राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित सोमवार, 17 अगस्त, 2020/26 श्रावण, 1942
हिमाचल प्रदेश सरकार
राज्य लेखा परीक्षा विभाग
अधिसूचना
शिमला-171 002, 11 अगस्त, 2020
संख्याः 1-58/69-फिन(एल0ए0).-4156.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से इस विभाग की अधिसूचना संख्याः 1-58/69-फिन(एल0ए0), तारीख 27 अक्तूबर, 2008 द्वारा 81-राजपत्र/2020-17-08-2020 (2613) 2614 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 17 अगस्त, 2020/26 श्रावण, 1942 अधिसूचित, हिमाचल प्रदेश राज्य लेखा परीक्षा विभाग, अतिरिक्त निदेशक, वर्ग-I (राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2008 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्ः-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.-- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश राज्य लेखा परीक्षा विभाग, अतिरिक्त निदेशक, वर्ग-I (राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति (प्रथम संशोधन) नियम, 2020 है। (2) ये नियम राजपत्र (ई-गजट), हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 2. उपाबन्ध "क" का संशोधन.--हिमाचल प्रदेश, राज्य लेखा परीक्षा विभाग, अतिरिक्त निदेशक, वर्ग-I (राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2008 के उपाबन्ध "क" में स्तम्भ संख्या 11 के सामने विद्यमान उपबन्धों के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात् :-
"संयुक्त निदेशक/संयुक्त नियंत्रक (राज्य लेखा) में से प्रोन्नति द्वारा, जिनका तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, ऐसा न होने पर संयुक्त निदेशक/संयुक्त नियंत्रक (राज्य लेखा) में से प्रोन्नति द्वारा, जिनका संयुक्त निदेशक/संयुक्त नियन्त्रक (राज्य लेखा) और उप-निदेशक/उप-नियन्त्रक (राज्य लेखा) के रूप में संयुक्ततः पाँच वर्ष का नियमित सेवाकाल या की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित कर के पाँच वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, जिसमें संयुक्त निदेशक/ संयुक्त नियन्त्रक (राज्य लेखा) के रूप में एक वर्ष की सेवा अनिवार्य होगी।
(1) प्रोन्नति के सभी मामलों में, पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद पर की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, प्रोन्नति के लिए इन नियमों में यथाविहित सेवाकाल के लिए, इस शर्त के अध्यधीन प्रोन्नति के लिए गणना में ली जाएगी, कि सम्भरक (पोषक) प्रवर्ग में तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति, भर्ती और प्रोन्नति नियमोें के उपबन्धों के अनुसार चयन की उचित स्वीकार्य प्रक्रिया को अपनाने के पश्चात् की गई थी :
परन्तु उन सभी मामलों में, जिनमेें कोई कनिष्ठ व्यक्ति सम्भरक (पोषक) पद में अपने कुल सेवाकाल (तदर्थ आधार पर की गई तदर्थ सेवा सहित, जो नियमित सेवा/नियुक्ति के अनुसरण में हो) के आधार पर उपर्युक्त निर्दिष्ट उपबन्धों के कारण विचार किए जाने का पात्र हो जाता है, वहां अपने-अपने प्रवर्ग/पद/काडर में उससे वरिष्ठ सभी व्यक्ति विचार किए जाने के पात्र समझे जाएंगे और विचार करते समय कनिष्ठ व्यक्ति से ऊपर रखे जाएंगे :
परन्तु यह और कि उन सब पदधारियों की, जिन पर प्रोन्नति के लिए विचार किया जाना है, की कम से कम तीन वर्ष की न्यूनतम अर्हता सेवा या पद के भर्ती और प्रोन्नति नियमों में विहित सेवा, जो भी कम हो, होगी :
परन्तु यह और भी कि जहां कोई व्यक्ति पूर्वगामी परन्तुक की अपेक्षाओं के कारण प्रोन्नति किए जाने सम्बन्धी विचार के लिए अपात्र हो जाता है, वहां उससे कनिष्ठ व्यक्ति भी ऐसी प्रोन्नति के विचार के लिए अपात्र समझा जाएगा/समझे जाएंगे।
स्पष्टीकरण.--अन्तिम परन्तुक के अन्तर्गत कनिष्ठ पदधारी प्रोन्नति के लिए अपात्र नहीं समझा जाएगा यदि वरिष्ठ अपात्र व्यक्ति भूतपूर्व सैनिक है जो आपातकाल की अवधि के दौरान सशस्त्र बलों में शामिल हुए हैं और जिसे डिमोबीलाईज्ड आर्मड फोर्सिज परसोनल (रिजर्वेशन ऑफ वैकेन्सीज इन दी हिमाचल स्टेट नॉन-टैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1972 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया है और तद्धीन वरीयता लाभ दिए गए हों या जिसे एक्स सर्विसमैन (रिजर्वेशन ऑफ वैकेन्सीज इन दी हिमाचल प्रदेश टैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1985 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया हो और तद्धीन वरीयता लाभ दिए गए हों।
(2) इसी प्रकार स्थायीकरण के सभी मामलों में ऐसे पद पर नियमित नियुक्ति/ प्रोन्नति से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद पर की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, सेवाकाल के लिए गणना में ली जाएगी,2615 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 17 अगस्त, 2020/26 श्रावण, 1942 यदि तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति उचित चयन के पश्चात् और भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार की गई थी :
परन्तु उपर्युक्त निर्दिष्ट तदर्थ सेवा को गणना में लेने के पश्चात् जो स्थायीकरण होगा उसके फलस्वरूप पारस्परिक वरीयता अपरिवर्तित रहेगी।"
आदेश द्वारा,
हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (वित्त)।
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[Authoritative English Text of this Department Notification No. 1-58/69-Fin(LA) dated 11th
August, 2020 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].
STATE AUDIT DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171 002, the 11th August, 2020
No. 1-58/69-Fin(LA)-4156.— In exercise of the powers conferred by proviso to article 309 of the Constitution of India, the Governor, Himachal Pradesh, in consultation with Himachal Pradesh Public Service Commission, is pleased to make the following rules, further to amend the Himachal Pradesh, State Audit Department, Additional Director, Class-I (Gazetted) Recruitment and Promotion Rules, 2008 notified vide this Department Notification No. 1-58/69-Fin(LA), dated 27th October, 2008, namely:—
1. Short title and Commencement.—(1) These rules may be called the Himachal Pradesh State Audit Department, Additional Director, Class-I (Gazetted) Recruitment and Promotion (First Amendment) Rules, 2020.
(2) These rules shall come into force from the date of their publication in the Rajparta (e-Gazette), Himachal Pradesh.
2. Amendment of Annexure-"A".— In Annexure-'A' to the Himachal Pradesh State Audit Department, Additional Director, Class-I (Gazetted) Recruitment and Promotion Rules, 2008 for the existing provisions against column No. 11, the following shall be substituted, namely:—
"By promotion from amongst the Joint Director(s)/Joint Controller(s) (State Audit) having three years regular service or regular combined with continuous adhoc service rendered, if any, in the grade, failing which by promotion from amongst the Joint Director /Joint Controller (State Audit) having five years regular service or regular combined with continuous adhoc service rendered if any, combined as Joint Director/Joint Controller (State Audit) and Deputy Director/ Deputy Controller (State Audit) out of which one year service as Joint Director/Joint Controller (State Audit) shall be essential.
(1) In all cases of promotion, the continuous adhoc service rendered in the feeder post, if any, prior to regular appointment to the post shall be taken into account towards the length of2616 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 17 अगस्त, 2020/26 श्रावण, 1942 service as prescribed in these rules for promotion subject to the condition that the adhoc appointment/promotion in the feeder category had been made after following proper acceptable process of selection in accordance with the provision of R&P Rules:
Provided that in all cases where a junior person becomes eligible for consideration by virtue of his/her total length of service (including the service rendered on adhoc basis, followed by regular service/appointment) in the feeder post in view of the provision referred to above, all persons senior to him/her in the respective category/post/cadre shall be deemed to be eligible for consideration and placed above the junior person in the field of consideration:
Provided further that all incumbents to be considered for promotion shall possess the minimum qualifying service of atleast three years or that prescribed in the Recruitment and Promotion Rules for the post, whichever is less:
Provided further that where a person becomes ineligible to be considered for promotion on account of the requirements of the preceding proviso, the person(s) junior to him/her shall also be deemed to be ineligible for consideration for such promotion.
Explanation.— The last proviso shall not render the junior incumbents ineligible for consideration for promotion if the senior ineligible persons happened to be ex-servicemen who have joined Armed Forces during the period of emergency and recruited under the provisions of rule-3 of the Demobilized Armed Forces Personnel (Reservation of Vacancies in Himachal State Non-Technical Services) Rules, 1972 and having been given the benefit of seniority there-under or recruited under the provisions of rule-3 of Ex-serviceman (Reservation of Vacancies in Himachal Pradesh Technical Services) Rules, 1985 and having been given the benefit of seniority there- under.
(2) Similarly, in all cases of confirmation, continuous adhoc service rendered in the feeder post, if any, prior to the regular appointment/promotion, against such posts, shall be taken into account towards the length of service, if the adhoc appointments/promotion had been made after proper selection and in accordance with the provision of the Recruitment and Promotion Rules:
Provided that inter-se seniority as a result of confirmation after taking into account, adhoc service rendered as referred to above shall remain unchanged."
By order, Sd/- Principal Secretary (Finance).
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LABOUR & EMPLOYMENT DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171002, the 30th July, 2020
No. Shram (F)2-1/2020.—In pursuance to letter No. 40 (06)/PF-S/2017-18/Vol. V, dated 17-05-2020 from Ministry of Finance, Department of Expenditure (Public Finance-State Division), Government of India and further to enhance Ease of Doing Business in the State of Himachal Pradesh, the Governor of Himachal Pradesh is pleased to order that henceforth renewal of2617 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 17 अगस्त, 2020/26 श्रावण, 1942 registration/ licence granted under the following labour laws shall be in automatic non discretionary deemed renewal manner subject to submission of renewal applications online alongwith online deposit of renewal fee through existing portals of department for the purpose:—
1. The Factories Act, 1948. 2. The Contract Labour (Regulation and Abolition) Act, 1970. 3. The H.P. Shops & Commercial Establishment Act, 1969. 4. The Inter State Migrant Workmen (Regulation of Employment and Conditions of Service) Act, 1979.
By order,
Sd/-
Principal Secretary (Lab. & Emp.).
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LABOUR & EMPLOYMENT DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171002, the 13th August, 2020
No. Shram (A)4-3/2017-Loose-I.—In continuation to this department's notification No. Shram (A)4-3/2017 dated 21st April, 2020, vide which daily and weekly working hours in factories were exempted, the Governor, Himachal Pradesh in exercise of powers conferred under section 5 of Factories Act, 1948 (Act No. 63 of 1948), is pleased to extend the provisions of the said notification for further three months on same terms and conditions as mentioned in earlier notification dated 21-04-2020 referred above.
By order,
Sd/-
Principal Secretary (Lab. & Emp.).
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ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)
मुकद्दमा नं0 131/20
Bachitter Singh s/o Late Maya Dass, r/o Village Kandrer, P.O. Chetru, Tehsil Dharamshala, District Kangra (H.P.).
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र जेरे धारा 13(3) हिमाचल प्रदेश पंजीकरण अधिनियम, 1969.
Bachitter Singh s/o Late Maya Dass, r/o Village Kandrer, P.O. Chetru, Tehsil Dharamshala, District Kangra (H.P.). ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित मुकद्दमा दायर किया है कि उसकी स्वयं की 2618 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 17 अगस्त, 2020/26 श्रावण, 1942 जन्म तिथि दिनांक 06-05-1967 है परन्तु एम0सी0 Dharamshala/ग्राम पंचायत में जन्म पंजीकृत न है। अतः इसे पंजीकृत किये जाने के आदेश दिये जायें। इस नोटिस के द्वारा समस्त जनता को तथा सम्बन्धित सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त Bachitter Singh का जन्म पंजीकृत किये जाने बारे कोई एतराज हो तो वह हमारी अदालत में दिनांक 18-08-2020 को असालतन या वकालतन हाजिर आकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा मुताबिक शपथ-पत्र जन्म तिथि पंजीकृत किये जाने बारे आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 04-08-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी,
धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
श्रीमती मीना देवी पत्नी श्री संजीव कुमार, वासी महाल जब्बर, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 . . प्रार्थिया। प्र0)
बनाम
आम जनता
प्रत्यार्थीगण। उनवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र बाबत नाम दुरुस्ती कागजात माल वाक्या महाल जब्बर, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
श्रीमती मीना देवी पत्नी श्री संजीव कुमार, वासी महाल जब्बर, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने इस आशय से अदालत में प्रार्थना-पत्र अपने शपथ-पत्र सहित दिया है कि मुताबिक पंचायत रिकार्ड, आधार कार्ड व स्कूल रिकार्ड में उसके पुत्र का नाम ईशान ठाकुर दर्ज है, जोकि सही है, परन्तु महाल जब्बर, तहसील डाडासीबा के राजस्व अभिलेख में उसका नाम ईशांत पुत्र संजीव कुमार दर्ज है जोकि सही न है। प्रार्थिया ने अपने पुत्र के नाम की दुरुस्ती बारे अनुरोध किया है।
इस नाम की दुरुस्ती बारे अदालत हजा द्वारा इलाका हजा में मुश्त्री मुनादी करवाई गई है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 20-08-2020 को प्रातः 10.00 बजे इस मुकद्दमा की पैरवी हेतु व्यक्तिगत रूप से अथवा किसी अधिकृत एजैन्ट या किसी अधिवक्ता के माध्यम से इस न्यायालय में उपस्थित आवें। गैर-हाजिरी की सूरत में नाम दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे। बाद मियाद तारीख पेशी कोई उजर या एतराज काबिले गौर न होगा।
आज दिनांक 23-07-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय से जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
श्री भगवन्त कुमार पुत्र श्री वरडू राम, निवासी महाल नंगल चौक, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, . . प्रार्थी। (हि0 प्र0)2619 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 17 अगस्त, 2020/26 श्रावण, 1942 बनाम
. . प्रत्यार्थीगण। आम जनता
उनवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र बाबत मृत्यु पंजीकरण करवाने बारे।
श्री भगवन्त कुमार पुत्र श्री वरडू राम, निवासी महाल नंगल चौक, तहसील डाडासीबा, जिला कांगड़ा, (हि0 प्र0) ने इस आशय से न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया है कि उसकी माता श्रीमती कलां देवी पत्नी श्री वरडू राम, निवासी महाल नंगल चौक की मृत्यु दिनांक 06-01-1992 को गांव नंगल चौक में हुई थी परन्तु प्रार्थी निर्धारित अवधि के अन्दर अपनी माता का नाम ग्राम पंचायत नंगल चौक में अज्ञानता के कारण कटवा न सका, अतः अब प्रार्थी ने अपनीे माता की मृत्यु पंजीकरण दर्ज करवाने का अनुरोध किया है।
अतः इस मृत्यु पंजीकरण बारे सर्वसाधारण आम जनता को बजरिया इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त मृत्यु पंजीकरण बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 20-08-2020 को प्रातः 10.00 बजे इस मुकद्दमा की पैरवी हेतु व्यक्तिगत रूप से अथवा किसी अधिकृत एजैन्ट के माध्यम से या किसी अधिवक्ता के माध्यम से इस न्यायालय में उपस्थित आवें। गैरहाजिरी की सूरत में मृत्यु पंजीकरण करने के आदेश पारित कर दिये जायेंगे। बाद मियाद तारीख पेशी कोई उजर/एतराज काबिले गौर न होगा। आज दिनांक 23-07-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय द्वारा जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, डाडासीबा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।
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ब अदालत तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, हरोली, जिला ऊना (हि0प्र0) इश्तहार मुश्त्री मुनादी जेर धारा-23 भू-राजस्व अधिनियम, 1954
दरख्वास्त बमुराद दुरुस्ती राजस्व रिकार्ड महाल भदोडी की जमाबन्दी साल 2014-15 में भीम सिंह पुत्र जगत सिंह की बजाये भवीषण सिंह पुत्र जगत सिंह दर्ज करने बारे।
बनाम
आम जनता
उपरोक्त मुकद्दमा उनवान वाला में प्रार्थी भवीषन सिंह पुत्र जगत सिंह, वासी भदोडी, तहसील हरोली, जिला ऊना ने प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि उसका नाम महाल भदोडी की जमाबन्दी साल 2014-2015 में भीम सिंह पुत्र जगत राम गलत चला आ रहा है। जबकि उसका सही नाम भवीषन सिंह पुत्र जगत राम है। अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि अगर किसी भी व्यक्ति को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह मुकद्दमा की पैरवी हेतु असालतन या वकालतन इस न्यायालय में दिनांक 17-08-2020 को प्रातः 10.00 बजे हाजिर आयें हाजिर न आने की सूरत में उनके खिलाफ एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर मुकद्दमा का निपटारा कर दिया जायेगा । 2620 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 17 अगस्त, 2020/26 श्रावण, 1942 आज दिनांक ..................... को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, हरोली, जिला ऊना (हि0 प्र0)।
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नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है