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Jharkhand Gazette · Government of Jharkhand

Jharkhand Gazette, No. 266, 30 September 2024

Published 30 September 2024

Type
Extra Ordinary
Gazette no.
266
Identifier
in.gazette.jharkhand.2024-09-30.266
Languages
English, Hindi

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झारखण्ड गजट

असाधारण अंक

झारखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

12 वैशाख, 1946 (श०)

संख्या – 266 राँची, गुरूवार, 2 मई, 2024 (ई०) गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ।

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अधिसूचना

10 जनवरी, 2024

संख्या-14/सी०आर०-165/2021-197-- झारखण्ड राज्य गठन के उपरान्त झारखण्ड पुलिस सेवा के पदाधिकाररयों के वाषिकि गोपनीय अभ्युक्ति के अभिलेखन हेतु कोई पररपत्र निगति नहीं हुआ है। इस संबंध में बिहार सरकार द्वारा निगति पररपत्र संख्या-7444, दिनांक 30.04.1979 की पृष्ठभूमि में झारखण्ड राज्य में झारखण्ड पुलिस सेवा के पदाधिकाररयों की वाषिकि गोपनीय अभ्युक्ति अभिलेक्तखत की जाती रही है।

झारखण्ड पुलिस सेवा के पदाधिकाररयों के वाषिकि गोपनीय अभ्युक्ति/वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन का अभिलेखन स्वतः स्पष्ट, पारदशी एवं प्रभावी हो सके इस पररपेक्ष्य में निम्न अनुदेश जारी किये जाते हैं:-

क. वाषिकि गोपनीय अभ्युक्ति अब वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन (Annual Performance Appraisal Report (APAR)) कहलायेगी। यह प्रतिवेदन गोपनीय सूचना की कोटि में नहीं होगी तथा Online समपिति की जा सके गी। ख. वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन का अभिलेखन

वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन वित्तीय वषविार अथाति पहली अपैल से 31 माचि तक अभिलेक्तखत होगी। निम्नांकित पररक्ततिियों के अधीन झारखण्ड पुलिस सेवा के पदाधिकाररयों के लिए संबंधित पदाधिकारी के उचित माध्यम से अनुरोध पत्र प्राप्त होने पर गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रमाण पत्र निगति किया जाएगा :-

(1) प्रतिवेदक पदाधिकारी के अधीन तीन महीने से कम अवधि (II) प्रतिवेदक पदाधिकारी की मृत्यु (III) पदािपन की प्रतिक्षा अवधि 2 झारखण्ड गजट (असाधारण) गुरूवार, 2 मई, 2024 (IV) निलंबन अवधि (V) अवकाश अवधि

उपरोि क्रमांक III से V हेतु सक्षम प्राधिकार द्वारा विनियमन / स्वीकृ ति के उपरांत प्रमाण पत्र निगति किया जाएगा।

प्रतिवेदित पदाधिकारी के प्रतिनियुक्ति या प्रशिक्षण में रहने की अवधि का वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन का अभिलेखन संबंधित विभाग / के न्द्र से संग्रह कराकर उनका पैतृक विभाग संधाररत करे गा।

2. अभ्युक्ति अभिलेखन हेतु वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन का प्रपत्र तथा प्रतिवेदक प्राधिकार / समीक्षी प्राधिकार एवं स्वीकरण प्राधिकार की विवरणी क्रमशः पररशिष्ट-1 एवं पररशिष्ट-2 पर संधाररत है, जिसे इस अधिसूचना का भाग समझा जाएगा।

, 18 नवम्बर, 2016

3. वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन पाँच भागों में होगा। भाग-1 एवं II प्रतिवेदित पदाधिकारी द्वारा भरे ◌ी

जायेंगे। भाग III तीन खण्डों में भरा जायगा, जो निम्न प्रकार हैं-

I. वाषिकि कायि निष्पादन का मूल्ांकन (Evaluation of Work Disposed) :- इस खण्ड में पांच शीषि हैं, प्रत्येक शीषि में अधिकतम 10 अंक तथा न्यूनतम 01 अंक दिया जा सके गा। इस खण्ड की अधिमानता 40 प्रतिशत की होगी। II. गुणों एवं क्षमता का मूल्ांकन (Evaluation of quality and capacity) :- इस खण्ड में दस शीषि हैं, प्रत्येक शीषि में अधिकतम 10 अंक तथा न्यूनतम 01 अंक दिया जा सके गा। इस खण्ड की अधिमानता 30 प्रतिशत की होगी। III. कायात्मिक सक्षमता का मूल्ांकन (Evaluation of professional capability)

:- इस खण्ड में दस शीषि हैं, प्रत्येक शीषि में अधिकतम 10 अंक तथा न्यूनतम 01 अंक दिया जा सके गा। इस खण्ड की अधिमानता 30 प्रतिशत की होगी।

IV. भाग-IV एवं भाग-V क्रमशः समीक्षी पदाधिकारी तथा स्वीकरण पदाधिकारी द्वारा भरे जाऐंगे।

V. 5 से कम अंक की ग्रेडिंग को प्रतिकू ल (Adverse) प्रतिवेदन माना जाएगा तथा 5 से 5.99 अंक को अच्छा (Good), 6 से 7.99 अंक को बहुत अच्छा (Very Good) एवं 8 से 10 अंक को उत्कृ ष्ट (Outstanding) माना जाएगा। 4. प्रत्येक पदाधिकारी अपने कायि के संबंध में विहित प्रपत्र में अपना वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन (Annual Performance Appraisal Report [APAR]) (भाग-1 एवं II) 30 अप्रैल तक समपिति कर देंगे।

5. प्रतिवदेक पदाधिकारी, समीक्षी पदाधिकारी एवं स्वीकरण पदाधिकारी अनिवायि रूप से क्रमशः 31 मई, 30 जून तथा 31 जुलाई तक विहित प्रपत्र में वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन पर अपनी अभ्युक्तयिाँ अभिलेक्तखत कर लेंगे। वैसे मामलों में जहाँ समीक्षी/स्वीकरण पदाधिकारी दो अलग-अलग पदाधिकारी हों तो अनुवती अवधि में कायरित समीक्षी/स्वीकरण पदाधिकारी ही मूल्ांकन प्रतिवेदन पर अपना मंतव्य अंकित करें गे।

6. यदि झारखण्ड पुलिस सेवा के किसी पदाधिकारी द्वारा निधारिरत अवधि में प्रपत्र के भाग-1 एवं II में अपना वाषिकि काय िनिष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन समपिति नहीं किया जाता है तो प्रोन्नति/वृति उन्नयन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के लिए वे स्वयं जवाबदेह होंगे।

7. प्रतिवेदित पदाधिकारी के द्वारा यदि निधारिरत अवधि में भाग-1 एवं II में वाषिकि काय ि निष्पादन मूल्ांकनप्रतिवेदन समपिति नहीं किया जाता है तो उ िआशय की सूचना प्रतिवेदक पदाधिकारी के द्वारा गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को दी जाएगी एवं विभाग द्वारा ऐसे पदाधिकारी के विरूद्ध अनुशासनिक कारि वाई की जाएगी। 8. निधारिरत अवधि तक वाषिकि काय िनिष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन न प्राप्त होने पर संबंधित प्रतिवेदक / समीक्षी पदाधिकारी को जवाबदेह मानते हुए इससे माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा तथा गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रतिवेदक / समीक्षी पदाधिकारी के विरूद्ध अनुशासनिक कारि वाई की जा सके गी। झारखण्ड गजट (असाधारण) गुरूवार, 2 मई, 2024 3 9. वैसे पदाधिकारी, जिनको अनुसूचित जाति/जनजाति के कल्ाण से संबंधित काय ि देखने हों, उनके वाषिकि काय ि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन में विशेष रूप से इसका मूल्ांकन किया जाए कि उनके द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति के कल्ाणाथ िकायों में अभिरूचि ली गयी अथवा नहीं।

10. वाषिकि काय िनिष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन व्यक्तगित जानकारी पर आधाररत होना चाहिए। किसी एक वष ि के प्रतिवेदन में गत वष ि या प्रतिवेदित पदाधिकारी के अन्य पदािपन से संबंधित कायों या आचरण के संबंध में कोई मूल्ांकन नहीं होना चाहिए।

11. प्रतिवेदक पदाधिकाररयों को अपने अधीन िवैसे सभी पदाधिकारी, जिन पर उन्हें ग्रेडिंग अंकित करनी है, के कायों को व्यक्तगित रूप से जानने का प्रयास करना चाहिए। किसी पदाधिकारी के संबंध में ग्रेडिंग अंकित करने के पूव ि प्रतिवेदक पदाधिकारी को यह देख लेना चाहिए कि संबंधित पदाधिकारी का काय ि संतोषप्रद हुआ है अथवा नहीं?

ग्रेडिंग दज िकरने वाले पदाधिकारी को एक व्यक्तगित दैनक्तनिी रखनी चाहिए जिसमें पयविेक्षण के दौरान पदाधिकाररयों के कायों की समीक्षा की संक्षिप्त विवरणी दज िकी जानी चाहिए ताकि ग्रेडिंग अंकित करते समय यह उपयोगी सिद्ध हो। 12. ग्रेडिंग / प्रतिवेदन अंकित करते समय प्रतिवेदक पदाधिकारी को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। अधीन िपदाधिकाररयों के साथ व्यक्तगित विद्वेष का पूणरिूपेण पररत्याग किया जाना चाहिए।

अवांछनीय निाि अथवा प्रशंसा, एक पदाधिकारी का दू सरे पदाधिकारी के साथ नापसंदगी अथवा पसंदगी का भाव ग्रेडिंग/प्रतिवेदन में नहीं प्रदशिति किया जाए। प्रतिवेदक पदाधिकारी से निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है।

13. ग्रेडिंग/प्रतिवेदन में खामियों का समावेश करते हुए प्रतिवेदक पदाधिकारी को स्पष्ट रूप से उल्लेख करना चाहिए कि अधीनि पदाधिकारी का ध्यान उनकी खामियों की तरफ आकृ ष्ट किया गया है अथवा नहीं ? अधीनि पदाधिकाररयों के कायों के पयविेक्षण की अपेक्षा प्रतिवेदक पदाधिकारी से की जाती है, ताकि यदि वे गलती करें तो उसे सुधारने का प्रयत्न किया जा सके । समय-समय पर सुधार की गई सूक्ष्म त्रुटि का उल्लेख प्रतिवेदन में नहीं होना चाहिए। उनके अधीनि पदाधिकारी यदि भूलों के सुधार के लिए उचित कदम उठाते हैं तो उसे भी प्रतिवेदन में अंकित किया जाना चाहिए।

14. के वल पूणि प्रविष्टियों के साथ ही वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन स्वीकायि होगा। यह झारखण्ड पुलिस सेवा के पदाधिकारी का उत्तरदायित्व होगा की वह भाग-1 एवं II सही-सही एवं पूणरिूपेण भरकर समपिति करें । यह प्रतिवेदक पदाधिकारी का उत्तरदायित्व होगा कि प्रतिवेदन के सभी बिन्दुओं पर वह मूल्ांकन करें तथा किसी भी बिन्दु को ररि न छोड़ें।

ग. वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन पुस्ती की व्यवाि

1. विभाग में अभ्युक्तयिों के संधारण हेतु गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग में एक प्रशाखा कायि करे गा जो एक अवर सचिव/उप सचिव/संयुि सचिव के प्रभार में रहेगा। इस प्रशाखा द्वारा प्राप्त प्रतिवेदनों के संधारण के साथ-साथ यह भी देखा जायेगा कि वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन निधारिरत अवधि अन्तगति प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं ?

प्रशाखा पदाधिकारी का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह प्रतिवेदक / समीक्षी पदाधिकारी के अधीन लक्तति मामलों की सूची तैयार कर प्रत्येक माह के अन्त में प्रभारी पदाधिकारी के माध्यम से प्रधान सचिव / सचिव को अवगत कराए। जिस स्तर पर प्रतिवेदन लंबित रहेगा, संबंधित पदाधिकारी को स्माररत कराया जा सके गा।

2. झारखण्ड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नति के विचारण क्षेत्र में आने वाले पदाधिकाररयों का Blue Book/Apar Dossier तैयार किया जाएगा Blue Book/Apar Dossier के कवर पेज में पदाधिकारी का नाम, वरीयता सूची का क्रमांक / प्रकाशन वषि एवं जन्मतिथि अंकित किया जाए। Blue Book/Apar Dossier के प्रारं भ के पृष्ठों पर पदाधिकाररयों के संबंध में सामान्य सूचना अंकित की जाए। निम्न सूचनाओं को कं डिकावार सामान्य सूचना की श्रेणी में रखी जाए :-

(1) किस प्रतियोगिता परीक्षा से पदाधिकारी का चयन हुआ है।(II) योगदान की तिथि। 4 झारखण्ड गजट (असाधारण) गुरूवार, 2 मई, 2024 (III) जन्म तिथि।

(IV) सेवानिवृति की तिथि।

(V) सेवा सम्पुष्टि की तिथि।

(VI) ाियी पता।

(VII) वरीयता सूची का क्रमांक / प्रकाशन वषि ।

(VIII) भविष्य निधि लेखा संख्या।

(IX) आरक्षण कोटि (अनुसूचित जाति/जनजाति के मामले में)

(X) प्रोन्नति की विवरणी।

, 18 नवम्बर, 2016

(XI) विशेष सूचना (यदि कोई हो)। ◌ी 3. Blue Book/Apar Dossier में अंकित सामान्य सूचना की प्रविष्टि के बाद अनुक्रमणिका के लिए कु छ पृष्ठ सुरक्षित रखे जाएँ । अनुक्रमणिका को निम्न विवरणी के अनुसार तैयार किया जाए :-

(I) क्रमांक ।

(II) वष।ि

(III) यदि वषि में एक से अधिक प्रतिवेदन है तो प्रत्येक की अवधि।

(IV) प्रतिवेदक पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम।

(V) वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन की पृष्ठ संख्या।

(VI) अभ्युक्ति/प्रतिवेदन प्रतिहस्ताक्षररत / अभिप्रमाणित करने वाले पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम । 4. प्रतिवेदक /समीक्षी/स्वीकरण पदाधिकारी सेवानिवृति के पश्चात अपने अधीनि पदाधिकारी का वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन सेवानिवृति की तिथि से अगले 30 दिनों तक अंकित करने हेतु सक्षम होंगे।

5. प्रायः यह देखा गया है कि प्रोन्नति की देय तिथि / वषि से विगत पाँच वषों की वाषिकि गोपनीय चाररत्रियाँ / वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन संधाररत नहीं रहने की क्ततिि में प्रोन्नति का मामला लंबित रखा जाता है। पिछले पाँच वषों की लगातार वाषिकि गोपनीय चाररत्री/वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन के अभाव में प्रोन्नति बाधित हो जाने में संबंधित पदाधिकारी का कोई दोष नहीं होता है। पाँच वषों से पहले की गोपनीय अभ्युक्तयिाँ अच्छी / उत्कृ ष्ट रहती हैं, परन्तु उन पर विचार नहीं किया जाता है। फलस्वरूप वैसी अच्छी / उत्कृ ष्ट गोपनीय अभ्युक्तयिाँ / वाषिकि कायि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन रहते हुए भी प्रोन्नति प्रभावित हो जाती है। ऐसी क्ततिि में सम्यक् विचारोपरान्त यह निणयि लिया गया है कि यदि किसी कारणवश देय प्रोन्नति की तिथि / वष िसे पिछले पाँच वषों में किसी चार वषों की अभ्युक्तयिाँ / प्रतिवेदन उपलब्ध हो तो इनका अवलोकन कर इसके आधार पर प्रोन्नति के मामले पर विचार किया जाएगा।

घ. वाषिकि काय िनिष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन का संसूचन

1. संबंधित पदाधिकारी APAR पर स्वीकृ ति की तारीख से 45 (पैंतालिस) दिनों के अरि अपील समपिति सकते हैं। यह अपील प्रतिवेदन प्रमुख रूप से पदाधिकारी के गुण, काय ि सम्पादन आदि के मूल्ांकन के संबंध में अन्तविष्टि तथ्यात्मक सम्प्रेक्षण तक ही सीमित रहेगा। निधारिरत दिनों के भीतर कोई अपील नहीं प्राप्त होने की दशा में यह समझा जायेगा कि इस संबंध में संबंधित पदाधिकारी को कोई अपील नहीं करना है।2. अपील प्राप्त होने के पश्चात् वाषिकि काय ि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन में संशोधन, विलोपन या अपील अस्वीकृ त करने के बिन्दु पर अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव / सचिव गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, झारखण्डझारखण्ड गजट (असाधारण) गुरूवार, 2 मई, 2024 5 (पररशिष्ट-2 के कमांक 2 से 24 में उल्लेक्तखत पदाधिकाररयों के मामले पर) / मुख्य सचिव (पररशिष्ट-2 के कमांक 1 में उल्लेक्तखत पदाधिकाररयों के मामले पर) का निणयि अंतिम होगा।

3. यदि झारखण्ड पुलिस सेवा के पदाधिकारी उच्च न्यायालय के अन्तगति न्यायिक काय िहेतु प्रतिनियु िरहे, तो प्रतिनियुक्त िअवधि में न्यायिक काय िके संबंध में यदि कोई प्रतिकू ल ग्रेडिंग जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा अभिलेक्तखत की जाए और उन प्रतिवेदनों के संसूचन के पश्चात् संबंधित पदाधिकारी द्वारा प्रतिकू ल अंश के विरूद्ध कोई अपील समपिति किया जाता है, तो उसे उच्च न्यायालय भेज दिया जायेगा। उच्च न्यायालय का जो भी निणयि होगा, उसे राज्य सरकार मान लेगी।

च. अन्यान्य

1. झारखण्ड पुलिस सेवा के पदाधिकाररयों की ईमानदारी, आचरण एवं सत्यनिष्ठा पर प्रतिवेदन अंकित करने में अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे प्रतिवेदन अंकित करने से पूव ि प्रतिवेदक पदाधिकारी को इसकी जाँच कर लेनी चाहिए। बिना जाँच किये मात्र संदेह के आधार पर बिना किसी प्रमाण के इन बिन्दुओं पर प्रतिकू ल ग्रेडिंग अंकित नहीं की जाए।

2. अगर किसी पदाधिकारी द्वारा "वाषिकि काय ि निष्पादन मूल्ांकन प्रतिवेदन" अभिलेक्तखत करने हेतु संबंधित प्रपत्र (भाग-I एवं II) में ससमय भरकर समपिति कर दिया गया हो, तो ससमय अभ्युक्त िअभिलेक्तखत न करने का कु प्रभाव संबंधित पदाधिकारी की प्रोन्नति पर नहीं पड़ेगा।

3. भ्रष्टाचार के मामलों के शीघ्घ्र निष्पादन करने की महत्ता बताने के लिए प्रत्येक पदाधिकारी के कायों पर मूल्ांकन वाषिकि प्रतिवेदन में दजि की जानी चाहिए कि भ्रष्टाचार उन्मूलनाथि उन्होंने समुचित अभिरूचि ली अथवा शिथिलता बरती।

4. उपयु िि अनुदेशों का कठोरता से अनुपालन हो इसके लिए संबंधित पदाधिकारी व्यक्तगित रूप से उत्तरदायी होगें। अनुदेशों के अनुपालन में असफल पदाधिकारी के विरूद्ध उचित कारि वाई की जाएगी। यह निदेश आदेश निगति होने की तिथि से लागू किया जाएगा।

झारखण्ड राज्यपाल के आदेश से,

अविनाश कु मार,

सरकार के अपर मुख्य सचिव ।

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अधीक्षक,अधीक्षक, झारखण्डझारखण्ड राजकीय मुद्रणालयराजकीय मुद्रणालय,, राँची द्वारा प्रकाशित एवं मुद्रितराँची द्वारा प्रकाशित एवं मुद्रित,, झारखण्ड गजट (असाधारण) झारखण्ड गजट (असाधारण) 226666 –– 5500

Cite this issue. Jharkhand Gazette, Government of Jharkhand, 30 September 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.jharkhand.2024-09-30.266/. Archive identifier in.gazette.jharkhand.2024-09-30.266.