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Lakshadweep Gazette · Lakshadweep Administration

Lakshadweep Gazette, No. 52, 19 March 2024

Published 19 March 2024

Gazette no.
52
Volume Num
LIX
Identifier
in.gazette.lakshadweep.2024-03-19.2024031995-1
Languages
English, Hindi
Published at
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1 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

अंक 59 नंबर 23 बुधवार, 23 अगस्त, 2023/ 1 भद्रा 1945 (साका)

VOL. LIX No.52 WEDNESDAY, 13th MARCH, 2024 / 23rd PHALGUNA, 1945 (SAKA)

भारत सरकार लक्षद्वीप प्रासन पंचायत र्नभाग कनरत्ती - 682 555 र्ननांक 10-08-2023

अधिसूचना

ए.सं.2/9/2023 –र्न.ओ.पी- लक्षद्वीप र्नला पंचायत (अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पराम की प्र्रनया) र्नयम 2023 का मसौना कें द्र ार्सत प्रने लक्षद्वीप के प्रासन द्वारा 16.05.2023 से 16.06.2023 तक एक महीने की अर्नन में पून र्ननायी पराम के र्लए प्रर्कात र्कया गया ा और नर्बक कोई आर्पत्तयां या सुझान प्राप्त नहीं हुए े और लक्षद्वीप पंचायत र्र्ननयमन 2022 की नारा 82 के सा नारा 130 द्वारा प्रनत्त र्नयों का प्रयोग करते हुए प्रासक संघ ार्सत प्रने लक्षद्वीप र्नम्र्नर्लनत र्नयम बनाते है और र्अनर्सूचत करते हें –

PRICE: 75 PAISE


  1. संधिप्त शीर्षक और प्रारंभ:- ({{^{{FOOTNOTE 1}}}}) इन र्नयमों को लक्षद्वीप र्नला पंचायत (अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से पराम की प्र्रनया) र्नयम 2023 कहा ना सकता है। (2) यह लक्षद्वीप रानपत्र में प्रर्कात तारीन से लागू होंगे । 2. पररभार्ाएँ:- (1) इन र्नयमों में नब तक र्क संनभ की अन्या नरूरत न हो (a) 'र्नभाग' का अ है लक्षद्वीप के कें द्र ार्सत प्रने के प्रासन के तहत एक र्नभाग। (b) 'र्र्ननयमन' का अ लक्षद्वीप पंचायत र्र्ननयमन 2022 है। (c) 'अध्यक्ष' का अ लक्षद्वीप र्नला पंचायत का अध्यक्ष है। (d) 'उपाध्यक्ष' का अ लक्षद्वीप र्नला पंचायत का उपाध्यक्ष है। (e) 'अनुसूची' का अ है र्र्ननयमन में संलग्न अनुसूची। ↩

लक्षद्वीप रानपत्र असानारण

2 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

2 (2) इन र्नयमों में उपयोग र्कए गए ब्न और र्अभव्र्यनयाँ नो परिर्भानत नहीं हैं र्लेकन लक्षद्वीप पंचायत र्र्ननयमन 2022 में परिर्भानत हैं उनके नही अ होंगे नो र्र्ननयमन में उन्हें नमः सौंपे गए हैं।

3. अध्यि और उपाध्यि के साथ परामशष :-

(1) नब प्रासक अध्यक्ष या उपाध्यक्ष से र्र्ननयम की चौी अनुसूची में र्र्नननष्ट र्कसी मामले पर पराम करना चाहता है- संर्बंनत र्नभाग का प्रमुन अध्यक्ष या उपाध्यक्ष नैसा भी मामला हो के र्नचारों का पता लगाने के र्लए मामले को र्र्लनत रूप में भेनेगा।

(2) अध्यक्ष या उपाध्यक्ष नैसा भी मामला हो प्रासक द्वारा तय की गई अर्नन के भीतर अपने र्नचार प्रस्तुत करेंगे। परन्तु र्यन अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को अपने र्नचार प्रस्तुत करने के र्लए र्अतरिन समय की आनश्यकता होती है तो नह प्रासक से एक र्र्लनत अनुरोन करेगा र्नस पर प्रासक मामले के त्यों और पर्रिर्स्तयों के आनार पर र्नचार कर सकता है।

(3) अध्यक्ष या उपाध्यक्ष द्वारा र्नए गए र्नचार अनुंसात्मक प्रकृ र्त के होंगे।

प्रासक कें द्र ार्सत प्रने लक्षद्वीप की ओर से आने द्वारा पंचायत र्सचन LGP.Kvt. K-1088/08-2023/503 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप प्रशासन, पंचायत विभाग, कावारत्ती

कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप प्रशािन, पंचायत सिभाग, किरत्ती

फाइल संख्या 2/6/2022-डीओपी (पीई) : लक्षद्वीप पंचायत (चुनाव प्रयििा) फाइल िंख्या 2/6/2022-डीओपी (पीई) :लक्षद्वीप पंचायत (चुनाि प्रक्रिया ) नियम, 2022 का मसौदा लक्षद्वीप राजपत्र खंड VIII संख्या 35 दिनांक सोमवार, सनयम, 2022 का मिौदा लक्षद्वीप राजपत्र खंड VIII िंख्या 35 क्रदनांक 26 सितंबर, 2022 के एक असाधारण अंक में कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के िोमिार, 26 सितंबर, 2022 के एक अिाधारण अंक में कें द्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा प्रकाशित किया गया था लक्षद्वीप के प्रशािन द्वारा प्रकासशत क्रकया गया था

और उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विधिवत और उक्त प्रारूप सनयमों के िंबंध में प्राप्त आपसत्तयों और िुझािों पर सिसधित विचार किया गया है,

सिचार क्रकया गया है,

और इसलिए, लक्षद्वीप पंचायत विनियमन, 2022 (2022 की संख्या 5) की धारा और इिसलए, लक्षद्वीप पंचायत सिसनयमन , 2022 (2022 की िंख्या 5) की धारा 130 द्वारा र्निर्दष्ट शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्रशासक, कें द्र शासित प्रदेश 130 द्वारा सनर्ददष्ट शसक्तयों का प्रयोग करते हुए , प्रशािक, कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप, निम्नलिखित नियम बनाते हुए खुशी हो रही है:-

लक्षद्वीप, सनम्नसलसखत सनयम बनाते हुए खुशी हो रही है:-

अध्याय-I

अध्याय-I

I. संक्षिप्त शीर्षक और प्रारंभ:

I. िंसक्षप्त शीर्षक और प्रारंभ:

1) इन नियमों को लक्षद्वीप पंचायत (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 कहा जा सकता है

1) इन सनयमों को लक्षद्वीप पंचायत (चुनाि प्रक्रिया) सनयम, 2022 कहा जा िकता है

(2) ये नियम कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे

(2) ये सनयम कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के आसधकाररक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख िे लागू होंगे

2. परिभाषाएं:

(क) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से इतर कु छ अपेक्षित न हो,

2. पररभार्ाएं:

(1) "प्रशासन" का अर्थ लक्षद्वीप का कें द्र शासित प्रदेश प्रशासन है;

(क) इन सनयमों में, जब तक क्रक िंदभष िे इतर कु छ अपेसक्षत न हो,

(2) "प्रशासक" का अर्थ संविधान के अनुच्छेद 239 के तहत भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप का प्रशासक है;

(1) "प्रशािन" का अथष लक्षद्वीप का कें द्र शासित प्रदेश प्रशािन है;

(2) "प्रशािक" का अथष िंसिधान के अनुच्छेद 239 के तहत भारत के राष्ट्रपसत द्वारा सनयुक्त कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप का प्रशािक है;

(3) "इमारत" में एक घर, एक आउट-हाउस, अस्तबल, शौचालय, मूत्रालय, शेड, झोपड़ी, दीवार (आठ फु ट से अधिक ऊं चाई की चारदीवारी के अलावा) और कोई भी अन्य संरचना शामिल है, चाहे वह चिनाई, ईंटों लकड़ी, धातु या किसी (3) "इमारत" में एक घर , एक आउट -हाउि, अस्तबल, शौचालय, मूत्रालय, शेड, झोपडी, दीिार (आठ फु ट िे असधक ऊं चाई की चारदीिारी के अलािा )4 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY अन्य सामग्री से बनी हो, लेकिन इसमें औपचारिक या उत्सव के अवसरों पर बनाई गई कोई अस्थायी संरचना या तंबू शामिल नहीं है;

(4) "मतपेटी" (बैलेटबॉक्स) में मतदाताओं द्वारा मतपत्र डालने के लिए उपयोग किया जाने वाला कोई बक्सा, बैग या अन्य पात्र शामिल हैं;

(5) "उम्मीदवार" का अर्थ है, ग्राम पंचायत या जिला पंचायत के सदस्य के रूप में चुनाव के लिए उम्मीदवार, जिस तरह का भी मामला हो;

(6) "मुख्य कार्यकारी अधिकारी" का तात्पर्य प्रशासक द्वारा जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नियुक्त अधिकारी से है;

(7) "कलेक्टर" का अर्थ कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के कलेक्टर से है

(8) "काउं टरफॉइल" (प्रतिपर्ण) का अर्थ इन नियमों के प्रावधानों के तहत मुद्रित मतपत्र से जुड़ा काउं टरफॉइल है;

(9) "पंचायत निदेशक" का अर्थ है पंचायती राज विभाग में पंचायतों का प्रभारी अधिकारी, जो उस विभाग के सचिव के सीधे नियंत्रण और अधीक्षण यानी देखरेख में काम कर रहा हो;

(10) "जिला" का अर्थ इस विनियम के लिए सरकारी अधिसूचना द्वारा घोषित जिला है;

(11) "जिला न्यायाधीश" का अर्थ लक्षद्वीप कें द्र शासित प्रदेश का जिला न्यायाधीश है;

(12) "जिला मजिस्ट्रेट" (या जिलाधिकारी) का अर्थ कें द्र सम्मिलित प्रदेश लक्षद्वीप का जिला मजिस्ट्रेट है

(13) "जिला पंचायत" का तात्पर्य विनियम की धारा 57 के तहत गठित जिला पंचायत से है;

(14) "जिला पंचायत निधि" का तात्पर्य विनियम की धारा 87 के अंतर्गत तैयार की गई निधि से है;

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(15) "चुनाव आयोग" का अर्थ विनियमन की धारा 107 की उप-धारा (I) में र्निर्दष्ट चुनाव आयोग है;

(16) "निर्वाचक" का अर्थ है वह व्यक्ति जिसका नाम उस समय अस्तित्व में मौजूद किसी वार्ड की मतदाता सूची में दर्ज है और जो मतदान के लिए किसी भी अयोग्यता के अधीन नहीं है; "वित्त आयोग" का अर्थ विनियमन की धारा 108 में र्निर्दष्ट वित्त आयोग है;

(17) "प्रपत्र" का अर्थ इन नियमों से जुड़ा एक प्रपत्र है और इसमें उस भाषा या किसी भी भाषा में उसका अनुवाद शामिल है जिसमें मतदाता सूची तैयार की जाती है।

(18) "ग्राम" का अर्थ है गांव/ ग्राम

(19) "ग्राम निधि" का अर्थ विनियम की धारा 38 में र्निर्दष्ट निधि है;

(20) "ग्राम पंचायत" का तात्पर्य विनियम के तहत गठित ग्राम पंचायत से है;

(21) "ग्राम सभा" का तात्पर्य विनियम की धारा 3 की उपधारा (2) के तहत गठित ग्राम सभा से है;

(22) "मतदाता सूची की चिनिनत प्रति" का अर्थ उन निर्वाचकों के नाम चिनिनत करने के उद्देश्य से अलग रखी गई मतदाता सूची की प्रति है, जिन्हें चुनाव में मतपत्र जारी किए जाते हैं;

(23) "सदस्य" में ग्राम पंचायत या जिला पंचायत का सदस्य, जैसा भी मामला हो, शामिल है

(24) "आदेश" का अर्थ आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित एक आदेश है;

(25) "आधिकारिक राजपत्र" का अर्थ लक्षद्वीप राजपत्र है;

(26) "अधिसूचना" का अर्थ आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित एक अधिसूचना है और "अधिसूचित" शब्द का अर्थ तदनुसार समझा जाएगा;

(27) "पंचायत क्षेत्र" का अर्थ है विनियमन की धारा 3 की उपधारा (I) के तहत प्रशासक द्वारा घोषित ग्राम पंचायत का प्रादेशिक क्षेत्र;

6 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

(28) "पंचायत" का अर्थ ग्राम पंचायत या जिला पंचायत है

(29) "पंचायत सचिव" का अर्थ विनियमन की धारा 27 की उपधारा (आई) के तहत नियुक्त पंचायत सचिव है;

(30) "व्यक्ति" में व्यक्तियों का समूह शामिल नहीं है;

(31) "निर्धारित" का अर्थ इस विनियमन के तहत बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित है;

(32) "पीठासीन अधिकारी" का अर्थ इन नियमों के तहत नियुक्त कोई भी व्यक्ति है और इसमें इन नियमों के तहत पीठासीन अधिकारी के किसी भी कार्य को करने वाला कोई भी मतदान अधिकारी शामिल है;

(33) "अध्यक्ष" और "उपाध्यक्ष" का तात्पर्य मिशः जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से है;

(34) "सार्वजनिक अवकाश" का अर्थ है कोई भी दिन जो परािम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 25 (1881 की 26) के प्रयोजनों के लिए सार्वजनिक अवकाश है;

(35) "सार्वजनिक सड़क" का अर्थ एक मार्ग, सड़क, गली, चौराहा, अदालत, पगडंडी, कार्ट ट्रैक, पैदल पथ या सवारी पथ है जिस पर जनता को जाने का अधिकार है, चाहे वह रास्ता हो या नहीं और इसमें शामिल हैं-

(i) किसी सार्वजनिक पुल या पक्का नदी पथ (कॉज-वे) पर सड़क मार्ग;

(ii) ऐसी किसी सड़क, सार्वजनिक पुल या पक्के नदी पथ से जुड़ा पैदल मार्ग;

(iii) ऐसी किसी सड़क, सड़क, सार्वजनिक पुल या पक्के नदी पथ से जुड़ी नालियां;

और

(iv) वह भूमि जो सड़क मार्ग के दोनों ओर स्थित हो, -

(क) निकटवर्ती संपत्ति की सीमाओं तक, या

(ख) इस संबंध में मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा विधिवत अधिसूचित मार्ग- अधिकार तक;

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(36) "विनियमन" का अर्थ लक्षद्वीप पंचायत विनियमन, 2022 है;

(37) "रिर्टनंिग अधिकारी" का अर्थ इन नियमों के तहत रिर्टनंिग अधिकारी के कायों का निर्वहन करने के लिए आयोग द्वारा नियुक्त कोई भी व्यक्ति है;

(38) "नामावली" का अर्थ किसी वार्ड के लिए मतदाता सूची है;

(39) "सरपंच" का अर्थ है ग्राम पंचायत का सरपंच;

(40) "अनुसूची" का अर्थ विनियमन की अनुसूची, 2012 है;

(41) "पंचायत सचिव" का अर्थ है कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में पंचायती राज विभाग का प्रभारी सचिव;

(42) "धारा" का अर्थ लक्षद्वीप पंचायत विनियमन, 2022 की धारा है;

(43) "कर" का अर्थ है विनियमन के तहत लगाया जाने वाला कर, उपकर, दर या लगाने योग्य अन्य अधिभार, लेकिन इसमें कोई शुल्क शामिल नहीं है;

(44) "कें द्र शासित प्रदेश" का अर्थ है कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप;

(45) "उप-सरपंच" का अर्थ ग्राम पंचायत का उप-सरपंच है;

(46) "गांव" का अर्थ है प्रशासक द्वारा सार्वजनिक अधिसूचना द्वारा विनियमन के प्रयोजन के लिए एक गांव के रूप में र्निर्दष्ट गांव और इसमें र्निर्दष्ट गांव का एक समूह शामिल है;

(47) किसी वार्ड के संबंध में "मतदाता" का अर्थ वह व्यक्ति है जिसका नाम उस समय उस वार्ड की मतदाता सूची में दर्ज है;

(48) "वार्ड" का अर्थ है ग्राम पंचायत या जिला पंचायत के वार्ड से संबंधित मतदाता सूची में पंजीकृ त व्यक्तियों से बना एक निकाय, जैसा भी मामला हो; इस आदेश में प्रयुक्त, लेकिन परिभाषित नहीं किए गए शब्दों और अभिव्यक्तियों का वही अर्थ होगा जो उन्हें विनियमन में दिया गया है।8 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

अध्याय - II

ग्राम पंचायत एवं जिला पंचायत वाडों का परिसीमन

3. पंचायत क्षेत्र की घोषणा और ग्राम सभा का गठन: (I) विनियमन की धारा 12 और 57 के प्रावधानों के तहत, चुनाव आयोग निम्नलिखित प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए, प्रत्येक ग्राम पंचायत और जिला पंचायत को सौंपी गई सीटों को एकल सदस्य क्षेत्रीय वाडों में वितरित करेगा और नवीनतम जनगणना आंकड़ों के आधार पर उनका परिसीमन करेगा: -

(क) सभी वार्ड, जहां तक संभव हो, भौगोलिक दृष्टि से सघन क्षेत्र होंगे और उनका परिसीमन करते समय भौतिक विशेषताओं, प्रशासनिक इकाइयों की मौजूदा सीमाओं, संचार की सुविधाओं और सार्वजनिक सुविधाओं को ध्यान में रखा जाएगा;

(ख) जिन वाडों में सीटें अनुसूचित जनजातियों, इन जातियों या जनजातियों की महिलाओं और महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, उन्हें यथासंभव ग्राम पंचायतों और जिला पंचायत के विभिन्न हिस्सों में वितरित किया जाएगा और इनमें आयोग के द्वारा ड्रा के माध्यम से बदलाव किया जाएगा, ताकि यह सुनितिि किया जा सके कि किसी वार्ड के संबंध में इस तरह दूसरी बार आरक्षण करने से पहले, जैसा भी मामला हो, ग्राम पंचायत और जिला पंचायत के सभी वाडों में सीटें आरक्षित हों। (2) आयोग जो काम करेगा :-

(क) वाडों के परिसीमन के लिए अपने प्रस्तावों को आधिकारिक राजपत्र में और ऐसे अन्य तरीके से प्रकाशित करना जो वह उचित समझे, इस संबंध में आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करना;

(ख) एक तारीख र्निर्दष्ट करना जब तक उक्त प्रस्तावों पर आपत्तियां और सुझाव दिए जा सकें ;

(ग) उन सभी आपत्तियों और सुझावों पर विचार करें जो खंड (ख) के तहत र्निर्दष्ट तारीख तक इसे प्राप्त हो सकते हैं, और इस तरह के विचार विमर्श के उद्देश्य9 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY के लिए, ऐसे स्थान या स्थानों पर एक या अधिक सार्वजनिक बैठकें आयोजित करें जैसा वह उचित समझे; और

(ख) उसके बाद, एक या अधिक आदेशों के द्वारा, निर्धारित करें:-

(i) ग्राम पंचायत वार्ड का परिसीमन : एवं

(ii) जिला पंचायत वार्ड का परिसीमन।

4. आदेश और उन पर अमल की तिथि का प्रकाशन:-

(1) आयोग नियम 3 के तहत दिए गए अपने प्रत्येक आदेश को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित कराएगा।

(2) आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन पर, ऐसे प्रत्येक आदेश में कानून की शक्ति होगी और किसी भी अदालत में उस पर सवाल नहीं उठाया जाएगा।

(3) इस नियम की कोई भी बात ग्राम पंचायत वार्ड या जिला पंचायत वार्ड, जैसा भी मामला हो, के परिसीमन से संबंधित आयोग के अंतिम आदेश या आदेशों के आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि पर अस्तित्व में मौजूद ग्राम पंचायत या जिला पंचायत में, जैसा भी मामला हो, उनके भंग होने तक प्रतिनिधित्व को प्रभावित नहीं करेगी और ऐसी पंचायत में किसी रिक्ति को भरने के लिए कोई भी उप-चुनाव ऐसे आयोजित होगा जैसे कि ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया था। 5. परिसीमन आदेश को सामयिक बनाये रखने की आयोग की शक्ति:

(क) आयोग, समय-समय पर, आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा, किसी भी आदेश में मुद्रण की किसी भी गलती या अनजाने में हुई साधारण गलती या चूक से उत्पन्न किसी भी त्रुटि को ठीक कर सकता है;

(ख) जहां आदेश में उल्लिखित किसी क्षेत्रीय प्रभाग की सीमाएं या नाम बदल दिए गए हैं, वहां ऐसे संशोधन करें जो आदेश को अद्यतन करने के लिए आवश्यक या उचित प्रतीत हों।

6. सार्वजनिक निरीक्षण: नियम 4 के तहत प्रकाशित एक आदेश ऐसे प्रकाशन की तारीख से दस दिनों की अवधि के लिए आयोग के कार्यालय या आयोग द्वारा10 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY अधिसूचित किसी अन्य सुविधाजनक स्थान पर सार्वजनिक निरीक्षण के लिए निःशुल्क उपलब्ध रहेगा।

7. प्रतियां और निष्कर्ष: एक व्यक्ति को ऐसे आदेश से किसी भी प्रविष्टि या निष्कर्ष की सत्यापित प्रति प्राप्त करने या एक व्यवस्थित तरीके और शुल्क के भुगतान पर आदेश की प्रतिलिपि या प्रतियां प्राप्त करने का अधिकार होगा जो आयोग द्वारा तय किया जा सकता है।

अध्याय- III

अधिकारी

8. पंचायतों के निदेशक, चुनाव:

(1) पंचायत चुनावों का एक निदेशक होगा, जो प्रशासन का ऐसा अधिकारी होगा जिसे इस संबंध में प्रशासक के परामर्श के साथ चुनाव आयोग नामित या नामांकित कर सकता है।

(2) चुनाव आयोग के अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण के अधीन, पंचायत चुनाव निदेशक सभी मतदाता सूचियों की तैयारी की निगरानी करेंगे और विनियमन और इन नियमों के तहत सभी पंचायतों में चुनाव कराएंगे।

9. निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी:

(1) प्रत्येक ग्राम पंचायत वार्ड और जिला पंचायत वार्ड के लिए मतदाता सूची एक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी द्वारा तैयार की जाएगी जो प्रशासन या स्थानीय प्राधिकरण का ऐसा अधिकारी होगा जिसे आयोग प्रशासन के साथ परामर्श से इस हेतु नामित या नामांकित कर सकता है।

(2) एक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ऐसी बंदिशों के तहत जो पंचायत चुनाव निदेशक के द्वारा लगाई जा सकती हैं, ऐसे व्यक्तियों को नियुक्त कर सकता है जिन्हें वह उप-नियम (1) में र्निर्दष्ट मतदाता सूची की तैयारी के लिए उपयुक्त समझता है।

10. सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी:

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(1) आयोग किसी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी की सहायता के लिए एक या एक से अधिक व्यक्तियों को सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में नियुक्त कर सकता है।

(2) प्रत्येक सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के नियंत्रण के अधीन, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के सभी या किसी भी कार्य को करने में सक्षम होगा।

अध्याय-IV

वाडों के लिए मतदाता सूची

11. वाडों के लिए मतदाता सूची: उन वाडों के लिए मतदाता सूची तैयार की जाएगी जहां कोई व्यक्ति संविधान और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के अनुसार मतदाता के रूप में पंजीकृ त है।

(क) आयोग के किसी भी सामान्य या विशेष निदेश के अधीन, लक्षद्वीप संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 (1950 का 43) और उसके तहत बनाए गए नियमों और आदेशों के प्रावधान के तहत तैयार की गई है, जो फिलहाल विनियमन की धारा 5 के प्रयोजन के लिए लागू है, i) जिला पंचायत के वाडों के लिए मतदाता सूची हो और

ii) जैसा कि ग्राम पंचायत के वार्ड से संबंधित है, उस वार्ड की मतदाता सूची होगी। (ख) आयोग के दिशानिदेश के अनुसार, मतदाता सूची को सुविधाजनक भागों में विभाजित किया जाएगा।

12. मतदाता सूचियों के मसौदे का प्रकाशन:-

(1) नियम 11 के तहत, किसी वार्ड के लिए मतदाता सूची तैयार होते ही निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी इसे फॉर्म-I के एक नोटिस के साथ मसौदे के रूप प्रकाशित करेगा, और यदि कार्यालय वार्ड की क्षेत्रीय सीमा के अंदर हो तो कार्यालय में और यदि उसका कार्यालय वार्ड की क्षेत्रीय सीमा के बाहर हो तो वह इस उद्देश्य12 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY के लिए र्निर्दष्ट स्थान या स्थानों पर इसकी एक प्रति निरीक्षण के लिए उपलब्ध करा कर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित करेगा।

(2) उप-नियम (1) के तहत प्रकाशित मसौदा सूची प्रकाशन की तारीख से पंद्रह दिनों की अवधि के लिए सार्वजनिक निरीक्षण और सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए उपलब्ध रहेगी:

बशते प्रशासक, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के द्वारा, किसी वार्ड के क्षेत्रीय सीमा के संबंध में अवधि को बढ़ा सकता है।

(3) निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ऐसे प्रत्येक राजनीतिक दल को सूची की दो प्रतियां निःशुल्क प्रदान करेगा, जिन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष रूप से एक चिनन आरक्षित किया गया है।

13. सुझाव एवं आपत्तियां:

(I) किसी सुझाव या आपत्ति को निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या ऐसे अन्य अधिकारी जिसे इस संबंध में उनके द्वारा नामित किया जा सकता है, के सामने रखा जा सकता है या फॉर्म-2 के जरिए डाक द्वारा भेजा जा सकता है।

(2) इसे संबंधित व्यक्ति द्वारा या उसके अधिकृ त एजेंट के माध्यम से प्रतिलिपियों में प्रस्तुत किया जाएगा।

(3) निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी सुझाव या आपत्ति दायर करने के तुरंत बाद, इसे दाखिल करने वाले व्यक्ति को एक पावती जारी करेगा।

14. सुझावों एवं आपत्तियों का निस्तारण:

(1) निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, नियम 12 के उप-नियम (2) में र्निर्दष्ट अवधि समाप्त होने के बाद जितनी जल्दी हो सके , खुद को प्राप्त सुझावों और आपत्तियों, यदि कोई हो, पर विचार करेगा और किसी सुझाव या आपत्ति को स्वीकार या अस्वीकार करने के अपने कारणों का एक संक्षिप्त विवरण दर्ज करने के बाद आवश्यक आदेश पारित करेगा। निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी इसके बाद नामावली में पाई गई किसी भी लिपिकीय या मुद्रण संबंधी त्रुटियों या अन्य अशुयििों को भी ठीक कर सकता है।13 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 15. सूची का अंतिम प्रकाशन:

(1) नियम 14 के तहत संशोधित सूची को नियम 12 के उप-नियम (1) में र्निर्दष्ट तरीके से फॉर्म-3 में पुनः प्रकाशित किया जाएगा। इस तरह प्रकाशित सूची अंतिम सूची होगी।

(2) निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी सूची की एक पूरी प्रति निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराएगा और नोटिस को फॉर्म-3 में अपने कार्यालय में प्रर्दर्शत करेगा। (3) आयोग द्वारा दिए गए ऐसे सामान्य या विशेष निदेशों के अधीन, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ऐसे प्रत्येक राजनीतिक दल को अंतिम रूप से प्रकाशित सूची की दो प्रतियां निःशुल्क प्रदान करेगा, जिसे चुनाव आयोग द्वारा विशेष रूप से आरक्षित एक चिनन दिया गया है।

(4) बशते, यदि चुनाव आयोग इस बात से संतुष्ट है कि आम चुनाव से पहले किसी वार्ड या वाडों की नई मतदाता सूची तैयार करने के स्थान पर, मौजूदा समय में लागू लक्षद्वीप संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की वार्ड या वाडों से संबंधित मतदाता सूची को अपनाना ही पर्याप्त होगा तो वह उसमें र्निर्दष्ट किए जाने वाले कारणों के लिए निदेश दे सकता है कि मौजूदा समय के लिए वार्ड या वाडों पर लागू संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची इस उद्देश्य के लिए बनाए गए किसी भी नियम के अधीन आम चुनाव के लिए वाडों की मतदाता सूची होगी।

(5) इन स्थितियों में मतदाता सूची तैयार की जाएगी या अपनाई जाएगी- (क) जब तक चुनाव आयोग द्वारा लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों के लिए निदेशित नहीं किया जाता है, तब तक पंचायत को आवंटित सीट में आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए प्रत्येक उपचुनाव से पहले योग्यता तिथि के संदर्भ में नियमों के तहत निर्धारित तरीके से सूची को संशोधित किया जाएगा;

और

(ख) यदि ऐसा संशोधन चुनाव आयोग द्वारा निदेशित किया गया हो, तो किसी भी वर्ष में अर्हता तिथि के संदर्भ में नियमों द्वारा निर्धारित तरीके से संशोधित किया जाना चाहिए।14 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY बशते कि यदि मतदाता सूची को पूवोक्त रूप से संशोधित नहीं किया जाता है, तो उक्त मतदाता सूची की वैधता या निरंतर जारी रहने पर कोई असर नहीं होगा। (6) उपधारा (2) में शामिल नहीं होने के बाद भी, चुनाव आयोग किसी भी समय, लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, किसी भी वार्ड या वार्ड के हिस्से के लिए मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का इस तरह से निदेश दे सकता है जो कि इसके लिए उपयुक्त हो।

बशते कि वाडों के लिए मतदाता सूची जारी होने के समय ऐसे कोई भी निदेश लागू रहेंगे, जब तक इस प्रकार निदेशित विशेष पुनरीक्षण पूरा नहीं हो जाता है।

स्पष्टीकरण: इस खंड में अभिव्यक्ति "अर्हता तिथि" का अर्थ ऐसी तारीख है जो चुनाव आयोग इस संबंध में आदेश द्वारा र्निर्दष्ट कर सकता है।

16. मतदाताओं के लिए पहचान पत्र:

(1) चुनाव आयोग, मतदाताओं की पहचान की चोरी को रोकने और मतदान के समय उनकी पहचान की सुविधा देने के लिए, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा निदेश दे सकता है कि इस नियम का प्रावधान किसी भी पंचायत के क्षेत्र या उसके किसी वार्ड या भाग पर लागू होगा, जो अधिसूचना में र्निर्दष्ट किया जा सकता है।

(2) निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम 28 के तहत जारी किए गए पहचान पत्र को इस नियम के उद्देश्य के लिए पहचान पत्र माना जाएगा। 17. सूचियों और संबंधित कागजातों की अभिरक्षा और संरक्षण:

(1) किसी पंचायत के लिए सूची के अंतिम रूप से प्रकाशित होने के बाद, निम्नलिखित कागजात उस सूची के अगले संशोधनों के पूरा होने के बाद एक वर्ष की समाप्ति तक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय में या ऐसे स्थान पर रखे जाएंगे जिसे पंचायत चुनाव निदेशक निदेश के द्वारा र्निर्दष्ट कर सकते हैं:-

(क) सूची की एक पूरी प्रति; और

(ख) दावों और आपत्तियों से संबंधित कागजात।15 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 2) निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी द्वारा स्थायी रिकॉर्ड के रूप में विधिवत प्रमाणित सूची की एक पूरी प्रति ऐसे स्थान पर भी रखी जाएगी जिसे पंचायत चुनाव निदेशक र्निर्दष्ट कर सकते हैं।

18. मतदाता सूचियों और संबंधित कागजातों का निरीक्षण:

प्रत्येक व्यक्ति को नियम I7 में र्निर्दष्ट चुनाव पत्रों का निरीक्षण करने और पंचायत चुनाव निदेशक द्वारा निर्धारित शुल्क के भुगतान पर उसकी सत्यापित प्रतियां प्राप्त करने का अधिकार होगा।

19. मतदाता सूचियों एवं संबंधित कागजातों का निस्तारण:-

(1) र्निर्दष्ट अवधि की समाप्ति पर और ऐसे सामान्य या विशेष निदेश के तहत, यदि कोई हो, जैसा कि आयोग द्वारा इस संबंध में दिया जा सकता है, नियम I7 में र्निर्दष्ट कागजातों का उस तरीके से निस्तारण किया जाएगा, जो निदेशक पंचायत चुनाव र्निर्दष्ट कर सकते हैं।

(2) नियम 17 के तहत और किसी अन्य सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किसी भी पंचायत के लिए आवश्यक संख्या से अधिक जमा मतदाता सूची की प्रतियों का निपटान ऐसे समय पर और ऐसे तरीके से किया जाएगा जैसा आयोग निदेश दे और ऐसे निपटान तक इन्हें जनता को बिीि के लिए उपलब्ध कराया जाएगा: बशते कि नियम 18 और इस नियम के तहत प्राप्त शुल्क संबंधित पंचायत के कोष में जमा किया जाए।

अध्याय-V

पंचायतों के सदस्य और ग्राम पंचायत के सरपंच का चुनाव

20. चुनाव की देखरेख, निदेशन एवं नियंत्रण:

(1) इन नियमों के तहत पंचायतों के चुनाव का संचालन आयोग की सामान्य देखरेख/ अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण के तहत कराया जाएगा।

(2) उप-नियम (I) के प्रावधानों की व्यापकता पर प्रतिकू ल प्रभाव डाले बिना, यदि आयोग उचित समझे तो आदेश के द्वारा यह निदेश दे सकता है कि इनके तहत16 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY चुनाव कराने के काम से जुड़े किसी भी प्राधिकारी की शक्तियां, कर्तव्य और कार्य उन नियमों के तहत, जो आदेश में र्निर्दष्ट किए जा सकते हैं, उन अधिकारियों या व्यक्ति द्वारा ऐसी बंदिशों और शतों के अधीन प्रयोग या निर्वहन किया जाएगा जो आदेश में र्निर्दष्ट की जा सकती हैं।

(3) चुनाव पर्यवेक्षक:

(1) चुनाव आयोग एक चुनाव पर्यवेक्षक को नामांकित कर सकता है जो पंचायत के किसी वार्ड या वाडों के समूह में चुनाव के संचालन की निगरानी करने और ऐसे अन्य कार्य करने के लिए सरकार का अधिकारी होगा जो चुनाव आयुक्त द्वारा उसे सौंपा जा सकता है।

(2) उप-नियम (1) के तहत नामित चुनाव पर्यवेक्षक को किसी वार्ड या किसी भी वार्ड के लिए रिर्टनंिग अधिकारी को परिणाम की घोषणा करने या न करने से पहले वोटों की गिनती से पहले किसी भी समय रोकने का निदेश देने की शक्ति होगी, अगर चुनाव पर्यवेक्षक की राय में बड़ी संख्या में मतदान कें द्रों पर या मतदान या वोटों की गिनती के लिए निर्धारित स्थानों या इलेक्ट्रॉनिक वोटटंग मशीन या मशीनों पर बूथ कै प्चटरंग हुई है, मतदान कें द्र पर या वोटों की गिनती में इस्तेमाल किया गया/हटा दिया गया है या क्षतिग्रस्त कर दिया गया है या इस हद तक छेड़छाड़ की गई है कि मतदान जारी नहीं रखा जा सका हो या चुनाव का परिणाम सुनितिि नहीं किया जा सकता है।

(3) एक चुनाव पर्यवेक्षक ने अगर इस नियम के तहत रिर्टनंिग अधिकारी को वोटों की गिनती रोकने या परिणाम घोषित नहीं करने का निदेश दिया है, तो पर्यवेक्षक तुरंत आयोग को मामले की रिपोर्ट करेगा और उसके बाद, आयोग सभी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद, किसी मतदान कें द्र या कें द्रों पर पुनर्मतदान के लिए, जैसा भी मामला हो, संबंधित रिर्टनंिग अधिकारी को उचित दिशा-निदेश जारी करेगा और इस संदर्भ में उचित समझने पर कोई भी आगे का निदेश चुनाव पर्यवेक्षक को सूचित करते हुए जारी करेगा।

स्पष्टीकरण: इस नियम के उद्देश्य के तहत, "चुनाव पर्यवेक्षक" में सरकार का कोई भी ऐसा अधिकारी शामिल किया जाएगा जिसे इस नियम के तहत वार्ड या17 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY वाडों के समूह में चुनाव या चुनावों के संचालन की निगरानी करने और वार्ड के वोटों की गिनती करने जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अध्याय- VI

ग्राम पंचायत की सदस्यता/ सरपंच के लिए योग्यताएं

21. सदस्यता के लिए अयोग्यता:

(1) कोई भी व्यक्ति ग्राम पंचायत का सदस्य नहीं होगा या इस रूप में बना नहीं रहेगा जो-

(क) इस विनियमन के लागू होने से पहले या बाद में अपराधी साबित हुआ हो (i) नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के तहत एक अपराध और पांच साल की अवधि या ऐसी कम अवधि जो प्रशासक किसी विशेष मामले में अनुमति दे सकता है, जो उसकी सजा के बाद यह समय बीत चुका है; या

(ii) कोई अन्य अपराध और कम से कम छह महीने के लिए कारावास की सजा सुनाई गई हो, और पांच साल की अवधि या ऐसी कम अवधि जो प्रशासक किसी विशेष मामले में अनुमति दे सकता है, उसकी रिहाई के बाद जो बीत गई है; या (ख) सक्षम न्यायालय द्वारा अस्वस्थ दिमाग का घोषित किया गया है; या (ग) कर्ज चुकाने में अक्षम या दिवालिया घोषित कर दिया गया है और उसे उससे छू ट नहीं मिली है; या

(घ) उसे इस विनियमन के किसी भी प्रावधान के तहत किसी भी ग्राम पंचायत या जिला पंचायत में, जैसा भी मामला हो, इस विनियमन के लागू होने से पहले या किसी भी ग्राम पंचायत में उसके द्वारा धारित किसी भी पद से हटा दिया गया हो और ऐसे निष्कासन की तारीख से पांच वर्ष की अवधि नहीं बीती हो, जब तक कि वह, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित प्रशासक के आदेश द्वारा पद से ऐसे निष्कासन के कारण बनी अयोग्यता से मुक्त नहीं हो गया हो; या18 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ङ) इस विनियमन के किसी भी प्रावधान के तहत पद धारण करने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है और जिस अवधि के लिए उसे अयोग्य घोषित किया गया था वह अवधि समाप्त नहीं हुई है; या

(च) इस विनियमन के तहत निर्धारित ऐसे कार्यालय या स्थान के अलावा, किसी भी पंचायत के उपहार या निपटान में कोई वेतनभोगी कार्यालय या लाभ का स्थान रखता हो; या

(छ) पंचायत के आदेश से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किए गए किसी भी काम में या पंचायत के साथ, उसके द्वारा या उसकी ओर से किसी अनुबंध में, या उसके साथ या उसके अधीन रोजगार में कोई हिस्सा या हित हो; या

(ज) किसी पंचायत के किसी अधिकारी या सेवक को दिए गए या उससे उधार लिए गए धन के किसी भी लेनदेन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई हिस्सा या हित हो; या

(झ) इस संबंध में बनाए गए नियमों के अनुसार उसको मिले एक विशेष नोटिस के बाद तीन महीने के भीतर पंचायत या उसके अधीनस्थ किसी भी पंचायत को देय किसी भी बकाया या इस विनियमन के तहत उससे वसूली योग्य किसी भी राशि का भुगतान करने में विफल रहता है; या

(ञ) सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी का सेवक हो; या

(ट) स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता हासिल कर ली है या किसी दूसरे देश के प्रति निष्ठा या समर्थन की स्वीकृ ति के अधीन है; या

(ठ) उसके पास अपने सामान्य निवास स्थान शौचघर या शौचालय की कोई सुविधा नहीं है: शतों के तहत, यदि कोई मौजूदा सदस्य चुनाव की तारीख से छह महीने के भीतर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को क्षेत्र की संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव द्वारा जारी इस आशय का प्रमाण पत्र नहीं सौंपता है कि उसे अपने सामान्य निवास स्थान पर शौचालय या शौच घर की सुविधा उपलब्ध है, तो उसे अयोग्य माना जाएगा।19 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ड) इस विनियमन के किसी अन्य प्रावधान के तहत अयोग्य घोषित किया गया है, और जिस अवधि के लिए उसे अयोग्य घोषित किया गया था वह समाप्त नहीं हुई है;

(ढ) उसके दो से अधिक बच्चे हैं: शतों के तहत, लक्षद्वीप पंचायत विनियमन, 2022 के लागू होने की तारीख पर दो से अधिक बच्चे रखने वाला व्यक्ति इस खंड के तहत तब तक अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा जब तक कि इसके लागू होने की तारीख पर उसके बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं होती है: बशते इसके लागू होने की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर एक ही प्रसव में पैदा हुए बच्चे या एक से अधिक बच्चों पर इस खंड के तहत अयोग्यता के उद्देश्य से विचार नहीं किया जाएगा

(त) ग्राम पंचायत या जिला पंचायत, जैसा भी मामला हो, की अनुमति के बिना लगातार तीन बैठकों से अनुपस्थित हो; या

(थ) को दंड प्रयििा संहिता, 1973 की धारा 109 या धारा 110 के तहत अच्छे व्यवहार के लिए सुरक्षा दिए जाने का आदेश दिया गया है।

(द) मतदान की तारीख से पहले पांच साल के भीतर कदाचार के लिए सरकार या नगर पालिका या ग्राम पंचायत की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है; या (ध) इक्कीस वर्ष उम्र नहीं हुई हो;

(न) को लक्षद्वीप पंचायत विनियमन, 2022 की 5वीं अनुसूची के तहत अयोग्य ठहराया गया हो।

(प) एक भारतीय नागरिक नहीं हो।

स्पष्टीकरण 1.-खंड (ढ) के प्रयोजनों के लिए-

(i) जहां किसी जोड़े के पास इसके लागू होने की तारीख पर या उसके बाद के वल एक बच्चा है, एक ही प्रसव से पैदा हुए बच्चों की संख्या को एक यूनिट माना जाएगा;

(ii) गोद लिया गया बच्चा या बच्चों को 'बच्चे' में शामिल नहीं किया जाता है। स्पष्टीकरण 2.- पंचायत की सदस्यता के लिए किसी व्यक्ति को खंड (छ) के तहत सिर्फ इस वजह से अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा-20 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (क) उस समय लागू किसी कानून के तहत संयुक्त स्टॉक कं पनी में शेयर होना या किसी कानून के तहत पंजीकृ त किसी सोसायटी में शेयर या हित हो, जो किसी पंचायत के द्वारा या उसकी ओर से अनुबंधित होगा या नियुक्त किया जाएगा;

(ख) किसी भी समाचार पत्र में हिस्सेदारी या हित होना जिसमें किसी पंचायत के मामलों से संबंधित कोई विज्ञापन डाला जा सके ; या

(ग) किसी पंचायत द्वारा या उसकी ओर से लिए गए किसी कर्ज में डिबेंचर रखना या उससे संबंधित होना; या

(घ) किसी पंचायत की ओर से कानूनी विशेषज्ञ के रूप में पेशेवर नियुक्त किया जाना; या

(ङ) अचल संपत्ति के किसी भी पट्टे में कोई हिस्सा या हित होना, जिसमें ग्राम पंचायत के मामले में ग्राम पंचायत द्वारा, या जिला पंचायत द्वारा अपने मामले में किराए की रकम या अचल संपत्ति की बिीि या खरीद या इस तरह के पट्टे, बिीि या खरीद के लिए किसी समझौते को स्वीकृ ति दी गई है; या

(च) पंचायत को किसी भी वस्तु की कभी-कभार होने वाली बिीि में, जिसमें वह नियमित रूप से व्यापार करता है या पंचायत से किसी वस्तु की खरीद में, किसी भी मामले में किसी भी वर्ष में एक हजार रुपये से अधिक मूल्य का हिस्सा या ब्याज नहीं रखता है; या

किसी भी वस्तु जिसका वह नियमित रूप से व्यापार करता है, की कभी-कभार पंचायत को होने वाली बिीि या पंचायत से किसी वस्तु की खरीद में हिस्सेदारी या हित रखना। ऐसे किसी भी मामले में किसी भी वर्ष के दौरान मूल्य एक हजार रुपये से अधिक नहीं होना; या

(छ) पंचायत में या उसके अधीन या उसके द्वारा या उसकी ओर से रोजगार में लगे किसी व्यक्ति का रिश्तेदार होना।

स्पष्टीकरण 3- खंड (i) के प्रयोजन के लिए -21 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (i) यदि किसी व्यक्ति ने उम्मीदवारों के नामांकन के लिए निर्धारित दिन से पहले बकाया राशि या खंड (i) में र्निर्दष्ट राशि का भुगतान कर दिया है, तो उसे अयोग्य नहीं माना जाएगा;

(ii) अविभाजित हिंदू परिवार का कोई सदस्य या कोई समूह या इकाई जिसके सदस्य संपत्ति या निवास में परम्परागत रूप से संयुक्त हों, उनसे संबंधित व्यक्ति द्वारा पंचायत को बकाया राशि या खंड (i) में र्निर्दष्ट राशि का भुगतान करने में विफल रहने पर, ऐसे अविभाजित हिंदू परिवार के सभी सदस्यों या, जैसा भी मामला हो, ऐसे समूह या इकाई के सभी सदस्यों को अयोग्य माना जाएगा। (2) ऐसा कोई भी व्यक्ति जिला पंचायत का सदस्य नहीं होगा या इस रूप में बना नहीं रहेगा जो-

(क) इस विनियमन के लागू होने से पहले या बाद में, दोषी ठहराया गया है- (i) नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के तहत एक अपराध और पांच साल की अवधि, या ऐसी कम अवधि जो दोष सि ि होने के बाद बीत चुकी है जिसके लिए किसी विशेष मामले में प्रशासक अनुमति दे सकता है; या (ii) किसी अन्य अपराध के लिए और कम से कम छह महीने के लिए कारावास की सजा सुनाई गई हो, और पांच साल की अवधि या ऐसी कम अवधि जिसके प्रशासक किसी विशेष मामले में अनुमति दे सकता है, उसकी रिहाई के बाद से समाप्त हो गई है; या

(ख) सक्षम न्यायालय द्वारा अस्वस्थ दिमाग घोषित किया गया है; या

(ग) दिवालिया घोषित कर दिया गया है और उससे उसे मुक्ति नहीं मिली है; या (घ) को इस विनियमन के किसी भी प्रावधान के तहत या इस विनियमन के लागू होने से पहले किसी भी जिला पंचायत में उसे मिले किसी भी पद से हटा दिया गया है और ऐसे निष्कासन की तारीख से पांच साल की अवधि बीती नहीं है, बशते उसे, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित प्रशासक के एक आदेश द्वारा, पद से हटाने के कारण अयोग्यता से मुक्त नहीं कर दिया गया हो; या22 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ङ) इस विनियमन के किसी भी प्रावधान के तहत पद धारण करने से अयोग्य घोषित कर दिया गया है और जिस अवधि के लिए उसे अयोग्य घोषित किया गया था वह अवधि समाप्त नहीं हुई है; या

(च) इस विनियमन के तहत निर्धारित ऐसे कार्यालय या स्थान के अलावा, किसी भी पंचायत के उपहार या निपटान में कोई वेतनभोगी पद या लाभ का स्थान रखता है; या

(छ) प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पंचायत के आदेश पर, या पंचायत के साथ, उसके द्वारा या उसकी ओर से किसी अनुबंध में, या उसके साथ या उसके अधीन रोजगार में किए गए किसी भी काम में कोई हिस्सा या हित है; या

(ज) किसी पंचायत के किसी अधिकारी या सेवक को दिए गए या उससे उधार लिए गए धन के किसी भी लेनदेन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई हिस्सा या हित है; या

(झ) पंचायत या उसके अधीनस्थ किसी पंचायत को देय किसी भी प्रकार के बकाया होने या इस विनियम के तहत, इस संबंध में बनाए गए नियमों के अनुसार एक विशेष नोटिस दिए जाने के बाद तीन महीने के भीतर उससे वसूली योग्य किसी भी राशि का भुगतान करने में विफल रहता है; या

(ञ) सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी का सेवक है; या

(ट) ने स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल कर ली है या किसी दूसरे देश के प्रति निष्ठा या समर्थन की स्वीकृ ति के अधीन है; या

(ठ) के पास अपने सामान्य निवास स्थान पर शौचालय या निजी शौचघर की कोई सुविधा नहीं है:

बशते, एक मौजूदा सदस्य को तभी अयोग्य माना जाएगा यदि वह लक्षद्वीप पंचायत विनियमन, 2022 के लागू होने की तारीख से छह महीने के भीतर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव द्वारा जारी इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करता है कि उसके अपने साधारण निवास स्थान पर23 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY शौचालय या निजी शौचघर की सुविधा उपलब्ध है, जिसके अधिकार क्षेत्र में उसका साधारण निवास स्थित है। उसका घर उसी ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आना चाहिए;

(ड) इस विनियमन के किसी अन्य प्रावधान के तहत अयोग्य घोषित किया गया है, और जिस अवधि के लिए उसे अयोग्य घोषित किया गया था वह अवधि समाप्त नहीं हुई है;

(ढ) के दो से अधिक बच्चे हैं:

शतों के तहत, लक्षद्वीप पंचायत विनियमन, 2022 के लागू होने की तिथि पर दो से अधिक बच्चे रखने वाला व्यक्ति इस खंड के तहत तब तक अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा जब तक कि इसके लागू होने की तारीख पर उसके बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं होती है:

यह भी बताया गया है कि इसके लागू होने की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर एक ही प्रसव में पैदा हुआ बच्चा या एक से अधिक बच्चे को इस खंड के तहत अयोग्यता के लिए विचार नहीं किया जाएगा;

(त) ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना, लगातार तीन बैठकों से अनुपस्थित है; या

(थ) को दंड प्रयििा संहिता, 1973 की धारा 109 या धारा 110 के तहत अच्छे व्यवहार के लिए सुरक्षा देने का आदेश दिया गया है

(द) इक्कीस वर्ष की उम्र पूरी नहीं हुई है; या

(ध) मतदान की तारीख से पहले पांच साल के भीतर कदाचार के लिए सरकार या नगर पालिका या ग्राम पंचायत की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है;

(न) को 5वीं अनुसूची के तहत अयोग्य ठहराया गया है।

(प) भारत का नागरिक नहीं है।

स्पष्टीकरण 1.-खंड (ढ) के प्रयोजनों के लिए,-24 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (i) जहां किसी दंपत्ति के पास इसके लागू होने की तारीख पर या उसके बाद के वल एक बच्चा है, एकल प्रसव से पैदा हुए बच्चों की संख्या को एक इकाई माना जाएगा;

(ii) 'बच्चे' में गोद लिया गया बच्चा या बच्चे शामिल नहीं हैं

स्पष्टीकरण 2.-किसी व्यक्ति को खंड (छ) के तहत पंचायत की सदस्यता के लिए के वल इस आधार पर अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा कि-

(क) किसी भी संयुक्त स्टॉक कं पनी में शेयर या उस समय लागू कानून के तहत पंजीकृ त किसी सोसायटी में शेयर या हित होना, जो किसी पंचायत के साथ या उसकी ओर से अनुबंध में हो या नियोजित किया गई हो; या

(ख) किसी भी समाचार पत्र में हिस्सेदारी या हित होना जिसमें किसी पंचायत के मामलों से संबंधित कोई विज्ञापन डाला जा सके ; या

(ग) किसी पंचायत द्वारा या उसकी ओर से उठाए गए किसी कर्ज में डिबेंचर रखना या किसी तरह से संबंधित होना; या

(घ) किसी पंचायत की ओर से कानून का विशेषज्ञ होने के कारण पेशेवर के रूप में नियुक्त किया जाना; या

(ङ) अचल संपत्ति के किसी भी पट्टे में कोई हिस्सा या हित होना, जिसमें किराए की राशि ग्राम पंचायत के मामले में जिला पंचायत द्वारा या खुद के मामले में या अचल संपत्ति की किसी बिीि या खरीद में या ऐसे पट्टे, बिीि या खरीद के किसी समझौते में जिला पंचायत द्वारा अनुमोदन दिया गया हो; या

(च) पंचायत को किसी भी वस्तु की कभी-कभार होने वाली बिीि में, जिसका वह नियमित रूप से व्यापार करता है या पंचायत से किसी वस्तु की खरीद में, किसी भी मामले में किसी भी वर्ष में एक हजार रुपये से अधिक मूल्य का हिस्सा या हित नहीं रखता है; या

(छ) के वल पंचायत में या उसके अधीन या उसके द्वारा या उसकी ओर से रोजगार में लगे किसी व्यक्ति का रिश्तेदार होना

स्पष्टीकरण 3.-खंड (i) के प्रयोजन के लिए -25 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (i) यदि किसी व्यक्ति ने उम्मीदवारों के नामांकन के लिए निर्धारित दिन से पहले इस उपधारा के खंड (i) में र्निर्दष्ट बकाया राशि या राशि का भुगतान कर दिया है तो उसे अयोग्य नहीं माना जाएगा।

(ii) इस उप-धारा के खंड (i) में पंचायत को संर्दर्भत किया गया है कि एक अविभाजित हिंदू परिवार के सदस्य द्वारा या किसी समूह या इकाई जिसके सदस्य पारम्परिक रूप से किसी संपत्ति या निवास से संबंध रखते हैं, उससे संबंधित व्यक्ति द्वारा बकाया या धनराशि के भुगतान में विफल रहने पर ऐसे अविभाजित हिंदू परिवार के सभी सदस्यों या जैसा भी मामला बनता हो, उस समूह या इकाई के सभी सदस्यों को अयोग्य माना जाएगा।

3) कोई व्यक्ति ग्राम पंचायत जिला पंचायत का सदस्य होने के लिए अयोग्य होगा, यदि वह पांचवीं अनुसूची के तहत अयोग्य है।

अध्याय - VII

आम चुनाव की अधिसूचना

22. आम चुनाव: एक नई पंचायत के गठन के उद्देश्य से और इसकी अवधि समाप्त होने पर या इसके भंग किए जाने पर इस अध्याय के प्रावधानों के अनुसार आम चुनाव आयोजित किया जाएगा।

23. आम चुनाव के लिए अधिसूचना: प्रशासक, चुनाव आयोग द्वारा अनुशंसित तारीख या तारीखों पर आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित एक या अधिक अधिसूचनाओं द्वारा, विनियमन और उसके तहत बनाए गए नियमों और आदेशों के तहत सभी संबंधित वाडों से प्रावधानों के अनुसार सदस्यों का चुनाव करने के लिए कहेगाः

बशते कि मौजूदा पंचायत के भंग होने के अलावा अन्य स्थितियों में चुनाव आयोजित किए जाने पर ऐसी कोई भी अधिसूचना धारा 19 या विनियम की धारा 64, जैसा भी मामला हो, के प्रावधान के तहत पंचायत की अवधि समाप्त होने की तारीख से छह महीने से पहले जारी नहीं की जाएगी।26 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

अध्याय-VIII

चुनाव के संचालन के लिए प्रशासनिक ढांचा:

24. रिर्टनंिग अधिकारी:

(1) प्रत्येक वार्ड के लिए, प्रशासक से परामर्श के साथ चुनाव आयोग, एक रिर्टनंिग अधिकारी को नामित या नामांकित करेगा जो प्रशासन या स्थानीय प्राधिकरण का एक अधिकारी होगा:

बशते कि इन नियमों में कोई भी बात आयोग को एक ही व्यक्ति को एक से अधिक वाडों के लिए रिर्टनंिग अधिकारी के रूप में नामित या नामांकित करने से नहीं रोके गी।

(2) किसी भी चुनाव में रिर्टनंिग अधिकारी का यह सामान्य कर्तव्य होगा कि वह ऐसे सभी कार्य करें जो विनियमन या नियमों या उनके तहत दिए गए आदेश के तहत बताए गए तरीके से चुनाव को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक हों।

25. सहायक रिर्टनंिग अधिकारी:

(1) आयोग कायों के निष्पादन में किसी भी रिर्टनंिग अधिकारी की सहायता के लिए एक या एक से अधिक व्यक्तियों को सहायक रिर्टनंिग अधिकारी के रूप में नियुक्त कर सकता है: बशते कि ऐसा प्रत्येक व्यक्ति प्रशासन या स्थानीय प्राधिकरण का एक अधिकारी होगा।

(2) प्रत्येक सहायक रिर्टनंिग अधिकारी, रिर्टनंिग अधिकारी के नियंत्रण के अधीन, रिर्टनंिग अधिकारी के सभी या किसी भी कार्य को करने में सक्षम होगा:

बशते कि सहायक रिर्टनंिग अधिकारी, रिर्टनंिग अधिकारी के नामांकन की जांच से संबंधित किसी भी कार्य को निष्पादित नहीं करेगा जब तक कि रिर्टनंिग अधिकारी को अपरिहार्य रूप से उक्त कार्य करने से रोका न जाए।

26. मतदान कें द्र:

रिर्टनंिग अधिकारी चुनाव आयोग की पूर्व मंजूरी से, प्रत्येक वार्ड के लिए पर्याप्त संख्या में मतदान कें द्र उपलब्ध कराएगा और चुनाव आयोग द्वारा निदेशित तरीके27 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY से, उपलब्ध कराए गए मतदान कें द्रों और मतदाताओं जिनके लिए कें द्र उपलब्ध कराया गया है, के समूह के चुनाव क्षेत्र को दर्शाने वाली एक सूची प्रकाशित करेगा।

27. पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी:

(1) रिर्टनंिग अधिकारी प्रत्येक मतदान कें द्र के लिए एक पीठासीन अधिकारी और ऐसे मतदान अधिकारी या अधिकारियों को नियुक्त करेगा जिन्हें वह कार्य के लिए आवश्यक समझता है, लेकिन वह किसी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त नहीं करेगा जो किसी उम्मीदवार के द्वारा उसके लिए या चुनाव के लिए नियोजित हो, उसकी जगह काम कर रहा हो या फिर उसके लिए किसी और तरीके से कार्यरत हो।

बशते कि यदि कोई मतदान अधिकारी मतदान कें द्र से अनुपस्थित है, तो पीठासीन अधिकारी किसी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है जो उस व्यक्ति के अलावा मतदान कें द्र पर मौजूद है, लेकिन वो किसी उम्मीदवार के द्वारा उसके लिए या चुनाव के लिए नियोजित न किया गया हो, और न ही उसकी जगह काम कर रहा हो या फिर उसके लिए किसी और तरीके से कार्यरत हो। नियुक्त व्यक्ति अधिकारी की अनुपस्थिति के दौरान मतदान अधिकारी होगा, इस तरह की किसी नियुक्ति को नियमानुसार रिर्टनंिग अधिकारी को सूचित किया जाएगा:

बशते कि यह उप-नियम रिर्टनंिग अधिकारी को एक ही परिसर में एक से अधिक मतदान कें द्रों के लिए एक ही व्यक्ति को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने से नहीं रोके गा।

(2) पीठासीन अधिकारी द्वारा निदेशित किए जाने पर एक मतदान अधिकारी इन नियमों या इसके तहत दिए गए आदेशों के तहत पीठासीन अधिकारी के मतदान कें द्र से अनुपस्थित रहने पर उनके सभी या किसी भी कार्य को निष्पादित करेगा। पीठासीन अधिकारी के कार्य ऐसे मतदान अधिकारी द्वारा निष्पादित किए जाएंगे जिसे रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा ऐसी किसी भी अनुपस्थिति के दौरान इन कार्य करने के लिए पहले से अधिकृ त किया गया हो

(3) मतदान कें द्र पर व्यवस्था बनाए रखना और यह देखना कि मतदान निष्पक्ष रूप से हो, पीठासीन अधिकारी का सामान्य कर्तव्य होगा।28 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (4) किसी मतदान कें द्र पर मतदान अधिकारी या अधिकारियों का यह सामान्य कर्तव्य होगा कि वह कें द्र के पीठासीन अधिकारी को उसके कायों को पूरा करने में सहायता करे।

अध्याय - IX

राजनीतिक दल

28. राजनीतिक दलों के लिए चुनाव चिनन का आरक्षण:

(1) जिला पंचायत के किसी भी वार्ड में चुनाव के प्रयोजन के लिए, चुनाव चिनन (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के तहत भारत के चुनाव आयोग द्वारा राष्ट्रीय दल या राज्य स्तरीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को कें द्र शासित प्रदेश में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल माना जाता है और उन दलों के द्वारा उतारे गए उम्मीदवारों को उनके दलों के लिए आरक्षित चुनाव चिनन का चयन कर सकें गे और उन्हें ये आवंटित किया जाएंगे और उन्हें कोई अन्य चुनाव चिन्ह नहीं मिलेगा। हालांकि, राजनीतिक दलों के लिए चुनाव चिननों के आरक्षण के इस नियम में शामिल कोई भी बात, ग्राम पचायतों के चुनाव के उद्देश्य से लागू नहीं होगी।

अध्याय - X

उम्मीदवारों का नामांकन

29. नामांकन आदि के लिए तारीखें तय करना: जैसे ही नियम 23 के तहत अधिसूचना जारी होती है, चुनाव आयोग, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इन्हें तय करेगा: -

(क) नामांकन भरने की अंतिम तिथि और समय जो कि नियम 23 के तहत उक्त अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख के बाद सातवां दिन होगा;

(ख) नामांकन की जांच के लिए तारीख, समय और स्थान जो नामांकन करने की अंतिम तिथि के तुरंत बाद का दिन होगा;

(ग) उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि और समय, जो नामांकन की जांच की तारीख के बाद का दूसरा दिन होगा;

29 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

(घ) अगर आवश्यकता पड़ती है तो वह तिथि या तिथियां और समय जब मतदान किया जाएगा, ये तिथियां या इसमें से पहली तिथि उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख से 14 दिन के बाद होगी; और

(ङ) वह तारीख जिससे पहले चुनाव संपन्न करा लिया जाएगा।

स्पष्टीकरण:- खंड (क), (ख) और (ग) के प्रयोजन के लिए यदि तारीख या अंतिम तारीख पर सार्वजनिक अवकाश है, तो अगला दिन जब सार्वजनिक अवकाश नहीं है, उसे तारीख या अंतिम तारीख जैसी भी स्थिति हो, माना जाएगा। 30. चुनाव की सार्वजनिक सूचना:

(1) नियम 29 के तहत एक अधिसूचना जारी करने के लिए, रिर्टनंिग अधिकारी, चुनाव आयोग के किसी भी निदेश के तहत होने वाले चुनाव के लिए प्रपत्र 4 में उम्मीदवारों के नामांकन आमंत्रित करने के लिए उस तरीके से सार्वजनिक सूचना देगा जैसे वह तय करता है। इसके साथ ही वह चुनाव और उस स्थान को र्निर्दष्ट करेगा जहां नामांकन पत्र वितरित किए जाने हैं और अनुमोदित चुनाव चिननों की एक सूची भी निर्धारित करेगा है जिन्हें उम्मीदवारों द्वारा चुना जा सकता है। (2) उप-नियम (1) के तहत सार्वजनिक सूचना आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी और उसकी प्रतियां चुनाव आयोग के कार्यालय और पंचायत कार्यालय और पंचायत क्षेत्र के भीतर एक या अधिक विशिष्ट स्थानों पर प्रर्दर्शत की जाएंगी। स्पष्टीकरण:- उप-नियम (I) के प्रयोजनों के लिए, चुनाव आयोग नियम 28 के तहत, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा उन चुनाव चिननों का उल्लेख करेगा जो किसी वार्ड के चुनाव में उम्मीदवारों के द्वारा चुने जा सकते हैं, साथ ही चुनाव चिनन की पसंद के लिए नियम भी देगा।

31. चुनाव के लिए उम्मीदवार का नामांकन:- विनियमन और इन नियमों के प्रावधानों के तहत, किसी भी व्यक्ति को किसी सीट को भरने के लिए चुनाव में उम्मीदवार के रूप में नामित किया जा सकता है, यदि वह उस सीट को भरने के लिए योग्य है।

32. नामांकन पत्र की प्रस्तुति और वैध नामांकन के लिए आवश्यकताएं:

30 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

(1) नियम 29 के खंड (क) के तहत तय तिथि पर या उससे पहले, प्रत्येक उम्मीदवार, या तो व्यक्तिगत रूप से या अपने प्रस्तावक के द्वारा, सुबह ग्यारह बजे से दोपहर तीन बजे के बीच नियम 30 के तहत जारी नोटिस में दिए र्निर्दष्ट स्थान पर रिर्टनंिग अधिकारी को प्रपत्र-5 में पूरा किया गया एक नामांकन पत्र देगा। प्रपत्र में उस वार्ड को स्पष्ट रूप से र्निर्दष्ट किया गया होगा जहां से उम्मीदवार चुनाव लड़ने का प्रस्ताव करता है और इस पर उम्मीदवार द्वारा नामांकन के लिए सहमति के रूप में स्वयं और प्रस्तावक के रूप में वार्ड के एक निर्वाचक के द्वारा हस्ताक्षर किए गए हों।

बशते कि कोई भी नामांकन पत्र उस दिन रिर्टनंिग अधिकारी को नहीं दिया जाएगा जब सार्वजनिक अवकाश हो।

(2) किसी वार्ड में, जहां कोई सीट महिला के लिए आरक्षित है, किसी उम्मीदवार को उस सीट को भरने के उद्देश्य से चुने जाने के लिए तब तक योग्य नहीं माना जाएगा जब तक कि नामांकन पत्र में उसके द्वारा यह घोषणा न की गई हो कि वह एक महिला है।

(3) किसी वार्ड में जहां कोई सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है, किसी उम्मीदवार को उस सीट को भरने के उद्देश्य से चुने जाने के लिए तब तक योग्य नहीं माना जाएगा जब तक कि उसके नामांकन पत्र में उस विशेष जनजाति को र्निर्दष्ट करने की घोषणा न हो, जिसका वह सदस्य है।

(4) कोई भी नामांकन पत्र जो नियम 29 के खंड (क) के तहत तय अंतिम तिथि को दोपहर तीन बजे से पहले प्राप्त नहीं होता है, खारिज कर दिया जाएगा। (5) नामांकन पत्र प्रस्तुत करने पर, रिर्टनंिग अधिकारी खुद संतुष्ट होगा कि नामांकन पत्र में दर्ज उम्मीदवार और उसके प्रस्तावक के नाम और मतदाता सूची संख्या वही हैं जो मतदाता सूची में दर्ज हैं:

बशते कि मतदाता सूची या नामांकन पत्र में उल्लिखित उम्मीदवार या उसके प्रस्तावक या किसी अन्य व्यक्ति के नाम के संबंध में या किसी स्थान के संबंध में कोई गलत नाम या गलत विवरण या लिपिकीय, तकनीकी या मुद्रण त्रुटि और मतदाता सूची या नामांकन पत्र में ऐसे किसी भी व्यक्ति की चुनावी संख्या के संबंध में तकनीकी या मुद्रण त्रुटि ऐसी हो जिसे आम तौर पर समझा जा सके , मतदाता31 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY सूची या नामांकन पत्र के पूर्ण संचालन को प्रभावित नहीं करेगी। रिर्टनंिग अधिकारी ऐसे किसी भी गलत नाम या गलत विवरण या लिपिकीय, तकनीकी या मुद्रण त्रुटि को ठीक करने की अनुमति देगा और जहां आवश्यक होगा, वह निदेश देगा कि मतदाता सूची या नामांकन पत्र में ऐसे किसी भी गलत नाम, गलत लिपिकीय, तकनीकी विवरण या मुद्रण संबंधी त्रुटि को नजरअंदाज कर दिया जाए। (6) जहां उम्मीदवार किसी अलग वार्ड का मतादाता है, उस वार्ड की मतदाता सूची या उसके संबंधित भाग की एक प्रति या ऐसी नामावली में संबंधित प्रविष्टियों की एक प्रमाणित प्रति रिर्टनंिग अधिकारी के समक्ष जांच के लिए प्रस्तुत की जाएगी। (7) इन नियमों की कोई भी बात किसी भी उम्मीदवार को एक से अधिक नामांकन पत्र द्वारा नामांकित होने से नहीं रोके गी:

बशते कि एक ही वार्ड में चुनाव के लिए किसी भी उम्मीदवार द्वारा या उसकी ओर से चार से अधिक नामांकन पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाएंगे या रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

33. चुनाव चिनन:-

(1) किसी पंचायत के चुनाव के प्रयोजन के लिए, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29 ए और उसके तहत बनाए गए नियमों और प्रयििा के तहत भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल और राज्य स्तरीय दलों को आयोग द्वारा इसी रूप में मान्यता दी जाएगी। आयोग दलों को मान्यता देगा और निम्नलिखित शतों के अधीन चुनाव चिनन अपनाए जाएंगे: -

(क) भारत के चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दलों और राज्य स्तरीय दलों को आयोग द्वारा उसी नाम से मान्यता दी जाएगी।

(ख) भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल और राज्य स्तरीय दल के वल उन्हीं चुनाव चिननों का उपयोग करेंगे जो भारत के चुनाव आयोग द्वारा उनके लिए आरक्षित हैं, न कि किसी अन्य चिनन का, और

(ग) इस प्रकार अनुमति प्राप्त चुनाव चिन्हों की प्रतिकृ तियां भारत के चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित और मान्यता प्राप्त प्रतिकृ तियों से भिन्न नहीं होंगी।32 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (2) किसी उम्मीदवार को किसी राजनीतिक दल द्वारा घोषित किया गया तभी माना जाएगा जब उम्मीदवार ने पहले उसके द्वारा दाखिल किए गए नामांकन पत्र में इस आशय की घोषणा की हो और वो संबंधित पार्टी द्वारा इसके लिए अधिकृ त सभी लोगों द्वारा विधिवत सर्मर्थत हो।

(3) आयोग स्वतंत्र चुनाव चिननों को भी अपनाएगा जैसा कि लोकसभा और विधानसभाओं के चुनावों के संबंध में भारत के चुनाव आयोग द्वारा फिलहाल अधिसूचित किया गया है।

(4) आयोग आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा उम्मीदवारों द्वारा चुने जा सकने वाले चिननों और उनकी पसंद को तय करने वाले नियमों को र्निर्दष्ट करेगा। (5) किसी भी चुनाव में यदि एक उम्मीदवार द्वारा या उसकी ओर से एक से अधिक नामांकन पत्र सौंपे जाते हैं, और पहले नामांकन पत्र में चुनाव चिनन के बारे में घोषणा की गई हो और चिननों के बारे में कोई अन्य घोषणा नहीं की गई हो तो उस पर ही विचार किया जाएगा भले ही वह नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया हो।

(6) नामांकन पत्र में चुनाव चिननों के संबंध में घोषणा को पूरा करने में विफलता, या पूरा करने में हुई त्रुटि को नियम 36 के अर्थ के भीतर एक गंभीर प्रकृ ति का नहीं माना जाएगा।

34. जमा :-

(1) किसी उम्मीदवार को किसी वार्ड से चुनाव के लिए तब तक विधिवत नामांकित नहीं माना जाएगा जब तक कि वह दो हजार पांच सौ रुपये की धनराशि या जहां उम्मीदवार अनुसूचित जनजाति का सदस्य है, वहां एक हजार रुपये की धनराशि जमा नहीं करता या जमा नहीं कराता है। यदि उम्मीदवार को डाले गए वैध मतों की कु ल संख्या का कम से कम छठा हिस्सा प्राप्त नहीं होता है तो जमानत जब्त कर ली जाएगी। यदि जमा की गई धनराशि जब्त नहीं की गई है, तो परिणाम घोषित होने के बाद राशि उम्मीदवार को वापस कर दी जाएगी:

33 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

बशते कि जहां एक उम्मीदवार को एक ही वार्ड में चुनाव के लिए एक से अधिक नामांकन पत्र द्वारा नामांकित किया गया हो, इस उप-नियम के तहत उससे एक से अधिक जमा राशि की आवश्यकता नहीं होगी।

(2) उपरोक्त उप-नियम (I) के तहत जमा की जाने वाली कोई भी धनराशि तब तक जमा नहीं मानी जाएगी जब तक कि नियम 32 के उप-नियम (I) के तहत नामांकन पत्र दिए जाने के समय उम्मीदवार ने धनराशि न जमा कराई हो। उम्मीदवार यह धनराशि रिर्टनंिग अधिकारी के पास नकद रूप में जमा कराएगा या उसे जमा कराने के लिए कहा जाएगा या फिर नामांकन पत्र के साथ एक रसीद संलग्न की जाएगी जिसमें यह दर्शाया जाएगा कि उक्त धनराशि उसके द्वारा या उसकी ओर से राजकोष में जमा कर दी गई है।

35. नामांकन की सूचना और उनकी जांच का समय और स्थान:

रिर्टनंिग अधिकारी, नियम 32 के तहत नामांकन पत्र मिलने पर उसे सौंपने वाले व्यक्ति को नामांकन की जांच के लिए निर्धारित तिथि, समय और स्थान की सूचना देगा और नामांकन पत्र पर उसका मिांक दर्ज करेगा और उस पर तारीख बताते हुए एक प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करेगा जिसमें वह समय और जिस समय नामांकन पत्र उसे सौंपा गया है, उसकी जानकारी होगी। उसके बाद जितनी जल्दी हो सके , वह अपने कार्यालय में किसी विशिष्ट स्थान पर उसके द्वारा प्राप्त नामांकन की एक सूचना चिपकाएगा जिसमें शामिल विवरण नामांकन पत्र में उम्मीदवार एवं प्रस्तावक दोनों के प्रपत्र-6 में शामिल विवरण के समान होंगे।

36. नामांकन की जांच:

(1) नियम 29 के खंड (ख) के तहत नामांकन की जांच के लिए निर्धारित तिथि पर, उम्मीदवार, उनके चुनाव एजेंट, प्रत्येक उम्मीदवार का एक प्रस्तावक और प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा लिखित रूप से अधिकृ त एक अन्य व्यक्ति नियत समय और स्थान पर उपस्थित हो सकता है। इनके अलावा किसी और को इसकी अनुमति नहीं होगी। रिर्टनंिग अधिकारी, उन्हें उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों जो तय समय सीमा के अंदर नियम 35 के उपनियम 2 में दिए गए निर्धारित तरीके से वितरित किए गए हैं, की जांच करने के लिए सभी उचित सुविधाएं देगा34 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (2) उसके बाद रिर्टनंिग अधिकारी नामांकन पत्रों की जांच करेगा और किसी भी नामांकन पर की गई सभी आपत्तियों पर निर्णय लेगा, और या तो ऐसी आपत्ति पर या अपने स्वयं के कदम पर, ऐसी जांच के बाद, यदि कोई हो, जैसा वह आवश्यक समझे, निम्नलिखित में से किसी भी आधार पर किसी भी नामांकन को अस्वीकार कर सकता है, जिसमें शामिल हैं: -

(क) नामांकन की जांच के लिए निर्धारित तिथि पर विनियमन या इन नियमों के तहत सीट भरने के उद्देश्य से चुने जाने के लिए उम्मीदवार या तो योग्य नहीं है या अयोग्य है:

(ख) इन नियमों के नियम 32 या 34 के किसी भी प्रावधान का अनुपालन करने में कोई विफलता रही है

(ग) कि नामांकन पत्र पर उम्मीदवार या प्रस्तावक के हस्ताक्षर असली नहीं हैं। (4) यदि उम्मीदवार को किसी अन्य नामांकन पत्र के माध्यम से विधिवत नामांकित किया गया है जिसके संबंध में कोई अनियमितता नहीं की गई है, तो उपरोक्त उप-नियम (2) के खंड (ख) या खंड (ग) में निहित किसी भी बात को नामांकन पत्र के संबंध में किसी भी अनियमितता के आधार पर किसी भी उम्मीदवार के नामांकन को अस्वीकार करने के लिए अधिकृ त नहीं माना जाएगा।

(5) रिर्टनंिग अधिकारी ऐसे किसी भी आधार पर किसी भी नामांकन पत्र को अस्वीकार नहीं करेगा जो गंभीर प्रकृ ति का नहीं है।

(6) रिर्टनंिग अधिकारी नियम 29 के खंड (ख) के तहत इस संबंध में नियुक्त तिथि पर जांच करेगा और कार्यवाही को स्थगित करने की अनुमति नहीं देगा, सिवाय ऐसी स्थिति में जब ऐसी कार्यवाही दंगे या हिंसा या ऐसे कारणों से रोकी जाए या बाधित हो जो उसके नियंत्रण से परे हो:

बशते कि यदि कोई आपत्ति रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा उठाई जाती है या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा की जाती है, संबंधित उम्मीदवार को इसका खंडन करने के लिए अगले दिन का समय दिया जा सकता है, लेकिन ये तारीख जांच के लिए निर्धारित तिथि के अनुसार होगी, और रिर्टनंिग अधिकारी को जिस तारीख तक के लिए कार्यवाही स्थगित की गई थी उस पर अपना निर्णय दर्ज करना होगा।35 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (7) रिर्टनंिग अधिकारी प्रत्येक नामांकन पत्र पर उसे स्वीकार करने या अस्वीकार करने के अपने निर्णय की पुष्टि करेगा और यदि नामांकन पत्र खारिज कर दिया जाता है, तो ऐसी अस्वीकृ ति के लिए अपने कारणों से जुड़ा एक संक्षिप्त विवरण लिखित रूप में दर्ज करेगा।

(8) इस नियम के प्रयोजन के लिए किसी वार्ड में लागू मतदाता सूची में किसी प्रविष्टि की प्रमाणित प्रति इस तथ्य का निर्णायक सा्य होगी कि उस प्रविष्टि में र्निर्दष्ट व्यक्ति उस वार्ड के लिए मतदाता है।

(9) सभी नामांकन पत्रों की जांच होने और उन्हें स्वीकार करने या अस्वीकार करने के निर्णय दर्ज किए जाने के तुरंत बाद, रिर्टनंिग अधिकारी प्रपत्र 7 में वैध रूप से नामांकित उम्मीदवारों की एक सूची तैयार करेगा, यानी ऐसे उम्मीदवार जिनका नामांकन वैध पाया गया है। इस सूची को अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चिपका देगा। सूची अंग्रेजी और मलयालम/ मनल भाषा में तैयार की जाएगी और नाम अंग्रेजी वणर्माला मि में व्यवस्थित किए जाएंगे।

(10) ऐसे प्रत्येक उम्मीदवार का नाम प्रपत्र-7 में दर्शाया जाएगा, जैसा कि उसके नामांकन पत्र में अंकित है:

बशते कि यदि कोई उम्मीदवार मानता है कि उसका नाम उसके नामांकन पत्र में गलत तरीके से लिखा गया है या अन्यथा गलत तरीके से दिखाया गया है या उस नाम से अलग है जिसके द्वारा वह लोकप्रिय रूप से जाना जाता है, तो वह चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार की सूची तैयार होने से पहले किसी भी समय लिखित रूप से अपना अनुरोध आगे दे सकता है। रिर्टनंिग अधिकारी को लिखित रूप में उनके नाम का उचित रूप और वर्तनी देनी होगी और रिर्टनंिग अधिकारी उस अनुरोध की वास्तविकता से संतुष्ट होने पर,चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची में आवश्यक सुधार या परिवर्तन करेगा और सूची में रूप और वर्तनी को अपनाएगा। 37. उम्मीदवारी वापस लेना:

(1) कोई भी उम्मीदवार प्रपत्र 8 में लिखित सूचना देकर अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकता है। ऐसी सूचना प्राप्त होने पर, रिर्टनंिग अधिकारी उस पर वह तारीख और समय अंकित करेगा जब उसे वह प्राप्त हुई थी।36 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (2) उप-नियम (1) के तहत दी गई नामांकन वापस लेने की प्रत्येक सूचना पर उम्मीदवार द्वारा हस्ताक्षर किया जाएगा और नियम 29 के खंड (ग) के तहत निर्धारित दिन पर दोपहर तीन बजे से पहले या तो ऐसे उम्मीदवार द्वारा व्यक्तिगत रूप से या उसके प्रस्तावक द्वारा, या चुनाव एजेंट द्वारा जिसे ऐसे उम्मीदवार द्वारा लिखित रूप में इस संबंध में अधिकृ त किया गया है रिर्टनंिग अधिकारी को सौंप दिया जाएगा।

(3) किसी भी व्यक्ति, जिसने उप-नियम (1) के तहत अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का नोटिस दिया है, को ऐसे नोटिस को रद्द करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। (4) रिर्टनंिग अधिकारी उप-नियम (I) के तहत वापसी के नोटिस की वास्तविकता और इसे वितरित करने वाले व्यक्ति की पहचान से संतुष्ट होने पर, नोटिस को अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चिपका देगा।

38. चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची का प्रकाशन:

(1) इस अवधि जिसमें नियम 37 के तहत उम्मीदवारी वापस ली जा सकती है, की समाप्ति के तुरंत बाद, रिर्टनंिग अधिकारी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की एक सूची तैयार करेगा और प्रकाशित करेगा, अर्थात वे उम्मीदवार जो वैध रूप से नामांकित उम्मीदवारों की सूची में शामिल थे और जिन्होंने प्रपत्र संख्या-9 में उक्त अवधि के भीतर अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ली है।

(2) उक्त सूची में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नाम और पते शामिल होंगे जैसा कि नामांकन पत्र में दिए गए हैं। सूची में ऐसे उम्मीदवारों को दिए गए चुनाव चिन्ह का भी उल्लेख होगा।

(3) रिर्टनंिग अधिकारी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों द्वारा उनके नामांकन पत्रों में व्यक्त किए गए चिननों की पसंद पर विचार करेगा जो कि चुनाव आयोग द्वारा इस संबंध में जारी किए गए किसी भी सामान्य या विशेष निदेशों के अधीन होंगे। (क) प्रत्येक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को उसकी पसंद के अनुरूप, जहां तक संभव हो, एक अलग चिनन आवंटित करें: और37 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ख) यदि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में से एक से अधिक ने एक ही चिनन के लिए अपनी प्राथमिकता बताई है, तो लॉटरी द्वारा निर्णय लें कि ऐसे उम्मीदवारों में से किसको चुनाव चिनन आवंटित किया जाएगा।

(4) रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा किसी उम्मीदवार को किसी भी चिनन का आवंटन अंतिम होगा, सिवाय इसके कि यह चुनाव आयोग द्वारा इस संबंध में जारी किए गए किसी भी निदेश के साथ असंगत है, उस स्थिति में चुनाव आयोग आवंटन को उस तरीके से संशोधित कर सकता है जैसा वह उपयुक्त मानता है।

(5) प्रत्येक उम्मीदवार या उसका चुनाव एजेंट को तुरंत उम्मीदवार को आवंटित चुनाव चिनन के बारे में सूचित किया जाएगा और रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा उसका एक नमूना प्रदान किया जाएगा।

(6) प्रत्येक उम्मीदवार को आवंटित चुनाव चिनन को दर्शाते हुए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची की एक प्रति चुनाव आयोग और पंचायत चुनाव निदेशक को भेजी जाएगी।

39. र्निर्वरोध निर्वाचन में परिणाम की घोषणा:

(1) यदि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की संख्या एक है, तो रिर्टनंिग अधिकारी तुरंत प्रपत्र-21 बी या 21-सी, जो भी लागू हो, में ऐसे उम्मीदवार को उस सीट को भरने के लिए विधिवत निर्वाचित होने की घोषणा करेगा और घोषणा की हस्ताक्षरित प्रतियां चुनाव आयोग और पंचायत चुनाव निदेशक को भेज देगा। (2) यदि चुनाव लड़ने के लिए कोई उम्मीदवार नहीं है, तो आयोग आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, उस सीट को भरने के लिए किसी व्यक्ति को चुनने के लिए वार्ड को कहेगा:

बशते कि जहां वार्ड को इस नियम के तहत पहले ही बुलाया जा चुका है, वह रिक्ति को भरने के लिए किसी व्यक्ति का चुनाव करने में विफल रहा है, चुनाव आयोग उस वार्ड को तब तक बुलाने के लिए बाध्य नहीं होगा जब तक कि वह संतुष्ट न हो जाए कि यदि दोबारा बुलाया गया, तो वार्ड की ओर से चुनाव में ऐसी विफलता नहीं होगी ।38 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY बशते कि जहां वार्ड इस नियम के तहत पद को भरने के लिए एक व्यक्ति को चुनने में विफल रहने की बात बता चुका है, तो चुनाव आयोग तब तक वार्ड से इस संबंध में कहने के लिए बाध्य नहीं होगा जब तक वह ऐसा फिर से कहने के लिए संतुष्ट न हो। ऐसी स्थिति में वार्ड की तरफ से कोई विफलता नहीं मानी जाएगी।

अध्याय XI

उम्मीदवार और उनके एजेंट

40. चुनाव एजेंट की नियुक्ति एवं कार्य:-

(1) चुनाव में कोई उम्मीदवार प्रपत्र-10 में किसी एक व्यक्ति को अपना चुनाव एजेंट नियुक्त कर सकता है और ऐसी नियुक्ति की सूचना रिर्टनंिग अधिकारी को दो प्रतियों में भेजी जाएगी, जो नियुक्ति के अनुमोदन के प्रतीक स्वरूप उस पर अपनी मुहर और हस्ताक्षर करने के बाद उसकी एक प्रति चुनाव एजेंट को लौटा देगा।

(2) कोई भी व्यक्ति जो पंचायत का सदस्य होने के लिए विनियमन के तहत कु छ समय के लिए अयोग्य है, जब तक उसकी अयोग्यता कायम है, उप-नियम (1) के तहत चुनाव एजेंट के रूप में नियुक्त होने के लिए भी अयोग्य होगा।

(3) चुनाव एजेंट की नियुक्ति प्रपत्र 11 के माध्यम से निरस्त की जाएगी। इस तरह के निरस्तीकरण पर उम्मीदवार द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे और यह रिर्टनंिग अधिकारी के पास दर्ज होने की तारीख से लागू होगा।

(4) ऐसे निरस्तीकरण या चुनाव एजेंट की मृत्यु की स्थिति में, उम्मीदवार, चुनाव का परिणाम घोषित होने से पहले, किसी भी समय, उप- नियम (1) में र्निर्दष्ट तरीके से किसी अन्य व्यक्ति को अपना चुनाव एजेंट नियुक्त कर सकता है। (5) एक चुनाव एजेंट चुनाव के संबंध में ऐसे कार्य कर सकता है जो इन नियमों द्वारा एक चुनाव एजेंट द्वारा किए जाने के लिए अधिकृ त हैं।

41. मतदान एजेंट की नियुक्ति एवं निरस्तीकरण:

(1) एक चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार या उसका चुनाव एजेंट, प्रत्येक मतदान कें द्र पर उम्मीदवार की ओर से मतदान एजेंट की अनुपस्थिति में, मतदान एजेंट39 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY के रूप में कार्य करने के लिए एक मतदान एजेंट और एक राहत एजेंट नियुक्त कर सकता है।

(2) ऐसी प्रत्येक नियुक्ति प्रपत्र-12 में की जाएगी और मतदान कें द्र पर प्रस्तुत करने के लिए मतदान एजेंट को सौंप दी जाएगी।

(3) किसी भी मतदान एजेंट को किसी भी मतदान कें द्र में तब तक प्रवेश नहीं दिया जाएगा जब तक कि उसने उसमें निहित घोषणा को विधिवत पूरा करने और पीठासीन अधिकारी के समक्ष हस्ताक्षर करने के बाद उपनियम (2) के तहत अपनी नियुक्ति का दस्तावेज पीठासीन अधिकारी को नहीं सौंप दिया हो।

(4) पोलिंग एजेंट की नियुक्ति उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट द्वारा हस्ताक्षर पर ही निरस्त होगी और ऐसा प्रपत्र-13 में किया जाएगा। यह उस समय और तारीख से लागू होगा जब इसे पीठासीन अधिकारी के पास दर्ज कराया जाएगा। (5) ऐसे किसी निरस्तीकरण या मतदान एजेंट की मृत्यु की स्थिति में, उम्मीदवार या उसका चुनाव एजेंट, मतदान बंद होने से पहले किसी भी समय, उप-नियम (2) में र्निर्दष्ट तरीके से नई नियुक्ति कर सकता है।

42. मतगणना एजेंटों की नियुक्ति:-

(1) एक चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार या उसका चुनाव एजेंट एक या एक से अधिक व्यक्तियों को नियुक्त कर सकता है, लेकिन यह संख्या रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा तय संख्या से ज्यादा नहीं हो सकती, ताकि वोटों की गिनती के समय वह अपने मतगणना एजेंट या एजेंटों के रूप में उपस्थित रहे। जब ऐसी कोई नियुक्ति होगी तो उस नियुक्ति की सूचना दो प्रतियों में प्रपत्र-14 में दी जाएगी, जिसकी एक प्रति रिर्टनंिग अधिकारी को भेजी जाएगी, जबकि दूसरी प्रति वोटों की गिनती के लिए तय समय से एक घंटा पहले रिर्टनंिग अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए गणना एजेंट को सौंपी जाएगी।

(2) किसी भी मतगणना एजेंट को मतगणना के लिए निर्धारित स्थान पर तब तक प्रवेश नहीं दिया जाएगा जब तक कि उसने उपनियम (1) के तहत नियुक्ति आदेश की दूसरी प्रति रिर्टनंिग अधिकारी को उसमें निहित घोषणा को विधिवत पूरा40 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY करने और हस्ताक्षर करके नहीं सौंपी है और रिर्टनंिग अधिकारी से मतगणना के लिए निर्धारित स्थान में प्रवेश के लिए एक अधिकार प्राप्त नहीं किया है। (3) मतगणना एजेंट की नियुक्ति को निरस्त करने का आवेदन प्रपत्र-15 में होगा और रिर्टनंिग अधिकारी के पास जमा किया जाएगा। ऐसे किसी भी निरस्तीकरण पर उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे और यह रिर्टनंिग अधिकारी के पास दर्ज होने की तारीख से लागू होगा। ऐसे निरस्तीकरण की स्थिति में, या मतगणना समाप्त होने से पहले मतगणना एजेंट की मृत्यु हो जाने पर, उम्मीदवार या उसका चुनाव एजेंट इस नियम के अनुसार नई नियुक्ति कर सकता है।

43. मतदान एजेंट एवं मतगणना एजेंटों के कार्य:

(1) एक मतदान एजेंट मतदान के संबंध में ऐसे कार्य कर सकता है जो इन नियमों के तहत एक मतदान एजेंट द्वारा निष्पादित करने के लिए अधिकृ त हैं।

(2) एक मतगणना एजेंट वोटों की गिनती के संबंध में ऐसे कार्य कर सकता है जो इन नियमों के तहत एक मतगणना एजेंट द्वारा किए जाने के लिए अधिकृ त हैं। 44. चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट की मतदान कें द्रों पर उपस्थिति और उसके द्वारा मतदान एजेंट या मतगणना एजेंट के कायों को करना (1) प्रत्येक चुनाव में जहां मतदान होता है, ऐसे चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार और उसके चुनाव एजेंट को किसी भी मतदान कें द्र पर उपस्थित होने का अधिकार होगा।

(2) चुनाव लड़ रहा कोई उम्मीदवार या उसका चुनाव एजेंट कोई ऐसा कार्य कर सकता है जिसे करने के लिए ऐसे चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार का कोई भी मतदान एजेंट या मतगणना एजेंट, यदि नियुक्त किया गया हो, नियमों के तहत अधिकृ त होता है या इन नियमों के तहत ऐसे काम कर सकता है या चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार के किसी भी मतदान एजेंट या मतगणना एजेंट को ऐसा कोई कार्य करने में सहायता कर सकता है।41 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 45. मतदान या मतगणना एजेंट की अनुपस्थिति:

जहां कोई काम इन नियमों के तहत या उसके तहत मतदान या मतगणना एजेंटों की उपस्थिति में किए जाने की जरूरत है या कोई अधिकृ त है, तो यदि कार्य विधिवत हो गया हो तो इस प्रयोजन के लिए उस समय और स्थान पर किसी भी एजेंट या एजेंटों की अनुपस्थिति में किया गया कार्य अमान्य नहीं होगा।

अध्याय XII

चुनाव की प्रयििा

46. मतदान से पहले उम्मीदवार की मृत्यु:

यदि कोई उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल द्वारा खड़ा किया गया हो:-

(क) नामांकन करने की अंतिम तिथि को पूर्वानन 11.00 बजे के बाद किसी भी समय मृत्यु हो जाती है और उसका नामांकन इस आदेश के नियम 36 के तहत जांच में वैध पाया जाता है;

(ख) जिसका नामांकन नियम 36 के तहत जांच में वैध पाया गया है और जिसने नियम 37 के तहत अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ली है, उसकी मृत्यु हो जाती है, किसी भी स्थिति में, उसकी मृत्यु की रिपोर्ट नियम 38 के तहत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची के प्रकाशन से पहले किसी भी समय प्राप्त होती है; या (ग) एक चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार के रूप में मर जाता है और मतदान शुरू होने से पहले उसकी मृत्यु की रिपोर्ट प्राप्त होती है, तो रिर्टनंिग अधिकारी उम्मीदवार की मृत्यु की वास्तविकता के बारे में संतुष्ट होने पर, आदेश के द्वारा, मतदान को रद्द कर देगा और आयोग एवं पंचायत चुनाव निदेशक इसकी सूचना देगा और चुनाव के संदर्भ में सभी तरह की कार्यवाही नए सिरे से शुरू की जाएंगी जिस तरह नए चुनाव के लिए होती हैं:

42 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

बशते कि मृत उम्मीदवार के नामांकन सहित सभी नामांकनों की जांच के अलावा खंड (क) में र्निर्दष्ट मामले में मतदान रद्द करने का कोई आदेश नहीं दिया जाना चाहिए:

बशते कि उस व्यक्ति के मामले में कोई और नामांकन आवश्यक नहीं होगा जो मतदान रद्द होने के समय चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार था:

बशते कि कोई भी व्यक्ति जिसने मतदान रद्द होने से पहले नियम 37 के उप-नियम (I) के तहत अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की सूचना दी हो, वह ऐसे रद्द आदेश के बाद चुनाव के लिए उम्मीदवार के रूप में नामांकित होने के लिए अयोग्य नहीं होगा।

47. चुनाव लड़ने की प्रयििा:

(1) यदि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की संख्या भरी जाने वाली सीटों की संख्या से अधिक है, तो मतदान कराया जाएगा,

(2) यदि मतदान आवश्यक हो जाता है, तो रिर्टनंिग अधिकारी प्रत्येक उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट को आर्पूर्त करेगा: -

(क) चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची की एक प्रति; और

(बी) उन्हें आवंटित चिनन का नमूना,

48. अनुसूचित जनजाति और महिला सदस्यों की उनके लिए आरक्षित नहीं की गई सीटें रखने की पात्रता:

संदेह से बचने के लिए यह घोषित किया जाता है कि अनुसूचित जनजाति का कोई सदस्य या कोई महिला ऐसी सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य नहीं होगी जो उन जातियों या जनजातियों या महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं है, यदि वह विनियमन और इन नियमों के तहत ऐसी सीटों के लिए योग्य है।

49. मतदान के लिए निर्धारित घंटों का प्रकाशन: आयोग मतदान के लिए घंटों का निर्धारण करेगा और इस प्रकार तय किए गए घंटों को आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा प्रकाशित किया जाएगा:

43 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

बशते कि किसी वार्ड में चुनाव में मतदान के लिए किसी एक दिन आवंटित कु ल अवधि आठ घंटे से कम नहीं होगी।

50. व्यक्तिगत रूप से मतदान करना:

सभी मतदाता मतदान कें द्र पर व्यक्तिगत रूप से मतदान करेंगे, और कोई वोट प्रतिनिधि द्वारा प्राप्त नहीं किया जाएगा।

51. आपात स्थिति में मतदान का स्थगन:

(1) यदि किसी चुनाव में, किसी दंगे या खुली हिंसा के चलते किसी मतदान कें द्र पर कार्यवाही बाधित होती है या रुक जाती है, या यदि किसी चुनाव में किसी प्राकृ तिक आपदा के कारण या किसी अन्य पर्याप्त कारण से किसी मतदान कें द्र पर मतदान करना संभव नहीं है, ऐसे मतदान कें द्र का पीठासीन अधिकारी बाद में अधिसूचित होने वाली तारीख तक मतदान स्थगित करने की घोषणा करेगा, और जहां किसी पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान स्थगित किया जाता है, तो वह तुरंत रिर्टनंिग अधिकारी को सूचित करेगा,

(2) जब भी, उप-नियम (1) के तहत मतदान स्थगित किया जाता है, तो रिर्टनंिग अधिकारी तुरंत पंचायत चुनाव निदेशक और चुनाव आयोग को परिस्थितियों की रिपोर्ट करेगा और चुनाव आयोग की पूर्व मंजूरी के साथ, एक नोटिस प्रकाशित करेगा। इसमें वह दिन र्निर्दष्ट किया जाएगा, जिस दिन मतदान उस चरण से फिर से शुरू होगा जिस पर स्थगन से ठीक पहले छोड़ा गया था और उस मतदान कें द्र को तय करेगा जिस पर और जिस घंटे के दौरान मतदान होगा, और ऐसे चुनाव में डाले गए वोटों की गिनती नहीं की जाएगी जब तक स्थगित मतदान पूरा नहीं हो जाता।

(3) उपरोक्त प्रत्येक ऐसे मामले में, रिर्टनंिग अधिकारी उप नियम (2) के तहत निर्धारित मतदान की तारीख, स्थान और घंटों की सूचना देगा, जिस तरह से चुनाव आयोग द्वारा निदेशित किया जा सकता है।

52. मतदान स्थगन की प्रयििा:

44 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

(1) यदि इस नियम के नियम 51 के तहत किसी मतदान कें द्र पर मतदान स्थगित कर दिया जाता है, तो जहां तक संभव हो नियम 49 के प्रावधान लागू होंगे, जैसे कि नियम 49 के तहत निर्धारित समय पर मतदान बंद कर दिया गया था। (2) जब नियम 51 के उप-नियम (2) के तहत एक स्थगित मतदान फिर से शुरू किया जाता है, तो जो मतदाता पहले ही स्थगित मतदान में मतदान कर चुके हैं, उन्हें दोबारा मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

(3) रिर्टनंिग अधिकारी उस मतदान कें द्र के पीठासीन अधिकारी को, जहां ऐसा स्थगित मतदान होता है, सीलबंद पैके ट उपलब्ध कराएगा जिसमें मतदाता सूची की चिनिनत प्रति और एक नई मतपेटी होगी।

(4) पीठासीन अधिकारी उपस्थित मतदान एजेंटों की उपस्थिति में सीलबंद पैके ट खोलेगा और उन मतदाताओं के नाम अंकित करने के लिए मतदाता सूची की चिनिनत प्रति का उपयोग करेगा, जिन्हें स्थगित मतदान में मतपत्र जारी किए गए हैं, लेकिन उसमें कोई मिांक रिकॉर्ड नहीं किया गया हो।

(5) नियम 51 के प्रावधान स्थगित मतदान के संचालन के संबंध में वैसे ही लागू होंगे जैसे वे स्थगित होने से पहले मतदान के संबंध में लागू होते हैं।

53. बूथ कै प्चटरंग के आधार पर मतदान स्थगित करना या चुनाव रद्द करना (1) यदि किसी चुनाव में:-

(क) मतदान कें द्र पर बूथ कै प्चटरंग इस तरह से की गई हो कि उस मतदान कें द्र पर मतदान का परिणाम प्राप्त नहीं किया जा सकता है; या

(ख) वोटों की गिनती के लिए किसी भी स्थान पर बूथ कै प्चटरंग इस तरह से की जाती है कि गिनती का परिणाम सुनितिि नहीं किया जा सकता है; रिर्टनंिग अधिकारी तुरंत मामले की रिपोर्ट चुनाव आयोग को देगा।

(2) आयोग, उप-नियम (1) के तहत रिर्टनंिग अधिकारी से एक रिपोर्ट प्राप्त होने पर और सभी तात्कालिक परिस्थितियों को ध्यान में रखने के बाद-

(क) घोषित करेगा है कि उस मतदान कें द्र पर मतदान शून्य हो गया है, उस मतदान कें द्र पर नए सिरे से मतदान करने के लिए एक दिन और घंटे तय करेगा है45 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY और इस तरह से तय तिथि और घंटों को उस तरीके से अधिसूचित करेगा जो वह उचित समझे, या

(ख) यदि संतुष्ट है कि बूथ कै प्चटरंग में शामिल मतदान कें द्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए, चुनाव के परिणाम प्रभावित होने की संभावना है, या बूथ कै प्चटरंग ने वोटों की गिनती को इस तरह से प्रभावित किया है कि चुनाव परिणाम को प्रभावित किया जा सकता है, तो वह उस वार्ड में चुनाव रद्द कर देगा।

स्पष्टीकरण:- इस नियम के प्रयोजन के लिए, "बूथ कै प्चटरंग" में अन्य बातों के अलावा, निम्नलिखित सभी या कोई भी गतिविधियां शामिल हैं, अर्थात्:-

(i) किसी भी व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा मतदान के लिए निर्धारित मतदान कें द्र को सीज करना, मतदान अधिकारियों को मतपत्रों को सरेंडर कराना और कोई अन्य कार्य करना जो चुनावों के व्यवस्थित संचालन को प्रभावित करता है;

(ii) किसी व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा मतदान के लिए निर्धारित मतदान कें द्र पर कब्जा करना और के वल अपने या अपने समर्थकों को वोट देने के अधिकार का प्रयोग करने की अनुमति देना और दूसरों को मतदान करने से रोकना;

(iii) किसी मतदाता को धमकाना और उसे वोट डालने के लिए निर्धारित मतदान कें द्र पर जाने से रोकना;

(iv) किसी भी व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा वोटों की गिनती के लिए किसी स्थान पर कब्जा करना, मतगणना अधिकारियों से मतपत्र वापस कराना और ऐसा कु छ भी करना जो वोटों की व्यवस्थित गिनती को प्रभावित करता हो;

(v) सरकार की सेवा में किसी भी व्यक्ति द्वारा उपरोक्त सभी या किसी गतिविधि को करना या किसी उम्मीदवार के चुनाव की संभावनाओं को बढ़ाने में ऐसी किसी गतिविधि में सहायता करना या मिलीभगत में शामिल होना।

54. मतपेटियों आदि के नष्ट होने आदि की स्थिति में फिर से मतदान;

(1) यदि किसी चुनाव में:-

(क) किसी मतदान कें द्र पर इस्तेमाल की गई किसी भी मतपेटी को गैरकानूनी तरीके से पीठासीन अधिकारी या रिर्टनंिग अधिकारी की कब्जे से बाहर ले जाया46 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY जाता है, या गलती से या जानबूझकर नष्ट कर दिया जाता है या खो दिया जाता है या इस हद तक क्षतिग्रस्त या छेड़छाड़ की जाती है कि उस मतदान कें द्र पर मतदान का परिणाम सुनितिि नहीं किया जा सकता; या

(ख) प्रयििा में कोई भी ऐसी त्रुटि या मतदान कें द्र पर की गई अनियमितता जिससे मतदान प्रभावित होने की संभावना हो, रिर्टनंिग अधिकारी तुरंत मामले की रिपोर्ट चुनाव आयोग को देगा।

(2) उसके बाद चुनाव आयोग, सभी तात्कालिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, या तो:-

(क) उस मतदान कें द्र पर मतदान को शून्य घोषित कर देगा; उस मतदान कें द्र पर नए सिरे से मतदान करने के लिए एक दिन और घंटे निर्धारित करेगा और निर्धारित दिन और तय किए गए घंटों को उस तरीके से अधिसूचित करे जो वह उचित समझता है; या

(ख) यदि संतुष्ट है कि उस मतदान कें द्र पर फिर से मतदान का परिणाम किसी भी तरह से उस वार्ड के चुनाव के परिणाम को प्रभावित नहीं करेगा या प्रयििा में त्रुटि या अनियमितता महत्वपूर्ण नहीं है, तो रिर्टनंिग अधिकारी को ऐसे निदेश जारी करे जैसा वह चुनाव के आगे संचालन और समापन के लिए उचित समझता हो।

(3) विनियमन के प्रावधान और उसके तहत बनाए गए ये नियम हर नए मतदान पर उसी तरह लागू होंगे जैसे वे मूल मतदान पर लागू होते हैं।

55. मतपेटियों का डिजाइन:-

प्रत्येक मतपेटी ऐसे डिजाइन की होगी जो चुनाव आयोग द्वारा अनुमोदित हो। 56. मतपत्रों का प्रारूप:-

(1) प्रत्येक मतपत्र के साथ एक काउं टरफॉइल यानी दूसरी प्रति जुड़ी होगी, और उक्त मतपत्र और काउं टरफॉइल एक प्रारूप में होंगे और उसमें विवरण मलयालम/ महाल और अंग्रेजी भाषा में या चुनाव आयोग द्वारा निदेशित भाषा में होगा।47 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (2) मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम उसी मि में व्यवस्थित किए जाएंगे जिस मि में वे चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची में हैं।

(3) यदि दो या दो से अधिक उम्मीदवारों का नाम एक ही है, तो उन्हें उनके व्यवसाय या निवास के अलावा या किसी अन्य तरीके से अलग किया जाएगा। 57. मतदान कें द्रों पर व्यवस्थाएं:-

(1) प्रत्येक मतदान कें द्र के बाहर निम्नलिखित बातें प्रमुखता से प्रर्दर्शत की जाएंगी-

(क) उस मतदान क्षेत्र को र्निर्दष्ट करने वाला एक नोटिस जिसके मतदाता मतदान कें द्र पर मतदान करने के हकदार हैं और जब मतदान क्षेत्र में एक से अधिक मतदान कें द्र हैं, तो इस प्रकार योग्य मतदाताओं का विवरण, और

(ख) चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची की एक प्रति।

(2) प्रत्येक मतदान कें द्र पर, एक या अधिक मतदान कक्ष स्थापित किए जाएंगे जिनमें मतदाता निगरानी के बीच अपने वोट रिकॉर्ड कर सकते हैं।

(3) रिर्टनंिग अधिकारी प्रत्येक मतदान कें द्र पर पर्याप्त संख्या में मतपेटियां, मतदाता सूची के संबंधित भाग की प्रतियां, मतपत्र, मतपत्रों पर विशिष्ट चिनन लगाने के लिए उपकरण और मतपत्र और ऐसी अन्य सामग्रियों पर निशान लगाने के उद्देश्य से मतदाताओं के लिए आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराएगा, जो मतदान के संचालन के लिए आवश्यक हैं।

58. मतदान कें द्र में प्रवेश:

पीठासीन अधिकारी मतदान कें द्र के अंदर किसी भी समय प्रवेश किए जाने वाले मतदाताओं की संख्या को विनियमित करेगा और इनके अलावा सभी व्यक्तियों को बाहर कर देगा -

(क) मतदान अधिकारी;

(ख) चुनाव के संबंध में ड्यूटी पर मौजूद लोक सेवक;

(ग) चुनाव आयोग द्वारा अधिकृ त व्यक्ति;

48 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

(घ) उम्मीदवार, उनके चुनाव एजेंट और प्रत्येक उम्मीदवार का एक मतदान एजेंट;

(ङ) एक मतदाता के साथ गोद में एक बच्चा;

(च) किसी अंधे या ऐसे अशक्त मतदाता के साथ जाने वाला एक व्यक्ति जो सहायता के बिना चल-फिर नहीं सकता, और

(छ) पीठासीन अधिकारी के रिर्टनंिग अधिकारी जैसे अन्य व्यक्ति जिन्हें चुनाव के प्रयोजन के लिए नियोजित किया जा सकता है।

59. महिला मतदाताओं के लिए सुविधाएं:-

(1) जहां एक मतदान कें द्र पुरुष और महिला दोनों मतदाताओं के लिए है, पीठासीन अधिकारी यह निदेश दे सकता है कि उन्हें अलग-अलग बैचों में वैकल्पिक रूप से मतदान कें द्र में प्रवेश दिया जाएगा।

(2) रिर्टनंिग अधिकारी या पीठासीन अधिकारी महिला मतदाताओं की सहायता के लिए और विशेष रूप से महिला मतदाताओं के संबंध में मतदान कराने में पीठासीन अधिकारी की सहायता और विशेष रूप से यदि आवश्यक हो तो किसी भी महिला निर्वाचक को खोजने में सहायता करने के लिए किसी भी मतदान कें द्र पर सहायक के रूप में सेवा करने के उद्देश्य से एक महिला को नियुक्त कर सकता है। ।

60. मतदाताओं की पहचान:-

(1) पीठासीन अधिकारी मतदान कें द्र पर ऐसे लोगों को नियुक्त कर सकता है जिन्हें वह मतदाताओं की पहचान में मदद करने या मतदान कराने में उनकी सहायता करने के लिए उचित समझे।

(2) जैसे ही प्रत्येक मतदाता मतदान कें द्र में प्रवेश करता है, पीठासीन अधिकारी या उसके द्वारा इस संबंध में अधिकृ त मतदान अधिकारी मतदाता सूची में संबंधित प्रविष्टि के साथ निर्वाचक के नाम और अन्य विवरणों की जांच करेगा और फिर मि संख्या, नाम और मतदाता के अन्य विवरण पुकारेगा।49 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (3) एक वार्ड में जहां मतदान कें द्र स्थित है, जिसके मतदाताओं को मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के प्रावधानों के तहत पहचान पत्र प्रदान किए गए हैं, मतदाताओं को मतदान अधिकारी के द्वारा इस संबंध में अधिकृ त पीठासीन अधिकारी के समक्ष अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।

(4) मतपत्र प्राप्त करने के किसी व्यक्ति के अधिकार का निर्णय करने में, पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी, जैसा भी मामला हो, मतदाता सूची में किसी प्रविष्टि में उस स्थिति में के वल लिपिकीय या मुद्रण संबंधी त्रुटियों को नजरअंदाज कर देगा यदि वह इस बात से संतुष्ट है कि वह व्यक्ति उस मतदाता के समान है जिससे प्रविष्टि संबंधित है।

61. मतदान के लिए मतपेटियों की तैयारी :-

(1) जहां मतपेटी को सुरक्षित करने के लिए पेपर सील का उपयोग किया जाता है, वहां पीठासीन अधिकारी पेपर सील पर अपना हस्ताक्षर करेगा और उस पर उपस्थित ऐसे मतदान एजेंटों के हस्ताक्षर प्राप्त करेगा जो इसे लगाने के इच्छु क हों। (2) इसके बाद पीठासीन अधिकारी इस प्रकार हस्ताक्षरित पेपर सील को मतपेटी में उसके लिए निर्धारित स्थान पर लगाएगा और फिर बक्से को इस तरह से सुरक्षित और सील करेगा कि उसमें मतपत्र डालने के लिए छेद खुला रहे। (3) मतपेटी को सुरक्षित करने के लिए उपयोग की जाने वाली मुहरें इस प्रकार लगाई जाएंगी कि पेटी बंद होने के बाद; बिना सील तोड़े इसे खोलना संभव नहीं है।

(4) जहां मतपेटियों को सुरक्षित करने के लिए पेपर सील का उपयोग करना आवश्यक नहीं है, पीठासीन अधिकारी मतपेटियों को इस तरह से सुरक्षित और सील करेगा कि मतपत्र डालने के लिए छेद खुला रहे और उपस्थित मतदान एजेंटों को अनुमति देगा, यदि वे चाहें तो अपनी मुहर लगा दें।

(5) मतदान कें द्र पर उपयोग की जाने वाली प्रत्येक मतपेटी पर अंदर और बाहर दोनों तरफ लिखे होंगे -

(क) मि संख्या, यदि कोई हो और वार्ड का नाम,

(ख) मिांक, यदि कोई हो और मतदान कें द्र का नाम;

50 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

(ग) मतपेटी की मि संख्या (मतदान के अंत में के वल मतपेटी के बाहर लेबल पर भरी जानी है); और

(घ) मतदान की तारीख।

(6) मतदान शुरू होने से तुरंत पहले, पीठासीन अधिकारी मतदान एजेंटों को दिखाएगा कि मतपेटी खाली है और उस पर उप नियम (5) में र्निर्दष्ट लेबल लगे हैं।

(7) मतपेटी को बंद, सीलबंद और सुरक्षित किया जाएगा और पीठासीन अधिकारी और मतदान एजेंटों के सामने रखा जाएगा।

62. मतदाता सूची की चिनिनत प्रति:-

मतदान शुरू होने से ठीक पहले, पीठासीन अधिकारी मतदान एजेंटों और उपस्थित अन्य लोगों को मतदान के दौरान उपयोग की जाने वाली मतदाता सूची की चिनिनत प्रति का निरीक्षण करने की अनुमति देगा।

63. पहचान को चुनौती देना:-

(1) कोई भी मतदान एजेंट किसी विशेष मतदाता होने का दावा करने वाले व्यक्ति की पहचान को ऐसी प्रत्येक चुनौती के लिए पीठासीन अधिकारी के पास पहले दो रुपये नकद जमा करके चुनौती दे सकता है।

(2) इस तरह के जमा पर, पीठासीन अधिकारी -

(क) चुनौती देने वाले व्यक्ति को प्रतिरूपण के लिए दंड की चेतावनी दें;

(ख) मतदाता सूची में प्रासंगिक प्रविष्टि को पूरा पढ़ें और उससे पूछें कि क्या वह उस प्रविष्टि में र्निर्दष्ट व्यक्ति है;

(ग) प्रपत्र-16 में चुनौती दिए गए वोटों की सूची में उसका नाम और पता दर्ज करें;

(घ) उससे उक्त सूची में अपने हस्ताक्षर या बाएं अंगूठे का निशान लगाने की अपेक्षा की जाएगी।51 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (3) इसके बाद पीठासीन अधिकारी चुनौती की संक्षिप्त जांच करेगा और उस उद्देश्य के लिए -

(क) चुनौती देने वाले से चुनौती के पक्ष में सबूत पेश करने की अपेक्षा की जाएगी और चुनौती देने वाले व्यक्ति से उसकी पहचान के पक्ष में सबूत पेश करने की अपेक्षा की जाएगी;

(ख) चुनौती देने वाले व्यक्ति से उसकी पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से कोई प्रश्न पूछा जाएगा और उससे शपथ के साथ उत्तर देने की अपेक्षा की जाएगी; और (ग) चुनौती दिए गए व्यक्ति और सा्य देने की पेशकश करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को शपथ दिलाएं।

(4) यदि जांच के बाद पीठासीन अधिकारी यह मानता है कि चुनौती साबित नहीं हुई है, तो वह चुनौती दिए गए व्यक्ति को मतदान करने की अनुमति देगा और यदि वह मानता है कि चुनौती सही साबित हो गई है, तो वह चुनौती दिए गए व्यक्ति को मतदान करने से रोक देगा।

(5) यदि, पीठासीन अधिकारी की राय है कि चुनौती कमजोर है या अच्छे भरोसे में नहीं दी गई है, तो वह निदेश देगा कि उप-नियम (I) के तहत की गई जमा राशि पंचायत निधि और किसी भी मामले में जब्त कर ली जाए और अन्य स्थिति में, वह जांच के समाप्त होने पर इसे चुनौती देने वाले को लौटा देगा।

64. प्रतिरूपण (गलत पहचान) के विरु िसुरक्षा :

(1) प्रत्येक मतदाता जिसकी पहचान के बारे में पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी, जैसा भी मामला हो, संतुष्ट है तो पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी द्वारा उसकी बाईं तर्जनी का निरीक्षण करने और उस पर एक अमिट स्याही का निशान लगाने की अनुमति देगा।

(2) यदि कोई मतदाता -

(क) उपनियम (1) के अनुसार अपनी बायीं तर्जनी का निरीक्षण या निशान लगाने की अनुमति देने से इंकार करता है या उसकी बायीं तर्जनी पर पहले से ही52 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY ऐसा निशान है या स्याही का निशान हटाने की दृष्टि से कोई कार्य किया गया है;

या

(ख) नियम 60 के उप-नियम (3) के अनुसार अपना पहचान पत्र प्रस्तुत करने में विफल रहता है या इनकार करता है तो उसे कोई मतपत्र नहीं दिया जाएगा या वोट देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

(3) जहां ग्राम पंचायत वार्ड और जिला पंचायत वार्ड में एक साथ मतदान होता है, एक निर्वाचक जिसकी बायीं तर्जनी पर अमिट स्याही लगी हुई है या जिसने ऐसे चुनाव में अपना पहचान पत्र प्रस्तुत किया है, उप-नियम (1) और (2) में किसी बात के बावजूद, दूसरे चुनाव के लिए मतपत्र उपलब्ध कराया जाए। (4) इस नियम में किसी मतदाता की बायीं तर्जनी का कोई भी संदर्भ उस स्थिति में होगा जहां निर्वाचक की बायीं तर्जनी गायब है, उसके बाएं हाथ की किसी अन्य उं गली के संदर्भ के रूप में माना जाएगा, और उस स्थिति में जहां उसके बायें हाथ की सभी उं गलियां गायब हैं, इसे उसके दाहिने हाथ की अन्य उं गलियों की तर्जनी के संदर्भ के रूप में माना जाएगा और उस मामले में जहां उसके दोनों हाथों की सभी उं गलियां गायब हैं, इसे उसके बायें या दायें हाथ के उस छोर के संदर्भ के रूप में समझा जाना चाहिए जो उसके पास है।

65. मतदाताओं को मतपत्र जारी करना:

(1) किसी मतदाता को जारी करने से पहले प्रत्येक मतपत्र और उससे जुड़े प्रतिपर्ण (काउं टरफॉइल) पर पीछे ऐसे विशिष्ट चिनन की मुहर लगाई जाएगी जैसे चुनाव आयोग निदेश देता है, और जारी होने से पहले पीठासीन अधिकारी द्वारा प्रत्येक मतपत्र पर पीछे की तरफ पूर्ण रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे। ।

(2) किसी मतदाता को मतपत्र जारी करते समय, मतदान अधिकारी-

(क) मतदाता सूची की चिनिनत प्रति में दर्ज मतदाता की मतदाता सूची संख्या को उसके काउं टरफॉइल पर दर्ज करें;

(ख) उक्त काउं टरफॉइल पर उस मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान प्राप्त करेगा; और53 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ग) यह इंगित करने के लिए कि उसे मतपत्र जारी किया गया है, निर्वाचक नामावली की चिनिनत प्रति में मतदाता का नाम अंकित किया जाए, हालांकि उसमें उस मतदाता को जारी किए गए मतपत्र की मि संख्या दर्ज किए बिना किया जाए:

बशते कि कोई भी मतपत्र किसी मतदाता को तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक कि उसने उस मतपत्र के काउं टरफॉइल पर अपने हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान नहीं लगा दिया हो।

(3) किसी भी पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी या किसी अन्य अधिकारी के लिए काउं टरफॉइल पर मतदाता के अंगूठे के निशान को सत्यापित करना आवश्यक नहीं होगा।

(4) मतदान कें द्र में कोई भी व्यक्ति विशेष मतदाताओं को जारी किए गए मतपत्रों की मि संख्या नोट नहीं करेगा।

66. मतदान कें द्र और मतदान कक्ष के भीतर मतदाताओं द्वारा मतदान की गोपनीयता बनाए रखना:

(1) प्रत्येक मतदाता जिसे नियम 65 के तहत मतपत्र जारी किया गया है, मतदान कें द्र के भीतर मतदान की गोपनीयता बनाए रखेगा और उस उद्देश्य के लिए इसके बाद निर्धारित मतदान प्रयििा का पालन करेगा।

(2) मतपत्र प्राप्त होने पर मतदाता तुरंत करेगा-

(क) किसी एक मतदान कक्ष की ओर बढ़ें;

(ख) मतपत्र पर उस उम्मीदवार के चिनन पर या उसके निकट, जिसे वह वोट देना चाहता है, या नोटा के चिनन, जैसा भी मामला हो, इस प्रयोजन के लिए दिए गए उपकरण से एक निशान बना देगा;

(ग) मतपत्र को मोड़ देगा ताकि उसका वोट छिपा रहे;

(घ) यदि आवश्यक हो, तो पीठासीन अधिकारी को मतपत्र पर विशिष्ट चिनन दिखाएं;

(ङ) मुड़े हुए मतपत्र को मतपेटी में डालें; और54 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (च) मतदान कें द्र छोड़ दें।

(3) प्रत्येक मतदाता बिना किसी देरी के मतदान करेगा।

(4) किसी भी मतदाता को मतदान कक्ष में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब कोई अन्य मतदाता उसके अंदर हो।

(5) यदि कोई मतदाता, जिसे मतपत्र जारी किया गया है, उप-नियम (2) में निर्धारित प्रयििा का पालन करने के लिए पीठासीन अधिकारी द्वारा दी गई चेतावनी के बाद बात मानने से इनकार करता है, तो चाहे उसने अपना वोट दर्ज किया हो या नहीं, पीठासीन अधिकारी या पीठासीन अधिकारी के निदेशन में मतदान अधिकारी द्वारा उससे उसे जारी किया गया मतपत्र वापस ले लिया जाएगा।

(6) मतपत्र वापस ले लिए जाने के बाद, पीठासीन अधिकारी उसके पीछे "रद्द: मतदान प्रयििा का उल्लंघन" लिखेगा और उसके नीचे अपना हस्ताक्षर करेगा। (7) सभी मतपत्र जिन पर "रद्द: मतदान प्रयििा का उल्लंघन" लिखा हुआ है, उन्हें एक अलग लिफाफे में रखा जाएगा जिसके ऊपर "मतपत्र, मतदान प्रयििा का उल्लंघन" लिखा होगा।

(8) किसी भी अन्य दंड पर प्रतिकू ल प्रभाव डाले बिना, जिस मतदाता से उप- नियम (5) के तहत मतपत्र वापस ले लिया गया है, इस बात के लिए वही उत्तरदायी हो सकता है कि ऐसे मतपत्र पर दर्ज वोट, यदि कोई हो, की गिनती नहीं की जाएगी।

67. दृष्टिहीन अथवा निःशक्त मतदाताओं के मतों की रिर्काडंिग:-

(1) यदि पीठासीन अधिकारी इस बात से संतुष्ट है कि अंधापन या अन्य शारीरिक दुर्बलता के कारण कोई मतदाता बिना सहायता के मतपत्र पर प्रतीकों को पहचानने या उस पर निशान बनाने में असमर्थ है, तो पीठासीन अधिकारी मतदाता को अपने साथ उसकी इच्छा के अनुसार उसकी ओर से और, यदि आवश्यक हो;

मतपत्र पर वोट दर्ज करने के लिए मतदान कक्ष में कम से कम अठारह वर्ष की आयु का एक साथी ले जाने की अनुमति देगा, जो मतपत्र को मोड़ सके ताकि वोट छु पाया जा सके और उसे मतपेटी में डाला जा सके :

55 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

बशते कि किसी भी व्यक्ति को एक ही दिन किसी भी मतदान कें द्र पर साथी या एक से अधिक मतदाता के रूप में कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगी:

बशते कि इस नियम के तहत किसी भी दिन किसी भी व्यक्ति को मतदाता के साथी के रूप में कार्य करने की अनुमति देने से पहले, उस व्यक्ति को यह घोषित करना होगा कि वह निर्वाचक की ओर से उसके द्वारा दर्ज किए गए वोट को गुप्त रखेगा और उसने उस दिन किसी भी मतदान कें द्र पर पहले से ही किसी अन्य मतदाता के साथी के रूप में कार्य नहीं किया है।

(2) पीठासीन अधिकारी इस नियम के तहत सभी मामलों का प्रपत्र-17 में रिकॉर्ड रखेंगे।

68. खराब किये गये और लौटाये गये मतपत्र:

(1) एक मतदाता जिसने अनजाने में अपने मतपत्र को इस तरह से निपटाया है कि इसे आसानी से मतपत्र के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता है, उसे पीठासीन अधिकारी को वापस करने पर और असावधानी से संतुष्ट होने पर, एक और मतपत्र दिया जा सकता है और इस प्रकार लौटाए गए मतपत्र और ऐसे मतपत्र के काउं टरफॉइल पर पीठासीन अधिकारी द्वारा "खराब; रद्द" अंकित किया जाएगा। (2) यदि कोई मतदाता मतपत्र प्राप्त करने के बाद इसका उपयोग नहीं करने का निर्णय लेता है, तो वह इसे पीठासीन अधिकारी को वापस कर देगा, और मतपत्र वापस कर दिया जाएगा और ऐसे मतपत्र के काउं टरफॉइल पर पीठासीन अधिकारी द्वारा "लौटाया गया: रद्द" के रूप में चिनिनत किया जाएगा।

(3) उप-नियम (1) या उप-नियम (2) के तहत रद्द किए गए सभी मतपत्रों को एक अलग पैके ट में रखा जाएगा।

69. डाले गए मत:-

(1) यदि कोई व्यक्ति खुद को एक विशिष्ट मतदाता के रूप में प्रस्तुत करता है, तो किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पहले ही ऐसे मतदाता के रूप में मतदान करने के बाद मतपत्र के लिए आवेदन करता है, तो उसे पात्र होने के लिए अपनी पहचान से संबंधित ऐसे प्रश्न का संतोषजनक उत्तर देना होगा जो पीठासीन अधिकारी पूछ सकता है। इस नियम के निम्नलिखित प्रावधानों के अनुसार, किसी मतपत्र (इसके56 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY बाद इन नियमों में इसे "डाले गए मतपत्र" के रूप में संर्दर्भत किया जाएगा) को किसी अन्य मतदाता के समान ही चिनिनत किया जाएगा।

(2) ऐसे प्रत्येक व्यक्ति को, निविदा मतपत्र प्रदान किए जाने से पहले, प्रपत्र- 18 में एक सूची में उससे संबंधित प्रविष्टि के सामने अपने नाम पर हस्ताक्षर करना होगा।

(3) प्रस्तुत मतपत्र मतदान में प्रयुक्त अन्य मतपत्रों के समान ही होगा, सिवाय इसके कि -

(क) ऐसा डाला गया मतपत्र मतदान कें द्र पर उपयोग के लिए जारी किए गए मतपत्रों के बंडल में मिानुसार अंतिम होगा; और

(ख) ऐसे डाले गए मतपत्र और काउं टरफॉइल को पीठासीन अधिकारी द्वारा अपने हाथ से पीछे की तरफ "डाले गए मतपत्र" शब्दों के साथ पृष्ठांकित किया जाएगा और उनके द्वारा हस्ताक्षर किया जाएगा।

(4) मतदाता मतदान पेटी में एक डाले गए मतपत्र पर निशान लगाने और उसे मोड़ने के बाद उसे मतपेटी में डालने के बजाय पीठासीन अधिकारी को देगा, जो उसे इस प्रयोजन के लिए विशेष रूप से रखे गए लिफाफे में रखेगा।

70. मतदान का समापन:

(1) पीठासीन अधिकारी इस संबंध में निर्धारित समय पर मतदान कें द्र को बंद कर देगा और उसके बाद किसी भी मतदाता को मतदान कें द्र में प्रवेश नहीं देगा: बशते कि मतदान कें द्र बंद होने से पहले वहां मौजूद सभी मतदाताओं को अपना वोट डालने की अनुमति दी जाएगी।

71. मतदान के बाद मतपेटियों को सील करना:-

(1) मतदान समाप्त होने के बाद जितनी जल्दी संभव हो, पीठासीन अधिकारी मतपेटी के स्लिट यानी मत पत्र डालने के लिए खाली छोड़े गए स्थान को बंद कर देगा, और जहां बॉक्स में स्लिट को बंद करने के लिए कोई यांत्रिक उपकरण नहीं है, वह स्लिट को सील कर देगा और किसी भी मतदान एजेंट को अपनी मुहर लगाने की अनुमति भी देगा।57 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (2) इसके बाद मतपेटी को सील कर सुरक्षित कर दिया जाएगा।

(3) जहां पहली मतपेटी भर जाने के कारण दूसरी मतपेटी का उपयोग करना आवश्यक हो जाता है, पहली मतपेटी को उपरोक्त उप-नियम (1) और (2) में दिए गए प्रावधानों के अनुसार किसी भी मतपेटी से पहले बंद, सील और सुरक्षित किया जाएगा। उसके बाद ही अन्य मतपेटी को उपयोग में लाया जाता है। (4) इस नियम का पहला प्रावधान उस मतदान कें द्र पर उस पीठासीन अधिकारी पर लागू नहीं होगा जिसके पीठासीन अधिकारी को चुनाव आयोग ने निदेश जारी कर नीचे उप-नियम (5) के अनुसार आगे बढ़ने के लिए कहा है।

(5) ऐसे किसी भी मतदान कें द्र पर, मतदान समाप्ति के बाद, पीठासीन अधिकारी यथाशीघ्र -

(क) उस मतदान कें द्र पर उपयोग की गई मतपेटियों या बक्सों में मौजूद सभी मतपत्रों को, उनकी जांच या गिनती किए बिना और मतपत्रों की गोपनीयता का उचित ध्यान रखते हुए, मतदान एजेंट को यह दिखाने कि बैग या कवर खाली है, के बाद कपड़े के थैले या कपड़े से बने कवर में हस्तांतरित कर दिया जाएगा;

(ख) उपस्थित मतदान एजेंटों को प्रत्येक मतपेटी का निरीक्षण करने और उन्हें यह दिखाने की अनुमति दें कि इसे खाली कर दिया गया है,

(ग) बैग या कवर पर वार्ड का नाम, मतदान कें द्र का नाम और मतदान की तारीख दर्ज करें; और

(घ) बैग या कवर को सील कर देगा और उपस्थित मतदान एजेंट को उस पर अपनी सील लगाने की अनुमति देगा।

72. मतपत्र का खाता :-

(1) पीठासीन अधिकारी मतदान समाप्त होने पर प्रपत्र-1 9 में एक मतपत्र खाता तैयार करेगा और उसे एक अलग लिफाफे में "मतपत्र खाता" लिखेगा।

(2) पीठासीन अधिकारी मतदान समाप्त होने पर उपस्थित प्रत्येक मतदान एजेंट को उक्त मतदान एजेंट से पावती प्राप्त करने के बाद मतपत्र खाते में की गई58 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY प्रविष्टियों की एक वास्तविक प्रति देगा और इसे एक वास्तविक प्रति के रूप में सत्यापित भी करेगा।

73. अन्य पैके टों को सील करना:-

(1) पीठासीन अधिकारी फिर अलग-अलग पैके ट बनाएगा -

(क) मतदाता सूची की चिनिनत प्रति;

(ख) प्रयुक्त मतपत्र का प्रतिपर्ण (काउं टरफॉइल);

(ग) पीठासीन अधिकारी द्वारा मतपत्र पूर्ण रूप से हस्ताक्षरित किया गया लेकिन मतदाताओं को जारी नहीं किया गया;

(घ) कोई अन्य मतपत्र जो मतदाताओं को जारी नहीं किया गया हो;

(ङ) मतदान प्रयििा के उल्लंघन के कारण रद्द किए गए मतपत्र;

(च) कोई अन्य रद्द मतपत्र;

(छ) वह लिफाफा जिसमें डाले गए मतपत्र और प्रपत्र-18 में सूची हो;

(ज) वोटों की सूची जिन्हें चुनौती दी गई हो; और

(झ) चुनाव आयोग द्वारा सीलबंद पैके ट में रखे जाने के लिए निदेशित कोई अन्य कागजात।

(2) ऐसे प्रत्येक पैके ट को पीठासीन अधिकारी की मुहर के साथ सील किया जाएगा और या तो उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट या उसके मतदान एजेंट की मुहर के साथ सील किया जाएगा जो मतदान कें द्र पर मौजूद हो सकता है और उस पर अपनी मुहर लगाना चाहता है।

74. मतपेटियों आदि का रिर्टनंिग अधिकारी को प्रेषण:

(1) पीठासीन अधिकारी तब रिर्टनंिग अधिकारी को ऐसे स्थान पर ये सामान सौंपेगा या दिलवाएगा जैसा कि रिर्टनंिग अधिकारी निदेश दे-

(क) मतपेटियां या, जैसा भी मामला हो, नियम 71 में र्निर्दष्ट बैग या कवर, (ख) मतपत्र खाता;

59 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

(ग) नियम 73 में र्निर्दष्ट सीलबंद पैके ट; और

(ध) मतदान में उपयोग किए गए अन्य सभी कागजात।

(2) रिर्टनंिग अधिकारी सभी मतपेटियों, पैके टों और अन्य कागजात के सुरक्षित परिवहन और वोटों की गिनती शुरू होने तक उनके सुरक्षित रखरखाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था करेगा।

अध्याय - XIII

मतगणना

75. मतगणना:-

प्रत्येक चुनाव में जहां मतदान होता है, वोटों की गिनती रिर्टनंिग अधिकारी की देखरेख और निदेशन में की जाएगी और प्रत्येक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार, उसके चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंटों को मतों की गिनती के समय उपस्थित रहने का अधिकार होगा।

76. मतगणना का समय और स्थान:-

रिर्टनंिग अधिकारी, मतदान के लिए निर्धारित तारीख से कम से कम एक सप्ताह पहले, उस स्थान या स्थानों को जहां वोटों की गिनती की जाएगी और वह तारीख और समय पर गिनती होगी, उनको तय करेगा और इसकी लिखित सूचना प्रत्येक उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट को देगा :

बशते कि यदि किसी कारण से रिर्टनंिग अधिकारी आवश्यक समझता है तो वह प्रत्येक उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट को लिखित रूप में सूचना देने के बाद निर्धारित तिथि, समय और स्थान या स्थानों या उनमें से किसी में बदलाव कर सकता है।

77. मतगणना के लिए नियत स्थान पर प्रवेश:-

(1) रिर्टनंिग अधिकारी मतों की गिनती के लिए निर्धारित स्थान से निम्नलिखित को छोड़कर बाकी किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं देगा,60 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (क) ऐसे व्यक्ति (जिन्हें मतगणना पर्यवेक्षक और मतगणना सहायक के रूप में जाना जाता है) जिन्हें वह मतगणना में सहायता के लिए नियुक्त कर सकता है;

(ख) चुनाव आयोग द्वारा अधिकृ त व्यक्ति;

(ग) चुनाव से जुड़ी ड्यूटी पर आए लोक सेवक: और

(घ) उम्मीदवार, उनके चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंट।

(2) उपनियम (1) के खंड (क) के तहत नियुक्त नहीं किया जाएगा, ऐसा कोई भी व्यक्ति जो किसी उम्मीदवार के द्वारा या उसके लिए नियोजित किया गया हो या उम्मीदवार के लिए चुनाव में या चुनाव के लिए कार्य कर रहा हो।

(3) रिर्टनंिग अधिकारी यह तय करेगा कि किसी विशेष मतगणना टेबल या मतगणना टेबल के समूह पर जारी मतगणना को कौन से मतगणना एजेंट या एजेंटों के द्वारा देखा जाएगा।

(4) कोई भी व्यक्ति जो मतों की गिनती के दौरान दुव्र्यवहार करता है या रिर्टनंिग अधिकारी के वैध निदेशों का पालन करने में विफल रहता है, उसे रिर्टनंिग अधिकारी या ड्यूटी पर मौजूद किसी पुलिस अधिकारी या रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा इस संबंध में अधिकृ त किसी भी व्यक्ति के द्वारा उस स्थान से हटाया जा सकता है जहां मतों की गिनती हो रही है।

78. मतदान की गोपनीयता बनाये रखना :-

(1) प्रत्येक अधिकारी, क्लर्क , एजेंट या अन्य व्यक्ति जो चुनाव में रिर्कॉडंिग या मतों की गिनती के संबंध में कोई कर्तव्य पूरा करता है, मतदान की गोपनीयता को बनाए रखेगा और इसे बनाए रखने में सहायता करेगा। वह गोपनीयता का उल्लंघन करने वाली किसी भी जानकारी को किसी भी व्यक्ति को संप्रेषित (कानून के तहत या कानून के द्वारा अधिकृ त कु छ उद्देश्यों को छोड़कर) नहीं करेगा।

(2) मतगणना शुरू करने से पहले रिर्टनंिग अधिकारी, इन व्यक्तियों को उपरोक्त प्रावधान पढ़कर सुनाएगा।

79. मतपेटियों की जांच और उन्हें खोला जाना :-

61 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

(1) रिर्टनंिग अधिकारी एक से अधिक मतदान कें द्रों पर उपयोग की गईं मतपेटियों या बक्सों को खुलवा सकता है और ऐसे बक्सों या बक्सों में पाए गए मतपत्रों को एक साथ गिना जा सकता है,

(2) किसी भी मतपेटी को मतगणना टेबल पर खोले जाने से पहले, उस टेबल पर मौजूद मतगणना एजेंटों को पेपर सील या उस पर लगाई गई अन्य सील का निरीक्षण करने और यह संतुष्ट करने की अनुमति दी जाएगी कि वह टूटी हुई नहीं है।

(3) रिर्टनंिग अधिकारी खुद संतुष्ट होगा कि किसी भी मतपेटी के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है।

(4) यदि रिर्टनंिग अधिकारी मानता है कि किसी मतपेटी के साथ वास्तव में छेड़छाड़ की गई है, तो वह उस पेटी में मौजूद मतपत्रों की गिनती नहीं करेगा और उस मतदान कें द्र के संबंध में नियम 54 में दी गई निर्धारित प्रयििा का पालन करेगा।

80. मतगणना के समय मतपत्रों का: नष्ट होना, हानि आदि;

(1) यदि वोटों की गिनती पूरी होने से पहले किसी भी समय, मतदान कें द्र पर इस्तेमाल किए गए किसी भी मतपत्र को रिर्टनंिग अधिकारी की निगरानी से गैरकानूनी तरीके से बाहर ले जाया जाता है या गलती से या जानबूझकर नष्ट कर दिया जाता है या खो दिया जाता है, या क्षतिग्रस्त कर दिया जाता है या उसके साथ छेड़छाड़ की जाती है, वो भी इस सीमा तक कि उस मतदान कें द्र पर मतदान का परिणाम सुनितिि नहीं किया जा सकता है तब रिर्टनंिग अधिकारी तुरंत मामले की रिपोर्ट चुनाव आयोग को देगा।

(2) उसके बाद, चुनाव आयोग, सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, या तो -

(क) निदेश दे कि वोटों की गिनती रोकी जाएगी, उस मतदान कें द्र पर मतदान को शून्य घोषित कर दिया जाएगा, उस मतदान कें द्र पर नए सिरे से मतदान कराने के लिए एक तारीख और समय तय किया जाएगा और तय तारीख और समय को जिस तरह उचित समझा जाए उसी अनुसार अधिसूचित किया जाएगा; या62 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ख) यदि वह इस बात से संतुष्ट हैं कि उस मतदान कें द्र पर नए मतदान का परिणाम किसी भी तरह से चुनाव के परिणाम को प्रभावित नहीं करेगा, तो रिर्टनंिग अधिकारी को वह ऐसे निदेश जारी करेगा जो मतगणना को फिर से शुरू करने और पूरा करने के लिए उचित समझे जाएं और जिसके लिए मतगणना हो रही है उससे जुड़ी चुनाव प्रयििा का संचालन करे और उसे पूरा करे।

(3) इन नियमों या इसके तहत दिए गए आदेशों के प्रावधान ऐसे प्रत्येक नए मतदान पर वैसे ही लागू होंगे जैसे वे मूल मतदान पर लागू होते हैं।

81. मतगणना:-

(1) इस संबंध में चुनाव आयोग द्वारा दिए गए ऐसे किसी सामान्य या विशेष निदेशों के तहत यदि कोई हो तो, प्रत्येक मतपेटी से निकाले गए मतपत्रों को सुविधाजनक बंडलों में व्यवस्थित किया जाएगा और जांच की जाएगी।

(2) रिर्टनंिग अधिकारी ऐसे मतपत्र को अस्वीकार कर देगा -

(क) यदि उस पर कोई निशान या लिखावट हो जिससे निर्वाचक की पहचान की जा सके ; या

(ख) यदि उस पर मत को दर्ज करने के लिए कोई मुहर नहीं है या उस पर किसी उम्मीदवार के चुनाव चिनन पर या उसके करीब स्थान के अतिरिक्त मतपत्र में कहीं और मुहर लगाई गई है या मतपत्र पर मुहर लगाने के लिए दिए गए साधन के अतिरिक्त किसी अन्य से निशान लगाया गया है; या

(ग) यदि इस पर एक से अधिक उम्मीदवारों के पक्ष में वोट दिए गए हैं; या (घ) यदि उस पर वोट दर्शाने वाला चिनन इस प्रकार लगाया गया है कि यह संदिग्ध हो जाए कि वोट किस उम्मीदवार को दिया गया है; या यदि यह जाली मतपत्र है; या

(घ) यदि यह इतना क्षतिग्रस्त या फट चुका है कि वास्तविक मतपत्र के रूप में इसकी पहचान स्थापित नहीं की जा सकती है; या63 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ङ) यदि उस पर दी गई मिांक संख्या या उसकी बनावट उस मतदान कें द्र पर उपयोग के लिए अधिकृ त मतपत्रों की मिांक संख्या या बनावट, जैसा भी मामला हो, से भिन्न है; या

(च) यदि उस पर वह चिनन और हस्ताक्षर नहीं है जो उस पर नियम 66 के उप- नियम (2) के प्रावधान के तहत होने चाहिए:

बशते कि जहां रिर्टनंिग अधिकारी इस बात से संतुष्ट हो कि खंड (ङ) या खंड (च) में उल्लिखित कोई भी गलती पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी की ओर से हुई किसी गलती या विफलता के कारण है, तो मतपत्र के वल ऐसे दोष के आधार पर खारिज नहीं किया जाएगा:

बशते कि यदि मतपत्र पर निशान लगाने के तरीके से यह स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि वोट किसी विशेष उम्मीदवार के लिए है तब किसी मतपत्र को के वल इस आधार पर खारिज नहीं किया जाएगा कि वोट का संके त देने वाला निशान अस्पष्ट है या एक से अधिक बार बनाया गया है।

(3) उप-नियम (2) के तहत किसी भी मतपत्र को अस्वीकार करने से पहले रिर्टनंिग अधिकारी प्रत्येक मतगणना एजेंट को उस मतपत्र का निरीक्षण करने का उचित अवसर देगा, लेकिन उसे इसे या किसी अन्य मतपत्र को छू ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

4) रिर्टनंिग अधिकारी प्रत्येक मतपत्र पर जिसे वह अस्वीकार करता है, "अस्वीकृ त" शब्द और अस्वीकृ ति के आधार को संक्षिप्त रूप में अपने हाथ से या रबर स्टांप के माध्यम से अंकित करेगा और इस तरह से अनुमोदन को आगे भेजेगा। (5) इस नियम के तहत अस्वीकृ त सभी मतपत्रों को एक साथ रखा जाएगा। (6) प्रत्येक मतपत्र जो इस नियम के तहत खारिज नहीं किया गया है उसे एक वैध वोट के रूप में गिना जाएगा:

बशते कि टेंडर यानी डाले गए मतपत्रों वाला कोई भी लिफाफा नहीं खोला जाएगा और ऐसे किसी भी मतपत्र की गिनती नहीं की जाएगी।64 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (7) किसी मतदान कें द्र पर उपयोग की गई सभी मतपेटियों में मौजूद सभी मतपत्रों की गिनती पूरी हो जाने के बाद;

(क) गणना पर्यवेक्षक प्रपत्र 19 में भाग II - मतगणना के परिणाम, को भरेगा और हस्ताक्षर करेगा, जिस पर रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा भी हस्ताक्षर किए जाएंगे; और (ख) रिर्टनंिग अधिकारी प्रपत्र - 20 में परिणाम पत्र में प्रविष्टियां करेगा और विवरण की घोषणा करेगा।

82. इस्तेमाल हुए मतपत्रों को सील किया जाना:-

प्रत्येक उम्मीदवार के वैध मतपत्रों और अस्वीकृ त मतपत्रों को उसके बाद अलग- अलग एकत्रित किया जाएगा और कई बंडलों का एक अलग पैके ट बनाया जाएगा, जिसे रिर्टनंिग अधिकारी की मुहर के साथ और उम्मीदवारों, उनके चुनाव एजेंटों या गणना एजेंटों जो उस पर अपनी मुहर लगाना चाहें, के द्वारा सील किया जाएगा; और इस प्रकार सील किए गए पैके टों पर निम्नलिखित विवरण दर्ज किए जाएंगे, जो इस प्रकार हैं -

(क) वार्ड का नाम;

(ख) उस मतदान कें द्र का विवरण जहां मतपत्रों का उपयोग किया गया है; और (ग) मतगणना की तारीख।

83. नियम-71 के तहत बैग या कवर में स्थानांतरित मतपत्रों की गिनती:-

नियम 71 के उप नियम (5) (ए) के तहत मतपत्रों और वोटों, यदि कोई हों तो जिन्हें मतपेटियों से कपड़े की थैलियों या कपड़े से बने कवर में हस्तांतरित किया गया है, की गणना के संबंध में नियम 79, 81 और 82 के प्रावधान यथासंभव लागू होंगे।

बशते कि उक्त नियमों में मतपेटी के किसी भी संदर्भ को उस बैग या कवर के संदर्भ के रूप में माना जाएगा जिसमें मतपेटी की सामग्री स्थानांतरित की गई है। 84. मतगणना का जारी रहना:-

65 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

रिर्टनंिग अधिकारी, जहां तक संभव हो, मतगणना लगातार जारी रखेगा और किसी भी अंतराल के दौरान जब मतगणना को रोकना होगा, उस समय मतपत्र, पैके ट और चुनाव से संबंधित अन्य सभी कागजात को अपनी मुहर और ऐसे उम्मीदवारों के चुनाव एजेंटों की मुहरें जो अपनी मुहर लगाना चाहते हों, के साथ सील रखेगा और मतगणना रोके जाने की अवधि के दौरान इनकी सुरक्षि देखरेख के लिए पर्याप्त सावधानी रखेगा।

85. नये सिरे से मतदान के बाद दोबारा गिनती शुरू होना:-

(1) यदि नियम 54 के तहत फिर से मतदान होता है, तो रिर्टनंिग अधिकारी, उस मतदान के पूरा होने के बाद, उस तारीख और समय और स्थान पर वोटों की गिनती शुरू करेगा जो उसके द्वारा इस संबंध में तय किये गए हैं और जिसकी सूचना पहले ही प्रत्याशियों एवं उनके चुनाव एजेंटों को दी जा चुकी है।

(2) नियम 81 और 82 के प्रावधान आगे की ऐसी गणना पर यथासंभव लागू होंगे। 86. मतों की फिर से गणना:-

(1) गिनती पूरी होने के बाद, रिर्टनंिग अधिकारी प्रत्येक उम्मीदवार को मिले वोटों की कु ल संख्या को प्रपत्र- 20 में परिणाम पत्र में दर्ज करेगा और उसकी घोषणा करेगा।

(2) ऐसी घोषणा किए जाने के बाद, एक उम्मीदवार या उसकी अनुपस्थिति में, उसका चुनाव एजेंट या उसका कोई भी मतगणना एजेंट रिर्टनंिग अधिकारी को लिखित रूप में पुनर्गणना के कारण का उल्लेख करके वोटों की पूरी या आंशिक गिनती के लिए आवेदन कर सकता है।

(3) ऐसा आवेदन किए जाने पर रिर्टनंिग अधिकारी मामले पर निर्णय करेगा और आवेदन को पूर्णतः या आंशिक रूप से स्वीकार कर सकता है या यदि उसे यह आवेदन अनुचित या अकारण लगता है तो इसे पूरी तरह से अस्वीकार कर सकता है।

(4) उप-नियम (3) के तहत रिर्टनंिग अधिकारी का प्रत्येक निर्णय लिखित होगा और उसमें कारण शामिल होगा।66 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (5) यदि रिर्टनंिग अधिकारी ने उप-नियम (3) के तहत पूर्ण या आंशिक रूप से वोटों की पुनर्गणना की अनुमति देने का निर्णय लिया है, तो वह-

(क) नियम 81 के अनुसार पुनर्गणना करें;

(ख) ऐसी पुनर्गणना के बाद आवश्यक सीमा तक प्रपत्र-20 में परिणाम पत्र में संशोधन करें; और

(ग) उसके द्वारा किए गए संशोधनों की घोषणा करें।

(6) उपनियम (1) या उपनियम (5) के तहत प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा डाले गए वोटों की कु ल संख्या घोषित होने के बाद, रिर्टनंिग अधिकारी प्रपत्र- 20 में परिणाम पत्र को पूरा करेगा और उस पर हस्ताक्षर करेगा और इसके बाद पुनर्गणना के लिए किसी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा:

बशते कि मतगणना के पूरा होने पर इस उपनियम के तहत कोई भी कदम तब तक नहीं उठाया जाएगा जब तक कि उपस्थित उम्मीदवारों और चुनाव एजेंटों को उपनियम (2) द्वारा प्रदत्त अधिकार का प्रयोग करने का उचित अवसर नहीं दिया जाता है।

87. समान मत प्राप्त होना:-

यदि वोटों की गिनती पूरी होने के बाद, उम्मीदवारों के बीच एक समान वोट हासिल होते हैं और स्थिति ऐसी होती है कि एक मत मिलने पर उनमें से कोई भी उम्मीदवार निर्वाचित घोषित होने का हकदार हो जाएगा, तो रिर्टनंिग अधिकारी तुरंत उन उम्मीदवारों के बीच लॉटरी द्वारा निर्णय करेगा और प्रयििा ऐसे आगे बढ़ेगी जिसके अनुसार जिस उम्मीदवार की लॉटरी निकलती है, उसे एक अतिरिक्त वोट प्राप्त हुआ हो।

88. चुनाव परिणाम की घोषणा और चुनाव के विजेता:-

(1) जब वोटों की गिनती पूरी हो जाती है, तो रिर्टनंिग अधिकारी, चुनाव आयोग के द्वारा इसके विरु िकिसी भी निदेश के न दिए जाने पर, इन नियमों में प्रदान किए गए तरीके से तुरंत चुनाव के परिणाम की घोषणा करेगा।

(2) रिर्टनंिग अधिकारी जो काम करेगा-:

67 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

(क) प्रपत्र संख्या-21 या प्रपत्र-21.ए, जो भी लागू हो, उसमें उस उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित करेगा, जिसे सबसे अधिक संख्या में वैध वोट मिले हैं और उसकी हस्ताक्षरित प्रतियां पंचायत चुनाव निदेशक, आयोग और प्रशासक को भेजेगा;

(ख) प्रपत्र-22 में चुनाव को पूरा करेगा और प्रमाणित करेगा और उसकी हस्ताक्षरित प्रतियां आयोग और पंचायत चुनाव निदेशक को भेजेगा।

89. निर्वाचित उम्मीदवारों को निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान करना:-

किसी उम्मीदवार को रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा निर्वाचित घोषित किए जाने के बाद जितनी जल्दी हो सके , रिर्टनंिग अधिकारी ऐसे उम्मीदवार को प्रपत्र-23 में चुनाव का प्रमाण पत्र देगा और उम्मीदवार से उसके द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित रसीद की पावती प्राप्त करेगा और पावती तुरंत पंजीकृ त डाक से पंचायत चुनाव निदेशक को भेजेगा।

90. किसी पंचायत के लिए निर्वाचित सदस्यों/ सरपंचों के नामों का प्रकाशन:-

आयोग, यथाशीघ्र पंचायत के लिए निर्वाचित सदस्यों/ सरपंचों के नामों वाली सूची को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित करेगा और ऐसी सूची भी जारी करेगा जिसे पंचायत चुनाव निदेशक के कार्यालय और पंचायत के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगाया जाएगा।

बशते कि यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक सीट के लिए चुना जाता है तो परिणाम के प्रकाशन की तारीख से तीन दिनों के अंदर जब तक कि वह आयोग को अपने हस्ताक्षर सहित लिखकर एक सीट से इस्तीफा नहीं दे देता, दोनों सीटें खाली ही रहेंगी।

91. उम्मीदवारों के निर्वाचन की तिथि:-

इन नियमों के प्रयोजन के लिए, जिस तारीख को रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा उम्मीदवार को पंचायत के लिए निर्वाचित घोषित किया जाता है, वही उस उम्मीदवार के चुने जाने की तारीख होगी।68 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

अध्याय - XIV

चुनाव परिणामों का प्रकाशन

92. पंचायतों के आम चुनाव के परिणामों का प्रकाशन:-

जिन वाडों में किसी भी कारण से पहले से तय निर्धारित तिथि पर मतदान नहीं हो सका था या इन नियमों के प्रावधानों के तहत चुनाव संपन्न करने की अवधि को बढ़ाया गया है, उनके अलावा जहां एक नई पंचायत के गठन के उद्देश्य से आम चुनाव आयोजित कराए गए हैं उन वाडों के परिणाम रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा घोषित किए गए हैं उनके लिए चुने गए सरपंचों/ सदस्यों के नाम आयोग द्वारा यथाशीघ्र आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित किया जाएंगे और ऐसी अधिसूचना जारी होने पर उस पंचायत को विधिवत गठित माना जाएगा: बशते कि ऐसी अधिसूचना जारी करने पर रोक नहीं लगाई जाए

(क) किसी भी वार्ड या वाडों में मतदान कराना और चुनाव पूरा करना, जहां पहले से तय निर्धारित तिथि पर किसी भी कारण से मतदान नहीं हो सका था, या, (ख) किसी भी वार्ड या वाडों में चुनाव पूरा करने के लिए जिसके लिए इन नियमों के प्रावधान के तहत अवधि को बढ़ाया गया है; या

(ग) इस अधिसूचना जारी होने से ठीक पहले पंचायत के कामकाज की अवधि को प्रभावित करने पर,

अध्याय - XV

विविध

चुनाव से संबंधित मतपेटियों एवं कागजातों की अभिरक्षा:-

(1) चुनाव में उपयोग की जाने वाली सभी मतपेटियां इस तरह अभिरक्षा में रखी जाएंगी जैसा पंचायत चुनाव निदेशक निदेशित कर सकते हैं।

(2) रिर्टनंिग अधिकारी सुरक्षित अभिरक्षा में रखेगा -69 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (क) अप्रयुक्त मतपत्रों के पैके ट और उनसे जुड़े प्रतिपर्ण;

(ख) प्रयुक्त मतपत्रों के पैके ट चाहे वैध हों, मतदन में प्रयुक्त हो गए हों या अस्वीकृ त हों;

(ग) प्रयुक्त मतपत्रों के प्रतिपर्ण के पैके ट;

(घ) मतदाता सूची की चिनिनत प्रति के पैके ट; और

(ङ) चुनाव से संबंधित अन्य सभी कागजात।

94. निर्वाचन पत्रों का उत्पादन एवं निरीक्षण:-

(1) रिर्टनंिग ऑफिसर की अभिरक्षा में रहते हुए-

(क) अप्रयुक्त मतपत्रों के पैके ट और उनसे जुड़े प्रतिपर्ण:

(ख) प्रयुक्त मतपत्रों के पैके ट चाहे वैध हों, मतदान में प्रयुक्त हो गए हों या अस्वीकृ त किये गये हों;

(ग) प्रयुक्त मतपत्रों के प्रतिपर्ण के पैके ट; और

(घ) सक्षम न्यायालय के आदेश के अलावा मतदाता सूची की चिनिनत प्रति के पैके ट नहीं खोले जाएंगे और उनकी सामग्री का किसी भी व्यक्ति या प्राधिकारी द्वारा निरीक्षण नहीं किया जाएगा या उनके समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाएगा। (2) इन शतों और ऐसे शुल्क के भुगतान के अधीन, जैसा कि चुनाव आयोग निदेशित कर सकता है -

(क) चुनाव से संबंधित अन्य सभी कागजात सार्वजनिक निरीक्षण के लिए खुले रहेंगे; और

(ख) आवेदन पर उसकी प्रतियां प्रस्तुत की जाएंगी।

(ग) नियम 88 के तहत रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा अग्रेषित नतीजों की प्रतियां रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा ऐसी प्रत्येक प्रति के लिए पांच रुपये के शुल्क के भुगतान पर प्रस्तुत की जाएंगी।70 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 95. निर्वाचन पत्रों का निपटान:

चुनाव आयोग या सक्षम न्यायालय द्वारा दिए गए किसी भी प्रतिकू ल निदेश के अधीन -

(क) अप्रयुक्त मतपत्रों के पैके ट छह महीने की अवधि के लिए रखे जाएंगे और उसके बाद चुनाव आयोग के निदेश के अनुसार बताए गए तरीके से नष्ट कर दिए जाएंगे;

(ख) नियम 94 के उप-नियम (1) में र्निर्दष्ट अन्य पैके टों को एक वर्ष की अवधि के लिए रखा जाएगा और उसके बाद नष्ट कर दिया जाएगा: बशते कि प्रयुक्त मतपत्रों के प्रतिपर्ण वाले पैके ट को चुनाव आयोग की पूर्व मंजूरी के अलावा नष्ट नहीं किया जाएगा।

(ग) चुनाव से संबंधित अन्य सभी कागजात उस अवधि के लिए रखे जाएंगे जिसके लिए चुनाव आयोग निदेश दे सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक वोटटंग मशीनों द्वारा मतदान

96. इलेक्ट्रॉनिक वोटटंग मशीनों द्वारा मतदान:-

इन नियमों में किसी बात के होते हुए भी, वोटटंग मशीनों द्वारा वोट देने और रिकॉर्ड करने की प्रयििा, निर्धारित तरीके से, ऐसे वार्ड या वाडों में अपनाई जा सकती है, जैसा कि चुनाव आयोग प्रत्येक क्षेत्र की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए र्निर्दष्ट करता है।

स्पष्टीकरण: - "वोटटंग मशीन" का अर्थ, ऐसी कोई भी मशीन या उपकरण, चाहे वह इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचालित हो या किसी और तरीके से वोट देने या रिकॉर्ड करने के लिए उपयोग किया जाता हो और इन नियमों में मतपेटी या मतपत्र का कोई भी संदर्भ अलग से बताए गए संदभों को छोड़कर; ऐसी वोटटंग मशीन के संदर्भ को शामिल करने के रूप में समझा जाएगा, जहां भी ऐसी वोटटंग मशीन का उपयोग किसी भी चुनाव में किया जाता रहा है।71 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 97. इलेक्ट्रॉनिक वोटटंग मशीनों की रूपरेखा:-

प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक वोटटंग मशीन (बाद में वोटटंग मशीन के रूप में संर्दर्भत) में एक नियंत्रण इकाई और एक मतदान इकाई होगी और उसका डिजाइन ऐसा होगा जिसे चुनाव आयोग द्वारा अनुमोदित किया गया हो।

98. रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा मतदान मशीनों की तैयारी:-

(1) मतदान मशीन की मतदान यूनिट में ऐसे विवरण शामिल होंगे जो चुनाव आयोग र्निर्दष्ट कर सकता है।

(2) उम्मीदवारों के नाम मतदान इकाई पर उसी मि में व्यवस्थित किये जायेंगे जिस मि में वे चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची में हैं।

(3) यदि दो या दो से अधिक उम्मीदवारों का नाम एक ही है, तो उन्हें उनके व्यवसाय या निवास के अलावा या किसी अन्य तरीके से अलग किया जाएगा। (4) इन नियमों के पूर्वगामी प्रावधानों के अधीन, रिर्टनंिग अधिकारी जो काम करेगा:-

क) मतदान इकाई में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नाम और चिनन वाले लेबल को ठीक करना और उस यूनिट को अपनी मुहर और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों या उनके चुनाव एजेंटों की मुहर से सुरक्षित करना जो इसे लगाने के इच्छु क हों;

ख) चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की संख्या निर्धारित करना और नियंत्रण इकाई में उम्मीदवार सेट अनुभाग को बंद करना और इसे अपनी मुहर और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों या उनके चुनाव एजेंटों की मुहर के साथ सुरक्षित करना जो इसे लगाने के इच्छु क हैं।

99. मतदान कें द्रों पर व्यवस्था:-

1. रिर्टनंिग अधिकारी प्रत्येक मतदान कें द्र के लिए एक वोटटंग मशीन और मतदाता सूची के प्रासंगिक हिस्से की प्रतियां और ऐसी अन्य चुनाव सामग्री उपलब्ध कराएगा, जो मतदान कराने के लिए आवश्यक हो।72 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 2. उप नियम (1) के प्रावधानों पर प्रतिकू ल प्रभाव डाले बिना, रिर्टनंिग अधिकारी, चुनाव आयोग की पूर्व मंजूरी से, एक ही परिसर में स्थित दो या अधिक मतदान कें द्रों के लिए एक वोटटंग मशीन प्रदान कर सकता है।

100. मतदान के लिए वोटटंग मशीनों की तैयारी:-

(1) मतदान कें द्र पर उपयोग की जाने वाली प्रत्येक वोटटंग मशीन की नियंत्रण इकाई और मतदान इकाई पर एक लेबल रहेगा जिस पर अंकित होगा- (क) मि संख्या, यदि कोई हो, और वार्ड का नाम;

(ख) जैसी स्थिति हो वैसे ही, मतदान कें द्र या कें द्रों की मि संख्या और नाम;

(ग) यूनिट की मि संख्या; और

(घ) मतदान की तारीख।

(2) मतदान शुरू होने से ठीक पहले, पीठासीन अधिकारी मतदान एजेंटों और उपस्थित अन्य व्यक्तियों को दिखाएगा कि वोटटंग मशीन में पहले से कोई वोट दर्ज नहीं किया गया है।

(3) वोटटंग मशीन की नियंत्रण इकाई को सुरक्षित करने के लिए एक पेपर सील का उपयोग किया जाएगा, और पीठासीन अधिकारी पेपर सील पर अपने हस्ताक्षर करेगा और उस पर ऐसे मतदान एजेंटों के हस्ताक्षर लेगा जो ऐसा करने के इच्छु क हों।

(4) इसके बाद पीठासीन अधिकारी इस प्रकार हस्ताक्षरित पेपर सील को वोटटंग मशीन की नियंत्रण इकाई में निर्धारित स्थान पर लगाएगा और उसे सुरक्षित और सील करेगा।

(5) नियंत्रण इकाई को सुरक्षित करने के लिए उपयोग की जाने वाली सील को इस तरह से लगाया जाएगा कि इकाई को सील करने के बाद; सील तोड़े बिना "रिजल्ट बटन" दबाना संभव नहीं हो।

(6) पीठासीन अधिकारी और मतदान एजेंटों के समक्ष नियंत्रण इकाई को बंद और सुरक्षित किया जाएगा और मतदान इकाई को मतदान कक्ष में रखा जाएगा।73 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 101. वोटटंग मशीन द्वारा मतदान करने की प्रयििा:-

(1) किसी मतदाता को मतदान करने की अनुमति देने से पहले, मतदान अधिकारी जो काम करेगा-

(क) मतदाताओं के रजिस्टर में मतदाता सूची की चिनिनत प्रति में दर्ज मतदाता की मतदाता सूची मिांक को प्रपत्र 25 में दर्ज करेगा।

(ख) मतदाताओं के उक्त रजिस्टर पर मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान प्राप्त करेगा; और

(ग) मतदाता सूची की चिनिनत प्रति में मतदाता का नाम अंकित करेगा, यह इंगित करने के लिए कि उसे मतदान करने की अनुमति दी गई है, : बशते कि किसी भी मतदाता को तब तक मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि वह मतदाताओं के रजिस्टर पर अपना हस्ताक्षर न कर दे या अंगूठा न लगा दे। (2) किसी भी पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी या किसी अन्य अधिकारी के लिए मतदाता रजिस्टर पर मतदाता के अंगूठे के निशान को सत्यापित करना आवश्यक नहीं होगा।

102. इलेक्ट्रॉनिक वोटटंग मशीनों द्वारा मतदान की प्रयििा:-

वोट देने की अनुमति मिलने के तुरंत बाद, मतदाता पीठासीन अधिकारी या वोटटंग मशीन की नियंत्रण इकाई के प्रभारी मतदान अधिकारी के पास जाएगा, जो मतदाता के वोट को दर्ज करने के लिए नियंत्रण इकाई पर उचित बटन दबाकर मतदान इकाई को सयिि करेगा।

इसके बाद मतदाता को तुरंत- (क) मतदान कक्ष की ओर जाएगा। जिस उम्मीदवार को वह वोट देना चाहता है मतदान यूनिट पर उसके नाम और चुनाव चिन्ह के सामने या नोटा के निशान के सामने स्थित बटन दबाकर अपना वोट रिकॉर्ड करेगा, और मतदान कक्ष से बाहर आएगा और मतदान कें द्र से बाहर चला जाएगा।74 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 103. नेत्रहीन या निःशक्त मतदाताओं के मतों को दर्ज करना:-

(1) यदि पीठासीन अधिकारी इस बात से संतुष्ट है कि नेत्रहीनता या किसी अन्य शारीरिक दुर्बलताओं के कारण, कोई मतदाता वोटटंग मशीन की मतदान यूनिट पर चुनाव चिनन को पहचानने में असमर्थ है या बिना किसी सहायता के उचित बटन दबाकर अपना वोट रिकॉर्ड करने में असमर्थ है, पीठासीन अधिकारी मतदाता को अपनी इच्छा के अनुसार अपनी ओर से वोट दर्ज करने के लिए अपने साथ कम से कम अठारह वर्ष की आयु के एक साथी को मतदान कक्ष में ले जाने की अनुमति देगा।

बशते कि किसी भी व्यक्ति को एक ही दिन में किसी भी मतदान कें द्र पर एक से अधिक निर्वाचकों के साथी के रूप में कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बशते कि इस नियम के तहत किसी भी दिन किसी भी व्यक्ति को मतदाता के सहयोगी के रूप में कार्य करने की अनुमति देने से पहले उन्हे यह घोषित करना होगा कि वह मतदाता की ओर से उसके द्वारा दर्ज किए गए वोट को गोपनीय रखेगा और उसने उस दिन पहले किसी अन्य मतदान कें द्र पर किसी अन्य मतदाता के सहयोदगी के रूप में कार्य नहीं किया है

(2) पीठासीन अधिकारी इस नियम के तहत सभी मामलों का प्रपत्र 17 में रिकॉर्ड रखेगा।

104. मतदान के दौरान पीठासीन अधिकारी का मतदान कक्ष में प्रवेश:-

(1) जहां भी आवश्यक समझे पीठासीन अधिकारी मतदान के दौरान मतदान कक्ष में प्रवेश कर सकता है और यह सुनितिि करने के लिए आवश्यक कदम उठा सकता है कि मतदान इकाई के साथ किसी भी तरह से छेड़छाड़ नहीं की गई है। (2) यदि पीठासीन अधिकारी के पास यह संदेह करने का कारण है कि कोई मतदता जो मतदान कक्ष में प्रवेश कर चुका है, वह मतदान इकाई के साथ छेड़छाड़ कर रहा है या किसी तरह का हस्तक्षेप कर रहा है या अनुचित रूप से लंबे समय तक मतदान कक्ष के अंदर रहा है, तो वह मतदान कक्ष में प्रवेश करेगा और ऐसे कदम उठाएगा जो मतदान की सुचारू और व्यवस्थित प्रगति सुनितिि करने के लिए आवश्यक हो।75 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 105. मतदान के बाद मतदान मशीन को सील करना:-

(1) मतदान समाप्त होने के बाद जितनी जल्दी संभव हो, पीठासीन अधिकारी यह सुनितिि करने के लिए नियंत्रण इकाई को बंद कर देगा कि कोई और वोट दर्ज नहीं किया जा सके और मतदान इकाई को नियंत्रण इकाई से अलग कर देगा। (2) उसके बाद नियंत्रण इकाई और मतदान इकाई को सील कर दिया जाएगा, और चुनाव आयोग द्वारा निदेशित तरीके से अलग-अलग सुरक्षित किया जाएगा और उन्हें सुरक्षित करने के लिए उपयोग की जाने वाली सील इस तरह लगाई जाएगी कि इन सील को तोड़े बिना यूनिट को खोलना संभव नहीं होगा।

(3) मतदान कें द्र पर मौजूद मतदान एजेंट, जो अपनी मुहर लगाना चाहते हैं, उन्हें भी ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी।

106. रिर्टनंिग अधिकारी को वोटटंग मशीन आदि भेजना:-

(1) पीठासीन अधिकारी तब रिर्टनंिग अधिकारी को ये सामान ऐसे स्थान पर भेजेगा या पहुंचाएगा जहां के लिए रिर्टनंिग अधिकारी निदेश दे-

(क) वोटटंग मशीन;

(ख) मतों का खाता

(ग) सीलबंद पैके ट, और

(घ) मतदान के लिए उपयोग किए गए अन्य सभी कागजात

(2) रिर्टनंिग अधिकारी वोटों की गिनती शुरू होने तक वोटटंग मशीन, पैके ट और अन्य कागजात की सुरक्षित अभिरक्षा के लिए उनके सुरक्षित परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था करेगा।

107. बूथ कै प्चटरंग की स्थिति में मतदान मशीन को बंद करना:-

जहां पीठासीन अधिकारी को लगता है कि मतदान कें द्र या मतदान के लिए निर्धारित स्थान को बंधक बनाया जा रहा है, तो वह यह सुनितिि करने के लिए वोटटंग मशीन की नियंत्रण इकाई को तुरंत बंद कर देगा कि कोई और वोट दर्ज नहीं किया जा सके और नियंत्रण इकाई से मतदान इकाई को अलग कर देगा।76 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY इलेक्ट्रॉनिक वोटटंग मशीनों से वोटों की गिनती

108. वोटटंग मशीनों की जांच एवं निरीक्षण:-

(1) रिर्टनंिग अधिकारी एक से अधिक मतदान कें द्रों पर इस्तेमाल की गई वोटटंग मशीनों की नियंत्रण इकाइयों को जांच और निरीक्षण के लिए ले जा सकता है और ऐसी इकाइयों में दर्ज वोटों को एक साथ गिना जा सकता है।

(2) उप नियम (1) के तहत वोटटंग मशीन की किसी भी नियंत्रण इकाई में दर्ज वोटों की गिनती करने से पहले, उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट या मतगणना टेबल पर मौजूद उसके मतगणना एजेंट को खुद को संतुष्ट करने के लिए ऐसे अन्य महत्वपूर्ण निरीक्षण करने की अनुमति दी जाएगी कि पेपर सील और यूनिट पर सील लगाई गई हैं और सीलें बरकरार हैं।

(3) रिर्टनंिग अधिकारी खुद संतुष्ट होगा कि वास्तव में किसी भी वोटटंग मशीन के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है।

(4) यदि रिर्टनंिग अधिकारी इस बात से संतुष्ट है कि वास्तव में किसी वोटटंग मशीन के साथ छेड़छाड़ की गई है, तो वह उस मशीन में दर्ज वोटों की गिनती नहीं करेगा और नियम 66 (II) में निर्धारित प्रयििा का पालन करेगा जो उन मतदान कें द्र या कें द्रों के संबंध में लागू हो सकती है जहां उस मशीन का उपयोग किया गया था। 109. मतों की गिनती:-

(1) रिर्टनंिग अधिकारी के संतुष्ट होने के बाद कि वोटटंग मशीन के साथ वास्तव में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है, वह नियंत्रण इकाई में दिए गए "परिणाम" चिनिनत उचित बटन को दबाकर उसमें दर्ज वोटों की गिनती कराएगा, जिससे कु ल मतदाताओं ने मतदान किया और वोट दिया। प्रत्येक उम्मीदवार को मिले मतों को ऐसे प्रत्येक उम्मीदवार के संबंध में इकाई में इस उद्देश्य के लिए लगाए गए डिस्प्ले पैनल पर प्रर्दर्शत किया जाएगा।

(2) चू ंकि प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा डाले गए वोट नियंत्रण इकाई पर प्रर्दर्शत होते हैं, रिर्टनंिग अधिकारी के पास जो होगा-

(क) प्रपत्र 26 पर भाग II में प्रत्येक उम्मीदवार के संबंध में अलग-अलग दर्ज किए गए ऐसे मतों की संख्या।77 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ख) प्रपत्र 26 का भाग II अन्य संबंध में पूरा किया गया है और मतगणना पर्यवेक्षक और उपस्थित उम्मीदवारों या उनके चुनाव एजेंटों या उनके मतगणना एजेंटों द्वारा हस्ताक्षरित है; और

(ग) प्रपत्र 26 में परिणाम शीट में की गई संबंधित प्रविष्टियां और घोषित परिणाम शीट में दर्ज किए गए विवरण।

110. वोटटंग मशीनों को सील करना:-

(1) एक नियंत्रण इकाई में दर्ज किए गए मतदान के परिणाम को उम्मीदवार के अनुसार सुनितिि करने और फॉर्म 26 के भाग II में दर्ज करने के बाद, रिर्टनंिग अधिकारी अपनी मुहर के साथ इकाई को फिर से सील कर देगा और ऐसे उपस्थित उम्मीदवार या उनके चुनाव एजेंट सील लगाते हैं जो ऐसा करना चाहते हैं ताकि इकाई में दर्ज मतदान का परिणाम नष्ट न हो और इकाई ऐसे परिणाम की स्मृति को बरकरार रख सके ।

(2) इस प्रकार सील की गई नियंत्रण इकाई को विशेष रूप से तैयार बक्सों में रखा जाएगा, जिस पर रिर्टनंिग अधिकारी निम्नलिखित विवरण दर्ज करेगा, अर्थात्: - (क) वार्ड का नाम;

(ख) मतदान कें द्र या कें द्रों का विवरण जहां नियंत्रण इकाई का उपयोग किया गया है।

(सी) नियंत्रण इकाई की मि संख्या

(डी) मतदान की तारीख; और

(ई) मतगणना की तारीख।

(3) लक्षद्वीप (पंचायत चुनाव) नियम, 2022 के प्रावधान, जहां तक वोटटंग मशीनों द्वारा मतदान के संबंध में लागू हो सकते हैं और उन नियमों में मतपत्र के किसी भी संदर्भ को ऐसी मतदान मशीन के संदर्भ में शामिल माना जाएगा।78 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

अध्याय- XVI

आकस्मिक रिक्तियों के लिए चुनाव

111. आकस्मिक चुनाव :-

(1) जब किसी पंचायत के लिए निर्वाचित सदस्य/ सरपंच की सीट खाली हो जाती है या रिक्त घोषित कर दी जाती है या पंचायत के लिए उसका चुनाव शून्य घोषित कर दिया जाता है, तो आयोग नीचे उप-नियम (2) के प्रावधानों के अधीन होगा, आधिकारिक राजपत्र में एक अधिसूचना द्वारा, अधिसूचना में र्निर्दष्ट तिथि से पहले होने वाली रिक्ति को भरने के उद्देश्य से एक व्यक्ति का चुनाव करने के लिए संबंधित वार्ड को कहेगा, और विनियमन और इन नियमों के प्रावधान और उसके तहत दिए गए आदेश, ऐसी रिक्ति को भरने के लिए किसी सदस्य के चुनाव के संबंध में, जहां तक संभव हो, लागू होंगे।

(2) यदि ऐसे किसी वार्ड/ पंचायत में अनुसूचित जनजाति या किसी महिला के लिए आरक्षित सीट खाली होने के कारण रिक्ति होती है, तो उपनियम (1) के तहत जारी अधिसूचना में र्निर्दष्ट किया जाएगा कि उस सीट को भरने वाला व्यक्ति अनुसूचित जनजाति या महिला, जैसा भी मामला हो, से संबंधित है। (3) किसी भी आकस्मिक रिक्ति को ऐसी रिक्ति होने की तारीख से छह महीने की अवधि के भीतर भरा जाएगा, ग्राम पंचायत या जिला पंचायत के आम चुनाव से पहले छह महीने के भीतर होने वाली आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए कोई चुनाव नहीं किया जाएगा।

अध्याय- XVII

चुनाव को लेकर विवाद

112. परिभाषा:-

इस अध्याय में, जब तक कि संदर्भ से कु छ अन्य अपेक्षित न हो -79 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (क) "उम्मीदवार" का अर्थ वह व्यक्ति है जो किसी भी पंचायत के चुनाव में उम्मीदवार के रूप में विधिवत नामांकित किया गया है या होने का दावा करता है;

(ख) "लागत" का अर्थ है किसी चुनाव याचिका के परीक्षण की या उससे जुड़ी सभी लागतें, शुल्क और खर्च;

(ग) "चुनावी अधिकार" का अर्थ है किसी व्यक्ति का पंचायत के चुनाव में खड़े होने या न खड़े होने, या उम्मीदवार बनने से पीछे हटने या न हटने, या वोट देने या वोट देने से परहेज करने का अधिकार:

(घ) "उच्च न्यायालय" का अर्थ उच्च न्यायालय है जिसके अधिकार क्षेत्र की स्थानीय सीमा के भीतर चुनाव आयोजित किया गया है, जिससे संबंधित चुनाव याचिका है;

(ङ) "निर्वाचित उम्मीदवार" का अर्थ एक उम्मीदवार है जिसका नाम आधिकारिक राजपत्र में प्रासंगिक नियम के तहत विधिवत निर्वाचित के रूप में प्रकाशित किया गया है।

113. याचिकाओं की प्रस्तुति:

(1) किसी भी चुनाव पर सवाल उठाने वाली चुनाव याचिका नियम 126 और नियम 127 के उप-नियम (1) में र्निर्दष्ट एक या अधिक आधारों पर ऐसे चुनाव में उम्मीदवार के निर्वाचन से 15 दिन के भीतर, लेकिन चुनाव की तारीख से पहले नहीं, किसी भी उम्मीदवार या किसी मतदाता के द्वारा जिला न्यायाधीश को प्रस्तुत की जा सकती है।

स्पष्टीकरण: - इस उप-नियम में 'मतदाता' का अर्थ उस व्यक्ति से है जो उस चुनाव में मतदान करने का हकदार था जिससे चुनाव याचिका संबंधित है, चाहे उसने ऐसे चुनाव में मतदान किया हो या नहीं।

(2) प्रत्येक चुनाव याचिका के साथ उसकी उतनी ही प्रतियां संलग्न की जाएंगी जितने याचिका में उत्तरदाताओं का उल्लेख किया गया है और ऐसी प्रत्येक प्रति को याचिकाकर्ता द्वारा अपने हस्ताक्षर के तहत याचिका की सच्ची प्रति के रूप में सत्यापित किया जाएगा।80 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 114. याचिका के पक्ष:

एक याचिकाकर्ता अपनी याचिका में प्रतिवादी के रूप में शामिल होगा-

(क) जहां याचिकाकर्ता, निर्वाचित उम्मीदवार का चुनाव शून्य होने का दावा करने के अलावा एक और दावा करता है कि उसे खुद या किसी अन्य उम्मीदवार को विधिवत निर्वाचित किया गया है, याचिकाकर्ता के अलावा सभी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार, और जहां ऐसी कोई और घोषणा का दावा नहीं किया गया है, सभी उम्मीदवार निर्वाचित हो गए: और

(ख) कोई अन्य उम्मीदवार जिसके खिलाफ याचिका में किसी भ्रष्ट आचरण के आरोप लगाए गए हैं।

115. याचिका की सामग्री:

(1) एक चुनाव याचिका -

(क) में उन ठोस तथ्यों का संक्षिप्त विवरण शामिल होगा जिन पर याचिकाकर्ता भरोसा करता है;

(ख) किसी भी भ्रष्ट आचरण का पूरा विवरण प्रस्तुत करेगा जिसका याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है, जिसमें ऐसे भ्रष्ट आचरण करने वाले कथित पक्षों के नाम और प्रत्येक काम के कमीशन की तारीख और स्थान का यथासंभव पूरा विवरण शामिल होगा; और

(ग) याचिकाकर्ता द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा और दलीलों के सत्यापन के लिए सिविल प्रयििा संहिता, 1908 (1908 का 5) में निर्धारित तरीके से सत्यापित किया जाएगा:

बशते कि जहां याचिकाकर्ता किसी भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाता है, तो याचिका के साथ ऐसे भ्रष्ट आचरण के सबसे प्रमुख आरोप और उसके विवरण के समर्थन में प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट या नोटरी या शपथ आयुक्त के समक्ष शपथ लिया गया प्रपत्र- 24 में शपथ पत्र भी संलग्न करना होगा।

(2) याचिका की किसी भी अनुसूची या अनुलग्नक पर भी याचिकाकर्ता द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे और याचिका के समान तरीके से सत्यापित किए जाएंगे।81 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 116. याचिकाकर्ता द्वारा दावा की जा सकने वाली राहत: -

एक याचिकाकर्ता, इस घोषणा का दावा करने के अलावा कि निर्वाचित उम्मीदवार का चुनाव शून्य है, एक और घोषणा का दावा कर सकता है कि वह स्वयं या किसी अन्य उम्मीदवार को विधिवत निर्वाचित किया गया है।

117. चुनाव याचिकाओं का परीक्षण:

(1) जिला न्यायाधीश उस चुनाव याचिका को खारिज कर देगा जो नियम 113 या नियम 114 या नियम 137 के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करती है।

स्पष्टीकरण: इस उप नियम के तहत चुनाव याचिका को खारिज करने वाला जिला न्यायाधीश का आदेश नियम 124 के खंड (ए) के तहत दिया गया आदेश माना जाएगा।

(2) जहां एक ही चुनाव के संबंध में एक से अधिक चुनाव याचिकाएं जिला न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत की जाती हैं, वहां वह अपने विवेक से उन पर अलग- अलग या एक या अधिक समूहों में सुनवाई कर सकता है।

(3) कोई भी उम्मीदवार जो पहले से ही प्रतिवादी नहीं है, मुकदमा शुरू होने की तारीख से चौदह दिनों के भीतर जिला न्यायाधीश के सामने आवेदन करने पर और जिला न्यायाधीश द्वारा दिए जाने वाले खचों की सुरक्षा के आदेश के तहत प्रतिवादी के रूप में शामिल होने का हकदार होगा।

स्पष्टीकरण: इस उप-नियम और नियम 123 के प्रयोजनों के लिए, किसी याचिका की सुनवाई उत्तरदाताओं के लिए जिला न्यायाधीश के समक्ष उपस्थित होने और याचिका में किए गए दावे या दावों का जवाब देने के लिए निर्धारित तिथि पर शुरू मानी जाएगी।

(4) लागत और अन्य जैसी शतों पर, जिला न्यायाधीश जैसा भी उचित समझे, याचिका में कथित किसी भी भ्रष्ट आचरण के विवरण को इस तरह से संशोधित या विस्तारित करने की अनुमति दे सकता है जो उसकी राय में याचिका का निष्पक्ष और प्रभावी परीक्षण सुनितिि करने के लिए आवश्यक हो सकता है, लेकिन याचिका में किसी भी संशोधन की अनुमति नहीं दी जाएगी जिसका प्रभाव82 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY याचिका में पहले से आरोपित न किए गए भ्रष्ट आचरण के विवरण को पेश करने पर होगा।

(5) जहां तक संभव हो चुनाव याचिका की सुनवाई, मुकदमे के संबंध में न्यायाधीशों के हितों के अनुरूप, उसके निष्कर्ष तक दिन-प्रतिदिन जारी रखी जाएगी, जब तक कि जिला न्यायाधीश को दर्ज किए जाने वाले कारणों के लिए मुकदमे को अगले दिन से आगे स्थगित करना आवश्यक न लगे।

(6) प्रत्येक चुनाव याचिका पर यथासंभव शीघ्र सुनवाई की जाएगी और उस तारीख से छह महीने के भीतर सुनवाई समाप्त करने का प्रयास किया जाएगा जिस दिन चुनाव याचिका सुनवाई के लिए जिला न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

118. जिला न्यायाधीश के समक्ष प्रयििा :-

(1) विनियमन के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए किसी भी नियम के अधीन, जिला न्यायाधीश द्वारा प्रत्येक चुनाव याचिका की सुनवाई, यथासंभव, सिविल प्रयििा संहिता, 1908 (1908 का 5) के मुकदमों के तहत लागू प्रयििा के अनुसार की जाएगी:

बशते कि जिला न्यायाधीश के पास लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों के आधार पर किसी भी गवाह की जांच करने से इनकार करने का विवेकाधिकार होगा यदि उसकी राय है कि ऐसे गवाहों या गवाहों के सा्य याचिका के निर्णय के लिए ठोस नहीं है या ऐसी गवाही देने वाला पक्ष तुच्छ आधार पर या कार्यवाही में देरी करने की दृष्टि से ऐसा कर रहा है।

(2) भारतीय सा्य अधिनियम, 1872 (1872 का 1) के प्रावधान, विनियमन और इन नियमों के प्रावधानों के अधीन, एक चुनाव याचिका के परीक्षण के लिए सभी मामलों में लागू माने जाएंगे।

119. दस्तावेजी सा्य:-

किसी भी अधिनियम में इसके विपरीत कु छ भी होने के बावजूद, कोई भी दस्तावेज चुनाव याचिका के परीक्षण में सा्य के रूप में इस आधार पर अस्वीकार्य नहीं होगा कि वह विधिवत मुद्रांकित या पंजीकृ त नहीं है।83 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 120. मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन न किया जाना:-

किसी भी गवाह या अन्य व्यक्ति को यह बताने की आवश्यकता नहीं होगी कि उसने चुनाव में किसे वोट दिया है।

121. अपराधबोधक प्रश्नों का उत्तर देना और क्षतिर्पूर्त का प्रमाण पत्र:

(1) किसी भी गवाह को चुनाव याचिका के परीक्षण में किसी मुद्दे से संबंधित किसी भी प्रश्न का उत्तर देने से इस आधार पर माफ नहीं किया जाएगा कि ऐसे प्रश्न का उत्तर उसे दोषी ठहरा देगा या दोषी ठहरा सकता है या बेनकाब हो सकता है या बेनकाब होने प्रवृत्ति दिख सकती है या कोई जुर्माना या जब्ती की कार्रवाई हो सकती है;

बशते कि-

(क) एक गवाह जो वास्तव में उन सभी सवालों का जवाब देता है जिनका उसे जवाब देना आवश्यक है, वह जिला न्यायालय से क्षतिर्पूर्त का प्रमाण पत्र प्राप्त करने का हकदार होगा, और

(ख) किसी गवाह द्वारा जिला न्यायाधीश द्वारा या उसके समक्ष पूछे गए प्रश्न का उत्तर, सा्य के संबंध में किसी आपराधिक कार्यवाही या झूठी गवाही के मामले को छोड़कर, किसी भी नागरिक या आपराधिक कार्यवाही में सा्य के रूप में स्वीकार्य नहीं होगा।

(2) जब किसी गवाह को क्षतिर्पूर्त का प्रमाण पत्र दिया गया है, तो उसके द्वारा किसी भी अदालत में इसकी पैरवी की जा सकती है और जिस मामले से ऐसा प्रमाणपत्र संबंधित है, उससे उत्पन्न किसी भी कानून के तहत किसी भी आरोप के प्रति या उस के लिए पूर्ण बचाव होगा, लेकिन इसे विनियमन या किसी अन्य कानून द्वारा लगाए गए चुनाव के संबंध में किसी भी अयोग्यता से राहत देने वाला नहीं माना जाएगा।

122. गवाहों का खर्च:-

सा्य देने में किसी भी व्यक्ति द्वारा किए गए उचित खर्च की अनुमति जिला न्यायाधीश द्वारा ऐसे व्यक्ति को दी जा सकती है और जब तक कि वह कोई और निदेश न दे, इसे लागत का हिस्सा माना जाएगा।84 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 123. सीट का दावा करने पर आरोप-प्रत्यारोप:

(1) जब किसी चुनाव याचिका में यह घोषणा की जाती है कि निर्वाचित उम्मीदवार के अलावा कोई अन्य उम्मीदवार विधिवत निर्वाचित हो गया है, तो निर्वाचित उम्मीदवार या कोई अन्य दल यह साबित करने के लिए सबूत दे सकता है कि वह निर्वाचित उम्मीदवार था और उसके चुनाव पर सवाल उठाते हुए एक याचिका प्रस्तुत की गई थी तो ऐसे उम्मीदवार का चुनाव शून्य हो जाता:

बशते कि निर्वाचित उम्मीदवार या ऐसा अन्य पक्ष, जैसा कि ऊपर कहा गया है, तब तक ऐसे सा्य देने का हकदार नहीं होगा जब तक कि उसने परीक्षण शुरू होने की तारीख से चौदह दिनों के भीतर ऐसा करने के अपने इरादे के बारे में जिला न्यायाधीश को नोटिस नहीं दिया हो और उसने सुरक्षा/ सिक्योरिटी भी दे दी है और नियम 137 में उल्लेख किया गया हो।

(2) उप-नियम (1) में र्निर्दष्ट प्रत्येक नोटिस के साथ चुनाव याचिका के मामले में नियम 115 द्वारा अपेक्षित विवरण और विवरण संलग्न होंगे और उसी तरह से हस्ताक्षरित और सत्यापित किया जाएगा।

124. जिला न्यायाधीश का निर्णय: चुनाव याचिका की सुनवाई के समापन पर, जिला न्यायाधीश एक आदेश देगा -

(क) चुनाव याचिका खारिज करना;

(ख) या निर्वाचित उम्मीदवार के चुनाव को शून्य घोषित करना; या

(ग) निर्वाचित उम्मीदवार के चुनाव को शून्य घोषित करना और याचिकाकर्ता या किसी अन्य उम्मीदवार को विधिवत निर्वाचित घोषित करना।

125. जिला न्यायाधीश द्वारा दिये जाने वाले अन्य आदेश:

नियम 124 के अंतर्गत आदेश देते समय जिला न्यायाधीश यह आदेश भी देगा - (क) जहां याचिका में चुनाव में किए गए किसी भ्रष्ट आचरण का कोई आरोप लगाया गया है, रिकॉर्ड किया जाता है-

(i) यह पता लगाना कि चुनाव में कोई भ्रष्ट आचरण किया गया है या नहीं, और उस भ्रष्ट आचरण की प्रकृ ति क्या है; और85 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ii) उन सभी व्यक्तियों के नाम, यदि कोई हों, जो मुकदमे में दोषी या किसी भ्रष्ट आचरण के दोषी साबित हुए हों और उस आचरण की प्रकृ ति; और

(ख) देय लागतों की कु ल राशि तय करना और उन व्यक्तियों को र्निर्दष्ट करना जिनके द्वारा और जिनके लिए लागत का भुगतान किया जाएगा:

बशते कि एक व्यक्ति जो याचिका का पक्षधर नहीं है, उसे खंड (क) के उप-खंड (ii) के तहत आदेश में नामित नहीं किया जाएगा, जब तक कि उसे जिला न्यायाधीश के सामने पेश होने और कारण बताने के लिए नोटिस नहीं दिया गया हो कि उसका नाम इस प्रकार क्यों नहीं रखा जाना चाहिए; और उसे ऐसे किसी भी गवाह से जिरह करने का अवसर दिया गया है, जिसकी जिला न्यायाधीश द्वारा पहले ही जांच की जा चुकी है और जिसने उसके खिलाफ सबूत दिया है, अपने बचाव में सा्य बुलाने और सुने जाने का अवसर दिया गया है।

126. चुनाव को शून्य घोषित करने का आधार :

(1) नीचे उप-नियम (2) के प्रावधानों के अधीन, यदि जिला न्यायाधीश की राय है-

(क) अपने चुनाव की तारीख पर, निर्वाचित उम्मीदवार विनियमन के तहत सीट भरने के लिए चुने जाने के योग्य नहीं था, या अयोग्य था; या

(ख) कि कोई भी भ्रष्ट आचरण निर्वाचित उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा निर्वाचित उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट की सहमति से किया गया है; या

(ग) कि किसी भी नामांकन को अनुचित तरीके से खारिज कर दिया गया है; या (घ) जहां तक चुनाव के परिणाम का संबंध निर्वाचित उम्मीदवार से है, वह वास्तविकता में प्रभावित हुआ है-

(i) किसी नामांकन की अनुचित स्वीकृ ति से; या

(ii) अपने चुनाव एजेंट के अलावा किसी अन्य एजेंट द्वारा निर्वाचित उम्मीदवार के हित में किए गए किसी भ्रष्ट आचरण द्वारा; या86 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (iii) किसी मत को अनुचित तरीके से स्वीकार करने, अस्वीकार करने या खारिज करने या किसी ऐसे मत को स्वीकार करने से जो शून्य हो; या

(iv) विनियमन के प्रावधानों या इन नियमों या उनके तहत दिए गए आदेशों के किसी भी गैर-अनुपालन से। जिला न्यायाधीश निर्वाचित उम्मीदवार के चुनाव को शून्य घोषित कर देंगे।

(2) यदि जिला न्यायाधीश की राय में, निर्वाचित उम्मीदवार को उसके चुनाव एजेंट के अलावा किसी अन्य एजेंट द्वारा किसी भ्रष्ट आचरण का दोषी ठहराया गया है, लेकिन जिला न्यायाधीश संतुष्ट है-

(क) कि उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट द्वारा चुनाव में ऐसा कोई भ्रष्ट आचरण नहीं किया गया था, और ऐसा प्रत्येक भ्रष्ट आचरण उम्मीदवार या उसके चुनाव एजेंट के आदेशों के विपरीत और सहमति के बिना किया गया था;

(ख) कि उम्मीदवार और उसके चुनाव एजेंट ने चुनाव में भ्रष्ट आचरण को रोकने के लिए सभी उचित उपाय किए; और

(ग) अन्य सभी मामलों में चुनाव उम्मीदवार या उसके किसी भी एजेंट की ओर से किसी भी भ्रष्ट आचरण से मुक्त था,

तब जिला न्यायाधीश यह निर्णय ले सकता है कि निर्वाचित उम्मीदवार का चुनाव शून्य नहीं है।

स्पष्टीकरण:- इसमें 'एजेंट' शब्द का वही अर्थ है जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 124 में है।

127. वह आधार जिसके लिए निर्वाचित उम्मीदवार के अलावा अन्य उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित किया जा सकता है:

(1) यदि कोई व्यक्ति जिसने याचिका दायर की है, उसने निर्वाचित उम्मीदवार के चुनाव पर सवाल उठाने के अलावा, उसके स्वयं के या किसी अन्य उम्मीदवार के विधिवत निर्वाचित होने का दावा है और जिला न्यायाधीश की राय है:

(क) वास्तव में याचिकाकर्ता या ऐसे उम्मीदवार को कु ल वैध मतों का बहुमत प्राप्त हुआ, या87 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ख) लेकिन निर्वाचित उम्मीदवार द्वारा भ्रष्ट आचरण से प्राप्त मतों के कारण, याचिकाकर्ता या ऐसे अन्य उम्मीदवार से ज्यादा वैध मतों का बहुमत प्राप्त कर लिया होगा; जिला न्यायाधीश निर्वाचित उम्मीदवार के चुनाव को शून्य घोषित करने के बाद, याचिकाकर्ता या ऐसे अन्य उम्मीदवार को, जैसा भी मामला हो, विधिवत निर्वाचित घोषित करेंगे।

128. मत बराबर होने की स्थिति में प्रयििा:

यदि किसी चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान यह प्रतीत होता है कि चुनाव में किसी भी उम्मीदवार के बीच वोटों की समानता है और वोट जोड़ने से उनमें से कोई भी उम्मीदवार निर्वाचित घोषित होने का हकदार हो जाएगा, तो - (क) विनियमन और इन नियमों के प्रावधान के तहत रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा किया गया कोई भी निर्णय, जहां तक यह निर्धारित करता है कि उन उम्मीदवारों के बीच का प्रश्न याचिका के प्रयोजनों के लिए भी प्रभावी होगा; और

(ख) जहां तक प्रश्न का उत्तर ऐसे निर्णय से नहीं मिलता है, तो जिला न्यायाधीश उनके बीच लॉटरी द्वारा निर्णय किया जाएगा और आगे बढ़ेगा जैसे कि जिसके पक्ष में लॉटरी आती है उसे अतिरिक्त वोट प्राप्त मिलेगा।

129. चुनाव याचिकाएं वापस लेना:

(1) कोई चुनाव याचिका के वल जिला न्यायाधीश की अनुमति से ही वापस ली जा सकती है।

(2) जहां उप नियम (1) के तहत वापसी के लिए आवेदन किया जाता है, आवेदन की सुनवाई के लिए तारीख तय करने की सूचना याचिका के अन्य सभी पक्षों को दी जाएगी और आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी।

130. चुनाव याचिकाएं वापस लेने की प्रयििा:

(1) यदि एक से अधिक याचिकाकर्ता हैं, तो सभी याचिकाकर्ताओं की सहमति के बिना चुनाव याचिका वापस लेने के लिए कोई आवेदन नहीं किया जाएगा।88 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (2) वापसी के लिए कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा यदि, जिला न्यायाधीश की राय में, ऐसा आवेदन किसी सौदेबाजी या विचार से प्रेरित किया गया है जिसे अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

(3) यदि आवेदन स्वीकृ त हो जाता है -

(क) याचिकाकर्ता को प्रतिवादियों की लागत या उसके ऐसे हिस्से का भुगतान करने का आदेश दिया जाएगा जो जिला न्यायाधीश उचित समझे;

(ख) जिला न्यायाधीश निदेश देगा कि वापसी की सूचना आधिकारिक राजपत्र में और ऐसे अन्य तरीके से प्रकाशित की जाएगी जो वह र्निर्दष्ट कर सकता है और उसके बाद नोटिस तदनुसार प्रकाशित किया जाएगा;

(ग) कोई व्यक्ति जो याचिकाकर्ता हो सकता है, ऐसे प्रकाशन के सात दिनों के भीतर, किसी पक्ष के हटने के स्थान पर याचिकाकर्ता के रूप में प्रतिस्थापित होने के लिए आवेदन कर सकता है और सुरक्षा/ सिक्योरिटी के संबंध में शतों, यदि कोई हो, का अनुपालन करने पर, प्रतिस्थापित किए जाने का हकदार होगा और ऐसी शतों पर कार्यवाही जारी रखी जाएगी जिन्हें जिला न्यायाधीश उचित समझते हैं। 131. जिला न्यायाधीश द्वारा चुनाव आयोग को वापसी की रिपोर्ट:

जब जिला न्यायाधीश द्वारा वापसी के लिए आवेदन स्वीकार कर लिया जाता है और नियम 130 के उप-नियम (3) के खंड (ग) के तहत याचिकाकर्ता के रूप में किसी भी व्यक्ति को वापस लेने वाले पक्ष के स्थान पर प्रतिस्थापित नहीं किया गया है, तो जिला न्यायाधीश इस तथ्य की रिपोर्ट चुनाव आयोग को करेगा और उसके बाद चुनाव आयोग आधिकारिक राजपत्र में रिपोर्ट प्रकाशित करेगा। 132. चुनाव याचिकाओं का निराकरण:

(1) एक चुनाव याचिका के वल एकमात्र याचिकाकर्ता या कई याचिकाकर्ताओं में से जीवित बचे व्यक्ति की मृत्यु पर ही निरस्त होगी।

(2) जहां एक चुनाव याचिका उप-नियम (1) के तहत रद्द हो जाती है, जिला न्यायाधीश उस तथ्य को उस तरीके से प्रकाशित कराएंगे जैसा वह उचित समझते हैं।89 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (3) कोई भी व्यक्ति जो स्वयं याचिकाकर्ता रहा हो, ऐसे प्रकाशन के सात दिनों के भीतर, याचिकाकर्ता के रूप में प्रतिस्थापित होने के लिए आवेदन कर सकता है और सुरक्षा/ सिक्योरिटी के संबंध में शतों, यदि कोई हो, का अनुपालन करने पर, इस प्रकार प्रतिस्थापित होने और ऐसी शतों पर कार्यवाही को जारी रखने का हकदार होगा, जिन्हें जिला न्यायाधीश उचित समझते हैं।

133. प्रतिवादी की मृत्यु पर उपशमन या प्रतिस्थापन:

यदि किसी चुनाव याचिका के परीक्षण के समापन से पहले, एकमात्र प्रतिवादी की मृत्यु हो जाती है या वह नोटिस देता है कि उसका याचिका का विरोध करने का इरादा नहीं है या किसी भी प्रतिवादी की मृत्यु हो जाती है या ऐसा नोटिस देता है और कोई अन्य प्रतिवादी नहीं है जो याचिका का विरोध कर रहा हो, जिला न्यायाधीश ऐसी घटना की सूचना को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित कराएगा, और उसके बाद कोई भी व्यक्ति जो याचिकाकर्ता हो सकता है, ऐसे प्रकाशन के सात दिनों के भीतर, याचिका का विरोध करने के लिए ऐसे प्रतिवादी के स्थान पर प्रतिस्थापित होने के लिए आवेदन कर सकता है और वह ऐसी शतों पर कार्यवाही जारी रखने का हकदार होगा जिन्हें जिला न्यायाधीश उचित समझे।

134. उच्च न्यायालय में अपील:

(1) इन सबके बावजूद, उस समय लागू किसी अन्य कानून में निहित बात के बाद भी, नियम 124 और 125 के तहत जिला न्यायाधीश द्वारा दिए गए प्रत्येक आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी।

(2) इन नियमों के तहत प्रत्येक अपील नियम 124 और 125 के तहत जिला न्यायाधीश के आदेश की तारीख से तीस दिनों की अवधि के भीतर की जाएगी:

बशते कि उच्च न्यायालय तीस दिनों की उक्त अवधि की समाप्ति के बाद अपील पर विचार कर सकता है, यदि वह संतुष्ट है कि अपीलकर्ता के पास ऐसी अवधि के भीतर अपील न करने का पर्याप्त कारण था।

135. जिला न्यायाधीश के आदेशों के यििान्वयन पर रोक:

(1) नियम 124 या नियम 125 के तहत उनके द्वारा दिए गए आदेश के कार्यान्वयन पर रोक लगाने के लिए जिला न्यायाधीश को वहां अपील करने के लिए दिए गए90 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY समय की समाप्ति से पहले एक आवेदन किया जा सकता है और पर्याप्त कारण दिखाए जाने पर जिला न्यायाधीश ऐसा कर सकते हैं और ऐसे नियमों और शतों पर, जिन्हें वह उचित समझे, अपने आदेश के यििान्वयन पर रोक लगाएगा, लेकिन उच्च न्यायालय में अपील दायर करने के बाद जिला न्यायाधीश को रोक के लिए कोई आवेदन नहीं किया जाएगा।

(2) जहां जिला न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील की गई है, उच्च न्यायालय पर्याप्त कारण बताए जाने पर और ऐसे नियमों और शतों पर, जिन्हें वह उचित समझे, अपील किए गए आदेश के यििान्वयन पर रोक लगा सकता है।

(3) जब किसी आदेश के कार्यान्वयन पर जिला न्यायाधीश, या जैसा भी मामला हो, उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगा दी जाती है, तो आदेश को कभी भी प्रभावी नहीं माना जाएगा और रोक के आदेश की एक प्रति तुरंत जिला न्यायाधीश, या, जैसा भी मामला हो, उच्च न्यायालय से लेकर चुनाव आयोग और पंचायत चुनाव निदेशक तक को भेजी जाएगी।

136. अपील में प्रयििा:

(1) प्रत्येक अपील को उच्च न्यायालय द्वारा अपने मूल नागरिक क्षेत्राधिकार के अभ्यास में जिला न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश से जुड़ी अपील की सुनवाई और निर्धारण के लिए लागू प्रयििा के अनुसार यथासंभव सुना और निर्धारित किया जाएगा और सिविल प्रयििा संहिता, 1908 (1908 का 5) के सभी प्रावधान, जहां तक हो सके , ऐसी अपील के संबंध में लागू होंगे।

(2) जैसे ही किसी अपील पर निर्णय हो जाता है, उच्च न्यायालय निर्णय के सार को चुनाव आयोग और पंचायत चुनाव निदेशक को सूचित करेगा और उसके बाद जितनी जल्दी हो सके निर्णय की एक प्रमाणित प्रति चुनाव आयोग को भेजेगा और इसकी प्राप्ति पर, आयोग-

(क) उसकी प्रतियां उन अधिकारियों को अग्रेषित करेगा, जिन्हें जिला न्यायाधीश के आदेश की प्रतियां भेजी गई थीं, और

(ख) निर्णय को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा।

137. लागतों के लिए सुरक्षा:

91 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

(1) चुनाव याचिका प्रस्तुत करते समय, याचिकाकर्ता को उस न्यायालय के नियमों के अनुसार, याचिका की लागत के लिए सुरक्षा/ सिक्योरिटी के रूप में दो हजार रुपये की धनराशि जिला न्यायालय में जमा करनी होगी।

(2) किसी चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान, जिला न्यायाधीश, किसी भी समय, याचिकाकर्ता को लागत के लिए ऐसी अतिरिक्त सुरक्षा/ सिक्योरिटी देने के लिए कह सकता है जैसा वह निदेश दे।

138. लागत :

लागत जिला न्यायाधीश के विवेक पर होगी:

बशते कि जहां एक याचिका नियम 124 के खंड (क) के तहत खारिज कर दी जाती है, वहां निर्वाचित उम्मीदवार, याचिका लड़ने में उसके द्वारा किए गए खर्च का हकदार होगा और तदनुसार जिला न्यायाधीश निर्वाचित उम्मीदवार के पक्ष में खर्च के लिए एक आदेश देगा।

139. सुरक्षा जमा से लागत का भुगतान और ऐसी जमा की वापसी:

(1) यदि इन नियमों के प्रावधानों के तहत लागत के संबंध में किसी भी आदेश में, किसी भी पक्ष द्वारा किसी भी व्यक्ति को लागत का भुगतान करने का निदेश है, तो ऐसी लागत, यदि उनका पहले से भुगतान नहीं किया गया है, तो ऐसे पक्ष द्वारा जिला न्यायाधीश को ऐसे आदेश की तारीख से एक वर्ष के भीतर लिखित रूप में किए गए आवेदन पर, सुरक्षा जमा राशि और पूरी सुरक्षा जमा राशि, यदि कोई हो, में से उस व्यक्ति को भुगतान किया जाएगा जिसके पक्ष में लागत देने का आदेश हुआ हो।

(2) यदि उस उप-नियम में र्निर्दष्ट लागतों के उप-नियम (1) के तहत भुगतान के बाद कोई शेष राशि या उक्त सुरक्षा जमा में से कोई शेष है, तो ऐसा शेष, या जहां कोई लागत प्रदान नहीं की गई है या कोई आवेदन नहीं किया गया है जैसा कि पूवोक्त एक वर्ष की उक्त अवधि के भीतर किया गया है, उक्त संपूर्ण सुरक्षा जमा राशि, उस व्यक्ति द्वारा जिला न्यायाधीश को लिखित रूप में दिए गए आवेदन पर, जिसके द्वारा जमा की गई है, या यदि ऐसे व्यक्ति की उसके कानूनी प्रतिनिधियों92 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY द्वारा ऐसी जमा करने के बाद मृत्यु हो जाती है, जैसा भी मामला हो, उक्त व्यक्ति या उसके कानूनी प्रतिनिधियों को लौटा दी जाएगी।

140. लागत के अनुसार आदेशों का निष्पादन:

इन नियमों के प्रावधानों के तहत लागत के संबंध में कोई भी आदेश संबंधित अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है और ऐसी अदालत उसी तरीके से और उसी प्रयििा से आदेश को निष्पादित करेगी या निष्पादित कराएगी जिस तरह एक मुकदमे में स्वयं के पैसे का भुगतान के लिए एक आदेश था:

बशते कि जहां ऐसी कोई लागत या उसका कोई हिस्सा नियम 139 के उप नियम (1) के तहत किए गए आवेदन द्वारा वसूल किया जा सकता है, इस नियम के तहत कोई भी आवेदन ऐसे आदेश की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर नहीं किया जाएगा जब तक कि यह किसी भी लागत की शेष राशि की वसूली के लिए न हो जिसे उस उप-नियम के तहत आवेदन करने के बाद उस उप-नियम में र्निर्दष्ट सुरक्षा जमा राशि की अपर्याप्तता के कारण लावारिस छोड़ दिया गया है।

अध्याय- XVIII

भ्रष्ट आचरण और अन्य मामले

141. भ्रष्ट आचरण:

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (1951 का 43) की धारा 123 में र्निर्दष्ट किए गए भ्रष्ट आचरण को किसी भी ग्राम पंचायत और जिला पंचायत के चुनावों के प्रयोजनों के लिए भ्रष्ट आचरण माना जाएगा। इन भ्रष्ट आचारणों को कु छ बदलावों के साथ, प्रशासक समय समय पर आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने वाले एक या एक से अधिक आदेशों द्वारा समय-समय पर र्निर्दष्ट कर सकता है। 142. चुनाव के संबंध में वगों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना:

विनियमन और इन नियमों के तहत चुनाव के संबंध में कोई भी व्यक्ति धर्म, जाति, नस्ल, समुदाय या भाषा के आधार पर भारत के नागरिकों के विभिन्न वगों के बीच नफरत की भावना को बढ़ावा नहीं देगा या बढ़ावा देने का प्रयास नहीं करेगा।93 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 143. मतदान की प्रयििा का पालन करने में विफलता:

यदि कोई मतदाता, जिसे मतपत्र जारी किया गया है, मतदान के लिए निर्धारित प्रयििा का पालन करने से इनकार करता है, तो उसे जारी किया गया मतपत्र रद्द किया जाएगा।

अध्याय- XIX

सदस्यता की अयोग्यता की जांच और चुनाव पूरा करने के समय के विस्तार के

संबंध में आयोग की शक्तियां।

144. चुनाव आयोग की शक्तियां:

(1) जहां प्रशासक को कोई राय देने के संबंध में चुनाव आयोग जांच करना आवश्यक या उचित समझता है, और चुनाव आयोग इस बात से संतुष्ट है कि संबंधित पक्षों के द्वारा स्वेच्छा से दायर किए गए हलफनामों और प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर जिस मामले की जांच की जा रही है उस पर कोई निर्णायक राय नहीं बन सकती है, चुनाव आयोग के पास ऐसी जांच के प्रयोजनों के लिए निम्नलिखित मामलों के संबंध में सिविल प्रयििा संहिता, 1908 (1908 की 5) के तहत शक्तियां होंगी। अर्थात्: -

(क) किसी भी व्यक्ति को बुलाना और उसकी उपस्थिति सुनितिि करना और शपथ के साथ उससे पूछताछ करना;

(ख) सा्य के रूप में प्रस्तुत किए जाने योग्य किसी ठोस वस्तु या दस्तावेज को पेश करने या तलाशे जाने के लिए कहना;

(ग) शपथपत्रों पर सा्य प्राप्त करना;

(घ) किसी अदालत या कार्यालय से किसी सार्वजनिक रिकॉर्ड या उसकी एक प्रति की मांग करना; और

(च) गवाहों या दस्तावेजों की जांच के लिए समन जारी करना।

(2) चुनाव आयोग के पास यह शक्ति होगी कि वह किसी जांच से जुड़े मामले में किसी व्यक्ति को कु छ बिंदुओं या मामलों में ऐसी जानकारियां प्रस्तुत करने के लिए बुला सकता है जो कि चुनाव आयोग की राय में उपयोगी या प्रासंगिक हों। ये शक्ति94 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY किसी विशेषाधिकार के अधीन होगी जिस पर उस समय लागू किसी भी कानून के तहत उस व्यक्ति द्वारा दावा किया जा सकता है।

(3) आयोग के समक्ष कोई भी कार्यवाही भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 193 और धारा 228 के अर्थ में न्यायिक कार्यवाही मानी जाएगी।

145. व्यक्तियों द्वारा आयोग को दिया गया बयान:

आयोग के समक्ष सा्य देने के दौरान ऐसी स्थिति के अभियोजन को छोड़कर जहां बयान में गलत सा्य दिए गए है, एक व्यक्ति द्वारा दिया गया कोई भी बयान उसे न तो किसी भी नागरिक या आपराधिक कार्यवाही के अधीन लाएगा और न ही उसके विरु िइस्तेमाल होगा। बशते कि उसका बयान–

(क) एक ऐसे प्रश्न के जवाब में दिया गया हो जिसका उत्तर देने के लिए आयोग द्वारा उससे कहा गया हो; या

(ख) जांच की विषय वस्तु के लिए प्रासंगिक है।

146. आयोग द्वारा अपनाई जाने वाली प्रयििा:

चुनाव आयोग के पास अपनी प्रयििा को विनियमित करने की शक्ति होगी (जिसमें उसकी बैठकों के स्थान और समय तय करना और यह तय करना शामिल है कि बैठक सार्वजनिक रूप में होगी या फिर व्यक्तिगत रूप में)।

147. सद्भावनापूर्वक की गई कार्रवाई का संरक्षण:

इस अध्याय या किसी पूर्वगामी प्रावधानों के अनुसरण में अच्छे विश्वास के साथ किए गए कार्य या इस कार्य को किए जाने के इरादे या इसके तहत दिए गए निदेश या प्रशासक को आयोग के द्वारा दी गई किसी सलाह के विषय में या आयोग के प्राधिकार के तहत ऐसी किसी सलाह, पत्र या कार्यवाही के प्रकाशन के संबंध में आयोग या आयोग के निदेश के तहत काम करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई भी मुकदमा अभियोजन या अन्य कानूनी कार्यवाही नहीं की जाएगी।95 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 148. चुनाव पूरा करने के लिए समय बढ़ाना:

आयोग उन कारणों से, जिन्हें वह पर्याप्त समझता है, स्वयं द्वारा जारी अधिसूचना में आवश्यक संशोधन करके किसी भी चुनाव को पूरा करने के लिए समय बढ़ाने के लिए सक्षम होगा।

149. निरसन और संचय:

इन नियमों के प्रारंभ होने की तिथि से, लक्षद्वीप (पंचायतों के लिए चुनाव) नियम, 1995 निरस्त हो जाएंगे:

बशते कि इस तरह का निरसन उन नियमों के किसी भी प्रावधान को प्रभावित नहीं करेगा जो विनियमन या इन नियमों के प्रावधानों के साथ असंगत नहीं है, जब तक कि वह प्रावधान किसी कानून द्वारा प्रतिस्थापित नहीं किया जाता है।

कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के प्रशासक की ओर से

पंचायत निदेशक96 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY प्रपत्र 1

(नियम 12 देखें)

मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन की सूचना

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत .......................... ...... के वार्ड ...................के मतदाता.

इसके द्वारा सूचना दी जाती है कि मतदाता सूची लक्षद्वीप पंचायत (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 के नियम 12 के अनुसार तैयार की गई है और उसकी एक प्रति मेरे कार्यालय और .................. कार्यालय अवधि के दौरान यहां निरीक्षण के लिए उपलब्ध है।

यदि उक्त वार्ड की प्रादेशिक सीमा के भीतर रहने वाले मतदाताओं के नामों को शामिल करने या बाहर करने पर कोई सुझाव या आपत्ति है, जैसा कि लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित मतदाता सूची में दिखाई देता है, तो इसे .............. को या उससे पहले प्रपत्र 2 में दर्ज किया जाना चाहिए। ऐसा प्रत्येक सुझाव या आपत्ति (दो प्रतियों में) या तो मेरे कार्यालय में प्रस्तुत की जानी चाहिए या ............................ को या डाक द्वारा नीचे दिये गए पते पर भेजी जानी चाहिए ताकि उपरोक्त तिथि से पहले मुझ तक पहुंच सके ।

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी,

तारीख........................

(पता) ........................

97 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 2

[नियम 13 देखें]

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत ..................... .................................... के वार्ड .................................. की क्षेत्रीय सीमा में रहने वालों या मतदाताओं के नाम शामिल करने या बाहर करने पर सुझाव या आपत्ति ......................।

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी,

........................... वार्ड।

महोदय,

*मैं/हम अनुरोध करते हैं कि ................... वार्ड की क्षेत्रीय सीमा के अंतर्गत आने वाले निम्नलिखित घरों में रहने वाले मतदाताओं के नाम शामिल/ बाहर किए जा सकते हैं, क्योंकि ये घर पंचायत की क्षेत्रीय सीमा के भीतर/ बाहर हैं।

स्थान: ..................................

*आवेदक/आवेदकों के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान

(वेध)

की गई कार्यवाही की सूचना

निम्नलिखित घरों में रहने वाले मतदाताओं के नाम शामिल करने/ हटाने से संबंधित प्रपत्र 2 में आवेदन किया गया है -

*क) स्वीकार कर लिया गया है और उनके नाम मतदाता सूची में मिांक संख्या....................... के तहत भाग संख्या............में शामिल/बाहर कर दिए गए हैं।98 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY *ख) इस कारण से अस्वीकृ त ..................... ...................................

*मकान नंबर

1

2.

3.

4.

5.

. .. . . ... .. . ... .. ... . .. . .. . . ... . .. ... . .. .. (वेध) ..........................................

आवेदन हेतु रसीद

निम्नलिखित मकान नंबरों से संबंधित प्रपत्र 2 में आवेदन प्राप्त हुआ:*

1.

2.

3.

4.

5.

6.

7.

8.

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी

(पता) .................................

तारीख: ..............................

• लागू न होने वाले शब्दों को काट दें

••आवेदक द्वारा भरी जाने वाली रसीद।99 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY प्रपत्र 3

[नियम 15 देखें] मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की सूचना

इसके द्वारा सार्वजनिक जानकारी के लिए अधिसूचित किया जाता है कि ................... वार्ड के लिए मतदाता सूची के प्रारूप में संशोधन की सूची लक्षद्वीप (पंचायत) (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 के अनुसार तैयार की गई है। उक्त सूची की एक प्रति प्रकाशित कर दी गई है और मेरे कार्यालय में निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेगी।

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी

(पता) स्थानः...................

तारीख: .....................

100 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 4

[नियम 30 देखें]

चुनाव की सूचना

एतद्द्वारा सूचना दी जाती है कि:-

1. ग्राम पंचायत/जिला पंचायत................ के वार्ड ................ के लिए एक सदस्य का चुनाव होना है।

2. उम्मीदवार या उसके प्रस्तावक द्वारा किसी भी दिन पूर्वानन 11.00 बजे से अपरानन 3.00 बजे के बीच (सार्वजनिक अवकाश के अलावा), लेकिन .......................................... के बाद नहीं, रिर्टनंिग अधिकारी को.................पर या सहायक रिर्टनंिग अधिकारी को.........पर नामांकन पत्र पर सौंपा जा सकता है।

3. नामांकन पत्र के प्रपत्र उपरोक्त स्थान एवं समय पर प्राप्त किये जा सकते हैं:

4. नामांकन पत्रों की जांच (स्थान) .......... पर ................... (समय) पर को की जाएगी।

5. उम्मीदवारी वापस लेने की सूचना किसी उम्मीदवार या उसके प्रस्तावक या उसके चुनाव एजेंट द्वारा दी जा सकती है, जिसे उम्मीदवार द्वारा अपने कार्यालय में उपरोक्त पैराग्राफ 2 में र्निर्दष्ट अधिकारियों में से किसी एक को अपरानन 3.00 बजे से पहले........... में देने के लिए लिखित रूप से अधिकृ त किया गया है। 6. चुनाव लड़ने की स्थिति में, मतदान ............. और ......................................... बजे के बीच............पर किया जाएगा।

जगह: ................. तारीख: .................. ररटनिंिग अधिकारी *अनुचित शब्द काट दें.

101 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 5

[नियम 32 देखें]

नामांकन पत्र

.................. ग्रामपंचायत/ जिला पंचायत के ..................वार्ड के लिए चुनाव। मैं ...........................ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के चुनाव के लिए एक उम्मीदवार के रूप में नामांकन करता हं।

उम्मीदवार का नाम

पिता/पति का नाम

उनका डाक पता

उनका नाम .................. वार्ड की मतदाता सूची में मि संख्या ................. पर भाग संख्या .................. में दर्ज है।

मेरा नाम .......................... है और यह वार्ड...................... के लिए मतदाता सूची के मिांक .................. के भाग संख्या.................. पर प्रविष्ट हो गया है।

तारीख: ....................

प्रस्तावक के हस्ताक्षर102 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY मैं, उपयु र्क्त उम्मीदवार, इस नामांकन पर सहमति देता हं और इसके द्वारा घोषणा करता हं:

(क) कि मेरी उम्र 21 वर्ष हो गई है;

(ख) कि मुझे इस चुनाव में .................. दल के द्वारा खड़ा किया गया है

(ग) मैंने जो चिनन चुने हैं वे वरीयता मि में हैं

(i) ................................................ (ii) ...................................... और (iii) ......................................

(घ) मेरा और मेरे पिता/पति का नाम ऊपर ....................... में (भाषा का नाम) सही लिखा गया है।

(ङ) यह मेरी सवोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार है। मैं .................................. में सीट भरने को चुने जाने के लिए योग्य हं और अयोग्य भी नहीं हं।

• मैं आगे घोषणा करता हं कि मैं ---------------------- जनजाति का सदस्य हं जो कें द्र शासित प्रदेश में एक अनुसूचित जनजाति है।

• मैं आगे घोषणा करती हं कि मैं एक महिला हं।

नकद जमा रसीद मिांक..........दिनांक................. ........... रुपये के लिए.......................... संलग्न है/ मेरे मिांक संख्या ....................पर प्राप्त नामांकन पत्र के साथ पहले ही संलग्न किया जा चुका है।

तारीख:...............

(उम्मीदवार के हस्ताक्षर)103 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY *अनुचित विकल्प को काट दें।

(रिर्टनंिग अधिकारी द्वारा भरा जाना है)

नामांकन पत्र की मिांक संख्या..........................

यह नामांकन मुझे मेरे कार्यालय में ....................... (समय) ..................(तारीख) पर *उम्मीदवार/प्रस्तावक द्वारा दिया गया।

तारीख: ........................

रिर्टनंिग अधिकारी --------------------------------

नामांकन पत्र को स्वीकार या अस्वीकार करने का रिर्टनंिग अधिकारी का निर्णय। मैंने लक्षद्वीप (पंचायत) (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 के नियम 36 के अनुसार इस नामांकन पत्र की जांच की है और निम्नानुसार निर्णय लिया है: -

तारीख: ....................

. .................................................. ... (वेध)…………………………. ............................................... ... ............ नामांकन पत्र की रसीद और जांच की सूचनाएं (नामांकन पत्र प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति को सौंपी जाएंगी)

नामांकन पत्र की मि संख्या..................

............ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के ..................वार्ड से चुनाव में104 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY .................................................. एक उम्मीदवार का नामांकन पत्र ................. (बजे)..................(तारीख) .......................... (जगह) पर मेरे कार्यालय में मेरे पास पहुंचाया गया।

तारीख:......................

रिर्टनंिग अधिकारी --------------------------------------------

*जो शब्द लागू न हों उन्हें काट दें।

रिर्टनंिग अधिकारी105 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY प्रपत्र 6

(देखें नियम 35)

नामांकन का नोटिस

................................... ग्राम पंचायत/जिला पंचायत से ................. वार्ड के लिए चुनाव.

नामांकन पत्र की मि सं. उम्मीदवार का नाम *पिता/ पति का नाम उम्मीदवार की उम्र पता पार्टी संब ि महिला क्या उम्मीदवार अनुसूचित जाति का है अनुसूचित जनजाति से स ंब ि उम्मीदवार का विवरण उम्मीदवार की जनजाति का विवरण उम्मीदवार की मतदाता संख्या प्रस्तावक का नाम प्रस्तावक की मतदाता स ंख्या
(1) (2) (3) (4) (5) (6) (7) (8) (9) (10) (11) (12)
स्थानः तारीखः रिर्टनंिग अधिकारी

*जो शब्द लागू न हों उन्हें काट दें।106 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY प्रपत्र 7

[नियम 36(8) और 36(9) देखें]

वैध रूप से नामांकित उम्मीदवारों की सूची

…………………………..ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के ………………………….वार्ड से चुनाव।

मिांक सं. उम्मीदवार का नाम पिता/ पति का नाम पता उम्मीदवार से संब िपार्टी
(1) (2) (3) (4) (5)

स्थान: ……………………………

तारीख:…………………………….

रिर्टनंिग अधिकारी *जो शब्द लागू न हों उन्हें काट दें।107 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 8

[नियम 37(1) देखें]

उम्मीदवारी वापस लेने की सूचना

सेवा में,

रिर्टनंिग अधिकारी,

मैं, ………………………………… उपरोक्त चुनाव में वैध रूप से नामांकित उम्मीदवार, एतद् नोटिस के द्वारा मैं अपनी उम्मीदवारी वापस लेता हं।

जगह: ……………

तारीख: ……………

वैध रूप से नामांकित उम्मीदवार के हस्ताक्षर

यह नोटिस मुझे मेरे कार्यालय में ……………….(बजे) ………………..(तारीख) पर …………………………………… (नाम)* के द्वारा दिया गया था। तारीख:………………… रिर्टनंिग अधिकारी ------- ----------------------------------------------

वापसी की सूचना की रसीद

(नोटिस पहुंचाने वाले व्यक्ति को सौंपा जाएगा)

ग्राम पंचायत/ जिला पंचायत के चुनाव में …………………… वार्ड से वैध नामांकित उम्मीदवार द्वारा उम्मीदवारी वापस लेने की सूचना मुझे मेरे कार्यालय में ……………………(समय) पर ………………..(दिनांक) *………………………… के द्वारा दी गई थी।

रिर्टनंिग अधिकारी* यहां निम्नलिखित विकल्पों में से एक डाला जाए जो उचित हो

(1) उम्मीदवार।

(2) उम्मीदवार का प्रस्तावक जिसे अभ्यर्थी द्वारा इसे प्रस्तुत करने के लिए लिखित रूप से प्राधिकृ त किया गया हो।108 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY प्रपत्र 9

[नियम 38(1) देखें]

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए ………………………………………… वार्ड से चुनाव।

मिांक सं. उम्मीदवार का नाम उम्मीदवार का पता दल संबतिा आवंटित चिनन
(1) (2) (3) (4) (5)
1. 2. 3. 4. 5. 6. 7. 8.

इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि मतदान …………………….. (तारीख) को ……………… और …………………… बजे के बीच मतदान स्थल पर किया जाएगा। जगह: ………………..

तारीख:………………

*अनुचित विकल्पों को हटा दें।109 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 10

[नियम 40(1) देखें]

चुनाव एजेंट की नियुक्ति

…………………………………………वार्ड से ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए चुनाव। सेवा में,

रिर्टनंिग अधिकारी …………………… (वार्ड)

मैं, …………………………………………………… उपरोक्त चुनाव में एक उम्मीदवार एतद्द्वारा उपरोक्त चुनाव में इस दिन से ……………………… को अपना चुनाव एजेंट नियुक्त करता हं।

स्थान:…………..

तारीख:……………

उम्मीदवार के हस्ताक्षर

मैं उपरोक्त नियुक्ति स्वीकार करता हँ

जगह: …………..

तारीख:……………

चुनाव एजेंट के हस्ताक्षर.

अनुमति

रिर्टनंिग अधिकारी के हस्ताक्षर एवं मुहर

--------------------------------------------------------------------------------------------

नोट:- दो प्रतियों में रिर्टनंिग अधिकारी को प्रस्तुत किया जाना है

*अनुचित विकल्पों को हटा दें।110 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 11

[देखें नियम 40 (3)]

……………………..वार्ड से ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के चुनाव एजेंट की नियुक्ति को रद्द करना।

सेवा में,

रिर्टनंिग अधिकारी

मैं, ………………………………………………………………………….उपरोक्त चुनाव में एक उम्मीदवार, इसके द्वारा अपने चुनाव एजेंट ……………… की नियुक्ति रद्द करता हं। स्थान:………………

तारीख:………………..

उम्मीदवार के हस्ताक्षर

*अनुचित विकल्पों को हटा दें।111 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 12

[नियम 41(1) देखें]

चुनाव एजेंट की नियुक्ति

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए ……………………………… वार्ड से चुनाव।

मैं, …………..का एक उम्मीदवार/ चुननाव एजेंट …………………… का चुनाव एजेंट हं, जो उपरोक्त चुनाव में उम्मीदवार है और इसके द्वारा उसे नियुक्त किया गया हं।

(मतदान के लिए निर्धारित मतदान कें द्र संख्या …………………………………….पर उपस्थित होने के लिए मतदान एजेंट के रूप में नाम और पता

स्थान:

तारीखः

उम्मीदवार/चुनाव एजेंट के हस्ताक्षर

मैं ऐसे पोलिंग एजेंट के रूप में कार्य करने के लिए सहमत हं

जगह:

तारीख:

चुनाव एजेंट के हस्ताक्षर

पोलिंग एजेंट की घोषणा पर पीठासीन अधिकारी के समक्ष हस्ताक्षर किया जाना

मैं एतद्द्वारा घोषणा करता हं कि उपरोक्त चुनाव में, मैं लक्षद्वीप पंचायत (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 द्वारा निषि िकु छ भी नहीं करूं गा, जो मैंने पढ़ा है/मुझे पढ़ा दिया गया है। पोलिंग एजेंट के हस्ताक्षर

मेरे समक्ष हस्ताक्षरित

पीठासीन अधिकारी

* मतदान के लिए मतदान कें द्र पर पोलिंग एजेंट को सौंपा जाएगा

**अनुचित विकल्पों को हटा दें।112 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र-13

[नियम 41(4) देखें]

पोलिंग एजेंट की नियुक्ति रद्द करना

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए ………………………………. वार्ड से चुनाव सेवा में

पीठासीन अधिकारी, ____________________

मैं ……………………………………उपरोक्त चुनाव में, ……………………………………………………………….. एक** उम्मीदवार/चुनाव एजेंट हं, * मेरी/ अपने पोलिंग एजेंट की नियुक्ति रद्द करता हं।

उम्मीदवार के हस्ताक्षर

**/चुनाव एजेंट

जगह:

तारीख:

**अनुचित विकल्पों को हटा दें113 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र-14

[नियम 42(1) देखें]

मतगणना एजेंटों की नियुक्ति

……………………………………………………………………………….ग्राम पंचायत/ जिला पंचायत के लिए ………………………………. वार्ड से चुनाव।

सेवा में

पीठासीन अधिकारी,

मैं, ……………………………………………………………………………………..एक उम्मीदवार **/चुनाव एजेंट …………………………………………………………… जो उपरोक्त चुनाव में उम्मीदवार है, एतद् द्वारा निम्नलिखित व्यक्तियों को .................पर मतगणना में भाग लेने के लिए मेरे **/उसके गणना एजेंट के रूप में नियुक्त करता है

मतगणना एजेंट का नाम

मतगणना एजेंट का पता

1.

2.

3. आदि

उम्मीदवार **/ चुनाव एजेंट के हस्ताक्षर।114 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY हम ऐसे मतगणना एजेंटों के रूप में कार्य करने के लिए सहमत हैं।

1.

2.

3.

आदि।

स्थान:

तारीख:

मतगणना एजेंटों के हस्ताक्षर।

मतगणना एजेंटों की घोषणा

(रिर्टनंिग अधिकारी के समक्ष हस्ताक्षरित किया जाना है)

हम एतद्द्वारा घोषणा करते हैं कि उपरोक्त चुनाव में हम लक्षद्वीप (पंचायत) (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 द्वारा निषि ि कु छ भी नहीं करेंगे, जिसे हमने पढ़ा**/हमें पढ़ाया गया है।

1. 2.

3.

आदि।

तारीख:

मतगणना एजेंटों के हस्ताक्षर

मेरे सामने हस्ताक्षर किये गये

तारीख:

रिर्टनंिग अधिकारी के हस्ताक्षर

**अनुचित विकल्प को काट दें।115 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र-15

[नियम 42(3) देखें]

मतगणना एजेंट की नियुक्ति रद्द करना।

…………………………………………………………………………. ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए …………………………………. वार्ड से चुनाव।

सेवा में,

पीठासीन अधिकारी,

मैं, ……………………………………………………………………………………..एक उम्मीदवार **/चुनाव एजेंट …………………………………………………………जो उपरोक्त चुनाव में उम्मीदवार है, एतद्द्वारा मेरा **/उसके मतगणना एजेंट………………………………… की नियुक्ति रद्द करता हं।

स्थान:

तारीख:

उम्मीदवार **/चुनाव एजेंट के हस्ताक्षर

**अनुचित विकल्पों को हटा दें।116 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 16

[ देखें नियम 63(2) {सी)]

चुनौती दिए गए मतों की सूची

........................ग्राम पंचायत/ जिला पंचायत के लिए...........................वार्ड से चुनाव।

..............................वार्ड में मतदान कें द्र.......................की संख्या और नाम।

प्रविष्टि की मिांक सं. मतदाता का नाम स ूची क े भाग की मिांक सं. उस भाग में मतदाता के नाम की मिांक सं. चुनौती दिए गए व्यक्ति क े हस्ताक्षर या अ ंगूठे का निशान चुनौती देने वाले व्यक्ति का पता पहचानकर्ता का नाम, अगर कोई है चुनौती देने वाले का नाम पीठासीन अधिकारी का आदेश जमा की वापसी की प्राप्ति पर चुनौती देने वाले हस्ताक्षर
(1) (2) (3) (4) (5) (6) (7) (8) (9) (10)

तारीख

* चुनाव का उचित विवरण यहां डाला जाए

पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर117 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 17

[नियम 67(2) देखें]

दृष्टिबाधित और अशक्त मतदाताओं की सूची

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए ………………………………..वार्ड संख्या से निर्वाचन और मतदान कें द्र का नाम………………

भाग संख्या और मतदाता की मिांक सं. मतदाता का पूरा नाम सहयोगी का पूरा नाम सहयोगी का पता सहयोगी क े हस्ताक्षर
(1) (2) (3) (4) (5)

तारीख:

पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर

*जो लागू न हो उसे काट दें।118 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 18

[नियम 69(2) देखें]

डाले गए मतों की सूची

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए वार्ड संख्या ……………………………….. से चुनाव और मतदान कें द्र का नाम…………………………………… ……………………………

भाग संख्या, मतदाता की मिांक सं. और नाम मतदाता का पता डाले गए मत पत्र की मिांक सं. उस व्यक्ति को जारी बैलेट की मिांक सं. जिसने पहले ही मतदान कर दिया है मतदान कर रहे व्यक्ति के हस्ताक्षर या अंगूठे क े निशान
(1) (2) (3) (4) (5)

तारीख:

पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर

*चुनाव का उचित विवरण यहां डाला जाना चाहिए।119 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

फॉमम19

[नियम 72(1) देखें]

भाग 1: मतपत्र लेखा

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए ........... वाडम से चुनाव।

मतदान कें द्र की संख्या और उसका नाम .... ................

मिांक संख्या

से लेकर कु ल संख्या तक

1. मतपत्र प्राप्त हुआ_

2. अप्रयुक्त मतपत्र

(अर्थात मतदाताओं को जारी नहीं किया गया _

क) पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर के साथ

ख) पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर के बिना_

•कु ल (क+ख)

3. • मतदान कें द्र पर प्रयुक्त मतपत्र (1-2-3)

4. *मतदान कें द्र पर उपयोग किया गया लेकिन मतपेटी में डाला गया मतपत्र क) मतदान प्रयििा के उल्लंघन के कारण मतपत्र रद्द कर दिया गया

ख) अन्य कारणों से मतपत्र रद्द कर दिया गया।

ग) मतपत्रों का उपयोग डाले गए मतपत्रों के रूप में किया जाता है

• कु ल (क+ख+ग)

5. • मतपत्र मतपेटी में मिलेंगे। (3 - 4 + 5)

• मिांक सं. देने की जरूरत नहीं है

** जो भी अनुपयुक्त हो उसे काट दें।

तारीख:

पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर

120 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

भाग 2

मतगणना का परिणाम

[नियम 81(7)(ए) देखें]

उम्मीदवार का नाम डाले गए वैध मतों की संख्या
1. 2. 3. 1. 2. 3. उक्त में से किसी को नहीं (नोटा) आदि।
I I. निरस्त मत पत्र
III कु ल

क्या मद संख्या III में दिखाए गए मतपत्रों की कु ल संख्या भागI के मद संख्या 5 के सामने दिखाए गए कु ल से मेल खाती है या इन दोनों योगों के बीच कोई विसंगति देखी गई है।

स्थान:

तारीख:

मतगणना पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर

स्थान:

तारीख:

रिर्टनंिग अधिकारी के हस्ताक्षर121 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 20

[नियम 81(7) (बी) देखें]

अंतिम परिणाम शीट

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए ……………………………….वार्ड से चुनाव।

मतदान क ें द्र की मिांक सं. उम्मीदवारों क े पक्ष में पड़े वैध मतों की सख्या नोटो मतों की क ु ल संख्या वैध मतों की कु ल संख्या निरस्त मतों की क ु ल संख्या वैध और निरस्त मतों की क ु ल संख्या डाले गए मतों की क ु ल संख्या
ए बी सी डी
1. 2. 3. आदि।
डाले गए कु ल वोट

स्थान:

तारीख:

रिर्टनंिग अधिकारी *जो शब्द लागू न हों उन्हें काट दें।122 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 21

[नियम 88 (2) देखें]

लक्षद्वीप (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 के नियम 88(2)(ए) के तहत परिणाम की घोषणा।

महिलाओं/अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित वार्ड ** से ग्राम पंचायत/जिला पंचायत का चुनाव।

लक्षद्वीप (पंचायत) (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 के नियम 87(2) (ए) में निहित प्रावधानों के अनुसरण में घोषित करें।

....................................................................................... (नाम)

...................................................................................... (पता)

.. .. .. ... .. .. .. .. .. . .. .. .. .. .. .. . .. .. ... .. .... द्वारा (मान्यता प्राप्त/पंजीकृ त राजनीतिक दल का नाम) प्रायोजित को उपरोक्त वार्ड से उक्त पंचायत में सीट भरने के लिए विधिवत निर्वाचित किया गया है।

जगह:

तारीख:

रिर्टनंिग अधिकारी

**अनुचित विकल्प को काट दें।123 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 21 ए

[नियम 88(2) देखें]

लक्षद्वीप पंचायत (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 के नियम 88(2)(ए) के तहत परिणाम की घोषणा।

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत का -------- वार्ड से चुनाव

लक्षद्वीप (पंचायत) (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 के नियम 88(2) (ए) में निहित प्रावधानों के अनुसरण में

मैं घोषणा करता हं कि ............. .............. ............. .............. .................. .................................................................. (नाम) ................................ ............ (पता) द्वारा ..................................... (मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का नाम) प्रायोजित को ........................... की मृत्यु के कारण .................................. के चुनाव को शून्य घोषित करते हुए उपरोक्त पंचायत में हुई रिक्ति को भरने के लिए विधिवत निर्वाचित किया गया है और सीट............................................ ...... ...........रिक्त घोषित हो गई/ की जा रही है।

स्थान:

तारीख:

रिर्टनंिग अधिकारी के हस्ताक्षर

* यदि अनुपयुक्त हो तो हटा दें।124 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 21 बी

[नियम 39(1) देखें]

(आम चुनाव में उपयोग के लिए जब सीट र्निर्वरोध हो)

................................ ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए .................................... वार्ड से नियम 39 के तहत चुनाव के परिणाम की घोषणा।

लक्षद्वीप पंचायत (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 के नियम 39 के उप-नियम (1) के प्रावधानों के अनुसरण में, मैं घोषणा करता हं कि ………………………… (नाम) ………… द्वारा (राजनीतिक दल का नाम) प्रायोजित हं, जो ……………………………….…………………………………… ............................................... ................. (उम्मीदवार का पता) उपरोक्त वार्ड से उस पंचायत की सीट भरने के लिए विधिवत निर्वाचित हो गया है।

स्थान:

तारीख:

रिर्टनंिग अधिकारी के हस्ताक्षर

*अनुचित शब्दों को काट दें।125 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 21सी

[नियम 39(1) देखें]

(सीट के र्निर्वरोध होने पर आकस्मिक रिक्ति को भरने के उद्देश्य से चुनाव में उपयोग के लिए)

नियम 39 के तहत चुनाव के परिणाम की घोषणा,..............' ................................... ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए ............................................... . ......... वार्ड से चुनाव।

लक्षद्वीप पंचायत (चुनाव प्रयििा) नियम, 2022 के नियम 39 के उप-नियम (1) में निहित प्रावधानों के अनुसरण में, मैं घोषणा करता हं कि................... ................... (नाम ............... ......................... (पता) ........................ द्वारा (राजनीतिक दल का नाम) प्रायोजित......................................... को ........................के त्यागपत्र/मृत्यु/चुनाव और उस कारण सीट रिक्त होने के कारण उस पंचायत में हुई रिक्ति को भरने के लिए विधिवत निर्वाचित किया गया है।

स्थान:

तारीख:

रिर्टनंिग अधिकारी के हस्ताक्षर

* यदि अनुपयुक्त हो तो हटा दें।126 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 22

[नियम 88(2)(बी) देखें]

चुनाव में निर्वाचन

*……………………………………ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए आरक्षित ……………………………………………..वार्ड से *अनुसूचित जनजाति/महिलाओं का चुनाव*।

चुनाव में निर्वाचन

मिांक सं. उम्मीदवारों का नाम संब िदल डाले गए मत
मतदाताओं की कु ल संख्या डाले गए वैध मतों की कु ल संख्या निरस्त मतों की कु ल संख्या डाले गए मतों की कु ल संख्या

मैं घोषणा करता हं कि……………………………………..………………………………………….नाम……………………… … …………………… पता, को सीट भरने के लिए विधिवत निर्वाचित किया गया है।

स्थान:

तारीख:

रिर्टनंिग अधिकारी

* चुनाव का उचित विवरण यहां डाला जाना है

**अनुचित विकल्प को काट दें।127 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 23

[नियम 89 देखें]

चुनाव का प्रमाण पत्र

मैं, *………………………………………………………… ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए ………………………………………………..वार्ड से रिर्टनंिग अधिकारी, एतद्द्वारा प्रमाणित करता हं कि मैंने ………………………20…………………….के ……………………….दिन.................. श्री/श्रीमती………………………… द्वारा प्रायोजित………… ………………… द्वारा (मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का नाम) …………………………… को आम चुनाव/उप-चुनाव में उक्त वार्ड द्वारा उक्त पंचायत ks सदस्य/सरपंच के रूप में विधिवत निर्वाचित कर दिया है और इसके प्रतीक स्वरूप मैंने उसे निर्वाचन का यह प्रमाणपत्र प्रदान किया है।

स्थान:

तारीख:

रिर्टनंिग अधिकारी (मुहर)128 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 24

[नियम 115(1) देखें]

शपथ पत्र

मैंने, …………………………………………………….. याचिकाकर्ता ने संलग्न चुनाव याचिका में गंभीरता से समर्थन करते हुए श्री/श्रीमती ………………………………… (प्रतिवादी संख्या………………………………..उक्त याचिका में) के चुनाव पर सवाल उठाया है।) और कहा है:

(क) कि *रुपये के भ्रष्ट आचरण के कमीशन के बारे में संलग्न चुनाव याचिका के पैराग्राफ ……………………………… में दिया गया बयान और ऐसे भ्रष्ट कामों का विवरण उसी याचिका के पैराग्राफ ……………….. और उसके साथ संलग्न अनुसूची के पैराग्राफ …………………… में उल्लिखित मेरी जानकारी के अनुसार सही हैं;

(ख) कि उक्त याचिका में *…………………… के भ्रष्ट आचरण के कमीशन के बारे में पैराग्राफ………………… में दिया गया बयान और पैराग्राफ में दिए गए ऐसे भ्रष्ट आचरण का विवरण……… ….उक्त याचिका और उसके साथ संलग्न अनुसूची के पैराग्राफ……………….. मेरी जानकारी के अनुसार सही हैं:

(ग) ..

(घ) ..

आदि।

अभिसाक्षी के हस्ताक्षर

श्री/श्रीमती द्वारा सत्यनिष्ठा से ………………………………………………………..इस दिन …………… ………………………,20………… पुष्टि/शपथ ली गई।

मेरे समक्ष

प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट

नोटरी/ शपथ आयुक्त *यहां भ्रष्ट आचरण का नाम बताएं।129 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 25

[नियम 101(1)(ए) देखें]

(इलेक्ट्रॉनिक मशीन द्वारा मतदान)

मतदाताओं का रजिस्टर

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए ………………………………………………………… ………………………………..वार्ड से चुनाव और मतदान कें द्र का नाम…………………………………………….

मतदाता सूची की भाग संख्या ………………………………………………..

मिांक सं. मतदाता सूची में मतदाता की मिांक सं. मतादाता क े हस्ताक्षर/ अंगूठे का निशान टिप्पणियां
1. 2. 3. 4. आदि।

पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर130 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

प्रपत्र 26

[नियम 106 (1) (बी) देखें]

(इलेक्ट्रॉनिक वोटटंग मशीन द्वारा मतदान)

भाग 1 - दर्ज मतों का लेखा-जोखा

ग्राम पंचायत/जिला पंचायत के लिए ………………………….. …………………………………………………………….वार्ड से चुनाव और मतदान कें द्र का नाम …………………………………………… ………………. मतदान नियंत्रण इकाई की पहचान संख्या …………………………………… मतदान कें द्र पर प्रयुक्त मशीन

i. मतदान इकाई __________

ii. नियंत्रण यूनिट___________

1. मतदान कें द्र के लिए निर्धारित मतदाताओं की कु ल संख्या
2. मतदाताओं के लिए रजिस्टर में दर्ज मतदाताओं की कु ल संख्या (फॉर्म ………)
3. नियम के तहत वोट नहीं डालने का निर्णय लेने वाले मतदाताओं की संख्या…….
4. नियम के तहत वोट देने की अनुमति नहीं पाने वाले मतदाताओं की संख्या...
5. वोटटंग मशीन के अनुसार दर्ज वोटों की कु ल संख्या
6. क्या आइटम 5 के सामने दिखाए गए वोटों की कु ल संख्या, आइटम 2 के सामने दिखाए गए मतदाताओं की कु ल संख्या के साथ मेल खाती है, माइनस आइटम 3 के खिलाफ वोट न दर्ज करने का निर्णय लेने वाले मतदाताओं की संख्या, आइटम 4 के खिलाफ मतदाताओं की संख्या घटाकर (2-3-4) किसी भी विसंगति का पता चला।
7. उन मतदाताओं की संख्या जिन्हें निविदा मतपत्र जारी किए गए थे
8. डाले गए मतपत्रों की संख्या
131 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

मिांक सं.

...से ...तक

(क) उपयोग के लिए प्राप्त __________________ _______________

(ख) मतदाताओं को जारी किया गया _________________ ________

(सी) उपयोग नहीं किया गया और वापस आ गया _______________

9. कागजों की मुहरों का लेखा जोखा मिांक सं. ......से......तक मतदान एजेंट के हस्ताक्षर
(1) ………………… से ………………… तक आर्पूर्त की गई पेपर सील की मि संख्या 1. 2.
(2) आर्पूर्त की गई कु ल संख्या... 3.
(3) इस्तेमाल की गईं पेपर सील 4.
(4) रिर्टनंिग अधिकारी को लौटाए गए अप्रयुक्त पेपर सील की संख्या (आइटम 2 से आइटम 3 घटाएं) 5.
(5) क्षतिग्रस्त पेपर सील की मिांक सं, अगर कोई हो 6.

तारीख: ………………। स्थान: ………………

पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर मतदान कें द्र संख्या132 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (इलेक्ट्र ॉनिक वोटिंग मशीन द्वारा मतदान) भाग 2 – मतगणना का परिणाम

मि सं. उम्मीदवारों के नाम दर्ज मतों की संख्या
1.
2.
3.
4.
5.
6.
7.
8.
9. उक्त में किसी को नहीं (नोटा)
क ु ल

स्थान:

तारीख:……

गणना/पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर

उम्मीदवार/चुनाव एजेंट/मतगणना एजेंट का नाम

पूर्ण हस्ताक्षर

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स्थान:……………….

तारीख:……………… रिर्टनंिग अधिकारी के हस्ताक्षर133 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

भारत सरकार

लक्षद्वीप प्रशासन

पंचायत विभाग

कावरत्ती - 682555

दिनांक:16-11-2022

अधिसूचना

एफ.नं. 3/10/2022-डीओपी(पीई): चू ंकि लक्षद्वीप पंचायत चुनाव, ग्राम पंचायत के उप सरपंच और जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव का मसौदा नियम 2022 लक्षद्वीप कें द्र शासित प्रदेश के प्रशासन द्वारा लक्षद्वीप राजपत्र खंड VIII संख्या 35 के एक विशेष अंक में दिनांक सोमवार, 26 सितंबर, 2022 को प्रकाशित किया गया और चू ंकि, उक्त मसौदा नियमों के संबंध में प्राप्त आपयििों एवं सुझाव पर विधिवत विचार किया गया है इसलिए लक्षद्वीप की पंचायत विनियमन, 2022 (2022 की संख्या 5) की धारा 130 द्वारा निदिष्टि शक्तक्तयों का प्रयोग करते हुए प्रशासक, कें द्र शासित प्रदेश, लक्षद्वीप, निम्नलिक्तखत नियम बनाते हैं-

अध्याय 1

प्रारंभिक

अध्याय-I

संक्षिप्त शीषकि और प्रारं भ: 1. इन नियमों को लक्षद्वीप पंचायत चुनाव कहा जा सकता है जिसमें ग्राम पंचायत के उप-सरपंच और जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नियम 2022 शामिल हैं। 2. ये नियम कें द्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप के आधिकाररक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे पररभाषाएँ :

(क)

(i) "पूण िदिवस" का अथ िहै नोटिस या सूचना जारी होने के दिन, बैठक का दिन, और कोई राजपत्रित अवकाश या रविवार को छोड़कर दिन

(ii) "जिला पंचायत के निवाचिित सदस्य" से तात्पय िउस व्यक्तक्त से है जिसका नाम

चुनाव आयोग द्वारा जिला पंचायत के निवाचिित सदस्य के रूप में आधिकाररक राजपत्र में प्रकाशित किया गया है।

(iii) "ग्राम पंचायत के निवाचिित सदस्य" का अथ िउस व्यक्तक्त से है जिसका नाम चुनाव आयोग

1(cid:3)

(cid:3)134 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY द्वारा ग्रामपंचायत के निवाचिित सदस्य के रूप में आधिकाररक राजपत्र में प्रकाशित किया गया है।

(iv) "निवाचिन आयोग" का अथ िकें द्र शासित प्रदे श लक्षद्वीप पंचायत विनियमन,

2022 की धारा-99 की उपधारा-(1) में संदभिति चुनाव आयोग है।

(v) "फॉम"ि का अथ िइन नियमों में संलग्न एक फॉम िहै।

(vi) "आदे श" का अथ िआधिकाररक राजपत्र में प्रकाशित एक आदेश है; (vii) "अध्यक्ष" मतलब जिला पंचायत का अध्यक्ष; (viii) "पीठासीन अधिकारी" का अथ िहै।

क. किसी ग्राम पंचायत के उप-सरपंच के चुनाव के

मामले में,उप-सरपंच के चुनाव के लिए आयोजित होने वाली बैठक की अध्यक्षता के लिए प्रशासक द्वारा नियुक्त किया गया व्यक्तक्त लेकिन उसे ऐसी बैठक में वोट देने का अधिकार नहीं होगा

ख. जिला पंचायत अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के चुनाव के मामले में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जैसा भी मामला हो के चुनाव के लिए होने वाली बैठक की अध्यक्षता के लिए पंचायत सचिव द्वारा नियुक्त व्यक्तक्त पर उसे इस बैठक में मतदान करने का अधिकार नहीं होगा।

(IX) "विनियमन" का अथ िलक्षद्वीप पंचायत विनियमन 2022 है;"उपाध्यक्ष" का तात्पय ि

जिला पंचायत के उपाध्यक्ष से है।

(ख) प्रयुक्त शब्द और अभिव्यक्तक्तयां जो इस आदेश में पररभाषित नहीं किए गए का अथ ि

विनियम में क्रमशः उन्हें सौंपे गए अथ िसे होगा।

दू सरा अध्याय

ग्राम पंचायत के उप-सरपंच का चुनाव

3. वोट देने का अधिकार: सरपंच सहित ग्राम पंचायत के सभी निवाचिित सदस्यों को उपसरपंच के चुनाव में वोट देने का अधिकार होगा।

4. ग्राम पंचायत के उपसरपंच के लिए अहतााएँ -

कोई व्यक्तक्त ग्राम पंचायत के उप-सरपंच के रूप में चुने जाने के लिए योग्य नहीं होगा जब तक कि वह ग्राम पंचायत का निवाचिित सदस्य न हो।

2(cid:3)

(cid:3)135 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

5. चुनाव के लिए बैठक बुलाना.

(1) पंचायत सचिव उप-सरपंच के चुनाव के लिए ग्राम पंचायत की बैठक बुलाने की तारीख तय करें गे।

(2) बैठक की अध्यक्षता पंचायत सचिव द्वारा नियुक्त अधिकारी द्वारा की जायेगी।

6. चुनाव के लिए सूचना:

(1) पीठासीन अधिकारी ग्राम पंचायत के सभी निवाचिित सदस्यों को उप-सरपंच के चुनाव के लिए फॉम-िI में एक नोटिस जारी करे गा।

(2) ऐसे नोटिस की एक प्रति ग्राम पंचायत कायालिय के नोटिस बोड िपर प्रदशिति की जाएगी। (3) नोटिस बैठक की तारीख से कम से कम तीन पूण िदिवस पहले वितररत किया गया हो और बैठक बुलाने की तारीख समय स्थान और कारण की स्पष्ट जानकारी इसमें हो।

(4) यदि संभव हो तो जारी किए गए प्रत्येक नोटिस की तामील व्यक्तक्तगत रूप से उस सदस्य को सौंपना या टेंडर करना जिसे यह संबोधित है, या यदि ऐसा व्यक्तक्त नहीं मिला है तो उसके अंतिम ज्ञात निवास स्थान पर पररवार के किसी वयस्क सदस्य को नोटिस देकर या टेंडर देकर छोड़ दिया जाएगा. यदि नोटिस तामील करने का उपरोक्त कोई भी तरीका संभव नहीं है तो वह भवन जिसमें सदस्य सामान्यतः निवास करता है नोटिस को कु छ विशिष्ट भाग पर चिपका दिया जाएगा।

(5) उक्त नोटिस में कहा जाएगा:-

(क) वह स्थान और तारीख जिस दिन और जिन घंटों के बीच नामांकन पत्र भरे जायेंगे.

(ख) वह स्थान और तारीख जिस दिन और जिन घंटों के बीच नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।

(ग) वह स्थान और तारीख जिस दिन और वे घंटे जिसके बीच नामांकित उम्मीदवार वैध रूप से अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकता है; और

(घ) वह स्थान और तारीख जिस दिन और घंटों के बीच मतदान होने पर सदस्य का मत लिया जाएगा।

3(cid:3)

(cid:3)136 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

7. उपसरपंच के निवााचन की प्रयििा.

(1) उप-सरपंच के चुनाव बैठक के लिए निधारिरत समय से कम से कम दो घंटे पहले ग्राम पंचायत का कोई भी निवाचिित सदस्य जिसे इस आदेश के नियम 3 के तहत वोट देने का अधिकार है, उपसरपंच के रूप में चुनाव के लिए किसी अन्य सदस्य का वह नामांकन कर सकता है। नामांकन पत्र को फॉम-ि II में भरकर पीठासीन अधिकारी को सौंपें। नामांकन पत्र पर उसके और किसी अन्य निवाचिित सदस्य के अनुमोदक के रूप में हस्ताक्षर होंगे। यह उम्मीदवार की इच्छा को भी दशाएिगा कि निवाचिित होने पर उप-सरपंच के रूप में काय िकरे गा। किसी भी सदस्य को उप-सरपंच के रूप में एक से अधिक उम्मीदवारों का प्रस्ताव करने या उनका समथनि करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

(2) नामांकन पत्र प्राप्त करने का समय समाप्त होने के तुरं त बाद पीठासीन अधिकारी फॉम िII-ए में निधारिरत फॉम िमें एक सूची प्रकाशित करे गा जिसमें उन उम्मीदवारों के नाम शामिल होंगे जिनके नाम उपरोक्त पूवविती उपनियम (1) के अंतगति प्राप्त हुए हैं। इसके बाद पीठासीन अधिकारी नियम 4 के प्रावधानों के तहत उसे सौंपे गए नामांकन पत्रों की जांच करें गे, उसके बाद फॉम-िबी में उन उम्मीदवारों के नाम वाली एक सूची प्रकाशित करने का कारण बनता है, जिन्हें उनकी राय में, विधिवत रूप उनके प्रस्तावकों और अनुमोदकों के नाम के साथ नामांकित किया गया है

(3) एक उम्मीदवार उप-सरपंच के चुनाव के लिए बैठक के लिए निधारिरत समय से कम से कम एक घंटे पहले पीठासीन अधिकारी को इस आशय की सूचना देकर अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकता है। (4) पीठासीन अधिकारी उम्मीदवारी वापस लेने के लिए निधारिरत समय सीमा की समाक्तप्त के तुरं त बाद फॉम िII-C में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामों वाली एक सूची प्रकाशित करे गा और इसकी एक प्रति ग्राम पंचायत के नोटिस बोड िपर चिपकाएगा।

(5) यदि ग्राम पंचायत के उप-सरपंच के पद के लिए के वल एक उम्मीदवार को वैध रूप से नामित किया गया है तो पीठासीन अधिकारी उसे ग्राम पंचायत के उप-सरपंच के रूप में निवाचिित घोषित करे गा।

(6) यदि ग्राम पंचायत के उप-सरपंच के पद के लिए एक से अधिक उम्मीदवारों को वैध रूप से नामित किया गया है तो पीठासीन अधिकारी

(क) उप-नियम (7) के प्रयोजन के लिए पीठासीन अधिकारी फॉम ि II-डी में मतपत्र तैयार करने का आदेश देगा

4(cid:3)

(cid:3)137 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ख) चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामों को मतपत्र पर वणमिाला क्रम में व्यवक्तस्थत किया जाएगा, जो उपनाम वाले उम्मीदवारों के उपनाम और अन्य उम्मीदवारों के उचित नामों के संदभ िमें निधारिरत किया जाएगा। मतपत्र में विशेष रूप से वणमिाला क्रम का पालन अंग्रेजी में किया जाएगा।

(8) मतदान का तरीका:

(i) प्रत्येक मतपत्र में उपसरपंच पद के लिए वैध रूप से नामांकित उम्मीदवारों के नाम होंगे। (ii) ग्राम पंचायत का प्रत्येक निवाचिित सदस्य मतपत्र पर उस उम्मीदवार के नाम के आगे टिक कर अपना वोट दज िकरे गा जिसे वह अपना वोट देना चाहता है। मतपत्र पर निवाचिित सदस्य द्वारा नाम के साथ हस्ताक्षर किए जाएं गे। मतपत्र में उस वाड िका विवरण भी होगा जहां से वह चुना गया है। (iii) प्रत्येक निवाचिित सदस्य ऐसे निवाचिन के स्थान पर इस प्रयोजन के लिए रखे गए बॉक्स में इस प्रकार अंकित मतपत्र डालेगा।

(iv) सचिव पंचायत के अगले आदेश तक मतदान के लिए उपयोग किए जाने वाले कागज को नष्ट नहीं किया जाएगा।

(v) (क) कोई निवाचिित सदस्य जिसने अनजाने में अपने मतपत्र का निपटान इस प्रकार किया है कि उसे आसानी से मतपत्र के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता है, वह उसे पीठासीन अधिकारी को लौटा सकता है और असावधानी के ऐसे प्राधिकार को संतुष्ट करने पर दू सरा मतपत्र प्राप्त कर सकता है और इस प्रकार लौटाए गए मतपत्र को पीठासीन अधिकारी द्वारा "खराब/रद्द" चितिि किया जाएगा। (ख) खंड (क) के अधीन रद्द किए गए सभी मतपत्रों को एक अलग पैके ट/कवर में रखा जाएगा। (vi) यदि निवाचिित सदस्य अनपढ़ है या अंधेपन के कारण मतपत्र पर निशान लगाने में असमथ िहै, तो पीठासीन अधिकारी मतदाता की इच्छा के अनुसार मतपत्र पर वोट ररकॉड ि करे गा और मतपत्र पर उसके अंगूठे का निशान प्राप्त करे गा।

(vii) पीठासीन अधिकारी निवाचिित सदस्यों की उपक्तस्थति में ऐसे अन्य व्यक्तक्तयों की सहायता से मतों की गणना करे गा जिन्हें वह नियुक्त करे ।

(viii) पीठासीन अधिकारी किसी भी कागज को अस्वीकार कर दे गा: –

(क) जो अचितिि है;

(ख) जिसमें इन नियमों के साथ असंगत निशान हैं।

(ग) जिस पर अंकन अनितिि है।

9. जो उम्मीदवार सबसे अधिक वोट प्राप्त करता है, उसे पीठासीन अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत के उप-सरपंच के रूप में विधिवत निवाचिित घोषित किया जाएगा, जैसा भी मामला हो। मतों की समानता

5(cid:3)

(cid:3)138 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY के मामले में, चुनाव के पररणाम का निणयि पीठासीन अधिकारी की उपक्तस्थति में तैयार किए गए लॉटरी द्वारा इस तरह से किया जाएगा जैसा कि वह निधारिरत करे ।

10. बैठक स्थगित करना :- यदि ग्राम पंचायत के उपसरपंच के निवाचिन के लिए बुलाई गई बैठक में किसी कारण से चुनाव नहीं कराया जाता है, तो पीठासीन अधिकारी को किसी अन्य दिन बैठक बुलाने की शक्तक्त होगी;

बशते कि पीठासीन अधिकारी स्थगन के कारणों और इस प्रयोजन के लिए निधारिरत अगली तिथि की जानकारी यथाशीघ्र प्रशासक और सचिव पंचायत को देगा।

11. निवाचिित व्यक्तक्त के नाम की घोषणा ग्राम पंचायत, ग्राम उप-सरपंच के रूप में चुनाव पूरा होने के तुरं त बाद, पीठासीन अधिकारी संबंधित ग्राम पंचायत के नोटिस बोड िपर अपने द्वारा हस्ताक्षररत फॉम-ि III में एक नोटिस चिपकाएगा जिसमें उप-सरपंच के रूप में चुने गए व्यक्तक्त के नाम की घोषणा की जाएगी और ऐसे नोटिस की एक प्रति प्रशासक और सचिव पंचायत को भेजी जाएगी।

12. पररणामों का प्रकाशन. सचिव पंचायत, यथाशीघ्र, निवाचिित होने पर ग्राम पंचायत के उप-सरपंच के नाम सरकारी राजपत्र में प्रकाशित करे गा।

अध्याय -3

जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव

13. मतदान का अधिकार: जिला पंचायत के सभी निवाचिित सदस्यों को जिला पंचायत के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या दोनों, जैसा भी मामला हो, के चुनाव के लिए मतदान करने का अधिकार होगा।

14. जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए योग्यता।

(1)कोई व्यक्तक्त जिला पंचायत के अध्यक्ष के रूप में निवाचिित होने के योग्य नहीं होगा, जब तक कि वह जिला पंचायत का निवाचिित सदस्य न हो। यदि ऐसा पद रोस्टर या बनाए गए आरक्षण जैसा भी मामला हो, के अनुसार अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित है, तो ऐसा व्यक्तक्त लक्षद्वीप संघ राज्य क्षेत्र की अनुसूचित जनजातियों का सदस्य होना चाहिए।

(2) कोई व्यक्तक्त तब तक जिला पंचायत का उपाध्यक्ष निवाचिित होने के योग्य नहीं होगा जब तक कि वह जिला पंचायत का निवाचिित सदस्य न हो।

15. अध्यक्ष जिला पंचायत पद का आरक्षण:- अध्यक्ष जिला पंचायत का पद विनियमन की धारा-61 की उप-धारा-5 में निदिष्टि आरक्षण के रोस्टर के अनुसार संघ राज्य क्षेत्र की अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित होगा। बशते कि अध्यक्ष का पद हर दू सरे कायकिाल में एक महिला के लिए आरक्षित होगा।

6(cid:3)

(cid:3)139 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

16. चुनाव के लिए बैठक आयोजित करना :-

पंचायत सचिव अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या दोनों जैसा भी मामला हो, के चुनाव के लिए जिला पंचायत की बैठक बुलाने की तारीख तय करे गा। बैठक की अध्यक्षता पंचायत सचिव द्वारा नियुक्त अधिकारी द्वारा की जाएगी।

17. चुनाव के लिए नोटिस:

(1)पीठासीन अधिकारी जिला पंचायत के सभी निवाचिित सदस्यों को अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या दोनों जैसा भी मामला हो के चुनाव के लिए प्रपत्र-IV में नोटिस जारी करे गा।

(2)इस तरह के नोटिस की एक प्रति जिला पंचायत के नोटिस बोड िपर प्रदशिति की जाएगी। (3)नोटिस बैठक की तारीख से कम से कम तीन पूण िदिवस पहले दिया जाएगा और बैठक बुलाने की तारीख समय स्थान और उद्देश्य को इंगित करे गा।

(4)जारी किया गया प्रत्येक नोटिस यदि व्यवहाररक हो, तो व्यक्तक्तगत रूप से उस सदस्य को वितररत या प्रस्तुत करके दिया जाएगा जिसे यह संबोधित किया गया है या यदि ऐसा व्यक्तक्त नहीं पाया जाता है तो इसे उसके पररवार के किसी वयस्क सदस्य को नोटिस देकर उसके अंतिम ज्ञात निवास स्थान पर छोड़ दिया जाएगा। यदि नोटिस देने का उपरोक्त तरीकों में से कोई भी व्यवहाररक नहीं है तो नोटिस को इमारत के कु छ विशिष्ट हिस्से पर चिपकाया जाएगा जिसमें सदस्य आमतौर पर रहता है। (5)उक्त नोटिस में कहा जाएगा: –

(क) वह स्थान और तिथि जिस दिन और जिन घंटों के बीच नामांकन पत्र भरे जाएं गे।

(ख) किस स्थान और तारीख को और किन घंटों के बीच नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। (ग) जिस स्थान और तारीख पर और जिन घंटों के बीच वैध रूप से नामांकित उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकता है और

(घ) जिस स्थान और तारीख को और जिन घंटों के बीच सदस्य के वोट लिए जाएं गे, यदि मतदान होता है।

(6) अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रयििा:

क. अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या दोनों के चुनाव के लिए जैसा भी मामला हो, बैठक के लिए निधारिरत समय से कम से कम दो घंटे पहले, जिला पंचायत का कोई भी निवाचिित सदस्य जिसे इस आदेश के नियम 13 के तहत मतदान करने का अधिकार है, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के रूप में चुनाव के लिए किसी अन्य सदस्य को फॉम-िV में नामांकन पत्र द्वारा नामित कर सकता है और इसे पीठासीन अधिकारी को दे सकता है।

नामांकन पत्र पर उनके और अनुमोदक के रूप में किसी अन्य निवाचिित सदस्य के हस्ताक्षर होंगे। यह निवाचिित होने पर अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के रूप में सेवा करने के लिए उम्मीदवार की इच्छा को भी

7(cid:3)

(cid:3)140 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY दिखाएगा। किसी भी सदस्य को अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के रूप में जैसा भी मामला हो, एक से अधिक उम्मीदवार का प्रस्ताव करने या अनुमोदन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी परन्तु पीठासीन अधिकारी विनियम के अधीन प्रद िअध्यक्ष पद के लिए आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए लिक्तखत में दज िकिए जाने के लिए अनुमोदक द्वारा हस्ताक्षररत नामांकन पत्र की शत िको हटा सकता है।

ख. नामांकन पत्र प्राप्त करने का समय समाप्त होने के तुरं त बाद, पीठासीन अधिकारी फॉम िV-ए में निधारिरत फॉम िमें एक सूची प्रकाशित करे गा, जिसमें उन उम्मीदवारों के नाम होंगे जिनके नाम ऊपर उप-नियम (1) के तहत प्राप्त हुए हैं।

ग. कोई उम्मीदवार अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए बैठक के लिए निधारिरत समय से कम से कम एक घंटे पहले पीठासीन अधिकारी को इस आशय की सूचना देकर अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकता है।

घ. पीठासीन अधिकारी तब नियम 14 के प्रावधानों के तहत उन्हें दिए गए नामांकन पत्रों की जांच करे गा और उसके बाद फॉम िV-बी में उन उम्मीदवारों के नामों वाली एक सूची प्रकाशित करे गा, जिन्हें उनकी राय में उनके प्रस्तावकों और अनुमोदकों के नामों के साथ विधिवत रूप से नामित किया गया है।

ङ. यदि जिला पंचायत के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जैसा भी मामला हो, के पद के लिए के वल एक उम्मीदवार को वैध रूप से नामित किया गया है, तो पीठासीन अधिकारी उसे जिला पंचायत के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जैसा भी मामला हो, के रूप में निवाचिित घोषित करे गा।

च. यदि जिला पंचायत के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के पद के लिए एक से अधिक उम्मीदवार वैध रूप से नामित किए गए हैं, तो पीठासीन अधिकारी जिला पंचायत के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए आगे बढ़ेगा।

छ. (i) उपनियम (6) के प्रयोजन के लिए पीठासीन अधिकारी मतपत्र को फाम ि V-C में तैयार कराएगा।

(ii)चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामों को मतपत्र पर वणमिाला क्रम में व्यवक्तस्थत किया जाएगा, जो उपनाम वाले उम्मीदवारों के उपनाम और अन्य उम्मीदवारों के उचित नामों के संदभ िमें निधारिरत किया जाएगा। मतपत्र में विशेष रूप से और वणानिुक्रम में पालन किया जाने वाला क्रम अंग्रेज़ी

में होगा।

(7) मतदान का तरीका:

(i) प्रत्येक मतपत्र में वैध रूप से अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद के लिए जैसा भी मामला हो, नामित उम्मीदवार लोगों के नाम होंगे,

8(cid:3)

(cid:3)141 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (ii) यदि अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के लिए चुनाव एक साथ आयोजित किए जाते हैं, तो प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग मतपत्र का उपयोग किया जाएगा।

(iii) जिला पंचायत का प्रत्येक निवाचिित सदस्य मतपत्र पर उस उम्मीदवार के नाम के आगे जिसे वह अपना वोट देना चाहता है, टिक( कर अपना वोट दज िकरे गा। मतपत्र पर निवाचिित सदस्य द्वारा नाम के साथ हस्ताक्षर किए जाएं गे। मतपत्र में उस वाड िका विवरण भी होगा

✓)

जहां से वह चुना गया है।

(iv) प्रत्येक निवाचिित सदस्य ऐसे निवाचिन के स्थान पर इस प्रयोजन के लिए रखे गए बॉक्स में इस प्रकार अंकित मतपत्र डालेगा।

(v) पंचायत सचिव के अगले आदेश तक मतदान के लिए उपयोग किए जाने वाले कागज को नष्ट नहीं किया जाएगा।

(vi) (क) कोई निवाचिित सदस्य जिसने अनजाने में अपने मतपत्र का निपटान इस प्रकार किया है कि उसे आसानी से मतपत्र के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता है, वह उसे पीठासीन अधिकारी को लौटा सकता है और असावधानी के ऐसे प्राधिकारी को संतुष्ट करने पर दू सरा मतपत्र प्राप्त कर सकता है और इस प्रकार लौटाए गए मतपत्र को पीठासीन अधिकारी द्वारा "खराब/रद्द" चितिि किया जाएगा।

(ख) खंड (क) के अधीन रद्द किए गए सभी मतपत्रों को एक पृथक पैके ट/कवर में रखा जाएगा।

(vii) यदि निवाचिित सदस्य अनपढ़ है या अंधेपन के कारण मतपत्र पर निशान लगाने में असमथ ि है, तो पीठासीन अधिकारी मतदाता की इच्छा के अनुसार मतपत्र पर वोट ररकॉड िकरे गा और मतपत्र पर उसके अंगूठे का निशान प्राप्त करे गा।

(viii) पीठासीन अधिकारी निवाचिित व्यक्तक्त की उपक्तस्थति में अन्य व्यक्तक्तयों जिसे कि वह नियुक्त कर सकता है की सहायता से मतों की गणना करे गा,

(ix) पीठासीन अधिकारी किसी भी कागज को अस्वीकार कर देगा: – क) जो अचितिि है;

ख) जिसमें इन नियमों से असंगत निशान हैं;

ग) वह अंकन जो अनितिि हो

20. जो उम्मीदवार सवाधििक मत प्राप्त करता है उसे पीठासीन अधिकारी द्वारा जिला पंचायत के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जैसा भी मामला हो, के रूप में विधिवत निवाचिित घोषित किया जाएगा। मतों की समानता के मामले में चुनाव के पररणाम का निणयि पीठासीन अधिकारी की उपक्तस्थति में तैयार किए गए लॉटरी द्वारा उस तरह से किया जाएगा जैसा कि वह निधारिरत करे ।

9(cid:3)

(cid:3)142 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 21. बैठक स्थगित :- यदि जिला पंचायत के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के निवाचिन के लिए बुलाई गई बैठक में किसी भी कारण से चुनाव नहीं कराया जाता है, तो पीठासीन अधिकारी को किसी अन्य दिन बैठक बुलाने की शक्तक्त होगी परन्तु पीठासीन अधिकारी यथाशीघ्र स्थगन के कारणों और इस प्रयोजनाथ ि निधारिरत अगली तिथि की सूचना सचिव पंचायत सचिव को देगा।

22. जिला पंचायत के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के रूप में निवााचित व्यक्त ि के नाम की घोषणा, निवाचिन संपन्न होने के तुरं त बाद पीठासीन अधिकारी संबंधित जिला पंचायत के नोटिस बोड िपर अपने द्वारा हस्ताक्षररत प्रपत्र-vi में एक नोटिस चिपकाएगा जिसमें अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जैसा भी मामला हो के रूप में निवाचिित व्यक्तक्त के नाम की घोषणा की जाएगी, और ऐसे नोटिस की एक प्रति पंचायत सचिव को भेजेगा।

23. पररणामों का प्रकाशन: पंचायत सचिव, चुने जाने पर यथाशीघ्र अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के नाम राजपत्र में प्रकाशित करे गा।

अध्याय - IV

निरसन और बचत

इन नियमों के लागू होने की तारीख से लक्षद्वीप (पंचायतों का निवाचिन) नियम, 1995 में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, अध्यक्ष सह मुख्य परामशदिाता और उपाध्यक्ष सह परामशदिाता के निवाचिन से संबंधित प्रावधान निरस्त हो जाएं गे, परन्तु ऐसा निरसन उन नियमों के किसी उपबंध को प्रभावित नहीं करे गा जो विनियम या इन नियमों के उपबंधों से असंगत न हो जब तक कि उस उपबंध को किसी कानून द्वारा प्रतिस्थापित न कर दिया जाए।

प्रशासक की ओर से

कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप

निदेशक (पंचायत)

10(cid:3)

(cid:3)143 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY फॉम-िI

[देखें आर यू एल ई 6 (1)]

-------ग्राम पंचायत के उप-सरपंच के निवाचिन की सूचना --------------सेवा में------------------

----------------------------

--------------------------------------------------

------------------------------------------------------

लक्षद्वीप के नियम 6 के उप-नियम (1) के अनुसरण में ग्राम पंचायत के उप-सरपंच और जिले के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव पंचायत नियम 2022 मैं .................... पीठासीन अधिकारी इस प्रकार नोटिस देता हँ कि लक्षद्वीप पंचायत विनियमन 2022 की धारा 18 के तहत उप-सरपंच का चुनाव करने के लिए ग्राम पंचायत की बैठक [तिथि] को [समय] पर [स्थान] पर आयोजित की जाए।

1. नामांकन पत्र अधोहस्ताक्षरी को [स्थान] पर दिया जा सकता है बैठक के दिन ( ) पूवा/ििअपरा िसे ( ) पूवा िितक।

2. नामांकन पत्रों की जांच उसी दिन ( ) पूवा िि/अपरा िऔर ( ) पूवा िि/अपरा िके बीच [स्थान] पर की जाएगी।

3. उम्मीदवारी वापस लेने की सूचना किसी उम्मीदवार या उसके प्रस्तावक (उम्मीदवार द्वारा विधिवत अधिकृ त) द्वारा मुझे उसी दिन ( )सुबह/शाम से पहले [स्थान] पर दी जा सकती है। 4. चुनाव होने की क्तस्थति में उसी दिन ( )पर सुबह/शाम [स्थान] पर मतदान लिया जाएगा।

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(cid:3)144 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY फॉम-िII

[नियम 7(1) देखें]

ग्राम पंचायत--------- के उप-सरपंच पद के चुनाव के लिए नामांकन पत्र का प्रपत्र

1 प ंचायत का नाम
2 उम्मीदवार का पूरा नाम
3 वाड िका नाम जहां से उम्मीदवार चुना गया था
4 प्रस्तावक का नाम
5 उस वाड िका नाम जहां से प्रस्तावक चुना गया था या ग्राम पंचायत का नाम जिसमें प्रस्तावक अध्यक्ष है।
6 अनुमोदक का पूरा नाम
7 उस वाड िका नाम जहां से अनुमोदक चुना गया था या ग्राम पंचायत का नाम जिसमें अनुमोदक अध्यक्ष है।

स्थान:--------------------

दिनांक:------------------

प्रस्तावक के हस्ताक्षर

.......................................

अनुमोदक के हस्ताक्षर

घोषणा

मैं इसके द्वारा घोषणा करता हं कि मैं नामांकन के लिए सहमत हं और उप-सरपंच के रूप में सेवा करने के लिए तैयार हं।

स्थान:-----------

दिनांक:----------

........................................

उम्मीदवार के हस्ताक्षर

* जो मान्य नहीं है उसे मिटा दें

12(cid:3)

(cid:3)145 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

फॉम िII-A

[नियम 7 (2) देखें]

ग्राम पंचायत के उप-सरपंच के रूप में चुनाव के नामांकन के लिए प्रस्तावित उम्मीदवारों की सूची ------------------------------------------------------------------------

क्र.सं. उम्मीदवार का नाम प्रस्तावक का नाम अनुमोदक का नाम

1

2.

3.

4.

5.

6.

दिनांक:---------------------

स्थान:-----------------------

.............................................

पीठासीन अधिकारी

के हस्ताक्षर

फॉम िII-B

[नियम 7 (3) देखें]

ग्राम पंचायत के उप-सरपंच के रूप में चुनाव के लिए वैध रूप से नामित उम्मीदवारों की सूची -----

-------------------------------------

क्र.सं. उम्मीदवार का नाम टिप्पणी(यदि कोई हो) 1.

2.

3.

4.

5.

6.

दिनांक:-------------------

स्थान:---------------------

...............................................

पीठासीन अधिकारी

के हस्ताक्षर

13(cid:3)

(cid:3)146 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY फॉम िII-C

[नियम 7 (5) देखें]

ग्राम पंचायत के उप-सरपंच के चुनाव के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची

क्रं .सं. उम्मीदवार का नाम टिप्पणियां (यदि कोई हो)

1.

2.

3.

4.

5.

6.

दिनांक:--------------------

स्थान:----------------------

................................................

पीठासीन अधिकारी

के हस्ताक्षर अधिकारी

14(cid:3)

(cid:3)147 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

फॉम िII-D

[नियम 7 (8) (ए) देखें]

मतपत्र

----------------ग्राम पंचायत के उप-सरपंच का चुनाव।

दिनांक:--------------

पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर क्रं .सं. उम्मीदवार का नाम निशान के लिए देखें ( ) मतदाता के द्वारा

1.

2.

3.

4.

5.

6

हस्ताक्षर ......................................................

सरपंच/सदस्य का नाम ........

वाड िनंबर....

15(cid:3)148 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

फॉम ि– III

[नियम 11 देखें]

लक्षद्वीप ग्राम पंचायत के उप-सरपंच और जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नियम 2013 के नियम 11 के अनुसरण में, मैं यह घोषणा करता हं कि जिन व्यक्तक्तयों के नाम नीचे अनुसूची के कॉलम (1) में दिए गए हैं उनके नाम के आगे कॉलम (2) में उक्तक्तिखत पद के लिए उन्हें उक्त अनुसूची के कॉलम (3) में उक्तक्तिखत पंचायत के लिए विधिवत चुना गया है।

अनुसूची

व्यक्तक्त का नाम पद जिसके लिए निवाचिित है प ंचायत जिससे यह पद संबंधित है
(1) (2) (3)

स्थान:--------------------

खजूर ..............................

पीठासीन अधिकारी

16(cid:3)

(cid:3)149 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY फॉम-िIV

[नियम 17 (1) देखें]

लक्षद्वीप जिला पंचायत के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए नोटिस।

सेवा में

-------------------------------------------------

--------------------------------------------------

लक्षद्वीप के नियम 17 के उप-नियम (1) के अनुसरण में ग्राम पंचायत के उप सरपंच का चुनाव एवं जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव, नियम 2013

मैं---------------पीठासीन अधिकारी ------------------यह सूचना देता हँ कि लक्षद्वीप पंचायत विनियमन, 2022 की धारा 61 के तहत अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के चुनाव हेतु जिला पंचायत की बैठक ................. [तारीख] को ........ [घंटे] ...............स्थान ....पर होगी।

1. बैठक के दिन नामांकन पत्र अधोहस्ताक्षरी को दिया जा सकता है. (स्थान) पूवा/ििअपरा िसे () पूवा/ििअपरा ि तक।

2. नामांकन पत्रों की जांच उसी दिन ( ) प्रातः /अपरा िऔर () पूवा िि/अपरा िके बीच [स्थान] पर की जाएगी।

3. उम्मीदवारी वापस लेने की सूचना या तो उम्मीदवार या उसके प्रस्तावक (उम्मीदवार द्वारा विधिवत अधिकृ त) द्वारा मुझे उसी दिन ( ) सुबह/शाम से पहले [स्थान] पर दी जा सकती है। 4. चुनाव लड़े जाने की क्तस्थति में मतदान उसी दिन ( ) पूवा/ििअपरा ि [स्थान] पर लिया जाएगा। .................................................

पीठासीन अधिकारी

स्थान ----------

दिनांक --------

17(cid:3)150 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY फॉम-िV

[नियम 18 (1) देखें]

जिला पंचायत के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन पत्र का प्रपत्र

1. जिला पंचायत का नाम
2.
उम्मीदवार का पूरा नाम
3. वाड िका नाम जहां से उम्मीदवार च ुना गया है
4.
प्रस्तावक का पूरा नाम
5. उस वाड िका नाम जहां से प्रस्तावक च ुना गया है।
6. अनुमोदक का पूरा नाम
7. उस वाड िका नाम जहां से अनुमोदक चुना गया है

स्थान : ………………...

दिनांक : …………………

----------------------

प्रस्तावक के हस्ताक्षर -----------------

अनुमोदक के हस्ताक्षर

घोषणा

मैं इसके द्वारा घोषणा करता हं कि मैं नामांकन के लिए सहमत हं और जिला पंचायत के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के रूप में सेवा करने के लिए तैयार हं

स्थान------

दिनांक--------

.............................

उम्मीदवार के हस्ताक्षर

18(cid:3)

(cid:3)151 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY फॉम िV-ए

[नियम 18 (2) देखें]

अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के रूप में निवाचिन के लिए प्रस्तावित उम्मीदवारों

के नामांकन की सूची जिला पंचायत ........

क्रं .सं. उम्मीदवार का नाम प्रस्तावक का नाम अनुमोदक का नाम

1.

2.

3.

4.

5.

6.

दिनांक :--------------------

स्थान:-----------------------

.............................................

पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर

19(cid:3)

(cid:3)152 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

फॉम िV-बी

[नियम 18 (4) देखें]

जिला पंचायत के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के रूप में निवाचिन के लिए वैध रूप से नामित उम्मीदवारों की सूची

क्रं .सं. उम्मीदवार का नाम टिप्पणी यदि कोई है

1

2

3

4

5

6

दिनांक-------------------

स्थान-------------------

-------------------------------

पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर

20(cid:3)

(cid:3)153 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

फॉम िV-सी

[नियम 18 (7) (ए) देखें]

मतपत्र

जिला पंचायत के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष का निवाचिन

दिनांक ................................

पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर – क्रं .सं. उम्मीदवार का नाम मतदाता द्वारा निशान 1

2

3

4

5

6

हस्ताक्षर-----------------

निवाचिित सदस्य का नाम-------------------------

वाड ि नंबर--------------------------------------

21(cid:3)

(cid:3)LIX नंबर 20 शुक्रवार, 20 अक्टू बर, 2023/ 154 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

भारत सरकार लक्षद्वीप प्रशासन

पंचायत विभाग

कवारत्ती - 682 555 Dated: 19-10-2023

अधिसूचना

लक्षद्वीप पंचायत विनियमन, 2022 की धारा 130 के तहत प्रदत्त शक्तयिों का प्रयोग करते हुए प्रशासक

लक्षद्वीप संघ शासित प्रदेश द्वारा निम्नलिक्तखत नियम बनाते और अधिसूचित करते हैं-

और उक्त प्रारूप सनयमों के िंबंध में प्राप्त आपसत्तयों और िुझािों पर सिसधित 1. और इिसलए, लक्षद्वीप पंचायत सिसनयमन , 2022 (2022 की िंख्या 5) की धारा 130 द्वारा सनर्ददष्ट शसक्तयों का प्रयोग करते हुए स ंप्तिि शीषषक, प्रारंभ और अनुप्रयोग 1. इन नियमों को "लद्विीप पंचायत (सेवा) नियम, 2023" कहा जा सकता है। 2. ये सरकारी राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे। 3. य े नियम पंचायत द्वारा नियुक्त प्रत्येक पंचायत सेवक पर लागू होंगे। , प्रशािक, कें द्र शासित प्रदेश स ंप्तिि शीषषक
2. लक्षद्वीप, सनम्नसलसखत सनयम बनाते हुए खुशी हो रही है:- पररभाषा 1.इन नियमों में, जब तक संदभष से अन्मथा अपेतिि ना हो क. "प्रशासन" का अथष लद्विीप कें द्र शासित प्रदेश का प्रशासन है। ख. पंचायत सेवक के संदभष में"नियुक्तक्त प्राधिकारी"पंचायत के पदों पर नियुक्तक्त करने के लिए अध्याय-I प्रशासक द्वारा सरकारी राजपत्र में अधिसूचना द्वारा घोषित प्राधिकारी। ग. "गोपनीय ररपोटष" का अथष है किसी वित्तीय वषष में प्रत्येक पंचायत अधिकारी की वाषिषक गोपनीय ररपोटष जो निधाषररत प्रारूप में लिखी गई हो। पररभाषा
घ . "फॉमष" का अथष है इन नियमों में संलग्न फॉमष। ङ. प ंचायत सेवक के संबंध में "पररवार के सदस्ों" में शामिल हैं: i. प ंचायत सेवक का बेटा या बेटी या सौतेला बेटा या सौतेली बेटी जो पूरी तरह से उस पर निभषर है। ii. प ंचायत सेवक की पत्नी या पति, जैसा भी मामला हो, पंचायत सेवक के साथ रह रहा हो या नहीं, लेकिन इसमें वो पत्नी या पति जैसा भी मामला हो, शामिल नहीं है, जिन्हें एक समि न्मायालय के डिक्री या आदेश द्वारा अलग किया गया हो। च. "अवकाश स्वीकृ ति प्राधिकारी" का अथष है मुख्य कायषपालन अधिकारी, जिला पंचायत या एक कायाषलय प्रमुख, जिसे जिला पंचायत के मामले म ें मुख्य कायषकारी अधिकारी द्वारा और ग्राम पंचायत के मामले में प ंचायत सचिव के एक आदेश द्वारा उस शक्तक्त को प्रत्यायोजित किया गया है। छ. "पंचायत सेवक" का अथष है पंचायत द्वारा नियुक्त कमषचारी जिसे विशिष्ट व ेतनमान या समेकित वेतन पंचायत निधि से भुगतान किया जाना है। श और अभिव्यक्तक्तयाँ जिनका इन विनियमों में उपयोग किया गया लेकिन पररभाषित नहीं उनका अथष लद्विीप पंचायत विनियमन, 2022 में पररभाषित किए गए शों और अभिव्यक्तक्तयों जो उन्हें विनियमन में सौंपा गया है, के समान अथष होगा ।
3. उपक्ततिि और समयबद्धता 1. कायाषलय के कायष दिवस और घंटे जिला पंचायत द्वारा निधाषररत किए जाएं गे। बशते कि सभी पंचायत कायाषलयों का समय समान होगा और यह लद्विीप प्रशासन के कायाषलयों के समान होना चाहिए। 2. प ंचायत सचिव या मुख्य कायषकारी अधिकारी, जैसा भी मामला हो द्वारा कायाषलय में सभी कमषचाररयों के लिए एक उपक्ततिि रजिस्टर रखा जाएगा। 3. प्रत्येक कमषचारी उपक्ततिि में समय का पाबंद होना चाहिए। उपक्ततिि और समयबद्धता
बशते कि आगमन के समय के संबंध में 10 मिनट की छू ट की अनुमति दी जा सकती है जब तक कि यह बार-बार पुनरावृत्ति का मामला न बन जाए। बशते कि, स ंबंधित पंचायत सेवक के आकक्तकि अवकाश खाते से आधे दिन का आकक्तकि अवकाश काटा लिया जाएगा यदि वह आदतन देर से उपक्तति हो रहा है। 4. (क) किसी दिन को निम्नलिक्तखत पररक्ततिियों में अवकाश स्वीकृ ति प्राधिकारी द्वारा 'अकायष दिवसʼ के रूप में चितिि किया जाएगा। i. जब अधिकारी बिना पूवष सूचना के ड्यूटी से अनुपक्तति रहता हो । ii. जब कायाषलय में ड्यूटी पर होता है, तो अधिकारी उचित अनुमति के बिना कायाषलय छोड़ देता है iii. अधिकारी कायाषलय में रहता है, लेकिन उसे सौंपे गए कतषव्य का पालन करने से इनकार कर दे ता है। (ख) जिस दिन कोई अधिकारी देर से आता है और कायाषलय समय के दौरान दिन भर काम करता है, उसे अकायष दिवस नहीं माना जाएगा। 5. संयोजन में कायष करने वाले कमषचाररयों के समूह द्वारा ठोस कारष वाई के अनुसरण में अनधिकृ त अनुपक्ततिि को अनधिकृ त अनुपक्ततिि के रूप में माना जाएगा जिसके पररणामस्वरूप सेवा में विराम होगा। ड्यूटी से अनधिकृ त अनुपक्ततिि के व्यक्तक्तगत मामले, जो संयुक्त रूप से कायष करने वाले कमषचाररयों के समूह द्वारा ठोस कारष वाई के अनुसरण में नहीं हैं, को अकायष दिवस के रूप में माना जाएगा, जो सेवा में ब्रेक नहीं माना जाएगा, ल ेकिन जिन दिनों को अकायष दिवस के रूप में माना जाता है, उन्हें किसी भी उद्देश्य के लिए काम करने या कतषव्य के रूप में नहीं माना जाएगा।
4. पदों का सृजन कोई पद सृजित नहीं किया जाएगा - क. जब तक संबंधित पंचायत के बजट अनुमान में पद के वेतन को पूरा करने के लिए धनराशि प्रदान नहीं की जाती है, ख. प्रशासक की पूवष सहमति के बिना, और ग. जब तक कि पद के लिए अत्यधिक आवश्यकता और पयाषप्त औचित्य मौजूद न हो। पदों का सृजन
5. पदों के सृजन के लिए सक्षम प्राधिकारी 1. पदों का सृजन करने के लिए समि प्राधिकारी प्रशासक या प्रशासक द्वारा सरकारी राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा घोषित प्राधिकारी होगा। लिए है तो ऐसा प्राधिकारी नियम 2. यदि सृजित किया जाने वाला पद ग्राम पंचायत के 4 के अधीन खंड (क) से (ग) में निधाषररत शतों को पूरा करने के बाद अपेतिि पद का सृजन संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच के परामशष से करे गा। और यदि जिला प ंचायत के लिए पद सृजित किया जाना है तो ऐसा प्राधिकारी नियम 4 के अधीन खंड (क) से (ग) में निधाषररत शतों को पूरा करने के बाद अपेतिि पद का सृजन संबंधित जिला पंचायत के अध्य ि के परामशष से करे गा। पद का सृजन समि अधिकारी करे गा
6. नियुक्तक्त प्राधिकारी 1. नियम 5 के तहत पंचायत के लिए सृजित सभी पदों में नियुक्तक्त, नियुक्तक्त प्राधिकारी द्वारा नियुक्तक्त विनियम के अनुसरण में किया जाएगा 2. नियुक्तक्त के लिए सभी नियमों का निमाषण पंचायत द्वारा किया जाएगा और प्रकाशन से पूवष इन नियमों का अनुमोदन प्रशासक से करवाया जाएगा ध्यान दें : - नियुक्तक्त प्राधिकारी
इस तरह बनाए गए नियुक्तक्त के नियम प्रशासन के अंतगषत समान पदों के लिए बने नियुक्तक्त i. नियमों के विरुद्ध नही ं होंगे। ग्राम पंचायत और जिला पंचायत के लिए की गईं सभी नियुक्तक्तयाँ संबंधित ग्राम पंचायत के ii. सरपंच और जिला पंचायत के अध्य िजैसा भी मामला हो, के सलाह से किए जाएं गे। 3. सभी सीधी भतिषयां सभी औपचाररक्ताओं जैसे चररत्र और पूवषचररत के सत्यापन को देखने क े बाद ही की जाएं गी। 4. प ंचायत सेवा के सभी नए प्रवेशकों द्वारा उनकी प्रारंभिक नियुक्तक्त पर निष्ठा की शपथ फामष 1 में ली जाएगी 5. प ंचायत सेवा में अपनी प्रारं भिक नियुक्तक्त पर प्रत्येक व्यक्तक्त को ड्यूटी ज्वाइन करते समय चिकित्सा फिटनेस का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। 6. प ंचायत सेवा में नियुक्तक्त पर प्रत्येक कमषचारी दो वषष की अवधि के लिए पररवीाि पर होगा बशते कि समि प्राधिकारी आवश्यक होने पर पररवीाि की अवधि बढ़ा सकता ह ै। 7. पररवीाि या विस्तार की अवधि के दौरान, जैसा भी मामला हो, यदि समि प्राधिकारी की राय है कि कोई कमषचारी ाियी नियुक्तक्त के लिए उपयुक्त नहीं है, तो ऐसा प्राधिकारी कमषचारी को सेवा से मुक्त कर सकता है।
7. वररष्ठता सूची 1. जिला पंचायत द्वारा एक सामान्म वररष्ठता सूची (श्रेणी वार) रखी जाएगी। 2. प्रशासन के अन्म विभागों से पंचायत सेवा में ािनांतरण द्वारा नियुक्त व्यक्तक्तयों की सापे ि वररष्ठता ऐसे ािनांतरण के लिए उनके चयन के क्रम के अनुसार निधाषररत की जाएगी। 3. उन व्यक्तक्तयों के मामले में जिन्हें शुरू में प्रतिनियुक्तक्त पर लिया जाता है और बाद म ें अवशोषित किया जाता है, जिस ग्रेड में उन्हें अवशोषित किया जाता है, उसमें उनकी वररष्ठता को आम तौर पर अवशोषण की तारीख से गिना जाएगा। तथापि, यदि वे अपने मूल विभाग में नियमित आधार पर समान या समक ि ग्रेड को अवशोषण की तारीख पर पहले से ही धारण किए हुए हैं, तो उनकी वररष्ठता तय करते समय ग्रेड में ऐसी नियमित सेवा को भी ध्यान में रखा जाएगा, इस शतष के अधीन कि उन्हें वररष्ठता किससे दी जाएगी? क. जिस तारीख से वे प्रतिनियुक्तक्त पर पद धारण कर रहे हैं। ख. वह तारीख जिससे उन्हें अपने मूल विभाग में उसी या समक िग्रेड में नियमित आधार पर नियुक्त किया गया है, जो भी बाद में हुआ हो। वररष्ठता सूची
8. अवकाश छ ु ट्टी खाते का रखरखाव और पंचायत सेवक को सभी प्रकार के अवकाश का अनुदान क ें द्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। अवकाश
9. अनुकम्पा नियुक्त ि 1. किसी पंचायत सेवक जिसकी मृत्यु काम करते करते हो जाती है आत्महत्या से मृत्यु सहित, और जब पररवार में कोई अन्म कमाने वाला सदस् न हो, तब पररवार के किसी सदस् पंचायत सेवक के पुत्र या पुत्री या निकट संबंधी को अनुकं पा के आधार पर नियुक्तक्तयां, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर अपनाए गए मानदंडों के कठोर अनुसरण में दिया जाएगा। आधार पर नियुक्तक्तयां के वल निम्नतम श्रेणी के पदों पर की जाएं गी। 2. अनुकम्पा के अनुकं पा नियुक्तक्त
10. स ेवा पुक्तकिाओं का रखरखाव 1. प्रत्येक पंचायत सेवक के सेवा में प्रवेश की तारीख से उसके लिए निधाषररत प्रपत्र में एक सेवा पुक्तस्तका रखी जाएगी। 2. निम्नलिक्तखत प्रमाण पत्र I प्रविष्टियों को सेवा पुक्तस्तका में दजष किया जाएगा। i. कमषचारी की चिकित्सकीय जांच की गई, और उसे फिट पाया गया । ii. उनके चररत्र और पूवष-चररत की पुष्टि की गई है। iii. उन्होंने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली है, iv. प्रारं भिक नियुक्तक्त का विवरण। v. पदों में पररवतषन, वेतनमान, नियुक्तक्त की प्रकृ ति, वेतन वृक्तद्ध, अवकाश, निलंबन आदि से संबंधित घटनाओं का होना। 3. निम्नलिक्तखत नामों के विरुद्ध प्रविष्टियों की शुद्धता को प्रस्तुत किए गए मूल प्रमाणपत्रों स े सत्यापित किया जा सकता है और इस आशय का एक प्रमाण पत्र सत्यापन प्राधिकारी द्वारा सेवा पुक्तस्तका में संलग्न किया जा सकता है। i. जाति/जनजाति ii. ज तिथि (शों और आंकड़ों दोनों में) iii. सामान्म शैकिि और तकनीकी योग्यता। 4. अवकाश खाते सहित सेवा पुक्तस्तका में सभी प्रविष्टियों को ग्राम पंचायत के अंतगषत अधिकाररयों और कमषचाररयों के मामले में पंचायत सचिव द्वारा और जिला पंचायत क े तहत अधिकाररयों और कमषचाररयों के मामले में मुख्य कायषपालन अधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापित किया जाएगा। 5. सभी कमषचाररयों की सेवा पुक्तस्तकाओं को वषष में एक बार सत्यापित किया जाएगा और फॉमष II में प्रमाण पत्र दजष होगा। स ेवा पुक्तस्तकाओं का रख-रखाव
1 1. इीिफा और स्वैक्तकि सेवानिवृत्ति 1. एक पंचायत सेवक तत्काल प्रभाव से या निदिषष्ट की जाने वाली संभावित तिथि से इस्तीफा देने के लिए स्वतंत्र है और इस्तीफा बिना शतष होना चाहिए। 2. जब कोई पंचायत सेवक त्यागपत्र देता है, तो नियुक्तक्त प्राधिकारी त्यागपत्र स्वीकार करने के लिए समि प्राधिकारी होगा। 3. सेवा से पंचायत सेवक का त्यागपत्र आमतौर पर नीचे दी गई पररक्ततिियों को छोड़कर स्वीकार कर लिया जाता है i. जहां संबंधित पंचायत सेवक किसी महत्वपूणष कायष में संलग्न हो और व ैकक्तकि पदों को भरने की व्यवाि करने में समय लगे ऐसी क्ततिि में इस्तीफा तब तक स्वीकार नहीं किया जाएगा जब तक कि पद भरने के लिए वैकक्तकि व्यवाि नहीं की जाती है। ii. जहां एक पंचायत सेवक निलंबित है या अनुशासनात्मक कायषवाही का सामना कर रहा है 4. एक इस्तीफा तब प्रभावी हो जाता है जब इसे समि प्राधिकारी द्वारा स्वीकार कर लिया जाता है और पंचायत सेवक को उसके कतषव्यों से मुक्त कर दिया जाता है। यदि कोई पंचायत सेवक, जिसने त्यागपत्र प्रस्तुत किया नियुक्तक्त प्राधिकारी को ति से पहले अपने लिक्तखत रूप में सूचना भेजता है, प्राधिकारी द्वारा उसकी स्वीकृ प ूवष के त्यागपत्र को वापस ले लेता है, तो माना जाएगा कि त्यागपत्र वापस ले लिया गया है। यदि इस्तीफा दे दिया गया था और समि प्राधिकारी द्वारा भविष्य की पहले यदि तारीख से स्वीकार किया जाता है और तब कतषव्यों से मुक्त होने के सम िकिया जाता है। तो इस इस्तीफा वापस लेने का कोई भी अनुरोध उसके विवेक पर तरह के अनुरोध को मानना या अस्वीकार करना समि प्राधिकारी के होगा।. 5. स्वैक्तकि सेवानिवृत्ति के संबंध में, संबंधित प्रावधान सरकारी कमषचारी पर लागू होगा। त्यागपत्र स्व ैक्तकि स ेवानिवृत्ति
12. ज की तारीख और उसके बाद के पररवततन 1. पंचायत के अधीन किसी पद पर नवनियुक्त प्रत्येक व्यक्तक्त, नियुक्तक्त के समय, प ुष्टिकरने वाले दस्तावेजी साक्ष्य के साथ ईस्वी सं में ज तिथि की घोषणा करे गा ज ैसे कि. ज की तारीख और उसके बाद क े पररवतषन
i. मैटिि कु लेशन सटिषफिके ट, जहां नियुक्तक्त के लिए निधाषररत योग्यता मैटिि क या उससे ऊपर है या ii. स्कू ल प्रमाण पत्र या iii. जन् म-प्रमाणपत्र 2. उपयु षक्त उपनियम (1) के अधीन प्रारं भिक नियुक्तक्त के समय घोषित ज तिथि म ें पररवतषन के वल भारत सरकार और लद्विीप संघ राज्य ेित्र के प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी अनुदेशों/दिशानिदेशों के अनुसार किया जाएगा।
13. राजनीति और चुनावों में भाग लेना 1. कोई भी पंचायत सेवक किसी भी राजनीतिक दल या ऐसे संगठन का सदस् नही ं होगा जो राजनीति में भाग लेता है या किसी राजनीति आंदोलन में भाग लेगा या उसकी सहायता में सदस्ता लेगा या किसी अन्म गतिविधि या तरीके से सहायता करे गा । 2. प्रत्येक पंचायत सेवक का यह कतषव्य होगा कि वह अपने पररवार के किसी भी सदस् को, आंदोलन या गतिविधि जो प्रत्य िया अप्रत्य िरूप से उप-विधि के से अनुसार ािपित पंचायत का विध्वंसक या हानिकारक है, किसी अन्म तरीके और जहां पंचायत सेवक सहायता लेने या सहायता करने, इसमें भाग लेने से रोकें अपने पररवार के किसी सदस् को किसी भी ऐसे कायष या आंदोलन में भाग लेने या सहायता लेने या सदस्ता लेने से रोकने में असमथष है तो इस आशय की ररपोटष सरपंच या अध्य िको, जैसा भी मामला है, को देगा। 3. यदि कोई प्रश्न उठता है कि क्या कोई पाटी एक राजनीतिक दल है या कोई स ंगठन राजनीति में भाग लेता है या कोई आंदोलन या गतिविधि उप नियम (2) क े दायरे में आती है, तो, इस पर पंचायत सचिव का निणषय अंतिम होगा।. 4. कोई भी पंचायत सेवक, प्रचार नहीं करे गा या अन्मथा हस्तेिप नहीं करे गा; चुनाव के संबंध में अपने प्रभाव का उपयोग 5. या किसी भी ािनीय प्राधिकरण के नही ं करें या उसमें भाग लें। बशते कि: i. ऐसे चुनाव में मतदान करने के लिए योग्य पंचायत सेवक मतदान के अपने अधिकार का प्रयोग करें , लेकिन जहां वह ऐसा करता है, वह उस तरीके का कोई संके त न दें जिसमें वह मतदान करने का प्रस्ताव रखता ह ै या मतदान किया है। भाग ले रहे हैं राजनीति में और चुनाव
ii. प ंचायत सेवक के बारे में यह नहीं समझा जाएगा कि उसने उप-नियम के उपबन्ों का के वल इस कारण उल्लंघन किया है कि वह तत्समय किसी यथोचित पालन विधि द्वारा या उसके अधीन उस पर आरोपित कतषव्य के म ें निवाषचन के संचालन में सहायता करता है। स्पष्टीकरण: - पंचायत सेवक द्वारा खुद पर, वाहन पर या किसी भी चुनाव चि िका निवास पर प्रदशषन इस उप नियम के अथष के भीतर; चुनाव के संबंध में अपने प्रभाव का उपयोग करने के बराबर मन जाएगा।
14. प ंचायत कमतचाररयों का ािनांतरण और पदािपन प ंचायत कमषचाररयों के सभी ािनांतरण और पदािपना सीईओ, जिला पंचायत द्वारा की जाएगी। प ंचायत कमषचाररयों का ि ानांतरण और पदािपन
15. 1. रखी जाएगी;अधिमानतः किसी वित्तीय वषष की अवधि के 2. ग्राम पंचायत और जिला पंचायत सेवक के प ंचायत द्वारा समय-समय पर निधाषररत किए जाएं गे। 3. गोपनीय ररपो लिखने के गया है। 4. गोपनीय ररप के मानदंडों के गोपनीय ररपोटत प्रत्येक पंचायत सेवक की एक गोपनीय ररपोटष रखी जाएगी। गोपनीय ररपोटष एक नितिि प्रारूप में सालाना लिए। संदभष में ररपोटिंिग अधिकारी और समीाि प्राधिकारी जिला लिए उपयोग किया जाने वाला प्रारूप वही होगा जो प्रशासन द्वारा निधाषररत किया लेखन और रख-रखाव संबंधी अन्म प्रक्रिया समय-समय पर प्रशासन द्वारा दिए गए अनुसार होगी। गोपनीय ररपोटष
16. अन्म रोजगार के लिए आवेदन अग्रेषित करना 1. प ंचायत सेवकों से पदों और अन्मत्र नियुक्तक्तयों के लिए प्राप्त आवेदनों पर प्रत्येक मामले में पररक्ततिियों के संदभष में उनके गुण-दोष के आधार पर कारष वाई की लिए कोई बाध्यकारी कारण नहीं है तो संबंधित को जाएगी और यदि रोकने के अग्रेषित किया जाएगा। अन्म रोजगार के लिए आवेदन अग्रेषित करना
बशते कि जो पंचायत सेवक निलंबित हैं या जिनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कायषवाही लंबित है उनका आवेदन अग्रसाररत नहीं किया जायेगा. 2. एक बार जब पंचायत सेवक का आवेदन प्रशासन, अन्म कें द्रीय/राज्य सरकार के विभाग/सावषजनिक ेित्र के उपक्रम को भेज दिया जाता है, तो विभाग/सावषजनिक ेित्र के उपक्रम द्वारा उसके चयन की क्ततिि में उसे इस्तीफा देने की अनुमति दी जाएगी।
17 उपहार और दहेज उपहार और दहेज के संबंध में कें द्रीय सिविल सेवा नियमों और प्रशासन द्वारा निधाषररत निदेशों और दिशानिदेशों का प्रत्येक पंचायत द्वारा पालन किया जाएगा। उपहार और दहेज
18 प्रदशतन और हड़तालें कोई भी पंचायत सेवक नहीं करेगा- i. किसी ऐसे प्रदशषन में शामिल होना या भाग लेना जो भारत की संप्रभुता और अखंडता के हितों के लिए हानिकारक हो। ii. अपनी सेवा या किसी अन्म पंचायत सेवक से संबंधित किसी भी मामले के संबंध में किसी भी प्रकार की हड़ताल या जबरदस्ती या शारीररक दबाव का सहारा लेना या किसी भी तरह से उकसाना। नोट :इन नियमों में प्रयुक्त प्रदशषन और हड़ताल का वही अथष होगा जो सीसीएस ( आचरण (नियम, 196 में 4 दिया गया है। प्रदशषन और हड़तालें
19 ऐसी गतिविधियाँ जिनके लिए पूवत अनुमति या मंजूरी की आवश्यकता होती है 1. प्रत्येक पंचायत सेवक को निम्नलिक्तखत गतिविधियों के संबंध में नियुक्तक्त प्राधिकारी की पूवष अनुमति प्राप्त करनी होगी क. किसी समाचार पत्र या किसी अन्म प्रकाशन का स्वामित्व या संपादन या प्रबंधन में भाग लेना। ख. किसी पुस्तक को स्वयं या प्रकाशक के माध्यम से प्रकाशित करना या किसी पुस्तक में लेखों का योगदान देना। ग. किसी रेडियो प्रसारण में भाग लेना या प्रत्येक प्रसारण में लेखों का योगदान देना घ. किसी फं ड के लिए योगदान स्वीकार करना या किसी भी उद्देश्य के अनुसरण में नकद या वस्तु के रूप में कोई फं ड जुटाने या अन्म संग्रह से जुड़ना। झ ंडा दिवस समारोह के हित में अन्म छ ू ट :- दौरान और राष्टि ीय राि कोष और राष्टि के स ंग्रहों को छू ट दी गई है। ङ. किसी भी व्यापार या व्यवसाय में प्रत्य िया अप्रत्य िरूप से शामिल होना या किसी अन्म रोजगार क े लिए बातचीत करना या शुरू करना। :- सामाजिक या धमाषथष या साहिक्तत्यक या वैज्ञानिक चररत्र के कायष और शौकिया छ ू ट तौर पर खेल गतिविधियों में भाग लेने को भी छू ट दी गई है। च. पाररश्रमिक के आधार पर अंशकालिक नौकरी करना। छ. सेवा में रहते हुए व्यावसायिक रोजगार के लिए बातचीत करना। ज. अपने नाम पर या पररवार के किसी सदस् के नाम पर पट्टे, बंधक, खरीद, बिक्री, उपहार या अन्मथा किसी अचल संपत्ति का अधिग्रहण या निपटान करना।
नोट: चल संपत्ति के मामले में, यदि ऐसी संपत्ति का मूल्य पंचायत सेवक के दो महीने के मूल वेतन से अधिक है, तो 30 दिनों के भीतर एक ररपोटष दी जाएगी। 2. उप नियम (1) के तहत गतिविधियों के संबंध में अनुमति के सभी अनुरोधों को समय-समय पर स ंशोधित सीसीएस (आचरण) नियम, 1964 में निहित निदेशों के अनुसार निपटाया जाएगा। 3. सभी गतिविधियाँ जो सीसीएस (आचरण) नियमों के तहत एक सरकारी कमषचारी के लिए अनुमेय नहीं हैं, एक पंचायत सेवक के लिए भी अनुमेय नहीं होंगी।
20 यदि इन नियमों के किसी भी प्रावधान या इसकी प्रयोज्यता के संबंध में कोई संदेह उत्पन्न होता है तो इसे निणषय के लिए प्रशासक के पास भेजा जाएगा और उस पर निणषय अंतिम होगा।
लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र 2 155 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र 156 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 3 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 157 लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र 158 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 5 लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र 159 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 6 लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र 7 160 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र 161 8 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र 162 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 9 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 163 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 10 164 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 11

आदेशानुसार एवं लद्विीप के

प्रशासक के नाम पर

Sd/-

सचिव (पंचायत)THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 12 165 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

लक्षद्वीप पंचायत (सेवा) नियम, 2023

फॉमत - I

(नियम 6 (4) देखें)

मैं श्री/श्रीमती/सुश्री.................................. मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता/लेती हँ कि मैं भारत और कानून द्वारा ािपित भारत के संविधान के प्रति वफादार रखू ंगा /रखू ंगी और सच्ची निष्ठा रखू ंगा/रखू ंगी कि मैं भारत की संप्रभुता और अखंडता को बनाए रखू ंगा/रखू ंगी और मैं अपने कायाषलय के कतषव्यों को निष्ठापूवषक ईमानदारी से और निष्पतिा के साथ पूरा करूं गा/करूं गी।

दिनांक:

दस्तख़त

ािन:

नामTHE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 13 166 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

लक्षद्वीप पंचायत (सेवा) नियम, 2023

फॉमत - II

(नियम 10 (5) देखें)

''सेवाओं को (तारीख से -----------------------------------तारीख तक) सत्यापित किया गया

है................................................" (ररकॉडष जिससे सत्यापन किया जाता है)।

दिनांक

: हस्तारि:

सत्यापन प्राधिकारी

का पदनामTHE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 167 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 14

भारत सरकार लक्षद्वीप प्रशासन पंचायत

कावारत्ती का विभाग - 682 555

Dated: 19-10-2023

अधिसूचना

एफ. नं. 2/7/2023-डीओपी: लद्विीप पंचायत विनियम, 2022 की धारा 130 के तहत इसके द्वारा प्रदत्त शक्तक्तयों का प्रयोग करते हुए, प्रशासक, यू.टी. लद्विीप निम्नलिक्तखत नियम बनाता है और अधिसूचित करता है:

1 और उक्त प्रारूप सनयमों के िंबंध में प्राप्त आपसत्तयों और िुझािों पर सिसधित और इिसलए, लक्षद्वीप पंचायत सिसनयमन , 2022 (2022 की िंख्या 5) की धारा स ंक्षिप्त शीषतक: (1) इन नियमों को लक्षद्वीप पंचायत (सहायता अनुदान) नियम, 2023 कहा जा सकता ह ै। क. इनका विस्तार संपूणष कें द्र शासित प्रदेश लद्विीप तक होगा। ख. वे आधिकाररक राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रभावी होंगे। स ंप्तिि शीषषक
2 लक्षद्वीप, सनम्नसलसखत सनयम बनाते हुए खुशी हो रही है:- 1) इन सनयमों को लक्षद्वीप पंचायत (चुनाि प्रक्रिया) सनयम, 2022 कहा जा (2) ये सनयम कें द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के आसधकाररक राजपत्र में प्रकाशन की (क) इन सनयमों में, जब तक क्रक िंदभष िे इतर कु छ अपेसक्षत न हो, (1) "प्रशािन" का अथष लक्षद्वीप का कें द्र शासित प्रदेश प्रशािन है; , प्रशािक, कें द्र शासित प्रदेश पररभाषाएँ :- 1. इन नियमों में, जब तक कि संदभष से अन्मथा अपेतिि न हो। क. "प्रशासन" का अथष लद्विीप का कें द्र शासित प्रदेश प्रशासन है। ख. "प्रशासनिक अनुमोदन" का अथष किसी कायष या योजना की आवश्यकता पर एक प्रस्ताव के माध्यम से पंचायत द्वारा औपचाररक अनुमोदन है। ग. "समि प्राधिकारी" का अथष है, अध्याय-I i. प्रशासनिक अनुमोदन के संबंध में पंचायत;तथा ii. तकनीकी मंजूरी के संबंध में, इन नियमों से जुड़ी अनुसूची I में निदिषष्ट प्राधिकारी। घ. "मूल कायष" का अथष है i. सभी नये निमाषण, ii. नई अजिषत संपत्तियों, पररत्यक्त या तििग्रस्त संपत्तियों में सभी प्रकार के पररवधषन, पररवतषन और/या विशेष मरत जो उन्हें काम करने यो बनाने के लिए आवश्यक हैं। iii. मौजूदा संरचना या ािपना या अन्म निमाषण के एक हिस्से का प्रतिािपन या प ुननिषमाषण, जिसके पररणामस्वरूप संपत्ति के जीवन और मूल्य में वास्तविक वृक्तद्ध होती है। ङ. "तकनीकी मंजूरी" से प्रशासनिक अनुमोदन प्राप्त हो जाने के बाद कायों की विस्तृत योजनाओं और अनुमानों के लिए समि प्राधिकाररयों की स्वीकृ ति अभिप्रेत है जो यह स ुनितिि करेगा कि प्रस्ताव संरचनात्मक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ हैं और प्राक्कलन में आ ंकडे ़ और गणना सही हैं। 2. इन नियमों में प्रयुक्त श और अभिव्यक्तक्तयाँ किन्तु पररभाषित नहीं हैं,उनके लद्विीप पंचायत विनियम, 2022 में पररभाषित शों और अभिव्यक्तक्तयों के समान अथष होंगे जो उन्हें विनियमन में क्रमशः सौंपे गए हैं। पररभाषाएं
3. उद्देश्य जिसके लिए सहायता अनुदान दिया जा सकता है 1. प ंचायत को अनुदान निम्नलिक्तखत उद्देश्यों के लिए दिया जा सकता है: i. कम्मून में सड़क का काम , जिसमें निमाषण, पररवतषन, सावषजनिक सड़कों, सबवे, प ुलिया,पक्की सड़क, साइड नालियों और इसी तरह का सुधार शामिल है। ii. जल आपूतिष जिसमें नई पाइपलाइनों का प्रावधान, ओवरहेड टैंक का निमाषण आदि शामिल ह ैं। iii. जल निकासी, गली का फु टपाथ, मूत्रालय और शौचालयों का निमाषण आदि। iv. ािनीय विकास कायष, जिसमें पेयजल स्टैंड , कु एं , सावषजनिक मागष, पाकष , पाकिंि ग लि, वाहन स्टैंड, खेल कें द्र, खेल का मैदान और बूचड़खानों का निमाषण शामिल है। v. टाउन हॉल, रे स्ट हाउस, कायाषलय भवन आदि जैसे भवन। vi. प्राथमिक शिाि। vii. स्वास्थ्य और स्वतिा कायषक्रम। viii. म ूल कायष या उसकी योजना या उद्देश्य की कोई अन्म मदें जो प्रशासक द्वारा अनुमोदित की जा सकती हैं। उद्देश्य जिसके लिए सहायता अनुदान दिया जा सकता है
4. सहायता की मात्रा प ंचायत को देय सहायता की मात्रा समि प्राधिकाररयों द्वारा तकनीकी रूप से अनुमोदित कायों या योजनाओं या उद्देश्य की अनुमानित लागत का 100% होगी, जिसके लिए अनुदान मांगा गया है। बशते कि प्रशासक अनुदान के प्रतिशत को कम कर सकता है यदि वह किसी विशेष पंचायत क े संबंध में संतुष्ट है, कि उसकी वित्तीय क्ततिि ऐसी कमी को स्वीकार कर सकती है।. सहायता की मात्रा
5. सहायता अनुदान के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया नियम 3 में उक्तल्लक्तखत किसी भी उद्देश्य के लिए सहायता अनुदान प्राप्त करने की इुि क कोई भी पंचायत, पंचायत निदेशक को सहायता अनुदान के भुगतान के लिए आवेदन करे गी। इस तरह के आवेदन के वल इन नियमों के साथ संलग्न फॉमत 'ए' में किए जाएं गे और इसमें आवश्यक रूप से निम्नलिक्तखत विवरण शामिल होंगे: क. वह प्रयोजन जिसके लिए सहायता अनुदान की आवश्यकता है । ख. इस आशय की घोषणा कि इसमें शामिल कायष या योजना पंचायत द्वारा एक संक ि क े माध्यम से विधिवत रूप से अधिकृ त है। ग. सहायता अनुदान निधियों से किए जाने वाले प्रस्तावित संपूणष कायष या योजना की लागत की विस्तृत योजना और अनुमान। घ. सहायता के लिए आवेदन की गई राशि। ङ. वह अवधि जिसके भीतर कायष या योजना को पूरा किया जाना है। च. इस आशय का वचन पत्र कि पंचायत ने नियमों में निधाषररत शतों को स्वीकार कर लिया है। अनुदान के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया
6. म ंजूरी देने की प्रक्रिया 1. सहायता अनुदान के भुगतान के लिए आवेदन प्राप्त होने पर, पंचायत निदेशक आवेदन म ें निहित कथनों और उस उद्देश्य की उपयोगिता के बारे में जो वह उचित समझे, ऐसी जांच करे गा और 45 दिनों के भीतर प्रशासक को अपनी सिफाररश के साथ आवेदन अग्रेषित करे गा। परन्तु पंचायत निदेशक प्रशासक को सिफाररश करने से पहले कायष या योजना की व्यवहायषता और विभाग के पास धन की उपलब्दता के बारे में संबंधित विभाग की सलाह लेगा। 2. यदि प्रशासक को यह प्रतीत होता है कि सहायता अनुदान योजना के तहत निष्पादित किए जाने वाले मूल कायों को पंचायत की वित्तीय क्तरिता के कारण या लिक्तखत में दजष किए जाने वाले किसी अन्म कारण से बहुत अीि तरह चाजष किया जा सकता है, तो वह आवेदन को अस्वीकार कर देगा। 3. यदि प्रशासक को यह प्रतीत होता है कि उपरोक्त नियम 3 में उक्तल्लक्तखत उद्देश्यों में से किसी एक के लिए वित्तीय सहायता की तत्काल आवश्यकता है, तो वह आगे की जांच क े बाद, यदि कोई हो, जैसा कि वह उचित संबंध में सहायता अनुदान के लिए मंजूरी द ेने को उपयुक्त समझता है, समि होगा। सामान्म वित्तीय नियम, 2017 में उक्तल्लक्तखत सिद्धांत सहायता अनुदान के संबंध में समय-समय पर उन शतों के अधीन संशोधन किए जाते हैं जो अधिरोपित की जा सकती हैं। म ंजूरी देने की प्रक्रिया
7. भ ुगतान का तरीका 1. सहायता अनुदान का भुगतान मंजूरी देने वाले प्राधिकारी के विवेकानुसार एक या एक से अधिक किस्तों में किया जा सकता है। हालांकि, यह निम्नलिक्तखत शतों के अधीन है: क. जहां तक पंचायत द्वारा प्रायोजित मूल कायष, जिनका निष्पादन लोक निमाषण विभाग को सौंपा गया है, जिनके वषों की अवधि में विस्ताररत होने की संभावना ह ै, वित्तीय वषष के दौरान अनुदान की के वल उतनी राशि का भुगतान किया जाएगा जितना वषष के दौरान और कायष के निष्पादन के क्रमिक चरणों के संदभष में व्यय किए जाने की संभावना है। ख. जहां तक पंचायत द्वारा प्रायोजित मूल कायष, जिसका निष्पादन लोक निमाषण विभाग को सौंपा गया है, जिसके वित्तीय वषष के भीतर पूरा होने की संभावना है, प ूरी राशि लोक निमाषण विभाग के व्यवाि में रखी जाएगी। ग. यदि पंचायत द्वारा प्रायोजित मूल कायष जो उनकी अपनी एजेंसियों के माध्यम से निष्पादित किए जाने हैं, तो पूरी राशि पंचायत की व्यवाि में रखी जाएगी। 2. ऐसे सभी मामलों में पंचायत द्वारा निम्नलिक्तखत औपचाररकताओं का ईमानदारी से पालन किया जाना अपेतिि है। क. जब कोई पंचायत योजना की संपूणष अनुमानित लागत या उसके किसी भाग के लिए प्रशासन से सहायता अनुदान प्राप्त करके मूल कायष करने का प्रस्ताव करती ह ै, तो उसे पहले यह सुनितिि करना होगा कि योजना निमाषण, अनुमान, विभिन्न चरण आदि की तैयारी के संबंध में सभी प्रारं भिक कायष पूरा कर लिया गया है और उसके बाद ही इसे सहायता अनुदान की मंजूरी के लिए प्रशासन को आवेदन करना होगा। ख. जिस चरणबद्ध कायषक्रम में विचाररत कायष निष्पादित किया जाना प्रस्तावित है, निष्पादन के प्रत्येक चरण के लिए अपेतिि राशि और समय-सारणी का विवरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए। प्राक्कलन और योजनाएं तैयार करने वाले प्राधिकाररयों को निष्पादन के क्रमिक चरणों और उसमें शामिल राशि का उल्लेख करना चाहिए।. भ ुगतान का तरीका
8. उपयोग की शतें 1. सहायता अनुदान की राशि का उपयोग के वल उसी प्रयोजन के लिए किया जाएगा जिसके लिए यह प्रदान की गई है, और राशि का कोई भाग जो उपयोग की शतें
अंततः वस्तु पर व्यय के लिए आवश्यक नही ं है, प्रशासन को विधिवत आत्मसमपषण या वापस किया जाएगा। 2. प्रशासक या इस निमित्त विधिवत प्राधिकृ त किसी अन्म अधिकारी को किसी ऐसे कायष या योजना के संबंध में निरीणि करने और योजनाएं तथा अनुमान मंगाने का अधिकार होगा, जिसके लिए सहायता अनुदान दिया गया है। प्रशासक यह भी अधिकार सुरतिि रखेगा कि वह प्राप्तकताष पंचायत के खातों की विधिवत रूप से विनिदष्ट प्राधिकाररयों द्वारा लेखा परीाि करवाए ताकि यह सुनितिि किया जा सके कि सहायता अनुदान का उपयोग उस प्रयोजन के लिए ही किया जाता है जिसके लिए उसे स्वीकृ त किया गया है और यह सुनितिि करे गा कि सहायता अनुदान राशि की अव्ययित शेष राशि का उपयोग इन नियमों के अनुसार अन्मथा न किया जाए। 3. इन नियमों के तहत सहायता अनुदान प्राप्त करने वाली पंचायत के खातों की जांच वित्त विभाग, कें द्र शासित प्रदेश लद्विीप प्रशासन द्वारा अपने विवेक पर या इस संबंध में अधिकृ त किसी भी अधिकारी द्वारा करवाई जा सके गी । 4. सहायता अनुदान की राशि का उपयोग सहायता अनुदान की स्वीकृ ति की तारीख से एक वषष की अवधि के भीतर किया जाना है, सिवाय उन मामलों को छोड़कर जहां योजनाओं क े कायाषन्वयन के क्रमिक चरण के संदभष में मंजूरी प्राधिकारी द्वारा एक वषष से अधिक की समय सीमा निधाषररत की गई है; जबकि, प्रशासक उपयुक्त मामलों में आवश्यक होने पर अवधि बढ़ा सकता है। 5. जिस योजना के लिए सहायता अनुदान स्वीकृ त किया गया है, उसे प्रशासक द्वारा अनुमोदित योजनाओं और अनुमानों के अनुसार लागू किया जाना चाहिए। पंचायत को प्रशासक के प ूवष अनुमोदन के बिना किसी ऐसे कायष के लिए योजना और अनुमान में पररवतषन करने का कोई अधिकार नही ं होगा जिसके लिए सहायता अनुदान स्वीकृ त किया गया है। 6. प ंचायत मंजूरी देने वाले प्राधिकारी को एक त्रैमासिक ररपोटष प्रस्तुत करे गी जो यह जांचने क े लिए उस ररपोटष की जांच करे गा कि क्या धन में कोई भिन्नता या अनधिकृ त विचलन हुआ है। 7. प ंचायत उस कायष को निष्पादित करे गी जिसके लिए लोक निमाषण विभाग या किसी अन्म अनुमोदित एजेंसी के माध्यम से सहायता अनुदान प्राप्त किया गया है। 8. म ूल कायष के सभी मामलों में, पंचायत सहायक अभियंता, लोक निमाषण विभाग को इन नियमों के साथ संलग्न फॉमष 'बी' में पूणषता प्रमाण पत्र को प्राप्त करेगी और सीधे इस आशय स े लागू करे गी कि कायष पूरा होने की तारीख से तीन महीने के भीतर कायष के उस हिस्से क े वास्तविक निरीणि और माप के बाद जिसके लिए अनुदान दिया गया था, प्रशासक द्वारा अनुमोदित योजनाओं और अनुमानों के अनुसार विधिवत पूरा किया गया है। पंचायत को फॉमत 'सी में उपयोग प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। 9. यदि फामत B में पूणषता प्रमाण पत्र और फामत सी में उपयोग प्रमाण पत्र, जैसा भी मामला हो, उपयु षक्त अवधि के भीतर प्रस्तुत नही ं किया जाता है, तो संबंधित पंचायत को अगले वषत में कोई अनुदान नही ं दिया जाएगा, जब तक कि पंचायत द्वारा देरी को संतोषजनक ढ ंग से स्पष्ट नही ं किया जाता है। 10. पंचायत से प्राप्त प्रमाण पत्र के आधार पर एक पूणषता प्रमाण पत्र मंजूरी प्राधिकारी द्वारा
व ेतन और लेखा अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा, इस आशय के लिए कि सहायता अनुदान का उपयोग उस उद्देश्य के लिए किया गया, जिसके लिए इसे एक विशेष वित्तीय वषष के लिए स्वीकृ त किया गया था। 11. यदि किसी पंचायत द्वारा इन शतों के अधीन उस पर लगाए गए किसी कतषव्य का पालन करने में चूक होती है, तो प्रशासक उस कतषव्य के निष्पादन के लिए एक अवधि निधाषररत कर सकता है और यदि इसे इस प्रकार निधाषररत अवधि के भीतर निष्पादित नही ं किया जाता है तो,; वह इसे करने के लिए एक व्यक्तक्त को नियुक्त करे गा और निदेश दे सके गा कि उसके व्यय का भुगतान संबंधित पंचायत द्वारा किया जाएगा। 12. यदि पंचायत की ओर से अनुदान की शतों का कोई गंभीर उल्लंघन पाया जाता है, तो प्रशासक पूरी राशि या पंचायत को स्वीकृ त अनुदान राशि के एक भाग की वापसी का आदेश देने का अधिकार सुरतिि रखता है और उस क्ततिि में, यदि आवश्यक समझा जाता ह ै, तो ऐसी राशियों पर 6% की दर से दंडात्मक ब्याज लगाया जाएगा जिसे वापस करने का आदेश दिया गया है। 13. प्रत्येक पंचायत पूणष या आंशिक रूप से अनुदान से निमिषत या आंशिक रूप से अजिषत ाियी और अधष-ाियी पररसंपत्तियों के इन नियमों में संलग्न फॉमत डी ' में सहायता अनुदान का एक रजिस्टर रखेगी। 14. उपयु षक्त शतों के अलावा, सामान्म वित्तीय नियम, 2017 में निधाषररत सिद्धांत और वित्त म ंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निदेश सहायता अनुदान के सभी मामलों पर अनिवायष रूप से लागू होंगे। 15. कायों के निष्पादन आदि के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के संबंध में कें द्रीय लोक निमाषण ल ेखा संहिता और सामान्म वित्तीय नियमों में निहित आदेश पंचायत कायों के लिए भी लागू होंगे। 16. सहायता अनुदान प्राप्त करने वाली पंचायत प्रशासन द्वारा स्वीकृ त सहायता अनुदान के साथ निष्पादित विभिन्न कायों और योजनाओं की प्रगति और कायाषन्वयन पर एक वाषिषक प्रदशषन-सह-उपलक्तब्द ररपोटष प्रस्तुत करे गी। 31 माचष को समाप्त हुए वित्तीय वषष के लिए ररपोटष आगामी वित्तीय वषष के 15 अप्रैल तक मंजूरी प्राधिकारी तक पहुंचने के लिए प्रस्तुत की जाएगी।
9 यदि इन नियमों के किसी भी प्रावधान या इसकी प्रयोज्यता के संबंद में कोई संदेह उत्पन्न होता है तो इसे प्रशासक के पास भेजा जाएगा और उसका निणषय अंतिम होगा। इस नियम को ल ेकर संशय
168 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 15 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 16 169 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 17 170 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 18 171 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 172 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 173 लक्षद्वीप राजपत्र असाधारण 20

आदेशानुसार और प्रशासक के नाम पर

Sd/-

सचिव पंचायत21 174 लक्षद्वीप राजपत्र असाधारण THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

अनुसूची -1

(नियम 2 (1) (सी) (ii) देखें)

तकनीकी मंजूरी देने के लिए समि अधिकारी: जूनियर इंजीनियर, सहायक अभियंता, कायषकारी अभियंता, अधीणि अभियंता: सीपीडब्ल्यूडी मैनुअल के तहत शक्तक्तयों के अनुसार

स्पष्टीकरण: जहां सहायक अभियंता या कायषकारी अभियंता या अधीणि अभियंता की सेवा, जैसा भी मामला हो, उपलब्द नही ं है, मामले को प्रशासन के लोक निमाषण विभाग को भेजा जाएगा।22 175 लक्षद्वीप राजपत्र असाधारण THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

फॉमत ए

(नियम 5 देखें)

सहायता अनुदान के लिए आवेदन

क्र ं .सं. प ंचायत का नाम और अनुदान का विवरण स ंप्तिि विवरण
1. प ंचायत का नाम
2 . वह उद्देश्य जिसके लिए सहायता अनुदान की आवश्यकता है i. सड़क का काम ii. जल आपूतिष iii. जल निकासी, आदि iv. ािनीय विकास v. कायष vi. प्राथमिक शिाि vii. स्वास्थ्य viii. स्वतिा योजनाएं ix. लिए) अन्म कायष (निदिषष्ट किए जाने के
3. सहायता अनुदान की राशि के लिए आवेदन
4. कायष/योजना की कु ल अनुमानित लागत
5 . क. कृ पया बताएं कि क्या प्रशासनिक अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। संक िकी एक प्रति संलग्न है। ख. यदि हां, तो कृ पया बताएं कि क्या पंचायत के
6 . लिए तकनीकी अनुमोदन क. कृ पया बताएं कि क्या कायों की विस्तृत योजना और प्राक्कलन के प्राप्त कर लिया गया है। ख. यदि हां, तो कृ पया बताएं कि क्या कायष की विधिवत अनुमोदित योजना और अनुमान इसके साथ संलग्न हैं।.
7. क ृ पया बताएं कि कायष लोक निमाषण विभाग द्वारा निष्पादित किया जाना है या पंचायत द्वारा अपने स्वयं क े कायाषलयों द्वारा।.
8 . वह अवधि जिसके भीतर कायष पूरा किया जाना है और जब विभिन्न चरणों द्वारा कायष को पूरा करने का प्रस्ताव है और प्रत्येक किस्त की कितनी राशि निधाषररत की गई है?
9. क ृ पया बताएं कि क्या जिस कायष के लिए सहायता मांगी गई है, पंचायत निधियों से प्राप्त नहीं की जा सकती है?.
10. बकाया देयता

प्रमाणित है कि .............. ग्राम पंचायत पंचायत/जिला पंचायत संक िसं -------दिनांक----- के माध्यम से नियमों में निधाषररत सभी शतों और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निदेश का पालन करने के लिए सहमत हुए हैं।

हस्तारिलक्षद्वीप राजपत्र असाधारण 23 176 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

फॉमत बी

(नियम 8 (8) देखें)

प्रमाणित है कि काम ................................... (काम का नाम) काम के लिए)

जो (पंचायत का नाम) को ----------रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई.......... वषष ................ के दौरान ----------

रु की कु ल लागत से अनुमोदित प्राक्कलनों और योजना के अनुसार इसे सख्ती से पूरा कर लिया गया है--------

--------इस कायष की अनुमानित लागत --------- रुपए थी..।

सहायक अभियंता

लोक निमाषण विभाग

.................................... टापू।लक्षद्वीप राजपत्र असाधारण 24 177 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

फॉमत सी

(नियम 8 (8) देखें)

उपयोग का प्रमाण पत्र

प्रमाणित किया कि ---------- रुपये में से............. (रुपये) ..................... )

क्र ं .सं. आदेि & ददन ांक र शि
क ु ल

कायष/योजना के लिए स्वीकृ त सहायता अनुदान की कु ल राशि .........

.......................... वषष के दौरान....................................................... में

प्रशासन के अधीन प ि

आदेश सं. माजिषन में दिया गया और रु................

पिछले वषष की अव्ययित शेष राशि के कारण, इस वषष के लिए ---------

----रुपये की राशि ..................... का उपयोग किया गया है।

जिस उद्देश्य के लिए इसे मंजूरी दी गई थी

और यह कि शेष रु. ........................

वषष के अंत में अप्रयुक्त राशि प्रशासन को लौटा दी गई है (दिनांक

..................

अगले वषष के दौरान देय सहायता अनुदान... द्वारा समायोजित किया जाएगा.......

2. प्रमाणित किया गया है कि मैंने स्वयं को संतुष्ट किया है कि जिन शतों पर सहायता अनुदान स्वीकृ त किया गया था, उन्हें विधिवत रूप से पूरा किया गया है/पूरा किया जा रहा है और मैंने यह सुनितिि करने के लिए निम्नलिक्तखत जांचों का प्रयोग किया है कि धन का उपयोग वास्तव में उस उद्देश्य के लिए किया गया था जिसके लिए इसे स्वीकृ त किया गया था।

किए गए जाँच के प्रकार

1.

2.

3.

4.

5.

हस्तारि.......................

पदनाम .......................

..................ग्राम पंचायत

दिनांक ..............

एल आई एक्स नंबर 28 बुधवार, 27 सितंबर, 2023 / 5 वी ं अनििी, 1945 (साका)(cid:3)

(cid:3) 178 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

भारत सरकार / GOVERNMENT OF INDIA

लक्षद्वीप प्रशासन / LAKSHADWEEP ADMINISTRATION

पंचायत विभाग / DEPARTMENT OF PANCHAYAT

(cid:3)

2(cid:3)

लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र

कवरत्ती / KAVARATTI - 682555

अधिसूचना(cid:3) एफ. संख्या 2/3/2023-डीओपी: लक्षद्वीप पंचायत विनियमन 2022 की धारा 130 के तहत प्रदत्त शक्तयिों का प्रयोग करते हुए प्रशासक लक्षद्वीप संघ राज्य क्षेत्र निम्नलिक्तखत नियम बनाते और अधिसूचित करते हैं - (cid:3)

  अध्याय -1  
  प्रारंभिक  
1.  स ंक्षिप्त शीषषक और प्रारंभ  1. इन नियमों को लक्षद्वीप पंचायत (कराधान और अपील) नियम 2023 कहा जा सकता है।  2. ये नियम सरकारी राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे।  स ंक्षिप्त शीषषक और प्रारं भ  
2.  पररभाषा (1) इन नियमों में जब तक कि संदभष में अन्यथा आवश्यक न हो- पंचायत सचिव और क. "कायषकारी प्राधिकरण" का अथष ग्राम पंचायत के जिला पंचायत के मुख्य कायषकारी अधिकारी जैसा भी मामला हो तहत नियु िकिया गया विनियमन की धारा 27 (1) और 75 (1) के ह ै। ख. "फॉमष" का अथष है इन नियमों में संलग्न एक फॉमष। ग. "पंजीकरण महानिरीक्षक" का अथष पंजीकरण अधिनियम 1908 तहत प्रशासक द्वारा नियु िपंजीकरण (1908 का XVI) की धारा 3 के महानिरीक्षक से है। घ. "व्यवसाय कर" का अथष है विनियमन की धारा 41 की उप-धारा (1) म ें उक्तक्तिखत पेशे, व्यापार, कॉलिंग और रोजगार। ङ. "विनियमन" का अथष लक्षद्वीप पंचायत विनियमन 2022 (2022 का 5) है। च. "अस्थायी निमाषण" का अथष है किसी भी सावषजनिक सड़क या स्थान पर अस्थायी निमाषण या बाड़ लगाना, या अस्थायी कब्जा। अधीन पररभाषित शब्ों को छोड़कर अन्य सभी (2) उपनियम (1) के  शब्ों का वही अथष होगा जो उन्हें विनियम में क्रमशः सौंपा गया है। पररभाषा  
3.  कर या शुल्क निधाषररत करने और लगाने की प्रयििा   1. विनियम और इन नियमों के उपबंधों के अधीन रहते हुए कोई ग्राम प ंचायत या जिला पंचायत, जैसा भी मामला हो एक संकल्प द्वारा विनियम की धारा 41 और 90 में उक्तक्तिखत कर या शुल्क निधाषरण और लगाने का निश्चय कर सकती है, जिसमें उन दरों को विनिदिषष्ट किया जा सकता है जिन पर और जिस तारीख से इसे लगाया और लगाया जाएगा। परन्तु जहां एकरूपता के लिए या किसी अन्य कारण से प्रशासक ऐसा करना आवश्यक समझता है, वह एक अधिसूचना द्वारा ग्राम पंचायतों या जिला पंचायत द्वारा लगाए जाने वाले और आरोपित किए जाने वाले कर या शुल्क की अधिकतम सीमा जैसा भी मामला हो निधाषररत कर सके गा।  2. कोई पंचायत एक संकल्प द्वारा किसी मौजूदा कर या शुल्क को समाप्त कर सकती है या उसकी मौजूदा दर को कम या बढ़ा सकती ह ै।  3. कायषकारी प्राधिकारी जैसे ही उपनियम (1) या (2) के तहत एक स ंकल्प पाररत किया जाता है। इस तरह पाररत संकल्प को प्रशासक अधीन पाररत संकल्प को ररपोटष करे गा। परन्तु जहां इस नियम के किसी विशेष वषष के लिए प्रभावी हुआ है वहां उस वषष के संबंध में ऐसे संकल्प में निधाषररत दर या तिथि में पररवतषन करने के किसी प्रस्ताव पर तब तक विचार नहीं किया जाएगा जब तक कि वह उप- नियम (1) या प्रशासक के किसी अधिसूचना के अनुसरण में न हो।  कर या शुल्क निधाषररत करने और लगाने की प्रक्रिया 
4.  न ए करों की सावषजनिक सूचना:- जब कोई पंचायत पहली बार या नई दर पर कोई कर या शुल्क लगाने और आरोपित करने का संकल्प पाररत करती ह ै तो कायषकारी प्राधिकारी तुरं त उस दर को विनिदिषष्ट करते हुए एक सूचना प्रकाशित करे गा जिस पर कर की दर और किस तारीख से इसे लागू किया जाएगा लिखा हो पंचायत कायाषलय के नोटिस बोडष पर और पंचायत क्षेत्र के किसी अन्य विशिष्ट स्थान पर और किसी अन्य तरीके से जैसा पंचायत द्वारा निणषय लिया जाए चिपकाकर लगाया जाएगा।  नए करों की सावषजनिक स ूचना 
5.  कर या शुल्क का आकलन:- विनियम और इन नियमों में यथा उपबंधित को छोड़कर कायषकारी प्राधिकारी उस कर या शुल्क का आकलन और निधाषरण करे गा जिसके लिए कोई व्यक्त िउत्तरदायी है और कर या शुल्क क े प्रत्येक वगष या श्रेणी के लिए फॉमष 1 में मूल्ांकन पुक्तस्तका अलग से रखेगा कर या शुल्क का आकलन 
6.  प ंचायत की निदेश देने की शक्त ि (1) यदि किसी भी समय पंचायत को यह प्रतीत होता है कि किसी व्यक्त िया स ंपत्ति का किसी कर या शुल्क से संबंधित मूल्ांकन पुक्तस्तका से अपयाषप्त म ूल्ांकन किया गया है या अनजाने में या अनुचित रूप से हटा दिया गया ह ै या उ ि पुस्तक में कोई लिपिकीय या अंकगणितीय त्रुटि है, तो वह कायषकारी प्राधिकरण को जैसा कि वह उचित या आवश्यक समझता है उ ि पुस्तक में संशोधन करने का निदेश दे सके गा। परन्तु कायषपालक प्राधिकारी द्वारा ऐसा कोई संशोधन नहीं किया जाएगा जिसमें मूल्ांकन में व ृक्त िया कोई नया मूल्ांकन शामिल हो जब तक कि संबंधित व्यक्त िको अपना पक्ष रखने का अवसर न दिया गया हो। प ंचायत की  दिशा निदेश द ेने की शक्त ि 
7.  कर या शुल्क के संग्रह की आवधिकता इन नियमों में किए गए प्रावधान को छोड़कर एक कर या शुल्क एक वित्तीय वषष की दो छमाही किस्तों में एकत्र किया जा सकता है। कर या शुल्क क े संग्रह की आवधिकता 
8.  डिमांड नोटिस की सेवाओं का प्रपत्र और तरीका  माध्यम से या नियोाि के माध्यम से (1) मांग नोटिस प्रपत्र II में संदेशवाहक के दिया जाएगा- क. व्यक्तगित रूप से उस व्यक्त िको जिसे इसमें संबोधित किया गया है या असफल होने पर मान्यता प्राप्त एजेंट को या  ख. उसके पररवार के किसी वयस्क सदस्य पर जो आमतौर पर उसके साथ ग. उसके रहता है और नोटिस की डु क्तकिे ट प्रति में पावती प्राप्त की जाए।  बशते कि यदि सेवा को उपरो िके अनुसार नहीं किया जा सकता है या यदि इस तरह की गई सेवा की स्वीकृ ति से इनकार कर दिया जाता ह ै, तो मांग नोटिस उस व्यक्त िके जिसे इसमें संबोधित किया गया है सामान्य अंतिम ज्ञात निवास स्थान के दरवाजे पर उसकी एक प्रति चिपकाकर दिया जा सकता है वहाँ दो सम्मानित पड़ोसियों से इसे चिपकाए जाने की पावती ली जाएगी। बशते कि मांग नोटिस पंजीकृ त पोस्ट पावती देय द्वारा दिया जा सकता है जहां भी यह आवश्यक और/या स ुविधाजनक लगता है। बशते कि मांग नोटिस प्राप्त न होने को कर या श ुल्क का भुगतान न करने का कारण नहीं माना जाएगा।  डिमांड नोटिस स ेवाओं का रूप और तरीका    
9.  कर का भुगतान करने में चूक पर जुमाषना  प ंचायत उन लोगों पर जो निधाषररत अवधि के भीतर कर या शुल्क का भुगतान नहीं करते हैं। लगाए जाने वाले जुमाषने का निधाषरण कर सकती है  कर भुगतान म ें चूक पर ज ुमाषना  
10.  भ ू-राजस्व की बकाया राशि के रूप में कर की वसूली जहां कोई कर या शुल्क या अन्य राशि वसूली योग्य हो गई है कायषकारी प्राधिकरण भूमि राजस्व के बकाया के रूप में इसकी वसूली के लिए कें द्र शासित प्रदेश के कलेक्टर को ररपोटष करे गा।  कर की वसूली भ ू-राजस्व के बकाये के रूप म ें  
11.  अपील उपबंधों के अधीन और उ िधारा के अधीन (1) विनियम की धारा 42 और 91 के भीतर अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर की जा निधाषररत समय-सीमा के सके गी। दायर की गई अपील के आधार को संक्षिप्त रूप से निधाषररत करे गी। (2) अपीलीय प्राधिकारी अपीलकताष को सुनने के बाद अपील पर निणषय लेगा। अनुसार मूल्ांकन पुक्तस्तका को सुधारा जाएगा। (3) अपील पर पाररत आदेशों के किसी कर या शुल्क की राशि का भुगतान कर दिए जाने के बाद कम होने की क्तस्थति में कायषकारी प्राधिकरण तदनुसार धनवापस प्रदान करे गा। अपील  
 अध्याय-II सामान्य सिद्ांत क - भवन कर 
179 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 3(cid:3) THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 180(cid:3) 4(cid:3)

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5(cid:3)

12.  साथ  भवनों का मूल्ांकन साजो-समान के भवन कर लगाने के उद्देश्य से, प्रत्येक भवन का मूल्ांकन उसके सहायक संरचनाओं क े साथ किया जाएगा, जब तक कि सहायक संरचना का मालिक भवन के मालिक से अलग व्यक्त ि न हो। एक-दू सरे के साथ कोई संबंध नहीं रखने वाली सहायक स ंरचनाओं के अलावा अन्य भवन एक ही पररसर के भीतर क्तस्थत होने पर भी को म ूल्ांकन के उद्देश्य से अलग-अलग इमारतों के रूप में माना जाएगा।  भवनों का म ूल्ांकन साजो- सामान क े साथ किया जाना है 
13 म ूल्ांकन सूची तैयार करना और अंतिम रूप देना  I. प्रत्येक ग्राम पंचायत जो भवन पर कर लगाने का निणषय लेती है। वह उपबंधों के नियम 3 और 4 के अधीन होगी और नियम 4 की प्रक्रिया का पालन करने के पश्चात् पू ंजीगत मूल् अथवा भवनों के वाषिषक किराया मूल् के आधार पर ऐसी दर से लेवी लगाने का निणषय लिया अंतगषत अनुसूची में जा सकता है लेकिन यह दर नियम 14 के विनिदिषष्ट न्यूनतम दर से कम नहीं होगा। कायषकारी प्राधिकरण या इस उद्देश्य के लिए नामित अधिकारी II. निम्नलिक्तखत को दशाषते हुए एक मूल्ांकन सूची तैयार करे गा । (क) प्रत्येक भवन की संख्या (ख) मालिक और कब्जा रखने वाले का नाम (ग) पू ंजी मूल्ांकन या वाषिषक लेटिंग मूल् जैसा भी मामला हो। (घ) उस पर मूल्ांकन की गई कर की राशि। म ूल्ांक स ूची त ैयार करना और अ ंतिम रूप देना
 परन्तु ग्राम पंचायत और यदि प्रशासक द्वारा अपेक्षित हो तो मूल्ांकन सूची तैयार करने का कायष इस प्रयोजनाथष नामित प्रशासन के किसी अधिकारी को सौंपेगी।परन्तु ऐसी म ूल्ांकन सूची तैयार करने के प्रयोजनाथष कायषपालक प्राधिकारी या इस प्रयोजन के लिए नामित अधिकारी जैसा भी मामला हो, ग्राम पंचायत क्षेत्र में किसी भवन का निरीक्षण दिन क े उचित समय पर उस भवन में रहने वाले को पूवष सूचना देकर ।  कर सकता है।  4. म ूल्ांकन सूची पर आपत्तियां दजष करने के लिए निधाषररत समय की सूचना का प्रकाशन। जब मूल्ांकन सूची पूरी हो जाती है तो कायषकारी प्राधिकारी इस आशय की सूचना जारी करे गा कि मूल्ांकन सूची ग्राम पंचायत या जिला पंचायत के कायाषलय में जैसा भी मामला हो निरीक्षण के लिए खुली है और उसमें कर के आकलन के संबंध में आपत्तियों यदि कोई हो तो उस पर विचार किया जाएगा।  i जहां मूल्ांकन सूची कायषकारी प्राधिकरण द्वारा तैयार की जाती है। वहाँ नोटिस की तारीख से 30 दिनों की समाक्तप्त के एक दिन बाद।  ii जहां मूल्ांकन सूची कायषकारी प्राधिकारी के परामशष से नियम 13 (2) के परं तुक के तहत प्रशासक द्वारा अधिकृ त अधिकारी द्वारा तैयार की जाती ह ै। उसके नोटिस की तारीख से 30 दिनों की समाक्तप्त के एक दिन बाद।  म ूल्ांकन सूची का निरीक्षण  4. प्रत्येक व्यक्त ि जिसका नाम मूल्ांकन सूची में किसी भवन के मालिक या कब्जेदार के रूप में शामिल है, प्रत्येक व्यक्त िजो किसी भी भवन का मालिक या कब्जाधारी होने का दावा करता है किसी भी इमारत के कब्जे वाला प्रत्येक व्यक्ति स ूची में शामिल है और ऐसे व्यक्त िका कोई भी एजेंट मूल्ांकन सूची का निरीक्षण कर सकता है और बिना किसी शुल्क का भुगतान किए उससे निष्कषष निकाल सकता है।  म ूल्ांकन सूची पर आपत्तियों पर विचार करना और सूची का प्रमाणीकरण  5. 
(1) मूल्ांकन सूची की सभी आपत्तियों पर कायषकारी प्राधिकारी या सरकारी अधिकारी द्वारा विधिवत विचार और निणषय लिया जाएगा जैसा कि मामला नियम 13 (3) के तहत प्रकाशित नोटिस में निदिषष्ट तारीख को हो सकता है। या बाद की किसी भी तारीख को और कायषकारी प्राधिकारी या इस उद्देश्य के लिए नामित अधिकारी के निणषय को मूल्ांकन सूची में किए गए मूल्ांकन पर आपत्ति करने वाले व्यक्त िको सूचित किया जाएगा।  (2) ऐसे निणषय से व्यथित कोई भी व्यक्ति जो विनियम की धारा 42 के तहत प्राधिकरण को अपील करना चाहता है, वह नियम 13 (5) (1) के तहत निणषय की सूचना के 30 दिनों के भीतर ऐसा करे गा। 
 अधीन विहित अपीलीय (3) ग्राम पंचायत विनियम की धारा 42 और 91 के प्राधिकारी द्वारा पाररत आदे शों के आधार पर आवश्यक सभी संशोधनों को मूल्ांकन सूची में शामिल कराएगी जिन्हें सरपंच और पंचायत सचिव या अध्यक्ष और मुख्य कायषकारी अधिकारी या इस उद्देश्य के हस्ताक्षर द्वारा विधिवत लिए नामित अधिकारी जैसा भी मामला हो के जुलाई के अधिप्रमाणित किया जाएगा वषष के 31 वें दिन के बाद नहीं।  (6) प्रमाणित मूल्ांकन सूची में प्रविष्टियां निणाषयक साक्ष्य होनी चाहिए  नियम 13 के उप नियम (3) के तहत प्रमाणित मूल्ांकन सूची में प्रविष्टियां इन नियमों के तहत लगाए गए कर की राशि का निणाषयक प्रमाण होंगी।  
14.  भवन कर की दरों की अनुसूची   भवन कर की दरों की अनुसूची  
क्ष ेत्रवार स्ल ैब/वगष फु ट   वाषिषक संपत्ति कर प्रति वगष मीटर लगाया जाएगा।  निमिषत क्षेत्र का फीट (रुपये में) 
 आवासीय संपत्ति  वाणिक्तज्यक/संस्थागत स ंपत्ति 
300 तक  1  1.50 
301 से 600 तक  1.25  2.00 
601 से 1000 तक  1.50  2.50 
1001 से 2000 तक  1.75  3.50 
2001 और उसके बाद से  2.00  5.00 
15.  स ूचना मांगने और पररसर में प्रवेश करने के लिए कायषकारी प्राधिकरण की शक्त ि 1. भवन कर का आकलन करने के उद्देश्य से कायषकारी प्राधिकारी नोटिस द्वारा किसी भवन के मालिक या कब्जेदार को ऐसे नोटिस की तामील के तीस दिनों के भीतर भवन के लिए देय किराए की ररटनष भवन के निमाषण की लागत और भवन के किराए के उपयोग के क्षेत्र और प्रकृ ति अथाषत स्वयं क े आवासीय घर के रूप में पट्टे या लाइसेंस पर किराए पर लिया गया वाणिक्तज्यक या गैर-वाणिक्तज्यक फू स टाइल या प्रबलित सीमेंट क लिए बुला सकता है। और ऐसी ं क्रीट निमाषण आदि को प्रस्तुत करने के  कायषकाररण की  स ूचना मांगने और पररसर म ें प्रवेश करने का अधिकार  
अन्य जानकारी के साथ जिसकी कायषकारी प्राधिकरण को आवश्यकता हो और प्रत्येक मालिक और कब्जेदार जिस पर ऐसा नोटिस दिया गया है इसका पालन करने और अपने ज्ञान और विश्वास के अनुसार सही ररटनष द ेने के लिए बाध्य होगा। 2. उप-नियम (1) के तहत इस प्रयोजन के लिए कायषकारी प्राधिकरण या उसके द्वारा इस संबंध में अधिकृ त कोई भी व्यक्त ि मालिक और कब्जेदार को नोटिस देने के बाद दिन के समय ऐसी इमारत में प्रवेश निरीक्षण सवेक्षण और माप कर सकता है।  NaN
16.  इमारतों की संख्या  1. पंचायत के प्रत्येक भवन की संख्या ग्राम पंचायत द्वारा वाडष-वार की जाएगी और उसे सामने के दरवाजे पर या भवन के किसी विशिष्ट स्थान पर चिपकाई जाने वाली धातु की नंबर ेिट प्रदान की जाएगी। नंबर ि ेट में निम्नलिक्तखत विवरण होंगे।  क. मलयालम या महल में ग्राम पंचायत का नाम; और  ख. रोमन अंकों में ग्राम पंचायत वाडष संख्या और अरबी अंकों में घर स ंख्या।  2. भवन का मालिक नंबर ेिट प्रदान करने की लागत के लिए पंचायत द्वारा निधाषररत राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।  इमारतों की स ंख्या   NaN
17.  भवन कर के मूल्ांकन और भुगतान की आवधिकता  भवन कर का मूल्ांकन पांच वषों में एक बार किया जाएगा और मूल्ांकन किए गए भवन के मालिक द्वारा दो समान छमाही किस्तों में देय होगा।   भवन कर के म ूल्ांकन और भुगतान की आवधिकता  NaN
18.  म ूल्ांकन पुक्तकिा का प्रारूप  भवन कर के संबंध में मूल्ांकन पुक्तस्तका फामष III में रखी जाएगी ।   म ूल्ांकन प ुक्तस्तका का प्रारूप  NaN
  वाहनों पर बी-टैक्स (यांत्रिक रूप से चालित वाहन को छोड़कर)  NaN
19.  वाहनों के प्रकार जिन पर कर लगाया जाता है उन्हें निदिषष्ट किया जाना चाहिए नियम 3 के तहत एक प्रस्ताव पाररत करते समय पंचायत उन वाहनों के प्रकार को निदिषष्ट करे गी जिन पर कर लगाया जाना है। वाहनों के प्रकार जिन पर कर लगाया जाना ह ै निदिषष्ट होने चाहिए ।  NaN
20.  वाहन कर का भुगतान  किसी भी कर योग्य वाहन का स्वामित्व कब्जे कस्टडी या नियंत्रण रखने 1. वाला प्रत्येक व्यक्त िवाहन कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा। वाहन कर एक बार देय होगा और जैसे ही इसे खरीदा या अधिग्रहित किया जाएगा या उसके कब्जे या स्वामित्व में आता है। इसका भुगतान किया जाएगा। भुगतान पर कायषकारी प्राधिकरण उसे वाहन के लिए एक 2. वाहन कर के विशिष्ट संख्या के साथ एक प्रमाण पत्र प्रदान करे गा। मांगे जाने पर प ंचायत द्वारा जारी एक प्रमाण पत्र निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। तहत वाहन कर के लिए उत्तरदायी प्रत्येक व्यक्त ि 3. उप-नियम (1) के प ंजीकरण के लिए कायषकारी प्राधिकारी को वाहन का अपेक्षित विवरण प्रस्तुत करे गा। वाहन कर का भुगतान  
21  वाहन कर के भुगतान से छू ट  इस पर कोई कर नहीं लगाया जाएगा-  1. कें द्र शासित प्रदेश या भारत सरकार या किसी भी पंचायत के प्रशासन स े संबंधित वाहन।  2. वाहन पूरी तरह से बिक्री के लिए रखा गया है और  3. बच्ों के पेराबुलेटर या टर ाइसाइकिल। वाहन कर क े भुगतान स े छू ट   
22.  भ ुगतान में चूक के मामले में वाहन कर की वसूली।  तहत आवश्यक किसी भी वाहन के संबंध में वाहन 1. यदि नियम 20 के कर का भुगतान नहीं किया गया है तो कायषकारी प्राधिकरण या इस संबंध म ें पंचायत द्वारा अधिकृ त पुलिस सहित कोई अन्य व्यक्त ि किसी भी समय वाहन को जब्त कर सकता है और हिरासत में ले सकता है। तहत जब्त किए गए वाहन का मालिक 2. नियम 22 के उप-नियम (1) के कर और जुमाषना का भुगतान कर ऐसी जब्ती से दस दिनों के भीतर इस वाहन का दावा करे गा। यदि यह निधाषररत अवधि के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है तो कायषकारी प्राधिकरण इसे सावषजनिक नीलामी द्वारा ब ेच देगा और बिक्री की आय का उपयोग निम्नलिक्तखत के भुगतान के लिए किया जाएगा- क. बकाया कर यदि कोई हो और ख. पंचायत द्वारा तय किया गया जब्ती और हिरासत की लागत। परन्तु यदि वाहन कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति या उसका हकदार कोई अन्य व्यक्ति वाहन की जब्ती की तारीख स े दस दिनों के भीतर या नीलामी बिक्री की तारीख से पहले किसी भी समय उसका दावा करता है तो उप-नियम (2) के खंड (i) और (ii) के तहत उक्तक्तिखत राशि के भुगतान पर उसे यह वाहन वापस कर दिया जाएगा। 3. बिक्री से प्राप्त शेष राशि यदि कोई हो को खाते में लाया जाएगा और यदि तीन महीने के भीतर दावा नहीं किया जाता है तो इसे प ंचायत निधि में विनियोजित किया जाएगा। व्याख्या: अध्याय II-B में "वाहन" का अथष यांत्रिक रूप से चालित वाहन के अलावा एक वाहन है।  भ ुगतान में च ूक क े मामले में वाहन कर की वसूली।   
 सी- पेशेवर कर  
23.  आय का निधाषरण  (1) यदि जिला पंचायत क्षेत्र में कोई कं पनी या प्रतिष्ठान या कोई व्यक्त ि कोई व्यवसाय करता है या कोई व्यक्त िकमषचारी के रूप में या अन्यथा नियुक्त ि रखता है, तो ऐसी कं पनी या प्रतिष्ठान या व्यक्त िकी आय जैसा भी मामला हो से वषष के दौरान विनियमन के तहत पेशेवर कर लगाने के उद्देश्य से ऐसे व्यवसाय का या नियुक्त िका लेन-देन समझा जाएगा। आय का निधाषरण 
  षि आयकर या दोनों का आकलन वषष के लिए क. जहां आयकर या कृ आयकर अधिनियम 1961 के तहत ऐसी कं पनी या प्रतिष्ठान या व्यक्त ि पर किया जाता है जिस राशि पर आयकर या कृ षि आयकर या ऐसी दोनों राशियों के योग का आकलन करने के उद्देश्य से ऐसे व्यवसाय के लाभ और लाभ की गणना की जाती है। ख. जहां उ िलाभ और लाभ की राशि का पता नहीं लगाया जा सकता है या जहां ऐसी कं पनी या व्यक्त ि का आयकर या कृ षि आयकर का आकलन नहीं किया गया है या जहां यह पिछले वषष के दौरान भी पता लगाने योग्य नहीं है ऐसे प्रतिशत या वषष के दौरान पंचायत के क्षेत्र में किए गए व्यवसाय के कारोबार के संदभष में प्रतिशत की गणना में की जाती है और  रूप में या किसी ग. जहां कोई व्यक्त िसरकारी कमषचारी है या कमषचारी के स ंगठन या प्रतिष्ठान में नियुक्त िरखता है तो वषष के वेतन से उसकी आय  स्पष्टीकरण :  i. "व्यापार का लेन-देन" शब् को किसी भी प्रकृ ति के कृ त्यों या व्यवसाय को शामिल करने के लिए माना जाएगा चाहे वह अलग- थलग हो या नहीं जैसे कि अनुरोध करना प्राप्त करना या प्रसाररत करना ऑडषर या खरीदना विनिमाषण करना, नियाषत करना, आयात करना, प्राप्त करना, संचाररत करना, बेचना या अन्यथा माल या स ेवा या व्यापार, या पेशे या कॉलिंग से निपटना।  ii. "स्थापना" शब् में एक दुकान, रे स्तरां, थिएटर और लक्षद्वीप सहकारी समिति विनियमन के तहत पंजीकृ त एक सोसायटी शामिल है 2022 या सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 (1860 का XXI) या एक चैररटेबल सोसाइटी या एक टर स्ट।  iii. "वेतन का मतलब छु ट्टी सहित वेतन, समेकित वेतन, विशेष वेतन और व्यक्तगित वेतन, महंगाई भत्ता, प्रतिपूरक भत्ता, विशेष प्रतिपूरक भत्ता, शुल्क, मानदेय और पाररश्रमिक सहित वेतन है और इसमें दैनिक रे टेड मजदू री शामिल नहीं होगी।  (2) व्यवसाय कर की मूल्ांकन पुक्तस्तका फामष IV में रखी जाएगी ।  
24.  कायाषलय का स्थान या रोजगार का स्थान निधाषरण का कारक होना चाहिए:  किसी कं पनी या व्यक्त िके बारे में यह समझा जाएगा कि उसने व्यवसाय किया ह बारे में यह समझा जाएगा कि उसने जिला पंचायत क्षेत्र ै, और किसी व्यक्त िके क े भीतर कोई व्यवसाय, व्यापार या कॉलिंग का प्रयोग किया है या नियुक्त िकी ह भीतर कोई कायाषलय या ै, यदि ऐसी कं पनी या व्यक्त िका ऐसे पंचायत क्षेत्र के रोजगार का स्थान है। कायाषलय का स्थान या रोजगार का स्थान निधाषरण का कारक होना चाहिए। 
25. व्यवसाय कर लगाने की दर व्यवसाय कर लगाने के लिए आय की गणना करने के उद्देश्य से, उप-नियम के ख ंड (बी) में निदिषष्ट व्यवसाय के कारोबार का प्रतिशत  नियम 23 का (1) निम्नलिक्तखत तालिका में विनिदिषष्ट होगा:-   ल ेवी की दर पेशा कर 
स ारणी  
प ैमाने में कक्षा (1)  प्रतिशत (2) 
जहां व्यवसाय का टनष ओवर 1.5 लाख रुपये से अधिक न हो 4% 
जहां व्यवसाय का टनष ओवर 1.50 लाख रुपये से अधिक है ल ेकिन 3 लाख रुपये से अधिक नहीं है। 6000 रुपये और 1.50 लाख रुपये से अधिक के कारोबार का पांच प्रतिशत 
जहां व्यवसाय का टनष ओवर 3 लाख रुपये से अधिक है लेकिन 6 लाख रुपये से अधिक नहीं है। 13,500 रुपये और 3 लाख रुपये से अधिक के टनष ओवर का छह प्रतिशत 
जहां व्यवसाय का टनष ओवर 6 लाख रुपये से अधिक है लेकिन 12 लाख रुपये से अधिक नहीं है। 31,500 रुपये और 6 लाख रुपये से अधिक के टनषओवर का सात प्रतिशत 
जहां व्यवसाय का टनषओवर 12 लाख रुपये से अधिक है 73,500 रुपये और 12 लाख रुपये से अधिक टनष ओवर का आठ प्रतिशत ह ै। 
26.  प ंचायत से लाइसेंस प्राप्त किया जाना है प्रत्येक प्रतिष्ठान जो या व्यक्ति व्यवसाय करता है उसे पंचायत से इस उद्देश्य के लिए जिला पंचायत द्वारा निदिषष्ट तरीके से लाइसेंस प्राप्त करना होगा। प ंचायत से लाइसेंस प्राप्त किया जाना है
27.  व्यावसायिक कर की वसूली  1. यदि कायषकारी प्राधिकारी की राय में किसी कं पनी या प्रतिष्ठान या व्यक्त ि स े किसी भी वषष के लिए पेशा कर दे य है या होगा तो वह ऐसी कं पनी या प्रतिष्ठान या व्यक्त ि को नोटिस देगा जिसमें उसे इन नियमों के साथ स ंलग्न फॉमष V में ररटनष प्रस्तुत करने की आवश्यकता है कम से कम तीस दिनों की अवधि के भीतर। इसके बाद ऐसी कं पनी या प्रतिष्ठान या व्यक्त िका यह कतषव्य होगा कि वह उस वषष के दौरान या पिछले वषष के लिए उसके द्वारा प्राप्त आय को दशाषते हुए एक ररटनष प्रस्तुत करे और कोई भी सबूत प्रस्तुत करे जिस पर कं पनी या प्रतिष्ठान या व्यक्त िप्रस्तुत ररटनष के समथषन में भरोसा कर सकते हैं।  2. यदि उप-नियम (1) के तहत अपेक्षित ररटनष दिया जाता है और यदि कायषकारी प्राधिकरण संतुष्ट है कि यह सही और पूणष है तो वह ऐसी क ं पनी या प्रतिष्ठान या व्यक्त िपर ऐसे ररटनष के आधार पर व्यवसाय कर लगाएगा।  3. यदि उप-नियम (1) के तहत आवश्यक रूप से कोई वापसी नहीं की जाती है या यदि कायषकारी प्राधिकरण संतुष्ट है कि इस तरह से किया गया कोई भी ररटनष गलत है या अपूणष कायषकारी प्राधिकरण कं पनी या प्रतिष्ठान या व्यक्त ि को जैसा भी मामला हो प्रस्तावित कारष वाई के क्तखलाफ कारण दिखाने के लिए एक उचित अवसर देने के बाद ऐसी क ं पनी या प्रतिष्ठान या व्यक्त ि को कं पनी या प्रतिष्ठान या व्यक्त ि की वाषिषक आय के लिए जैसा कि उसके द्वारा अनुमान लगाया गया है उपयु िपैमाने में वगष प्रदान करे गा।  4. कायषकारी प्राधिकरण उप-नियम (3) के अधीन किसी कं पनी प्रतिष्ठान या व्यक्ति को वगीकृ त करते समय लेन-देन किए गए व्यवसाय की प्रकृ ति और मूल् आवासीय और व्यावसायिक पररसर के आकार और किराये क े मूल् निपटाई गई वस्तुओं की मात्रा और मूल् नियोजित व्यक्तयिों की स ंख्या आयकर या भुगतान किए गए कृ षि आयकर और ररटनष यदि कोई हो उप-नियम (1) के तहत प्रस्तुत किया गया है के संदभष में सामान्य विचारों पर ऐसा कर सके गा।  प ेशेवर  ट ैक् स लगाना  NaN
28.  मांग नोटिस देना  म ूल्ांकन पूरा होने के बाद कायषकारी प्राधिकारी नियम 8 के तहत निधाषररत प्रत्येक निधाषररती को जिसपर कर का निधाषरण किया गया है मांग नोटिस दे गा ।   मांग नोटिस की स ेवा  NaN
29.  कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी व्यक्तयिों की सूची प्रुित करने का अनुरोध  कायषकारी प्राधिकारी नोटिस द्वारा किसी भवन या भूमि के मालिक या कब्जाधारी स े और किसी होटल, बोडिंिग या लॉजिंग हाउस, क्लब या आवासीय कक्षों के प्रत्येक सचिव या प्रबंधक को एक निदिष ष्ट समय के भीतर लिक्तखत रूप में एक स ूची प्रस्तुत करने की आवश्यकता हो सकती है जिसमें ऐसे भवन, भूमि, नाम हों और होटल,बोडिंिग या लॉजिंग हाउस में रहने वाले सभी व्यक्तयिों के जिसमें क्लब या आवासीय कक्ष, और ऐसे प्रत्येक व्यक्त िके पेशे, कला, व्यापार, द्वारा भुगतान किया गया है और कॉलिंग या नियुक्त िऔर किराया यदि उसके ऐसे व्यवसाय की अवधि को निदिषष्ट किया गया हो ।  कर का भ ुगतान करने के लिए उत्तरदायी व्यक्तयिों की सूची प्रस्तुत करने का अनुरोध   NaN
30.  नियोािओं या उनके प्रतिनिधियों को सूची प्रुित करने के लिए अनुरोध  कायषकारी प्राधिकारी नोटिस द्वारा किसी नियोाि या कायाषलय प्रमुख सचिव या प्रबंधक या सरकारी, निजी या किसी कायाषलय, होटल, बोडिंिग हाउस या क्लब या फमष या कं पनी के वेतन या मजदू री भुगतान प्राधिकरण की अपेक्षा कर सकता है।  1. एक विनिदष्ट समय के भीतर फामष VI में कायषरत सभी व्यक्तयिों के नामों की एक सूची प्रस्तुत करना जिसमें ऐसे नियोजित व्यक्तयिों के व ेतन या आय का विवरण दिया गया हो और  2. किसी कं पनी या प्रतिष्ठान के संबंध में विवरण प्रस्तुत करना जिसमें वह व्यक्त िहै या जिसका वह एजेंट है। नियोािओं या उनके  प्रतिनिधियों को सूची प्रस्तुत करनी होगी  
31.  कमषचाररयों के वेतन से प्रोफे शनल टैक्स काटकर पंचायत को भुगतान करने की जिम्मेदारी  प्रमुख या सचिव या प्रबंधक या निजी या किसी प्रत्येक नियोाि या कायाषलय के अन्य कायाषलय, होटल, बोडिंिग हाउस या किसी अन्य प्रतिष्ठान का यह कतषव्य वेतन से पेशा कर में कटौती करे और ऐसी होगा कि वह संबंधित कमषचारी के कटौती की तारीख से दस दिनों के भीतर कायषकारी प्राधिकरण को नकद या डिमांड डर ाफ्ट या चेक द्वारा प्रेषित करें ।  कमषचाररयों क े वेतन से प ेशेवर कर काटने और ग्राम प ंचायत  को भ ुगतान करने की जिम्मेदारी 
 D- अन्य कर   
32.  प्रकाश और जल निकासी कर  लाइटिंग टैक्स और डर ेनेज टैक्स भवन कर के साथ एकत्र किया जाएगा या जैसा कि पंचायत द्वारा तय किया जाता है।  बिजली और जल निकासी कर  
33.  थिएटर टैक्स  विनियमन की धारा 41 की उप-धारा (1) के खंड (ई) में उक्तक्तिखत थिएटर और मनोरं जन के अन्य स्थान के मालिक से निश्चित दर पर थिएटर कर लगाया जाएगा। थिएटर टैक्स  
34.  लिए बाजारों, मेलों, प्रदशषनी मेलों और त्योहारों में माल की बिीि के श ुल्क लिए 1. बाजारों, मेलों, प्रदशषनी मेलों और त्योहारों में माल की बिक्री के श ुल्क का भुगतान पंचायत को अस्थायी संरचनाओं के निमाषण से पहले पर जुमाषना के साथ किया जाएगा जिसमें विफल रहने पर राशि मौके एकत्र की जाएगी या जैसा कि पंचायत द्वारा तय किया जा सकता है। 2. अन्य बातों के अलावा शुल्क की दर तय करते समय उपयोग किए गए वगष मीटर के क्षेत्र को ध्यान में रखा जाएगा।  3. लक्षद्वीप (भू-राजस्व और किरायेदारी ) विनियम 1965 और उसके तहत बनाए गए नियमों में निहित प्रावधानों के प्रति पूवाषग्रह के बिना कलेक्टर प्रशासक के अनुमोदन से बाजारों, मेलों, मेलों और त्योहारों के संचालन क े लिए सावषजनिक स्थानों पर अस्थायी निमाषण के लिए पंचायत द्वारा आयोजकों को अनुमति देने में आवश्यक निदेश जारी कर सकता है।  बाजारों, म ेलों, मेलों और त्योहारों म ें माल की बिक्री के लिए शुल्क  
35.  यदि इन नियमों के कायाषन्वयन में कोई संदेह या कठिनाई उत्पन्न होती है तो इसे प्रशासक के पास भेजा जाएगा जिसका निणषय अंतिम होगा।  
THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 182 (cid:3) 6(cid:3) 183 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 7(cid:3) THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 184 (cid:3) 8(cid:3) 185 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 9(cid:3) THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 186(cid:3) 10(cid:3) THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 187 (cid:3) 11(cid:3) THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 188 (cid:3) 12(cid:3) 189 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 13(cid:3) THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 190 (cid:3) 14(cid:3)

(cid:3) (cid:3)

(cid:3)

आदेश द्वारा और प्रशासक के नाम पर (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3)

एसडी/- (cid:3) सचिव (पंचायत)

(cid:3)

(cid:3)THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 191 (cid:3) 15(cid:3) लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र (नियम 5 देखें) (cid:3)

(cid:3) (cid:3)

...................................... पंचायत मूल्ांकन पुक्तस्तका (cid:3)

.................... (कर या शुल्क की श्रेणी/श्रेणी) (cid:3)

म ूल्ांकन जिनका होना है उनका नाम और पता   अवधि  म ूल्ांकन क े लिए एकत्र किए गए विवरण    ट ैक्स/शुल्क म ूल्ांकन किया गया।  भ ुगतान की अ ंतिम तिथि  गलती क े लिए ज ुमाषना  भ ुगतान की तारीख   सं चयी श ेष  अन्य स ूचनाएँ , यदि कोई हों 

(cid:3)

(cid:3)

(cid:3)

(cid:3)THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 192(cid:3) 16(cid:3) लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र फॉमष-II

(नियम 8 देखें)

मांग नोटिस

मांग सं............................ ग्राम पंचायत

स्थान :

दिनांक :

सेवा में,

श्री/श्रीमती

पिता का नाम पता

आपको इस बात पर ध्यान देना आवश्यक है कि नीचे निदिषष्ट राशि आपकी ओर से इस पंचायत को देय है। क. कर/शुल्क की प्रकृ ति

ख. वह अवधि जिससे यह संबंधित है ग. विवरण जैसे भवन संख्या/व्यवसाय आदि।

घ. देय राशि ङ. जुमाषना, यदि कोई है।

च. कोई अन्य विवरण

_____________

कु ल रुपए

============

(शब् में..............................................................) के वल।

आपसे अनुरोध किया जाता है कि इस नोटिस की प्राक्तप्त की तारीख से तीस दिनों के भीतर आप राशि का भुगतान करें ऐसा न करने पर इसे विनियमन और उसके तहत नियमों के प्रावधानों के अनुसार भूमि राजस्व के बकाया के रूप में वसूल किया जाएगा।

(पंचायत की मुहर) कायषकारी प्राधिकारी नोट: - सेवा और वापसी के लिए डु क्तकिे ट में भेजा जाना चाहिए।THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 193 (cid:3) 17(cid:3) लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र (cid:3)

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 सवे नं भवन की प ंचायत स ंख्या  भवन का क्ष ेत्रफल /निमाषण की प्रकृ ति, साजस ज्जा निजी स्वामि त्व,/कि राया पर दिया /वाणि क्तज्यक  साला ना किरा या  उस अवधि क े दौरान कर का आक लन  भ ुगतान की अ ंतिम तिथि  गलती क े लिए ज ुमाषना भ ुगतान की तिथि  स ंचयी श ेष  अन्य कोई जानका री यदि हो तो 
आदि 
(cid:3) 18(cid:3) लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र 194 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3)

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नाम और पता  प ेशा की प्रकृ ति(व्यापार/ नौकरी/उद्यम व्यापार,दुकान मालिक, कमषचारी आकलन की अवधि  व ेतन से आय/आ कलन के उद्देश्य से अन्य आय  अन्य स ंकलित विवरण /आकलन क े लिए उपयोग किया  आकलन किया हुआ पेशा कर  भ ुगतान की अ ंतिम तिथि  गलती क े लिए ज ुमाषना  भ ुगतान की तिथि  जोड़ा हुआ श ेष  अन्य जानकारी यदि कोई हो तो 

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फॉमष-V [नियम 27 (1) देखें]

(cid:3)195 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 19(cid:3) लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र

1. कं पनी,संस्थान या व्यक्त िका नाम और पता
2. व्यवसाय, पेशे, व्यापार, कॉलिंग या नियुक्त िका विवरण
3. इनकम टैक्स का आकलन किया गया है, प्रॉफिट और गेन यानी इनकम जिस पर इनकम टैक्स का आकलन किया गया है।
4. यदि लाभ और प्राक्तप्तयों का पता नहीं लगाया जा सकता है या वषष के लिए आयकर का आकलन नहीं किया गया है। भीतर किए गए व्यवसाय का वषष क. पंचायत क्षेत्र के क े दौरान टनषओवर नहीं तो टनषओवर का पता नहीं लगाया ख. जहां इस तरह के दौरान व्यवसाय का जा सकता है, पिछले वषष के टनषओवर।

मैं---------------------------------------------------- इसके द्वारा यह घोषित और प्रमाणित करता हँ कि ऊपर दी गई जानकारी मेरी जानकारी, विश्वास और जैसा कि ररकॉडष से पता चला है के अनुसार सत्य और सही है। स्थान दिनांक मूल्ांकनकताषओं के हस्ताक्षर

नाम

20(cid:3) लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र (cid:3) 196 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

फॉर्म VI (नियर् 30 देखें)

छमाही के लिए कमषचाररयों का ब्यौरा और उनकी आय विवरण को दशाषने वाला विवरण

.............से ........../.............. से .........................

क्र ं .सं नाम और ओहदा क ु ल वेतन आय जिला प ंचायत क्ष ेत्र में स ेवा की अवधि स्रोत पर काटे गए पेशे कर की राशि राशि के विवरण के साथ प्रेषण का तरीका च ेक/डीडी न ं. तिथि आदि टिप्पणियां

(cid:3)21(cid:3) लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र (cid:3) 197 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) भारत सरकार(cid:3)

लक्षद्वीप प्रशासि(cid:3)

पंचायत ववभाग

कवरत्ती – 682555(cid:3)

दिनांक------ 27.09.2023(cid:3)

अधिसूचना (cid:3)

एफ. नं . 2/4/2023-डीओपी

लक्षद्वीप पंचायत विनियमन 2022 की धारा 130 के तहत प्रदत्त शक्तयिों का प्रयोग करते हुए प्रशासक लक्षद्वीप संघ राज्य क्षेत्र द्वारा निम्नलिक्तखत नियम बनाते और अधिसूचित करते है । (cid:3)

 अध्याय I  
1.  स ंक्षिप्त शीषषक और प्रारंभ  1. इन नियमों को "लक्षद्वीप पंचायत कायष नियम 2023" कहा जा सकता ह ै।  (1) ये नियम सरकारी राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे।  स ंक्षिप्त शीषषक और  श ुरुआत 
2.  पररभाषाएँ  (1) इन नियमों में जब तक कि संदभष में अन्यथा आवश्यक न हो।  क. "फॉमष" का अथष है इन नियमों में संलग्न एक फॉमष। ख. "आदेश" का अथष है आधिकाररक राजपत्र में प्रकाशित आदेश ग. "डिप्टी कलेक्टर" का अथष प्रशासन के तहत एक डिप्टी कलेक्टर ह ै और इसमें द्वीपों में एक ब्लॉक विकास अधिकारी और अधिकृ त अधिकारी शामिल हैं और घ. "पीठासीन अधिकारी" से ग्राम पंचायत का सरपंच या उपसरपंच जिला पंचायत का अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या सरपंच या अध्यक्ष या द्वीप में कोई अन्य अधिकारी अभिप्रेत है जो पंचायत की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए प्रशासक द्वारा अधिकृ त है। अधीन पररभाषित शब्ों को छोड़कर सभी शब्ों (2) उपनियम (1) के क े वही अथष होंगे जो उन्हें विनियम में क्रमशः सौंपे गए हैं। पररभाषाएँ   

(cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3)THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 198 (cid:3) 22(cid:3)

 अध्याय 2 ग्राम सभा की बैठक  NaN
3.  ग्राम सभा की बैठक   ग्राम सभा की बैठकें सरपंच द्वारा निदिष ष्ट स्थान पर आयोजित की 1. जाएं गी अधिमानत ग्राम सभा क्षेत्र के भीतर। 2. विनियम या इन नियमों में अन्यथा किए गए प्रावधान को छोड़कर सरपंच या उसकी अनुपक्तस्थति में उप-सरपंच ग्राम सभा की बैठक ब ुलाएगा और बैठक की तारीख समय और सटीक स्थान तय करे गा। सरपंच या उसकी अनुपक्तस्थति में उपसरपंच या दोनों की अनुपक्तस्थति में ग्राम सभा द्वारा चुने गए कोई भी व्यक्त िग्राम सभा की बैठकों की अध्यक्षता करें गे। ब 3. ैठक की सूचना इस प्रकार हो:- - ब क. ैठक की तिथि समय और सटीक स्थान शामिल हो और ख. द्वारा प्रकाशित किया जा सकता है- i प ंचायत के नोटिस बोडष पर और ग्राम सभा क्षेत्र में विशिष्ट स्थानों पर चिपकाकर। ii ग्राम सभा क्षेत्र में सावषजनिक घोषणा और iii सरपंच या प्रशासक द्वारा निदेशित कोई अन्य तरीके द्वारा।  ग्राम सभा की ब ैठक   NaN
4.  असाधारण बैठक धारा 8 की उपधारा (1) के प्रावधान के तहत आवश्यकतानुसार असाधारण ब ैठक बुलाने में सरपंच की विफलता के मामले में पंचायत सचिव धारा 8 की उप-धारा (1) के दू सरे प्रावधान के तहत आवश्यकतानुसार बैठक बुलाएगा।  असाधारण ब ैठकें  NaN
5.  ब ैठक की आवधिकता  ग्राम सभा की बैठकों की आवधिकता को विनियमन की धारा 8 की उप-धारा प्रावधान के (1) के अनुसार विनियमित किया जाएगा।  बै ठकों की आवधिक ता  NaN
6.  नोटिस में बताई जाने वाली कारोबार की प्रकृ ति  ग्राम सभा की बैठक की सूचना में अन्य बातों के साथ-साथ बैठक में किए जाने वाले कायष की प्रकृ ति का उेिख होगा।  नोटिस में बताई जाने वाली कारोबार की प्रकृ ति  NaN
7.  ग्राम सभा की बैठक में प्रयििा  उपबंधों के अधीन ग्राम सभा की बैठक में निम्नलिक्तखत प्रक्रिया (1) धारा 9 के का पालन किया जाएगा:- पिछली बैठक की कायषवाही के क. एक संक्षिप्त मसौदे को पढ़ा जाएगा और पुष्टि की जाएगी और फिर सरपंच या उप-सरपंच जैसा भी मामला हो और पंचायत सचिव द्वारा हस्ताक्षर किए जाएं गे। प्रशासक और निदेशक से प्राप्त ग्राम सभा से संबंधित ख. पंचायत के पररपत्रों और आदेशों की प्रतियों का मलयालम या माहल में अनुवाद किया जाएगा और बैठक में पढ़ा जाएगा। ग. बैठक में ग्राम सभा क्षेत्र में किये गये एवं किये जाने वाले प्रस्तावित विकास कायों का विवरण प्रस्तुत किया जायेगा। घ. पंचायत, प्रशासन, भारत सरकार या किसी अन्य संगठन से सहायता की विभिन्न योजनाओं के तहत पंचायत द्वारा चयनित लाभाथिषयों की सूची बैठक में प्रस्तुत की जाएगी। तहत अपेक्षित मामलों को अनुमोदन ङ. धारा 9 की उप-धारा (1) के क े लिए बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। तहत दिए जाने वाले प्रश्ों के च. इन नियमों के उत्तर, यदि कोई हों पर विचार किया जाएगा और उनका उत्तर दिया जाएगा। अनुमोदन के साथ छ. सरपंच या उपसरपंच जैसा भी मामला हो के कोई अन्य मामला। (2) ग्राम सभा विनियमन की धारा 9 की उपधारा (2) के तहत निदिष ष्ट मामले के संबंध में ग्राम पंचायत को सिफाररशें और सुझाव देगी। (3) ग्राम सभा विनियम की धारा 10 में विनिदिषष्ट कृ त्यों का पालन करे गी। (4) पयषवेक्षी समितियों की नियुक्त ि i. ग्राम सभा विनियम की धारा 11 में विनिदष्ट पयषवेक्षी समितियों का गठन करे गी। अधीन पयषवेक्षी समिति के सदस्यों का निवाषचन एक ii.धारा 11 के सदस्य द्वारा एक व्यक्त ि के नाम का सुझाव देकर और दू सरे सदस्य द्वारा अनुमोदित किया जाएगा, यदि इस प्रकार सुझाए गए और अनुमोदनित व्यक्तयिों के नाम समिति के गठन के लिए आवश्यक सदस्यों की संख्या से अधिक हैं, तो सदस्यों की अपेक्षित संख्या आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार स ुझाए गए व्यक्तयिों में से एकल हस्तांतरणीय वोट से चुने जाएं गे। लिए कोई शुल्क या भत्ते देय iii. समिति की बैठकों में भाग लेने के नहीं होंगे। (5) संयोजक की नियुक्ति  i सरपंच समिति के सदस्यों में से किसी एक को समिति का स ंयोजक नामित करे गा।  ii यदि संयोजक किसी भी कारण से कायष करने में असमथष है तो सरपंच उसके स्थान पर किसी अन्य संयोजक को नामित कर सकता है। iii यदि संयोजक किसी भी बैठक से अनुपक्तस्थत है, तो समिति उस बैठक के लिए संयोजक के रूप में कायष करने के लिए किसी अन्य सदस्य का चयन करे गी।  6. समिति की बैठक समिति की बैठकें ऐसी तिथि और समय पर आयोजित की जाएं गी जो समिति के संयोजक निधाषररत करें ।  7. निजी तौर पर समिति की बैठक आयोजित की जाएं गी।  ग्राम सभा की बैठकों म ें प्रक्रिया   nan
 जब भी समिति विचार-विमशष कर रही हो, समिति के सदस्यों के अलावा अन्य व्यक्त िवहाँ से हट जाएं गे।  8. व्यक्तयिों, कागजात और ररकॉडष भेजने की शक्त ि यदि किसी समिति को समिति के कायष के संबंध में जांच या विचार के लिए क ु छ व्यक्तयिों या कागजात या अभिलेखों की उपक्तस्थति की आवश्यकता होती है जो ग्राम पंचायत के प्रत्यक्ष नियंत्रण में हैं तो वह सरपंच से इस आशय का अनुरोध करे गी। सरपंच पंचायत सचिव के माध्यम से व्यक्तयिों की उपक्तस्थति और कागजात उपलब्ध कराएगा।  9. समिति की ररपोटष  समिति की ररपोटष पर उसके सदस्यों के हस्ताक्षर होंगे और इसे सरपंच को इसके संयोजक द्वारा या उनकी अनुपक्तस्थति में समिति के किसी सदस्य द्वारा ज ैसा कि संयोजक द्वारा अधिकृ त किया गया है सौंपा जाएगा समिति के किसी भी सदस्य को अपनी राय जो बहुमत की राय के अनुरूप नहीं है को व्य ि करने की स्वतंत्रता होगी।  10. सरपंच की निदेश देने की शक्त ि I. सरपंच समय-समय पर समिति के संयोजक को ऐसे निदेश जारी कर सकता है जिसे वह इसकी प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए आवश्यक समझे।  II. यदि प्रक्रिया या अन्यथा के बारे में किसी मामले पर कोई संदेह उत्पन्न होता है तो संयोजक उसे सरपंच के पास भेज सकता ह ै जिसका निणषय अंतिम होगा।  11. विस्तार समिति के समक्ष लंबित कोई भी कायष के वल ग्राम पंचायत के सत्रावसान के कारण समाप्त नहीं होगा और ऐसे सत्रावसान के बावजूद समिति कायष करना जारी रखेगी।  12. समिति की समाक्तप्त और उसकी ररपोटष  (i) एक समिति जो अपने कायषकाल की समाक्तप्त से पहले या ग्राम पंचायत क े विघटन से पहले अपना काम पूरा करने में असमथष है पंचायत सचिव को ररपोटष कर सकती है कि समिति अपना काम पूरा नहीं कर पाई है।  
 ((ii) कोई भी प्रारं भिक ररपोटष, ज्ञापन या नोट जो समिति ने तैयार किया हो, नई समिति को उपलब्ध कराया जाएगा।.  
8.  स ंक्षिप्त कायषवाही मलयालम या महल और अंग्रेजी में रखी जानी चाहिए  एक ग्राम सभा अपनी बैठक और कायषवाही का संक्षिप्त ररकॉडष फॉमष 1 में मलयालम या महल और अंग्रेजी में रखेगी।  ब ैठकों और कायषवाही की इस प्रकार दजष की गई संक्षिप्त ररकॉडष की एक प्रति पंचायत निदे शक को अग्रेषित किया जाएगा। 
9.  ग्राम सभा के समक्ष प्रश्न या संकल्प या प्रािव  1. ग्राम सभा की बैठक में अके ले ग्राम सभा से संबंधित प्रश्ों संकल्पों और प्रस्तावों पर चचाष की जाएगी। सरपंच या उप-सरपंच जैसा भी मामला हो ग्राम सभा के समक्ष किसी भी संकल्प या प्रस्ताव को पेश करने या चचाष करने से मना कर सकता है जिसे वह ग्राम सभा के दायरे या कायष स े परे समझता है और ऐसा करने में वह अपने कारणों को लिक्तखत रूप म ें दजष करे गा।  2. प्रश् संकल्प या प्रस्ताव यदि उप नियम (1) के तहत अस्वीकार नहीं किए जाते हैं तो उन पर चचाष की जाएगी और बहुमत से पाररत या अस्वीकार किया जाएगा।  3. ग्राम सभा द्वारा पाररत किए गए संकल्प या प्रस्ताव जिनके वित्तीय निहिताथष हैं ग्राम सभा की बैठक के तुरं त बाद बुलाई जाने वाली ग्राम प ंचायत की अगली बैठक में उस पर आगे चचाष की जाएगी।  प्रश् ग्राम सभा के समक्ष प्रस्ताव या प्रस्ताव  
अध्याय III  ग्राम पंचायत की बैठक  
10.  ग्राम पंचायत की बैठक  1. ग्राम पंचायत की बैठकें आमतौर पर द्वीप में आयोजित की जाएं गी जहां प ंचायत का कायाषलय क्तस्थत है। 2. विनियम या इन नियमों में अन्यथा किए गए प्रावधान के अलावा, सरपंच या उसकी अनुपक्तस्थति में उप-सरपंच ग्राम पंचायत की बैठकें बुलाएगा और ब ैठक की तारीख, समय और सटीक स्थान तय करे गा।.  ग्राम प ंचायत की ब ैठक का स्थान  
11.  विशेष बैठक सरपंच या उसकी अनुपक्तस्थति में उप-सरपंच किसी भी समय और कम से कम एक-तिहाई सदस्यों द्वारा हस्ताक्षररत लिक्तखत मांग पर ऐसे अनुरोध की प्राक्तप्त के पन्द्रह दिनों के भीतर ग्राम पंचायत की एक विशेष बैठक आयोजित करे गा।  विशेष ब ैठकें 
 परन्तु यदि सरपंच या उप-सरपंच इस धारा के अधीन बैठकें आयोजित करने म ें विफल रहता है तो पंचायत सचिव तीस दिनों की अवधि के भीतर ऐसी ब ैठक बुलाएगा।  
12.  अविािस प्रािव का नोटिस  1. लक्षद्वीप पंचायत विनियमन 2022 की धारा 23 के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाने के इरादे की लिक्तखत सूचना आवश्यक होगी। यह प्रस्ताव पेश करने के कारणों को बताएगा और ग्राम पंचायत के सदस्य द्वारा व्यक्तगित रूप से दिया जाएगा।  2. अविश्वास प्रस्ताव की सूचना प्राप्त होने पर, सरपंच या उप-सरपंच ज ैसा भी मामला हो बैठक के लिए नोटिस जारी होने के पंद्रह दिनों क े भीतर अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर विचार करने के लिए प ंचायत की बैठक बुलाएगा। बशते कि बैठक की सूचना अविश्वास प्रस्ताव की सूचना प्राप्त होने के दस दिनों के भीतर जारी की जाएगी। बशते कि सरपंच या उप-सरपंच द्वारा पद ग्रहण करने के छह महीने से पहले ऐसा कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा।  3. धारा 23 की उपधारा (2) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, सरपंच या उप-सरपंच जैसा भी मामला हो उप-धारा (1) के तहत प्राप्त नोटिस को पढ़कर सुनाएं गे। इसके बाद वह प्रस्ताव को पेश करने और उस पर चचाष करने की अनुमति देगा। बहस के समापन पर प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा जाएगा।  4. सरपंच या उप-सरपंच जैसा भी मामला हो मतदान का पररणाम घोषित करे गा। प्रस्ताव को के वल तभी लाया गया माना जाएगा जब इसे धारा 23 (3) के तहत निधाषररत बहुमत से पाररत किया गया हो।  5. यदि अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है तो ग्राम पंचायत ग्राम सभा को सरपंच या उप-सरपंच को जैसा भी मामला हो, उसके कायाषलय से हटाने की सिफाररश करे गी। 6. सिफाररश प्राप्त होने पर उपनियम (5) के तहत विनियमन की धारा 23 की उप-धारा (4) से (7) में निधाषररत प्रक्रियाओं का ग्राम सभा द्वारा पालन किया जाएगा।  7. ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की बैठकों की कायषवाही को ररकॉडष किया जाएगा। प्रस्ताव की एक प्रति और मतदान के पररणाम के साथ कायषवाही की एक प्रति पंचायत निदेशक को भेजी जाएगी। अविािस प्रािव का नोटिस   
13.  मीटिंग के लिए कोरम  ग्राम पंचायत की बैठक के लिए कोरम ग्राम पंचायत के सदस्यों की कु ल स ंख्या के एक तिहाई से कम नहीं होगा।  मीटिंग के लिए कोरम  
14.  ब ैठकों की आवधिकता  ग्राम पंचायत की बैठकें इस प्रकार से आयोजित की जाएं गी कि लगातार दो सत्रों के बीच की अवधि तीस कै लेंडर दिनों से अधिक नहीं होगी।   बैठकों की आवधिकता 
15.  ब ैठक को अधिसूचित किया जाएगा  लिए जारी नोटिस में बैठक 1. ग्राम पंचायत की बैठक में भाग लेने के की तारीख समय और स्थान बताया जाएगा। 2. उपनियम (1) के अधीन बैठक की सूचना प्रत्येक सदस्य को ब ैठक से कम से कम दस दिन पहले एक संदेशवाहक के माध्यम से भेजी जाएगी और पंचायत के अधिकार क्षेत्र के भीतर विशिष्ट स्थानों पर भी प्रदशिषत की जाएगी। ब ैठक को अधिसूचित किया जाएगा  
16.  स ूचना में बताए जाने वाले कायष की प्रकृ ति ग्राम पंचायत की बैठक की सूचना में अन्य बातों के साथ-साथ बैठक में किए जाने वाले कायष की प्रकृ ति का उेिख होगा।  स ूचना में बताए जाने वाले कायष की प्रकृ ति
17.  प ंचायत की बैठकों का एजेंडा  (1) ग्राम पंचायत की बैठक में किए जाने वाले कायष की कायषसूची सत्र प्रारं भ होने की तारीख के एक दिन पहले ग्राम पंचायत के सदस्यों को दी जाएगी। अनुमोदन से पंचायत (2) ग्राम पंचायत की बैठक की कायषसूची सरपंच के सचिव द्वारा तैयार की जाएगी। (3) बैठक की कायषसूची में निम्नलिक्तखत शामिल होंगे। प्रारं भ क. पिछले सत्र की कायषवाहियों के मसौदे को प्रत्येक बैठक के म ें पढ़ा और पुष्ट किया जाएगा और फिर सरपंच या उप-सरपंच ज ैसा भी मामला हो द्वारा हस्ताक्षररत किया जाएगा।  कायषसूची  ब ैठकों के लिए  का  प ंचय में  
THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 199(cid:3) 23(cid:3) THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 200(cid:3) 24(cid:3) THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 201(cid:3) 25(cid:3) THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 202 (cid:3) 26(cid:3) 203 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 27(cid:3)

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 पिछली तिमाही की आय और व्यय के विवरण पर विचार करना और ख. उसे अपनाना। ग. पंचायत द्वारा किए गए प्रत्येक कायष और गतिविधि की प्रगति की ररपोटष।  अधिनियमों घ. लक्षद्वीप संघ राज्य क्षेत्र से संबंधित संसद विनियमों के उपनियमों आदि के तहत पंचायत को प्रदान की गई शक्तयिों के प्रवतषन क े विवरण का प्रतिवेदन।  एकत्र किए गए कर का विवरण कारण सहित दी गई छू ट और कर संग्रह ङ. क े लिए विफलता जो पिछली तिमाही से संबंधित है।  लिए च. बजटीय प्रस्ताव अथाषत 31 माचष को समाप्त होने वाले वित्तीय वषष के स ंशोधित अनुमान और 1 अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्तीय वषष के लिए बजट अनुमान जिन्हें 31 माचष से पहले रखा विचार और अपनाया जाएगा।  जवाब, यदि कोई हो।  छ. सवालों के ज. प्रशासक से प्राप्त पंचायत गतिविधियों से संबंधित पररपत्रों और आदे शों की प्रतियां जो अंग्रेजी मलयालम और माहल में रखी जाएं गी।  पिछले वित्तीय वषष के लेखाओं का लेखापरीक्षित विवरण प्राप्त होने पर झ. जिस पर विचार किया जाएगा और प्राप्त होते ही उसे अपनाया जाएगा।  ञ. अन्य व्यवसाय यदि कोई हो।  (2) निम्नलिक्तखत विषय बैठक में प्रस्तुत किए जाएं गे और उपक्तस्थत और मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से पाररत किए जाएं गे। क. पंचायत कें द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं प्रशासन और किसी अन्य स ंगठन द्वारा पंचायत को हस्तांतररत योजनाओं के तहत पंचायत द्वारा च ुने जाने वाले लाभाथिषयों की सूची। ख. पंचायत द्वारा किए जाने वाले सभी कायष गतिविधियाँ और कायषक्रम जिनमें सहायता अनुदान या किसी अन्य स्रोत से वित्तीय सहायता शामिल है और  सभी व्यय प्रस्ताव।  ग. दो लाख रुपये से अधिक के  NaN
18.  कायषवाही मलयालम या महल और अंग्रेजी में रखी जाएगी  एक ग्राम पंचायत अपनी बैठकों और कायषवाही का संक्षिप्त ररकॉडष फॉमष -2 में मलयालम या महल और अंग्रेजी में रखेगी।   कायषवाही को मलयाला या महल और  अ ंग्रेज़ी में रखा जाना चाहिए   NaN
19.  प्रश्न या संकल्प की सूचना  ग्राम पंचायत का कोई भी सदस्य जो कोई प्रस्ताव लाना चाहता है या पंचायत की किसी भी बैठक में कोई प्रश् पूछना चाहता है, उसे बैठक से कम से कम पांच दिन पहले ऐसा करने के अपने इरादे की सूचना दे नी होगी।  परन्तु सरपंच या उप-सरपंच जैसा भी मामला हो अपने विवेकानुसार किसी ऐसे कायष के संकल्प या लेन-दे न पर चचाष की अनुमति दे सकता है जिसके लिए कोई पूवष सूचना नहीं दी गई है यदि उसकी राय में यह आकक्तकि प्रकृ ति का ह ै जिस पर तत्काल चचाष की आवश्यकता है।   प्रश् या स ंकल्प की सूचना  
20.  ग्राम पंचायत के समक्ष संकल्प या प्रािव  1. सरपंच या उप-सरपंच जैसा भी मामला हो पंचायत के समक्ष किसी भी स ंकल्प या प्रस्ताव को पेश करने या उस पर चचाष करने से मना कर सकता है जिसे वह ग्राम पंचायत के कायष क्षेत्र से बाहर मानता है और ऐसा करने में वह अपने कारणों को लिक्तखत रूप में दजष करे गा।  2. उपनियम (1) के तहत यदि प्रस्तावों या संकल्पों को अस्वीकार नहीं किया जाता है तो उन पर चचाष की जाएगी और बहुमत से पाररत या अस्वीकार किया जाएगा। वोटों की समानता के मामले में सरपंच या उप-सरपंच जैसा भी मामला हो के पास निणाषयक वोट होगा।  3. जहां सरपंच या कायषकारी अधिकारी मानता है कि उपनियम (2) के तहत पाररत कोई भी संकल्प या प्रस्ताव कानूनी रूप से पाररत नहीं किया गया है या विनियमन या इन नियमों द्वारा प्रदत्त शक्तयिों से बाहर ह ै, या यदि एस किया जाय तो मानव जीवन या स्वास्थ्य या सावषजनिक स ुरक्षा जैसा भी मामला हो को खतरे में डालने की संभावना है वह ऐसे स ंकल्प या प्रस्ताव को पंचायत निदेशक के पास भेजेगा।  4. उपनियम (3) के अधीन उसे निदिषष्ट संकल्प या प्रस्ताव पर पंचायत निदेशक द्वारा विचार किया जाएगा और यदि उसकी राय में पंचायत द्वारा इस प्रकार पाररत संकल्प या प्रस्ताव कानूनी रूप से पाररत नहीं किया गया है या शक्तयिों से अधिक है।  ग्राम प ंचायत क े सामने स ंकल्प या प्रस्ताव 
 विनियमन या इन नियमों द्वारा प्रदत्त या यदि ऐसा किया जाता है तो मानव जीवन या स्वास्थ्य या सावषजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने की संभावना ह ै वह सरपंच को ऐसे संकल्प या प्रस्ताव को हटाने का आदेश देगा।   
21.  प ूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृ ति  विनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए किसी सदस्य द्वारा पूछे जाने वाले प्रश् क े वल ग्राम पंचायत को आवंटित विषयों से संबंधित होंगे।  प ूछे जाने वाले प्रश्ों की प्रकृ ति 
22.  किसी प्रश्न को अस्वीकार करना  सरपंच या उप-सरपंच जैसा भी मामला हो किसी भी प्रश् को अस्वीकार कर सकता है जो नियम 21 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।  प्रश् को अस्वीकार करना
23.  प्राक्तप्त पर प्रश्नों का उपचार  प्रश् प्राप्त होने पर पंचायत सचिव उन्हें उनकी प्राक्तप्त की तारीख के क्रम में क्रमब िरूप से नंबर देगा और उन्हें सरपंच के समक्ष रखेगा।   प्राक्तप्त पर प्रश्ों का उपचार
24.  सवालों के जवाब  सरपंच या उप-सरपंच जैसा भी मामला हो अनुमत प्रश्ों का उत्तर देंगे।  सवालों क े जवाब 
25.  प्रश्न का निष्कासन और वापसी  1. प्रश् पूछने वाला सदस्य बैठक में उत्तर पढ़े जाने से पहले किसी भी समय इसे वापस ले सकता है और ऐसे किसी भी मामले में प्रश् को ब ैठक के ररकॉडष से हटा दिया जाएगा।  2. यदि किसी बैठक में कायषवाही में भाग लेते समय किसी सदस्य द्वारा की गई किसी भी टिप्पणी को पीठासीन अधिकारी द्वारा अस्वीकार कर दिया जाता है तो इसे बैठक के ररकॉडष से हटा दिया जाएगा।   प्रश् का निष्कासन और वापसी  
26.  प्रतिनिधि द्वारा प्रश्न यदि किसी प्रश् की उचित सूचना देने वाले सदस्य ने बैठक होने से पहले इसे वापस नहीं लिया है और बैठक में उपक्तस्थत नहीं है तो सरपंच या उप-सरपंच ज ैसा भी मामला हो उपक्तस्थत किसी अन्य सदस्य द्वारा प्रश् पूछने की अनुमति द े सकता है और उसी का उत्तर पढ़ा जा सकता है।  प्रॉक्सी द्वारा प्रश्  
27.  सदस्ों द्वारा पालन किए जाने वाले नियम  जबकि ग्राम पंचायत की बैठक चल रही है एक सदस्य सदस्यों द्वारा पालन किए जाने वाले नियम 
205 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 29(cid:3) 206 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 30(cid:3)

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 I. प ंचायत के कायष के संबंध को छोड़कर कोई पुस्तक समाचार पत्र या पत्र नहीं पढ़ेगा। II. किसी भी सदस्य को अव्यवक्तस्थत अभिव्यक्त िया शोर या बोलते समय किसी अन्य अव्यवक्तस्थत तरीके से बाधित नहीं करे गा।  III. सभा में प्रवेश करते समय या बाहर निकलते समय और अपना स्थान ग्रहण करते या छोड़ते समय सभापीठ को प्रणाम करे गा।  IV. सभापीठ और बोलने वाले सदस्य के बीच में से कोई नहीं गुजरे गा।  V. जब पीठासीन अधिकारी संबोधित कर रहा हो तो वह बैठक नहीं छोड़ेगा। VI. स ंबोधित हमेशा सभापीठ को करें गे।  VII. स ंबोधित करते समय अपनी सामान्य सीट पर रहेंगे। VIII. जब नहीं बोलते हैं तो शांति बनाए रखेंगे।  कायषवाही में रुकावट नहीं डालेंगे या बाधित नहीं करें गे और भाषण IX. दिए जाने के दौरान टिप्पणी करने से बचेंगे।  द्वारा  सदस्यों   NaN
28.  सदस् को बोलने का अधिकार  जब कोई सदस्य बोलने के लिए उठता है तो उसका नाम पीठासीन अधिकारी द्वारा पुकारा जाएगा। यदि एक समय में एक से अधिक सदस्य उठते हैं तो जिस सदस्य का नाम पुकारा जाता है वह बोलने का हकदार होगा।   माननीय सदस्य को  बोलने का अधिकार   NaN
29.  सदस्ों को बोलते समय उठना चाहिए  सभा के समक्ष किसी विषय पर कोई टिप्पणी करने का इच्छु क सदस्य अपने स्थान से खड़ा होकर सभापीठ को संबोधित करे गा। जबकि बीमारी या दुबषलता से विकलांग सदस्य को बैठकर बोलने की अनुमति दी जा सकती है।  सदस्यों को बोलते समय खड़े होना चाहिए   NaN
30.  प्रयििा जब पीठासीन अधिकारी उठता है  जब भी पीठासीन अधिकारी खड़ा होता है उसे चुपचाप सुना जाएगा और कोई भी सदस्य जो तब बोल रहा है या बोलने की पेशकश कर रहा है वह तुरं त बैठ जाएगा। प्रक्रिया जब पीठासीन अधिकारी उठता है  NaN
 3 1.  आदेश का पालन  पीठासीन अधिकारी व्यवस्था बनाए रखेगा और उसके पास अपने निणषय को लागू करने के उद्देश्य से आवश्यक सभी शक्तयिां होंगी।   आदेश का पालन   NaN
32.  कागजात की कस्टडी  प ंचायत सचिव के पास ग्राम पंचायत या उसकी किसी भी समिति से I. स ंबंधित सभी ररकॉडष दस्तावेज और कागजात की अभिरक्षा होगी और सरपंच की अनुमति के बिना ऐसे किसी भी ररकॉडष दस्तावेज या कागज को लेने की अनुमति नहीं देगा। प II. ंचायत द्वारा किए गए सभी पत्राचार सरपंच या उप-सरपंच जैसा भी अनुमोदन प्राप्त करने के बाद पंचायत सचिव के मामला हो के हस्ताक्षर के अधीन होने चाहिए। पंचायत में प्राप्त सभी पत्राचार जब तक कि प्रशासक या प्रशासन के अधीन किसी प्राधिकरण द्वारा अन्यथा आदेश जारी नहीं किए जाते हैं फाइल में प्रसंस्करण से पहले सरपंच के पास अवलोकन के लिए रखे जाएं गे और फाइलों को अनिवायष रूप से सरपंच या उप सरपंच के समक्ष रखा जाना चाहिए।  कागजात की कस्टडी   NaN
33.  अजनबियों का प्रवेश  ग्राम पंचायत की बैठक के दौरान अजनबियों के प्रवेश को सरपंच द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार विनियमित किया जाएगा।    अ जनबियों का प्रवेश   NaN
34.  अजनबियों की वापसी का आदेश देने की शक्त ि सरपंच जब भी उचित समझे अजनबियों को सदन से वापस भेजने का आदेश द े सकता है। अजनबियों को वापस जाने का आदेश द ेने की शक्ति NaN
35.  ग्राम पंचायत के सरपंच के कतषव्य  विनियमन के प्रावधानों के प्रति पूवाषग्रह के बिना और जब तक उचित कारण स े रोका नहीं जाता है यह अध्यक्ष का कतषव्य होगा। (i) जिला पंचायत की सभी बैठकों को बुलाना और उनकी अध्यक्षता क. करना।   ग्राम प ंचायत के सरपंच के कतषव्य  NaN
32(cid:3) लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र 208(cid:3) THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

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 (ii) बैठकों में कायष के बंटवारे का मागषदशषन और निदेश देना और ब ैठक का व्यवक्तस्थत संचालन सुनिश्चित करना। ररकॉडष तक पहुंच हो। ख. पंचायत के जिला पंचायत द्वारा बनाए गए प्रतिष्ठान का पयषवेक्षण और प्रबंधन ग. करना। वित्तीय और कायषकारी प्रशासन पर नजर रखना और उससे घ. पंचायत के स ंबंधित सभी प्रश्ों को जिसमें उसे इसके आदेशों की आवश्यकता प्रतीत होती हैं पंचायत के समक्ष प्रस्तुत करना। संकल्प या निणषय के कायाषन्वयन ङ. पंचायत या उसकी किसी समिति के को सुरक्षित करने के लिए मुख्य कायषकारी अधिकारी पर प्रशासनिक पयषवेक्षण करना। तहत या प्रशासक के कायषकारी च. इन नियमों या अलग-अलग नियमों के आदेशों द्वारा निदिषष्ट फॉमष और रजिस्टरों के रखरखाव की व्यवस्था करना और जिला पंचायत की ओर से सभी पत्राचार के लिए जिम्मेदार होना। निष्पादन की व्यवस्था करना और जिला छ. कायष की विभिन्न मदों के प ंचायत की संपत्ति के लिए जिम्मेदार सार-संभाल और रखरखाव के होना। जिला पंचायत द्वारा लगाए गए करों दरों और शुल्कों के आकलन और ज. स ंग्रह की व्यवस्था करना। सिविल मुकदमा दायर करना और पंचायत की ओर से अभियोजन झ. श ुरू करना और ञ. ऐसे अन्य कतषव्यों का पालन करना जो विनियमन और इन नियमों द्वारा या उसके अधीन उससे अपेक्षित हैं या उसपर लगाए गए हैं।  
36.  सरपंच की विशेष शक्तयिाँ  किसी भी आपात क्तस्थति के मामले में और डिप्टी कलेक्टर / ब्लॉक विकास अधिकारी को सूचित करने के तहत सरपंच ग्राम पंचायत की पूवष स्वीकृ ति प्राप्त किए बिना किसी भी प्रकार का कायष कायष कर सकता है जिसके साथ ग्राम प ंचायत संबंधित है। बशते कि ऐसी कारष वाई पंचायत की अगली बैठक में उसके समक्ष रखी जाएगी। सरपंच की विशेष शक्तयिां  

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37.  शक्तयिों का प्रत्यायोजन  विनियम के उपबंधों के प्रति पूवाषग्रह के बिना सरपंच अपनी कोई भी शक्त ि अधीन सौंप सकता है जिन्हें उप-सरपंच या पंचायत सचिव को ऐसी शतों के वह अधिरोपित करना उचित समझे।  शक्तयिों को सौंपना   NaN
38.  ग्राम स्वयंसेवी बल  1. विनियमन की धारा 35 के अनुसार संगठित ग्राम स्वयंसेवक बल के सदस्य मानद कतषव्यों का पालन करें गे।  2. ग्राम पंचायत निधियों की उपलब्धता के मद्देनजर गणवेश, बैज, मान्यता प्रमाण पत्र आदि प्रदान करके सदस्यों को एक विशिष्ट पहचान द े सकती है।  ग्राम  स्वयंसेवक  बल   NaN
39.  ड्य ूटी से अनुपक्तस्थत रहने की सूचना  लिए कोई सरपंच या उप-सरपंच जो पंद्रह दिनों से अधिक की अवधि के किसी भी कारण से अपने कतषव्य से अनुपक्तस्थत रहने का इरादा रखता है उसे डिप्टी कलेक्टर या खंड विकास अधिकारी जैसा भी मामला हो को लिक्तखत रूप में ऐसे इरादे के बारे में साथ ही जिस तारीख से वह अनुपक्तस्थत होना चाहता है और जिस तारीख को उसके ड्यूटी संभालने की संभावना है के बारे म ें सूचित करना होगा। ड्य ूटी से अनुपक्तस्थत रहने की स ूचना   NaN
 अध्याय 4 जिला पंचायत की बैठक  NaN
40.  (1) जिला पंचायत की बैठक  जिला पंचायत की बैठकें आमतौर पर उस द्वीप में आयोजित की 1. जाएं गी जहां जिला पंचायत का कायाषलय क्तस्थत है। 2. विनियम या इन नियमों में अन्यथा उपबंधित को छोड़कर अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की अनुपक्तस्थति में जिला पंचायत की बैठक बुलाएगा और ब ैठक की तारीख समय और सटीक स्थान तय करे गा।   जिला प ंचायत  की बैठकें  NaN
41.  विशेष बैठक अध्यक्ष या उनकी अनुपक्तस्थति में जिला पंचायत का उपाध्यक्ष कम से कम एक तिहाई सदस्यों द्वारा हस्ताक्षररत लिक्तखत अनुरोध पर ऐसे अनुरोध की प्राक्तप्त से पंद्रह दिनों के भीतर पंचायत की एक विशेष बैठक बुलाएगा। बशते कि जहां अध्यक्ष या उपाध्यक्ष बैठक बुलाने में विफल रहते हैं विशेष ब ैठकें   NaN
 इस धारा के तहत मुख्य कायषकारी अधिकारी तीस दिनों की अवधि के भीतर ऐसी बैठकें आयोजित करे गा।   NaN
42.  अविािस प्रािव का नोटिस  तहत अविश्वास 1. लक्षद्वीप पंचायत विनियमन 2022 की धारा 73 के प्रस्ताव लाने के इरादे की लिक्तखत सूचना देनी आवश्यक होगी। यह प्रस्ताव पेश करने के कारणों को बताएगा और जिला पंचायत के एक सदस्य द्वारा व्यक्तगित रूप से दिया जाएगा जो प्रस्ताव पेश करने वाले निवाषचित सदस्यों में से एक होगा। परन्तु अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जैसा छह महीने से पहले ऐसा कोई भी मामला हो द्वारा पद ग्रहण करने के नोटिस नहीं दिया जाएगा। 2. अविश्वास की सूचना प्राप्त होने पर अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जैसा भी मामला हो ऐसी सूचना प्राप्त होने की तारीख से पंद्रह दिनों के भीतर जिला पंचायत की बैठक बुलाएगा। उपबंधों के अधीन रहते हुए अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जैसा 3. धारा 73 के अधीन प्राप्त नोटिस को पढ़कर भी मामला हो उपनियम (1) के स ुनाएं गे। इसके बाद वह प्रस्ताव को पेश करने और उस पर चचाष करने की अनुमति दें गे। बहस के समापन पर प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा जाएगा। पररणाम की 4. अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जैसा भी मामला हो मतदान के घोषणा करें गे। प्रस्ताव को के वल तभी पाररत किया गया माना जाएगा जब इसे विनियमन की धारा 73 की उप-धारा (2) द्वारा आवश्यक बहुमत से पाररत किया गया हो। 5. यदि प्रस्ताव पाररत किया जाता है तो अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जैसा भी मामला हो प्रस्ताव पाररत होने की तारीख से पद पर नहीं रहेंगे । विनियम और इन नियमों में निहित किसी बात के 6. होते हुए भी अध्यक्ष विरु ि या उपाध्यक्ष ऐसी बैठक की अध्यक्षता नहीं करें गे जिसमें उनके अविश्वास प्रस्ताव पर चचाष की गई हो लेकिन उन्हें ऐसी बैठकों की कायषवाही में बोलने या अन्यथा भाग लेने का अधिकार होगा। 7. ब ैठक की कायषवाही को ररकॉडष किया जाएगा। प्रस्ताव की एक प्रति और मतदान के पररणाम के साथ कायषवाही की एक प्रति पंचायत निदेशक को भेजी जाएगी।  अविश्वास प्रस्ताव की स ूचना 
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43.  मीटिंग के लिए कोरम  जिला पंचायत की बैठक के लिए कोरम जिला पंचायत के सदस्यों की क ु ल संख्या के एक तिहाई से कम नहीं होगा  मीटिंग के लिए कोरम 
44.  ब ैठकों की आवधिकता  जिला पंचायत की बैठक इस प्रकार से आयोजित की जाएगी कि लगातार दो सत्रों के बीच की अवधि नब्बे दिनों से अधिक न हो। ब ैठकों की आवधिकता  
45.  ब ैठक को अधिसूचित किया जाएगा  1. जिला पंचायत की बैठक में भाग लेने के लिए नोटिस में बैठक की तारीख समय और स्थान बताया जाएगा।  2. उप नियम (1) के तहत बैठक की सूचना प्रत्येक सदस्य को ब ैठक से कम से कम बीस दिन पहले भेजी जाएगी और संबंधित द्वीप के डिप्टी कलेक्टर या ब्लॉक विकास अधिकारी के माध्यम स े और इलेक्टर ॉनिक संचार के माध्यम से संदेश द्वारा भी सूचित किया जाएगा। नोटिस की एक प्रति जिला पंचायत के अधिकार क्ष ेत्र के भीतर विशिष्ट स्थान पर भी प्रदशिषत की जाएगी।  ब ैठक को अधिसूचित किया जाएगा 
46.  स ूचना में कायष की प्रकृ ति भी बताई जाएगी जिला पंचायत की बैठक की सूचना में अन्य बातों के साथ-साथ बैठक म ें किए जाने वाले कायष की प्रकृ ति का उेिख होगा।  स ूचना कायष की प्रकृ ति बताई जाए
47.  कायषसूची पत्र  जिला पंचायत की बैठक में निपटाए जाने वाले कायष की 1. कायषसूची, सत्र प्रारं भ होने की तिथि से एक दिन पहले जिला प ंचायत के सदस्यों को दी जाएगी। 2. जिला पंचायत की बैठक की कायषसूची अध्यक्ष के अनुमोदन स े मुख्य कायषपालक अधिकारी द्वारा तैयार की जाएगी। कायषसूची पत्र 
 3. ब ैठक की कायषसूची में निम्नलिक्तखत शामिल होंगे। पिछले सत्र की कायषवाही के मसौदे को प्रत्येक बैठक की शुरुआत में क. पढ़ा जाएगा और पुष्टि की जाएगी फिर अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जैसा भी मामला हो द्वारा हस्ताक्षर किए जाएं गे। पिछली तिमाही की आय और व्यय के विवरण पर विचार करना और ख. उसे अपनाना। प्रगति की ग. पंचायत द्वारा किए गए प्रत्येक कायष और गतिविधि के ररपोटष। घ. लक्षद्वीप संघ राज्य क्षेत्र से संबंधित संसद विनियमों के अधिनियमों नियमों उपनियमों आदि के तहत पंचायत को प्रदत्त शक्तयिों के प्रवतषन क े विवरण का प्रतिवेदन। एकत्र किए गए कर का विवरण कारण सहित दी गई छू ट और कर ङ. स ंग्रह के लिए विफलता जो पिछली तिमाही से संबंधित है। च. बजटीय प्रस्ताव अथाषत 31 माचष को समाप्त होने वाले वित्तीय वषष के लिए संशोधित अनुमान और 1 अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्तीय वषष के लिए बजट अनुमान जिन्हें 31 माचष से पहले रखा विचार और अपनाया जाएगा। छ. सवालों के जवाब यदि कोई हो। ज. प्रशासक से प्राप्त पंचायत गतिविधियों से संबंधित पररपत्रों और आदेशों की प्रतियां जो अंग्रेजी मलयालम और महल में रखी जाएं गी। पिछले वित्तीय वषष के लेखाओं का लेखापरीक्षित विवरण प्राप्त होने पर झ. उस पर विचार किया जाएगा और प्राप्त होते ही उसे अपनाया जाएगा। ञ. अन्य कायष यदि कोई हो। 4. कोई भी सदस्य जो कायषसूची में किसी विषय को शामिल करना चाहता ह दिन से कम से कम पंद्रह दिन पहले मुख्य कायषकारी ै, वह बैठक के अधिकारी को लिक्तखत में नोटिस द्वारा अपने इरादे से सूचित करे गा और ऐसे नोटिस में उस विषय का सार होगा जिसे वह शामिल करना चाहता ह ै। अध्यक्ष विषय की स्वीकायषता पर निणषय लेगा और किसी भी विषय को लिक्तखत में इसका कारण देते हुए अस्वीकार कर देगा कि  
 यदि उनकी राय में यह किसी विनियमन या उसके तहत बनाए गए नियमों के किसी भी प्रावधान का उंिघन करता है। परन्तु अध्यक्ष यदि संतुष्ट हो कि ऐसा करने के पयाषप्त कारण हैं तो व्यक्तगित मामले म ें या सामान्य रूप से पंद्रह दिनों की अवधि में भी छू ट दे सकता है। व्याख्या: 'एजेंडा' शब् में प्रश् शामिल नहीं है। निम्नलिक्तखत विषय बैठक में प्रस्तुत किए जाएं गे और उपक्तस्थत और 5. मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से पाररत किए जाएं गे- क. पंचायत, कें द्र सरकार, प्रशासन या किसी अन्य संगठन; से सहायता की विभिन्न योजनाओं के तहत पंचायत द्वारा चुने जाने वाले लाभाथिषयों की सूची ख. पंचायत द्वारा किए जाने वाले सभी कायष गतिविधियाँ और कायषक्रम जिनमें सहायता अनुदान या किसी अन्य स्रोत से वित्तीय सहायता शामिल है और ग. पाँच लाख रुपये से अधिक के सभी व्यय प्रस्ताव। 
48.  कायष किए जाने का मि  म ुख्य कायषपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा विचाराथष लिए जाने वाले कायष की व्यवस्था ऐसे क्रम में करे गा जो अध्यक्ष निधाषररत करे और कायष के ऐसे क्रम में तब तक पररवतषन नहीं किया जाएगा जब तक कि अध्यक्ष इस बात स े संतुष्ट न हो जाए कि इस प्रकार के पररवतषन के लिए पयाषप्त आधार है। कायष का क्रम  
49.  जो कायष सूची में शामिल नहीं है। अध्यक्ष की अनुमति के बिना किसी भी ब ैठक में ऐसा कोई कायष नहीं किया जाएगा।  
50.  सवाल पूछने का समय  पहले दिन के बाद प्रत्येक जब तक अध्यक्ष अन्यथा निदेश न दें बैठक के ब ैठक के पहले तीस मिनट प्रश् पूछने और उत्तर देने के लिए उपलब्ध होंगे। सवाल प ूछने का समय  
51.  अल्प सूचना प्रश्नों सहित प्रश्नों की सूचना  प्रश् की स ूचना
 जब तक अध्यक्ष अन्यथा निदेश न दें प्रश्ों की सूचना जिला पंचायत के सत्र क े प्रारं भ होने से कम से कम सात पूणष दिवस पहले मुख्य कायषकारी अधिकारी को लिक्तखत में दी जाएगी। परन्तु अध्यक्ष यदि संतुष्ट है कि ऐसा करने के विशेष कारण हैं तो किसी ऐसे प्रश् की अनुमति दे सकता है जिसके लिए ऐसी सूचना नहीं दी गई है या दी गई सूचना सत्र शुरू होने से सात दिन से कम समय पहले दी गई है।   अ ल्प स ूचना प्रश् 
52.  प्रश्नों की वरीयता की संख्या और मि  एक सत्र में 1. जब तक अध्यक्ष अन्यथा निदेश न दें जिला पंचायत के उत्तर के लिए प्रश्ों की सूची में एक ही सदस्य के तीन से अधिक प्रश् नहीं रखे जाएं गे। 2. जिस क्रम में प्रश् रखे जाने हैं, वह सूचना देने वाले सदस्य द्वारा इ ंगित किया जाएगा और यदि ऐसा कोई आदेश इंगित नहीं किया जाता है तो प्रश् को उस क्रम में प्रश्ों की सूची में रखा जाएगा जिस समय में उनके नोटिस प्राप्त होते हैं।  स ंख्या और आदेश प्रश् के स ंदभष में 
53.  सवालों के लिक्तखत जवाब  (1)मुख्य कायषकारी अधिकारी ऐसे प्रश्ों में मांगी गई सभी जानकारी जो प ंचायत को आवंटित विषयों के भीतर हैं लिक्तखत रूप में प्राप्त करे गा और सदस्यों को उपलब्ध कराएगा। परन्तु अध्यक्ष पूछे गए किसी प्रश् और उस पर दिए गए उत्तर पर चचाष की अनुमति दे सके गा यदि ऐसा करना उसके लिए समीचीन और आवश्यक प्रतीत हो।  उत्तर अध्यक्ष या उपाध्यक्ष द्वारा दिए (2)लिक्तखत प्रश्ों और पूरक प्रश्ों के जाएं गे। सवालों के लिक्तखत उत्तर   
54.  प्रश्न की स्वीकायषता की शतष  (1) विनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए, प्रश् पूछने का अधिकार निम्नलिक्तखत शतों द्वारा अभिशासित होता है।  i. यह किसी भी नाम या कथन को नहीं लाएगा जो प्रश् को स्पष्ट बनाने क े लिए सख्ती से आवश्यक नहीं है। लिए ii. यदि इसमें कोई वव्यि शामिल है तो बयान की सटीकता के सदस्य खुद को जिम्मेदार मानेगा। iii इसमें तकष , निष्कषष, विडंबना, अभिव्यक्ति, लांछन, विशेषणात्मक या अपमानसूचक बयान शामिल नहीं होना चाहिए।  प्रश् स्वीकायषता की शतष  
212 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 36(cid:3) 213 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 37(cid:3) 214 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 38(cid:3) 215 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 39(cid:3)

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  iv राय की अभिव्यक्त िया एक अमूतष कानूनी प्रश् या काल्पनिक  प्रस्ताव के समाधान के लिए नहीं पूछे गा।  चररत्र या आचरण को उसकी आधिकाररक v . यह किसी भी व्यक्त िके या सावषजनिक क्षमता को छोड़कर संदभिषत नहीं करे गा।  vi यह किसी ऐसे मामले से संबंधित नहीं होगा जो मुख्य रूप से जिला पंचायत का विषय नहीं है। vii यह एक समिति की कायषवाही के बारे में नहीं पूछे गा जिसे समिति की ररपोटष द्वारा जिला पंचायत के समक्ष नहीं रखा गया है।  viii यह व्यक्तगित चररत्र का आरोप नहीं लगाएगा या ऐसा संके त नहीं करे गा। ix यह किसी प्रश् के उत्तर की सीमाओं के भीतर बताए जाने के लिए बहुत बड़ी नीति के प्रश् नहीं उठाएगा।  x यह पहले से ही उत्तर दिए गए या जिनके उत्तर से इनकार कर दिया गया है उन प्रश्ों को नहीं दोहराया जाएगा।  xi यह तुच्छ मामलों पर जानकारी नहीं मांगेगा।  xii यह आमतौर पर इतिहास के मामलों पर जानकारी नहीं मांगेगा।  xiii यह सुलभ दस्तावेजों या संदभष के सामान्य कायों में निधाषररत जानकारी के लिए नहीं पूछे गा।  xiv यह उन निकायों या व्यक्तयिों के नियंत्रण में मामलों को नहीं उठाएगा जो मुख्य रूप से पंचायत के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।  xv यह किसी ऐसे मामले से संबंधित नहीं होगा जिससे एक सदस्य आधिकाररक तौर पर जुड़ा नहीं है।  (2) कोई प्रश् पचास शब्ों से अधिक नहीं होना चाहिए। (3) एक सदस्य एक विषय पर एक से अधिक प्रश् नहीं पूछे गा।    NaN
55.  प्रश्न की स्वीकायषता पर निणषय  अध्यक्ष यह तय करे गा कि क्या कोई प्रश् या उसका कोई भाग प्रश् की स्वीकायषता पर निणषय NaN
 स्वीकायष है और किसी भी प्रश् या उसके एक भाग को अस्वीकार कर सकता ह ै जब उसकी राय में यह प्रश् पूछने के अधिकार का दुरुपयोग है या जिला प ंचायत की प्रक्रिया को बाधित करने या प्रतिकू ल रूप से प्रभावित करने के लिए गणना की गई है या विनियमन और इन नियमों के प्रावधानों का उंिघन ह ै।   NaN
56.  प्रश्न वापस लेना  कोई सदस्य, उत्तर दिए जाने से पहले किसी भी समय दिए गए नोटिस द्वारा, अपना प्रश् वापस ले सकता है।  प्र श् वापस ल ेना 
57.  आनुपातिक प्रतिनिधित्व होगा।  सदस्यों का चुनाव एक सदस्य द्वारा एक व्यक्त िके माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के समिति का कायषकाल तीन महीने से अधिक नहीं होगा जिसके समितियों की नियुक्त ि अधीन गठित समितियों में पंचायत में विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों का नाम का सुझाव देकर और दू सरे सदस्य किया जाएगा। यदि इस प्रकार सुझाए गए और अनुमोदनित व्यक्तयिों के नाम लिए आवश्यक सदस्यों की संख्या से अधिक हैं तो सदस्यों की आवश्यक संख्या एकल अनुसार सुझाए गए और अनुमोदित भीतर यह अपनी ररपोटष प्रस्तुत करे गी।  सदस्यों में से किसी एक को समिति 1. अध्यक्ष समिति के का संयोजक नामित कर सकते हैं। किसी भी कारण से कायष करने में 2. यदि संयोजक स्थान पर किसी अन्य असमथष है तो अध्यक्ष उसके स ंयोजक को नामित कर सकता है। 3. यदि संयोजक किसी भी बैठक से अनुपक्तस्थत है, तो समिति उस बैठक के लिए संयोजक के रूप में कायष करने के लिए किसी अन्य सदस्य का चयन करे गी। (5) समिति की बैठक: समिति की बैठकें ऐसी तिथियों और घंटों में आयोजित की जाएं गी जो समिति का संयोजक निधाषररत करे । समिति की नियुक्त ि  
  (6) निजी तौर पर समिति की बैठकें समिति की बैठकें निजी तौर पर आयोजित की जाएं गी। समिति के सदस्यों के अलावा सभी व्यक्त िजब भी समिति विचार-विमशष कर रही हो वहाँ से हटा दिए जाएं गे ।  (7) व्यक्तयिों कागजात और अभिलेखों को भेजने की शक्त ि यदि किसी समिति को समिति के कायष के संबंध में जांच या विचार के लिए क ु छ व्यक्तयिों या कागजात या अभिलेखों की उपक्तस्थति की आवश्यकता होती है जो जिला पंचायत के प्रत्यक्ष नियंत्रण में हैं तो वह इस आशय के लिए अध्यक्ष से अनुरोध करे गी।अध्यक्ष मुख्य कायषकारी अधिकारी। के माध्यम से व्यक्त िकी उपक्तस्थति और कागजात उपलब्ध कराएगा।  (8) समिति की ररपोटष  समिति की ररपोटष पर उसके सदस्यों के हस्ताक्षर होंगे और इसे इसके स ंयोजक द्वारा या उनकी अनुपक्तस्थति में समिति के किसी सदस्य द्वारा जैसा कि संयोजक द्वारा अधिकृ त किया गया है अध्यक्ष को प्रस्तुत किया जाएगा। समिति के किसी भी सदस्य को अपनी राय व्य िकरने की स्वतंत्रता होगी जो बहुमत की राय के अनुरूप नहीं है।  
(9) अध्यक्ष की निदेश देने की शक्ति  संयोजक को ऐसे निदेश जारी कर 1. अध्यक्ष समय-समय पर समिति के सकता है जिसे वह इसकी प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए आवश्यक समझे। 2. यदि प्रक्रिया या अन्यथा के बारे में किसी मामले पर कोई संदेह उत्पन्न होता है तो संयोजक उसे अध्यक्ष को भेज सकता है। जिसका निणषय अंतिम होगा। (10). विस्तार  समिति के समक्ष लंबित कोई भी कायष के वल जिला पंचायत के सत्रावसान क े कारण समाप्त नहीं होगा और ऐसे सत्रावसान के बावजूद समिति कायष करना जारी रखेगी।  (11). समिति की समाक्तप्त और उसकी ररपोटष  1. एक समिति जो अपना काम पूरा करने में असमथष है इसकी अवधि समाप्त होने पर या जिला पंचायत भंग होने से पहले मुख्य कायषपालक अधिकारी को ररपोटष कर सकते हैं कि समिति अपना कायष पूरा नहीं कर पाई है।  2. कोई भी प्रारं भिक ररपोटष ज्ञापन या नोट जो समिति ने तैयार किया हो नई समिति को उपलब्ध कराया जाएगा।  
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58.  सदस्ों द्वारा पालन किए जाने वाले नियम  जबकि जिला पंचायत की बैठक हो रही है कोई सदस्य: प ंचायत के कायष के i. संबंध के अलावा कोई पुस्तक, समाचार पत्र या पत्र नहीं पढ़े गा। किसी भी सदस्य के ii. बोलते समय अव्यवक्तस्थत अभिव्यक्त िया शोर या किसी अन्य अव्यवक्तस्थत तरीके से बाधित नहीं करे गा। सभा में प्रवेश करते समय या बाहर निकलते समय और अपना iii. स्थान छोड़ते समय सभापीठ को प्रणाम करे गा। सभापीठ और बोलने वाले सदस्य के बीच में से कोई नहीं iv. ग ुजरे गा। जब पीठासीन अधिकारी संबोधित कर रहा हो तो वह बैठक नहीं v. छोड़ेगा। vi. हमेशा सभापीठ को संबोधित करें गे। स vii. ंबोधित करते समय अपनी सामान्य सीट पर रहेंगे। viii. जब नहीं बोलते हैं तो शांति बनाए रखेंगे। कायषवाही में रुकावट या बाधित नहीं करें गे और भाषण दिए ix. जाने के दौरान टिप्पणी करने से बचेंगे।  सदस्यों द्वारा  नियमों का पालन किया जाना चाहिए    NaN NaN
59.  सदस् को बोलने का अधिकार  जब कोई सदस्य बोलने के लिए उठता है तो उसका नाम पीठासीन अधिकारी द्वारा पुकारा जाएगा। यदि एक समय में एक से अधिक सदस्य उठते हैं तो जिस सदस्य का नाम पुकारा जाता है वह बोलने का हकदार होगा।   माननीय सदस्य क े  बोलने का अधिकार  NaN NaN
60.  बोलने के दौरान सदस् को खड़े होना चाहिए सभा के समक्ष किसी विषय पर कोई टिप्पणी करने का इच्छु क सदस्य अपने स्थान से उठकर सभापीठ को संबोधित करे गा:  जबकि बीमारी या दुबषलता से विकलांग सदस्य को बैठते समय बोलने की अनुमति दी जा सकती है।  सदस्य बोलते समय उठना   NaN NaN
61.  प्रयििा जब पीठासीन अधिकारी खड़ा होता है जब भी पीठासीन अधिकारी खड़ा होता है उसे चुपचाप सुना जाएगा और कोई भी सदस्य जो तब बोल रहा है या बोलने की पेशकश कर रहा है वह त ुरं त बैठ जाएगा।  प्रक्रिया जब पीठासीन अधिकारी उठता है   NaN
62.  आदेश का पालन  पीठासीन अधिकारी व्यवस्था बनाए रखेगा और उसके पास अपने निणषय को लागू करने के उद्देश्य से आवश्यक सभी शक्तयिां होंगी।   आदेश को बनाए रखना   NaN
63.  टिप्पणियों को हटाना और प्रश्नों को वापस लेना  (1) कोई भी सदस्य बैठक में उत्तर पढ़े जाने से पहले किसी भी समय अपना प्रश् वापस ले सकता है और ऐसी किसी भी क्तस्थति में प्रश् को ब ैठक के अभिलेखों से हटा दिया जाएगा।  (2) जहां किसी बैठक में कायषवाही में भाग लेते समय किसी सदस्य द्वारा की गई किसी भी टिप्पणी को पीठासीन अधिकारी द्वारा अस्वीकार कर दिया जाता है तो इसे बैठक के ररकॉडष से हटा दिया जाएगा। टिप्पणियों को हटाना और  प्रश्ों का वापस ल ेना   NaN
64.  कायषवाही की ररपोटष  1. म ुख्य कायषकारी अधिकारी को फामष-2 में मलयालम या महल म ें तथा अंग्रेजी में बैठक की कायषवाही का संक्षिप्त अभिलेख त ैयार करना होगा जैसा कि जिला पंचायत द्वारा निणषय लिया जा सकता है और यथाशीघ्र इसकी प्रतिलिपि सभी संबंधितों को उपलब्ध कराएगा। इस तरह से तैयार की गई कायषवाही को अगली बैठक में रखा जाएगा और पुष्टि की जाएगी।  2. जहां अध्यक्ष या मुख्य कायषकारी अधिकारी यह मानता है कि उपनियम (2) के तहत पाररत कोई संकल्प या प्रस्ताव कानूनी रूप से पाररत नहीं किया गया है या विनियमन या इन नियमों द्वारा प्रदत्त शक्तयिों से बाहर है या यदि ऐसा किया जाता है तो मानव जीवन या स्वास्थ्य या सावषजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने की स ंभावना है जैसा भी मामला हो वह ऐसे संकल्प या प्रस्ताव को प ंचायत निदेशक को भेजेगा।  3. उप-नियम (2) के अधीन उसे निदिषष्ट संकल्प या प्रस्ताव पर प ंचायत निदेशक द्वारा विचार किया जाएगा और यदि उसकी राय म ें पंचायत द्वारा पाररत संकल्प या प्रस्ताव कानूनी रूप से पाररत नहीं किया गया है या विनियमन या इन नियमों द्वारा प्रदत्त शक्तयिों से बाहर है या यदि ऐसा किया जाता है तो इससे मानव जीवन या स्वास्थ्य या सावषजनिक सुरक्षा को खतरा होने की स ंभावना है, पंचायत सचिव के अनुमोदन से पंचायत निदेशक, अध्यक्ष को ऐसे संकल्प या प्रस्ताव को हटाने का आदे श देगा।  4. प ंचायतों का प्रशासक या निदेशक पाररत किए गए किसी आदेश या लिए गए निणषय की वैधता या औचित्य के बारे में स्वयं को संतुष्ट करने के उद्देश्य से पंचायत की कायषवाही के ररकॉडष की मांग और जांच कर सकता है और ऐसी रीति से पाररत आदेश या निणषय को स्थगित संशोधित या रूपांतररत कर सकता है जो वह उचित समझे।  कायषवाही की ररपोटष   NaN
65.  कागजात की कस्टडी  म ुख्य कायषपालन अधिकारी के पास जिला पंचायत या i. उसकी किसी भी समिति से संबंधित सभी ररकॉडष, दस्तावेज और कागजात की अभिरक्षा होगी और अध्यक्ष की अनुमति के बिना ऐसे किसी भी ररकॉडष दस्तावेज या कागज को ले जाने की अनुमति नहीं देगा। ii. प ंचायत द्वारा किए गए सभी पत्राचार अध्यक्ष या अनुमोदन प्राप्त उपाध्यक्ष जैसा भी मामला हो के करने के बाद मुख्य कायषकारी अधिकारी के हस्ताक्षर क े अधीन होने चाहिए पंचायत में प्राप्त सभी पत्राचार जब तक कि प्रशासक या प्रशासन के अधीन किसी प्राधिकारी द्वारा अन्यथा आदेश जारी नहीं किए जाते हैं फाइल में प्रसंस्करण से पहले अध्यक्ष या उपाध्यक्ष, ज समक्ष अवलोकन के लिए रखे ैसा भी मामला हो के जाएं गे और फाइलों को अनिवायष रूप से अध्यक्ष या समक्ष रखा जाना चाहिए।  उपाध्यक्ष के NaN कागजात की कस्टडी  
66.  अजनबियों का प्रवेश जिला पंचायत की बैठक के दौरान अजनबियों के प्रवेश को अध्यक्ष द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार विनियमित किया जाएगा। NaN  अ जनबियों का प्रवेश  
67 अजनबियों की वापसी का आदेश देने की शक्त ि अध्यक्ष, जब भी उचित समझे, सदन से अजनबियों को वापस जाने का आदेश दे सकता है। वापसी का आदेश देने की शक्ति NaN
68.  अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के कतषव्य विनियमन के प्रावधानों के प्रति पूवाषग्रह के बिना और जब तक उचित कारण से रोका नहीं जाता है यह अध्यक्ष का कतषव्य होगा। क. (i)जिला पंचायत की सभी बैठकों को आयोजित करना और उनकी अध्यक्षता करना। (ii)बैठकों में कायष के लेन-देन का मागषदशषन करना और निदेश देना और बैठक का व्यवक्तस्थत संचालन सुनिश्चित करना। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष क े कतषव्य   NaN
220 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 44(cid:3) THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 221 (cid:3) 45(cid:3) 222 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

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ख. पंचायत के ररकॉडष तक पहुंच हो। ग. जिला पंचायत द्वारा बनाए गए प्रतिष्ठान का पयषवेक्षण और प्रबंधन करना। घ. पंचायत के वित्तीय और कायषकारी प्रशासन की निगरानी करें और उससे संबंधित सभी प्रश् पंचायत को प्रस्तुत करें जो जिसमें उसे इसके आदेशों की आवश्यकता प्रतीत होती है। ङ. पंचायत या उसकी किसी समिति के संकल्प या निणषय के कायाषन्वयन को सुरक्षित करने के लिए मुख्य कायषकारी अधिकारी पर प्रशासनिक पयषवेक्षण करना। च. इन नियमों या अलग-अलग नियमों के तहत या प्रशासक क े कायषकारी आदेशों द्वारा निदिषष्ट फॉमष और रजिस्टरों के रखरखाव की व्यवस्था करना और जिला पंचायत की ओर स े सभी पत्राचार के लिए जिम्मेदार होना। छ. कायष की विभिन्न मदों के निष्पादन की व्यवस्था करना और जिला पंचायत की संपत्ति के सार-संभाल और रखरखाव के लिए जिम्मेदार होना। ज. जिला पंचायत द्वारा लगाए गए करों दरों और शुल्कों के आकलन और संग्रह की व्यवस्था करना। झ. सिविल मुकदमा दायर करना और पंचायत की ओर से अभियोजन शुरू करना और ञ. ऐसे अन्य कतषव्यों का पालन करना जो विनियम और इन नियमों द्वारा या उसके अधीन अपेक्षित हैं या उस पर अधिरोपित किए गए हैं। NaN
 (2) उपाध्यक्ष निम्नलिक्तखत कायष करे गा- i अध्यक्ष की शक्तयिों का प्रयोग करे गा और उसके कतषव्यों का पालन करे गा जब वह अनुपक्तस्थत हो छु ट्टी पर हो या कामकाज स े अक्षम हो या जब अध्यक्ष का पद खाली हो जाए और ii अध्यक्ष की अनुपक्तस्थति में या जब अध्यक्ष का पद रर िहो जाता ह ै तो जिला पंचायत की बैठकों की अध्यक्षता करे गा   NaN
69  अध्यक्ष की विशेष शक्तयिां किसी आपात क्तस्थति में और निदेशक पंचायत को सूचित करते हुए अध्यक्ष जिला पंचायत की पूवष स्वीकृ ति प्राप्त किए बिना जिला पंचायत स े संबंधित किसी भी कायष को कर सकता है। बशते कि ऐसी कारष वाई जिला पंचायत की अगली बैठक में उसके समक्ष रखी जाएगी। अध्यक्ष की विशेष शक्तयिां   NaN
70.  ड्य ूटी से अनुपक्तस्थत रहने की सूचना  प ंद्रह दिनों से अधिक की अवधि के लिए किसी भी कारण से अपने कतषव्य स े अनुपक्तस्थत रहने का इरादा रखने वाले अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जिला कलेक्टर को ऐसे इरादे के बारे में लिक्तखत रूप में सूचित करें गे जिसमें जिस तारीख से वह अनुपक्तस्थत होना चाहता है और जिस तारीख को उसके अपना कतषव्य संभालने की संभावना है अंकित हो । ड्य ूटी से अनुपक्तस्थत रहने की स ूचना  
71.  शक्तयिों का प्रत्यायोजन  विनियम के उपबंधों के प्रति पूवाषग्रह के बिना अध्यक्ष अपनी कोई भी शक्त िउपाध्यक्ष या मुख्य कायषकारी अधिकारी को ऐसी शतों के अधीन प्रत्यायोजित कर सकता है जिन्हें वह लागू करना उचित समझे।   शक्तयिों का प्रत्यायोजन  
THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY 223(cid:3) 47(cid:3)

प्रशासक के नाम से आदेशानुसार सचिव (पंचायत)

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(cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3) (cid:3)

(cid:3)

(cid:3)48(cid:3) लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY (cid:3) 224 (cid:3) कायष नियम फॉमष 1(cid:3) (नियम 8 देखें)(cid:3)

ग्राम सभा की कायषवाही का स्वरूप

(cid:3)

1. दिनांक : (cid:3)

2. ग्राम सभा के सदस्यों की कु ल संख्या : (cid:3)

3. बैठक में उपक्तस्थत सदस्यों की कु ल संख्या : (cid:3)

4. संकल्प : (cid:3)

क. नहीं : (cid:3)

ख.प्रस्ताव किसके द्वारा प्रस्तुत किया गया : (cid:3)

ग. संकल्प का मूल पाठ : (cid:3)

5. बैठक में अन्य कायष यदि कोई किए गए हों : (cid:3)

(cid:3)

नोट: सरपंच या उप-सरपंच जैसा भी मामला हो और पंचायत (cid:3) सचिव कायषवाही के अंत में हस्ताक्षर करें गे। (cid:3)

(cid:3)

(cid:3)

(cid:3)

(cid:3)

(cid:3)

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(cid:3)

कायष नियम

फॉमष 2 (cid:3)

(नियम 18 और 64 देखें) (cid:3)225 THE LAKSHADWEEP GAZETTE EXTRAORDINARY

कायष नियम

कायष नियम

फॉमष 2 (cid:3)

फॉमष 2 (cid:3)

(नियम 18 और 64 देखें) (cid:3)

(नियम 18 और 64 देखें) (cid:3)

(cid:3)

49(cid:3)

लक्षद्वीप विशिष्ट राजपत्र

कायषवाही का स्वरूप

(cid:3)

1. दिनांक : (cid:3)

2. उपक्तस्थत सदस्यों के नाम और उनके हस्ताक्षर: (cid:3)

(cid:3)

(cid:3)

(cid:3)

3. संकल्प (क)नहीं :

(ख )प्रस्ताव किसके द्वारा प्रस्तुत किया गया :

(ग)संकल्प का मूल पाठ :

4. अन्य कायष , यदि कोई हो:

: (cid:3)

(cid:3) नोट: पंचायत सचिव और ग्राम पंचायत के सरपंच, या मुख्य कायषकारी अधिकारी और अध्यक्ष, जैसा भी मामला हो, कायषवाही के अंत में हस्ताक्षर करें गे। (cid:3)

LGP.Kvt.K-1371/9-23/50

LGP. Kvt. K-2909/03-2024/75

Cite this issue. Lakshadweep Gazette, Lakshadweep Administration, 19 March 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.lakshadweep.2024-03-19.2024031995-1/. Archive identifier in.gazette.lakshadweep.2024-03-19.2024031995-1.