राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित बुधवार, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941
हिमाचल प्रदेश सरकार
आबकारी एवं कराधान विभाग
अधिसूचना सं0 74/2018-राज्य कर
शिमला-2, 31 दिसम्बर, 2018
सं0ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-33/2018.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-
256-राजपत्र/2020-26-02-2020 (10873) 10874 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 1. (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (चौदहवां संशोधन) नियम, 2018 है।
(2) इन नियमों में अन्यथा उपबंधित के सिवाय, ये राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे । 2. हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त नियम कहा गया है) के नियम 12 में उप-नियम (1) के पश्चात् निम्नलिखित उप-नियम अंतः स्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
"(1क) किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में धारा 52 के उपबंघों के अनुसार कर संग्रहण के लिए रजिस्ट्रीकरण हेतु आवेदन करने वाला कोई व्यक्ति, जहां उसकी भौतिक उपस्थिति नहीं है, प्ररुप जीएसटी आरईजी-07 में आवेदन के भाग क में राज्य या संघ राज्यक्षेत्र का नाम उल्लिखित करेगा और उसके भाग क में उस राज्य या संघ राज्य क्षेत्र का नाम उल्लिखित करेगा जिसमें उसके कारबार का मुख्य स्थान अवस्थित है जो भाग क में उल्लिखित राज्य या संघ राज्यक्षेत्र से भिन्न हो सकेगा।"।
3. उक्त नियमों में, नियम 45 के उप-नियम (3) में "छुटपुट काम करने वाले से प्राप्त" शब्दों के पश्चात् "या एक छुटपुट काम करने वाले से दूसरे को भेजा गया" शब्दाें का लोप किया जाएगा।
4. उक्त नियमों में, नियम 46 के चौथे परंतुक के पश्चात् निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
"परंतु यह भी कि प्रदायकर्ता या उसके प्राधिकृत प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) के उपबंधों के अनुसार इलैक्ट्रानिक बीजक जारी किए जाने के मामले में अपेक्षित नहीं होंगे।"।
5. उक्त नियमों में नियम 49 के दूसरे परंतुक के पश्चात् निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
"परंतु यह भी कि प्रदायकर्ता या उसके प्राधिकृत प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) के उपबंधों के अनुसार प्रदाय के इलैक्ट्रानिक बिल जारी किए जाने के मामले में अपेक्षित नहीं होगें।"।
6. उक्त नियमों में नियम 54 के, --
(क) उप-नियम (2) में निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
"परंतु प्रदायकर्ता या उसके प्राधिकृत प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) के उपबंधों के अनुसार समेकित कर बीजक या उसके बदले में किसी अन्य दस्तावेज़ जारी किए जाने के मामले में अपेक्षित नहीं होंगे। "।
(ख) उप-नियम (4) में निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
"परंतु प्रदायकर्ता या उसके प्राधिकृत प्रतिनिधि के हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) के उपबंधों के अनुसार टिकट जारी किए जाने के मामले में अपेक्षित नहीं हांगे।"।
7. उक्त नियमों में नियम 89 के उपनियम (5) के स्पष्टीकरण (ख) में निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात :--
"समायोजित कुल आर्वत" और "सुसंगत अवधि" के वही अर्थ होंगें जो उनके उप-नियम (4) में है।" । 8. उक्त नियमों में, नियम 96 के उपनियम (1) के खंड (क) में "सम्यक् रूप से निर्यात माल फाईल करता है" शब्दों के पश्चात् "प्रस्थान घोषणापत्र या" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे।10875 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 9. उक्त नियमों में, नियम 101 के उप-नियम (1) में "वित्तीय वर्ष" शब्दों के पश्चात् "या उसका भाग" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगें।
10. उक्त नियमों के नियम 109क के पश्चात् निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात : -- "109ख. पुनरीक्षण के मामले में व्यक्ति को नोटिस और पुनरीक्षण प्राधिकारी का आदेश.-(1) जहां धारा 108 के अधीन पुनरीक्षण प्राधिकारी पुनरीक्षण में आदेश पारित करने का विनिश्चय करता है जिससे व्यक्ति के विपरीत रूप से प्रभावित होने की संभावना है, वहां पुनरीक्षण प्राधिकारी उसे प्ररूप जीएसटी आरवीएन-01 में नोटिस देगा और उसे सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करेगा।
(2) पुनरीक्षण प्राधिकारी धारा 108 की उप-धारा (1) के अधीन अपने आदेश के साथ प्ररूप जीएसटी एपीएल- 04 स्पष्ट रूप से संपुष्ट मांग की अंतिम रकम दर्शित करते हुए आदेश का सार जारी करेगा।"। 11. उक्त नियमों में नियम 138 के उप-नियम (1) में स्पष्टीकरण (1) के स्थान पर निम्नलिखित स्पष्टीकरण प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :--
"स्पष्टीकरण 1.-इस नियम के प्रयोजनों के लिए, "हस्तशिल्प माल" का वही अर्थ है जो इसका समय-समय पर यथासंशोधित हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में सं0ई.एक्स.एन.-एफ(10)-31/2018 में तारीख 26 अक्तूबर, 2018 के तहत प्रकाशित अधिसूचना सं0 56/2018-राज्य कर तारीख 25 अक्तूबर, 2018 में है।"
12. उक्त नियमों के नियम 138घ के पश्चात्, बाद में अधिसूचित की जाने वाली तारीख से निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :--
"138ङ प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में जानकारी देने पर निर्बंधन-नियम 138 के उप-नियम (1) में अंतर्विष्ट किसी बात के होतेे हुए भी कोई व्यक्ति (जिसके अंतर्गत परेषक, परेषिति, मालवाहक, ई- कॉमर्स प्रचालक या कुरियर अभिकरण भी है) रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति के संबंध में प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में जानकारी देने से अनुज्ञात नहीं किया जाएगा चाहे वह प्रदायकर्ता हो या प्राप्तकर्ता जो,--
(क) धारा 10 के अधीन कर संदाय करने वाला व्यक्ति है, उसने दो लगातार कर अवधियों के लिए विवरणी प्रस्तुत नहीं की है; या
(ख) खंड (क) में विनिर्दिष्ट व्यक्ति से भिन्न व्यक्ति है, उसने दो मास की लगातार अवधि के लिए विवरणी प्रस्तुत नहीं की हैः
परंतु आयुक्त पर्याप्त कारण दर्शित किए जाने पर तथा लिखित में कारण लेखबद्व किए जाने पर आदेश द्वारा ऐसी शर्तो और निर्बधनों के अधीन रहते हुए जो उसके द्वारा विनिर्दिष्ट की जांए, प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में उक्त जानकारी प्रस्तुत करना आदेश द्वारा अनुज्ञात कर सकेगाः परंतु यह और कि पहले परंतुक के अधीन प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में जानकारी प्रस्तुत करने के लिए ऐसे व्यक्ति के अनुरोध को निरस्त करने वाला कोई आदेश उक्त व्यक्ति को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान किए बिना निरस्त नहीं किया जाएगा।
परंतु यह भी कि राज्य कर आयुक्त या संघ राज्यक्षेत्र कर आयुक्त द्वारा दी गई या निरस्त की गई अनुज्ञा, यथास्थिति, आयुक्त द्वारा दी गई या निरस्त की गई समझी जाएगी।
स्पष्टीकरण.--इस नियम के प्रयोजनों के लिए, "आयुक्त" पद के खंड (क) और (ख) में विनिर्दिष्ट व्यक्तियों के संबंध में अधिकारिता वाला आयुक्त अभिप्रेत होगा।"।
13. उक्त नियमों में, नियम 142 के उप-नियम (5) में "धारा 74" शब्दों के पश्चात् "या धारा 75 की उपधारा (12)" शब्द अंतः स्थापित किए जाएंगे।
14. उक्त नियमों में प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्ः-10876 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941
"प्ररूप-जीएसटी-आरएफडी-01
[नियम 89 (1) देखिए]
प्रतिदाय के लिए आवेदन
(नैमित्तिक या अनिवासी कराधेय व्यक्ति, कर की कटौती करने वाला कर का संग्रहण करने वाला, अरजिस्ट्रीकृत कराधेय व्यक्ति को लागू)
| 1. | जीएसटी आईएन/अस्थायी आईडीः | ||||||||
| 2. | विधिक नाम : | ||||||||
| 3. | व्यापार नाम, यदि कोई हो : | ||||||||
| 4. | पताः | ||||||||
| 5. | कर अवधि ः (यदि कोई हो) | <वर्ष>/<मास> से <वर्ष ><मास>/ | |||||||
| 6. | दावा की गई प्रतिदाय की रकम (रु0) : | अधिनियम | कर | ब्याज | शास्ति | फीस | अन्य | कुल | |
| क ेन्द्रीय कर | |||||||||
| राज्य कर/ संघ राज्यक्षेत्र कर | |||||||||
| एकीकृत कर | |||||||||
| उपकर | |||||||||
| कुल | |||||||||
| 7. | प्रतिदाय दावा के आधार (नीचे स े चयन करे) : | (क) | इलैक्ट्रानिक नकद खाता में अतिशेष : | ||||||
| (ख) | सेवाओं के निर्यात + कर के संदाय के साथः | ||||||||
| (ग) | माल/सेवाएं के निर्यात - कर के संदाय सहित सेवाओं का निर्यात | ||||||||
| (घ) | आदेश के मद्दे | ||||||||
| क्रम सं. | आदेश का प्रकार, | आदेश स ं ख्या | आदेश की तारीख | आदेश जारी करने वाला प्राधिकारी | स् ं ादाय संदर्भ संख्या (यदि कोई हो) | ||||
| (i) | निर्धारण | ||||||||
| (ii) | अनंतिम निर्धारण को अंतिम रूप देना | ||||||||
| (iii) | अपील | ||||||||
| (iv) | कोई अन्य आदेश (विनिर्दिष्ट करें) | ||||||||
| (ङ) (च) | विपर्यस्त कर ढांचा के कारण संचित आई टी सी [धारा 54 (3) के प्रथम परंतुक का खंड (ii)] विशेष आर्थिक जोन इकाई/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता किए गए प्रदाय के मद्दे - (कर संदाय के साथ) | ||||||||
| (छ) | विशेष आर्थिक जोन इकाई/विशेष आर्थिक विकासकर्ता किए गए प्रदाय के मद्दे - (कर संदाय के बिना) | ||||||||
| (ज) | समझे गए निर्यात प्रदायों का प्राप्तिकर्ता/समझे गए निर्यात प्रदायों का प्रदायकर्ता | ||||||||
| (झ) | ऐसे प्रदाय पर जो पूर्णतः या भागतः उपबंधित नहीं और जिसके लिए बीजक जारी नहीं किया गया है पर संदत्त कर (अग्रिम संदाय पर संदत्त कर) | ||||||||
| (ञ) | अंतराराज्यिक प्रदाय पर संदत्त कर जिसे बाद मेें अंतराराज्यिक प्रदाय अनिर्धारित किया गया है और विपर्ययेन (पीओएस में परिर्वतन) | ||||||||
| (ट) | कर का अधिक संदाय, यदि कोई हो। | ||||||||
| (ठ) | कोई अन्य (विनिर्दिष्ट करें) | ||||||||
| 8. | बैंक खाते के ब्योरे | बैंक का नाम | बैंक शाखा का पता | भारतीय वित्तीय प्रणाली कोड (आईएफएससी) | खाता के प्रकार | खाता संख्या | |||
| 9. | क्या धारा 54 (4) के अधीन आवेदक द्वारा स्वयं घोषणा फाइल की गई है, यदि लागू हो | हां | |||||||
घोषणा [धारा 54 (3) का दूसरा परंतुक] मैं घोषणा करता हूं / करती हूं कि निर्यातित माल किसी निर्यात शुल्क के अध्यधीन नहीं है, मैं यह भी घोषणा करता हूं/करती हूं कि माल या सेवाओं या दोनों पर केन्द्रीय उत्पाद शुल्क/ सेवा कर/ केन्द्रीय कर के किसी प्रतिदाय की वापिसी का उपभोग नहीं किया है और इसलिए मैंने ऐसे प्रदायों पर जिसके प्रतिदाय का दावा किया गया है, पर संदत्त एकीकृत कर के प्रतिदाय का दावा नहीं किया है।
हस्ताक्षर नाम
पदनाम/प्रास्थिति"]
घोषणा [धारा 54 (3) (ii)] मैं घोषणा करता हूं / करती हूं कि आवेदन में दावा किए गए इनपुट कर प्रत्यय प्रतिदाय में उपभोग शून्य दर या पूर्ण रूप से छूट प्राप्त प्रदायों के लिए उपयोग किए गए माल या सेवाओं पर उपभोग किया गया आई टी सी सम्मिलित नहीं है।
हस्ताक्षर नाम
पदनाम/प्रास्थिति
घोषणा [नियम 89 (2) (च)]
मैं घोषणा करता हूं / करती हूं कि विशेष आर्थिक जोन इकाई /विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता ने आवेदक द्वारा ऐसे संदत्त कर के इनपुट कर प्रत्यय का उपभोग नहीं किया है, जो इस प्रतिदाय दावे के अंतर्गत आता है। हस्ताक्षर नाम
पदनाम/प्रास्थिति10878 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 घोषणा [नियम 89 (2) (छ)] (समझे गए निर्यात के प्राप्तिकर्ता/प्रदायकर्ता के लिए)
प्राप्तिकर्ता द्वारा दावा किए गए प्रतिदाय की दशा में
मैं घोषणा करता हूं /करती हूं कि केवल ऐसे बीजकों के लिए प्रतिदाय का दावा किया जाएगा जिसका ब्योरा उस कर अवधि के लिए जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया गया है, विवरण 5ख में दिया गया है और रकम उक्त कर अवधि के लिए फाइल की गई विधिमान्य विवरणी में उपभोग किए गए इनपुट कर प्रत्यय की रकम से अधिक नहीं है। मैं यह भी घोषणा करता हूं /करती हूं कि प्र्रदायकर्ता ने उक्त प्रदायों के संबंध में प्रतिदाय का दावा नहीं किया है।
प्रदायकर्ता द्वारा दावा किए गए प्रतिदाय की दशा में
मैं घोषणा करता हूं /करती हूं कि केवल ऐसे बीजकों के लिए प्रतिदाय का दावा किया जाएगा जिसका ब्योरा उस कर अवधि के लिए जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया गया है, विवरण 5ख में दिया गया है। मैं यह भी घोषणा करता हूं /करती हूं कि प्राप्तिकर्ता द्वारा उक्त प्रदायों के संबंध में किसी प्रतिदाय का दावा नहीं किया जाएगा और प्राप्तिकर्ता ऐसे प्रदायों पर किसी इनपुट कर प्रत्यय का उपभोग भी नहीं करेंगे।
हस्ताक्षर नाम
पदनाम/प्रास्थिति
परिवचन
मैं सरकार को ब्याज के साथ मंजूर किए गए प्रतिदाय की रकम का उस दशा में वापस संदाय करने का वचन देता हूं/ देती हूं यदि बाद में यह पाया जाता है कि केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम/राज्य माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 42 की उपधारा (2) के साथ पठित धारा 16 की उपधारा (2) के खंड (ग) की अपेक्षाओं का प्रतिदाय की गई रकम के सम्बन्ध में पालन नहीं किया गया है।
हस्ताक्षर नाम
पदनाम/प्रास्थिति
स्वयं-घोषणा/[नियम 89(2)(I)] मैं............................ (आवेदक) जिसकी माल और सेवा कर पहचान संख्या / अस्थाई पहचान............है, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं/करती हॅूं और प्रमाणित करता हूं/करती हूं कि कर, ब्याज या ........................से ............... तक की अवधि के लिए किसी रकम की बाबत रु0 .............. रकम के प्रतिदाय के संबंध में प्रतिदाय आवेदन में दावा किया गया है ऐसे कर और ब्याज की घटना किसी अन्य व्यक्ति को पारित नहीं किया गया है।
हस्ताक्षर नाम पदनाम/प्रास्थिति (ऐसे आवेदकों से यह घोषणा देने की अपेक्षा नहीं है जिन्हाेंने धारा 54 की उपधारा (8) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या खंड (घ) या खंड (च) के अधीन प्रतिदाय का दावा किया है)
| 10. सत्यापन मैं/हम (करदाता का नाम) सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं/करते हैं कि इसमें ऊपर दी गई जानकारी मेरे/हमारे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और इसमें से कुछ छुपाया नहीं गया है। म ै ं /हम यह घोषणा करता हूं/करते हैं कि इस मद्दे मेरे/हमारे द्वारा पहले कोई प्रतिदाय प्राप्त नहीं किया गया है। | |
| स् थान तारीख | प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर (नाम) पदनाम/प्रास्थिति |
उपाबंध - 1
विवरण-1 [नियम 89(5)]
प्रतिदाय : प्रकार विपर्यस्त कर सरंचना के लिए देय संचित आई टी सी [धारा 54 (3) के पहले परंतुक के खंड (ii)] (रकम रु0 में)
| माल और सेवाओं का आवर्त | माल और सेवाओं के प्रदाय पर संदेयकर | समायोजित कुल आवर्त | शुद्ध इनपुट कर प्रत्यय | दावा की जाने वाली रकम |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
विवरण 1क [नियम 89(2)(ज)]
पहले परंतुक का खंड 2 (ii)]
| क्रम सं. | प्राप्त किए गए आवक प्रदायों के बीजकों के ब्योरे | इनपुट के आवक प्रदायों पर संदत्त कर | जारी किए गए जावक प्रदायों के बीजकों के ब्योरे | जावक प्रदायों पर संदत्त कर | ||||||||||
| प्रदायकर्ता का नाम जीएसटी आईएन रजिस्ट्रीकृत | ं . स | तारीख | कराधेय मूल्य | एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | क्षेत्र कर राज्य कर /संघ राज्य | ं . स | तारीख | कराधेय मूल्य | बी/बी 2सी) बीजक का प्रकार (बी2 | एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | कर राज्य कर /संघ राज्य क्षेत्र | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 |
*विपर्यस्त प्रभार तंत्र के अधीन प्राप्त आयातों या प्रदायों की दशा में [केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम/राज्य माल और सेवा कर अधिनियम की उपधारा (3) की धारा 9 की या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 5 की उपधारा (3)], प्रदायकर्ता के जी एसटीआई एन से आवेदक (प्राप्तिकर्ता) का जी एसटीआई एन अभिप्रेत है।
विवरण-2 [नियम 89(2)(ग)]
प्रतिदाय प्रकारः कर के संदाय सहित सेवाओं का निर्यात
| क्रम सं. | बीजक के ब्योरे | एकीकृत कर | उपकर | बीआरसी/ एफआईआरसी | नामेनोट में अंर्तर्वलित एकीकृत कर और उपकर यदि कोई हो | जमापत्र में अंतर्वलित एकीकृत कर और उपकर यदि कोई हो | शुद्ध एकीकृत कर और उपकर (6710-11) | ||||
| . ं स | तारीख | मूल्य | कराधेय मूल्य | मूल्य | . ं स | तारीख | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
विवरण - 3 [नियम 89(2)(ख) और 89 (2)(ग)]
प्रतिदाय प्रकार : कर के संदाय के बिना निर्यात (संचित आईटीसी)
(रकम रु0 में)
| क्रम सं. | बीजक के ब्योरे | माल/सेवाएं (जी/एस) | पोत पत्र/ निर्यात पत्र | ईजीएम ब्योरे | बी आर सी/ एफआईआरसी | ||||||
| सं. | तारीख | मूल्य | पत्तन कोड | सं. | तारीख संदर्भ सं. | तारीख | सं. | तारीख | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
विवरण-3क [नियम 89(4)]
प्रतिदाय प्रकार : कर के संदाय के बिना निर्यात (संचित आईटीसी) - प्रतिदाय की रकम की संगणना (रकम रु0 में)
| माल और सेवाओं के शून्य दर प्रदाय का आवर्त | शून्य इनपुट का प्रत्यय | समायोजित कुल आवर्त | प्रतिदाय रकम (1x2÷3) |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
विवरण-4 [नियम 89(2)(घ) और 89(2) (ङ)]
प्रतिदाय प्रकार : विशेष आर्थिक जोन इकाई या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को किए गए प्रदाय के मद्दे (कर के संदाय पर)
| प्राप्तिकर्ता का जीएसटी आई एन | बीजक ब्योरे | पोत पत्र/ निर्यात पत्र/ विशेष आर्थिक जोन द्वारा पृष्ठांकित बीजक | एकीकृत कर | उपकर | नामेनोट अ ं तर्वलित एकीकृत कर और उपकर यदि कोई हो | जमापत्र में अंतर्वलित एकीकृत कर और उपकर यदि कोई | शुद्ध एकीकृत कर और उपकर (8910-11) | ||||
| . ं स | तारीख | मूल्य | . ं स | तारीख | कराधेय | रकम | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
विवरण-5 [नियम 89(2)(घ) और 89(2) (ङ)]
प्रतिदाय प्रकार : विशेष आर्थिक जोन इकाई या विशेष आर्थिक जोन विकास कर्ता को किए गए प्रदाय के मद्दे (कर के संदाय के बगैर) (रकम रु0 में)
| क्रम स ं . | बीजक के ब्योरे | माल/सेवाएं (जी/एस) | लदान बिल/निर्यात बिल/पृष्ठांकित बीजक सं. | |||
| सं. | तारीख | मूल्य | सं. | तारीख | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
विवरण-5क [नियम 89(4)]
प्रतिदाय प्रकार : कर के संदाय के बगैर विशेष आर्थिक जोन इकाई या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को किए गए प्रदाय के मद्दे (संचित आईटीसी) - प्रतिदाय रकम की संगणना
(रकम रु0 में)
| माल और सेवाओं के शून्य दर प्रदाय का आवर्त | शुद्ध इनपुट कर प्रत्यय | समायोजित कुल आवर्त | प्रतिदाय रकम (1x2÷3) |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
विवरण 5ख [नियम 89(2)(छ)] प्रतिदाय प्रकार : समझे गए निर्यात के मद्दे
(रकम रु0 में)
| क्रम सं. | जावक प्रदार्थों के बीजकों के ब्योरे यदि प्रदायकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा किया गया है/आवक प्रदायों के बीजकों के ब्योरे यदि प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा किया गया है। | संदत्त कर | ||||||
| प्रदायकर्ता का जीएसटीआईएन | सं. | तारीख | कराधेय मूल्य | एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्य कर/ संघ राज्य क्षेत्र कर | उपकर | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
विवरण 6 [नियम 89(2)(ञ)]
प्रतिदाय प्रकार : पी ओ एस में परिवर्तन के मद्दे (अंतरराज्य से अंतराराज्यिक और विपर्य)
आदेश ब्योरे (धारा 77 (1) और (2) के अनुसरण में जारी, यदि कोई होः आदेश सं.ः आदेश तारीखः
| प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईएन/ य आई एन नाम (बी ू 2सी के मामले मेंं) | बीजक के ब्योरे | पूर्व अन्तराज्यिक/अन्तराज्यिक के रूप में संव्यवहार पर संदत्त कर के ब्योरे | ऐसे संव्यवहार पर पुनःनिर्धारित कर जिन्हें उत्तरवर्ती रूप से अन्तराज्यिक/ राज्यान्तरिक प्रदाय माना गया | |||||||||
| एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्यक्षेत्र कर राज्य कर/संघ | उपकर | प्रदाय का स्थान (केवल यदि प्राप्तिकर्ता से भिन्न की प्रास्थिति) | एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्यक्षेत्र कर राज्य कर/संघ | |||||
| सं. | तारीख | मूल्य | कराधेय मूल्य | रकम | रकम | रकम | रकम | रकम | रकम | रकम | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 |
विवरण 7 [नियम 89(2)(ट)]
नियम 89(2)(ट) के अधीन फाईल किया आवेदन के मामले में कथन
कर के अधिक संदाय खाते पर प्रतिदाय
(रकम रु0 में)
| कर अवधि | विवरणी का ए आर एन | विवरणी फाइल करने की तारीख | संदेय कर | |||
| एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्य कर/संघ राज्य क्षेत्र कर | उपकर | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
उपाबंध-2
प्रमाण-पत्र [(नियम 89(2)(ड)]
यह प्रमाणित किया जाता है कि .........................................कर अवधि के लिए................................................माल और सेवा कर पहचान संख्या/अस्थायी आई डी, मैसर्स...................................................................(आवेदक का नाम) द्वारा .............. ...................................................................(शब्दों में) आई एन आर दावे के प्रतिदाय के संबंध में कर और ब्याज का आपतन किसी अन्य व्यक्ति ने पारित नहीं किया है। यह प्रमाण-पत्र आवेदन द्वारा विशेष रूप से अनुरक्षण दिए गए लेखा पुस्तकों और अन्य संबंधित अभिलेखों और विवरणियों के परीक्षण के आधार पर है।
चार्टर्ड अकाऊन्टेंट/लागत लेखाकार के हस्ताक्षरः
नामः सदस्य संख्याः स्थानः तारीखः
टिप्पण.-इस प्रमाणपत्र की ऐेसे आवेदक से देने की अपेक्षा नहीं है जिसने अधिनियम की धारा 54 की उपधारा (8) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या खंड (घ) या खंड (च) के अधीन प्रतिदाय का दावा किया है।
अनुदेश-
1. प्रयुक्त पद ः क. बी से सी ः रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से गैर रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति ख. ईजीएम ः निर्यात साधारण घोषणापत्र ग. जीएसटीआईएन ः माल और सेवा कर पहचान संख्या घ. आईजीएसटी ः एकीकृत माल और सेवा कर ङ आईटीसी ः इनपुट कर प्रत्यय च. पीओएस ः प्रदाय का स्थान (श्रमिक राज्य) छ. एसईजेड ः विशेष आर्थिक जोन ज. अस्थायी आईडी ः अस्थायी पहचान संख्या झ. यूआईएन ः विशिष्ट पहचान संख्या
2. इलैक्ट्रानिक नकद लेजर में उपलब्ध अतिरिक्त रकम का प्रतिदाय रिटर्न या आवेदन फाइल करके भी दावा किया जा सकता है।
3. नामे प्रविष्टि आवेदन फाइल करते समय इलैक्ट्रानिक प्रत्यय या नकद लेजर में की जाएगी।10883 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 4. प्ररूप जीएसटी आरएफडी-02 में अभिस्वीकृति जारी की जाएगी, यदि आवेदन सभी प्रकार से पूर्ण पाया जाता है।
5. आईजीएसटी के संदाय के साथ माल के निर्यात पर प्रतिदाय का दावा इस आवेदन के साथ प्रक्रियागत नहीं किया जाएगा।
6. बैंक खाता ब्योरे रजिस्ट्रीकरण डाटा के अनुसार होने चाहिए। बैंक ब्योरों में कोई परिवर्तन आवेदन में कथन किए जाने से पूर्व रजिस्ट्रीकरण विशिष्टियों में पहले संशोधित किया जाएगा।
7. घोषणा उन मामलों में फाइल की जाएगी, जहां कहीं अपेक्षित हों।
8. 'कुल इनपुट कर प्रत्यय' से सुसंगत अवधि के दौरान कथन-1 के प्रयोजन के लिए इनपुट पर उपयोग किया गया इनपुट कर प्रत्यय अभिप्रेत है और उसके अंतर्गत कथन 3क और 5क के प्रयोजन के लिए इनपुट सेवाओं पर आईटीसी भी है।
9. 'समायोजित कुल आवतर्' से धारा 2 के खंड (112) के अधीन यथा परिभाषित सुसंगत अवधि के दौरान शून्य दर प्रदायों से भिन्न छूट प्राप्त प्रदायों के मूल्य को छोड़कर किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में आवर्त अभिप्रेत है।
10. कथन-1 के प्रयोजन के लिए, प्रतिदाय दावा जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-2 में रिपोर्ट किए गए पर आधारित होगा।
11. बीआरसी या एफआईआरसी ब्योरे वहांं बाध्यकारी होंगे, जहां सेवाओं के निर्यात के लिए प्रतिदाय का दावा किया जाता है, माल के निर्यात के मामले में पोत बिल और ईजीएम प्रदान करना बाध्यकारी होगा। 12. जहां (निर्यात समेत) बीजक ब्योरों का संशोधन किया जाता है, प्रतिदाय संशोधित मूल्य पर आधारित गणना के अनुसार अनुज्ञात किया जाएगा।
13. कर के संदाय के बिना किए गए निर्यात के ब्योरे कथन-3 में रिपोर्ट किए जाएंगे।
14. कर के संदाय के बिना एसईजेड यूनिट या एसईजेड डेवैल्पर को किए गए प्रदायोंं के मामले में दावा किए जाने वाले प्रतिदाय की उपलब्धता नियम 89(4) में विहित सूत्र के अनुसार निकाली जाएगी। 15. 'माल और सेवाओें के शून्य दर प्रदाय का आवर्त' का वही अर्थ होगा जो नियम 89 (4) में परिभाषित है।"।
15. उक्त नियमों के प्ररूप जीएसटीआरएफडी-1क के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्ः--
"प्ररूप - जीएसटी आरएफडी-01क
[नियम 89(1) और 97क देखें]
प्रतिदाय के लिए आवेदन (निर्देशिका)
(नैमित्तिक कराधेय व्यक्ति या अनिवासी कराधेय व्यक्ति, कर का कटौतीकर्ता, कर संग्रहणकर्ता और अन्य रजिस्ट्रीकृत कराधेय व्यक्ति को लागू)
| 1. | जीएसटीआईएन/अस्थायी आईडी | |
| 2. | विधिक नाम | |
| 3. | व्यापार नाम, यदि कोई हो | |
| 4. | पता |
| 5. | कर अवधि (यदि लागू हो) | < वर्ष/मास> से < वर्ष/मास> | ||||||||||||||
| 6. | दावा किया गया प्रतिदाय की (रु0) : | अधिनियम | कर | ब्याज | शास्ति | फीस | अन्य | कुल | ||||||||
| केन्द्रीय कर | ||||||||||||||||
| राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर | ||||||||||||||||
| एकीकृत कर | ||||||||||||||||
| उपकर | ||||||||||||||||
| कुल | ||||||||||||||||
| 7. | प्रतिदाय दावा के लिए आधार (नीचे से चयन करें) : | (क) | इलैक्ट्रानिक के नकद खाता में अधिक अतिशेष : | |||||||||||||
| (ख) | माल/सेवाओं के निर्यात कर के संदाय के साथः | |||||||||||||||
| (ग) | माल/सेवाओं का निर्यात-कर के संदाय के बगैर (संचित आईटीसी) | |||||||||||||||
| (घ) | विपर्यस्त कर संरचना के प्रति देय संचित आईटीसी [धारा 54 (3)े] के पहले परंतुक के खंड (ii) के अधीन | |||||||||||||||
| (ङ) | विशेष आर्थिक जोन इकाई/विशेष आर्थिक विकासकर्ता को किए गए प्रदायों के मद्दे (कर संदाय सहित) | |||||||||||||||
| (च) | विशेष आर्थिक जोन इकाई/विशेष आर्थिक विकासकर्ता को किए गए प्रदायों के मद्दे (कर संदाय बगैर) | |||||||||||||||
| (छ) | समझे गए निर्यात प्रदायों का प्राप्तिकर्ता/समझे गए निर्यात प्रदायों का प्रदायकर्ता | |||||||||||||||
| (ज) | आदेश के मद्दे | |||||||||||||||
| क्रम स ं . | आदेश का प्रकार | आदेश सं0 | आदेश की तारीख | प्राधिकारी आदेश जारी करने वाला | स ं दाय निर्देश सं0 यदि कोई हो | |||||||||||
| (i) | निर्धारण | |||||||||||||||
| (ii) | अनंतिम निर्धारण को अ ं तिम रूप देना | |||||||||||||||
| (iii) | अपील | |||||||||||||||
| (iv) | कोई अन्य आदेश (विनिर्दिष्ट करें) | |||||||||||||||
| (झ) | अंतराराज्यिक प्रदाय पर संदत्त कर जिसे पश्चात्वर्ती अंतरराज्य प्रदाय निर्धारित किया जाता है और विपर्ययेन (पीओएस में परिवर्तन)। | ||
| (ञ) | कर का अधिक संदाय, यदि कोई हो | ||
| (ट) | कोई अन्य (विनिर्दिष्ट करें) |
[घोषणा धारा 54(3) का दूसरा परंतुक]
मैं घोषणा करता हूं/करती हूं कि निर्यातित माल किसी निर्यात शुल्क के अध्याधीन नहीं है, मैं यह भी घोषणा करता हूं/करती हूं कि माल या सेवाओं या दोनों पर केन्द्रीय उत्पाद शुल्क/सेवा कर/केन्द्रीय कर के किसी प्रतिदाय की वापिसी का उपभोग नहीं किया है और इसलिए मैंने ऐसे प्रदायों पर जिसके प्रतिदाय का दावा किया गया है, पर संदत्त एकीकृत कर के प्रतिदाय का दावा नहीं किया है।
हस्ताक्षर नाम पदनाम/प्रास्थिति
घोषणा [धारा 54(3) (ii)]
मैं यह घोषणा करता हूं/करती हूं कि आवेदन में दावा किए गए इनपुट कर प्रत्यय प्रतिदाय में उपभोग शून्य दर या पूर्ण रूप से छूट प्राप्त प्रदायों के लिए उपयोग किए गए माल या सेवाओं पर उपभोग किया गया आई टी सी सम्मिलित नहीं है।
हस्ताक्षर नाम पदनाम/प्रास्थिति
घोषणा [नियम 89 (2) (च)]
मैं घोषणा करता हूं/करती हूं कि विशेष आर्थिक जोन इकाई/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता ने आवेदक द्वारा ऐेसे संदत्त कर के इनपुट कर प्रत्यय का उपभोग नहीं किया है, जो इस प्रतिदाय दावे के अंतर्गत आता है।
हस्ताक्षर नाम पदनाम/प्रास्थिति
घोषणा [नियम 89 (2) (छ)] (समझे गए निर्यात के प्राप्तिकर्ता/प्रदायकर्ता के लिए)
प्राप्तिकर्ता द्वारा दावा किए गए प्रतिदाय की दशा में
मैं घोषणा करता हूं/करती हूं कि केवल ऐसे बीजकों के लिए प्रतिदाय का दावा किया जाएगा जिसका ब्यौरा उस कर अवधि के लिए जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया गया है, विवरण 5ख मेें दिया गया है और रकम उक्त कर अवधि के लिए फाईल की गई विधिमान्य विवरणी में उपभोग किए गए इनपुट कर प्रत्यय की रकम से अधिक नहीं है। मैं यह भी घोषणा करता हूं/करती हूं कि प्रदायकर्ता ने उक्त प्रदायों के संबंध में प्रतिदाय का दावा नहीं किया है।
प्रदायकर्ता द्वारा दावा किए गए प्रतिदाय की दशा में10886 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 मैं घोषणा करता हूं/करती हूं कि केवल ऐसे बीजकों के लिए प्रतिदाय का दावा किया जाएगा जिसका ब्यौरा उस कर अवधि के लिए जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया गया है, विवरण 5ख में दिया गया है। मैं यह भी घोषणा करता हूं/करती हूं कि प्राप्तिकर्ता द्वारा उक्त प्रदायों के संबंध में किसी प्रतिदाय का दावा नहीं किया जाएगा और प्राप्तिकर्ता ऐसे प्रदायों पर किसी इनपुट कर प्रत्यय का उपभोग भी नहीं करंगे।
हस्ताक्षर नाम पदनाम/प्रास्थिति
परिवचन
मैं सरकार को ब्याज के साथ मंजूर किए गए प्रतिदाय की रकम का उस दशा में वापस संदाय करने का वचन देता हूं/देती हूं यदि बाद में यह पाया जाता है कि केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम/राज्य माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 42 की उप-धारा (2) के साथ पठित धारा 16 की उप-धारा (2) के खंड (ग) की अपेक्षाओं का प्रतिदाय की गई रकम के संबंध में पालन नहीं किया गया है।
हस्ताक्षर नाम पदनाम/प्रास्थिति
स्वयं-घोषणा [नियम 89 (2) (1)]
मैं......................................................(आवेदक) जिसकी माल और सेवा कर पहचान संख्या / अस्थाई पहचान.............................................है, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं /करती हूं और प्रमाणित करता हूं /करती हूं कि कर, ब्याज या............से ................. ....तक की अवधि के लिए किसी रकम की बाबत रु0................रकम के प्रतिदाय के संबंध में प्रतिदाय आवेदन में दावा किया गया है ऐसे कर और ब्याज की घटना किसी अन्य व्यक्ति को पारित नहीं किया गया है।
हस्ताक्षर नाम पदनाम/प्रास्थिति
(ऐसे आवेदकों से यह घोषणा देने की अपेक्षा नहीं है जिन्होंने धारा 54 की उप-धारा (8) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या खंड (घ) या खंड (च) के अधीन प्रतिदाय का दावा किया है)।
8. सत्यापन
मैं/हम (करदाता का नाम) सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं/करते हैं, कि इसमें ऊपर दी गई जानकारी मेरे/हमारे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और इसमें से कुछ छुपाया नहीं गया है।
मैं/हम यह घोषणा करता हूं/करते हैं कि इस मद्दे मेरे/ हमारे द्वारा पहले कोई प्रतिदाय प्राप्त नहीं किया गया है।
स्थान तारीख
हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर
(नाम)
पदनाम/प्रास्थिति।10887 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 उपाबंध-1
विवरण-1 [नियम 89 (5)]
प्रतिदाय प्रकार : विपर्यस्त कर ढांचा के प्रतिदेय संचित आईटीसी [धारा 54 (3) के पहले परंतुक का खंड (ii)]
| माल और सेवाओं के प्रदाय विपर्यस्त दर प्रदाय का आवर्त | माल और सेवाओं के ऐसे विपर्यस्त दर प्रदाय पर संदेय कर | समायोजित कुल आवर्त | शुद्ध इनपुट कर प्रत्यय | दावा की जाने वाली अधिकतम प्रदाय रकम [(1x43)-2] |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
विवरण 1क [नियम 89 (2) (ज)]
प्रतिदाय का प्रकार विपर्यस्त कर ढांचा के लिए आई टी सी संचित देय [धारा 54 (3)के पहले परन्तुक का खंड 2 (ii)]
| क्रम सं. | प्राप्त किए गए आवक प्रदायों के बीजकों के ब्यौरें | इनपुट के आवक प्रदायों पर संदत्त कर | जारी किए गए जावक प्रदायों के बीजकों के ब्यौरे | जावक प्रदायोंं पर संदत्त कर | ||||||||||
| कर्ता का नाम जीएसटी आईएन रजिस्ट्रीकृत प्रदाय | सं. | तारीख | कराधेय मूल्य | एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्य क्षेत्र कर राज्य कर/संघ | ं स | तारीख | कराधेय मूल्य | बीजक का प्रकार (बी2 बी/बी2 सी | एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्य क्षेत्र कर राज्य कर/संघ | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 |
*विपर्यस्त प्रभार तंत्र के अधीन प्राप्त आयातों या प्रदायों की दशा में [केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम/राज्य माल और सेवा कर अधिनियम की उप-धारा (3) की धारा 9 की या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 5 की उप-धारा (3), प्रदायकर्ता के जी एस टी आई एन से आवेदक (प्राप्तिकर्ता) का जी एस टी आई एन अभिप्रेत है।
विवरण-2 [नियम 89 (2) (ग)]
प्रतिदाय प्रकारः कर के संदाय सहित सेवाओं का निर्यात
(रकम रु0 में)
| क्रम सं. | बीजक के ब्यौरे | एकीकृत कर | उपकर | बी आर सी/एफ आई आर सी | नामेनोट में अंतर्वलित एकीकृत कर और उपकर यदि कोई हो | जमापत्र में अंतर्वलित एकीकृत कर और उपकर यदि कोई हो | शुद्ध एकीकृत कर और उपकर (6710-11) | ||||
| सं. | तारीख | मूल्य | कराधेय मूल्य | रकम | सं. | तारीख | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
विवरण-3 [नियम 89 (2)(ख) और 89 (2)(ग)]
प्रतिदाय प्रकार : कर के संदाय के बिना निर्यात (संचित आईटीसी)
(रकम रु0 में)
| क्रम सं. | बीजक के ब्यौरे | माल/सेवाएं (जी/एस) | पोत पत्र/निर्यात पत्र | ईजीएम ब्यौरे | बी आर सी/ एफ आई आर सी | ||||||
| सं. | तारीख | मूल्य | पत्तन कोड | सं. | तारीख | संदर्भ सं. | तारीख | सं. | तारीख | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
विवरण- 3क [नियम 89 (4)]
प्रतिदाय प्रकार : कर के संदाय के बिना निर्यात (संचित आई टी सी) - प्रतिदाय की रकम की संगणना (रकम रु0 में)
| माल और सेवाओं के शून्य दर प्रदाय का आवर्त | शुद्ध इनपुट कर प्रत्यय | समायोजित कुल आवर्त | प्रतिदाय रकम (1x2÷3) |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
विवरण-4 [नियम 89 (2)(घ) और 89 (2)(ङ)]
प्रतिदाय प्रकार : विशेष आर्थिक जोन इकाई या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को किए गए प्रदाय के मद्दे (कर के संदाय पर)।
(रकम रु0 में)
| प्राप्तिकर्ता का जीएसटी आई एन | बीजक ब्यौरे | पोत पत्र/निर्यात पत्र/विशेष आर्थिक जोन द्वारा पृष्ठांकित बीजक | एकीकृत कर | उपकर | नामेनोट में अंतर्वलित एकीकृत कर और उपकर यदि कोई हो | जमापत्र में अंतर्वलित एकीकृत कर और उपकर यदि कोई हो | शुद्ध एकीकृत कर और उपकर (89 10-11) | ||||
| . ं स | तारीख | मूल्य | . ं स | तारीख | क्राधेय मूल्य | रकम | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 |
विवरण-5क [नियम 89 (4)]
प्रतिदाय प्रकार : कर के संदाय के बगैर विशेष आर्थिक जोन इकाई या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को किए गए प्रदाय के मद्दे (संचित आईटीसी) - प्रतिदाय रकम की संगणना।10889 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 (रकम रु0 में)
| माल और सेवाओं के शून्य दर प्रदाय का आवर्त | शुद्ध इनपुट कर प्रत्यय | समायोजित कुल आवर्त | प्रतिदाय रकम (1 x 2 3) |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
विवरण 5ख [नियम 89 (2)(छ)]
प्रतिदाय प्रकार : समझे गए निर्यात के मद्दे
(रकम रु0 में)
| क्रम स ं . | जावक प्रदायों के बीजकों के ब्यौरे यदि प्रदायकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा किया गया है/ आवक प्रदायों के बीजकों के ब्यौरे यदि प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा किया गया है | संदत्त कर | ||||||
| प्रदायकर्ता का जीएसटीआई एन | सं. | तारीख | कराधेय मूल्य | एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्य कर/ स ं घ राज्य क्षेत्र कर | उपकर | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
विवरण 6 [नियम 89 (2)(ञ)]
प्रतिदाय प्रकारः पीओएस में परिवर्तन के मद्दे (अंतरराज्यिक से अंतराराज्यिक और विपर्ययेन) आदेश ब्योरे धारा 77(1) और धारा 77 (2) के अनुसरण में जारी, यदि कोई होः
आदेश सं. आदेश तारीखः
| प्राप्तिकर्ता का जीएसटी आईएन/यूआई एन (बी2सी के मामले में) | बीजक के ब्यौरे | राज्यांतरित/अन्तरराज्यिक पूर्व के रूप में संव्यवहार अच्छादित के ब्यौरे | ऐसे संव्यवहार पर पुनःनिर्धारित कर जिन्हें उत्तरवर्ती रूप से अन्तराज्यिक/ राज्यान्तरिक प्रदाय माना गया | |||||||||||
| सं | तारीख | मूल्य | कराधेय मूल्य | एकीकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर | उपकर | प्रदाय का स्थान | एकीेकृत कर | केन्द्रीय कर | राज्य कर/संघ राज्य क्षेत्र कर | उपकर | प ्रदाय का स्थान | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 |
विवरण 7 [नियम 89 (2)(ट)]
प्रतिदाय प्रकारः फाइल की गई अंतिम विवरणी की दशा में, कर का अधिक संदाय, यदि कोई हो10890 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 (रकम रु0 में)
| कर अवधि | विवरणी का एआरएन | विवरणी फाईल करने की तारीख | अधिक संदत्त किया गया कर | |||
| एकीकृत कर | क ेन्द्रीय कर | राज्य कर | उपकर | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
16. उक्त नियमों के, प्ररूप जी एस टी आर-9 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररुप रखा जाएगा, अर्थात् :-
"प्ररूप जी एस टी आर-9
(नियम 80 देखे)
वार्षिक विवरणी
| पीटी.I | मूल ब्यौरे | |
| 1. | वित्तीय वर्ष | |
| 2. | जी एस टी आई एन | |
| 3क. | विधिक नाम | |
| 3ख. | व्यापार नाम (यदि कोई हो) |
| पीटी. II | वित्तीय वर्ष के दौरान किए गए जावक और आवक प्रदायों के ब्यौरे | NaN | NaN | NaN | |||||
| (सभी सारणियों में रकम रुपये में) | NaN | NaN | NaN | ||||||
| प्रदायों की प्रकृति | कराधेय मूल्य | केंद्रीय कर | राज्यकर/संघ राज्य क्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर | NaN | NaN | NaN | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | NaN | NaN | NaN | |
| 4 | उस वित्तीय वर्ष के दौरान फाईल में जो संदेय है, पर अग्रिम, आवक और जावक प्रदाय के ब्यौरे | NaN | NaN | NaN | |||||
| क | अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों को की गई प्रदाय (ख2ग)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ख | अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों को की गई प्रदाय (ख2 ख)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ग | कर संदाय (विशेष आर्थिक जोनों से भिन्न) शून्य रेटेड प्रदाय (निर्यात)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| घ | कर संदाय पर विशेष आर्थिक जोन को प्रदाय। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ङ | समझा गया निर्यात | NaN | NaN | NaN | |||||
| च | अग्रिम जिस पर कर संदत्त हैं, परन्तु बीजक जारी नहीं किए गए हैं (उपर्युक्त (क) से (ड.) के अधीन समावेशित नहीं है। | NaN | NaN | NaN | |||||
| छ | आवक प्रदाय जिस पर रिवर्स भार के आधार पर कर संदत्त किया जाना है । | NaN | NaN | NaN | |||||
| ज झ | आंशिक योग (उपर्युक्त क से छ तक)। उपर्युक्त (ख) से (ड) में विनिर्दिष्ट संव्यवहारों के संबंध में जारी साखपत (-)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| (ञ) | उपर्युक्त (ख) से (ङ) में विनिर्दिष्ट संव्यवहारों के संबंध में जारी नामे नोट ()। | NaN | NaN | NaN | |||||
| (ट) | संशोधनों () के माध्यम से घोषित प्रदाय/कर। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ठ | संशोधनों (-) के माध्यम से घटी हुई प्रदाय/कर। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ड | (उपर्युक्त झ से ठ) का आंशिक योग। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ढ | प्रदाय और अग्रिम जिस पर संदत्त किया जाना है, उपर्युक्त (जड)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| 5. | ऐसे जावक प्रदायों के ब्यौरे जिस पर, उस वित्तीय वर्ष के दौरान फाईल की गई कर संदेय नहीं है | NaN | NaN | NaN | |||||
| क | कर संदाय के बिना शून्य रेटेड प्रदाय (निर्यात)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ख | कर संदाय के बिना विशेष आर्थिक जोनाें की प्रदाय। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ग | प्रदाय जिस पर उलटे गए भार के आधार पर प्राप्तिकर्ता द्वारा संदाय किया जाना है। | NaN | NaN | NaN | |||||
| घ | छूट-प्राप्त | NaN | NaN | NaN | |||||
| ङ | शून्य रेटेड | NaN | NaN | NaN | |||||
| च | गैर - जी एस टी प्रदाय (जिसके अंतर्गत कोई प्रदाय नहीं, भी है)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| छ | आंशिक योग (उपर्युक्त क से छ) | NaN | NaN | NaN | |||||
| ज | उपर्युक्त (क) से (छ) में विनिर्दिष्ट संव्यवहारों के संबंध में जारी साख पत्र (-)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| झ | उपर्युक्त (क) से (छ) में विनिर्दिष्ट संव्यवहारों के संबंध में जारी नामे नोट ()। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ञ | सशोधनों () के माध्यम से घोषित प्रदाय | NaN | NaN | NaN | |||||
| ट | संशोधनों (-) के माध्यम से घटी हुई प्रदाय। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ठ ड | आंशिक योग उपर्युक्त (ज) से (ट) आर्वतन जिस पर संदत्त किया जाना है, उपर्युक्त (छठ)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ढ पीटी. III | कुल आर्वतन (अग्रिम सहित) (उपर्युक्त 4ढ5ड -4छ) । वित्तीय वर्ष के लिए आईटीसी के ब्यौरे | NaN | NaN | NaN | |||||
| विवरण | प्रकार | केंद्रीय कर | राज्यकर/संघ राज्य क्षेत्र कर | एकीेकृत कर | NaN | NaN | NaN | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | NaN | NaN | NaN | ||
| 6. | ि वत्तीय वर्ष के दौरान उपयोग किए गए आईटीसी के ब्यौरे | NaN | NaN | NaN | |||||
| क | प्ररुप जी एस टी आर-3ख के माध्यम से उपभोग की गई निवेश कर प्रत्यय की कुल रकम (प्ररूप जी एस टी आर -3ख के सारणी 4क का कुल जोड़। | <आटो> | <आटो> | <आटो> | NaN | NaN | NaN | ||
| ख | आवक प्रदाय (रिवर्स भार के लिए दायी आयातों और आवक प्रदायों से भिन्न परन्तु विशेष आर्थिक जोनों से प्राप्त सेवाएं सम्मिलित है)। | निवेश | NaN | NaN | NaN | ||||
| प ू ं जी माल | NaN | NaN | NaN | ||||||
| निवेश सेवाएं | NaN | NaN | NaN | ||||||
| ग | रिवर्स भार (उपर्युक्त ख से भिन्न) के लिए दायी अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त आवक प्रदाय जिस पर कर संदत्त है और आई टी सी का उपभोग किया गया है। | ि नवेश | NaN | NaN | NaN | ||||
| पूंज ी माल | NaN | NaN | NaN | ||||||
| ि नवेश सेवाएं | NaN | NaN | NaN | ||||||
| घ | रिवर्स भार (उपर्युक्त ख से भिन्न) के लिए दायी अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त आवक प्रदाय जिस पर कर संदत्त है और आईटीसी का उपभोग किया गया है। | ि नवेश | NaN | NaN | NaN | ||||
| पूंज ी माल | NaN | NaN | NaN | ||||||
| ि नवेश सेवाएं | NaN | NaN | NaN | ||||||
| ङ | मालों का आयात (विशेष आर्थिक जोनों से प्रदाय शामिल)। | ि नवेश | NaN | NaN | NaN | ||||
| प ू ं जी माल | NaN | NaN | NaN | ||||||
| च | सेवाओं का आयात (विशेष आर्थिक जोनों से आवक प्रदाय छोड़कर)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| छ | आई एस डी से प्राप्त निवेश का प्रदाय)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ज | अधिनियम के उपबंधों के अधीन पुननिर्मित आई टी सी की रकम (उपर्युक्त ख से भिन्न)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| झ | आंशिक योग (उपर्युक्त ख से ज) | NaN | NaN | NaN | |||||
| ञ | अंतर ( उपर्युक्त झ - क) | NaN | NaN | NaN | |||||
| ट | टी आर ए एन-1 के माध्यम से संक्रमण प्रत्यय (पुनरीक्षण सहित, यदि कोई हो)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ठ | टी आर ए एन-II के माध्यम से संक्रमण प्रत्यय। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ड | उपभोग की गई किन्तु ऊपर विनिर्दिष्ट नहीं की गई कोई अन्य आईटीसी। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ढ | आंशिक योग (उपर्युक्त ट से ड तक)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ण | उपभोग की गई कुल आई टी सी (उपर्युक्त झ ढ) । | NaN | NaN | NaN | |||||
| 7. | वित्तीय वर्ष के दौरान प्रतिवर्ती आईटीसी के और अपात्र आईटीसी के ब्यौरे | NaN | NaN | NaN | |||||
| क | नियम 37 के अनुसार | NaN | NaN | NaN | |||||
| ख | नियम 39 के अनुसार | NaN | NaN | NaN | |||||
| ग | नियम 42 के अनुसार | NaN | NaN | NaN | |||||
| घ | नियम 43 के अनुसार | NaN | NaN | NaN | |||||
| ङ | धारा 17 (5) के अनुसार | NaN | NaN | NaN | |||||
| च | टी आर ए एन-I प्रत्यय का उलटाव | NaN | NaN | NaN | |||||
| छ | टी आर ए एन-II प्रत्यय का उलटाव। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ज | अन्य उलटाव (कृपया विनिर्दिष्ट करें)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| झ | कुल प्रतिवर्तित आईटीसी (उपर्युक्त क से ज का जोड़)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ञ 8. | उपयोग के लिए उपलब्ध शुद्ध आई टी सी (6ण-7झ)। सूचना से संबंधित अन्य आई टी सी | NaN | NaN | NaN | |||||
| क | जी एस टी आर-2क के अनुसार आई टी सी। | <आटो> | <आटो> | <आटो> | <आटो> | NaN | NaN | NaN | |
| ख | उपर्युक्त 6 (ख) और 6 (ज) की कुल रकम के अनुसार आई टी सी। | <आटो> | NaN | NaN | NaN | ||||
| ग | वर्ष 2017-18 के दौरान प्राप्त आवक प्रदाय पर आई टी सी (रिवर्स भार के लिए दायी आयातों और आवक प्रदायों से भिन्न) परंतु विशेष आर्थिक जोनों से प्राप्त सेवाओं सहित) परन्तु अप्रैल से सितम्बर, 2018 के दौरान उपभोग किए गए। | NaN | NaN | NaN | |||||
| घ | अंतर (क- खग) | NaN | NaN | NaN | |||||
| ङ | उपलब्ध आई टी सी परन्तु उपभोग न की गई। | NaN | NaN | NaN | |||||
| च | उपलब्ध आई टी सी परंतु अनप्युक्त | NaN | NaN | NaN | |||||
| छ | मालों के आयात पर संदत्त आई जीएसटी (विशेष आर्थिक जोन से प्रदाय सहित)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ज | मालों के आयात पर उपभोग की गई आईजीएसटी प्रत्यय (उपर्युक्त 6(ङ) के अनुसार। | <आटो> | NaN | NaN | NaN | ||||
| झ | अंतर (छ-ज) | NaN | NaN | NaN | |||||
| ञ | मालों के आयात पर उपलब्ध आई टी सी परंतु उपयोग न की गई (झ के समान)। | NaN | NaN | NaN | |||||
| ट पीटी IV | चालू वित्तीय वर्ष में व्यपगत होने वाला कुल आई टी सी (ङचञ)। वित्तीय वर्ष दौरान फाईल विवरणियों मे ं घोषित रूप में संदत्त कर के ब्योरे | <आटो> | <आटो> | <आटो> | <आटो> | nan | NaN | NaN | |
| 9. | विवरण | संदेय कर | संदत्त | आई टी सी के माध्यम से संदत्त | NaN | NaN | |||
| केंद्रीय कर | राज्यकर/संघ राज्य क्षेत्र कर | समेकित कर | NaN | उपकर | NaN | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | NaN | 7 | NaN | |
| एकीकृत कर | NaN | NaN | |||||||
| केन्द्रीयकर | NaN | NaN | |||||||
| राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर | NaN | NaN | |||||||
| उपकर | NaN | NaN | |||||||
| ब्याज | NaN | NaN | |||||||
| विलंब फीस | NaN | NaN | |||||||
| शास्ति | NaN | NaN | |||||||
| पीटी V | अन्य चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर तक की विवरणियों में घोषित पूर्व वित्तीय वर्ष के या पूर्व वित्तीय वर्ष की वार्षिक विवरणी के फाईल किए जाने की तारीख तक, इनमे से जो भी पूर्वत्तर हो, संव्यवहारों की ं विशिष्टियां | nan | NaN | ||||||
| विवरण | संदेय मूल्य | केंद्रीय कर | राज्य कर/संघ राज्य क्षेत्र कर | NaN | एकीकृत कर | उपकर | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | NaN | 5 | 6 | |||
| 10. | संशोधनों () के माध्यम से घोषित प्रदाय/कर (शुद्ध नामे नोट)। | NaN | |||||||
| 11. | संशोधनों (-) के माध्यम से घटी हुई प्रदाय/ कर (शुद्ध साख पत्र)। | NaN | |||||||
| 12. | पूर्व वित्तीय वर्ष के दौरान उपभोग की गई आई टी सी का उलटाव। | NaN | |||||||
| 13. | पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए उपभोग की गई आईटीसी। | NaN | |||||||
| 14. | उपर्युक्त 10 और 11 में घोषणा के कारण संदत्त अंतरीय कर | NaN | |||||||
| विवरण | स ं देय | स ं दत्त | NaN | ||||||
| 1 | 2 | 3 | NaN | ||||||
| एकीकृत कर | NaN | ||||||||
| केंद्रीय कर | NaN | ||||||||
| राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर | NaN | ||||||||
| उपकर | NaN | ||||||||
| पीटी VI | ब्याज अन्य जानकारी | nan | |||||||
| 15. | मांग और प्रतिदाय का विवरण | ||||||||
| ब्यौरा | केंद्रीय कर | राज्य/संघ राज्य क्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर | ब्याज | शास्ति | विलंब फीस/अन्य | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | ||
| क | कुल दावाकृत | ||||||||
| ख | कुल मंजूर प्रतिदाय। | ||||||||
| ग | कुल अस्वीकृत प्रतिदाय। | ||||||||
| घ | कुल लंबित प्रतदाय। | ||||||||
| ङ च | कुल करों की मांग। उपर्युक्त ङ के संबंध में संदत्त कुल कर। | ||||||||
| छ | उपर्युक्त ङ में से लंबित कुल मांग। |
| 16. | धारा 143 के अधीन समिश्रण करदाताओं, समझी गई प्रदाय से प्राप्त प्राप्तियों पर जानकारी और अनुमोदन आधार पर भेजा गया माल | |||||||||||
| ब्यौरे | संदेय मूल्य | केंद्रीय कर | राज्यकर/संघ राज्य क्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर | |||||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | |||||||
| क | समिश्रण करदाताओं से प्राप्त प्रदाय। | |||||||||||
| ख | धारा 143 के अधीन समझी गई प्रदाय। | |||||||||||
| ग | अनुमोदन आधार पर भेजा गया माल, जो वापस नहीं आया। | |||||||||||
| 17. | जावक प्रदायों का सारांशवार एचएसएन | |||||||||||
| एच एस एन कोड | य ू क्यू सी | कुल परिमाण | संदेय मूल्य | कर की दर | केंद्रीय कर | राज्यकर/संघ राज्य क्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
| 18. | आवक प्रदायों का एचएसएन वार सारांश | |||||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
| एच एस एन कोड | य ू क्यू सी | कुल परिमाण | संदेय मूल्य | कर की दर | केंद्रीय कर | राज्यकर/संघ राज्य क्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर |
| 19. | संदेय और संदत्त विलंब फीस | ||
| विवरण | संदेय | संदत्त | |
| 1 | 2 | 3 | |
| क | केद्रीय कर | ||
| ख | राज्य कर |
सत्यापन :
मैं, सत्यनिष्ठा से पुष्टि करता हूं और घोषणा करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई सूचना मेरी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है और उसमें से कुछ भी छिपाया नहीं गया है तथा आऊटपुट कर दायित्व में किसी कटौती की दशा में उसके लाभ को प्रदाय के प्राप्तिकर्ता को प्रदान कर दिया गया है/कर दिया जाएगा। हस्ताक्षर स्थान : प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम तारीख : पदनाम/प्रास्थिति।10897 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 अनुदेश :-- 1. प्रयुक्त पद : क. जीएसटीआईएन : माल और सेवा कर पहचान संख्या ख. यूक्यूसी : यूनिट मात्रा कूट ग. एचएसएन : नाम पद्धति कूट की सुमेलित पद्धति
2. इस विवरणी को फाईल करने से पूर्व वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए अपने सभी प्ररुप जीएसटी आर-1 और प्ररूप जीएसटी आर-3ख भरना आज्ञापक है। इस विवरणी में जुलाई 2017 से मार्च 2018 के बीच की अवधि के ब्यौरे उपलब्ध कराए जाएं।
3. यह नोट किया जाए कि वित्तीय वर्ष 2017-18 का अतिरिक्त उत्तरदायित्व जो प्ररूप जीएसटी आर-1 और प्ररूप जीएसटी आर-3ख घोषित नहीं किया गया है इस विवरणी में घोषित किया जाए। तथापि, इस विवरणी के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान गैरदावाकृत इनपुट कर प्रत्यय का करदाता दावा नहीं कर सकता।
4. भाग II मे वित्तीय वर्ष के दौरान सभी जावक प्रदायों और प्राप्त अग्रिम के ब्यौरे हैं, जिनके लिए वार्षिक विवरणी फाईल की गई है। यह नोट किया जाए कि सभी प्रदायों जिनका संदाय प्ररूप जीएसटी आर-3ख के माध्यम से जुलाई 2017 से मार्च 2018 के मध्य किया गया है की घोषणा इस भाग में की जाएगी।
| सारणी सं. | अनुदेश |
| 4क. | उपभोक्ताओं और अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों को की गई प्रदायों का समग्र मूल्य, जिस पर कर स ं दत्त किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इनमें ई-वाणिज्य प्रचालकों के माध्यम से की गई प्रदायों के ब्यौरे सम्मिलित होंगे और उनकी इस संबंध में जारी किए गए जमा पत्र या नामे नोट के शुद्ध के रूप में घोषणा की जानी है। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9 और सारणी 10 में क्रमशः संशोधनों के साथ सारणी 5, सारणी- 7 का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 4ख | रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों को की गई प्रदायों का समग्र मूल्य (जिसके अंतर्गत यूआईएन को किए गए प्रदाय भी हैं) जिस पर कर संदत्त किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इनमें ई-वाणिज्यिक प्रचालकों के माध्यम से की गई प्रदाय सम्मिलित होंगी किंतु इनमें ऐसी प्रदाय सम्मिलित नहीं होंगी, जिन पर प्राप्तिकर्ता द्वारा अनुलोम प्रभार आधार पर कर का संदाय किया जाना है। नामे नोट और साख पत्रों के ब्यौरों का पृथक रूप से वर्णन किया जाना है। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 4क और सारणी 4ग का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 4ग | निर्यात का समग्र मूल्य (विशेष आर्थिक जोन को की गई प्रदायों के सिवाय), जिस पर कर स ं दत्त किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररुप जीएसटीआर-1 की सारणी 6क का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 4घ | विशेष आर्थिक जोन को प्रदायों का समग्र मूल्य, जिस पर कर संदत्त किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौराें को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 6ख का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 4ङ | समझे गए निर्यात की प्रकृति की प्रदायों का समग्र मूल्य, जिस पर कर संदत्त किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरो को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर- 1 की सारणी 6ख का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 4च | असमायोजित अग्रिमों के ब्यौरे, अर्थात् अग्रिम प्राप्त किया गया है और कर संदत्त किया गया है किंतु चालू वर्ष में बीजक जारी नहीं किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 11क का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 4छ | सभी आवक प्रदायों का समग्र मूल्य (जिसके अंतर्गत अग्रिम और शुद्ध प्रत्यय और नामे नोट भी हैं) जिन पर कर प्राप्तिकर्ता द्वारा (अर्थात वार्षिक विवरणी फाईल करने वाले व्यक्ति द्वारा) रिर्वस प्रभार आधार पर संदाय किया जाना है। इसके अंतर्गत रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों, अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त प्रदाय है, जिन पर अनुलोम प्रभार आधार पर कर उदग्रहित किया है। इसके अंतर्गत सभी सेवाओं के आयात का समग्र मूल्य भी सम्मिलित होगा। इन ब्यौरों को भरने के लिए परूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 3.1 (घ) का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 4झ | एक कारबार से दूसरे कारबार को किए प्रदायों के संबंध में जारी साख पत्रों (4ख), निर्यात (4ग), विशेष आर्थिक जोनों को की गई प्रदायों (4घ) का समग्र मूल्य और समझे गए निर्यात (4ङ) की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9ख का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 4ञ | एक कारबार से दूसरे कारबार को किए गए प्रदायो के संबंध मे ं जारी नामे नोट (4ख), निर्यात ं (4ग), विशेष आर्थिक जोनों को की गई प्रदायों (4घ) का समग्र मूल्य और समझे गए निर्यात (4ङ) की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9ख का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 4ट और 4ठ | एक कारबार से दूसरे कारबार को किए गए प्रदायों (4ख), निर्यात (4ग), विशेष आर्थिक जोनों को की गई प्रदाय (4घ) में किए गए संशोधनों के ब्यौरे और समझा गया निर्यात (4ङ), जमा पत्र (4झ), नामे नोट (4ञ) तथा प्रतिदाय बाऊचरों की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9क और सारणी 9ग का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 5क | निर्यात का समग्र मूल्य (विशेष आर्थिक जोन को की गई प्रदायों के सिवाय) जिस पर कर स ं दत्त नही किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 6क का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 5ख | विशेष आर्थिक जोन को की गई प्रदायों का समग्र मूल्य, जिस पर कर संदत्त नहीं किया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 6ख का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 5ग | रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों को की गई प्रदायों का समग्र मूल्य, जिस पर प्राप्तिकर्ता द्वारा अनुलोम प्रभार आधार पर कर संदेय है, नामे नोट और साख पत्रों के ब्यौरों की घोषणा पृथक रूप से की जानी है। इन ब्यौराें को भरने कि लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 4ख का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 5घ, 5ङ और 5च | छूट प्रदान किए गए शून्य दर तथा गैर जीएसटी प्रदायों की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 8 का उपयोग किया जा सकेगा। " कोई प्रदाय नहीं" का मूल्य (5च) गैर जीएसटी प्रदाय के अधीन घोषित किया जाएगा। |
| 5ज | 5क, 5ख, 5ग, 5घ, 5ङ और 5च में घोषित प्रदायों के संबंध में जारी सााख पत्रों के समग्र म ू ल्य की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौराें को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9ख का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 5झ | 5क, 5ख, 5ग, 5घ, 5ङ और 5च में घोषित प्रदायों के संबंध में जारी नामे नोट के समग्र मूल्य की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौराें को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9ख का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 5ञ और 5ट | निर्यात (विशेष आर्थिक जोन को की गई प्रदायों के सिवाय) में किए गए संशोधनों के ब्यौरे और विशेष आर्थिक जोन को की गई प्रदाययां, जिन पर कर संदत्त नहीं किया गया है, की |
| 5ढ |
5. भाग III में लिए गए सभी इनपुट कर प्रत्यय और वित्त वर्ष में उलट दिए गए कर प्रत्यय के ब्यौरे हैं, जिनके लिए वार्षिक विवरणी फाईल की जाती है। इस भाग को भरने के लिए अनुदेश नीचे दिए गए अनुसार हैः
| सारणी सं. | अनुदेश |
| 6क | करदाता के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी मे 4ख में लिए गए कर प्रत्यय को स्वतः यहां दिया जाएगा। |
| 6ख | सभी आवक प्रदायों पर लिए गए इनपुट कर प्रत्यय का समग्र मूल्य, सिवाय उनके जिन पर कर अनुलोम प्रभार आधार पर संदेय है, किंतु इसके अंतर्गत विशेष आर्थिक जोन से प्राप्त सेवाओं की प्रदाय की यहां घोषणा की जाएगी। यह नोट किया जा सकता है कि लिए गए कुल इनपुट कर प्रत्यय को इनपुट, पूंजी माल और इनपुट सेवाओं पर इनपुट कर प्रत्यय के रुप में वर्गीकृत किया जाएगा। इन ब्यौरों को भरने कि लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (5) का उपयोग किया जा सकेगा। ि जसमें ऐसी आईटीसी सम्मिलित नहीं होगी जिसका उपभोग, रिर्वस किया गया था और तत्पश्चात् आईटीसी लेजर में उसका पुनः दावा किया गया था। इसकी घोषणा नीचे 6(ज) में पृथक रूप से की जानी चाहिए। |
| 6ग | अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त सभी आवक प्रदायों पर लिए गए इनपुट कर प्रत्यय का समग्र मूल्य (सेवाओं के आयात से भिन्न), जिन पर कर अनुलोम प्रभार आधार पर संदेय है, की यहां घोषणा की जाएगी। यह नोट किया जा सकता है कि लिए गए कुल इनपुट कर प्रत्यय को इनपुट, पूंजी माल और इनपुट सेवाओं पर इनपुट कर प्रत्यय के रुप में वर्गीेकृत किया जाएगा। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (3)का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 6घ | रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त सभी आवक प्रदायों पर लिए गए इनपुट कर प्रत्यय का समग्र मूल्य, जिन पर कर अनुलोम प्रभार आधार पर संदेय है, की यहां घोषणा की जाएगी। यह नोट किया जा सकता है कि लिए गए कुल इनपुट कर प्रत्यय को इनपुट, पूंजी माल और इनपुट सेवाओं पर इनपुट कर प्रत्यय के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा । इन ब्यौराें को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (3) का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 6ङ | मालों के आयात पर लिए गए इनपुट कर प्रत्यय के ब्यौरे, जिसके अंतर्गत विशेष आर्थिक जोनों से प्राप्त मालों की प्रदाय भी है, की यहां घोषणा की जाएगी । यह नोट किया जा सकता है कि लिए गए कुल इनपुट कर प्रत्यय को इनपुट और पूंजी माल पर इनपुट कर प्रत्यय के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। इन ब्यौरों को भरने के लिए परूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4 (क) (1) का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 6च | सेवाओं के आयात (विशेष आर्थिक जोनों से जावक प्रदायों को अपवर्जित करते हुए) पर लिए गए इनपुट कर प्रत्यय के ब्यौरों की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (2) का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 6छ | इनपुट सेवा वितरक से प्राप्त इनपुट कर प्रत्यय के समग्र मूल्य की यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (4) का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 6ज | अधिनियम के उपबंधों के अधीन उपभोग किए गए, उलटे गए और पुनः दावा किए गए इनपुट कर प्रत्यय की समग्र मूल्य की यहां घोषणा की जाएगी। |
| 6ञ | प्ररूरुप जीएसटीआर-3ख के माध्यम से लिए गए इनपुट कर प्रत्यय की कुल रकम और पंक्ति ख से ज में घोषित इनपुट कर प्रत्यय के बीच के अंतर की यहां घोषणा की जाएगी। आदर्श रुप में यह रकम शून्य होनी चाहिए। |
| 6ट | प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-1, जिसके अंतर्गत टीआरएएन-1 (चाहे आरोही या अधोमुखी हो) का पुनरीक्षण है, को फाईल करने पर इलैक्ट्रानिक प्रत्यय बही में प्राप्त अंतरण प्रत्यय के ब्यौरों, यदि कोई हो, की यहां घोषणा की जाएगी। |
| 6ठ. | प्ररुप जीएसटी टीआरएएन-2 को फाईल करने के पश्चात् इलैक्ट्रानिक प्रत्यय बही में प्राप्त अंतरण प्रत्यय के ब्यौरों की यहां घोषणा की जाएगी। |
| 6ड | उपभोग किए गए ऐसे आईटीसी के ब्यौरे जो उपरोक्त 6ख से 6ठ के अधीन विनिर्दिष्ट किसी शीर्ष के अंतर्गत नहीं आते हैं, घोषित किए जाएंगे। वित्तीय वर्ष में प्ररूप आईटीसी-01 और प्ररूप-आईटीसी-02 के माध्यम से उपभोग किए गए आईटीसी के ब्यौरे यहां घोषित किए जाएंगे। |
| 7 क, 7ख, 7ग, 7घ, 7ङ, 7च, 7छ और 7ज | केंद्रीय माल और सेवा कर नियम, 2017 के नियम 37, नियम 39, नियम 42 और नियम 43 के अधीन अपेक्षित पात्र न होने या उलटने के कारण उलटे गए इनपुट कर प्रत्यय के ब्यौरों की यहां घोषणा की जाएगी। इस स्तंभ में के ंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 17(5) के अधीन उलटे गए किसी इनपुट कर प्रत्यय के ब्यौरे और प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-1 या प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-2 के अधीन दावा किए गए अंतरण प्रत्यय, जो पात्र नहीं है, जिसे पश्चातवर्ती रूप से उलट दिया गया है, के ब्यौरे भी अंतर्विष्ट होने चाहिए। इन ब्यौरो को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(ख) का उपयोग किया जा सकेगा। प्ररूप आईटीसी - 03 के माध्यम से उलटे गए किसी आईटीसी को 7ज में घोषित किया जाएगा। यदि प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4घ में वर्णित रकम प्ररुप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4क में सम्मिलित नहीं किया गया तो प्ररूप जीएस टीआर-9 की सारणी 4ड में कोई प्रविष्टि नहीं की जानी चाहिए तथापि यदि प्ररूप जीएसटीआर 3ख की सारणी 4घ में उल्लिखित रकम प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4क में सम्मिलित है तो प्रविष्टि प्ररूप जीएसटीआर-09 की 7ड में आएगी। |
| 8क | वित्तीय वर्ष 2017-18 से सबंधित और प्ररूप जीएसटीआर-2ख में दर्शाया गया आवक प्रदायों क े लिए उपलब्ध प्राप्त कुल प्रत्यय (आयात और अनुलोम प्रभार के लिए दायी आवक प्रदायों से भिन्न, किंतु जिसके अंतर्गत विशेष आर्थिक जोन से प्राप्त सेवाएं हैं) को इस सारणी में स्वतः दर्शाया जाएगा। यह उन सभी इनपुट कर प्रत्ययों का समग्र होगा, जिनकी तत्स्थानी प्रदायकारों द्वारा अपने प्ररूप जीएसटीआर-1 में घोषणा की गई है। |
| 8ख | सारणी 6ख में यथा घोषित इनपुट कर प्रत्यय को यहां स्वतः दिखाया जाएगा। |
| 8ग | सभी आवक प्रदायों पर लिए गए इनपुट कर प्रत्यय का समग्र मूल्य (सिवाय उन, जिन पर अनुलोम प्रभार आधार पर कर संदेय है, किंतु इसमें जुलाई 2017 से मार्च 2018 के दौरान विशेष आर्थिक जोनों से प्राप्त सेवाओं की प्रदाय) किंतु ऐसे प्रत्यय की, जिसका अप्रैल से सितम्बर 2018 के बीच उपभोग किया गया है, यहां घोषणा की जाएगी। इन ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) (5) का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 8घ | इनपुट कर प्रत्यय, जो प्ररूप जीएसटीआर-2क (केवल सारणी-3 और सारणी-5) में उपलब्ध था किंतु जिसको किसी प्ररूप जीएसटीआर-3ख विवरणी में नहीं लिया गया है, की यहां घोषणा की जाएगी। |
| 8ङ और 8च | |
| 8छ | |
| 8ज | |
| 8ट |
6. भाग IV वित्त वर्ष के दौरान संदत्त वास्तविक कर है। प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 6.1 के अधीन कर के संदाय का इन ब्यौराें को भरने के लिए उपयोग किया जा सकेगा।
7. भाग V में पूर्व वित्तीय वर्ष के संव्यवहार की विशिष्टियां अंतर्विष्ट हैं किन्तु जिनकी घोषणा पूर्व वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर की प्ररूप जीएसटीआर-3ख में संदत्त या पूर्व वित्तीय वर्ष की वार्षिक विवरणी फाईल करने की तारीख को (उदाहरण के लिए वित्तीय 2017-18 के लिए वार्षिक विवरणी में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए अप्रैल से सितम्बर 2018 में घोषित संव्यवहारों की घोषणा की जाएगी), इनमें से जो भी पूर्वत्तर हो, घोषित किया गया है। भाग 5 को भरने के लिए अनुदेश नीचे दिए अनुसार हैः
| सारणी स ं . | अनुदेश |
| 10 और 11. | पूर्व वित्त वर्ष की विवरणियों में पहले ही घोषित किसी आप्रदाय में वर्धन या संशोधन के ब्यौरे किंतु ऐसे संशोधनों को चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर के प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 9क, सारणी 9ख और सारणी 9ग में या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी फाईल करने की तारीख को, इनमें से जो भी पूर्वत्तर हो, में घोषित किया गया था, यहांं घोषित किए जाएंगे। |
| 12. | इनपुट कर प्रत्यय के उलटने का समग्र मूल्य, जिसको पूर्व वित्त वर्ष के दौरान लिया गया था, किंतु जिसको चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितॅबर मास के लिए फाईल विवरणी में उलट दिया गया था या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी पारित करने की तारीख, इनमें से जो भी पूर्वत्तर हो, को यहां घोषित किया जाएगा। इन ब्यौरो को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख ं की सारणी 4(ख) का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 13. | पूर्व वित्तीय वर्ष में प्राप्त माल या सेवाओं के आईटीसी के ब्यौरे, किन्तु उसका उपभोग आईटीसी चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितम्बर मास के लिए या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी फाइल करने की तारीख तक, इनमे ंसे जो भी पूर्वत्तर हो, फाईल की गई विवरणियों में किया गया था, यहां घोषित किए जाएंगे, प्ररूप जीएसटीआर-3ख की सारणी 4(क) का इन ब्यौरों को फाईल किए जाने हेतु उपयोग किया जा सकेगा। तथापि, धारा 16 की उप-धारा (2) के परन्तुक के अनुसार कोई आईटीसी जो वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान में उलट दिया गया था परन्तु वित्तीय वर्ष 2018-19 में उसका पुनः दावा किया गया, ऐसे पुनः दावा किए गए आईटीसी के ब्यौरे वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए वार्षिक विवरणी में दिए जाएंगे। |
8. भाग VI में अन्य सूचना के ब्यौरे हैं। भाग 6 को भरने के लिए अनुदेश नीचे दिए अनुसार हैः
| सारणी स ं . | अनुदेश |
| 15क, 15ख, | दावा किए गए, स्वीकृत, अस्वीकृत और प्रसंस्करण के लिए लंबित प्रतिदाय के समग्र मूल्य की यहां घोषणा की जाएगी। दावा किया गया प्रतिदाय वित्तीय वर्ष में फाईल किए गए सभी प्रतिदाय |
| 15ग और 15घ | दावों का समग्र मूल्य होगा और इसके अंतर्गत वह प्रतिदाय है, जिन्हें स्वीकार किया गया है, अस्वीकार किया गया है या जो प्रसंस्करण के लिए लंबित है। स्वीकृत प्रतिदाय से सभी प्रतिदाय स्वीकृति आदेशाें का समग्र मूल्य अभिप्रेत है। लंबित प्रतिदाय सभी प्रतिदाय आवेदनों, जिनके लिए अभिस्वीकृति प्राप्त की गई है, की समग्र रकम होगी और इसके अंतर्गत प्राप्त अनंतिम प्रतिदाय नहीं है। इसके अंतर्गत गैर-जीएसटी प्रतिदाय दावों के ब्यौरे नहीं हैं। |
| 15ङ, 15च और 15छ | ऐेसे करों की मांगों के कुल मूल्य, जिसके लिए मांगों की पुष्टि करने वाला आदेश न्यायनिर्णयन प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया है, यहां घोषित किया जाएगा। पुष्ट की गई मांग के कुल मूल्य पर संदत्त करों का समग्र मूल्य की, जो ऊपर 15ङ में घोषित किया गया है की घोषणा की जाएगी। उपरोक्त 15ङ में लंबित वसूली की मांगों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। |
| 16क | संरचना करदाताओं से प्राप्त प्रदायों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। प्ररुप जीएसटीआर-3ख की सारणी 5 का उपयोग इन ब्यौरों को भरने के लिए किया जा सकेगा । |
| 16ख | माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 143 की उप-धारा (3) और उप-धारा (4) के निबंधनानुसार मालिक से फुटकर कामगारों तक सभी समझे गए प्रदायों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। |
| 16ग | ऐसे मालों के लिए, जिन्हें अनुमोदन आधार पर भेजा गया था किन्तु ऐसे प्रदाय के एक सौ अस्सी दिन के भीतर प्रधान प्रदायकर्ता को वापस नहीं लौटाया गया था, सभी समझे गए प्रदायों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। |
| 17. और 18. | विशिष्ट एचएसएन के प्रति किए गए और प्राप्त किए गए प्रदायों का सार केवल इस सारणी में रिपोर्ट किया जाए। यह उन करदाताओं के लिए वैकल्पिक होगा, जिनका वार्षिक आवर्त 1.50 करोड़ रुपए तक है। यह ऐसे करदाताओं के लिए दो अंकों वाले स्तर पर एचएसएन कोड को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा जिनका पूर्ववर्ती वर्ष में वार्षिक आवर्त 1.50 करोड़ रुपए है किन्तु 5.00 करोड़ रुपए तक है और चार अंकों वाले स्तर पर उन करदाताओं के लिए, जिनका वार्षिक आवर्त 5.00 करोड़ रुपए से अधिक है। माल के प्रदाय के लिए, यूक्यूसी ब्यौरे ही प्रस्तुत किए जाएं। मात्रा विवरणियों के कुल योग के रूप में रिपोर्ट की जानी है। सारणी-17 में के ब्यौरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 12 का उपयोग किया जा सकेगा। यह नोट किया जाए कि इसके संक्षित ब्यौरे केवल उन आवक प्रदायों के लिए घोषित किए जाएं जिनका मूल्य आवक प्रदायों के कुल मूल्य से अधिक या स्वतंत्र रूप से लेखा का 10%हो। |
| 19. | विलंब फीस संदेय होगी, यदि वास्तविक विवरणी देय तारीख के पश्चात् फाइल की जाती है। |
9. विवरणी के अंत में, प्ररूप डीआरसी-03 के माध्यम से इस रूप में घोषित किसी अतिरिक्त उत्तरदायित्व के संदाय का एक विकल्प दिया जाएगा। करदाता प्ररूप डीआरसी-03 में उपलब्ध ड्रॉप डाउन में "वार्षिक विवरणी" का चुनाव करेगा। यह नोट किया जाए कि ऐसे उत्तरदायित्व केवल इलैक्ट्रानिक नगद लेजर के माध्यम से संदत्त किए जाएं।
17. उक्त नियमों में, प्ररूप जीएसटीआर-9क के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्ः--
संरचना करदाताओं के लिए वार्षिक विवरणी
प्ररूप जीएसटीआर-9क (नियम 80 देखिए) वार्षिक विवरण (संरचना करदाता के लिए)
| भाग I | आधारित ब्यौरे | |
| 1 | वित्तीय वर्ष | |
| 2 | जीएसटीआईएन | |
| 3क | विधिक नाम | <स्व> |
| 3ख | व्यवसाय नाम (यदि कोई हो) | <स्व> |
| 4 | वर्ष (.............. से............तक) के दौरान संरचना स्कीम की अवधि | |
| 5 | पूर्व वित्तीय वर्ष का कुल आवर्त |
| भाग II | वित्तीय वर्ष के दौरान किए गए जावक और आवक प्रदायों के ब्योरे | ||||||||
| वर्णन | आवर्त | कर की दर | केंद्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | |||
| 6 | वित्तीय वर्ष के दौरान किए गए जावक प्रदायों के ब्यौरे | ||||||||
| क | कराधेय | ||||||||
| ख | छूट प्राप्त, शून्य दर | ||||||||
| ग | कुल | ||||||||
| 7 | ऐसे आवक प्रदायों के ब्योरे, जिन पर कर वित्तीय वर्ष के लिए प्रतिलोम प्रभार आधार (नामे नोट जमा पत्रों का योग) पर संदेय है | ||||||||
| विवरण | कराधेय मूल्य | केंद्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | ||||
| क | रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त प्रतिलोम प्रभार के लिए दायी आवक प्रदाय | ||||||||
| ख | अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त प्रतिलोम प्रभार के लिए दायी आवक प्रदाय | ||||||||
| ग | सेवाओं का आयात | ||||||||
| घ | उपरोक्त (क), (ख) और (ग) पर संदेय शुद्ध कर | ||||||||
| 8 | वित्तीय वर्ष के लिए अन्य आवक प्रदाय के ब्योरे | ||||||||
| क | रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त आवक प्रदाय (उपरोक्त 7क से भिन्न) | ||||||||
| ख | माल का आयात |
| भाग III | वित्तीय वर्ष के दौरान फाइल की गई विवरणियों में यथाघोषित संदत्त कर के ब्योरे | |||
| 9 | वर्णन | कुल संदेय कर | संदत्त | |
| 1 | 2 | 3 | ||
| एकीकृत कर | ||||
| क े ं द्रीय कर | ||||
| राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | ||||
| उपकर | ||||
| ब्याज | ||||
| विलम्ब फीस | ||||
| शास्ति |
| भाग IV | चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितंबर की या पूर्व वित्तीय वर्ष की वार्षिक विवरणी के फाइल किए जाने की तारीख तक इनमें से जो भी पूर्वतर हो, विवरणियों में घोषित पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए संव्यवहारों की विशिष्टयां | |||||||
| वर्णन | आवर्त | केंद्रीय कर | राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | |||
| 10. | संशोधनों के माध्यम से घोषित प्रदायों/कर (जावक) () (नामे नोटों का योग) | |||||||
| 11. | संशोधनों के माध्यम से घोषित प्रतिलोम प्रभार के लिए दायी आवक प्रदाय () (नामे नोटों का योग) | |||||||
| 12. | संशोधनों के माध्यम से कटौती किए गए प्रदाय/कर (जावक) (-) (जमा पत्रों का योग) | |||||||
| 13. | संशोधनों के माध्यम से कटौती किए गए प्रतिलोम प्रभार के लिए दायी आवक प्रदाय (-) (जमा पत्रों का योग) | |||||||
| 14. | उपरोक्त 10,11,12 और 13 में की गई घोषणा के मद्दे संदत्त अंतरीय कर | |||||||
| वर्णन | संदेय | संदत्त | ||||||
| 1 | 2 | 3 | ||||||
| एकीकृत कर | ||||||||
| केंद्रीय कर | ||||||||
| राज्य /संघ राज्यक्षेत्र कर | ||||||||
| उपकर | ||||||||
| ब्याज | ||||||||
| भाग V 15 | अन्य जानकारी मांग और प्रतिदायों की विशिष्टियां | |||||||
| वर्णन | केंद्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर | ब्याज | शास्ति | विलंब फीस/अन्य | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | |
| क | दावा किया गया कुल प्रतिदाय | |||||||
| ख | स्वीकृत कुल प्रतिदाय | |||||||
| ग | अस्वीकृत कुल प्रतिदाय | |||||||
| घ | लंबित कुल प्रतिदाय | |||||||
| ङ | करों की कुल मांग | |||||||
| च | उपरोक्त ङ के संबंध में संदत्त कुल कर | |||||||
| छ | उपरोक्त ङ के कारण लंबित कुल मांग | |||||||
| 16 | उलटा गया या उपभुक्त प्रत्यय के ब्योरे | |||||||
| वर्णन | केंद्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | ||||
| क | संरचना स्कीम में विकल्प लेने पर उलटा गया प्रत्यय (-) | |||||||
| ख | संरचना स्कीम के कारण विकल्प लेने पर उपभुक्त प्रत्यय () | |||||||
| 17. | संदेय और संदत्त विलंब फीस | |||||||
| वर्णन | संदेय | संदत्त | ||||||
| 1 | 2 | 3 | ||||||
| क | क े ं द्रीय कर | |||||||
| ख | राज्य कर |
सत्यापन :
मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है तथा इसमें से कोई बात छिपाई नहीं गई है और आउटपुट कर दायित्व में किसी कटौती की दशा में, उसका फायदा प्रदाय के प्राप्तिकर्ता को संक्रान्त कर दिया गया है/कर दिया जाएगा।
स्थान तारीख : प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम पदनाम/प्रास्थिति। अनुदेश :--
1. इस विवरणी को भरने से पूर्व वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए अपने सभी प्ररूप जीएसटीआर-4 फाइल करना आज्ञापक है। जुलाई, 2017 से मार्च, 2018 के बीच की समयावधि के ब्योरे इस विवरणी में उपलब्ध करवाए जाएंगे।
2. यह नोट किया जाए कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए अतिरिक्त उत्तरदायित्व जो प्ररूप जीएसटीआर-4 में घोषित नहीं किया गया हो, इस विवरणी में घोषित किया जाए।
3. भाग 1 में करदाता के आधारिक ब्योरे अंतर्विष्ट हैं। भाग 1 को भरने के लिए अनुदेश निम्नानुसार हैं :
| सारणी सं0 | अनुदेश |
| 5 | पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए कुल आवर्त उस वर्ष के, जिसके लिए विवरणी फाइल की जा रही है, प र्व वित्तीय वर्ष का आवर्त है। उदाहरण के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए वार्षिक विवरणी ू हेतु वित्तीय वर्ष 2016-17 के कुल आवर्त को इस सारणी में प्रविष्ट किया जाएगा। यह उसी स्थायी लेखा संख्यांक पर रजिस्ट्रीकृत सभी करदाताओं का आवर्त है। |
4. भाग II में उस वित्तीय वर्ष, जिसके लिए वार्षिक विवरणी फाइल की गई है, में सभी जावक और आवक प्रदायों के ब्योरे हैं। भाग II को भरने के लिए अनुदेश निम्नानुसार हैं :
10906 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941| सारणी सं0 | अनुदेश |
| 6क | सभी जावक प्रदायों का कुल मूल्य, कुल नामे नोटों/जमा पत्रों का योग, संपूर्ण वित्तीय वर्ष के लिए अग्रिमों का योग और वापस किए गए माल का योग यहां घोषित किया जाएगा। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-4 की सारणी 6 और सारणी 7 का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 6ख | छूट प्राप्त, शून्य दर और गैर माल और सेवाकर प्रदायों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। |
| 7क | रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त सभी आवक प्रदायों का कुल मूल्य, जिस पर कर प्रतिलोम प्रभार आधार पर संदेय है, यहां घोषित किया जाएगा। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररुप जीएसटीआर-4 की सारणी 4ख, सारणी 5 और सारणी 8क का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 7ख | अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त सभी आवक प्रदायों (सेवाओं के आयात से भिन्न) का कुल मूल्य, उलटे गए प्रभार के आधार पर संदेय है, यहां घोषित किया जाएगा। इन ब्योरों को भरने क े लिए प्ररूप जीएसटीआर-4 की सारणी 4ग, सारणी 5 और सारणी 8क का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 7ग | वित्तीय वर्ष के दौरान आयात की गई सभी सेवाओं का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररुप जीएसटीआर-4 की सारणी 4घ और सारणी 5 का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 8क | ऐसे रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों से प्राप्त सभी आवक प्रदायों का कुल मूल्य, जिस पर कर प्रदायकर्ता द्वारा संदेय है, यहां घोषित किया जाएगा। इन ब्योरों को भरने के लिए प्ररूप जीएसटीआर-4 की सारणी 4क और सारणी 5 का उपयोग किया जा सकेगा। |
| 8ख | वित्तीय वर्ष के दौरान आयात किए गए सभी माल का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। |
5. भाग IV में चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितंबर में या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरण फाईल करने की तारीख (उदाहरण के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के वार्षिक विवरणी में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए अप्रैल से सितम्बर में घोषित संव्यवहारों को घोषित किया जाएगा। इनमें से जो भी पूर्वतर हो, की विवरणी में पूर्व वित्तीय वर्ष के प्रदायों के लिए गए संशोधनों के ब्योरे अंतर्विष्ट हैं। भाग V को भरने के लिए अनुदेश निम्नानुसार हैः-
| सारणी सं. | अनुदेश |
| 10,11,12,13, और 14 | ऐसे किन्हीं प्रदायों के परिवर्धनों या संशोधनों के ब्योरे, जिन्हें पूर्व वित्तीय वर्ष की विवरणियों में पहले घोषित किया गया था किन्तु ऐसे संशोधनों, चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से सितंबर या पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक विवरणी फाईल करने की तारीख तक इनमें से जो भी पूर्वतर हो, के प्ररूप जीएसटीआर-4 की सारणी 5 (आवक प्रदायों से संबंधित) या सारणी 7 (जावक प्रदायों से संबंधित) में दिए गए थे, यहां प्रस्तुत किए जाएंगे। |
6. भाग V में अन्य जानकारी के ब्योरे हैं। भाग 5 को भरने के लिए अनुदेश निम्नानुसार हैः
| सारणी सं0 | अनुदेश |
| 15क, 15ख, 15ग और 15घ | प्रसंस्करण के लिए दावाकृत, स्वीकृत, अस्वीकृत और लंबित प्रतिदायों का कुल मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। दावाकृत प्रदाय वित्तीय वर्ष में फाइल किए गए सभी प्रतिदाय दावों का कुल मूल्य होगा और इसमें ऐसे प्रतिदाय भी सम्मिलित होंगे जिन्हें प्रसंस्करण के लिए स्वीकृत, अस्वीकृत किया गया है या लंबित है। स्वीकृत प्रतिदाय से सभी प्रतिदाय स्वीकृति आदेशों का कुल मूल्य अभिप्रेत है। लंबित प्रतिदाय ऐसे सभी प्रतिदाय आवेदनों में कुल रकम होगी, जिनके लिए अभिस्वीकृति प्राप्त कर ली गई है और इसमें प्राप्त किया गया अनन्तिम प्रतिदाय नहीं होगा। इनमें गैर-माल और सेवाकर प्रतिदाय दावों के ब्योरे सम्मिलित नहीं होंगे। |
| 15ङ, 15च, और 15छ | ऐसे करों की मांगों के कुल मूल्य, जिसके लिए न्यायनिर्णयन प्राधिकारी द्वारा मांगो ं की पुष्टि करने वाला आदेश जारी किया गया है, यहां घोषित किया जाएगा। उपरोक्त 15ड में पुष्ट की गई मांगों के कुल मूल्य में से संदत्त करों का संकलित मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। |
| 16क | |
| 16ख | |
| 17 |
7. विवरणी के अंत में, प्ररूप डीआरसी-03 के माध्यम से, इस प्ररुप में घोषित किसी अतिरिक्त उत्तरदायित्व के संदाय का एक विकल्प दिया जाएगा। करदाता प्ररूप डीआरसी-03 में उपलब्ध ड्रॉप डाउन में "वार्षिक विवरणी" का चुनाव करेगा। यह नोट किया जाए कि ऐसे उत्तरदायित्व केवल इलैक्ट्रानिक नगद लेजर के माध्यम से संदत्त किए जाएंगे।
18. उक्त नियमों में, प्ररुप जीएसटीआर-9ग के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्ः-
"प्ररूप जीएसटीआर-9ग
नियम 80(3) देखें
भाग क-समाधान विवरण
| भाग I | मूलभूत ब्योरे | ||||
| 1 | वित्तीय वर्ष | ||||
| 2 | जीएसटीआईएन | ||||
| 3क | विधिक नाम | <स्व> | |||
| 3ख | व्यापार नाम (यदि कोई हो) | <स्व> | |||
| 4. | क्या आप किसी अधिनियम के अधीन किसी संपरीक्षा के दायी हैं ? <<कृप्या विनिर्दिष्ट करें >> | ||||
| (सभी सारणियों में रकम रुपए में) | |||||
| भाग II | वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर-9) में घोषित आवर्त सहित वार्षिक संपरीक्षित वित्तीय विवरण में घोषित आवर्त का समाधान | ||||
| 5. | सकल आवर्त का समाधान | ||||
| क | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र के लिए संपरक्षित वित्तीय विवरणों के अनुसार आवर्त (जिसके अन्तर्गत निर्यात भी है) (उसी स्थायी लेखा संख्यांक के अधीन बहु-जीएसटीआईएन यूनिटों के लिए आवर्त वार्षिक संपरीक्षित वित्तीय विवरण से प्राप्त किया जाएगा। | ||||
| ख | वित्तीय वर्ष के आरम्भ में बिना तैयार किए गए बिल का राजस्व | () | |||
| ग | वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर असमायोजित अग्रिम | () | |||
| घ | अनुसूची-1 के अधीन समझा गया प्रदाय | () | |||
| ङ | वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पश्चात् जारी साख पत्र, किन्तु जो वास्तविक रिटर्न में परिलक्षित है | () | |||
| च | व्यापार बट्टा, जिनका संपरीक्षित वार्षिक वित्तीय विवरण में लेखा जोखा दिया गया है, किंतु माल और सेवा कर के अधीन अनुज्ञेय नहीं है | () | |||
| छ | अप्रैल, 2017 से जून, 2017 तक आवर्त | (-) | |||
| ज | वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर बिना तैयार किए गए बिल वाला राजस्व | (-) |
| झ | वित्तीय वर्ष के आरम्भ में असमायोजित अंग्रिम | (-) | |
| ञ | वार्षिक संपरीक्षित वित्तीय विवरण में लेखा-जोखा दिए गए साख पत्र, किन्तु जो माल और सेवा कर के अधीन अनुज्ञेय नहीं है | (-) | |
| ट | एसईजेड यूनिटों द्वारा डीटीए यूनिटों तक माल के प्रदाय के मद्दे समायोजन | (-) | |
| ठ | कम्पोजिशन स्कीम के अधीन अवधि के लिए आवर्त | (-) | |
| ड | धारा 15 और तद्धीन बनाए गए नियमों के अधीन आवर्त में समायोजन | (/-) | |
| ढ | विदेशी मुद्रा उतार-चढ़ाव के कारण आवर्त में समायोजन | (/-) | |
| ण | उपरोक्त सूचीबद्ध न किए गए कारणों से आवर्त में समायोजन | (/-) | |
| त | उपरोक्त समायोजनों के पश्चात् वार्षिक आवर्त | <स्व> | |
| थ | वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर-9) में यथाघोषित आवर्त | ||
| द | असमाधानकृत आवर्त (थ-त) | एटी 1 | |
| 6. | वार्षिक सकल आवर्त में असमाधानकृत अन्तर के लिए कारण | ||
| क | कारण 1 <<पाठ>> | ||
| ख | कारण 2 <<पाठ>> | ||
| ग | कारण 3 <<पाठ>> | ||
| 7. | कराधेय आवर्त का समाधान | ||
| क | समायोजन के पश्चात् वार्षिक आवर्त (उपरोक्त 5त से) | <स्व> | |
| ख | छूट प्राप्त, शून्य दर, गैर माल और सेवा कर प्रदायों, प्रदाय नहीं आवर्त | ||
| ग | कर के संदाय के बिना शून्य दर प्रदाय | ||
| घ | ऐसे प्रदाय, जिन पर कर का संदाय प्रतिलोम प्रभार आधार पर प्राप्तिकर्ता द्वारा किया जाना है। | ||
| ङ | उपरोक्त समायोजनों के अनुसार कराधेय आवर्त (क-ख-ग-घ) | <स्व> | |
| च | वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर-9) में घोषित दायित्व के अनुसार कराधेय आवर्त | ||
| छ | असमाधानकृत कराधेय आवर्त (च-ङ) | एटी 2 | |
| 8. | कराधेय आवर्त में असमाधानकृत अन्तर के लिए कारण | ||
| क | कारण 1 <<पाठ>> | ||
| ख | कारण 2 <<पाठ>> | ||
| ग | कारण 3 <<पाठ>> |
| भाग III | संदत्त कर का समाधान | |||||
| 9. | दर-वार दायित्व तथा उस पर संदेय रकम का समाधान | |||||
| संदेय कर | ||||||
| वर्णन | कराधेय मूल्य | केद्रीय कर | राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर, यदि लागू हो | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | |
| क | 5% |
| ख | 5% आरसी | ||||||||||
| ग | 12% | ||||||||||
| घ | 12% आरसी | ||||||||||
| ङ | 18% | ||||||||||
| च | 18% आरसी | ||||||||||
| छ | 28% | ||||||||||
| ज | 28% आरसी | ||||||||||
| झ | 3% | ||||||||||
| ञ | 0.25% | ||||||||||
| ट | 0.10% | ||||||||||
| ठ | ब्याज | ||||||||||
| ड | विलम्ब शुल्क | ||||||||||
| ढ | शास्ति | ||||||||||
| ण | अन्य | ||||||||||
| त | उपरोक्त सारणियों के अनुसार संदत्त की जाने वाली कुल रकम | <स्व> | <स्व> | <स्व> | <स्व> | ||||||
| थ | वार्षिक विवरणी (जीएसटीआर-9) में यथाघोषित संदत्त कुल रकम | ||||||||||
| द | रकम का असमाधानकृत संदाय (पीटी1) | ||||||||||
| 10. | रकम के असमाधानकृत संदाय के लिए कारण | ||||||||||
| क | कारण 1 <<पाठ>> | ||||||||||
| ख | कारण 2 <<पाठ>> | ||||||||||
| ग | कारण 3 <<पाठ>> | ||||||||||
| 11. | अतिरिक्त संदेय रकम, किन्तु संदा नहीं की गई रकम (उपरोक्त सारणी 6, 8 और 10 के अधीन विनिर्दिष्ट कारणों से) | ||||||||||
| नकदी के माध्यम से संदां किया जाए | |||||||||||
| वर्णन | कराधेय मूल्य | केन्द्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर, यदि कोई हो | ||||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | ||||||
| 5% | |||||||||||
| 12% | |||||||||||
| 18% | |||||||||||
| 28% | |||||||||||
| 3% | |||||||||||
| 0.25% | |||||||||||
| 0.10% | |||||||||||
| ब्याज | |||||||||||
| विलम्ब शुल्क | |||||||||||
| शास्ति | |||||||||||
| अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें) | |||||||||||
| भाग IV | इनपुट कर प्रत्यय (आईटीसी) का समाधान | ||||||||||
| 12. | शुद्ध इनपुट कर प्रत्यय (आईटीसी) का समाधान | ||||||||||
| क | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र के लिए संपरीक्षित वार्षिक विाीय विवरणों के अनुसार लाभ लिया गया इनपुट कर प्रत्यय (एक ही स्थायी लेखा संख्यांक के अधीन बहु जीएसटीआईएन यूनिटों के लिए इसे लेखाबहियो से प्राप्त किया जाना चाहिए) ं | ||||||||||
| ख | चालू विाीय वर्ष में दावा किए गए पूर्व विाीय वर्षाें में बुक किए गए इनपुट कर प्रत्यय (आईटीसी) | () |
| ग | पश्चातवर्ती वित्तीय वर्ष में दावा किए जाने वाले चालू विाीय वर्षों में बुक किए गए इनपुट कर प्रत्यय (आईटीसी) | (-) | |||
| घ | स ं परीक्षित विाीय विवरणाें या लेखाबहियों के अनुसार लाभ लिया गया शुद्ध प्रत्यय कर | <स्व> | |||
| ङ | वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर-9) में दावाकृत इनपुट कर प्रत्यय | ||||
| च | असमाधानकृत इनपुट कर प्रत्यय (आईटीसी) | आईटीसी 1 | |||
| 13. | इनपुट कर प्रत्यय (आईटीसी) मे ं असमाधानकृत अंतर के कारण | ||||
| क | कारण 1 <<पाठ>> | ||||
| ख | कारण 2 <<पाठ>> | ||||
| ग | कारण 3 <<पाठ>> | ||||
| 14. | वार्षिक संपरीक्षित विाीय विवरणो ं या लेखा बहियों के अनुसार खर्चों पर लाभ लिए गए आईटीसी सहित वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर-9) में घोषित आईटीसी का समाधान | ||||
| विवरण | म ू ल्य | आईटीसी की कुल रकम | लाभ ली गई पात्र आईटीसी की रकम | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | ||
| क | क्रय | ||||
| ख | भाड़ा/ढुलाई | ||||
| ग | ऊर्जा और र्इंधन | ||||
| घ | आयातित माल (एसईजेड से प्राप्त समेत) | ||||
| ङ | किराया और बीमा | ||||
| च | खोई हुई, चोरी हुई, नष्ट हुई, बट्टे खातें में डाली गई या उपहार या मुफ्त सैंपलों के रूप में दिए गए माल | ||||
| छ | स्वामित्व | ||||
| ज | कर्मचारियों की लागत (वेतन, मजदूरी, बोनस आदि।) | ||||
| झ | प्रवहण प्रभार | ||||
| ञ | बैंक प्रभार | ||||
| ट | मनोरंजन प्रभार | ||||
| ठ | लेखन सामग्री व्यय (डाक आदि सहित) | ||||
| ड | मरम्मत और अनुरक्षण | ||||
| ढ | अन्य प्रकीर्ण व्यय | ||||
| ण | पूंजी माल | ||||
| त | कोई अन्य व्यय 1 | ||||
| थ | कोई अन्य व्यय 2 | ||||
| द | उपभुक्त पात्र आईटीसी की कुल रकम | <स्व> | |||
| ध | वार्षिक विवरणी (जीएसटीआर-9) में दावाकृत आईटीसी | ||||
| न | असमाधानकृत (आईटीसी 2) | ||||
| 15. | आईटीसी में असमाधानकृत अंतर के कारण | ||||
| क | कारण 1 <<पाठ>> | ||||
| ख | कारण 2 <<पाठ>> | ||||
| ग 16. | कारण 3 <<पाठ>> आईटीसी में असमाधानकृत अंतर पर संदेय कर (ऊपर 13 और 15 में विनिर्दिष्ट कारणों से) | ||||
| वर्णन | संदेय रकम | ||||
| केन्द्रीय कर | |||||
| राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | |||||
| एकीकृत कर | |||||
| उपकर | |||||
| ब्याज | |||||
| शास्ति | |||||
| भाग V | गैर-समाधान के कारण अतिरिक्त दायित्व पर संपरीक्षक की सिफारिश | ||||
| नकदी के माध्यम से संदेय | |||||
| वर्णन | मूल्य | केन्द्रीय कर | राज्यकर/संघ राज्यक्षेत्र कर | एकीकृत कर | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | |
| 5% | |||||
| 12% | |||||
| 18% | |||||
| 28% | |||||
| 3% | |||||
| 0.25% | |||||
| 0.10% | |||||
| इनपुट कर प्रत्यय | |||||
| ब्याज | |||||
| विलम्ब शुल्क | |||||
| शास्ति | |||||
| वार्षिक विवरणी (जीएसटीआर-9) में सम्मिलित नहीं किए गए प्रदायों के लिए संदा कोई अन्य रकम | |||||
| वापस संदाय के लिए त्रुटिपूर्ण प्रतिदाय | |||||
| परिनिर्धारित की जाने वाली बकाया मांगे | |||||
| अन्य (कृपया विनिर्दिष्ट करें) |
रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति का सत्यापनः
मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान और घोषणा करता हूं कि संपरीक्षा द्वारा तैयार और सम्यक् रूप से हस्ताक्षरित प्ररूप जीएसटीआर-9ग में समाधान विवरण में अपलोड कर रहा हूँ और इस विवरण में मेरे द्वारा कोई छेड़छाड़ या परिवर्तन नहीं किया गया है। मैं अन्य विवरण, यथालागू, जिसके अंतर्गत विाीय विवरण, लेखा लाभ और हानि और तुलनपत्र आदि भी हैं, भी अपलोड कर रहा हूँ।
हस्ताक्षर स्थानः तारीखः प्राधिकृत हस्ताक्षरी का नाम, पदनाम/प्रास्थिति। 10912 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 अनुदेश : -
1. प्रयोग किए गए निबंधन : (क) जीएसटीआईएन : माल और सेवा कर पहचान संख्या
2. इस विवरणी को भरने से पूर्व विाीय वर्ष 2017-18 के लिए अपने सभी प्ररुप जीएसटीआर-01, प्ररूप जीएसटीआर-3ख और प्ररूप जीएसटीआर-9 भरने आज्ञापक हैं। जुलाई, 2017 से मार्च, 2018 के बीच की अवधि के लिए ब्योरे विाीय वर्ष 2017-18 के लिए इस विवरण में दिए जाएं। समाधान विवरण प्रत्येक जीएसटीआईएन के लिए पृथक् रूप से फाइल किया जाए।
3. इस विवरण में चालू विाीय वर्ष के प्रति निर्देश, उस विाीय वर्ष से है, जिसके लिए समाधान विवरण फाइल किया जा रहा है।
4. भाग-2 इस जीएसटीआईएन के लिए प्ररूप जीएसटीआर-9 के अधीन प्रस्तुत वार्षिक रिटर्न में यथाघोषित आवर्त सहित संपरीक्षित वार्षिक विवरणों में घोषित वार्षिक आवर्त के समाधान से मिलकर बना है। इस भाग को भरने के लिए अनुदेश निम्नानुसार हैंः
| सारणी सं0 | अनुदेश |
| 5क | वार्षिक संपरीक्षित विाीय विवरणाें के अनुसार आवर्त यहां घोषित किया जाएगा। ऐसे मामले हो सकते हैं, जहां बहु जीएसटीआईएन (राज्यवार) रजिस्ट्रीकरण एक ही स्थायी लेखा संख्या पर विद्यमान है। यह बहु राज्यों पर विद्यमानता वाले व्यक्तियों/अस्तित्वों के लिए सामान्य है। ऐसे व्यक्तियों /अस्तित्वों को अपना जीएसटीआईएन वार आवर्त आंतरिक रूप से प्राप्त करना होगा और उसे यहां घोषित करना होगा। इसके अंतर्गत निर्यात आवर्त (यदि कोई हो) भी होगा। यह नोट किया जाए कि संपरीक्षित विाीय विवरण के प्रति निर्देश के अंतर्गत बहुराज्यों पर विद्यमानता रखने वाले व्यक्तियों /अस्तित्वों के मामलें में लेखाबहियों के प्रति निर्देश भी हैं। |
| 5ख ऐसा बिना तैयार गया बिल वाला राजस्व, जो पिछले विाीय वर्ष में लेखांकन की प्रोद्वन प्रणाली आधार पर लेखाबहियों में अभिलिखित किया गया था, और चालू विाीय वर्ष में अग्रनीत किया गया था, यहां घोषित किया जाएगा। अन्य शब्दों में, जब वस्तु और माल और सेवा कर ऐसे राजस्व (जो पहले मान्यताप्राप्त था) पर विाीय वर्ष के दौरान संदेय है, तब ऐसे राजस्व का मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। ( उदाहरणार्थ, यदि विाीय वर्ष 2016-17 के लिए विद्यमान बिना तैयार किए गए बिल वाला राजस्व दस करोड़ रुपए का है और चालू विाीय वर्ष के दौरान, ऐसे राजस्व के चार करोड़ रुपए पर वस्तु और सेवा कर का संदाय किया गया है तो चार करोड़, रुपए का मूल्य यहां घोषित किया जाएगा)। | |
| 5ग | ऐसे सभी अग्रिमाें का मूल्य, जिनके लिए माल और सेवा कर का संदाय किया गया है, किंतु उसे संपरीक्षित वार्षिक विाीय विवरणों में राजस्व के रूप में मान्यता नहीं दी गई है, यहां घोषित किया जाएगा। |
| 5घ केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की अनुसूची-1 के अधीन समझे गए प्रदायों का मूल्य यहां घोषित किया जाएगा। समझा गया ऐसा कोई प्रदाय, जो वार्षिक संपरीक्षित विाीय विवरणों में आवर्त का पहले से ही भाग है, उसे यहां सम्मिलित किया जाना अपेक्षित नहीं है। | |
| 5ङ | चालू विाीय वर्ष में सम्मिलित किसी प्रदाय के लिए 31 मार्च के पश्चात् जारी प्रत्यय नोटों का सकल मूल्य, किंतु ऐसे प्रत्यय नोट वार्षिक विवरणी (जीएसटीआर-9) में परिलक्षित हुए थे, यहां घोषित किया जाएगा। |
| 5च | व्यापार छूटें, जिसके वार्षिक संपरीक्षित विाीय कथनों में लेखा जोखा दिया गया है किंतु इन पर माल और सेवा कर उद्ग्रहणीय था। (अनुज्ञेय नहीं), यहां घोषित की जाएगी। |
| 5छ | अप्रैल, 2017 से जून, 2017 तक वार्षिक संपरीक्षित वित्तीय कथनों में सम्मिलित आवर्त यहां घोषित किया जाएगा। |
| 5ज | |
| 5ञ | |
| 5ट | |
| 5ठ | |
| 5ड | |
| 5ढ | |
| 5ण | |
| 5थ | |
| 6. | |
| 7. | |
| 7क. | |
| 7ग. | |
| 7घ. | विपरीत प्रभार प्रदाय का मूल्य, जिस पर प्राप्तिकर्ता द्वारा कर का संदाय किया जाना है, यहां घोषित किया जाएगा। इसमें प्रत्यय नोटों, नामें नोट और संशोधनों, यदि कोई हों, को रिपोर्ट किया जाएगा। |
| 7ङ | कराधेय आवर्त को ऊपर सारणी 7क में घोषित समायोजन के पश्चात् वार्षिक आवर्त और सारणी 7ख, सारणी 7ग और सारणी 7घ में ऊपर घोषित सभी प्रदायों के कुल मूल्य (छूट प्राप्त, गैर-माल और सेवा कर, विपरीत प्रभार आदि) के बीच अंतर के रूप में व्युत्पन्न माना जाता है। |
| 7च. | वार्षिक विवरणी (जीएसटीआर-9) की सारणी (4ढ-4छ)(10-11) में घोषित किया गया कराधेय आवर्त, यहां घोषित किया जाएगा। |
| 8. | समायोजित वार्षिक कराधेय आवर्त, जैसा ऊपर सारणी 7ङ से व्युत्पन्न है और सारणी 7च मेंं घोषित कराधेय आवर्त के बीच गैर-समाधान के कारणों को यहां विनिर्दिष्ट किया जाएगा। |
5. भाग 3 समाधान कथन में घोषणा के अनुसार संदेय कर के समाधान और वार्षिक विवरणी (जीएसटीआर-9) में घोषित वास्तविक संदा कर से मिलकर बना है। इस भाग को भरने के लिए अनुदेश निम्नानुसार हैैंः-
| सारणी सं. | अनुदेश |
| 9. | सारणी समाधान कथन के अनुसार संदा कर के समाधान और वार्षिक विवरणी (जीएसटीआर-9) में घोषित संदा कर की रकम का उपबंध करती है। "आरसी" के रूप में चिन्हित मद के अधीन प्रदाय, जहां प्राप्तकर्ता (अर्थात् वह व्यक्ति, जिसके लिए समाधान कथन तैयार किया गया है) द्वारा कर का संदाय विपरीत प्रभार के आधार पर किया गया था, यहां घोषित किया जाएगा। |
| 9त. | सारणी 9क से 9ण में घोषित दायित्व के अनुसार संदा की जाने वाली कुल रकम यहां बिना हस्तक्षेप के भरी जाएगी। |
| 9थ. | वार्षिक विवरणी (जीएसटीआर-9) की सारणी 9 में घोषित संदेय रकम, यहां घोषित की जाएगी। इसमें वार्षिक विवरणी (जीएसटीआर 9) की सारणी 10 या 11 में ंसंदा कोई अंतर वाला कर भी अंतर्विष्ट होना चाहिए। |
| 10. | ऊपर सारणी 9त में घोषित संदेय/दायित्व के बीच गैर-समाधान के लिए कारण तथा सारणी 9थ में संदेय रकम यहां विनिर्दिष्ट की जाएगी। |
| 11. | ऊपर सारणी 6, 8 और 10 के अधीन विनिर्दिष्ट कारणों से संदेय कोई रकम, यहां घोषित की जाएगी। |
6. भाग 4 इनपुट कर प्रत्यय (आईटीसी) के समाधान से मिलकर बना है। भाग 4 को भरने के लिए अनुदेश निम्नानुसार हैं :-
| सारणी स.ं | अनुदेश |
| 12क. | संपरीक्षित विाीय कथनाें के अनुसार उपभोग की गई आईटीसी (प्रत्यागम के पश्चात्) यहां घोषित की जाएगी। ऐसे मामले हो सकते हैं, जहां बहु जीएसटीआईएन (राज्यवार) रजिस्ट्रीकरण एक ही पीएएन पर विद्यमान हो सकते हैं। यह कई राज्यों में उपस्थिति वाले व्यक्तियों / अस्तित्वों के लिए सामान्य है। ऐसे व्यक्ति/अस्तित्व को प्रत्येक व्यष्टिक जीएसटीआईएन के लिए अपनी आईटीसी आंतरिक रूप से व्युत्पन्न करनी होगी और उसे यहां घोषित करना होगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि संपरीक्षित विाीय कथन के प्रतिनिर्देश में कई राज्यों में उपस्थिति रखने वाले व्यक्तियों/अस्तित्वों के मामले में लेखा बहियों के प्रतिनिर्देश सम्मिलित हैं। |
| 12ख. | |
| 12ग | |
| 12घ | |
| 12ङ | |
| 13. | |
| 14. | |
| 14द | |
| 14ध | |
| 15. | |
| 16. |
7. भाग 5 आवर्त के गैर-समाधान या इनपुट कर प्रत्यय के गैर-समाधान के कारण करदाता द्वारा निर्मोचित किए जाने वाले अतिरिक्त दायित्व पर संपरीक्षक की सिफारिश से मिलकर बना है। संपरीक्षक यह भी सिफारिश करेगा कि क्या प्रदाय के लिए संदा की जाने वाली कोई और रकम वार्षिक विवरणी में सम्मिलित नहीं है। कोई प्रतिदाय, जिसे त्रुटिपूर्ण ढंग से लिया गया है और जिसे सरकार को वापस संदाय किया जाएगा, उसे भी इस सारणी में घोषित किया जाएगा। अंत में कोई अन्य बकाया मांगे, जिनके निपटारे की सिफारिश संपरीक्षक द्वारा की गई है, इस सारणी में घोषित की जाएगी।
8. विवरणी के अंत में, प्ररूप डीआरसी-03 के माध्यम से, इस प्ररूप में घोषित किसी अतिरिक्त दायित्व के संदाय का एक विकल्प दिया जाएगा। करदाता प्ररूप डीआरसी-03 में उपलब्ध ड्रॉप डाउन में "समाधान विवरण" का चुनाव करेगा। यह नोट किया जाए कि ऐसे उारदायित्व केवल इलैक्ट्रानिक नगद लेजर के माध्यम से संदा किए जाएंगे।10916 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 "भाग-ख-प्रमाणीकरण I. उन मामलों में प्रमाणीकरण, जहां समाधान कथन (प्ररुप जीएसटीआर-9ग) उस व्यक्ति द्वारा तैयार किया जाता है, जिसने संपरीक्षा का संचालन किया है :
* मैंने/हमने- (क) ........................... को तुलन-पत्र की; (ख) .............................. से आरंम्भ होने वाले और..........................को समाप्त होने वाली अवधि के लिए *लाभ और हानि लेखा और/आय और व्यय लेखा की; (ग) यहां संलग्न............................................... से आरंभ होने वाले और.................................... को समाप्त होने वाली अवधि के लिए नकद प्रवाह कथन, मैसर्स................................ (नाम) ......................................(पता)....................... ........................... (जीएसटीआईएन) की;
परीक्षा कर ली है।
2. हमारी संपरीक्षा के आधार पर मैं/हम यह रिपोर्ट करते हैं कि उक्त रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति-
* ने एकीकृत माल और सेवा कर/केंद्रीय माल और सेवा कर/ हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 और उसके अधीन बनाए गए नियमों/जारी की गई अधिसूचनाओं द्वारा यथा अपेक्षित लेखा बहियों, अभिलेखाें और दस्तावेजों को रखा है।
* ने एकीकृत माल और सेवा कर/केंद्रीय माल और सेवा कर/हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 और उसके अधीन बनाए गए नियमों/जारी की गई अधिसूचनाओं द्वारा यथा अपेक्षित लेखा बहियों, अभिलेखों और दस्तावेजों को नहीं रखा है।
1.
2.
3.
3. (क) * मैं/हम निम्नलिखित प्रेक्षणों /टिप्पणियों/कमियों/असंगतताओं, यदि कोई हों, को रिपोर्ट करते हैंः .........................................................................................
3. (ख) * मैं/हम यह और रिपोर्ट करते हैं कि,--
(अ) * मैं/हमने सभी जानकारी और स्पष्टीकरण प्राप्त कर लिए हैं जो मेरे/हमारे सर्वोाम ज्ञान और विश्वास के अनुसार संपरीक्षा/जानकारी और स्पष्टीकरण के लिए आवश्यक थे, जो मेरे/हमारे सर्वोाम ज्ञान और विश्वास से संपरीक्षा के प्रयोजन के लिए आवश्यक थे, हमें प्रदान नहीं किए गए/आंशिक रूप से प्रदान किए गए।
(आ) मेरी/हमारी राय में जहां तक बहियों के मेरी/हमारी परीक्षा से प्रकट होता है, रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा ढंग से लेखा बहियों को रखा गया है/नहीं रखा गया है।
(इ) मैं/हम यह प्रमाणित करते हैं कि तुलन-पत्र लाभ और हानि/आय और व्यय लेखा तथा नकद प्रवाह कथन राज्य के भीतर................पर कारबार के मुख्य स्थान और ...................कारबार के अतिक्ति स्थान पर रखी गई लेखा बहियों के अनुसार है/के अनुसार नहीं है।
4. केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम/राज्य माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 35(5) के अधीन प्रस्तुत किए जाने के लिए अपेक्षित दस्तावेज और केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम/राज्य माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 44(2) के अधीन प्रस्तुत किए जाने के लिए अपेक्षित समाधान कथन प्ररूप सं. जीएसटीआर-9ग के साथ संलग्न है।10917 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 5. * मेरी/हमारी राय में और *मेरी/हमारी सर्वोाम जानकारी में और मुझे/हमें दिए गए स्पष्टीकरण के अनुसार निम्नलिखित प्रेक्षणों/अर्हताओं, यदि कोई हों, के अध्यधीन उक्त प्ररूप जीएसटीआर-9ग में दी गई विशिष्टियां सत्य और सही हैं :
(क) ........................................................................................................................................................................................................... ............................................................................................................................................................ (ख) ........................................................................................................................................................................................................... ............................................................................................................................................................
(ग) ........................................................................................................................................................................................................... ................................................................................................................................................................
** (संपरीक्षक के हस्ताक्षर और मुहर/सील) स्थान : हस्ताक्षरी का नाम ................................................................................................................. सदस्यता सं. .......................................................................................................................... तारीख : ............................................................................................................................ पूरा पता ...........................................................................................................................
II. उन मामलों में प्रमाणीकरण, जहां समाधान कथन (प्ररूप जीएसटीआर-9ग) उस व्यक्ति से भिन्न व्यक्ति द्वारा तैयार किया जाता है, जिसने संपरीक्षा का संचालन किया हैः
* मैं/हम रिपोर्ट करते हैं कि मैसर्स .............. (जीएसटीआईएन के साथ निर्धारिती का नाम और पता) की लेखा बहियों और विाीय कथनों की संपरीक्षा .......................................अधिनियम के उपबंधों के अनुसरण में सदस्यता सं. ........................................... धारण करने वाले मैसर्स ........................... (प्रास्थिति के साथ संपरीक्षक का पूरा नाम और पता) द्वारा की गई थी, और *मैं/हम निम्नलिखित की एक प्रति के साथ ........................ संपरीक्षक का पूरा नाम और पता) द्वारा की गई थी, और *मैं /हम निम्नलिखित की एक प्रति के साथ ....... .......................................... तारीख को उनकी संपरीक्षा रिपोर्ट की एक प्रति इसके साथ संलग्न करते हैं। (क) ........................................ को तुलन-पत्र ; (ख) ........................................... से आरंभ होने वाले और ........................................ को समाप्त होने वाली अवधि के लिए * लाभ और हानि लेखा और/आय और व्यय लेखा;
(ग) ................................... से आरंभ होने वाले और .......................................... को समाप्त होने वाली अवधि के लिए नकद प्रवाह कथन; और
(घ) उक्त अधिनियम द्वारा * लाभ और हानि लेखा और/आय और व्यय लेखा तथा तुलन पत्र के भाग के रूप में या उससे संलग्न घोषित किए गए दस्तावेज।
2. मैं/हम यह रिपोर्ट करते हैं कि उक्त रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति--
* एकीकृत माल और सेवा कर/ केंद्रीय माल और सेवा कर/<<>> माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 और उसके अधाीन बनाए गए नियमों/जारी की गई अधिसूचनाओं द्वारा यथा अपेक्षित लेखा बहियों, अभिलेखों और दस्तावेजों को रखा है।
* ने एकीकृत माल और सेवा कर/ केंद्रीय माल सेवा कर /<<>> माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 और उसके अधीन बनाए गए नियमों/जारी की गई अधिसूचना द्वारा यथा अपेक्षित लेखा बहियों, अभिलेखों और दस्तावेजों को नहीं रखा है।
1. 2. 3.
10918 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 3. केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम /राज्य माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 35/(5) के अधीन प्रस्तुत किए जाने के लिए अपेक्षित दस्तावेज और केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम/राज्य माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 44(2) के अधीन प्रस्तुत किए जाने के लिए अपेक्षित समाधान कथन प्ररूप सं. जीएसटीआर-9ग के साथ संलग्न है।
4. *मेेरी/हमारी राय में और *मेेरी/हमारी सर्वोत्तम जानकारी में और अन्य सुसंगत दस्तावेजों समेत लेखा बहियों की परीक्षा के अनुसार और मुझे/हमें दिए गए स्पष्टीकरणों के अनुसार निम्नलिखित परीक्षणों/अर्हताओं, यदि कोई हाें, के अध्यधीन उक्त प्ररूप संख्या जीएसटीआर-9ग में दी गई विशिष्टियां सत्य और सही हैंः
(क) ...........................................................................................................................................................................................................
........................................................................................................................................................................................................
(ख) ...........................................................................................................................................................................................................
.......................................................................................................................................................................................................
(ग) ...........................................................................................................................................................................................................
..........................................................................................................................................................................................................
......................................................................................................................................................................................................
..............................................................................................................................
** (संपरीक्षक के हस्ताक्षर और मुहर/सील) स्थान : हस्ताक्षरी का नाम...................................................................................................................
सदस्यस्ता सं. : .................................................................................................................
तारीख : .............................................................................................................................
पूरा पता ...................................................................................................................................................."
19. उक्त नियम प्ररुप जीएसटी एपीएल-03 के पश्चात् निम्ननिखित प्ररुप अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः--
"प्ररूप जीएसटी आरवीएन-01
(नियम 109ख देखें)
संदर्भ सं. तारीख :
सेवा में,
...............................................................................................................................................
..............................................................................................................................................
.................................................................................................................................................
जीएसटीआईएनः............................................................................ आदेश सं.0- तारीख10919 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 धारा 108 के अधीन नोटिस जहां अधोहस्ताक्षरी के नोटिस में यह आया है कि (अधिकारी का पदनाम) .............................................................. द्वारा इस अधिनियम/ राज्य का नाम .........................................................................................<<माल और सेवा कर अधिनियम, 2017/ एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017/ राज्य क्षेत्र माल और सेवा कर अधिनियम, 2017/ माल और सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर) अधिनियम, 2017 के अधीन पारित आदेश जहां तक यह राजस्व के हित मंंें प्रतिकूल हैं, त्रुटिपूर्ण है और अवैध है या आयुक्तियुक्त है अथवा इसमें कतिपय सारवान तथ्यों का ध्यान नहीं रखा गया है, और इसलिए मैं इसके साथ संलग्न दस्तावेज में विनिर्दिष्ट आधारों पर धारा 108 के अधीन पुनरीक्षण में एक आदेश पारित करने का आशय करता हूं।
आपको इस नोटिस की तामील की तारीख से सात कार्य दिवसों के भीतर इस नोटिस का उत्तर प्रस्तुत करने के लिए निदेशित किया जाता है।
आपको तारीख...............................समय....................................पर अधोस्ताक्षरी के समक्ष उपस्थित होने का निदेश दिया जाता है।
यदि आप नियत तारीख के भीतर उार देने में असफल रहते हैं या नियत तारीख और समय पर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उपस्थित होने में असफल रहते हैं तो इस मामले को उपलब्ध अभिलेखों और गुणागुण के आधार पर एक पक्षीय विनिश्चित किया जाएगा।
स्थानः हस्ताक्षर :
तारीख पदनाम :
अधिकारिता/कार्यालय-।"
20. उक्त नियमों में, प्ररुप जीएसटी एपीएल-01 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररुप रखा जाएगा, अर्थात् :--
"प्ररुप जीएसटी एपीएल-04
[नियम 109ख, 113(1) और 115 देखें]
अपील प्राधिकारी, पुनरीक्षण प्राधिकारी, अधिकरण या न्यायालय द्वारा आदेश जारी किए जाने के पश्चात् मांग का सार निदेश सं. -- तारीख-
| 1. | जीएसटीआईएन/अस्थायी आईडी/युआईएन |
| 2. | अपीलार्थी/व्यक्ति का नाम |
| 3. | अपीलार्थी/व्यक्ति का पता |
| 4. | अपील के विरुद्ध या पुनरीक्षण के लिए आशयित आदेश संख्या तारीख |
| 5. | अपील सं. |
| 6. | व्यक्तिगत सुनवाई |
| 7. | संक्षिप्त आदेश- |
| 8. | आदेश की प्रास्थिति-संपुष्ट/उपांतरित/निरस्त |
10920 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 9. अपील/पुनरीक्षण के पश्चात् मांग की रकमः
| विशिष्टियां | केन्द्रीय कर | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर | एकीकृत कर | उपकर | योग | |||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
| रकम विवाद/पूर्ववर्ती आदेश में | अवधारित रकम | रकम विवाद/पूर्ववर्ती आदेश में | अवधारित रकम | रकम विवाद/पूर्ववर्ती आदेश में | अवधारित रकम | रकम विवाद/पूर्ववर्ती आदेश में | अवधारित रकम | रकम विवाद/पूर्ववर्ती आदेश में | अवधारित रकम | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
| (क) कर | ||||||||||
| (ख) ब्याज | ||||||||||
| (ग) शास्ति | ||||||||||
| (घ) फीस | ||||||||||
| (ङ) अन्य | ||||||||||
| (च) प्रतिदाय |
10. आईजीएसटी मांग के प्रदायवार ब्योरों का स्थान
| प्रदाय का स्थान (राज्य/ संघ राज्यक्षेत्र का नाम) | मांग | कर | ब्याज | शास्ति | अन्य | योग |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| विवाद/पूर्ववर्ती आदेश में रकम | ||||||
| अवधारित रकम |
स्थानः : तारीख :
हस्ताक्षर/- अपील प्राधिकारी/पुनरीक्षण प्राधिकारी/ अधिकरण/अधिकारिता वाले अधिकारी का नाम।
पदनामः
अधिकारिता : "।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण 1.-मूल अधिसूचना सं0 ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-13/2017 तारीख 27 जून, 2017 हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में सं0 ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-13/2017 के तहत तारीख 29 जून, 2017 को प्रकाशित की गई थी और अंतिम बार अधिसूचना सं0 60/2018-राज्य कर तारीख 30 अक्तूबर, 2018 जो 10921 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में सं0 ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-31/2018 के तहत तारीख 2 नवम्बर, 2018 को प्रकाशित की गई थी, के द्वारा संशोधित की गई थी।
टिप्पण.-इस अधिसूचना का अंग्रेजी पाठ हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में तारीख 17 जनवरी, 2019 को पृष्ठ 7561 से 7612 पर प्रकाशित किया गया था।
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GENERAL ADMINISTRATION DEPARTMENT
(Confidential & Cabinet)
NOTIFICATION
Shimla-171002, the 25th February, 2020
No.GAD-C(CC)1(A)1/2017-L.—The Governor, Himachal Pradesh on the recommendation of the Chief Minister has been pleased to accept the resignation of Sh. Vipin Singh Parmar, Health and Family Welfare Minister, Himachal Pradesh from the Council of Ministers in public interest, with immediate effect.
By order,
ANIL KUMAR KHACHI, Chief Secretary to the Government of Himachal Pradesh.
_________
GENERAL ADMINISTRATION DEPARTMENT
(Confidential & Cabinet)
NOTIFICATION
Shimla-171002, the 25th February, 2020
No. GAD-C(CC)1(A)1/2017-L.—In pursuance of the provisions of the Rule 6(1) of the Rules of Business of the Government of Himachal Pradesh, the Governor, Himachal Pradesh on the recommendation of the Chief Minister has been pleased to re-allocate the following portfolios to the Chief Minister in addition to the portfolios already allocated to him in public interest, with immediate effect:—
1. Health & Family Welfare 2. Medical Education 3. Ayurveda 4. Science & Technology
By order,
ANIL KUMAR KHACHI, Chief Secretary to the Government of Himachal Pradesh.
10922 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 TRANSPORT DEPARTMENTNOTIFICATION
Shimla-2, the 18th February, 2020
No. TPT-C (9)-3/2003.—The Governor, Himachal Pradesh in exercise of the powers conferred by sub-section (6) of Section 41 of the Motor Vehicles Act, 1988 (No. 59 of 1988) and all other powers enabling him in this behalf is pleased to allot /release registration marks/ number from Serial No. 0001 to 9999 under the Registration marks HP-80A to Registering & Licensing Authority Haroli, District Una, Himachal Pradesh for registration of motor vehicles with effect from the publication of this notification in the H.P. Rajpatra (Extra Ordinary) in the public interest.
By order, JAGDISH CHANDER SHARMA, Principal Secretary (Transport).
__________
TRANSPORT DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-02, the 18th February, 2020
No. TPT-C (9)-1/2019.—The Governor, Himachal Pradesh in exercise of the powers conferred by sub-section 14 (3) of the Himachal Pradesh Motor Vehicle Taxation Act, 1972 (Act No. 4 of 1973) and all other powers enabling him in this behalf is pleased to exempt the vehicle No. HP33-2052 which is registered in the name of Smt. Toti Devi w/o Sh. Gopal Singh & Sh. Man Singh s/o Sh. Paras Ram, Village Maseran, P.O. Paurakothi, Tehsil Sundernagar, Distt. Mandi Himachal Pradesh from the payment of Special Road Tax w.e.f. 01-06-2002 to 11-12-2006 in the public interest.
By order,
JAGDISH CHANDER SHARMA, Principal Secretary (Transport).
__________
ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 5/2019 किस्म मुकद्दमा : तकसीम तारीख पेशी : 11-03-2020 शीर्षक : कशमीर सिंह आदि बनाम रमेश लाल आदि
Publication U/s 5, Rule, 20 of CPC.
मुकद्दमा.--तकसीम जेर धारा 123 हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 बाबत भूमि खाता नं0 59, खतौनी नं0 72, ता0 74, खसरा कित्ता 14, कुल रकबा तादादी 04-30-14 है0 स्थित महाल द्रमण, मौजा पुढ़वा तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0।10923 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 इस अदालत में कशमीर सिंह पुत्र दुनिया निवासी महाल द्रमण, मौजा पुढ़वा, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 द्वारा रमेश लाल पुत्र जग्गो आदि प्रतिवादीगण के खिलाफ भूमि खाता नं0 55, खतौनी नं0 66, खसरा कित्ता 07, कुल रकबा तादादी 0-24-63 है0 स्थित महाल द्रमण, मौजा पुढ़वा, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 की तकसीम किये जाने सम्बन्धी मामला दायर किया गया है जिसमें प्रतिवादीगण 1. रमेश लाल पुत्र, 2. अमरजीत उपनाम अमर सिंह पुत्र, 3 ईश्वर दास पुत्र, 4. ज्ञानो देवी पत्नी जग्गो राम उपनाम जगदीश चन्द, 5. रुकमणी पत्नी जग्गो राम, 6. राज कुमारी पत्नी अमरजीत सिंह, 7. संदीप राणा पुत्र वसन्त राम, 8. सुषमा देवी पत्नी शम्मी कुमार, 9. ईन्दिरा देवी पत्नी वसन्त कुमार, 10. नरेन्दर कुमार पुत्र शेरु, 11. वरिन्दर उपनाम देवेन्दर सिंह पुत्र शेरु, 12. मोहिन्दर कुमार पुत्र शेरु, 13. प्रीतम चन्द पुत्र किरपा, 14. हेम राज पुत्र सुखिया, 15. चन्दू पुत्र राणू, 16. वन्ता पुत्र राणू, 17. प्रताप सिंह पुत्र भागी, 18. वलवीर सिंह पुत्र किसनू, 19. दलवीर सिंह पुत्र किसनू, 20. यशवीर सिंह पुत्र किशनू, 21. लता देवी पत्नी मान सिंह, 22. सुभद्रा देवी पत्नी किशनू, 23. पुनी चन्द पुत्र नरोतम, 24. कर्म चन्द पुत्र नरोतम, 25. संसार चन्द पुत्र नरोतम, 26. प्रिन्श पुत्र गोरख राम, 27. प्रियान्शू पुत्र गोरख राम, 28. कशमीर सिंह पुत्र लक्खू, 29. अमरजीत सिंह पुत्र लक्खू, 30. राजिन्दर कुमार पुत्र लक्खू, 31. किशोर कुमार पुत्र लक्खू, 32. कृष्णा देवी c/o सरोज वाला, 33. सरोज वाला पुत्री भागीरथ, 34. राज कुमार पुत्र जय चन्द, 35. रवि कुमार पुत्र जय चन्द, 36. सुनीता देवी पत्नी तसविन्दर, 37. स्नेहलता पुत्री तसविन्दर, 38. कुमारी राखी c/o सुनीता देवी , 39. सुनील कुमार पुत्र थानापति, 40. वीना देवी पुत्री थानापति, 41. सपना देवी पुत्री थानापति, 42. मोनिका देवी पुत्री थानापति, 43. चमारू उपनाम रतन लाल, 44. मनसा पत्नी मंगतू, 45. अरूण कुमार पुत्र प्रकाश चन्द, 46. अनिल कुमार पुत्र प्रकाश चन्द, 47. सुन्दर सिंह पुत्र रामजी, 48. अमीर चन्द पुत्र घपलू, 49. वान्कू देवी पत्नी घपलू, 50. प्यार चन्द पुत्र निधू, 51. विक्रम सिंह पुत्र निधू, 52. चंचल कुमार पुत्र सिमरो देवीे, 53. नीरू कुमारी c/o ख्याली, 54. मनोज कुमार पुत्र धर्म सिंह, 55. लज्या देवी पत्नी धर्म सिंह, 56. करतार चन्द पुत्र कोडू, 57. सुभाष चन्द पुत्र भिन्दू उपनाम रेशम लाल, 58. कुलदीप चन्द पुत्र भिन्दू उपनाम रेशम लाल, 59. निक्को देवी पत्नी भिन्दू उपनाम रेशम लाल, 60. सन्तोष कुमार पुत्र ज्ञानी, 61. विदना देवी पत्नी ज्ञानी, 62. विनोद कुमार पुत्र सरवन, 63. सुरजीत कुमार पुत्र सरवन, 64. राज कुमारी पत्नी कुलदीप सिंह, 65. प्रवीना देवी पत्नी सुरिन्दर कुमार, 66. विमला देवी पत्नी सरवन, 67. आतिश शर्मा पुत्र जगदीश चन्द, 68. रीता कुमारी पुत्री सरवन, 69. आशा कुमारी पत्नी जगदीश चन्द, 70. मस्त राम पुत्र तारा चन्द, 71. सुभाष चन्द पुत्र तारा चन्द, 72. तम्बो देवी पुत्री तारा चन्द, 74. सन्धी देवी पत्नी दुनिया, 75. वीना देवी c/o सुनील कुमार, 76. सोनिका देवी c/o सुनील कुमार, 77. विपन कुमार पुत्र देश राज, 78. सुदर्शन कुमार पुत्र देश राज, 79. सरला देवी पत्नी देश राज, 80. राजिन्दर प्रसाद उपनाम जोगिन्दर, 81. मीरावाई पत्नी प्रकाश चन्द, 82. पवन कुमार पुत्र ज्ञानी, 83. रीति शर्मा पत्नी नरेन्दर शर्मा की उपस्थिति अनिवार्य हेतु हिमाचल प्रदेश, भू-राजस्व अधिनियम, 1954 में प्रदत्त प्रावधोन के अनुसार समन जारी किये जा चुके हैं लेकिन प्रतिवादीगण सुनवाई में हाजिर न हुये हैं जिस कारण इस अदालत को विश्वास हो चुका है कि प्रतिवादीगण को समन की तामील साधारण तरीके से नहीं हो सकती है। अतः उक्त प्रतिवादीगण को इस राजपत्र/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि वह दिनांक 11-03-2020 को इस न्यायालय में प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अधोहस्ताक्षरी की अदालत में हाजिर आकर मुकद्दमा की पैरवी करें अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में उनके खिलाफ एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जायेगी तथा इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज काबिले समायत नहीं होगा।
आज दिनांक 6-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,
तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0।
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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 7/2019 किस्म मुकद्दमा : तकसीम तारीख पेशी : 11-03-2020 शीर्षक : कशमीर सिंह आदि बनाम रमेश आदि10924 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 Publication U/s 5, Rule, 20 of CPC. मुकद्दमा.--तकसीम जेर धारा 123 हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 बाबत भूमि खाता नं0 55, खतौनी नं0 66, खसरा कित्ता 07, कुल रकबा तादादी 0-24-63 है0 स्थित महाल द्रमण, मौजा पुढ़वा तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0।
इस अदालत में कशमीर सिंह पुत्र रामा पुत्र दुनिया, निवासी महाल द्रमण, मौजा पुढ़वा, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 द्वारा रमेश लाल पुत्र जग्गो आदि प्रतिवादीगण के खिलाफ भूमि खाता नं0 55, खतौनी नं0 66, खसरा कित्ता 07, कुल रकबा तादादी 0-24-63 है0 स्थित महाल द्रमण, मौजा पुढ़वा, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 की तकसीम किये जाने सम्बन्धी मामला दायर किया गया है जिसमें प्रतिवादीगण 1. रमेश लाल पुत्र, 2. अमरजीत उपनाम अमर सिंह पुत्र, 3 ईश्वर दास पुत्र, 4. ज्ञानो देवी पत्नी जग्गो राम उपनाम जगदीश चन्द, 5. रुकमणी पत्नी जग्गो राम, 6. राज कुमारी पत्नी अमरजीत सिंह, 7. संदीप राणा पुत्र वसन्त राम, 8. सुषमा देवी पत्नी शम्मी कुमार, 9. ईन्दिरा देवी पत्नी वसन्त कुमार, 10. नरेन्दर कुमार पुत्र शेरु, 11. वरिन्दर उपनाम देवेन्दर सिंह पुत्र शेरु, 12. मोहिन्दर कुमार पुत्र शेरु, 13. प्रीतम चन्द पुत्र किरपा, 14. हेम राज पुत्र सुखिया, 15. चन्दू पुत्र राणू, 16. वन्ता पुत्र राणू, 17. प्रताप सिंह पुत्र भागी, 18. वलवीर सिंह पुत्र किसनू, 19. दलवीर सिंह पुत्र किसनू, 20. यशवीर सिंह पुत्र किशनू, 21. लता देवी पत्नी मान सिंह, 22. सुभद्रा देवी पत्नी किशनू, 23. पुनी चन्द पुत्र नरोतम, 24. कर्म चन्द पुत्र नरोतम, 25. संसार चन्द पुत्र नरोतम, 26. प्रिन्श पुत्र गोरख राम, 27. प्रियान्शू पुत्र गोरख राम, 28. कशमीर सिंह पुत्र लक्खू, 29. अमरजीत सिंह पुत्र लक्खू, 30. राजिन्दर कुमार पुत्र लक्खू, 31. किशोर कुमार पुत्र लक्खू, 32. कृष्णा देवी c/o सरोज वाला, 33. सरोज वाला पुत्री भागीरथ, 34. राज कुमार पुत्र जय चन्द, 35. रवि कुमार पुत्र जय चन्द, 36. सुनीता देवी पत्नी तसविन्दर, 37. स्नेहलता पुत्री तसविन्दर, 38. कुमारी राखी c/o सुनीता देवी , 39. सुनील कुमार पुत्र थानापति, 40. वीना देवी पुत्री थानापति, 41. सपना देवी पुत्री थानापति, 42. मोनिका देवी पुत्री थानापति, 43. चमारू उपनाम रतन लाल, 44. मनसा पत्नी मंगतू, 45. अरूण कुमार पुत्र प्रकाश चन्द, 46. अनिल कुमार पुत्र प्रकाश चन्द, 47. सुन्दर सिंह पुत्र रामजी, 48. अमीर चन्द पुत्र घपलू, 49. वान्कू देवी पत्नी घपलू, 50. प्यार चन्द पुत्र निधू, 51. विक्रम सिंह पुत्र निधू, 52. चंचल कुमार पुत्र सिमरो देवीे, 53. नीरू कुमारी c/o ख्याली, 54. मनोज कुमार पुत्र धर्म सिंह, 55. लज्या देवी पत्नी धर्म सिंह, 56. करतार चन्द पुत्र कोडू, 57. सुभाष चन्द पुत्र भिन्दू उपनाम रेशम लाल, 58. कुलदीप चन्द पुत्र भिन्दू उपनाम रेशम लाल, 59. निक्को देवी पत्नी भिन्दू उपनाम रेशम लाल, 60. सन्तोष कुमार पुत्र ज्ञानी, 61. विदना देवी पत्नी ज्ञानी, 62. विनोद कुमार पुत्र सरवन, 63. सरोज कुमार पुत्र सरवन, 64. राज कुमारी पत्नी कुलदीप सिंह, 65. प्रवीना देवी पत्नी सुरिन्दर कुमार, 66. विमला देवी पत्नी सरवन, 67. आतिश शर्मा पुत्र जगदीश चन्द, 68. रीता कुमारी पुत्री सरवन, 69. आशा कुमारी पत्नी जगदीश चन्द, 70. मस्त राम पुत्र तारा चन्द, 71. सुभाष चन्द पुत्र तारा चन्द, 72. तम्बो देवी पुत्री तारा चन्द की उपस्थिति अनिवार्य हेतु हिमाचल प्रदेश, भू-राजस्व अधिनियम, 1954 में प्रदत्त प्रावधान के अनुसार समन जारी किये जा चुके हैं लेकिन प्रतिवादीगण सुनवाई में हाजिर न हुये हैं जिस कारण इस अदालत को विश्वास हो चुका है कि प्रतिवादीगण को समन की तामील साधारण तरीके से नहीं हो सकती है। अतः उक्त प्रतिवादीगण को इस राजपत्र/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि वह दिनांक 11-03-2020 को इस न्यायालय में प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अधोहस्ताक्षरी की अदालत में हाजिर आकर मुकद्दमा की पैरवी करें अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में उनके खिलाफ एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जायेगी तथा इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज काबिले समायत नहीं होगा। आज दिनांक 6-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,
तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0। 10925 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 8/2019 किस्म मुकद्दमा : तकसीम तारीख पेशी : 11-03-2020 शीर्षक : कशमीर सिंह आदि बनाम रमेश लाल आदि
Publication U/s 5, Rule, 20 of CPC.
मुकद्दमा.--तकसीम जेर धारा 123 हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 बाबत भूमि खाता नं0 57, खतौनी नं0 66, खसरा कित्ता 05, कुल रकबा तादादी 00-06-78 है0 स्थित महाल द्रमण, मौजा पुढ़वा तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0।
इस अदालत में कशमीर सिंह पुत्र दुनिया, निवासी महाल द्रमण, मौजा पुढ़वा, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 द्वारा रमेश लाल पुत्र जग्गो आदि प्रतिवादीगण के खिलाफ भूमि खाता नं0 55, खतौनी नं0 66, खसरा कित्ता 07, कुल रकबा तादादी 0-24-63 है0 स्थित महाल द्रमण, मौजा पुढ़वा, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 की तकसीम किये जाने सम्बन्धी मामला दायर किया गया है जिसमें 1. रमेश लाल पुत्र, 2. अमरजीत उपनाम अमर सिंह पुत्र, 3 ईश्वर दास पुत्र, 4. ज्ञानो देवी पत्नी जग्गो राम उपनाम जगदीश चन्द, 5. रुकमणी पत्नी जग्गो राम, 6. राज कुमारी पत्नी अमरजीत सिंह, 7. संदीप राणा पुत्र वसन्त राम, 8. सुषमा देवी पत्नी शम्मी कुमार, 9. ईन्दिरा देवी पत्नी वसन्त कुमार, 10. नरेन्दर कुमार पुत्र शेरु, 11. वरिन्दर उपनाम देवेन्दर सिंह पुत्र शेरु, 12. मोहिन्दर कुमार पुत्र शेरु, 13. प्रीतम चन्द पुत्र किरपा, 14. हेम राज पुत्र सुखिया, 15. चन्दू पुत्र राणू, 16. वन्ता पुत्र राणू, 17. प्रताप सिंह पुत्र भागी, 18. वलवीर सिंह पुत्र किसनू, 19. दलवीर सिंह पुत्र किसनू, 20. यशवीर सिंह पुत्र किशनू, 21. लता देवी पत्नी मान सिंह, 22. सुभद्रा देवी पत्नी किशनू, 23. पुनी चन्द पुत्र नरोतम, 24. कर्म चन्द पुत्र नरोतम, 25. संसार चन्द पुत्र नरोतम, 26. प्रिन्श पुत्र गोरख राम, 27. प्रियान्शू पुत्र गोरख राम, 28. कशमीर सिंह पुत्र लक्खू, 29. अमरजीत सिंह पुत्र लक्खू, 30. राजिन्दर कुमार पुत्र लक्खू, 31. किशोर कुमार पुत्र लक्खू, 32. कृष्णा देवी c/o सरोज वाला, 33. सरोज वाला पुत्री भागीरथ, 34. राज कुमार पुत्र जय चन्द, 35. रवि कुमार पुत्र जय चन्द, 36. सुनीता देवी पत्नी तसविन्दर, 37. स्नेहलता पुत्री तसविन्दर, 38. कुमारी राखी c/o सुनीता देवी, 39. सुनील कुमार पुत्र थानापति, 40. वीना देवी पुत्री थानापति, 41. सपना देवी पुत्री थानापति, 42. मोनिका देवी पुत्री थानापति, 43. चमारू उपनाम रतन लाल, 44. मनसा पत्नी मंगतू, 45. अरूण कुमार पुत्र प्रकाश चन्द, 46. अनिल कुमार पुत्र प्रकाश चन्द, 47. सुन्दर सिंह पुत्र रामजी, 48. अमीर चन्द पुत्र घपलू, 49. वान्कू देवी पत्नी घपलू, 50. प्यार चन्द पुत्र निधू, 51. विक्रम सिंह पुत्र निधू, 52. चंचल कुमार पुत्र सिमरो देवीे, 53. नीरू कुमारी c/o ख्याली, 54. मनोज कुमार पुत्र धर्म सिंह, 55. लज्या देवी पत्नी धर्म सिंह, 56. करतार चन्द पुत्र कोडू, 57. सुभाष चन्द पुत्र भिन्दू उपनाम रेशम लाल, 58. कुलदीप चन्द पुत्र भिन्दू उपनाम रेशम लाल, 59. निक्को देवी पत्नी भिन्दू उपनाम रेशम लाल, 60. सन्तोष कुमार पुत्र ज्ञानी, 61. विदना देवी पत्नी ज्ञानी, 62. विनोद कुमार पुत्र सरवन, 63. सरोज कुमार पुत्र सरवन, 64. राज कुमारी पत्नी कुलदीप सिंह, 65. प्रवीना देवी पत्नी सुरिन्दर कुमार, 66. विमला देवी पत्नी सरवन, 67. आतिश शर्मा पुत्र जगदीश चन्द, 68. रीता कुमारी पुत्री सरवन, 69. आशा कुमारी पत्नी जगदीश चन्द, 70. मस्त राम पुत्र तारा चन्द, 71. सुभाष चन्द पुत्र तारा चन्द, 72. तम्बो देवी पुत्री तारा चन्द, 74. सन्धी देवी पत्नी दुनिया, 75. वीना देवी c/o सुनील कुमार, 76. सोनिका देवी c/o सुनील कुमार, 77. विपन कुमार पुत्र देश राज, 78. सुदर्शन कुमार पुत्र देश राज, 79. सरला देवी पत्नी देश राज, 80. राजिन्दर प्रसाद उपनाम जोगिन्दर, 81. मीरावाई पत्नी प्रकाश चन्द, 82. पवन कुमार पुत्र ज्ञानी, 83. रीति शर्मा पत्नी नरेन्दर शर्मा की उपस्थिति अनिवार्य हेतु हिमाचल प्रदेश, भू-राजस्व अधिनियम, 1954 में प्रदत्त प्रावधान के अनुसार समन जारी किये जा चुके हैं लेकिन प्रतिवादीगण सुनवाई में हाजिर न हुये हैं जिस कारण इस अदालत को विश्वास हो चुका है कि प्रतिवादीगण को समन की तामील साधारण तरीके से नहीं हो सकती है। अतः उक्त प्रतिवादीगण को इस राजपत्र/मुस्त्री मुनादी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि वह दिनांक 11-03-2020 को इस न्यायालय में प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अधोहस्ताक्षरी की अदालत में हाजिर आकर मुकद्दमा की पैरवी करें 10926 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 अन्यथा गैरहाजिरी की सूरत में उनके खिलाफ एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जायेगी तथा इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज काबिले समायत नहीं होगा।
आज दिनांक 6-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,
तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0प्र0।
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ब अदालत श्री दिलो राम भारद्वाज, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 02/2020 तारीख दायरा : 05-02-2020 तारीख पेशी : 13-03-2020 शीर्षक.--श्रीमती नैना देवी पुत्री दिवान चन्द, निवासी झरेट ठाकरां, डाकघर झरेट, तहसील धीरा, जिला . . प्रार्थिया। कांगड़ा, हि0 प्र0
बनाम
1. आम जनता 2. लोकल रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण . .प्रत्यार्थीगण। विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म/मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
प्रार्थिया उपरोक्त ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसका जन्म ग्राम पंचायत व डाकघर झरेट, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 में दिनांक 05-06-1971 को हुआ है मगर अज्ञानतावश ग्राम पंचायत झरेट के अभिलेख में दर्ज न है जिसे वह ग्राम पंचायत झरेट के अभिलेख में दर्ज करवाना चाहती है।
अतः इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 13-03-2020 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा आवेदिका की जन्म तिथि दिनांक 15-06-1971 के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 10-02-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।10927 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 ब अदालत श्री दिलो राम भारद्वाज, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
केस नं0 : 01/2020 तारीख दायरा : 05-02-2020 तारीख पेशी : 13-03-2020 शीर्षक.--श्री कृष्ण कुमार पुत्र दिवान चन्द, निवासी झरेट ठाकरां, डाकघर झरेट, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, . . प्रार्थी। हि0 प्र0
बनाम
1. आम जनता 2. लोकल रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण . .प्रत्यार्थीगण। विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म/मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.
प्रार्थी उपरोक्त ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसका जन्म ग्राम पंचायत व डाकघर झरेट, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 में दिनांक 20-08-1975 को हुआ है मगर अज्ञानतावश ग्राम पंचायत झरेट के अभिलेख में दर्ज न है जिसे वह ग्राम पंचायत झरेट के अभिलेख में दर्ज करवाना चाहता है।
अतः इस राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 13-03-2020 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन अदालत में हाजिर आकर अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा तथा आवेदक की जन्म तिथि दिनांक 20-08-1975 के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 10-02-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।
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ब अदालत सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
पुष्पिन्दर सिंह पुत्र संसार सिंह, वासी महाल बाड़ी, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0 . . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख महाल बाड़ी में नाम दुरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि मेरा नाम राजस्व अभिलेख महाल बाड़ी में पुशविन्दर सिंह पुत्र संसार सिंह पुत्र भाग सिंह दर्ज है जबकि 10928 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 मेरे राशन कार्ड, आधार कार्ड तथा परिवार रजिस्टर, ग्राम पंचायत बाड़ी में पुष्पिन्दर सिंह पुत्र संसार सिंह दर्ज है जो कि मेरा सही नाम है। प्रार्थी अपने नाम की दुरुस्ती पुशविन्द्र सिंह उपनाम पुष्पिन्दर सिंह पुत्र संसार सिंह पुत्र भाग सिंह के रूप में करवाना चाहता है।
अतः इस इश्तहार/नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बधित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 07-03-2020 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकते हैं। उजर/एतराज प्रस्तुत न करने की सूरत में उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 05-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
केवल कुमार पुत्र रतन सिंह पुत्र भगत राम, वासी जण्डौर, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा, हि0प्र0
. . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख महाल जण्डौर में नाम दुरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि मेरा नाम राजस्व अभिलेख महाल जण्डौर में केवल कृष्ण पुत्र रतन सिंह पुत्र भगत राम दर्ज चला आ रहा है जबकि मेरे आधार कार्ड, स्कूल प्रमाण-पत्र व नकल परिवार रजिस्टर, ग्राम पंचायत जण्डौर में केवल कुमार पुत्र रतन सिंह दर्ज है जो कि मेरा नाम सही नाम है। प्रार्थी अपना नाम राजस्व अभिलेख महाल जण्डौर में केवल कृष्ण उपनाम केवल कुमार पुत्र रतन सिंह पुत्र भगत राम के रूप में करवाना चाहता है।
अतः इस इश्तहार/नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बधित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 07-03-2020 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकते हैं। उजर/एतराज प्रस्तुत न करने की सूरत में उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 05-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।10929 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 ब अदालत सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
तरसेम लाल पुत्र देश राज पुत्र कालू, वासी संसारपुर, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा, हि0प्र0
. . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख महाल संसारपुर में नाम दुरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रार्थना-पत्र ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि मेरा नाम राजस्व अभिलेख महाल संसारपुर में तरसेम सिंह पुत्र देश राज पुत्र कालू दर्ज चला आ रहा है जबकि मेरे स्कूल रिकार्ड, आधार कार्ड व नकल परिवार रजिस्टर, ग्राम पंचायत घाटी विल्वां में तरसेम लाल पुत्र देश राज दर्ज है जो कि मेरा सही नाम है। प्रार्थी अपना नाम राजस्व अभिलेख महाल संसारपुर में तरसेम सिंह उपनाम तरसेम लाल पुत्र देश राज पुत्र कालू, वासी संसारपुर के रूप में करवाना चाहता है। अतः इस इश्तहार/नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बधित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 07-03-2020 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकते हैं। उजर/एतराज प्रस्तुत न करने की सूरत में उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 05-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
----------
ब अदालत सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
यशमिन्द्र सिंह पुत्र हंस राज, वासी महाल बन्धोल, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 . . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख महाल बन्धोल में नाम दुरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि मेरा नाम राजस्व अभिलेख महाल बन्धोल में जसविन्द्र सिंह पुत्र हंस राज पुत्र वेलू दर्ज है जबकि मेरे स्कूल प्रमाण-पत्र, मेरे आधार कार्ड तथा परिवार रजिस्टर, ग्राम पंचायत बाड़ी में यशमिन्द्र सिंह पुत्र हंस राज दर्ज है जो कि मेरा सही नाम है। प्रार्थी अपने नाम की दुरुस्ती जसविन्द्र सिंह उपनाम यशमिन्द्र सिंह पुत्र हंस राज पुत्र वेलु के रूप में करवाना चाहता है। 10930 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 अतः इस इश्तहार/नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बधित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 07-03-2020 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकते हैं। उजर/एतराज प्रस्तुत न करने की सूरत में उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 05-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
----------
ब अदालत सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
हरजीत सिंह पुत्र हाकम पुत्र लालू, वासी दडब, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 . . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख महाल दडब में नाम दुरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि मेरा नाम राजस्व अभिलेख महाल दडब में अजीत सिंह पुत्र हाकम पुत्र लालू दर्ज चला आ रहा है जबकि मेरे स्कूल प्रमाण-पत्र, नकल परिवार रजिस्टर, ग्राम पंचायत बाड़ी में हरजीत सिंह पुत्र हाकम पुत्र लालू दर्ज है जो कि मेरा सही नाम है। प्रार्थी अपना नाम राजस्व अभिलेख दडब में अजीत सिंह उपनाम हरजीत सिंह पुत्र हाकम पुत्र लालू के रूप में करवाना चाहता है।
अतः इस इश्तहार/नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बधित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 07-03-2020 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकते हैं। उजर/एतराज प्रस्तुत न करने की सूरत में उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 05-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।10931 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 ब अदालत सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
शोभा देवी पत्नी स्व0 श्री रणजीत सिंह पुत्र अन्नत राम, वासी प्रागपुर, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा, . . प्रार्थिया। हि0प्र0
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख महाल प्रागपुर में नाम दुरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थिया ने अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है उसके पति का मेरा नाम राजस्व अभिलेख महाल प्रागपुर में जीत सिंह पुत्र अन्नत राम पुत्र जहला दर्ज है जबकि मेरे पति स्व0 श्री रणजीत सिंह का नाम मृत्यु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड तथा नकल परिवार रजिस्टर, ग्राम पंचायत अमरोह में रणजीत सिंह पुत्र अन्नत राम दर्ज है जो कि मेरे पति का सही नाम है। प्रार्थिया अपने पति के नाम की दुरुस्ती जीत सिंह उपनाम रणजीत सिंह पुत्र अन्नत राम पुत्र जहला के रूप में करवाना चाहती है।
अतः इस इश्तहार/नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बधित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 07-03-2020 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकते हैं। उजर/एतराज प्रस्तुत न करने की सूरत में उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 05-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
गुरचरण सिंह पुत्र खेमदू पुत्र रामू, वासी महाल पपलोथर, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 . . प्रार्थी।
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख पपलोथर में नाम दुरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि मेरा नाम राजस्व अभिलेख महाल पपलोथर में गुरबचन पुत्र खेमदू पुत्र रामू दर्ज है जबकि मेरे वोटर कार्ड, आधार कार्ड तथा सर्विस रिकार्ड गुरचरण सिंह पुत्र खेमदू दर्ज है जो कि मेरा सही नाम है। प्रार्र्थी अपने नाम की दुरुस्ती गुरबचन उपनाम गुरचरण सिंह पुत्र खेमदू पुत्र रामू के रूप में करवाना चाहता है।
अतः इस इश्तहार/नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बधित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 07-03-2020 10932 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकते हैं। उजर/एतराज प्रस्तुत न करने की सूरत में उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 05-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
शर्मा जीत पुत्र हरनामू पुत्र रामलोक, वासी महाल स्वाणा उपरला, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा, . . प्रार्थी। हि0प्र0
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख महाल स्वाणा उपरला में नाम दुरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रार्थना-पत्र ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि मेरा नाम राजस्व अभिलेख महाल स्वाणा उपरला में शर्म जीत पुत्र हरनामू पुत्र रामलोक दर्ज है जबकि मेरे बैंक खाता, आधार कार्ड तथा परिवार रजिस्टर ग्राम पंचायत स्वाणा में शर्मा जीत पुत्र हरनामू पुत्र रामलोक दर्ज है जो कि मेरा सही नाम है। प्रार्र्थी अपने नाम की दुरुस्ती शर्मजीत उपनाम शर्मा जीत पुत्र हरनामू के रूप में करवाना चाहता है।
अतः इस इश्तहार/नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बधित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 07-03-2020 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकते हैं। उजर/एतराज प्रस्तुत न करने की सूरत में उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 05-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
अमरनाथ पुत्र धनी राम पुत्र गंगा, वासी बढ़ाल, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख महाल बढ़ाल में नाम दुरुस्ती बारे।10933 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941 उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि मेरा नाम राजस्व अभिलेख महाल बढ़ाल में मंगत राम पुत्र धनी राम पुत्र गंगा दर्ज है जबकि मेरे राशन कार्ड, आधार कार्ड में अमरनाथ पुत्र धनी राम दर्ज है जो कि मेरा सही नाम है। प्रार्र्थी अपना नाम राजस्व अभिलेख महाल बढ़ाल में मंगत राम उपनाम अमरनाथ पुत्र धनी राम पुत्र गंगा के रूप में करवाना चाहता है। अतः इस इश्तहार/नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बधित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 07-03-2020 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकते हैं। उजर/एतराज प्रस्तुत न करने की सूरत में उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 05-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहता प्रथम श्रेणी जसवां,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी जसवां, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
मीना शर्मा पुत्री अमृत राम पुत्र लच्छमण, वासी महाल स्वाणा निचला, तहसील जसवां, जिला कांगड़ा, . . प्रार्थिया। हि0प्र0
बनाम
आम जनता
. . प्रत्यार्थी। विषय.--प्रार्थना-पत्र राजस्व अभिलेख महाल स्वाणा निचला में नाम दुरुस्ती बारे।
उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रार्थना-पत्र ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि मेरा नाम राजस्व अभिलेख महाल स्वाणा निचला में मंगला देवी पुत्री अमृत राम पुत्र लच्छमण दर्ज है जबकि मेरे राशन कार्ड, आधार कार्ड तथा नकल परिवार रजिस्टर, ग्राम पंचायत स्वाणा में मीना शर्मा पुत्री अमृत राम दर्ज है जो कि मेरा सही नाम है। प्रार्थिया अपने नाम की दुरुस्ती मंगला देवी उपनाम मीना शर्मा पुत्री अमृत राम पुत्र लच्छमण के रूप में करवाना चाहती है।
अतः इस इश्तहार/नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बधित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 07-03-2020 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज प्रस्तुत कर सकते हैं। उजर/एतराज प्रस्तुत न करने की सूरत में उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।
आज दिनांक 05-02-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-
सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी जसवां,
जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।10934 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 फरवरी, 2020/7 फाल्गुन, 1941
In the Court of Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Sadar,
District Mandi, H. P.
In the matter of :—
1. Rajat Arora s/o Sh. Amarjeet, Village Panjehati, P.O. Talyahar, Tehsil Sadar, District Mandi, H.P.
2. Aanchal Bajaj d/o Sh. Sanjay Bajaj, r/o H. No. 29 Teja Singh Colony, Akash Avenue, . . Applicants. F.G.C. Road Amritsar-143001.
Versus
General Public
Subject.—Application for the registration of Marriage under Section 15 of Special Marriage Act, 1954.
Rajat Arora s/o Sh. Amarjeet, Village Panjehati, P.O. Talyahar, Tehsil Sadar, District Mandi, H.P. and Aanchal Bajaj d/o Sh. Sanjay Bajaj, r/o H. No. 29 Teja Singh Colony, Akash Avenue, F.G.C. Road Amritsar-143001 (at present wife of Rajat Arora s/o Sh. Amarjeet, Village Panjehati, P.O. Talyahar, Tehsil Sadar, District Mandi, H.P.) have filed an application alongwith affidavits in the court of undersigned under Section 15 of Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 06-05-2019 according to Hindu rites and customs at their respective houses, Distt. Mandi, H.P. and they are living together as husband and wife since then. Hence, their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.
Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage, can file the objection personally or in writing before this court on or before 05-03-2020, after that no objection will be entertained and marriage will be registered.
Issued today on 6th day of February, 2020 under my hand and seal of the court.
Seal.
Sd/-
Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate,
Sadar, District Mandi (H.P.).
नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है