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Jharkhand Gazette · Government of Jharkhand

Jharkhand Gazette, No. 483, 29 October 2025

Published 29 October 2025

Type
Extra Ordinary
Gazette no.
483
Identifier
in.gazette.jharkhand.2025-10-29.483
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

झारखण्ड गजट

असाधारण अंक झारखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशति

7 काशतकि, 1947 (०ि)

संख्या – 483 रााँची, बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 (ई०)

नगर ववकास एवं आवास ववभाग

--------

अशधसूचना

16 अक्टू बर, 2025

विषयः नगरपालिका निर्वाचन (आम) में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण निर्धारण हेतु Dedicated

Commission (पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग, झारखण्ड) से प्राप्त अनुशंसा एवं पिछड़े वर्गों

के आरक्षण का प्रतिशतता निर्धारण तथा झारखण्ड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका

नियमावली, 2012 में संशोधन की स्वीकृ ति के संबंध में।

संशचका सं०-08/चुनाव-02/2025 न0वव0आ0-3416--झारखण्ड राज्य के शनमनांककत 48 नगरपाशकिाओं (नगर शनगम/नगर पररषद वग-िक/नगर पररषद वग-िख/नगर पंचायत) में शनवाचिन काय ि समपन्न कराया जाना प्रस्ताववत है :

2 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025
नगर निगम (कु ल-09) नगर परिषद् वर्ग-क (कु ल-01) नगर परिषद् वर्ग-ख (कु ल-19) नगर पंचायत (कु ल-19)
1.देवघर नगर निगम। 2.धनबाद नगर निगम। 3.चास नगर निगम। 4.मेदिनीनगर नगर निगम। 5.हजारीबाग नगर निगम। 6.गिरिडीह नगर निगम। 7.राँची नगर निगम। 8.आदित्यपुर नगर निगम। 9. मानगो नगर निगम। 1.रामगढ़ नगर परिषद (वर्ग- क)। ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024 1.विश्रामपुर नगर परिषद (वर्ग-ख)। 2.झुमरीतिलैया नगर परिषद (वर्ग-ख)। 3.चक्रधरपुर नगर परिषद (वर्ग-ख)। 4.गढ़वा नगर परिषद (वर्ग-ख)। 5.चतरा नगर परिषद (वर्ग-ख)। 6.मधुपुर नगर परिषद (वर्ग-ख)। 7.गोड्डा नगर परिषद (वर्ग-ख)। 8.साहेबगंज नगर परिषद (वर्ग-ख)। , 18 नवमबर, 2016 9.पाकु ड़ नगर परिषद (वर्ग-ख)। 10.दुमका नगर परिषद (वर्ग-ख)। 11.मिहिजाम नगर परिषद (वर्ग-ख)। 12.चिरकु ण्डा नगर परिषद (वर्ग-ख)। 13.फु सरो नगर परिषद (वर्ग-ख)। 14.लोहरदगा नगर परिषद (वर्ग-ख)। 15.गुमला नगर परिषद (वर्ग-ख), 16.सिमडेगा नगर परिषद (वर्ग-ख)। 17.चाईबासा नगर परिषद (वर्ग-ख)। 18.कपाली नगर परिषद (वर्ग-ख)। 19.जुगसलाई नगर परिषद (वर्ग-ख)। 1 .श्रीबंशीधरनगर नगर पंचायत। 2.हुसैनाबाद नगर पंचायत। 3.छतरपुर नगर पंचायत। 4.लातेहार नगर पंचायत। 5.डोमचांच नगर पंचायत। 6.बरहरवा नगर पंचायत। 7.राजमहल नगर पंचायत। 8.बासुकीनाथ नगर पंचायत। 9.जामताड़ा नगर पंचायत। 10.खू ँटी नगर पंचायत। 11.बुण्डू नगर पंचायत। 12.सरायके ला नगर पंचायत। 13.मंझिआंव नगर पंचायत। 14.कोडरमा नगर पंचायत। 15.हरिहरगंज नगर पंचायत। 16.बड़की सरै या नगर पंचायत। 17.धनवार नगर पंचायत। 18.महागामा नगर पंचायत। 19.चाकु लिया नगर पंचायत।

उक्त आलोक में मई, 2020 में समाप्त हो रहे 8 नगरपालिकाओं यथा-देवघर नगर निगम, धनबाद नगर निगम, चास नगर निगम, विश्रामपुर नगर परिषद (वर्ग-ख), झुमरीतिलैया नगर परिषद (वर्ग-ख), चक्रधरपुर नगर परिषद (वर्ग-ख), मंझिआंव नगर पंचायत एवं कोडरमा नगर पंचायत तथा नवगठित 4 नगरपालिकाओं यथा- हरिहरगंज नगर पंचायत, बड़की सरै या नगर पंचायत, धनवार नगर पंचायत एवं महागामा नगर पंचायत में नगरपालिका निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई परन्तु कोविड-19 के दृष्टिगत आम निर्वाचन सम्पन्न नहीं कराया जा सका। कई निकायों में अप्रैल, 2023 में कार्यकाल समाप्त हो चुका है। फलस्वरूप वतर्मान में पहली बार एक साथ राज्यान्तर्गत सभी 48 नगरपालिकाओं में नगरपालिका निर्वाचन का कार्य सम्पन्न कराया जाना है । भारत के संविधान के अनुच्छे द-243T, झारखण्ड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा-16 एवं 27 तथा झारखण्ड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के सुसंगत प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्गों के लिए परिषद (वार्ड पार्षद् ) तथा महापौर अथवा अध्यक्ष के लिए क्रमशः स्थान तथा पद का आरक्षण कु ल मिलाकर पचास प्रतिशत की अधिसीमा के अंदर होगी। नियमावली के प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों/पदों के आरक्षण के पश्चात शेष बचे स्थानों/पदों में पचास प्रतिशत की अधिसीमा के अंतर्गत शेष स्थानों/पदों को पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित किये जाने का प्रावधान है ।

2. इस क्रम में Writ Petition (Civil) no. 980 of 2019 विकास कृ ष्णराव गवली बनाम महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-04.03.2021 को निम्न न्यायादेश पारित किया गया:-

Be that as it may, it is indisputable that the triple test/conditions required to be complied

by the State before reserving seats in the local bodies for OBCs has not been done so far. To wit,

(1) to set up a dedicated Commission to conduct contemporaneous rigorous empirical inquiry

into the nature and implications of the backwardness qua local bodies, within the State; (2) to

specify the proportion of reservation required to be provisioned local body wise in light of

recommendations of the Commission, so as not to fall foul of overbreadth; and (3) in any case

3 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025

such reservation shall not exceed aggregate of 50 per cent of the total seats reserved in favour

of SCs/STs/OBCs taken together. In a given local body, the space for providing such reservation

in favour of OBCs may be available at the time of issuing election programme (notifications).

However, that could be notified only upon fulfilling the aforementioned pre-conditions.

Admittedly, the first step of establishing dedicated Commission to undertake rigorous empirical

inquiry itself remains a mirage. Differently, it will not be open to respondents to justify the put it

reservation for OBCs without fulfilling the triple test, referred to above.

पारित न्याय-निर्णय के आलोक एवं अनुपालन में राज्य के नगर निकायों में पिछड़े वर्गों को आरक्षण

दिये जाने की पात्रता की समीक्षा करने के उद्देश्यों हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखण्ड की अधिसूचना सं०-2508 दिनांक-04.07.2023 द्वारा 'पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग' को Dedicated Commission के रूप में अधिसूचित किया गया।

3. (i) माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय ने W.P.(C) No- 2290 of 2023 में दिनांक 04.01.2024 को पारित आदेश द्वारा निम्न निर्देश दिया गया है ः -

"23. The Government cannot sit over the recommendation of the State Election

Commission and throttle the voice of the people. In fact, the process of election

should have started much before the term of sitting members came to an end.

Thus, immediately on receipt of the recommendation of the State Election

Commission, State Government will issue necessary notifications for holding such

election in relation to Municipal Corporation, Municipalities and Nagar Panchayats

in the State of Jharkhand within four weeks.

24. So far as reservation of OBC seats are concerned, the same will be governed

by the judgment of the Hon'ble Supreme Court rendered in the case of Suresh

Mahajan (Supra.)"

(ii) यह भी कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने W.P.(C) NO-239 of 2022 में दिनांक 04.05.2022 के आदेश द्वारा झारखंड राज्य में ''भविष्य'' के चुनाव, यानी उस समय चल रहे पंचायत चुनाव के बाद होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव, जो कि रिट याचिका का विषय था, ट्रि पल टेस्ट के परिणामों के आधार पर, पिछड़े वर्गों के आरक्षण के सम्बन्ध में यथास्थिति निर्णय के साथ आयोजित करे गा।

(iii) राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या-3615 दिनांक-17.10.2022 द्वारा नगर निकाय चुनावों में पिछड़े वर्ग को अनारक्षित श्रेणी के रूप में मानने का निर्णय लिया गया था। राज्य सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध अवमानना याचिका (सिविल) संख्या 705/2022 दायर की गई। अवमानना याचिका (सिविल) संख्या 705/2022 में अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप राज्य मंत्रिमंडल ने अपनी दिनांक- 15.03.2023 की बैठक में मद संख्या-15 के रूप में, अधिसूचना संख्या-3615 दिनांक-17.10.2022 को वापस लेने का निर्णय लिया।

(iv) इसी क्रम में, राज्य मंत्रिमंडल ने अपनी दिनांक-26.06.2023 की बैठक में मद संख्या-14 के रूप में, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को अधिसूचित करने का निर्णय लिया ताकि वह W.P.(C) No- 980 of 2019 (Bikash Krishnarao Gawali V/s. State of Maharashtra) में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा परिकल्पित Dedicate Commission के रूप में कार्य करे और ट्रि पल टेस्ट प्रक्रिया पूरी करे , और इसे अधिसूचना संख्या-2508 दिनांक-04.07.2023 के रूप में अधिसूचित किया गया है।

(v) राज्य मंत्रिपरिषद् के संज्ञान में यह तथ्य है कि माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय ने अपने दिनांक-04.01.2024 के आदेश में सर्वोच्च न्यायलय द्वारा सुरे श महाजन बनाम मध्य प्रदेश राज्य (2022)4 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 12 SCC 770 में दिनांक-10.05.2022 को दिए गए निर्णय को आधार बनाया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपने इस आदेश को दिनांक-18.05.2022 के आदेश द्वारा आंशिक रूप से संशोधित किया गया था, जिसमें निम्नलिखित टिप्पणी की थी :-

"We also permit the State of Madhya Pradesh to notify the reservation

pattern local body wise as delineated in the Reports of the dedicated Commission,

to be adhered to by the State Election Commission. That be done within one week

from today. The State Election Commission shall issue election programme in

, 18 नवमबर, 2016

respect of concerned local bodies thereafter within one week. The directions given

ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

in order dated 10-05-2022 stand modified to the above extent. We reiterate that

steps taken by all concerned will be subject to the outcome of this petition as

already noted in the earlier order. This application is disposed of accordingly."

(vi) माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक 18.05.2022 के आदेश द्वारा मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अपनाई गई ''ट्रि पल टेस्ट'' प्रक्रिया को स्वीकार कर लिया था, और अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण प्रदान करने के लिए ''ट्रि पल टेस्ट'' की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव कराने की अनुमति दी गयी थी। (vii) यह कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने State: of Uttar Pradesh V/s. Vaibhav Pandey (SLP No- 128 of 2023) में निम्न आदेश दिए हैं:-

"7. The above direction of the High Court, which mandates the holding of elections to local

bodies in Uttar Pradesh without reserving seats for Backward Classes of citizens will result in a

violation of the constitutional and statutory requirements of reservation for the OBCs-

Democratization of municipalities under Article 243T and the duty to provide representation are

not at competing values. Prima facie, the high court is not correct in prioritising one over the other

and directing the holding of elections without the provision of representation for the Backward

Classes. Democratising the municipalities and true representation in the composition of the

municipalities under Article 243T are both constitutional mandates. When a constitutional court is

called upon to review the decisions of the State in this context, it must ensure that both these

values are given full effect so that truly representative and vibrant local bodies contemplated

under Part IXA of the Constitution are realised."

(viii) राज्य सरकार द्वारा झारखंड विधान मंडल को इस आशय का आश्वासन भी दिया गया है कि राज्य सरकार नगर निकाय चुनाव पिछड़े वर्गों के आरक्षण के साथ कराये जाने हेतु कृ तसंकल्प है। 4. Dedicated Commission द्वारा मध्य प्रदेश एवं बिहार राज्य के भ्रमण एवं दोनों राज्यों द्वारा अपनायी गई प्रक्रिया का अध्ययन करने के उपरान्त आयोग द्वारा झारखण्ड राज्य में भी डोर-टू -डोर सर्वे का निर्णय लिया गया तथा मतदाता सूची को आधार बनाते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- उपायुक्तों के माध्यम से Rigorous Door to Door Survey कराया गया।

आंकड़ों की सत्यता जाँचने के लिए एवं पिछड़े वर्ग के लोगों की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं राजनैतिक स्थिति के आकलन के लिए आयोग की टीम द्वारा विभिन्न जिलों एवं उसमें अवस्थित नगर निकायों का परिभ्रमण किया। आयोग की टीम विभिन्न जिलों में जाकर वहाँ के प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ बैठक5 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 कर उनके साथ एकत्र किए गए आंकड़ों एवं उनके जिलों एवं नगर निकायों में रहने वाले पिछड़े वर्ग के लोगों की वास्तविक स्थिति पर विचार विमर्श किया गया।

उक्त आधार पर पिछड़े वर्गों (अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग) की जनसंख्या अवधारित की गई। आयोग द्वारा Door to Door Survey में प्राप्त पिछड़ा वर्ग मतदाताओं के अनुपात को आधार मानकर सभी वार्डो एवं शहरी निकायों के लिए पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग-II की जनसंख्या का निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आकड़ों के सापेक्ष किया गया है।

5. Dedicated Commission के रूप में अधिसूचित 'पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग' के पत्रांक-484/पि0, दिनांक-03.10.2025 द्वारा Triple Test प्रक्रिया के उपरांत राज्य के नगर निकायों में पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिये जाने की पात्रता हेतु उपलब्ध करायी गई अनुशंसा निम्नवत् है ः -

अध्याय-9

(वर्ष 2011 के संदर्भ में अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या)

01. आयोग द्वारा उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से नगर निकायों के पिछड़े वर्गों (अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग) की जनसंख्या अवधारित करने के उदेश्य से वर्ष 2024-25 में डोर-टू -डोर सर्वे करवाया गया। सर्वे के दौरान मतदाता सूची को डोर-टू -डोर सर्वे का आधार बनाया गया।

02. झारखण्ड नगरपालिका अधिनियम 2011 के अध्याय 3 के 16(2) क में प्रावधान है कि "प्रत्येक नगरपालिका में अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए इस प्रकार आरक्षित स्थानों का अनुपात उस नगरपालिका में प्रत्यक्ष निर्वाचनों द्वारा भरे जाने वाले स्थानों की कु ल संख्या में यथाशक्ति निकटतम उसी अनुपात में होगा जो उस नगरपालिका क्षेत्र में अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या का उस क्षेत्र की कु ल जनसंख्या से है।"

साथ ही उक्त अधिनियम के अध्याय-1 की कं डिका 2(79) में 'जनसंख्या' को परिभाषित किया गया है, जिसमे जनसंख्या से अभिप्रेत है पिछली जनगणना जिसके सुसंगत आंकड़े प्रकाशित कर दिये गए हों।

भारतीय संविधान के अनुच्छे द-243 P(g) में भी ''जनसंख्या'' को परिभाषित किया गया है कि "population" means the population as ascertained at the last preceding census of which the relevant figures have been published.

03. देश में अंतिम जनगणना 2011 में सम्पन्न हुई है। उक्त जनगणना 2011 के प्रकाशित आंकड़ों में में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या के आंकड़ों को शामिल किया गया किन्तु पिछड़े वर्गों की जनसंख्या के आंकड़े शामिल नहीं हैं।

अतः माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश तथा संविधान एवं अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत् निर्वाचन संपन्न कराने हेतु पिछड़ा वर्गों की जनसंख्या का आकलन, जनगणना 2011 के संदर्भ में किया जाना आवश्यक है।

04. आयोग द्वारा वतर्मान में डोर-टू -डोर सर्वे में प्राप्त पिछड़ा वर्ग मतदाताओं के अनुपात को आधार मानकर सभी वार्डों और शहरी निकाय (ULB's) के लिए पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का निर्धारण 2011 की जनगणना के आँकड़ों से किया गया है।6 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 उदाहरणतः फु सरो नगर परिषद के वार्ड-1 के लिए 2011 के संदर्भ में जनसंख्या का निर्धारण निम्नवत हैं:-

फ ु सरो नगर परिषद में डोर-टू -डोर सर्वे (वर्ष 2024-25) में प्राप्त आकड़े
क्र0 वार्ड क्र0 क ु ल मतदाता की संख्या BC I के मतदाताओं की क ु ल संख्या BC II के मतदाताओं की क ु ल संख्या BC I के मतदाताओं की क ु ल प्रतिशत BC II के मतदाताओं की क ु ल प्रतिशत
1 2 3 4 5 6 7
1 1 1515 343 47 22.64 3.10
उक्त तालिका में से स्तम्भ 6 एवं 7 का अत्यंत पिछड़ा वर्ग (BC I) एवं पिछड़ा वर्ग (BC II) का प्रतिशत लेकर , 18 नवमबर, 2016 वर्ष 2011 की जनगणना में उस वार्ड की जनसंख्या के आकड़े के आधार पर वर्ष 2011 में अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का अनुमानित आकड़ा निम्नवत प्राप्त किया गया है।
गत निर्वाचन में ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024 वार्ड में कु ल जनसंख्या BC I की जनसंख्या BC II की जनसंख्या BC की जनसंख्या BC I % BC II % BC %
1 2 3 4 5 6 7
3330 स्तम्भ 1 का 22.64% =754 स्तम्भ 1 का 3.10% =103 स्तम्भ 2+3 =857 स्तम्भ (2/1)*100 =22.64 स्तम्भ (3/1)*100 =3.10 स्तम्भ (4/1)*100 =25.74

नोटः गत निर्वाचन में वर्ष 2011 की जनगणना में प्राप्त जनसंख्या के आकड़े को आधार बनाया

गया है।

़ प्रतिवेदन के साथ प्रथम 05. सभी नगर निकायों के निकायवार (तालिका 01) एवं वार्डवार आकडे

प्रतिवेदन के भाग-2 में दर्शाए गए हैं।

अध्याय-10

(आयोग की अनुशंसा)

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय विकास कृ ष्णराव गवली विरूद्ध महाराष्ट्र राज्य के स में यह व्यवस्था दी है कि कोई भी राज्य ट्रि पल टेस्ट की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही स्थानीय निकायों के चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण प्रदान कर सकता है।

आयोग भारत के संविधान में पूर्ण आस्था रखता है तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय का पूरा सम्मान करता है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित ट्रि पल टेस्ट प्रावधान निम्नलिखित है ः -

(क) ट्रि पल टेस्ट के पहले प्रावधान में उल्लेख है राज्य सरकार को एक आयोग बनाना होगा जो समसामयिक और अनुभवजन्य तरीके से अन्य पिछड़े वर्ग के पिछड़ेपन के स्वरूप/प्रकृ ति और उसके निहितार्थ (कारणों) का अध्ययन/जाँच करें ।

नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड, सरकार के पत्र संख्या-08/चुनाव 01/2023 न0 वि0 आ0- 2508 दिनांक-04.07.23) द्वारा पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग अधिनियम, 2002 के तहत गठित 'पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग' को Dedicated Commission के रूप में अधिसूचित किया गया है। आयोग ने पिछड़ा वर्ग की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक व राजनैतिक स्थिति के अध्ययन व अनुभवजन्य आंकड़ों (Emperical Data) के माध्यम से सामाजिक यथार्थताओं की वैज्ञानिक विधि से जाँच पड़ताल की है एवं अपने शोध व अनुसंधान द्वारा प्राथमिक आंकड़ों का शुद्धता के साथ विश्लेषण किया है। इस प्रकार ट्रि पल टेस्ट के प्रथम बिन्दु की पूर्ति होती है।

(ख) ट्रि पल टेस्ट के दू सरे प्रावधान में उल्लेख है कि सरकार द्वारा निकायवार आरक्षण का जो प्रावधान किया जाए वह आयोग की अनुशंसा पर हो, अर्थात् आयोग आरक्षण का अनुपात तय करे गा।7 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 (ग) ट्रि पल टेस्ट के तीसरे प्रावधान में उल्लेख है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 50 प्रतिशत सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए।

आयोग उक्त के पालन में निम्नलिखित सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए निकायवार आरक्षण की निम्नवत सिफारिश करता है ः -

़ पन के आधार पर 01. राज्य में पिछडे

़ वर्गों के राजनैतिक, सामाजिक एवं आर्थिक पिछडे

आयोग नगर निकाय अंतर्गत वार्ड पार्षद चुनाव में पिछडे

़ वर्गों को (अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग को पृथक-पृथक) संबंधित नगर निकाय में उनकी जनसंख्या प्रतिशत के आधार पर आरक्षण प्रदान करने की अनुशंसा करती है। नगरपालिकाओं नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत के लिए निकायवार आरक्षण का प्रतिशत इस अध्याय के क्रमशः तालिका 10.1, तालिका 10.2 एवं तालिका 10.3 में दर्शाया गया है।

02. नगरपालिकाओं यथा नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत में महापौर/अध्यक्ष पद के लिए BC I एवं BC II का आरक्षण उन नगरपालिकाओं यथा नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायतों में BC I एवं BC II के समेकित जनसंख्या प्रतिशत के आधार पर किया जाएगा। नगरपालिकावार महापौर/अध्यक्ष पद के लिए BC I एवं BC II का आरक्षण प्रतिशत तालिका 10.4 में दर्शाया गया है।

03. आरक्षण किए जाने की प्रक्रिया में सर्वप्रथम SC एवं ST को आरक्षण देने के पश्चात 50 प्रतिशत की अधिसीमा के अंतर्गत अवशेष बचे पदों/स्थान में BC I एवं BC II का आरक्षण उनकी जनसंख्या के समानुपात में निर्धारित किया जाएगा।

04. उक्त प्रावधान से अनारक्षित वर्ग के लिए उपलब्ध पदों में कोई प्रभाव नहीं पडे

़ गा। 05. आयोग की टीम द्वारा क्षेत्र परिभ्रमण में सरायके ला नगर पंचायत वार्ड नंबर 10 (एसटी के लिए आरक्षित) के अंतर्गत पाया कि इस वार्ड में अनुसूचित जनजाति वर्ग का मात्र एक ही नौकरीशुदा परिवार निवास करता है। इसके कारण गत दो नगर निकाय चुनाव में इस वार्ड के लिए कोई भी पार्षद निर्वाचित नहीं हुआ है एवं सीट खाली रही है। इसी प्रकार रामगढ़ नगर परिषद के वार्ड नंबर 28 में भी BC II का एक भी परिवार नहीं है। उक्त के आलोक में आयोग यह भी अनुसंशा करती है कि ऐसे वार्ड को उस वर्ग के लिए आरक्षित न किया जाय जिस वर्ग की जनसंख्या उस वार्ड में 1 प्रतिशत से भी कम हो।8 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025

तालिका-10.1 नगर निगम वार्ड पार्षद चुनाव के आरक्षण का प्रतिशत NaN
क्र0 नगर निगम का नाम BC I % BC II % BC % NaN
NaN
1 2 3 4 5 NaN
1 धनबाद नगर निगम 37.51 13.03 50.55 NaN
2 आदित्यपुर नगर निगम 29.14 3.60 32.74 NaN
3 चास नगर निगम 33.90 18.64 52.55 NaN
4 हजारीबाग नगर निगम 39.58 , 18 नवमबर, 2016 13.26 52.84 NaN
5 म ेदनीनगर, नगर निगम 31.37 14.82 46.18 NaN
6 मानगो नगर निगम 32.95 6.55 39.49 NaN
7 ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024 गिरिडीह नगर निगम 47.96 17.28 65.24 NaN
8 राँची नगर निगम 17.78 7.11 24.88 NaN
9 तालिका-10.2 नगर परिषद वार्ड पार्षद चुनाव के आरक्षण का प्रतिशत द ेवघर नगर निगम 24.07 23.43 47.50 NaN
क्र0 नगर परिषद का नाम BC I % BC II % BC % NaN
1 2 3 4 5 NaN
1 चिरकु ण्डा नगर परिषद 39.66 13.37 53.04 NaN
2 ग ुमला नगर परिषद् 25.27 17.91 43.17 NaN
3 लोहरदगा नगर परिषद 40.75 16.30 57.05 NaN
4 सिमडेगा नगर परिषद 20.95 19.64 40.59 NaN
5 गोड्डा नगर परिषद 53.62 13.10 66.72 NaN
6 साहेबगंज नगर परिषद् 50.97 19.89 70.85 NaN
7 चतरा नगर परिषद 44.58 28.30 72.88 NaN
8 द ुमका नगर परिषद 33.78 25.90 59.68 NaN
9 पाकु ड़ नगर परिषद 42.14 20.33 62.47 NaN
10 कपाली नगर परिषद 59.75 0.16 59.91 NaN
11 रामगढ़ नगर परिषद 37.13 11.41 48.54 NaN
12 फ ु सरो नगर परिषद् 36.47 12.94 49.41 NaN
13 झ ुमरीतिलैया नगर परिषद् 29.45 29.57 59.02 NaN
14 महिजाम नगर परिषद् 35.21 18.75 53.96 NaN
15 बिश्रामपुर, नगर परिषद 46.62 12.15 58.77 NaN
16 ज ुगसलाई नगर परिषद 38.17 18.36 56.53 NaN
17 चक्रधरपुर नगर परिषद 37.17 5.69 42.86 NaN
18 चाईबासा नगर परिषद् 41.79 11.88 53.67 NaN
19 गढ़वा नगर परिषद 33.80 30.20 64.00 NaN
20 तालिका-10.3 नगर पंचायत वार्ड पार्षद चुनाव के आरक्षण का प्रतिशत मधुपुर नगर परिषद 56.78 14.83 71.61 nan
क्र0 नगर पंचायत का नाम BC I % BC II % BC %
1 2 3 4 5
1 महागामा नगर पंचायत 45.65 23.29 68.94
2 लातेहार नगर पंचायत 33.50 16.46 49.96
3 ख ू ंटी नगर पंचायत 30.20 12.34 42.54
4 राजमहल नगर पंचायत 72.55 8.91 81.46
5 बरहरवा नगर पंचायत 55.74 26.98 82.72
6 बासुकीनाथ नगर पंचायत 49.74 13.28 63.03
7 सरायके ला नगर पंचायत 32.69 9.04 41.73
8 कोडरमा नगर पंचायत 29.72 29.77 59.49
9 डोमचांच नगर पंचायत 42.60 34.34 76.94
10 जामताडा नगर पंचायत 35.68 21.47 57.14
11 हुसैनाबाद नगर पंचायत 46.35 14.15 60.50
12 छतरपुर नगर पंचायत 44.52 21.27 65.78
13 हरिहरगंज नगर पंचायत 40.16 23.09 63.25
14 चाकु लिया नगर पंचायत 31.69 28.71 60.40
15 धनवार नगर पंचायत 43.61 36.02 79.62
16 बड़की सरै या नगर पंचायत 37.78 30.10 67.88
17 श्री वंशीधर नगर पंचायत 36.09 19.46 55.54
18 मझिआँव नगर पंचायत 46.24 9.35 55.59
19 ब ुण्डू नगर पंचायत 32.54 28.22 60.77
तालिका-10.4 महापौर/अध्यक्ष पद क लिए BC I एवं BC II का आरक्षण प्रतिशत
क्रमांक स्थानीय निकाय BCI% BC I I% BC%
1 नगर निगम 30.26 11.51 41.77
2 नगर परिषद् 39.94 17.03 56.97
3 नगर पंचायत 41.20 21.09 62.29
9 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025

06. वत्तर्मान में राँची तथा धनबाद नगर निगम की जनसंख्या (2011 की जनगणना के आधार पर) क्रमशः

ः -

10,73,427 तथा 11,62,472 है। शेष नगर निगमों की जनसंख्या निम्नवत है

क्र० नगर निगम जनसंख्या (2011 की जनगणना के आधार पर)
1 गिरिडीह नगर निगम 1,81,632
2 हजारीबाग नगर निगम 1,97,466
3 चास नगर निगम 1,56,888
4 द ेवघर नगर निगम 2,03,123
5 मानगो नगर निगम 2,23,805
6 आदित्यपुर नगर निगम 1,74,355
7 म ेदिनीनगर नगर निगम 1,58,941

झारखण्ड की नगरीय जनसंख्या में उत्तरोत्तर वृद्धि होने के कारण बड़ी नगरपालिकाओं का नगर प्रबंधन पृथक रूप से किये जाने की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में नगर निगमों को प्रतिनिधित्व के दृष्टिकोण से भी अलग-अलग दो वर्गों यथा-नगर निगम वर्ग 'क' एवं नगर निगम वर्ग 'ख' में रखे जाने की भी आवश्यकता है। 7. उक्त आलोक में सम्यक विचारोपरांत राज्य सरकार द्वारा निम्नांकित निर्णय लिया जाता है ः -10 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 (I) नगरपालिका आम निर्वाचन हेतु पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग (Dedicated Commission) से प्राप्त अनुशंसा (प्रथम एवं द्वितीय प्रतिवेदन) को स्वीकृ त किया जाता है।

(II) झारखण्ड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा-16 एवं 27 तथा एतद् नियमावली, 2012 के नियम 5 एवं 6 के अधीन स्थानों एवं पदों के संबंध में जिला दण्डाधिकारी/राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किए जाने वाले आरक्षण एवं आवंटन की कार्र वाई करते समय पिछड़ा वर्ग को अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग-II के संबंध में पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग से प्राप्त अनुशंसा के दृष्टिगत आरक्षण एवं आवंटन की कार्र वाई की जाएगी।

, 18 नवमबर, 2016 (III) अधिनियम की धारा-16 (2) (घ) (स्पष्टीकरण) एवं धारा-27(2)(च)(स्पष्टीकरण) के अधीन आसन्न नगरपालिका निर्वाचन को प्रथम आम निर्वाचन मानते हुए आरक्षण एवं आवंटन तथा महिला ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

आरक्षण के लिए आरक्षण के आवंटन में चक्रानुक्रम की कार्र वाई की जाएगी। तत्पश्चात् कालान्तर में आवंटन की अवधारणा क्रमशः द्वितीय, तृतीय........ आम निर्वाचन के रूप में की जा सके गी। तद् नुसार सभी नगरपालिकाओं में नाम-निर्देशन से लेकर अन्यान्य निर्वाचन की सभी प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

(IV) पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग से नगरपालिका में पिछड़े वर्गों (अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II) के डोर-टू -डोर सर्वे के माध्यम से मतदाता की जनसंख्या एवं प्रतिशतता प्राप्त हुआ है। चू ँकि वत्तर्मान में राज्य में पिछड़े वर्गों के वास्तविक जनगणना के आंकड़ें उपलब्ध नहीं है।

अतएव पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग से प्राप्त संबंधित नगर निकाय में उनकी जनसंख्या के आधार पर वार्ड पार्षद् चुनाव हेतु अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II के लिए सीटों के आरक्षण एवं आवंटन का निर्धारण किया जाएगा तथा राज्य अन्तर्गत सभी शहरी स्थानीय निकायों के समेकित जनसंख्या के आधार पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II के लिए महापौर/अध्यक्ष चुनाव हेतु सीटों के आरक्षण एवं आवंटन निर्धारित किया जाएगा।

(V) महिला सीटों को आरक्षित एवं आवंटित किए जाने में झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के सुसंगत प्रावधानों का अनुपालन किया जाएगा।

8. झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 (यथा संशोधित) के नियम-2 के उप नियम-5 के पश्चात् उप नियम-5(क) एवं 5(ख) निम्नरूपेण अंतः स्थापित किया जाता है ः -

5(क) 'पिछड़ा वर्ग' से अभिप्रेत है अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II

5(ख) 'पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या' से अभिप्रेत है राज्य सरकार द्वारा अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II की इस हेतु अभिनिश्चित जनसंख्या।

9. झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 (यथा संशोधित) के नियम-

ः -

3(1)(ग)(iii), नियम-5 एवं नियम-6 को निम्नरूप से प्रतिस्थापित किया जाता है11 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 नियम-3(1)(ग)(iii)- नगर निगम में प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों का गठनः -

क्र० नगर निगम की जनसंख्या प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या
1 नगर निगम वर्ग-ख जहाँ जनसंख्या 1,50,000 एवं उससे अधिक हो परं तु 10,00,000 से कम हो। (i) प्रथम 150000 की जनसंख्या पर वार्डो की न्यूनतम संख्या-35 होगी। इसके पश्चात प्रत्येक 50000 की जनसंख्या पर 1 (एक) अतिरिक्त प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (वार्ड) का गठन हो सके गा। (ii) कं डिका (i) में विभक्त किये गये वार्डो की संख्या कु ल जनसंख्या के आधार पर निर्धारित की जायेगी, अर्थात् प्रत्येक 50000 की जनसंख्या वृद्धि सभी वार्डो में समान रूप से विभक्त होगी, यथा 150000 की जनसंख्या के पश्चात् कु ल जनसंख्या म ें 50000 की वृद्धि के फलस्वरूप कु ल जनसंख्या 150000+ 50000=200000 होने पर उक्त नगर निगम क्षेत्र में 1 (एक) अतिरिक्त (35+1=36) वार्ड का गठन होगा तथा तदनुसार प्रत्येक वार्ड की जनसंख्या 200000÷ 36=6944 होनी चाहिए। (iii) वार्डो को प्राकृ तिक/कृ त्रिम चिन्हों/ वस्तु-स्थलों (Land Marks) के आलोक म ें विभक्त करने के क्रम में यथा सम्भव कं डिका (i) एवं (ii) के अनुसार जनसंख्या की समरूपता बनाये रखने का प्रयास किया जाना चाहिए, लेकिन अगर ऐसा सम्भव न हो तो 5 प्रतिशत की वृद्धि या कमी अनुमान्य होगा।
2 नगर निगम वर्ग-क जहाँ जनसंख्या 10,00,000 एवं उससे अधिक हो। (i) प्रथम 150000 की जनसंख्या पर वार्डो की न्यूनतम संख्या-35 होगी। इसके पश्चात प्रत्येक 50000 की जनसंख्या पर 1 (एक) अतिरिक्त प्रादेशिक निर्वाचन क्ष ेत्र (वार्ड) का गठन हो सके गा। डिका (i) में विभक्त किये गये वार्डो की संख्या कु ल जनसंख्या के (ii) कं आधार पर निर्धारित की जायेगी, अर्थात् प्रत्येक 50000 की जनसंख्या वृद्धि सभी वार्डो में समान रूप से विभक्त होगी, यथा 150000 की जनसंख्या के पश्चात् क ु ल जनसंख्या म ें व ृद्धि के फलस्वरूप कु ल जनसंख्या 50000 की 150000+50000=200000 होने पर उक्त नगर निगम क्षेत्र में 1 (एक) अतिरिक्त (35+1=36) वार्ड का गठन होगा तथा तदनुसार प्रत्येक वार्ड की जनसंख्या 200000÷36=6944 होनी चाहिए। तिक/कृ (iii) वार्डो को प्राकृ त्रिम चिन्हों/वस्तु-स्थलों (Land Marks) के आलोक में विभक्त करने के क्रम में यथा सम्भव कं डिका (i) एवं (ii) के अनुसार जनसंख्या की समरूपता बनाये रखने का प्रयास किया जाना चाहिए, लेकिन अगर ऐसा सम्भव न हो तो 5 प्रतिशत की वृद्धि या कमी अनुमान्य होगा।

स्पष्टीकरण - प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या के निर्धारण में गणना के निमित्त गणना में आधे या आधे से कम भाग को शून्य माना जाएगा तथा आधे से अधिक भाग को एक माना जाएगा।'' नियम-5. प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए स्थानों का आरक्षण एवं आवंटन-

(1) प्रत्येक नगरपालिका में पार्षद के स्थानों के निर्वाचन के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा महिलाओं के लिए, अनुमान्य संख्या में स्थानों का आरक्षण एवं आवंटन अधिनियम की धारा-16(2) के अधीन राज्य निर्वाचन आयोग के अधीक्षण, निदेशन एवं नियंत्रण में जिला दण्डाधिकारी द्वारा निम्न प्रकार किया जाएगा:-

12 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025

(क) प्रत्येक नगरपालिका के लिए सर्वप्रथम प्रत्येक कोटि के लिए आरक्षित किए जाने वाले स्थानों की संख्या की गणना प्रपत्र-2 के भाग-एक में अधिनियम की धारा-16 (2) के प्रावधानों के अधीन अंकित की जाएगी।

(i) इसमें सर्वप्रथम अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को उनकी जनसंख्या का नगरपालिका की कु ल जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण हेतु अनुमान्य स्थानों की संख्या निर्धारित की जाएगी।

(ii) अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के स्थानों के आरक्षण के पश्चात् प्रत्येक नगरपालिका में कु ल स्थानों के पचास प्रतिशत की अधिसीमा के अन्तर्गत शेष बचे स्थानों में पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा , 18 नवमबर, 2016 वर्ग- II को उनकी जनसंख्या के अनुपात में पचास प्रतिशत की अधिसीमा में अनुमान्य स्थानों की संख्या निम्नवत् ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

निर्धारित की जाएगी:-

(a) अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II के लिए आरक्षण किए जाने की प्रक्रिया में सर्वप्रथम अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को आरक्षण देने के पश्चात् 50 प्रतिशत की अधिसीमा के अंतर्गत रहते हुए अवशेष स्थानों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II का आरक्षण उनकी जनसंख्या के समानुपात में अवधारित किया जाएगा।

(b) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को आरक्षण प्रदान किए जाने के उपरान्त सर्वप्रथम अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I को उनकी जनसंख्या के अनुपात में पचास प्रतिशत की अधिसीमा में अनुमान्य स्थानों की संख्या निर्धारित की जाएगी।

(c) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I को आरक्षण प्रदान किए जाने के उपरान्त पिछड़ा वर्ग-II को उनकी जनसंख्या के अनुपात में पचास प्रतिशत की अधिसीमा में अनुमान्य स्थानों की संख्या निर्धारित की जाएगी।

़ वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं (iii) उप नियम (ii) के अन्तर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछडे

पिछड़ा वर्ग- II के लिए आरक्षित स्थानों के पश्चात् शेष बचे स्थान अन्य कोटि के लिए अवधारित हो जाएं गे।

(टिप्पणी-उपाबद्ध अनुसूची में उदाहरण-1 देखें।) (ख) प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की जनसंख्या में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य की कोटिवार जनसंख्या प्रपत्र-2 के भाग-दो में क्रमवार अंकित की जाएगी। (ग) तत्पश्चात् प्रत्येक प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य की जनसंख्या के अनुसार प्रपत्र-2 के भाग-तीन में जनसंख्या के अवरोही क्रम में सजाया जाएगा। अवरोही क्रम में सजाने के क्रम में समान अथवा शून्य जनसंख्या वाले प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र को क्रमवार सजाया जाएगा।

अधिकतम जनसंख्या वाले प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र, प्रपत्र-2 के भाग-एक में निर्धारित की गई अनुमान्य संख्या में चक्रानुक्रम में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य के लिए, जैसा भी मामला हो, प्रपत्र-2 के भाग-तीन में आरक्षित एवं आवंटित किए जाएगें।13 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 उक्त आरक्षण एवं आवंटन में वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो उपाबद्ध अनुसूची के उदाहरण-1 मार्गदर्शन के लिए अंकित की गई है। (टिप्पणी-उपाबद्ध अनुसूची में उदाहरण-1 देखें।) (घ) (i) उप नियम (ग) में इस प्रकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II के लिये आरक्षित एवं अन्य के लिए अवधारित स्थानों में से यथाशक्य पचास प्रतिशत किन्तु इससे अनधिक स्थान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य जैसा भी मामला हो, की महिलाओं के लिए आवंटित किए जाएं गे।

(ii) इस प्रकार प्रत्येक कोटि के लिए आवंटित स्थानों में से यथाशक्य पचास प्रतिशत किन्तु इससे अनधिक स्थान उसी कोटि की महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएं गे। प्रत्येक कोटि की जनसंख्या के अवरोही क्रम में सामान्यतः प्रथम स्थान पर आने वाले और उसके बाद चक्रानुक्रम में प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र को उस कोटि की महिलाओं के लिए इस प्रकार आवंटित किया जाएगा कि महिलाओं को पचास प्रतिशत से अनधिक तक स्थान आरक्षित एवं आवंटित हो जाए।

(ङ) इस प्रकार आरक्षित/अनारक्षित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों का विवरण प्रपत्र-2 के भाग-चार में तैयार किया जाएगा। (2) (क) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य के लिए स्थानों का आरक्षण एवं आवंटन/अवधारण अनुवर्ती आम चुनावों में चक्रानुक्रम में लागू होगा।

(ख) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य कोटियों में महिलाओं के लिए आरक्षित एवं आवंटित स्थान अनुवर्ती आम चुनावों में चक्रानुक्रम में आरक्षित/आवंटित किए जाएं गे।

(ग) झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के प्रावधानों के अन्तर्गत 50 प्रतिशत की अधिसीमा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II को सीटें आवंटित किया जाएगा। (घ) झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के प्रावधानों के अन्तर्गत सर्वप्रथम 50 प्रतिशत की अधिसीमा में वार्ड की सीटें जनसंख्या के अवरोही क्रम में रखते हुए अनुसूचित जाति की अधिकतम जनसंख्या वाले वार्ड की सीटें अनुमान्यता के आलोक में अनुसूचित जाति को आवंटित किया जाएगा।

(ङ) अनुसूचित जाति को सीटें आरक्षित किए जाने के पश्चात् 50 प्रतिशत की अधिसीमा में वार्ड की सीटें जनसंख्या के अवरोही क्रम में रखते हुए अनुसूचित जनजाति की अधिकतम जनसंख्या वाले वार्ड की सीटें अनुमान्यता के आलोक में अनुसूचित जनजाति को आवंटित किया जाएगा। परं तु यह कि उक्त सीट यदि पूर्व में अनुसूचित जाति को आवंटित कर दी गई है तो उसे छोड़कर उसके नीचे अधिकतम जनसंख्या वाले वार्ड के अनुमान्य सीटें अनुसूचित जनजाति को आवंटित किया जाएगा।

(च) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को सीटें आरक्षित किए जाने के पश्चात् 50 प्रतिशत की अधिसीमा के अन्तर्गत उपयु र्क्त नियम-5(1)(क)(ii) के अलोक में परिगणित सीटें वार्ड को जनसंख्या के अवरोही क्रम में रखते हुए अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I की अधिकतम जनसंख्या वाले वार्ड की सीटें अनुमान्यता के आलोक में अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I को आवंटित किया जाएगा। परं तु यह कि उक्त सीट यदि पूर्व में अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति को आवंटित कर दी गई है तो उसे छोड़कर उसके ठीक नीचे अधिकतम जनसंख्या वाले वार्ड के अनुमान्य सीटें अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I को आवंटित किया जाएगा।14 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 (छ) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I को सीटें आवंटित किए जाने के पश्चात् 50 प्रतिशत की अधिसीमा के अन्तर्गत उपयु र्क्त नियम-5(1)(क)(ii) के अलोक में परिगणित सीटें वार्ड को जनसंख्या के अवरोही क्रम में रखते हुए पिछड़ा वर्ग-II की अधिकतम जनसंख्या वाले वार्ड की सीटें अनुमान्यता के आलोक में पिछड़ा वर्ग- II को आवंटित किया जाएगा। परं तु यह कि उक्त सीट यदि पूर्व में अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति अथवा अत्यंत पिछड़ा वर्ग-प् को आवंटित कर दी गई है तो उसे छोड़कर उसके ठीक नीचे अधिकतम जनसंख्या वाले वार्ड के अनुमान्य सीटें पिछड़ा वर्ग- II को आवंटित किया जाएगा।

, 18 नवमबर, 2016

(3) परं तु यह कि उपयु र्क्त पद्धति से आरक्षण एवं आवंटन निर्धारित किए जाने के क्रम में ऐसा कोई वार्ड जो किसी ऐसे कोटि को आवंटित किया गया हो जहाँ उस कोटि की जनसंख्या का प्रतिशत उस वार्ड की कु ल जनसंख्या के 1 प्रतिशत से कम ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

हो तो ऐसे वार्ड को अनारक्षित कोटि में रखा जाएगा।

नियम-6. निर्वाचन क्षेत्रों (नगरपालिकाओं) के पदों का आरक्षण एवं आवंटन -

(1) अधिनियम की धारा 27 के अधीन नगरपालिका (नगर निगम वर्ग-क एवं वर्ग-ख, नगर परिषद एवं नगर पंचायत) के महापौर/अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा महिलाओं के लिए अनुमान्य संख्या में पदों का आरक्षण एवं आवंटन राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाएगा, जिसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाएगी:-

(क) राज्य के सभी निर्वाचन क्षेत्रों (नगरपालिकाओं) को नगर निगम वर्ग-क एवं वर्ग-ख, नगर परिषद एवं नगर पंचायत के तीन अलग-अलग श्रेणियों में माना जाएगा।

राज्य में निर्वाचन क्षेत्रों (नगरपालिकाओं) यथा नगर निगम वर्ग-क एवं वर्ग-ख, नगर परिषद (क+ख श्रेणी कु ल) एवं नगर पंचायत को प्रपत्र-2 के भाग-एक (तीनों श्रेणियों के लिए अलग-अलग) में अधिनियम की धारा 27 (2) के अधीन अध्यक्ष/महापौर के पदों में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के लिए राज्य की कु ल जनसंख्या के अनुसार एवं पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II के लिए राज्य अन्तर्गत सभी शहरी स्थानीय निकायों की कु ल जनसंख्या के अनुसार आरक्षित किए जाने वाले पदों की संख्या की गणना निम्न प्रकार की जाएगीः -

(i) प्रत्येक श्रेणी में पदों की कु ल संख्या में अनुसूचित जनजातियों एवं अनुसूचित जातियों के लिए पदों की संख्या राज्य की कु ल जनसंख्या में राज्य में इन कोटियों की जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण हेतु निर्धारित की जाएगी। 1[परं तु यह कि नियम 6 (1) के अधीन सर्वप्रथम अंतिम पूर्ववर्ती जनगणना, जिसके सुसंगत आँकड़े प्रकाशित हो चुके हों, के आधार पर यथास्थिति तीन श्रेणी (नगर निगम वर्ग-क एवं वर्ग-ख, नगर परिषद् एवं नगर पंचायत) के नगरपालिकाओं की कु ल जनसंख्या के अनुसार महापौर/अध्यक्ष के पदों में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के लिए, राज्य की कु ल जनसंख्या के अनुसार तथा पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II के लिए, राज्य अन्तर्गत सभी शहरी स्थानीय निकायों की कु ल जनसंख्या के अनुसार अधिनियम की धारा 27(2) के अधीन इन कोटियों की जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण कर कु ल कोटिवार पदों की संख्या निर्धारित की जाएगी। तत्पश्चात् उन नगरपालिकाओं, जिनका निर्वाचन पूर्व में सम्पन्न हो चुका है और उनका कार्यकाल समाप्त नहीं हुआ है, के कोटिवार आरक्षित पदों (अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य) की संख्या को कु ल निर्धारित कोटिवार आरक्षित पदों की संख्या में से घटाकर अवशेष नगरपालिका, जिनका निर्वाचन कराया जाना है, में आरक्षण एवं आवंटन की कार्र वाई की जाएगी।]15 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 (ii) अनुसूचित जनजातियों एवं अनुसूचित जातियों के पदों के आरक्षण के पश्चात प्रत्येक श्रेणी में कु ल पदों के पचास प्रतिशत की अधिसीमा के अन्तर्गत शेष बचे पदों में पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II को राज्य अन्तर्गत सभी शहरी स्थानीय निकायों में उनकी जनसंख्या के अनुपात में निम्नवत् आरक्षण हेतु अनुमान्य पदों की संख्या निर्धारित की जाएगीः -

(a) अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II के लिए आरक्षण किए जाने की प्रक्रिया में सर्वप्रथम अनुसूचित जनजातियों एवं अनुसूचित जातियों को आरक्षण देने के पश्चात् 50 प्रतिशत की अधिसीमा के अंतर्गत रहते हुए अवशेष पदों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II का आरक्षण उनकी जनसंख्या के समानुपात में अवधारित किया जाएगा।

(b) अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति को आरक्षण प्रदान किए जाने के उपरान्त सर्वप्रथम अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I को उनकी जनसंख्या के अनुपात में पचास प्रतिशत की अधिसीमा में अनुमान्य स्थानों की संख्या निर्धारित की जाएगी।

(c) अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I को आरक्षण प्रदान किए जाने के उपरान्त पिछड़ा वर्ग- II को उनकी जनसंख्या के अनुपात में पचास प्रतिशत की अधिसीमा में अनुमान्य स्थानों की संख्या निर्धारित की जाएगी।

(iii)उप नियम (ii) के अन्तर्गत अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों एवं पिछड़े वर्गों के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II के लिए आरक्षित पदों के पश्चात् शेष बचे पद अन्य कोटि के लिए अवधारित हो जाएं गे। (ख) निर्वाचन क्षेत्रों (नगरपालिकाओं: श्रेणीवार अलग-अलग) की जनसंख्या में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य की कोटिवार जनसंख्या प्रपत्र-2 के भाग-दो में क्रमवार अंकित की जाएगी।

(ग) तत्पश्चात् प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य की जनसंख्या के अनुसार प्रपत्र-2 के भाग-तीन में जनसंख्या के अवरोही क्रम में सजाया जाएगा। अवरोही क्रम में सजाने के क्रम में समान अथवा शून्य जनसंख्या वाले निर्वाचन क्षेत्र को क्रमवार सजाया जाएगा। अधिकतम जनसंख्या वाले निर्वाचन क्षेत्र, प्रपत्र-2 के भाग-एक में निर्धारित की गई अनुमान्य संख्या में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य के लिए, जैसा भी मामला हो, प्रपत्र-2 के भाग-तीन में आरक्षित एवं आवंटित किए जाएं गे।

(घ) (i) उप नियम (ग) में इस प्रकार अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग-II के लिये आरक्षित एवं अन्य के लिए अवधारित पदों में से यथाशक्य पचास प्रतिशत किन्तु इससे अनधिक पद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यंत अत्यंत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य जैसा भी मामला हो, की महिलाओं के लिए चक्रानुक्रम में आवंटित किए जाएं गे।

(ii) प्रत्येक कोटि की जनसंख्या के अवरोही क्रम में सामान्यतः प्रथम स्थान पर आने वाले एवं उसके बाद चक्रानुक्रम में निर्वाचन क्षेत्र को उस कोटि की महिलाओं के लिए इस प्रकार आवंटित किया जाएगा कि महिलाओं को पचास प्रतिशत से अनधिक पद आरक्षित एवं आवंटित हो जाए।16 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 (ड.) इस प्रकार आरक्षित/अनारक्षित निर्वाचन क्षेत्रों का विवरण प्रपत्र-2 के भाग-चार में तैयार किया जाएगा। (च) झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के प्रावधानों के अन्तर्गत 50 प्रतिशत की अधिसीमा में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II को पद आवंटित किया जाएगा। (छ) झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के प्रावधानों के अन्तर्गत सर्वप्रथम 50 प्रतिशत की अधिसीमा में निकाय की पद जनसंख्या के अवरोही क्रम में रखते हुए अनुसूचित जनजाति की अधिकतम जनसंख्या वाले निकाय के पद अनुमान्यता के आलोक में अनुसूचित जनजाति को प्रपत्र-2 के भाग-तीन में आवंटित किया जाएगा।

, 18 नवमबर, 2016

(ज) अनुसूचित जनजाति को पद आरक्षित किए जाने के पश्चात् 50 प्रतिशत की अधिसीमा में निकाय के पद जनसंख्या के ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

अवरोही क्रम में रखते हुए अनुसूचित जाति की अधिकतम जनसंख्या वाले निकाय के पद अनुमान्यता के आलोक में अनुसूचित जाति को आवंटित किया जाएगा। परं तु यह कि उक्त पद यदि पूर्व में अनुसूचित जनजाति को आवंटित कर दी गई है तो उसे छोड़कर उसके नीचे अधिकतम जनसंख्या वाले निकाय के अनुमान्य पद अनुसूचित जाति को आवंटित किया जाएगा। (झ) अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति को पद आरक्षित किए जाने के पश्चात् 50 प्रतिशत की अधिसीमा के अन्तर्गत उपयु र्क्त नियम-6(1)(क)(ii) के आलोक में परिगणित पद निकाय को जनसंख्या के अवरोही क्रम में रखते हुए अत्यंत पिछड़ा वर्ग-प् की अधिकतम जनसंख्या वाले निकाय की पद अनुमान्यता के आलोक में सर्वप्रथम अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I को आवंटित किया जाएगा। परं तु यह कि उक्त पद यदि पूर्व में अनुसूचित जनजाति अथवा अनुसूचित जाति को आवंटित कर दी गई है तो उसे छोड़कर उसके नीचे अधिकतम जनसंख्या वाले निकाय के अनुमान्य पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I को आवंटित किया जाएगा। (ञ) अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I को पद आवंटित किए जाने के पश्चात् 50 प्रतिशत की अधिसीमा के अन्तर्गत उपयु र्क्त नियम-6(1)(क)(ii) के अलोक में परिगणित पद निकाय को जनसंख्या के अवरोही क्रम में रखते हुए पिछड़ा वर्ग- II की अधिकतम जनसंख्या वाले निकाय के पद अनुमान्यता के आलोक में पिछड़ा वर्ग- II को आवंटित किया जाएगा। परं तु यह कि उक्त पद यदि पूर्व में अनुसूचित जनजाति अथवा अनुसूचित जाति अथवा अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I को आवंटित कर दी गई है तो उसे छोड़कर उसके नीचे अधिकतम जनसंख्या वाले निकाय के अनुमान्य पद पिछड़ा वर्ग- II को आवंटित किया जाएगा।

(2) अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य कोटियों में महिलाओं के लिए आरक्षित एवं आवंटित पद अनुवर्ती आम चुनावों में चक्रानुक्रम में आरक्षित/आवंटित किए जाएं गे। आरक्षण एवं आवंटन में सिद्धान्तः वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो उपाबद्व अनुसूची के उदाहरण-2 मार्गदर्शन के लिए अंकित की गई है। (टिप्पणी- उपाबद्व अनुसूची में उदाहरण-2 देखें।) (3) नियम-3 के अधीन नगर निगम की दो श्रेणी में यथा-नगर निगम वर्ग-क एवं नगर निगम वर्ग-ख में विभक्त किया गया है। नगर निगम के महापौर पद के आरक्षण किए जाने के उद्देश्य से नगर निगम वर्ग-क एवं नगर निगम वर्ग-ख के लिए आरक्षण के अवधारण की प्रक्रिया सम्मिलित रूप से प्रपत्र-2 के भाग-1 में की जाएगी। पदों के आरक्षण का अवधारण के पश्चात् नगर निगम के दोनों श्रेणी को अलग-अलग मानकर अवरोही क्रम में अलग-अलग आवंटन की कार्र वाई की जाएगी। इस हेतु आवंटन के क्रम में सर्वप्रथम नगर निगम के लिए अवधारित पदों में नगर निगम वर्ग-क को 50 प्रतिशत की अधिसीमा के अधीन आवंटित की जाएगी। तत्पश्चात् अवशेष बचे पदों को नगर निगम वर्ग-ख में भी 50 प्रतिशत की अधिसीमा17 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 के अधीन अवधारित किया जाएगा। इसके लिए प्रपत्र-2 का भाग-1 दोनों श्रेणी के लिए एक ही होगा। परं तु प्रपत्र-2 का भाग-दो, तीन एवं चार तथा प्रपत्र-3 दोनों श्रेणी के लिए अलग-अलग होगा।

10. अधिसूचना निर्गत होने की तिथि के उपरान्त आगामी प्रथम निर्वाचन हेतु झारखण्ड नगरपालिका (पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों की जनसंख्या का अभिनिश्चय एवं प्रकाशन) नियमावली, 2015 के प्रावधान शिथिल किए जाते हैं।

उक्त निर्वाचन हेतु Dedicated Commission से प्राप्त अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II की जनसंख्या के अंतिम प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों से परिशोधन के उपरान्त नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखण्ड द्वारा अधिसूचित अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II की जनसंख्या अभिनिश्चित की जाएगी।

11. पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग की अनुशंसा तथा झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 (यथा संशोधित) प्रावधानों में भिन्नता की स्थिति स्थिति में नियमावली के प्रावधान प्रभावी होगें।

12. झारखण्ड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 (यथा संशोधित) के उपाबद्ध अनुसूची में उदाहरण-1, प्रपत्र-2, प्रपत्र-3, प्रपत्र-5, प्रपत्र-6, प्रपत्र-7, प्रपत्र-7'कʼ, प्रपत्र-23'कʼ, प्रपत्र-23'खʼ एवं उदाहरण-2 को प्रतिस्थापित किया जाता है।

13. कं डिका-7, 8, 9, 10, 11 एवं 12 में वर्णित निर्णय पर राज्य मंत्रिपरिषद् की दिनांक-14.10.2025 को आहूत बैठक में मद संख्या-15 के रूप में स्वीकृ ति दी गई है।

झारखण्ड राज्यपाल के आदेश से,

(सुनील कु मार),

सरकार के प्रधान सचिव |18 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 अनुसूची

उदाहरण-(1) प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के गठन एवं आरक्षण के अवधारण की प्रक्रिया (नियम-3 एवं 5 देखिये) उदाहरणस्वरूप, किसी नगर परिषद की जनसंख्या 58430 है, नियम 3 के प्रावधानानुसार यथासंभव निकटतम क्रमशः 58430 की जनसंख्या के आधार पर प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की कु ल संख्या 23 होगी। नियमानुसार इन 23 प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों का संख्यांकण नगर परिषद वर्ग 'ख' के उत्तर पश्चिम से प्रारंभ कर दक्षिण पूर्व किया जाएगा जैसा कि उदाहरण स्वरूप नीचे दर्शाया गया है।

उत्तर

, 18 नवमबर, 2016

ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

पूरब

पश्चमि

दश्चणि

2. अब नगर परिषद वर्ग 'ख' की कु ल जनसंख्या को ही उदाहरण मान कर चलें तब उक्त नगर परिषद वर्ग 'ख' (कल्पित नाम- ......................) की कु ल जनसंख्या में से नियम 5 (क) के अनुसार प्रत्येक कोटि की जनसंख्या और कु ल जनसंख्या में उसका अनुपात (प्रतिशत) अवधारित किया जायेगा, यथा-

(क) नगर परिषद धनराज नगर की कु ल जनसंख्या -58430 (ख) अनुसूचित जाति की जनसंख्या -5316 (ग) अनुसूचित जाति की जनसंख्या और कु ल जनसंख्या की प्रतिशत -9.09 (घ) अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या -8211 (ड.) अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या और कु ल जनसंख्या का प्रतिशत -14.05 प्रतिशत (च) पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या-33215

(i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-प् की जनसंख्या - 23915 (ii) पिछड़ा वर्ग-प्प् की जनसंख्या - 9300

(छ) पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या और कु ल जनसंख्या और कु ल जनसंख्या का प्रतिशत -56.84 प्रतिशत

(i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I की की जनसंख्या और कु ल जनसंख्या और कु ल जनसंख्या का प्रतिशत – 40.93%

(ii) पिछड़ा वर्ग- II की जनसंख्या और कु ल जनसंख्या और कु ल जनसंख्या का प्रतिशत – 15.91%

(ज) अन्य कोटि की जनसंख्या -11688 (झ) अन्य कोटि की जनसंख्या और कु ल जनसंख्या का प्रतिशत -20 प्रतिशत 3. अब जनसंख्या के अनुपात यथा प्रतिशत के आधार पर प्रत्येक कोटि के लिए अनुमान्य स्थानों, स्थान की कु ल संख्या निर्धारित की जायेगी, यथाः- (क) अनुसूचित जाति के लिए 23 स्थान का 9.09 प्रतिशत -2.09 (ख) अनुसूचित जनजाति के लिए 23 स्थान का 14.05 प्रतिशत -3.23 (ग) पिछड़ा वर्ग के लिए 23 स्थान का 56.84 प्रतिशत -13.07

(i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I के लिए 23 स्थान का 40.93 प्रतिशत - 9.41 (ii) पिछड़ा वर्ग- II के लिए 23 स्थान का 15.91 प्रतिशत - 3.66 (घ) पिछड़ा वर्ग को आवंटन हेतु वास्तविक स्थानों की सं0 -6 स्थान

(i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I को आवंटन हेतु वास्तविक स्थानों की संख्या- 4 (ii) पिछड़ा वर्ग- II को आवंटन हेतु वास्तविक स्थानों की संख्या - 2

(ङ) अन्य के लिए 23 स्थान का 50 प्रतिशत- 12 स्थान19 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 प्रपत्र-2

(नियम 5 देखिये) आरक्षण, कोटिवार जनसंख्या एवं निर्वाचन क्षेत्र-आवंटन पंजी भाग-एक शहरी स्थानीय निकाय- कोटिवार जनसंख्या एवं कोटिवार अनुमान्य पद

राज्य शहरी स्थानीय निकाय की जनसंख्या *नगर निगम वर्ग 'क' एवं 'ख' *नगर परिषद वर्ग 'क' *नगर परिषद वर्ग 'ख' *नगर पंचायत *नगर निगम 'क' एवं 'ख'-महापौर/वार्ड पार्षद *नगर परिषद वर्ग 'क'-अध्यक्ष/वार्ड पार्षद *नगर परिषद वर्ग 'ख'-अध्यक्ष/वार्ड पार्षद के लिए *नगर पंचायत-अध्यक्ष/वार्ड पार्षद
अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग अन्य क ु ल क ु ल स्थान अनुसूचित जाति के लिए कु ल स्थान अनुसूचित जनजाति क े लिए क ु ल स्थान पिछड़ा वर्ग के लिए क ु ल स्थान अन्य के लिए कु ल स्थान
अ॰पि॰व॰- I पि॰व॰- II अ॰पि॰व॰- I पि॰व॰- II
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12
5316 8211 23915 9300 11688 58430 23 2 3 4 2 12
2.(क) राज्य/नगर निगम/नगर परिषद् (क)+नगर परिषद् (ख)/नगर पंचायत की कु ल जनसंख्याः -58430 (ख) अनुसूचित जाति की जनसंख्याः-5316 (ग) अनुसूचित जाति की जनसंख्या का प्रतिशतः-9.09% (घ) अनुसूचित जनजाति की जनसंख्याः-8211 (ङ) अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या का प्रतिशतः-14.05% (च) पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या-33215 (i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I की जनसंख्या - 23915 (ii) पिछड़ा वर्ग- II की जनसंख्या- 9300 (छ) पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का प्रतिशत-56.84% (i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I की जनसंख्या का प्रतिशत– 40.92% (ii) पिछड़ा वर्ग- II की जनसंख्या का प्रतिशत – 15.91% (ज) अन्य कोटि की जनसंख्या -11688 (झ) अन्य कोटि की जनसंख्या का प्रतिशत -20% *जो लागू नहीं है उसे काट दें। 3.(क) अनुसूचित जाति के लिए स्थानों की संख्या-2 23 का 9.09%=2.09 (ख) अनुसूचित जन जाति के लिए स्थानों की संख्या-3 23 का 14.05%=3.23 (ग)(I) पिछडा वर्ग के लिए जनसंख्या के अनुसार स्थानों की संख्या- 13 (a) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I के लिए जनसंख्या के अनुसार स्थानों की संख्या-9.41 (b) पिछड़ा वर्ग- II के लिए जनसंख्या के अनुसार स्थानों की स ंख्या-3.65 (II) पिछड़ा वर्ग का आवंटन हेतु वास्तविक स्थानों की संख्या-6 (a) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I का आवंटन हेतु वास्तविक स्थानों की संख्या -4 (b) पिछड़ा वर्ग- II का आवंटन हेतु वास्तविक स्थानों की स ंख्या-2 (घ) अन्य के लिए स्थानों की संख्या-12

नोटः नियम-5(1)(क)(ii)(a) के अधीन अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II के जनसंख्या के प्रतिशत को सर्वप्रथम जोड़ दिया जाएगा। तत्पश्चात् पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II को आवंटित स्थानों/पदों की गणना निम्नवत् की जाएगीः-

अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I का प्रतिशत ग अनुमान्य पद/स्थान अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I का प्रतिशत+ पिछड़ा वर्ग-II का प्रतिशत निकालने पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I का कु ल पद/स्थान समानुपात में निर्धारित हो जाएगा। यही प्रक्रिया पिछड़ा वर्ग- II के लिए भी की जाएगी। उदाहरण स्वरूप:-

(i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I की जनसंख्या का प्रतिशत-40.92% (ii) पिछड़ा वर्ग- II की जनसंख्या का प्रतिषत-15.91% (iii) पिछड़े वर्गों को आवंटित स्थान-6 (iv) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I को आवंटित स्थान- 40.92x6 = 4.32 स्थान = 4 स्थान 40.92+15.91

(v) पिछड़ा वर्ग-II को आवंटित स्थान- 15.91x6 = 1.67 स्थान=2 स्थान 40.92+15.9120 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025

भाग-दो

प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की कोटिवार जनसंख्या

क्र॰ प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र स ंख्या/नाम प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के अन्तर्गत जनसंख्या
अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति पिछड़ा वर्ग अन्य क ु ल
अ॰पि॰व॰-I पि॰व॰-II
1 2 3 4 5 6 7 8
1 416 982 442 200 470 2510
2 159 89 1140 485 721 2594
3 138 112 , 18 नवमबर, 2016 1182 473 606 2511
4 115 203 1067 423 812 2620
5 ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024 95 402 996 451 532 2476
6 208 111 1235 264 415 2233
7 167 1120 514 505 502 2808
8 340 98 1248 491 237 2414
9 135 215 1217 432 418 2417
10 268 413 1089 171 405 2346
11 312 58 1301 444 466 2581
12 602 13 1261 460 231 2567
13 212 141 1110 415 738 2616
14 310 1430 468 395 58 2661
15 121 213 1326 387 439 2486
16 230 298 1117 340 435 2420
17 215 191 1103 506 685 2700
18 211 58 1161 417 717 2564
19 281 756 678 480 446 2641
20 198 230 1016 182 741 2367
21 81 438 1072 515 622 2728
22 210 415 875 435 687 2622
23 292 225 1297 429 305 2548
कुल 5316 8211 23915 9300 11688 58430

4. चू ंकि अधिनियम की धारा 16 के प्रावधानानुसार स्थानों के आरक्षण के अधिसीमा 50 प्रतिशत परन्तु इससे अनधिक है और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण के बाद 50 प्रतिशत का शेष पिछड़ा वर्ग के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II को देय है तथा नियम-7 के अनुसार गणना के निमित आधे एवं आधे से कम भाग को छोड दिया जायेगा तथा आधे से अधिक भाग को एक माना जायेगा, इसलिए ऊपर कं डिका-3 में किए गये निर्धारण के अनुसार अनुसूचित जाति के लिए 02, अनुसूचित जनजाति के लिए 03, पिछड़ा वर्ग के लिए 50 प्रतिशत स्थान (11) का शेष यानि 06 एवं अन्य के लिए 12 स्थान अनुमान्य होंगे।

5. इस प्रक्रिया के बाद नियम 5 के अन्तर्गत आरक्षित स्थानों को प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या आवंटित किया जाएगा। इसके लिए सर्वप्रथम प्रत्येक प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्येक कोटि की जनसंख्या प्राप्त की जायेगी और प्रपत्र 2 के भाग-तीन के कालम 1 से

ंखला तैयार की जायेगी जैसा नीचे दर्शाया गया हैः-

11 के अनुसार कोटिवार जनसंख्या की अवरोही क्रम में श्रृ21 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025

भाग-तीन
क्र॰ अवरोही क्रम में अनुसूचित जाति की जनसंख्या प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की स ंख्या अवरोही क्रम में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की स ंख्या अवरोही क्रम में अ॰पि॰व॰-I की जनसंख्या प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की स ंख्या अवरोही क्रम में पि॰व॰-II की जनसंख्या प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की स ंख्या अवरोही क्रम में अन्य की जनसंख्या प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की स ंख्या
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
1 602 (12) 1430 (14) 1326 (15) 515 (21) 812 (4)
2 416 (1) 1120 (7) 1301 (11) 506 (17) 741 (20)
3 340 8 982 1 1297 (23) 505 7 738 (13)
4 312 11 756 (19) 1261 12 491 8 721 (2)
5 310 14 438 21 1248 (8) 485 2 717 (18)
6 292 23 415 22 1235 6 480 19 687 (22)
7 281 19 413 10 1217 9 473 3 685 17
8 268 10 402 5 1182 3 460 12 622 21
9 230 16 298 16 1161 18 451 5 606 (3)
10 215 17 230 20 1140 2 444 11 532 (5)
11 212 13 225 23 1117 16 435 22 502 7
12 211 18 215 9 1110 13 432 9 470 1
13 210 22 213 15 1103 17 429 23 466 11
14 208 6 203 4 1089 10 423 4 446 19
15 198 20 191 17 1072 21 417 18 439 15
16 167 7 141 13 1067 4 415 13 435 (16)
17 159 2 112 3 1016 20 395 14 418 (9)
18 138 3 111 6 996 5 387 15 415 (6)
19 135 9 98 8 875 22 340 16 405 (10)
20 121 15 89 2 678 19 264 6 305 23
21 115 4 58 11 514 7 200 1 237 8
22 95 5 58 18 468 14 182 20 231 12
23 81 21 13 12 442 1 171 10 58 14
5316 8211 23915 9300 11688

6. तत्पश्चात् नियम 5 के अधीन प्रथम आम निर्वाचन में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II तथा अन्य के क्रमानुसार उन कोटियों को अनुमान्य में से एक-एक प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किए जायेंगें तथा शेष प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों को आवंटित करने के लिए इसी क्रम की पुनरावृत्ति की जायेगी। द्वितीय आम निर्वाचन में अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II, अन्य तथा अनुसूचित जाति का क्रम अपनाया जाएगा। तृतीय आम निर्वाचन में अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II, अन्य, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का क्रम अपनाया जायेगा तथा चतुर्थ आम निर्वाचन में पिछड़ा वर्ग- II, अन्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I का क्रम अपनाया जायेगा। उदाहरण आगे विवरणी-'क' में दिया गया है।

7. किसी कोटि को ऊपर निर्धारित क्रम में अवरोही क्रम में अधिकत्तम जनसंख्या वाला प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया जायेगा। परन्तु यदि वह क्षेत्र दूसरे कोटि को पूर्व में उसी आधार पर आवंटित है तब अवरोही क्रम में दूसरा, तीसरा आदि अधिकतम जनसंख्या वाला प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया जायेगा। उदाहरण ऊपर भाग-तीन में दिया गया है।

8. (क) प्रत्येक कोटि के लिए स्थानों की संख्या निर्धारण के आधार पर अवरोही क्रम में अधिकतम जनसंख्या वाले प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र चिन्हित करने के बाद प्रत्येक कोटि के लिये पचास प्रतिशत परंतु उससे अनधिक क्षेत्र उस कोटि की महिलाओं के लिये आरक्षित कर आवंटित किये जायेंगे। जिस कोटि के लिए जनसंख्या अनुपात के आधार पर स्थान अनुमान्य नहीं है, उस कोटि की महिला के लिए ऐसा आवंटन नहीं किया जायेगा। जिस कोटि के लिए 2 स्थान अनुमान्य है उस कोटि की महिला के लिये एक22 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 स्थान आवंटित होगा परन्तु यदि किसी कोटि के लिये एक ही स्थान अनुमान्य हो तो वह स्थान उस कोटि की महिला के लिये आरक्षित नहीं होगा और अनुवर्ती आम चुनाव में भी महिला के लिये आरक्षित नहीं होगा, क्योंकि अधिनियम की धारा 16(2) में महिलाओं के लिए आरक्षण 50% से अनधिक रखना है।

(ख) प्रत्येक कोटि के लिये आरक्षित किये गये प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में उपर कं डिका 6 में वर्णित क्रमों में पहले आने वाले प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र सर्वप्रथम उस कोटि की महिला के लिये आवंटित होगा और अनुवर्ती आम चुनाव में प्रत्येक दूसरा क्षेत्र, अनुमान्यता के आधार पर, महिला के लिये आवंटित होगा।

, 18 नवमबर, 2016

(ग) 1[यदि अन्य विकल्प नहीं हो, तब पूर्ववर्ती निर्वाचन में किसी कोटि विशेष/महिला के लिए आवंटित निर्वाचन क्षेत्र उसी कोटि/महिला के लिए पश्चात्वर्ती निर्वाचन में पुनः आवंटित किया जा सके गा।'']

ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

9.(क) इस उदाहरण को निम्न प्रकार स्पष्ट किया जाता है -

(i) प्रथम आम चुनाव में महिलाओं को आवंटित स्थान 1,3,5,7,9,11 .....................

(ii) द्वितीय आम चुनाव में महिलाओं को आवंटित स्थान 2,4,6,8,10 .....................

(iii) तृतीय आम चुनाव में महिलाओं को आवंटित स्थान 3,5,7,9,11 .....................

(iv) चतुर्थ आम चुनाव में महिलाओं को आवंटित स्थान 4,6,8,10,12 .....................

अधिसूचना सं॰-5342, दि॰-25 अक्टूबर, 2019 द्वारा अन्तःस्थापित।

उदाहरण विवरणी 'क' में दिया गया है।

विवरणी – 'क' (प्रपत्र-2 के आंकड़ा पर आधारित)
अनुसूचित जाति क े लिये आरक्षित प्रदेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित प्रदेशिक निर्वाचन क्षेत्र स ंख्या अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I के लिये आरक्षित प्रदेशिक निर्वाचन क्षेत्र स ंख्या पिछड़ा वर्ग-II के लिये आरक्षित प्रदेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या अनारक्षित प्रदेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या निर्वाचन
महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य
12 1 14 7 19 15 23 11 8 21 17 4 13 18 3 16 6 20 2 22 5 9 10 प्रथम आम निर्वाचन
1 12 7 14 19 11 8 15 23 17 21 20 2 22 5 9 10 4 13 18 3 16 6 द्वितीय आम निर्वाचन
12 1 19 7 14 15 23 11 8 21 17 4 13 18 3 16 6 20 2 22 5 9 10 तृतीय आम निर्वाचन
1 12 14 7 19 11 8 15 23 17 21 20 2 22 5 9 10 4 13 18 3 16 6 चतुर्थ आम निर्वाचन

10. यह उदाहरण तीनों श्रेणियों की नगरपालिकाओं के वार्ड पार्षदों के स्थानों के लिए मार्गदर्शन के रूप में लागू मानी जाएगी। इन श्रेणियों के अन्तर्गत नगर निगम (वर्ग-क एवं वर्ग-ख) एक श्रेणी में तथा इस प्रकार नगर परिषद् (क एवं ख) एक श्रेणी में माने जाएंगे।

******23 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 नगरपालिका निर्वाचन शहरी स्थानीय निकाय

प्रपत्र-2 (नियम 5, 6 देखिए) आरक्षण, कोटिवार जनसंख्या एवं निर्वाचन क्षेत्र-आवंटन पंजी भाग-एक शहरी स्थानीय निकाय- कोटिवार जनसंख्या एवं कोटिवार अनुमान्य स्थान

राज्य शहरी स्थानीय निकाय की जनसंख्या *नगर निगम वर्ग 'क' एवं नगर निगम वर्ग 'ख' *नगर परिषद वर्ग 'क' *नगर परिषद वर्ग 'ख' *नगर पंचायत *नगर निगम 'क' एवं नगर निगम वर्ग 'ख' -महापौर/वार्ड पार्षद *नगर परिषद वर्ग 'क' -अध्यक्ष/वार्ड पार्षद *नगर परिषद वर्ग 'ख' -अध्यक्ष/वार्ड पार्षद के लिए *नगर पंचायत -अध्यक्ष/वार्ड पार्षद
अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग अन्य क ु ल क ु ल पद/स्थान अनुसूचित जाति के लिए कु ल पद/स्थान अनुसूचित जनजाति क े लिए क ु ल पद/ स्थान पिछड़ा वर्ग के लिए क ु ल पद/स्थान अन्य क े लिए क ु ल पद/ स्थान
अ॰पि॰व॰- I पि॰व॰- II अ॰पि॰व॰- I पि॰व॰-II
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12
2.(क) राज्य/नगर निगम/नगर परिषद (क)+नगर परिषद (ख)/ नगर पंचायत की कु ल जनसंख्या: 3.(क) अनुसूचित जाति के लिए पदों/स्थानों की संख्या
(ख) अनुसूचित जाति की जनसंख्या: (ख) अनुसूचित जन जाति के लिए पदों/स्थानों की संख्या
(ग) अनुसूचित जाति की जनसंख्या का प्रतिशत: (ग)(i) पिछड़ा वर्ग के लिए जनसंख्या के अनुसार पदों/स्थानों की संख्या (a) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग (b) पिछड़ा वर्ग
(घ) अनुसूचित जन जाति की जनसंख्या: (ii) पिछड़ा वर्ग को आवंटन हेतु वास्तविक पदों/स्थानों की संख्या (a) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I को आवंटन हेतु वास्तविक पदों/स्थानों की संख्या - (b) पिछड़ा वर्ग- II को आवंटन हेतु वास्तविक पदों/स्थानों की संख्या -
(ड.) अनुसूचित जन जाति की जनसंख्या का प्रतिशत: (घ) अन्य के लिए स्थानों की संख्या
(च) पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या: (i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग (ii) पिछड़ा वर्ग (ड.) नोटः-नियम-5(1)(क)(ii)(a) एवं नियम-6(1)(क)( ii)(a) के अधीन अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II के जनसंख्या के प्रतिशत को सर्वप्रथम जोड़ दिया जाएगा। तत्पश्चात् पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II को आवंटित स्थानों/पदों की गणना निम्नवत् की जाएगीः- अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I का प्रतिशत X अनुमान्य पद/स्थान अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I का प्रतिशत + पिछड़ा वर्ग- II का प्रतिशत निकालने पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I का कु ल पद/स्थान समानुपात में निर्धारित हो जाएगा। यही प्रक्रिया पिछड़ा वर्ग- II के लिए भी की जाएगी।
(छ) पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का प्रतिशत: (i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग (ii) पिछड़ा वर्ग उदाहरण स्वरूप:- (i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I की जनसंख्या का प्रतिशत- 40.92% (ii) पिछड़ा वर्ग- II की जनसंख्या का प्रतिशत -15.91%
(iii) पिछड़े वर्गों को आवंटित पद-4 (iv) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I को आवंटित पद - 40.92x4 = 2.88 पद = 3 पद 40.92+15.91 (v) पिछड़ा वर्ग-II को आवंटित पद- 15.91x4=1.11 पद =1 पद 40.92+15.91
(ज) अन्य जाति की जनसंख्या:
(झ) अन्य जाति की जनसंख्या का प्रतिशत:-
24 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025

*जो लागू नहीं है उसे काट दें।

ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

भाग-दो

निर्वाचन क्षेत्र / प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की कोटिवार जनसंख्या

क्रमांक * निर्वाचन क्षेत्र/ * प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या/नाम * निर्वाचन क्षेत्र/ * प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र अन्तर्गत जनसंख्या
अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति पिछड़ा वर्ग अन्य क ु ल
अ॰पि॰व॰-I पि॰व॰-II
1 2 3 4 5 6 7 8

*जो लागू नहीं हो उसे काट दें।

भाग-तीन

निर्वाचन क्षेत्र / प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की कोटिवार जनसंख्या- अवरोही क्रम में

क्रमांक अवरोही क्रम में अनुसूचित जाति की जनसंख्या *निर्वाचन क्षेत्र/ * प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या अवरोही क्रम में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या ा *निर्वाचन क्षेत्र/ * प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या अवरोही क्रम में अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I की जनसंख्या * निर्वाचन क्ष े त्र/ * प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या अवरोही क्रम में पिछड़ा वर्ग-II की जनसंख्या * निर्वाचन क्षेत्र/ * प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या अवरोही क्रम में अन्य की जनसंख्या * निर्वाचन क्षेत्र/ * प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या
I II III I V V
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11

*जो लागू नहीं हो उसे काट दें।

भाग-चार

आरक्षित/ अनारक्षित निर्वाचन क्षेत्रों की विवरणी

क्रमांक * निर्वाचन क्षेत्र स ंख्या * प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र स ंख्या अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I पिछड़ा वर्ग-II अन्य
महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12

*जो लागू नहीं हो उसे काट दें।25 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 नगरपालिका निर्वाचन शहरी स्थानीय निकाय

प्रपत्र-3

(नियम 9 देखिए)

आरक्षित किए गए निर्वाचन क्षेत्रों / प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की सूची

जिला - *निर्वाचन क्षेत्र का महापौर/अध्यक्ष नगरपालिका - शहरी स्थानीय निकाय - *प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र का पार्षद/सदस्य

क्रमांक *निर्वाचन क्षेत्र/'प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की संख्या/नाम कोटि जिसके लिए आरक्षित/अनारक्षित है महिला के लिए आरक्षित/अन्य
1 2 3 4

*जो लागू नहीं हो उसे काट दें।

जिला दण्डाधिकारी (नाम, हस्ताक्षर व मुहर) टिप्पणी- (1) यदि निर्वाचन क्षेत्र आरक्षित कोटि के अन्तर्गत आता है तब स्तंभ-3 में आरक्षित कोटि के नाम का उल्लेख किया जाये, यथा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II यदि निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित कोटि के अन्तर्गत आता है तब ''अनारक्षित'' शब्द का उल्लेख किया जाय। (2) यदि निर्वाचन क्षेत्र महिला के लिए आरक्षित है तब स्तंभ-4 में ''महिला'' शब्द का उल्लेख किया जाए। यदि निर्वाचन क्षेत्र महिला के लिए आरक्षित नहीं है तब ''अन्य'' शब्द का उल्लेख किया जाए।26 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 नगरपालिका निर्वाचन शहरी स्थानीय निकाय

प्रपत्र-5

(नियम 36 देखिए)

कार्यालय जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) -

निर्वाचन की सूचना

झारखण्ड नगरपालिका निर्वाचन नियमावली, 2012 के नियम 36 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं

, 18 नवमबर, 2016

.......................................... जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) जिला ....................... इससे संलग्न अनुसूची के स्तंभ-(2) में विनिर्दिष्ट शहरी स्थानीय निकाय के *महापौर/*अध्यक्ष/*वार्ड पार्षदों/*सदस्यों के निर्वाचन के स्तंभ में एतद् द्वारा ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

निम्नलिखित सूचना देता हूँ कि ................

(क) अनुसूची के स्तंभ-(4) में विनिर्दिष्ट निर्वाचन क्षेत्र के सामने स्तंभ-(7) में विनिर्दिष्ट पदाधिकारी नगरपालिका (शहरी स्थानीय निकाय) ......................... के लिए *महापौर/*अध्यक्ष/*वार्ड पार्षदों/*सदस्यों के निर्वाचन का संचालन करने हेतु निर्वाची पदाधिकारी होगा।

(ख) निर्वाचन क्षेत्र के सामने स्तंभ (8) में विनिर्दिष्ट स्थान, तिथि और समय नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने का स्थान, तिथि और समय होगा।

(ग) निर्वाचन क्षेत्र के सामने स्तंभ (9) में विनिर्दिष्ट स्थान, तिथि और समय नाम निर्देशन पत्र की संवीक्षा करने का स्थान, तिथि और समय होगा।

(घ) निर्वाचन क्षेत्र के सामने स्तंभ (10) में विनिर्दिष्ट स्थान, तिथि और समय नाम निर्देशन पत्र वापस लेने का स्थान, तिथि और समय होगा।

(ड.) निर्वाचन क्षेत्र के सामने स्तंभ (11) में विनिर्दिष्ट तिथि और समय मतदान की तिथि और समय होगा।

(च) निर्वाचन क्षेत्र के सामने स्तंभ (12) में विनिर्दिष्ट तिथि और समय मतों की गणना करने की तिथि और समय होगा। (छ) निर्वाचन क्षेत्र के सामने स्तंभ (13) में विनिर्दिष्ट स्थान मतों की गणना का स्थान होगा।

राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश से, स्थान -

तिथि -

जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)

-सह-जिला दण्डाधिकारी

(नाम, हस्ताक्षर व मुहर) *जो लागू नहीं हो उसे काट दें।

1- टिप्पणी-यदि किन्हीं अपरिहार्य कारणों से स्तंभ (12) में अंकित तिथि और स्तंभ (13) में अंकित स्थान पर मतगणना नहीं हो सकी तो मतगणना संबंधी कार्यक्रम अलग से निर्धारित किया जा सके गा।

2- टिप्पणी-महापौर/अध्यक्ष के निर्वाचन हेतु वार्ड पार्षद/सदस्य के स्थान पर तदनुसार प्रविष्टि की जाएगी।27 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 अनुसूची

अनुक्रमांक शहरी स्थानीय निकाय का नाम *नगर निगम वर्ग 'क'/वर्ग 'ख' *नगर परिषद वर्ग 'क' *नगर परिषद वर्ग 'ख' *नगर पंचायत पद/स्थान निर्वाचन क्षेत्र/ प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र स ंख्या/नाम आरक्षित/अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित/अन्य निर्वाची पदाधिकारी का नाम तथा पदनाम NaN
NaN
1 2 3 4 5 6 7 NaN
NaN
NaN
ाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने का स्थान, तिथि और समय नाम निर्देशन पत्र स ंवीक्षा करने का स्थान, तिथि और समय नाम निर्देशन पत्र वापस लेने का स्थान, तिथि और समय वह तिथि तथा वह समय जिसके दौरान मतदान होगा मतों की गणना करने की तिथि और समय मतों की गणना का स्थान NaN
8 9 10 11 12 13 NaN
NaN

*जो लागू नहीं हो उसे काट दें।

राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश से, स्थान -

तिथि -

जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)

-सह-जिला दण्डाधिकारी

(नाम, हस्ताक्षर व मुहर) टिप्पणी- (1) यदि निर्वाचन क्षेत्र आरक्षित कोटि के अन्तर्गत आता है तब स्तंभ 5 में आरक्षित कोटि के नाम का उल्लेख किया जाय यथा अनुसूचित जातिए अनुसूचित जनजातिए पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग- II । यदि निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित कोटि के अन्तर्गत आता है तब अनारक्षित का उल्लेख किया जाय। (2) यदि निर्वाचन क्षेत्र महिला के लिए आरक्षित है तब स्तंभ 6 में "महिला" शब्द का उल्लेख किया जाये। यदि निर्वाचन क्षेत्र महिला के लिए आरक्षित नहीं है तब "अन्य" शब्द का उल्लेख किया जाये।

(3) स्तंभ 8 में तिथि नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की प्रथम तिथि से अंतिम तिथि तक होगी जो निर्वाचन की सूचना के प्रकाशन की तिथि के अगले दिन से सातवें दिन तक होगी जो सार्वजनिक अवकाश का दिन न हो।28 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 नगरपालिका निर्वाचन

शहरी स्थानीय निकाय

प्रपत्र-6

(नियम 37 देखिए)

नाम निर्देशन-पत्र

जिला ........................................... शहरी स्थानीय निकाय ..................................

, 18 नवमबर, 2016

*प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या ............................... से ........................................... वार्ड पार्षद/सदस्य *निर्वाचन क्षेत्र संख्या .......................................से ............................. महापौर/अध्यक्ष के लिये निर्वाचन। ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

मैं उपयु र्क्त निर्वाचन क्षेत्र के उपयु र्क्त पद के लिये निम्नलिखित को अभ्यर्थी के रूप में नाम निर्दिष्ट करता/करती हूँ। अभ्यर्थी का नाम .................................................................

पिता/माता/पति का नाम ............................................

डाक पता ................................... जिला .............................. जो नगरपालिका ............................... के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या....................... की मतदाता सूची के क्रमांक ................... भाग संख्या ............. पर प्रविष्ट है।

मेरा नाम ...................................... है जो जिला .......................... नगरपालिका .......................... के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या .................................................. की मतदाता सूची में क्रमांक ................ भाग संख्या .................... पर प्रविष्ट है।

प्रस्तावक का हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान स्थान .............................................

तारीख ...........................................

मैं उपयु र्क्त निर्वाचन क्षेत्र के उपयु र्क्त पद के लिये निम्नलिखित को अभ्यर्थी के रूप के नाम निर्दिष्ट के प्रस्ताव का समर्थन करता/करती हूँ।

अभ्यर्थी का नाम ......................................................

पिता/माता/पति का नाम ............................................

डाक पता ............................................................ जिला .......................................

जो नगरपालिका ............................... के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या................................ की मतदाता सूची में क्रमांक ........................... भाग संख्या ............. पर प्रविष्ट है।

मेरा नाम .................................................................... है जो जिला ................................... नगरपालिका .......................... के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या ........................................................ की मतदाता सूची में क्रमांक ................ भाग संख्या .................... पर प्रविष्ट है।

समर्थक का हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान स्थान .............................................

तारीख ...........................................

*जो लागू नहीं हो उसे काट दें।

मैं ऊपर नामित अभ्यर्थी, इस नाम निर्देशन के लिए अपनी सहमति देता/देती हँ◌ू और एतद् द्वारा घोषणा करता/करती हूँ किः-

(क) मैंने .................................... वर्ष की आयु पूरी कर ली है।

(ख) मेरा नाम तथा मेरे पिता/माता/पति का नाम ऊपर देवनागरी लिपि में हिन्दी में सही लिखा गया है। (ग) मेरे सर्वोत्तम ज्ञान तथा विश्वास के अनुसार मैं उपयु र्क्त निर्वाचन के लिये अर्हित हूँ और अन्यथा अनर्हित भी नहीं हूँ ।29 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 (घ) मैं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I / पिछड़ा वर्ग- II का होने का दावा करता/करती हूँ तथा सक्षम पदाधिकारी द्वारा प्रदत् जाति प्रमाण-पत्र इसके साथ संलग्न है।

स्थान ..........................................

तारीख ........................................

...................................................

अभ्यर्थी का हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान

(निर्वाची पदाधिकारी द्वारा भरा जायेगा)

नाम निर्देशन-पत्र का क्रमांक ................................................

यह नाम निर्देशन मुझे मेरे कार्यालय में तारीख ................................ को ............................... (बजे) अभ्यर्थी/प्रस्तावक द्वारा परिदत्त किया गया।

तारीख ........................................

...................................................

निर्वाची पदाधिकारी नाम निर्देशन -पत्र को स्वीकृ त या अस्वीकृ त करने वाले निर्वाची पदाधिकारी का विनिष्चय मैंने इस नाम निर्देशन पत्र का परीक्षण झारखण्ड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के नियम 37 के अनुसार कर लिया है और मैं निम्नलिखित रूप से विनिश्चय करता हूँ-

तारीख ........................................

समय ..........................................

...................................................

निर्वाची पदाधिकारी का

(नाम, हस्ताक्षर व मुहर) ....................................................................................................................................................

(छिद्रण)

नाम निर्देशन पत्र के लिये रसीद और संवीक्षा की सूचना

(नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति को दी जाने के लिये)

नाम निर्देशन पत्र का अनुक्रमांक ....................................................

श्री/सुश्री/श्रीमती ........................................... का, जो* ................... के निर्वाचन के लिये एक अभ्यर्थी है, नाम निर्देशन पत्र मुझे तारीख ................................... को ............................. (बजे) अभ्यर्थी/प्रस्तावक द्वारा प्रदत्त किया गया। सभी नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा तारीख ................... को ................. (बजे) स्थान ............................................................................ में की जायेगी।

तारीख ........................................

समय ..........................................

...............................

निर्वाची पदाधिकारी का

(नाम, हस्ताक्षर व मुहर) *इस स्थान पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र/प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या/नाम तथा संबंधित पद लिखें जैसा इस प्रपत्र के शीर्ष भाग पर अभ्यर्थी/प्रस्तावक द्वारा अंकित किया गया है।30 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 नगरपालिका निर्वाचन

शहरी स्थानीय निकाय

प्रपत्र-7

(नियम-37 (4) देखिए)

नाम निर्देशन की आम सूचना

जिलाः.....................................शहरी स्थानीय निकाय...........................................................................

*प्रादेशिक

निर्वाचन क्षेत्र संख्या......................................................से........................................................वार्ड पार्षद/सदस्य , 18 नवमबर, 2016 *निर्वाचन क्षेत्र संख्या ..........................................से.....................................*महापौर/*अध्यक्ष के लिए निर्वाचन 20.......

ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

सर्वसाधारण को जानकारी के लिए यह सूचना दी जाती है कि उपरोक्त वर्णित निर्वाचन के लिए निम्नलिखित नाम निर्देशन पत्र आज दिनांक ............................... को अपराह्न 3.00 बजे तक प्राप्त हुए हैं-

क्रम संख्या नाम निर्देशन पत्र का क्रमांक अभ्यर्थी का नाम अभ्यर्थी के पिता/माता/पति का नाम अभ्यर्थी की आयु अभ्यर्थी का पता
1 2 3 4 5 6
अभ्यर्थी की कोटि अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I /पिछड़ा वर्ग- II /अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अनारक्षित मतदाता सूची में अभ्यर्थी का क्रमांक प्रस्तावक का नाम मतदाता सूची में प्रस्तावक का क्रमांक समर्थक का नाम मतदाता सूची में समर्थक का क्रमांक
7 8 9 10 11 12

*जो लागू नहीं हो उसे काट दें।

स्थान ........................................

तिथि ..........................................

निर्वाची पदाधिकारी का

(नाम, हस्ताक्षर व मुहर)31 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 नगरपालिका निर्वाचन

शहरी स्थानीय निकाय

प्रपत्र-7(क)

(नियम-37 (4) देखिए)

नाम निर्देशन की अंतिम तिथि तक प्राप्त नाम निर्दिष्ट अभ्यर्थियों की समेकित सूची

जिलाः.................................................शहरी स्थानीय निकाय...........................................................................

*प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या......................................................से........................................................वार्ड पार्षद/सदस्य *निर्वाचन क्षेत्र संख्या ..........................................से.....................................*महापौर/*अध्यक्ष के लिए निर्वाचन 20........

क्रम संख्या नाम निर्देशन पत्र का क्रमांक अभ्यर्थी का नाम अभ्यर्थी के पिता/माता/पति का नाम अभ्यर्थी की आयु अभ्यर्थी का पता
1 2 3 4 5 6
अभ्यर्थी की कोटि अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I /पिछड़ा वर्ग- II /अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अनारक्षित मतदाता सूची में अभ्यर्थी का क्रमांक प्रस्तावक का नाम मतदाता सूची में प्रस्तावक का क्रमांक समर्थक का नाम मतदाता सूची में समर्थक का क्रमांक
7 8 9 10 11 12

*जो लागू नहीं हो उसे काट दें।

स्थान ........................................

तिथि ..........................................

निर्वाची पदाधिकारी का

(नाम, हस्ताक्षर व मुहर)32 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 नगरपालिका निर्वाचन

शहरी स्थानीय निकाय

प्रपत्र-23(क)

(नियम-105 देखिये)

निर्वाचन परिणाम का प्रकाशन

(वार्ड पार्षद/सदस्य के लिए)

झारखण्ड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावलीए 2012 के नियम 105 के अनुसरण में मैं एतद द्वारा यह अधिसूचित करता हॅ ं कि नीचे दी गई अनुसूची के स्तंभ (1) में नामित व्यक्ति स्तंभ (2) में अंकित पद पर स्तंभ (5) में वर्णित

, 18 नवमबर, 2016

शहरी स्थानीय निकाय के लिए सम्यक रूप से निर्वाचित हो गया है-

अनुसूची

ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

व्यक्ति का नाम पद का विवरण शहरी स्थानीय निकाय जिससे पद संबंधित है (प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या/नाम सहित)
पद आरक्षित/ अनारक्षित महिला/ अन्य
1 2 3 4 5

स्थान ........................................

तिथि ..........................................

जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)-सह-

जिला दण्डाधिकारी

(नाम, हस्ताक्षर व मुहर) *जो लागू नहीं हो उसे काट दें।

टिप्पणी- (1) यदि निर्वाचन क्षेत्र आरक्षित कोटि के अन्तर्गत आता है तब स्तंभ 3 में आरक्षित कोटि के नाम का उल्लेख किया जाए, यथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II । यदि निर्वाचन अनारक्षित कोटि के अन्तर्गत आता है तब "अनारक्षित" का उल्लेख किया जाय। (2) यदि निर्वाचन क्षेत्र महिला के लिए आरक्षित है तब स्तंभ 4 में "महिला" शब्द का उल्लेख किया जाए। यदि निर्वाचन क्षेत्र महिला के लिए आरक्षित नहीं है तब "अन्य" शब्द का उल्लेख किया जाय।33 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 नगरपालिका निर्वाचन

शहरी स्थानीय निकाय

प्रपत्र-23(ख)

(नियम-105 देखिये)

निर्वाचन परिणाम का प्रकाशन

(महापौर/अध्यक्ष के लिए)

झारखण्ड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के नियम 105 के अनुसरण में मैं एतद द्वारा यह अधिसूचित करता हॅ ं कि नीचे दी गई अनुसूची के स्तंभ (1) में नामित व्यक्ति स्तंभ (2) में अंकित पद पर स्तंभ (5) में वर्णित शहरी स्थानीय निकाय के लिए सम्यक रूप से निर्वाचित हो गया है-

अनुसूची

व्यक्ति का नाम पद का विवरण शहरी स्थानीय निकाय जिससे पद संबंधित है (प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या/नाम सहित)
पद आरक्षित/ अनारक्षित महिला/ अन्य
1 2 3 4 5

स्थान ........................................

तिथि ..........................................

जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)-सह-

जिला दण्डाधिकारी

(नाम, हस्ताक्षर व मुहर)

*जो लागू नहीं हो उसे काट दें।

टिप्पणी- (1) यदि निर्वाचन क्षेत्र आरक्षित कोटि के अन्तर्गत आता है तब स्तंभ 3 में आरक्षित कोटि के नाम का उल्लेख किया जाए, यथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत अत्यन्त पिछड़ा वर्ग- I एवं पिछड़ा वर्ग- II । यदि निर्वाचन अनारक्षित कोटि के अन्तर्गत आता है तब "अनारक्षित" का उल्लेख किया जाय।

(2) यदि निर्वाचन क्षेत्र महिला के लिए आरक्षित है तब स्तंभ 4 में "महिला" शब्द का उल्लेख किया जाए। यदि निर्वाचन क्षेत्र महिला के लिए आरक्षित नहीं है तब "अन्य" शब्द का उल्लेख किया जाय।34 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 अनुसूची

उदाहरण-(2) निर्वाचन क्षेत्रों (नगरपालिकाओं) में महापौर/अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण एवं आवंटन के अवधारण की प्रक्रिया (नियम-6 देखिये)

राज्य में तीन श्रेणी की नगरपालिका हैं यथा-नगर निगम (वर्ग'क' एवं वर्ग'ख'), नगर परिषद् (वर्ग'क' एवं वर्ग'ख') एवं नगर पंचायत। नियमावली के नियम 6(1)(क) के प्रावधानानुसार राज्य के सभी निर्वाचन क्षेत्रों (नगरपालिकाओं) यथा- नगर निगम वर्ग'क', नगर निगम वर्ग'ख', नगर परिषद् (वर्ग'क' एवं वर्ग'ख') एवं नगर पंचायत को तीन अलग-अलग श्रेणियों में माना जाएगा।

, 18 नवमबर, 2016

ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

उदाहरणस्वरूप मान लिया जाए कि राज्य में नगर निगम (वर्ग'क' एवं वर्ग'ख') की संख्या 9 है और कु ल जनसंख्या- 3,29,88,134 (काल्पनिक) है; जिसके अन्तर्गत कोटिवार जनसंख्या यथा-अनुसूचित जनजाति- 86,45,042, अनुसूचित जाति- 39,85,644, पिछड़ा वर्ग-24,17,040 (अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I 17,17,708 एवं पिछड़ा वर्ग- II 6,99,332) तथा अन्य की जनसंख्या- 1,79,40,408 है।

2. राज्य की कु ल जनसंख्या में से उक्त कोटिवार जनसंख्या का प्रतिशत निम्नवत् है:-

(i) अनुसूचित जनजाति - 26.20% (ii) अनुसूचित जाति - 12.08% (iii) पिछड़ा वर्ग (नगरपालिका की कु ल जनसंख्या में)- 47.00%

a) अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I - 33.40% b) पिछड़ा वर्ग-II - 13.60%

(iv) अन्य - 54%

3. उक्त के आलोक में नियम 6(1) के अधीन राज्य की जनसंख्या के अनुपात यथा प्रतिशत के आधार पर नगर परिषदों में, अध्यक्ष के पद का आरक्षण करने के उद्देश्य से प्रत्येक कोटि के लिए, अनुमान्य पदों की कु ल संख्या निर्धारित की जायेगी, यथाः- (क) अनुसूचित जनजाति के लिए 9 पद का 26.20 प्रतिशत - 2.35 = 2 पद

(ख) अनुसूचित जाति के लिए 9 पद का 12.08 प्रतिशत - 1.08 = 1 पद

(ग) पिछड़ा वर्ग के लिए 9 पद का 47.00 प्रतिशत - 4.23 = 4 पद

(घ) पिछडा वर्ग को आवंटन हेतु वास्तविक अनुमान्य पदों की सं॰ - 1 पद (50% से अनधिक अधिसीमा के अंतर्गत)

a) समानुपात में अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I को आवंटन हेतु वास्तविक अनुमान्य पदों की सं॰-

33.40% X 1=0.71 = 1 पद 47.00%

b) समानुपात में पिछड़ा वर्ग-II को आवंटन हेतु वास्तविक अनुमान्य पदों की सं॰ -

13.60% X 1=0.28 = 0 पद 47.00%

(ङ) अन्य को आवंटन हेतु वास्तविक पदों की सं॰ - 5 पद

4. चू ंकि नियमावली के नियम-6 के प्रावधानानुसार पदों के आरक्षण की अधिसीमा 50 प्रतिशत के यथाशक्य निकटतम किन्तु इससे अनधिक है और अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति की जनसंख्या के अनुपात में पदों के आरक्षण देय है। इसलिए ऊपर कं डिका-3 में किए गये आरक्षण के निर्धारण के अनुसार अनुसूचित जनजाति के लिए 2 पद, अनुसूचित जाति के लिए 1 पद, पिछड़ा वर्ग के लिए 50 प्रतिशत से अनधिक पद का शेष यानि 1 पद (अ0पि0व0-प् के 1 पद एवं पि0व0-प्प् के 0 पद) एवं अन्य के लिए 5 पद अनुमान्य होंगे।35 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 प्रपत्र-2 (नियम 6 देखिये) आरक्षण, कोटिवार जनसंख्या एवं निर्वाचन क्षेत्र-आवंटन पंजी भाग-एक

शहरी स्थानीय निकाय- नगर निगम (वर्ग-क एवं वर्ग-ख)

कोटिवार जनसंख्या एवं कोटिवार अनुमान्य पद

राज्य शहरी स्थानीय निकाय की जनसंख्या *नगर निगम वर्ग 'क' एवं 'ख' *नगर परिषद वर्ग 'क' *नगर परिषद वर्ग 'ख' *नगर पंचायत *नगर निगम 'क' एवं 'ख'-महापौर/वार्ड पार्षद *नगर परिषद वर्ग 'क'-अध्यक्ष/वार्ड पार्षद *नगर परिषद वर्ग 'ख'-अध्यक्ष/वार्ड पार्षद के लिए *नगर पंचायत-अध्यक्ष/वार्ड पार्षद
अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग अन्य क ु ल क ु ल पद अनुसूचित जाति के लिए कु ल पद अनुसूचित जनजाति क े लिए क ु ल पद पिछड़ा वर्ग के लिए कु ल पद अन्य के लिए कु ल पद
अ॰पि॰व॰- I पि॰व॰- II अ॰पि॰व॰- I पि॰व॰- II
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12
8645042 3985644 1717708 699332 17940408 32988134 9 2 1 1 0 5
(क) राज्य की कु ल जनसंख्याः - 32988134 (ख) अनुसूचित जनजाति की जनसंख्याः-8645042 (ग) अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या का प्रतिशतः-26.20% (घ) अनुसूचित जाति की जनसंख्याः-3985644 (ङ) अनुसूचित जाति की जनसंख्या का प्रतिशतः-12.08% (च) पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या-2417040 (i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I की जनसंख्या-1717708 (ii) पिछड़ा वर्ग-II की जनसंख्या-699332 (छ) पिछड़ा वर्ग की नगर निकायों में जनसंख्या का प्रतिशतः- 47.00% (i) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I की नगर निकायों में जनसंख्या का प्रतिशत-33.40% (ii) पिछड़ा वर्ग-प्प् की नगर निकायों में जनसंख्या का प्रतिशत- 13.60% (ज) अन्य कोटि की जनसंख्याः-17940408 (झ) अन्य कोटि की जनसंख्या का प्रतिशतः-54% *जो लागू नहीं है उसे काट दें। 3. (क) अनुसूचित जनजाति के लिए पदों की संख्या-2 9 का 26.20%=2.35 (ख) अनुसूचित जाति के लिए पदों की संख्या-1 9 का 12.08%=1.08 (ग) (I) पिछडा वर्ग के लिए जनसंख्या के अनुसार पदों की स ंख्या-4 पिछड़ा वर्ग का आवंटन हेतु वास्तविक पदों की a) स ंख्या-1 b) अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-प् का आवंटन हेतु समानुपात में वास्तविक पदों की संख्या -1 पिछड़ा वर्ग-प्प् का आवंटन हेतु समानुपात में (II) वास्तविक पदों की संख्या-0 (घ) अन्य के लिए पदों की संख्या-5

5. नगर निगम (वर्ग 'क' एवं वर्ग 'ख') में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग अन्तर्गत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग-II तथा अन्य की कोटिवार जनसंख्या निर्वाचन क्षेत्रवार क्रम से प्रपत्र-2 के भाग-दो में निम्नवत अंकित की जायेगी:-

36 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025

प्रपत्र-2 भाग-दो

निर्वाचन क्षेत्र (नगर निगम वर्ग-क) की कोटिवार जनसंख्या (संख्यांकन के क्रमवार)

क्रमांक निर्वाचन क्षेत्र स ंख्या/नाम निर्वाचन क्षेत्र के अन्तर्गत जनसंख्या
अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I , 18 नवमबर, 2016 पिछड़ा वर्ग- II अन्य क ु ल
i ii iii iv v vi vii viii
1 1 ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024 23150 199509 436094 151487 352232 1162472
2 2 217024 50452 190814 76270 538867 1073427
कुल- 240174 249961 626908 227757 891099 2235899

प्रपत्र-2 भाग-दो

निर्वाचन क्षेत्र (नगर निगम वर्ग-ख) की कोटिवार जनसंख्या (संख्यांकन के क्रमवार)

क्रमांक निर्वाचन क्षेत्र स ंख्या/नाम निर्वाचन क्षेत्र के अन्तर्गत जनसंख्या
अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I पिछड़ा वर्ग- II अन्य क ु ल
i ii iii iv v vi vii viii
1 3 4307 18248 49852 23549 62985 158941
2 4 7935 21860 78154 26180 63337 197466
3 5 2611 26102 87115 31382 34422 181632
4 6 2652 25050 48898 47582 78941 203123
5 7 2338 15593 53186 29251 56520 156888
6 8 24104 8843 50806 6280 84322 174355
7 9 13605 4927 73743 14649 116881 223805
कुल- 57552 120623 441754 178873 497408 1296210

6. इस प्रक्रिया के बाद नियम 6 के अधीन आरक्षित पदों को निर्वाचन क्षेत्र संख्या आवंटित किया जाएगा। इसके लिए सर्वप्रथम प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्येक कोटि की जनसंख्या प्राप्त की जायेगी और प्रपत्र 2 के भाग-तीन के का◌ॅलम 1 से 11 के अनुसार ंखला तैयार की जायेगी जैसा नीचे दर्शाया गया हैः-

कोटिवार जनसंख्या की अवरोही क्रम में श्रृ37 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025

निर्वाचन क्षेत्र (नगर निगम वर्ग-क) का भाग-तीन
क्रमांक अवरोही क्रम में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या निर्वाचन क्षेत्र की स ंख्या अवरोही क्रम में अनुसूचित जाति की जनसंख्या निर्वाचन क्षेत्र की स ंख्या अवरोही क्रम में अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I की जनसंख्या निर्वाचन क्षेत्र की स ंख्या अवरोही क्रम में अत्यंत पिछड़ा वर्ग-II की जनसंख्या निर्वाचन क्षेत्र की स ंख्या अवरोही क्रम में अन्य की जनसंख्या निर्वाचन क्षेत्र की स ंख्या
i ii iii iv v vi vii viii ix x xi
1 217024 (2) 199509 1 436094 1 151487 1 538867 2
2 23150 1 50452 2 190814 2 76270 2 352232 (1)
i 240174 ii iii 249961 iv v 626908 vi vii 227757 viii ix 891099 x xi
1 24104 (8) 26102 (5) 87115 5 47582 6 116881 (9)
2 13605 9 25050 6 78152 (4) 31382 5 84322 8
3 7935 4 21860 4 73743 9 29251 7 78941 (6)
4 4307 3 18248 3 53186 7 26180 4 63337 4
5 2652 6 15593 7 50806 8 23549 3 62985 (3)
6 2611 5 8843 8 49852 3 14649 9 56520 (7)
7 2338 7 4927 9 48898 6 6280 8 34422 5
57552 120623 441754 178873 497408

7. उपयु र्क्त प्रपत्र-2 के भाग-1 के तहत् अनुमान्य पदों को प्रपत्र-2 के भाग-तीन में जनसंख्या के अवरोही क्रम के आधार पर कोटिवार निर्वाचन क्षेत्र निम्नवत् आवंटित किया जाएगाः-

(क) जनसंख्या के अवरोही क्रम के आधार पर सर्वप्रथम अनुसूचित जनजाति को अनुमान्य पदों के अनुसार अधिकतम अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया जायेगा। स्पष्टतः जिस निर्वाचन क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या अधिकतम होगी उस निर्वाचन क्षेत्र को, अनुमान्यता के आलोक में, अनुसूचित जनजाति को आवंटित किया जाएगा। (ख) अनुसूचित जनजाति को निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किये जाने के पश्चात जनसंख्या के अवरोही क्रम के आधार पर अनुसूचित जाति को अनुमान्य पदों के अनुसार अधिकतम अनुसूचित जाति की जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया जाएगा। परन्तु यदि वह निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जनजाति को इसी आधार पर आवंटित हो चुका है तब अवरोही क्रम में उसके नीचे का अधिकतम अनुसूचित जाति की जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया जाएगा।

(ग) अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति को निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किये जाने के पश्चात् अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I को अनुमान्य पदों के अनुसार तथा अवरोही क्रम के आधार पर अधिकतम अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I की जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया जाएगा। यदि वह निर्वाचन क्षेत्र दूसरे कोटि (अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति) को इसी आधार पर आवंटित हो चुका है तब अवरोही क्रम में उसके नीचे का अधिकतम अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I की जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया जाएगा।38 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 (घ) अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I को निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किये जाने के पश्चात् पिछड़ा वर्ग-IIको अनुमान्य पदों के अनुसार तथा अवरोही क्रम के आधार पर अधिकतम पिछड़ा वर्ग-II की जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया जाएगा। यदि वह निर्वाचन क्षेत्र दूसरे कोटि (अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I) को इसी आधार पर आवंटित हो चुका है तब अवरोही क्रम में उसके नीचे का अधिकतम पिछड़ा वर्ग-II की जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया जाएगा।

(ङ) अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अत्यन्त पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग-II को निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किये जाने के पश्चात शेष निर्वाचन क्षेत्र अन्य के लिए अवधारित किया जाएगा।

, 18 नवमबर, 2016

(उदाहरण उपयु र्क्त प्रपत्र भाग-तीन में दिया गया है) ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024

8. (i) नगर निगम वर्ग-क (कु ल 02 पद) के लिए उपयु र्क्त प्रपत्र-2 के भाग-एक, भाग-तीन एवं कं डिका-7 में अंकित विवरण के अनुसार कोटिवार निर्वाचन क्षेत्र निम्नवत आवंटित किया जाएगा:-

(क) अनुसूचित जनजाति को कु ल 1 पद अनुमान्य है एवं सर्वप्रथम कोटिवार जनसंख्या के अवरोही क्रम के आधार पर अधिकतम अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या वाले निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जनजाति को आवंटित किये जाने हैं। अतएव प्रपत्र-2 के भाग-तीन के अनुसार, पहले एक अधिकतम अनुसूचित जनजाति जनसंख्या वाले निर्वाचन क्षेत्र संख्या-2 अनुसूचित जनजाति के लिए आवंटित किया जाएगा।

(ख) अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I के लिए अनुमान्य सभी पदों के लिए निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किये जाने के पश्चात, पिछड़ा वर्ग-II के लिए अनुमान्य पद आवंटित किया जाएगा। इस क्रम में अवरोही क्रम में सबसे अधिक पिछड़ा वर्ग-II की जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र का आवंटन पिछड़ा वर्ग-II के लिए किया जाएगा।

(ग) आरक्षित कोटियों (अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग-II) को निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किये जाने के पश्चात् शेष निर्वाचन क्षेत्र अन्य के लिए अवधारित होगा।

(ii) नगर निगम वर्ग-ख के लिए उपयु र्क्त प्रपत्र-2 के भाग-एक, भाग-तीन एवं कं डिका-7 में अंकित विवरण के अनुसार कोटिवार निर्वाचन क्षेत्र निम्नवत आवंटित किया जाएगा:-

(क) अनुसूचित जनजाति को अवशेष कु ल 1 और पद अनुमान्य है एवं सर्वप्रथम कोटिवार जनसंख्या के अवरोही क्रम के आधार पर अधिकतम अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या वाले निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जनजाति को आवंटित किये जाने हैं। अतएव प्रपत्र-2 के भाग-तीन के अनुसार, पहले एक अधिकतम अनुसूचित जनजाति जनसंख्या वाले निर्वाचन क्षेत्र संख्या-8 अनुसूचित जनजाति के लिए आवंटित किया जाएगा।

(ख) अनुसूचित जनजाति के लिए अनुमान्य सभी पदों के लिए निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किये जाने के पश्चात्, अनुसूचित

ंकि अनुसूचित जाति की सबसे अधिक जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र जाति को अनुमान्य कु ल 1 पद आवंटित किया जाएगा। चू

संख्या 5 है, अतएव इसे उक्त कोटि के लिए आवंटित किया जायेगा।

(ग) अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के लिए अनुमान्य सभी पदों के लिए निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किये जाने के पश्चात, अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I के लिए अनुमान्य 1 पद आवंटित किया जाएगा। इस क्रम में निर्वाचन क्षेत्र संख्या-5, जो कि पूर्व में अनुसूचित जाति को आवंटित किया जा चुका है को छोड़कर अवरोही क्रम में सबसे अधिक अत्यंत पिछड़ा वर्ग-प् की जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र, यथा 4 का आवंटन अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I के लिए किया जाएगा।

(घ) अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग-प् के लिए अनुमान्य सभी पदों के लिए निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किये जाने के पश्चात, पिछड़ा वर्ग-II के लिए अनुमान्य पद आवंटित किया जाएगा। इस क्रम में अवरोही क्रम में सबसे अधिक पिछड़ा वर्ग-II की जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र का आवंटन पिछड़ा वर्ग-II के लिए किया जाएगा।

(ड.) आरक्षित कोटियों (अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग के अन्तर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I एवं पिछड़ा वर्ग-II) को निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किये जाने के पश्चात् शेष निर्वाचन क्षेत्र अन्य के लिए अवधारित होगा।39 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025

महिलाओं का आरक्षण एवं आवंटन

9. अधिनियम की धारा 27(2) एवं एतद् नियमावली के नियम-6(1) (घ) के अधीन प्रत्येक कोटि में यथाशक्य 50 प्रतिशत किन्तु इससे अनधिक पद महिलाओं के लिए निम्नवत आरक्षित एवं आवंटित किया जाएगाः-

(क) प्रत्येक कोटि के लिए पदों की संख्या निर्धारित किये जाने एवं अवरोही क्रम में उस कोटि के अधिकतम जनसंख्या वाला निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किये जाने के पश्चात, प्रत्येक कोटि के लिये बथाशक्य पचास प्रतिशत परंतु इससे अनधिक पद उस कोटि की महिलाओं के लिये आरक्षित एवं आवंटित किया जाएगा।

(ख) जिस कोटि के लिए जनसंख्या अनुपात के आधार पर पद अनुमान्य नहीं है उस कोटि की महिला के लिए ऐसा आरक्षण नहीं किया जाएगा। जिस कोटि के लिए 2 पद अनुमान्य है उस कोटि की महिला के लिये एक पद आरक्षित होगा। परन्तु यदि किसी कोटि के लिये एक ही पद अनुमान्य हो तो वह पद उस कोटि की महिला के लिये आरक्षित नहीं होगा और अनुवर्ती आम चुनाव में भी महिला के लिये आरक्षित नहीं होगा।

(ग) प्रत्येक कोटि के लिए आरक्षित एवं आवंटित किए गए निर्वाचन क्षेत्रों के क्रम में पहले आने वाले निर्वाचन क्षेत्र सर्वप्रथम उस कोटि की महिला के लिए आवंटित होगा और अनुवर्ती आम चुनावों में चक्रानुक्रम में प्रत्येक दूसरा क्षेत्र अनुमान्यता के आधार पर, महिला के लिए आवंटित होगा।

(घ) यदि अन्य कोई विकल्प नहीं हो, तब पूर्ववर्ती निर्वाचन में किसी कोटि विशेष की महिला के लिए आवंटित निर्वाचन क्षेत्र उसी कोटि की महिला के लिए पश्चात्वर्ती निर्वाचन में पुनः आवंटित किया जा सके गा।

(ड.) उपयु र्क्त उदाहरण को निम्न प्रकार से स्पष्ट किया जाता हैः-

(i) प्रथम आम निर्वाचन में महिलाओं को आवंटित पद 1, 3, 5, 7, 9 ...............

(ii) द्वितीय आम निर्वाचन में महिलाओं को आवंटित पद 2, 4, 6, 8, 10 ............

(iii) तृतीय आम निर्वाचन में महिलाओं को आवंटित पद 3, 5, 7, 9, 11 ..............

(iv) चतुर्थ आम निर्वाचन में महिलाओं को आवंटित पद 4, 6, 8, 10, 12 .............

10. (i) नगर निगम वर्ग-क के लिए उपयु र्क्त प्रपत्र-2 के भाग-तीन एवं कं डिका-9 में अंकित विवरण के आलोक में महिलाओं को निम्नवत् आरक्षित एवं आवंटित किया जाएगाः-

(क) अनुसूचित जनजाति को एक ही पद अनुमान्य है अतः वह पद इस कोटि की महिला के लिए आरक्षित नहीं होगा। (ख) अन्य कोटि को भी एक ही पद अनुमान्य है अतः वह पद इस कोटि की महिला के लिए आरक्षित नहीं होगा। (ii) नगर निगम वर्ग-ख के लिए उपयु र्क्त प्रपत्र-2 के भाग-तीन एवं कं डिका-9 में अंकित विवरण के आलोक में महिलाओं को निम्नवत् आरक्षित एवं आवंटित किया जाएगाः-

(क) अनुसूचित जनजाति को एक ही पद अनुमान्य है अतः वह पद इस कोटि की महिला के लिए आरक्षित नहीं होगा। (ख) अनुसूचित जाति को एक ही पद अनुमान्य है अतः वह पद इस कोटि की महिला के लिए आरक्षित नहीं होगा। (ग) अत्यंत पिछड़ा वर्ग-प् को एक ही पद अनुमान्य है अतः वह पद इस कोटि की महिला के लिए आरक्षित नहीं होगा। (घ) अन्य कोटि को 4 पद अनुमान्य है अतः 9 एवं 3 महिला के लिए आरक्षित होगा।

11. (i) नगर निगम वर्ग-क के लिए प्रावधानों के आलोक में महिलाओं को निम्नरूपेण विवरणी-ख के अनुसार निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया जाएगाः-40 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025

विवरणी-'ख' (प्रपत्र-2 के आंकड़ा पर आधारित)
अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र संख्या अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र संख्या अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I क े लिये आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र संख्या पिछड़ा वर्ग- II के लिये आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र संख्या अनारक्षित निर्वाचन क्षेत्र संख्या निर्वाचन
महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य
- 2 - - - - , 18 नवमबर, 2016 - - - 1 प्रथम आम निर्वाचन
- 2 ीीझारखण्ड गजट (असाधारण) ुिक्रवार, 20 कदसमबर, 2024 - - - - - - - 1 द्वितीय आम निर्वाचन
- 2 - - - - - - - 1 तृतीय आम निर्वाचन
- 2 - - - - - - - 1 चतुर्थ आम निर्वाचन

(ii) नगर निगम वर्ग-ख के लिए प्रावधानों के आलोक में महिलाओं को निम्नरूपेण विवरणी-ख के अनुसार निर्वाचन क्षेत्र आवंटित किया जाएगाः-

विवरणी-'ख' (प्रपत्र-2 के आंकड़ा पर आधारित)
अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र संख्या अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र संख्या अत्यंत पिछड़ा वर्ग- I क े लिये आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र संख्या पिछड़ा वर्ग- II के लिये आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र संख्या अनारक्षित निर्वाचन क्षेत्र संख्या निर्वाचन
महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य महिला अन्य
- 8 - 5 - 4 - - 3, 9 6, 7 प्रथम आम निर्वाचन
- 8 - 5 - 4 - - 6, 7 3, 9 द्वितीय आम निर्वाचन
- 8 - 5 - 4 - - 3, 9 6, 7 तृतीय आम निर्वाचन
- 8 - 5 - 4 - - 6, 7 3, 9 चतुर्थ आम निर्वाचन

12. यह उदाहरण नियम 6(1) के अधीन नगरपालिकाओं की तीनों श्रेणियों (नगर निगम वर्ग-क एवं वर्ग-ख/नगर परिषद् वर्ग-क एवं वर्ग-ख /नगर पंचायत) के महापौर/अध्यक्ष के पदों के लिए यथा अनुरूप मार्गदर्शन के रूप में लागू होगी। परन्तु नगर परिषद् वर्ग-क एवं वर्ग-ख के लिए प्रपत्र-2 का भाग-एक, दो, तीन एवं चार सम्मिलित रुप से बनाया जायेगा।

13. नियम-3 के अधीन नगर निगम की दो श्रेणी में यथा-नगर निगम वर्ग-क एवं नगर निगम वर्ग-ख में विभक्त किया गया है। नगर निगम के महापौर पद के आरक्षण किए जाने के उद्देश्य से नगर निगम वर्ग-क एवं नगर निगम वर्ग-ख के लिए आरक्षण के अवधारण की प्रक्रिया सम्मिलित रूप से प्रपत्र-2 के भाग एक में की जाएगी। पदों के आरक्षण का41 झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 29 अक्टू बर, 2025 अवधारण के पश्चात् नगर निगम के दोनों श्रेणी को अलग-अलग मानकर अवरोही क्रम में अलग-अलग आवंटन की कार्रवाई की जाएगी।

आवंटन के क्रम में सर्वप्रथम नगर निगम के लिए अवधारित पदों में नगर निगम वर्ग-क को 50 प्रतिशत की अधिसीमा के अधीन आवंटित की जाएगी। तत्पश्चात् अवशेष बचे पदों को नगर निगम वर्ग-ख में भी 50 प्रतिशत की अधिसीमा के अधीन अवधारित किया जाएगा। इसके लिए प्रपत्र-2 का भाग-1 दोनों श्रेणी के लिए एक ही होगा। परंतु प्रपत्र-2 का भाग-दो, तीन एवं चार तथा प्रपत्र-3 दोनों श्रेणी के लिए अलग-अलग होगा।

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अधीकि,अधीकि, झारखण्डझारखण्ड राजकीय मुद्रणायिराजकीय मुद्रणायि,, रााँची द्वारा प्रकाशति एवं मुकद्रतरााँची द्वारा प्रकाशति एवं मुकद्रत,,

झारखण्ड गजट (असाधारण) झारखण्ड गजट (असाधारण) 448833 –– 5500

Cite this issue. Jharkhand Gazette, Government of Jharkhand, 29 October 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.jharkhand.2025-10-29.483/. Archive identifier in.gazette.jharkhand.2025-10-29.483.