राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित मंगलवार, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942
हिमाचल प्रदेश सरकार
कार्मिक विभाग
(नि0-III)
अधिसूचना
शिमला-02, 30 जुलाई, 2020
संख्या : पर.(ए.पी.) सी-ए(3)-2/2017.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से इस विभाग की अधिसूचना संख्या पर.(ए.पी.) सी-ए(3)-2/2017, तारीख 29 सितम्बर, 2017 द्वारा अधिसूचित 73-राजपत्र/2020-04-08-2020 (2333)2334 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सहबद्ध सेवा/पद, वर्ग-III, (अराजपत्रित) परीक्षा नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्ः--
1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सहबद्ध सेवा/पद वर्ग-III (अराजपत्रित) परीक्षा (प्रथम संशोधन) नियम, 2020 है।
(2) ये नियम राजपत्र (ई-गजट), हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 2. स्तम्भ संख्याः 4 (2) (क) का संशोधन.--हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सहबद्ध सेवा/पद वर्ग-III (अराजपत्रित) परीक्षा नियम, 2017 मेंः-
स्तम्भ संख्याः 4(2)(क) के सामने विद्यमान उपबन्धों के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः- ''इन नियमों से संलग्न अपैंडिक्स-III में यथाविनिर्दिष्ट पैरामीटरों पर आधारित मूल्यांकन के पश्चात् अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा और मूल्यांकन में उनके द्वारा कुल मिलाकर अभिप्राप्त अंकों के अनुसार मैरिट के क्रम में आयोग द्वारा सूचीबद्व किया जाएगा। अंकों की बराबरी की दशा में, मैरिट का क्रम लिखित परीक्षा में कुल मिलाकर अभिप्राप्त अधिकतम अंकों के अनुसार विनिश्चित किया जाएगा और यदि लिखित परीक्षा में भी कुल मिलाकर अंक बराबर हो जाते हैं तो आयु में ज्येष्ठ अभ्यर्थी को आयु में कनिष्ठ अभ्यर्थी से ऊपर रखा जाएगा। किसी विशिष्ट सेवा के लिए अभ्यर्थी की संस्तुति करते समय उसके द्वारा अधिमान सूची में अभिव्यक्त अधिमान (यदि कोई हो) का इन नियमों के अधीन पदों के लिए विज्ञापन के प्रत्युत्तर में आवेदन प्ररूप प्रस्तुत करते समय निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन, सम्यक् रूप से ध्यान में रखा जाएगाः-
(i) इन नियमों के अन्तर्गत विज्ञापित पदों के लिए अभ्यर्थी द्वारा, मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन प्ररूप प्रस्तुत करते समय, आवेदन प्ररूप में यथावर्णित अधिमान क्रम सूची भरा जाएगा/ उपदर्शित किया जाएगा और इस अधिमान सूची में दर्शाए गए अधिमान के क्रमानुसार मैरिट के क्रम में अभ्यर्थी का चयन किया जाएगा। एक बार अधिमान सूची प्रस्तुत किए जाने पर तत्पश्चात् उसमें कोई परिवर्तन/संशोधन अनुज्ञात नहीं किया जाएगा और इस सम्बन्ध में किसी अभ्यावेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
,
(ii) अभ्यर्थियों को केवल उन पदों के लिए और उसी क्रम में, जो उन्होंने अधिमान सूची में दर्शाया है, चयन के लिए विचारा जाएगा। अधिमान सूची में उनके द्वारा वर्ण्ाित नहीं किए गए किसी पद के लिए, उन पर, इस तथ्य के बावजूद कि मैरिट के क्रम में वे उन पदों के चयन के लिए पात्र हैं, विचार नहीं किया जाएगा।
(iii) यदि किसी अभ्यर्थी ने अधिमान सूची सम्यक् रूप से भरकर आयोग को प्रस्तुत नहीें की है या अधिमान सूची उसके हस्ताक्षर के बिना प्रस्तुत की है या कोई भी विकल्प/अधिमान, जो अधिमान सूची में हो, अभिव्यक्त नहीं किया है, तो उसे समस्त पदों के लिए उसी क्रम में विचारा जाएगा जिस क्रम में वे विज्ञापन में सूचीबद्ध किए गए हैं।"।
आदेश द्वारा, आर0 डी0 धीमान,
अतिरिक्त मुख्य सचिव (कार्मिक)।2335 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 [Authoritative English text of this Department Notification No. Per (AP)-C-A (3)-2/2017 dated 30-07-2020 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].
PERSONNEL DEPARTMENT
(AP-III)
NOTIFICATION
Shimla-02, the 30th July, 2020
No. Per (AP)-C-A (3)-2/2017.—In exercise of the powers conferred by proviso to article 309 of the Constitution of India, the Governor of Himachal Pradesh, in consultation with the Himachal Pradesh Public Service Commission, is pleased to make the following rules further to amend the Himachal Pradesh Subordinate Allied Services/Posts, Class-III (Non-Gazetted) Examination Rules, 2017, notified vide this Department Notification No.Per(AP)-C-A(3)-2/2017 dated 29th September, 2017, namely:—
1. Short title and Commencement.—These rules may be called the Himachal Pradesh Subordinate Allied Services/Posts, Class-III (Non-Gazetted) Examination (First Amendment) Rules, 2020.
(2) These rules shall come into force from the date of publication in the Rajpatra (e-Gazette) Himachal Pradesh.
2. Amendment of Column No. 4(2)(a).—In the Himachal Pradesh Subordinate Allied Services/ Posts, Class-III (Non-Gazetted) Examination Rules, 2017:—
For the existing provisions against Col. No. 4(2)(a), the following shall be substituted, namely:—
"After the evaluation based on the parameters as specified in Appendix-III annexed to these rules, the candidates will be listed by the Commission in the order of merit, according to the aggregate of marks obtained by them in the written test and the evaluation taken together. In the event of tie, order of merit shall be determined in accordance with highest marks secured in the aggregate of the written examination and in case the marks in aggregate of written examination tie, then candidate who is senior in age will be placed above the candidate junior in age. While recommending a candidate for a particular service, due consideration will be given to the preference, (if any), expressed by him/her in the preference list, at the time of submission of Application Form in response to the advertisement for the posts under these Rules, subject to the following conditions:—
(i) Preference list for the posts advertised under these rules, as mentioned in the Application Form shall be filled in/indicated by the candidate at the time of submission of application form for the main examination and the candidate will be selected in the order of merit according to the order of preference list. Once the preference list has been submitted, no change/amendment therein shall be permitted and no representation will be considered in this regard.
(ii) The candidates will be considered for selection only for those posts and in the order as indicated by him/her in the preference list. They will not be considered2336 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 for any post not mentioned by them in the preference list, irrespective of the fact that in the order of merit they are eligible for selection to those posts.
(iii) If a candidate has not submitted the preference list duly filled in, to the Commission, or has submitted the preference list without his/her signature or has not expressed any choice/ preference whatsoever in the preference list, will be considered for all posts in the order in which these have been listed in the advertisement."
By order, R. D. DHIMAN, Addl. Chief Secretary (Personnel).
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LABOUR & EMPLOYMENT DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 30th July, 2020
Shram (A)4-2/2018-L.—In exercise of the powers vested in him under section-5(1)(a) of the Minimum Wages Act,1948, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to re- constitute the Minimum Wages Committee to advise the State Government to revise the rates of Minimum Wages in all the Scheduled Employments. The composition of the said committee will be as under:—
Official MEMBERS
1. The Labour Commissioner-cum-Director of Employment, Chairman H.P. Shimla-171001.
2. The Director (Rural Development & Panchayati Raj), Member H.P. Shimla-171009.
3. The Director (Agriculture), H.P. Shimla-171005. Member EMPLOYER'S REPRESENTATIVES
1. The President, Baddi Barotiwala Nalagarh Industries Member Association, Baddi, H.P.
2. The Director (Personnel), H.P. Power Corporation Ltd. Member Himfed Bulding, BCS, Shimla-09.
3. The President, Shimla Hotel Association, Shimla-01 Member EMPLOYEE'S REPERESENTATIVES
1. Sh. Dinesh, State Secretary (BMS), HPPWD Mech, Member Bhattakuffar, Shimla.
2337 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 2. Bawa Hardeep Singh, president, INTUC, H.P. MemberSector-1, NH-22, Parwanoo, Distt. Solan, H.P.
3. Sh. Vijender Mehra S/o Sh. Hukam Chand, Kisan Mazdoor Member Bhawan, Near Chitkara Park, Lower Kaithu, Shimla-03 H.P.
The Head-Quarter of the committee will be at Shimla, but its meeting can be convened at any place of the State if so desired by the Chairman. The term of the Committee will be two years from the date of issue of the notification.
The Travelling Allowance will be admissible to all the non-official members of the Committee as per instructions issued by the Finance Department, Himachal Pradesh, Government from time to time.
By order, Sd/- (KAMLESH KUMAR PANT), Principal Secretary (Lab. & Emp.).
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शहरी विकास विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 31 जुलाई, 2020
संख्या यू0डी0ए0(1)-1/2020.--हिमाचल प्र्रदेेश केे राज्यपाल, हिमाचल प्र्रदेेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 2015 केे नियम 90 केे उप नियम (5) केे साथ पठित हिमाचल प्र्रदेेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संंख्यांंक 13) की धारा 27 की उपधारा (1) द्वारा प्र्रदत्त शक्तियोेंं का प्र्रयोेग करतेे हुुए, जिला सोलन में नगर परिषद् नालागढ़ की उपाध्यक्ष के निर्वाचन कोे निम्न प्र्रकार सेे राजपत्र मेें अधिसूूचित करतेे हैैंंः--
| नगर परिषद् का नाम | निर्वाचित उपाध्यक्ष का नाम और पता |
| नगर परिषद् नालागढ़, जिला सोलन | श्रीमती नीलम खुल्लर, वार्ड नंबर 6, तहसील नालागढ़, जिला सोलना हिमाचल प्रदेश। |
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- सचिव (शहरी विकास)।
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[Authoritative English Text of notification No.UD-A(1)-1/2020, dated 31-07-2020 as required
under clause(3) of Article 348 of the Constitution of India].
URBAN DEVELOPMENT DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 31st July, 2020
No. UD-A (1)-1/2020.—In exercise of the powers conferred by sub-Section (1) of section 27 of the Himachal Pradesh Municipal Act, 1994 (Act No.13 of 1994) read with sub- rule (5) of2338 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 rule 90 of the Himachal Pradesh Municipal Election Rules, 2015, The Governor of Himachal Pradesh is pleased to notify in the Official Gazette election of Vice-President in respect of Municipal Council Nalagarh, Distt. Solan, H.P as under:—
| Name of Municipal Council | Name & Address of Elected Vice President |
| Municipal Council, Nalagarh, Distt. Solan | Smt. Neelam Khullar, r/o Ward No. 6, Tehsil Nalagarh, Distt. Solan, Himachal Pradesh. |
By order, Sd/- Secretary (UD).
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आबकारी एवं कराधान विभाग
आदेश संख्याः 02/2019-राज्य कर
शिमला-2, 31 जुलाई, 2020
का.आ. ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-6/2020.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इस आदेश में इसके पश्चात् उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 52 की उपधारा (4) में यह उपबन्धित है कि प्रत्येक प्रचालक, जो उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट रकम का संग्रहण करता है, उसके द्वारा की जाने वाली माल या सेवाओं या दोनों की जावक पूर्तियां, जिसके अन्तर्गत उसके द्वारा वापस की गई माल या सेवाओं या दोनों की पूर्तियां भी हैं, के ब्योरे और मास के दौरान उपधारा (1) के अधीन संगृही रकम के ब्योरों को अंतर्विष्ट करते हुए ऐसे प्ररूप और ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, ऐसे मास के अन्त के पश्चात् दस दिन के भीतर इलैक्ट्रानिक रूप से एक विवरण प्रस्तुत करेगा ;
और कितपय प्रचालक, जो सामान्य पोर्टल पर उनके द्वारा तकनीकी कठिनाइयों का सामना करने के कारण रजिस्ट्रीकरण अभिप्राप्त करने में असमर्थ रहे थे किंतु उन्होंने अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर, 2018 मास के लिए रकम का संग्रहण किया था, जिसके परिणामस्वरूप उक्त अधिनियम की धारा 52 की उपधारा (4) के अधीन वे विवरण प्रस्तुत नहीं कर सके और जिसके कारण उक्त उपधारा के उपबंधों को प्रभावी करने में कतिपय कठिनाइयां उद्वृत हुई हैं ;
अतः, अब, प्रदेश सरकार, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 172 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद की सिफारिशों पर कठिनाइयों को दूर करने के लिए निम्नलिखित आदेश करती है, अर्थात :-
1. संक्षप्ति नाम.--इस आदेश का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (द्वितीय कठिनाइयों को दूर करना) आदेश, 2019 है ।
2. हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 52 की उपधारा (4) के स्पष्टीकरण में, "31 जनवरी, 2019'' अंंकों और शब्दों के स्थान पर "07 फरवरी, 2019" अंक और शब्द रखे जाएंगे ।
आदेश द्वारा,
हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)।2339 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942
[Authoritative English text of this Department Notification No. EXN-F(10)-6/2020 dated
31-07-2020 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].
EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT
ORDER NO. 02/2019-STATE TAX
Shimla-2, the 31st July, 2020
No. EXN-F(10)-6/2020. — WHEREAS, sub-section (4) of section 52 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (10 of 2017) (hereafter in this Order referred to as the said Act) provides that every operator who collects the amount specified in sub-section (1) shall furnish a statement, electronically, containing the details of outward supplies of goods or services or both effected through it, including the supplies of goods or services or both returned through it, and the amount collected under sub-section (1) during a month, in such form and manner as may be prescribed, within ten days after the end of such month;
AND WHEREAS, certain operators, were unable to obtain registration because of technical issues being faced by them on the common portal but they collected the amount for the months of October, November and December 2018, as a result whereof, the statement under subsection (4) of section 52 of the said Act could not be furnished and because of that certain difficulties have arisen in giving effect to the provisions of the said sub-section;
NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by section 172 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017, the Governor of Himachal Pradesh, on recommendations of the Council, is pleased to make the following Order, to remove the difficulties, namely: ––
1. Short title.––This Order may be called the Himachal Pradesh Goods and Services Tax (Second Removal of Difficulties) Order, 2019.
2. In section 52 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017, in sub- section (4), in the Explanation, for the figures, letters and word "31st January, 2019", the figures, letters and word "07th February, 2019" shall be substituted.
By order, Sd/- Principal Secretary (E&T).
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आबकारी एवं कराधान विभाग
आदेश संख्याः 08/2019-राज्य कर
शिमला-2, 31 जुलाई, 2020
का.आ. ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-6/2020.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इस आदेश में इसके पश्चात् उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 44 की उपधारा (1) 2340 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 में यह उपबन्धित है कि इनपुट सेवा वितरक, धारा 51 या धारा 52 के अधीन कर का संदाय करने वाले व्यक्ति, नैकितिक कराधेय व्यक्ति और अनिवासी कराधेय व्यक्ति से भिन्न प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति प्रत्येक वितीय वर्ष के लिए इलैक्ट्रानिक रूप से ऐसे प्ररूप और रीति में जो विहित की जाए, ऐसे वित्तीय वर्ष के के अतं के पश्चात् आने वाले इक्कतीस दिसंबर को या उससे पूर्व एक वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करेगा ;
और उक्त अधिनियम की धारा 44 की उपधारा (1) में यथा निर्दिष्ट रजिस्ट्रीकृत प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए इलैक्ट्रानिक रूप से वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करने के प्रयोजन में करदाताओं को कुछ तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप उक्त अधिनियम की उपधारा (1) में यथानिर्दिष्ट रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों द्वारा 1 जुलाई, 2017 से 31 मार्च, 2018 तक की कालावधि और 1 अप्रैल, 2018 से 31 मार्च, 2019 तक की कालावधि के लिए उक्त वार्षिक विवरणी प्रस्तुत नहीं की जा सकी है जिसके कारण उक्त धारा के उपबंधों को प्रभावी करने में कतिपय कठिर्नायां उत्पन्न हुई हैं ।
अतः, अब, प्रदेश सरकार, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 172 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए परिषद की सिफारिशों पर कठिनाइयों को दूर करने के लिए निम्नलिखित आदेश करती है, अर्थात :-
1. संक्षप्ति नाम.- इस आदेश का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (कठिनाइयों को दूर करना, आठवांं) आदेश, 2019 है ।
2. हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 44 के स्पष्टीकरण के स्थान पर निम्नलिखित स्पष्टीकरण अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात :-
''स्पष्टीकरण.--इस धारा के प्रयोजन के लिए वह घोषणा की जाती है कि 1 जुलाई, 2017 से 31 मार्च, 2018 की अवधि के लिए वार्षिक विवरणी 31 दिसंबर, 2019 को या उसके पहले प्रस्तुत की जा सकेगी और 1 अप्रैल, 2018 से 31 मार्च, 2019 की अवधि के लिए वार्षिक विवरणी 31 मार्च, 2020 को या उसके पहले प्रस्तुत की जा सकेगी ।''
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No.EXN-F(10)-6/2020 dated
31-07-2020 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].
EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT
ORDER NO. 08/2019-STATE TAX
Shimla, the 31st July, 2020
No. EXN-F(10)-6/2020.––WHEREAS, sub-section (1) of section 44 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (10 of 2017) (hereafter in this Order referred to as the said Act) provides that every registered person, other than an Input Service Distributor, a person paying tax under section 51 or section 52, a casual taxable person and a non-resident taxable person, shall furnish an annual return for every financial year electronically in such form and manner as may be prescribed on or before the thirty-first day of December following the end of such financial year;
2341 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942AND WHEREAS, for the purpose of furnishing of the annual return electronically for every financial year as referred to in sub-section (1) of section 44 of the said Act, certain technical problems are being faced by the tax payers as a result whereof, the said annual return for the period from the 1st July, 2017 to the 31st March, 2018 and for the period from 1st April, 2018 to the 31st March, 2019 could not be furnished by the registered persons, as referred to in the said sub- section (1) and because of that, certain difficulties have arisen in giving effect to the provisions of the said section.
NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by section 172 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017, the Governor of Himachal Pradesh, on recommendations of the Council, is pleased to make the following Order, to remove the difficulties, namely:––
1. Short title.––This Order may be called the Himachal Pradesh Goods and Services Tax (Eighth Removal of Difficulties) Order, 2019.
2. For the Explanation in section 44 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017, the following Explanation shall be substituted, namely: –
"Explanation.—For the purposes of this section, it is hereby declared that the annual return for the period from the 1st July, 2017 to the 31st March, 2018 shall be furnished on or before the 31st December, 2019 and the annual return for the period from the 1st April, 2018 to the 31st March, 2019 shall be furnished on or before the 31st March, 2020. ".
By order, Sd/- Principal Secretary (E&T).
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आबकारी एवं कराधान विभाग
आदेश संख्याः 01/2020-राज्य कर
शिमला-2, 31 जुलाई, 2020
का.आ. ई.एक्स.एन.-एफ.(10)-6/2020.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इस आदेश में इसके पश्चात् उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 29 की उपधारा (2), खंड (क) से खंड (ङ) में वर्णित परिस्थितियों में उचित अधिकारी द्वारा रजिस्ट्रीकरण रद्द करने का उपबंध करती है जो इस प्रकार से है, जहां :—
(क) रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति ने अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन ऐसे उपबंधों का उल्लंघन किया है जो विहित किए जाएं ; या
(ख) धारा 10 के अधीन कर का संदाय करने वाले व्यक्ति ने, तीन क्रमवर्ती कर अवधियों के लिए विवरणी प्रस्तुत नहीं की है ; या
(ग) खंड (ख) में विनिर्दिष्ट व्यक्ति से भिन्न किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति ने लगातार छह मास की अवधि के लिए विवरणी प्रस्तुत नहीं की है ; या 2342 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 (घ) किसी ऐसे व्यक्ति ने जिसने धारा 25 की उप धारा (3) के अधीन स्वेच्छया रजिस्ट्रीकरण कराया है, रजिस्ट्रीकरण की तारीख से छः मास के भीतर कारबार प्रारम्भ नहीं किया है; या (ङ) रजिस्ट्रीकरण कपट के साधनों से, जानबूझकर किए गए मिथ्या कथन या तथ्यों के छिपाने के द्वारा प्राप्त किया गया है :
परंतु उचित अधिकारी किसी व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिये बिना रजिस्ट्रीकरण को रद्द नहीं करेगा ।
और, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 169 की उप धारा (1) नोटिस की तामील (सुनवाई का अवसर) के लिए उपबंध करती है ; उक्त उप धारा के खंड (ग) और (घ) निम्न प्रकार से हैं :-
(ग) रजिस्ट्रीकरण के समय या समय-समय पर संशोधित उसके ई-मेल पते पर संसूचना भेजने के द्वारा ; या
(घ) सामान्य पोर्टल पर उपलब्ध करवाने के द्वारा; या
और, धारा 30 की उप धारा (1) रद्दकरण आदेश की तामील की तारीख से तीस दिन के भीतर रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण के प्रतिसंहरण के लिए उपबंध करती है ।
और, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 107 की उप धारा (1) किसी न्यायनिर्णयक प्राधिकारी द्वारा पारित किसी विनिश्चय या आदेश से व्यथित किसी व्यक्ति के द्वारा, उस तारीख से जिसको ऐसे व्यक्ति को उक्त विनिश्चय या आदेश संसूचित किया जाता है, तीन मास के भीतर अपील फाइल करने का उपबंध करती है और हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम धारा 107 की उप धारा (4) अपील प्राधिकारी को सशक्त करती है कि, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि, अपीलकर्ता तीन मास की पूर्वोक्त अवधि के भीतर अपील प्रस्तुत करने से पर्याप्त कारणों से निवारित किया गया था तो, वह उसे एक मास की और अवधि के भीतर प्रस्तुत करने की अनुज्ञा दे सकेगा ।
और, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 169 की उप धारा (1) के खंड (ग) और (घ) के अनुसार उचित अधिकारी द्वारा नोटिस तामील के द्वारा और, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 29 की उप धारा (2) के अधीन बड़ी संख्या में रजिस्ट्रीकरण रद्द हुए हैं और हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 30 की उप-धारा (1) में रद्दकरण आदेश के प्रतिसंहरण के लिए उपबंधित तीस दिन की अवधि, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 107 की उप धारा (1) के अधीन अपील फाइल करने की अवधि और हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 107 की उप धारा (4) में विलंब के लिए क्षमा की अवधि भी व्यपगत हो गई है; रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति जिनके रजिस्ट्रीकरण हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 29 की उप धारा (2) के खंड (ख) और खंड (ग) के अधीन रद्द हो चुके हैं, रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण का प्रतिसंहरण के लिए सभी अपेक्षाओं को पूरा करने के बावजूद अपने रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण का प्रतिसंहरण कराने में असमर्थ हैं । हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम के एक नया अधिनियम होने के चलते, ये करदाता रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण के प्रतिसंहरण के लिए आवेदन फाइल के विनिर्दिष्ट समय अवधि, जो रद्दकरण आदेश की तामील की तारीख से तीस दिन के भीतर है, में नहीं कर पाये हैं, जिसके परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम की धारा 30 की उप धारा (1) के उपबंधों को प्रभावी बनाने में कतिपय कठिनाइयां उत्पन्न हुई हैं ;
अतः अब, हिमाचल प्रदेश सरकार, हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 172 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद की सिफारिशों पर, कठिनाइयों को दूर करने के लिए निम्नलिखित आदेश करती है, अर्थात्ः-
1. संक्षप्ति नाम.--इस आदेश का सक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (कठिनाइयों को दूर करना) आदेश, 2020 है ।2343 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 2. कठिनाइयों को दूर करने हेतु, यह इसके द्वारा स्पष्ट किया गया है कि, अधिनियम की धारा 30 की उप धारा (1) के अधीन रजिस्ट्रीकरण के रदद्करण के प्रतिसंहरण के लिए आवेदन फाइल करने के लिए तीस दिन की अवधि की गणना हेतु, वे रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति जिन्हें धारा 169 की उप धारा (1) के खंड (ग) या खंड (घ) में यथा उपबंधित रीति से धारा 29 की उप धारा (2) के खंड (ख) और खंड (ग) के अधीन नोटिस तामील हुई थी और 12-06-2020 तक रद्दकरण आदेश पारित हुआ है, के लिए निम्नलिखखित तिथियों में से उत्तरवर्ती तिथि को माना जाएगा :-
(क) उक्त आदेश के संचार की तारीख; या (ख) अगस्त का 31वां दिन
आदेश द्वारा,
हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (आबकारी एवं कराधान)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No. EXN-F(10)-6/2020 dated
31-07-2020 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India]
EXCISE AND TAXATION DEPARTMENT
ORDER NO. 01/2020-STATE TAX
Shimla, the 31st July, 2020
No. EXN-F(10)-6/2020.––WHEREAS, sub-section (2) of section 29 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (hereinafter referred to as the said Act) provides for cancellation of registration by proper officer in situations described in clauses (a) to (e) as under:—
(a) a registered person has contravened such provisions of the Act or the rules made thereunder as may be prescribed; or
(b) a person paying tax under section 10 has not furnished returns for three consecutive tax periods; or
(c) any registered person, other than a person specified in clause (b), has not furnished returns for a continuous period of six months; or
(d) any person who has taken voluntary registration under sub-section (3) of section 25 has not commenced business within six months from the date of registration; or (e) registration has been obtained by means of fraud, willful misstatement or suppression of facts:
Provided that the proper officer shall not cancel the registration without giving the person an opportunity of being heard.
AND WHEREAS, sub-section (1) of section 169 of the said Act provides for service of notice (opportunity of being heard); clauses (c) and (d) of said sub-section are as under: —
2344 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 (c) by sending a communication to his e-mail address provided at the time ofregistration or as amended from time to time; or
(d) by making it available on the common portal; or
AND WHEREAS, sub-section (1) of section 30 of the said Act provides for application for revocation of cancellation of the registration within thirty days from the date of service of the cancellation order;
AND WHEREAS, sub-section (1) of section 107 of the said Act provides for filing appeal by any person aggrieved by any decision or order passed by an adjudicating authority within three months from the date on which the said decision or order is communicated to such person and sub-section (4) of section 107 of the said Act empowers the Appellate Authority that it may, if he is satisfied that the appellant was prevented by sufficient cause from presenting the appeal within the aforesaid period of three months, allow it to be presented within a further period of one month;
AND WHEREAS, a large number of registrations have been cancelled under sub-section (2) of section 29 of the said Act by the proper officer by serving notices as per clause (c) and clause (d) of sub-section (1) of section 169 of the said Act and the period of thirty days provided for application for revocation of cancellation order in sub-section (1) of section 30 of the said Act, the period for filing appeal under section (1) of section 107 of the said Act and also the period of condoning the delay provided in sub-section (4) of Section 107 of the said Act has elapsed; the registered persons whose registration have been cancelled under clause (b) or clause (c) of sub-section (2) of section 29 of the said Act are unable to get their cancellation of registration revoked despite having fulfilled all the requirements for revocation of cancellation of registration; the said Act being a new Act, these tax payers could not apply for revocation of cancellation within the specified time period of thirty days from the date of service of the cancellation order, as a result whereof certain difficulties have arisen in giving effects to the provisions of sub-section (1) of section 30 of the said Act;
NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by section 172 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017, the Governor of Himachal Pradesh, on the recommendations of the Council, is pleased to make the following Order, to remove the difficulties, namely: ––
1. Short title.—This Order may be called the Himachal Pradesh Goods and Services Tax (Removal of Difficulties) Order, 2020.
2. For the removal of difficulties, it is hereby clarified that for the purpose of calculating the period of thirty days for filing application for revocation of cancellation of registration under sub-section (1) of section 30 of the Act for those registered persons who were served notice under clause (b) or clause (c) of sub-section (2) of section 29 in the manner as provided in clause (c) or clause (d) of sub-section (1) of section 169 and where cancellation order was passed upto 12th June, 2020, the later of the following dates shall be considered:—
(1) Date of service of the said cancellation order; or
(2) 31st day of August, 2020.
By order, Sd/- Principal Secretary (E&T).
2345 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)मुकद्दमा : इन्द्राज जन्म तिथि पेशी : 05-08-2020 उपासना देवी पुत्री जगन नाथ, निवासी गांव रजोल, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)। हाल पत्नी प्रमोद कुमार, निवासी सेवकारा, तहसील व जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
बनाम
आम जनता
विषय.--जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम की जेर धारा 13(3) पुनर्वालोकित 1969 के तहत जन्म प्रमाण-पत्र लेने बारे प्रार्थना-पत्र।
उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थिया ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसका जन्म दिनांक 04-04-1968 को महाल रजोल में हुआ है परन्तु अज्ञानतावश इसका इन्द्राज ग्राम पंचायत रजोल के रिकार्ड में दर्ज नहीं हुआ है। प्रार्थिया उक्त जन्म तिथि को दर्ज करवाना चाहती है। इस सम्बन्ध में Chief Registrar (Birth & Death-cum-Director Health Services Himachal Pradesh, Shimla-9) द्वारा उनके कार्यालय पत्र संख्या HFW-H (St) (B&D) Del.-Kng/2020-2-7475 के माध्यम से उक्त जन्म तिथि को दर्ज करने बारे निर्देशित किया गया है।
अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में यदि आम जनता या अन्य किसी को उक्त जन्म तिथि को ग्राम पंचायत रजोल के रिकार्ड में दर्ज करवाने बारे कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक 05-08-2020 को दोपहर बाद 2.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिए जाएंगे और बाद में कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा।
आज दिनांक 16-07-2020 को मेरी मोहर व हस्ताक्षर सहित जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
मुकद्दमा : इन्द्राज जन्म तिथि पेशी : 05-08-2020 स्वर्णलता पुत्री जगन नाथ, निवासी गांव रजोल, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0। हाल पत्नी भुपिन्द्र सिंह, निवासी नई आवादी, जिला गुरदासपुर, पंजाब।
बनाम
आम जनता
विषय.-- जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम की जेर धारा 13(3) पुनर्वालोकित 1969 के तहत जन्म प्रमाण-पत्र लेने बारे प्रार्थना-पत्र। 2346 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थिया ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसका जन्म दिनांक 18-05-1956 को महाल रजोल में हुआ है परन्तु अज्ञानतावश इसका इन्द्राज ग्राम पंचायत रजोल के रिकार्ड में दर्ज नहीं हुआ है। प्रार्थिया उक्त जन्म तिथि को दर्ज करवाना चाहती है। इस सम्बन्ध में Chief Registrar (Birth & Death-cum-Director Health Services Himachal Pradesh, Shimla-9) द्वारा उनके कार्यालय पत्र संख्या HFW-H (St) (B&D) Del.-Kng/2020-1-7137 के माध्यम से उक्त जन्म तिथि को दर्ज करने बारे निर्देशित किया गया है।
अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में यदि आम जनता या अन्य किसी को उक्त जन्म तिथि को ग्राम पंचायत रजोल के रिकार्ड में दर्ज करवाने बारे कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक 05-08-2020 को दोपहर बाद 2.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिए जाएंगे और बाद में कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा।
आज दिनांक 16-07-2020 को मेरी मोहर व हस्ताक्षर सहित जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
मुकद्दमा : इन्द्राज मृत्यु तिथि पेशी : 06-08-2020 अनूप कुमार पुत्र मुन्शी राम, निवासी गांव मंझग्रां, डाकघर द्रमण, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
बनाम
आम जनता
विषय.--पंजीकरण अधिनियम की जेर धारा 13(3) पुनर्वालोकित 1969 के तहत मृत्यु प्रमाण-पत्र लेने बारे प्रार्थना-पत्र।
उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसके पिता अनूप कुमार पुत्र मुन्शी राम का देहान्त दिनांक 05-01-1987 को महाल मंझग्रां में हुआ है परन्तु अज्ञानतावश इसका इन्द्राज ग्राम पंचायत मंझग्रां के रिकार्ड में दर्ज नहीं हुआ है। प्रार्थी उक्त मृत्यु तिथि को दर्ज करवाना चाहता है।
अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में यदि आम जनता या अन्य किसी को उक्त मृत्यु तिथि को ग्राम पंचायत मंझग्रां के रिकार्ड में दर्ज करवाने बारे कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक 06-08-2020 को दोपहर बाद 2.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिए जाएंगे और बाद में कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा।2347 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 आज दिनांक 16-07-2020 को मेरी मोहर व हस्ताक्षर सहित जारी हुआ। मोहर।
हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0)
मुकद्दमा नं0 तारीख रजुआ तारीख फैसला 10/2020 21-07-2020
Anju Kumari d/o Sh. Dhani Ram, r/o Village & Post Office Barang, Tehsil Kalpa, District Kinnaur (H.P.).
बनाम
1. आम जनता ग्राम बारंग, 2. प्रधान, ग्राम पंचायत बारंग, तहसील कल्पा, जिला किन्नौर (हि0प्र0)।
विषय.--प्रार्थी का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत बारंग के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाये जाने बारे अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत जन्म पंजीकरण करने बारे।
हर खास व आम जनता को बजरिया इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि Anju Kumari d/o Sh. Dhani Ram ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में एक आवेदन-पत्र मय शपथ-पत्र बजरिया जिला रजिस्ट्रार (मुख्य चिकित्सा अधिकारी), जिला किन्नौर के माध्यम से इस कार्यालय में प्रस्तुत किया है कि उनका जन्म दिनांक 06-07-1991 को हुआ है तथा अज्ञानतावश प्रार्थिनी ने उसका पंजीकरण ग्राम पंचायत बारंग के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज नहीं करवाया है। अब प्रार्थिनी उपरोक्त नाम व जन्म तिथि को ग्राम पंचायत बारंग के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहती है। इस बारे आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।
अतः आम जनता ग्राम पंचायत बारंग, तहसील कल्पा, जिला किन्नौर को बजरिया इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि Anju Kumari d/o Sh. Dhani Ram का जन्म जो दिनांक 06-07-1991 को हुआ है का पंजीकरण ग्राम पंचायत बारंग के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 20-08-2020 को या इससे पूर्व अदालत में हाजिर आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा आवेदन-पत्र पर जन्म पंजीकरण के आदेश पारित कर सचिव, ग्राम पंचायत बारंग को आगामी कार्यवाही हेतु भेज दिया जायेगा।
आज दिनांक 21-07-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, कल्पा, जिला किन्नौर (हि0 प्र0)।2348 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 न्यायालय श्री विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)
दावा संख्या : ........./Teh. Una/B&D /2020
श्री मुनीश संख्यान पुत्र श्री भागीरथ, वासी सकोह, तहसील बंगाणा, जिला ऊना (हि0प्र0)
बनाम
आम जनता
दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.
उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में श्री मुनीश संख्यान पुत्र श्री भागीरथ, वासी सकोह, तहसील बंगाणा, जिला ऊना (हि0प्र0) ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसकी पुत्री श्रद्धा संख्यान का जन्म क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में दिनांक 25-11-2016 को हुआ था, लेकिन अज्ञानता के कारण जन्म का इन्द्राज रजिस्ट्रार, जन्म व मृत्यु एवं चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, तहसील व जिला ऊना (हि0 प्र0) के कार्यालय में दर्ज न करवा सका है।
अतः इस सन्दर्भ में आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त वर्णित जन्म का इन्द्राज स्थानीय रजिस्ट्रार, जन्म व मृत्यु एवं चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, तहसील व जिला ऊना (हि0 प्र0) के कार्यालय में दर्ज करवाने बारे किसी को कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 14-08-2020 को अथवा उससे पूर्व न्यायालय हजा में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है, अन्यथा उसके बाद उक्त वर्णित जन्म के पंजीकरण हेतु आगामी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। इसके बाद कोई भी एतराज काबिले समायत न होगा।
आज दिनांक 15-07-2020 को मेरे हस्ताक्षर व न्यायालय की मोहर द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
विजय कुमार राय,
तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)।
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न्यायालय श्री विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)
दावा संख्या : ............/Teh. Una/M. Reg./2020
शालू शर्मा पुत्री श्री रविन्द्र शर्मा, वासी वार्ड नं0 6, मोहल्ला शिवाला, ऊना, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0)।
बनाम
आम जनता
दावा अन्तर्गत धारा 8(4) विवाह पंजीकरण अधिनियम, 1996.
2349 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला शालू शर्मा पुत्री श्री रविन्द्र शर्मा, वासी वार्ड नं0 6, मोहल्ला शिवाला, ऊना, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसका विवाह दिनांक 11-11-2017 को सतीश कुमार पुत्र श्री मनोहर लाल, वासी मैहिन्दवाणी, तहसील गढ़शंकर व जिला होशियारपुर (पंजाब) के साथ हुआ था लेकिन अज्ञानता के कारण अपने विवाह का इन्द्राज स्थानीय रजिस्ट्रार, विवाह पंजीकरण, नगरपालिका ऊना, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) में दर्ज न करवा सकी है।
अतः इस सन्दर्भ में आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि उपरोक्त वर्णित प्रार्थीगण के विवाह का इन्द्राज स्थानीय रजिस्ट्रार, विवाह पंजीकरण, नगरपालिका ऊना, तहसील व जिला ऊना (हि0प्र0) में दर्ज करवाने बारे किसी को कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 14-08-2020 को अथवा उससे पूर्व न्यायालय हजा में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है, अन्यथा उसके बाद उक्त वर्णित विवाह के पंजीकरण हेतु आगामी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। इसके बाद कोई भी एतराज काबिले समायत न होगा। आज दिनांक 15-07-2020 को मेेरे हस्ताक्षर व न्यायालय की मोहर द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
विजय कुमार राय, तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)।2350 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 04 अगस्त, 2020/13 श्रावण, 1942 नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है