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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 229, 22 January 2020

Published 22 January 2020

Gazette no.
229
Gazetteid
229/GAZETTE/2020-22/01/2020
Identifier
in.gazette.himachal.2020-01-22.229_gazette_2020-22_01_2020
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित

बुधवार, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941

हिमाचल प्रदेश सरकार

उद्योग विभाग (भौमिकीय शाखा)

निविदा-एवं-नीलामी सूचना

दिनांकः 16 जनवरी, 2020

संख्या उद्योग-भू(खनि-4)लघु-880/2005-भाग-3-8887-8895.--सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि विभाग द्वारा जिला हमीरपुर में पड़ने वाली 14 लघु खनिज खानों/खड्‌डों से रेत, पत्थर व बजरी उठाने हेतु अधिक पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धा के उद्देश्य से निविदाएं-एवं-नीलामी (Tender–cum-Auction) की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस प्रक्रिया के प्रथम चरण में उक्त खानों/खड्‌डों की निविदाएं आमन्त्रित की जा रही हैं, तदोपरान्त द्वितीय चरण में उक्त खानों/खडडों की खुली नीलामी की जायेगी तथा इन दोनों प्रक्रियों 229-राजपत्र/2020-22-01-2020 (9603) 9604 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 में जो भी उच्चतम राशि बोलीदाता/निविदादाता द्वारा प्रस्तावित की जायेगी उसको खान/खड्‌ड का सफल बोलीदाता/निविदादाता घोषित किया जायेगा। निविदादाता को यह अधिकार होगा कि वह खुली नीलामी में भी भाग ले सकता है तथा अपनी निविदा में दर्शाई गई राशि से अधिक राशि पर बोली दे सकता है । निविदाएं खनि अधिकारी हमीरपुर, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में आमंत्रित की जा रही है। निविदा दिनांक 4-3-2020 को शाम 4.00 बजे तक खनि अधिकारी, हमीरपुर, जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में मोहर बन्द लिफाफों में खनि अधिकारी कार्यालय में रखी गई निविदा पेटी में डाली जाएं व उसकी प्रविष्टि (Entry) खनि अधिकारी द्वारा कार्यालय रजिस्टर में की जायेगी जिसकी पावती भी खनि अधिकारी द्वारा जारी की जायेगी। उक्त खानों/खड्‌डों की निविदाएं प्राप्त होने पर दिंनाक 5-3-2020 को प्रातः 11.00 बजे उक्त खानों/खड्‌डों की खुली नीलामी कमेटी द्वारा बचत भवन, हमीरपुर के सभा भवन में की जाएगी। जिसमें जिन व्यक्तियों ने निविदाएं दी हैं, के साथ-साथ अन्य कोई भी इच्छुक व्यक्ति सम्मिलित हो सकता है। इच्छुक व्यक्ति लघु खनिज खानों/खड्‌डों की जानकारी तथा निविदा व नीलामी की प्रक्रिया व शर्तों के लिए राज्य भू-विज्ञानी, हिमाचल प्रदेश, शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी, हमीरपुर, जिला हमीरपुर के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में आकर सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त निविदा व नीलामी हेतु खानों/खड्‌डों की जानकारी विभागीय website himachal.nic.in/industry से भी प्राप्त की जा सकती है। नीलामी की प्रक्रिया सम्पन्न होने पर प्राप्त हुई निविदाएं उसी दिन खोली जायेंगी। उपरोक्त दोनों में से उच्चतम बोलीदाता द्वारा दी गई बोली की राशि अथवा उच्चतम निविदादाता द्वारा दी गई निविदा राशि, जो भी राशि अधिक होगी, उस सम्बन्धित बोलीदाता/निविदादाता को कुल उच्चतम राशि का 25 प्रतिशत उसी समय जमा करवाना होगा जोकि ठेके की जमानत राशि के रूप में होगी। कोई भी व्यक्ति जो निविदा देने अथवा नीलामी में भाग लेने का इच्छुक हो, उस व्यक्ति के पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य है :-

1. पैनकार्ड

2. खनन्‌ सम्बन्धित बकाया न होने का शपथ पत्र

3. निविदादाता को उक्त दस्तावेज मुबलिग 50,000/- रुपये (पच्चास हजार रुपये) धरोहर राशि बैंक ड्राफ्ट के रूप में निविदा फार्म (पूर्ण रूप में भरे हुये) के साथ स्वयं या डाक द्वारा निर्धारित तिथि से पहले खनि अधिकारी कार्यालय हमीरपुर में जमा करवाने होंगे ।

4. कोई भी व्यक्ति जो नीलामी देने का इच्छुक हो, उसको उक्त दस्तावेज़ एवं मुबलिग 50,000/- रुपये धरोहर राशि, बैंक ड्राफ्ट के रूप में निर्धारित बोली से पहले सम्बन्धित खनि अधिकारी हमीरपुर के समक्ष प्रस्तुुत करने होंगे। नीलामी सभागार में निविदादाता या बोलीदाता प्रवेश करने से पूर्व खनि अधिकारी, हमीरपुर से प्रवेश पत्र प्राप्त करेंगे। एक प्रवेश पत्र पर दो व्यक्तियों को सभागार में जाने की अनुमति होगी।

5. बैंक ड्राफ्ट खनि अधिकारी, हमीरपुर हिमाचल प्रदेश के नाम देय होगा। बैंक ड्राफ्ट के पीछे बोलीदाता/निविदादाता का नाम, पता व पैन नम्बर लिखा होना चाहिए । असफल बोलीदाता/ निविदादाता को जमा ड्राफ्ट, नीलामी पूर्ण होने के उपरान्त वापिस कर दिया जाएगा।

6. यदि 8 हैक्टेयर क्षेत्र से कम क्षेत्र की बोली देने वाला बोलीदाता हिमाचली है तो उसे हिमाचली (Bonafide Certificate) प्रस्तुत करना होना।

7. निविदा राशि अथवा बोली प्रति वर्ष के आधार पर ली जायेगी

8. निविदा फार्म पूर्ण रूप से भरा हो व उपरोक्त वर्णित दस्तावेज निविदा फार्म के साथ संलग्न होने चाहिएं अन्यथा अधूरे निविदा फार्म स्वीकृत नहीं किए जायेंगे ।

9. निविदा खोलने के दौरान आवेदक/प्रतिनिधि का कमेटी के समक्ष होना अनिवार्य होगा9605 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 10. नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों से भी यह आशा की जाती है कि वह निविदा प्रक्रिया द्वारा ही नीलामी में भाग लें।

आवेदक निविदा के लिए निविदा फार्म राज्य भू-विज्ञानी, हिमाचल प्रदेश, शिमला-1 अथवा खनि अधिकारी हमीरपुर के कार्यालय से प्राप्त कर सकता है जिसका मुल्य 5,000/- रु0 प्रति फार्म होगा। आवेदक को पूर्ण रूप से भरे हुए निविदा फार्म मोहर बन्द लिफाफे में खनि अधिकारी, हमीरपुर के कार्यालय में उक्त दर्शाई गई तिथि तक प्रस्तुत करना होगा। लिफाफे के ऊपर बडे अक्षरों में निविदा फार्म व आवेदित खान का नाम लिखा होना आवश्यक है व लिफाफे के बाईं ओर आवेदक का नाम व पता भी स्पष्ट अक्षरों में लिखा होना चाहिए।

हस्ता0/- निदेशक, उद्योग, हिमाचल प्रदेश । DETAIL OF MINOR MINERAL QUARRIES OF DISTRICT HAMIRPUR PROPOSED FOR TENDER-CUM-AUCTION

Sl. No. Name of Minor Mineral Quarry River/Khad Bed Khasra No. Area in Hect. Mauza/ Mohal Name of Mineral Reserve Price (Amount in Rupees)
1 2 3 4 5 6 7
Sunjanpur Sub-Division
1. Pung Khad-I 350 & 352 55-10 (Kanals) Kanerad/Garodu Buhla Sand Stone & Bajri 5,00,000/-
2. Pung Khad–II 391 53-06 (Kanals) Kanerad/Ukhil -do- 5,00,000/-
3. Pung Khad-III 01 & 565/2 68-07 (Kanals) Chamiyana/ Baloh -do- 6,00,000/-
Nadaun Sub-Division
4. Maan Khad (Galol-I) 226 03-36-41 Jalari/Galol -do- 5,00,000/-
5. Maan Khad (Galol-III) 02 05-93-17 Jalari/Galol -do- 7,50,000/-
6. Maan Khad (Galol-IV) 544 10-03-17 Jalari/Galol -do- 13,00,000/-
7. Maan Khad (Banoh) 161/2 &161/1/1 4-60-85 Hathol/Banoh -do- 6,00,000/-
8. Kunah Khad (Chadhoo) 188/3 02-84-89 Baldook/ Dhamoti -do- 4,50,000/-
9. Kunah Khad (Bhumpal) 1 03-30-60 Bhumpal/Kohla -do- 5,00,000/-
Barsar Sub-Division
10. Sukker Khad (Jangli) 405 03-37-99 Datwal/Jangli -do- 4,50,000/-
11. Sukker Khad (Lafran) 899 08-58-45 Datwal/Lafran -do- 12,00,000/-
12. Sukker Khad (Chowki) 1302/4 06-88-82 Datwal/Chowki -do- 9,00,000/-
13. Garli Khad (Garli Khas) 1468, 1767 & 1768 04-90-09 Garli/Garli Khas -do- 7,50,000/-
14. Garli Khad (Usnad Garli) 944, 1242 & 1261 07-43-59 Garli/Usnad Kalan -do- 10,00,000/-
9606 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941

निविदा-एवं-नीलामी शर्तें :

1. विभाग द्वारा जिला हमीरपुर में 14 खाली पड़ी लघु खनिज की खानों को हिमाचल प्रदेश गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन्‌ उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम, 2015 के अन्तर्गत खनन्‌ हेतु निविदा व खुली नीलामी द्वारा आबंटित किया जायेगा। खनन्‌ हेतु रायल्टी राशि के एवज मेें विभाग द्वारा प्रतिवर्ष के आधार पर निविदा/नीलामी राशि वसूल की जायेगी तथा निविदा/नीलामी उच्चतम निविदा/नीलामी देेने वाले व्यक्ति के पक्ष में प्रदान की जायेगी। 2. निविदा/नीलामी राशि प्रतिवर्ष के आधार पर ली जाएगी तथा राशि उसी दर पर दो वर्ष तक वसूल की जाएगी, उसके उपरान्त ठेके की शेष अवधि के दौरान निविदा/नीलामी राशि के अतिरिक्त उक्त राशि पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत बढ़ौतरी चक्रवृद्धि ब्याज की दर से अतिरिक्त राशि वसूल की जाएगी । 3. निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति किसी भी जिला में खनन्‌ से सम्बन्धित देय राशि का बकायादार नहीं होना चाहिए। यदि कोई निविदा/नीलामी देने वाला व्यक्ति विभाग के बकायादार होने का दोषी पाया जाता है तो उस व्यक्ति को निविदा/नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जायेगी। यदि कोई बकायादार व्यक्ति कोई खान निविदा/नीलामी पर ले लेता है, जिसका विभाग को बाद में ज्ञान होता है तो उस अवस्था में उस व्यक्ति द्वारा जमा राशि, बकाया राशि में समायोजित कर दी जाएगी तथा खान का ठेका रद्‌द करके खानों की पुनः नीलामी आमंत्रित की जाएगी ।

4. सफल निविदादाता/बोलीदाता एक वर्ष के लिए दी गई बोली राशि की 25 प्रतिशत राशि निविदा/नीलामी खुलने के समय प्रस्तुत करेगा जो कि जमानत राशि होगी। इसके अतिरिक्त निविदा/नीलामी राशि के आधार पर आयकर, पंचायत टैक्स, District Mineral Foundation Fund व अन्य टैक्स/राशि समय-समय पर जो नियमानुसार देय है उच्चतम निविदादाता/बोलीदाता को जमा करवाने होंगे। प्रथम वर्ष की निविदा/नीलामी राशि के 25 प्रतिशत के बराबर राशि उच्चतम निविदादाता/बोलीदाता द्वारा Upfront Premium के रूप में जमा करवानी होगी जो कि देय त्रैमासिक किस्त में समायोजित की जाएगी। यह Upfront Premium राशि उच्चतम निविदादाता/ बोलीदाता द्वारा Letter of Intent जारी किए जाने की तिथि से एक महीने की अवधि के भीतर जमा करवानी होगी अन्यथा जमा करवाई गई जमानत राशि को जब्त करके खान को पुनः नीलाम किया जायेगा।

5. नीलामी के समय दी जाने वाली बोली यदि 10 लाख रुपये की सीमा से बढ़ जाती है तो उस अवस्था में बोलीदाताओं द्वारा अगली बोली 50 हजार रुपये प्रति बोली के आधार पर ही देनी होगी। इसके अतिरिक्त अगर यह सीमा 25 लाख रुपये से बढ़ जाती है तो उस अवस्था में अगली बोली एक लाख रुपये प्रति बोली के हिसाब से देनी होगी।

6. बोली के दौरान यदि कमेटी को यह आभास होता है कि दी जाने वाली बोली पूलिंग (Pooling) आदि की वजह से संदेहास्पद है या आशानुरूप कम आ रही है तो उस अवस्था में कमेटी को उक्त किसी खान की नीलामी प्रक्रिया को निलम्बित करने का अधिकार होगा।

7. यदि कोई निविदादाता/बोलीदाता किसी लघु खनिज खान के खनिज अधिकारों की बोली देता है, परन्तु जमानत राशि निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के समय जमा नहीं करवाता है या9607 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 निविदा/नीलामी प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपरान्त अनुपस्थित हो जाये, उस स्थिति में उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त कर ली जायेगी और भविष्य में कम से कम 5 वर्ष के लिए प्रदेश में किसी भी स्थान पर ऐसा व्यक्ति निविदा/नीलामी में हिस्सा नहीं ले सकेगा तथा उक्त खानों/खड्‌डों कीे पुनः निविदा/नीलामी आमंत्रित की जायेगी।

8. जिन खानों/खड्‌डों के खनिज अधिकारों को निविदा/नीलामी हेतु अधिसूचित किया गया है उनके खसरा नं0/राजस्व रिकार्ड या फिर भौगोलिक सीमा/स्थाई चिन्हों की जानकारी, इच्छुक व्यक्ति सम्बन्धित खनि अधिकारी से प्राप्त कर सकता है तथा सम्बन्धित क्षेत्र का निरीक्षण भी अपने स्तर पर कर सकता है। ताकि क्षेत्र के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें। निविदा/नीलामी केवल उसी क्षेत्र की होगी, जो कि अधिसूचना में प्रस्तावित किए गए हैं जिसका पूर्ण विवरण सम्बन्धित खनि अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इस बारे में बाद में कोई भी आपत्ति स्वीकार्य नहीं होगी। 9. 08 हैक्टेयर तक के क्षेत्र हिमाचल निवासियों के लिए आरक्षित होंगे ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार सुनिश्चित किया जा सके। उक्त लाभ प्राप्त करने के लिए निविदादाता/बोलीदाता को निविदा/नीलामी से पूर्व खनन्‌ अधिकारी के समक्ष, अपना हिमाचली निवासी होने का प्रमाण पत्र (Bonafide Certificate) जो कि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो प्रस्तुत करना अनिवार्य है। यदि 8 हैक्टर व उससे कम क्षेत्र वाली खड्‌डों हेतु कोई भी हिमाचली निविदा दाता/बोलीदाता बोली नहीं देता है तो उस अवस्था में कोई भी गैर हिमाचली उक्त खड्‌डों की बोली दे सकता है। 10. अगर पीठासीन अधिकारी को लगे कि निविदा/नीलामी द्वारा प्राप्त राशि किसी खान की अपेक्षित राशि के अनुरूप कम है तो उस स्थिति में समिति निविदा/नीलामी द्वारा खान को आबंटित न करने के लिए सिफारिश कर सकती है। खानों के न्यूनतम आरक्षित मूल्य खनि अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध हैं।

11. खनिजों के दोहन हेतु पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA Clearance) तथा वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के अन्तर्गत (अगर अनिवार्य हो तो) स्वीकृतियां ठेकेदार/सफल निविदादाता/बोलीदाता द्वारा अपने स्तर पर व अपने खर्च व जोखिम पर सक्षम Authority से Letter of Intent जारी होने की तिथि से दो वर्ष के भीतर प्राप्त करनी होगी। यदि उच्चतम बोलीदाता इस अवधि में Environment Clearance या वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो उस स्थिति में उच्चतम निविदादाता/बोलीदाता द्वारा Environment Clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने बारे की गई प्रगति की समीक्षा करने के उपरान्त Letter of Intent की अवधि को आगामी एक वर्ष तक समय बढ़ौतरी बारे निदेशक उद्योग द्वारा निर्णय लिया जायेगा तथा इस बढ़ाये हुए एक वर्ष की अवधि तक भी अगर उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता यह स्वीकृतियां प्राप्त नहीं करता है तो Letter of Intent की अवधि के आगामी समय बढ़ौतरी बारे केवल सरकार द्वारा ही निर्णय लिया जायेगा। तदोपरांत यदि सफल उच्चतम निविदादाता/बोलीदाता Environment Clearance व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो उस अवस्था में Letter of Intent रद्‌द करके उसके द्वारा दी गई जमानत राशि व अन्य जमा करवाई गई राशियां जब्त कर ली जायेगी। EIA प्राप्त करने के उपरान्त ही सफल उच्चतम निविदादाता/बोलीदाता को जिस क्षेत्र के लिए उसने निविदा/नीलामी दी थी उस क्षेत्र में खनन्‌ कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। Environment Clearance व वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के अन्तर्गत की गई प्रगति के बारे में ठेकेदार समय-समय पर विभाग को अवगत करवायेगा।

12. रेत, पत्थर व बजरी आदि की लघु खनिज खानों की अधिकतम अवधि 10 वर्ष सरकारी भूमि के लिए व वन विभाग से सम्बन्धित 15 वर्ष होगी तथा उच्चतम निविदादाता/बोलीदाता को खान में कार्य करने से पूर्व अपने स्तर पर पर्यावरण एवं वन मऩ्त्रालय भारत सरकार से खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आकलन स्वीकृति (EIA Clearance) व वन सरंक्षण अधिनियम, 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति (अगर अनिवार्य हो तो) व Registered Qualified Person से Mining Plan बनवाना अनिवार्य है। उच्चतम निविदादाता/बोलीदाता के पक्ष में सक्षम अधिकारी द्वारा सरकार से स्वीकृति के पश्चात्‌ निविदा/नीलामी खुलने के एक महीने के उपरान्त Letter of Intent जारी किया जाएगा ताकि9608 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 उच्चतम बोलीदाता खान क्षेत्र का पर्यावरण प्रभाव आकलन स्वीकृति सक्षम Authority से तय सीमा जो कि 2 वर्ष की है के भीतर प्राप्त कर सकें। Letter of Intent में दर्शाई गई शर्तों की अनुपालना के उपरान्त उच्चतम निविदादाता/बोलीदाता के पक्ष मे नियमानुसार स्वीकृति आदेश जारी किए जाएंगे ताकि शर्तनामा निष्पादन किया जा सके। शर्तनामा निष्पादन करने से पूर्व सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने पर सफल उच्चतम निविदादाता/बोलीदाता द्वारा सम्बन्धित कर आदि के रूप में राशि खनि अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य होगा व शेष वर्षों में भी 25 प्रतिशत त्रैमासिक किश्त के आधार पर बकाया राशि समय समय पर खनि अधिकारी के कार्यालय में शर्त नं0-2 के अनुसार अग्रिम रूप से जमा करवानी होगी ।

13. निविदा/नीलामी केवल उसी अवस्था में स्वीकार होगी, यदि निविदा/नीलामी किसी सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित की गई हो।

14. शर्तनामा निष्पादन करने के उपरान्त उच्चतम निविदादाता/बोलीदाता, निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र से पांच वर्ष के लिए अनुमोदित Mining Plan के अनुरूप कार्य करेगा। Mining Plan में आंकलित खनिज से अधिक मात्रा में खनिज निकालने पर ठेका रद्‌द किया जा सकता है। पांच वर्ष पूर्ण होने के उपरान्त ठेकेदार को Mining Plan फिर से अनुमोदित करवाना होगा जिसके लिए वह नियमानुसार Mining Plan की अवधि के समाप्त होने से कम से कम 120 दिन पूर्व नवीकरण के लिए आवेदन करेगा ।

15. नीलामी कमेटी को अधिकार है कि वे नीलामी के समय किन्हीं विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग से शर्तें लगा सकते हैं जो कि सभी इच्छुक व्यक्ति को मान्य होंगी। इसके अतिरिक्त खनन्‌ सम्बन्धी जो दिशा-निर्देश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जायेंगे वे भी सभी को मान्य होंगे। नीलामी कमेटी को यह अधिकार है कि वह किसी भी निविदा/नीलामी क्षेत्र को बिना कारण बताए अस्वीकार कर सकती है। निविदा/नीलामी के दौरान यदि कोई बोलीदाता दुव्र्यवहार करता है तो पीठासीन अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह उस द्वारा जमा की गई अग्रिम धरोहर राशि जब्त करते हुये उसे निविदा/नीलामी में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर सकता है तथा इस बारे में पीठासीन अधिकारी द्वारा विस्तृत रिपोर्ट सरकार को प्रेषित की जायेगी ।

16. निविदा/नीलामी पर लिए गये क्षेत्र से उठाए गये खनिज को किसी स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग करने हेतु अनुमति नहीं होगी परन्तु यदि कोई निविदादाता/बोलीदाता, निविदा/नीलामी पर लिए गये खनिजों को अपने पहले से ही स्थापित स्टोन क्रशर में उपयोग में लाना चाहता है या नया स्टोन क्रशर स्थापित करना चाहता है तो उक्त क्रशर स्थल की दूरी निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र से नियमों के अन्तर्गत दर्शाई गई दूरी के अनुसार होनी चाहिए परन्तु इस स्थिति में उसे बोल्डर की खुली ब्रिकी करने की अनुमति नहीं होगी। नया स्टोन क्रशर लगाने हेतु सरकार द्वारा जारी किए गये नियमों/अधिसूचनाओं के अन्तर्गत अनुमति प्राप्त करनी अनिवार्य होगी। इसके अतिरिक्त किसी खान के लिए यदि निविदादाता/बोलीदाता एक से अधिक व्यक्ति हाें तो उस स्थिति में उच्चतम निविदा दाता/बोलीदाता को नीलामी क्षेत्र से उठाए गए खनिजाें को अपने पक्ष में पहले से स्थापित केवल एक ही स्टोन क्रशर में प्रयोग करने की अनुमति होगी। लेकिन यदि निविदा एवं नीलामी पर दिए जाने वाली लधु खनिज खान का क्षेत्र 2 हैक्टर से कम हो तो ऐसी अवस्था में उक्त खान (2 हैक्टर से कम क्षेत्र) के आधार पर नया स्टोन क्रशर स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी।

17. जनहित में यदि आवश्यक हो तो किसी भी निविदा/नीलामी में ली गई खान के भाग को कम किया जा सकता है या खान को पूर्ण रूप से भी बन्द किया जा सकता है। क्षेत्र कम करने की अवस्था में ठेका राशि भी उसी अनुपात में कम की जाएगी।

18. खनन्‌ हेतु मशीन उपकरण Mechanical/Hydraulic Excavator/जैसे जे0सीबी0 इत्यादि के प्रयोग की स्वीकृति हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन्‌ उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम, 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों के अन्तर्गत व एवम9609 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 Environment Clearance में दर्शाई गई शर्ताें के अनुरूप ही दी जाएगी तथा सक्षम अधिकारी से स्थल निरीक्षण के उपरान्त इस बारे स्वीकृति लेना आवश्यक है।

19. खान/नदी/खड्‌ड में पहुंचने के लिए मार्ग बनाने व प्रयोग करने हेतु ठेकेदार सम्बन्धित पक्षों/ विभागों से अनुमति अपने स्तर पर प्राप्त करेगा। खान तक पहुंचने के मार्ग के लिए विभाग की कोई जिम्मेवारी नहीं होगी।

20. नीलामी के लिए प्रस्तावित क्षेत्र में यदि कोई निजी भूमि पड़ती है या किसी अन्य/व्यक्तियों के भू-स्वामित्व अधिकार हों तो इस अवस्था में ठेकेदार सम्बधित भू-स्वामियों से अपने स्तर पर अनुमति प्राप्त करेगा व इस सम्बन्ध में विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

21. बोल्डर व हाथ से तोड़ी गई रोड़ी को राज्य की सीमा से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी 22. अवैध खनन्‌ को रोकने हेतु लघु खनिजों का परिवहन रात आठ बजे से प्रातः छः बजे तक प्रतिबन्धित रहेगा।

23. ठेकाधारी को सुनिश्चित करना होगा कि उसके द्वारा लगाए गये मज़दूर, नदी/खड्‌ड में मछलियों का शिकार न करें।

24. खनन्‌ कार्य नदी के धरातल से एक मीटर से अधिक गहराई में नहीं किया जाएगा

25. खनिजों के एकत्रीकरण से भू-स्वामित्वों के निहित अधिकारों में कोई भी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए 26. यदि वर्णित शर्तों की अवहेलना होती है या साथ लगते वन क्षेत्र को किसी भी प्रकार की क्षति विभाग के ध्यान में लाई जाती है, तो इस बारे नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

27. ठेकेदार ठेकेे पर स्वीकृत क्षेत्र से निकाले गये खनिजों की मात्रा का मासिक ब्योरा विभाग को देगा 28. खनन्‌ कार्य हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन्‌ उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम, 2015 व समय-समय पर संशोधित उक्त नियमों के प्रावधानों, सरकार द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश खनिज नीति, पर्यावरण प्रभाव आकलन/वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के अन्तर्गत स्वीकृति की शर्तों के अनुसार, विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों, माननीय न्यायालयों के आदेशों के अनुरूप किया जाएगा। उपरोक्त नियमों/अधिसूचना/आदेशों की प्रति, खनि अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

29. ठेके की स्वीकृति व खनन्‌ कार्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित SLP(C) No. 13393/2008 जो कि माननीय उच्च न्यायालय में हिमाचल प्रदेश द्वारा याचिका संख्या C.W.P. No. 1077/2006 खतरी राम व अन्य के मामले में पारित निर्णय के विरुद्ध दायर की गई है के अन्तिम निर्णय के अनुरूप ही मान्य होगा। इसके अतिरिक्त किसी अन्य न्यायालय द्वारा समय-समय पर इस बारे पारित आदेश भी मान्य होंगे ।

30. ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी निविदा/नीलामी में लिए गये क्षेत्र की आड़ में यदि कहीं अवैध खनन्‌ में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध हि0 प्र0 गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन उसके परिवहन और भण्डारण का निवारण) नियम, 2015 व समय-समय पर संशोधित के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जायगी। यदि ठेकेदार या उसका कोई भी कर्मचारी या वाहन अगर बार-बार अवैध खनन्‌ व बिना "W" फार्म से ढुलान में सम्मिलित पाया जाता है तो सरकार उसका ठेका रद्‌द भी कर सकती है। 9610 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 31. ठेकाधारी सरकार को तृतीय पक्ष की क्षति पूर्ति के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराएगा, अतः वह स्वयंं जिम्मेदार होगा ।

32. सरकार को अधिकार है कि वे उच्चतम बोली को बिना किसी कारण बताये अस्वीकार कर सकती है 33. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद संख्या 1-32 में दर्शायी गई शर्तों, के अतिरिक्त अन्य शर्तों ठेका शर्तनामा निषपादन के दौरान लगा सकती है।

34. सरकार को अधिकार है कि उपरोक्त मद संख्या 1-33 में दर्शायी गई शर्तों, तथ्यों व नियमों की अवहेलना की अवस्था में ठेका रद्‌द भी किया जा सकता है तथा इस स्थिति में ठेकेदार द्वारा जमा राशि, जमानत राशि, Upfront Premium व त्रैमासिक किस्त जब्त कर ली जाएगी।

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EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 21st January, 2020

No. EXN-F(10)-7/2019.—The Governor of Himachal Pradesh is pleased to notify the "Himachal Pradesh (Legacy Cases Resolution) Scheme, 2019" as under:—

1. Short Title and Commencement.—(1) This Scheme shall be called the Himachal Pradesh (Legacy Cases Resolution) Scheme, 2019 (hereinafter referred to as the "Scheme").

(2) It shall come into force on such date as the State Government may, by notification in the Rajpatra (e-gazette), Himachal Pradesh, appoint.

2. Definitions.—(1) In this scheme, unless there is anything repugnant in the subject or context —

(a) "additional demand" means the amount of tax, penalty and interest as assessed by the assessing authority under the subsumed enactment for a financial year for which declaration under the scheme has been made;

(b) "appellate authority" means the authority specified under section 14 of the scheme;

(c) "appellate forum" means the Supreme Court or the High Court or the State Tax Tribunal or the Financial Commissioner (Appeals) or the Commissioner;

(d) "assessing authority" means an officer defined as such under the subsumed enactment;

(e) "assessment order" means an order for determination of tax liability for a financial year under any of the subsumed enactment, passed in relation to assessment proceedings under such subsumed enactment;

(f) "Commissioner" means the Commissioner of State Taxes and Excise;

(g) "declarant" means a person being a dealer, owner, proprietor as defined under a subsumed enactment who has the liability to pay tax under such enactment.

9611 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 (h) "declaration" means the declaration filed under section 5 of the scheme by the

declarant;

(i) "designated committee" means the committee as appointed by the Commissioner; (j) "discharge certificate" means the certificate issued by the designated committee under section 10 of the scheme;

(k) "person" includes,—

(i) an individual;

(ii) a Hindu undivided family;

(iii) a company;

(iv) a registered society;

(v) a limited liability partnership;

(vi) a firm;

(vii) an association of persons or body of individuals, whether incorporated or not;

(viii) the Government;

(ix) a local authority; and

(x) every artificial juridical person, not falling within any of the preceding clauses;

(l) "pending assessment" means determination of tax liability for a particular financial year required to be determined by the appropriate authority under the subsumed enactment which is pending for determination;

(m) "statutory forms" means Form 'C', 'F', 'H', 'E1', 'E2' as defined under the Central Sales Tax Act, 1956 and Form 'D', 'ND' as defined under the Himachal Pradesh Value Added Tax Act, 2005;

(n) "settlement fee" means amount calculated as per the provisions of section 6 of the scheme;

(o) "settlement" means the process for grant of discharge certificate under the scheme;

(p) "subsumed enactment" means any Act repealed under section 173 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 and section 64 of the Himachal Pradesh Value Added Tax Act, 2005;

(2) all other words and expressions used in the scheme and not defined herein, shall have the same meaning as assigned to them in the subsumed enactment and in case of any conflict between two or more such meanings in any subsumed enactment, the meaning which is more congruent with the provisions of the scheme shall be adopted.

9612 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 3. Application of the scheme.—(1) The scheme shall apply to :—

(a) settlement of any additional demand pending for recovery pertaining to a financial year in respect of which assessment has been made, or

(b) settlement of pending assessment and settlement of any demand on account of tax, penalty and interest that may accrue as a result of disposal of such pending assessment under a subsumed enactment.

4. Filing and Acknowledgement of Declaration.—(1) In order to avail the scheme a declarant shall be required to file a declaration in the prescribed manner alongwith the proof of payment of settlement fee within one year of publication of this scheme in the official gazette:

Provided that the government may further extend this date by one year.

(2) The declaration shall be acknowledged in the prescribed manner:

Provided that an acknowledgment may not be issued, if the declaration is not accompanied by proof of payment of settlement fee and such other circumstances as may be prescribed.

5. Declarants not eligible to file declaration under the Scheme.—Subject to the provisions of section 5 of the scheme, a declarant shall not be eligible to make a declaration under the scheme in the following circumstances:—

(a) if the declarant has filed an appeal before the appellate forum and such appeal has not been withdrawn on or before the day of submission of declaration under the scheme;

(b) if criminal proceedings have been initiated against the declarant for any reasons including tax fraud;

(c) if a notice has been issued to the declarant under subsumed enactment for an erroneous refund or refunds;

(d) if all the statutory forms required to be produced for applicability of concessional rate of tax under the subsumed enactment have not been produced either at the time of assessment or have not been filed alongwith the declaration under the scheme and the tax due as per returns has not been paid.

6. Calculation of Settlement Fee.—(1) Where no statutory forms were required to be produced or all the statutory forms required to be produced for applicability of concessional rate of tax under the subsumed enactment have been produced either at the time of assessment or have been filed alongwith the declaration under the scheme, the settlement fee shall be calculated as follows:—

(i) if the declarant has filed all periodical returns within stipuated time alongwith payment of tax due as per such returns with respect to a financial year, settlement fee shall not be charged;

(ii) if the declarant has not filed the periodical returns within stipulated time, but has made payment of tax due as per such returns with respect to a financial year, the settlement fee shall be calculated @ 10% of tax paid after the due date of filing the return or payment of tax.

9613 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 Illustration:

The status of return filing and payments of the declarant M/s ABC Enterprises is as under:—

Period of the Return Status of filing of the Return Amount paid as per return in Rs. Status of Tax Payment Settlement Fee (in Rs.)
Q1 Timely 10,000 Timely Nil
Q2 L ate 1 5,000 L ate 1 ,500
Q3 L ate 1 8,000 L ate 1 ,800
Q4 T imely 9 ,000 T imely N il
settlement fee for the year Rupees: 3,300/-

The settlement fee for M/s ABC Enterprises will be rupees three thousand three hundred.

(iii) if the declarant has not filed tax returns with respect to a financial year, settlement fee shall be calculated @ one hundred and ten percent of the tax amount applicable on the taxable turnover in such financial year as per the provisions of subsumed enactment and declared in the declaration under the scheme.

Illustration:

The declarant M/s ABC Enterprises has not filed any return for the financial year 2017-18 under the HPVAT Act, 2005. The declarant has disclosed taxable turnover of rupees ten lakh in the declaration. VAT amounting to rupees fifty thousand is payable on this turnover. The settlement fee for the declarant will be rupees fifty five thousand only.

(2) Where all the statutory forms required to be produced for applicability of concessional rate of tax under the subsumed enactment have not been produced either at the time of assessment or have not been filed alongwith the declaration under the scheme and the tax due as per returns has been paid, the settlement fee shall be calculated as under:—

(a) hundred percent of the tax paid against the turnover of transactions involved in such statutory forms as if the forms were available, which have not been produced either at the time of assessment or have not been filed alongwith the declaration under the scheme, or

(b) one percent of the value of the turnover of transactions involved in such statutory forms which have not been produced either at the time of assessment or have not been filed alongwith the declaration under the scheme, or

(c) whichever is higher.

9614 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 Illustration:

The declarant M/s ABC Enterprises had declared inter-state transactions amounting to rupees two crore for the financial year 2017-18 under the CST Act, 1956. Transactions against Form 'C' amounting to rupees one crore and fifty lakh and Transactions against Form 'F' amounting to rupees fifty lakh. The declarant has not been able to produce 'C' forms against transactions amounting to rupees ninety lakh and 'H' forms against transactions amounting to rupees twenty lakh. He was required to pay tax amounting to rupees ninety thousand on this turnover of rupees ninety lakh against form 'C' on the assumption that these were available with him. The settlement fee for the declarant would be calculated as under:—

Settlement Fee as per clause (a) = Rs. Ninety Thousand

Settlement Fee as per clause (b) = 1% of 1.1 Cr. (90 Lakh + 20 Lakh)= Rs. 1.1 Lakh Since Rs. 1.1 Lakh is higher of the two, therefore the settlement fee for the declarant will be Rs. 1.1 Lakh.

7. Restriction with regards to settlement fee.—(1) Any amount paid as settlement fee under the scheme,—

(a) shall not be paid through the input tax credit;

(b) shall not be refundable under any circumstances;

(c) shall not, under the subsumed enactment or under any other Act,—

(i) be taken as input tax credit, or

(ii) entitle any person to take input tax credit, as a recipient, of the taxable goods, with respect to the matter and time period covered in the declaration.

8. Payment of settlement fee.—(1) Where the tax liability has been assessed for the corresponding financial year for which declaration has been made, payment of settlement fee calculated under section 7 of the scheme can be made by adjustment of any amount paid as pre- deposit at any stage of appellate proceedings under the subsumed enactment or deposited voluntarily or as part of recovery proceedings against the additional demand for that financial year :

Provided that if the amount paid as pre-deposit at any stage of appellate proceedings under the subsumed enactment or deposited voluntarily or as part of recovery proceedings against the additional demand for a financial year by the declarant exceeds the amount of settlement fee, then the declarant shall not be entitled for refund:

Provided further that if the amount paid as pre-deposit at any stage of appellate proceedings under the subsumed enactment or deposited voluntarily or as part of recovery proceedings against the additional demand for a financial year by the declarant is less than the amount of settlement fee, then the declarant shall deposit the balance amount in the government treasury in the relevant head of account of the subsumed enactment.

9615 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941

(2) Where the tax liability for the corresponding financial year for which declaration has been made has not been assessed, payment of settlement fee calculated under section 7 of the scheme shall be deposited in the government treasury in the relevant head of account of the subsumed enactment.

(3) The payment of settlement fee under sub-section (1) & (2) shall be made in the prescribed manner.

9. Verification of declaration and issuance of discharge certificate by designated committee.—The designated committee shall verify the declaration wherein acknowledgment has been issued and may issue discharge certificate or reject such declaration in the prescribed manner:

Provided that the declarant whose declaration has been rejected may request for an opportunity of being heard within such period as may be prescribed. However, only one adjournment may be granted by the designated committee to defer the hearing proceedings on sufficient cause being shown by the declarant.

10. Privileges emanating from discharge certificate.—(1) Every discharge certificate issued under section 10 of the scheme with respect to the amount payable under the scheme shall be conclusive as to the matter and time period stated therein, and—

(a) the declarant shall not be liable to pay any further tax, interest, or penalty with respect to the matter and time period covered in the declaration;

(b) the declarant shall not be liable to be prosecuted under the subsumed enactment with respect to the matter and time period covered in the declaration;

(c) all matters and time period covered by such declaration shall not be reopened in any other proceeding under the subsumed enactment.

(2) Notwithstanding anything contained in sub-section (1),—

(a) no person being a party in appeal or revision shall contend that the designated committee has acquiesced in the decision on the disputed issue by issuing the discharge certificate under the scheme;

(b) where any material particular furnished in the declaration is subsequently found to be false, within a period of one year of issuance of the discharge certificate, it shall be presumed as if the declaration was never made and proceedings under the applicable subsumed enactment shall be instituted.

11. Rectification of Errors.—The designated committee may modify the discharge certificate within six months of issuance of such certificate to correct an arithmetical error or clerical error, which is apparent on the face of record, on such error being pointed out by the declarant or suo motu by the designated committee.

12. Scrutiny of cases.—The cases wherein discharge certificate has been issued may be taken up for scrutiny. However, a maximum of three percent of such cases may be taken up for scrutiny in the prescribed manner.

9616 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 13. Appeals.—(1) The Commissioner may designate one or more officers not below the rank of Joint Commissioner of State Taxes and Excise, as Appellate Authority for the purposes of the scheme.

(2) The aggrieved declarant may file an appeal before the appellate authority in the prescribed manner within a period of thirty days of the communication of any order passed against the declarant.

(3) The appellate authority may, if it is satisfied that the appellant was prevented by a sufficient cause from preferring an appeal within the aforesaid prescribed period of thirty days, it may allow such appeal to be preferred within a further period not exceeding thirty days.

(4) The appellate authority may, after giving the parties an opportunity of being heard, pass such order as it thinks fit, confirming or modifying the discharge certificate or notice appealed against or referred to.

(5) The order referred to in sub-section (4) shall be passed within a period of ninety days from the date of filing of the appeal under sub-section (2).

(6) A certified copy of the order pronounced by the appellate authority under sub- section (4) shall be sent to the appellant and the designated committee after such pronouncement.

Explanation.—For the provisions of this section, the appeal is filed only, when the acknowledgement, indicating the appeal number, is issued.

14. Power of Revision.—(1) The Commissioner may, of his own motion, call and examine the record of any proceedings which are pending before, or have been disposed of by, any authority subordinate to him, for the purpose of satisfying himself as to the correctness, legality or propriety of proceeding for the issuance of discharge certificate under the scheme and, on finding the proceedings or the discharge certificate issued under the scheme prejudicial to the interest of revenue may pass such order in relation thereto as he may think fit:

Provided that the powers under this sub-section shall be exercisable only within a period of one year from the date on which such order was communicated.

(2) The Commissioner may delegate the power under sub-section (1) to any officer not below the rank of Additional Commissioner.

(3) No order shall be passed under this section, which adversely affects any declarant unless such declarant has been given a reasonable opportunity of being heard.

15. Removal of Doubts.—For the removal of doubts, it is hereby declared that, save as otherwise expressly provided in section 11 of the scheme, nothing contained in the scheme shall be construed as conferring any benefit, concession or immunity on the declarant in any proceedings other than the matter and time period in relation to which the declaration has been made.

16. Power to make procedure.—The State Government may, by notification in the Official Gazette, make procedure for carrying out the provisions of the scheme.

17. Power to issue guidelines, directions, instructions etc.—(1) The Commissioner may, from time to time, issue such orders, instructions and directions to the authorities, as it may deem9617 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 fit, for the proper administration of the scheme, and such authorities, and all other persons employed in the execution of the scheme shall observe and follow such orders, instructions and directions:

Provided that no such orders, instructions or directions shall be issued so as to require any designated committee to dispose of a particular case in a particular manner.

(2) Without prejudice to the generality of the foregoing power, the Commissioner may, if it considers necessary or expedient so to do, for the purpose of proper and efficient administration of the Scheme, issue, from time to time, general or special orders in respect of any class of cases, setting forth directions or instructions as to the guidelines, principles or procedures to be followed by the authorities in the work relating to administration of the Scheme.

18. Removal of Difficulty.—If any difficulty arises in giving effect to the provisions of the scheme, the State Government may, by order, published in the official gazette, make such provisions not inconsistent with the provisions of the scheme, as appear it to be necessary or expedient for removing the difficulty:

Provided that no such order shall be made after the expiry of a period of two years from the date on which this scheme come into force.

19. Protection to Officers.—(1) No suit, prosecution or other legal proceeding shall lie against the State Government or any officer of the State Government for anything which in good- faith is done, or intended to be done, in pursuance of the scheme or any procedure made thereunder.

(2) No proceeding, other than a suit shall be commenced against the State Government or any officer of the State Government for anything done or purported to have been done in pursuance of the scheme, or any procedure made thereunder, without giving the State Government or such officer a prior notice of not less than one month in writing of the intended proceeding and of the cause thereof, or after the expiration of three months from the accrual of such cause.

(3) No proceeding shall be commenced against any officer only on the ground of subsequent detection of an error in calculating the amount of settlement fee payable by the declarant, unless there is evidence of misconduct.

By order,

( SANJAY KUNDU), Principal Secretary (E&T).

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ब अदालत श्री पवन कुमार, कार्यकारी दण्डाधिकारी बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) किस्म मुकद्दमा : दुरुस्ती नाम

तारीख पेशी : 05-02-2020 ववीता कुमारी पुत्री श्री प्यारा सिंह, निवासी गांव नरघोड चोवू, डाकघर नगेहड, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र बराये दुरुस्ती राजस्व अभिलेख में प्रार्थिया का नाम दुरुस्त करके घान्थू पुत्री श्री प्यारा सिंह के बजाये ववीता कुमारी पुत्री श्री प्यारा सिंह दर्ज करने बारे। 9618 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 ववीता कुमारी पुत्री श्री प्यारा सिंह, निवासी गांव नरघोड चोवू, डाकघर नगेहड, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने अदालत हजा में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि प्रार्थिया महाल नरघोड, तहसील बैजनाथ में भू-स्वामी है तथा राजस्व अभिलेख में प्रार्थिया का नाम घान्थू पुत्री श्री प्यारा सिंह दर्ज है, जबकि प्रार्थिया का असली नाम ववीता कुमारी पुत्री श्री प्यारा सिंह है। लिहाजा इसे दुरुस्त करके ववीता कुमारी पुत्री श्री प्यारा सिंह किया जावे।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को इस बारे में कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 05-02-2020 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर अपने उजर या एतराज पेश कर सकता है अन्यथा प्रार्थना-पत्र में नियमानुसार उचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 27-12-2019 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हसताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

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ब अदालत श्री चरन दास कपूर, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) श्री Narendera Singh Rajput s/o Sh. Jagdish Chand, r/o Village and P.O. Baijnath, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता नगर पंचायत/ग्राम पंचायत बैजनाथ-पपरोला

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत।

श्री Narendera Singh Rajput s/o Sh. Jagdish Chand, r/o Village and P.O. Baijnath, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसकी लड़की Payal Thakur का जन्म दिनांक 24-12-2005 को महाल बैजनाथ में हुआ था, जोकि सम्बन्धित पंचायत/नगर पंचायत के रिकार्ड में पंजीकृत न है।

अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 12-02-2020 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त जन्म एवं मुत्यु का पंजीकरण करने के आदेश दे दिये जायेंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जायेगा।

आज दिनांक 07-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, बैैजनाथ, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।9619 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 ब अदालत श्री चरन दास कपूर, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) श्री Mehar Chand s/o Sh. Kapla Ram, r/o Village and P.O. Rajot, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता नगर पंचायत/ग्राम पंचायत रजोट

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत।

श्री Mehar Chand s/o Sh. Kapla Ram, r/o Village and P.O. Rajot, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसके लड़के Arun Kumar का जन्म दिनांक 28-02-1988 को महाल रजोट में हुआ था, जोकि सम्बन्धित पंचायत/नगर पंचायत के रिकार्ड में पंजीकृत न है।

अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 10-02-2020 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त जन्म का पंजीकरण करने के आदेश दे दिये जायेंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जायेगा।

आज दिनांक 07-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, बैैजनाथ, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

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ब अदालत सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी मझीण, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

मिसल नं0 : 02/NT/2020. तारीख पेशी 12-02-2020 श्री जसवीर सिंह पुत्र श्री प्रेम सिंह, निवासी गांव मतरेड़, डा0 व उप-तहसील मझीण, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

बनाम

आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र जेरे धारा 13(3) जन्म एवं मुत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत जन्म तिथि पंजीकरण बारे।

नोटिस बनाम :

प्रार्थी श्री जसवीर सिंह श्री पुत्र प्रेम सिंह, निवासी गांव मतरेड़, डा0 व उप-तहसील मझीण, जिला कांगड़ा, (हि0प्र0) ने इस अदालत में स्वयं उपस्थित होकर प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसके पुत्र विकाश राणा का जन्म दिनांक 17-03-1993 को गांव मतरेड़ में हुआ है। परन्तु कानून की जानकारी न होने के कारण ग्राम पंचायत मझीण के अभिलेख में जन्म तिथि पंजीकृत न हो सकी। अब वह ग्राम पंचायत मझीण के अभिलेख में जन्म तिथि पंजीकृत करवाना चाहता है। 9620 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 अतः सर्वसाधारण को सुनवाई हेतु बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में किसी प्रकार का उजर या एतराज हो तो दिनांक 12-02-2020 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन पेश होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। उसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेर समायत न होगा तथा विकाश राणा पुत्र श्री जसवीर सिंह पुत्र श्री प्रेम सिंह, निवासी गांव मतरेड़, डा0 व उप-तहसील मझीण, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) की जन्म तिथि 17-03-1993 को ग्राम पंचायत मझीण के अभिलेख में पंजीकृत करने के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी मझीण,

जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री पवन कुमार, कार्यकारी दण्डाधिकारी बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) किस्म मुकद्दमा : दुरुस्ती नाम

तारीख पेशी : 19-02-2020 दलीप चन्द पुत्र श्री मखौली राम, निवासी गांव व डाकघर तरेहल, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र बराये दुरुस्ती राजस्व अभिलेख में प्रार्थी का नाम दुरुस्त करके गुड्‌डु राम पुत्र श्री मखौली राम के बजाये दलीप चन्द पुत्र श्री मखौली राम दर्ज करने बारे।

दलीप चन्द पुत्र श्री मखौली राम, निवासी गांव व डाकघर तरेहल, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने अदालत हजा में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि प्रार्थी महाल तरेहल, तहसील बैजनाथ में भू-स्वामी है तथा राजस्व अभिलेख में प्रार्थी का नाम गुड्‌डु राम पुत्र श्री मखौली राम दर्ज है, जबकि प्रार्थी का असली नाम दलीप चन्द पुत्र श्री मखौली राम है। लिहाजा इसे दुरुस्त करके दलीप चन्द पुत्र श्री मखौली राम किया जावे। अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को इस बारे में कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 19-02-2020 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर अपने उजर या एतराज पेश कर सकता है अन्यथा प्रार्थना-पत्र में नियमानुसार उचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 06-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी बैजनाथ, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।9621 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 ब अदालत श्री सुनील कुमार, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, थुरल, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) मुकद्दमा तकसीम नं0 11/2019/टी0टी0पी0 तारीख पेशी : 12-02-2020 श्री मुलतान सिंह पुत्र प्रताप सिंह पुत्र रामा, वासी महाल हेव, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा, हि0प्र0. . प्रार्थी।

बनाम

1. श्री देश राज पुत्र हुक्म चन्द व अन्य सभी वासी महाल कांना सुंआ, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा, हि0प्र0।

.

नोटिस बनाम :

1. श्री देश राज पुत्र हुक्म चन्द, 2. दलजीत सिंह पुत्र, अजुध्यां कुमारी पत्नी स्व0 श्री कर्म सिंह, 3. श्री उधम सिंह पुत्र गिहलो देवी, सीता देवी पुत्रियां श्री रघुवीर सिंह, 4. प्रीतम सिंह पुत्र श्री वीरभान, 5. शेर सिंह, प्रहलाद सिंह पुत्र, सरस्वती पुत्री श्री चर्तुभुज, 6. दीपक सिंह पुत्र, नंदनी, इन्द्रा कुमारी, सीमा पुत्रियां व श्रीमती शशी पत्नी स्व0 श्री मिलाप चन्द, 7. सविता देवी पत्नी ध्यान सिंह, 8. सुमित्रा सिंह, ओम प्रकाश, विजय सिंह पुत्र रूप सिंह, 9. महिन्द्र सिंह, वलदेव सिंह, अजमेर सिंह पुत्र दुनी चन्द, 10. दया कुमारी पत्नी महिन्द्र सिंह, 11. सरबन सिंह, अशोक कुमार, हरवन्स सिंह, हरनाम सिंह पुत्र व समस्या देवी, रेखा वाला पुत्रियां वीर सिंह, 12. सन्तोष कुमार पुत्र भिवानी सिंह, 13. विजय सिंह, अनूप सिंह पुत्र ओंकार सिंह, 14. प्रभात सिंह, ध्रुव सिंह पुत्र भीमसेन, 15. पृथ्वी सिंह, लखमीर सिंह पुत्र व रश्मा देवी पुत्री स्वरूप सिंह, 16. विनोद कुमार पुत्र शमसैर सिंह, 17. गगन सिंह पुत्र, कमला देवी, उर्मिला देवी, प्रोमिला, विजया देवी, वीना देवी, रीना देवी पुत्रियां व मंसा देवी पत्नी त्रिलोक सिंह, 18. रूघीर उपनाम रणधीर सिंह, जसवन्त सिंह, दिलवाग सिंह, सुभाष चन्द, विक्रम सिंह पुत्र नारायण सिंह, 19. कुलदीप सिंह, रमेश चन्द, अशोक कुमार पुत्र, पवना देवी पुत्री आशा देवी पत्नी स्व0 श्री अजीत सिंह, 20. अनारकली, निर्मला देवी पुत्रियां जोनसर, 21. कल्याण चन्द,दलीप सिंह, सुरिन्द्र सिंह, पुत्र मोहर सिंह, 22. यशोधन सिंह पुत्र रजिन्द्र सिंह, 23. होशियार सिंह पुत्र करतारा, 24. विशाखी पुत्र किरपा, 25. विक्रम सिंह पुत्र लोहका, 26. लिहकदेई अगी पुत्रियां मोला, 27. रत्न चन्द पुत्र सिमरो देवी पत्नी स्व0 श्री जनक सिंह, 28. भूमि पुत्र किरला, 29. सुदेश कुमार पुत्र रिखी राम, 30. कमल सिंह पुत्र सुभकरण, 31. अजय कुमार, संजीव कुमार, राजीव गुलेरियां पुत्र मीरां देवी पुत्री सुशीला देवी पत्नी स्व0 श्री पंजाब सिंह, 32. पियुष पुत्र मोनिका पत्नी स्व0 श्री राज कुमार, 33. ओम प्रकाश, पुर्ण सिंह, पुत्र सम्भु, 34. अनुप सिंह, प्रदीप सिंह पुत्र अंजु देवी पुत्री संसारो देवी पत्नी स्व0 श्री लाभ सिंह, 35. अश्वनी कुमार पुत्र मीना कुमारी पुत्री चम्पां देवी पत्नी स्व0 श्री नरोतम सिंह, 36. सुरेश कुमार पुत्र कपूर सिंह, 37. गगन सिंह, पवन सिंह पुत्र व्यासां देवी पत्नी स्व0 श्री जोनी, 38. पृथ्वी सिंह, दुलो राम, पुत्र हनमंती, कैलाशां, कमला देवी पुत्रियां नन्दू, 39. केशरी पत्नी स्व0 श्री घसीटा राम, 40. सलोचना देवी पुत्री शिव राम सभी वासी कांना सुआं, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा, हि0प्र0

. . प्रतिवादीगण। विषय.--हि0प्र0 भू राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 123 के अन्तर्गत भूमि खेवट नं0 63, खतौनी नं0 151, ता0 171, खसरा कित्ता-38, रकबा तादादी 0-74-18 है0, वाक्या महाल, कांना सुआं, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 के विभाजन हेतु प्रार्थना-पत्र।

श्री मुलतान सिंह पुत्र प्रताप सिंह, पुत्र रामा, वासी महाल हेव, मौजा व तहसील थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 ने इस अदालत में खाता नं0 63 का दावा भूमि तकसीम दायर कर रखा है जिसमें उपरोक्त वर्णित प्रतिवादीगण 1 ता0 40 की तामील बार-बार समन जारी करने पर नहीं हो पा रही है और न ही प्रार्थी को इनका सही पता मालूम है। प्रार्थी ने इनका सही पता प्राप्त होने बारे अपनी असमर्थता जताई है। अतः न्यायालय की संतुष्टि व विश्वास हेतु यह सिद्ध हो गया है कि उपरोक्त वर्णित प्रतिवादीगण की तामील साधारण ढंग से नहीं हो सकती है। अतः उक्त वर्णित प्रतिवादीगण को इस इश्तहार अखबारी व मुश्त्री मुनादी, चस्पांगी द्वारा सूचित किया जाता है कि वे उक्त मुकद्दमा की पैरवी हेतु असालतन या वकालतन तारीख पेशी 12-02-2020 को हाजिर अदालत होकर पैरवी मुकद्दमा करें अन्यथा गैर-हाजिरी की सूरत में एक तरफा 9622 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिया जाएगा व बाद तारीख पेशी किसी किस्म का उजर या एतराज स्वीकार्य न होगा।

यह इश्तहार मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से आज दिनांक 04-01-2020 को जारी हुआ। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, थुरल, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

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समक्ष देवी सिंह कौशल, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0 प्र0) मिसल नम्बर :14/2019 तारीख मजरूआ : 23-09-2019 आगामी पेशी : 30-01-2020 श्रीमती कमला देवी पत्नी श्री दलीप चन्द, निवासी घुरश्वाडी, डाकघर घुरश्वाडी, तहसील बल्दवाड़ा, . . प्रार्थी। जिला मण्डी (हि0 प्र0)

बनाम

1. श्री धर्म दत पुत्र दुर्गा, निवासी चरखडी, डाकघर प्रेसी, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0 प्र0) 2. श्री पदमदेव पुत्र धनी राम, निवासी चरखडी, डाकघर प्रेसी, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

3. श्रीमती लीला देवी पत्नी स्व0 श्री शिव राम, निवासी चरखडी, डाकघर प्रेसी, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

4. श्री विनोद कुमार पुत्र श्री शिव राम, निवासी चरखडी, डाकघर प्रेसी, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

5. श्री दिवेन्द्र कुमार पुत्र श्री शिव राम, निवासी चरखडी, डाकघर प्रेसी, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

6. श्री चेतन पुत्र शिव राम, निवासी चरखडी, डाकघर प्रेसी, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0 प्र0) 7. हेतलता पुत्री श्री शिव राम, निवासी चरखडी, डाकघर प्रेसी, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

8. आमकू पुत्री धनी राम, निवासी निहरी, डाकघर निहरी, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0 प्र0) 9. पुष्पलता पुत्री बेली राम निवासी वणीधार, डाकघर कौओ, तहसील करसोग, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

10. श्री गोपाल दास पुत्र बेली राम, निवासी चरखडी, डाकघर प्रेसी, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

11. श्री पुर्णमल पुत्र बेली राम, निवासी चरखडी, डाकघर प्रेसी, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0प्र0) 12. दिव्या भारती पुत्री बेली राम, निवासी चरखडी, डाकघर प्रेसी, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0प्र0)

13. श्री भुतेश्वर कुमार पुत्र ओम प्रकाश, निवासी चरखडी, डाकघर प्रेसी, तहसील निहरी, जिला मण्डी हि0प्र0)

14. श्रीमती रीना देवी पुत्री ओम प्रकाश, निवासी वणीधार, डाकघर कौओ, तहसील करसोग, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

15. श्रीमती सुमन कुमारी पुत्री ओम प्रकाश, निवासी त्रैसल, डाकघर डवाहण, तहसील कोटली, जिला

. . प्रत्यार्थीगण। मण्डी (हि0प्र0)9623 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 तकसीम दावा मुश्त्रीका भूमि खाता/खतौनी नम्बर-75/122 ता 127, कित्ता-69, रकबा तादादी-36-03-19 बीघा स्थित महाल चरखडी/39, पटवार वृत्त चरखडी, तहसील निहरी, जिला मण्डी, हि0प्र0 बारा।

दिनांक 05-09-2019 को समाहर्ता उप-मण्डल सुन्दरनगर, जिला मण्डी, हि0प्र0 के आदेशों द्वारा अथोहस्ताक्षरी को तकसीम करवाने हेतु प्राप्त हुआ है। मामले में नियमानुसार सुनवाई के दौरान इस अदालत द्वारा सभी फिकैनों को बजरिया समन सूचित किया गया है, परन्तु कुछ हिस्सेदारों को बार-बार समन भेजने के पश्चात्‌ भी समन की तामील होना नहीं पाई जा रही है।

अतः इस सम्बन्ध मेेे समस्त हितबद्ध पक्ष तथा उपरोक्त वर्णित फिकैनों को बजरिया इश्तहार हजा के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी को इस तकसीम बारा कोई भी उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक पेशी 30-01-2020 को हाजिर आकर अपना एतराज या पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर मामला में आगामी कार्यवाही शुरू कर दी जावेगी।

आज दिनांक 07-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व अदालत मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, तहसील निहरी, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, पधर, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : 37(2)

तरीख पेशी : 11-12-2019 संसार चन्द पुत्र भादर सिंह, निवासी थोरटगलू, डाकघर चुक्कु, तहसील पधर, जिला मण्डी, हि0प्र0

. . प्रार्थी।

बनाम

. . प्रत्यार्थी। आम जनता

ईश्तहार राजपत्र

आवेदन पत्र.--जेरधारा 37(2) के अन्तर्गत नाम दुरुस्ती करने बारा।

आवेदक संसार चन्द पुत्र भादर सिंह, निवासी थोरटगलू, डाकघर चुक्कु, तहसील पधर, जिला मण्डी, हि0प्र0 ने इस अदालत में आवेदन-पत्र गुजारा है कि उसका नाम ग्राम पंचायत चुक्कु के रिकार्ड में संसार चन्द उर्फ स्वारू है जबकि महाल डी0पी0एफ0 के तमाम राजस्व अभिलेख में उसका नाम स्वारू राम दर्ज हुआ है, जो गलत दर्ज हुआ है तथा आवेदक ने इस अदालत में प्रार्थना की है कि उस का नाम स्वारू राम के स्थान पर स्वारू राम उर्फ संसार चन्द दर्ज करने के आदेश दिये जावें।

अतः इस ईश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दर्ज करने बारा कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 11-02-2020 को सुबह 9624 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 10.00 बजे हाजिर होकर अपना उजर पेश कर सकता है बसूरत गैरहाजिरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर उचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

यह ईश्तहार आज दिनांक 08-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।

कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, पधर, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, पधर, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : 37(2)

तारीख पेशी : 11-02-2020 शंकर दास पुत्र झोफू राम, निवासी घुमाहरडा, डाकघर कुन्नु, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0प्र0)

. . प्रार्थी।

बनाम

. . प्रत्यार्थी। आम जनता

ईश्तहार राजपत्र

आवेदन पत्र.--जेरधारा 37(2) के अन्तर्गत नाम दुरुस्ती करने बारे।

आवेदक शंकर दास पुत्र झोफू राम, निवासी घुमाहरडा, डाकघर कुन्नु, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0प्र0) ने इस अदालत में आवेदन-पत्र गुजारा है कि उसका नाम ग्राम पंचायत कुन्नु के रिकार्ड में शंकर दास है जबकि महाल घुमाहरडा, के तमाम राजस्व अभिलेख में उसका नाम शंकर देव ही दर्ज हुआ है, जो गलत दर्ज हुआ है तथा आवेदक ने इस अदालत में प्रार्थना की है कि उसका नाम शंकर देव के स्थान पर शंकर दास दर्ज करने के आदेश दिये जावें।

अतः इस ईश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दर्ज करने बारा कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 11-02-2020 को सुबह 10.00 बजे हाजिर होकर अपना उजर पेश कर सकता है बसूरत गैरहाजिरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर उचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

यह ईश्तहार आज दिनांक 08-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।

कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।9625 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 ब अदालत श्री कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, पधर, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : 37(2)

तरीख पेशी : 11-02-2020 लेख राज पुत्र रन्चु राम, गांव घघवाणा, डाकघर चुक्कू, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0प्र0)

. . प्रार्थी।

बनाम

. . प्रत्यार्थी। आम जनता

ईश्तहार राजपत्र

आवेदन पत्र.--जेरधारा 37(2) के अन्तर्गत नाम दुरुस्ती करने बारे।

आवेदक लेख राज पुत्र रन्चु राम, गांव घघवाणा, डाकघर चुक्कू, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0प्र0) ने इस अदालत में आवेदन-पत्र गुजारा है कि उसका नाम ग्राम पंचायत चुक्कू के रिकार्ड में लेख राज पुत्र रन्चु राम है जबकि महाल घघवाणा के तमाम राजस्व अभिलेख में उसका नाम लेख राम दर्ज हुआ है, जो गलत दर्ज हुआ है तथा आवेदक ने इस अदालत में प्रार्थना की है कि उस का नाम लेख राम के स्थान पर लेख राज दर्ज करने के आदेश दिये जावें।

अतः इस ईश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दर्ज करने बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 11-02-2020 को सुबह 10.00 बजे हाजिर होकर अपना उजर पेश कर सकता है बसूरत गैरहाजिरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर उचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

यह ईश्तहार आज दिनांक 08-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।

कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, पधर, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : 37(2)

तरीख पेशी : 11-02-2020 टैंहंकी पत्नी टेक राम, गांव कंलगेहड, डाकघर सुधार, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0प्र0)

. . प्रार्थिया।

बनाम

. . प्रत्यार्थी। आम जनता

ईश्तहार राजपत्र 9626 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 आवेदन पत्र.--जेरधारा 37(2) के अन्तर्गत नाम दुरुस्ती करने बारा।

आवेदिका टैहंकी पत्नी टेक राम, गांव कंलगेहड, डाकघर सुधार, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0प्र0) ने इस अदालत में आवेदन-पत्र गुजारा है कि उसका नाम ग्राम पंचायत सुधार के रिकार्ड में टैहंकी पत्नी टेक राम है जबकि महाल कंलगेहड के तमाम राजस्व अभिलेख में उसका नाम रामकली दर्ज हुआ है, जो गलत दर्ज हुआ है तथा आवेदिका ने इस अदालत में प्रार्थना की है कि उसका नाम रामकली के स्थान पर टैहंकी उर्फ रामकली दर्ज करने के आदेश दिये जावें।

अतः इस ईश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दर्ज करने बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 11-02-2020 को सुबह 10.00 बजे हाजिर होकर अपना उजर पेश कर सकता है बसूरत गैरहाजिरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर उचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

यह ईश्तहार आज दिनांक 08-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।

कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, पधर, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : 37(2)

तरीख पेशी : 11-02-2020 धर्मेन्द्र पाल पुत्र राम चन्द, गांव व डाकघर ग्वाली, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0प्र0) . . प्रार्थी।

बनाम

. . प्रत्यार्थी। आम जनता

दावा : नाम दुरुस्ती।

आवेदन पत्र.--जेरधारा 37(2) के अन्तर्गत नाम दुरुस्ती करने बारा।

धर्मेन्द्र पाल पुत्र राम चन्द, गांव व डाकघर ग्वाली, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0प्र0) ने इस अदालत में पत्र गुजारा है कि उसका नाम ग्राम पंचायत ग्वाली के रिकार्ड में धर्मेन्द्र पाल पुत्र राम चन्द है जबकि महाल ग्वाली के तमाम राजस्व अभिलेख में उसका नाम धर्मेन्द्र कुमार दर्ज हुआ है, जो गलत दर्ज हुआ है तथा आवेदक ने इस अदालत से प्रार्थना की है कि उसका नाम धर्मेन्द्र कुमार के स्थान पर धर्मेन्द्र पाल दर्ज करने के आदेश दिये जावें।

अतः इस ईश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दर्ज करने बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 11-02-2020 को सुबह 10.00 बजे हाजिर होकर अपना उजर पेश कर सकता है बसूरत गैरहाजिरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर उचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे।9627 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 यह ईश्तहार आज दिनांक 08-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।

कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : 13(3)

तारीख पेशी : 11-02-2020 घुघनी देवी पुत्री श्री बीरी सिंह पत्नी श्री इन्द्र सिंह, गांव व डाकघर कुन्नु, तहसील पधर, जिला मण्डी, हि0प्र0

. .प्रार्थिया।

बनाम

. . प्रत्यार्थी। आम जनता

आवेदन-पत्र पंजीकरण जन्म जेर अधिनियम 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण, 1969.

उद्‌घोषणा राजपत्र :

हरगाह एतद्‌द्वारा सूचित किया जाता है कि आवेदिका ने इस न्यायालय में एक आवेदन-पत्र दिया है कि उसका जन्म दिनांक 01-10-1985 को हुआ है जो दर्ज रजिस्टर जन्म एवं मृत्यु पंचायत डलाह में नहीं है जिसे दर्ज करने के आदेश दिये जावें। प्रतिवादी की तामील साधारण तौर पर की जानी संभव है। इसलिए अदालत को पूर्ण विश्वास हो चुका है कि प्रतिवादी आम जनता को तामील इश्तहार राजपत्र के द्वारा ही किया जाना संभव है। अतः प्रतिवादी आम जनता को इस बजरिया इश्तहार राजपत्र के द्वारा आगाह किया जाता है कि मिति 11-02-2020 को वरवक्त 10.00 बजे सुबह असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर पैरवी मुकद्दमा करें, अन्यथा एकपक्षीय कार्यवाही अमल में लाई जाकर उचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे। यह इश्तहार आज दिनांक 08-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।

कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : 13(3)

तारीख पेशी : 11-02-2020 मंघरु राम पुत्र पुन्नु राम, निवासी सुराहण, तहसील पधर, जिला मण्डी, हि0प्र0 . .प्रार्थी।9628 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 बनाम . . प्रत्यार्थी। आम जनता

आवेदन-पत्र पंजीकरण जन्म जेर अधिनियम 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण, 1969.

उद्‌घोषणा राजपत्र :

हरगाह एतद्‌द्वारा सूचित किया जाता है कि आवेदक ने इस न्यायालय में एक आवेदन-पत्र दिया है कि उसका जन्म दिनांक 01-06-1972 को हुआ है जो दर्ज रजिस्टर जन्म एवं मृत्यु पंचायत डलाह में नहीं है जिसे दर्ज करने के आदेश दिये जावें। प्रतिवादी की तामील साधारण तौर पर की जानी संभव है। इसलिए अदालत को पूर्ण विश्वास हो चुका है कि प्रतिवादी आम जनता को तामील इश्तहार राजपत्र के द्वारा ही किया जाना संभव है। अतः प्रतिवादी आम जनता को इस बजरिया इश्तहार राजपत्र के द्वारा आगाह किया जाता है कि मिति 11-02-2020 को वरवक्त 10.00 बजे सुबह असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर पैरवी मुकद्दमा करें, अन्यथा एकपक्षीय कार्यवाही अमल में लाई जाकर उचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे। यह इश्तहार आज दिनांक 08-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।

कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : 13(3)

तारीख पेशी : 11-02-2020

. . प्रार्थिया। घुमा देवी पुत्री स्व0 श्री गैहरु राम पत्नी दुनी चन्द, गांव सिलग, डाकघर पाली, तहसील पधर, जिला मण्डी, हि0प्र0

बनाम

. . प्रत्यार्थी। आम जनता

आवेदन-पत्र पंजीकरण जन्म जेर अधिनियम 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण, 1969.

उद्‌घोषणा राजपत्र :

हरगाह एतद्‌द्वारा सूचित किया जाता है कि आवेदिका ने इस न्यायालय में एक आवेदन-पत्र दिया है कि उसका जन्म दिनांक 01-07-1965 को हुआ है जो दर्ज रजिस्टर जन्म एवं मृत्यु पंचायत पाली में नहीं है जिसे दर्ज करने के आदेश दिये जावें। प्रतिवादी की तामील साधारण तौर पर की जानी संभव है। इसलिए अदालत को पूर्ण विश्वास हो चुका है कि प्रतिवादी आम जनता को तामील इश्तहार राजपत्र के द्वारा ही किया जाना संभव है। अतः प्रतिवादी आम जनता को इस बजरिया इश्तहार राजपत्र के द्वारा आगाह किया जाता है9629 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 कि मिति 11-02-2020 को वरवक्त 10.00 बजे सुबह असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर पैरवी मुकद्दमा करें, अन्यथा एकपक्षीय कार्यवाही अमल में लाई जाकर उचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे। यह इश्तहार आज दिनांक 08-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।

कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : 13(3)

तारीख पेशी : 11-02-2020 प्यारे लाल पुत्र भ्यानसरु, निवासी द्रुण, डाकघर रोपा, तहसील पधर, जिला मण्डी, हि0प्र0 . .प्रार्थी।

बनाम

. . प्रत्यार्थी। आम जनता

आवेदन-पत्र पंजीकरण जन्म जेर अधिनियम 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण, 1969.

उद्‌घोषणा राजपत्र :

हरगाह एतद्‌द्वारा सूचित किया जाता है कि आवेदक ने इस न्यायालय में एक आवेदन-पत्र दिया है कि उसका जन्म दिनांक 03-06-1969 को हुआ है जो दर्ज रजिस्टर जन्म एवं मृत्यु पंचायत रोपा में नहीं है जिसे दर्ज करने के आदेश दिये जावें। प्रतिवादी की तामील साधारण तौर पर की जानी संभव है। इसलिए अदालत को पूर्ण विश्वास हो चुका है कि प्रतिवादी आम जनता को तामील इश्तहार राजपत्र के द्वारा ही किया जाना संभव है। अतः प्रतिवादी आम जनता को इस बजरिया इश्तहार राजपत्र के द्वारा आगाह किया जाता है कि मिति 11-02-2020 को वरवक्त 10.00 बजे सुबह असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर पैरवी मुकद्दमा करें, अन्यथा एकपक्षीय कार्यवाही अमल में लाई जाकर उचित आदेश पारित कर दिए जाएंगे। यह इश्तहार आज दिनांक 08-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर।

कृष्ण चन्द यादव, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील पधर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : 13(3) आगामी पेशी : 07-02-2020 श्री दौलत राम पुत्र स्व0 डावे राम, निवासी गांव पटोगी, डाकघर पनारसा, तहसील औट, जिला मण्डी . . वादी। (हि0 प्र0)9630 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 22 जनवरी, 2020/2 माघ, 1941 बनाम आम जनता

. . प्रतिवादी। आवेदन-पत्र जन्म एवं मुत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 की धारा 13(3) के अन्तर्गत वादी के स्व0 दादा श्री जोगी राम की मृ त्यु की घटना नाम ग्राम पंचायत कोटधार के रिकार्ड में दर्ज करने बारे।

श्री दौलत राम पुत्र स्व0 डावे राम, निवासी गांव पटोगी, डाकघर पनारसा, तहसील औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0) ने दिनांक 08-01-2020 को इस अदालत में आवेदन-पत्र गुजारा है कि उनके स्व0 दादा श्री जोगी राम की मृत्यु की घटना अज्ञानतावश ग्राम पंचायत कोटधार के रिकार्ड में दर्ज नहीं हुई है। प्रार्थी के स्व0 दादा श्री जोगी राम की मृत्यु दिनांक 08-01-2005 को हुई है। प्रार्थी ने इस अदालत से प्रार्थना की है कि उनके स्व0 दादा श्री जोगी राम का नाम ग्राम पंचायत कोटधार के रिकार्ड से कटवाने व मृत्यु की घटना दर्ज करवाने बारे सम्बन्धित पंचायत को लिखित आदेश पारित करने की कृपा करें।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त व्यक्ति की मृत्यु की घटना पंचायत कोटधार के रिकार्ड में दर्ज करने बारा कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 07-02-2020 को सुबह 10ः00 बजे हाजिर होकर अपना उजर पेश कर सकता है ब सूरत गैरहाजिरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर उचित आदेश पारित कर दिये जाएंगे।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0)। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 22 January 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2020-01-22.229_gazette_2020-22_01_2020/. Archive identifier in.gazette.himachal.2020-01-22.229_gazette_2020-22_01_2020.