Servants of Knowledge
Jharkhand Gazette · Government of Jharkhand

Jharkhand Gazette, No. 35, 06 February 2026

Published 06 February 2026

Type
Extra Ordinary
Gazette no.
35
Identifier
in.gazette.jharkhand.2026-02-06.35
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

झारख(cid:214)ड गजट

असाधारण अंक

झारख(cid:214)ड सरकार (cid:622)वारा (cid:292)का(cid:871)शत

1 माघ, 1947 (श०)

सं(cid:201)या – 35 राँची, बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 (ई०)

झारख(cid:214)ड रा(cid:207)य (cid:874)व(cid:622)युत (cid:467)नयामक आयोग ((cid:874)व(cid:622)युत वितरण दर (cid:467)नधा(cid:91)रण क(cid:551) शत(cid:591)

एवं (cid:467)नयमावल(cid:547)) (cid:874)व(cid:467)नयम, 2025

--------

अ(cid:876)धसूचना

16 जनवर(cid:547), 2026

सूचनासं(cid:201)या- 123 (cid:465)दनांक – 16/01/2026 विद् युत अधिनियम, 2003 (सन् 2003 का 36) की धारा 181 कीउपधारा (1) तथा धारा 181 की उपधारा (2) के खंड (zd), (ze) और (zf), तथा धारा 61, धारा 62 और धारा 86 के साथ पठित, और इस संबंध म(cid:336) (cid:366)ा(cid:593) अ(cid:586) सभी श(cid:304)(cid:389)यों का (cid:366)योग करते (cid:352)ए, झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (cid:554)ारा नि(cid:635)लि(cid:304)खत विनियम बनाए जाते ह(cid:339)। यह विनियम अधिनियम की धारा 61 और 62 म(cid:336) निहित सि(cid:544)ांतों (cid:554)ारा निद(cid:337)शित है, जिसका उ(cid:542)े(cid:692) झारख(cid:503) रा(cid:475) के अंतग(cid:330)त वितरण लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों (cid:554)ारा (cid:366)ति(cid:729)धा(cid:330), द(cid:407)ता, संसाधनों के किफायती उपयोग, उ(cid:517)म (cid:366)दश(cid:330)न और निवेश के सव(cid:342)(cid:517)म उपयोग को (cid:366)ो(cid:534)ाहित करना तथा उपभो(cid:389)ाओं को गुणव(cid:517)ापूण(cid:330) आपूति(cid:330) (cid:366)दान करने हेतु विवेकपूण(cid:330) (cid:681)य की वसूली के लिए ब(cid:352)वष(cid:334)य शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की (cid:681)व(cid:830)था करना है।2 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

अ(cid:559)ाय – 1:

(cid:407)े(cid:361), प(cid:303)रमाण तथा प(cid:303)रभाषाएँ

A1.सं(िcid:407)(cid:593) शीष(cid:330)क और (cid:366)वत(cid:330)न

1.1 इन विनियमों को झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम) विनियम, 2025 कहा जाएगा।

1.2 ये विनियम स(cid:636)ूण(cid:330) झारख(cid:503) रा(cid:475) म(cid:336) लागू होंगे।

1.3 ये विनियम झारख(cid:503) सरकार के राजप(cid:361) म(cid:336) (cid:366)काशन के प(cid:686)ात 1 अ(cid:366)ैल, 2026 से 31 माच(cid:330), 2031 की अवधि के लिए (cid:366)भावी होंगे, और जब तक आयोग (cid:554)ारा इन की पूव(cid:330) समी(cid:407)ा न की जाए या इ(cid:590)(cid:336) आगे नही ं बढ़ाया जाए, तब तक ये विनियम 31 माच(cid:330), 2031 तक (cid:366)भावी रह(cid:336)गे।

1.4 ये विनियम झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम) ((cid:366)थम संशोधन) विनियम, 2023, झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम) विनियम, 2020, झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम) विनियम, 2015, झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम) विनियम, 2010, झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (शु(cid:651) निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम, ब(cid:352)वष(cid:334)य शु(cid:651) ढांचा) विनियम, 2007, तथा झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम) विनियम, 2004, तथा इनके सभी संशोधनों, जैसा कि मामला हो, का (cid:830)थान ल(cid:336)गे: (cid:729)(cid:700)ीकरण: सभी उ(cid:542)े(cid:692)ों के लिए, जिनम(cid:336) 31 माच(cid:330), 2026 तक की अवधि से संबंधित समी(cid:407)ा मामलों सहित सभी (cid:366)योजनों को भी शामिल किया गया है, सम(cid:356) राज(cid:738) आव(cid:692)कता और शु(cid:651) निधा(cid:330)रण से संबंधित मु(cid:542)ों को झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम) ((cid:366)थम संशोधन) विनियम, 2023 या झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम) विनियम, 2020 या झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम) विनियम, 2015 या झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम) विनियम, 2010 या झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (शु(cid:651) निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम, ब(cid:352)वष(cid:334)य शु(cid:651) ढांचा) विनियम, 2007 या झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण शु(cid:651) के निधा(cid:330)रण की शत(cid:338) एवं नियम) विनियम, 2004 तथा उनके सभी संशोधनों के (cid:366)ावधानों के अनुसार नियं(िcid:361)त किया जाएगा, जैसा कि लागू हो।

A2.विनियमों का (cid:407)े(cid:361) और आवेदन का वि(cid:721)ार

2.1 ये विनियम झारख(cid:503) रा(cid:475) के भीतर विभि(cid:580) उपभो(cid:389)ा वग(cid:344) सहित अ(cid:586) वितरण लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों के लिए (cid:684)ीलिंग और (cid:303)रटेल स(cid:600)ाई (cid:681)वसायों के अंतग(cid:330)त वितरण लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों (cid:554)ारा बिल किए जाने वाले सम(cid:356) राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) और टै(cid:303)रफ के निधा(cid:330)रण के लिए लागू होंगे।

2.2 इन विनियमों म(cid:336) वणि(cid:330)त सि(cid:544)ांतों के अनुसार, आयोग नि(cid:635)लि(cid:304)खत के लिए शु(cid:651) निधा(cid:330)(cid:303)रत करे गा:

a) विद् युत के (cid:684)ीलिंग, अथा(cid:330)(िcid:521)यं(cid:361)ण अवधि के लिए (cid:684)ीलिंग टै(cid:303)रफ, एवं;

b) विद् युत की खुदरा आपूति(cid:330), अथा(cid:330)(िcid:521)यं(cid:361)ण अवधि के लिए खुदरा आपूति(cid:330) टै(cid:303)रफ:

3 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

शत(cid:330) यह है कि यदि किसी एक ही (cid:407)े(cid:361) म(cid:336) दो या अधिक लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों (cid:554)ारा विद् युत वितरण किया जाताहै, तो आयोग लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों के बीच (cid:366)ति(cid:729)धा(cid:330) को बढ़ावा देने के लिए विद् युत की खुदरा आपूति(cid:330) हेतु के वल अधिकतम टै(cid:303)रफ की सीमा निधा(cid:330)(cid:303)रत कर सकता है:

अति(cid:303)र(cid:389) शत(cid:330) यह है कि जहाँ किसी उपभो(cid:389)ा वग(cid:330) को अधिनियम की धारा 42 के तहत ओपन ए(cid:411)ेस की अनुमति दी गई है, वहाँ आयोग इन विनियमों और झारख(cid:503) रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (अंतरा(cid:330)(cid:475)ीय ओपन ए(cid:411)ेस) विनियम, 2016 के अनुसार, समय-समय पर संशोधित, (cid:684)ीलिंग टै(cid:303)रफ, (cid:354)ॉस-स(cid:304)(cid:629)डी सरचाज(cid:330), अति(cid:303)र(cid:389) सरचाज(cid:330) और अ(cid:586) ओपन ए(cid:411)ेस संबंधी शु(cid:651) निधा(cid:330)(cid:303)रत करे गा।

2.3 (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसाय के लिए निधा(cid:330)(cid:303)रत सम(cid:356) राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) का उपयोग विद् युत के (cid:684)ीलिंग के लिए (cid:684)ीलिंग टै(cid:303)रफ निधा(cid:330)(cid:303)रत करने म(cid:336) किया जाएगा।

2.4 खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय के लिए निधा(cid:330)(cid:303)रत सम(cid:356) राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) का उपयोग विद् युत की खुदरा बि(cid:354)ी के लिए खुदरा आपूति(cid:330) टै(cid:303)रफ निधा(cid:330)(cid:303)रत करने म(cid:336) किया जाएगा। 2.5 ये विनियम पूरे झारख(cid:503) रा(cid:475) और आयोग के अधिकार (cid:407)े(cid:361) म(cid:336) आने वाले सभी मामलों पर लागू होंगे।

A3. प(cid:303)रभाषाएँ और (cid:681)(cid:421)ा

3.1 इन विनियमों म(cid:336), जब तक संदभ(cid:330) अ(cid:586)था न हो-

1. 'लेखा विवरण'(Accounting Statement)' से ता(cid:523)य(cid:330) (cid:366)(cid:529)ेक वि(cid:517)ीय वष(cid:330) के लिए वह विवरण है जिसम(cid:336) नि(cid:635)लि(cid:304)खत स(cid:304)(cid:643)लित होंगे:

i. बहीखाता, जो कं पनी अधिनियम, 2013 और उसके पूव(cid:330) वति(cid:330)यों म(cid:336) निहित (cid:366)प(cid:361)ों के अनुसार तैयार किया गया हो;

ii. नकदी (cid:366)वाह विवरण, जो भारतीय चाट(cid:330)ड(cid:330) अकाउं ट(cid:336)ट्स सं(cid:830)थान के लागू लेखा मानकों के अनुसार तैयार किया गया हो;

iii. लागत लेखे के विवरण, जो कं पनी अधिनियम, 2013 की धारा 148 के अंतग(cid:330)त क(cid:336) (cid:363) सरकार (cid:554)ारा निधा(cid:330)(cid:303)रत किए गए हों;

iv. उससे संबंधित टि(cid:596)णियाँ तथा अ(cid:586) सहायक विवरण और सूचनाएँ जो वि(cid:517)ीय विवरणों का भाग बनती ह(cid:339) या जैसा आयोग समय-समय पर निद(cid:337)शित करे ;

v. लाभ और हानि खाता, जो कं पनी अधिनियम, 2013 के (cid:366)ावधानों के अनुसार हो;

vi. वैधानिक लेखा परी(cid:407)कों की (cid:303)रपोट(cid:330), जिसम(cid:336) संबंधित प(cid:303)रशि(cid:700) और प(cid:303)रशि(िcid:700) का स(cid:304)(cid:643)लित हों;

vii. आयोग (cid:554)ारा इन विनियमों के अंतग(cid:330)त टै(cid:303)रफ विनियमन हेतु अधिसूचित सभी या कोई भी (cid:366)ा(cid:349)प, जिनमे (cid:366)ासंगिक वष(cid:330) से स(cid:638)ंधित ब(cid:352)वष(cid:334)य टै(cid:303)रफ विनियम भी शामिल ह(cid:339);

viii. समायोजन विवरण, जिसे वैधानिक लेखा परी(cid:407)कों (cid:554)ारा (cid:366)माणित किया गया हो, जिसम(cid:336) कं पनी के कु ल (cid:681)य, राज(cid:738), संप(िcid:517)याँ और दायि(cid:533)ों का आयोग (cid:554)ारा विनियमित (cid:681)वसाय तथा अविनियमित (cid:681)वसाय के लिए अलग-अलग सामंज(cid:735) दशा(cid:330)या गया हो।

2. 'अधिनियम' से आशय विद् युत अधिनियम, 2003 (सन् 2003 का 36) तथा उसम(cid:336) समय-समय पर किए गए संशोधनों से है;

ंजीगत (cid:681)य से है, जिसे योजना की 3. 'अति(cid:303)र(cid:389) पू ंजीकरण' से आशय उस पू

वाणि(cid:304)(cid:475)क संचालन तिथि के बाद (cid:681)य कि या गया हो और पू ंजीकरण किया गया हो या पू ंजीकरण के लिए (cid:366)(cid:721)ावित किया गया हो, तथा जिसे आयोग (cid:554)ारा4 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 विवेकपूण(cid:330)ता की जांच के प(cid:686)ात तथा इन विनियमों के खंड 10.13 के (cid:366)ावधानों के अधीन (cid:738)ीकृ त किया गया हो;

4. ''सम(cid:356) राज(cid:738) आव(cid:692)कता' या '(ARR)' का अथ(cid:330) है (cid:366)(cid:529)ेक वि(cid:517)ीय वष(cid:330) के लिए लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय से संबंधित वे (cid:681)य जो इन विनियमों के अनुसार (cid:738)ीकाय(cid:330) हों और जि(cid:590)(cid:336) आयोग (cid:554)ारा निधा(cid:330)(cid:303)रत टै(cid:303)रफ और शु(cid:651) के (cid:349)प म(cid:336) वसूल किया जाता है;

5. 'आवंटन विवरण' से आशय है (cid:366)(cid:529)ेक वि(cid:517)ीय वष(cid:330) के लिए, लाइस(cid:336)सधारी के (cid:366)(cid:529)ेक (cid:681)वसाय ((cid:684)ीलिंग, खुदरा आपूति(cid:330), अ(cid:586) (cid:681)वसाय) के संबंध म(cid:336) एक विवरण, जिसम(cid:336) किसी भी (cid:366)कार की आय, लागत, संप(िcid:517), दायि(cid:533), आर(cid:407)ण या (cid:366)ावधान आदि की राशियाँ दशा(cid:330)ई जाती ह(cid:339), जो:

लाइस(cid:336)सधारी के विभि(cid:580) (cid:681)वसायों सहित लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय के बीच वितरण या आवंटन के अनुसार निधा(cid:330)(cid:303)रत किया गयाहो, जिसके साथ वितरण या आवंटन के आधार का विवरण भी दिया गया हो;

या (cid:366)(cid:529)ेक ऐसे अ(cid:586) (cid:681)वसाय से वसूली गई अथवा उस पर लगाई गई हो, जिसके साथ उस शु(cid:651) के आधार का विवरण भी दिया गया हो;''

6. ऑडिटर' से आशय उस लेखापरी(cid:407)क से है जिसे वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा कं पनी अधिनियम, 1956 (1 का 1956) की धाराएँ 224, 233 बी और 619 के (cid:366)ावधानों के अनुसार, समय-समय पर संशोधित होते रहने वाले या कं पनी अधिनियम, 2013 (18 का 2013) के अ(cid:559)ाय दस के अनुसार या किसी भी अ(cid:586) (cid:366)भावी कानून के अंतग(cid:330)त नियु(cid:389) किया गया हो;

7. ''ब(cid:339)कदर' से अभि(cid:366)ेत एक वष(cid:330) की मजि(cid:330)नल कॉ(cid:720) ऑफ ल(cid:336)डिंग रे ट (MCLR) है जो समय-समय पर (cid:720)ेट ब(cid:339)क ऑफ इंडिया (cid:554)ारा संबंधित वष(cid:330) की 01 अ(cid:366)ैल की (cid:304)(cid:830)थति के अनुसार निधा(cid:330)(cid:303)रत की जाती है।

8. 'आधारवष(cid:330)' से अभि(cid:366)ेत वि(cid:517)ीय वष(cid:330) 2025-26 है और इसे इन विनियमों के (cid:366)योजनों के लिए उपयोग किया जाता है।

9. 'वहनलागत' से अभि(cid:366)ाय अंतर/अधिशेष राशि पर दे य (cid:623)ाज राशि से है।

10. 'सं(cid:356)हद(cid:407)ता' से अभि(cid:366)ाय है किसी वि(cid:517)ीय वष(cid:330) म(cid:336) (cid:366)ा(cid:593) कु ल राज(cid:738) का बिल किए गए कु ल राज(cid:738) के अनुपात से।

11. 'आयोग' सेअभि(cid:366)ेत है झारखंड रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (JSERC);

12. '(cid:681)वसाय संचालन विनियम' से अभि(cid:366)ेत झारखंड रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (JSERC) विनियम, 2024 से है ,जैसा की समय समय पर संशोधित किया गया है ((cid:681)वसाय संचालन):

13. 'नियं(cid:361)ण अवधि 'का अथ(cid:330) है वह ब(cid:352)वष(cid:334)य अवधि जो आयोग (cid:554)ारा निधा(cid:330)(cid:303)रत की गई हो, जो 01 अ(cid:366)ैल 2021 से (cid:366)ारं भ होकर 31 माच(cid:330) 2026 तक हो;

14. 'घोषित वितरण लाइस(cid:336)सधारी' से अभि(cid:366)ेत है वह (cid:681)(cid:304)(cid:389)/संगठन जिसे अधिनियम की धारा 14 के अंतग(cid:330)त वितरण अनु(cid:466)(cid:304)(cid:593) धारक माना गया हो;

15. 'वितरण लाइस(cid:336)सधारी' से अभि(cid:366)ेत वह अनु(cid:466)(cid:304)(cid:593) धारक है जिसे अधिनियम की धारा 14 के अंतग(cid:330)त अपनी आपूति(cid:330) (cid:407)े(cid:361) म(cid:336) उपभो(cid:389)ाओं को विद् युत आपूति(cid:330) हेतु वितरण (cid:366)णाली संचालित5 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 और संर(िcid:407)त करने का अधिकार (cid:366)ा(cid:593) हो।

16. 'वि(cid:517)ीय वष(cid:330)' से अभि(cid:366)ेत वह अवधि है जो (cid:366)(cid:529)ेक कै ल(cid:336)डर वष(cid:330) के 01 अ(cid:366)ैल से (cid:366)ारं भ होकर अगले कै ल(cid:336)डर वष(cid:330) के 31 माच(cid:330) को समा(cid:593) होती है;

17. 'फोस(cid:330) मे(cid:475)ोर इव(cid:336)ट' से अभि(cid:366)ेत है, किसी भी प(cid:407) के संदभ(cid:330) म(cid:336), कोई भी घटना या प(cid:303)र(cid:304)(cid:830)थति, या घटनाओं या प(cid:303)र(cid:304)(cid:830)थतियों का संयोजन, जो उस प(cid:407) के नियं(cid:361)ण म(cid:336) नहीं हो, और उस प(cid:407) की कोई चूक या कार(cid:330) वाई का प(cid:303)रणाम न हो, तथा जिसे उचित दे खभाल और सतक(cid:330) ता के बावजूद रोका नहीं जा सकता; और सामा(cid:586)ता को सीमित किए बिना, इनम(cid:336) नि(cid:635)लि(cid:304)खत घटनाएँ या प(cid:303)र(cid:304)(cid:830)थतियाँ शामिल होंगी:

(i) '(cid:366)कृ ति की इ(cid:529)ू(cid:778)(cid:692) घटनाएँ ', जिनम(cid:336) शामिल ह(cid:339) पर सीमित नहीं, बिजली गिरना, तूफ़ान, (cid:366)ाकृ तिक त(cid:533)ों की (िcid:354)या, भूकं प, बाढ़, अ(cid:529)धिक वषा(cid:330), सूखा तथा (cid:366)ाकृ तिक आपदाएँ या कोई भी ऐसी (cid:366)भुता वाली घटना जो किसी भी प(cid:407) के नियं(cid:361)ण से बाहर हो या रा(cid:475) सरकार, के (cid:574) सरकार अथवा किसी अ(cid:586)वैधानिक (cid:366)ाधिकारी (cid:554)ारा लगाए गए (cid:366)तिबंध के कारण (cid:352)ई हो;

(ii) रा(cid:475) (cid:681)ापी या (cid:681)ापक (cid:366)भाव वाले हड़ताल(cid:336) और औ(cid:552)ोगिक वि(cid:443), जो अनु(cid:466)(cid:304)(cid:593)(cid:366)ा(cid:593)कता(cid:330) के आपूति(cid:330) (cid:407)े(cid:361) म(cid:336) हो, परं तु वितरण अनु(cid:466)(cid:304)(cid:593) धारक के अपने संगठन म(cid:336) (cid:352)ई हड़ताल और औ(cid:552)ोगिक वि(cid:443)ों को छोड़कर;

(iii) यु(cid:544), आ(cid:354)मण, सश(cid:723) संघष(cid:330) या विदे शी श(cid:361)ु का कोई कृ (cid:529), वि(cid:363)ोह, दं ग(cid:336), (cid:354)ांति, आतंकवादी या सै(cid:586) कार(cid:330) वाई;

(iv) अप(cid:303)रहाय(cid:330) दुघ(cid:330)टना, जिसम(cid:336) अ(िcid:432), वि(cid:731)ोट, रे डियो धम(cid:334) (cid:366)दू षण और विषैले रासायनिक (cid:366)दू षण सहित, कि(cid:566)ु इ(cid:590)ीं तक सीमित नहीं, शामिल ह(cid:339)

(v) (िcid:356)ड का कोई भी शटडाउन या अवरोधन, जो संबंधित लोड (cid:366)ेषण के (cid:574) (cid:554)ारा आव(cid:692)क यानि द(cid:337) शित किया गया हो;

18. '"अ(cid:586) (cid:681)ावसायिक आय" से अभि(cid:366)ाय वह आय है जो वितरण लाइस(cid:336)सधारी को विनियमित (cid:681)वसाय से संबंधित प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों और/या जनश(cid:304)(cid:389) के उपयोग के लिए शु(cid:651) (टै(cid:303)रफ) के अति(cid:303)र(cid:389) (cid:366)ा(cid:593) होती है, तथा इसम(cid:336) गैर-टै(cid:303)रफ आय स(cid:304)(cid:643)लित नहीं होगी।

19. "लाइस(cid:336)स" से अभि(cid:366)ाय अधिनियम की धारा 14 के अंतग(cid:330)त (cid:366)द(cid:517) वितरण अनु(cid:466)(cid:304)(cid:593) से है। 20. "लाइस(cid:336)(cid:830)ड (cid:681)वसाय" से अभि(cid:366)ाय वे काय(cid:330) और गतिविधियाँ ह(cid:339) जि(cid:590)(cid:336) लाइस(cid:336)सधारी को (cid:366)द(cid:517) अनु(cid:466)(cid:304)(cid:593) की शत(cid:344) के अनुसार या अधिनियम के अंतग(cid:330)त घोषित लाइस(cid:336)सधारी होने के नाते करना आव(cid:692)क है।;

21. "गैर-टै(cid:303)रफआय" से अभि(cid:366)ाय विनियमित (cid:681)वसाय से संबंधित वह शु(cid:544) आय है, जो खंड सं(cid:421)ा 10.53 म(cid:336) प(cid:303)रभाषित टै(cid:303)रफ से (cid:366)ा(cid:593) आय के अति(cid:303)र(cid:389) हो, तथा जिसम(cid:336) अ(cid:586) (cid:681)वसाय से (cid:366)ा(cid:593) कोई भी आय शामिल नहीं होगी।

22. "ओपन ए(cid:411)ेस उपभो(cid:389)ा" से अभि(cid:366)ाय किसी भी लाइस(cid:336)सधारी, उपभो(cid:389)ा, (cid:354)े ता या उ(cid:523)ादन म(cid:336) संल(cid:432) (cid:681)(cid:304)(cid:389) से है, जिसे समय-समय पर संशोधित की गई झारखंड रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (अंतरा(cid:330)(cid:475)ीय ओपन ए(cid:411)ेस के लिए शत(cid:338) एवं नियम) विनियम, 2016 के6 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 अनुसार ओपन ए(cid:411)ेस (cid:366)दान की गई हो।

23. "अ(cid:586)(cid:681)वसाय" से अभि(cid:366)ाय वितरण लाइस(cid:336)सधारी के उस अ(cid:586) किसी भी (cid:681)वसाय से है, जो उसकी प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों के सव(cid:342)(cid:517)म उपयोग के लिए अधिनियम की धारा 51 के अंतग(cid:330)त किया जाता है।

24. "सतक(cid:330) ता परी(cid:407)ण" से अभि(cid:366)ाय वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा इन विनियमों के अनुसार (cid:681)यित अथवा (cid:681)यित किए जाने का (cid:366)(cid:721)ावित किसी भी लागत या (cid:681)य की यु(cid:304)(cid:389)संगत ताकी जांच से है।

25. "खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय" से अभि(cid:366)ाय बिजली के वितरण और खुदरा आपूति(cid:330) के लिए (cid:366)द(cid:517) अनु(cid:466)(cid:304)(cid:593) की शत(cid:344) के अनुसार, किसी लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा आपूति(cid:330) (cid:407)े(cid:361) के अंतग(cid:330)त उपभो(cid:389)ाओं की (cid:373)ेणियों को बिजली बि(cid:354)ी के (cid:681)वसाय से है।

26. "खुदरा आपूति(cid:330) टै(cid:303)रफ" से अभि(cid:366)ाय वह दर है जो लाइस(cid:336)स धारी (cid:554)ारा गैर-ओपन ए(cid:411)ेस उपभो(cid:389)ाओं को बिजली आपूति(cid:330) के लिए वसूल की जाती है, जिसम(cid:336) वहन ((cid:684)ीलिंग) तथा खुदरा आपूति(cid:330) से संबंधित शु(cid:651) शामिल होते ह(cid:339);

27. "(cid:681)ापार (cid:681)वसाय" से अभि(cid:366)ाय उस (cid:681)वसाय से है जिसम(cid:336) लाइस(cid:336)सधारी बिजली की खरीद करता है ताकि उसे किसी अ(cid:586) लाइस(cid:336)सधारी या लाइस(cid:336)सधारी के आपूति(cid:330) (cid:407)े(cid:361) के बाहर (cid:304)(cid:830)थत उपभो(cid:389)ाओं या उपभो(cid:389)ाओं की (cid:373)ेणियों को पुनः बि(cid:354)ी हेतु बेचा जा सके ;

28. "टै(cid:303)रफअवधि" से अभि(cid:366)ाय वह अवधि है जो 1 अ(cid:366)ैल, 2021 से (cid:366)ारं भ होकर 31 माच(cid:330), 2031तककीहै, जिसके लिएआयोग(cid:554)ाराइनविनियमोंके अंतग(cid:330)तटै(cid:303)रफनिधा(cid:330)(cid:303)रतकियागयाहै;

29. "(cid:684)ीलिंग" से अभि(cid:366)ाय वह (cid:366)(िcid:354)या है जिसके अंतग(cid:330)त किसी लाइस(cid:336)सधारी की वितरण (cid:366)णाली और संब(cid:544) सुविधाओं का उपयोग किसी अ(cid:586) (cid:681)(cid:304)(cid:389) (cid:554)ारा विद् युत (cid:366)वहन के लिए किया जाता है, जिस के लिए अधिनियम की धारा 62 के अंतग(cid:330)त निधा(cid:330)(cid:303)रत शु(cid:651) का भुगतान किया जाना आव(cid:692)क होता है;

30. "(cid:684)ीलिंग(cid:681)वसाय" से अभि(cid:366)ाय लाइस(cid:336)सधारी के आपूति(cid:330) (cid:407)े(cid:361) म(cid:336) विद् युत के (cid:366)वहन हेतु वितरण (cid:366)णाली के संचालन और अनुर(cid:407)ण के (cid:681)वसाय से है;

31. 'औसत आपूति(cid:330) लागत' अथवा (ACoS) से अभि(cid:366)ाय एक इकाई विद् युत की आपूति(cid:330) की औसत लागत से है।

32. 'ईंधन और विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार' या (FPPAS) से आशय है उपभो(cid:389)ाओं को आपूति(cid:330) की जाने वाली विद् युत की लागत म(cid:336) वृ(cid:304)(cid:544), जो ईंधन लागत, विद् युत (cid:354)य लागत और संचरण शु(cid:651) म(cid:336) बदलाव के कारण होती है, और इसे आयोग (cid:554)ारा (cid:738)ीकृ त आपूति(cid:330) लागत के संदभ(cid:330) म(cid:336) दे खा जाता है;

3.2 "इन विनियमों म(cid:336) (cid:366)यु(cid:389) वे श(cid:616) और अभि(cid:681)(cid:304)(cid:389)याँ जो यहाँ परप(cid:303)रभाषित नहीं की गई ह(cid:339), कि(cid:566)ुअधिनियम म(cid:336) प(cid:303)रभाषित ह(cid:339), उ(cid:590)(cid:336) अधिनियम म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) अथ(cid:330) म(cid:336) समझा जाएगा".

3.3 किसी भी अधिनियम, नियम और विनियम का संदभ(cid:330) उसम(cid:336) किए गए संशोधन, सं(cid:694)ेषण या पुनः (cid:366)वत(cid:330)न को भी शामिल करे गा.

7 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

3.4 "इन विनियमों के अंतग(cid:330)त सभी काय(cid:330)वाहियाँ, समय-समय पर संशोधित अथवा पुनः (cid:366)वति(cid:330)त झारखंड रा(cid:475) विद् युत विनियामक आयोग (कारोबार संचालन) विनियम, 2024 (cid:554)ारा नियं(िcid:361)त की जाएं गी।"

A 4. सहमत टै(cid:303)रफ अधिकतम टै(cid:303)रफ के (cid:349)प म(cid:336) (cid:738)ीकृ त

4.1 संदे ह दू र करने के लिए (cid:729)(cid:700) किया जाता है कि इन विनियमों के (cid:366)ावधानों के तहत निधा(cid:330)(cid:303)रत टै(cid:303)रफ अधिकतम मू(cid:670) (सीलिंग टै(cid:303)रफ) ह(cid:339) और इससे वितरण लाइस(cid:336)सधारी को किसी उपभो(cid:389)ा के लिए घटित टै(cid:303)रफ (cid:366)(cid:721)ावित करने से रोका नहीं जाएगा। ऐसी (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) घटित टै(cid:303)रफ को राज(cid:738) निधा(cid:330)रण के लिए माना नहीं जाएगा (cid:400)ोंकि यह वितरण लाइस(cid:336)सधारी की दे नदारी होगी।8 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

अ(cid:559)ाय II:

शु(cid:651) (cid:349)परे खा और माग(cid:330)दश(cid:330)क सि(cid:544)ांत

A 5. ब(cid:352)वष(cid:334)यशु(cid:651) (MYT) (cid:349)परे खा

5.1 ब(cid:352)वष(cid:334)य टै(cid:303)रफ (MYT) (cid:349)परे खा 1 अ(cid:366)ैल, 2026 से (cid:366)भावी होगी और जब तक आयोग (cid:554)ारा पहले समी(cid:407)ा नहीं की जाती या आगे वि(cid:721)ा(cid:303)रत नहीं की जाती, तब तक यह 31माच(cid:330), 2031 तक लागू रहेगी। नियं(cid:361)ण अवधि के लिए अनुमानित राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) की फाइलिंग इन विनियमों म(cid:336) निहित MYT (cid:349)परे खा के अनु(cid:349)प की जाएगी।

5.2 वितरण लाइस(cid:336)सधारी, इन विनियमों के खंड ए24 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) समय-सीमा के अनुसार, आयोग के सम(cid:407) सहायक द(cid:721)ावेजों सहित MYT आवेदन (cid:366)(cid:721)ुत कर(cid:336) गे।

5.3 ब(cid:352)वष(cid:334)य टै(cid:303)रफ (MYT) आवेदन म(cid:336), पिछले नियं(cid:361)ण अवधि के वष(cid:344) हेतु वि(cid:517) वष(cid:330) 2020-21 से वि(cid:517) वष(cid:330) 2024-25 तक के लेखा-परी(िcid:407)त खातों के आधार पर अनुमानित राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) के विवरण और उसका विभाजन, आधार वष(cid:330) वि(cid:517) वष(cid:330) 2025-26 के संशोधित अनुमान, तथा नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए (cid:366)(cid:407)ेपण शामिल होंगे।

5.4 ब(cid:352)वष(cid:334)य टै(cid:303)रफ (MYT)(cid:349)परे खा के लिए माग(cid:330)दश(cid:330)क सि(cid:544)ांत इन विनियमों के खंड ए6 म(cid:336) वणि(cid:330)तह(cid:339)। 5.5 नियं(cid:361)ण अवधि के लिए अनुमानित राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) निधा(cid:330)रण के सि(cid:544)ांत इन विनियमों के अ(cid:559)ाय म(cid:336) वणि(cid:330)त ह(cid:339) तथा नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान वाषि(cid:330)क फाइलिंग की (cid:366)(िcid:354)या इन विनियमों के अ(cid:559)ायIV म(cid:336) वणि(cid:330)त है।

A6.ब(cid:352)वष(cid:334)यशु(cid:651) (MYT) (cid:349)परे खा के लिए माग(cid:330)दश(cid:330)क सि(cid:544)ांत

6.1 आयोग, अनुमानित राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) के अनुमोदन तथा (cid:684)ीलिंग और खुदरा आपूति(cid:330) टै(cid:303)रफ (cid:681)वसाय से अपे(िcid:407)त राज(cid:738) के लिए एक ब(cid:352)-वष(cid:334)य टै(cid:303)रफ ढाँचा अपनाएगा। नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए ए आर आर निधा(cid:330)(cid:303)रत किया जाएगा।

6.2 ब(cid:352)वष(cid:334)य शु(cid:651) (cid:349)परे खा नि(cid:635)लि(cid:304)खत पर आधा(cid:303)रत होगी:

a) लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों के पूरे नियं(cid:361)ण अवधि के लिए (cid:684)ीलिंग और खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय की (cid:681)वसाय योजना, जिसे नियं(cid:361)ण अवधि शु(cid:349) होने से पहले या आयोग (cid:554)ारा निद(cid:337) शित समय के भीतर MYT याचिका के साथ अनुमोदन हेतु आयोग के सम(cid:407) (cid:366)(cid:721)ुत करना होगा;

b) नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों (cid:554)ारा अपे(िcid:407)त अनुमानित राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR), आगामी नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)थम वष(cid:330) के लिए (cid:684)ीलिंग टै(cid:303)रफ और खुदरा आपूति(cid:330) टै(cid:303)रफ का पूवा(cid:330)नुमान, जो इन विनियमों के अंतग(cid:330)त निधा(cid:330)(cid:303)रत वि(cid:517)ीय एवं प(cid:303)रचालन सि(cid:544)ांतों / मानकों की यथोचित मा(cid:586)ताओं और (cid:681)वसाय योजना के आधार पर तैयार किया जाएगा;

c) आयोग (cid:554)ारा विशि(cid:700) मानकों के लिए एक (cid:366)(cid:407)ेप पथ निधा(cid:330)(cid:303)रत किया जाएगा, जिससे (cid:366)ो(cid:534)ाहन और दं ड के मा(cid:559)म से लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों के (cid:366)दश(cid:330)न म(cid:336) सुधार हो सके ;

d) (cid:366)दश(cid:330)न की वाषि(cid:330)क समी(cid:407)ा अनुमोदित पूवा(cid:330)नुमान की तुलना म(cid:336) की जाएगी तथा (cid:366)दश(cid:330)न म(cid:336) (cid:352)ए अंतर को नियं(िcid:361)त करने यो(cid:438) और अनियं(िcid:361)त करने यो(cid:438) त(cid:533)ों म(cid:336) वग(cid:334)कृ त किया जाएगा; और

e) नियं(िcid:361)त और अनियं(िcid:361)त त(cid:533)ों के कारण (cid:352)ए अनुमोदित लाभ या हानि को साझा करने का एक तं(cid:361) लागू किया जाएगा।9 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

आधारभूत रे खा का निधा(cid:330)रण

6.3 नियं(cid:361)ण अवधि के आधार वष(cid:330) के लिए मान वि(cid:517)ीय वष(cid:330) 2020-21 से वि(cid:517)ीय वष(cid:330) 2024-25 तक उपल(cid:617) लेखा परी(िcid:407)त खातों के आधार पर निधा(cid:330)(cid:303)रत किए जाएं गे।यदि किसी वष(cid:330) के लेखापरी(िcid:407)त खाते उपल(cid:617) नही ं ह(cid:339), तो आयोग विवेकपूण(cid:330) जांच के बाद और अ(cid:586) (cid:366)ासंगिक कारकों को (cid:559)ान म(cid:336) रखते (cid:352)ए उस वष(cid:330) के लिए सव(cid:342)(cid:517)म अनुमान पर विचार कर सकता है।

6.4 आमतौर पर, आयोग नियं(cid:361)णअवधि के दौरान (cid:366)दश(cid:330)न ल(cid:409)ों को संशोधित नही ं करे गा, जब तक कि आयोग के विचार म(cid:336) (cid:738)ीकृ त सं(cid:421)ाओं और वा(cid:721)विक आंकड़ों म(cid:336) कोई बड़ा भेद न हो।

खुदरा आपूति(cid:330) और (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसाय का पृथ(cid:383)रण

6.5 लाइस(cid:336)सधारी अपने लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय के खातों को (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसाय और खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय म(cid:336) पृथक करे गा।

6.6 (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसाय के लिए अनुमानित राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) का उपयोग (cid:684)ीलिंग टै(cid:303)रफ निधा(cid:330)(cid:303)रत करने हेतु किया जाएगा, तथा खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय के लिए ARR का उपयोग खुदरा आपूति(cid:330) टै(cid:303)रफ निधा(cid:330)(cid:303)रत करने हेतु किया जाएगा।

6.7 जब तक खातों का पृथ(cid:383)रण नहीं किया जाता, उस अवधि के लिए लाइस(cid:336)सधारी एक आबंटन विवरण तैयार करे गा, जिसके मा(cid:559)म से लागतों और राज(cid:738)ों को संबंधित (cid:681)वसायों म(cid:336) विभाजित किया जाएगा। लाइस(cid:336)सधारी के निदे शक मंडल (cid:554)ारा अनुमोदित यह आबंटन विवरण पृथ(cid:383)रण के लिए उपयोग किए गए आधार और काय(cid:330)(cid:366)णाली के (cid:729)(cid:700)ीकरण के साथ संल(cid:432) होगा, जो नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान समान (cid:349)प से लागू रहनी चाहिए।

6.8 यदि वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा आबंटन के लिए (cid:729)(cid:700) और तक(cid:330) संगत काय(cid:330)(cid:366)णाली (cid:366)(cid:721)ुत नहीं की जाती, तो आयोग पिछले नियं(cid:361)ण अवधि के लिए अनुमोदित पृथ(cid:383)रण के अनुसार विचार कर सकता है या यह निण(cid:330)य ले सकता है कि ऐसे आबंटन को किस (cid:366)कार किया जा सकता है।:

विवरण आपूतिŊ ʩवसाय का हिˣा वायर ʩवसाय काहिˣा
स ंचालन एवं अनुरƗणलागत
कमŊचारी लागत 40% 60%
Ůशासनिक एवं सामाɊ ʩय 50% 50%
मरʃत एवं अनुरƗण लागत 10% 90%
विद् युत Ţय (पीजीसीआई एल एवंआर एल डी सी शुʋसहित) 100% 0%
स ुरƗा जमा पर ɯाज 100% 0%
ɯाज लागत 10% 90%
कायŊशील पू ंजी परɯाज 90% 10%
आय पर कर 10% 90%
म ूʞŸास 10% 90%
इİƓटी पर Ůतिफल 10% 90%
घटाएँ : गैर-टैįरफ / अɊआय 90% 10%
10 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

(cid:681)वसाय योजना

6.9 (cid:366)(cid:529)ेक लाइस(cid:336)सधारी को आयोग की (cid:738)ीकृ ति के लिए एक (cid:681)वसाय योजना (cid:366)(cid:721)ुत करनीहोगी, जिसे अधिकृ त ह(cid:721)ा(cid:407)रकता(cid:330) (cid:554)ारा अनुमोदित किया गया हो, जैसाकि इन विनियमों की धारा A 24 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) समय सीमा के अनुसार हो

6.10 (cid:681)वसाय योजना खुदरा आपूति(cid:330) एवं (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसाय के लिए पृथक (cid:349)प से दायर की जाएगी। इन विनियमों के खंड 6.7 म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) अनुसार, यदि दोनों (cid:681)वसायों के लिए अलग-अलग लेखे उपल(cid:617) नहीं ह(cid:339), तो लाइस(cid:336)सी को एक आबंटन विवरण तैयार कर उसे (cid:681)वसाय योजना के साथ (cid:366)(cid:721)ुत करना होगा।

6.11 (cid:681)वसाय योजना पूरे नियं(cid:361)ण अवधि के लिए होगी और उसम(cid:336), अ(cid:586) बातों के साथ-साथ, नि(cid:635)लि(cid:304)खत शामिल होंगे:

ंजी निवेश योजना, जो भार वृ(cid:304)(cid:544), वितरण हानि म(cid:336) a) पूरे नियं(cid:361)ण अवधि के लिए एक पू

कमी की (cid:366)गति तथा गुणव(cid:517)ा सुधार उपायों के अनु(cid:349)प हो, जि(cid:590)(cid:336) (cid:681)वसाय योजना म(cid:336) (cid:366)(cid:721)ावित किया गया है। पू ंजी निवेश योजना म(cid:336) संबंधित पू ंजीकरण अनुसूची और वि(cid:517) योजना भी स(cid:304)(cid:643)लित होंगी; वितरण लाइस(cid:336)सी को योजना-वार पू ंजी संरचना और वि(cid:517)पोषण लागत (ऋण पर (cid:623)ाज), इ(cid:304)(cid:403)टी पर (cid:366)तिफल, अनुदान, जमा काय(cid:330) (Deposit Works) तथा वि(cid:552)मान ऋण समझौतों की शत(cid:344) आदि का विवरण भी पू ंजी निवेश योजना का हि(cid:739)ा बनाते (cid:352)ए (cid:366)(cid:721)ुत करना होगा;

b) नियं(cid:361)णअवधिके (cid:366)(cid:529)ेकवष(cid:330)के लिए(cid:366)(cid:529)ेकउपभो(cid:389)ा(cid:373)ेणीऔरउप-

(cid:373)ेणियोंके लिएबि(cid:354)ी/मांगकापूवा(cid:330)नुमान;

c) श(cid:304)(cid:389) (cid:354)य योजना, जो बि(cid:354)ी पूवा(cid:330)नुमान और नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए वितरण हानि (cid:366)गति पर आधा(cid:303)रत होगी। श(cid:304)(cid:389) (cid:354)य योजना म(cid:336) ऊजा(cid:330) द(cid:407)ता, RPO (नवीकरणीय खरीद दायि(cid:533)) की पूति(cid:330) तथा मांग प(cid:407) (cid:366)बंधन उपाय भी स(cid:304)(cid:643)लित होंगे;

ंजी

d) अ(cid:586) नियं(cid:361)ण यो(cid:438) मदों जैसे वितरण हानियां, सं(cid:356)हण द(cid:407)ता, काय(cid:330)शील पू आव(cid:692)कता, आपूति(cid:330) की गुणव(cid:517)ा संबंधी ल(cid:409) (जैसे SAIFI, SAIDI और MAIFI, झारखंडरा(cid:475)विद् युतविनियामकआयोग (वितरण लाइस(cid:336)सियों के (cid:366)दश(cid:330)न मानक) विनियम, 2015 तथा उसके उपरांत संशोधनों के अनुसार) आदि के लिए (cid:366)(cid:721)ावित

ंजी निवेश योजना के अनु(cid:349)प ल(cid:409)ों का एक सेट। ये ल(cid:409) लाइस(cid:336)सी (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ावित पू होंगे।

e) मानव संसाधन योजना, जिसम(cid:336) मानवश(cid:304)(cid:389) योजना सहित नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान मांग/उपभो(cid:389)ाओं की वृ(cid:304)(cid:544) को पूरा करने हेतु अनुमानित वाषि(cid:330)क मानवश(cid:304)(cid:389) वृ(cid:304)(cid:544) और सेवानिवृ(िcid:517) का विवरण स(cid:304)(cid:643)लित हो;

f) गैर-शु(cid:651) आयके लिए मदवार विवरण और जानकारी सहित (cid:366)(cid:721)ाव;

g) अ(cid:586) (cid:681)वसाय से होने वाली आय के संबंध म(cid:336) (cid:366)(cid:721)ाव;

(cid:681)वसाय योजना म(cid:336) पिछली नियं(cid:361)ण अवधि से संबंधित आव(cid:692)क जानकारी भी स(cid:304)(cid:643)लित होगी:

पूव(cid:330) नियं(cid:361)ण अवधि के लिए आव(cid:692)क सूचना म(cid:336) (cid:366)(cid:529)ेक वि(cid:517)ीय वष(cid:330) के अनुसार योजना-वार पू ंजी निवेश, वितरण हानि की (cid:366)गति, गुणव(cid:517)ा सुधारके उपाय, उपभो(cid:389)ा वग(cid:330)-वार सं(cid:421)ा, जोड़ी गई लोड और बि(cid:354)ी, (cid:375)ोत-वार विद् युत (cid:354)य मा(cid:361)ा एवं लागत, कम(cid:330)चारी, रखरखाव एवं (cid:366)शासनिक (cid:681)य सहित वि(cid:721)ृत विवरण, और नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान विभि(cid:580) (cid:366)दश(cid:330)न मानकों और अ(cid:586) घटकों के पूवा(cid:330)नुमान बनाने के लिए उपयोग की गई अ(cid:586)सूचनाएँ शामिल होंगी।यदि कोई नया लाइस(cid:336)सधारी है, तो उसे नियं(cid:361)ण अवधि के आरं भ तक के संचालन काल के लिए ऐसी सभी सूचनाएँ (cid:366)(cid:721)ुत करनी होंगी।11 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 पू

ंजी निवेश योजना

ंजी निवेश योजना आयोग की (cid:738)ीकृ ति हेतु (cid:681)वसाय 6.12 लाइस(cid:336)सी पूरी नियं(cid:361)ण अवधि के लिए पू योजना के साथ दायर करे गा। पू ंजी निवेश योजना, योजना-वार तैयार की जाएगी और (cid:366)(cid:529)ेक योजना म(cid:336) नि(cid:635)लि(cid:304)खत शामिल होंगे:

a) निवेश का उ(cid:542)े(cid:692) (जैसे मौजूदा प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों का (cid:366)ति(cid:830)थापन, भार वृ(cid:304)(cid:544) को पूरा करना, तकनीकी और वितरण हानि म(cid:336) कमी, गैर-तकनीकी हानि म(cid:336) कमी, अभि(िcid:354)याशील ऊजा(cid:330) आव(cid:692)कताओं की पूति(cid:330), उपभो(cid:389)ा सेवा सुधार, आपूति(cid:330) की गुणव(cid:517)ा और वि(cid:695)सनीयता म(cid:336) सुधार आदि);

b) स(cid:407)म (cid:366)ाधिकारी की (cid:738)ीकृ ति;

c) पू ंजी संरचना;

d) वि(cid:721)ृत प(cid:303)रयोजना (cid:366)तिवेदन;

e) पू ंजीकरणअनुसूची;

f) समय-सीमा सहित काया(cid:330)(cid:587)यन अनुसूची;

g) लागत-लाभ वि(cid:694)ेषण और दर की यथोचितता;

h) नियं(cid:361)ण अवधि म(cid:336) क(cid:304)(cid:665)त प(cid:303)रचालन द(cid:407)ता म(cid:336) सुधार;

i) जारी योजनाएँ जो समी(cid:407)ा वष(cid:330) म(cid:336) आगे बढ़(cid:336)गी, साथ ही उसका औचि(cid:529);

j) नई योजनाएँ जो नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान (cid:366)ार(cid:641) होंगी, पर(cid:566)ु नियं(cid:361)ण अवधि के भीतर अथवा उससे आगे पूण(cid:330) हो सकती ह(cid:339)।

ँजीगत (cid:681)य की 6.13 वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा (APR) के दौरान, आयोग लाइस(cid:336)सधारी के वा(cid:721)विक पू

वष(cid:330)-वार (cid:366)गति को अनुमोदित पू ँजीगत (cid:681)य की तुलना म(cid:336) निगरानी करे गा। लाइस(cid:336)सधारी को वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा आवेदन के साथ वा(cid:721)विक पू ँजीगत (cid:681)य (cid:366)(cid:721)ुत करना होगा।

ँजीकरण की समी(cid:407)ा करेगा और उसे अनुमोदित 6.14 आयोग (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के अंत म(cid:336) वा(cid:721)विक पू

पू ँजीकरण अनुसूची से मिलाएगा तथा उस वष(cid:330) के लिए, जिसके लिए याचिकाकृ त स(cid:529)ापन (True up) किया गया है, वा(cid:721)विक पू ँजीकरण के आधार पर ए.आर.आर. (वाषि(cid:330)क राज(cid:738) आव(cid:692)कता) का समायोजन करे गा और उस वष(cid:330) के लिए ए.आर.आर. घटकों म(cid:336) संशोधन करे गा, जिसके लिए ए.पी.आर. (वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा) और शु(cid:651) की मांग की गई है।

ँजीगत (cid:681)य की आव(cid:692)कता हो, जो पू ँजी निवेश योजना म(cid:336) 6.15 यदि आपातकालीन काय(cid:330) के लिए पू

अनुमोदित नहीं है, तो लाइस(cid:336)सधारी को (cid:366)(cid:721)ावित काय(cid:330) की आपातकालीन (cid:366)कृ ति को उचित ठहराने वाले कारणों सहित सभी (cid:366)ासंगिक जानकारी के साथ एक आवेदन आयोग की (cid:738)ीकृ ति हेतु (cid:366)(cid:721)ुत करना होगा, जहाँ भी संभव हो: यह उपबंधित है कि यदि जीवन एवं संप(िcid:517) के लिए खतरे को कम करने हेतु या अ(cid:366)(cid:529)ाशित (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) आपातकालीन काय(cid:330) के लिए पू ँजीगत (cid:681)य की आव(cid:692)कता हो और आयोग को पूव(cid:330) सूचना देने से अप(cid:303)रवत(cid:330)नीय हानि या (cid:407)ति की आशंका हो, तो लाइस(cid:336)सधारी ऐसा पू ँजीगत (cid:681)य कर सके गा और तदनंतर सभी (cid:366)ासंगिक विवरणों के साथ अगली शु(cid:651) याचिका (Tariff Petition) म(cid:336) आयोग को अनुमोदन हेतु (cid:366)(cid:721)ुत करेगा।12 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

बि(cid:354)ी/मांग पूवा(cid:330)नुमान

6.16 लाइस(cid:336)सधारी, अपने (cid:681)वसाय योजना दा(cid:304)खल करने म(cid:336), नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) हेतु (cid:366)(cid:529)ेक उपभो(cid:389)ा (cid:373)ेणी, उप-(cid:373)ेणी तथा (cid:366)(cid:529)ेक शु(cid:651) (cid:366)ावधान (Tariff slab) और विभि(cid:580) वो(cid:656)ेज (cid:721)रों पर बि(cid:354)ी का पूवा(cid:330)नुमान (cid:366)(cid:721)ुत करे गा। यह पूवा(cid:330)नुमान हालिया (cid:366)वृ(िcid:517)यों एवं ऐतिहासिक वृ(cid:304)(cid:544) के आधार पर होगा और आयोग की समी(cid:407)ा एवं अनुमोदन के लिए आव(cid:692)क विवरणों – जैसे (cid:373)ेणीवार और वो(cid:656)ेज-वार बि(cid:354)ी, संविदा(cid:527)क भार, उपभो(cid:389)ाओं की सं(cid:421)ा आदि – के साथ (cid:366)(cid:721)ुत किया जाएगा।

6.17 आयोग, उपभो(cid:389)ाओं की सं(cid:421)ा म(cid:336) अपे(िcid:407)त वृ(cid:304)(cid:544), उपभोग के पैटन(cid:330) म(cid:336) प(cid:303)रवत(cid:330)न, मौसमी (cid:366)भाव, ल(िcid:407)त वितरण हानियाँ, पूव(cid:330)वत(cid:334) वष(cid:344) म(cid:336) विद् युत की मांग तथा आगामी वष(cid:330) म(cid:336) अनुमानित वृ(cid:304)(cid:544) और आयोग (cid:554)ारा (cid:366)ासंगिक समझे गए अ(cid:586) किसी भी कारक के आधार पर पूवा(cid:330)नुमानों की यथोचितता और सुसंगति की जाँच करे गा, और तदनुसार (cid:366)(cid:529)ेक नियं(cid:361)ण अवधि के वष(cid:330) हेतु बि(cid:354)ी पूवा(cid:330)नुमान को उपयु(cid:389) संशोधनों सहित अनुमोदित करे गा।

6.18 यदि विद् युत का वि(cid:354)य विद् युत (cid:681)ापा(cid:303)रयों अथवा किसी अ(cid:586) लाइस(cid:336)सधारी को किया जाता है, तो उसे पृथक (cid:349)प से दशा(cid:330)या जाएगा।

6.19 लाइस(cid:336)सधारी (cid:373)ेणीवार खुले अभिगम (Open Access) उपभो(cid:389)ाओं तथा उनकी बि(cid:354)ी को भी इंगित करे गा। उनके लिए (cid:366)वाहित की गई ऊजा(cid:330) को अलग-अलग नि(cid:635)ानुसार दशा(cid:330)या जाएगा:

a) उसके आपूति(cid:330) (cid:407)े(cid:361) के भीतर आपूति(cid:330); और

b) उसके आपूति(cid:330) (cid:407)े(cid:361) के बाहर आपूति(cid:330)।

विद् युत (cid:354)य दिशानिद(cid:337)श

6.20 वितरण लाइस(cid:336)सधारी, नियं(cid:361)ण अवधि के लिए विद् युत (cid:354)य योजना के अनुसार, वष(cid:330) के दौरान अपना विद् युत (cid:354)य करे गा, जिसम(cid:336) दीघ(cid:330)कालीन, म(cid:559)मकालीन तथा अ(cid:665)कालीन विद् युत (cid:354)य स(cid:304)(cid:643)लित हो सकता है, जिसे इन विनियमों के अनुसार आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित किया गया हो। 6.21 वितरण लाइस(cid:336)सधारी इस भाग म(cid:336) निहित दिशानिद(cid:337) शों का पालन करे गा जो नि(cid:635)लि(cid:304)खत से संबंधित होंगे::

a) किसी ऐसे (cid:366)बंध या अनुबंध के अंतग(cid:330)त विद् युत (cid:354)य, जिसकी अवधि बारह (12) वष(cid:330) से अधिक और प(cid:452)ीस(25) वष(cid:330) तक हो (अथा(cid:330)त् दीघ(cid:330)कालीन विद् युत (cid:354)य);

b) किसी ऐसे (cid:366)बंध या अनुबंध के अंतग(cid:330)त विद् युत (cid:354)य, जिसकी अवधि तीन (3) माह से अधिक कि(cid:566)ु तीन (3) वष(cid:330) से अधिक न हो (अथा(cid:330)त् म(cid:559)मकालीन विद् युत (cid:354)य);और c) किसी ऐसे (cid:366)बंध या अनुबंध के अंतग(cid:330)त विद् युत (cid:354)य, जिसकी अवधि एक (1) माह से कम अथवा एक (1) माह तक हो (अथा(cid:330)त् अ(cid:665)कालीन विद् युत (cid:354)य)।

विद् युत (cid:354)य योजना

6.22 वितरण लाइस(cid:336)सधारी अपने आपूति(cid:330) (cid:407)े(cid:361) म(cid:336) विद् युत मांग को पूरा करने हेतु विद् युत (cid:354)य की एक योजना तैयार करे गा और उ(cid:389) योजना अनुमोदन हेतु आयोग को (cid:366)(cid:721)ुत करे गा:

इस बात का (cid:366)ावधान है कि ऐसी विद् युत (cid:354)य योजना नियं(cid:361)ण अवधि के लिए वि(cid:517)ीय वष(cid:330) 2026-27 से वि(cid:517)ीय वष(cid:330) 2030-31 तक (cid:366)(cid:721)ुत की जाएगी:

यह भी उपबंधित है कि (cid:681)वसाय योजना का अंग होने के (cid:349)प म(cid:336) (cid:366)(cid:721)ावित विद् युत (cid:354)य योजना को, शु(cid:651) निधा(cid:330)रण हेतु आवेदन के साथ (cid:366)(cid:721)ुत किया जाएगा:

यह भी उपबंधित है कि वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत विद् युत (cid:354)य योजना म(cid:336), इन विनियमों के अनुसार दीघ(cid:330)कालीन, म(cid:559)मकालीन और अ(cid:665)कालीन (cid:375)ोतों से (cid:354)य स(cid:304)(cid:643)लित हो सकता है। तथापि, वितरण लाइस(cid:336)सधारी यथासंभव अ(cid:665)कालीन (cid:354)य की योजना न बनाए, अपवाद (cid:738)(cid:349)प के वल विनियमन13 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 की धारा 6.31 से धारा 6.36 म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) प(cid:303)र(cid:304)(cid:830)थतियों हेतु, और अपनी आव(cid:692)कताओं को दीघ(cid:330)कालीन तथा म(cid:559)मकालीन विद् युत (cid:354)य से पूरा करने का (cid:366)यास करे तथा उसी के अनु(cid:349)प योजना बनाए। 6.23 वितरण लाइस(cid:336)सधारी की विद् युत (cid:354)य योजना म(cid:336) नि(cid:635)लि(cid:304)खत स(cid:304)(cid:643)लित होंगे::

a) नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान अपने आपूति(cid:330) (cid:407)े(cid:361) के भीतर (cid:366)(cid:529)ेक शु(cid:651) (cid:373)ेणी के लिए अ(cid:366)तिबंधित विद् युत मांग का मा(cid:361)ा(cid:527)क पूवा(cid:330)नुमान;

b) चि(cid:304)(cid:590)तउ(cid:523)ादन(cid:375)ोतोंएवंविद् युत(cid:354)यसेहोनेवालीविद् युतआपूति(cid:330)कीअनुमानितमा(cid:361)ा ;

c) आधार भार (Base Load) और शिखर भार (Peak Load) की मांग को पूरा करने हेतु विद् युत उपल(cid:617)ता का अनुमान:

यह उपबंधित है कि ऐसे अनुमान मांग और आपूति(cid:330) का मासिक आकलन होंगे तथा उ(cid:590)(cid:336) मेगावाट (MW) एवं मिलियन यूनिट्स (MU) दोनों म(cid:336) अभि(cid:681)(cid:389) किया जाएगा;

d) झारखंड रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (वितरण लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों के (cid:366)दश(cid:330)न मानक) विनियम, 2015 के अनुसार आपूति(cid:330) की गुणव(cid:517)ा और वि(cid:695)सनीयता से संबंधित मानकों को बनाए रखना अनिवाय(cid:330) है, जिनम(cid:336) समय-समय पर संशोधन किया जाता रहता है;

e) ऊजा(cid:330) संर(cid:407)ण और ऊजा(cid:330) द(cid:407)ता के संबंध म(cid:336) लागू की जाने वाली (cid:366)(cid:721)ावित उपाय योजना;

f) नए विद् युत उ(cid:523)ादन (cid:375)ोतों और/या (cid:354)य की आव(cid:692)कता, जिसम(cid:336) उ(cid:523)ादन (cid:407)मता का संवध(cid:330)न और (क) से (ङ) तक के आधार पर पहचाने गए नए आपूति(cid:330) (cid:375)ोत स(cid:304)(cid:643)लित हों;

g) विद् युत (cid:354)य की योजना, जिसम(cid:336) ऐसी खरीद की मा(cid:361)ा और लागत का अनुमान स(cid:304)(cid:643)लित हो::

यह उपबंधित है कि दीघ(cid:330)कालीन विद् युत (cid:354)य योजना म(cid:336) निहित पूवा(cid:330)नुमान/अनुमान को शिखर और अशिखर अवधियों (peak and off-peak periods) के लिए पृथक (cid:349)प से दशा(cid:330)या जाएगा, जिसम(cid:336) (cid:354)य की जाने वाली विद् युत की मा(cid:361)ा (मिलियन यूनिट्स - MU) और अधिकतम मांग (मेगावाट - MW / मेगावो(cid:656) ए(cid:636)ीयर - MVA) अभि(cid:681)(cid:389) की जाएगी:

यह भी उपबंधित है कि नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक माह हेतु ऐसे पूवा(cid:330)नुमान/अनुमान तैयार किए जाएं गे:

यह भी उपबंधित है कि दीघ(cid:330)कालीन विद् युत (cid:354)य योजना उपल(cid:617) (cid:375)ोतों की लागत संबंधी जानकारी के आधार पर एक किफायती योजना होगी।

6.24 पूवा(cid:330)नुमान/अनुमान अतीत के आंकड़ों एवं भवि(cid:712) के बारे म(cid:336) यथोचित मा(cid:586)ताओं पर आधा(cid:303)रत पूवा(cid:330)नुमान तकनीकों का (cid:366)योग करके तैयार किए जाएं गे:

यह अनुमान/पूवा(cid:330)नुमान उन कारकों को (cid:559)ान म(cid:336) रख कर बनाया जाएगा, जिनम(cid:336) सम(cid:356) आथि(cid:330)क विकास,विद् युत-गहन (cid:407)े(cid:361)ों की खपत वृ(cid:304)(cid:544), विद् युत उ(cid:552)ोग म(cid:336) (cid:366)ति(cid:729)धा(cid:330) का आगमन, कै (िcid:592)व पावर के (cid:348)झान, हानि कम करने की पहलों का (cid:366)भाव, पवन (cid:720)ेशन (cid:600)ांट लोड फै (cid:387)र म(cid:336) सुधार और अ(cid:586) संबंधित कारक शामिल हों।

संबंधित लाइस(cid:336)सधारी आवेदन-आधा(cid:303)रत (cid:366)णाली को लागू करने का (cid:366)यास करे गा, जिसम(cid:336) कृ (िcid:361)म बु(cid:304)(cid:544)म(cid:517)ा (Artificial Intelligence) और मशीन लनि(cid:333)ग (Machine Learning)जैसी उ(cid:580)त तकनीकों को शामिल किया जाएगा।आयोग को तकनीकी ढांचा, संचालन के तरीके ,14 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 लागत-लाभ वि(cid:694)ेषण और काया(cid:330)(cid:587)यन समय-सीमा सहित एक वि(cid:721)ृत (cid:681)व हाय(cid:330)ता (cid:303)रपोट(cid:330) (cid:366)(cid:721)ुत करनी होगी। यह उपकरण विद् युत खरीद के (cid:366)मुख (cid:366)दश(cid:330)न संके त कों का अनुकू लन करे गा, जिनम(cid:336) विद् युत खरीद की कु ल लागत म(cid:336) कमी, डिविएशन सेटलम(cid:336)ट मेकानि(cid:474) (Deviation Settlement Mechanism) शु(cid:651) म(cid:336) कमी, (िcid:554)प(cid:407)ीय और पावर ए(cid:411)च(cid:336)ज लेन-देन का अनुकू लन, और पूवा(cid:330)नुमान की सटीकता म(cid:336) सुधार शामिल ह(cid:339)। इससे विद् युत खरीद का (cid:366)बंधन अधिक (cid:366)भावी बनेगा, लागत म(cid:336) बचत होगी और वितरण (cid:366)णाली की वि(cid:695)सनीयता बढ़े गी।

6.25 जहाँआयोगनेकिसीवितरणलाइस(cid:336)सधारीके (cid:407)े(cid:361)म(cid:336)कु लविद् युतखपतकाकोई(cid:366)तिशतसह- उ(cid:523)ादन/नवीकरणीयऊजा(cid:330)(cid:375)ोतोंसेखरीदनेके लिएनिधा(cid:330)(cid:303)रतकियाहो, वहाँउसवितरणलाइस(cid:336)सधारीकीविद् युतखरीदयोजनाम(cid:336)ऐसे(cid:375)ोतोंसेनिध(cid:330)(cid:303)रत(cid:721)रतककीखरी दकीयोजनाशामिलहोगी।

6.26 वितरण लाइस(cid:336)सधारी को अपनी विद् युत (cid:354)य योजना की एक (cid:366)ति रा(cid:475) (cid:366)सारण उपयोगिता (State Transmission Utility) को अ(cid:356)ेषित करना अपे(िcid:407)त होगा ताकि उसकी रा(cid:475)ांतग(cid:330)त सं(cid:354)मण तं(cid:361) योजना के साथ सुसंगति का स(cid:529)ापन किया जा सके : यह उपबंधित है कि वितरण लाइस(cid:336)सधारी विद् युत (cid:354)य योजना तैयार करते समय रा(cid:475) (cid:366)सारण उपयोगिता से परामश(cid:330) भी कर सकता है ताकि ऐसी योजना का सं(cid:354)मण तं(cid:361) योजना के साथ सामंज(cid:735) सुनि(िcid:686)त हो सके ।

6.27 वितरण लाइस(cid:336)स धारी, विद् युत खरीद योजना (cid:366)(cid:721)ुत करते समय यदि ऐसी अति(cid:303)र(cid:389) जानकारी (cid:366)ा(cid:593) होती है जो पहले (cid:466)ात या उपल(cid:617) नही ं थी, तो वह नियं(cid:361)ण अवधि के शेष समय के लिए विद् युत खरीद योजना म(cid:336) संशोधन के लिए आवेदित कर सकता है, और यह संशोधन वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा के आवेदन के हि(cid:739)े के (cid:349)प म(cid:336) किया जाएगा। 6.28 यदि विद् युत (cid:354)य योजना (cid:366)(cid:721)ुत करते समय आयोग को कोई जानकारी उपल(cid:617) न थी अथवा (cid:466)ात न थी और बाद म(cid:336) ऐसी अति(cid:303)र(cid:389) जानकारी (cid:366)ा(cid:593) होती है, तो आयोग यदि उचित समझे तो वह (cid:738)तः सं(cid:466)ान के आधार पर अथवा किसी इ(cid:453)ु क अथवा (cid:366)भावित प(cid:407) (cid:554)ारा किए गए आवेदन पर, वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा के अंग के (cid:349)प म(cid:336) वितरण लाइस(cid:336)सधारी की विद् युत (cid:354)य योजना को शेष नियं(cid:361)ण अवधि के लिए संशोधित कर सकता है।

विद् युत (cid:354)य अनुबंध/(cid:681)व(cid:830)था की (cid:738)ीकृ ति

6.29 (cid:366)(cid:529)ेक अनुबंध या (cid:681)व(cid:830)था, जिसके तहत कोई वितरण लाइस(cid:336)सधारी किसी उ(cid:523)ादन कं पनी, लाइस(cid:336)सधारी, अथवा किसी अ(cid:586) आपूति(cid:330) (cid:375)ोत से विद् युत (cid:354)य करता है, के वल आयोग की पूव(cid:330) (cid:738)ीकृ ति से ही (cid:366)भावी होगी:

यह उपबंधित है कि वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा किसी उ(cid:523)ादन कं पनी, लाइस(cid:336)सधारी या किसी अ(cid:586) आपूति(cid:330) (cid:375)ोत से (cid:720)(cid:339)डबाय आधार पर विद् युत (cid:354)य के लिए किए जाने वाले किसी भी अनुबंध या (cid:681)व(cid:830)था के संबंध म(cid:336) आयोग की पूव(cid:330) (cid:738)ीकृ ति आव(cid:692)क होगी:

यह भी उपबंधित है कि विद् युत (cid:354)य हेतु किसी मौजूदा अनुबंध या (cid:681)व(cid:830)था म(cid:336) किए गए किसी भी प(cid:303)रवत(cid:330)न पर आयोग की पूव(cid:330) (cid:738)ीकृ ति आव(cid:692)क होगी, चाहे ऐसा मौजूदा अनुबंध या (cid:681)व(cid:830)था आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित किया गया हो या न किया गया हो। 6.30 आयोग, वितरण लाइस(cid:336)सधारी की अनुमोदित विद् युत (cid:354)य योजना और नि(cid:635)लि(cid:304)खत कारकों को (cid:559)ान म(cid:336) रखते (cid:352)ए विद् युत (cid:354)य अनुबंध/(cid:681)व(cid:830)था की (cid:738)ीकृ ति हेतु (cid:366)(cid:721)ुत किसी आवेदन की समी(cid:407)ा करे गा:

a) अनुमोदित विद् युत (cid:354)य योजना के अंतग(cid:330)त विद् युत (cid:354)य की आव(cid:692)कता;

b) क(cid:336) (cid:363)ीय सरकार (cid:554)ारा जारी दिशानिद(cid:337) शों के अनुसार पारदश(cid:334) निविदा (cid:366)(िcid:354)या का अनुपालन; जहाँ उपबंध (ख) म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) (cid:366)(िcid:354)या को नहीं अपनाया गया हो, वहाँ इन विनियमों के अधीन निदि(cid:330)(cid:700) टै(cid:303)रफ निधा(cid:330)रण की शत(cid:344) एवं नियमों का पालन;

c) इस (cid:366)कार की अनुबंध/(cid:681)व(cid:830)था के अंतग(cid:330)त खरीदी गई विद् युत की निकासी और आपूति(cid:330) हेतु रा(cid:475)ांतग(cid:330)त सं(cid:354)मण तं(cid:361) म(cid:336) उपल(cid:617) (या (cid:366)(cid:529)ाशित (cid:349)प से उपल(cid:617)) (cid:407)मता;

15 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

d) सह-उ(cid:523)ादन और नवीकरणीय ऊजा(cid:330) (cid:375)ोतों से विद् युत उ(cid:523)ादन को बढ़ावा देने की आव(cid:692)कता।

अति(cid:303)र(cid:389) अ(cid:665)कालीन विद् युत (cid:354)य

6.31 इस विनियम के अनुसार, वितरण लाइस(cid:336)सधारी, नियं(cid:361)ण अवधि के लिए आयोग (cid:554)ारा (cid:738)ीकृ त विद् युत खरीद योजना से ऊपर और उससे अलग, वष(cid:330) के दौरान अति(cid:303)र(cid:389) अ(cid:665)कालिक विद् युत खरीद कर सकता है।

6.32 यदि वि(cid:517)ीय वष(cid:330) के दौरान किसी अनुमोदित आपूति(cid:330) (cid:375)ोत से विद् युत आपूति(cid:330) म(cid:336) कमी या विफलता होती है, तो वितरण लाइस(cid:336)सधारी अति(cid:303)र(cid:389) अ(cid:665)कालीन (cid:681)व(cid:830)था अथवा अनुबंध के अंतग(cid:330)त विद् युत (cid:354)य कर सकता है:

यह उपबंधित है कि यदि किसी छह माह की अवधि म(cid:336) (ऐसे अ(cid:665)कालीन विद् युत (cid:354)य सहित)कु लविद् युत (cid:354)य लागत या मा(cid:361)ा, आयोग (cid:554)ारा उस छह माह की अवधि के लिए अनुमोदित विद् युत (cid:354)य लागत या मा(cid:361)ा से दस(cid:366)तिशत(10%)से अधिक हो जाती है, तो वितरण लाइस(cid:336)सधारी को आयोग से प(cid:686)ात्अनुमोदन(cid:366)ा(cid:593) करनी होगी।

6.33 जहाँ वितरण लाइस(cid:336)सधारी ने किसी नए अ(cid:665)कालीन आपूति(cid:330) (cid:375)ोत की पहचान की है, जिससे (cid:738)ीकृ त कु ल विद् युत (cid:354)य लागत म(cid:336) कमी लाने वाले शु(cid:651) पर विद् युत (cid:354)य किया जा सकता है, वहाँ वितरण लाइस(cid:336)सधारी आयोग की पूव(cid:330) (cid:738)ीकृ ति के बिना ऐसे आपूति(cid:330)कता(cid:330) के साथ अ(cid:665)कालीन विद् युत (cid:354)य अनुबंध या (cid:681)व(cid:830)था कर सकता है।

6.34 वितरण लाइस(cid:336)सधारी आपातकालीन प(cid:303)र(cid:304)(cid:830)थतियों का सामना करने पर, जो वितरण (cid:366)णाली की (cid:304)(cid:830)थरता को (cid:366)भावित करती हों, अथवा (िcid:356)ड विफलता (Grid Failure) को रोकने के लिए रा(cid:475) भार (cid:366)ेषण क(cid:336) (cid:363) (State Load Despatch Centre) (cid:554)ारा ऐसा करने का निद(cid:337) श दिए जाने पर, आयोग की पूव(cid:330) (cid:738)ीकृ ति के बिना अ(cid:665)कालीन विद् युत (cid:354)य अनुबंध या (cid:681)व(cid:830)था कर सकता है अथवा विद् युत ए(cid:411)च(cid:336)जों से विद् युत (cid:354)य कर सकता है।

6.35 पं(cid:363)ह (15) दिनोंके भीतर, जब भी कोई समझौता या (cid:681)व(cid:830)था की जाती है जिसके लिए पूव(cid:330) अनुमति आव(cid:692)क नही ं है, वितरण लाइस(cid:336)सधारी को ऐसी समझौता या (cid:681)व(cid:830)था के पूण(cid:330) विवरण आयोग को (cid:366)दान करने होंगे, जिसम(cid:336) मा(cid:361)ा, टै(cid:303)रफ गणना, अवधि, आपूति(cid:330)कता(cid:330) विवरण, आपूति(cid:330)कता(cid:330) चयन की विधि और आयोग (cid:554)ारा मांगी गई अ(cid:586) जानका(cid:303)रयाँ शामिल होंगी ताकि यह सुनि(िcid:686)त किया जा सके कि इस विनियमन म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) शत(cid:344) का पालन किया गया है:

यह उपबंधित है कि जहाँ आयोग को यह वि(cid:695)ास करने के लिए यथोचित आधार हो कि वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा किया गया अनुबंध या (cid:681)व(cid:830)था धारा 6.32 से धारा 6.34 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) मानदंडों को पूरा नहीं करता है, वहाँ आयोग, (cid:738)ीकृ त (cid:721)र से ऊपर उ(cid:523)(cid:580) होने वाली कु ल विद् युत (cid:354)य लागत (अति(cid:303)र(cid:389) राज(cid:738) घटाकर) म(cid:336) किसी भी वृ(cid:304)(cid:544) या वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा (cid:352)ई किसी भी हानि को उपभो(cid:389)ाओं तक (cid:830)थानांत(cid:303)रत करने की अनुमति नहीं देगा।

6.36 धारा 6.32 से धारा 6.34 म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) मामलों के अधीन रहते (cid:352)ए, जहाँ वितरण लाइस(cid:336)सधारी आयोग की (cid:738)ीकृ ति के बिना किसी भी अ(cid:665)कालीन विद् युत (cid:354)य अनुबंध या (cid:681)व(cid:830)था म(cid:336) (cid:366)वेश करता है, वहाँ (cid:738)ीकृ त (cid:721)र से ऊपर उ(cid:523)(cid:580) होने वाली कु ल विद् युत (cid:354)य लागत (अति(cid:303)र(cid:389) राज(cid:738) घटाकर) म(cid:336) किसी भी वृ(cid:304)(cid:544) को पूण(cid:330)तः नियं(िcid:361)त कारकों के कारण मानी जाने वाली (cid:366)दश(cid:330)न की भि(cid:580)ता समझा जाएगा।

6.37 इसके अति(cid:303)र(cid:389), लाइस(cid:336)सधारी किसी भी अधिशेष विद् युत को खुले बाजार म(cid:336) बेच भी सकता है, बशत(cid:337) कि ऐसी विद् युत की वि(cid:354)य से (cid:366)ा(cid:593) शु(cid:651) उस विद् युत की प(cid:303)रवत(cid:334) लागत से अधिक हो। वितरण हानि और सं(cid:356)ह द(cid:407)ता के लिए ल(cid:409)

6.38 लाइस(cid:336)सधारी, नियं(cid:361)ण अवधि की संपूण(cid:330) अवधि हेतु वितरण हानि (cid:366)(cid:407)ेप-पथ को (cid:681)वसाय योजना म(cid:336), (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) की पू ँजी निवेश योजना के अनु(cid:349)प, आयोग की (cid:738)ीकृ ति हेतु (cid:366)(cid:721)ुत करे गा। 6.39 विभि(cid:580) लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों (cid:554)ारा शु(cid:651) अवधि (Tariff Period) के दौरान (cid:366)ा(cid:593) किए जाने वाले16 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 (cid:586)ूनतम सं(cid:356)हण द(cid:407)ता ल(cid:409)ों का विवरण नि(cid:635)लि(cid:304)खत होगा:

CollectionEfficiencyTargets
Utility 2026-27 2027-28 2028-29 2029-30 2030-31
JBVNL 99.00% 99.00% 99.00% 99.00% 99.00%
TSUISL 99.50% 99.50% 99.50% 99.50% 99.50%
SAIL-Bokaro 99.50% 99.50% 99.50% 99.50% 99.50%
TSL 99.50% 99.50% 99.50% 99.50% 99.50%
DVC 99.50% 99.50% 99.50% 99.50% 99.50%

यह उपबंधित है कि यदि वा(cid:721)विक सं(cid:356)हण द(cid:407)ता ल(cid:409) से अधिक है, तो शु(cid:651) निधा(cid:330)रण (cid:366)योजनों हेतु वा(cid:721)विक सं(cid:356)हण द(cid:407)ता पर विचार किया जाएगा।

विद् युत आपूति(cid:330) और सेवाओं की गुणव(cid:517)ा

6.40 आपूति(cid:330) की गुणव(cid:517)ा और उपभो(cid:389)ा सेवा मानकों की निगरानी आयोग (cid:554)ारा समय-समय पर निधा(cid:330)(cid:303)रत मानकों के अनुसार की जाएगी।लाइस(cid:336)सधारी, जेएसईआरसी (वितरण लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों के (cid:366)दश(cid:330)न मानक) विनियम, 2015 म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) सभी गुणव(cid:517)ा मानकों के लिए आधाररे खा (Baseline) और (cid:366)दश(cid:330)न (cid:366)(cid:407)ेप-पथ (Performance Trajectory) (cid:366)(cid:721)ावित कर(cid:336) गे, जो समय- समय पर संशोधित किए जाते ह(cid:339) तथा उन विनियमों म(cid:336) निधा(cid:330)(cid:303)रत (cid:366)ा(cid:349)पों के अनुसार होंगे। 6.41 नियं(cid:361)ण अवधि हेतु (cid:366)(cid:721)ावित आधाररे खा और (cid:366)दश(cid:330)न (cid:366)(cid:407)ेप-पथ को (cid:681)वसाय योजना के साथ (cid:366)(cid:721)ुत किया जाएगा।

6.42 आयोग आधार रे खा डेटा की वि(cid:695)सनीयता का आकलन करे गा और नियं(cid:361)ण अवधि के लिए (cid:366)(cid:529)ेक पहचाने गए पैरामीटर के (cid:366)दश(cid:330)न (cid:366)(cid:407)ेप पथ को निधा(cid:330)(cid:303)रत कर सकता है। इस संबंध म(cid:336) प(cid:303)रचालन, तकनीकी, वि(cid:517)ीय और (cid:366)दश(cid:330)न मानकों के लिए एक ब(cid:336)चमाकि(cid:333) ग अ(cid:559)यन किया जाएगा, जिसम(cid:336) विद् युत (cid:407)े(cid:361) के (cid:366)चलित बाजार गतिशीलता और सव(cid:330)(cid:373)े(cid:703) (cid:366)थाओं को (cid:559)ान म(cid:336) रखा जाएगा। इस ब(cid:336)चमाकि(cid:333) ग अ(cid:631)ास की वि(cid:721)ृत (cid:303)रपोट(cid:330) इन विनियमों की अधिसूचना की तिथि से छह महीनों के भीतर आयोग को (cid:366)(cid:721)ुत की जाएगी।और इसके बदले मे, आयोग संबंधित उपयोगिताओं (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत ब(cid:336)चमाक(cid:330) अ(cid:559)यन की (cid:303)रपोट(cid:330) का समुचित मू(cid:670)ांकन कर के , इस (cid:407)े(cid:361) के किसी भी विशेष(cid:466) को (cid:738)तं(cid:361) (cid:349)प से नियु(cid:389) कर विद् युत (cid:407)े(cid:361) म(cid:336) सव(cid:342)(cid:517)म (cid:366)थाओं को निधा(cid:330)(cid:303)रत करने की पहल कर सकता है।

6.43 लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों को आपूति(cid:330) और सेवाओं की गुणव(cid:517)ा म(cid:336) सुधार हेतु (cid:366)ो(cid:534)ाहित करने के लिए (cid:366)दश(cid:330)न ढाँचा, झारखंडरा(cid:475)विद् युतविनियामकआयोग (वितरण लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों के (cid:366)दश(cid:330)न मानक) विनियम, 2015, समय-समय पर संशोधित अनुसार होगा।

ए.आर.आर. के नियं(िcid:361)त और अकारणीय त(cid:533)

6.44 इन विनियमों म(cid:336) निहित एम.वाई.टी. (MYT) ढाँचे के (cid:366)योजन हेतु, ए.आर.आर. (ARR) के त(cid:533)ों की पहचान "नियं(िcid:361)त" और "अनियं(िcid:361)त" के (cid:349)प म(cid:336) की जाएगी, जैसा कि नि(cid:635)लि(cid:304)खत है:

ए.आर.आर. तȕ (ARR Element) नियंũणीय / अनियंũणीय (Controllable / Uncontrollable)
बिŢी मŐ पįरवतŊन अनियंũणीय
विद् युत Ţय लागत (अʙकालिक विद् युत को छोड़कर) अनियंũणीय
अʙकालिक विद् युत Ţय लागत नियंũणीय (सीलिंगमूʞ)
Ůसारण एवं लोड Ůेषण शुʋ अनियंũणीय
स ंचालन एवं अनुरƗण ʩय (कमŊचाįरयों की टमिŊनल दे नदाįरयों को छोड़कर) नियंũणीय
कमŊचाįरयों की टमिŊनल दे नदाįरयाँ अनियंũणीय
इİƓटी पर Ůतिफल नियंũणीय
ऋण पर ɯाज नियंũणीय
कायŊशील पू ंजी पर ɯाज नियंũणीय
म ूʞŸास नियंũणीय
आयपरकर अनियंũणीय
विदे शी विनिमय दर मŐ पįरवतŊन अनियंũणीय
ग ैर-टैįरफआय अनियंũणीय
अɊ ʩवसायों से आय अनियंũणीय
उपभोƅा सुरƗा जमा पर ɯाज अनियंũणीय
वितरण हानि एवं संŤह दƗता नियंũणीय
आपूतिŊ की गुणवȅा नियंũणीय
प ू ंजीगत ʩय नियंũणीय
प ू ंजीकरण नियंũणीय
तारउ पलɩता एवं आपूतिŊ उपलɩता मŐ पįरवतŊन नियंũणीय
17 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

6.45 अनियं(िcid:361)त त(cid:533)ों के कारण होने वाले अंतर को उपभो(cid:389)ाओं से वसूल किए जाने यो(cid:438) (Pass- through) (cid:681)य के (cid:349)प म(cid:336) माना जाएगा, जो आयोग (cid:554)ारा सावधानीपूव(cid:330)क जाँच और अनुमोदन के अधीन होगा।

6.46 आयोग, नियं(िcid:361)तत(cid:533)ों म(cid:336) प(cid:303)रवत(cid:330)न को भी ए.आर.आर. (ARR) म(cid:336) समायोजित करने की अनुमति दे गा, यदि वह विधि म(cid:336) प(cid:303)रवत(cid:330)नया दै वी आपदाघटनाओं(Force Meure) के कारण (cid:352)आ हो। यह अनुमत प(cid:303)रवत(cid:330)न अगले वष(cid:330) हेतु होगा, जो लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत वा(cid:721)विक आंकड़ों तथा आयोग (cid:554)ारा स(cid:529)ापन और अनुमोदन पर आधा(cid:303)रत होगा।.

6.47 आयोग (cid:554)ारा निदि(cid:330) (cid:700) ल(cid:409)ों से नियं(िcid:361)त त(cid:533)ों के कारण होने वाले अंतर को (cid:366)ो(cid:534)ाहन एवं दं ड ढाँचे (Incentive and Penalty Framework) के अधीन माना जाएगा, जैसा कि आगामी अनुभाग म(cid:336) वि(cid:721)ार से बताया गया है।

(cid:366)ो(cid:534)ाहन एवं दंड ढाँचा

6.48 लाइस(cid:336)सधारी की समेकित राज(cid:738) आव(cid:692)कता (Aggregate Revenue Requirement - ARR) के विभि(cid:580) त(cid:533)ों को एक (cid:366)ो(cid:534)ाहन और दंड ढांचे के अधीन रखा जाएगा, जैसा कि इस अनुभाग म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) शत(cid:344) के अनुसार है।इसका (cid:366)धान उ(cid:542)े(cid:692) बेहतर (cid:366)दश(cid:330)न को (cid:366)ो(cid:534)ाहित करना और कम (cid:366)दश(cid:330)न पर दंड लगाना है, जो आयोग (cid:554)ारा निदि(cid:330)(cid:700) (cid:366)दश(cid:330)न मानकों/ब(cid:336)चमाक(cid:330) परआधा(cid:303)रत होगा।

6.49 लाभ या हानि का आंकलन संचालित व(cid:721)ुओं के लिए सामूहिक (cid:349)प से वाषि(cid:330)क आधार पर किया जाएगा, जिनम(cid:336) संचालन और रख रखाव (cid:681)य (टमि(cid:330)नल देनदा(cid:303)रयों को छोड़कर), वितरण हानि, और सं(cid:356)ह द(cid:407)ता शामिल ह(cid:339)।ये गणनाएं वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा म(cid:336) लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत आंकड़ों और लेखापरी(िcid:407)त वाषि(cid:330)क खातों के आधार पर की जाएं गी, और आयोग (cid:554)ारा सावधानी पूव(cid:330)क जांच के अधीन होंगी।

6.50 यदि सम(cid:356) लाभ होता है, तो वह लाभ लाइस(cid:336)सधारी और उपभो(cid:389)ाओं के बीच (cid:354)मशः पचास:पचास(50:50) के अनुपात म(cid:336) बाँटा जाएगा।

6.51 बाँटे जाने यो(cid:438) लाभ, नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) की वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा म(cid:336) शु(cid:651) के मा(cid:559)म से उपभो(cid:389)ाओं को ह(cid:721)ांत(cid:303)रत किए जाएं गे।18 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 6.52 यदि नियं(िcid:361)त मानकों के संबंध म(cid:336) अपे(िcid:407)त से कम (cid:366)दश(cid:330)न के प(cid:303)रणाम(cid:738)(cid:349)प किसी (cid:366)कार की हानि होती है, तो ऐसी संपूण(cid:330) हानि का वहन (cid:738)यं लाइस(cid:336)सधारी करे गा और उसका कोई भी भाग उपभो(cid:389)ाओं पर नहीं डाला जाएगा।

6.53 इसके अति(cid:303)र(cid:389), वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा ऋणों के पुनवि(cid:330)(cid:517) से (cid:352)ई शु(cid:544) बचत, उपयो(cid:389)ाओं और लाइस(cid:336)सधारी के बीच (cid:354)मशः 50:50के अनुपात म(cid:336) बाँटी जाएगी।

A7.(cid:854)(cid:347) इंग-अप

7.1 लाइस(cid:336)सधारी को (cid:854)(cid:347) इंग-अप के लिए आवेदन के साथ (cid:373)ेणी-वार एवं वो(cid:656)ेज-वार बि(cid:354)ी, अनुबंधित ंजीगत (cid:681)य माँग और उपभो(cid:389)ाओं की सं(cid:421)ा, (cid:375)ोत-वार विद् युत खरीद की मा(cid:361)ा और लागत, पू का विवरण, अति(cid:303)र(cid:389) पू ंजीकरण, वि(cid:517)पोषण के (cid:375)ोत, संचालन एवं अनुर(cid:407)ण (cid:681)य, वा(cid:721)विक ऋण पोट(cid:330)फोलियो तथा उस पर चुकाए गए (cid:623)ाज के साथ-साथ (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) की नियं(cid:361)ण अवधि के लिए ए.आर.आर. (ARR) के अ(cid:586) घटक, धारा ए 24 म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) समय-सीमा के अनुसार वाषि(cid:330)क ऑडिटेड खातों के आधार पर (cid:366)(cid:721)ुत करना होगा।

7.2 जहां (cid:854)(cid:347) इंग-अप के बाद, इस विनियम के अंतग(cid:330)त आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित (cid:854)(cid:347) ड-अप मू(cid:670) से वसूल की गई राज(cid:738) राशि अधिक होती है, वहां अति(cid:303)र(cid:389) राशि का (cid:681)वहार इन विनियमों के उपखंड 7.4म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) अनुसार किया जाएगा।

7.3 जहां (cid:854)(cid:347) इंग-अप के बाद, इस विनियम के अंतग(cid:330)त आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित (cid:854)(cid:347) ड-अप मू(cid:670) से वसूल की गई राज(cid:738) राशि कम होती है, वहां कमी की राशि का (cid:681)वहार इन विनियमों के उपखंड 7.4म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) अनुसार किया जाएगा।

7.4 जो राशि कम-वसूली या अधिक-वसूली (cid:352)ई हो, उस पर साधारण (cid:623)ाज (जो संबंधित वष(cid:330) की 1 अ(cid:366)ैल को (cid:366)चलित ब(cid:339)क दर के बराबर हो तथा उस पर दोसौ (200)बेसिस अंक जोड़े जाएँ ) सहित, आगामी वष(cid:344) के लिए अनुमोदित शु(cid:651) म(cid:336) अ(cid:356)ेषित की जाएगी: यह (cid:366)ावधान होगा कि यदि लाइस(cid:336)सधारी धारा 24 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) समय-सीमा के अनुसार याचिकाएँ (cid:366)(cid:721)ुत करने म(cid:336) असफल रहता है, तो अ(cid:366)ा(cid:593) अंतर पर विलंब अवधि हेतु कोई कै (cid:303)रं ग कॉ(cid:720) की अनुमति नहीं दी जाएगी:

यह (cid:366)ावधान भी होगा कि यदि ऐसा अंतर अधिक हो और इसे के वल एक ही वष(cid:330) म(cid:336) वसूलना संभव न हो, तो आयोग इस पर विचार कर सकता है कि 2016 की शु(cid:651) नीति के खंड 8.2.2 म(cid:336) दिए गए दिशा- निद(cid:337) शों के अनुसार एक रे गुलेटरीएसेट का निमा(cid:330)ण किया जाए.

यह (cid:366)ावधान भी होगा कि यदि किसी अनियं(cid:361)णीय मदों म(cid:336) प(cid:303)रवत(cid:330)न के कारण होने वाले (cid:366)तिकू ल वि(cid:517)ीय (cid:366)भाव का कारण लाइस(cid:336)सधारी या उसके आपूति(cid:330)कता(cid:330)/ठे के दार की चूक हो, तो इसे (cid:854)(cid:347) इंग-अप म(cid:336) (cid:738)ीकार नहीं किया जाएगा।

7.5 आयोग, शु(cid:651) की (cid:304)(cid:830)थरता सुनि(िcid:686)त करने के लिए, संबंधित नियं(cid:361)ण अवधि के वष(cid:330) के अगले वष(cid:330) म(cid:336) शामिल करने के बजाय, (cid:854)(cid:347) -अप लागत को आगामी नियं(cid:361)ण अवधि के ए.आर.आर. म(cid:336) शामिल कर सकता है।

A8.वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा

8.1 लाइस(cid:336)सधारी को वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा हेतु आवेदन के साथ (cid:373)ेणी-वार एवं वो(cid:656)ेज-वार बि(cid:354)ी, अनुबंधित माँग और उपभो(cid:389)ाओं की सं(cid:421)ा, (cid:375)ोत-वार विद् युत खरीद की मा(cid:361)ा और लागत, पू ंजीगत (cid:681)य का विवरण, अति(cid:303)र(cid:389) पू ंजीकरण, वि(cid:517)पोषण के (cid:375)ोत, संचालन एवं अनुर(cid:407)ण (cid:681)य, वा(cid:721)विक ऋण पोट(cid:330)फोलियो तथा उस पर चुकाए गए (cid:623)ाज के साथ-साथ समी(cid:407)ा वष(cid:330) के लिए (cid:352)ई/अनुमानित ए.आर.आर. की अ(cid:586) मद(cid:336), धारा 24म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) समय-सीमा के अनुसार (cid:366)(cid:721)ुत करनी होंगी।.

8.2 वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा याचिका के साथ, लाइस(cid:336)सधारी को त(cid:534)मय पूव(cid:330)वत(cid:334) वष(cid:330)/वष(cid:344) के (cid:854)(cid:347) इंग- अप तथा वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा के आधार पर अगले वष(cid:330) के लिए संशोधित ए.आर.आर. का दावा भी करना होगा।.

8.3 वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा का दायरा, अनुमोदित (cid:681)यों की तुलना संशोधित अनुमानों से करना होगा तथा इसम(cid:336) नि(cid:635)लि(cid:304)खत स(cid:304)(cid:643)लित होंगे:

ंजीगत (cid:681)य और a) नवीनतम वा(cid:721)विक डेटा के आधार पर, अनुमोदित पू19 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 पू ंजीकरण की तुलना लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत संशोधित अनुमानों से की जाएगी;

b) आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित आव(cid:692)क बि(cid:354)ी को पूरा करने के लिए बि(cid:354)ी और विद् युत खरीद की तुलना हाल ही म(cid:336) उपल(cid:617) नवीनतम वा(cid:721)विक डेटा के आधार पर लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत संशोधित अनुमानों के साथ कीजाएगी;

ंजी पर c) आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित अ(cid:586) (cid:681)यों जैसे कि ऋण पर (cid:623)ाज, काय(cid:330)शील पू (cid:623)ाज, इ(cid:304)(cid:403)टी पर (cid:303)रटन(cid:330), मू(cid:670)(cid:376)ास और संचालन एवं म(cid:336)टेन(cid:336)स (cid:681)य की तुलना नवीनतम वा(cid:721)विक डेटा के आधार पर लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत संशोधित अनुमानों के साथ की जाएगी;

d) पूव(cid:330)वत(cid:334) वष(cid:330) के नियं(cid:361)णीय कारकों के कारण (cid:352)ए लाभ और हानि के बँटवारे की गणना;

e) अनुमोदित राज(cid:738) बनाम नवीनतम वा(cid:721)विक आंकड़ों पर आधा(cid:303)रत संशोधित अनुमान। f) कोई अ(cid:586) (cid:681)य/राज(cid:738) जो ए.आर.आर. को (cid:366)भावित करते हों।

8.4 वितरण लाइस(cid:336)सधारी, यदि उ(cid:590)(cid:336) ऐसी अति(cid:303)र(cid:389) जानकारी (cid:366)ा(cid:593) होती है जो पूव(cid:330) म(cid:336)(cid:466)ातयाउपल(cid:617)नहींथी जब पूवा(cid:330)नुमान तैयार किया गया था, तो वे नियं(cid:361)ण अवधि की शेष अवधि के लिए अनुमोदित ए.आर.आर. एवं अपे(िcid:407)त राज(cid:738) (शु(cid:651) और दरों से) के पूवा(cid:330)नुमान म(cid:336) संशोधन हेतु वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा के हि(cid:739)े के (cid:349)प म(cid:336) आवेदन कर सकते ह(cid:339)।

8.5 यदि आयोग को, ऐसी अति(cid:303)र(cid:389) जानकारी के प(cid:303)रणाम(cid:738)(cid:349)प जो पूव(cid:330) म(cid:336) (cid:466)ात अथवा उपल(cid:617) नहीं थी जब पूवा(cid:330)नुमान तैयार किया गया था, यह (cid:366)तीत होता है कि इससे उ(cid:671)ेखनीय अधिक/कम वसूली हो सकती है, तो आयोग (cid:738)तः (cid:466)ान से अथवा किसी इ(cid:453)ु क अथवा (cid:366)भावित प(cid:407) (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत आवेदन पर, अनुमोदित ए.आर.आर. एवं शु(cid:651) और शु(cid:651)ों से अपे(िcid:407)त राज(cid:738) के पूवा(cid:330)नुमान को नियं(cid:361)ण अवधि की शेष अवधि के लिए, वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा के हि(cid:739)े के (cid:349)प म(cid:336) संशोधित कर सकता है।

8.6 वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा और (cid:854)(cid:347) इंग-अप के वि(cid:694)ेषण के आधार पर, आयोग नियं(cid:361)ण अवधि के आगामीवष(cid:330) हेतु ए.आर.आर. और शु(cid:651) म(cid:336) संशोधन कर सकता है।20 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

अ(cid:559)ाय III: वाषि(cid:330)क राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) का निधा(cid:330)रण

A9.(cid:854)(cid:347) -अप, एपीआर और एआरआर एवं शु(cid:651) निधा(cid:330)रण का विवरण

9.1 वितरण लाइस(cid:336)सधारी को पिछले वष(cid:330) के लिए (cid:854)(cid:347) -अप का विवरण, वत(cid:330)मान वष(cid:330) के लिए वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)नसमी(cid:407)ा तथा आगामी वष(cid:330) के लिए शु(cid:651) निधा(cid:330)रण का विवरण, नि(cid:635)लि(cid:304)खत धाराओं म(cid:336) वणि(cid:330)त सि(cid:544)ांतों के अनुसार (cid:366)(cid:721)ुत करना होगा।

A10.वाषि(cid:330)क राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) निधा(cid:330)रण के सि(cid:544)ांत

नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसाय हेतु एआरआर की गणना

10.1 लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयोंके (cid:684)ीलिंग(cid:681)वसायहेतु(cid:366)(cid:529)ेकवष(cid:330)कीवाषि(cid:330)कराज(cid:738)आव(cid:692)कता (ARR) म(cid:336)नि(cid:635)लि(cid:304)खतमद(cid:336)शामिलहोंगी:

a) संचालन एवं अनुर(cid:407)ण (cid:681)य;

b) इ(cid:304)(cid:403)टी पर (cid:366)तिफल;

c) काय(cid:330)शील पू ंजी पर (cid:623)ाज;

d) ऋणों पर (cid:623)ाज;

e) मू(cid:670)(cid:376)ास;

f) आयकर;

g) लीज़ शु(cid:651);

h) विदे शी मु(cid:363)ा दर म(cid:336) उतार-चढ़ाव;

i) घटाएं : गैर-टै(cid:303)रफआय;

j) घटाएं : अ(cid:586)(cid:681)वसायसेआय; और

k) घटाएं : विद् युत(cid:684)ीलिंगसेआय (धारा 10.50 देख(cid:336)) नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय के लिए समेकित राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) की गणना

10.2 नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों के खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय की समेकित राज(cid:738) आव(cid:692)कता (Aggregate Revenue Requirement) म(cid:336) नि(cid:635)ांकित आइटम शामिल होंगे:

a) (cid:366)सारण एवं लोड (cid:366)ेषण शु(cid:651);

b) सं(cid:354)मणएवंलोडडि(cid:729)ैचशु(cid:651);

c) संचालन एवं अनुर(cid:407)ण (cid:681)य;

21 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

d) इ(cid:304)(cid:403)टी पर (cid:366)तिफल;

e) काय(cid:330)शील पू ंजी पर (cid:623)ाज;

f) ऋणों पर (cid:623)ाज;

g) उपभो(cid:389)ासुर(cid:407)ाजमापर(cid:623)ाज;

h) मू(cid:670)(cid:376)ास;

i) आयकर;

j) लीज़ शु(cid:651);

k) विदे शी मु(cid:363)ा दर म(cid:336) उतार-चढ़ाव;

l) विवेकपूण(cid:330)जांचके बादब(cid:339)कशु(cid:651)

m) घटाएं : गैर-टै(cid:303)रफआय;

n) घटाएं : अ(cid:586)(cid:681)वसायसेआय; और

o) घटाएं : ओपन ए(cid:411)ेस उपभो(cid:389)ाओं से (cid:354)ॉस स(cid:304)(cid:629)डी सरचाज(cid:330) और अति(cid:303)र(cid:389) सरचाज(cid:330) के (cid:349)प म(cid:336) (cid:366)ा(cid:304)(cid:593)याँ

संचालन एवं अनुर(cid:407)ण (cid:681)य

10.3 संचालन एवं अनुर(cid:407)ण (O&M) (cid:681)यों म(cid:336) नि(cid:635)लि(cid:304)खत शामिल होंगे:

a) वेतन, मजदू री, प(cid:336)शन अंशदान एवं अ(cid:586) कम(cid:330)चारी (cid:681)य;

b) (cid:366)शासनिक एवं सामा(cid:586) (cid:681)य;

c) मर(cid:643)त एवं अनुर(cid:407)ण (cid:681)य

10.4 नियं(cid:361)ण अवधि के आधार वष(cid:330) के लिए संचालन एवं रखरखाव (O&M) (cid:681)य की (cid:738)ीकृ ति आयोग (cid:554)ारा (cid:366)दान की जाएगी, जिसम(cid:336) वि(cid:517)ीय वष(cid:330) 2020-21 से वि(cid:517)ीय वष(cid:330) 2024-25 के लेखा परी(िcid:407)त खाते, लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत (cid:681)वसाय योजना, आधार वष(cid:330) के लिए वा(cid:721)विक अनुमानों, विवेकपूण(cid:330) जांचऔर आयोग (cid:554)ारा उपयु(cid:389) समझे जाने वाले अ(cid:586) कारकों को (cid:559)ान म(cid:336) रखा जाएगा।

10.5 नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के समेकित राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) म(cid:336) (cid:738)ीकृ त संचालन एवं रखरखाव (O&M) (cid:681)य नि(cid:635)लि(cid:304)खत सू(cid:361) के आधार पर अनुमोदित किए जाएं गे:

O&Mn=(R&Mn+EMPn+A&Gn)+TerminalLiabilities

जहाँ,

R&Mn–लाइस(cid:336)सधारी (Licensee) के nth वष(cid:330) के मर(cid:643)त एवं अनुर(cid:407)ण (cid:681)य;

EMPn–लाइस(cid:336)सधारी के कम(cid:330)चारी लागत, जो कि nth वष(cid:330) के लिए टमि(cid:330)नल देनदा(cid:303)रयों को छोड़करहै;

A&Gn–लाइस(cid:336)सधारी (Licensee) के nth वष(cid:330) के (cid:366)शासनिक एवं सामा(cid:586) (cid:681)य 10.6 उपयु (cid:330)(cid:389) अवयवों की गणना नि(cid:635)लि(cid:304)खत विधि से की जाएगी:

a) R&Mn=K*GFA*(INDXn/INDX0)

जहाँ,22 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 'K' एक नियतांक है ((cid:366)तिशत% म(cid:336) (cid:681)(cid:389)) जो संचालन एवं रखरखाव (R&M) खच(cid:330) और सकल (cid:304)(cid:830)थर संप(िcid:517) (Gross Fixed Assets - GFA) के बीच संबंध को नियं(िcid:361)त करता है।इसे MYT आदे श म(cid:336) आधार वष(cid:330) के पूव(cid:330) वष(cid:330) के R&M को GFA के (cid:366)तिशत % के आधार पर गणना किया जाएगा, जो किसी भी असामा(cid:586) खच(cid:330) को सामा(cid:586) करने के बाद किया जाएगा;

'GFA' nth वष(cid:330) की (cid:830)थूल (cid:304)(cid:830)थर प(cid:303)रसंप(िcid:517) (Gross Fixed Asset) का (cid:366)ारं भिक मू(cid:670) है;

INDXnनियं(cid:361)ण अवधि के nth वष(cid:330) के लिए सूचकांकहै;

INDXoनियं(cid:361)ण अवधि के आधार वष(cid:330) के लिए सूचकांक है;

b) EMPn+A&Gn=[(EMPn-1)*(1+Gn)+(A&Gn-1)]*(INDXn/INDXn-1) + ए. एं डजी. (यदि कोई हो) के लिए (cid:366)ावधान जहाँ, EMPn-1–लाइस(cid:336)सधारी (Licensee) के (n-1)व(cid:336) वष(cid:330) के कम(cid:330)चारी (cid:681)य, अंतिम दे नदा(cid:303)रयों को छोड़कर; A&Gn-1–लाइस(cid:336)सधारी (Licensee) के (n-1)व(cid:336) वष(cid:330) के (cid:366)शासनिक एवं सामा(cid:586) (cid:681)य, विधिक/विवाद संबंधी खच(cid:344) को छोड़कर; INDXn–मु(cid:363)ा(cid:731)ीति कारकजो कम(cid:330)चारी (cid:681)य और A&G (cid:681)य के इंडे(cid:411)ेशन हेतु (cid:366)यु(cid:389) होगा। यह आधार वष(cid:330) से त(cid:523)ूव(cid:330)वत(cid:334) वष(cid:330) के उपभो(cid:389)ा मू(cid:670) सूचकांक (CPI) और थोक मू(cid:670) सूचकांक (WPI) का स(cid:304)(cid:643)लन होगा; Gn–nth वष(cid:330) के लिए एक वृ(cid:304)(cid:544) कारक है और यह वा(cid:721)विक (cid:366)दश(cid:330)न के आधार पर शू(cid:586) से अधिक या कम हो सकता है। Gnका मान आयोग(cid:554)ारा MYT आदे श म(cid:336) वितरण लाइस(cid:336)सधारी (Distribution Licensee) की फाइलिंग, ब(cid:336)चमाकि(cid:333) ग तथा किसी भी अ(cid:586) उपयु(cid:389) कारक को (cid:559)ान म(cid:336) रखते (cid:352)ए अति(cid:303)र(cid:389) मानव संसाधन आव(cid:692)कताओं की पूति(cid:330) हेतु निधा(cid:330)(cid:303)रत किया जाएगा;

(cid:366)ावधान: वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ावित लागत, पहल अथवा अ(cid:586) एक मु(cid:689) (cid:681)य, जो विवेकपूण(cid:330) जाँच के अधीन ह(cid:339) और आयोग (cid:554)ारा मा(cid:586) किये जाते ह(cid:339)।

c) INDXn=0.55*CPIn+0.45*WPIn; टि(cid:596)णी 1: आकलन के उ(cid:542)े(cid:692) से सम(cid:721) नियं(cid:361)ण अवधि के लिए वही INDXn/INDXn-1 मान (cid:366)यु(cid:389) किया जाएगा। तथापि, आयोग (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के अंत म(cid:336) वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा (Annual Performance Review) अ(cid:631)ास के दौरान वा(cid:721)विक INDXn/INDXn-1 मान पर विचार करे गा तथा इस प(cid:303)रवत(cid:330)न के आधार पर नियं(cid:361)ण अवधि हेतु कम(cid:330)चारी (cid:681)य एवं A&G (cid:681)य का समायोजन (true up) करे गा;

टि(cid:596)णी 2: वेतन आयोग, वेतन पुनरी(cid:407)ण समझौता या अ(cid:586) कारणों से अनुशंसित प(cid:303)रवत(cid:330)नों के कारण उ(cid:523)(cid:580) किसी भी अंतर को आयोग पृथक (cid:349)प से विचार करे गा;

टि(cid:596)णी 3: अंतिम दे नदा(cid:303)रयों को लाइस(cid:336)सधारी (Licensee) (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत वा(cid:721)विक आंकड़ों तथा अभिलेखीय (cid:366)माण जैसे कि बीमांकिक (actuarial) अ(cid:559)यन पर आधा(cid:303)रत होकर अनुमोदित किया जाएगा।

10.7 वितरण लाइस(cid:336)सधारी को नियं(cid:361)ण अवधि (वि(cid:517)ीय वष(cid:330) 2026-27 से 2030-31) के दौरान किए गए विधिक या वाद संबंधी (cid:681)यों का वि(cid:721)ृत विवरण (cid:366)(cid:721)ुत करना होगा।इसम(cid:336) चालानों, शु(cid:651) रसीदों, (cid:366)करण संदभ(cid:344) और भुगतान के (cid:366)माण सहित आव(cid:692)क द(cid:721)ावेज स(cid:304)(cid:643)लित होंगे।आयोग इन (cid:681)यों की (cid:738)ीकाय(cid:330)ता का मू(cid:670)ांकन झारखंड रा(cid:475) वाद नीति (Jharkhand State Litigation Policy) के (cid:366)ावधानों के अनुसार करे गा।ऐसे (cid:681)यों की वसूली को "स(cid:529)ापन (True-up)" के दौरान आयोग (cid:554)ारा की जाने वाली सावधानी पूव(cid:330)क जांच और द(cid:721)ावेजी (cid:366)माण न के अधीन (cid:738)ीकृ त किया जाएगा। कानूनी (cid:681)यों को (cid:366)(cid:529)ेक मामले के आधार पर विचार किया जाएगा और यह स(cid:529)ापन (True-up) के समय विवेकपूण(cid:330) जांच के अधीन होंगे।के वल वैध भुगतान (cid:366)माण (cid:366)(cid:721)ुत करने पर ही वा(cid:721)विक दावा की गई राशि की (cid:738)ीकृ ति दी जाएगी।23 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 पू

ंजीलागत

10.8 लाइस(cid:336)सधारी की पू ँजी लागत म(cid:336) नि(cid:635)लि(cid:304)खत शामिल होंगे:

a) काय(cid:330) के मूल प(cid:303)रमाणपर किया गया अथवा किए जाने का (cid:366)(cid:721)ावित (cid:681)य, जिसम(cid:336) निमा(cid:330)ण अवधि के दौरान (cid:623)ाजएवं वि(cid:517)ीय (cid:366)भार, निमा(cid:330)ण अवधि के दौरान विदे शी विनिमय जो(cid:304)खम प(cid:303)रवत(cid:330)न (Foreign Exchange Risk Variation) से उ(cid:523)(cid:580) कोई भी लाभ अथवा हानि तथा योजना की वाणि(cid:304)(cid:475)क संचालन तिथि (Commercial Operation Date) तक लिए गए वा(cid:721)विक ऋण स(cid:304)(cid:643)लित होंगे। इ(cid:590)(cid:336) आयोग(cid:554)ारा यथोचित परी(cid:407)ण (prudence check) के प(cid:686)ात् (cid:738)ीकृ त किया जाएगा और यह शु(cid:651) (Tariff) निधा(cid:330)रण का आधार होंगे;

ँजीकृ त (cid:366)ारं भिक (cid:729)ेयर (Capitalised Initial Spares), जो मूल प(cid:303)रयोजना लागत के b) पू

1.5% की सीमा मानक के अधीन होंगे।

ंजीगत लागत ही 10.9 आयोग (cid:554)ारा सावधानीपूव(cid:330)क जांच (prudence check) के बाद (cid:738)ीकृ त पू

टै(cid:303)रफ निधा(cid:330)रण का आधारबनेगी:

जहां आयोग ने योजना की अनुमानित पू ंजी लागत और वि(cid:517) पोषण योजना के लिए 'सै(cid:544)ांतिक

ंजीगत (cid:681)य पर (cid:738)ीकृ ति' (in principle approval) (cid:366)दान की है, वहां यह (cid:738)ीकृ ति वा(cid:721)विक पू सावधानीपूव(cid:330)क जांच (prudence check) लागू करने के लिए माग(cid:330)दश(cid:330)क त(cid:533) के (cid:349)प म(cid:336) मानी जाएगी:

यदि वत(cid:330)मान योजनाओं की बात की जाए, तो 1 अ(cid:366)ैल 2026 से पहले आयोग (cid:554)ारा (cid:738)ीकृ त पू ंजी लागत और नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए प(cid:303)रयोजित अति(cid:303)र(cid:389) पू ंजी (cid:681)य (वि(cid:517)ीय वष(cid:330) 2026-27 से 2030-31 तक), जिसेआयोग (cid:554)ारा (cid:738)ीकार किया जाए, पू ंजी लागत के निधा(cid:330)रण का आधार बनी रह(cid:336)गी;

ंजी लागत यह भी (cid:366)दान किया जाता है कि समय/लागत अधिकता के कारण पू म(cid:336) कोई भी वृ(cid:304)(cid:544) के वल तभी (cid:738)ीकाय(cid:330) होगी जब लाइस(cid:336)सधारी उचित द(cid:721)ावेजों और त(cid:538)ों के साथ आयोग को संतु(cid:700) कर दे कि देरी अनियं(िcid:361)त कारणों के कारण (cid:352)ई थी और लाइस(cid:336)सधारी की गलती नही ं थी।

ँजी लागत लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा तैयार की गई 10.10 शु(cid:651) निधा(cid:330)रण के उ(cid:542)े(cid:692) से आयोग(cid:554)ारा अनुम(cid:586) पू

एवं आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित पू ँजी निवेश योजना पर आधा(cid:303)रत होगी।

10.11 उपभो(cid:389)ा अंशदान, अनुदानअथवा जमा काय(cid:344) (Deposit Works) के मा(cid:559)म से वितरण तं(cid:361) से संयोजन हेतु होने वाले (cid:681)य को योजना की मूल लागत से घटाया जाएगा, ताकि इन विनियमों के अंतग(cid:330)त ऋण एवं इ(cid:304)(cid:403)टी की राशि की गणना की जा सके ।

10.12 यदि ऐसी लागत किसी मौजूदा प(cid:303)रसंप(िcid:517) के (cid:366)ति(cid:830)थापन या उ(cid:580)यन के लिए की गई है, तो ंजी लागत से घटाया जाएगा और उसे (cid:366)ति(cid:830)थापित प(cid:303)रसंप(िcid:517) की मूल लागत को पू

पू ंजीगत लागत से हटा दिया जाएगा।

अति(cid:303)र(cid:389) पू

ँजीकरण

10.13 किसी प(cid:303)रसंप(िcid:517) के उपयोग म(cid:336) लिए जाने के प(cid:686)ात् काय(cid:330) के मूल प(cid:303)रमाण के अंतग(cid:330)त किए गए ँजीकरण आयोग(cid:554)ारा यथोचित परी(cid:407)ण

ँजीगत (cid:681)यों का पू

अथवा किए जाने का (cid:366)(cid:721)ावित पू (Prudence Check)के अधीननि(cid:635)लि(cid:304)खत मदों पर अनुमोदित किया जा सकता है:

a) (cid:830)थगित दे नदा(cid:303)रयाँ;

b) (िcid:354)या(cid:587)यन हेतु (cid:830)थगित काय(cid:330);

c) विवाद समाधान पुर(cid:715)ार को पूरा करने के लिए देनदा(cid:303)रयां या किसी सांविधिक (cid:366)ाधिकारी के आदेश या किसी (cid:586)ायालय के आदेश या (cid:352)(cid:399) का पालन करने के लिए देन दा(cid:303)रयां

d) कानून म(cid:336) प(cid:303)रवत(cid:330)न के कारण;

e) कोई भी अति(cid:303)र(cid:389) काय(cid:330)/सेवाएँ , जो योजना के कु शल एवं सफल संचालन हेतु24 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 आव(cid:692)क हो गई हों पर(cid:566)ु योजना की मूल लागत म(cid:336) स(cid:304)(cid:643)लित न हों;

f) दै वी आपदा / फोस(cid:330) मे(cid:475)ोर प(cid:303)र(cid:304)(cid:830)थतियों के कारण वहन किए गए पू ँजीगत (cid:681)य;

ंजीकरण (De-Capitalisation), यदि कोई हो;

g) घटाएँ : (cid:366)ति(cid:830)थापित/उ(cid:580)त प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों का अपू

तथा

h) घटाएँ : प(cid:303)रसंप(िcid:517)याँ जि(cid:590)(cid:336) उपयोग म(cid:336) नहीं लिया गया है; यह (cid:366)ावधान किया जाता है कि काय(cid:330) की मूल प(cid:303)रक(cid:665)ना म(cid:336) स(cid:304)(cid:643)लित काय(cid:344) का विवरण, (cid:681)य के अनुमानों, अपूण(cid:330) दे नदा(cid:303)रयों तथा नि(cid:707)ादन हेतु (cid:830)थगित किए गए काय(cid:344) सहित, योजना की वाणि(cid:304)(cid:475)क संचालन तिथि के प(cid:686)ात शु(cid:651) निधा(cid:330)रण हेतु आवेदन के साथ (cid:366)(cid:721)ुत किया जाएगा।

ँजीकरण (de-capitalisation) किया 10.14 यदि किसी वितरण लाइस(cid:336)सधारी की प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों का अ-पू

जाता है, तो ऐसी प(cid:303)रसंप(िcid:517) की अ-पू ँजीकरण की तिथि पर उसकी मूल लागत, जिसे विधिवत् उसके वैधानिक लेखा परी(cid:407)क (cid:554)ारा (cid:366)माणित किया गया हो, सकल (cid:830)थायी प(cid:303)रसंप(िcid:517) के मू(cid:670) से घटाई जाएगी, और उन प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों पर संबंधित बकाया ऋण तथा इ(cid:304)(cid:403)टी को (cid:354)मशः ऋण और इ(cid:304)(cid:403)टी शेष से घटाया जाएगा। ऐसे कटौतियाँ उसी वष(cid:330) की जाएं गी जिस वष(cid:330) अ-पू ँजीकरण होता है, साथ ही संचयी मू(cid:670)(cid:376)ास तथा ऋण की संचयी अदायगी म(cid:336) भी उस वष(cid:330) का समुचित (cid:559)ान रखते (cid:352)ए आव(cid:692)क समायोजन किया जाएगा जिस वष(cid:330) प(cid:303)रसंप(िcid:517) का पू ँजीकरण किया गया था।

ँजीकरण का शु(cid:651)पर (cid:366)भाव आयोग (cid:554)ारा 10.15 अनुमोदित योजना लागत के अंतग(cid:330)त अति(cid:303)र(cid:389) पू वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा के दौरान विचाराधीन होगा: निधा(cid:330)(cid:303)रत किया गया है कि प(cid:303)रसंप(िcid:517) आधार की मोनेटाइजेशन के लिए विक(cid:665)ों का पता लगाया जा सकता है, जिसे सम(cid:356) योजना की भाग के (cid:349)प म(cid:336) शामिल किया जाय।ऐसी (cid:366)वृ(िcid:517)यों की वि(cid:721)ृतअ(cid:559)यन (cid:303)रपोट(cid:330) आयोग को अनुमोदन के लिए याचिका के मा(cid:559)म से (cid:366)(cid:721)ुत करना आव(cid:692)क होगा, और यह काया(cid:330)(cid:587)यन से पहले किया जाना चाहिए।लेकिन ऐसी मोनेटाइजेशन (cid:366)(िcid:354)या किसी भी प(cid:303)र(cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) (िcid:356)ड सुर(cid:407)ा, (िcid:356)ड सुर(cid:407)ा और वितरण (cid:366)णाली की अखंडता और वि(cid:695)सनीयता को (cid:366)भावित नही ं करे गी।

परं तु यह कि आयोग, किसी नई योजना पर, उसके गुण-दोषके आधार पर तथा इस शु(cid:651) विनियमनके अनुसार यथोचित परी(cid:407)णके अधीन विचार कर सकता है।

ऋण-इ(cid:304)(cid:403)टी अनुपात

10.16 मौजूदा योजनाओं के लिए यदि कोई पू ंजीगत (cid:681)य योजना 1 अ(cid:366)ैल, 2026 से पहले ंजीकृ त की गई है, तो माच(cid:330) 31, 2026 तक के टै(cid:303)रफ निधा(cid:330)रण के लिए आयोग (cid:554)ारा पू (cid:738)ीकृ त ऋण-इ(cid:304)(cid:403)टीअनुपात को माना जाएगा।

ंजीगत (cid:681)य के तहत पू ंजीकृ त की 10.17 नए योजनाओं के लिए, जो 1 अ(cid:366)ैल, 2026 के बाद पू

जाएं गी:

a) एक मानक ऋण-इ(cid:304)(cid:403)टी अनुपात स(cid:517)र:तीस (70:30) टै(cid:303)रफ निधा(cid:330)रण के उ(cid:542)े(cid:692) के लिए माना जाएगा;

b) यदि वा(cid:721)विक इ(cid:304)(cid:403)टी 30 (cid:366)तिशत (30%) से अधिकहै, तो टै(cid:303)रफ निधा(cid:330)रण के उ(cid:542)े(cid:692) से इ(cid:304)(cid:403)टी की राशि को 30(cid:366)तिशत (30%) तक सीमित किया जाएगा, और शेष राशि को एक नॉरमेटिव लोन माना जाएगा;

c) यदि वा(cid:721)विक इ(cid:304)(cid:403)टी 30(cid:366)तिशत30% से कम है तो वा(cid:721)विक ऋण-इ(cid:304)(cid:403)टी अनुपात को माना जाएगा;

ँजीजारी करते समय कोई (cid:366)ीमियम राशि जुटाई गई हो d) यदि लाइस(cid:336)सधारी(cid:554)ारा शेयर पू

अथवा मु(cid:389) भंडार (Free Reserve) से सृजित आंत(cid:303)रक संचितियाँ (Internal Accruals) निवेश की गई हों, तो उ(cid:590)(cid:336) भी इ(cid:304)(cid:403)टी पर (cid:366)तिफल (Return on Equity) की गणना के उ(cid:542)े(cid:692) से चुकता पू ँजी (Paid-up Capital) माना जाएगा, बशत(cid:337) कि ऐसी (cid:366)ीमियम राशि और आंत(cid:303)रक संचितियाँ वा(cid:721)व म(cid:336) पू ँजीगत (cid:681)य हेतु (cid:366)यु(cid:389) की गई हों।25 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 टि(cid:596)णी 1: काय(cid:330) के मूल प(cid:303)रमाण के अंतग(cid:330)त (cid:738)ीकृ त (cid:366)तिब(cid:544) दे नदा(cid:303)रयों से संबंधित कोई भी (cid:681)य तथा (cid:366)ौ(cid:552)ोगिकीय-आथि(cid:330)क आधार पर (cid:830)थगित परं तु मूल प(cid:303)रमाण (Scope) के अंतग(cid:330)त आने वाले (cid:681)य को इन विनियमों म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) नाममा(cid:361) ऋण-इ(cid:304)(cid:403)टी अनुपात म(cid:336) ही प(cid:303)रपोषित (Serviced) किया जाएगा;

टि(cid:596)णी 2: पुराने प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों के (cid:366)ति(cid:830)थापन अथवा नवीकरण और आधुनिकीकरणया आयु वृ(cid:304)(cid:544) (Life Extension) पर किया गया कोई भी (cid:681)य, मूल प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों के संपूण(cid:330) पु(cid:721)कीय मू(cid:670) (Book Value) को नई प(cid:303)रसंप(िcid:517) की पू ँजी लागत से हटानेके प(cid:686)ात्, इन विनियमों म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) नाममा(cid:361) ऋण-इ(cid:304)(cid:403)टी अनुपातम(cid:336) ही विचार किया जाएगा;

टि(cid:596)णी 3: काय(cid:330) के मूल प(cid:303)रमाणम(cid:336) स(cid:304)(cid:643)लित न होने वाले नए काय(cid:344) के लिए आयोग(cid:554)ारा शु(cid:651)निधा(cid:330)रण हेतु (cid:738)ीकृ त कोई भी (cid:681)य इन विनियमों म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) नाममा(cid:361) ऋण-इ(cid:304)(cid:403)टी अनुपात म(cid:336) ही प(cid:303)रपोषित (Serviced) किया जाएगा।

ँजीगत (cid:681)य की पूति(cid:330) हेतु किए 10.18 लाइस(cid:336)सधारीवितरण लाइस(cid:336)सधारी (Distribution Licensee) के पू

गए अथवा किए जाने का (cid:366)(cid:721)ावित आंत(cid:303)रक संसाधनोंसे निधि (cid:366)वाह (Infusion of Funds) के उपयोग के समथ(cid:330)न म(cid:336), कं पनी के निदे शक मंडल का (cid:366)(cid:721)ावया अ(cid:586) मामलों म(cid:336) स(cid:407)म (cid:366)ाधिकारी की (cid:738)ीकृ ति आयोग को (cid:366)(cid:721)ुत करे गा।

इ(cid:304)(cid:403)टी पर (cid:366)तिफल

10.19 (cid:303)रटन(cid:330) ऑन इ(cid:304)(cid:403)टी (आरओई) की आधार दर पू ंजीकृ त संप(िcid:517)यों के लिए 01 अ(cid:366)ैल, 2026 से पूव(cid:330) पू ंजीकृ त की गईं ह(cid:339) 14.50% (कर के बाद) होंगी।

तथा

01 अ(cid:366)ैल, 2026 से पू ंजीकृ त संप(िcid:517)यों के लिए 15.00% (कर के बाद) होगी; बशत(cid:337) कि आयोग (cid:303)रटन(cid:330) ऑन इ(cid:304)(cid:403)टी (आरओई) कीआधार दर के अति(cid:303)र(cid:389), वितरण लाइस(cid:336)सधारी को अति(cid:303)र(cid:389) 0.50% आर ओई की अनुमति दे सकता है, यदि वह साव(cid:330)भौमिक आपूति(cid:330) दायि(cid:533) वाली इकाइयों—जिसम(cid:336), किं तु इ(cid:590)ीं तक सीमित नहीं, धामि(cid:330)क सं(cid:830)थान, सरकारी अ(cid:729)ताल, शै(cid:407)णिक सं(cid:830)थान, साव(cid:330)जनिक जल आपूति(cid:330) एवं (cid:738)(cid:453)ता सेवाएँ , (cid:720)(cid:332) ीट लाइटिंग (cid:366)णालियाँ, मह(cid:533)पूण(cid:330) अवसंरचना सुविधाएँ तथा नवीकरणीय ऊजा(cid:330)ए की करण प(cid:303)रयोजनाएँ —को निबा(cid:330)ध विद् युत आपूति(cid:330) सुनि(िcid:686)त करना (cid:366)(cid:529)(cid:407) (cid:349)प से (cid:366)दशि(cid:330)त करता है। ऐसे अति(cid:303)र(cid:389) आर ओई की पा(cid:361)ता विशि(cid:700) एवं मापनीय (cid:366)मुख (cid:366)दश(cid:330)न संके त कों (के पीआई) से संब(cid:544) होगी, जिनम(cid:336), किं तु इ(cid:590)ीं तक सीमित नहीं, SAIDI, SAIFI, आउटेज अवधि तथा उपयु (cid:330)(cid:389) (cid:373)ेणियों को आपूति(cid:330) की वि(cid:695)सनीयता (cid:366)तिशत शामिल ह(cid:339); तथा जिनका स(cid:529)ापन रा(cid:475) भार (cid:366)ेषणक(cid:336) (cid:363) (SLDC) और/ या वैधानिक लेखापरी(cid:407)क अथवा आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित किसी तृतीय-प(cid:407) एज(cid:336)सी (cid:554)ारा (cid:738)तं(cid:361) (cid:366)माण न के मा(cid:559)म से किया जाएगा।

10.20 (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए उपयोग म(cid:336) ली गई प(cid:303)रसंप(िcid:517)योंम(cid:336) नियोजित इ(cid:304)(cid:403)टी पर (cid:366)तिफल नि(cid:635) के आधार पर अनुम(cid:586) होगा:

ँजीकृ त उपयोग म(cid:336) प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों पर, इन विनियमों के विनियम a) वष(cid:330) की शु(cid:348)आत म(cid:336) पू

10.16 के अनुसार नियोजित इ(cid:304)(cid:403)टी; तथा

b) नियमोंके उपबंध 10.17के अनुसार, उससंप(िcid:517)परजोवष(cid:330)के दौरानचालूकीगईहै, पू ंजीगत (cid:681)य म(cid:336) प(cid:303)रयोजित इ(cid:304)(cid:403)टी का पचास (cid:366)तिशत (50%) माना जाएगा।.

वितरण लाइस(cid:336)सधारी को स(cid:638)ंधित वि(cid:517)ीय वष(cid:330) से संबंधित सभी आव(cid:692)कडेटा, जानकारी, और सहायक द(cid:721)ावेज़ याचिका दा(cid:304)खल करने वाले वष(cid:330) के 30 नवंबर तक (cid:366)(cid:721)ुत करने होंगे| निधा(cid:330)(cid:303)रत समय सीमा के भीतर स(cid:636)ूण(cid:330) डेटा (cid:366)(cid:721)ुत ना करने पर ,लाइस(cid:336)सधारी संबंधित अवधि के लिए वहन लागत (carrying cost) का दावा करने के लिए अपा(cid:361) हो जाएगा, जब तक कि आयोग (cid:554)ारा लि(cid:304)खत कारणों सहित छू ट ना जाए।

ऋण पू

ँजी पर (cid:623)ाज

10.21 नियमों के उपबंध 10.16 और 10.17 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) तरीके से (cid:366)ा(cid:593) ऋणों को (cid:623)ाज की गणना के लिए सकल (cid:366)ा(cid:349)पिक ऋण (gross normative loan) माना जाएगा।

10.22 1 अ(cid:366)ैल, 2026 को शेष(cid:366)ा(cid:349)पिक ऋण (normative loan outstanding) को सकल ऋण26 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 (gross loan) से कमी करके निकाला जाएगा, जिसम(cid:336) माच(cid:330) 31, 2025 तक आयोग (cid:554)ारा (cid:738)ीकृ त संचयी पुनभु

(cid:330)गतान (cumulative repayment) घटा दी जाएगी।

10.23 नियं(cid:361)ण अवधि (Control Period) के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए पुन भु (cid:330)गतान (repayment) उस वष(cid:330) के लिए (cid:738)ीकृ त मू(cid:670)(cid:376)ास (depreciation) के बराबर माना जाएगा।

10.24 जब प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों का डी-कै पिटलाइजेशन हो, तो पुनभु

पुनभु

(cid:330)गतान (repayment) को संचयी (cid:330)गतान (cumulative repayment) के (cid:366)ोत-राटा (pro-rata) आधार पर समायोजित किया जाएगा।यह समायोजन संचयी मू(cid:670)(cid:376)ास (cumulative depreciation) को उस तारीख तक पार नही ं करना चाहिए, जब प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों काडी-कै पिटलाइजेशन किया गया हो।

10.25 भले ही लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा किसी (cid:830)थगन अवधि (moratorium period) का लाभ लिया गया हो, ऋण की अदायगी को योजना/संप(िcid:517) के (cid:366)थम वष(cid:330) के संचालन से ही माना जाएगा।

10.26 (cid:623)ाज की दर, (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) की शु(cid:348)आत म(cid:336) उपल(cid:617) वा(cid:721)विक ऋण पोट(cid:330)फोलियो के आधार पर गणना की गई भा(cid:303)रत औसत (cid:623)ाज दर(weighted average rate) होगी, जो लाइस(cid:336)सधारी पर लागू होगी: निधा(cid:330)(cid:303)रत है कि (cid:623)ाज दर संबंधित नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए ब(cid:339)क रे ट से अधिक नही ं होगी, जो उस वष(cid:330) के 1 अ(cid:366)ैल को लागू हो, इसके साथ अति(cid:303)र(cid:389) 200 बेसिस पॉइं ट्स से अधिक नही ं होगा।

यदि किसी विशेष वष(cid:330) के लिए वा(cid:721)विक ऋण नही ं है, लेकिन मानक ऋण (normative loan) अभी भी बकाया है, तो उस वष(cid:330) के लिए (cid:623)ाज दर को मानक आधार पर माना जाएगा।यह (cid:623)ाज दर उस वष(cid:330) के 1 अ(cid:366)ैल को लागू ब(cid:339)क दर (Bank Rate) के साथ-साथ दो सौ बेसिस पॉइं ट (2%) अति(cid:303)र(cid:389) कर के निधा(cid:330)रति होगी।

10.27 ऋण पर (cid:623)ाज की गणना वष(cid:330) के मानक औसत ऋण पर भा(cid:303)रत औसत (cid:623)ाज दर लागू करके की जाएगी।

10.28 उपरो(cid:389) (cid:623)ाज गणना म(cid:336) उस ऋण राशि पर (cid:623)ाज स(cid:304)(cid:643)लित नहीं होगा, चाहे वह मानक या वा(cid:721)विक हो, जो उपभो(cid:389)ा अंशदान, अनुदान या वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा किए गए डिपॉज़िट काय(cid:344) से निधिकृ त पू ंजी लागत की सीमा तक हो।

10.29 लाइस(cid:336)सधारी को ऋण का पुनवि(cid:330)(cid:517)करने के लिए हरसंभव (cid:366)यास करना होगा, बशत(cid:337) कि इससे (cid:623)ाज पर शु(cid:544) बचत हो। ऐसी (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) पुनवि(cid:330)(cid:517) से संबंधित लागत उपयोगकता(cid:330)ओं (cid:554)ारा वहन की जाएगी और शु(cid:544) बचत उपयोगकता(cid:330)ओं तथा लाइस(cid:336)सधारी के बीच पचास:पचास (50:50)के अनुपात म(cid:336) विभाजित की जाएगी।

काय(cid:330)कारीपू

ंजीपर (cid:623)ाज

10.30 (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसाय के नियं(cid:361)ण अवधि के लिए कामकाजी पू ंजी म(cid:336)नि(cid:635)लि(cid:304)खत शामिल होंगे: a) (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसाय के लिए (cid:366)ारं भिक सकल (cid:304)(cid:830)थर संप(िcid:517) (Opening GFA) का एक (cid:366)तिशत(1%) रख रखाव (cid:729)ेयर (Maintenance spares) के (cid:349)प म(cid:336) निधा(cid:330)(cid:303)रत किया जाएगा; जोड़(plus)

b) (cid:684)ीलिंग शु(cid:651)ों से अपे(िcid:407)त राज(cid:738) का दो महीने का समतु(cid:670), वत(cid:330)मान लागू टै(cid:303)रफों के अनुसार, घटाव(minus)

c) यदि कोई राशि सुर(cid:407)ा जमा (security deposits) के (cid:349)प म(cid:336) रखी गई है 10.31 (cid:303)रटेल विद् युत आपूति(cid:330) के नियं(cid:361)ण अवधि के लिए कामकाजी पू ंजी म(cid:336) शामिलहोंगे:

a) (cid:303)रटेल स(cid:600)ाई (cid:681)वसाय के लिए, (cid:366)ारं भिक सकल (cid:304)(cid:830)थर संप(िcid:517) (Opening GFA) के एक (cid:366)तिशत (1%)को रखरखाव (cid:729)ेयर (Maintenance spares) के (cid:349)प म(cid:336) निधा(cid:330)(cid:303)रत किया जाएगा। जोड़(plus)

b) (cid:303)रटेल स(cid:600)ाई (cid:681)वसाय के लिए, वत(cid:330)मान लागू टै(cid:303)रफों पर बिजली की बि(cid:354)ी से अपे(िcid:407)त राज(cid:738) का दो महीने का समतु(cid:670); घटाव(minus)27 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 c) जो राशि उपभो(cid:389)ाओं और वितरण (cid:366)णाली उपयोगकता(cid:330)ओं से धारा 47 की उपधारा (1) के उपधारा (a) और (b) के तहत सुर(cid:407)ा जमा के (cid:349)प म(cid:336) रखी गई है, उसम(cid:336) से (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसाय के लिए रखी गई सुर(cid:407)ा जमा; घटाव(minus)

d) वष(cid:334)य विद् युत खरीद योजना के आधार पर, बिजली खरीद की लागत का एक महीने का समतु(cid:670), जिसम(cid:336) अंतर-रा(cid:475)ीय (Inter-State) औरआंत(cid:303)रक रा(cid:475)ीय (Intra-State) ट(cid:332) ांसमिशन शु(cid:651) और लोड डि(cid:729)ैच शु(cid:651) शामिल ह(cid:339), कामकाजी पू ंजी म(cid:336) शामिल किया जाएगा।

10.32 (cid:854)(cid:347) -अप (cid:366)(िcid:354)या म(cid:336), कामकाजी पू ंजी पर (cid:623)ाज दर उस वि(cid:517)ीय वष(cid:330) के 30 सितंबर को लागू ब(cid:339)क रे ट के बराबर होगी, जिसम(cid:336) MYT याचिका दा(cid:304)खल की गई है, इसके साथ तीन सौ पचास (350) बेसिस पॉइं ट्स जोड़े जाएं गे।(cid:854)(cid:347) -अप के समय, (cid:623)ाज दर को उस वि(cid:517)ीय वष(cid:330) के 1 अ(cid:366)ैल को लागू वा(cid:721)विक दर के अनुसार समायोजित किया जाएगा, जिस के लिए (cid:854)(cid:347) -अप किया जा रहा है।

उपभो(cid:389)ा सुर(cid:407)ा जमा पर (cid:623)ाज

10.33 उपभो(cid:389)ा सुर(cid:407)ा जमा पर देय (cid:623)ाज झारखंड रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग के 2015 के विद् युत आपूति(cid:330) कोड नियमों, (cid:366)थम संशोधन नियम, 2018, और (िcid:554)तीय संशोधन नियम, 2024 के (cid:366)ावधानों (cid:554)ारा नियं(िcid:361)त होगा।इसके अति(cid:303)र(cid:389), आयोग (cid:554)ारा समय- समय पर इस नियम म(cid:336) किए गए अ(cid:586) संशोधन या (cid:366)ति(cid:830)थापन भी लागू होंगे।

मू(cid:670)(cid:376)ास

10.34 मूल नियमों के अनुसार, नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए मू(cid:670)(cid:376)ास (depreciation) की गणना संबंधित वष(cid:330) के (cid:304)(cid:830)थर प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों की वा(cid:721)विक लागत (original cost) पर की जाएगी, जैसा किआयोग (cid:554)ारा (cid:738)ीकृ त हो।: बशत(cid:337) कि उपभो(cid:389)ा अंशदान और पू ंजी स(cid:304)(cid:629)डी/अनुदान से वि(cid:517) पोषित प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों पर मू(cid:670)(cid:376)ास (Depreciation) की अनुमति नही ं दी जाएगी।ऐसी प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों के (cid:366)ति(cid:830)थापन (Replacement) के लिए (cid:366)ावधान पू ंजी निवेश योजना (Capital Investment Plan) म(cid:336) किया जाएगा।

10.35 (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330)के लिएमू(cid:670)(cid:376)ास (depreciation) कीगणनाइननियमोंम(cid:336)निदि(cid:330)(cid:700)विधि-शा(cid:723) (methodology), साथहीइनदरोंऔरअ(cid:586)शत(cid:344)के आधारपरकीजाएगी।

ेट-लाइन विधि' के आधार पर, प(cid:303)रशि(cid:700)-Iम(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) दरों 10.36 मू(cid:670)(cid:376)ास की गणना वाषि(cid:330)क (cid:349)प से '(cid:720)(cid:332)

के अनुसार की जाएगी। मू(cid:670)(cid:376)ास की गणना हेतु मूल आधार प(cid:303)रसंप(िcid:517) की मूल लागत होगी: यह (cid:366)ावधान किया जाता है कि एक बार जब किसी प(cid:303)रसंप(िcid:517) का (cid:681)(cid:304)(cid:389)गत मू(cid:670) उसकी पु(cid:721)कीय कीमत (Book Value) के स(cid:517)र (70) (cid:366)तिशत तक मू(cid:670)(cid:376)ासित हो जाए, तो शेष मू(cid:670)(cid:376)ास यो(cid:438) राशि, उस वष(cid:330) के 31 माच(cid:330) को मौजूद शेष उपयोगी आयु के दौरान वित(cid:303)रत की जाएगी।

10.37 प(cid:303)रसंप(िcid:517) के वाणि(cid:304)(cid:475)क प(cid:303)रचालन के (cid:366)थम वष(cid:330) से मू(cid:670)(cid:376)ास वसूल किया जाएगा। यदि प(cid:303)रसंप(िcid:517) का प(cid:303)रचालन वष(cid:330) के के वल एक हि(cid:739)े के लिए (cid:352)आ हो, तो मू(cid:670)(cid:376)ास आनुपातिक (pro-rata) आधार पर वसूला जाएगा।

10.38 प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों का अवशि(cid:700) मू(cid:670) दस(cid:366)तिशत (10%) माना जाएगा तथा प(cid:303)रसंप(िcid:517) की मूल लागत का अधिकतम न(cid:620)े(cid:366)तिशत(90%) तक मू(cid:670)(cid:376)ास की अनुमति दी जाएगी। भूमि मू(cid:670)(cid:376)ास यो(cid:438) प(cid:303)रसंप(िcid:517) नहीं है और उसकी लागत को प(cid:303)रसंप(िcid:517) की मूल लागत के न(cid:620)े(cid:366)तिशत(90%) की गणना से बाहर रखा जाएगा।

यह (cid:366)ावधान किया जाता है कि सूचना (cid:366)ौ(cid:552)ोगिकी (आई.टी.) उपकरण एवं सॉ(cid:605)वेयर के लिए अवशि(cid:700) मू(cid:670) शू(cid:586) माना जाएगा तथा प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों के सत(cid:366)तिशत (100%) मू(cid:670) को मू(cid:670)(cid:376)ास यो(cid:438) माना जाएगा;

10.39 आयोग, यदि (cid:830)थायी प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों का रजि(cid:720)र उपल(cid:617) न हो, तो वितरण लाइस(cid:336)सधारी के नवीनतम उपल(cid:617) लेखा-परी(िcid:407)त खातों के अनुसार मू(cid:670)(cid:376)ास और औसत सकल (cid:830)थायी प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों को विभाजित कर (cid:366)ा(cid:593) मू(cid:670)(cid:376)ास(cid:366)तिशत (%) की गणना कर सकता है। इस (cid:366)कार28 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 (cid:366)ा(cid:593) मू(cid:670)(cid:376)ास (%) को आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित संबंधित वि(cid:517)ीय वष(cid:330) की औसत (cid:830)थायी प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों (GFA) से गुणा किया जाएगा ताकि उस वि(cid:517)ीय वष(cid:330) के मू(cid:670)(cid:376)ास का निधा(cid:330)रण किया जा सके ।

ँजीकरण (de-capitalisation) की (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336), संचयी मू(cid:670)(cid:376)ास को इस बात 10.40 प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों के अ-पू

को (cid:559)ान म(cid:336) रखते (cid:352)ए समायोजित किया जाएगा कि उस प(cid:303)रसंप(िcid:517) (cid:554)ारा उसकी उपयोगी सेवा अवधि के दौरान, शु(cid:651) के मा(cid:559)म से कितना मू(cid:670)(cid:376)ास वसूल किया गया है।

बिजली खरीद की लागत

10.41 विद् युत (cid:354)य की मा(cid:361)ा:लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों की विद् युत (cid:354)य आव(cid:692)कता का अनुमान (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित (cid:373)ेणीवार बि(cid:354)ी पूवा(cid:330)नुमान तथा वितरण हानि (cid:366)(cid:407)ेपव(cid:354) (loss trajectory) को (cid:559)ान म(cid:336) रखकर किया जाएगा।

10.42 लाइस(cid:336)सधारी को उन (cid:375)ोतों से (cid:354)य की गई विद् युत की शु(cid:544) लागत की वसूली की अनुमति होगी, ेडिंग जि(cid:590)(cid:336) आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित किया गया है, जैसे अंतरा(cid:475)ीय एवं अंतरा(cid:330)(cid:475)ीय ट(cid:332) लाइस(cid:336)सधारी, (िcid:554)प(cid:407)ीय (cid:354)य, थोक आपूति(cid:330)कता(cid:330), रा(cid:475) उ(cid:523)ादन (cid:720)ेशन, (cid:738)तं(cid:361) विद् युत उ(cid:523)ादक, क(cid:336) (cid:363)ीय उ(cid:523)ादन (cid:720)ेशन, अपारं प(cid:303)रक ऊजा(cid:330) उ(cid:523)ादक, लाइस(cid:336)सधारी का उ(cid:523)ादन (cid:681)वसाय तथा अ(cid:586)। यह मानते (cid:352)ए कि (cid:366)(cid:529)ेक (cid:375)ोत से उपल(cid:617) अधिकतम मानक छू ट (normative rebate) बिल भुगतान हेतु (cid:366)ा(cid:593) होगी: बशत(cid:337) कि लाइस(cid:336)सधारी विद् युत (cid:354)य की लागत का (cid:366)(cid:721)ाव, चालू वष(cid:330) म(cid:336) वहन की गई नवीनतम उपल(cid:617) ऊजा(cid:330) शु(cid:651) दर को (cid:559)ान म(cid:336) रखते (cid:352)ए करे गा, जिसम(cid:336) झारखंड रा(cid:475) विद् युत विनियामक आयोग (उ(cid:523)ादन टै(cid:303)रफ निधा(cid:330)रण हेतु नियम एवं शत(cid:338)) विनियम, 2025 तथा उनम(cid:336) समय-समय पर किए गए किसी भी संशोधन के अंतग(cid:330)त उ(cid:523)ादन (cid:720)ेशनों के लिए निदि(cid:330) (cid:700) ईंधन मू(cid:670) समायोजन सू(cid:361) और (िcid:554)प(cid:407)ीय विनिमयों तथा अनिधा(cid:330)(cid:303)रत इंटर च(cid:336)ज (यूआई) लेन-दे न के मा(cid:559)म से अधि शेष विद् युत की बि(cid:354)ी से अजि(cid:330)त शु(cid:544) राज(cid:738) को शामिल किया जाएगा।:

यह भी (cid:366)ावधान किया जाता है कि जब लाइस(cid:336)सधारी (cid:738)ीकृ त विद् युत (cid:354)य या खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय हेतुआवंटित अथवा अनुबंधित थोक आपूति(cid:330) का कोई भाग अपने ट(cid:332) ेडिंग (cid:681)वसाय म(cid:336) उपयोग करता है, तो लाइस(cid:336)सधारी को एक आवंटन विवरण प(cid:361) (Allocation Statement) (cid:366)(cid:721)ुत करना होगा, जिसम(cid:336) (cid:375)ोतवार विद् युत (cid:354)य लागत का (cid:729)(cid:700) उ(cid:671)ेख हो, जो ऐसी ट(cid:332) ेडिंग गतिविधि से संबंधित हो। यह भी सुनि(िcid:686)त किया जाएगा कि के वल वही अनियोजित विद् युत, जो संबंधित समयावधि म(cid:336) मे(cid:303)रट ऑड(cid:330)र (cid:366)ेषण का पालन करने के प(cid:686)ात उपल(cid:617) हो, अधिशेष विद् युत के (cid:349)प म(cid:336) (cid:681)ापार की जाए।

10.43 विद् युत (cid:354)य लागत को अनुमोदित करते समय आयोग विद् युत (cid:354)य की मा(cid:361)ा का निधा(cid:330)रण विभि(cid:580) (cid:375)ोतों से 'मे(cid:303)रट ऑड(cid:330)र (cid:366)ेषण' के सि(cid:544)ांतों के अनुसार करे गा, जो विद् युत (cid:354)य की प(cid:303)रवत(cid:334) (वै(cid:303)रएबल) लागत के आधार पर सभी (cid:738)ीकृ त आपूति(cid:330) (cid:375)ोतों की र(cid:339) किं ग पर आधा(cid:303)रत होगा। विद् युत (cid:354)य की सभी लागतों को वैध माना जाएगा, जब तक यह सि(cid:544) न हो कि मे(cid:303)रट ऑड(cid:330)र सि(cid:544)ांत का उ(cid:671)ंघन किया गया है या विद् युत का (cid:354)य अ(cid:681)वहा(cid:303)रक दरों पर किया गया है। 10.44 अधिशेष विद् युत की बि(cid:354)ी से (cid:366)ा(cid:593) अनुमानित राज(cid:738), यदि कोई हो, को सकल विद् युत (cid:354)य लागत से घटाकर ए.आर.आर. म(cid:336) शु(cid:544) विद् युत (cid:354)य लागत का अनुमान लगाया जाएगा। 10.45 लाइस(cid:336)सी को झारखंड रा(cid:475) विद् युत विनियामक आयोग (नवीकरणीय ऊजा(cid:330) (cid:354)य दायि(cid:533) एवं उसका अनुपालन) विनियम, 2016 के (cid:366)ावधानों के अनुसार नवीकरणीय ऊजा(cid:330) (cid:354)य दायि(cid:533) (Renewable Purchase Obligation) का पालन करना अनिवाय(cid:330) होगा, जैसा कि (cid:366)थम संशोधन विनियम, 2021 तथा (िcid:554)तीय संशोधन विनियम, 2024 (cid:554)ारा संशोधित किया गया है, या जैसा कि आयोग (cid:554)ारा समय-समय पर आगे संशोधित या (cid:366)ति(cid:830)थापित किया जा सकता है।

10.46 ईंधन लागत, विद् युत (cid:354)य लागत तथा (cid:366)सारण शु(cid:651) म(cid:336) प(cid:303)रवत(cid:330)न के कारण उपभो(cid:389)ाओं को आपूति(cid:330) की जाने वाली विद् युत की लागत म(cid:336), आयोग (cid:554)ारा (cid:738)ीकृ त आपूति(cid:330) लागत के स(cid:573)भ(cid:330) म(cid:336), यदि लाइस(cid:336)सी के नियं(cid:361)ण से परे कारणों से कोई अंतर उ(cid:523)(cid:580) होता है, तो ऐसेअंतर की वसूली इन विनियमों के (cid:401)ॉज 10.67 से (cid:401)ॉज 10.74E29 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) तं(cid:361) के अनुसार एफपीपीएएस (FPPAS) के मा(cid:559)म से करने की अनुमति दी जाएगी।

वितरण हानियाँ

10.47 लाइस(cid:336)सधारी, संपूण(cid:330) नियं(cid:361)ण अवधि के लिए वितरण हानि (cid:366)(cid:407)ेपव(cid:354) (loss trajectory) (cid:681)वसाय ंजी निवेश योजना के अनु(cid:349)प आयोग की (cid:738)ीकृ ति हेतु (cid:366)(cid:721)ुत करे गा, योजना म(cid:336) (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) की पू जिसे स(cid:529)ापन एवं मू(cid:670)ांकन के प(cid:686)ात अनुमोदित किया जाएगा।

10.48 लाइस(cid:336)सधारी नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) हेतु वो(cid:656)ेज-वार हानियों का भी (cid:366)(cid:721)ाव (cid:366)(cid:721)ुत करे गा ताकि वो(cid:656)ेज-वार आपूति(cid:330) लागत तथा वो(cid:656)ेज-वार (cid:684)ीलिंग शु(cid:651) का निधा(cid:330)रण किया जा सके । (cid:366)सारण, लोड (cid:366)ेषण एवं (cid:684)ीलिंग शु(cid:651)

10.49 लाइस(cid:336)सधारी को अंतरा(cid:475)ीय (cid:366)सारण लाइस(cid:336)सधारी, रा(cid:475) (cid:366)सारण लाइस(cid:336)सधारी आदि तथा (cid:366)णाली प(cid:303)रचालकों (जैसे (cid:407)े(cid:361)ीय लोड (cid:366)ेषण क(cid:336) (cid:363), रा(cid:475) लोड (cid:366)ेषण क(cid:336) (cid:363) आदि) को भुगतान यो(cid:438) शु(cid:544) (cid:366)सारण एवं लोड (cid:366)ेषण शु(cid:651) की वसूली करने की अनुमति होगी, जो अंतरा(cid:475)ीय (cid:366)सारण (cid:366)णाली, अंतरा(cid:475)ीय (cid:366)सारण (cid:366)णाली तक प(cid:352)ँच एवं उसके उपयोग तथा लोड (cid:366)ेषण सेवाओं के उपभोग हेतु देय हों। यह मानते (cid:352)ए कि (cid:366)(cid:529)ेक (cid:375)ोत से बिल भुगतान के लिए उपल(cid:617) अधिकतम मानक छू ट (normative rebate) (cid:366)ा(cid:593) होगी, और यह वसूली समय-समय पर के (cid:574)ीय विद् युत नियामक आयोग तथा उपयु(cid:389) रा(cid:475) आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित शु(cid:651) के अनुसार (cid:366)(cid:721)ुत बिलों के आधार पर की जाएगी।

10.50 यदि खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय हेतु विद् युत (cid:354)य के लिए अ(cid:586) लाइस(cid:336)सधारी के वितरण नेटवक(cid:330) का उपयोग किया जाता है, तो नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान लाइस(cid:336)सधारी को (cid:684)ीलिंग शु(cid:651) की वसूली की भी अनुमति होगी।

आयकर

10.51 लाइस(cid:336)सधारी के लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय पर आयकर, यदि कोई हो, को इ(cid:304)(cid:403)टी पर (cid:738)ीकृ त (cid:366)तिफल (Return on Equity) पर देय कर तक ही सीमित रखा जाएगा।

10.52 वा(cid:721)व म(cid:336) देय अथवा (cid:366)द(cid:517) आयकर, इ(cid:304)(cid:403)टी पर (cid:738)ीकृ त (cid:366)तिफल पर देय कर तक सीमित होकर, (cid:854)(cid:347) -अप करते समय ए.आर.आर. म(cid:336) स(cid:304)(cid:643)लित किया जाएगा। आयकर का वा(cid:721)विक निधा(cid:330)रण कर अवकाश (Tax Holiday) के लाभ तथा आयकर अधिनियम, 1961 एवं उसके संशोधनों के अनुसार लागू अ(cid:356)सा(cid:303)रत हानियों के (cid:354)े डिट को (cid:559)ान म(cid:336) रखते (cid:352)ए किया जाना चाहिए। वितरण लाइस(cid:336)सधारी की अ(cid:586) आय धाराओं पर कर लाभाथि(cid:330)यों से वसूल नहीं किया जाएगा।

गैर-शु(cid:651) आय

10.53 वितरण (cid:681)वसाय से संबंधित गैर-शु(cid:651) आय (Non-Tariff Income) की राशि, जैसा कि आयोग (cid:554)ारा (cid:738)ीकृ त की गई है, उसे एआरआर (ARR – Annual Revenue Requirement) से घटाया जाएगा, ताकि खुदरा आपूति(cid:330) शु(cid:651) (Retail Supply Tariff) और (cid:684)ीलिंग शु(cid:651) (Wheeling Charges) का निधा(cid:330)रण किया जा सके : बशत(cid:337) कि वितरण लाइस(cid:336)सी अपनी अनुमानित गैर-शु(cid:651) आय (Non-Tariff Income) का पूण(cid:330) विवरण आयोग को उस (cid:366)ा(cid:349)प म(cid:336) (cid:366)(cid:721)ुत करे गा, जैसा किआयोग (cid:554)ारा निधा(cid:330)(cid:303)रत किया गया हो। 10.54 गैर-शु(cid:651) आय म(cid:336) नि(cid:635)लि(cid:304)खत शामिल होंगे:

a) भूमि या भवन के किराये से आय;

b) कबाड़ की बि(cid:354)ी से आय;

c) निवेश से आय;

d) आपूति(cid:330)कता(cid:330)ओं/ठे के दारों को अ(िcid:356)म भुगतान पर संचित (cid:623)ाज;

e) कम(cid:330)चा(cid:303)रयों को दिए गए ऋण/अ(िcid:356)म पर (cid:623)ाज आय;

30 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

f) (cid:720)ाफ (cid:403)ाट(cid:330)रों के किराये से आय;

g) ठे के दारों से किराये (cid:554)ारा आय;

h) ठे के दारों एवं अ(cid:586) से (cid:366)ा(cid:593) किराया/भाड़ा शु(cid:651) (cid:554)ारा आय;

i) विलंबित भुगतान अधिभार, पय(cid:330)वे(cid:407)ण शु(cid:651) आदि से (cid:366)ा(cid:593) आय, इ(cid:529)ादि;

j) पू ंजीगत काय(cid:344) के लिए पय(cid:330)वे(cid:407)ण शु(cid:651);

k) विद् युत की चोरी और/या अनधिकृ त उपभोग के वि(cid:348)(cid:544) वसूली से (cid:366)ा(cid:593) आय;

l) वि(cid:466)ापनों से आय;

m) निविदा (cid:366)प(cid:361)ों की बि(cid:354)ी से आय;

n) प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों की बि(cid:354)ी से लाभ (अथा(cid:330)त प(cid:303)रसंप(िcid:517) की बि(cid:354)ी मू(cid:670) और पु(cid:721)कीय मू(cid:670) का अंतर);

o) अ(cid:586) कोई गैर-शु(cid:651) आय: बशत(cid:337)कि वितरण लाइस(cid:336)सधारी के विनियमित (cid:681)वसाय से संबंधित इ(cid:304)(cid:403)टी पर (cid:366)तिफल से की गई निवेशों पर अजि(cid:330)त (cid:623)ाज को गैर-शु(cid:651) आय म(cid:336) स(cid:304)(cid:643)लित नहीं किया जाएगा। यह भी (cid:366)ावधान किया जाता है कि यह दायि(cid:533) लाइस(cid:336)सधारी पर होगा कि वह आयोग को संतु(cid:700) करने हेतु यह (cid:366)माणित करे कि ऐसे निवेश वा(cid:721)व म(cid:336) इ(cid:304)(cid:403)टी पर (cid:366)तिफल से ही किए गए ह(cid:339)। अ(cid:586) (cid:681)वसाय से आय

10.55 यदि लाइस(cid:336)सी, अधिनियम की धारा 51 के अंतग(cid:330)त अपने विनियमित (cid:681)वसाय की प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों और/या जनश(cid:304)(cid:389) के इ(cid:700)तम उपयोग के लिए किसी अ(cid:586) (cid:681)वसाय म(cid:336) संल(cid:432) है, तो ऐसे (cid:681)वसाय से (cid:366)ा(cid:593) आय की गणना नि(cid:635)लि(cid:304)खत शत(cid:344) के अनुसार की जाएगी:

1. लाइस(cid:336)सी किसी भी (cid:366)कार से लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय (Licensed Business) की प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों और सुविधाओं का उपयोग नही ं करे गा, और न ही (cid:366)(cid:529)(cid:407) या अ(cid:366)(cid:529)(cid:407) (cid:349)प से ऐसी गतिविधियों की अनुमतिदेगा, जिनसे किसी भी (cid:366)कार लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय (cid:554)ारा अ(cid:586) (cid:681)वसाय को स(cid:304)(cid:629)डी (cid:366)दान करने का प(cid:303)रणाम उ(cid:523)(cid:580) हो;

2. लाइस(cid:336)सी किसी भी (cid:366)कार से (cid:366)(cid:529)(cid:407) या अ(cid:366)(cid:529)(cid:407) (cid:349)प से लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय की प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों और सुविधाओं को अ(cid:586) (cid:681)वसाय या लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय के अति(cid:303)र(cid:389) किसी गतिविधि हेतु बा(cid:559)क नहीं करे गा;

3. लाइस(cid:336)सी, लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय म(cid:336) जिन लागतों का हिसाब किया गया है और जो अ(cid:586) (cid:681)वसाय के लिए (cid:681)य की गई ह(cid:339), उनका विधिवत भुगतान करे गा। और यदि ऐसी लागत लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय तथा अ(cid:586) (cid:681)वसाय दोनों के लिए सामा(cid:586) (cid:349)प से (cid:681)य की गई हो, तो ऐसी लागत का उचित विभाजन कर यह सुनि(िcid:686)त करे गा कि विभाजित हि(cid:739)े का भुगतान अ(cid:586) (cid:681)वसाय (cid:554)ारा लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय को किया जाए;

4. अ(cid:586) (cid:681)वसाय से (cid:366)ा(cid:593) राज(cid:738), ऐसे समान (cid:681)वसायिक काय(cid:344) के लिए (cid:366)चलित बाजार प(cid:303)र(cid:304)(cid:830)थतियों के अनु(cid:349)प होगा;

5. ऊपर उप-खंड 3 के अंतग(cid:330)त लागतों के बंटवारे के अति(cid:303)र(cid:389), लाइस(cid:336)सी यह सुनि(िcid:686)त करे गा कि अ(cid:586) (cid:681)वसाय से (cid:366)ा(cid:593) राज(cid:738) का एक नि(िcid:686)त अनुपात लाइस(cid:336)स (cid:366)ा(cid:593) (cid:681)वसाय को विधिवत अदा किया जाए। सामा(cid:586) सि(cid:544)ांत के अनुसार, लाइस(cid:336)सी अ(cid:586) (cid:681)वसाय से (cid:366)ा(cid:593) कु ल राज(cid:738) का पचास(cid:366)तिशत (50%) अपने पास रखेगा और शेष पचास(cid:366)तिशत (50%) उपभो(cid:389)ाओं को ह(cid:721)ांत(cid:303)रत करे गा।

10.56 अ(cid:586) (cid:681)वसाय से (cid:366)ा(cid:593) राज(cid:738) को, लाइस(cid:336)सी की राज(cid:738) आव(cid:692)कता (ARR) की गणना करते समय ARR से घटाया जाएगा: यह (cid:366)ावधान है कि लाइस(cid:336)सी, वितरण (cid:681)वसाय और अ(cid:586) (cid:681)वसाय के बीच सभी संयु(cid:389) और सामा(cid:586) लागतों के आवंटन के लिए एक उचित आधार का पालन करेगा और31 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 निदेशक मंडल (cid:554)ारा अनुमोदित आवंटन विवरणको टै(cid:303)रफ निधा(cid:330)रण हेतु आयोग के सम(cid:407) अपने आवेदन के साथ (cid:366)(cid:721)ुत करेगा:

यह भी (cid:366)ावधान है कि यदि ऐसे अ(cid:586) (cid:681)वसाय की (cid:366)(cid:529)(cid:407) एवं अ(cid:366)(cid:529)(cid:407) लागतों का कु ल योग, अ(cid:586) (cid:681)वसाय से (cid:366)ा(cid:593) राज(cid:738) से अधिक हो जाता है, तब ऐसी (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) ऐसे अ(cid:586) (cid:681)वसाय के कारण लाइस(cid:336)सी के ARR म(cid:336) कोई राशि जोड़ी नहीं जाएगी।

लीज शु(cid:651)

10.57 लाइस(cid:336)सी (cid:554)ारा लीज पर ली गई प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों के लीज शु(cid:651) को लीज समझौते के अनुसार मानाजाएगा, बशत(cid:337) कि आयोग उ(cid:590)(cid:336) उचित मानता हो।

विदेशी विनिमय दर प(cid:303)रवत(cid:330)न

10.58 लाइस(cid:336)सी, विदेशी मु(cid:363)ा ऋण पर (cid:623)ाज और लाइस(cid:336)सी (cid:554)ारा (cid:366)ा(cid:593) विदेशी ऋण के पुनभु (cid:330)गतान के संबंध म(cid:336) विदेशी मु(cid:363)ा जो(cid:304)खम को सुर(िcid:407)त (हेज) करे गा।

10.59 लाइस(cid:336)सी, संबंधित वष(cid:330) म(cid:336) मानक विदेशी ऋण से जुड़ी विदेशी विनिमय दर म(cid:336) प(cid:303)रवत(cid:330)न के हेजिंग की लागत को वष(cid:330) दर वष(cid:330) उस अवधि म(cid:336) (cid:681)य के (cid:349)प म(cid:336) वसूल करे गा जिसम(cid:336) यह उ(cid:523)(cid:580) होतीहै, और ऐसे विदेशी विनिमय दर प(cid:303)रवत(cid:330)न के कारण उ(cid:523)(cid:580) अति(cid:303)र(cid:389) (cid:348)पये की देनदारी, सुर(िcid:407)त (हेज) किए गए विदेशी ऋण के वि(cid:348)(cid:544) (cid:738)ीकाय(cid:330) नही ं होगी। 10.60 लाइस(cid:336)सी, विदेशी विनिमय दर म(cid:336) प(cid:303)रवत(cid:330)न और हेजिंग की लागत को वष(cid:330) दर वष(cid:330) उस अवधि म(cid:336) आय या (cid:681)य के (cid:349)प म(cid:336) वसूल करे गा जिसम(cid:336) यह उ(cid:523)(cid:580) होती है।

वाषि(cid:330)क राज(cid:738) आव(cid:692)कता की वसूली

10.61 टै(cid:303)रफ आदेश म(cid:336) (cid:738)ीकृ त (cid:304)(cid:830)थर शु(cid:651) (Fixed Charges) की वसूली, उपभो(cid:389)ा के मीटर म(cid:336) दज(cid:330) वा(cid:721)विक आपूति(cid:330) घंटों के आधार पर की जाएगी। आयोग, अपने MYT/टै(cid:303)रफ आदेशों म(cid:336) HT और LT उपभो(cid:389)ाओं के लिए (cid:304)(cid:830)थर शु(cid:651) की पूण(cid:330) वसूली हेतु (cid:586)ूनतम आपूति(cid:330) घंटे निदि(cid:330)(cid:700) करे गा। (cid:304)(cid:830)थर शु(cid:651) की वसूली, निदि(cid:330)(cid:700) (cid:586)ूनतम आपूति(cid:330) घंटों के अनुपात म(cid:336) की जाएगी:

यह (cid:366)ावधान है कि इस (cid:366)कार से गणना किए गए वसूल किए जाने यो(cid:438) (cid:304)(cid:830)थर शु(cid:651) म(cid:336) कटौती को आपूति(cid:330) घंटों म(cid:336) कमी के कारण अ(cid:738)ीकृ ति (disallowance) माना जाएगा और इसे वितरण लाइस(cid:336)सी के ARR म(cid:336) वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी:

यह भी (cid:366)ावधान है कि यदि वा(cid:721)विक आपूति(cid:330) घंटे, HT और LT उपभो(cid:389)ाओं के लिए (cid:304)(cid:830)थर शु(cid:651) की पूण(cid:330) वसूली हेतु निधा(cid:330)(cid:303)रत (cid:586)ूनतम आपूति(cid:330) घंटों के बराबर या उससे अधिक हों, तो वितरण लाइस(cid:336)सी पूण(cid:330) (cid:304)(cid:830)थर शु(cid:651) की वसूली करेगा।

(cid:729)(cid:700)ीरिण: यदि आयोग ने किसी HT उपभो(cid:389)ा के लिए (cid:586)ूनतम आपूति(cid:330) घंटे 23 घंटे और (cid:366)ति माह 350 (cid:348)पये (cid:366)ति kVA (cid:304)(cid:830)थर शु(cid:651) (cid:738)ीकृ त किया है, तथा वा(cid:721)विक औसत आपूति(cid:330) घंटे किसी माह म(cid:336) ऐसे उपभो(cid:389)ा के लिए 22 घंटे (cid:366)तिदिन ह(cid:339), तो ऐसे उपभो(cid:389)ा से वितरण लाइस(cid:336)सी (cid:554)ारा वसूले जाने यो(cid:438) (cid:304)(cid:830)थर शु(cid:651) की गणना इस (cid:366)कार की जाएगी:

32 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

वसूले जाने यो(cid:438) (cid:304)(cid:830)थर शु(cid:651) = 22/23 * 350 = (cid:348)पये 334.78 (cid:366)ति kVA (cid:366)ति

माह (cid:354)ॉस-स(cid:304)(cid:629)डी अधिभार

10.62 लाइस(cid:336)सी के नेटवक(cid:330) पर ओपन ए(cid:411)ेस चुनने वाले उपभो(cid:389)ाओं (cid:554)ारा देय अधिभार आयोग (cid:554)ारा नि(cid:635)लि(cid:304)खत सू(cid:361) के अनुसार निधा(cid:330)(cid:303)रत किया जाएगा:

S = T- [C/(1 – (L/ 100)) + D + R]

जहाँ,

S अधिभार है;

T is संबंधित (cid:373)ेणी के उपभो(cid:389)ाओं (cid:554)ारा देय टै(cid:303)रफ है, जिसम(cid:336) नवीकरणीय (cid:354)य बा(cid:559)ता (Renewable Purchase Obligation) का समावेश है;

C वह (cid:366)ति इकाई भा(cid:303)रत औसत विद् युत खरीद लागत है जो लाइस(cid:336)सी (cid:554)ारा वहन की जाती है, जिसम(cid:336) नवीकरणीय खरीद दायि(cid:533) की पूति(cid:330) भी शामिल है;D वह कु ल योग है जो संबंधित वो(cid:656)ेज (cid:721)र पर लागू (cid:366)सारण, वितरण और (cid:684)ीलिंग शु(cid:651) का (cid:366)तिनिधि(cid:533) करता है;

L (cid:366)सारण, वितरण और वाणि(cid:304)(cid:475)क हानियों का कु ल योग है, जिसे संबंधित वो(cid:656)ेज (cid:721)र पर लागू (cid:366)तिशत के (cid:349)प म(cid:336) (cid:681)(cid:389) किया जाता है;

R नियामक प(cid:303)रसंप(िcid:517)यों को वहन करने की (cid:366)ति इकाई लागत है:

बशत(cid:337) कि अधिभार, जिसे आयोग (cid:554)ारा विद् युत अधिनियम, 2003 की धारा 86 की उपधारा (1) के खंड (a) के अंतग(cid:330)त निधा(cid:330)(cid:303)रत किया गया है, आपूति(cid:330) की औसत लागत (ACoS) के बीस (cid:366)तिशत (20%) से अधिक नही ं होगा।

(cid:684)ीलिंग शु(cid:651) पर अति(cid:303)र(cid:389) अधिभार

10.63 अति(cid:303)र(cid:389) अधिभार 'मामला-दर-मामला' आधार पर निधा(cid:330)(cid:303)रत किया जाएगा और के वल तभी देय होगा जब लाइस(cid:336)सी किसी भी फं सी (cid:352)ई लागत (Stranded Costs) की घटना को निणा(cid:330)यक (cid:349)प से (cid:366)दशि(cid:330)त करने म(cid:336) स(cid:407)म हो।

10.64 (cid:354)ॉस-स(cid:304)(cid:629)डी अधिभार और अति(cid:303)र(cid:389) अधिभार को उन उपभो(cid:389)ा (cid:373)ेणियों से टै(cid:303)रफ से (cid:366)ा(cid:593) राज(cid:738) के (cid:349)प म(cid:336) दिखाया जाएगा जि(cid:590)(cid:336) ओपन ए(cid:411)ेस की अनुमति है, और ऐसी राशि का उपयोग स(cid:304)(cid:629)डी (cid:366)ा(cid:593) (cid:373)ेणियों की (cid:354)ॉस-स(cid:304)(cid:629)डी आव(cid:692)कताओं तथा आपूति(cid:330) के दायि(cid:533) से उ(cid:523)(cid:580) लाइस(cid:336)सी की (cid:304)(cid:830)थर लागतों को पूरा करने हेतु किया जाएगा। लाइस(cid:336)सी, पिछले नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान वा(cid:721)विक आंकड़ों के आधार पर अपनी MYT फाइलिंग म(cid:336) विवरण दे गा और नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान वाषि(cid:330)क फाइलिंग (cid:366)(cid:721)ुत करे गा।

ईंधन मू(cid:670) और विद् युत (cid:354)य समायोजन (FPPPA)

10.65 ईंधन एवं विद् युत खरीद समायोजन अधिभार (FPPAS) का सू(cid:361) अधिनियम की धारा 62 की उपधारा (4) के अंतग(cid:330)त निदि(cid:330)(cid:700) अनुसार (cid:366)दान किया गया है, ताकि विद् युत खरीद लागत म(cid:336) मासिक आधार पर होने वाली वृ(cid:304)(cid:544) या कमी की वसूली/समायोजन किया जा सके ।

10.66 ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार का गणना तथा उपभो(cid:389)ाओं से वसूली,33 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 वितरण लाइस(cid:336)सधारी (Distribution Licensee) (cid:554)ारा (cid:738)चालित (cid:349)प से मासिक आधार पर की जाएगी, जिसके लिए आयोग (cid:554)ारा निधा(cid:330)(cid:303)रत सू(cid:361) लागू होगा। यह (cid:366)(िcid:354)या किसी पृथक नियामकीय अनुमोदन (cid:366)(िcid:354)या से गुजरे बिना की जाएगी, तथापि इसका वाषि(cid:330)क आधार पर समायोजन (True-up) किया जाएगा:

यह उपबंधित है कि (cid:738)चालित पास (cid:362)ू का समायोजन इन विनियमों के अनुसार मासिक बिलिंग हेतु किया जाएगा।

10.67 ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार का गणना और वसूली वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा (n + 2)व(cid:336) माह म(cid:336) की जाएगी, जो कि nव(cid:336) माह के दौरान (cid:354)य की गई विद् युत हेतु ईंधन लागत, विद् युत (cid:354)य लागत तथा अंतरा(cid:330)(cid:475)ीय संचरण शु(cid:651) म(cid:336) वा(cid:721)विक प(cid:303)रवत(cid:330)न के आधार पर होगी। उदाहरणाथ(cid:330), किसी वष(cid:330) के अ(cid:366)ैल माह म(cid:336) आपूति(cid:330) की गई विद् युत के लिए दरों म(cid:336) (cid:352)ए प(cid:303)रवत(cid:330)न के आधार पर ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार का गणना एवं बिलिंग उसी वि(cid:517)ीय वष(cid:330) के जून माह म(cid:336) की जाएगी: यह उपबंधित है कि यदि वितरण लाइस(cid:336)सधारी, किसी भी कारणवश, ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार का गणना और वसूली निधा(cid:330)(cid:303)रत समय सीमा के भीतर नहीं करता है, तो, किसी भी बलात कारण (Force Majeure) की (cid:304)(cid:830)थति को छोड़कर, ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार के (cid:349)प म(cid:336) लागत की वसूली का उसका अधिकार निर(cid:721) माना जाएगा, तथा ऐसे मामलों म(cid:336), वाषि(cid:330)क समायोजन (True-up) के दौरान निधा(cid:330)(cid:303)रत ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार की वसूली का अधिकार भी समा(cid:593) माना जाएगा।

10.68 वितरण लाइस(cid:336)सधारी उपभो(cid:389)ाओं पर दर झटका (tariff shock) पड़ने से बचाने के उ(cid:542)े(cid:692) से, ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार या उसके किसी भाग को आगामी माह के लिए अ(cid:356)ेषित (carry forward) करने का निण(cid:330)य ले सकता है, परं तु ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार का यह अ(cid:356)ेषण अधिकतम दो माह की अवधि से अधिक नही ं होगा। ऐसा अ(cid:356)ेषण तभी लागू होगा, जब किसी बिलिंग माह के लिए कु ल ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार, जिसम(cid:336) पिछले माह से अ(cid:356)ेषित किया गया अधिभार भी स(cid:304)(cid:643)लित है, (cid:738)ीकृ त दर के प(cid:303)रवत(cid:334) घटक (variable component) के बीस (cid:366)तिशत से अधिक हो।

10.69 अ(cid:356)ेषित राशि की वसूली एक वष(cid:330) के भीतर या अगले दर निधा(cid:330)रण च(cid:354) (tariff cycle) से पूव(cid:330), जो भी पहले हो, कर ली जाएगी, और ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार के मा(cid:559)म से वसूली गई राशि को सबसे पहले ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार के सबसे पुराने अ(cid:356)ेषित भाग के वि(cid:348)(cid:544) समायोजित किया जाएगा, त(cid:523)(cid:686)ात (cid:354)मशः अगले माह के अ(cid:356)ेषित भाग के वि(cid:348)(cid:544)।

10.70 ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार के अ(cid:356)ेषण की दशा म(cid:336), उस पर ब(cid:339)क दर (Bank Rate) से एक सौ पचास 150 आधार अंक (basis points) अधिक की वहन लागत (carrying cost) तब तक (cid:738)ीकाय(cid:330) होगी जब तक कि उ(cid:389) राशि की वसूली दर (tariff) के मा(cid:559)म से नही ं हो जाती। यह वहन लागत संबंधित वष(cid:330) म(cid:336) वा(cid:721)विक समायोजन (true-up) के दौरान समायोजित की जाएगी।

10.71 ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार की मा(cid:361)ा के अनुसार, (cid:738)चालित पास (cid:362)ू को इस (cid:366)कार समायोजित किया जाएगा कि—,

i. यदि ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार पाँच (cid:366)तिशत (5%) तक है, तो वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा गणना किए गए ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार की सत (cid:366)तिशत (100%) लागत वसूली के लिए (cid:738)चालित (cid:349)प से नि(cid:635)लि(cid:304)खत सू(cid:361) का उपयोग किया जाएगा।

ii. यदि ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार पाँच (cid:366)तिशत (5%) से अधिक है, तो उप-नियम (i) के अनुसार पाँच (cid:366)तिशत (5%) ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन34 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 अधिभार (cid:738)चालित (cid:349)प से वसूला जाएगा। शेष ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार का न(cid:620)े (cid:366)तिशत (90%) (cid:738)चालित (cid:349)प से सू(cid:361) के मा(cid:559)म से वसूला जाएगा, और शेष अंतर दावा आयोग (cid:554)ारा वाषि(cid:330)क समायोजन (true-up) के दौरान अनुमोदन के बाद वसूला जाएगा।

10.72 वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा पास-(cid:362)ू ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार के (cid:349)प म(cid:336) वसूली गई आय का संबंधित वष(cid:330) के लिए बाद म(cid:336) समायोजन (true-up) किया जाएगा, और किसी भी वि(cid:517)ीय वष(cid:330) का समायोजन आयोग (cid:554)ारा याचिका (cid:738)ीकार करने की तारीख के बाद एक सौ बीस (120) दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।

10.73 यदि किसी वष(cid:330) के लिए ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार के मुकाबले अधिक आय वसूली गई हो, तो उस अधिक राशि को वाषि(cid:330)क समायोजन (true-up) के समय वितरण लाइस(cid:336)सधारी से वसूल किया जाएगा, साथ ही इसके वहन लागत (carrying cost) पर आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित वहन लागत दर का 1.20 गुणा लागू होगा। और ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार की (cid:586)ून वसूली (under recovery) को भी वाषि(cid:330)क समायोजन के दौरान (cid:738)ीकार किया जाएगा, जिसे (cid:738)चालित ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार राशि के साथ बिल किया जाएगा।

(cid:681)ा(cid:421)ा: उदाहरण के लिए, जुलाई महीने म(cid:336), मई के महीने म(cid:336) आपूति(cid:330) की गई बिजली के लिए (cid:738)चालित पास (cid:362)ू घटक और पिछले वष(cid:330) के अ(cid:366)ैल महीने के लिए वाषि(cid:330)क समायोजन (true up) के बाद वसूली यो(cid:438) अति(cid:303)र(cid:389) ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार, यदि कोई हो, का बिल किया जाएगा।

10.74 A वितरण लाइस(cid:336)सधारी को आयोग (cid:554)ारा आव(cid:692)क, निधा(cid:330)(cid:303)रत (cid:366)ा(cid:349)पों म(cid:336) खच(cid:344) और वसूली गई ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार म(cid:336) अंतर के विवरण, वि(cid:721)ृत गणनाएँ एवं सहायक द(cid:721)ावेज वाषि(cid:330)क सामा(cid:586) दर समायोजन (true up of the normal tariff) के दौरान (cid:366)(cid:721)ुत करने होंगे।

B ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार तं(cid:361) और उसकी वसूली के सुचा(cid:349) (िcid:354)या(cid:587)यन के लिए, वितरण लाइस(cid:336)सधारी को यह सुनि(िcid:686)त करना होगा कि उसका बिलिंग सि(cid:720)म इसे (cid:559)ान म(cid:336) रखकर अपडेट किया गया हो और एक एकीकृ त बिलिंग सि(cid:720)म लागू किया जाए ताकि बिलिंग और मीट(cid:303)रं ग वि(cid:354)े ता की परवाह किए बिना, इंटरऑपरे बिलिटी या उपल(cid:617) खुले (cid:375)ोत सॉ(cid:838)टवेयर के उपयोग के मा(cid:559)म से एक समान बिलिंग (cid:366)णाली सुनि(िcid:686)त की जा सके । वितरण लाइस(cid:336)सधारी को ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार से संबंधित सभी विवरण जैसे कि अधिभार का सू(cid:361), मासिक अधिभार के लिए गणना और अधिभार की वसूली ((cid:738)चालित और अनुमोदित हि(cid:739)ों के लिए अलग-अलग) अपनी वेबसाइट पर (cid:366)काशित करनी होगी और इसे एक समपि(cid:330)त वेब पते के मा(cid:559)म से सं(cid:356)हित भी करना होगा। इससे पारदशि(cid:330)ता सुनि(िcid:686)त होगी और उपभो(cid:389)ाओं को अधिभार संबंधी सभी जानका(cid:303)रयाँ उपल(cid:617) होंगी।35 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 C ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार (FPPAS) : ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार (FPPAS) (cid:366)तिशत (%) म(cid:336) की गणना के लिए सू(cid:361) इस (cid:366)कार है

nव(cid:336) महीने के लिए:

nव(cid:336) महीने के लिए मासिक FPPAS (cid:366)तिशत (%) =

((cid:1827) − (cid:1828)) × (cid:1829) + ((cid:1830) − (cid:1831))

(cid:1839)(cid:1867)(cid:1866)(cid:1872)ℎ(cid:1864)(cid:1877) (cid:1832)(cid:1842)(cid:1842)(cid:1827)(cid:1845) (cid:1858)(cid:1867)(cid:1870) (cid:1872)ℎ(cid:1857) (cid:1866)(cid:1872)ℎ (cid:1839)(cid:1867)(cid:1866)(cid:1872)ℎ (%) =

(cid:1830)(cid:1861)(cid:1871)(cid:1872)(cid:1870)(cid:1861)(cid:1854)(cid:1873)(cid:1872)(cid:1861)(cid:1867)(cid:1866) (cid:1864)(cid:1867)(cid:1871)(cid:1871)(cid:1857)(cid:1871) (cid:1861)(cid:1866) %

(cid:1852) × (1

100 ) × (cid:1827)(cid:1828)(cid:1844)

−

'nth' माह का अथ(cid:330) है वह माह जिसम(cid:336) ईंधन तथा विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार घटक की बिलिंग की जाती है। यह अधिभार उस (n-2)व(cid:336) माह म(cid:336) आपूति(cid:330) की गई विद् युत के लिए दरों म(cid:336) (cid:352)ए प(cid:303)रवत(cid:330)नों के कारण होता है;

'A' का अथ(cid:330) है (n − 2)व(cid:336) महीने म(cid:336) (kWh म(cid:336)) सभी (cid:375)ोतों से खरीदे गए कु ल यूनिट, जिनम(cid:336) दीघ(cid:330)कालिक, म(cid:559)कालिक और अ(cid:665)कालिक विद् युत खरीद शामिल ह(cid:339)। यह आंकड़ा वितरण लाइस(cid:336)सधारी को जारी किए गए बिलों से लिया जाता है;

'B' का अथ(cid:330) है (n − 2)व(cid:336) महीने म(cid:336) कु ल थोक विद् युत बि(cid:354)ी (किलोवाट घंटे म(cid:336)), जिसे रा(cid:475) लोड डि(cid:729)ैच स(cid:336)टर (cid:554)ारा (cid:366)(cid:529)ेक महीने की 10वी ं तारीख तक जारी किए जाने वाले अ(cid:830)थायी खातों से लिया जाता है;

'C' वृ(cid:304)(cid:544)-जनित औसत विद् युत (cid:354)य लागत है = सभी (cid:375)ोतों से वा(cid:721)विक औसत विद् युत (cid:354)य लागत (PPC) (₹/kWh) (गणना की गई) (n − 2)व(cid:336) माह की − सभी (cid:375)ोतों से अनुमानित औसत विद् युत (cid:354)य लागत (PPC) (₹/kWh) (टै(cid:303)रफ आदेश के अनुसार);

'D' का अथ(cid:330) है (n − 2)व(cid:336) महीने म(cid:336) वा(cid:721)विक अंतर-रा(cid:475) और रा(cid:475)-भीतरी संचरण शु(cid:651), जो कि संचरण अनु(cid:466)(cid:304)(cid:593)धा(cid:303)रयों (cid:554)ारा वितरण लाइस(cid:336)सधारी को जारी किए गए बिलों से लिया जाता है ((cid:348)पये म(cid:336));

'E' का अथ(cid:330) है (n − 2)व(cid:336) माह हेतु (cid:366)सारण (cid:366)भारों की मूल लागत = ((cid:738)ीकृ त (cid:366)सारण (cid:366)भार / 12) ((cid:348)पये म(cid:336));

'Z' = [{(n − 2)व(cid:336) माह म(cid:336) रा(cid:475) के बाहर के सभी (cid:375)ोतों से खरीदी गई वा(cid:721)विक विद् युत (किलोवाट-घंटा म(cid:336)) × (1 – अंतरा(cid:330)(cid:475)ीय (cid:366)सारण हानियाँ (cid:366)तिशत म(cid:336) / 100) + रा(cid:475) के भीतर36 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 के सभी (cid:375)ोतों से खरीदी गई विद् युत (किलोवाट-घंटा म(cid:336))} × (1 – अंतरा(cid:475)ीय हानियाँ (cid:366)तिशत म(cid:336) / 100) – B](pplx://action/translate) किलोवाट-घंटा म(cid:336);

'ABR' वष(cid:330) के लिए औसत बिलिंग दर (जिसे टै(cid:303)रफ ऑड(cid:330)र से ₹/kWh म(cid:336) लिया जाता है);

'डि(cid:304)(cid:720)(cid:332)(cid:623)ूशन लॉस ((cid:366)तिशत म(cid:336))' ल(िcid:407)त वितरण हानि है( टै(cid:303)रफ आदेश म(cid:336));

'अंतर-रा(cid:475) संचरण हानियाँ ((cid:366)तिशत म(cid:336))' से अभि(cid:366)ाय है उन (cid:738)ीकृ त अंतर- रा(cid:475) संचरण हानियों से, जो टै(cid:303)रफ आदेश के अनुसार निधा(cid:330)(cid:303)रत की गई ह(cid:339);

'रा(cid:475) के भीतर संचरण हानियाँ ((cid:366)तिशत म(cid:336))' से अभि(cid:366)ाय है उन (cid:738)ीकृ त रा(cid:475) के भीतर संचरण हानियों से, जो टै(cid:303)रफ आदेश के अनुसार निधा(cid:330)(cid:303)रत की गई ह(cid:339);

D. विद् युत (cid:354)य लागत म(cid:336) विचलन निपटान तं(cid:361) (Deviation Settlement Mechanism) से संबंधित किसी भी शु(cid:651) को शामिल नहीं किया जाएगा।

E. अ(cid:586) शु(cid:651), जिनम(cid:336) सहायक सेवाएँ (Ancillary Services) और सुर(cid:407)ा-सीमित आथि(cid:330)क (cid:366)ेषण (Security Constrained Economic Dispatch) शामिल ह(cid:339), उ(cid:590)(cid:336) ईंधन एवं विद् युत (cid:354)य समायोजन अधिभार (Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge) म(cid:336) शामिल नहीं किया जाएगा, ब(cid:304)(cid:651) उनका समायोजन आयोग (cid:554)ारा अनुमोदित (cid:854)(cid:347) -अप (true-up) (cid:366)(िcid:354)या के मा(cid:559)म से किया जाएगा। विलंबित भुगतान अधिभार

10.75 यदि वितरण लाइस(cid:336)सधारी (cid:554)ारा विद् युत की खुदरा आपूति(cid:330) के लिए जारी किए गए किसी भी बिल के भुगतान म(cid:336) विलंब होता है या भुगतान नही ं किया जाता है, तो उपभो(cid:389)ा को बकाया बिल राशि पर, जिसम(cid:336) लागू कर, उपकर, शु(cid:651) और वैधानिक अधिभार शामिल ह(cid:339), नि(cid:635)लि(cid:304)खत देय तिथियों के बाद विलंबित भुगतान अधिभार (Late Payment Surcharge - LPS) का भुगतान करना होगा:

i. उ(cid:452) वो(cid:656)ेज (HT) और अति उ(cid:452) वो(cid:656)ेज (EHT) उपभो(cid:389)ा – बिल जारी होने की तिथि से 15 (पं(cid:363)ह) दिनों के भीतर।

ii. नि(cid:635) वो(cid:656)ेज (LT) उपभो(cid:389)ा – बिल जारी होने की तिथि से 21 (इ(cid:383)ीस) दिनों के भीतर।

10.76 विलंबित भुगतान अधिभार (Late Payment Surcharge) की दर होगी:

i. दिए गए नियमों के अनुसार, निधा(cid:330)(cid:303)रत अंतिम तिथि के बाद साठ दिनों (60) तक की देरी के लिए, उपभो(cid:389)ा पर बकाया राशि पर 12% (cid:366)ति वष(cid:330) की दर से लेट पेम(cid:336)ट सरचाज(cid:330) (LPS) लागू किया जाएगा, जो साधारण (cid:623)ाज के आधार पर गणना की जाएगी।

ii. साठ दिनों (60) से अधिक और न(cid:620)े दिनों (90) तक की देरी की (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) — साठ (cid:330)(cid:389) उपखंड 10.76(i) के अनुसार दिनों (60) से अधिक की अवधि के लिए, उपयु बढ़ी (cid:352)ई लागत पर अति(cid:303)र(cid:389) चौदह (cid:366)तिशत (14%) वाषि(cid:330)क दर से साधारण (cid:623)ाज के आधार पर विलंबित भुगतान पर (cid:623)ाज लगाया जाएगा। यह (cid:623)ाज संचित बकाया राशि पर लगाया जाएगा, जिसम(cid:336) अजि(cid:330)त विलंबित भुगतान अधिभार (LPS) तथा वैधानिक शु(cid:651) शामिल होंगे।

iii. 90 दिनों से अधिक की देरी पर — 90 दिनों (90) से अधिक की अवधि के लिए,37 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 उपयु (cid:330)(cid:389) उपखंड 10.76(ii) के अनुसार बढ़ी (cid:352)ई लागत पर अति(cid:303)र(cid:389) सोलह (cid:366)तिशत (16%) वाषि(cid:330)क दर से साधारण (cid:623)ाज के आधार पर (cid:623)ाज लगाया जाएगा। यह (cid:623)ाज कु ल बकाया राशि पर लगाया जाएगा, जिसम(cid:336) अजि(cid:330)त विलंबित भुगतान अधिभार (LPS) और वैधानिक शु(cid:651) शामिल ह(cid:339)।.

10.77 ये (cid:366)ावधान मौजूदा विद् युत आपूति(cid:330) अनुबंधों (Power Supply Agreements) या (िcid:554)प(cid:407)ीय (cid:681)व(cid:830)थाओं (bilateral arrangements) म(cid:336) किसी भी विरोधाभासी शत(cid:344) पर (cid:366)ाथमिकता रख(cid:336)गे। हालाँकि, यदि संविदा(cid:527)क (cid:349)प से कम विलंबित भुगतान अधिभार (LPS) पर सहमति हो, तो वह लागू होगा, बशत(cid:337) आयोग की पूव(cid:330) (cid:738)ीकृ ति (cid:366)ा(cid:593) हो।

10.79 उपभो(cid:389)ाओं से (cid:366)ा(cid:593) भुगतान को समय-चि(िcid:741)त किया जाएगा और नि(cid:635)लि(cid:304)खत (cid:354)म म(cid:336) पुनः उपयोग (appropriated) किया जाएगा:

i. (cid:366)थम, अजि(cid:330)त विलंबित भुगतान अधिभार (Late Payment Surcharge) के वि(cid:348)(cid:544);

ii. भुगतान राशि को उसके बाद सबसे पुराने बकाया मूल बिल राशि के वि(cid:348)(cid:544) उपयोग किया जाएगा, जो कि सबसे अधिक लंबित बिल से शु(cid:349) होगा। उदाहरण (cid:738)(cid:349)प:

उपभो(cid:389)ा को 1 जुलाई को ₹1,00,000 का बिल दिया गया। (cid:401)ॉज 10.75 के (cid:366)ावधानों के अनुसार, ईएचटी (EHT) उपभो(cid:389)ा के लिए देय तिथि 15 जुलाई होगी और एलटी (LT) उपभो(cid:389)ा के लिए 21 जुलाई, जिसके दौरान कोई लेट पेम(cid:336)ट सरचाज(cid:330) (LPS) लागू नहीं होगा। यदि उपभो(cid:389)ा ने भुगतान 20 अ(cid:387)ू बर को किया, तो LPS की गणना इस (cid:366)कार होगी:

एक एचटी (HT) और ईएचटी (EHT) उपभो(cid:389)ा के लिए, (cid:401)ॉज 10.75 के अनुसार विलंबित भुगतान अधिभार (LPS) की पहली (cid:736)ैब 12% वाषि(cid:330)क दर से, 15 दिनों की (cid:356)ेस पी(cid:303)रयड समा(cid:593) होने के बाद, यानी 16 जुलाई से 29 अग(cid:721) तक (60 दिनों म(cid:336) से 45 दिन) लागू होगी, जिससे लगभग ₹1,479 का LPS बनेगा।

इसके बाद, 30 अग(cid:721) से 28 सितंबर तक के अगले 30 दिनों के लिए, कु ल बकाया राशि ((िcid:366)ंसिपल और पिछली (cid:736)ैब का अजि(cid:330)त LPS) पर 14% वाषि(cid:330)क दर से LPS लगेगा, जिसका जोड़ लगभग ₹1,168 होगा।

90 दिनों से अधिक विलंब पर, अथा(cid:330)त 29 सितंबर से 20 अ(cid:387)ू बर तक (22 दिन), पूरी बकाया राशि ((िcid:366)ंसिपल और दोनों (cid:736)ैब के LPS सहित) पर 16% वाषि(cid:330)क दर से (cid:623)ाज लगेगा, जिससे लगभग ₹964 का अति(cid:303)र(cid:389) LPS बनेगा। अतः , 20 अ(cid:387)ू बर को कु ल देय राशि ₹1,03,611 होगी, जो पहले LPS के लिए विनियोजित होगी और फिर बकाया मूलधन के लिए, जैसा कि (cid:401)ॉज 10.79 म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) है।38 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 एक एलटी (LT) उपभो(cid:389)ा के लिए, लागू देय तिथि 21 जुलाई है। इसके अनुसार, 21 दिन के (cid:356)ेस पी(cid:303)रयड के बाद, यानी 22 जुलाई से 29 अग(cid:721) तक (39 दिन), पहली (cid:736)ैब के लिए 12% (cid:366)ति वष(cid:330) की दर से विलंबित भुगतान अधिभार (LPS) लागू होगा, जिससे लगभग ₹1,282 का LPS बनेगा। इसके बाद, 30 अग(cid:721) से 28 सितंबर तक के अगले 30 दिनों के लिए, कु ल बकाया राशि ((िcid:366)ंसिपल और पहली (cid:736)ैब से अजि(cid:330)त LPS) पर 14% वाषि(cid:330)क दर से LPS लगेगा, जिससे लगभग ₹1,165 का अति(cid:303)र(cid:389) LPS उ(cid:523)(cid:580) होगा। 90 दिनों से अधिक विलंब पर, अथा(cid:330)त 29 सितंबर से 20 अ(cid:387)ू बर तक (22 दिन), कु ल बकाया राशि ((िcid:366)ंसिपल एवं पिछले दो (cid:736)ैबों का LPS सहित) पर 16% वाषि(cid:330)क दर से LPS लागू होगा, जिससे करीब ₹964 का अति(cid:303)र(cid:389) LPS होगा।

अतः , 20 अ(cid:387)ू बर को कु ल देय राशि ₹1,03,412 होगी, जिसे पहले LPS के लिए विनियोजित किया जाएगा और फिर बकाया मूलधन के लिए, जैसा कि (cid:401)ॉज 10.79 म(cid:336) उ(cid:671)े(cid:304)खत है।

(cid:533)(cid:303)रत भुगतान छू ट

10.80 उपभो(cid:389)ाओं (cid:554)ारा वितरण लाइस(cid:336)सधारक (cid:554)ारा बिल (cid:366)(cid:721)ुत करने के 5 दिनों के भीतर बिलों ((cid:407)मता शु(cid:651) और ऊजा(cid:330) शु(cid:651)) का भुगतान करने पर 2.00% की छू ट ((cid:303)रबेट) दी जाएगी। नोट: 5 दिनों की गणना करते समय, दिनों की सं(cid:421)ा लगातार गिनी जाएगी और किसी भी अवकाश को शामिल नही ं किया जाएगा। हालाँकि, यदि अंतिम दिन या 5वां दिन सरकारी अवकाश हो, तो (cid:303)रयायत (Rebate) के (cid:366)योजन के लिए 5वां दिन त(cid:509)ाल अगले काय(cid:330) दिवस के (cid:349)प म(cid:336) माना जाएगा (जैसा कि उस रा(cid:475) सरकार के आधिका(cid:303)रक कै ल(cid:336)डर म(cid:336) निधा(cid:330)(cid:303)रत है, जहाँ लाभाथ(cid:334) के अधिकृ त ह(cid:721)ा(cid:407)रकता(cid:330) या (cid:366)तिनिधि का काया(cid:330)लय बिल (cid:366)ा(cid:593) करने या (cid:738)ीकार करने के लिए (cid:304)(cid:830)थत है)।

लोड फै (cid:387)र का (cid:366)ावधान / उपचार

10.81 आयु(cid:389) (Commission) उपभो(cid:389)ाओं के एक विशेष वग(cid:330) के लोड फै (cid:387)र (load factor) को एक निधा(cid:330)(cid:303)रत (cid:721)र (stipulated level) पर बनाए रखने का निद(cid:337)श दे सकता है, जैसा कि आयु(cid:389) (Commission) (cid:554)ारा तय किया जाता है। इस (cid:721)र से ऊपर या नीचे लोड फै (cid:387)र रखने पर छू ट के मा(cid:559)म से (cid:366)ो(cid:534)ाहन (incentive) दिया जा सकता है या अधिभार (surcharge) के मा(cid:559)म से दंड लगाया जा सकता है, जैसा कि (cid:304)(cid:830)थति के अनुसार उपयु(cid:389) हो।

10.82 लोड फै (cid:387)र छू ट की गणना के उ(cid:542)े(cid:692) से उपभो(cid:389)ा का लोड फै (cid:387)र (load factor) नि(cid:635)लि(cid:304)खत सू(cid:361) के अनुसार निधा(cid:330)(cid:303)रत किया जाएगा:

Load Factor (%) = Energy Consumed in kWh for the billing period x 100

( )

H− ∑Hi ×MD+ ∑(Hi x RDi)

जहाँ,39 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 H = बिलिंग अवधि म(cid:336) कु ल घंटे

MD = लोड फै (cid:387)र की गणना के लिए अधिकतम मांग (किलोवाट या किलोवो(cid:656)-ए(cid:304)(cid:636)यर म(cid:336)) = विलेख अवधि म(cid:336) (cid:303)रकॉड(cid:330) किया गया अधिकतम मांग या अनुबंध मांग का 85% — जो भी अधिक हो — को विलेख के लिए लिया जाएगा।

Hi = यह (cid:366)ावधान उपभो(cid:389)ा को विद् युत आपूति(cid:330) म(cid:336) (cid:352)ए (cid:366)(cid:529)ेक iव(cid:336) अवरोध / कु ल विद् युत कटौती / आंशिक (cid:366)तिबंध की अवधि से संबंधित है, जैसा कि इन विनियमों के 10.83 खंड म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) है

RDi= उपभो(cid:389)ा पर iव(cid:336) अवरोध या (cid:366)तिबंध की अवधि के दौरान लगाए गए (cid:366)तिबंधित लोड या उस अवधि के दौरान वा(cid:721)विक ऊजा(cid:330) खपत म(cid:336) से जो भी अधिक हो, उसे माना जाएगा।.

10.83 लोड फै (cid:387)र की गणना उस अवधि को शामिल नही ं करे गी जो संबंधित बिलिंग अवधि का हि(cid:739)ा हो और जब उपभो(cid:389)ा का लोड वितरण लाइस(cid:336)सधारक की किसी भी (cid:366)णालीगत दोष के कारण या वितरण लाइस(cid:336)सधारक के अपने उ(cid:523)ादन (cid:375)ोतों या अ(cid:586) विद् युत आपूति(cid:330)कता(cid:330)ओं से विद् युत आपूति(cid:330) कम होने के कारण या उपभो(cid:389)ा (cid:554)ारा विद् युत खी ं चने पर लाइस(cid:336)सधारक (cid:554)ारा लोड पर (cid:366)तिबंध लगाए जाने के कारण बाधित, पूरी तरह से बंद या आंशिक (cid:349)प से (cid:366)तिबंधित हो। ऐसे अवरोध म(cid:336) (िcid:356)ड फे (cid:670)ोर, (cid:738)चालित अंडर (cid:367)ी(cid:403)(cid:336) सी (cid:303)रले टि(cid:332) पिंग या किसी भी ऐसे दैवीय घटना शामिल ह(cid:339) जो लाइस(cid:336)सधारक से संबंधित नही ं ह(cid:339)। 10.84 इन विनियमों के विनियमन 10.82 म(cid:336) (cid:366)द(cid:517) लोड फै (cid:387)र की गणना के (cid:366)योजन हेतु, नि(cid:635)लि(cid:304)खत सि(cid:544)ांतों का पालन किया जाएगा:

i. यदि अधिकतम मांग (एमडी) के वीए म(cid:336) है, तो उसे नि(cid:635)लि(cid:304)खत सू(cid:361) का उपयोग करते (cid:352)ए के ड(cid:626)ू म(cid:336) प(cid:303)रवति(cid:330)त किया जाएगा:

के ड(cid:626)ू = के वीए × पीएफ, जहाँ पीएफ पावर फै (cid:387)र है।

ii. यदि आरडीᵢ के वीए म(cid:336) है, तो उसे नि(cid:635)लि(cid:304)खत सू(cid:361) का उपयोग करते (cid:352)ए के ड(cid:626)ू म(cid:336) प(cid:303)रवति(cid:330)त

किया जाएगा:

के ड(cid:626)ू = के वीए × पीएफ, जहाँ पीएफ पावर फै (cid:387)र है।

iii. जब अनुबंधित मांग के 85% या उससे कम को अधिकतम मांग के (cid:349)प म(cid:336) दज(cid:330) किया जाता है, तो पीएफ को माह के औसत पावर फै (cid:387)र के (cid:349)प म(cid:336) माना जाएगा। iv. जब अधिकतम मांग (एमडी) वा(cid:721)विक दज(cid:330) अधिकतम मांग का (cid:366)तिनिधि(cid:533) करती है, जो अनुबंधित मांग के 85% से अधिक है, तो पीएफ अधिकतम मांग दज(cid:330) किए जाने की अवधि के अनु(cid:349)प समय (cid:624)ॉक का वा(cid:721)विक औसत पावर फै (cid:387)र होगा।

v. पूण(cid:330) लोड शेडिंग या आपूति(cid:330) म(cid:336) (cid:681)वधान की (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336), आरडीᵢ को शू(cid:586) माना जाएगा।40 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 अ(cid:559)ाय IV:

ए.आर.आर. और भार शु(cid:651) दा(cid:304)खल करने की (cid:366)(िcid:354)या

A11.म(cid:656)ी-ईयर शु(cid:651) दा(cid:304)खल करने की (cid:366)(िcid:354)या

11.1 म(cid:656)ी-ईयर शु(cid:651) दा(cid:304)खलियां इन विनियमों के अंतग(cid:330)त और जेएसईआरसी ((cid:681)ापार संचालन) विनियम, 2024, यथा संशोधित या पुनः (cid:366)वति(cid:330)त समय-समय पर, के (cid:366)ावधानों के अनुसार (cid:366)(cid:721)ुत की जाएं गी।

11.2 म(cid:656)ी-ईयर शु(cid:651) (cid:349)परे खा नि(cid:635)लि(cid:304)खत पर आधा(cid:303)रत होगी:

a) नियं(cid:361)ण अवधि के आरं भ से पूव(cid:330) आयोग के सम(cid:407) (cid:738)ीकृ ति हेतु (cid:366)(cid:721)ुत किये गये लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों के (cid:684)ीलिंग एवं खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय के पूरे नियं(cid:361)ण अवधि के लिए (cid:681)ापार योजना;

b) लाइस(cid:336)सधा(cid:303)रयों (cid:554)ारा नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के अपे(िcid:407)त ए.आर.आर. के पूवा(cid:330)नुमान, (cid:684)ीलिंग शु(cid:651) और आगामी नियं(cid:361)ण अवधि के पहले वष(cid:330) के खुदरा आपूति(cid:330) शु(cid:651) पर आधा(cid:303)रत म(cid:656)ी-ईयर याचिका, जिसे इन विनियमों के अंतग(cid:330)त निधा(cid:330)(cid:303)रत अंतनि(cid:330)हित वि(cid:517)ीय और प(cid:303)रचालन सि(cid:544)ांतों/पैरामीटरों पर और (cid:681)ापार योजना के आधार पर उचित अनुमानित किया गया हो;

c) विशि(cid:700) मानकों/पैरामीटरों के लिए वह दिशा/गतिशीलता जो आयोग (cid:554)ारा लाइस(cid:336)सधारी के (cid:366)दश(cid:330)न म(cid:336) सुधार हेतु (cid:366)ो(cid:534)ाहन एवं अनु(cid:366)ेरणा (cid:554)ारा निधा(cid:330)(cid:303)रत की जायेगी;

d) (cid:366)दश(cid:330)न की वाषि(cid:330)क समी(cid:407)ा जो (cid:738)ीकृ त पूवा(cid:330)नुमान के सापे(cid:407) संचालित की जायेगी और (cid:366)दश(cid:330)न म(cid:336) अंतर को नियं(cid:361)णीय एवं अ-नियं(cid:361)णीय कारकों म(cid:336) वग(cid:334)कृ त करे गी।

11.3 लाइस(cid:336)सधारी को म(cid:656)ी-ईयर शु(cid:651) दा(cid:304)खला आयोग को इले(cid:387)(cid:332) ॉनिक (cid:738)(cid:349)प म(cid:336) भी (cid:366)(cid:721)ुत करना होगा।

11.4 लाइस(cid:336)सधारी, एमवाईटी ढाँचे तथा इन विनियमों के अनुभाग A-24 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) समय-सीमा के अनुसार, नियं(cid:361)ण अवधि के लिए खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय और (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसाय के अनुमोदन हेतु एमवाईटी याचिका एवं संबंधित द(cid:721)ावेज़ (cid:366)(cid:721)ुत करे गा; ऐसा करने म(cid:336) विफल रहने पर आयोग (cid:738)तः (cid:466)ान से ब(cid:352)वष(cid:334)य शु(cid:651) आदेश जारी कर सकता है।

11.5 लाइस(cid:336)सी खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसायऔर (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसायके लिए, संबंधित (cid:681)वसायों से संबंधित (cid:681)य और राज(cid:738) की आव(cid:692)क जानकारी सहित, ब(cid:352)वष(cid:334)य शु(cid:651) याचिकादायर करे गा।

नियं(cid:361)ण अवधि की शु(cid:348)आत से पूव(cid:330)

11.6 लाइस(cid:336)सी आयोग की (cid:738)ीकृ ति हेतु, अनुभाग A 24 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) समयसीमा के अनुसार, इन विनियमों के उप-विधान6.9 से 6.15 के अनु(cid:349)प, एक (cid:681)वसाय योजनाएवंMYT याचिका (cid:366)(cid:721)ुत करे गा।

नियं(cid:361)ण अवधि के लिए वाषि(cid:330)क शु(cid:651) आवेदन

11.7 लाइस(cid:336)सी (cid:366)(cid:529)ेक नियं(cid:361)ण अवधि वष(cid:330) के लिए खुदरा आपूति(cid:330) शु(cid:651)और (cid:684)ीलिंग शु(cid:651) की (cid:738)ीकृ ति हेतु, इन विनियमों के अनुभाग A24 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) समयसीमा के अनुसार, (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) की शु(cid:348)आत से पूव(cid:330) आवेदन दायर करे गा।

11.8 लाइस(cid:336)सी (cid:407)मता-आधा(cid:303)रत (cid:684)ीलिंग शु(cid:651) (capacity-based wheeling tariff) (cid:366)(cid:721)ावित करे गा। लाइस(cid:336)सी को (cid:366)णाली म(cid:336) हानियों के समायोजन के लिए वो(cid:656)ेज-वार वितरण हानियों41 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 (voltage-wise distribution losses) को भी निदि(cid:330)(cid:700) करनाहोगा।

.

11.9 (cid:684)ीलिंग शु(cid:651) के लिए (cid:366)(cid:721)ुतियाँ (filings) म(cid:336) नि(cid:635)लि(cid:304)खत शामिल होंगे:

a) (cid:681)वसाय योजना, अंके (िcid:407)त मू(cid:670)ों (trued-up values) और वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न के अनु(cid:349)प, नियं(cid:361)ण अवधिके (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) हेतु वितरण (cid:366)णाली या नेटवक(cid:330) उपयोग का पूवा(cid:330)नुमान;

b) नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए राज(cid:738) अंतर या अधिशेष (Revenue Gap or Surplus) तथा (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए उस राज(cid:738) अंतर या अधिशेष को पूरा/समायोजित करने हेतु शु(cid:651) (cid:366)(cid:721)ाव;

c) इन विनियमों के उप-विधान 10.3 से 10.6 के अनुसार, आधार वष(cid:330)के लिए अनुमानित संचालन एवं अनुर(cid:407)ण (cid:681)य (O&M Expenses) तथा पिछले नियं(cid:361)ण अवधि के लिए अंके (िcid:407)त लेखों के अनुसार वा(cid:721)विक (cid:681)य, और (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए उनका पूवा(cid:330)नुमान;

d) नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए बिजली के वो(cid:656)ेज-वार (cid:684)ीलिंग हेतु शु(cid:651) की गणना का (cid:366)(cid:721)ाव, जिसम(cid:336) हानियाँ और उनकी गणना की (cid:366)(िcid:354)या शामिल होगी;

e) गैर-शु(cid:651) आयके लिए व(cid:721)ु-वार विवरण एवं जानकारी सहित (cid:366)(cid:721)ाव;

f) अ(cid:586) (cid:681)वसायों से (cid:366)ा(cid:593) आय, जैसे परामश(cid:330) सेवाएँ , क(cid:587)ज(cid:338)स (Convergence), (cid:366)शि(cid:407)ण सुविधाएँ आदि के संबंध म(cid:336) (cid:366)(cid:721)ाव;

g) (cid:366)(cid:721)ावित (cid:684)ीलिंग शु(cid:651) से अपे(िcid:407)त राज(cid:738), जिसम(cid:336) अति(cid:303)र(cid:389) अधिभार, (cid:354)ॉस स(cid:304)(cid:629)डी अधिभारआदि शामिल होंगे।

11.10 खुदरा आपूति(cid:330) शु(cid:651)के लिए (cid:366)(cid:721)ुतियाँ (filings) म(cid:336) नि(cid:635)लि(cid:304)खत शामिल होंगे:

a) लाइस(cid:336)सधारी खुदरा आपूति(cid:330) (cid:681)वसाय से संबंधित उपभो(cid:389)ाओं के लिए विद् युत की खुदरा बि(cid:354)ी का (cid:366)(cid:721)ाव (cid:366)(cid:721)ुत करे गा, जिसम(cid:336) (cid:366)(cid:529)ेक उपभो(cid:389)ा (cid:373)ेणी के लिए—

(cid:356)ीन टै(cid:303)रफ सहित—लागू होने के अनुसार (cid:736)ैब-वार एवं वो(cid:656)ेज-वार टै(cid:303)रफ शामिल होंगे। (cid:366)(cid:721)ावित टै(cid:303)रफ ऊजा(cid:330) शु(cid:651), मांग शु(cid:651), (cid:586)ूनतम शु(cid:651) आदि के आधार पर भी हो सकता है, साथ ही टै(cid:303)रफ के यु(cid:304)(cid:389)करण (रै शनलाइजेशन) से संबंधित उपाय भी स(cid:304)(cid:643)लित होंगे।;

b) नियं(cid:361)ण अवधिके (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए राज(cid:738) अंतर / अधिशेषतथा (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के उस राज(cid:738) अंतर / अधिशेष को पूरा या समायोजित करने हेतु शु(cid:651) (cid:366)(cid:721)ाव। यह विभि(cid:580) उपभो(cid:389)ा वग(cid:344) के लिए आपूति(cid:330) लागत तथा (cid:354)ॉस-स(cid:304)(cid:629)डी म(cid:336) कमी (cross-subsidy reduction roadmap) पर आधा(cid:303)रत होना चाहिए;

c) इन विनियमों के उप-विधान 10.3 से 10.6 के अनुसार, आधार वष(cid:330)के लिए अनुमानित संचालन एवं अनुर(cid:407)ण (cid:681)य (O&M Expenses) तथा पिछले नियं(cid:361)ण अवधि के लिए अंके (िcid:407)त लेखोंके अनुसार वा(cid:721)विक (cid:681)य, और (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) के लिए उनका पूवा(cid:330)नुमान;

d) गैर-शु(cid:651) आयके लिए व(cid:721)ु-वार विवरण और जानकारी सहित (cid:366)(cid:721)ाव;

e) लाइस(cid:336)सी (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत (cid:366)(cid:529)ेक शु(cid:651) (cid:366)(cid:721)ाव को सेवा लागत मॉडल (cid:554)ारा समथि(cid:330)त किया जाएगा, जिसम(cid:336) लाइस(cid:336)सीकृ त (cid:681)वसाय की लागतों को वो(cid:656)ेज-वार लागतों एवं हानियों के आधार पर (cid:366)(cid:529)ेक उपभो(cid:389)ा वग(cid:330) को आवंटित किया जाएगा;

f) लाइस(cid:336)सी के (cid:366)(cid:721)ावों को यह (cid:366)दशि(cid:330)त करना चाहिए कि शु(cid:651) (cid:354)मिक (cid:349)प से आपूति(cid:330) की लागतको (cid:366)तिबिंबित कर रहे ह(cid:339);

g) (cid:366)(cid:721)ावित खुदरा आपूति(cid:330) शु(cid:651) से अपे(िcid:407)त राज(cid:738), तथा लाइस(cid:336)सी (cid:554)ारा उपयु(cid:389) समझी गई अ(cid:586) बात(cid:336), जिनम(cid:336) उपभो(cid:389)ाओं के लिए (cid:366)ो(cid:534)ाहन योजनाएँ , (cid:354)ॉस-स(cid:304)(cid:629)डी अधिभारआदि शामिल ह(cid:339);

h) इन विनियमों के उप-विधान 10.74 म(cid:336) उ(cid:304)(cid:671)(cid:304)खत सू(cid:361) के अनुसार गणना किया गया लागू42 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 एफ.पी.पी.पी.ए. (FPPPA) शु(cid:651)।

A12.आवेदन का नि(cid:721)ारण

12.1 आयोग लाइस(cid:336)सी (cid:554)ारा (cid:366)(cid:721)ुत याचिकाओं का इन विनियमों तथा झारखंडरा(cid:475)विद् युतविनियामकआयोग ((cid:681)वसाय संचालन) विनियम, 2024 (JSERC Conduct of Business Regulations, 2024) और उसम(cid:336) समय-समय पर किए गए संशोधनों के अनुसार नि(cid:721)ारण करे गा।

12.2 लाइस(cid:336)सी की (cid:366)(cid:721)ुतियों, जनसाधारण एवं अ(cid:586) हितधारकों की आप(िcid:517)यों/सुझावों के आधार पर, आयोग आवेदन को आव(cid:692)क संशोधनों और/या उपयु(cid:389) शत(cid:344) के साथ (cid:738)ीकार कर सकता है और आवेदन (cid:366)ा(cid:304)(cid:593) की तिथि सेएकसौबीस(120) दिनों के भीतर, सभी साव(cid:330)जनिक सुझावों एवं आप(िcid:517)यों पर विचार करने के उपरांत एक आदेश जारी करे गा। उ(cid:389) आदेश, अ(cid:586) बातों के साथ-साथ, आधार वष(cid:330)से ठीक पूव(cid:330)वत(cid:334) वष(cid:330) के लिए (cid:854)(cid:347) -अप राज(cid:738) एवं लागत घटकों का निधा(cid:330)रण, आधार वष(cid:330) के लिए मानकों का आकलन, तथा नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) हेतु खुदरा आपूति(cid:330) एवं (cid:684)ीलिंग (cid:681)वसाय के लिए ए.आर.आर. (ARR) एवं शु(cid:651) का निधा(cid:330)रण स(cid:304)(cid:643)लित करे गा। आदेश म(cid:336) (cid:738)ीकृ त (cid:681)वसाय योजना, नियं(cid:361)णीय मदों के ल(cid:409) तथा नियं(cid:361)ण अवधि हेतु आपूति(cid:330) गुणव(cid:517)ाके (cid:366)दश(cid:330)न ल(cid:409) भी शामिल होंगे।

A13.सामयिक समी(cid:407)ाएँ

नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान समी(cid:407)ा

13.1 ब(cid:352)वष(cid:334)य शु(cid:651) (MYT) ढांचे के सुचा(cid:349) काया(cid:330)(cid:587)यन को सुनि(िcid:686)त करने हेतु, आयोग नियं(cid:361)ण अवधि के दौरान लाइस(cid:336)सी के (cid:366)दश(cid:330)न की आवधिक समी(cid:407)ा (periodic review) कर सकता है, ताकि किसी भी (cid:681)वहा(cid:303)रक कठिनाई, चिंता या अ(cid:366)(cid:529)ाशित प(cid:303)रणामों का समाधान किया जा सके ।

13.2 लाइस(cid:336)सी को आयोग (cid:554)ारा नियं(cid:361)ण अवधि की शु(cid:348)आत म(cid:336) अनुमोदित ल(cid:409)ों की तुलना म(cid:336) अपने वा(cid:721)विक (cid:366)दश(cid:330)न का मू(cid:670)ांकन करने हेतु, इन विनियमों के अनुभाग A24 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) समयसीमा के अनुसार वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न समी(cid:407)ा (cid:303)रपोट(cid:330) (cid:366)(cid:721)ुत करनी होगी। इस (cid:303)रपोट(cid:330) म(cid:336) उसका वाषि(cid:330)क (cid:366)दश(cid:330)न तथा लेखे, जिनम(cid:336) अंके (िcid:407)त/(cid:366)माणितलेख शामिल हों, एवं इन विनियमों के अनुसार गणना किए गए शु(cid:651) का विवरण स(cid:304)(cid:643)लित होगा। 13.3 लाइस(cid:336)सी इन विनियमों के अनुभाग A24 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) समयसीमा के अनुसार, ए.आर.आर. (ARR) के (cid:854)(cid:347) -अप (True-up) और संबंधित शु(cid:651) समायोजन भी (cid:366)(cid:721)ुत करे गा। संशोधित अनुमानों की आव(cid:692)कता होगी ताकि अनियं(िcid:361)य विचलनों (uncontrollable variations) के कारण लागतों का (cid:854)(cid:347) -अप किया जा सके , ल(cid:409)ों से अधिक (cid:366)दश(cid:330)न की (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) लाभ-साझाकरण तं(cid:361)लागू किया जा सके , और आपूति(cid:330) गुणव(cid:517)ाल(cid:409)ों हेतु (cid:366)दश(cid:330)न ढांचे को काया(cid:330)(cid:304)(cid:587)त किया जा सके ।

13.4 आयोग, नियं(cid:361)ण अवधि की शेष अवधि के लिए, लाइस(cid:336)सी के पूवा(cid:330)नुमानों म(cid:336) आव(cid:692)क संशोधन निदि(cid:330)(cid:700) कर सकता है, साथ ही उसके वि(cid:721)ृत कारण भी बताएगा।

नियं(cid:361)ण अवधि के अंत म(cid:336) समी(cid:407)ा

13.5 नियं(cid:361)ण अवधि के अंत की ओर, आयोग यह समी(cid:407)ा करे गा कि (cid:400)ा इन विनियमों म(cid:336) निहित सि(cid:544)ांतों का काया(cid:330)(cid:587)यन अपने अपे(िcid:407)त उ(cid:542)े(cid:692)ों को (cid:366)ा(cid:593) कर सका है। इस (cid:366)(िcid:354)या म(cid:336) आयोग उ(cid:552)ोग संरचना, (cid:407)े(cid:361)ीय आव(cid:692)कताएँ , उपभो(cid:389)ा एवं अ(cid:586) हितधारकों की अपे(cid:407)ाएँ , और उस समय पर लाइस(cid:336)सी की आव(cid:692)कताओं सहित अ(cid:586) बातों को भी (cid:559)ान म(cid:336) रखेगा। अधिनियम के उ(cid:542)े(cid:692)ों को (cid:366)ा(cid:593) करने के लिए (cid:407)े(cid:361) की आव(cid:692)कताओं के अनुसार, आयोग अगली नियं(cid:361)ण अवधि के लिए सि(cid:544)ांतों म(cid:336) संशोधन कर सकता है। 13.6 आयोग, झारखंड के हित धारकों तथा (cid:407)े(cid:361) के अ(cid:586) विशेष(cid:466)ों की सहायता से, इन विनियमों के लिए (cid:681)ापक विनियामक (cid:366)भाव आकलन कर सकता है।

13.7 नियं(cid:361)ण अवधि का अंत अगली नियं(cid:361)ण अवधि की शु(cid:348)आत माना जाएगा, और आयोग43 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 (cid:554)ारा अ(cid:586)था निदि(cid:330)(cid:700) किए बिना, लाइस(cid:336)सी को वही (cid:366)(िcid:354)या अपनानी होगी।

13.8 आयोग नियं(cid:361)ण अवधि के (cid:366)ारं भ म(cid:336) निधा(cid:330)(cid:303)रत ल(cid:409)ों के संदभ(cid:330) म(cid:336) (cid:366)(cid:529)ेक वष(cid:330) लाइस(cid:336)सधारी के (cid:366)दश(cid:330)न का वि(cid:694)ेषण कर सकता है तथा वा(cid:721)विक (cid:366)दश(cid:330)न, अपे(िcid:407)त द(cid:407)ता सुधार और अ(cid:586) (cid:366)चलित कारकों के आधार पर आगामी नियं(cid:361)ण अवधि के लिए (cid:366)ारं भिक मान निधा(cid:330)(cid:303)रत कर सकता है।

वो(cid:656)ेज (cid:303)रबेट

10.85 सभी उपभो(cid:389)ा उस वो(cid:656)ेज (cid:721)र के आधार पर ऊजा(cid:330) शु(cid:651) पर (cid:303)रबेट के पा(cid:361) होंगे, जिस वो(cid:656)ेज (cid:721)र पर वे वा(cid:721)व म(cid:336) जुड़े (cid:352)ए ह(cid:339), भले ही झारखंड रा(cid:475) विद् युत विनियामक आयोग (विद् युत आपूति(cid:330) संहिता) विनियम, 2015 के खंड 4.3 म(cid:336) निदि(cid:330)(cid:700) वो(cid:656)ेज (cid:721)र कु छ भी हो, तथा जेएसईआरसी (विद् युत आपूति(cid:330) संहिता) विनियम, 2015 के खंड 4.5 के अनुसार लागू वो(cid:656)ेज (cid:303)रबेट/सरचाज(cid:330) भी लागू होगा।

10.86 लागू दर(cid:336) नि(cid:635)ानुसार होंगी:

(i) 33 के वी पर जुड़े उपभो(cid:389)ा ऊजा(cid:330) शु(cid:651) पर तीन (cid:366)तिशत (3%) वो(cid:656)ेज (cid:303)रबेट के पा(cid:361) होंगे।

(ii) 132 के वी एवं उससे अधिक पर जुड़े उपभो(cid:389)ा ऊजा(cid:330) शु(cid:651) पर चार (cid:366)तिशत (4%) वो(cid:656)ेज (cid:303)रबेट के पा(cid:361) होंगे।

10.87 उपयु (cid:330)(cid:389) (cid:303)रबेट के वल मासिक आधार पर ही उपल(cid:617) होगा, तथा जिन उपभो(cid:389)ाओं पर बकाया राशि है, वे इस (cid:303)रबेट के पा(cid:361) नहीं होंगे। तथापि, जिन उपभो(cid:389)ाओं पर बकाया देयक लंबित ह(cid:339) और जिन पर स(cid:407)म (cid:586)ायालयों (cid:554)ारा (cid:830)थगन ((cid:720)े) (cid:366)दान किया गया है, उ(cid:590)(cid:336) लागू (cid:303)रबेट की अनुमति दी जाएगी अ(cid:586) (cid:303)रयायत(cid:336) और अधिभार

उपभो(cid:389)ाओं पर लागू होने वाले किसी भी अ(cid:586) (cid:303)रबेट या सरचाज(cid:330), जिसम(cid:336) वो(cid:656)ेज (cid:303)रबेट/सरचाज(cid:330), पावर फै (cid:387)र (cid:303)रबेट/सरचाज(cid:330) आदि शामिल ह(cid:339)| लेकिन इ(cid:590)ी तक सीमित नही ं ह(cid:339), उस (cid:366)कार लागू होंगे जैसा कि आयोग (cid:554)ारा जारी म(cid:656)ी ईयर टै(cid:303)रफ (MYT) / वाषि(cid:330)क टै(cid:303)रफ आदे शों म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) है या झारखंड रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग (विद् युत आपूति(cid:330) कोड) विनियम, 2015 म(cid:336), (cid:366)थम संशोधन विनियम, 2018 और (िcid:554)तीय संशोधन विनियम, 2024 (cid:554)ारा संशोधित (cid:349)प म(cid:336), या समय-समय पर किए गए किसी भी अ(cid:586) संशोधन या पुनः (cid:366)वत(cid:330)न अ(cid:559)ाय V: विविध उपबंध

A14.आदेशों और (cid:681)वहार निद(cid:337)शों का निग(cid:330)मन

14.1 अधिनियम और इन विनियमों के उपबंधों के अधीन, आयोग समय-समय पर इन विनियमों के (िcid:354)या(cid:587)यन तथा विभि(cid:580) विषयों पर अनुसरण की जाने वाली (cid:366)(िcid:354)या के संबंध म(cid:336) आदे श और (cid:681)वहार निद(cid:337) श जारी कर सकता है, जिन पर आयोग को इन विनियमों (cid:554)ारा निद(cid:337)शन करने का अधिकार (cid:366)दान किया गया है, तथा उनसे संबंधित या उनके सहायक विषयों पर भी।

14.2 इन विनियमों म(cid:336) निहित किसी भी बात के बावजूद, आयोग के पास, चाहे (cid:738)तः सं(cid:466)ान लेकर या किसी इ(cid:453)ु क अथवा (cid:366)भावित प(cid:407) (cid:554)ारा दायर याचिका पर, किसी भी आवेदक का दर (टै(cid:303)रफ) निधा(cid:330)(cid:303)रत करने का अधिकार होगा।

A15.निद(cid:337)शोंकीअवमानना

15.1 रा(cid:475) भार (cid:366)ेषण क(cid:336) (cid:363) (State Load Dispatch Centre) एकीकृ त (cid:366)णाली प(cid:303)रचालन सुनि(िcid:686)त करने के लिए तथा अधिकतम अथ(cid:330)(cid:681)व(cid:830)था और द(cid:407)ता (cid:366)ा(cid:593) करने हेतु आव(cid:692)कतानुसार निद(cid:337) श दे सकता है और पय(cid:330)वे(cid:407)ण तथा नियं(cid:361)ण कर सकता है, तथा (cid:366)(cid:529)ेक लाइस(cid:336)सधारी, जनन कं पनी, उपक(cid:336) (cid:363) तथा विद् युत तं(cid:361) के प(cid:303)रचालन से जुड़े अ(cid:586) किसी (cid:681)(cid:304)(cid:389) को ऐसे निद(cid:337) शों का पालन करना होगा।

15.2 यदि कोई वितरण लाइस(cid:336)सधारी जारी किए गए निद(cid:337) शों का पालन करने म(cid:336) असफल रहता है, तो उस पर विद् युत अधिनियम, 2003 की धारा 146 के अनुसार दं ड लगाया जाएगा।

A16.(cid:874)ववाद (cid:467)नवारण

16.1 विवादकी(cid:304)(cid:830)थतिम(cid:336), कोई भी प(cid:407), विवाद के समाधान हेतु, झारखंड रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग ((cid:681)वसाय निव(cid:330)हन) विनियम, 2024, जो समय-समय पर संशोधित किए जा सकते ह(cid:339) या उनके वैधानिक पुन: अधिनियमन सहित, के अनुसार आवेदन (cid:366)(cid:721)ुत कर सकता है।

A17.क(cid:465)ठनाइय(cid:585) को दूर करने क(cid:551) शि(cid:200)त

17.1 यदि इन विनियमों के किसी भी उपबंध को (cid:366)भावी बनाने म(cid:336) कोई कठिनाई उ(cid:523)(cid:580) होती है, तो आयोग सामा(cid:586) या विशेष आदेश (cid:554)ारा, अधिनियम के (cid:366)ावधानों के विपरीत न होते (cid:352)ए, वितरण लाइस(cid:336)सधारी(यों) आदि को उपयु(cid:389) कार(cid:330) वाई करने हेतु आव(cid:692)क या उपयु(cid:389) (cid:366)तीत होने वाले निद(cid:337) श जारी कर सकता है, ताकि उस कठिनाई को दू र किया जा सके ।

17.2 लाइस(cid:336)सधारी इन विनियमों के (िcid:354)या(cid:587)यन म(cid:336) उ(cid:523)(cid:580) किसी कठिनाई को दू र करने हेतु आयोग के सम(cid:407) आवेदन (cid:366)(cid:721)ुत कर सकते ह(cid:339) और उपयु(cid:389) आदे श (cid:366)ा(cid:593) कर सकते ह(cid:339)।

A 18. शिथिलीकरण(Relaxation) की श(cid:304)(cid:389)

18.1 आयोग, जनहित म(cid:336) तथा लि(cid:304)खत (cid:349)प म(cid:336) कारण अंकित करते (cid:352)ए, इन विनियमों के किसी भी (cid:366)ावधान को शिथिल कर सकता है।

A 19. (cid:681)ा(cid:421)ा

19.1 यदि इन विनियमों के किसी उपबंध की (cid:681)ा(cid:421)ा से संबंधित कोई (cid:366)(cid:690) उ(cid:523)(cid:580) होता है, तो उस पर आयोग का निण(cid:330)य अंतिम होगा।

A 20. आयोग की निहित श(cid:304)(cid:389)यों का संर(cid:407)ण

20.1 इन विनियमों म(cid:336) निहित कोई भी बात आयोग की निहित श(cid:304)(cid:389)यों को सीमित या अ(cid:586)था (cid:366)भावित नहीं करे गी, जिसके अंतग(cid:330)त आयोग किसी विशि(cid:700) प(cid:303)र(cid:304)(cid:830)थतियों वाले विषय या विषयों के वग(cid:330) के मामले म(cid:336), या अ(cid:586)45 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026 उपयु(cid:389) कारणों से, इन विनियमों म(cid:336) निदि(cid:330) (cid:700) (cid:366)(िcid:354)या से भि(cid:580) कोई (cid:366)(िcid:354)या अपनाने को आव(cid:692)क या उपयु(cid:389) समझे, तो वह लि(cid:304)खत (cid:349)प म(cid:336) कारण अंकित करते (cid:352)ए ऐसा कर सकता है।

A 21. जांच और अ(cid:587)ेषण

21.1 इन विनियमों के अंतग(cid:330)त की जाने वाली सभी जांच(cid:336), अ(cid:587)ेषण तथा निण(cid:330)य, झारखंड रा(cid:475) विद् युत नियामक आयोग ((cid:681)वसाय निव(cid:330)हन) विनियम, 2024 के (cid:366)ावधानों के अनुसार, जो समय-समय पर संशोधित किए जा सकते ह(cid:339), के तहत आयोग (cid:554)ारा की जाएं गी।

A 22. संशोधन की श(cid:304)(cid:389)

22.1 आयोग समय-समय पर इस विनियमन के किसी भी उपबंध को जोड़ने, प(cid:303)रवति(cid:330)त करने, संशोधित करने, निलंबित करने, प(cid:303)रवधि(cid:330)त करने, निर(cid:721) करने या हटाने की श(cid:304)(cid:389) रखता है।

A 23. संर(cid:407)ण (cid:366)ावधान (Savings)

23.1 इन विनियमों म(cid:336) निहित कोई भी बात आयोग की इस निहित श(cid:304)(cid:389) को सीमित या अ(cid:586)था (cid:366)भावित नहीं करे गी कि आयोग (cid:586)ाय के उ(cid:542)े(cid:692)ों की पूति(cid:330) या अपने (cid:366)(िcid:354)या के दु(cid:348)पयोग को रोकने हेतु आव(cid:692)क आदे श पा(cid:303)रत कर सके ।

23.2 इन विनियमों म(cid:336) निहित कोई भी बात आयोग को अधिनियम के (cid:366)ावधानों के अनु(cid:349)प कोई ऐसी (cid:366)(िcid:354)या अपनाने से नहीं रोके गी, जो इन विनियमों के किसी उपबंध से भि(cid:580) हो, यदि आयोग, किसी विषय या विषयों के वग(cid:330) की विशेष प(cid:303)र(cid:304)(cid:830)थतियों को दे खते (cid:352)ए तथा लि(cid:304)खत (cid:349)प म(cid:336) कारण अंकित करते (cid:352)ए, यह आव(cid:692)क या उपयु(cid:389) समझे कि उस विषय या विषयों के वग(cid:330) से ऐसे तरीके से निपटा जाए।

23.3 इन विनियमों म(cid:336) निहित कोई भी बात आयोग को उन विषयों से निपटने या उन श(cid:304)(cid:389)यों का (cid:366)योग करने से, जिनके लिए कोई विनियम बनाए नहीं गए ह(cid:339), (cid:729)(cid:700) या निहित (cid:349)प से नहीं रोके गी, और आयोग ऐसे विषयों, श(cid:304)(cid:389)यों और काय(cid:344) से उस (cid:366)कार निपट सकता है जैसा उसे उचित (cid:366)तीत हो।

A 24. समयसीमा का सारांश

S.No ͪववरण दèतावेज़ दाͨखल करनेकȧǓतͬथ आयोग ɮवारा मांगी गई अǓतǐरÈत जानकारȣ Ĥदान करना आवेदन का Ǔनपटान
1. नियंũण अवधि के लिए ʩवसाय योजना और नियंũण अवधि के लिए बŠवषŎय शुʋ (MYT) याचिका, विȅीय वषŊ 2026-27 से 2030-31 तक, जिसमŐ नियंũण अवधि के Ůथम वषŊ के लिए įरटेल और ʬीलिंग शुʋ शामिल हœ। 30 नवंबर, 2025 आयोगȪारासूचनामांगनेवालेपũ जारीकियेजानेके पंūह(15) दिनोंके भीतर आवेदन ˢीकार होने के एकसौबीस (120)दिनों के भीतर
2. पिछले वषŊ के लिए समंजन (͖ś -अप), वतŊमान वषŊ के लिए वाषिŊक ŮदशŊन समीƗा, और नियंũण अवधि के अगले वषŊ के लिए वाषिŊक आवʴक राजˢ वसूली (ARR) एवं शुʋ निधाŊरण जिस विȅीय वषŊ के लिए वाषिŊक ŮदशŊन समीƗा (APR) मांगी गई हो, उस वषŊ की 30 नवɾर आयोगȪारासूचनामांगनेवालेपũ जारीकियेजानेके पंūह(15) दिनोंके भीतर आवेदन ˢीकार होने के एकसौबीस (120)दिनों के भीतर
46 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

प(cid:464)र(cid:871)श(cid:231)ट-I: मू(cid:227)य(cid:305)ास अनुसूची

संपͪƣͪववरण सीधीरेखामूãयıास(%)
प ूणŊ ˢामिȕ वाली भूमि 0.00
पǥे के अधीन भूमि 2.67
जमीन मŐ निवेश के लिए 2.67
साइट साफ़ करने की लागत के लिए 2.67
नई खरीदी गई संपȅियां:
भवन एवं कसकवल इंजीकनयरंग ािय
i) कायाŊलय और शोŝम 2.67
ii) अ̾थायी निमाŊण जैसे लकड़ी के ढांचे 100
iii) कDŽी सड़कों के अलावा अɊ सड़कŐ 2.67
iv) अɊ 2.67
ट ांसफामर, कर्यिो, सब-ेन उपरिण और अ थर उपरिण (ांट नींव सकहत)
i) 100 के वीए और उससे अधिक रे टिंग वाले फ़ाउंडेशन सहित टŌ ांसफ़ॉमŊर 4.22
ii) अɊ 4.22
च कगयर, ेिबल निेन सकहत 4.22
कबजली र्रोनिे वाले 4.22
ब ै टरयं 12.77
ि ेबल और ड कसम 4.22
ि ेबलसमथन सकहत ओवरहेड लाइन
i) 66 के वीसे अधिकटमिŊनल वोʐेज पर ːील सपोटŊ पर चलने वाली लाइनŐ 4.22
ii) 13.2 के वीसे अधिक, लेकिन 66 के वीसे अधिक नहीं, टमिŊनल वोʐेज पर ːील सपोटŊ पर चलने वाली लाइनŐ 4.22
iii) ːील या Ůबलित कं Ţीट समथŊन पर लाइनŐ 4.22
iv) उपचाįरत लकड़ी के आधार पर रेखाएँ 4.22
मीटर 12.77
-चाकलत वाहन 12.77
एयरंिडीकनंग संयं
i) İ̾थर 4.22
ii) पोटőबल 7.60
कायाŊलय उपकरण, फनŎचर, आंतįरक वायįरं गऔरːŌ ीट लाइट फिटिंग 6.33
पįरसंपȅिविवरण ː Ō ेटलाइनमूʞŸास (%)
उपरिण करिाए पर कदए गए
i) मोटरों के अलावा अɊ 7.60
ii) मोटर 4.22
पįरसंपȅिविवरण ː Ō ेटलाइनमूʞŸास (%)
स ं चार उपरिण 6.33
आईटी उपरिण और सॉवेयर 15.00
ि र्ोई अ संपक र्जो ऊपर विर नहीं ीि गई है 4.22 (या जैसे कि आयोग Ȫारा पįरसंपȅि आयु और अपशिʼ मूʞ को ȯान मŐ रखते Šए अनुमोदित किया गया हो)
47 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) बुधवार, 21 जनवर(cid:547), 2026

इस "झारख(cid:214)ड रा(cid:207)य (cid:874)व(cid:622)युत (cid:467)नयामक आयोग ((cid:874)वतरण शु(cid:227)क के (cid:467)नधा(cid:91)रण क(cid:551) शत(cid:591) एवं (cid:467)नयम) (cid:874)व(cid:467)नयम, 2025" के (cid:465)ह(cid:219)द(cid:547) (cid:510)पा(cid:219)तरण क(cid:551) (cid:229)या(cid:201)या या (cid:874)ववेचन या समझने क(cid:551) ि(cid:232)थ(cid:467)त म(cid:581) (cid:873)कसी (cid:292)कार का (cid:874)वरोधाभास होने पर इसके अं(cid:274)ेजी सं(cid:232)करण (मूल सं(cid:232)करण) के संबं(cid:876)धत (cid:292)ावधान(cid:585) म(cid:581) द(cid:547) गई (cid:874)ववेचना के अनुसार ह(cid:547) उसका ता(cid:215)पय(cid:91) माना जायेगा एवं इस संबंध म(cid:581) (cid:873)कसी (cid:292)कार के (cid:874)ववाद क(cid:551) ि(cid:232)थ(cid:467)त म(cid:581) आयोग का (cid:467)नण(cid:91)य अं(cid:467)तम एवं बा(cid:218)य होगा।

आयोग के आदेशानुसार,

आर.पी. नायक,

सचिव

झारखंड रा(cid:475) विद् युत विनियामक

आयोग

--------

अधी(cid:162)कअधी(cid:162)क,, झारख(cid:214)डझारख(cid:214)ड राजक(cid:551)य मु(cid:289)णालयराजक(cid:551)य मु(cid:289)णालय,, राँची (cid:622)वारा (cid:292)का(cid:871)शत एवं मु(cid:465)(cid:289)तराँची (cid:622)वारा (cid:292)का(cid:871)शत एवं मु(cid:465)(cid:289)त,, झारख(cid:214)ड गजट झारख(cid:214)ड गजट ((असाधारणअसाधारण) ) 3355 –– 5500

Cite this issue. Jharkhand Gazette, Government of Jharkhand, 06 February 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.jharkhand.2026-02-06.35/. Archive identifier in.gazette.jharkhand.2026-02-06.35.