झारख(cid:214)ड गजट
असाधारण अंक
झारख(cid:214)ड सरकार (cid:622)वारा (cid:292)का(cid:871)शत
6 का(cid:467)त(cid:91)क, 1946 (श०)
सं(cid:201)या – 696 राँची, सोमवार, 28 अ(cid:200)टू बर, 2024 (ई०)
(cid:7061)ामीण विकास विभाग
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संकल्प
11 जून, 2024
विषयः- राज्य (cid:7061)ामीण विकास संस्थान (सर्ड), राँची का नाम राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, राँची करने एवं स्वायत्तता प्रदान करने के संबंध में । सं(cid:201)या-2101--राज्य (cid:7061)ामीण विकास संस्थान, हेहल, राँची की स्थापना विगत् सन् 1954 ई॰ में भारत सरकार के खाद्य, कृ षि, सामुदायिक विकास एवं सहकारिता मंत्रालय (सामुदायिक विकास विभाग) के अंतर्गत "Development and Study Centre" के नाम से (cid:7263)आ था। तत्प(cid:7391)ात् विगत् सन् 1958 ई॰ में "Orientation and Study Centre" नामक एक अन्य संस्थान की स्थापना भी (cid:7263)ई थी। साथ ही सन् 1983 ई॰ में इन दोनों संस्थानों को एकीकृ त कर "Tribal Orientation and Study Centre" के रूप में एक अन्य संस्थान को स्थापित किया गया ।2 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) सोमवार, 28 अ(cid:200)टू बर, 2024 र्क्त संस्थान का हस्तान्तरण भारत सरकार के द्वारा 2. तदनन्तर 01 अप्रैल, 1967 को उपयु
तत्कालीन बिहार सरकार को किया गया था। बिहार सरकार के (cid:7061)ामीण विकास विभाग के अंतर्गत संस्थान के हस्तान्तरण के प(cid:7391)ात् इसका नामाकरण ''सामुदायिक विकास एवं पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान'' के रूप में (cid:7263)आ। सन् 1984 ई॰ में संस्थान का चयन बिहार प्रांत के शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान के रूप में (cid:7263)आ था और इसका पुनः नामकरण ''बिहार (cid:7061)ामीण विकास संस्थान'' के रूप में किया गया। बिहार प्रांत के पुनर्गठन एवं विगत् दिनांक 15.11.2000 को झारख(cid:7003)ड प्रांत के गठन के उपरांत यह संस्थान अपने वतर्मान स्वरूप ''राज्य (cid:7061)ामीण विकास संस्थान'' को प्राप्त किया है। इसी प्रकार 2015 में NIRD एवं पंचायती राज विभाग में जो बवससवुनपनउ (cid:7263)आ है, उसमें भी राज्य (cid:7061)ामीण विकास संस्थान का नामकरण State Institute of Rural Development & Panchayati Raj करने एवं उसके स्वायत्तशासी बनाने का निर्णय लिया गया है। तदनुसार भारत सरकार के अपर सचिव द्वारा राज्यों को पत्र भी लिखा गया है।
पुनः (cid:7061)ामीण विकास मंत्रालय, नई दिल्ली के पत्र दिनांक-07.08.2017 के द्वारा Strengthening/Establishment of State Institute of Rural Development (SIRDs) and Extension Training Centres (ETCs) के संबंध में संशोधित दिशा-निद(cid:7287)श निर्गत किया गया है। उक्त पत्र की कं डिका-4 (ii) के अनुसार राज्य सरकार द्वारा (cid:7061)ामीण विकास तथा पंचायती राज में प्रशिक्षण के लिए राज्य स्तरीय Apex Training Institute घोषित किया जाना है।
3. यद्यपि इस संस्थान से (cid:7061)ामीण विकास विभाग के अनेकों कार्य(cid:7059)मों एवं अभियानों के लिए प्रशिक्षण, मूल्यांकन इत्यादि कराने की आवश्यकता होती है। एक सरकारी संस्थान होने के नाते विभिन्न प्र(िcid:7059)यात्मक कार्रवाईयों को पूरा करने से निर्णय में त्वरन नह(cid:7277) पाया गया है। फलस्वरूप वत्तर्मान स्वरूप में संस्थान राज्य सरकार की उक्त जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नह(cid:7277) हो पा रहा है एवं कई प्रशिक्षण कार्य(cid:7059)मों के लिए अन्यत्र (cid:7390)वस्था करनी पड़ रही है। वत्तर्मान में संस्थान के काफी पद खाली हैं एवं संस्थान आवंटित राशियों का भी पूरा-पूरा उपयोग नह(cid:7277) कर पा रहा है। जैसा कि पूरे देश में देखा गया है कि स्वायत्तशासी संस्थान का स्वरूप दिये जाने पर एतद् विषयक निर्णय त्वरित रूप से लिया जाना संभव हो सका है। फलस्वरूप संबंधित संस्थान अपने उद्देश्य की पू(cid:7414)त कर पाने में ज्यादा सक्षम साबित हो पाई है। यह अपेक्षा की जाती है कि संस्थान स्वायत्तशासी होने पर (cid:7061)ामीण विकास विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों की भी प्रशिक्षण, मूल्यांकन, अध्ययन, शोध विषयक जरूरतों को पूरा करने हेतु विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संस्थान के लिए भी एतद् विषयक कार्य संस्थान कर पायेगा, जिससे कि शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण विषयक संस्थान का उद्देश्य पूरा हो सके गा। उल्लेखनीय है कि राज्य के विभिन्न वि(cid:7393)विद्यालयों को भी उनके काय(cid:7300) में त्वरन एवं त्वरित निर्णय हेतु स्वायत्तशासी संस्था के रूप में गठित किया गया है।
4. भारत सरकार से प्राप्त पत्र दिनांक- 07.08.2017 के आलोक में ''राज्य (cid:7061)ामीण विकास संस्थान (सर्ड)'' का नाम परिव(cid:7414)तत कर ''राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान करने एवं इस संस्थान को (cid:7061)ामीण विकास तथा पंचायती राज के लिए राज्य स्तर पर शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान3 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) सोमवार, 28 अ(cid:200)टू बर, 2024 घोषित किए जाने का प्रस्ताव उपस्थापित किया गया। पंचायती राज अन्तर्गत स्थापित प्रशिक्षण संस्थान प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर आवश्यकतानुसार राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान से सहयोग ले सके गी। पूर्व से संचालित राज्य (cid:7061)ामीण विकास संस्थान (सर्ड) का नाम राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान किये जाने के उपरान्त सर्ड अलग से अस्तित्व में नह(cid:7277) रहेगा।
शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान (Apex Training Institute) के रूप में राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान के प्रशासनिक नियंत्रण में पूर्व से संचालित सर्ड एवं (cid:7061)ामीण विकास विभाग द्वारा स्थापित (E.T.C.; Extension Training Center) के रूप में नामित संस्थान रहेंगे। राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान के अस्तित्व में आने के प(cid:7391)ात् भी पंचायती राज विभाग अन्तर्गत पूर्व से संचालित सभी प्रशिक्षण संस्थान अस्तित्व में रहेंगे।
5. राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान को स्वायत्तता प्रदान करने हेतु संस्थापन प्रलेख/नियमावली के मुख्य त(cid:7276)व निम्नवत् हैं -
(i) सदस्यता:- सोसायटी की अधिकतम सदस्य संख्या 27 होगी। निम्नांकित पदेन सदस्य होंगे:-
(cid:7061)ामीण विकास विभाग के प्रभारी मंत्रीय महानिदेशक, राष्ट्रीय (cid:7061)ामीण विकास संस्थानय महानिदेशक या निदेशक, (cid:7088)ीकृ ष्ण लोक प्रशासन संस्थानय अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, कृ षि, पशुपालन एवं सहकारिता विभागय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभागय योजना विभागय वित्त विभागय सूचना प्रोद्योगिकी एवं ई-गव(cid:7288)न्स विभागय (cid:7088)म, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभागय (cid:7061)ामीण विकास विभागय पंचायती राज विभागय महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभागय मनरेगा आयुक्तय निदेशक, पंचायती राज निदेशालयय निदेशक, राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान, झारख(cid:7003)ड सरकार।
विभिन्न वग(cid:7300) के सदस्यों की (cid:7088)ेणीवार संख्या निम्नवत् होगी:-
(क) पंचायती राज संस्थान (50% महिला):- दो जिला परिषद् के अध्यक्ष, दो प्रमुख तथा राज्य के विभिन्न प्रम(cid:7003)डलों से च(cid:7059)ानु(cid:7059)म से दो मुखिया;
(ख) स्वै(िcid:6994)छक/सिविल सोसायटीः- ख्याति प्राप्त निबंधित गैर सरकारी संगठन या सिविल सोसायटी के दो सदस्यों जो (cid:7061)ामीण विकास, पंचायती राज एवं संबंधित सेकटरों से सम्ब(cid:7373) हो।
(ग) कॉरपोरेट सेक्टर:- दो प्रतिनिधि जो (cid:7061)ामीण विकास, पंचायती राज संस्थानों के (िcid:7059)याकलापों, कौशल विकास एवं सी0एस0आर0 (िcid:7059)याकलाप से सम्ब(cid:7373) हो।
(घ) (cid:7390)क्तिगत:- दो सदस्य (50% महिला) जो सोसायटी के दृष्टि एवं उद्देश्य के विकास के लिए सम(cid:7414)पत/प्रतिब(cid:7373) विशेष(cid:6980) जिनके पास पर्याप्त अनुभव हो।4 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) सोमवार, 28 अ(cid:200)टू बर, 2024 गैर-पदेन सदस्यों का चयन कार्यकारी परिषद् के अध्यक्ष द्वारा किया जाएगा।
(ii) सामान्य परिषद्:- सामान्य परिषद् सोसायटी के सभी सदस्यों को मिला कर गठित की जाएगी। सामान्य परिषद् की बैठक छः माह में करने का अधिकार रहेगा। लेकिन आवश्यकतानुसार यह बैठक किसी समय आयोजित की जा सके गी। सामान्य परिषद् के सभापति-मंत्री, (cid:7061)ामीण विकास विभाग एवं उपाध्यक्ष-सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव, (cid:7061)ामीण विकास विभाग, राँची होंगे। सामान्य परिषद्, राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान के संचालन हेतु नीति निदेशन एवं मार्गदर्शन प्रदान करेगा तथा बजट, अंके क्षण, लेखा, वा(cid:7414)षक प्रतिवेदन एवं सोसायटी के संस्थापन प्रलेख एवं नियमावली में संशोधन एवं उप विधियाँ इत्यादि के गठन पर झारख(cid:7003)ड सरकार के अनुमोदन से निर्णय हेतु जिम्मेवार होंगे।
(iii) कार्यकारी परिषद्:- कार्यकारी परिषद् राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान की कार्यपालक निकाय होगी, जिसके अध्यक्ष सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव, (cid:7061)ामीण विकास विभाग, राँची होंगे। उक्त परिषद् के अन्य सदस्य मनरेगा आयुक्तय मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, Jharkhand State Livelihood Promotion Society; मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, Jharkhand State Watershed Mission, (cid:7088)ीकृ ष्ण लोक प्रशासन संस्थान के निदेशक अथवा उसके महानिदेशक द्वारा नामित प्रतिनिधि, वित्त विभाग, झारख(cid:7003)ड सरकार का एक पदाधिकारी (संयुक्त सचिव एवं उनसे अन्यून), प्राचार्य, के न्(cid:7076)ीय प्रशिक्षण संस्थान, हेहल एवं आंतरिक वित्तीय परामर्शी, (cid:7061)ामीण विकास विभाग प्रतिनिधि होंगे। सामान्य परिषद् में नामित दो ख्याति प्राप्त विशेष(cid:6980) भी कार्यकारी परिषद् के सदस्य बनाये जाएंगे। निदेशक, सर्ड एवं पी0आर0 इसके सदस्य सचिव होंगे। इसकी बैठकें तीन माह से अनधिक अन्तराल पर आ(cid:7264)त की जाएंगी। इन बैठकों के लिए एक तिहाई सदस्य कोरम गठित करेंगे। कार्यकारी परिषद् सोसायटी की मुख्य कार्यपालक निकाय होगी, जिसके जिम्मे प्रशिक्षण कै ले(cid:7003)डर, मो(cid:7357)ूल, निधि का अनुमोदन, संस्थान के संचालन के निमित्त वांछित कार्य जैसे -बजट, लेखा एवं अंके क्षण, पद सृजन, नियुक्ति, सेवा शत्त(cid:7300) का विनियमन इत्यादि संपादित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त संस्थान के अन्य (िcid:7059)याकलापों से संबंधित सभी कार्रवाईयाँ जैसे-अन्य संस्थाओं से करार करना, दान लेना, कार्यालय, प्रयोगशाला, छात्रावास आदि संरचनाएँ प्रारंभ एवं बंद करना, चल एवं अचल संपत्ति का सृजन, अधि(cid:7061)हण, प्रशिक्षण, सेवा शुल्कों इत्यादि का निर्धारण एवं संस्थान के सवा(cid:7304)गीण संचालन संबंधी सभी वांछित नीतिमूलक कार्यपालक कार्य कार्यकारी परिषद् द्वारा संपादित किए जाएंगे।
(iv) स्थायी परिषदें:- संस्थान के (िcid:7059)याकलापों के नियमित संचालन हेतु दो स्थायी परिषदें ;
(Statutory Councils) यथा वित्त विषयक, स्थायी परिषद् एवं नियुक्तियाँ, स्थापना विषयक स्थायी परिषद् गठित की जाएँगी एवं इनके द्वारा नामानुरूप कार्य संपादित किए जाएंगे।
(v) सोसायटी की निधियाँ:- सोसायटी की निधियों में झारख(cid:7003)ड सरकार एवं अन्य सरकारों द्वारा दिये गये अनुदान, विदेशी संस्थाओं से प्राप्त दान एवं योगदान सोसायटी द्वारा प्रदत्त सेवाओं से प्राप्त सेवा शुल्क से आय एवं अन्य bonafide (cid:7088)ोतों से प्राप्त आय शामिल होगी, जिसका उपयोग5 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) सोमवार, 28 अ(cid:200)टू बर, 2024 संस्थान के (िcid:7059)याकलापों के संचालन के लिए सभी प्रकार के आवत्र्ती एवं अनावत्र्ती (cid:7390)य/वित्तीय भार सहित अतिरिक्त निवेश, उधार देने अथवा बंधक रखने, कॉरपस निधि, सुरक्षित निधि इत्यादि गठित करने हेतु सोसायटी कार्रवाई कर सके गी।
(vi) परिसम्पत्तियाँ/देनदारी:- संस्थान की सभी चल/अचल सम्पत्ति की सुरक्षा एवं परिरक्षण का पूर्ण दायित्व संस्थान का होगा तथा किसी भी चल अथवा अचल सम्पति के हस्तान्तरण हेतु सरकार की लिखित अनुमति आवश्यक होगी। सोसायटी की राशि किसी भी राष्ट्रीयकृ त बैंक में रखी जाएगी। सरकार से प्राप्त राशि का संचालन खाता के माध्यम से किया जायेगा। अन्य (cid:7403)ोतों से प्राप्त आय को बैंक खाता में रखा/उपयोग किया जा सके गा। सोसायटी द्वारा अपनी वित्तीय नियमावली का गठन होने तक झारख(cid:7003)ड वित्तीय नियमावली के प्रावधान प्रभावी रहेंगे।
(viii) लेखा एवं अंके क्षण:- सोसायटी के काय(cid:7300) का वा(cid:7414)षक प्रतिवेदन के साथ अंके क्षित लेखा एवं अंके क्षण प्रतिवेदन सामान्य परिषद के अंगीकरण के लिए कार्यकारी परिषद अनुमोदित एवं अनुशंसित किया जायेगा। सामान्य परिषद द्वारा अनुमोदित अंके क्षण प्रतिवेदन तथा अंके क्षित लेखा (cid:7061)ामीण विकास विभाग, झारख(cid:7003)ड, राँची को राज्य विधानसभा में उपस्थापित करने हेतु भेजा जाएगा। इसकी एक प्रति सीधे (cid:7061)ामीण विकास विभाग, नई दिल्ली को अ(cid:7061)सारित किया जायेगा। (viii) वा(cid:7414)षक प्रतिवेदन:- सोसायटी के काय(cid:7300) के अंके क्षित लेखा एवं (िcid:7059)याकलाप के प्रतिवेदन के साथ मिलाकर वा(cid:7414)षक प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा, जिसे सामान्य परिषद् से अनुमोदन प(cid:7391)ात् (cid:7061)ामीण विकास विभाग के माध्यम से राज्य विधान सभा में उपस्थापित किया जाएगा। इसकी प्रति निबंधन प्राधिकार को उपलब्ध करायी जाएगी।
(ix) संस्थापन प्रलेख/नियमावली में संशोधन:- सरकार के अनुमोदन से सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के प्रावधानों अन्तर्गत सोसायटी अपने स्थापना के उद्देश्यों को आंशिक या पूर्ण रूप से परिव(cid:7414)तत, विस्तारित या कम कर सकती है तथा किसी अन्य सोसायटी के साथ विलयन कर सकती है, बशत(cid:7287) कि इसके लिए सदस्यों के ब(cid:7263)मत ने मतदान किया हो।
(x) संस्थान के कर्मी:- पूर्व से संचालित राज्य (cid:7061)ामीण विकास संस्थान (प्रस्तावित राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान) के वतर्मान कर्मचारी सोसायटी में सेवानिवृत्ति पर्यन्त पद पर कार्यरत रहेंगे एवं इस निमित उनके द्वारा धारित पद उनकी सेवानिवृत्ति तक चालू रखे जायेंगे तथा तत्प(cid:7391)ात् स्वतः समाप्त हो जायेंगे। उनपर सरकारी क(cid:7414)मयों से संबंधित सेवा नियम लागू होंगे। सोसायटी के गठन प(cid:7391)ात् संस्थान के क(cid:7414)मयों की संख्या, पदों का सृजन/समाप्ति, सेवाशत(cid:7288) तथा अन्य महत्वपूर्ण आवत्र्तक दायित्वों के सृजन कार्यकारी परिषद की अनुशंसा प(cid:7391)ात् झारख(cid:7003)ड सरकार के अनुमोदन से निर्धारित की जायेगी।
सोसायटी के गठन प(cid:7391)ात् नियुक्त क(cid:7414)मयों पर सोसायटी द्वारा निर्धारित सेवा शत्त(cid:7288) लागू होंगी। जिन मामलों में सोसायटी द्वारा गठित सेवा शत्त(cid:7300) में प्रावधान नह(cid:7277) किया गया हो अथवा जब तक6 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) सोमवार, 28 अ(cid:200)टू बर, 2024 सोसायटी की सेवा शत्त(cid:7288) गठित नह(cid:7277) होती हैं, तब तक झारख(cid:7003)ड सरकार द्वारा अपने क(cid:7414)मयों के लिए विहित सेवा शत्त(cid:7288) लागू होंगी।
6. समन्यक विचारोपरान्त उपयु र्क्त क(िcid:7003)डका- 4 एवं 5 में निहित प्रस्ताव एवं राज्य (cid:7061)ामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान के लिए सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 अंतर्गत सोसायटी गठित कर संचालन करने एवं इस निमित्त अनुल(cid:7336) प्रारूप, स्मृति पत्र/उप विधियाँ के आधार पर सोसायटी निबंधित करने से संबंधित संलेख (cid:6980)ापांक-681, दिनांक-21.02.2024 में सन्निहित प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की दिनांक-16.03.2024 को सम्पन्न बैठक में मद संख्या-09 के रूप में स्वीकृ ति प्रदान किया गया है।
झारख(cid:7003)ड राज्यपाल के आदेश से,
के ० (cid:7088)ीनिवासन, सरकार के सचिव। --------
अधी(cid:162)कअधी(cid:162)क,, झारख(cid:214)डझारख(cid:214)ड राजक(cid:551)य मु(cid:289)णालयराजक(cid:551)य मु(cid:289)णालय,, राँची (cid:622)वारा (cid:292)का(cid:871)शत एवं मुराँची (cid:622)वारा (cid:292)का(cid:871)शत एवं मु(cid:465)(cid:289)त(cid:465)(cid:289)त,, झारख(cid:214)ड गजट झारख(cid:214)ड गजट ((असाधारणअसाधारण) ) 669966 –– 5500