राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित बुधवार, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941
हिमाचल प्रदेश सरकार
उद्योग विभाग (भौमिकीय शाखा)
शिमला-171001
निविदा एवं नीलामी सूचना
दिनांक 28 नवम्बर, 2019
उद्योग-भू(खनि-4)लघु-469/98-7279-7286.--सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि विभाग द्वारा जिला बिलासपुर में पड़ने वाली 09 लघु खनिज खानों/खड्डों से रेत, पत्थर व बजरी उठाने हेतु अधिक पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धा के उद्वेश्य से निविदाएं-एवं-नीलामी (Tender–cum-Auction) की प्रक्रिया अपनाई 190-राजपत्र/2019-04-12-2019 (8359)3 8360 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 जा रही है। इस प्रक्रिया के प्रथम चरण में उक्त खानों/खड्डों की खुली नीलामी की जायेगी तथा तदोपरान्त निविदाएं खोली जायेगी इन दोनों प्रक्रियाओं में जो भी उच्चतम राशि होगी, उस बोलीदाता/निविदा दाता को उच्चतम बोलीदाता घोषित किया जायेगा। निविदा दाता को यह अधिकार होगा कि वह खुली नीलामी में भी भाग ले सकता है तथा अपनी निविदा में दर्शाई गई राशि से अधिक राशि पर बोली दे सकता है । निविदाएं खनि अधिकारी, बिलासपुर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में आमंत्रित की जा रही है। निविदाएं दिनांक 06-01-2020 को शाम 4.00 बजे तक खनि अधिकारी, बिलासपुर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में मोहर बन्द लिफाफों में खनि अधिकारी कार्यालय में रखी गई निविदा पेटी में डाली जाएं व उसकी प्रविष्टि (Entry) खनि अधिकारी द्वारा कार्यालय रजिस्टर में की जायेगी जिसकी पावती भी खनि अधिकारी द्वारा जारी की जायेगी। उक्त खानों/खड्डों की निविदाएं प्राप्त होने पर दिनांक 07-01-2020 को प्रातः 11.00 बजे उक्त खानों/खड्डों की खुली नीलामी कमेटी द्वारा किसान भवन, बिलासपुर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में की जाएगी। जिसमें जिन व्यक्तियों ने निविदाएं दी हैं, के साथ-साथ अन्य कोई भी इच्छुक व्यक्ति सम्मिलित हो सकता है। इच्छुक व्यक्ति लघु खनिज खानों/खड्डों की जानकारी तथा निविदा व नीलामी की प्रक्रिया व शर्तों के लिए राज्य भू-विज्ञानी, हिमाचल प्रदेश, शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी, बिलासपुर, जिला बिलासपुर के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में आकर सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त निविदा व नीलामी हेतु खानों/खड्डों की जानकारी विभागीय website: emerginghimachal.hp.gov.in से भी प्राप्त की जा सकती है। नीलामी की प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपरान्त प्राप्त हुई निविदाएं उसी दिन खोली जायेंगी। उपरोक्त दोनों में से उच्चतम बोलीदाता द्वारा दी गई बोली की राशि अथवा उच्चतम निविदा दाता द्वारा दी गई निविदा राशि, जो भी राशि अधिक होगी, उस सम्बन्धित बोलीदाता/निविदा दाता को कुल उच्चतम राशि का 25 प्रतिशत उसी समय जमा करवाना होगा जोकि खान की जमानत राशि के रूप में होगी।
कोई भी व्यक्ति जो निविदा देने अथवा नीलामी में भाग लेने का इच्छुक हो, उस व्यक्ति के पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य है :-
1. पैनकार्ड
2. खन्न सम्बन्धित बकाया न होने का शपथ-पत्र
3. निविदा दाता को उक्त दस्तावेज मुवलिग 50,000/- रुपये (पच्चास हजार रुपये) बैंक ड्राफ्ट के रूप में (धरोहर राशि) निविदा फार्म पूर्ण रूप में भरे हुये के साथ स्वयं या डाक द्वारा निर्धारित तिथि से पहले खनि अधिकारी कार्यालय बिलासपुर मेेंं जमा करवाने होंगे ।
4. कोई भी व्यक्ति जो नीलामी देने का इच्छुक हो, उसको उक्त दस्तावेज़ एवं मुवलिग 50,000/-रुपये धरोहर राशि, बैंक ड्राफ्ट के रूप में निर्धारित बोली से पहले सम्बन्धित खनि अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे । नीलामी सभागार में निविदा दाता या बोलीदाता प्रवेश करने से पूर्व खनि अधिकारी, बिलासपुर, से प्रवेश-पत्र प्राप्त करेंगे। एक प्रवेश-पत्र पर दो व्यक्तियों को सभागार में जाने की अनुमति होगी।
5. बैंक ड्राफ्ट खनि अधिकारी, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश के नाम देय होगा। बैंक ड्राफ्ट के पीछे बोली दाता/निविदा दाता का नाम, पता व पैन नम्बर लिखा होना चाहिए। असफल बोलीदाता/निविदा दाता को जमा ड्राफ्ट, नीलामी पूर्ण होने के उपरान्त वापिस कर दिया जाएगा।
6. यदि 8 हैक्टेयर क्षेत्र से कम क्षेत्र की बोली देने वाला बोलीदाता हिमाचली है तो उसें हिमाचली (Bonafide Certificate) प्रस्तुत करना होगा।
7. निविदा राशि अथवा बोली प्रति वर्ष के आधार पर ली जायेगी8361 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 8. निविदा फार्म पूर्ण रूप से भरा हो व उपरोक्त वर्णित दस्तावेज निविदा फार्म के साथ संलग्न होने चाहिए अन्यथा अधूरे निविदा फार्म स्वीकृत नहीं किए जायेंगे।
9. निविदा खोलने के दौरान आवेदक/प्रतिनिधि का कमेटी के समक्ष होना अनिवार्य होगा। 10. नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों से भी यह आशा की जाती है कि वह निविदा प्रक्रिया द्वारा ही नीलामी में भाग लें।
आवेदक निविदा के लिए निविदा फार्म राज्य भू-विज्ञानी, हिमाचल प्रदेश शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी बिलासपुर के कार्यालय से प्राप्त कर सकता है जिसका मूल्य 5,000/-रु0 प्रति फार्म होगा। आवेदक को पूर्ण रूप से भरे हुए निविदा फार्म मोहर बन्द लिफाफे में खनि अधिकारी, बिलासपुर के कार्यालय में उक्त दर्शाई गई तिथि तक प्रस्तुत करना होगा। लिफाफे के ऊपर बडे अक्षरों में निविदा फार्म व आवेदित खान का नाम लिखा होना आवश्यक है व लिफाफे के बांई ओर आवेदक का नाम व पता भी स्पष्ट अक्षरों में लिखा होना चाहिए।
हस्तारक्षित/- निदेशक उद्योग।
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DETAIL OF THE RIVER QUARRIES PROPOSED FOR RE-AUCTION AND NEW
QUARRIES IN DISTRICT BILASPUR WITH REVISED RESERVE PRICE
| Sl. No. | Name of the Quarry | Khasra No. | Area (in Hectares) | Mauza & Mohal | Name of Mineral | Reserve Price (in Rupees) As fixed earlier | Reserve Price (in Rupees) As per recommendation of auction committee with reduction of 50% in the earlier fixed price. |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| 1. | Sandyar | 2109 | 16-99-53 | Sandyar | Sand, Stone & Bajri | 1,00,00,000/- | 50,00,000/- |
| 2. | Fagog | 55 (12-13 Bighas) 52 (58-19 bighas) | 5-38-79 | Fagog | -do- | 36,00,000/- | 18,00,000/- |
| 3. | Bhallu | 84/2 | 5-55-35 | Bhallu | -do- | 37,00,000/- | 18,50,000/- |
| 4. | Malangan-I | 354/339 | 5-41-43 | Malangan | -do- | 36,00,000/- | 18,00,000/- |
| 5. | Malangan-II | 299, 312 | 7-87-49 | Malangan | -do- | 53,00,000/- | 26,50,000/- |
| 6. | Dhaloh (Sukkar Khad) | 4/1 | 48-18 (Bighas) 03-67-97 Hect. | Dhaloh | -do- | 20,00,000/- | |
| 7. | Dhaloh (Sukkar Khad) | 4/2 | 44-6 (Bighas) 03-33-35 Hect. | Dhaloh | -do- | 20,00,000/- | |
| 8. | Dhaloh (Sukkar Khad) | 4/3 | 46- 2(Bighas) 03-46-90 Hect. | Dhaloh | -do- | 20,00,000/- | |
| 9. | Sandyar | 2762 & 2755/1 | 27-13-00 Bighas (2 Hect. 13 Bighas) | Sandyar | -do- | 10,00,000/- |
निविदा-एवं-नीलामी शर्तें :
1. विभाग द्वारा जिला बिलासपुर में खाली पड़ी लघु खनिज की खानाेंेे को हिमाचल प्रदेश गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम, 2015 के अन्तर्गत खन्न हेतु निविदा व खुली नीलामी द्वारा आबंटित किया जायेगा। खन्न हेतु रायल्टी राशि के एवज मेें विभाग द्वारा प्रतिवर्ष के आधार पर निविदा/नीलामी राशि वसूल की जायेगी तथा निविदा/नीलामी उच्चतम निविदा/नीलामी देेने वाले व्यक्ति के पक्ष में प्रदान की जायेगी। 2. निविदा/नीलामी राशि प्रतिवर्ष के आधार पर ली जाएगी तथा राशि उसी दर पर दो वर्ष तक वसूल की जाएगी, उसके उपरान्त ठेके की शेष अवधि के दौरान निविदा/नीलामी राशि के अतिरिक्त उक्त राशि पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत बढौतरी चक्रवृद्धि ब्याज की दर से अतिरिक्त राशि वसूल की जाएगी । 3. निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति किसी भी जिला में खन्न से सम्बन्धित देय राशि का बकायादार नहीं होना चाहिए। यदि कोई निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति विभाग के बकायादार होने का दोषी पाया जाता है तो उस व्यक्ति को निविदा/नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जायेगी। यदि कोई बकायादार व्यक्ति कोई खान निविदा/नीलामी पर ले लेता है, जिसका विभाग को बाद में ज्ञान होता है तो उस अवस्था में उस व्यक्ति द्वारा जमा राशि, बकाया राशि में समायोजित कर दी जाएगी तथा खान का ठेका रद्द करके खानो की पुनः नीलामी आमंत्रित की जाएगी ।
4. सफल निविदा दाता/बोलीदाता एक वर्ष के लिए दी गई बोली राशि की 25 प्रतिशत राशि निविदा/नीलामी खुलने के समय प्रस्तुत करेगा जो कि जमानत राशि होगी। इसके अतिरिक्त निविदा/नीलामी राशि के आधार पर आयकर, पंचायत टैक्स, District Mineral Foundation Trust Fund व अन्य टैक्स/राशि समय-समय पर जो नियमानुसार देय है उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को जमा करवाने होेगें। प्रथम वर्ष की निविदा/नीलामी राशि के 25 प्रतिशत के बराबर राशि उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Upfront Premium के रूप में जमा करवानी होगी जो कि देय त्रैमासिक किस्त में समायोजित की जाएगी। यह Upfront Premium राशि उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Letter of Intent जारी किए जाने की तिथि से एक महीने की अवधि के भीतर जमा करवानी होगी अन्यथा जमा करवाई गई जमानत राशि को जब्त करके खान को पुनः नीलाम किया जायेगा।
5. नीलामी के समय दी जाने वाली बोली यदि 10 लाख रुपये की सीमा से बढ़ जाती है तो उस अवस्था में बोलीदाताओं द्वारा अगली बोली 50 हजार रुपये प्रति बोली के आधार पर ही देनी होगी। इसके अतिरिक्त अगर यह सीमा 25 लाख रुपये से बढ़ जाती है तो उस अवस्था में अगली बोली एक लाख रुपये प्रति बोली के हिसाब से देनी होगी।
6. बोली के दौरान यदि कमेटी को यह आभास होता है कि दी जाने वाली बोली पूलिंग (Pooling) आदि की वजह से संदेहास्पद है या आशानुरूप कम आ रही है तो उस अवस्था में कमेटी को उक्त किसी खान की नीलामी प्रक्रिया को निलम्बित करने का अधिकार होगा।
7. यदि कोई निविदा दाता/बोलीदाता किसी लघु खनिज खान के खनिज अधिकारों की बोली देता है, परन्तु जमानत राशि निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के समय जमा नहीं करवाता है या निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपरान्त अनुपस्थित हो जाये, उस स्थिति में उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त कर ली जायेगी और भविष्य में कम से कम 5 वर्ष के लिए प्रदेश में किसी भी स्थान पर ऐसा व्यक्ति निविदा/नीलामी में हिस्सा नही ले सकेगा तथा उक्त खानों/खड्डों कीे पुनः निविदा/नीलामी आमंत्रित की जायेगी।
8. जिन खानों/खड्डों के खनिज अधिकारों को निविदा/नीलामी हेतु अधिसूचित किया गया है उनके खसरा नं0/राजस्व रिकार्ड या फिर भोगौलिक सीमा/स्थाई चिन्हों की जानकारी, इच्छुक व्यक्ति8363 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 सम्बधिंत खनि अधिकारी से प्राप्त कर सकता है व क्षेत्र का निरीक्षण भी अपने स्तर पर कर सकता है, ताकि क्षेत्र के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें। निविदा/नीलामी केवल उसी क्षेत्र की होगी, जो कि अधिसूचना में प्रस्तावित किए गए हैं जिसका पूर्ण विवरण सम्बधिंत खनि अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इस बारे में, बाद में कोई भी आपत्ति स्वीकार्य नहीं होगी।
9. 08 हैक्टेयर तक के क्षेत्र हिमाचल निवासियों के लिए आरक्षित होंगे ताकि स्थानीय लोगांें को रोजगार सुनिश्चित किया जा सके। उक्त लाभ प्राप्त करने के लिए निविदा दाता/बोलीदाता को निविदा/नीलामी से पूर्व खनन् अधिकारी के समक्ष, अपना हिमाचली निवासी होने का प्रमाण-पत्र (Bonafide Certificate) जो कि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो प्रस्तुत करना अनिवार्य है। यदि 8 हैक्टर व उससे कम क्षेत्र वाली खडडों हेतु कोई भी हिमाचली निविदा दाता/बोलीदाता बोली नहीं देता है तो उस अवस्था में कोई भी गैर हिमाचली उक्त खड्डों की बोली दे सकता है। 10. अगर पीठासीन अधिकारी को लगे कि निविदा/नीलामी द्वारा प्राप्त राशि किसी खान की अपेक्षित राशि के अनुरूप कम है तो उस स्थिति में समिति निविदा/नीलामी द्वारा खान को आबंटित न करने के लिए सिफारिश कर सकती है। खानों के न्यूनतम आरक्षित मूल्य खनि अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध है।
11. खनिजों के दोहन हेतु पर्यावरण प्रभाव आंकलन (EIA Clearance) तथा वन सरंक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत (अगर अनिवार्य हो तो) स्वीकृतियां ठेकेदार/सफल निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा अपने स्तर पर व अपने खर्च व जोखिम पर सक्षम Authority से Letter of Intent जारी होने की तिथि से दो वर्ष के भीतर प्राप्त करनी हाेंगी। यदि उच्चतम बोलीदाता इस अवधि में Environment Clearance या वन सरंक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो उस स्थिति में उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Environment clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने बारे की गई प्रगति की समीक्षा करने के उपरान्त Letter of Intent की अवधि को आगामी एक वर्ष तक समय बढ़ौतरी बारे निदेशक उद्योग द्वारा निर्णय लिया जायेगा तथा इस बढ़ाये हुए एक वर्ष की अवधि तक भी अगर उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता यह स्वीकृतियां प्राप्त नहीं करता हैं तो Letter of Intent की अवधि के आगामी समय बढ़ौतरी बारे केवल सरकार द्वारा ही निर्णय लिया जायेगा। तदोपरांत यदि सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता Environment Clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो उस अवस्था में Letter of Intent रद्द करके उसके द्वारा दी गई जमानत राशि व अन्य जमा करवाई गई राशियां जब्त कर ली जायेगी। EIA प्राप्त करने के उपरान्त ही सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को जिस क्षेत्र के लिए उसने निविदा/नीलामी दी थी उस क्षेत्र में खनन कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। Environment Clearance व वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत की गई प्रगति के बारे में ठेकेदार समय-समय पर विभाग को अवगत् करवायेगा।
12. रेत, पत्थर व बजरी आदि की लघु खनिज खानों की अधिकतम अवधि 10 वर्ष सरकारी भूमि के लिए व वन विभाग से सम्बन्धित 15 वर्ष होगी तथा उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को खान में कार्य करने से पूर्व अपने स्तर पर पर्यावरण एवं वन मन्त्रालय भारत सरकार से खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आंकलन स्वीकृति (EIA Clearance) व वन सरंक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति (अगर अनिवार्य हो तो) व Registered Qualified Person से Mining Plan बनवाना अनिवार्य है। उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता के पक्ष में सक्षम अधिकारी द्वारा सरकार से स्वीकृति के पश््चात निविदा/नीलामी खुलने के एक महीने के उपरान्त Letter of Intent जारी किया जाएगा ताकि उच्चतम बोलीदाता खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आंकलन स्वीकृति सक्षम Authority से तय सीमा जो कि 2 वर्ष की है के भीतर प्राप्त कर सकें। Letter of Intent में दर्शाई गई शर्तो की अनुपालना के उपरान्त उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता के पक्ष मे नियमानुसार स्वीकृति आदेश जारी किए जाएंगे ताकि शर्तनामा निष्पादन किया जा सके। शर्तनामा निष्पादन करने से पूर्व सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने पर सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा सम्बन्धित कर आदि के रूप में राशि खनि अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य होगा व शेष वर्षों में भी 25 प्रतिशत त्रौमासिक किश्त के आधार पर बकाया राशि समय-समय पर खनि अधिकारी के कार्यालय में शर्त न0-2 के अनुसार अग्रिम रूप से जमा करवानी होगी ।3 8364 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 13. निविदा/नीलामी केवल उसी अवस्था में स्वीकार होगी, यदि निविदा/नीलामी किसी सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित की गई हो। 14. शर्तनामा निष्पादन करने के उपरान्त उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता, निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र से प्रत्येक पांच वर्ष के लिए अनुमोदित Mining Plan के अनुरूप कार्य करेगा। Mining Plan में आंकलित खनिज से अधिक मात्रा में खनिज निकालने पर ठेका रद्द किया जा सकता है। पांच वर्ष पूर्ण होने के उपरान्त ठेकेदार को Mining Plan फिर से अनुमोदित करवाना होगा जिसके लिए वह नियमानुसार Mining Plan की अवधि के समाप्त होने से कम से कम 120 दिन पूर्व नवीकरण के लिए आवेदन करेगा ।
15. नीलामी कमेटी को अधिकार है कि वे नीलामी के समय किन्हीं विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग से शर्तें लगा सकते हैं जो कि सभी इच्छुक व्यक्ति को मान्य होगी। इसके अतिरिक्त खनन सम्बन्धी जो दिशा निर्देश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जायेंगे वे भी सभी को मान्य होंगे। नीलामी कमेटी को यह अधिकार है कि वह किसी भी निविदा/नीलामी क्षेत्र को बिना कारण बताए अस्वीकार कर सकती है। निविदा/नीलामी के दौरान यदि कोई बोलीदाता दुव्र्यवहार करता है तो पीठासीन अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त करते हुये उसे निविदा/नीलामी में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर सकता है तथा इस बारे में पीठासीन अधिकारी द्वारा विस्तृत रिपोर्ट सरकार को प्रेषित की जायेगी ।
16. निविदा/नीलामी पर लिए गये क्षेत्र से उठाए गये खनिज को किसी स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग करने हेतु अनुमति नहीं होगी परन्तु यदि कोई निविदा दाता/बोलीदाता, निविदा/नीलामी पर लिए गये खनिजों को अपने पहले से ही स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग में लाना चाहता है या नया स्टोन क्रशर स्थापित करना चाहता है तो उक्त क्रशर स्थल की दूरी निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र से नियमों के अन्तर्गत दर्शाइ गई दूरी के अनुसार होनी चाहिए परन्तु इस स्थिति में उसे बोल्डर की खुली ब्रिकी करने की अनुमति नहीं होगी। नया स्टोन क्रशर लगाने हेतु सरकार द्वारा जारी किए गये नियमों/अधिसूचनाओं के अन्तर्गत अनुमति प्राप्त करनी अनिवार्य होगी। इसके अतिरिक्त किसी खान के लिए यदि निविदा दाता/बोलीदाता एक से अधिक व्यक्ति हाें तो उस स्थिति में उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को नीलामी क्षेत्र से उठाए गए खनिजों को अपने पक्ष में पहले से स्थापित केवल एक ही स्टोन क्रशर में प्रयोग करने की अनुमति होगी। लेकिन यदि निविदा एवं नीलामी पर दिए जाने वाली लघु खनिज खान का क्षेत्र 2 हेक्टेयर से कम हो तो ऐसी अवस्था में उक्त खान (2 Hects. से कम क्षेत्र) के आधार पर, नया स्टोन क्रशर स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी।
17. जनहित में यदि आवश्यक हो तो किसी भी निविदा/नीलामी में ली गई खान के भाग को कम किया जा सकता है या खान को पूर्ण रूप से भी बन्द किया जा सकता है। क्षेत्र कम करने की अवस्था में ठेका राशि भी उसी अनुपात में कम की जाएगी।
18. खन्न हेतु मशीन उपकरण Mechanical/Hydraulic Excavator जैसे जे0सीबी0 इत्यादि के प्रयोग की स्वीकृति हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों के अन्तर्गत व एवं Environment Clearance में दर्शाई गई शर्ताें के अनुरूप ही दी जाएगी तथा सक्षम अधिकारी से स्थल निरीक्षण के उपरान्त इस बारे स्वीकृति लेना आवश्यक है।
19. खान/नदी/खड्ड में पहुंचने के लिए मार्ग बनाने व प्रयोग करने हेतु ठेकेदार सम्बन्धित पक्षों/ विभागों से अनुमति अपने स्तर पर प्राप्त करेगा। खान तक पहुंचने के मार्ग के लिए विभाग की कोई जिम्मेवारी नहीं होगी।
20. नीलामी के लिए प्रस्तावित क्षेत्र में यदि कोई निजि भूमि पड़ती है या किसी अन्य व्यक्ति/व्यक्तियों के भू-स्वामित्व अधिकार हों तो इस अवस्था में ठेकेदार सम्बधित भू-स्वामियों से अपने स्तर पर अनुमति प्राप्त करेगा व इस सम्बन्ध में विभाग की कोई जिम्मेवारी नही होगी।8365 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 21. बोल्डर व हाथ से तोड़ी गई रोड़ी को राज्य की सीमा से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। 22. अवैध खनन को रोकने हेतु लघु खनिजों का परिवहन रात आठ बजे से प्रातः छः बजे तक प्रतिबन्धित रहेगा।
23. ठेका धारी को सुनिश्चित करना होगा कि उसके द्वारा लगाए गये मज़दूर, नदी/खड्ड में मछलियों का शिकार न करें।
24. खनन् कार्य नदी के धरातल से एक मीटर से अधिक गहराई में नहीं किया जाएगा।
25. खनिजों के एकत्रीकरण से भू-स्वामित्वों के निहित अधिकारों में कोई भी हस्ताक्षेप नहीं होना चाहिए। 26. यदि वर्णित शर्तों की अवहेलना होती है या साथ लगते वन क्षेत्र को किसी भी प्रकार की क्षति विभाग के ध्यान में लाई जाती है, तो इस बारे नियमानुसार कार्यवाही अम्ल में लाई जायेगी।
27. ठेकेदार ठेकेे पर स्वीकृत क्षेत्र से निकाले गये खनिजो़ं की मात्रा का मासिक व्योरा विभाग को देगा 28. खन्न कार्य हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों, सरकार द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश खनिज नीति, पर्यावरण प्रभाव आकलन/वन सरंक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति की शर्तों के अनुसार, विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों, माननीय न्यायालयों के आदेशों के अनुरूप किया जाएगा। उपरोक्त नियमों/अधिसूचना/आदेशों की प्रति खनि अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
29. ठेके की स्वीकृति व खनन कार्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित SLP ( C) No. 13393 of 2008 जोकि माननीय उच्च न्यायालय में हिमाचल प्रदेश द्वारा याचिका संख्या C.W.P. No. 1077 of 2006, खतरी राम व अन्य के मामले में पारित निर्णय के विरूद्ध दायर की गई है के अन्तिम निर्णय के अनुरूप ही मान्य होगा। इसके अतिरिक्त किसी अन्य न्यायालय द्वारा समय-समय पर इस बारे पारित आदेश भी मान्य होंगे ।
30. ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र की आड़ में यदि कहीं अवैध खनन् में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन् उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जायगी। यदि ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी या वाहन अगर बार-बार अवैध खनन व बिना "W" फार्म से ढुलान में सम्मिलित पाया जाता है तो सरकार उसका ठेका रद्द भी कर सकती है।
31. ठेकाधारी सरकार को तृतीय पक्ष की क्षति पूर्ति के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराएगा अतः वह स्वंय जिम्मेदार होगा।
32. सरकार को अधिकार है कि वे उच्चत्म बोली को बिना किसी कारण बताये अस्वीकार कर सकती है 33. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद्द संख्या 1-33 में दर्शायी गई शर्तों, के अतिरिक्त अन्य शर्तें ठेका शर्तनामा निष्पादन के दौरान लगा सकती है।
34. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद्द संख्या 1-33 में दर्शायी गई शर्तों, तथ्यों व नियमों की अवहेलना की अवस्था में ठेका रदद् भी किया जा सकता है तथा इस स्थिति में ठेकेदार द्वारा जमा राशि, जमानत राशि, Upfront Premium व त्रैमासिक किस्त आदि समस्त राशि जब्त कर ली जाएगी।3 8366 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941
उद्योग विभाग (भौमिकीय शाखा)
शिमला-171001
निविदा सूचना
दिनांक 28 नवम्बर, 2019
उद्योग-भू-(खनि-4)लघु-101/2000-भाग-1-7270-7278.--सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि जिला सिरमौर के उपमण्डल में पड़ने वाली 17 लघु खनिज खानों/खड्डों से रेत, पत्थर, बजरी उठाने हेतु, अधिक पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धा के उद्देश्य से निविदाएं एवं निलामी (Tender-Cum-Auction) की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस प्रक्रिया में प्रथम चरण में उक्त खानों/खड्डों की खुली नीलामी की जायेगी तथा तदोपरान्त निविदाऐं खोली जायेंगी। इन दोनों प्रक्रियाओं में जो भी उच्चतम राशि होगी, उस बोलीदाता/ निविदा दाता को उच्चतम बोलीदाता घोषित किया जाएगा। निविदा दाता को यह अधिकार होगा कि वह खुली नीलामी में भाग ले सकता है तथा अपनी निविदा में दर्शाई गई राशि से अधिक राशि पर बोली दे सकता है। निविदाएं खनि अधिकारी नाहन, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 के कार्यालय में आमंत्रित की जा रही है। निविदाएं दिनांक 09-01-2020 सांय 4.00 बजे तक खनि अधिकारी नाहन, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 के कार्यालय में मोहर बन्द लिफाफों में खनि अधिकारी के कार्यालय में रखी गई निविदा पेटी में डाली जाएं व उसकी प्रविष्टि (Entry) खनि अधिकारी द्वारा कार्यालय रजिस्टर में की जाएगी जिसकी पावती भी खनि अधिकारी द्वारा जारी की जायेगी । उक्त खानों/खड्डों की निविदाएं प्राप्त होने पर दिनांक 10-01-2020 को प्रातः 11ः00 बजे उक्त खानों/खड्डों की खुली नीलामी कमेटी द्वारा बचत भवन, जिला सिरमौर के उपायुक्त कार्यालय परिसर में की जाएगी। जिसमें जिन व्यक्तियों ने निविदाएं दी है, के साथ-साथ अन्य कोई भी इच्छुक व्यक्ति सम्मिलित हो सकता है। इच्छुक व्यक्ति जिला सिरमौर में पड़ने वाली लघुु खनिज खानों/खड्डों की जानकारी तथा निविदा व नीलामी की प्रक्रिया व शर्तो के लिए राज्य भू-विज्ञानी, हि0 प्र0 शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी नाहन जिला सिरमौर हि0 प्र0 के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में आ कर सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त निविदा व नीलामी हेतु खानों/खड्डों की जानकारी विभागीय website: emerginghimachal.hp.gov.in/ से भी प्राप्त की जा सकती है। नीलामी की प्रक्रिया सम्पन्न होने उपरान्त प्राप्त हुई निविदाएं उसी दिन खोली जायेंगी। उपरोक्त दोनों में से उच्चतम बोलीदाता द्वारा दी गई बोली की राशि अथवा उच्चतम निविदा दाता द्वारा दी गई निविदा राशि, जो भी अधिक होगी, उस सम्बन्धित बोली दाता/निविदा दाता को कुल उच्चतम राशि का 25 प्रतिशत उसी समय जमा करवाना होगा जोकि खान की जमानत राशि के रूप में होगी।
कोई भी व्यक्ति जो निविदा देने अथवा नीलामी में भाग लेने का इच्छुक हो, उस व्यक्ति के पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य है :--
1. पैनकार्ड
2. खन्न सम्बन्धित बकाया न होने का शपथ-पत्र
3. निविदा दाता को उक्त दस्तावेज मुवलिग 50,000/- रुपये (पच्चास हजार रुपये) बैंक ड्राफ्ट के रूप में (धरोहर राशि) निविदा फार्म पूर्ण रूप में भरे हुये के साथ स्वयं या डाक द्वारा निर्धारित तिथि से पहले खनि अधिकारी नाहन जिला सिरमौर के कार्यालय मेेंं जमा करवाने होंगे। 4. कोई भी व्यक्ति जो नीलामी देने का इच्छुक हो, उसको उक्त दस्तावेज़ एवं मुवलिग 50,000/-रुपये धरोहर राशि, बैंक ड्राफ्ट के रूप में निर्धारित बोली से पहले सम्बन्धित खनि अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने होगें । नीलामी सभागार में निविदा दाता या बोलीदाता प्रवेश करने से पूर्व खनि अधिकारी, नाहन से प्रवेश पत्र प्राप्त करेंगे । एक प्रवेश-पत्र पर दो व्यक्तियों को सभागार में जाने की अनुमति होगी।
5. बैंक ड्राफ्ट खनि अधिकारी, नाहन जिला सिरमौर हिमाचल प्रदेश के नाम देय होगा। बैंक ड्राफ्ट के पीछे बोली दाता/निविदा दाता का नाम, पता व पैन नम्बर लिखा होना चाहिए। असफल8367 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 बोलीदाता/निविदा दाता को जमा ड्राफ्ट, नीलामी पूर्ण होने के उपरान्त वापिस कर दिया जाएगा।
6. यदि 8 हैक्टेयर क्षेत्र से कम क्षेत्र की बोली देने वाला बोलीदाता हिमाचली है तो उसें हिमाचली (Bonafide Certificate) प्रस्तुत करना होगा।
7. निविदा राशि अथवा बोली प्रति वर्ष के आधार पर ली जायेगी ।
8. निविदा फार्म पूर्ण रूप से भरा हों व उपरोक्त वर्णित दस्तावेज निविदा फार्म के साथ संलग्न होने चाहिए अन्यथा अधूरे निविदा फार्म स्वीकृत नहीं किए जायेंगें ।
9. निविदा खोलने के दौरान आवेदक/प्रतिनिधि का कमेटी के समक्ष होना अनिवार्य होगा। 10. नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों से भी यह आशा की जाती है कि वह निविदा प्रक्रिया द्वारा ही नीलामी में भाग लें।
आवेदक निविदा के लिए निविदा फार्म राज्य भू-विज्ञानी, हिमाचल प्रदेश शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी नाहन जिला सिरमौर के कार्यालय से प्राप्त कर सकता हैं जिसका मूल्य 5,000/-रु0 प्रति फार्म होगा। आवेदक को पूर्ण रूप से भरे हुए निविदा फार्म मोहर बन्द लिफाफे में खनि अधिकारी, नाहन जिला सिरमौर के कार्यालय में उक्त दर्शाई गई तिथि तक प्रस्तुत करना होगा। लिफाफे के ऊपर बडे़ अक्षरों में निविदा फार्म व आवेदित खान का नाम लिखा होना आवश्यक है व लिफाफे के बांई ओर आवेदक का नाम व पता भी स्पष्ट अक्षरों में लिखा होना चाहिए।
हस्तारक्षित/- निदेशक उद्योग।
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DETAIL OF MINOR MINERAL QUARRIES OF RIVER BED/KHAD OF DISTRICT SIRMAUR
HIMACHAL PRADESH
| Sl. No. | Name of the Quarry | Mauza/ Mohal | Area | Name of Mineral | Reserve Price (in Rs.) | |
| Khasra number | Hects/Bighas | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| YAMUNA RIVER | ||||||
| 1. | Bhuppur | 770 | 33-34-90 Hects. | Sand, Stone & Bajri | 2.25 Crore | |
| 2. | Kedarpur-II | 858 | 19-98-31 Hects. | -do- | 1 .35 Crore | |
| 3. | Ganguwala-I | 54 | 353-04 Bighas (29-77-45 Hects.) | -do- | 1.88 Crore | |
| 4. | Ganguwala-II | 55 | 19-94-10 Hects. | -do- | 1.35 Crore | |
| 5. | Behral | 394/ 254/60 | 400-11 Bighas 33-76-36 Hects. | -do- | 2.25 crore | |
| GIRI RIVER | ||||||
| 6. | Mehat-I | Mehat | 1/1 | 67-12 (3-98-84) | Sand, Stone & Bajri | 26 lacs |
| 7. | Mehat-II | Mehat | 1/2 | 47-19 (2-82-90) | -do | 19 lacs |
| 8. | Mehat-III | Mehat | 1/3 | 40-12 (2-39-54) | -do- | 16 lacs |
| 9. | Mehat-IV | Mehat | 1/4 | 53-2 (3-13-39) | -d0- | 21 lacs |
| 10. | Mehat-V | Mehat | 173/4 | 278-15 (16-44-61) | -do- | 1 Crore 10 Lakhs |
| 11. | Bhanet Haldwa | Bhanet Haldwa | 24/2 | 46-09 (2-74-05) | Sand, Stone & Bajri | 18 lacs |
| 12. | Guyana- I | Guyana | 1/1 | 48-1 (2-86-15) | Sand, Stone & Bajri | 19 lacs |
| 13. | Guyana- II | Guyana | ½ | 49-16 (2-93-82) | -do- | 19 lacs |
| 14. | Guyana- III | Guyana | 1/3 | 52-19 (3-12-44) | -do- | 21 lacs |
| 15. | Guyana- IV | Guyana | 1/4 | 54-7 (3-20-66) | -do- | 21 lacs |
| 16. | Dhartaran | Dhartaran | 1, 76 m, 426, 426/1, 551m | 416-02 34-66-00 Hect. | -do- | 1 Crore 62 Lakhs |
| SUNKAR RIVER | ||||||
| 17. | Kollar Paonta | Paonta | 2/4 | 241-17 (20-01-00) Hect. | Sand, Stone & Bajri | 94 lacs |
नोट.--उक्त सभी खानें वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधानों को आकर्षित करती है तथा Forest Clearance लेना अनिवार्य है।
निविदा-एवं-नीलामी शर्तेंः
1. विभाग द्वारा जिला सिरमौर में खाली पड़ी लघु खनिज की खानाेंेे को हिमाचल प्रदेश गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम, 2015 के अन्तर्गत खन्न हेतु निविदा व खुली नीलामी द्वारा आबंटित किया जायेगा। खन्न हेतु रायल्टी राशि के एवज मेें विभाग द्वारा प्रतिवर्ष के आधार पर निविदा/नीलामी राशि वसूल की जायेगी तथा निविदा/नीलामी उच्चतम निविदा/नीलामी देेने वाले व्यक्ति के पक्ष में प्रदान की जायेगी।
2. निविदा/नीलामी राशि प्रतिवर्ष के आधार पर ली जाएगी तथा राशि उसी दर पर दो वर्ष तक वसूल की जाएगी, उसके उपरान्त ठेके की शेष अवधि के दौरान निविदा/नीलामी राशि के अतिरिक्त उक्त राशि पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत बढ़ौतरी चक्रवृद्धि ब्याज की दर से अतिरिक्त राशि वसूल की जाएगी ।
3. निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति किसी भी जिला में खन्न से सम्बन्धित देय राशि का बकायादार नहीं होना चाहिए। यदि कोई निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति विभाग के बकायादार होने का दोषी पाया जाता है तो उस व्यक्ति को निविदा/नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जायेगी। यदि कोई बकायादार व्यक्ति कोई खान निविदा/नीलामी पर ले लेता है, जिसका विभाग को बाद में ज्ञान होता है तो उस अवस्था में उस व्यक्ति द्वारा जमा राशि, बकाया राशि में समायोजित कर दी जाएगी तथा खान का ठेका रद्द करके खानाें की पुनः नीलामी आमंत्रित की जाएगी ।
4. सफल निविदा दाता/बोलीदाता एक वर्ष के लिए दी गई बोली राशि की 25 प्रतिशत राशि निविदा/नीलामी खुलने के समय प्रस्तुत करेगा जो कि जमानत राशि होगी। इसके अतिरिक्त निविदा/नीलामी राशि के आधार पर आयकर, पंचायत टैक्स, District Mineral Foundation Trust Fund व अन्य टैक्स/राशि समय-समय पर जो नियमानुसार देय है उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को जमा करवाने होेगें। प्रथम वर्ष की निविदा/नीलामी राशि के 25 प्रतिशत के बराबर राशि उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Upfront Premium के रूप में जमा करवानी होगी जो कि देय त्रैमासिक किस्त में समायोजित की जाएगी। यह Upfront Premium राशि उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Letter of Intent जारी किए जाने की तिथि से एक महीने की अवधि के भीतर जमा करवानी होगी अन्यथा जमा करवाई गई जमानत राशि को जब्त करके खान को पुनः नीलाम किया जायेगा।8369 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 5. नीलामी के समय दी जाने वाली बोली यदि 10 लाख रुपये की सीमा से बढ़ जाती है तो उस अवस्था में बोलीदाताओं द्वारा अगली बोली 50 हजार रुपये प्रति बोली के आधार पर ही देनी होगी। इसके अतिरिक्त अगर यह सीमा 25 लाख रुपये से बढ़ जाती है तो उस अवस्था में अगली बोली एक लाख रूपये प्रति बोली के हिसाब से देनी होगी।
6. बोली के दौरान यदि कमेटी को यह आभास होता है कि दी जाने वाली बोली पूलिंग (Pooling) आदि की वजह से संदेहास्पद है या आशानुरूप कम आ रही है तो उस अवस्था में कमेटी को उक्त किसी खान की नीलामी प्रक्रिया को निलम्बित करने का अधिकार होगा।
7. यदि कोई निविदा दाता/बोलीदाता किसी लघु खनिज खान के खनिज अधिकारों की बोली देता है, परन्तु जमानत राशि निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के समय जमा नहीं करवाता है या निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपरान्त अनुपस्थित हो जाये, उस स्थिति में उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त कर ली जायेगी और भविष्य में कम से कम 5 वर्ष के लिए प्रदेश में किसी भी स्थान पर ऐसा व्यक्ति निविदा/नीलामी में हिस्सा नही ले सकेगा तथा उक्त खानों/खड्डों कीे पुनः निविदा/नीलामी आमंत्रित की जायेगी।
8. जिन खानों/खड्डों के खनिज अधिकारों को निविदा/नीलामी हेतु अधिसूचित किया गया है उनके खसरा नं0/राजस्व रिकार्ड या फिर भोगौलिक सीमा/स्थाई चिन्हों की जानकारी, इच्छुक व्यक्ति सम्बन्धित खनि अधिकारी से प्राप्त कर सकता है व क्षेत्र का निरीक्षण भी अपने स्तर पर कर सकता है, ताकि क्षेत्र के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें। निविदा/नीलामी केवल उसी क्षेत्र की होगी, जो कि अधिसूचना में प्रस्तावित किए गए हैं जिसका पूर्ण विवरण सम्बन्धित खनि अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इस बारे में, बाद में कोई भी आपत्ति स्वीकार्य नहीं होगी।
9. 08 हैक्टेयर तक के क्षेत्र हिमाचल निवासियों के लिए आरक्षित होंगे ताकि स्थानीय लोगांें को रोजगार सुनिश्चित किया जा सके। उक्त लाभ प्राप्त करने के लिए निविदा दाता/बोलीदाता को निविदा/नीलामी से पूर्व खनन् अधिकारी के समक्ष, अपना हिमाचली निवासी होने का प्रमाण-पत्र (Bonafide Certificate) जो कि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो प्रस्तुत करना अनिवार्य है। यदि 8 हैक्टर व उससे कम क्षेत्र वाली खड्डों हेतु कोई भी हिमाचली निविदा दाता/बोलीदाता बोली नहीं देता है तो उस अवस्था में कोई भी गैर-हिमाचली उक्त खडडो़ की बोली दे सकता है।
10. अगर पीठासीन अधिकारी को लगे कि निविदा/नीलामी द्वारा प्राप्त राशि किसी खान की अपेक्षित राशि के अनुरूप कम है तो उस स्थिति में समिति निविदा/नीलामी द्वारा खान को आबंटित न करने के लिए सिफारिश कर सकती है। खानों के न्यूनतम आरक्षित मूल्य खनि अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध है।
11. खनिजों के दोहन हेतु पर्यावरण प्रभाव आंकलन (EIA Clearance) तथा वन सरंक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत (अगर अनिवार्य हो तो) स्वीकृतियां ठेकेदार/सफल निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा अपने स्तर पर व अपने खर्च व जोखिम पर सक्षम Authority से Letter of Intent जारी होने की तिथि से दो वर्ष के भीतर प्राप्त करनी हाेंगी। यदि उच्चतम बोलीदाता इस अवधि में Environment Clearance या वन सरंक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो उस स्थिति में उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा Environment clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने बारे की गई प्रगति की समीक्षा करने के उपरान्त Letter of Intent की अवधि को आगामी एक वर्ष तक समय बढ़ौतरी बारे निदेशक उद्योग द्वारा निर्णय लिया जायेगा तथा इस बढ़ाये हुए एक वर्ष की अवधि तक भी अगर उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता यह स्वीकृतियां प्राप्त नहीं करता हैं तो Letter of Intent की अवधि के आगामी समय बढ़ौतरी बारे केवल सरकार द्वारा ही निर्णय लिया जायेगा। तदोपरांत यदि सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता Environment Clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने में असमर्थ3 8370 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 रहता है तो उस अवस्था में Letter of Intent रद्द करके उसके द्वारा दी गई जमानत राशि व अन्य जमा करवाई गई राशियां जब्त कर ली जायेगी। EIA प्राप्त करने के उपरान्त ही सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को जिस क्षेत्र के लिए उसने निविदा/नीलामी दी थी उस क्षेत्र में खनन कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। Environment Clearance व वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्र्तगत की गई प्रगति के बारे में ठेकेदार समय-समय पर विभाग को अवगत् करवायेगा।
12. रेत, पत्थर व बजरी आदि की लघु खनिज खानों की अधिकतम अवधि 10 वर्ष सरकारी भूमि के लिए व वन विभाग से सम्बन्धित 15 वर्ष होगी तथा उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को खान में कार्य करने से पूर्व अपने स्तर पर पर्यावरण एवं वन मऩ्त्रालय भारत सरकार से खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आंकलन स्वीकृति (EIA Clearance) व वन सरंक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति (अगर अनिवार्य हो तो) व Registered Qualified Person से Mining Plan बनवाना अनिवार्य है। उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता के पक्ष में सक्षम अधिकारी द्वारा सरकार से स्वीकृति के पश््चात निविदा/नीलामी खुलने के एक महीने के उपरान्त Letter of Intent जारी किया जाएगा ताकि उच्चतम बोलीदाता खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आंकलन स्वीकृति सक्षम Authority से तय सीमा जो कि 2 वर्ष की है के भीतर प्राप्त कर सकें। Letter of Intent में दर्शाई गई शर्तों की अनुपालना के उपरान्त उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता के पक्ष में नियमानुसार स्वीकृति आदेश जारी किए जाएंगे ताकि शर्तनामा निष्पादन किया जा सके। शर्तनामा निष्पादन करने से पूर्व सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने पर सफल उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता द्वारा सम्बन्धित कर आदि के रूप में राशि खनि अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य होगा व शेष वर्षों में भी 25 प्रतिशत त्रैमासिक किश्त के आधार पर बकाया राशि समय समय पर खनि अधिकारी के कार्यालय में शर्त न0-2 के अनुसार अग्रिम रूप से जमा करवानी होगी ।
13. निविदा/नीलामी केवल उसी अवस्था में स्वीकार होगी, यदि निविदा/नीलामी किसी सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित की गई हो।
14. शर्तनामा निष्पादन करने के उपरान्त उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता, निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र से प्रत्येक पांच वर्ष के लिए अनुमोदित Mining Plan के अनुरूप कार्य करेगा। Mining Plan में आंकलित खनिज से अधिक मात्रा में खनिज निकालने पर ठेका रद्द किया जा सकता है। पांच वर्ष पूर्ण होने के उपरान्त ठेकेदार को Mining Plan फिर से अनुमोदित करवाना होगा जिसके लिए वह नियमानुसार Mining Plan की अवधि के समाप्त होने से कम से कम 120 दिन पूर्व नवीकरण के लिए आवेदन करेगा ।
15. नीलामी कमेटी को अधिकार है कि वे नीलामी के समय किन्हीं विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग से शर्तें लगा सकते हैं जो कि सभी इच्छुक व्यक्ति को मान्य होगी। इसके अतिरिक्त खनन सम्बन्धी जो दिशा निर्देश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जायेंगे वे भी सभी को मान्य होंगे। नीलामी कमेटी को यह अधिकार है कि वह किसी भी निविदा/नीलामी क्षेत्र को बिना कारण बताए अस्वीकार कर सकती है। निविदा/नीलामी के दौरान यदि कोई बोलीदाता दुव्र्यवहार करता है तो पीठासीन अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त करते हुये उसे निविदा/नीलामी में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर सकता है तथा इस बारे में पीठासीन अधिकारी द्वारा विस्तृत रिपोर्ट सरकार को प्रेषित की जायेगी ।
16. निविदा/नीलामी पर लिए गये क्षेत्र से उठाए गये खनिज को किसी स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग करने हेतु अनुमति नहीं होगी परन्तु यदि कोई निविदा दाता/बोलीदाता, निविदा/नीलामी पर लिऐ गये खनिजों को अपने पहले से ही स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग में लाना चाहता है या नया स्टोन क्रशर स्थापित करना चाहता है तो उक्त क्रशर स्थल की दूरी निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र से नियमों के अन्र्तगत दर्शाई गई दूरी के अनुसार होनी8371 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 चाहिए परन्तु इस स्थिति में उसे बोल्डर की खुली बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी। नया स्टोन क्रशर लगाने हेतु सरकार द्वारा जारी किए गये नियमों/अधिसूचनाओं के अन्र्तगत अनुमति प्राप्त करनी अनिवार्य होगी। इसके अतिरिक्त किसी खान के लिए यदि निविदा दाता/बोलीदाता एक से अधिक व्यक्ति हाें तो उस स्थिति में उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को नीलामी क्षेत्र से उठाए गए खनिजाें को अपने पक्ष में पहले से स्थापित केवल एक ही स्टोन क्रशर में प्रयोग करने की अनुमति होगी। लेकिन यदि निविदा-एवं-नीलामी पर दिए जाने वाली लघु खनिज खान का क्षेत्र 2 हेक्टेयर से कम हो तो ऐसी अवस्था में उक्त खान (2 Hects.से कम क्षेत्र) के आधार पर, नया स्टोन क्रशर स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी।
17. जनहित में यदि आवश्यक हो तो किसी भी निविदा/नीलामी में ली गई खान के भाग को कम किया जा सकता है या खान को पूर्ण रूप से भी बन्द किया जा सकता है। क्षेत्र कम करने की अवस्था में ठेका राशि भी उसी अनुपात में कम की जाएगी।
18. खन्न हेतु मशीन उपकरण Mechanical/Hydraulic Excavator/जैसे जे0सीबी0 इत्यादि के प्रयोग की स्वीकृति हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों के अन्तर्गत व एवंम Environment Clearance में दर्शाई गई शर्ताे के अनुरूप ही दी जाएगी तथा सक्षम अधिकारी से स्थल निरीक्षण के उपरान्त इस बारे स्वीकृति लेना आवश्यक है। 19. खान/नदी/खड्ड में पहुंचने के लिए मार्ग बनाने व प्रयोग करने हेतु ठेकेदार सम्बन्धित पक्षों/ विभागों से अनुमति अपने स्तर पर प्राप्त करेगा। खान तक पहुंचने के मार्ग के लिए विभाग की कोई जिम्मेवारी नहीं होगी।
20. नीलामी के लिए प्रस्तावित क्षेत्र में यदि कोई निजि भूमि पड़ती है या किसी अन्य व्यक्ति/व्यक्तियों के भू-स्वामित्व अधिकार हों तो इस अवस्था में ठेकेदार सम्बधित भू-स्वामियों से अपने स्तर पर अनुमति प्राप्त करेगा व इस सम्बन्ध में विभाग की कोई जिम्मेवारी नही होगी। 21. बोल्डर व हाथ से तोड़ी गई रोड़ी को राज्य की सीमा से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। 22. अवैध खनन को रोकने हेतु लघु खनिजों का परिवहन रात आठ बजे से प्रातः छः बजे तक प्रतिबन्धित रहेगा।
23. ठेका धारी को सुनिश्चित करना होगा कि उसके द्वारा लगाए गये मज़दूर, नदी/खड्ड में मछलियों का शिकार न करें।
24. खनन् कार्य नदी के धरातल से एक मीटर से अधिक गहराई में नहीं किया जाएगा। 25. खनिजों के एकत्रीकरण से भू स्वामित्वों के निहित अधिकारों में कोई भी हस्ताक्षेप नहीं होना चाहिए।
26. यदि वर्णित शर्तों की अवहेलना होती है या साथ लगते वन क्षेत्र को किसी भी प्रकार की क्षति विभाग के ध्यान में लाई जाती है, तो इस बारे नियमानुसार कार्यवाही अम्ल में लाई जायेगी। 27. ठेकेदार ठेकेे पर स्वीकृत क्षेत्र से निकाले गये खनिजों की मात्रा का मासिक व्योरा विभाग को देगा।
28. खनन् कार्य हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों, सरकार द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश खनिज नीति, पर्यावरण प्रभाव आकलन/वन सरंक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति की शर्तों के अनुसार, विभाग द्वारा समय-समय पर जारी3 8372 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 निर्देशों, माननीय न्यायालयों के आदेशों के अनुरूप किया जाएगा। उपरोक्त नियमों/ अधिसूचना/आदेशों की प्रति खनि अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। 29. ठेके की स्वीकृति व खनन कार्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित SLP ( C) No. 13393 of 2008 जोकि माननीय उच्च न्यायालय में हिमाचल प्रदेश द्वारा याचिका संख्या C.W.P. No. 1077 of 2006, खतरी राम व अन्य के मामले में पारित निर्णय के विरूद्ध दायर की गई है के अन्तिम निर्णय के अनुरूप ही मान्य होगा। इसके अतिरिक्त किसी अन्य न्यायालय द्वारा समय-समय पर इस बारे पारित आदेश भी मान्य होंगे ।
30. ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र की आड़ में यदि कहीं अवैध खनन में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम 2015 व समय-समय पर संशोधित के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। यदि ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी या वाहन अगर बार-बार अवैध खनन व बिना "W" फार्म से ढुलान में सम्मिलित पाया जाता है तो सरकार उसका ठेका रद्द भी कर सकती है।
31. ठेकाधारी सरकार को तृतीय पक्ष की क्षति पूर्ति के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराएगा अतः वह स्वंय जिम्मेदार होगा।
32. सरकार को अधिकार है कि वे उच्चत्म बोली को बिना किसी कारण बताये अस्वीकार कर सकती है।
33. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद संख्या 1-33 में दर्शायी गई शर्तों, के अतिरिक्त अन्य शर्तें ठेका शर्तनामा निष्पादन के दौरान लगा सकती है।
34. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद संख्या 1-33 में दर्शायी गई शर्तों, तथ्यों व नियमों की अवहेलना की अवस्था में ठेका रदद् भी किया जा सकता है तथा इस स्थिति में ठेकेदार द्वारा जमा राशि, जमानत राशि, Upfront Premium व त्रैमासिक किस्त आदि समस्त राशि जब्त कर ली जाएगी।
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बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 19 अक्तूबर, 2019
संख्या एमपीपी-ई(2)-4/2016.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार (सामाजिक समाघात निर्धारण एवं सहमति) नियम, 2015 के नियम 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, ग्राम नम्होल, तहसील अर्की, जिला सोलन (हि.प्र.) के प्रस्तावित भूिम अर्जन के प्रयोजन हेतु सामाजिक समाघात निर्धारण को कार्यान्वित करने के लिए सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के कार्यान्वयन हेतु निम्न प्रकार से अधिसूचित करते हैःं
माननीय उच्च न्यायालय (हि.प्र.) द्वारा सीओपीसी नम्बर 258/2018ए एक्जीक्यूशन पैटिशन नम्बर 132/2017 व सीडब्लयूपी नम्बर 196/2016 में पारित आदेशानुसार ग्राम नम्होल खसरा नम्बर 697/1 (पुराना) खसरा नम्बर 179/1 (नया) की प्रस्तावित भूमि रकबा 0-02-52 हेक्टेयर (0-7 बिस्वा) को हि0प्र0 राज्य विद्युत बोर्ड परिषद् लि0 द्वारा नालागढ़ से कुनिहार के लिए डबल सर्किट टावर से 400 केवी सिंगल सर्किट ट्रांसमिशन लाईन के टावर नम्बर 91 के निर्माण के उद्देश्य से अर्जित किया जाना है।8373 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 इसलिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि सामाजिक निर्धारण के दौरान किसी भी प्रकार के बलप्रयोग या धमकी का प्रयत्न इस कवायद को अकृत और शून्य बना देगा और सामाजिक समाघात निर्धारण को इसके प्रारम्भ से छह मास की अवधि के भीतर कार्यान्वित किया जाएगा। सामाजिक समाघात निर्धारण इकाई परामर्श, सर्वेक्षण और जन सुनवाई करेगी। सामाजिक समाघात निर्धारण इकाई यह भी निश्चित करेगी कि सामाजिक समाघात अध्ययन करते समय पंचायताें के प्रतिनिधियाें तथा ग्रामसभा को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाये। सामाजिक समाघात निर्धारण इकाई, सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन करते समय अन्य बातों पर विचार करेगी जोकि परियोजना से विभिन्न घटकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर विचार करेंगे जैसे कि प्रभावित परिवारों की आजिविका, सार्वजनिक एवं सामुदायिक सम्पत्तियाें, आस्तियाें तथा अवसंरचनाएं विशिष्टतया सड़काें, लोक परिवहन, जल निकासी संकर्म, स्वच्छता, पेयजल स्त्रोताें, सामुदायिक जलाश्याें, चरागाह भूमि, बागानों, जनसुविधाएं जैसे कि डाकघर, उचित मूल्य की दुकानें, खाद्य भण्डारण गोदाम, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं, विद्यालय और शैक्षणिक तथा प्रशिक्षण सुविधाएं, आंगनवाड़ी, बाल उद्यान, पूजास्थल, पारम्परिक जनजातीय संस्थाएं और कब्रस्थान और श्मशान घाट आदि। सामाजिक समाघात निर्धारण इकाई अधिनियम-2013 के अनुच्छेद 4(4) के अधीन सूचिबद्ध सभी मदों और उनके अधीन बने नियमाें को सम्मिलित करेगी।
सामाजिक समाघात निर्धारण इकाई, परामर्श सर्वेक्षण और जनसुनवाई पूरी होने पर सामाजिक समाघात अध्ययन रिपोर्ट नियम 3 के उप-नियम 3 के अनुसार प्रपत्र-II में तैयार करेंगे और सामाजिक समाघात प्रबन्ध योजना, सुधारात्मक उपायों की सूची जोकि विशिष्ट घटकों के प्रभाव निवारण हेतु आवश्यक है को नियम 3 के उप-नियम 4 के अनुसार प्रपत्र-III में तैयार करेंगे।
हि0प्र0 राज्य विद्युत बोर्ड परिषद् लि0 हिमाचल प्रदेश सरकार का सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है और भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के अनुच्छेद 2 (1)(इ) के अधीन हि0प्र0 राज्य विद्युत बोर्ड परिषद् लि0 के पक्ष में भूमि अर्जन प्रस्तावित है। इसलिए सहमति संबंधी प्रावधान जैसे कि अधिनियम-2013 की धारा 2(2) में कहा गया है, इस प्रकार के सरकारी उपक्रम पर लागू नहीं होता है।
हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग ने अधिसूचना नस्ति संख्या रैव0 बी.ए. (3)-3/2014-II दिनांक 27-11-2015 द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण इकाई का गठन किया है। जनसाधारण की सूचना के लिए सामाजिक समाघात निर्धारण इकाई से सूचना सम्पर्क निम्नलिखित हैः
| क्र 0 ं स ं 0 | नाम एवं पता | सूचना सम्पर्क | |
| 1. | श्री सी. पी. वर्मा, निदेशक, हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान, फेयर लॉन, शिमला। | अध्यक्ष | द ूरभाष न०-0177-2734777 |
| 2. | उप-सचिव (राजस्व), हिमाचल प्रदेश सरकार, हिमाचल प्रदेश सचिवालय, शिमला-171002. | सदस्य सचिव | द ूरभाष न०-0177-2628497 |
| 3. | श्री सतीष शर्मा, प्रभारी, राज्य ग्रामीण विकास संस्थान, हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान, फेयर लॉन, शिमला। | सदस्य | मोबाईल न०-094595-82482 |
| 4. | विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य विभाग, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला। | सदस्य | दूरभाष न०-0177-2833872 |
| 5. | मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी विभाग, शिमला। | सदस्य | दूरभाष न०-0177-2816047 |
आदेश द्वारा,
हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (विद्युत)।
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MPP & POWER DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171002, 19th October, 2019
No. MPP-E(2)-4/2016.—In exercise of powers conferred by rule 3 of the Himachal Pradesh Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement (Social Impact Assessment and Consent) Rules, 2015, the Governor of Himachal Pradesh, is pleased to notify the Social Impact Assessment Unit as under to carry out Social Impact Assessment for the purpose of proposed Land Acquisition at Village Namhol, Tehsil Arki, Distt. Solan, H.P. by the HPSEB Ltd. for Tower No. 91 of 400 KV Single Circuit Transmission line on double Circuit Towers from Nalagarh (Reru) to Kunihar in view of the orders/directions passed by the Hon'ble High Court of H.P. at Shimla in COPC No. 258/2018 in Execution Petition No. 132/2017 in CWP No. 196/2016.
The proposed land at Village Namhol, Tehsil Arki, Distt. Solan, H.P. comprising in Khasra No. 679/1 (old) new Khasra No. 179/1 measuring 0-02-52 hectare (0-7 Biswas) is to be acquired by the HPSEBL with the objectives for the construction of Tower No. 91 of 400 KV Single Circuit Transmission line on double Circuit Towers from Nalagarh (Reru) to Kunihar.
Thus, it is made clear that any attempt at coercion or threat during Social Assessment will render this exercise as null and void and the Social Impact Assessment will be carried out within a period of six months from its commencement. The Social Impact Assessment Unit shall hold consultations, survey and public hearings. The Social Impact Assessment Unit shall also ensure that adequate representation be given to the representation of Panchayats and Gram Sabha, at the stage of carrying out the Social Impact Assessment Study.
While undertaking a Social Impact Assessment Study the Social Impact Assessment Unit shall amongst other things, take into consideration that the impact that the project is likely to have on various components such as livelihood of affected families public and community properties, assets and infrastructure particularly roads, public transport, drainage, sanitation, sources of drinking water, sources of water for cattle, community ponds, grazing land, plantation, public utilities such as post office, fair price shops, food storage godowns, electricity supply, health care facilities, school and educational of training facilities, aganwadis, children parks, places of worship, land for traditional tribal institutions and burial and cremation grounds. The Social Impact Assessment unit shall cover all the items under Section 4(4) of Act, 2013 and rules framed there under.
8375 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941The Social Impact Assessment Unit after completion of consultations, survey and public hearing shall prepare a Social Impact Assessment Study report in Form-II under sub-rule 3 of Rule 3 and a Social Impact Management, listing the ameliorative measure required to be undertaken for addressing the impact for a specific component in Form-III under sub rule 4 of Rule 3.
HPSEBL is a Public Sector Undertaking of Govt. of Himachal Pradesh and the land is being proposed to acquire in favour of HPSEBL Under section 2 (1)(b) of the Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement, Act 2013. Therefore, consent provision as laid down under section 2(2) of the Act, 2013 shall not apply on such public sector undertaking.
The Himachal Pradesh Revenue department vide notification No. Rev.D.A.(3)-3/2014-II dated 27-11-2015 has already constituted the State Social Impact Assessment Unit, therefore the information of the general public contact information of Unit is as under:—
| Sl. No. | Name & Address | Contact Information | |
| 1. | Director, Himachal Pradesh Institute of Public Administration, Fairlawns, Shimla. | Chairperson | Ph.-0177-2734777 |
| 2. | Deputy Secretary (Revenue), to the Go H.P., H.P. Secretariat, Shimla-171002. | Member Secretary | Ph.-0177-2628497 |
| 3. | The Incharge, State Institute of Rural Development, HIPA, Shimla. | Member | M- 094595-82482 |
| 4. | Head of Department of Sociology and Social Work, H.P. University, Shimla. | Member | Ph.-0177-2833872 |
| 5. | Chief Scientific Officer, Department of Environment, Science & Technology, Shimla. | Member | Ph.-0177-2816047 |
By order,
Sd/-
Principal Secretary (Power).
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LAW DEPARTMENT
NOTICE
Shimla-2, the 3rd December, 2019
No. LLR-E(9)-2/2018-Leg. —Whereas, Ms. Deepa Kumari Suman, Advocate S/o Sh. Sohan Lal, r/o Village Dhar Kufer, P. O. Rouri, Tehsil & District Shimla, H.P. has applied for appointment of Notary Public in Sub-Division Shimla of District Shimla under rule 4 of the Notaries Rules, 1956.
3 8376 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941Therefore, I, the undersigned in exercise of the power conferred vide Government Notification No. LLR-A(2)-1/2014-Leg. dated 1st July, 2017, hereby issue notice under rule 6 of the Notaries Rules, 1956, for the information of general public for inviting objections, if any, within a period of fifteen days from the date of publication of this notice in e-Rajpatra, H.P. against her appointment as a Notary Public in Sub-Division Shimla of District Shimla.
(Competent Authority),
DLR-cum-Deputy Secretary (Law-English).
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सिंचाई एवं जन-स्वास्थ्य विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 29 नवम्बर, 2019
संख्याःआई0पी0एच0-बी(ए)3-3/2018-I.--हिमाचल प्रदेश भूगर्भ जल (विकास और प्रबन्धन का विनियमन और नियन्त्रण) अधिनियम, 2005 की धारा 5 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार एतद्द्वारा/स्ांभाव्य प्रभावित होने वाले व्यक्तियों से आक्षेप और सुझाव आमन्त्रित करने हेतु हिमाचल प्रदेश भूगर्भ जल (विकास और प्रबन्धन का विनियमन और नियन्त्रण) अधिनियम, 2005 के अधीन सरकार की अधिसूचना संख्याःआई0पी0एच0-बी(ए)3-3/2018-I तारिख 07-09-2019 द्वारा जारी की गई थी और जो राजपत्र (ई-गजट) हिमाचल प्रदेश में तारीख 12-09-2019 को प्रकाशित की गई थी;
2. प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जन-स्वास्थ्य विभाग, हिमाचल प्रदेश कोे निर्दिष्ट अवधि के भीतर इस बाबत कोई भी आक्षेप या सुझाव प्राप्त नहीं हुए; और
3. अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश भूगर्भ जल (विकास और प्रबन्धन का विनियमन और नियन्त्रण) अधिनियम, 2005 की धारा 5 की उप-धारा (3) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, इस अधिसूचना के राजपत्र (ई-गजट), हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित होने की तारीख से पूर्वोक्त अधिनियम के अधीन, हिमाचल प्रदेश राज्य के सम्पूर्ण क्षेत्र को लोक हित में किसी भी रूप में भूगर्भ जल के दोहन का नियन्त्रण या विनियमन करने के लिए अधिसूचित क्षेत्र के रूप में घोषित करते हैं।
आदेश द्वारा, डा0 आर0 एन0 बत्ता,
सचिव (सिंचाई एवं जन-स्वास्थ्य)।
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[Authoritative English text of this Department's Notification No- IPH-B(A)3-3/2018-I dated
29-11- 2019 as required under clause(3) of Article 348 of the Constitution of India].
IRRIGATION & PUBLIC HEALTH DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 29th November, 2019
No. IPH-B(A)3-3/2018-I.—Whereas, the notification under Himachal Pradesh Ground Water (Regulation & Control of Development and Management) Act, 2005 was issued on8377 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 07-09-2019 and the same published in the Rajpatra (e-Gazette), Himachal Pradesh on 12-09-2019 vide Govt. Notification No. IPH-B(A)3-3/2018-I, for inviting objection(s) and suggestion(s) from the person likely to be affected thereby, as required under sub-section (3) of Section 5 of the Himachal Pradesh Ground Water (Regulation & Control of Development and Management) Act, 2005;
And whereas, no objection(s) or suggestion(s) have been received by the Engineer-in-Chief, Irrigation & Public Health Department, H.P in this regard within the specified period; and Now, therefore, in exercise of the powers conferred by sub section(3) of section 5 of the Himachal Pradesh Ground Water (Regulation & Control of Development and Management) Act, 2005 (Act No. 31 of 2005), the Governor, Himachal Pradesh, is pleased to declare the whole area of the State of Himachal Pradesh to be notified area for controlling or regulating the extraction of ground water in any form in the public interest under the Act ibid with effect from the date of publication of this notification in the Rajpatra (e-gazette), Himachal Pradesh.
By order, Dr. R. N. BATTA, Secretary (I&PH).
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171 001
NOTIFICATION
Shimla, the 22nd November, 2019
No. HHC/ Admn.3(338)/92-I.—04 days earned leave w.e.f. 12-11-2019 to 15-11-2019 (for extended period) is hereby sanctioned, ex-post-facto, in favour of Shri B.L.Soni, Deputy Registrar of this Registry.
Certified that Shri B.L.Soni has joined the same post and at the same station from where he had proceeded on leave after the expiry of the above leave period.
Certified that Shri B.L.Soni would have continued to officiate the same post of Deputy Registrar but for his proceeding on leave.
By order, Sd/- Registrar General.
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA-171 001
NOTIFICATION
Shimla, the 22nd November, 2019
No. HHC/Admn.3(282)/90-II.—04 days earned leave on and w.e.f. 25-11-2019 to 28-11-2019 with permission to suffix Sunday falling on 24-11-2019 is hereby sanctioned in favour of Shri Hem Raj, Additional Registrar of this Registry.
3 8378 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941Certified that Shri Hem Raj is likely to join the same post and at the same station from where he proceeds on leave after the expiry of the above leave period.
Certified that Shri Hem Raj would have continued to officiate the same post of Additional Registrar but for his proceeding on leave.
By order, Sd/- Registrar General.
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA–171 001
NOTIFICATION
Shimla, the 21st November, 2019
No. HHC/Admn.3(263)/88-I.—04 days commuted leave w.e.f. 22-10-2019 to 25-10-2019 is hereby sanctioned, ex-post-facto, in favour of Smt. Neelam Sharma, Court Master of this Registry.
Certified that Smt. Neelam Sharma has joined the same post and at the same station from where she had proceeded on leave after the expiry of the above leave period.
Certified that Smt. Neelam Sharma would have continued to officiate the same post of Court Master but for her proceeding on leave.
By order, Sd/- Registrar General.
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HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH, SHIMLA–171 001
NOTIFICATION
Shimla, the 21st November, 2019
No. HHC/ Admn.3(242)/86-I.—01 day's commuted leave for 11-11-2019 with permission to prefix Second Saturday and Sunday fell on 9th & 10th November, 2019 and suffix Gazetted holiday fell on 12-11-2019 is hereby sanctioned, ex-post-facto, in favour of Shri Hitesh Sharma, Court Master of this Registry.
Certified that Shri Hitesh Sharma has joined the same post and at the same station from where he had proceeded on leave after the expiry of the above leave period.
8379 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941Certified that Shri Hitesh Sharma would have continued to officiate the same post of Court Master but for his proceeding on leave.
By order, Sd/- Registrar General.
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HOME DEPARTMENT
CORRIGENDUM
Shimla-171 002, the 3rd December, 2019
No. Home (A) B(1)3/2016.—Please read Police Station Lambagon instead of Police Station Thural appearing in column No. 4 of this Department Notification of even number, dated 17-09-2019, published in the Rajpatra (e-Gazette) on 14-11-2019.
By order, Sd/- Addl. Chief Secretary (Home).
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हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय, शिमला-171 004
अधिसूचना
शिमला-4, 3 दिसम्बर, 2019
संख्याःवि0स0/स्था0/वि0परीक्षा/6-41/2000-V.—हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय की अधिसूचना संख्याः 6-41/2000-वि0स0, दिनांक 20 अप्रैल, 2002 द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय (विभागीय परीक्षा) विनियम, 2002 के अनुसरण में इस सचिवालय के पात्र ऐसे राजपत्रित/ अराजपत्रित अधिकारियों/कर्मचारियों, जिन्होंने अभी तक विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है या अंशतः उत्तीर्ण की है, को सूचित किया जाता है कि उक्त विनियमों में निहित विभागीय परीक्षा की तिथियां दिनांक 26, 27 एवं 28 दिसम्बर, 2019 को निश्चित की गई है जिसका विवरण निम्न प्रकार से है :--
| क्र. सं. | दिनांक | समय | पेपर संख्या |
| 1. | 26-12-2019 | 11.00 बजे (पूर्वाह्न) से 2.00 बजे (अपराह्न तक) | I |
| 2. | 27-12-2019 | 11.00 बजे (पूर्वाह्न) से 2.00 बजे (अपराह्न तक) | II |
| 3. | 28-12-2019 | 11.00 बजे (पूर्वाह्न) से 2.00 बजे (अपराह्न तक) | III |
3 8380 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 पात्रता एवं अन्य सम्बन्धित शर्तें हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय (विभागीय परीक्षा) विनियम, 2002 के अनुरूप होंगी।
हस्ताक्षरित/- सचिव, (हि0 प्र0) विधान सभा।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, सदर चम्बा, जिला चम्बा (हि0 प्र0) मिसल नम्बर /तहसील रीडर/2019
तारीख पेशी : 20-11-2019 मुहम्मद सादिक पुत्र उमरदीन, निवासी गांव मासर, डाकघर बरौर, तहसील व जिला चम्बा (हि0 प्र0)
. . वादी।
बनाम
. . प्रतिवादी। आम जनता
उनवान मुकद्दमा.--दरख्वास्त जेर धारा 13(3) पंजीकरण जन्म एवं मृत्यु के रजिस्टर में दर्ज करने बारा। प्रार्थी मुहम्मद सादिक पुत्र उमरदीन, निवासी गांव मासर, डाकघर बरौर, तहसील व जिला चम्बा (हि0 प्र0) ने इस कार्यालय में आवेदन किया है कि उसकी बेटी नामक रूकैईया की जन्म तिथि 09-09-2015 है। लेकिन जन्म से सम्बन्धित घटना ग्राम (पंचायत बरौर, विकास खण्ड चम्बा) के कार्यालय में दर्ज न है, जिसे वह दर्ज करवाना चाहता है।
अतः सर्वसाधारण जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि मुहम्मद सादिक पुत्र उमरद्दीन, निवासी गांव मासर, डाकघर बरौर, तहसील व जिला चम्बा (हि0 प्र0) की लड़की नामक रूकैईया की जन्म तिथि 09-09-2015 को ग्राम (पंचायत बरौर, विकास खण्ड चम्बा के जन्म/मृत्यु अभिलेख में दर्ज करने बारा किसी को आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपत्ति इस अदालत में इश्तहार के प्रकाशन के एक माह के भीतर-भीतर सुबह 10.00 से सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपत्ति न आने की सूरत में प्रार्थी की लड़की की जन्म तिथि 09-09-2015 को दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु को पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 20-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार,
सदर चम्बा, जिला चम्बा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील सदर, चम्बा, जिला चम्बा (हि0 प्र0)
श्रीमती आशा कुमारी पत्नी श्री राज कुमार, निवासी गांव चमडोली, डाकघर कोहलडी, तहसील व जिला चम्बा, हि0 प्र0।
बनाम
आम जनता
8381 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 विषय.--जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम की जेर धारा 13(3) पुनर्वलोकित 1969 के तहत जन्म प्रमाण-पत्रलेने बारे।
श्रीमती आशा कुमारी पत्नी श्री राज कुमार, निवासी गांव चमडोली, डाकघर कोहलडी, तहसील व जिला चम्बा, हि0 प्र0 ने इस कार्यालय में आवेदन किया है कि मेरे पति नामक राज कुमार की मृत्यु दिनांक 04-07-2013 को हुई है। परन्तु मृत्यु से सम्बन्धित इन्द्राज ग्राम पंचायत पन्जोह के अभिलेख में दर्ज न है, जिसे वह दर्ज करवाना चाहती है।
अतः सर्वसाधारण जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि श्रीमती आशा कुमारी पत्नी श्री राज कुमार, निवासी गांव चमडोली, डाकघर कोहलडी, तहसील व जिला चम्बा, हि0 प्र0 के जन्म/मृत्यु अभिलेख में दर्ज करने बारा अगर किसी को आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपत्ति इस अदालत में इश्तहार के प्रकाशन के एक माह के भीतर-भीतर सुबह 10.00 से सांय 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपत्ति न आने की सूरत में प्रार्थिनी के पति की मृत्यु तिथि 04-07-2013 दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु को पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 10-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार,
सदर चम्बा, जिला चम्बा (हि0 प्र0)
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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं तहसीलदार सदर, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश मिसल नं0 : /तहसील/रीडर/2019
तारीख फैसला : 27-09-2019 उनवान मुकद्दमा.--दुरूस्ती नाम।
प्रार्थी राज कुमार पुत्र धर्म चन्द, निवासी गांव संगूई, परगना उदयपुर, तहसील व जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश ने आवेदन किया है कि उसके पिता का नाम नकल परिवार रजिस्टर, ग्राम पंचायत सिंगी व आधार कार्ड राज कुमार संख्या 8897, 7550, 4224, स्कूल प्रमाण-पत्र, ब्यान हल्फिया में धर्म चन्द दर्ज है जो कि सही व दुरूस्त है। परन्तु पटवार वृत्त चम्बा शहर-I के महाल चम्बा शहर-I में धर्मू पुत्र श्री रिखिया दर्ज कागजात माल है जो कि गलत है तथा प्रार्थना की है कि उसका नाम पटवार वृत्त चम्बा, उदयपुर के महाल चम्बा दडौगा के राजस्व अभिलेख में धर्मू के बजाये धर्म चन्द पुत्र श्री रिखिया दुरूस्त करने के आदेश करें। अतः सर्वसाधारण जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि प्रार्थी के पिता के नाम दर्ज करने बारा पटवार वृत्त दडौगा के राजस्व अभिलेख में दर्ज करने बारा किसी को आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपत्ति इस अदालत में इश्तहार के प्रकाशन के माह के भीतर-भीतर सुबह 10.00 से सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपत्ति न आने की सूरत में प्रार्थी के पिता का नाम धर्मू उर्फ धर्म चन्द पुत्र रिखिया दर्ज के आदेश सम्बन्धित कानूनगो साच को पारित कर दिये जाएंगे। आज दिनांक 15-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय से जारी हुये ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,
चम्बा, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।3 8382 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941
ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी ककीरा, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश
श्रीमती उर्मिला राना पत्नी श्री लक्ष्मण सिंह राना, निवासी गांव डंगाडी, डाकघर तारागढ़, उप-तहसील ककीरा, जिला चम्बा, हि0 प्र0।
विषय.--प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त प्रार्थिया ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र, ब्यान हल्फी बमय अन्य कागजात इस आशय से गुजारा है कि उसके पति श्री लक्ष्मण सिंह पुत्र श्री शाम सिंह की मृत्यु तिथि 12-02-2002 है जो कि ग्राम पंचायत तारागढ़ के रिकार्ड में दर्ज न है, जिसे दर्ज किया जावे।
इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थिनी के पति की मृत्यु तिथि ग्राम पंचायत तारागढ़ के रिकार्ड में दर्ज करने पर यदि किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन अदालत अधोहस्ताक्षरी दिनांक 28-12-2019 को हाजिर आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एक तरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम व मृत्यु तिथि दर्ज करने के आदेश दे दिये जायेंगे।
आज दिनांक 22-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व अदालत मोहर से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी,
ककीरा, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय वर्ग, ककीरा, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश
मिसल नं0 : 25/2019 तारीख मजरूआ : 26-10-2019 अग्रिम तारीख पेशी 28-12-2019 श्री कृष्ण चन्द सुपुत्र स्व0 श्री बिहारी लाल, निवासी गांव फनेरा द्रवड, डाकघर होबार, उप-तहसील . . प्रार्थी। ककीरा, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश
बनाम
. . प्रत्यार्थीगण। आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र बराये नाम दुरूस्ती बारे।
श्री कृष्ण चन्द सुपुत्र स्व0 श्री बिहारी लाल, निवासी गांव फनेरा द्रवड, डाकघर होबार, उप-तहसील ककीरा, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय अन्य कागजात इस आशय से गुजारा है कि उसका सही नाम कृष्ण चन्द है, तथा उसके पिता का सही नाम बिहारी लाल है, जोकि उसके स्कूल के रिकार्ड व आधार कार्ड में सही दर्ज है लेकिन राजस्व विभाग के महाल महोट में गलती से उसका नाम किशन व उसके पिता का नाम बिहारी दर्ज है, जिसकी दुरुस्ती की जावे।
इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी व उसके पिता के नाम दुरुस्ती बारे यदि किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन अदालत8383 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 अधोहस्ताक्षरी दिनांक 28-12-2019 को हाजिर आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम दुरुस्ती के आदेश दे दिये जाएंगे। आज दिनांक 23-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व अदालत मोहर से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहर्ता द्वितीय वर्ग,
ककीरा, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।
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समक्ष श्री प्रवीण कुमार, तहसीलदार एवम् सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, लडभड़ोल, जिला मण्डी
(हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 26-12-2019 श्री डागी राम उपनाम धर्म चन्द पुत्र श्री हरखू पुत्र गिल्जा, निवासी गांव व डाकघर गोलवां, तहसील . . प्रार्थी। लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)
बनाम
आम जनता
. . फरीकदोयम। श्री डागी राम उपनाम धर्म चन्द पुत्र श्री हरखू पुत्र गिल्जा, निवासी गांव व डाकघर गोलवां, तहसील लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0) नेे शपथ-पत्र सहित आवेदन किया है कि प्रार्थी का वास्तविक नाम डागी राम उपनाम धर्म चन्द है परन्तु प्रार्थी का नाम राजस्व अभिलेख महाल गोलुवां में धर्म चन्द दर्ज हो चुका है जो कि गलत दर्ज हुआ है। अब प्रार्थी ने अपने नाम की दुरुस्ती के आदेश चाहे हैं।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दुरुस्ती करने बारा कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 26-12-2019 को 10.00 बजे इस अदालत में हाजिर होकर अपना उजर/एतराज पेश कर सकता है। बसूरत गैरहाजिरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर नाम दुरुस्ती दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया जाएगा।
यह इश्तहार आज दिनांक 18-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ। मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।
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समक्ष श्री प्रवीण कुमार, तहसीलदार एवम् सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, लडभड़ोल, जिला मण्डी
(हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 26-12-2019 श्री कांशी राम पुत्र श्री मसदी पुत्र कुन्डल, निवासी बडा ठाणा, तहसील लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)
. . प्रार्थी।3 8384 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 बनाम
आम जनता
. . फरीकदोयम। श्री कांशी राम पुत्र श्री मसदी पुत्र कुन्डल, निवासी बडा ठाणा, डाकघर पंजालग, तहसील लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0) नेे शपथ-पत्र सहित आवेदन किया है कि प्रार्थी का वास्तविक नाम कांशी राम है परन्तु प्रार्थी का नाम राजस्व अभिलेख महाल बडा ठाणा में नोपा दर्ज हो चुका है जो कि गलत दर्ज हो चुका है। अब प्रार्थी ने अपने नाम की दुरुस्ती के आदेश चाहे हैं।
अतः इस इश्तहार के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दुरुस्ती करने बारा कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 26-12-2019 को 10.00 बजे इस अदालत में हाजिर होकर अपना उजर/एतराज पेश कर सकता है। बसूरत गैरहाजिर एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर नाम दुरूस्ती दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया जाएगा।
यह इश्तहार आज दिनांक 18-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ। मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।
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समक्ष श्री प्रवीण कुमार, तहसीलदार एवम् सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, लडभड़ोल, जिला मण्डी
(हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 26-12-2019
. . प्रार्थी। श्री प्रहलाद पुत्र श्री रतन चन्द, निवासी गांव व डाकघर सिमस, तहसील लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)
बनाम
आम जनता
. . फरीकदोयम। श्री प्रहलाद पुत्र श्री रतन चन्द, निवासी गांव व डाकघर सिमस, तहसील लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0) नेे शपथ-पत्र सहित आवेदन किया है कि प्रार्थी का वास्तविक नाम प्रहलाद है परन्तु प्रार्थी का नाम राजस्व अभिलेख महाल सिमस में प्रहलाद कुमार दर्ज हो चुका है जो कि गलत दर्ज हो चुका है। अब प्रार्थी ने अपने नाम की दुरुस्ती के आदेश चाहे हैं।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दुरुस्ती करने बारा कोई उजर-एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 26-12-2019 को 10.00 बजे इस अदालत में हाजिर होकर अपना उजर-एतराज पेश कर सकता है। बसूरत गैरहाजिर एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर नाम दुरूस्ती दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया जाएगा।
यह इश्तहार आज दिनांक 21-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ। मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।8385 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 समक्ष श्री प्रवीण कुमार, तहसीलदार एवम् कार्यकारी दण्डाधिकारी, लडभड़ोल, जिला मण्डी
(हि0 प्र0)
तारीख पेशी : 26-12-2019 श्री कृष्ण कुमार पुत्र स्व0 श्री भूरी सिंह, निवासी गांव पीहड बेढलू, डाकघर बसौना, तहसील . . प्रार्थी। लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)
बनाम
आम जनता
. . फरीकदोयम। प्रार्थना-पत्र जेर धारा 35 ता 37 हि0प्र0 राजस्व अधिनियम, 1954 के अन्तर्गत बाबत नाम दुरूस्ती बारे। श्री कृष्ण कुमार पुत्र स्व0 श्री भूरी सिंह, निवासी गांव पीहड बेढलू, डाकघर बसौना, तहसील लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0) नेे शपथ-पत्र सहित आवेदन किया है कि प्रार्थी की माता का वास्तविक नाम रन्चु देवी है परन्तु प्रार्थी की माता का नाम राजस्व अभिलेख महाल पीहड बेढलू, में श्रीमती शान्ती देवी दर्ज हो चुका है जो कि गलत है। अब प्रार्थी ने अपनी माता के नाम की दुरुस्ती के आदेश चाहे हैं।
अतः इस इश्तहार के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दुरुस्ती को दर्ज करने बारा कोई उजर-एतराज हो तो वह दिनांक 26-12-2019 को असालतन या वकालतन इस न्यायालय में उपस्थित होकर अपना उजर-एतराज पेश करें। अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
यह इश्तहार आज दिनांक 22-11-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ। मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, लडभड़ोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।3 8386 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 दिसम्बर, 2019/13 मार्गशीर्ष, 1941 नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है