राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित वीरवार, 01 अक्तूबर, 2020/09 आश्विन, 1942
हिमाचल प्रदेश सरकार
़
लोक निर्माण विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 6 अगस्त, 2020
संख्या पी.बी.डब्ल्यू(बी)एफ(5) 16/2020.--यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव भजवाणी, तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में औहर कोहिना सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित 118-राजपत्र/2020-01-10-2020 (3979) 3980 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अक्तूबर, 2020/09 आश्विन, 1942 है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (2013 का 30) की धारा-11 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों, उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उप-धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः अन्य सभी कार्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. कोई भी हितबद्व व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपाि हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के साठ दिन की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, मण्डी (हि0 प्र0) के समक्ष अपनी आपाि दायर कर सकता है।
विवरणी
| जिला | तहसील | गांव | खसरा नम्बर | क्षेत्र (बीघा में) |
| बिलासपुर | घुमारवीं | भजवाणी/194 | 201/1 | 0-09 |
| 202/1 | 0-02 | |||
| 450/204/1 | 0-06 | |||
| 205/1 | 0-05 | |||
| 205/2 | 0-11 | |||
| 214/1 | 0-03 | |||
| 348/215/1 | 0-01 | |||
| 384/349/215/1 | 0-06 | |||
| 444/385/215/1 | 0-02 | |||
| 216/1 | 0-17 | |||
| 217/1 | 1-08 | |||
| कुल कित्ता . . 11 | 4-10 |
आदेश द्वारा,
हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।
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लोक निर्माण विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 10 अगस्त, 2020
सं0 पी0बी0डब्ल्यू0(बी0)एफ(5) 44/2019.--यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु गांव खजूरना, तहसील नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश में काला अम्ब पांवटा देहरादून राष्ट्रीय उच्च मार्ग-72 नया (07) के निर्माण हेतु भूमि3981 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अक्तूबर, 2020/09 आश्विन, 1942 अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह घोषणा, भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (2013 का 30) की धारा-19 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों को सूचना हेतु की जाती है तथा उक्त अधिनियम की धारा-19 के अधीन भू-अर्जन समाहर्ता लोक निर्माण विभाग विन्टर फिल्ड, शिमला को उक्त भूमि के अर्जन करने के आदेश लेने का एतद्द्वारा निदेश दिया जाता है। 3. भूमि रेखांक का निरीक्षण भू-अर्जन समाहर्ता (शि0क्षेत्र) लोक निर्माण विभाग विन्टर फिल्ड, शिमला के कार्यालय में किया जा सकता है।
विवरणी
| जिला | तहसील | गांव | खसरा नम्बर | क्षेत्र (बीघा में) |
| सिरमौर | नाहन | खजूरना | 79/3 | 0-13 |
| 80/3/1 | 1-08 | |||
| कुल जोड़ | कित्ता . .2 | 2-01 |
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।
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लोक निर्माण विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 19 अगस्त, 2020
सं0 पी0बी0डब्ल्यू0(बी0)एफ(5) 14/2020.--यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव मैड़ (भाग-2) मौजा मैहलता, तहसील व जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश में शिमला-ब्रह्मपुखर-घागस-घुमारवीं-हमीरपुर-नादौन- ज्वालामुखी-कांगड़ा-मटौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग-88 नया 103 के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (2013 का 30) की धारा-11 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उप-धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं। 3982 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अक्तूबर, 2020/09 आश्विन, 1942 4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के साठ दिन की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, मण्डी, (हि0 प्र0) के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है।
विवरणी
| जिला | तहसील | गांव | खसरा नं0 | रकबा (कनाल/मरले में) |
| हमीरपुर | हमीरपुर | मैड़ (भाग-2) | 1193/503 | 0-6 |
| 1196/504 | 0-1 | |||
| कित्ता . . 02 | 0-7 |
आदेश द्वारा,
हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।
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लोक निर्माण विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 6 अगस्त, 2020
संख्या पी.बी.डब्लयू(बी)एफ(5) 16/2020.--यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव घुमारवीं, तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में घागस-घुमारवीं-हमीरपुर-नादौन-कांगड़ा-मटौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग-88 नया 103 के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।
2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 (2013 का 30) की धारा-11 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।
3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उप-धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः अन्य सभी कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।
4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपाि हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के साठ दिन की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, मण्डी (हि0 प्र0) के समक्ष अपनी आपाि दायर कर सकता है।3983 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अक्तूबर, 2020/09 आश्विन, 1942 विवरणी
| जिला | तहसील | गांव | खसरा न0 | क्षेत्र (वर्गमीटर में) |
| बिलासपुर | घुमारवीं | घुमारवीं | 2528/1 | 141-60 |
| कुल कित्ता . . 01 | 141-60 |
आदेश द्वारा,
हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।
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वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 16 जुलाई, 2020
संख्या एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-56/2020.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राईवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है;
और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।
अनुसूची
| क्रम संख्या | नस्ति संख्या | वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | महाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं महाल/उप- महाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 03/2004 | कलवोग-द्वितीय | गोहाच | 1, 2, 3, 4, 11, 62, 110, 185/1 186 ि कत्ता. . 9 | 24-82-55 उत्तर ः डी0पी0एफ0 | गोहाच। द क्षिण ः आन्दवी प ूर्व ः मजरूआ गोहाच। प श्चिम : रजटाडी | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा, संजय गुप्ता,
अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।3984 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अक्तूबर, 2020/09 आश्विन, 1942
[Authoritative English Text of this Department Notification No. FFE-B-F(14)-56/2020, dated
16th July, 2020 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 16th July, 2020
No. FFE-B-F(14)-56/2020.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of Section-29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
NOW THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub- section (1) of Section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of Section-29 of the Act ibid.
SCHEDULE
| Sl. No. | File No. Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number(s) | Area in hectare (s) | Cardinal Boundaries Muhal/Up-Muhal | Forest Range | Forest Division | District | |
| 1. | 03/2004 | Kalbog-II | Gohach | 1, 2, 3, 4, 11, 62, 110, 185/1, 186 K itta . . 9 | 24-82-55 North | : DFP Gohach S outh : Andavi E ast : Cultivated Gohach. W est : Rajtadi | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order, SANJAY GUPTA , Additional Chief Secretary (Forests).
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वन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 16 जुलाई, 2020
संख्याः एफ0एफ0ई0-बी0-एफ0(14)-57/2020.--भारतीय वन अधिनियम, 1927 (1927 का अधिनियम संख्यांक 16) की धारा 29 की उप-धारा (3) के अधीन यथा अपेक्षित के अनुसार इस अधिसूचना से3985 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अक्तूबर, 2020/09 आश्विन, 1942 संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट वन भूमि या बंंजर भूमि में या उस पर सरकार तथा प्राईवेट व्यक्तियों के अधिकारों के स्वरूप और विस्तार की जांच कर ली गई है और उन्हें अभिलिखित कर लिया गया है;
और उक्त अनुसूची में दर्शित वन भूमि या बंजर भूमि, सरकार की सम्पत्ति है, या जिस पर सरकार के सांपत्तिक अधिकार हैं या सरकार उसकी वन उपज के सम्पूर्ण या किसी भाग की हकदार है;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा करते हैं कि उक्त अधिनियम के अध्याय-4 के उपबन्ध उक्त वन भूमि या बंजर भूमि को लागू होंगे और जो इसके पश्चात् पूर्वाेक्त अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) के उपबन्धों के अधीन ''संरक्षित वन'' कहलाएगी।
अनुसूची
| क्रम संख्या | नस्ति संख्या | वन का नाम जिसे सीमांकित संरक्षित वन में परिवर्तित किया जाना अपेक्षित है | महाल का नाम | खसरा नम्बर | हैक्टेयर में क्षेत्रफल | मुख्य सीमाएं महाल/उप- महाल | वन परिक्षेत्र | वन मण्डल | जिला |
| 1. | 11/2004 | व्रामू बखोल | व्रामू | 569, 570, 581, 590, 591, 592, 594, 597, 598, 600, 600/1, 604, 609,610, 619, 621, 623, 625, 627, 628, 629, 630, 665, 673, 678, 691, 693 कित्ता. . 27 | 28-10-33 उत्तर | ः डी0पी0एफ0 कदई, मजरूआ महाल व्रामू। द क्षिण ः डी0पी0एफ0 शिरगल। महासू, प ूर्व ः पुडला वरुईन्डा। प श्चिम : डी0पी0एफ0 शिरगिल। | कोटखाई | ठियोग | शिमला |
आदेश द्वारा, संजय गुप्ता,
अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।
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[Authoritative English Text of this Department Notification No. FFE-B-F(14)-57/2020, dated
16th July, 2020 as required under Article 348(3) of the Constitution of India].
FORESTS DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 16th July, 2020
No. FFE-B-F(14)-57/2020.—WHEREAS, the nature and extent of the rights of the Government and of the Private Persons in or over the forest land or waste land specified in the3986 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 अक्तूबर, 2020/09 आश्विन, 1942 SCHEDULE appended to this Notification have been enquired into and recorded, as required under sub-section (3) of Section-29 of the Indian Forest Act, 1927 (Act No. 16 of 1927);
AND WHEREAS, the forest land or waste land shown in the said SCHEDULE is the property of the Government or over which the Government has proprietary rights or the Government is entitled to the whole or any part of the forest produce therein;
NOW THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub- section (1) of Section 29 of the Act ibid, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to declare that the provisions of Chapter-IV of the said Act shall apply to the said forest land or waste land and shall hereafter be called as "protected forests" under the provisions of sub-section (2) of Section-29 of the Act ibid.
SCHEDULE
| Sl. No. | File No. Name of Forest required to be converted into Demarcated Protected Forests | Name of Muhal | Khasra number(s) | Area in hectare (s) | Cardinal Boundaries Muhal/Up-Muhal | Forest Range | Forest Division | District | |
| 1. | 11/2004 | Vramu Vakhol | Vramu | 569, 570, 581, 590, 591, 592, 594, 597, 598, 600, 600/1, 604, 609, 610, 619, 621, 623, 625, 627, 628, 629, 630, 665, 673, 678,691, 693 K itta . . 27 | 28-10-33 North | : DPF Kadai, Cultivated Muhal Vramu S outh : DPF Shirgal E ast : Pudla Mahasu Vruenda. W est : DPF Shirgal. | Kotkhai | Theog | Shimla |
By order,
SANJAY GUPTA , Additional Chief Secretary (Forests).
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नाम परिवर्तन
मैं, भीम सिंह पुत्र नरेन्द्र कुमार, निवासी गांव जाैंली, डाकघर सुंगरी, तहसील रोहड़ू, जिला शिमला (हि0प्र0) घोषणा करता हूं कि मैंने अपना नाम भीम सिंह से बदलकर युगराज नेगी रख लिया है। अतः मेरे सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी दस्तावेजों में इसे बदलकर युगराज नेगी किया जाए।
भीम सिंह, पुत्र नरेन्द्र कुमार, निवासी गांव जौंली, डाकघर सुंगरी,
तहसील रोहड़ू, जिला शिमला (हि0प्र0)। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है