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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 129, 16 September 2025

Published 16 September 2025

Gazette no.
129
Gazetteid
129/GAZETTE/2025-16/09/2025
Identifier
in.gazette.himachal.2025-09-16.129_gazette_2025-16_09_2025
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित मंगलवार, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947

हिमाचल प्रदेश सरकार

गृह विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 6 सितम्बर 2025

संख्या होम-बी0-सी0-017/1/2024.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, हिमाचल प्रदेश राज्य को लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (2023 का अधिनियम 129-राजपत्र/2025-16-09-2025 (5761)5762 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 संख्यांक 46) की धारा 64 की उप-धारा (1) और धारा 530 के खण्ड (झ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, पूर्वोक्त अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने हेतु एतद्‌द्वारा निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्‌ :--

नियम

1. संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संंिक्षप्त नाम हिमाचल प्रदेश इलैक्ट्रॉनिक आदेशिका (जारी किया जाना, तामीली तथा निष्पादन) नियम, 2025 है।

(2) ये नियम राजपत्र (ई-गजट) हिमाचल प्रदेश में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 2. परिभाषाएं.--(1) इन नियमों में जब तक कि संर्दभ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--

(क) "सी सी टी एन एस" से अपराध तथा अपराधी निगरानी तंत्र एवं प्रणाली (क्राइम एण्ड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम), डेटा के संग्रहण तथा निर्देंंशों के निष्पादन के लिए पुलिस द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक सिस्टम सॉॅफ्टवेयर अभिप्रेत है;

(ख) "सी आई एस" से प्रकरण सूचना प्रणाली (केस इन्फर्मेशन सिस्टम), डेटा के संग्रहण तथा निर्देशों के निष्पादन के लिए जिला न्यायपालिका और उच्च न्यायालयों द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक सिस्टम साफ्टवेयर अभिप्रेत है;

(ग) "प्रकट इलेक्ट्रॉनिक मेल एड्रेस", जो इंटरनेट पर संदेश (मैसेज) भेजने और प्राप्त करने के लिये उपयोग किया जाता है, अभिप्रेत है और जो कि ऐसे व्यक्ति या संगठन द्वारा या तो व्यक्तिगत रूप से अथवा किसी वेबसाईट या पोर्टल पर स्वीकार किया गया या उपयोग किया गया या प्रदान किया गया दर्शाया गया है;

(घ) "इलेक्ट्रॉनिक संसूचना" से संहिता की धारा 2(1) (झ) में यथा परिभाषित है;

(ङ) "इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर (ई-हस्ताक्षर)" से किसी ग्राहक या न्यायालय द्वारा किसी इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख का सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट तकनीक के माध्यम से प्रमाणीकरण और इसमें सम्मिलित है, इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर अभिप्रेत है साथ ही, जब इलेक्ट्रॉनिक रूप में जनित (जनरेटेड) किसी आदेशिका या रिपोर्ट का इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के माध्यम से प्रमाणीकरण किया जाता है, तो वह इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर द्वारा प्रमाणीकृत समझा जाएगा;

(च) "उच्च न्यायालय" से हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय अभिप्रेत है;

(छ) "आदेशिका" में समन वारंट या ऐसे परिवर्तनों के साथ, जैसे कि प्रत्येक प्रकरण की परिस्थितियां अपेक्षा करें, संहिता में यथा उल्लिखित सबंधित प्रयोजनों के लिए जारी संहिता की द्वितीय अनुसूची में उपवर्णित, कोई अन्य प्रपत्र सम्मिलित है;

(ज) "नियम तथा आदेश" से हिमाचल प्रदेश नियम और आदेश ( आपराधिक) अभिप्रेत है;

(झ) "संहिता" से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (2023 का 46) अभिप्रेत है;

() "मुद्रा" से न्यायालय की मुद्रा की छवि अभिप्रेत है;

(ट) "राज्य" से हिमाचल प्रदेश राज्य अभिप्रेत है;

(ठ) "समन" से संहिता के अधीन जारी कोई समन अभिप्रेत है;

5763 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947

(ड) "वारंट" से संहिता के अधीन जारी वारंट अभिप्रेत है और इसमें जमानती वारंट एवं गैर जमानती वारंट सम्मिलित हैं।

2. इन नियमों में प्रयुक्त किंतु परिभाषित नहीं है उन शब्दों और अभिव्यक्तियों के वही अर्थ होंगे, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (2023 का 46), भारतीय न्याय संहिता, 2023 (2023 का 45), तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) में जो उनके हैं।

3. न्यायालय, ऐसे परिवर्तनों के साथ, जैसे कि प्रत्येक प्रकरण की परिस्थितियां अपेक्षा करे, सहिता की दूसरी अनुसूची में यथा उपवर्णित ऐसे प्रारूपों में सी आई एस के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक पद्धति में आदेशिका जनित (जनरेट) तथा जारी कर सकेंगे। उसे, उसे जारी करने वाले न्यायालय के किसी अधिकारी द्वारा तामील करवाया जा सकेगा।

4. यदि न्यायालय के पास ऐसे व्यक्ति, जिसे आदेशिका तामील की जानी आशयित है, का अपेक्षित पता इलेक्ट्रॉनिक/सम्पर्क विवरण नहीं है या नियम 3 के अधीन जारी की गई आदेशिका तामील नहीं होती हैं तो वह उसे पुलिस अधिकारी या अन्य लोक सेवक द्वारा तामील करवाने का निर्देश दे सकेगा। 5. संहिता के अधीन इलेक्ट्रॉनिक संसूचना के रूप में जारी की गई प्रत्येक आदेशिका, सामान्यतः न्यायालय की भाषा में लिखी जाएगी तथा इलेक्ट्रॉनिक संसूचना के कूट (एन्क्रिप्टेड) रूप में होगी तथा उस पर न्यायालय की मुद्रा की छवि और ई-हस्ताक्षर होंगे।

6. इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी की गई प्रत्येक आदेशिका में इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर इस रीति में होेंगे कि न्यायालय का नाम या वह हैसियत, जिसमें हस्ताक्षरकर्ता या ग्राहक कार्य करता है, स्पष्ट रूप से उल्लिखित किया जाना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक रूप में जनित (जनरेटड) समन में न्यायालय की मुद्रा की छवि होगी और, यथास्थिति, न्यायालय के समुचित अधिकारी या रीडर या इस संबंध में लिखित में प्राधिकृत किसी व्यक्ति के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे। इलेक्ट्रॉनिक रूप में गिरफ्तारी का प्रत्येक वारंट, न्यायालय के पीठासीन अधिकारी के इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर द्वारा जारी किया जाएगा तथा उस पर न्यायालय की मुद्रा भी लगी होगी। 7. जहां इलेक्ट्रॉनिक रूप में जनित (जनरेटड) आदेशिकाएं किसी सुरक्षित प्रणाली के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक संसूचना के कूट (एन्क्रिप्टेड) या किसी अन्य रूप से सी सी टी एन एस पर प्राप्त होती है, तो उसे न्यायालय द्वारा जारी किया गया माना जाएगा। यह और कि, ऐसी आदेशिका के किसी प्रिन्टआउट का वही प्रभाव होगा, मानो कि वह उसके निष्पादन के प्रयोजन के लिए मूल रूप से जारी किया गया है। 8. पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि, यथास्थिति, आरोपी या गवाहों द्वारा उपयोग किया गया पता, प्रकट इलेक्ट्रॉनिक मेल एडे्रस, फोन नम्बर तथा मैसेजिंग एप्लीकेशन से संबंधित सत्यापित ब्यौरे गिरफ्तारी, अन्वेषण या जांच के दौरान अभिलिखित किए जाएं तथा सी सी टी एन एस में दर्ज किए जाएं। ऐसे ब्यौरे, संहिता की धारा 64 की उप-धारा (1) के अनुपालन में पुलिस थाने पर संधारित रजिस्टर में भी दर्ज किए जाएंगे। यदि ऐसे कोई ब्यौरे उपलब्ध नहीं हैं, तो पुलिस थाने का भारसाधक रजिस्टर में इस आशय का पृष्ठांकन करेगाः

परन्तु ऐसे किसी ब्यौरे को किसी और सत्यापन के आधार पर या ऐसे व्यक्ति द्वारा आवेदन के आधार पर संशोधित किया जा सकेगा।

9. जहां कोई मामला व्यक्तिगत परिवाद के आधार पर दायर किया जाता है, वहां परिवादी (शिकायतकर्ता) परिवाद के सााथ आरोपी और साक्षियाें के पते, ज्ञात इलेक्ट्रॉनिक मेल एड्रेस, फोन नम्बर, मैसेजिंग एप्लीकेशन से संबंधित ब्यौरे दर्ज करेगा। यदि इनमें से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो परिवादी (शिकायतकर्ता) इस आशय का पृष्ठांकन करेगा।

10. पते, ज्ञात इलेक्ट्रॉनिक मेल एड्रेस, फोन नम्बर और मैसेजिंग एप्लीकेशन से संबंंधित ब्यौरे इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में दिए जाएंगे और सीआईएस में अनुरक्षित रखे जाएंगे और आदेशिकाएं जारी किए जाने 5764 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 के लिए उपयोग किए जा सकेंगे। ऐसी डिजिटल जानकारी संहिता की धारा 64 के अधीन रजिस्टर का हिस्सा बनेगी।

11. अभियुक्त को पीड़ित और साक्षियों के प्रकट इलेक्ट्रॉनिक मेल एड्रेस, फोन नम्बर और मैसेजिंग एप्लीकेशन से संबंंधित ब्यौरे प्रदान नहीं किए जाएंगे।

12. नियम 4 के अनुसरण में जारी किए गए समन की प्राप्ति पर पुलिस थाने का भार साधक या उसके द्वारा प्रतिनियुक्त कोई अधीनस्थ अधिकारी, समन किए गए व्यक्ति के ज्ञात इलेक्ट्रॉनिक मेल एड्रेस, फोन नम्बर या मैसेजिंग एप्लीकेशन पर समन अग्रेषित कर सकेगा।

13. (1) जहां समन इलेक्ट्रॉनिक मेल के माध्यम से तामील किए जाते हैं, वहां सेवा प्रदाता के परिदान की अभिस्वीकृति जनित किए जाने पर ईमेल तामील की गई समझी जाएगी।

(2) जब कोई आदेशिका किसी व्यक्ति या संगठन के प्रकट इलेक्ट्रॉनिक मेल एड्रेस पर भेजी जाती है, तब, जब तक कि इलेक्ट्रॉनिक मेल का परिदान किसी भी कारण से बाधित नहीं होता या वापस नहीें आ जाता तब तक तामीली प्रभावी मानी जाएगी और जब तक कि विपरीत न साबित कर दिया जाए वह उसी समय प्रभाव में आया माना जाएगा जिसको कि कोई इलेक्ट्रॉनिक मेल परिदान किया गया होता।

14. (1) जहां समन किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक संसूचना के माध्यम से तामील किया जाता है, जिसमें मैसेजिंग एप्लीकेशन भी सम्मिलित है, वहां अभिस्वीकृति तामीली की रिपोर्ट का हिस्सा होगी और रिपोर्ट में मोबाइल नम्बर, मैसेजिंग एप्लीकेशन और संसूचना के परिदान को दर्शाने वाले स्क्रीनशॉट/एप्लीकेशन के फोटो सहित ब्यौरे अंतर्विष्ट होंगे।

(2) ऐसा परिदान समन/आदेशिका की सम्यक्‌ तामील माना जा सकेगा और तामील की रिपोर्ट के साथ ऐसे समन/आदेशिका की एक प्रति समन/आदेशिका की तामीली के सबूत के रूप में अभिलेख में रखी जाएगी।

स्पष्टीकरण.--नियम 13 या नियम 14 के अधीन अभिस्वीकृति में निम्नलिखित द्वारा दी गई अभिस्वीकृति सम्मिलित हैः-

(क) पाने वाले द्वारा कोई संसूचना, स्वचालित या अन्यथा; या

(ख) प्रवर्तक को यह संकेत करने के लिए पर्याप्त, पाने वाले का कोई आचरण, कि इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख प्राप्त किया गया है।

15. समन किए गए व्यक्ति से संबंधित ई-मेल, एडे्रस, फोन नम्बर या मैसेजिंग एप्लीकेशन के सत्यापित ब्यौरे उपलब्ध न होने की दशा में, पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी या प्रतिनियुक्त कोई पुलिस अधिकारी, उस संबध में प्रविष्टि करेगा और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जारी किये समन की द्विप्रतिक प्रिन्टआउट लेने के पश्चात्‌ संहिता अधीन विहित प्रक्रिया के अनुसार उसका निष्पादन करेगा।

16. जब समन इलेक्ट्रॉनिक मेल या इलेक्ट्रॉनिक संसूचना की अन्य पद्धतियों द्वारा तामील नहीं होते हैं या प्रदाय किसी अन्य कारण से बाधित होता है या वापिस हो जाता है, तो सम्बद्ध अधिकारी मोबाईल नम्बर, मैसेजिंग एप्लीकेशन और स्क्रीनशॅाट/एप्लीकेशन के फोटो सहित समस्त ब्यौरे अंतर्विष्ट करते हुए, उसके संबंध में एक प्रतिवेदन तैयार करेगा तथा समन के निष्पादन हेतु लागू प्रक्रिया के अनुसार कार्यवाही कर सकेगा।

17. वारंट या कोई अन्य आदेशिका जो वैयक्तिक रूप में तामील की जानी अपेक्षित है, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम में जारी किए जाने की दशा में, पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी या उसके द्वारा प्रतिनियुक्त कोई पुलिस अधिकारी वारंट या आदेशिका का प्रिंट आउट लेगा और उस संबंध में संहिता तथा नियमों के अनुसार उसे निष्पादित करेगा।5765 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 18. जहां कोई आदेशिका अन्यथा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तामील या निष्पादित की जाती है, पुलिस अधिकारी, तामील या आदेशिका का निष्पादन करने के दौरान प्राप्तकर्ता की अभिस्वीकृति प्राप्त करेगा तथा फोटोग्राफ्‌स ले सकेगा, जो तामीली के प्रतिवेदन का भाग होगी।

19. वारंट की सम्यक्‌ तामील या तामील न होने पर, संबंधित पुलिस थाने का तामीलीकर्ता अधिकारी जमानत बन्धपत्र, फोटोग्राफ, अभिस्वीकृति, यदि कोई हो, सहित सुसंगत दस्तावेजों के साथ तामील सी सी टी एन एस/एनएटीईपी के माध्यम से, इलेक्ट्रॉनिक रूप में, संबंधित न्यायालय को पारेषित करेगा।

20. नियम 19 के अधीन इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रतिवेदन प्राप्त करने पर न्यायालय ऐसे प्रतिवेदन पर, जो समुचित समझे, कार्रवाई कर सकेगा। ऐसा प्रतिवेदन या ऐसे प्रतिवेदन का प्रिंटआउट आदेशिका की तामील/निष्पादन के समाधान के प्रयोजन के लिए मूल प्रति के रूप में समझा जाएगा।

21. जहां कोई आदेशिका भारतीय न्याय संहिता, 2023 (2023 का 45) की धारा 64 से 71 के अधीन अपराधों अथवा महिला या बच्चे के विरुद्ध अपराधाें या लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 और किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 से संबंधित प्रकरणों में जारी की गई है, वहां सम्बद्ध अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि तामील या निष्पादन के दौरान किसी भी रीति में पीड़ित की पहचान प्रकट न हो।

22. इस बाबत बनाया गया कोई नियम न्यायालय द्वारा आदेशिका के जारी, तामील और निष्पादन किए जाने के लिए तत्समय प्रवृत्त उच्च न्यायालय द्वारा बनाई गई किसी अन्य विधि या नियमों के अतिरिक्त होंगे न कि अल्पीकरण में।

आदेश द्वारा हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह)।

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[Authoritative English text of this Department's Notification No. Home-B(C-017/1/2024, dated

6th September, 2025 as required under Clause (3) of the Article 348 of the Constitution of India].

HOME DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 6th September, 2025

No. Home-B-C-017/1/2024.—In exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 64 and clause (i) of Section 530 and other provisions of the Bhartiya Nagrik Suraksha Sanhita, 2023 (Act No. 46 of 2023), in its application to the State of Himachal Pradesh, the Governor, Himachal Pradesh in consultation with the High Court of Himachal Pradesh, hereby, makes the following rules to carry out the purpose of the Act ibid:

RULES

1. Short title and commencement.—(1) These rules may be called the Himachal Pradesh Electronic Processes (Issuance, Service and Execution) Rules, 2025.

(2) They shall come into force from the date of their publication in the Rajpatra (e-Gazette), Himachal Pradesh.

2. Definitions.—(1) In these rules, unless the context otherwise requires:—

5766 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 (a) "CCTNS" means Crime and Criminal Tracking Network and System, a software

used by the Police for the collection of data and execution of instructions;

(b) "CIS" means Case Information System, a system software used by the District Judiciary and High Courts for the collection of data and execution of instructions;

(c) "Disclosed Electronic Mail Address" means the email account of a person or organization that is used by the person or organization to send and receive messages over internet, and is shown to be admitted, or provided by such person or organization either personally or on website or portal;

(d) "Electronic Communication" as defined in Section 2 (1) (i) of the Sanhita;

(e) "eSign" means authentication of any electronic record by a subscribed or Court, be means of the electronic technique specified in the Second Schedule of the Information Technology Act, 2000 (21 of 2000) and includes digital signature. Also, when a process or report generated in electronic form is authenticated by means of electronic signature, it shall be deemed to be authenticated by signature of the person who affixed the electronic signature;

(f) "High Court" means the High Court of Judicature of State of Himachal Pradesh;

(g) "Process" includes summons, warrant or any other forms set forth in the Second Schedule of the Sanhita, with such variations as the circumstances of each case may require, issued for the respective purposes as mentioned in the Sanhita;

(h) "Rules and Orders" means the State of Himachal Pradesh Rules and Orders (Criminal);

(i) "Sanhita" means the Bhartiya Nagrik Suraksha Sanhita, 2023 (Act No. 46 of 2023);

(j) "Seal" means image of the seal of the Court;

(k) "State" means the State of Himachal Pradesh;

(l) "Summons" means any summons issued under the Sanhita;

(m) "Warrant means a warrant issued under the Sanhita and includes bailable warrant and non-bailable warrant.

2. Words and expressions used but nor defined in these rules shall have the same meaning as assigned to them in the Bhartiya Nagrik Sanhita, 2023 (46 of 2023), The Bhartiya Nyaya Sanhita, 2023 (45 of 2023); The Bhartiya Sakshya Sanhita 2023 (47 of 2023) and the Information Technology Act, 2000 (21 of 2000).

3. The Courts shall generate and issue process in electronic mode through CJS in such forms as setforth in the Second Schedule of the Sanhita, with such variations as the circumstance of each case may require. The same shall be served by an officer of the Court issuing it.

4. When the Court does not possess required electronic address/contact details of the persons to whom such process is intended to be served or when the process issued as per rule 3 is not served, it may direct the same to be served by a Police Officer or other Public Servant.

5767 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947

5. Every process used in form of electronic communication under the Sanhita must ordinarily be written in the language of the Court and shall be in an encrypted form of electronic communication and shall bear the image of the seal of the Court and eSign.

6. Every process issued electronically shall contain eSign in such a manner that the name of the Court and the capacity in which the signatory or subscriber acts, should be clearly mentioned. The summons generated in electronic form shall bear image of the seal of the Court and eSign of the appropriate officer of the Court of the Reader or any person authorized in writing in this regard as the case may be. Every warrant of arrest in electronic form shall be issued by eSign of the Presiding officer of the Court and shall also bear the seal of the Court.

7. Where the process generated in electronic form are received on CCTNS through a secured system, in an encrypted by the Court. Further, any printout of such process shall have the same effect as issued in original for the purpose of its execution.

8. The Officer-in-charge of the Police Station shall nurse that the verified details relating to address, disclosed electronic mail address, phone number and messaging application used by the accused or witnessed, as the case may be, are recorded during arrest, investigation or inquiry and entered in CCTNS. Such details shall also be entered in the Register maintained at the police Station in compliance with sub-section (1) of Section 64 of the Sanhita. If any such details is not available, the Officer-in-charge of the Police Station shall make an endorsement to that effect in the Register: Provided that any such details may be amended on the basis of further verification or on the basis of an application by such person.

9. Where a case filed on the basis of a private complaint, the complainant shall provide the details relating to address, disclosed electronic mail address, phone number and messaging application of the accused and witnesses alongwith the complaint. If any of such information is not available, the complainant shall make an endorsement to that effect.

10. The details relating to address, disclosed electronic mail address, phone number and messaging application shall be transmitted in electronic form and maintained on CCJS and may be used for issuance of process. Such digital information shall form part of the register under Section 64 of the Sanhita.

11. The details relating to disclosed electronic mail address, phone number and messaging application of the victim and witnesses shall not be disclosed to the accused.

12. The Officer-in-charge of the police station or any Sub-Ordinate Officer deputed by him upon receipt of summons used in pursuance of Rule 4 may forward the summons on the disclosed electronic mail address, phone number or messaging application of the person summoned.

13. (1) Where summons are served by way of electronic mail, service shall be deemed to have been made if the service provider generates acknowledgement of the delivery.

(2) When any summon is sent to a person or organization on disclosed electronic mail address, unless the delivery of the electronic mail is disrupted or bounced back for any reason whatsoever, the delivery shall be deemed to be effected: and unless the contrary is proved, de deemed to have been effected at the time at which the electronic mail would be delivered.

14. (1) Where summons are served by way of any other electronic communication including messaging application, the acknowledgment shall form part of the report of the service5768 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 and the report shall contain detail including mobile number, messaging application and screenshot/photo of the application reflecting delivery of the communication.

(2) Such delivery may be deemed to be due service of summons/process and a copy of such summons/process along with report of eservice shall be kept in record as a proof o service of summons/process.

Explanation.—Acknowledgment under this rule or under rule 14 include an acknowledgment given by:—

(a) Any communication by the addressee, automated or otherwise, or

(b) Any conduct of the addressee, sufficient to indicate to the originator that the electronic record has been received.

15. In case verified details of the email address, phone number or messaging application relating to the person summoned are not available, the Officer-in-charge of the Police Station or any Police Officer deputed shall make an entry in that regard and after taking printout in duplicate of the summons issued in electronic mode, shall execute the same in accordance with procedure prescribed under the Sanhita.

16. When summons are not served by an electronic mail or other mode of electronic communication, or delivery is disrupted and undelivered or bounced back for any other reason, the concerned officer shall prepare a report in that regard containing all details including mobile number, messaging application and screenshot/photo of the application confirmation of delivery and may processed as per applicable process.

17. In case of warrant or any other process required to be served in persons is issued in electronic mode, the Officer-in-charge of the Police Station or any Police Officer deputed by him shall take a printout of the warrant or process and execute the same in accordance with the Sanhita and rules made therein.

18. Where any process is served or executed other than through electronic mode, the Police Officer while making service or executing the process shall take acknowledgment of the Recipient and may capture photograph, which shall form part of the report of the service.

19. Upon due service or no-service of the warrant, the serving officer of the concerned Police Station shall transmit the service alongwith relevant documents including bail bonds, photographs, acknowledgement, if any, to the concerned Court in electronic form through CCTNS/NSTEP.

20. The Court upon receiving the report in electronic form under Rule 19, may act upon such report as deemed appropriate. Such report or printout of such report shall be deemed to be original for the purpose of satisfaction as the service /execution of the process.

21. Where any process is issued in cases relating to offences against Woman or Child or Offences under the Protection of children from Sexual Offences Act, 2012 and Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015, the concerned officer shall ensure that the identity of the victim is not revealed in any manner in course of service or execution.

5769 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947

22. Any rule made in this behalf shall be in addition to, not in derogation of, any other law or rules made by the High Court to specify for the time being in force for issuance service and execution of process by the Court.

By order, Sd/- Additional Chief Secretary (Home) .

____________

गृह-बी विभाग

अधिसूचना

शिमला-02, 6 सितम्बर, 2025

नस्ति संख्या गृह-बी-सी-017/1/2024.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (2023 का अधिनियम संख्यांक 46) के अधीन और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श के पश्चात्‌ निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्‌ः--

1. स्ांक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश ई-साक्ष्य प्रबन्धन नियम, 2025 है।

(2) ये राजपत्र (ई-गजट) हिमाचल प्रदेश में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।

परिभाषाएं.--(1) इन नियमों में, जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो :--

(क) "सीसीटीएनएस" से अपराध और अपराधी टै्रकिंग नेटवर्क और सिस्टम अभिप्रेत है, जो एक सिस्टम, सॉफ्टवेयर है जिसका उपयोग पुलिस द्वारा डेटा के संग्रह और निर्देशों के निष्पादन के लिए किया जाता है;

(ख) "सीआईएस" से प्रकरण सूचना प्रणाली अभिप्रेत है जो एक ऐसा सिस्टम सॉफ्टवेयर है जिसका उपयोग जिला न्यायपालिका और उच्च न्यायालयों द्वारा डेटा के संग्रह और निर्देशों के निष्पादन के लिए किया जाता है;

(ग) "ई-साइन" से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट इलेक्ट्रॉनिक तकनीक के माध्यम से सब्सक्राईबर या न्यायालय द्वारा किसी भी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का प्रमाणीकरण अभिप्रेत है और इसमें डिजिटल हस्ताक्षर भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जब इलेक्ट्रॉनिक रूप में तैयार की गई प्रक्रिया या रिपोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के माध्यम से प्रमाणित किया जाता है, तो इसे इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर द्वारा प्रमाणित माना जाएगा;

(घ) "उच्च न्यायालय" से न्यायपालिका का उच्च न्यायालय अभिप्रेत है;

(ङ) "आई सीजेएस" से अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली, आपराधिक न्याय प्रणाली के विभिन्न स्तम्भों के बीच सूचना के हस्तांतरण के लिए वर्तमान में संचालन में एक सॉफ्टवेयर अभिप्रेत है, जिसमें जांच एजेंसियां, अदालतें, सुधारगृह, फोरेंसिक प्रयोगशालाएं, अभियोजन और केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य हितधारक भी शामिल है;

5770 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 (च) "जांच अधिकारी" से कोई भी पुलिस अधिकारी या कोई अन्य व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसे किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिकृत किया गया हो या किसी अपराध के लिए जांच करने के लिए सशक्त किया गया हो;

(छ) "साक्ष्य" से ई-साक्ष्य मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से दस्तावेज के रूप में एकत्रित/रिकार्ड किया गया कोई भी साक्ष्य अभिप्रेत है। साक्ष्य में वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटोग्राफ, गवाहों की फोटोग्राफ और जांच/रिकॉर्डिंग अधिकारी की फोटो शामिल है। ई-साक्ष्य मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से रिकार्ड किए गए सभी साक्ष्य घटना का एक सुरक्षित पैकेट (जिसे आगे "ई-साक्ष्य पैकेट" कहा जाएगा) उत्पन्न करेंगे, जिसमें एसआईडी नामक एक अद्वितीय आईडी, खोलने, बंद करने का समय और भौगोलिक स्थान के साथ एक अद्वितीय 16 अंकीय आईडी (एसआईडी) होगी। प्रत्येक एसआईडी और इसकी सामग्री में अखण्डता सुनिश्चित करने के लिए अद्वितीय हैशमान होगा। साक्ष्य को अपरिवर्तनीय भंडारण में संग्रहीत किया जाएगा; और

(ज) "संहिता" से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (2023 का 46) अभिप्रेत है। 2. इन नियमों में प्रयुक्त किन्तु परिभाषित नहीं किए गए शब्दों और अभिव्यक्तियों के वही अर्थ होंगे जो उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (2023 का 46); भारतीय न्याय संहिता, 2023 (2023 का 45); भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (2023 का 47) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) में जो उनके हैं।

3. प्रत्येक जांच अधिकारी ई-साक्ष्य मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से संहिता की धारा 105, 173, 176, 180, 185 और 497 के अधीन अपेक्षित किये गये अनुसार सभी वीडियो और फोटो साक्ष्य रिकॉर्ड करेगा। 4. जांच अधिकारी ई-साक्ष्य मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (2023 का 47) के अनुसूची में भाग-क का प्रमाण-पत्र 63 (4) (ग) तैयार करेगा। सभी प्रमाण-पत्रों पर ई-हस्ताक्षर किए जाएंगे।

5. जांच अधिकारी एसआईडी को सीसीटीएनएस के माध्यम से उत्पन्न सबंन्धित एफ आई आर नबंर/जी डी नबंर से लिंक करेगा।

6. अपरिवर्तनीय भंडारण में अपलोड की गई साक्ष्य को संहिता की धारा 105 और 185 के अधीन मजिस्ट्रेट को अग्रेषित किया जाना माना जाएगा।

7. न्यायालय आईसीजेएस पर सीआईएस एप्लीकेशन/साक्ष्य पोर्टल में अपने अधिकार क्षेत्र से सबंन्धित सभी साक्ष्य देख और प्रबन्धित कर सकते हैं।

8. न्यायालय संहिता की धारा 230 के अधीन उपबंधों के अनुसार अभियुक्त और पीड़ित (यदि अधिवक्ता द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाता है) के साथ साक्ष्य सांझा करने की अनुमति दे सकेगा।

9. ई-साक्ष्य पैकेट को ट्रायल पूरा होने के पश्चात्‌ संग्रहित किया जाएगा और उसे अभिलेख मोड में ले जाया जाएगा।

10. इन नियमों में कुछ भी न्यायालय द्वारा साक्ष्य देखने की न्यायालय की शक्ति को सीमित करने वाला नहीं माना जाएगा।5771 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 11. ये नियम भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (2023 का 47) के उपबंधों के अनुसार न्यायालय द्वारा साक्ष्य को स्वीकार करने और प्रबंधित करने के लिए वर्तमान में लागू किसी अन्य विधि या नियमों के अतिरिक्त होंगे, न कि उनके अल्पीकरण में।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह)।

______________

[Authoritative English text of this Department's Notification No. Home-B-C-017/1/2024 on dated

6th September, 2025 as required under Clause (3) of the Article 348 of the Constitution of India].

HOME-B DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, the 6th September, 2025

No. Home-B-C-017/1/2024.— The Governor of Himachal Pradesh is pleased to make the following rules under the Bhartiya Nagrik Surksha Sanhita, 2023 (Act No. 46 of 2023) after consultation with the High Court of Himachal Pradesh, namely:—

1. Short title and commencement.—(1) These Rules may be called the Himachal Pradesh eSakshya Management Rules, 2025.

(2) They shall come into force from the date of their publication in the Rajpatra(e-gazette) in the Himachal Pradesh.

2. Definitions.—(1) In these Rules, unless the context otherwise requires:—

(a) "CCTNS" means Crime and Criminal Tracking network and System, a software used by the Police collection of data and execution of instructions;

(b) "CIS" means Case Information System, a system software used by the District Judiciary and High Courts for the collection of data and execution of instructions;

(c) "e Sign" means authentication of any electronic record by a subscriber or court, by means of the electronic technique specified in the Second Schedule of the Information Technology Act, 2000 (21 of 2000) and Includes digital signature. Also when a process or report generated in electronic form is authenticated by means of electronic signature, it shall be deemed to be authenticated by signature of the persons who affixed the electronic signature.

(d) "High Court" means the High Court of Judicature;

(e) "ICJS" shall mean Inter-Operable Criminal Justice System, a software presently in operation for transfer of information among various pillars of criminal justice system, which includes investigating agencies, courts, correctional homes, forensic laboratories, prosecution and any other stakeholder as notified by the central government;

5772 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947

(f) "Investigating Officer" means any police officer or any other person authorized by a competent authority or empowered to undertake Investigation for any offence;

(g) "Sakshya" means any evidence collected/recorded as a document through eSakshya Mobile Application, Sakshya consists of video recording(s), Photograph(s), Photograph(s) of witness(s) and photograph of the investigating/ recording officer. All evidence recorded through eSakshya Mobile Application shall generate a secure packet of the event (hereinafter referred to as "eSakshya Packet} with a unique ID called SID, a unique 16 digit ID (SID) with opening, closing time stamp and geo-location. Each SID and its contents will have unique hash value to ensure integrity, Sakshya will be stored in immutable storage; and (h) "Sanhita" means the Bhartiya Nagrik Suraksha Sanhita, 2023 (46 of 2023).

2. Words and expressions used, but not defined in these rules shall have the same meaning as assigned to them in the Bhartiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (46 of 2023); the Bhartiya Nyaya Sanhita, 2023 (45 of 2023); the Bhartiya Sakshya Adhiniyam, 2023 (47 of 2023) and the Information Technology Act, 2000 (21 of 2000).

3. Every Investigating Officer shall record all video and photo evidence as required under section 105, 173, 176, 180, 185 and 497 of the Sanhita through the eSakshya Mobile Application.

4. Investigating Officer shall generate a certificate 63 (4) (c) Part A of the Bhartiya Sakshya Adhiniyam, 2023 (47 of 2023) through the eSakshya Mobile Application, All Certificates will be signed.

5. Investigating officer shall link SID with the concerned FIR number/GD number generated through CCTNS.

6. The Sakshya uploaded to immutable storage shall be construed to be forwarded to Magistrate as required under section 105 and 185 of the Sanhita.

7. The Courts can view and manage all Sakshya concerning to their jurisdiction in the CIS application /Sakshya portal on ICJS.

8. The Court may permit of Sakshya with accused and the victim (if represented by an advocate) as per the provisions under Section 230 of the Sanhita.

9. e-Sakshya packet will be archived after completion of trial and will be moved to Archival mode.

10. Nothing in these rules shall be deemed to limit the power of the Courts to view the Sakshya by the Court.

11. These Rules shall be in addition to, not in derogation of any other law or rules for time being in force for accepting and managing Sakshya by the Court in terms of the provisions of Bhartiya Sakshya Adhiniyam, 2023 (47 of 2023).

By order,

Sd/-

Additional Chief Secretary (Home).

5773 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947

ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, सुजानपुर, जिला हमीरपुर (हि0प्र0)

मिसल नम्बर किस्म मुकद्दमा तारीख दायर तारीख पेशी 40/NT/2025 जन्म तिथि पंजीकरण 30-08-2025 18-09-2025 रतनी देवी पुत्री दीवान चन्द, वासी मोहाल मुनाना, तहसील सुजानपुर, जिला हमीरपुर (हि0प्र0)

. . वादिया।

बनाम

. .प्रतिवादी। आम जनता

जन्म तिथि पंजीकरण रतनी देवी पुत्री दीवान चन्द, वासी मोहाल मुनाना, तहसील सुजानपुर, जिला हमीरपुर (हि0प्र0)

प्रार्थना-पत्र बराये जन्म तिथि पंजीकरण प्रार्थिया रतनी देवी पुत्री दीवान चन्द, वासी मोहाल मुनाना, तहसील सुजानपुर, जिला हमीरपुर (हि0प्र0) ने इस अदालत में दायर किया है कि उसका जन्म दिनांक 05-10-1966 को ग्राम पंचायत सपाहल में हुआ था तथा सहवन गलती से ग्राम पंचायत सपाहल में दर्ज नहीं हो पाया है। लिहाजा इसे ग्राम पंचायत सपाहल में दर्ज करने के लिए आदेश पारित किए जाएं।

अतः प्रतिवादी आम जनता तथा सम्बन्धित रिश्तेदारों को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को उपरोक्त जन्म तिथि पंजीकरण बारे कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक पेशी 18-09-2025 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन अपना एतराज अधोहस्ताक्षरी के समक्ष उपस्थित होकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश दे दिये जायेंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा।

आज दिनांक 06-09-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

सुजानपुर, जिला हमीरपुर (हि0प्र0)।

---------

ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, सुजानपुर, जिला हमीरपुर (हि0प्र0)

मिसल नम्बर किस्म मुकद्दमा तारीख दायर तारीख पेशी 47/NT/2025 नाम दुरुस्ती 07-08-2025 18-09-2025 श्रीमती सुनीता देवी पुत्री खजान सिंह, वासी मोहाल पुआड, तहसील सुजानपुर, जिला हमीरपुर . . वादिया। (हि0प्र0)

बनाम

. .प्रतिवादी। आम जनता

प्रार्थना-पत्र नाम दुरुस्ती प्रार्थिया श्रीमती सुनीता देवी पुत्री खजान सिंह, वासी मोहाल पुआड, तहसील सुजानपुर, जिला हमीरपुर (हि0प्र0) ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र दायर किया है कि उसका नाम 5774 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 राजस्व अभिलेख वाक्या मोहाल पुआड में संदीप कुमारी पुत्री खजान सिंह दर्ज है, जबकि उसका सही नाम सुनीता देवी पुत्री खजान सिंह है। लिहाजा इसे दुरुस्त करके मोहाल पुआड के राजस्व अभिलेख में संदीप कुमारी उर्फ सुनीता देवी पुत्री खजान किया जाए।

अतः प्रतिवादी आम जनता तथा सम्बन्धित रिश्तेदारों को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी हितबद्ध व्यक्ति को उपरोक्त नाम दुरुस्ती बारे कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक पेशी 18-09-2025 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन अपना एतराज अधोहस्ताक्षरी के समक्ष उपस्थित होकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश दे दिये जायेंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा।

आज दिनांक 06-09-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

सुजानपुर, जिला हमीरपुर (हि0प्र0)।

---------

ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, सुजानपुर, जिला हमीरपुर (हि0प्र0)

मिसल नम्बर किस्म मुकद्दमा तारीख दायर तारीख पेशी 48/NT/2025 नाम दुरुस्ती 21-08-2025 18-09-2025 श्रीमती अनूपवाला पत्नी रणवीर सिंह, वासी मोहाल भदरयाना, तहसील सुजानपुर, जिला हमीरपुर . . वादिया। (हि0प्र0)

बनाम

. .प्रतिवादी। आम जनता

प्रार्थना-पत्र नाम दुरुस्ती प्रार्थिया श्रीमती अनूपवाला पत्नी रणवीर सिंह, वासी मोहाल भदरयाना, तहसील सुजानपुर, जिला हमीरपुर (हि0प्र0) ने इस अदालत में दायर किया है कि उसका नाम राजस्व अभिलेख वाक्या मोहाल भदरयाना में अनुराधा विधवा रणवीर सिंह दर्ज है जबकि उसका सही नाम अनूपवाला विधवा रणवीर सिंह है। लिहाजा इसे दुरुस्त करके मोहाल भदरयाना के राजस्व अभिलेख में अनूपवाला विधवा रणवीर सिंह किया जाए।

अतः प्रतिवादी आम जनता तथा सम्बन्धित रिश्तेदारों को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी हितबद्ध व्यक्ति को उपरोक्त नाम दुरुस्ती बारे कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक पेशी 18-09-2025 को सुबह 10.00 बजे इस न्यायालय में असालतन या वकालतन अपना एतराज अधोहस्ताक्षरी के समक्ष उपस्थित होकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त नाम दुरुस्त करने के आदेश दे दिये जायेंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा।

आज दिनांक 28-08-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी,

सुजानपुर, जिला हमीरपुर (हि0प्र0)।5775 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) केस नं0 : 48/C/T/2025

तारीख पेशी : 29-09-2025 श्री जगदीश चन्द पुत्र श्री गोरखु राम, निवासी महाल जसेहड, डाकघर सुरानी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)

बनाम

आम जनता

उनवान मुकद्दमा.--नाम दुरुस्ती।

प्रार्थी श्री जगदीश चन्द पुत्र श्री गोरखु राम, निवासी महाल जसेहड, डाकघर सुरानी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने स्वयं उपस्थित होकर प्रार्थना-पत्र नाम दुरुस्ती प्रस्तुत किया है कि पटवार वृत्त खुण्डियां के राजस्व महाल जसेहड़, अलुहा व अघार, तहसील खुण्डियां के अभिलेख में गलती से उसके पिता का नाम गोरखू दर्ज हो गया है जबकि उनके आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर व स्कूल प्रमाण-पत्र में उसके पिता का नाम गोरखू राम दर्ज है, जोकि उसके पिता का सही नाम है। अलग-अलग नाम हो जाने के कारण प्रार्थी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अतः प्रार्थी का आग्रह है कि उपरोक्त वर्णित पटवार वृत्त टिप के राजस्व महाल जसेहड़, अलुहा व अघार, तहसील खुण्डियां के अभिलेख में उसके पिता का नाम गोरखू राम उपनाम गोरखू दर्ज किया जाये।

अतः सर्वसाधारण को सुनवाई हेतु बजरिये इश्तहार व मुस्त्री मुनादी द्वारा सूचित किया जाता है कि इस नाम दुरुस्ती के सम्बन्ध में किसी प्रकार का उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 29-09-2025 को असालतन व वकालतन पेश होकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। उसके उपरान्त कोई भी उजर/एतराज जेरे समायत न होगा तथा प्रार्थी के पिता श्री गोरखू राम पुत्र फकीरू, निवासी महाल जसेहड़, डाकघर सुरानी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा, हि0प्र0 का नाम राजस्व पटवार वृत्त टिप के राजस्व महाल जसेहड़, अलुहा व अघार, तहसील खुण्डियां के राजस्व अभिलेख में दुरुस्ती दर्ज करने के आदेश पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 28-08-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी, तहसील खुण्डियां, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

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ब अदालत नायब तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील सुलह, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)

किस्म मुकद्दमा : जन्म पंजीकरण

तारीख पेशी : 27-09-2025 निम्मो देवी पत्नी ओंकार चन्द, निवासी गांव व डाकघर अरला, उप-तहसील सुलह, जिला कांगड़ा . .प्रार्थिया। (हि0प्र0)

बनाम

सर्वसाधारण एवं आम जनता

5776 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 विषय.--प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म/मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत करने बारे।

प्रार्थिया निम्मो देवी पत्नी ओंकार चन्द, निवासी गांव व डाकघर अरला, उप-तहसील सुलह, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र ग्राम पंचायत सामुदायिक केन्द्र अरला द्वारा जारी प्रमाण-पत्र आदि दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं कि प्रार्थिया की भाभी मीना कुमारी पत्नी शशि कुमार की मृत्यु दिनांक 03-07-2012 को हुई है। परन्तु ग्राम पंचायत अरला के पंचायत अभिलेख में मृत्यु पंजीकरण न हुआ है।

अतः सर्वसाधारण को इस राजपत्र इश्तहार/मुश्त्री मुनादी द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रार्थिया की भाभी की मृत्यु पंजीकरण ग्राम पंचायत अरला के पंचायत अभिलेख में दर्ज करने बारे कोई उजर व एतराज हो तो वह दिनांक 27-09-2025 को प्रातः 11.00 बजे असालतन या वकालतन हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। अन्यथा प्रार्थी की भाभी मीना कुमारी पत्नी शशि कुमार की मृत्यु दिनांक 03-07-2012 को दर्ज करने के आदेश ग्राम पंचायत अरला को जारी कर दिए जाएंगे उसके उपरान्त कोई भी उजर व एतराज काबिले समायत न होगा।

आज दिनांक 23-08-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, सुलह, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

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ब अदालत सहायक आयुक्त (राजस्व) एवं तहसीलदार इन्दौरा, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

तारीख दायरा : 28-06-2025 मिसल नं0 :

श्री धर्मेन्द्र कुमार शर्मा पुत्र जीया लाल, निवासी गांव मोहटली, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) . . प्रार्थी।

बनाम

. .प्रत्यार्थी। आम जनता

विषय.--प्रार्थना-पत्र बाबत नाम दुरुस्ती राजस्व अभिलेख।

उपरोक्त मिसल नाम दुरुस्ती व अदालत सहायक आयुक्त (राजस्व) एवं तहसीलदार इन्दौरा में विचाराधीन है। उक्त मिसल में प्रार्थी श्री धर्मेन्द्र कुमार शर्मा पुत्र जीया लाल, निवासी गांव मोहटली, तहसील इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) का नाम दस्तावेजों में धर्मेन्द्र कुमार शर्मा दर्ज है, जोकि प्रार्थी का सही नाम है, लेकिन राजस्व अभिलेख महाल मोहटली में सुरेन्द्र पाल पुत्र जी लाल दर्ज है, जोकि गलत है। अतः प्रार्थी अपने नाम की दुरुस्ती राजस्व अभिलेख में करवाना चाहता है।

अतः सर्वसाधारण को इस मुश्त्री मुनादी द्वारा सूचित किया जाता है कि इस नाम दुरुस्ती बारे में यदि किसी को एतराज है तो वह 26-09-2025 को असालतन/वकालतन अदालत हजा में पेश होकर अपना उजर/एतराज पेश कर सकता है, अन्यथा कोई उजर/एतराज पेश न होने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर नाम दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।5777 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 आज दिनांक 03-09-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत सहित जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक आयुक्त (राजस्व) एवं तहसीलदार, इन्दौरा, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी हरिपुर, तहसील हरिपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)

ब मुकद्दमा :

कमलेश कुमारी

बनाम

समस्त जनता

दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म तिथि एवं मृत्यु अधिनियम, 1969.

नोटिस बनाम आम जनता।

श्रीमती कमलेश कुमारी पुत्री दीना नाथ, वासी महाल ओथड़ा, तहसील हरिपुर, जिला कांगड़ा ने इस अदालत में दरख्वास्त की है कि उसका जन्म ग्राम पंचायत मसरूर के रजिस्टर में गलती से दर्ज नहीं करवाया गया है। प्रार्थिया ने अपने जन्म को ग्राम पंचायत मसरूर के रजिस्टर में दर्ज करने की प्रार्थना की है। प्रार्थी का जन्म दिनांक 14-03-1957 को हुआ है तथा उसका जन्म गांव ओथड़ा, तहसील हरिपुर में हुआ है। अतः इस नोटिस/मुश्त्री मुनादी द्वारा समस्त जनता तथा सम्बन्धित रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को प्रार्थिया के जन्म को ग्राम पंचायत मसरूर के रजिस्टर में दर्ज करने बारे में आपत्ति या उजर हो तो वह दिनांक 08-10-2025 को समय 10.00 बजे प्रातः स्वयं अथवा किसी वांछित के माध्यम से हमारे समक्ष अदालत में हाजिर होकर पेश करें अन्यथा एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। आज दिनांक 28-08-2025 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी हरिपुर,

तहसील हरिपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी निचार स्थित भावानगर, जिला किन्नौर (हि0प्र0)

नम्बर मुकद्दमा : 19/2025

श्री लायक राम पुत्र श्री काली चन्द, निवासी गांव शांगो व डाकघर कटगांव, तहसील निचार, जिला . . प्रार्थी। किन्नौर (हि0प्र0)

बनाम

आम जनता व समस्त हितबद्ध व्यक्ति

. . प्रत्यार्थी।5778 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम बराए जन्म पंजीकरण। यह दरख्वास्त श्री लायक राम पुत्र श्री काली चन्द, निवासी गांव शांगो व डाकघर कटगांव, तहसील निचार, जिला किन्नौर (हि0प्र0) से जिला पंजीयक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (मुख्य चिकित्सा अधिकारी), जिला किन्नौर के माध्यम से प्राप्त हुई है। प्रार्थिया उपरोक्त ने आवेदन-पत्र में स्वयं की जन्म तिथि 22-08-1965 है व अज्ञानता के कारणवश जन्म तिथि ग्राम पंचायत कटगांव के अभिलेख में दर्ज नहीं करा सका। अतः अब दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः मुताबिक दरख्वास्त प्रार्थी व पत्र जिला पंजीयक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण, जिला किन्नौर को मध्यनजर रखते हुए उक्त प्रार्थी के स्वयं की जन्म तिथि को ग्राम पंचायत कटगांव के अभिलेख में पंजीकरण के आदेश पारित करने से पहले आम जनता व सभी हितबद्ध व्यक्तियों से उजर/एतराज प्राप्त करने हेतु इश्तहार का प्रकाशन किया जाना आवश्यक है। अतः इस इश्तहार के माध्यम से आम जनता व समस्त हितबद्ध व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को भी उपरोक्त प्रार्थी की जन्म तिथि को ग्राम पंचायत कटगांव, तहसील निचार के अभिलेख में दर्ज करने बारे कोई उजर व एतराज हो तो वह इस इश्तहार के प्रकाशित होने की तारीख से एक माह के भीतर असालतन या वकालतन हमारी अदालत में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज किसी भी कार्य दिवस में पेश कर सकता है। मियाद खत्म होने के बाद किसी भी प्रकार का उजर/एतराज न काबिले समायत होगा।

आज दिनांक 29-08-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, निचार स्थित भावानगर, जिला किन्नौर (हि0प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी निचार स्थित भावानगर, जिला किन्नौर (हि0प्र0)

नम्बर मुकद्दमा : 34/2025

श्रीमती फुलमा देवी पुत्री श्री राम दास, निवासी गांव व डाकघर बरी, तहसील निचार, जिला किन्नौर . . प्रार्थिया। (हि0प्र0)

बनाम

आम जनता व समस्त हितबद्ध व्यक्ति

. . प्रत्यार्थी। दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम बराए जन्म पंजीकरण।

यह दरख्वास्त श्रीमती फुलमा देवी पुत्री श्री राम दास, निवासी गांव व डाकघर बरी, तहसील निचार, जिला किन्नौर (हि0प्र0) से जिला पंजीयक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (मुख्य चिकित्सा अधिकारी), जिला किन्नौर के माध्यम से प्राप्त हुई है। प्रार्थिया उपरोक्त ने आवेदन-पत्र में स्वयं की जन्म तिथि 25-12-1976 है व अज्ञानता के कारणवश जन्म तिथि ग्राम पंचायत बरी के अभिलेख में दर्ज नहीं करा सकी। अतः अब दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः मुताबिक दरख्वास्त प्रार्थिया व पत्र जिला पंजीयक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण, जिला किन्नौर को मध्यनजर रखते हुए उक्त प्रार्थिया के स्वयं की जन्म तिथि को ग्राम पंचायत बरी के अभिलेख में पंजीकरण के आदेश पारित करने से पहले आम जनता व सभी हितबद्ध व्यक्तियों से उजर/एतराज प्राप्त करने हेतु इश्तहार का प्रकाशन किया जाना आवश्यक है। अतः इस इश्तहार के माध्यम से आम जनता व समस्त हितबद्ध5779 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को भी उपरोक्त प्रार्थिया कीे जन्म तिथि ग्राम पंचायत बरी, तहसील निचार के अभिलेख में दर्ज करने बारे कोई उजर व एतराज हो तो वह इस इश्तहार के प्रकाशित होने की तारीख से एक माह के भीतर असालतन या वकालतन हमारी अदालत में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज किसी भी कार्य दिवस में पेश कर सकता है। मियाद खत्म होने के बाद किसी भी प्रकार का उजर/एतराज न काबिले समायत होगा।

आज दिनांक 08-08-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, निचार स्थित भावानगर, जिला किन्नौर (हि0प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी निचार स्थित भावानगर, जिला किन्नौर (हि0प्र0)

नम्बर मुकद्दमा : 18/2025

श्रीमती भाषा मणी पुत्री श्री उदम दास, निवासी गांव व डाकघर बरी, तहसील निचार, जिला किन्नौर . . प्रार्थिया। (हि0प्र0)

बनाम

आम जनता व समस्त हितबद्ध व्यक्ति

. . प्रत्यार्थी। दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम बराए जन्म पंजीकरण।

यह दरख्वास्त श्रीमती भाषा मणी पुत्री श्री उदम दास, निवासी गांव व डाकघर बरी, तहसील निचार, जिला किन्नौर (हि0प्र0) से जिला पंजीयक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (मुख्य चिकित्सा अधिकारी), जिला किन्नौर के माध्यम से प्राप्त हुई है। प्रार्थिया उपरोक्त ने आवेदन-पत्र में स्वयं की जन्म तिथि 01-07-1966 है व अज्ञानता के कारणवश जन्म तिथि ग्राम पंचायत बरी के अभिलेख में दर्ज नहीं करा सकी। अतः अब दर्ज करने का अनुरोध किया है।

अतः मुताबिक दरख्वास्त प्रार्थिया व पत्र जिला पंजीयक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण, जिला किन्नौर को मध्यनजर रखते हुए उक्त प्रार्थिया के स्वयं की जन्म तिथि को ग्राम पंचायत बरी के अभिलेख में पंजीकरण के आदेश पारित करने से पहले आम जनता व सभी हितबद्ध व्यक्तियों से उजर/एतराज प्राप्त करने हेतु इश्तहार का प्रकाशन किया जाना आवश्यक है। अतः इस इश्तहार के माध्यम से आम जनता व समस्त हितबद्ध व्यक्तियों को सूचित किया जाता है कि यदि किसी को भी उपरोक्त प्रार्थिया कीे जन्म तिथि ग्राम पंचायत बरी, तहसील निचार के अभिलेख में दर्ज करने बारे कोई उजर व एतराज हो तो वह इस इश्तहार के प्रकाशित होने की तारीख से एक माह के भीतर असालतन या वकालतन हमारी अदालत में हाजिर आकर अपना उजर/एतराज किसी भी कार्य दिवस में पेश कर सकता है। मियाद खत्म होने के बाद किसी भी प्रकार का उजर/एतराज न काबिले समायत होगा।

आज दिनांक 08-08-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, निचार स्थित भावानगर, जिला किन्नौर (हि0प्र0)।5780 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 ब अदालत श्री इन्द्र सिंह, कार्यकारी दण्डाधिकारी (नायब तहसीलदार) उप-तहसील टापरी, जिला किन्नौर (हि0प्र0)-172 104

मुकद्दमा संख्या : 27/2025

तारीख रजुआ : 02-09-2025 श्रीमती शांती देवी पुत्री भाग चन्द, निवासी गांव व डाकघर चगांव, उप-तहसील टापरी, जिला किन्नौर (हि0प्र0)।

बनाम

आम जनता, ग्राम चगांव, उप-तहसील टापरी, जिला किन्नौर, हि0प्र0

विषय.--उनवाद मुकद्दमा दरख्वास्त अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु अधिनियम, 1969.

श्रीमती शांती देवी पुत्री भाग चन्द, निवासी गांव व डाकघर चगांव, उप-तहसील टापरी, जिला किन्नौर (हि0प्र0) द्वारा इस अदालत में एक प्रार्थना-पत्र, शपथ-पत्र सहित प्राप्त हुआ है जिसमें आवेदिका ने अपनी जन्म तिथि 01-12-1966 ग्राम पंचायत चगांव में दर्ज करने बारे आवेदन किया है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार के माध्यम से सूचित किया जाता है कि यदि ग्राम पंचायत चगांव के रिकार्ड में श्रीमती शांती देवी की जन्म तिथि 01-12-1966 दर्ज किए जाने पर किसी भी प्रकार को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 01-10-2025 को या इससे पूर्व अपना उजर एवं एतराज इस अदालत में पेश करें। यदि उक्त अवधि तक कोई उजर व एतराज पेश नहीं हुआ तो श्रीमती शांती देवी की जन्म तिथि ग्राम पंचायत चगांव के अभिलेख में दर्ज करने के आदेश पारित किए जायेंगे।

आज दिनांक 02 सितम्बर 2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/-

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

उप-तहसील टापरी, जिला किन्नौर (हि0प्र0)।

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Before the Court of Additional District Magistrate-cum-Collector, Sub-Division Pooh,

District Kinnaur (H.P.)

Case No. : 10/2025

Sh. Bhagat Singh s/o Sh. Subhash Chand, r/o Village & P.O. Sunnam, Tehsil Pooh, District . .Applicant. Kinnaur (H.P.)

Versus

General Public

. .Respondent.

Subject.—Regarding application u/s 13(3) of Birth and Death Registration Act for registration of a

death.

Applicant Sh. Bhagat Singh s/o Sh. Subhash Chand, r/o Village & P.O. Sunnam, Tehsil Pooh, District Kinnaur (H.P.) has moved an application before the District Registrar (Birth &5781 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 Death)-cum-Chief Medical Officer, District Kinnaur, H.P. under section 13(3) of Birth & Death Act, 1969 alongwith affidavits and other documents stating therein that his grandmother named Late Smt. Budha Dasi w/o Sh. Sonam Tanzin died on 18-11-2012, but her date of death could not be entered in the record of Gram Panchayat Sunnam, Tehsil Pooh, Distt. Kinnaur, H.P.

Therefore, by this proclamation, the general public is hereby inform that any person having any objection for the registration of delayed date of death of Late Smt. Budha Dasi w/o Sh. Sonam Tanzin, r/o Village & P.O. Sunnam, Tehsil Pooh, District Kinnaur, H.P. may submit their objections in writing in this court on or before 09-10-2025 failing which no objection will be entertained after expiry of date.

Given under my hand and seal of the court of this 01-09-2025.

Seal.

Sd/-

Additional District Magistrate,

Pooh, District Kinnaur (H.P.).

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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, जलोग, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश

तारीख मजरूआ : 02-08-2025 मुकद्दमा संख्या : 08-XIII/2025

श्री राजू पुत्र स्व0 भीमी राम, निवासी ग्राम चपड़ानी, डाकघर हिमरी, उप-तहसील जलोग, जिला शिमला (हि0प्र0)।

बनाम

आम जनता

राजस्व अभिलेख में नाम दुरुस्ती बारे प्रार्थना-पत्र।

प्रार्थी श्री राजू पुत्र स्व0 भीमी राम, निवासी ग्राम चपडानी, डाकघर हिमरी, उप-तहसील जलोग, जिला शिमला (हि0प्र0) द्वारा दिनांक 12-06-2025 को प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर निवेदन किया गया है कि भू-राजस्व अभिलेख मौजा चपड़ानी में प्रार्थी का नाम इन्दर्राज पुत्र भीमी राम दर्ज राजस्व कागजात है, जोकि गलत है। प्रार्थी के प्रार्थना-पत्र को छानबीन हेतु पटवारी हल्का करयाली को भेजा गया। पटवारी पटवार वृत्त करयाली से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक मौजा चपड़ानी में प्रार्थी का नाम इन्द्रराज पुत्र भीमी राम दर्ज है। मुताबिक ब्यानात स्थानीय वाशिन्दगान तथा प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, ग्राम पंचायत करयाली से जारी परिवार नकल, शपथ-पत्र तथा आठवीं कक्षा के शैक्षणिक प्रमाण-पत्र आदि दस्तावेजों के अनुसार प्रार्थी का नाम राजू है, जोकि सही है। जिससे स्पष्ट होता है कि इन्द्रराज व राजू एक ही व्यक्ति के दो नाम हैं। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर मौजा चपड़ानी पटवार वृत्त करयाली के राजस्व अभिलेख में प्रार्थी का नाम राजू उर्फ इन्द्र राज किया जाना वाजिब है।

अतः इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को भी उपरोक्त मुकद्दमा नाम दुरुस्ती बारे कोई भी उजर व एतराज हो तो स्वयं या लिखित तौर पर दिनांक 03-10-2025 को अपराह्‌न 2.00 बजे तक इस अदालत में अपना उजर/एतराज पेश करें अन्यथा यह समझा जायेगा कि किसी भी 5782 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 सम्बन्धित व्यक्ति को इस मुकद्दमा नाम दुरुस्ती बारे कोई उजर व एतराज न है तथा आवेदन-पत्र को अन्तिम रूप दिया जायेगा व एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

आज दिनांक 04-09-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील जलोग, जिला शिमला (हि0प्र0)।

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ब अदालत श्री जय —ष्ण, कार्यकारी दण्डाधिकारी उप-तहसील रोनहाट, जिला सिरमौर (हि0प्र0)

ब मुकद्दमा :

श्री कांसी राम पुत्र श्री जटू, निवासी ग्राम खलान्डो, ग्राम पंचायत कोटि बौंच, उप-तहसील रोनहाट, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।

बनाम

आम जनता, निवासी ग्राम खालान्डो, ग्राम पंचायत कोटी-बौंच, उप-तहसील रोनहाट, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।

विषय.--दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री कांसी राम पुत्र श्री जटू, निवासी ग्राम खलान्डो, ग्राम पंचायत कोटि बौंच, उप-तहसील रोनहाट, जिला सिरमौर (हि0प्र0) का आवेदन जिला रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन के पत्र क्रमांक HFW-N/ST/B&D/Delayed Cases/2025-5768, दिनांक 05-08-2025 के द्वारा प्राप्त हुआ है, जिसमें प्रार्थिया अपनी पुत्री मीनाक्षी की जन्म तिथि 06-03-2008 को ग्राम पंचायत कोटी-बौंच के जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहता है, जिसका रिकार्ड पंचायत में दर्ज नहीं किया गया है। जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थी ने आवेदन-पत्र में मय ब्यान हल्फिया प्रपत्र 10, आधार कार्ड तथा जिला रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन, जिला सिरमौर द्वारा अपनी संस्तुति प्रस्तुत की है। अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि प्रार्थी श्री कांसी राम पुत्र श्री जटू, निवासी ग्राम खलान्डो, ग्राम पंचायत कोटि बौंच की पुत्री मीनाक्षी की जन्म तिथि 06-03-2008 को ग्राम पंचायत कोटी-बौंच, विकास खण्ड शिलाई के कार्यालय के अभिलेख में दर्ज करने बारे अगर किसी को आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपत्ति व दावा इस अदालत में दिनांक 03-10-2025 को सायं 5. 00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपत्ति न आने की सूरत प्रार्थी की पुत्री मीनाक्षी की जन्म तिथि 06-03-2008 को ग्राम पंचायत कोटी-बौंच, विकास खण्ड शिलाई के जन्म एवं मृत्यु अभिलेख में दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय जन्म एवं मृत्यु पंजीपाल को पारित कर दिये जाएंगे।

आज दिनांक 03-09-2025 को मेरे हस्ताक्षर व कार्यालय की मोहर द्वारा जारी किया गया। मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील रोनहाट, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।

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5783 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947

ब अदालत श्री जय —ष्ण, कार्यकारी दण्डाधिकारी उप-तहसील रोनहाट, जिला सिरमौर (हि0प्र0)

ब मुकद्दमा :

श्री तुलसी राम पुत्र श्री किडवा, निवासी ग्राम झकानडो, डाकघर झकानडो, उप-तहसील रोनहाट, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।

बनाम

आम जनता, निवासी ग्राम झकानडो, ग्राम पंचायत झकानडो, उप-तहसील रोनहाट, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।

विषय.--दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री तुलसी राम पुत्र श्री किडवा, निवासी ग्राम झकानडो, डाकघर झकानडो, उप-तहसील रोनहाट, जिला सिरमौर (हि0प्र0) का आवेदन जिला रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन के पत्र क्रमांक HFW-N/ST/B&D/Delayed Cases/2024-3204, दिनांक 12-06-2025 के द्वारा प्राप्त हुआ है, जिसमें प्रार्थी अपनी जन्म तिथि 01-07-1965 को ग्राम पंचायत झकानडो के जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण रजिस्टर में दर्ज करवाना चाहता है, जिसका रिकार्ड पंचायत में दर्ज नहीं किया गया है। जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थी ने आवेदन-पत्र में मय ब्यान हल्फिया प्रपत्र 10, आधार कार्ड, परिवार नकल इत्यादि संलग्न किया है तथा जिला रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन, जिला सिरमौर द्वारा अपनी संस्तुति प्रस्तुत की है।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि प्रार्थी श्री तुलसी राम पुत्र श्री किडवा, निवासी ग्राम झकानडो, ग्राम पंचायत झकानडो की जन्म तिथि 01-07-1965 को ग्राम पंचायत झकानडो, विकास खण्ड शिलाई के कार्यालय के अभिलेख में दर्ज करने बारे अगर किसी को आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपत्ति व दावा इस अदालत में दिनांक 03-10-2025 को सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपत्ति न आने की सूरत में प्रार्थी की जन्म तिथि 01-07-1965 को ग्राम पंचायत झकानडो, विकास खण्ड शिलाई के जन्म एवं मृत्यु अभिलेख में दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय जन्म एवं मृत्यु पंजीपाल को पारित कर दिये जाएंगे।

आज दिनांक 03-09-2025 को मेरे हस्ताक्षर व कार्यालय की मोहर द्वारा जारी किया गया। मोहर। हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील रोनहाट, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

ब मुकद्दमा श्री इन्द्र सिंह पुत्र सही राम, निवासी गांव दाया, ग्राम पंचायत कुंहट, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।

बनाम

आम जनता

विषय.--दरख्वास्त जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969.

5784 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 श्री इन्द्र सिंह पुत्र सही राम, निवासी गांव दाया, ग्राम पंचायत कुंहट, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर (हि0प्र0) का आवेदन जिला रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन, जिला सिरमौर के अनुमोदन सहित इस कार्यालय में प्राप्त हुआ है जिसमें आवेदक अपने बेटे अमन का नाम व जन्म तिथि 10-11-2010 को ग्राम पंचायत कुंहट के जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अभिलेख में दर्ज करवाना चाहता है जो भूलवश पहले दर्ज नहीं हुआ है।

अतः सर्वसाधारण जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि उपरोक्त पंजीकरण बारे अगर किसी को आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपत्ति इस अदालत में दिनांक 30-09-2025 सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकता है। निर्धारित अवधि में आपत्ति न आने की सूरत में प्रार्थी के बेटे का पंजीकरण ग्राम पंचायत कुंहट, विकास खण्ड शिलाई के जन्म/मृत्यु अभिलेख में दर्ज करने के आदेश सम्बन्धित स्थानीय रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु को पारित कर दिये जाएंगे।

आज दिनांक 04-09-2025 को मेरे हस्ताक्षर व कार्यालय की मोहर द्वारा जारी किया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, शिलाई, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।

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ब अदालत उप-मण्डल दण्डाधिकारी शिलाई, जिला सिरमौर (हि0 प्र0)

श्रीमती ईन्दरा देवी पत्नी श्री दिनेश, निवासी गांव मंगताड़ी, डाकघर शिरी क्यारी, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।

बनाम

आम जनता

विषय.--दरख्वास्त आधार कार्ड में नाम व जन्म तिथि दुरुस्तीकरण बारे।

आम जनता को इस नोटिस के माध्यम से सूचित किया जाता है कि श्रीमती ईन्दरा देवी पत्नी श्री दिनेश, निवासी गांव मंगताड़ी, डाकघर शिरी क्यारी, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर (हि0प्र0) ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र दायर किया है कि उसका नाम व जन्म तिथि आधार कार्ड में इन्द्रो देवी (Indro Devi) व जन्म तिथि 01-01-1990 दर्ज है, जोकि गलत है। जबकि प्रार्थिया का सही नाम ईन्दरा देवी (Indra Devi) व जन्म तिथि 31-01-1981 है, जिसे वह दर्ज करवाना चाहती है। जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थना-पत्र के साथ जन्म प्रमाण-पत्र, अधिवास हिमाचली का प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड व शपथ-पत्र की छायाप्रति संलग्न की है। अतः सर्वसाधारण जनता को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी आम या खास को आधार कार्ड में नाम इन्द्रो देवी (Indro Devi) के स्थान पर ईन्दरा देवी (Indra Devi) व जन्म तिथि 01-01-1990 के स्थान पर 31-01-1981 दुरुस्त करने में कोई आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अपनी आपत्ति इस अदालत में दिनांक 04-10-2025 सायं 5.00 बजे तक दर्ज करवा सकते हैं। निर्धारित अवधि में आपत्ति न आने की सूरत में प्रार्थिया का नाम ईन्दरा देवी (Indra Devi) व प्रार्थिया की जन्म तिथि 31-01-1981 आधार कार्ड में दुरुस्त करने के आदेश पारित कर दिये जाएंगे।

आज दिनांक 04-09-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- (जस पाल, हि0प्र0से0), उप-मण्डल दण्डाधिकारी,

शिलाई, जिला सिरमौर (हि0प्र0)।5785 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 ब अदालत सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी एवं नायब तहसीलदार, उप-तहसील कोटला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)

किस्म मुकद्दमा : नाम दुरुस्ती तारीख पेशी : 16-09-2025 मिसल नं0 : 43/NTK

यशवन्त सिंह पुत्र प्रकाश चन्द, निवासी गांव धडूं, उप-तहसील कोटला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

बनाम

आम जनता

उपरोक्त प्रार्थी यशवन्त सिंह ने इस अदालत में अपने नाम दुरुस्ती हेतु प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि महाल धडूं के राजस्व रिकार्ड में मेरा नाम जसवन्त सिंह दर्ज है जबकि सही नाम यशवन्त सिंह है। जिसे वह दुरुस्त करवाना चाहता है।

अतः इस इश्तहार के माध्यम से सर्वसाधारण को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी का नाम जसवन्त सिंह की बजाये जसवन्त सिंह उर्फ यशवन्त सिंह किये जाने बारे यदि किसी को कोई आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अधोहस्ताक्षरी की अदालत में दिनांक 16-09-2025 को आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर प्रार्थी के नाम दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जाएंगे। इसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा।

आज दिनांक 01-09-2025 को हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं नायब तहसीलदार, उप-तहसील कोटला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी एवं नायब तहसीलदार, उप-तहसील कोटला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)

किस्म मुकद्दमा : नाम दुरुस्ती तारीख पेशी : 16-09-2025 मिसल नं0 : 45/NTK

ज्ञातो देवी विधवा प्युंदी राम पुत्र रघु, निवासी गांव भोंका, डा0 भोंका, उप-तहसील कोटला, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

बनाम

आम जनता

उपरोक्त प्रार्थिया ज्ञातो देवी विध्वा प्युंदी राम पुत्र रघु ने इस अदालत में अपने नाम दुरुस्ती हेतु प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि महाल भाेंका के राजस्व रिकार्ड में मेरा नाम सीता देवी विधवा प्युंदी दर्ज है जबकि सही नाम ज्ञातो देवी विधवा प्युंदी राम है। जिसे वह दुरुस्त करवाना चाहती है।

अतः इस इश्तहार के माध्यम से सर्वसाधारण को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थिया का नाम सीता देवी की बजाये सीता देवी उर्फ ज्ञातो देवी किये जाने बारे यदि किसी को कोई आपत्ति हो तो वह असालतन या वकालतन अधोहस्ताक्षरी की अदालत में दिनांक 16-09-2025 को आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर प्रार्थिया के नाम दुरुस्ती के आदेश पारित कर दिये जाएंगे। इसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा।5786 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 आज दिनांक 01-09-2025 को हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी किया गया। मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी एवं नायब तहसीलदार, उप-तहसील कोटला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री साजन बग्गा, तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी पालमपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) मुकद्दमा नं0 : किस्म मुकद्दमा : दुरुस्ती तारीख पेशी : 16-09-2025 प्रीतम चन्द पुत्र श्री जीजी राम पुत्र सुन्दर, निवासी गांव खरास, डा0 कण्ड गवाल टिक्कर, तहसील पालमपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

बनाम

आम जनता

उपरोक्त मुकद्दमा इस न्यायालय में विचाराधीन है इसमें प्रार्थी ने अपने पिता के नाम की दुरूस्ती हेतु प्रार्थना-पत्र पेश किया है। प्रार्थना-पत्र में प्रार्थी ने व्यक्त किया है कि उसके पिता का नाम महाल गवाल टिक्कर के राजस्व रिकार्ड में गलती से दुर्गा दास दर्ज हो गया है जबकि अन्य दस्तावेजों में उसका सही नाम जीजा राम है।

अतः राजपत्र, हि0प्र0 इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि प्रार्थी का सही नाम जीजा राम है। अतः इस बारे किसी को कोई भी उजर या एतराज हो तो दिनांक 16-09-2025 को अधोहस्ताक्षरी की अदालत में असालतन या वकालतन हाजिर होकर पेश कर सकता है गैरहाजिरी की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

आज दिनांक 25-08-2025 को हमारे हस्ताक्षर व मोहर सहित जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- साजन बग्गा,

तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी,

पालमपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)।

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ब अदालत तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) मु0 नं0 : 13/Teh/B/2025 तिथि दायरा : 23-07-2025 तारीख पेशी : 19-09-2025 किस्म मुकद्दमा : जन्म पंजीकरण

शीर्षक.-श्री अशोक कुमार पुत्र महन्त राम, निवासी गांव फस्टा, डाकघर व ग्राम पंचायत देवी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)

. .प्रार्थी।

बनाम

आम जनता . .प्रत्यार्थीगण।5787 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 विषय.--प्रार्थना-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म/मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

प्रार्थी उपरोक्त ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र मय शपथ-पत्र इस आशय से पेश किया है कि उसकी पुत्री अनीता कटोच का जन्म दिनांक 19-11-1993 का गांव फस्टा, डाकघर मरूंह, ग्राम पंचायत देवी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) में हुआ है। लेकिन अज्ञानतावश उनकी पुत्री की जन्म तिथि ग्राम पंचायत देवी के अभिलेख में दर्ज न करवाई ह,ै जिसे वह सम्बन्धित ग्राम पंचायत देवी के अभिलेख में दर्ज करवाना चाहता है।

अतः इस बारे सर्वसाधारण को राजपत्र इश्तहार व मुस्त्री मुनादी द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि किसी को प्रार्थी उपरोक्त की पुत्री की जन्म तिथि 19-11-1993 ग्राम पंचायत देवी के अभिलेख में दर्ज करने बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह तिथि ि19-09-2025 तक असालतन या वकालतन इस अदालत में हाजिर आकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है। इसके उपरान्त कोई भी उजर या एतराज काबले समायत न होगा तथा आवेदक की पुत्री की जन्म तिथि 19-11-1993 पंजीकृत करने के आदेश सम्बन्धित ग्राम पंचायत देवी को पारित कर दिये जायेंगे।

आज दिनांक 02-08-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- तहसीलदार एवं कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील धीरा, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

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ब अदालत कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार, जससिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) मुकद्दमा नं0 : 24/तह0/2025 किस्म मुकद्दमा : शादी पंजीकरण तारीख पेशी : 23-09-2025 1. राकेश चन्द्रमनी शर्मा पुत्र श्री चन्द्रमनी शर्मा, गांव दंसलू, डाकघर लोअर लम्बागांव, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

2. वन्दना राकेश शर्मा पुत्री सुरेन्द्र नाथ शर्मा, गांव व डाकघर लोअर लम्बागांव, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)। वर्तमान पत्नी राकेश चन्द्रमनी शर्मा पुत्र श्री चन्द्रमनी शर्मा, गांव दंसलू, डाकघर लोअर लम्बागांव, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)

. . प्रार्थीगण।

बनाम

आम जनता . .प्रतिवादीगण। विषय.--प्रार्थना-पत्र जेर धारा 8(4) शादी पंजीकरण अधिनियम, 1996 के अन्तर्गत पंजीकरण करने बारे। मुस्त्री मुनादी बनाम आम जनता

प्रार्थी राकेश चन्द्रमनी शर्मा पुत्र श्री चन्द्रमनी शर्मा, गांव दंसलू, डाकघर लोअर लम्बागांव, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने प्रार्थना-पत्र ब्यान हल्फिया व अन्य दस्तावेजों सहित इस आशय से गुजारा है कि मेरी शादी दिनांक 30-06-2001 को वन्दना राकेश शर्मा पुत्री सुरेन्द्र नाथ शर्मा, गांव व डाकघर लोअर लम्बागांव, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) के साथ हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार सम्पन्न हुई थी। लेकिन वह अन्नभिज्ञता के कारण इस शादी का पंजीकरण ग्राम पंचायत लम्बागांव में दर्ज नहीं करवा सके थे। जिसे प्रार्थीगण अब पंजीकृत करवाना चाहते हैं।

अतः इस मुस्त्री मुनादी द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को प्रार्थीगणों की शादी के पंजीकरण बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन हाजिर होकर 5788 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 अपना उजर या एतराज दिनांक 23-09-2025 को इस अदालत में पेश कर सकता है। हाजिर न होने की सूरत में बाद के किसी भी किस्म का कोई उजर व एतराज नहीं सुना जाएगा व पंजीकरण के आदेश ग्राम पंचायत सचिव लम्बागांव को पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 21-08-2025 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार, जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री विजय कुमार शमार्, कार्यकारी दण्डाधिकारी, जससिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) मुकद्दमा नं0 : 07/ना0/2025 किस्म मुकद्दमा : जन्म पंजीकरण तारीख पेशी : 24-09-2025

. .प्रार्थिया। सविता देवी पुत्री स्व0 श्री जनक सिंह, गांव व डाकघर कर्णघट, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0)

बनाम आम जनता . .प्रतिवादीगण। विषय.--इश्तहार अखबारी बराये जन्म दर्ज करने बारे।

सविता देवी पुत्री स्व0 श्री जनक सिंह, गांव व डाकघर कर्णघट, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0 प्र0) ने स्वयं हाजिर होकर प्रार्थना-पत्र हलफी ब्यान पेश किया व आवेदन किया कि मेरा जन्म दिनांक 04-09-1968 को गांव व डाकघर कर्णघट, ग्राम पंचायत कर्णघट, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा में हुआ है। इस सन्दर्भ में प्रार्थीया ने अपना शपथ-पत्र भी संलग्न किया है। परन्तु अज्ञानतावश प्रार्थीया के घर वालों द्वारा जन्म पंजीकरण स्थानीय ग्राम पंचायत कर्णघट के अभिलेख में दर्ज न करवाया गया है। अतः प्रार्थीया न्यायालय के माध्यम से अपने जन्म का पंजीकरण करने का आदेश ग्राम पंचायत कर्णघट को जारी करवाना चाहती है।

अतः प्रार्थिया के आवेदन को स्वीकार करते हुए इस इश्तहार मुस्त्री मुनादी व चस्पांगी के माध्यम से प्रतिवादी आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त सविता देवी पुत्री श्रीमती लंकू देवी पत्नी स्व0 श्री जनक सिंह, गांव व डाकघर कर्णघट, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) की जन्म तिथि 04-09-1968 के पंजीकरण बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 24-09-2025 को दोपहर 2.00 बजे हाजिर अदालत होकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है अन्यथा वाद गुजरने तारीख पेशी को किसी किस्म का उजर एवं एतराज न सुना जावेगा व उपरोक्त जन्म पंजीकरण दर्ज करने का आदेश संबन्धित स्थानीय पंजीकार, ग्राम पंचायत कर्णघट को जारी कर दिया जावेगा।

यह इश्तहार मोहर अदालत व मेरे हस्ताक्षर से आज दिनांक 19-08-2025 को जारी हुआ। मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

-------- ब अदालत श्री विजय कुमार शर्मा, कार्यकारी दण्डाधिकारी, जससिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) मुकद्दमा नं0 : 06/ना0/2025 किस्म मुकद्दमा : जन्म पंजीकरण तारीख पेशी : 25-09-2025

. .प्रार्थिया। अनीता कुमारी पुत्री श्री भाग सिंह राणा, गांव व डाकघर दगोह, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)5789 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947 बनाम

आम जनता . .प्रतिवादीगण। विषय.--इश्तहार अखबारी बराये जन्म दर्ज करने बारे।

अनीता कुमारी पुत्री श्री भाग सिंह राणा, गांव व डाकघर दगोह, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) ने स्वयं हाजिर होकर प्रार्थना-पत्र हल्फी ब्यान पेश किया व आवेदन किया कि मेरा जन्म दिनांक 22-02-1971 को गांव व डाकघर दगोह, ग्राम पंचायत दगोह, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा में हुआ है। इस सन्दर्भ में प्रार्थिया ने अपना शपथ-पत्र भी संलग्न किया है। परन्तु अज्ञानतावश प्रार्थिया के घर वालों ने जन्म पंजीकरण स्थानीय ग्राम पंचायत दगोह के अभिलेख में दर्ज न करवाया गया है। अतः प्रार्थिया न्यायालय के माध्यम से अपने जन्म का पंजीकरण करने का आदेश ग्राम पंचायत दगोह को जारी करवाना चाहती है। अतः प्रार्थिया के आवेदन को स्वीकार करते हुए इस इश्तहार मुस्त्री मुनादी व चस्पांगी के माध्यम से प्रतिवादी आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त अनीता कुमारी पुत्री श्रीमती रतनी देवी पत्नी श्री भाग सिंह राणा, गांव व डाकघर दगोह, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0) की जन्म तिथि 22-02-1971 के पंजीकरण बारे कोई उजर या एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी 25-09-2025 को दोपहर 2.00 बजे हाजिर अदालत होकर अपना उजर या एतराज पेश कर सकता है अन्यथा वाद गुजरने तारीख पेशी को किसी किस्म का उजर एवं एतराज न सुना जावेगा व उपरोक्त जन्म पंजीकरण दर्ज करने का आदेश संबन्धित स्थानीय पंजीकार ग्राम पंचायत दगोह को जारी कर दिया जावेगा। यह इश्तहार मोहर अदालत व मेरे हस्ताक्षर से आज दिनांक 19-08-2025 को जारी हुआ। मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यकारी दण्डाधिकारी, तहसील जयसिंहपुर, जिला कांगड़ा (हि0प्र0)।

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CHANGE OF NAME

I, Kashlia Devi w/o Shri Kanhaya Singh, r/o V.P.O Ghar, Tehsil Palampur, Distt. Kangra (H.P.)-176103 declare that I have changed my name from Koshalya Devi to Kashlia Devi. Koshalya Devi and Kashlia Devi is the same and one woman. All concerned be noted.

KASHLIA DEVI ,

w/o Shri Kanhaya Singh,

V.P.O Ghar, Tehsil Palampur, Distt. Kanga (H.P.).

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CHANGE OF NAME

I, Dhruv Dev s/o Shri Jaishi Ram, r/o V.P.O Matt, Sungal, Tehsil Palampur, Distt. Kangra (H.P.)-176061 declare that I have changed my son's name from Divarshit to Devrshit. Divarshit and Devrshit is the same and one boy. All concerned be noted.

DHRUV DEV,

s/o Shri Jaishi Ram,

V.P.O Matt, Sungal, Tehsil Palampur,

Distt. Kanga (H.P.).

5790 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947

CHANGE OF NAME

I, Sarita Devi w/o Shri Tara Singh, r/o Ward No. 5, V.P.O Santoshgarh, Tehsil & Distt. Una (H.P.) hereby declare that I have changed my name from Urmila Devi to Sarita Devi after marriage. Sarita Devi & Urmila Devi are names of one and the same person. All concerned may kindly note.

SARITA DEVI,

w/o Shri Tara Singh,

r/o Ward No. 5, V.P.O Santoshgarh,

Tehsil & Distt. Una (H.P.).

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CHANGE OF NAME

I, Kanchan Singh aged about 41 years s/o Shri Om Prakash, r/o Village Lamlehr, Post Office Ghar, Tehsil Palampur, Distt. Kangra (H.P.)-176103 declare that I have changed my minor daughter's name in her Aadhar Card No. 4289-0738-2324 from Pradhi Kapoor to Pridhi Kapoor. All concerned please may note.

KANCHAN SINGH,

s/o Shri Om Prakash,

r/o Village Lamlehr, Post Office Ghar,

Tehsil Palampur, Distt. Kangra (H.P.).

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CORRECTION OF NAME

I, Vipin Chander Katoch s/o Shri Sarad Chand Katoch, r/o Housing Board Colony, House No. 38, Behind KLB College, P.O. Bundla Tea Estate (Lohna), MC and Tehsil Palampur, Distt. Kangra (H.P.) declare that my name has been printed as Dr. Vipin Chander instead of Vipin Chander Katoch in some share certificates. My correct name is Vipin Chander Katoch. Concerned note.

VIPIN CHANDER KATOCH,

s/o Shri Sarad Chand Katoch,

r/o Housing Board Colony, House No. 38,

Behind KLB College, P.O. Bundla Tea Estate (Lohna),

MC and Tehsil Palampur, Distt. Kangra (H.P.).

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5791 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947

CORRECTION OF NAME

I, Guddo Devi (37) w/o Shri Budhi Parkash, r/o Village Sundrota, P.O. Thanikothi, Tehsil Churah, Distt. Chamba (H.P.) declare that my name Guddi wrongly entered in my son's Yash Veer (10th) class certificate session 2021-22. My correct name is Guddo Devi, please note.

GUDDO DEVI,

w/o Shri Budhi Parkash,

r/o Village Sundrota, P.O. Thanikothi,

Tehsil Churah, Distt. Chamba (H.P.).

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CHANGE OF NAME

I, Diya Thakur w/o Shri Ram Chand, r/o Ward No. 2, Village Dewala Chamb, P.O. Harnora, Tehsil Sadar, Distt. Bilaspur (H.P.)-174013 declare that I have changed my name from Durgi Devi to Diya Thakur. All concerned note.

DIYA THAKUR,

w/o Shri Ram Chand,

r/o Ward No. 2, Village Dewala Chamb,

P.O. Harnora, Tehsil Sadar, Distt. Bilaspur (H.P.).

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CHANGE OF NAME

I, Bharat Kumar s/o Jagdish Chand, r/o Village Chakrail, P.O. Kamlanagar, Bhattakuffer, Sanjauli, Shimla (H.P.) declare that I have changed my minor daughter's name from Pravika Sharma to Prisha Sharma (CL25051309).

BHARAT KUMAR,

s/o Jagdish Chand, r/o Village Chakrail,

P.O. Kamlanagar, Bhattakuffer, Sanjauli,

Shimla (H.P.).

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5792 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 16 सितम्बर, 2025/25 भाद्रपद, 1947

CHANGE OF NAME

I, Shiva Joshi (UIN-6174-0299-8948) s/o Chander Bahadur Joshi, r/o 328/7, Upper Street Nahan, District Sirmaur (H.P.) have changed my name from Shiva Joshi to Dharam Raj Jaisi. Please note.

SHIVA JOSHI,

s/o Chander Bahadur Joshi,

r/o 328/7, Upper Street Nahan,

District Sirmaur (H.P.).

नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम्‌ ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है।

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 16 September 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2025-09-16.129_gazette_2025-16_09_2025/. Archive identifier in.gazette.himachal.2025-09-16.129_gazette_2025-16_09_2025.