राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित मंगलवार, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944
हिमाचल प्रदेश सरकार
परिवहन विभाग
अधिसूचना
शिमला-171002, 7 अप्रैल, 2022
संख्याः टी.पी.टी.-एफ.(9)-3/2016-IV.--भारत के माननीय उच्चतम न्यायालय ने 2012 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 295, नामतः एस. राजासीकरन बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया एण्ड अद्र्ज में तारीख 09—राजपत्र/2022-12-04-2022 (267) 268 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 22-4-2014 को पारित आदेश के पैरा 32 में सड़क सुरक्षा पर न्यायालय की ओर से अनुश्रवन (मॉनीटरिंग) प्रक्रिया का वचनबंध करने के लिए एक समिति का गठन किया है और अनुपालना हेतु समय-समय पर विभिन्न निदेश जारी किए हैं;
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित विभिन्न निदेशों के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, मोटरयान अधिनियम, 1988 (1988 का अधिनियम संख्यांक 59) की धारा 212 के साथ पठित धारा 138 (1क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश सड़क सुरक्षा निधि और क्रियाकलाप नियम, 2022 बनाने के प्रस्ताव के प्रारूप को इस विभाग की अधिसूचना संख्याः टी.पी.टी.-एफ.(9)-3/2016-III तारीख 08-02-2022 द्वारा अधिसूचित और इससे संभाव्य प्रभावित होने वाले व्यक्ति(यों) से राजपत्र (ई-गजट), हिमाचल प्रदेश में अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से एक मास के भीतर आक्षेप और सुझाव आमन्त्रित करने के लिए, तारीख 14-02-2022 को राजपत्र (ई-गजट), हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किया गया था;
और नियत अवधि के भीतर इस निमिा प्राप्त आक्षेप(पों) और सुझाव(वों) को सम्यक् रूप से विचार किया गया और अस्वीकृत किया गया;
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उपरोक्त मामले में पारित विभिन्न निदेशों के दृष्टिगत और मोटरयान अधिनियम, 1988 (1988 का अधिनियम संख्यांक 59) की धारा 212 के साथ पठित धारा 138 (1क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्ः-- 1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश सड़क सुरक्षा निधि और क्रियाकलाप नियम, 2022 है।
(2) ये नियम राजपत्र (ई-गज़ट), हिमाचल प्रदेश में प्रकाशन की तारीख से प्रवृा होंगे। 2. परिभाषाएं.--(1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) "अधिनियम" से, मोटरयान अधिनियम, 1988 (1988 का केन्द्रीय अधिनियम संख्यांक 59) अभिप्रेत है;
(ख) "क्रियाकलाप" से, निधि के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कार्यान्वित कार्यकलाप/ परियोजनाएं/संकर्म स्कीम अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत सड़क सुरक्षा कार्यकलापाें इत्यादि से सम्बद्ध परियोजनाएं कार्यक्रम, संकर्म स्कीमें भी हैं;
(ग) "खण्ड" से, इन नियमों के अधीन खण्ड अभिपे्रत है;
(घ) "प्रशमन फीस" से, मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 200 के अधीन प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा संगृहीत फीस अभिप्रेत है;
(ङ) "प्रवर्तन अभिकरण" से, मोटर यान अधिनियम, 1988 के अधीन चालान करने की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत परिवहन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी अभिप्रेत हैं;
(च) "विाीय वर्ष" से, अप्रैल के प्रथम दिवस से प्रारम्भ होने वाली और 31 मार्च को समाप्त होने वाली बारह मास की अवधि अभिप्रेत है;
(छ) "निधि" से, इन नियमों के नियम 3 के अधीन स्थापित हिमाचल प्रदेश सड़क सुरक्षा निधि अभिप्रेत है;
(ज) "विा विभाग" से, हिमाचल प्रदेश सरकार का विा विभाग अभिप्रेत है;
269 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944(झ) "नेक व्यक्ति" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो पुलिस को किसी मोटर यान दुर्घटना के बारे में सूचित करता है या जो दुर्घटना से पीड़ित को अस्पताल ले जाता है;
(ञ) "कार्यान्वयन समिति" से, इन नियमों के नियम 12 के अधीन गठित समिति अभिप्रेत है;
(ट) "एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस" (आई आर ए डी) से, राज्य द्वारा वैज्ञानिक आंकड़ा (डाटा) संग्रहण और विष्लेषण एवं रिपोर्टों को तैयार करने के लिए विकसित क्रैश डाटा प्रबन्धन प्रणाली अभिपे्रत है;
(ठ) "राज्य परिवहन विकास और सड़क सुरक्षा परिषद्" से, राज्य सरकार द्वारा माननीय परिवहन मन्त्री, हिमाचल प्रदेश की अध्यक्षता के अधीन गठित परिषद् अभिपे्रत है;
(ड) "राज्य" से हिमाचल प्रदेश राज्य अभिप्रेत है;
(ढ) "राज्य सरकार" से हिमाचल प्रदेश सरकार अभिप्रेत है;
(ण) "राज्य स्तरीय प्रबन्धन समिति" से, इन नियमों के नियम 8 के अधीन निधि और सड़क सुरक्षा कार्यकलापों के समुचित प्रबन्धन के लिए गठित समिति अभिप्रेत है;
(त) "सड़क सुरक्षा समिति" से, 2012 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 295-डा0 एस0 राजासीकरन बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया एण्ड अद्र्ज में पारित निर्णय के पैरा 32 में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति (स0सु0स0) अभिप्रेत है; और
(थ) "अग्रणी अभिकरण/सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ" से, राज्य सरकार द्वारा परिवहन विभाग की अधिसूचना संख्याः टी0 पी0 टी0-एफ0(9)-3/2016-III, तारीख 16-07-2019 और समय-समय पर इस निमित जारी किसी अन्य अधिसूचना द्वारा परिवहन निदेशालय में गठित अग्रणी अभिकरण/सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ, अभिप्रेत है।
(2) समस्त अन्य शब्दों और पदों के जो इन नियमों में प्रयुक्त हैं किन्तु इनमें परिभाषित नहीं हैं; वही अर्थ होंगे जो क्रमशः उनके अधिनियम में हैं।
3. हिमाचल प्रदेश सड़क सुरक्षा निधि की स्थापना और विनियमन.--(1) हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सड़क सुरक्षा उपायों और कार्यकलापों के क्रियान्वयन के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा "हिमाचल प्रदेश सड़क सुरक्षा निधि" नाम से ज्ञात एक निधि स्थापित की जाएगी।
(2) निधि को राज्य स्तरीय प्रबंध समिति द्वारा संचालित और प्रबंधित किया जाएगा।
(3) निधि की बाबत प्रशासनिक विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार का परिवहन विभाग होगा। 4. निधि के उद्देश्य.--(1) निधि का उपयोग सामान्यतः राज्य में सड़क सुरक्षा उपायों से संबन्धित निम्निलिखित कार्यकलापों/परियोजनाओं/स्कीमों/संकर्मों के लिए किया जाएगा, अर्थात्ः--
(क) कार्यकलाप तैयार करना और स्कीमों, परियोजनाओं और सड़क सुरक्षा और संबन्धित कार्यकलापो से संबन्धित जागरूकता कार्यक्रमों/अभियानों को स्कूलों, महाविद्यालयों, संस्थानों आदि में सूचना, शिक्षा और संचार के माध्यम से कार्यान्वित करना;
(ख) सुरक्षित वाहन चालन शिक्षा प्रदान करना और जनसाधारण के मध्य यातायात नियमों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना;
270 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 (ग) सड़क दुर्घटना आंकड़ा (डाटा) संग्रहण/एकत्रीकरण को बढ़ाना, ब्लैक स्पॉटों की पहचान करना, ब्लाइन्ड स्पॉटों (अन्ध बिन्दु), दुर्घटना संभावित/संभाव्य असुरक्षित स्थानों या संभावित स्थलों का सुधार करना तथा श्रेष्ठतर से निम्नतर प्रवर्ग की सड़कों और बह जाने वाली सड़कों में से पारगमन सहित उच्च आयतन स्थानों में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों के गहन वैज्ञानिक अध्ययन के लिए निवारक उपाय या सुधारात्मक उपाय करना;
(घ) अधिक भार लदान (ओवरलोडिंग) सहित यातायात नियमों के प्रभावी प्रवर्तन के लिए पुलिस और परिवहन विभागों को सड़क सुरक्षा संबन्धी उपकरण उपलब्ध कराना तथा सड़क दुर्घटनाओं पर नियन्त्रण रखना;
(ङ) चालन (ड्राइविंग) प्रशिक्षण और स्वचालित चालक (ड्राइवर) परीक्षण पट्टियों के सन्निर्माण सहित चालन (ड्राइविंग) अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) जारी करने की प्रणाली को सुदृढ़ करना और उसमें सुधार करना;
(च) मोटर यानों की उपयुक्तता की प्रमाणीकरण-प्रणाली को पूर्ण रूप से स्वचालित और प्रभावी बनाने के लिए पग उठाना;
(छ) सुरक्षित चालन (ड्राइविंग) शिक्षा केन्द्रों के माध्यम से शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति के आकांक्षियों को सुरक्षित चालन शिक्षण प्रदान कराना;
(ज) यानों के सुरक्षित चालन हेतु सड़क संकेत, पटरियों (पैदल मार्गों) का चिन्हांकन, टक्कर नाकों (क्रैश बैरियरों), गति प्रतिरोधकों को स्थापित करने के लिए आवश्यक कदम उठाना और सड़क का उपयोग करने वाले समस्त प्रवर्गों के सुरक्षित आवागमन के लिए फुटपाथ, पैदल चलने के मार्गों पर पारगमन सुविधाएं, गति धीमी करने के उपाय उपलब्ध कराना;
(झ) बचाव अभियान और आपातकालीन सहायता तथा उारदायी प्रतिक्रिया के लिए सड़कों के साथ-साथ अधिक दुर्घटना संभावित स्थलाें में नेक व्यक्तियों (पहली सहायता करने वाले)/प्रथम उारदाताओं/स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित और सुसज्जित करना;
(ञ) प्रत्येक जिला में मानसिक आघात (ट्रोमा) केन्द्रों की स्थापना करने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना;
(ट) स्कूल-बसों में क्षमता से अधिक संख्या में छात्रों की रोकथाम सुनिश्चित करना; और (ठ) सड़क सुरक्षा पर माननीय उच्चतम न्यायालय की समिति के आदेश और राज्य की सड़क सुरक्षा पॉलिसी के अनुसार सड़कों पर सड़क सुरक्षा से संबन्धित कोई अन्य कार्यकलाप।
(2) सामान्यतः, निम्नलिखित या सड़क सुरक्षा पर माननीय उच्चतम न्यायालय की समिति के अधिदेश और राज्य की सड़क सुरक्षा पॉलिसी के अनुसार सड़क सुरक्षा से संबन्धित कोई अन्य कार्यकलाप इस निधि में से विापोषित किए जाएंगं, अर्थात्ः--
(अ) सड़क सुरक्षा उपायः
1. सड़क दुर्घटना आंकड़ों के एकत्रीकरण में बढ़ौतरी करना, घातक स्थानों (ब्लैक स्पॉटस) की पहचान करना, दुर्घटना-पश्च देखभाल के लिए अस्पतालों को सम्बद्ध करना और यातायात पुलिस तथा सड़क दुर्घटनाओं के नियन्त्रण के लिए पॉलिसियां बनाना, "एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस" (आई आर ए डी) को उन्नत करना;
2. सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का गहन वैज्ञानिक अध्ययन करने के पश्चात् निवारक/सुधारात्मक उपाय करना;
271 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 19443. दुर्घटना संभावित स्थलों/संभावी/असुरक्षित स्थलों की पहचान करना;
4. स्थैतिक तोलन पुलों/पूर्णतः स्वाचालित गति-तोलन-पुलों और बंद परिधि टेलीविजन कैमरों (सी सी टी वी कैमरा) की स्थापना और अनुरक्षण सहित यातायात प्रबधंन और सड़क सुरक्षा उपकरणों का क्रय और उनका अनुरक्षण करना;
5. चालन अनुज्ञप्ति (ड्राइविंग लाइसेंस) प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए स्वचालित चालन (ड्राइविंग) प्रशिक्षण और जांच-ट्रैक स्थापित करना;
6. निरीक्षण और प्रमाणीकरण केन्द्र या यानों की उपयुक्तता की जांच तथा उपयुक्तता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए प्राधिकृत चल परीक्षण केन्द्र स्थापित करना;
7. परिबद्ध यानों के लिए पार्किंग क्षेत्र का अनुरक्षण करना; और
8. सड़क सुरक्षा उपायों और यातायात प्रबंधन से संबंधित किसी अन्य कार्य का जिम्मा लेना जिन्हें राज्य स्तरीय स्थायी समिति समुचित या उपयोगी समझे।
(आ) यातायात/सड़क सुरक्षा शिक्षणः
1. राज्य में सड़क सुरक्षा के पालन के लिए सड़क सुरक्षा अभियान आरम्भ करना;
2. यातायात शिक्षण पार्क स्थापित करना;
3. जनसंचार के विभिन्न माध्यमों से यातायात नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना;
4. सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन से संबंधित प्रचार सामग्री तैयार करना;
5. यातायात नियमों की जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन करना और छात्रों और जनसाधारण के मध्य सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना;
6. यातायात शिक्षण से संबंधित उपस्करों का क्रय और उनका अनुरक्षण करना;
7. सड़क सुरक्षा सप्ताहों, प्रदर्शनियों और नुक्कड़-नाटकों का आयोजन करना;
8. चालकों, स्कूलों, बालकों, युवकों, महाविद्यालयों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आई टी आईज़) आदि के लिए सड़क सुरक्षा से संबंधित सेमिनारों, कार्यशालाओं, बैठकों, जनसभाओं, प्रतियोगिताओं और ऐसे अन्य कार्यक्रमों का आयोजन करना;
9. पुलिस, परिवहन और अन्य पणधारी विभागों के विभिन्न पक्तियों (रैंकस) के अधिकारियों/ कर्मचारिवृन्द के लिए यातायात संबंधी प्रशिक्षण का आयोजन करना;
10. सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए यातायात प्रबंधन में सुधार हेतु अध्ययन संचालित करना;
11. सभी प्रकार के मोटर यानों के चालकों के लिए नेत्र परीक्षण शिविरों का आयोजन करना;
12. सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत गैर-स्वयंसेवी संगठनों को अधिक सड़क सुरक्षा कार्यकलापों को कार्यान्वित करने के लिए अनुदान प्रदान करना;
13. आकांक्षियों/नवीकरण-आवेदकों को चालन अनुज्ञप्ति जारी करने से पूर्व सुरक्षित चालन (ड्राइविंग) शिक्षण केंद्रों के माध्यम से सड़क सुरक्षा शिक्षा प्रदान करना; और 272 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 14. सड़क सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कोई अन्य कार्यक्रम/कार्यकलाप।
(इ) यातायात प्रवर्तनः
1. गति सीमा का उल्लंघन करने वालों, लालबाी लांघने वालों, यान चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने, नशे में यान चलाने, अधिक भार वाले वाणिज्यिक/यात्री यानों, सड़क के किनारे असुरक्षित ढंग से पार्क किए गए यानों आदि के लिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में उाोलक (क्रेन) सहित आधुनिक यातायात प्रबन्धन और प्रवर्तन उपस्कर का क्रय, प्रचालन और उनका अनुरक्षण करना;
2. परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा व्यधानक (अवरोधक) का क्रय करना और उसका अनुरक्षण करना;
3. यातायात नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के प्रति शून्य-सहिषुणता (जीरो टॉलरैंस) सुनिश्चित करने के लिए विधि-प्रवर्तन-कर्मचारियों और यातायात वार्डनों को उपस्कर उपलब्ध कराना; और 4. अधिक दुर्घटनाभिमुखी शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में नियन्त्रण और समादेश केन्द्र (केन्द्रों) (कमाण्ड सेन्टरज़) सहित जी0पी0एस0/जी0आई0एस0 आधारित आसूचना परिवहन प्रणाली की स्थापना करना।
(ई) सड़क इंजीनियरी (अभियांत्रिकी) :
1. धुंधले स्थानों (ब्लैक स्पॉटस), दुरारोह ढलानों (स्टीप ग्रेडज़), अन्धे मोड़ाें, बचाव संघर्षों (रेस्क्यू कानप्लिक्टस), मिलन स्थलों (जंक्शन्ज़), चौराहों का सुधार करना और दुर्घटनाओं के अधिक प्रवाहों सहित स्थानों की पहचान करना और श्रेष्ठार (उच्चतर) श्रेणी से निम्नतर (निचली) श्रेणी की सड़कों से समुचित पारगमन सहित धुंधले स्थानों (ब्लैक स्पॉटस) को हटाना;
2. सड़क से बाहर चले जाने वाली दुर्घटनाओं में कमी के लिए विध्वंस अवरोधों (क्रैश बैरियरज), रक्षाभिाियों, गति अवरोधकों, पटिकाओं का चिन्हनांकन, पूर्व परावर्तक फीतों, पटरियों के चिन्हनांकन, अंकनाें इत्यादि की व्यवस्था करना;
3. सार्वजनिक सुरक्षा के हित में, जहां अन्य विभागों के लिए उसे स्थापित/अनुरक्षित करना संभव नहीं है, तत्काल स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अनिवार्य विनियामक, सतर्क करने वाले और जानकारी पूर्ण सड़क संकेत पट (साइन बोर्ड), विभिन्न यातायात संकेतक, संकेत स्थापित करना और उनका अनुरक्षण करना;
4. असुरक्षित सड़क उपयोगकर्ताओं, दिव्यांग व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों और बालकों के लिए उचित पैदल यात्री अविच्छन्न फूटपाथों, क्रॉस-ओवर सुविधाएं और गति धीमी करने के उपाय सुनिश्चित करना;
5. सड़क संरचना से दूर, जहां कहीं अधिक्रमणों से सड़कों को मुक्त करना साध्य है, फैरीवालों, निजी यान मरम्मत कार्यशालाओं को सुविधाएं प्रदान करने की व्यवस्था करना; और
6. अधिक दुर्घटना संभावित राष्ट्रीय राजमार्गों/राज्य राजमार्गों/प्रमुख जिला सड़कों/शहरी सड़कों की स्टार रेटिंग के मार्गप्रदर्शन के लिए सुरक्षित गलियारे (कारीडोर) की संकल्पना को बढ़ावा देना।
(उ) आपातकालीन देख-भाल :
1. दुर्घटना के पश्चात् की प्रतिक्रिया में सुधार के लिए मानसिक आघात केन्द्रो (ट्रॉमा सेन्टरज) के माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों को स्वर्णिम काल बचाव और चिकित्सा सहायता और चिकित्सा पूर्व देखभाल प्रदान करना;
273 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 19442. दुर्घटना पीड़ितों को नकद-रहित उपचार प्रदान करना या लागू सरकारी स्कीमों के माध्यम से चिकित्सा राहत प्रदान करना;
3. सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को सरकारी/निजी अस्पतालों में ले जाने पर उपगत व्यय की प्रतिपूर्ति करना;
4. पुलिस स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं, बचाव सेवाओं रोगी वाहन दस्ते (एम्बुलेंस फ्लीटस) क्रेन/रिकवरी टो ट्रकस आदि के मध्य निर्बाध नेटवर्किंग के लिए एकल टोल-फ्री हेल्पलाइन की व्यवस्था करना;
5. रोगी वाहन (एम्बुलेंस), प्राथमिक चिकित्सा पेटिका, उपकरणों संचार प्रणाली से पुष्ट चिकित्सा-सम्बधी (पैरामेडिक), बचाव और आपातकालीन सहायता प्रणाली की क्षमता का निर्माण करना; और
6. आपातकालीन और प्रवर्तन प्रतिक्रिया की सहायता करने के लिए अधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित और सुसज्जित करना।
5. निधि के स्रोत.--(1) निधि के निम्नलिखित स्रोत होंगेः--
(क) गत विाीय वर्ष के दौरान विा विभाग, अधिनियम, के अन्तर्गत मुख्य शीर्ष 0041-यान पर कर, 101-प्राप्ति, 04-शास्ति, पुलिस एवं परिवहन विभागों द्वारा एकत्रित प्रशमन शुल्क के पचास प्रतिशत के बराबर का बजटीय उपबन्ध कर सकता है;
(ख) राज्य सरकार या भारत सरकार या किसी अन्य अभिकरण द्वारा दिया गया/किया गया कोई भी विाीय अभिदाय, दान आदि;
(ग) कोई निगमित सामाजिक उारदायित्व (सी एस आर) निधि या स्वैच्छिक अभिदाय योगदान; और (घ) सरकार द्वारा सेवाओं पर प्रभार उदगृहीत करना।
(2) उप नियम (1) के खंड (ख), (ग) और (घ) के अधीन विाीय अभिदाय भी निधि में निक्षिप्त (जमा) किए जाएंगे।
6. निधि का अनुरक्षण और संपरीक्षा.--(1) परिवहन विभाग के सहायक नियन्त्रक (विा एवं लेखा) के पर्यवेक्षणाधीन सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ के लेखा अनुभाग या निदेशक परिवहन द्वारा यथा प्राधिकृत कोई ऐसा अन्य विा अधिकारी सरकारी विाीय नियम और कार्यकारी अनुदेशों और खजाना/सुसंगत नियमों, जो लागू हैं, के उपबन्धों के अनुसार निधि से उपगत व्यय के लेखों का अनुरक्षण करेगा।
(2) लेखों का प्रत्येक मास के अन्त में मिलान किया जाएगा और वित्तीय वर्ष के लिए सड़क सुरक्षा निधि के व्यय की प्राप्ति और व्यय का विवरण वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर सदस्य सचिव को उपल्ब्ध करवाया जाएगा।
(3) निधि अव्यपगत होगी और निधि में शेष अनुपयोजित रकम निधि में अगले वित्तीय वर्ष के लिए अग्रनीत की जाएगी।
(4) लेखों की संपरीक्षा महालेखाकार, हिमाचल प्रदेश द्वारा की जाएगी।
7. निधि का लेखांकन और वर्गीकरण तथा विाीय प्रक्रिया.--(1) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अनुमोदित किसी वाणिज्यिक बैंक में दो पृथक बैंक खाते खोलकर निधि स्थापित की जाएगी। प्रथम खाते में 274 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 सरकार की ओर से बजट आबंटन को जमा किया जाएगा, जबकि दूसरे खाते में सरकारी स्रोतों से अन्यथा अभिदाय जमा किया जाएगा।
(2) सरकारी जमा पर प्रोद्भूत ब्याज प्रत्येक विाीय वर्श की समाप्ति के पश्चात् बैंक में राज्य सरकार के प्राप्ति शीर्ष में जमा किया जाएगा, जबकि कोई अभिदाय/दान, जिसके अंतर्गत सरकार से अन्यथा स्रोतों से उस पर प्रोद्भूत ब्याज है, निधि का भाग होगा।
(3) सड़क सुरक्षा के लिए बजट/निधियां परिवहन विभाग की मांग संख्याः 25 के अन्तर्गत मुख्य शीर्षः 2041-यानों पर कर, लघु शीर्षः 800-अन्य प्रभार, उप-शीर्ष-01-सड़क सुरक्षा निधि, एस0ओ0ई020- अन्य प्रभार के अधीन आबंटित की जाएंगी।
(4) किसी भी विाीय वर्ष के लिए वार्षिक कार्य योजना के अधीन समिति द्वारा अनुमोदित कार्यकलापों/परियोजनाओं/संकर्मों के संबंध में निधियां आहरित की जाएंगी और प्रत्यक्षतः परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा कोष में अन्तरित की जाएगी।
(5) उप-नियम (3) में यथा उल्लिखित शीर्ष के अंतर्गत आबंटित बजट अव्यपगत होगा और अग्रणी अभिकरण/सड़क सुरक्षा कक्ष (प्रकोष्ठ) विाीय वर्ष के अंत में अनुपयोजित बजट के आहरित करने के लिए सक्षम होगा और वह निधि का भाग बन जाएगा।
(6) वार्षिक कार्य योजना से संबंधित व्यय जिसके अंतर्गत पणधारी/लाइन विभागों को अंतरित की जाने वाली निधियां है, निधि में से उपगत किया जाएगा।
(7) पणधारी/लाइन विभाग निधि से आबंटित निधियों का समुचित अभिलेख और लेखांकन का अनुरक्षण करेगा/करेंगे और ऐसी निधियों के समुचित उपयोजन के लिए उारदायी होगा/होंगे।
(8) पणधारी/लाइन विभाग इस प्रकार आबंटित निधियों के उपयोजन प्रमाण-पत्र अग्रणी अभिकरण/सड़क सुरक्षा (प्रकोष्ठ) को अर्धवार्षिक आधार पर, या जब कभी अग्रणी अभिकरण/सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ द्वारा मांग की जाए, प्रस्तुत करेंगे।
8. राज्य स्तरीय प्रबंध समिति.--(1) राज्य सरकार, निम्नलिखित से मिलकर एक राज्य स्तरीय प्रबंध समिति गठित करेगीः-
. .अध्यक्ष;
(i) मुख्य सचिव, हिमाचल प्रदेश सरकार
(ii) अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/ . .सदस्य; सचिव (विा)
(iii) अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/ . .सदस्य; सचिव (परिवहन)
(iv) अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव . .सदस्य; (लोक निर्माण विभाग)
(v) अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/ . .सदस्य; सचिव (गृह)
(vi) अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/ . .सदस्य; सचिव (स्वास्थ्य)275 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 (vii) अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/ . .सदस्य; सचिव (शिक्षा)
(viii) प्रधान सचिव/सचिव(विधि) . .सदस्य;
(ix) पुलिस महानिदेशक, हिमाचल प्रदेश . .सदस्य;
(x) प्रबंध निदेशक हिमाचल पथ परिवहन निगम एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, हिमाचल प्रदेश शहरी परिवहन एवं बस अड्डा प्र्रबन्धन एवं विकास प्राधिकरण (एम0डी0, एच आर टी सी एवं सी0ई0ओ0 एच पी सी टी बी एस एम एवं डी ए) . .सदस्य; और (xi) निदेशक परिवहन, हिमाचल प्रदेश . .सदस्य-सचिव। (2) राज्य स्तरीय प्रबंध समिति के समस्त सदस्य पदेन-सदस्य होेंगे।
9. राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति की शक्तियां और र्काव्य.--(1) प्रत्येक पणधारी विभाग अर्थात् लोक निर्माण, परिवहन, पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य परिलक्षित कार्यकलापों/प्रस्तावित परियोजनाओं/सड़क सुरक्षा पर वार्षिक योजना में सम्मिलित किए जाने वाले संकर्मों के प्राक्कलन राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति के सदस्य सचिव को प्रस्तुत करेगा। समिति, पणधारी विभागों द्वारा परिलक्षित सड़क सुरक्षा पर वार्षिक कार्य योजना के रूप में निधि के अधीन विापोषित किए जाने वाले कार्यकलापाें/परियोजनाओं/संकर्मों को प्राथमिकता देगी और उन्हें अनुमोदित करेगी।
(2) राज्य स्तरीय प्रबंध समिति निधि की प्रभारी होगी और सड़क सुरक्षा उपायों से सम्बन्धित कार्यकलापों/परियोजनाओं/संकर्मों के अनुमोदन और मंजूरी के लिए उारदायी होंगी।
(3) राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति सड़क सुरक्षा पर वार्षिक कार्य योजना के अधीन अनुमोदित कार्यकलापों/परियोजनाओं/संकर्मों की भौतिक और विाीय प्रगति का अनुश्रवण करेगी।
(4) राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति इन नियमों के अनुसार निधि के लेखों का समुचित अनुरक्षण सुनिश्चित करेगी।
(5) सड़क सुरक्षा पर वार्षिक कार्य योजना के अधीन अनुमोदित समस्त कार्यकलापों/परियोजनाओं/ संकर्मों की प्रास्थिति समिति द्वारा राज्य परिवहन विकास और सड़क सुरक्षा परिषद् के समक्ष सूचनार्थ और आगामी परामर्श हेतु प्रस्तुत की जाएगी।
(6) सचिव (परिवहन), हिमाचल प्रदेश सरकार, राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति द्वारा अनुमोदित समस्त कार्यकलापों/परियोजनाओं/संकर्मों के प्रशासनिक अनुमोदन और व्यय मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारी होगा। (7) अग्रणी अभिकरण राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति द्वारा यथा अनुमोदित निदेशक, परिवहन के कार्यालय में स्थापित अग्रणी अभिकरण/सड़क सुरक्षा कक्ष (प्रकोष्ठ) के कार्यकरण से सम्बन्धित व्यय (आवर्ती और अनावर्ती) अनुमोदित करने हेतु सक्षम होगा।
10. राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति की बैठकें.--(1) राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति की बैठक हेतु गणपूर्ति अध्यक्ष सहित कम से कम छह सदस्यों से होगी।
(2) राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति किसी वित्तीय वर्ष में प्रत्येक छह मास में कम से कम एक बार बैठक करेगी। 276 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 11. राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति के सदस्य-सचिव के कर्त्तव्य.-- (1) राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति का सदस्य-सचिव सड़क सुरक्षा पर वार्षिक कार्य योेजना में सम्मिलित करने हेतु पणधारी सरकारी विभाग से प्राप्त परिलक्षित कार्यकलापों, प्रस्तावित परियोजनाओं/संकर्मों के प्राक्कलन, राज्य परिवहन विकास और सड़क सुरक्षा परिषद्, किसी संसद-सदस्य, सड़क सुरक्षा समिति से सलाह या स्वप्रेरणा से कार्यसूची तैयार करके सम्यक् परीक्षण के पश्चात् निधि प्रबंधन हेतु राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति के समक्ष रखेगा।
(2) सदस्य-सचिव बैठकों का आयोजन करेगा और बैठक की कार्यवाहियों को अभिलिखित करेगा। (3) सदस्य-सचिव, समिति के अनुमोदन के पश्चात् अध्यक्ष के हस्ताक्षराधीन बैठक के तात्विक (औपचारिक) कार्यवृत जारी करेगा।
(4) सदस्य-सचिव, अनुमोदित कार्यकलापों/प्रस्तावित परियोजनाओं/संकर्मों के सफल निष्पादन हेतु पणधारी विभागों के मध्य समन्वय करेगा।
(5) सदस्य-सचिव, समिति की प्राप्तियों और व्यय की विस्तृत रिपोर्ट या जैसा समय-समय पर अपेक्षित हो, तैयार करेगा।
(6) सदस्य-सचिव इन नियमों के अनुसार निधि के पृथक् लेखों का अनुरक्षण सुनिश्चित करेगा। (7) सदस्य-सचिव नियमित रूप से वार्षिक सड़क दुर्घटना आकड़ों का प्रकाशन सुनिश्चित करेगा। 12ण् कार्यान्वयन समिति.--राज्य सरकार परिवहन विभाग में निम्नलिखित से मिलकर बनने वाली एक कार्यान्वयन समिति का गठन करेगीः--
1. निदेशक, परिवहन
. .अध्यक्ष;
2. अतिरिक्त आयुक्त (अग्रणी . .सदस्य सचिव; अभिकरण/सड़क सुरक्षा कक्ष)
. .सदस्य 3. अधिशाषी अभियन्ता, (अग्रणी अभिकरण/ सड़क सुरक्षा कक्ष)
. .सदस्य 4. पुलिस उप-अधीक्षक, (अग्रणी अभिकरण/ सड़क सुरक्षा कक्ष)
. .सदस्य 5. उप-निदेशक (स्वास्थ्य) (अग्रणी अभिकरण/ सड़क सुरक्षा कक्ष)
. .सदस्य 6. उप-निदेशक (शिक्षा) (अग्रणी अभिकरण/ सड़क सुरक्षा कक्ष)
7. उप निदेशक (परिवहन) . .सदस्य; और (अग्रणी अभिकरण/ सड़क सुरक्षा कक्ष)277 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 . .सदस्य;
8. सहायक नियन्त्रक (वित्त एवं लेखा) परिवहन विभाग
13. निधि से वित्तपोषित कार्यकलापों/परियोजनाओं/संकर्मों के निष्पादन के लिए उत्तरदायित्व.-- (1) अनुमोदित कार्यकलाप/परियोजनाएं/संकर्म अनुमोदित वार्षिक योजनाओं के अनुसार सम्बन्धित पणधारी विभागों द्वारा निष्पादित किए जाएंगे। अनुमोदित कार्यकलापों/परियोजनाओं/संकर्मों का कार्यान्वयन राज्य स्तरीय प्रबंध समिति द्वारा यथा अनुमोदित समस्त कार्यकलापों/परियोजनाओं/संकर्मों के सफल निष्पादन हेतु कार्यान्वयन समिति द्वारा समन्वित और अनुश्रवण (मॉनिटर) किया जाएगा।
(2) पणधारी विभागों के विभागाध्यक्ष राज्य स्तरीय प्रबन्ध समिति द्वारा अनुमोदित समस्त कार्यकलापों/परियोजनाओं/संकर्मों के सफल निष्पादन के लिए उत्तरदायी होंगे। विभागाध्यक्ष उनकी अपनी-अपनी अधिकारिता के क्षेत्र के भीतर निधि से वित्तपोषित विभिन्न कार्यकलापों/सन्निर्माण परियोजनाओं/आस्तियों (परिसम्पत्तियों)/उपस्करों के अनुरक्षण और मरम्मत के कार्यान्वयन का नियमित अनुश्रवण (मॉनिटर) करने के लिए उत्तरदायी होंगे। सम्बन्धित पणधारी विभागाध्यक्ष मासिक आधार पर अनुमोदित कार्यकलापों/परियोजनाओं/संकर्मों की भौतिक और वित्तीय प्रगति का पर्यवेक्षण, अनुश्रवण और पुनरीक्षण करेंगे और प्रत्येक कार्यकलाप/परियोजना/संकर्म की प्रगति रिपोर्ट और समापन प्रमाण-पत्र कार्यान्वयन समिति के सदस्य-सचिव को भेजेगें।
(3) समय-समय पर यथा लागू सरकारी वित्तीय नियम और कार्यकारी अनुदेश और खजाना/सुसंगत नियमों का समस्त प्राप्तियों/क्रयों (खरीदों) और अनुमोदित क्रियाकलापों/परियोजनाओं/संकर्मों के कार्यान्वयन के लिए सर्वथा पालन किया जाएगा।
14. अग्रणी अभिकरण/सड़क सुरक्षा कक्ष (प्रकोष्ठ).--अग्रणी अभिकरण/सड़क सुरक्षा कक्ष (प्रकोष्ठ) के कृत्य निम्न प्रकार से होंगेः--
(i) राज्य सड़क सुरक्षा परिषद् का सचिवीय के रूप में कार्य करना, परिषद् की बैठकों की व्यवस्था करना, इसके कार्यवृा जारी करना और राज्य के सम्बद्ध विभाग द्वारा परिशद् के विनिश्चयों के कार्यान्वयन का अनुश्रवण करना;
(ii) सड़क सुरक्षा पर माननीय उच्चतम न्यायालय समिति द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सम्बद्ध विभागों के साथ समन्वय करना और समयबद्ध रीति में अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करना;
(iii) केन्द्रीय/राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना;
(iv) राज्य सरकार द्वारा यथा नियत दुर्घटनाओं और मौतों में कमी के लिए वार्षिक लक्ष्य अधिसूचित करना और लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वार्षिक कार्य योजना बनाना और इसके कार्यान्वयन का अनुश्रवण करना;
(v) सड़क दुर्घटनाओं पर नियमित आधार पर आंकड़ों का मिलान करना और क्षेत्रों/सड़क विस्तार-क्षेत्रों और दुर्घटना पीड़ितों के वर्गों, जिन पर ध्यान केन्द्रित करना अपेक्षित है, के आंकड़ों का विश्लेशण करना;
(vi) सड़क सुरक्षा निधि का प्रबन्धन करना और यह सुनिश्चित करना कि निधि प्रभावी रूप से उपयोजित की जाए;
(vii) सरकार द्वारा समय-समय पर समनुदेशित सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित कोई अन्य कार्य। 278 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 15. निरसन और व्यावृाियां.--(1) राज्य में सड़क सुरक्षा कार्यकलापाें को कार्यान्वित करने के लिए परिवहन विभाग की अधिसूचना संख्याः परि-छ(5)-5/98-II, तारीख 31 अगस्त, 2006 द्वारा अधिसूचित हिमाचल प्रदेश रोड सेफ्टी एंक्टिीविटीज़ स्कीम, 2006 का इन नियमों के प्रारम्भ की तारीख से एतद्द्वारा निरसन किया जाता है।
(2) उप नियम (1) में निर्दिष्ट स्कीम के निरसन का उसके पूर्ववर्ती प्रवर्तन या तद्धीन की गई किसी बात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
(3) उप नियम (1) केे अधीन स्कीम के निरसन के होते हुए भी स्कीम के अधीन निपटान हेतु लंबित समस्त वाद, आवेदन या अन्य कार्यवाहियों उप नियम (1) के अधीन निरसित स्कीम के उपबंधाें के अनुसार निपटाए जाएंगे/जाएगी मानो स्कीम निरसित ही न की गई हो।
आदेश द्वारा, आर0 डी0 नजीम, प्रधान सचिव (परिवहन)।
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[Authoritative English text of this Department Notification No. TPT-F(9)-3/2016-IV dated
7th April, 2022 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].
TRANSPORT DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 7th April, 2022
No. TPT-F(9)-3/2016-IV.—WHEREAS, the Hon'ble Supreme Court of India in para 32 of the Order dated 22-04-2014 passed in Writ Petition (Civil) No. 295 of 2012 titled as S. Rajaseekaran Vs Union of India and others has constituted a Committee on Road Safety to undertake the process of monitoring on behalf of the Court and passed various directions from time to time for compliance;
AND WHEREAS, in view of the various directions passed by the Hon'ble Apex Court, the draft notification to frame the Himachal Pradesh Road Safety Fund and Activities Rules, 2022 as required under section 138 (1A) read with Section 212 of the Motor Vehicles Act, 1988 (Act. No 59 of 1988), was notified vide this deparment notification No. TPT-F(9)-3/2016-III, dated 08-02- 2022 and published in the Rajpatra (e-Gazette), Himachal Pradesh on 14-02-2022 for inviting objection(s) and suggestion(s) from the person(s) likely to be affected thereby within a period of one month from the date of publication of the notification in the Rajpatra (e-Gazette), Himachal Pradesh;
AND WHEREAS, the objection(s)/suggestion(s) received in this behalf within stipulated period have been duly considered and rejected;
NOW, THEREFORE, in view of the various directions passed by the Hon'ble Apex Court in the above titled case and in exercise of the powers conferred by Section 138 (1A) read with Section 212 of the Motor Vehicles Act, 1988 (Act. No 59 of 1988), the Governor of Himachal Pradesh is pleased to make the following Himachal Pradesh Road Safety Fund and Activities Rules, 2022, namely :—
279 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 19441. Short Title and commencement.—(1) These rules may be called the Himachal Pradesh Road Safety Fund and Activities Rules, 2022.
(2) These rules shall come into force from the date of publication in Rajpatra (e-Gazette), Himachal Pradesh.
2. Definitions.—(1) In these rules, unless the context otherwise requires,—
(a) "Act" means the Motor Vehicle Act, 1988 (Central Act No. 59 of 1988);
(b) "Activities" means activities/projects/work scheme implemented to achieve the objective of the Fund and includes projects, programmes, work schemes relating to road safety activities etc;
(c) "Clause" means the clause under these rules;
(d) "Compounding fee" means the fee collected by the officers authorized under section 200 of the Motor Vehicle Act, 1988;
(e) "Enforcing agencies" means the officers of the Transport, Police and other Departments authorised to exercise the powers of challan under the Motor Vehicle Act, 1988;
(f) "Financial Year" means a period of twelve months commencing on the first day of April and ending on 31st March;
(g) "Fund" means the Himachal Pradesh Road Safety Fund established under rule 3 of these rules;
(h) 'Finance Department' means Finance Department of the Government of Himachal Pradesh;
(i) 'Good Samaritan' means a person who informs the police of any motor vehicle accident or who transports a victim of an accident to the hospital;
(j) "Implementation Committee" means a Committee set up under rule 12 of these rules;
(k) "Integrated Road Accident Database (iRAD)" means the crash data management system developed by the State for scientific data collection and analysis and generation of reports;
(l) "State Transport Development and Road Safety Council" means the Council constituted under the Chairmanship of Hon'ble Transport Minister, Himachal Pradesh by the State Government;
(m) "State" means the State of Himachal Pradesh;
(n) "State Government" means the Government of Himachal Pradesh;
(o) "State Level Managing Committee" means a Committee set up under rule 8 of these rules for proper management of the Fund and road safety activities;
280 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944(p) 'Committee of Road Safety' means a Committee on Road Safety (CoRS) constituted by the Hon'ble Supreme Court of India in para 32 of the judgement passed in Writ Petition (Civil) No. 295 of 2012- Dr. S. Rajaseekaran Vs Union of India and others ; and
(q) "Lead Agency/Road Safety Cell" means Lead Agency/Road Safety Cell set up in the Directorate of Transport by the State Government vide Transport Department notification No. TPT-F (9)-3/2016-III, dated 16-07-2019 and any other notification issued in this regard from time to time.
(2) All other words and expressions used in these rules but not defined therein shall have the same meaning as are respectively assigned to them under the Act.
3. Establishment and regulation of the Himachal Pradesh Road Safety Fund.—(1) There shall be established a Fund by the State Government to be known as "Himachal Pradesh Road Safety Fund" with the object of strengthening road safety and implementation of road safety measure and activities in Himachal Pradesh.
(2) The fund shall be operated and managed by the State Level Managing Committee.
(3) The Administrative Department in respect of Fund shall be Transport Department of the Government of Himachal Pradesh.
4. Objectives of the Fund.—(1) The fund shall generally be utilized for the following activities/ projects/schemes/works relating to road safety measures in the State, namely:—
(a) to formulate activities and implement schemes, projects and awareness programmes/ campaigns pertaining to road safety and related activities through information education and communication in schools, colleges, institutions etc;
(b) to impart safe driving education and create awareness about traffic rules among the public;
(c) to enhance road accident data collection/gathering, identification of black spots, improvement of blind spots, accident prone/potential/ vulnerable spots or potential places and to take corrective measures or reformatory measures for in-depth scientific study of the causes of road accidents in high incidence locations including transition from higher to lower category roads and run-of-roads;
(d) to provide road safety related equipment to police and transport departments for effective enforcement of traffic rules including overloading and controlling road accidents;
(e) to strengthen and improve the system of issuance of driving licences including construction of driving training and automated driver testing tracks;
(f) to take steps to make the certification system of fitness of motor vehicles fully automatic and effective;
(g) to provide safe driving education to the learner license aspirants through safe driving education centres;
281 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944(h) to take necessary steps to install road signs, pavement marking, crash barriers, speed restrictions for safe plying of vehicles and provide footpaths, pedestrian cross overs facilities, speed calming measures for safe movements of all categories of road users;
(i) to train and equip the Good Samaritans/first responders/volunteers in high accident- prone locations along roads for the rescue operation and support emergency and enforcement response;
(j) to ensure necessary steps to establish trauma centre in each district;
(k) to ensure checking of over-loading of school buses; and
(l) any other activity relating to road safety on roads as per mandate of the Hon'ble Supreme Court Committee on Road Safety and Road Safety Policy of the State.
(2) Broadly, the following or any other activity relating to road safety on roads as per mandate of the Hon'ble Supreme Court Committee on Road Safety and Road Safety Policy of the State shall be financed from this Fund, namely:-
(A) Road Safety Measures:
1. To upgrade Integrated Road Accident Database (iRAD) for enhancing road accident data gathering, identification of blackspots, to connect hospitals providing post- accident care and the Traffic Police and making policies to control road accidents;
2. To take corrective/reformatory measures after in-depth scientific study of the causes of road accidents;
3. To identify accident prone spots/potential/ vulnerable places;
4. To purchase and maintain equipment for traffic management and road safety including installation and maintenance of static weigh bridges/fully automated weigh-in-motion bridges and CCTV cameras;
5. To set up automated driving training and testing tracks for strengthening the driving license system;
6. To set up Inspection and Certification centers or Mobile authorized testing stations for checking fitness of vehicles and issuance of certificate of fitness;
7. To maintain parking areas for impounded vehicles; and
8. To undertake any other work related to road safety measures and traffic management which the State Level Standing Committee deems proper or useful.
(B) Traffic/Road Safety Education:
1. To undertake road safety campaign to make road safety a culture in the State;
2. To establish traffic education parks;
3. To make wide publicity of traffic rules through different modes of media;
282 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 4. To prepare publicity materials related to road safety and traffic management;5. To organize competitions for imparting knowledge of traffic rules and building awareness about road safety among students and general public;
6. To purchase and maintain equipment related to traffic education;
7. To organize road safety weeks, exhibitions and nukkad nataks;
8. To organize seminars, workshops, meetings, rallies, competitions and other such programmes related to road safety for drivers, schools, children, youth, colleges/ITIs etc.;
9. To organize traffic related training for different ranks of officers/staff of police, transport and other stakeholder departments;
10. To conduct studies to improve traffic management for controlling road accidents;
11. Organise Eye Testing Camps for Drivers of all kinds of motor vehicles;
12. Providing Grant-in-Aid to Non-Voluntary Organisation working in the field of road safety to carry out more road safety activities;
13. Road Safety Education through Safety Driving Education Centres before issue of driving licences to aspirants/renewal applicants; and
14. Any other programme /activity necessary from road safety point of view.
(C) Traffic Enforcement:
1. To purchase, operate and maintain modern traffic management and enforcement equipment including cranes on congestion areas for speed limit violators, red light jumping, use of mobile phones while driving, drunken driving, overloaded commercial/ passenger vehicles, dangerously parked vehicles along roads etc.; 2. To purchase and maintain interceptors by the Transport and Police Departments;
3. To provide equipment to law enforcement officials and traffic wardens for ensuring zero tolerance of traffic rules violators; and
4. To establish GPS/GIS based Intelligence Transport System combined with control and command centre(s) in high accident prone urban/rural areas.
(D) Road Engineering:
1. To improve Black-spots, steep grades, blind curves, rescue conflicts, junctions, intersections, identification and mapping of locations with a high incidence of accidents, elimination of black spots with proper transition from higher category to lower category roads and implement corrective measures;
2. To provide crash-barriers for reduction of run-of road accidents, parapets, speed restrictions, chevron markings, retro-reflective tapes, pavement markings, delineators etc.;
283 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 19443. To install and maintain mandatory/ regulatory, cautionary and informative road sign boards, various traffic signals, signage's as per immediate local needs, in the interest of public safety, where it is not possible for other departments to install/ maintain the same;
4. To ensure proper pedestrian continuous footpaths, cross-over facilities and speed calming measures to vulnerable road users, persons with disabilities, senior citizens, and children;
5. To provide facilities to hawkers, private vehicle repair workshops' away from road infrastructure, wherever feasible to relieve the roads from encroachments; and 6. To promote Safe Corridor Concept for piloting star rating of the high accident prone National Highways /State Highways/Major District Roads/Urban roads.
(E) Emergency Care:
1. To provide golden hour rescue and medical aid and pre-medical care to accident victims through trauma centers for improving post-accident response;
2. To provide cashless treatment to accident victims or provide medical relief through applicable Government Schemes;.
3. To reimburse expenditure incurred on the transportation of the injured persons in road accidents to Government/ private hospitals;
4. To provide single toll-free helpline for seamless networking amongst police, health care facilities, rescue services, fleet of ambulances, cranes /recovery tow trucks etc.; 5. To build capacity for paramedic, rescue and emergency response system supported by ambulances, first-aid kits, tools, communication system; and
6. To train and equip the volunteers in high accident prone areas to support emergency and enforcement response.
5. Sources of Fund.—(1) The following shall be sources of the Fund:—
(a) The Finance Department may make a budgetary provision equal to the 50% of the compounding fee collected by the Police and Transport Departments under the Act in Major Head 0041- Taxes on Vehicle, 101-Receipt, 04-Penalty during the previous financial year;
(b) Any financial contribution, grant, donation etc. made/given by the State Government or the Government of India or any other agency;
(c) Any Corporate Social Responsibility (CSR) fund or voluntary contribution; and (d) Levy of charges on the services by the Government.
(2) The financial contributions under clauses (b), (c) and (d) of sub- rule(1) shall also be deposited in the Fund.
284 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 19446. Maintenance of Fund and Audit.—(1) The Accounts Section of the Road Safety Cell, under the supervision of the Assistant Controller (F and A) of Transport Department or such other Finance Officer as authorized by the Director, Transport, shall maintain accounts of the expenditure incurred from the Fund in accordance with the provisions herein, Government Financial Rules and Executive Instructions and Treasury/Relevant Rules, as applicable.
(2) The accounts shall be reconciled at the end of each month and Receipt and Expenditure statement of the Road Safety Fund for the Financial Year, shall be made available to the Member- Secretary, at the closure of the Financial Year.
(3) The Fund shall be non-lapsable and the unutilized amount left in the Fund at the end of each financial year shall be carried forward to the next financial year in the Fund.
(4) The accounts shall be audited by the Accountant General, Himachal Pradesh.
7. Accounting and Classification of Fund and Financial Procedure.— (1) The Fund shall be established by opening two separate Bank accounts in any commercial Bank approved by RBI. In 1st account, the budget allocations from the Government will be deposited, whereas in the 2nd account, the contributions from other than Government sources will be deposited.
(2) The interest accrued on the Government deposits in a Bank will be deposited in the receipt head of the State Government after the end of each financial year, whereas, any contribution/donation including interest accrued thereon, from sources other than Government, shall form a part of the Fund.
(3) The budget/funds for Road Safety shall be allocated under Demand No. 25 of Transport Department under Major Head: 2041 – Taxes on Vehicles, Minor Head: 800–Other Charges, Sub-Head 01-Road Safety Fund, SOE: 20 - Other Charges.
(4) The funds in respect of the activities/ projects/works approved by the committee under the Annual Action Plan for a given Financial Year shall be drawn and directly transferred into the Road Safety Fund of the Transport Department.
(5) The budget allocated under the Head of Account as mentioned in sub-rule (3) shall be non-lapsable and the Lead Agency/Road Safety Cell shall be competent to draw the unutilized budget at the end of the Financial Year, and same shall constitute a part of the Fund.
(6) The expenditure related to the Annual Action Plan, including the funds to be transferred to the stakeholder/line departments, shall be incurred out of the Fund.
(7) The stakeholder/line departments shall maintain proper record and accounting of the funds allocated out of the Fund, and shall be responsible for proper utilization of such funds.
(8) The stakeholder/line departments shall submit the utilization certificates of the funds so allocated to the Lead Agency/ Road Safety Cell, on half yearly basis, or as and when requisitioned by the Lead Agency/ Road Safety Cell.
8. State Level Managing Committee.—The State Government shall constitute a State Level Managing Committee consisting of following:—
(i) Chief Secretary to Government of H.P.
. .Chairman;
285 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 (ii) ACS/Principal Secretary/Secretary (Finance) . .Member;(iii) ACS/Principal Secretary/Secretary (Transport)
. .Member;
(iv) ACS/Principal Secretary/Secretary (PWD)
. .Member;
(v) ACS/Principal Secretary/Secretary (Home)
. .Member;
(vi) ACS/Principal Secretary/Secretary (Health)
. .Member;
(vii) ACS/Principal Secretary/Secretary (Education)
. .Member;
(viii) Principal Secretary/Secretary (Law)
. .Member;
(ix) Director General of Police, H.P.
. .Member; and
(x) MD, HRTC –cum-CEO HPCT BSM and DA
. .Member (xi) Director Transport, H.P.
. .Member-Secretary
(2) All the members of State Level Managing Committee shall be Ex-officio members.
9. Powers and Duties of State Level Managing Committee.—(1) Each stakeholder department i.e. PWD, Transport, Police, Education and Health will submit to the Member- Secretary of the State Level Managing Committee the estimates of identified activities/proposed projects/ works to be included in the Annual Plan on Road Safety. The Committee shall prioritise and approve the activities/projects/works identified by the stakeholder departments to be financed under the Fund as Annual Action Plan on Road Safety.
(2) The State Level Managing Committee shall be in-charge of the Fund and responsible for approval and sanction of the activities/projects/works related to road safety measures.
(3) The State Level Managing Committee shall monitor the physical and financial progress of the activities/projects/works approved under Annual Action Plans on Road Safety.
(4) The State Level Managing Committee shall ensure proper maintenance of accounts of the Fund in accordance with these rules.
(5) The status of all activities/projects/works approved under Annual Action Plan on Road Safety shall be placed by the Committee before the State Transport Development and Road Safety Council for the information and further advice.
(6) The Secretary (Transport) to the Government of Himachal Pradesh shall be the competent authority to accord administrative approval and expenditure sanction for all approved activities/projects/works by the State Level Managing Committee.
(7) The Lead Agency shall be competent to approve expenditure (Recurring or Non- recurring) related to functioning of Lead Agency/ Road Safety Cell established in the office of Director Transport as approved by the State Level Managing Committee.
10. Meeting of State Level Managing Committee.—(1) The quoram for the meeting of the State Level Managing Committee shall be of minimum six members including Chairman.
286 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944(2) The State Level Managing Committee shall meet atleast once in every six months in a financial year.
11. Duties of the Member- Secretary of State Level Managing Committee.—(1) The Member-Secretary of the State Level Managing Committee shall place the estimates of identified activities/proposed projects/ works received from stakeholder Government Department for inclusion in the Annual Action Plan on Road Safety, advisory from State Transport Development and Road Safety Council, any Member of Parliament Road Safety Committee or prepare suo-moto agenda before the State Level Managing Committee for Fund Management after due examination.
(2) The Member-Secretary shall organise the meetings and record the proceedings of Meeting.
(3) The Member-Secretary shall after approval of the Committee, issue formal minutes of meeting under the signature of the Chairman.
(4) The Member-Secretary shall co-ordinate among stakeholder departments for successful execution of approved activities/ proposed projects/ works.
(5) The Member-Secretary shall prepare detailed report of receipts and expenditure to the Committee or as may be required from time to time.
(6) The Member-Secretary shall ensure maintenance of a separate account of the Fund in accordance with the rules.
(7) The Member-Secretary shall ensure publishing the annual road accident data regularly.
12. Implementation Committee.—The State Government shall constitute an "Implementation Committee" in the Transport Department consisting of following:—
1. Director, Transport
. .Chairman;
. .Member-Secretary;
2. Additional Commissioner (Lead Agency/ Road Safety Cell)
. .Member ;
3. Executive Engineer (Lead Agency/ Road Safety Cell)
. .Member;
4. Dy. Suptt. of Police (Lead Agency/ Road Safety)
. .Member;
5. Deputy Director (Health) (Lead Agency/ Road Safety Cell)
. .Member;
6. Deputy Director (Education) (Lead Agency/ Road Safety Cell)
. .Member; and
7. Deputy Director (Transport) (Lead Agency/ Road Safety Cell)
. .Member.
8. Assistant Controller (F & A) Transport Department287 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 13. Responsibilities for execution of activities/ projects/works financed from the fund.—(1) The approved activities/projects/works shall be executed by the respective stakeholder departments as per approved Annual Plans. The implementation of approved activities/projects/ works shall be co-ordinated and monitored by the Implementation Committee for successful execution of all activities/projects/works as approved by the State Level Managing Committee.
(2) The Heads of the Departments of the stakeholder departments shall be responsible for successful execution of all activities/projects/works approved by the State Level Managing Committee. The Heads of the Departments shall regularly monitor the implementation of various activities, construction, maintenance and repair of projects/ assets/equipment financed from the Fund within the area of their respective jurisdiction. The Heads of the Departments of respective stakeholder departments shall supervise, monitor and review the physical and financial progress of the approved activities/projects/works on a monthly basis and send progress report and completion certificate of each activity/project/work to the Member-Secretary of Implementation Committee.
(3) The Government Financial Rules, Executive Instructions and Treasury/Relevant Rules, as applicable from time to time shall be strictly complied with for all procurement/purchases and implementation of approved activities/projects /works.
14. Lead Agency/ Road Safety Cell.—The functions of the Lead Agency/Road Safety Cell shall be as follows:—
(i) To work as a secretariat for the State Road Safety Council, arrange meetings of the Council, issue it's Minutes and monitor the implementation of the decisions of the Council by the concerned Department of the State;
(ii) To co-ordinate with the concerned Departments of the State Govt. to ensure implementation of the directions issued from time to time by the Hon'ble Supreme Court Committee on Road Safety and furnish Compliance Report in a time bound manner;
(iii) To ensure implementation of the directions given by the Central/State Government from time to time;
(iv) To notify annual targets for reduction of accidents and fatalities as fixed by the State Government and draw up an Annual Action Plan to achieve the targets and monitor its implementation;
(v) To collate on a regular basis data on road accidents and analyse the data to identify areas/road stretches and categories of accident victims who are required to be focused upon;
(vi) To manage the Road Safety Fund and ensure that the Fund is effectively utilized; and (vii) Any other task related to road safety assigned by the Government from time-to-time.
15. Repeal and Savings.—(1)The Himachal Pradesh Road Safety Activities Scheme, 2006" notified vide Transport Department notification number Pari-Chh(5) 5/98-II, dated 31st August, 2006 for carrying out road safety activities in the State is hereby repealed from the date of the commencement of these rules.
(2) The repeal of the scheme referred to in sub-rule (1) shall not affect their previous operation or anything done thereunder.
288 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944(3) Notwithstanding the repeal of the scheme under sub-rule (1), all suits, applications or other proceedings pending disposal under the scheme shall be disposed of in accordance with the provisions of the scheme repealed under sub-rule (1) as if the scheme had not been repealed.
By order,
R. D. NAZEEM, Principal Secretary (Transport).
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ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी एवं तहसीलदार धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
किस्म मुकद्दमा : तकसीम तारीख पेशी : 16-04-2022 जैकौर उपनाम जयकौर पुत्री छोटे लाल पुत्री रिझु, निवासी महाल सेरे थाना, मौजा राेंखर, तहसील नगरोटा बगवां, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) हाल निवासी गांव व डा0 सराह, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
बनाम
1. जसविंदर सिंह, 2. जगजीत सिंह पुत्र, 3. रोजी पुत्री व 4. कमलेश कुमारी पत्नी स्व0 श्री रघुबीर सिंह, 5. रणबीर सिंह, 6. रीना देवी पुत्री व 7. बीर कौर पत्नी टेक सिंह, 8. सुदर्शन सिंह, 9. सतीश सिंह, 10. किरण पुत्री, 11. सुनीता देवी पुत्री बचनी देवी पत्नी रणबीर सिंह, निवासी महाल व मौजा भटेहड़, तहसील . . प्रतिवादीगण। धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)
नोटिस बनाम
विषय.--हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 123 के अन्तर्गत भूमि खाता नं0 10, खतौनी नं0 19, खसरा 121, 139,142, 144, 160, 164, 165, कित्ता 7, रकबा तादादी 00-41-56 है0 महाल व मौजा भटेहड़, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)। जमाबन्दी साल 2010-11
जैकौर उपनाम जयकौर पुत्री छोटे लाल पुत्री रिझु, निवासी महाल सेरे थाना, मौजा राेंखर, तहसील नगरोटा बगवां, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) हाल निवासी गांव व डा0 सराह, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) द्वारा इस अदालत में खाता नं0 10, खतौनी नं0 19, खसरा 121, 139,142, 144, 160, 164, 165, कित्ता 7, रकबा तादादी 00-41-56 है0 महाल व मौजा भटेहड़, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) में मुकद्दमा तकसीम बारे दायर कर रखा है जिसमें उपरोक्त प्रतिवादीगण को समन की तामील साधारण तरीके से न हो पा रही है। लिहाजा फी्रकेन दोयम को बजरिया इस इश्तहार राजपत्र के द्वारा सूचित किया जाता है कि दिनांक 16-04-2022 को प्रातः 10.00 बजे बराये पैरवी मुकद्दमा असालतन या वकालतन अदालत हजा में हाजिर होवें व मुकद्दमें की पैरवी करें। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। दीगर उजर काबिले समायत न होगा।
आज दिनांक 16-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
नोट : उजरत मुनादी लफ है।
मोहर।
हस्ताक्षरित/-, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,
धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।289 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 ब अदालत श्री जय चन्द सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी धर्मशाला, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)
मुकद्दमा नं0 : /NT/22
श्री रोशन लाल पुत्र भीम सैन, निवासी बगियाडा, डाकघर व तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र जेरे धारा 37(2) हिमाचल प्रदेश नाम दुरुस्ती करने बारे।
नोटिस बनाम आम जनता।
श्री रोशन लाल पुत्र भीम सैन, निवासी बगियाडा, डाकघर व तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित मुकद्दमा दायर किया है कि मेरे पिता का नाम राजस्व रिकार्ड महाल मच्छा में मिया पुत्र सौकी दर्ज है जोकि गलत है जबकि मेरे पिता का नाम मिया पुत्र सौकी की बजाये भीमसैन पुत्र सौकी है। इस नोटिस के द्वारा समस्त जनता को तथा सम्बन्धित सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को भीमसैन पुत्र सौकी की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह अपना एतराज हमारी अदालत में दिनांक 25-04-2022 को असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा मुताबिक शपथ-पत्र कुलदीप चौधरी पुत्र सुख लाल के नाम की दुरुस्ती पंजीकृत किये जाने बारे आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 23-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
हस्ताक्षरित/- मोहर। सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।
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ब अदालत श्री जय चन्द सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी धर्मशाला, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)
मुकद्दमा नं0 : 9/NT/22
श्री शिव दर्शन थापा पुत्र मुहब्बत सिंह, निवासी सिद्धबाड़ी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र जेरे धारा 37(2) हिमाचल प्रदेश नाम दुरुस्ती करने बारे।290 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 नोटिस बनाम आम जनता। श्री शिव दर्शन थापा पुत्र मुहब्बत सिंह, निवासी सिद्धबाड़ी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित मुकद्दमा दायर किया है कि मेरा नाम राजस्व रिकार्ड महाल सिद्धबाड़ी में शिव सिंह पुत्र मुहब्बत दर्ज है जोकि गलत है जबकि मेरा नाम शिव सिंह पुत्र मुहब्बत की बजाये शिव दर्शन थापा पुत्र मुहब्बत सिंह है। इस नोटिस के द्वारा समस्त जनता को तथा सम्बन्धित सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को शिव दर्शन थापा पुत्र मुहब्बत सिंह की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह अपना एतराज हमारी अदालत में दिनांक 25-04-2022 को असालतन या वकालतन हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा मुताबिक शपथ कुलदीप चौधरी पुत्र सुख लाल के नाम की दुरुस्ती पंजीकृत किये जाने बारे आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 23-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर। हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।
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ब अदालत श्री जय चन्द सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी धर्मशाला, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)
मुकद्दमा नं0 : 11/NT/22
श्री शशिबाला पत्नी प्रवीन कुमार, निवासी सकोह, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र जेरे धारा 37(2) हिमाचल प्रदेश नाम दुरुस्ती करने बारे।
नोटिस बनाम आम जनता।
श्री शशिबाला पत्नी प्रवीन कुमार, निवासी सकोह, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित मुकद्दमा दायर किया है कि मेरे ससुर का नाम राजस्व रिकार्ड महाल उपरैड में जसवंत दर्ज है जोकि गलत है जबकि मेरे ससुर का नाम जसवंत की बजाये जामावंत पुत्र शाली राम है। इस नोटिस के द्वारा समस्त जनता को तथा सम्बन्धित सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को जामावंत पुत्र शाली राम की दुरुस्ती बारे कोई एतराज हो तो वह अपना एतराज हमारी अदालत में दिनांक 25-04-2022 को असालतन या वकालतन हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है अन्यथा मुताबिक शपथ-पत्र जामावंत पुत्र शाली राम के नाम की दुरुस्ती पंजीकृत किये जाने बारे आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 23-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर। हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।291 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)
मुकद्दमा नं0 : /NT/22
Sh. Simro Devi d/o Sh. Roshan Lal, r/o Sidhwari, Tehsil Dharamshala, District Kangra (H.P.).
बनाम
आम जनता
विषय.--प्रार्थना-पत्र जेरे धारा 13(3) हिमाचल प्रदेश पंजीकरण अधिनियम, 1969.
Sh. Simro Devi d/o Sh. Roshan Lal, r/o Sidhwari, Tehsil Dharamshala, District Kangra (H.P.) ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित मुकद्दमा दायर किया है कि मेरा जन्म तिथि दिनांक 01-07-1953 को हुआ है परन्तु एम0 सी0 धर्मशाला/ग्राम पंचायत में जन्म पंजीकृत न है। अतः इसे पंजीकृत किये जाने के आदेश दिये जायें। इस नोटिस के द्वारा समस्त जनता को तथा सम्बन्धित सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त Sh. Simro Devi d/o Sh. Roshan Lal के जन्म को पंजीकृत किये जाने बारे कोई एतराज हो तो वह अपना एतराज हमारी अदालत में दिनांक 25-04-2022 को असालतन या वकालतन हाजिर होकर पेश कर सकता है अन्यथा मुताबिक शपथ-पत्र जन्म तिथि 01-07-1953 पंजीकृत किये जाने बारे आदेश पारित कर दिये जायेंगे।
आज दिनांक 23-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।
मोहर। हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी,
धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।
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ब अदालत श्री गोपाल कृष्ण मुखिया, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, रामपुर बुशैहर, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश
मुकद्दमा नं0 : 03/2018
तारीख दायर : 25-06-2018 कलम सिंह बनाम राम सैन आदि 1. श्री सुरत राम पुत्र राम लाल, गांव कुमसू, डा0 नोगली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0), 2. श्री ज्ञान सिंह पुत्र शिव राम, गांव कुमसू, डा0 नोगली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0), 3. श्रीमती शान्ती देवी पुत्री कुन्दन लाल, गांव कुमसू, डा0 नोगली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0), 4. श्रीमती बिशना पत्नी स्व0 श्री कुन्दन लाल, गांव कुमसू, डा0 नोगली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0), 5. श्रीमती मीरा देवी पत्नी स्व0 श्री कुन्दन लाल, गांव कुमसू, डा0 नोगली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0) . . प्रतिवादी। दरख्वास्त तकसीम जेर धारा 123 हि0प्र0भू0रा0अ0 बाबत अराजी खाता/खतौनी नं0 86/235, ता 237, कित्ते-3, रकबा तादादी 01-00-19 है0, खाता/खतौनी नं0 91/260, ता 265, कित्ते-8, रकबा तादादी 292 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 01-16-23 है0, खाता/खतौनी नं0 92/266, ता 267, कित्ते-3, रकबा तादादी 00-46-00 है0 वाका चक कुमसू, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0)।
नोटिस बनाम सुरत राम आदि।
प्रार्थी श्री कलम सिंह पुत्र श्री रोशन लाल, गांव बसाहरा, डा0 करतोट, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0) ने अराजी खाता/खतौनी नं0 86/235, ता 237, कित्ते-3, रकबा तादादी 01-00-19 है0, खाता/खतौनी नं0 91/260, ता 265, कित्ते-8, रकबा तादादी 01-16-23 है0, खाता/खतौनी नं0 92/266, ता 267, कित्ते-3, रकबा तादादी 00-46-00 है0 वाका चक कुमसू, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0) की तकसीम दरख्वास्त इस अदालत में बराए हुकमन तकसीम गुजारी है जो इस अदालत में विचाराधीन है। प्रतिवादी नं0 क्र0 सं0 5 (सुरत राम पुत्र राम लाल), 14 (ज्ञान सिंह पुत्र शिव राम) 23 (शान्ती देवी पुत्री कुन्दन लाल), 27 (बिशना पत्नी स्व0 श्री कुन्दन लाल) 28 (श्रीमती मीरा देवी पत्नी स्व0 श्री कुन्दन लाल) की तामील बार-बार समन जारी होने के कारण असालतन न होनी पाई जा रही है न ही सही पता प्राप्त हो रहा है। जिस कारण इस अदालत को यकीन हो गया है कि इनकी तामील साधारण तरीके से होनी सम्भव नहीं है। अतः प्रतिवादी नं0 5, 14, 23, 27, 28 को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि वे दिनांक 19-04-2022 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन पैरवी मुकद्दमा हेतु हाजिर अदालत आएं। हाजिर न आने की सूरत में यह समझा जाएगा के इस खाता की तकसीम बारा किसी भी प्रकार का एतराज नहीं है तथा यकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।
आज दिनांक 22-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
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ब अदालत श्री गोपाल कृष्ण मुखिया, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, रामपुर बुशैहर, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश
मुकद्दमा नं0 : 04/2018
तारीख दायर : 25-06-2018 कलम सिंह बनाम राम सैन आदि 1. श्रीमती कुन्जी देवी पुत्री श्री शीशी राम, गांव कुमसू हालाबाद पत्नी श्री हरी सिंह उर्फ कमला, गांव शील, डा0 करेरी, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0), 2. श्री सुरत राम पुत्र राम लाल, गांव कुमसू, डा0 नोगली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0), 3. श्री ज्ञान सिंह पुत्र शिव राम, गांव कुमसू, डा0 नोगली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0), 4. श्रीमती शान्ती देवी पुत्री कुन्दन लाल, गांव कुमसू, डा0 नोगली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0), 5. श्रीमती बिशना पत्नी स्व0 श्री कुन्दन लाल, गांव कुमसू, डा0 नोगली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0), 6. श्रीमती मीरा देवी पत्नी स्व0 श्री कुन्दन लाल, 7. श्री परमा नन्द पुत्र राम दयाल, गांव कुमसू, डा0 नोगली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0) . . प्रतिवादी। दरख्वास्त तकसीम जेर धारा 123 हि0प्र0भू0रा0अ0 बाबत अराजी खाता/खतौनी नं0 90/241, ता 259, कित्ते-70, रकबा तादादी 03-64-64 है0 वाका चक कुमसू, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0)।293 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 नोटिस बनाम सुरत राम आदि।
प्रार्थी श्री कलम सिंह पुत्र श्री रोशन लाल, गांव बसाहरा, डा0 करतोट, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0) ने अराजी खाता/खतौनी नं0 90/241, ता 259, कित्ते-70, रकबा तादादी 03-64-64 है0 वाका चक कुमसू, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0प्र0) की तकसीम दरख्वास्त इस अदालत में बराए हुकमन तकसीम गुजारी है जो इस अदालत में विचाराधीन है। प्रतिवादी नं0 क्र0 सं0 3 (श्रीमती कुन्जी देवी पुत्री श्री शीशी), 5 (श्री सुरत राम पुत्र राम लाल), 19 (श्री ज्ञान सिंह पुत्र शिव राम), 22 (श्रीमती शान्ती देवी पुत्री कुन्दन लाल), 26 बिशना पत्नी स्व0 श्री कुन्दन लाल, 27 (श्रीमती मीरा देवी पत्नी स्व0 श्री कुन्दन लाल), 29 (परमा नन्द पुत्र राम दयाल) की तामील बार-बार समन जारी होने के कारण असालतन न होनी पाई जा रही है न ही सही पता प्राप्त हो रहा है। जिस कारण इस अदालत को यकीन हो गया है कि इनकी तामील साधारण तरीके से होनी सम्भव नहीं है। अतः प्रतिवादी नं0 3, 5, 19, 22, 26, 27, 29 को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि वे दिनांक 19-04-2022 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन पैरवी मुकद्दमा हेतु हाजिर अदालत आएं। हाजिर न आने की सूरत में यह समझा जाएगा के इस खाता की तकसीम बारा किसी भी प्रकार का एतराज नहीं है तथा यकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जावेगी।
आज दिनांक 22-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
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ब अदालत श्री गोपाल कृष्ण मुखिया, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, रामपुर बुशैहर, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश
मुकद्दमा नं0 :
तारीख दायर :
श्री मोहन लाल पुत्र शालिग राम, गांव खनेवली, डा0 देवनगर, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला . . प्रार्थी। (हि0 प्र0)।
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। दरख्वास्त दुरुस्ती नाम माल कागजात अराजी खाता/खतौनी नं0 12/33 व 34, 10/19, 28/66 मिन, महाल नैहरी, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
नोटिस बनाम आम जनता ।
दरख्वास्त नाम दुरुस्ती कागजात माल हमारे समक्ष प्रार्थी श्री मोहन लाल पुत्र शालिग राम, गांव खनेवली, डा0 देवनगर, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0) ने इस आशय के साथ प्रस्तुत की है कि पंचायत रिकार्ड, आधार कार्ड के मुताबिक प्रार्थी का नाम मोहन लाल पुत्र शालीग राम सही व दुरुस्त है परन्तु अराजी खाता/खतौनी नं0 12/33 व 34, 10/19, 28/66 मिन, महाल नैहरी, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0) के खाना मालिक में मोहन सिंह पुत्र शालिग राम दर्ज किया गया है जोकि गलत है जबकि प्रार्थी का सही नाम मोहन लाल है जिसकी पुष्टि के लिए प्रार्थी ने छायाप्रति पंचायत रिेकार्ड आदि अन्य 294 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 दस्तावेज संलग्न दरख्वासत कर रखे हैं। प्रार्थी अपना नाम उक्त माल कागजात में मोहन सिंह के स्थान पर मोहन लाल दुरुस्त/दर्ज करवाना चाहता है।
अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि राजस्व अभिलेख में मोहन लाल उर्फ मोहन सिंह दुरुस्त/दर्ज करने बारा किसी भी व्यक्ति का किसी भी प्रकार का उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 23-04-2022 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर उजर व एतराज पेश कर सकता है अन्यथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 25-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
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ब अदालत श्री गोपाल कृष्ण मुखिया, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, रामपुर बुशैहर, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश
मुकद्दमा नं0 :
तारीख दायर :
श्री संदीप कुमार पुत्र मनोहर लाल, गांव खनेवली, डा0 देवनगर, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला . . प्रार्थी। (हि0 प्र0)।
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। दरख्वास्त दुरुस्ती नाम माल कागजात अराजी खाता/खतौनी नं0 1/1 ता 3 व 25/60 मिन, महाल खनेवली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
नोटिस बनाम आम जनता ।
दरख्वास्त नाम दुरुस्ती कागजात माल हमारे समक्ष प्रार्थी श्री संदीप कुमार पुत्र मनोहर लाल, गांव खनेवली, डा0 देवनगर, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0) ने इस आशय के साथ प्रस्तुत की है कि पंचायत रिकार्ड, आधार कार्ड के मुताबिक प्रार्थी का नाम संदीप कुमार पुत्र मनोहर लाल सही व दुरुस्त है परन्तु अराजी खाता/खतौनी नं0 1/1 ता 3 व 25/60 मिन, महाल खनेवली, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0) के खाना मालिक में रवी दर्ज किया गया है जोकि गलत है जबकि प्रार्थी का सही नाम संदीप कुमार है जिसकी पुष्टि के लिए प्रार्थी ने छायाप्रति पंचायत रिेकार्ड आदि अन्य दस्तावेज संलग्न दरख्वासत कर रखे हैं। प्रार्थी अपना नाम उक्त माल कागजात में रवी के स्थान पर संदीप कुमार दुरुस्त/दर्ज करवाना चाहता है।
अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि राजस्व अभिलेख में संदीप कुमार उर्फ रवी दुरुस्त/दर्ज करने बारा किसी भी व्यक्ति का किसी भी प्रकार का उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 23-04-2022 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर उजर व एतराज पेश कर सकता है अन्यथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।295 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 आज दिनांक 25-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
-------- ब अदालत श्री गोपाल कृष्ण मुखिया, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, रामपुर बुशैहर, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश
मुकद्दमा नं0 :
तारीख दायर :
श्रीमती ललिता देवी पत्नी श्री शंकर दास, गांव डकोलड, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
. . प्रार्थिया।
बनाम
आम जनता
. . प्रतिवादी। दरख्वास्त दुरुस्ती नाम माल कागजात अराजी खाता/खतौनी नं0 167/574, 166/573, 164/569, 168/575, महाल शिंगला, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
नोटिस बनाम आम जनता ।
दरख्वास्त नाम दुरुस्ती कागजात माल हमारे समक्ष प्रार्थिया श्रीमती ललिता देवी पत्नी श्री शंकर दास, गांव डकोलड, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)ने इस आशय के साथ प्रस्तुत की है कि पंचायत रिकार्ड, आधार कार्ड के मुताबिक प्रार्थिया का नाम ललिता देवी सही व दुरुस्त है परन्तु अराजी खाता/खतौनी नं0 167/574, 166/573, 164/569, 168/575, महाल शिंगला, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0) के खाना मालिक में लोभी देवी दर्ज किया गया है जोकि गलत है जबकि प्रार्थिया का सही नाम ललिता देवी है जिसकी पुष्टि के लिए प्रार्थिया ने छायाप्रति पंचायत रिेकार्ड आदि अन्य दस्तावेज संलग्न दरख्वास्त कर रखे हैं। प्रार्थिया अपना नाम उक्त माल कागजात में लोभी देवी के स्थान पर ललिता देवी उर्फ लोभी देवी दुरुस्त/दर्ज करवाना चाहती है।
अतः आम जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि राजस्व अभिलेख में ललिता देवी उर्फ लोभी देवी दुरुस्त/दर्ज करने बारा किसी भी व्यक्ति का किसी भी प्रकार का उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 23-04-2022 को प्रातः 10.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर अदालत आकर उजर व एतराज पेश कर सकता है अन्यथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 25-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश 1. श्री विपिन मैहता पुत्र श्री प्रताप सिंह, गांव व डा0 मशनु, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0) 296 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 2. दीपाली पटयाल पुत्री आर0 एस0 पटयाल हालाबाद पत्नी श्री विपिन मैहता पुत्र श्री प्रताप सिंह, गांव व डा0 मशनु, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
बनाम
आम जनता
विषय.-प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 8 (4) विवाह पंजीकरण अधिनियम, 1996.
श्री विपिन मैहता पुत्र श्री प्रताप सिंह, गांव व डा0 मशनु, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0) ने इस नयायालय में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र पेश किया है कि उसका विवाह श्रीमती दीपाली पटयाल पुत्री आर0 एस0 पटयाल, निवासी वार्ड नं0 5 (डीम), तहसील निरमण्ड, जिला कुल्लू (हि0 प्र0) के साथ दिनांक 02-05-2021 को मताबिक हिन्दू रीति रिवाज हुई थी परन्तु अज्ञानतावश शादी का पंजीकरण ग्राम पंचायत मशनु के पंचायत अभिलेख में दर्ज नही करवाया गया है। प्रार्थी ने अपनी शादी की पुष्टि हेतु शपथ-पत्र व अन्य दस्तावेज सचिव ग्राम पंचायत द्वारा जारी रिपोर्ट मय आवेदन पत्र दायर किया है। प्रार्थी अब अपना विवाह पंजीकरण उक्त पंचायत के अभिलेख में पंजीकृत करवाना चाहता है।
अतः आम जनता कोे इस इश्तहार/मुस्त्री मुनादी द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को उक्त विवाह पंजीकरण करवाने बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 23-04-2022 को प्रातः 10.00 बजे या इससे पूर्व असालतन/वकालतन हाजिर अदालत होकर पेश करें । गैर हाजरी की सूरत में एक तरफा कार्यवाही करके नियमानुसार सम्बन्धित ग्राम पंचायत को विवाह पंजीकृत करने के आदेश पारित किये जाएंगे।
आज दिनांक 25-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्ष्रित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील रामपुर बुशैहर, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
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ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील शिमला ग्रामीण, जिला शिमला (हि0 प्र0) मुकद्दमा संख्या : 10/2021 तारीख मरजुआ : 14-01-2021 तारीख पेशी : 06-05-2022 श्रीमती बर्फी देवी पत्नी स्व0 श्री हरी दास, निवासी सेंट मर्की बैप्टिस्ट चर्च, बिल्डिग, बिलो कालीबारी मन्दिर, शिमला मारफत मुख्त्यार खास श्री बसंत सिंह पुत्र स्व0 श्री हरी दास। ..प्रार्थिया।
बनाम
1. श्री मस्त राम पुत्र श्री चौधरी, निवासी गांव/मोहाल गुडशाली, पटवार वृत्त टुटू, तहसील व जिला शिमला (हि0प्र0), 2. श्रीमती मीना कुमारी पुत्री चौधरी, निवासी गांव/मोहाल गुडशाली, पटवार वृत्त टुटू, तहसील व जिला शिमला (हि0प्र0), 3. श्री संजय पुत्र श्री चरण दास, निवासी गांव/मोहाल गुडशाली, पटवार वृत्त टुटू, तहसील व जिला शिमला (हि0प्र0), 4. श्रीमती हेमा पुत्री श्री चरन दास, निवासी गांव/मोहाल गुडशाली, पटवार वृत्त टुटू, तहसील व जिला शिमला (हि0प्र0), 5. श्रीमती शीला पत्नी श्री चरन दास, निवासी गांव/मोहाल गुडशाली, पटवार वृत्त टुटू, तहसील व जिला शिमला (हि0प्र0), 6. श्री केशव राम पुत्र श्री सागर दास, निवासी गांव/मोहाल गुडशाली, पटवार वृत्त टुटू, तहसील व जिला शिमला (हि0प्र0), 7. श्री दीपक कुमार पुत्र श्री यशवंत सिंह, निवासी गांव/मोहाल गुडशाली, पटवार वृत्त टुटू, तहसील व जिला शिमला (हि0प्र0), स्थाई निवासी गांव बदोही, तहसील सरकाघाट जिला मण्डी (हि0प्र0)। ..प्रतिवादीगण।297 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 प्रार्थना-पत्र.-बराये जेर धारा 123 के अन्तर्गत भू-विभाजन हेतु प्रार्थना-पत्र बाबत भूमि मन्दरजा खाता/खतौनी नं0 59/161, खसरा नं0 324, रकबा तादादी 00-25-19 हैक्टेयर वाका मौजा गुडशाली, पटवार वृत्त टुटू, तहसील व जिला शिमला (हि0प्र0)।
श्रीमती बर्फी देवी पत्नी स्व0 श्री हरी दास, निवासी सेंट मर्की बैप्टिस्ट चर्च, बिल्ड़िग, बिलो कालीबारी मन्दिर, शिमला मारफत मुख्त्यार खास श्री बसंत सिंह पुत्र स्व0 श्री हरी दास ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र बराये जेर धारा 123 के अन्तर्गत भू-विभाजन हेतु अराजी खाता/खतौनी नं0 59/161, खसरा नं0 324, रकबा तादादी 00-25-19 हैक्टेयर वाका मौजा गुडशाली, पटवार वृत्त टुटू, तहसील व जिला शिमला बारे प्रस्तुत किया है। जिसमें पतिवादी नं0 1, 2, 3, 4, 5, 7 की तामील सही पता उपलब्ध न हो पाने के कारण नही हो पा रही है। जिस कारण मामला बाबत तकसीम में अनावश्यक देरी हो रही है।
अतः अदालत हजा को विश्वास हो चुका है कि प्रतिवादी नं0 1, 2, 3, 4, 5, 7 की तामील साधारण तरीके से होना संभव न है। अतः इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि प्रतिवादी नं0 1, 2, 3, 4, 5, 7 स्वयं व उनके जायज वारसानों में से किसी को भी उपरोक्त मुकद्दमा बाबत तकसीम बारे कोई उजर व एतराज हो तो स्वयं या लिखित तौर पर दिनांक 06-05-2022 को अपराह्न 2.00 बजे तक कोर्ट परिसर चक्कर में आकर अपना एतराज पेश करें, अन्यथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज तारीख 01-04-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर। हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, तहसील शिमला ग्रामीण, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
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ब अदालत श्री ललित कुमार, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील ननखरी, जिला शिमला (हि0प्र0)
श्री नवीन कुमार पुत्र स्व0 श्री सिंधु राम, गांव सीपुर, डाकघर मशोबरा, तहसील शिमला ग्रामीण, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
बनाम
आम जनता
उनवान मुकद्दमा.--प्रार्थना-पत्र नाम दुरुस्ती बारे।
यह दरख्वास्त श्री नवीन कुमार पुत्र स्व0 श्री सिंधु राम, गांव सीपुर, डाकघर मशोबरा, तहसील शिमला ग्रामीण, जिला शिमला (हि0 प्र0) ने इस आशय के साथ प्रस्तुत किया है कि उसका नाम राजस्व रिकार्ड के महाल अडडू के राजस्व रिकार्ड में तोता राम दर्ज है जो कि गलत है प्रार्थी जिसे नवीन कुमार दुरुस्त करवाना चाहता है पुष्टि हेतु नकल जमाबन्दी सम्बन्धित शपथ-पत्र व आधार कार्ड, पहचान पत्र व नकल परिवार रजिस्टर संलग्न किया गया है।
अतः इस इश्तहार द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को या नवीन कुमार को नाम दुरुस्ती बारे कोई आपत्ति हो तो वह दिनांक 28-04-2022 को या इससे पूर्व अदालत हजा में हाजिर आकर अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकता है। बाद गुजरने मियाद कोई भी उजर/एतराज काबिले समायत न होगा तथा नियमानुसार नाम दुरुस्ती बारा सम्बन्धित गिरदावर हल्का को राजस्व कागजात में अमलद्रमाद हेतु आदेश पारित किए जाएंगे। 298 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 अतः दिनांक 28-03-2022 को मेरेे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील ननखरी, जिला शिमला (हि0 प्र0)।
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In the Court of Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban)
In the matter of :
1. Sh. Ashish Rahul Banerjee s/o Sh. Sapan Banerjee, aged about 33 years r/o 16-C, Pocket- A, Dilshad Garden, Delhi-110095 (India).
2. Mrs. Supriya John d/o Sh. Prabhat J. Malik w/o Sh. Ashish Rahul Banerjee, aged about 28 years r/o House No. 3, Shimla Sanitariam Hospital, Cirton House, Chaura Maidan Shimla, Tehsil & District Shimla H. P. (India). . . Applicants.
Versus
General Public
Subject.—Proclamation for the registration of marriage under section 15 of Special Marriage Act, 1954.
Sh Ashish Rahul Banerjee s/o Sh. Sapan Banerjee, aged about 33 years r/o 16-C, Pocket-A, Dilshad Garden, Delhi-110095 (India) and Mrs. Supriya John d/o Sh. Prabhat J. Malik w/o Sh. Ashish Rahul Banerjee, aged about 28 years r/o House No. 3, Shimla Sanitariam Hospital, Corton House, Chaura Maidan Shimla, Tehsil & District Shimla H. P. (India) have filed an application along with affidavits before the court of the undersigned on 04-04-2022 under section 15 of Special Marriage Act, 1954 that they had solemnized their marriage on 4th day of March, 2019 and they are living as huaband and wife since then, hence their mariage may be registered under special marriage Act. 1954.
Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objections personally or in writing before this court on or before withen 03rd May, 2022 from the date of this notice after that no objection will be entertained and marriage shall be registered accordingly.
Issued today on 4th April, 2022 under my hand and seal of the court.
Seal.
MANJEET SHARMA (H.P.A.S.), Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Shimla (Urban).
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In the Court of Shri B. R. Sharma, Sub-Divisional Magistrate, Shimla (R),
District Shimla (H. P.)
Sh. Baldav Singh Kanwar s/o Late Sh. Hira Singh, r/o Everest House Fagu, Tehsil & District Shimla, Himachal Pradesh.
299 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 VersusGeneral Public
. . Respondent.
Whereas Sh. Baldav Singh Kanwar s/o Late Sh. Hira Singh, r/o Everest House Fagu, Tehsil & District Shimla, Himachal Pradesh has filed an application alongwith affidavit in the court of undersigned under section 13(3) of the Birth & Death Registration Act, 1969 to enter date of birth of his son named—Mr. Kaustav Singh Kanwar s/o Sh. Baldav Singh Kanwar s/o Late Sh. Hira Singh, r/o Everest House Fagu, Tehsil & District Shimla, Himachal Pradesh in the record of Secy. Birth and Death, Municipal Corporation Shimla (H.P.).
| Sl. No. | Name of the family member | Relation | Date of Birth |
| 1. | Mr. Kaustav Singh Kanwar | Son | 24-05-2012 |
Hence, this proclamation is issued to the general public if they have any objection/claim regarding to enter of the name/date of birth of above named in the record of Municipal Corporation Shimla may file their claims/objections on or before one month of publication of this notice in Govt. Gazette in this court, failing which necessary orders will be passed.
Issued today on 02-04-2022 under my signature and seal of the court.
Seal.
Sd/-
Sub-Divisional Magistrate,
Shimla (R), District Shimla (H.P.).
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ब अदालत श्री सीस राम, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील पझौता स्थित नौहरी, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)
दावा सं0 : 05/2021
ता0 मजरुआ : 24-02-2021 श्री बरीया पुत्र शंकरू, निवासी धनच चुखडिया, डा0 सनौरा, उप-तहसील पझौता, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।
बनाम
सर्वसाधारण एवं आम जनता
विषय.--Proclamation u/s-37 (1) of H.P. Land Rev. Act, 1954.
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि श्री बरीया पुत्र शंकरू, निवासी धनच चुखडिया, डा0 सनौरा, उप-तहसील पझौता, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 35 ता0 38 के अन्तर्गत राजस्व अभिलेख में अपने नाम की दुरुस्ती हेतु इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है जिसमें उनका कथन है कि उसका असल नाम बरीया है जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थी ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ ब्यान हल्फिया, आधार कार्ड, नकल परिवार रजिस्टर संलग्न की है। परन्तु राजस्व अभिलेख मोहाल धचन चुखडिया, उपसम्पदा धनच के खाता/खतौनी नं0 33/89 में गलती से बरीया के स्थान पर बसिया हो गया है। प्रार्थी अपना नाम राजस्व अभिलेख मोहाल उपरोक्त की मलकीयत भूमि में बसिया के स्थान पर बरीया करवाना चाहता है। चूंकि उक्त दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं ऐसा प्रार्थी का कहना है। 300 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 अतः यदि उपरोक्त नाम राजस्व अभिलेख में बसिया के स्थान पर बरीया करने बारे किसी का कोई एतराज हो तो वह अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में दिनांक 17-04-2022 तक किसी भी कार्य दिवस में उपस्थित होकर प्रातः 10ः00 बजे से सायं 5.00 बजे तक न्यायालय सहायक समाहर्ता, उप-तहसील पझौता स्थित नौहरी में असालतन व वकालतन पेश कर सकता है गैर हाजरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाने उपरांत सेहत इन्द्राज के आदेश पारित कर दिए जायेंगे।
आज दिनांक 15-03-2022 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील पझौता स्थित नौहरी, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।
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ब अदालत श्री सीस राम, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील पझौता स्थित नौहरी, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)
दावा सं0 : 07/2021
ता0 मजरुआ : 24-02-2021 श्री विरेन्द्र पुत्र श्री बिशन सिंह, निवासी कुफर पाल, डा0 द्राबला, उप-तहसील पझौता, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।
बनाम
सर्वसाधारण एवं आम जनता
विषय.--Proclamation u/s-37 (1) of H.P. Land Rev. Act, 1954.
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि श्री विरेन्द्र पुत्र श्री बिशन सिंह, निवासी कुफर पाल, डा0 द्राबला, उप-तहसील पझौता, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 35 ता0 38 के अन्तर्गत राजस्व अभिलेख में अपने नाम की दुरुस्ती हेतु इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है जिसमें उनका कथन है कि उसका असल नाम विरेन्द्र है जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थी ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ ब्यान हल्फिया, आधार कार्ड, पैन कार्ड, नकल परिवार रजिस्टर, राशन कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र व बैंक पासबुक प्रति संलग्न की है। परन्तु राजस्व अभिलेख मोहाल रिटब पाल के खाता/खतौनी नं0 18/23 में गलती से विरेन्द्र के स्थान पर विरेन्द्र सिंह उर्फ दुर्गा सिंह हो गया है। प्रार्थी अपना नाम राजस्व अभिलेख मोहाल उपरोक्त की मलकीयत भूमि में विरेन्द्र सिंह उर्फ दुर्गा सिंह के स्थान पर विरेन्द्र करवाना चाहता है। चूंकि उक्त दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं ऐसा प्रार्थी का कहना है।
अतः यदि उपरोक्त नाम राजस्व अभिलेख उपरोक्त में विरेन्द्र सिंह उर्फ दुर्गा सिंह के स्थान पर विरेन्द्र करने बारे किसी का कोई एतराज हो तो वह अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में दिनांक 17-04-2022 तक किसी भी कार्य दिवस में उपस्थित होकर प्रातः 10ः00 बजे से सायं 5.00 बजे तक न्यायालय सहायक समाहर्ता, उप-तहसील पझौता स्थित नौहरी में असालतन व वकालतन पेश कर सकता है गैर हाजरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाने उपरांत सेहत इन्द्राज के आदेश पारित कर दिए जायेंगे।
आज दिनांक 15-03-2022 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील पझौता स्थित नौहरी, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।301 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 ब अदालत श्री सीस राम, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील पझौता स्थित नौहरी, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)
दावा सं0 : 10/2021
ता0 मजरुआ : 24-02-2021 श्री लच्छी राम पुत्र श्री शोभिया राम, निवासी क्यार (माटल बखोग), डा0 भुज्जल, उप-तहसील पझौता, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।
बनाम
सर्वसाधारण एवं आम जनता
विषय.--Proclamation u/s-37 (1) of H.P. Land Rev. Act, 1954.
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि श्री लच्छी राम पुत्र श्री शोभिया राम, निवासी क्यार (माटल बखोग), डा0 भुज्जल, उप-तहसील पझौता, जिला सिरमौर (हि0 प्र0) ने हि0 प्र0 भू-राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 35 ता0 38 के अन्तर्गत राजस्व अभिलेख में अपने नाम की दुरुस्ती हेतु इस कार्यालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है जिसमें उनका कथन है कि उसका असल नाम लच्छी राम है जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थी ने अपने प्रार्थना-पत्र के साथ ब्यान हल्फिया, आधार कार्ड, नकल परिवार रजिस्टर, दसवीं की मार्कशीट व राशन कार्ड की प्रति संलग्न की है। परन्तु राजस्व अभिलेख मोहाल उपसम्पदा पशलानू के खाता/खतौनी नं0 33/60, कित्ता-18, रकबा तादादी 33-04 बीघा में गलती से लच्छी राम पुत्र शोभिया राम के स्थान पर लच्छू पुत्र सोमियर हो गया है। प्रार्थी अपना नाम राजस्व अभिलेख मोहाल उपरोक्त की मलकीयत भूमि में लच्छू पुत्र सोमियर के स्थान पर लच्छी राम पुत्र शोभिया राम करवाना चाहता है। चूंकि उक्त दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं ऐसा प्रार्थी का कहना है।
अतः यदि उपरोक्त नाम राजस्व अभिलेख उपरोक्त में लच्छू पुत्र सोमियर के स्थान पर लच्छी राम पुत्र शोभिया राम करने बारे किसी का कोई एतराज हो तो वह अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में दिनांक 17-04-2022 तक किसी भी कार्य दिवस में उपस्थित होकर प्रातः 10ः00 बजे से सायं 5.00 बजे तक न्यायालय सहायक समाहर्ता, उप-तहसील पझौता स्थित नौहरी में असालतन व वकालतन पेश कर सकता है गैर हाजरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाने उपरांत सेहत इन्द्राज के आदेश पारित कर दिए जायेंगे।
आज दिनांक 15-03-2022 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील पझौता स्थित नौहरी, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)।
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In the Court of Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Sangrah,
District Sirmaur, Himachal Pradesh
NOTICE UNDER SECTION 6 OF SPECIAL MARRIAGE ACT, 1954
Whereas, Mr. Sinto s/o Sh. P. K. Appu, aged about 34 years, r/o Village Peringadan House, Mnior Road, P. O. Nadathara, Kazhukkully, Thrissur, Kerala and Miss Shashi Chauhan d/o Sh. Dalip Singh, aged about 35 years, r/o Village Punner Dhar, Tehsil Nohradhar, District Sirmaur (H.P.) have givin notice of intended marriage u/s 5 of the special Marriage Act, 1954 to this office.
Therefore, notice are given to all concerned and general public to this effect if any body has got any objection regarding the registration of marriage between above said Mr. Sinto s/o Sh. P. K. Appu, aged about 34 years, r/o Village Peringadan House, Mnior Road, P. O. Nadathara,302 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 Kazhukkully, Thrissur, Kerala and Miss Shashi Chauhan d/o Sh. Dalip Singh, aged about 35 years, r/o Village Punner Dhar, Tehsil Nohradhar, District Sirmaur (H.P.) they should file written objection and appear personally or through their authorized agents before me within a period of 30 days from the date of issue of this notice. After expiry of the said period, the marriage certificate would be issued to the applicants by this court and later on no objection will be heard and accepted.
Issued under my hand and seal of this office on this 25th day of March, 2022.
Sd/-
Seal. Marriage Officer-cum-S.D.M.,
Sangrah, District Sirmaur, Himachal Pradesh.
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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, अम्ब, जिला ऊना (हि0 प्र0)
श्री अरुण कुमार पुत्र श्री माडू राम, वासी गांव संतो टिल्ला, डाकघर नैहरी नौरंगा, तहसील अम्ब, जिला ऊना (हि0 प्र0)।
बनाम
आम जनता
विषय.--शादी पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी करने बारे।
श्री अरुण कुमार पुत्र श्री माडू राम, वासी गांव संतो टिल्ला, डाकघर नैहरी नौरंगा, तहसील अम्ब, जिला ऊना (हि0 प्र0) ने एक दरख्वास्त प्रस्तुत की है जिसमें उसने लिखा है कि उसकी शादी श्रीमती प्रियंका बीबी पुत्री श्री नूर दीन, वासी गांव कुठेडा खैरला, तहसील अम्ब, जिला ऊना (हि0 प्र0) में दिनांक 27-01-2020 को मुताबिक हिन्दू रीति-रिवाज के साथ हुई है का पंजीकरण किया जाकर उसे शादी प्रमाण-पत्र दिया जावे।
अतः इस नोटिस के माध्यम से समस्त जनता तथा सम्बन्धित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को शादी पंजीकरण बारे कोई एतराज/आपत्ति हो तो वह दिनांक 16-04-2022 को प्रातः 10.00 बजे या उससे पहले असालतन या वकालतन हाजिर अदालत होकर अपनी स्थिति/एतराज प्रस्तुत कर सकता है। निश्चित तिथि पर कोई एतराज प्राप्त न होने की सूरत में प्रार्थी को शादी पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जायेगा। अतः बाद में कोई उजर काबिले समायत न होगा।
आज दिनांक 10-03-2022 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ है।
मोहर। हस्ताक्षरित/-
कार्यकारी दण्डाधिकारी,
अम्ब, जिला ऊना (हि0 प्र0)।
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ब अदालत तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, अम्ब, जिला ऊना (हि0 प्र0) मुकद्दमा : नाम दुरुस्ती
श्री अशोक कुमार पुत्र राय सिंह, वासी गांव रपोह मिसरां, तहसील अम्ब, जिला ऊना हाल निवासी गांव सरडदाई, डाकघर सलेटी, तहसील रक्कड़, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।303 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 बनाम
आम जनता
आवेदन-पत्र राजस्व रिकार्ड में खाना मालिक वाक्या महाल पोलियां, परोहितां में बाबत दुरुस्ती नाम रांझा पुत्र लखु की बजाय राय सिंह पुत्र लखू व वाक्या महाल रपोह मिसरां में दर्ज नाम राम सिंह पुत्र लखू की बजाय राय सिंह पुत्र लखू दुरुस्त इन्द्राज करने बारे।
मुस्त्री मुनादी बनाम आम जनता।
हर खास व आम को बजरिया मुश्त्री मुनादी द्वारा सूचित किया जाता है कि उपरोक्त वर्णित उनवान मुकद्दमा इस न्यायालय में जेरे समायत है जिसमें वादी ने वाक्या महाल पोलियां परोहितां में बाबत अपने पिता का दुरुस्ती नाम आवेदन-पत्र राजस्व रिकार्ड में खाना मालिक वाक्या महाल पोलियां परोहितां में बाबत दुरुस्ती नाम रांझा पुत्र लखू की बजाय राय सिंह पुत्र लखू व खाना मालिक महाल रपोह मिसरां में दर्ज नाम राम सिंह पुत्र लखू की बजाय राय सिंह पुत्र लखू दुरुस्त इन्द्राज करने बारे प्रार्थना-पत्र दाखिल किया है। अतः इस मुश्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि उक्त नाम दुरुस्ती दर्ज करने बारे यदि किसी को कोई भी एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन अदालत में दिनांक 16-04-2022 को सुबह 10.00 बजे तक किसी भी कार्य दिवस पर इस अदालत में अपना एतराज प्रस्तुत कर सकते है। दिनांक 16-04-2022 के बाद कोई भी एतराज मान्य न होगा तथा केस पर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आज दिनांक 16-03-2022 को मेेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।
हस्ताक्षरित/- ंमोहर। तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग,
अम्ब, जिला ऊना (हि0प्र0)
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In the Court of Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Bangana, District Una,
Himachal Pradesh
In the matter of :
1. Sh. Balbir Singh s/o Sh. Suresh Kumar, r/o Village Khor, P.O. Baroona, Tehsil Fatehpur, Distt. Kangra (H.P.) at present r/o House of Sh. Pardeep Kumar s/o Sh. Nasib Singh, Village Rajli Baniala, P.O. Budhan, Tehsil Bangana, District Una (H.P.).
2. Roma Kumari d/o Sh. Parshotam Chand, r/o Village Bukhar, P.O. Naghiar, Tehsil . . Applicants. Jhandutta, District Bilaspur (H.P.)
Versus
General Public
Subject.—Application for the registration of Marriage under section 15 of the Special Marriage Act, 1954 (H.P.).
Sh. Balbir Singh s/o Sh. Suresh Kumar, r/o Village Khor, P.O. Baroona, Tehsil Fatehpur, Distt. Kangra (H.P.) at present r/o House of Sh. Pardeep Kumar s/o Sh. Nasib Singh, Village304 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 12 अप्रैल, 2022/22 चैत्र, 1944 Rajli Baniala, P.O. Budhan, Tehsil Bangana, District Una (H.P.) and Roma Kumari d/o Sh. Parshotam Chand, r/o Village Bukhar, P.O. Naghiar, Tehsil Jhandutta, District Bilaspur (H.P.) at present w/o Sh. Balbir Singh s/o Sh. Suresh Kumar, r/o Village Khor, P.O. Baroona, Tehsil Fatehpur, Distt. Kangra (H.P.) have filed an application alongwith affidavits in the court of undersigned under section 15 of the Special Marriage Act, 1954 (H.P.) that they have solemnized their marriage on 29-10-2021 according to Hindu rites and customs at Jamasni Devi Mandir Dhundla, Tehsil Bangana, District Una (H.P.) and they are living together as husband and wife since then. Hence, their marriage may be registered under section 15 of the Special Marriage Act, 1954 (H.P.). Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage, can file the objection personally or in writing before this court on or before 25-04-2022 after that no objection will be entertained and marriage will be registered.
Issued today on 21st March, 2022 under my hand and seal of the court.
Seal.
Sd/-
Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate,
Bangana, District Una, Himachal Pradesh.
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