पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र.- 108- भोपाल- 09-11 .
मध्यप्रदे श शासन
मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल, के पत्र क्रमांक 22/153 , दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत.
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 29 जनवरी 2010- माघ 9 , शक 1931
क्रमांक 5 ]
विषय-सूची
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश,
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं,
(3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4 ) राज्य शासन के संकल्प , ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक, (ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3 ) संसद् के अधिनियम,
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
2007 की अनुसूची- II में सम्मिलित अध्यक्ष, राजस्व मंडल के संवर्गीय पदं के समकक्ष घोषित करता है .
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 20 जनवरी 2010
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राकेश साहनी, मुख्य सचिव. भोपाल, दिनांक 15 जनवरी 2010 क्र. ई - 1-20-2010-5- एक. भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति से लौटने पर श्री अवनि वैश्य, भाप्रसे ( 1975 ) को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग पदस्थ किया जाता है.
क्र. एफ- 3-9-2009-1-4.- राज्य शासन द्वारा जारी की गई अधिसूचना समसंख्यक दिनांक 13 जनवरी 2010 में आंशिक संशोधन करते हुए, एतद्वारा जिन जिलों में चुनाव प्रक्रिया के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरणों में आपस में प्रशासनिक कारणों से चुनाव तिथि में परिवर्तन /संशोधन हुआ है, उन संबंधितं क्षेत्रों में पंचायत मतदान की तिथि को सामान्य अवकाश तथा पराक्राम्य लिखत अधिनियम (निगोशिएबल इन्स्ट्रमेंट्स एक्ट ) 1881 ( 1881 का क्रमांक 26 ) की धारा 25 के अंतर्गत सार्वजनिक अवकाश घोषित रहेगा.
2. उपरोक्तानुसार श्री वैश्य द्वारा अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भाप्रसे (वेतन ) नियमावली , 2007 के नियम 9 के अन्तर्गत अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में नियमावली,
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. डी. साहू, अपर सचिव.
141
नियंत्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2010.
142
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनवरी 2010
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 18 दिसम्बर 2009
क्र. एफ- 5-25-97- उन्तीस -2. राज्य शासन , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-4-8-86-उन्तीस-2, दिनांक 13 नवम्बर 2001 , 8 फरवरी 2002 , 9 अप्रैल 2002 , 18 नवम्बर 2002 एवं अधिसूचना दिनांक 24 मार्च 2003 से अधिक्रमित करते हुए, केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 ( 1986 का. सं. 68) की धारा 7 की उपधारा ( 1 ) के प्रावधानों के अन्तर्गत उपभोक्ता संरक्षण परिषद् मध्यप्रदेश का पुनर्गठन निम्नानुसार किया जाता है:-
क्र.
नाम
पद (1)
(2)
(3)
अध्यक्ष 1 माननीय राज्यमंत्री , खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (स्वतंत्र प्रभार ) , मध्यप्रदेश.
सदस्य 2 प्रमुख सचिव , खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, भोपाल.
सदस्य 3 प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भण्डार निगम, भोपाल
सदस्य 4 प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम, भोपाल.
सदस्य 5 नियंत्रक, नाप- तौल, भोपाल
सदस्य 6 संचालक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, भोपाल.
सदस्य 7 आयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, भोपाल
8. वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम, भोपाल सदस्य
सदस्य 9 स्टेट लेबिल कोआडिनेटर, भारतीय तेल निगम, भोपाल.
सदस्य 10 रजिस्ट्रार, मध्यप्रदेश , राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, भोपाल.
सदस्य 11 श्री सुदीप श्रीवास्तव , लक्ष्मी भवन, फाटक भीतर ईश्वरगंज, पन्ना मो. 9425168425 .
सदस्य 12 श्री हरीश मेवाफरोश महाडिक की गौठ, जैन पैट्रोल पम्प के सामने लश्कर, ग्वालियर.
सदस्य 13. श्री मोहन गिरी, 23/2 , नार्थ हरसिद्धी, इन्दौर मो. 9425076286 .
सदस्य 14 श्री रीतेश सालुके , 77/2 , वियावानी , धार रोड इन्दौर, मो . 9617502528 .
सदस्य 15 श्री प्रकाश डिकोष्टा , 514 , कल्पना नगर, भोपाल मो. 9425007859.
सदस्य 16 श्री सतीश तिवारी , बी-78, काटेज कपिलधारा रोड अमरकंटक, जिला अनूपपुर, मो. 9425182079.
[ भाग 1 (1)
(2)
(3)
सदस्य 17 श्री जयकांत अग्रवाल , पुरानी गल्ला मण्डी, जगवाली भवन के सामने रीवा , मो . 9407041577 .
सदस्य 18 श्री महेन्द्र गदिया , 119 , सीनियर एम.आई.जी.. व्यास नगर, ऋषि नगर , एक्सटेंशन , उज्जैन, मो. 9425093595.
19 श्री मुकेश माहेश्वरी , 14 मेघदूत परिसर मेट्रो सिनेमा उज्जैन , 9425093658 . सदस्य
सदस्य 20 श्रीमती संगीता तल्लेरा , 2 शिवाजी नगर पार्क कालोनी, उज्जैन , मो. 9425091496 .
सदस्य 21 श्री शरद कसरेकर, एम.एफ. 1 ( 48 एल.आई.जी. क्वाटर ) हाउसिंग बोर्ड कालोनी , नेहरू नगर, भोपाल, मो. 9425009398 .
22 श्री संतोष गोड़बोले, 2305 राईट टाउन, जबलपुर सदस्य मो. 9424708241 .
23 श्री मनोहर शर्मा , 26 , अमरसिंह मार्ग फागुनिया सदस्य हाल के सामने फ्रीगंज, उज्जैन मो. 94254016957.
सदस्य 24 श्री राहुल दोंदे, शुभंकर आपार्टमेंट राइट टाउन स्टेडियम के सामने , जबलपुर, मो. 9827729080 .
सदस्य 25 श्री हरीश बारी , बी 102 , जे. के. पार्क, सर्वधर्म सी सेक्टर , कोलार रोड, भोपाल , मो. 9424455642
सदस्य 26 श्री रमेश गुप्ता , नवीन ट्रेडिंग कम्पनी , दूरभाष आफिस के सामने , महाराष्ट्र विद्यालय रोड, राईट टाडन , जबलपुर, मो . 9300101787.
सदस्य 27 श्री श्याम सुन्दर पलोड डी. 1771 , सुदामा नगर, इन्दौर, मो. 9893307800.
सदस्य 28 श्री अलंकार वरिष्ठ , पेंशनर मोहल्ला, गुना, मो. 9425134640 .
सदस्य 29 श्री अशोक कुमार अग्रवाल, श्री सदन , लक्ष्मी विहार, लोको तानसेन रोड, ग्वालियर, मो. 9425117415 .
सदस्य 30 श्री मोहन गौरे , 4 विदयापति नगर, उज्जैन, मो. 07342533657 .
सदस्य 31 श्री राजेन्द्र नेगी , 81 मंदाकिनी कालोनी , कोलार रोड, भोपाल, मो . 9425673240.
2. उक्त उपभोक्ता संरक्षण परिषद् मध्यप्रदेश का कार्यकाल अधिसूचना जारी होने की तिथि से तीन वर्ष रहेगा.
भोपाल, दिनांक 26 दिसम्बर 2009
क्र. एफ- 11-5-2006- उन्तीस-2 मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन मेमोरेण्डम एण्ड आर्टिकल्स आफ एसोशियन के भाग 1 ]
143
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनवरी 2010
आर्टिकल -81 ( ए ) सी ( डी ) के अन्तर्गत राज्य शासन , मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड के संचालक मण्डल में संचालक के पद पर श्री विश्वमोहन उपाध्याय , आयुक्त सह- पंजीयक सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश के स्थान पर श्री अरूण कुमार भट्ट, आयुक्त- सह- पंजीयक सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश , भोपाल एवं श्रीमती विजय लक्ष्मी बारस्कर, उपसचिव , वित्त के स्थान पर श्री प्रदीप कुमार उपाध्याय, उपसचिव, वित्त को मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड के संचालक मण्डल में संचालक मनोनीत करता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. के. जैन , अपर सचिव .
गृह ( सामान्य) विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल (विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ )
भोपाल , दिनांक 15 जनवरी 2010
क्र. एफ- 3-57-2009 - दो ए( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये आयोजित विभागीय परीक्षा , जो दिनांक 15 सितम्बर 2009 को प्रश्न- पत्र लेखा तथा कार्यालयीन प्रक्रिया प्रथम ( पुस्तिकों सहित ) में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्नलिखित परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-
पदनाम परीक्षार्थी का नाम
अनु.
(3) (2)
(1)
उच्चस्तर इन्दौर संभाग
जिला पंजीयक 1. श्री बालकृष्ण मौरे
क्र. एफ- 3-59-2009- दो ए( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये नियत विभागीय परीक्षा जो दिनांक 15 सितम्बर 2009 को प्रश्न - पत्र विद्युत् संस्थापनाएं ( बिना पुस्तकों के) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्नलिखित परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-
पदनाम परीक्षार्थी का नाम
अनु.
(3) (2)
(1)
ग्वालियर संभाग
उपयंत्री 1. श्री रविन्द्र कुमार मोदी
क्र. एफ - 3-98-2009 - दो ए( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा गृह (पुलिस ) विभाग के अधिकारियों के लिये नियत विभागीय परीक्षा जो दिनांक 16 सितम्बर 2009 को प्रश्न- पत्र पुलिस शाखा (बिना पुस्तकों के ) में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्नलिखित परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है: --
परीक्षार्थी का नाम
पदनाम (3) (2)
अनु. (1)
जबलपुर संभाग
उप पुलिस अधीक्षक 1 . श्री सुजीत सिंह बरकड़े
भोपाल संभाग
2. श्री चन्द्रशेखर सोलंकी
अति. पुलिस अधीक्षक 3. श्रीमती रूचि वर्धन मिश्र
अति. पुलिस अधीक्षक क्र. एफ - 3-107-2009 - दो ए( 3 ) . राज्य शासन द्वारा खनिज साधन विभाग के अधिकारियों के लिये नियत विभागीय परीक्षा, जो दिनांक 17 सितम्बर 2009 को प्रश्न- पत्र लेखा ( पुस्तिकों सहित ) में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्नलिखित परीक्षार्थी को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-
परीक्षार्थी का नाम
अनु.
पदनाम (3) (2)
(1)
उच्चस्तर ग्वालियर संभाग
सहायक भौमिकी 1. श्री प्रदीप कुमार भूरिया
2:
सहायक भौमिकी श्री सावन सिंह चौहान
क्र. एफ - 3-115-2009-दो ए( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये नियत विभागीय परीक्षा जो दिनांक 14 सितम्बर 2009 को प्रश्न- पत्र विद्युत् संबंधी विधियां (बिना पुस्तकों के ) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्नलिखित 'परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-
पदनाम परीक्षार्थी का नाम
(3) (2)
अनु. (1)
ग्वालियर संभाग
उपयंत्री 1. श्री रविन्द्र कुमार मोदी
क्र. एफ - 3-116-2009- दो ए( 3 ) .- राज्य शासन द्वारा ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये नियत विभागीय परीक्षा जो दिनांक 15 सितम्बर 2009 को प्रश्न- पत्र लेखा व स्थापना ( बिना पुस्तकों के) विषय में सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्नलिखित परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-
पदनाम परीक्षार्थी का नाम
(3) (2)
अनु. (1)
ग्वालियर संभाग
1.
उपयंत्री श्री रविन्द्र कुमार मोदी
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , मधु खरे, उपसचिव.
144
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनवरी 2010
[भाग 1
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक 12 जनवरी 2010
फा. क्र. 17 ( ई ) 83-03- इक्कीस- ब ( एक). विद्युत् अधिनियम , 2003 ( 2003 का संख्यांक 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक फा. क्रमांक 17( ई ) 83-03 - इक्कीस ब ( एक) , दिनांक 6 अक्टूबर 2009 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग - एक, दिनांक 16 अक्टूबर 2009 में प्रकाशित हुई थी , निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्ः-
संशोधन उक्त अधिसूचना में, अनुसूची में , अनुक्रमांक 16, 20, 34 , 37, 48 , 57, 60 और 82 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-
अनुसूची
विशेष न्यायालय का नाम सिविल जिले
अनुक्रमांक
का नाम
(1)
(2)
(3)
" 16 भोपाल
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक 2 20 छिन्दवाड़ा प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , छिन्दवाड़ा 34
गुना
द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , गुना 37
ग्वालियर
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , विशेष न्यायालय ,. क्रमांक 4.
48
जबलपुर
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , विशेष न्यायायय क्रमांक 9 .
57
मुरैना
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, अम्बाह 60 नरसिंहपुर प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, नरसिंहपुर सीहोर
82 तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) सीहोर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, नसरूल्लागंज ...
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश का नाम
(4)
श्री महेश भदकारिया, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक 2.
श्री पंकज गौर, प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश छिन्दवाड़ा.
श्री राजाराम भारतीय , द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश गुना.
श्री दीपक कुमार त्रिपाठी, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश विशेष न्यायालय क्रमांक 4.
श्री आलोक अवस्थी, अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , विशेष न्यायालय क्रमांक 9 .
श्री भरत सिंह जामरा , अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, अम्बाह .
श्री दीपक कुमार गुप्ता , प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , नरसिंहपुर.
श्रीविजय मालवीय , तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , (फास्ट ट्रेक कोर्ट ) सीहोर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , नसरूल्लागंज " .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनवरी 2010
145 F. No. 17 (E) 83-03 -XXI- B ( One ) .--In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 153 of the Electricity Act, 2003 ( No. 36 of 2003 ), the State Government with the concurence of the High Court of Madhya Pradesh hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 17 (E ) -83-03 - XXI- B ( 1 ) , dated 6thOctober 2009 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette Part - I , dated 16th October 2009 , namely :--
AMENDMENTS
In the said Notification , in the Schedule , for the serial numbers 16 , 20, 34 , 37, 48 , 57, 60 & 82 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely:-
SCHEDULE
S. No.
Name of the Special Court
Name of CivilDistrict
(1)
(2)
(3)
Name of the Judge of the Special Court (4)
"16 Bhopal
Additional Session's Judge , Special Court No. 2 .
Shri Mahesh Bhadkaria , Additional Sessions Judge , Special Court No. 2 .
20
Chhindwara IstAdditional Sessions's Judges , Chhindwara Shri Pankaj Gaur , Ist Additional Sessions's Judges , Chhindwara
34
Guna
IInd Additional Sessions Judge , Guna
Shri Rajaram Bhartiya , Ind Additional Sessions Judge , Guna .
37
Gwalior
Additional Sessions Judge , Special Court No. 4 .
Shri Deepak Kumar Thripathi , Additional Sessions Judge , Special Court No. 4.
48 Jabalpur
Additional Sessions Judge , Special Court No. 9 .
Shri Alok Awasthi , Additional Sessions Judge , Special Court No. 9.
57
Morena
Additional Sessions's Judge , Ambah
Shri Bharat Singh Jamra , Additional Sessions's Judge, Ambah.
60 Narsinghpur Ist Additinal Sessions's Judge , Narsinghpur Shri Deepak Kumar Gupta , Ist Additinal Sessions'sJudge , Narsinghpur.
82
Sehore
Additional Judge . Nasrullaganj to the Court of IIIrd Additional Sessions Judge (FastTrack Court) , Sehore .
Shri Vijay Malviya , Additional Judge , Nasrullaganj to the Court of IIIrd Additional Sessions Judge (Fast Track Court ) , Sehore . " .
फा. क्र. 17 (ई ) 83-03- इक्कीस- ब ( एक ) -विद्युत् अधिनियम , 2003 ( 2003 का संख्यांक 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , मध्यप्रदेश, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति की सहमति से , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक फा. क्रमांक 17 (ई ) 83-03- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 6 अक्टूबर 2009 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र, भाग - एक, दिनांक 16 अक्टूबर 2009 में प्रकाशित हुई थी , निम्नलिखित और संशोधन करती है , अर्थात्ः-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में , अनुसूची में, अनुक्रमांक 20, 57 , 60 और 82 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्:-
अनुसूची
विशेष न्यायालय का नाम
अनुक्रमांक जिले. का नाम
(1)
(2)
(3)
विशेष न्यायालय की क्षेत्रीय अधिकारिता (विद्युत् क्षेत्र के अनुसार) (4)
"20 छिन्दवाड़ा प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, छिन्दवाड़ा सिविल जिला छिन्दवाड़ा का विद्युत् क्षेत्र 57 मुरैना
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , अम्बाह
अम्बाह का विद्युत् क्षेत्र 146
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनवरी 2010
[ भाग 1 (1)
(2)
(3)
(4)
60 नरसिंहपुर प्रथम अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , नरसिंहपुर सिविल जिला नरसिंहपुर का समस्त विद्युत् क्षेत्र (अनुक्रमांक 61 की विशेष न्यायालय की अधिकारिता को छोड़कर) .
82 सीहोर
नसरूल्लागंज तथा बुधनी का विद्युत् क्षेत्र. ".
तृतीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ( फास्ट ट्रेक कोर्ट ) सीहोर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, नसरूल्लागंज.
F. No. 17 (E) 83-03 - XXI - B( One ) . In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 153 of the Electricity Act , 2003 (No. 36 of 2003 ) , the State Government hereby makes the following amendments in this Department's Notification F. No. 17 ( E) -83-03 - XXI - B ( 1 ) , dated 6th October 2009 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette Part - I , dated 16th October 2009 , namely: -
AMENDMENTS
In the said Notification , in the Schedule , for the serial numbers 20 , 57, 60 & 82 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely:-
SCHEDULE
Name of the Special Court
S. No. Name of the District
(2)
(1)
(3)
Territorial Jurisdiction of Special Court (According to Electricity Area) (4)
"20 Chhindwara
Ist Additional Sessions's Judge, Chhindwara Electricity area of Civil District Chhindwara.
57. Morena
Additional Sessions's Judges , Ambah
Electricity area of Ambah 60 Narsinghpur Ist Additional Sessions's Judge, Narsinghpur All Electricity are of Civil District Narsinghpur (excluding the Jurisdiction of Special Court at serial number 61 ) .
82 Sehore
Electricty area of Nasrullaganj and Budni . " .
Additional Judge , Nasrullaganj to the Court of IIIrd Additional Sessions Judge ( Fast Track Court) Sehore .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एन. के. गुप्ता , प्रमुख सचिव.
संस्कृति विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 18 जनवरी 2010
क्र. एफ- 11-4-2009- तीस. राज्य शासन की यह राय है कि नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक पुरातत्ववीय स्थल तथा अवशेष को विनिष्ट किये जाने, क्षतिग्रस्त किये जाने, परिवर्तित किये जाने , विकृत किये जाने, विरूपित किये जाने , हटाये जाने, तितर- बितर किये जाने या उसका अपक्षय होने से संरक्षित करना आवश्यक है .
अतएव, मध्यप्रदेश शासन प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीयता स्थल तथा अवशेष अधिनियम , 1964 ( क्रमांक 12, सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के अपने आशय की सूचना देता है .
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जनवरी 2010
147 किसी भी ऐसी आपत्ति पर जो इस संबंध में उक्त प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्व स्थल और अवशेष में हित रखने वाले किसी व्यक्ति से इस सूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित होने के दिनांक से 2 माह की कालावधि समाप्त होने के पूर्व प्राप्त हो, राज्य शासन द्वारा विचार किया जायेगा.
राज्य जिला तहसील स्थानीय क्षेत्र स्मारक का नाम
क्षेत्र सीमांक स्वामित्व
राज्यस्वीय क्षेत्र
जो संरक्षण में
सम्मिलित होना है
धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं (1) (2) (3) (4)
(5)
(7)
(6)
(8)
(9) पिछौर
मध्यप्रदेश शिवपुरी
हाँ
मध्ययुगीन
कुण्डलपुर,
खसरा नं.
पटवारी हल्का
दो बुर्ज एवं
ग्राम मऊकुण्डरछा
प्राचीन मंदिर नंबर 244
0.010
शासकीय
245
0.050
शासकीय
मण्डप , कुण्ड
246
0.270
व स्थल पर
निजी
0.020
पड़ीप्राचीन 247
निजी
248
0.120
शासकीय
मूर्तियां.
0.010
249
शासकीय
250
0.010
शासकीय
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
वीना वर्मा , उपसचिव.
आवास एवं पर्यावरण विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 19 जनवरी 2010
क्र. एफ- 3-67-2009- बत्तीस.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 ( क्रमांक 23, सन् 1973 ) की धारा 23 " क " की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3-67-2009- बत्तीस , दिनांक 5 अक्टूबर 2009 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रकाशित भोपाल विकास योजना, 2005 में निम्नलिखित उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे एवं शर्तें निम्नानुसार हैं:-
उपांतरण विवरण
क्र.
ग्राम
खसरा क्रमांक
उपांतरण पश्चात् उपांतरित
भू-उपयोग (1) (2)
(3)
विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग (5)
क्षेत्रफल (एकड़ में ) (4)
(6).
1
आमोद- प्रमोद के अन्तर्गत
8, 11 , 12, 13 , 14, 50.70 एकड़
ग्राम खुदागंज (भदभदा)
वनस्पती उद्यान.
15 , 16, 17 , 18 , 19,
22, 23 एवं 33
आमोद- प्रमोद के अन्तर्गत लेक फ्रंट. ( कण्डिका क्रमांक 2 में उल्लिखित शर्तों के अनुरूप ) .
योग ... 50.70 एकड़
2. उपरोक्त उपांतरण निम्न शर्तों के अन्तर्गत मान्य किया जाता है:-
1. प्रश्नाधीन भूमि का कुछ भाग कालियासोत तालाब के एफ.टी.एल. से प्रभावित है. भोपाल विकास योजना, 2005 के प्रावधानों के अनुसार कालियासोत तालाब के एफ.टी.एल. से 33 मीटर तक की दूरी वृक्षारोपण हेतु सुरक्षित रखी जानी है . एफ.टी.एल. एवं इससे 33 मीटर तक की दूरी का क्षेत्र स्पष्ट रूप से अंकित किया जाये एवं इसको छोड़कर शेष भूमि का ही उपयोग उपांतरण मान्य होगा.
2. प्रश्नाधीन भूमि ढलावयुक्त भूमि है एवं इसकी ढलान कालियासोत तालाब की ओर है. अतः वे सभी चैनल जो कि पानी की 'निकासी सुनिश्चित करते हैं, से नियमानुसार न्यूनतम दूरी तक कोई निर्माण कार्य न किया जाये.
3. प्रश्नाधीन स्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थल पर विद्यमान किसी भी वृक्षों को काटा न जावे.
4. स्थल पर प्रस्तावित निर्माण से होने वाली जल- मल निकासी के समुचित उपचार/प्रबंधन की व्यवस्था आवश्यक रूप से की जावे एवं किसी भी स्थिति में इसका निकास तालाब में न होने दिया जावे .
3. उपरोक्त उपांतरण भोपाल विकास योजना , 2005 का एकीकृत भाग होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
वर्षा नावलेकर, उपसचिव.
148
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जनवरी 2010
[भाग 1
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय , कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश
शाजापुर, दिनांक 11 जनवरी 2010
क्र. सा- 2-01-08 - मण्डी दस- 29.- एतद्वारा सूचित किया जाता है कि जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्या. , शाजापुर की ओर से पत्र क्रमांक स्था. 08-09-310, दिनांक 11 अगस्त 2008 के द्वारा बैंक के निम्न संचालक सदस्यों को निम्नानुसार कृषि उपज मण्डी समिति हेतु प्रतिनिधि नामांकित किया गया है: -
अ. नं.
पूरा पता
कृषि उपज मण्डीसमिति
मण्डीअधिनियम
की धारा
(2)
व्यक्तिका नाम एवं पद (3)
(1)
(4)
(5)
1 शाजापुर
11(5)
बलाजखाना चौक बाजार, शाजापुर श्री शंकरलाल गुप्ता, अध्यक्ष
बेरछा
2
श्रीमती शांताबाई पति श्री हीरालाल , संचालक.
निपान्या धाकड, पो. निपा . धाकड, तहसील व जिला शाजापुर .
"
3 अकोदिया श्री विजेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष
कोहडिया पोस्ट अकोदिया मण्डी, तहसील शुजालपुर, जिला शाजापुर.
"
"
4
श्री विजेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष
शुजालपुर
"
5 कालापीपल श्री उदयसिंह, संचालक
पोचानेर, पोस्ट पोचानेर, तहसील कालापीपल, जिला शाजापुर.
"
6
श्री रोडिया, संचालक
सुसनेर
परसुल्याकलां, पोस्ट गैलान, तहसील सुसनेर , जिला शाजापुर.
"
7 बडौद
श्री मोहन, संचालक
ककडेल, पोस्ट बडौद, तहसील बडौद, जिला शाजापुर.
_"_
नलखेडा
8
श्री महेन्द्रसिंह, संचालक
किलोना, पोस्ट व तहसील नलखेडा, जिला शाजापुर
"
9 मो. बडो. श्री शिवनारायण , संचालक
सिरसोदिया , पोस्ट निपान्याकरजू, तहसील भोमन बडोदिया, जिला शाजापुर.
10 मक्सी
श्री कैलाशनारायण, संचालक
डोकरगांव, पोस्ट दुपाडा, तहसील मो . बडो . जिला शाजापुर.
अतएव उपरोक्तानुसार सदस्यों का नाम निर्देशन किया जाता है .
धर्मेन्द्र सिंह , अपर कलेक्टर.
149 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनवरी 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बुरहानपुर, मध्यप्रदेश
बुरहानपुर, दिनांक 13 जनवरी 2010
क्र. क- व.लि. - 2009-296.- सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग-2 के अनुक्रमांक 04 के पैरा 5 तथा मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, भोपाल के परिपत्र क्रमांक एम-3-23-1999-एक-4 , दिनांक 30 मार्च 1999 में विहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, जिला बुरहानपुर हेतु वर्ष 2010 में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किये जाते हैं: -
क्रमांक (1)
दिनांक (2)
दिन (3)
त्यौहार (4)
1
08-9-2010
पोला
बुधवार
(संपूर्ण जिला)
2
23-9-2010
गुरुवार
(संपूर्ण जिला)
अनन्त चतुदर्शी का दूसरा दिन
3
04-11-2010
रूप चौदस
(संपूर्णजिला)
गुरुवार
यह अवकाश बैंक एवं कोषालय पर लागू नहीं होंगे .
करलिन खोंग्वार देशमुख , कलेक्टर.
कार्यालय , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देवास , मध्यप्रदेश देवास , दिनांक 19 जनवरी 2010
क्र. 22-दो- 12-101-08.- मैं , सीं. व्ही. सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अनुशासनिक अधिकारी , देवास के द्वारा श्री मुकेश दरबार, सहायक ग्रेड -3 , सहायक अभिलेखापाल , जिला न्यायालय, देवास तथा तत्कालीन नायब नाजिर तहसील न्यायालय , बागली पर लगाये गये आरोपों पर विचार किया गया.
अपचारी कर्मचारी श्री मुकेश दरबार, सहायक ग्रेड-3 पर निम्नानुसार आरोप संस्थित किये गये थे:-
(1) यह कि दिनांक 27-6-08 को तत्कालीन न्यायालय अधीक्षक द्वारा न्यायालय बागली के मुद्देमाल अनुभाग का निरीक्षण करने पर पाया गया कि श्री मुकेश दरबार, तत्कालीन नायब नाजिर द्वारा जुआ एक्ट के अन्तर्गत विभिन्न प्रकरणों में प्राप्त 33 मुद्देमाल की राशि रुपये 13,248/ - का उपयोग अपने व्यक्तिगत कार्य में कर शासकीय धन का आपराधिक दुर्विनियोग किया गया है.
(2) यह कि दिनांक 21 , 22 , 23, 25 एवं 26 जुलाई 2008 को बागली न्यायालय के नजारत अनुभाग का लेखा जांच करने पर पाया गया कि दिनांक 29-11-07 से 27-5-08 तक श्री मुकेश दरबार के द्वारा नायब नाजिर, बागली के पद पर पदस्थ रहते हुए दिनांक 29-3-08 को सी. सी. डी. क्रमांक 20 में जमा राशि रुपये 28,000/- को आर. एल. नंबर 28 से दिनांक 29-3-09 को कोषालय में जमा करना केश बुक में बताकर उसे वास्तव में जमा न करते हुए निजी उपयोग में उक्त राशि लेकर शासकीय धन का दुर्विनियोग किया गया. इसके अतिरिक्त नायब नाजिर के पद का कर्तव्य निर्वहन करने में अत्यधिक अनियमितता तथा लापरवाही बरती गई, जो कि शासकीय कार्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता, अनुशासनहीनता और कदाचरण की कोटि में होकर मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 (1 ) (2 ) ( 3 ) का उल्लंघन किया तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम, 1966 के नियम 10 के तहत दण्डनीय अपराध किया.
प्रथम आरोप के संबंध में श्री डी. एन. मिश्र , द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , देवास से विभागीय जांच करवाई गई थी. श्री मिश्र के द्वारा जांच प्रकरण क्रमांक II - 12-79/08 में पारित आदेश दिनांक 8-12-08 के अनुसार प्रथम आरोप प्रमाणित पाया गया था.
द्वितीय आरोप के संबंध में श्री पी . के. व्यास , प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , देवास से विभागीय जांच करवाई गई थी. श्री व्यास के द्वारा जांच प्रकरण क्रमांक II - 12-87/08 में पारित आदेश दिनांक 22-5-09 के द्वारा अपचारी कर्मचारी श्री मुकेश दरबार की स्वैच्छिक स्वीकारोक्ति के आधार पर द्वितीय आरोप प्रमाणित पाया गया था.
विभागीय जांचों की कार्यवाही के उपरान्त आरोपों के संबंध में कार्यालय के सूचना पत्र क्रमांक 3670/लेखा/ 09 के द्वारा अपचारी कर्मचारी श्री मुकेश दरबार को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया था. व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान अपचारी कर्मचारी के द्वारा मेरे समक्ष स्वेच्छापूर्वक त्रुटि स्वीकार की गई, परन्तु यह निवेदन किया गया कि उसकी लगभग 10 वर्ष की सेवा हो चुकी है. इसके अतिरिक्त यह भी निवेदन किया गया कि उसके बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दंडादेश पर नर्म रूख अपनाते हुए विचार किया जाए.
150
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनवरी 2010
[भाग 1 दोनों विभागीय जांचों के प्रतिवेदन एवं व्यक्तिगत श्रवण के दौरान अपचारी कर्मचारी के द्वारा दिए गए उत्तर पर विचार करने के उपरान्त मैं, इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूँ कि इस प्रकरण में की गई दोनों विभागीय जांचों के प्रतिवेदन से यह स्थापित है कि अपचारी कर्मचारी श्री मुकेश दरबार के द्वारा दिनांक 29-11-07 से 27-5-08 के मध्य नजारत अनुभाग , बागली, जिला देवास में पदस्थ रहते हुए 33 दांडिक प्रकरणों के मुद्देमाल की शासकीय राशि 13,239/ - रुपये तथा सी.सी.डी. क्रमांक 20 पर दिनांक 29-3-08 को जमा शासकीय राशि 28,000/- रुपये को स्वयं के उपयोग में लेकर शासकीय धन का आपराधिक दुर्विनियोग किया गया.
अपचारी कर्मचारी का उपरोक्त कदाचरण गंभीर आपराधिक प्रकृति का है, जिसके आधार पर मैं, सी. व्ही . सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अनुशासनिक अधिकारी , देवास, अपचारी कर्मचारी श्री मुकेश दरबार, सहायक अभिलेखापाल, जिला न्यायालय , देवास तथा तत्कालीन नायब नाजिर , तहसील न्यायालय , बागली को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 ( 1 ) ( 2 ) ( 3 ) के उल्लंघन का दोषी पाते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम, 1966 के नियम 10 ( 9 ) के अधीन उस पर सेवा से पदच्युत किये जाने का दण्ड आरोपित करता हूँ. यह दंड शासन के अधीन भावी नियोजन के लिए अनर्हता होगी.
अपचारी कर्मचारी सहायक ग्रेड-3 के पद पर स्थायी है , इस कारण अपचारी कर्मचारी को तीन माह का अग्रिम वेतन का भुगतान किया जाए.
उक्त आदेश की तामिली जिस दिनांक को अपचारी कर्मचारी पर होंगी . उसी दिनांक से उसे सेवा से पदच्युत माना जाएगा.
सी. व्ही. सिरपुरकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश.
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
खण्डवा , दिनांक 20 जनवरी 2010
क्र. भू-अर्जन-प्र.क्र. 1-अ- 82-2009-10.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार, इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में. उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन (1)
(2) (3)
लगभग क्षेत्रफल (हे . में) (4)
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
(6) खण्डवा
खण्डवा मोरटक्का
महेश्वर जल विद्युत् (म.प्र.)
0.010 आबादी
परियोजना के डूब क्षेत्र
महाप्रबंधक श्री महेश्वर हायडल पावर कार्पोरेशन लिमिटेड, मण्डलेश्वर.
0.343 शासकीय 0.480 निजी भूमि
में आने के कारण, योग : 0.833
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर, कार्यालय ( भू-अर्जन शाखा ) खण्डवा ( 2 ) भू-अर्जन अधिकारी , महेश्वर जल विद्युत् परियोजना मण्डलेश्वर, मुख्यालय खरगोन, ( 3 ) कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) दो, महेश्वर जल विद्युत् परियोजना/ म.प्र.पा.जं.कं. लिमि. , मण्डलेश्वर, ( 4 ) महाप्रबंधक, श्री महेश्वर हायडल पावर कार्पोरेशन लिमिटेड मण्डलेश्वर के कार्यालय में अवलोकन कार्यालय में कार्यालयीन दिवस में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , एस. बी. सिंह, कलेक्टर एवं पदेन सचिव.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनवरी 2010
151
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नरसिंहपुर , दिनांक 11 जनवरी 2010
क्र. 11 - अ-82-वर्ष 2008-09- पत्र क्र. 50- भू-अर्जन- 09.--चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर (ख ) तहसील-गाडरवारा
(ग ) ग्राम -पिपरियाकला
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 0.043 हेक्टर.
खसरा क्र.
अर्जित रकबा (हे. में)
(1)
(2)
. 71/1
0.043
योग
0.043
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- बनवारी से पिपरियाकला सड़क निर्माण.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष कार्यालय में किया जा सकता है.
नरसिंहपुर , दिनांक 12 जनवरी 2010
रा. मा. क्र . 3 - अ- 82- वर्ष- 2009-2010-पत्र क्र . 19- भू-अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख) तहसील-गोटेगांव
(ग) ग्राम-डोभ
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 1.280 हेक्टर.
खसरा क्र.
अर्जित रकबा (हे. में)
(1)
(2)
0.100
40/1,2,3,4
(1)
(2)
0.800
33/1,3,2,4
29
0.200
0.080
24, 25
26
0.100
1.280
योग .
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- अपर डोभ जलाशय के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , जिलाध्यक्ष , भू- अर्जन कार्यालय में किया जा सकता है.
रा.मा.क्र. 4 - अ-82- वर्ष 2009-10- पत्र क्र. 19- भू-अर्जन- 2010.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील-गोटेगांव
(ग) ग्राम- सुकरी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.140 हेक्टर .
खसरा क्र.
अर्जित रकबा (हे. में)
(1)
(2)
6
0.500
7/1
0.350
7/2
0.400
0.400
165/4,5
165/3
0.400,
165/2
0.050
0.040
8/1,2
योग 2.140
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है-अपर डोभ जलाशय के निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, जिलाध्यक्ष , भू- अर्जन कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विवेक पोरवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
152
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनवरी 2010
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रतलाम , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग रतलाम , दिनांक 13 जनवरी 2010
क्र. 182- भू-अर्जन- 2010-प्र. क्र. 8-अ- 82-2007-08.--चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894) की धारा 6 के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उल्लेखित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रतलाम
(ख ) तहसील-जावरा
(ग) नगर/ग्राम-ढोढर
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.04 हेक्टर.
सर्वे नं.
रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
37/2
0.01
41
0.01
95
0.02
0.04
योग .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन है-लेबड- जावरा- नयागांव फोरलेन सड़क परियोजना के निर्माण .
(3) भूमि का नक्शा, ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड, जावरा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र ज्ञानी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीहोर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सीहोर , दिनांक 13 जनवरी 2010
प्र. क्र. 2 - अ- 82-09-10. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है, अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता हैहै कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-.
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सीहोर
(ख) तहसील-सीहोर
(ग) नगर/ग्राम-रायपुर
[ भाग 1 (घ) लगभग क्षेत्रफल- 2.529 हेक्टेयर.
रकबा (हेक्टेयर में)
खसरा नम्बर में से (1)
(2)
2/1/2 ख
0.291
2/1/2 ग
0.388
2/1/4
0.397
2/1/3
0.227
2/1/5
0.429.
2/4
0.162
21
0.073
156/21/1
0.235
162/21
0.093
18/2
0.040
156/21/3
0.194
2.529
योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- रायपुर तालाब निर्माण हेतु भू-अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, भू-अर्जन अधिकारी , सीहोर में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संदीप यादव , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला भोपाल , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग भोपाल , दिनांक 22 जनवरी 2009-2010 क्र. 02- अ-82-2009-10.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक, सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- भोपाल
(ख) तहसील- हुजूर
(ग) नगर/ग्राम-सेवनियां गोंड
( घ ) कुल रकबा 0.30 एकड़
ख.क्र.
रकबा (एकड़ में )
(1)
106/2/1
योग .
(2) 0.30 0.30
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके के लिए आवश्यकता है.- पर्यटन स्थल के निर्माण हेतु मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम को.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिव शेखर शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनबरी 2010
153 उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर
जबलपुर, दिनांक 13 जनवरी 2010
क्र. B - 147- दो-2-49-2009.- श्री जगदीश बाहेती , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , खण्डवा को दिनांक 23 नवम्बर 2009 से 11 दिसम्बर 2009 तक, उन्नीस दिन के पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 12 दिसम्बर 2009 का एक दिन अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 13 दिसम्बर 2009 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री जगदीश बाहेती , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खण्डवा को खण्डवा पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा, जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. डी- 241- एक-7-3-2010 .- उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर की रजिस्ट्री अधिसूचना क्रमांक बी-6749-एक-7-3- 2009 ( भाग एक ) , जबलपुर दिनांक 26 नवम्बर 2009 में आंशिक संशोधन करते हुए गुरूवार दिनांक 14 जनवरी 2010 को मकर संक्रांति के उपलक्ष में केवल उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश मुख्यपीठ जबलपुर तथा खण्डपीठ इन्दौर/ग्वालियर एवं रजिस्ट्री तथा ऐसे अधीनस्थ न्यायालय जहां उक्त दिवस हेतु स्थानीय अवकाश घोषित नहीं किया गया है , में अवकाश घोषित किया जाता है . जिन जिला एवं सत्र न्यायालयों हेतु मकर संक्रांति का स्थानीय अवकाश पूर्व से घोषित किया गया है उन न्यायालयों में अवकाश यथावत रहेगा.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री जगदीश बाहेती , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
उपरोक्त घोषित अवकाश के एवज में शनिवार दिनांक 20 मार्च 2010 अकार्य दिवस को उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश की मुख्यपीठ जबलपुर तथा खण्डपीठ इन्दौर/ग्वालियर एवं रजिस्ट्री तथा संबंधित अधीनस्थ न्यायालयों हेतु कार्यदिवस घोषित किया जाता है.
क्र. B -149-दो- 2-11-2004.-श्रीमती आराधना चौबे, जिला - एवं सत्र न्यायाधीश , सागर का निम्नानुसार अवकाश निरस्त एवं स्वीकृत किया जाता है :-
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, जयन्त चव्हाण , रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 11 जनवरी 2010
(1 ) दिनांक 16 से 21 नवम्बर 2009 तक, छः दिन के स्वीकृत अर्जित अवकाश में से दिनांक 18 से 21 नवम्बर, 2009 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश निरस्त किया जाता है.
(2) दिनांक 18 नवम्बर 2009 से 12 दिसम्बर 2009 तक , पच्चीस दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती आराधना चौबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सागर को सागर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. B - 145- दो- 2-9-2003.- श्री सतीशचन्द्र दुबे, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 12 दिसम्बर, 2009 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 11 दिसम्बर 2009 के एवं पश्चात्में दिनांक 13 दिसम्बर 2009 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा , जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
अवकाश से लौटने पर श्री सतीशचन्द्र दुबे , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती आराधना चौबे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा, जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री सतीषचन्द्र दुबे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. B- 153-दो- 3-10-2006.- श्री बी . एस . परमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट को दिनांक 30 नवम्बर 2009 से 5 दिसम्बर 2009 तक, छः दिन के पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 6 से 10 दिसम्बर 2009 तक पाँच दिन अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् 154
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 29 जनवरी 2010
[ भाग 1 में दिनांक 11 दिसम्बर 2009 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री बी. एस. परमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. B - 197-दो -3-16-2007.-श्री व्ही . बी . सिंह, बजट अधिकारी , उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश दिनांक 7 से 16 दिसम्बर 2009 तक, दस दिन के पूर्व के अनुक्रम में दिनांक 16 नवम्बर 2009 से 6 दिसम्बर, 2009 तक, इक्कीस दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा, जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अवकाश से लौटने पर श्री व्ही. बी. सिंह, बजट अधिकारी , उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्डपीठ, ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. एस . परमार, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा, जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
जबलपुर, दिनांक 12 जनवरी 2010
प्रमाणित किया जाता है कि श्री व्ही. बी. सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो बजट अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. A - 100-दो- 2-35-2006.- श्री आर. के. दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना को दिनांक 2 से 5 दिसम्बर 2009 तक, चार दिन के पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 6 से 7 दिसम्बर 2009 तक दो दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है.
क्र. B- 200-दो- 3-61-2000. श्री अशोक कुमार शर्मा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , ग्वालियर को दिनांक 10 से 11 नवम्बर 2009 तक एवं दिनांक 18 से 19 नवम्बर 2009 तक, कुल चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना को सतना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार शर्मा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा, जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा , जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. दुबे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते, तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अशोक कुमार शर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. A- 102-दो - 2-23-2009.-डॉ. अनिल पारे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को दिनांक 19 से 25 दिसम्बर 2009 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 26 से 31 दिसम्बर 2009 तक, छः दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर डॉ. अनिल पारे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , श्योपुर को श्योपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
क्र. B - 202-दो - 3-99-2000.-सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को दिनांक 21 से 24 दिसम्बर 2009 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात्में दिनांक 25 दिसम्बर 2009 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा , जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अवकाश से लौटने पर सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी , अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , भोपाल को भोपाल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
प्रमाणित किया जाता है कि डॉ. अनिल पारे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो, जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा, जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनवरी 2010
155
भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि सुश्री प्रतिभा रत्नपारखी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री शिव नारायण द्विवेदी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. B - 204-दो- 3-61-2000. श्री अशोक कुमार शर्मा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , ग्वालियर को दिनांक 7 से 12 दिसम्बर 2009 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए छः दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री अशोक कुमार शर्मा, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. B - 210-दो- 2-49-2007.- श्री गिरीश कुमार शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उज्जैन को दिनांक 24 से 28 दिसम्बर 2009 तक पांच दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2009 तक तीन दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अवकाश से लौटने पर श्री गिरीश कुमार शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अशोक कुमार शर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री गिरीश कुमार शर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. B - 206- दो - 3-36-2003.- श्री आर. पी. वर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शिवपुरी को दिनांक 26 से 28 दिसम्बर 2009 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2009 तक तीन दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 दिसम्बर 2009 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री आर. पी . वर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , शिवपुरी को शिवपुरी पुनः पदस्थापित किया जाता है .
क्र. B - 213-दो- 3-28-84.- श्री बृजकिशोर दुबे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर को दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2009 तक, तीन दिन के पूर्व स्वीकृत शीतकालीन अवकाश के पूर्व के अनुक्रम में दिनांक 26 से 28 दिसम्बर 2009 तक तीन दिन अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 दिसम्बर 2009 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा , जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था. अवकाश से लौटने पर श्री बृजकिशोर दुबे , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. पी . वर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते, तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा, जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री बृजकिशोर दुबे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. B - 208-दो-2-16-2002.- श्री शिव नारायण द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुरैना को दिनांक 26 से 28 दिसम्बर 2009 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2009 तक तीन दिन का शीतकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री शिव नारायण द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुरैना को मुरैना पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित/शीतकालीन अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा
क्र. E - 236-दो- 3-53-99.- श्रीमती विमला जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 30 नवम्बर 2009 से 1 दिसम्बर 2009 तक, दो दिन का अर्जित अवकाश एवं दिनांक 2 से 12 दिसम्बर 2009 तक, ग्यारह दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में 156
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 जनवरी 2010
[भाग 1
जबलपुर, दिनांक 12 जनवरी 2010 दिनांक 13 दिसम्बर 2009 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती विमला जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , राजगढ़- ब्यावरा को राजगढ़- ब्यावरा पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित/कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा, जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. 39 -गोपनीय- 2010-दो- 2-1-2010 ( भाग- ए ) .-- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुये , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , श्री लालजी प्रसाद शर्मा, विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम के अन्तर्गत न्यायालय एवं प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीहोर के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , सीहोर को उनके कार्य के अतिरिक्त सीहोर जिले के जिला न्यायाधीश की हैसियत से पूर्णतः अस्थाई रूप से कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती विमला जैन उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
जबलपुर, दिनांक 18 जनवरी , 2010
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक सन् 1994 ) की धारा 9 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , श्री लालजी प्रसाद शर्मा को सीहोर सत्र न्यायालय में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है .
क्र. D- 315-दो- 2-20-2006.- श्री के . एस. ठाकुर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गुना को दिनांक 8 से 16 फरवरी 2010 तक दोनों दिन सम्मिलित करके नौ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 7 फरवरी 2010 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नियमित पदधारी की पदस्थापना होने पर श्री लालजी प्रसाद शर्मा , विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम के अन्तर्गत न्यायालय एवं प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीहोर के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश, सीहोर की हैसियत से पदस्थमाने जावेंगे .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, जयन्त चव्हाण , रजिस्ट्रार जनरल .
अवकाश से लौटने पर श्री के. एस . ठाकुर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , गुना को गुना पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा , जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था. उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश ( सैट ) , जबलपुर
जबलपुर, दिनांक 12 जनवरी 2010 प्रमाणित किया जाता है कि श्री के. एस. ठाकुर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
जबलपुर, दिनांक 19 जनवरी 2010
क्र. 22- स्था. सैट- 2009.- श्रीमती महारूख जिल्ला, निजी सचिवं, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश ( सेंट ) खण्डपीठ इन्दौर को दिनांक 12 दिसम्बर 2009 कुल एक दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया है , साथ ही सार्वजनिक अवकाशों के प्रारंभ एवं अंत में जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाशकाल में श्रीमती जिल्ला को अवकाश वेतन तथा भत्ते उसी प्रकार देय होंगे , जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व देय थे.
क्र. B - 322-दो - 2-70-06.- श्री सुभाष काकड़े , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भोपाल को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- (ए) 19-03- इक्कीस- ब (एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12( 1 ) के अन्तर्गत दिनांक 18 सितम्बर 2006 से दिनांक 30 दिसम्बर 2009 तक 2 वर्ष की ब्लाक अवधि के लिये तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिये समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .
उक्त अवकाश से लौटने पर श्रीमती जिल्ला, अवकाश पर नहीं जातीं तो निजी सचिव के पद पर कार्य करती रहतीं . अतः अवकाश अवधि दिनांक 12 दिसम्बर 2009 को मूलभूत नियम 26 ( ब ) (2 ) के अनुसार वेतनवृद्धि के लिये गिनी जावेगी.
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.
ए. एम. येवलेकर, रजिस्ट्रार.