राजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित सोमवार, 01 दिसम्बर, 2025/10 मार्गशीर्ष, 1947
हिमाचल प्रदेश सरकार
विधि विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 1 दिसम्बर, 2025
8694 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 दिसम्बर, 2025/10 मार्गशीर्ष, 1947 दिनांक 21 सितम्बर, 2023 को पारित किया गया था और तत्पश्चात् संविधान के अनुच्छेद 200 के अनुसार महामहिम राज्यपाल को उनकी स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया गया था। महामहिम राज्यपाल ने दिनांक 21 अप्रैल, 2025 को पुनर्विचार हेतु उक्त विधेयक को वापिस कर दिया। हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा दिनांक 19 अगस्त, 2025 को विधेयक पर पुनर्विचार किया तथा बिना किसी संशोधन के इसे पुनः पारित कर दिया। तदानुसार उक्त विधेयक को महामहिम राज्यपाल की स्वीकृति हेतु पुनः प्रस्तुत किया गया जिस पर राज्यपाल महोदय ने टिप्पणी की कि राज्य सरकार इस मामले में अन्तिम निर्णय ले।
महामहिम राज्यपाल के निर्देशानुसार राज्य सरकार ने मामले पर विचार किया तथा हिमाचल प्रदेश कृषि, औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2023 (2023 का विधेयक संख्यांक 14) को अधिनियम के रूप में अंग्रेजी पाठ सहित राजपत्र (ई-गजट) हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। अतः हिमाचल प्रदेश कृषि, औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2023 (2023 का विधेयक संख्यांक 14) को वर्ष 2025 के अधिनियम संख्यांक 46 के रूप में अंगे्रजी पाठ सहित राजपत्र (ई-गजट) हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किया जाता है।
आदेश द्वारा,
हस्ताक्षरित/- (डॉ0 विवेक ज्योति),
संयुक्त विधि परामर्शी एवं संयुक्त सचिव (विधि)।
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2025 का अधिनियम संख्यांक 46 हिमाचल प्रदेश —षि, औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2023
धाराओं का क्रम
धारा :
1. संक्षिप्त नाम। 2. धारा 2 का संशोधन। 3. धारा 23 का संशोधन। 4. धारा 24 का संशोधन। 5. धारा 55-क का अन्तःस्थापन।
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2025 का अधिनियम संख्यांक 46 हिमाचल प्रदेश —षि, औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2023 हिमाचल प्रदेश —षि, औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 1986 (1987 का अधिनियम संख्यांक 4) का और संशोधन करने के लिए अधिनियम।
भारत गणराज्य के चौहत्तरवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
1. संक्षिप्त नाम.--इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश —षि, औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2023 है।8695 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 दिसम्बर, 2025/10 मार्गशीर्ष, 1947 2. धारा 2 का संशोधन.--हिमाचल प्रदेश —षि, औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 1986 (जिसे इसमें इसके पश्चात् "मूल अधिनियम" कहा गया है) की धारा 2 के खण्ड (प) में "बनाए गए" शब्दों के पश्चात् "नियमों," शब्द और चिन्ह अन्तःस्थापित किए जाएंगे।
3. धारा 23 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 23 की उपधारा (4) में "कुलाधिपति" शब्द के पश्चात् "सरकार की सहायता और सलाह पर" शब्द अन्तःस्थापित किए जाएंगे।
4. धारा 24 का संशोधन.--मूल अधिनियम की धारा 24 में,-
(i) उपधारा (1) के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-
"कुलपति विश्वविद्यालय का पूर्णकालिक अधिकारी होगा, जिसकी नियुक्ति कुलाधिपति द्वारा सरकार की सहायता और सलाह पर, ऐसी रीति में की जाएगी, जैसी नियमों द्वारा विहित की जाए।''; और
(ii) उपधारा (2) का लोप किया जाएगा।
5. धारा 55-क का अन्तःस्थापन.--मूल अधिनियम की धारा 55 के पश्चात् निम्नलिखित धारा अन्तःस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
"55-क नियम बनाने की शक्ति.--(1) राज्य सरकार, इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए राजपत्र (ई-गजट), हिमाचल प्रदेश में, अधिसूचना द्वारा नियम बना सकेगी। (2) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम बनाए जाने के पश्चात् यथाशक्यशीघ्र, विधान सभा के समक्ष, जब वह कुल दस दिन की अवधि से अन्यून सत्र में हों, के लिए रखा जाएगा। जो अवधि एक सत्र में अथवा दो या दो से अधिक अनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी और यदि सत्र के अवसान के पूर्व जिसमें यह इस तरह रखा गया था या शीघ्र बाद के सत्र में, विधान सभा नियम में कोई उपांतरण करती है या विनिश्चय करती है कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो नियम उसके पश्चात् केवल ऐसे उपान्तरित रूप में, यथास्थिति, प्रभावी होगा, या निष्प्रभाव हो जाएगा, किन्तु नियम के ऐसे परिवर्तित या बातिलकरण होने से उसके अधीन पहले की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।"।
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AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT
Act No. 46 of 2025
THE HIMACHAL PRADESH UNIVERSITIES OF AGRICULTURE, HORTICULTURE
AND FORESTRY (AMENDMENT) ACT, 2023
ARRANGEMENT OF SECTIONS
Sections:
1. Short title. 2. Amendment of section 2. 3. Amendment of section 23. 4. Amendment of section 24. 5. Insertion of section 55-A.
8696 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 01 दिसम्बर, 2025/10 मार्गशीर्ष, 1947Act No. 46 of 2025
THE HIMACHAL PRADESH UNIVERSITIES OF AGRICULTURE, HORTICULTURE
AND FORESTRY (AMENDMENT) ACT, 2023
AN
ACT
further to amend the Himachal Pradesh Universities of Agriculture, Horticulture and
Forestry Act, 1986 (Act No. 4 of 1987).
BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the Seventy-fourth Year of the Republic of India as follows:—
1. Short title.—This Act may be called the Himachal Pradesh Universities of Agriculture, Horticulture and Forestry (Amendment) Act, 2023.
2. Amendment of section 2.—In section 2 of the Himachal Pradesh Universities of Agriculture, Horticulture and Forestry Act, 1986 (hereinafter referred to as the "principal Act"), in clause (u), after the words "prescribed by", the words and sign "the Rules," shall be inserted.
3. Amendment of section 23.—In section 23 of the principal Act, in sub-section (4), after the words "The Chancellor", the signs and words ", on the aid and advice of the Government," shall be inserted.
4. Amendment of section 24.—In section 24 of the principal Act,—
(i) for sub-section (1), the following shall be substituted, namely:—
"The Vice-Chancellor shall be a whole time officer of the University, who shall be appointed by the Chancellor, on the aid and advice of the Government, in the manner as may be prescribed by the rules."; and
(ii) sub- section (2) shall be omitted.
5. Insertion of section 55-A.—After section 55 of the principal Act, the following section shall be inserted, namely:—
"55-A. Power to make rules.—(1) The State Government may, by notification in the Rajpatra (e-Gazette), Himachal Pradesh, make rules for carrying out the purposes of this Act.
(2) Every rule made under this Act, shall be laid, as soon as may be after it is made, before the Legislative Assembly, while it is in session, for a total period of not less than ten days which may be comprised in one session or in two or more successive sessions, and if, before the expiry of the session in which it is so laid or the session immediately following, the Assembly makes any modification in the rule or decides that the rule should not be made, the rule shall, thereafter, have effect only in such modified form or be of no effect, as the case may be, so, however, that any such modification or annulment shall be without prejudice to the validity of anything previously done under that rule.".
नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरित राजपत्र, वैबसाइट http://rajpatrahimachal.nic.in पर उपलब्ध है एवम् ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है।