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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 88, 25 August 2020

Published 25 August 2020

Gazette no.
88
Gazetteid
88/GAZETTE/2020-25/08/2020
Identifier
in.gazette.himachal.2020-08-25.88_gazette_2020-25_08_2020
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित मंगलवार, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942

हिमाचल प्रदेश सरकार

जल शक्ति विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 20 अगस्त, 2020

संख्याः आई.पी.एच.-बी(एच)1-30/2019-चम्बा.--यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः महाल परछोड़ 88-राजपत्र/2020-25-08-2020 (2831) 2832 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई परियोजना, तहसील नूरपुर, जिला कांगड़ा के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्नलिखित विवरणी में वर्णित भूमि उपर्युक्त प्रयोजन के लिए अपेक्षित है।

2. यह घोषणा, भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (2013 का 30) की धारा-19 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों को सूचना हेतु की जाती है तथा उक्त अधिनियम के अधीन भू-समाहर्ता लोक निर्माण विभाग, जिला कांगड़ा को उक्त भूमि के अर्जन करने के आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निदेश दिया जाता है।

3. भूमि रेखांक का निरीक्षण भू-अर्जन समाहर्ता हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, जिला कांगड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है।

विस्तृत विवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र बीघा में
चम्बा भटियात मौजा परछोड़ 1071 00-16-00
1072 00-01-00
1073 01-11-00
1350/1063 00-02-12
1352/1064 00-01-04
1226/383 00-08-00
1228/458 00-01-00
कित्ता . . 7 03-00-16

आदेश द्वारा,

सचिव (जल शक्ति)।

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कार्यालय उपायुक्त शिमला, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश

आदेश

दिनांक, 06 अगस्त, 2020

संख्या पीसीएच-एसएमएल(4)63/-त्यावल ज्यूरी-20095.--यह कि जिला अंकेक्षण अधिकारी (पंचायत), जिला शिमला द्वारा प्रस्तुत प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट के आधार पर श्री अशोक कुमार, प्रधान, ग्राम पंचायत त्यावल ज्यूरी, विकास खण्ड रामपुर, जिला शिमला के विरूद्ध, प्रथम दृष्टया आरोपों में संलिप्त होने के कारण उन्हें हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 145 (1)(ग) के अन्तर्गत इस कार्यालय द्वारा कारण बताओ नोटिस संख्या पीसीएच-एसएमएल (4)63/- त्यावल ज्यूरी-14822 दिनांक 4-10-2019 को जारी किया गया था, जिसका उत्तर दिनांक 5-10-2019 को प्राप्त हुआ था। उक्त प्रधान द्वारा दिए गए उत्तर की गहनता से जांच की गई और पाया गया कि उत्तर संतोषजनक नहीं है तथा आरोपों की नियमित जांच की जानी आवश्यक है। अतः उपरोक्त प्रकरण, नियमित जांच हेतु इस कार्यालय के आदेश संख्या पीसीएच-एसएमएल(4)63/-त्यावल ज्यूरी-15588-93 दिनांक 15-11-2019 के द्वारा उपमण्डलाधिकारी(ना0)2833 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 रामपुर को प्रेषित किया गया तथा उपमण्डलाधिकारी(ना0) रामपुर द्वारा उनके कार्यालय पत्र संख्या RMP- SDM/Reader(Inquiry)1/2020-532 दिनांक 17 जून, 2020 के द्वारा नियमित जांच रिपोर्ट इस कार्यायल को प्रेषित की गई है। जांच अधिकारी द्वारा उनके विरूद्ध लगाए गए आरोप संख्या 1 से 3 की जांच की गई तथा आरोप संख्या 1 को सिद्ध पाया गया। जांच रिपोर्ट में यह प्रमाणित हुआ है कि :--

यह कि हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग की भूमि पर प्रधान, ग्राम पंचायत ज्यूरी द्वारा Shopping complex बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग की दीवार को तोड़ा गया तथा Shopping complex बनाने हेतु अनापति प्रमाण-पत्र विभाग से नहीं लिया गया। सहायक अभियन्ता (भ0एवं मा0) हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग उप-मण्डल सराहन की रिपोर्ट अनुसार उक्त विभाग की दीवार को तोड़ने से विभाग को मु0 2,15,959/- का वित्तीय नुकसान पहुंचाया है।

यह कि उपमण्डलाधिकारी(ना0) रामपुर द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट को उक्त प्रधान को इस आशय सहित प्रेषित किया गया था कि इस सम्बन्ध में लिखित टिप्पणीयां अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय को प्रस्तुत करें। उक्त प्रधान का लिखित उत्तर इस कार्यालय में दिनांक 20-7-2020 को प्राप्त हुआ है। प्रधान द्वारा अपने उत्तर में प्रस्तुत किया है कि ग्राम पंचायत त्यावल ज्यूरी के पंचायत रिकॉर्ड अनुसार एवं राजस्व कागजात अनुसार पंचायत भवन एवं दुकाने जिस खसरा न0 पर निर्मित किए गए हैं इस भूमि पर पंचायत का लगभग 31 वर्ष पुराना कब्जा है। पुरानी दुकानों की हालत जर्जर होने के कारण किरायेदारों एवं ग्राम पंचायत की जनता द्वारा सर्व-सम्मति से असुरक्षित दुकानों को तोड़कर नई दुकानों का निर्माण ग्राम सभा द्वारा पारित होने के बाद कार्य नियम अनुसार किया गया। उक्त भूमि को पंचायती राज विभाग के नाम स्थानातरित करने से सम्बन्धित प्रक्रिया को आरम्भ कर सारी औपचारिकतांए पूर्ण कर दस्तावेज जिलाधीश महोदय को प्रेषित कर दिए गए थे। यह कि मैंने उपमण्डलाधिकारी(ना0) रामपुर द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट व प्रधान, ग्राम पंचायत त्यावल ज्यूरी, विकास खण्ड रामपुर द्वारा दिए गए उत्तर का अवलोकन कर लिया है। उक्त प्रधान से प्राप्त उत्तर तथ्यों पर आधारित व संतोषजनक नहीं पाया गया है क्योंकि उक्त भूमि को पंचायती राज विभाग के नाम हस्तांतरित करने से सम्बन्धित प्रक्रिया पूर्ण होने की प्रतीक्षा नहीं की गई तथा जानबूझकर औपचारिकताओं को नजरअंदाज कर उक्त प्रधान द्वारा लोक निर्माण विभाग की भूमि पर उनकी अनुमति के बिना दुकाने निर्मित की गई है जबकि लोक निर्माण विभाग से अनापति प्रमाण-पत्र लिया जाना आवश्यक था। लोक निर्माण विभाग की अनुमति के बगैर दुकाने निर्मित करके उक्त विभाग को सहायक अभियन्ता (भ0एवं0मा0) हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग उप-मण्डल सराहन की रिपोर्ट अनुसार मु0 2,15,959/- रुपये का वित्तीय नुकसान पहुंचाया है। इस तरह प्रधान का उत्तर तर्कसंगत प्रतीत नहीं होता कि पुरानी दुकानों की हालत जर्जर होने के कारण किरायेदारों एवं ग्राम पंचायत की जनता द्वारा सर्व-सम्मति से असुरक्षित दुकानों को तोड़कर नई दुकानों का निर्माण ग्राम सभा द्वारा पारित होने के बाद कार्य नियम अनुसार किया गया।

अतः जांच रिपोर्ट व प्रधान द्वारा प्रस्तुत उार पर गहनता से विचार करने के उपरान्त मैं सन्तुष्ट हूं कि उक्त प्रधान द्वारा अपने र्काव्य के निर्वहन में गम्भीर अनियमितता की है तथा वह आवश्यक औपचारिकतांए को स्वेच्छा से नजरअंदाज करने तथा अनापति प्रमाण-पत्र के बिना लोक निर्माण विभाग की सम्पत्ति को क्षति पहुंचाने के दोषी पाए गए हैं। उपरोक्त प्रकरण में श्री अशोक कुमार, प्रधान, ग्राम पंचायत त्यावल ज्यूरी, विकास खण्ड रामपुर, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 146 के अन्तर्गत अपने र्काव्य निर्वहन के अवचार में दोषी है जिस कारण से वे प्रधान जैसे गरिमामय पद पर बने रहने के योग्य नहीं है। अतः उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 146 के अन्तर्गत श्री अशोक नेगी, प्रधान, ग्राम पंचायत त्यावल ज्यूरी विकास खण्ड रामपुर, जिला शिमला को तत्काल प्रभाव से प्रधान पद से निष्कासित किया जाता है तथा उन्हें हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 146(2) के अन्तर्गत इस आदेश के जारी होने के छः वर्ष की कालावधि के लिए पंचायत निर्वाचन हेतु निरर्हित किया जाता है। इसके अतिरिक्त यह भी स्पष्ट किया जाता है कि यदि लोक निर्माण विभाग अपनी सम्पत्ति को क्षति पहुंचाने की एवज में क्षतिपूर्ति हेतु किसी प्रकार का दावा प्रस्तुत करता है, तो उसके लिए उक्त प्रधान व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। यह भी आदेश दिए जाते हैं यदि उनके पास ग्राम पंचायत की 2834 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 कोई चल, अचल सम्पाि, मोहर, रिकार्ड व नकदी के रूप में है, तो उसे तुरन्त पंचायत सचिव को सौंपना सुनिश्चित करें।

हस्ताक्षरित/- अमित कश्यप, भ0प्र0से0, उपायुक्त शिमला, जिला शिमला, हि0प्र0।

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HIMACHAL PRADESH ELECTRICITY REGULATORY COMMISSION SHIMLA

NOTIFICATION

Shimla, the 22nd August, 2020

No. HPERC-H(1)32/2020.—In exercise of the powers conferred under sub-section (1) and clause (zp) of sub-section (2) of Section 181, of the Electricity Act, 2003 (36 of 2003) and all other powers enabling it in this behalf and after previous publication, the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission, hereby makes the following regulations, namely:—

REGULATIONS

1. Short title and commencement.—(1) These regulations may be called the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (Power System Development Fund) Regulations, 2020.

(2) These regulations shall come into force from the date of their publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh.

2. Definitions and interpretation.—(1) In these Regulations, unless the context otherwise requires:

(a) 'Act' means the Electricity Act, 2003 (36 of 2003), including amendments thereto;

(b) 'Appraisal Committee' means the Committee constituted by the Commission as per regulation 6 of these regulations;

(c) 'Commission' means the Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission;

(d) 'Monitoring Committee' means the committee constituted by the Commission as per regulation 8 of these regulations;

(e) 'Nodal Agency' means the agency designated for the purpose of these regulations as per regulation 5 of these regulations;

(f) 'PSDF' means the State Power System Development Fund to be opened, operated and maintained by the HPSLDC under the regulation 15 of Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission (Deviation Settlement Mechanism and Related Matters) Regulations, 2018;

(g) 'Project Entity' means the State Transmission Utility (STU) or Distribution Licensee2835 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 or Himachal Pradesh State Load Dispatch Centre (HPSLDC) who may submit the proposal(s) for funding from PSDF under regulation 4 of these regulations and shall also be responsible for execution, operation & maintenance of the scheme sanctioned by the Commission under regulation 10 of these regulations; and

(h) 'Scheme' means the proposal for the implementation of a set of works, as approved by the Commission under regulation 7 of these regulations.

(2) The words and expressions used in these regulations and not defined herein, but defined in the Act or the regulations issued by the Commission, shall have the meanings assigned to them in the Act or in such regulations issued by the Commission; the words and expressions used herein but not specifically defined in these regulations or in the Act, but defined under any law, passed by a competent Legislature and applicable to the electricity industry in the State, shall have the meanings assigned to them in such law; and the words and expressions used herein, but not specifically defined in the regulations or in the Act or any law passed by a competent Legislature, shall have the meanings as are generally assigned to them in the electricity industry.

3. Utilization of Power System Development Fund.—The proposal(s) which meet the following criteria may be considered for funding from PSDF:—

(i) the proposal(s) which are not covered under any scheme formulated for funding, fully or partially, under the State Government/Central Government/Project Entity schemes;

(ii) proposal(s) may broadly cover the works of the following nature:—

(a) improvement in LT/HT/EHT distribution system of Distribution Licensee to ensure the smooth and reliable power supply to the consumers and also improvement in distribution system beyond the interconnection points where the renewable power generators have connected;

(b) transmission/distribution systems of strategic importance based on operational feedback by Himachal Pradesh State Load Despatch Centre (HPSLDC), STU or Distribution Licensee for relieving congestion in Intra-State Transmission/ Distribution system;

(c) installation of special protection schemes, pilot and demonstrative projects, standard protection schemes and for setting right the discrepancies identified in the protection audits; and

(d) scheme in furtherance of the above objectives such as technical studies, capacity building, improvement of voltage profile, hardware/software for up-gradation of HPSLDC/ HPALDC, Smart Grid initiatives, Energy Storage, Demand Side Management, Power System communication & communication hardware, Monitoring and Measuring schemes including installation of Phasor Measurement Unit (PMU), etc;

(iii) the proposal(s) should be useful for the safe, smooth and efficient operation of a larger part of the State Power System instead of a few individuals; and

(iv) private sector schemes shall not be eligible for assistance from the PSDF.

4. Submission of proposals to be funded from PSDF.—The concerned Project Entity(ies) shall submit the draft scheme(s), complete in all respects and duly supported by the cost2836 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 benefit analysis, proposed for funding from State PSDF to the Nodal Agency under intimation to the Appraisal Committee and the Commission by 30th September, 2020 and subsequently by the end of each quarter.

5. Nodal Agency and its functions.—(1) The Himachal Pradesh State Load Despatch Centre (HPSLDC) shall be the Nodal Agency for all intents and purposes and the overall co- ordination of the various activities under these Regulations.

(2) The Functions of the Nodal Agency.—(i) functions related to the preparation of detailed guidelines for :— (a) submission of DPRs by the Project Entity(ies) to Nodal Agency and by the Nodal Agency to the Commission;

(b) processing of appraisal of the schemes;

(c) disbursement and release of funds subject to the provisions of these regulations;

(d) monitoring of scheme(s) at the execution and operation stage;

(e) cost/time overrun in the execution of scheme(s) and remedial measures to curb and mitigate the same ;

(f) submission of schemes to the Commission for sanction and submission of progress reports etc. to the Commission; and

(g) any other item required to complete the intend of the regulations to ensure the proper implementation of the provisions of these regulations;

(ii) functions related to the scrutiny of the draft schemes:—

(a) the Nodal Agency shall initially scrutinize the proposals received from the concerned Project Entity(ies) in each quarter for technical suitability duly keeping in view the eligibility conditions as per regulation 3 of these regulations;

(b) all the proposals received by it at the end of a quarter shall be scrutinized as per the prudent practices and submitted, within one month, to the Appraisal Committee for its suitable directions/recommendations; and

(c) all the proposals received by the Nodal Agency in a quarter shall be processed in a single lot;

(iii) functions related to submission of the draft schemes to the Commission.—The Nodal Agency shall submit the self contained draft scheme(s), duly scrutinized and processed as per clause (ii) above, alongwith the recommendations of the Appraisal Committee, to the Commission for sanction, soon after the availability of the recommendations of the Appraisal Committee;

(iv) functions related to monitoring the progress of sanctioned schemes during the execution stage:—

(a) the Nodal Agency shall monitor the progress of the implementation of the scheme(s), sanctioned by the Commission as per regulation 7 of these regulations,2837 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 on monthly basis based on the progress report to be submitted to it by the concerned Project Entity implementing the scheme;

(b) to submit the status report, along with the proposed remedial measures if any, to the Monitoring Committee on a quarterly basis;

(c) to submit to the Commission the progress reports, along with the recommendations of the Monitoring Committee under sub-regulation (2) of regulation 8, to the Commission on a monthly basis;

(d) to submit the proposals for revision of the scope of work, sanctioned cost or the completion targets, along with the recommendations of the Monitoring Committee under clause (iii) of sub-regulation (2) of regulation 8, to the Commission; and

(e) to submit proposals, along with the recommendations of Monitoring Committee, for the release of funds against the sanctioned cost of the scheme(s) to the Commission;

(v) functions related to monitoring the progress of sanctioned schemes during operation stage:—

(a) the Nodal Agency shall submit the progress report on a quarterly basis about the functioning of the schemes during the operation stage to the Monitoring Committee; and

(b) the Nodal Agency shall also submit, to the Commission, half yearly progress reports about the functioning of the schemes during operation stage, along with the details of recommendations, if any, made by the Monitoring Committee for improving the performance of such schemes and action taken in this regard; and (vi) other functions:—

(a) function as Secretariat to the Monitoring Committee and the Appraisal Committee;

(b) keep the Record of Business transacted at each meeting of the Appraisal Committee and the Monitoring Committee;

(c) to submit, to the Commission the proposals received by it in a quarter, along with complete details as well as the recommendations of the Appraisal Committee, within 15 days from the receipt of recommendations from the Appraisal Committee;

(d) prepare Annual Report of PSDF; and

(e) perform such other functions as may be assigned by the Commission, Monitoring Committee and the Appraisal Committee.

6. Appraisal Committee.—(1) The Commission may constitute an Appraisal Committee under the chairmanship of the Executive Director (Technical) of the Commission with General Manager (Projects), State Transmission Utility, Chief Engineer (System Planning) of Distribution2838 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 Licensee, Sr. Accounts Officer of the Commission, as its members and the Superintending Engineer (HPSLDC) as its Member Secretary:

Provided that the Commission may nominate any other person not below the rank of Superintending Engineer as a Member of the Committee.

(2) (a) The Appraisal Committee shall carry out the techno-economic appraisal of the proposals submitted to it by the Nodal Agency, under clause (ii)(b) of sub-regulation 2 of regulation 5, keeping in view, the eligibility criteria as per regulation 3 of these regulations and shall finalize its findings/ recommendations on each scheme submitted to it. The schemes received by the Nodal Agency from the concerned Project Entity in a quarter shall be considered simultaneously;

(b) The Member Secretary of the Appraisal Committee shall duly compile and process the recommendations of the Appraisal Committee and shall expedite the submission of the self-contained proposals by the nodal agency to the Commission in accordance with clause (iii) of sub-regulation 2 of regulation 5; and

(c) any other functions as may be specifically assigned to it by the Commission or Monitoring Committee or which may otherwise be required to discharge by it for smooth implementation of its role under these regulations.

7. Sanction of Schemes.—(1) The Commission may further shortlist the proposals received by it under clause (iii) of sub-regulation (2) of regulation 5 from the Nodal Agency, by taking into account:—

(i) the eligibility conditions as per regulation 3 of these regulations;

(ii) the critical importance of each such proposal for the smooth operation of the State Power System;

(iii) cost benefit analysis of each proposal;

(iv) availability of balance amount in the PSDF after accounting for the estimated amount required for the schemes already sanctioned; and

(v) any other factors as the Commission may consider appropriate.

(2) The proposals so shortlisted and prioritized shall be considered for sanction for funding out of PSDF depending upon the availability of funds in PSDF.

(3) The funds against the sanctioned schemes shall be released on the recommendations of the Monitoring Committee as per the provisions of clause (ii) of sub-regulation (2) of regulation 8:

Provided that amount to the extent of 10 % of the sanctioned cost of the scheme or Rs.10 lacs, whichever is lower, may be released, on the request of the concerned Project Entity, upfront immediately after the sanction of the scheme without waiting for the recommendations of the Monitoring Committee.

(4) The Commission may also, subsequent to sanction of the scheme, revise the scope, sanctioned cost and/or the completion targets of any such schemes based on the proposals submitted to it by the Nodal Agency alongwith the recommendations of the Monitoring Committee:

2839 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942

Provided that in case of any upward revision of the cost, the Commission may also direct the Nodal Agency and the concerned Project Entity to meet the additional cost in a manner as may be considered appropriate by it keeping in view the quantum of such additional amount and the other details.

(5) The Commission may issue suitable directions to the concerned Project Entity, or the Nodal Agency, in case of any deficiency in the performance of any scheme during operation stage duly taking into account the half yearly progress reports submitted to it under clause (v)(b) of sub- regulation (2) of regulation 5.

8. Monitoring Committee.—(1) The Commission may constitute a Monitoring Committee under the Chairmanship of the Member (Technical) of the Commission with the Director (Projects), State Transmission Licensee, Director (Operation) of Distribution Licensee, Chief Accounts Officer of Distribution Licensee and any other officer (s) of the concerned Project Entity, as considered appropriate, as its members and Superintending Engineer (HPSLDC) as its Member-Secretary.

(2) The Monitoring Committee shall discharge the following functions, namely:—

(i) review the progress of the implementation of the scheme(s) sanctioned by the Commission under regulation 7 based on the status to be submitted to it by the Nodal Agency;

(ii) make its recommendations for release of funds against the sanctioned cost in a phased manner after taking into account the plan of implementation and the progress actually achieved:

Provided that in case any amount, in excess of the limit specified in the proviso to sub-regulation (3) of regulation 7, is required to be released upfront keeping in view the specific requirements, the Monitoring Committee may give its recommendations after detailed examination;

(iii) in case of any cost/time overrun in the completion of the scheme, the Monitoring Committee may recommend the remedial measures to curb and mitigate the time/cost overrun and also for the revision of the estimated cost and completion target and/or the scope of the work based on the actual progress achieved :

Provided that in cases where revision of cost is recommended, it will also make recommendations about the funding of the additional cost based on the benefit analysis for the additional cost;

(iv) the Monitoring Committee shall also review the progress about the functioning of each such scheme during operation stage so as to evaluate the benefits being derived as a result of the execution of any such scheme and also to recommend the steps for improving the function of the scheme in case of any shortfall;

(v) any other functions as may be specifically assigned to it by the Commission or otherwise may require to be discharged for smooth implementation of its role under these regulations; and

(vi) the Member Secretary of the Monitoring Committee shall duly compile and process the recommendations of the Monitoring Committee and shall expedite the submission of the self-contained proposals/status reports along with recommendations of the Monitoring Committee to the Commission by the Nodal2840 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 Agency in accordance with clauses (iii), (iv) and (v) of sub-regulation 2 of regulation 5.

9. Assistance Pattern.—For the purpose of determination of ARR in relation to any project funded from PSDF, the funds released from PSDF shall normally be considered as grant unless ordered otherwise by the Commission.

10. Execution, Operation & Maintenance of the Assets.—(1) The Project Entity shall be responsible for the execution as well as Operation & Maintenance of the projects during the useful life thereof.

(2) The Project Entity shall also submit the monthly progress reports of the completion of the scheme(s), along with the reasons for delays, if any, and the remedial measures proposed to be taken to mitigate such delays as well as the revised cost, completion targets and/or scope, to the Nodal Agency on monthly basis.

(3) The Project Entity shall also submit quarterly reports about the successful functioning of the project/scheme along with the benefits accrued from the project/scheme to the Nodal Agency so as to enable the Nodal Agency to evaluate the benefits accrued from such scheme(s) and submit the same to Monitoring Committee on a quarterly basis.

11. Miscellaneous functions.—Preparation of Budget, Accounts other records and Annual Reports.—The miscellaneous functions related to the preparation of the budget, accounting of receipts/disbursals from PSDF, Utilization Certificates, Audit and Annual Reports etc. shall be carried out by the State Load Dispatch Centre (SLDC) as a separate part in their accounts for the other functions discharged by it.

12. Powers to Remove Difficulties.—If any difficulty arises in giving effect to the provisions of these Regulations, the Commission may, by a general or special order, make such provisions not consistent with these provisions of the Act, as may appear to be necessary for removing the difficulties.

13. Power to Relax.—The Commission may, by general or special order, for reason to be recorded in writing, and after giving an opportunity of being heard to the parties likely to be affected by the grant of relaxation, may relax any of the provision of these Regulations on its own motion or an application made before it by an interested person.

14. Interpretation.—All the issues arising in relation to the interpretation of these Regulations shall be determined by the Commission and the decision of the Commission on such issues shall be final.

15. Inherent Powers of the Commission.—Nothing contained in these Regulations shall limit or otherwise affect the inherent powers of the Commission from adopting a procedure, which is at variance with any of the provisions of these Regulations, if the Commission, in view of the special circumstances of the matter or class of matters and for reasons to be recorded in writing, deems it necessary or expedient to depart from the procedure specified in these Regulations.

16. Power to Amend.—The Commission, may at any time, vary, alter, modify or amend any provisions of these Regulations.

By the order of Commission Sd/- Secretary.

2841 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

मुकद्दमा : इन्द्राज सेहत नाम पेशी : 28-08-2020 सोहन लाल पुत्र लच्छमण, निवासी गांव त्रैम्बला, डाकघर महेरना, तहसील व जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.--दुरुस्ती नाम हि0 प्र0 रा0 अधिनियम, 1954 की जेर धारा 37 के तहत राजस्व अभिलेख में नाम दुरुस्ती बारे।

उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसका सही नाम सोहन लाल पुत्र लच्छमण है जबकि राजस्व अभिलेख में उसका नाम सावन सिंह पुत्र लच्छमण दर्ज है जो कि गलत इन्द्राज हुआ है। प्रार्थी उक्त नाम को दुरुस्त करके सावन सिंह उर्फ सोहन लाल पुत्र श्री लच्छमण दर्ज करवाना चाहता है।

अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में उपरोक्त नाम की दुरुस्ती बारे यदि आम जनता या अन्य किसी को कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक 28-08-2020 को दोपहर बाद 2.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिए जाएंगे और बाद में कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा। आज दिनांक 28-07-2020 को मेरी मोहर व हस्ताक्षर सहित जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

मुकद्दमा : इन्द्राज सेहत नाम पेशी : 28-08-2020 विजय कुमार राणा पुत्र श्री सन्त कुमार, निवासी गांव कुठमां व डाकघर बंडी, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

विषय.--दुरुस्ती नाम हि0 प्र0 रा0 अधिनियम, 1954 की जेर धारा 37 के तहत राजस्व अभिलेख में नाम दुरुस्ती बारे।

उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसका सही नाम विजय कुमार राणा पुत्र श्री सन्त कुमार है जबकि राजस्व अभिलेख में उसका नाम विजय कुमार पुत्र श्री सन्त कुमार दर्ज है जो कि गलत इन्द्राज हुआ है। प्रार्थी उक्त नाम को दुरुस्त करके विजय कुमार उर्फ विजय कुमार राणा पुत्र श्री सन्त कुमार दर्ज करवाना चाहता है। 2842 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में उपरोक्त नाम की दुरुस्ती बारे यदि आम जनता या अन्य किसी को कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक 28-08-2020 को दोपहर बाद 2.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिए जाएंगे और बाद में कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा। आज दिनांक 30-07-2020 को मेरी मोहर व हस्ताक्षर सहित जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

मुकद्दमा : इन्द्राज सेहत नाम पेशी : 28-08-2020 श्री स्वरूप कुमार पुत्र श्री चमारू राम, निवासी केटलू, गांव डाकघर रजोल, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

विषय.--दुरुस्ती नाम हि0 प्र0 रा0 अधिनियम, 1954 की जेर धारा 37 के तहत महाल बेहकारी, केटलू व ककड़ोह में नाम दुरुस्ती बारे।

उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसका सही नाम स्वरूप कुमार पुत्र श्री चमारू राम है जबकि महाल बेहकारी केटलू व ककड़ोह के राजस्व अभिलेख में उसका नाम सरूप चन्द पुत्र श्री चमारू राम दर्ज है जो कि गलत इन्द्राज हुआ है। प्रार्थी उक्त नाम को दुरुस्त करके सरूप चन्द उर्फ स्वरूप कुमार पुत्र चमारू राम दर्ज करवाना चाहता है।

अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में उपरोक्त नाम की दुरुस्ती बारे यदि आम जनता या अन्य किसी को कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक 28-08-2020 को दोपहर बाद 2.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिए जाएंगे और बाद में कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा। आज दिनांक 28-07-2020 को मेरी मोहर व हस्ताक्षर सहित जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) मुकद्दमा नं0 : 12/2020 तारीख दायरा :15-07-2020 तारीख पेशी : 28-08-2020 अक्षय महाजन सुपुत्र श्री देश राज महाजन, गांव व डाकघर दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा, हि0प्र0

. . प्रार्थी।2843 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 बनाम

1. आम जनता, 2. मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला पंजीयक (जन्म एवं मृत्यु) पंजीकरण अधिकारी, कांगड़ा, स्थित धर्मशाला, 3. पंचायत सचिव एवं उप-पंजीयक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण, ग्राम पंचायत दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा

. . प्रत्यार्थीगण। विषय.--दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 बराये दर्ज करने जन्म तिथि श्री आतिश महाजन पुत्र श्री अक्षय महाजन, निवाी गांव व डाकघर दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

सायल अक्षय महाजन सुपुत्र श्री देश राज महाजन, गांव व डाकघर दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने अदालत हजा में दरख्वास्त गुजारी व प्रार्थना की है कि उसका बेटा आतिश महाजन पुत्र श्री अक्षय महाजन, गांव व डाकघर दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) का जन्म दिनांक 29-06-1995 को गांव व डाकघर दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा में हुआ है लेकिन अज्ञानतावश जन्म तिथि का पंजीकरण सम्बन्धित ग्राम पंचायत दरीणी के अभिलेख में दर्ज नहीं करवाया गया व प्रार्थना की है कि जन्म तिथि का पंजीकरण सम्बन्धित ग्राम पंचायत अभिलेख में कर दिया जाए।

लिहाजा इस नोटिस/इश्तहार द्वारा प्रतिवादीगण को सूचित किया जाता है कि अगर किसी को आतिश महाजन पुत्र श्री अक्षय महाजन, निवासी महाल उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा की जन्म तिथि 29-06-1995 के पंजीकरण किया जाने के सम्बन्ध में काई उजर या एतराज हो तो वह मिति 28-08-2020 को असालतन या वकालतन सुबह समय 10.00 बजे अदालत हजा में हाजिर आकर अपना उजर प्रस्तुत कर सकता है। दीगर कोई उजर काबले समायत न होगा व दरख्वास्त का निपटारा कर दिया जाएगा। आज दिनांक 15-07-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार दरीणीे, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) मुकद्दमा नं0 : 11/2020 तारीख दायरा : 15-07-2020 तारीख पेशी : 28-08-2020 अक्षय महाजन सुपुत्र श्री देश राज महाजन, गांव व डाकघर दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा, हि0प्र0

. . प्रार्थी।

बनाम

1. आम जनता, 2. मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला पंजीयक (जन्म एवं मृत्यु) पंजीकरण अधिकारी, कांगड़ा, स्थित धर्मशाला, 3. पंचायत सचिव एवं उप-पंजीयक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण, ग्राम . . प्रत्यार्थीगण। पंचायत दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा

विषय.--दरखास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 बराये दर्ज करने जन्म तिथि श्री दानिस महाजन पुत्र श्री अक्षय महाजन, निवासी गांव व डाकघर दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

सायल अक्षय महाजन सुपुत्र श्री देश राज महाजन, गांव व डाकघर दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने अदालत हजा में दरख्वास्त गुजारी व प्रार्थना की है कि उसका बेटा दानिश महाजन पुत्र 2844 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 श्री अक्षय महाजन, निवासी गांव व डाकघर दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) का जन्म दिनांक 05-04-1990 को गांव व डाकघर दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा में हुआ है लेकिन अज्ञानतावश जन्म तिथि का पंजीकरण सम्बन्धित ग्राम पंचायत दरीणी के अभिलेख में दर्ज नहीं करवाया गया व प्रार्थना की है कि जन्म तिथि का पंजीकरण सम्बन्धित ग्राम पंचायत अभिलेख में कर दिया जाए। लिहाजा इस नोटिस/इश्तहार द्वारा प्रतिवादीगण को सूचित किया जाता है कि अगर किसी को दानिश महाजन पुत्र श्री अक्षय महाजन, निवासी गांव व डाकघर दरीणी, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा की जन्म तिथि 05-04-1990 के पंजीकरण किया जाने के सम्बन्ध में काई उजर या एतराज हो तो वह मिति 28-08-2020 को असालतन या वकालतन सुबह समय 10.00 बजे अदालत हजा में हाजिर आकर अपना उजर प्रस्तुत कर सकता है। दीगर कोई उजर काबले समायत न होगा व दरख्वास्त का निपटारा कर दिया जाएगा।

आज दिनांक 15-07-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार दरीणीे, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) मुकद्दमा नं0 : 13/2020 तारीख दायरा : 19-07-2020 तारीख पेशी : 28-08-2020 मंगल सिंह सुपुत्र श्री बुदि सिंह, गांव व डाकघर वोह, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) पूजा देवी पुत्री श्री हरवंश लाल, गांव भलेड, डाकघर सल्ली, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा . . प्रार्थी। (हि0प्र0)

बनाम

1. आम जनता, 2. पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत हार वोह, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा

. . प्रत्यार्थीगण। विषय.--दरखास्त जेर धारा 8(4) बराये पंजीकृत करने शादी।

प्रार्थी मंगल सिंह सुपुत्र श्री बुदि सिंह, गांव व डाकघर वोह, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) एवं पूजा देवी पुत्री श्री हरवंश लाल, गांव भलेड, डाकघर सल्ली, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने अदालत हजा में दरख्वास्त गुजारी है कि उनकी शादी हिन्दू रीति-रिवाज से दिनांक 25-10-2015 को गांव भलेड, डाकघर सल्ली, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा में हो चुकी है। लेकिन अज्ञानतावश शादी का पंजीकरण सम्बन्धित ग्राम पंचायत के अभिलेख में दर्ज नहीं करवाया गया व प्रार्थना की है कि शादी का पंजीकरण करने बारे ग्राम पंचायत हार वोह, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा को आदेश पारित कर दिया जाएं।

लिहाजा इस नोटिस/इश्तहार द्वारा प्रतिवादीगण को सूचित किया जाता है कि अगर किसी को मंगल सिंह सुपुत्र श्री बुदि सिंह, गांव व डाकघर वोह, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा एवं पूजा देवी पुत्री श्री हरवंश लाल, गांव भलेड, डाकघर सल्ली, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) की तिथि तिथि2845 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 25-10-2015 के पंजीकरण किया जाने के सम्बन्ध में काई उजर या एतराज हो तो वह मिति 28-08-2020 को असालतन या वकालतन सुबह समय 10.00 बजे अदालत हजा में हाजिर आकर अपना उजर प्रस्तुत कर सकता है। दीगर कोई उजर काबले समायत न होगा व दरख्वास्त का निपटारा कर दिया जाएगा। आज दिनांक 19-07-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार दरीणीे, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं नायब तहसीलदार दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) मुकद्दमा नं0 : 03-2020 तारीख दायरा : 07-03-2020 तारीख पेशी : 28-08-2020 जरनैल सिंह पुत्र श्री भागमल पुत्र लखू, निवासी महाल कनोल, मौजा सल्ली, उप-तहसील दरीणी, . . प्रार्थी। जिला कांगड़ा (हि0प्र0)

बनाम

आम जनता

. . प्रत्यार्थी। विषय.--दरख्वास्त बराये दुरुस्ती नाम कागजात माल।

मुकद्दमा उनवानवाला में सायल जरनैल सिंह पुत्र श्री भागमल ने अदालत हजा में दरख्वास्त गुजारी व प्रार्थना की है कि महाल कनोल, मौजा सल्ली, डाकघर सल्ली, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) का स्थाई निवासी है व कागजात माल, महाल कनोल, मौजा सल्ली, डाकघर सल्ली, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) में उसका नाम करनैल सिंह पुत्र श्री भगमल पुत्र लखू गलत दर्ज है जबकि असली व प्रचलित नाम जरनैल सिंह पुत्र श्री भागमल पुत्र लखू है यानि कि करनैल सिंह व जरनैल सिंह एक ही व्यक्ति के दो नाम है। अन्य दस्तावेजों जैसे कि नकल परिवार रजिस्टर, आधार कार्ड व ग्राम पंचायत कनोल के अभिलेख में नाम जरनैल सिंह पुत्र श्री भागमल पुत्र लखू दुरुस्त दर्ज है सायल कागजात माल में अपने नाम की दुरुस्ती करवाना चाहता है।

लिहाजा इस नोटिस द्वारा प्रतिवादीगण/आम जनता को सूचित किया जाता है कि अगर किसी व्यक्ति को प्रार्थी के नाम की दुरुस्ती कागजात माल में करनैल सिंह पुत्र श्री भागमल पुत्र लखू की बजाए करनैल सिंह उप-नाम जरनैल सिंह पुत्र श्री भागमल पुत्र लखू, महाल कनोल, मौजा सल्ली, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) किए जाने बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह मिति 28-08-2020 को असालतन या वकालतन सुबह समय 10.00 बजे अदालत हजा में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज प्रस्तुत कर सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी व सायल के नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिए जाएंगे। दीगर कोई उजर काबले समायत न होगा।

आज दिनांक 09-03-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी दरीणीे, उप-तहसील दरीणी, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।2846 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942

ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

मुकद्दमा : इन्द्राज सेहत नाम पेशी : 31-08-2020 देविन्द्र सिंह पुत्र श्री जमीतु, निवासी गांव व डाकघर अनसूई, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

विषय.--दुरुस्ती नाम हि0 प्र0 रा0 अधिनियम, 1954 की जेर धारा 37 के तहत राजस्व अभिलेख में नाम दुरुस्ती बारे।

उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसका सही नाम देविन्द्र सिंह पुत्र श्री जमीतु है जबकि राजस्व अभिलेख में उसका नाम बलदेव राम पुत्र श्री जमीतु दर्ज है जो कि गलत इन्द्राज हुआ है। प्रार्थी उक्त नाम को दुरुस्त करके देवेन्द्र सिंह उर्फ देविन्द्र सिंह पुत्र श्री जमीतु दर्ज करवाना चाहता है।

अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में उपरोक्त नाम की दुरुस्ती बारे यदि आम जनता या अन्य किसी को कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक 31-08-2020 को दोपहर बाद 2.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिए जाएंगे और बाद में कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा। आज दिनांक 30-07-2020 को मेरी मोहर व हस्ताक्षर सहित जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

मुकद्दमा : इन्द्राज सेहत नाम पेशी : 31-08-2020 बलदेव राज पुत्र श्री जमीतु, निवासी गांव व डाकघर अनसूई, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

विषय.--दुरुस्ती नाम हि0 प्र0 रा0 अधिनियम, 1954 की जेर धारा 37 के तहत राजस्व अभिलेख में नाम दुरुस्ती बारे।

उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसका सही नाम बलदेव राज पुत्र श्री जमीतु है जबकि राजस्व अभिलेख में उसका नाम देवेन्द्र सिंह पुत्र श्री जमीतु दर्ज है जो कि गलत इन्द्राज हुआ है। प्रार्थी उक्त नाम को दुरुस्त करके बलदेव राम उर्फ बलदेव राज पुत्र श्री जमीतु दर्ज करवाना चाहता है।2847 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में उपरोक्त नाम की दुरुस्ती बारे यदि आम जनता या अन्य किसी को कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक 31-08-2020 को दोपहर बाद 2.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिए जाएंगे और बाद में कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा। आज दिनांक 30-07-2020 को मेरी मोहर व हस्ताक्षर सहित जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

मुकद्दमा : इन्द्राज सेहत नाम पेशी : 31-08-2020 सन्तोष कुमार पुत्र देवी सिंह, निवासी महाल गोजूरोड़ी, डाकघर बसनूर, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

विषय.--दुरुस्ती नाम हि0 प्र0 रा0 अधिनियम, 1954 की जेर धारा 37 के तहत महाल गोजूरोड़ी में नाम दुरुस्ती बारे।

उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसका सही नाम सन्तोष कुमार पुत्र देवी सिंह है जबकि महाल गोजूरोड़ी के राजस्व अभिलेख में उसका नाम सन्तोख सिंह पुत्र देवी सिंह दर्ज है जो कि गलत इन्द्राज हुआ है। प्रार्थी उक्त नाम को दुरुस्त करके सन्तोख सिंह उर्फ सन्तोष कुमार पुत्र देवी सिंह दर्ज करवाना चाहता है।

अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में उपरोक्त नाम की दुरुस्ती बारे यदि आम जनता या अन्य किसी को कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक 31-08-2020 को दोपहर बाद 2.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिए जाएंगे और बाद में कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा। आज दिनांक 31-07-2020 को मेरी मोहर व हस्ताक्षर सहित जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

मुकद्दमा : इन्द्राज सेहत नाम पेशी : 31-08-2020 सुभाष चन्द पुत्र श्री गुरमुख, निवासी गांव बैंटलू, डाकघर बण्डी, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।2848 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 बनाम

आम जनता

विषय.--दुरुस्ती नाम हि0 प्र0 रा0 अधिनियम, 1954 की जेर धारा 37 के तहत महाल रछयालू में नाम दुरुस्ती बारे।

उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थी ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसके पिता का सही नाम गुरमुख सिंह पुत्र श्री पौहू है जबकि महाल रछयालू के राजस्व अभिलेख में उसके पिता का नाम गोरखू दर्ज है जो कि गलत इन्द्राज हुआ है। प्रार्थी उक्त नाम को दुरुस्त करके गोरखू उर्फ गुरमुख सिंह पुत्र श्री पौहू दर्ज करवाना चाहता है।

अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में उपरोक्त नाम की दुरुस्ती बारे यदि आम जनता या अन्य किसी को कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक 31-08-2020 को दोपहर बाद 2.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिए जाएंगे और बाद में कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा। आज दिनांक 31-07-2020 को मेरी मोहर व हस्ताक्षर सहित जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

मुकद्दमा : इन्द्राज मृत्यु तिथि पेशी : 17-09-2020 लक्ष्मी देवी पुत्री वन्त राम, निवासी गांव व डाकघर ठम्बा, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

विषय.--जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम की जेर धारा 13(3) पुनरावलोकित 1969 के तहत मृत्यु प्रमाण-पत्र लेने बारे।

उपरोक्त मुकद्दमा बारे प्रार्थिया ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें लिखा है कि उसकीे माता श्रीमती मन्शा देवी पत्नी वन्त राम का देहान्त दिनांक 23-07-1993 को महाल ठम्बा में हुआ है परन्तु अज्ञानतावश इसका इन्द्राज ग्राम पंचायत दरगेला के रिकार्ड में दर्ज नहीं हुआ है। प्रार्थिया उक्त मृत्यु तिथि को दर्ज करवाना चाहती है।

अतः उक्त प्रार्थना-पत्र के सन्दर्भ में यदि आम जनता या अन्य किसी को उक्त मृत्यु तिथि को ग्राम पंचायत दरगेला के रिकार्ड के मृत्यु रजिस्टर में दर्ज करवाने बारे कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन इस अदालत में दिनांक 17-09-2020 को दोपहर बाद 2.00 बजे हाजिर आ सकता है। हाजिर न आने की स्थिति में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर आगामी आदेश पारित कर दिए जाएंगे और बाद में कोई भी उजर या एतराज जेरे समायत न होगा।2849 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 आज दिनांक 06-08-2020 को मेरी मोहर व हस्ताक्षर सहित जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, शाहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री सुशील कुमार, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

मिसल नं0 : 5/तह0/2020 तारीख पेशी : 28-08-2020 शीर्षक : विक्रम सिंह वगैरा बनाम आम जनता विषय.--प्रार्थना-पत्र जेरे धारा 8(4) हिमाचल प्रदेश विवाह पंजीकरण अधिनियम, 1996.

प्रार्थी श्री विक्रम सिंह पुत्र बलवन्त सिंह, निवासी गांव व डाकघर मकडोली, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) थांचन लेसोन पुत्री शंगनायो लेसोन, निवासी गांव लामलंग, डाकघर उखुल, जिला उखुल मणिपुर, ता हाल पत्नी श्री विक्रम सिंह पुत्र बलवन्त सिंह, निवासी गांव व डाकघर मकडोली, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करते हुए निवेदन किया है कि प्रार्थीगण की शादी 14-02-2020 को ग्राम पंचायत मकडोली, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) में हुई है लेकिन अज्ञानतावश उक्त प्रार्थीगण ने अपने विवाह को ग्राम पंचायत मकडोली, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) के अभिलेख में या अन्य स्थान पर पंजीकृत न करवाया हुआ है। प्रार्थीगण अपने विवाह की तिथि को पंजीकृत करवाना चाहते हैं। अतः उक्त विवाह को पंजीकृत करने के आदेश देने की अनुमति प्रदान करें।

अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि उक्त प्रार्थीगण श्री विक्रम सिंह पुत्र बलवन्त सिंह, निवासी गांव व डाकघर मकडोली, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) व थांचन लेसोन पुत्री शंगनायो लेसोन निवासी गांव लामलंग, डाकघर उखुल, जिला उखुल मणिपुर, ता हाल पत्नी श्री विक्रम सिंह पुत्र बलवन्त सिंह, निवासी गांव व डाकघर मकडोली, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) के विवाह को पंजीकृत करने बारे किसी व्यक्ति को कोई भी एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 28-08-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में हाजिर होकर अपना एतराज पेश करें। कोई एतराज पेश न होने की सूरत में विवाह को पंजीकृत करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 10-08-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, इन्दौरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

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ब अदालत श्री सुशील कुमार, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

मिसल नं0 : 5/तह0/2020 तारीख पेशी : 28-08-2020 शीर्षक : सन्नी वगैरा बनाम आम जनता 2850 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 विषय.--प्रार्थना-पत्र जेरे धारा 8(4) हिमाचल प्रदेश विवाह पंजीकरण अधिनियम, 1996.

प्रार्थी श्री सन्नी पुत्र नरेश कुमार, निवासी गांव व डाकघर इन्दौरा, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) व सरोजी पुत्री रमेश कुमार, निवासी गांव हाउस नं0 595, वार्ड नं0 12, मोहल्ला कश्मीरी, डाकघर सुजानपुर, तहसील व जिला पठानकोट, पंजाब, ता हाल पत्नी श्री सन्नी पुत्र नरेश कुमार, निवासी गांव व डाकघर इन्दौरा, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करते हुए निवेदन किया है कि प्रार्थीगण की शादी 28-02-2020 को ग्राम पंचायत इन्दौरा, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) में हुई है लेकिन अज्ञानतावश उक्त प्रार्थीगण ने अपने विवाह को ग्राम पंचायत इन्दौरा, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) के अभिलेख में या अन्य स्थान पर पंजीकृत न करवाया हुआ है। प्रार्थीगण अपने विवाह की तिथि को पंजीकृत करवाना चाहते हैं। अतः उक्त विवाह को पंजीकृत करने के आदेश देने की अनुमति प्रदान करें। अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि उक्त प्रार्थीगण श्री सन्नी पुत्र नरेश कुमार, निवासी गांव व डाकघर इन्दौरा, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) व सरोजी पुत्री रमेश कुमार, निवासी गांव हाउस नं0 595, वार्ड नं0 12, मोहल्ला कश्मीरी, डाकघर सुजानपुर, तहसील व जिला पठानकोट, पंजाब, ता हाल पत्नी श्री सन्नी पुत्र नरेश कुमार, निवासी गांव व डाकघर इन्दौरा, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) के विवाह को पंजीकृत करने बारे किसी व्यक्ति को कोई भी एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 28-08-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत हजा में हाजिर होकर अपना एतराज पेश करें। कोई एतराज पेश न होने की सूरत में विवाह को पंजीकृत करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे। आज दिनांक 10-08-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, इन्दौरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्री फेज मो0 पुत्र श्री शरीफ मो0, निवासी सुरजपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

. . वादी।

बनाम

आम जनता

. . प्रतिवादी। उनवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री फेज मो0 पुत्र श्री शरीफ मो0, निवासी सुरजपुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करके निवेदन किया है कि आवेदक किन्हीं कारणों से अपनी स्वयं की जन्म तिथि 31-12-1962 का इन्द्राज निर्धारित अवधि के अन्दर सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं करवा पाया है। इस बारे आवेदक द्वारा एक ब्यान हल्फी भी पेश किया गया है तथा इस सम्बन्ध में दो गवाहों के शपथ-पत्र भी आवेदक ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न किये हैं। आवेदक ने ग्राम पंचायत पातलियों में अपना ऊपर वर्णित स्वयं की जन्म तिथि 31-12-1962 को दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को फेज मो0 की जन्म तिथि ग्राम पंचायत पातलियों, तहसील पांवटा साहिब में दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह मिति 29-08-2020 को या इससे पूर्व हमारे न्यायालय में हाजिर होकर लिखित अथवा मौखिक एतराज पेश कर2851 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 सकता है। उक्त निश्चित तिथि के बाद कोई भी एतराज मान्य नहीं होगा और समझा जायेगा कि उक्त फेज मो0 की जन्म तिथि को सम्बन्धित ग्राम पंचायत में दर्ज करने बारे किसी को कोई एतराज नहीं है तथा नियमानुसार जन्म तिथि पंजीकरण के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 29-07-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, हि0 प्र0।

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कार्यालय सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, भू-व्यवस्था वृत्त नारग, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) देवेन्दर पुत्र लेख राम, निवासी ग्राम सधोडी, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है देवेन्दर पुत्र लेख राम, निवासी सम्पदा सधोडी, डाकघर व तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने इस कार्यालय में दुरुस्ती नाम बारे दावा दायर किया है कि उसका सही नाम देवेन्दर पुत्र लेख राम है परन्तु राजस्व अभिलेख फतेहपुर सन्धोडी में रविन्द्र पुत्र लेखराम दर्ज हुआ है जिसका सही नाम रविन्द्र के स्थान पर देवेन्दर दुरुस्त किया जाता है यदि किसी को कोई एतराज हो तो वह अपना उजर व एतराज इस इश्तहार के प्रकाशन से एक माह के अन्दर पेश कर सकते हैं। बाद गुजरने मियाद कोई दावा या एतराज मान्य नहीं होगा।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, वृत्त नारग, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार) नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्रीमती रोमा बेगम पुत्री श्री मसीयत अली, निवासी कच्चा टैंक नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र श्रीमती रोमा बेगम पुत्री श्री मसीयत अली, निवासी कच्चा टैंक नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी स्वयं की जन्म तिथि 06-10-1972 है, जो नगरपालिका परिषद्‌ नाहन में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थिया अब दर्ज करवाना चाहती है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 07-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का 2852 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो रोमा बेगम पुत्री श्री मसीयत अली की जन्म तिथि 06-10-1972 को नगरपालिका परिषद्‌ नाहन में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्रीमती सफीका बानो पत्नी श्री मैहूदीन, निवासी अमरपुर मोहल्ला नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र श्रीमती सफीका बानो पत्नी श्री मैहूदीन, निवासी अमरपुर मोहल्ला नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी पुत्री रैहना बेगम की जन्म तिथि 14-10-1973 है, जो नगरपालिका परिषद्‌ नाहन में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थिया अब दर्ज करवाना चाहती है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 07-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो रैहना बेगम पुत्री मैहूदीन की जन्म तिथि 14-10-1973 को नगरपालिका परिषद्‌ नाहन में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्रीमती प्रेमलता पत्नी श्री इन्दर सिंह, निवासी सम्भालका, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र श्रीमती प्रेमलता पत्नी श्री इन्दर सिंह, निवासी सम्भालका, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसके पुत्र श्री पवन कुमार की जन्म तिथि 01-03-2005 है, जो ग्राम पंचायत मातर में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थिया अब दर्ज करवाना चाहती है।2853 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 07-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो पवन कुमार पुत्र श्री इन्दर सिंह की जन्म तिथि 01-03-2005 को ग्राम पंचायत मातर में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्रीमती प्रेमलता पत्नी श्री इन्दर सिंह, निवासी सम्भालका, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र श्रीमती प्रेमलता पत्नी श्री इन्दर सिंह, निवासी सम्भालका, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी पुत्री गीता देवी की जन्म तिथि 03-04-2004 है, जो ग्राम पंचायत मातर में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थिया अब दर्ज करवाना चाहती है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 07-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो गीता देवी पुत्री श्री इन्दर सिंह की जन्म तिथि 03-04-2004 को ग्राम पंचायत मातर में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्री ओम प्रकाश पुत्र श्री भगीं राम, निवासी मौलावाला भूड, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र श्री ओम प्रकाश पुत्र श्री भगीं राम, निवासी मौलावाला भूड, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी स्वयं की जन्म तिथि 24-10-1962 है, जो ग्राम पंचायत बनकला में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है। 2854 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 07-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो ओम प्रकाश पुत्र श्री भगीं राम, की जन्म तिथि 24-10-1962 को ग्राम पंचायत बनकला में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्री महीपाल पुत्र श्री परमा नंद, निवासी कौलावाला भूड, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र श्री महीपाल पुत्र श्री परमा नंद, निवासी कौलावाला भूड, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी पुत्री इतिका ठाकुर की जन्म तिथि 08-12-2006 है, जो ग्राम पंचायत कौलावाला भूड में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 07-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो इतिका ठाकुर की जन्म तिथि 08-12-2006 है, जो ग्राम पंचायत कौलावाला भूड में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्री खुशी राम पुत्र श्री राम दत, निवासी बागा बबरोन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र श्री खुशी राम पुत्र श्री राम दत, निवासी बागा बबरोन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी माता श्रीमती गंगा देवी पत्नी श्री राम दत की मृत्यु तिथि 12-06-2012 है, जो ग्राम पंचायत सुरला में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।2855 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 07-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो श्रीमती गंगा देवी पत्नी श्री राम दत की मृत्यु तिथि 12-06-2012 है, जो ग्राम पंचायत सुरला में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्रीमती नजमा बेगम पत्नी श्री अजहर अहमद, निवासी रानीताल नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र श्रीमती नजमा बेगम पत्नी श्री अजहर अहमद, निवासी रानीताल नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी पुत्री उजमा प्रवीन की जन्म तिथि 04-03-1987 है, जो नगरपालिका परिषद्‌ नाहन में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थिया अब दर्ज करवाना चाहती है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 07-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो उजमा प्रवीन पुत्री श्री अजहर अहमद की जन्म तिथि 04-03-1987 है, जो नगरपालिका परिषद्‌ नाहन में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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Office of the Marriage Officer (SDM), Nahan, District Sirmaur, Himachal Pradesh

NOTICE

The following persons have submitted an application for solemnization of marriage under the Special Marriage Act, 1954. If any one has any objection on the grounds specified in the Act in respect of this solemnization of marriage, if he/she so wished may submit the objection by 09-09-2020.

Name of Bridegroom :

2856 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942

Sh. Ashwani Kumar s/o Sh. Ashok Kumar, r/o Village Katola, P.O. Sainwala, Tehsil Nahan, District Sirmaur, H.P.

Name of Bride Smt. Sameena d/o Sh. Vashir Ahmad, r/o H. No. 75, New Basti Rorwar, Shahjamal, Koli Aligarh, Uttar Pradesh.

Seal.

VIVEK SHARMA (HAS),

Addl. Registrar under Special Marriage Act-cum-

Sub Divisional Magistrate, Nahan,

District Sirmaur (H.P.).

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

शबाना सैयद पुत्री श्री इमामूदीन, निवासी मोहल्ला अमरपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र शबाना सैयद पुत्री श्री इमामूदीन, निवासी मोहल्ला अमरपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी जन्म तिथि 10-04-1984 है, जो नगरपालिका नाहन में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थिया अब दर्ज करवाना चाहती है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 14-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो शबाना सैयद पुत्री श्री इमामूदीन की जन्म तिथि 10-04-1984 को नगरपालिका नाहन में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

शबाना सैयद पुत्री श्री इमामूदीन, निवासी मोहल्ला अमरपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र शबाना सैयद पुत्री श्री इमामूदीन, निवासी मोहल्ला अमरपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके2857 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942 आवेदन किया है कि उसकी बहन फरजाना सैयद की जन्म तिथि 20-12-1979 है, जो नगरपालिका नाहन में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थिया अब दर्ज करवाना चाहती है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 14-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो फरजाना सैयद पुत्री श्री इमामूदीन की जन्म तिथि 20-12-1979 को नगरपालिका नाहन में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

जीवन सिंह पुत्र श्री नान्टा राम, निवासी ग्राम मलगांव, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र जीवन सिंह पुत्र श्री नान्टा राम, निवासी ग्राम मलगांव, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी अपनी बहन श्रीमती कान्ता देवी की मृत्यु तिथि 01-07-2008 है, जो ग्राम पंचायत नेहली धीडा में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 14-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो श्रीमती कान्ता देवी पुत्री श्री नान्टा राम की मृत्यु तिथि 01-07-2008 ग्राम पंचायत नेहली धीडा में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

शबाना सैयद पुत्री श्री इमामूदीन, निवासी मोहल्ला अमरपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

2858 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 प्रार्थना-पत्र शबाना सैयद पुत्री श्री इमामूदीन, निवासी मोहल्ला अमरपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी बहन रेशमा की जन्म तिथि 10-04-1984 है, जो नगरपालिका नाहन में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थिया अब दर्ज करवाना चाहती है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 14-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो रेशमा पुत्री श्री इमामूदीन की जन्म तिथि 10-04-1984 नगरपालिका नाहन में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

शबाना सैयद पुत्री श्री इमामूदीन, निवासी मोहल्ला अमरपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र शबाना सैयद पुत्री श्री इमामूदीन, निवासी मोहल्ला अमरपुर नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी बहन गजाला की जन्म तिथि 10-04-1981 है, जो नगरपालिका नाहन में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थिया अब दर्ज करवाना चाहती है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 14-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो गजाला पुत्री श्री इमामूदीन की जन्म तिथि 10-04-1981 नगरपालिका नाहन में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्री कमल किशोर पुत्र श्री हनुमान सिंह, निवासी शम्भूवाला, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता

2859 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भाद्रपद, 1942

प्रार्थना-पत्र श्री कमल किशोर पुत्र श्री हनुमान सिंह, निवासी शम्भूवाला, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी अपनी जन्म तिथि 25-02-1962 है, जो ग्राम पंचायत बनकला में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 14-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो श्री कमल किशोर पुत्र श्री हनुमान सिंह, निवासी शम्भूवाला की जन्म तिथि 25-02-1962 ग्राम पंचायत बनकला में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्री सुरेन्दर गौड पुत्र श्री जगदीश गौड सिंह, निवासी विंध्याचल वार्ड, जिला सागर, मध्य प्रदेश

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र श्री सुरेन्दर गौड पुत्र श्री जगदीश गौड सिंह, निवासी विंध्यांचल वार्ड, जिला सागर, मध्य प्रदेश ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी बहन श्रीमती रेशमी गौड की मृत्यु तिथि 01-09-2017 है, जो ग्राम पंचायत काला अम्ब में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 14-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो श्रीमती रेशमी गौड पुत्री सुरेन्दर गौड की मृत्यु तिथि 01-09-2017 ग्राम पंचायत काला अम्ब में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्री संजीव वर्मा पुत्र श्री बिमल किशोर वर्मा, निवासी गुन्नुघाट नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर, (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

2860 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 25 अगस्त, 2020/03 भद्रपद, 1942 प्रार्थना-पत्र श्री संजीव वर्मा पुत्र श्री बिमल किशोर वर्मा, निवासी गुन्नुघाट नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके आवेदन किया है कि उसकी अपनी जन्म तिथि 04-07-1970 है, जो नगरपालिका नाहन में दर्ज नहीं है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को कोई उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 14-09-2020 को प्रातः 10.00 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना एतराज प्रस्तुत कर सकता है। अगर उक्त तारीख तक किसी का उजर/एतराज प्राप्त नहीं होता तो श्री संजीव वर्मा पुत्र श्री बिमल किशोर वर्मा, निवासी गुन्नुघाट नाहन की जन्म तिथि 04-07-1970 को नगरपालिका नाहन में दर्ज करने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे। आज दिनांक 06-08-2020 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी (तहसीलदार), नाहन, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।

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नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 25 August 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2020-08-25.88_gazette_2020-25_08_2020/. Archive identifier in.gazette.himachal.2020-08-25.88_gazette_2020-25_08_2020.