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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 105, 16 September 2020

Published 16 September 2020

Gazette no.
105
Gazetteid
105/GAZETTE/2020-16/09/2020
Identifier
in.gazette.himachal.2020-09-16.105_gazette_2020-16_09_2020
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित बुधवार, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942

हिमाचल प्रदेश सरकार

हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय

अधिसूचना

दिनांक 11 सितम्बर, 2020

संख्या वि0स0-विधायन-विधेयक/1-17/2020.-हिमाचल प्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली, 1973 के नियम-140 के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश साहूकारों का रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) 105-राजपत्र/2020-16-09-2020 (3577) 3578 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 विधेयक, 2020 (2020 का विधेयक संख्यांक 3) जो आज दिनांक 11 सितम्बर, 2020 को हिमाचल प्रदेश विधान सभा में पुरःस्थापित हो चुका है, सर्वसाधारण की सूचनार्थ राजपत्र में मुद्रित करने हेतु प्रेषित किया जाता है।

हस्ताक्षरित/- सचिव, हि0 प्र0 विधान सभा।

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2020 का विधेयक संख्यांक 3.

हिमाचल प्रदेश साहूकारों का रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2020

खण्डों का क्रम

खण्ड : 1. संक्षिप्त नाम। 2. धारा 5क का अन्तःस्थापन।

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2020 का विधेयक संख्यांक 3.

हिमाचल प्रदेश साहूकारों का रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2020

(विधान सभा में पुरःस्थापित रूप में)

हिमाचल प्रदेश साहूकारों का रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1976 (1976 का अधिनियम संख्यांक 19) का और संशोधन करने के लिए विधेयक।

भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :--

1. संक्षिप्त नाम.--इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश साहूकारों का रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2020 है।

2. धारा 5क का अंतःस्थापन.--हिमाचल प्रदेश साहूकारों का रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1976 (1976 का 19) की धारा 5 के पश्चात्‌्‌ निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :--

''5 क. संव्यवहारों का ढंग.--इस अधिनियम की धारा 4 के अधीन रजिस्ट्रीकृत कोई साहूकार किसी भी व्यक्ति को, पाने वाले के खाते में देय चैक या पाने वाले के खाते में देय बैंक ड्राफ्ट द्वारा या किसी बैंक खाते के माध्यम से इलैक्ट्रानिक निकासी प्रणाली के उपयोग से अन्यथा, कोई ऋण अग्रिम नहीं देगा या उससे ऋण के किसी प्रतिदाय को नहीं लेगा या उसे स्वीकार नहीं करेगा यदि अग्रिम ऋण की रकम या स्वीकृत प्रतिदाय की रकम बीस हजार रुपए या इससे अधिक है।''।3579 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 उद्‌्‌देश्यों और कारणों का कथन आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का अधिनियम संख्या 43) की धारा 269 धध और 269न के उपबंधों के अनुसार बीस हजार रुपए से अधिक रकम के लिए नकद में संव्यवहार करना वर्जित है। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी परिपत्र संख्या आर बी आई/2016-17/245, तारीख 9 मार्च, 2017 द्वारा समस्त गैर-बैंककारी वित्तीय कम्पनियों को संव्यवहार करते समय बीस हजार रुपए की प्रारंभिक सीमा का पालन करने के लिए निदेश जारी किए हैं।

हिमाचल प्रदेश साहूकारों का रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1976 (1976 का अधिनियम संख्यांक 19) में संव्यवहार का ढंग विनिर्दिष्ट नहीं किया गया है। अतः उक्त अधिनियम के उपबन्धों को आयकर अधिनियम, 1961 के उपबन्धों और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी निदेशों के अनुरूप लाने हेतु संशोधन किया जाना अपेक्षित है। इसलिए हिमाचल प्रदेश साहूकारों का रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1976 में संशोधन करना आवश्यक हो गया है।

यह विधेयक उपर्युक्त उद्‌देश्यों की पूर्ति के लिए है।

(महेन्द्र सिंह ठाकुर) प्रभारी मन्त्री। शिमला : तारीख : ....................................., 2020

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AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT

Bill No. 3 of 2020

THE HIMACHAL PRADESH REGISTRATION OF MONEY-LENDERS'

(AMENDMENT) BILL, 2020

ARRANGEMENT OF CLAUSES

Clauses :

1. Short title. 2. Insertion of section 5A.

_________

Bill No. 3 of 2020

THE HIMACHAL PRADESH REGISTRATION OF MONEY-LENDERS'

(AMENDMENT) BILL, 2020

(AS INTRODUCED IN THE LEGISLATIVE ASSEMBLY)

A

BILL 3580 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 further to amend the Himachal Pradesh Registration of Money-Lenders' Act, 1976 (Act No. 19 of 1976).

BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Seventy-first Year of the Republic of India as follows :—

1. Short title.—This Act may be called as the Himachal Pradesh Registration of Money- Lenders' (Amendment) Act, 2020.

2. Insertion of section 5A.—After section 5 of the Himachal Pradesh Registration of Money-Lenders' Act, 1976 (19 of 1976), the following section shall be inserted, namely :—

"5A. Mode of Transactions.—No money lender registered under section 4 of this Act, shall advance any loan or take or accept any refund of loan from any person, otherwise than by an account payee cheque or account payee bank draft or use of electronic clearing system through a bank account, if, the amount of loan advanced or the amount of refund accepted, is twenty thousand rupees or more.".

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STATEMENT OF OBJECTS AND REASONS

As per the provisions of sections 269SS and 269T of the Income Tax Act, 1961 (Act No. 43 of 1961) there is a bar on carrying out transactions in cash for an amount exceeding Rupees twenty thousand. The Reserve Bank of India has also issued directions vide Circular No.RBI/2016-17/245, dated 9th March, 2017 to all the Non-Banking Financial Companies to adhere to the threshold limit of Rupees twenty thousand while making transactions.

In the Himachal Pradesh Registration of Money-Lenders' Act, 1976 (Act No. 19 of 1976), mode of transactions has not been specified. Therefore, in order to bring the provisions of the said Act in consonance with the provisions of the Income Tax Act, 1961 and the directions issued by the Reserve Bank of India, an amendment is required to be carried out. This has necessitated amendment in the Himachal Pradesh Registration of Money-Lenders' Act, 1976.

This Bill seeks to achieve the aforesaid objectives.

(MAHENDER SINGH THAKUR) Minister-in-Charge.

SHIMLA :

THE ........................., 2020.

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हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय

अधिसूचना

दिनांक 11 सितम्बर, 2020

संख्या वि0स0-विधायन-विधेयक/1-15/2020.-हिमाचल प्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली, 1973 के नियम-140 के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश युद्ध पुरस्कार (संशोधन) विधेयक, 20203581 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 (2020 का विधेयक संख्यांक 4) जो आज दिनांक 11 सितम्बर, 2020 को हिमाचल प्रदेश विधान सभा में पुरःस्थापित हो चुका है, सर्वसाधारण की सूचनार्थ राजपत्र में मुद्रित करने हेतु प्रेषित किया जाता है।

हस्ताक्षरित/- सचिव, हि0 प्र0 विधान सभा।

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2020 का विधेयक संख्यांक 4.

हिमाचल प्रदेश युद्ध पुरस्कार (संशोधन) विधेयक, 2020

खण्डों का क्रम

खण्ड : 1. संक्षिप्त नाम। 2. धारा 3 का संशोधन।

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2020 का विधेयक संख्यांक 4.

हिमाचल प्रदेश युद्ध पुरस्कार (संशोधन) विधेयक, 2020

(विधान सभा में पुरःस्थापित रूप में)

हिमाचल प्रदेश युद्ध पुरस्कार अधिनियम, 1972 (1972 का अधिनियम संख्यांक 9) का और संशोधन करने के लिए विधेयक।

भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-

1. स्ांक्षिप्त नाम.--इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश युद्ध पुरस्कार (संशोधन) अधिनियम, 2020 है।

2. धारा 3 का संशोधन.--हिमाचल प्रदेश युद्ध पुरस्कार अधिनियम, 1972 की धारा 3 में, "पांच" शब्द के स्थान पर "सात" शब्द रखा जाएगा।

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उद्‌देश्यों और कारणों का कथन

वर्तमानतः हिमाचल प्रदेश युद्ध पुरस्कार अधिनियम, 1972 (1972 का अधिनियम संख्यांक 9) की धारा 3 समस्त पात्र व्यक्तियों को प्रतिवर्ष पांच हजार रुपए के मूल्य की युद्ध जागीर देने का उपबन्ध करती है। कीमतों में अत्यधिक वृद्धि के कारण समस्त पात्र व्यक्तियों के लिए युद्ध जागीर के मूल्य को पांच हजार रुपए से बढ़ाकर सात हजार रुपए वार्षिक किया जाना आवश्यक समझा गया है। उपरोक्त के दृष्टिगत, पूर्वोक्त अधिनियम की धारा 3 में उपयुक्त संशोधन करने का विनिश्चय किया गया है। इसलिए पूर्वोक्त अधिनियम में संशोधन करना आवश्यक हो गया है।3582 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 यह विधेयक उपर्युक्त उद्‌देश्यों की पूर्ति के लिए है। (महेन्द्र सिंह ठाकुर) प्रभारी मन्त्री। शिमला : तारीख : , 2020.

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AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT

Bill No. 4 of 2020.

THE HIMACHAL PRADESH WAR AWARDS (AMENDMENT)

BILL, 2020

ARRANGEMENT OF CLAUSES

Clauses :

1. Short title. 2. Amendment of section 3.

_________

Bill No. 4 of 2020.

THE HIMACHAL PRADESH WAR AWARDS (AMENDMENT)

BILL, 2020

(AS INTRODUCED IN THE LEGISLATIVE ASSEMBLY)

A

BILL

further to amend the Himachal Pradesh War Awards Act, 1972 (Act No. 9 of 1972).

BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Seventy-first Year of the Republic of India as follows:—

1. Short title.—This Act may be called the Himachal Pradesh War Awards (Amendment) Act, 2020.

2. Amendment of section 3.—In section 3 of the Himachal Pradesh War Awards Act, 1972 for the word "five", the word "seven" shall be substituted.

3583 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 STATEMENT OF OBJECTS AND REASONS

At present section 3 of the Himachal Pradesh War Awards Act, 1972 (Act No. 9 of 1972) provides for the grant of war jagirs of the value of Rupees five thousand per annum to all the eligible persons. Due to sharp increase in the prices, it has been felt necessary to enhance the value of war jagirs from Rupees five thousand to Rupees seven thousand annually for all the eligible persons. In view of the above, it has been decided to make suitable amendments in section 3 of the Act ibid. This has necessitated amendment in the Act ibid.

This Bill seeks to achieve the aforesaid objective.

(MAHENDER SINGH THAKUR) Minister-in-Charge.

SHIMLA:

THE..........................., 2020

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हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय

अधिसूचना

दिनांक 11 सितम्बर, 2020

संख्या वि0स0-विधायन-विधेयक/1/18/2020.-हिमाचल प्रदेश विधान सभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली, 1973 के नियम-140 के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2020 (2020 का विधेयक संख्यांक 9) जो आज दिनांक 11 सितम्बर, 2020 को हिमाचल प्रदेश विधान सभा में पुरःस्थापित हो चुका है, सर्वसाधारण की सूचनार्थ राजपत्र में मुद्रित करने हेतु प्रेषित किया जाता है।

हस्ताक्षरित/- सचिव, हि0 प्र0 विधान सभा।

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2020 का विधेयक संख्यांक 9 हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2020

खण्डों का क्रम

खण्ड : 1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ। 2. धारा 2 का संशोधन। 3. धारा 10 का संशोधन। 4. धारा 16 का संशोधन। 3584 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 5. धारा 29 का संशोधन। 6. धारा 30 का संशोधन। 7. धारा 31 का संशोधन। 8. धारा 51 का संशोधन। 9. धारा 122 का संशोधन। 10. धारा 132 का संशोधन। 11. धारा 140 का संशोधन। 12. नई धारा 168-क का अन्तःस्थापन। 13. धारा 172 का संशोधन। 14. अनुसूची 2 का संशोधन। 15. कतिपय मामलों में राज्य कर के उद्‌ग्रहण या संग्रहण से भूतलक्षी प्रभाव से छूट।

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2020 का विधेयक संख्यांक 9 हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2020

(विधान सभा में पुरःस्थापित रूप में)

हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का अधिनियम संख्यांक 10) का और संशोधन करने के लिए विधेयक।

भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :--

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) अधिनियम, 2020 है।

(2) इस अधिनियम के उपबन्ध, अन्यथा उपबंधित के सिवाय, ऐसी तारीख, जो सरकार अधिसूचना द्वारा राजपत्र में नियत करे, से प्रवृत्त होंगे।

2. धारा 2 का संशोधन.--हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 10) (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ "मूल अधिनियम" कहा गया है) की धारा 2 के खण्ड (114) के उप खण्ड (ग) और (घ) के स्थान पर निम्नलिखित उप खण्ड रखे जाएंगे, अर्थात्‌ :--

"(ग) दादरा और नागर हवेली तथा दमण और दीव;

(घ) लद्‌्‌दाख;"।

3. धारा 10 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 10 की उपधारा (2) के खण्ड (ख), (ग) और (घ) में, "माल" शब्द के पश्चात्‌्‌ "या सेवाओं" शब्द अन्तःस्थापित किए जाएंगे।

4. धारा 16 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 16 की उपधारा (4) में, ''से संबन्धित बीजक'' शब्दों का लोप किया जाएगा।

5. धारा 29 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 29 की उपधारा (1) के खण्ड (ग) के स्थान पर निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्‌ :--

''(ग) कराधेय व्यक्ति अब धारा 22 या धारा 24 के अधीन रजिस्ट्रीकृत किए जाने हेतु दायी नहीं रहा है या उसका धारा 25 की उपधारा (3) के अधीन स्वेच्छया रजिस्ट्रीकरण को छोड़ने का आशय रहा हो;''।3585 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 6. धारा 30 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 30 की उपधारा (1) के अन्त में, ''।'' चिन्ह के स्थान पर ''ः'' चिन्ह रखा जाएगा और तत्पश्चात्‌ निम्नलिखित परन्तुक अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ :-- ''परन्तु ऐसी अवधि दर्शित किए गए पर्याप्त कारण के आधार पर और कारणों को लिखित में अभिलिखित करके,--

(क) यथास्थिति, अतिरिक्त आयुक्त या संयुक्त आयुक्त द्वारा तीस दिन से अनधिक की अवधि के लिए;

और

(ख) आयुक्त द्वारा खण्ड (क) में विनिर्दिष्ट अवधि से परे तीस दिन से अनधिक की और अवधि के लिए,

बढ़ाई जा सकेगी।''।

7. धारा 31 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 31 की उपधारा (2) में परन्तुक के स्थान पर निम्नलिखित परन्तुक रखा जाएगा, अर्थात्‌ :--

''परन्तु सरकार, परिषद्‌ की सिफारिशों पर, अधिसूचना द्वारा,--

(क) ऐसी सेवाओं या प्रदायों के प्रवर्ग विनिर्दिष्ट कर सकेगी, जिनके सम्बन्ध में ऐसे समय के भीतर और ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, कर बीजक जारी किया जा सकेगा; और

(ख) इसमें उल्लिखित ऐसी शर्तों के अध्यधीन, सेवाओं के ऐसे प्रवर्ग विनिर्दिष्ट कर सकेगी, जिनके सम्बन्ध में,--

(i) प्रदाय के सम्बन्ध में जारी किसी अन्य दस्तावेज को कर बीजक समझा जाएगा; या (ii) कर बीजक जारी नहीं किया जा सकेगा।''।

8. धारा 51 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 51 में,--

(क) उपधारा (3) के स्थान पर निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ः-

''(3) स्त्रोत पर कर की कटौती का प्रमाणपत्र ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति में जारी किया जाएगा, जो विहित की जाए।''; और

(ख) उपधारा (4) का लोप किया जाएगा।

9. धारा 122 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 122 की उपधारा (1) के पश्चात्‌ निम्नलिखित उपधारा अन्तःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :--

''(1क) कोई व्यक्ति, जो उपधारा (1) के खण्ड (i), (ii), (vii), या खण्ड (ix) के अन्तर्गत आने वाले संव्यवहार के फायदे का प्रतिधारण करता है और जिसके अनुरोध पर ऐसा संव्यवहार किया जाता है, अपवंचित कर या उपभोग किए गए या संक्रान्त इनपुट कर प्रत्यय के बराबर रकम की शास्ति संदत्त करने का दायी होगा।''।

10. धारा 132 का संशेाधन.--मूल अधिनियम की धारा 132 की उपधारा (1) में,--

(क) ''जो कोई निम्नलिखित में से किसी अपराध को कारित करता है'' शब्दों के स्थान पर ''जो कोई निम्नलिखित अपराधों में से किसी अपराध को कारित करेगा या किसी अपराध को कारित करवाएगा और उससे उद्‌भूत फायदों का प्रतिधारण करेगा'' शब्द रखे जाएंगे;

3586 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 (ख) खण्ड (ग) के स्थान पर निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्‌ :--

''(ग) खण्ड (ख) में निर्दिष्ट ऐसे बीजक या बिल का उपयोग करके इनपुट कर प्रत्यय का उपयोग करता है या किसी बीजक या बिल के बिना कपट से इनपुट कर प्रत्यय का उपयोग करता है;''; और

(ग) खण्ड (ङ) में, ''कपट से इनपुट कर प्रत्यय का उपयोग'' शब्दों और चिह्न का लोप किया जाएगा।

11. धारा 140 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 140 में,--

(क) उपधारा (1) में, ''विहित की जाने वाली रीति से'' शब्दों के स्थान पर, ''ऐसे समय के भीतर और ऐसी रीति में, जो विहित की जाए'', शब्द और चिह्न अन्तःस्थापित किए जाएंगे और प्रथम जुलाई, 2017 से अन्तःस्थापित किए गए समझे जाएंगे;

(ख) उपधारा (2) में, ''ऐसी विहित रीति में'' शब्दों के स्थान पर ''ऐसे समय के भीतर और ऐसी रीति में, जो विहित की जाए,'' शब्द और चिह्न अन्तःस्थापित किए जाएंगे और प्र्रथम जुलाई, 2017 से अन्तःस्थापित किए गए समझे जाएंगे;

(ग) उपधारा (3) में, "इनपुटस के सम्बन्ध में" शब्दों के पश्चात्‌, "ऐसे समय के भीतर और ऐसी रीति में, जो विहित की जाए," शब्द और चिन्ह अन्तःस्थापित किए जाएंगे और प्रथम जुलाई, 2017 से अन्तःस्थापित किए गए समझे जाएंगे;

(घ) उपधारा (5) में, "विद्यमान विधि के अधीन'' शब्दों के पश्चात्‌ "विद्यमान विधि के अधीन ऐसे समय के भीतर और ऐसी रीति में, जो विहित की जाए,'' शब्द और चिन्ह अन्तःस्थापित किए जाएंगे और प्रथम जुलाई, 2017 से अन्तःस्थापित किए समझे जाएंगे; और

(ङ) उपधारा (6) में, "इनपुट के सम्बन्ध में" शब्दों के पश्चात्‌, "ऐसे समय के भीतर और ऐसी रीति में, जो विहित की जाए," शब्द और चिन्ह प्रथम जुलाई, 2017 से अन्तःस्थापित किए जाएंगे और अन्तःस्थापित किए गए समझे जाएंगे।

12. नई धारा 168-क का अन्तःस्थापन.--मूल अधिनियम की धारा 168 के पश्चात्‌ निम्नलिखित धारा अन्तःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :--

"168क. सरकार की विशेष परिस्थितियों में समय-सीमा बढ़ाने की शक्ति.--(1) इस अधिनियम में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, सरकार परिषद्‌ की सिफारिशों पर अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के अधीन उन कृत्यों, जो अनिवार्य बाध्यता के कारण पूर्ण नहीं किए जा सकते हैं या जिनकी अनुपालना नहीं की जा सकती है, की बाबत विनिर्दिष्ट या विहित या अधिसूचित समय-सीमा को बढ़ा सकेगी।

(2) उप धारा (1) के अधीन अधिसूचना जारी करने की शक्ति के अन्तर्गत इस अधिनियम के प्रारम्भ की तारीख से अपूर्वतर की तारीख से ऐसी अधिसूचना को भूतलक्षी प्रभाव देने की शक्ति भी सम्मिलित होगी।

स्पष्टीकरणः--इस धारा के प्रयोजन के लिए पद "अनिवार्य बाध्यता" से, युद्ध, महामारी, बाढ़, सूखा, आगजनी, चक्रवात, भूकंप या प्रकृृति द्वारा कारित कोई अन्य आपदा या इस अधिनियम के किन्हीं उपबंधों के कार्यान्वयन को अन्यथा प्रभावित करने वाला कोई मामला अभिप्रेत है।''।

13. धारा 172 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 172 की उप धारा (1) के परन्तुक में, "तीन वर्ष" शब्दों के स्थान पर "पांच वर्ष" शब्द रखे जाएंगे।3587 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 14. अनुसूची-2 का संशोधन.--मूल अधिनियम से संलग्न अनुसूची-2 के पैरा 4 में, ''चाहे प्रतिफल के लिए हो या न हो'' शब्द जहां-जहां आते हैं का प्रथम जुलाई, 2017 से लोप किया जाएगा और लोप किया गया समझा जाएगा।

15. कतिपय मामलों में राज्य कर के उद्‌ग्रहण या संग्रहण से भूतलक्षी प्रभाव से छूट.--(1) मूल अधिनियम की धारा 9 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद्‌ की सिफारिशों पर संख्याः ई. एक्स.एन. एफ. (10)-14/2017-लूज तारीख 30 जून, 2017 द्वारा अंग्रेजी पाठ में और हिन्दी पाठ में तारीख 28 दिसम्बर, 2017 को राजपत्र (ई-गज़ट), हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित हिमाचल प्रदेश सरकार की अधिसूचना संख्याः 1/2017-राज्य कर (दर) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी,--

(क) 01 जुलाई, 2017 से आरम्भ होने वाली और 30 सितम्बर, 2019 को समाप्त होने वाली (दोनों दिन सम्मिलित), अवधि के दौरान (शीर्ष 2301 के अन्तर्गत आने वाले) मत्स्य आहार के प्रदाय के सम्बन्ध में कोई राज्य कर उद्‌गृहीत या संगृहीत नहीं किया जाएगा; और

(ख) 01 जुलाई से आरम्भ होने वाली और 31 दिसम्बर, 2018 को समाप्त होने वाली (दोनों दिन सम्मिलित) अवधि के दौरान (शीर्ष 8483 के अन्तर्गत आने वाले) घिर्नी, पहिए और अन्य पुर्जों के सम्बन्ध में और (शीर्ष 8432, 8433 और 8436 के अन्तर्गत आने वाले) कृषि सम्बन्धी मशीनरी के पुर्जों के उपयोग के सम्बन्ध में छह प्रतिशत की दर पर राज्य कर उद्‌गृहीत या संगृहीत किया जाएगा।

(2) ऐसे सभी करों का कोई प्रतिदाय नहीं किया जाएगा, जिन्हें संगृहीत किया गया है, किन्तु जो इस प्रकार संगृहीत नहीं किए गए होते, यदि उपधारा (1) सभी तात्विक समयों पर प्रवृत्त हुई होती।

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उद्‌देश्यों और कारणों का कथन

हिमाचल प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का अधिनियम संख्यांक 10) राज्य सरकार द्वारा माल या सेवा या दोनों के राज्यांतरिक प्रदाय पर कर के उद्‌ग्रहण और संग्रहण के लिए उपबंध करने के दृष्टिगत अधिनियमित किया गया था। इसको अधिक प्रभावी, व्यवहार्य और उदार बनाने के लिए अधिनियम को माल और सेवा कर परिषद्‌ की सिफारिशों के अनुसार संशोधित करने का प्रस्ताव किया गया है। यह कहना संगत होगा कि केन्द्रीय सरकार ने परिषद्‌ की सिफारिशों को कार्यान्वित करने के आशय से वित्त अधिनियम, 2020 (2020 का अधिनियम संख्यांक 12) द्वारा केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के विभिन्न उपबंधों के संशोधनों को पहले ही कार्यान्वित कर दिया है।

प्रस्तावित विधेयक, अन्य बातों के साथ-साथ स्वेच्छया अभिप्राप्त रजिस्ट्रीकरण के रद्‌दकरण; रजिस्ट्रीकरण के रद्‌दकरण के प्रतिसंहरण के लिए आवेदन दाखिल करने की उपबंधित अवधि बढ़ाने के लिए अधिकारिताप्राप्त कर प्राधिकरणों को सशक्त करने के लिए उपबंध करता है। विधेयक सरकार को सेवाओं या प्रदायों केे प्रवर्गों, जिनकी बाबत कर बीजक जारी किया जाएगा और उसको जारी करने का समय और उसकी रीति अधिूसचित करने के लिए भी सशक्त करता है। यह सरकार को प्ररूप और रीति, जिसमें स्त्रोत पर कर कटौती करने का प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा, का उपबन्ध करने हेतु नियम बनाने के लिए भी सशक्त करता है। इसके अतिरिक्त, बिना बीजक या बिल के आगत कर प्रत्यय का कपटपूर्ण उपभोग करने के अपराध को संज्ञेय और गैर-जमानती बनाया जाना भी प्रस्तवित किया गया है। विधेयक प्रथम जुलाई, 2017 से मत्स्य आहार के प्रदाय पर राज्य कर से भूतलक्षी छूट और कृषि मशीनरी के पुर्जों के रूप में प्रयुक्त कुछ मदों के प्रदाय पर कम की गई दर पर राज्य कर का उद्‌ग्रहण भूतलक्षी रूप से करने का उपबन्ध भी करता है। इस 3588 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 प्रकार, पूर्वोक्त अधिनियम में कार्यान्वित किए जाने वाले प्रस्तावित विभिन्न संशोधन संभाव्यतः इसे हिताधिकारियों के लिए अधिक प्रभावी और अनुकूल बनाएंगे।

यह विधेयक उपुर्यक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए है।

(जयराम ठाकुर) मुख्य मन्त्री। शिमला :

तारीख : ........................................, 2020

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AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT

Bill No. 9 of 2020

THE HIMACHAL PRADESH GOODS AND SERVICES TAX (AMENDMENT)

BILL, 2020

ARRANGEMENT OF CLAUSES

Clauses :

1. Short title and commencement. 2. Amendment of section 2. 3. Amendment of section 10. 4. Amendment of section 16. 5. Amendment of section 29. 6. Amendment of section 30. 7. Amendment of section 31. 8. Amendment of section 51. 9. Amendment of section 122. 10. Amendment of section 132. 11. Amendment of section 140. 12. Insertion of new section 168A. 13. Amendment of section 172. 14. Amendment of SCHEDULE-II. 15. Exemption from levy or collection of State tax in certain cases with retrospective effect.

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Bill No. 9 of 2020

THE HIMACHAL PRADESH GOODS AND SERVICES TAX (AMENDMENT) BILL, 2020

(AS INTRODUCED IN THE LEGISLATIVE ASSEMBLY)

A

BILL3589 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942

further to amend the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (Act No. 10 of

2017).

BE enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Seventy-first year of the Republic of India as follows :—

1. Short title and commencement.—(1) This Act may be called the Himachal Pradesh Goods and Services Tax (Amendment) Act, 2020.

(2) Save as otherwise provided, the provisions of this Act, shall come into force on such date as the State Government may, by notification in the Official Gazette, appoint.

2. Amendment of section 2.—In section 2 of the Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (10 of 2017) (hereinafter referred to as the "principal Act"), in clause (114), for sub- clauses (c) and (d), the following sub-clauses shall be substituted, namely:—

"(c) Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu;

(d) Ladakh;".

3. Amendment of section 10.—In section 10 of the principal Act, in sub-section (2), in clauses (b), (c) and (d), after the words "of goods", the words "or services" shall be inserted.

4. Amendment of section 16.—In section 16 of the principal Act, in sub-section (4), the words "invoice relating to such" shall be omitted.

5. Amendment of section 29.—In section 29 of the principal Act, in sub-section (1), for clause (c), the following clause shall be substituted, namely :––

"(c) the taxable person is no longer liable to be registered under section 22 or section 24 or intends to opt out of the registration voluntarily made under sub-section (3) of section 25:".

6. Amendment of section 30.—In section 30 of the principal Act, in sub-section (1), in the end for the sign ".", the sign ":" shall be substituted and thereafter, the following proviso shall be inserted, namely:––

"Provided that such period may, on sufficient cause being shown, and for reasons be recorded in writing, be extended,––

(a) by the Additional Commissioner or the Joint Commissioner, as the case may be, for a period not exceeding thirty days; and

(b) by the Commissioner, for a further period not exceeding thirty days, beyond the period specified in clause (a).".

7. Amendment of section 31.—In section 31 of the principal Act, in sub-section (2), for the proviso, the following proviso shall be substituted, namely:––3590 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 "Provided that the Government may, on the recommendations of the Council, by notification,––

(a) specify the categories of services or supplies in respect of which a tax invoice shall be issued, within such time and in such manner as may be prescribed; and

(b) subject to the condition mentioned therein, specify the categories of services in respect of which,––

(i) any other document issued in relation to the supply shall be deemed to be a tax invoice; or

(ii) tax invoice may not be issued.".

8. Amendment of section 51.—In section 51 of the principal Act,––

(a) for sub-section (3), the following sub-section shall be substituted, namely:–– "(3) A certificate of tax deduction at source shall be issued in such form and in such manner as may be prescribed."; and

(b) sub-section (4) shall be omitted.

9. Amendment of section 122.—In section 122 of the principal Act, after sub-section (1), the following sub-section shall be inserted, namely:––

"(1A) Any person who retains the benefit of a transaction covered under clauses (i), (ii), (vii) or clause (ix) of sub-section (1) and at whose instance such transaction is conducted, shall be liable to pay a penalty of an amount equivalent to the tax evaded or input tax credit availed of or passed on.".

10. Amendment of section 132.—In section 132 of the principal Act, in sub-section (1),– (a) for the words "Whoever commits any of the following offences", the words, "Whoever commits, or causes to commit and retain the benefits arising out of, any of the following offences'' shall be substituted;

(b) for clause (c), the following clause shall be substituted, namely:––

"(c) avails input tax credit using the invoice or bill referred to in clause (b) or fraudulently avails input tax credit without any invoice or bill;"; and

(c) in clause (e), the words and sign ", fraudulently avails input tax credit" shall be omitted.

11. Amendment of section 140.—In section 140 of the principal Act,—

(a) in sub-section (1), after the words "existing law", the words "within such time and" shall be inserted and shall be deemed to have been inserted with effect from 1st day of July, 2017;

(b) in sub-section (2), after the words "appointed day", the words "within such time and" shall be inserted and shall be deemed to have been inserted with effect from 1st day of July, 2017;

3591 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942

(c) in sub-section (3), after the words "goods held in stock on the appointed day", the sign and words ", within such time and in such manner as may be prescribed," shall be inserted and shall be deemed to have been inserted with effect from 1st day of July, 2017;

(d) in sub-section (5), after the words "existing law", the sign and words ", within such time and in such manner as may be prescribed" shall be inserted and shall be deemed to have been inserted with effect from 1st day of July, 2017; and (e) in sub-section (6), after the words "goods held in stock on the appointed day", the sign and words ", within such time and in such manner as may be prescribed," shall be inserted and shall be deemed to have been inserted with effect from 1st day of July, 2017.

12. Insertion of new section 168A.—After section 168 of the principal Act, the following section shall be inserted, namely:—

"168A. Power of Government to extend time limit in special circumstances.—(1) Notwithstanding anything contained in this Act, the Government may, on the recommendations of the Council, by notification, extend the time limit specified in, or prescribed or notified under, this Act in respect of actions which cannot be completed or complied with due to force majeure.

(2) The power to issue notification under sub-section (1) shall include the power to give retrospective effect to such notification from a date not earlier than the date of commencement of this Act.

Explanation.—For the purposes of this section, the expression "force majeure" means a case of war, epidemic, flood, drought, fire, cyclone, earthquake or any other calamity caused by nature or otherwise affecting the implementation of any of the provisions of this Act.".

13. Amendment of section 172.—In section 172 of the principal Act, in sub-section (1), in the proviso, for the words "three years", the words "five years" shall be substituted.

14. Amendment of SCHEDULE-II.—In SCHEDULE-II Annexed to the principal Act, in paragraph 4, the words and sign "whether or not for a consideration," wherever they occur, shall be omitted and shall be deemed to have been omitted with effect from the 1st day of July, 2017.

15. Exemption from levy or collection of State tax in certain cases with retrospective effect.—(1) Notwithstanding anything contained in the notification of the Government of Himachal Pradesh number 1/2017-STATE TAX (RATE) published in the Rajpatra (e-Gazette), Himachal Pradesh in English Version vide No. EXN-F(10)-14/2017-Loose, on 30th June, 2017 and in Hindi Version on 28th December, 2017, on the recommendations of the Council, in exercise of the powers conferred under section 9 of the principal Act,––

(a) no State tax shall be levied or collected in respect of supply of fishmeal (falling under heading 2301), during the period commencing from the 1st day of July, 2017 and ending with the 30th day of September, 2019 (both inclusive); and

(b) State tax at the rate of six per cent shall be levied or collected in respect of supply of pulley, wheels and other parts (falling under heading 8483) and used as parts of3592 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 agricultural machinery (falling under headings 8432, 8433 and 8436), during the period commencing from the 1st day of July, 2017 and ending with the 31st day of December, 2018 (both days inclusive).

(2) No refund shall be made of all such tax which has been collected, but which would not have been so collected, had sub-section (1) been in force at all material times.

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STATEMENT OF OBJECTS AND REASONS

The Himachal Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 (Act No. 10 of 2017) was enacted with a view to make provisions for levy and collection of tax on intra-State supply of goods or services or both by the State Government. In order to make it more effective, workable and affable, it is proposed to amend the Act as per the recommendations of the Goods and Services Tax Council. It is pertinent to add that the Central Government has already carried out amendments in the various provisions of the Central Goods and Services Tax Act, 2017 vide the Finance Act, 2020 (Act No. 12 of 2020) in order to implement the recommendations of the Council.

The proposed Bill, inter alia, provides for cancellation of registration obtained voluntarily; to empower the jurisdictional tax authorities to extend the period provided to file an application for revocation of cancellation of registration. The Bill seeks to empower the Government to notify the categories of services or supplies in respect of which tax invoice shall be issued and the time and manner of its issuance. It also empowers the Government to make rules to provide for the form and manner in which a certificate of tax deduction at source shall be issued. Further, the offence of fraudulently availing of input tax credit without invoice or bill is being made cognizable and non- bailable. The Bill also seeks to provide retrospective exemption from State tax on supply of fishmeal and also the levy of State Tax at the reduced rate retrospectively on the supply on some items used as parts of agricultural machinery with effect from 1st July, 2017. Thus, the various amendments proposed to be carried out in the Act ibid. are likely to make it more effective and friendly to the stakeholders.

This Bill seeks to achieve the aforesaid objectives.

(JAI RAM THAKUR) Chief Minister.

SHIMLA :

The..........................., 2020

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कार्यालय आयुक्त (मन्दिर) मन्दिर न्यास माता चिन्तपूर्णी एवं उपायुक्त ऊना, जिला ऊना (हि0प्र0)

दिनांक 3 सितम्बर, 2020 संख्या 1166/20/Temple

मन्दिर न्यास चिन्तपूर्णी, हिमाचल प्रदेश में अधीक्षक ग्रेड-II, श्रेणी-II (अराजपत्रित लिपिकीय) पद के भर्ती एवं पदोन्नति नियम3593 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 1. पद का नाम.--अधीक्षक ग्रेड-II 2. पद संंख्या.--1 (एक)

3. वर्गीकरण.--श्रेणी-II अराजपत्रित लिपिकीय सेवाएं

4. वेतनमान.--पे बैण्ड `10300-34800+4800 गे्रड पे

5. पद चयन अथवा अचयन.--अचयन

6. सीधी भर्ती के लिये आयु.--आयु नहीं

7. सीधी भर्ती के लिये न्यूनतम शैक्षणिक एवं अन्य योग्यताएं .--लागू नहीं।

8. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्ति के लिये विहित आयु और शैक्षणिक अर्हताएं प्रोन्नति की दशा में लागू होंगी या नहीं.--आयुः--लागू नहीं।

शैक्षणिक योग्यताएं.--लागू नहीं।

9. परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो.--दो वर्ष, जिसके उपरान्त एक वर्ष से अधिक ऐसी और अवधि के लिये विस्तार किया जा सकता है जैसा सक्षम प्राधिकारी विशेष परिस्थितियों में और लिखित कारणाें से आदेश दें।

10. भर्ती की पद्धति-सीधी भर्ती होगी या प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानांतरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियाें द्वारा भरे जाने वाले पद की प्रतिशतता.--100 प्रतिशत प्रोन्नति द्वारा ऐसा न होने पर प्रतिनियुक्त के आधार पर।

11. प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानांतरण की दशा में श्रेणियां (ग्रेड) जिनमें से प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति/ स्थानांतरण किया जायेगा.--मन्दिर के वरिष्ठ सहायकों में से जिन्हाेंने छः वर्ष की नियमित सेवा या गे्रड में की गई तदर्थ सेवा जो कि नियमित सेवा के साथ जुड़ी हो पूर्ण कर चुके हैं, यदि कोई हो, ऐसा न होने पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर उन कर्मचारियाें में से जो कि समान वेतनमान में हों (उपायुक्त कार्यालय ऊना के कर्मचारियों को अधिमान दिया जायेगा) नियमित सेवा के साथ जुड़ी हो, पूर्ण कर चुके हैं यदि कोई हो ऐसा न होने पर प्रतिनियुक्ति आधार पर उन कर्मचारियाें में से जो कि समान वेतनमान में हों। (उपायुक्त कार्यालय ऊना के कर्मचारियों को अधिमान दिया जायेगा)ः

पदोन्नति के सभी मामलाें में फीडर पद में प्रदान की गई निरन्तर तदर्थ सेवा, यदि कोई हो तो पद पर नियमित नियुक्ति से पहले इन शर्तों में पदोन्नति विषय के लिये इन नियमों में निर्धारित सेवा की अवधि की ओर ध्यान दिया जायेगा बशर्ते कि सभी मामलों में जहां एक कनिष्ठ व्यक्ति अपनी कुल सेवा अवधि के आधार पर विचार करने के लिये पात्र हो जाता है (उपर्युक्त प्रावधानों के मध्यनजर फीडर पोस्ट में नियमित सेवा/नियुक्ति के बाद प्रदान की गई सेवा सहित) सम्बन्धित श्रेणी/पद/संवर्ग में उनसे वरिष्ठ व्यक्तियों को विचार के क्षेत्र में कनिष्ठ व्यक्ति से ऊपर विचार और स्थान पाने के लिये योग्य माना जायेगा।

यह सुनिश्चित करने के लिये कि पदोन्नति के लिये विचार किये जाने वाले सभी पदाधिकारियों के पास कम से कम 6 वर्ष की न्यूनतम अर्हकारी सेवा होनी या जो पद के लिये भर्ती और पदोन्नति नियमाें में निर्धारित है, जो भी कम हो :

बशर्ते, यहां एक व्यक्ति पूर्ववर्ती नियमों की आवश्कताओं के आधार पर पदोन्नति के लिये अयोग्य माना जाता है, उस व्यक्ति (व्यक्तियों के लिये ) के लिये कनिष्ठ को भी इस तरह के पदोन्नति के लिये विचार करने के लिये अयोग्य माना जायेगा। 3594 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 हालांकि इन सभी मामलों में पुष्टि फीडर पोस्ट पर निरन्तर ऐड्‌हॉक सेवा प्रदान की जाती है, यदि कोई हो, तो इस तरह के पदों के विरुद्ध नियमित नियुक्ति से पहले सेवा की अवधि के ओर ध्यान दिया जायेगा यदि तदर्थ नियुक्ति का चयन उचित भर्ती एवम्‌ पदोन्नति नियमानुसार किया गया हो।

12. यदि विभागीय पदोन्नति समिति विद्यमान हो तो उसकी संरचना.--जैसी आयुक्त, मन्दिर चिन्तपूर्णी द्वारा समय-समय पर गठित की जाये।

13. भर्ती करने में जिन परिस्थितियों में हि0 प्र0 लोक संघ आयोग से परार्मश किया जायेगा.-- जैसा कि विधि द्वारा अपेक्षित हो।

14. सीधी भर्ती के लिये अनिवार्य अपेक्षा.--लागू नहीं

15. सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिये चयन.--लागू नहीं

16. आरक्षण.--लागू नहीं

17. विभागीय परीक्षा.--लागू नहीं

18. शिथिल करने की शक्ति.--जहां मुख्य आयुक्त, मन्दिर न्यास चिन्तपूर्णी की यह राय हो कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है वहां वह, कारणों को अभिलिखित करके शिथिल कर सकेगा।

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RECRUITMENT AND PROMOTION RULES FOR THE POST OF SUPERINTENDENT

GRADE- II, CLASS-II (NON-GAZETTED MINISTERIAL), IN THE TEMPLE TRUST

CHINTPURNI, HIMACHAL PRADESH

1. Name of the Post.—Superintendent, Grade-II

2. Number of Post(s).—1(One)

3. Classification.—Class-II (Non-Gazetted) (Ministerial Services)

4. Scale of pay.—Pay Band Rs.10300-34800+4800GP

5. Whether "Selection"Post or "Non-Selection" post.—Non-Selection

6. Age for Direct Recruitment.—N.A.

7. Minimum educational and other qualifications required for direct recruits.—N.A

8. Whether age and educational qualifications prescribed for direct recruits will

apply in the case of promotees.—Age.—N.A.

Educational Qualification.—N.A

9. Period of probation, if any.—Two years subject to such further extension for a period not exceeding one year as may be ordered by the competent authority in special circumstances and reasons to be recorded in writing.

3595 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942

10. Method of recruitment—whether by direct recruitment or by promotion, deputation, transfer and the percentage of posts to be filled in by various methods.—100% by promotion failing which on secondment basis.

11. In case of recruitment by promotion, deputation, transfer, grade from which promotion/deputation/transfer is to be made.—By promotion from amongst the Sr. Assistants of Temple Trust Chintpurni possessing six years regular service or regular combined with continuous ad hoc service rendered if any in the grade, failing which on secondment basis from amongst the incumbents of the post working in the identical time scales (preference will be given to the Deputy Commissioner Office Una).

In all cases of promotion, the continuous ad hoc service rendered in the feeder post, if any, prior to regular appointment to the post shall be taken into account towards the length of service as prescribed in these Rules for promotion subject to the conditions that the ad hoc appointment/promotion in the feeder category had been made after following proper acceptable process of selection in accordance with the provisions of R&P Rules:

Provided that in all cases where a junior person becomes eligible for consideration by virtue of his total length of Service (including the service rendered on ad hoc basis followed by regular service/appointment) in the feeder post in view of the provisions referred to above, all persons senior to him in the respective category/post/cadre shall be deemed to be eligible for consideration and placeed above the junior person in the field of consideration:

Provided further that all incumbents to be considered for promotion shall possess the minimum qualifying service of least Six years or that prescribed in the Recruitment & Promotion Rules for the post, whichever is less:

Provided further that where a person becomes ineligible to be considered for promotion on account of the requirements of the preceding proviso, the person (s) junior to him shall also be deemed to be ineligible for consideration for such promotion.

However, in all cases of confirmation, continuous ad hoc service rendered on the feeder post, if any, prior to the regular appointment against such posts shall be taken into account towards the length of service, if the ad hoc appointment/promotion had been made after proper selection and in accordance with the provision of Recruitment &Promotion Rules.

12. If a Departmental promotion committee exists, what is its compositions.—As may be constituted by the Commissioner. Temple Trust Chintpurni from time to time.

13. Circumstances under which the H.P.P.S.C is to be consulted in making recruitment.—As required under the Law.

14. Essential requirement for a Direct recruitment.—N.A.

15. Selection for appointment to the post by direct recruitment.—N.A.

1 6 . Reservation.—N.A

17. Departmental examination.—N.A.

3596 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 18. Power to relax.—Where the Chief Commissioner Temple Trust Chintpurni is of the opinion that it is necessary or expedient to do so he may by order for reasons to be recorded in writing.

हस्ताक्षरित/-

आयुक्त (मन्दिर) मन्दिर न्यास माता चिन्तपूर्णी एवं उपायुक्त ऊना, जिला ऊना (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री सुभाष गौतम (हि0प्र0से0), उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक), श्री नैना देवी जी, स्थित स्वारघाट, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

श्री राम पाल पुत्र स्वर्गीय शीतल सिंह, निवासी गांव बेहरडा, डाकघर बस्सी, ग्राम पंचायत कोटखास, तहसील श्री नैना देवी जी, स्थित स्वारघाट, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

1. आम जनता, 2. प्रधान, ग्राम पंचायत कोटखास, तहसील श्री नैना देवी जी, स्थित स्वारघाट, जिला बिलासपुर। विषय.--प्रार्थी का नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत कोटखास, के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाए जाने बारे कि अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत जन्म पंजीकरण करने बारे।

हर खास व आम जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी श्री राम पाल पुत्र स्वर्गीय शीतल सिंह ने अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसने अपना नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत कोटखास के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज नहीं करवाई है। अब प्रार्थी अपना नाम व जन्म तिथि ग्राम पंचायत कोटखास के जन्म पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहता है जो कि इस प्रकार से हैः--

क्र0 सं0 नाम सम्बन्ध जन्म तिथि
1. राम पाल पुत्र स्व0 शीतल सिंह 13-05-1992

अतः ग्राम पंचायत कोटखास, तहसील श्री नैना देवी जी, स्थित स्वारघाट, की जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त जन्म पंजीकरण बारे कोई आपत्ति हो तो वह तारीख 27-09-2020 को या इससे पूर्व असालतन व वकालतन हाजिर अदालत आकर अपनी आपत्ति प्रस्तुत करें अन्यथा आवेदन-पत्र पर जन्म पंजीकरण आदेश पारित करके सचिव ग्राम पंचायत कोटखास को आगामी कार्यान्वयन हेतु भेज दिया जाएगा।

आज तारीख 27-08-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।

सुभाष गौतम (हि0प्र0से0), उप-मण्डल अधिकारी (नागरिक), श्री नैना देवी जी, स्थित स्वारघाट, जिला बिलासपुर, हि0प्र0।3597 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 ब अदालत श्री सुभाष कुमार, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

केस नं0 : 27/2020 तारीख दायरा : 21-08-2020 तारीख पेशी : 30-10-2020 श्री राकेश पुत्र प्रीतम, निवासी महाल डंई व मौजा धीरा, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, (हि0 प्र0)

. . प्रार्थी।

बनाम

आम जनता

. .प्रत्यार्थीगण। विषय.--बराये नाम दुरुस्ती भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 37(3) के अन्तर्गत

प्रार्थी उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसका सही नाम राकेश है जबकि महाल डंई व मौजा धीरा, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, (हि0 प्र0) के राजस्व अभिलेख में राकेश कुमार पुत्र प्रीतम दर्शाया गया है, जो कि गलत है। अतः महाल डंई व मौजा धीरा, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, (हि0 प्र0) के राजस्व अभिलेख में उसका नाम दुरुस्त किया जाये।

अतः इस बारे राजपत्र इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उक्त नाम की दुरुस्ती बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह दिनांक 30-10-2020 को प्रातः 10.30 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना उजर व एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज काबिले समायत न होगा तथा प्रार्थी के नाम की दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 29-08-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी किया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

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ब अदालत श्री चरन दास कपूर, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) श्रीमती Sapna Devi w/o Sh. Raj Kumar, r/o Village Jhalwan, P.O. Jalpehar, तहसील जोगिन्द्रनगर, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता नगर पंचायत बैजनाथ-पपरोला

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत।

श्रीमती Sapna Devi w/o Sh. Raj Kumar, r/o Village Jhalwan, P.O. Jalpehar, तहसील जोगिन्द्रनगर, जिला मण्डी (हि0 प्र0) ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसके लड़के Aditya s/o Sh. Raj Kumar, r/o Village Jhalwan, P.O. Jalpehar, Tehsil Jogindernagar, Distt. Mandi, H.P. का जन्म दिनांक 01-09-2007 को महाल बैजनाथ DTIL Hospital Baijnath में हुआ था, जोकि सम्बन्धित पंचायत/नगर पंचायत के रिकार्ड में पंजीकृत न है।3598 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 30-09-2020 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त जन्म का पंजीकरण करने के आदेश दे दिये जायेंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जायेगा।

आज दिनांक 31-08-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, बैैजनाथ, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

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ब अदालत श्री चरन दास कपूर, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) श्री Pratap Chand s/o Sh. Painu Ram, r/o V.P.O. Bir, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता नगर पंचायत/ग्राम पंचायत बीड़

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत।

श्री Pratap Chand s/o Sh. Painu Ram, r/o V.P.O. Bir, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसके पिता Painu Ram s/o Sh. Bhima Ram, r/o V.P.O. Bir की मृत्यु दिनांक 11-01-1995 को महाल बीड़ में हुई थी, जोकि सम्बन्धित पंचायत/नगर पंचायत के रिकार्ड में पंजीकृत न है।

अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 30-09-2020 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त मृत्यु का पंजीकरण करने के आदेश दे दिये जायेंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जायेगा।

आज दिनांक 31-08-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, बैैजनाथ, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

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ब अदालत श्री चरन दास कपूर, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) श्री Bhikham Ram s/o Sh. Duana Ram, r/o Village Bag, P.O. Sansal, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता नगर पंचायत/ग्राम पंचायत संसाल

3599 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत।

श्री Bhikham Ram s/o Sh. Duana Ram, r/o Village Bag, P.O. Sansal, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसके चाचा Jassu Ram s/o Sh. Balku r/o Village Bag, P.O. Sansal की मृत्यु दिनांक 27-08-1975 को महाल बाग में हुई थी, जोकि सम्बन्धित पंचायत/नगर पंचायत के रिकार्ड में पंजीकृत न है।

अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 30-09-2020 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त मृत्यु का पंजीकरण करने के आदेश दे दिये जायेंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जायेगा।

आज दिनांक 31-08-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, बैैजनाथ, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

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ब अदालत श्री चरन दास कपूर, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) श्रीमती Parvati Devi d/o Sh. Rikhi Ram and w/o Sh. Babu Ram, r/o Village Duhki, P.O. Uttrala, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता नगर पंचायत/ग्राम पंचायत माधोनगर

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत।

श्रीमती Parvati Devi d/o Sh. Rikhi Ram and w/o Sh. Babu Ram, r/o Village Duhki, P.O. Uttrala, तहसील बैजनाथ, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसका स्वयं का जन्म दिनांक 19-09-1974 को महाल डूहकी में हुआ था, जोकि सम्बन्धित पंचायत/नगर पंचायत के रिकार्ड में पंजीकृत न है।

अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 30-09-2020 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त जन्म का पंजीकरण करने के आदेश दे दिये जायेंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जायेगा।

आज दिनांक 31-08-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, बैैजनाथ, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।3600 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 ब अदालत नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी धर्मशाला, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

प्रेम चन्द पुत्र टीरू राम, निवासी गांव तगरोटी खास, डाकघर योल कैम्प, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

विषयः-प्रार्थना-पत्र बाबत मकफूद-उल-खबरी।

सर्वसाधारण को इस इश्तहार नोटिस मकफूद-उल-खबरी द्वारा सूचित किया जाता है कि उपरोक्त प्रार्थीगण ने अपने भाई माधो राम पुत्र टीरू राम, निवासी गांव तगरोटी खास, डाकघर योल कैम्प, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा से लगभग पिछले 35-40 से लापता है और आज दिन तक उसकी कोई खबर सूरत न है। उसके नाम पर गांव तगरोटी खास, डाकघर योल कैम्प, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा में भूमि है। जिसे प्रार्थी के भाई के जायज वारसान के नाम करवाना चाहते हैं।

अतः इस अखबारी इश्तहार द्वारा प्रतिवादी/आम जनता अहितबद्ध संख्या को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को भी मकफूद-उल-खबरी इंतकाल दर्ज करने बारे उजर हो तो व अदालत में दिनांक 30-09-2020 को असालतन या वकालतन सुबह 10.00 बजे दर्ज करवा सकता है अन्यथा गैरहाजरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी। इस मकफूद-उल-खबरी का इन्तकाल दर्ज कर दिया जायेगा। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, धर्मशाला, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हि0 प्र0।

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In the Court of Executive Magistrate, Dharamshala, Tehsil Dharamshala,

District Kangra, H.P.

1. Ms. Kanika Gupta d/o Brij Mohan Gupta, r/o Ward No. 17, V.P.O. Sidhpur, Tehsil Dharamshala, District Kangra (H.P.).

2. Sh. Abhishek Mahajan s/o Sh. Ajay Mahajan, r/o Ward No. 17, V.P.O. Sidhpur, Tehsil Dharamshala, District Kangra (H.P.).

Versus

The General Public

Whereas the above named applicants have made an application under section 8(4) of the H.P. Registration of Marriages Act, 1996 alongwith an affidavit stating therein that they have solemnized their marriage on 16-02-2020. But has not been found entered in the records of the Registrar of Marriages i. e. G.P./ M.C. Dharamshala;

And whereas, they have also stated that they were not aware of the laws of the registration of marriages with the Registrar of Marriages and now, therefore necessary orders for the registration of their marriage be passed so that their marriage is registered by the concerned authority.

3601 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942

Now, therefore, objections are invited from the general public that if anyone has any objection regarding the registration of the marriage of the above named applicants, then they should appear before the court of undersigned on 23-09-2020 at Tehsil Office Dharamshala at 10.00 A.M. either personally or through their authorized agent.

In the event of their failure to do so, orders shall be passed ex-parte against the respondents for the registration of marriage without affording any further opportunity of being heard.

Issued under my hand and seal of the court on this 03-09-2020. Seal.

Sd/-

Executive Magistrate,

Tehsil Dharamshala, Distt. Kangra, H.P.

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ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार कुल्लू, जिला कुल्लू (हि0 प्र0) केस नं0 : 6/CT/2020 केस दायर ः 01-09-2020 श्री रोशन लाल पुत्र श्री रोन्दू, निवासी गांव अंगुडोभी, डा0 पुईद, तहसील व जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

बनाम

आम जनता

विषय.-- दरख्वास्त बराये राजस्व अभिलेख में जाति दर्ज करने बारे।

उपरोक्त विषय पर श्री रोशन लाल पुत्र श्री रोन्दू, निवासी गांव अंगुडोभी, डा0 पुईद, तहसील व जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ने दिनांक 18-08-2020 को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में राजस्व रिकार्ड में जाति दर्ज करने हेतु प्रार्थना-पत्र दायर किया है, जिसे बाद रिपोर्ट व छानबीन हेतु क्षे0 कानूनगो कुल्लू को प्रेषित किया था, जिसकी रिपोर्ट कानूनगो कुल्लू व पटवारी हल्का ढालपुर से दिनांक 11-06-2020 को प्राप्त हो चुकी है। जिसके अनुसार प्रार्थी श्री रोशन लाल पुत्र श्री रोन्दू पुत्र गुरमुख निवासी गांव व डा0 भराडू, तहसील जोगिन्दरनगर, जिला मण्डी ने वरुये ई0 नं0 106वें तारीख फैसला 08-05-2017 से उप-महाल डोभीचोकी, फाटी खराहल में भूमि क्रय की है जिसमें प्रार्थी रोशन लाल की कोई जाति दर्ज न है। प्रार्थी ने मूल प्रार्थना-पत्र के साथ शजरा नस्व, महाल कस, तह0 जोगिन्दरनगर, जिला मण्डी संलग्न की है जिसमें प्रार्थी के पिता की जाति मझाडा दर्शायी गई है जिसे प्रार्थी अब फाटी खराहल में दर्ज करवाना चाहता है। अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि श्री रोशन लाल पुत्र श्री रोन्दू, निवासी गांव अंगुडोभी, डा0 पुईद, तहसील व जिला कुल्लू, हि0 प्र0 की जाति दर्ज करने बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में इस इश्तहार के जारी होने के एक माह के भीतर लिखित रूप में उजर/एतराज दायर करेगा। यदि उक्त समय अवधि तक कोई भी उजर/एतराज दायर नहीं हुआ तो राजस्व रिकार्ड में श्री रोशन लाल पुत्र श्री रोन्दू, निवासी गांव अंगुडोभी, डा0 पुईद, तहसील व जिला कुल्लू, हि0 प्र0 की जाति दर्ज करने बारे आदेश जारी किया जाएगा।

आज दिनांक 01-09-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

हस्ताक्षरित/- मोहर। सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, कुल्लू, जिला कुल्लू (हि0 प्र0)।3602 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार भुन्तर, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

केस नं0 : 25/BT 2020 दायर तिथि : 07-02-2020 श्री मेहर चन्द पुत्र श्री बोणु राम साकन, गांव कोशुइ, डाकघर मौहल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री मेहर चन्द पुत्र श्री बोणु राम, निवासी गांव कोशुइ, डाकघर मौहल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 ने इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र दिया गया है कि उसके पुत्र अनुज का जन्म दिनांक 01-06-2014 को स्थान गांव कोशुइ, डाकघर मौहल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में हुआ है परन्तु उसके जन्म की तिथि का इन्द्राज किसी कारणवश ग्राम पंचायत शिलीराजगिरी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 के अभिलेख में दर्ज न किया है।

अतः इस इश्तहार हजा द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को अनुज पुत्र मेहर चन्द के जन्म तिथि दर्ज करवाने बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 05-10-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार जन्म तिथि दर्ज करवाने के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 05-09-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

हस्ताक्षरित/- मोहर। कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0।

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ब अदालत तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0 प्र0)

दायर तिथि : 15-06-2020 केस नं0 : 07-CET/19

. . प्रार्थी। श्री जगदीश चन्द पुत्र श्री लभु पुत्र श्री दौलत राम, निवासी गांव मनीकर्ण चौक शमशी, फाटी शमशी, कोठी खोखन, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)

बनाम

. . प्रत्यार्थी। सर्व साधारण एवं आम जनता

विषय.--दरख्वास्त बराये कागजात माल में जाति की दुरुस्ती बारे।3603 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 श्री जगदीश चन्द पुत्र श्री लभु पुत्र श्री दौलत राम, निवासी गांव मनीकर्ण चौक शमशी, फाटी शमशी, कोठी खोखन, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0) द्वारा दिनांक 15-06-2020 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि उसका वाक्या फाटी शमशी, कोठी खोखन, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0 प्र0) के राजस्व रिकार्ड में जाति अन्य दर्ज है जबकि वाक्या फाटी मनीकर्ण, कोठी कनावर में इसकी जाति कुम्हार दर्ज है। अब प्रार्थी अराजी हजा के इन्द्राज में अपनी जाति अन्य से दुरुस्त करके कुम्हार दर्ज करना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त प्रार्थी की जाति दुरुस्ती का इन्द्राज करने बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 05-10-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार जाति दुरुस्ती का इन्द्राज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 05-09-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0प्र0।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)

दायर तिथि : 26-08-2020 केस नं0 : 25-MT/2020

1. श्री राकेश पुत्र श्री जोगिन्दर सिंह, साकन गांव व डाकघर शमशी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)।

2. श्रीमती प्रिया पुत्री श्री शावणु राम, निवासी गांव व डाकघर शमशी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)।

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

विषय.-- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 5(4) हि0 प्र0 रजिस्ट्रीकरण नियम, 2004 विवाह पंजीकरण बारे।

उपरोक्त मामला में प्रार्थीगण ने दिनांक 26-08-2020 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पेश किये हैं कि उन्होंने दिनांक 14-03-2012 को शादी कर ली है और तब से दोनोें पति-पत्नी के रूप में रहते चले आ रहे हैं परन्तु प्रार्थीगण ने अपनी शादी का इन्द्राज सम्बन्धित ग्राम पंचायत जरड़ भुठी कोलोनी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में दर्ज नहीं करवाया है।

अतः सर्वसाधारण व आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त प्रार्थीगण की शादी से सम्बन्धित ग्राम पंचायत के अभिलेख में दर्ज करने बारे एतराज हो तो वह 3604 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 दिनांक 05-10-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार शादी दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 05-09-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

हस्ताक्षरित/- मोहर। कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)।

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ब अदालत तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

दायर तिथि : 08-05-2020 केस नं0 : 33-NCT/2020

. . प्रार्थी। श्री दामोधर दास पुत्र श्री जय चन्द पुत्र श्री तेज राम, निवासी गांव चतराणी, डाकघर धारा, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

बनाम

. . प्रत्यार्थी। आम जनता

विषय.--दरख्वास्त बराये कागजात माल में नाम की दुरुस्ती बारे।

प्रार्थना-पत्र श्री दामोधर दास पुत्र श्री जय चन्द पुत्र श्री तेज राम, निवासी गांव चतराणी, डाकघर धारा, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 द्वारा दिनांक 08-05-2020 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि उसका नाम सहबन गलती से फाटी शाट कोठी चौंग राजस्व दस्तावेज में दामोधर दास की जगह दामोदर देव नाम दर्ज हुआ है जोकि गलत इन्द्राज हुआ है। अब प्रार्थी अराजी हजा के इन्द्राज में अपना नाम दामोदर देव पुत्र श्री जय चन्द से दुरुस्त करके दामोधर दास पुत्र श्री जय चन्द दर्ज करना चाहता है। अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त प्रार्थी के नाम की दुरुस्ती का इन्द्राज करने बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 05-10-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार नाम दुरुस्ती का इन्द्राज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 05-09-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0प्र0।3605 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 ब अदालत तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0 प्र0)

दायर तिथि : 09-02-2019 केस नं0 : 51-CET/19

. . प्रार्थी। श्री देवी चन्द पुत्र श्री डोलू राम पुत्र श्री भादरू, निवासी गांव कटोभा, डा0 जरी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)

बनाम

. . प्रत्यार्थी। सर्व साधारण एवं आम जनता

विषय.--दरख्वास्त बराये कागजात माल में जाति की दुरुस्ती बारे।

श्री देवी चन्द पुत्र श्री डोलू राम पुत्र श्री भादरू, निवासी गांव कटोभा, डा0 जरी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0) द्वारा दिनांक 09-02-2019 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि उसका वाक्या फाटी जरी, कोठी हरकण्डी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0 प्र0) के राजस्व रिकार्ड में जाति अन्य दर्ज है जबकि वाक्या फाटी शमशी, कोठी खोखन में इसकी जाति कोली दर्ज है। अब प्रार्थी अराजी हजा के इन्द्राज में अपनी जाति अन्य से दुरुस्त करके कोली दर्ज करना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त प्रार्थी की जाति दुरुस्ती का इन्द्राज करने बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 05-10-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार जाति दुरुस्ती का इन्द्राज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 05-09-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0प्र0।

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ब अदालत तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

दायर तिथि : 20-08-2020 केस नं0 : 34-NCT/19

. . प्रार्थिनि। श्रीमती अमरा देवी पुत्री स्व0 श्री लोतम हाल पत्नी श्री राज कुमार, निवासी गांव पटाधी, डाकघर बराधा, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0

बनाम

. . प्रत्यार्थी। सर्व साधारण एवं आम जनता

विषय.--दरख्वास्त बराये कागजात माल में नाम की दुरुस्ती बारे। 3606 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 श्रीमती अमरा देवी पुत्री स्व0 श्री लोतम हाल पत्नी श्री राज कुमार, निवासी गांव पटाधी, डाकघर बराधा, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 द्वारा दिनांक 20-08-2020 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि उसका नाम सहबन गलती से फाटी बराधा कोठी हरकन्डी राजस्व दस्तावेज में अमरा देवी की जगह अम्वरा नाम दर्ज हुआ है जोकि गलत इन्द्राज हुआ है। अब प्रार्थिनि अराजी हजा के इन्द्राज में अपना नाम अमरा देवी पुत्री स्व0 श्री लोतम हाल पत्नी श्री राज कुमार से दुरुस्त करके अमरा देवी दर्ज करना चाहती है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त प्रार्थिनि के नाम की दुरुस्ती का इन्द्राज करने बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 05-10-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार नाम दुरुस्ती का इन्द्राज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 05-09-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0प्र0।

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ब अदालत तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0 प्र0)

केस नं0 : 20-CET/20

दायर तिथि : 14-07-2020

. . प्रार्थी। श्री संजय कुमार पुत्र श्री जोगी पुत्र श्री सन्तु, निवासी गांव हाट, डाकघर बजौरा, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

. . प्रत्यार्थी। विषय.--दरख्वास्त बराये कागजात माल में जाति की दुरुस्ती बारे।

श्री संजय कुमार पुत्र श्री जोगी पुत्र श्री सन्तु, निवासी गांव हाट, डाकघर बजौरा, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0) द्वारा दिनांक 14-07-2020 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि उसका वाक्या फाटी व कोठी बजौरा, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0 प्र0) के राजस्व रिकार्ड में जाति अन्य दर्ज है जबकि वाक्या महाल पुतली फाल्ड/143, पटवार वृत्त मण्डप, जिला मण्डी, हि0 प्र0 जमाबन्दी साल 2018-2019 में इसकी जाति चमार व गोत्र भारद्वाज दर्ज है। अब प्रार्थी अराजी हजा के इन्द्राज में अपनी जाति अन्य से दुरुस्त करके चमार दर्ज करना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त प्रार्थी की जाति दुरुस्ती का इन्द्राज करने बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 05-10-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके3607 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार जाति दुरुस्ती का इन्द्राज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 05-09-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0प्र0।

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ब अदालत तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0 प्र0)

केस नं0 : 14-CET/19

दायर तिथि : 25-06-2020

. . प्रार्थी। श्री विपन चन्द पुत्र श्री रामरथ पुत्र श्री ठुणिया, निवासी गांव व डाकघर शमशी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

. . प्रत्यार्थी। विषय.--दरख्वास्त बराये कागजात माल में जाति की दुरुस्ती बारे।

श्री विपन चन्द पुत्र श्री रामरथ पुत्र श्री ठुणिया, निवासी गांव व डाकघर शमशी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0) द्वारा दिनांक 25-06-2020 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र पेश किया है कि उसका वाक्या फाटी शमशी, कोठी खोखन, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0 प्र0) के राजस्व रिकार्ड में जाति अन्य दर्ज है जबकि कागजात माल महाल पारगी/562 में इसकी जाति हजाम व गौत कौंडल दर्ज है। अब प्रार्थी अराजी हजा के इन्द्राज में अपनी जाति अन्य से दुरुस्त करके हजाम दर्ज करना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त प्रार्थी की जाति दुरुस्ती का इन्द्राज करने बारे कोई एतराज हो तो वह दिनांक 05-10-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार जाति दुरुस्ती का इन्द्राज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 05-09-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0प्र0।3608 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)

दायर तिथि : 03-02-2020 केस नं0 : 26-MT/2020

1. श्री धर्मेन्द्र पुत्र श्री मनोहर लाल, साकन गांव छलाल, डाकघर कसोल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)।

2. श्रीमती ववीता देवी पुत्री श्री तीर्थ राम, निवासी गांव तुलगा, डाकघर बरशैणी, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)।

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

विषय.-- प्रार्थना-पत्र जेर धारा 5(4) हि0 प्र0 रजिस्ट्रीकरण नियम, 2004 विवाह पंजीकरण बारे।

उपरोक्त मामला में प्रार्थीगण ने दिनांक 03-02-2020 को इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ पेश किये हैं कि उन्होंने दिनांक 20-01-2019 को शादी कर ली है और तब से दोनोें पति-पत्नी के रूप में रहते चले आ रहे हैं परन्तु प्रार्थीगण ने अपनी शादी का इन्द्राज सम्बन्धित ग्राम पंचायत कसोल, तहसील भुन्तर, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में दर्ज नहीं करवाया है।

अतः सर्वसाधारण व आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त प्रार्थीगण की शादी से सम्बन्धित ग्राम पंचायत के अभिलेख में दर्ज करने बारे एतराज हो तो वह दिनांक 05-10-2020 को सुबह 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। इसके उपरान्त कोई भी एतराज समायत न होगा तथा नियमानुसार शादी दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत को पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 05-09-2020 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार, भुन्तर, जिला कुल्लू (हि0प्र0)।

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In the Court of Sh. Raman Gharsangi (HAS), Marriage Officer-cum-Sub-Divisional

Magistrate, Manali, District Kullu (H.P.)

In the matter of :

Tsering Dorji, aged 28 years s/o Sh. Tsering Norbu, r/o Village 15 Mile, P.O. Baragran (Baragran Bihal), Tehsil Manali, Distt. Kullu (H.P.), and

Smt. Wangchuk Dolma d/o Sh. Thinley, r/o Village 15 Mile, P.O. Baragran, Tehsil Manali, Distt. Kullu (H.P.).

3609 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 Versus

General Public

An application for registration of marriage under Special Marriage Act, 1954.

Tsering Dorji, aged 28 years s/o Sh. Tsering Norbu, r/o Village 15 Mile, P.O. Baragran (Baragran Bihal), Tehsil Manali, Distt. Kullu (H.P.) and Smt. Wangchuk Dolma d/o Sh. Thinley, r/o Village 15 Mile, P.O. Baragran, Tehsil Manali, Distt. Kullu (H.P.) has presented an application on 31-08-2020 in this court for the registration of marriage under Special Marriage Act, 1954. Hence this proclamation is hereby issued for the information of general public that if any person has any objection for the registration of marriage can appear in this court on 30-09-2020 at Manali to object registration of above marriage personally or through an authorized agent failing which this marriage will be registered under this Act, 1954 accordingly.

Given under my hand and seal of the court on 03rd day of September, 2020.

Seal.

Sd/-

Special Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate,

Manali, District Kullu, H.P.

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In the Court of Sh. Raman Gharsangi (HAS), Special Marriage Officer-cum-Sub-Divisional

Magistrate, Manali, District Kullu (H.P.)

In the matter of :

Chiter Singh, aged 27 years s/o Sh. Chhaju Ram, r/o Village Bagi, P.O. Somnachi, Tehsil Bali Chowki, Distt. Mandi at present c/o Iana Danilova, r/o Village and Post Office Haripur, Tehsil Manali, Distt. Kullu, H.P. and Zaslavskaya Maria aged 37 years d/o Korshakov Yurii, r/o Moscow, Street Butirskaya, B 86, Apartment 23, 127015, Russia, Passport No. 71 6551876 at present Iana Danilova, r/o Village and Post Office Haripur, Tehsil Manali, Distt. Kullu, H.P.

Versus

General Public

An application for registration of marriage under Special Marriage Act, 1954.

Whereas Chiter Singh, aged 27 years s/o Sh. Chhaju Ram, r/o Village Bagi, P.O. Somnachi, Tehsil Bali Chowki, Distt. Mandi at present c/o Iana Danilova w/o Sh. Chet Ram, r/o Village and Post Office Haripur, Tehsil Manali, Distt. Kullu, H.P. and Zaslavskaya Maria aged 37 years d/o Korshakov Yurii, r/o Moscow, Street Butirskaya, B 86, Apartment 23, 127015, Russia, Passport No. 71 6551876 at present Iana Danilova w/o Sh. Chet Ram, r/o Village and Post Office Haripur, Tehsil Manali, Distt. Kullu, H.P. has presented an application on 03-09-2020 in this court for the registration of marriage under Special Marriage Act, 1954. Hence this proclamation is hereby issued for the information of general public that if any person has any objection for the registration of marriage can appear in this court on 03-10-2020 at Manali to object registration of above 3610 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2020/25 भाद्रपद, 1942 marriage personally or through an authorized agent failing which this marriage will be registered under this Act, 1954 accordingly.

Given under my hand and seal of the court on 04th day of September, 2020.

Seal.

Sd/-

Special Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate,

Manali, District Kullu, H.P.

नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 16 September 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2020-09-16.105_gazette_2020-16_09_2020/. Archive identifier in.gazette.himachal.2020-09-16.105_gazette_2020-16_09_2020.