, राज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्डराज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्डराज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्डराज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्ड
12 जनवरी 2022
संख्याःसंख्याःसंख्याःसंख्याः 03नि0पं0-01/2022 रा0नि0आ0-03नि0पं0-01/2022 रा0नि0आ0-03नि0पं0-01/2022 रा0नि0आ0-03नि0पं0-01/2022 रा0नि0आ0- 65 त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन के संबंध में उम्मीदवारों द्वारा उपगत एवं प्राधिकृत निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा का निर्धारण पूर्व में राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना संख्या 03नि0/पं0-128/2015 रा0नि0आ0-2099 दिनांक 19 अगस्त 2015 द्वारा निर्धारित की गई थी। वर्ष 2015 के पष्चात् लगभग 06 वर्ष बीत चुके हैं तथा इस अवधि में 2015 में पंचायतों के आम निर्वाचन के साथ-साथ वर्श 2018 में उप निर्वाचन भी सम्पन्न कराए जा चुके हैं। इन निर्वाचनों के दौरान निर्वाचन व्यय की अधिसीमा के पुनः निर्धारण हेतु आयोग ने इस विषय की गहन समीक्षा की है एवं देष के अन्य राज्यों में विनिर्धारित निर्वाचन व्यय की अधिसीमा का भी अध्ययन किया है । 2 ( झारखण्ड राज्य अन्तर्गत त्रिस्तरीय पंचायतों में स्थानों एवं पदों के निर्वाचन हेतु उम्मीदवार द्वारा उपगत एवं प्राधिकृत निर्वाचन व्यय की अधिसीमा निम्न प्रकार निर्धारित करता हूँ - निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा क्रमांकक्रमांकक्रमांकक्रमांक उम्मीदवारउम्मीदवारउम्मीदवारउम्मीदवार निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा
| क्रमांक | उम्मीदवार | निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा |
| 1. | सदस्य, ग्राम पंचायत के प्रादेषिक निर्वाचन क्षेत्र | 14,000 ( चौदह हजार) रूपये |
| 2. | ग्राम पंचायत के मुखिया | 85,000 (पचासी हजार) रूपये |
| 3. | सदस्य, पंचायत समिति के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र | 71,000 (इकहत्तर हजार) रूपये |
| 4. | सदस्य, जिला परिषद् के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र | 2,14,000 (दो लाख चौदह हजार) रूपये |
2. त्रिस्तरीय पंचायत के विभिन्न पदों एवं स्थानों के उम्मीदवार या उनके निर्वाचन अभिर्काा द्वारा झारखण्ड पंचायत राज अधिनियम, 2001 में विनिर्दिष्ट समय-सीमा अर्थात् निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तिथि से 30 दिनों के अन्दर निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) या किसी अन्य पदाधिकारी जैसा राज्य निर्वाचन आयोग प्राधिकृत करे, के पास जमा करेगा। इसके अन्तर्गत निर्वाचन व्यय का लेखा एवं निर्वाचन व्यय का सार जो उसके द्वारा या उसके निर्वाचन अभिर्काा के द्वारा रखी गई लेखा की सच्ची प्रति होगी, विहित प्रपत्र में समर्पित किया जायेगा।
3. त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन का प्रत्येक निर्वाचन लड़ने वाला उम्मीदवार जिस तारीख को उसका नाम निर्देषन हुआ हो उस तारीख से लेकर उसका परिणाम घोषित किये जाने की तारीख तक उसके या उसके निर्वाचन अभिर्काा द्वारा उपगत या प्राधिकृत निर्वाचन से जुड़े सभी खर्च का पृथक और सही लेखा या तो स्वयं रखेगा या अपने निर्वाचन अभिर्काा से रखवाएगा। कुल निर्वाचन व्यय उपर्युक्त निर्धारित अधिकतम व्यय की सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए।
4. अधिनियम एवं नियमावली के प्रावधानों के अन्तर्गत तथा आयोग के दिषा-निर्देषों के अधीन अपेक्षित रीति से विहित समय-सीमा के अन्तर्गत निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं किये जाने पर इसे चूक माना जाएगा तथा इस चूक के लिए युक्तियुक्त कारण या औचित्य का समाधान नहीं होने की स्थिति में राज्य निर्वाचन आयोग उस उम्मीदवार को निरर्हित घोषित कर देगा और ऐसा व्यक्ति आदेष निर्गत की तिथि से तीन वर्षों की अवधि के लिए निरर्हित हो जाएगा एवं इस आषय की अधिसूचना राजकीय राजपत्र में भी प्रकाषित की जायेगी।
5. पूर्व में निर्गत समस्त अधिसूचनाएँ इस हद तक संषोधित समझी जायेंगी।
देवेन्द्र कदेवेन्द्र कदेवेन्द्र कदेवेन्द्र कुमार तिवारीुमार तिवारीुमार तिवारीुमार तिवारी
राज्य निर्वाचन आयुक्त, झारखण्ड, राँची।