झारख(cid:214)ड गजट
असाधारण अंक
झारख(cid:214)ड सरकार (cid:622)वारा (cid:292)का(cid:871)शत
17 माघ, 1947 (श०)
सं(cid:201)या – 43 राँची, शु(cid:272)वार, 6 फ़रवर(cid:547), 2026 (ई०)
का(cid:871)म(cid:91)क, (cid:292)शास(cid:467)नक सुधार तथा राजभाषा (cid:874)वभाग।
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संक(cid:227)प
28 जनवर(cid:547), 2026
सं(cid:201)या-5/आरोप(कोट(cid:91) के स)-5-14/2023(ख(cid:214)ड)का० 456--(cid:302)ी (cid:510)(cid:200)मके श (cid:871)म(cid:302), झा०(cid:292)०से० ((cid:622)(cid:874)वतीय बैच), त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)ख(cid:214)ड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547)-सह-अंचल अ(cid:876)धकार(cid:547), डोमचाँच, कोडरमा के (cid:874)व(cid:510)(cid:622)ध उपायु(cid:200)त, कोडरमा के प(cid:287)ांक-14/(cid:232)था०, (cid:465)दनांक-15.01.2014 (cid:622)वारा (cid:292)प(cid:287) 'क' म(cid:581) आरोप ग(cid:465)ठत कर उपल(cid:222)ध कराया गया। (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) के (cid:874)व(cid:510)(cid:622)ध (cid:292)प(cid:287) 'क' म(cid:581) (cid:467)न(cid:224)नवत ् आरोप (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत (cid:873)कया गया-
आरोप सं0-1- डोमचांच अंचल अंतग(cid:91)त तराई मौजा (थाना सं0-10) क(cid:551) सभी भू(cid:871)म खाता सं0-1 अंतग(cid:91)त आता है, िजसका कु ल रकबा 543.10 एकड़ है तथा इस मौजा म(cid:581) मा(cid:287) 10 ह(cid:547) (cid:220)लॉट है। इसम(cid:581) से (cid:220)लॉट सं0-1, 2, 3, 4, 5, 6 एवं 9 जो सव(cid:566) ख(cid:467)तयान म(cid:581) गैर मज(cid:510)आ जंगल के (cid:510)प म(cid:581) दज(cid:91) है, को (cid:466)बहार सरकार क(cid:551) अ(cid:876)धसूचना सं०-CIP-F/10181/53-4797-R, (cid:465)दनांक-08.12.1953 (cid:622)वारा सुर(cid:879)(cid:162)त वन के (cid:510)प म(cid:581) अ(cid:876)धसू(cid:876)चत कर (cid:465)दया गया है। इस वन भू(cid:871)म का कुल रकबा 531.00 एकड़ है। शेष 3 (cid:220)लॉट 7, 8 एवं 10 गैर मज(cid:510)आ नाला है, िजसका पूरा रकबा 12 एकड़ है, जो आज भी नाला के (cid:510)प म(cid:581) मौजूद है। पंजी-II म(cid:581) इस मौजा के कु ल रकबा 543.10 एकड़ म(cid:581) से 439.50 एकड़ भू(cid:871)म क(cid:551) जमाबंद(cid:547) अ(cid:222)दुल रजाक खाँ, व(cid:227)द का(cid:465)दर खाँ, सा(cid:873)कन तराई, हजार(cid:547)बाग िजला के नाम से जमाबंद(cid:547) सं0-56/01 पर दज(cid:91) है, िजसका लगान2 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) शु(cid:272)वार, 6 फ़रवर(cid:547), 2026 340/-(cid:510)पये अं(cid:873)कत है। जमाबंद(cid:547) कायम करने के (cid:292)ा(cid:876)धकार कॉलम का उ(cid:227)लेख नह(cid:547)ं है। जमाबंद(cid:547) पर (cid:871)लखावट नह(cid:547)ं है और पुरानी (cid:871)लखावट से (cid:871)भ(cid:219)न है। अतः यह (cid:232)प(cid:231)ट है (cid:873)क (cid:466)बना वैध आदेश एवं आधार के फज(cid:568) एवं कू टर(cid:876)चत जमाबंद(cid:547) सं0-56/01 कायम कर पंजी-II म(cid:581) जोड़ी गयी एवं फज(cid:568) रसीद (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कया गया। इस फज(cid:568) जमाबंद(cid:547) म(cid:581) (cid:871)सफ(cid:91) या तो पूर(cid:547) तरह से वनभू(cid:871)म या वन भू(cid:871)म के साथ-साथ नाला क(cid:551) भू(cid:871)म सि(cid:224)म(cid:871)लत है। आपके (cid:622)वारा सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण म(cid:581) पंजी-II क(cid:551) जमाबंद(cid:547) सं0-56/01 के संबंध म(cid:581) (cid:871)लखा गया है (cid:873)क यह वष(cid:91) 1963-64 से ह(cid:547) कायम है। य(cid:465)द यह मान भी (cid:871)लया जाय (cid:873)क जमाबंद(cid:547) आपके पद(cid:232)थापन के पूव(cid:91) से कायम थी तो आपको एल०पी०सी० (cid:467)नग(cid:91)त करने एवं टाटा (cid:232)ट(cid:547)ल के (cid:292)बंधन को प(cid:287) (cid:871)लखने के पूव(cid:91) पूर(cid:547) तरह छानबीन करने का अवसर था एवं गलत पाए जाने पर इसे र(cid:622)द (cid:873)कये जाने क(cid:551) कार(cid:91)वाई क(cid:551) जानी थी, जो आपके (cid:622)वारा आज तक नह(cid:547)ं (cid:873)कया गया। इस जमाबंद(cid:547) म(cid:581) मा(cid:287) वष(cid:91) 1963-64 (cid:871)लखने से यह जमाबंद(cid:547) उस समय क(cid:551) हो जाएगी यह सह(cid:547) नह(cid:547)ं है। इसे जार(cid:547) रखकर एवं इसके आधार पर गलत एल०पी०सी० (cid:467)नग(cid:91)त कर तथा टाटा (cid:232)ट(cid:547)ल (cid:871)ल० के (cid:292)बंधक को गलत त(cid:216)य (cid:292)(cid:467)तवेदन कर आपने जालसाज क(cid:551) भू(cid:871)मका (cid:467)नभाई है। आरोप सं०-2(क)- आपके (cid:622)वारा (cid:232)व० अ(cid:222)दुल र(cid:207)जाक खान के पु(cid:287)-पु(cid:466)(cid:287)य(cid:585) यथा राजीव खान, राजू खान, संजीव खान, अ(cid:201)तर खान, जैबून (cid:467)नशा, अलमुन (cid:467)नशा, असगर(cid:547) खातुन, मु(cid:219)नी खातुन, मंजूर खान, शमलुल (cid:467)नशा एवं मु(cid:219)ना खान के नाम से 427.00 एकड़ भू(cid:871)म का 11 एल०पी०सी० (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कया गया है। इसे (cid:467)नग(cid:91)त करने के (cid:871)लए आपके (cid:622)वारा फज(cid:568) जमाबंद(cid:547) 56/01 का हवाला तो (cid:465)दया गया है, पर(cid:219)तु सह(cid:547) (cid:220)लॉट सं(cid:201)या के (cid:232)थान पर अि(cid:232)त(cid:215)वह(cid:547)न एवं का(cid:227)प(cid:467)नक (cid:220)लॉट (11, 12, 13, 14, 15, 16 एवं 19) दज(cid:91) करते हु ए उसम(cid:581) गैर मज(cid:510)आ नाला के (cid:220)लॉट सं(cid:201)या 7, 8 एवं 10 को भी सि(cid:224)म(cid:871)लत कर (cid:465)दया गया है। (cid:467)नग(cid:91)त सभी एल०पी०सी० म(cid:581) ह(cid:227)का कम(cid:91)चार(cid:547) (cid:622)वारा (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत (cid:873)कया गया है (cid:873)क "जमीन अ(cid:222)दुल र(cid:207)जाक खान को हु कु मनामा (cid:622)वारा (cid:292)ा(cid:220)त है एवं उनके नाम पर अं(cid:873)कत है। जमीन गैरमज(cid:510)आ खास खाते क(cid:551) है। आवेदक जोत आबाद कर रहे है एवं उनका दखल क(cid:222)जा है। अंचल (cid:467)नर(cid:547)(cid:162)क के स(cid:215)यापन पर आपके (cid:622)वारा एल०पी०सी० (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कया गया है। यह (cid:232)प(cid:231)ट है (cid:873)क अि(cid:232)त(cid:215)वह(cid:547)न भू(cid:871)म के आधार पर आपके (cid:622)वारा (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कया गया एल०पी०सी० अवैध है। साथ ह(cid:547) गैरमज(cid:510)आ खास नाला के (cid:871)लए भी एल०पी०सी० (cid:465)दया जाना (cid:467)नयम (cid:874)व(cid:510)(cid:622)ध है।
आरोप सं०-2(ख)- (cid:232)व० अ(cid:222)दुल र(cid:207)जाक खान के सभी पु(cid:287)-पु(cid:466)(cid:287)य(cid:585) के नाम आपने अलग-अलग एल०पी०सी० (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कए है, िजसम(cid:581) आपके (cid:622)वारा (cid:292)(cid:215)येक पु(cid:287) अथवा पु(cid:287)ी को भू(cid:871)म का बराबर-बराबर (cid:465)ह(cid:232)सा (38.81 एकड़) (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत (cid:873)कया गया है, जब(cid:873)क बंटवारा का कोई भी द(cid:232)तावेज आवेदक(cid:585) के (cid:622)वारा नह(cid:547)ं (cid:465)दया गया है। (cid:232)प(cid:231)ट है (cid:873)क यह आपके (cid:232)तर से (cid:232)वतः (cid:871)लया गया (cid:467)नण(cid:91)य है, जो (cid:873)क मुि(cid:232)लम Personal Law के (cid:292)ावधान(cid:585) के (cid:874)वपर(cid:547)त है।
आरोप सं०-3- (cid:292)(cid:230)नगत जमाबंद(cid:547) म(cid:581) वष(cid:91) 58-59 से 64-65 तक क(cid:551) माँग एक साथ (cid:465)दखलाया गया है। वष(cid:91) 1963-64 से 1992-93 तक क(cid:551) अव(cid:876)ध के (cid:871)लए अं(cid:873)कत 6 रसीद(cid:585) को डोमचाँच अंचल के (cid:871)लए (cid:467)नग(cid:91)त रसीद बह(cid:547) से नह(cid:547)ं काट(cid:547) गई है। सभी 6 रसीद (cid:873)कस रसीद बह(cid:547) से लेकर काटे गए है एवं कहाँ के है (cid:232)प(cid:231)ट नह(cid:547)ं है। 1999 से लेकर 2011 तक तीन रसीद(cid:585) के मा(cid:218)यम से लगान क(cid:551) वसूल(cid:547) क(cid:551) गई है। दो लगान रसीद ह(cid:227)का नं0-III के (cid:871)लए (cid:467)नग(cid:91)त बह(cid:547) से एवं एक रसीद ह(cid:227)का नं०-VIII के (cid:871)लए (cid:467)नग(cid:91)त बह(cid:547) रसीद से (cid:871)लया गया है, जब(cid:873)क तराई मौजा ह(cid:227)का नं०-XII म(cid:581) पड़ता है। इस (cid:292)कार अ(cid:219)य ह(cid:227)क(cid:585) के (cid:871)लए (cid:467)नग(cid:91)त रसीद बह(cid:547) से तराई मौजा (ह(cid:227)का नं०-XII) के (cid:871)लए (cid:467)नग(cid:91)त क(cid:551) गई। आपने अपने (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण म(cid:581) भी (cid:871)लखा है (cid:873)क तीन(cid:585) रसीद(cid:585) के मा(cid:218)यम से 8,780/- (आठ हजार सात सौ अ(cid:232)सी) (cid:510)० क(cid:551) वसूल(cid:547) क(cid:551) गई मालगुजार(cid:547) को3 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) शु(cid:272)वार, 6 फ़रवर(cid:547), 2026 सरकार(cid:547) खजाने म(cid:581) जमा करने का कोई (cid:292)माण नह(cid:547)ं है। अतः यह (cid:232)प(cid:231)ट है (cid:873)क (cid:466)बना वैध आदेश एवं आधार के फज(cid:568) जमाबंद(cid:547) सं(cid:201)या-56/01 कायम कर पंजी-II म(cid:581) जोड़ी गई एवं fictitious amount के (cid:871)लए फज(cid:568) रसीद (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कया गया है। आपने एल०पी०सी० (cid:467)नग(cid:91)त कर एवं टाटा (cid:232)ट(cid:547)ल (cid:871)ल० के (cid:292)बंधक को (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत कर उ(cid:200)त फज(cid:568) लगान रसीद(cid:585) को असल(cid:547) लगान रसीद के (cid:510)प म(cid:581) मा(cid:219)यता द(cid:547) है।
आरोप सं०-4- डोमचाँच अंचल (cid:622)वारा (cid:232)व० अ(cid:222)दुल र(cid:207)जाक खान के 11 पु(cid:287)-पु(cid:466)(cid:287)य(cid:585) के नाम से 427 एकड़ भू(cid:871)म का 11 एल०पी०सी० (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कया गया है। इन सभी एल०पी०सी० म(cid:581) ह(cid:227)का कम(cid:91)चार(cid:547) (cid:622)वारा (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत (cid:873)कया गया है (cid:873)क "जमीन अ(cid:222)दुल र(cid:207)जाक खान को हु कु मनामा (cid:622)वारा (cid:292)ा(cid:220)त है एवं उनके नाम पर अं(cid:873)कत है। जमीन गैर मज(cid:510)आ खास खाते क(cid:551) है। आवेदक जोत आबाद कर रहे ह(cid:583) एवं उनका दखल क(cid:222)जा है। यह (cid:232)प(cid:231)ट है (cid:873)क अि(cid:232)त(cid:215)वह(cid:547)न भू(cid:871)म के फज(cid:568) हु कु मनामे के आधार पर गैर मज(cid:510)आ खास नाला के (cid:871)लए एल०पी०सी० अवैध तर(cid:547)के से (cid:467)नग(cid:91)त कर इसे जायज ठहराया गया है।
आरोप सं0-5- आपके (cid:622)वारा (cid:465)दनांक 18.08.2012 क(cid:551) (cid:467)त(cid:876)थ म(cid:581) 439.50 एकड़ जमीन का एक शु(cid:622)(cid:876)ध प(cid:287) (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कया गया है, िजसम(cid:581) (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत भू-ख(cid:214)ड का वाद सं(cid:201)या-56/66-67 दज(cid:91) है। शु(cid:622)(cid:876)ध प(cid:287) म(cid:581) (cid:220)लॉट(cid:585) का (cid:874)ववरण 11, 12, 13, 14, 15, 16, 7, 8, 19 एवं 10 दज(cid:91) है। अंचल म(cid:581) 56/66-67 से संबं(cid:876)धत कोई अ(cid:871)भलेख नह(cid:547)ं है तथा यह एक का(cid:227)प(cid:467)नक वाद सं(cid:201)या है। इस फज(cid:568) नामांतरण वाद सं(cid:201)या के 47 वष(cid:91) बाद एक अवैध शु(cid:622)(cid:876)ध प(cid:287) जानबूझकर पूव(cid:91) क(cid:551) (cid:467)त(cid:876)थ से (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कया गया। नामांतरण वाद के बाद शु(cid:622)(cid:876)धप(cid:287) त(cid:215)काल (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कया जाता है। इस मामले म(cid:581) 47 वष(cid:91) के बाद शु(cid:622)(cid:876)धप(cid:287) का (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कया जाना (cid:232)वयं ह(cid:547) संदेह का कारण है। इस बात को आपको सहज (cid:510)प से समझनी चा(cid:465)हए थी और इसको जाँचोपरांत र(cid:622)द करना चा(cid:465)हए था, पर(cid:219)तु इस पूरे (cid:292)करण म(cid:581) आप खामोश रहे तथा कार(cid:91)वाई करने क(cid:551) बात तो दूर रह(cid:547) आपने (cid:873)कसी भी कम(cid:91)चार(cid:547), अंचल (cid:467)नर(cid:547)(cid:162)क अथवा काया(cid:91)लय के संबं(cid:876)धत (cid:871)ल(cid:874)पक से भी पूछताछ करना आव(cid:230)यक नह(cid:547)ं समझा। इस (cid:292)कार आपने अपने उ(cid:419)रदा(cid:467)य(cid:215)व का सह(cid:547) (cid:467)नव(cid:91)हन नह(cid:547)ं (cid:873)कया है।
आरोप सं0-6- अि(cid:232)त(cid:215)वह(cid:547)न भू(cid:871)म के ह(cid:232)तांतरण के (cid:871)लए (cid:467)नबंधन काया(cid:91)लय (cid:622)वारा िजन कागजात(cid:585) को आधार बनाया गया है, उनम(cid:581) से (cid:467)न(cid:224)नां(cid:873)कत कागजात आपके काया(cid:91)लय से (cid:467)नग(cid:91)त (cid:873)कये गये है- (i) एल०पी०सी०, (ii) अंचल अ(cid:876)धकार(cid:547), डोमचाँच का प(cid:287)ांक-388, (cid:465)दनांक 05.08.2013, (iii) अंचल अ(cid:876)धकार(cid:547), डोमचाँच का प(cid:287)ांक-193, (cid:465)दनांक 09.04.2013, (iv) नामांतरण शु(cid:622)(cid:876)ध प(cid:287) (cid:467)नग(cid:91)त (cid:467)त(cid:876)थ (cid:465)दनांक 18.08.2012 एवं (v) लगान रसीद सं(cid:201)या-5728883. इस (cid:292)कार आप अि(cid:232)त(cid:215)वह(cid:547)न एवं का(cid:227)प(cid:467)नक भू(cid:871)म के (cid:466)ब(cid:272)(cid:551) म(cid:581) सहयोग देने एवं (cid:874)व(cid:272)े ताओं को अवैध (cid:510)प से (cid:292)ा(cid:220)त हु ए (cid:510)0 4.78 करोड़ क(cid:551) रा(cid:871)श के बंदरबाँट म(cid:581) शा(cid:871)मल होने के दोषी है। साथ ह(cid:547) आप आपरा(cid:876)धक लापरवाह(cid:547) एवं आपरा(cid:876)धक षडयं(cid:287) के भी दोषी है। आरोप सं0-7- उपायु(cid:200)त, कोडरमा के (cid:163)ापांक-2620/गो०, (cid:465)दनांक 29.09.2011 एवं (cid:163)ापांक- 2856/गो०, (cid:465)दनांक 09.11.2011 के (cid:622)वारा (cid:467)नग(cid:91)त आदेश से िजले के सभी अंचल(cid:585) के (cid:873)कसी भी मौजे म(cid:581) सरकार(cid:547) भू(cid:871)म / गैरमज(cid:510)आ भू(cid:871)म का फज(cid:568) और जाल(cid:547) हु (cid:200)मनाम(cid:585) के आधार पर फज(cid:568) और जाल(cid:547) ह(cid:232)तांतरण, नामांतरण, लगान (cid:467)नधा(cid:91)रण, जमाबंद(cid:547), लगान रसीद (cid:467)नग(cid:91)मन पर रोक लगा हु आ था। एल०पी०सी० म(cid:581) कम(cid:91)चार(cid:547) ने अपने (cid:292)(cid:467)तवेदन म(cid:581) (cid:232)प(cid:231)ट कर (cid:465)दया था (cid:873)क यह गैर मज(cid:510)आ खास भू(cid:871)म है। उपायु(cid:200)त, कोडरमा के उपरो(cid:200)त आदेश म(cid:581) यह भी (cid:467)नदे(cid:871)शत था (cid:873)क भूतपूव(cid:91) जमींदार(cid:585) के हु कु मनाम(cid:585) के आधार पर कायम अवैध जमाबं(cid:465)दय(cid:585) क(cid:551) जाँच कर अंचल अ(cid:876)धकार(cid:547) उसे र(cid:622)द करने क(cid:551) कार(cid:91)वाई कर(cid:581)गे। गैर मज(cid:510)आ खास स(cid:465)हत अ(cid:219)य सरकार(cid:547) भू(cid:871)म के अवैध (cid:510)प से कायम जमाबंद(cid:547) को र(cid:622)द करने हेतु उपायु(cid:200)त, कोडरमा (cid:622)वारा कई मा(cid:871)सक4 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) शु(cid:272)वार, 6 फ़रवर(cid:547), 2026 राज(cid:232)व बैठक(cid:585) म(cid:581) (cid:467)नदेश (cid:465)दया गया था। यह भी (cid:467)नदे(cid:871)शत (cid:873)कया गया था (cid:873)क (cid:292)थम (cid:506)(cid:231)(cid:618)या बड़े रकबे क(cid:551) कायम सं(cid:465)द(cid:202)ध जमाबंद(cid:547) को (cid:292)ाथ(cid:871)मकता के आधार पर र(cid:622)द करने हेतु आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई क(cid:551) जाए। उ(cid:200)त (cid:467)नदेश के आलोक म(cid:581) अपर समाह(cid:419)ा(cid:91), कोडरमा क(cid:551) अ(cid:218)य(cid:162)ता म(cid:581) (cid:874)वशेष (cid:871)श(cid:874)वर का भी आयोजन (cid:873)कया गया था। तराई मौजा के 439.50 एकड़ भू(cid:871)म पर कायम अवैध जमाबंद(cid:547) को र(cid:622)द करने हेतु आपके (cid:232)तर से कोई अपे(cid:879)(cid:162)त कार(cid:91)वाई नह(cid:547)ं क(cid:551) गई। यह (cid:292)मा(cid:872)णत करता है (cid:873)क उ(cid:200)त अवैध (cid:510)प से कायम जमाबंद(cid:547) क(cid:551) आपको भल(cid:547)भां(cid:467)त जानकार(cid:547) थी एवं उ(cid:200)त जमाबंद(cid:547) को कायम रखने म(cid:581) आपक(cid:551) (cid:871)मल(cid:547)भगत थी एवं आपका संर(cid:162)ण (cid:292)ा(cid:220)त था। यह आव(cid:230)यक था (cid:873)क इसक(cid:551) पूर(cid:547) जाँच आपके (cid:232)तर से क(cid:551) जाती, पर(cid:219)तु उपायु(cid:200)त के उपरो(cid:200)त आदेश के बावजूद आपके (cid:622)वारा (cid:292)संगाधीन अवैध एवं फज(cid:568) जमाबंद(cid:547) को कायम रखा गया और उसे र(cid:622)द करने क(cid:551) कोई कार(cid:91)वाई आपके (cid:622)वारा नह(cid:547)ं क(cid:551) गई। इस (cid:292)कार आप उपायु(cid:200)त के आदेश के अवहेलना कर अनुशासनह(cid:547)नता के दोषी ह(cid:583)।
आरोप सं0-8- आपके (cid:622)वारा अपने काया(cid:91)लय प(cid:287)ांक-388, (cid:465)दनांक 05.08.2013 से मेसस(cid:91) टाटा (cid:232)ट(cid:547)ल (cid:871)ल० के मैनेजर को सूचना के अ(cid:876)धकार अ(cid:876)ध(cid:467)नयम-2005 के तहत उपल(cid:222)ध कराई गई सूचना "मौजा तराई थाना नां० 10 म(cid:581) अ(cid:222)दुल र(cid:207)जाक खान का नाम पंजी-II के पृ (cid:231)ठ 56/01 पर अं(cid:873)कत है एवं एल०पी०सी० (cid:467)नग(cid:91)त है तथा यह जमीन भूदान एवं भूहदबंद(cid:547) से बाहर है एवं साव(cid:91)ज(cid:467)नक (cid:292)(cid:232)ताव से मु(cid:200)त है तथा मालगुजार(cid:547) (cid:467)नय(cid:871)मत (cid:465)दया जा रहा है, िजसका खाता सं(cid:201)या 01 एवं (cid:220)लॉट सं(cid:201)या 11, 12, 13, 14, 15, 16, 7, 8, 19, 10 का कु ल रकबा 439.50 एकड़ जमीन अनेक रैयत के नाम से जमाबंद(cid:547) कायम है एवं दखल क(cid:222)जा म(cid:581) है" पूण(cid:91)तः गलत एवं (cid:295)ामक है, जो आपके (cid:622)वारा जानबूझकर अपने (cid:232)तर से जालसाजी एवं धोखा देने के नीयत से (cid:465)दया गया। इस (cid:292)कार आपने टाटा (cid:232)ट(cid:547)ल (cid:871)ल० के (cid:292)बंधक को सूचना अ(cid:876)धकार अ(cid:876)ध(cid:467)नयम 2005 के तहत फज(cid:568) जमाबंद(cid:547), फज(cid:568) रसीद के आधार पर गलत सूचना (cid:465)दया।
आरोप सं०-9- फज(cid:568) जमाबंद(cid:547) के आधार पर अि(cid:232)त(cid:215)वह(cid:547)न एवं का(cid:227)प(cid:467)नक भू(cid:871)म का अवैध तर(cid:547)के से एल०पी०सी० (cid:467)नग(cid:91)त करने एवं सूचना अ(cid:876)धकार अ(cid:876)ध(cid:467)नयम के तहत गलत सूचना देकर (cid:874)व(cid:272)े ताओं को (cid:292)ा(cid:220)त होने वाले 4.78 करोड़ रा(cid:871)श के बंदरबांट म(cid:581) शा(cid:871)मल होने के आप दोषी है, जो (cid:873)क जालसाजी, धोखाधड़ी, क(cid:419)(cid:91)(cid:229)यह(cid:547)नता, अनुशासनह(cid:547)नता, आपरा(cid:876)धक ष(cid:620)यं(cid:287) एवं नै(cid:467)तक पतन का प(cid:464)रचायक है, यह सरकार(cid:547) सेवक आचार (cid:467)नयमावल(cid:547), 1976 के (cid:467)नयम 3(1) के अ(cid:219)तग(cid:91)त सरकार(cid:547) सेवक के आचरण के (cid:292)(cid:467)तकू ल है। 2. (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) के (cid:874)व(cid:510)(cid:622)ध (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत गंभीर आरोप(cid:585) के आलोक म(cid:581) (cid:874)वभागीय आदेश सं0-3160, (cid:465)दनांक 31.03.2014 (cid:622)वारा (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) को (cid:467)नलं(cid:466)बत (cid:873)कया गया तथा (cid:874)वभागीय संक(cid:227)प सं0-3247, (cid:465)दनांक 04.04.2014 (cid:622)वारा (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत क(cid:551) गई।
3. संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) के प(cid:287)ांक-366, (cid:465)दनांक 31.07.2015 (cid:622)वारा जाँच (cid:292)(cid:467)तवेदन सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:873)कया गया। सम(cid:874)प(cid:91)त जाँच (cid:292)(cid:467)तवेदन म(cid:581) संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) (cid:622)वारा आरोप सं0-5 और 9 को छोड़कर सभी आरोप(cid:585) को (cid:292)मा(cid:872)णत (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत (cid:873)कया गया।
4. (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) के (cid:874)व(cid:510)(cid:622)ध (cid:292)ा(cid:220)त आरोप, (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) के दौरान इनके (cid:622)वारा सम(cid:874)प(cid:91)त बचाव- बयान तथा संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) के जाँच (cid:292)(cid:467)तवेदन क(cid:551) समी(cid:162)ा क(cid:551) गई। समी(cid:162)ोपरा(cid:219)त, (cid:292)मा(cid:872)णत आरोप(cid:585) हेतु इनक(cid:551) पर(cid:547)(cid:234)यमान अव(cid:876)ध को समा(cid:220)त कर सेवा से मु(cid:200)त करने का (cid:467)नण(cid:91)य (cid:871)लया गया, िजसके (cid:871)लए (cid:874)वभागीय प(cid:287)ांक-3084, (cid:465)दनांक 11.04.2016 (cid:622)वारा (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) से (cid:622)(cid:874)वतीय कारण पृ (cid:205)छा क(cid:551) गयी तथा इसके (cid:871)लए5 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) शु(cid:272)वार, 6 फ़रवर(cid:547), 2026 (cid:232)मा(cid:464)रत भी (cid:873)कया गया। त(cid:215)प(cid:230)चात ् (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) के प(cid:287)ांक-शू(cid:219)य, (cid:465)दनांक 24.09.2016 (cid:622)वारा (cid:622)(cid:874)वतीय कारण पृ (cid:205)छा सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:873)कया गया।
5. (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) के (cid:874)व(cid:510)(cid:622)ध (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप, इनके बचाव बयान, संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) के जाँच (cid:292)(cid:467)तवेदन तथा (cid:622)(cid:874)वतीय कारण पृ(cid:205)छा के जवाब क(cid:551) समी(cid:162)ा क(cid:551) गयी। समी(cid:162)ोपरांत, यह पाया गया (cid:873)क (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) (cid:622)वारा (cid:622)(cid:874)वतीय कारण पृ (cid:205)छा के जवाब म(cid:581) कोई नया त(cid:216)य या सा(cid:234)य सम(cid:874)प(cid:91)त नह(cid:547)ं (cid:873)कया है। 6. समी(cid:162)ोपरांत, (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) को झारख(cid:214)ड सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण, (cid:467)नयं(cid:287)ण एवं अपील) (cid:467)नयमावल(cid:547), 2016 के (cid:467)नयम-14(xi) के तहत ् (cid:292)मा(cid:872)णत आरोप(cid:585) हेतु सेवा से बखा(cid:91)(cid:232)त करने का (cid:467)नण(cid:91)य को माननीय मु(cid:201)य ((cid:874)वभागीय) (cid:622)वारा अनुमो(cid:465)दत (cid:873)कया गया।
7. उ(cid:200)त आलोक म(cid:581) (cid:874)वभागीय प(cid:287)ांक-3213, (cid:465)दनांक 17.03.2017 (cid:622)वारा झारख(cid:214)ड लोक सेवा आयोग, झारख(cid:214)ड, राँची से (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) को सेवा से बखा(cid:91)(cid:232)त करने संबंधी द(cid:214)ड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कये जाने पर सहम(cid:467)त क(cid:551) माँग क(cid:551) गयी। झारख(cid:214)ड लोक सेवा आयोग के प(cid:287)ांक-1182, (cid:465)दनांक 16.05.2017 (cid:622)वारा सहम(cid:467)त (cid:292)दान क(cid:551) गयी है। त(cid:215)प(cid:230)चात ् मं(cid:466)(cid:287)प(cid:464)रष(cid:622) क(cid:551) बैठक (cid:465)दनांक 13.06.2017 म(cid:581) (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) को सेवा से बखा(cid:91)(cid:232)त (cid:873)कये जाने के (cid:292)(cid:232)ताव (cid:232)वीकृ त (cid:873)कया गया।
8. त(cid:622)नुसार, (cid:874)वभागीय संक(cid:227)प सं0-7244, (cid:465)दनांक 16.06.2017 (cid:622)वारा (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) को सेवा से बखा(cid:91)(cid:232)त (cid:873)कया गया है।
9. उ(cid:200)त अ(cid:876)धरो(cid:874)पत द(cid:214)ड के (cid:874)व(cid:510)(cid:622)ध (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) (cid:622)वारा माननीय उ(cid:205)च (cid:219)यायालय म(cid:581) W.P.(S) No. 4781/2017- Rukma Kesh Mishra Vrs. The State of Jharkhand and Others दायर क(cid:551) गई, िजसम(cid:581) माननीय उ(cid:205)च (cid:219)यायालय (cid:622)वारा (cid:465)दनांक 20.04.2023 को पा(cid:464)रत आदेश म(cid:581) अ(cid:876)धरो(cid:874)पत द(cid:214)ड को समा(cid:220)त कर (cid:465)दया गया। पा(cid:464)रत (cid:219)यायादेश का काय(cid:91)कार(cid:547) अंश (cid:467)न(cid:224)नवत ् है-
"6. Nothing has been brought on record to show nor it has been argued by learned Sr. Counsel appearing for the petitioner that the proceeding is fallacious and ample opportunity of hearing was not provided to the petitioner and/or in complete violation of cardinal principles of natural justice the impugned order has been passed rather the technical issue has been raised regarding approval of Chargesheet by the competent authority. Learned Sr. Counsel has however argued that the maximum punishment has been awarded to the petitioner which is not at all justified and the respondents failed to assign any reason for differing from the findings of the enquiry officer. However, this Court is of the view that the entire proceeding is not vitiated and as such liberty is reserved with the respondents - State of Jharkhand to take appropriate action, if required, in accordance with law giving ample opportunity to the petitioner.
7. As a sequitur to the aforesaid rule, guidelines and judicial pronouncements, the impugned order as contained in Memo No. 5/RO-1-524/2014-Ka- 7244, Ranchi dated 16.06.2017, is hereby quashed and set aside and petitioner be reinstated in service with all consequential benefits.
6 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) शु(cid:272)वार, 6 फ़रवर(cid:547), 20268. The writ petition stands allowed with aforesaid observations and directions."
10. मा० (cid:219)यायालय (cid:622)वारा पा(cid:464)रत (cid:219)यायादेश के (cid:874)व(cid:510)(cid:622)ध (cid:874)वभाग (cid:622)वारा माननीय उ(cid:205)च (cid:219)यायालय म(cid:581) LPA 572 of 2023 The State of Jharkhand and Others Vrs. Rukma Kesh Mishra दायर (cid:873)कया गया, िजसम(cid:581) माननीय उ(cid:205)च (cid:219)यायालय, झारख(cid:214)ड (cid:622)वारा (cid:465)दनांक 24.11.2023 को पा(cid:464)रत (cid:219)यायादेश म(cid:581) उ(cid:200)त LPA को Dismissed कर (cid:465)दया गया। पा(cid:464)रत (cid:219)यायादेश का काय(cid:91)कार(cid:547) अंश (cid:467)न(cid:224)नवत ् है-
"15. Having considered the writ Court's order in the light of the aforesaid facts, we do not find any ground to interfere with the order dated 20th April 2023 passed in WP(S) No. 4781 of 2017 and, accordingly, L.P.A No.572 of 2023 is dismissed." 11. माननीय उ(cid:205)च (cid:219)यायालय (cid:622)वारा पा(cid:464)रत (cid:219)यायादेश के (cid:874)व(cid:510)(cid:622)ध (cid:874)वभाग (cid:622)वारा माननीय सव(cid:574)(cid:205)च (cid:219)यायालय म(cid:581) दायर Civil Appeal No. ......... of 2025 (Arising out of SLP (C) No. 19223 of 2024)- The State of Jharkhand and Others Vrs. Rukma Kesh Mishra म(cid:581) माननीय सव(cid:574)(cid:205)च (cid:219)यायालय (cid:622)वारा (cid:465)दनांक 28.03.2025 को पा(cid:464)रत (cid:219)यायादेश का Operative part (cid:467)न(cid:224)नवत ् है-
"43. The impugned order of the Division Bench as well as the judgment and order of the Single Judge are set aside, resulting in the respondent's writ petition on the file of the High Court being dismissed.
44. However, considering the fact that the charge-sheet was interdicted by the High Court, at both tiers, on the ground of jurisdictional error and the respondent might not have pursued the appellate/revisional remedy provided under the 1930 Rules/2016 Rules labouring under a misconception that he was forced to face proceedings and answer a charge-sheet which did not have the approval of the competent authority, we grant him liberty to appeal against the impugned order of dismissal or to seek a revision there of by filing an appeal/memorial, whichever is permissible under the relevant Rules, within a period of one month from the date of pronouncement of this judgment. If an appeal/revision is presented by the respondent before the competent appellate/revisional authority within such period, the same shall be decided on merits and in accordance with law, as early as possible, waiving the bar of limitation. All points except the point of validity of the charge-sheet, decided by us, are kept open.
45. The appeal, accordingly, stands allowed. Parties shall, however, bear their own costs."
12. माननीय सव(cid:574)(cid:205)च (cid:219)यायालय (cid:622)वारा (cid:465)दनांक 28.03.2025 को पा(cid:464)रत (cid:219)यायादेश के आलोक म(cid:581) (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) (cid:622)वारा माननीय रा(cid:207)यपाल, झारख(cid:214)ड के सम(cid:162) अपील अ(cid:223)यावेदन दायर (cid:873)कया गया है, जो रा(cid:207)यपाल स(cid:876)चवालय, झारख(cid:214)ड के प(cid:287)ांक-1259, (cid:465)दनांक 08.05.2025 के मा(cid:218)यम से (cid:874)वभाग को उपल(cid:222)ध कराया गया है।7 झारख(cid:214)ड गजट (असाधारण) शु(cid:272)वार, 6 फ़रवर(cid:547), 2026 13. (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) (cid:622)वारा अपील अ(cid:223)यावेदन म(cid:581) सम(cid:874)प(cid:91)त मु(cid:201)य त(cid:216)य (cid:467)न(cid:224)नवत ् है-
(क) संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) (cid:622)वारा आरोप सं०-5, 6 एवं 9 से मु(cid:200)त (cid:873)कया (cid:873)कया गया है। (ख) आरोप के समानुपा(cid:467)तक द(cid:214)ड नह(cid:547)ं देकर नैस(cid:876)ग(cid:91)क (cid:219)याय का उ(cid:227)लंघन (cid:873)कया गया है। (ग) संबं(cid:876)धत मामले के असल(cid:547) गुनाहगार राज(cid:232)व क(cid:871)म(cid:91)य(cid:585) एवं पदा(cid:876)धका(cid:464)रय(cid:585) को दं(cid:875)डत नह(cid:547)ं (cid:873)कया गया है। िजस राज(cid:232)व क(cid:871)म(cid:91)य(cid:585) एवं पदा(cid:876)धका(cid:464)रय(cid:585) के (cid:622)वारा गलत अ(cid:871)भलेख तैयार (cid:873)कया गया है, उन पर कोई कार(cid:91)वाई नह(cid:547)ं क(cid:551) गयी है। वे अभी भी काय(cid:91)रत है तथा उ(cid:219)ह(cid:581) (cid:292)ो(cid:219)न(cid:467)त (cid:292)दान क(cid:551) गयी है।
(घ) (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) (cid:622)वारा अपील अ(cid:223)यावेदन म(cid:581) सम(cid:874)प(cid:91)त त(cid:216)य(cid:585) के आलोक म(cid:581) सेवा म(cid:581) पुनब(cid:91)हाल करने एवं सभी प(cid:464)रणामी लाभ का भुगतान हेतु अनुरोध (cid:873)कया गया है।
14. (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) (cid:622)वारा सम(cid:874)प(cid:91)त अपील अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) समी(cid:162)ा क(cid:551) गई। समी(cid:162)ा म(cid:581) पाया गया (cid:873)क (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) (cid:622)वारा अपील अ(cid:223)यावेदन म(cid:581) कोई त(cid:216)या(cid:215)मक (cid:466)ब(cid:219)दु अं(cid:873)कत नह(cid:547)ं (cid:873)कया गया, बि(cid:227)क उ(cid:219)ह(cid:547)ं सभी बात(cid:585) को रखा गया है, जो उनके (cid:622)वारा (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) के दौरान बचाव बयान एवं (cid:874)वभाग (cid:622)वारा पूछे गये (cid:622)(cid:874)वतीय कारण पृ (cid:205)छा के जवाब म(cid:581) सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:873)कया गया है। संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) (cid:622)वारा उ(cid:200)त त(cid:216)य(cid:585) पर (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचालन के (cid:272)म म(cid:581) (cid:874)ववेचना करते हु ए आरोप को (cid:292)मा(cid:872)णत पाया है तथा (cid:467)न(cid:231)कष(cid:91) म(cid:581) अं(cid:873)कत करते हु ए जाँच (cid:292)(cid:467)तवेदन सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:873)कया गया है। उ(cid:200)त सभी त(cid:216)य(cid:585) के समी(cid:162)ोपरांत ह(cid:547) उन पर बखा(cid:91)(cid:232)तगी का द(cid:214)ड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत क(cid:551) गई है।
15. समी(cid:162)ोपरांत, (cid:302)ी (cid:871)म(cid:302) (cid:622)वारा सम(cid:874)प(cid:91)त अपील अ(cid:223)यावेदन को अ(cid:232)वीकृ त करते हु ए उनके (cid:874)व(cid:510)(cid:622)ध (cid:874)वभागीय संक(cid:227)प सं0-7244, (cid:465)दनांक 16.06.2017 (cid:622)वारा अ(cid:876)धरो(cid:874)पत द(cid:214)ड "सेवा से बखा(cid:91)(cid:232)त" को यथावात ् रखने संबं(cid:876)धत (cid:292)(cid:232)ताव को माननीय मु(cid:201)यमं(cid:287)ी (cid:622)वारा अनुमो(cid:465)दत (cid:873)कया गया है। त(cid:215)प(cid:230)चात ् उ(cid:200)त (cid:292)(cid:232)ताव को (cid:465)दनांक 09.01.2026 को मं(cid:466)(cid:287)प(cid:464)रष(cid:622) क(cid:551) बैठक म(cid:581) (cid:232)वीकृ त (cid:873)कया गया है।
अतः (cid:302)ी (cid:510)(cid:200)मके श (cid:871)म(cid:302), झा०(cid:292)०से० ((cid:622)(cid:874)वतीय बैच), त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)ख(cid:214)ड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547)-सह-अंचल अ(cid:876)धकार(cid:547), डोमचाँच, कोडरमा, स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त सेवा से बखा(cid:91)(cid:232)त (cid:622)वारा सम(cid:874)प(cid:91)त अपील अ(cid:223)यावेदन को अ(cid:232)वीकृ त करते हु ए उनके (cid:874)व(cid:510)(cid:622)ध (cid:874)वभागीय संक(cid:227)प सं0-7244, (cid:465)दनांक 16.06.2017 (cid:622)वारा अ(cid:876)धरो(cid:874)पत द(cid:214)ड "सेवा से बखा(cid:91)(cid:232)त" को यथावात ् रखा जाता है।
आदेश :- आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क इस संक(cid:227)प को झारख(cid:214)ड राजप(cid:287) के आसाधारण अंक म(cid:581) (cid:292)का(cid:871)शत (cid:873)कया जाय तथा इसक(cid:551) एक (cid:292)(cid:467)त (cid:302)ी (cid:510)(cid:200)मके श (cid:871)म(cid:302), झा०(cid:292)०से० एवं अ(cid:219)य संबं(cid:876)धत को द(cid:547) जाय।
झारख(cid:214)ड रा(cid:207)यपाल के आदेश से,
(cid:876)च(cid:219)टू दोराईबु(cid:510),
सरकार के संयु(cid:200)त स(cid:876)चव ।
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अधी(cid:162)कअधी(cid:162)क,, झारख(cid:214)डझारख(cid:214)ड राजक(cid:551)य मु(cid:289)णालयराजक(cid:551)य मु(cid:289)णालय,, राँची (cid:622)वारा (cid:292)का(cid:871)शत एवं मु(cid:465)(cid:289)तराँची (cid:622)वारा (cid:292)का(cid:871)शत एवं मु(cid:465)(cid:289)त,, झारख(cid:214)ड गजट झारख(cid:214)ड गजट ((असाधारणअसाधारण) ) 4433 –– 5500