झारख(cid:214)ड गजट
असाधारण अंक
झारख(cid:214)ड सरकार (cid:622)वारा (cid:292)का(cid:871)शत
26 का(cid:467)त(cid:91)क , 1944 (श०)
सं(cid:201)या – 547 राँची, गु(cid:509)वार, 17 नव(cid:224)बर, 2022 (ई०) राज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्ड
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अधिसूचना
9 नवम्बर 2022
संख्या- 03नि0-09/2014 रा0नि0आ0- 2424..नगरपालिकाओं के निर्वाचन के संबंध में उम्मीदवारों द्वारा उपगत एवं प्राधिकृत निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा का निर्धारण पूर्व में राज्य निर्वाचन आयोग के अधिसूचना संख्या-03नि0-09/2014 रा0नि0आ0 282 /राँची, दिनांक 27 फरवरी, 2018 द्वारा निर्धारित की गई थी। झारखण्ड नगरपालिका (संषोधन) अधिनियम, 2021 (झारखण्ड अधिनियम संख्या-09, 2021) के अधीन महापौर/अध्यक्ष का निर्वाचन गैर दलीय आधार पर किया जाएगा एवं निर्वाचित पार्शद अपने में से एक उपमहापौर/उपाध्यक्ष का अप्रत्यक्ष निर्वाचन करेंगे। 2 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) गु(cid:510)वार, 17 नव(cid:224)बर, 2022
| स्थानीय नगर निकाय का प्रकार | अंतिम पूर्ववर्त्ती जनगणना, 2011 के अनुसार जनसंख्या | निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा | |
| महापौर/अध्यक्ष वार्ड पार्शद | |||
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| नगर निगम | (1) दस लाख एवं उससे अधिक | 25 लाख रूपये | 5 लाख रूपये |
| (2) दस लाख से कम | 15 लाख रूपये | 3 लाख रूपये | |
| नगर परिशद् | (1) एक लाख एवं उससे अधिक | 10 लाख रूपये | 2 लाख रूपये |
| (2) एक लाख से कम | 6 लाख रूपये | 1.5 लाख रूपये | |
| नगर पंचायत | (1) बारह हजार एवं उससे अधिक तथा चालीस हजार से कम | 5 लाख रूपये | 1 लाख रूपये |
2. राज्य निर्वाचन आयोग झारखण्ड द्वारा यह निदेष दिया जाता है कि नगरपालिका के विभिन्न पदों एवं स्थानों के उम्मीदवार या उनके निर्वाचन अभिकर्त्ता द्वारा झारखण्ड नगरपालिका अधिनियम, 2011 में विनिर्दिश्ट समय-सीमा अर्थात् निर्वाचन परिणाम की घोशणा की तिथि से 30 दिनों के अन्दर निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) या किसी अन्य पदाधिकारी जैसा राज्य निर्वाचन आयोग प्राधिकृत करे, के पास जमा करेगा। इसके अन्तर्गत निर्वाचन व्यय का लेखा एवं निर्वाचन व्यय का सार जो उसके द्वारा या उसके निर्वाचन अभिकर्त्ता द्वारा रखी गई लेखा की सच्ची प्रति होगा, विहित प्रपत्र में समर्पित करेगा। 3. नगरपालिका निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक उम्मीदवार जिस तारीख को उसका नाम-निर्देषन हुआ हो उस तारीख से लेकर उसका परिणाम घोशित किये जाने की तारीख तक उपगत या उसके द्वारा प्राधिकृत निर्वाचन से जुड़े सभी खर्च का पृथक और सही लेखा या तो स्वयं रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्त्ता से रखवाएगा। कुल निर्वाचन व्यय उपर्युक्त निर्धारित अधिकतम व्यय सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए।
4. अधिनियम एवं नियमावली के प्रावधानों के अन्तर्गत तथा आयोग के दिषा-निर्देषों के अधीन अपेक्षित रीति से विहित समय-सीमा के अन्तर्गत निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं किये जाने पर इसे चूक माना जाएगा तथा इस चूक के लिए कोई युक्तियुक्त कारण या औचित्य का समाधान नहीं होने की स्थिति में राज्य निर्वाचन आयोग उस उम्मीदवार को निरर्हित घोशित कर देगा और ऐसा व्यक्ति आदेष निर्गत की तिथि से तीन वर्शों की अवधि के लिए निरर्हित हो जाएगा एवं इस आषय की अधिसूचना राजकीय राजपत्र में भी प्रकाषित की जायेगी।
5. पूर्व में निर्गत समस्त अधिसूचनाएँ इस हद तक संषोधित समझी जाएंगी।
संयुक्त सचिव,
राज्य निर्वाचन आयोग, ह0/-
झारखण्ड, राँची।