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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 01, 01 April 2020

Published 01 April 2020

Gazette no.
01
Gazetteid
01/GAZETTE/2020-01/04/2020
Identifier
in.gazette.himachal.2020-04-01.01_gazette_2020-01_04_2020
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित बुधवार, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

हिमाचल प्रदेश सरकार

आबकारी एवं कराधान विभाग

अधिसूचना सं0 3/2019-राज्य कर (दर)

शिमला-2, 8 मई, 2019

सं0 ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-9/2019.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 9 की उप-धारा (1), उप-धारा (3) और उप-धारा (4), धारा 11 की उप-धारा (1), धारा 15 की उप-धारा (5), धारा 16 की उप-धारा (1) और धारा 148 के तहत प्रदत्ा शक्तियों का प्रयोग करते हुए, 01-राजपत्र/2020-01-04-2020 (01)2 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, परिषद्‌ की सिफारिशों के आधार पर और इस बात से संतुष्ट होते हुए कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक है, एतद्‌द्वारा हिमाचल प्रदेश सरकार की अधिसूचना सं0 11/2017-राज्य कर (दर) दिनांक 30 जनू, 2017, जिसे सं0 ई. एक्स.एन.-एफ.(10)-15/2017 के तहत तारीख 30 जनू, 2017 को हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में प्रकाशित किया गया था, में और आगे भी निम्नलिखित संशोधन करते हैं, यथाः- उक्त अधिसूचना में, -

(i) प्रस्तावना में-

(a) शब्द, अंंक और संकेत "उप-धारा (1)", ,", के पश्चात्‌, शब्द, अंक और संकेत "उप-धारा (3) और उप-धारा (4)" को जोड़ा जाएगा;

(b) शब्द और अंक "धारा 15 की उप-धारा (5)" के बाद आने वाले शब्द "और" के स्थान पर संकेत "," ; को प्रतिस्थापित किया जाएगा।

(c) शब्द और अंक "धारा (16)", शब्द और अंक "और धारा 148" को अंतःस्थापित किया जाएगा;

(ii) सारणी में -

(a) क्रम संख्या 3 के समक्ष, मद (i) और कालम (3), (4) और (5) में दी गयी उससे सम्बन्धित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित क्रम संख्या और उससे सम्बन्धित प्रविष्टियों को प्रतिस्थापित किया जाएगा, यथा,-

सारणी

(3) (4) (5)
"(i) उस स्थिति को छोड़कर जहां कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा, जहां भी जरूरी हो, पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया हो, उसके या प्रथम कब्जे, दोनों में जो भी पहले हो, के बाद सम्पूर्ण प्रतिफल प्राप्त किया गया हो, किसी क्रेता को पूर्णतः या अंशतः बेचे जाने के आशय से किसी रेजीडेशियल प्रोजैक्ट (एतश्मिन पश्चात्‌ जिसे आर आर ई पी से संदर्भित किया गया है), जो कि 01-4-2019 से शुरू हुई हो या किसी चालू आर आर ई पी में किसी प्रमोटर के द्वारा किए जाने वाले अफोर्डेबल रेजीडेंशियल अपार्टमेंट का निर्माण, जिसके बारे में प्रमोटर ने अपार्टमेंट के निर्माण पर नीचे दिए गए मद (ie) या (if) जैसी भी स्थिति हो, में निर्दिष्ट दरों पर राज्य कर के भुगतान के विकल्प का चयन विनिर्दिष्ट रूप से नहीं किया है। ( इस अधिसूचना के पैराग्राफ 2 के प्रावधान इस सेवा के मूल्यांकन पर लागू होंगे)। 0.75 बशर्ते कि कालम (4) में विनिर्दिष्ट राज्य कर का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में डेबिट करके नकद रूप में करना होगा; ब शर्ते कि आर आर ई पी से भिन्न आर ई पी के मामले मे ं अनुबंध I में और आर आर ई पी के मामले मे ं अनुबंध II में विनिर्दिष्ट सीमा को छोेड़ कर, इस सेवा की आपूर्ति में प्रयुक्त माल और सेवा पर भारित इनपुट टैक्स की क्रेडिट न ली गई हो; ब शर्ते और भी कि, जहां कोई पंजीकृत व्यक्ति (भू-स्वामी-प्रमोटर) जो किसी प्रमोटर (डेवेलपर-प्रमोटर) को पूर्णतः या अंशतः, अपार्टमेंट के निर्माण के रूप में किसी प्रतिफल के एवज मे ं, डेवेलपमेंट राइट या एफ एस आई (अतिरिक्त एफ एस आई समेत) का अंतरण करता है,- i - डेवलपर-प्रमोटर भू-स्वामी- प्रमोटर को अपार्टमेंट के निर्माण की आपूर्ति पर कर का भुगतान करेगा, और
(ia) उस स्थिति को छोड़कर जहांकि सक्षम प्राधिकारी द्वारा, जहां भी जरूरी हो, पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया हो, उसके या प्रथम कब्जे, दोनों में जो भी पहले हो, के बाद सम्पूर्ण प्रतिफल प्राप्त किया गया हो, किसी क्रेता को पूर्णतः या अंशतः बेचेे जाने के आशय से किसी रेजीडेंंिशयल प्रोजेक्ट (एतश्मिन पश्चात जिसे आर आर ई पी से संदर्भित किया गया है), जो कि 01-4-2019 से शुरू हुई हो या किसी चालू आरआरईपी में किसी प्रमोटर के द्वारा किए जाने वाले अफोर्डेबल रंजीडेंशियल अपार्टमेंट से भिन्न रेजीडेंशियल अपार्टमेंट का निर्माण, जिसके बारे में प्रमोटर ने अपार्टमेंट के निर्माण पर नीचे दिए गए मद (ie) या (if) जैसी भी स्थिति हो, में निर्दिष्ट दरों पर राज्य कर के भुगतान के विकल्प का चयन विनिर्दिष्ट रूप से नहीं किया है। ( इस अधिसूचना के पैराग्राफ 2 के प्रावधान इस सेवा के मूल्यांकन पर लागू होंगे)। 3.75 ii- ऐसा भू-स्वामी-प्रमोटर उस टैक्स के क्रेडिट का हकदार होगा जो कि उस पर किसी डेवेलपर - प्रमोटर के द्वारा उसको अपार्टमेंट के निर्माण की गयी आपूर्ति पर उस डेवेलपर - प्रमोटर के द्वारा लगाया गया हो, बशर्ते कि यदि भू-स्वामी-प्रमोटर पूर्णता का प्रमाण-पत्र जारी किए जाने या प्रथम कब्जे, जो भी पहले हो, के पहले ऐसे अपार्टमेंट की और भी आपूर्ति करता हो, और उन पर उतना कर अदा करता हो जो कि ऐसे अपार्टमेंट के निर्माण पर उसके द्वारा भुगतान किए गए कर से की राशि से कम न हो। स् पष्टीकरण- i- "डेवेलपर-प्रमोटर" से अभिप्राय ऐसे प्रमोटर से है जो कि बिक्री के उद्‌देश्य से किसी अपार्टमेंट का निर्माण करता है या किसी भवन को अपार्टमेंट में बदलता है या किसी प्लाट को विकसित करता है, i i- भू-स्वामी-प्रमोटर से अभिप्राय ऐसे प्रमोटर से है जो कि किसी अपार्टमे ट के ं निर्माण के लिए किसी डेवेलपर-प्रमोटर को भूमि/डेवेलपमेंट राईट/एफएसआई का अंतरण करता है और ऐसे अंतरित अधिकार के एवज में निर्मित अपार्टमेंट प्राप्त करता है और स्वतंत्र रूप से ऐसे अपार्टमेंट्‌स को क्रेताओं को बेचता है। ब शर्ते कि ऐसा पंजीकृत व्यक्ति, इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर या इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में ड ेबिट करके, ऐसे निर्माण पर लागू इनपुट टैक्स क्रेडिट के बराबर की राशि का भुगतान करेगा, जिसकी आपूर्ति का समय 01-04-2019 या उसके बाद का हो, जिसकी गणना आर आर ई पी से भिन्न आर ई पी के मामले मे ं अनुबंध I में और आर आर ई पी के मामले में अनुबंध II में विनिर्दिष्ट तरीके से होगी; ब शर्ते और भी कि, सेवाओं की आपूर्ति में प्रयुक्त होने वाली इनपुट अैर इनपुट सेवाओं [उन सेवाओं से भिन्न जो डेवलेपमेंट राईट, दीर्घ काल तक भूमि को पट्‌टे पर देकर (प्रीमियम, सलामी, डेवेलपमेंट चार्ज आदि, के रूप में अपफ्रंट पमेंट के एवज में) या एफ एस आई (अतिरिक्त एफएसआई समेत), बिजली,
( ib) उस स्थिति को छोड़कर जहांकि सक्षम प्राधिकारी द्वारा, जहां भी जरूरी हो, पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया हो, उसके या प्रथम कब्जे, दोनों में जो भी पहले हो, के बाद सम्पूर्ण प्रतिफल प्राप्त किया गया हो, किसी क्रेता को पूर्णतः या अंशतः बेचेे जाने के आशय से किसी रेजीडेंशियल प्रोजैक्ट (एतश्मिन पश्चात्‌ जिसे आर आर ई पी से संदर्भित किया गया है), जो कि 01-4-2019 से शुरू हुई हो या किसी चालू आरआरईपी में किसी प्रमोटर के द्वारा किए जाने वाले वाणिज्यिक अपार्टमेंट (दुकानें, कार्यालय, गोदाम आदि) का निर्माण, जिसके बारे में प्रमोटर ने अपार्टमेंट के निर्माण पर नीचे दिए ं गए मद (ie) या (if) जैसी भी स्थिति हो, मे निर्दिष्ट दरो ं पर राज्य कर के भुगतान के विकल्प का चयन विनिर्दिष्ट रूप से नहीं किया है। ( इस अधिसूचना के पैराग्राफ 2 के प्रावधान इस सेवा के मूल्यांकन पर लागू होंगे) 3.75
( ic) उस स्थिति को छोड़कर जहांंिक सक्षम प्राधिकारी द्वारा, जहां भी जरूरी हो, पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किया गया हो, उसके या प्रथम कब्जे, दोनों में जो भी पहले हो, के बाद सम्पूर्ण प्रतिफल प्राप्त कर लिया गया हो, किसी क्रेता 0.75
को पूर्णतः या अंशतः बेचेे जाने के आशय से आर आर ई पी से भिन्न किसी रीयल एस्टेट प्रोजैक्ट (एतश्मिन पश्चात्‌ जिसे आर आर ई पी से संदर्भित किया गया है), जो कि 01-4-2019 से शुरू हुई हो या किसी चालू आरआरईपी में किसी प्रमोटर के द्वारा किए जाने वाले वाणिज्यिक अपार्टमेंट (दुकाने, कार्यालय, गोदाम आदि) का निर्माण, जिसके बारे में प्रमोटर ने अपार्टमेंट के निर्माण पर नीचे दिए गए मद (ie) या (if) जैसी भी स्थिति हो, में निर्दिष्ट दरों पर राज्य कर के भुगतान के विकल्प का चयन विनिर्दिष्ट रूप से नहीं किया है। ( इस अधिसूचना के पैराग्राफ 2 के प्रावधान इस सेवा के मूल्यांकन पर लागू होंगे) हाई-स्पीड डीजल, मोटर स्पिरिट, प्राकृतिक गैस को उपलब्ध कराकर दी जाती हैं], का अस्सी प्रतिशत केवल पंजींकृत आपूर्तिकर्ताआें से प्राप्त करना होगा; ब शर्ते कि किसी वित्तीय वर्ष में (पूर्णता प्रमाण पत्र के जारी हो जाने या प्रथम कब्जे, जो भी पहले हो, तक के हिस्से तक) पंजींकृत आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त इनपुट या इनपुट सेवाओ ं का मूल्य उक्त 80% के थ्रेशोल्ड से कम होता है, तो प्रमोटर द्वारा उन इनपुट और इनपुट सेवाओं के मूल्य पर राज्य कर का भुगतान किया जाना होगा जिसमें इस तरह कम रह गई सेवा भी शामिल की जा सके और इसके भुगतान रिवर्स चार्ज आधार पर नौ प्रतिशत की दर से करना होगा और उस पर हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) के सभी प्रावधान उसी प्रकार लागू होंगे मानाें कि वह ऐसी वस्तुओं या सेवाओं या दोनों के सम्बन्ध में कर का भुगतान करने का दायी व्यक्ति हो; ब शर्ते और भी कि, उपर्युक्त में निहित किन्हीं भी बात के बावजूद, जहां सीमेंट को किसी गैर-पंजीकृत व्यक्ति से लिया जाता है, वहां प्रमोटर को रिवर्स चार्ज के आधार पर ऐसे सीमेंट पर लागू दर से कर का भुगतान करना पड़ेगा और उस पर हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) के सभी प्रावधान उसी प्रकार लागू होंगे मानाें कि वह व्यक्ति ऐसे सीमेंट की आपूर्ति पर कर देने का दायी हो; ( कृपया अनुबंध III में दिए गए दृष्टांत देखें) स् पष्टीकरण.- 1 . प्रमोटर पंजींकृत और गैर-पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं सभी आंतरिक आपूर्तियों का प्रोजैक्टवार लेखा-जोखा रखेगा और वित्तीय वर्ष के अंत मे ं कर में रह गयी कमी की गणना करेगा और उसे विनिर्दिष्ट रूप से इलेक्ट्रोनिक रूप में वित्तीय वर्ष के तत्काल बाद आने वाली तिमाही मे ं कामन पोर्टल पर डालेगा। गैर-पंजीकृत व्यक्ति से की जाने वाली आंतरिक आपूर्ति मे ं इस प्रकार पता लगाई गयी कमी को उस माह की कर देयता के साथ जोड़ेगा जो कि उक्त वित्तीय वर्ष के बाद आने
(id) उस स्थिति को छोड़कर जहांंिक सक्षम प्राधिकारी द्वारा, जहां भी जरूरी हो, पुर्णता प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया हो, उसके या प्रथम कब्जे, दोनों में जो भी पहले हो, के बाद सम्पूर्ण प्रतिफल प्राप्त किया गया हो, किसी क्रेता को पूर्णतः या अंशतः बेचे जाने के आशय से आर आर ई पी से भिन्न किसी रीएल एस्टेट प्रोजैक्ट (एतश्मिन पश्चात्‌ जिसे आर ई पी से संदर्भित किया गया है), जो कि 01-4-2019 से शुरू हुई हो या किसी चालू आरआरईपी में किसी प्रमोटर के द्वारा किए जाने वाले एफोर्डेेबल रेजीडेंशियल अपार्टमेंट्‌स से भिन्न रेजीडेंशियल अपार्टमेंट्‌स का निर्माण, जिसके बारे में प्रमोटर ने अपार्टमेंट के निर्माण पर नीचे दिए गए मद (ie) या (if) जैसी भी स्थिति हो, में निर्दिष्ट दरों पर राज्य कर के भुगतान के विकल्प का चयन विनिर्दिष्ट रूप से नहीं किया है। ( इस अधिसूचना के पैराग्राफ 2 के प्रावधान इस सेवा के मूल्यांकन पर लागू होंगे)। 3.75
वाले जून माह से अधिक विलंबित नहीं होगा। 2. न ली गयी आईटीसी के बारे में उसी प्रकार रिपोर्टिंग की जानी चाहिए जिस प्रकार GSTR- 3B [Row No.4 (D)(2)] में गैर-पात्र की रिपोर्टिंग की जाती है।
(ie) उपर्युक्त सारणी के क्रम संख्या 3 के समक्ष (iv) के उप-मद (ख), उप-मद (ग), मद उप-मद (घ), उप-मद (घक) और उप-मद (घख), मद (v) के उप-मद (ख), उप-मद (ग), उप-मद (घ) और उप-मद (घक) और उप-मद (घख); मद (vi) के उप-मद (ग) में विनिर्दिष्ट किसी स्कीम के अंतर्गत किसी प्रोजैक्ट में चल रहा निर्माण कार्य, जिसके बारे में प्रमोटर ने अपार्टमेंटस के निर्माण पर राज्य कर का भुगतान इस मद में निर्दिष्ट दर से करने के विकल्प का चयन किया है। (इस अधिसूचना के पैराग्राफ 2 के प्रावधान इस सेवा के मूल्यांकन पर लागू हाेंंगे)। 6 बशर्ते कि किसी चालू प्रोजैक्ट के बारे मे ं पंजीकृत व्यक्ति को एकबारगी तथा अनुबंध IV में दिये गए फॉर्म में यह विकल्प देना होगा कि वह किसी प्रोजैक्ट के अपार्टमेंट के निर्माण पर राज्य कर का भुगतान मद (ie) या (if) जैसी भी स्थिति हो में निर्दिष्ट दर से करेगा। इस विकल्प को उसे 10 मई, 2019 तक देना होगा; ब शर्ते और भी कि यदि 10 मई, 2019 तक तथा अनुबंध IV में दिये गये फॉर्म में यह विकल्प नहीं देता है तो यह मान लिया जाएगा कि उपर्युक्त मद उपयुक्त मद (i) या (ia) या (ib) या (ic) या (id) या जैसी भी स्थिति हो, में लागू दर से कर का भुगतान करने का विकल्प दे दिया है। ब शर्ते और भी कि ऐसे विकल्प का प्रयोग करने के पहले 01 अप्रैल, 2019 से लेकर 10 मई, 2019 तक की अवधि के दौरान सेवाओं की आपूर्ति के लिए इन्वॉइस को भी जारी किया जा सकता है, लेकिन ऐसे इन्वॉइस प्रयुक्त विकल्प के अनुसार ही होगा।
(if) किसी कॉम्पलेक्स, बिल्ंिडग, सिविल स्ट्रक्चर या उसके हिस्से का निर्माण, जिसमें शामिल हैं, - ( i) वाणिजियक अपार्टमेंटस (दुकानेंं, कार्यालय, गोदाम आदि) जो कि किसी प्रमोटर द्वारा आरआरईपी से भिन्न आर ई पी मे बनाए जा रहे ं हों, ( ii) किसी चालू प्रोजैक्ट में आवासीय अपार्टमेंटस, अफोर्डेेबल आपार्टमेंटस से भिन्न, जिसके बारे में प्रमोटर ने अपार्टमेंटस के निर्माण पर राज्य कर का भुगतान इस मद में निर्दिष्ट दर से करने के विकल्प का चयन किया है, ल ेकिन इसमे ं उपयुक्त मद (i), (ia), (ib), (ic), (id) और (ie) में विनिर्दिष्ट सेवाओं के माध्यम से की जाने वाली आपूर्ति शामिल नहीं है जिसका आशय क्रेता को पूर्णतः या अंशतः बिक्री करना है, उस स्थिति को छोड़कर जहां कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा, जहां भी जरूरी हो, पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया हो, उसके या प्रथम कब्जे, दोनों में जो भी पहले हो, के बाद सम्पूर्ण प्रतिफल प्राप्त कर लिया गया हो, न ोट.- किसी भी प्रकार के संदेह के निवारण के लिए यह स्पष्ट किया जाता है कि उपर्युक्त कॉलम 3 के मद (i), (ia), (ib), (ic), (id) और (ie) में विनिर्दिष्ट सेवाओं के माध्यम से की जाने वाली आपूर्ति पर कॉलम (4) में उनके समक्ष निर्धारित राज्य कर लगेगा बशर्ते की कालम (5) में उनके सामने विनिर्दिष्ट शर्तें लागू होंगी और इन पर इस प्रविष्टि के अंतर्गत और विनिर्दिष्ट दर लागू नहीं होगी। ( इस अधिसूचना के पैराग्राफ 2 के प्रावधान इस सेवा के मूल्यांकन पर लागू होंगे)। 9
4 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 6 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

(b) क्रम संख्या 3 के समक्ष,-

a. कॉलम (3) के मद (ii) को और कॉलम (4) और कॉलम (5) में दी गयी उससे सम्बन्धित प्रविष्टियों को निरसित कर दिया जाएगा;

b. कालम (3) के मद (iv) में,-

(1) अंक "2017", के पश्चात्‌ शब्द, कोष्ठक और अंक "उपर्युक्त मद (i), (ia), (ib), (ic), (id), (ie) और (if), में आने वालों से भिन्न" को अंतःस्थापित किया जाएगा;

c. कॉलम (3) के मद (अ) में, -

(1) अंंक "2017", के पश्चात्‌ शब्द, कोष्ठक और अंक "उपर्युक्त मद (i), (ia), (ib), (ic), (id), (ie) और (if), में आने वालों से भिन्न" को अंतःस्थापित किया जाएगा;

d. मद (v) के कॉलम (3), (4) और (5) में दी गई उससे सम्बन्धित प्रविष्टियों के पश्चात्‌ निम्नलिखित मदों और प्रविष्टियों को अंतःस्थापित किया जाएगा, यथा,-

(3) (4) (5)
(va) निर्माण अनुबंध की संयुक्त आपूर्ति, जो कि हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 2 के उपवाक्य (119) में यथा (i), (ia), परिभाषित हो जो कि "उपर्युक्त en (ib), (ic), (id), (ie) और (if) में आने वाले से भिन्न हो, जिसकी आपूर्ति नीचे दिये गए पैरा 4 के उपवाक्य (xvi) के उपवाक्य (a) में आने वाले एफोर्डेेबल रेजीडेंशियल अपार्टमेंट्‌स के कन्सट्रक्शन, इरेक्शन, कमीशनिंग, इन्स्टॉलेशन, कम्प्लीशन, फिटिंग आऊट, रिपेयर, मेंटेनेंस, रेनोवेशन या अल्ट्रेशन के द्वारा की गई हो और यह ऐसे प्रोजैक्ट में हो जो कि 01 अप्रैल, 2019 को या उसके बाद शुरू हुआ हो या जो कि पहले से ही शुरू हो जिसके बारे में प्रमोटर ने अपार्टमेंटस के निर्माण पर राज्य कर के भुगतान का मद (ie) या (if), जैसी भी स्थिति हो, में विनिर्दिष्ट दर से भरने का विकल्प इसमें विनिर्दिष्ट तरीके से न दिया हो। 6 बशर्ते कि ऐसे रेजीडेंशियल अपार्टमेंटस का कार्पेट एरिया, जो कि इस मद से सम्बन्धित कॉलम (3) की प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट हैं, उस प्रोजैक्ट के सभी अपार्टमे ंटस के कुल कार्पेट एरिया के 50ः से कम न हो-"; ब् ाशर्ते और भी कि इस बात का निर्धारण करने के लिए कि क्या कोई अपार्टमेंट नीचे दिए गए पैरा 4 के उपवाक्य (xvi) के उप उपवाक्य (a) के अंतर्गत आने वाले एफोर्डेवल रेजीडेंशियल अपार्टमेंट है या नहीं इसके लिए ऐसे अपार्टमेंटस का मूल्य उस अपार्टमेंटस के मूल्य के समान ही होना चाहिए जिनकी बुकिंग इस मद से सम्बन्धित कॉलम (3) की प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट सेवा की आपूर्ति के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाने की तारीख के बिलकुल नजदीक की गई हो। ब् ाशर्ते और भी कि यदि अंततः यह पता चलता है कि पूरी तरह से निर्मित होने के पहले या उसके बाद बुक किए गए या बिक्री किए गए एफोर्डेवल रेजीडेंशियल अपार्टमेंटस का कार्पेट
एरिया, जिसके लिए लगायी गई सकल राशि 45 लाख रुपये या इससे कम हो और वास्तविक कार्पेट एरिया नीचे दिए गए पैराग्राफ 4 के उपवाक्य (xvi) के उप उपवाक्य (a) में निर्धारित सीमा के भीतर हो, उस प्रोजैक्ट में सभी अपार्टमे ंट के कुल कार्पेट एरिया के 50% से कम हो तो सेवा का प्राप्तकर्ता अर्थात प्रमोटर रिवर्स चार्ज आधार पर उतनी राशि के कर का भुगतान करने का दायी होगा जो कि यदि यहां दर निर्धारित न की गई होती तो उस समय लागू दर पर सेवा पर किए जाने वाले कर और यहां निर्धारित दर पर वास्तविक रूप से भुगतान किए गए कर के बीच के अंतर के बराबर हो।

e. मद (vi) में, कॉलम (3) में, आंकड़े "2017" के बाद, शब्द, कोष्ठक और आंकड़े "मद (i), (ia), (ib), (ic), (id), (ie) और (if), उपरोक्त से भिन्न" को प्रतिस्थापित किया जाएगा।";

f. मद (xii) में, कॉलम (3) में, प्रविष्टि के लिए, निम्नलिखित प्रविष्टि को प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः-

" (xii) (i), (ia), (ib), (ic), (id), (ie), (if), (iii), (iv), (v), (va), (vi), (vii), (viii), (ix), (x) और (xi) उपरोक्त के अलावा अन्य निर्माण सेवाएं। ";

नोट.- संदेह को दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया गया है कि, मद (i), (ia), (ib), (ic), (id), (ie) और (if) कॉलम में निर्दिष्ट सेवाओं के माध्यम से आपूर्ति (3) उपरोक्त कॉलम (4) में उनके खिलाफ निर्दिष्ट शर्तों के अधीन राज्य कर को आकर्षित करेगा और कॉलम (5) में इस प्रविष्टि के तहत निर्दिष्ट दर पर लगाया नहीं जाएगा।"

(c) क्रम सं0 16 के समक्ष, कॉलम (3) में आईटम (ii) में, शब्दों, कोष्ठक और आंकड़ों के लिए "उप-मद (ख), उप-मद (ग), उप-मद (घ), उप-मद (घक) और मद (iv) का उप-मद (घख) उप-मद (ख), उप-मद (ग), उप-मद (घ) और मद (v) उप-मद (ख), उप-मद (ग), उप-मद (घ), उप-मद (घक); और मद (vi) का उप-मद(ग)", शब्द, कोष्ठक और आंकड़े "(i), (ia), (ib), (ic), (id), (ie) और (if)" प्रतिस्थापित किया जाएगा ;

(d) कॉलम (1) में क्रम संख्या 38 के बाद और कॉलम (2), (3), (4) और (5) में से सम्बन्धित प्रविष्टियां निम्नलिखित सीरियल नम्बर और प्रविष्टियों को सम्मिलित किया जाएगा; यथाः-

1 2 3 4 5
"39. अध्याय 99 विकास अधिकारों के अनुदान के माध्यम से सेवाओं या भूमि का दीर्घकालिक पट्‌टा (प्रीमियम, सलामी, विकास शुल्क आदि के रूप में अग्रिम भुगतान के समक्ष या एफएसआई (अतिरिक्त एफएसआई सहित), के अलावा अन्य सेवाओं की आपूर्ति, एक अपंजी—त व्यक्ति द्वारा एक प्रमोटर को प्रोजैक्ट के निर्माण के लिए, जिस पर हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर, अधिनियम, 2017 (2017 का 10) की धारा 9 की उप-धारा 4 के तहत सेवाओं के प्राप्तकर्ता द्वारा देय है, जैसा कि अधिसूचना स ंख्या 7/2019-राज्य कर(दर) तारीख 6 मई, 2019 हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में सं0 ई.एक्स.एन. 9 -'';
-एफ(10)-9/2019 के तहत तारीख 8-5-2019 को प्रकाशित में निर्धारित है। स् पष्टीकरण- यह प्रविष्टि उन सभी सेवाओं पर लागू करने के लिए ली जानी है, जो यहां निर्धारित शर्तों को पूरा करती ं कहीं अधिक विशिष्ट हैं, यद्यपि वे इस अधिसूचना मे अध्याय, अनुभाग या शीर्षक के अन्तर्गत की जा सकती हैं।
8 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

(iii) पैरा 2 में,-

(a) शब्द, कोष्ठक और आंकड़ों के लिए मद (iv) में "उप-मद (ख), उप-मद (ग), उप-मद(घ), उप-मद (घक) और मद के उप-मद (घख); मद (v) में उप-मद(ख); और उप-मद(ग), उप-मद(घ) और उप-मद (घक); और मद (vi) का उप-मद (ग)", शब्द, कोष्ठक और आंकड़े ''(i), (ia), (ib), (ic), (id), (ie) और (if)" प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(b) स्पष्टीकण में, "इस पैरा" शब्दों के पश्चात्‌ "और पैराग्राफ 2क" को अन्तःस्थापित किया जाएगा। (iv) पैरा 2 के पश्चात्‌, निम्नलिखित पैराग्राफ प्रस्थापित किया जाएगा, यथाः-

"2क. जैसा कि उपर्युक्त पैराग्राफ 2 में निर्दिष्ट है, जहां कि कोई पजींकृत व्यक्ति किसी अपार्टमेंट्‌स के निर्माण के रूप में किसी प्रतिफल के एवज में, अंशतः या पूर्णतः, किसी प्रमोटर के डेवलपमेंट राईट या एफएसआई (जिसमें अतिरिक्त एफएसआई भी शामिल है) का अंतरण करता है तो ऐसे अपार्टमेंटस से सम्बन्धित निर्माण सेवा के मूल्य के बारे में यह माना जाएगा कि उक्त प्रोजैक्ट में इसी प्रकार के अपार्टमेंटस के लिए किसी क्रेता, जो कि ऐसे डेवलपमेंट राईट या एफएसआई (जिसमें अतिरिक्त एफएसआई भी शामिल है) का अंतरण करने वाले से भिन्न हो, से उस तारीख के बिल्कुल नजदीक भारित कुल राशि घटा भू-अंतरण का मूल्य, यदि कोई हो, के बराबर होगी जिस तारीख को ऐसे डेवलपमेंट राईट या एफएसआई (जिसमें अतिरिक्त एफएसआई भी शामिल है) का अंतरण प्रमोटर को किया गया हो।";

(v) अनुच्छेद 4 में स्पष्टीकरण से सम्बन्धित, खंड (xii) के बाद, निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किए जाएंगे, यथाः-

"(xiii) "31-03-2019 को या उससे पहले बुक किया गया एक अपार्टमेंट" का अर्थ होगा एक अपार्टमेंट जो निम्नलिखित सभी तीन शर्तों को पूरा करता है, अर्थात्‌- (क) जिनके निर्माण की आंशिक आपूर्ति का समय 31-3-2019 या उससे पहले है (ख) 31-3-2019 को या उससे पहले कम से कम एक किस्त का भुगतान ऐसे पंजीकृत व्यक्ति के खाते में कर दिया गया हो, और (ग) एक आबंटन पत्र या बिक्री समझौते या अपार्टमेंट के बुकिंग से सम्बन्धित किसी अन्य समान दस्तावेज को 31-3-2019 को या उससे पहले जारी किया गया है।

(xiv) "अपार्टमेंट" शब्द का वही अर्थ होगा जो कि रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 में विनिर्दिष्ट किया गया है।

(xv) "प्रोजैक्ट" शब्द का अर्थ रियल एस्टेट प्रोजैक्ट (आरईपी) या आवासीय रियल एस्टेट प्रोजेक्ट (आरआरईपी) होगा।

(xvi) "एफोर्डेेबल आवासीय अपार्टमेंट " शब्द का अर्थ होगा,-9 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 (क) आवासीय अपार्टमेंट प्रोजेक्ट जो 01-4-2019 को या उसके बाद शुरू होती है, या चल रही प्रोजैक्ट जिसके संम्बन्ध में प्रमोटर ने क्रम सं0 3 के समक्ष मद (ie) या (if) में निर्दिष्ट दर से राज्य कर का भुगतान करने का विकल्प नहीं दिया है तो 01-4-2019 से पहले, महानगरीय शहरों में 60 वर्गमीटर या शहरों या कस्बों और महानगरों के अलावा अन्य शहरों में 90 वर्गमीटर से अधिक नहीं होनेे वाले कार्पेट क्षेत्र के लिए और जिसके लिए सकल राशि का शुल्क 45 लाख रुपए से अधिक नहीं है। इस खंड के प्रयोजन के लिए,- (i) मेटे्रापॉलिटन शहर बेंगलुरू, चेन्नई, दिल्ली एनसीआर (दिल्ली, नोएडा, गे्रटर नोएडा, गाजियाबाद, गुडगांंव, फरीदाबाद तक सीमित हैं), हैदराबाद कोलकाता और मुंबई (पूरे एमएमआर) अपनी-अपनी भौगोलिक सीमा के अनुसार इस संबंध में केन्द्र/राज्य सरकार एक आदेश द्वारा जारी किए गए हैं।

(ii) सकल राशि कुल योग होगी;-

क. ऊपर की तालिका के क्रम सं0 3 के समक्ष; मद में (i) और (ic) पर निर्दिष्ट सेवाओं के लिए कॉलम (3) के विरूद्ध विचार किया गया।

ख. भूमि के हस्तांतरण या भूमि के अविभाजित हिस्से के लिए ली गई राशि, जैसा कि मामला पट्‌टे या उप-पट्‌टे के माध्यम से शामिल हो सकता है; तथा ग. प्रमोटर द्वारा अपार्टमेंट के खरीदार से अधिमान्य स्थिति शुल्क, विकास शुल्क, पार्किंग शुल्क, सामान्य सुविधा शुल्क इत्यादि के अतिरिक्त अन्य शुल्क;

(ख) एक अपार्टमेंट और मद (iv) में "उप-मद(ख), उप-मद (ग), उप-मद(घ), उप-मद (घक) और मद के उप-मद (घख); मद (v) में उप-मद(ख); और उप-मद(ग), उप-मद(घ) और उप-मद (घक); और मद (vi) का उप-मद (ग) के ऊपर तालिका के क्रम सं0 3 के समक्ष, जिसके सम्बन्ध में प्रमोटर ने तालिका की क्रम संख्या (3) के समक्ष दिए गए मद (ie) या (if), जैसी भी स्थिति हो, में निर्दिष्ट दरों पर अपार्टमेंट के निर्माण पर राज्य कर का भुगतान करने का विकल्प नहीं चुना है।"

(xvii) "प्रवर्तक (प्रमोटर)" शब्द का अर्थ वही है जो रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 में इसे निर्दिष्ट किया गया है।

(xviii) "रियल एस्टेट प्रोजैक्ट (आरईपी)" शब्द का अर्थ वही है जो रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 में इसे निर्दिष्ट किया गया है।

(xix) "आवासीय रियल एस्टेट प्रोजैक्ट (आरआरईपी)" शब्द का अर्थ एक आरईपी होगा, जिसमें वाणिज्यिक अपार्टमेंट के कार्पेट क्षेत्र आरईपी में सभी अपार्टमेंट के कुल कार्पेट क्षेत्र का 15% से अधिक नहीं है।

(xx) शब्द "चल रही प्रोजैक्ट" का अर्थ होगा, एक ऐसी प्रोजैक्ट जो निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करती है, यथाः-

(क) जहां भी जरूरी हो वहां सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रोजेक्ट के प्रारम्भ होनेे का प्रमाण-पत्र 31 मार्च, 2019 को या उसके पहले जारी कर दिया गया है और निम्न में से किसी के भी द्वारा यह प्रमाणित किया गया हो कि इस प्रोजेक्ट का निर्माण 31 मार्च, 2019 को या उसके पहले शुरू हो गया है।

(i) वास्तुकार अधिनियम, 1972 के तहत गठित वास्तुकला की परिषद्‌ में पंजीकृत एक वास्तुकार; या10 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 (ii) इंस्टीच्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) में पंजीकृत एक चार्टर्ड इंजीनियर; या (iii) शहर या कस्बे या गांव या विकास या योजना प्राधिकरण के सम्बन्धित स्थानीय निकाय का एक लाइसैंस प्राप्त सर्वेक्षणकर्ता;

(ख) जहां कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रोजैक्ट से सम्बन्धित प्रारम्भ होनेे का प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की जरूरत न हो वहां उपर्युक्त उप उपवाक्य (a) में विनिर्दिष्ट किसी भी प्राधिकारी के द्वारा यह प्रमाणित किया गया है कि प्रोजैक्ट का निर्माण 31 मार्च, 2019 को या उसके पहले शुरू कर दिया गया है।

(ग) पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया है या प्रोजैक्ट का पहला कब्जा 31-03-2019 को या उससे पहले नहीं हुआ है;

(घ) प्रोजैक्ट के तहत बनाए जा रहे अपार्टमेंट आंशिक रूप से या पूर्ण रूप से 31-03-2019 को या उससे पहले बुक किए गए हैं।

स्पष्टीकरण.- उपर्युक्त उप उपवाक्य (क) और (ख) के उद्‌देश्य के लिए भवन के निर्माण को 31-3-2019 को या उससे पहले शुरू किया गया माना जाएगा यदि प्रोजैक्ट के लिए साईट तैयार करने का कार्य पूरा हो गया है और नींव की खुदाई 31-03-2019 को या उससे पहले शुरू हो गई है;

(xxi) "प्रारम्भ प्रमाण-पत्र" से अभिप्रायः उस प्रारम्भ प्रमाण-पत्र या बिल्ंिडग परमिट या कन्सट्रक्शन परमिट, जिस किसी भी नाम से इसे जाना जाता हो, से है जो कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी अचल सम्पत्ति पर स्वीकृत योजना के अनुसार निर्माण कार्य शुरू करने के लिए किसी प्रमोटर को अनुमति देने के आशय से जारी किया गया हो;

(xxii) "डेवलपमेंंट वक्र्स'' से अभिप्रायः ऐसे बाहरी डेवलपमेंट वक्र्स और आंतरिक डेवलपमेंट वक्र्स से है जो कि किसी अचल सम्पत्ति पर किए जाते हैं;

(xxiii) "एक्सटर्नल डेवलपमेंट वक्र्स" में रोड और रोड सिस्टम लैंडस्केपिंग, जल आपूर्ति, सीवेज और डे्रनेज सिस्टम, विद्युत आपूर्ति ट्रांसफॉर्मर, सब-स्टेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और डिस्पोजल या ऐसे अन्य कार्य आते हैं जिसे प्रोजैक्ट के लाभ के लिए इसके चारों ओर या बाहर, स्थानीय नियमों के अनुसार, किया जाना होता है;

(xxiv) "इन्टर्नल डेवलपमेंट वक्र्स" से अभिप्रायः सड़काेंं, फुटपाथ, जल आपूर्ति, सीवर, ड्रेन्स, पाक्र्स, वृक्षरोपण, स्ट्रीटलाईटिंग, सामुदायिक भवन की व्यवस्था सीवेज और सलेज वाटर का ट्रीटमेंट और डिस्पोजल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और डिस्पोजल, जल संरक्षण, ऊर्जा प्रबंधन, आग से सुरक्षा और आग से सुरक्षा सम्बन्धी जरूरतें, सामाजिक व बुनियादी सुविधाएं जैसे कि शिक्षा स्वास्थ्य और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं या ऐसे अन्य किसी कार्य से है जो कि स्वीकृत प्लान के अनुसार प्रोजैक्ट के लाभ के लिए किए जाते हैं;

(xxv) पद "सक्षम प्राधिकारी" जैसा कि "प्रारम्भ प्रमाण-पत्र" और "रेजीडेशियल अपार्टमेंट" की परिभाषा में उल्लिखित है, से अभिप्रायः ऐसे स्थानीय प्राधिकारी या अन्य किसी प्राधिकारी से है जिसका सृजन या स्थापना ऐसे किसी कानून के अन्तर्गत की गई हो जो उस समय केन्द्र सरकार या राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र की सरकार के द्वारा लागू किए गए हों, और जो कि अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसे भू-खण्ड पर प्राधिकार रखता हो और जिसको ऐसे अचल संपत्ति पर डेवलपमेंट कार्य की अनुमति देनेे की शक्ति प्राप्त हो;

(xxvi) "कालीन क्षेत्र (कार्पेट एरिया)" शब्द का अर्थ वही है जो कि रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 में निर्दिष्ट किया गया है।11 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 (xxvii) शब्द "रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी" का अर्थ होगा जो कि केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (2016 की संख्या 16) की धारा 20 (1) द्वारा स्थापित प्राधिकरण;

(xxviii) "01-04-2019 को या उसके बाद शुरू होने वाली प्रोजैक्ट" का अर्थ एक चल रहे प्रोजैक्ट के अलावा अन्य प्रोजैक्ट से होगा;

(xxix) "आवासीय अपार्टमेंट" शब्द का अर्थ आवासीय उपयोग के लिए अभिप्रेत अपार्टमेंट जैसा कि रेरा या सक्षम प्राधिकारी को घोषित किया गया है;

(xxx) "वाणिज्यिक अपार्टमेंट" का अर्थ वही होगा जो कि आवासीय अपार्टमेंट से भिन्न एक अपार्टमेंट होगा;

(xxxi) "फ्लोर स्पेस इन्डेक्स (एफएसआई)" से अभिप्रायः किसी भवन के कुल फ्लोर क्षेत्रफल (सम्पूर्ण फ्लोर क्षेत्रफल) और उस भू-खण्ड के क्षेत्रफल के अनुपात से है जिस पर कि ऐसे भवन का निर्माण हुआ हो।

2. यह अधिसूचना 1 अपै्रल, 2019 से प्रभावी होगी।

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अनुबंध-I आरआरईपी (RREP) से भिन्न रियल एस्टेट प्रोजैक्ट (REP)

रेजीडेंशियल रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट (RREP) से भिन्न किसी रियल एस्टेट प्रोजैक्ट (REP), में ऐसे आवासीय भाग के निर्माण से सम्बन्धित इनपुट टैक्स क्रेडिट, जिसके निर्माण की आपूर्ति का समय 01 अप्रैल, 2019 या उसके बाद है, की गणना सभी प्रोजैक्ट के लिए जिनका प्रारम्भ 01 अप्रैल, 2019 या उसके बाद हो रहा है या उन चालू प्रोजैक्टों, जिसके बारे में प्रमोटर ने क्रम सं0 3 के समक्ष दिये गये मद (ie) या (if), जैसी भी स्थिति हो के लिए विनिर्दिष्ट दर पर अपार्टमेंटस के निर्माण पर राज्य कर के भुगतान का विकल्प विनिर्दिष्ट तरीके से नहीं दिया है, वित्तीय वर्ष 2018-19 के समाप्त होने के बाद आने वाले सितम्बर महीने के रिटर्न को भरे जाने की देय तारीख से पहले, को प्रोजैक्टवार और निम्नलिखित तरीके से की जाएगी;

1. जहां 31-03-2019 को पूरा होने वाला % शून्य नहीं है या स्टॉक में इन्वेंट्री है।

(क) इनपुट आरै इनपुट सेवाआें पर इनपुट टैक्स क्रेडिट, जो कि आरईपी में चल रहे आवासीय भाग के निर्माण के लिए जिम्मेदार है, जिसका 01-4-2019 को या उसके बाद आपूर्ति का समय है, को Tx के रूप में निरूपित किया जा सकता है। Tx की गणना निम्नानुसार की जाएगीः Tx = T-Te जहां-

(i) T, वह कुल उपलब्ध ITC है (उपभोग किया गया अथवा नहीं) जिसे REP के निर्माण में 01-07-2017 से 31-3-2019 तक इनपुट और इनपुट सेवाओं के उपयोग पर जिसमें 01-07-2017 तक लिये गये संक्रमणकालीन क्रेडिट भी शामिल हैं।

(ii) Te (क) वाणिज्यिक हिस्से के निर्माण में और (ख) आवासीय हिस्से के निर्माण में, जिनका REP में आपूर्ति का समय 31-3-2019 से पहले है, से सम्बन्धित एलिजिबल (पात्र) इनपुट टैक्स क्रेडिट है।

(ख) Te की गणना निम्नानुसार की जाएगीः12 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 Te = Tc+Tr जहां,-

Tc वह ITC है जो कि REP में वाणिज्यिक हिस्से के निर्माण से सम्बन्धित है, जिसकी गणना निम्न प्रकार से की जाती हैः

Tc= T* (REP में वाणिज्यिक अपार्टमेंटों का कुल कालीन क्षेत्र/आरईपी में वाणिज्यिक और आवासीय अपार्टमेंट का कुल कालीन क्षेत्र) और

Tr वह ITC है जो कि REP में आवासीय हिस्से के निर्माण पर लगाया जाना है, जिसकी आपूर्ति का समय 31-03-2019 को या उससे पहले है और जिसकी गणना निम्नानुसार की जाएगी,

Tr= T* F1 * F2 * F3 * F4 जहां, -

आरईपी में आवासीय अपार्टमेंट का कालीन क्षेत्र

F1= ------------------------------------------------- आरईपी में वाणिज्यिक और आवासीय अपार्टमेंट का कुल कालीन क्षेत्र

31-3-2019 को या उससे पहले बुक किये गए आवासीय अपार्टमेंट का कुल कालीन क्षेत्र F2= ------------------------------------------------- आरईपी में आवासीय अपार्टमेंट का कुल कालीन क्षेत्र

31-03-2019 को या उससे पहले बुक किए गए आवासीय अपार्टमेंट के निर्माण की आपूर्ति का ऐसा मूल्य जिसकी आपूर्ति का समय 31-03-2019 को या उससे पहले है

F3= -------------------------------------------------

31-03-2019 को या उससे पहले बुक किए गए आवासीय अपार्टमेंंट के निर्माण की आपूर्ति का कुल मूल्य ( F3 बुक किए गए आवासीय अपार्टमेंट के चालान के प्रतिशत के कारण हैं)

F4= ------------------------------------------------- 31-03-2019 तक निर्माण पूर्ति का :

चित्रणः जहां निर्माण का पांचवां (बीस प्रतिशित) पूरा हो चुका है, F4= 100 20त्र 5 होगा। स्पष्टीकरण.- "31-03-2019 तक निर्माण पूर्ति का %" का वही अर्थ होगा जो कि रीयल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण को रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 4 व धारा 11 के अन्तर्गत घोषित किया गया है और जहां रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण को घोषित करने की आवश्यकता नहीं है, क्योकि वहां चार्टर्ड इंजीनियर जो इंस्टीच्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) में पंजीकृत हो या एक वास्तुकार, जो कि वास्तुकार अधिनियम, 1972 का 20 में पंजीकृत हो द्वारा निर्धारित और प्रमाणित किया गया हो। (ग) एक पंजीकृत व्यक्ति के पास (बी) से ऊपर दिए गए तरीके के बजाय नीचे दिए गए तरीके से 'Te' की गणना करने का विकल्प होगा,-

Te की गणना निम्नानुसार की जाएगीः Te= Tc+ T1 + Tr

जहां, - Tc वह ITC है जो कि REP में वाणिज्यिक हिस्से के निर्माण पर लगाया जाना है, जिसकी गणना निम्न प्रकार से की जाती हैः13 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 Tc= T3* (आरईपी में वाणिज्यिक और आवासीय अपार्टमेंट कालीन क्षेत्र/वाणिज्यिक अपार्टमेंट का कुल कालीन क्षेत्र);

जिसमें T3= T- ( T1 + T2) T1= आरईपी में वाणिज्यिक भाग के निर्माण के लिए आईटीसी विशेष रूप से लगाया जाना है।

T2= आरईपी में आवासीय भाग के निर्माण के लिए आईटीसी विशेष रूप से लगाया जाना है। तथा Tr वह ITC है जो कि REP में आवासीय हिस्से के निर्माण पर लगाया जाना है, जिसकी आपूर्ति का समय 31-3-2019 को या उससे पहले है और जिसकी गणना निम्नानुसार की जाएगी,

Tr= (T3 +T2) * F1 * F2 * F3 * F4 या Tr= (T -T1) * F1 * F2 * F3 * F4

(घ), Tx 'और Te' की राशि केन्द्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्य क्षेत्र कर और एकीकृत कर के इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए अलग से गणना की जाएगी।

(ङ) जहां, Tx सकारात्मक है, यानी Te

स्पष्टीकरण.- पंजीकृत व्यक्ति FORM GST DRC- 20 में एक आवेदन दायर कर सकता है, जिसमें करों के भुगतान के लिए समय का विस्तार करने या देय राशि के लिए या धारा 80 के प्रावधानों के अनुसार इस तरह के करों या किस्तों में राशि का भुगतान करने की अनुमति है। कमिश्नर फार्म जीएसटी डीआरसी-21 में एक आदेश जारी कर सकता है जो कर योग्य व्यक्ति को भुगतान करने और/या ऐसी मासिक किस्तों में राशि का भुगतान करने की अनुमति देता है, चौबीस माह से अधिक नहीं, अथवा जो भी उपयुक्त हो। (च) जहां Tx नकारात्मक है, यानी Te>T, पंजीकृत व्यक्ति Te और T के बीच अंतर की सीमा तक, आरईपी में आवासीय भाग के निर्माण के लिए 01-04-2019 को या उसके बाद प्राप्त वस्तुओं और सेवाओं पर आईटीसी लेने के लिए पात्र होगा।

(छ) पंजीकृत व्यक्ति Tc की गणना कर सकता है और वाणिज्यिक अपार्टमेंट पर कर के भुगतान के लिए Tc की सीमा तक क्रेडिट का उपयोग कर सकता है, जब तक कि Tx का पूरा लेखा-जोखा बाहर निकाला और जमा नहीं किया जाता है।

(ज) जहां कार्य के पूरा होने की प्रतिशतता शून्य हो लेकिन प्रोजैक्ट के लिए प्राप्त माल एवं सेवाओं पर आईटीसी को 31 मार्च, 2019 को या उसके पहले प्राप्त कर लिया हो वहां 01 अप्रैल, 2019 को या उसके बाद की आपूर्ति समय वाली आवासीय हिस्से के निर्माण पर देय इनपुुट टैक्स क्रेडिट की गणना की जायेगी और Tx के बराबर की राशि का भुगतान किया जायेगा या उपर्युक्त तरीके से उसकी क्रेडिट ली जाएगी, जैसी भी स्थिति हो, इस संशोधन के साथ कि F4 की गणना के लिए कार्य के पूरा होने की प्रतिशतता को उस प्रतिशतता के रूप में माना जायेगा जो कि, किसी ऐसे वास्तुकार के द्वारा जो कि वास्तुकार अधिनियम, 1972 (1972 का 20) के तहत पंजीकृत हो या किसी चार्टर्ड इंजीनियर द्वारा, जो कि इन्स्टीच्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) में पंजीकृत हो, प्रमाणित किया गया हो और इसे 31 मार्च, 2019 को प्राप्त इनपुट सेवाओं या स्टॉक के इनपुट पर प्राप्त किया जा सकता है। 14 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 2. जहां 31 मार्च, 2019 को कार्य के पूरा होने का प्रतिशत शून्य हो, लेकिन इन्वॉसिंग हुई हो जिसकी आपूर्ति का समय 31 मार्च, 2019 के पहले हो और 31 मार्च, 2019 तक कोई भी इनपुट सेवा या इनपुट प्राप्त न किया गया हो, वहां "Te" की गणना निम्नानुसार की जाएगीः-

(क) इनपुट और इनपुट सेवाओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट, जो चल रहे आरईपी में आवासीय भाग के निर्माण पर लगाया जाना है, जिसकी आपूर्ति का समय 31-3-2019 को या उससे पहले है, जिसे T के रूप में निरूपित किया जा सकता है जिसकी गणना निम्नानुसार की जाएगी,-

Te= Tc+ Tr जहां, - Tc वह ITC है जो कि REP में वाणिज्यिक हिस्से के निर्माण पर लगाया जाना है, जिसकी आपूर्ति का समय 31-03-2019 को या उससे पहले है और जिसकी गणना निम्नानुसार की जाएगी,

TC= Tn * (REP में वाणिज्यिक अपार्टमेंट का कार्पेट क्षेत्र/REP में वाणिज्यिक और आवासीय अपार्टमेंट का कुल कालीन क्षेत्र) और Tr वह ITC है जो कि REP में आवासीय हिस्से के निर्माण पर लगाया जाना है, जिसकी आपूर्ति का समय 31-03-2019 को या उससे पहले है और जिसकी गणना निम्नानुसार की जाएगी,-

Tr = Tn * F1* F2 * F3 जहां,- Tn = ऐसे इनपुटस और इनपुट सेवाओं पर कर का भुगतान जिसका ITC हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम के तहत उपलब्ध है, जो कि 2019-20 में निर्माण करने पर प्राप्त हुआ हो, F1, F2 और F3 उपरोक्त के समान होंगे।

(ख) ऐसा पंजीकृत व्यक्ति आरईपी में आवासीय हिस्से के निर्माण के लिए 01 अप्रैल, 2019 को या उसके बाद प्राप्त उन माल और सेवाओं पर Te की राशि के बराबर आईटीसी को प्राप्त करने का हकदार होगा, जिसके लिए वह अन्यथा पात्र न होता।

(ग) 'Te' राशि की गणना केन्द्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्य क्षेत्र कर और एकीकृत कर के इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए अलग से की जाएगी।

3. पैराग्राफ 1 या पैराग्राफ 2 में निहित किसी भी बात के बावजूद, निम्नलिखित के रूप में Te निम्नलिखित परिस्थितियों में निर्धारित किया जाएगाः

(i) जहां इनवॉयसिंग का प्रतिशत कार्य के पूर्ण होनेे के प्रतिशत से अधिक हो और निर्माण के प्रतिशत के पूरा होने के बीच का अंतर 25 प्रतिशत से अधिक है; प्रतिशत चालान का मूल्य प्रतिशत पूर्णता और 25 प्रतिशत अंक माना जाएगा;

(ii) जहां 31-03-2019 को या 31-03-2019 से पहले जारी किए गए चालानों का मूल्य वास्तविक प्राप्त विचार के 25 प्रतिशत से अधिक है; प्रतिशत इनवॉइस के निर्धारण के उद्‌देश्य से ऐसे चालानों के मूल्य को प्राप्त किए गए विचारणीय मान एवं प्राप्त वास्तविक विचार का 25 प्रतिशत के योग के समान माना जाएगा; तथा

(iii) जहां 01-04-2019 से पहले इनपुट और इनपुट सेवाओं की खरीद का मूल्य 31-03-2019 को पूरा किए गए निर्माण के प्रतिशत में उपयोग किए गए, इनपुट और इनपुट सेवाओं की वास्तविक खपत के मूल्य से 25 प्रतिशत अधिक है, न्यायिक आयुक्त या इस सम्बन्ध में प्राधिकृत कोई अन्य अधिकारी इस सम्बन्ध में लेखांकन के स्वीकृत सिद्धांतों के अनुसार प्रमोटर द्वारा प्रस्तुत चार्टर्ड एकाऊंटेंट या लागत लेखाकार द्वारा प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर इनपुट और इनपुट सेवाओं और स्टॉक में वास्तविक प्रति यूनिट खपत के आधार पर Te को ठीक कर सकता है।15 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 दृष्टांतः 1

क्र. सं. REP का ब्यौरा (आवासीय + वाणिज्यिक)
क ख ग घ
1. प्रोजैक्टस के अपार्टमेंट्‌स की संख्या 100 इकाई
2. प्रोजैक्टस के आवासीय अपार्टमेंटस की संख्या 75 इकाई
3. आवासीय अपार्टमेंटस का कार्पेट एरिया 70 वर्ग मीटर
4. आवासीय अपार्टमेंटस का कुल कार्पेट एरिया C2 * C3 5250 वर्ग मीटर
5. प्रत्येक आवासीय अपार्टमेंटस का मूल्य 0.60 करोड़
6. आवासीय अपार्टमेंटस का कुल मूल्य C2 * C5 45.00 करोड़
7. परियोजना के वाणिज्यिक अपार्टमेंटस की संख्या 25 इकाई
8. वाणिज्यिक अपार्टमेंटस का कार्पेट एरिया 30 वर्ग मीटर
9. वाणिज्यिक अपार्टमेंटस का कुल कार्पेट एरिया C7 * C8 750 वर्ग मीटर
10. प्रोजैक्ट (आवासीय + वाणिज्यिक) का कुल कार्पेट एरिया। C4 + C9 6000 वर्ग मीटर
11. 01-04-2019 तक कार्य के पूरा होने का प्रतिशत (RERA द्वारा यथाघोषित या चार्टर्ड इंजींनियर द्वारा यथानिर्धारित)। 20%
12. अंतरण के पूर्व बुक हुए आवासीय अपार्टमेंटस की संख्या। 40 इकाई
13. अंतरण के पूर्व बुक हुए आवासीय अपार्टमेंटस का कुल कार्पेट एरिया। C12 * C3 2800 वर्ग मीटर
14. बुक हुए आवासीय अपार्टमेंट्‌स का मूल्य C5 * C12 24 करोड़
15. 31-03-2019 को या उसके पहले बुक हुए आवासीय अपार्टमेंट्‌स का प्रतिशत इनवॉयसिंग। 20%
16. आवासीय अपार्टमंटस, जिनमें अंतरण के पूर्व आपूर्ति का अंतरण निहित हो, की आपूर्ति का क ुल मूल्य C14 * C15 4.8 करोड़
17. ITC जिसको कि अंतरण पर वापस करना है, Tx= T-Te
18. पात्र ITC (Te) = Tc + Tr
19. T (*कृपया नीचे दिए गए नोटस को देखें) 1 करोड़
20. Tc= Tx (REP के वाणिज्यिक अपार्टमेंटस का कार्पेट एरिया/REP वाणिज्यिक और आवासीय अपार्टमेंटस का कुल कार्पेट एरिया)। C19 * (C9/C10) 0.125 करोड़
21. Tr=Tx F1 x F2 x F3 x F4
22. F1 C4/C10 0.875
23. F2 C13/C4 0.533
24. F3 C16/C14 0.200
25. F4 1/C11 5
26. Tr=Tx F1 x F2 x F3 x F4 C19* C22* C23* C24* C25 0.467 करोड़
27. पात्र ITC (Te)=Tc+Tr C26 + C20 0.592 करोड़
28. ITC जिसे अंतरण पर वापस करना है, Tx= T- Te C19-C27 0.408 करोड़

* नोट.- 1. C19 के T मूल्य का आंकलन इनपुटस के भारित औसत कर पर आधारित दृष्टांत के किए किया गया है।

2. वास्तिविक व्यवहार में पंजीकृत व्यक्ति 1-7-2017 से अथवा प्रोजैक्टस के प्रारंभ से, इनमें से जो भी बाद में हो, से प्रारंभ होने वाली कर अवधि से सम्बन्धित GSTR-3B में यथाघोषित संपूर्ण ITC को और हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 140 के अन्तर्गत ली गई अंतरण क्रेडिट को T का मूल्य मानेगा।

दृष्टांतः 2

क्र. सं. REP का ब्यौरा (आवासीय + वाणिज्यिक)
क ख ग घ
1. प्रोजैक्टस के अपार्टमेंटस की संख्या 100 इकाई
2. प्रोजैक्टस के आवासीय अपार्टमेंट्‌स की संख्या 75 इकाई
3. आवासीय अपार्टमेंटस का कार्पेट एरिया 70 वर्ग मीटर
4. आवासीय अपार्टमेंटस का कुल कार्पेट एरिया C2 * C3 5250 वर्ग मीटर
5. प्रत्येक आवासीय अपार्टमेंटस का मूल्य 0.60 करोड़
6. आवासीय अपार्टमेंटस का कुल मूल्य C2 * C5 45.00 करोड़
7. परियोजना के वाणिज्यिक अपार्टमेंट्‌स की स ं ख्या। 25 इकाई
8. वाणिज्यिक अपार्टमेंटस का कार्पेट एरिया 30 वर्ग मीटर
9. वाणिज्यिक अपार्टमेंटस का कुल कार्पेट एरिया C7 * C8 750 वर्ग मीटर
10. प्रोजैक्ट (आवासीय + वाणिज्यिक) का कुल कार्पेट एरिया C4 + C9 6000 वर्ग मीटर
11. 01-04-2019 तक कार्य के पूरा होने का प्रतिशत (RERA द्वारा यथाघोषित या चार्टर्ड इंजींनियर द्वारा यथानिर्धारित)। 20%
12. अंतरण के पूर्व बुक हुए आवासीय अपार्टमेंटस की संख्या। 40 इकाई
13. अंतरण के पूर्व बुक हुए आवासीय अपार्टमेंटस का कुल कार्पेट एरिया। C12 * C3 2800 वर्ग मीटर
14. बुक हुए आवासीय अपार्टमेंट्‌स का मूल्य C5 * C12 24 करोड़
15. 31-03-2019 को या उसके पहले बुक हुए आवासीय अपार्टमेंटस का प्रतिशत इनवॉयसिंग। 60%
16. आवासीय अपार्टमेंटस, जिनमे ं अंतरण के पूर्व आपूर्ति का अंतरण निहित हो, की आपूर्ति का क ुल मूल्य। C14 * C15 4.8 करोड़
17. ITC जिसको कि अंतरण पर वापस करना है, Tx=T-Te
18. पात्र ITC (Te) = Tc + Tr
19. T (*कृपया नीचे दिए गए नोटस को देखें) 1 करोड़
20. Tc= Tx (REP के वाणिज्यिक अपार्टमेंटस का कार्पेट एरिया/REP वाणिज्यिक और आवासीय अपार्टमेंटस का कुल कार्पेट एरिया) C19 * (C9/C10) 0.125 करोड़
21. Tr=Tx F1 x F2 x F3 x F4
22. F1 C4/C10 0.875
23. F2 C13/C4 0.533
24. F3 C16/C14 0.200
25. F4 1/C11 5
26. Tr=Tx F1 x F2 x F3 x F4 C19* C22* C23* C24* C25 1.400 करोड़
27. पात्र ITC (Te)=Tc+Tr C26 + C20 1.525 करोड़
28. ITC जिसको कि अंतरण पर वापस/लिया जाना है, Tx=T-Te C19-C27 0.525 करोड़
29. % इनवायसिंग vis-a-vis Pc पर सीमा लगाने क े पश्चात्‌ कर।
30. % पूरा होना 20%
31. % इनवायसिंग 60%
32. % ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌ इनवायसिंग (Pc+25%) C11+25% 45%
33. आवासीय अपार्टमेंट्‌स, जिनमें अंतरण के पूर्व आपूर्ति का अंतरण निहित हो, की आपूर्ति का क ुल मूल्य C14*C32 10.80 करोड़
34. ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌ F3 C33/C14 0.45
35. Tr=Tx F1 x F2 x F3 x F4 (ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात) C19* C22* C23* C34* C25 1.05 करोड़
36. Eligible ITC (Te)=Tc+Tr (ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌) C20 + C35 1.18 करोड़
37. ITC जिसको के अंतरण पर वापस/लिया जाना है, Tx=T- Te (ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌) C19 + C36 -0.18 करोड़
38. % इनवायसिंग vis-a-vis Pc पर ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌ कर तथा भुगतान की प्राप्ति।
39. % ऊपरी सीमा (Pc+25%) के लागू किए जाने क े पश्चात्‌ % इनवायसिंग। 45%
40. आवासीय अपार्टमेंटस, जिनमें अंतरण के पूर्व आपूर्ति का अंतरण निहित हो, की आपूर्ति का क ुल मूल्य। C33 10.80 करोड़
41. प्राप्त प्रतिफल 8.00 करोड़
42. ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌ आवासीय अपार्टमेंटस जिनमें अंतरण के पूर्व आपूर्ति का अंतरण निहित को, की आपूर्ति का क ुल मूल्य vis-a-vis प्राप्त प्रतिफल। 8cr+25% of 8 Cr 10.00 करोड़
43. दोनों प्रकार की ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌ F3 C42/C14 0.42
44. Tr=T x F1 x F2 x F3 x F4 (दोनाें प्रकार की ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌) C19* C22* C23* C43* C25 0.97
45. पात्र ITC(Te)= Tc+Tr (दोनों प्रकार की ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌)। C20 + C44 1.10
46. ITC जिसे अंतरण पर वापस/लिया जाना है, Tx=T- Te (दोनों प्रकार की ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌)। C19-C45 -0.10 करोड़

* नोट.- 1. C19 के T मूल्य का आंकलन इनपुटस के भारित औसत कर पर आधारित दृष्टांत के किए किया गया है।

2. वास्तिविक व्यवहार में पंजीकृत व्यक्ति 1-7-2017 से अथवा प्रोजैक्टस के प्रारंभ से, इनमें से जो भी बाद में हो, से प्रारंभ होने वाली कर अवधि से सम्बन्धित GSTR-3B में यथाघोषित संपूर्ण ITC को और हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 140 के अन्तर्गत ली गई अंतरण क्रेडिट को T का मूल्य मानेगा।

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अनुबंध-II

आवासीय रीयल एस्टेट प्रोजैक्ट (आरआरईपी)

किसी रेजीडेशियल रीयल एस्टेट प्रोजैक्ट (RREP) में ऐसे आवासीय और वाणिज्यिक भाग के निर्माण से सम्बन्धित इनपुट टैक्स क्रेडिट, जिसके निर्माण की आपूर्ति का समय 01 अप्रैल, 2019 या उसके बाद है, के निर्माण से सम्बन्धित इनपुट टैक्स क्रेडिट की गणना सभी प्रोजैक्ट के लिए, जिनका प्रारम्भ 01 अप्रैल, 2019 या उसके बाद हो रहा हो या उन चालू प्रोजैक्टों, जिसके बारे में प्रमोटर ने क्रम सं0 3 के समक्ष दिये गये मद (ie) या (if), जैसी भी स्थिति हो के लिए विनिर्दिष्ट दर पर अपार्टमेंटस के निर्माण पर राज्य कर के भुगतान का विकल्प विनिर्दिष्ट तरीके से नहीं दिया है, से तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 के समाप्त होने के बाद आने वाले सितम्बर महीने के रिटर्न को भरे जाने की देय तारीख से पहले, को प्रोजैक्टवार और निम्नलिखित तरीके से की जाएगी;

19 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

1. जहां 31-03-2019 को पूरा होने वाला % शून्य नहीं है या स्टॉक में इन्वेंट्री है।

(क) सत्‌त आरआरईपी में आवासीय और वाणिज्यिक हिस्से के निर्माण के लिए इनपुट और इनपुट सेवाओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट, जिसका 01-4-2019 को या उसके बाद आपूर्ति का समय है, को Tx के रूप में निरूपित किया जा सकता है। Tx की गणना निम्नानुसार की जाएगीः-

Tx = T-Te जहां,- (i) T कुल आरटीसी के निर्माण और उपयोग में ली गई कुल आईटीसी 01-07-2017 से 31-3-2019 तक आरआरईपी के निर्माण में उपयोेग की गई इनपुट और इनपुट सेवाओं पर प्राप्त की गई है, जिसमें 01-07-2017 को लिया गया संक्रमणकालीन क्रेडिट भी शामिल है;

(ii) Te वाणिज्यिक हिस्से के निर्माण में और आवासीय हिस्से के निर्माण, जिनका RREP में आपूर्ति का समय 31-3-2019 से पहले है, से सम्बन्धित एलिजिबल (पात्र) इनपुट टैक्स क्रेडिट है। (ख) Te की गणना निम्नानुसार की जाएगीः- Te = T* F1* F2 * F3 * F4

जहां, - F1= आरआरईपी में आवासीय और वाणिज्यिक अपार्टमेेंट का कालीन क्षेत्र आरआरईपी में अपार्टमेंट का कुल कालीन क्षेत्र (किसी आवासीय रीयल एस्टेट प्रोजक्ट के मामले में, "F1" का मूल्य 1 होगा)

दिनांक 31-3-2019 को या उससे पहले आवासीय अपार्टमेंट का कुल कालीन क्षेत्रबुक किया गया F2= ----------------------------------------------------- आरआरईपी में आवासीय अपार्टमेंट का कुल कालीन क्षेत्र

दिनांक 31-03-2019 को या उससे पहले बुक किए गए आवासीय अपार्टमेेंट के निर्माण की आपूर्ति का ऐसा मूल्य जिसकी आपूर्ति 31-03-2019 को या उससे पहले हो।

F3= ---------------------------------------------------- दिनांक 31-03-2019 को या उससे पहले बुक किए गए आवासीय अपार्टमेंट के निर्माण की आपूर्ति का कुल मूल्य

( F3 बुक किए गए आवासीय अपार्टमेंट के प्रतिशत चालान के लिए जिम्मेदार हैं)

F4= ----------------------------------------------------- दिनांक 31-03-2019 को निर्माण का : पूरा करना

चित्रणः जहां निर्माण का पांचवां हिस्सा (बीस प्रतिशत) पूरा हो चुका है, F4= 100 20= 5 होगा। स्पष्टीकरण.- "31-03-2019 तक निर्माण पूर्ति का %" का वही अर्थ होगा जो कि रीयल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण का रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 4 व धारा 11 के अन्तर्गत घोषित किया गया है और जहां रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण को घोषित करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वहां चार्टर्ड इंजीनियर जो कि इंस्टीच्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) में पंजीकृत हो या एक वास्तुकार, जो कि वास्तुकार अधिनियम, 1972 (1972 का 20) में पंजीकृत हो, द्वारा निर्धारित और प्रमाणित किया गया हो। 20 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 (ग) 'Tx' और 'Te' राशियों की गणना केन्द्रीय कर, राज्य कर, केन्द्र शासित प्रदेश कर और एकीकृत कर के इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए अलग से की जाएगी।

(घ) जहां, टीएक्स धनात्मक है, अर्थात्‌ Te

स्पष्टीकरण.- पंजीकृत व्यक्ति करों के भुगतान या देय किसी भी राशि के विस्तार की अवधि या ऐसे करों या भुगतान की अनुमति के लिए किस्तों में 80 की धाराओं के अनुसार फार्म जीएसटी DRC-20 में एक आवेदन दायर कर सकता है। आयुक्त फार्म जीएसटी DRC- 21 में एक आदेश जारी कर सकता है, जो कर योग्य व्यक्ति को भुगतान करने और/या ऐसी मासिक किस्तों, जो चौबीस से अधिक नहीं हों, क्योंकि वह फिट हो सकता है, में राशि का भुगतान करने की अनुमति देता है।

(ङ) जहां, Tx नकारात्मक है, अर्थात्‌ Te>T, पंजीकृत व्यक्ति, Te और T के बीच अंतर की सीमा तक, आरआरईपी के निर्माण के लिए दिनांंक 01-4-2019 को या उसके बाद प्राप्त वस्तुओं और सेवाओं पर आईटीसी लेने का पात्र होगा।

(च) जहां कार्य के पूरा होने की प्रतिशतता शून्य हो लेकिन प्रोजैक्ट के लिए प्राप्त माल और सेवाओं पर आईटीसी को 31 मार्च, 2019 को या उसके पहले प्राप्त कर लिया हो वहां 01 अप्रैल, 2019 को या उसके बाद की आपूर्ति समय वाली आवासीय हिस्से के निर्माण पर दये इनपुट टैक्स क्रेडिट की गणना की जाएगी और Tx के बराबर की राशि का भुगतान किया जाएगा या उपर्युक्त तरीके से उसकी क्रेडिट ली जाएगी, जैसी भी स्थिति हो, इस संशोधन के साथ कि F4 की गणना के लिए कार्य के पूरा होने की प्रतिशता को उस प्रतिशतता के रूप में माना जाएगा जो कि किसी ऐसे वास्तुकार के द्वारा जो कि वास्तुकार अधिनियम, 1972 (1972 का 20) के तहत पंजीकृत हो या किसी चार्टर्ड इंजीनियर द्वारा, जो कि इन्स्टीच्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) में पंजीकृत हो, प्रमाणित किया गया हो और इसे 31 मार्च, 2019 को प्राप्त इनपुट सेवाओं या स्टॉक के इनपुट पर प्राप्त किया जा सकता है।

2. जहां 31 मार्च, 2019 को कार्य के पूरा होने का प्रतिशत शून्य हो, लेकिन इन्वॉयसिंग हुई हो जिसकी आपूर्ति का समय 31 मार्च, 2019 के पहले हो और 31 मार्च, 2019 तक कोई भी इनपुट सेवा या इनपुट प्राप्त न किया गया हो, वहां "Te" की गणना निम्नानुसार की जाएगीः-

(क) सत्‌त आरआरईपी में आवासीय और वाणिज्यिक हिस्से के निर्माण के लिए इनपुट और इनपुट सेवाओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट, जिसमें 31-03-2019 को या उसके बाद आपूर्ति का समय है, टीई के रूप में चिन्हित किया जा सकता है जिसकी गणना निम्नानुसार की जाएगी,-

Te = Tn * F1 * F2 * F3 जहां, -

Tn= ऐसे इनपुट और इनपुट सेवाओं पर कर का भुगतान किया जाता है जिस पर आरआरईपी में आवासीय और वाणिज्यिक अपार्टमेंट के निर्माण के लिए 2019-20 में प्राप्त सीजीएसटी अधिनियम के तहत आईटीसी उपलब्ध है।

F1, F2 और F3 उपरोक्त के समान होंगे।

(ख) ऐसा पंजींकृत व्यक्ति आरईपी में आवासीय हिस्से के निर्माण के लिए 01 अप्रैल, 2019 को या उसके बाद प्राप्त उन माल और सेवाओं पर Te की राशि के बराबर आईटीसी को प्राप्त करने का हकदार होगा, जिसके लिए वह अन्यथा पात्र न होता।

(ग) 'Te' राशि की गणना केन्द्रीय कर, राज्य कर, केन्द्र शासित प्रदेश कर और एकीकृत कर के इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए अलग से की जाएगी।21 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 3. पैराग्राफ 1 या पैराग्राफ 2 में निहित किसी भी चीज के बावजदू, टीई निम्नलिखित स्थितियों में निम्नानुसार निर्धारित किया जाएगाः

(i) जहां इनवॉयसिंग का प्रतिशत कार्य के पूर्ण होनेे के प्रतिशत से अधिक हो और निर्माण के प्रतिशत के पूरा होनेे के बीच का अंतर 25 प्रतिशत अंक से अधिक है; प्रतिशत चालान का मूल्य प्रतिशत पूर्णता और 25 प्रतिशत अंक माना जाएगा;

(ii) जहां 31-03-2019 या 31-03-2019 से पहले जारी किए गए चालानों का मूल्य वास्तविक प्राप्त विचार के 25 प्रतिशत से अधिक है; प्रतिशत इनवॉइस के निर्धारण के उद्‌देश्य से ऐसे चालानों के मूल्य को प्राप्त किए गए विचारणीय मान एवं प्राप्त वास्तविक विचार का 25 प्रतिशत के योग के समान माना जाएगा; तथा

(iii) जहां 01-04-2019 से पहले इनपुट और इनपुट सेवाओं की खरीद का मूल्य 31-03-2019 को पूरा किए गए निर्माण के प्रतिशत में उपयोग किए गए, इनपुट और इनपुट सेवाओं की वास्तविक खपत के मूल्य से 25 प्रतिशत अधिक है, न्यायिक आयुक्त या इस सम्बन्ध में प्राधिकृत कोई अन्य आधिकारी इस सम्बन्ध में लेखांक न के स्वीकृत सिद्धांतों के अनुसार प्रमोटर द्वारा प्रस्तुत चार्टर्ड एकाऊंटेंट या लागत लेखाकार द्वारा प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर इनपुट और इनपुट सेवाओं और स्टॉक में वास्तविक प्रति यूनिट खपत के आधार पर Te को ठीक कर सकता है। दृष्टांतः 1

क्र. सं. आवासीय प्रोजैक्ट (RREP) का ब्यौरा
क ख ग घ
1. प्रोजैक्टस के अपार्टमेंट्‌स की संख्या 100 इकाई
2. प्रोजैक्टस के आवासीय अपार्टमेंट्‌स की संख्या 100 इकाई
3. आवासीय अपार्टमेंटस का कार्पेट एरिया 70 वर्ग मीटर
4. आवासीय अपार्टमेंटस का कुल कार्पेट एरिया C2 * C3 7000 वर्ग मीटर
5. प्रत्येक आवासीय अपार्टमेंटस का मूल्य 0.60 करोड़
6. 01-04-2019 तक कार्य के पूरा होने का प्रतिशत (RERA द्वारा यथाघोषित या चार्टर्ड इंजीनियर द्वारा यथानिर्धारित)। 20
7. अंतरण के पूर्व बुक हुए आवासीय अपार्टमेंटस की संख्या। 80 इकाई
8. अंतरण के पूर्व बुक हुए आवासीय अपार्टमेंटस का कुल कार्पेट एरिया। C3 * C7 5600 वर्ग मीटर
9. बुक हुए आवासीय अपार्टमेंट्‌स का मूल्य C5 * C7 48 करोड़
10. 31-03-2029 को या उसके पहले बुक हुए आवासीय अपार्टमेंटस का प्रतिशत इनवायसिंग। 20%
11. आवासीय अपार्टमेंटस, जिनमे ं अंतरण के पूर्व आपूर्ति का अंतरण निहित हो, की आपूर्ति का क ुल मूल्य । C9 * C10 9.6 करोड़
12. ITC जिसके कि अंतरण पर वापस करना है, Tx=T-Te
13. पात्र ITC (Te)=Tc + Tr
14. T (* —पया नीचे दिए गए नोटस को देखें) 1 करोड़
15. F1 1
16. F2 C8/C4 0.8
17. F3 C11/C9 0.2
18. F4 1/C6 5
19. पात्र ITC (Te)=T x F1 x F2 x F3x F4) C14*C15* C16*C17* C18 0.8 करोड़
20. ITC जिसको की अंतरण पर वापस/लिया जाना है, Tx=T-Te C14 – C19 0.2 करोड़

* नोट.- 1. C14 के T मूल्य का आंकलन इनपुटस के भारित औसत कर पर आधारित दृष्टांत के लिए किया गया है।

2. वास्तिविक व्यवहार में पंजीकृत व्यक्ति 1-7-2017 से अथवा प्रोजैक्टस के प्रारंभ से, इनमें से जो भी बाद में हो, से प्रारंभ होने वाली कर अवधि से सम्बन्धित GSTR-3B में यथाघोषित संपूर्ण ITC को और हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 140 के अन्तर्गत ली गई अंतरण क्रेडिट को T का मूल्य मानेगा।

दृष्टांत : 2

क्र. सं. REP का ब्यौरा (आवासीय + वाणिज्यिक)
क ख ग घ
1. प्रोजैक्टस के अपार्टमेंटस की संख्या 100 इकाई
2. प्रोजैक्टस के आवासीय अपार्टमेंटस की संख्या 100 इकाई
3. आवासीय अपार्टमेंट्‌स का कार्पेट एरिया 70 वर्ग मीटर
4. आवासीय अपार्टमेंट्‌स का कुल कार्पेट एरिया C2 * C3 7000 वर्ग मीटर
5. प्रत्येक आवासीय अपार्टमेंट्‌स का मूल्य 0.60 करोड़
6. 01-04-2019 तक कार्य के पूरा होने का प्रतिशत (RERA द्वारा यथाघोषित या चार्टर्ड इंजीनियर द्वारा यथानिर्धारित)। 20%
7. अंतरण के पूर्व बुक हुए आवासीय अपार्टमेंटस की संख्या 80 इकाई
8. अंतरण के पूर्व बुक हुए आवासीय अपार्टमेंटस का कुल कार्पेट एरिया C3 * C7 5600 वर्ग मीटर
9. बुक हुए आवासीय अपार्टमेंट्‌स का मूल्स C5 * C7 48 करोड़
10. 31-03-2019 को या उसके पहले बुक हुए आवासीय अपार्टमेंटस का प्रतिशत इनवायसिंग। 60
11. आवासीय अपार्टमेंटस, जिनमें अंतरण के पूर्व आपूर्ति का अंतरण निहित हो, की आपूर्ति का क ुल मूल्य । C9 * C10 28.8 करोड़
12. ITC जिसको कि अंतरण पर वापस करना है, Tx=T-Te
13. पात्र ITC (Te)=Tx + F1xF2xF3xF4)
14. T (* —पया नीचे दिए गए नोटस को देखें) 1 करोड़
15. F1 1
16. F2 C8 /C4 0.8
17. F3 C11 /C9 0.6
18. F4 1/C6 5
19. पात्र ITC (Te)=T x F1 x F2 x F3x F4) C14*C15* C16*C17* C18 2.4 करोड़
20. ITC जिसको की अंतरण पर वापस/लिया जाना है, Tx=T-Te C14 – C19 -1.2 करोड़
21. % इनवायसिंग vis-a-vis Pc पर सीमा लगाने क े पश्चात्‌ कर।
22. % पूरा होना 20%
23. % इनवायसिंग 60%
24. % ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌ इनवायसिंग (Pc+ 25%). C6+25% 45%
25. आवासीय अपार्टमेंटस, जिनमे ं अंतरण के पूर्व आपूर्ति का अंतरण निहित हो, की आपूर्ति का क ुल मूल्य। C9 * C24 21.60 करोड़
26. ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌ F3 C25/C9 0.45
27. Te=Tx F1 x F2 x F3 x F4 (ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌)। C14* C15* C16* C26* C18 1.80 करोड़
28. ITC जिसको कि अंतरण पर वापस/लिया जाना है, Tx=T- Te (ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌)। C14-C27 -0.80 करोड़
29. % इनवायसिंग vis-a-vis Pc पर ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌ कर तथा भुगतान की प्राप्ति।
30. ऊपरी सीमा(Pc+25%) के लागू किए जाने के पश्चात्‌ % इनवायसिंग। 45%
31. आवासीय अपार्टमेंटस, जिनमे ं अंतरण के पूर्व आपूर्ति का अंतरण निहित हो, की आपूर्ति का क ुल मूल्य। C25 21.60 करोड़
32. प्राप्त प्रतिफल 16.00 करोड़
33. ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌ ं अंतरण के पूर्व आवासीय अपार्टमेंटस, जिनमे आपूर्ति का अंतरण निहित हो, की आपूर्ति का क ुल मूल्य vis-a-vis प्राप्त प्रतिफल। 16 cr+25% of 16Cr 20.00 करोड़
34. दोनों प्रकार की ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌ F3 C33/C9 0.42
35. Te=T x F1 x F2 x F3 x F4 (दोनों प्रकार की ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌)। C14* C15* C34* C26* C18 1.67
36. ITC जिसे अंतरण पर वापस किया जाना है/लिया जाना है, Tx=T- Te (दोनों प्रकार की ऊपरी सीमा के लागू किए जाने के पश्चात्‌)। C14*-C35* C18 -0.67 करोड़

* नोटः-

1. C14 के T मूल्य का आंकलन इनपुटस के भारित औसत कर पर आधारित दृष्टांत के लिए किया गया है।

2. वास्तिविक व्यवहार में पंजीकृत व्यक्ति 1-7-2017 से अथवा प्रोजैक्टस के प्रारंभ से, इनमें से जो भी बाद में हो, से प्रारंभ होने वाली कर अवधि से सम्बन्धित GSTR-3B में यथाघोषित संपूर्ण ITC को और हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 140 के अन्तर्गत ली गई अंतरण क्रेडिट को T का मूल्य मानेगा।

अनुबन्ध III दृष्टांत 1 :

किसी प्रमोटर ने एक वित्तीय वर्ष के दौरान एक आवासीय अचल संपत्ति प्रोजैक्ट के निर्माण के लिए निम्नलिखित वस्तुओं और सेवाओं (विकास अधिकारी के अनुदान के माध्यम से पूंजींगत वस्तुओं और सेवाओं के अलावा, भूमि या एफएसआई के दीर्घकालिक पट्‌टे) की खरीद की है।

क्रम सं. इनपुट वस्तुओं और सेवाओं का नाम वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त इनपुट सामान और सेवाओं की प्रतिशतता क्या रजिस्टर्ड सप्लायर से इनपुर मिले हैं? (हां./नहीं)
1. रेत 10 हां
2. सीमेंट 15 नहीं
3. इस्पात 20 हां
4. ईंटें 15 हां
5. फर्श टाईल्स 10 हां
6. पेंटस 5 हां
7. वास्तुकार/डिजाइनिंग/सीएडी ड्राईंग आदि। 10 हां
8. एल्यूमीनियम खिड़कियां, प्लाई, वाणिज्यिक लकड़ी। 15 हां

इस उदाहरण में, प्रमोटर ने जीएसटी पंजीकृत व्यक्ति से 80% वस्तुओं और सेवाओं [विकास अधिकारों के अनुदान के माध्यम से सेवाओं के अलावा भूमि का दीर्घकालिक पट्‌टा (प्रीमियम, सलामी, विकास शुल्क आदि के रूप में अग्रिम भुगतान के खिलाफ) या एफएसआई (अतिरिक्त एफएसआई सहित), बिजली, उच्च गति डीजल, मोटर स्पिरिट, प्राकृतिक गैस] की खरीद की है। तथापि, उन्होंनेे एक अपंजीकृत आपूर्तिकर्ता से सीमेंट की खरीद की है। इस प्रकार वित्तीय वर्ष के अंत में, रिवर्स चार्ज आधार पर लागू दरों पर प्रमोटर को सीमेंट पर जीएसटी का भुगतान करना होता है।25 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 दृष्टांत 2ः

किसी प्रमोटर ने एक वित्तीय वर्ष के दौरान एक आवासीय अचल संपत्ति प्रोजैक्ट के निर्माण के लिए निम्नलिखित वस्तुओं और सेवाओं [विकास अधिकारी के अनुदान के माध्यम से सेवाओं के अलावा, भूमि का दीर्घकालिक पट्‌टा (प्रीमियम, सलामी, विकास शुल्क आदि के रूप में अग्रिम भुगतान के खिलाफ) या एफएसआई (अतिरिक्त एफएसआई सहित), बिजली, उच्च गति डीजल, मोटर स्पिरिट, प्राकृतिक गैस] की खरीद की है।

क्रम सं. इनपुट वस्तुओ और सेवाओ ं का नाम ं वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त इनपुट सामान और सेवाओं की प्रतिशतता क्या रजिस्टर्ड सप्लायर से इनपुर मिले हैं? (हां/नहीं)
1. रेत 10 हां
2. सीमेंट 15 हां
3. इस्पात 20 हां
4. ईंटें 15 हां
5. फर्श टाईल्स 10 हां
6. पेंटस 5 नहीं
7. वास्तुकार/डिजाइनिंग/सीएडी ड्राईंग आदि। 10 हां
8. एल्यूमीनियम खिड़कियां, प्लाई, वाणिज्यिक लकड़ी। 15 नहीं

इस उदाहरण में, प्रमोटर ने जीएसटी पंजीकृत व्यक्ति से सीमेंट सहित 80% माल और सेवाओं की खरीद की है। तथापि, उन्होंने एक अपंजीकृत आपूर्तिकर्ता से पेेंट, एल्यूमीनियम की खिड़कियां, प्लाई और वाणिज्यिक लकडी़ आदि की खरीद की है। इस प्रकार वित्तीय वर्ष के अंत में, प्रमोटर को रिवर्स चार्ज आधारित इनपुट पर जीएसटी का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।

दृष्टांत 3ः

किसी प्रमोटर ने एक वित्तीय वर्ष के दौरान एक आवासीय अचल संपत्ति प्रोजैक्ट के निर्माण के लिए निम्नलिखित वस्तुओं और सेवाओं [विकास अधिकारी के अनुदान के माध्यम से सेवाओं के अलावा, भूमि का दीर्घकालिक पट्‌टा (प्रीमियम, सलामी या विकास शुल्क आदि के रूप में अग्रिम भुगतान के खिलाफ) या एफएसआई (अतिरिक्त एफएसआई सहित), बिजली, उच्च गति डीजल, मोटर स्पिरिट, प्राकृतिक गैस] की खरीद की है।

क्रम सं. इनपुट वस्तुओ और सेवाओ ं का नाम ं वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त इनपुट सामान और सेवाओं की प्रतिशतता क्या रजिस्टर्ड सप्लायर से इनपुर मिले हैं? (हां/नहीं)
1. रेत 10 नहीं
2. सीमेंट 15 नहीं
3. इस्पात 15 हां
4. ईंटें 10 हां
5. फर्श टाईल्स 10 हां
6. पेंटस 5 हां
7. वास्तुकार/डिजाइनिंग/सीएडी ड्राईंग आदि। 10 हां
8. एल्यूमीनियम खिड़कियां, 15 नहीं
9. प्लाई, वाणिज्यिक लकड़ी 10 नहीं

26 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 इस उदाहरण में, प्रमोटर ने जीएसटी पंजीकृत व्यक्ति से सीमेंट सहित 50% माल और सेवाओं की खरीद की है। तथापि, उन्होंने अपंजीकृत आपूर्तिकर्ता से रेत, सीमेंट और एल्यूमीनियम की खिडकियां, प्लाई और वाणिज्यिक लकड़ी आदि की खरीद की है। इस प्रकार वित्तीय वर्ष के दौरान पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से खरीद गए माल और सेवाओं का मूल्य 80% की सीमांत सीमा से कम हो जाता है। अनिवार्य खरीद से 30% की कमी पर अपने कर दायित्व को पूरा किए जाने के लिए, प्रमोटर को रिवर्स चार्ज आधारित लागू दर पर सीमेंट पर जीएसटी का भुगतान करना होगा। सीमेंट पर जीएसटी के भुगतान के पश्चात्‌, शेष 15% की कमी पर, प्रमोटर आरसीएम के तहत 18% की दर से कर का भुगतान करेगा।

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अनुबंध-IV

प्रपत्र

(दिनांक 01-04-2019 से पूर्व विद्यमान दर या 01-04-2019 से प्रभावी दरों पर प्रमोटरों द्वारा किसी प्रोजैक्ट में अपार्टमेंटस के निर्माण पर कर का भुगतान किए जाने के एक बारगी विकल्प का उपयोग किए जाने हेतु फॉर्म)

संदर्भ सं0 ......................................................... दिनांक .......................................... सेवा में

........................................................... ..........................................................

(क्षेत्राधिकार आयुक्त को संबोधित किया जाना है)

1. जीएसटीआईएनः

2. प्रोजैक्ट की रेरा पंजीकरण संख्याः

3. प्रोजैक्ट, यदि कोई हो, का नामः

4. प्रोजैक्ट के अंत बिंदुओं के देशांतर और अक्षांश सहित प्रोजैक्ट के लिए समर्पित भूमि के स्पष्ट सीमांकन के साथ प्रोजैक्ट स्थल का विवरणः

5. प्रोजैक्ट में बुकिंग या बिक्री के लिए अपार्टमेंट की संख्या, प्रकार और कालीन क्षेत्रः

6. प्रारंभ प्रमाण-पत्र की प्राप्ति की तारीखः

घोषणा

1. मैं, एतद्‌द्वारा उपर्युक्त प्रोजैक्ट में अपार्टमेंट के निर्माण पर कर का भुगतान करने के विकल्प का उपयोग करता हूंः

मैं, अपार्टमेंट के निर्माण पर कर का भुगतान करूंगा (सम्बन्धित बॉक्स में () का निशान लगाएं। इस अधिसूचना की सारणी के क्रम सं. 3 के समक्ष दिए गये मद (ie) या (if) में निर्दिष्ट दर से, जैसी भी स्थिति हो। इस अधिसूचना की सारणी के क्रम सं. 3 के समक्ष दिए गये मद (i) या (ia) या (ib)या (ic) या (id) में निर्दिष्ट दर से, जैसी भी स्थिति हो।

2. मुझे पता है कि यह केवल एक समय के लिए विकल्प है और यदि एक बार इसका प्रयोग कर लिया जाता है तो इसको दुबारा बदलने की अनुमति नहीं होगी।27 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 3. मुझे यह भी पता है कि सेवाओं की आपूर्ति के लिए इन्वॉइसेस को 01 अप्रैल, 2019 से लेकर 10 मई, 2019 के दौरान इस विकल्प के प्रयोग के पहले जारी किया जा सकता है, लेकिन ऐसे इन्वॉइस को यहां प्रयुक्त विकल्प के अनुसार ही देना होगा।

स्थान ................................................... हस्ताक्षर......................................... तिथि .................................... नाम......................................................................... पदनाम.................................................................

आदेश द्वारा, प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)। टिप्पण 1.—मूल अधिसूचना सं0 11/2017-राज्य कर (दर) तारीख 30 जनू, 2017 हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में अधिसूचना सं0 ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-15/2017 के तहत तारीख 30 जनू, 2017 के द्वारा प्रकाशित की गई थी और अंतिम बार अधिसूचना सं0 30/2018-राज्य कर (दर) तारीख 31 दिसम्बर, 2018 जो राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में सं0 ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-33/2018 के तहत तारीख 31 दिसम्बर, 2018 को प्रकाशित की गई थी, के द्वारा संशोधित की गई थी।

टिप्पण 2.—इस अधिसूचना का अंगे्रजी पाठ हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में तारीख 9 मई, 2019 को पृष्ठ 1594 से 1619 पर प्रकाशित किया गया था और इसका शुद्धिपत्र तारीख 12-9-2019 हिमाचल प्रदेश के राजपत्र में तारीख 16 सितम्बर, 2019 को पृष्ठ 5887 पर प्रकाशित किया गया था।

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HIMACHAL PRADESH ELECTRICITY REGULATORY COMMISSION, SHIMLA

NOTIFICATION

Shimla, the 23rd March, 2020

No. HPERC/428.—WHEREAS the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (hereinafter referred as "the Commission") made the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (Promotion of Generation from the Renewable Energy Sources and Terms and Conditions for Tariff Determination) Regulations, 2017 (hereinafter referred as "RE Tariff Regulations, 2017"), published in the Rajpatra, Himachal Pradesh, dated 23rd November, 2017;

AND WHEREAS the Commission had, vide the draft of 3rd amendment regulations dated 31.07.2019 published in the Rajpatra, Himachal Pradesh on 03.08.2019, proposed the second control period of these regulations of RE Tariff Regulations, 2017 upto 30th September, 2020 so that principle and methodology for tariff determination specified by the Central Commission in its RE Tariff Regulations, to be commenced from 01.04.2020, may be taken into consideration for third control period of RE Tariff Regulations, 2017. On the request of stakeholders to align the control period of HPERC RE Tariff Regulations with the CERC RE Regulations, the Commission has curtailed the proposed control period upto 31.03.2020;

AND WHEREAS the current control period under RE Tariff Regulations, 2017 shall expire on 31.03.2020 and thus the Commission is mandated to fix the new control period and further review/amend the financial parameters of various RE technologies and technical parameters of small hydro projects;

28 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

AND WHEREAS the current RE Regulations of the Central Commission are also applicable upto 31.03.2020. The draft RE Regulations for the period beyond 31.03.2020 have not yet been notified by the Central Commission;

AND WHEREAS the Commission, keeping in view that the next control period shall commence from 1st April, 2020, proposes the financial parameters for all RE technologies for third control period and the technical parameters for SHPs by considering various State specific aspects, technical parameters considered in the previous RE Regulations and inputs provided by the Directorate of Energy;

NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred under sub-section (1) of section 61, sub-section(1) of section 62, clauses (a), (b) and (e) of sub-section (1) of section 86 and clause (zd) of sub-section (2) of section 181, of the Electricity Act, 2003 (36 of 2003), read with section 21 of the General Clauses Act,1897 (10 of 1897), and all other powers enabling it in this behalf, the Commission proposes to amend the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (Promotion of Generation from the Renewable Energy Sources and Terms and Conditions for Tariff Determination) Regulations, 2017 and as required by sub-section (3) of section 181 of the said Act and rule 3 of the Electricity (Procedure for Previous Publication) Rules, 2005, the draft amendment regulations are hereby published for the information of all the persons likely to be affected thereby; and notice is hereby given that the said draft amendment regulations will be taken into consideration after the expiry of sixty (60) days from the date of publication of this notification in the Rajpatra, Himachal Pradesh, together with any objections or suggestions which may within the aforesaid period be received in respect thereto.

The text of the aforesaid draft amendment is available on the website of the Commission i.e. http.//www.hperc.org.

The objections or suggestions in this behalf should be addressed to the Secretary, Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission, Vidyut Aayog Bhawan, Block-37, SDA Complex, Kasumpti-171009 (HP).

DRAFT REGULATIONS

1. Short title and commencement.—(1) These regulations may be called the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (Promotion of Generation from the Renewable Energy Sources and Terms and Conditions for Tariff Determination) (Fourth Amendment) Regulations, 2020.

(2) These regulations shall come into force from 1st April, 2020.

2. Amendment of regulation 9.—In sub-regulation (1) of regulation 9 of RE Tariff Regulations, 2017, the following additional proviso shall be inserted, immediately after the second proviso, namely;—

"Provided further that the third control period for the small hydro projects under these regulations shall start from 1st April, 2020 and shall end on 31st March, 2025:"

3. Amendment of Chapter-IV.—In Chapter-IV of the RE Tariff Regulations, 2017, after regulations 32-AA, the following PART–III shall be inserted, namely;—

29 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 "PART-III

FINANCIAL PRINCIPLES

(APPLICABLE FROM 01-04-2020 TO 31-03--2025)

21-B. Capital Cost.—(1) The norms for the capital cost in case of small hydro projects shall be as specified in Part-III of Chapter-V of these Regulations and in case of other renewable technologies, shall be as stipulated under relevant orders of the Commission under regulation 18.

(2) The norms for the capital cost shall be inclusive of all the expenses required to be incurred as per prudent practices upto the commissioning of the project, including, but not limited to, the cost of capital works, land, preparation of the Detailed Project Report, Survey and Investigation, plant and machinery, civil works, erection and commissioning, financing and interest during construction, land acquisition, resettlement and rehabilitation, contribution towards Local Area Development Fund (LADF), statutory and non-statutory clearances and evacuation infrastructure up to inter-connection point (also including interconnection facilities), insurance charges against the risks during construction stage etc and also all taxes, levies and duties on all such components/works capital works:

Provided that any cost pertaining to allotment of the project, including upfront premium and any other amount charged by the State Government while granting extension or capacity enhancement or/and any liquidated damages/penalty imposed by the licensee, or by the State Government, in accordance with the power purchase agreement, or the implementation agreement, executed with the licensee, will not form part of the capital cost:

Provided further that for project specific tariff determination, the renewable energy generator shall submit the item wise break-up of capital cost along with its petition in the manner specified under regulation 19 and the capital cost admitted by the Commission shall be taken into consideration.

22-B. Subsidy or incentive or grant/budgetary support by the Central/State Government.—(1) While determining the generic levellised or project specific levellised tariff, as the case may be, for the renewable energy project(s) under these Regulations, the Commission shall take into consideration any incentive and/or subsidy and/or grant available under the schemes of the Central or State Government or their agencies, but excluding accelerated depreciation benefit under the Income Tax Act:

Provided further that the Commission may evolve suitable mechanism(s) for incorporating impact of the subsidy component for determination or adjustment of generic levellised tariffs for various categories of projects:

Provided further that the capital subsidy under the schemes of the Central or State Government or their agencies, unless the circumstances otherwise warrant, shall be adjusted in the capital cost and the cost so arrived, after adjustment, shall be considered as normative capital cost for the purposes of determination of generic levellised tariffs:

Provided further that where the Central Government or the State Government notifies or has notified any generation based incentive (GBI) scheme for a particular kind of renewable technology, such technology based generating station shall be assumed to have availed the benefit of such a scheme and their tariffs shall automatically be treated as reduced by the amount of generation based incentive (GBI) per unit for the period during which such incentive remains applicable.

30 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

(2) Where any additional project specific grant or budgetary support is available to any project, apart from the incentive and/or subsidy and/or grant available under sub-regulation (1) of this regulation, the Commission shall account for such budgetary support also, while determining project specific levellised tariff.

(3) The amount of subsidy shall be considered for each renewable source as per the applicable policy of the MNRE/State Government/Central Government and if the amount and/or mechanism of subsidy is changed by the MNRE/State Government/ Central Government, consequent corrections in tariffs may be carried out by the Commission in accordance with regulation 20.

23-B. Debt-Equity Ratio.—(1) The normative debt equity ratio shall be 70:30.

(2) For generic levellised tariff, the Commission shall adopt debt equity ratio of 70:30.

(3) For project specific levellised tariff, the following provisions shall apply.—

(i) if the equity actually deployed is more than 30% of the capital cost admitted by the Commission under regulation 15, the equity deployed in excess of 30% limit shall be treated as normative loan in accordance with the National Tariff Policy and shall be deemed as advanced at the weighted average rate of interest and for a weighted average tenor of the long term debt component of the project after ascertaining the reasonableness of the interest rates and taking into account the effect of debt restructuring, if any;

(ii) in case the equity deployed is equal to or below the normative level of 30%, the actual equity would be used for determination of Return on Equity in tariff computations;

(iii) the equity invested in foreign currency, if any, shall be designated in Indian rupees on the date of each investment.

Explanation.—For the purposes of return on equity, any resources available to the renewable energy generator from its share premium account or from its internal resources that are used to fund the equity commitments of the project under consideration shall be treated as equity subject to the limitations contained in this regulation and regulation 26-B.

(4) The Commission shall treat any incentive or subsidy and/or grant/budgetary support available from the MNRE/State Government/Central Government, to have been availed and shall adjust the same as per the mechanism as it may evolve from time to time as per Regulation 22-B.

24-B. Loan and Finance Charges.—(1) For the purpose of determination of tariff, loan tenure of 13 years, inclusive of moratorium period, if any, shall be considered:

(2) Interest Rate.—

(a) The loans arrived at in the manner indicated in the regulation 23-B shall be considered as gross normative loan for calculation of interest on loan. The normative loan outstanding as on 1st April of every year shall be worked out by deducting the cumulative repayment up to 31st March of previous year from the gross normative loan.

(b) For the purpose of computation of tariff(s) under these Regulations, normative interest rate of two hundred (200) basis points above the average State Bank of India Marginal31 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 Cost of Funds based Lending Rate (MCLR) (one year tenor) prevalent during the last available six months, prior to the respective date(s) from which such tariff(s) the respective generic levellised tariffs are to be made applicable, shall be considered:

Provided that in case where the project specific tariff is to be determined, such average rate of SBI, as prevalent during the respective periods in which the loan has been availed, shall be taken into account on weighted average basis and the rate so worked out on this basis or the weighted average rate at which the loan has been availed, whichever is lower, shall be considered.

(c) Notwithstanding any moratorium period availed by the renewable energy generator, the repayment of loan shall be considered from the first year of the tariff period and shall be equal to the annual depreciation allowed.

(d) The loan repayment for a financial year or the relevant part period thereof shall be considered to have been done in the middle of that financial year or the relevant part period thereof, as the case may be.

25-B. Depreciation.—For the purpose of tariff determination, depreciation shall be computed in the following manner, namely:—

(a) the value base for the purpose of depreciation shall be the normative capital cost (for generic tariff) or the capital cost of the project as admitted by the Commission (for project specific tariff), as the case may be;

(b) the salvage value shall be considered as 10% and depreciation shall be allowed up to maximum of 90% of the normative capital cost;

(c) depreciation per annum shall be based on 'Differential Depreciation Approach'. For tariff purposes, the depreciation shall be allowed @ 5.28% per annum till such time the requirement for repayment of loan component of the capital cost as per regulations 21- B, 23-B and 24-B is fully provided and the remaining depreciation shall be spread over the residual useful life of the project on straight line method;

(d) depreciation shall be chargeable from the first year of commencement of operation of the project:

Provided that in case of operation of the asset for part of the year, depreciation shall be charged on pro rata basis for the purposes of project specific determination of tariff.

26-B. Return on Equity.—(1) The value base for the equity shall be 30% of the normative capital cost as determined under regulation 21-B:

Provided that in case of project specific determination, the value base of equity shall be restricted to the actual amount of equity or 30% of the capital cost admitted by the Commission, whichever is lower, in accordance with the provisions of regulation 23-B.

(2) The normative return on Equity shall be 17% per annum on pre tax basis and shall not be subject to any adjustment on account of any taxes, or changes in the tax rates, under the Income Tax Act.

32 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

27-B. Interest on working capital.—(1) The working capital requirement in respect of wind energy projects, small hydro power, solar PV and solar thermal projects shall be computed in accordance with the following:—

(a) operation and maintenance expenses for one month;

(b) receivables equivalent to 2 (two) months of energy charges for sale of electricity calculated on the net saleable energy corresponding to the CUF considered for tariff determination on normative basis;

(c) maintenance spare @ 15% of operation and maintenance expenses.

(2) The working capital in respect of biomass power projects with Rankin Cycle technologies, biomass gasifier based power projects, non-fossil fuel based cogeneration projects, Municipal Solid Waste power projects and Refused Derived Fuel project shall be computed in accordance with the following:—

(a) fuel cost for four months equivalent to normative Plant Load Factor (PLF);

(b) operation and maintenance expenses for one month;

(c) receivables equivalent to 2 (two) months of energy charges (fixed and variable charges) for sale of electricity calculated on the net saleable design energy on normative basis;

(d) maintenance spare @ 15% of operation and maintenance expenses.

(3) In case of the renewable technologies not covered in sub-regulations (1) and (2), the Commission may adopt such norms, as it may consider appropriate, at the time of determination of tariff.

(4) Interest on Working Capital shall be at interest rate equivalent to the normative interest rate of three hundred (300) basis points above the average State Bank of India Marginal Cost of Funds based Lending Rate (MCLR) (One Year Tenor) prevalent during the last available six months, prior to the respective date(s) from which the generic tariff(s) are to be made applicable:

Provided that in case where the project specific tariff is to be determined, such average rate for the last available six months prior to the date from which the project specific tariff is to be made applicable, shall be considered.

28-B. Operation and maintenance expenses.—(1) Operation and maintenance expenses mean the expenditure incurred on operation and maintenance of the project, or part thereof, and includes, without limitation, the expenditure on manpower, establishment (including employees expense, administrative and general expenses), repairs, spares, consumables, insurance and overheads as well as the taxes, duties and other levies on any or all such activities.

(2) Operation and maintenance expenses shall be determined for the tariff period based on normative operation and maintenance expenses specified in Part-III of Chapter-V of these Regulations for the small hydro projects and as stipulated in relevant orders of the Commission for other renewable technologies.

(3) Normative O&M expenses allowed under these Regulations shall be escalated over the tariff period at the rate as the Commission may consider appropriate.

33 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

29-B. Taxes and duties.—Tariff determined under these Regulations shall be inclusive of all taxes and duties and shall not be subject to any change except for the provisions specified under regulation 20-B.

30-B. Rebate.—(1) The due date for payment of bills shall be 60 days from the date of billing.

(2) For payment of bills of the renewable energy generator through letter of credit, a rebate of 2% shall be allowed.

(3) Where payments are made other than through letter of credit within a period of one month of presentation of bills by the renewable energy generator, a rebate of 1% shall be allowed.

31-B. Late payment surcharge.—The distribution licensee shall make timely payments of energy bills of the renewable energy generators by assigning priority over and above all other payments. In case the payment of any bill for charges payable under these Regulations is delayed beyond a period of 60 days from the date of billing, a late payment surcharge at the simple interest rate of 1.25% per month shall be levied by the renewable energy generator for the actual number of days by which the payment is delayed.

32-B. Ceiling norms.—The financial norms, except for capital cost, as specified in this Chapter of these Regulations, shall be considered as ceiling norms and the same shall not preclude the licensee or renewable energy generator from agreeing to improved norms, including operation and maintenance norms, which may lead to overall reduction in the levellised tariff and in case the improved norms are agreed to, such improved norms shall be applicable for determination of the project specific levellised tariff."

32-BB.The provisions of this Chapter shall be applicable for all the RE technologies for the matters to be dealt under third control period irrespective of the intervals at which Generic levellised tariffs are determined under this control period."

4. Amendment of Chapter-V.—In Chapter-V of the RE Tariff Regulations, 2017, after regulation 39-AA, the following PART-III shall be inserted, namely;—

"PART-III

TECHNOLOGY SPECIFIC PARAMETERS FOR SMALL HYDRO PROJECTS

(APPLICABLE FROM 01.04.2020 TO 31-03-2025)

33-B. Categorisation.—For the purpose of tariff determination, the small hydro projects shall be categorized as under:—

(i) Above 100 kW to 2 MW capacity
(ii) Above 2 MW but below 5 MW capacity
(iii) 5 MW to 25 MW capacity

34-B. Normative Capital cost.—(1) In case of small hydro projects, the normative capital cost inclusive of all its components as specified in regulation 21-B of these Regulations, for the control period shall be as under:—

34 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942
Sl. No. Category of small hydro project Rupees (in Lac) per MW of the installed capacity.
(i) Above 100 kW to 2 MW capacity 1050
(ii) Above 2 MW but below 5 MW capacity 1050
(iii) 5 MW to 25 MW capacity 945

(2) The subsidy/grant/budgetary support or incentives provided by the Central/State Government or their agencies shall be adjusted in accordance with the regulation 22-B of these Regulations.

35-B. Normative saleable energy.—(1) The normative saleable energy at the interconnection point for the purpose of generic levellised tariff shall be computed on the following lines namely:—

(i) the normative annual capacity utilisation factor (CUF) for all the small hydro projects upto 25 MW shall be 55%. The number of hours in a year for calculations of CUF shall be 8766;

(ii) the normative annual energy worked out at the normative CUF under preceding clause (i) for the installed capacity shall be adjusted for the auxiliary consumption, transformation losses and the losses in the project line(s) at the normative rates as per regulations 37-B and 38-B;

(iii) the energy worked out under preceding clause (ii) shall be further reduced by the permissible rate of the free power subject to a maximum of 13%, for any year or part thereof, consistent with the National Hydro Policy, Tariff Policy and the policy of the State Government for allotment of sites of small hydro projects in the manner as laid down in regulation 36-B, so as to arrive at the year wise normative net saleable energy at the interconnection point which shall be taken into account for working out the generic levellised tariff:

Provided that in case the limit of 13% for the pass through of free power in the tariff as per the National Hydro Policy/Tariff Policy is revised by the Central Government, or staggered by the Government, at any stage, the Commission may review the tariff(s) as per the provisions under regulations 20.

(2) The normative capacity utilization factor (CUF) under clause (i) of subregulation (1) takes into account the impact of mandatory release of water discharge immediately downstream of diversion structure of the project based on the existing instructions of the State Government which provide that for the purpose of determination of minimum discharge, the threshold value not less than 15% of the minimum inflow observed in the lean season shall be considered.

(3) The normative year wise net saleable energy for the purpose of project specific tariff determination shall also be worked out on similar lines given in sub-regulations (1) and (2) but by taking into account the annual Capacity Utilisation Factor (CUF) in accordance with clause (ii) of sub-regulation (1) of regulation 15, the normative auxiliary consumption and transformation losses under regulation 37-B and the energy losses in the project line under regulation 38-B.

35 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

36-B. Free Power.—(1) The Commission shall consider appropriate structure(s) of free power for determination of generic levellised tariffs for various categories of small hydro projects, as mentioned in regulation 33-B, duly keeping in view of the provisions of the State Hydro Policy for allotment of sites for small hydro projects, National Hydro Policy, Tariff Policy and the limits specified under subregulation (3):

Provided that in case the structure of free power actually applicable to a project, duly curtailed as per sub-regulation (3), is at variance from the structure considered while determining the generic levellised tariff, such tariff shall be suitably adjusted based on the structure of free power applicable subject to the limit specified in sub-regulation(3):

Provided further that in cases requiring determination of the project specific tariff, the Commission shall consider the structure of free power actually applicable to that project subject to the above and the limits specified in sub-regulation(3).

(2) In case of any change in the structure of free power for a small hydro project from that considered for the determination of generic levellised tariff or project specific levellised tariff in accordance with sub-regulation (1) or in cases where the adjustment in tariff on account of variation in free power has to be allowed as per the specific provisions contained in these Regulations, including those covered in regulation 17 and sub-regulation (2) of regulation 20, the distribution licensee shall adjust the tariff as per the following formula:—

Rate payable for the month for the net saleable Energy (Rs/kWh) = a x (100-b)/(100-c)

Where,—

"a" is the levellised tariff (in Rs/kWh) which is required to be adjusted under this regulation "b" is the free power (in percentage) taken into account or deemed as taken into account for the month, in "a" in the corresponding month of the tariff period by reckoning the date of commencement of operation of the project as the starting date of the tariff period.

"c" is the free power (in percentage) to be allowed in the tariff for the month subject to maximum limit of 13% free power(energy) and the provisions of sub-regulation (3)—

Where free power is applicable at different rates for different parts of a month, the permissible free power (i.e. "c") shall be determined under this subregulation separately for each such part and weighted average rate for the month as a whole shall be worked out by considering the total quantum of energy for each day of the month.

(3) The free power (in percentage) to be taken into consideration for the purpose of determination of tariff under sub-regulation (1) and/or any adjustment under sub-regulation (2) shall be subject to the following:—

(i) The free energy to be taken into account for any part of the tariff period for the purposes of sub-regulation (1), or to be allowed for any part of the tariff period for the purposes of sub-regulation (2), shall not exceed 13% free power(energy) which includes 12% free power to home State and 1% additional free power for Local Area Development Fund, as stipulated in the National Hydro Policy/ Tariff Policy;

(ii) Any quantum of free energy, if committed by the renewable energy generator over and above the 13% free power(energy) for any period shall not be factored into the tariff;

36 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

(iii) Additional free energy, if any, to be provided by the renewable energy generator to the State Government, on account of curtailment of waiver period due to delay in commissioning of project as per provisions of Implementation Agreement and/or for enhancement of capacity and/or for any reason attributed to the renewable energy generator shall not be taken into account even if the total free power for any period, including such additional free power, does not exceed 13% free power(energy);

(iv) The quantification and adjustment of free energy as well the energy accounting shall be made with reference to the energy projected/ received at the interconnection point;

(v) The free energy to be allowed for any period for the purpose of subregulation (2) shall in no case be more than that actually deducted for that period in the energy accounts, out of the total energy received at the interconnection point.

37-B. Auxiliary consumption and transformation losses.—Normative auxiliary consumption and transformation losses for the small hydro projects shall be 0.5% of the gross generation and the same for transformation losses at the switchyard linked to the generating station of the projects shall also be 0.5%:

Provided that for the sake of simplicity, these two factors shall be clubbed together and accounted for as 1% of the gross generation.

38-B. Energy losses.—(1) The normative energy losses in the project line(s) shall be 0.7% of the net generation (i.e. after deducting auxiliary consumption and transformation losses, on normative basis, from the gross generation).

(2) For the project specific levellised tariff, the percentage losses worked out on the basis of actual length of the project line(s), conductor size and expected power flow shall be taken into consideration.

39-B. Operation and maintenance expenses.—(1) Normative annual O&M expenses for the control period shall be as follows:—

Sl. No. Installed capacity of SHP Annual O&M expenses in Rupees (in Lac) per MW of installed capacity
(i) Above 100 kW to 2 MW capacity 39
(ii) below 5 Above 2 MW but MW capacity 34
(iii) 5 MW to 25 MW capacity 29

39-BB. Adjustment for fraction of a MW of the installed capacity.—The installed capacity shall be rounded to one decimal place by ignoring the fraction of less than 0.05 MW and by considering the fraction of 0.05 MW and above as 0.1 MW."

5. Consequential amendments in the Regulations.—

On and from the commencement of these amendment regulations, in relation to the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (Promotion of Generation for the Renewable Energy Sources and Terms and Conditions for Tariff Determination) Regulations, 2017, in the regulations mentioned in Column (2) of the Table given below, the references to the regulations mentioned in Column (3) shall be construed as if references therein are the references to the regulations mentioned opposite thereto in the Column(4) of the said Table.

37 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 Table
Sl. No. Regulations of the said regulations For existing references Substitute reference to
1 2 3 4
1. Clause (c) of sub- regulation (1) of regulation 2. regulation 21 or 21-A regulation 21 or 21-A or 21-B, as the case may be.
2. Proviso of clause (iii) of subregulation (1) of regulation 14. Chapter-IV and Chapter-V respectively, shall remain in force upto 30th September, 2019 PART-III of Chapter-IV and PART-III of Chapter-V respectively, shall remain in force upto 31st March, 2025.
3. Sub-regulation (2) of regulation 14. regulations 33 or 33-A regulations 33 or 33-A or 33- B, as the case may be
4. Proviso to sub- regulation (1) of regulation 15. regulation 32 or 32-A regulation 32 or 32-A or 32-B, as the case may be.
5. Clause (b) of sub- regulation (1) of regulation 16. regulations 20 to 41 or 20-A to 39-A regulations 20 to 41 or 20-A to 39-A or 20, 21-B to 39-BB, 40 and 41, as the case may be.
6. Sub-regulations (5) and (7) of regulation 17. regulation 36 or 36-A(wherever occurs). regulation 36 or 36-A or 36-B, as the case may be.
7. Sub-regulation (5) of regulation 18. regulations 32 or 32-A and 42 regulations 32 or 32-A or 32-B and 42 as the case may be.
8. r egulation 20 (i) regulation 36 or 36-A (wherever occurs) (i) regulation 36 or 36-A or 36-B, as the case may be.
( ii) regulations 22 or 22-A ( ii) regulations 22 or 22-A or 22-B, as the case may be,

By order of the Commission, Sd/- Secretary.

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FINANCE DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-171002, the March 26, 2020

No. Fin-2-C(12)-1/2019.—Government of Himachal Pradesh hereby notifies the sale of Himachal Pradesh Government Stock (securities) of 10-year tenure for an aggregate amount of38 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 Rs. 420 crore (Nominal). The sale will be subject to the terms and conditions spelt out in this notification (called Specific Notification) as also the terms and conditions specified in the General Notification No. Fin-2-C(12)-11/2003 dated July 20, 2007 of Government of Himachal Pradesh.

Object of the Loan:

1. (i) The Proceeds of the State Government Securities will be utilized for the development programme of the Government of Himachal Pradesh.

(ii) Consent of Central Government has been obtained to the floatation of this loan as required by Article 293(3) of the Constitution of India.

Method of Issue:

2. Government Stock will be sold through the Reserve Bank of India, Mumbai Office (PDO) Fort, Mumbai- 400 001 by auction in the manner as prescribed in paragraph 6.1 of the General Notification No. Fin-2-C(12)-11/2003 dated July 20, 2007 at a coupon rate to be determined by the Reserve Bank of India at the yield based auction under multiple price formats.

Allotment to Non-competitive Bidders:

3. The Government Stock up to 10 % of the notified amount of the sale will be allotted to eligible individuals and institutions subject to a maximum limit of 1 % of the notified amount for a single bid as per the Revised Scheme for Non-competitive Bidding Facility in the Auctions of State Government Securities of the General Notification (Annexure – II).

Place and Date of Auction :

4. The auction will be conducted by the Reserve Bank of India, at its Mumbai Office, Fort, Mumbai-400 001 on March 30, 2020. Bids for the auction should be submitted in electronic format, on the Reserve Bank of India Core Banking Solution (E-Kuber) system as stated below on March 30, 2020.

(a) The competitive bids shall be submitted electronically on the Reserve Bank of India Core Banking Solution (E-Kuber) system between 10.30 A.M. and 12.00 P.M.

(b) The non-competitive bids shall be submitted electronically on the Reserve Bank of India Core Banking Solution (E-Kuber) system between 10.30 A.M. and 11.30 A.M.

Result of the Auction :

5. The result of the auction shall be displayed by the Reserve Bank of India on its website on the same day. The payment by successful bidders will be on March 31, 2020.

Method of Payment :

6. Successful bidders will make payments on March 31, 2020 before close of banking hours by means of cash, bankers' cheque/pay order, demand draft payable at Reserve Bank of India, Mumbai/ New Delhi or a cheque drawn on their account with Reserve Bank of India, Mumbai (Fort) /New Delhi.

39 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 Tenure :

7. The Stock will be of 10-year tenure. The tenure of the Stock will commence on March 31, 2020.

Date of Repayment :

8. The loan will be repaid at par on March 31, 2030.

Rate of Interest :

9. The cut-off yield determined at the auction will be the coupon rate percent per annum on the Stock sold at the auction. The interest will be paid on September 30 and March 31.

Eligibility of Securities :

10. The investment in Government Stock will be reckoned as an eligible investment in Government Securities by banks for the purpose of Statutory Liquidity Ratio (SLR) under Section 24 of the Banking Regulation Act, 1949. The stocks will qualify for the ready forward facility.

By order and in the name of the Governor of Himachal Pradesh

Principal Secretary to the Government of Himachal Pradesh

Finance Department.

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TRANSPORT DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 22nd March, 2020

No. TPT-F(10)-5/2020.—In order to contain the spread of Novel coronavirus (COVID- 19) to an extent by taking preventive, precautionary and pre-emptive measures for social distancing, in exercise of the powers conferred by the Clause 3 of the Himachal Pradesh epidemic Disease ( (COVID-19) (Amendment) Regulations, 2020 and Section 115 of Motor Vehicle Act, 1988, the movement of all stage carriage, PSV and contract carriage Public transport including taxi/maxi cabs shall be completely banned within the State upto 31st March, 2020 (midnight). The operation of Inter-State Stage Carriage and Intera State Public Transport/Buses (Private as well as STU) {restricted upto 10 % and 50% respectively of the normal operation vide this department Notification dated 20-03-2020} and operation of taxi/maxi cabs including auto-rikshas shall now be totally banned upto 31st March, 2020 (midnight). There shall be total ban on entry and exit of all contract carriage passengers transport vehicles upto 31st March, 2020 (midnight). The private vehicles will be plied only if essentially required for visiting hospitals and for availing/maintenance of essential services.

40 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

Inspection teams consisting of RTO, Police and Health and District Administration shall ensure that no violation is done, by carrying out frequent inspections on every entry point of the State border.

There will total prohibition on movement or plying of trains and commercial aircrafts within the State.

Widespread publicity be undertaken by the Director, Public Relations within or outside of the State to avoid unnecessary harassment to the people and appealing them to reschedule their visits, till the situation is normalized.

By order, ANIL KUMAR KHACHI, Chief Secretary.

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TRANSPORT DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 22nd March, 2020

No. TPT-F(10)-5/2020.— In order to contain the spread of Novel coronavirus (COVID-19) to an extent by taking preventive, precautionary and pre-emptive measures for social distancing, in exercise of the powers conferred by the Clause 3 of the Himachal Pradesh epidemic Disease (COVID-19) (Amendment) Regulations, 2020, it is hereby ordered that services relating to Driving License and all other services of Transport office s (except registration of BS-IV vehicle) shall remain suspended henceforth upto 31st March, 2020. The vehicle owners may use online services being run by the Transport Department.

Widespread publicity be undertaken by the Director, Public Relations within or outside of the State to avoid unnecessary harassment to the people and appealing them to reschedule their visits, till the situation is normalized.

By order, JAGDISH CHANDER SHARMA, Principal Secretary (Transport).

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TRANSPORT DEPARTMENT

CORRIGENDUM

Shimla-2, the 22nd March, 2020

No. TPT-F(10)-5/2020.—In continuation of this department Notification of even number dated 22-03-2020 regarding preventive measures to contain spread of COVID-19, it is clarified that condition pertaining to private vehicles that, "the private vehicles will be plied only if essentially41 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 required for visiting hospitals and for availing/maintenance of essential services" shall apply within the Kangra District only.

By order, ANIL KUMAR KHACHI, Chief Secretary.

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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

केस नं0 : /DT 2020 दायर तिथि : 07-03-2020 श्री कुलभुषण पुत्र श्री ओम प्रकाश साकन, मुरलीधर, गांव सुल्तानपुर, डाकघर सुल्तानपुर, तहसील व जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री कुलभुषण पुत्र श्री ओम प्रकाश साकन, मुरलीधर, गांव सुल्तानपुर, डाकघर सुल्तानपुर, तहसील व जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र दिया है कि उसके भाई स्व0 श्री संजीव कुमार पुत्र श्री ओम प्रकाश की मृत्यु दिनांक 03-01-2020 को स्थान गांव हुरला, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में हुई है परन्तु उनकी मृत्यु की तिथि का इन्द्राज किसी कारणवश ग्राम पंचायत हुरला, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 के अभिलेख में दर्ज न किया गया है।

अतः इस इश्तहार हजा द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को संजीव कुमार पुत्र श्री ओम प्रकाश की मृत्यु तिथि दर्ज करवाने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 06-04-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार मृत्यु तिथि दर्ज करवाने के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 07-03-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

हस्ताक्षरित/- मोहर। कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।42 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

दायर तिथि : 31-01-2020 केस नं0 : 26-BT/2020

श्री रणजीत सिंह पुत्र श्री डागु राम, गांव हाथीथान, डाकघर व तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री रणजीत सिंह पुत्र श्री डागु राम, साकन, गांव हाथीथान, डाकघर व तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र दिया है कि उसका जन्म दिनांक 15-05-1969 को स्थान गांव हाथीथान, डाकघर व तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में हुआ है परन्तु उसने अपनी जन्म की तिथि का इन्द्राज किसी कारणवश ग्राम पंचायत बड़ा भुईन, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 के अभिलेख में दर्ज न किया है।

अतः इस इश्तहार हजा द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को श्री रणजीत सिंह पुत्र श्री डागु राम की जन्म तिथि दर्ज करवाने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 06-04-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार जन्म तिथि दर्ज करवाने के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 06-02-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

हस्ताक्षरित/- मोहर। कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

दायर तिथि : 15-02-2020 केस नं0 : 10-MT/20

1. श्री करनदीप सिंह पुत्र श्री अवतार सिंह साकन, निवासी गांव नजदीक एच0पी0एस0ई0बी0 भुन्तर, डाकघर व तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

2. श्रीमती प्रभजोत कौर पुत्री श्री जसपाल सिंह, निवासी गांव मकान नं0 1468/1, नजदीक दुहरी लाईन, आजाद नगर, जिला लुधियाना, पंजाब।

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

43राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 विषय.-- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 5(4) हि0 प्र0 रजिस्ट्रीकरण नियम, 2004 विवाह पंजीकरण बारे। उपरोक्त मामला में प्रार्थीगण ने दिनांक 15-02-2020 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पेश किये है कि उन्होंने दिनांक 29-04-2018 को शादी कर ली है और तब से दोनोें पति-पत्नी के रूप में रहते चले आ रहे हैं परन्तु प्रार्थीगण ने अपनी शादी का इन्द्राज सम्बन्धित नगर पंचायत भुन्तर, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में दर्ज नहीं करवाया है।

अतः सर्वसाधारण व आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त प्रार्थीगण की शादी से सम्बन्धित पंचायत के अभिलेख में दर्ज करने बारे एतराज हो तो वह दिनांक 06-04-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार शादी दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित नगर पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 09-03-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

दायर तिथि : 14-02-2020 केस नं0 : 15-MT/20

1. श्री विनोद कुमार पुत्र श्री धर्म चन्द, निवासी गांव कजयारी, डाकघर कसलादी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

2. श्रीमती लक्ष्मी देवी पुत्री श्री जगरनाथ, निवासी गांव वगियान्दा, डाकघर जरी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

विषय.-- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 5(4) हि0 प्र0 रजिस्ट्रीकरण नियम, 2004 विवाह पंजीकरण बारे।

उपरोक्त मामला में प्रार्थीगण ने दिनांक 14-02-2019 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पेश किये हैं कि उन्होंने दिनांक 02-12-2018 को शादी कर ली है और तब से दोनोें पति-पत्नी के रूप में रहते चले आ रहे हैं परन्तु प्रार्थीगण ने अपनी शादी का इन्द्राज सम्बन्धित नगर पंचायत तलपीणी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में दर्ज नहीं करवाया है।

अतः सर्वसाधारण व आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त प्रार्थीगण की शादी से सम्बन्धित पंचायत के अभिलेख में दर्ज करने बारे एतराज हो तो वह दिनांक 06-04-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार शादी दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।44 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 आज दिनांक 09-03-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ। मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

केस नं0 : 21/DT 2020 दायर तिथि : 25-02-2020 श्री मुल चन्द पुत्र श्री गेहरू राम, साकन, गांव छलाल, डाकघर कसोल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री मुल चन्द पुत्र श्री गेहरू राम, साकन, गांव छलाल, डाकघर कसोल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र दिया है कि उसके दादा स्व0 श्री विष्णु पुत्र श्री सेसु की मृत्यु दिनांक 01-02-1975 को स्थान गांव कसोल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में हुई है परन्तु उनकी मृत्यु तिथि का इन्द्राज किसी कारणवश ग्राम पंचायत कसोल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 के अभिलेख में दर्ज न किया है।

अतः इस इश्तहार हजा द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को स्व0 श्री विष्णु पुत्र श्री सेसु की मृत्यु तिथि दर्ज करवाने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 06-04-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार मृत्यु तिथि दर्ज करवाने के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 09-03-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

हस्ताक्षरित/- मोहर। कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

दायर तिथि : 02-02-2019 केस नं0 : 14-MT/20

1. श्री लीलाधर पुत्र श्री परम चन्द, साकन, निवासी गांव प्रेमनगर, डाकघर ठेला, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।45 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 2. श्रीमती निशा पुत्री श्री गोविन्द राम, निवासी गांव रोपा, डाकघर खमराधा, तहसील औट, जिला मण्डी, हि प्र0।

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

विषय.-- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 5(4) हि0 प्र0 रजिस्ट्रीकरण नियम, 2004 विवाह पंजीकरण बारे।

उपरोक्त मामला में प्रार्थीगण ने दिनांक 02-02-2019 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पेश किये हैं कि उन्होंने दिनांक 10-03-2017 को शादी कर ली है और तब से दोनोें पति-पत्नी के रूप में रहते चले आ रहे हैं परन्तु प्रार्थीगण ने अपनी शादी का इन्द्राज सम्बन्धित ग्राम पंचायत ज्येष्ठा, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में दर्ज नहीं करवाया है।

अतः सर्वसाधारण व आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त प्रार्थीगण की शादी से सम्बन्धित ग्राम पंचायत के अभिलेख में दर्ज करने बारे एतराज हो तो वह दिनांक 06-04-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार शादी दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 09-03-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

केस नं0 : 27-BT/2020 दायर तिथि : 23-01-2020 श्रीमती कला देवी पुत्री श्री गंगु राम हाल पत्नी श्री शानु राम, गांव व डाकघर जिया, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्रीमती कला देवी पुत्री श्री गंगु राम हाल पत्नी श्री शानु राम, गांव व डाकघर जिया, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र दिया है कि उसका जन्म दिनांक 01-01-1972 को स्थान गांव जिया, डाकघर जिया, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में हुआ है परन्तु उसने अपनी जन्म की तिथि का इन्द्राज किसी कारणवश ग्राम पंचायत जिया, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 के अभिलेख में दर्ज न किया है।

अतः इस इश्तहार हजा द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को श्रीमती कला देवी पुत्री श्री गंगु राम की जन्म तिथि दर्ज करवाने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 46 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 06-04-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार जन्म तिथि दर्ज करवाने के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 06-03-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

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In the Court of Sh. Anurag Chander Sharma (IAS), Marriage Officer-cum-Sub-Divisional

Magistrate, Kullu, District Kullu (H.P.)

In the matter of :

Aditya Thakur s/o Rajnish Paul Saklani, r/o House No. 129/5, Raj Kamal Building Sarkaghat, Tehsil Sarkaghat, District Mandi (H.P.) ; and

Vrinda Kanwar d/o Sh. Ajay Kanmar, r/o Village Kutiage, P.O. Piplage, Tehsil Bhunter, . . Applicants. District Kullu (H.P.)

Versus

General Public

Subject.—Proclamation for the registration of marriage under section 16 of Special Marriage Act,

1954.

Aditya Thakur and Vrinda Kanwar filed an application alongwith affidavits in the court of undersigned under section 16 of Special Marriage Act, 1954, that they have solemnized their marriage on 04-03-2020 and they are living as husband and wife since then. Hence this marriage may be registered under Act, ibid.

Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or writing before this court on or before 04-04-2020. The objection received after 04-04-2020 will not be entertained and marriage will be registered accordingly.

Issued tooday on 04-03- 2020 under my hand and seal of the court.

Seal. ANURAG CHANDER SHARMA (IAS), Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Kullu, District Kullu, Himachal Pradesh.

47 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

श्री गुलाब सिंह पुत्र खुबे राम, निवासी गांव करशान, डाकघर थलौट, तहसील औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

. .वादी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। आवेदन-पत्र जन्म एवं मुत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 की धारा 13 (3) के अन्तर्गत वादी के स्व0 पिता श्री खुबे राम पुत्र पोशु राम की मृत्यु की घटना नाम ग्राम पंचायत औट के रिकार्ड में दर्ज करने बारे। प्रार्थी श्री गुलाब सिंह पुत्र खुबे राम, निवासी गांव करशान, डाकघर थलौट, तहसील औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0) ने दिनांक 06-03-2020 को इस अदालत में आवेदन-पत्र गुजारा है कि उनके स्व0 पिता श्री खुबे राम पुत्र पोशु राम की मृत्यु की घटना अज्ञानतावश ग्राम पंचायत औट के रिकार्ड में दर्ज नहीं हुई है। प्रार्थी के स्व0 पिता की मृत्यु दिनांक 07-10-1988 को हुई है। प्रार्थी ने इस अदालत से प्रार्थना की है कि उनके स्व0 पिता का नाम ग्राम पंचायत के रिकार्ड से कटवाने व मृत्यु की घटना दर्ज करवाने बारे सम्बन्धित पंचायत को लिखित आदेश पारित करने की कृपा करें।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त मृत्यु की घटना पंचायत औट के रिकार्ड में दर्ज करने बारा कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 06-04-2020 को सुबह 10ः00 बजे हाजिर होकर अपना उजर पेश कर सकता है। बसूरत गैरहाजिरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर उचित आदेश पारित कर दिये जाएंगे।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत डॉ0 गणेश ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, सदर मण्डी, जिला मण्डी (हि0 प्र0) मिसल नं0 : /2020 तारीख मजरूआ : 2020 तारीख पेशी : 18-04-2020 जगजीत सिंह पुत्र श्री भादरू राम, निवासी गांव मसवाड़ी, डाकघर तल्याहड़, तहसील सदर, जिला मण्डी, हि0प्र0।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 37 ता 39 भू-राजस्व अधिनियम, 1954

वादी जगजीत सिंह पुत्र श्री भादरू राम, निवासी गांव मसवाड़ी, डाकघर तल्याहड़, तहसील सदर, जिला मण्डी, हि0प्र0 ने इस अदालत में एक प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र दायर किया है कि उसका सही नाम जगजीत सिंह है जैसे कि पंचायत या अन्य रिकार्ड में है लेकिन राजस्व रिकार्ड महाल मसवाड़ी आदि तहसील 48 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 सदर, जिला मण्डी में गलती से उसका नाम जगत सिंह लिखा गया है जोकि गलत है। जिसकी दुरुस्ती की जाकर जगजीत सिंह उर्फ जगत सिंह किया जाये।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 18-04-2020 को असालतन या वकालतन अदालत में प्रातः 11.00 बजे हाजिर होकर अपना उजर/एतराज पेश कर सकता है निर्धारित अवधि के पश्चात्‌ कोई आपत्ति प्राप्त होने पर एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

आज दिनांक 04-03-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

डा0 गणेश ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, तहसील सदर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत प्रेम सिंह, सहायक समाहर्ता ( द्वितीय श्रेणी), सुन्दरनगर, जिला मण्डी (हि0 प्र0) मिसल नम्बर : 32/2019 तारीख मजरूआ : 31-10-2019 उनवान मुकद्दमा :

श्री नकबिन्हू पुत्र दलू, निवासी व डाकघर अप्पर बैहली, तहसील सुन्दरनगर, जिला मण्डी (हि0प्र0)

. . प्रार्थी।

बनाम

1. श्याम लाल पुत्र ढौंसू, 2. तेज राम पुत्र ढौंसू, 3. जमना देवी पुत्री ढौंसू, 4. हिमा देवी पत्नी स्व0 श्री ढौंसू निवासी व डाकघर अप्पर बैहली, तहसील सुन्दरनगर, जिला मण्डी (हि0प्र0) . . प्रत्यार्थीगण। प्रार्थना-पत्र तकसीम भूमि खाता खतौनी नं0 86/138, खसरा नं0 581, 595, 614, 615, कित्ता 04, रकबा तादादी 01-05-18 बीघा वाक्या महाल उपरली बैहली/13, तहसील सुन्दरनगर, जिला मण्डी (हि0प्र0)। मुकद्दमा उनवानवाला में प्रार्थी श्री नकबिन्हू पुत्र दलू, निवासी व डाकघर अप्पर बैहली, तहसील सुन्दरनगर, जिला मण्डी (हि0प्र0) ने भूमि खाता खतौनी नं0 86/138, खसरा नं0 581, 595, 614, 615, कित्ता 04, रकबा तादादी 01-05-18 बीघा वाक्या महाल उपरली बैहली/13, तहसील सुन्दरनगर, जिला मण्डी (हि0प्र0) की तकसीम करने के लिए आवेदन-पत्र दायर किया है। उक्त मुकद्दमा में प्रार्थीगणों को समन हजा की तामील न होना पाई गई है।

अतः इस इश्तहार मुश्त्री मुनादी के द्वारा प्र्रत्यार्थी नं0 1. श्याम लाल पुत्र ढौंसू, 2. तेज राम पुत्र ढौंसू, 3. जमना देवी पुत्री ढौंसू, 4. हिमा देवी पत्नी स्व0 श्री ढौंसू निवासी व डाकघर अप्पर बैहली, तहसील सुन्दरनगर, जिला मण्डी (हि0प्र0) को इस इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि उक्त मुकद्दमा की पैरवी करने के हेतु दिनांक 08-04-2020 को सुबह 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर पैरवी मुकद्दमा करें अन्यथा आपके खिलाफ कार्यवाही एकतरफा अमल में लाई जाएगी।

आज दिनांक 29-02-2020 को मेरे हस्ताक्षर व अदालत मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता (प्रथम श्रेणी), सुन्दरनगर, जिला मण्डी (हि0प्र0)।49 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 ब अदालत डॉ0 गणेश ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, सदर मण्डी, जिला मण्डी (हि0 प्र0) मिसल नं0 : /2020 तारीख मजरूआ : 01-01-2020 तारीख पेशी : 18-04-2020 वादी नन्त राम पुत्र श्री खेम चन्द, निवासी गांव लेहड़ा, डाकघर रिवाल्सर, उप-तहसील रिवाल्सर, जिला मण्डी, हि0प्र0।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 37 ता 39 भू-राजस्व अधिनियम, 1954

वादी नन्त राम पुत्र श्री खेम चन्द, निवासी गांव लेहड़ा, डाकघर रिवाल्सर, उप-तहसील रिवाल्सर, जिला मण्डी, हि0प्र0 ने इस अदालत में एक प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र दायर किया है कि उसका सही नाम नन्त राम है जैसे कि पंचायत या अन्य रिकार्ड में है लेकिन उनके लड़के विकास पुत्र नन्त राम के जन्म प्रमाण-पत्र, नगर परिषद मण्डी में उनका नाम अनन्त राम लिखा गया है जो कि गलत है। जिसकी दुरुस्ती की जाकर नन्त राम किया जाये।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 18-04-2020 को असालतन या वकालतन अदालत में प्रातः 11.00 बजे हाजिर होकर अपना उजर/एतराज पेश कर सकता है। निर्धारित अवधि के पश्चात्‌ कोई आपत्ति प्राप्त होने पर एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी और कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद मण्डी को विकास पुत्र अनन्त राम के स्थान पर विकास पुत्र नन्त राम, निवासी गांव लेहड़ा, डाकघर रिवाल्सर, उप-तहसील रिवाल्सर, जिला मण्डी, हि0प्र0 दर्ज करने के आदेश कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 01-01-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

डॉ0 गणेश ठाकुर, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, तहसील सदर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश (172001)

श्री गोविन्द सिंह पुत्र श्री मोहेन्द्र सिंह, गांव नालिंग-रूपी, तहसील निचार, जिला किन्नौर (हि0प्र0)

बनाम

आम जनता

विषय.--दरख्वास्त शजरा नस्ब की दुरुस्ती इन्द्राज वाका चक सराहन, रांवी व कनै बारे। यह दरख्वास्त श्री गोविन्द सिंह पुत्र श्री मोहेन्द्र सिंह, गांव नालिंग-रूपी, तहसील निचार, जिला किन्नौर (हि0प्र0) द्वारा इस अदालत में पेश किया है कि वह दिये गये उक्त पते का स्थायी निवासी है तथा उसका महाल पराष्पा, तहसील निचार के शजरा नस्ब में जाति किन्नौरा राजपूत व उप-जाति अन्य दर्ज है 50 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 जो सही है। जबकि उसके नाम कुछ अराजी मलकियत उप-तहसील सराहन, जिला शिमला (हि0प्र0) में भी है। जिसके राजस्व अभिलेख के शजरा नस्ब में उसकी जाति व उप-जाति भिन्न-भिन्न दर्शाई गई है। पटवारी पटवार वृत्त सराहन के अनुसार कागजात माल वाका चक सराहन में प्रार्थी की जाति खाम्पा उप-जाति कारसंग व महाल रांवी में जाति राजपूत उप-जाति कश्यप तथा महाल कनै में जाति भेता उप-जाति तूरी इन्द्राज शजरा नस्ब चला आ रहा है। इसलिए अब प्रार्थी वाका चक सराहन, रांवी व कनै के शजरा नस्ब में अपनी जाति व उप-जाति को दुरुस्त करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि किसी को भी उपरोक्त प्रार्थी की दुरुस्ती इन्द्राज शजरा नस्ब करने बारा कोई एतराज हो तो वह दिनांक 30-03-2020 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर आकर अपना उजर/एतराज पेश करें। इसके उपरान्त कोई भी एतराज काबिले समायत न होगा तथा नियमानुसार शजरा नस्ब की दुरुस्ती इन्द्राज के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 28-02-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0)।

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In the Court of Shri Gurmit G. Negi, Executive Magistrate (Tehsildar) Solan,

District Solan, Himachal Pradesh

In the matter of :

Sh. Om Prakash s/o Late Sh. Mani Ram, r/o Village Rundan Ghoron, P.O. Kumarhatti, . . Applicant. Tehsil & District Solan (H. P.)

Versus

General Public

. . Respondent.

Application under section 13(3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Sh. Om Prakash s/o Late Sh. Mani Ram, r/o Village Rundan Ghoron, P.O. Kumarhatti, Tehsil & District Solan (H. P.) has moved an application before the undersigned under section 13(3) of Birth and Death Registration Act, 1969 alongwith affidavit and other documents for entering of date of birth of his son namely Himanshu s/o Sh. Om Prakash i.e. 21-02-2017 at home, Village Rundan Ghoron, P.O. Kumarhatti, Tehsil & District Solan (H. P.) but his date of birth could not be entered in the record of G. P. Barog.

Therefore, by this proclamation the general public is hereby informed that any person having any objection(s) for the registration of delayed date of birth of Himanshu s/o Sh. Om Prakash, r/o Village Rundan Ghoron, P.O. Kumarhatti, Tehsil & District Solan (H. P.) may submit their objection in writing or appear in person in this court on or before 2-4-2020 at 10.00 A.M. failing which no objection will be entertained after expiry of date.

51 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 Given under my hand and seal of the court on this 3rd day of March, 2020.

Seal.

GURMIT G. NEGI, Executive Magistrate (Tehsildar),

Solan, District Solan (H. P.).

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In the Court of Shri Gurmit G. Negi, Executive Magistrate (Tehsildar) Solan,

District Solan, Himachal Pradesh

In the matter of :

Sh. Durgesh Kumar Gurung s/o Sh. Tula Ram, r/o 224, Kashmiri Mohalla Subathu, Tehsil . . Applicant. & District Solan (H. P.)

Versus

General Public

. . Respondent.

Application under section 13(3) of Birth and Death Registration Act, 1969.

Sh. Durgesh Kumar Gurung s/o Sh. Tula Ram, r/o 224, Kashmiri Mohalla Subathu, Tehsil & District Solan (H. P.) has moved an application before the undersigned under section 13(3) of Birth and Death Registration Act, 1969 alongwith affidavit and other documents for entering of date of birth i.e. 2-08-1983 at 224, Kashmiri Mohalla Subathu, Tehsil & District Solan (H. P.) but his date of birth could not be entered in the record of Cantt. Board Subathu.

Therefore, by this proclamation the general public is hereby informed that any person having any objection(s) for the registration of delayed date of birth of Sh. Durgesh Kumar Gurung s/o Sh. Tula Ram, r/o 224, Kashmiri Mohalla Subathu, Tehsil & District Solan (H. P.) may submit their objection in writing or appear in person in this court on or before 1-4-2020 at 10.00 A.M.,. failing which no objection will be entertained after expiry of date.

Given under my hand and seal of the court on this 2nd day of March, 2020.

Seal.

GURMIT G. NEGI, Executive Magistrate (Tehsildar),

Solan, District Solan (H. P.).

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Office of the Sub-Divisional Magistrate, Arki, District Solan, H. P.

Case No. Date of Institution Date of Decision 06/2020

04-03-2020 Pending for 07-04-2020 Sh. Mast Ram Sharma s/o Shri Hari Dutt, r/o Village Kolka (Jarol), P.O. Shalaghat, Tehsil . .Applicant. Arki, District Solan, Himachal Pradesh

Versus

52 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 General Public . .Respondent.

Regarding delayed registration of Birth event under section 13(3) of the Birth and Death

Registration Act, 1969.

Sh. Mast Ram Sharma s/o Shri Hari Dutt, r/o Village Kolka (Jarol), P.O. Shalaghat, Tehsil Arki, District Solan, Himachal Pradesh has filed a case under section 13(3) of Birth & Death Registration Act, 1969 alongwith affidavits and other documents stating therein that his son namely Mohit Sharma born on 12-07-1994 at Village Kolka (Jarol), P.O. Shalaghat, Tehsil Arki, but his birth has not been entered in the records of Gram Panchayat Kotli, Tehsil Arki, District Solan, H.P. as per certificate No. 10 issued by the Registrar, Birth and Death Registration, G.P. Kotli, Tehsil Arki.

Therefore, by this proclamation, the general public is hereby informed that any person having any objection for the registration of delayed birth of Sh. Mohit Sharma s/o Sh. Mast Ram Sharma, may submit their objections in writing in this office on or before 07-04-2020 at 10.00 A.M., failing which no objection will be entertained after expiry of date of hearing.

Given under my hand and seal of this office on this 4th day of March, 2020.

Seal.

VIKAS SHUKLA (H.A.S.), Sub-Divisional Magistrate, Arki, District Solan, H. P.

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ब अदालत डा0 संजीव धीमान, रजिस्ट्रेशन एवं मैरिज ऑफिसर, कण्डाघाट, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश

ललित भारद्वाज बनाम आम जनता विषय.--शादी पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान करने बारे।

ललित भारद्वाज पुत्र श्री प्यारे लाल, निवासी गांव शालोग जोगियां, डाकघर सायरी, तहसील कण्डाघाट, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश ने एक दरख्वास्त दिनांक 04-03-2020 को प्रस्तुत की है जिसमें उसने लिखा है कि उसकी शादी शिल्पा चौहान पुत्री श्री दीना नाथ चौहान के साथ दिनांक 03-03-2020 को हुई है, का पंजीकरण किया जाकर उसे शादी पंजीकरण प्रमाण-पत्र दिया जावे।

अतः इस नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बन्धित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को शादी पंजीकरण बारे कोई एतराज/आपत्ति हो तो वह दिनांक 05-04-2020 या इससे पहले असालतन या वकालतन हाजिर होकर पेश करे अन्यथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर प्रार्थी को शादी पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जाएगा तथा बाद में कोई उजर काबिले समायत न होगा। आज दिनांक 06-03-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ है।

मोहर।

डा0 संजीव धीमान,

रजिस्ट्रेशन एवं मैरिज ऑफिसर, कण्डाघाट,

जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश। 53 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 न्यायालय श्री विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)

दावा संख्या नं0 : ........./Teh. Una/B&D /2020

विजय कुमार पुत्र श्री रणजीत कुमार, वासी समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0)

बनाम

आम जनता

दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.

उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में विजय कुमार पुत्र श्री रणजीत कुमार, वासी समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसकी भांजी पायल का जन्म गांव समूरकलां में दिनांक 22-09-2003 को हुआ था लेकिन अज्ञानता के कारण जन्म का इन्द्राज स्थानीय रजिस्ट्रार, जन्म व मृत्यु पंजीकरण, ग्राम पंचायत समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) में दर्ज न करवा सका है।

अतः इस सन्दर्भ में आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त वर्णित जन्म का इन्द्राज स्थानीय रजिस्ट्रार, जन्म व मृत्यु पंजीकरण, ग्राम पंचायत समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) में दर्ज करवाने बारे किसी को कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 06-04-2020 को अथवा उससे पूर्व न्यायालय हजा में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है अन्यथा उसके बाद उक्त वर्णित जन्म के पंजीकरण हेतु आगामी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। इसके बाद कोई भी एतराज काबिले समायत न होगा। आज दिनांक 07-03-2020 को मेरे हस्ताक्षर व न्यायालय की मोहर द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

विजय कुमार राय,

तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,

ऊना, जिला ऊना (हि0प्र0)।

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न्यायालय श्री विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)

दावा संख्या नं0 : ........./Teh. Una/B&D /2020

विजय कुमार पुत्र श्री रणजीत कुमार, वासी समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0)

बनाम

आम जनता

दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.

उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में विजय कुमार पुत्र श्री रणजीत कुमार, वासी समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसकी भांजी सपना का जन्म गांव समूरकलां में दिनांक 02-04-2002 को हुआ था लेकिन अज्ञानता के कारण जन्म का इन्द्राज स्थानीय रजिस्ट्रार, जन्म व मृत्यु पंजीकरण, ग्राम पंचायत समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) में दर्ज न करवा सका है। 54 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अप्रैल, 2020/12 चैत्र, 1942 अतः इस सन्दर्भ में आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त वर्णित जन्म का इन्द्राज स्थानीय रजिस्ट्रार, जन्म व मृत्यु पंजीकरण, ग्राम पंचायत समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) में दर्ज करवाने बारे किसी को कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 06-04-2020 को अथवा उससे पूर्व न्यायालय हजा में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है अन्यथा उसके बाद उक्त वर्णित जन्म के पंजीकरण हेतु आगामी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। इसके बाद कोई भी एतराज काबिले समायत न होगा। आज दिनांक 07-03-2020 को मेरे हस्ताक्षर व न्यायालय की मोहर द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

विजय कुमार राय,

तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,

ऊना, जिला ऊना (हि0प्र0)।

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न्यायालय श्री विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)

दावा संख्या नं0 : ........./Teh. Una/B&D /2020

विजय कुमार पुत्र श्री रणजीत कुमार, वासी समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0)

बनाम

आम जनता

दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.

उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में विजय कुमार पुत्र श्री रणजीत कुमार, वासी समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसकी भांजी मुस्कान का जन्म गांव समूरकलां में दिनांक 15-08-2005 को हुआ था लेकिन अज्ञानता के कारण जन्म का इन्द्राज स्थानीय रजिस्ट्रार, जन्म व मृत्यु पंजीकरण, ग्राम पंचायत समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) में दर्ज न करवा सका है।

अतः इस सन्दर्भ में आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त वर्णित जन्म का इन्द्राज स्थानीय रजिस्ट्रार, जन्म व मृत्यु पंजीकरण, ग्राम पंचायत समूरकलां, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) में दर्ज करवाने बारे किसी को कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 06-04-2020 को अथवा उससे पूर्व न्यायालय हजा में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है अन्यथा उसके बाद उक्त वर्णित जन्म के पंजीकरण हेतु आगामी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। इसके बाद कोई भी एतराज काबिले समायत न होगा। आज दिनांक 07-03-2020 को मेरे हस्ताक्षर व न्यायालय की मोहर द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

विजय कुमार राय,

तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,

ऊना, जिला ऊना (हि0प्र0)। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 01 April 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2020-04-01.01_gazette_2020-01_04_2020/. Archive identifier in.gazette.himachal.2020-04-01.01_gazette_2020-01_04_2020.