झारखण्ड गजट
असाधारण अंक
झारखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशति
15 आषाढ़, 1942 (०ि)
संख्या– 319 रााँची, सोमवार, 6 जुलाई, 2020 (ई०) गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन ववभाग
(आपदा प्रबंधन प्रभाग)
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अधधसूचना
26 जून, 2020
स॰सं॰-06/आ॰प्र(SDMA)03/2017-1746/आ॰प्र॰, आपदा प्रबंधन अधधननयम, 2005 (अधधननयम सं॰ 53/2005) की धारा-16 के साथ सपठति धारा-78(1) द्वारा प्रदत्त क्तितयों का प्रयोग करते हुए झारखण्ड के राज्यपाल, झारखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधधकार के काययकलाप तथा कमयचाररयों की ननयुक्तत सठहत सेवातिों को ववननयशमत करने हेतु एतद् द्वारा ननम्नशलखखत ननयमावली बनाते हैं:-
1. संक्षप्ति नाम, ववस्तार और प्रारम्भ-
(1) यह ननयमावली झारखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधधकार (कृ त्य और प्रबंधन) ननयमावली, 2020 कही जा सके गी।
(2) इसका ववस्तार सम्पूणय झारखण्ड राज्य में होगा।
(3) यह ननयमावली ई-गजट के रूप में ननगयत करने की नतधथ से प्रवृत्त मानी जायेगी।2 झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020
भाग-I
2. पररभाषाएँ-(1) जब तक कक संर्दय में अन्यथा अपेक्षति न हो, इस ननयमावली में:-
(i) "अधधननयम" से अर्शप्रेत है आपदा प्रबंधन अधधननयम, 2005 (अधधननयम सं॰-53/2005);
(ii) "सलाहकार सममनत" से अर्शप्रेत है अधधननयम, 2005 की धारा-17(1) के अधीन प्राधधकार द्वारा गठति सलाहकार सशमनत;
(iii) "वावषकि प्रनतवेदन" से अर्शप्रेत है अधधननयम, 2005 की धारा-70(2) के अधीन प्राधधकार द्वारा तैयार ककया गया वावषयक प्रनतवेदन;
(iv) "प्राधधकार" से अर्शप्रेत है आपदा प्रबंधन अधधननयम, 2005 की धारा-14(1) के अधीन राज्य
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सरकार द्वारा गठति प्राधधकार;
(v) "बैंक" से अर्शप्रेत है अनुसूधचत राष्ट्रीयकृ त बैंक क्जसमें प्राधधकार की ननधध बचत/सावधध जमा ीी
खाता में रखी जा सके ;
(vi) "अध्यि" से अर्शप्रेत है अधधननयम, 2005 की धारा-14(2)(क) के अधीन स्थावपत प्राधधकार का अध्यि;
(vii) "मुख्य कायपिालक पदाधधकारी" से अर्शप्रेत है प्राधधकार का मुख्य काययपालक पदाधधकारी;
(viii) "ववत्तीय वषि" से अर्शप्रेत है प्रत्येक वषय 1ली अप्रैल से उत्तरवती वषय के 31 माचय तक;
(ix) "सदस्य" से अर्शप्रेत है अधधननयम, 2005 की धारा-14(2)(ख) के अधीन नाशमत प्राधधकार का सदस्य;
(x) "सधवि" से अर्शप्रेत है प्राधधकार का सधचव,
(xi) "राज्य आपदा शमन ननधध" से अर्शप्रेत है ववर्शन्न आपदाओं से संबंधधत प्रमिनकारी कयिा कलापों के शलए इस ननयमावली के ननयम 27(3) के अधीन उपबंधधत ननधध;
(xii) "उप सममनत" से अर्शप्रेत है अधधननयम, 2005 की धारा-21(2) के अधीन राज्य काययकाररणी सशमनत द्वारा गठति उप सशमनत,
(xiii) "उपाध्यि" से अर्शप्रेत है अधधननयम की धारा-14(3) के अधीन स्थावपत प्राधधकार का उपाध्यि;
(2) इस ननयमावली में प्रयुतत और अपरर्रावषत लेककन अधधननयम में परर्रावषत ब्दिों और अर्शव्यक्ततयों के मिःि वही अथय होंगे जो उनके प्रनत अधधननयम में समनुदेशति ककये गये हों।
3. प्राधधकार के कृ त्य:
(1) अधधननयम की धारा-18 के अधीन यथा उपबंधधत तथा प्राधधकार द्वारा समय-समय पर यथा ववननक्चचत कृ त्य प्राधधकार के कृ त्य होंगे। यह ननयमावली अधधननयम के उपबंधों को कायायक्न्वत करने और पूरा करने के शलए बनाई गई है।
(2) प्राधधकार के सुगम कायय संचालन के शलए इसके ननम्नशलखखत पााँच प्र्राग होंगे :-
(क) प्राकृ नतक आपदा प्र्राग
(ख) पयायवरण एवं जलवायु पररवतयन अनुकू लन (सी॰सी॰ए॰) प्र्राग
(ग) मानव संसाधन ववकास और मिता ननमायण प्र्रागझारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 3 (घ) मानव प्रेररत आपदा प्र्राग
(ड.) प्रािसन और ववत्त प्र्राग
उपयु यतत प्र्रागों की र्ूशमका और कृ त्य पररशष्ट्टि-1 में यथा उपदशयित होंगे। ककन्तु, प्राधधकार समय-समय पर यथावचयक प्र्रागों का सृजन करेगा।
4. सममनतयाँ- प्राधधकार के अधीन ननम्नमलखति सममनतयाँ होंगी:
(i) राज्य कायकिाररणी सममनत:
(क) राज्य सरकार द्वारा अधधननयम की धारा-20(1) के अधीन गठति राज्य काययकाररणी सशमनत।
(ख) अध्यि, राज्य काययकाररणी सशमनत, अधधननयम, 2005 की धारा-14(2)(ग) तथा 14(4) के अधीन यथाववठहत प्राधधकार का पदेन मुख्य काययपालक पदाधधकारी होगा। (ग) राज्य काययकाररणी सशमनत अपनी र्सी बैकिों मेंर् ाग लेने के शलए प्राधधकार के सधचव को ववेिषरूप में आमंत्रति करेगा।
(ii) अधधननयम की धारा-17 में सलाहकार सममनत के शलए ननम्नशलखखत प्रावधान है:-
आपदा प्रबंधन के ववर्शन्न पहलुओं पर अनुंिसा करने के शलए राज्य प्राधधकार, जब र्की आवचयक समझे, सलाहकार सशमनत का गनि कर सके गा क्जसमें आपदा प्रबंधन में व्यावहाररक अर्नुव रखने वाले और आपदा प्रबंधन ेि िके ववेिषज्ञ होंगे।
(क) समुधचत उप सशमनतयों की संख्या एवं उसके सदस्यों का ववननचचय राज्य प्राधधकार द्वारा ककया जाएगा।
(iii) आपदा जोखखम में कमी (आ॰ जो॰ क॰) लाने के शलए झारखण्ड राज्य फोरम:- प्राधधकार, जब र्की आवचयक समझे, ववर्शन्न पणधाररयों को सक्म्मशलत करते हुए आपदा जोखखम में कमी लाने के शलए फोरम गठति कर सके गा। ऐसी सशमनत की सदस्य संख्या का ववननचचय प्राधधकार द्वारा ककया जायेगा।
(iv) पररयोजना और स्कीम सममनतःि-प्राधधकार द्वारा ली गई पररयोजनाओं और स्कीमों आठद को पररयोजना और स्कीम सशमनत अनुमोठदत एवं स्वीकृ त करेगी तथा इसमें प्राधधकार के उपाध्यि, सदस्यगण, सधचव और ववत्तीय सलाहकार होंगे।
(v) प्राधधकार के कमयचाररयों की र्ती और चयन के प्रयोजनाथय चयन सशमनत का प्रावधान ननयमावली के ननयम 9 में ककया गया है।
(vi) आन्तररक क्रय सममनतःि- उपाध्यि, झारखण्ड ववत्त ननयमावली के अनुसार उपापन (Procurement) और यि के शलए आंतररक यि सशमनत गठति कर सके गा क्जसमें अध्य िके रूप में प्राधधकार का सधचव और उप-सधचव से अन्यून पंक्तत का एक पदाधधकारी, ववत्त वर्वाग, आपदा प्रबंधन प्र्राग का एक-एक सदस्य और संयोजक के रूप में वर्वागीय सलाहकार होगा। ववेिष मदों के यि के शलए उपाध्य िववषय ववेिषज्ञ का नाम ननठदयष्ट्ट कर सके गा।
यतत (ii) सलाहकार सशमनत और (iii) आपदा जोखखम में कमी लाने के शलए गठति सशमनत (vii) उपयु
के सदस्यों को राज्य सरकार के तत्समय प्र्रावी ननयमों, प्रावधानों के तहत ् पदनुरूप याािर् त्ता और दैननकर् त्तार् ुगतान ककया जाएगा।
(viii) जब र्की आवचयक हो, उपाध्य ि ववचव बैंक, ए॰डी॰बी॰ और यू॰एन॰डी॰पी॰ यूननसेफ द्वारा ववत्त पोवषत बाह्य ननधधक पररयोजनाओं सठहत ववर्शन्न पररयोजनाओं के कायायन्वयन के शलए पररयोजना प्रबंधन इकाईयों का गनि कर सके गा। उपाध्यि, पररयोजनाओं के परीणि, मूल्य4 झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 ननधायरण एवं मूल्यांकन के शलए यथा उपयुतत इकाई के अधीन ऐसी तकनीकी सशमनत का गनि कर सके गा, जो आवचयक हो।
भाग-II
5. प्राधधकार के पदाधधकारीगण और कमाििरीगण : (1) अधधननयम की धारा-16 के द्वारा यथा प्रदत्त क्तितयों के अधीन राज्य सरकार प्राधधकार के समुधचत कायय संचालन के शलए उपाध्य िके सहायताथय दो पदाधधकाररयों की ननयुक्तत करेगी, जो ननम्नशलखखत रूप में होंगे:- (i) सधचव-एक (1) जोर् ा॰प्र॰से॰ के ववेिष सधचव स्तर का पदाधधकारी होगा।
(ii) संयुतत सधचव-एक (1) जो झारखण्ड प्रािसननक सेवा के संयुतत सधचव से अन्यून पंक्तत का पदाधधकारी होगा।
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ीी
(2) झारखण्ड सरकार की अधधसूचना संख्या-425, ठदनांक-28.05.2010 द्वारा अधधसूधचत सांववधधक पद पररशष्ट्टि ''II'' के अनुसार संोिधधत ककया जायेगा। इनके अनतररतत प्राधधकार के समुधचत कायय संचालन के शलए अनतररतत पदों का सृजन ककया जायेगा जो ननयमावली के पररशष्ट्टि- III के अनुसार ववन्यस्त होगा।
6. भती और ननयुक्तत-(1) र्ती ननम्नशलखखत तीन तरीकों में से ककसीर् ी तरीका से की जाएगी:-
(i) खुले बाजार से ननयुक्तत: संववदा आधाररत पदों पर ननयुक्ततयााँ योजना-सह-ववत्त वर्वाग (ववत्त प्र्राग) के पररप ि सं॰-4569, ठदनांक-05.07.2002 अथवा तत्समय प्र्रावी राज्य सरकार के प्रावधान के तहत ् की जायेगी।
(ii) राज्य सरकार द्वारा घोवषत एजेंसी या मानक एजेंसी के प्रावधानानुसार बाह्य स्रोत के पद पर सेवा प्राप्त की जायेगी तथा क्जनकी सेवा असंतोषप्रद पायी जाती है, उनके स्थान पर दूसरे कमी की सेवा प्राप्त की जायेगी।
(iii) प्रनतननयुक्तत के आधार पर ननयुक्ततयाँ: ऐसी र्सी ननयुक्ततयााँ अपने पदाधधकाररयों/ कमयचाररयों की प्रनतननयुक्तत से संबंधधत राज्य सरकार की तत्समय प्र्रावी ववधधयों/ननयमों द्वारा ववननयशमत की जायेगी।
(iv) राज्य सरकार के पदों में तत्समय प्र्रावी आरणि ननयम एवं ववननयम प्राधधकार पर लागू होंगे। (2) ककसी बाह्य एजेंसी (उदाहरणाथय र्ारत सरकार या ववकास/ननजी र्ागीदारों) द्वारा र्ती ककये गये और र्ुगतान पाने वाले, ककन्तु प्राधधकार में कायय करने के शलए पदस्थावपत व्यक्तत सम्बद्ध संगनि/एजेंशसयों के ननयोजन के ननबंधनों द्वारा ािशसत होंगे।
(3) पद एवं ननयुक्तत की प्रकृ नत :- संवगीय पदों को छोड़कर र्सी ननयुक्ततयााँ अस्थायी होंगी और उपाध्य िद्वारा ननयुक्तत यथा अवधाररत संववदा/प्रनतननयुक्तत अवधध के शलए ननयमानुसार की जाएगी।
(4) संववदा पर ननयुतत र्सी कमयचारी प्राधधकार द्वारा यथा ववठहत संववदा करेंगे।
(5) उपाध्य िके अनुमोदन से ररतत पदों के शलए ववज्ञापन सठहत प्राधधकार के मानव संसाधन के प्रबंधन की क्जम्मेवारी सधचव की होगी।
7. पदों की कोट:ि 1. प्राधधकार के अन्तगयत सृक्जत ककये जानेवाले पदों की कोठट ननयमावली के पररशष्ट्टि III में अंककत है।
(i) प्राधधकार के अधीन पद सृजन ननयमावली के पररशष्ट्टि- III के अनुसार की जायेगी।झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 5 (ii) प्राधधकार को कायर्यार के अनुसार अनतररतत पदों के सृजन या पदों की संख्या में कमी करने के शलए समीाि करने का अधधकार होगा, क्जस पर सरकार की स्वीकृ नत अपेक्षति होगी। (iii) आपात क्स्थनत में या प्राकृ नतक आपदा की कनतपय अत्यावचयकताओं को पूरा करने के शलए प्राधधकार के उपाध्य िके अनुमोदन से 6 माह से अनधधक अवधध के शलए अनतररतत अस्थायी पदों का सृजन ककया जा सके गा।
2. पररशष्ट्टि- III में अंककत संवगीय पदों को छोड़कर र्सी पद प्रनतननयुक्तत/संववदा तथा बाह्य स्रोत सेर् रे जायेंगे।
3. आपदा प्रबंधन अधधननयम, 2005 के अधीन अपनी क्तितयों और कृ त्यों के ननष्ट्पादन में सहायता एवं परामयि के शलए प्राधधकार वरीय सलाहकार/सलाहकार के रूप में व्यवसानयक ववेिषज्ञों/ववेिषज्ञ व्यक्ततयों की ननयुक्तत कर सके गा।
4. राज्य/के न्र सरकार या ककसी अन्य संगनि से प्रनतननयुक्तत पर शलए गये व्यक्ततयों की दाि में यथा अनुमान्य प्रनतननयुक्ततर् त्ता के साथ अंनतम आहररत वेतन प्राधधकार द्वारार् ुगतेय होगा ।
5. पदों का वर्वाजन चार कोठटयों में यथा-क, ख, ग एवं घ में ककया गया है। संवगीय एवं बाह्य स्रोतीय पदों को छोड़कर ेिष र्सी पदों परर् ती ननयम-9 में अंककत चयन सशमनत की अनुंिसा पर की जाएगी।
8. न्यूनतम अहतिा: प्रस्ताववत प्रत्येक पद के शलए न्यूनतम अहयता इन ववननयमों के पररशष्ट्टि- III के अनुसार होगी। इसके बावजूद आपवाठदक क्स्थनतयों में चयन सशमनत की अनुंिसा पर न्यूनतम योग्यता में संोिधन हेतु उपाध्य िसमि होंगे।
9. यिन सममनत: (1) पररशष्ट्टि- III के अधीन संवगीय एवं बाह्य स्रोतीय पदों को छोड़कर कोठट ''क'' ''ख'' ''ग'' और ''घ'' के ववर्शन्न पदों पर ननयुक्तत, ननयुक्तत पदाधधकारी द्वारा चयन सशमनत की अनुंिसा पर की जाएगी। चयन सशमनत का स्वरूप ननम्नवत है:-
(i) सधचव - अध्यि (ii) प्रािसन/पररयोजना के प्र्रारी/संयुतत सधचव - सदस्य (iii) उपाध्य िद्वारा नाम ननठदयष्ट्ट एक या अधधक ववेिषज्ञ - सदस्य (iv) का॰, प्र॰ सु॰ तथा रार्जाषा वर्वाग द्वारा नामननठदयष्ट्ट अनुसूधचत जानत/
जन जानत का प्रनतननधध - सदस्य (2) 'संवगीय एवं बाह्य स्रोतीय पदों को छोड़कर कोठट ''क'' तथा ''ख'' के पदों पर ननयुक्तत हेतु उपाध्य िका अनुमोदन आवचयक होगा और वह ननयुक्तत प्राधधकारी होंगे।
(3) 'संवगीय एवं बाह्य स्रोतीय पदों को छोड़कर कोठट ''ग'' तथा ''घ'' के पदों का ननयुक्तत प्राधधकारी सधचव होंगे।
(4) झारखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधधकार में पदाधधकाररयों/कमयचाररयों के शलए र्ती की प्रकयिा ननयम-6 में उल्लेखखत है।
10. संववदा का नवीकरण तथा पुनननयिोजन:
6 झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 20201) संववदा अवधध की समाक्प्त के पूवय योजना-सह-ववत्त वर्वाग (ववत्त प्र्राग) का पररप िसं॰-4569, ठदनांक-05.07.2002 अथवा तत्समय प्र्रावी राज्य सरकार के प्रावधान के तहत ् ननयुक्तत के शलए गठति चयन सशमनत द्वारा अनुंिसा/समीाि के उपरांत संववदा नवीकृ त की जा सके गी। 2) संववदा राश िका पुनरीणि योजना-सह-ववत्त वर्वाग द्वारा समय-समय पर ककए गए पुनरीणि के आधार पर उपाध्य िद्वारा की जा सके गी।
11. त्यागपत्र और सेवा समाक्प्त:
1) 'संववदा कशमययों के संबंध में योजना-सह-ववत्त वर्वाग (ववत्त प्र्राग) का पररप िसं॰-4569, ठदनांक- 05.07.2002 अथवा तत्समय प्र्रावी राज्य सरकार का संगत प्रावधान प्र्रावी होगा।' 2) ककसी ववेिष पररक्स्थनत में यठद ननयुक्तत पदाधधकारी उधचत समझे तो एक माह से कम अवधध की सूचना परर् ी ककसी कमयचारी (संवगीय एवं संववदा आधाररत पदों को छोड़कर) को प्राधधकार
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की सेवा से त्यागप िदेने की अनुमनत दे सके गा ।
ीी
3) ककसी कमाििरी की सेवा समाप्त हो जायेगी:
(i) यठद ननयुक्तत ववशष्ट्टि अवधध के शलए हुई हो तो ऐसी अवधध की समाक्प्त पर जब तक ननयुक्तत को आगे की अवधध के शलए ववस्ताररत न ककया जाए, या
(ii) यठद ननयुक्तत अस्थायी पद के ववरूद्ध की गयी हो तो पद के समापन पर या उस अवधध के अवसान पर क्जसके शलए पद का सृजन ककया गया हो, या
4) ववठहत सूचना के त्रबना प्राधधकार की सेवा से त्यागप ि देने वाला कमयचारी पररलक्ब्धयों की ननकासी नहीं करेगा, जब तक ननयंीि प्राधधकारी अन्यथा ननदे िन दे।
12. पाररश्रममकःि
(1) प्राधधकार के अधीन पदों का वेतन/पाररश्रशमक वही होगा जो ननयमावली के पररशष्ट्टि- III में ववननठदयष्ट्ट हो ।
(2) ननयुक्तत प्राधधकारी ककसी व्यावसानयक/तकनीकी पद के शलए चयन सशमनत की अनुंिसा के आलोक में उपाध्य ि के अनुमोदन के उपरांत योजना-सह-ववत्त वर्वाग (ववत्त प्र्राग), झारखण्ड सरकार की स्वीकृ नत प्राप्त कर उच्चतर पररलक्ब्धयााँ/पाररश्रशमक स्वीकृ त कर सके गा। (3) कमयचारी क्जस पद पर ननयुतत हुआ हो उसका योगदान स्वीकृ त होने की नतधथ से पाररश्रशमक का हकदार होगा/होगी ।
(4) कमयचाररयों को पररलक्ब्धयों कार् ुगतान माहवारी आधार पर ककया जाएगा ।
13. यात्रा भत्ता:
(1) उपाध्य ि अपना, प्राधधकार के सदस्यों, सधचव, वरीय सलाहकारों, सलाहकारों और सलाहकार सशमनत के सदस्यों का यााि काययमिों को अनुमोठदत करेंगे।
(2) झारखण्ड सरकार की यााि र्त्ता ननयमावली के अनुसार सधचव अन्य पदाधधकाररयों और कमयचाररयों के याािर् त्ता/ दैननकर् त्ता का अनुमोदन करेंगे।
(3) उपाध्य िके अनुमोदन से सधचव संववदा वाले कमयचाररयों का याािर् त्ता/ दैननकर् त्ता पररयोजना आवचयकता के आधार पर ननयत करेंगे।
14. छु ट्ीि ववषयक उपबंध:-
(1) झारखण्ड सरकार के प्रावधान के अनुसार अनुमान्य होगा।झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 7 (2) सेवा की आवचयकता की क्स्थनत में छु ट्टी का दावा अधधकार के रूप में नहीं ककया जा सकता। ऐसा अपेक्षति हो, तब ककसी प्रकार की छु ट्टी अस्वीकार करने, स्थधगत करने, कम करने या रद्द करने या छु ट्टी पर गए ककसी कमयचारी को कतयव्य पर वापस बुलाने का अधधकार सधचव के पास सुरक्षति होगा।
(3) छु ट्टी के दौरान पता-छु ट्टी पर जाने वाला कमयचारी अपने आवेदन में पूणय पता एवं दूर्राष/मोबाईल संख्या अंककत करेगा और छु ट्टी के दौरान पता में ककसी र्ी प्रकार का पररवतयन होता है, तो तत्काल उससे समि प्राधधकारी को अवगत करायेगा ।
15. सेवा की सामान्य तिें-:
(क) पद के शसद्धांत के अनुरूप प्राधधकार में ननयोजन होगा तथा कमयचारी से यह अपेाि की जा सके गी कक क्जस पद पर उसकी मूलतः ननयुक्तत हुई हो उससे अन्यून ककसी पद पर और ककसी स्थान पर प्राधधकार की सेवा करे।
(ख) कमयचारी से जब र्की अपेाि की जाए प्रशणिि काययमि मेंर् ाग लेगा ।
(ग) प्राधधकार का कमयचारी कायायलय अवधध के बाद ककसी अंकिालीन कयिाकलाप में शलप्त नहीं होगा।
(घ) कमयचारी सामान्य तौर पर वरीय पदाधधकाररयों के ननदे ितथा समादे िके अनुसार कायय करेंगे। (ङ) प्रनतननयुक्तत वाले पदाधधकारी/कमयचारी, अपने पदस्थापन के दौरान प्राधधकार के प्रािसननक ननयंणि में होंगे। ककन्तु, उनकी सेवाओं की सामान्य तिें झारखण्ड सेवा संठहता तथा झारखण्ड सरकार द्वारा अपनाये जाने वाले प्रनतननयुक्तत के ननयमों से मागयदशयित होंगे ।
16. काममकिों के अमभलेःिि- प्राधधकार काशमयकों के अर्शलेखों का संधारण यथा ववठहत फारम में करेगा। 17. कर की कौितीःि-कर की कटौती आय-कर ववननयमों के अनुसार की जाएगी तथा इसके संबंध में प्राधधकार सुसंगत प्राधधकारों के साथ अपने को रक्जस्टर कराएगा।
18. आरिणःि-
(1) प्रत्येक कमयचारी हर समय पूरी ईमानदारी और कतयव्यननष्ट्ाि बनाए रखेगा ।
(2) प्रत्येक कमयचारी प्राधधकार के ननयमों एवं ववननयमों तथा अपने वरीय प्राधधकाररयों के र्सी आदेोिं एवं ननदेोिं का पालन और अनुपालन करेगा ।
(3) प्रत्येक कमी वैसे र्सी व्यक्ततयों के साथ अधधकतम ािलीनता बरतेगा तथा उन्हें ध्यानपूवयक सुनेगा क्जनके साथ उसे अपने कतयव्यों के दौरान व्यवहार करना पड़े ।
(4) प्रत्येक कमयचारी प्राधधकार के ठहत को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा तथा प्राधधकार के ठहत के प्रनतकू ल ककसी प्रकार का कायय नहीं करेगा ।
(5) प्राधधकार की सेवा में रहते हुए कोई पदाधधकारी/कमयचारी ककसी र्ी अवैधाननक कयिाकलाप अथवा राजनैनतक या साम्प्रदानयक दल के कयिाकलापों मेंर् ाग नहीं लेगा ।
(6) कायय के दौरान हाशसल होने वाली ऐसी र्सी जानकारी तथा सूचना, जो सवयसाधारण के शलए नहीं हो, को सवयदा तथा र्सी प्रयोजनों के शलए पूणयरूपेण गोपनीय और ववचवास में रखेगा तथा प्राधधकार की शलखखत अनुमनत के त्रबना उसे ककसी व्यक्तत को, चाहे वह कोईर् ी हो, प्रत्यतिः या अप्रत्यतिः प्रकट नहीं ककया करेगा ।
(7) कोई र्ी कमयचारी ककसी ऐसे संगनि का न तो सदस्य बनेगा या उसका सदस्य बना रहेगा क्जसके उद्देचय तथा कयिाकलाप र्ारत की संप्र्रुता तथा अखंडता या लोक व्यवस्था या नैनतकता के प्रनतकू ल हो ।8 झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 (8) कोईर् ी कमयचारी प्राधधकार में सेवा से संबंधधत ववषयों के बाबत अपने ठहत को अग्रसर करने हेतु ककसी वरीय प्राधधकारी पर न तो कोई बाहरी प्र्राव डालेगा और न डालने का प्रयास करेगा। 19. अवािर:-ननयमों/ववननयमों या मानकों का कोई उल्लंघन अवचार माना जाएगा। अवचार ब्दि की व्यापकता पर कोई प्रनतकू ल प्र्राव डाले त्रबना इसमें ननम्नशलखखत सक्म्मशलत माने जायेंगे:- (i) अपने वरीय अधधकारी के ककसी ववधधपूणय तथा युक्ततयुतत आदे ि का जानबूझकर अवज्ञा या अवहेलना करना, चाहे अन्य के साथ शमलकर ककया गया हो या अन्यथा अथवा अनुािसन या अच्छा व्यवहार को ध्वंस करने वाला कायय करना ।
(ii) अवैध हड़ताल मेंर् ाग लेना अथवा इसके शलए उकसाने, र्ड़काने, प्रेररत करने का कायय करना। (iii) कायय संपादन में जानबूझकर शधिथलता बरतना, कतयव्य से बचने हेतु रोग का बहाना करना या
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दुष्ट्प्रेररत करना अथवा उसके शलए उकसाना या अन्य कमयचाररयों के कायय में हस्तेिप करना । (iv) प्राधधकार के काम-काज अथवा संपवत्त के मामले में चोरी, धोखाधड़ी ़ी़ या बेईमानी करना। ीी
(v) घूस अथवा कोई अवैध पाररतोषण लेना या देना । (vi) त्रबना छु ट्टी के अनुपक्स्थत रहना या पयायप्त कारण या उधचत अथवा संतोषप्रद स्पष्ट्टीकरण के त्रबना अनुमोठदत छु ट्टी के उपरांत अनुपक्स्थत रहना या त्रबना अनुमनत या पयायप्त कारण के ननयुक्तत/पदस्थापन कायय स्थल से अनुपक्स्थत रहना ।
(vii) आदतन देर से उपक्स्थनत ।
(viii) स्थापना पर लागू ककसी ववधध, ननयम, ववननयम अथवा आदे िका उल्लंघन । (ix) तत्समय लागू दे ि की ववधध या प्राधधकार के ननयमों द्वारा यथास्वीकृ नत को छोड़कर समि प्राधधकारी की अनुमनत के त्रबना कोई धन संग्रह करना । (x) स्थापना पररसर के र् ीतर ककसी कारोबार या व्यापार में लगना ।
(xi) स्थापना पररसर में नािबाजी, उपरवी, बेढंगा या र्अर व्यवहार करना, जुआ, र्यादोहन अथवा न्यूसेंस करना ।
(xii) कायय की आभ्याशसक उपेाि या अवहेलना करना ।
20. अपील और पुनववलिोकनःि- झारखण्ड सरकारी सेवक (वगीकरण, ननयंणि एवं अपील) ननयमावली, 2016 अथवा तत्समय प्र्रावी राज्य सरकार के प्रावधान के तहत ् कारयवाई की जा सके गी।
21. अधधप्रमाणनःि- प्राधधकार के साथ-साथ राज्य काययकाररणी सशमनत के र्सी आदे िएवं ननणयय सधचव के या उपाध्य िद्वारा इस ननशमत्त यथा ववननठदयष्ट्ट अन्य पदाधधकारी के हस्तारि से अर्शप्रमाखणत ककये जायेंगे।झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 9
भाग- III
22. अध्य िकी शक्ततयाँ:-
1 अध्य ि प्राधधकार की र्सी बैकिों की अध्यतिा करेगा और उनकी अनुपक्स्थनत में बैकिों की अध्यतिा उपाध्य ि करेगा। अध्य ि प्राधधकार की बैकिों में पदेन प्र्रारी मंीि, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन वर्वाग को आमंत्रति कर सके गा, बतिे कक वे स्वयं वखणयत वर्वाग के प्र्रार में न हो। प्राधधकार की बैकि में सहायता के शलए वर्वागीय अपर मुख्य सधचव/प्रधान सधचव/सधचव, ववत्त वर्वाग और ऐसे पदाधधकाररयों कोर् ी अध्य िआमंत्रति कर सके गा। 2 यठद कोई ववत्तीय क्तित ककसी कृ त्यकारी में ननठहत नहीं हो तो वह अध्य िमें ननठहत होगी। 3 प्राधधकार के ननणयय की प्रत्यााि में, अध्य िककसी कयिाकलाप का अनुमोदन कर सके गा और उसका घटनोत्तर अनुमोदन प्राधधकार से प्राप्त करेगा।
4 अध्य ि ऐसी आवचयक क्तितयााँ, जो प्राधधकार के दैनंठदन प्रािसन एवं काययकलाप से संबंधधत हो, उपाध्य िको प्रत्यायोक्जत कर सके गा।
5 अध्य िकी अनुपक्स्थनत में उपाध्य िद्वारा कर्त्तव्यों का ननवयहन ककया जा सके गा। 23. उपाध्य िकी शक्ततयाँ एवं कृ त्यःि
(1) सधचव एवं अन्य कृ त्यकाररयों के सहयोग, प्राधधकार के मामलों एवं ननधधयों के समग्र प्रािसन तथा ववर्शन्न काययकलापों के कायायन्वयन हेतु उत्तरदायी होगा।
(2) पररशष्ट्टि- IV में यथा उक्ल्लखखत प्रािसकीय और ववत्तीय क्तितयों का प्रयोग करेगा। (3) ककसी स्कीम या पररयोजना या ककसी अन्य कायय के ननष्ट्पादन में कहीं कोई समस्या उत्पन्न होने पर उपाध्य िसधचव का मागयदयिन करेगा। उपाध्य िप्राधधकार के कयिाकलापों के संबंध में अध्य िको संसूधचत तथा प्रज्ञावपत करेगा एवं जहााँ कहीं आवचयक हो अध्य िसे मागयदयिन या अनुमोदन प्राप्त करेगा।
(4) जब र्की अपेक्षति हो, अध्य ि के अनुमोदन से उपाध्य ि प्राधधकार की बैकि बुलायेगा, लेककन ऐसा वपछली बैकि से छह माह बीतने के पूवय ही ककया जाएगा।
(5) उपाध्य िके ठदाि-ननदे िके अनुसार सधचव द्वारा कायय ननष्ट्पाठदत ककया जायेगा। 24. सदस्यों की शक्ततयाँ एवं कृ त्यःि
1 सदस्यगण प्राधधकार की बैकिों मेंर् ाग लेंगे तथा अधधननयम की धाराओं के अनुसार प्राधधकार के ववर्शन्न कयिाकलापों में सहायता करेंगे।
2 सदस्यगण प्राधधकार के अध्य/िउपाध्य ि द्वारा सौपें गए कृ त्यों का संपादन तथा दी गयी क्तितयों का प्रयोग करेंगे।
25. मुख्य कायपिालक पदाधधकारी (सी॰ई॰ओ॰) की शक्ततयाँ :- मुख्य काययपालक पदाधधकारी अधधननयम, 2005 के अधीन ववठहत क्तितयों का प्रयोग करेगा तथा प्राधधकार के सधचव की सहायता से कायय करेगा। 26. सधवि की शक्ततयाँ एवं कृ त्य-
(1) सधचव प्राधधकार का काययपालक पदाधधकारी होगा तथा प्राधधकार के ननणययों तथा अधधननयम एवं राज्य नीनत के अनुसार व्यापक नीनतयों और ठदाि-ननदेोिं के कायायन्वयन का उत्तरदायी होगा तथा समय-समय पर प्राधधकार के उपाध्य ि द्वारा सौंपे जाने वाले अन्य कृ त्यों का संपादन करेगा।10 झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 (2) सधचव प्राधधकार के प्रािसन का प्र्रारी होगा तथा प्राधधकार को उपलब्ध कराए गए पदाधधकाररयों एवं कमयचाररयों के कायों का आवंटन करेगा तथा यथावचयक पययवेणि तथा काययपालक ननयंणि करेगा।
(3) सधचव पररशष्ट्टि-IV में यथा उक्ल्लखखत प्रािसननक एवं ववत्तीय क्तितयों का प्रयोग करेगा। (4) सधचव -
(i) प्राधधकार के पदाधधकाररयों एवं कमयचाररयों की बाबत ननयंीि एवं अनुािसननक प्राधधकारी के कृ त्यों का ननवयहन करेगा।
(ii) प्राधधकार की नीनतयों तथा समय-समय पर ठदए गए ठदाि-ननदेोिं का कायायन्वयन करेगा।
(iii) प्राधधकार द्वारा यथा ववननधायररत ठदाि-ननदेोिं के अध्यधीन ववननठदयष्ट्ट कायो के संपादन हेतु उपाध्य िके अनुमोदन से परामशयियों की सेवा लेगा।
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ीी
(iv) प्राधधकार की बैकि में ववचारणीय त्रबन्दुओं को रखेगा। (v) उपाध्य िकी सहमनत से दस्तावेजों, ररपोटों आठद के प्रकानि को अनुमोठदत करेगा। (vi) गैर-हकदार पदाधधकाररयों को शलखखत कारणों से हवाई-यााि की अनुमनत देगा। (vii) राज्य सरकार के साथ पािचार करेगा।
(viii) प्राधधकार/उपाध्य िद्वारा यथा प्रत्यायोक्जत अन्य कृ त्यों का ननवयहन करेगा। 27. प्राधधकार की ननधध-
(1) प्रशासननक ननधध - प्राधधकार की प्रािसननक ननधध में ननम्नशलखखत ािशमल होंगे:-
(i) राज्य सरकार से प्राप्त सहायता अनुदान।
(ii) र्ारत सरकार से प्राप्त अनुदान।
(iii) ववननठदयष्ट्ट पररयोजनाओं को संपाठदत करने के शलए सरकार के वर्वागों द्वारा दी गयी ननधध।
(iv) व्यापार, उद्योग, संस्थाओं एवं व्यक्ततयों से प्राप्त अनुदान और दान।
(v) आक्स्तयों के ननपटान से प्राक्प्तयााँ।
(vi) परामीि फीस से प्राक्प्तयााँ।
(vii) जमा धनों से अक्जयत ब्याज।
(viii) आक्स्तयों के प्रबंधन से उर्द्ूत आय।
(2) प्राधधकार की ननधध के उपयु यतत स्रोत संपूणय नहीं है तथा प्राधधकार अपनी बैकि में ननणयय लेकर तथा उस पर राज्य सरकार का अनुमोदन प्राप्त कर ननधध के ऐसे ककसी स्रोत का चयन कर सके गा। ननधधयों का उपयोग ननम्नशलखखत प्रयोजनों के शलए ककया जाएगा:-
(i) स्थापना
(ii) कायायलय व्यय
(iii) ककराया और कर
(iv) ववद्युत प्र्रार (v) प्रकानि और मुरण (vi) अनतधथयों पर व्यय
(vii) अनुरणि और मरम्मतझारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 11 (viii)) काययािला प्रशणिि, सेशमनार, प्रदयिनी आठद
(xi) व्यावसानयक और ववेिष सेवाएं
(x) मोटरवाहन
(xi) मीिन और उपस्कर
(xii) अन्य प्र्रार
(3) राज्य आपदा शमन ननधध- राज्य सरकार आपदा प्रबंधन अधधननयम, 2005 की धारा-48 (i) (ग) में यथा उपबंधधत ववर्शन्न आपदाओं से संबंधधत प्रमिन कयिाकलापों के प्रयोजनाथय राजप िमें अधधसूचना द्वारा एक ववेिष ननधध सृक्जत करेगी जो "राज्य आपदा मिन ननधध" कहलाएगी। प्रार्रं में यह ननधध पााँच (5) करोड़ रूपये की होगी। प्राधधकार के अनुमोदन से अपेािनुसार ननधध
यतत ननधध का प्रबंधन एवं प्रािसन प्राधधकार द्वारा ककया जायेगा। में वृद्धध की जा सके गी। उपयु
ननधध के संचालन के शलए ननबंधन और तिें ननम्नशलखखत होगी:-
(i) सधचव ननधध का ननकासी एवं व्ययन पदाधधकारी होगा,
(ii) ननधध का उपयोग जलवायु पररवतयन के अनुकू लन एवं प्रमिन सठहत आपदा जोखखम में कमी लाने के शलए ोिध एवं ववकास के कयिाकलापों को प्रोत्साठहत करने में ककया जायेगा। (iii) इसमें श्रव्य-दृचय तथा लोकगीत के माध्यम से तथा नई प्रौद्योधगकी, पेंठटग और मूनतय, प्रनतयोधगता आठद जैसे अन्य नवीन युक्ततयों से जागरूकता उत्पन्न करना, जानकारी प्रायोक्जत करना, मिता ननमायण तथा प्रशणिि कयिाकलाप/काययमि, क्जनमें प्रकानि प्रसाररत करना, ननधध- करण, सेशमनार, सम्मेलन, काययािला तथा ववकास के कयिाकलापों में आपदा जोखखम में कमी लाने को मुख्यधारा से जोड़ना जैसे अन्य काययकलापर् ी आएंगे।
(iv) ननधध का उपयोग आपदा में कमी लाने के ेि ि में ज्ञान के ववद्यमान संस्थानों/ ैिखिणक/तकनीकी/व्यवसानयक/संगनिों के सुदृढ़ीकरण तथा जहां आवचयक हो नए संस्थानों की स्थापना मेंर् ी ककया जाएगा।
(v) ननधध का उपयोग ैिखिणक/व्यावसानयक संस्थानों/अन्य संगनिों के ोिध कतायओं, छाोिं और प्रशुििओं द्वारा ोिध एवं पररयोजना कायो को सुर्ल बनाने के शलएर् ी ककया जा सके गा। इस ननधध से ऐसे ववद्वानों/प्रशुििओं/छाोिं को उपयुतत छाविृवत्त/ वृवत्तका/पाररश्रशमक/मानदेय का र्ुगतान करने में ककया जा सके गा। ऐसे ववद्वानों/ प्रशुििओं/छाोिं की संख्या तथार् ुगतान की जानेवाली छाविृवत्त/वृनतका/पाररश्रशमक/मानदेय का ववननचचय उपाध्य ि के अनुमोदन से सधचव द्वारा ककया जाएगा।
(vi) ननधध का उपयोग प्रोत्साहात्मक कयिाकलापों तथा ववर्शन्न पणधारकों (स्टेक होल्डसय), यथा समुदाय आधाररत संगनिों, शसववल सोसायटी/गैर सरकारी संगनिों, कारपोरेट ेि ि एवं युवा संगनिों, को ािशमल करने मेंर् ी ककया जाएगा।
(vii) ननधध का उपयोग प्रशणिि सामग्री सठहत आई॰ई॰सी॰ के ववकास के शलए ककया जा सके गा। (viii) प्राधधकार के ववर्शन्न काययमिों को प्रोत्साठहत करने की दृक्ष्ट्ट से ववेिष व्याख्यान/ सेशमनार/सम्मेलनों आठद में ववख्यात राष्ट्रीय/अन्तरराष्ट्रीय ववद्वानों/शाििववदों/ववेिषज्ञों को आमंत्रति ककया जा सके गा। जहां कहीं और जब र्की अन्तरराष्ट्रीय ववेिषज्ञर् ारत के दौरे पर हो, उन्हें ऐसे प्रयोजनों के शलए आमंत्रति ककया जा सके गा और प्राधधकार उनके र्ोजन एवं आवासन सठहत घरेलू यााि से संबंधधत व्यय की पूनतय करेगा।
(ix) उपाध्य िके अनुमोदन के बाद, सधचव ननधध से ककए गए खचाां की ररपोटय प्रािसी वर्वाग को अग्रसाररत करेगा।12 झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 (4) अधधननयम के अधीन यथा उपबंधधत, प्राधधकार के प्रािसननक और अन्य कायो को पूरा करने के शलए राज्य सरकार प्रनतवषय बजटीय उपबंध/आवंटन प्राधधकार को करेगी। यह ननधध प्राधधकार को प्रनत वषय सहायता अनुदान के रूप में एकमुचत उपलब्ध करायी जाएगी और ननयम-30 में यथा उक्ल्लखखत बैंक खाता के माध्यम से संचाशलत होगी।
28. ववत्तीय शक्तत:-
(1) प्राधधकार के ठदन-प्रनतठदन के कायो एवं प्रािसन को चलाने के शलए सधचव, प्राधधकार की ओर से ववत्तीय क्तितयों का प्रयोग करेगा।
(2) प्राधधकार में ववत्तीय क्तितयों का प्रत्यायोजन पररशष्ट्टि IV(ग) (i),(ii) के अनुसार होगा। (3) प्राधधकार की वैसी ववत्तीय क्तितयााँ जो ककसी अधीनस्थ प्राधधकारी को प्रत्यायोक्जत न हो, वे अध्य िमें ननठहत होगी।
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(4) पररशष्ट्टि-(IV) में पररवतयन करने की क्तित प्राधधकार की होगी।
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29. ववत्तीय लेाि वववरण तैयार करने का आधार:- ववत्तीय वववरण, लेखा के नकद आधार पर तथार् ारतीय चाटयररत लेखाकर संस्थान द्वारा जारी प्रयोज्य लेखा मानकों के अनुसार तैयार ककया जाएगा। प्राधधकार के ववत्तीय अर्शलेख और लेखा यथा ववठहत फोरम और रक्जस्टर में संधाररत ककए जायेंगे। 30. बैंक ाितेःि- (1) प्राधधकार की ननधधर् ारतीय ररजवय बैंक अधधननयम की द्ववतीय अनुसूची में सूचीबद्ध अनुसूधचत लोक ेि ि के वाखणक्ज्यक बैंक/बैंकों में रखी जाएगी। प्राधधकार का खाता दोहरे हस्तारि पद्धनत के माध्यम से संचाशलत ककया जाएगा ।
(2) परामीि सेवाओं से अक्जयत आय प्राधधकार के पृथक बैंक खाता में जमा कराया जा सके गा क्जसका उपयोग उपाध्य िद्वारा प्राधधकार के अनुरणि और ववकास में ककया जाएगा।
अंके णि
31. लेाि अंके णिःि- प्राधधकार में दो प्रकार का अंके णि होगा - आंतररक/प्रबंधन एवं बाह्य ।
(1) आंतररक अंके णि/प्रबंधन अंके णि:- आंतररक/प्रबंधन अंके णि का प्रयोजन यह अवधाररत करना होता है कक यथा ववकशसत आंतररक ननयंणि तं िसठहत ववत्तीय प्रबंधन व्यवस्था प्र्रावी ढंग से कायय कर रही है या नहीं और उन ेिोिं को धचक्न्हत करना जहां सुधार की तथा दतिा में वृद्धध ंजाइ िहो । आंतररक/प्रबंधन अंके णि या तो प्राधधकार द्वारा स्वयं ककया जाएगा या करने की गु
बाह्य व्यवस्था के माध्यम से ।
(2) बाह्य अंके णि:- प्राधधकार के लेखा का बाह्य सांववधधक अंके णि कराया जाएगा । बाह्य अंके णि इस आयि का प्रनतवेदन प्रस्तुत करेगा कक ववत्तीय वषय के अंत में ववत्तीय क्स्थनत का तथा उस तारीख को समाप्त हुए वषय के संबंधधत संचालनों के प्राधधकार का ववत्तीय वववरण सही और सच्ची क्स्थनत का द्योतक है या नहीं। राज्य सरकार को अंके क्षति ववत्तीय वववरण प्रस्तुत करने के प्रयोजनाथय बाह्य अंके णि चाटयररत लेखाकार के फमय द्वारा ककया जाएगा। इसके अनतररतत, ननयंकि-महालेखा परीकि (कतयव्य, क्तितयां तथा सेवा की तिें) अधधननयम, 1971 के अधीन पूरक अंके णिर् ारत के ननयंकि-महालेखा परीकि राज्य के महालेखाकार के माध्यम से कर सके गा।झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 13
भाग-IV
32. सूनिा नीनतःि- प्राधधकार की सूचना नीनत सूचना का अधधकार अधधननयम, 2005 के उपबंधो के अनुरूप होगी ताकक इसके कायय में आवचयक अंतस्थ पारदशयिता और उत्तरदानयत्व हो। अपेक्षति सूचना जन सामान्य की दृक्ष्ट्ट में लाने के शलए प्राधधकार अपना वेबसाइट बनाएगा ।
33. प्रकीणःिि-
1 अधधननयम तथा उसके अधीन बनाई गई ननयमावली में प्रनतष्ट्ािवपत दानयत्वों को पूरा करने हेतु ली जाने वाली स्कीमों/पररयोजनाओं/अननवायय ोिध अध्ययनों के शलए प्रख्यात व्यक्ततयों/ववेिषज्ञों/ववद्वानों आठद सठहत ैिखिणक/व्यवसानयक संस्थानों/संगनिों के साथ प्राधधकार समझौता-ज्ञापन कर सके गा ।
2 प्राधधकार, आपदा प्रबंधन के ेि िमें तथा संबंधधत ेिोिं में काययरत प्रनतक्ष्ट्ति संस्थानों/ संगनिों, यथा-राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधधकार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान, संयुतत राष्ट्र संघ, ववचव बैंक, एशयिा ववकास बैंक, यू॰एन॰डी॰पी॰, यूननसेफ आठद के साथ जुड़ाव स्थावपत करने के साथ- साथ प्राधधकार के उद्देचयों को आगे बढ़ाने के शलए ऐसे संस्थानों, संगनिों के साथ प्राधधकार समझौता-ज्ञापन कर सके गा।
3 आपदा प्रबंधन की योजनाओं और नीनतयों के प्र्रावकारी कायायन्वयन के शलए प्राधधकार आपदा प्रबंधन वर्वाग तथा सरकार के अन्य वर्वागों के साथ-साथ क्जला आपदा प्रबंधन प्राधधकार के ननकट संपकय में कायय करेगा ।
4 सरकार द्वारा समय-समय पर अनुदानों के व्यय की बाबत यथा अधधरोवपत ववत्तीय अनुािसन के अध्यधीन, ककसी प्रकार व्युतपन्न प्राधधकार की आय एवं संपवत्त का उपयोग प्राधधकार के उद्देचयों को आगे बढ़ाने और पूरा करने में ककया जाएगा ।
5 प्राधधकार के पररसमापन या ववघटन ककए जाने पर ऋणों और दानयत्वों की पुक्ष्ट्ट कर लेने के बाद यठद प्राधधकार के उद्देचयों के सुसंगत ककसी प्रकार की कोई संपवत्त बची रहती हो तो उसके साथ सरकार अवधाररत ऐसी रीनत से व्यवहार ककया जायेगा।
34. ववननयम बनाने की क्तितयााँ:
1 लक्ष्यों तथा उद्देचयों की प्राक्प्त के शलए प्राधधकार समुधचत ववननयमों को बना सके गा ।14 झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020
पररमशष्-ि1(क)
1. प्राकृ नतक आपदा प्रभाग की भूममका और कृ त्य:-
• झारखण्ड में पररसंकट तथा अपनी सुराि लोग कै से कर सकते हैं, इसके बारे में जागरूकता उत्पन्न करना।
• पूवय कारयवाई करने के प्रनत पणधारकों (स्टेक होल्डसय) को संवेदनीिल बनाना ताकक पररसंकट का प्र्राव न्यूनतम ककया जा सके ।
• ग्रामीण और हिरी ेिोिं में ववद्यालयों और अस्पतालों/औषधालयों की सुराि के प्रनत ध्यान के क्न्रत कर तथा उसके शलए उपाय करना।
• नगर ननगम, नगरपाशलका पररषदों और नगर पंचायतों की र्वन उपववधधयों में उपांतरण
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पुनस्थायवपत करना तथा उपववधधयों के प्र्रावी प्रवतयन के शलए उन्हें सतित बनाना। ीी
• प्राकृ नतक आपदाओं के घठटत होने के संबंध में क्जला पंचायतों और ग्राम र्साओं को संवेदनीिल बनाना तथा सतित करना एवं उनके आवासीय मकानों की व्यक्ततगत सुराि के शलए साधारण ठदाि-ननदे िउपलब्ध कराना।
• यह सुननक्चचत करना कक नए ननमायण की रूप-रेखा आपदा रोधी हो और अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री एवं प्रौद्योधगकी का उपयोग ककया जाए।
• ववर्शन्न प्रकार की प्राकृ नतक आपदाओं के अंतगयत ववद्यमान ववननमायणों, मुख्यतः र्वनों, पुलों, बांधो आठद की सुराि का मूल्यांकन करना तथा उनमें जुड़नार लगाने (रररोकफठटंग) का तरीका ववकशसत करना ताकक संपूणय ववध्वंस या र्गंीर नित से सुराि प्रदान की जा सके । • आपदा जोखखम में कमी सठहत उपयुतत आपदा प्रबंधन के शलए आपदाओं की छद्मरूपी घटनाओं में नित का पररदृचय बनाने की अपेाि होगी।
• र्सी प्राकृ नतक पररसंकटों के प्र्राव का मिन करने के शलए ववर्शन्न पणधारकों (स्टेक होल्डसय) के मिता ननमायण में सहायता करना।
• एन०डी०एम०ए० द्वारा जारी सुसंगत ठदाि-ननदेोिं को प्रसाररत करना तथा उनके शलए कदम उािना।
• जहां कहीं आवचयक हो, हिरी स्थानीय ननकायों कीर् वन उपववधधयों में उपयुतत उपांतरणों को पुनस्थायवपत करना और तद्नुसार उन्हें कायायक्न्वत करना।
पररमशष्-ि1()ि
2. पयाविरण एवं जलवायु पररवतनि अनुकू लन (ज०प०अ०) प्रभाग की भूममका एवं कृ त्यःि-
• पयायवरण एवं जलवायु पररवतयन अनुकू लन से संबंधधत र्उरती ववचारधारा एवं सुसंगत ववषयों के प्रनत जागरूकता लाना।
• झारखण्ड की वतयमान औरर् ावी अथयव्यवस्था की चुनौनतयों को रेखांककत करना। • जलवायु से संबंधधत समस्याओं का सुव्यवक्स्थत ननरूपण ववकशसत और प्रदशयित करना तथा कम लागत वाले उपायों की रूप रेखा तैयार करना।झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 15 • मिता ननमायण के शलए ववर्शन्न पणधारकों, यथा सरकार के ववर्शन्न मंािलयों, वर्वागों में सरकारी पदाधधकाररयों को संवेदनीिल बनाना।
• मिता ननमायण के शलए सावयजननक ेि िके उपमिों तथा अन्य उपमिों, गैर सरकारी संगनिों, शसववल सोसाइटी आठद में काशमयकों को संवेदनीिल बनाना।
• झारखण्ड में पाररक्स्थनतकी और जलवायु पररवर्त्तन अनुकू लन के सुसंगत ववषयों का अध्ययन करना।
• ैिखिणक पाठ्यमिों में सुसंगत ववषयों के समावे िको प्रोत्साठहत करना।
• झारखण्ड में बार-बार होने वाली सुखाड़ की क्स्थनतयों का ववचलेषण करना और अनुकू लन उपायों के शलए जलवायु पररवतयन के रूझानों और पयायप्त रणनीनतयों को ध्यान में रखते हुए उनके मिन के शलए र्संाववत उपायों की योजना बनाना।
पररमशष्-ि1(ग)
3. मानव संसाधन ववकास और मिता ननमाणि प्रभाग की भूममका और कृ त्य : ववर्शन्न पररसंकटों (प्राकृ नतक और मानव) के मिन एवं तत्परता के शलए ननम्नशलखखत कयिाकलाप ककए जायेंगेः- • मिता ननमायण करना, ववर्शन्न पणधारकों (स्टेक होल्डसय) का लक्ष्यांकन प्रथमतः सरकार के ववर्शन्न मंािलयों और वर्वागों के सरकारी पदाधधकाररयों की मिता ननमायण के शलए लक्ष्यांककत ककया जाएगा।
• वास्तुववदों, अर्शयंताओं, धचककत्सकों, शाििववदों, उद्योगपनतयों, ववननमायताओं और संववदाकारों आठद से सम्पकय साधना ताकक दोषपूणयता मूल्यांकन, जोखखम ववचलेषण और आपदा प्रबंधन के ववर्शन्न घटकों में शािि एवं प्रशणिि ठदया जा सके ।
• वांनछत फलाफल की प्राक्प्त के शलए समुधचत रणनीनत तैयार करना।
• ववर्शन्न स्तरों पर लोगों को समुधचत शािि और प्रशणिि के शलए आवचयक पाठ्यमि तैयार करना।
• प्रशकििों के प्रशणिि के शलए सांक्स्थक सुववधाएं सृक्जत करने में और ैिखिणक एवं प्रशणिि काययमिों को कायायक्न्वत करने में सहायता करना।
• न के वल पूवय से काययरत र्सी पदधारकों को प्रशणिि देना बक्ल्क सरकार, ववर्शन्न उपमिों या गैर सरकारी संगनिों के अधीन सेवा में आने वालों कोर् ी ननरंतर प्रशक्षिति करना।
पररमशष्-ि1(घ)
4. मानव प्रेररत आपदा प्रभाग की भूममका और कृ त्य:-
• झारखण्ड में पररसंकट तथा अपनी सुराि, लोग कै से कर सकते हैं, इसके बारे में जागरूकता उत्पन्न करना।
• पूवय कारयवाई करने के प्रनत पणधारकों (स्टेक होल्डसय) को संवेदनीिल बनाना ताकक पररसंकट का प्र्राव न्यूनतम ककया जा सके ।16 झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 • ग्रामीण और हिरी ेिोिं के ववद्यालयों और अस्पतालों/औषधालयों की सुराि के प्रनत ध्यान के क्न्रत करना।
• नगर ननगम, नगरपाशलका पररषदों और नगर पंचायतों की र्वन उपववधधयों में उपान्तरण पुनःस्थावपत करना तथा उपववधधयों के प्र्रावी प्रवतयन के शलए उन्हें सतित बनाना। • मानव प्रेररत आपदाओं के घठटत होने के संबंध में क्जला पंचायतों और ग्राम र्साओं को संवेदनीिल बनाना तथा सतित करना तथा उनके आवासीय/ािसकीय मकानों की व्यक्ततगत सुराि के शलए सामान्य ठदाि ननदे िउपलब्ध करना।
• ववचलेषण और योजना बनाने के शलए द्मिरूपी क्स्थनत (Simulated Condition) के अधीन नित के पररदृचय सृक्जत और ववकशसत करना।
• र्सी मानव प्रेररत पररसंकटों के प्र्राव का मिन करने के शलए ववर्शन्न पणधारकों (स्टेक
, 18 नवम्बर, 2016
होल्डसय) को मिता ननमायण में सहायता करना।
ीी
• एन॰डी॰एम॰ए॰ द्वारा जारी सुसंगत ठदाि-ननदेोिं को प्रसाररत करना और राज्य में उनके कायायन्वयन के शलए कदम उािना।
पररमशष्-ि1(ङ)
5. प्रशासन और ववत प्रभाग की भूममका और कृ त्य:-
• दैनंठदन प्रािसन/स्थापना और ववत से संबंधधत ववषयों को कायायक्न्वत करना।
• प्राधधकार के प्रािसननक और ववतीय काययकलाप में सुधार के उपाय करना।झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 17
पररमशष्-ि II
झारण्डि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधधकार में सांववधधक पद
| ॰ि सं॰ | पदनाम | पदों की संख्या | स्वरूप | पररलक्ब्धयााँ | अहयता |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 1. | अध्य ि | 01 | सांववधधक | लागू नहीं | राज्य के मुख्यमंीि पदेन |
| 2. | उपाध्य ि | - | सांववधधक | - | वर्वागीय मंीि अथवा अध्य िद्वारा प्राधधकार क े एक सदस्य को उपाध्य ि के रूप में नाम ननठदयष्ट्ट ककया जा सके गा। |
| 3. | सदस्य | 06 | सांववधधक गैर सरकारी सदस्यों का मानदेय अलग से ननधायररत ककया जायेगा। | (i) माननीय म द्वारा ुख्यमंीि सहाय्य/पुनवायस/ववस्थापन/जलवायु पररवतयन अनुकू लन/ आपदा प्रबंधन जैसे सम्बद्ध ेिोिं में न्यूनतम 03 (तीन) वषों का प्रािसननक कायायर्नुव रहा हो, वैसे 02 (दो) व्यक्ततयों का मनोनयन ककया जायेगा। (ii) माननीय मुख्यमंीि द्वारा अपर मुख्य सधचव/प्रधान सधचव/सधचव स्तर के 04 (चार) पदाधधकाररयों का मनोनयन ककया जायेगा। | |
| 4. | म ुख्य काययपालक पदाधधकारी | 01 | सांववधधक | लागू नहीं | राज्य का मुख्य सधचव- प्राधधकार की राज्य काययकाररणी सशमनत का पदेन अध्य ि और तदनुसार मुख्य काययपालक पदाधधकारी। |
पररमशष्-ि III
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधधकार हेतु सृक्जत ककये जानेवाले पद
| कोटि | पदनाम | पद स ं ख्या | प्रकृ नत | पररलक्धधयाँ | अहतिा | NaN | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | NaN | |
| क | NaN | ||||||
| सधचव | 01 | पदस्थापन | 123100-215900 (Level-13) | र्ा॰प्र॰से॰ के ववेिष सधचव स्तर के पदाधधकारी। | NaN | ||
| क | स ंयुतत सधचव | 01 | पदस्थापन | 123100-215900 (Level-13) | झारखण्ड सधचवालय सेवा संवगय। | NaN | |
| क | उप सधचव | 01 | पदस्थापन | 78800-209200 , 18 नवम्बर, 2016 (Level-12) | झारखण्ड सधचवालय सेवा संवगय। | NaN | |
| क | ीी अवर सधचव | 02 | पदस्थापन | 67700-208700 (Level-11) | झारखण्ड सधचवालय सेवा संवगय। | NaN | |
| ख | प्रािखा पदाधधकारी | 04 | पदस्थापन | 47600-151100 (Level-8) | झारखण्ड सधचवालय सेवा संवगय। | NaN | |
| ख | सहायक प्रािखा पदाधधकारी | 08 | पदस्थापन | 44900-142400 (Level-7) | झारखण्ड सधचवालय सेवा संवगय। | NaN | |
| ख | वरीय सधचवालय सहायक | 03 | पदस्थापन | 25500-81100 (Level-4) | झारखण्ड सधचवालय शलवपकीय सेवा संवगय। | NaN | |
| ग | कनीय सधचवालय सहायक | 03 | पदस्थापन | 19900-63200 (Level-2) | झारखण्ड सधचवालय शलवपकीय सेवा संवगय। | NaN | |
| ग | आुिशलवपक | 06 | पदस्थापन | 25500-81100 (Level-4) | झारखण्ड सधचवालय आुिशलवपक सेवा संवगय। | NaN | |
| क | ववत्तीय सलाहकार | 01 | प्रनतननयु क्तत/संवव दा | वेतनमान के समान/ योजना-सह- ववत वर्वाग (ववत प्र्राग) के संकल्प सं॰-1243, ठदनांक- 28.04.2016 के अनुसार | झारखण्ड ववत्त सेवा का पदाधधकारी या इसी स ेवा स े स ेवाननवृत्त पदाधधकारी। | NaN | |
| ख | सलाहकार/ पररयोजना पदाधधकरी 1. पयायवरण और ज॰प॰अ॰ 2.प्राकृ नतक आपदा | 04 | प्रनतननयु क्तत/संवव दा | 53100-167800 (Level-9)/ संववदा राश िका ननधायरण योजना- सह- ववत वर्वाग (ववत प्र्राग) द्वारा ननगयत | अर्शयंणिर्/ूववज्ञान/कृ वष/प्राकृ नतक ववज्ञान/समाज ववज्ञान/आपदा प्रबंधन जैसे संबद्ध ेि िमें स्नातकोत्तर की डडग्री। • स ंबद्ध ेि ि में न्यूनतम पााँच वषों का कायायर्नुव। • सैन्य बल/अद्यध सैन्य | NaN | |
| 3.मानव प्रेररत आपदा 4. मा॰स॰वव॰, सी॰बी॰ और प्रशणिि | संकल्प/पररप िके अनुसार | बल/सामान्य प्रािसन/राज्य प स वाओं े ुशलस/अक्ग्नमिन आठद में अर्नुव अनतररतत योग्यता मानी जायेगी। | NaN | ||||
| ख | पररयोजना सहायक/ ोिध सहायक (एसोशसएट) | 04 | प्रनतननयु क्तत/संवव दा | 35400-112400 (Level-6)/ संववदा राश िका ननधायरण योजना-सह- ववत वर्वाग (ववत प्र्राग) द्वारा ननगयत संकल्प/पररप िके अनुसार | 1. अर्शयांत्रकिी/समाज/प्राकृ नतक / र् ववज्ञान/आपदा ूववज्ञान/कृ वष प्रबंधन म ें ववचवववद्यालय या व्यावसानयक डडग्री/समतुल्य संस्थान यथा-व्यापार एप्लीके नि/चारटडय प्रबंधन/कम्प्यूटर एकाउं टेन्ट/जनसंचार/आपदा प्रबंधन इत्याठद से स्नातकोत्तर डडग्री। | NaN | |
| क | तकनीकी सलाहकार | 01 | प्रनतननयु क्तत/संवव दा | 53100-167800 (Level-9)/ संववदा राश िका ननधायरण योजना-सह- ववत वर्वाग (ववत प्र्राग) द्वारा ननगयत संकल्प/पररप िके अनुसार | र्वन ननमायण वर्वाग/पथ ननमायण वर्वाग/जल संसाधन वर्वाग के संवगय से झारखण्ड अर्शयंणि सेवा का। या संववदा हेतु सलाहकार (तकनीकी) क े शलए न्यूनतम पााँच वषो का ेिीिय/व्यावसानयक अर्नुव। | NaN | |
| ख | तकनीकी सहायक | 02 | प्रनतननयु क्तत/संवव दा | 35400-112400 (Level-6)/ संववदा राश िका ननधायरण योजना- सह- ववत वर्वाग (ववत प्र्राग) द्वारा ननगयत संकल्प/पररप िके अनुसार | पााँच वषों के अर्नुव के साथ एम0सी0ए0 एवं सात वषों के अर्नुव क े साथ बी0सी0ए0। | NaN | |
| ख | सहायक जन संपकय पदाधधकारी | 01 | प्रनतननयु क्तत/संवव दा | 35400-112400 (Level-6)/ संववदा राश िका ननधायरण योजना- सह- ववत वर्वाग (ववत प्र्राग) द्वारा ननगयत | जन संचार में स्नातकोत्तर की डडग्री/समक ि अहयत्ता के साथ कम स े कम एक वषय का अर्नुव । | nan | |
| संकल्प/पररप िके अनुसार | |||||||
| घ | कम्प्यूटर आपरेटर | 06 | बाह्य स्रोत | राज्य सरकार द्वारा घोवषत या मानक एजेंशसयों के | प्रवेशकिोत्तीणय । | ||
| घ | चालक (ड्राईवर) | 04 | बाह्य स्रोत | प्रवेशकिोत्तीणय । | |||
| घ | आदेपिाल | 08 | बाह्य स्रोत | प्रवेशकिोत्तीणय । | |||
| घ | क ि झाडु ़ी़ | 01 | बाह्य स्रोत | प्रावधानानुसार ननधायररत माशसक मानदेय। | प्रवेशकिोत्तीणय । | ||
| घ | रकि (गाडय) ीी | 05 | प्रनतननयु क्तत | , 18 नवम्बर, 2016 सरकार द्वारा ननधायररत दैननक मानदेय | गृह रािवाठहनी (स्वयंसेवक) संवगय। |
ठटप्पणी :
(i) कोठट ख, ग और घ वाले पदों में आवचयकतानुसार एवं कायय की अपेािनुसार मानव संसाधन सेवा हेतु बाह्य ननजी एजेंशसयों से कमी लेने के शलए सधचव समि होंगे।
(ii) दाियया गया वेतन अधधकतम सीमा है। ककसी मामला ववेिष में यठद ऐसा करना अपेक्षति हो तो उपाध्य िननम्नस्तर पैके ज का ववननचचय कर सके गा।
(iii) प्रनतननयुतत वाले कमयचारी अपने अंनतम आहररत वेतन के साथ यथा अनुमान्य प्रनतननयुक्तत र्त्ता प्राप्त करेंगे।झारखण्ड गजट (असाधारण) सोमवार, 6 जुलाई, 2020 21
पररमशष्-िIV(क)
प्राधधकार में प्रशासननक शक्ततयों का प्रत्यायोजन
| ॰िस॰ | ववषय | समि प्राधधकारी |
| 1 | पािचार- (i) नैक्त्यक (रूटीन) स्वरूपी, जहां मा ि जानकारी उपलब्ध करानी हो। | संबंधधत ववषय से संबद्ध प्रािखा पदाधधकारी/ अवर सधचव। |
| (ii) कम महत्वपूणय मामले। | स ंबंधधत ववषय से संबद्ध उप सधचव/संयुतत सधचव | |
| (iii) महत्वपूणय मामले। | सधचव | |
| (iv) अनत महत्वपूणय मामले औरर् ारत सरकार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधधकार आठद से प्राप्त प।ि | उपाध्य ि{अनत महत्वपूणय पोिं की प्रनत अध्य ि(मुख्य मंीि) तथा मु॰का॰पदा॰ (मुख्य सधचव) को आवचयकतानुसारर् ेजा जाएगा।} | |
| 2 | अधधननयम/ननयमावली/ववननयमों/उपववधधयों क े अधीन सदस्यों को नामननठदयष्ट्ट करने और सशमनत गनि की क्तित | उपाध्य िद्वारा ववचार कर शलए जाने के बाद, म ुख्य सधचव के माध्यम से मुख्यमंीि |
| 3 | (i) जहां अधधननयम/ननयमावली/ववननयमों/ उपववधधयों के अधीन अभ्यावेदन स ुनने के शलए प्राधधकारी परर्रावषत न हो और क्तित सरकार में ननठहत हो। (ii) जहां अधधननयम/ननयमावली/ववननयमों/ उपववधधयों के अधीन औपबंधधक अपील और अभ्यावेदन सुनने के शलए प्राधधकारी परर्रावषत न हो तथा क्तित सरकार में ननठहत हो। | सधचव स धचव, जहां स्वयं सधचव ने आदे ि पाररत न ककया हो, ककन्तु जहां सधचव ने आदे ि पाररत ककया हो वहां अपील सुनने की क्तित उपाध्य ि को होगी। |
| 4 | जारी स्कीमों तथा उसमें संववदा के सृक्जत पदों का अवधध ववस्तार | उपाध्यि |
| 5 | प्राधधकार में कायय ववतरण (i) क और ख कोठट के पदाधधकाररयों के बीच (ii) ग और घ कोठट के कशमययों के बीच | उ पाध्यि स धचव |
| 6 | पदाधधकाररयों/कमयचाररयों का प्रशणिि (i) द े ि के र्ीतर अल्पकाशलक प्रशणिि (एक माह तक की अवधध) (ii) दे ि के र्ीतर दीघयकाशलक प्रशणिि (एक माह से अधधक की अवधध का) (iii) र्सी कोठट का अननवायय प्रशणिि (iv) ववदे ि में काशमयकों का प्रशणिि और | स धचव उपाध्यि स धचव म ुख्यमंीि |
| काययािला में र्ाग लेना (जहां व्यय की पूनतय, आंतररक व्यय को छोड़कर, बाह्य स्रोतों की होती हो) (v) ववदे ि में काशमयकों का प्रशणिि और काययािला में र्ाग लेना (जहां राज्य सरकार को आंतररक व्यय के साथ- साथ व्यय को अंतिः या पूणयतः पूरा करना हो) (vi) दे ि या ववदे ि में अखखल र्ारतीय सेवाओं के पदाधधकाररयों का प्रशणिि औरर् ाग लेना (vii) ववदे ियााि (अपने खचे पर) | ख्यमंीि मु (मुख्य सधचव के माध्यम से) ख्यमंीि मु (मुख्य सधचव के माध्यम से) , 18 नवम्बर, 2016 उ पाध्यि | |
| 7 ीी | पासपोटय प्राप्त करने के शलए अनापवत्त प्रमाण-प ि(एन॰ओ॰सी॰) जारी करना | क और ख कोठट के कमयचाररयों के मामले में सधचव ग और घ कोठट के कमयचाररयों के मामले में स्थापना का प्र्रारी संयुतत सधचव |
| 8 | ववदे िसेवा के शलए अभ्यावेदन | क और ख कोठट के कमयचाररयों के मामले में सधचव ग और घ कोठट के कमयचाररयों के मामले में स्थापना का प्र्रारी संयुतत सधचव |
पररमशष्-ि IV()ि
प्राधधकार में स्थापना की बाबत शक्ततयों का प्रत्यायोजन
| ॰िस॰ | ववषय | समि प्राधधकारी |
| 1 | आकक्स्मक और प्रनतबंधधत छु ट्टी की स्वीकृ नत | अव्यवठहत वररष्ट् ि पदाधधकारी क्जसके अधीन कमयचारी कायय कर रहा हो। |
| 2 | र्शन्न आकक्स्मक और प्रनतबंधधत छु ट्टी से (अध्ययन छु ट्टी छोड़कर) (i) क और ख कोठट के शलए (ii) ग और घ कोठट के शलए | स ंयुतत सधचव उ पाध्यि सधचव |
| 3 | अध्ययन छु ट्टी | स्थावपत ननयम के अनुसार |
पररमशष्-िIV(ग)(i)
प्राधधकार में ववत्तीय शक्ततयों का प्रत्यायोजन
| क्र॰सं॰ | ववषय | स्वीकृ त करने का समि प्राधधकारी |
| 1 | प्राधधकार के बजट का अनुमोदन | प्राधधकार |
| 2 | चालू स्कीमों का अवधध ववस्तार | पररयोजना और स्कीम सशमनत के माध्यम से उपाध्यि |
| 3 | (i) ढाई करोड़ रूपये तक की लागत वाली नई स्कीमों की स्वीकृ नत (ii) ढाई करोड़ रूपये से उपर और दस करोड़ रूपये तक की लागत वाली नई स्कीमों की स्वीकृ नत (iii) दस करोड़ रूपये से उपर और 20 करोड़ रूपये तक की लागत वाली नई स्कीमों की स्वीकृ नत (iv) बीस करोड़ रूपये से उपर की लागत वाली नई स्कीमों की स्वीकृ नत | सधचव (प्राधधकार की स्कीमों में ािशमल और बजट उपबंध क े अध्यधीन) उपाध्य ि (प्राधधकार की स्कीमों में ािशमल और बजट उपबंध के अध्यधीन) व र्वागीय मंीि के अनुमोदन के बाद ववत्त मंीि (प्राधधकार की स्कीमों में ािशमल और बजट उपबंध के अध्यधीन) व ही |
| 4 | (i) स्कीमों का स्वीकृ त्यादेि (ii) स्कीमों के आवंटन आदे ि पर हस्तारि का स्तर | सधचव स ंयुतत सधचव |
| 5 | कायायलय की आकक्स्मकता की स्वीकृ नत | सधचव/संयुतत सधचव |
| 6 | सार्॰॰नन॰ से अधग्रम (स्थाई/अस्थाई) ननकासी की स्वीकृ नत | सधचव |
| 7 | पररवहनर् त्ता की स्वीकृ नत | सधचव |
| 8 | वाहन मरम्मनत की स्वीकृ नत | स ंयुतत सधचव (बजट उपबंध के अध्यधीन) |
| 9 | अंके णि आपवत्त का ननपटान | सधचव (महत्वपूणय नीनतगत मामलों में उपाध्य ि के अनुमोदन के पचचात ्) |
पररमशष्-िIV(ग)(ii)
प्राधधकार में ववत्तीय शक्ततयों का प्रत्यायोजन
| ॰ि सं॰ | व्यय के प्रकार/अनुमोदन | स्वीकृ नत पररसीमा | ननववदा प्रकयिा | स्वीकृ त करने वाला समि प्राधधकार |
| 1 | झारखण्ड ववत्त ननयमावली क े ववननयम 124 क े अधीन यथा परर्रावषत माल का र्सी उपापन | (i) 15,000/- (पन्रह हजार) रू॰ तक (ii) 15,000/-से 10,00,000/- (दस | झारखण्ड ववत्त ननयमावली की ननयम संख्या 235, 235(क), 241 एवं अन्य प्र्रावी प्रावधानों के अनुसार - तथैव- | स ंयुतत सधचव स धचव |
| लाख) रू॰ तक (iii) 10 लाख रू॰ से एक करोड़ रूपये तक (iv) 1 करोड़ से अधधक | - तथैव- - तथैव- | उ पाध्यि उ पाध्य ि के अधीन सशमनत क्जसमें सधचव, वरीय सलाहकार (तकनीकी) और ववत्तीय सलाहकार होगा। | ||
| 2 | प्रािसननक/ािसकीय व्यय क े शलए अनुमोदन ीी | (i) 25,00,000/- (पच्चीस लाख) रू॰ तक (ii) 25,00,000/- (पच्चीस लाख) रू॰ से अधधक (iii) 25 लाख रू॰ तक क े प्रातकशलत लागत वाले कायय/ सेवाओं के शलए प्राधधकार के समग्र ठहत के संर्दय में एकल स्रोत चयन (iv) 25 लाख रू॰ तक क े प्रातकशलत लागत वाले कायय/ सेवाओं के शलए प्राधधकार के समग्र ठहत के संर्दय में एकल स्रोत चयन | झारखण्ड ववत्त ननयमावली की ननयम संख्या 235, , 18 नवम्बर, 2016 235(क), 241 एवं अन्य प्र्रावी प्रावधानों के अनुसार - तथैव- - तथैव- - तथैव- | सधचव उ पाध्यि उ पाध्य िके अधीन सशमनत उ पाध्य िके अधीन सशमनत |
| 3 | प्रनतकर पैके ज की सठहत स्वीकृ नत संववदात्मक कमयचाररयों की सेवा लेना | (i) कोठट क और ख क े कमयचाररयों के शलए (ii) कोठट ग एवं घ के कशमययों के शलए | झारखण्ड ववत्त ननयमावली की ननयम संख्या 235, 235(क), 241 एवं अन्य प्र्रावी प्रावधानों के अनुसार - तथैव- | उपाध्य ि चयन सशमनत को स ंपूणय क्तितयााँ परन्तु, संववदा एक बार में 12 माह से अनधधक अवधध के शलए होगी। प्राधधकार द्वारा अनुमोठदत प्रनतकर पैके ज के अध्यधीन सधचव को स क्तितयााँ ंपूणय परन्तु संववदा एक बार में 12 माह से अनधधक अवधध के शलए होगी। |
| 4 | प्राधधकार द्वारा अनुमोठदत योजना के म ें र्सी अनुसरण संबंधधत कयिाकलाप, यथा, ववज्ञापन ुिल्क, संववदाकारों को अधग्रम, अग्रधन का/ जमा का प्रनर्तूनत प्रनतसंदाय, मील र्ाड़ा ि ुल्क, डेमरेज, उपस्कर (फनीचर) एवं कफतसचर (सीमा के अन्तगयत), लेखन सामग्री सवारी, ववद्युत एवं जलापूनतय प्र्रार, बीमा, ववधध ववषयक प्र्रार, डाक ि ुल्क, फ ै तस, दूर्राष, उपकरण की मरम्मत एवं रख-रखाव, र्ाड़ेपर ट ैतसी लेना, अंके णि, र्सी प्रशणिि, संसाधकों को यााि र्त्ता/ द ैननक र्त्ता/मानदेय का र् ुगतान, प्राधधकार के कमयचाररयों को यााि र्त्ता/ द ैननक र्त्ता, प्रलेखन से संबंधधत र् ुगतान इत्याठद। | र्सी प्रकार के | सधचव द्वारा यथा ववननक्चचत एवं व्यय क े स्वरूप के आधार पर स्थानीय/राष्ट्रीय समाचार-पोिं म ें ववज्ञापन | सधचव को संपूणय क्तितयााँ |
| 5 | प्राधधकार द्वारा अनुमोठदत योजनाओं क े कायायन्वयन क े शलए ननधधयों की ववमुक्तत | र्सी प्रकार के | अनपेक्षति | सधचव को संपूणय क्तितयााँ |
| 6 | डीक्जटल और एनालाग हस्तकों, पत्रकिाओं (सूचना प्रावैधधकी से संबंधधत सठहत) सठहत पुस्तकों का यि | 20 लाख रूपये तक | सधचव | |
| 7 | (i) गृह व्यवस्था/संरणि (ii) पररवहन (iii) सुराि (iv) डेटा आपरेटसय (v) संदेविाहक सेवाएं (vi) सहायक प्रािखा पदाधधकारी आठद की सेवाएं बाहर से लेना | सम्पूणय क्तितयााँ | सधचव | |
, 18 नवम्बर, 2016
• पदधारकों की ववत्तीय क्तितयों का पुनववयलोकन एवं पुनरीणि प्राधधकार कर सके गा तथा उस पर सरकार ीी
का अनुमोदन आवचयक होगा।
35. उतत प्रस्ताव पर वर्वागीय संलेख ज्ञापांक-989(अनु॰) ठदनांक-20.05.2020 के मि में मंत्रपिररषद् की बैकि ठदनांक-17.06.2020 को मद संख्या-22 के रूप में स्वीकृ नत दी गई है।
झारखण्ड राज्यपाल के आदे िसे,
अममताभ कौशल,
सरकार के सधचव
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झारखण्ड राजकीय मुरणालयझारखण्ड राजकीय मुरणालय,, रााँची द्वारा प्रकाशति एवं मुठरतरााँची द्वारा प्रकाशति एवं मुठरत,,
झारखण्ड गजट (असाधारण) झारखण्ड गजट (असाधारण) 331199 ---- 5500