्थिति का निर्धारण करना;

(10) जैव विविधता संरक्षण और उसके संघटकों के पोषणीय उपयोग के लिए कार्यक्रमों में लगे या संभाव्य व लगाए जाने वाले कार्मिकों के लिए योजना बनाना और प्रशिक्षण आयोजित करना;

(11) राज्य में जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में या उसके पोषणीय उपयोग, और उद्‌भूत लाभों पर किए गए नवोन्मेसी अभिनव कार्यों के लिए व्यक्ति/समुदाय/संस्था को पुरस्—त करना;

(12) प्रभावी प्रबंधन संवर्धन और पोषणीय उपयोगों को सुनिश्चित करने के लिए जैव विविधता रजिस्टर और इलेक्ट्रॉनिक डाटा बेस के माध्यम से जैवीय संसाधनों और सहबद्ध पारम्परिक ज्ञान के लिए डाटा बेस बनाने और जानकारी तथा दस्तावेज पद्धति सृजित करने के लिए कदम उठाना;

(13) स्थानीय निकायों या जैव विविधता प्रबंधन समितियों को लिखित में और उपयुक्त मौखिक साधनों के माध्यम से अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संरक्षण पोषणीय उपयोग और साम्यपूर्ण लाभों के प्रभाजन से सम्बंधित समस्त उपायों में उसकी सार्थक सहभागिता को सुकर बनाने के लिए निदेश देना;

(14) जैविक संसाधनों तथा उनसे सहबद्ध जानकारी पर आधारित बौद्धिक सम्पदा अधिकार सहित अन्य अधिकारों के साथ-साथ यथा समुचित ऐसी जानकारी गोपनीय बनाये रखने की प्रणाली तथा इसके साथ लोगों के जैव विविधता रजिस्टर में अभिलिखित जानकारी का संरक्षण सुनिश्चित करने के उपाय करना;

(15) विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए जैव विविधता प्रबंधन समितियों के लिए अनुदान सहायता और अनुदान मंजूर करना;

(16) यह सुनिश्चित करना कि जैव विविधता तथा उस (जैव विविधता) पर आश्रित आजीविका योजना एवं प्रबंधन के समस्त क्षेत्रों, तथा स्थानीय से राज्य स्तर तक योजना के सभी स्तरों पर एकत्रित हो जाएं, ताकि ऐसे क्षेत्रों और प्रशासनिक स्तरों को संरक्षण तथा पोषणीय उपयोग और प्रभावी योगदान देने के लिए समर्थ बनाया जा सके;

8198 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 (17) बोर्ड का, उसकी अपनी प्राप्तियों के साथ-साथ, राज्य और केंद्रीय सरकार से उसके अवमूल्यन को भी समाविष्ट करते हुए, वार्षिक बजट तैयार करनाः

परन्तु केन्द्रीय सरकार द्वारा आबंटन, केन्द्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित बजट प्रावधानाें के अनुसार प्रचालित किया जाएगा;

(18) बोर्ड के —त्यों का प्रभावी रूप से निर्वहन करने के लिए राज्य सरकार को पदों के सृजन करने की सिफारिश करना और ऐसे पदों का सृजन करनाः

परन्तु ऐसा कोई पद चाहे स्थायी/अस्थायी हो, राज्य सरकार के पूर्वानुमोदन के बिना सृजित नहीं किया जाएगा;

(19) किसी ऐसे क्रियाकलाप को जो, जैव विविधता के संरक्षण और पोषणीय उपयोग या ऐसे क्रियाकलापों से उद्‌भूत फायदों के साम्यपूर्ण प्रभाजन के उद्देश्यों के अहितकर या प्रतिकूल हो, को प्रतिषिद्ध या निर्बन्धित करना;

(20) बोर्ड के कार्यकरण और अधिनियम के कार्यान्वयन के बारे में राज्य सरकार को रिपोर्ट करना। (21) समय-समय पर जैव संसाधनाें के लिए फीस की संस्तुति करना, विनिर्दिष्ट करना, उपान्तरित करना और उसको संग्रहीत करना;

(22) राजस्व वृद्धि के लिए विभिन्न उपाय जैसे कि सावधि जमा, विज्ञापन प्रतिभूतियों, दान और अन्य उपाय अंगीकर करना;

(23) राज्य से किसी अवैध रीति से अभिप्राप्त किसी जैवीय संसाधन एवम्‌ सहबद्ध ज्ञान पर बौद्धिक सम्पदा के अधिकार अनुदत्त करने का विरोध करने के लिए विधि विशेषज्ञाें की सेवाएं लेना और अन्य आवश्यक उपाय करना; और

(24) ऐसे अन्य —त्य, जो समय-समय पर जैव विविधता प्राधिकरण और राज्य सरकार द्वारा समनुदेशित किये जाएं या निदेशित किये जाएं, करना ।

12. जैव संसाधनों तक पहुंच या संग्रहण के लिए प्रक्रिया.--(1) जैव संसाधनों तक पहुंच के लिए और उनके वाणिज्यिक उपयोग के लिए बोर्ड की पूर्वानुमति मांगने वाला कोई व्यक्ति बोर्ड को प्रारूप-1 में आवेदन करेगा।

(2) प्रारूप-1 मेें प्रत्येक ऐसा आवेदन निम्न यथा विहित जैव संसाधनाें के विभिन्न प्रकार के वाणिज्यिक उपयोग के लिए, "हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड" के पक्ष में आहरित, राष्ट्री—त बैंक से डिमांड ड्राफ्ट के रूप में फीस सहित किया जाएगा।

(i) व्यापार और विनिर्माण सहित वाणिज्यक उपयोग के लिएः रु० 10000/- (ii) जैव सर्वेक्षण/जैव उपयोग/अनुसन्धान आदि जो वाणिज्यिक उपयोग के लिए हैः रु० 5000/- (iii) जैव सर्वेक्षण/जैव उपयोग/अनुसन्धान आदि जो वाणिज्यिक उपयोग के लिए न होः

कोई फीस नहीं :

परन्तु उपरोक्त फीस बोर्ड द्वारा समय समय पर संशोधित की जा सकेगी।

(3) बोर्ड आवेदन के सम्यक्‌ मूल्यांकन के पश्चात्‌ और सम्बद्ध जैव विविधता प्रबन्ध समिति और स्थानीय निकाय के परामर्श के पश्चात्‌ तथा ऐसी अतिरिक्त सूचना, जो यह आवश्यक समझे, एकत्र करने के पश्चात्‌, यथा संभव इसकी प्राप्ति के छह मास की अवधि के भीतर, आवेदन का निपटारा करेगा।8199 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 (4) आवेदन के गुणागुण (मेरिट) का समाधान होने पर बोर्ड अनुमोदन प्रदान कर सकेगा या किसी ऐसे कार्यकलाप को नामंजूर कर सकेगा यदि इसकी राय है कि ऐसा कार्यकलाप जैव विविधता के संरक्षण और पोषणीय उपयोग या ऐसे कार्यकलाप से उद्‌भूत फायदों के साम्यपूर्ण प्रभाजन के उद्देश्याें के लिए अहितकर या प्रतिकूल होः

परन्तु कोई भी ऐसा नामंजूरी आदेश प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर प्रदान किये बिना नहीं दिया जाएगा।

(5) अनुमोदन/अनुज्ञा, बोर्ड के किसी प्राधि—त अधिकारी और आवेदक के मध्य सम्य्‌क रूप से हस्ताक्षरित, पहुंच और लाभ के सहभाजन (ए० बी० एस०) के लिए लिखित करार के रूप में होगी। करार का आरूप ऐसा होगा जैसा बोर्ड द्वारा समय-समय पर विनिश्चित किया जाएः

परन्तु पहुंच और लाभ का प्रभाजन, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण/भारत सरकार द्वारा समय-समय पर यथा अधिसूचित दिशा-निर्देशों/विनियमों में उपबंधित रीति में ही कार्यान्वित किया जाएगा।

(6) जैव संसाधन के लिए पहुंच के अनुमोदन/करार में जैव संसाधनाें के संरक्षण और संरक्षा के लिए अधिनियम और सम्बद्ध विनियमों के अनुसार विशेष उपायों का उपबन्ध किया जा सकेगा।

(7) प्रारूप-1 में दी गई कोई भी सूचना गोपनीय रखी जाएगी और किसी व्यक्ति को, जो इससे सम्बद्ध नहीं है, को न तो आशय से न ही बिना आशय के प्रकट की जाएगी।

13. पहुंच/अनुमोदन का प्रतिसंहरण.--(1) बोर्ड या तो किसी शिकायत के आधार पर या स्वप्रेरणा से, पहुंच के लिए प्रदान किये गए अनुमोदन को वापिस ले सकेगा और निम्नलिखित शर्ताें के अधीन लिखित करार का प्रतिसंहरण कर सकेगा, अर्थात्‌ :-- (i) इस युिक्तयुक्त आधार पर कि उक्त जैव संसाधनों का अभिगम करने वाले व्यक्ति ने अधिनियम के किन्हीं उपबन्धों का या उन शर्तों का, जिन पर आवेदन अनुज्ञान किया गया था, उल्लघ्ांन किया है;

(ii) जब व्यक्ति करार के निबंधनों की अनुपालना करने में असफल रहा है;

(iii) पहुंच की किन्हीं शर्ताें का अनुपालन करने में असफल रहने पर;

(iv) पर्यावरण के संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों के अधिकारों के संरक्षण, जीविका और जानकारी के सन्दर्भ में लोकहित के अतिल्लंघन करने पर;

(2) प्रतिसंहरण आदेश केवल ऐसी जांच, जैसी अपेक्षित हो, करने के पश्चात और इस प्रकार प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात्‌ ही किया जाएगा;

(3) बोर्ड ऐसे प्रतिसंहरण आदेश की प्रति को, पहुँच के निषिद्ध करने और कारित नुकसान यदि कोई है, का भी निर्धारण करने और ऐसे नुकसान की वसूली के लिए कदम उठाने के लिए, जैव विविधता प्रबंधन समिति को प्रेषित करेगा।

14. जैव संसाधनाें तक पहुंच से सम्बंधित क्रियाकलापों पर निर्बधन.--(1) बोर्ड यदि आवश्यक और समुचित समझे तो निम्नलिखित कारणों से जैव संसाधनों तक पहुंच के लिए प्रस्ताव को निबंधित या प्रतिषिद्ध करने के लिए कदम उठाएगा, अर्थातः--

(i) पहुंच के लिए अनुरोध किसी सकटापन्न टैक्सा (प्रजाति/प्रजाति समूह) या टैक्सा (प्रजाति/प्रजाति समूह) जो ऐसी पहुंच के कारण सम्भाव्य संकटापन्न हो, के लिए हो;

(ii) पहुंच के लिए अनुरोध किसी स्थानिक और दुर्लभ प्रजाति के लिए हो;

8200 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 (iii) पहुंच के लिए अनुरोध से स्थानीय लोगाें की जीविका, संस्—ति या स्वदेशी जानकारी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की सम्भावना हो;

(iv) पहुंच के लिए अनुरोध से आनुवंशिक क्षरण की संभावना हो या पारिस्थितिकीय तन्त्र की क्रियाविधि प्रभावित हो सकती हो;

(v) पहुंच के लिए अनुरोध का विपरीत पर्यावर्णीय प्रभाव की संभावना हो, जिसका नियन्त्रण एवं उपभमन (कम करना) किया जाना कठिन हो; और

(vi) संसाधनाें का उपयोग राष्ट्रीय हित और देश द्वारा किए गए अन्य सम्बंधित अंतर्राष्ट्रीय करारों के प्रतिकूल प्रयोजनाें के लिए करना;

(2) निर्बन्धन का कोई आदेश, ऐसी जांच, जैसी अपेक्षित हो, को किये बिना और संबद्ध स्थानीय निकायों और जैव विविधता प्रबंधन समितियों के परामर्श के बिना तथा इस प्रकार प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई के अवसर दिए बिना, नहीं किया जाएगा।

15. राज्य जैव विविधता निधि का प्रचालन.--(1) राज्य जैव विविधता निधि का प्रचालन बोर्ड के अध्यक्ष की ओर से सदस्य सचिव द्वारा या बोर्ड के ऐसे अन्य अधिकारी द्वारा, जिसे बोर्ड द्वारा इस निमित्त प्राधि—त किया जाए, किया जाएगा।

(2) राज्य सरकार, राज्य विधानमण्डल द्वारा विधि द्वारा इस निमित्त किए गए सम्यक्‌ पुनर्विनियोजन के पश्चात्‌ बोर्ड को ऐसी राशि का संदाय करेगी, जैसा राज्य सरकार अधिनियम के प्रयोजन के लिए उपयोजित किए जाने के लिए उचित समझे।

(3) बोर्ड को विदेशी अभिदाय (विनियमन) अभिनियम, 1976 के उपबन्धों का सम्यक अनुपालन करते हुए राष्ट्रीय और अन्र्तर्राष्ट्रीय दाता अभिकरणों से निधियां प्राप्त करने की शक्तियां हाेंगी। सदस्य सचिव को बोर्ड का अनुमोदन अभिप्राप्त करने के पश्चात प्रस्ताव बनाने और उन्हें प्रस्तुत करने तथा परियोजनाओं को निष्पादित करने की शक्ति होगी।

(4) बोर्ड, यह सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देशों की विरचना करेगा की निधि के प्रबन्धन और उपयोग की बाबत विनिश्चय पारदर्शी और जनता के प्रति जवाबदार हैं।

(5) बोर्ड प्रयोजन के लिए उपलब्ध बजट के अधीन क्रय करने या किसी संकर्म हेतु वितरण या संदाय के लिए, कुटेशन या निविदा की सीमा की बाबत अपने दिशा-निर्देशों की विरचना कर सकेगा। 16. बोर्ड की वार्षिक रिपोर्ट और लेखाें की वार्षिक विवरणी.--(1) बोर्ड पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के अपने क्रियाकलापाें के लेखाें और लेखों की वार्षिक विवरणी का विस्तृत वर्णन करते हुए प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट तैयार करेगा और इसे राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा ।

(2) बोर्ड लेखाें की सम्परीक्षित विवरणी सहित लेखाें को अंतिम तारीख अर्थात्‌ 30 सितम्बर से छह मास के भीतर वार्षिक रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा।

(3) बोर्ड के लेखे राज्य के महालेखाकार के परामर्श से संपरीक्षित किये जाएंगे। बोर्ड संपरीक्षक की रिपोर्ट सहित लेखाें की संपरीक्षित प्रति प्रत्येक वर्ष के 30 अक्तूबर तक प्रारूप-2 में राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा।

(4) राज्य सरकार वार्षिक रिपोर्ट और सम्परीक्षक की रिपोर्ट, उनकी प्राप्ति के पश्चात्‌, यथाशीघ्र विधानसभा के समक्ष करेगी।

17. जैव विविधता विरासत स्थलों का प्रबंधन और घोषणा.--(1) बोर्ड, स्थानीय निकायों या जैव विविधता प्रबंध समिति और अन्य पदाधारियों के परामर्श से जैव विविधता के महत्त्व के क्षेत्रों की जैव विविधता8201 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 स्थल, के रूप में स्थापना को सुकर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। बोर्ड केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार या राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रबंधन और अन्य पहलुओं के लिए दिशा-निर्देशों की विरचना भी करेगा।

18. जैव विविधता प्रबंध समिति का गठन.--(1) प्रत्येक स्थानीय निकाय अपनी अधिकारिता के भीतर जैव विविधता प्रबंध समिति (बी० एम० सी०) का गठन करेगी।

(2) उप नियम (1) के अधीन गठित जैव विविधता प्रबंध समिति में एक अध्यक्ष और स्थानीय निकाय द्वारा नामनिर्दिष्ट छह व्यक्तियों से अनधिक सदस्य होंगे, जिनमें एक तिहाई से अन्यून महिलाएं होनी चाहिएं और अठारह प्रतिशत से अन्यून अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के होने चाहिएः

परन्तु जैव विविधता प्रबंध समिति के सदस्य स्थानीय निकाय के सिद्ध निवासी होने चाहिएं और उनके नाम सम्बद्ध स्थानीय निकाय की निर्वाचक नामावली में सम्मिलित होने चाहिएं।

(3) जैव विविधता प्रबंध समिति का अध्यक्ष, स्थानीय निकाय के अध्यक्ष की अध्यक्षताधीन बैठक में समिति के सदस्यों में से निर्वाचित किया जाएगा। मतों की बराबरी की दशा में स्थानीय निकाय के अध्यक्ष का निर्णायक मत होगा।

(4) जैव विविधता प्रबंध समिति का कार्यकाल अधिकतम पांच वर्ष का होगा और स्थानीय निकाय के कार्यकाल के साथ सह-विस्तारी होगा, तथापि, विद्यमान जैव विविधता प्रबंध समिति तब तक कार्य करती रहेगी जब तक कि नई समिति का गठन नहीं हो जाता है।

(5) जैव विविधता प्रबंध समिति वर्ष में कम से कम चार बैठकें करेगी और प्रत्येक तीन मास में कम से कम एक बैठक करेगी। बैठक की अध्यक्षता, जैव विविधता प्रबंध समिति के अध्यक्ष द्वारा की जाएगी और उसकी अनुपस्थिति में उपस्थित सदस्यों द्वारा चयनित किसी अन्य सदस्य द्वारा की जाएगी। प्रत्येक बैठक की गणपूर्ति अध्यक्ष सहित और शासकीय सदस्य (सचिव) को अपवर्जित करके तीन सदस्यों से होगी। (6) विधान सभा का स्थानीय सदस्य और लोकसभा का सदस्य विभिन्न स्तरों पर जैव विविधता प्रबंध समिति की बैठकों में विशेष आमंत्रिति होगा/होंगे।

(7) जैव विविधता प्रबंध समिति का मुख्य कृत्य स्थानीय लोगों के परामर्श से लोक जैव विविधता रजिस्टर तैयार करना है। रजिस्टर में स्थानीय जैविक संसधानों की उपलब्धता और जानकारी, उनके चिकित्सकीय या अन्य किसी उपयोग या उनसे सम्बद्ध किसी अन्य पारम्परिक जानकारी पर व्यापक जानकारी अंतर्विष्ट होगी।

जैव विविधता प्रबंध समिति लोगों के जैव विविधता रजिस्टरों विशेषतयाः वाह्य व्यक्तियों और अभिकरणों की पहुंच को विनियमित करने और इनकी सुरक्षा करने के लिए उत्तरदायी होगी।

(8) लोगों के जैव विविधता रजिस्टर को तैयार करने के अतिरिक्त, जैव विविधता प्रबंध समिति अपनी अधिकारिता में निम्नलिखित के लिए उत्तरदायी होगी-

(क) जैव संसाधनों का संरक्षण, पोषणीय उपयोग और पहुंच तथा लाभ-प्रभाजन;

(ख) स्थानीय जैव विविधता का पर्यावरणीय प्रत्यावर्तन;

(ग) बोर्ड और राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण को बौद्धिक सम्पदा प्राधिकार (आई पी आर), पारम्परिक जानकारी और स्थानीय जैव विविधता के मामलों पर प्रतिसूचना/सूचना देना;

(घ) जैव विविधता विरासत स्थलों का प्रबंधन जिसके अंतर्गत विरासत वृक्ष, पशु/सूक्ष्म जीव आदि और पवित्र कुंज और पवित्र जलाशय भी हैं;

8202 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 (ङ) वाणिज्यिक और अनुसन्धान के प्रयोजनार्थ जैव संसाधनों और सम्बद्ध पारंपरिक जानकारी तक पहुंच का विनियमन;

(च) आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण पौधों/पशुओं की पारम्परिक किस्माें/संतति का संरक्षण;

(छ) जैव विविधता शिक्षा और जागरूकता उत्पन्न करना;

(ज) जैव संस्—ति नयाचार के विकास की प्रक्रिया के लिए दस्तावेजीकरण; और

(झ) पक्षियों और पशुआें की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण के उपाय ।

(9) जैव संसाधनों का उपयोग करने वाले स्थानीय वैद्यों और व्यवसायियों के बारे में अनुमोदन प्रदान करने, उनके आंकड़े अनुरक्षित करने के लिए राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा इसे निर्दिष्ट किसी मामले पर परामर्श देना।

(10) तकनीकी सहायता समूह का बोर्ड द्वारा समुचित स्तर पर (राज्य/क्षेत्र/जिला/ विकासखंड/ग्राम पंचायत आदि) गठन किया जा सकेगा। किसी भी स्तर पर गठित तकनीकी सहायता समूह में स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित विभागों जैसे वन, —षि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्यपालन, आयुर्वेद, उद्योग, शैक्षिक तथा अनुसन्धान और विकास संस्थाएं, गैर-सरकारी संगठनों, जड़ी-बूटी व्यावसायिक आदि के प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे। तकनीकी सहायता समूह वनस्पति और प्राणिजात से सम्बंधित स्थानीय नामाें तथा इसकी राज्य क्षेत्रीय अधिकारिता, जिसे लोक जैव विविधता रजिस्टर में सम्मिलित किया जाना है, के संरक्षण की बाबत समुदायों की प्रचलित प्रथाओं को सूचीबद्ध करने में जैव विविधता प्रबंध समिति की सहायता करेगा। (11) जैव विविधता प्रबंध समिति, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा यथा विहित लोक जैव विविधता रजिस्टरों में विभिष्टियों के दस्तावेजीकरण को सुनिश्चित करेगी। बोर्ड, लोक जैव विविधता रजिस्टर को बनाने के लिए, जैव विविधता प्रबन्ध समिति का मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।

(12) लोक जैव विविधता रजिस्टर, जैव विविधता समिति द्वारा अनुरक्षित और विधिमान्य किये जाएंगे। तत्पश्चात्‌ ये बोर्ड द्वारा इसके प्राधि—त अधिकारियाें के माध्यम से प्रतिहस्क्षारित किए जाएंगे। (13) जैव विविधता प्रबन्ध समिति जैव संसाधनों के पहुंच के ब्योरे और दी गई पारंपरिक जानकारी, अनुरक्षण अधिरोपित संग्रहण फीस और प्राप्त लाभों के ब्योरे तथा अधिकारिता के क्षेत्र के भीतर उनके सहभाजन की रीति की सूचना देते हुए एक रजिस्टर का अनुरक्षण भी करेगी। (14) जैव विविधता प्रबंध समिति बोर्ड के परामर्श से इसकी अधिकारिता के भीतर आने वाले क्षेत्रों से वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए किन्हीं जैव संसाधनों तक पहुंचने वाले या उनको संगृहीत करने वाले किसी व्यक्ति से फीस के संग्रहण द्वारा प्रभार उद्‌ग्रहीत कर सकेगी। प्रभारित फीस जैव विविधता प्रबंध समिति की स्थानीय जैव विविधता निधि में निक्षिप्त की जाएगी।

(15) प्रत्येक जैव विविधता प्रबंध समिति लोक जैव विविधता रजिस्टर में से विधिमान्य सूचना ग्रहण करते हुए एक कार्य योजना तैयार करेगी। तकनीकी सहायता समूह कार्य-योजना तैयार करने में सहायता प्रदान करेगा।

(16) स्थानीय निकाय यह सुनिश्चित करेंगे कि जैव विविधता प्रबंध समितियां क्रास-सदस्यता, नियमित समन्वय बैठकों और अन्य ऐसे उपायों, जो स्थानीय निकायों या जो बोर्ड द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं, द्वारा विद्यमान स्थानीय संस्थाआें के —त्यों के साथ एकी—त हैं।8203 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 19. स्थानीय जैव विविधता निधि.--(1) अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1) के अनुसार, जैव विविधता प्रबन्ध समिति या स्थानीय निकाय के स्तर पर ''स्थानीय जैव विविधता निधि'' के नाम से ज्ञात निधि गठित की जाएगी।

(2) अधिनियम की धारा 44 की उप-धारा (2) के अनुसार सम्बद्ध स्थानीय निकाय की अधिकारिता में आने वाले क्षेत्रों में जैव-विविधता के संरक्षण और संवर्धन के लिए तथा स्थानीय समुदाय, जहां तक ऐसा उपयोग जैव विविधता के संरक्षण के साथ संगत हो, की प्रसुविधा के लिए निधि का उपयोग किया जाएगा। (3) समस्त निधियां, जिनके अंतर्गत स्थानीय जैव विविधता निधि भी है, जैव विविधता प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और सचिव द्वारा प्रचालित की जाएंगी। बोर्ड निधि के संचालन हेतु मार्गदर्शक सिद्धांत, जिनके अंतर्गत इसके कार्यकरण को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने हेतु उपाय है, अधिकथित करेगा।

(4) जैव विविधता प्रबंध समिति का सचिव, जैव विविधता प्रबंध समिति के लेखाओं का रख-रखाव करेगा। लेखांकन प्रक्रिया को तैयार किया जाएगा तथा लेखाआें/रजिस्टरों के रख-रखाव हेतु आरूप बोर्ड द्वारा प्रदान किया जाएगा। 20. जैव विविधता प्रबन्ध समिति की वार्षिक रिपोर्ट और लेखाओं की लेखा परीक्षा.--(1) अधिनियम की धारा 46 के अनुसार स्थानीय जैव विविधता निधि के लेखे संपरीक्षकों द्वारा इस प्रकार अनुरक्षित किए जाएंगे और प्रति वर्ष संपरीक्षित किए जाएंगे, जैसे बोर्ड द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं।

(2) जैव विविधता प्रबन्ध समिति अपनी वार्षिक रिपोर्ट तैयार करेगी और उस पर लेखा परीक्षकाें की रिपोर्ट सहित वार्षिक लेखों की सम्परीक्षित प्रति के साथ पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के दौरान इसके क्रियाकलापों का पूर्ण लेखा देते हुए प्रत्येक वर्ष 30 सितम्बर तक प्ररूप-3 में उसकी एक प्रति बोर्ड को, एक प्रति स्थानीय निकाय की साधारण सभा और स्थानीय निकाय के क्षेत्र पर अधिकारिता रखने वाले जिला मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत करेगी।

21. विवादों का निपटारा.--यदि दो या दो से अधिक जैव विविधता प्रबंध समितियों या जैव विविधता समिति/समितियों और किसी विभाग/विभागों या दो विभागों के मध्य जैव विविधता विषय से सम्बंधित किसी मामले में कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो व्यथित पक्षकार, बोर्ड के अध्यक्ष के समक्ष, विहित प्ररूप-4 में आवेदन फाइल कर सकेगा। अध्यक्ष का आदेश अन्तिम होगा और सभी पक्षकारों को लागू होगा।

प्ररूप-1

(अधिनियम की धारा-24 तथा नियम-12 देखें)

जैव संसाधनों तथा सहबद्ध पारम्परिक जानकारी तक पहुंचने के लिए आवेदन प्रारूप

भाग-क

1. आवेदक का पूर्ण विवरण

(क) नाम :

(ख) स्थायी पता :

(ग) भारत में संपर्क व्यक्ति/अभिकर्ता, यदि कोई हो का पता :

(घ) संगठन का विवरण (यदि आवेदक कोई व्यक्ति है, तो उसका वैयक्तिक विवरण) (—पया अधिप्रमाणन हेतु सुसंगत दस्तावेज संलग्न करें) :

(ङ) कारबार की प्र—ति :

(च) संगठन का व्यावृत (टर्नओवर) भारतीय रुपये में :

8204 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 2. चाही गयी पहुंच की प्र—ति के बारे में ब्योरे तथा जानकारी और पहुंच हेतु जैव सामग्री और/या सहबद्ध जानकारी :

(क) जैव संसाधनों की पहचान (वैज्ञानिक नाम) तथा उनके पारम्परिक उपयोग :

(ख) प्रस्तावित संग्रहण की भौगोलिक अवस्थिति (गांव, तहसील और जिला सहित) :

(ग) पारम्परिक जानकारी का वर्णन/प्र—ति और इसकी विद्यमान अभिव्यक्तियां और उपयोग (मौखिक/अभिलिखित) :

(घ) पारम्परिक जानकारी धारित करने वाली पहचान की गई कोई व्यष्टि/कुटुम्ब/समुदाय :

(ङ) संगृहीत किए जाने वाले जैव संसाधनों की मात्रा :

(च) समयावधि, जिसमें जैव संसाधनों को संग्रहीत किये जाने का प्रस्ताव है :

(छ) संग्रहण करने के लिए कम्पनी द्वारा प्राधि—त व्यक्ति का नाम और नंबर :

(ज) प्रयोजन जिसके लिए पहुंच का अनुरोध किया गया है, जिसके अंतर्गत अनुसन्धान के प्रकार और विस्तार, व्युत्पन्न किये जा रहे और उससे व्युत्पन्न किये जाने हेतु प्रत्याशित वाणिज्यिक उपयोग है :

(झ) क्या संसाधनों के किसी एकत्रीकरण या उपयोग से जैव विविधता के किसी घटक को संकट उत्पन्न होता है और कोई जोखिम, जो पहुंच से उत्पन्न हो सकता है :

3. किसी राष्ट्रीय संस्था जो अनुसन्धान और विकास क्रियाकलापाें में भाग लेगी के ब्योरे। 4. पहुंच-प्राप्त संसाधन का प्रारंभिक गंतव्य तथा उस स्थान की पहचान, जहां अनुसंधान एवं विकास किया जाएगा :

5. आर्थिक और अन्य फायदे, जिनके अंतर्गत बौद्धिक सम्पदा अधिकार से प्राप्त होने वाले भी हैं, पहुँच प्राप्त जैविक संसधानों से अभिप्राप्त पेटेंट और जानकारी, जो आवेदक या उससे सम्बंधित देश के लिए आशयित हैं या प्रोद्‌भूत हो सकता है :

6. जैव-प्रौद्योगिकीय, वैज्ञानिक, सामाजिक या कोई अन्य फायदे जो कि पहुंच प्राप्त जैविक संसाधनों से अभिप्राप्त किये हों और जानकारी जो आवेदक या उससे सम्बंधित देश के लिए आशयित है या प्रोद्‌भूत हो सकता है :

7. उन फायदों का अनुमान, जो पहुंच प्राप्त जैव संसाधनों और पारम्परिक जानकारी के उपयोग से उत्पन्न होने वाले समुदायों को प्राप्त होंगे :

8. फायदों के प्रभाजन हेतु प्रस्ताविक तंत्र एवं व्यवस्थाएं :

9. कोई अन्य सूचना :

--------

भाग- ख

घोषणा

मैं/हम घोषणा करते हैं कि प्रस्तावित जैव संसाधनों के संग्रहण और उपयोग से-

• संसाधनों की पोषणीयता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा;

• कोई पर्यावरणीय प्रभाव नहीं पड़ेगा;

8205 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

• जैव विविधता को कोई जोखिम, जिसके अंतर्गत पारिस्थितिकीय तत्रं प्रजाति और आनुवंशिक विविधता है, नहीं होगा;

• स्थानीय समुदायों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

मैं/हम बोर्ड या जैव विविधता प्रबंध समिति द्वारा उदगृहीत की जा सकने वाली फीस और/या रॉयल्टी संदत्त करने का वचनबंध करते हैं। मैं/हम किसी अप्रतिसंहरणीय बैंक गारंटी, जो बोर्ड द्वारा विहित की जाए देने का और वचनबंध करता हूँ/करते हैं।

मैं/हम और घोषणा करता हूँ/करते हैं कि आवेदन प्ररूप में प्रदत्त जानकारी सत्य और सही है तथा मैं/हम किसी असत्य/गलत जानकारी के लिए उत्तरदायी हूँगा/होंगे।

हस्ताक्षर नाम------------------ टाईटल ----------------

स्थानः तारीखः

---------

प्ररूप-2

[अधिनियम की धारा 33 तथा नियम 16 (3) देखें]

हिमाचल प्रदेश जैव विविधता बोर्ड का वार्षिक रिपोर्ट आरूप

हिमाचल प्रदेश जैव विविधता बोर्ड द्वारा तैयार की जाने वाली ''वार्षिक रिपोर्ट'' में निम्नलिखित शीर्ष हो सकते हैं :

1. अवधि, जिससे रिपोर्ट सम्बंधित है (वित्तीय वर्ष) :

2. अवधि के दौरान पदाधिकारी :

(i) अध्यक्ष का नाम : (ii) सदस्य सचिव का नाम :

3. राज्य का परिचय और जैव विविधता रूपरेखा :

4. बोर्ड का गठन :

5. बोर्ड की बैठक, किये गए विनिश्चय और बैठक का कार्यव्रत :

6. राज्य में जैव विविधता प्रबंध समिति के गठन से सम्बंधित प्रगति रिपोर्ट :

7. लोक जैव विविधता रजिस्टर (पी वी आर) तैयार किए जाने सम्बन्धी प्रगति रिपोर्ट :

(i) प्रलेखन :

(ii) अद्यतनीकरण :

(iii) विधिमान्यकरण :

8206 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 8. जैव विविधता विरासत स्थल (वी एच एस) को घोषित किये जाने की प्रगति रिपोर्ट : 9. चालू परियोजनाओं (यदि कोई हों) तथा प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट :

10. वर्ष के दौरान आयोजित किसी अन्य कार्यक्रम/कार्यकलापों/उत्सवों का विवरण :

11. जैव विविधता कार्यनीति और कार्य योजना से सम्बंधित कार्यकलाप :

12. मानव संसाधन विकास-कार्यशाला/प्रशिक्षण/कार्यक्रम/सम्मेलन/सेमीनार आदि से सम्बंधित कार्यकलाप :

13. बोर्ड की वित्तीय स्थिति और तुलनपत्र जिसके अंतर्गत संपरीक्षक-रिपोर्ट है :

14. वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट :

15. जैव संसाधनों तथा पारम्परिक जानकारी से सम्बंधित राज्य पहुंच और लाभ के प्रभाजन की परिस्थिति का संक्षिप्त विवरण :

16. जैव विविधता प्रबंध समिति-राज्य जैव विविधता बोर्ड-राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के मध्य महत्वपूर्ण सम्प्रेषणः

17. छाया चित्र (फोटोग्राफ्‌स), समाचार की कतरन (यदि कोई हो) :

18. कोई अन्य सूचना :

---------

प्ररूप-3

[अधिनियम की धारा 45 तथा नियम 20 (2) देखें]

जैव विविधता प्रबंध समिति का वार्षिक रिपोर्ट आरूप

जैव विविधता प्रबन्ध समिति द्वारा तैयार की जाने वाली ''वार्षिक रिपोर्ट'' में निम्नलिखित शीर्ष हो सकते हैं :

1. समिति का नाम और विशिष्टियां :

2. समिति का गठन (सदस्यों के नाम) :

3. अवधि जिससे रिपोर्ट सम्बंधित है (वित्तीय वर्ष) :

4. अवधि के दौरान पदग्राही :

(i) अध्यक्ष का नाम :

(ii) सचिव का नाम :

5. वर्ष के लिए कार्यक्रमों की कार्यवाही का विस्तृत विवरण :

6. वर्ष के दौरान किये गए क्रियाकलापों की विस्तृत रिपोर्ट :

7. समिति की वित्तीय स्थिति का संक्षिप्त विवरण :

8207 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 8. अधिकारिता क्षेत्र का मानचित्र :

9. लोक जैव विविधता रजिस्टर (पी० बी० आर०) में कार्य की प्रगति :

(i) प्रलेखन : (ii) अद्यतनीकरण : (iii) राज्य जैव विविधता बोर्ड के परामर्श से विधिमान्यकरण :

10. बैठकाें के कार्यवृन्त और जैव विविधता प्रबन्ध समिति द्वारा पारित संकल्प और किये गए विनिश्चयः 11. जैव विविधता प्रबन्ध समिति की वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट :

12. आगंतुकों की सूची :

13. व्यक्तियों/संगठनों की सूची, जिन्हें जैव विविधता प्रबन्ध समिति द्वारा जैव संसाधनों तथा पारम्परिक जानकारी तक पहुंच की अनुमति प्रदान की गई थी :

14. विभीन्न प्राप्तियों के ब्योरे :

(i) जैव संसाधनों के संग्रहण के लिए उद्‌गृहीत फीस के रूप में प्राप्ति :

(ii) पारम्परिक जानकारी तक पहुंच प्रदान किये जाने से प्राप्ति :

(iii) फायदे के प्रभाजन से प्राप्ति :

(iv) अन्य स्त्रोताें से प्राप्ति :

15. जैव विविधता प्रबन्ध समिति-राज्य जैव विविधता बोर्ड-राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के मध्य महत्त्वपूर्ण सम्प्रेषण :

16. छायाचित्र (फोटोग्राफ्‌स), समाचार की कतरन (यदि कोई हो) :

17. कोई अन्य सूचना :

----------

प्ररूप-4

(नियम 21 देखें)

आवेदन का प्ररूप

राज्य जैव विविधता बोर्ड के समक्ष

आवेदन संख्या ------------------------------दिनांक------------------- ------------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- आवेदक8208 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 बनाम ------------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------प्रतिवादी। (यहां पर यथास्थिति, जैव विविधता प्रबन्ध समिति/विभाग का नाम वर्णित करें)

आवेदक इस आवेदन को प्रतिवादी द्वारा निम्ननिखित तथ्यों और आधारों पर पारित आदेश, तारीख................ के विरुद्ध दायर करने की प्रार्थना करता है :

1. तथ्य :

(यहां मामले के तथ्यों का संक्षिप्ततः वर्णन करें)

i.

ii.

iii.

iv.

2. आधार :

(यहां उन आधारों का वर्णन करें जिन पर आवेदन किया गया है)

i.

ii.

iii.

iv.

3. आवेदित (मांगी गई) राहत :

i.

ii.

iii.

4. प्रार्थना :

(क) आवेदक, उपरोक्त कथन (प्रतिवेदन) के आधार पर, सादर प्रार्थना करता है कि प्रतिवादी के आदेश/विनिश्चय को खारिज/रद्द किया जाये।

(ख) प्रतिवादी के आदेश/विनिश्चय को ----------- सीमा तक खारिज/संशोधित/रद्द कर दिया जाए।

स्थान :------------------- आवेदक के हस्ताक्षर

तारीख :----------------- मोहर सहित

पता------------------ ------------------

8209 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 सत्यापन

मैं, आवेदक, एतदद्वारा, यह घोषणा करता हूं कि उपरोक्त कथन मेरी पूर्ण जानकारी और विश्वास के आधार पर सत्य है, -------- तारीख -------------- को सत्यापित।

स्थान : --------------- तारीख :-------------- आवेदक के हस्ताक्षर

मोहर सहित पता--------------- ---------------

संलग्नकः 1. आदेश/निदेश, जिसके विरुद्ध आवेदन किया गया है, की अधिप्रमाणित प्रतिलिपि।

-----------

ENVIRONMENT, SCIENCE & TECHNOLOGY DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-171 002, the 22nd November, 2019

No. STE-B(3)-1/2004-loose.—In exercise of the powers conferred under section 63 of the Biological Diversity Act, 2002 (No. 18 of 2003), the Governor of Himachal Pradesh is pleased to make the Himachal Pradesh Biological Diversity Rules for carrying out the purposes of the Biological Diversity Act as per Annexure-A attached to this notification, namely:—

1. Short title and commencement.—(1) These rules may be called the Himachal Pradesh Biological Diversity Rules, 2019.

(2) They shall come into force on the date of their publication in the Rajpatra (e-Gazette), Himachal Pradesh.

By order, Sd/- Addl. Chief Secretary(Env., Sci .& Tech.)

____________

ENVIRONMENT, SCIENCE AND TECHNOLOGY DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 22nd November, 2019

No. STE-A(3)-1/2004 –Loose.—In exercise of the powers conferred under section 63 of the Biological Diversity Act, 2002 (Act No. 18 of 2003), the Government of Himachal Pradesh hereby makes the following rules for carrying out the purposes of the Act, namely:—

1. Short title and commencement.—(1) These rules may be called the Himachal Pradesh Biological Diversity Rules, 2019.

(2) They shall come into force on the date of their publication in the Rajpatra (e-Gazette), Himachal Pradesh.

8210 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 2. Definitions.—(1) In these rules, unless the context otherwise requires,—

(a) "Act" means the Biological Diversity Act, 2002 (Act No. 18 of 2003);

(b) "Authority" means the National Biodiversity Authority established under sub- section (1) of Section 8 of the Act;

(c) "Biodiversity Management Committee" means Committee constituted by local bodies under section 41 of the Act;

(d) "Board" means the Himachal Pradesh State Biodiversity Board established under section 22 of the Act;

(e) "Chairperson" means the Chairperson of the Himachal Pradesh State Biodiversity Board;

(f) "fee" means any fee stipulated in these rules;

(g) "Form" means form appended to these rules;

(h) "Government" or "State Government" means the Government of Himachal Pradesh;

(i) "member" means a member of the Himachal Pradesh State Biodiversity Board and includes the Chairperson;

(j) "Member-Secretary" means the Member-Secretary of the Himachal Pradesh State Biodiversity Board; and

(k) "Section" means a section of the Act.

(2) Words and expressions used but not defined in these rules and defined in the Act shall have the meaning respectively assigned to them in the Act.

3. Manner of selection and appointment of the Chairperson.—The Chairperson of the Board shall be appointed by the State Government either on deputation basis or by selection from outside the State Government. In case the appointment is through deputation, the applicant should not be below the rank of Principal Secretary to the Government.

4. Term of Office of the Chairperson.—(1) The Chairperson of the Board shall hold the office for a term of three years and shall be eligible for re-appointment:

Provided that no Chairperson shall hold the office as such after he attains the age of 65 years or his term of office expires whichever is earlier.

(2) The Chairperson may resign from his office by giving atleast one month notice in writing to the State Government.

5. Pay and Allowances of the Chairperson.—(1) Serving Government servants, if appointed as Chairperson under rule 3, shall be entitled to the same salary and other allowances as otherwise would have been admissible to him.

(2) Retired Government servant, if appointed as Chairperson under rule 3, his salary and allowances shall be fixed after considering the salary and other allowances drawn on the date of retirement and also the prevailing rules of the State Government.

8211 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

(3) The Chairperson, appointed from the source other than from the serving or the retired Government servants, shall draw such salary and other allowances as may be determined by the State Government from time to time.

6. Powers and Duties of Chairperson.—(1) The Chairperson shall be the Chief Executive of the Board and shall have overall control of day to day activities of the Board.

(2) The Chairperson shall convene and preside over all meetings of the Board and shall ensure that all decisions taken by the Board are implemented in proper manner.

(3) The Chairperson either himself or through an officer of the Board authorized for the purpose, may sanction and disburse all payments against the approved Budget.

(4) The Chairperson shall have full powers for granting administrative and technical sanctions to all estimates.

(5) The Chairperson shall exercise such other powers and perform such other functions as may be delegated to him from time to time by the Board/State Government.

7. Term of office and Allowances of expert members.—(1) Not more than five expert members of the Board shall hold his/her office for a term not exceeding three years at a time from the date of publication of his appointment in the Rajpatra (e-Gazette), Himachal Pradesh.

(2) Every expert member attending the meeting of the Board shall be entitled to sitting allowance, travelling expanses, daily allowance and such other allowances as are applicable to non- official members of Commissions and Committees of the State Government attending the meeting (s) of such Commissions or Committees.

8. Member-Secretary of the Board and Ex-Officio Members.—(1) The Member Secretary shall be appointed by the Government from amongst such suitable serving Government officials having knowledge and experience in the subject of conservation and sustainable use of biological diversity.

(2) Four ex-officio members of the Board shall be appointed by the State Government from different Departments such as Forest, Agriculture, Science and Technology, Ayurveda, Industry, Horticulture etc.

9. Functions of Member-Secretary of the Board.—(1) The Member-Secretary shall be responsible for day to day administration of the Board, management of funds, implementation of various activities and programmes under the guidance of the Chairperson the Board.

(2) All orders or instructions issued by the Chairperson shall be under the signature of the Member-Secretary or any other officer authorized in this behalf by the Board.

(3) The Member-Secretary shall be responsible for the safe custody of all documents including confidential papers of the Board and shall produce such papers when directed by the Board/State Government.

(4) The Member-Secretary or any other officer authorized in this behalf by the Board shall write and maintain confidential reports of all the officers and staff of the Board and shall get them countersigned by the Chairperson.

8212 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

(5) The Member-Secretary or an officer duly authorized by the Chairperson may sanction and disburse all payments against the approved budget.

(6) The Member-Secretary shall perform such other functions as may be assigned to him by the Chairperson/Board/State Government from time to time.

10. Filling up of vacancies of expert members.—(1) An expert member of the Board may resign his office at any time by giving in writing under his hand addressed to the State Government and the seat of that member in the Board shall become vacant.

(2) A casual vacancy of an expert member in the Board shall be filled up by a fresh nomination and the person nominated to fill the vacancy shall hold office only for the remainder of the term of the member in whose place he was nominated.

11. Functions of the Board.—In particular and without prejudice to the generalities of the provisions of the Act, the Board may perform the following functions, namely:—

(1) to lay down the procedure and guidelines to govern the activities provided under section 23 of the Act;

(2) to facilitate formulation, updating and implementation of State Biodiversity Strategy and Action Plans and Biodiversity Targets;

(3) to provide technical assistance and guidance to the departments of the State Government and Biodiversity Management Committees;

(4) to coordinate the functioning of the Biodiversity Management Committees;

(5) to commission studies and sponsor investigations and research and organize Conferences/Seminars/Workshops/Meetings on various issues related to biological diversity;

(6) to engage consultant for a specific period, not exceeding three years, for providing technical assistance to the Board in the effective discharge of its functions:

Provided that if it is necessary and expedient to engage any consultant beyond the period of three years, the Board shall seek prior approval of the State Government for such an engagement;

(7) to collect, compile and publish technical and statistical data, manuals, codes or guides relating to conservation of biological diversity, sustainable use of its components and fair and equitable sharing of benefits arising out of the use of biological resource and knowledge;

(8) to organize through mass media a comprehensive programme regarding conservation of biological diversity, sustainable use of its components and fair and equitable sharing of benefits arising out of the use of biological resources and knowledge;

(9) to assess the status of threatened and endemic species flora, fauna, microbes etc; (10) to plan and organize training for personnel engaged or likely to be engaged in programmes for the conservation of biological biodiversity and sustainable use of its components;

8213 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

(11) to reward person/community/institution for contribution or innovative work in the field of biodiversity conservation, its sustainable use and sharing of benefits in the State;

(12) to take steps to build up database and to create information and documentation system for biological resources and associated traditional knowledge through biodiversity registers and electronics database, to ensure effective management, promotion and sustainable uses;

(13) to give directions to the local bodies or Biodiversity Management Committees in writing and through appropriate oral means, for effective implementation of the Act, and to facilitate their meaningful participation in all measures relating to conservation, sustainable use and equitable benefit-sharing;

(14) to devise methods to ensure protection of rights including intellectual property rights over biological resources and associated knowledge including systems of maintaining confidentially of such information as appropriate, including the protection of the information recorded in People's Biodiversity Registers;

(15) to sanction grants-in-aid and grants to Biodiversity Management Committees for specific purposes;

(16) to ensure that biodiversity and biodiversity dependent livelihood are integrated into all sectors of planning and management, and at all levels of planning from local to State, to enable such sectors and administrative levels to contribute effectively for conservation and sustainable use;

(17) to prepare the annual Budget of the Board incorporating its own receipts alongwith the receipts from the State and Central Government:

Provided that the allocation by the Central Government shall be operated in accordance with the budget provisions approved by the Central Government; (18) to recommend creation of posts to the State Government for effective discharge of the functions of the Board and to create such posts:

Provided that no such post whether permanent/temporary would be created without prior approval of the State Government;

(19) to prohibit or restrict any activity which is detrimental or contrary to the objectives of conservation and sustainable use biodiversity or equitable sharing of benefits arising out of such activities;

(20) to report to the State Government about the functioning of the Board and implementation of the Act;

(21) to recommend, specify, modify, collect fee of biological resources from time to time;

(22) To adopt various measures for increase of revenue like fixed deposits, advertisements, securities, donations and others;

(23) to hire services of legal experts and taking other necessary measures to oppose grant of intellectual property right on any biological resources and associated knowledge obtained in illegal manner from the State; and8214 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 (24) to do such other functions as may be assigned or directed by the National Biodiversity Authority and State Government from time to time.

12. Procedure for access to or collection of biological resources.—(1) Any person seeking approval of the Himachal Pradesh State Biodiversity Board for access to biological resources and associated knowledge for commercial utilization shall make an application in Form-1.

(2) Every such application in Form-1, shall be accompanied by fees in the form of demand draft from Nationalized Bank, drawn in favour of the "Himachal Pradesh State Biodiversity Board" as prescribed below for different kinds of commercial utilization of biological resources:

(i) For commercial utilization, including trading and manufacturing :

` 10,000/- (ii) For bio-survey/bio-utilization/research etc. meant for commercial utilization:

` 5,000/- (iii) For bio-survey/bio-utilization/research etc. not for commercial utilization : No fee:

Provided that the above fee may be revised by the Board from time to time.

(3) The Board after due appraisal of the application and after consultation with the concerned Biodiversity Management Committee and local body and after collecting such additional information as it may deem necessary, dispose-off the application, as far as possible, within a period of six months of its receipt.

(4) On being satisfied with the merit of the application, the Board may grant the approval or reject any such activity if it is of the opinion that such activity is detrimental or contrary to the objectives of conservation and sustainable use of biodiversity or equitable sharing of benefits arising out of such activity:

Provided that no such rejection order shall be made without giving an opportunity of being heard to the person affected.

(5) The approval/permission shall be in the form of a written agreement for Access and Benefit Sharing (ABS) duly signed between an authorized officer of the Board and the applicant. The format of the agreement shall be as decided by the Board from time to time:

Provided that Access and Benefit Sharing shall be implemented in the manner provided in the guidelines/regulations as notified by the National Biodiversity Authority/Central Government from time to time.

(6) The approval/agreement of access to biological resources may provide special measures for conservation and protection of biological resources as per the Act and related regulations.

(7) Any information given in the Form-1 shall be kept confidential and shall not be disclosed, either intentionally or unintentionally, to any person not concerned thereto.

13. Revocation of access/approval.—(1) The Board may either on the basis of any complaint or suo moto withdraw the approval granted for access and revoke the written agreement under the following conditions, namely:—

8215 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

(i) on the basis of reasonable belief that the person accessing the said bio resource has violated any of the provisions of the Act or the condition on which application was allowed.

(ii) when the person has failed to comply with the terms of agreement;

(iii) on failure to comply with any of the conditions of access;

(iv) on account of overriding public interest with reference to protection of environment and conservation of biological diversity and protection of the rights, livelihoods and knowledge of local communities.

(2) The revocation order shall be made only after making such inquires as required and after giving the person so affected an opportunity of being heard.

(3) The Board shall send a copy of such revocation order to the Biodiversity Management Committees for prohibiting the access and also to assess the damage, if any, caused and take steps to recover the damage.

14. Restriction on activities related to access to biological resources.—(1) The Board, if it deems necessary and appropriate, shall take the steps to restrict or prohibit the proposal for access to biological resources for the following reasons, namely:—

(i) the request for access is for any threatened taxa or taxa that are likely to become threatened due to such access;

(ii) the request for access is for any endemic and rare species;

(iii) the request for access may likely to result in adverse effect on the livelihoods, culture, or indigenous knowledge of the local people;

(iv) the request for access may cause genetic erosion or affecting the ecosystem function;

(v) the request to access may result in adverse environmental impact which may be difficult to control and mitigate; and

(vi) no use of resources for purposes contrary to national interest and other related international agreements entered into by the country.

(2) No order of restriction shall be made without making such inquires as required; and without consulting the concerned local bodies and Biodiversity Management Committees, and without giving the person so affected an opportunity of being heard.

15. Operation of State Biodiversity Fund.—(1) The State Biodiversity Fund shall be operated by the Member-Secretary on behalf of the Chairperson of the Board or by such other officer of the Board as may be authorized by the Board in this behalf.

(2) The State Government, shall after due appropriation made by the State legislature by the law in this behalf, pay to the Board such sum of money, as the State Government may think fit for being utilized for the purposes of the Act.

(3) The Board shall have powers to receive funds from national and international donor agencies duly complying with the provisions of the Foreign Contribution (Regulation) Act, 1976.

8216 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

The Member-Secretary shall have power to prepare and submit proposals and execute projects after obtaining approval of the Board.

(4) The Board shall frame guidelines on ways to ensure that decisions regarding the management and use of the Fund are transparent and accountable to the public.

(5) The Board may frame its own guidelines regarding limit of quotation or tender for disbursement or payment for purchase or any works under the available budget for the purpose.

16. Annual Report and Annual Statement of Accounts of the Board.—(1) The Board shall prepare its Annual Report for each financial year giving detailed account of its activities of previous financial year and the annual statement of accounts and submit the same to the State Government.

(2) The Board shall submit the Annual Report together with the audited statement of accounts within six months from the date of closing of accounts i.e. 30th September to the State Government.

(3) The accounts of the Board shall be audited in consultation with the Accountant General of the State. The Board shall furnish audited copy of accounts together with auditor's report to the State Government by 30th October of each year in Form-2.

(4) The Government shall cause the annual reports and auditor's report to be laid as soon as may be, after they are received, before the Legislative Assembly.

17. Management and Declaration of Biodiversity Heritage Sites.—(1) The Board shall, in consultation with local bodies or Biodiversity Management Committees and other stakeholders, take necessary steps to facilitate setting up of areas of biodiversity importance as "biodiversity heritage sites".

(2) The Board shall also frame guidelines for management and other aspects in confirmation with the guidelines issued by the Central Government or State Government or National Biodiversity Authority.

18. Constitution of Biodiversity Management Committees.—(1) Every local body shall constitute a Biodiversity Management Committee (BMC) within its area of jurisdiction.

(2) The Biodiversity Management Committee as constituted under sub-rule (1) shall consist of a Chairperson and not more than six persons nominated by the local body, of whom not less than one third should be women and not less than 18% should belong to the Scheduled Castes/Scheduled Tribes:

Provided that the members of the Biodiversity Management Committee shall be proven residents of the local body and their names should be included in the electoral role of the concerned local body.

(3) The Chairperson of the Biodiversity Management Committee shall be elected from amongst the members of the committee in a meeting to be chaired by the Chairperson of the local body. The Chairperson of the local body shall have the casting votes in case of a tie.

(4) The tenure of the Biodiversity Management Committee shall be maximum of five years and shall be co-terminus with the tenure of the local body, however, the existing Biodiversity Management Committee shall continue to function until a new committee is constituted.

8217 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

(5) The Biodiversity Management Committees shall hold minimum of four meetings in a year and meet atleast once in every three months. The meetings shall be chaired by the Chairperson of the Biodiversity Management Committee, and in his/her absence, by any other member elected by the members present. The quorum at every meeting shall be three including the Chairperson and excluding official member (Secretary).

(6) The local member of the Legislative Assembly and Member of Parliament would be special invitees to the meetings of the Biodiversity Management Committees at different levels.

(7) The main function of the Biodiversity Management Committee is to prepare people's biodiversity register in consultation with local people. The Register shall contain comprehensive information on availability and knowledge of local biological resources, their medicinal or any other use or any other traditional knowledge associated with them.

The Biodiversity Management Committee shall be responsible for ensuring the protection of people's biodiversity registers, especially to regulate its access to outside persons and agencies.

(8) In addition to preparation of people's biodiversity registers, the Biodiversity Management Committees in their respective jurisdiction shall be responsible for following:—

(a) conservation, sustainable use and access and benefit sharing of biological resources;

(b) eco-restoration of the local biodiversity;

(c) feedback/information to the Board and the National Biodiversity Authority in the matter of Intellectual Property Right (IPR), traditional knowledge and local biodiversity issues;

(d) management of biodiversity heritage sites including heritage trees, animals/micro organisms etc., and sacred groves and sacred water bodies;

(e) regulation of access to the biological resources and associated traditional knowledge, for commercial and research purposes;

(f) conservation of traditional varieties/breeds of economically important plants/animals;

(g) biodiversity education and awareness building;

(h) documentation, enable procedures to develop bio-cultural protocols; and

(i) measures for conservation of migratory species of birds and animals;

(9) Advise on any matter referred to it by the State Biodiversity Board for granting approval, maintain data about the local vaids and practitioners using the biological resources.

(10) Technical support group may be constituted by the Board at appropriate level (State/Region/District/Developmental Block/Gram Panchayat etc.). The technical support group formed at any level may include representatives from Departments like Forests, Agriculture, Horticulture, Animal Husbandry, Fishery, Ayurveda, Industry, Educational and Research & Development Institutions, Non-Governmental Organizations, Herbal Practitioners etc. based on the local conditions.

8218 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

The technical support group shall assist the Biodiversity Management Committees in listing local names and traditional knowledge relating to flora and fauna and current practices of communities regarding conservation within its territorial jurisdictions, to be included in the people's biodiversity register.

(11) The Biodiversity Management Committee shall ensure the documentation of the particulars in Peoples Biodiversity Registers as prescribed by the National Biodiversity Authority. The Board shall provide guidance and technical support to the Biodiversity Management Committees for preparing people's biodiversity registers.

(12) People's biodiversity registers shall be maintained and validated by the Biodiversity Management Committees. It shall then be countersigned by the Board through its authorized officers.

(13) The Biodiversity Management Committee shall also maintain a register giving information about the details of the access to biological resources and traditional knowledge granted, details of the collection fee imposed and details of the benefits derived and the mode of their sharing from area within its jurisdiction.

(14) The Biodiversity Management Committee, in consultation with the Board, may levy charges by way of collection fees from any person accessing or collecting any biological resources for commercial purposes from areas falling within its jurisdiction.

The fee charged shall be deposited in the Local Biodiversity Fund of Biodiversity Management Committee.

(15) Each Biodiversity Management Committee shall prepare an action plan drawing information validated in the people's biodiversity register. The technical support group shall provide help in preparation of action plan.

(16) The local bodies shall ensure that the Biodiversity Management Committees are integrated with the functioning of existing local institutions by cross membership, regular co- ordination meetings and other such measures, as determined by the local bodies or as specified by the Board.

19. Local Biodiversity Fund.—(1) As per sub-section (1) of Section 43 of the Act, there shall be constituted a fund to be called 'Local Biodiversity Fund' at the level of Biodiversity Management Committee or local body.

(2) The fund shall be used for the conservation and promotion of biodiversity in the areas falling within the jurisdiction of the concerned local body and for the benefit of the local community in so far such use is consistent with conservation of biodiversity, as per sub-section (2) of Section 44 of the Act.

(3) All funds, including local biodiversity fund, shall be operated jointly by the Chairperson and the Secretary of the Biodiversity Management Committee. The Board shall lay down the guidelines for operation of the fund including ways to make its functioning transparent and accountable.

(4) The Secretary of the Biodiversity Management Committee shall maintain the accounts of the Biodiversity Management Committee. The accounting procedure shall be drawn up and format for the maintenance of the accounts/registers shall be provided by the Board.

8219 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

20. Annual Report and Audit of Accounts of Biodiversity Management Committee.— (1) The accounts of the Local Biodiversity Fund shall be maintained and audited annually by the Auditors, as specified by the Board, as per Section 46 of the Act.

(2) The Biodiversity Management Committees shall prepare its annual report and giving full account of its activities during the previous financial year, alongwith audited copy of accounts together with auditor's report thereon, and submit a copy thereof to the Board, a copy to the general assembly of the local body and the District Magistrate having jurisdiction over the area of the local body in Form-3 by September 30th each year.

21. Settlement of Disputes.—If a dispute arises between two or more Biodiversity Management Committees or between Biodiversity Management Committees and Departments or between two Departments on any issue related to the subject of Biodiversity, the aggrieved party(s) may file application before the Chairperson of the Board in prescribed Form-4. The order of the Chairperson shall be final and shall be applicable to all parties.

___________

FORM-1

(See section 24 of the Act and rule-12)

Application form for access to Biological resources and associated traditional knowledge

PART-A

1. Full particulars of the applicant:

(a) Name:

(b) Permanent address: (c) Address of the contact person/agent, if any, in India:

(d) Profile of the organization (personal profile in case the applicant is an individual). (Please attach relevant documents for authentication):

(e) Nature of business:

(f) Turnover of the organization in the Indian Rupee.

2. Details and specific information about nature of access sought and biological material and/or associated knowledge to be accessed:

(a) Identification (scientific name) of biological resources and its traditional use:

(b) Geographical location (including village, tehsil and district) of proposed collection:

(c) Description/ nature of traditional knowledge and its existing manifestations and uses (oral/documented):

(d) Any identified individual/family/community holding the traditional knowledge:

(e) Quantity of Biological resources to be collected:

(f) Time span in which the biological resources are proposed to be collected:

8220 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 (g) Name and number of person authorized by the company for making the collection:

(h) The purpose for which the access is requested including the type and extent of research, commercial use being derived and expected to be derived from it:

(i) Whether any collection or use of the resource endangers any component of biological diversity and the risks which may arise from the access.

3. Details of any national institution which will participate in the Research and Development activities:

4. Primary destination of accessed resource and identity of the location where the Research and Development activities will be carried out:

5. The economic and other benefits including those arriving out of any Intellectual Property Right, patent obtained out of accessed biological resources and knowledge that are intended, or may accrue to the applicant or to the country that he/she belongs:

6. The biotechnological, scientific, social or any other benefits obtained out of accessed biological resources and knowledge that are intended, or may accrue to the applicant or to the country that he/she belongs:

7. Estimation of benefits that would flow to communities arising out of the use of accessed bioresources and traditional knowledge:

8. Proposed mechanism and arrangements for benefit sharing:

9. Any other information:

PART-B

Declaration

I/we declare that collection and use of proposed biological resources shall not:

• adversely affect the sustainability of the resources;

• entail any environment impact;

• pose any risk to biodiversity, including eco system, species, and genetic diversity;

• adversely affect the local communities;

I/we undertake to pay fee and/or royalty, as may be levied by the Board or Biodiversity Management Committees. I/we further undertake to furnish any irrevocable bank guarantee, as may be prescribed by the Board.

I/we further declare the Information provided in the application form is true and correct and I/We shall be responsible for any incorrect/wrong information.

Signature………………………… Name……….....…………………. Title………….....………………...

Place……………………….. Date………………………..

8221 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 FORM – 2

[See section 33 of the Act and rule 16(3)]

Annual Report Format for Himachal Pradesh State Biodiversity Board

The "Annual Report" to be prepared by Himachal Pradesh State Biodiversity Board may have the following heads:

1. The period to which the report relates (Financial Year):

2. The office bearer during the period:

i. Name of the Chairperson :

ii. Name of the Member-Secretary :

3. Introduction and Biodiversity profile of the State :

4. Constitution of the Board :

5. Meeting of the Board, decisions taken and the minutes of meeting :

6. Progress report with respect to the constitution of Biodiversity Management Committee in the State :

7. Progress report with respect to preparation of people's biodiversity register :

i. Documentation :

ii. Updation :

iii. Validation :

8. Progress report towards the declaration of biodiversity heritage sites (BHS) :

9. Progress report of the ongoing projects (if any) and proposed projects :

10. Statement of any other programmes /activities / celebration during the year :

11. Activities related to Biodiversity Strategy and Action Plan :

12. Activities related to Human Resource Development (Workshop/Training Programmes/ Conference / Seminars etc. :

13. Financial position and Balance Sheet of the Board including Auditor's Report :

14. Annual Financial Report :

15. Brief account of the state of Access and Benefit Sharing with respect to the Biological resource and traditional knowledge :

16. Important communication between Biodiversity Management Committee-State Biodiversity Board-National Biodiversity Authority:

8222 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 17. Photographs, News clipping (if any) :

18. Any other information :

___________

FORM–3

[See section 45 of the Act and rule 20(2)]

Annual Report Format for Biodiversity Management Committee

The "Annual Report" to be prepared by Biodiversity Management Committee may have the following heads:

1. The name and particulars of the committee :

2. Constitution of the committee (Name of the members) :

3. The period to which the report relates (Financial Year) :

4. The incumbency of office for the period :

i. Name of the Chairperson :

ii. Name of the Secretary :

5. Detailed statement of programmes of action for the year :

6. Detailed report on the activities performed during the year :

7. A brief account of financial position of the committee :

8. Map of jurisdiction :

9. Progress of work in people's biodiversity register :

i. Documentation :

ii. Updation :

iii. Validation in consultation with the State Biodiversity Board:

10. Minutes of meetings and resolutions and decisions taken by Biodiversity Management Committee:

11. Biodiversity Management Committee Annual Financial Report :

12. List of Visitors :

13. List of persons/organizations who were provided access to biological resources and traditional knowledge by Biodiversity Management Committee :

14. Detail of different receipts :

i. Receipt by way of fee levied for collecting biological resources :

8223 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 ii. Receipt by way of providing access to traditional knowledge :

iii. Receipt by way of Benefit sharing :

iv. Receipt from other sources :

15. Important communication between Biodiversity Management Committee-State Biodiversity Board-National Biodiversity Authority :

16. Photographs, News clipping (if any) :

17. Any other information :

___________

FORM – 4

(See rule 21)

Form of Application

BEFORE THE STATE BIODIVERSITY BOARD

[Application No. ……………… of …………………]

………………………………………………………….

………………………………………………………….

………………………………………………………….

……………….Applicant (s)

Vs.

………………………………………………………….

………………………………………………………….

………………………………………………………….

……………….Respondent (s) (Here, mention the designation of the Biodiversity Management Committee/Department, as the case may be).

The applicant begs to prefer this application against the order dated ………….. passed by the Respondent on the following facts and grounds.

1. FACTS :

(Here briefly mention the facts of the case ) :

i. ii. iii. iv.

8224 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 2. GROUND :

(Here mention the grounds on which the application is made) : i. ii. iii. iv.

3. RELIEF SOUGHT : i. ii. iii.

4. PRAYER

a. In the light of what is stated above, the applicant respectfully prays that the order / decision of the respondent be quashed / set-aside.

b. Order /decision of the respondent be quashed / modified / annulled to the extent.…………………………………………..

Signature of the applicant With Seal Place : ………………… Address ……………………………

Dated : ………………… …………......………………………

VERIFICATION

I, the applicant do hereby declare that what is stated above is true to the best of my information and belief, Verified on ………………………….. day of ……………………….

Signature of the applicant With Seal Place : ………………… Address ……………………………

Dated : ………………… …………......………………………

Enclosures : 1. Authenticated copy of the order / direction, against which the application has been preferred.

___________

TOURISM AND CIVIL AVIATION DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 25th November, 2019

No. Tsm-A(4)-5/2018.—In exercise of the powers vested in him under rule-6 and 8 of Himachal Pradesh Aero Sports Rules, 2004 and H.P. River Rafting Rules, 2005, the Governor of8225 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 Himachal Pradesh is pleased to nominate following non-official members on the Technical Committee and Regulatory Committee for the Districts shown against their names with immediate effect in the public interest:—

Regulatory Committee, Aero Sports Paragliding Activities
1. Sh. Sunil Kumar s/o Sh. Suresh Rathore, VPO Tarmu, Tehsil Jogindernagar, District Mandi, H.P. District Mandi
2. Sh. Sunder Singh Thakur, Thakur Niwas, Adarsh Nagar, Solan District Solan
Technical Committee, Aero Sports Paragliding Activities
1. Sh. Nirmal Singh s/o Sh. Subhash, Village Jughand, PO Jarol, Tehsil Thunag, District Mandi. District Mandi
2. Sh. Prem Lal s/o Sh. Balak Ram, VPO Dhanoghat, Tehsil Arki, District Solan. District Solan
H. P. River Rafting Technical Committee
1. Sh. Ramesh Kumar Sharma s/o Sh. Nek Chand, C/o Shiva Electronics, Main Market, Sunni, District Shimla, H.P. District Shimla

By order, Dr. SHRIKANT BALDI, CS (Tourism & CA).

__________

HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171001

NOTIFICATION

Shimla, the 31st October, 2019

No. HHC/GAZ/14-327/2012.—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant 05 days earned leave on and w.e.f. 04-11-2019 to 08-11-2019 with permission to suffix Second Saturday and Sunday falling on 09-11-2019 & 10-11-2019 respectively, in favour of Ms. Geetika Kapila, Civil Judge-cum-JMIC, Nahan, H.P.

Certified that Ms. Geetika Kapila is likely to join the same post and at the same station from where she proceeds on leave, after expiry of the above period of leave.

Also certified that Ms. Geetika Kapila would have continued to hold the post of Civil Judge-cum-JMIC, Nahan, H.P., but for her proceeding on leave for the above period.

By order, Sd/- Registrar General.

8226 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171001

NOTIFICATION

Shimla, the 15th November, 2019

No. HHC/GAZ/14-371/2016.—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant 04 days earned leave on and w.e.f. 20-11-2019 to 23-11-2019 with permission to suffix Sunday falling on 24-11-2019 in favour of Shri Tarun Walia, Civil Judge-cum-JMIC, Shillai, H.P.

Certified that Shri Tarun Walia is likely to join the same post and at the same station from where he proceeds on leave, after expiry of the above period of leave.

Also certified that Shri Tarun Walia would have continued to hold the post of Civil Judge- cum-JMIC, Shillai, H.P., but for his proceeding on leave for the above period.

By order, Sd/- Registrar General.

_____________

HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171001

NOTIFICATION

Shimla, the 15th November, 2019

No. HHC/GAZ/14-382/2017.—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant ex-post facto sanction of 54 days earned leave w.e.f. 02-09-2019 to 25-10-2019 and one day half pay leave for 26-10-2019 with permission to prefix maternity leave fell w.e.f. 06-03-2019 to 01-09- 2019 and to suffix Sunday and Deepawali holidays fell w.e.f. 27-10-2019 to 29-10-2019 in favour of Dr. Pushp Lata, Civil Judge (Leave/Training Reserve), High Court of H.P., Shimla.

Certified that Dr. Pushp Lata is likely to join the same post and at the same station from where she proceeds on leave, after expiry of the above period of leave.

Also certified that Dr. Pushp Lata would have continued to hold the post of Civil Judge (Leave/Training Reserve), High Court of H.P., Shimla, but for her proceeding on leave for the above period.

By order, Sd/- Registrar General.

_____________

HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171001

NOTIFICATION

Shimla, the 14th November, 2019

No. HHC/GAZ/14-345/2014.—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant 04 days earned leave on and w.e.f. 19-11-2019 to 22-11-2019 in favour of Ms. Abha Chauhan, Civil Judge-cum-JMIC(IV), Shimla, H.P.

8227 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

Certified that Ms. Abha Chauhan is likely to join the same post and at the same station from where she proceeds on leave, after expiry of the above period of leave.

Also certified that Ms. Abha Chauhan would have continued to hold the post of Civil Judge- cum-JMIC(IV), Shimla, H.P., but for her proceeding on leave for the above period.

By order, Sd/- Registrar General.

_____________

HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171001

NOTIFICATION

Shimla, the 14th November, 2019

No. HHC/GAZ/14-390/2019.—Hon'ble the Chief Justice has been pleased to grant 02 days earned leave for 22-11-2019 and 23-11-2019 with permission to suffix Sunday falling on 24-11-2019 in favour of Ms. Shweta Narula, Civil Judge-cum-JM-II, Solan, H.P.

Certified that Ms. Shweta Narula is likely to join the same post and at the same station from where she proceeds on leave, after expiry of the above period of leave.

Also certified that Ms. Shweta Narula would have continued to hold the post of Civil Judge- cum-JM-II, Solan, H.P., but for her proceeding on leave for the above period.

By order, Sd/- Registrar General.

___________

राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश STATE ELECTION COMMISSION HIMACHAL PRADESH Armsdale Building -171002 Tel. 0177-2620152, 2620159, 2620154, Fax. 2620152 Email:[email protected]

NOTIFICATION

Shimla-2, the 22nd November, 2019

No. SEC (5)54/99-2726.—On the recommendation of Departmental Promotion Committee, Shri Ram Kumar Negi, Senior Assistant is hereby promoted as Superintendent Grade I (Gazetted Class-I) on regular basis in the Pay Band of Rs. 15600—39100+5400 G.P. with immediate effect.

Sh. Ram Kumar Negi will be on probation for a period of two years which can be extended for a period of one year in special circumstances and reasons to be recorded in writing.

Further Sh. Ram Kumar Negi is required to exercise option for fixation of pay within a period of one month from the date of issue of these orders.

By order,

State Election Commissioner,

Himachal Pradesh.

8228 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय

अधिसूचना

दिनांक 25 नवम्बर, 2019

संख्याः वि0स0वित्त(मैनु0)-166/2003.--अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश विधान सभा, हिमाचल प्रदेश विधान सभा (अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष वेतन) अधिनियम, 1971 (1971 का अधिनियम संख्यांक 4) की धारा 7 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष वेतन (संशोधन) विधेयक, 2019 तथा अधिनियम संख्यांक 17 (2019 का विधेयक संख्यांक 16) के अन्तर्गत धारा 10-क में संशोधन करने के लिए निम्न नियम बनाते हैं, अर्थात्‌ः--

संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का नाम हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष वेतन (संशोधन) नियम, 2019 होगा।

(2) यह नियम दिनांक 01 नवम्बर, 2019 से लागू होंगे।

धारा 10-क का संशोधन.--(1) नियम-10-क रेलमार्ग द्वारा या वायुमार्ग द्वारा या टैक्सी द्वारा निःशुल्क यात्रा-(1) निम्न प्रकार से पढ़ा जाएगा :--

''अध्यक्ष या उपाध्यक्ष अपनी पदावधि के दौरान अपने कुटुम्ब के साथ या यात्रा के दौरान उसकी देखभाल और सहायता करने के लिए उसके साथ यात्रा करने वाले किसी व्यक्ति के साथ किसी भी समय किसी भी श्रेणी में रेलमार्ग द्वारा या वायुमार्ग द्वारा देश के भीतर या बाहर या टैक्सी द्वारा राज्य के बाहर और देश के भीतर यात्रा करने का हकदार होगा ओर वह प्रत्येक वित्तीय वर्ष में चार लाख रुपये की अधिकतम राशि के अध्यधीन, इस प्रकार उपगत वास्तविक व्यय की प्रतिपूर्ति का हकदार होगा, ऐसी की गई यात्रा की टिकटों या बिलों के प्रस्तुत करने पर होगाः

परन्तु टैक्सी द्वारा की गई यात्रा पर व्यय चार लाख रुपये की अधिकतम राशि के दस प्रतिशत से अधिक नहीं होगीः

परन्तु यह और कि किसी भी वित्तीय वर्ष में रेल मार्ग द्वारा या वायु मार्ग द्वारा या टैक्सी द्वारा की गई यात्रा के लिए संदेय कुल रकम चार लाख रुपये से अधिक नहीं होगी।

स्पष्टीकरण.--इस उपधारा के प्रयोजन के लिए पद ''कुटुम्ब'' से पति-पत्नी, उनके अविवाहित दत्तक पुत्र और पुत्री सहित अविवाहित पुत्र और पुत्री (पुत्रियां) अभिप्रेत होगा/होगी।

सचिव, हि0 प्र0 विधान सभा।

--------

हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय

अधिसूचना

दिनांक 25 नवम्बर, 2019

संख्याः वि0स0वित्त(मैनु0)-166/2003.--अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश विधान सभा, हिमाचल प्रदेश विधान सभा (सदस्यों के भत्ते और पैंशन) अधिनियम, 1971 (1971 का अधिनियम संख्यांक 8) की धारा 7 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश विधान सभा (सदस्यों के भत्ते और पैंशन) संशोधन विधेयक,8229 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 2019 (2019 का विधेयक संख्यांक 15) को अधिनियम संख्यांक 16 के अन्तर्गत धारा 6 में संशोधन करने के लिए निम्न नियम बनाते हैं, अर्थात्‌ः--

संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का नाम हिमाचल प्रदेश विधान सभा (सदस्यों के भत्ते और पैंशन) (संशोधन) नियम, 2019 होगा।

(2) यह नियम दिनांक 01 नवम्बर, 2019 से लागू होंगे।

नियम 6 का संशोधन.--(1) नियम 6 रेलमार्ग द्वारा या वायुमार्ग द्वारा या राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा या टैक्सी द्वारा निःशुल्क यात्रा-(1) निम्न प्रकार से पढ़ा जाएगा :--

''प्रत्येक सदस्य अपनी पदावधि के दौरान अपने कुटुम्ब के साथ या यात्रा के दौरान उसकी देखभाल और सहायता के लिए उसके साथ यात्रा करने वाले किसी व्यक्ति के साथ किसी भी समय किसी भी श्रेणी में रेलमार्ग द्वारा या वायुमार्ग द्वारा या राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा देश के भीतर या बाहर या टैक्सी द्वारा राज्य के बाहर और देश के भीतर यात्रा करने का हकदार होगा और वह प्रत्येक वित्तीय वर्ष में चार लाख रुपये की अधिकतम राशि के अध्यधीन, इस प्रकार उपगत वास्तविक व्यय की प्रतिपूर्ति का हकदार, ऐसी की गई यात्रा की टिकटों या बिलों के प्रस्तुत करने पर होगाः

परन्तु सदस्य जब सरकारी प्रवास पर हो तो वह वायुमार्ग या रेलमार्ग या लोक परिवहन या टैक्सी द्वारा यात्रा के दौरान उसके कुटुम्ब द्वारा या उसकी देखभाल और सहायता करने के लिए उसके साथ यात्रा करने वाले किसी अन्य व्यक्ति द्वारा की गई यात्रा में उपगत वास्तविक व्यय की प्रतिपूर्ति का हकदार, ऐसी की गई यात्रा की टिकटों या बिलों को प्रस्तुत करने पर होगाः

परन्तु यह और कि टैक्सी द्वारा की गई यात्रा पर व्यय चार लाख रुपये की अधिकतम राशि के दस प्रतिशत से अधिक नहीं होगीः

परन्तु यह और कि रेल मार्ग द्वारा या वायु मार्ग द्वारा या लोक परिवहन या टैक्सी द्वारा की गई यात्रा के लिए संदेय कुल रकम वित्तीय वर्ष में चार लाख रुपये से अधिक नहीं होगी।

स्पष्टीकरण.--इस उपधारा के प्रयोजन के लिए पद ''कुटुम्ब'' से पति-पत्नी, उनके अविवाहित दत्तक पुत्र और पुत्री सहित अविवाहित पुत्र और पुत्री (पुत्रियां) अभिप्रेत होगा/होगी।

सचिव, हि0 प्र0 विधान सभा।

---------

हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय

अधिसूचना

दिनांक 25 नवम्बर, 2019

संख्याः वि0स0वित्त(मैनु0)-166/2003.--अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश विधान सभा, हिमाचल प्रदेश विधान सभा (सदस्यों के भत्ते और पैंशन) अधिनियम, 1971 (1971 का अधिनियम संख्यांक 8) की धारा 7 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश विधान सभा (सदस्यों के भत्ते और पैंशन) संशोधन विधेयक, 2019 (2019 का विधेयक संख्यांक 15) को अधिनियम संख्यांक 16 के अन्तर्गत धारा 6-क में संशोधन करने के लिए निम्न नियम बनाते हैं, अर्थात्‌ः--

संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का नाम हिमाचल प्रदेश विधान सभा (सदस्यों के भत्ते और पैंशन) (संशोधन) नियम, 2019 होगा।

(2) यह नियम दिनांक 01 नवम्बर, 2019 से लागू होंगे। 8230 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 धारा 6-क का संशोधन.--(1) नियम-6-क भूतपूर्व सदस्यों को रेलमार्ग द्वारा या वायुमार्ग द्वारा या राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा या टैक्सी द्वारा मुफ्त यात्रा (फ्री ट्रांजिट) सुविधा को निम्न प्रकार से पढ़ा जाएगाः--

''किसी भूतपूर्व सदस्य को अपने कुटुम्ब के साथ या यात्रा के दौरान उसकी देखभाल और सहायता करने के लिए उसके साथ यात्रा करने वाले किसी व्यक्ति के साथ किसी भी समय किसी भी श्रेणी में रेलमार्ग द्वारा या वायुमार्ग द्वारा या राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा देश के भीतर या बाहर या टैक्सी द्वारा राज्य के बाहर और देश के भीतर यात्रा करने का हकदार होगा ओर वह प्रत्येक वित्तीय वर्ष में दो लाख रुपये की अधिकतम राशि के अध्यधीन, इस प्रकार उपगत वास्तविक व्यय की प्रतिपूर्ति का हकदार, ऐसी की गई यात्रा की टिकटों या बिलों के प्रस्तुत करने पर होगाः

परन्तु टैक्सी द्वारा की गई यात्रा पर व्यय दो लाख रुपये की अधिकतम राशि के दस प्रतिशत से अधिक नहीं होगीः

परन्तु यह और कि किसी भी वित्तीय वर्ष में रेल मार्ग द्वारा या वायु मार्ग द्वारा या लोक परिवहन उपक्रम द्वारा या टैक्सी द्वारा की गई यात्रा के लिए संदेय कुल रकम दो लाख रुपये से अधिक नहीं होगी।

स्पष्टीकरण.--इस उपधारा के प्रयोजन के लिए पद ''कुटुम्ब'' से पति-पत्नी, उनके अविवाहित दत्तक पुत्र और पुत्री सहित अविवाहित पुत्र और पुत्री (पुत्रियां) अभिप्रेत होगा/होगी।

सचिव, हि0 प्र0 विधान सभा।

----------

HIMACHAL PRADESH VIDHAN SABHA SECRETARIAT

NOTIFICATION

Dated, the 25th November, 2019

No. VS-Fin-3M(Mannual)-166/2003.—In exercise of the powers vested in him under Section-7 of the Himachal Pradesh Legislative Assembly Speaker's and Dy. Speaker's Salary Act, 1971 (Act No. 4 of 1971), the Speaker, Himachal Pradesh Vidhan Sabha is pleased to make the following rules of Himachal Pradesh Legislative Assembly Speaker's and Dy. Speaker's Salaries (Amendment vide Act No.17) Act, 2019 and following substituted , namely:—

Short Title & Commencement.—(1) These Rules may be called "the Himachal Pradesh Legislative Assembly Speaker's and Deputy Speaker's Salaries Rules,2019

(2) These Rules Shall be deemed to have come into force with effect from 01 November, 2019.

Amendment of Rule 10-A.—(1) Rules 10-A. Free transit by railway or by air or by taxi-(1) "The Speaker and Deputy Speaker during the term of their office shall be entitled to travel at any time by railway or by air by any class within or outside the country or by taxi outside the State and within the country alongwith his family or any person accompanying him to look after and assist him during travel and shall be entitled for the reimbursement of actual expenses so incurred on production of tickets or bills of such journey performed, subject to a maximum amount of four lac rupees in each financial year":

8231 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 Provided that the expenses on journey by taxi shall not be More than ten percent of the

maximum amount of Four lac rupees:

Provided further that the aggregate amount payable for the journey performed by railway or by air or by taxi in a financial Year shall not exceed four lac rupees.

Explanation.—For the purpose of this sub-section, the Expression "family " shall mean the spouse, their unmarried son(s) and daughter(s) including unmarried adopted son and Daughter.

Secretary,

H.P.Vidhan Sabha.

_____________

HIMACHAL PRADESH VIDHAN SABHA SECRETARIAT

NOTIFICATION

Dated, the 25th November, 2019

No. VS-Fin-3M(Mannual)-166/2003.—In exercise of the powers vested in him under Section-7 of the Himachal Pradesh Legislative Assembly (Allowances and Pension of Members), 1971 (Act No.8 of 1971), the Speaker, Himachal Pradesh Vidhan Sabha is pleased to make the following rules of Himachal Pradesh Legislative Assembly Members (Allowances and Pension of Members), Act, 2019 (Vide Act No. 16), namely:—

Short Title & Commencement.—(1) These Rules may be called "the Himachal Pradesh Legislative Assembly, Members (Allowances and Pension of Members) Rules, 2019.

(2) These Rules Shall be deemed to have come into force with effect from 01 November, 2019.

Amendment of Rule-6.—(1) Rule-6. Free transit by railway or by air or by State Transport Undertaking or by taxi:—

"Each Member during the term of his office shall be entitled to travel at any time by railway or by air by State Transport Undertaking by any class within or outside the country or by taxi outside the State and within the country alongwith his family or any person accompanying him to look after and assist him during travel and shall be entitled for the reimbursement of actual expenses so incurred on production of tickets or bills of such journey performed, subject to maximum amount of four lac rupees in each financial year":

Provided that the Member while on official tour shall also be Entitled for the reimbursement of actual expenses so incurred by his family or any other person accompanying him to look after and assist him during travel by air or by rail or by public transport or by taxi on production of tickets or bills for such journey performed.

Provided further that the expenses on journey by taxi shall not be More than ten percent of the maximum amount of Four lac rupees.

8232 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 Provided further that the aggregate amount payable for the journey performed by railway or

by air or by Public Transport or by taxi in a financial Year shall not exceed four lac rupees.

Explanation.—For the purpose of this sub - section, Expression " family " shall mean the spouse, their unmarried son(s) and daughter(s) including unmarried adopted son and Daughter.

Secretary,

H.P.Vidhan Sabha.

___________

HIMACHAL PRADESH VIDHAN SABHA SECRETARIAT

NOTIFICATION

Dated, the 25th November, 2019

No. VS-Fin-3M(Mannual)-166/2003.—In exercise of the powers vested in him under Section-7 of the Himachal Pradesh Legislative Assembly (Allowances and Pension of Members), 1971 (Act No.8 of 1971), the Speaker, Himachal Pradesh Vidhan Sabha is pleased to make the following rules of Himachal Pradesh Legislative Assembly Members (Allowances and Pension of Members), Act, 2019 (Vide Act No. 16), namely:—

Short Title & Commencement.—(1) These Rules may be called "the Himachal Pradesh Legislative Assembly, Members (Allowances and Pension of Members) Rules, 2019.

(2) These Rules Shall be deemed to have come into force with effect from 01 November, 2019.

Amendment of Rule-6-A.—(1) Rule -6-A Free transit facility by railway or by air or by State Transport Undertaking or by taxi to Ex-Members:—

"An Ex- Member shall be entitled to travel at any time by railway or by air or by State Transport Undertaking by any class within or outside the country or by taxi outside the State and within the country alongwith his family or any person accompanying him to look after and assist him during travel and shall be entitled for the reimbursement of actual expenses so incurred on production of tickets or bills of such journey performed , subject to maximum amount of two lac rupees in each financial year":

Provided that the expenses on journey by taxi shall not be More than ten percent of the maximum amount of two lac rupees.

Provided further that the aggregate amount payable for the journey performed by railway or by air or by State Transport Undertaking or by taxi in a financial Year shall not exceed two lac rupees.

Explanation.—For the purpose of this section, Expression " family " shall mean the spouse, their unmarried son(s) and daughter(s) including unmarried adopted son and Daughter.

Secretary,

H.P.Vidhan Sabha.

8233 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

ब अदालत श्री दिलो राम भारद्वाज एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

केस नं0 : 54/2019 तारीख दायरा : 28-10-2019 तारीख पेशी : 18-12-2019 श्री सुरेन्दर राणा पुत्र साली राम, निवासी महाल झरेट ठाकरां, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0

. . प्रार्थी।

बनाम

आम जनता

. .प्रत्यार्थीगण। विषय.--बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत।

प्रार्थी उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र इस आशय से पेश किया है कि उनका नाम सुरेन्दर राणा पुत्र साली राम है जबकि महाल झरेट ठाकरां, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 के राजस्व अभिलेख में सुरेन्दर कुमार पुत्र साली राम दर्शाया गया है जो कि गलत है। अतः महाल झरेट ठाकरां, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 के राजस्व अभिलेख में उनका नाम दुरुस्त किया जाये।

अतः इस बारे इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दरूस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 18-12-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 14-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

----------

ब अदालत श्री दिलो राम भारद्वाज एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

केस नं0 : 49/2019 तारीख दायरा : 26-09-2019 तारीख पेशी : 18-12-2019 श्री सरीफ चन्द पुत्र दीवाना, निवासी महाल वाह, मौजा रझूं, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0

. . प्रार्थी।

बनाम

आम जनता

. .प्रत्यार्थीगण। विषय.--बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत। 8234 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 प्रार्थी उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र इस आशय से पेश किया है कि उनका नाम सरीफ चन्द पुत्र दीवाना है जबकि महाल वाह, मौजा रझूं, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 के राजस्व अभिलेख में सरीफ कुमार पुत्र दिवाना दर्शाया गया है जो कि गलत है। अतः महाल वाह, मौजा रझूं, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 के राजस्व अभिलेख में उनका नाम दुरुस्त किया जाये।

अतः इस बारे इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दरूस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 18-12-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 14-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

--------

ब अदालत श्री दिलो राम भारद्वाज एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

केस नं0 : 50/2019 तारीख दायरा : 09-10-2019 तारीख पेशी : 18-12-2019 श्रीमती नरेणो देवी पत्नी स्व0 श्री विशम्भर सिंह, निवासी झरेट जगियां, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0

. . प्रार्थिया।

बनाम

आम जनता

. .प्रत्यार्थीगण। विषय.--बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत। प्रार्थिया उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र इस आशय से पेश किया है कि उनके पुत्र का नाम अशोक कुमार जग्गी पुत्र विशम्भर सिंह है जबकि महाल झरेट जगियां व महाल भंगाली के राजस्व अभिलेख में अशोक कुमार पुत्र विशम्भर सिंह दर्शाया गया है जो कि गलत है। अतः महाल झरेट जगियां व महाल भंगाली, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 के राजस्व अभिलेख में उनके पुत्र का नाम दुरुस्त किया जाये।

अतः इस बारे इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दरूस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 18-12-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा उक्त नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 14-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।8235 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 ब अदालत श्री दिलो राम भारद्वाज, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

केस नं0 : 14/2019 तारीख दायरा : 09-10-2019 तारीख पेशी : 18-12-2019 शीर्षक.--श्रीमती रूकमणी देवी पत्नी तुलसी राम, निवासी परमार नगर, डाकघर चौकी, तहसील धीरा, जिला . . प्रार्थिया। कांगड़ा, हि0 प्र0

बनाम

1. आम जनता 2. लोकल रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण . .प्रत्यार्थीगण। विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म/मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

प्रार्थिया उपरोक्त ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसकी पुत्री का जन्म ग्राम पंचायत व डाकघर चौकी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 में दिनांक 26-07-1994 को हुआ है मगर अज्ञानतावश ग्राम पंचायत चौकी के अभिलेख में दर्ज न है जिसे वह ग्राम पंचायत चौकी के अभिलेख में दर्ज करवाना चाहती है।

अतः इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 18-12-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा आवेदिका की पुत्री शिखा कुमारी की जन्म तिथि दिनांक 26-07-1994 के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 14-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

--------

ब अदालत श्री दिलो राम भारद्वाज, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

केस नं0 : 16/2019 तारीख दायराः 14-11-2019 तारीख पेशी : 18-12-2019 शीर्षक.--श्री जगन्नाथ पुत्र जती राम, निवासी महाल द्रमण, डाकघर पुढ़वा, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0

. . प्रार्थी।

बनाम

1. आम जनता 2. लोकल रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण . .प्रत्यार्थीगण। 8236 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म/मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

प्रार्थी उपरोक्त ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसकी पुत्री का जन्म ग्राम पंचायत व डाकघर पुढ़वा, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 में दिनांक 22-05-1981 को हुआ है मगर अज्ञानतावश ग्राम पंचायत पुढ़वा के अभिलेख में दर्ज न है जिसे वह ग्राम पंचायत पुढ़वा के अभिलेख में दर्ज करवाना चाहता है।

अतः इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 18-12-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा आवेदक की पुत्री कानूप्रिया पुत्री जगन्नाथ की जन्म तिथि दिनांक 22-05-1981 के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 16-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

----------

ब अदालत श्री दिलो राम भारद्वाज, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

केस नं0 : 15/2019 तारीख दायराः 19-10-2019 तारीख पेशी : 18-12-2019 शीर्षक.--श्रीमती रीता देवी पत्नी जय राम, निवासी उपरला नौंआ, डाकघर चौकी, तहसील धीरा, जिला . . प्रार्थिया। कांगड़ा, हि0 प्र0

बनाम

1. आम जनता 2. लोकल रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण . .प्रत्यार्थीगण। विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म/मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

प्रार्थिया उपरोक्त ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र इस आशय से पेश किया है कि उनके पुत्र पियूष का जन्म ग्राम पंचायत व डाकघर चौकी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 में दिनांक 07-03-2018 को हुआ है। मगर अज्ञानतावश ग्राम पंचायत चौकी के अभिलेख में दर्ज न है जिसे वह ग्राम पंचायत चौकी के अभिलेख में दर्ज करवाना चाहती है।

अतः इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 18-12-2019 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा आवेदिका के पुत्र पियूष की जन्म तिथि दिनांक 07-03-2018 के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिये जायेंगे।8237 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 आज दिनांक 14-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ। मोहर।

हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

--------

ब अदालत श्री सुनील चौहान, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 मुकद्दमा तकसीम नं0 : /2019/टी0टी0पी0

तारीख पेशी : 17-12-2019 श्रीमती पूरनी देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम, वासी महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला . . प्रार्थिया। कांगड़ा (हि0 प्र0)

बनाम

1. श्रीमती जुध्यां देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम आदि, वासी महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील . . प्रतिवादीगण। थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

नोटिस बनाम.-1. श्रीमती अमरो देवी, कृष्णा देवी पुत्रियां श्री गीगा राम, 2. देश राज, सुरेश कुमार, वलबन्त सिंह पुत्र व श्रीमती गीता देवी, उर्मिला देवी, पुष्पा देवी, भुकरी देवी, सीमा देवी पुत्रियां श्रीमती षीलो देवी, 3. सुनील दत, मनोज कुमार, सुरजीत सिंह पुत्र व श्रीमती नीलम कांता पुत्रियां व श्रीमती राषो देवी पत्नी स्व0 श्री शक्ति चन्द, 4. कमलेश कुमार, कृष्ण चन्द, विक्रम कुमार, सतीष कुमार पुत्र व लता देवी, रेखा देवी, रंजना कुमारी पुत्रियां व श्रीमती अतरी देवी पत्नी स्व0 श्री सरन दास, 5. विपन कुमार पुत्र व श्रीमती वीना देवी, रीना देवी, सुनीता देवी पुत्रियां व श्रीमती पंखां देवी पत्नी स्व0 श्री जमीत सिंह, 6. प्रमोध सिंह पुत्र श्री फिता, 7. मदन लाल, पूर्ण चन्द, ओम प्रकाष, चमन लाल, वियोम प्र्रकाष, रमेष चन्द पुत्र दंनी चन्द, 8. धर्म सिंह, कल्याण सिंह, अमर सिंह पुत्र व श्रीमती सीना देवी, कमला देवी, कौशल्या देवी पुत्रियां मुन्षी, 9. वावू राम, रोषन लाल, जगदीश चन्द, जोगिन्द्र सिंह, रत्न चन्द, राज कुमार पुत्र व चंचला देवी पुत्री व श्रीमती कमला देवी पत्नी स्व0 श्री प्रशोतम राम, 10. प्रेम चन्द पुत्र धनियां, समस्त वासी महाल उपरला मांझा, मौजा व . . प्रतिवादीगण। तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

विषय.--हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 123 के अन्तर्गत भूमि खेवट नं0-03, खतौनी नं0-06 ता 14, खसरा कित्ता-184, रकबा तादादी 07-23-04 है0 वाक्या महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) के भूमि विभाजन हेतु प्रार्थना-पत्र।

इश्तहार अखबारी व मुस्त्री मुनादी।

श्रीमती पूरनी देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम, वासी महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने इस अदालत में खाता नं0 03 का दावा भूमि तकसीम दायर कर रखा है जिसमें उपरोक्त वर्णित प्रतिवादीगण की तामील बार-बार समन जारी करने पर नहीं हो पा रही है और न ही प्रार्थिया को इनका सही पता मालूम है। प्रार्थिया ने इनका सही पता प्राप्त होने बारे असमर्थता जताई है। अतः न्यायालय की संतुष्टि व विश्वास हेतु यह सिद्ध हो गया है कि उक्त प्रतिवादीगण की तामील साधारण ढंग से नहीं हो सकती है। अतः उक्त वर्णित प्रतिवादीगण को इस इश्तहार अखबारी व मुस्त्री मुनादी, चस्पांगी द्वारा सूचित किया जाता है कि वे उक्त मुकद्दमा की पैरवी हेतु असालतन या वकालतन तारीख पेशी 17-12-2019 को हाजिर अदालत होकर पैरवी मुकद्दमा करें अन्यथा गैर-हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिया जाएगा व बाद तारीख पेशी किसी किस्म का उजर व एतराज स्वीकार्य न होगा। 8238 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 यह इश्तहार मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से आज दिनांक 07-11-2019 को जारी हुआ। मोहर।

सुनील चौहान, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

----------

ब अदालत श्री सुनील चौहान, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 मुकद्दमा तकसीम नं0 : /2019/टी0टी0पी0

तारीख पेशी : 17-12-2019 श्रीमती पूरनी देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम, वासी महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला . . प्रार्थिया। कांगड़ा (हि0 प्र0)

बनाम

1. श्रीमती जुध्यां देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम आदि, वासी महाल मांझा, उपरला, मौजा व तहसील . . प्रतिवादीगण। थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

नोटिस बनाम.-1. श्रीमती अमरो देवी, कृष्णा देवी पुत्रियां श्री गीगा राम, 2. देश राज, सुरेश कुमार, वलबन्त सिंह पुत्र व श्रीमती गीता देवी, उर्मिला देवी, पुष्पा देवी, भुकरी देवी, सीमा देवी पुत्रियां श्रीमती षीलो देवी, 3. सुनील दत, मनोज कुमार, सुरजीत सिंह पुत्र व श्रीमती नीलम कांता पुत्रियां व श्रीमती राषो देवी पत्नी स्व0 श्री शक्ति चन्द, 4. कमलेश कुमार, कृष्ण चन्द, विक्रम कुमार, सतीश कुमार पुत्र व लता देवी, रेखा देवी, रंजना कुमारी पुत्रियां व श्रीमती अतरी देवी पत्नी स्व0 श्री सरन दास, 5. विपन कुमार पुत्र व श्रीमती वीना देवी, रीना देवी, सुनीता देवी पुत्रियां व श्रीमती पंखां देवी पत्नी स्व0 श्री जमीत सिंह, 6. प्रमोध सिंह पुत्र श्री फिता, 7. मदन लाल, पूर्ण चन्द, ओम प्रकाष, चमन लाल, वियोम प्र्रकाष, रमेष चन्द पुत्र दंनी चन्द, 8. धर्म सिंह, कल्याण सिंह, अमर सिंह पुत्र व श्रीमती सीना देवी, कमला देवी, कौशल्या देवी पुत्रियां मुन्षी, 9. वावू राम, रोषन लाल, जगदीश चन्द, जोगिन्द्र सिंह, रत्न चन्द, राज कुमार पुत्र व चंचला देवी पुत्री व श्रीमती कमला देवी पत्नी स्व0 श्री प्रशोतम राम, 10. प्रेम चन्द पुत्र धनिया,ं समस्त वासी महाल उपरला मांझा, मौजा व . . प्रतिवादीगण। तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

विषय.--हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 123 के अन्तर्गत भूमि खेवट नं0-04, खतौनी नं0-15, खसरा कित्ता-713, रकबा तादादी 0-15-05 है0 वाक्या महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) के भूमि विभाजन हेतु प्रार्थना-पत्र।

इश्तहार अखबारी व मुस्त्री मुनादी।

श्रीमती पूरनी देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम, वासी महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने इस अदालत में खाता नं0 03 का दावा भूमि तकसीम दायर कर रखा है जिसमें उपरोक्त वर्णित प्रतिवादीगण की तामील बार-बार समन जारी करने पर नहीं हो पा रही है और न ही प्रार्थिया को इनका सही पता मालूम है। प्रार्थिया ने इनका सही पता प्राप्त होने बारे असमर्थता जताई है। अतः न्यायालय की संतुष्टि व विश्वास हेतु यह सिद्ध हो गया है कि उक्त प्रतिवादीगण की तामील साधारण ढंग से नहीं हो सकती है। अतः उक्त वर्णित प्रतिवादीगण को इस इश्तहार अखबारी व मुस्त्री मुनादी, चस्पांगी द्वारा सूचित किया जाता है कि वे उक्त मुकद्दमा की पैरवी हेतु असालतन या वकालतन तारीख पेशी 17-12-2019 को हाजिर अदालत होकर पैरवी मुकद्दमा करें अन्यथा गैर हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिया जाएगा व बाद तारीख पेशी किसी किस्म का उजर व एतराज स्वीकार्य न होगा।8239 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 यह इश्तहार मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से आज दिनांक 07-11-2019 को जारी हुआ। मोहर।

सुनील चौहान, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

---------

ब अदालत श्री सुनील चौहान, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 मुकद्दमा तकसीम नं0 : /2019/टी0टी0पी0

तारीख पेशी : 17-12-2019 श्रीमती पूरनी देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम, वासी महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला . . प्रार्थिया। कांगड़ा (हि0 प्र0)

बनाम

1. श्रीमती जुध्यां देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम आदि, वासी महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील . . प्रतिवादीगण। थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

नोटिस बनाम.-1. श्रीमती अमरो देवी, कृष्णा देवी पुत्रियां श्री गीगा राम, 2. देश राज, सुरेश कुमार, वलबन्त सिंह पुत्र व श्रीमती गीता देवी, उर्मिला देवी, पुष्पा देवी, भुकरी देवी, सीमा देवी पुत्रियां श्रीमती शीलो देवी, 3. सुनील दत, मनोज कुमार, सुरजीत सिंह पुत्र व श्रीमती नीलम कांता पुत्रियां व श्रीमती राशो देवी पत्नी स्व0 श्री शक्ति चन्द, 4. भेखी राम पुत्र व विमला देवी, लता देवी पुत्रियां दुर्गा, 5. दिलभाग सिंह, रणजीत सिंह, पुत्र श्री शाली, 6. देश राज पुत्र श्रीमती सरला देवी पुत्री व श्रीमती व्यासा देवी पत्नी स्व0 श्री नंदु, 7. श्री विसम्बर पुत्र व श्रीमती गुड्डी देवी पुत्री श्री रतो, 8. श्रीमती सुभाशना कुमारी पत्नी श्री विसम्बर, 9. श्री सोहणु पुत्र जैसी, 10. वालक नाथ पुत्र व श्रीमती कौशल्यां देवी पुत्री संत, 11. सीतु पुत्र व श्रीमती विमला देवी, चाहक पुत्रियां श्री परमा, 12. रमेश कुमार, विजय कुमार पुत्र व श्रीमती वीना देवी, मनभरी देवी पुत्रियां श्री ज्ञान चन्द, 13. रणजीत सिंह, कुलदीप सिंह पुत्र सोहन लाल, 14. मिथुन कुमार पुत्र रवि कुमार, 15. वरजिन्द्र सिंह पुत्र रविन्द्र सिंह पुत्र व मनोरमा, विजया लक्ष्मी पुत्रियां व श्रीमती असुं देवी पत्नी स्व0 श्री कुशल सिंह, 16. अजय कुमार पुत्र व श्रीमती सत्या, श्रीमती नर्मदा पुत्रियां व धर्मी देवी पत्नी स्व0 श्री जगदीश सिंह, 17. रजिन्द्र सिंह, मनमोहन सिंह, महिन्द्र सिंह पुत्र श्री रूप सिंह, 18. श्रीमती भागीरथी पत्नी स्व0 श्री रामकृष्ण, 19. प्रेम सिंह, प्रशोतम सिंह पुत्र साहब सिंह, समस्त वासी महाल उपरला मांझा, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

. . प्रतिवादीगण। विषय.--हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 123 के अन्तर्गत भूमि खेवट नं0-19, खतौनी नं0-48, ता 49, खसरा कित्ता-02, रकबा तादादी 0-58-98 है0 वाक्या महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) के भूमि विभाजन हेतु प्रार्थना-पत्र।

इश्तहार अखबारी व मुस्त्री मुनादी।

श्रीमती पूरनी देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम, वासी महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने इस अदालत में खाता नं0 19 का दावा भूमि तकसीम दायर कर रखा है जिसमें उपरोक्त वर्णित प्रतिवादीगण की तामील बार-बार समन जारी करने पर नहीं हो पा रही है और न ही प्रार्थिया को इनका सही पता मालूम है। प्रार्थिया ने इनका सही पता प्राप्त होने बारे असमर्थता जताई है। अतः न्यायालय की संतुष्टि व विश्वास हेतु यह सिद्ध हो गया है कि उक्त प्रतिवादीगण की तामील साधारण ढंग से नहीं हो सकती है। अतः उक्त वर्णित प्रतिवादीगण को इस इश्तहार अखबारी व मुस्त्री मुनादी, चस्पांगी द्वारा सूचित 8240 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 किया जाता है कि वे उक्त मुकद्दमा की पैरवी हेतु असालतन या वकालतन तारीख पेशी 17-12-2019 को हाजिर अदालत होकर पैरवी मुकद्दमा करें अन्यथा गैर हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिया जाएगा व बाद तारीख पेशी किसी किस्म का उजर व एतराज स्वीकार्य न होगा।

यह इश्तहार मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से आज दिनांक 08-11-2019 को जारी हुआ। मोहर।

सुनील चौहान, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

---------

ब अदालत श्री सुनील चौहान, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 मुकद्दमा तकसीम नं0 : /2019/टी0टी0पी0

तारीख पेशी : 17-12-2019 श्रीमती पूरनी देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम, वासी महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला . . प्रार्थिया। कांगड़ा (हि0 प्र0)

बनाम

1. श्रीमती जुध्यां देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम, आदि वासी महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील . . प्रतिवादीगण। थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

नोटिस बनाम.-1. श्रीमती अमरो देवी, कृष्णा देवी पुत्रियां श्री गीगा राम, 2. देश राज, सुरेश कुमार, वलबन्त सिंह पुत्र व श्रीमती गीता देवी, उर्मिला देवी, पुष्पा देवी, भुकरी देवी, सीमा देवी पुत्रियां श्रीमती षीलो देवी, 3. सुनील दत, मनोज कुमार, सुरजीत सिंह पुत्र व श्रीमती नीलम कांता पुत्रियां व श्रीमती राषो देवी पत्नी स्व0 श्री शक्ति चन्द, 4. पूर्ण चन्द पुत्र दंनी चन्द, 5. सतीश कुमार पुत्र नत्थू राम, 6. रमेश कुमार, विजय कुमार पुत्र व श्रीमती वीना देवी, मनभरी देवी पुत्रियां श्री ज्ञान चन्द, 7. रणजीत सिंह, कुलदीप सिंह पुत्र सोहन, समस्त वासी महाल उपरला मांझा, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) . . प्रतिवादीगण। विषय.--हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 123 के अन्तर्गत भूमि खेवट नं0-14, खतौनी नं0-38 ता 41, खसरा-94, रकबा तादादी 3-94-87 है0 वाक्या महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) के भूमि विभाजन हेतु प्रार्थना-पत्र।

इश्तहार अखबारी व मुस्त्री मुनादी।

श्रीमती पूरनी देवी पुत्री स्व0 श्री गीगा राम, वासी महाल मांझा उपरला, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने इस अदालत में खाता नं0 03 का दावा भूमि तकसीम दायर कर रखा है जिसमें उपरोक्त वर्णित प्रतिवादीगण की तामील बार-बार समन जारी करने पर नहीं हो पा रही है और न ही प्रार्थिया को इनका सही पता मालूम है। प्रार्थिया ने इनका सही पता प्राप्त होने बारे असमर्थता जताई है। अतः न्यायालय की संतुष्टि व विश्वास हेतु यह सिद्ध हो गया है कि उक्त प्रतिवादीगण की तामील साधारण ढंग से नहीं हो सकती है। अतः उक्त वर्णित प्रतिवादीगण को इस इश्तहार अखबारी व मुस्त्री मुनादी, चस्पांगी द्वारा सूचित किया जाता है कि वे उक्त मुकद्दमा की पैरवी हेतु असालतन या वकालतन तारीख पेशी 17-12-2019 को हाजिर अदालत होकर पैरवी मुकद्दमा करें अन्यथा गैर-हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिया जाएगा व बाद तारीख पेशी किसी किस्म का उजर व एतराज स्वीकार्य न होगा।8241 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 यह इश्तहार मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से आज दिनांक 07-11-2019 को जारी हुआ। मोहर।

सुनील चौहान, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

---------

ब अदालत श्री सुनील चौहान, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0

किस्म मुकद्दमा : दुरूस्ती नाम तारीख पेशी : 17-12-2019 श्रीमती रश्मि सूद पुत्री श्री दौलत राम, निवासी गांव घरांहु मौजा व तहसील जोगिन्दरनगर, जिला . . प्रार्थिया। मण्डी (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

प्रतिवादी। विषय.--प्रार्थना-पत्र दुरूस्ती नाम राजस्व अभिलेख महाल चल्लाह, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

प्रार्थिया श्रीमती रश्मि सूद पुत्री श्री दौलत राम, निवासी गांव घरांहु, मौजा व तहसील जोगिन्दर नगर, जिला मण्डी (हि0 प्र0) ने एक प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र पीठासीन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करते हुए अनुरोध किया है कि उसका नाम आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य दस्तावेज में रश्मि सूद दर्ज है व उस का विख्यात व सही नाम भी रश्मि सूद ही है परन्तु राजस्व अभिलेख महाल चल्लाह, मौजा व तहसील थुरल में उसका नाम सविता गलत दर्ज हो गया है। अतः प्रार्थिया अब अपना नाम राजस्व अभिलेख महाल चल्लाह, मौजा व तहसील थुरल में दुरूस्ती करवा करके श्रीमती सविता देवी के बजाए सविता उपनाम रश्मि सूद पुत्री श्री दौलत राम दर्ज करवाना चाहती है। अतः प्रार्थिया का आवेदन स्वीकार करते हुए इस इश्तहार राजपत्र के माध्यम से आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त प्रार्थिया के नाम की राजस्व अभिलेख महाल चल्लाह, मौजा व तहसील थुरल में श्रीमती सविता की बजाए श्रीमती सविता उपनाम रश्मि सूद पुत्री श्री दौलत राम दर्ज करवाने बारे किसी किस्म की आपत्ति या उजर हो तो वह तारीख पेशी 17-12-2019 को असालतन या वकालतन हाजिर अदालत होकर अपना उजर पेश कर सकता है अन्यथा बाद तारीख पेशी किसी किस्म का उजर एवं एतराज नहीं सुना जावेगा व नाम दुरूस्ती का आदेश पारित कर दिया जाएगा। यह इश्तहार आज दिनांक 06-11-2019 को मोहर अदालत व मेरे हस्ताक्षर से जारी हुआ। मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

तहसील थुरल, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

--------

ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

श्रीमती दर्शना शर्मा पुत्री साली ग्राम, वासी महाल पपलोथर, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0

. . प्रार्थिया।

बनाम8242 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 आम जनता . . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख महाल पपलोथर में नाम दुरूस्ती बारे।

उपरोक्त प्रार्थिया ने अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि उसका नाम राजस्व रिकार्ड महाल पपलोथर में सुदर्शना देवी पुत्री साली ग्राम दर्ज है जबकि मेरे आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर व अन्तर्राष्ट्रीय पासपोर्ट में दर्शना शर्मा दर्ज है जोकि मेरा सही नाम है। प्रार्थिया राजस्व अभिलेख महाल पपलोथर में अपने नाम की दुरूस्ती सुदर्शना देवी उपनाम दर्शना शर्मा पुत्री साली ग्राम वासी पपलोथर के रुप में करवाना चाहती है।

अतः इस इश्तहार/नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बन्धी रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरूस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 20-12-2019 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज पेश कर सकते हैं। उजर/एतराज प्रस्तुत न करने की सूरत में उपरोक्त नाम दुरूस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।

आज दिनांक 15-11-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणीे,

जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

----------

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0)

मुकद्दमा नं0 17/2019

तारीख रजुआ 18-11-2019 Miss Geetanjali Bodh d/o Sh. Paldan Dorje, r/o Village Kungri, P.O. Gulling, Tehsil Spiti, District Lahaul & Spiti, H.P.

बनाम

1. आम जनता ग्राम कल्पा/युवारंगी 2. प्रधान, ग्राम पंचायत कल्पा, तहसील कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0)

विषय.--प्रार्थी का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत कल्पा के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाये जाने बारे अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत जन्म पंजीकरण करने बारे।

हर खास व आम जनता को बजरिया इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि Miss Geetanjali Bodh d/o Sh. Paldan Dorje ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में एक आवेदन-पत्र मय शपथ-पत्र प्रस्तुत किया है कि उनका जन्म दिनांक 19-12-1985 को गांव युवारंगी में हुआ है तथा अज्ञानतावश प्रार्थी ने उसका पंजीकरण ग्राम पंचायत कल्पा के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज नहीं करवाया है। अब प्रार्थी उपरोक्त नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत कल्पा के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहती है। इस बारे आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।8243 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 अतः आम जनता ग्राम पंचायत कल्पा/युवारंगी, तहसील कल्पा, जिला किन्नौर को बजरिया इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि Miss Geetanjali Bodh d/o Sh. Paldan Dorje, r/o Village Kungri, P.O. Gulling, Tehsil Spiti, District Lahaul & Spiti, H.P. का जन्म दिनांक 19-12-1985 को हुआ है का पंजीकरण ग्राम पंचायत कल्पा के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 17-12-2019 को या इससे पूर्व अदालत में हाजिर आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा आवेदन-पत्र पर जन्म पंजीकरण के आदेश पारित कर सचिव ग्राम पंचायत कल्पा को आगामी कार्यान्वयन हेतु भेज दिया जायेगा।

आज दिनांक 18-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0)।

----------

समक्ष प्रवीण कुमार, तहसीलदार एवम्‌ सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, लडभड़ोल, जिला मण्डी

(हि0 प्र0)

तारीख पेशी : 26-12-2019 श्री वीर सिंह पुत्र श्री वंशी राम, निवासी पलन गंगोटी, डाकघर गंगोटी, तहसील लडभड़ोल, जिला . . प्रार्थी। मण्डी (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

. . फरीकदोयम। श्री वीर सिंह पुत्र श्री वंशी राम, निवासी पलन गंगोटी, डाकघर गंगोटी, तहसील लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0) नेे शपथ-पत्र सहित आवेदन किया है कि प्रार्थी का वास्तविक नाम वीर सिंह है परन्तु प्रार्थी का नाम राजस्व अभिलेख महाल गंगोटी में वीरी सिंह दर्ज हो चुका है जो कि गलत दर्ज हो चुका है। अब प्रार्थी ने अपने नाम की दुरुस्ती के आदेश चाहे हैं।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दुरुस्ती करने बारा कोई उजर-एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी दिनांक 26-12-2019 को 10. 00 बजे इस अदालत में हाजिर होकर अपना उजर-एतराज पेश कर सकता है। बसूरत गैरहाजिरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर नाम दुरुस्ती करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

यह इश्तहार आज दिनांक 14-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।8244 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 समक्ष प्रवीण कुमार, तहसीलदार एवम्‌ सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, लडभड़ोल, जिला मण्डी

(हि0 प्र0)

तारीख पेशी : 26-12-2019 श्री श्रवण सिंह पुत्र स्व0 श्री खेम चन्द, निवासी गांव झूलगण, डाकघर खद्वर, तहसील लडभड़ोल, . . प्रार्थी। जिला मण्डी (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

. . फरीकदोयम। श्री श्रवण सिंह पुत्र स्व0 श्री खेम चन्द, निवासी गांव झूलगण, डाकघर खद्वर, तहसील लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0) नेे शपथ-पत्र सहित आवेदन किया है कि प्रार्थी का वास्तविक नाम श्रवण सिंह है परन्तु प्रार्थी का नाम राजस्व अभिलेख महाल झूलगण में सरवण कुमार दर्ज हो चुका है जो कि गलत दर्ज हो चुका है। अब प्रार्थी ने अपने नाम की दुरुस्ती के आदेश चाहे हैं।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दुरुस्ती करने बारा कोई उजर-एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी दिनांक 26-12-2019 को 10. 00 बजे इस अदालत में हाजिर होकर अपना उजर-एतराज पेश कर सकता है। बसूरत गैरहाजिरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर नाम दुरुस्ती करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

यह इश्तहार आज दिनांक 14-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

---------

ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, नारग, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

दावा सं0 : 03/13 ऑफ 2019

ता0 मजरुआ : 12-02-2019 श्रीमती तारा देवी पुत्री श्री सुन्दर सिंह, निवासी ग्राम दोभाड़ा, डाकघर कुज्जी, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 35 ता 38 हि0 प्र0 भू0 राजस्व अधिनियम, 1953.

श्रीमती तारा देवी पुत्री श्री सुन्दर सिंह, निवासी ग्राम दोभाड़ा, डाकघर कुज्जी, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस न्यायालय में धारा 35 ता 38 के अन्तर्गत अपना नाम श्रीमती तारा देवी दुरूस्ती करने हेतु आवेदन-पत्र गुजार रखा है कि प्रार्थिन का नाम श्रीमती तारा देवी है। परन्तु राजस्व अभिलेख मौजा उपसम्पदा दोभाड़ा, उप-तहसील नारग में श्रीमती पूनम देवी दर्ज है। अब प्रार्थिन अपना नाम राजस्व अभिलेख मौजा उपसम्पदा दोभाड़ा, उप-तहसील नारग में दुरूस्त करवाकर श्रीमती पूनम देवी के स्थान पर श्रीमती तारा देवी दर्ज करवाना चाहती है।8245 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति आम या खास को प्रार्थिन का नाम श्रीमती तारा देवी राजस्व अभिलेख मौजा उपसम्पदा दोभाड़ा में श्रीमती पूनम देवी के स्थान पर श्रीमती तारा देवी दर्ज करने बारे किसी प्रकार का उजर एवं एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 05-12-2019 को प्रातः 10.00 बजे तक अपना उजर या एतराज न्यायालय में पेश कर सकते हैं गैर हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 02-11-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।

----------

ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, नारग, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

दावा सं0 : 13/13 ऑफ 2018

ता0 मजरुआ : 16-11-2018 श्रीमती रक्षा देवी पत्नी श्री रत्तन दत्त पुत्र श्री मनसा राम, अजय शर्मा पुत्र श्री रत्तन दत्त व बेलो देवी पत्नी श्री मनसा राम मार्फत SPA स्वरूप दत्त पुत्र श्री मनसा राम, निवासी ग्राम नोम तोटू, डाकघर सरसू, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 35 ता 38 हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1953.

श्री स्वरूप दत्त पुत्र श्री मनसा राम, निवासी ग्राम नोम तोटू, डाकघर सरसू, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस अदालत में धारा 35 ता 38 के अन्तर्गत अपने भाई के नाम श्री रतन दत्त की दुरुस्ती करने हेतु आवेदन-पत्र गुजार रखा है कि प्रार्थी के भाई का नाम भी रतन दत्त है, परन्तु राजस्व अभिलेख मौजा नोम तोटू, उप-तहसील नारग में श्री रामदत्त दर्ज है। अब प्रार्थी अपने भाई का नाम राजस्व अभिलेख मौजा नोम तोटू, उप-तहसील नारग में दुरूस्त करवाकर श्री राम दत्त के स्थान पर श्री रत्तन दत्त दर्ज करवाना चाहता है।

अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति आम या खास को प्रार्थी के नाम श्री रतन दत्त राजस्व अभिलेख मौजा नोम तोटू में श्री राम दत्त के स्थान पर श्री रतन दत्त दर्ज करने बारे किसी प्रकार का उजर एवं एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 05-12-2019 को प्रातः 10.00 बजे तक अपना उजर या एतराज न्यायालय में पेश कर सकते हैं गैर हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 02-11-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।8246 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, नारग, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

दावा सं0 : 7/13 ऑफ 2019

ता0 मजरुआ : 17-09-2018 श्री मदन लाल पुत्र श्री गुरदासा, निवासी ग्राम डिलमन, डाकघर कुज्जी, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 35 ता 38 हि0 प्र0 भू0 राजस्व अधिनियम, 1953.

श्री मदन लाल पुत्र श्री गुरदासा, निवासी ग्राम डिलमन, डाकघर कुज्जी, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस अदालत में धारा 35 ता 38 के अन्तर्गत अपने नाम मदन लाल की दुरूस्ती करने हेतु आवेदन-पत्र गुजार रखा है कि प्रार्थी का नाम श्री मदन लाल है। परन्तु राजस्व अभिलेख मौजा डिलमन, उप-तहसील नारग में श्री मदन सिंह दर्ज है। अब प्रार्थी अपना नाम राजस्व अभिलेख मौजा डिलमन, उप-तहसील नारग में दुरुस्त करवाकर श्री मदन सिंह के स्थान पर श्री मदन लाल दर्ज करवाना चाहता है। अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति आम या खास को प्रार्थी का नाम मदन लाल राजस्व अभिलेख मौजा डिलमन में श्री मदन सिंह के स्थान पर श्री मदन लाल दर्ज करने बारे किसी प्रकार का उजर एवं एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 05-12-2019 को प्रातः 10.00 बजे तक अपना उजर एवं एतराज न्यायालय में पेश कर सकते हैं गैर हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 02-11-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।

----------

ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, नारग, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

दावा सं0 : 12/13 ऑफ 2018

ता0 मजरुआ : 16-11-2018 श्रीमती रक्षा देवी पत्नी श्री रतन दत्त पुत्र श्री मनसा राम, अजय शर्मा पुत्र श्री रतन दत्त व बेलो देवी पत्नी श्री मनसा राम मार्फत SPA स्वरूप दत्त पुत्र श्री मनसा राम, निवासी ग्राम नोम तोटू, डाकघर सरसू, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 35 ता 38 हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1953.

8247 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941

श्री स्वरूप दत्त पुत्र श्री मनसा राम, निवासी ग्राम नोम तोटू, डाकघर सरसू, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 ने इस अदालत में धारा 35 ता 38 के अन्तर्गत अपने भाई के नाम श्री रत्तन दत्त की दुरुस्ती करने हेतु आवेदन-पत्र गुजार रखा है कि प्रार्थी के भाई का नाम रत्तन दत्त है, परन्तु राजस्व अभिलेख मौजा बनाड़ कलोन, उप-तहसील नारग में श्री रत्तन व राजस्व अभिलेख मौजा सरसू में रत्तन लाल दर्ज है, अब प्रार्थी अपने भाई का नाम राजस्व अभिलेख मौजा बनाड़ कलोन व सरसू, उप-तहसील नारग में दुरूस्त करवाकर श्री रत्तन व रत्तन लाल के स्थान पर श्री रत्तन दत्त दर्ज करवाना चाहता है।

अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति आम या खास को प्रार्थी के नाम श्री रतन दत्त राजस्व अभिलेख मौजा बनाड़ कलोन में श्री रत्तन व मौजा सरसू में रत्तन लाल के स्थान पर श्री रत्तन दत्त दर्ज करने बारे किसी प्रकार का उजर एवं एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 05-12-2019 को प्रातः 10.00 बजे तक अपना उजर या एतराज न्यायालय में पेश कर सकते हैं गैर हाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।

आज दिनांक 02-11-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील नारग, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।

----------

ब अदालत श्री आर0एस0 बेदी, कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार, ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0

श्रीमती बिमला देवी पत्नी स्व0 श्री दीप राम, निवासी ग्राम बनगढ़, डाकघर कुफटू, उप-तहसील ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र बराये राजस्व अभिलेख में नाम दुरुस्ती बारे।

अदालत हजा में श्रीमती बिमला देवी पत्नी स्व0 श्री दीप राम, निवासी ग्राम बनगढ़, डाकघर कुफटू, उप-तहसील ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0 ने दिनांक 15-07-2019 द्वारा अपने ससुर का नाम राजस्व रिकार्ड में दुरुस्ती हेतु प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है। प्रार्थिया ने व्यक्त किया है कि उसके ससुर का सही नाम बुधि राम पुत्र बरडू राम है परन्तु राजस्व रिकार्ड पटवार वृत्त शटगांवकला में उनका नाम बुध राम पुत्र बरडू दर्ज है जोकि गलत है, को दुरुस्त किया जाये।

अतः सर्वसाधारण को इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि श्रीमती बिमला देवी पत्नी स्व0 श्री दीप राम, निवासी ग्राम बनगढ़, डाकघर कुफटू, उप-तहसील ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0 के ससुर का नाम राजस्व रिकार्ड में बुध राम पुत्र बरडू के स्थान पर बुधि राम पुत्र बरडू को दुरुस्त करने बारे किसी को उजर-एतराज हो तो इस इश्तहार के जारी होने के 30 दिन के भीतर लिखित/मौखिक असालतन/वकालतन अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रस्तुत कर सकता है। यदि उक्त समय अवधि के भीतर कोई उजर-एतराज प्राप्त नहीं होता है तो प्रार्थिया के ससुर का नाम राजस्व रिकार्ड में बुध राम के स्थान पर बुधि राम उर्फ दर्ज करने बारे आदेश जारी किये जाएंगे। 8248 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 27 नवम्बर, 2019/06 मार्गशीर्ष, 1941 आज दिनांक 18-11-2019 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत हजा द्वारा जारी किया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार,

ममलीग, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हि0 प्र0।

---------

Before Shri Kapil Tomar, Executive Magistrate (Tehsildar), Kasauli,

District Solan, Himachal Pradesh

Case No. Date of Institution 15/2019

18-11-2019

Date of Decision Pending for 18-12-2019 Sh. Inder Singh s/o Shri Sher Singh, r/o Village Sherla, P.O. Jabli, Tehsil Kasauli, District . .Applicant. Solan, Himachal Pradesh

Versus

General Public

. .Respondent.

Application under section 13(3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Sh. Inder Singh s/o Shri Sher Singh, r/o Village Sherla, P.O. Jabli, Tehsil Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh has moved an application before the undersigned under section 13(3) of Birth & Death Registration Act, 1969 alongwith affidavits and other documents stating therein that his son namely Sh. Ritik s/o Sh. Inder Singh birth on 16-11-2017 at Village Sherla, P.O. Jabli, Tehsil Kasauli, District Solan, H.P. but his date of birth could not be entered in the record of Gram Panchayat Jabli, Tehsil Kasauli within stipulated period. Hence he prayed for passing necessary orders to the Registrar, Birth & Death Registration, Gram Panchayat Jabli, Tehsil Kasauli for entering the same in the birth & death record.

Therefore, by this proclamation, the general public is hereby informed that any person having any objection for the registration of delayed date of birth of Sh. Ritik s/o Sh. Inder Singh may submit their objections in writing in this court on or before 18-12-2019 at 10.00 A.M. failing which no objection will be entertained after expiry of date.

Given under my hand and seal of the court on this 18th day of November, 2019.

Seal.

KAPIL TOMAR,

Executive Magistrate (Tehsildar),

Kasauli, District Solan (H. P.).

नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 27 November 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2019-11-27.184_gazette_2019-27_11_2019/. Archive identifier in.gazette.himachal.2019-11-27.184_gazette_2019-27_11_2019.