झारखण्ड गजट
असाधारण अंक
झारखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
17 वैशाख, 1946 (श०)
संख्या – 267 राँची, मंगलवार, 7 मई, 2024 (ई०) गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ।
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अधिसूचना
3 मई, 2024
सं0-14/न्याय-02/2022-2760-- विभागीय अधिसूचना सं०-6471, दिनांक-23.10.2010 के द्वारा श्री द्वाररका प्रसाद सिंह, पुलिस उपाधीक्षक के विरूद्ध निम्ांकित दण्ड अधिरोपित किया गया :-
(क) श्री द्वाररका प्रसाद सिंह, रा०पु०से०, पुलिस उपाधीक्षक अपने वेतनमान के प्रारं भिक प्रक्रम पर वेतन प्राप्त करें गे।
(ख) श्री सिंह भविष्य में किसी स्वतंत्र प्रभार के पद पर पदस्थापित नहीं किये जायेंगे।
2. तदुपरांत विभागीय अधिसूचना सं०-720, दिनांक-05.02.2019 द्वारा उक्त दण्ड को निम्रूपेण पररमाजिति किया गया है ः -
(क) सम्यक् समीक्षोपरांत झारखण्ड सेवा संहिता के नियम 88 (1) एवं कामिकि, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखण्ड, राँची के संकल्प सं०-1698, दिनांक 18.02.2012 में दिये गये नियम के आलोक में श्री सिंह को पुलिस उपाधीक्षक के वेतनमान के प्रारं भिक प्रक्रम पर वेतन प्राप्त करने के दण्ड को 02 वषों तक प्रभावी रखने का निणयि लिया गया तथा सजा समाप्तप्त के पश्चात सेवा संहिता के नियम-85 के अन्तगति अगली 2 झारखण्ड गजट (असाधारण) मंगलवार, 7 मई, 2024 3. तदुपरांत श्री द्वाररका प्रसाद सिंह द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची में दायर LPA No- 596/2017 में दिनांक-07.06.2022 को पाररत न्यायादेश का अनुपालन नहीं होने के कारण दायर अवमाननावाद (सिविल) सं०-346/2023, दिनांक-04.01.2024 को निम्ांकित आदेश पाररत किया गया है :- "...... the order of punishment dated 1st Nov.2010 modified to the extent that the punishment of revision to original pay scale was modified to stoppage of two increment
for one year......"
उल्लेखनीय है कि संगत मामले में राज्य सरकार द्वारा सवोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में दायर SLP. No- 19008/2023 को दिनांक-28.08.2023 को खाररज किया जा चुका है।
4. अतः उक्त अवमाननावाद में पाररत न्यायादेश के अनुपालन के क्रम में श्री द्वाररका प्रसाद सिंह, तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक को विभागीय अधिसूचना सं०-6471, दिनांक-23.10.2010 द्वारा दिये दंड 'अपने
, 18 नवम्बर, 2016
वेतनमान के प्रारंभिक प्रक्रम पर वेतन प्राप्त करें गे' को 'एक वष िके लिए दो वेतन वृप्तद्ध रोकने' के दंड के रूप में संशोधित किया जाता है।
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5. उपयु क्ति आदेश में सक्षम प्राधिकार माननीय मुख्य (विभागीय) मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।
झारखण्ड राज्यपाल के आदेश से,